Thursday, June 25, 2026
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वाटर वर्क्स फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बंद रहेगी बिजली: उदयपुर में आज सुबह 10 से शाम 5 बजे तक पावर कट रहेगा, जाने प्रभावित एरिया – Udaipur News




मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 25 जून 2026 गुरुवार को उदयपुर में कानपुर खेड़ा स्थित वाटर वर्क्स फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। अजमेर बिजली निगम के अनुसार प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक फीडर पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। जेईएन विजय कुमार यादव ने बताया कि इस दौरान रानी की बावड़ी, जोयडा बावजी, पाराखेत चौराहा, कानपुर खेड़ा गांव, कार्तिक नगर, वाटर वर्क्स क्षेत्र तथा माइंस से जुड़े सभी कनेक्शनों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। ये खबरें भी पढ़े… उदयपुर में एक कोचिंग संस्थान और बैंक्वेट हॉल सील:लखनऊ अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी की जांच, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी उदयपुर से 1772 श्रद्धालु ट्रेन से,217 फ्लाइट से जाएंगे तीर्थ:नि:शुल्क तीर्थ यात्रा की लॉटरी निकाली; जिले के श्रद्धालुओं के लिए पहली ट्रेन अगस्त बाद



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मथुरा में ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की मौत: परिजनों ने कंपनी पर लगाए आरोप, स्टोर के बाहर प्रदर्शन – Mathura News




मथुरा में ब्लिंकिट के एक डिलीवरी बॉय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और साथी कर्मचारियों ने हंगामा किया। उन्होंने कंपनी पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए टाउनशिप स्थित स्टोर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और आर्थिक सहायता की मांग की। मृतक की पहचान सदर बाजार थाना क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी 23 वर्षीय हरीशचंद्र निषाद पुत्र राकेश कुमार निषाद के रूप में हुई है। वह पिछले करीब ढाई माह से ब्लिंकिट में डिलीवरी बॉय का काम कर रहा था। मंगलवार शाम करीब सात बजे हरीश टाउनशिप के नंदनवन क्षेत्र में एक पार्सल डिलीवर करने गया था। वहीं वह अपनी मोटरसाइकिल के पास अचेत अवस्था में मिला। परिजनों और स्थानीय लोगों ने सूचना मिलने पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कंपनी ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया युवक की मौत से परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि हरीश अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिजनों और साथी डिलीवरी बॉय का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि 15-16 घंटे बीत जाने के बाद भी कंपनी ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया और न ही कोई संवेदना व्यक्त की। कंपनी के कथित असंवेदनशील रवैये से नाराज होकर बड़ी संख्या में डिलीवरी बॉय और परिजन बुधवार दोपहर टाउनशिप स्थित ब्लिंकिट स्टोर पर जमा हो गए। उन्होंने स्टोर के मुख्य द्वार पर शव रखकर प्रदर्शन किया और मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजा व आर्थिक सहायता की मांग की। शव रखकर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और युवक की मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।



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जहानाबाद में सड़क हादसा: स्कॉर्पियो की टक्कर से महिला की मौत, पटना से लौट रहे थे दंपती – Jehanabad News




जिले के काको थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया। हादसा हाजीपुर गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। पटना से लौटते समय हुआ हादसा मृतका की पहचान काको थाना क्षेत्र के फिरालेचक (प्रेरित चक्की) गांव निवासी 32 वर्षीय संध्या कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह अपने पति के साथ पटना से गांव लौट रही थीं। परिवार में चाचा के निधन के बाद दोनों घर जा रहे थे। टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक हाजीपुर गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पति-पत्नी दोनों सड़क किनारे जा गिरे। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। अस्पताल में महिला को मृत घोषित किया गया घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में तैनात डॉक्टर अरविंद कुमार नंदा ने जांच के बाद संध्या कुमारी को मृत घोषित कर दिया। महिला अपने पीछे दो पुत्रियों को छोड़ गई हैं। परिजनों में मचा कोहराम, कार्रवाई की मांग हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने दोषी चालक की गिरफ्तारी और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी ओवरस्पीडिंग को लगातार बढ़ती समस्या बताया। पुलिस ने शुरू की जांच काको थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष माया कुमारी ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार स्कॉर्पियो चालक की पहचान की जा सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।



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YA BABA गाने पर नोरा ने हिलाई ऐसी कमरिया कि ठहर गई ‘जमील जमाली’ की नजरें, महज 3 दिन में बटोरे इतने मिलियन व्यूज!


 

वर्ल्ड म्यूजिक डे के मौके पर रिलीज हुआ नया पार्टी एंथम ‘या बाबा’ (Ya Baba) इंटरनेट पर तबाही मचा रहा है. इस गाने में डांसिंग क्वीन नोरा फतेही ने अपने कातिलाना डांस से आग लगा दी है, वहीं ‘धुरंधर’ फिल्म के मशहूर कैरेक्टर ‘जमील जमाली’ (राकेश बेदी) की मजेदार एंट्री ने फैंस का दिल जीत लिया है. नोरा के हुस्न और ‘जमील जमाली’ के पुराने स्वैग की जुगलबंदी का ही असर है कि रिलीज होने के महज 3 दिनों के भीतर ही यूट्यूब पर इस गाने ने 9.5 मिलियन से ज्यादा व्यूज बटोर कर नया रिकॉर्ड बना दिया है. टी-सीरीज के इस धमाकेदार ट्रैक को नोरा फतेही और शिल्पा राव ने मिलकर गाया है.

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गोविंदानंद सरस्वती बोले- अविमुक्तेश्वरानंद राम मंदिर के पहले चोर: एक हजार गांवों से सोना-चांदी और दान जुटाया था, SIT को भेजा सबूत – Uttar Pradesh News


अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दीक्षित शिष्य स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने बड़ा दावा किया है। बुधवार को उन्होंने मुंबई में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

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गोविंदानंद सरस्वती ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में विशेष जांच दल (SIT) को पत्र भेजा है और उनके पास आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने ट्रस्ट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और SIT से मामले की आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के सबसे पहले चोर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हैं। उन्हें इस गलत काम के लिए सजा मिलनी चाहिए। उनकी सारी संपत्ति जब्त की जाए और उन्हें जेल में डाला जाए। रिश्ते में वे अविमुक्तेश्वरानंद के गुरुभाई हैं।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गोयात्रा पर हैं। बुधवार को वे मुरादाबाद में थे। देर शाम मौन साधना पर जाने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल पाया है।

स्वामी गोविंदानंद सरस्वती बद्री और द्वारका पीठ के ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दीक्षित शिष्य हैं। उन्होंने बुधवार को मुंबई में मीडिया से बात की।

‘ट्रस्ट बनने के बाद किसी को चंदा जुटाने का अधिकार नहीं था’

गोविंदानंद सरस्वती ने कहा कि 5 फरवरी 2020 को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हो गया था। इसके बाद मंदिर निर्माण के लिए दान और चंदा जुटाने का अधिकार केवल ट्रस्ट के पास था। इसके बावजूद 7 फरवरी 2020 को वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘राम-राम ग्राम-ग्राम अभियान’ शुरू कर सोना संग्रह करने की घोषणा की, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश, केंद्र सरकार के निर्देश और ट्रस्ट की व्यवस्था के खिलाफ था।

‘गुरुदेव के निधन के बाद सोना-चांदी ले गए’

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके गुरुदेव स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पूरे देश से राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों रुपए, सोना और चांदी एकत्र किया था। साल 2022 में उनके निधन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कथित रूप से वह सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान लेकर श्री विद्या मठ में रख दिए।

‘दो साल पहले भी की थी शिकायत’

गोविंदानंद सरस्वती ने दावा किया कि 26 जून 2024 को उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और अयोध्या थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस मामले की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को भी फोन और पत्र के जरिए कथित अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी।

‘एक हजार गांवों से सोना जुटाने की जांच हो’

उन्होंने SIT से मांग की कि सबसे पहले यह जांच की जाए कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कथित तौर पर एक हजार गांवों से कितना सोना और दान एकत्र किया। उनका आरोप है कि वाराणसी में लोगों को कुछ चुनिंदा व्यक्तियों से सोना खरीदने के लिए भी कहा गया था और बाद में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत अन्य स्थानों पर सोना, हीरा और अन्य कीमती सामान बेचा गया।

गोविंदानंद सरस्वती की प्रमुख मांगें

  • राम मंदिर दान संग्रह की आंतरिक और बाहरी जांच कराई जाए।
  • कथित रूप से एकत्र किए गए सोना-चांदी का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
  • यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों की संपत्ति जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

कैसे खुली राम मंदिर चोरी की पोल

बताया जा रहा है कि सेवादारों को मंदिर में सालों से चल रहे गबन की जानकारी थी। इसमें बड़े लोगों के नाम होने के कारण वे कुछ बोल नहीं रहे थे। पिछले 2 सालों में टिन्नू का दबदबा बढ़ा तो मंदिर में काम करने वाले एक गुट को यह चुभने लगा। इस गुट ने प्लानिंग बनाकर उससे करीबी बढ़ाई। फिर सभी तथ्य पता कर इसकी जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी।

अब तक 2 करोड़ की रिकवरी, 200 करोड़ चोरी का अनुमान

राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है। चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है।

ऑडिट फर्म ने दिए थे ये सुझाव

ऑडिट फर्म ने चंदे और फंड मैनेजमेंट को बेहतर करने, गहनों और कीमती सामान का स्टॉक रजिस्टर बनाए रखने, बैंक रिकॉर्ड का नियमित मिलान करने, IT डेटा सुरक्षा मजबूत करने, HR और प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने का सुझाव दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट की वेबसाइट पर न तो इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध है और न ही SOP की जानकारी दी गई है। 5 फरवरी, 2020 को ट्रस्ट बनने के बाद नवंबर, 2025 तक 4575 करोड़ से ज्यादा नकद दान मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा सोना-चांदी और अन्य कीमती धातुओं के रूप में भी बड़ा दान मिला है।

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राममंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट SIT ने सरकार को सौंपी:20 पेज की रिपोर्ट में FIR और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें FIR दर्ज करने और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है। किसी सीनियर अफसर को मंदिर का CEO नियुक्त करने का भी सुझाव है। डिटेल जांच के लिए SIT ने और समय मांगा है। पूरी खबर पढ़िए…



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सूरत-मुंद्रा के बीच स्टार एयर की फ्लाइट शुरू: पहले दिन 36 यात्रियों ने किया सफर, 12 घंटे की यात्रा अब 1 घंटे में होगी – Gujarat News




दक्षिण गुजरात और कच्छ क्षेत्र के बीच हवाई संपर्क को मजबूत करते हुए स्टार एयर ने मंगलवार से सूरत और मुंद्रा के बीच अपनी नई नियमित उड़ान सेवा शुरू कर दी। नई सेवा के शुरू होने के साथ ही दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। पहले दिन सूरत से 36 यात्रियों ने मुंद्रा का सफर किया। मुंद्रा से आने वाली फ्लाइट संख्या S5-624 सुबह 10:55 बजे सूरत एयरपोर्ट पहुंची। उसके बाद सूरत से मुंद्रा के लिए फ्लाइट संख्या S5-625 सुबह 11:25 बजे रवाना हुई। कारोबारियों की आवाजाही आसान होगी सूरत देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों में से एक है, जबकि मुंद्रा बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ऐसे में नई हवाई सेवा से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे कारोबारियों की आवाजाही आसान होगी।



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घर की दाल में नहीं आता ढाबे जैसा स्वाद? तड़का लगाने का ये सीक्रेट जान लें


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दाल भारतीय खाने का सबसे जरूरी हिस्सा है, लेकिन कई बार घर की दाल में वो खुशबू और स्वाद नहीं आता जो ढाबे या रेस्टोरेंट वाली दाल में मिलता है. इसकी वजह सिर्फ मसालों की कमी नहीं, बल्कि तड़का लगाने का तरीका भी हो सकता है. जानिए दाल में तड़का लगाते समय कौन सी गलतियां स्वाद बिगाड़ देती हैं.

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तड़का लगाने की सही ट्रिक.

दाल लगभग हर भारतीय किचन में रोज बनने वाली डिश है. अरहर, मूंग, मसूर या उड़द दाल को अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है, लेकिन एक चीज जो इसके स्वाद को सबसे ज्यादा बढ़ाती है वह है तड़का. तेल या घी में भुने मसाले जब गर्म दाल में मिलते हैं तो इसकी खुशबू और स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. लेकिन कई बार लोग तड़का लगाते समय छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिसकी वजह से दाल का स्वाद फीका या कड़वा लग सकता है.

तड़का लगाते समय सबसे आम गलती है तेल या घी को जरूरत से ज्यादा गर्म करना. जब तेल बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है तो मसाले जल्दी जल सकते हैं. जले हुए जीरे, लहसुन या लाल मिर्च का स्वाद दाल की पूरी खुशबू खराब कर सकता है. इसलिए तड़का हमेशा मध्यम आंच पर लगाना बेहतर माना जाता है.

जीरा डालने का सही समय क्या है?
जीरा दाल के तड़के की जान माना जाता है. लेकिन अगर जीरा सही समय पर नहीं डाला जाए तो उसका स्वाद पूरी तरह नहीं निकलता. तेल या घी गर्म होने के बाद जब जीरा चटकने लगे तभी बाकी मसाले डालने चाहिए. इससे जीरे के अंदर मौजूद प्राकृतिक तेल बाहर आते हैं और अच्छी खुशबू देते हैं.

लहसुन और प्याज को कितना भूनना चाहिए?
लहसुन वाला तड़का कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन इसे जलने से बचाना जरूरी है. हल्का सुनहरा होने तक भुना हुआ लहसुन दाल में बेहतरीन स्वाद देता है. अगर लहसुन ज्यादा जल जाए तो उसमें कड़वापन आ सकता है. लाल मिर्च पाउडर को बहुत तेज गर्म तेल में डालने से वह जल सकती है और उसका रंग भी खराब हो सकता है. कई लोग तड़का गैस बंद करने के बाद लाल मिर्च डालते हैं ताकि उसका रंग और स्वाद अच्छा बना रहे.

दाल में तड़का कब डालना चाहिए?
तड़का हमेशा गर्म दाल में डालने से स्वाद अच्छी तरह मिल जाता है. तड़का डालने के बाद दाल को कुछ मिनट ढककर रखने से मसालों की खुशबू अंदर तक चली जाती है. यही वजह है कि कई जगहों पर तड़का डालने के बाद दाल को थोड़ी देर दम पर रखा जाता है. दाल का स्वाद सिर्फ नमक और मसालों से नहीं आता. दाल की क्वालिटी, पकाने का तरीका और तड़के का बैलेंस भी उतना ही जरूरी है. घी में लगाया गया तड़का दाल को ज्यादा रिच स्वाद दे सकता है, जबकि तेल में हल्का और अलग फ्लेवर आता है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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अशोकनगर में बारिश, गर्मी से मिली राहत: एक घंटे तक बरसे पानी से बदला मौसम; आसमान में छाए घने बादल – Ashoknagar News




अशोकनगर जिले में बुधवार शाम मौसम ने करवट ली। देर शाम हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगभग एक घंटे तक पानी बरसा। पिछले कुछ दिनों से बारिश न होने के कारण जिले में गर्मी का असर बढ़ रहा था। बारिश से पहले कुछ देर तक आसमान में घने बादल छाए रहे। हालांकि, कुछ इलाकों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही हुई। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान जताया है। गौरतलब है कि जून महीने के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में जिले के कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, बारिश रुकने के बाद तापमान में फिर से वृद्धि होने लगी थी।



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14 दिन में बनती थी सिर्फ एक सेकंड की फिल्म, रिलीज होते ही निकली महाब्लॉकबस्टर


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हर सफल फिल्म के पीछे डायरेक्ट का विजन, उसका धैर्य और पूरी यूनिट का अथक प्रयास होता है. 14 दिन में अगर सिर्फ एक सेकंड की फिल्म बने तो ऐसी मूवी के निर्माण में कितनी मेहनत करनी पड़ी होगी, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं. बस एक गलती पर डायरेक्टर की पूरी मेहनत बर्बाद हो जाती थी. लंबे प्रयास के बाद जब फिल्म रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. फिल्म महाब्लॉकबस्टर साबित हुई. फिल्म की कहानी सबको पता था लेकिन इसका प्रजेंटेशन कुछ ऐसा था कि हर किसी को दीवाना बना लिया.

साल था 2019. एआई का दौर भारत में शुरू नहीं हुआ था, तब डायरेक्टर अश्विन कुमार के मन में एक फिल्म बनाने का आइडिया आया. उन्होंने फिल्म पर रिसर्च करना शुरू किया. रिसर्च-डेलपमेंट और फिल्म को बनाने में 6 साल का समय लगा. इस फिल्म को बनाने में कितना अथक प्रयास करना पड़ा इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते कि 14 दिन में सिर्फ एक सेकंड की रील तैयार होती थी. जो रील तैयार होती थी, अगर वो पसंद नहीं आई तो फिर से 14 दिन मेहनत करनी पड़ती थी. जब फिल्म रिलीज हुई तो हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. जी हां!, हम 2025 में रिलीज एनिमेटेड मूवी ‘महावतार नरसिम्हा’ की बात कर रहे हैं.

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अक्सर किसी फिल्म के फ्लॉप होने पर यह तर्क दिया जाता है कि मूवी की कहानी घिसी-पिटी थी. बहुत ही प्रिटेक्बल थी. अगर किसी फिल्म की कहानी सबको पता हो और फिर भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपर ब्लॉकबस्टर साबित हो तो इसे क्या कहा जाएगा. फिल्म का प्रस्तुतिकरण मायने रखता है. कहानी का प्रजेंटेंशन, संवाद, स्क्रीनप्ले जितना अच्छा होगा, फिल्म दर्शकों के दिल-दिमाग में उतना ही असर छोड़ेगी. ऐसा ही कुछ ‘महावतार नरसिम्हा’ के साथ हुआ.

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‘महावतार नरसिम्हा’ 25 जुलाई 2025 को भारत में रिलीज हुई थी. डायरेक्टर अश्विनी कुमार थे. स्क्रिप्ट विष्णु पुराण-नरसिंह पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण से ली गई थी. तीनों पुराण की कहानियों को राइटर जयपर्णा दास ने कुछ इस अंदाज में लिखा था कि पहले ही सीन से फिल्म दर्शकों पर पकड़ बना लेती है. डायलॉग्स रुद्र प्रताप घोष ने लिखे थे.

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इस फिल्म का प्रोडक्शन क्लीम प्रोडक्शन के बैनर तले किया गया था. प्रोड्यूसर शिल्पा धवन, कुशल देसाई और चैतन्य देसाई थे. होम्बले फिल्म्स के प्रजेंटेटर थे. यह फिल्म महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स की पहली कड़ी है. होम्बले फिल्म्स ने इससे पहले ‘केजीएफ’, ‘सलार’ और ‘कांतारा’ जैसी फिल्में बनाई हैं.

इस फिल्म को बनाने में डायरेक्टर अश्विन कुमार को बहुत मेहनत करनी पड़ी. फिल्म का एक सेकंड बनाने में करीब दो हफ्ते का समय लग जाता था. अश्विनी कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि एक इमेज को रेंडर होने में 4-10 घंटे को समय लगता था. इस तरह से 1 सेकेंड का वीडियो बनाने में 2 हफ्ते का समय लग जाता था. करीब 1 सेकेंड से 10 सेकेंड का वीडियो तैयार होता था. जब वो पसंद नहीं आता था तो आप फिर से वही प्रोसेस करते थे. यानी ये वाला काम पूरा जीरो हो जाता था.

‘महावतार नरसिम्हा’ फिल्म की कहानी दर्शकों के लिए नई नहीं थी. नया तो इसका प्रजेंटेंशन. डायलॉग, भक्त प्रह्लाद का कैरेक्टर. दरअसल, असुर राजा हिरण्यकश्यप को भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार ने मारा था. उसने ब्रह्मा से वरदान हासिल किया था कि कि ना तो दिन-रात, न घर के अंदर-बाहर, न किसी अस्त्र-शस्त्र से, न मनुष्य-पशु द्वारा मारा जा सकता था. भगवान नरसिंह ने उसे चौखट पर गोधूलि के समय मारा था. यह कहानी सबको पता है लेकिन फिर भी ‘महावतार नरसिम्हा’ में डायरेक्टर अश्विन कुमार ने जिस तरह से फिल्म बनाई, उस पर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए.

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‘महावतार नरसिम्हा’ फिल्म का बजट करीब 15-20 करोड़ रुपये था. यह भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली पहली एनिमेटेड फिल्म है. मूवी ने 350 करोड़ से भी ज्यादा की कमाई की. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर महाब्लॉकबस्टर साबित हुई . फिल्म का कोई प्रमोशन नहीं किया गया. ‘महावतार नरसिम्हा’ ऐसे समय आई थी जब ‘सैयारा’ का जादू युवाओं के सिर पर चढ़कर बोल रहा था, फिर भी इस फिल्म ने वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. 

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धीरपुर में बनेगा अंबेडकर विश्वविद्यालय का नया कैंपस: 1668 करोड़ की परियोजना को मंजूरी, 840 सीटों का हॉस्टल, 2,500 क्षमता वाला ऑडिटोरियम बनेगा – New Delhi News




दिल्ली सरकार ने राजधानी में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए धीरपुर में डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय (एयूडी) के नए अत्याधुनिक कैंपस के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में लगभग 1,668 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। करीब 20 हेक्टेयर (50 एकड़) क्षेत्र में विकसित होने वाला यह कैंपस आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा शिक्षा किसी भी विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव होती है और सरकार युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। परियोजना के पहले चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही 840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। परिसर में आधुनिक अकादमिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, छात्र सुविधा केंद्र, खेल अवसंरचना और पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नए कैंपस की एक प्रमुख विशेषता 2,500 सीटों की क्षमता वाला भव्य सभागार होगा, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। सरकार का दावा है कि यह परियोजना राजधानी में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ हजारों विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कैंपस की खास विशेषताएं,…
ग्रीन कैंपस पर रहेगा फोकस – जीआरआईएचए 5-स्टार रेटिंग के अनुरूप विकास
– सौर और भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग
– रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
– अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण की व्यवस्था
– जल संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
– डीयूएसी और अग्निशमन विभाग से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त



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