Monday, July 6, 2026
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चीनी मिल के लिए 30 हजार एकड़ में गन्ना खेती: लक्ष्य पूरा करने के लिए जागरूकता अभियान चलेगा, डीएम ने की अधिकारियों के साथ बैठक – Darbhanga News


दरभंगा समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में डीएम ने जिला अभियान समिति की बैठक की। जिसमें गन्ना क्षेत्र विस्तार, किसानों के पंजीकरण और जागरूकता अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सहायक निदेशक (ईख विकास) ने बताया कि एक चीनी

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डीएम ने प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों से कहा कि वे अधिक से अधिक किसानों को गन्ना किसान के रूप में पंजीकरण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 जुलाई तय है। गन्ना एक नकदी फसल (कैश क्रॉप) है, जिससे किसानों को कम लागत में बेहतर लाभ और बिक्री के बाद तत्काल नकद आय प्राप्त होती है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ की बैठक।

गांवों की जल्द पहचान पहचान करने के निर्देश

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गन्ना उत्पादन के लिए संभावित गांवों की जल्द पहचान की जाए और हर पंचायत में किसानों के साथ नियमित बैठक कर उन्हें गन्ना खेती के आर्थिक लाभ, सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहायता की जानकारी दी जाए।

उन्होंने पंचायत स्तर पर अभियान समिति एवं जीविका दीदियों के सहयोग से हर सप्ताह और प्रखंड स्तर पर नियमित रूप से अभियान समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश

अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को गन्ना किसान पंजीकरण, सहकारी समिति की सदस्यता, सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं और अन्य उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान गन्ना खेती अपनाने के लिए प्रेरित हों।

साथ ही सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर पोर्टल के माध्यम से किसानों का आवेदन और पंजीकरण समय से हो। बैठक में बताया गया कि अभियान समिति के सदस्य रोज गांवों और पंचायतों में जाकर किसानों को गन्ना खेती के लिए प्रेरित करेंगे और सरकार की विभिन्न योजनाओं-प्रोत्साहन प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करेंगे।

बैठक में ये रहे मौजूद

जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे सीसीएस बिहार पोर्टल पर अपनी डीबीटी आईडी के माध्यम से समय पर पंजीकरण कराएं, ताकि गन्ना विकास से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। बैठक में उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, सहायक निदेशक (ईख विकास) अभिनय प्रियदर्शी, जिला ईंख पदाधिकारी पुष्कर राज, ईंख प्रसार पदाधिकारी राहुल देव, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



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JCB को बना लिया ‘कार’, 6 युवक घूमने निकले: नर्मदापुरम में ट्रैफिक पुलिस ने 3 हजार का चालान काटा, लाइसेंस होगा सस्पेंड – narmadapuram (hoshangabad) News




नर्मदापुरम जिला मुख्यालय में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां कुछ युवक निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली जेसीबी में सवार होकर शहर में घूमने निकल पड़े। वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने जेसीबी को रोककर कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, शाम के समय जेसीबी मालाखेड़ी क्षेत्र स्थित कलेक्टर बंगले के सामने से मीनाक्षी चौक की ओर जा रही थी। जेसीबी में कुल छह लोग सवार थे। एक युवक जेसीबी चला रहा था, जबकि अन्य युवक केबिन और बकेट के पास बैठे थे। किसी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था थी। राहगीरों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। मामला ट्रैफिक विभाग तक पहुंचा। जैसे ही जेसीबी यातायात थाने के सामने पहुंची, पुलिस ने उसे रोक लिया और थाने ले गई। जांच में पता चला कि जेसीबी किसी निर्माण कार्य के लिए नहीं, बल्कि घूमने के लिए निकाली गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई ट्रैफिक डीएसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि जेसीबी का उपयोग केवल निर्माण कार्य के लिए किया जाता है। युवक जिस तरह से बाजार की ओर जा रहे थे, उससे साफ था कि वे तफरी करने निकले थे। उन्होंने बताया कि जेसीबी क्रमांक UP 81 DT 3861 लक्फर कंस्ट्रक्शन, अलीगढ़ के नाम पर पंजीकृत है। इसे आमिर पिता इंतजार (20), निवासी मुजफ्फरपुर चला रहा था। चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत 3 हजार रुपये का चालान किया गया है। साथ ही उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए आरटीओ को पत्र भेजा जाएगा। इन नियमों का हुआ उल्लंघन पुलिस के अनुसार, इस मामले में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया। जेसीबी का निर्माण कार्य के बजाय घूमने के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा खुले बकेट और केबिन में लोगों को बैठाकर वाहन चलाना सुरक्षा नियमों का भी उल्लंघन है। डीएसपी संतोष मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने या शौक के लिए इस तरह की हरकत न करें। ऐसा करने पर वाहन जब्त करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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अनलिस्टेड स्टॉक के बदले कैश देगी ये कंपनी, 100 शेयर भी हुए थे बन गए ₹71000


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फ्लिपकार्ट ने अपने हजारों को कर्मचारियों को खुशी मनाने का मौका दिया है. जिन भी कर्मचारियों के पास कंपनी की ओर से दिए गए ईएसओपी हैं, वह उन्हें कैश कर सकते हैं. हर अनलिस्टेड शेयर के लिए कंपनी की ओर से उन्हें 713 रुपये दिए जाएंगे. हालांकि, यह फायदा केवल 15 जुलाई तक कंपनी के कर्मचारी के तौर पर चिह्नित लोगों को ही दिया जाएगा.

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ईएसओपी को कैश वही कर्मचारी करा पाएंगे जो 15 जुलाई तक कंपनी के कर्मचारी हैं. (AI)

नई दिल्ली. फ्लिपकार्ट भारत के सबसे बड़े ई-मार्केटप्लेसेज में से एक है. अमेरिका की वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली इस कंपनी ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसे सुनकर इसके कर्मचारी खुशी से फूले नहीं समाएंगे. कंपनी ने कहा है कि वह ESOP यानी इम्पॉलई स्टॉक ऑप्शन प्लान को कैश में बदलने का मौका दे रही है. फ्लिपकार्ट लिस्टेड कंपनी नहीं हैं इसलिए कंपनी खुद ही अपने पास से यह पैसा कर्मचारियों को देगी. कंपनी ने कहा है कि वह हर ऑप्शन (आसान भाषा में अनलिस्टेड शेयर) के लिए 713.4 रुपये देगी. यानी किसी के पास 100 शेयर भी हैं तो उसे 71000 रुपये से ज्यादा मिलेंगे.

लेकिन कंपनी ने एक शर्त रखी है. कर्मचारी अपने पास मौजूद ऑप्शन का केवल 5 फीसदी ही कैश करा सकते हैं. यह ऑप्शन भी केवल 16 जुलाई 2023 से 15 जुलाई 2026 के बीच के ही होने चाहिए. इसके अलावा कंपनी ने कर्मचारियों के लिए एक कट ऑफ डेट भी तय की है. फ्लिपकार्ट के अनुसार, ईएसओपी को कैश वही कर्मचारी करा पाएंगे जो 15 जुलाई तक कंपनी के कर्मचारी हैं. इसका भुगतान अगस्त में किया जाएगा. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट ने इस प्रोग्राम का ऐलान पिछले साल ही किया था. इसके तहत कुल 5 करोड़ डॉलर के ईएसओपी को लिक्विडेट किया जाना था. प्रोग्राम का लाभ कुल 7000 कर्मचारियों को मिलने का अनुमान है.

सीईओ ने दिया था दोबारा मौका देने का भरोसा

कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव कल्याण कृष्णमूर्ति ने पहले ही कर्मचारियों को भरोसा दिया था कि अगर कंपनी अपने जरूरी लक्ष्यों को हासिल कर लेती है, तो इस साल दोबारा लिक्विडिटी का मौका देने पर विचार किया जाएगा. बोर्ड ने अब इस ईएसओपी को कैश में बदलने की मंजूरी दे दी है. फ्लिपकार्ट समय-समय पर बायबैक के जरिए अपने कर्मचारियों को ऐसे मौके देती रही है. इसका सबसे बड़ा प्रोग्राम साल 2023 में आया था, जब फोनपे के अलग होने पर कंपनी ने 70 करोड़ डॉलर के ईएसओपी भुगतान का ऐलान किया था. उससे करीब 19,000 मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों को फायदा हुआ था.

आईपीओ टलने के बाद लिक्विडिटी प्रोग्राम का महत्व बढ़ा

यह नया बायबैक प्रोग्राम ऐसे समय में आया है जब फ्लिपकार्ट ने अपनी लिस्टिंग यानी आईपीओ की योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया है. कंपनी ने मुनाफे को प्राथमिकता देने के लिए अपनी पब्लिक लिस्टिंग को आगे बढ़ाया है, और पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट का पूरा ध्यान अभी मुनाफे (EBITDA ब्रेकइवन) को हासिल करने पर है. आईपीओ में हो रही इस देरी के कारण निजी कंपनी रहते हुए भी कर्मचारियों को इनाम देने और उनके स्टॉक को कैश में बदलने के लिए यह समय-बद्ध ईएसओपी प्रोग्राम एक बहुत बड़ा जरिया बन गया है.

स्टार्टअप्स में बढ़ रहा है समय-समय पर कैश देने का चलन

मैच्योर स्टार्टअप्स में आजकल कर्मचारियों को लिक्विडिटी देने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है. इक्विटी मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म कैपिटा के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 26 में स्टार्टअप्स के ईएसओपी लिक्विडिटी प्रोग्राम कुल 423 मिलियन डॉलर (27 प्रोग्राम के जरिए) तक पहुंच गए, जो पिछले वित्त वर्ष के 248 मिलियन डॉलर (31 प्रोग्राम) के मुकाबले 70 परसेंट ज्यादा है. अब कंपनियां किसी एक बड़े मौके के इंतजार में बैठने के बजाय, टैलेंट को अपने साथ जोड़े रखने और उनके लिए वेल्थ क्रिएशन करने के मकसद से समय-समय पर ऐसे स्ट्रक्चर्ड बायबैक और प्री-आईपीओ लिक्विडिटी विंडो का इस्तेमाल कर रही हैं.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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दिल्ली में मनाई श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: विधानसभा अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि, बोले-राष्ट्रनिर्माताओं को उनका उचित स्थान दिलाना हमारी जिम्मेदारी – New Delhi News




दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा इतिहास में कई ऐसे व्यक्तत्व हैं, जिन्होंने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने काह कि लेकिन समय के साथ उनका योगदान जनमानस की स्मृति से धूमिल हो गया। ऐसे राष्ट्रनिर्माताओं को उनका उचित स्थान दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इतिहास के गुमनाम राष्ट्रनिर्माताओं को मिलना चाहिए सम्मान विजेंद्र गुप्ता सोमवार को दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा चांदनी चौक स्थित मुख्यालय में आयोजित स्मृति समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यथास्थिति को चुनौती देने वाले व्यक्तित्व’ विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में दक्षिण दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के अध्यक्ष डॉ. सुमीत भसीन, लाइब्रेरी बोर्ड के सदस्य, शिक्षाविद्, विद्वान और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। विजेंद्र गुप्ता ने बताई दिल्ली विधानसभा की योजना अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने ऐसे लगभग 45 विशिष्ट लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित राष्ट्रनिर्माताओं के जीवन और योगदान का दस्तावेजीकरण एवं प्रकाशन शुरू किया है। उनका कहना था कि यह पहल भारत की बौद्धिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के आदर्शों और मूल्यों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



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चटपटा और स्वादिष्ट, बरसात के मौसम में देशी तरीके से बनाए चिकन, 35 मिनट में हो जाएगा तैयार


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चटपटा और स्वादिष्ट, देशी तरीके से बनाए चिकन, 35 मिनट में हो जाएगा तैयार

 

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जैसे ही बरसात का सीजन शुरू होता है तो लोग चटपटा भोजन और स्वादिष्ट व्यंजन पसंद करते हैं यदि आप भी आपके घर पर देसी तरीके से चिकन बनाना चाहते हैं तो 35 मिनट में बनकर तैयार हो जाएगा. उसको बनाना बहुत ही आसान है इसको आप कुकर में भी बना सकते हैं आज हम आपको एक्सपर्ट के अनुसार विदेशी चिकन बनाने की रेसिपी बता रहे है. बरसात के मौसम में स्वादिष्ट देसी चिकन बनाने के लिए एक्सपर्ट फूलाबाई ने आसान रेसिपी साझा की है. यह देसी स्टाइल चिकन स्वादिष्ट होने के साथ घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और मानसून के मौसम में खाने का बेहतरीन विकल्प है.

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5 आतंकियों को उनके गांव लेकर पहुंची गुजरात ATS: मध्यप्रदेश-गुजरात से गिरफ्तार किए गए थे 8 आतंकी, टेररिस्ट नेटवर्क फैलाने का काम कर रहे थे


पालनपुर43 मिनट पहले

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पकड़े गए 8 में से 5 आतंकी पालनपुर तालुका के भागल गांव के रहने वाले हैं।

गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा था। जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें से 5 तो पालनपुर तालुका के भागल गांव के ही रहने वाले हैं। सोमवार को एटीएस इन पांचों को लेकर भागल गांव में इनके घर पहुंची।

क्योंकि, गिरफ्तार किए गए 8 में से 5 आतंकी इसी गांव के रहने वाले हैं। मुदाशिर गाजीवाला और अहमद गाजीवाला चचेरे भाई हैं। एटीएस सभी संबंधित लोगों को साथ लेकर जांच कर रही है और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

आतंकियों के घर से साहित्य और अन्य सामान जब्त पालनपुर तालुका के भागल गांव में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादियों के घर पर तलाशी अभियान के दौरान, गुजरात एटीएस टीम ने आतंकवादी संगठन से संबंधित आपत्तिजनक साहित्य जब्त किया है। एटीएस अधिकारियों ने आतंकवादियों में से एक के घर से सामग्री से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए हैं।

गुजरात ATS आतंकियों को लेकर पालनपुर के भागल गांव पहुंची।

गुजरात ATS आतंकियों को लेकर पालनपुर के भागल गांव पहुंची।

पांचों आतंकियों को एक-एककर उनके घर ले जाया गया।

पांचों आतंकियों को एक-एककर उनके घर ले जाया गया।

आतंकियों में से एक के घर से आपत्तिजनक साहित्य से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए गए।

आतंकियों में से एक के घर से आपत्तिजनक साहित्य से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए गए।

3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़े गए थे आतंकी

गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को 3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा है। सभी को अलग अलग जिलों से पकड़ा गया है। इनमें से दो की उम्र 18 और 19 साल है।

ये सभी गुजरात में JeM का एक एक्टिव नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहे थे, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया सके। एटीएस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

सूचना मिलने के बाद, एटीएस ने 5 अलग-अलग टीमें बनाकर एक बड़ा अभियान चलाया। एटीएस की टीमों ने गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी, पाटण और मध्य प्रदेश के देवास से 8 लोगों को गिरफ्तार किया।

जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के ही रहने वाले हैं और एक पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे।

पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था: डीआईजी

गुजरात के एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से काफी साहित्य और झंडे भी बरामद हुए। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन से काफी जानकारियां मिली हैं।

पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के हैंडलर के संपर्क में थे: डीआईजी

डीआईजी सुनील जोशी ने आगे बताया कि सभी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के एक हैंडलर के संपर्क में थे। हैंडलर के इशारे पर ही गुजरात में मजबूत नेटवर्क खड़ा करने कोशिशों में लगे हुए थे। इन्हें एक शख्स के जरिए 3 लाख रुपए भी मिले थे। ये गुजरात में पाटण के एक मदरसे में रह रहे थे। मदरसे से साहित्य और कुछ पर्चे भी जब्त किए गए हैं।

सदस्यों की भर्ती के लिए तंजीम नाम का संगठन बनाया था

डीआईजी सुनील जोशी ने कहा- आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के लिए गुजरात में एक तंजीम नाम का संगठन बनाया था। वर्तमान में, तंजीम में 8 सदस्य शामिल हो चुके थे और अपने क्षेत्र में अन्य सदस्यों को शामिल करने के लिए उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी साहित्य का गुजराती में अनुवाद करके स्थानीय स्तर पर इसकी विचारधारा का प्रचार भी कर रहे थे।

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गुजरात से 4 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट

गुजरात एटीएस ने बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

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फिरोजाबाद में डायलिसिस के दौरान युवती की मौत: परिजनों का आरोप- 108 एंबुलेंस कर्मियों ने नहीं की मदद; अस्पताल प्रशासन से कार्रवाई की मांग – Firozabad News




फिरोजाबाद जिला अस्पताल में सोमवार शाम डायलिसिस के दौरान 20 वर्षीय युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर रेफर किया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में मौजूद 108 एंबुलेंस कर्मियों पर समय पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय कीर्ति, स्वर्गीय मान सिंह की पुत्री थी। वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी और नियमित रूप से जिला अस्पताल में डायलिसिस करा रही थी। सोमवार शाम करीब चार बजे डायलिसिस के दौरान अचानक उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। एंबुलेंस से मदद नहीं मिलने का आरोप डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर कीर्ति को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल परिसर में मौजूद 108 एंबुलेंस से मरीज को ले जाने के लिए मदद मांगी, लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों और परिजनों ने स्ट्रेचर पर ही युवती को ट्रॉमा सेंटर ले जाना शुरू किया। रास्ते में तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले ही रास्ते में कीर्ति की मौत हो गई। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रशासन और 108 एंबुलेंस सेवा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



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3100 करोड़ कमाने वाली फिल्म का हीरो, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सिखाई एक्टिंग


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रणवीर सिंह ने जो जगह आज इंडस्ट्री में अपनी बनाई है, इस मुकाम तक पहुंचना किसी भी एक्टर के लिए आसान नहीं हैं. आज वह अपना 41वां बर्थडे मना रहे हैं. अपनी जबरदस्त एनर्जी, दमदार एक्टिंग और अलग फैशन सेंस को लेकर तो वह छाए रहते हैं. लेकिन करियर में उन्होंने बहुत उतार चढ़ाव भी देखें हैं. एक वक्त तो ऐसा भी रहा, जब उनकी लगातार फिल्में फ्लॉप होती जा रही थीं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के सबसे एनर्जेटिक एक्टर्स में से एक रणवीर सिंह के फैंस आज उन पर दिल खोलकर प्यार लुटाते हैं. डेब्यू करते ही उन्होंने फैंस का दिल जीत लिया था. उनके कुछ किरदार तो लोगों के जहन में बस गए हैं. बाजीराव मस्तानी के बाद तो लोग उन्हें बॉलीवुड का बाजीराव भी कहने लगे हैं. लेकिन अपने करियर में उन्होंने कई फ्लॉप फिल्में भी दी हैं.

Ranveer Singh Starrer Pralay To Go On Floors In September

बाजीराव मस्तानी, पद्मावत और गली बॉय जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए हैं, जिन्हें देखकर थिएटर से निकलने वाले लोग सोचने पर मजबूर हो गए थे. आज वह इडंस्ट्री के उन चुनिंदा एक्टर्स की लिस्ट में शामिल हैं, जिनकी फिल्मों की ऑडियंस दीवानी होती है. उनके बर्थडे पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ खास बातें, जिनके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं.

FWICE Claims Ranveer Singh Replied Only After Press Conference Announcement After Three Invitations.

अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणवीर सिंह मुंबई आए थे. वहां उन्होंने एक कॉपीराइटर के तौर पर नौकरी की थी.लेकिन किस्मत में तो एक्टर बनना लिखा था, तो किस्मत उन्हें बॉलीवुड में ले आईऔर यहां आते ही वह छा गए.

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Ranveer Singh

अनुष्का शर्मा के साथ साल 2010 में आई फिल्म बैंड बाजा बारात से रणवीर सिंह ने अपना करियर शुरु किया था. लेकिन इस फिल्म से पहले उन्होंने कई फिल्मों के ऑफर ठुकरा दिए थे.क्योंकि वह ऐसी फिल्म से डेब्यू करना चाहते थे, जहां उन्हें अपना एक्टिंग टैलेंट दिखाने का मौका मिले.

Ranveer Singh

यही वजह थी कि अपनी डेब्यू फिल्म बैंड बाजा बारात में उन्होंने ऐसा रोल निभाया कि इसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड मिले थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म से पहले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उन्हें एक्टिंग के लिए तैयार करने में काफी मदद की थी.

6. Directed by Aditya Dhar, the two-part spy thriller franchise Dhurandhar has created box office history. Headlined by Ranveer Singh as undercover agent Jaskirat Singh Rangi, the films have collectively earned over ₹3,100 crore worldwide. With this milestone, Dhurandhar became the first Indian film franchise to cross the ₹3,000 crore mark, overtaking major blockbusters like Baahubali and Pushpa.

खुद रणवीर ने खुलासा किया था कि नवाजुद्दीन ने ही उन्हें ट्रेन किया था. लेकिन उन्होंने कहा कि ये सक्सेस उन्होंने अपने टैलेंट और मेहनत के दम पर पाई है. जब वह दीपिका के साथ फिल्म गोलियों की रासलीला राम-लीला में नजर आए थे. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन उनके काम के मुरीद हो गए थे.

रणवीर ने बताया था कि इस फिल्म में उनकी एक्टिंग बिग बी को इतनी पसंद आई थी कि उन्होंने अपने हाथ से लिखा एक लेटर भेजा था. फिल्म में उनके रोल को लेकर उन्होंने तारीफ में कसीदे पढ़ दिए थे. रणवीर की दादी चंद बर्क भी 1950 के दशक की जानी मानी एक्ट्रेस रह चुकी हैं.

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कहा तो ये भी जाता है कि आदित्य धर के निर्देशन में बनी दो पार्ट वाली धुरंधर फ्रेंचाइजी ने दुनियाभर में 3,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है. यह 3,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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Samsung Galaxy Z Fold 8 में मिलेगा नया हिंज, डिस्प्ले में क्रीज वाली दिक्कत होगी खत्म


Samsung Galaxy Z Fold 8 सीरीज जल्द लॉन्च होने वाली है। सैमसंग की यह फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज इसी महीने यानी जुलाई के आखिर में पेश की जा सकती है। अपकमिंग सीरीज में कंपनी बड़ा बदलाव करने वाली है। इसमें नए हिंज के साथ-साथ बिना क्रीज वाला डिस्प्ले पैनल दिया जा सकता है। इस सीरीज में कंपनी Galaxy Z Fold 8 के साथ-साथ Galaxy Z Fold 8 Ultra पेश कर सकती है।

Galaxy Z Fold 8 सीरीज

सैमसंग की अपकमिंग बुक-स्टाइल वाली फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज में कंपनी पिछले Galaxy Z Fold 7 के मुकाबले नई हिंज यूज कर सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Ice Universe ने दावा किया है कि फोन का हिंज को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिसकी वजह से इसमें पड़ने वाला क्रीज कम दिखेगा।

टिप्स्टर ने दावा किया है कि अपकमिंग फोल्डेबल फोन का डिस्प्ले हिंज ज्यादा डिसिसिव होगा यानी इससे फोल्ड और अनफोल्ड होने पर पड़ने वाली क्रीज खत्म हो जाएगी। सैमसंग के इस फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज का मुकाबला Oppo Find N6 सीरीज से हो सकती है। चीनी कंपनी ने अपने पिछले फोल्डेबल फोन के लॉन्च के समय ये दावा किया था कि इसके डिस्प्ले में क्रीज के निशान नहीं पड़ेंगे।

कीमत हुई लीक

पिछले दिनों सैमसंग के इस फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज की कीमत ऑनलाइन लीक हो गई है। इस सीरीज के Galaxy Z Fold 8 को EUR 1999 यानी लगभग 2,17,000 रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया जा सकता है। फोन में 256GB तक स्टोरेज मिल सकता है। वहीं, इसका 512GB और 1TB वाला वेरिएंट क्रमशः EUR 2199 यानी लगभग 2,40,000 रुपये और EUR 2599 यानी लगभग 2,83,000 रुपये में आ सकता है।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra को EUR 2199 यानी लगभग 2,40,000 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया जा सकता है। इसके 512GB और 1TB वाले वेरिएंट की कीमत क्रमशः EUR 2399 यानी लगभग 2,60,000 रुपये और EUR 2799 यानी लगभग 3,00,000 रुपये हो सकती है।

कब होगा लॉन्च?

पहले ये खबरें सामने आ रही थी कि सैमसंग अपनी इस फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज को 2 जुलाई को लॉन्च करने वाली है। यह इवेंट लंदन में आयोजित किए जाने की संभावना थी। हालांकि, सैमसंग की तरफ से अपमकमिंग फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज की लॉन्च डेट आधिकारिक तौर पर कंफर्म नहीं की गई है।

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बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए: धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय – Dharamshala News




विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा सोमवार को 91 वर्ष के हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित उनके अस्थायी निवास स्थान के मुख्य तिब्बती मंदिर ‘त्सुगलाखंग प्रांगण’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और स्थानीय तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों, पर्यटकों और स्थानीय भारतीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दलाई लामा के बारे में जानें- नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है जन्म: 6 जुलाई 1935 को पूर्वोत्तर तिब्बत के ताकत्सेर गांव में हुआ। भारत आगमन: वर्ष 1959 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद वे भारत आए और तब से धर्मशाला को अपना निवास स्थान बनाकर विश्व को शांति का संदेश दे रहे हैं। वैश्विक सम्मान: विश्व शांति और अहिंसा के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1989 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। शांति और सद्भाव का उनका संदेश दुनिया भर के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति रहा है। उनकी नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति तथा वैश्विक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” राष्ट्रगान और विशेष प्रार्थना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत धर्मशाला में आयोजित इस समारोह में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद दलाई लामा की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और केक काटा गया। मुख्य अतिथि का संबोधन: दलाई लामा शांति और करुणा के जीवंत प्रतीक मुख्य अतिथि डीसी हेमराज बैरवा ने राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दलाई लामा केवल एक वैश्विक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि संघर्ष और विभाजन से त्रस्त इस आधुनिक विश्व में शांति, करुणा और सार्वभौमिक उत्तरदायित्व के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असली सुख भौतिकता में नहीं, बल्कि दयालु हृदय और क्षमा में है। इसके साथ ही डीसी ने क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधिकारिक संदेशों का वाचन समारोह के दौरान तिब्बती स्कूलों और ‘तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान’ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष खेनपो सोनम टेनफेल और कार्यवाहक सिक्योंग त्सेग्याल चुक्या द्रानी ने क्रमशः संसद और काशाग (कैबिनेट) का आधिकारिक संदेश पढ़ा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीटीए के कई सिविल सेवकों को भी सम्मानित किया गया।



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