Tuesday, June 30, 2026
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यहां बारिश में तालाब बन जाती हैं गलियां: फैजुल्लागंज-IV वार्ड में न सड़क, न सफाई; शिकायतें नहीं सुन रहा नगर निगम – Lucknow News




यहां अधिकतर इलाके कच्चे हैं। सीवर और पानी की व्यवस्था लोगों को खुद ही करनी पड़ रही है। ज्यादातर इलाके गंदगी से बजबजा रहे हैं। आए दिन इसकी शिकायत लोग कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की समस्या भी क्षेत्र में है। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। इससे दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा है। रखरखाव के अभाव पार्क बदहाल स्थिति में है। बिजली की ट्रिपिंग पूरे क्षेत्र में बनी रहती है। ये हालात हैं वार्ड नंबर-75 फैजुल्लागंज चतुर्थ इलाके के। स्थानीय लोग नगर निगम से लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम वार्ड नंबर-75 फैजुल्लागंज चतुर्थ में पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। 3 तस्वीरों में देखिए वॉर्ड की ग्राउंड रियलिटी- वार्ड की बड़ी समस्याएं वार्ड में अधिकतर इलाके कच्चे- अनियोजित कॉलोनियों की भरमार पूरे वार्ड में फैली हुई है। सीवर और पानी का कनेक्शन ऐसी कॉलोनियो में नहीं है। लोग प्राइवेट तरीके से व्यवस्था करवा रहे हैं। वार्ड की अधिकतर सड़कें कच्ची ही हैं। ऐसे में लोगों की समस्या बढ़ गई है। कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है। रास्ते भी सही नहीं हैं। कच्चे रास्ते पर चलने को लोग मजबूर हैं। अनियोजित डेवलेपमेंट के चलते पूरे इलाके में मूलभूत सुविधाओं को बनाना भी चुनौती है। गंदगी का अंबार, बजबजा रहे इलाके- मुतकीपुर सहित वार्ड में कई इलाके हैं,जहां पर लोगों रहना मुश्किल है। यहां पर सीवर का गंदा पानी कॉलोनी के बीच में है। पूरे क्षेत्र में नालियां बजबजा रही हैं। साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम करने वाली कार्यदायी संस्था एलएसए भी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रही है। लोगों का आरोप है कि कंपनी दूसरे या तीसरे दिन कूड़ा उठाने के लिए आती है, जिससे खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कॉलोनियों के साथ-साथ पुराने इलाकों में भी साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। जलभराव और अतिक्रमण- कच्ची कॉलोनियों के कारण वार्ड के अधिकतर इलाकों में जलभराव की समस्या होती है। इस दौरान नाले और नालियों की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं। सीवर का गंदा पानी भी घरों में घुस जाता है। इस बीच दुर्गंध और बीमारी के बीच में लोगों को रहना पड़ता है। लोग बोले- पार्षद ने सड़क नपवाई, लेकिन प्लान हवा में उड़ गया बालाजी एन्क्लेव के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह ने बताया कि यहां रोड और नाले की समस्या बहुत ज्यादा है। पार्क का निर्माण भी पहले शुरू हुआ था, लेकिन पार्क भी हमारा रुका हुआ है। वहां भी जलभराव पार्क में बहुत ज्यादा है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। और रोडों की बहुत बड़ी समस्या है। रोड-नाली पहले नपाई हुई थी, विधायक जी ने भी कहा, पार्षद जी ने भी कहा, लेकिन अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। सारा प्लान हवा में उड़ गया। हर 10 मिनट में बिजली ट्रिप करती है बालाजी नगर के आरडी मिश्रा रहने वाले ने बताया कि हम लोग निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि कॉलोनी की जो सड़कें हैं, नालियां हैं, वो ठीक हो जाएं, लेकिन फिर भी अभी विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पार्षद ने एक बार सड़क नपवाया भी, लेकिन वो सब हवा में उड़ गया। बिजली की समस्या ऐसी है कि वो हर 10-10 मिनट पर ट्रिप करती है। नाला न होने की वजह से टूटी-फूटी सड़कों पर पानी भर जाता है जिससे निकलने में बहुत दिक्कत होती है। हम चाहेंगे कि नाला और नाली बने, तो समस्या आधी दूर हो जाएगी। आरोप सफाई तक नहीं होती फैजुल्लागंज के केशव नगर में रहने वाले राजू कश्यप कहते हैं- यहां की सबसे बड़ी समस्या सड़क और नालियों की है। इलाके में न तो सड़कें ठीक हैं और न ही नालियों की व्यवस्था दुरुस्त है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। बारिश में यहां जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी। इलाके में जगह-जगह पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। क्षेत्र में कई सड़कें अब भी कच्ची या जर्जर हालत में हैं। नालियों की सफाई और निर्माण का काम नहीं हुआ है। सड़क नदारद बच्चे स्कूल नहीं जा पाते बालाजी नगर के रहने वाले अंशू अवस्थी कहते हैं- हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या रोड की है जो कि बिल्कुल नदारद है और साथ ही जलभराव की समस्या है। थोड़ी सी भी बारिश होती है तो पानी यहां पूरे रोड पर भर जाता है, जिससे हम लोगों को निकलने में काफी समस्या होती है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। साथ ही लाइट की समस्या भी बहुत ज्यादा है। हर 10-15 मिनट पर लाइट ट्रिपिंग होती है, जिससे घर के उपकरण भी खराब हो रहे हैं। हमारा शासन-प्रशासन से यही अनुरोध है कि इन समस्याओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए। मुतकीपुर के लोग बोले- हाथाें से बनाई सड़क मुतकीपुर के रहने वाले शाहिद सहित 500 घरों के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि नाली की समस्या बहुत ज्यादा है। हम यही चाहते हैं कि यहां जल्द से जल्द नाली का निर्माण हो जाए ताकि पानी निकलने का रास्ता साफ हो सके। बारिश में तालाब बन जाती है सड़क और घर
पार्षद बोले- बुनियादी सुविधाओं पर कर रहे काम पार्षद रामू कनौजिया कहते हैं- वार्ड में बुनियादी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए अभी और भी काम किए जाने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि हमारे वार्ड में महत्वपूर्ण कई काम हुए हैं और बाकी अभी बहुत काम बाकी है। जैसे कि एक 45 करोड़ का नाला बन गया है, एक 50 बेड का हॉस्पिटल बना है, एक कल्याण मंडप बन गया है। गोमती नदी पीपा वाले पुल पर पक्के पुल का निर्माण भी चल रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में काफी सड़कों का निर्माण हुआ है। —————————– इस वार्ड को भी जानिए- बशीरतगंज गणेशगंज में नालियों में बह रहा सीवर : दुर्गंध और जलभराव से लोग परेशान, जर्जर खंभों और उलझे तारों से खतरा बशीरतगंज गणेशगंज वार्ड में संकरी गलियों के बीच में साफ-सफाई की चुनौती है। वार्ड में सीवर ओवरफ्लो की सम्स्या सबसे बड़ी है। नाले-नालियां सीवर से कनेक्ट नहीं हैं। ऐसे में सीवर का गंदा पानी नाले में ही बहता है। दुर्गंध के बीच लोग रहने को मजबूर हैं। बारिश के बाद दो फीट तक जलभराव की स्थिति होती है। डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति सुधारने की जरूरत है। पेयजल संकट वार्ड के कई इलाकों में बना हुआ है। इस वजह से लोगों का रहना तक मुश्किल हो रहा है। (पूरी खबर पढ़िए)



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‘भास्कर समाधान’ का असर…गंदे पानी से राहत: महेश बसवाल बनें आज के ‘पब्लिक स्टार’; आपनी शिकायत भी पहुंचाएं जिम्मेदारों तक – Indore News




इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 54 के पार्षद महेश बसवाल बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड 54 के मूसाखेड़ी निवासी विकास मावी ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गली-मोहल्ले में सीवेज का गंदा पानी भरने से लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत पोस्ट होते ही आज के ‘पब्लिक स्टार’ पार्षद महेश बसवाल ने संज्ञान लिया और संबंधित विभाग से समस्या का समाधान कराया। इसके बाद क्षेत्र से गंदे पानी की निकासी कराई गई, जिससे रहवासियों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान कलानी नगर: कचरे का ढेर हटाया, क्षेत्रवासियों को राहत वार्ड 69 के कलानी नगर निवासी इमरान खान ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि क्षेत्र में लंबे समय से कचरे का बड़ा ढेर लगा था। कई बार सफाई के बावजूद पूरी तरह कचरा नहीं हटाया जा रहा था। शिकायत पोस्ट होने के बाद नगर निगम ने सफाई कराई। शिकायतकर्ता ने स्वयं इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि समस्या का समाधान हो गया है। जलभराव, गंदगी और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी, समाधान का इंतजार गुमास्ता नगर: हर बारिश में जलभराव, स्थायी समाधान की मांग वार्ड 83 के गुमास्ता नगर निवासी मनीष वर्मा ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि हर बारिश में सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। शिकायतकर्ता ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। सुदामा नगर: कई दिनों से बंद स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में रहवासी वार्ड 82 के सुदामा नगर निवासी अक्षय श्रीवास ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की एक स्ट्रीट लाइट पिछले 5-6 दिनों से बंद है, जबकि आसपास की दो अन्य लाइटें भी करीब 15 दिनों से खराब हैं। रात के समय पूरी सड़क अंधेरे में डूबी रहती है। शिकायतकर्ता ने जल्द स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराने की मांग की है। चित्रा नगर: सीवेज का गंदा पानी टंकी में पहुंचने का खतरा वार्ड 31 के चित्रा नगर निवासी जानवी गडवाल ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सीवेज लाइन चोक होने से गंदा पानी घरों की पानी की टंकी तक पहुंच रहा है। पिछले 15 दिनों से यह समस्या बनी हुई है। कई शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने जल्द समाधान की मांग की है। भवानी नगर: टूटा चैंबर बना हादसे की वजह वार्ड 18 के भवानी नगर निवासी जितेंद्र माली ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि घर के सामने सीवेज चैंबर का ढक्कन टूटा हुआ है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने जल्द नया ढक्कन लगवाने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।



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बिहार- बिजली गिरने से 4 की मौत, 24 झुलसे: पटना समेत 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट; 1 जुलाई से हेवी रेन की चेतावनी – Bihar News




बिहार में मानसून एक्टिव है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए हैं। रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-40Kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग की माने तो 30 जून यानी आज से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। पटना, नालंदा, अरवल और जहानाबाद समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। 1 जुलाई से राज्य में झमाझम बारिश होने की संभावना है। इधर, सोमवार को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। सीतामढ़ी में 2 लोगों की जान गई है। 24 से ज्यादा झुलसे हैं। मुंगेर में 15 साल की नाबालिग की बिजली गिरने से मौत हो गई। पटना के बख्तियारपुर में भी एक महिला की मौत हुई है। बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम बीते 24 घंटे में बांका, बेतिया, बगहा, कटिहार, खगड़िया, छपरा, रोहतास, कैमूर, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, आरा, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा और बक्सर में सुबह बारिश हुई। पटना में कई दिनों के बाद मौसम बदला रहा। राजधानी में सुबह तेज धूप के बाद अचानक काले बादल छा गए। दिन में अंधेरा छा गया है। तेज हवा के चलते गर्मी से राहत मिली। वहीं पटना के कुछ इलाकों में बारिश भी हुई। कई जिलों के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम की कुछ तस्वीरें देखिए… दरभंगा में मंदिर पर गिरी बिजली, गुंबद टूटा दरभंगा के होरलपट्टी गांव में जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर आकाशीय बिजली गिरने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के वक्त मंदिर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा कर रहे थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी श्रद्धालु घायल नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज बारिश, बादल गरजने और खराब मौसम के बीच अचानक मंदिर के गुंबद पर आकाशीय बिजली गिरी। इससे मंदिर के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भीड़ मंदिर परिसर में जुट गई। आगे कैसा रहेगा मौसम मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून…



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यूपी-बिहार, छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 9 की मौत: मानसून की रफ्तार धीमी, एमपी-गुजरात में अटका; दिल्ली-हरियाणा में तापमान 43°C पार




देश के 4 राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि छह राज्यों में तेज गर्मी हो रही है। हरियाणा और दिल्ली में पारा 43°C से ज्यादा दर्ज किया गया। बिहार के 15 जिलों में सोमवार को आंधी के साथ बारिश हुई। सीतामढ़ी, मुंगेर और पटना में बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं 24 लोग झुलस गए। वहीं दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर बिजली गिर गई। मंदिर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा कर रहे थे। यूपी में मानसून की एंट्री के लिए मौसम सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को लखनऊ समेत 15 जिलों में तेज बारिश हुई। मिर्जापुर में बारिश के बाद अंडरपास में करीब 3 फीट तक पानी भरने से गाड़ियां फंस गईं। बस्ती और महराजगंज में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के डुमकी गांव में सोमवार शाम बिजली गिरने से 2 बच्चों और एक युवक की मौत हो गई। मध्य प्रदेश में सोमवार को 12 जिलों में बारिश हुई। मानसून 24 जून तक 22 राज्यों को कवर कर चुका है। इसके बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। यह मध्य प्रदेश और गुजरात के कई क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई तक यह बाकी राज्यों में भी पहुंच सकता है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… असम में बाढ़, 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित अरुणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश की वजह से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल में बारिश से लेकू नदी उफान पर आ गई, जिससे असम के जोनाई इलाके में भीषण बाढ़ आ गई। बाढ़ से नेशनल हाईवे-515 भी डूब गया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, बाढ़ से राज्य के छह जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में पड़ा है, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से 96 गांव डूब गए हैं, करीब 1690 हेक्टेयर फसल और 48 हजार से ज्यादा जानवर प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ और भारी मॉनसून बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू को फोन कर हालात की जानकारी ली। देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें… 6 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा हरियाणा के रोहतक में 43.5°C दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली में 43.4°C, यूपी के बांदा में 43.2°C, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.2°C, पंजाब के आनंदपुर साहिब में 40.6°C और गुजरात के सुरेंद्रनगर में 40.5°C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 1 जुलाई: 2 जुलाई:



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एक ग्राहक की उधारी ने बदल दी किस्मत, बन गए हिंदी सिनेमा के महान संगीतकार


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हिंदी सिनेमा के दिग्गज संगीतकार कल्याणजी ने अपने भाई आनंदजी के साथ मिलकर भारतीय फिल्म संगीत को कई यादगार धुनें दीं. कहा जाता है कि रिकॉर्डिंग के दौरान अगर उन्हें किसी गाने में भावनाओं की कमी महसूस होती थी, तो वे तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवा देते थे. एक बार उन्होंने गाने की एक लाइन सुनकर कहा था, ‘इस लाइन में दर्द कम लग रहा है, ये ऐसे नहीं चलेगा.’ फिर उन्होंने खुद गाकर बताया कि उस लाइन में कितना एहसास होना चाहिए. यही सोच उन्हें अपने दौर के सबसे अलग और बेहतरीन संगीतकारों में शामिल करती थी.

नई दिल्ली. 30 जून 1928 को गुजरात के कच्छ में जन्मे कल्याणजी का बचपन साधारण परिवार में बीता. बाद में उनका परिवार मुंबई आकर बस गया, जहां उनके पिता वीरजी शाह किराने की दुकान चलाते थे. बचपन से ही कल्याणजी का सपना संगीतकार बनने का था, लेकिन संगीत सीखने के लिए उनके पास संसाधन नहीं थे.

उनकी जिंदगी ने तब नया मोड़ लिया, जब उनके पिता की दुकान पर आने वाले एक ग्राहक ने उधारी चुकाने की बजाय कल्याणजी और उनके भाई आनंदजी को संगीत सिखाने की पेशकश की. यही छोटी-सी घटना आगे चलकर भारतीय संगीत के इतिहास का बड़ा अध्याय बन गई.

जब कल्याण जी और आनंद जी संगीत सीखने सीख चुके थे, तो दोनों भाइयों ने ‘कल्याणजी वीरजी एंड पार्टी’ नाम से ऑर्केस्ट्रा शुरू किया. मुंबई और दूसरे शहरों में उनके स्टेज शो लोकप्रिय होने लगे. धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा. उनका फिल्मी सफर 1959 में रिलीज हुई ‘सम्राट चंद्रगुप्त’ से शुरू हुआ.

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इसी साल उन्होंने ‘सट्टा बाजार’ और ‘मदारी’ जैसी फिल्मों में भी संगीत दिया. लेकिन असली पहचान उन्हें 1960 में आई ‘छलिया’ से मिली. इस फिल्म का गाना ‘डम डम डिगा डिगा’ आज भी लोगों की जुबान पर है. इसके बाद ‘हिमालय की गोद में’ और ‘जब जब फूल खिले’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरहिट संगीतकारों की कतार में ला खड़ा किया.

इसके बाद उन्होंने ‘ये समा, समा है प्यार का’, ‘पल पल दिल के पास’, ‘यारी है ईमान मेरा’, ‘ओ साथी रे’, ‘कसमें वादे प्यार वफा’ और ‘चांद सी महबूबा हो मेरी’ जैसे अनगिनत गाने आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हुए हैं. 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘उपकार’ का देशभक्ति गीत ‘मेरे देश की धरती’ उनकी सबसे यादगार रचनाओं में गिना जाता है. इस गाने की रिकॉर्डिंग में काफी समय लगा था और इसमें लाइव साउंड का इस्तेमाल किया गया था, जिसने इसे और भी खास बना दिया.

बता दें कि 1970 का दशक कल्याणजी-आनंदजी के करियर का सबसे सुनहरा दौर रहा. ‘डॉन’, ‘कोरा कागज’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘सफर’ और ‘जंजीर’ जैसी फिल्मों के संगीत ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया.कल्याणजी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह सिर्फ धुन नहीं बनाते थे, बल्कि हर शब्द और हर भावना को महसूस करते थे.

रिकॉर्डिंग के दौरान अगर उन्हें कहीं दर्द, खुशी या जज्बात की कमी लगती, तो वे कलाकारों को खुद समझाते थे कि गाना कैसे महसूस करके गाया जाए. कई गायकों ने माना कि उनके साथ काम करना किसी संगीत की पाठशाला से कम नहीं था.

कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने करीब 250 फिल्मों में संगीत दिया. उन्हें 1968 में फिल्म ‘सरस्वतीचंद्र’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. वहीं 1975 में ‘कोरा कागज’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. साल 1992 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा.24 अगस्त 2000 को कल्याणजी इस दुनिया को अलविदा कह गए. लेकिन उनकी बनाई धुनें और उनका संगीत आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में उसी तरह जिंदा है.

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मिस एंड मिसेज फेम ऑफ राजस्थान-2026 का ग्रैंड फिनाले आयोजित: लक्षिता कंवर और कोमल वैष्णव बनीं विजेता, राजस्थानी संस्कृति की दिखी झलक – Jaipur News



शहर के एक रिजॉर्ट में ‘मिस एंड मिसेज फेम ऑफ राजस्थान 2026’ का भव्य ग्रैंड फिनाले रंगारंग माहौल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न शहरों से आई प्रतिभागियों ने रैंप पर आत्मविश्वास, प्रतिभा और व्यक्तित्व का शानदार प्रदर्शन किया।

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आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे अपनी प्रतिभा, संस्कृति, रचनात्मकता और आत्मविश्वास के दम पर फैशन एवं ग्लैमर जगत में नई पहचान बना सकें। कार्यक्रम में ट्रेडिशनल राउंड, ईवनिंग गाउन राउंड, टैलेंट राउंड और प्रश्नोत्तर राउंड आकर्षण का केंद्र रहे।

लक्षिता बनीं विजेता प्रतियोगिता में लक्षिता कंवर ने मिस फेम ऑफ राजस्थान 2026 का खिताब अपने नाम किया। कनिष्का बोराना प्रथम रनर-अप और रेणुका चौधरी द्वितीय रनर-अप रहीं। वहीं मिसेज फेम ऑफ राजस्थान 2026 का ताज कोमल वैष्णव के सिर सजा। ताज प्रथम रनर-अप और भावना गहलोत द्वितीय रनर-अप घोषित की गईं।

कार्यक्रम में विभिन्न विशेष श्रेणियों में भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मिस कैटेगरी में शीमा नाज को मिस फोटोजेनिक, इशिका गहलोत को मिस ब्यूटीफुल स्माइल, एकता सोलंकी को मिस ब्यूटीफुल आइज़, प्रगति भारद्वाज को मिस ब्यूटीफुल हेयर और बेस्ट कॉस्ट्यूम, यशस्वी सेन को मिस कॉन्फिडेंस, निकिता गोस्वामी को मिस ब्यूटी विद ब्रेन, पिह बिश्नोई को मिस पर्सनैलिटी, यामिनी चौहान को मिस टैलेंट, कनिष्का बोराना को मिस फिटनेस तथा पायल को मिस इंस्पिरेशन का सम्मान मिला।

मोनिका प्रजापत को बेस्ट कैटवॉक अवॉर्ड

मिसेज कैटेगरी में मोनिका प्रजापत को बेस्ट कैटवॉक, कोमल वैष्णव को मिसेज टैलेंटेड, ज्योति दत्तीच को बेस्ट पर्सनैलिटी, भावना गहलोत को बेस्ट ईवनिंग गाउन और गंगोर को बेस्ट ट्रेडिशनल वियर का पुरस्कार प्रदान किया गया।

समापन समारोह में सभी विजेताओं को क्राउन, सैश, ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल ब्यूटी पेजेंट नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, प्रतिभा और सपनों को नई उड़ान देने का एक सशक्त मंच है।



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कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस का डीजे संचालकों पर शिकंजा: अफसर बोले- उत्तेजक, भड़काऊ, आपत्तिजनक उद्घोष पूरी तरह प्रतिबंधित, ऐसा करने पर होगी कार्रवाई – Meerut News




डीजे के बिना कांवड़ यात्रा अधूरी मानी जाती है। राजनीतिक दल इसका समर्थन करते रहे हैं। लेकिन कई बार डीजे के कारण कांवड़ यात्रा में व्यवधान भी पैदा हुआ है। हद से ज्यादा ऊंचाई व चौड़ाई होने की वजह से हादसे हुए हैं और शिवभक्त कांवड़ियों को जान भी गवानी पड़ी है। ऐसे हालात ना पैदा हो, इसको देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से अलर्ट है और मजबूत व्यवस्था बनाने में जुट गया है। इसके लिए शुरुआत डीजे संचालकों से की गई है। कांवड़ यात्रा में डीजे के कारण फैलने वाली अव्यवस्था पर प्रशासन सख्त है। यात्रा शुरु हो, उससे पहले ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर ऐसी व्यवस्था बनाने में जुट गए हैं ताकि यात्रा के दौरान कोई ज्यादा मशक्कत ना करनी पड़े। सोमवार को प्रशासन ने 250 डीजे संचालकों के साथ बैठक करते हुए साफ कर दिया कि निर्धारित मानकों के विपरीत चलने वाले को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। किसी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे में डीजे संचालकों ने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है। हालांकि दबी जुबां में पुलिस की सख्ती का कुछ लोग विरोध करते भी दिखाई दिए। डीजे की ऊंचाई व चौड़ाई निर्धारित
पुलिस लाइन के बहुउद्देश्यीय सभागार में डीजे संचालकों को संबोधित करते हुए एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि शासन की तरफ से डीजे की ऊंचाई व चौड़ाई निर्धारित कर दी गई है। यह सड़कों के अनुरूप है। इसके अनुसार डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट व चौड़ाई 10 फीट ही रहेगी। इससे ज्यादा पर कार्रवाई होगी। कांवड़ यात्रा में बनी रहे धार्मिक मर्यादा
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा कि अकसर यह देखने में आता है कि कुछ डीजे संचालक कांवड़ यात्रा की आड़ लेकर माहौल गर्म करने का प्रयास करते हैं। इसके लिए उत्तेजक गीत, भड़काऊ व आपत्तिजनक उद्घोष किए जाते हैं। इन सभी चीजों से बचना होगा। अगर जरा भी माहौल खराब होने की संभावना पैदा होती है तो पुलिस सख्ती से निपटेगी। रास्ते में अवरोध ना करें पैदा
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने कहा कि डीजे कांवड़ के कारण कई बार रास्तों में अवरोध पैदा हो जाता है। बेहतर होगा कि इसे अभी से समझ लिया जाए कि डीजे के कारण रुकावट पैदा ना हो। अगर ऐसा पाया जाता है तो संबंधित डीजे संचालक को जिम्मेदार मानकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी नाकि उसे बुक करने वाले कांवड़ियों के खिलाफ। सुझाव व समस्याएं भी सुनीं
तीनों अफसरों ने इस दौरान डीजे संचालकों से सुझाव भी प्राप्त किए। कई डीजे संचालकों के सुझावों पर विचार करने का भरोसा दिलाया गया। डीजे संचालकों ने पाबंदी के कारण कारोबार के सामने आ रहीं तमाम दिक्कतों का भी जिक्र किया लेकिन अफसरों ने नियमों का हवाला देकर उनकी इस ओर किसी भी तरह की मदद या ढिलाई बरतने से इंकार कर दिया।



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करोड़ों व्यूज और आज भी वही क्रेज: इमरान हाशमी के इस एक गाने ने बदल दी थी उनकी किस्मत, रातों-रात बने स्टार


 

साल 2004 में आई फिल्म ‘मर्डर’ का गाना “भीगे होंठ तेरे” बॉलीवुड इतिहास के सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर गानों में से एक है. संगीतकार अनु मलिक के कंपोजिशन और कुणाल गांजावाला की अनूठी ‘हस्की’ आवाज में गाए गए इस गाने ने रिलीज होते ही चार्टबस्टर्स पर कब्जा कर लिया था. इस एक गाने ने इमरान हाशमी के करियर की दिशा बदल दी और उन्हें इंडस्ट्री में एक रोमांटिक स्टार के रूप में स्थापित किया. दशकों बाद भी, यूट्यूब और म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप्स पर इस गाने की ‘लूप वैल्यू’का क्रेज वैसी ही बनी हुई है. ईमरान हाशमी का ये गाना आज भी हर आशिक की प्लेलिस्ट का एक फेवरेट गाना है. यूट्यूब पर इसके 31 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं.

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सरकार को अचानक मिले ₹9,400 करोड़! वित्त मंत्री ने चेक के साथ खिंचाई फोटो


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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 9,400 करोड़ रुपये से अधिक के डिविडेंड के चेक सौंपे हैं. केंद्र सरकार इन सभी सरकारी बैंकों की सबसे बड़ी शेयरधारक है, जिसे इन बैंकों की मजबूत वित्तीय स्थिति का सीधा फायदा मिला है. पिछले वित्त वर्ष में इन बैंकों ने शानदार मुनाफा, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और मजबूत बैलेंस शीट का प्रदर्शन किया है, जिसके चलते वे सरकार को इतना बड़ा भुगतान करने में सक्षम हुए हैं.

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इस बार सरकारी खजाना भरने में सबसे बड़ी बाजी बैंक ऑफ बड़ौदा ने मारी. (IANS)

नई दिल्ली. देश के सरकारी बैंकों ने सोमवार को अचानक वित्त मंत्रालय के खजाने का रुख किया और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक ऐसी रकम सौंप दी, जिसने पूरे बाजार का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. वित्तीय सेवा विभाग के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों ने एक के बाद एक कुल मिलाकर 9,400 करोड़ रुपये से ज्यादा के भारी-भरकम डिविडेंड के चेक वित्त मंत्री के हाथों में थमा दिए. यह सारा पैसा पिछले वित्त वर्ष यानी 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई अवधि के शानदार कामकाज के बदले मुनाफे के हिस्से के रूप में सरकार की जेब में गया है.

इस बार के इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी बाजी बैंक ऑफ बड़ौदा ने मारी है, जिसने अकेले ही सरकार को अब तक का सबसे बड़ा हिस्सा दिया है. सरकार को मिले इस अप्रत्याशित वित्तीय सहयोग के पीछे बैंकों का वह रिकॉर्डतोड़ मुनाफा है, जिसने इस साल देश के बैंकिंग इतिहास के कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. बैंकों के इस कदम से न सिर्फ सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि इससे यह भी साफ हो गया है कि सरकारी बैंकों के अच्छे दिन अब पूरी तरह लौट आए हैं.

बैंक ऑफ बड़ौदा ने रचा नया इतिहास और दिया सबसे बड़ा चेक

सरकारी खजाने को भरने में सबसे आगे रहने वाले बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस बार अकेले ही 2,811 करोड़ रुपये का भारी-भरकम डिविडेंड चेक वित्त मंत्री को सौंपा है. बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चंद ने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया की मौजूदगी में यह बड़ा भुगतान किया. यह ऐतिहासिक डिविडेंड ऐसे समय में आया है जब बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने इतिहास का सबसे अधिक 20,021 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पहली बार बीस हजार करोड़ के आंकड़े के पार गया है. इसके साथ ही बैंक का कुल वैश्विक कारोबार भी तीस लाख करोड़ रुपये के स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जिसके चलते बैंक ने प्रति शेयर 8.50 रुपये का तगड़ा डिविडेंड घोषित किया जो अंकित मूल्य पर सीधे 425 प्रतिशत के बराबर बैठता है.

पीएनबी और केनरा बैंक ने भी सरकारी तिजोरी में डाले हजारों करोड़

पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी की ओर से भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्तीय सहयोग के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ी गई. बैंक के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र ने 2,416 करोड़ रुपये का बड़ा डिविडेंड चेक सरकार के हवाले किया. पीएनबी के इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वह अपनी पुरानी कमियों को पीछे छोड़कर अब पूरी तरह से मुनाफे की पटरी पर दौड़ रहा है. इसके ठीक पीछे केनरा बैंक भी मजबूती से खड़ा दिखाई दिया, जिसके प्रबंध निदेशक एवं सीईओ बृजेश कुमार सिंह ने वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार नतीजों के दम पर 2,397 करोड़ रुपये का भारी-भरकम चेक वित्त मंत्री को सौंपकर सरकार की वित्तीय ताकत को और बढ़ा दिया.

इंडियन बैंक की बड़ी हिस्सेदारी और सरकारी बैंकों की मजबूती का राज

इस कतार में इंडियन बैंक ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई और सरकार को एक बड़ा आर्थिक संबल प्रदान किया. बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ बिनोद कुमार ने वित्त वर्ष 2025-26 के मुनाफे में से 1,815 करोड़ रुपये का बड़ा डिविडेंड चेक सीधे वित्त मंत्री को सौंप दिया. सार्वजनिक क्षेत्र के इन तमाम बैंकों की तरफ से आया यह बंपर डिविडेंड इस बात का सीधा प्रमाण है कि पिछले पूरे साल के दौरान इन बैंकों ने न सिर्फ अपनी एसेट क्वालिटी यानी परिसंपत्ति गुणवत्ता को सुधारा है, बल्कि अपनी बैलेंस शीट को भी पहले से कई गुना अधिक मजबूत किया है. यही वजह है कि केंद्र सरकार, जो कि इन बैंकों की सबसे बड़ी शेयरधारक है, उसे इस मजबूत वित्तीय स्थिति का यह बंपर रिटर्न मिला है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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मुंबई से दरभंगा आ रही स्पाइसजेट फ्लाइट का टायर फटा: लैंडिंग के दौरान हादसा, 150 यात्री थे, सभी सुरक्षित; अकासा फ्लाइट में भी खराबी – Darbhanga News




दरभंगा एयरपोर्ट पर सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। मुंबई से दरभंगा पहुंची स्पाइसजेट की फ्लाइट SG115 का लैंडिंग के दौरान टायर फट गया। विमान में 150 यात्री सवार थे। फ्लाइट में मौजूद यात्रियों के अनुसार, लैंडिंग के बाद टायर कुछ दूरी तक रनवे पर घिसटता रहा। इस दौरान विमान के अंदर यात्रियों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर रोक दिया। इस घटना में किसी यात्री को कोई चोट नहीं आई। वहीं, अकासा और इंडिगो के एक विमान में भी तकनीकी खराबी आने की जानकारी सामने आई है। लगातार दो विमानों में तकनीकी खराबी आने के कारण दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान कुछ समय के लिए प्रभावित रही और कई उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा। सुरक्षा कर्मी और अग्निशमन दल तुरंत मौके पर पहुंचे विमान के सुरक्षित लैंड करते ही एयरपोर्ट के सुरक्षा कर्मी, अग्निशमन दल और ग्राउंड स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंच गए। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की सूचना नहीं है। एप्रन में खड़ा किया गया विमान घटना के बाद क्षतिग्रस्त स्पाइसजेट विमान को तकनीकी जांच के लिए एयरपोर्ट के एप्रन क्षेत्र में खड़ा किया गया। विमान की जांच शुरू होने के कारण एयरपोर्ट का सामान्य उड़ानें प्रभावित हुई। दरभंगा एयरपोर्ट के एप्रन क्षेत्र में विमानों की पार्किंग क्षमता पहले से ही सीमित है। ऐसे में स्पाइसजेट विमान के लंबे समय तक वहां खड़े रहने से अन्य उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ा। दिल्ली-दरभंगा इंडिगो की फ्लाइट पटना डायवर्ट दिल्ली से दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E360 को एहतियातन पटना एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया गया। पटना पहुंचने के बाद यात्रियों को कुछ समय इंतजार करना पड़ा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर वही विमान पटना से दरभंगा पहुंचा। यात्रियों को उतारने के बाद विमान दिल्ली के लिए रवाना हो गया। अकासा एयर के विमान में भी तकनीकी खराबी मुंबई से दरभंगा आने वाली अकासा एयर की फ्लाइट में भी तकनीकी खराबी सामने आई। सूचना मिलने के बाद विमान की विस्तृत तकनीकी जांच शुरू की गई। हालांकि, विमान में किस तरह की खराबी आई, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। जांच पूरी होने तक विमान को परिचालन से बाहर रखा गया। मंगलवार को भी प्रभावित रह सकती हैं उड़ानें सूत्रों के अनुसार, स्पाइसजेट और अकासा एयर के दोनों विमान सोमवार रात दरभंगा एयरपोर्ट पर ही खड़े रहेंगे। ऐसे में मंगलवार को भी कुछ उड़ानों के समय में बदलाव या परिचालन प्रभावित होने की संभावना है। एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एयरलाइंस की तकनीकी टीमें दोनों विमानों की जांच और मरम्मत में जुटी हुई हैं।



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