मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य में लापता लड़कियों और गुमशुदा इंसानों की बरामदगी को लेकर पुलिस प्रशासन के ढीले रवैये पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। कोर्ट ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि पुलिस ऐसे मामलों को अत्यंत हल्के में ले रही है और जांच का जिम्मा ऐसे लापरवाह और अक्षम अधिकारियों को सौंप दिया जाता है, जिन्हें आधुनिक या प्रभावी तफ्तीश का ककहरा तक नहीं मालूम। भिंड के आलमपुर थाने में दर्ज एक गुम इंसान मामले में गंभीरता से कार्रवाई नहीं करने के केस पर हाईकोर्ट की डबल बेंच सुनवाई कर रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने भिंड एसपी को वर्तमान जांच अधिकारी को तत्काल हटाने और मामले की कमान ‘अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक’ स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने के कड़े निर्देश दिए हैं। ASI बोले- इंस्टाग्राम-फेसबुक देख लिया, सुराग नहीं मिला यह पूरा मामला भिंड जिले के आलमपुर थाने से जुड़ा है, जहां एक पिता ने अपनी लापता बेटी की बरामदगी के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की डबल बेंच के समक्ष आलमपुर थाने में तैनात एएसआई ओंकार सिंह तोमर केस डायरी लेकर व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे। कोर्ट ने जब उनसे लड़की की तलाश को लेकर किए गए प्रयासों पर सवाल दागे, तो एएसआई को जवाब देते नहीं बना। उन्होंने अदालत को बेहद गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा कि ‘मैंने लड़की का इंस्टाग्राम और फेसबुक खंगाला है, लेकिन वहां कोई सुराग नहीं मिला।’ वैसे, संदिग्ध को गांव में ही देखा गया था।” 24 घंटे के भीतर जांच अधिकारी को हटाएं इस पर कोर्ट ने काफी नाराजगी जताई और कहा कि विवेचना अधिकारी सिर्फ फेसबुक व इंस्टाग्राम तक ही सीमित हैं। ASI के इस जवाब पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि आईओ जांच करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। क्या पुलिस की तफ्तीश अब सिर्फ सोशल मीडिया स्क्रॉल करने तक सीमित रह गई है? बेंच ने सख्त संदेश देते हुए निर्देशित किया है। भिंड एसपी से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा हाईकोर्ट ने केवल निचले स्तर के अधिकारी को ही नहीं, बल्कि भिंड पुलिस अधीक्षक को भी आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि एसपी खुद जांच अधिकारियों की सक्षमता को परखे बिना ही लापरवाही से केस सौंप रहे हैं। अदालत ने भिंड एसपी से अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा मांगते हुए 3 बिंदुओं पर जवाब तलब किया है।
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‘लापता लड़कियों को ढूंढने में पुलिस गंभीर नहीं’: हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- जांच अधिकारियों को सिर्फ फेसबुक-इंस्टाग्राम का ही पता – Gwalior News
गोरखपुर मुठभेड़ में पकड़ा गया 1 लाख का इनामी रहमान: बदमाश के पैर में लगी गोली, STF का सिपाही घायल – Gorakhpur News
गोरखपुर एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार देर रात हुई मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
सोमवार रात करीब 11:15 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास एसटीएफ और पुलिस की टीम संदिग्धों की तलाश में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बदमाश आजमगढ के मेहनगर खुन्दनपुर निवासी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू का पुलिस से सामना हो गया। पुलिस के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। दोनों घायलों को इलाज के लिए पीएचसी भिजवाया गया। मौके से पुलिस ने एक .32 बोर पिस्टल, एक मोटरसाइकिल तथा भारी मात्रा में खोखा और कारतूस बरामद किए हैं। महाराष्ट्र में भी दर्ज हे केस पुलिस के अनुसार, घायल बदमाश के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। आजमगढ़ में वर्ष 2021 में हुई हत्या के मामले में उसके खिलाफ एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। दिसंबर 2024 में महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण जनपद में पुलिस हिरासत से फरार होने का भी मामला उसके खिलाफ दर्ज है। बदमाश पर आजमगढ़, हरदोई, महाराष्ट्र में में विभिन्न मामलों में केस दर्ज है। सबसे अधिक मुकदमें आजमगढ़ में दर्ज है।
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लौकी के छिलके से बनाएं चटपटी भुजिया, रोटी-दाल के साथ लगेगी सबसे टेस्टी, बढ़ जाएगा स्वाद
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Lauki Ke Chilke Ki Bhujia: लौकी जिसे बिहार-झारखंड की तरफ कद्दू कहा जाता है की सब्जी बनाने के बाद लोग इसके छिलके को अक्सर फेंक देते हैं. हालांकि अगर आप मिथिलांचल स्टाइल में इसकी भुजिया बनाते हैं, तो आगे से कभी छिलके नहीं फेंकेगे बल्कि इसे भी चटखारा लगाकर खाएंगे. छिलकों से आप इसकी स्वादिष्ट भुजिया बना सकते हैं. ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है और सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. छिलके की भुजिया बनने में 10 से 12 मिनट का समय लगता है. इसमें घी का बस थोड़ा सा तड़का लगाना है, फिर आप इसे रोटी, चावल या दाल के साथ मजे से खा सकते हैं.
कद्दू के छिलके की भुजिया बनाने के लिए जब आप इसे छीलें, तो उसकी थोड़ी मोटी परत रहने दें. उसके बाद इन छिलकों को पतली भुजिया के आकार में काट लें. फिर कढ़ाई में थोड़ा सा तेल, जीरा और लाल मिर्च का तड़का लगाकर इसे पकाएं. यह 10 से 12 मिनट में अच्छी तरह पक जाता है. जब गैस बंद करें, तब इसमें एक चम्मच घी डाल दें. घी का एक छोटा चम्मच कद्दू के छिलके की भुजिया का स्वाद चार गुना बढ़ा देता है.

कद्दू के छिलके से पकते समय थोड़ा तेल जैसा रस निकलता है. ऐसे में अगर आखिर में घी का तड़का लगाया जाए, तो इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. घी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है और कद्दू भी सेहत के लिए लाभदायक है.

एक बार आपने मिथिलांचल स्टाइल में यह भुजिया बनाकर खा ली, तो बार-बार खाएंगे और कभी छिलका नहीं फेंकेंगे. इसमें कुछ भी अलग से नहीं डालना है. सिर्फ नमक और हल्दी डालनी है. भुजिया पक जाने के बाद आखिर में एक चम्मच घी डाल देना है.
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कुछ लोग इस भुजिया में बारीक आलू काटकर डालते हैं तो कुछ लोग छिलके सहित आलू डालते हैं. यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है कि आप साथ में कुछ डालना चाहते हैं या केवल छिलकों की भुजिया छौंकना चाहते हैं.

यही बात मसालों पर भी लागू होती है. आप अपने परिवार की पसंद के हिसाब से इसमें मसाले घटा या बढ़ा सकते हैं. आमतौर पर इसमें हींग-जीरे का तड़का देकर, हल्दी, धनिया, मिर्च जैसे बेसिक मसाले डाले जाते हैं. हालांकि कैसे भी बनाएं, स्वाद लाजवाब ही होता है.
राम बनकर दिल जीतने से पहले रणबीर कपूर ने अयोध्या में करोड़ों का ये काम
नई दिल्ली. बॉलीवुड सितारे सिर्फ फिल्मों से कमाई नहीं करते, बल्कि अपनी दौलत बढ़ाने के लिए अलग अलग जगह निवेश भी करते हैं. कोई स्टार्टअप में पैसा लगाता है तो कोई शेयर बाजार में. वहीं कुछ सितारे रियल एस्टेट को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं. इसी कड़ी में अब रणबीर कपूर का नाम भी तेजी से चर्चा में है. उन्होंने हाल के महीनों में दो बड़े प्रॉपर्टी सौदे किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है. मीडिया रिपोर्ट्स और रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स के मुताबिक, रणबीर कपूर ने महाराष्ट्र के पुणे और उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जमीन खरीदी है. एक तरफ उन्होंने पुणे में कई बड़े भूखंड खरीदे हैं, वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर के बाद तेजी से विकसित हो रहे अयोध्या में भी प्रीमियम प्रोजेक्ट में निवेश किया है.
रणबीर कपूर ने पुणे के मुलशी तालुका के पिंपरी गांव में कुल 4 भूखंड खरीदे हैं. इनकी कुल कीमत 16.42 करोड़ रुपये बताई गई है. इन सभी सौदों की रजिस्ट्री 30 अप्रैल को हुई थी. इन जमीनों के लिए उन्होंने कुल 82.13 लाख रुपये का स्टाम्प शुल्क भी चुकाया. खरीदे गए भूखंडों का आकार 8,900 वर्ग मीटर से लेकर 43,800 वर्ग मीटर तक है. सबसे बड़ा भूखंड 43,800 वर्ग मीटर का है, जिसे 7.07 करोड़ रुपये में खरीदा गया. इस पर 35.40 लाख रुपये का स्टाम्प शुल्क चुकाया गया. वहीं 29,900 वर्ग मीटर का दूसरा बड़ा प्लॉट 4.62 करोड़ रुपये में खरीदा गया, जिस पर 23.13 लाख रुपये स्टाम्प शुल्क दिया गया.
अयोध्या में भी खरीदी प्रीमियम प्रॉपर्टी
रणबीर कपूर ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी एक प्रीमियम रिहायशी प्रोजेक्ट में निवेश किया है. उन्होंने ‘द सरयू’ नाम के प्रोजेक्ट में 2,134 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा है. इस सौदे की कीमत करीब 3.31 करोड़ रुपये बताई गई है. यह प्रोजेक्ट सरयू नदी के किनारे करीब 75 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. इसमें लग्जरी सुविधाओं के साथ हाई एंड रिहायशी प्रॉपर्टी बनाई जा रही है.
अयोध्या को लेकर क्या बोले रणबीर कपूर?
अयोध्या में निवेश को लेकर रणबीर कपूर ने कहा कि उन्हें लगता है जैसे अयोध्या ने उन्हें खुद बुलाया है. उनके मुताबिक, अयोध्या भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है. उन्होंने कहा कि सरयू नदी के किनारे यह निवेश उनके परिवार की विरासत का हिस्सा बनेगा.
अमिताभ बच्चन भी कर चुके हैं निवेश
रणबीर कपूर से पहले बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी इसी प्रोजेक्ट में निवेश कर चुके हैं. उन्होंने ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट में करीब 15,000 वर्ग फुट जमीन खरीदी थी. इस सौदे की कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये बताई गई थी.
क्यों बढ़ रहा है अयोध्या का आकर्षण?
राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में रियल एस्टेट की मांग तेजी से बढ़ी है. होटल, टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में लगातार निवेश हो रहा है. देश के बड़े कारोबारी और कई सेलिब्रिटी भी यहां प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. ऐसे में रणबीर कपूर का यह निवेश भी इसी बढ़ते ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है.
रियल एस्टेट क्यों बन रहा है पसंदीदा निवेश?
रियल एस्टेट को लंबे समय से ऐसी संपत्ति माना जाता है, जिसकी कीमत समय के साथ बढ़ने की संभावना रहती है. खासकर उन शहरों और धार्मिक स्थलों में, जहां तेजी से विकास हो रहा हो. यही वजह है कि कई बड़े निवेशक अब शेयर बाजार के साथ साथ जमीन और प्रॉपर्टी में भी पैसा लगा रहे हैं. रणबीर कपूर का ताजा निवेश भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में भी अवधेश नायक शामिल नहीं: राजेन्द्र भारती, महेन्द्र बौद्व, राधेलाल सहित 40 दिग्गज दतिया उपचुनाव के स्टार कैम्पेनर बने – Bhopal News
कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट चुनाव आयोग को लिस्ट भेजी है। कांग्रेस की लिस्ट में दतिया से टिकट के दावेदारों में शामिल अवधेश नायक को जगह नहीं मिली है। जबकि दतिया के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती और सेंवढ़ा के पूर्व विधायक राध
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कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने 13 जुलाई को स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को भेजी है।
कमलनाथ, दिग्विजय, जीतू, उमंग जैसे दिग्गज शामिल
कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की सूची में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। पार्टी ने ग्वालियर-चंबल सहित प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारने की तैयारी की है।
यादव बंधु और पिता-पुत्र की जोड़ी भी स्टार प्रचारकों में
कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और पूर्व कृषि मंत्री व कसरावद विधायक सचिन यादव को स्टार प्रचारक बनाया गया है। वहीं, 40 चुनिंदा नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके बेटे, पूर्व मंत्री व विधायक जयवर्धन सिंह की पिता-पुत्र की जोड़ी भी शामिल है।


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दतिया उपचुनाव: भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची जारी

दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा के प्रस्तावित स्टार प्राचरकों की सूची सामने आई है। 11 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजी गई सूची सोमवार सुबह सामने आई है। इस सूची में मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों से लेकर संगठन के बड़े चेहरों को शामिल किया गया है।पूरी खबर पढ़ें
मोतिहारी में फर्जी शिक्षक बहाली का आरोप: डीएम ने डीईओ को जांच के आदेश दिए, टीम गठित; बोले-नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी – Motihari (East Champaran) News
मोतिहारी में शिक्षक नियोजन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव के समक्ष फर्जी बहाली की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को जांच का निर्देश दिया है। निष्पक्ष जांच की मांग की-शिकायतकर्ता शिकायतकर्ता प्रियांशु राज ने डीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि रौशन आरा खातून, जो वर्तमान में राजकीय मध्य विद्यालय, टिकैता (पिपराकोठी) में विशिष्ट शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, उनकी नियुक्ति शुरू से ही संदिग्ध रही है। शिकायत के अनुसार, फरवरी 2005 में पंचायत शिक्षक नियोजन के लिए विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। उस समय रौशन आरा खातून की जन्म तिथि 14 अप्रैल 1987 के आधार पर उनकी उम्र मात्र 17 वर्ष 10 माह थी, जो नियोजन के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु सीमा से कम है। रोस्टर में उनका नाम शामिल नहीं था यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने पति इजहार अंसारी और तत्कालीन पंचायत सचिव की मिलीभगत से आवेदन जमा किया था। उस समय तैयार रोस्टर में उनका नाम शामिल नहीं था। मई 2005 में लगभग 22-23 लोगों को शिक्षा मित्र के रूप में नियोजन पत्र जारी किए गए थे, जिनमें उनका नाम नहीं था। इसके बावजूद, कथित तौर पर तत्कालीन मुखिया के फर्जी हस्ताक्षर से बिना पत्रांक और दिनांक के नियोजन पत्र तैयार कर उनका योगदान करा दिया गया। आरोप है कि नियोजन पत्र पर आवश्यक पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी नहीं थे। विभागीय स्तर पर संरक्षण मिलता रहा शिकायत में कहा गया है कि इन अनियमितताओं के बावजूद उन्हें वर्षों तक विभागीय स्तर पर संरक्षण मिलता रहा और कभी जांच नहीं हुई। उनकी शैक्षणिक योग्यता और परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने 2009 की दक्षता परीक्षा सामान्य वर्ग में पास की, जबकि 2024 की सक्षमता परीक्षा उर्दू विषय से उत्तीर्ण की, जिसे विभागीय नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। बताया गया है कि सक्षमता परीक्षा के बाद विशिष्ट शिक्षिका के रूप में उनके योगदान को वर्तमान प्रधानाध्यापक ने भी स्वीकृति नहीं दी है। इधर, शिकायत पत्र मिलने के बाद डीएम सौरभ सुमन यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डीईओ को जांच का आदेश दिया है। इस संबंध में डीईओ राजन गिरी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पब्लिक प्लेस पर पोर्न देखने पर रोक की मांग खारिज: सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार के पास जाएं, यह कानून बनाने वालों का मामला है
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- Supreme Court Dismisses Plea To Ban Pornography In Public Places | India
नई दिल्ली26 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्लेस पर पोर्नोग्राफी देखने पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यह कानून का नहीं बल्कि पॉलिसी का मामला है। इस पर फैसला केंद्र सरकार और विषय विशेषज्ञों को करना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा निश्चित रूप से अहम है, लेकिन इसमें ऐसा कोई कानूनी प्रश्न नहीं है जिस पर कोर्ट को विचार करना पड़े। यह तकनीकी विकास और विशेषज्ञों की स्टडी से जुड़ा नीतिगत विषय है, जो मुख्य रूप से सूचना मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखने की सलाह दी। साथ ही कहा कि इस मामले में अदालत के हस्तक्षेप जरूरी नहीं है।
याचिकाकर्ता के 2 दावे…
- इंटरनेट पर हर सेकंड 5,000 पोर्न साइट्स देखी जाती हैं।
- इंटरनेट के जरिए 2 करोड़ से ज्यादा पोर्न वीडियो/क्लिप्स जारी किए जा रहे हैं।
याचिका में दावा- इंटरनेट पर अश्लील सामग्री तक पहुंच आसान
यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता बीएल जैन ने दायर की थी। याचिका में केंद्र सरकार को राष्ट्रीय नीति और कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश देने की मांग की गई थी ताकि विशेषकर नाबालिगों के बीच पोर्नोग्राफी की पहुंच को रोका जा सके।
याचिका में दावा किया गया कि इंटरनेट पर पोर्नोग्राफी कंटेट आसानी से मिल जाता है। और यह लगातार बढ़ रहा है। हर सेकंड हजारों पोर्न वेबसाइट देखी जा रही हैं। अश्लील सामग्री की आसान उपलब्धता के कारण इसकी लत बढ़ रही है और इससे यौन अपराधों में भी बढ़ोतरी हो रही है।
याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A का हवाला देते हुए कहा गया था कि केंद्र सरकार के पास आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री तक सार्वजनिक पहुंच रोकने की शक्ति है।

क्या भारत में पोर्न देखना अपराध है?
भारतीय कानून में वयस्क व्यक्ति द्वारा निजी स्थान पर पोर्न देखना अपने-आप में अलग से अपराध घोषित नहीं किया गया है। लेकिन ये कार्य अपराध हो सकते हैं, जब कोई पोर्न बनाता है या बेचता है। सार्वजनिक रूप से अश्लील सामग्री दिखाना, बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री रखना, देखना या शेयर करना भी अपराध के दायरे में आता है।
इसके अलावा बिना सहमति किसी का निजी वीडियो फैलाना, अश्लील सामग्री का इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण करना भी कानूनन अपराध माना जाएगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने POCSO के दुूरुपयोग पर चिंता जताई: कहा- लड़का-लड़की को भागने से सरकार कैसे रोकेगी, यह नई चीजें आजमाने की उम्र

सुप्रीम कोर्ट ने किशोर-किशोरियों के बीच सहमति से बने संबंधों में पॉक्सो (POCSO) कानून के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई है। अदालत ने सोमवार को कहा कि जब किसी लड़के और लड़की के बीच संबंध हो और वे साथ चले जाएं, तो हर मामले को स्वतः पॉक्सो का केस नहीं माना जा सकता।पढ़ें पूरी खबर…
बेलसंड के संदीप दास बने हनुमानगढ़ी के नए महंथ: अयोध्या संत समाज ने सर्वसम्मति से सौंपी गद्दी, मिथिलांचल में खुशी – Sitamarhi News
सीतामढ़ी जिले के बेलसंड प्रखंड स्थित मारर गांव के निवासी संदीप दास जी महाराज को अयोध्या की विश्व प्रसिद्ध श्री हनुमानगढ़ी की उजैनिया पट्टी का नया श्री महंथ नियुक्त किया गया है। यह पद पूर्व महंथ के निधन के बाद रिक्त था। अयोध्या के संत समाज और प्रमुख महंथों ने सर्वसम्मति से संदीप दास जी महाराज का चयन किया। पारंपरिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार और चादरपोशी के साथ उन्हें गद्दी की जिम्मेदारी सौंपी गई। 9 वर्ष की आयु में चले गए थे अयोध्या संदीप दास जी महाराज स्वर्गीय रघुनाथ मिश्रा के पुत्र हैं। वे मूल रूप से सीतामढ़ी के बेलसंड प्रखंड के मारर गांव के रहने वाले हैं। परिवार के अनुसार, उन्होंने मात्र 9 वर्ष की आयु में शिक्षा के लिए अयोध्या प्रस्थान किया था। वहीं उन्होंने पूर्व महंथ रमेश दास जी महाराज से दीक्षा ग्रहण कर सनातन परंपरा की सेवा आरंभ की। उनके श्री महंथ बनने की खबर मिलते ही मारर गांव, बेलसंड और पूरे मिथिलांचल में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने इसे बिहार और मिथिला के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। कई संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी है और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।
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