Sunday, May 17, 2026
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ग्वालियर में सहायक कुल सचिव परीक्षा आज: तीन परीक्षा केन्द्रों 1277 अभ्यर्थी होंगे शामिल,परीक्षा में जूते-मोजे पहनने पर भी प्रतिबंध – Gwalior News



मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक कुल सचिव परीक्षा-2025 का आयोजन रविवार 17 मई को किया जाएगा। शहर के तीन परीक्षा केन्द्रों पर कुल 1277 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा एक ही सत्र में दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगी।

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नोडल अधिकारी एवं परीक्षा प्रभारी संयुक्त कलेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सुबह 10:30 बजे तक अनिवार्य रूप से पहुंचना होगा। परीक्षा केन्द्रों पर जूते और मोजे पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थी केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही प्रवेश कर सकेंगे।

परीक्षा एक सत्र में आयोजित होगी।

उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, किसी भी प्रकार की घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बेल्ट, बालों में लगाने वाले क्लचर, बक्कल और हाथ के बैंड सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केन्द्र में ले जाना वर्जित रहेगा। परीक्षार्थी केवल पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जा सकेंगे।

113 में कंट्रोल रूम बनाया

परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों की त्रि-स्तरीय जांच की जाएगी। पहले चरण में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। वहीं सभी परीक्षा केन्द्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कलेक्ट्रेट ग्वालियर के कक्ष क्रमांक-113 में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो 17 मई को सुबह 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक लगातार कार्य करेगा। कंट्रोल रूम का संचालन अधीक्षक जिला कार्यालय आर.आई. भगत के निर्देशन में होगा।

शिकायत एवं सुझाव के लिए कंट्रोल रूम दूरभाष नम्बर 0751-2446214 तथा अधीक्षक कलेक्ट्रेट आर.आई. भगत के मोबाइल नम्बर 9425135143 पर संपर्क किया जा सकता है।



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‘ना कजरे की धार’ से ‘चिट्ठी आई है’ तक, पंकज उधास ने हर एहसास को दिए सुर, बने गजल सम्राट


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गजल की दुनिया में पंकज उधास वह नाम थे, जिन्होंने सुरों को सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि एहसास बना दिया. उनकी आवाज में ऐसा दर्द था, जो टूटे दिलों को सुकून देता था और ऐसी मिठास थी, जो मोहब्बत को और खूबसूरत बना देती थी. ‘चिट्ठी आई है’, ‘ना कजरे की धार’ और ‘थोड़ी-थोड़ी पिया करो’ जैसे गीतों ने उन्हें हर पीढ़ी का पसंदीदा बना दिया. 51 रुपये के छोटे से इनाम से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें गजल सम्राट बना गया। आज भी उनकी गजलों की महफिल सजती है, तो लोग सिर्फ गाने नहीं, अपने जज्बात सुनते हैं.

नई दिल्ली. कभी महफिलों में धीमे-धीमे गूंजने वाली एक आवाज ने पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया था. जब भी दर्द, मोहब्बत, जुदाई या यादों की बात होती, लोगों की जुबां पर सबसे पहले पंकज उधास के गीत आते. ‘चिट्ठी आई है’ सुनते ही आंखें नम हो जातीं, तो ‘ना कजरे की धार’ दिल में प्यार की मिठास घोल देता. पंकज उधास सिर्फ गायक नहीं थे, बल्कि एहसासों को सुरों में ढालने वाले कलाकार थे. उनकी गजलों में ऐसा सुकून और दर्द था, जो सीधे दिल तक पहुंचता था. छोटे से मंच पर 51 रुपये के इनाम से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें गजल की दुनिया का बादशाह बना गया. आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज अब भी हर महफिल, हर टूटे दिल और हर मोहब्बत की कहानी में जिंदा है.

Na Kajre Ki Dhar to Chitthi Aayi Hai Pankaj Udhas gave voice to every feeling became Ghazal emperor

भारतीय संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो वक्त गुजरने के बाद भी लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बसी रहती हैं. ऐसी ही एक आवाज थी मशहूर गजल गायक पंकज उधास की. उनकी गजलें लोगों की भावनाएं हुआ करती थीं. उनकी गायकी में ऐसी मिठास थी, जो सीधे दिल को छू जाती थी.इस महान गायक के सफर की शुरुआत एक छोटे से मंच और सिर्फ 51 रुपये के इनाम से हुई थी.

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पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में एक जमींदार परिवार में हुआ था. वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे. उनके बड़े भाई मनहर उधास और निर्मल उधास पहले से ही संगीत की दुनिया से जुड़े हुए थे. घर में संगीत का माहौल था, इसलिए बचपन से ही पंकज का मन भी सुरों में लगा हुआ था.

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Na Kajre Ki Dhar to Chitthi Aayi Hai Pankaj Udhas gave voice to every feeling became Ghazal emperor

पंकज उधास ने राजकोट की संगीत नाट्य अकादमी में तबला सीखना शुरू किया. बाद में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की भी ट्रेनिंग ली. पढ़ाई के साथ-साथ उनका पूरा ध्यान संगीत पर रहता था. उन्होंने मुंबई से विज्ञान विषय में डिग्री भी हासिल की. हालांकि, उनका असली सपना संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाना था.

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उनकी जिंदगी का सबसे खास किस्सा भारत-चीन युद्ध के समय का है. उस दौरान उनके बड़े भाई मनहर उधास का एक स्टेज शो चल रहा था. छोटे से पंकज ने मंच पर जाकर ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गीत गाया. उनकी आवाज सुनकर वहां मौजूद एक व्यक्ति इतना भावुक हो गया कि उसने मंच पर ही पंकज को 51 रुपये इनाम में दिए. आज के समय में यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन उस दौर में यह उनके लिए बहुत बड़ी बात थी.

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पंकज उधास ने कई इंटरव्यू में कहा कि वही 51 रुपए उनके जीवन का पहला सम्मान था. पंकज के लिए संगीत की दुनिया में पहचान बनाना आसान नहीं था. उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया. उन्हें फिल्मों में पहला मौका साल 1972 में आई फिल्म ‘कामना’ से मिला. फिल्म तो सफल नहीं हुई लेकिन उनकी आवाज लोगों को पसंद आई. इसके बाद उन्होंने गजल गायकी की ओर कदम बढ़ाया. उन्होंने उर्दू सीखी ताकि गजल को सही भाव और अंदाज में गा सकें.

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साल 1980 में उनका पहला गजल एल्बम ‘आहट’ रिलीज हुआ. इस एल्बम ने उन्हें नई पहचान दी. इसके बाद ‘तरन्नुम’, ‘महफिल’ और ‘नायाब’ जैसे एल्बम आए, जिन्होंने उन्हें गजल की दुनिया का बड़ा नाम बना दिया. फिर साल 1986 में फिल्म ‘नाम’ का गाना ‘चिट्ठी आयी है’ आया और पंकज उधास रातोंरात स्टार बन गए. यह गाना आज भी लोगों की आंखें नम कर देता है.

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पंकज उधास ने सिर्फ गजल ही नहीं बल्कि फिल्मों में भी कई यादगार गाने गाए. ‘चांदी जैसा रंग है तेरा’, ‘ना कजरे की धार’, ‘थोड़ी थोड़ी पिया करो’ और ‘चुपके चुपके’ जैसे गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने साल 2006 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा. बाद में उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया. 26 फरवरी 2024 को पंकज उधास ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.

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नीदरलैंड से 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज भारत आएंगे: मोदी की मौजूदगी में समझौता; टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप बनाने वाली डच कंपनी में भी डील


एम्सटर्डम4 घंटे पहले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोल ताम्र पट्टिकाओं को भारत लाने पर समझौता हुआ। ये करीब 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज हैं, जिनमें चोल साम्राज्य से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी है।

समझौते के तहत 11वीं सदी की चोल ताम्र पट्टिकाएं जल्द भारत लाई जाएंगी। यह 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटों का संग्रह है। इनमें ज्यादातर लेख तमिल भाषा में लिखे गए हैं। मोदी ने कहा कि इन पट्टिकाओं में राजा राजेंद्र चोल प्रथम और उनके पिता राजा राजराजा चोल प्रथम से जुड़ी जानकारी दर्ज है।

ताम्र पट्टिकाएं तांबे की बनी प्लेटें होती हैं, जिन पर पुराने समय में अहम बातें लिखी जाती थीं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 19वीं सदी में जब यूरोपीय देश भारत और एशिया के दूसरे हिस्सों में व्यापार और रिसर्च कर रहे थे, उसी दौरान ये दस्तावेज विदेश ले जाई गईं थीं।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच भी समझौता

द हेग में टाटा आयोजित एक कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के बीच भी समझौता हुआ। यह करार सेमीकंडक्टर और चिप तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए है।

ASML दुनिया की प्रमुख चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में शामिल है, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के प्रतिनिधि डील पर साइन कर रहे हैं, जबकि पीएम मोदी और पीएम जेटन पीछे खड़े हैं…

नीदरलैंड के राजा-रानी से मिले पीएम मोदी

मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड के हेग शहर में वहां के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की। यह मुलाकात शाही महल ‘पैलेस हाउस टेन बॉश’ में हुई।

बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों ने शिक्षा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, वाटर मैनेजमेंट और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाने की बात कही।

नीदरलैंड के राजा और रानी ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में रात्रिभोज भी रखा। मोदी ने 2019 में राजा और रानी की भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली थी। पीएम मोदी ने नीदरलैंड सरकार की मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया।

नीदरलैंड के राजा-रानी के साथ PM मोदी।

नीदरलैंड के राजा-रानी के साथ PM मोदी।

पीएम मोदी बोले- भारत में निवेश का अभी सबसे अच्छा समय

नीदरलैंड के हेग शहर में शनिवार को आयोजित CEO राउंड टेबल बैठक में मोदी ने कहा कि भारत में निवेश और कारोबार के लिए यह सबसे अच्छा समय है। उन्होंने बताया कि टैक्स, लेबर कानून और सरकारी व्यवस्था में सुधारों के कारण भारत में मैन्युफैक्चरिंग अब सस्ती और आसान हो गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, जो पहले बड़ा आयात क्षेत्र था, अब भारत का बड़ा निर्यात क्षेत्र बन चुका है। भारत और नीदरलैंड ग्रीन हाइड्रोजन, तकनीक और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाएंगे।

भारत में 300 से ज्यादा डच कंपनियां काम कर रहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसर खोलेगा। साथ ही दोनों देश अपनी साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने डच कंपनियों से भारत में ज्यादा निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 300 से ज्यादा डच कंपनियां पहले से भारत में काम कर रही हैं और भारत तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कारोबार करने वालों को अच्छे मौके और बेहतर परिणाम मिलेंगे।

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मोदी बोले- ये दुनिया के लिए आपदाओं का दशक:पहले कोरोना, फिर युद्ध, अब ऊर्जा संकट, हालात नहीं बदले तो गरीबी के दलदल में फंसेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे पर हैं। उन्होंने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। मोदी ने कहा कि आज मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। ये दशक आपदाओं का दशक बन गया है। दुनिया पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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जयपुर में स्कूटी सवार युवती से छेड़छाड़: घर लौटते समय बदमाश पड़ा पीछे, सुनसान जगह अकेला पाकर पकड़ा – Jaipur News




जयपुर में स्कूटी सवार युवती से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। घर लौटते समय बदमाश ने पीछा कर सुनसान जगह अकेला पाकर पकड़ लिया। श्याम नगर थाना पुलिस ने पीड़िता की सूचना पर आरोपी युवक को CCTV फुटेज के आधार पर धर-दबोचा। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। SHO (श्याम नगर) दलबीर सिंह ने बताया- जयपुर की रहने वाली 21 साल की युवती के साथ छेड़छाड़ हुई थी। 13 मई को वह अपने दोस्तों के साथ मंदिर दर्शन करने गई थी। रात करीब 3 बजे स्वेज फार्म एरिया में खड़ी अपने स्कूटी को लेकर घर के लिए रवाना हुई। इस दौरान उसके पीछे एक बदमाश स्कूटी लेकर पीछे लग गया। पीछा करते बदमाश ने श्याम नगर इलाके में सुनसान जगह पर अकेला पाकर स्कूटी सवार युवती से छेड़छाड़ की। शोर मचाने पर आरोपी यू-टर्न लेकर वहां से फरार हो गया। पीड़िता की ओर से नाकाबंदी में तैनात पुलिसकर्मियों को आपबीती सुनाई। श्याम नगर थाना पुलिस की ओर से मामला दर्ज कर तुरंत बदमाश की तलाश शुरू की। पुलिस टीम में शामिल कॉन्स्टेबल पवन कुमार ने 50 से अधिक CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को चिन्हिृत किया। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी सुनील कुमार (39) निवासी श्याम पथ श्याम नगर को धर-दबोचा।



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वाराणसी की निष्क्रीय SOG-2 भंग, SHO मिर्जामुराद लाइन हाजिर: शिवाकांत को कैंट से सिगरा भेजा, संजय मिश्रा को रामनगर की कमान – Varanasi News




वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने शनिवार की रात क्राइम मीटिंग के बाद लापरवाहों पर कार्रवाई का हंटर चलाया। अकर्मणयता और निष्क्रीयता के आरोपों से घिरी एसओजी-2 को भंग कर दिया। एसओजी-2 में तैनात दरोगा समेत सभी पुलिसकर्मियों को लाइन भेज दिया। कारगुजारियों से चर्चा में रहने वाले इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को मिर्जामुराद थाने से लाइन हाजिर कर दिया। उन पर एक युवती से जुड़े लवजेहाद के मामले में लापरवाही बरतने का भी आरोप है। इसके अलावा सीपी ने खराब प्रदर्शन पर कई थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्जों के तबादले किए गए। शनिवार रात निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा, निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा और उपनिरीक्षक विकास सिंह को नई तैनाती मिली। कैंट थाना प्रभारी रहे शिवाकांत मिश्रा हटाकर सिगरा भेजा गया। उन्हें प्रभारी निरीक्षक के तौर पर सिगरा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिगरा के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा को रामनगर का इंस्पेक्टर बनाया गया है। पुलिस कमिश्नर के पीआरओ उपनिरीक्षक विकास सिंह को रोडवेज चौकी इंचार्ज बनाया गया है। SOG-02 को तत्काल प्रभाव से भंग कर सभी कर्मियों को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। बाद में यूनिट का नए सिरे से गठन किया जाएगा। मिर्जामुराद प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय को पुलिस लाइन भेजा गया, जबकि साइबर क्राइम थाने से गोपाल जी कुशवाहा को मिर्जामुराद का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं रामनगर के राजकिशोर पाण्डेय को कैंट थाने की कमान सौंपी गई है। बैठक में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साफ संदेश दिया कि वही थाना प्रभारी और अधिकारी पद पर बने रहेंगे जो जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना और कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। सीपी की मीटिंग में ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फोकस पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मासिक अपराध मीटिंग के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई एवं पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रभावी अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की बात कही। स्पष्ट किया कि बेहतर काम वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण, सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुपालन, सीसीटीएनएस एवं थाना अभिलेखों की जानकारी, ई-समन पोर्टल, यक्ष ऐप एवं डिजिटल व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया। यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु RTC स्कीम विशेष निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई की बात कही। महिला अपराध, साइबर अपराध, गोतस्करी, एनडीपीएस एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही, आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी गोमती नीतू, सभी जोन के एडीसीपी और ट्रैफिक के अफसर सहित समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारीगण व थाना प्रभारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।



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धनु: धन हानि या नुकसान की प्रबल संभावना, गाड़ी चलाते समय रखें अत्यधिक सतर्कता


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Aaj ka Dhanu Rashifal 17 may 2026: धनु राशि के जातकों की लव लाइफ आज काफी अच्छी रहेगी. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा. प्यार के मामले में आज का दिन आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है. धनु राशि वालों के लिए आज आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन नए निवेश से बचें, वरना नुकसान हो सकता है. लव लाइफ अच्छी रहेगी, परिवार में खुशियां रहेंगी. सेहत का ध्यान रखें, वाहन चलाते समय सतर्क रहें. शुभ रंग केसरिया, अंक 7.

जमुई: आज 17 मई 2026 के दिन सूर्य देव वृषभ राशि में संचार करेंगे. जिस कारण आज के दिन बुध, चंद्रमा और सूर्य की युति से त्रिग्रह योग का निर्माण होगा. इतना ही नहीं आज के दिन चंद्रमा उच्च होकर गौरी योग का निर्माण करेंगे. जिसका असर सभी राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि धनु राशि के जातकों पर भी आज के दिन बनने वाले इन दोनों योग का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा. आज धनु राशि के जातकों का दिन काफी व्यस्तता में बीतेगा. आज आपको किसी तरह की पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता आन पड़ेगी. धनु राशि के जातकों को आज के दिन अपने सुख-साधन पर पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. उन्होंने बताया कि आज आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहेगी.

किसी बड़ी परेशानी का मिल सकता है हल 
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातक अगर लंबे समय से किसी परेशानी से गुजर रहे हैं, तो आज के दिन उन्हें इसका हल मिल सकता है. उन्होंने बताया कि कारोबारी के लिए आज का दिन काफी अच्छा रहने वाला है. हालांकि आज आपको किसी तरह की निवेश से बचना चाहिए. आप कहीं भी पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तब उससे पहले अच्छी तरह से विमर्श कर लें नहीं तो आपका पैसा फंसने की भी संभावना बन सकती है. आप जहां काम करते हैं वहां आपके वरिष्ठ अधिकारी और साथ काम करने वाले कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपकी मुश्किलें थोड़ी आसान हो सकती हैं.

प्यार के लिए अनुकूल रहेगा दिन 
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों की लव लाइफ आज काफी अच्छी रहेगी. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा. प्यार के मामले में आज का दिन आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है. धनु राशि के जातक को आज अपने सेहत की थोड़ी चिंता करनी चाहिए. खासकर वाहन चलाते समय आपको चोट-चपेट लगने की संभावना बन रही है. उन्होंने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज के दिन भगवान सूर्य की पूजा करनी चाहिए और उन्हें जल अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से आपको फायदा हो सकता है. आज के दिन के लिए आपका शुभ अंक 7 और शुभ रंग केसरिया रहने वाला है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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मीठी चाय नहीं, पहाड़ों की ये रहस्यमयी चाय क्यों पीते हैं लोग? वजह जानकर हैरान रह जाएंगे


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भारत के पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी अनोखी चाय पी जाती है जिसमें चीनी नहीं बल्कि नमक और मक्खन डाला जाता है. लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में सदियों से पी जाने वाली यह बटर टी न सिर्फ ठंड से बचाने में मदद करती है बल्कि शरीर को ऊर्जा भी देती है.

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भारत में ज्यादातर लोग सुबह की शुरुआत मीठी दूध वाली चाय से करते हैं, लेकिन देश के कई पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी चाय भी पी जाती है जिसमें चीनी नहीं, बल्कि नमक डाला जाता है. पहली बार सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में यह चाय सदियों से लोगों की जिंदगी का हिस्सा रही है. वहां के ठंडे मौसम और कठिन जीवनशैली में यह चाय शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने के लिए काफी लोकप्रिय मानी जाती है.

नमक वाली चाय सबसे ज्यादा लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और तिब्बती इलाकों में पी जाती है. कश्मीर में भी “नून चाय” या “शीर चाय” काफी मशहूर है, जिसका स्वाद हल्का नमकीन होता है. वहीं लद्दाख और तिब्बती क्षेत्रों में इसे “बटर टी” या “गुर्गुर चाय” कहा जाता है. ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ स्वाद की बात नहीं, बल्कि जरूरत भी मानी जाती है. वहां तापमान कई बार शून्य से नीचे चला जाता है, इसलिए लोग ऐसी चीजें पीना पसंद करते हैं जो शरीर को लंबे समय तक गर्म रख सकें.

क्या है इसका इतिहास?
माना जाता है कि नमक वाली चाय की शुरुआत तिब्बत और मध्य एशिया के पहाड़ी इलाकों से हुई थी. पुराने समय में वहां रहने वाले लोग लंबे सफर और ठंडे मौसम में खुद को गर्म रखने के लिए चाय में मक्खन और नमक मिलाकर पीते थे. धीरे-धीरे यह परंपरा हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंच गई. तिब्बत में याक नाम के जानवर के दूध से बने मक्खन का इस्तेमाल इस चाय में किया जाता था. यही वजह है कि इसे “बटर टी” कहा जाने लगा. कई इतिहासकार मानते हैं कि यह चाय व्यापारिक रास्तों और बौद्ध संस्कृति के जरिए अलग-अलग पहाड़ी इलाकों में फैली.

कैसे बनाई जाती है नमक वाली चाय?
इस चाय को बनाने का तरीका सामान्य चाय से काफी अलग होता है. इसमें चायपत्ती को लंबे समय तक उबाला जाता है और फिर उसमें नमक, मक्खन और कई जगह दूध मिलाया जाता है. लद्दाख में इसे खास लकड़ी के बर्तन में फेंटा भी जाता है, जिससे इसका टेक्सचर क्रीमी हो जाता है. कश्मीर की नून चाय में गुलाबी रंग लाने के लिए बेकिंग सोडा भी डाला जाता है. वहीं तिब्बती बटर टी ज्यादा गाढ़ी और मक्खन वाली होती है.

ठंडे मौसम में क्यों मानी जाती है फायदेमंद?
पहाड़ी इलाकों में लोग मानते हैं कि यह चाय शरीर को लंबे समय तक गर्म रखती है. मक्खन और फैट की वजह से शरीर को ऊर्जा मिलती है, जबकि नमक शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है. यही कारण है कि ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोग दिन में कई बार इसे पीते हैं. पहले यह चाय सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित थी, लेकिन अब सोशल मीडिया और ट्रैवल व्लॉग्स की वजह से इसकी चर्चा पूरे देश में होने लगी है. कई ट्रैवलर्स पहाड़ों में जाकर इस अनोखी चाय को ट्राई करते हैं और उसका वीडियो शेयर करते हैं. अब बड़े शहरों के कुछ कैफे में भी बटर टी और नून चाय मिलने लगी है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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आयुष्मान कार्ड होने पर भी हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं,जानिए कौन सुविधाएं बाहर


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आयुष्मान भारत योजना देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है. इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. लेकिन कई लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि आयुष्मान कार्ड से हर बीमारी का इलाज मुफ्त हो जाता है. असल में इस योजना के तहत कुछ बीमारियां, टेस्ट और इलाज ऐसे भी हैं जो पूरी तरह कवर नहीं किए जाते.

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आयुष्मान कार्ड में हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं है. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. आयुष्मान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बनी है. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में गिनी जाती है. इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से बचाना है. इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है. खासतौर पर गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में यह योजना बड़ी मदद देती है. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी इस योजना का लाभ लिया जा सकता है. हालांकि योजना का दायरा बड़ा होने के बावजूद इसमें कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं, जिनके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है.

OPD और सामान्य जांच का खर्च नहीं होता शामिल
बहुत से लोग सोचते हैं कि आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद डॉक्टर की हर विजिट मुफ्त हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. इस योजना में केवल अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले इलाज को प्राथमिकता दी जाती है. अगर कोई व्यक्ति सिर्फ डॉक्टर से सलाह लेने गया है और उसे भर्ती नहीं किया गया, तो उस OPD खर्च को योजना के तहत कवर नहीं किया जाता. इसी तरह केवल जांच कराने का खर्च भी योजना में शामिल नहीं होता, जब तक कि डॉक्टर भर्ती मरीज के इलाज के दौरान उन टेस्ट की सलाह न दें. यही वजह है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद पता चलता है कि कुछ खर्च उन्हें खुद उठाने होंगे.

विटामिन, टॉनिक और सामान्य दवाओं पर नहीं मिलती राहत
आयुष्मान योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों और जरूरी इलाज में मदद देना है. इसलिए सामान्य कमजोरी, थकान या स्वास्थ्य सुधार के लिए इस्तेमाल होने वाले विटामिन, टॉनिक और सप्लीमेंट्स का खर्च इसमें शामिल नहीं किया गया है. हालांकि अगर किसी गंभीर बीमारी या चोट के इलाज के दौरान डॉक्टर इन दवाओं को जरूरी बताते हैं, तो स्थिति अलग हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि योजना मुख्य रूप से जीवनरक्षक और अस्पताल आधारित इलाज के लिए बनाई गई है, इसलिए रोजमर्रा की सामान्य दवाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया.

दांतों के सामान्य इलाज और IVF जैसी सुविधाएं भी बाहर
योजना के तहत नियमित दांतों की सफाई, कैविटी भरने या सामान्य डेंटल चेकअप का खर्च भी नहीं मिलता. केवल गंभीर हादसे, जबड़े की चोट, ट्यूमर या सिस्ट जैसी गंभीर स्थितियों में डेंटल इलाज को कवर किया जाता है. इसके अलावा IVF यानी टेस्ट ट्यूब बेबी से जुड़े इलाज और दूसरी Assisted Reproductive Technologies भी योजना के दायरे से बाहर हैं. कॉस्मेटिक सर्जरी, टैटू हटाना, वजन कम करने की सर्जरी और नेक लिफ्ट जैसी प्रक्रियाएं भी मुफ्त इलाज सूची में शामिल नहीं हैं. सरकार का मानना है कि योजना का फोकस जरूरी और गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं पर होना चाहिए, इसलिए सौंदर्य या वैकल्पिक प्रक्रियाओं को इसमें जगह नहीं दी गई.

हर व्यक्ति नहीं बनवा सकता आयुष्मान कार्ड
यह योजना खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए तैयार की गई है. इसी वजह से हर व्यक्ति इसके लिए पात्र नहीं होता. सरकारी कर्मचारी, आयकर भरने वाले लोग, ESIC सुविधा लेने वाले कर्मचारी और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले वे लोग जिनका PF कटता है, आमतौर पर इस योजना के दायरे में नहीं आते. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इलाज शुरू कराने से पहले यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि कौन-सा खर्च योजना में शामिल है और कौन-सा नहीं. इससे बाद में आर्थिक परेशानी और भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है. स्वास्थ्य योजनाओं के बढ़ते दायरे के बीच सही जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जा रही है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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‘मेरा क्या उखाड़ लिया’, ब्राह्मणों पर टिप्पणी करके फंसे अनुराग कश्यप, कोर्ट का सख्त आदेश


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फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने ब्राह्मण समुदाय पर विवादित बयान दिया था, जिसने अब तूल पकड़ लिया है. सूरत जिला अदालत ने अनुराग कश्यप के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट/विज़ुअल्स को लेकर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. शिकायतकर्ता वकील कमलेश रावल ने कहा कि 19 मार्च पिछले साल अनुराग कश्यप ने एक ट्वीट किया था. इसके बाद एक्स यूजर आदित्य दत्ता ने उनसे ट्वीट हटाने को कहा. इस पर अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा पोस्ट किया और लिखा कि ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.

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विवादित बयान की वजह से फंसे अनुराग कश्यप

नई दिल्ली: मशहूर फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. लेकिन इस बार उनके एक सोशल मीडिया कमेंट उनके लिए बड़ी कानूनी मुसीबत बन गया है. पिछले साल ब्राह्मण समुदाय को लेकर किए गए एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. गुजरात की सूरत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अनुराग कश्यप के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का सख्त आदेश दे दिया है. कोर्ट ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है, जिसके बाद अब पुलिस को इस पर कानूनी कार्रवाई शुरू करनी होगी.

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब वकील कमलेश रावल ने कोर्ट में अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के मुताबिक, 19 मार्च को अनुराग कश्यप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विवादित ट्वीट किया था. इसके बाद, जब आदित्य दत्ता नाम के एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने उन्हें वह पोस्ट हटाने की सलाह दी, तो अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर और ज्यादा आक्रामक रुख अपना लिया. उन्होंने न सिर्फ पोस्ट हटाने से मना किया, बल्कि बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा लिख दिया कि ‘ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.’ इसी बात को लेकर समाज में नाराजगी फैल गई और मामला अदालत तक पहुंच गया.

बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कानूनी लड़ाई में अनुराग कश्यप की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ गईं, क्योंकि उन्होंने कोर्ट की चेतावनियों को हल्के में लिया. अदालत ने इससे पहले भी उन्हें इस मामले में समन भेजकर पेश होने का साफ निर्देश दिया था, लेकिन वह तय तारीख पर कोर्ट के सामने हाजिर नहीं हुए. उनकी इसी लापरवाही को देखते हुए सूरत कोर्ट ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है और उनके खिलाफ सीधे गुनाह दर्ज करने यानी एफआईआर का फैसला सुना दिया है. इस आदेश के बाद अब अनुराग कश्यप को हर हाल में कोर्ट में हाजिर होकर अपनी सफाई देनी होगी, नहीं तो उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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मुंगेर में हर पंचायत में जिम-खेलकूद की होगी व्यवस्था: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का ऐलान, अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन, धरोहरों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर – Munger News




केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने घोषणा की है कि सांसद फंड से हर पंचायत में जिम और खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह बात शनिवार देर शाम मुंगेर पहुंचने पर कही। मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है, ताकि वे विभिन्न नियुक्तियों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने देश के विकास पर भी प्रकाश डाला, बताया कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 58 लाख के अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री शनिवार शाम दो दिवसीय दौरे पर मुंगेर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले अतिथि गृह में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित अन्य अधिकारियों के साथ जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने एनडीए कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इसके बाद केंद्रीय मंत्री पोलो मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए लगभग 58 लाख रुपए की लागत से बनाए गए अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन किया। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया
उद्घाटन के पश्चात उन्होंने मैदान में मौजूद खिलाड़ियों से बातचीत की और टर्फ का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुंगेर जिला फुटबॉल संघ के सचिव भवेश कुमार उर्फ बंटी सिंह ने उन्हें मुख्य किला गेट का तैलचित्र भेंट कर सम्मानित किया। पोलो मैदान से निकलने के बाद मंत्री जिला परिषद भवन पहुंचे। यहां जिला प्रशासन ने जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से भवन का सौंदर्यीकरण कराया है। लगभग 38 लाख रुपए की लागत से हुए इस कार्य के तहत भवन को रंगीन रोशनी से सजाया गया है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया। मंत्री ने यह भी कहा कि मुंगेर सहित बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने का काम किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत को समझ सकें और इतिहास से जुड़ सकें। कार्यक्रम के दौरान जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, जिला परिषद अध्यक्ष साधना देवी, उपाध्यक्ष ब्यूटी विश्वास, जदयू जिलाध्यक्ष सौरव निधि सहित कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मंत्री का स्वागत किया। देर रात केंद्रीय मंत्री अतिथि गृह लौट गए। वहीं सोमवार को वह जिला अधिकारियों के साथ दिशा समिति की बैठक करेंगे।



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