Monday, June 29, 2026
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‘मैं पीछे रह गया’, रवि किशन ने रिजेक्शंस के दिनों को किया याद, छलक पड़ा सालों पुराना दर्द


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रवि किशन ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष और रिजेक्शन के दिनों का दर्द बयां किया है. उन्होंने बताया कि 90 के दशक में जब दूसरे सितारे स्टारडम की सीढ़ियां चढ़ रहे थे, तब पूरी तरह ट्रेंड होने के बावजूद उन्हें लगातार रिजेक्शंस का सामना करना पड़ा. रवि किशन के मुताबिक, इस वजह से वह खुद को दूसरों से काफी पीछे महसूस करने लगे थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पूरे 34 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उन्हें बड़ी सफलता मिली.

नई दिल्ली. एक्टर रवि किशन इन दिनों रियलिटी शो ‘अलायंस’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी रीवा किशन के साथ हिस्सा लिया है. कुणाल खेमू का यह शो हाल ही में प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हुआ है. इसके पहले ही एपिसोड में रवि किशन फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को यादकर काफी भावुक हुए. उन्होंने बताया कि सिनेमा जगत में सफलता का स्वाद चखने के लिए उन्हें पूरे 34 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा.

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रवि किशन ने बताया कि 90 के दशक में जब इंडस्ट्री में लगातार नए-नए चेहरे आ रहे थे और नए स्टार्स उभर रहे थे, तब पूरी तरह ट्रेंड और तैयार होने के बावजूद उन्हें सिर्फ और सिर्फ रिजेक्शन मिल रहे थे. उन्होंने माना कि वह एक ऐसा दौर था जब वह खुद को दूसरों से काफी पीछे महसूस करने लगे थे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हमेशा खुद पर भरोसा रखा कि एक न एक दिन उनका समय भी जरूर आएगा.

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शो के बाकी कंटेस्टेंट्स से बात करते हुए रवि किशन ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने लंबे और कड़े संघर्ष के दिनों का दर्द बयां किया. उन्होंने कहा, ‘एक दौर था जब लोग मुझे ऐसे ही रिजेक्ट कर देते थे. 90 के दशक में हर कोई स्टार बनता जा रहा था और मैं उन्हें बस देखता रह जाता था.’

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उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी आवाज अच्छी थी और मैं पूरी तरह ट्रेंड था- घुड़सवारी, फाइट सीन्स, उर्दू, हिंदी, थिएटर और डांस, मुझे सब कुछ आता था. मेरी तैयारी में कोई कमी नहीं थी, मैं पूरी तरह तैयार था. लेकिन इसके बावजूद मैंने देखा कि मैं पीछे रह गया और बाकी सब आगे निकल गए.’

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रवि किशन ने आगे बताया कि वह अक्सर अपने साथ के लोगों को कामयाब होते देखते थे, जबकि वह खुद पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. हालांकि, उम्मीद खोए बिना उन्हें यह अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि कामयाबी का यह रास्ता दशकों लंबा होने वाला है.उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता था कि अगर उनका समय आया है तो मेरा भी आएगा, लेकिन वो समय पूरे 34 साल बाद आएगा, यह मुझे नहीं मालूम था.’

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एक्टर ने आगे कहा कि जब किस्मत बदली, तो ऐसी बदली कि सब देखते रह गए. उन्होंने याद किया कि कैसे एक ही साल में उन्होंने कई बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड्स अपने नाम किए और उन्हें उन मंचों और कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि बुलाया जाने लगा, जहां कभी उन्हें एंट्री तक नहीं मिलती थी. उनके मुताबिक, यह उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था.

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34 साल बाद पलटी अपनी किस्मत पर बात करते हुए रवि किशन ने कहा, ‘उस साल मैंने सारे बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड्स जीते. मैं उन सभी मंचों पर गया, जहां कभी लोग मुझे बुलाना तक पसंद नहीं करते थे, जहां से मुझे हमेशा रिजेक्शन मिला था. किसी को यकीन नहीं था कि मैं कभी लाइफ में कुछ ऐसा मुकाम हासिल कर पाऊंगा.’

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बताते चलें कि रवि किशन इस समय अपने करियर के सबसे बेहतरीन और सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं, जहां उनके हर काम की जमकर तारीफ हो रही है. किरण राव की फिल्म ‘लापता लेडीज’ में उनके पुलिस अफसर के किरदार ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें हर तरफ से खूब वाहवाही मिली. पिछली बार वह माधुरी दीक्षित के साथ ‘मां बहन’ फिल्म में नजर आए थे. वह ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में दिखेंगे, जो 4 सितंबर को रिलीज हो रही है.

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पूर्व विधायक के परिजनों से 2 करोड़ की रंगदारी मांगी: कर्नलगंज में बिल्डर पर मकान कब्जाने का आरोप, पुलिस कमिश्नर के आदेश पर FIR – Kanpur News




कर्नलगंज में स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व कांग्रेसी विधायक रहे हनुमान प्रसाद कुरील के परिवार ने एक बिल्डर पर मकान और दुकान पर जबरन कब्जा करने और दो करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने में पुलिस कमिश्नर के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। बिल्हौर विधानसभा से रह चुके है विधायक बेनाझाबर निवासी निशा कुरील के अनुसार उनके बाबा हनुमान प्रसाद कुरील बिल्हौर से विधायक रहे। उन्होंने अपने जीवनकाल में 452 गज का मकान खरीदा था। आर्थिक तंगी के चलते परिवार ने एसीपी हाउसिंग डेवलपमेंट के प्रबंधक अखिलेश चंद्र पोरवाल से 4.10 करोड़ रुपये में मकान बेचने का सौदा किया। आरोप है कि वर्ष 2021 में 2.05 करोड़ रुपये का विक्रय अनुबंध हुआ, लेकिन अब तक केवल 37.72 लाख रुपये ही दिए गए। आरोप है कि बकाया टैक्स जमा कराने के नाम पर 13 लाख रुपये वापस ले लिए गए। आरोप है कि उसने मकान के एक हिस्से और एक दुकान पर कब्जा कर लिया है। 16 जून को वह दूसरी दुकान में भी जबरन घुसने का प्रयास कर रहे थे, विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दीं, मकान अपने नाम करने या दो करोड़ रुपये देने की मांग की और इनकार करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। सीसीटीवी फुटेज के बाद भी कर्नलगंज पुलिस ने कार्रवाई नहीं की उल्टा अभद्रता की। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर मामले की निष्पक्ष जांचकर कार्रवाई की जायेगी।



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घर में सब्जी नहीं तो भी नो टेंशन! बनाएं बेसन गट्टे की लजीज सब्जी, रेसिपी


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Satna News: मसाला तैयार होने के बाद उसमें गट्टे उबालने वाला पानी और जरूरत के अनुसार थोड़ा अलग से गुनगुना पानी मिलाकर उबाल आने दिया जाता है. इसके बाद तले हुए गट्टे और स्वादानुसार नमक डालकर लगभग 7 से 8 मिनट तक ढककर पकाया जाता है ताकि गट्टे रसे का स्वाद अच्छी तरह सोख लें.

सतना. विंध्य और बघेलखंड की रसोई अपनी सादगी और देसी स्वाद के लिए हमेशा से खास रही है. यहां कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जो कम सामग्री में भी भरपूर स्वाद देते हैं. इन्हीं में से एक है बघेलखंडी स्टाइल बेसन गट्टे की सब्जी, जिसे कई गांवों में बेसन की ढोच या गट्टे का रसा भी कहा जाता है. आमतौर पर गट्टे की सब्जी का नाम आते ही लोगों के मन में राजस्थान की तस्वीर उभरती है लेकिन बघेलखंड में बनने वाली यह रेसिपी स्वाद, मसालों और बनाने के तरीके में बिल्कुल अलग पहचान रखती है. खास बात यह है कि जब घर में कोई हरी सब्जी उपलब्ध नहीं होती या रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर मन ऊब जाता है, तब यही देसी डिश परिवार की पहली पसंद बन जाती है.

लोकल 18 से बातचीत में सतना निवासी मीना द्विवेदी बताती हैं कि पहले गांवों में जब घरों में सामान्य सब्जियां नहीं होती थीं या लोग रोज की दाल-सब्जी से ऊब जाते थे, तब महिलाएं बेसन से गट्टे बनाकर स्वादिष्ट रसे वाली सब्जी तैयार करती थीं. यह व्यंजन कम खर्च में बन जाता है और पूरे परिवार का पेट भी भर देता है. वहीं आज भी कई घरों में यह रेसिपी उसी पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है, जिससे इसका असली स्वाद बरकरार रहता है.

ऐसे तैयार किए जाते हैं नरम और स्वादिष्ट गट्टे
बघेलखंडी स्टाइल गट्टे बनाने के लिए सबसे पहले एक कप बेसन में स्वादानुसार नमक, एक चौथाई चम्मच हल्दी, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, हाथों से मसलकर डाली गई आधा छोटा चम्मच अजवाइन और मोयन के लिए एक बड़ा चम्मच तेल या घी मिलाया जाता है. इसके बाद गुनगुने पानी की मदद से मध्यम नरम आटा गूंथ लिया जाता है. इस आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाकर लंबे बेलनाकार रोल तैयार किए जाते हैं. फिर तीन से चार कप उबलते पानी में इन रोल्स को लगभग 10 से 12 मिनट तक पकाया जाता है. जब गट्टे पानी की सतह पर तैरने लगें और उन पर छोटे-छोटे दाने दिखाई दें, तब उन्हें बाहर निकालकर ठंडा किया जाता है और आधा इंच के टुकड़ों में काट लिया जाता है. वहीं गट्टे उबालने वाला पानी फेंका नहीं जाता बल्कि ग्रेवी बनाने के लिए संभालकर रखा जाता है.

ऐसे आता है असली बघेलखंडी स्वाद
कटे हुए गट्टों को पहले सरसों के तेल में हल्के फ्राई कर सुनहरा किया जाता है. इसके बाद उसी कड़ाही में सरसों का तेल धुआं निकलने तक गर्म करके राई, जीरा और हींग का तड़का लगाया जाता है. फिर बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक-लहसुन का पेस्ट और दो बारीक कटे प्याज डालकर अच्छी तरह भुना जाता है. प्याज के सुनहरा होने पर हल्दी, धनिया पाउडर और कश्मीरी लाल मिर्च डालकर दो कटे टमाटर या उनकी प्यूरी मिलाई जाती है, साथ ही मसाले को तब तक पकाया जाता है, जब तक वह तेल न छोड़ दे.

रसे में घुलता है देसी स्वाद
मसाला तैयार होने के बाद उसमें गट्टे उबालने वाला पानी और जरूरत के अनुसार थोड़ा अतिरिक्त गुनगुना पानी मिलाकर उबाल आने दिया जाता है. इसके बाद तले हुए गट्टे और स्वादानुसार नमक डालकर करीब 7 से 8 मिनट तक ढककर पकाया जाता है ताकि गट्टे रसे का स्वाद अच्छी तरह सोख लें और अंदर तक मुलायम हो जाएं. आखिर में आधा छोटा चम्मच गरम मसाला और भरपूर हरा धनिया डालकर सब्जी तैयार हो जाती है. गरमागरम रोटी, पराठे या उबले चावल के साथ परोसी जाने वाली यह बघेलखंडी बेसन गट्टे की सब्जी आज भी विंध्य की पारंपरिक रसोई की पहचान मानी जाती है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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आधार से लेकर पासपोर्ट तक, एक जुलाई से होने जा रहे ये बदलाव


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Rule Changes : हर महीना कुछ बदलाव लेकर आता है. जुलाई,2026 में भी कुछ ऐसे बदलाव होंगे जो आपकी जेब और वित्‍तीय जिंदगी पर सीधा असर डालेंगे. एक जुलाई से पासपोर्ट बनवाने के लिए आपको ज्‍यादा फीस देनी होगी और कार खरीदने के लिए भी ज्‍यादा पैसे देने होंगे.

ख़बरें फटाफट

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कई वाहन कंपनियों ने एक जुलाई से कीमतों को बढ़ाने का ऐलान किया है.

नई दिल्‍ली. अगला महीना शुरू होने में कुछ ही दिनों का समय बचा हुआ है. हर महीने की शुरुआत में कुछ न कुछ बदलाव होते हैं. ऐसे में एक जुलाई से आधार, पासपोर्ट, गाड़ियों के दाम से लेकर एलपीजी के दाम तक में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिनका आपकी जेब पर सीधा असर पड़ता है.

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने ऐलान किया है कि अगर आप अपने आधार में ईमेल आईटी अपडेट करना चाहते हैं तो एक जुलाई-31 दिसंबर तक निशुल्क कर सकते हैं. इससे पहले आधार में ईमेल अपडेट करने के लिए 75 रुपए देने होते थे. इस कदम के जरिए आधार का संचालन करने वाली संस्था यूआईडीएआई की ओर से लोगों को आधार में लेटेस्ट जानकारी अपडेट करने के लिए प्रेरित करना है.

बढ़ेगी पासपोर्ट फीस

सरकार की ओर से पासपोर्ट बनाने की फीस को बढ़ा दिया गया है. अब सामान्य पासपोर्ट को बनवाने के लिए 1,500 रुपए की जगह 2,500 रुपए देने होंगे. वहीं, तत्काल पासपोर्ट को बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जो फीस पहले 3,500 रुपए थी. यह नई फीस 1 जुलाई से लागू हो रही है.

कारें होंगी महंगी

कई वाहन कंपनियों ने एक जुलाई से कीमतों को बढ़ाने का ऐलान किया है. इनमें टाटा मोटर्स, किआ मोटर्स, एमजी मोटर्स और बीएमडब्ल्यू का नाम शामिल है. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (पीवी) ने अपने वाहनों की कीमत में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. वहीं, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (सीवी) ने कीमतों को 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की है. इसके अलावा किआ मोटर्स और बीएमडब्ल्यू ने कीमतों में 2-2 प्रतिशत और एमजी मोटर्स ने 3 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है.

बदलेंगे क्रेडिट कार्ड के नियम

इसके अलावा, कई क्रेडिट कार्ड के नियमों में एक जुलाई से बदलाव होने जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसबीआई कार्ड ने कुछ चुनिंदा फोनपे एसबीआई कार्ड के लिए रिवॉड पॉइंट में बदलाव किया गया है. इसके तहत कई नई सीमाएं लगाई गई हैं और कुछ ट्रांजैक्शन को रिवॉर्ड पॉइंट्स की कैटेगरी से हटाया गया है.

वहीं, एचडीएफसी ने रेगलिया गोल्ड क्रेडिट कार्ड होल्डर्स अब हर कैलेंडर वर्ष की तिमाही में तीन बार मुफ्त डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज का इस्तेमाल कर सकेंगे. हालांकि, इसके लिए उन्हें हर तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए खर्च करने होंगे.



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आधार से लेकर पासपोर्ट तक, एक जुलाई से होने जा रहे ये बदलाव


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Rule Changes : हर महीना कुछ बदलाव लेकर आता है. जुलाई,2026 में भी कुछ ऐसे बदलाव होंगे जो आपकी जेब और वित्‍तीय जिंदगी पर सीधा असर डालेंगे. एक जुलाई से पासपोर्ट बनवाने के लिए आपको ज्‍यादा फीस देनी होगी और कार खरीदने के लिए भी ज्‍यादा पैसे देने होंगे.

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कई वाहन कंपनियों ने एक जुलाई से कीमतों को बढ़ाने का ऐलान किया है.

नई दिल्‍ली. अगला महीना शुरू होने में कुछ ही दिनों का समय बचा हुआ है. हर महीने की शुरुआत में कुछ न कुछ बदलाव होते हैं. ऐसे में एक जुलाई से आधार, पासपोर्ट, गाड़ियों के दाम से लेकर एलपीजी के दाम तक में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिनका आपकी जेब पर सीधा असर पड़ता है.

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने ऐलान किया है कि अगर आप अपने आधार में ईमेल आईटी अपडेट करना चाहते हैं तो एक जुलाई-31 दिसंबर तक निशुल्क कर सकते हैं. इससे पहले आधार में ईमेल अपडेट करने के लिए 75 रुपए देने होते थे. इस कदम के जरिए आधार का संचालन करने वाली संस्था यूआईडीएआई की ओर से लोगों को आधार में लेटेस्ट जानकारी अपडेट करने के लिए प्रेरित करना है.

बढ़ेगी पासपोर्ट फीस

सरकार की ओर से पासपोर्ट बनाने की फीस को बढ़ा दिया गया है. अब सामान्य पासपोर्ट को बनवाने के लिए 1,500 रुपए की जगह 2,500 रुपए देने होंगे. वहीं, तत्काल पासपोर्ट को बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जो फीस पहले 3,500 रुपए थी. यह नई फीस 1 जुलाई से लागू हो रही है.

कारें होंगी महंगी

कई वाहन कंपनियों ने एक जुलाई से कीमतों को बढ़ाने का ऐलान किया है. इनमें टाटा मोटर्स, किआ मोटर्स, एमजी मोटर्स और बीएमडब्ल्यू का नाम शामिल है. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (पीवी) ने अपने वाहनों की कीमत में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. वहीं, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (सीवी) ने कीमतों को 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की है. इसके अलावा किआ मोटर्स और बीएमडब्ल्यू ने कीमतों में 2-2 प्रतिशत और एमजी मोटर्स ने 3 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है.

बदलेंगे क्रेडिट कार्ड के नियम

इसके अलावा, कई क्रेडिट कार्ड के नियमों में एक जुलाई से बदलाव होने जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसबीआई कार्ड ने कुछ चुनिंदा फोनपे एसबीआई कार्ड के लिए रिवॉड पॉइंट में बदलाव किया गया है. इसके तहत कई नई सीमाएं लगाई गई हैं और कुछ ट्रांजैक्शन को रिवॉर्ड पॉइंट्स की कैटेगरी से हटाया गया है.

वहीं, एचडीएफसी ने रेगलिया गोल्ड क्रेडिट कार्ड होल्डर्स अब हर कैलेंडर वर्ष की तिमाही में तीन बार मुफ्त डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज का इस्तेमाल कर सकेंगे. हालांकि, इसके लिए उन्हें हर तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए खर्च करने होंगे.



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सिया के इशारे पर चेतन ने केतन को धक्का दिया: पुलिस का दावा- केतन गिरते वक्त सिया को पकड़ न पाए, इसलिए बहाने से बैठ गई


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पुणे4 मिनट पहले

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पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने कई खुलासे किए है। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को लोहगढ़ किले पर सिया गोयल ने पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठकर चेतन चौधरी को इशारा दिया। इसके बाद पीछे चल रहे चेतन ने केतन को खाई में धक्का दे दिया।

पुलिस का कहना है कि चेतन गिरते वक्त सिया को पकड़ न सके, इसलिए वह बैठ गई थी। सिया और चेतन ने घटना से एक दिन पहले पुणे के लुल्लानगर में एक कैफे में मर्डर प्लान किया था।

दोनों वारदात से पहले लोहगढ़ किले पर आए थे। यहां उन्होंने हत्या के लिए जगह चुनी और रिहर्सल भी की। पुलिस अब उस उस जगह का पता लगा रही है, जहां दोनों ने रिहर्सल किया था।

चेतन टोल से बचने के लिए स्कूटर से 90km पहुंचा

पुलिस के मुताबिक, चेतन पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहगढ़ किले तक स्कूटर से पहुंचा था। उसने कार का इस्तेमाल नहीं किया ताकि टोल प्लाजा पर कार का रिकॉर्ड न बने। पुलिस ने वह स्कूटर जब्त कर लिया है।

चेतन हूडी पहनकर किले पर चढ़ा था। वहां पहुंचने के बाद उसने हूडी उतार दी और काली टी-शर्ट में रहा। मर्डर के बाद लौटते समय उसने फिर हूडी पहन ली। घटना के बाद वह उसी स्कूटर से पुणे लौट गया।

पुलिस रविवार को सिया और चेतन को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। केतन का डमी बनाकर पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया।

पुलिस रविवार को सिया और चेतन को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। केतन का डमी बनाकर पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया।

सिया के वकील बोले- पुलिस हिरासत में दिया बयान सबूत नहीं

सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपी का दिया बयान अदालत में सबूत नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि कोर्ट में यह सवाल उठाएंगे कि पहले इस मामले को हादसा क्यों माना गया और बाद में हत्या का केस कैसे बना।

उनका कहना है कि पुलिस सिया से पूछताछ के लिए काफी समय ले चुकी है। अब उसे और पुलिस रिमांड में रखने की जरूरत नहीं है।

पुणे मर्डर केस जुड़े अपडेट

  • सिया गोयल और चेतन चौधरी ने गूगल पर लोहगढ़ किले के डेथ पॉइंट सर्च किए थे। वहां तक पहुंचने का रास्ता और खाइयों की भी जानकारी जुटाई थी। दोनों ने गूगल पर ‘डेथ पॉइंट और जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो’ जैसे सवाल सर्च किए।
  • पुलिस ने शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता से 12 घंटे पूछताछ की। इससे पहले गुरुवार को सिया के भाई से 10 घंटे तक पूछताछ की थी।

18 जून को कब-क्या हुआ…

हत्या से 6 दिन के अंदर आरोपी अरेस्ट

18 जून को केतन की हत्या से छह दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी सिया और चेतन को अरेस्ट कर लिया। जांच के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है।

सिया के प्रेमी संग 2 पुराने वीडियो; कैफे गई, मैच देखा

सिया के प्रेमी चेतन के साथ के दो पुराने वीडियो अब सामने आए हैं। एक वीडियो में दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

वहीं दूसरा वीडियो पुणे के कैफे का है जो कि हत्या के एक दिन पहले यानी 17 जून का बताया जा रहा है। दावा है कि दोनों ने कैफै में बैठकर केतन के मर्डर की प्लानिंग की थी।

सिया और चेतन का वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं।

सिया और चेतन का वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं।

केतन की मौत से एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक कैफे गए थे।

केतन की मौत से एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक कैफे गए थे।

31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर

31 मई को आइडिया आया, 18 जून को मर्डर

31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा

11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा।

5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया

सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।

14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया

सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।

18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया

19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।

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सिया के सामने केतन मर्डर का सीन रीक्रिएट किया गया: पुलिस लोहगढ़ किला ले गई, दीवार से डमी गिराकर देखा

पुणे मर्डर केस में पुलिस ने रविवार को केतन को लोहगढ़ किले से गिराने का सीन रीक्रिएट किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए पुलिस सुबह 6.30 बजे आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। टीम करीब 2.30 घंटे किले पर रही। पूरी खबर पढ़ें…

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पाकिस्तान का दावा- अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर हमले किए: TTP कमांडर समेत 29 आतंकी मारे; एक दिन पहले कराची में आतंकी हमला हुआ था




पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर अटैक करने का दावा किया है। पाकिस्तान के मुताबिक, पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सीमा पार अफगानिस्तान के भीतर तीन आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए गए। इन हमलों में 29 आतंकियों को मार गिराया हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने X पर लिखा- यह ऑपरेशन देश में हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। इसमें जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। TTP का कमांडर खान फरोश भी मारा गया। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के कराची में सिंध रेंजर्स के हेडकॉर्टर पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इसमें चार रेंजर्स जवान मारे गए थे। वहीं, छह हमलावर मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। बाजौर में 4, अफगानिस्तान में 25 आतंकी मारे अताउल्लाह तरार ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने पर बाजौर जिले में ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खान फरोश समेत चार आतंकी मारे गए। खैबर पख्तूनख्वा का बाजौर, अफगानिस्तान से लगा जिला है। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में तीन अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए। वहां 25 आतंकी मारे गए। इन ठिकानों पर रखा हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान बोला- नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे तरार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान पिछले साल से अफगान सीमा और उसके भीतर कई बार हमले कर चुका है। उसका कहना है ये हमले TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने किए गए हैं। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को पनाह देती है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के पिछले दो बड़े हमले…. 10 जून: पाकिस्तानी मिसाइल हमले में 13 की मौत, इनमें 11 बच्चे थे पाकिस्तान ने 10 जून को अफगानिस्तान के कई इलाकों में मिसाइल हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 बच्चे थे। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन किया। कुनार, खोस्त तथा पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के घरों पर बमबारी की। वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उसने खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमला किया। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च: पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में 400 की मौत, 250 घायल
पाकिस्तान ने 16 मार्च की रात को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक किया था। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 250 से ज्यादा घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। पूरी खबर पढ़ें… ——————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला:4 सुरक्षाकर्मियों और 6 आतंकियों की मौत; तालिबान से जुड़े जमात-उल-अहरार ने जिम्मेदारी ली पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमला रात करीब 8.30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ। इसमें चार रेंजर्स की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में छह आतंकी मारे गए, जबकि एक आतंकी को घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…



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भास्कर अपडेट्स: जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी जा रही CISF जवानों की बस पलटी, 8 जवान और ड्राइवर घायल


3 घंटे पहले

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जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार को माता वैष्णो देवी मंदिर के ताराकोट मार्ग पर CISF जवानों को लेकर जा रही एक बस पलट गई। हादसे में 8 CISF जवान और बस चालक घायल हो गए। इनमें तीन जवानों की हालत गंभीर बताई गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय CISF के जवान ड्यूटी पूरी कर मंदिर क्षेत्र से अपने कैंप लौट रहे थे। इसी दौरान ताराकोट मार्ग पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबल सैमी कुमार, हेड कांस्टेबल एम.एम. दुबे और कांस्टेबल पी.के. त्राया को इलाज के लिए नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं, एक सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य घायल जवानों और बस चालक वीरेंद्र सिंह का कटड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है।

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उद्धव ठाकरे ने BJP को ‘बाबर जनता पार्टी’ बताया: कहा- 6 बागी सांसदों की सदस्यता रद्द हो, वे विकास नहीं, स्वार्थ के लिए गए


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धाराशिव/परभणी2 घंटे पहले

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शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए छह 6 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘अगर देश में कानून का राज है तो इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। ये सांसद विकास के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ के लिए गए हैं।’

उद्धव ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाते हुए BJP का ‘बाबर जनता पार्टी’ बताया। उन्होंने कहा, ‘बाबर ने राम मंदिर तोड़ा था। अब बाबर जनता पार्टी नए बने राम मंदिर को लूट रही है। दोनों में क्या फर्क है?’

उद्धव इन दिनों मराठवाड़ा के दौरे पर हैं। बाकी सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जाकर जनसभाएं कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने परभणी और धाराशिव में अलग-अलग सभाओं को संबोधित किया।

ठाकरे बोले- वे महाराष्ट्र धर्म और मराठी अस्मिता खत्म करना चाहते हैं

  • धाराशिव में उद्धव ने कहा, अगर आपके पास पहले से बहुमत है, तो फिर मेरे सांसदों की जरूरत क्यों पड़ी? यह सिर्फ बगावत नहीं, बड़ा राजनीतिक खेल है।
  • वे महाराष्ट्र, शिवसेना और महाराष्ट्र धर्म को खत्म करना चाहते हैं। इसलिए शिवसेना को तोड़ा जा रहा है। मराठी अस्मिता और छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वाभिमान को मिटाना चाहते हैं। सब कुछ गुजरात ले जाना चाहते हैं।
  • राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। यह लंबे संघर्ष के बाद बना है। पहले नारा था ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’, अब मंदिर में ही लूट हो रही है। मंदिर को दुकान बना दिया गया है। BJP ने हिंदुत्व की विचारधारा के साथ भी विश्वासघात किया।

सांसदों को तोड़ने को ऑपरेशन देवेंद्र बताया

परभणी में ही उद्धव ने कहा कि छह सांसदों का दल-बदल ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ का हिस्सा है। बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व पहले अपने ही नेताओं के पर काटता है। शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस इसका उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि गडकरी के पर इसलिए काटे गए, ताकि वे प्रधानमंत्री न बन सकें। अगर वे दूसरी बार बीजेपी अध्यक्ष बनते तो RSS के समर्थन से प्रधानमंत्री बन सकते थे। शिवसेना को तोड़ने के पीछे भी देवेंद्र फडणवीस को रोकने की राजनीति है। वे दिल्ली जाने का सपना देख रहे हैं। यह महाराष्ट्र के लिए एक और झटका होगा।

22 जून: उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए

22 जून को उद्धव ठाकरे की शिवसने से लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है।

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अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले 3 आरोपी अरेस्ट: बिहार से गोरखपुर लाकर महंगे दामों पर बेचते, प्रॉफिट से लग्जरी लाइफ जीते थे – Gorakhpur News




गोरखपुर में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई यूपी एसटीएफ और एम्स थाने की पुलिस ने की है। तीनों आरोपी बिहार के सिवान और गोपालगंज से हथियार खरीदकर गोरखपुर सहित आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते थे और मुनाफे के पैसे से ऐशो-आराम की जिंदगी जीते थे। उनके पास से एक पिस्टल, दो तमंचे,14 जिंदा कारतूस, पिस्टल की मैगजीन, तीन मोबाइल फोन, नकदी और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। आगे की कार्रवाई और पूछताछ में जुटी है। जानिए पूरा मामला… शनिवार देर रात एसटीएफ और एम्स थाना पुलिस ने माड़ापार स्थित कोनी तिराहे पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। रविवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन शर्मा बरईपट्टी, थाना नौतन बाजार, जिला सिवान (हाल पता हरिसेवकपुर नंबर-2, थाना गुलरिहा), सौरभ शुक्ला उर्फ निति निवासी बसडीला, थाना चौरीचौरा और मंजीत कुमार सिंह निवासी महुआ भूसा, थाना नौतन, जिला सिवान (बिहार) के रूप में हुई है। बिहार से गोरखपुर आने की सूचना मिली
जानकारी के मुताबिक एसटीएफ को शनिवार देर रात को सूचना मिली थी कि बिहार से अवैध हथियार लेकर कुछ तस्कर गोरखपुर आने वाले हैं। एसटीएफ प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के निर्देशन में टीम लगातार इनपुट जुटा रही थी। माड़ापार के कोनी तिराहे पर घेराव किया
इसी बीच मुखबिर ने बताया कि तीन तस्कर माड़ापार के कोनी तिराहे पर हथियारों की खेप लेकर मौजूद हैं। जानकारी मिलते ही एसटीएफ के उपनिरीक्षक विनायक सिंह और एम्स थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार अवस्थी ने संयुक्त टीम के साथ घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। बिहार में भी चार दिन पहले गिरफ्तारी हुई
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिहार के सिवान और गोपालगंज के कुख्यात हथियार तस्करों अनुराग कुमार, मिक्की उर्फ गोलू कुमार और मंजीत सिंह से अवैध असलहे खरीदते थे। इसके बाद इन्हें गोरखपुर और आसपास के जिलों में अधिक कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। जांच में पता चला कि जिन तीन तस्करों के नाम आरोपियों ने बताए हैं, वे 24 जून 2026 को बिहार के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में अवैध हथियार तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। गोरखपुर में ग्राहक तलाश करते थे आरापी
बिहार के सिवान और गोपालगंज से अवैध हथियार खरीदे जाते थे। गोरखपुर लाकर ग्राहकों की तलाश की जाती थी। एक पिस्टल लगभग 25 हजार रुपये और एक देशी तमंचा 12 हजार रुपये तक में बेचा जाता था। मुनाफे की रकम से आरोपी ऐशो-आराम और शौक पूरे करते थे। एसटीएफ अब नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित खरीदारों की तलाश में जुटी है। यह हुआ बरामद
एक 0.32 बोर की पिस्टल,एक पिस्टल मैगजीन,दो 12 बोर के देशी तमंचे,12 बोर के 10 जिंदा कारतूस,0.32 बोर के चार जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन,नकदी,एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद किया है।



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