इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अधिवक्ता द्वारा एक न्यायाधीश के विरुद्ध दाखिल आपराधिक अवमानना की अर्जी को पोषणीय न मानते हुए खारिज कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय एवं न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत और वकील के बीच होने वाली तीखी बहस आपराधिक अवमानना की श्रेणी में नहीं आती। केस को किसी और पीठ में ट्रांसफर किया अधिवक्ता अरुण मिश्रा ने अर्जी में आरोप लगाया था कि 26 नवंबर 2025 को एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान उन्होंने संबंधित न्यायाधीश से केस को किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था क्योंकि उन्हें उस पीठ पर विश्वास नहीं था। अरुण मिश्र के अनुसार इस पर न्यायाधीश ने उन्हें अपमानित किया, याचिका खारिज कर दी और बार कौंसिल को उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी। तीखी बहस का रिकॉड नहीं दिया हाईकोर्ट ने पाया कि याची ने अपने हलफनामे में उन विशिष्ट शब्दों या बयानों का उल्लेख नहीं किया है जो न्यायाधीश द्वारा कथित तौर पर उपयोग किए गए थे। कोर्ट ने कहा कि यदि न्यायाधीश और वकील के बीच कोई तीखी बहस हुई भी है, तो वह अवमानना अधिनियम 1971 की धारा 2(सी) के तहत आपराधिक अवमानना नहीं मानी जा सकती।
ऐसी बहस न तो न्यायालय की गरिमा को कम करती है और न ही न्याय प्रशासन में बाधा डालती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी न्यायाधीश के गलत आदेश को अवमानना की कार्यवाही का आधार नहीं बनाया जा सकता। ऐसे आदेशों को सक्षम उच्च या उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जानी चाहिए। अरुण मिश्र ने संविधान के अनुच्छेद 134(ए) के तहत सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए प्रमाण पत्र मांगा तो कोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस मामले में कानून का कोई ऐसा महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल नहीं है जिसे उच्चतम न्यायालय द्वारा तय किया जाना आवश्यक हो।
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जज के खिलाफ अवमानना की अर्जी खारिज: हाईकोर्ट ने कहा-अदालत और वकील में तीखी बहस आपराधिक अवमानना नहीं – Prayagraj (Allahabad) News
अब फौलादी होगा शरीर, ‘सुपर पावर’ बनेगा जवानों का दिमाग! CISF ने की बड़ी डील
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देश की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवानों को अब मानसिक रूप से और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. सीआईएसएफ ने हार्टफुलनेस संस्थान के साथ पांच साल का समझौता किया है, जिसके तहत जवानों को मेडिटेशन, तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.
जवानों के दिगाम को मजबूत बनाने के लिए सीआईएसएफ ने बड़ी डील की है.
CISF News: एयरपोर्ट सहित देश की तमाम संवेदनशील यूनिट्स की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान अब सिर्फ बंदूक और बुलेटप्रूफ जैकेट के भरोसे नहीं रहेंगे. अब उनके दिमाग को भी ‘सुपर पावर’ बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. तनाव, डर, थकान और मानसिक दबाव से लड़ने के लिए सीआईएसएफ ने ऐसा कदम उठाया है, जो जवानों को अंदर से भी फौलादी बना देगा.
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था ‘हार्टफुलनेस संस्थान’ के साथ पांच साल की बड़ी डील की है. इस समझौते का मकसद जवानों की मानसिक ताकत बढ़ाना, तनाव को कंट्रोल करना और उन्हें भावनात्मक रूप से इतना मजबूत बनाना है कि मुश्किल हालात भी उनका आत्मविश्वास न तोड़ सकें.
कमांडो की तरह तैयार होगा दिमाग
सीआईएसएफ की वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब जवानों की ट्रेनिंग में सिर्फ हथियार चलाने, सुरक्षा रणनीति और फिजिकल फिटनेस पर ही फोकस नहीं होगा. पहली बार मेडिटेशन, माइंड कंट्रोल, इमोशनल बैलेंस और मानसिक मजबूती को भी ट्रेनिंग का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है. ट्रेनिंग के दौरान जवानों का शरीर ही नहीं, उनका दिमाग भी कमांडो की तरह तैयार किया जाएगा.
दरअसल, अर्धसैनिक बलों की जिंदगी बेहद कठिन होती है. महीनों तक घर से दूर रहना, हर वक्त अलर्ट मोड में ड्यूटी करना और लगातार खतरे के बीच काम करना जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है. कई बार यही दबाव तनाव और भावनात्मक थकान की वजह बन जाता है. इस समझौते के तहत देशभर में मेडिटेशन वर्कशॉप, मानसिक मजबूती के ट्रेनिंग कैंप और एक्टिव सेशन आयोजित किए जाएंगे.
जवानों के सिखाई जाएंगी नई तकनीकें
जवानों को ऐसी तकनीकें सिखाई जाएंगी, जिनसे वे तनाव को कंट्रोल कर सकें, फोकस बढ़ा सकें और मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत दिमाग से फैसले ले सकें. इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ जवान ही नहीं, उनके परिवार भी इसका हिस्सा होंगे. जवानों के बच्चों के लिए ‘ब्राइटर माइंड्स’ जैसे विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि उनका बौद्धिक विकास बेहतर हो सके.
वहीं ‘वॉयस दैट केयर्स’ हेल्पलाइन के जरिए छह भारतीय भाषाओं में मुफ्त और गोपनीय मानसिक परामर्श भी मिलेगा. वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘कान्हा शांति वनम’ में खास वेलनेस और लीडरशिप रिट्रीट आयोजित किए जाएंगे. यहां अधिकारियों को मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन और बेहतर नेतृत्व की ट्रेनिंग दी जाएगी.
ध्यान और मेडिटेशन की सरल तकनीकें दिल और दिमाग के बीच बेहतर तालमेल बनाती हैं. इससे तनाव कम होता है और व्यक्ति मानसिक रूप से रिचार्ज महसूस करता है. यह पहल जवानों को मानसिक तौर पर भी काफी मजबूत बनाएंगी. – प्रवीर रंजन, महानिदेशक, सीआईएसएफ
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इंदौर के संकटमोचन हनुमान मंदिर में चोरी: दानपेटी का ढक्कन खोलकर कैश ले गया चोर; CCTV खंगाल रही पुलिस – Indore News
इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में चोरी की वारदात सामने आई है। बदमाश मंदिर की दानपेटी का ढक्कन खोलकर उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर के पुजारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। तिलक नगर पुलिस ने विजय त्रिवेदी निवासी पवनपुरी कॉलोनी की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। विजय ने पुलिस को बताया कि वह बृजेश्वरी मेन स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में पुजारी हैं। सोमवार रात वह रोज की तरह मंदिर में ताला लगाकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह उन्हें सुनील मालवीय का फोन आया, जिसमें बताया गया कि किसी अज्ञात बदमाश ने मंदिर की दानपेटी का ढक्कन उठाकर उसमें रखे रुपए निकाल लिए हैं। घटना के बाद मंदिर से जुड़े लोगों में नाराजगी है। पुजारी के अनुसार, दानपेटी पिछले तीन महीने से नहीं खोली गई थी और उसमें करीब 50 हजार रुपए होने का अनुमान है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
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रूस से भारत का कच्चा तेल आयात घटा, रिफाइनरी बंद होने से कम हुई खरीदारी
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रूस से कच्चे तेल की खरीद में आई गिरावट ने भारत के ऊर्जा बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है. अप्रैल 2026 में भारत का रूसी तेल आयात 15 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 4.5 अरब यूरो पर पहुंच गया. विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह गुजरात की एक प्रमुख रिफाइनरी का रखरखाव के लिए बंद होना रही. हालांकि गिरावट के बावजूद भारत अब भी रूस से सबसे ज्यादा पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वाले देशों में शामिल बना हुआ है.
अप्रैल में रूस से तेल खरीद 15% घटी. (Representative Image:AI)
नई दिल्ली. भारत ने अप्रैल 2026 में रूस से कच्चे तेल की खरीद में बड़ी कमी दर्ज की है. रिपोर्ट के मुताबिक, रूस से आयात 15 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 4.5 अरब यूरो रह गया. इसकी सबसे बड़ी वजह एक प्रमुख रिफाइनरी का रखरखाव के लिए बंद होना बताया जा रहा है. हालांकि गिरावट के बावजूद भारत रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल बना हुआ है.
रूस से तेल आयात में आई बड़ी गिरावट
यूरोपीय शोध संस्था Centre for Research on Energy and Clean Air यानी CREA की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में भारत ने रूस से 5.3 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदा था, लेकिन अप्रैल में यह घटकर 4.5 अरब यूरो रह गया. यानी एक महीने में ही आयात में 15 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई. रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में भी 3.7 प्रतिशत की कमी आई. इसमें सबसे बड़ा असर रूस से आने वाले तेल पर पड़ा, जहां मासिक आधार पर करीब 19.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. इसके बावजूद भारत अप्रैल में रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना रहा.
रिफाइनरी बंद होने से प्रभावित हुई खरीद
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की मुख्य वजह गुजरात स्थित वाडिनार रिफाइनरी का रखरखाव के लिए बंद होना रही. Nayara Energy की यह रिफाइनरी काफी हद तक रूसी कच्चे तेल पर निर्भर मानी जाती है. रिपोर्ट के अनुसार, वाडिनार रिफाइनरी में रूसी तेल की आवक करीब 92 प्रतिशत तक गिर गई. वहीं जामनगर रिफाइनरी में भी 38 प्रतिशत की कमी देखी गई. हालांकि दूसरी तरफ इंडियन ऑयल की रिफाइनरी में रूसी तेल आयात 87 प्रतिशत बढ़ गया, जिससे कुछ हद तक संतुलन बना रहा.
कुछ रिफाइनरियों ने फिर शुरू की खरीद
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नया मंगलूर और विशाखापत्तनम रिफाइनरियों ने नवंबर 2025 के बाद रूसी तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया था. लेकिन मार्च 2026 से इन रिफाइनरियों ने दोबारा रूस से तेल खरीद शुरू कर दी. विशाखापत्तनम रिफाइनरी में अप्रैल के दौरान रूसी तेल का आयात 149 प्रतिशत तक बढ़ गया. इससे संकेत मिलता है कि भारत अभी भी सस्ते और वैकल्पिक तेल स्रोतों की तलाश में सक्रिय है. जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और कीमतों के आधार पर भारत लगातार अपनी रणनीति बदल रहा है.
अमेरिकी छूट और बढ़ती कीमतों का असर
CREA की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली कुछ छूटों के कारण रूसी तेल की सप्लाई फिर बढ़ी है. यही वजह है कि कई भारतीय कंपनियों ने दोबारा खरीद बढ़ाने में रुचि दिखाई. हालांकि इसी दौरान रूस के यूराल कच्चे तेल की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. अप्रैल में इसकी औसत कीमत बढ़कर 112.3 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा तय सीमा से काफी ज्यादा है. बढ़ती कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए नई चिंता पैदा कर सकती हैं.
भारत के लिए क्यों अहम है रूसी तेल?
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से बड़े पैमाने पर रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदना शुरू किया था. इससे भारत को ऊर्जा जरूरतें पूरी करने और आयात लागत कम रखने में मदद मिली. कुछ ही वर्षों में रूस भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों से तेल खरीद की रणनीति अपनाता है. ऐसे में किसी एक रिफाइनरी के बंद होने या वैश्विक कीमतों में बदलाव का सीधा असर आयात आंकड़ों पर दिखाई देता है. आने वाले महीनों में पश्चिम एशिया की स्थिति, अमेरिकी प्रतिबंध और वैश्विक तेल कीमतें भारत की आयात नीति को प्रभावित कर सकती हैं.
ऊर्जा सुरक्षा पर बना रहेगा फोकस
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है और उसकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक ऊर्जा आयात पर निर्भर करती है. इसलिए सरकार और तेल कंपनियां लगातार ऐसे विकल्प तलाशती रहती हैं, जिनसे लागत कम हो और सप्लाई स्थिर बनी रहे. रूस से आयात में आई यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है, लेकिन इससे यह साफ हो गया है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में छोटे बदलाव भी भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देशों पर बड़ा असर डाल सकते हैं. आने वाले समय में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए संतुलित और लचीली रणनीति पर जोर देता रहेगा.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
औरंगाबाद में सांसद अभय कुशवाहा की गाड़ी पर हमला: पर्सनल असिस्टेंट और ड्राइवर के साथ मारपीट, शादी समारोह से लौटने के दौरान वारदात – Aurangabad (Bihar) News
औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हसनबार गांव में मंगलवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां अज्ञात लोगों ने सांसद अभय कुमार सिन्हा उर्फ अभय कुशवाहा की गाड़ी पर हमला कर दिया। घटना के समय सांसद गाड़ी में मौजूद नहीं थे, लेकिन हमलावरों ने गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और सांसद के पीए संजय कुमार तथा चालक नौलेश यादव उर्फ रौशन के साथ मारपीट की। घटना में चालक को गंभीर चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार सांसद के पीए संजय कुमार सांसद की अनुपस्थिति में श्रीडीह गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से उन्हें ताराडीह जाना था। इसी दौरान वे हसनबार गांव से होकर लौट रहे थे। पीए के मुताबिक गांव के संकरे रास्ते में विपरीत दिशा से आ रही गाड़ियों को साइड देने को लेकर विवाद शुरू हुआ। चालक ने पहले अपनी गाड़ी पीछे कर दूसरी गाड़ी को रास्ता दिया, लेकिन इसके बाद दूल्हा पक्ष की एक गाड़ी सांसद की गाड़ी के सामने खड़ी कर दी गई। बीच-बचाव करने पहुंचे पीए संजय कुमार के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और कुछ लोग मारपीट पर उतर आए। आरोप है कि हमलावरों ने सांसद की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और चालक नौलेश यादव के साथ जमकर मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे पीए संजय कुमार के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर थाना पुलिस और सदर एसडीपीओ-2 चंदन कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। मामले को लेकर सांसद की गाड़ी के चालक द्वारा मदनपुर थाना में लिखित आवेदन देने की तैयारी की जा रही है। सांसद के पीए ने बताया कि हमला करने वाले तीन लोगों की पहचान कर ली गई है। इनमें हसनबार गांव निवासी रौशन कुमार, सोनू कुमार और सुधीर कुमार शामिल हैं। सांसद ने कहा- बोर्ड लगे होने के बावजूद हमला निंदनीय है घटना को लेकर सांसद अभय कुशवाहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह फिलहाल पटना में हैं और एक शोक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में उनके पीए कुछ लोगों के साथ क्षेत्र में आयोजित शादी समारोहों में शामिल होने गए थे। इसी दौरान हसनबार गांव में उनकी गाड़ी पर हमला किए जाने की सूचना मिली। सांसद ने कहा कि गाड़ी पर सांसद का बोर्ड लगा होने के बावजूद हमला किया जाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने औरंगाबाद एसपी अंबरीश राहुल को फोन कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। वहीं सदर एसडीपीओ-2 चंदन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बारात के दौरान गाड़ी साइड करने को लेकर विवाद की बात सामने आई है। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई थी, जिसमें सांसद की गाड़ी का शीशा क्षतिग्रस्त हुआ। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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‘बिस्तर पर लेट जाओ’, बिना कपड़ों में मशहूर आदमी को देख थर-थर कांपने लगीं एक्ट्रेस
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‘हीरोज’ और ‘नैशविले’ जैसी पॉपुलर सीरीज का हिस्सा रह चुकीं एक्ट्रेस हेडन ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि जब वह इंडस्ट्री में नई थीं, तब उन्हें काफी कुछ झेलना पड़ा था. उन्होंने बताया कि उनकी एक फ्रेंड ने उन्हें जबरन एक बोट पर एक बिना कपड़ों वाले मशहूर आदमी के पास भेज दिया था.
नई दिल्ली. हॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस और सिंगर हेडन पैनेटीयर इन दिनों एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने एक पुराना किस्सा शेयर किया है. ये हादसा उनके साथ करियर के शुरुआती दिनों में हुआ था.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)

आज भी उस हादसे को याद कर हेडन भावुक हो जाती हैं.एक हालिया पॉडकास्ट में उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर का याद किया है. बात तक की वह जब वह हॉलीवुड में काम शुरू कर रही थीं. उस वक्त उनकी उम्र महज 18 साल की थीं. (फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)

आज भी हेडन उस पल को याद कर इमोशनल हो जाती हैं. ‘हीरोज’ और ‘नैशविले’ फेम हेडन ने बताया कि उनकी एक दोस्त ने तो उन्हें एक ‘मशहूर आदमी’ के बिस्तर तक पहुंचा दिया था. ये बताते हुए वह रो पड़ी थी.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
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हेडन पैनेटीयर ने जे शेट्टी के पॉडकास्ट ‘ऑन पर्पस’ में अपनी जिंदगी के इस काले सच का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि उस वक्त कुछ लोग ऐसे थे, जिन पर वह भरोसा करती थीं. लेकिन लोगों ने उनका फायदा उठाया.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)

अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि उनकी खास दोस्त ने उन्हें एक बोट पर पार्टी में ले गई थीं. उस दौरान वह उन्हें एक छोटे से कमरे में ले गईं. उस कमरे में पहले से एक बहुत पॉपुलर बुजुर्ग आदमी मौजूद था. वो समझ ही नहीं पा रही थीं कि आखिर ये क्या हो रहा है.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)

वहां सेक्सुअल एक्ट करने के लिए कहा गया. जब मैंने वहां एक ‘बिना कपड़ों वाले’ आदमी को देखा तो मैं समझ गई कि मैं फंस गई हूं.मेरी फ्रेंड ने मुझे उस बिना कपड़ों वाले आदमी के बगल वाले बिस्तर पर लिटा दिया. वो वो भी एक बोट पर जहां, दूर-दूर तक गहरा समुद्र था. मेरी अपनी दोस्त ने मेरे साथ ऐसा किया.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)

ये सब देख मैं आपा खो बैठी और मैंने ये सब करने से इनकार कर दिया. किसी तरह मैं उस वक्त उस कमरे से भाग निकलीं. लेकिन वहां मेरे छिपने के लिए कोई जगह नहीं थी,जाती भी कहां बोट पर चारों तरफ पानी ही पानी था.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)

बता दें कि इसी दौरान उन्होंने अपनी दर्दभरी पर्सनल लाइफ का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे नशे की लत ने उनका करियर बर्बाद कर दिया था. उन्होंने अपनी बेटी की कस्टडी तक खो दी. पोस्टपार्टम डिप्रेशन के चलते उन्हें अपनी बेटी भी अपने Ex को देनी पड़ी थी. (फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
RSS महासचिव बोले- पाकिस्तान से बातचीत, वीजा सर्विस जारी रखें: खेल और व्यापार भी चलता रहे; लेकिन पुलवामा जैसी हरकत का जवाब मजबूती से देंगे
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नई दिल्ली2 घंटे पहले
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RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान, मुस्लिमों और पश्चिम एशिया युद्ध समेत अन्य मुद्दों पर बात की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए। दोनों देशों को एक-दूसरे को वीजा भी देना चाहिए। खेलकूद और व्यापार भी होना चाहिए। लेकिन पुलवामा जैसे हमले का जवाब भी मजबूती से देना होगा।
न्यूज एजेंसी PTI के CEO विजय जोशी को दिए इंटरव्यू में होसबाले ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंध पुराने हैं और हम एक ही राष्ट्र रहे हैं। राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर भरोसा कम होने के कारण पाकिस्तान के खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सिविल सोसायटी को आगे आना चाहिए।
होसबाले के इंटरव्यू की 3 बड़ी बातें…
- सनातन खत्म करने पर- उदयनिधि स्टालिन ने सनातन खत्म करने की बात कही है। लेकिन सनातन शाश्वत है, सिर्फ इसलिए गायब नहीं हो जाएगा क्योंकि कोई कहता है कि इसे खत्म कर देना चाहिए।
- ईरान युद्ध संसाधनों की लड़ाई- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष सभ्यताओं का संघर्ष नहीं बल्कि तेल और संसाधनों को लेकर पैदा हुआ विवाद है। दुनिया के ज्यादातर युद्ध लालच, अहंकार और दूसरों पर कब्जा करने की मानसिकता से जन्म लेते हैं। इतिहास में हर दौर में युद्ध होते रहे हैं और आगे पानी को लेकर भी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। युद्ध मानवता को खत्म नहीं करेंगे, लेकिन मानव जीवन और व्यवस्था को जरूर बदल देंगे।
- पीएम मोदी की अपील का समर्थन- युद्ध जैसी स्थिति हो या न हो, भारतीय जीवनशैली में सादगी और संयम हमेशा होना चाहिए। संकट के समय यह और ज्यादा जरूरी हो जाता है। भारत दुनिया के देशों और नेताओं को शांति और समझदारी का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

PTI के सवालों पर होसबाले के जवाब-
सवाल: मुस्लिमों को कैसे भरोसा दिलाया जा सकता है कि वे इंडिया में सेफ हैं और हिंदू राष्ट्र का मतलब कल्चरल से है न कि धर्म से? जवाब: हम हिंदू राष्ट्र बना नहीं रहे हैं, यह पहले से हिंदू राष्ट्र है। ब्रिटिश शासन के समय भी यह हिंदू राष्ट्र ही था। हिंदू राष्ट्र का अर्थ सांस्कृतिक पहचान से है, न कि धार्मिक राज्य से। धर्म परिवर्तन से राष्ट्रीयता नहीं बदलती। जब राष्ट्रीयता एक है तो हम किसी को अलग नहीं मानते। भारत में मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं माना जाता। सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंच रहा है और RSS लगातार अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं से बात करता है।
सवाल: संघ प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि सभी का डीएनए एक है। तो फिर लव-जिहाद पर इतना विवाद क्यों है? जवाब: लव जिहाद तब होता है जब कोई एजेंडा हो, हिंदू लड़कियों को ले जाने की सोची-समझी साजिश हो। यह मंजूर नहीं है। जब यह एकतरफा हो तो यह प्यार नहीं यह एक साजिश है।
सवाल: असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल चुनाव के बाद कहा कि मुस्लिमों को अलग पार्टी बनानी चाहिए? जवाब: संविधान में सबको पार्टी बनाने का अधिकार है। मुसलमानों में नेशनलिस्ट लीडरशिप बहुत कम देखने को मिलती है। कम्युनिटी किसी को तभी सपोर्ट करेगी जब वह सेपरेटिस्ट हो।
सवाल: हमें पाकिस्तान के साथ कैसे डील करनी चाहिए? जवाब: अगर पाकिस्तान पुलवामा जैसी हरकत करता है, तो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए भारत को हालात के मुताबिक जवाब देना होगा। लेकिन साथ ही हमें बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। हमें हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए। व्यापार और कॉमर्स, वीजा जारी करना बंद नहीं होना चाहिए, क्योंकि बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की खुली रहनी चाहिए। इसीलिए डिप्लोमैटिक संबंध बनाए रखे गए हैं। वहां के शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों को आगे आना चाहिए, क्योंकि उनके राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य नेतृत्व में भारत के प्रति नफरत पैदा हो गई है।
सवाल: पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों RSS स्वयं सेवकों की कितनी भूमिका है? जवाब: नागरिक के तौर पर उन्होंने हर स्तर पर काम किया। बंगाल में हर हिंदू वोटर हिंदू वर्कर बन गया था। नतीजों से यह साबित होता है कि जब जनता परेशान होगी तो जनता पलटवार करेगी।
सवाल: विदेश में रहने वाले भारतीय वहां मंदिर बना रहे हैं, जिससे उस देश के लोगों के साथ उनके व्यवहार खराब हो रहे हैं। उन्हें इसे कैसे बैलेंस करना चाहिए? जवाब: हनुमान मंदिर या मूर्तियां गैरकानूनी तरीके से नहीं बनाई गईं। भारतीय आमतौर पर कानून मानने वाले लोग हैं और उनका क्राइम रेट भी कम है। कई देशों में भारतीयों ने मेहनत से अपनी पहचान बनाई है, लेकिन उनकी सफलता से कुछ लोगों में नौकरी छिनने का डर पैदा होता है। विदेश में रहने वाले भारतीयों को जिस देश में वे रहते और कमाते हैं, उसके प्रति जिम्मेदारी और वफादारी भी दिखानी चाहिए। भारत से जुड़ाव स्वाभाविक है, लेकिन वहां के समाज और समुदाय की चिंता करना भी जरूरी है।
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उदयनिधि स्टालिन बोले- सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए:यह लोगों को बांटता है

तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। यह लोगों को बांटता है। उन्होंने पहले 2023 में भी सनातन को डेंगू, मलेरिया बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी। पूरी खबर पढ़ें…
NEET का पेपर लीक, परीक्षा रद्द, जांच CBI को, NTA ने माना- हम जिम्मेदार

पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा- इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा। पूरी खबर पढ़ें…
NEET 2026 रद्द होने पर स्टूडेंट्स का फूटा गुस्सा: खाचरियावास बोले- “भाजपा का अमृतकाल युवाओं के लिए विषकाल बन गया”, बच्चे बोलें- आर्थिक बोझ और मानसिक दबाव बढ़ा – Jaipur News
3 मई को आयोजित हुई NEET 2026 परीक्षा को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा रद्द किए जाने के बाद राजस्थान सहित देशभर के अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। राजस्थान के 27 जिलों के 611 परीक्षा केंद्रों पर करीब 2 लाख विद्यार्थियों ने परीक्
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कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने परीक्षा रद्द होने पर भाजपा सरकार और केंद्र की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों के टूटने जैसा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से साबित हो गया है कि देश की शिक्षा व्यवस्था “पेपर माफियाओं” के कब्जे में है। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत की, माता-पिता ने कर्ज लेकर बच्चों को कोचिंग दिलाई, लेकिन लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था ने सब बर्बाद कर दिया।
छात्रों ने जताई नाराजगी
जयपुर की छात्रा भूमिका ने कहा कि लगातार पेपर लीक होने से छात्रों का भरोसा टूट गया है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने के बावजूद यह भरोसा नहीं रह गया कि सही तरीके से चयन होगा।
छात्रा स्वाती शर्मा ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए NEET की तैयारी करना बेहद महंगा और कठिन होता है। लाखों रुपए खर्च करने और कठिन मेहनत के बाद भी यदि पेपर लीक हो जाए तो छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाता है।
छात्रा सुनेना तंवर ने कहा कि परीक्षा रद्द करने की बजाय पेपर लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
आर्थिक बोझ और मानसिक दबाव
अलवर की छात्रा साक्षी खटाणा ने बताया कि वह जयपुर में किराये का कमरा लेकर तैयारी कर रही थीं। कोचिंग, किराया और अन्य खर्चों में हर साल लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करना मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से मुश्किल हो गया है।
दौसा निवासी छात्र अमित मीणा ने कहा कि उन्होंने दो साल मेहनत की थी और इस बार चयन की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी सारी मेहनत बेकार हो गई।
धौलपुर के छात्र इशांत शर्मा ने कहा कि पेपर लीक पूरी तरह NTA की विफलता है और इससे छात्रों का मनोबल टूट गया है।

पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई की मांग
खाचरियावास ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने, पेपर लीक माफिया और उनके संरक्षणकर्ताओं की गिरफ्तारी तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्रों का कहना है कि यदि सरकार और एजेंसियां परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित नहीं बना पातीं, तो मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य लगातार खतरे में रहेगा।







