हरदोई के थाना पाली क्षेत्र के ग्राम सहजनपुर में शुक्रवार शाम को करंट लगने से पति-पत्नी की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, सहजनपुर निवासी 65 वर्षीय राममोहन मिश्रा और उनकी 57 वर्षीय पत्नी सरस्वती मिश्रा की करंट लगने से जान चली गई। बताया गया कि सरस्वती पंखा ठीक करते समय करंट की चपेट में आ गईं। उन्हें बचाने के प्रयास में राममोहन मिश्रा भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। राममोहन मिश्रा खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में उनके छह बच्चे हैं, जिनमें चार बेटियों का विवाह हो चुका है। दो पुत्रों में गौरव विवाहित हैं, जबकि उत्सव अविवाहित हैं। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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हरदोई में करंट लगने से दंपती की मौत: पंखा ठीक करते समय पत्नी को लगा करंट, बचाने गए पति की भी गई जान – Bharakhani(Sawayajpur) News
बिना केमिकल वाला गुड़ घर पर बनाना है आसान, जानें पूरी विधि
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Homemade Jaggery Making Tips: गुड़ चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है. लेकिन ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले गुड़ पर ही निर्भर होते हैं, जबकि मिलावट का खतरा रहता है. ऐसे में आज हम आपको घर गुड़ बनाने का आसान तरीका यहां बता रहे हैं. इसे बनाना भी आसान है, और समय भी ज्यादा नहीं लगता है.
बाजार में मिलने वाला गुड़ हमेशा शुद्ध हो, यह जरूरी नहीं है. कई बार इसे ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए इसमें केमिकल, आर्टिफिशियल कलर या अन्य मिलावटी चीजें मिलायी जाती हैं. इस तरह के गुड़ के स्वाद में बहुत फर्क समझ नहीं आता है, लेकिन सेहत के नजरिए से ये बिल्कुल फायदेमंद नहीं होता है.
अगर आप चाय, हलवा, खीर, दलिया या पारंपरिक मिठाइयों में गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, तो शुद्ध गुड़ चुनना बेहद जरूरी है. ऐसे में घर पर बना गुड़ एक बेहतर विकल्प हो सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे बहुत ही आसानी और कम सामानों से बनाया जा सकता है. यहां आप घर पर गुड़ बनाने की पूरी विधि जान सकते हैं.
घर पर शुद्ध गुड़ बनाने का तरीका
- घर पर गुड़ बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है ताजा गन्ने का रस. यदि आपको किसी गन्ना विक्रेता या मिल से ताजा रस मिल जाए, तो आप आसानी से शुद्ध गुड़ तैयार कर सकते हैं.
- इसके बाद गन्ने के रस को एक साफ कपड़े या महीन छलनी से छान लें, ताकि उसमें मौजूद मिट्टी, घास या अन्य अशुद्धियां निकल जाएं.
- इसके बाद छने हुए रस को एक मोटे तले वाले बर्तन में डालें और धीमी आंच पर पकाना शुरू करें. जैसे-जैसे रस गर्म होगा, उसकी सतह पर झाग बनने लगेगा. यह झाग अशुद्धियों का मिश्रण होता है, इसलिए इसे समय-समय पर चम्मच की मदद से हटाते रहें. इससे गुड़ का रंग साफ और गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है.
- रस को लगातार पकाते रहें और बीच-बीच में चलाते रहें. कुछ समय बाद रस गाढ़ा होने लगेगा और उसका रंग सुनहरा भूरा दिखाई देने लगेगा. जब मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा होकर गुड़ जैसी स्थिरता में आ जाए, तब गैस बंद कर दें.
- अब इस तैयार मिश्रण को घी लगी हुई ट्रे, थाली या किसी सांचे में डाल दें. इसे कुछ समय तक ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद यह सख्त हो जाएगा. फिर आप इसे अपनी पसंद के अनुसार छोटे या बड़े टुकड़ों में काट सकते हैं.
घर पर बना गुड़ खाने के फायदे
घर पर बना गुड़ नेचुरल रंग, खुशबू और स्वाद से भरपूर होता है. इसमें आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. यही कारण है कि यह बाजार के मिलावटी गुड़ की तुलना में अधिक पौष्टिक माना जाता है. हालांकि घर पर गुड़ बनाने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद और शुद्धता मेहनत को पूरी तरह सफल बना देते हैं. इस गुड़ का इस्तेमाल आप चाय, खीर, हलवा, पराठा या किसी भी मीठी डिश में कर सकते हैं. इससे न केवल खाने का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि आपको शुद्ध और पौष्टिक मिठास का लाभ भी मिलेगा.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
बक्सर से भागलपुर तक गंगा जल गुणवत्ता में सुधार: CPCB ने X पर दी जानकारी, अब कोई पोल्यूटेड सेक्शन नहीं – Buxar News
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने घोषणा की है कि बिहार में बक्सर से भागलपुर तक गंगा नदी के जल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बोर्ड ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। अब गंगा के इस प्रमुख हिस्से में कोई भी प्रदूषित नदी खंड शेष नहीं बचा है, जिसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कई स्थानों पर प्रदूषण का स्तर चिंताजनक था सीपीसीबी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पहले गंगा के इस खंड में कई स्थानों पर प्रदूषण का स्तर चिंताजनक था। घरेलू अपशिष्ट, शहरों का गंदा पानी और औद्योगिक कचरा जल गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे थे। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर गंगा सफाई अभियान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कारण स्थिति में लगातार सुधार हुआ है। आम लोगों को स्वच्छ वातावरण का लाभ मिलेगा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सकारात्मक बदलाव केवल सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की जागरूकता का भी योगदान है। गंगा जल की गुणवत्ता बेहतर होने से जलीय जीवों के संरक्षण, किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और आम लोगों को स्वच्छ वातावरण का लाभ मिलेगा। गंगा नदी भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में बिहार में बक्सर से भागलपुर तक गंगा का प्रदूषण मुक्त होना न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह दर्शाता है कि निरंतर प्रयासों से गंगा को पूरी तरह निर्मल बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
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तीसरी शादी की तैयारी में जुटे आमिर खान, गौरी स्प्रैट संग बनाई 150 मेहमानों की लिस्ट!
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आमिर खान 61 साल की आयु में तीसरी दफा शादी करेंगे. वे 5 जुलाई को करीबियों की मौजूदगी में गर्लफ्रेंड गौरी स्पैट से रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे. अब खबर आ रही है कि कपल की शादी में करीब 150 मेहमान शामिल होंगे. सुपरस्टार की तीसरी शादी में कैसा इंतजाम रहेगा, इसे लेकर कुछ खुलासे हुए हैं.
आमिर खान 5 जुलाई को तीसरी शादी करेंगे.
नई दिल्ली: आमिर खान पहले स्टार नहीं हैं, जो 60 की आयु के बाद शादी करने जा रहे हैं. वे अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से 5 जुलाई को निजी सेरेमनी में शादी के बंधन में बंधेंगे. सुपरस्टार ने घर पर ही जश्न का इंतजाम किया है. वे पहले ही बता चुके हैं कि समारोह में करीबी लोग, दोस्त ही शामिल होंगे. अब सुपरस्टार की शादी को लेकर नए खुलासे हुए हैं.
गौरी स्प्रैट से आमिर खान की दोस्ती बहुत पुरानी है, हालांकि उन्हें एक-दूसरे को डेट करते हुए कुछ साल ही बीते हैं. मगर फैंस उनकी तीसरी शादी के फैसले से काफी हैरान हुए हैं. वे 61 साल की उम्र में गौरी स्प्रैट के साथ घर बसाने जा रहे हैं. कपल 5 जुलाई को एक छोटे से जश्न में रजिस्टर्ड मैरिज करेगा. आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, आमिर खान भले जश्न को छोटा बता रहे हैं, फिर भी उनकी तीसरी शादी में करीब 150 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. जाहिर है कि शादी में कपल के परिवार के करीबी लोग, दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी चुनिंदा हस्तियां शामिल होंगी. कपल ने गेस्ट की लिस्ट मिलकर बनाई है. उन्होंने यह भी तय किया है कि मेहमानों को दावत में क्या-क्या परोसा जाएगा.
आमिर खान-गौरी स्प्रैट ने मिलकर तैयार किया मेन्यू
आमिर खान ने तीसरी शादी से जुड़ी रस्में दिन में संपन्न करवाने की योजना बनाई है. वे स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे, जिसके बाद मेहमानों के साथ लंच का कार्यक्रम रखा गया है. आमिर खान-गौरी स्प्रैट ने मेन्यू में उन डिशेज को शामिल किया है, जो उनकी पसंदीदा हैं. आमिर-गौरी के बच्चे भी उनकी शादी के गवाह बनेंगे. फिल्मी सितारों की बात करें, तो राजकुमार संतोषी और आशुतोष गोवारिकर उनकी शादी में शामिल हो सकते हैं.
एक बेटे की मां हैं गौरी स्प्रैट
आमिर खान खुलकर गौरी संग अपने रिश्ते पर बात करते रहे हैं. वे जब अपने बेटे जुनैद खान के साथ राजकुमार हिरानी के शो ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में पहुंचे थे, तब उन्होंने अपनी तीसरी शादी की पुष्टि की थी. उन्होंने तब शादी के जश्न को छोटा मगर खास बनाने की बात कही थी. सुपरस्टार की जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव से भरी रही है. उन्होंने पहली शादी रीना दत्ता से की थी, जिनसे उनके दो बच्चे आयरा और जुनैद खान हैं. उनकी जिंदगी में फिर किरण राव की एंट्री हुई. दूसरी शादी से उनका एक बेटा है, जिनका नाम -आजाद राव है. जबकि आमिर खान की भावी पत्नी गौरी स्प्रैट का एक बेटा है.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
दिनभर प्रशासनिक जिम्मेदारी, रात में निशानेबाजी; कैप्टन जितेन्द्र ने जीता मेडल
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Captain Jitendra Singh Success Story: कैप्टन जितेन्द्र सिंह ने 24वीं राजस्थान राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में यह मेडल हासिल किया. शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन राजस्थान राइफल एसोसिएशन द्वारा नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित किया गया था. इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों के शूटिंग खिलाड़ियों ने भाग लिया था. ऐसे में इस कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच कैप्टन जितेन्द्र सिंह ने धैर्य और सटीकता के साथ अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाए रखा.
राजधानी जयपुर में हाल ही में आयोजित हुई 24वीं राजस्थान राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में कैप्टन जितेन्द्र सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया है. इन्होंने इस चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है. जितेन्द्र सिंह ने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में यह मेडल जीता है. उन्होंने बताया कि वे कई सालों से इस चैंपियनशिप में मेडल की तैयारी कर रहे थे.

आपको बता दें कि इस शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन राजस्थान राइफल एसोसिएशन द्वारा नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित किया गया था. इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों के शूटिंग खिलाड़ियों ने भाग लिया था. ऐसे में इस कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच कैप्टन जितेन्द्र सिंह ने धैर्य और सटीकता के साथ अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाए रखा. उनकी अनोखी निशानेबाजी की तकनीक ने सभी का ध्यान आकर्षित किया.

कैप्टन जितेन्द्र सिंह वर्तमान में रिडकोर में परियोजना निदेशक के रूप में कार्यरत हैं. यानी वे एक प्रशासनिक अधिकारी है और प्रबंधकीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. व्यस्त कार्यशैली के बावजूद उन्होंने इस चैंपियनशिप के लिए मेहनत की और सफलता हासिल की. उन्होंने बताया कि नौकरी और खेल के बीच हमेशा संतुलन बनाए रखा. किसी में कम मेहनत नहीं की.
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उनकी इस सफलता ने यह संदेश भी दिया है कि खेल केवल पेशेवर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी क्षेत्र में कार्यरत व्यक्ति अपने जुनून और नियमित अभ्यास के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है. कैप्टन जितेन्द्र सिंह की मेहनत और निरंतर अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि नौकरी के बाद वे शूटिंग की प्रैक्टिस करते हैं.

उन्होंने बताया कि छुट्टी के दिन वे घूमने या आराम में समय नहीं बिताकर शूटिंग की प्रैक्टिस करते हैं. काम खत्म करके आने के बाद भी वे शूटिंग कोर्ट में जाते हैं और देर रात तक प्रैक्टिस करते हैं. उनका कहना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना चाहते हैं. वे खेलो मे आगे आने के लिए युवाओ को भी प्रेरित करते हैं. उनका मानना है कि खेल से व्यक्ति का दिमाग हमेशा मजबूत रखता है और वह थकता नहीं है.

कैप्टन जितेन्द्र सिंह ने बताया कि वे एक शूटिंग चैंपियनश बनाना चाहते थे. लेकिन, नौकरी लगना के बाद कुछ समय के लिए इस सपने से दूर हो गए. इसके बाद उन्होंने अपने इस सपने को पूरा करने का निर्णय लिया. अब वे राजस्थान के टॉप शूटिंग चैंपियनशिप जीतकर राज्य के टॉप शूटिंग खिलाड़ियों की सुची में शामिल हो चुके हैं.
शाजापुर में 4-5 जुलाई को 4 घंटे बिजली कटौती: फोरलेन निर्माण के लिए लाइन शिफ्टिंग से कई क्षेत्र प्रभावित – shajapur (MP) News
शाजापुर में फोरलेन हाईवे निर्माण के कारण 4 और 5 जुलाई 2026 को शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। 11 केवी बिजली लाइन शिफ्टिंग के चलते यह कटौती सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक की जाएगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को असुविधा से बचने के लिए आवश
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कंपनी के अनुसार, लालघाटी उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी जेल फीडर, 11 केवी इमरजेंसी फीडर और 11 केवी शाजापुर प्रथम फीडर पर लाइन शिफ्टिंग का कार्य होगा। इस कार्य के कारण दोनों दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी।
ये क्षेत्र होंगे प्रभावित
बिजली कटौती से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जिला पंचायत, जिला जेल, कलेक्ट्रेट, ट्रॉमा सेंटर, डाइट कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, एसपी कार्यालय, विजय नगर, ज्योति नगर, राजराजेश्वरी मंदिर, डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, लक्ष्मी नगर, राधास्वामी आश्रम, लोधियों रोड, हरियापुरा, पाटीदार नर्सिंग होम, टेंशन चौक, कॉलेज के पीछे का क्षेत्र, गांधी हॉल, पुलिस लाइन और होमगार्ड कार्यालय सहित आसपास के कई इलाके प्रभावित होंगे।
मोहाली में विदेशी छात्रा से गैंगरेप: बर्थडे पार्टी में बुला शराब पिलाई, फ्लैट में बंद किया; लुधियाना की यूनिवर्सिटी में पढ़ती है – Kharar News
मोहाली में विदेशी छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। वह बर्थडे पार्टी के लिए लुधियाना से मोहाली आई थी। पार्टी के दौरान नशे की हालत का फायदा उठाकर दो विदेशी मूल के युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता के भाई ने घटना से जुड़ी अहम बेडशीट को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिया। मेडिकल जांच में गैंगरेप की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान एजिकिएल और फ्रेक के रूप में हुई है। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। लाइबेरिया की पीड़ित छात्रा लुधियाना की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती है। 5 पॉइंट में पढ़िए पूरा मामला… कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को पुलिस रिमांड पर भेजा। वारदात वाली जगह से फोरेंसिक सबूत जुटाए गए हैं।
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IIIT दिल्ली में बच्चों ने बदला सीखने का अंदाज: किताबों से बाहर निकली पढ़ाई, साइंस, ड्रामा और एक्टिविटी के जरिए निखरी थ्री-सीएस स्किल्स – New Delhi News
नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी-दिल्ली) ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित समर कैंप-2026 में सीखने का अलग मॉडल पेश किया। कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्रों के लिए आयोजित इस कैंप में पारंपरिक पढ़ाई की जगह व्यावहारिक अनुभव और गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों के आत्मविश्वास, संवाद कौशल और तार्किक सोच यानी थ्री-सीएस को विकसित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। कैंप में छात्रों ने पैटर्न रिकॉग्निशन और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग के जरिए कंप्यूटर की शुरुआती अवधारणाओं को समझा, जबकि प्रोडक्ट डेवलपमेंट गतिविधियों में नए विचारों को आकार देना सीखा। पब्लिक स्पीकिंग, ड्रामा, कला और लाइफ स्किल्स की कार्यशालाओं ने बच्चों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर दिया। वहीं हर सप्ताह आयोजित मिस्ट्री लैब में विज्ञान के रोचक प्रयोगों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा को नई दिशा दी।
विद्यार्थियों को चुनौती के लिए तैयार किया संस्थान का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं। कैंप ने बच्चों को नई दोस्ती, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की व्यावहारिक समझ भी दी। समर कैंप मैनेजमेंट टीम, आईआईआईटी-दिल्ली ने कहा, हमारा उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि उनकी जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को नई पहचान देना था। सही अवसर मिलने पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा से शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
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करंट से युवक की मौत, एसपी से की शिकायत: नगर पालिका और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, जांच की मांग – Gonda News
गोंडा में लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के पास 30 जून को सुबह करीब 7 बजे करंट लगने से विमल कुमार नामक युवक की मौत हो गई। वह अपनी बहन प्राची को बीएड की परीक्षा दिलाने के लिए महाविद्यालय आया था। परिजनों ने इस मामले में नगर पालिका और विद्युत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गोंडा पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी है। परिजनों का आरोप है कि विद्युत पोल में अनियंत्रित विद्युत संचालन के कारण अर्थिंग हुई, जिससे विमल कुमार करंट की चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई। इस घटना में उसकी बहन प्राची भी गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे लखनऊ में इलाज के बाद अब छुट्टी दे दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि बारिश के मौसम से पहले उक्त पोल में करंट उतरने की कोई सेफ्टी ऑडिट या अर्थिंग की जांच नहीं की गई। सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह की लापरवाही को जनता के जीवन को सीधे खतरे में डालना बताया गया है। परिजनों ने इसे सीधे तौर पर नगर पालिका और बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की घोर लापरवाही करार दिया है। गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मृतक विमल के भाई प्रशांत कुमार द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशांत कुमार और अधिवक्ता शिवेंद्र मिश्रा ने बताया कि पहले उनकी बहन प्राची को करंट लगा, और जब भाई विमल उसे बचाने दौड़ा तो वह भी चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद से अब तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनके घर नहीं पहुंचा है, न ही उन्हें कोई आर्थिक मदद मिली है। परिवार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है। नगर पालिका के ईओ विशाल कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी संभव मदद होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी।
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एक बार रुगड़ा खा लिया तो भूल जाएंगे चिकन-मटन! झारखंड की यह खास डिश घर पर ऐसे करें तैयार
Rugda Mushroom Recipe: बारिश का मौसम सिर्फ हरियाली ही नहीं लाता, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों की कई ऐसी मौसमी चीजें भी लेकर आता है, जिनका लोग पूरे साल इंतजार करते हैं. झारखंड में ऐसी ही एक खास सौगात है रुगड़ा. पहली बार इसका नाम सुनने वाले अक्सर सोचते हैं कि आखिर यह है क्या, लेकिन जिसने एक बार इसका स्वाद चख लिया, वह अगली बारिश का इंतजार जरूर करता है. जंगलों से मिलने वाला यह देसी मशरूम स्वाद, खुशबू और पोषण का ऐसा मेल माना जाता है, जिसकी तुलना कई लोग चिकन और मटन से करते हैं.
यही वजह है कि मानसून शुरू होते ही स्थानीय बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है, अगर आप भी नई और पारंपरिक चीजों का स्वाद लेना पसंद करते हैं, तो रुगड़ा के बारे में जानना आपके लिए काफी दिलचस्प हो सकता है. आइए जानते हैं यह खास मशरूम आखिर क्यों इतना लोकप्रिय है और घर पर इसकी स्वादिष्ट करी कैसे बनाई जा सकती है.
क्या है रुगड़ा और क्यों है इतना खास?
रुगड़ा एक देसी जंगली मशरूम है, जिसे झारखंड के कई इलाकों में पुटू के नाम से भी जाना जाता है. यह खेतों में उगाई जाने वाली फसल नहीं है, बल्कि मानसून के दौरान साल के जंगलों की मिट्टी के अंदर अपने आप तैयार होता है. इसे खोजने के लिए स्थानीय लोग जंगलों में जाते हैं और मिट्टी हटाकर सावधानी से बाहर निकालते हैं. इसी वजह से इसकी उपलब्धता सीमित रहती है. बाजार में आने के बाद यह जल्दी बिक जाता है और कई बार इसकी कीमत भी सामान्य मशरूम से काफी ज्यादा होती है. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में इसे बरसात की सबसे खास खाद्य सामग्री माना जाता है.
स्वाद ऐसा कि लोग भूल जाएं चिकन-मटन
शाकाहारी लोगों की पहली पसंद बन रहा रुगड़ा
रुगड़ा की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वाद और बनावट है. पकने के बाद इसका बाहरी हिस्सा हल्का कुरकुरा रहता है, जबकि अंदर का भाग बेहद मुलायम और रसदार हो जाता है. यही वजह है कि कई लोग इसके स्वाद की तुलना चिकन और मटन से करते हैं. सावन के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग मांसाहार से दूरी बनाते हैं, तब रुगड़ा उनके लिए बेहतरीन विकल्प बन जाता है. इसे चावल, रोटी या बाजरे की रोटी के साथ भी बड़े चाव से खाया जाता है.
खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
रुगड़ा मिट्टी के अंदर उगता है, इसलिए इसमें मिट्टी के कण काफी मात्रा में चिपके रहते हैं. इसे खरीदने के बाद अच्छी तरह साफ करना जरूरी होता है. खरीदते समय एक-दो रुगड़ा को बीच से काटकर जरूर देख लें, अगर अंदर का हिस्सा पूरी तरह सफेद, साफ और ताजा दिखे तो ही खरीदें, अगर रंग बदला हुआ हो या बदबू आ रही हो, तो उसे लेने से बचें. ताजा रुगड़ा स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहतर माना जाता है.
रुगड़ा करी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घर पर ऐसे तैयार करें स्वादिष्ट रेसिपी
रुगड़ा करी बनाने के लिए आपको चाहिए-
1. ताजा रुगड़ा
2. सरसों या रिफाइंड तेल
3. जीरा
4. बारीक कटा प्याज
5. टमाटर
6. हल्दी पाउडर
7. धनिया पाउडर
8. लाल मिर्च पाउडर
9. नमक
10. गरम मसाला
11. हरा धनिया
12. अदरक-लहसुन का पेस्ट (अगर चाहें)
सबसे पहले रुगड़ा को कई बार साफ पानी से धो लें ताकि मिट्टी पूरी तरह निकल जाए. इसके बाद इसे बीच से काट लें और हल्का सा भून लें. अब कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालें. फिर प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद टमाटर और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह पकाएं. अब हल्दी, धनिया, लाल मिर्च और नमक मिलाकर मसाला तैयार करें. जब मसाला अच्छी तरह पक जाए, तब उसमें भुना हुआ रुगड़ा डाल दें. कुछ मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें ताकि मसाले का स्वाद इसमें अच्छी तरह समा जाए. आखिर में गरम मसाला और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें. गर्मागर्म रुगड़ा करी को सादे चावल, रोटी या पराठे के साथ परोसें. इसका देसी स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है.
पोषण के मामले में भी है दमदार
रुगड़ा सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे पौष्टिक भोजन का अच्छा हिस्सा माना जाता है. हालांकि, किसी भी जंगली मशरूम की तरह इसे केवल विश्वसनीय स्रोत से खरीदना और अच्छी तरह साफ करके ही पकाना चाहिए.
बरसात की खास पहचान बन चुका है रुगड़ा
आज झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों के लोग भी रुगड़ा के बारे में जानने लगे हैं. सोशल मीडिया और फूड ब्लॉग्स पर इसकी चर्चा बढ़ने के बाद इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, अगर आपको पारंपरिक भारतीय व्यंजन और नए स्वाद पसंद हैं, तो इस मानसून रुगड़ा करी जरूर ट्राई करें. हो सकता है कि यह आपकी पसंदीदा शाकाहारी डिश बन जाए.

