बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत जिला नियोजनालय, नालंदा जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का एक सुनहरा अवसर ला रहा है। जिला नियोजन पदाधिकारी मो० आकिफ वक्कास ने जानकारी दी है। इसके अनुसार एसआईएस (SIS) चकाई जमुई के सौजन्य से नालंदा के 10 अलग-अलग प्रखंडों में सुरक्षा कर्मियों की भर्ती होगी। आज से 23 जून तक विशेष पंजीयन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 320 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। 40 साल तक के लोगों को मिलेगा मौका इन शिविरों में सुरक्षा सुपरवाइजर के 60 पदों के लिए योग्यता 12वीं पास, उम्र 19 से 40 साल, न्यूनतम ऊंचाई 170 सेंटीमीटर और वेतनमान 17,000 से 24,000 रुपये तय किया गया है। वहीं सबसे अधिक सुरक्षा जवान के 150 पदों पर बहाली होगी, जिसके लिए 10वीं पास युवा जिनकी उम्र 19 से 40 साल और ऊंचाई 167.5 सेंटीमीटर हो, वे आवेदन कर सकते हैं। इन्हें 14,000 से 22,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा कैश कस्टोडियन के 35 पदों (योग्यता 12वीं पास, ऊंचाई 165 सेमी, वेतन 13,000-19,000 रुपये) और सुरक्षा अधिकारी के 75 पदों (योग्यता स्नातक पास, ऊंचाई 170 सेमी, वेतन 25,000-33,000 रुपये) पर भी नियुक्तियां की जाएंगी, जिन्हें अन्य सरकारी लाभों के साथ बिहार राज्य और पूरे भारत में काम करने का अवसर मिलेगा। पंजीयन शिविरों का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार रोजाना सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा, जिसके तहत 12 जून को करायपरशुराय, 13 जून को हिलसा, 15 जून को इस्लामपुर, 16 जून को परवलपुर, 17 जून को सरमेरा, 18 जून को हरनौत, 19 जून को रहुई, 20 जून को सिलाव, 22 जून को राजगीर और अंतिम दिन 23 जून को बिहारशरीफ प्रखंड में शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर में भाग लेने वाले सभी इच्छुक आवेदकों का भारत सरकार के एनसीएस पोर्टल पर निबंधित होना अनिवार्य है। शिविर में भाग लेने के लिए नहीं देने होंगे रुपए जिला नियोजन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस पंजीयन शिविर में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना है और यह पूरी तरह से निःशुल्क है। यदि कोई व्यक्ति इस शिविर के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो अभ्यर्थी इसकी शिकायत तुरंत जिला नियोजन कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि चयन के उपरांत ड्रेस, प्रशिक्षण या अन्य मदों में होने वाले किसी भी प्रकार के खर्च की जिम्मेदारी सीधे तौर पर अभ्यर्थी और एसआईएस चकाई जमुई की होगी, इसमें जिला नियोजनालय की पैसे के लेन-देन में कोई भूमिका या जवाबदेही नहीं होगी। विशेष जानकारी के लिए अभ्यर्थी विभागीय ईमेल आईडी या दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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नालंदा में आज बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मौका: SIS करेगा 320 पदों पर भर्ती, 23 जून तक 10 प्रखंड में जॉब कैंप, 33 हजार तक मिलेगी सैलरी – Nalanda News
अहमदाबाद प्लेन हादसे का एक साल: हादसे में बचे अकेले शख्स ने कहा- हमें यह जानने का हक है कि उस दिन हुआ क्या था
अहमदाबाद29 मिनट पहले
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हादसे के अगले दिन PM मोदी ने अस्पताल में विश्वास से मुलाकात की थी।
‘12 जून 2025 के उस मनहूस दिन को पूरा साल हो गया। पर मेरे लिए वक्त वहीं ठहरा है। लोग मुझे ‘चमत्कारी’ कहते हैं, क्योंकि अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही जब एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हुआ, तो उसमें सवार 260 लोगों में से सिर्फ मैं अकेला जिंदा बचा था। पर सच कहूं, तो इस जिंदा रहने की कीमत मैं हर रोज अपनी आत्मा का एक हिस्सा देकर चुका रहा हूं।
इस दुर्घटना के एकमात्र सर्वाइवर विश्वास कुमार रमेश ने अपने भाई को भी इस क्रैश में खो दिया था। रमेश ने कहा कि हादसे की कैसी भी जांच हो, मेरा भाई तो नहीं लौटा सकती। लेकिन, हम सभी को यह जानने का पूरा हक है कि उस दिन हुआ क्या था। भावुक अपील में विश्वास ने जांचकर्ताओं द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले ‘ईमानदारी, पारदर्शिता की मांग की है। पढ़िए उन्होंने और क्या कहा…

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।
आज भी वह खौफनाक मंजर दिखाई देता है: रमेश
रमेश ने कहा- आज भी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे वो चीखें, आग और वो खौफनाक मंजर दिखाई देता है। मैं बच तो गया, लेकिन गहरे मानसिक जख्मों के साथ। आज त्रासदी की पहली बरसी है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि जांच ‘अंतिम चरण’ में है और रिपोर्ट बरसी तक आ जाएगी।
हादसे के ठीक 30 दिन बाद शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ पोजीशन पर आ गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। पर ऐसा क्यों हुआ? यह तकनीकी खराबी थी या किसी की लापरवाही? इस सवाल का जवाब सालभर बाद भी नहीं मिला है।
उन्होंने आगे कहा- मुझे और मेरे जैसे सैकड़ों पीड़ित परिवारों को सिर्फ तीन चीजें चाहिए- ईमानदारी, पारदर्शिता और हमारे सवालों के जवाब। कोई भी रिपोर्ट मेरे भाई को लौटा नहीं सकती, न ही उन 260 लोगों को जिंदा कर सकती है। पर प्रभावित परिवारों को यह जानने का हक है कि उनके अपनों के साथ उस दिन क्या हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।
सदमे के चलते काम पर नहीं लौट पाया हूं: रमेश
हादसे के बाद से मेरी जिंदगी पटरी से उतर चुकी है। एअर इंडिया ने मदद के लिए 21,500 पाउंड (लगभग 23 लाख रुपए) दिए थे, पर वह रकम इस कड़वी हकीकत के सामने बहुत छोटी है। मानसिक आघात के कारण मैं काम पर सामान्य रूप से नहीं लौट पाया हूं। लंदन में मेरा परिवार हर महीने 1,000 पाउंड (एक लाख रु. से कम) में गुजारा करने को मजबूर है।
मेरे प्रतिनिधि संजीव पटेल ने कई बार एअर इंडिया के सीईओ से मिलने का समय मांगा, पर उन्होंने जरूरी नहीं समझा। हाल में एअर इंडिया अधिकारियों व टाटा समूह प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, पर मुआवजे और मदद से जुड़े अहम मुद्दे अब भी अधर में हैं। ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद मुझे या अन्य ब्रिटिश पीड़ित परिवारों को यूके सरकार से मदद नहीं मिली।
हमारे वकील कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि असली जिम्मेदार तय हो सके। एअर इंडिया प्रवक्ता संपर्क में होने की बात करते हैं, पर अब वादों से ज्यादा ठोस नतीजों की जरूरत है। हर दिन न्याय की उम्मीद में जागता हूं, ताकि मेरे जैसे सैकड़ों परिवार इस दर्द से थोड़ा सा उबर सकें।’

एयर इंडिया ने 96% पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया
एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे से प्रभावित 96% परिवारों को 25-25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे दिया है। जिनके डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या जहाँ परिवार में झगड़े चल रहे हैं, उन परिवारों को ही मुआवजा नहीं मिला है।साथ ही जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा मुआवजा मिला है। बाकी लोगों ने हेल्पडेस्क से फॉर्म ले लिए थे, लेकिन अभी तक उन्हें जमा नहीं किया है।
टाटा संस ने AI171 हादसे से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए AI171 मेमोरियल और वेलफ़ेयर ट्रस्ट बनाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सभी मरने वालों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा की थी। 91% परिवारों को पूरे ₹1 करोड़ दिए जा चुके हैं।
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अहमदाबाद प्लेन क्रैश जिस हॉस्टल पर हुआ था, वह फिर बनेगा: सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल पर ₹105 करोड़ खर्च होंगे

अहमदाबाद में पिछले साल जून में जिस हॉस्टल पर गिरकर प्लेन क्रैश हुआ था, उसकी जगह अब नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाया जाएगा। गुजरात सरकार ने सिविल अस्पताल के पास असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में ₹105 करोड़ की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक बनाने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
उम्र रोकने की दवा के पहली बार इंसान पर परीक्षण: ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया इंजेक्शन
मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। दावा है कि पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है। इसे लॉन्गेविटी साइंस में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हो चुका है सफल टेस्ट इस प्रयोग के पहले चरण में ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख में सीधे यह प्रयोगात्मक जीन थेरेपी इंजेक्ट की गई है। अब डॉक्टर और वैज्ञानिक आने वाले कई महीनों तक मरीज की बारीकी से निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तकनीक इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस थेरेपी में सबसे पहले मरीज की आंख में एक सिंगल जीन थेरेपी इंजेक्शन दिया जाता है। इसके बाद कुछ हफ्तों तक एंटीबायोटिक दवाओं का एक विशेष कोर्स कराया जाता है। यह एंटीबायोटिक दवा शरीर के भीतर जाकर उन तीन इलाज करने वाले जीनों के लिए ‘ऑन स्विच’ का काम करती है जो कोशिकाओं को रीप्रोग्राम (युवा) करना शुरू करते हैं। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हुए टेस्ट में इसने उनकी रोशनी सफलतापूर्वक वापस लौटा दी थी। इस थैरेपी के लिए इंसानों की आंख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि आंख शरीर के बाकी हिस्सों से अलग और सुरक्षित होती है। इससे साइड इफेक्ट्स पर नजर रखना भी आसान होता है। परीक्षण सफल रहा तो एजिंग थेरेपी का नया दौर लाइफ बायोसाइंसेज के सीईओ जेरी मैकलॉघलिन ने कहा कि यह उनकी कंपनी या एजिंग बायोलॉजी ही नहीं, पूरे चिकित्सा विज्ञान के लिए संभावित रूप से बड़ा और परिवर्तनकारी पल है। अगर यह क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा, तो एजिंग थेरेपी में नया युग शुरू हो सकता है। लक्ष्य पूरे शरीर की कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है, ताकि उम्र बढ़ने के साथ डीएनए के काम करने और उसके एक्सप्रेशन के तरीके में सुधार हो सके। अरबपतियों और फार्मा कंपनियों का निवेश
इस तकनीक में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। एली लिली और मर्क जैसी दवा कंपनियां भी इस आइडिया में निवेश बढ़ा रही हैं। इंसानों पर ट्रायल से पहले यह रिसर्च चूहों और बंदरों तक सीमित थी। ————-
ये खबरें भी पढ़ें… रूस बुढ़ापा रोकने की तकनीक बना रहा:सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने पर काम जारी, ₹2.47 लाख करोड़ का एंटी एजिंग प्रोजेक्ट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में विशेष प्रजाति के सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जीन क्लॉक’ बताएगी किस उम्र में थमेगी जिंदगी:शोध में दावा- जीन गतिविधि से उम्र जानना पुराने तरीकों से ज्यादा कारगर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘मॉलिक्यूलर क्लॉक’ (आणविक घड़ी) तैयार की है, जो इंसानों की जीन गतिविधि के आधार पर उनकी वास्तविक जैविक (बायोलॉजिकल) उम्र और यहां तक कि उनकी मौत के संभावित समय की भविष्यवाणी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
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शिप्रा में दर्दनाक सड़क हादसा: बस की टक्कर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नजदीकी रिश्तेदार की मौत; आधी रात को पोस्टमॉर्टम की तैयारी – Indore News
इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रिश्तेदार की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। आधी रात शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अरबिंदो अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आवश्यक कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शुक्रवार सुबह शव को एयर लिफ्ट कर दिल्ली भेजे जाने की तैयारी की गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान प्रशांत सिंह (29) पुत्र प्रदीप सिंह, निवासी रेवती, गाय घाट, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे अपने तीन परिचितों के साथ कार से यात्रा कर रहे थे। रात करीब 11 बजे शिप्रा क्षेत्र में एक स्थान पर कार रुकने के बाद प्रशांत सिंह नीचे उतरे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि बस चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घायल प्रशांत सिंह को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी और मृतक के परिजनों व परिचितों से संपर्क किया। बाद में पता चला कि प्रशांत सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रिश्तेदार हैं और रिश्ते में उनके भतीजे लगते हैं। दिल्ली और भोपाल तक पहुंची सूचना, प्रशासन हुआ सक्रिय हादसे की जानकारी मिलते ही भोपाल और दिल्ली स्तर पर भी प्रशासनिक हलचल बढ़ गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस बीच सोनकच्छ विधायक राजेश सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने देर रात ही पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी शुरू कर दी, ताकि सुबह जल्द से जल्द पार्थिव देह को दिल्ली रवाना किया जा सके। पुलिस फरार बस चालक और वाहन की तलाश में जुटी हुई है।
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बभनान बाजार की 66 दुकानों की नीलामी रद्द: गाजीपुर का चर्चित मामला, हाईकोर्ट ने नई प्रक्रिया के दिए निर्देश – Prayagraj (Allahabad) News
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती जिले की नगर पंचायत बभनान बाजार द्वारा 66 दुकानों की नीलामी के लिए 8 मई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना को निरस्त कर दिया है।
साथ ही नगर पंचायत को कानून के अनुरूप नई नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने कृष्ण कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट में पेश की गईं दलीलें याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि नीलामी प्रक्रिया में सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। साथ ही नीलामी के लिए केवल स्थानीय स्थायी निवासियों को आवेदन की अनुमति देकर अन्य पात्र व्यक्तियों को बाहर कर दिया गया। याची वर्ष 2018 से नियमित रूप से किराया जमा कर संबंधित दुकान का संचालन कर रहा है, फिर भी उसे नीलामी प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि नीलामी के लिए प्रस्तावित दुकानों का आकार और सटीक स्थान सार्वजनिक सूचना में स्पष्ट नहीं किया गया था, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। सुनवाई के दौरान नगर पंचायत की ओर से अदालत को बताया गया कि वह मौजूदा अधिसूचना वापस लेकर कानून के अनुरूप नई प्रक्रिया शुरू करेगी। इस पर हाईकोर्ट ने 8 मई 2026 की नीलामी सूचना को रद्द करते हुए नगर पंचायत को न्यायालय की टिप्पणियों के अनुरूप नई अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।
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धनु: आर्थिक-सामाजिक जीवन में होगा बड़ा बदलाव, करियर-लव लाइफ में बरतें सावधानी
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Aaj ka Dhanu Rashifal 12 june 2026: धनु राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा? आर्थिक और सामाजिक प्रगति के साथ-साथ करियर और प्रेम संबंधों में रहें सावधान. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है.जानें आज का संपूर्ण राशिफल
जमुई: आज यानी 12 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन देवी लक्ष्मी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त हो सकती है. उन्होंने बताया कि आज अधिक मास की अंतिम द्वादशी तिथि पर शुक्र और गुरु की युति से गजलक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही मेष राशि में चंद्रमा और मंगल की युति तथा मिथुन राशि में बुध के प्रभाव से भद्र राजयोग भी सक्रिय रहेगा.
उन्होंने बताया कि इन ग्रह स्थितियों का सकारात्मक प्रभाव धनु राशि के लोगों के आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर दिखाई देगा. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और ऐसे स्रोतों से लाभ मिलने की संभावना है, जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में सम्मान और सहयोग प्राप्त होगा. विरोधी और प्रतिस्पर्धी आपके सामने कमजोर पड़ सकते हैं तथा आपकी योजनाएं सफल होती नजर आएंगी.
आज अनुकूल रहने वाला है आपका दिन
ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि पारिवारिक जीवन की बात करें तो दिन का दूसरा भाग विशेष रूप से अनुकूल रहने वाला है. परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर के किसी महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है. वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य बढ़ेगा. हालांकि परिवार की जरूरतों और सुख-सुविधाओं पर कुछ अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह खर्च भविष्य में संतोष देने वाला साबित होगा.
धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपकी रुचि बढ़ेगी. किसी मंदिर, धार्मिक आयोजन या तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए संयम और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आर्थिक दृष्टि से दिन लाभदायक रहने के बावजूद व्यवसाय में कुछ अस्थायी रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए किसी भी बड़े निवेश या निर्णय में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय और दैनिक कार्यों में सावधानी बरतें क्योंकि चोट या शारीरिक कष्ट की आशंका बनी हुई है.
आज प्रेम संबंध में हो सकता है मतभेद
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशिवालों के प्रेम संबंधों में जीवनसाथी या प्रियजन के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें. परिवार और संतान पक्ष से जुड़े मामलों में भी धैर्य की आवश्यकता होगी तथा ससुराल पक्ष के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने से बचना चाहिए. मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. धनु राशि के लिए आज का दिन का शुभ अंक 4 और शुभ रंग पीला रहेगा.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
भीषण गर्मी से राहत पाने का देसी नुस्खा ‘खस का शरबत’, शरीर को दे ठंडक, ताजगी, जानें विधि
भीषण गर्मी और लू के मौसम में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे समय में कृत्रिम पेय पदार्थों की बजाय पारंपरिक खस का शरबत एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसकी प्राकृतिक ठंडक, मनमोहक खुशबू और हल्का मीठा स्वाद शरीर के साथ-साथ मन को भी सुकून पहुंचाता है.
क्यों खास है खस का शरबत?
खस का शरबत लंबे समय से भारतीय घरों में गर्मियों का पसंदीदा पेय रहा है. उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में इसे गर्मी से राहत पाने के लिए पारंपरिक रूप से पिया जाता है. एक गिलास ठंडा खस शरबत न केवल प्यास बुझाता है बल्कि दिनभर की थकान और शरीर की गर्मी को भी कम करने में मदद करता है.
शरीर को देता है प्राकृतिक ठंडक
खस की जड़ों में प्राकृतिक रूप से शीतल गुण पाए जाते हैं. इन्हें पानी में भिगोने पर पानी में ठंडक का प्रभाव आ जाता है, जो शरीर के अंदरूनी तापमान को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है. यह गर्मी के कारण होने वाली बेचैनी और अधिक पसीने से होने वाली कमजोरी को भी कम करने में मदद कर सकता है.
मन को रखे शांत और तरोताजा
खस की सुगंध का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक ताजगी और सुकून का एहसास भी कराती है. गर्मी में तनाव और थकावट महसूस होने पर इसका सेवन मन को शांत रखने और तरोताजा महसूस कराने में मददगार हो सकता है.
पाचन और हाइड्रेशन में भी सहायक
आयुर्वेद में खस को पाचन के लिए लाभकारी माना गया है. इसका शरबत शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है और गर्मियों में डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है. यही वजह है कि इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त माना जाता है.
घर पर ऐसे बनाएं खस का शरबत
खस की साफ की हुई जड़ों को दो से तीन घंटे पानी में भिगोकर रखें. इसके बाद पानी को छान लें और उसमें स्वादानुसार चीनी या गुड़, थोड़ा नींबू का रस और इलायची पाउडर मिलाएं. चाहें तो पुदीना या सौंफ भी डाल सकते हैं. इसे ठंडा करके परोसने से स्वाद और ताजगी दोनों बढ़ जाते हैं.
बाजार के पेयों से बेहतर विकल्प
घर पर तैयार किया गया खस का शरबत कृत्रिम रंग, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव से मुक्त होता है. इसलिए यह कई पैकेज्ड ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में अधिक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है.
रोजाना सेवन से मिल सकते हैं कई फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में खस का शरबत पीने से शरीर का तापमान संतुलित रखने, पानी की कमी से बचाने और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही इसकी ताजगी भरी खुशबू और स्वाद गर्मियों के मौसम को और भी सुखद बना देते हैं.
सलमान खान का वो दर्दभरा गाना, सुनकर फूट-फूट कर रोने लगी थी सिंगर की पत्नी
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Salman Khan Sad Song : सलमान खान की फिल्म का एक दर्दभरा गाना असल में उनके लिए नहीं बना था. म्यूजिक कंपोजर इस्माइल दरबार ने बताया कि शुरुआत में इसे किसी दूसरे बड़े प्रोजेक्ट के लिए एक टेम्परेरी (स्क्रैच) ट्रैक के रूप में रिकॉर्ड किया जा रहा था. जब डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने यह गाना सुना, तो वे बहुत प्रभावित हुए. दिवंगत गायक केके ने पहले इसे गाने से मना कर दिया था, लेकिन समझाने पर जब उन्होंने इसे रिकॉर्ड किया, तो उनकी पत्नी सुनकर रो पड़ी थीं.
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे दर्दभरे गानों की बात होती है, तो फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का गाना ‘तड़प तड़प के’ हर किसी की जुबान पर सबसे पहले आता है. इस आइकॉनिक गाने को लेकर म्यूजिक कंपोजर इस्माइल दरबार ने अब एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है. (फोटो साभार: IMDb/IANS)

इस्माइल दरबार ने बताया कि यह सुपरहिट गाना असल में सलमान खान और ऐश्वर्या राय स्टारर संजय लीला भंसाली की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए लिखा या बनाया ही नहीं गया था. शुरुआत में इस गाने की कहानी कुछ और ही थी और यह किसी दूसरे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने वाला था. (फोटो साभार: IMDb)

संगीतकार ने अपने पुराने दिनों के स्ट्रगल को याद करते हुए बताया कि यह गाना शुरू में किसी दूसरे बहुत बड़े प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ एक टेम्परेरी यानी ‘स्क्रैच ट्रैक’ के रूप में रिकॉर्ड किया जा रहा था. उस वक्त उनके पास भंसाली की यह बड़ी फिल्म नहीं थी. (फोटो साभार: IMDb)
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गीत आखिरकार फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली तक कैसे पहुंचा, इसकी कहानी भी बेहद दिलचस्प है. आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, इस्माइल दरबार ने बताया कि करीब 6 महीने तक भंसाली के साथ उनका काम चलता रहा और फिर एक दिन उन्होंने भंसाली को यह गाना सुनाया. (फोटो साभार: IMDb)

गाना सुनते ही संजय लीला भंसाली बेहद भावुक और इम्प्रेस हो गए. उन्होंने इस्माइल दरबार से कहा, ‘आज मुझे पता चल गया कि मेरी फिल्म का इंटरवल कहां होगा और फिल्म का अंत कहां होगा. आज मैंने अपनी फिल्म पूरी कर ली है.’ (फोटो साभार: IMDb)

इस्माइल दरबार इंडियन आइडल के आने वाले एपिसोड में एक कंटेस्टेंट की परफॉर्मेंस को देखकर इस गाने की पुरानी यादों में खो गए. उन्होंने दिवंगत और बेहद लोकप्रिय गायक केके (कृष्णकुमार कुन्नाथ) के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी शेयर किया. (फोटो साभार: IMDb)

इस्माइल दबार ने बताया कि बांद्रा के एक स्टूडियो में जब वे इस गाने का स्क्रैच रिकॉर्ड कर रहे थे, तब केके से उनकी पहली मुलाकात हुई. जब उन्होंने केके को यह गाना सुनाया, तो केके ने तुरंत कहा, ‘इस्माइल भाई, यह मेरी स्टाइल का गाना नहीं है, मैं इसे नहीं गा पाऊंगा.’ (फोटो साभार: IMDb)

हालांकि, इस्माइल दरबार को केके की वोकल रेंज और उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा था. उन्होंने केके को समझाया कि लो से लेकर हाई नोट्स तक उनकी आवाज बिल्कुल परफेक्ट है और उनसे गाना गवाना उनका काम है, जिसके बाद केके हंसते हुए गाने के लिए तैयार हो गए. जब गाना रिकॉर्ड हुआ, तो केके की पत्नी इसे सुनकर रो पड़ी थीं. (फोटो साभार: IMDb)
घर में नहीं लगाई अगर ये 1 चीज, तो सारा पैसा होगा बर्बाद! बदलने जा रहे नियम
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दिल्ली में लगातार हो रहे हादसों और हौज रानी अग्निकांड में 23 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार फायर सेफ्टी नियमों में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी कर रही है. इसके तहत अब हाईराइज इमारतों के साथ-साथ दिल्ली के हर स्वतंत्र मकान, बिल्डर फ्लोर और लो-राइज अपार्टमेंट में भी स्मोक डिटेक्टर लगाना अनिवार्य किया जा सकता है. गृह मंत्री आशीष सूद के अनुसार, सरकार बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन पर विचार कर रही है ताकि 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले उन 10 प्रतिशत भवनों को भी सुरक्षा के दायरे में लाया जा सकता है जो अब तक फायर एनओसी (NOC) के नियमों से बाहर थे.
इस पूरी मुहिम को कामयाब बनाने के लिए दिल्ली फायर सर्विसेज के बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है. (AI)
नई दिल्ली. दिल्ली में लगातार सामने आ रही आग की भीषण घटनाओं और हाल ही में हौज रानी अग्निकांड में 23 मासूम लोगों की जान जाने के बाद राजधानी का प्रशासनिक अमला पूरी तरह सख्त हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार अब दिल्ली के रियल एस्टेट और रिहायशी ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल करने जा रही है. इस नए फैसले के तहत अब दिल्ली के हर छोटे-बड़े घर, स्वतंत्र कोठी और बिल्डर फ्लोर में स्मोक डिटेक्टर लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य किया जा सकता है. सरकार बिल्डिंग बायलॉज में बड़ा संशोधन करने जा रही है ताकि दिल्ली की प्रॉपर्टीज को सुरक्षित बनाया जा सके. इस बड़े नीतिगत फैसले को लेकर गृह मंत्री आशीष सूद ने साफ किया है कि सरकार मौजूदा नियमों की गहन समीक्षा कर रही है और जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी कानूनी व नीतिगत बदलाव तुरंत किए जाएंगे.
फिलहाल दिल्ली के नियम इतने ढीले हैं कि सिर्फ 15 मीटर से ऊंची रिहायशी इमारतों में ही स्मोक डिटेक्टर या फायर हाइड्रेंट लगाना जरूरी होता है, जिससे लाखों स्वतंत्र मकान और छोटे अपार्टमेंट नियमों से बच निकलते हैं. गृह मंत्री ने बताया कि वैसे तो 90 प्रतिशत इमारतें किसी न किसी रूप में नियमों के दायरे में हैं, लेकिन बचे हुए हिस्से को सुरक्षित करने के लिए अब स्मोक डिटेक्टर, फायर हाइड्रेंट और इमरजेंसी एग्जिट सिस्टम जैसी सुविधाओं को हर प्रॉपर्टी की बुनियादी जरूरत बनाया जाएगा.
प्रॉपर्टी मालिकों पर क्या होगा असर
अगर इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगती है तो दिल्ली के लाखों प्रॉपर्टी मालिकों को अपने घरों में फायर सेफ्टी उपकरण लगाने होंगे, जिससे मकानों की कंस्ट्रक्शन कॉस्ट पर भी थोड़ा असर पड़ सकता है. राहत की बात यह है कि सरकार केवल नई बनने वाली इमारतों पर ही इसे लागू नहीं करेगी, बल्कि पुरानी और पहले से बनी प्रॉपर्टीज को भी इन उपकरणों को लगाने के लिए अगले तीन वर्षों का समय देने पर विचार कर रही है. इसके साथ ही भविष्य में बनने वाले मकानों और सोसाइटियों में कम ज्वलनशील निर्माण सामग्री (कम आग पकड़ने वाले मैटेरियल) के इस्तेमाल को भी अनिवार्य किया जा सकता है ताकि किसी हादसे की स्थिति में आग को फैलने से रोका जा सके.
गरीब बस्तियों की चिंता
इस नीति के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल जेजे (JJ) क्लस्टर्स और झुग्गी-झोपड़ी वाले संवेदनशील इलाकों में रहने वाले निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर उठ रहा था. इस पर सरकार ने योजना बनाई है कि ऐसी संपत्तियों पर उपकरणों के बजाय फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की पहुंच और उनके रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर करने पर पूरा फोकस रखा जाएगा ताकि तंग गलियों में भी समय रहते राहत पहुंचाई जा सके.
इस पूरी मुहिम को कामयाब बनाने के लिए दिल्ली फायर सर्विसेज के बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है. गृह मंत्री आशीष सूद ने बताया कि विभाग का मौजूदा वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम लगभग पांच दशक पुराना हो चुका है, जिसे पूरी तरह बदलकर नया आधुनिक कम्युनिकेशन नेटवर्क स्थापित करने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं. सरकार का इरादा आग लगने के बाद राहत कार्य करने के पुराने ढर्रे को बदलकर, तकनीक के दम पर रिहायशी संपत्तियों को पूरी तरह सुरक्षित करने का है.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें
डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव को मिली धमकी: पार्सल बुकिंग का झांसा दिया, अपशब्दों का इस्तेमाल किया; साइबर थाने में शिकायत दर्ज – Patna News
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर अपशब्द कहे। धमकी भी दी है। कॉल करने वाले ने पार्सल बुकिंग का झांसा देकर संपर्क किया और बाद में लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए परेशान किया। मामला 5 जून का है। आप्त सचिव ने दर्ज कराई शिकायत इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव वीरेंद्र कुमार ने 5 जून को पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर फ्रॉड गिरोह की आशंका प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह मामला साइबर फ्रॉड और ठगी गिरोह से जुड़ा लग रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह पार्सल बुकिंग के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने और फंसाने की कोशिश करता है। पुलिस जांच तेज, नंबर ट्रेस करने में जुटी टीम साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल और नंबर की ट्रेसिंग की जा रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। पुलिस जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा कर रही है।
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