Monday, July 6, 2026
Home Blog

फिरोजाबाद में डायलिसिस के दौरान युवती की मौत: परिजनों का आरोप- 108 एंबुलेंस कर्मियों ने नहीं की मदद; अस्पताल प्रशासन से कार्रवाई की मांग – Firozabad News




फिरोजाबाद जिला अस्पताल में सोमवार शाम डायलिसिस के दौरान 20 वर्षीय युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर रेफर किया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में मौजूद 108 एंबुलेंस कर्मियों पर समय पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय कीर्ति, स्वर्गीय मान सिंह की पुत्री थी। वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी और नियमित रूप से जिला अस्पताल में डायलिसिस करा रही थी। सोमवार शाम करीब चार बजे डायलिसिस के दौरान अचानक उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। एंबुलेंस से मदद नहीं मिलने का आरोप डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर कीर्ति को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल परिसर में मौजूद 108 एंबुलेंस से मरीज को ले जाने के लिए मदद मांगी, लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों और परिजनों ने स्ट्रेचर पर ही युवती को ट्रॉमा सेंटर ले जाना शुरू किया। रास्ते में तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले ही रास्ते में कीर्ति की मौत हो गई। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रशासन और 108 एंबुलेंस सेवा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



Source link

3100 करोड़ कमाने वाली फिल्म का हीरो, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सिखाई एक्टिंग


Last Updated:

रणवीर सिंह ने जो जगह आज इंडस्ट्री में अपनी बनाई है, इस मुकाम तक पहुंचना किसी भी एक्टर के लिए आसान नहीं हैं. आज वह अपना 41वां बर्थडे मना रहे हैं. अपनी जबरदस्त एनर्जी, दमदार एक्टिंग और अलग फैशन सेंस को लेकर तो वह छाए रहते हैं. लेकिन करियर में उन्होंने बहुत उतार चढ़ाव भी देखें हैं. एक वक्त तो ऐसा भी रहा, जब उनकी लगातार फिल्में फ्लॉप होती जा रही थीं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के सबसे एनर्जेटिक एक्टर्स में से एक रणवीर सिंह के फैंस आज उन पर दिल खोलकर प्यार लुटाते हैं. डेब्यू करते ही उन्होंने फैंस का दिल जीत लिया था. उनके कुछ किरदार तो लोगों के जहन में बस गए हैं. बाजीराव मस्तानी के बाद तो लोग उन्हें बॉलीवुड का बाजीराव भी कहने लगे हैं. लेकिन अपने करियर में उन्होंने कई फ्लॉप फिल्में भी दी हैं.

Ranveer Singh Starrer Pralay To Go On Floors In September

बाजीराव मस्तानी, पद्मावत और गली बॉय जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए हैं, जिन्हें देखकर थिएटर से निकलने वाले लोग सोचने पर मजबूर हो गए थे. आज वह इडंस्ट्री के उन चुनिंदा एक्टर्स की लिस्ट में शामिल हैं, जिनकी फिल्मों की ऑडियंस दीवानी होती है. उनके बर्थडे पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ खास बातें, जिनके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं.

FWICE Claims Ranveer Singh Replied Only After Press Conference Announcement After Three Invitations.

अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणवीर सिंह मुंबई आए थे. वहां उन्होंने एक कॉपीराइटर के तौर पर नौकरी की थी.लेकिन किस्मत में तो एक्टर बनना लिखा था, तो किस्मत उन्हें बॉलीवुड में ले आईऔर यहां आते ही वह छा गए.

Add News18 as
Preferred Source on Google

Ranveer Singh

अनुष्का शर्मा के साथ साल 2010 में आई फिल्म बैंड बाजा बारात से रणवीर सिंह ने अपना करियर शुरु किया था. लेकिन इस फिल्म से पहले उन्होंने कई फिल्मों के ऑफर ठुकरा दिए थे.क्योंकि वह ऐसी फिल्म से डेब्यू करना चाहते थे, जहां उन्हें अपना एक्टिंग टैलेंट दिखाने का मौका मिले.

Ranveer Singh

यही वजह थी कि अपनी डेब्यू फिल्म बैंड बाजा बारात में उन्होंने ऐसा रोल निभाया कि इसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड मिले थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म से पहले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उन्हें एक्टिंग के लिए तैयार करने में काफी मदद की थी.

6. Directed by Aditya Dhar, the two-part spy thriller franchise Dhurandhar has created box office history. Headlined by Ranveer Singh as undercover agent Jaskirat Singh Rangi, the films have collectively earned over ₹3,100 crore worldwide. With this milestone, Dhurandhar became the first Indian film franchise to cross the ₹3,000 crore mark, overtaking major blockbusters like Baahubali and Pushpa.

खुद रणवीर ने खुलासा किया था कि नवाजुद्दीन ने ही उन्हें ट्रेन किया था. लेकिन उन्होंने कहा कि ये सक्सेस उन्होंने अपने टैलेंट और मेहनत के दम पर पाई है. जब वह दीपिका के साथ फिल्म गोलियों की रासलीला राम-लीला में नजर आए थे. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन उनके काम के मुरीद हो गए थे.

रणवीर ने बताया था कि इस फिल्म में उनकी एक्टिंग बिग बी को इतनी पसंद आई थी कि उन्होंने अपने हाथ से लिखा एक लेटर भेजा था. फिल्म में उनके रोल को लेकर उन्होंने तारीफ में कसीदे पढ़ दिए थे. रणवीर की दादी चंद बर्क भी 1950 के दशक की जानी मानी एक्ट्रेस रह चुकी हैं.

ranveer singh banned, ranveer singh ban, fwice ranveer singh, ranveer singh don 3, is ranveer singh banned from bollywood, farhan akhtar ranveer singh controversy, fwice non-cooperation ranveer singh, ranveer singh boycott, ranveer singh latest news

कहा तो ये भी जाता है कि आदित्य धर के निर्देशन में बनी दो पार्ट वाली धुरंधर फ्रेंचाइजी ने दुनियाभर में 3,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है. यह 3,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

वॉट्सएप ग्रुप से 500 करोड़ का फ्रॉड करने वाला गिरफ्तार: फाइनेंस कंपनियों की आड़ में फर्जी बैंक खाते खुलवाए, विदेश भेज रहा था रुपए – Jaipur News




राजस्थान पुलिस ने वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर में 500 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। जो शेयर बाजार में फायदे का लालच देकर लोगों झांसे में लेता था। निवेश के नाम पर रुपए ले लेता। फाइनेंस कंपनियों की आड़ में लोगों के दस्तावेज हासिल करता था। इससे फर्जीवाड़े के लिए म्यूल बैंक अकाउंट खोलता था। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना युवराज सतीश मुदलियार (35) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जो म्यून अकाउंट के जरिए ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टो कसेंसी के जरिए विदेशों तक पहुंचा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया- स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे ‘105 IND STOCKS ADV’ नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। फर्जी योजनाओं में निवेश करने के नाम पर 16 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम टीम ने वॉट्सएप ग्रुप की चैट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों की जांच की। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसी एक वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जा चुकी थी। ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग से कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। लोगों का विश्वास में लेने के लिए थोड़ा बहुत मुनाफा उनके खातों में भेजा जाता था। इससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद लोग अपनी जमा-पूंजी और बड़ी रकम निवेश कर देते थे। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने दर्जनों बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुणे से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में तैयार करता था म्यूल बैंक खाते पूछताछ में आरोपी ने बताया- वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर वह लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लेता था। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले करीब 10 हजार रुपए का कमीशन दिया जाता था। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंचती थी रकम इन म्यूल खातों में आने वाली करोड़ों रुपए की ठगी की रकम एटीएम से निकाल लेता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से आरोपी क्रिप्टो करेंसी खरीदता था। उसे विदेशों में बेच देता था। इस पूरे नेटवर्क के बदले उसे करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, म्यूल अकाउंट संचालकों और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस देशव्यापी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी और उपाधीक्षक पुलिस गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



Source link

व्हाट्सएप ग्रुप से 500 करोड़ का महा साइबर-फ्रॉड, मास्टरमाइंड गिरफ्तार: फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में खुलवाए म्यूल बैंक-खाते, हवाला-क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजी जाती थी ठगी की रकम – Jaipur News




राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके मुख्य सरगना को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि एक ही व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई। आरोपी फर्जी फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों के दस्तावेज हासिल कर उनके नाम से म्यूल बैंक खाते खुलवाता था और उन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम हवाला नेटवर्क तथा क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से विदेशों तक पहुंचाई जाती थी। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में परिवादी सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे ‘105 IND STOCKS ADV’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। झूठे आश्वासन और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए उससे 16 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम टीम ने व्हाट्सएप ग्रुप की चैट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसी एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जा चुकी थी। ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग से कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। शुरुआत में लोगों का विश्वास जीतने के लिए निवेश पर थोड़ा-बहुत मुनाफा उनके खातों में भेजा जाता था, जिससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद वे अपनी जमा-पूंजी और बड़ी रकम निवेश कर देते थे। जैसे ही बड़ी राशि आरोपियों के खातों में पहुंचती, उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया जाता और ग्रुप डिलीट कर आरोपी फरार हो जाते। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और साइबर क्राइम पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने दर्जनों बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया तथा पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुणे से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में तैयार करता था म्यूल बैंक खाते पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर वह लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लेता था। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले करीब 10 हजार रुपये का कमीशन दिया जाता था। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंचती थी रकम इन म्यूल खातों में आने वाली करोड़ों रुपये की ठगी की रकम एटीएम से निकाली जाती थी। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से आरोपी अपने बिनांस (Binance) वॉलेट में USDT क्रिप्टो करेंसी खरीदता था और उसे विदेशों में बेच देता था। इस पूरे नेटवर्क के बदले उसे करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और बिनांस वॉलेट को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, म्यूल अकाउंट संचालकों और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस देशव्यापी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी और उपाधीक्षक पुलिस गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



Source link

‘मैं यूपी से हूं…’, सुबह 3 बजे ही अमिताभ ने खड़का दिया फोन, अयोध्या में खरीदी इतनी जमीन


Last Updated:

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में जमीन खरीदने के लिए रातोंरात ₹15 करोड़ ट्रांसफर किए. उन्होंने सरयू प्रोजेक्ट में 10 हजार वर्ग फुट का पहला प्लॉट खरीदा था.

Zoom

अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री के पहले सेलिब्रिटी हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जमीन खरीदी. उन्होंने 2024 में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले सरयू प्रोजेक्ट में 10 हजार वर्ग फुट का पहला प्लॉट खरीदा. इसके बाद उन्होंने बैक टू बैक कई प्रोजेक्ट इस शहर में बसाए. हाल में ही एक कार्यक्रम में रीयल एस्टेट कारोबारी ने एक इंटरव्यू में बिग बी द्वारा खरीदे गए प्रोजेक्ट को लेकर दिलचस्प बातें बताईं. उन्होंने बताया कि कैसे अमिताभ बच्चन अयोध्या में जमीन लेने के लिए उत्सुक थे. उन्होंने रातोंरात 15 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए थे.

हिंदुस्तान टाइम्स से ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के फाउंडर और सीएमडी अभिनंदन लोढ़ा वो शख्स थे, जिन्हें जमीन खरीदने के लिए अमिताभ बच्चन ने अचानक फोन किया था. कारोबारी ने बताया कि बिग बी ने फोन करके उनसे कहा था कि वह यूपी से हैं. उन्हें जमीन खरीदनी है. बस ये कहकर उन्होंने जो दाम बताया गया उसे ट्रांसफर कर दिया.

अमिताभ बच्चन ने किया फोन
अभिनंदन लोढ़ा ने बताया कि साल 2023 की बात है. उस वक्त वह ऑस्ट्रेलिया में थे. तब करीब 3 बजे का समय रहा होगा. एक फोन आता है. लेकिन वह उठा नहीं पाते. इसके बाद एक मैसेज भी आया. जिसे बाद में उन्होंने पढ़ा तो वह हैरान रह गए. दरअसल वह मैसेज किसी और का नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन का था. उन्होंने मैसेज में लिखा था, ‘मैं अमिताभ बच्चन हूं. अगर सही लगे तो एक बार कॉल करें.’

15 करोड़ तुरंत भेजे
ये मैसेज देखते ही वह हक्का-बक्का रह गए और उन्होंने दोबारा उसी मिस्ड कॉल वाले नंबर पर फोन किया. तब उनकी बात अमिताभ बच्चन से हुई. उन्होंने कहा, ‘अभिनंदन जी, मैं यूपी से हूं. मुझे अयोध्या में जमीन लेनी है. मैं 15 हजार वर्ग फुट जमीन खरीदना चाहता हूं. आप इसका दाम बताइए.’ इसके बाद कारोबारी ने 15 करोड़ की कीमत बताई तो उन्होंने अगले ही दिन सारे पैसे भेज दिए.

अयोध्या में अमिताभ बच्चन की जमीन-जायदाद
पिछले कुछ सालों में अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में अपनी जमीन-जायदाद बढ़ाई है. वह लगातार यहां कई प्रोजेक्ट में निवेश कर चुके हैं. सरयू प्रोजेक्ट में पहली प्रॉपर्टी खरीदने के बाद अब उन्होंने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर राम मंदिर से करीब 10 किलोमीटर दूर 54,454 वर्ग फुट का बड़ा भूखंड खरीदा है. इससे पहले मार्च 2026 में उन्होंने तिहुरा माझा इलाके में 35 करोड़ रुपये की कीमत वाला 2.67 एकड़ का प्लॉट भी खरीदा था. इतना ही नहीं, रणबीर कपूर ने अयोध्या में निवेश किया हुआ है.

About the Author

authorimg

Varsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें



Source link

सिंगरौली ट्रॉमा सेंटर में जच्चा-बच्चा की मौत: परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप लगाया – Singrauli News




सिंगरौली जिला अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को प्रसव के दौरान एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों पर गंभीर लापरवाही, अभद्र व्यवहार तथा पैसे मांगने का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों ने डिलीवरी वार्ड के ऑपरेशन थिएटर के गेट का शीशा भी तोड़ दिया और कार्रवाई की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया। मृतक प्रसूता 26 वर्षीय आरती बियार थीं, जो मूल रूप से दमोह के पतेरा की निवासी थीं और वर्तमान में झांझीटोला, बैढ़न में रहती थीं। बंद था ब्लड बैंक पति सूरज सिंह ठाकुर ने बताया कि रविवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर आरती को जिला चिकित्सालय लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि रात करीब 11 बजे भर्ती के बाद डॉक्टरों ने जांच लिखी और दो यूनिट रक्त की व्यवस्था करने को कहा, लेकिन संबंधित कक्ष बंद मिला। इसी दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। नवजात भी जीवित नहीं बच सका। पति सूरज सिंह का आरोप है कि प्रसव के दौरान दो स्टाफ नर्स प्रसूता के सीने पर दबाव बना रही थीं, जिससे उनका दम घुट गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती के समय स्टाफ नर्सों ने पैसों की मांग की और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ पुष्पराज सिंह ठाकुर और सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। महिला को थी खून की कमी अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने बताया कि स्टाफ की लापरवाही अभी प्राथमिक रूप से नहीं दिख रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जाएगी। डॉक्टर के अनुसार, महिला एनीमिक थी और खून की कमी थी, जिसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।



Source link

नीतीश कुमार अचानक पहुंचे जदयू कार्यालय: जनसुनवाई व्यवस्था का लिया जायजा, प्रदेश अध्यक्ष को दिए आवश्यक निर्देश – Patna News




पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सोमवार को अचानक पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जन सुनवाई को लेकर चल रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनका यह औचक दौरा संगठन को और सक्रिय बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। जदयू कार्यालय पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने सबसे पहले कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां चल रही जनसुनवाई कार्यक्रम की व्यवस्था को भी देखा। जनसुनवाई में मंत्री श्रवण कुमार मौजूद थे और लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। नीतीश कुमार वहां पहुंचे और मौजूद लोगों से कहा कि जनसुनवाई पूरी गंभीरता और व्यवस्थित तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ठीक से कीजिए।” प्रदेश अध्यक्ष को दिए आवश्यक निर्देश निरीक्षण के दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी उनके साथ मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी कार्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, ‘कार्यालय में आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं की नियमित सुनवाई होनी चाहिए। हर स्तर पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रवण कुमार बोले- समय-समय पर समीक्षा करते हैं नीतीश इस मौके पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘नीतीश कुमार समय-समय पर पार्टी कार्यालय आकर गतिविधियों की समीक्षा करते हैं। वे यह देखते हैं कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘पार्टी कार्यालय आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाता है।’ बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बोले श्रवण कुमार श्रवण कुमार ने दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा, ‘2025 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया और एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला। भाजपा और जदयू के बीच बेहतर तालमेल है।’ उन्होंने विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर कहा कि उनसे एनडीए को कोई नुकसान नहीं होगा और अंतिम फैसला जनता करेगी। सरकार हर मामले में गंभीर, दोषियों पर होगी कार्रवाई भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में श्रवण कुमार ने मीडिया से अपील किया कि जांच पूरी होने तक धैर्य रखें, सरकार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।



Source link

गुजरात में शेर का किसान पर हमला, VIDEO: हाथ जबड़े में आधे घंटे दबाए रहा, फिर छोड़ा; एक और व्यक्ति पर भी हमले की कोशिश की


  • Hindi News
  • National
  • Gujarat Lion Attack | Farmer Injured In Bhavnagar; Animal Attack Video Viral

भावनगर12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

शेर किसान कालूभाई परमार को गिरफ्त में लिए बैठा रहा। बाद में छोड़ा।

गुजरात के भावनगर के पालीताना तालुका में सोमवार सुबह शेर ने किसान पर हमला कर दियाा। कालूभाई बोगभाई परमार ने बताया कि शेर ने मेरी पीठ पर वार किया और मुझे गिरा दिया। फिर उसने मेरा हाथ अपने मुंह में पकड़ लिया। उसने मुझे करीब आधे घंटे तक पकड़े रखा।

कालूभाई ने बताया, ‘मैं लगातार उससे छूटने की कोशिश करता रहा। मैंने उसे खरोंचा भी, लेकिन उसकी पकड़ मजबूत थी।’ शेर ने इसके पहले एक और व्यक्ति पर हमले की कोशिश की, लेकिन उसने भाग कर खुद को घर में बंद कर लिया। भावनगर, गीर नेशनल पार्क के इलाके में है। यहां अक्सर घरों और खेतों के आसपास शेर देखे जा सकते हैं।

शेर की पकड़ से निकलने की कोशिश करता किसान।

शेर की पकड़ से निकलने की कोशिश करता किसान।

घायल किसान बोला- मैंने शेर को खरोंचा किसान कालूभाई बोगभाई परमार ने बताया, ‘मैं सुबह 10:30 बजे अपनी गाय को चारा खिलाने जा रहा था। तभी यह घटना हुई। मैंने खुद को बचाने के लिए शेर को खरोंचा, जिससे उसने मेरा हाथ छोड़ दिया।’

उन्होंने बताया, ‘मैं तुरंत वहां से भागा। इसके बाद शेर मेरी गाय के पीछे चला गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि शेर जमीन पर बैठा है और आदमी को दबाए हुए है। शेर ने आदमी के पैर पर काट लिया। आदमी अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।’

घटना की 4 फोटोज…

आसपास के लोगों ने शेर की पकड़ से किसान को बचाने के लिए उसकी ओर पत्थर फेंके।

आसपास के लोगों ने शेर की पकड़ से किसान को बचाने के लिए उसकी ओर पत्थर फेंके।

शेर ने किसान के घर के पास यह हमला किया।वहां एक और शेरनी भी मौजूद थी।

शेर ने किसान के घर के पास यह हमला किया।वहां एक और शेरनी भी मौजूद थी।

शेर ने किसान की पीठ पर हमला किया। इससे काफी खून बह रहा था।

शेर ने किसान की पीठ पर हमला किया। इससे काफी खून बह रहा था।

घायल किसान का पालीताना के स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया।

घायल किसान का पालीताना के स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया।

पहले एक और व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश की

शेर के हमले से बचने वाले हेमूभाई गढ़वी ने बताया, ‘मैं सुबह दूध लेकर आया था, सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच का समय था। उस घर में सब लोग चिल्लाने लगे कि भाई, शेर हमारी बाड़ में घुस आया है। मैं दौड़कर वहां गया।

जब मैंने अपनी भैंस को छोड़ा, शेर सीधे मेरी ओर दौड़ा तो मैं जान बचाने भागा और पास में अपने भाई के घर में घुस गया और दरवाजा बंद कर लिया। मेरी भैंस भी भागी, लेकिन वहीं गिर गई। इससे शेर का ध्यान मेरी ओर से हट गया और मैं और मेरी मां दोनों बच गए।

उसके बाद शेर वहां से भाग गया। कुछ देर बाद कालूभाई मेरे घर आए तो शेर ने उन पर हमला कर दिया।

गांव में दहशत, शेर को पकड़ने की कोशिश जारी

गरजिया गांव की सरपंच के पति सावजीभाई ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम डेढ़ घंटे में मौके पर पहुंच गई। शेर को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना के बाद गरजिया गांव और आसपास के इलाकों के पशुपालकों में अपने पशुओं और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता और दहशत का माहौल है। डरे हुए बच्चे स्कूल नहीं गए।

पालीताना तालुका पंचायत सदस्य चेतन डाभी ने कहा, हमने वन विभाग से अपील की है कि यहां के शेरों को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाए। गांव में सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण हमने वन विभाग को कई बार सूचित किया है, लेकिन फिर भी वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।

—————————————–

ये खबर भी पढ़ें:

गुजरात में 12 शेर, MP में 10 बाघों की मौत:इनके CDV वायरस से मरने का दावा, वन-विभाग ने अब तक रिपोर्ट नहीं की जारी

एशियाटिक लायंस के लिए फेमस गुजरात के पूर्वी और पश्चिमी गिर फॉरेस्ट में 12 शेरों की मौत का मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। वन विभाग ने 30 से अधिक शेरों को एनीमल केयर सेंटर में रखा है। हालांकि, शेरों की लेबोरेटरी रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं की गई है। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

कांग्रेस प्रदेश सचिव ने विनय कटियार पर साधा निशाना: गोंडा में कहा- उन्होंने भी चढ़ावा का हिस्सा खाया है, नहीं तो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अपमान ना करते – Gonda News




गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी और कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी ने सोमवार सुबह 10 बजे के करीब मीडिया से बात की। उन्होंने अयोध्या के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार पर निशाना साधा। यह पलटवार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर कटियार के एक बयान पर किया गया। त्रिलोकी नाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि विनय कटियार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि कटियार ने चढ़ावे का हिस्सा खाया है। त्रिलोकी नाथ तिवारी के अनुसार, यदि उनकी बुद्धि भ्रष्ट न होती, तो वे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अपमान नहीं करते। तिवारी ने धीरेंद्र शास्त्री को कर्म और जन्म से ब्राह्मण बताते हुए कहा कि किसी ब्राह्मण का अपमान करना एक बड़ा पाप है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कटियार ने बजरंग दल और अन्य के नाम पर हुई ‘लूट’ में हिस्सा लिया है, जिससे उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। तिवारी ने आगे कहा कि भगवान राम के चढ़ावे का पैसा खाने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से नष्ट हो जाता है। त्रिलोकी नाथ तिवारी ने विनय कटियार की सोच को ‘गंदी’ बताया और कहा कि वह पहले भी नफरत फैलाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कटियार के वर्तमान बयानों की निंदा की। गौरतलब है कि पूर्व सांसद विनय कटियार ने मीडिया से बात करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और अपशब्दों का प्रयोग किया था। इस बयान के बाद काफी विरोध हुआ था इसके बाद उन्होंने अपने बयान को वापस लेते हुए अपने बयान की निंदा की थी।



Source link

2 तरीकों से बनेंगे बाजार जैसे मुलायम और फूले-फूले दिल्ली वाले छोले-भटूरे


Delhi Bhature Recipe: छोले-भटूरे का नाम सुनते ही सबसे पहले दिल्ली का स्वाद याद आता है. बड़े-बड़े, गुब्बारे की तरह फूले हुए भटूरे और मसालेदार छोले हर किसी की पसंद होते हैं, लेकिन जब यही भटूरे घर पर बनाने की बारी आती है तो अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि भटूरे या तो सख्त बन जाते हैं, या फिर तलते समय बिल्कुल नहीं फूलते. कई बार आटा सही होने के बाद भी रिजल्ट वैसा नहीं आता जैसा बाजार में मिलता है. इसकी सबसे बड़ी वजह आटा गूंथने का तरीका और सही रेस्टिंग टाइम होता है. मशहूर शेफ रणवीर बरार ने इसी परेशानी का बेहद आसान हल बताया है.

उन्होंने भटूरे का आटा तैयार करने के दो ऐसे तरीके शेयर किए हैं, जिन्हें अपनाकर घर में भी बिल्कुल दिल्ली वाले मुलायम और फूले-फूले भटूरे बनाए जा सकते हैं, अगर आप भी चाहते हैं कि अगली बार आपके भटूरे देखने में शानदार लगें और खाने में भी नरम रहें, तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं.

भटूरे का असली स्वाद छिपा है आटा गूंथने के तरीके में
अक्सर लोग सोचते हैं कि अच्छा मैदा या ज्यादा तेल डालने से भटूरे बढ़िया बन जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. भटूरे की सबसे बड़ी खासियत उसके आटे की तैयारी में होती है, अगर आटा सही तरीके से गूंथा जाए और उसे सही समय तक रखा जाए, तो भटूरे तलते ही अच्छी तरह फूल जाते हैं. शेफ रणवीर बरार का कहना है कि सही टेक्सचर पाने के लिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

शुरुआत ऐसे करें
भटूरे के लिए सबसे पहले डेढ़ कप मैदा लें. इसमें आधा चम्मच चीनी और स्वाद के मुताबिक नमक मिलाएं. चीनी सिर्फ हल्की मिठास के लिए नहीं होती, बल्कि इससे भटूरों का रंग भी अच्छा आता है और अगर खमीर इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे एक्टिव होने में भी मदद मिलती है, अगर भटूरे ज्यादा मुलायम चाहिए तो सूखे मिश्रण में थोड़ा सा तेल भी मिला सकते हैं.

मुलायम या खस्ता, सूजी तय करेगी टेक्सचर
भटूरे का स्वाद और बनावट काफी हद तक सूजी पर भी निर्भर करती है, अगर आपको मुलायम भटूरे पसंद हैं, तो सूजी को करीब एक घंटे पहले पानी में भिगो दें और फिर आटे में मिलाएं. इससे भटूरे नरम बनेंगे. वहीं अगर आपको हल्के खस्ते भटूरे पसंद हैं, तो सूजी को बिना भिगोए सीधे मैदे में मिला दें. यह छोटी सी ट्रिक भटूरों का पूरा टेक्सचर बदल देती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

पहला तरीका: खमीर वाला पारंपरिक तरीका
अगर आपके पास थोड़ा समय है, तो खमीर वाला तरीका सबसे अच्छा माना जाता है. इसके लिए करीब 5 ग्राम खमीर को हल्के गुनगुने पानी में डालकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. जब खमीर एक्टिव हो जाए, तब उसे मैदे में मिलाकर आटा गूंथ लें. इसके बाद आटे को कम से कम डेढ़ घंटे तक ढककर रखें. इस दौरान आटा अच्छी तरह फूलता है और अंदर हल्कापन आ जाता है, जिससे भटूरे तलते समय बढ़िया फूलते हैं.

‘पटक-पटक’ कर गूंथने की तकनीक क्यों है खास?
शेफ रणवीर बरार के मुताबिक सिर्फ आटा गूंथ लेना काफी नहीं होता. आटे को बार-बार उठाकर हल्का पटकते हुए गूंथना चाहिए. इससे मैदे में ग्लूटेन अच्छी तरह बनता है. यही वजह है कि बेलते समय भटूरे फटते नहीं और गर्म तेल में डालते ही फूल जाते हैं. आटा तैयार होने के बाद उसकी ऊपरी सतह पर थोड़ा सा तेल लगा दें ताकि वह सूखे नहीं.

दूसरा तरीका: बिना खमीर वाला आसान ऑप्शन
सर्दियों में कई बार खमीर ठीक से काम नहीं करता. ऐसे में दही वाला तरीका काफी आसान और असरदार माना जाता है. इसके लिए मैदा, नमक और पहले से भिगोई हुई सूजी मिलाएं. अब पानी के साथ थोड़ा दही डालकर आटा गूंथ लें. दही आटे को हल्की खटास देने के साथ उसे नरम भी बनाता है. इस तरीके में आटे को सिर्फ 45 मिनट तक ढककर रखना होता है. कम समय में बढ़िया भटूरे बनाने के लिए यह तरीका काफी पसंद किया जाता है.

भटूरे तलते समय ये गलती बिल्कुल न करें
आटा जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है सही तापमान पर तलना. तेल पूरी तरह गर्म होना चाहिए. जब भटूरा तेल में डालें तो झारे से उसके ऊपर हल्का गर्म तेल डालें. इससे भटूरा तुरंत ऊपर उठता है और गुब्बारे की तरह फूल जाता है, अगर तेल कम गर्म होगा तो भटूरा ज्यादा तेल सोख लेगा और मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलेगा.

घर पर भी मिलेगा दिल्ली जैसा स्वाद
अगर आप इन आसान टिप्स को अपनाते हैं, तो घर में भी बिल्कुल बाजार जैसे मुलायम, फूले-फूले और स्वादिष्ट भटूरे तैयार किए जा सकते हैं. सही सामग्री, सही गूंथाई, थोड़ा धैर्य और सही तापमान-बस यही चार बातें आपके भटूरों को खास बना देंगी. अगली बार छोले-भटूरे बनाते समय इन तरीकों को जरूर आजमाएं और घरवालों को दिल्ली वाले स्वाद का मजा दें.



Source link