Thursday, July 16, 2026
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सपा विधायक अतुल ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र: मेरठ में सेंट्रल मार्केट के पीड़ितों को न्याय के लिए उठाई मांग – Meerut News




सेंट्रल मार्केट में अपनी दुकानें और व्यापार गंवाने वाली पीड़ित महिलाएं गुरुवार को सपा विधायक से मिलने पहुंची। महिलाओं ने सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान से उनके घर पर मुलाकात की है। महिलाओं ने अतुल प्रधान से खुद को न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़िताओं की परेशानी सुनने के बाद सपा विधायक ने इस विषय को राष्ट्रपति के सामने रखने की बात कही है। इसके चलते अतुल प्रधान ने गुरुवार को ही एक पत्र तैयार किया है। जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। कई महीनों से परेशान हो रही हैं महिलाएं
अतुल प्रधान ने अपने पत्र में सेंट्रल मार्केट की इन पीड़ित महिलाओं के दर्द का भी जिक्र किया है। लिखा विगत कई महीनों से सेंट्रल मार्केट (शास्त्रीनगर सेक्टर – 2 ) के व्यापारी एवं विशेष रूप से बड़ी संख्या में महिलाएँ अपनी आजीविका, रोजगार तथा पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं को लेकर आंदोलनरत हैं। प्रभावित परिवार अत्यंत मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं तथा न्याय की आशा में आपकी ओर देख रहे हैं। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया मुझे एवं सेंट्रल मार्केट (शास्त्रीनगर सेक्टर-2) के प्रभावित प्रतिनिधिमंडल को आपसे भेंट करने हेतु अपनी सुविधानुसार समय प्रदान करने का कष्ट करें, जिससे इस प्रकरण के सभी तथ्य आपके समक्ष प्रस्तुत किए जा सकें तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने हेतु आपका मार्गदर्शन एवं आवश्यक हस्तक्षेप प्राप्त हो सके।
राष्ट्रपति से है न्याय की उम्मीद यह चिट्‌ठी सपा विधायक की ओर से राष्ट्रपति कार्यालय को भेजकर मुलाकात का समय मांगा है। ताकि वो इन पीड़िताओं के साथ जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात करें और महिलाएं अपनी पीड़ा उनके सामने रख सकें। महिलाओं ने कहा कि हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति महोदया से मिलने के बाद वो हमारी परेशानी समझेंगी और इसे दूर भी करेंगी। हमें न्याय दिलाएंगी।



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माथे पर चिपकने वाले Temple डिवाइस की क्या होगी कीमत? हो गया खुलासा!


Zomato के को-फाउंडर दीपेंदर गोयल को कुछ समय पहले एक पॉडकास्ट में Temple डिवाइस पहने देखा गया था। इस डिवाइस को लेकर एक बार फिर से जानकारी सामने आई है। इस टेम्पल डिवाइस की कीमत और लॉन्च से जुड़ी डिटेल्स कंपनी के CEO ने शेयर की है। रिपोर्ट के मुताबिक, माथे और कान के बीच पहने जाने वाले इस डिवाइस को एक साल के अंदर लॉन्च किया जा सकता है। साथ ही, इसकी कीमत कितनी होगी इसका भी खुलासा किया गया है।

क्या है टेम्पल डिवाइस?

जोमैटो को-फाउंडर दीपेंदर गोयल ने जो टेम्पल डिवाइस पहना है उसे Continue Research नाम की कंपनी बना रही है। दीपेंदर गोयल ने इस प्रोजेक्ट में करीब 25 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इस Temple डिवाइस को खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया जा रहा है, जो अपने फिजिकल और मेंटल हेल्थ को गंभीरता से लेते हैं। आसान भाषा में कहा जाए तो इस डिवाइस को एथलिट्स, डॉक्टर, साइंटिस्ट आदि के लिए डेवलप किया जा रहा है।

इस डिवाइस को लेकर जो रिसर्च सामने आई है उसके मुताबिक, इसमें ऐसे हेल्थ मैट्रिक्स को मापने की क्षमता है, तो अन्य कोई भी वियरेबल डिवाइस नहीं माप सकते हैं। यह डिवाइस दिमाग के ब्लड फ्लो को मेजर कर सकता है। इसकी मदद से हेल्थ और एजिंग से जुड़े संकेत समझे जा सकेंगे।

यह डिवाइस माथे के पास आंख और कनपट्टी के बीच टेम्पल स्पेस में पहना जाता है, जिसकी वजह से इसे टेम्पल डिवाइस कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेम्प्ल डिवाइस की कीमत 1 लाख रुपये के करीब हो सकती है। पहले इसे केवल 100 लोगों के लिए लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इस डिवाइस के लिए खास तौर पर उन लोगों को चुनेगी, जो इसे लेकर अच्छा और जरूरी फीडबैक दे सकते हैं।

रिसर्च में दी जानकारी

जोमैटो को-फाउंडर ने पिछले साल नवंबर में इस डिवाइस के लोकर एक X पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने बताया, ‘मैं इसे इटरनल के सीईओ के रूप में साझा नहीं कर रहा हूं, बल्कि एक इंसान के रूप में, एक अजीब सूत्र का पालन करने के लिए उत्सुक हूं। एक थ्रेड है, जिसे मैं अब अपने पास नहीं रख सकता।’ यह एक ओपन सोर्स रिसर्च है, जिसे विज्ञान ने माना है। ग्रेविटी हाइपोथिसिस के बारे में दीपिंदर गोयल ने आगे कहा कि न्यूटन ने हमें यह शब्द दिया है।

यह भी पढ़ें – क्या भारतीय बाजार से भी बाहर हो रहा OnePlus? नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा





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जापान राजवंश में उत्तराधिकारी का संक​ट: किंग नारुहितो को बेटा नहीं, बेटी को हक नहीं; सरकार नए सम्राट की तलाश में जुटी




जापान में सानाए ताकाइची ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रचा है, लेकिन दुनिया के सबसे पुराने जापान के राजवंश में राजगद्दी महिला को सौंपने पर रोक है। करीब 2600 साल पुराना यह राजवंश अब उत्तराधिकारी के संकट से जूझ रहा है। मौजूदा कानून के अनुसार, केवल सम्राट का बेटा ही सम्राट बन सकता है। इस समय पूरे राजवंश में केवल चार पुरुष बचे हैं। इनमें सम्राट नारुहितो (66), उनके छोटे भाई आकिशिनो (60) और चाचा हिताची (90) हैं। आकिशिनो का एक बेटा 19 वर्षीय हिसाहितो हैं। 40 वर्षों में राजवंश में वयस्क होने वाले वे पहले पुरुष हैं। सम्राट नारुहितो की इकलौती बेटी 24 वर्षीय प्रिंसेस आइको हैं। हालिया सर्वे के अनुसार, अधिकांश जापानी आइको को ‘साम्राज्ञी’ के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें 1889 का ‘इंपीरियल हाउस लॉ’ बाधक है। इस कानून में महिलाओं के राजगद्दी संभालने पर रोक है। साथ ही अगर कोई राजकुमारी किसी आम नागरिक से शादी करती है, तो उसे राजपरिवार छोड़ना होता है। रूढ़िवादी जापानी इस कानून के प्रबल समर्थक हैं। वहीं, राजवंश में उत्तराधिकार संकट से निपटने के लिए ताकाइची सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। इसके तहत 1947 में राजवंश परिवार से अलग की गई शाखाओं के अविवाहित पुरुषों को गोद लेकर उत्तराधिकारियों का दायरा बढ़ाया जाएगा। लेकिन इस बिल में राजकुमारी आइको या उनके होने वाले बच्चों के लिए कोई जगह नहीं है। चुओ यूनिवर्सिटी में शाही वंशावली के विशेषज्ञ प्रो. माकोटो ओकावा के अनुसार, ‘इतिहास में जापान में आठ महिला सम्राट (1889 से पहले) रह चुकी हैं। इसलिए महिलाओं को बाहर रखना कोई ऐतिहासिक परंपरा नहीं, बल्कि एक सोच है। जब तक महिलाओं को उत्तराधिकार से बाहर रखा जाएगा, तब तक राजपरिवार में स्थिरता लाना संभव नहीं होगा।’ 1947 में राजपरिवार का दायरा घटाने से समस्या
जापान में 592 से 1771 तक 8 महिलाओं ने सम्राट के रूप में शासन किया था, पर 1889 के कानून ने इस सिलसिले को रोक दिया। अगर भविष्य में नारुहितो की कोई संतान नहीं होती या केवल बेटियां होती हैं, तो इस राजवंश का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। बता दें कि 1947 में जापान के संविधान में संशोधन किया गया, जिससे 11 राजकुमारों को अपने पद से हटना पड़ा और वे आम नागरिक बन गए।



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100% टैरिफ से बेपटरी हो जाएगी भारत-USA व्‍यापार वार्ता? सामने आई गुड न्‍यूज


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100% टैरिफ से बेपटरी हो जाएगी भारत-USA व्‍यापार वार्ता? सामने आई गुड न्‍यूज

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America New Tariff Plan: अमेरिका रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर एक बार फिर से सख्‍त रुख अपना रहा है. अमेरिकी सीनेट में इस बाबत एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें रूस से तेल-गैस आयात करने वाले टॉप 5 देशों पर 100 फीसद टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है.

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अमेरिका के 100 फीसद टैरिफ वाले विधेयक पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

नई दिल्‍ली. अमेरिका की ट्रंप सरकार रूस से तेल और गैस खरीदने वाले टॉप 5 देशों पर फिर से टैरिफ का चाबुक चला सकती है. अमेरिकी सीनेट में इसको लेकर पेश विधेयक में ऐसे देशों पर 100 फीसद तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है. संसद से विधेयक के पास होने पर राष्‍ट्रपति ट्रंप को रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा. अमेरिका का मानना है कि तेल और गैस के पैसे से रूस यूक्रेन के साथ युद्ध लड़ रहा है. ऐसे में यदि रूस-यूक्रेन जंग को रोकना है तो पहले मॉस्‍को की फंडिंग रोकनी होगी. अब इस पूरे प्रकरण पर एक अधिकारी ने बड़ी बात कही है. ‘मनीकंट्रोल’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस अधिकारी का कहना है कि 100 फीसद टैरिफ से भारत-अमेरिका के बीच चल व्‍यापार वार्ता (Trade Talk) पटरी से नहीं उतरने वाली है.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में जुटे हैं और प्रस्तावित विधेयक (100 फीसद टैरिफ) को बातचीत में बाधा नहीं माना जा रहा है. ‘मनीकंट्रोल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, वार्ता से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सीनेट में पेश किया गया यह विधेयक भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का हिस्सा नहीं है और इसे बातचीत में किसी ‘स्टिकिंग प्वाइंट’ (गतिरोध का मुद्दा) के रूप में नहीं देखा जा रहा. अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच फरवरी में व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा तय की गई थी और उसके बाद रूसी तेल से जुड़े अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को भी हटा दिया गया था.

तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही वार्ता

अधिकारी के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर वार्ता तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है. इस अधिकारी ने बताया कि अमेरिका की ओर से समझौते के पालन को लेकर पूरा भरोसा दिया गया है और दोनों देश इस दिशा में सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं. दरअसल, 14 जुलाई को अमेरिकी सीनेट में दोनों प्रमुख दलों के सांसदों के एक ग्रुप ने संशोधित विधेयक पेश किया. इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार देने का प्रस्ताव है कि वह रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले दुनिया के 5 सबसे बड़े देशों से होने वाले आयात (Import) पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकें. इस सूची में भारत और चीन भी शामिल हैं. इस कदम का उद्देश्य यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना बताया गया है.

500 फीसद टैरिफ लगाने की थी बात

हालांकि, यह संशोधित प्रस्ताव पहले के मसौदे की तुलना में काफी नरम माना जा रहा है. शुरुआती प्रस्ताव में रूसी तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की बात कही गई थी, जिसे बाद में घटाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया. रिपोर्ट के अनुसार, भारत रूसी कच्चे तेल का प्रमुख खरीदार है, इसलिए इस विधेयक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है. इसके बावजूद भारतीय अधिकारियों का मानना है कि यह मुद्दा द्विपक्षीय व्यापार समझौते की राह में बड़ी बाधा नहीं बनेगा. कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने हाल ही में कहा था कि भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क तैयार है और दोनों पक्ष सहमति बनने के बाद इस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ रही है.

भारत-अमेरिका व्‍यापार समझौता अंतिम चरण में

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है. हालांकि, इसे तभी लागू किया जाएगा जब भारत को वियतनाम, थाईलैंड, फिलीपींस, चीन, मलेशिया, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में स्पष्ट टैरिफ लाभ सुनिश्चित हो जाएगा. ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर वार्ता फिलहाल सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है.



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मुख्यमंत्री सम्राट आज शुरू करेंगे ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’: पटना के 150 सरकारी स्कूलों से शुरूआत, स्टडी मैटेरियल-लेक्चर ऑनलाइन मिलेंगे; JEE-NEET-CUET की भी कराएंगे तैयारी – Patna News




बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के 150 सरकारी स्कूलों में बिहार स्कूल लाइव क्लासेज कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी निजी स्कूलों जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से छात्रों को लाइव ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का लाभ मिलेगा। कक्षा 9 से 12 के छात्रों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा इस योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए लाइव और इंटरैक्टिव क्लासेज आयोजित की जाएंगी। छात्र विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे ऑनलाइन जुड़कर पढ़ाई कर सकेंगे और अपनी शंकाओं का समाधान भी कर पाएंगे। इसके अलावा डिजिटल स्टडी मैटेरियल, नोट्स, रिकॉर्डेड लेक्चर और नियमित मॉक टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्रों की पढ़ाई अधिक आसान और प्रभावी होगी। JEE, NEET और CUET की तैयारी भी स्कूल से होगी बिहार स्कूल लाइव क्लासेज के जरिए केवल बोर्ड परीक्षा ही नहीं, बल्कि JEE, NEET और CUET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं का पाठ्यक्रम, अभ्यास प्रश्न और टेस्ट उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, मेडिकल और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने में सफल हों। गरीब और ग्रामीण छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। पटना के 10 मॉडल स्कूलों में JEE और NEET की पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग शुरू की जा रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार राज्य के 146 मॉडल स्कूलों तक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक गरीब छात्रों को इसका लाभ मिल सके। पटना के 150 सरकारी स्कूलों से शुरूआत वहीं, बिहार स्कूल लाइव क्लासेज योजना का पहला चरण फिलहाल पटना के 150 सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया है। सरकार का लक्ष्य जुलाई के अंत तक इसे पटना के सभी 422 हाई स्कूलों तक पहुंचाना है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इस मॉडल को पूरे बिहार में लागू करने की योजना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर मिलेगा।



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वेज, पनीर, चिकन भूल जाइए, चखिए फिश मोमो, भेटकी मछली की स्टफिंग, ₹100 में यहां लें स्वाद


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Jamshedpur Famous Fish Momo: पनीर, चिकन मोमो के बाद अब जमशेदपुर में फिश मोमो ने धूम मचायी है. डायमंड फूड पार्क में लगने वाले कोलकाता डिलाइट नाम के स्टॉल पर आप 100 रुपये प्लेट में इसका स्वाद ले सकते हैं. भेटकी मछली की स्टफिंग और चटनी का यह कॉम्बो काफी जोरदार लगता है.

ख़बरें फटाफट

जमशेदपुर. जमशेदपुर में मोमो प्रेमियों के लिए एक नया और अनोखा स्वाद चर्चा का विषय बना हुआ है. अब तक लोगों ने वेज, पनीर और चिकन मोमो का स्वाद खूब लिया है, लेकिन शहर में पहली बार फिश मोमो लोगों को आकर्षित कर रहा है. अपने अलग स्वाद और खास फिलिंग की वजह से यह मोमो तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. जो लोग एक बार इसे चख रहे हैं, वे इसके स्वाद की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. खास बात यह है कि यह मोमो साधारण मछली से नहीं, बल्कि स्वादिष्ट और प्रीमियम मानी जाने वाली भेटकी मछली से तैयार किया जा रहा है.

पहले शंका थी की पसंद आएगा या नहीं
इस अनोखे फिश मोमो को शहर के युवा उद्यमी पवित्र महतो लेकर आए हैं. उन्होंने बताया कि बाजार में पहले से ही कई तरह के मोमो उपलब्ध हैं, इसलिए वह ग्राहकों को कुछ नया और अलग अनुभव देना चाहते थे. इसी सोच के साथ उन्होंने फिश मोमो बनाने का प्रयोग किया. शुरुआत में लोगों की प्रतिक्रिया को लेकर थोड़ी आशंका थी, लेकिन जैसे ही ग्राहकों ने इसका स्वाद चखा, यह तेजी से लोकप्रिय हो गया. आज कई ग्राहक खास तौर पर फिश मोमो खाने के लिए उनके स्टॉल तक पहुंच रहे हैं.

चिकन मोमो से भी ज्यादा टेस्टी
पवित्र महतो बताते हैं कि फिश मोमो बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली भेटकी मछली का उपयोग किया जाता है. मछली को विशेष मसालों और ताजी सामग्री के साथ तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. मोमो की बाहरी परत नरम और अंदर की फिलिंग बेहद जूसी होती है. जब इसे मसालेदार चटनी और मेयोनीज के साथ परोसा जाता है, तो इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. यही वजह है कि फिश मोमो खाने वाले कई ग्राहक इसे चिकन मोमो से भी ज्यादा स्वादिष्ट बता रहे हैं.

कीमत की बात करें तो फिश मोमो की एक प्लेट में 8 पीस दिए जाते हैं, जिसकी कीमत 100 रुपये रखी गई है. प्रीमियम क्वालिटी की भेटकी मछली का उपयोग होने के बावजूद कीमत को ग्राहकों की पहुंच में रखा गया है. शाम के समय स्टॉल पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. युवा, कॉलेज छात्र और फूड लवर्स खास तौर पर इस नए स्वाद को आजमाने पहुंच रहे हैं.

टाइमिंग और लोकेशन
अगर आप भी कुछ नया और हटकर खाने के शौकीन हैं, तो जमशेदपुर के डायमंड फूड पार्क में स्थित कोलकाता डिलाइट आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह स्टॉल रोजाना शाम 6 बजे से शुरू होता है. पवित्र महतो का कहना है कि उनका उद्देश्य शहर के लोगों को ऐसा स्वाद देना था, जो अब तक यहां उपलब्ध नहीं था. उनकी यह सोच सफल होती नजर आ रही है और फिश मोमो आज शहर के फूड लवर्स के बीच एक नई पहचान बना चुका है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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अमलाई में सूने घर से 2 लाख की चोरी: जेवर-नकदी लेकर बदमाश फरार; परिवार बोला-वापस लौटने पर ताला टूटा मिला – Shahdol News




शहडोल के अमलाई थाना क्षेत्र की छोटी अमलाई में सूने मकान से करीब दो लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी हो गई। वारदात छोटी अमलाई निवासी ध्रुव लोनिया के घर में हुई, जब परिवार घर पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने घर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने अलमारी और अन्य स्थानों पर रखे जेवरात व नकदी चुरा ली और मौके से फरार हो गए। परिवार बोला-घर के दरवाजे का ताला टूटा पीड़ित ध्रुव लोनिया ने बताया कि जब उनका परिवार वापस लौटा, तो उन्होंने घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ पाया। अंदर देखने पर अलमारी खुली थी और सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि सोने-चांदी के जेवरात और नकदी गायब थे, जिसके बाद तत्काल अमलाई पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अमलाई पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में कितने बदमाश शामिल थे और उन्होंने घर की रेकी की थी या नहीं। सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। अमलाई थाना पुलिस ने ध्रुव लोनिया की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही इस मामले का खुलासा करने का दावा किया है।



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जयपुर में युवा गा रहे थे गाना, अचानक पहुंचे सिंगर: ‘धुरंधर’ के ‘कारवां’ गाना गाने वाले शहजाद बोले- यह गीत मुश्किल दौर से गुजर रहे लोगों को हिम्मत देता है – Jaipur News




बॉलीवुड के चर्चित गायक शहजाद अली इन दिनों अपने नए म्यूजिक वीडियो की शूटिंग के लिए जयपुर आए हुए है। जवाहर सर्किल पर निर्देशक अमन प्रजापत के निर्देशन में उनके दो नए म्यूजिक वीडियो की शूटिंग कर रहे हैं। शूटिंग के दौरान उस समय भावुक और यादगार माहौल बन गया, जब कुछ युवा गिटार पर शहजाद का चर्चित गीत ‘कारवां’ गाने लगे। अपनी शूटिंग बीच में रोककर शहजाद सीधे उन युवाओं के बीच पहुंचे, उनकी गायकी की सराहना की और फिर उनके साथ मिलकर ‘कारवां’ गाया। यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और गीत समाप्त होते ही तालियों की गूंज से पूरा माहौल उत्साह से भर उठा। जयपुर में फिल्माए जा रहे इस म्यूजिक वीडियो का निर्देशन अमन प्रजापत कर रहे हैं, जबकि इसके निर्माता सौरभ प्रजापत हैं। वीडियो के सिनेमैटोग्राफी (डीओपी) की जिम्मेदारी आशीष कुमावत संभाल रहे हैं। इस गीत में शहजाद अली के साथ आकांक्षा भल्ला भी नजर आएंगी। पहले यहां देखिए शूटिंग के फोटोज शूटिंग के दौरान शहजाद अली ने कहा कि ‘कारवां’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए उम्मीद का संदेश है जो जीवन में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैंने यह गीत गाया था, तब इसने मुझे भी हिम्मत दी थी। अगर कभी जिंदगी में निराशा महसूस हो, तो यह गीत जरूर सुनिए। मुझे विश्वास है कि यह आपको फिर से खड़े होने की ताकत देगा। जयपुर में मिले प्यार से अभिभूत शहजाद ने कहा कि राजस्थान की धरती संगीत और संस्कृति से सराबोर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जहां भी जाइए, लोग अच्छे संगीत को दिल से अपनाते हैं। जब मैंने जवाहर सर्किल पर कुछ युवाओं को मेरा गीत गाते देखा तो मैं खुद को रोक नहीं पाया। उनके साथ गाना मेरे लिए बेहद खास पल था। यही राजस्थान है, यहां प्यार है, संगीत है, मोहब्बत है और अपनापन है। उन्होंने बताया कि वे निर्देशक अमन प्रजापत और निर्माता सौरभ प्रजापत के साथ दो नए गीतों की शूटिंग के लिए जयपुर आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक इन नए गीतों को भी उतना ही प्यार देंगे, जितना ‘कारवां’ को मिला। फिल्म ‘धुरंधर’ के बाद अपने करियर में आए बदलाव पर शहजाद ने मुस्कुराते हुए कहा कि पहले जिंदगी अच्छी थी, अब बेहतरीन है। पहले मैं घर में था, अब लोग मुझे पहचानने लगे हैं। उम्मीद करता हूं कि लोगों का प्यार और दुआएं हमेशा इसी तरह मिलती रहें। कौन हैं शहजाद अली? शहजाद अली बॉलीवुड के उभरते हुए गायकों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी दमदार आवाज और भावपूर्ण गायकी से कम समय में अलग पहचान बनाई है। उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता फिल्म ‘धुरंधर’ के प्रेरणादायक गीत ‘कारवां’ से मिली। यह गीत युवाओं के बीच संघर्ष, उम्मीद और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया और सोशल मीडिया से लेकर लाइव कॉन्सर्ट तक खूब पसंद किया गया। शहजाद अपनी सूफियाना अंदाज की गायकी, रोमांटिक गीतों और मोटिवेशनल ट्रैक्स के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी आवाज में भावनाओं की गहराई और सरल प्रस्तुति उन्हें नई पीढ़ी के पसंदीदा गायकों में शामिल करती है। वे लगातार नए म्यूजिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं और स्वतंत्र संगीत (इंडी म्यूजिक) के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।



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आजमगढ़ में एक दिन पूर्व बारिश के कारण गिरा तापमान: धान के खेतों में भरा पानी, उमस भरी गर्मी, बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी – Azamgarh News




आजमगढ़ में गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल रहा। सुबह से ही आसमान में बादलों के साथ ही धूप भी आती जाती रही। जिले का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। जिले के आउटर वाले इलाकों में दो दिन पूर्व हुई बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। खेतों में पानी भर जाने से धान की रोपाई करने वाले किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी का काम करेगी। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले तीन दिनों के बाद ही बारिश होगी। उमस भरी गर्मी के बाद भी जिस तरह से बिजली की कटौती हो रही है। उससे आम जनजीवन भी बुरी तरह से प्रभावित होता दिख रहा है। हालांकि आसमान में बादलों की वजह से आम जनता को थोड़ी राहत मिलती नजर आ रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 36 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सरकार ने सतर्कता बरतने की अपील
प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौसम विभाग के लगातार हो रहे परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले तीन दिनों के बाद मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है।



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अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की: जवाब में तेहरान का बहरीन-कुवैत में मिसाइल हमला, जॉर्डन ने 3 मिसाइलें गिराईं




अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकाने और सिस्तान-बलूचिस्तान में 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी। इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस का निर्यात भी रोका जा सकता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में जहाज नहीं भेज रहीं कंपनियां: ईरानी हमलों के बाद कई शिपिंग कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए अमेरिका की सुरक्षा लेने से भी बच रही हैं। 2. अमेरिकी हमलों में 35 ईरानी लोगों की मौत: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि हाल के दिनों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 3. ईरान जंग के बाद पहली बार अमेरिका जाएंगे नेतन्याहू: इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू शनिवार को अमेरिका जाएंगे। वे दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं। 4. अचानक कतर पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री: अब्बास अराघची अचानक कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। वह कतर के पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेंगे। 5. लापता भारतीय नाविक के मौत की पुष्टि: ओमान के तट के पास कारोबारी जहाज GFS गैलेक्सी पर 12 जुलाई को हुए हमले के बाद लापता हुए एक भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हो गई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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