Tuesday, June 16, 2026
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इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो पर फिलहाल रोक नहीं: इंदौर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, हेरिटेज और पर्यावरण नियमों पर 29 जून को अगली सुनवाई – Indore News




इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट के काम पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगेगी। इस प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाई कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुसार याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी के प्रतिवेदन पर सोमवार को कलेक्टर के समक्ष सुनवाई पूरी हो चुकी है और इस पर आदेश जारी किया जाना बाकी है। शासन ने आदेश जारी करने के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई 29 जून तय की है। याचिकाकर्ता ने उठाए कई सवाल याचिका में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर कई आपत्तियां दर्ज की गई हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रोजेक्ट के भूमिगत हिस्से में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पुरातात्विक महत्व की इमारतों के 200 मीटर दायरे के भीतर खुदाई और निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार इस क्षेत्र में किसी तरह की खुदाई या निर्माण की अनुमति नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना से शहर के भूजल स्तर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और कई स्थानों पर बिना पर्याप्त कारण पेड़ों की कटाई की जा रही है। कलेक्टर को दिए गए थे निर्देश पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर बिंदुवार सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाए और इस संबंध में आदेश जारी किया जाए। मंगलवार को शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कलेक्टर ने याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर सुनवाई पूरी कर ली है और अब सिर्फ आदेश जारी होना बाकी है। संभावना है कि यह आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा। प्रदूषण एनओसी और हेरिटेज नियमों पर भी सवाल सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह भी कहा कि उनके द्वारा उठाए गए पांच अन्य बिंदुओं पर भी आदेश जारी किया जाए। इनमें प्रदूषण विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), हेरिटेज संरक्षण नियमों के उल्लंघन और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून तक के लिए स्थगित कर दी।



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बक्सर से मद्यनिषेध सिपाही परीक्षा के लिए 2 स्पेशल ट्रेनें: पहली दोपहर 1:30 बजे, दूसरी शाम 6:00 बजे दानापुर और पटना के लिए – Buxar News




बिहार में मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के मद्देनजर बक्सर रेलवे प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। 17 जून को बक्सर स्टेशन से दो विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी ताकि परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों को घर लौटने में कोई परेशानी न हो। रेलवे यातायात निरीक्षक विंध्याचल पाण्डेय ने बताया कि पहली विशेष ट्रेन परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर 1:30 बजे बक्सर रेलवे स्टेशन से दानापुर के लिए रवाना होगी। दूसरी विशेष ट्रेन शाम 6:00 बजे बक्सर स्टेशन से पटना जंक्शन के लिए संचालित की जाएगी। इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य परीक्षार्थियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करना और उन्हें सुरक्षित यात्रा प्रदान करना है। विशेष ट्रेनों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील रेलवे प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों और आम यात्रियों से इन विशेष ट्रेनों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय से पहले स्टेशन पहुंचें ताकि भीड़ के कारण किसी भी असुविधा से बचा जा सके। परीक्षा के दिन बक्सर रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की सहायता के लिए एक विशेष सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। यहां रेलवे कर्मी आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन परिसर में मौजूद रहेंगे और माइकिंग के जरिए लगातार निर्देश प्रसारित किए जाएंगे। बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना है, जिसके लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे प्रशासन ने दावा किया है कि परीक्षार्थियों के आने और सुरक्षित वापस जाने तक हर स्तर पर समुचित तैयारी सुनिश्चित की गई है ताकि उन्हें सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा मिल सके।



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ट्रम्प ने G-7 में जेलेंस्की को नजरंदाज किया, VIDEO: सभी नेताओं से मिले, यूक्रेनी प्रेसिडेंट को देखते मुड़ गए; व्हाइट हाउस में तकरार हुई थी


नई दिल्ली5 मिनट पहले

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यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की।

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।

फ्रांस के शहर एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चैन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए।

यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए।

1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई।

1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई।

G-7 समिट के टॉप 8 मोमेंट्स…

G-7 समिट में 14 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट के नेता शामिल हुए।

G-7 समिट में 14 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट के नेता शामिल हुए।

G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है।

G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है।

G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं।

G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं।

मोदी की मैक्रों, मेलोनी और ट्रम्प से मुलाकात

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं।

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं।

पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।

पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे।

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे।

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है।

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है।

समिट के वर्किंग सेशन के दौरान कुछ पढ़ते हुए ट्रम्प।

समिट के वर्किंग सेशन के दौरान कुछ पढ़ते हुए ट्रम्प।

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ये खबर भी पढ़ें…

पीएम मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले, फ्रांस में G7 समिट में साथ बैठे, 5 मिनट बात की

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात चली। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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46 साल का इंतजार खत्म! किशाऊ डैम पर 6 राज्‍यों में बनी सहमति


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किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर 6 राज्यों के बीच आख‍िरकार सहमति बन गई. गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मीटिंग सभी राज्‍यों के बीच समझौता हुआ. परियोजना से यमुना में जल प्रवाह, जल सुरक्षा, सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन बढ़ेगा.

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अमित शाह की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमत‍ि बनी.

46 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है. किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर छह राज्यों के बीच सहम‍त‍ि बन गई है. गृहमंत्री अमित शाह की अध्‍यक्षता में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच समझौता हुआ. इसे जल्‍द केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यह बांध यमुना में जरूरत के ह‍िसाब से पानी का बहाव सुन‍िश्च‍ित करेगा. इससे इन 6 राज्‍यों को पीने का और स‍िंचाई का पानी म‍िलेगा.

इस परियोजना का सबसे बड़ा असर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की जल सुरक्षा पर पड़ सकता है. समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के हिस्से का कुछ पानी दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी है. साथ ही, जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जिससे राज्यों पर वित्तीय बोझ कम होगा. परियोजना से जलविद्युत उत्पादन भी बढ़ेगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.

यमुना में आएगा खूब पानी

केंद्र सरकार का दावा है कि किशाऊ परियोजना ‘निर्मल और अविरल यमुना’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी. बांध से नियंत्रित जल प्रवाह होने पर यमुना में सालभर अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ पानी छोड़ा जा सकेगा, जिससे नदी की सेहत सुधारने में मदद मिलेगी. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बनी यह सहमति लंबे समय से लंबित परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

क्‍या है ये प्रोजेक्‍ट

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना भारत और नेपाल की सीमा के पास यमुना नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत और जल-संसाधन परियोजना है. यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर क्षेत्र के बीच विकसित की जानी है. इसका नाम यमुना की सहायक नदी टौंस पर स्थित किशाऊ क्षेत्र से पड़ा है. इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा तमाम अफसर मौजूद थे.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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इलायची-काजू और कपूर की खुशबू से महकेगा घर, ऐसे बनाएं तिरुपति जैसा बूंदी लड्डू


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Tirupati Boondi Laddu Recipe: अगर आप घर पर तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध लड्डुओं जैसा स्वाद पाना चाहते हैं, तो यह दक्षिण भारतीय बूंदी लड्डू रेसिपी जरूर ट्राई करें. इलायची, काजू, किशमिश और खाने वाले कपूर की सुगंध से भरपूर ये नरम और स्वादिष्ट लड्डू हर त्योहार और खास मौके की मिठास को दोगुना कर देंगे. आसान विधि से तैयार होने वाले इन लड्डुओं का हर कौर आपको पारंपरिक दक्षिण भारतीय स्वाद और प्रसाद जैसी दिव्य अनुभूति का एहसास कराएगा.

हैदराबाद. भारत में त्योहारों और खुशियों का जिक्र लड्डुओं के बिना अधूरा है. वैसे तो बूंदी का लड्डू पूरे देश में चाव से खाया जाता है, लेकिन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के दक्षिण भारतीय संस्करण, विशेषकर प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू की बात ही कुछ और है. इलायची, काजू, किशमिश और पचा कर्पूरम यानी खाने वाले कपूर की अनूठी सुगंध से महकने वाला यह लड्डू सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि एक दिव्य अहसास है. यदि आप भी इस पवित्र स्वाद को अपनी रसोई में लाना चाहते हैं तो पारंपरिक दक्षिण भारतीय बूंदी लड्डू की यह खास रेसिपी आपके लिए है.

इसे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री- बेसन 2 कप, चीनी 2 कप (चाशनी के लिए), पानी 1 कप (चाशनी के लिए) + बेसन घोलने के लिए आवश्यकतानुसार, शुद्ध देसी घी तलने के लिए, काजू और किशमिश 2 बड़े चम्मच (घी में भुने हुए), इलायची पाउडर 1 छोटा चम्मच, खाने वाला कपूर एक छोटा चुटकी. इसे बनाने की रेसिपी है बेहद आसान है, सबसे पहले घोल तैयार करें. एक बर्तन में बेसन छान लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए बिना गांठ वाला एक गाढ़ा और चिकना घोल (बैटर) तैयार करें, जो न ज्यादा गाढ़ा हो और न ज्यादा पतला. अब इसके बाद इसके लिए चाशनी बनाएं. एक कड़ाही में चीनी और 1 कप पानी डालकर उबालें. इसके लिए एक तार की चाशनी बनानी है. चिपचिपी और एक तार की चाशनी बनते ही गैस बंद कर दें और इसमें इलायची पाउडर व खाने वाला कपूर मिला दें.

अब कड़ाही में घी गर्म करें, बूंदी छानने वाले झारे पर बेसन का घोल डालें और कलछी से थपथपाते हुए गरम घी में गोल-गोल बूंदी गिराएं. बूंदी को सिर्फ 10-15 सेकंड तक तलें, इसे कुरकुरा नहीं करना है सॉफ्ट रखना है. इसके बाद तली हुई बूंदी को तुरंत गरम चाशनी में डालते जाएं. जब सारी बूंदी चाशनी सोख ले, तब उसमें भुने हुए काजू और किशमिश मिलाएं. मिश्रण के हल्का गुनगुना रहते ही हाथों में थोड़ा सा घी लगाकर गोल-गोल लड्डू बांध लें. तैयार हैं आपके दक्षिण भारतीय शैली के अत्यंत सुगंधित और स्वादिष्ट बूंदी लड्डू. इसकी हर बाइट में आपको तिरुपति के पारंपरिक और पवित्र स्वाद का अनुभव होगा.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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दिल्ली एमसीडी को 14,549 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व मिला: सत्या शर्मा बोलीं- ट्रिपल इंजन सरकार का असर, बेहतर वित्तीय प्रबंधन से भरी तिजोरी – New Delhi News




दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की वित्तीय स्थिति में ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के गठन के बाद निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने इतिहास का सर्वाधिक 14,549.06 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। पिछले वर्ष की तुलना में निगम की कुल आय में 2,142.31 करोड़ रुपए यानी 17.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सत्या शर्मा ने कहा कि पहले एमसीडी अक्सर आर्थिक संकट और संसाधनों की कमी का रोना रोती थी, लेकिन अब स्पष्ट है कि समस्या धन की नहीं, बल्कि प्रबंधन की थी। उन्होंने बताया कि निगम का आंतरिक राजस्व 9,400.20 करोड़ से बढ़कर 11,239.24 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। संपत्ति कर से 3,113.07 करोड़ की इनकम संपत्ति कर-3,113.07 करोड़ रुपए, संपत्ति हस्तांतरण शुल्क- 3,758.59 करोड़ रुपए, विज्ञापन- 441.30 करोड़ रुपए (22.82 प्रतिशत की वृद्धि) सिविक सेंटर लीज 182.71 करोड़ रुपए (142.87 प्रतिशत की वृद्धि) अर्जित किए। सत्या शर्मा ने कहा, भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और प्रबंधन प्रभावी हो, तो किसी भी संस्था को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। अब हमारा लक्ष्य इस राजस्व का उपयोग दिल्लीवासियों को विश्व स्तरीय नागरिक सुविधाएं देने में करना है। सत्या शर्मा ने कहा कि अब निगम सफाई व्यवस्था, लैंडफिल साइटों के निस्तारण और पार्कों के विकास जैसे कार्यों में पहले से अधिक गति लाएगा



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किशोर कुमार ने की 30 दिन तैयारी, फिर रिकॉर्ड किया कालजयी गाना, आज भी गाती है पूरी दुनिया


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Rajesh Khanna Kishore Kumar Hit Songs : बॉलीवुड के लीजेंड सिंगर किशोर कुमार ने क्लासिकल सिंगिंग की ट्रेनिंग नहीं ली थी. वो सरगम गाने से हमेशा परहेज करते थे. किशोर दा अपने कई इंटरव्यू में इस बात को दोहरा चुके थे कि उन्हें ‘सा रे गा मा’ नहीं आता. एक बार तो उन्होंने पूरे 30 दिन गाने की रियाज की थी. इतना ही नहीं, उन्होंने आरडी बर्मन से साफ कहा था कि वो इस गाने को नहीं गाएंगे. पहले गाना लता मंगेशकर से रिकॉर्ड करवा लीजिए. किशोर दा ने लता मंगेशकर का गाना सुना. पूरे 30 दिन रियाज किया और फिर ऐसा कालजयी गाना रिकॉर्ड किया, जो अमर हो गया. जब फिल्म रिलीज हुई तो सुपर स्टार राजेश खन्ना खूब रोए थे.

किशोर कुमार और राजेश खन्ना के स्टारडम का दौर 1969 से साथ-साथ ही शुरू हुआ था. राजेश खन्ना ने हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर से कह रखा था कि किशोर कुमार ही उनके लिए प्लेबैक सिंगिंग करेंगे. आरडी बर्मन से उनकी अच्छी दोस्ती थी. एक बार आरडी बर्मन ने ऐसी धुन बनाई जिसे सुनते ही किशोर कुमार ने हाथ ख‌ड़े कर दिए. उन्होंने साफ कहा कि पहले इस गाने को लता मंगेशकर से रिकॉर्ड करवाइये. पंचम दा ने लता मंगेशकर से गाना रिकॉर्ड करवाया. फिर किशोर दा ने इस गाने को सुना. पूरे एक माह तक रियाज किया. फिर अपनी बुलंद आवाज में ऐसा दर्दभरा कालजयी गाना रिकॉर्ड किया, जिसने इतिहास रच दिया. यह गाना था : मेरे नैना सावन भादों….. गाना राजेश खन्ना पर फिल्माया गया था. फिल्म का नाम ‘महबूबा’ था.

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‘महबूबा’ फिल्म 19 जुलाई 1976 को रिलीज हुई थी. डायरेक्शन शक्ति सामंत ने किया था. वही शक्ति सामंत जिन्होंने राजेश खन्ना के साथ ‘आराधना’, ‘अमरप्रेम’, ‘कटी पतंग’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाईं. फिल्म की कहानी गुलशन नंदा ने लिखी थी. प्रोड्यूसर मुशीर रियाज थे. 

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साल 1975 बॉलीवुड के लिए निर्णायक साल साबित हुआ. इसी साल आई ‘दीवार’ और ‘शोले’ फिल्म ने अमिताभ बच्चन को स्टारडम के शिखर पर बैठा दिया. राजेश खन्ना के सितारे धुंधले पड़ने लगे थे. उन्हें एक हिट फिल्म की सख्त जरूरत थी. राजेश खन्ना का मानना था कि एक्शन फिल्मों का दौर जल्द खत्म होगा और रोमांटिक फिल्में फिर से अच्छा बिजनेस करेंगी.

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महबूब एक रोमांटिक फिल्म थी और पुनर्जन्म की कहानी पर बेस्ड थी. राजेश खन्ना के स्टारडम का दारोमदार इसी फिल्म पर टिका था.
फिल्म गुलशन नंदा के उपन्यास ‘सिसकते साज’ पर बेस्ड थी. नंदा ने ही फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा था. कहा जाता है कि यह नॉवेल पुराने संगीतकार खेमचंद्र की लाइफ पर बेस्ड था. महबूबा के डायलॉग अख्तर रोमानी ने लिखे थे. फिल्म को बेस्ट बनाने के लिए पूरे प्रयास किए गए. आरडी बर्मन ने अपने करियर का शानदार म्यूजिक कंपोज किया. आनंद बख्शी ने सुपरहिट गाने लिखे.

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‘महबूबा’ फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म के दो गाने ‘मेरे नैना सावन भादों’ और ‘परबत के पीछे चंबे दा गांव’ आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं. ‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने के दो वर्जन थे. गाना शिवरंजनी राग पर आधारित है. एक बार गाना लता मंगेशकर की आवाज में तो दूसरी बार किशोर कुमार की आवाज में सुनाई देता है.

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‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने से जु‌ड़ा दिलचस्प किस्सा आरडी बर्मन ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में सुनाया था. उन्होंने बताया था कि इस गाने की धुन सुनते ही किशोर कुमार ने कहा था कि गाना बहुत मुश्किल है. आरडी बर्मन ने बताया था, ‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने की रिहर्सल के दौरान किशोर कुमार मौजूद थे. वो बोले कि इस गाने को लता भी गाने वाली हैं. पहले उनसे गवाओ, फिर मैं गाऊंगा. ये गाना बहुत मुश्किल है. पहले मैं लता का गाना सुनूंगा. उसका पोस्टमार्टम करूंगा, उसे खा जाऊंगा, फिर गाऊंगा. लता मंगेशकर से गाना रिकॉर्ड करवाया गया. फिर उन्होंने जो गाना गाया, इतिहास रच दिया.’

गीतकार आनंद बख्शी गाकर अपने गाने लिखते थे. उनकी धुनों पर कई संगीतकारों ने गाने भी बनाए हैं. इस फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘परबत के पीछे चंबे दा गांव’ की धुन आनंद बख्शी ने ही बनाई थी. गाने एक पंजाबी फॉक सॉन्ग से इंस्पायर्ड था. सुरिंदर और और प्रकाश कौर के गाए टप्पे पर यह गान बेस्ड है. वो गाना था : ‘साडे ते वेडे विच’. गाना आज भी रेडियो-टीवी पर सुनाई दे जाता है.

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फिल्म की दो-दो पुनर्जन्म की कहानियां थीं, इससे दर्शक उब गए. फिल्म के सुपरहिट म्यूजिक ने दर्शकों को बांधने की कोशिश की लेकिन नाकाफी रही. फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. इस फिल्म के फ्लॉप होने के साथ ही राजेश खन्ना का स्टारडम खत्म सा हो गया. राजेश खन्ना ने अपना पूरा दमखम लगाया कि फिल्म समीक्षक मूवी को अच्छा बताएं लेकिन बात नहीं बनी. 1.25 करोड़ के बजट में बनी ‘महबूबा’ फिल्म ने डेढ़ करोड़ का कलेक्शन किया था. फिल्म एवरेज रही. इसी फिल्म की असफलता के साथ ही राजेश खन्ना का चार्म जाता रहा. वो असफलता से इतने दुखी हुए कि रात में अपनी छत पर बैठकर रोते थे.

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पहली ही बारिश में डूबा झुंझुनूं: रोड़ नंबर 3 पर नाले में फंसी बस, हवाई पट्टी चौराहे से लेकर गांधी चौक तक समंदर बना शहर​ – Jhunjhunu News




मानसून की पहली ही जोरदार बरसात ने झुंझुनूं नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम और दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। आज हुई तेज बारिश के बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया। सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा होने से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। ​रोड़ नंबर 3 पर बड़ा हादसा, नाले में धंसी बस
बारिश के चलते सबसे ज्यादा विकट स्थिति रोड़ नंबर 3 पर देखने को मिली। यहां जलभराव के कारण सड़क और नाले का फर्क पूरी तरह खत्म हो गया, जिसके चलते एक चलती हुई निजी टूरिस्ट बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे नाले में जा गिरी। गनीमत यह रही कि बस एक तरफ झुककर अटक गई और कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बस का आधा हिस्सा पानी और मलबे में डूबा हुआ है, जिससे वहाँ लंबा जाम लग गया। ​बंद हुए दुपहिया वाहन, रेंगते नजर आए लोग पानी का बहाव और भराव इतना ज्यादा था कि सड़कों से गुजरने वाले दुपहिया वाहन (मोटरसाइकिल और स्कूटी) बीच रास्ते में ही बंद हो गए। कई वाहन चालक पानी के बीच ही अपनी गाड़ियों को धक्का मारते और संघर्ष करते नजर आए। कार और अन्य बड़े वाहनों के पहिए भी आधे से ज्यादा पानी में डूबे दिखाई दिए, जिससे गाड़ियों के इंजन फेल होने का खतरा लगातार बना रहा। ​इन प्रमुख चौराहों पर बना समंदर जैसा नजारा शहर का शायद ही कोई ऐसा मुख्य हिस्सा बचा हो जो इस जलभराव की चपेट में न आया हो। भारी बारिश के बाद शहर के मुख्य केंद्र पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए। ​हवाई पट्टी चौराहा: यहां सड़कों पर पानी का भारी रेला देखने को मिला, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। ​रोड़ नंबर 3: नाले में बस गिरने और भारी जलभराव के कारण यह रूट सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। ​गांधी चौक और खेमी शक्ति चौराहा: व्यापारिक गतिविधियों के इन मुख्य केंद्रों पर पानी भरने से दुकानदारों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ​बगड़ चौराहा: यहां भी जलभराव के कारण चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। ​प्रशासनिक दावों की खुली पोल हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के प्रशासनिक दावे किए जाते हैं, लेकिन इस पहली ही बरसात ने साफ कर दिया कि धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक होने की वजह से चंद घंटों की बारिश में ही पूरा शहर टापू बन गया। स्थानीय निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।



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UP BEd JEE Result 2026: वंदना सिंह ने किया टॉप, bujhansi.ac.in पर देखें रिजल्ट


लखनऊ: उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा (UP BEd JEE) 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। उम्मीदवार अब अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट bujhansi.ac.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि इस परीक्षा में वंदना सिंह ने टॉप किया है। अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप UP BEd JEE 2026 का स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, और काउंसलिंग के लिए जरूरी दस्तावेज कौन-कौन से हैं।

स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें?

आप UP BEd JEE 2026 का स्कोरकार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवारों को वेबसाइट bujhansi.ac.in पर जाना होगा और नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करने होंगे:

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bujhansi.ac.in पर जाएं
  2. “UP BEd JEE scorecard PDF” लिंक पर क्लिक करें
  3. लॉगिन डिटेल्स भरें: एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि
  4. स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिख जाएगा
  5. उसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें

स्कोरकार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, कुल अंक, विषयवार अंक, रैंक, पास/फेल स्टेटस, काउंसलिंग योग्यता और अन्य जरूरी जानकारी शामिल होगी।

यूपी बीएड जी 2026 की मेरिट लिस्ट भी जारी

झांसी की बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी ने UP BEd JEE 2026 की मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी है। उम्मीदवार इसे भी आधिकारिक वेबसाइट bujhansi.ac.in से बेहद आसान स्टेप्स को फॉलो करके डाउनलोड कर सकते हैं।

मेरिट लिस्ट डाउनलोड करने के स्टेप्स

  1. वेबसाइट bujhansi.ac.in पर जाएं
  2. “UP BEd JEE topper list PDF” लिंक पर क्लिक करें
  3. स्क्रीन पर मेरिट लिस्ट PDF खुल जाएगी
  4. इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें

काउंसलिंग की तारीखें जल्द जारी होंगी

बता दें कि परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अब काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा। काउंसलिंग की तारीखें जल्द ही जारी की जाएंगी। काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों को कई दस्तावेज ले जाने होंगे। काउंसलिंग के लिए जरूरी दस्तावेज इस प्रकार हैं:

  1. कक्षा 10 और 12 की मार्कशीट
  2. ग्रेजुएशन की मार्कशीट और डिग्री
  3. जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  4. निवास प्रमाण पत्र
  5. पासपोर्ट साइज फोटो
  6. आधिकारिक जानकारी

UP BEd JEE 2026 से जुड़ी सभी जानकारी और अपडेट के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट bujhansi.ac.in पर विजिट करने की सलाह दी गई है।

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CM योगी बोले- इलाज और मकान की चिंता छोड़िए: गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान 200 लोगों की फरियाद सुनी, अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए – Uttar Pradesh News




गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। चाहे इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत हो या मकान की, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। वे खुद लोगों के बीच पहुंचे, उनके आवेदन लिए और एक-एक शिकायत की जानकारी ली। सीएम बोले- इलाज के लिए एस्टिमेट जमा करें, सरकार खर्च उठाएगी इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज का इलाज कराइए और अस्पताल से खर्च का अनुमान (एस्टिमेट) बनवाकर जमा कर दीजिए। सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं, ताकि उन्हें इलाज में परेशानी न हो। जरूरत पड़ने पर विवेकाधीन कोष से भी सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ लोग मकान की मांग लेकर भी पहुंचे। इस पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हर पात्र व्यक्ति को मकान दिया जा रहा है। किसी भी जरूरतमंद को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पुलिस-राजस्व मामलों पर अधिकारियों को निर्देश दिए गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और आवास से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में देरी की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। गोशाला में की गोसेवा, बच्चों से मुलाकात कर बांटी चॉकलेट जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में गुरु गोरखनाथ और अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। सीएम ने गायों को गुड़, रोटी और हरा चारा खिलाया और उनका दुलार किया। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां आए बच्चों से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट दी, पढ़ाई के बारे में पूछा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।



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