लखीमपुर खीरी के महेवागंज क्षेत्र में मंगलवार को एक कारखाने में जनरेटर फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक किशोरी, एक युवक और कारखाने का एक कर्मचारी घायल हो गए। विस्फोट इतना भीषण था कि जनरेटर का भारी पहिया दो हिस्सों में टूटकर दूर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जनरेटर का एक पहिया लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक घर की टीन शेड पर जा गिरा। तेज धमाके के साथ टीन शेड फट गई और पहिया घर में मौजूद महिला पर गिरने से उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। जनरेटर के पहिये का दूसरा हिस्सा लखीमपुर से पलिया जा रही एक बस पर गिरा। धमाके के कारण बस की छत फट गई और लोहे का टुकड़ा बस के अंदर जा घुसा, जिससे बस में सवार एक किशोरी और एक युवक घायल हो गए। इस हादसे में कारखाने का एक कर्मचारी भी चोटिल हुआ है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Source link
लखीमपुर में जनरेटर फटा, महिला की मौत, तीन घायल: दो हिस्सों में टूटकर दूर गिरा पहिया, घर का टीन शेड टूटा, बस की छत फटी – Lakhimpur-Kheri News
सनी देओल की हीरोइन, डेब्यू से मचाया था तहलका, फिर हिला दिया माधुरी-करिश्मा कपूर का स्टारडम
Last Updated:
वो हुस्नपरी, जिसने डेब्यू करते ही साबित कर दिया था कि वह इंडस्ट्री पर राज करेंगी. इस हसीना की एंट्री ने माधुरी दीक्षित, काजोल और करिश्मा कपूर का स्टारडम हिलाकर रख दिया था. पहली ही फिल्म से रातोंरात स्टार बनने के बाद भी हसीना ने अपने करियर में 20 फ्लॉप फिल्में दे डाली.
नई दिल्ली. वो बला की खूबसूरती हीरोइन, सनी देओल के साथ हिट मानी जाती है, जिसकी जोड़ी. ऋतिक संग रोमांस करते ही तो वह इंडस्ट्री पर राज करने लगी थीं. जिस वक्त काजोल, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर जैसी एक्ट्रेसेस का बोलबाला था, उस वक्त इस हसीना ने एंट्री करते ही तहलका मचा दिया था.

हम बात कर रहे हैं, बॉलीवुड की सबसे बड़ी स्टार्स में गिनी जाने वाली टैलेंटेड एक्ट्रेस अमीषा पटेल की. अमीषा कभी अपनी फ्लॉप फिल्में, तो कभी अपनी निजी जिंदगी के बड़े विवाद को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं.

अमीषा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2000 में आई फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ से की थी. ये फिल्म उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. इस फिल्म में उनके अपोजिट ऋतिक रोशन नजर आए थे.
Add News18 as
Preferred Source on Google

दोनों ही अपनी पहली ही फिल्म से रातोंरात स्टार बन गए थे. अमीषा के तो करियर की गाड़ी इस फिल्म से ऐसा ट्रैक पकड़ी कि वह एक ही फिल्म से टॉप एक्ट्रेस की लिस्ट में शामिल हो गई थीं. लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब उनका करियर बुरी तरह लड़खड़ा गया था. लेकिन साल 2023 में ‘गदर 2’ से उन्होंने ऐसा दमदार कमबैक किया कि एक बार फिर पूरे देश में उनकी चर्चा होने लगी.

अमीषा की निजी जिंदगी भी काफी मुश्किलों से भरी रही. साल 2004 में उन्होंने अपने ही पिता के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कर सबको चौंका दिया था. अमीषा का आरोप था कि उनके पिता ने उनके 12 करोड़ रुपये गलत तरीके से इस्तेमाल किए. उस समय उन्होंने खुलकर कहा था कि वह पैसा उनका था और किसी को भी उस पर हक नहीं था. इस विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं.

सनी देओल के साथ निभाया गया उनका ‘सकीना’ का किरदार तो इतिहार रच गया. उनकी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे. ये फिल्म उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई थी.

कहो ना प्यार है और गदर जैसी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर के बाद भी साल 2002 से 2010 के बीच उनकी कई फिल्में की लेकिन सारी फ्लॉप साबित हुईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुकाबित इस दौरान उन्होंने करीब 20 फिल्में दी जो फ्लॉप साबित हुई थी.

इसके बाद उन्होंने ‘रेस 2’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों में काम किया. भले ही वह लीड नहीं थी, लेकिन करियर चल रहा था.. साल 2004 में उन्होंने अपने ही पिता के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कर सबको चौंका दिया था. फिर एक्टिंग से काफी समय दूर रहने के बाद अमीषा पटेल ने साल 2023 में सनी देओल के साथ ‘गदर 2’ में नजर आईं. इसके बाद उनके ठप हुए करियर को नई उड़ान मिला. अपने करियर में उन्होंने संजय दत्त, गोविंदा, अक्षय कुमार और अजय देवगन के साथ भी काम किया है. अजय के साथ उन्होंने जुम्मे की रात’ और ‘तथास्तु’में काम किया है.
नृसिंहपुर-झीरपुरा सड़क 10 साल से जर्जर: ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द निर्माण की मांग की – Dholpur News
धौलपुर के बसेड़ी उपखंड क्षेत्र के नृसिंहपुर (राजूपुरा) गांव के ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि नृसिंहपुर (राजूपुरा) से झीरपुरा तक करीब 2.5 किलोमीटर लंबी लिंक सड़क पिछले 10 वर्षों से खस्ताहाल है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के नाम सौंपा गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क गांव का मुख्य मार्ग है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर दिक्कतें आती हैं। कई बार वाहन रास्ते में ही फंस जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क का निर्माण करवाकर राहत प्रदान करने की मांग की है।
Source link
जमुई में साइकिल पर घूमे विधायक आईपी गुप्ता: बाजार में दातून खरीदा, चाय पी; कहा- PM देश को गलत दिशा में ले जा रहे – Jamui News
जमुई में विधायक आईपी गुप्ता जमुई बाजार में साइकिल पर घूमते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को विधायक आईपी गुप्ता जमुई के बोधवन तालाब इलाके में पहुंचे थे। यहां उनकी मुलाकात अपने पुराने स्कूल साथी और आईआईपी पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू गुप्ता से हुई। इसके बाद दोनों साइकिल पर बाजार भ्रमण के लिए निकल पड़े। शंभू गुप्ता साइकिल चला रहे थे, जबकि विधायक पीछे बैठे थे। महिला से दातून खरीदा और उसे 500 रुपये दिए
बाजार भ्रमण के दौरान विधायक ने एक महिला से दातून खरीदा और उसे 500 रुपये दिए। इसके बाद वह एक चाय दुकान पर रुके और लोगों के साथ चाय पी। इसी दौरान किसी ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। दैनिक भास्कर डिजिटल से फोन पर बातचीत में विधायक आईपी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनका साइकिल चलाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी आह्वान का परिणाम नहीं है। केंद्र सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही
उन्होंने कहा कि वह पीएम मोदी की बातों से सहमत नहीं हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है और आम जनता महंगाई से जूझ रही है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। विधायक ने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से गरीब जनता पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग भी की।
Source link
नवानगर मार्ग पर खड़ी ऑटो को बस ने मारी टक्कर: चालक घायल, बस चालक फरार; पुलिस जांच में जुटी – Singrauli News
सिंगरौली जिले के नवानगर मुख्य मार्ग पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़ी ऑटो को टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, टॉकीज रोड बैढ़न निवासी ऑटो चालक मनोज कुमार शाह अपनी ऑटो सड़क किनारे खड़ी कर नाश्ता कर रहे थे। इसी दौरान जयंत की ओर से आ रही एक अनियंत्रित बस ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो दो बार पलट गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल चालक को ऑटो से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक घटना के बाद वाहन लेकर मौके से भाग निकला। उसने महाजन मोड़ के पास बस खड़ी की और फिर फरार हो गया। सूचना मिलते ही नवानगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने क्षतिग्रस्त ऑटो को अपने कब्जे में ले लिया है। नवानगर थाना प्रभारी ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिली है और पुलिस वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि फरार बस चालक की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Source link
एअर इंडिया की दिल्ली-बेंगलुरु फ्लाइट रनवे से टकराई: लैंडिंग के समय प्लेन को वापस हवा में ले जाने के दौरान हादसा; यात्री-क्रू मेंबर्स सुरक्षित
- Hindi News
- National
- Air India Flight Runway Landing Accident Video Update | Delhi Bengaluru Plane
नई दिल्ली2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
फाइल फोटो।
एअर इंडिया की दिल्ली से बेंगलुरु जा रही फ्लाइट AI2651 गुरुवार को केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान रनवे से टकरा गई। फ्लाइट का पिछला हिस्सा जमीन से टच हो गया। घटना को एविएशन भाषा में ‘टेल स्ट्राइक’ कहा जाता है।
फ्लाइट को सुरक्षित तरीके से उतार लिया गया। फ्लाइट में 181 यात्री सवार थे। घटना में किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। फ्लाइट को हुए नुकसान को लेकर भी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, लैंडिंग से ठीक पहले विमान ‘वेक टर्बुलेंस’ की चपेट में आ गया। इसके बाद पायलट ने नियमों के तहत ‘गो-अराउंड’ करने का फैसला लिया। पायलट ने लैंडिंग टाल दी और फ्लाइट वापस हवा में ले ली। इसी दौरान उसका पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया।
पायलट को लैंडिंग में दिक्कत का अंदाजा था
बताया जा रहा है कि यह वेक टर्बुलेंस पास में उड़ान भर रहे एक वाइड-बॉडी विमान की वजह से पैदा हुई थी। इसके कारण एअर इंडिया फ्लाइट का बैलेंस बिगड़ गया। पायलट को अंदाजा हो गया था कि लैंडिंग में दिक्कत आ सकती है।
इसलिए उसने ‘गो-अराउंड’ करने का फैसला लिया। गो-अराउंड के दौरान पायलट लैंडिंग अप्रोच के दौरान फ्लाइट को वापस हवा में ले जाता है। फिर स्थिति सामान्य होने पर दोबारा लैंडिंग की कोशिश करता है।
विमान को जांच के लिए ग्राउंड किया गया
एअर इंडिया विमान को घटना के बाद जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन नियामक DGCA को भी घटना की जानकारी दी गई है।
हालांकि, एयरलाइन की बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली वापसी फ्लाइट AI2652 रद्द कर दी गई है। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की ग्राउंड टीम यात्रियों की मदद कर रही है।
एअर इंडिया से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
9 अप्रैल : एअर इंडिया मुंबई-बेंगलुरु फ्लाइट का इंजन हवा में बंद हुआ
मुंबई से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की एअरबस A320 Neo फ्लाइट 9 अप्रैल की देर रात उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद मुंबई एयरपोर्ट लौट आई। अधिकारियों ने बताया कि हवा में एक इंजन बंद होने पर पायलट ने रेडियो पर ‘PAN PAN’ कॉल दी, जिसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंड कराया गया। पूरी खबर पढ़ें…
20 मार्च: एअर इंडिया ने गलत मॉडल का प्लेन भेजा, वापस लाना पड़ा
एअर इंडिया की एक बार फिर बड़ी चूक सामने आई, जिसके कारण दिल्ली से कनाडा के वैंकूवर जा रही फ्लाइट AI-185 को उड़ान भरने के करीब 7 घंटे बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। विमान में 300 से ज्यादा यात्री मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें…
26 मार्च: दिल्ली-लंदन एअर इंडिया फ्लाइट सऊदी से लौटी, खराबी के बावजूद 7 घंटे हवा में रही
नई दिल्ली से लंदन जा रहा एअर इंडिया का A350-900 (VT-JRF) विमान तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली लौट आया था। यह करीब सात घंटे हवा में रहा। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, विमान ने सुबह करीब 6 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी। पूरी खबर पढ़ें…
13 फरवरी- DGCA ने एअर इंडिया पर ₹1 करोड़ जुर्माना लगाया
भारत के नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) ने बताया था कि उसने एअर इंडिया पर 1.10 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक एयरबस विमान को बिना ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ के 8 बार उड़ाए जाने के कारण की गई। विमान उड़ाए जाने योग्य हो तभी यह सर्टिफिकेट दिया जाता है। पूरी खबर पढ़ें…
पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या: दावा- बुर्का पहने अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी; कश्मीर का रहने वाला, वीजा पर पाकिस्तान गया
पुलवामा आतंकी हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भारत ने 2022 में हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी था। उसे 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में से एक माना जाता था, इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ा सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा। बुरहान वानी का करीबी था हमजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। बुरहान मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर मारा गया। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी था। बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद कश्मीर में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। बुरहान वानी की मौत के बाद जाकिर मूसा हिजबुल का कमांडर बना था। वह 23 मई 2019 को पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था। पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था। श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर लेथपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV बसों से टकरा दी थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि दो बसों के परखच्चे उड़ गए और 40 जवान शहीद हो गए। जांच में सामने आया कि हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को कई इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे, लेकिन आतंकी साजिश को रोका नहीं जा सका। बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को हमले का मास्टरमाइंड बताया था। 4 महीने में पाकिस्तान के 4 बड़े आतंकियों की मौत पाकिस्तान में पिछले 4 महीने में 4 बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। इनके पीछे अज्ञात हमलावर का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 1. लश्कर आतंकी- मोहम्मद कासिम गुज्जर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी मोहम्मद कासिम गुज्जर की फरवरी 2026 में पाकिस्तान के पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर हमला किया था। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। कासिम गुज्जर उर्फ सलमान/सुलेमान को भारत सरकार ने 2024 में UAPA के तहत घोषित आतंकवादी घोषित किया था। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और जम्मू-कश्मीर में नए आतंकी मॉड्यूल तैयार करने का काम कर रहा था। उस पर आतंकियों को हथियार और फंडिंग पहुंचाने, सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भर्ती करने और कई आतंकी हमलों में भूमिका निभाने के आरोप थे। 2. जैश-ए-मोहम्मद कमांडर- सलमान अजहर अप्रैल 2026 में पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के सीनियर कमांडर सलमान अजहर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वो एक ‘हिट-एंड-रन’ जैसी घटना का शिकार हुआ। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स इसे टारगेट किलिंग बताया गया था। इसकी भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। सलमान अजहर को जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता था। जैश-ए-मोहम्मद वही आतंकी संगठन है जिसे भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं। सलमान अजहर संगठन के ऑपरेशनल नेटवर्क और भर्ती अभियान से जुड़ा हुआ था। बहावलपुर को लंबे समय से जैश का प्रमुख ठिकाना माना जाता रहा है। 3. लश्कर कमांडर- शेख यूसुफ अफरीदी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की अप्रैल 2026 को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यूसुफ अफरीदी को लश्कर-ए-तैयबा के बड़े नेटवर्क से जुड़ा माना जाता था। वह कथित तौर पर संगठन के लॉजिस्टिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम को संभालता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे हाफिज सईद का करीबी भी माना जाता था।
4. हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर- सज्जाद अहमद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मई 2026 में हिजबुल मुजाहिदीन का सीनियर कमांडर सज्जाद अहमद संदिग्ध परिस्थितियों में मारा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से घटना पर ज्यादा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। सज्जाद अहमद मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के बारामूला इलाके का रहने वाला था। कहा जाता है कि वह 1990 के दशक के अंत में पाकिस्तान चला गया था, जहां उसने आतंकी ट्रेनिंग ली। बाद में वह हिजबुल मुजाहिदीन के लिए फंडिंग, ट्रेनिंग और नेटवर्किंग जैसे काम संभालने लगा। वह पाकिस्तान से कश्मीर में आतंकी एक्टिविटी के कॉर्डिनेशन में एक्टिव रोल निभा रहा था। हिजबुल मुजाहिदीन लंबे समय तक घाटी में एक्टिव प्रमुख आतंकी संगठनों में शामिल रहा है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला थ बांग्लादेश के चिटगांव शहर में स्थित भारतीय दूतावास परिसर के अंदर मंगलवार को एक भारतीय सुरक्षाकर्मी मृत पाया गया। मृतक की पहचान 35 साल के नरेंद्र के तौर पर हुई है। वे हरियाणा के रहने वाले थे और दूतावास में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। नरेंद्र सोमवार रात अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने कमरे में लौटे थे। मंगलवार सुबह जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो उनके साथ वालों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। कई बार फोन और आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Source link
घर पर आसानी से उगाएं हरी मिर्च, जानिए गमले में भरपूर मिर्च उगाने का आसान तरीका
Last Updated:
How To Grow Green Chillies: अगर आप घर पर ताजी हरी मिर्च उगाना चाहते हैं, तो इसके लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है. एक छोटा गमला, अच्छी मिट्टी, धूप और थोड़ी देखभाल से आप आसानी से हरी मिर्च का पौधा उगा सकते हैं. सही समय पर पानी देना, पौधे को धूप मिलना और समय-समय पर मिर्च तोड़ना अच्छी पैदावार में मदद करता है. यह तरीका बालकनी, छत या खिड़की के पास भी आसानी से अपनाया जा सकता है. घर की उगाई हरी मिर्च स्वाद के साथ ताजगी का भी मजा देती है.
How To Grow Green Chillies: अगर आप खाने में तीखा स्वाद पसंद करते हैं, तो हरी मिर्च लगभग हर दिन किचन में इस्तेमाल होती ही है. कई बार छोटी सी चीज के लिए भी बाजार भागना पड़ जाता है, लेकिन सोचिए अगर यही ताजी हरी मिर्च आपके घर की बालकनी या छत पर उग रही हो तो कितना आसान हो जाएगा. अच्छी बात यह है कि हरी मिर्च उगाने के लिए आपको किसी बड़े गार्डन की जरूरत नहीं है. एक साधारण गमला, थोड़ी धूप और सही देखभाल से आप आसानी से मिर्च का पौधा तैयार कर सकते हैं. यह काम सिर्फ गार्डनिंग एक्सपर्ट के लिए नहीं है, बल्कि शुरुआत करने वाला व्यक्ति भी इसे आसानी से कर सकता है. हरी मिर्च का पौधा ज्यादा जगह नहीं लेता, जल्दी बढ़ता है और सही देखभाल मिलने पर लंबे समय तक मिर्च देता रहता है. यही वजह है कि आजकल होम गार्डनिंग पसंद करने वाले लोग इसे सबसे पहले उगाना पसंद करते हैं.

बीज का सही चुनाव कैसे करें: हरी मिर्च उगाने की शुरुआत अच्छे बीज से होती है. आप बाजार से गार्डनिंग वाले बीज खरीद सकते हैं या घर में मौजूद ताजी हरी मिर्च के बीज भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर घर वाली मिर्च के बीज ले रहे हैं, तो उन्हें निकालकर 1 से 2 दिन हल्का सुखा लें ताकि उनमें ज्यादा नमी न रहे. अच्छे और स्वस्थ बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और पौधा भी मजबूत बनता है.

गमला कैसा होना चाहिए: हरी मिर्च के पौधे के लिए बहुत बड़ा गमला जरूरी नहीं है, लेकिन इतना जरूर होना चाहिए कि जड़ें आराम से फैल सकें. मध्यम आकार का गमला सही रहता है. सबसे जरूरी बात यह है कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होने चाहिए. अगर पानी जमा रहेगा तो जड़ें खराब हो सकती हैं और पौधा कमजोर पड़ सकता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

मिट्टी कैसी रखें ताकि पौधा तेजी से बढ़े: हरी मिर्च के लिए हल्की और भुरभुरी मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. सिर्फ साधारण मिट्टी भर देना सही तरीका नहीं है. मिट्टी में अच्छी मात्रा में कंपोस्ट या सड़ी हुई खाद मिलाने से पौधे को पोषण मिलता है. ऐसी मिट्टी जड़ों को फैलने में मदद करती है और पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है. अगर मिट्टी बहुत सख्त होगी तो पौधा अच्छी तरह नहीं बढ़ पाएगा.

धूप कितनी जरूरी है: हरी मिर्च का पौधा धूप पसंद करता है. इसे रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप मिलनी चाहिए. अगर पौधे को धूप नहीं मिलेगी तो उसकी ग्रोथ धीमी हो सकती है और मिर्च भी कम आ सकती है. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह या दिन की अच्छी रोशनी आती हो. बालकनी, छत या धूप वाली खिड़की इसके लिए अच्छा विकल्प है.

पानी देने का सही तरीका क्या है: कई लोग पौधों को जरूरत से ज्यादा पानी दे देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है. हरी मिर्च के पौधे की मिट्टी हल्की नम रहनी चाहिए, लेकिन पानी से भरी नहीं. बहुत ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. मौसम के हिसाब से पानी दें. गर्मियों में थोड़ा ज्यादा और ठंड में कम पानी की जरूरत पड़ सकती है. पानी देने से पहले मिट्टी छूकर देखना अच्छा तरीका है.

मिर्च कब दिखना शुरू होगी: अगर आपने सही तरीके से पौधा लगाया है और धूप, पानी व पोषण का ध्यान रखा है, तो कुछ हफ्तों में पौधा बढ़ने लगेगा और धीरे-धीरे छोटे फूल आने शुरू हो सकते हैं. फूलों के बाद हरी मिर्च दिखने लगेगी. शुरुआत में कम मिर्च आए तो चिंता न करें, पौधा समय के साथ ज्यादा उत्पादन देने लगता है.

ज्यादा मिर्च पाने के लिए ये छोटी ट्रिक अपनाएं: हरी मिर्च को समय-समय पर तोड़ते रहना अच्छा माना जाता है. इससे पौधा नई मिर्च देने के लिए प्रेरित होता है. सूखी पत्तियां हटाते रहें और अगर पौधा कमजोर लगे तो थोड़ी जैविक खाद दे सकते हैं. कीड़े दिखें तो हल्के घरेलू उपाय अपनाएं ताकि पौधा सुरक्षित रहे.

घर की गार्डनिंग का आसान और मजेदार तरीका: अगर आप गार्डनिंग शुरू करना चाहते हैं, तो हरी मिर्च सबसे आसान पौधों में से एक है. यह कम जगह में आसानी से उग जाती है और रोजमर्रा की जरूरत भी पूरी करती है. थोड़ी सी मेहनत से आप अपने घर में ताजी, साफ और केमिकल फ्री हरी मिर्च का मजा ले सकते हैं.
लंबी छुट्टी पर जाने से पहले इन्वर्टर को किस मोड पर रखें कि बैटरी खराब न हो
इन्वर्टर हमारे घर का जरूरी अप्लायंस बन गया है। इन्वर्टर पावर कट के दौरान घर में बिजली की सप्लाई करता है, जिससे घर के जरूरी अप्लायंसेज जैसे कि पंखा, ट्यूबलाइट, टीवी आदि चलते हैं। इन्वर्टर के साथ बैटरी की जरूरत होती है, जो बिजली को स्टोर करती है और पावर कट के दौरान उस बिजली को घर में सप्लाई करती है। अगर, आप लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं तो क्या इन्वर्टर को बंद कर देना चाहिए? इन दिनों आने वाले इन्वर्टर में कई मोड्स दिए जाते हैं, इनमें से कौन सा मोड चुनें ताकि बैटरी प्रभावित न हो?
किस मोड पर रखें इन्वर्टर?
आम तौर पर अगर आप लंबी छुट्टी पर बाहर जा रहे हैं तो इन्वर्टर को नॉर्मल मोड पर ही रखें। साथ ही, मेन स्वीच वाले सॉकेट को भी ऑन रखें। कई इन्वर्टर में बैटरी के हिसाब से मोड दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए अगर आप ट्यूबलर बैटरी यूज कर रहे हैं तो इसी मोड का चुनाव करें। लेड-एसिड बैटरी यूज कर रहे हैं तो उस मोड का चुनाव करें। यह पूरी तरह से आपके इन्वर्टर पर निर्भर करता है।
हालांकि, अगर आप लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं और घर के मेन पावर स्प्लाई को बंद कर रहे हैं, तो इन्वर्टर को भी आपको स्वीच ऑफ करना चाहिए। इसके प्लग को स्विच से निकाल दें और बैटरी के कनेक्शन को भी कट कर लें। ऐसा करने से बैटरी के टर्मिनल्स साफ रहेंगे और बैटरी खराब नहीं होगी।
बैटरी कर लें फुल चार्ज
इस बात का ध्यान रखें कि छुट्टी पर जाने से पहले इन्वर्टर की बैटरी को फुल चार्ज कर लें, ताकि आन के बाद जब इसे दोबारा इन्वर्टर से कनेक्ट करें तो यह पावर सप्लाई देने के लिए तैयार रहे। 1 से 2 महीन तक बैटरी चार्ज रह सकती है। इसके बाद यह डीप डिस्चार्ज हो जाती है। बैटरी को दोबारा इन्वर्टर से कनेक्ट करने से पहले टर्मिनल को अच्छी तरह से साफ कर लें। इसके अलावा बैटरी के वाटर लेवल को भी चेक करें।
वहीं, अगर आप मेन स्विच ऑन करके छुट्टी पर बाहर जा रहे हैं तो आपको घर के सभी अप्लायंसेज के प्लग को सॉकेट से निकाल देना चाहिए। साथ ही, सभी लाइट्स, पंखे आदि को स्वीच ऑफ कर देना चाहिए। इन्वर्टर के प्लग को केवल लगाए रखें ताकि बैटरी चार्ज होती रहे। ऐसा करने से बैटरी खराब नहीं होगी।
यह भी पढ़ें – Oppo Find X9 Ultra भारत में हुआ लॉन्च, 200MP कैमरे वाला फोन देगा DSLR को टक्कर
यमुनोत्री में 2 और श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मौत: सीजन में मृतकों का आंकड़ा 19 पहुंचा; महाराष्ट्र और गुजरात के यात्री शामिल – Uttarkashi News
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की मौत का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री धाम में बुधवार को दो और श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इसके साथ ही इस यात्रा सीजन में अकेले यमुनोत्री धाम में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। गंगोत्री धाम में भी अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। दोनों धामों को मिलाकर कुल मृतकों का आंकड़ा 19 पहुंच गया है। अधिकतर मामलों में प्रारंभिक कारण हार्ट अटैक या अचानक तबीयत बिगड़ना बताया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार यात्रियों को स्वास्थ्य जांच कराने, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दे रहे हैं। यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है। महाराष्ट्र और गुजरात के श्रद्धालुओं की मौत मृतकों की पहचान महाराष्ट्र के अमरावती निवासी 64 वर्षीय वंदना विजय सिंह बघेल और गुजरात के भावनगर निवासी 68 वर्षीय पटेल नितिनभाई बलूभाई के रूप में हुई है। दोनों श्रद्धालु 21 मई 2026 को यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए पहुंचे थे। दर्शन के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों की मौत का संभावित कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यमुनोत्री में सबसे ज्यादा मौतें चारधाम यात्रा के मौजूदा सीजन में यमुनोत्री धाम में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और यात्रियों की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि अधिकतर मृतकों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर रही है और कई मामलों में पहले से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी सामने आई हैं। गंगोत्री में भी 8 श्रद्धालुओं की जान गई गंगोत्री धाम में भी यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत दर्ज की गई है। दोनों धामों को मिलाकर कुल मौतों का आंकड़ा 19 तक पहुंच चुका है। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य जांच, मेडिकल कैंप और एंबुलेंस सेवाएं बढ़ाई गई हैं, लेकिन ऊंचाई और मौसम के कारण बुजुर्ग यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आज यमुनोत्री में 22 हजार, गंगोत्री में 25 हजार पंजीकरण चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। बुधवार को यमुनोत्री धाम के लिए 22 हजार और गंगोत्री धाम के लिए 25 हजार पंजीकरण दर्ज किए गए। यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 6:30 बजे पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मौसम साफ रहने से यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है और धामों में भीड़ भी सामान्य बनी हुई है।
Source link


