Kadhi Bhajiya Recipe: टामिन बाई ने लोकल 18 से कहा कि उन्होंने कढ़ी भजिया की यह खास रेसिपी अपनी माताजी से सीखी थी और तभी से इसे बनाती आ रही हैं. यह डिश रोटी के साथ भी खाई जा सकती है लेकिन चावल के साथ इसका स्वाद और भी हो जाता है.
बालोद. छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खानपान संस्कृति में कई ऐसे व्यंजन शामिल हैं, जो आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं. इन्हीं में से एक है छत्तीसगढ़ी कढ़ी भजिया, जिसका स्वाद गांव से लेकर शहर तक लोगों को खूब पसंद आता है. खासकर गर्मी के मौसम में यह सब्जी लोगों की थाली में विशेष जगह बनाती है. स्थानीय स्वाद और घरेलू मसालों से तैयार होने वाली यह डिश न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि पाचन के लिहाज से भी हल्की मानी जाती है. इसी पारंपरिक रेसिपी को वर्षों से जीवित रखे हुए हैं बालोद की टामिन बाई पटेल, जो पिछले 20 वर्षों से इस खास व्यंजन को बनाती आ रही हैं.
टामिन बाई पटेल लोकल 18 को बताती हैं कि छत्तीसगढ़ी कढ़ी भजिया बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है लेकिन सही स्वाद के लिए पारंपरिक तरीका अपनाना जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि सबसे पहले बेसन से भजिया तैयार की जाती है. इसके बाद कड़ाही में तेल गर्म कर उसमें जीरा, सरसों और मीठा नीम पत्ता डालकर तड़का लगाया जाता है. यही तड़का इस सब्जी के स्वाद को खास बनाता है.
मसाला तैयार होने के बाद मिलाएं दही उन्होंने बताया कि इसके बाद मसाले के रूप में पिसा हुआ टमाटर, लहसुन का पेस्ट, हल्दी, मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालकर अच्छे से पकाया जाता है. जब मसाला अच्छी तरह तैयार हो जाता है, तब उसमें दही मिलाया जाता है. दही डालने के बाद मिश्रण को उबाल आने तक पकाया जाता है. उबाल आने के बाद पहले से तैयार भजिया इसमें डाल दी जाती है और करीब 10 मिनट तक धीमी आंच में पकने दिया जाता है. इसके बाद स्वादिष्ट और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी कढ़ी भजिया तैयार हो जाती है.
माताजी से सीखी थी रेसिपी टामिन बाई ने आगे बताया कि उन्होंने यह खास रेसिपी अपनी माताजी से सीखी थी और तभी से इसे बनाती आ रही हैं. उनके अनुसार यह व्यंजन रोटी के साथ भी खाया जा सकता है लेकिन चावल के साथ इसका स्वाद और भी बेहतर लगता है. गर्मी के दिनों में छत्तीसगढ़ में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है और लोग इसे बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं. यह व्यंजन आज भी प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को जीवित रखने का काम कर रहा है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
NEET 2026 LIVE | NEET Re Exam 2026 Update; Delhi Mumbai Jaipur Bhopal NTA Exam Centres Photos
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ59 मिनट पहले
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एग्जाम से एक दिन पहले शनिवार को देशभर में मॉकड्रिल की। एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से पेपर सेंटर्स तक पहुंच गए।
देश भर में आज NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा होगी। इसमें 22.79 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल होंगे। पेन-पेपर मोड में हो रही परीक्षा के लिए 564 शहरों में 5400 से ज्यादा एग्जाम सेंटर्स बनाए गए हैं। इनमें भारत के 551 और विदेश के 12 शहर हैं।
NTA के मुताबिक, पूरे देश के एग्जाम सेंटरों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। पेपर लीक रोकने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया है।
एयरफोर्स ने 200 से ज्यादा उड़ानें भरकर NEET-UG के क्वेश्चन पेपर देशभर के अलग-अलग जोन तक पहुंचाए हैं। NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है।
री-एग्जाम में स्टूडेंट्स को 15 मिनट ज्यादा मिलेंगे
NTA ने NEET-UG री-एग्जाम के नियमों में बदलाव किए हैं। परीक्षा का समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक (3 घंटे 15 मिनट) तक चलेगी। PwD और PwBD कैटेगरी के स्टूडेंट्स को अतिरिक्त समय देते हुए शाम 6:20 बजे तक एग्जाम लिखने की अनुमति होगी।
दिल्ली में फ्री ORS मिलेगा, एमपी में स्पेशल ट्रेनें चलेंगी
दिल्ली: राजधानी में 97 सेंटर हैं। छात्र को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा आने और जाने के लिए मिलेगी। सेंटर्स के बाहर छात्रों के माता-पिता के लिए कूलिंग जोन बनाए जाएंगे, जहां ORS ड्रिंक्स, पीने का पानी और नींबू पानी मिलेगा।
राजस्थान: राज्य में 25 जिलों के करीब 611 केंद्रों पर एग्जाम होगी। सभी केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरे, सिग्नल जैमर और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। SOG और इंटेलिजेंस एजेंसियां भी परीक्षा पर नजर रखेंगी। परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
मध्य प्रदेश: राज्य के 30 शहरों में एग्जाम होंगे। रेलवे 20-21 जून को इंदौर, भोपाल और रतलाम को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।
तमिलनाडु: राज्य में 1.4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। 31 जिलों में 307 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। चेन्नई में सबसे अधिक 43 केंद्र हैं।
तेलंगाना: स्टूडेंट्स राज्य सरकार की RTC बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना NEET हॉल टिकट दिखाना होगा।
महाराष्ट्र: मुंबई में सभी 1,820 लोकल ट्रेनें अपने पूरे शेड्यूल के साथ चलेंगी। सेंट्रल रेलवे के किसी भी रूट पर कोई मेगा ब्लॉक नहीं होगा।
उत्तराखंड: देहरादून में परीक्षा के लिए बनाए गए 16 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में BNSS की धारा 163 लागू की गई है। परीक्षा खत्म होने तक पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक रहेगी।
दिल्ली में शनिवार को सेंटर्स के बाहर अधिकारियों ने मॉक ड्रिल का जायजा लिया।
NTA की छात्रों से अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें
NEET-UG री-एग्जाम से पहले NTA ने छात्रों से शांत रहने और अपनी तैयारी पर भरोसा रखने की अपील की है। एजेंसी ने पेरेंट्स, शिक्षक और आम लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। छात्रों को तनावमुक्त रखने में मदद करें। NTA ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों और गड़बड़ियों को रोका जा सके।
घर से निकलने के पहले इन बातों का ध्यान रखें
NTA के मुताबिक अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट और केला, सेब या संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
एक्सपर्ट को भी नहीं पता था, किस परीक्षा के लिए सवाल बना रहे हैं
NTA ने प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए नया सिस्टम बनाया। इसके तहत सवाल बनाने वाले एक्सपर्ट्स को भी यह जानकारी नहीं दी गई कि उनके तैयार किए गए प्रश्न किस परीक्षा में इस्तेमाल होने हैं।
इन प्रश्नों को करीब 10 हजार सवालों वाले एक डिजिटल क्वेश्चन बैंक में रखा गया। बाद में तकनीक की मदद से इन्हीं सवालों में से अलग-अलग परीक्षाओं के लिए फाइनल क्वेश्चन पेपर तैयार किए गए।
3 मई को परीक्षा हुई, 9 दिन बाद रद्द
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया।
12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
8 साल पहले बनी थी NTA, कई बार विवादों में रही
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देश की प्रमुख एंट्रेंस और एलिजिबिलिटी टेस्ट कराने वाली केंद्र सरकार की स्वतंत्र संस्था है। मुख्यालय दिल्ली में है। हर साल NEET-UG, JEE Main, CUET-UG/PG, UGC-NET, CSIR-UGC NET, AISSEE, NCET समेत 10 से अधिक नेशनल लेवल के एग्जाम कराती है।
NEET-UG 2024: पेपर लीक और कुछ छात्रों को अतिरिक्त अंक (ग्रेस मार्क्स) मिलने पर विवाद।
UGC-NET 2024: परीक्षा के बाद गड़बड़ी की आशंका के चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
CSIR-UGC NET 2024: परीक्षा तय समय पर नहीं हो सकी और उसे टालना पड़ा।
CUET-UG 2024: कई परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था, तकनीकी समस्याओं और देरी की शिकायतें मिलीं।
JEE Main 2024: कुछ वर्षों में उत्तर कुंजी और परीक्षा प्रबंधन को लेकर छात्रों ने सवाल उठाए।
NEET पेपर लीक केस सुप्रीम कोर्ट में, अब तक 2 सुनवाई
NEET पेपर लीक केस सुप्रीम कोर्ट में है। अब तक दो सुनवाई हो चुकी हैं। पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच सुनवाई कर रही है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA), यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) और अन्य याचिकाओं पर पहली सुनवाई 25 मई और दूसरी सुनवाई 29 मई को हुई थी।
25 मई: सुप्रीम कोर्ट बोला- NTA ने सबक नहीं लिया
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को फटकार लगाते हुए कहा- दुखद है कि NTA ने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया। यह मामला 2024 में भी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई सिफारिशें दीं, जिन्हें स्वीकार भी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सिफारिशों को NTA से जवाब मांगा था। पूरी खबर पढ़ें…
29 मई: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- NTA को UPSC से सीखने की जरूरत
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG पेपर लीक मामले पर कहा था जवाबदेही तय होने तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। कोर्ट में मौजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सवाल किया कि UPSC तो आपसे बड़े पैमाने पर परीक्षा करवाता है, वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ। NTA को उनसे सीखने की जरूरत है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET पेपरलीक की जांच पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई चूक न हो। पूरी खबर पढ़ें…
NEET पेपर लीक के विरोध में देश के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। दावा है कि पेपर लीक के बाद से 14 छात्र सुसाइड कर चुके हैं।
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देशभर में NEET-UG री-एग्जाम से एक दिन पहले एग्जाम सेंटर के अलॉटमेंट में गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। नागपुर के एक छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब ने अबू धाबी (UAE) स्थित एक भारतीय स्कूल में सेंटर मिलने की शिकायत की। पूरी खबर पढ़ें…
फिल्में जब शूट की जाती है, तो सबसे पहले जहन में रखी जाती है लोकशन. तमाशा जैसी फिल्म भले ही फ्लॉप हो, लेकिन उसकी शूटिंग लोकेशंस की वजह से वो फिल्म आज भी याद की जाती है. इसी तरह बॉलीवुड की 8 फिल्में हैं, जो एक ही लोकेशंस पर शूट की गई है. वो है बंगाल. इनमें अमिताभ बच्चन और माधुरी दीक्षित जैसी एक्ट्रेसेस की फिल्में शामिल हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर अलग-अलग शहरों और राज्यों की संस्कृति को दिखाया जाता है. ठीक इसी तरह बॉलीवुड की 8 फिल्मों में बंगाल की संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, खूबसूरत गलियां, साहित्यिक माहौल दिखाया गया है. जैसे विद्या बालन की फिल्म कहानी में दुर्गा पूजा की भव्यता फिल्मकारों ने बड़ी ही खूसबूरती से दिखाई है. साल 2012 में आई इस फिल्म को लोग अब भी भूल नहीं पाए हैं. थ्रिलर फिल्म में कोलकाता सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि कहानी का अहम किरदार के तौर पर दिखाया गया है.
दूसरी है साल 2002 में आई संजय लीला भंसाली की देवदास. फिल्म में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म का लव ट्रांयगल फिल्म की जान साबित हुआ था. मेकर्स ने फिल्म में बंगाल की शान और वैभव को बड़े स्तर पर दिखाए. विशाल हवेलियां, लाल बॉर्डर वाली साड़ियां और दुर्गा पूजा के भव्य सीन देख लोग हैरान थे. माधुरी दीक्षित के ठुमकों ने तो फिल्म को हिट बना दिया था.
फिर आती है, साल 2013 में आई ‘लूटेरा’.फिल्म में रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा लीड रोल में नजर आए थे. ग्रामीण बंगाल की खूबसूरती को मेकर्स ने फिल्म की कहानी में बड़ी खूबसूरती से पिरोया. जमींदारों की हवेलियां, खुले खेत और बंगाल की पारंपरिक संस्कृति सब कुछ फिल्म में देखने लायक है.
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इनमें अमिताभ की साल 2015 में आई ‘पीकू’भी शामिल हैं. फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा दीपिका पादुकोण और इरफान खान भी नजर आए थे. फिल्म में उत्तर कोलकाता की पुरानी इमारतें, संकरी गलियां, बंगाली मिठाइयां और हुगली नदी के घाटों पर ही शूटिंग की गई है. फिल्म में अमिताभ की एक्टिंग के लोग मुरीद हो गए थे.
तीसरी है साल 2012 में आई प्रियंका चोपड़ा की बर्फी! फिल्म में रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा लीड रोल में नजर आए थे. इस फिल्म में बंगाल के दो अलग-अलग रंगों को दिखाया गया है. एक दार्जिलिंग के चाय बागान और टॉय ट्रेन हैं, दूसरी तरफ पुराने कोलकाता की बारिश से भीगी सड़के.
फिर आती है, साल 2013 में आई ‘लूटेरा’.फिल्म में रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा लीड रोल में नजर आए थे. ग्रामीण बंगाल की खूबसूरती को मेकर्स ने फिल्म की कहानी में बड़ी खूबसूरती से पिरोया. जमींदारों की हवेलियां, खुले खेत और बंगाल की पारंपरिक संस्कृति सब कुछ फिल्म में देखने लायक है.
साल 2005 में आई परिणीता में भी बंगाल की खूबसूरती दिखाई गई थी. फिल्म में विद्या बालन और सैफ अली खान की नजर आए थे. फिल्म की कहानी में 60 के दशक का बंगाल जीवंत हो उठता है. बड़े-बड़े आंगन, पारंपरिक बंगाली परिवार,फिल्म की लोकेशंस आजतक लोग भूल नहीं पाए हैं.
साल 2004 में आई युवा को तो लोग आज तक भुला नहीं पाए हैं. मणिरत्नम की इस फिल्म में कोलकाता का युवा और राजनीतिक रूप देखने को मिलता है. हावड़ा ब्रिज, मैदान और विक्टोरिया मेमोरियल जैसे प्रतिष्ठित स्थानों को खूबसूरती से फिल्माया गया है.
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भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की लापरवाही से लोगों की समस्या और बढ़ गई है। रमदत्तपुर के लगभग 300 घरों के लोगों के यहां वोल्टेज इतना कम हो गया कि पंखा तक नहीं चल रहा था। लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। भीषण गर्मी से परेशान लोगों का सब्र टूट गया और उन्होंने सूरजकुंड उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा किया। कल्याणपुर वार्ड के पार्षद शिवेंद्र मिश्र भी मौके पर पहुंच गए और बिजली निगम के अधिकारियों से वार्ता की। रात 1 बजे के बाद वोल्टेज को ठीक किया गया। लोड कम करने के लिए ट्रांसफार्मर से जुड़ी रोड लाइटों को बंद कर दिया गया।
रमदत्तपुर में शुक्रवार को ही ट्रांसफार्मर का ऑयल लीक होने के कारण बिजली कट गई थी। लगभग 5 घंटे तक लोग परेशान रहे। रात में कोई सो नहीं पाया। सबके इंवर्टर भी जवाब दे गए थे। इस बात की जानकारी बिजली निगम के अधिकारियों को दी गई। किसी अल्टरनेट ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने की बजाय बिजली निगम ने उस ट्रांसफार्मर का लोड कम करने के लिए इस मोहल्ले के लगभग 300 घरों का लोग अलवापुर के ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट कर दिया। जिससे लोगों के घरों में वोल्टेज काफी कम हो गया। कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरण काम नहीं कर रहा था। लोगों का धैर्य जवाब दे गया गर्मी से परेशान लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों को फोन किया तो रात पर मैनेज करने को कहा गया। उन्होंने अपने पार्षद को फोन किया। पार्षद की ओर से भी कई बार एक्सईएन, जेई व लाइनमैन से बात की गई लेकिन रात में व्यवस्था ठीक करने को लेकर सभी ने हाथ खड़े कर दिए। यह जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित लगभग 150 लोग उपकेंद्र पहुंच गए और नारेबाजी की। बिजली निगम के अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। लोगों ने कहा कि हम समय से बिजली का बिल देते हैं। स्मार्ट मीटर लगाकर बिल बढ़ा दिया, उसे भी देते हैं। आप लोग सर्विस नहीं दे पा रहे हैं। इस बात का बिजली निगम के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।
लोगों ने कहा कि उनके घरों में पानी नहीं है। पीने के पानी की भी समस्या हो रही है। किसी के यहां मोटर तो छोड़िए, पंखा भी नहीं चल पा रहा है। घर के सारे सदस्य जागकर रात बिताने को मजबूर हैं। पार्षद ने बताया कि इसके चलते 3 लोगों के मोटर जल गए। लगभग 25 लोगों के पंखे जल गए। बिजली निगम के अधिकारी कम घरों को प्रभावित बता रहे
पार्षद व स्थानीय लोगों के मुताबिक लगभग 300 घर इससे प्रभावित हुए थे लेकिन बिजली निगम के अधिकारी सप्लाई के आधार पर घरों की संख्या 60 से 70 बता रहे थे। हालांकि हंगामा करने वालों में 150 से अधिक लोग शामिल थे। शहर से बाहर रहे पार्षद भी इस समस्या की सूचना मिलने के बाद उपकेंद्र पहुंच गए। लोगों के प्रदर्शन के बाद अलवापुर ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट किया गया लोड वापस रमदत्तपुर के ट्रांसफार्मर से दिया गया। उसके बाद वोल्टेज देर रात सही हो गया लेकिन लोग काफी देर तक वहां जमा रहे। पार्षद ने अपने सामने लोड शिफ्ट करवाया। लगाया जाएगा अल्टरनेट ट्रांसफार्मर
वार्ता के दौरान बिजली निगम के अधिकारियों ने ट्राली पर अल्टरनेट ट्रांसफार्मर लगाने की जानकारी दी। इसके लिए रविवार का दिन तय किया गया है। उन्होंने पार्षद से जगह मांगी। पार्षद की ओर से कुछ विकल्प दिए गए हैं।
युद्ध की आंच में भी मजबूत रही भारत की अर्थव्यवस्था, PM मोदी की रणनीति का असर
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पश्चिम एशिया में मचे भीषण युद्ध और तेल संकट को देखते हुए भारत सरकार ने देश के भीतर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कड़ा स्टैंड लिया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिमी देशों के भारी राजनयिक दबावों के बावजूद भारत ने अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता दी. भारत ने रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का आयात रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाया, जिससे देश को बड़े आर्थिक नुकसान और महंगाई की मार से समय रहते बचा लिया गया.
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केंद्र सरकार ने व्यापार समझौतों से लेकर रूस से कच्चे तेल तक बड़े फैसले लिए. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान में लगभग सौ से ज्यादा दिनों तक चले युद्ध के बाद समझौता हो गया. भले ही दोनों देशों ने हमले रोक दिए और होर्मुज फिर से ऑपरेशनल हो चुका है, लेकिन 28 फरवरी से लेकर 18 जून तक दुनिया के तमाम देशों को भी इसके प्रभाव का सामना करना पड़ा. इस दौरान भारत ने देश को नुकसान से बचाने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बड़े रणनीतिक कदम उठाए हैं.
युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट की सप्लाई चैन बुरी तरह से प्रभावित हो रही थी. ऐसे में भारत ने अपने व्यापार का तेजी से विविधीकरण किया. व्यापार में विविधीकरण भारत की रणनीति रही है. अमेरिका के साथ तनाव से भरे संबंध और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया. इसके अलावा, फरवरी 2026 में भारत ने अमेरिका के साथ बड़ा व्यापारिक समझौता किया.
फरवरी 2026 में भारत ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) (सऊदी अरब, यूएई, कतर, ओमान, कुवैत, बहरीन) के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ पर हस्ताक्षर किए. पश्चिम एशिया में सप्लाई संकट को देखते हुए भारत ने राजनयिक दबावों के बावजूद अपनी जरूरतों के लिए रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाया.
इसके साथ ही, अमेरिका-ईरान हमलों के दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत के हितों की रक्षा करने और नए गठबंधनों को मजबूत करने के लिए कई देशों का दौरा किया. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने व्यापार और पाम ऑयल की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित की.
हमले की शुरुआत से ठीक पहले पीएम मोदी इजरायल पहुंचे थे. इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने पर चर्चा हुई. हालांकि, इसके बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर भीषण हमला किया.
दोनों पक्षों की तरफ से जारी हमलों के बीच मई 2026 में पीएम मोदी ने एक साथ यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा किया. यूएई के साथ ऊर्जा आपूर्ति, जबकि यूरोपीय देशों (विशेषकर इटली) के साथ ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान के तहत क्रिटिकल मिनरल्स और डिफेंस डील की गईं.
अमेरिका और ईरान में समझौता होने से ठीक पहले पीएम मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया का दौरा किया. नई व्यापारिक साझेदारियों, ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण और संतुलित कूटनीति के जरिए भारत ने यह संकेत दिया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में उसका लक्ष्य केवल नुकसान से बचना नहीं, बल्कि नए अवसरों को साधना भी है.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
बिजली की बढ़ती मांग और ग्रिड पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए जयपुर डिस्कॉम ने एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत वैशाली नगर, मानसरोवर और मालवीय नगर के करीब 2 हजार घरेलू उपभोक्ताओं के एयर कंडीशनर (एसी) में मुफ्त स्मार्ट आईओटी डिवाइस लगाई जा रही है। इस तकनीक के जरिए पीक ऑवर्स में एसी की बिजली खपत को स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जाएगा, जिससे बिजली की बचत के साथ ग्रिड का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।
डिस्कॉम ने यह पायलट प्रोजेक्ट प्रौद्योगिकी कंपनी फ्लॉक एनर्जी के सहयोग से शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार देश में पहली बार किसी विद्युत वितरण निगम की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं के एसी को ऑटोमेटेड डिमांड रिस्पांस (एडीआर) तकनीक से जोड़कर बिजली की मांग को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।
पीक ऑवर्स में कम होगा बिजली तंत्र पर दबाव
गर्मी के मौसम में एसी का उपयोग बढ़ने से बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे ग्रिड और विद्युत तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नई एडीआर तकनीक ऐसे समय में एसी की बिजली खपत को नियंत्रित करेगी। इससे बिजली की मांग संतुलित रहेगी और ग्रिड को ओवरलोड होने से बचाया जा सकेगा।
डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना राजस्थान विद्युत नियामक प्राधिकरण के डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी एवं डिमांड साइड मैनेजमेंट विनियम-2026 के तहत शुरू की गई है। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। ऐसे काम करेगी स्मार्ट आईओटी डिवाइस
एडीआर डिवाइस दो हिस्सों में काम करती है। इसका एक भाग घर के सामान्य बिजली सॉकेट में लगाया जाता है, जबकि दूसरा भाग एसी यूनिट पर लगाया जाता है। यह डिवाइस घर के वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से ग्रिड प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी रहती है।
जब बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचती है, तब यह डिवाइस कमरे के आरामदायक तापमान को बनाए रखते हुए एसी के तापमान में करीब एक डिग्री की बढ़ोतरी कर देती है। इससे उपभोक्ता को किसी बड़े बदलाव का एहसास नहीं होता, लेकिन बिजली की खपत कम हो जाती है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा बिजली बिल में फायदा
डिस्कॉम के अनुसार यदि एसी प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक चलाया जाए तो इस तकनीक की मदद से बिजली की खपत में 3 से 6 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। इससे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बचत होगी।
अधिकारियों का मानना है कि 2 हजार उपभोक्ताओं के एसी को इस तकनीक से जोड़ने पर बिजली मांग में करीब 1 मेगावाट तक की कमी लाई जा सकती है। यह बचत पीक ऑवर्स में बिजली व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या भी होगी कम
बिजली की मांग नियंत्रित रहने से ग्रिड और वितरण तंत्र पर दबाव कम होगा। इससे फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर वोल्टेज और बेहतर गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
डिस्कॉम का मानना है कि यह परियोजना ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, बिजली बचत को प्रोत्साहित करने और भविष्य के स्मार्ट ग्रिड सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
ग्वालियर के हस्तिनापुर गांव में शनिवार शाम एक नवविवाहित दंपती के शव कमरे के अंदर एक ही रस्सी से बने फंदे पर लटके मिले। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय विनोद प्रजापति और 20 वर्षीय लक्ष्मी प्रजापति के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। कमरे में सामान बिखरा पड़ा मिला, दोनों के मोबाइल फोन टूटे हुए थे और एक थाली में परोसा गया खाना बिना खाया रखा हुआ मिला। अप्रैल 2025 में हुई थी शादी, एक दिन पहले ही लौटे थे ससुराल से पुलिस के मुताबिक विनोद और लक्ष्मी की शादी अप्रैल 2025 में हुई थी। दोनों हाल ही में लक्ष्मी के मायके में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने भिंड गए थे। शुक्रवार रात ही वे वापस अपने घर लौटे थे। परिजनों के अनुसार घर आने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई थी और वे शनिवार सुबह से ही अपने कमरे में बंद थे। शाम तक नहीं खोला दरवाजा, पुलिस ने तोड़कर खोला कमरा शनिवार शाम विनोद का छोटा भाई हिमांशु घर पहुंचा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। उसने पिता लाखन सिंह को सूचना दी, जो एक शादी समारोह में गए हुए थे। पिता के घर पहुंचने के बाद हस्तिनापुर थाना पुलिस को सूचना दी गई। उप निरीक्षक लोकेन्द्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने कुल्हाड़ी की मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। विनोद और लक्ष्मी एक ही फंदे से लटके हुए थे। कमरे में मिले अहम सुराग पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो पति-पत्नी दोनों के मोबाइल फोन बुरी तरह टूटे हुए मिले। आशंका है कि विवाद के दौरान गुस्से में मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़े गए होंगे। कमरे में एक थाली में भोजन परोसा हुआ रखा था, लेकिन उसमें से किसी ने खाना नहीं खाया था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। विवाद की वजह तलाश रही पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिसके कारण दोनों के बीच इतना बड़ा विवाद हुआ। यह भी जांच की जा रही है कि ससुराल में आयोजित शादी समारोह के दौरान कोई ऐसी घटना तो नहीं हुई, जिसका असर दोनों के रिश्ते पर पड़ा हो। दोनों के क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल जानकारी हासिल की जा सके। मृतका के मायके पक्ष के लोगों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। हस्तिनापुर थाना के उप निरीक्षक लोकेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि नवविवाहित दंपती के आत्महत्या मामले में घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। कमरे से दोनों के टूटे हुए मोबाइल फोन और बिना खाया हुआ भोजन बरामद हुआ है। इससे प्रतीत होता है कि फांसी लगाने से पहले दोनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था। परिजनों और मायके पक्ष के बयान लिए जाएंगे तथा मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे विवाद की वास्तविक वजह सामने आ सके।
हैदराबाद का नया स्पॉट: मैजिक डिस्ट्रिक्ट में डर, रहस्य और मनोरंजन सब एक साथ
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हैदराबाद के सरस सिटी मॉल में स्थित मैजिक डिस्ट्रिक्ट एक अनोखा मल्टी-कॉन्सेप्ट एक्सपीरिएंशियल एंटरटेनमेंट ज़ोन है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए रोमांच और मनोरंजन का खास अनुभव देता है. यहां का प्रमुख आकर्षण ज़ॉम्बी सिटी है, जो VFX, लाइव कलाकारों और डरावने सेट्स के साथ एक पोस्ट-एपोकैलिप्टिक दुनिया का एहसास कराता है. इसके अलावा स्केरी एस्केप रूम टीमवर्क और पहेलियों का रोमांचक अनुभव देता है, जबकि जूनियर स्केरी हाउस, हा हा हो हाउस और क्लासिक स्केरी हाउस अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए डर और मज़े का संतुलन पेश करते हैं.
हैदराबाद में इन दिनों मैजिक डिस्ट्रिक्ट नाम का मनोरंजन केंद्र पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यह खुद को भारत का पहला मल्टी-कॉन्सेप्ट एक्सपीरिएंशियल एंटरटेनमेंट ज़ोन बताता है. पारंपरिक पार्कों से अलग, यहां एक ही छत के नीचे हॉरर, सस्पेंस, पहेलियां, भ्रम और शानदार कहानियों का ऐसा अनोखा तालमेल तैयार किया गया है, जो बच्चों से लेकर वयस्कों तक, हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींच रहा है.
पहेलियां सुलझाने और दिमागी कसरत करने वालों के लिए स्कैरी एस्केप रूम एकदम सही जगह है. यहां अलग-अलग टीमों को एक निश्चित समय के भीतर छिपे हुए सुरागों को ढूंढकर रहस्यों से पर्दा उठाना होता है. भूतिया घर और मर्डर मिस्ट्री जैसे रोमांचक थीम के कारण यह एस्केप रूम कॉर्पोरेट टीमों और दोस्तों के समूहों के बीच टीम-बिल्डिंग और मनोरंजन के लिए काफी लोकप्रिय हो चुका है.
ज्ञान और मनोरंजन का बेहतरीन मिश्रण है मैजिक म्यूजियम. यह एक ऐसा एडुटेनमेंट ज़ोन है जहां विज्ञान, इतिहास और कला को अनोखे डिस्प्ले के माध्यम से सिखाया जाता है. इसी के साथ जुड़ी है मेज़ ऑफ इल्यूजन यानी भ्रम की भूलभुलैया, जो अपनी विजुअल ट्रिक्स, दिमाग चकरा देने वाले रास्तों और ऑप्टिकल इल्यूजन के कारण हर मोड़ पर इंसान के देखने और सोचने के नजरिए को चुनौती देती है.
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मैजिक डिस्ट्रिक्ट हैदराबाद के सरस सिटी माल में खुला है जो सप्ताह के सभी दिन सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है. यहां एंट्री और पैकेज की कीमतें आपके द्वारा चुने गए आकर्षणों के आधार पर तय होती हैं. विजिटर के लिए सिंगल टिकट के साथ-साथ बजट-फ्रेंडली कॉम्बो पास भी उपलब्ध हैं.
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हर महीने वेतन पाने वाले करोड़ों लोग अपने सैलरी अकाउंट का इस्तेमाल सिर्फ पैसे लेने और खर्च करने के लिए करते हैं. लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि यह अकाउंट कई अतिरिक्त सुविधाओं और लाभों के साथ आता है. बैंक अक्सर इन फायदों का ज्यादा प्रचार नहीं करते, जिसके कारण ग्राहक इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते. अगर आपकी भी सैलरी सीधे बैंक खाते में आती है, तो इन सुविधाओं को जानना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
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जीरो बैलेंस से लेकर सस्ते लोन तक, सैलरी अकाउंट के 10 फायदे बदल सकते हैं आपकी फाइनेंस लाइफ. (Representative Image:AI)
नई दिल्ली. सैलरी अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं होती. यदि खाते में पैसा खत्म भी हो जाए तो आमतौर पर बैंक कोई जुर्माना नहीं लगाते. इसके अलावा कई बैंक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी देते हैं. इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर आप खाते में बैलेंस न होने के बावजूद एक तय सीमा तक पैसे निकाल सकते हैं. अचानक आने वाले खर्चों के समय यह सुविधा काफी मददगार साबित हो सकती है.
लोन मिलने की प्रक्रिया होती है आसान बैंक सैलरी अकाउंट धारकों को अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं क्योंकि उनकी आय का रिकॉर्ड बैंक के पास मौजूद होता है. इसी वजह से पर्सनल लोन, होम लोन और कार लोन जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकती हैं. कई मामलों में ब्याज दर भी सामान्य ग्राहकों की तुलना में बेहतर मिल जाती है. इससे बड़े वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करना आसान हो सकता है.
डेबिट कार्ड, चेकबुक और डिजिटल ट्रांजैक्शन का फायदा अधिकांश बैंक सैलरी अकाउंट के साथ मुफ्त डेबिट कार्ड और चेकबुक प्रदान करते हैं. कई बार इनके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता. इसके अलावा NEFT, RTGS और कई मामलों में IMPS जैसी डिजिटल ट्रांजैक्शन सेवाएं भी बिना अतिरिक्त चार्ज के उपलब्ध होती हैं. इससे ऑनलाइन पैसे भेजना और भुगतान करना अधिक सुविधाजनक और किफायती बन जाता है.
क्रेडिट कार्ड और बीमा कवर का अतिरिक्त लाभ कई बैंक सैलरी अकाउंट धारकों को कम शुल्क या बिना वार्षिक शुल्क वाले क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते हैं. इनके साथ रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और अन्य ऑफर भी मिल सकते हैं. इसके अलावा कुछ सैलरी अकाउंट में दुर्घटना बीमा या स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी शामिल होती हैं. यह एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिसके लिए अलग से प्रीमियम नहीं देना पड़ता.
शॉपिंग ऑफर और प्रायोरिटी बैंकिंग से बढ़ती है सुविधा उच्च आय वाले ग्राहकों के लिए कई बैंक प्रायोरिटी बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराते हैं. इसमें समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर, अलग काउंटर और तेज सेवा जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं. साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी ऐप और रेस्तरां पर विशेष छूट और कैशबैक ऑफर भी मिलते हैं. इससे रोजमर्रा के खर्चों में बचत करने का मौका मिलता है. कई बैंक हर महीने निश्चित संख्या में मुफ्त ATM ट्रांजैक्शन की सुविधा भी देते हैं, जिससे नकदी निकालने पर अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकता है.
सही जानकारी से उठाएं पूरा फायदा वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि सैलरी अकाउंट केवल वेतन प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कई बैंकिंग सुविधाओं का पैकेज भी हो सकता है. हालांकि अलग-अलग बैंकों और अकाउंट श्रेणियों में सुविधाएं भिन्न हो सकती हैं. इसलिए अपने बैंक से संपर्क कर यह जानना जरूरी है कि आपके सैलरी अकाउंट में कौन-कौन से लाभ उपलब्ध हैं. सही जानकारी होने पर आप इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और अपनी वित्तीय योजना को अधिक मजबूत बना सकते हैं.
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
पूर्णिया जिले के कामाख्या थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के चलते एक नाबालिग पर चाकू से हमला किया गया। घटना में 16 वर्षीय दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जीएमसीएच में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मायागंज रेफर कर दिया गया है। घायल दीपक कुमार सहारा, मखनाहा पार का निवासी है और सुबोध ततमा का पुत्र है। उसके पिता दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दीपक की मां नीलम देवी ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी बबलू शर्मा और उसके परिवार के सदस्यों ने उनके घर में घुसकर दीपक की गर्दन पर चाकू से हमला किया। हमले के बाद दीपक खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों की मदद से उसे तत्काल पूर्णिया शहर के जीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। दीपक के भाई बादल कुमार के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी बकरी ने पड़ोसी बबलू शर्मा के आंगन में रखी मूंग खा ली। इसी बात से नाराज होकर बबलू शर्मा और उसके परिवार के सदस्यों ने उनके घर में घुसकर रॉड, चाकू और दबिया से मारपीट की। पूर्णिया जीएमसीएच के डॉक्टरों ने घंटों इलाज के बाद, घायल दीपक को हायर सेकेंडरी भागलपुर मायागंज रेफर कर दिया है। घटना की सूचना मिलने पर मरंगा थाना पुलिस के विनोद कुमार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल परिवार के बयान दर्ज किए और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।