Roshni Walia RJ Mahvash trolled: रोशनी वालिया अपनी बेस्ट फ्रेंड आरजे महवश के साथ एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल हो रही हैं. इवेंट में सहेली की गोद में बैठना और उनके कपड़े और बैठने का अंदाज यूजर्स को पसंद नहीं आया, जिसके बाद लोगों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए यहां तक कह दिया कि, ‘एक उर्फी जाती नहीं, दूसरी आ जाती है!’ देखें वीडियो और जानें क्या है पूरा मामला.
नई दिल्ली: एक्ट्रेस रोशनी वालिया इन दिनों अपने एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियों में आ गई हैं. हाल ही में एक इवेंट के दौरान रोशनी का अपनी सहेली आरजे महवश के साथ कुछ ऐसा अंदाज दिखा कि इंटरनेट पर हंगामा मच गया. दोनों की गहरी दोस्ती का यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया. वीडियो सामने आते ही लोगों ने रोशनी वालिया को उनके कपड़ों और बैठने के अजीब तरीके को लेकर आड़े हाथों ले लिया. ट्रोलर्स ने तो रोशनी की तुलना उर्फी जावेद से करते हुए उन्हें बुरी तरह खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दिया है.
इवेंट में रोशनी वालिया ने पार की मर्यादा?
दरअसल, यह पूरा मामला एक हालिया इवेंट का है, जहां रोशनी वालिया और उनकी बेस्ट फ्रेंड आरजे महवश नजर आईं. इवेंट में रोशनी जैसे ही पहुंचीं, अपनी बेस्टी को देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. वह तुरंत दौड़कर महवश के पास गईं और कैमरे के सामने ही सीधे उनकी गोद में जाकर बैठ गईं. दोनों सहेलियां इस दौरान काफी मस्ती और पैपराजी के सामने पोज देती नजर आईं. लेकिन रोशनी का सरेआम सहेली की गोद में बैठने का यह अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को जरा भी पसंद नहीं आया और उन्होंने एक्ट्रेस की क्लास लगा दी.
रोशनी पर भड़के यूजर्स
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, रोशनी वालिया ट्रोलर्स के निशाने पर आ गईं. वीडियो में रोशनी के बैठने के स्टाइल और उनकी शॉर्ट और डीप नेक वाली ड्रेस को लेकर लोगों ने कमेंट सेक्शन में अपना गुस्सा निकाला. एक यूजर ने भड़कते हुए लिखा, “कैमरे के सामने लाइमलाइट बटोरने के लिए कुछ भी करेंगी क्या?” वहीं हद तो तब हो गई जब एक ट्रोलर ने सीधे तौर पर रोशनी की तुलना उर्फी जावेद से कर दी और लिखा, “एक उर्फी जाती नहीं है कि दूसरी पहले आ जाती है.” लोग रोशनी के इस बर्ताव को पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं.
मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह बेखौफ अपराधियों ने एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी। रोज की तरह सुबह पूजा करने मंदिर पहुंचे थे, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के डेरा चौक बाजार की है। मृतक की पहचान स्थानीय राम कुमार कुशवाहा(46) के रूप में हुई है। बुक स्टोर चलाने के साथ-साथ पूर्व मुखिया के साथ मिलकर जमीन का कारोबार करते थे। बताया जा रहा है कि सुबह पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर पहुंचे थे। कैंपस के पास घात लगाकर बैठे बाइक सवार बदमाशों ने इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए गोली मार दी। 2 गोली मारी गई है। घटनास्थल से 3 खोखे मिले हैं। बुलेट लगते ही जमीन पर गिर पड़े चश्मदीदों के मुताबिक, अपराधियों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं। गोली लगने के बाद राम कुमार कुशवाहा लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से बड़ी आसानी से फरार हो गए। गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही सिवाईपट्टी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। राम कुमार कुशवाहा किताब की दुकान संचालित करने के साथ-साथ स्थानीय पूर्व मुखिया के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। हर एंगल से की जा रही है जांच SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि शुरुआती जांच के आधार पर मामला व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता या जमीनी रंजिश से जुड़ा होने की प्रबल संभावना है। पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है। अपराधियों की पहचान करने के लिए सघन छापेमारी जारी है और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु क्षेत्र में पुलिस बल सतर्क है।
मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर विशाल मधुकरराव भोवटे ने खुद अपने मोबाइल में रैपिडो ऐप से रवि भवन से प्रियदर्शिनी कॉलोनी तक जाने के लिए बाइक राइड बुक की. जैसे ही बाइक उन्हें लेने आई तो उसे आरटीओ कर्मचारियों ने जब्त कर लिया. बाद में पुलिस को शिकायत दी गई जिसके आधार पर रैपिडो के तीनों को-फाउंडर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
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आरटीओ ने बाइक को जब्त कर लिया. (File Photo)
नई दिल्ली. महाराष्ट्र में बिना परमिट और गैर-कानूनी तरीके से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ परिवहन विभाग ने एक बड़ा और बेहद फिल्मी जाल बुना. नागपुर में खुद आरटीओ (RTO) अधिकारी ने ग्राहक बनकर महज ₹22 की एक राइड बुक की. इसके बाद जो हुआ, उसने रैपिडो कंपनी के होश उड़ा दिए. इस सीक्रेट ऑपरेशन के बाद रैपिडो ऐप का संचालन करने वाली कंपनी के संस्थापकों (Founders) ऋषिकेश एसआर, पवन गुंटुपल्ली और अरविंद सांका के खिलाफ नागपुर के सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है.
आरटीओ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रैपिडो ऐप चलाने वाली पैरेंट कंपनी रूपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को महाराष्ट्र सरकार या क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) से राज्य में पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी सेवा संचालित करने की कोई अनुमति या लीगल परमिट नहीं मिला है. लेकिन, कंपनी निजी पेट्रोल बाइक का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों के लिए कर रही है.
₹22 का जाल
यह पूरा मामला 23 जून का है जब नागपुर (शहर) क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने अवैध यात्री परिवहन के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया था. इस अभियान के तहत मोटर वाहन निरीक्षक विशाल मधुकरराव भोवटे ने खुद अपने मोबाइल में रैपिडो ऐप से रवि भवन से प्रियदर्शिनी कॉलोनी तक जाने के लिए बाइक राइड बुक की, जिसका किराया सिर्फ ₹22 था.
कुछ ही देर में निर्धारित पिकअप पॉइंट पर एक बाइक आकर रुकी. आरटीओ अधिकारी जैसे ही बाइक पर बैठे, वैसे ही टीम ने उसे घेर लिया. वाहन को जांच के लिए आरटीओ कार्यालय ले जाया गया. जांच में पता चला कि इस निजी (White Plate) दोपहिया गाड़ी का इस्तेमाल बिना किसी आवश्यक कमर्शियल लाइसेंस और परमिट के टैक्सी की तरह किया जा रहा था. आरटीओ ने बाइक को जब्त कर लिया.
शहर के मूर्तिकार व कलाकार महेंद्र कोडवानी की कला को एक बार फिर राष्ट्रीय पहचान मिली है। राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट के लिए तैयार की गई उनकी भव्य कलाकृतियों का 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों अनावरण किया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जोधपुर एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक पहचान को उभारने की जिम्मेदारी विशेष रूप से महेंद्र कोडवानी को सौंपी गई थी। महेंद्र कोडवानी और उनकी टीम ने महज तीन माह में 20 से अधिक कलाकारों के सहयोग से जोधपुर की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को दर्शाने वाली पांच प्रमुख कलाकृतियां तैयार की हैं। इनमें “जोधपुर की आत्मा को समर्पित एक कलात्मक यात्रा”, “पीकॉक टेल्स : रंग, संस्कृति और मारवाड़ की आत्मा का उत्सव”, “विमान पर विराजमान भगवान शिव : कैलाश से लोककल्याण की दिव्य यात्रा”, “खेजड़ली : प्रकृति रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा” तथा “वीर दुर्गादास राठौड़ : साहस, त्याग और स्वाभिमान की अमर गाथा” शामिल हैं। कलाकृतियों में मारवाड़ की लोक संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और आस्था कलाकृतियों में फाइबर, मोजेक, कैनवास, टाइल्स, लकड़ी, कपड़ा और पारंपरिक शिल्प तकनीकों का उपयोग किया गया है। इन रचनाओं के माध्यम से जोधपुर और मारवाड़ की लोक संस्कृति, स्थापत्य कला, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। राजस्थान की आत्मा को प्रत्येक यात्री से परिचित कराना उद्देश्य महेंद्र कोडवानी ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल सजावटी कलाकृतियां बनाना नहीं था, बल्कि जोधपुर आने वाले प्रत्येक यात्री को राजस्थान की आत्मा, उसके रंगों, उत्सवों और लोकजीवन से परिचित कराना था। एयरपोर्ट पर स्थापित ये कलाकृतियां यात्रियों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का प्रथम परिचय देंगी। पहले भी मिल चुका है राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान कोडवानी इससे पहले भी देश के कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में अपनी कला का योगदान दे चुके हैं। वाराणसी में संत रविदास की 25 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर चुके हैं। इसके अलावा प्रयागराज कुंभ, उज्जैन, चित्रकूट सहित देश के अनेक शहरों में उनकी बनाई प्रतिमाएं और कलाकृतियां स्थापित हैं। बड़ौदा, हुबली, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति एयरपोर्ट के लिए भी वे कलात्मक कार्य कर चुके हैं।
पाली के नाडी मोहल्ला सिटी डिस्पेंसरी में डॉ. रॉयमोन जोसेफ ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी के रूप में कार्यभार शुक्रवार को ग्रहण किया। डॉ. जोसेफ के कार्यभार ग्रहण करने पर डिस्पेंसरी के स्टाफ और स्थानीय नागरिकों ने उनका स्वागत करते हुए सफल एवं जनसेवापूर्ण कार्यकाल की शुभकामनाएं दी। उनके आने से मरीजों को चिकित्सा सेवाओं का और बेहतर लाभ मिलेगा। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. जोसेफ ने कहा कि डिस्पेंसरी में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बता दे कि डिस्पेंसरी में नियमित डॉक्टर लगाने की मांगवको लेकर पहले भी स्थानीय लोगों में विरोध प्रदर्शन किया था। तब तय किया गया था कि वीक के सभी दिन अलग अलग डॉक्टर अपनी सेवाएं यहां डिस्पेंसरी ने देंगे।
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) ने दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।
पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी।
वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा।
सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी।
चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें…
आरोपी सिया गोयल को शुक्रवार को उसके घर भी ले जाया गया था।
आरोपी चेतन चौधरी ने पुलिस को घटना वाले दिन का पूरा घटनाक्रम बता दिया है।
कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है।
मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है।
दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है।
तस्वीर नवंबर 2025 की है। तब सिया और केतन अग्रवाल की सगाई हुई थी। सिया ने केतन की पहनाई अंगूठी दिखते हुए तस्वीर भी खिंचाई थी।
प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया
31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ फोर्ट जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों लोहगढ़ पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।
अमेरिकाज टाइम कैप्सूल में 50 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से भेजी गई खास चीजें रखी गई हैं।
4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा।
इसकी जानकारी नेशनल पार्क सर्विस के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दर्ज की गई है, ताकि 250 साल बाद आने वाली पीढ़ियां इसे ढूंढ़ सकें और इसके बारे में जान सकें।
इस कैप्सूल में 50 राज्यों और आम लोगों की ओर से चुनी गई यादगार चीजें रखी गई हैं, जिसमें व्हेल की हड्डी, दुनिया के सबसे बड़े जिप्सम रेगिस्तान की रेत, राइट बंधुओं के विमान का कपड़ा, AI की भविष्यवाणी और कई ऐतिहासिक दस्तावेज शामिल हैं।
टाइम कैप्सूल बंद पेटी या कंटेनर होता है, जिसमें किसी दौर की चीजें सुरक्षित रखी जाती हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियां उस समय के समाज, तकनीक, संस्कृति और जीवन को समझ सकें।
फिलाडेल्फिया को अमेरिका की आजादी का जन्मस्थान माना जाता है। 4 जुलाई 1776 को यहीं स्वतंत्रता घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस) को मंजूरी दी गई थी। इसी वजह से टाइम कैप्सूल को दफनाने के लिए इस शहर को चुना गया।
कैप्सुल सुरक्षित रखने के लिए अपनाई गई खास तकनीकें
टाइम कैप्सूल बनाना जितना मुश्किल नहीं था, उससे बड़ी चुनौती उसे 250 साल तक सुरक्षित रखना था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि जमीन के नीचे रखी चीजें ढाई सौ साल बाद भी सुरक्षित कैसे मिले।
इस वजह से प्रोजेक्ट से जुड़े कई विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया। कई साल की रिसर्च के बाद ऐसा डिजाइन तैयार किया गया, जो पानी, नमी, जंग और मौसम के असर से कैप्सूल को बचा सके।
यह कैप्सूल चौकोर नहीं, बल्कि बेलन (सिलेंडर) के आकार का है। वैज्ञानिकों के अनुसार चौकोर डिब्बों के कोने समय के साथ कमजोर पड़ जाते हैं और वहीं से पानी अंदर जाने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
टाइम कैप्सूल के सिलेंडर को प्रिसिजन-माइल्ड स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसका इस्तेमाल जंग से बचाने वाले वैज्ञानिक उपकरणों में होता है।
टाइम कैप्सूल को कैसे सील किया गया?
कैप्सूल को कार्यक्रम के दिन सील नहीं किया जाएगा। इसे पहले ही पूरी तरह सील किया जा चुका है। 4 जुलाई को इसे सिर्फ फिलाडेल्फिया में जमीन के नीचे स्थापित किया जाएगा।
कैप्सूल को सील करने के लिए खास धातु इंडियम का इस्तेमाल किया गया है। यह नरम धातु ढक्कन बंद करते समय छोटी-से-छोटी दरार भर देती है। इससे कैप्सूल पूरी तरह सील रहता है और अंदर रखा सामान लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
अगर कैप्सूल में बहुत ज्यादा नमी होती तो कागज और दूसरी वस्तुएं खराब हो सकती थीं। वहीं नमी पूरी तरह खत्म करने पर कुछ चीजें सूखकर टूट सकती थीं। इसलिए वैज्ञानिकों ने कैप्सूल के अंदर 35% नमी रखी है।
कैप्सूल को करीब 10 फीट नीचे दफनाया जाएगा। इस गहराई पर तापमान में उतार-चढ़ाव कम होता है। तेज गर्मी, कड़ाके की ठंड और सतह पर आने वाले तूफानों का असर भी बहुत कम पड़ता है।
टाइम कैप्सूल को बनाने वाली टीम। कैप्सूल की तैयारी में 10 साल लगे।
250 साल तक न पानी पहुंचेगा, न जंग लगेगी
वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन के नीचे रखे जाने वाले किसी भी टाइम कैप्सूल का सबसे बड़ा दुश्मन पानी होता है। इसीलिए कैप्सूल के ऊपर एक और स्टील का सिलेंडर लगाया जाएगा। दोनों के बीच हवा की एक परत रहेगी, जो बाहर से आने वाले पानी को रोकने में मदद करेगी।
यह ठीक उसी सिद्धांत पर काम करेगा, जैसे पानी में उल्टी बाल्टी डुबोने पर उसके अंदर हवा फंसी रहती है। अगर भविष्य में भूजल का स्तर बढ़ जाए या बाढ़ आ जाए, तब भी बेल जार के भीतर मौजूद हवा पानी को कैप्सूल तक पहुंचने से रोकेगी।
इसे बनाने वाली टीम के प्रमुख वैज्ञानिक माइकल बेरिला ने कहा,
अगर इस टाइम कैप्सूल में पानी पहुंचा, तो इसका मतलब होगा कि फिलाडेल्फिया शहर करीब 6 फीट पानी में डूब चुका है। और अगर ऐसा हुआ तो टाइम कैप्सूल नहीं, बल्कि पूरी दुनिया एक बड़े प्राकृतिक संकट से जूझ रही होगी।
दुनिया के सबसे चर्चित टाइम कैप्सूल
दुनिया के सबसे प्रसिद्ध टाइम कैप्सूल में सबसे पहला नाम क्रिप्ट ऑफ सिविलाइजेशन का आता है। इसे 6,000 साल तक बंद रखने के लिए बनाया गया है।
इसे अमेरिका के अटलांटा राज्य के ओगलेथॉर्प यूनिवर्सिटी के परिसर में जमीन के नीचे बनाया गया था और उसी दिन स्टेनलेस स्टील का दरवाजा वेल्ड करके हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।
इसमें उस दौर किताबें, फिल्में, ऑडियो रिकॉर्डिंग, घरेलू सामान, अखबार, वैज्ञानिक उपकरण और रोजमर्रा की वस्तुएं रखी गई हैं। इसे साल 8113 में खोला जाएगा।
इसी तरह न्यूयॉर्क में वेस्टिंगहाउस टाइम कैप्सूल को 1939 में दफनाया गया था। इसमें भी उस दौर के रोजमर्रा की चीजें रखी गई हैं। इसे साल 6939 में खोलने की योजना है।
भारत में भी टाइम कैप्सूल दफन किए गए हैं। सबसे चर्चित उदाहरण 1973 का है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने दिल्ली के लाल किले के पास एक टाइम कैप्सूल दफन कराया था। इसका नाम ‘कलपात्र’ रखा गया था।
इसमें स्वतंत्रता आंदोलन और आजादी के बाद के भारत से जुड़े दस्तावेज रखे गए थे। हालांकि 1977 में सरकार बदलने के बाद इसे जमीन से निकाल लिया गया। बाद में इसकी सामग्री को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ।
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ट्रम्प ने जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट कराई:अब तक का सबसे महंगा शो, ₹567 करोड़ खर्च; जीत के बाद विजेता राष्ट्रपति से मिला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 14 जून को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप यानी UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
मानसून देश के लगभग सभी राज्यों में पहुंच चुका है। गुजरात-महाराष्ट्र के कुछ हिस्से बाकी हैं, हालांकि उससे पहले इन दोनों राज्यों में बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
गुजरात के मेंडरडा इलाके में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाड़ियां फंस गईं। जिसमें से 19 लोगों का रेस्क्यू किया गया।
उधर महाराष्ट्र के नालासोपारा में रेलवे स्टेशन के बाहर घुटनों तक पानी भर गया। पैसेंजर्स को पानी में घुसकर स्टेशन पहुंचना पड़ रहा है। पालघर में बारिश के बीच स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
राजस्थान के जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइनर ओटी में पानी भर गया। यहां से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया।
मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। उज्जैन में पुलिया पार करने की कोशिश में युवक मोटरसाइकिल समेत बह गया।
यूपी के 20 जिलों में बारिश हुई। मथुरा में भारी बारिश से रेलवे अंडरपास में गर्दन तक पानी भर गया। कानपुर में GSVM मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। कारें-बाइक आधी डूब गईं। झांसी में बिजली गिरने से किसान की मौत हो गई।
मानसून 5 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर सकता है…
देशभर से बारिश की 5 तस्वीरें…
यूपी के कानपुर में GSVM मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया।
एमपी के उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे मंदिर पानी में डूबे हैं।
मध्य प्रदेश के डिंडौरी में पुल पार करते समय कार नदी में बह गई।
यूपी के कानपुर में मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। कार-बाइक डूब गईं।
देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
11 मिनट पहले
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महाराष्ट्र के 2 VIDEO; वसई-विरार में घुरों में घुसा पानी, सड़कें डूबीं
महाराष्ट्र के वसई-विरार में बारिश के चलते तुलिंज और अलायंस हॉस्पिटल रोड इलाकों में पानी भर गया। कई रिहायशी सोसायटियों व दुकानों में भी पानी घुस गया है।
महाराष्ट्र में मुंबई में शनिवार सुबह बारिश हुई। मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर, नासिक और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
54 मिनट पहले
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उत्तरप्रदेश: कानपुर में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा
यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। आज मौसम विभाग ने 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। आंधी के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। कानपुर में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 3 जुलाई को यहां 108 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले, 1 जुलाई 2011 को 101 मिमी बारिश हुई थी। पूरी खबर पढ़ें…
02:35 AM4 जुलाई 2026
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गुजरात के 2 VIDEO; जूनागढ़ में बाढ़, राजकोट में सड़कें डूबीं
गुजरात के जूनागढ़ में मेंडरडा इलाके में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में फंसे 19 लोगों को बचाया गया। बाढ़ का पानी बढ़ने से एक फोर-व्हीलर, एक ऑटो-रिक्शा और एक ईको गाड़ी उसमें फंस गई थीं।
गुजरात के राजकोट में भारी बारिश के बाद ध्रोल इलाके में जगह-जगह पानी भर गया। एक शख्स की बाइक बंद हो गई। वह उसे घसीटकर ले गया।
02:28 AM4 जुलाई 2026
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मध्यप्रदेश: इंदौर-उज्जैन समेत 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
इंदौर-उज्जैन समेत मध्य प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को बारिश की संभावना है। बड़वानी और खंडवा में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच पानी गिर सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
02:16 AM4 जुलाई 2026
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राजस्थान: 22 जिलों में पहुंचा मानसून, आज पूरे राज्य में अलर्ट
मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। लेट आए मानसून ने 22 जिलों को कवर कर लिया है। शुक्रवार को जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…
01:49 AM4 जुलाई 2026
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बिहार: सामान्य से 50% कम बारिश हुई, 5 जुलाई के बाद बारिश की संभावना
बिहार में मानसून एक्टिव तो है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। 5 जुलाई के बाद बारिश की संभावना है। इस मानसून सीजन में अब तक बिहार में सामान्य से 50% कम बारिश दर्ज की गई है। अब तक राज्य में लगभग 196.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 98.4 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
01:40 AM4 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश: अब तक नॉर्मल से 106% ज्यादा बारिश, अगले 48 घंटे राहत
हिमाचल प्रदेश में स्ट्रांग एंट्री के बाद मानसून की रफ्तार अगले दो दिन थोड़ी धीमी रहेगी। सोलन और सिरमौर में हल्की बारिश हो सकती है। राज्य में बीते तीन दिनों के दौरान सामान्य से 106 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। IMD के अनुसार, 1 से 3 जुलाई के बीच सामान्य तौर पर 15 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 30.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
01:35 AM4 जुलाई 2026
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पंजाब-चंडीगढ़: 24 घंटे में गुरदासपुर में सबसे ज्यादा बारिश
पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून लगातार एक्टिव है। पिछले 24 घंटों के दौरान गुरदासपुर में सबसे ज्यादा 48.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। 9 जुलाई तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। आज पंजाब के ज्यादातर जिलों में 40 से 50kmph की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
01:31 AM4 जुलाई 2026
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उत्तराखंड: 3 जिलों में बारिश का अलर्ट, चारधाम रूट पर लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड के पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में आज भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है। अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने और पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें…
01:13 AM4 जुलाई 2026
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गिर सोमनाथ में खतरे का संकेत, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
गुजरात के गिर सोमनाथ में समुद्र में तेज़ हवाओं और भारी बारिश की आशंका के चलते एहतियात के तौर पर वेरावल बंदरगाह पर ‘खतरे का संकेत नंबर 3’ लगाया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
01:07 AM4 जुलाई 2026
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दक्षिण गुजरात में भारी बारिश, मालिया हतिना में मेघल नदी में बाढ़
मानसून उत्तर अरब सागर और गुजरात में और आगे बढ़ गया है। इसके साथ शुक्रवार को गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे जलजमाव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारी बारिश के कारण मालिया हतिना में मेघल नदी में बाढ़ आ गई, जिससे आसपास के गांवों के निचले इलाकों में पानी भर गया।
12:32 AM4 जुलाई 2026
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कोल्हापुर में भारी बारिश, भोगवती नदी पर बना राधानगरी डैम ओवरफ्लो
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में भोगवती नदी पर बना राधानगरी बांध, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से ओवरफ्लो हो गया है।
12:07 AM4 जुलाई 2026
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मराठवाड़ा में बाढ़ से निबटने की तैयारी, नांदेड़ में 30 सितंबर तक SDRF तैनात
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में मानसून के दौरान बाढ़ की तैयारी के हिस्से के रूप में धुले से 36 सदस्यों वाली SDRF की टीम को नांदेड़ जिले में तीन महीने के लिए तैनात किया गया है।
मौसम विभाग (IMD) ने 3 और 4 जुलाई को नांदेड़ जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यहां बिजली कड़कने, तेज हवाओं और बारिश के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।
साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
11:54 PM3 जुलाई 2026
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मानसून 3 दिन देरी से आया, 3 दिन पहले पूरे देश कवर करेगा
मानसून ने 1 जून की जगह 3 दिन लेट 4 जून को भारत में एंट्री ली थी। इस दौरान कई राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। बीच-बीच में ‘ब्रेक मानसून’ जैसी स्थिति बनने से यह आशंका जताई जाने लगी थी कि इस बार मानसून पूरे देश को सामान्य समय से देर से कवर करेगा। हालांकि, जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली।
11:51 PM3 जुलाई 2026
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देश के 16 प्रमुख शहरों में आज का तापमान
11:46 PM3 जुलाई 2026
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अगले 2 दिन मौसम का हाल
5 जुलाई
छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरलम, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है।
बिहार में 50-60kmph की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवा चलेगी।
राजस्थान में अगले दो सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
6 जुलाई
आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।
सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
साल 1964 में आई फिल्म ‘दोस्ती’ ने एक्टर सुशील कु्मार को स्टार बना दिया था. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसने नेशनल अवार्ड समेत कई फिल्मफेयर पुरस्कार जीते. उन्होंने फिल्म में बैसाखी के सहारे चलने वाले ‘रामनाथ’ का किरदार निभाया था. बंटवारे के बाद उनका परिवार तंगी से जूझ रहा था. उन्हें मुसीबत से छुटकारा तब मिला, जब राजश्री प्रोडक्शंस ने उन्हें 300 रुपये महीने की सैलरी पर 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट के लिए साइन किया. सुशील कुमार ने बाद में एयर इंडिया में नौकरी की और साल 2003 में रिटायर हुए.
ख़बरें फटाफट
फिल्म ‘दोस्ती’ से स्टार बने थे एक्टर
नई दिल्ली: फिल्म ‘दोस्ती’ की कहानी दिल को झकझोर देने वाली है. फिल्म लोगों को खूब पसंद आई थी. इसने साल 1964 में सिनेमाघरों में राज किया था. आज भी यह लोगों की पसंदीदा फिल्मों में से एक है. इसमें एक्टर सुशील कुमार ‘रामनाथ’ का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए थे. वे 4 जुलाई 1945 को कराची में जन्मे थे. बंटवारे के बाद उनका सिंधी परिवार सबकुछ छोड़कर भारत आ गया. सुशील को बचपन से ही डांस और एक्टिंग का बड़ा शौक था. घर के खराब हालातों को सुधारने के लिए उनकी मां ने उन्हें फिल्मों में काम करने की इजाजत दे दी. उन्होंने 1958 में एक सिंधी फिल्म से शुरुआत की और फिर कई फिल्मों में बतौर बाल कलाकार अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया.
सुशील कुमार की किस्मत तब पलटी, जब राजश्री प्रोडक्शंस के मालिक ताराचंद बड़जात्या फिल्म ‘दोस्ती’ के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे. दरअसल, ताराचंद बड़जात्या की बेटी ने सुशील को एक फिल्म में एक्टिंग करते देखा था. उन्होंने अपने पिता को सुशील का नाम सुझाया, जिसके बाद राजश्री प्रोडक्शंस ने सुशील कुमार के साथ पूरे तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया. उन्हें हर महीने 300 रुपये की सैलरी मिलती थी, जो आज के जमाने में भले ही बहुत कम लगे, लेकिन उस वक्त एक नए एक्टर और उनके परिवार के लिए यह बहुत बड़ा सहारा थी.
एक्टिंग छोड़ एयर इंडिया में पकड़ी नौकरी जब फिल्म ‘दोस्ती’ रिलीज हुई, तो इसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. सुशील कुमार और सुधीर कुमार की सादगी भरी जोड़ी ने दर्शकों को खूब रुलाया. मोहम्मद रफी के गाए गाने और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने फिल्म को अमर बना दिया, जिसे नेशनल अवार्ड और कई फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले. ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद सुशील को कई ऑफर मिले, पर बात नहीं बन पाई. उन्होंने बाद में फिल्मों को अलविदा कहकर अपनी पढ़ाई पूरी की और एयर इंडिया में नौकरी कर ली. मजेदार बात यह है कि फिल्म ‘हीरा पन्ना’ की शूटिंग जब फ्लाइट में हो रही थी, तब सुशील कुमार फ्लाइट पर्सर के रूप में कैमरे के सामने नजर आए थे. वे साल 2003 में अपनी नौकरी से रिटायर होकर एक शांत जीवन जी रहे हैं.
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
मुरादाबाद में हाईटेंशन लाइन में हुए फाल्ट के बाद करेंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के 3 लोग झुलस गए। झुलसने वालों में पति पत्नी और 7 साल का एक बच्चा शामिल है।
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घटना मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में एकता नगर कॉलोनी की है। ओमपाल सिंह यहां अपने परिवार के साथ रहते हैं। ओमपाल सिंह के बड़े बेटे सतीश ने बताया की शुक्रवार रात करीब 12:30 पर बिजली भागने पर पूरा परिवार सोने के लिए छत पर चला गया था। कुछ देर बाद बिजली आई तो ओमपाल सिंह की पत्नी बबीता ने पति से पंखे के तार लगाने के लिए कहा। ओमपाल सिंह ने जैसे ही पंख का प्लग लगाकर स्विच ऑन किया इसी दौरान घर के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन में अचानक फाल्ट हुआ। सतीश का कहना है कि इसके बाद उनके पूरे घर की वायरिंग में आग लग गई और करंट दौड़ने लगा। करंट की चपेट में आने से ओमपाल सिंह; उनकी पत्नी बबीता और 7 साल का बेटा हर्षित गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम सदर और को सिविल लाइंस ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से घटना के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही चिकित्सकों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार का समुचित इलाज किया जाए।