औरंगाबाद में लगातार लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। शहर के ओवर ब्रिज और अंबा बाजार में लगने वाले सड़क जाम के कारण एनएच 139 होते हुए अंबा, हरिहरगंज व नबीनगर की ओर जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों की समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने नए बाईपास निर्माण की कवायद शुरू कर दी है। पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने बताया कि एनएच-139 को जाम मुक्त बनाने के लिए औरंगाबाद के खैरी मोड़ से पोला तक एक नए बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिसकी लंबाई लगभग 30 किलोमीटर होगी। इसके लिए विस्तृत डीपीआर तैयार कर विभाग को भेजने की तैयारी चल रही है। पूर्व सांसद ने कहा कि पहले विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण एनएच-139 को फोरलेन बनाने की योजना में काफी देरी हुई। उन्होंने बताया कि दाउदनगर और ओबरा में बाईपास निर्माण को लेकर पहल की गई थी, लेकिन औरंगाबाद और अंबा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया था। बाद में जब इस समस्या की जानकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को दी गई और रोजाना लगने वाले जाम के फोटो भेजे गए, तब विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बताया कि अब औरंगाबाद से पोला तक तक एक बड़े बाईपास निर्माण पर सहमति बन चुकी है। इससे शहर और बाजार क्षेत्रों में लगने वाले भारी जाम से लोगों को राहत मिलेगी। पूर्व सांसद ने उम्मीद जताई कि आने वाले तीन से चार महीनों में इस दिशा में ठोस प्रगति देखने को मिल सकती है। बता दें कि औरंगाबाद बाईपास और अंबा चौक पर रोजाना भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। आम नागरिकों के साथ-साथ अधिकारी, एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ता है। कई बार गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। बाईपास बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी पूर्व सांसद ने कहा कि पहले सरकार का ध्यान इस सड़क के बजाय सासाराम और आमस-गया सड़क परियोजना पर अधिक था। एनएच-139 के विकास का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। लेकिन लगातार प्रयास और पहल के बाद अधिकारियों ने इस सड़क के महत्व को समझा और अब इसके निर्माण को लेकर सहमति बनी है।उन्होंने कहा कि बाईपास बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। बता दें कि एनएच 139 पटना से अरवल दाउदनगर व औरंगाबाद होते हुए बिहार झारखंड बॉर्डर तक जाती है। यह सड़क डाल्टनगंज होते हुए रांची और छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और यूपी को भी जोड़ती है। आवागमन के लिहाज से यह सड़क अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और लोगों को जान माल का नुकसान झेलना पड़ता है। नए बाईपास के निर्माण से लोगों को सहूलियत होगी।
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औरंगाबाद से झारखंड बॉर्डर तक बनेगा 30KM लंबा बाईपास: सड़क जाम से मिलेगी मुक्ति, ओवर ब्रिज-अंबा बाजार पर जाने में होगी आसानी – Aurangabad (Bihar) News
ढाई साल का हिसाब मांगने 45 सूत्रीय एजेंडा तय: कल से तीन दिन तक समीक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर हवाई सेवाओं तक नई प्लानिंग पर डिस्कसन – Bhopal News
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर मंत्रियों और विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से अब तक हुए काम का हिसाब लेंगे। साथ ही आगामी एक्शन प्लान पूछा जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने 45 सूत्रीय एजेंडा तय कर दिया है और विभागों को इसकी जानकारी दी गई है। अब सरकार की प्राथमिकता को लेकर 8 मई से 10 मई तक बैठकों के माध्यम से विभागवार चर्चा की जाएगी। ऐसे होगी विभागवार समीक्षा और अगली प्लानिंग पट्टा वितरण और नर्मदा मिशन मुख्यमंत्री राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्रियों और अफसरों से ‘स्वामित्व योजना’ की प्रगति का हिसाब लेंगे। योजना में ग्रामीण क्षेत्र में निशुल्क रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करने और प्रधानमंत्री के माध्यम से 50 लाख पट्टों का सिंगल क्लिक वितरण करने का बड़ा निर्णय लिया जाना है। इसके अलावा अभियान चलाकर ग्राम पंचायतों में नई आबादी भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा और उसे आबादी भूमि घोषित किया जाएगा। साथ ही ‘नर्मदा समग्र मिशन’ के लिए एक विशेष सेल गठित करने और आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की प्लानिंग पर चर्चा होगी। आरजीपीवी और मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन भागों में बांटने की तैयारी तकनीकी शिक्षा और कौशल विभाग की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने की तैयारी है। इसके लिए RGPV को तीन विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जाएगा। यह भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में संचालित किए जाने की तैयारी है। इसी तरह मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी तीन भागों में विभाजित करने की प्लानिंग सरकार ने की है। यह विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में खोले जाएंगे। इसके अलावा, सांदीपनि विद्यालयों के भवनों का उपयोग दोपहर की शिफ्ट में महाविद्यालयों के संचालन के रूप में होगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग समन्वय करेंगे। साथ ही इन विद्यालय भवनों का उपयोग कोचिंग और स्किल सेंटर के रूप में करने की कार्ययोजना पर सीएम रिपोर्ट लेंगे। नगरीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ सरकार नई फायर सेफ्टी नीति और एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने पर निर्णय लेगी। शहरी इलाकों की निकायवार पेयजल समीक्षा की जाएगी। साथ ही महानगरों में पानी और सीवेज के प्रबंधन के लिए पीएचई विभाग के थोक अमले को प्रतिनियुक्ति पर शहरी निकायों में शिफ्ट करने की नीति बनाने पर भी काम किया जाएगा। प्रदेश में कैंसर अस्पतालों को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग में लाई जाएगी जिसके लिए समय सीमा तय की जाएगी। DBT योजनाओं का एकीकरण और सुरक्षा वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह लाडली बहना और किसान सम्मान जैसी DBT योजनाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने का मॉडल तैयार करे। 50 करोड़ रुए से अधिक की सामग्री खरीदी की सभी प्रक्रिया को स्टेट फाइनेंस कमेटी और ईएफसी से सैद्धांतिक स्वीकृति दिलाने का निर्णय भी विभाग की ओर से प्रस्तावित है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027′ की तैयारी अगले ढाई साल की सबसे बड़ी प्लानिंग जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट है। इसके लिए औद्योगिक निवेश और प्रोत्साहन विभाग को अभी से फोकस एरिया और नीतिगत एप्रोच तय करने को कहा गया है। भोपाल में ‘आईटी नॉलेज सिटी’ और उज्जैन में ‘डीप टेक पार्क’ के निर्माण के साथ-साथ AI और डेटा सेंटर जैसे निवेश आकर्षित करने का रोडमैप सीएम के सामने पेश करना होगा। सीएम यादव ने आईटी सेक्टर में बड़े निवेश पर फोकस किया है। पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजना सरकार की प्राथमिकताओं में पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजनाओं की समय-सीमा तय की जाएगी। इसके लिए हवाई पट्टी से हवाई अड्डे तक की सुविधाओं का विस्तार करने का काम किया जा रहा है। साथ ही विमानन विभाग को उज्जैन के दताना मताना में नवीन हवाई अड्डे के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण और पीपीपी मॉडल पर तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग से पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन और महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों में होमगार्ड के पदों के सृजन पर जवाब मांगा जाएगा। शहरों के बीच स्थित जेलों और मंडियों को शिफ्ट कर उस जमीन के ‘री-डेंसिफिकेशन’ की प्लानिंग भी बैठक का हिस्सा है। बैठकों में इन मुद्दों पर भी रहेगा सरकार का फोकस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 8 से 10 मई तक होने वाली विभागवार समीक्षा बैठकों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। सरकार आगामी ढाई साल के रोडमैप के तहत प्रशासनिक सुधार, कृषि, शिक्षा, रोजगार, शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े निर्णयों की तैयारी कर रही है।
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चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा: भ्रष्टाचार मामले में वेई फेंघे और ली शांगफू दोषी करार, पूरी प्रॉपर्टी भी जब्त
बीजिंग9 मिनट पहले
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चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। अगर वह दो साल तक कोई नया अपराध नहीं करता तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।
ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। जिसके बाद दोनों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना और रक्षा से जुड़े के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ लेते हुए।
ली शांगफू पर रिश्वत और अनुशासन उल्लंघन के आरोप
चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पिछले साल अक्टूबर में अचानक पद से हटा दिया गया था। वे करीब दो महीने तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिससे कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं।
अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच चल रही थी।
CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य अनुशासन जांच एजेंसी ने पाया कि ली ने गंभीर रूप से पार्टी अनुशासन और कानून का उल्लंघन’ किया। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि ली की गतिविधियों से सेना के हथियार डेवलपमेंट और मिलिट्री इक्विपमेंट की इमेज को भारी नुकसान पहुंचा।
पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर भी कार्रवाई
चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर रिश्वत लेने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी माना है। जांच में सामने आया कि वेई फेंगहे ने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फैसलों में फायदा पहुंचाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत ली थी।
वेई फेंगहे चीन के सीनियर सैन्य अधिकारियों में गिने जाते थे। वे चीन के पूर्व रक्षा मंत्री होने के साथ चीनी सेना में रॉकेट फोर्स के कमांडर भी रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन की मिसाइल और परमाणु हथियार सिस्टम को संभालती है।

वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे।
रॉकेट फोर्स पर जांच का फोकस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में चल रही भ्रष्टाचार जांच का सबसे बड़ा सेंटर PLA रॉकेट फोर्स और सेना के हथियार खरीद विभाग को माना जा रहा है। PLA रॉकेट फोर्स चीन की सेना की वह खास यूनिट है, जो देश की परमाणु मिसाइलों और लॉन्ग रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों को संभालती है।
इसे चीन की सैन्य ताकत का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यही यूनिट जरूरत पड़ने पर परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है।
जांच एजेंसियों को शक है कि सेना के लिए हथियार खरीदने, रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। आरोप हैं कि कई अधिकारियों ने ठेके देने और बड़े सैन्य सौदों में रिश्वत ली।
सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने मामले की जांच की थी
ली शांगफू और वेई फेंगहे के मामले में सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) की जांच एजेंसियों ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की थी।
CMC चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और चीन सरकार की ओर से सेना पर नियंत्रण रखती है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग CMC के चेयरमैन हैं।
इसके अधीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA), पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP) और मिलिशिया काम करते हैं।

शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा
पिछले एक साल में चीन के सैन्य और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े दर्जनों सीनियर अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार और अविश्वास के खिलाफ अभियान का हिस्सा है।
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जहां कई देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं, वहीं चीन पर इसका असर बाकी दुनिया के मुकाबले कम दिखाई दे रहा है। इसकी वजह यह है कि चीन खुद को कई सालों से ऐसे हालात के लिए तैयार कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
Google Pixel 11 में मिलेगा Nothing वाला ये खास फीचर, नई लीक ने फैंस को दिया ‘सरप्राइज
Google Pixel 11 सीरीज को लेकर लगातार लीक रिपोर्ट्स सामने आ रही है। इस सीरीज के नए लीक ने तो फैंस को सरप्राइज कर दिया है। पिक्सल 11 के बैक में कंपनी Nothing Phone की तरह ही LED लाइट देने वाली है। गूगल इसका नाम ‘Pixel Glow’ रख सकता है। इसमें RGB लाइट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही, बैक में कंपनी थर्मामीटर सेंसर को हटाने वाली है। इसे RGB लाइट से रिप्लेस किया जा सकता है।
क्या है Pixel Glow?
गूगल पिक्सल 11 लाइन अप का CAD रेंडर भी सामने आया है, जिसमें फोन का डिजाइन देखा जा सकता है। Mystic Leaks नाम के टेलीग्राम चैनल ने हाल ही में Pixel 11 सीरीज का रेंडर शेयर किया है, जिसके बैक में कैमरा मॉड्यूल के साथ RGB लाइट देखा जा सकता है। इसमें Google का लोगो दिखाई देता है। इस साल लॉन्च हुए Nothing Phone 4a Pro और Infinix Note 60 Pro के बैक में भी LED लाइट दिया गया है, जिसे कंपनी ने अलग-अलग नाम दिया है। Infinix ने इसे एक्टिव मैट्रिक्स बताया है तो नथिंग इसे Glyph लाइटिंग कह रहा है।
गूगल पिक्सल 11 (लीक इमेज)
Google Pixel 11 सीरीज में Pixel 11 के अलावा Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold लॉन्च किए जाएंगे। गूगल ने थर्मामीटर सेंसर को सबसे पहले Google Pixel 8 Pro में इस्तेमाल किया था। अपकमिंग सीरीज में कंपनी इसे Pixel Glow के साथ रिप्लेस करने वाली है। यह फीचर फोन पर आने वाले जरूरी नोटिफिकेशन के लिए यूज किया जा सकेगा। हालांकि, इसमें Nothing के Glyph के मुकाबले कम चीजों के लिए यूज किया जा सकेगा।
2nm चिपसेट के साथ होगा लॉन्च
Google Pixel 11 सीरीज के संभावित फीचर्स की बात करें तो यह सीरीज नए Tensor G6 चिपसेट पर काम करेगी। यह चिपसेट 2nm टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। गूगल की यह सीरीज AI फीचर्स से लैस होगी, जिसकी वजह से यह चिप तेजी से इमेज और वीडियो प्रोसेस कर पाएगा। इस सीरीज के स्टैंडर्ड मॉडल में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन में 5000mAh की दमदार बैटरी दी जा सकती है।
वहीं, Google Pixel 11 Pro में बेहतर रैम और एक्स्ट्रा टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। यह फोन 6.1 इंच के OLED डिस्प्ले के साथ आ सकता है। इसके अलावा Pixel 11 Pro XL में 6.8 इंच का OLED पैनल और बड़ी बैटरी दी जा सकती है। फोल्डेबल फोन की बात करें तो इसमें कंपनी 5000mAh की बैटरी देगी।
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साधारण कोल्ड ड्रिंक्स छोड़ो! फर्मेंटेड समर ड्रिंक्स हैं इस सीजन का सबसे कारगर
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Fermented summer drinks : गर्मियों के मौसम में, लोग अक्सर अपने शरीर को ठंडक और ताज़गी देने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं. हालांकि, ये पेय जो अत्यधिक चीनी और रसायनों से भरे होते हैं लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. यही कारण है कि लोग अब तेज़ी से मोटापे की ओर बढ़ रहे हैं. इस मौसम में, गर्मियों के लिए फ़र्मेंट किए हुए पेय एक नए और स्वस्थ चलन के रूप में उभर रहे हैं.
Fermented summer drinks : फर्मेंटेड ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ होते हैं, जो एक निश्चित समय तक चलने वाली प्राकृतिक फर्मेंटेशन प्रक्रिया से गुज़रते हैं. इस प्रक्रिया के दौरान, कुछ फ़ायदेमंद बैक्टीरिया विकसित होते हैं, जिन्हें पाचन और रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि ये ड्रिंक्स न केवल शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं, बल्कि उसे भीतर से भी पोषित करते हैं.

भारत में सदियों से कई तरह के फर्मेंटेड (किण्वित) पेय पदार्थों का सेवन किया जाता रहा है. कांजी इन्हीं में से एक लोकप्रिय उदाहरण है. काली गाजर, राई और मसालों से बना यह पेय प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है और गर्मियों के मौसम में पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है.

इसके अलावा, छाछ को एक बेहतरीन फर्मेंटेड पेय माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देता है, पेट के लिए हल्का होता है, और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है. वहीं, कोम्बुचा जैसे अंतरराष्ट्रीय पेय भी लोगों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं.
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फर्मेंटेड ड्रिंक्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, वे शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखने में भी असरदार होते हैं.

आजकल, फ़िटनेस और वेलनेस के शौकीन लोग मीठे सोडे और पैकेट वाले कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय नैचुरल ड्रिंक्स को चुन रहे हैं. यही वजह है कि अब कैफ़े और हेल्थ ब्रांड्स गर्मियों के लिए कई तरह के फ़र्मेंटेड ड्रिंक्स लॉन्च कर रहे हैं.

हालांकि, किसी भी फर्मेंटेड पेय का सेवन केवल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. ताज़े बने, घर के बने पेय ज़्यादा सुरक्षित और पौष्टिक माने जाते हैं.

अगर आप इस गर्मी में ठंडा, ऊर्जावान और तरोताज़ा रहना चाहते हैं, तो आम कोल्ड ड्रिंक्स को छोड़कर, अपनी डाइट में फर्मेंटेड गर्मियों के पेय पदार्थों को शामिल करें. ये न केवल एक अनोखा स्वाद देते हैं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
हादसे में वृद्ध का पैर टूटा, युवक का सिर फटा: वृद्ध् के पैर से निकली पिकअप, युवक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी – Pali (Marwar) News
पाली में दो अलग-अलग हादसों में गुरुवार को एक वृद्ध और एक युवक घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां दोनों का इलाज किया गया।
पाली शहर के मंडिया रोड SBI बैंक के सामने 72 साल के कृष्णचंद पुत्र टीकमचंद जोशी खड़े थे। इस दौरान पिकअप ने उन्हें चपेट में लिया। उनके पैर के ऊपर से पिकअप निकल गई। जिससे पैर फेक्चर हो गया। इलाज के लिए उन्हें पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उनका उपचार किया गया। इसी तरह 30 साल का महावीर पुत्र बाबूलाल निवासी चिमनपुरा (पाली) गुरुवार को सोजत से ब्यावर की तरफ जा रहा था। इस दौरान सोजत के निकट ही अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उसके सिर पर चोटे आई। इलाज के लिए सोजत से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पाली लाया गया। जहां उसका उपचार किया गया।
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अब खुलेगा दिल्ली का ये अंडरपास, जाम की कर देगा छुट्टी, नोएडा-गाजियाबाद के लोगों को फायदा
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दिल्ली के भैरों मार्ग अंडरपास 5 का काम दोबारा शुरू हो गया है और अब उसके शुरू होने की तारीख भी आ गई है. पीडब्ल्यूडी ने इसे तैयार करने के लिए फरवरी 2027 तक की डेडलाइन बताई है. इस अंडरपास से पूर्वी दिल्ली के अलावा नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलने वाला है. इसके साथ ही इससे प्रगति मैदान कॉरिडोर और सेंट्रल दिल्ली की कनेक्टिविटी सुधरेगी. आइए जानते हैं इसके बारे में जरूरी बातें….
दिल्ली का भैंरो मार्ग अंडरपास-5 अब खुलने जा रहा है. इससे दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को जबर्दस्त फायदा मिलेगा. इससे न केवल जाम की छुट्टी होगी बल्कि लाखों लोगों को फर्राटा भरने में सुविधा होगी और यात्रा का टाइम भी घट जाएगा.

दिल्ली का भैरों मार्ग अंडरपास-5 कई बार डेडलाइन चूकने के बाद अब फरवरी 2027 तक पूरा होने वाला है. पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि काम दोबारा शुरू हो चुका है और पूरे जोर-शोर से चल रहा है.

यह प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर का अहम हिस्सा है. 110 मीटर लंबा अंडरपास-5 चालू रेलवे लाइन के नीचे बन रहा है. यह प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर प्रोजेक्ट का अंतिम चरण है.
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बता दें कि चलती रेलवे लाइन और यमुना नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण प्रोजेक्ट बार-बार प्रभावित हुआ था. 2023 में इसे बनाने के लिए बॉक्स-पुशिंग विधि से प्रीकास्ट बॉक्स भी लगाए गए थे लेकिन वे यमुना की बाढ़ में धंस गए थे.

इसके बाद इसे फिर से चालू करने के लिए कट एंड कवर विधि अपनाने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन भारतीय रेलवे ने इसकी अनुमति नहीं दी. अब पीडब्ल्यूडी ने कास्ट इन-सिटू तकनीक अपनाई है और रेलवे से इन-प्रिंसिपल NOC भी मिल गया है.

एक बार पूरा होने पर यह भैरों मार्ग, सेंट्रल दिल्ली, ISBT कश्मीरी गेट, रिंग रोड और सराय काले खां के बीच आवागमन को आसान बनाएगा. प्रगति मैदान, ITO कॉरिडोर की भीड़ कम होगी और पूर्व-मध्य दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतर होगी.

फिलहाल अस्थायी डायवर्जन और बैरिकेडिंग के कारण रिंग रोड, भैरों मार्ग और सराय काले खां पर भारी जाम लगा रहता है.ट्रेनें कुछ दिनों के लिए डायवर्ट करके काम तेजी से पूरा करने की योजना है.
बॉक्स ऑफिस पर मचाया हंगामा, OTT पर किया कब्जा, अब घर बैठे फ्री में देखें सुपरहिट फिल्म
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गुजराती सुपरहिट फिल्म ‘लालो कृष्ण सदा सहायते’ अब टीवी पर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है. 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी इस चर्चित फिल्म का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर 17 मई को दोपहर 1 बजे सोनी मैक्स पर होगा. भक्ति, इमोशन और प्रेरणा से भरी इस फिल्म ने थिएटर में दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीता था. फिल्म की कहानी लालजी धनसुख परमार नाम के एक साधारण रिक्शा चालक की है, जिसकी जिंदगी में भगवान श्रीकृष्ण मार्गदर्शक बनकर आते हैं.
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट थी.
नई दिल्ली. गुजराती सुपरहिट फिल्म ‘लालो कृष्ण सदा सहायते’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया. अगर आपने थिएटर में ये फिल्म मिस कर दी है तो अब आप इसे फ्री में एंजॉय कर सकते हैं. ये सुपरहिट फिल्म अब टीवी पर आने के लिए तैयार है. 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करने वाली इस चर्चित फिल्म का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर 17 मई को दोपहर 1 बजे सोनी मैक्स पर होगा. थिएटर में शानदार सफलता पाने के बाद अब यह फिल्म टीवी दर्शकों का मनोरंजन करने आ रही है.
‘लालो’ ने रिलीज के बाद दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीत लिया था. फिल्म की कहानी, इमोशनल अंदाज और भक्ति से जुड़ा संदेश लोगों को काफी पसंद आया. यही वजह है कि यह हाल के समय की सबसे चर्चित गुजराती फिल्मों में शामिल हो गई. फिल्म ने सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही रिकॉर्ड नहीं बनाए, बल्कि लोगों के बीच एक खास पहचान भी बनाई.
फिल्म को मिला जबरदस्त रिस्पांस
अब यह फिल्म हिंदी दर्शकों तक भी पहुंचेगी. खास बात यह है कि फिल्म को हिंदी के साथ-साथ गुजराती भाषा में भी दिखाया जाएगा, ताकि दर्शक इसकी असली भावना और संस्कृति को महसूस कर सकें. इससे पहले सोनी मैक्स ‘कांतारा’ और ‘महावतार नरसिम्हा’ जैसी धार्मिक और भावनात्मक फिल्मों का प्रसारण कर चुका है और अब ‘लालो’ भी इसी कड़ी में शामिल हो गई है.
फिल्म की कहानी लालजी धनसुख परमार नाम के एक साधारण रिक्शा चालक की है, जो एक फार्महाउस में फंस जाता है. यहां उसे अपने अतीत और जिंदगी की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस मुश्किल सफर में भगवान श्रीकृष्ण उसका मार्गदर्शन करते हैं और उसे जिंदगी को नए तरीके से समझने की राह दिखाते हैं. यही भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानी दर्शकों को काफी पसंद आई.
फिल्म में करण जोशी ने लालजी का किरदार निभाया है. उनके साथ रीवा राछ, श्रुहद गोस्वामी और मिश्टी कडेचा भी नजर आए हैं. श्रुहद गोस्वामी ने फिल्म में भगवान श्रीकृष्ण का रोल निभाया है, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. फिल्म का निर्देशन अंकित साखिया ने किया है.
फिल्म सोनी लिव पर स्ट्रीम कर रही है
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के मूवी क्लस्टर के चीफ कंटेंट ऑफिसर अजय भालवंकर ने कहा कि ‘लालो’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है. वहीं श्रुहद गोस्वामी ने कहा कि कृष्ण का किरदार निभाना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा और अब टीवी के जरिए यह कहानी और ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी. फिल्म 6 मार्च से सोनी लिव पर स्ट्रीम कर रही है.
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From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें
उन्नाव में युवक ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, किराने का दुकान चलाता था – Magarwara (Sadar Tehsil) News
उन्नाव जनपद के दही थाना क्षेत्र के तार गांव में गुरुवार शाम एक युवक ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान 28 वर्षीय अनिल राठौर पुत्र उमा शंकर के रूप में हुई है, जो तार गांव, थाना दही, जनपद उन्नाव का निवासी था। परिजनों के अनुसार, उन्होंने अनिल को फंदे पर लटका देखा और तुरंत नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अनिल अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। वह गांव में एक किराने की दुकान चलाता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। इस घटना से परिवार सदमे में है। पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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