Thursday, June 4, 2026
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क्या हर बार सुबह 3 बजे खुल जाती है आंख? जानिए हैरान कर देने वाली वजह और निपटने के लिए क्या करें


बहुत से लोग नींद ना आने की समस्या को लेकर शिकायत करते हैं। तो वहीं कुछ लोग नीद सुबह 3 बजे खुलने से परेशान हैं। ऐसे में यहां जानिए 3 बजे आंख खुलने की हैरान कर देने वाली वजह और निपटने के लिए क्या करें।

नींद न आना या गहरी नींद न ले पाना एक ऐसी परेशानी है जिससे दिनभर की एनर्जी, मूड और काम पर सीधा असर पड़ता है। हालांकि, बहुत से लोग इस बात से परेशान हैं कि रोजाना रात को उनकी नींद ठीक 3 बजे खुल जाती है और फिर उन्हें दोबारा नींद नहीं आती। ऐसे में एमडी अबिनाश जोशी स्लीप मेडिसिन फिजिशियन ने ऐसा होने की वजह और समस्या से निपटने का तरीका बताया है। जानिए-

सुबह 3 बजे आंख खुलने के कारण

  • स्लीप एपनिया
  • नोक्टूरिया
  • क्रोनिक दर्द
  • दवाइयां
  • मूड खराब होना
  • सर्केडियन रिदम खराब होना
  • अल्कोहल

सुबह 3 बजे खुलता है आंख, तो ना करें काम

1) एक्सपर्ट कहते हैं सुबह 3 बजे आंख खुलने पर घड़ी न देखें। समय देखते ही आपका दिमाग हिसाब-किताब करने लगता है और चिंता बढ़ने लगती है।

2) लाइट बंद रखें या बहुत धीमी रखें। तेज रोशनी आपके दिमाग को बताती है कि सुबह हो गई है और मेलाटोनिन (स्लीप हार्मोन) का उत्पादन बंद कर देती है।

3) अपनी सांस धीमी करें। 4 सेकंड तक साँस अंदर लें, 6 से 8 सेकंड तक साँस बाहर छोड़ें। इससे आपका तंत्रिका तंत्र ‘लड़ो या भागो’ वाली स्थिति से बाहर आ जाता है।

4) अगर आप लगभग 20 मिनट से लेटे हुए हैं, तो उठ जाएं। किसी हल्की रोशनी वाली जगह पर जाकर बैठें और कुछ उबाऊ काम करें। स्क्रीन का इस्तेमाल न करें। बिस्तर पर तभी लौटें जब आपको सच में नींद आने लगे। यह बात थोड़ी अटपटी लग सकती है, लेकिन परेशान होकर बिस्तर पर लेटे रहने से आपका दिमाग यह सीख जाता है कि बिस्तर जागने की जगह है।

5) सोने की इतनी कोशिश न करें। आप जितनी ज़्यादा नींद लाने की कोशिश करेंगे, उतने ही ज्यादा सतर्क हो जाएंगे। एक्सपर्ट कहते हैं कि आंख खुलने पर खुद से कहें, मुझे अभी सोने की जरूरत नहीं है। बस आराम करना ठीक है। तनाव को थोड़ा कम करने से अक्सर नींद अपने आप वापस आ जाती है।

दिन के दौरान क्या ना करें

  • आधी रात में आंख खुल गई थी ये बोल कर ज्यादा देर तक न सोएं, झपकी न लें या जल्दी न सोएं। मुझे पता है कि ऐसा करने का मन करता है, लेकिन इससे आपकी नींद की इच्छा कमजोर हो जाती है और यह चक्र चलता रहता है।
  • शाम को सोने से 15 से 20 मिनट पहले अपने मन में चल रही बातों को लिखने के लिए समय निकालें। इससे आपका दिमाग शांत रहेगा।



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