बोधगया के बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-3 (BSAP-3) परिसर में भव्य दीक्षांत और शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में कुल 1,084 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने हिस्सा लिया। सभी बहादुर महिला सिपाहियों ने अपना कड़ा व कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब ये सभी सिपाही बिहार पुलिस बल का एक मजबूत हिस्सा बन चुकी हैं। इस भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान कई भावुक कर देने वाले पल भी देखने को मिले। आईजी विकास वैभव ने दिलाई कर्तव्यनिष्ठा की शपथ इस खास और गौरवशाली अवसर पर मगध प्रमंडल के आईजी विकास वैभव बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने सबसे पहले परेड का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने महिला सिपाहियों के शानदार व अनुशासित मार्च पास्ट की सलामी ली। परेड की समाप्ति के बाद आईजी विकास वैभव ने सभी नवनियुक्त महिला सिपाहियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश और राज्य की सेवा करने का संकल्प दिलाया। विकसित बिहार और सुरक्षित माहौल की अपील समारोह को संबोधित करते हुए आईजी विकास वैभव ने पुलिसकर्मियों को उनकी बड़ी जिम्मेदारी का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि देश और राज्य के विकास में पुलिस की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। हमारा मुख्य लक्ष्य साल 2047 तक एक पूरी तरह से विकसित बिहार का निर्माण करना है। हम एक ऐसे बिहार को बनाना चाहते हैं, जहां किसी भी नागरिक को शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य या रोजगार के लिए अपने राज्य से बाहर न जाना पड़े। इसके लिए राज्य में भयमुक्त और सुरक्षित माहौल बनाना बेहद जरूरी है। जब प्रदेश सुरक्षित होगा, तब निवेशक यहां आएंगे और विकास को नई गति मिलेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मैदान पर बेहद भावुक कर देने वाले दृश्य भी दिखाई दिए। परेड खत्म होते ही कई महिला सिपाहियों की आंखें छलक उठीं। महिला सिपाहियों ने दौड़कर अपने माता-पिता, भाई और पतियों को गले से लगा लिया। उन्होंने सम्मान के रूप में अपनी पुलिस कैंप उतारकर अपने माता-पिता के सिर पर सजा दी और गर्व से सैल्यूट किया। रुचि प्रिया ने अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। रुचि के पिता एक साधारण किसान हैं और उनकी मां एक नर्स हैं। रुचि अब आगे की पढ़ाई भी जारी रखना चाहती हैं। उनका अगला लक्ष्य पुलिस विभाग में और भी ऊंचे पद पर पहुंचना है। रुचि के मामा प्रीतम कुमार ने बताया कि उनकी भांजी ने एक साल में नौकरी पाने का जो सपना देखा था। उसे अपनी कड़ी मेहनत से पूरी तरह सच कर दिखाया है।
बोधगया में 1,084 महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड: आईजी विकास वैभव ने दिलाई शपथ; सिपाहियों ने दौड़कर परिजन को गले लगाया – Gaya News
पन्ना में वन रक्षक पर हमला, वर्दी फाड़ी: काम के भुगतान विवाद में तीन भाइयों ने लाठियों से पीटा; ग्रामीणों ने बचाई जान – Panna News
पन्ना टाइगर रिजर्व की इटवांकला वन चौकी में तैनात एक वन रक्षक पर ड्यूटी के दौरान तीन भाइयों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने न सिर्फ वन रक्षक के साथ गाली-गलौज और लाठियों से मारपीट की, बल्कि उनकी सरकारी वर्दी भी फाड़ दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तीनों सगे भाइयों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बीट से लौटते समय रास्ते में रोका यह घटना 14 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। वन आरक्षक रोहित गुप्ता मोटरसाइकिल से अपनी बीट का दौरा कर वापस लौट रहे थे। जैसे ही वह इटवांकला गांव में बीरेन्द्र चौरहा के घर के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद रामजी चौरहा ने हाथ देकर उन्हें रोक लिया। पैसे की मांग पर हुआ पूरा विवाद रामजी चौरहा ने वन आरक्षक से अपनी बीट में पहले खोदी गई तलैया (छोटे तालाब) के काम के भुगतान की मांग की। इस पर रोहित गुप्ता ने समझाया कि पैसे देना सीधे उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने कागजी कार्रवाई पूरी करके फाइल पन्ना स्थित बड़े दफ्तर भेज दी है, इसलिए वे वहीं जाकर पता करें। यह सुनते ही रामजी भड़क गया और बदतमीजी करने लगा। भाइयों ने मिलकर लाठियों से पीटा, वर्दी फाड़ी जब वन आरक्षक ने ऑन-ड्यूटी होने का हवाला देकर तमीज से बात करने को कहा, तो रामजी के दो और भाई धीरेन्द्र चौरहा और श्यामजी चौरहा भी वहां आ गए। तीनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर श्यामजी ने आरक्षक की वर्दी का कॉलर पकड़कर खींच दिया, जिससे वर्दी के बटन टूट गए और कपड़ा फट गया। वहीं रामजी और धीरेन्द्र ने लाठियों से हमला कर पीठ, कंधे और कोहनी पर चोटें पहुंचाईं। शोर सुनकर स्थानीय ग्रामीण बल्लू आदिवासी और मंगल सिंह यादव ने बीच-बचाव कर आरक्षक को बचाया। जान से मारने की धमकी देकर भागे, केस दर्ज जाते-जाते तीनों आरोपियों ने आरक्षक को धमकी दी कि अगर काम का पैसा जल्द नहीं मिला, तो अगली बार जान से खत्म कर देंगे। हमले के बाद घायल वन आरक्षक किसी तरह चौकी पहुंचे और रेंजर लीलाधर शाह व परिक्षेत्र अधिकारी अंकित भदौरिया को घटना बताई। इसके बाद पन्ना कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
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बस्ती में 22 जुलाई को भाजपा बूथ अध्यक्ष सम्मेलन: पांचों विधानसभाओं में एक साथ होगा आयोजन, रणनीति तय – Basti News
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बस्ती लोकसभा क्षेत्र की सभी पांचों विधानसभाओं में 22 जुलाई को बूथ अध्यक्ष सम्मेलन आयोजित करेगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ होगा। बस्ती में सम्मेलन को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शुक्रवार दोपहर भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें हर्रैया, कप्तानगंज, बस्ती सदर, महादेवा और रुधौली विधानसभाओं में एक साथ सम्मेलन आयोजित करने की रणनीति तय की गई। जिला उपाध्यक्ष दिलीप पांडेय को सम्मेलन का मुख्य संयोजक बनाया गया है, जबकि जिला मंत्री सुरेन्द्र कुमार चौधरी और राजेन्द्र राजभर सह-संयोजक होंगे। जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने सभी जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और प्रभारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने निर्देश दिया कि 18 जुलाई को मंडल स्तर पर बैठक कर बूथ अध्यक्षों से व्यक्तिगत संपर्क किया जाए, ताकि उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। इसके बाद, 19 जुलाई को सभी शक्ति केंद्रों पर बैठकें होंगी, जहां बूथ समिति सदस्यों का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण और मॉड्यूल पूर्ण कराया जाएगा। सम्मेलन के आयोजन स्थल और समय भी निर्धारित किए गए हैं। हर्रैया में यह सुबह 11 बजे थाना खास मंदिर परिसर में होगा। कप्तानगंज में सावित्री मिलन मैरिज हॉल, बस्ती सदर में पंडित अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह, महादेवा में दोपहर 12 बजे सानू मैरिज हॉल (नगर बाजार) और रुधौली में दोपहर 3 बजे सिंह मैरिज हॉल, बसडीहा मानिकचंद में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। संबंधित विधायक एवं पूर्व विधायक विभिन्न विधानसभाओं में सम्मेलन के संयोजक की भूमिका निभाएंगे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, जिला महामंत्री, जिला उपाध्यक्ष, जिला मंत्री सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान सम्मेलन की संगठनात्मक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
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जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव: 1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे
जापान के फुकुओका शहर में महामारियों से बचाव के लिए ‘हाकाता गियन यामाकासा’ उत्सव हुआ। इसकी शुरुआत 1241 में मानी जाती है। मान्यता है कि महामारी के दौरान बौद्ध भिक्षु शूइची कोकुशी (एन्नी) ने पूरे शहर में पवित्र जल का छिड़काव किया, जिसके बाद बीमारी थम गई। उसी घटना की स्मृति में यह परंपरा शुरू हुई। यह उत्सव यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज है। इसे देखने के लिए करीब 10 लाख पर्यटक जुटे। उत्सव में दो तरह की झांकियां होती हैं। काजारीयामा करीब 10 मीटर ऊंचे, भव्य और सजावटी झांकी होती हैं, जिन्हें केवल प्रदर्शन के लिए रखा जाता है। वहीं काकियामा करीब 1 टन वजन की झांकी होती है, जिन्हें पुरुषों के समूह कंधों पर उठाकर शहर की सड़कों पर दौड़ते हैं। इन्हें बनाने में 55 लाख से 2 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इसके अलावा पारंपरिक पोशाक और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। गर्मी की वजह से रास्ते में खड़े लोग धावकों पर ठंडा पानी डालते हैं। इससे शरीर ठंडा रहता है और धावकों का उत्साह भी बढ़ता है। दौड़ में हिस्सा लेने वाले पुरुष केवल पारंपरिक सूती जैकेट (मिजू-हैप्पी) और शिमेकोमी नामक विशेष लंगोट पहनते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पानी पड़ने के बाद कपड़े भारी न हों और दौड़ने में आसानी रहे।
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बारिश में कॉर्न पकोड़े खाने का मजा होगा दोगुना, बैटर से लेकर तलने तक की ट्रिक
Crispy Corn Pakoda Recipe: बारिश की पहली फुहार पड़ते ही सबसे पहले जिस चीज़ का ख्याल आता है, वह है गर्मागर्म चाय और उसके साथ कोई कुरकुरा नाश्ता. यही वजह है कि मानसून के मौसम में पकोड़ों की मांग हर घर में बढ़ जाती है, अगर इस बार आप आलू, प्याज या पालक के पकोड़े छोड़कर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो ताजे स्वीट कॉर्न से बने कॉर्न पकोड़े एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं. इनका स्वाद हल्का मीठा, बाहर से बेहद कुरकुरा और अंदर से नरम होता है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. खास बात यह है कि इन्हें बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही तैयार किया जा सकता है.
बेसन, चावल का आटा और ताजे मक्के का सही मेल इन पकोड़ों को अलग पहचान देता है. शाम की चाय, मेहमानों की आवभगत या बच्चों के टिफिन के लिए भी यह रेसिपी शानदार साबित हो सकती है, अगर आप चाहते हैं कि हर बाइट में मक्के का असली स्वाद और जबरदस्त क्रंच महसूस हो, तो बैटर तैयार करने और तलने के कुछ आसान तरीकों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं इस आसान और स्वादिष्ट कॉर्न पकोड़ा रेसिपी के बारे में.
कॉर्न पकोड़ा क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद?
बरसात के मौसम में बाजार में ताजा स्वीट कॉर्न आसानी से मिल जाता है. यही कारण है कि इन दिनों कॉर्न से बनने वाली रेसिपी काफी पसंद की जा रही हैं. कॉर्न पकोड़े स्वाद के साथ टेक्सचर का भी शानदार मेल देते हैं. बाहर से सुनहरे और कुरकुरे, जबकि अंदर से रसदार मक्के के दाने हर निवाले को खास बना देते हैं. चाय के साथ यह स्नैक जितना स्वादिष्ट लगता है, उतना ही जल्दी तैयार भी हो जाता है, अगर घर में अचानक मेहमान आ जाएं, तो यह रेसिपी कुछ ही मिनटों में बन सकती है.
कॉर्न पकोड़ा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
करीब चार लोगों के लिए आपको चाहिए-
1. 1½ कप ताजे स्वीट कॉर्न के दाने
2. ¾ कप बेसन
3. 1¼ कप चावल का आटा
4. 1 बड़ा चम्मच बारीक कटा अदरक
5. 2 बारीक कटी हरी मिर्च
6. ½ कप बारीक कटा हरा धनिया
7. 1½ छोटी चम्मच अजवाइन
8. स्वादानुसार नमक
9. तलने के लिए तेल
कॉर्न पकोड़ा बनाने की आसान विधि
स्टेप 1: कॉर्न तैयार करें
सबसे पहले आधे स्वीट कॉर्न को मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें. इसे पूरी तरह पेस्ट नहीं बनाना है. अब इसे बाकी साबुत कॉर्न के साथ एक बड़े बाउल में मिला दें. इससे पकोड़ों में कॉर्न का स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर मिलेगा.
स्टेप 2: गाढ़ा बैटर बनाएं
अब बाउल में बेसन, चावल का आटा, अदरक, हरी मिर्च, हरा धनिया, अजवाइन और नमक डालें. जरूरत के अनुसार केवल एक या दो चम्मच पानी डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं. बैटर गाढ़ा होना चाहिए ताकि तलते समय पकोड़े फैलें नहीं.
स्टेप 3: सही तापमान पर तलें
एक गहरे पैन में तेल गर्म करें. जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब मिश्रण को चम्मच की मदद से धीरे-धीरे तेल में डालें. एक साथ बहुत सारे पकोड़े डालने से बचें, वरना उनका कुरकुरापन कम हो सकता है.
स्टेप 4: सुनहरा होने तक पकाएं
पकोड़ों को मध्यम आंच पर तब तक तलें, जब तक वे चारों तरफ से सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं. इसके बाद उन्हें टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए. अब इन्हें हरी चटनी, टमाटर सॉस या मसाला चाय के साथ गर्मागर्म परोसें.
कुरकुरे पकोड़े बनाने के आसान टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि पकोड़े लंबे समय तक क्रिस्पी रहें, तो बैटर में पानी बहुत कम डालें. चावल का आटा कुरकुरापन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी मात्रा कम न करें. पकोड़ों को हमेशा मध्यम आंच पर तलें. बहुत तेज आंच पर वे बाहर से जल्दी पक जाएंगे, लेकिन अंदर से कच्चे रह सकते हैं.
घर में हर किसी को आएंगे पसंद
बच्चों से लेकर बड़ों तक, कॉर्न पकोड़े लगभग सभी को पसंद आते हैं. हल्की बारिश, परिवार के साथ बैठकर चाय पीना और साथ में गर्मागर्म कॉर्न पकोड़े परोसना पूरे माहौल को खास बना देता है. यही वजह है कि यह रेसिपी मानसून की सबसे पसंदीदा स्नैक रेसिपी में शामिल हो चुकी है.
DUSU चुनाव 2026: पोस्टर-फ्लेक्स लगाने पर पूरी तरह रोक: नियम तोड़े तो नामांकन हो सकता है रद्द, हाथ से लिखे पोस्टर लगाए जा सकेंगे – New Delhi News
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 को लेकर कडे़ नियम लागू किए गए हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनावी प्रचार पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। इस बार कैंपस और उसके आसपास किसी भी तरह के प्रिंटेड पोस्टर, फ्लेक्स, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रति
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प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में डूसू पदाधिकारियों और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें दिल्ली हाईकोर्ट और लिंगदोह समिति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चुनाव कराने पर सहमति बनी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दीवारों, खंभों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर, होर्डिंग या स्प्रे पेंटिंग करने की अनुमति नहीं होगी।
प्रचार अभियान के लिए प्रत्येक उम्मीदवार अधिकतम पांच वाहनों का ही उपयोग कर सकेगा। ट्रैक्टर, जेसीबी, जानवरों, बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगी गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। साथ ही, उम्मीदवारों के नाम वाले स्टिकर, छाते, कैनोपी, उपहार या अन्य प्रचार सामग्री बांटना भी प्रतिबंधित रहेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनका नामांकन भी रद्द किया जा सकता है।
प्रचार के लिए ये होंगे नियम…
- रिंटेड पोस्टर, फ्लेक्स और बैनर पूरी तरह प्रतिबंधित।
- सिर्फ ‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ पर हाथ से बने पोस्टर लगाने की अनुमति।
- एमसीडी के विज्ञापन बोर्ड पर भी फ्लेक्स लगाने की इजाजत नहीं।
- प्रचार के लिए अधिकतम पांच वाहन ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
- कॉलेजों में एक बार में केवल पांच छात्रों को प्रचार की अनुमति।
- छात्राओं के हॉस्टल में केवल छात्राएं ही प्रचार कर सकेंगी।
- सार्वजनिक सभा के लिए पहले से सूचना देना अनिवार्य।
50MP के तीन कैमरों के साथ भारत में लॉन्च हुआ Tecno Camon 50 Ultra 5G, कितनी है कीमत?
Tecno Camon 50 Ultra 5G भारतीय बाजार में लॉन्च हो गया है। टेक्नो का यह फोन साल की शुरुआत में आयोजित हुए मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में अनाउंस हुआ था। इस फोन में कंपनी ने 50MP के तीन कैमरे दिए हैं। साथ ही, फोन 6,500mAh की बैटरी, MediaTek Dimensity 7000 सीरीज के चिपसेट के साथ आता है।
Tecno Camon 50 Ultra की कीमत
टेक्नो का यह अल्ट्रा फोन भारत में एक ही स्टोरेज वेरिएंट 12GB RAM + 256GB में आता है। इस फोन की कीमत 39,999 रुपये है। कंपनी फोन की खरीद पर 3,000 रुपये का कूपन डिस्काउंट ऑफर कर रही है। इस फोन की पहली सेल 21 जुलाई को ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन पर आयोजित की जाएगी। इसे Cypress Green, Misty Purple और Nebula Titanium कलर में खरीदा जा सकता है। कूपन डिस्काउंट के बाद टेक्नो का यह अल्ट्रा फोन 36,999 रुपये की कीमत में खरीदा जा सकता है।
Tecno Camon 50 Ultra 5G के फीचर्स
टेक्नो के इस फोन में 6.78 इंच का 1.5K कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन के डिस्प्ले की प्रोटेक्शन के लिए कंपनी ने कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i दिया है। फोन में मिलिट्री ग्रेड MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन दिया गया है। कंपनी का दावा है कि यह स्मार्टफोन IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग के साथ आता है, जिसकी वजह से फोन पानी में भींगने पर खराब नहीं होगा।
| Tecno Camon 50 Ultra 5G | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.74 इंच, AMOLED, 144Hz |
| प्रोसेसर | MediaTek Dimensity 7400 Ultimate |
| स्टोरेज | 12GB, 256GB |
| कैमरा | 50MP + 50MP + 8MP, 50MP |
| बैटरी | 6,500mAh, 45W |
| OS | Android 16, HiOS 16 |
Tecno Camon 50 Ultra में कंपनी ने MediaTek Dimensity 7400 Ultimate चिपसेट दिया है। फोन में 12GB रैम और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज मिलता है। इसके अलावा यह फोन 6,500mAh की बैटरी और 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर को सपोर्ट करता है। कनेक्टिविटी की बात करें तो फोन में कंपनी ने डुअल बैंड WiFi, Bluetooth 5.4, USB Type C जैसे फीचर्स दिए हैं। यह Android 16 पर बेस्ड HiOS 16 पर काम करता है।
इस स्मार्टफोन के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 50MP का मेन Sony LYT-700 सेंसर मिलता है। इसके साथ 50MP का टेलीफोटो कैमरा मिलेगा, जो 3x ऑप्टिकल जूम को सपोर्ट करता है। साथ ही, फोन में 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा और 50MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। इस तरह से यह फोन 50MP के तीन कैमरों के साथ आता है।
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देश के टॉप मेडिकल कॉलेज में कितना रहता है कट-ऑफ रैंक, NEET पास करने वाले छात्र जरूर जान लें
NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित हो चुका है। अब जिन छात्रों ने NEET की परीक्षा पास की होगी, उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात चल रही होगी कि उन्हें किसी अच्छे कॉलेज में दाखिला मिल जाए। ऐसे में वो सभी छात्र देश के टॉप मेडिकल कॉलेज का कट-ऑफ रैंक भी जानना चाहते होंगे। आप भी अगर उन छात्रों में से एक हैं और टॉप मेडिकल कॉलेजों के लिए कॉलेज-वाइज़ कट-ऑफ रैंक जानने के लिए उत्सुक हैं तो फिर यह खबर आपके लिए ही है। इस आर्टिकल में हम आपको पिछले सालों के डेटा एनालिसिस के आधार पर, टॉप मेडिकल कॉलेजों की संभावित कट-ऑफ रैंक बताएंगे।
संभावित कट-ऑफ रैंक कुछ इस प्रकार हैं:
| College | Cut off ranks |
| AIIMS, New Delhi | 1 – 47/ 48 |
| Vardhman Mahavir Medical College & Safdarjung Hospital, New Delhi | 45 – 127 |
| Maulana Azad Medical College | 50 – 101 |
| AIIMS Jodhpur | 53 – 390 |
| JIPMER | 49 – 256 |
| UCMS | 217 – 555 |
| Madras Medical College | 241 – 650 |
| Seth GS Medical College | 900 – 1200 |
| KGMU Lucknow | 188 – 1650 |
| Doon Medical College | 5000 – 15,700 |
आखिर NEET काउंसलिंग प्रोसेस क्या है?
आपको बता दें कि NEET क्वालिफाई करने वाले कैंडिडेट्स को अब मेडिकल कॉलेजों में सीट पाने के लिए काउंसलिंग प्रोसेस में शामिल होना होगा और ये काउंसलिंग प्रोसेस शायद चार राउंड में होगा। इनमें राउंड 1, राउंड 2, मॉप-अप राउंड (राउंड 3) और स्ट्रे वैकेंसी राउंड शामिल हैं। NTA की रिलीज में कहा गया है, ‘MBBS/BDS में ऑल-इंडिया कोटा के लिए काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) करती है। स्टेट कोटा के लिए काउंसलिंग संबंधित राज्य के अधिकारी करते हैं। कैंडिडेट्स को सिर्फ़ ऑफिशियल वेबसाइट्स- neet.nta.nic.in, mcc.nic.in और स्टेट काउंसलिंग पोर्टल्स की मदद लेनी चाहिए।’
बता दें कि योग्य कैंडिडेट्स को तय समय के अंदर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके साथ ही तय काउंसलिंग फीस जमा करनी होगी और अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्स को चुनकर लॉक करना होगा। हर राउंड के बाद सीट अलॉटमेंट कई बातों के आधार पर किया जाएगा जैसे कैंडिडेट की NEET रैंक, कैटेगरी, रिज़र्वेशन पॉलिसी, काउंसलिंग के दौरान दी गई पसंद और सीटों की उपलब्धता। जिन कैंडिडेट्स को सीट अलॉट होती है, उन्हें तय समय-सीमा के अंदर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन की बाकी प्रक्रिया पूरी करने के लिए बताए गए इंस्टिट्यूट में रिपोर्ट करना होगा। ऐसा न करने पर अलॉट की गई सीट रद्द हो सकती है।
काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज
आइए अब आपको यह बताते हैं कि काउंसलिंग प्रोसेस के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इसके लिए जरूरी सभी दस्तावेजों की लिस्ट नीचे है।
- NEET UG 2026 स्कोरकार्ड
- NEET UG 2026 एडमिट कार्ड
- 10वीं और 12वीं कक्षा की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
- मान्य पहचान पत्र
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- मूल निवास प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)
- कैटेगरी/EWS सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
- काउंसलिंग अथॉरिटी द्वारा बताए गए कोई भी अन्य दस्तावेज़
NEET UG कट-ऑफ परसेंटाइल 2026
- जनरल/EWS – 50वां परसेंटाइल
- PwD- जनरल/EWS – 45वां परसेंटाइल
- PwD- OBC/SC/ST – 40वां परसेंटाइल
- OBC – 40वां परसेंटाइल
- SC/ST – 40वां परसेंटाइल
NEET में कैटेगरी के हिसाब से क्वालिफ़ाई करने वाले उम्मीदवार
- जनरल: 2.91 लाख
- OBC-NCL: 5.12 लाख
- SC: 1.59 लाख
- ST: 63,716
- Gen-EWS: 95,026
- PwBD: 3,666
- PwD: 303
NEET UG रिजल्ट 2026 के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, कृपया ऑफ़िशियल वेबसाइट – neet.nta.nic.in पर जाएं।
(Report: Arnab Mitra)
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NEET पास किया, अब आगे क्या? काउंसलिंग से एडमिशन तक समझिए पूरी प्रक्रिया
उदयपुर से सिरोही, गुजरात जाना महंगा होगा: ईडर, गोगुंदा और डाकनकोटड़ा टोल पर NHAI ने बढ़ाई दरें; जानिए- कितने रुपए देने होंगे – Udaipur News
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने उदयपुर से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में बढ़ोतरी की है। इसमें उदयपुर में पिंडवाडा, उदयपुर-ईडर और उदयपुर के देबारी से अहमदाबाद जाने वाले काया बाईपास पर बने टोल प्लाजा शामिल हैं। ये बढ़ोतरी 18 जुलाई से लागू होगी। NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में टोल बूथ पर बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों का टोल चार्ज महंगा होगा। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और एनएचएआई से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है। किसी प्लाजा पर कार, जीप पर 5 रुपए तो किसी पर मासिक शुल्क में 20 से 30 रुपए की बढ़ोतरी की है। गोगुंदा के जसवंतगढ़ टोल की नई दरें गोगुंदा-पिंडवाडा के बीच मालेरा टोल की नई दरें देबारी-काया के बीच डाकनकोटड़ा टोल की नई दरें उदयपुर-ईडर के बीच पीपलवास टोल की नई दरें उदयपुर-ईडर के बीच करेल टोल की नई दरें कैसे तय होता है टोल रेट टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल के आधार पर भी तय होती हैं। जहां ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी अधिक लगता है।
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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20वें दिन जारी: कहा- 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहूंगा; संसद मार्च के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आएं
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- Sonam Wangchuk Hunger Strike | Delhi Jantar Mantar Parliament March Update
13 मिनट पहले
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शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गया। वांगचुक ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे उपवास के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई है और अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
जंतर-मंतर पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन भी जारी रहा। वांगचुक ने समर्थकों से 20 जुलाई को संसद तक होने वाले शांतिपूर्ण मार्च में भारी संख्या में जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे।
वांगचुक ने कहा कि वह बाहर से कमजोर हैं, लेकिन अंदर से मजबूत हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर 20 जुलाई का मार्च सफल नहीं हुआ, तो वह भूत बनकर वापस आएंगे। उन्होंने सरकार से कोई प्रतिक्रिया न मिलने तक अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने का निर्देश दिया है।
इसी बीच, AISA ने बताया कि उनके सदस्य नेहा, मनीष और आमीन की स्थिति भी गंभीर है। आमीन को डिहाइड्रेशन के कारण हाइपोवोलेमिक शॉक का खतरा है, नेहा का ब्लड शुगर 49 mg/dL तक गिर गया है और मनीष का वजन 10 फीसदी से ज्यादा कम हो गया है। ये छात्र वांगचुक के साथ एकजुटता बनाए हुए हैं।
CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रही है। यह प्रदर्शन 20 जून से चल रहा है, जबकि वांगचुक 28 जून को इसमें शामिल हुए थे। संसद मार्च मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया जाएगा।
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