Friday, June 26, 2026
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दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर दान घोटाले पर उठाए सवाल: देवास में बोले- केवल इस्तीफे से नहीं, दोषियों पर FIR हो – Dewas News




पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर ट्रस्ट प्रबंधन को घेरा है। उन्होंने कहा कि मंदिर के दान और निर्माण कार्यों में घोटाले के आरोप बेहद गंभीर हैं। सिंह ने मांग की कि केवल इस्तीफों से बात नहीं बनेगी, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। दिग्विजय सिंह शुक्रवार शाम को देवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं और हाल ही में एक ट्रस्टी के इस्तीफे के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और बाद के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी सरकार के शासनकाल में मंदिर के पैसों में भी घोटाले के आरोप लग रहे हैं। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान वर्ष 1992 के बाद जो चंदा एकत्र किया गया था, उसका भी आज तक पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद भी उसकी व्यवस्थाएं विश्व हिंदू परिषद (VHP) के हाथों में हैं। उन्होंने देशभर के अनेक मंदिरों और मठों का उदाहरण दिया, जिनकी व्यवस्थाएं संत-महात्माओं के पास रहती हैं और वहां इस प्रकार के विवाद या घोटाले सामने नहीं आते। दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि केवल किसी ट्रस्टी के इस्तीफा देने से मामला खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने ट्रस्ट की व्यवस्था की जिम्मेदारी चंपत राय पर डालते हुए कहा कि उन्हें पूरे मामले की जवाबदेही लेनी चाहिए। सिंह ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताएं उनके भरोसेमंद लोगों द्वारा ही की गई हैं और दोषियों के खिलाफ विस्तृत जांच कर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।



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दादा के हाथ से पोते को खींच ले गई शेरनी: दादा की उंगली पकड़कर दूध लेने जा रहा था बच्चा, 1 किमी दूर मिला शव – Gujarat News




अमरेली जिले में खांभा तालुका के चतुरी गांव में रात को शेरनी ने 5 साल के बच्चे को दादा के हाथों से झपटकर मौत के घाट उतार दिया। अमरेली में एक महीने में शेर के हमले की तीसरी घटना हुई। 5 वर्षीय जियान देवकुंभाई सीधा रात में दादा की उंगली पकड़कर दूध लेने जा रहा था, तभी अंधेरे में अचानक शेरनी ने हमला किया। दादा कुछ समझते इससे पहले शेरनी बच्चे को खींचकर जंगल में ले भागी। दादा की चीखें और बच्चे की पुकार से ग्रामीण लाठियां लेकर दौड़े और खोजबीन की। मृतक के मामा के अनुसार, 2-3 युवकों ने बच्चे को शेरनी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। करीब 1 किमी दूर पोते का लहूलुहान शव मिला। वन विभाग ने सुबह तक मेगा ऑपरेशन चलाया तो शेर की उल्टी में बच्चे के अवशेष मिले, जो जांच के लिए भेजे हैं। 9 घंटे ऑपरेशनः 5 शेर पिंजरे में वन विभाग ने 9 घंटे मेगा ऑपरेशन में 1 शेरनी को ट्रैंक्विलाइज करके कुल 5 शेरों को वन विभाग की टीमों ने रेस्क्यू कर पिंजरे में बंद किया। 10 दिन पहले युवक को शेर ने खा लिया था 10 दिन पहले अमरेली में उत्तराखंड के एक युवक को गुजरात में शेर ने अपना शिकार बना लिया था। स्थानीय लोगों और वन विभाग को मौके से आधा खाया हुआ सिर और पसलियों के टुकड़े मिले थे, जिनके आधार पर युवक की पहचान की गई। युवक पिथौरागढ़ का रहने वाला था और गुजरात के अमरेली जिले में एक होटल में काम करता था। देर रात प्रकाश चंद्र अपने घर जाने के लिए होटल से निकला था। इसी दौरान कोवाया गांव के पास अंधेरे में घात लगाए बैठे शेर ने उस पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया और उसे घसीटकर झाड़ियों में ले गया। शेर ने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया और शरीर को बुरी तरह नोच डाला था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… युवक के शिकार के बाद का वीडियो: रिकॉर्ड करने वाले को नहीं पता था कि शेर ने इंसान का शिकार किया अमरेली में 15 जून की रात एक शेर ने उत्तराखंड के एक युवक को अपना शिकार बना लिया था। वीडियो में शिकार के बाद शेर उसे खाता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया में अपलोड करने वाले शख्स को यह नहीं पता था कि शेर ने किसी जानवर का नहीं बल्कि एक इंसान का शिकार किया है। पूरी खबर पढ़ें…



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पराठे बनाते समय आटे में मिला दीजिए ये 3 चीजें, कई घंटों तक रहेंगे सॉफ्ट, स्वाद होगा दोगुना


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Tips To Keep Parathas Soft: अगर आपके पराठे कुछ ही देर में सख्त हो जाते हैं, तो आटा गूंथते समय दही, थोड़ा सा घी या तेल और गुनगुने पानी मिला सकते हैं. इन चीजों से आटे में काफी फर्क आ जाएगा और पराठे सॉफ्ट बनेंगे. आटा गूंथकर थोड़ी देर रखने और सही तरीके से पराठे सेंकने से लंबे समय तक मुलायम और स्वादिष्ट बने रहते हैं.

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सॉफ्ट पराठा बनाने के लिए आटा गूंथते समय उसमें थोड़ा दही मिला सकते हैं.

Perfect Soft Paratha Hacks: गरमा-गरम पराठे सभी को खूब पसंद होते हैं. ब्रेकफास्ट से लेकर लंच और डिनर में भी कई लोग पराठे का स्वाद लेते हैं. स्वादिष्ट पराठे हर किसी का दिल जीत लेते हैं. कई बार पराठे बनाने के कुछ घंटों बाद वे सख्त हो जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और मजा दोनों कम हो जाते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपके पराठे कई घंटों तक मुलायम बने रहें, तो आटा गूंथते समय कुछ आसान किचन टिप्स अपनाए जा सकते हैं. इन टिप्स को अपनाकर आप टेस्टी पराठे बना सकते हैं.

आटा गूंथते समय मिलाएं दही

पराठों का आटा गूंथते समय 2 से 3 चम्मच ताजा दही मिलाने से आटा अधिक सॉफ्ट बनता है. दही में मौजूद नमी और हल्की अम्लीयता आटे को मुलायम बनाए रखने में मदद करती है. इससे पराठे लंबे समय तक नरम रह सकते हैं और उनका स्वाद भी बेहतर हो जाता है.

थोड़ा सा तेल या घी डालें

आटा गूंथते समय एक से दो चम्मच तेल या घी मिलाना भी फायदेमंद माना जाता है. इससे आटे में नमी बनी रहती है और पराठे सूखने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही, बेलने में भी आसानी होती है और पराठों की बनावट बेहतर आती है.

गुनगुना पानी या दूध डालें

अगर आप चाहते हैं कि पराठे और भी ज्यादा मुलायम बनें, तो आटा ठंडे पानी की बजाय गुनगुने पानी से गूंथें. कुछ लोग आटे में थोड़ा-सा दूध भी मिलाते हैं, जिससे पराठों का टेक्सचर और स्वाद दोनों बेहतर हो सकते हैं. ध्यान रखें कि दूध का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें, खासकर अगर पराठे लंबे समय तक बाहर रखने हों.

आटे को थोड़ी देर रखना जरूरी

आटा गूंथने के तुरंत बाद पराठे बनाने की बजाय उसे 15 से 20 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और ग्लूटेन को आराम मिलता है, जिससे पराठे बेलना आसान होता है और वे ज्यादा मुलायम बनते हैं. इसके अलावा पराठों को बहुत तेज आंच पर सेंकने से वे जल्दी सख्त हो सकते हैं. इसलिए उन्हें मध्यम आंच पर दोनों तरफ अच्छी तरह सेंकें. जरूरत के अनुसार घी या तेल लगाएं और पकने के बाद उन्हें साफ सूती कपड़े या ढक्कन वाले बर्तन में रखें, ताकि उनकी नमी बनी रहे.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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मोहम्मद रफी का वो ब्लॉकबस्टर गाना, जिससे नाखुश थे राजेश खन्ना, मूवी ने रचा इतिहास


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बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार का नाम लेते ही आंखों के सामने राजेश खन्ना का नाम तैरने लगता है. राजेश खन्ना ने 1966 में ‘आखिरी खत’ से डेब्यू किया था. उसकी मूल नाम जतिन खन्ना था. जब राजेश खन्ना फिल्मों में आए तब राजेंद्र कुमार-शम्मी कपूर-देवानंद की तिकड़ी राज कर रही थी. मनोज कुमार-धर्मेंद्र भी छाए हुए थे. राजेश खन्ना के सितारे 1969 में बुलंद हुए. इसी साल उनकी दो ब्लॉकबस्टर फिल्में आईं. दोनों में कालजयी गाने थे. एक गाना मोहम्मद रफी ने गाया था. राजेश खन्ना इस बात से नाखुश थे. फिल्म जब रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. वो फिल्म कौन सी थी, वो कालजयी गाना कौन सा था, आइये जानते हैं……..

राजेश खन्ना को सही मायने में स्टारडम ‘आराधना’ फिल्म से मिला. ‘आराधना’ फिल्म ने उन्हें रातोंरात सुपर स्टार बनाया. ‘आराधना’ फिल्म की सफलता में सबसे बड़ा योगदान इस फिल्म के गानों का था. सभी गाने किशोर कुमार ने गाए थे. किशोर कुमार राजेश खन्ना की आवाज बनकर उभरे. राजेश खन्ना उनके फैन बन गए थे. जब आराधना बन रही थी, उसी समय राजेश खन्ना की एक और फिल्म बन रही थी. राजेश खन्ना इस फिल्म का एक गाना किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड करवाना चाहते थे मगर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और प्रोड्यूसर राज खोसला इस सॉन्ग को मोहम्मद रफी से रिकॉर्ड करवाया. इसी गाने ने इतिहास रच दिया. गाने के बोल ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ थे. फिल्म थी ‘दो रास्ते’.

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‘दो रास्ते’ फिल्म 5 दिसंबर 1969 को रिलीज हुई थी. कहानी मराठी उपन्यासकार चंद्रकात काकोडकर की उपन्यास ‘नीलाम्बरी’ से ली गई थी. काकोडकर ने ही फिल्म के लिए कहानी लिखी थी. उन्हें बेस्ट स्टोरी का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राज खोसला थे. स्क्रीनप्ले जीआर कामत ने लिखा था. डायलॉग अख्तर रोमानी ने लिखे थे.

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फिल्म में राजेश खन्ना, मुमताज के अलावा बिंदु, बलराज साहनी, प्रेम चोपड़ा अहम भूमिकाओं में थे. यह एक्ट्रेस बिंदु की पहली फिल्म थी. बिंदु पहले इस तरह का वैम्प रोल नहीं करना चाहती थीं. बिंदु रिश्ते में संगीतकार लक्ष्मीकांत की साली साहिबा हैं. फिल्म की कहानी बिंदु के किरदार से ही आगे बढ़ती हैं. फिल्म में राजेश खन्ना ने ‘एंग्री मैन’ का किरदार निभाया था.

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फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. रफी साहब ने ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ गाने को अपनी मखमली आवाज से अमर कर दिया. गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी यह गाना सुपरहिट है. इस गाने ने आराधना फिल्म के गानों से ज्यादा तारीफ बटोरी. फिल्म के दो और गाने ‘बिंदिया चमकेगी’ और ‘छुप गए सारे नजारे’ भी सुपरहिट साबित हुए. ‘बिंदिया चमकेगी’ गाना मुमताज को अमर पहचान दे गया. एक्ट्रेस बिंदु ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू इस बात का खुलासा किया कि गीतकार आनंद बख्शी उन्हें ‘बिंदिया’ के नाम से बुलाते थे.

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इस फिल्म से सबसे ज्यादा फायदा एक्ट्रेस मुमताज को हुआ. वो इस फिल्म से पहले बी-ग्रेड फिल्मों में काम करती थीं. यह पहला मौका था, जब उन्होंने किसी ए-ग्रेड फिल्म में काम किया था. ग्लैमरस अंदाज और खूबसूरत गानों की बदौलत वह छा गईं और नंबर वन हीरोइन बनीं. राजेश खन्ना के साथ 10 से ज्यादा हिट फिल्में दीं.

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फिल्म में राजेश खन्ना दाढ़ी-मूंछ में नजर आए थे क्योंकि उन्हीं दिनों वो ‘इत्तिफाक’ फिल्म की भी शूटिंग कर रहे थे. यह एक फैमिली ड्रामा फिल्म थी. 40 लाख के बजट में बनी इस फिल्म ने 3 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.

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कोटा में वैन पलटी, धड़ से अलग हुआ सिर: सामने से आ रहे ट्रक का टायर डिवाइडर क्रॉस कर वैन से टकराया, लोहे की रेलिंग व गाड़ी के बीच फंसी गर्दन – Kota News




कोटा बारां NH 27 पर ईको वैन पलट गई। हादसे में वैन में सवार युवक का सिर धड़ से अलग हो गया।युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सिमलिया थाना क्षेत्र की गुरुवार रात साढ़े 11बजे की है। वैन सवार व्यक्ति पप्पू हरचरण कुशवाहा (50) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का निवासी था। जो वर्तमान में गुजरात के मेहसाणा में पानी-पुरी का व्यवसाय करता था। गुरुवार को अपनी पत्नी, बेटे व मां के साथ वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जालौन जा रहा था। परिजनों ने बताया कि 28 जून को पप्पू की मौसी की बेटी की शादी थी। जिसमें शामिल होने के लिए परिवार गुरुवार दोपहर रवाना हुआ था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों की सूचना पर सिमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को कोटा हॉस्पिटल पहुंचाया। सिमलिया थाना ASI शिवराज ने बताया कि पप्पू वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जा रहा था। वैन को उसका बेटा मनीष चला रहा था। गाड़ी में दो महिलाए भी बैठी हुई थी। नेशनल हाईवे-27 पर पोलाई कलां के पास गत्ता फैक्ट्री के पास बारां की तरफ से आ रहे एक ट्रक का टायर निकल गया। डिवाइडर पर चढ़कर सड़क के दूसरी साइड पर आ गया।ट्रक का टायर पप्पू की वैन से टकरा गया। पप्पू खलासी साइड पर बैठा हुआ था। वैन अनियंत्रित होकर हाइवे किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकराकर पलट गई। पप्पू की गर्दन लोहे की रेलिंग व वैन के बीच फंसकर अलग हो गई।बेटे मनीष की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।



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यूपी में आंगनबाड़ी और प्राइमरी स्कूल होंगे हाईटेक: योगी सरकार का ‘को-लोकेशन और मैपिंग’ अभियान तेज, हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर अपलोड होगा डेटा – Uttar Pradesh News




उत्तर प्रदेश में अब आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच का तालमेल और बेहतर होने जा रहा है। योगी सरकार ने इसके लिए प्रदेशभर में ‘को-लोकेशन और मैपिंग’ अभियान को मिशन मोड पर शुरू किया है। इसका सीधा फायदा बच्चों की शुरुआती पढ़ाई (स्कूल रेडीनेस), बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और महिला-बाल विकास मंत्रालय के गाइडलाइंस के तहत यूपी में यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) मोनिका रानी और बाल विकास सेवा व पुष्टाहार निदेशक हर्षिता माथुर ने इसके लिए संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर अपलोड होगा डेटा इस पूरे अभियान को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तय समय सीमा के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग, यू-डायस (U-DISE) कोड अपडेट करने और हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे शिक्षा और बाल विकास दोनों विभागों के आंकड़ों में पारदर्शिता आएगी। कैसे तय होगी मैपिंग? समझिए इसके नियम: बीएसए और डीपीओ मिलकर करेंगे वेरिफिकेशन अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। हर जिले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) संयुक्त रूप से पूरी प्रक्रिया और डेटा का सत्यापन (वेरिफिकेशन) करेंगे, जिससे आंकड़ों में कोई हेराफेरी न होने पाए।



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फोल्डेबल iPhone के साथ Apple लॉन्च कर सकता है iRing, Galaxy Ring को मिलेगी चुनौती


Samsung ने 2024 में अपना पहला Galaxy Ring मार्केट में उतारा था। सैमसंग के बाद अब Apple भी अपने पहले स्मार्ट रिंग को लॉन्च करने की तैयारी में है। एप्पल का यह रिंग पहले फोल्डेबल आईफोन के साथ पेश किया जा सकता है। इसके बारे में कंपनी जल्द ही अनाउंस कर सकती है। हाल में एक टिप्स्टर ने दावा किया है कि एप्पल का यह स्मार्ट रिंग डेवलपमेंट फेज में है। हालांकि, इस स्मार्ट रिंग के बारे में और कोई जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

एप्पल का स्मार्ट रिंग

Kosutami नाम के यूजर ने X हैंडल से दावा किया है कि iRing अभी डेवलपमेंट फेज में है। यह अच्छा सरप्राइज है। एप्पल का यह वियरेबल डिवाइस जल्द ही मार्केट में दस्तक देने वाला है, हालांकि, इसकी टाइमलाइन के बारे में जानकारी शेयर नहीं की गई है। एप्पल का अगला इवेंट सितंबर में आयोजित किया जाएगा। इसमें iPhone 18 Pro सीरीज के साथ-साथ पहला फोल्डेबल  आईफोन iPhone Ultra पेश किया जा सकता है। इस इवेंट में कंपनी अपने पहले रिंग के बारे में अनाउंसमेंट कर सकती है।

पिछले दिनों भी आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एप्पल अपने प्रोडक्ट लाइन-अप को एक्सपेंड करने वाला है। इसमें वियरेबल और फिटनेस डिवाइसेज भी शामिल हैं। iRing भी एप्पल की इसी स्ट्रेटेजी का हिस्सा हो सकती है। एप्पल का यह स्मार्ट रिंग सैमसंग के Galaxy Ring को कई मामलो में चुनौती दे सकता है।

सैमसंग गैलेक्सी रिंग

Samsung Galaxy Ring के फीचर्स की बात करें तो यह स्मार्ट वियरेबल डिवाइस 7 दिन की बैटरी लाइफ के साथ आता है। इसे सैमसंग ने ब्लैक, सिल्वर और गोल्ड कलर में पेश किया है। इसमें सभी हेल्थ ट्रैकिंग सिस्टम लगा है। साथ ही, यह 10ATM वाटरप्रूफ फीचर के साथ आता है। इसकी साइज 5 से लेकर 13 तक है यानी यह आपकी उंगली की साइज के हिसाब से डिजाइन किया गया है।

एप्पल का भी स्मार्ट रिंग कई सारे हेल्थ फीचर्स से लैस होगा। सैमसंग की तरह यह भी लाइट वेट का हो सकता है और इसमें भी कई दिनों का बैटरी बैकअप मिल सकता है। एप्पल के इस स्मार्ट रिंग के अलावा सैमसंग भी गैलेक्सी रिंग के दूसरे वर्जन को लॉन्च करने की तैयारी में है। Galaxy Ring 2 को कंपनी इस साल पेश कर सकती है।

यह भी पढ़ें – साइबर क्राइम पोर्टल की फर्जी वेबसाइट बनाकर हो रही ठगी, सरकार ने जारी की चेतावनी





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रिटायरमेंट के बाद चाहिए पक्की पेंशन? समझिए एन्युटी प्लान का पूरा गणित


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अगर आप भी पेंशन जैसी गारंटीड इनकम चाहते हैं, तो एन्युटी प्लान आपके काम आ सकता है. इसमें एकमुश्त निवेश करने के बाद आपको तय अंतराल पर रेगुलर कमाई होती है. लेकिन निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि एन्युटी प्लान कैसे काम करता है, इसके फायदे क्या हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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बुढ़ापे में कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत!

नई दिल्ली. रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चिंता यह नहीं होती कि आपने कितना पैसा जोड़ा है, बल्कि यह होती है कि वह पैसा कब तक चलेगा. बढ़ती उम्र, महंगे इलाज और लंबी जिंदगी के कारण ज्यादातर लोगों को डर रहता है कि कहीं बुढ़ापे में उनके पैसे खत्म न हो जाएं. इसी डर को दूर करने का एक बेहतरीन जरिया है एन्युटी प्लान (Annuity Plan). यह एक ऐसा फाइनेंशियल प्रोडक्ट है जो आपके एकमुश्त पैसे को रेगुलर इनकम में बदल देता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता.

क्या है एन्युटी प्लान?
एन्युटी प्लान लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से दिया जाने वाला एक प्रोडक्ट है. इसमें आप कंपनी को एक बड़ी रकम एक साथ देते हैं और बदले में कंपनी आपको जीवनभर या एक तय समय तक नियमित रूप से पैसे देती है. आप अपनी जरूरत के हिसाब से यह तय कर सकते हैं कि आपको यह पैसा महीने में चाहिए, हर तीन महीने में, छह महीने में या साल में एक बार.

एन्युटी प्लान के टाइप
बाजार में कई तरह के एन्युटी प्लान मौजूद हैं, जैसे:

  • लाइफ एन्युटी: इसमें आपको तब तक पेंशन मिलती है जब तक आप जीवित हैं.
  • जॉइंट लाइफ एन्युटी: इसमें पॉलिसी होल्डर की मौत के बाद उसके पार्टनर (पति/पत्नी) को जीवनभर पेंशन मिलती रहती है.
  • रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस: कुछ प्लान ऐसे होते हैं जिनमें पॉलिसी होल्डर की मौत के बाद उसका पूरा पैसा नॉमिनी को वापस मिल जाता है, जबकि कुछ प्लान में पैसा वापस नहीं मिलता लेकिन पेंशन की रकम ज्यादा होती है.

क्यों चुनते हैं लोग एन्युटी प्लान?
शेयर बाजार गिरे या बढ़े, आपकी पेंशन फिक्स रहती है. यह आपकी पूरी जिंदगी को कवर करता है, जिससे बुढ़ापे में हाथ खाली होने का खतरा नहीं रहता. रिटायरमेंट के बाद बार-बार निवेश बदलने या शेयर बाजार देखने का झंझट नहीं रहता.

निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर महंगाई तेजी से बढ़ती है, तो फिक्स पेंशन की वैल्यू समय के साथ कम लगने लगती है. एक बार एन्युटी में पैसा डालने के बाद उसे बीच में अचानक निकालना बहुत मुश्किल होता है. बुढ़ापे को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए केवल एन्युटी पर निर्भर न रहें. अपने पैसों का एक हिस्सा एन्युटी में लगाएं ताकि फिक्स इनकम आती रहे और कुछ हिस्सा ऐसी जगहों पर लगाएं जहां महंगाई को मात देने वाले रिटर्न मिल सकें.

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विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



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3 महीने का बेटा लेकर मीटिंग में पहुंचीं मिनिस्टर, VIDEO: स्वीडन की मंत्री ने बच्चे को गोद में लेकर स्पीच दी; कहा- मां बनने से करियर नहीं रुकता




स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पोरमोख्तारी अपने तीन महीने के बेटे एडम को लेकर यूरोपीय संघ (EU) के जलवायु मंत्रियों की बैठक में पहुंचीं। लक्जमबर्ग में गुरुवार को हुई इस बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रोमिना अपने बेटे को गोद में लेकर मीटिंग में हिस्सा लेती और भाषण देती नजर आ रही हैं। इस दौरान वह बच्चे को शांत भी कराती रहीं, लेकिन साथ ही बैठक में अपनी बात भी रखती रहीं। इसके बाद पोरमोख्तारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, मैंने जानबूझकर ऐसा किया, ताकि यह मैसेज दिया जा सके कि महिलाओं को करियर और परिवार में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। मां बनने का मतलब यह नहीं है कि किसी महिला का करियर रुक जाए। EU काउंसिल के एक अधिकारी के मुताबिक, उनकी जानकारी में पहली बार किसी EU मंत्रियों की बैठक में एक बच्चा शामिल हुआ है। बेटे के साथ रोमिना की 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों ने मंत्री की सराहना की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने स्वीडन की मंत्री के इस कदम की तारीफ की है। लोगों ने इसे कामकाजी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उनका कहना है कि मां बनने के बाद भी महिलाएं परिवार और करियर दोनों की जिम्मेदारियां एक साथ निभा सकती हैं। बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में रोमिना पोरमोख्तारी ने कहा कि वह यही मैसेज देना चाहती हैं कि मां बनने के बाद भी महिलाएं सार्वजनिक जीवन और नौकरी में सक्रिय रह सकती हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप में परिवार के हित में बनाई गई नीतियां माता-पिता को बच्चों की देखभाल और काम के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करती हैं। रोमिना ने अपने पार्टनर का जिक्र करते हुए कहा, “सिर्फ सरकार की नीतियां ही काफी नहीं होतीं। इसके लिए ऐसा साथी भी होना चाहिए, जो पुराने विचारों वाला न हो, बल्कि आधुनिक सोच रखता हो और जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हो।” उन्होंने कहा कि अब स्वीडन में पिता का बच्चे की देखभाल के लिए घर पर रहना पहले जितना असामान्य या विवादित नहीं माना जाता। यह बदलाव देश की पारिवारिक नीतियों और समाज की बदलती सोच का नतीजा है। पोरमोख्तारी स्वीडन की सबसे युवा मंत्री हैं रोमिना पोरमोख्तारी 2022 में सासंद बनी थीं। उसे साल उन्हें सरकार में मंत्री बनाया गया। उस समय वह देश के इतिहास की सबसे कम उम्र की मंत्री बनी थीं। हाल ही में वह पैरेंटल लीव पूरी कर काम पर लौटी हैं। उनके पति फिलहाल स्वीडन में सितंबर में होने वाले चुनाव तक पैरेंटल लीव पर हैं। वह भी लक्जमबर्ग पहुंचे थे और बैठक के दौरान एडम की देखभाल कर रहे थे। पोरमोख्तारी का कहना है कि उनके सहयोगियों का समर्थन भी इसे आसान बनाता है। स्वीडन में माता-पिता बनने पर 16 महीने की पेड लीव स्वीडन उन देशों में शामिल है जहां माता-पिता को बच्चों की देखभाल के लिए सबसे ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं। इन सुविधाओं का खर्च सरकार उठाती है और इन दिनों यह मुद्दा वहां चुनावी बहस का भी हिस्सा बना हुआ है। स्वीडन में माता-पिता को बच्चे के जन्म के बाद करीब 16 महीने की सवेतन छुट्टी (पेड लीव) मिलती है। इसमें 90 दिन सिर्फ मां के लिए और 90 दिन सिर्फ पिता के लिए तय होते हैं। बाकी करीब 300 दिन दोनों अपनी जरूरत के हिसाब से आपस में बांट सकते हैं। ये छुट्टियां एक-दूसरे को नहीं दी जा सकतीं। अगर कोई अपनी तय छुट्टी नहीं लेता, तो वह खत्म हो जाती है। पिता के लिए तय इन छुट्टियों को आमतौर पर ‘डैड मंथ्स’ कहा जाता है। इसका मकसद यह है कि पिता भी बच्चों की परवरिश में बराबर की जिम्मेदारी निभाएं। इटली, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे उदाहरण 2010: इटली की सांसद बच्ची को लेकर यूरोपीय संसद पहुंचीं इटली की यूरोपीय सांसद लिसिया रोंजुली अपनी छह हफ्ते की बेटी विट्टोरिया को गोद में लेकर यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई थीं। उस दौरान उनकी बच्ची उनकी गोद में ही बैठी रही, जबकि रोंजुली संसद में वोटिंग और बहस में हिस्सा लेती रहीं। तब पहली बार था जब कोई सांसद यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई। बाद में भी वह कई मौके पर ऐसा करती नजर आईं। 2018: न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री 3 महीने की बेटी के साथ UN पहुंचीं सितंबर 2018 में न्यूजीलैंड की तत्कालीन प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न अपनी तीन महीने की बेटी नेवे को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) पहुंची थीं। ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली निर्वाचित महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उस समय उनके पार्टनर क्लार्क गेफोर्ड भी न्यूयॉर्क गए थे और बैठकों के दौरान बेटी की देखभाल करते थे। जेसिंडा ने कहा था कि मां बनने के बाद भी महिलाएं दुनिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारियां निभा सकती हैं। 2017: ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने संसद में बच्चे को स्तनपान कराया जून 2017 में ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर लारिसा वॉटर्स ने संसद की कार्यवाही के दौरान अपनी दो महीने की बेटी आलिया जॉय को स्तनपान कराते हुए भाषण दिया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में संसद में स्तनपान कराने की अनुमति देने वाला नियम लागू किया था। उनकी तस्वीरें दुनियाभर में वायरल हुईं और उन्हें कामकाजी माताओं के लिए एक मजबूत संदेश माना गया। ——————– ये खबर भी पढ़ीं… अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:इसके फीचर से रेपिस्ट बच्ची तक पहुंचा, भारत में इसके 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजरॉ सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए आरोपी गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। पूरी खबर पढ़ें…



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दिल्ली में जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत: फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे थे, रेस्क्यू कर बाहर निकाले शव – New Delhi News




नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार दोपहर करीब 12:03 बजे ज्वालापुरी फायर स्टेशन को सूचना मिली कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री नंबर 93/8 के सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं। फायर टीम ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान सूचना मिलते ही दो वाटर टेंडर घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम की जानकारी मिलने पर टिकरी फायर स्टेशन से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर भी भेजा गया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो। मौके पर पहुंची फायर विभगा टीम ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की मदद से बाहर निकाले गए शव सुरक्षा उपकरणों की मदद से टैंक में उतरकर मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सेप्टिक टैंक में जमा जहरीली गैस के कारण मजदूरों का दम घुट गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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