हाथरस के सिकंद्राराऊ कोतवाली क्षेत्र के जरीनपुर भुर्राका गांव में एक विवाहिता की कल रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुरालजनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। मृतका की पहचान एटा के विक्रमपुर निवासी 42 वर्षीय निशा के रूप में हुई है। उसकी शादी करीब 18 साल पहले जरीनपुर भुर्राका निवासी गगन कुमार से हुई थी, जो एक प्राइवेट टीचर हैं। दंपति के दो बच्चे भी हैं। बताया गया है कि शादी के बाद निशा की तबीयत खराब रहने लगी थी और वह मानसिक रूप से भी अस्वस्थ थीं। निशा के भाई ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के लोग उसकी बहन को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे और उसका उचित इलाज भी नहीं करा रहे थे। भाई का कहना है कि इसी उत्पीड़न के कारण उसकी बहन की मौत हुई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा… पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Google I/O 2026 से पहले टेक कंपनी ने करोड़ों Android यूजर्स को बड़ा तोहफा दे दिया है। गूगल ने अपने लेटेस्ट एंड्रॉइड शो में अपकमिंग फीचर्स और टूल्स की जानकारी दी है। कंपनी का सालाना डेवलपर कांफ्रेंस अगले सप्ताह 19 और 20 मई को आयोजित किया जाएगा, जिसमें Android 17 समेत गूगल के अपकमिंग टूल्स को पेश किया जाएगा। गूगल ने बढ़ रहे फर्जी कॉल्स और स्कैम का पूरी तरह से इलाज करने का फैसला कर लिया है। साथ ही, फोन चोरी होने पर उसके मिसयूज और लोकेशन ट्रैकिंग को बेहतर बनाया है।
गूगल ने बताया कि बैंकिंग स्कैम कॉल्स से यूजर्स को बचाने के लिए नए फीचर की तैयारी की जा रही है। ज्यादातर साइबर क्राइम के मामले में अपराधी खुद को बैंक का अधिकारी बनकर लोगों से बात करते हैं और उनके अकाउंट्स की डिटेल निकालकर फ्रॉड करते हैं। गूगल ने इसके समाधान के लिए नया टूल लाने का फैसला किया है। इस टूल को बेहतर बनाने के लिए कंपनी लगातार बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। इसे स्पूफिंग प्रोटेक्शन टूल का नाम दिया जाएगा, जो फर्जी कॉल्स को नेटवर्क लेवल पर ही डिटेक्ट कर लेगा।
Image Source : GOOGLE I/O 2026गूगल के नए टूल
खुद डिसक्नेक्ट होंगे फर्जी कॉल्स
गूगल का यह टूल फर्जी कॉल्स आने पर उसे खुद डिसकनेक्ट कर देगा। साथ ही, यूजर्स को एक नोटिफिकेशन मिलेगा, जिसमें कहा जाएगा कि यह एक स्कैम कॉल हो सकता है। गूगल का यह टूल Android 11 या इससे ऊपर के डिवाइस पर काम करेगा। कंपनी इस साल के अंत तक कई बैंकों को अपने नेटवर्क में जोड़ा जाएगा।
थ्रेड डिटेक्शन फीचर
गूगल इसके अलावा एक थ्रेड डिटेक्शन फीचर पर भी काम कर रहा है, जो ऐप्स की एक्टिविटी पर नजर रखेगा। गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद फर्जी ऐप्स को यह डिलीट करने का काम करेगा, ताकि यूजर्स अपने फोन में इन्हें इंस्टॉल न कर सके। यह तकनीक साइबर ठगी वाले ऐप्स पर लगाम लगाने का काम करेगा। गूगल इसके लिए डायनैमिक सिग्नल मॉनटरिंग टूल का इस्तेमाल करेगा, जो ऐप द्वारा किए गए संदिग्ध एक्टिविटी और पैटर्न की पहचान करेगा। साथ ही, SMS फॉरवॉर्डिंग एक्टिविटी को भी मॉनिटर करेगा।
फोन चोरी होने की टेंशन खत्म
इन टूल्स के अलावा गूगल एक ऐसे फीचर पर भी काम कर रहा है, जो मोबाइल डिवाइस को चोरी होने से बचाएगा। यूजर अगर एक बार फोन को लॉस्ट मार्क कर देंगे तो चोर इसे कभी यूज नहीं कर पाएगा। बिना बायोमैट्रिक अनलॉक से फोन को खोला नहीं जा सकेगा। यह फीचर Android 17 के बाद से आने वाले सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में बाई डिफॉल्ट मिलेगा। इसके अलावा ऐप लोकेशन और परमिशन को भी बेहतर करने का काम किया जाएगा।
अमौर के विष्णुपुर पंचायत स्थित मैत्रा गांव के ग्रामीणों ने सरकारी उदासीनता से परेशान होकर मारखीधार नदी पर खुद ही अस्थायी रास्ता बना लिया है। वर्षों से पुल निर्माण की मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने चंदा और श्रमदान के माध्यम से यह कदम उठाया। लगभग एक हजार की आबादी वाले इस गांव के लोगों को दैनिक कार्यों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मरीजों को अस्पताल ले जाने, बच्चों को स्कूल भेजने या बाजार जाने जैसे हर छोटे-बड़े काम में ग्रामीणों को परेशानी होती थी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय मुखिया और विधायक से पुल निर्माण की मांग की थी। हालांकि, उनकी फरियाद पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर अस्थायी रास्ता बनाने का निर्णय लिया। स्थानीय ग्रामीण मो. अकबर, मो. जुबेर आलम, कलीमुद्दीन और इफ्तिखार ने बताया कि रास्ता बनाने के लिए ग्रामीणों ने अपनी बकरियां, चावल और बत्तख बेचकर पैसे जुटाए। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने श्रमदान कर नदी में मिट्टी भरी, जिससे तत्काल आवाजाही की व्यवस्था हो सकी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अस्थायी समाधान है और बरसात के मौसम में यह रास्ता फिर से टूट सकता है। इसलिए, वे अब भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मारखीधार नदी पर एक स्थायी पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि गांव के लोगों को दीर्घकालिक राहत मिल सके।
शिवपुरी शहर के कमलागंज थीम रोड क्षेत्र में बुधवार सुबह आइसक्रीम से भरी एक बोलेरो पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान से टकरा गई। इस हादसे में मकान का छज्जा टूट गया और दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। अचानक चालक ने नियंत्रण खोया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो पिकअप तेज रफ्तार में थी। चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी सीधे मकान के छज्जे और दीवार से जा टकराई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त मकान के बाहर या आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।
Sonia Ghandhi Health News:मेदांता अस्पताल में भर्ती हुई सोनिया गांधी… देखें पूरी खबर
Sonia Ghandhi Health News: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता – द मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी को सर्जरी के लिए अस्पताल में दाखिल किया गया है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. हालांकि अभी तक अस्पताल या परिवार की ओर से आधिकारिक रूप से पूरी जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन इस खबर के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. फिलहाल उनकी सेहत और सर्जरी से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.
Fertilizers Import : खरीफ का सीजन आने वाला है और देश में उर्वरक की कमी को पूरा करने के लिए सरकार रिकॉर्ड मात्रा में आयात कर रही है. पिछले दिनों यूरिया की खरीद का ऑर्डर दिया गया, जो दोगुनी कीमत पर था. अब डीएपी की भी रिकॉर्ड खरीद का ऑर्डर दिया है.
भारत ने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए डीएपी के रिकॉर्ड आयात का ऑर्डर दिया है.
नई दिल्ली. ईरान युद्ध की वजह से अभी देश में हर किसी का ध्यान तेल और गैस की तरफ है, लेकिन एक और चीज है जो उतनी ही जरूरी है. सरकार ने इसका ध्यान रखते हुए पहली बार रिकॉर्ड आयात का ऑर्डर दिया है. खरीफ के आगामी सीजन में किसानों को फर्टीलाइजर संकट का सामना न करने पड़े, इसके लिए सरकार ने रिकॉर्ड 13.5 लाख टन डाईअमोनियम फॉस्फेट (DAP) का टेंडर जारी किया है. यह पहली बार है जब सरकार इतनी बड़ी मात्रा में डीएपी एकसाथ खरीदने जा रही है. ईरान युद्ध की वजह से उर्वरक के उत्पादन पर असर पड़ा है, लिहाजा इस जरूरत को आयात के जरिये पूरा करने की तैयारी है.
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि डीएपी की यह खरीद देश के सालाना आयात का करीब 25 फीसदी है. सरकार ने इतना बड़ा ऑर्डर इसलिए दिया है, क्योंकि ईरान युद्ध की वजह से कच्चे माल की सप्लाई में बाधा आ रही है और देश में उर्वरक का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है. ऊपर से खरीफ की फसलों का सीजन नजदीक आ रहा है, जिससे देश में खेती के लिए उर्वरक की बड़ी जरूरत पड़ने वाली है. इसके लिए तैयारियां भी अभी से शुरू हो चुकी हैं. ग्लोबल मार्केट में भी उर्वरक की कीमतें और उसकी ढुलाई का खर्चा लगातार बढ़ता जा रहा है. आने वाले समय में यह और भी महंगा हो सकता है. लिहाजा सरकार ने अभी से ही बड़े ऑर्डर पर जोर दिया है.
किस भाव खरीदी जा रही डीएपी इंडियन पोटाश लिमिटेड ने डीएपी की खरीद पर सहमति जता दी है. यह सरकारी कंपनी 7.65 लाख टन डीएपी को 930 डॉलर (करीब 89 हजार रुपये) प्रति टन के भाव से खरीद रही है, जो पश्चिमी तट पर पहुंचेगा. इसके अलावा 5.81 लाख टन डीएपी को 935 डॉलर (89,573 रुपये) प्रति टन के भाव पर खरीद रही है, जो पूर्वी तट पर पहुंचेगा. सरकार ने खरीफ सीजन आने से पहले ही फर्टिलाइजर्स का स्टॉक जुटाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है.
अप्रैल से ही चल रही खरीद की कोशिश भारतीय कंपनी ने डीएपी खरीद के लिए अप्रैल से ही कोशिशें शुरू कर दी हैं. कंपनी ने अप्रैल में 12 लाख टन डीएपी खरीदने का ऑर्डर दिया था और अब नई खरीद के बाद कुल डीएपी का ऑर्डर बढ़कर 23 लाख टन हो जाएगा. उर्वरक की यह खरीद 930 डॉलर से लेकर 1,100 डॉलर के बीच की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि कई सप्लायर्स ने कम कीमत पर 13.5 लाख टन डीएपी देने पर मंजूरी दे दी है. टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार, इसकी शिपमेंट 15 अगस्त के आसपास होगी.
कहां से आती है देश में डीएपी भारत को डीएपी की सप्लाई ज्यादातर सऊदी अरब, रूस, एजिप्ट और मोरक्को से होती है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा डीएपी आयातक देश है. पिछले महीने ही भारत सरकार ने 25 लाख टन यूरिया के आयात का भी सिंगल ऑर्डर दिया है. यूरिया की खरीद तो 2 महीने पहले के भाव से दोगुने रेट पर की गई है. इससे पता चलता है कि भारत को उर्वरक की किस कदर जरूरत है और पूरी जरूरत सिर्फ आयात से होती है.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार उर्वशी रौतेला ने अपने ग्लैमरस अंदाज से हर किसी का ध्यान खींच लिया. सिल्वर सीक्वेंस गाउन में उर्वशी किसी प्रिंसेस से कम नहीं लग रही थीं. उनका सीक्वेंस गाउन वाला लुक, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.बता दें कि उर्वशी लगातार पांचवीं बार कान्स का हिस्सा बनी हैं और हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने अपने फैशन सेंस से फैंस को इम्प्रेस कर दिया. देखें उनका खूबसूरत लुक.
कान्स 2026 के रेड कार्पेट पर छाईं उर्वशी रौतेला (फोटो साभारः Instagram @urvashi._addicted )
बॉलीवुड की ब्यूटी क्वीन उर्वशी रौतेला की सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियोज काफी वायरल हो रही हैं. ये फोटोज कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट की हैं. मंगलवार को वह भी कान फिल्म फेस्टिवल में नजर आईं. जहां नेट सीक्वेंस सिल्वर गाउन में उर्वशी बला की सुंदर दिखीं. उनके लुक के आगे विदेशी हसीनाएं भी फीकी पड़ रही थीं, ऐसा हम नहीं उर्वशी के चाहने वाले सोशल मीडिया पर वायरल, फोटो और वीडियोज में कमेंट कर कह रहे हैं.
पहले लुक से खींचा ध्यान
दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में शामिल कान्स फिल्म फेस्टिवल इस साल 12 मई से फ्रांस के खूबसूरत शहर कान्स में शुरू हुआ है, जो 23 मई तक चलेगा. इस इंटरनेशनल इवेंट में दुनियाभर से फिल्म स्टार्स, फैशन आइकन्स, डायरेक्टर्स और बड़े कलाकार शामिल होते हैं. हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक कई सितारे यहां रेड कार्पेट पर अपना जलवा बिखेरते हैं. ऐसे में इस बार भारतीय सितारों को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है. उर्वशी भी इवेंट शुरू होने के बाद मंगलवार को कान्स पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने पहले ही रेड कार्पेट लुक से लोगों का ध्यान खींच लिया.
रेड कार्पेट पर चांदनी सी चमक उर्वशी
उर्वशी रौतेला ने इस बार रेड कार्पेट पर वियतनाम के मशहूर फैशन ब्रांड ‘जोलीपोली’ का डिजाइन किया हुआ बेहद खूबसूरत गाउन पहना. सिल्वर और शिमरी डिटेलिंग वाले इस आउटफिट में उर्वशी किसी इंटरनेशनल फैशन स्टार से कम नहीं लग रही थीं. खास बात ये है कि कान्स में यह उनकी लगातार पांचवीं मौजूदगी है, जिसे लेकर फैंस भी काफी एक्साइटेड हैं. उनके गाउन की बारीक डिजाइन, स्टाइलिश हेयरस्टाइल और ग्लैम मेकअप ने उनके पूरे लुक को और भी खास बना दिया. जिसमें वे रेड कार्पेट पर चांदनी सी चमक रही थीं, उनके लुक के आगे विदेशी हसीनाएं भी फीकी पड़ रही थीं. सोशल मीडिया पर लोग उनके इस लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
फैशन आइकन हैं उर्वशी
उर्वशी एक्टिंग के साथ ही फैशन के मामले में भी काफी आगे हैं. उनका स्टाइल स्टेटमेंट काफी अच्छा है, ऐसे में उन्हें फैशन आइकन कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा. उर्वशी उर्वशी पिछले कई सालों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं. हर बार वह अपने अलग और यूनिक फैशन सेंस की वजह से चर्चा में रहती हैं. इस बार भी उनका रेड कार्पेट लुक इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है. फैंस का कहना है कि उर्वशी हर साल अपने स्टाइल से लोगों को सरप्राइज दे देती हैं.
NEET Paper Leak; NEET UG 2026 Cancelled Controversy LIVE Update | NTA CBI Probe
नई दिल्ली49 मिनट पहले
कॉपी लिंक
नासिक पुलिस और जांच एजेंसियों ने एकआरोपी शुभम खैरनार को 12 मई को गिरफ्तार किया।
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की।
FAIMA ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली से अब भरोसा उठ चुका है। इसलिए मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुर्नगठन किया जाना चाहिए।
इधर, मामले की जांच कर रही CBI महाराष्ट्र के नासिक पहुंची। आरोपी शुभम खैरनार को कस्टडी में लिया। इधर, हरियाणा के गुरुग्राम से भी BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दरअसल, NTA ने 12 मई को पेपर लीक के बाद NEET परीक्षा रद्द की। NTA ने माना कि गड़बड़ी हुई है। एग्जाम 3 मई को हुआ था, जिसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।
12 मई: NTA डीजी अभिषेक सिंह ने गड़बड़ी मानी
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा।
उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंपी। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।
वहीं, दिल्ली में मीडिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस मामले में सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले निकल गए थे।
केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइन से समझें
NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि आखिर यह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ।
1 मई: केरलम से राजस्थान भेजा क्वेश्चन बैंक
केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा।
2 मई: राजस्थान में पेपर शेयर हुआ
दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसी तरह दूसरे स्टूडेंट्स और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा। इसी तरह बंटता चला गया।
3 मई: पीजी संचालक ने पुलिस में शिकायत की
परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है।
6-7 मई: पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल
आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था।
7 मई: NTA ने गड़बड़ी की बात कही
NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद, यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया।
8 मई: NTA ने जांच केंदिय एजेंसियों को सौंपी।
10 मई:13 लोग अरेस्ट
राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया।
एक ही हैंडराइटिंग में लिखे 300+ सवाल, 150 परीक्षा में आए
‘क्वेश्चन बैंक’ हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है।
‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष क्वेश्चन बैंक से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।
कितने छात्रों को ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला यह तय नहीं
अब तक यह आंकड़ा तो सामने नहीं आया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बड़ी होने की आशंका है। दरअसल, जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है।
अब इसके तार केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र तक जुड़ रहे हैं। नासिक पुलिस ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में यहां युवक को हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एक टीम यहां पहुंचने वाली है। इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी फिलहाल BAMS की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा, पता चला है कि वह एक मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी भी चलाता है।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने 8 मई को सीकर में कंसल्टेंसी सेंटर चलाने वाले राकेश मंडवरिया सहित 3 को अरेस्ट किया था।
NTA डीजी बोले- 7 मई को एग्जाम में गड़बड़ी की जानकारी मिली
7 मई की रात हमें एक व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा होने से पहले किसी व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो परीक्षा के सवालों से मेल खा रहे थे।
हमारी जिम्मेदारी थी कि इन आरोपों की जांच करें और यह पता लगाएं कि क्या ये PDF 3 मई यानी परीक्षा के दिन से पहले किसी के पास मौजूद थीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल हमारे प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
यह भी सामने आया कि 1 और 2 मई को यह PDF कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी।
मामले पर किसने क्या कहा…
राहुल बोले- पीएम का अमृतकाल, विषकाल बन गया
राहुल ने अपने एक और X पोस्ट में लिखा- देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूं। एक काम कीजिए खुद गूगल कीजिए और देखिए की NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?
राहुल ने आरोप लगाया कि भाजरा विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है, तरक्की देती है। मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में साझेदार हैं। जिस बाजार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल: पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण है और पिछले नौ साल में NEET का पेपर चार बार लीक हुआ, लेकिन किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली। पेपर लीक यूं ही नहीं होता, इसमें ऊपर तक के लोगों की मिलीभगत होती है।
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत: NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
ALLEN CEO नितिन कुकरेजा: NEET को भी JEE की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में बदल देना चाहिए। पेन-एंड-पेपर मोड में पेपर लीक होने का खतरा ज्यादा रहता है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी होती है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA): देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक को आयोजित करने वाले सिस्टम में गंभीर खामियां हैं। मामले की समय पर जांच हो और जिम्मेदारी तय की जाए।
2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था
2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।
राधाकृष्णन पैनल की सिफारिशें
2024 विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व इसको चीफ प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी बनाई।
पैनल ने 4 सुझाव दिए
परीक्षा केंद्रों और स्टाफ की आउटसोर्सिंग कम हो
ज्यादा से ज्यादा परीक्षाएं ऑनलाइन हों
हाइब्रिड परीक्षा मॉडल अपनाया जाए
NEET जैसी परीक्षाओं में प्रयासों की संख्या सीमित करने पर विचार हो
NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटों में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।
…………………………….
ये खबरें भी पढ़ें…
NEET परीक्षा रद्द, MP का स्टूडेंट महाराष्ट्र से अरेस्ट, पीपर लीक पर अभ्यर्थी बोली- सुसाइड करने का मन कर रहा
राजस्थान पुलिस ने धांधली के आरोप में महाराष्ट्र के नाशिक निवासी डॉ. शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। अब सत्यसाई यूनिवर्सिटी से भी कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। आरोपी शुभम सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी (SSSUTMS) में आयुर्वेद चिकित्सा (BAMS) का छात्र है। पूरी खबर पढ़ें…
NEET एग्जाम रद्द-बिहार में 60 लाख में हुई थी डील: सॉल्वर बैठाने की थी तैयारी, MBBS स्टूडेंट मास्टरमाइंड; जानिए पूरी कहानी
बिहारमें NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक MBBS स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। पूरी खबर पढ़ें…
कोटा में बिजली के पोल पर चढ़कर काम करते समय एक युवक करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसा मंगलवार शाम करीब 6 बजे निमोदा के पास चंद्रवला गांव में हुआ। युवक की पहचान मोहन (26) धनावा निवासी के रूप में हुई है। करंट लगने के बाद वह करीब 20 फीट ऊंचे पोल से नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बड़े भाई चंद्रप्रकाश ने बताया मोहन आठवीं तक पढ़ा लिखा था। वह पिछले 10 साल से ठेकेदार के पास लाइट का काम करता था। वह थ्री फेज व सिंगल फ्रेज लाइनों का काम करता था। रोज सुबह 8-9 बजे घर से निकलता था। मंगलवार को भी सुपरवाइजर के साथ काम पर गया था। शाम को उसके करंट लगने की सूचना मिली थी। करंट लगने से 20 फीट नीचे गिरा पता लगा मोहन चंद्रवला में लाइट का काम करने गया था। सुपरवाइजर बिजली के पोल के नीचे खड़ा था। जबकि मोहन को पोल पर चढ़ा रखा था। मोहन 11 केवी लाइन पर जंफर बांध रहा था। उसने उल्टे हाथ से लाइन को टच कर देखा लाइन चालू थी। उसे एकदम से करंट का झटका लगा और वह 20 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। घटना के वक्त बड़ा भाई कोटा मंडी में था। सूचना लगते तुरंत अस्पताल पहुंचा। ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर उसे मृत घोषित कर दिया। मोहन तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। काम खत्म होने के बाद भी सुपरवाइजर मोहन को साथ ले गया मोहन के दोस्त नरेंद्र योगी ने बताया कि हम साथ ही काम कर रहे थे। साइट पर काम खत्म होने पर हम निकल गए थे। सुपरवाइजर ने कहा था मैं दीगोद जा रहा हूं। मोहन को भी छोड़ दूंगा। काम खत्म होने के बाद भी सुपरवाइजर मोहन को वापस काम पर ले गया। उसके बाद हमको पता नहीं क्या हुआ। दीगोद थाना ASI शंभू दयाल ने बताया कि परिजनों ने काम करते समय करंट लगने से बिजली के पोल से गिरना बताया है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Hyderabad Famous Dahi Vada: हैदराबाद का एक साधारण सा दही बड़ा इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है. खास बात यह है कि सिर्फ 30 रुपए में मिलने वाला यह स्वादिष्ट दही बड़ा इतना लोकप्रिय हो चुका है कि पूरा पतीला आधे घंटे के भीतर खत्म हो जाता है. स्थानीय लोगों के साथ-साथ फूड ब्लॉगर्स और पर्यटक भी इस स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. मुलायम बड़े, खास मसालों और स्वादिष्ट दही के अनोखे मिश्रण ने इसे लोगों की पहली पसंद बना दिया है. दुकान के बाहर सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतार देखने को मिलती है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और रील्स के बाद इस दही बड़े की लोकप्रियता और तेजी से बढ़ी है.
ख़बरें फटाफट
हैदराबाद: नवाबी शहर हैदराबाद अपनी बिरयानी और हलीम के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है लेकिन यहां की तंग गलियों में कुछ ऐसे भी जायके छिपे हैं. जिनके बिना आपका हैदराबाद का स्वाद अधूरा माना जाता है. नामपल्ली स्थित टिक्की मस्जिद के पास मिलने वाला तड़के वाला दही बड़ा आजकल शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है. महज 30 रुपये की एक प्लेट के लिए लोग यहाँ घंटों इंतज़ार करने को तैयार हैं.
हैदराबाद के अलहमदुलिल्लाह होटल की यह दुकान पिछले 48 वर्षों से स्वाद की विरासत को संभाल रही है. दुकान के संचालक शाहनवाज बताते हैं कि यह काम उनके पिता ने शुरू किया था. आज आलम यह है कि जैसे ही दोपहर के 1 बजे दुकान सजती है शौकीनों का हुजूम उमड़ पड़ता है. यहां की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दही भल्लों से भरा विशाल पतीला मात्र 30 मिनट के भीतर खाली हो जाता है.
दही बड़े मीठे या सादे दही के साथ परोसे जाते आमतौर पर दही बड़े मीठे या सादे दही के साथ परोसे जाते हैं लेकिन यहां का ट्विस्ट पूरी तरह अलग है. शाहनवाज के मुताबिक वे ताजे और गाढ़े दही का इस्तेमाल करते हैं जिसके ऊपर जीरा, राई, मेथी और सूखी लाल मिर्च का गरमा-गरम तड़का लगाया जाता है. यह तड़का न केवल दही की रंगत बदल देता है बल्कि इसके स्वाद में एक सोंधापन और तीखापन जोड़ देता है जो लोगों की जुबां पर चढ़ जाता है.
स्ट्रीट फूड की कीमतें आसमान छू रही जहां आज के समय में स्ट्रीट फूड की कीमतें आसमान छू रही हैं वही यह अपनी गुणवत्ता और कीमत का संतुलन बनाए रखा है. महज 30 रुपये में दो सॉफ्ट दही भल्ले और भरपूर तड़के वाला दही परोसा जाता है. स्थानीय निवासी रहमान कहते हैं मैंने पूरे तेलंगाना में ऐसे दही बड़े नहीं खाए. यहां का मसाला और दही की फ्रेशनेस बेमिसाल है.
जादू चखना एक यादगार अनुभव हो सकता पार्सल ले जाने वालों की लंबी कतारें लग जाती हैं. शाहनवाज गर्व से कहते है यह स्वाद हमारे खानदान की पहचान है. हम सिर्फ खाना नहीं बेचते, बल्कि बरसों पुराना भरोसा बेचते हैं. अगर आप भी हैदराबाद में हैं तो टिक्की मस्जिद के पास का यह तड़के वाला जादू चखना एक यादगार अनुभव हो सकता है.
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें