कासगंज में बुधवार को उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का आगमन हुआ। वे अपनी 81 दिवसीय ‘गविष्ठि गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा’ के तहत पहली बार जनपद कासगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए कठोर कानून बनाने और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की। शंकराचार्य का स्वागत उर्मिला कोल्ड स्टोर परिसर में पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव सहित सैकड़ों गौभक्तों, संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने किया। इस अवसर पर पुष्पवर्षा और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य आयोजन हुआ।
यात्रा का मूल मंत्र ‘अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ’ है, जिसका अर्थ है ‘मैं गौ के लिए वृत्र का नाश करता हूँ’। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि गौ रक्षा केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र और संस्कृति की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने जोर दिया कि गौमाता की सुरक्षा के बिना सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं रह सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धर्मयुद्ध किसी प्रकार की हिंसा का नहीं, बल्कि कानून, जनजागरण और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से गौहत्या पर रोक लगाने का अभियान है। शंकराचार्य ने केंद्र और राज्य सरकारों से गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु कठोर कानून बनाने की मांग दोहराई और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘गौमाता की जय’ के जयघोषों से गूंज उठा। 81 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा देशभर में गौ-रक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएगी। कासगंज में शंकराचार्य का यह प्रथम आगमन जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बन गया।
Source link
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौहत्या पर सख्त कानून मांगा: कासगंज में ‘गविष्ठि गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा’ के दौरान की मांग, पूर्व सांसद ने किया स्वागत – Kasganj News
RELATED ARTICLES

