हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र की इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 चौकी पुलिस ने रविवार दोपहर 3 बजे बिहार के कटिहार जिले की एक भटकी महिला को उसके परिजनों से मिलवाया। पुलिस की तत्परता और लगातार प्रयासों के चलते महिला सुरक्षित अपने घर लौट सकी। जानकारी के अनुसार, कालिया देवी (पत्नी सत्यनारायण मंडल), निवासी फसिया टोला, पोस्ट तीनगछिया, जिला कटिहार (बिहार) कुछ दिन पहले भटकते हुए हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र में पहुंच गई थीं। स्थानीय लोगों की सूचना पर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 चौकी पुलिस ने महिला को अपनी सुरक्षा में लिया। इसके बाद पुलिस ने महिला की पहचान स्थापित करने और उनके परिजनों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास शुरू किए। काफी प्रयासों के बाद पुलिस महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित करने में सफल रही। सूचना मिलने पर शनिवार को महिला का बेटा रामानंद मंडल इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 चौकी पहुंचा। पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को सुरक्षित उसके बेटे के सुपुर्द कर दिया। इस कार्य में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 चौकी प्रभारी आकांक्षा सिंह, दीवान उदयवीर सिंह और पुलिसकर्मी अवनीश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महिला के सकुशल मिलने पर उसके परिजनों ने कछौना पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित किया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की।
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पुलिस ने बिहार की भटकी महिला को परिजनों से मिलाया: हरदोई में मिली महिला, बेटे को सुपुर्द कर घर भेजा – Hardoi News
दुनियाभर में नोट छापने की मशीन बनी ‘धमाल 4’, दो दिनों पार हुआ 50 करोड़ का आंकड़ा
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अजय देवगन, अरशद वारसी और रितेश देशमुख की एडवेंचर कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. मिक्स रिव्यूज के बावजूद फिल्म ने महज दो दिनों के भीतर वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की धुआंधार कमाई कर ली है. दूसरे दिन फिल्म के घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में करीब 60 फीसदी का बड़ा उछाल देखा गया. इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म कॉमेडी के दम पर दर्शकों को थिएटर्स तक खींचने में पूरी तरह कामयाब साबित हो रही है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार अजय देवगन की एडवेंचर कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है. इस मूवी ने दर्शको को इम्प्रेस कर लिया है, जिसका असर बॉक्स ऑफिस पर साफ नजर आ रहा है. कमाल की बात है कि देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी ‘धमाल 4’ खूब नोट बटोर रही है.

दर्शक भारी तादाद में कॉमेडी से भरपूर फिल्म ‘धमाल 4’ देखने के लिए थिएटर्स का रुख कर रहे हैं, जिसके दम पर फिल्म ने महज दो दिनों के भीतर वर्ल्डवाइड 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है. ओवरसीज मार्केट में भी फिल्म ने अच्छी रफ्तार पकड़ ली है.

सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे दिन विदेशों में ‘धमाल 4’ फिल्म की 5 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जिससे कुल ओवरसीज कलेक्शन 10 करोड़ रुपये हो गया है. इन सब को मिलाकर दो दिनों में ‘धमाल 4’ वर्ल्डवाइड 53.80 करोड़ रुपये का बिजनेस कर चुकी है.
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घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ‘धमाल 4’ की कमाई में दूसरे दिन करीब 60 फीसदी का बड़ा उछाल देखने को मिला, जिसने पहले दिन के कलेक्शन को काफी पीछे छोड़ दिया. शनिवार को फिल्म ने देशभर के करीब 10,954 शोज से 22.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया.

इस शानदार बढ़त के साथ फिल्म ने एक मजबूत ओपनिंग वीकेंड दर्ज करते हुए भारत में 36.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया, जबकि फिल्म का ग्रोस कलेक्शन 43.80 करोड़ रुपये हो गया. अगर सबकुछ ठीक रहा तो तीसरे दिन भारत में भी ‘धमाल 4’ 50 करोड़ के आंकड़े को आसानी से पार कर जाएगी.

हालांकि, इस बेहतरीन रफ्तार के बावजूद ‘धमाल 4’ अक्षय कुमार की फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ से थोड़ी पीछे रह गई है. इस मूवी ने अपने दूसरे दिन विदेशों से 7 करोड़ रुपये बटोरे थे और महज दो दिनों में ही 58.50 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया था. अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘धमाल 4’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी इस रफ्तार को बरकरार रख पाती है या नहीं.

‘धमाल’ फ्रेंचाइजी की शुरुआत साल 2007 में हुई थी. पहली फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद मेकर्स ने इसके दो और सीक्वल ‘डबल धमाल’ (2011) और ‘टोटल धमाल’ (2019) बनाए. अब पूरे 7 साल के लंबे इंतजार के बाद ‘धमाल 4’ पर्दे पर रिलीज हुई है.
तीसरी मूवी का डायरेक्शन इंद्र कुमार ने किया है.

इस फिल्म में अजय देवगन के अलावा अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, रवि किशन, संजय मिश्रा, उपेंद्र लिमये, अंजलि आनंद, संजीदा शेख और ईशा गुप्ता जैसे सितारों की पूरी पलटन है. फिल्म की कहानी पैसों के भूखे किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो खजाने को ढूंढने के लिए एक-दूसरे से होड़ लगा रहे हैं. इसी बीच कहानी में कॉमेडी का तड़का भी लगाया गया है.
किशनगंज में मद्य निषेध SI परीक्षा आज: 6 केंद्रों पर 3000 अभ्यर्थी होंगे शामिल, रोल नंबर के अनुसार बैठने की व्यवस्था – Kishanganj (Bihar) News
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा रविवार को अवर निरीक्षक मद्य निषेध लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा छह केंद्रों पर होगी, जिसमें 3000 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन के लिए डीएम नवीन कुमार ने अधिकारियों और केंद
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एसडीएम अनिकेत कुमार ने बताया कि प्रत्येक परीक्षार्थी की पहचान प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और फोटो के मिलान, बायोमेट्रिक सत्यापन तथा फ्रिस्किंग प्रक्रिया आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाएगी। परीक्षा एक पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक ही कराया जाएगा।
रोल नंबर के अनुसार बैठने की व्यवस्था
सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केंद्रों के बाहर माइकिंग के माध्यम से अभ्यर्थियों को आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाए। प्रश्नपत्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ही खोला जाएगा। रोल नंबर के अनुसार बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए रोल नंबर सूची को परीक्षा केंद्र परिसर के प्रमुख स्थानों पर चस्पा किया जाएगा।
सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाएगी। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला दंडाधिकारी और महिला पुलिस बल द्वारा, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की तलाशी पुरुष दंडाधिकारी और पुरुष पुलिस बल द्वारा कराई जाएगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पहाड़ी रसोई का असली स्वाद है पोटा कलेजी, जानें इसे बनाने का आसान तरीका
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उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में पहाड़ी मुर्गी का पोटा-कलेजी पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय व्यंजन माना जाता है. जाखिया, जंबू और पहाड़ी लहसुन जैसे स्थानीय मसालों के साथ लोहे की कढ़ाई में तैयार यह डिश स्वाद के साथ पोषण भी देती है. मंडुवे की रोटी या झंगोरे के भात के साथ परोसा जाने वाला यह व्यंजन आज भी पहाड़ी खानपान की खास पहचान बना हुआ है.
उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में पहाड़ी मुर्गी का पोटा-कलेजी स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन माना जाता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले पोटा और कलेजी को अच्छी तरह साफ कर लें. इसके बाद हल्दी, नमक और थोड़ा सा लहसुन-अदरक लगाकर कुछ देर मेरिनेट करें. लोहे की कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें और उसमें जाखिया या जीरा डालें. फिर प्याज, टमाटर, लहसुन और अदरक को सुनहरा होने तक भूनें. मसालों में हल्दी, धनिया और लाल मिर्च मिलाने के बाद पोटा-कलेजी डालकर अच्छी तरह चलाएं. थोड़ी मात्रा में पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं. जब मसाला अच्छी तरह चढ़ जाए तो ऊपर से हरा धनिया डालें. यह व्यंजन मंडुवे की रोटी या चावल के साथ स्वादिष्ट लगता है.

कुशल गृहिणी किरन पांडे बताती है कि पहाड़ के कई घरों में आज भी लोहे की कढ़ाई में खाना पकाने की परंपरा बनी हुई है. पोटा-कलेजी को लोहे की कढ़ाई में पकाने से इसका स्वाद अधिक गहरा और देसी लगता है. लोहे की कढ़ाई गर्मी को लंबे समय तक बनाए रखती है, जिससे मसाले धीरे-धीरे पकते हैं, उनका स्वाद अच्छी तरह व्यंजन में घुल जाता है. लोहे के बर्तनों में भोजन पकाने से उसमें थोड़ी मात्रा में आयरन भी मिल सकता है. ग्रामीण क्षेत्रों में इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. साथ ही लोहे की कढ़ाई में तैयार पोटा-कलेजी का रंग और खुशबू भी आकर्षक बनती है. सही तरीके से उपयोग और देखभाल करने पर यह कढ़ाई वर्षों तक चल सकती है.

उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों में जाखिया, जंबू और स्थानीय लहसुन का विशेष महत्व है. पोटा-कलेजी बनाते समय जाखिया का तड़का लगाने से उसमें अलग तरह की खुशबू और स्वाद आता है. जंबू को हल्का भूनकर डालने से व्यंजन का जायका और भी बढ़ जाता है. पहाड़ी लहसुन सामान्य लहसुन की तुलना में अधिक सुगंधित माना जाता है, इसलिए इसका उपयोग विशेष रूप से किया जाता है. इन मसालों का उपयोग सदियों से पहाड़ी रसोई में होता आया है. ये मसाले भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ पाचन में भी मदद करते हैं. पोटा-कलेजी जैसे पारंपरिक व्यंजनों में इनका प्रयोग आज भी खूब किया जाता है.
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पोटा और कलेजी को पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसमें प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी-12 और कई आवश्यक खनिज पाए जाते हैं. कलेजी में आयरन की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है, इसलिए इसे ऊर्जा देने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है. वहीं प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों के विकास और मरम्मत में मदद करता है. विटामिन बी-12 शरीर में रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. पहाड़ी क्षेत्रों में मेहनत करने वाले लोग इसे ताकत देने वाले भोजन के रूप में भी देखते हैं. हालांकि किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए, ताकि शरीर को आवश्यक पोषण मिल सके.

पोटा-कलेजी पौष्टिक जरूर है, लेकिन इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है. डॉ ऐजल पटेल बताते हैं कि जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल, हृदय संबंधी समस्याएं या कुछ विशेष चिकित्सीय स्थितियां हैं, उन्हें कलेजी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. अधिक मात्रा में किसी भी भोजन का सेवन स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है. इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाना बेहतर रहता है. बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों के लिए भी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. यदि किसी व्यक्ति को विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए. संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि स्वस्थ जीवनशैली के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.

लोहे की कढ़ाई का सही रखरखाव उसकी उम्र बढ़ा देता है. पोटा-कलेजी बनाने के बाद कढ़ाई को हल्के गर्म पानी से साफ करें और अच्छी तरह सुखा लें. यदि कढ़ाई में नमी रह जाए तो उस पर जंग लग सकती है. कई ग्रामीण परिवार सफाई के बाद उसमें हल्का सरसों का तेल लगाकर रखते हैं, जिससे कढ़ाई सुरक्षित रहती है. साबुन का अधिक उपयोग करने के बजाय सामान्य सफाई करना बेहतर माना जाता है. समय-समय पर कढ़ाई को गर्म करके तेल लगाने से उसकी सतह मजबूत बनी रहती है. अच्छी तरह रखी गई लोहे की कढ़ाई वर्षों तक उपयोग में लाई जा सकती है, और भोजन को पारंपरिक स्वाद देने में मदद करती है.

उत्तराखंड में पोटा-कलेजी को अक्सर मंडुवे की रोटी, गेहूं की रोटी या झंगोरे के भात के साथ परोसा जाता है. मंडुवा पहाड़ का पारंपरिक अनाज है, जो पौष्टिकता के लिए जाना जाता है. जब गर्मागर्म पोटा-कलेजी को मंडुवे की रोटी के साथ खाया जाता है, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. कई लोग इसके साथ पहाड़ी मूली, हरी मिर्च और भांग की चटनी भी परोसते हैं. यह संयोजन स्थानीय खानपान की पहचान माना जाता है. पर्वतीय क्षेत्रों में पारिवारिक समारोहों और विशेष अवसरों पर भी यह व्यंजन बनाया जाता है. स्थानीय खाद्य परंपराओं को पसंद करने वाले लोगों के बीच यह आज भी लोकप्रिय बना हुआ है.

यदि आप स्वादिष्ट पोटा-कलेजी बनाना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. हमेशा ताजा पोटा और कलेजी का उपयोग करें तथा उसे अच्छी तरह साफ करें. मसालों को धीमी आंच पर भूनने से उनका स्वाद बेहतर निकलकर आता है. लोहे की कढ़ाई में पकाने से मसाले और मांस अच्छी तरह गलते हैं. अधिक पानी डालने से स्वाद हल्का हो सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार ही पानी मिलाएं. पकने के बाद ऊपर से हरा धनिया और हरी मिर्च डालने से स्वाद बढ़ जाता है. यदि उपलब्ध हो तो जाखिया और जंबू जैसे स्थानीय मसालों का उपयोग करें. सही सामग्री और धैर्य के साथ पकाया गया पोटा-कलेजी व्यंजन हर किसी को पसंद आ सकता है.
रिटायरमेंट का फंड सेविंग्स अकाउंट में है? सिर्फ एक गलती भी पड़ेगी भारी
रिटायरमेंट के लिए की गई बचत भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का आधार होती है. ऐसे में अगर आपके पीएफ, एनपीएस या किसी अन्य रिटायरमेंट सेविंग्स अकाउंट में नाम, नॉमिनी, बैंक डिटेल्स या जमा राशि से जुड़ी कोई गलती हो जाए, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. छोटी सी चूक भी बाद में क्लेम या पैसे निकालने के समय परेशानी खड़ी कर सकती है.
अच्छी बात यह है कि ऐसी ज्यादातर गलतियों को ठीक कराने का तरीका मौजूद है. अगर समय रहते सही तरीका अपनाया जाए और जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखे जाएं, तो पैसों से जुड़ी समस्या का समाधान आसान हो सकता है.
सही जानकारी रखें
सबसे पहले यह समझें कि दिक्कत आखिर है क्या. अपने रिटायरमेंट अकाउंट का स्टेटमेंट ध्यान से देखें और जांचें कि हर महीने योगदान (कॉन्ट्रिब्यूशन) सही तरीके से जमा हो रहा है या नहीं. साथ ही नाम, जन्मतिथि, बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, पता और नॉमिनी जैसी जानकारी भी मिलाकर देखें. अगर जमा राशि कम दिख रही है या कई महीनों का योगदान नहीं दिख रहा है, तो सबसे पहले अपने नियोक्ता (कंपनी) या संबंधित संस्था से बात करें. कई बार तकनीकी या रिकॉर्ड से जुड़ी छोटी गलती समय रहते पकड़ ली जाए तो उसे जल्दी ठीक किया जा सकता है. शिकायत करने से पहले स्टेटमेंट, मैसेज, ईमेल या अन्य रिकॉर्ड अपने पास जरूर रखें.
जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार करें
जब भी किसी गलती को ठीक कराने के लिए आवेदन करें, उससे पहले जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखें. इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, अकाउंट स्टेटमेंट और जरूरत पड़ने पर कंपनी से मिला संबंधित प्रमाण शामिल हो सकता है. सही दस्तावेज होने से आपकी शिकायत पर कार्रवाई तेज हो सकती है. शिकायत हमेशा संबंधित संस्था के आधिकारिक पोर्टल, मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन या ईमेल के जरिए ही करें. उदाहरण के लिए, ईपीएफ से जुड़ी समस्या होने पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है, जहां शिकायत का रजिस्ट्रेशन नंबर भी मिल जाता है. इस नंबर की मदद से बाद में अपने आवेदन की स्थिति आसानी से देखी जा सकती है.
स्टेट्स जरूर चेक करें
शिकायत दर्ज करने के बाद उसका स्टेटस नियमित रूप से चेक करते रहें. अगर संबंधित विभाग की ओर से कोई अतिरिक्त डॉक्यूमेंट या जानकारी मांगी जाए, तो उसे जल्द उपलब्ध कराएं. अगर तय समय के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता, तो संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी या उपलब्ध कस्टमर केयर के माध्यम से मामला आगे बढ़ाया जा सकता है. शिकायत करते समय पहले दर्ज किए गए आवेदन का नंबर और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट साथ रखें.
इसके अलावा, भविष्य में ऐसी परेशानियों से बचने के लिए अपने रिटायरमेंट अकाउंट की समय-समय पर चेक करते रहें. अगर बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, पता या नॉमिनी में कोई बदलाव हो, तो उसे जल्द अपडेट कर दें. इससे रिटायरमेंट के समय क्लेम या निकासी का प्रोसेस आसान रहता है.
बलरामपुर में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या: बच्चों के विवाद में बीच-बचाव करने गए थे, दोनों पक्ष सुबह में पुलिस को दी थी शिकायत – Sri Datt Ganj(Balrampur) News
श्रीदत्तगंज क्षेत्र में शनिवार की शाम में बच्चों के मामूली विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे 65 वर्षीय दयाराम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार सुबह दयाराम की नातिन सावित्री गांव के पश्चिम स्थित खेत में भैंस चरा रही थी। इसी दौरान पड़ोसी शेषराम के आठ वर्षीय पोते नीरज से उसकी कहासुनी हो गई। नीरज के रोते हुए घर पहुंचने पर दोनों परिवारों के बीच विवाद शुरू हो गया। मामले की शिकायत लेकर एक पक्ष सुबह ही थाने पहुंचा और तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि शाम करीब साढ़े छह बजे विपक्षी पक्ष के लोग दोबारा दयाराम के घर पहुंच गए और कहासुनी करने लगे। विवाद बढ़ने पर दयाराम बीच-बचाव के लिए पहुंचे। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी पिटाई कर दी और गमछे से गला कस दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के नाती बुधराम ने आरोप लगाया कि यदि सुबह दी गई शिकायत पर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा कि दयाराम दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वह स्वयं हिंसा का शिकार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक अविरल शुक्ल ने बताया कि तहरीर के आधार पर शेषराम, श्यामकला, मनीषा देवी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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दिशा पाटनी ने हॉलीवुड में एंट्री का खोला राज, डायरेक्टर संग काम करने का बताया अनुभव
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बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी जल्द ही फिल्म ‘हॉलीगार्ड्स सागा- द पोर्टल ऑफ फोर्स’ से अपना धमाकेदार हॉलीवुड डेब्यू करने जा रही हैं. खास बात यह है कि इस सुपरनेचुरल एक्शन थ्रिलर फिल्म का डायरेक्शन दिग्गज हॉलीवुड एक्टर-डायरेक्टर केविन स्पेसी कर रहे हैं. इस इंटरनेशनल प्रोजेक्ट को लेकर दिशा काफी एक्साइटेड हैं. उनका मानना है कि हॉलीवुड में काम पाने के लिए केवल भारत में बैठकर बात नहीं बन सकती, बल्कि वहां जाकर खुद को साबित करना पड़ता है. फिल्म में दिशा एक बेहद अहम और दमदार किरदार में नजर आने वाली हैं.
हॉलीवुड डेब्यू के लिए तैयार हैं दिशा पाटनी.
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी अब ग्लोबल लेवल पर अपने हुनर का जलवा बिखेरने के लिए तैयार हैं. वह जल्द ही ‘हॉलीगार्ड्स सागा-द पोर्टल ऑफ फोर्स’ से हॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म का डायरेक्शन कोई और नहीं बल्कि केविन स्पेसी कर रहे हैं और यह उनका पांचवां प्रोजेक्ट है. इस फिल्म में दिशा एक बेहद अहम किरदार में नजर आने वाली हैं.
वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में दिशा पाटनी ने केविन स्पेसी के साथ काम करने का अनुभव शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘वह वाकई कमाल के हैं. खुद एक एक्टर होने की वजह से वह अपने कलाकारों को बहुत अच्छे से समझते हैं. वह दुनिया के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक हैं. वह अपने एक्टर्स को खुलकर काम करने और नए एक्सपेरिमेंट करने का मौका देते हैं. वह हमसे हमेशा कहते हैं कि हमें सीन को अपने पर्सनल एक्सपीरिएंस से जोड़कर देखना चाहिए.’
दिशा पाटनी ने काम करने का बताया अनुभव
दिशा पाटनी ने आगे कहा, ‘वह हमें इस तरह सोचने के लिए मोटिवेट करते थे कि अगर आप ऐसी सिचुएशन में होते, तो कैसे रिएक्ट करते, क्या आप रोते, आपको कैसा महसूस होता. आप अपने इमोशन्स कैसे दिखाते. हर सुबह वह हमारे साथ बैठते थे और पूरे सीन को डिटेल में समझाते थे. मेरे लिए यह अनुभव बेहद खास था. मुझे नहीं लगता कि इससे पहले मैंने किसी भी डायरेक्टर के साथ इस तरह काम किया है. इससे आपको भी अपने कैरेक्टर को गहराई से समझने और उसे स्क्रीन पर बेहतर तरीके से उतारने की जिम्मेदारी का अहसास होता है.’
हॉलीवुड में ऑडिशन पर दिया जाता है ज्यादा जोर
भारत में रहकर हॉलीवुड में काम नहीं पा सकते
उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा वीजा और बाकी भाग-दौड़ जैसी टेक्निकल चीजें भी होती हैं, क्योंकि आखिर वह एक दूसरा देश है. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि आपको वहां खुद मौजूद रहना होगा. आप यहां (भारत में) बैठकर वहां के रोल हासिल नहीं कर सकते. आप यहां से ऑडिशन की क्लिप तो भेज सकते हैं, लेकिन बेहतर यही होगा कि आप वहां जाएं, कुछ समय रुकें और उसपर काम करें. हर देश के लिए यही नियम लागू होता है.’
सुपरनेचुरल थ्रिलर फिल्म है ‘हॉलीगार्ड्स सागा’
बताते चलें कि ‘हॉलीगार्ड्स सागा- द पोर्टल ऑफ फोर्स’ एक सुपरनेचुरल एक्शन थ्रिलर फिल्म है. इसे केविन स्पेसी ने डायरेक्ट किया है, जबकि इसकी कहानी सर्गेई टॉर्चिलिन और लाडो ओखोत्निकोव ने लिखी है. फिल्म में हॉलीवुड के कई बड़े चेहरे नजर आने वाले हैं, जिनमें खुद केविन स्पेसी के साथ डॉल्फ लुंडग्रेन, टायरेस गिब्सन, ब्रायना हिल्डेब्रांड, दिशा पाटनी और एरिक रॉबर्ट्स शामिल हैं. इस साल फरवरी में बर्लिन में फिल्म का एक प्राइवेट प्रीमियर रखा गया था, लेकिन इसकी वर्ल्डवाइड रिलीज डेट का ऐलान होना अभी बाकी है.
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …और पढ़ें
अमेरिका ने ईरान में 140 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की: होर्मुज में जहाज पर अटैक के जवाब में कार्रवाई; ईरान ने कुवैत, बहरीन को निशाना बनाया
अमेरिका ने शनिवार देर रात ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। CENTCOM के मुताबिक यह हमला होर्मुज में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में किया गया। हमले में जहाज में आग लग गई, इंजन को भारी नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता है। एयरस्ट्राइक के कुछ ही देर बाद ईरान ने पलटवार का दावा किया। ईरानी सरकारी टीवी IRIB के मुताबिक, ईरानी सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। ईरान का दावा है कि कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद डिपो और रडार साइट, जबकि बहरीन में अमेरिकी कम्युनिकेशन सिस्टम और रडार साइट को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन हमलों की अमेरिका, कुवैत या बहरीन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…
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