हरदोई के हरियावां कस्बे में गुरुवार शाम एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई। इस घटना से लगभग 100 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। दमकल विभाग ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।यह घटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित 160 केवी के ट्रांसफार्मर में हुई। इस ट्रांसफार्मर से लगभग 100 घरों को बिजली मिलती है। गुरुवार शाम 4:15 बजे ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग हुई। आग की ऊंची लपटें देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पावर कॉरपोरेशन और दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। कुछ लोगों ने आग बुझाने के लिए मिट्टी डालने का प्रयास भी किया। सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से उमस भरी गर्मी में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बा निवासी विकास ने बताया कि क्षेत्र में लोकल फाल्ट और रोस्टिंग के कारण अक्सर बिजली कटौती होती रहती है, जिससे गर्मी में जीवन मुश्किल हो गया है। एक अन्य निवासी हर्षित मिश्रा ने कहा कि आए दिन के फाल्ट से उनकी रातों की नींद खराब हो रही है। कस्बे के अन्य निवासियों, जिनमें एंजल त्रिवेदी, राजीव सिंह, मल्लू, ईश्वर चंद्र शुक्ला, इंद्रेश मिश्रा और मनोज शामिल हैं, ने भी जर्जर बिजली संसाधनों के कारण लगातार लोकल फाल्ट होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि इससे गर्मी में समस्या और बढ़ जाती है। जेई अजय शर्मा ने जानकारी दी कि प्रभावित ट्रांसफार्मर को शुक्रवार को बदल दिया जाएगा।
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झारखंड की पारंपरिक खानपान संस्कृति में कई खास व्यंजन शामिल हैं. इन्हीं में से एक प्रसिद्ध पकवान है ‘ओकोपोको’.इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि भीषण गर्मी में भी यह महीनों तक खराब नहीं होता. ओकोपोको बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. इसे मुख्य रूप से गेहूं का आटा, गुड़ और घी से तैयार किया जाता है. सबसे पहले आटे में गुड़ मिलाया जाता है. इसमें पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि गुड़ की नमी और घी से ही मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद छोटे-छोटे गोले बनाकर धीमी आंच पर घी या तेल में तला जाता है. धीरे-धीरे पकने पर इसका रंग सुनहरा भूरा हो जाता है और इसकी खुशबू लोगों को आकर्षित करती है. ठंडा होने के बाद इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.









