Monday, June 22, 2026
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नूडल्स नहीं, मेवात की ‘सीमी’ है अलवर के लोगों की पहली पसंद! नोट कर लें रेसिपी


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Mewat Famous Seemi Recipe: अलवर जिले के मेवात क्षेत्र में बरसात के मौसम और त्योहारों के दौरान पारंपरिक सेवइयां, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘सीमी’ कहा जाता है, बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है. महिलाएं गेहूं का आटा लेकर मशीन के माध्यम से ताजा सेवइयां तैयार करवा रही हैं. तैयार सेवइयों को रस्सियों पर फैलाकर धूप में सुखाया जाता है और बाद में घरों में उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाता है. मेवात की सीमी अपने खास स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. इन्हें मीठा, नमकीन और दूध के साथ बनाकर खाया जाता है. यह परंपरा आज भी ग्रामीण संस्कृति का अहम हिस्सा बनी हुई है.

ख़बरें फटाफट

अलवर. राजस्थान के अलवर जिले में इन दिनों विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं पारंपरिक सेवइयां, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘सीमी’ कहा जाता है, बनाने में व्यस्त हैं. मेवात क्षेत्र की ‘सीमी’ विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो अपने स्वाद के लिए जानी जाती है. बरसात के मौसम में इन सेवइयों को मीठी, नमकीन तथा दूध के साथ बनाकर बड़े चाव से खाया जाता है. महिलाएं देसी तरीके से मशीन के माध्यम से सेवइयों को तैयार कर रही हैं. इस दौरान ‘सीमी’ को रस्सियों पर फैलाकर सुखाने काम किया जा रहा है. महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही है सेवइयां बाजार के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए तैयार करवा रही हैं.

सेवइयां बनाने वाली महिला ने बताया कि रमजान माह से शुरू होकर रक्षाबंधन तक सेवइयां बनाने का पारंपरिक कारोबार चलता है. इस दौरान मशीन पर सेवइयां बनाने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सेवइयां बनवाने के लिए आती हैं. महिलाएं अपने साथ गेहूं का आटा लेकर पहुंचती हैं, जो सेवइयां बनाने वाले को ₹10 प्रति किलो आटा की मजदूरी देकर ताजा सेवइयां तैयार करवाती हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने घर के लिए सेवइयां तैयार करवा रही हैं. जिन्हें खुले वातावरण में रस्सियों पर सुखाकर पैक किया जा रहा है. वहीं जिन ग्राहकों के पास आटा या मैदा नहीं होता, उन्हें तैयार सेवइयां भी उपलब्ध कराई जाती है. त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों के दौरान इनकी मांग बढ़ जाती है.

5 वर्षो से बना रही हैं अलग-अलग वैरायटी के सेवइयां

सेवइयां बनाने वाली महिलाओ ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से सेवइयां (सीमी) बनाने का काम कर रही हैं. महिलाएं अपने घर से आटा लेकर आती हैं और उनकी मशीन से सेवइयां तैयार करवाती हैं, जिसके बदले निर्धारित शुल्क लिया जाता है. तैयार की गई सेवइयों को पहले धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है. एक-दो घंटे तक सूखने के बाद उन्हें पैक कर घर ले जाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि सेवइयों को खाने से पहले मिट्टी के बर्तन में तेज आंच पर अच्छी तरह भूनना पड़ता है. इसके बाद इन्हें मीठा, नमकीन या दूध के साथ बनाकर स्वादपूर्वक खाया जा सकता है.

ऐसे बनाकर खा सकते हैं सेवइयां

मेवात में आटे से बनी सेवइयां को लोग स्वाद अनुसार खाते हैं. मीठी सेवइयां बनाने के लिए एक बर्तन में अच्छे तरीके से पानी को उबाल लें. उसके बाद जब पानी तेज उबलने लगे तो उसमें सेवइयां को डाल दें. उसके बाद बारीक छलना में उनको डाले और ताकि पानी निकल जाए. उसके बाद जब सेवइयां ठंडा हो जाए तो उसमें मीठा बुरा और घी डालकर खा सकते हैं.

ऐसे बना सकते हैं नमकीन सेवइयां

नमकीन सेवइयां बनाने के लिए सबसे पहले मसालों को तेज आंच पर अच्छी तरह भून लिया जाता है. इसके बाद आवश्यकता अनुसार पानी डालकर उसे उबालने के लिए छोड़ दिया जाता है. जब पानी अच्छी तरह उबलने लगे, तब उसमें सेवइयां डाल दी जाती हैं. कुछ देर पकाने के बाद जैसे ही पानी पूरी तरह सूख जाता है, नमकीन सेवइयां तैयार हो जाती है. इसके बाद इन्हें गरमा-गरम परोसा और स्वाद लेकर खाया जा सकता है.

ऐसे बनाएं दूध वाली मीठी सेवइयां

दूध वाली मीठी सेवइयां बनाने के लिए सबसे पहले दूध को तेज आंच पर अच्छी तरह उबाल लिया जाता है. इसके बाद स्वादानुसार चीनी डालकर उसे पूरी तरह घुलने तक पकाया जाता है. जब दूध और चीनी का मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब उसमें सेवइयां डाल दी जाती हैं. इसके बाद धीमी आंच पर कुछ देर पकाने से सेवइयां दूध में अच्छी तरह गल जाती हैं और स्वादिष्ट मीठी सेवइयां तैयार हो जाती है. महिला ने अस्थाई दुकान में इंजन के साथ सेवइयां बनाने वाली मशीन लगा रखी है. जिसमें आटा को गूंद कर मशीन में डाला जाता है और बारीक बारीक सेवइयां बनकर बाहर निकलते जाती है.

About the Author

deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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श्री कृष्ण जन्मस्थान के सचिव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र: दिनेश फलाहारी की ओर से लगाए आरोपों की जांच की मांग – Mathura News




श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों की सक्षम प्राधिकारी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने हाल ही में श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में चढ़ावे, दान और आभूषणों में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने संस्थान के सचिव कपिल शर्मा पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी। फलाहारी ने आरोप लगाया था कि मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने फूल बंगला और 56 भोग जैसी सेवाओं के नाम पर भारी कमीशन वसूले जाने का भी दावा किया था। साथ ही उत्तराखंड में कीमती जमीन खरीदने जैसे आरोप भी लगाए थे। कपिल शर्मा बोले- आरोप पूरी तरह निराधार मीडिया से बातचीत में कपिल शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत, तथ्यहीन और मिथ्या हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि वास्तविकता सामने आ सके। कपिल शर्मा ने कहा कि वे पिछले 27 वर्षों से श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान से जुड़े हुए हैं और इस दौरान उन्होंने कभी वेतन, मानदेय, यात्रा भत्ता या अन्य कोई सुविधा नहीं ली। उन्होंने दावा किया कि संस्थान से जुड़े कार्यों के लिए होने वाला खर्च भी वह अपनी निजी आय से वहन करते हैं। फलाहारी पर भी लगाए गंभीर आरोप कपिल शर्मा ने दिनेश शर्मा फलाहारी पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फलाहारी पूर्व में समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं और विधानसभा चुनाव लड़ने की कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि फलाहारी के खिलाफ ठगी, चोरी और आपराधिक षड्यंत्र समेत कई मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। ‘सरकारी सुरक्षा के लिए करते हैं बयानबाजी’ मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कपिल शर्मा ने आरोप लगाया कि दिनेश शर्मा फलाहारी सरकारी सुरक्षा हासिल करने के उद्देश्य से विवादित बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे बयान देकर सामाजिक माहौल प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि फलाहारी ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के नाम से मिलता-जुलता एक अलग ट्रस्ट बनाकर श्रद्धालुओं को भ्रमित करने का प्रयास किया है। अब इस पूरे मामले में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां जांच की मांग पर क्या निर्णय लेती हैं।



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फिजिक्स ने निकाला दम, केमिस्ट्री ने चकराया सिर, क्या कठिन था री-नीट का पेपर?


नई दिल्ली (NEET UG 2026 Paper Analysis). कल यानी 21 जून 2026 को नीट यूजी का री-टेस्ट था. 5 हजार से ज्यादा सेंटर्स पर 20 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने नीट यूजी परीक्षा दी थी. इस बार का पेपर वैसा बिल्कुल नहीं था, जैसा परीक्षार्थियों ने सोचा था या जैसा 3 मई वाले रेगुलर सेशन में आया था. परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिक्स्ड रिएक्शन थे. 3 मई के पेपर में एनसीईआरटी से डायरेक्ट सवाल थे, वहीं री-टेस्ट ने सब्र, स्पीड और कॉन्सेप्ट्स की गहराई का इम्तिहान लिया.

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) के नेशनल एकेडमिक डायरेक्टर (मेडिकल) नबीन कार्की के मुताबिक, नीट यूजी री-नीट परीक्षा ने कॉम्पिटिशन का मोमेंटम बदल दिया है. इसे ‘मॉडरेट से डिफिकल्ट’ यानी मध्यम से कठिन श्रेणी में रखा जाएगा. पेपर में रटने से ज्यादा एनालिसिस और कैलकुलेशन पर फोकस किया गया. इस फेरबदल का असर नीट यूजी रिजल्ट पर पड़ेगा. एक्सपर्ट का दावा है कि मुश्किल सवालों की वजह से ऑल इंडिया कोटा का कट-ऑफ पिछले अनुमानों के मुकाबले काफी नीचे खिसक सकता है.

Re-NEET 2026 Analysis: 3 मई से कहीं ज्यादा भारी रहा यह सफर

नबीन कार्की (AESL) के अनुसार, 21 जून को हुआ री-नीट का पेपर 3 मई को हुए शुरुआती सेशन के मुकाबले काफी कठिन और थका देने वाला था. जहां पिछला पेपर सीधा और आसान था, वहीं इस पेपर ने छात्रों के कॉन्सेप्ट्स को गहराई से खंगाला.

फिजिक्स: सबसे लंबा और पसीने छुड़ाने वाला सेक्शन

पूरे पेपर में फिजिक्स का हिस्सा सबसे ज्यादा कठिन और टाइम-कंज्यूमिंग साबित हुआ. पेपर मैकेनिक्स, इलेक्ट्रोडायनामिक्स, मॉडर्न फिजिक्स और थर्मोडायनामिक्स जैसे कोर टॉपिक्स के इर्द-गिर्द घूमता रहा. एप्लिकेशन-बेस्ड और भारी-भरकम न्यूमेरिकल की वजह से छात्रों पर समय का भारी दबाव बन गया और कई बच्चे पूरा सेक्शन समय पर हल भी नहीं कर पाए.

केमिस्ट्री: सिर्फ याद रखने से बात नहीं बनी

केमिस्ट्री का सेक्शन भी 3 मई के पेपर से काफी अलग और मुश्किल था. फिजिकल केमिस्ट्री में काफी लंबे और पेचीदा कैलकुलेशंस थे, जिसमें कई कॉन्सेप्ट्स एक साथ मिक्स थे. वहीं, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में सीधे सवाल पूछने के बजाय रिएक्शन मैकेनिज्म की गहरी समझ की परीक्षा ली गई. जिसने गहराई से नहीं पढ़ा था, उसे ऑप्शंस ने खूब कन्फ्यूज किया.

बायोलॉजी: आसान रही राह, पर जूलॉजी में रहा थोड़ा पेंच

बायोलॉजी का सेक्शन हमेशा की तरह सबसे बड़ा सहारा और सबसे ज्यादा स्कोरिंग जोन रहा. पेपर कोर एनसीईआरटी सिलेबस से मैच कर रहा था. इसमें जेनेटिक्स, फिजियोलॉजी, रिप्रोडक्शन और इकोलॉजी जैसे चैप्टर्स का दबदबा रहा. हालांकि, जूलॉजी के कुछ ऑप्शंस काफी घुमावदार और विवादास्पद थे, जहां एक से ज्यादा सही विकल्प होने की वजह से छात्रों में कन्फ्यूजन दिखा.

नीट यूजी एक्सपेक्टेड कट-ऑफ: 600 के नीचे जाने के आसार

नीट यूजी के मुश्किल पेपर, लंबे कैलकुलेशन और सवालों के कन्फ्यूजन का सबसे बड़ा असर कट-ऑफ पर दिखेगा. एक्सपर्ट नबीन कार्की का अनुमान है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों के लिए ऑल इंडिया कोटा (AIQ) जनरल कैटेगरी का कट-ऑफ इस बार नीचे गिरेगा और यह 590 से 600 मार्क्स के बीच सेटल हो सकता है.

डॉक्टर बनने के लिए कांसेप्ट ही किंग है

री-नीट परीक्षा ने साबित कर दिया है कि अगर आपको टॉप रैंक चाहिए तो सिर्फ रट्टा मारने से काम नहीं चलेगा. बायोलॉजी में रटकर नंबर लाए जा सकते हैं, लेकिन सरकारी कॉलेज की सीट पक्की करने के लिए फिजिक्स और केमिस्ट्री में न्यूमेरिकल सॉल्व करने का स्टैमिना और कॉन्सेप्ट्स का क्लियर होना ही असली गेम-चेंजर साबित होता है.



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विधिज्ञ संघ सुपौल के अध्यक्ष निर्वाचित हुए नागेंद्र नारायण ठाकुर: सुधीर झा बने सचिव, रूद्रप्रताप लाल को 130 मतों से किया पराजित – Supaul News




विधिज्ञ संघ सुपौल के विभिन्न पदों के लिए रविवार को हुए चुनाव का परिणाम शांतिपूर्ण मतदान और मतगणना के बाद घोषित कर दिया गया। मतदान समाप्त होने के करीब एक घंटे बाद मतगणना शुरू हुई, जिसमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की गई। अध्यक्ष पद पर नागेंद्र नारायण ठाकुर ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें कुल 389 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नारायण कामत को 123 मत मिले। इस तरह ठाकुर ने 266 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। तीसरे प्रत्याशी शिव प्रसाद साहू उर्फ बमबम बाबू को 77 मत मिले, जबकि एक मत अवैध घोषित किया गया। सुधीर झा ने 361 मत किए प्राप्त सचिव पद के चुनाव में सुधीर झा ने 361 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रूद्रप्रताप लाल को 130 मतों से पराजित किया। रूद्रप्रताप लाल को 231 मत मिले, जबकि तीसरे प्रत्याशी विनोदकांत झा को 32 मत प्राप्त हुए। कोषाध्यक्ष पद पर कमल नारायण यादव ने 352 मत हासिल कर विजय प्राप्त की। उनके प्रतिद्वंद्वी शंकर कुमार को 163 मत मिले। उपाध्यक्ष के तीन पदों में से एक पर कविता कुमारी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थीं। शेष दो पदों पर अनिल कुमार वर्मा ने 234 तथा राजेंद्र मंडल ने 185 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। महिला आरक्षित सीट से अंजना कुमारी निर्विरोध संयुक्त सचिव के तीन पदों में महिला आरक्षित सीट से अंजना कुमारी निर्विरोध चुनी गईं। अन्य दो पदों पर पीयूष पारिजात ने 214 और धर्मेंद्र कामत ने 179 मत प्राप्त कर विजय हासिल की। सहायक सचिव के तीन पदों में महिला कोटे से शक्ति कुमारी सारिका निर्विरोध निर्वाचित हुईं। शेष दो पदों पर रमेश कुमार ने 214 तथा किशोर कुमार झा ने 200 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। कार्यकारिणी सदस्य के पांच पदों पर पवन कुमार भारती, भवेश कुमार यादव, अशोक कुमार, ललन कुमार और सुरेंद्र कुमार श्यामल निर्वाचित घोषित किए गए। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा।



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थरूर बोले- जम्मू-कश्मीर की स्थिति में सुधार: वहां मुझे पॉजिटिव महसूस हुआ; कांग्रेस में नाराजगी, कहा- लोगों से मिलकर जमीनी हकीकत समझते


नई दिल्ली8 मिनट पहले

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थरूर 20 जून को श्रीनगर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए और श्रीनगर में पर्यटन को बढ़ावा देने की वकालत की।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने बयान के कारण एक बार फिर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, थरूर ने 21 जून को श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की।

इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- हमने जम्मू-कश्मीर की स्थिति और हालात में आ रहे सुधार पर बात की। चुनौतियां अभी भी हैं, लेकिन इस दौरे के बाद मुझे पहले से ज्यादा पॉजिटिव महसूस हुआ।

थरूर के इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस के भीतर ही विरोध शुरू हो गया। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि थरूर को कश्मीर के लोगों से भी मिलना चाहिए था, ताकि वे जमीनी हालात को बेहतर तरीके से समझ पाते।

विशेष दर्जा खत्म करने का विरोध करती रही है कांग्रेस

थरूर का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य नहीं कर पाने का आरोप लगाती रही है। साथ ही पार्टी विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का विरोध करती आई है।

वहीं भाजपा ने थरूर के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने कहा कि आर्टिकल 370 हटने के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं लगभग खत्म हो गई हैं और सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 18 महीनों में कोई भी कश्मीरी युवा आतंकवादी संगठनों में शामिल नहीं हुआ है।

थरूर बोले- कश्मीर में पर्यटन की अपार संभावनाएं

थरूर 20 जून को श्रीनगर नालंदा डायलॉग नाम के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने X पर तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि यहां पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक विकास की बड़ी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि पहलगाम त्रासदी के एक साल बाद अब कश्मीर में पर्यटन को फिर से रफ्तार देने का समय आ गया है। यह न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है, बल्कि लोगों को कश्मीर को करीब से समझने का मौका भी देता है।

19 जून: थरूर ने G7 समिट में पीएम के बयान की तारीफ की थी

थरूर ने दो दिन पहले न्यूज एजेंसी PTI को दिए एक इंटरव्यू में पीएम मोदी की तारीफ की थी। कांग्रेस सांसद ने ट्रम्प के सामने भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाने और ‘ट्रस्ट डेफिसिट’ वाले बयान पर पीएम का समर्थन किया।

कांग्रेस सांसद ने कहा- यह मैसेज देना जरूरी है कि युद्ध के समय, कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले आम नागरिकों और नाविकों को लड़ाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। वे सैनिक नहीं होते, और यही संदेश पीएम मोदी ने दिया।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने थरूर पर तंज कसते हुए कहा था कि थरूर जी को न जाने कैसे जोरदार बातें, कड़ा विरोध और बिना समझौता किए की गई कूटनीति सुनाई दी, जो आधिकारिक रिकॉर्ड में कभी आई ही नहीं।

इस पर थरूर ने जवाब देते हुए कहा- मैंने पीएम की टिप्पणियों से जुड़ी प्रकाशित रिपोर्टों का जिक्र किया था। मैं जो पढ़ता हूं, उसे याद रखता हूं। मुझ पर कभी किसी बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप नहीं लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

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थरूर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

अय्यर के लेटर का थरूर ने दिया जवाब:कहा- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत; अय्यर ने लिखा था- क्या आप मोदी की कृपा चाहते हैं

कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर ने अपने ओपन लेटर में शशि थरूर के विदेश नीति संबंधी रुख की आलोचना की। उन्होंने थरूर पर भारत के पारंपरिक नैतिक रुख को कमजोर करने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या वे पीएम मोदी की कृपा पाने की कोशिश कर रहे हैं। थरूर ने जवाबी ओपन लेटर में कहा कि विदेश नीति पर मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इससे किसी की नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना उचित नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

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‘कॉकटेल 2’ ने ‘देवा’ का तोड़ा रिकॉर्ड, ‘मां इंती बंगारम’ ने बॉक्स ऑफिस पर भरी हुंकार


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शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार पकड़ ली है. मिक्स रिव्यूज के बावजूद वीकेंड पर दर्शकों की भारी भीड़ जुटी, जिससे फिल्म ने शाहिद की ही पिछली फिल्म ‘देवा’ के लाइफटाइम कलेक्शन को महज तीन दिनों में धूल चटा दी. वहीं दूसरी ओर, तीन साल बाद बड़े पर्दे पर लौटीं सामंथा रुथ प्रभु की एक्शन फैमिली ड्रामा ‘मां इंती बंगारम’ को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. इस तेलुगु फिल्म की कमाई में रविवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला.

नई दिल्ली. रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘कॉकटेल 2’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर कब्जा कर लिया है. रविवार को इस मूवी ने फिर से डबल डिजिट में कमाई की है और अब इसका भारत में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 50 करोड़ के करीब पहुंच चुका है. वहीं, सामंथा रुथ प्रभु की ‘मां इंति बंगारम’ की कमाई में भी तीसरे दिन जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. अब आपको बताते हैं कि दोनों फिल्में तीन दिनों में कितना बिजनेस कर चुकी हैं.

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शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन की रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘कॉकटेल 2’ का दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज है. बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में यह फिल्म लगातार आगे बढ़ रही है. शानदार ओपनिंग के बाद वीकेंड पर फिल्म की कमाई में लगातार उछाल देखने को मिला है.

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ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ‘कॉकटेल 2’ ने अपनी रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को करीब 17.75 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है. फिल्म ने ओपनिंग डे पर 13.50 करोड़ का बिजनेस किया था. दूसरे दिन की कमाई 16.25 करोड़ रही, जिसके मुकाबले रविवार के नंबर्स में अच्छी ग्रोथ देखी गई है. इस तरह फिल्म का भारत में कुल कलेक्शन लगभग 47.50 करोड़ और कुल ग्रोस कलेक्शन 57 करोड़ तक पहुंच गया है.

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इस शानदार कमाई के साथ ‘कॉकटेल 2’ ने शाहिद कपूर की ही साल 2025 में आई फिल्म ‘देवा’ के लाइफटाइम कलेक्शन 34.37 करोड़ को महज तीन दिनों में ही पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, फिल्म अभी सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण स्टारर पहली ‘कॉकटेल’ (2012) के लाइफटाइम कलेक्शन 71 करोड़ को पार करने से थोड़ी दूर है, लेकिन जिस रफ्तार से यह आगे बढ़ रही है, वो दिन भी दूर नहीं है.

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इस फिल्म की कहानी कुणाल (शाहिद कपूर) और दीया (रश्मिका मंदाना) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कॉलेज के दिनों से एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं. प्यार तो गहरा है, लेकिन दोनों ही शादी जैसी व्यवस्था या बंधन पर पूरा भरोसा नहीं कर पाते. कहानी में मोड़ तब आता है जब वे सिसली में छुट्टियां मना रहे होते हैं और वहां उनकी मुलाकात दीया की दोस्त एली (कृति सेनन) से होती है. एली के कहने पर वे अपना प्लान बदलते हैं और उसके साथ ट्रिप पर निकल पड़ते हैं. लेकिन फिर प्यार में वफादारी का असली इम्तिहान शुरू होता है.

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दूसरी तरफ, सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म ‘मां इंती बंगारम’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में दमदार प्रदर्शन किया है. इस एक्शन फैमिली ड्रामा फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. शुक्रवार और शनिवार के बाद रविवार को फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिसके साथ ही फिल्म का तीन दिनों में भारत में नेट कलेक्शन 20 करोड़ के पार चला गया है.

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सामंथा ने पूरे तीन साल के लंबे ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है. बीवी नंदिनी रेड्डी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को तेलुगु राज्यों में शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. सैकनिल्क’ के मुताबिक, सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म ने रविवार को बॉक्स ऑफिस पर शानदार छलांग लगाई. शनिवार को जहां फिल्म का कलेक्शन 7.65 करोड़ था, वहीं रविवार को 32 फीसदी की बढ़ोतरी के फिल्म ने 10.10 करोड़ रुपये का बिजनेस किया.

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थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ भी शनिवार के 44.6 फीसदी से बढ़कर रविवार को सीधे 52.4 फीसदी तक पहुंच गई. करीब 2965 शोज के बीच सामंथा रुथ प्रभु की एक्शन फिल्म ‘मां इंति बंगारम’ ने भारत में अब तक टोटल 23.10 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है. वहीं, इस फिल्म का टोटल ग्रोस कलेक्शन 26.69 करोड़ रुपये हो चुका है.

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अलवर में तेज हवा के साथ बारिश: 37 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान, अगले 3 दिन तक बरसात का अलर्ट – Alwar News




अलवर जिले में सोमवार सुबह मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। तड़के करीब 5 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। फिलहाल जिलेभर में घने बादल छाए हुए हैं। इससे पहले रविवार को भी सुबह से दोपहर करीब 12 बजे तक शहर और जिले के कई हिस्सों में बादल छाए रहे थे। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी होने से तेज गर्मी का असर कम रहा। हालांकि, दोपहर बाद धूप निकलने और हवा की रफ्तार कम होने से उमस बढ़ गई, जिससे लोग पसीने से तरबतर नजर आए। रविवार को अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं सोमवार को इसके 36 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 दिन तक जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है। पिछले दिनों हुई बारिश का असर अरावली पर्वतमाला के आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। बारिश के बाद पेड़-पौधों में हरियाली लौटने लगी है, जिससे पहाड़ों की सुंदरता और बढ़ गई है।



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भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग: महेश्वर से घर जा रहा था परिवार; पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद – Indore News




इंदौर में रविवार रात आगजनी की दो अलग-अलग घटनाओं हुई। एक ओर भेरूघाट पर चलती कार में आग लग गई, वहीं शहर के झंडा चौक क्षेत्र में दो दुकानों में भी आग भड़क उठी। दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग भेरूघाट स्थित भगवती ढाबे के पास रविवार रात कार क्रमांक MP13CE3547 में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार कार की बैटरी से धुआं निकलने के बाद आग भड़क गई और कुछ ही देर में वाहन आग की चपेट में आ गया। सूचना मिलने पर मानपुर और सिमरोल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बताया गया है कि उज्जैन निवासी एक परिवार महेश्वर घूमकर लौट रहा था। हादसे के समय कार में छह वयस्क और दो बच्चे सवार थे। सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद घटना की सूचना मिलते ही एफआरवी के जवान और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। परिवार को सुरक्षित दूसरी गाड़ी से उज्जैन रवाना किया गया। आग लगने के कारण घाट क्षेत्र में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई थी। आग बुझने और वाहन हटाने के बाद यातायात सामान्य कराया गया। झंडा चौक में दो दुकानों में आग वहीं, शहर के जवाहर मार्ग स्थित रानीपुरा के पास झंडा चौक क्षेत्र में रविवार रात दो दुकानों में आग लग गई। स्थानीय लोगों के अनुसार कचरा जलाने के दौरान आग फैलकर दुकानों तक पहुंच गई। आग से मोहम्मद इख्तियार की स्क्रैप दुकान और पास स्थित मोहम्मद याकूब की दुकान प्रभावित हुई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड के अनुसार आग बुझाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।



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क्या फिर से लीक हो गया NEET-UG का पेपर! वायरल हो रहा वीडियो, NTA ने जारी किया बयान


नीट-यूजी की दोबारा से परीक्षा का आयोजन 21 जून (रविवार) को किया गया। इस परीक्षा में 20 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस वीडियो की सामग्री को फर्जी बताया, जिसमें दावा किया गया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET)-स्नातक (UG) 2026 का पेपर लीक हो गया था। 

वायरल हुआ ये वीडियो

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मोहम्मद नौमान नाम के यूजर ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के साथ एक्स यूजर ने लिखा, ‘कृपया इंटरनेट पर मिले इस वीडियो के बारे में ठीक से जानकारी दें। इसकी जांच करें और अधिकृत जानकारी दें। इससे टेलीग्राम पर बैन को लेकर कई सवाल उठते हैं। क्या फिर से कुछ गड़बड़ हुई है? या यह सिर्फ एहतियात के तौर पर किया गया था? साफ जानकारी मिलने से ही कुछ मदद मिलेगी।’

वीडियो में किया गया दावा है फर्जी

NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान में कहा कि परीक्षा व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बयान में कहा गया, ‘एनटीए का ध्यान सोशल मीडिया पर नीट-यूजी 2026 के बारे में फैलाए जा रहे एक मनगढ़ंत वीडियो की ओर दिलाया गया है। वीडियो में किया गया दावा फर्जी है।’ 

भ्रामक जानकारी प्रसारित करना गंभीर अपराध-NTA

एजेंसी ने कहा कि छात्रों को धोखा देने या उनमें भय पैदा करने के लिए इस तरह की भ्रामक जानकारी तैयार करना और उसे जानबूझकर प्रसारित करना एक ‘गंभीर अपराध’ है। एनटीए, आई4सी और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की मदद से इस सामग्री को शुरू करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।’ 

NTA ने छात्रों और अभिभावकों से की खास अपील

इसके साथ ही एनटीए ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से अपील की कि वे जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और एजेंसी के सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें और ऐसी सामग्री को आगे न बढ़ाएं। 

20 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा

बता दें कि रविवार को 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने नीट की पुनर्परीक्षा दी। इससे पहले, पेपर लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द कर दी गई थी। पेपर लीक के बाद आलोचना झेल रही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि एक ‘समग्र-सरकारी’ दृष्टिकोण ने इस बड़े कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा कराने में मदद की।

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पाकिस्‍तानी सबमरीन का बाप, बंगाल की खाड़ी से हिन्‍द महासागर तक जलवा


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INS Agray Warship: भारत अपनी सामरिक ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. एक तरफ मॉडर्न फाइटर जेट खरीदा जा रहा है तो दूसरी तरफ देसी स्‍तर पर अत्‍याधुनिक लड़ाकू विमान डेवलप करने की प्रक्रिया चल रही है. आर्मी को मॉडर्न वॉरफेयर के लिहाज से तैयार किया जा रहा है. सेना के तीसरे अंग नेवी को भी नई टेक्‍नोलॉजी से अपडेट और अपग्रेड क‍िया जा रहा है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को तीन वॉरशिप को औपचारिक तौर पर नौसेना के हवाले किया. इनमें से INS अग्रय भी एक है.

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INS अग्रय को 21 जून 2026 को इंडियन नेवी को सौंपा गया. यह एक एंटी-सबमरीन वॉरशिप है. (पीएम मोदी के फेसबुक अकाउंट से साभार)

INS Agray Warship: इंडियन नेवी की ताकत दिन दूनी रात चौगनी बढ़ रही है. समंदर में भारत की ताकत को बढ़ाने की रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को विभिन्‍न विशेषताओं से लैस 3 वॉरशिप को भारतीय नौसेना के हवाले किया. तीनों युद्धपोत का जलावतरण यानी कमिशनिंग बंगाल की खाड़ी में किया गया. सामरिक तौर पर यह अपने आप में बेहद अहम है. कुछ दिनों पहले ही पाकिस्‍तान ने चीन निर्मित हंगोर क्‍लास की पनडुब्‍बी को अपने बेड़े में शामिल किया है. इस्‍लामाबाद ने इसके साथ ही 1971 के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाने की इच्‍छा भी जाहिर की है. स्‍ट्रैटजिक और सिक्‍योरिटी के लिहाज से पाकिस्‍तान का यह फैसला भारत के लिए बेहद संवेदनशी है. उसके कुछ दिनों बाद ही भारत ने बंगाल की खाड़ी में 3 युद्धपोत उतार दिए. इनमें से एक कॉम्‍बैट शिप और एक सर्वे शिप है. वहीं, तीसरा युद्धपोत अपने आप में बेहद खास है. थर्ड वॉरशिप यानी INS अग्रय एंटी-सबमरीन क्षमताओं से लैस है. INS अग्रय को पनडुब्बियों का काल माना जाता है. यह स्‍वालो वॉटर यानी समंदर के उथले क्षेत्रों में सबमरीन को ढूंढ कर उसे तबाह करने में सक्षम है. INS अग्रय शिकारी तरह पनडुब्‍बी को खोज कर उसे निष्क्रिय कर सकता है.

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के लिए तीन महत्वपूर्ण युद्धपोतों (INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय) को राष्ट्र को समर्पित किया. इस अवसर पर नौसेना अधिकारियों ने इन पोतों की एडवांस कॉम्‍बैट कैपेबिलिटी, स्वदेशी तकनीकों और समुद्री सुरक्षा में उनकी रणनीतिक भूमिका पर विस्तार से बताया. इन तीनों पोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता और समुद्री क्षेत्र में सामरिक बढ़त और मजबूत होने की उम्मीद है. नौसेना अधिकारियों के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म केवल आधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस नहीं हैं, बल्कि इनमें बड़ी संख्या में स्वदेशी सिस्‍टम्‍स का इस्तेमाल किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में एक अहम कदम है.

INS अग्रय क्‍यों खास

इनमें INS अग्रय को विशेष रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए तैयार किया गया है. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सुनील मलपोत्रा ने कहा कि आकार में अपेक्षाकृत छोटा दिखने वाला यह पोत अपनी युद्धक क्षमता के लिहाज से बेहद शक्तिशाली है. उन्होंने कहा कि जहाज को उसके आकार से नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि इसमें अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों का घना संयोजन किया गया है. कमांडर मलपोत्रा ने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि इस जहाज के आकार को देखकर इसकी क्षमता का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए. यह छोटा जरूर दिखता है, लेकिन इसमें बड़ी मात्रा में हथियार और सेंसर लगे हैं. इसमें दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और निशाना बनाने की सभी जरूरी क्षमताएं मौजूद हैं.’ उन्होंने कहा कि समुद्र की सतह पर उभरते खतरों से निपटने के लिए भी जहाज को पर्याप्त क्षमता के साथ तैयार किया गया है.

पाकिस्‍तान ने हाल में चीन से हंगोर क्‍लास की पनडुब्‍बी खरीदी है. INS अग्रय को उसका जवाब माना जा रहा है. (फाइल फोटो/PTI)

सबमरीन को ऐसे तबाह करेगा INS अग्रय

कमांडर मलपोत्रा ने बताया कि INS अग्रय में पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित सोनार सूट, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो ट्यूब और डिकॉय सिस्टम लगाए गए हैं. यह डिकॉय सिस्टम दुश्मन की ओर से दागे गए टॉरपीडो को भटकाने में मदद करता है, जिससे युद्धपोत की सुरक्षा क्षमता बढ़ जाती है. अधिकारियों के मुताबिक, यह पोत तटीय और उथले समुद्री क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा. INS दुनागिरी और INS संशोधक भी भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे. दुनागिरी एक एडवांस युद्धपोत के रूप में नौसेना की युद्धक क्षमता को सुदृढ़ करेगा, जबकि संशोधक अत्याधुनिक सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक क्षमताओं से समुद्री मानचित्रण, नौवहन सुरक्षा और सामरिक समुद्री सूचनाओं के संकलन में योगदान देगा.

हिन्‍द महासागर में भी बढ़ेगी ताकत

नौसेना अधिकारियों ने कहा कि इन तीनों पोतों का एक साथ शामिल होना केवल बेड़े की संख्या बढ़ाने भर का मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारी, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री उपस्थिति को नई मजबूती देने वाला कदम है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया जाना भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति और रक्षा आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



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