Tuesday, June 30, 2026
Home Blog

खूबसूरती, शोहरत और रईसी सब था, फिर भी अमिताभ बच्चन की बहू नहीं बन सकीं ये एक्ट्रेस


Last Updated:

कहते हैं न किस्मत से कम और किस्मत से ज्यादा किसी को नहीं मिलता है. बस ऐसा ही हुआ था 90s की टॉप एक्ट्रेस के साथ. जो कि अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के घर की बहू बनने के सपने संजो रही थी. सब कुछ तय भी हो गया था, मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर है.

ये किस्सा बॉलीवुड के दो सबसे बड़े खानदानों से जुड़ा है. जिसे कई फैंस जानते होंगे तो कई नहीं. जी हां, हम बात कर रहे हैं कपूर खानदान और अमिताभ बच्चन की फैमिली की. दोनों परिवारों के बीच सिर्फ इंडस्ट्री तक ही रिश्ता सीमित नहीं है. बल्कि रिश्तेदारी भी साझा करते हैं.

ಬಾಲಿವುಡ್‌ನ ಪ್ರತಿಷ್ಠಿತ ಕಪೂರ್ ಕುಟುಂಬದಿಂದ ನಾಯಕಿಯಾಗಿ ಚಿತ್ರರಂಗಕ್ಕೆ ಕಾಲಿಟ್ಟ ಮೊದಲ ನಟಿ ಎಂಬ ಹೆಗ್ಗಳಿಕೆಗೆ ಪಾತ್ರರಾದ ಕರಿಷ್ಮಾ ಕಪೂರ್, 1990ರ ದಶಕದ ಅತ್ಯಂತ ಯಶಸ್ವಿ ನಟಿಯರಲ್ಲಿ ಒಬ್ಬರು. ತಮ್ಮ ಸೌಂದರ್ಯ, ಅಭಿನಯ ಮತ್ತು ವಿಭಿನ್ನ ಪಾತ್ರಗಳ ಮೂಲಕ ಅವರು ಕೋಟ್ಯಂತರ ಅಭಿಮಾನಿಗಳ ಮನ ಗೆದ್ದಿದ್ದರು. ವೃತ್ತಿಜೀವನದ ಉತ್ತುಂಗದಲ್ಲಿದ್ದಾಗಲೇ ವೈಯಕ್ತಿಕ ಬದುಕಿನ ಮಹತ್ವದ ನಿರ್ಧಾರ ತೆಗೆದುಕೊಂಡ ಅವರು, ನಂತರ ಹಲವು ಸವಾಲುಗಳನ್ನು ಎದುರಿಸಿ ಹೊಸ ಬದುಕನ್ನು ಕಟ್ಟಿಕೊಂಡರು.

अगर उस दिन बात न बिगड़ी होती तो अमिताभ बच्चन और रणधीर कपूर समधी होते. करीना कपूर, अभिषेक बच्चन की साली साहिबा होती. वैसे तो दोनों ने ही रिफ्यूजी (2000) से साथ में डेब्यू किया था. फिल्म में अभिषेक बच्चन और करीना कपूर प्यार में गिरफ्त होते हैं. मगर असल जिंदगी में अभिषेक और करिश्मा का कनेक्शन था.

1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की तो सगाई तक हो गई थी. दोनों ने करीब 5 साल डेट भी किया था. मीडिया के सामने भी बच्चन और कपूर खानदान ने इस रिश्ते का ऐलान कर दिया था.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पहले बात करते हैं अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर की लवस्टोरी की. कहते हैं कि दोनों की प्रेम कहानी दोनों के डेब्यू करने से पहले ही शुरू हो गई थी. दरअसल अभिषेक बच्चन की बड़ी बहन श्वेता बच्चन की शादी कपूर खानदान के बेटी ऋतु नंदा के बेटे निखिल नंदा से हुई. इसी शादी में अभिषेक-करिश्मा की नजदीकियां बढ़ी थी.

करिश्मा और अभिषेक की प्रेम कहानी से दोनों परिवार खुश थे. साल 2002 तक आते आते दोनों ने सगाई भी कर ली थी. एक दिन मीडिया के सामने करिश्मा कपूर को अपनी बहू के रूप में मिलवाया भी था.

यही जया बच्चन को अभिषेक-करिश्मा की शादी टूटने की वजह भी माना जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जया बच्चन नहीं चाहती थीं कि उनकी होने वाली बहू फिल्मों में काम करें. ये बात करिश्मा कपूर की मां बबीता को कतई मंजूर नहीं थी. बात इतनी बिगड़ गई की दोनों का रिश्ता टूट गया.

आगे चलकर साल 2003 में करिश्मा कपूर ने बिजनेसमैन संजय कपूर संग शादी कर ली. दोनों को दो बच्चे हुए एक बेटा कियान और एक बेटी समायरा. लेकिन करिश्मा कपूर की किस्मत एक बार फिर मोड़ लेती है. पति से तमाम झगड़ों और परेशानियों के बीच दोनों ने तलाक ले लिया.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

बुंदेलखंडी तरीके से बनाएं आम का अचार,1 साल तक रहेगा ताजा, स्वाद बरकरार, जानिए खास रेसिपी


Last Updated:

आम के अचार को सही तरीके से बनाने की विधि के बारे में बात की जाए तो सबसे पहले हमें यह कोशिश करना चाहिए. कच्चे आम ताजे खरीदें हम कच्चे अचार के आम बाजार में मिलते हैं या तोड़कर लाते हैं तो सबसे पहले उनको पानी से भरे किसी बर्तन में कम से कम 4 से 6 घंटे के लिए डालकर छोड़ दें.  फिर 6 घंटे बाद उनको वापस निकाल कर सूखे कपड़े से साफ कर लें.

आज के समय में कौन नहीं होगा जो अचार नहीं खाता होगा लगभग हर घर में सीजन के हिसाब से अलग-अलग अचार तैयार किया जाता है. इस समय आम के अचार बनाने का समय चल रहा है. कई बार देखा जाता है कि किसी का अचार बहुत जल्दी खराब हो जाता है किसी का अचार मसाले के साथ ही घुल जाता है. किसी का अचार का टेस्ट बदल जाता है. ऐसे में आज हम आपको बुंदेलखंड की उस रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं.

जो अचार को 1 साल तक एकदम ताजा और फ्रेश बनाए रखती है. इसके लिए आपको कुछ चीजों को फॉलो करना होगा.आम के अचार को सही तरीके से बनाने की विधि के बारे में बात की जाए तो सबसे पहले हमें यह कोशिश करना चाहिए. कच्चे आम ताजे खरीदें हम कच्चे अचार के आम बाजार में मिलते हैं या तोड़कर लाते हैं तो सबसे पहले उनको पानी से भरे किसी बर्तन में कम से कम 4 से 6 घंटे के लिए डालकर छोड़ दें.  फिर 6 घंटे बाद उनको वापस निकाल कर सूखे कपड़े से साफ कर लें.

आम का अचार तैयार करने की शानदार रेसिपी
इसके बाद कच्चे आम को हम पारंपरिक हथियार आम कटना से काटने की शुरुआत करें इसमें आम की साइज भी निर्भर करेगी की आपको उसके कितने पीस बनाना है एक आम से अधिकतम चार टुकड़े करना ठीक रहता है जब आपके पूरे आम कट कर तैयार हो जाएं तो फिर उनके लिए नमक लगाकर किसी जालीदार बर्तन में अगर लकड़ी से बने टोकरी में रखें तो अच्छा है रख दें शाम के समय रखें. सुबह उनके लिए उठाएं इस दौरान इन आम में जो भी खट्टापन या नुकसानदायक तोड़ रह जाता है वह पूरी तरह से निकल जाता है.

एक साल तक रहेगा ताजा आम का अचार
इसके बाद हम कोपर लेकर कटे हुए आम रख देते हैं. दूसरी तरफ हमने जो मसाला तैयार किया हुआ है जिसमें नमक पीला सरसों भुनी हुई मेथी दालचीनी सौंफ़ मिर्ची और सरसों का तेल होता है उसे मसले को इनमें डालकर अच्छे से मिक्स करते हैं. करीब 30 मिनट के लिए खुला रखने के बाद हमारे पास जो भी कांच का बर्तन है. उसमें यह आचार रख देते हैं. इस तरह से अचार तैयार हो जाता है.इसकी खासियत होती है कि यह काम से कम 1 साल तक एकदम ताजा और फ्रेश बना रहता है ना तो इसमें लिज लिजा पन आता है. वरना ही टेस्ट में कोई बदलाव होता है. यह एकदम हल्का खट्टा और बेहतरीन स्वाद वाला अचार बना रहता है जो हर मौसम ताजे अचार का एहसास कराता रहता है.

मसाला बनाने की रेसिपी 
अगर आपने 10 किलो कच्चे आम का आचार तैयार करना चाहते हैं तो इसमें 2 किलो नमक, एक लीटर सरसों तेल, 500 ग्राम मेथी, 500 ग्राम पीला सरसों, 300 ग्राम कुटी लाल मिर्च, 15 ग्राम हींग, 100 ग्राम सौंफ लेते हैं. इसमें सबसे पहले सरसों के तेल को कढ़ाई में डालकर गर्म करते हैं. फिर उसमें धीरे-धीरे यह सभी मसाले डाल देते हैं. हल्की भुनाई करते हैं. और कुछ समय में शानदार मसाला तैयार हो जाता जिसको कटे हुए आम में मिक्स किया जाता है.



Source link

सोनभद्र में बरसाती नाले में 3 लोग बहे: 1 की मौत, 1 घायल; 6 वर्षीय मासूम लापता, पिकनिक मनाने गए थे युवक – Sonbhadra News




सोनभद्र के मांची थाना क्षेत्र के चरगड़ा गांव में मंगलवार दोपहर पिकनिक मनाने गए तीन लोग बरसाती नाले के तेज बहाव में बह गए। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल अवस्था में मिला है। छह वर्षीय बालक का देर शाम तक कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार, चरगड़ा गांव निवासी बबलू (18) पुत्र मुमताज, अलीहसन (6) पुत्र मुमताज और सुकतार (18) पुत्र कैमुद्दीन गांव के पास स्थित परवा नाले में पिकनिक मनाने गए थे। दोपहर करीब दो बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और तीनों तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। करीब एक घंटे बाद बबलू घायल अवस्था में मिला, जबकि लगभग दो घंटे बाद सुकतार का शव बरामद हुआ। छह वर्षीय अलीहसन का अभी तक पता नहीं चल सका है। ग्राम प्रधान युसुफ अली उर्फ भखडू ने बताया कि बच्चे पिकनिक मनाने गए थे। अचानक तेज बारिश होने से नाले में पानी का बहाव बढ़ गया और तीनों बह गए। पुलिस को सूचना दे दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर लापता बालक की तलाश में जुटी हुई है।



Source link

फर्जी कॉल से लेकर OTP फ्रॉड तक, तेजी से बदला स्कैम करने का तरीका


पिछले कुछ समय में ऑनलाइन स्कैम की घटनाएं भारत में तेजी से बढ़ी हैं। मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोग सबसे पहले साइबर क्रिमिनल्स के निशाने पर रहते हैं। साइबर अपराधी फोन फर्जी फोन कॉल्स और मैसेज के साथ-साथ मैसेजिंग ऐप्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ई-मेल का इस्तेमाल करके लोगों के साथ ठगी को अंजाम देते हैं। आम तौर पर वे बैंक, सरकारी एजेंसी, कस्टमर सपोर्ट बनकर लोगों को अपनी जाल में फंसाते हैं। ऐसे में आपको तेजी से बदल रहे साइबर क्राइम के तौर तरीकों से कैसे बचकर रहना चाहिए, आइए जानते हैं…

साइबर क्रिमिनल्स के सबसे कॉमन तरीकों में फर्जी KYC अपडेट, अकाउंट या कार्ड ब्लॉक की चेतावनी आदि शामिल हैं। क्रिमिनल्स लोगों को फर्जी वेबसाइट्स पर रिडायरेक्ट करके बैंकिंग डिटेल्स जैसे कि अकाउंट नंबर, कार्ड नंबर आदि की चोरी करते हैं। फिर OTP या पासवर्ड पता लगाने के तरीके अपनाए जाते हैं। एक बार ये जानकारियां मिल जाती हैं, तो फ्रॉड को अंजाम दे दिया जाता है।

कैसे रूकेगा यह सिलसिला?

साइबर क्राइम की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार, बैंक, रेगुलेटर्स और टेलीकॉम ऑपरेटर्स साथ मिलकर काम कर रही हैं। इन सब के बावजूद साइबर क्राइम की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स की मानें तो साइबर क्राइम को रोकने के सबसे बढ़िया तरीका सतर्कता है। लोग जितना अलर्ट रहेंगे, उतना ही साइबर क्राइम से बचकर रह सकते हैं।

क्या कर रही हैं ऑथोरिटीज?

पिछले दिनों दूरसंचार विभाग ने संचार साथी ऐप लॉन्च किया है, जिसमें फर्जी कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट किया जा सकता है। यह ऐप उन कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट करने की सहूलियत देता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए करते हैं। यही नहीं, रिजर्व बैंक और बैंकिंग ऑथोरिटीज लोगों को OTP, पासवर्ड, अकाउंट डिटेल्स जैसी जानकारियां किसी के साथ शेयर नहीं करने की सलाह देते हैं।

सरकारी ऑथोरिटीज के अलावा टेलीकॉम ऑपरेटर्स का भी साइबर क्राइम रोकने में अहम रोल है। एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल का मुख्य फोकस साइबर क्राइम की तेजी से बढ़ रही घटनाओं को रोकना है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स अलग-अलग तरीकों जैसे स्पैम फिल्टरिंग, स्कैम डिटेक्शन और कस्टमर अवेयरनेस जैसे इनिशिएटिव्स का सहारा ले रहे हैं, ताकि फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके।

क्या है OTP फ्रॉड अलर्ट फीचर?

एयरटेल ने हाल ही में अपने यूजर्स के लिए OTP फ्रॉड अलर्ट फीचर रोल आउट किया है, जो इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जैसे ही कॉल के दौरान उन्हें कोई OTP रिसीव होता है तो स्क्रीन पर अलर्ट मिल जाता है। यह फीचर फर्जी कॉल की पहचान करके लोगों को अलर्ट कर देता है। कंपनी ने इस फीचर के लिए AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल किया है। वहीं, वोडाफोन-आइडिया ने भी नेटवर्क लेवल पर संदिग्ध कॉल्स और मैसेज को ब्लॉक करने के लिए टूल उतारा है। अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स भी ऐसे फीचर्स ला रहे हैं।

साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?

तेजी से बढ़ रहे डिजिटल इंफ्रॉस्ट्रक्चर और बदलती टेक्नोलॉजी की वजह से साइबर फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। लोगों को कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।

  • किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल्स, मैसेज आदि को इग्नोर करें।
  • अनजान नंबर से आए मैसेज में दिए गए लिंक को भूलकर भी न क्लिक करें।
  • सरकारी अधिकारी या कस्टमर केयर के नाम पर आने वाले कॉल्स को रिपोर्ट करें।
  • कभी भी गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च न करें।
  • बैंक की वेबसाइट्स को हमेशा सिक्योर्ड नेटवर्क पर ही ओपन करें।
  • वेबसाइट ओपन करने के लिए हमेशा URL को टाइप करें।
  • किसी भी ईनाम, लॉटरी और निवेश पर बढ़िया रिटर्न आदि की लालच में न फंसे।
  • अगर, आपके साथ कोई फ्रॉड हुआ है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
  • नेशनल साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी रिपोर्ट कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें – IRCTC की नकली वेबसाइट से हो रही ठगी, सरकार ने जारी की चेतावनी





Source link

डीग में 49 लाख के विकास कार्य लोकार्पित: गृह राज्य मंत्री बेढ़म ने किया उद्घाटन, तमेरा से मुढ़गांव तक सड़क बनाने की मांग – Deeg News




गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने मंगलवार को क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगभग 49 लाख रुपए की लागत से तैयार विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने और विकास को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन विकास कार्यों में सीसी सड़कें, इंटरलॉकिंग खरंजा, नालियां, श्मशान घाट का विकास और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने वाले निर्माण शामिल हैं। इन परियोजनाओं को राज्य वित्त आयोग, 15वें वित्त आयोग और विधायक निधि योजना के तहत पूरा किया गया है। जलालपुर क्षेत्र के मालीवास में राज्य वित्त आयोग से 6 लाख रुपए की लागत से इंटरलॉकिंग खरंजा व नाली का निर्माण हुआ, जबकि विधायक निधि से 10 लाख रुपए की लागत से सीसी सड़क बनाई गई। इसी तरह, 15वें वित्त आयोग से 6 लाख रुपए की लागत से श्मशान घाट पर टीनशेड और इंटरलॉकिंग सहित अन्य विकास कार्य पूरे कर ग्रामीणों को समर्पित किए गए। लहरवाड़ा के मालीवास में भी 5 लाख रुपए की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई गईं। ग्राम सहानका में विधायक निधि से 5 लाख की लागत से सीसी सड़क व नाली का निर्माण हुआ, और 15वें वित्त आयोग से भी 5 लाख की लागत से एक अन्य सीसी सड़क व नाली का लोकार्पण किया गया। जलालपुर क्षेत्र में रूपारेल नदी से घम्माली के खेत की ओर दो चरणों में 12 लाख की लागत से बनाए गए नालों का भी उद्घाटन किया गया। इन नालों से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और कृषि भूमि को जलभराव से राहत मिलेगी। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद गृह राज्य मंत्री बेढ़म ने अधिकारियों की बैठक ली और सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी स्वीकृत परियोजनाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरी कराई जाएंगी। साथ ही, अधिकारियों को स्थानीय जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। तमरेर-मुढ़गांव सड़क निर्माण शुरू करने की मांग, महिला कांग्रेस ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जिला महिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम तमेरा से मुढ़गांव तक स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। इस दौरान कमेटी की जिलाध्यक्ष रेखा यादव ने नेतृत्व किया। ज्ञापन में बताया गया कि सड़क निर्माण कार्य काफी समय पहले स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। इसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की हालत जर्जर होने से आवागमन प्रभावित है। विशेषकर बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। महिला कांग्रेस ने कहा कि इस मार्ग से स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान, मरीज और आम ग्रामीण प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। खराब सड़क के कारण लोगों को समय पर अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी कठिनाई होती है। ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश देकर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। ज्ञापन पर कई ग्रामीणों और महिला कांग्रेस पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी हैं।



Source link

पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्‍लेंड‍िंग का र‍ियल टेस्‍ट बाकी, सरकार ने खुद सुप्रीम कोर्ट में बताया, अगले साल पता चलेगा असर


होमताजा खबरमनीLatest Money

पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्‍लेंड‍िंग का र‍ियल टेस्‍ट बाकी, सरकार ने खुद सुप्रीम कोर्ट में बताया, अगले साल पता चलेगा असर

Last Updated:

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल E20 मिलाने पर रियल टेस्ट जारी हैं, नतीजे अगले साल आएंगे, नीति में कोई बदलाव नहीं होगा

Zoom

अगर आप सोच रहे हैं क‍ि पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्‍लेंड‍िंग का फैसला आख‍िरी है तो रुक‍िये… केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E20) मिलाने का क्‍या असर हो रहा है, इस पर अभी भी रियल टेस्‍ट चल रहा है और अगले साल तक इसके नतीजे आएंगे. हालांक‍ि, सरकार ने साफ किया कि E20 ब्लेंडिंग की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि सरकार 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के असर का आकलन कर रही है. अगले साल तक इस एक्‍सपेर‍िमेंट के नतीजे सामने आने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि E20 ब्लेंडिंग केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला है और इसमें किसी तरह का बदलाव किए जाने की संभावना नहीं है. यानी यह आगे भी जारी रहेगा.

क्‍या है पूरा मामला
यह मामला भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट के 23 जून के आदेश को चुनौती दी गई है. हाई कोर्ट ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों BPCL, HPCL और IOC को एक डिस्टिलरी की अतिरिक्त एथेनॉल आवंटन की मांग पर विचार करने का निर्देश दिया था. यह आदेश 2025-26 आपूर्ति वर्ष की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले दिया गया था. दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यथास्‍थत‍ि बनाए रखने के आदेश द‍िए.

यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर…



Source link

आखिर क्या है पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स जिसका परीक्षा हुआ रद्द, यहां जानें उससे जुड़ी हर जानकारी


कल जयपुर के कालवाड़ स्थित प्रभा देवी मेमोरियल PG कॉलेज में पैरामेडिकल डिप्लोमा परीक्षा के दौरान नकल का खुलासा हुआ जिसके बाद प्रथम वर्ष की परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि यह कौन सा कोर्स है जिसका परीक्षा रद्द हुआ। इससे जुड़ी अन्य जानकारी भी हम आपको देंगे। आपको बता दें कि पैरामेडिकल डिप्लोमा की जो परीक्षा रद्द हुई है उसे राजस्थान स्टेट अलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल आयोजित करवाती है और यह परीक्षा हार्ट से संबंधित जांच (ECG) करने वाले टेक्नीशियन तैयार करने के लिए कराई जाती है। 

किस कोर्स की परीक्षा हुई रद्द?

आपको बता दें कि पैरामेडिकल डिप्लोमा की जो परीक्षा रद्द हुई है, उस कोर्स का नाम Diploma in ECG Technology है जिसकी अवधि 2 साल की होती है। इसमें वही छात्र दाखिला ले पाते हैं जो 12वीं कक्षा में विज्ञान के छात्र होते हैं और 12वीं पास करने के बाद दाखिला ले सकते हैं।

इस कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है?

आइए अब आपको यह बताते हैं कि इस कोर्स में छात्रों को आखिर क्या पढ़ाया जाता है। इसमें कई विषय हैं और उनके नाम Human Anatomy & Physiology, ECG Machine Handling, Cardiac Diseases, Electrocardiography, Patient Care, Emergency Care, Practical Training हैं। यह भी बता दें कि इसके सिलेबस में ECG Technology को अलग पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स के रूप में शामिल किया गया है।

इस कोर्स में सीटें कितनी होती हैं?

कई लोगों के दिमाग में यह भी सवाल आ रहा होगा कि इस कोर्स में कितनी सीटें होती हैं तो आपको बता दें कि राजस्थान में इस कोर्स की सीटें हर कॉलेज के अनुसार अलग-अलग होती हैं। आमतौर पर निजी पैरामेडिकल कॉलेज में 20–40 सीटें होती हैं तो वहीं कुछ संस्थानों में 60 सीटें भी होती हैं। राज्य स्तर पर ECG Technology की कुल सीटों का कोई निश्चित सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है क्योंकि सीटें हर साल कॉलेज की मान्यता के अनुसार बदलती रहती हैं।

कोर्स में दाखिला कैसे मिलता है?

इस कोर्स में आमतौर पर 12वीं पास छात्र (Physics, Chemistry, Biology/Maths) आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद काउंसलिंग और मेरिट के आधार पर सीट का आवंटन होता है। वहीं कुछ निजी संस्थान इस कोर्स में सीधे दाखिला भी कर देते हैं।

इसी क्रम में आपको यह भी बता देते हैं कि इस कोर्स को करने के बाद नौकरी कहां मिलती है। इस कोर्स के बाद सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल, कार्डियोलॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक लैब, ICU एवं CCU यूनिट, हार्ट अस्पताल में नौकरी मिलती है।

ये भी पढ़ें-

रेलवे में टेक्नीशियन पदों पर निकली भर्ती, जानें कैसे और कब तक कर सकते हैं अप्लाई





Source link

गुजरात बोर्ड: कक्षा 9-10 में अब तीन भाषाएं पढ़नी अनिवार्य: वोकेशनल आठवां विषय बना, कक्षा 9 में ‘व्यक्ति और समाज जीवन’ नया विषय शामिल – Gujarat News


यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत किया गया है।

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा-9 और 10वीं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा-10 में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। वोकेशनल विषय अब तीसरी भाषा के विकल्प के बजाय अलग से आठवें विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।

.

वहीं कक्षा 9 में नया विषय ‘व्यक्ति और समाज जीवन’ भी शामिल किया जाएगा। सूरत में इस वर्ष कक्षा-10 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर नया नियम लागू होगा। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत किया गया है।

4 की जगह 3 भाषाएं होंगी

बोर्ड ने कक्षा-9 के लिए भी नया विषय ढांचा घोषित किया है, जिसे शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू किया जाएगा। ‘व्यक्ति और समाज जीवन’ नाम का नया विषय जोड़ा गया है। पहले चार भाषा का प्रावधान था, जबकि अब तीन भाषाएं ही होंगी। गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, चित्रकला या संगीत, योग-पीटी तथा वोकेशनल या कंप्यूटर विषय भी होंगे।

पहले विद्यार्थी तीसरी भाषा के स्थान पर वोकेशनल विषय चुन सकते थे, लेकिन अब यह विकल्प समाप्त कर दिया गया है। वोकेशनल विषय को अलग आठवें विषय के रूप में शामिल किया गया है। इसे चुनने वाले छात्रों को हिंदी, संस्कृत, उर्दू, फारसी या बोर्ड द्वारा निर्धारित अन्य तीसरी भाषा भी अनिवार्य होगी। सूरत में कक्षा-10 में 92347 छात्रों ने प्रवेश लिया है। चुने गए सभी विषयों की बोर्ड परीक्षा और उत्तीर्ण होना जरूरी होगा।

—————-

ये खबर भी पढ़ें…

10वीं में तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं होगी:थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर CBSE का यूटर्न, नई गाइडलाइन जारी

CBSE ने सोमवार को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइन जारी की। इसके मुताबिक, इस साल 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी होगी। 7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

दिल्ली में एमसीडी कमिश्नर का एक्शन: कड़कड़डूमा-ऋषभ विहार मार्केट का कायाकल्प होगा, मास्टर प्लान बनाने के निर्देश, पर्यावरण नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं – New Delhi News




दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त संजीव खिरवार जमीन पर उतरकर विकास कार्यों की रफ्तार भांप रहे हैं। कमिश्नर ने शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र का दौरा कर विकास परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं की जमीनी हकीकत देखी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं होगी, सभी निर्माण कार्य तय समय में और बेस्ट क्वालिटी के साथ पूरे किए जाएं। इस मौके पर उनके साथ क्षेत्रीय उपायुक्त वैरोकपम पुनशीबा सिंह समेत अन्य सीनियर अफसर मौजूद रहे। कमिश्नर खिरवार ने कड़कड़डूमा मार्केट का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि बाजार के समग्र पुनर्विकास के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव (व्यापक) मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इस प्लान में चमचमाती स्ट्रीट लाइट्सट मजबूत सीवर नेटवर्क, ग्रीन बेल्ट, व्यवस्थित पार्किंग और बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम को शामिल करने को कहा गया है। इसके बाद उन्होंने ऋषभ विहार मार्केट की कमियों को दूर कर सुविधाएं सुधारने के आदेश दिए। धूल उड़ी तो होगी कार्रवाई दौरे की शुरुआत विश्वास नगर स्थित पुरानी जोनल बिल्डिंग से हुई, जहां चल रहे निर्माण कार्य की कमिश्नर ने खुद मॉनिटरिंग की। दौरे के आखिरी में वे कड़कड़ी मोड़ स्थित सी एंड डी (मलबे) वेस्ट साइट पहुंचे। कमिश्नर ने कड़े निर्देश दिए कि जब तक वैकल्पिक जगह नहीं मिलती, तब तक इसी साइट पर धूल नियंत्रण, सफाई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखे जाएं ताकि जनता को परेशानी न हो। खिरवार ने कहा, निगम का लक्ष्य दिल्ली को आधुनिक और बेहतर शहरी सुविधाएं देना है। हर प्रोजेक्ट में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता होनी चाहिए। अधिकारी कागजों से निकलकर फील्ड में काम की नियमित समीक्षा करें।



Source link

बांद्रा-जयपुर सहित चार स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए: राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश के यात्रियों को मिलेगी राहत – Gujarat News




पश्चिम रेलवे ने चार प्रमुख स्पेशल ट्रेनों के फेरों को विस्तारित कर दिया है। इससे राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विशेष रूप से गर्मी की छुट्टियों के बाद भी बनी हुई अतिरिक्त यात्रा मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।विस्तारित फेरों वाली ट्रेन संख्या 09708, 04828, 04728 और 04736 की बुकिंग मंगलवार से शुरू होगी। इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए
09708 बांद्रा टर्मिनस-जयपुर स्पेशल अब 9 जुलाई तक चलेगी 09707 जयपुर-बांद्रा स्पेशल 8 जुलाई तक चलेगीं 04828 बांद्रा-भगत की कोठी स्पेशल 26 जुलाई तक चलेगी 04827 भगत की कोठी-बांद्रा स्पेशल 25 जुलाई तक चलेगी। ट्रेन नंबर 04728 वलसाड-हिसार स्पेशल 30 जुलाई तक चलेगी 04727 हिसार-वलसाड स्पेशल का संचालन 29 जुलाई तक होगा। —————————- ये खबर भी पढ़ें… बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन 17 जुलाई तक 13 ट्रिप करेगी:गर्मी की छुट्टियों में पैसेंजर को मिलेगा फायदा गर्मी की छुट्टियों में हरिद्वार जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बाड़मेर-हरिद्वार-बाड़मेर समर हॉलीडे द्विसाप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन 17 जुलाई तक किया गया। वीक में दो दिन चलने वाली ट्रेन कुल 13 ट्रिप करेगी। इससे पश्चिमी राजस्थान के पैसेंजर को बड़ी राहत मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…



Source link