बरेली जंक्शन पर 30 दिन के मेगा ब्लॉक के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने मरम्मत और अपग्रेडेशन कार्य के चलते बरेली से मुंबई और इंदौर जाने वाली दो प्रमुख लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों को एक महीने के लिए रद्द कर दिया है। इन ट्रेनों में टिकट बुकिंग भी बंद कर दी गई है, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यार्ड की पुरानी वाशिंग लाइन संख्या 36 और 37 के आधुनिकीकरण के लिए 5 जुलाई से 3 अगस्त तक मेगा ब्लॉक रहेगा। इसके चलते बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 11 जुलाई से 3 अगस्त तक और बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 8 जुलाई से 30 जुलाई तक संचालित नहीं होगी। इन ट्रेनों के निरस्त होने से मुंबई रूट पर चलने वाली रामनगर-बांद्रा एक्सप्रेस और काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। टिकटों की मांग बढ़ने के कारण इन वैकल्पिक ट्रेनों में आरक्षण मिलना भी कठिन हो सकता है। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक इमरान ने बताया कि यार्ड में चल रहे विकास कार्यों के कारण यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बरेली-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन भी 5 जुलाई से 3 अगस्त तक निरस्त रहेगी। इसके अतिरिक्त, 11 जुलाई को बरेली-चंदौसी रेलखंड पर पुल संख्या-3 की मरम्मत के लिए नौ घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा। इस कारण उस दिन मुरादाबाद-बरेली पैसेंजर (64178-77) का संचालन भी रद्द रहेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें और वैकल्पिक ट्रेनों में समय रहते आरक्षण करा लें।
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जहानाबाद में स्कॉर्पियो ने बाइक सवारों को टक्कर मारी: दो युवक गंभीर रूप से घायल, चालक भागने में कामयाब रहा – Jehanabad News
जहानाबाद में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घायलों की पहचान बड़ी संगत निवासी शिवशक्ति कुमार और नीतीश कुमार के रूप में हुई है। यह घटना तब हुई जब दोनों युवक चाकन बाजार से अपने घर जहानाबाद लौट रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क किनारे जा गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद, आसपास के लोगों की मदद से दोनों घायलों को जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार नंदा ने बताया कि दोनों घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं। उन्हें चोटें आई हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। घटना की सूचना नगर थाना पुलिस को दे दी गई है। नगर थाना अध्यक्ष उमेश कुमार प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि स्कॉर्पियो की पहचान की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे पेट्रोलिंग को और सशक्त किया गया है तथा दोषी वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों, विशेषकर बड़ी गाड़ियों के कारण होने वाली लगातार दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने और तेज गति से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, दोनों घायल युवकों की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि उनके परिजनों में घटना को लेकर चिंता बनी हुई है।
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ड्रग तस्करी मामले में पंजाब के दो युवकों की तलाश: बीकानेर पुलिस ने 25-25 हजार रुपए के इनाम घोषित किए, सरगर्मी से तलाश – Bikaner News
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए अवैध हथियार और कारतूस की तस्करी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बीकानेर पुलिस ने नकद इनाम घोषित किया है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी या उनके संबंध में पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को 25-25 हजार रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की है। एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि खाजूवाला थाना क्षेत्र में दर्ज ड्रोन ड्रॉपिंग के जरिए अवैध हथियार एवं कारतूस तस्करी के मामले में दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। इसी को देखते हुए इनाम घोषित किया गया है, ताकि आमजन के सहयोग से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके। इन आरोपियों पर घोषित हुआ इनाम पुलिस के अनुसार पहले आरोपी करण सिंह पुत्र चनन सिंह, निवासी सुखेरा बोदला, तहसील जलालाबाद, जिला फाजिल्का (पंजाब) पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। आरोपी के खिलाफ खाजूवाला थाने में ड्रग तस्करी का मामला दर्ज है। वहीं दूसरे आरोपी गुरकीरत सिंह पुत्र बख्शीश सिंह, निवासी गवर्नमेंट सीड फार्म, गांव ढाणी कराहा सिंह, तहसील अबोहर, जिला फाजिल्का (पंजाब) की गिरफ्तारी पर भी 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। जनता से सहयोग की अपील एसपी मृदुल कच्छावा ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को इन दोनों फरार आरोपियों के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिले तो तत्काल बीकानेर पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा नियमानुसार घोषित नकद इनाम प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
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दिल्ली में 44 जरूरतमंद मरीजों की होगी मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी: विजनरी अभियान शुरू, डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल- मातानंद वेलफेयर फाउंडेशन की पहल – New Delhi News
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर नेत्र उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एंटोड फार्मा की सीएसआर इकाई मातानंद वेलफेयर फाउंडेशन ने डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल के सहयोग से ‘विजनरी 44’ अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत 44 जरूरतमंद मरीजों की नि:शुल्क मोतियाबिंद सर्जरी कराई जाएगी। अभियान की शुरुआत कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निक्खिल के. मसूरकर के 44वें जन्मदिन के अवसर पर की गई। पहल का उद्देश्य केवल मुफ्त सर्जरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को समय पर नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद की पहचान और इलाज के प्रति जागरूक करना भी है। अस्पताल के सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंच सकें। भारत में मोतियाबिंद भी अंधता का बड़ा कारण विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में मोतियाबिंद अंधता का सबसे बड़ा कारण है, जिसे समय रहते रोका जा सकता है। समय पर जांच और अपेक्षाकृत सरल सर्जरी से अधिकांश मरीजों की दृष्टि सुरक्षित की जा सकती है। हालांकि जागरूकता की कमी और आर्थिक बाधाओं के चलते बड़ी संख्या में लोग समय पर उपचार नहीं करा पाते। डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. उमंग माथुर ने कहा कि मोतियाबिंद का उपचार पूरी तरह संभव है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और इलाज सुनिश्चित कर रोकी जा सकने वाली अंधता के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से नियमित नेत्र जांच कराने और शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेने की अपील की।
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सेबी ने 221 कंपनियों पर लगाया बैन, 7 साल तक शेयर बाजार में नहीं होगी एंट्री
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Sebi Ban Action : बाजार नियामक सेबी ने पंप एंड डंप मामले में 221 कंपनियों पर बैन लगा दिया है. बाजार नियामक ने अपनी जांच में पाया कि साजिशकर्ताओं ने इस हेरफेर से करीब 144 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. सेबी ने इस जांच के बाद एक निवेशक पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
सेबी ने पंप एंड डंप मामले में एक निवेशक पर 10 करोड़ का जुर्माना लगाया है.
नई दिल्ली. बाजार नियामक और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ‘पंप-एंड-डंप ऑपरेशन’ यानी प्रतिभूति धोखाधड़ी मामले में 221 इकाइयों पर 7 साल तक के लिए बैन लगा दिया है. इन कंपनियों को अब 7 साल तक न तो शेयर बाजार में एंट्री मिलेगी और न ही ट्रेडिंग की अनुमति. साथ ही व्यक्तिगत निवेशक हनीफ शेख पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सेबी ने यह कार्रवाई लंबी जांच और तमाम शिकायतों के बाद की है.
सेबी ने बुधवार को बताया कि ‘पंप-एंड-डंप ऑपरेशन’ शेयर बाजार धोखाधड़ी का एक रूप है. इसमें धोखाधड़ी करने वाले पहले किसी छोटी या कम कारोबार वाली कंपनी के शेयर खरीदते हैं. फिर सोशल मीडिया या बल्क मैसेजिंग के जरिये झूठी अफवाहें फैलाकर शेयर की कीमत को आर्टिफिशियल रूप से बढ़ाते (पंप) हैं और फिर शेयरों को उच्च कीमतों पर बेच देते (डंप) हैं. इससे खुदरा निवेशकों को भारी नुकसान होता है, क्योंकि वास्तव में कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन उसके हालात से मैच नहीं खाते.
इन कंपनियों में हुआ था हेरफेर
सेबी ने बताया कि मॉरिया उद्योग लिमिटेड, 7एनआर रिटेल, दार्जिलिंग रोपवे कंपनी, जीबीएल इंडस्ट्रीज और विशाल फैब्रिक्स लिमिटेड के शेयरों में शेख और उसकी सहयोगी कंपनियों ने हेरफेर किया है. शेख इस मामले का कथित मुख्य साजिशकर्ता है. यह मामला साल 2017 से साल 2020 के बीच पांच शेयरों में बड़े पैमाने पर ‘पंप-एंड-डंप’ से जुड़ा है. सेबी ने 394 पन्नों के अपने आदेश में कहा कि हनीफ शेख ने एक सुनियोजित धोखाधड़ी वाली साजिश रची, जिसमें 200 से अधिक आपस में जुड़े हुए संस्थान भी शामिल थे.
कई इन्फ्लुएंसर पर भी शिकंजा
सेबी ने अपनी जांच में पाया कि धोखाधड़ी में शामिल संस्थानों को ‘पीवी इन्फ्लुएंसर’, ‘कोलैबोरेटर’ और ‘ऑफलोडर’ जैसी भूमिकाएं दी गई थीं, ताकि अवैध लाभ को विभिन्न माध्यमों से घुमाकर शेख या उसके नियंत्रण वाली कंपनियों तक पहुंचाया जा सके. सेबी के अनुसार, इन इकाइयों ने एकमुश्त लेनदेन के जरिए शेयरों की कीमत और बाजार भाव को आर्टिफिशियल रूप से बढ़ाया और बाद में ऊंचे दाम पर शेयर बेचकर निवेशकों को फंसाया. यह साजिश सुनियोजित, व्यापक और औद्योगिक स्तर पर संचालित थी, जिससे बाजार की पारदर्शिता और निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ.
144 करोड़ का कमाया मुनाफा
सेबी के अनुसार, इस घोटाले से साजिशकर्ताओं ने करीब 143.79 करोड़ रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया. सेबी ने हनीफ शेख को 7 वर्षों के लिए बाजार से प्रतिबंधित किया और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. उनसे जुड़ी पांच इकाइयों को 6 साल के लिए बैन करते हुए उन पर दो-दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सेबी ने सभी दोषियों से 143.79 करोड़ रुपये की अवैध कमाई 12 फीसदी सालाना ब्याज सहित वसूलने का भी आदेश दिया है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
मुहर्रम पर ऑटो में विस्फोट करने वालों पर रासुका लगाई: तीन पर रासुका के तहत उज्जैन के केंद्रीय भेरूगढ़ जेल भेजा – Ujjain News
बड़नगर कस्बे में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से हवा में लटकाई गई टाटा मैजिक वैन में विस्फोटक पटाखे फोड़ने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
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सार्वजनिक शांति और जनसुरक्षा को गंभीर खतरा मानते हुए उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के निर्देश पर तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई है।
रासुका लगाए जाने के बाद बड़नगर थाना पुलिस ने आरोपी शोएब गब्बू खान, जाहिद खान और तपसील उर्फ तस्लीम को कड़ी सुरक्षा के बीच केंद्रीय भेरूगढ़ जेल भेज दिया।
जुलूस के दौरान किया गया खतरनाक स्टंट
घटना 23-24 जून की दरम्यानी रात की है। पुलिस के अनुसार, बड़नगर के अडान मोहल्ले से निकले मोहर्रम जुलूस के दौरान जय स्तंभ चौक पर क्रेन की मदद से एक कबाड़ टाटा मैजिक वैन को करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया।
आरोप है कि वैन के ऊपर दो युवक चढ़कर झंडे लहरा रहे थे। उनके नीचे उतरने के बाद वाहन के भीतर रखे बड़ी मात्रा में रॉकेट और सुतली बमों में आग लगा दी गई।
बंद खिड़कियों के कारण वाहन के अंदर दबाव बनने से तेज विस्फोट हुआ, जिससे कांच और लोहे के टुकड़े नीचे मौजूद भीड़ की ओर बिखर गए। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पुलिस के अनुसार बड़ा हादसा हो सकता था।
इस तरह से वाहन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट किया गया था।
वाहन पर लिखे संदेश की भी जांच
पुलिस के मुताबिक, विस्फोट में इस्तेमाल की गई वैन पर “ले फिर आ गए” लिखा था। जांच एजेंसियां इस संदेश सहित पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। वहीं, पूछताछ में मुख्य आरोपी ने इसे अखाड़ों के बीच प्रतिस्पर्धा के दौरान किया गया स्टंट बताया है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

वाहन को क्रेन से लटकाया गया था।
ATS और BDS भी जांच में शामिल
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की ATS और बम निरोधक दस्ता (BDS) भी जांच में शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
अब तक इस प्रकरण में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि विस्फोटक सामग्री की व्यवस्था कैसे की गई और घटना की पूरी साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
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बड़नगर में पटाखों से किया था वैन में ब्लास्ट
उज्जैन में मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखे खरीदकर वैन में ब्लास्ट किया गया था।पूरी खबर पढ़ें
60 फिल्मों के टाइटल से बना 1 अटपटा गाना, नहीं था कोई लिरिक्स, सैड एंडिंग वाली फिल्म
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इंडियन सिनेमा में सॉन्ग्स का खूब महत्व रहता है. करण जौहर, यशराज से लेकर संजय लीला भंसाली जैसे बड़े फिल्ममेकर्स तो सेट से लेकर गानों पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं. आमतौर पर एक फिल्म में 6-7 गाने होते हैं.
आज से नहीं बल्कि पुराने समय की फिल्मों में भी गानों का खूब क्रेज होता है. कई मौके तो ऐसे भी हुए की फिल्म गानों की वजह से हिट हुई. ऐसी ही एक फिल्म थी जिसका एक गाना आपने सुना तो होगा, लेकिन ये कभी नहीं सोचा होगा कि उसमें वास्तव में कोई लिरिक्स नहीं बल्कि वह तो 60 फिल्मों के नाम से जोड़कर गढ़ दिया गया है.

हम एक ऐसी फिल्म की बात कर रहे हैं जो बॉक्स ऑफिस पर मैसिव ब्लॉकबास्टर थी. जिसमें साउथ सुपरस्टार ने तबाही मचाई थी. मगर इसमें एक गाना ऐसा था जिसमें 60 फिल्मों के टाइटल सुनाई देते हैं. चलिए इस गजब स्टोरी से आपको रूबरू करवाते हैं.

‘एक दूजे के लिए’ में एक गाना था ‘मेरे जीवन साथी’, जिसमें 60 फिल्मों के टाइटल सुनने को मिले थे. गाने को लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने बनाया था तो गाने के बोल आनंद बक्षी ने लिखे थे.
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अनुराधा पौडवाल और एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज में इसे रिकॉर्ड किया गया था. इस गाने के बोल कुछ इस प्रकार है: मेरे जीवन साथी, प्यार किये जा, हां हां! मेरे जीवन साथी, प्यार किये जा… जवानी दीवानी, खूबसुरत, जिद्दी पड़ोसन… सत्यम शिवम सुंदरम, सत्यम शिवम सुंदरम, सत्यम शिवम सुंदरम.

इसी तरह जब आप इस गाने को आगे सुनेंगे तो आपको हरे रामा हरे कृष्णा, आवारा, जॉनी मेरा नाम, राम और श्याम, बेशरम, जवानी दीवानी, पड़ोसन, मेरे हमसफर से लेकर दीवाना मस्ताना और अंजाना जैसे 60 टाइटल सुनने को मिलेंगे.

एक दूजे के लिए फिल्म के बालाचंदर की तेलुगू फिल्म ‘मारो चरित्रा’ का हिंदी रीमेक थी. फिल्म में कमल हासन ने वासु और रति ने सपना का किरदार निभाया गया था. फिल्म की सैड एंडिंग ने हर किसी को दहला दिया था.

दरअसल वासु और सपना फिल्म के आखिर में एक चट्टान से कूदकर खुद को खत्म कर लेते हैं. जब के बालाचंदर ने फिल्म को पूरा बना लिया था तो फिल्ममेकर राज कपूर को दिखाया था. मगर राज कपूर इसके अंत से खुश नहीं थे. वह क्लाइमैक्स हैप्पी एंडिंग वाला चाहते थे. लेकिन बालाचंदर ने ऐसा नहीं किया.

एक दूजे के लिए फिल्म उस समय महज कुछ लाख में बनी थी. लेकिन 5 जून 1981 में जब ये रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करने में सफल हुई, इसने 10 करोड़ से अधिक का बिजनेस किया. इसी के साथ ये साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एकबन गयी थी.
विटामिन D- B12 से भरपूर! डाइट में शामिल करें ये मछली, मिलेंगे कई फायदे
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Best Fish For Health: अगर आप मछली खाना पसंद करते हैं, तो सार्डिन मछली को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें. इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. ये एक सस्ती मछली है जो बालों से लेकर दिल से संबंधित समस्याओं से बचाव के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होती है.
मछली सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि अपने जबरदस्त फायदों के लिए भी जाना जाता है. यदि आप नॉनवेज खाते हैं, तो हफ्ते में 2-3 बार मछली को अपने डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं. मछली दिल को स्वस्थ रखने के साथ, कार्यक्षमता बढ़ाने और शरीर की संपूर्ण सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती है. इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन से लेकर ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ए, डी और बी-कॉम्प्लेक्स जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं.
हालांकि सभी मछलियां एक तरह की नहीं होती है. सबकी अपनी खासियत है और इसी के आधार पर इनकी कीमत तय होती है. लेकिन यदि आप सस्ते में ज्यादा फायदे लेना चाहते हैं, तो सार्डिन मछली एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. ये छोटे आकार की तैलीय फिश है, जिसे आप सप्ताह में कम से कम दो बार खा सकते हैं.
सार्डिन मछली खाने के फायदे
- यदि आप अपनी बालों की हेल्थ को लेकर परेशान रहते हैं, तो सार्डिन मछली आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. इस मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन बी12 भरपूर मात्रा में होता है जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही सिर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर बाल झड़ने की समस्या को कम कर सकते हैं. नियमित रूप से इसका सेवन करने से बाल घने और चमकदार बने रह सकते हैं तथा समय से पहले सफेद होने की संभावना भी कम हो सकती है.
- विटामिन डी, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों के कारण ये मछली हड्डियों के लिए भी फायदेमंद होती है. ये तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने और उनकी घनत्व बढ़ाने में मदद करते हैं.इसके नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.
- दिल की सेहत के लिए भी यह मछली काफी सेहतमंद मानी जाती है. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके अलावा यह रक्त वाहिकाओं में थक्के बनने के खतरे को भी कम कर सकती है, जिससे उच्च रक्तचाप और हार्ट अटैक का जोखिम घट सकता है.
- इसके अलावा इस छोटी मछली में मौजूद पोषक तत्व याददाश्त को बेहतर बनाने और दिमाग को सक्रिय रखने में भी सहायक माने जाते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि यह मछली बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध होती है और आम लोगों की पहुंच में रहती है.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
‘मैंने गुस्से में आकर ये गलती कर दी’, फैसल खान ने मांगी भाई आमिर से माफी, हुआ पछतावा
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आमिर खान के भाई फैसल खान ने भी एक्टिंग में अपनी किस्मत आजमाई थी. काफी समय पहले उन्होंने अपने भाई और अपने परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए थे. लेकिन अब सालों बाद उन्होंने अपने पूरे परिवार से माफी मांगी है. उनका कहना है कि उन्होंने गुस्से में वो बातें कही थीं.
नई दिल्ली. आमिर खान इन दिनों अपनी तीसरी शादी को लेकर चर्चा में हैं. लेकिन इसी बीच उनके भाई फैसल खान का एक बयान सामने आया है, उन्होंने अपने परिवार से माफी मांगकर सालों पुराने विवाद को खत्म करने की ठान ली है. साथ ही उन्होंने अपने भाई आमिर से भी माफी मांगी है.

फैसल ने कहा कि उनसे गलती हो गई थी, उन्हें इस तरह अपने परिवार के निजी मामले को सबके सामने नहीं लाना चाहिए था. एक्टर का कहना है कि इन सबसे से जरूरी उनके लिए अपने रिश्ते बचाना है. वह अब कुछ साबित नहीं करना चाहते कि किस ने सही किया और किस ने गलत किया.

फैसल खान ने हाल ही में यूट्यूबर उज्जवल त्रिवेदी से बातचीत में ये खुलासा किया है कि उन्हें अब अपनी गलती का अहसास हो गया है. उन्होंने उस वक्त जो भी कहा वो उस वक्त गुस्से में आकर और दर्द में आकर कही थी, जिसका उन्हें पछतावा है.
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फैसल ने कहा कि मैंने उस वक्त जो भी कहा, उसके लिए मैं सबसे पहले अपनी मां से माफी मांगना चाहता हूं. फिर अपनी बहन निखद और जीजा संतोष हेगड़े से भी माफी मांगना चाहता हूं. मैं भाई आमिर से भी माफी मांगना चाहता हूं. मैंने उन्हें बहुत कुछ गलत कह दिया, जो नहीं कहना चाहिए था.

मैंने गुस्से में आकर काफी कुछ वो कह दिया जो, मुझे नहीं कहना चाहिए था. उन्होंने कहा कि मुझे अहसास हो गया है कि घर की परेशानियों का हल घर के अंदर मिलता है, अपने घर की बातें बाहर नहीं निकालनी चाहिए थी.

फैसली की मानें तो अब उन्हें किसी से कोई सफाई या कोई जवाब भी नहीं चाहिए. वो अब बस अपने रिश्ते सुधारना चाहते और आगे बढ़ना चाहते है. उनका कहना है कि कुरान पढ़ने के बाद उनकी सोच में काफी बदलाव आया है. कुराने स ही उन्हें परिवार की अहमियत समझ आई है.

फैसल ने बताया कि मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां से माफी मांगी.इसके बाद उन्होंने अपने और परिवार के निजी मामलों को सार्वजनिक करने के लिए उनसे भी माफी मांगी. परिवार ने भी उन्हें तय दिल से स्वीकार किया.

बता दें कि फैसल खान ने एक पॉडकास्ट में ये दावा किया था कि भाई आमिर खान ने उन्हें एक साल से ज्यादा समय तक मुंबई स्थित घर में बंद करके रखा था. अपने भाई पर आरोप लगाने के बाद वह चर्चा में आ गए थे. साथ ही कहा था कि उनका परिवार उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताकर उन्हें बहकाना चाहते हैं .

