गोरखपुर में फर्जी क्लेम कर हेल्थ इंश्योरेंस की रकम हड़पने वाले गैंग के दो अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों गैंगेस्टर एक्ट के तहत वांटेड थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सरगना एजेंटों के माध्यम से इंश्योरेंस कराने वाले लोगों का डिटेल निकलवाते थे। फिर उनके नाम से हॉस्पिटल में फर्जी एडमिट, मेडिकल रिपोर्ट और फर्जी डिस्चार्ज बिल कंपनियों को दिखा कर लाखों रुपए क्लेम कर लेते थे। यह पूरा गैंग एक संगठित नेटवर्क की तरह चलता था। जिसका संचालन गोरखपुर और बस्ती स्थित डिसेंट हॉस्पिटल से होता था। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। रामगढ़ ताल थाने की पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश और आगे की जांच में जुटी है। जानिए पूरा मामला…
पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना विकास मणि त्रिपाठी उर्फ प्रवीण त्रिपाठी है, जिसने अपने सहयोगियों शमशुल कमर उर्फ सोनू खान, अफजल अंसारी, ताहिर खान, राकेश कुमार ओझा, ऋषभ सिंह, इन्द्रेश यादव, अभिषेक शर्मा उर्फ हनी शर्मा और अमन यादव उर्फ गौरव यादव के साथ मिलकर संगठित नेटवर्क तैयार किया था। जिसका उद्देश्य फर्जी बीमा दावों के जरिए आर्थिक लाभ कमाना था। जांच में सामने आया कि गिरोह हेल्थ इंश्योरेंस एजेंटों के माध्यम से बीमाधारकों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराए बिना ही इलाज के नाम पर फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड, बिल और डिस्चार्ज पेपर तैयार कर बीमा कंपनियों से क्लेम पास कराया जाता था। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन गोरखपुर और बस्ती स्थित डिसेंट हॉस्पिटल के माध्यम से किया जा रहा था। बजाज आलियांज की शिकायत से खुलासा हुआ
मामले का खुलासा तब हुआ जब बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के ब्रांच ऑपरेटर और सर्विस मैनेजर अनूप अग्रवाल ने रामगढ़ताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। कंपनी की इंटरनल जांच में पाया गया कि बीमा करवाने वाले सत्यवीर के नाम पर एपेक्स हॉस्पिटल और डिसेंट हॉस्पिटल से इलाज का क्लेम लिया गया, जबकि सत्यवीर ने लिखित रूप से बताया कि वह कभी इन अस्पतालों में भर्ती ही नहीं हुए। पता चला कि बीमाधारक के नाम से उसकी जानकारी और सहमति के बिना फर्जी बैंक खाता खोलकर करीब 1.80 लाख रुपये का क्लेम लिया गया। इसके बाद रामगढ़ताल थाने में साल 2025 में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज किया गया। डॉक्टर की फर्जी सिग्नेचर का इस्तेमाल किया
पुलिस ने जब जांच शुरू किया तो एक और मामला सामने आया, जिसमें डॉ. अजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनके नाम और सिग्नेचर का दुरुपयोग कर कई बीमा कंपनियों में फर्जी मेडिकल फाइलें तैयार की गईं। आरोप है कि मरीजों को भर्ती दिखाकर लाखों रुपये का बीमा क्लेम लिया गया, जबकि उन्होंने ऐसे किसी मरीज का उपचार नहीं किया था। इस शिकायत पर भी रामगढ़ताल थाने में अलग FIR दर्ज किया गया। पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
विवेचना के दौरान पुलिस ने साल 2025 और 2026 में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में फाइल किया। इसके बाद पुलिस ने पूरे गिरोह का गैंग चार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति लिया। जिस के बाद 21 जून 2026 को गिरोह के सभी सदस्यों के खिलाफ यूपी गैंगेस्टर और एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट के तहत FIR दर्ज किया गया। शुक्रवार को इसी मुकदमे में वांटेड राकेश कुमार ओझा और अभिषेक शर्मा उर्फ हनी शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।
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फर्जी मेडिकल बिल दिखा कर लाखों के इंश्योरेंस क्लेम लिए: गोरखपुर में गैंग के 2 आरोपी अरेस्ट, एजेंटों से जुटाते थे जानकारी – Gorakhpur News
2 बाइक की भिड़ंत में युवक की मौत: सीतामढ़ी में मुहर्रम पर ताजिया देखने जा रहा था – Sitamarhi News
सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड के बेतहा पंचायत क्षेत्र में मुहर्रम के अवसर पर एक सड़क हादसा हुआ। नसार बाजार के पास सिसवा गांव स्थित पत्थर मशीन के समीप दो बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान परिहार थाना क्षेत्र के बेटा गांव निवासी मोहम्मद मस्लाउद्दीन के 20 वर्षीय पुत्र वाजिद अली के रूप में हुई है। वाजिद अली के साथ बाइक पर सवार 20 वर्षीय मोहम्मद हुसैन भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज जारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूसरी बाइक पर सवार लोग भी इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वाजिद अली अपने पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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राजेश खन्ना की वो फिल्म, रिलीज हुई सिर्फ 9 सिनेमाघरों में, मगर निकली सुपरहिट
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जिस साल अमिताभ बच्चन की जंजीर फिल्म आई, वो बॉलीवुड के नए सुपरस्टार बने, उसी साल यश चोपड़ा के निर्देशन-प्रोडक्शन की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी. फिल्म में राजेश खन्ना लीड रोल में थी. बतौर प्रोड्यूसर यश चोपड़ा की यह पहली फिल्म थी. इस फिल्म का मुहुर्त क्लैप दिलीप कुमार ने दिया था. मूवी शुरुआत में सिर्फ 9 सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था, फिर भी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने फिर कभी यश चोपड़ा के साथ काम नहीं किया. यह यादगार फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं.
दिलीप कुमार की एक फिल्म ‘दाग’ 1952 में आई थी. सेम टाइटल से 1973 में एक और फिल्म यश चोपड़ा ने बनाई थी. डॉग फिल्म में राजेश खन्ना राखी गुलजार और शर्मिला टैगोर लीड रोल में थे. डायरेक्शन यश चोपड़ा का था. स्टोरी गुलशन नंदा की थी. डायलॉग अख्तर उल-ईमान ने लिखे थे. फिल्म की बेसिक स्टोरी थॉमस हार्डी के 1886 के उपन्यास ‘द मेयर ऑफ कैस्टर ब्रिज’ से इंस्पायर्ड थी. म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. गीतकार साहिर लुधियानवी थे.

बड़े भाई बीआर चोपड़ा को छोड़ने के बाद यश चोपड़ा ने अपना प्रोडक्शन हाउस ‘यशराज फिल्म्स’ के नाम से शुरू किया था. राखी से लेकर राजेश खन्ना ने उन्हें फिल्म के लिए सपोर्ट किया और कहा कि वो मार्केट प्राइस नहीं लेंगे. गीतकार साहिर लुधियानवी ने कहा था कि जब फिल्म हिट हो जाए तब पैसे दे देना. फिल्म प्रोड्यूसर-डिस्ट्रीब्यूटर्स गुलशन राय ने 2 लाख रुपये का चेक दिया था.

‘दाग’ एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी. यशराज चोपड़ा पहली बार प्रोड्यूसर बने थे. यशराज फिल्म्स के बैनर तले इस फिल्म का निर्माण किया था. फिल्म में मदन पुरी, कादर खान, प्रेम चोपड़ा और एके हंगल अहम भूमिकाओं में थे. कादर खान के साथ यश चोपड़ा की यह इकलौती फिल्म है. लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और यश चोपड़ा की यह इकलौती फिल्म है.
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फिल्म का म्यूजिक ट्रैक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. फिल्म के सदाबहार रोमांटिक गाने साहिर लुधियानवी ने लिखे थे. सभी वर्जन मिलाकर 7 गाने थे. फिल्म में राजेश खन्ना ने कुछ लाइनें बोली थीं जिनमें जिंदगी का दर्द था. उनके गिरते स्टारडम का दर्द था. तड़प थी. ये लाइनें थीं : मैं तो कुछ भी नहीं, जिन्हें साहिर लुधियानवी ने लिखा था. ये लाइनें राजेश खन्ना के स्टारडम को बताती हैं.

फिल्म के अन्य पॉपुलर गानों में ‘मेरे दिल में आज क्या है तू कहे तो मैं बता दूं’ ‘आप चाहे मां रूठे या बाबा’, ‘तुम और हम’ और ‘जब भी जी चाहे दुनिया बसा लेते हैं लोग’ थे. लता मंगेशकर के दो सोलो सॉन्ग थे. दो किशोर कुमार के साथ ड्यूएट सॉन्ग थे. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म के गानों ने स्टोरी को बहुत सपोर्ट किया. फिल्म बहुत अच्छी बनी थी. राजेश खन्ना ने इस फिल्म में बहुत कम फीस में काम किया था. उन्हें एक हिट फिल्म की दरकार थी. दाग ने वह कमी पूरी की.

फिल्म जब बनकर तैयार हुई तो गुलशन राय ने क्लाइमैक्स बदलने की सलाह दी थी. उनका कहना था कि फिल्म का क्लाइमैक्स दुनिया स्वीकार नहीं करेगी कि एक आदमी दो पत्नियों के साथ रहे. यश चोपड़ा ने कहा था कि फिल्म की खासियत ही यही है. मैं इसे नहीं बदलना चाहूंगा. यश चोपड़ा को इस फिल्म के लिए बेस्ट डायरेक्टर का जबकि राखी गुलजार को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.

गुलशन राय ने फिल्म को आर्ट फिल्म के तौर पर ट्रीट किया. मुंबई के सिर्फ 9 सिनेमाघरों में फिल्म को रिलीज किया. एक हफ्ता पूरा होने से पहले ही सिनेमाघर बढ़ते चले गए. सिनेमाघरों में दर्शकों को खींचकर लाने का काम इसके म्यूजिक ने किया. फिल्म का म्यूजिक मूवी रिलीज होने से पहले ही बाजार में छा गया था. म्यूजिक इंस्टेंट हिट था. फिल्म का बजट कम था ऐसे में डिस्ट्रीब्यूटर गुलशन राय ने फिल्म को सिनेमाघरों में टिकाए रखा. फिल्म के गाने अगर एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी नहीं होते तो यह फिल्म सफल नहीं होती. फिल्म का बजट 85 लाख था. फिल्म ने 3 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक मैसिव हिट फिल्म साबित हुई थी.
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर दान घोटाले पर उठाए सवाल: देवास में बोले- केवल इस्तीफे से नहीं, दोषियों पर FIR हो – Dewas News
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर ट्रस्ट प्रबंधन को घेरा है। उन्होंने कहा कि मंदिर के दान और निर्माण कार्यों में घोटाले के आरोप बेहद गंभीर हैं। सिंह ने मांग की कि केवल इस्तीफों से बात नहीं बनेगी, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। दिग्विजय सिंह शुक्रवार शाम को देवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं और हाल ही में एक ट्रस्टी के इस्तीफे के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और बाद के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी सरकार के शासनकाल में मंदिर के पैसों में भी घोटाले के आरोप लग रहे हैं। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान वर्ष 1992 के बाद जो चंदा एकत्र किया गया था, उसका भी आज तक पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद भी उसकी व्यवस्थाएं विश्व हिंदू परिषद (VHP) के हाथों में हैं। उन्होंने देशभर के अनेक मंदिरों और मठों का उदाहरण दिया, जिनकी व्यवस्थाएं संत-महात्माओं के पास रहती हैं और वहां इस प्रकार के विवाद या घोटाले सामने नहीं आते। दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि केवल किसी ट्रस्टी के इस्तीफा देने से मामला खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने ट्रस्ट की व्यवस्था की जिम्मेदारी चंपत राय पर डालते हुए कहा कि उन्हें पूरे मामले की जवाबदेही लेनी चाहिए। सिंह ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताएं उनके भरोसेमंद लोगों द्वारा ही की गई हैं और दोषियों के खिलाफ विस्तृत जांच कर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
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दादा के हाथ से पोते को खींच ले गई शेरनी: दादा की उंगली पकड़कर दूध लेने जा रहा था बच्चा, 1 किमी दूर मिला शव – Gujarat News
अमरेली जिले में खांभा तालुका के चतुरी गांव में रात को शेरनी ने 5 साल के बच्चे को दादा के हाथों से झपटकर मौत के घाट उतार दिया। अमरेली में एक महीने में शेर के हमले की तीसरी घटना हुई। 5 वर्षीय जियान देवकुंभाई सीधा रात में दादा की उंगली पकड़कर दूध लेने जा रहा था, तभी अंधेरे में अचानक शेरनी ने हमला किया। दादा कुछ समझते इससे पहले शेरनी बच्चे को खींचकर जंगल में ले भागी। दादा की चीखें और बच्चे की पुकार से ग्रामीण लाठियां लेकर दौड़े और खोजबीन की। मृतक के मामा के अनुसार, 2-3 युवकों ने बच्चे को शेरनी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। करीब 1 किमी दूर पोते का लहूलुहान शव मिला। वन विभाग ने सुबह तक मेगा ऑपरेशन चलाया तो शेर की उल्टी में बच्चे के अवशेष मिले, जो जांच के लिए भेजे हैं। 9 घंटे ऑपरेशनः 5 शेर पिंजरे में वन विभाग ने 9 घंटे मेगा ऑपरेशन में 1 शेरनी को ट्रैंक्विलाइज करके कुल 5 शेरों को वन विभाग की टीमों ने रेस्क्यू कर पिंजरे में बंद किया। 10 दिन पहले युवक को शेर ने खा लिया था 10 दिन पहले अमरेली में उत्तराखंड के एक युवक को गुजरात में शेर ने अपना शिकार बना लिया था। स्थानीय लोगों और वन विभाग को मौके से आधा खाया हुआ सिर और पसलियों के टुकड़े मिले थे, जिनके आधार पर युवक की पहचान की गई। युवक पिथौरागढ़ का रहने वाला था और गुजरात के अमरेली जिले में एक होटल में काम करता था। देर रात प्रकाश चंद्र अपने घर जाने के लिए होटल से निकला था। इसी दौरान कोवाया गांव के पास अंधेरे में घात लगाए बैठे शेर ने उस पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया और उसे घसीटकर झाड़ियों में ले गया। शेर ने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया और शरीर को बुरी तरह नोच डाला था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… युवक के शिकार के बाद का वीडियो: रिकॉर्ड करने वाले को नहीं पता था कि शेर ने इंसान का शिकार किया अमरेली में 15 जून की रात एक शेर ने उत्तराखंड के एक युवक को अपना शिकार बना लिया था। वीडियो में शिकार के बाद शेर उसे खाता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया में अपलोड करने वाले शख्स को यह नहीं पता था कि शेर ने किसी जानवर का नहीं बल्कि एक इंसान का शिकार किया है। पूरी खबर पढ़ें…
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दिल्ली में महान वायुसेना अधिकारी को दी श्रद्धांजलि: एलजी संधू बोले- पद नहीं-कर्तव्य सबसे बड़ा; अर्जन सिंह की विरासत हर लोकसेवक के लिए प्रेरणा – New Delhi News
दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने शुक्रवार को आयोजित मार्शल ऑफ द एयर फोर्स मेमोरियल लेक्चर में भारत के महान वायुसेना अधिकारी और दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल मार्शल ऑफ द एयर फोर्स अर्जन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जिस पद को अर्जन सिंह जैसे महान व्यक्तित्व ने सुशोभित किया हो, उसी पद पर सेवा करना सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। संधू ने कहा कि अर्जन सिंह का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक रहा। उनके आदर्श आज भी हर लोकसेवक और सैन्य अधिकारी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों में अर्जन सिंह की भूमिका निर्णायक रही। विशेष रूप से 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना ने अपनी क्षमता और साहस का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उपराज्यपाल ने बताया कि अर्जन सिंह की असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें पहले पद्म विभूषण और बाद में देश के इतिहास में पहली बार मार्शल ऑफ द एयर फोर्स की सर्वोच्च सैन्य रैंक से सम्मानित किया गया। सैन्य नेतृत्व से प्रशासन तक निभाई राष्ट्रसेवा की जिम्मेदारी संधू ने कहा कि सैन्य सेवा के बाद अर्जन सिंह ने राजनयिक, प्रशासक और वर्ष 1989-90 में दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में भी देश की सेवा की। उनका सैन्य नेतृत्व से सार्वजनिक प्रशासन तक का सफर इस बात का उदाहरण है कि राष्ट्रसेवा किसी एक पद या संस्था तक सीमित नहीं होती। उन्होंने हर जिम्मेदारी को ईमानदारी, विनम्रता और समर्पण के साथ निभाया। सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य सेवा और कर्तव्य उपराज्यपाल ने कहा कि मार्शल अर्जन सिंह का जीवन यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन का वास्तविक उद्देश्य पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि कर्तव्य का निर्वहन और लोगों की निस्वार्थ सेवा करना है। उन्होंने कहा कि अर्जन सिंह के आदर्शों को अपने आचरण और संस्थागत कार्यसंस्कृति में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। देखें फोटो…
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पराठे बनाते समय आटे में मिला दीजिए ये 3 चीजें, कई घंटों तक रहेंगे सॉफ्ट, स्वाद होगा दोगुना
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Tips To Keep Parathas Soft: अगर आपके पराठे कुछ ही देर में सख्त हो जाते हैं, तो आटा गूंथते समय दही, थोड़ा सा घी या तेल और गुनगुने पानी मिला सकते हैं. इन चीजों से आटे में काफी फर्क आ जाएगा और पराठे सॉफ्ट बनेंगे. आटा गूंथकर थोड़ी देर रखने और सही तरीके से पराठे सेंकने से लंबे समय तक मुलायम और स्वादिष्ट बने रहते हैं.
सॉफ्ट पराठा बनाने के लिए आटा गूंथते समय उसमें थोड़ा दही मिला सकते हैं.
Perfect Soft Paratha Hacks: गरमा-गरम पराठे सभी को खूब पसंद होते हैं. ब्रेकफास्ट से लेकर लंच और डिनर में भी कई लोग पराठे का स्वाद लेते हैं. स्वादिष्ट पराठे हर किसी का दिल जीत लेते हैं. कई बार पराठे बनाने के कुछ घंटों बाद वे सख्त हो जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और मजा दोनों कम हो जाते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपके पराठे कई घंटों तक मुलायम बने रहें, तो आटा गूंथते समय कुछ आसान किचन टिप्स अपनाए जा सकते हैं. इन टिप्स को अपनाकर आप टेस्टी पराठे बना सकते हैं.
आटा गूंथते समय मिलाएं दही
पराठों का आटा गूंथते समय 2 से 3 चम्मच ताजा दही मिलाने से आटा अधिक सॉफ्ट बनता है. दही में मौजूद नमी और हल्की अम्लीयता आटे को मुलायम बनाए रखने में मदद करती है. इससे पराठे लंबे समय तक नरम रह सकते हैं और उनका स्वाद भी बेहतर हो जाता है.
थोड़ा सा तेल या घी डालें
आटा गूंथते समय एक से दो चम्मच तेल या घी मिलाना भी फायदेमंद माना जाता है. इससे आटे में नमी बनी रहती है और पराठे सूखने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही, बेलने में भी आसानी होती है और पराठों की बनावट बेहतर आती है.
गुनगुना पानी या दूध डालें
अगर आप चाहते हैं कि पराठे और भी ज्यादा मुलायम बनें, तो आटा ठंडे पानी की बजाय गुनगुने पानी से गूंथें. कुछ लोग आटे में थोड़ा-सा दूध भी मिलाते हैं, जिससे पराठों का टेक्सचर और स्वाद दोनों बेहतर हो सकते हैं. ध्यान रखें कि दूध का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें, खासकर अगर पराठे लंबे समय तक बाहर रखने हों.
आटे को थोड़ी देर रखना जरूरी
आटा गूंथने के तुरंत बाद पराठे बनाने की बजाय उसे 15 से 20 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और ग्लूटेन को आराम मिलता है, जिससे पराठे बेलना आसान होता है और वे ज्यादा मुलायम बनते हैं. इसके अलावा पराठों को बहुत तेज आंच पर सेंकने से वे जल्दी सख्त हो सकते हैं. इसलिए उन्हें मध्यम आंच पर दोनों तरफ अच्छी तरह सेंकें. जरूरत के अनुसार घी या तेल लगाएं और पकने के बाद उन्हें साफ सूती कपड़े या ढक्कन वाले बर्तन में रखें, ताकि उनकी नमी बनी रहे.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
मोहम्मद रफी का वो ब्लॉकबस्टर गाना, जिससे नाखुश थे राजेश खन्ना, मूवी ने रचा इतिहास
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बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार का नाम लेते ही आंखों के सामने राजेश खन्ना का नाम तैरने लगता है. राजेश खन्ना ने 1966 में ‘आखिरी खत’ से डेब्यू किया था. उसकी मूल नाम जतिन खन्ना था. जब राजेश खन्ना फिल्मों में आए तब राजेंद्र कुमार-शम्मी कपूर-देवानंद की तिकड़ी राज कर रही थी. मनोज कुमार-धर्मेंद्र भी छाए हुए थे. राजेश खन्ना के सितारे 1969 में बुलंद हुए. इसी साल उनकी दो ब्लॉकबस्टर फिल्में आईं. दोनों में कालजयी गाने थे. एक गाना मोहम्मद रफी ने गाया था. राजेश खन्ना इस बात से नाखुश थे. फिल्म जब रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. वो फिल्म कौन सी थी, वो कालजयी गाना कौन सा था, आइये जानते हैं……..
राजेश खन्ना को सही मायने में स्टारडम ‘आराधना’ फिल्म से मिला. ‘आराधना’ फिल्म ने उन्हें रातोंरात सुपर स्टार बनाया. ‘आराधना’ फिल्म की सफलता में सबसे बड़ा योगदान इस फिल्म के गानों का था. सभी गाने किशोर कुमार ने गाए थे. किशोर कुमार राजेश खन्ना की आवाज बनकर उभरे. राजेश खन्ना उनके फैन बन गए थे. जब आराधना बन रही थी, उसी समय राजेश खन्ना की एक और फिल्म बन रही थी. राजेश खन्ना इस फिल्म का एक गाना किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड करवाना चाहते थे मगर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और प्रोड्यूसर राज खोसला इस सॉन्ग को मोहम्मद रफी से रिकॉर्ड करवाया. इसी गाने ने इतिहास रच दिया. गाने के बोल ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ थे. फिल्म थी ‘दो रास्ते’.

‘दो रास्ते’ फिल्म 5 दिसंबर 1969 को रिलीज हुई थी. कहानी मराठी उपन्यासकार चंद्रकात काकोडकर की उपन्यास ‘नीलाम्बरी’ से ली गई थी. काकोडकर ने ही फिल्म के लिए कहानी लिखी थी. उन्हें बेस्ट स्टोरी का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राज खोसला थे. स्क्रीनप्ले जीआर कामत ने लिखा था. डायलॉग अख्तर रोमानी ने लिखे थे.

फिल्म में राजेश खन्ना, मुमताज के अलावा बिंदु, बलराज साहनी, प्रेम चोपड़ा अहम भूमिकाओं में थे. यह एक्ट्रेस बिंदु की पहली फिल्म थी. बिंदु पहले इस तरह का वैम्प रोल नहीं करना चाहती थीं. बिंदु रिश्ते में संगीतकार लक्ष्मीकांत की साली साहिबा हैं. फिल्म की कहानी बिंदु के किरदार से ही आगे बढ़ती हैं. फिल्म में राजेश खन्ना ने ‘एंग्री मैन’ का किरदार निभाया था.
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फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. रफी साहब ने ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ गाने को अपनी मखमली आवाज से अमर कर दिया. गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी यह गाना सुपरहिट है. इस गाने ने आराधना फिल्म के गानों से ज्यादा तारीफ बटोरी. फिल्म के दो और गाने ‘बिंदिया चमकेगी’ और ‘छुप गए सारे नजारे’ भी सुपरहिट साबित हुए. ‘बिंदिया चमकेगी’ गाना मुमताज को अमर पहचान दे गया. एक्ट्रेस बिंदु ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू इस बात का खुलासा किया कि गीतकार आनंद बख्शी उन्हें ‘बिंदिया’ के नाम से बुलाते थे.

फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. रफी साहब ने ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ गाने को अपनी मखमली आवाज से अमर कर दिया. गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी यह गाना सुपरहिट है. इस गाने ने आराधना फिल्म के गानों से ज्यादा तारीफ बटोरी. फिल्म के दो और गाने ‘बिंदिया चमकेगी’ और ‘छुप गए सारे नजारे’ भी सुपरहिट साबित हुए. ‘बिंदिया चमकेगी’ गाना मुमताज को अमर पहचान दे गया. एक्ट्रेस बिंदु ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू इस बात का खुलासा किया कि गीतकार आनंद बख्शी उन्हें ‘बिंदिया’ के नाम से बुलाते थे.

इस फिल्म से सबसे ज्यादा फायदा एक्ट्रेस मुमताज को हुआ. वो इस फिल्म से पहले बी-ग्रेड फिल्मों में काम करती थीं. यह पहला मौका था, जब उन्होंने किसी ए-ग्रेड फिल्म में काम किया था. ग्लैमरस अंदाज और खूबसूरत गानों की बदौलत वह छा गईं और नंबर वन हीरोइन बनीं. राजेश खन्ना के साथ 10 से ज्यादा हिट फिल्में दीं.

फिल्म में राजेश खन्ना दाढ़ी-मूंछ में नजर आए थे क्योंकि उन्हीं दिनों वो ‘इत्तिफाक’ फिल्म की भी शूटिंग कर रहे थे. यह एक फैमिली ड्रामा फिल्म थी. 40 लाख के बजट में बनी इस फिल्म ने 3 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
कोटा में वैन पलटी, धड़ से अलग हुआ सिर: सामने से आ रहे ट्रक का टायर डिवाइडर क्रॉस कर वैन से टकराया, लोहे की रेलिंग व गाड़ी के बीच फंसी गर्दन – Kota News
कोटा बारां NH 27 पर ईको वैन पलट गई। हादसे में वैन में सवार युवक का सिर धड़ से अलग हो गया।युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सिमलिया थाना क्षेत्र की गुरुवार रात साढ़े 11बजे की है। वैन सवार व्यक्ति पप्पू हरचरण कुशवाहा (50) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का निवासी था। जो वर्तमान में गुजरात के मेहसाणा में पानी-पुरी का व्यवसाय करता था। गुरुवार को अपनी पत्नी, बेटे व मां के साथ वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जालौन जा रहा था। परिजनों ने बताया कि 28 जून को पप्पू की मौसी की बेटी की शादी थी। जिसमें शामिल होने के लिए परिवार गुरुवार दोपहर रवाना हुआ था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों की सूचना पर सिमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को कोटा हॉस्पिटल पहुंचाया। सिमलिया थाना ASI शिवराज ने बताया कि पप्पू वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जा रहा था। वैन को उसका बेटा मनीष चला रहा था। गाड़ी में दो महिलाए भी बैठी हुई थी। नेशनल हाईवे-27 पर पोलाई कलां के पास गत्ता फैक्ट्री के पास बारां की तरफ से आ रहे एक ट्रक का टायर निकल गया। डिवाइडर पर चढ़कर सड़क के दूसरी साइड पर आ गया।ट्रक का टायर पप्पू की वैन से टकरा गया। पप्पू खलासी साइड पर बैठा हुआ था। वैन अनियंत्रित होकर हाइवे किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकराकर पलट गई। पप्पू की गर्दन लोहे की रेलिंग व वैन के बीच फंसकर अलग हो गई।बेटे मनीष की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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यूपी में आंगनबाड़ी और प्राइमरी स्कूल होंगे हाईटेक: योगी सरकार का ‘को-लोकेशन और मैपिंग’ अभियान तेज, हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर अपलोड होगा डेटा – Uttar Pradesh News
उत्तर प्रदेश में अब आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच का तालमेल और बेहतर होने जा रहा है। योगी सरकार ने इसके लिए प्रदेशभर में ‘को-लोकेशन और मैपिंग’ अभियान को मिशन मोड पर शुरू किया है। इसका सीधा फायदा बच्चों की शुरुआती पढ़ाई (स्कूल रेडीनेस), बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और महिला-बाल विकास मंत्रालय के गाइडलाइंस के तहत यूपी में यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) मोनिका रानी और बाल विकास सेवा व पुष्टाहार निदेशक हर्षिता माथुर ने इसके लिए संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर अपलोड होगा डेटा इस पूरे अभियान को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तय समय सीमा के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग, यू-डायस (U-DISE) कोड अपडेट करने और हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे शिक्षा और बाल विकास दोनों विभागों के आंकड़ों में पारदर्शिता आएगी। कैसे तय होगी मैपिंग? समझिए इसके नियम: बीएसए और डीपीओ मिलकर करेंगे वेरिफिकेशन अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। हर जिले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) संयुक्त रूप से पूरी प्रक्रिया और डेटा का सत्यापन (वेरिफिकेशन) करेंगे, जिससे आंकड़ों में कोई हेराफेरी न होने पाए।
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