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अडानी समूह के विमानन कारोबार के लिए वैश्विक मोर्चे से एक बेहद शानदार खबर आई है. पेरिस में यूनेस्को (UNESCO) मुख्यालय में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘प्रिक्स वर्साय वास्तुकला और डिजाइन पुरस्कार 2026’ ने दुनिया के 7 सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों की सूची जारी की है, जिसमें भारत के दो हवाई अड्डों ने अपनी जगह पक्की कर ली है. अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा संचालित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और गुवाहाटी का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टर्मिनल 2) इस वैश्विक सूची में शामिल हुए हैं. खास बात यह है कि इस साल भारत की तरफ से सिर्फ इन्हीं दो हवाई अड्डों को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है.
अडानी समूह के इन दोनों टर्मिनलों को पारंपरिक और उबाऊ सरकारी इमारतों के ढर्रे से अलग हटकर तैयार किया गया है. (IANS)
नई दिल्ली. भारतीय विमानन क्षेत्र और बुनियादी ढांचे के लिहाज से एक बड़ी और गर्व करने वाली खबर आई है. पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय द्वारा घोषित समकालीन वास्तुकला के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘प्रिक्स वर्साय 2026’ की सूची में भारत के दो हवाई अड्डों को दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में शामिल किया गया है. इस साल वैश्विक स्तर पर केवल सात एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को उनकी बेहतरीन वास्तुकला, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन के लिए चुना गया है. इनमें से 2 भारत के हैं. दोनों का संचालन गौतम अडानी की कंपनी ‘अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड’ करती है.
यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत से इस पूरी सूची में सिर्फ इन्हीं दो हवाई अड्डों को जगह मिली है. इन एयरपोर्ट्स ने दुनिया के कई विकसित देशों के आधुनिक विमानन केंद्रों को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है. अडानी समूह के इन दोनों टर्मिनलों को पारंपरिक और उबाऊ सरकारी इमारतों के ढर्रे से अलग हटकर तैयार किया गया है. यह न केवल वैश्विक मानकों को पूरा करते हैं बल्कि भारत की बढ़ती विमानन महत्वाकांक्षाओं और आधुनिक डिजाइन क्षमताओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं.
इन वैश्विक दिग्गजों के साथ मिली जगह
साल 2026 की इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होकर भारतीय हवाई अड्डों ने वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाई है. इस सूची में शामिल अन्य देशों के प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- ग्वांगझू (चीन)
- फ्रैंकफर्ट एम मेन (जर्मनी)
- कंदल स्टुएंग (कंबोडिया)
- पिट्सबर्ग (अमेरिका)
- सैन डिएगो (अमेरिका)
डिजाइन में ऐसा क्या है जो दुनिया दीवानी हो गई?
इन दोनों हवाई अड्डों के निर्माण और उनकी वास्तुकला में स्थानीय संस्कृति और भविष्य की जरूरतों का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है:
- नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टर्मिनल 1): इस हवाई अड्डे के पूरे निर्माण को भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. यह अत्याधुनिक वैश्विक तकनीक, भारतीय कला और कार्यशैली के बेहतरीन तौर-तरीकों का एक अनूठा उदाहरण पेश करता है, जो यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव देता है.
- गुवाहाटी हवाई अड्डा (टर्मिनल 2): पूर्वोत्तर भारत के इस अहम प्रवेश द्वार को असम की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के रंग में रंगा गया है. इसका मुख्य डिजाइन वहां के मशहूर ‘बांस के ऑर्किड’ से प्रेरित है. इसमें प्राकृतिक सिद्धांतों का इस्तेमाल किया गया है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना यात्रियों को प्रकृति के करीब होने का अहसास कराता है.
कंपनी की साख और ब्रांड वैल्यू को मिलेगा बूस्ट
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के प्रवक्ता ने इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर कहा कि यह सम्मान देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा खड़ा करने की हमारी प्रतिबद्धता पर मुहर लगाता है. हम ऐसे हवाई अड्डे विकसित कर रहे हैं जो न केवल सुंदरता बल्कि कार्यक्षमता और परिचालन दक्षता को भी सुनिश्चित करते हैं. व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैश्विक सम्मान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अडानी समूह के इंफ्रा कारोबार की साख और मजबूत होगी. इस बड़ी वैश्विक पहचान का सकारात्मक असर आने वाले समय में समूह के विमानन क्षेत्र के शेयरों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई परियोजनाएं हासिल करने की क्षमता पर साफ देखने को मिल सकता है.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें

