मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) और कुछ निजी व सरकारी बैंकों के बीच हुए सैलरी पैकेज एग्रीमेंट खत्म हो चुके हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षकों और पुलिस यूनिट इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दें, जिनके वेतन खाते एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और केनरा बैंक में हैं। अब इन बैंकों की ओर से सैलरी पैकेज के तहत मिलने वाली विशेष सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को भेजे पत्र में बताया है कि इन बैंकों के साथ हुए अनुबंध समाप्त हो चुके हैं। इन अनुबंधों के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दुर्घटना या सामान्य मृत्यु की स्थिति में बीमा राशि समेत कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलती थीं। कब खत्म हुए एग्रीमेंट एग्रीमेंट दोबारा करने की कोशिश जारी पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि जिन पुलिसकर्मियों के वेतन खाते इन तीनों बैंकों में हैं, उन्हें अनुबंध समाप्त होने की जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी बताया गया है कि इन बैंकों के साथ अनुबंध का नवीनीकरण कराने के लिए पुलिस मुख्यालय की कल्याण शाखा लगातार प्रयास कर रही है। यह आदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के कल्याण प्रकोष्ठ की ओर से जारी किया गया है।
UFC फाइट व्हाइट हाउस के लॉन में हो रही है। इसमें प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट मौजूद हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रविवार को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर खर्च किए। इसे अब तक के सबसे महंगे UFC आयोजनों में गिना जा रहा है।
इस फाइट में कुल 7 मुकाबले रखे गए हैं। मुख्य मुकाबला लाइटवेट कैटेगरी में जॉर्जियाई-स्पेनिश लाइटवेट फाइटर इलिया टोपुरिया और अमेरिकी फाइटर जस्टिन गैथजी के बीच होगा।
मुकाबलों की शुरुआत स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे हुई। इसका ब्रॉडकास्ट केवल पैरामाउंट प्लस पर हो रहा है। यह प्लेटफॉर्म डेविड एलिसन की कंपनी संचालित करती है, जिन्हें ट्रम्प का सहयोगी माना जाता है। पिछले साल UFC ने इस स्ट्रीमिंग सेवा के साथ 7.7 अरब डॉलर का समझौता किया था।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस आयोजन का सबसे बड़ा फायदा UFC ब्रांड को मिलेगा। मुकाबले देखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उनकी सरकार के कई सीनियर अफसर, खास मेहमान और हजारों सैन्यकर्मी मौजूद हैं।
शुरुआती मुकाबले में बो निकल ने पहले ही राउंड में काइल डाउकस को नॉकआउट कर दिया। उन्होंने एक जोरदार लेफ्ट हुक और राइट पंच से प्रतिद्वंद्वी को गिराया, जिसके बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया।
जीत के तुरंत बाद बो निकल रिंग से निकलकर सीधे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास पहुंचे। दोनों ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। इस इवेंट में करीब 4300 लोग मौजूद हैं। दूसरी तरफ, 85 हजार लोगों के लिए अलग फैन जोन बनाया गया है।
UFC फाइट से जुड़ी 5 तस्वीरें…
मैच शुरू होने से पहले व्हाइट हाउस बालकनी में राष्ट्रपति ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट।
ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया UFC मुकाबला देखते हुए।
फाइटिंग एरिया में करीब 92 फीट ऊंचे आर्क (क्लॉ) भी बनाए गए। इनका वजन करीब 600 टन है।
UFC फाइट मुकाबले व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित किए गए। फेदरवेट मुकाबले में ब्राजील के डिएगो लोपेस और अमेरिका के स्टीव गार्सिया।
UFC फ्रीडम 250 में काइल डाउकस को हराने के बाद जीत का जश्न मनाते अमेरिकी फाइटर बो निकल। वह जीत के बाद तुरंत ट्रम्प से हाथ मिलाने पहुंचे।
ट्रम्प ने कहा- यह धरती का सबसे बड़ा शो
अमेरिका के कई अधिकारियों और खुद ट्रम्प ने आयोजन की तारीफ की है। ट्रम्प ने इसे ‘धरती का सबसे बड़ा शो’ बताया और ‘क्लॉ’ की तुलना पेरिस के एफिल टॉवर से की। वहीं विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने UFC को अमेरिका की सॉफ्ट डिप्लोमैटिक पावर बताया।
इस इवेंट में कुल 14 फाइटर मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस आयोजन का सबसे बड़ा फायदा UFC ब्रांड को मिल सकता है। एक समय ऐसा था, जब इस खेल को प्रायोजकों और कई आयोजकों ने स्वीकार नहीं किया था। एक अमेरिकी सीनेटर ने इसे कभी ‘मानव मुर्गा लड़ाई’ तक कहा था। अब यही खेल व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है।
33 साल पहले शुरू हुआ था UFC का सफर
अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) आज दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) लीग है। इसकी शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी।
उस दौर में बॉक्सिंग, कराटे, कुश्ती और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु जैसी अलग-अलग फाइटिंग शैलियों के समर्थक अपनी-अपनी तकनीक को सबसे प्रभावी बताते थे। इस पर काफी बस होती थी कि असली मुकाबले में कौन-सा मार्शल आर्ट सबसे ज्यादा कारगर साबित होगा।
इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए UFC का पहला टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इसमें ब्राजीलियन जिउ-जित्सु विशेषज्ञ रॉयस ग्रेसी चैंपियन बने।
ग्रेसी शारीरिक रूप से कई प्रतिद्वंद्वियों से छोटे और हल्के थे, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक के दम पर बड़े और ताकतवर फाइटर्स को हराकर सबको चौंका दिया।
समय के साथ खेल का स्वरूप भी बदल गया। अब फाइटर्स सिर्फ एक शैली पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि बॉक्सिंग, रेसलिंग, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, जिउ-जित्सु और किक बॉक्सिंग जैसी कई तकनीकों को मिलाकर मुकाबला करते हैं। यही वजह है कि इसे आज ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ कहा जाता है।
अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे हो रहे
अमेरिका इस साल अपनी आजादी के 250 साल पूरे करने जा रहा है। अमेरिका जुलाई 1776 में ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था।
आजादी के जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पूरे देश में एक साल से ज्यादा समय तक चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। UFC इवेंट भी इसी जश्न का हिस्सा है, जिसे ट्रम्प प्रशासन प्रमुख आकर्षण के तौर पर पेश कर रहा है।
अमेरिका की स्थापना का आधार माने जाने वाले ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ पर 4 जुलाई 1776 को हस्ताक्षर हुए थे। इसी की 250वीं सालगिरह के मौके पर देशभर में परेड, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े सार्वजनिक समारोह आयोजित किए जाएंगे।
व्हाइट हाउस ने ‘टास्क फोर्स 250’ बनाई है, जो संघीय सरकार, राज्यों, निजी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आयोजन कर रही है।
गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी
जून-जुलाई के मौसम में गाय और भैंसों का दूध उत्पादन कम होना आम समस्या है, लेकिन सही देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. पशु चिकित्सक डॉ. पूनम शॉरेन के अनुसार, दुधारू पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा, गुड़ और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी देना चाहिए. डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए गुड़, सेंधा नमक और खाने वाला सोडा मिलाकर घोल पिलाना फायदेमंद होता है. पशुओं को छायादार जगह पर रखें और तेज धूप से बचाएं. सुबह-शाम चारा खिलाने और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने से पशु स्वस्थ रहते हैं, जिससे गर्मी में भी दूध उत्पादन बेहतर बना रहता है.
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर ‘ऑपरेशन क्लीन’ का दायरा बढ़ा दिया गया है। गृह विभाग के आदेशानुसार, अब बॉर्डर से सटे केवल 15 किलोमीटर के बजाय 50 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले इलाकों की बारीकी से जांच की जाएगी। कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया- इस नए बदलाव के तहत फिलहाल 102 सीमावर्ती गांवों और ढाणियों को चिन्हित किया गया है, जहां संयुक्त टीमों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे क्षेत्र में बिना मंजूरी के बने अवैध और संदिग्ध पक्के निर्माणों की पहचान कर रही हैं। उन्होंने साफ किया है कि इस सर्वे की पूरी रिपोर्ट जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों, अवैध बसावट और तस्करी को रोकने के लिए पूरी मुस्तैदी बरती जा रही है। 15 से किया 50 किमी भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की सुरक्षा को पूरी तरह पक्का और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर तैयारी कर ली है। सीमावर्ती इलाकों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, घुसपैठ और अवैध बसावट को पूरी तरह खत्म करने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ को लेकर एक बड़ा फैसला किया गया है। पिछले दिनों बीकानेर में हुई वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद, कार्रवाई की सीमा को बॉर्डर से 15 किलोमीटर से बढ़ाकर अब 50 किलोमीटर कर दिया गया है। दायरा बढ़ने से जांच के घेरे में आए कई गांव सीमा सुरक्षा के लिहाज से इसे एक बहुत बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है। जांच के दायरे में 35 किलोमीटर की बड़ी बढ़ोतरी होने की वजह से अब कार्रवाई की जद में आने वाले गांवों और ढाणियों की संख्या काफी बढ़ गई है। इस नए घेरे में न केवल दूर-दराज की छोटी ढाणियां शामिल हुई हैं, बल्कि बड़े कस्बे और घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र भी आ गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का साफ मानना है कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी और गलत तरीके से होने वाली पैसों की सप्लाई (टेरर फंडिंग) जैसे खतरों को जड़ से मिटाने के लिए सुरक्षा का ऐसा ही गहरा और मजबूत घेरा होना बहुत जरूरी है। राजस्व टीम करेगी जमीन के कागजातों की जांच इस बड़े अभियान को पूरा करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF), इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें मैदान में उतर चुकी हैं। ये टीमें सीमा से सटे 50 किलोमीटर के पूरे इलाके में बने अवैध और संदिग्ध पक्के मकानों व दुकानों का बारीकी से सर्वे कर रही हैं। इस काम में जिला प्रशासन की राजस्व (पटवारी और तहसीलदार) टीम को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। राजस्व टीम का मुख्य काम जमीन के असली मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों (कागजातों) की गहराई से जांच करना है, ताकि कोई भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति फर्जी तरीके से जमीन पर कब्जा न कर सके। अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, बैंक खातों पर भी नजर मिली जानकारी के अनुसार, अब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास करीब 102 गांवों और ढाणियों की पहचान की जा चुकी है। इन चिन्हित क्षेत्रों में जो भी पक्के निर्माण बिना किसी वैध सरकारी अनुमति या फर्जी कागजातों के आधार पर बने हुए पाए जाएंगे, उन्हें ढहाने के लिए बुलडोजर चलाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ जमीनी निर्माण पर ही नहीं, बल्कि पैसों के लेन-देन पर भी पैनी नजर रख रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में काम कर रहे सभी बैंकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर बैंकिंग लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखें और नियमों का कड़ाई से पालन करें। फर्जी कंपनियों और जाली दस्तावेजों की होगी पहचान स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियां मिलकर जाली दस्तावेजों, फर्जी आधार कार्ड और नकली पहचान पत्रों की गहन जांच कर रही हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में रजिस्टर्ड संदिग्ध और फर्जी कंपनियों के कमाई के जरियों का पता लगाया जा रहा है, ताकि गलत कामों के लिए होने वाली फंडिंग को पूरी तरह रोका जा सके। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों पर शुरू हुए इस सख्त अभियान का एकमात्र मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाले हथियारों की सप्लाई चेन और ड्रग्स की तस्करी के नेटवर्क को हमेशा के लिए तोड़ना है।
वो खूबसूरत एक्ट्रेस, जिन्होंने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए. एक्टिंक की दुनिया में आते ही जिसने दिलीप कुमार, देवानंद से लेकर अशोक कुमार जैसे सितारों को तगड़ी टक्कर दी. मामा के साथ सेट पर फिल्म देखने पहुंची इस एक्ट्रेस को देखते ही डायरेक्टर ने बड़ी फिल्म का ऑफर दे दिया था. 15 जून साल 1929 में आज ही के दिन इस हसीना का जन्म हुआ था.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्हें वक्त कभी भुला नहीं पाता. ऐसी ही एक अदाकारा थीं सुरैया. उन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और सुरीली आवाज के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसे आज भी याद किया जाता है. किस्मत उन्हें फिल्मों में ले आईं. लेकिन एक्ट्रेस प्यार की खातिर ताउम्र कुंवारी रही थीं.
सुरैया के करियर में एक समय ऐसा भी आया था जब उनकी लोकप्रियता किसी बड़े सुपरस्टार से कम नहीं थी. दिलचस्प बात यह है कि सुरैया ने कभी फिल्मों में आने का सपना नहीं देखा था, लेकिन किस्मत उन्हें सीधे फिल्मी दुनिया में ले आई.15 जून 1929 को लाहौर में जन्मी सुरैया का पूरा नाम सुरैया जमाल शेख था. जब वह सिर्फ एक साल की थीं, तब उनका परिवार मुंबई आ गया. उनके मामा एम. जहूर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े थे, इसलिए बचपन से ही उन्हें फिल्मी माहौल देखने का मौका मिला. छोटी उम्र में ही उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो के बच्चों के कार्यक्रमों में गाना शुरू कर दिया था. उनकी मीठी आवाज लोगों को खूब पसंद आती थी.
सुरैया की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब वह अपने मामा के साथ फिल्म ‘ताजमहल’ की शूटिंग देखने मोहन स्टूडियो पहुंचीं. वह सिर्फ शूटिंग देखने गई थीं, लेकिन वहां मौजूद निर्देशक नानूभाई वकील की नजर उन पर पड़ गई. उनकी मासूमियत और सादगी से प्रभावित होकर निर्देशक ने उन्हें अपनी फिल्म में मुमताज महल का किरदार दे दिया. यहीं से सुरैया के फिल्मी सफर की शुरुआत हुई.
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अभिनय के साथ-साथ सुरैया ने गायिका के तौर पर भी खूब नाम कमाया. मशहूर संगीतकार नौशाद उनकी आवाज से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने फिल्म ‘शारदा’ में गाने का मौका दिया. इसके बाद सुरैया ने कई ऐसे गाने गाए, जो आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर हैं. ‘दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है’, ‘तू मेरा चांद मैं तेरी चांदनी’, ‘वो पास रहे या दूर’, ‘चुप-चुप खड़े हो जरूर कोई बात है’ और ‘धीरे-धीरे आ रे बादल’ जैसे गानों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई.
फिल्मों की बात करें तो सुरैया ने ‘अनमोल घड़ी’, ‘प्यार की जीत’, ‘विद्या’, ‘दिल्लगी’, ‘बड़ी बहन’, ‘शायर’, ‘दास्तान’, ‘अफसर’, ‘सनम’, ‘दीवाना’ और ‘मिर्जा गालिब’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया. उनकी जोड़ी अभिनेता देव आनंद के साथ सबसे ज्यादा पसंद की जाती थी. पर्दे पर दिखने वाली उनकी केमिस्ट्री असल जिंदगी में भी प्यार में बदल गई थी.
हालांकि सुरैया और देव आनंद की प्रेम कहानी शादी तक नहीं पहुंच सकी. परिवार और धर्म से जुड़ी वजहों के चलते दोनों एक नहीं हो पाए. उनकी यह अधूरी प्रेम कहानी आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में गिनी जाती है.
सुरैया का स्टारडम इतना बड़ा था कि उनके घर के बाहर फैंस की भीड़ लगी रहती थी. लोग उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते थे. वह अपने दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में भी शामिल थीं. उनकी लोकप्रियता सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैली हुई थी.
लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहने के बाद सुरैया ने धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बना ली. उन्होंने जिंदगीभर शादी नहीं की और बेहद सादगी से जीवन बिताया. बढ़ती उम्र के साथ उनकी सेहत कमजोर होने लगी. आखिरकार 31 जनवरी 2004 को 74 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन अपने गानों, फिल्मों और यादगार अभिनय के जरिए वह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.
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मेरठ के मोदीपुरम थानाक्षेत्र के पल्लवपुरम फेज वन में रविवार रात को पति अजय कुमार नैन ने अपनी पत्नी सरिता नैन को गोली मार दी है। अजय मधुर एंक्लेव फेज वन का रहने वाला है। उम्र 50 साल है। अजय ने लाईसेंसी पिस्टल से पत्नी सरिता के गोली मारी है। गोली सरिता के पेट में लगी है। उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं आरोपी पति अजय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मौके से लाईसेंसी पिस्टल, खोखा, कारतूस भी बरामद किया है। बाकी पूरी घटना की पुलिस जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि अजय ने गृह क्लेश के चलते गोली मारना बताया है। सरिता का मायका बागपत का है उसके दो बच्चे हैं। आरोपी अजय रिटायर फौजी बताया जा रहा है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। लाइसेंसी पिस्टल से मारी गोली पुलिस के अनुसार रॉयल पार्क एक्सटेंशन निवासी अजय नैन का अपनी पत्नी सरिता नैन से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी पर गोली चला दी। गोली सरिता के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना पर थाना पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल कैलाशी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने महिला का उपचार शुरू कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। आरोपी अजय नैन को हिरासत में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोली उसकी लाइसेंसी पिस्टल से चली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है सीओ दौराला प्रकाश चंद अग्रवाल ने बताया कि डायल 112 पर थाना पल्लवपुरम पर फेज वन में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को गोली मारने की सूचना मिली। सूचना पर मैं थानापुलिस मौके पर पहुंचा। घायल हालत में अजय की पत्नी सरिता को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं मौके से आरोपी पति अजय कुमार नैन को अरेस्ट किया गया है। पति ने बताया कि गृहकलेश के चलते उसने अपनी पत्नी को गोली मारी है। मौके से खोखा कारतूस, जिंदा कारतूस और लाईसेंसी पिस्टल बरामद की गई है।
इंदौर के कनाड़िया इलाके की बिचौली हप्सी स्थित गुलमार्ग परिसर हाउसिंग सोसाइटी में मेंटेनेंस विवाद के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि सोसाइटी सचिव और पुलिस आरक्षक नारायण जाट सहित मुख्य आरोपियों के नाम प्रभाव के चलते एफआईआर से हटा दिए गए, जबकि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में महिला ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। महिला ने निगम आयुक्त को आरोपियों द्वारा सोसाइटी के समीप खाली सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मंदिर निर्माण और निजी उपयोग के आरोप लगाएं हैं। वहीं, पीड़ितों ने रविवार को निगम आयुक्त को भी आवेदन दिया है। जिसमें सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप लगाया है। पहले जान लीजिए क्या है पूरा मामला
8 जून 2026 की रात 9:30 बजे पीड़ित कार्तिक शर्मा सोसाइटी परिसर में टहल रहे थे। तब समिति के लोकेश जाट ने उन्हें सुनाते हुए ब्लॉक बी-12 के रहवासियों को गालियां दीं। विरोध करने पर लोकेश जाट और चंदू जाट अपनी कार से डंडे निकाल लाए और कार्तिक के सिर व शरीर पर जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। सचिन और उसके दो साथियों ने भी मारपीट की और कार्तिक की सोने की चेन लूट ली। जाते-जाते आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी। वारदात के बाद 9 जून 2026 (रात 02:26 बजे) घायल कार्तिक अपनी मां सुलोचना शर्मा और बहन तनिषा शर्मा के साथ कनाडिया थाने पहुंचा। पुलिस ने (BNS) की धारा 115(2), 296(a), 3(5), और 351(2) में मामला दर्ज किया। लेकिन आरोप है कि प्रभाववश मुख्य आरोपी कनाड़िया थाने में पदस्थ आरक्षक नारायण जाट का नाम FIR से गायब कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने 9 जून 2026 को ही थाना प्रभारी कनाड़िया को लिखित आवेदन देकर FIR में आरक्षक नारायण जाट और उसके भाई चंद्रेश जाट का नाम सह आरोपी के रूप में जोड़ने की गुहार लगाई। 12 जून को पुलिस कमिश्नर और निगम आयुक्त को शिकायत कनाडिया पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर कार्तिक की मां सुलोचना शर्मा ने 12 जून 2026 को इंदौर पुलिस कमिश्नर और नगर पालिक निगम आयुक्त शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कमिश्नर और निगम कमिश्नर को की गई शिकायत में पीड़ित परिवार ने सोसाइटी के वर्तमान पदाधिकारियों दिलीप पंवार (अध्यक्ष), सुंदन सिंह (कोषाध्यक्ष) और नारायण जाट (सचिव) पर कई आरोप लगाए हैं। महिला और उसके परिवार का आरोप है कि सोसाइटी का सचिव नारायण जाट असल में कनाडिया थाने में ही आरक्षक (कांस्टेबल) के पद पर पदस्थ है। वह पिछले एक साल से अपनी शासकीय वर्दी और पद की धौंस दिखाकर सोसाइटी के 216 फ्लैट्स के रहवासियों को डरा-धमका रहा है। शिकायत पत्र के मुताबिक, आरक्षक नारायण जाट खुद अवैध रूप से शराब की पेटियां लेकर आता है और वह और उसका भाई चन्द्रेश जाट दोनों मिलकर सोसाइटी परिसर के भीतर से ही अवैध शराब बेचने का काला कारोबार संचालित करते हैं। निगम की जमीन पर अवैध कब्जा
पीड़िता का आरोप है कि इन पदाधिकारियों ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए गुलमर्ग परिसर सोसाइटी से लगी नगर निगम की शासकीय (सरकारी) भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण कार्य करवा रहे हैं। विरोध करने पर पानी और कचरा गाड़ी बंद की
जो भी रहवासी इनके वित्तीय गबन, अवैध शराब बिक्री या शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का विरोध करता है, ये लोग तानाशाही दिखाते हुए उनका पानी 3-4 दिनों के लिए बंद कर देते हैं, कचरा गाड़ी रोक देते हैं। आरक्षक ने दुर्भावनापूर्वक पीड़िता की छत पर रखे गमलों को भी नीचे फेंककर तोड़फोड़ की। आरक्षक कहता है कानून मेरी जेब में
शिकायत पत्र में महिला ने बताया कि वारदात के वक्त आरोपियों ने सार्वजनिक रूप से पूरी सोसाइटी के सामने ललकारते हुए कहा था कि “कानून मेरी जेब में रहता है, हमारा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता।” पुलिस द्वारा अपने ही विभाग के आरक्षक को बचाने के प्रयास से पीड़ित परिवार अत्यंत भय के साये में जीने को मजबूर है और उन्हें अपनी जान का प्रत्यक्ष खतरा है। शिकायती पत्र में ये मांगे
पहले से दर्ज एफआईआर में मुख्य साजिशकर्ता आरक्षक नारायण जाट और उसके भाई चन्द्रेश जाट का नाम तुरंत सह-आरोपी के रूप में जोड़ा जाए। साथ ही पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले आरक्षक नारायण जाट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निष्पक्ष विभागीय जांच की जाए। पीड़िता ने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।
Aaj ka Vrishchik Rashifal 15 June 2026: आज वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद खास और ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. 15 जून 2026 को वृश्चिक राशि वालों के लिए करियर, बिजनेस और धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं. आज ऑफिस में सीनियर से सराहना मिलेगी. परिवार में खुशियां, लव लाइफ मजबूत, सेहत को लेकर सावधानी जरूरी है. जानें राशिफल और उपाय.
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सीतामढ़ी: 15 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद खास और ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. आज आपकी अंदरूनी ताकत और गहरी समझ आपको दूसरों से काफी आगे रखेगी. किस्मत के सितारे बुलंद हैं, जिससे अचानक कोई बड़ा अवसर या कोई गुप्त बात आपके सामने आ सकती है, जो आपके भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगी. कुल मिलाकर आज का दिन आपको एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे न बताया कि करियर और कारोबार के मामले में आज आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलने वाला है.
सीनियर देंगे आज तवज्जो दफ्तर में आपके नए आइडिया और आपकी बातों को सीनियर काफी तवज्जो देंगे. कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी मिलने के साथ ही आपकी तारीफ होने के भी पूरे योग हैं. वहीं बिजनेस करने वाले लोगों के लिए आज नई डील फाइनल करने या नए संपर्क बनाने का सबसे अच्छा दिन है. आपकी पुरानी योजनाएं अब मुनाफा देना शुरू कर देंगी. आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन आपके चेहरे पर मुस्कान लेकर आएगा.
रुका हुआ धन मिलेगा वापिस काफी समय से रुका हुआ धन या पुराना बकाया पैसा आज आपको वापस मिल सकता है. इसके अलावा अचानक कहीं से धन लाभ होने की भी पूरी उम्मीद है, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी. ज्योतिषाचार्य ने कहा कि पारिवारिक जीवन की बात करें तो घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा. परिवार के किसी सदस्य की तरफ से कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है.
ऐसा रहेगा लव लाइफ, जानें उपाय वृश्चिक राशि के जातकों के लिए लव लाइफ के लिहाज से आज का दिन रोमांस से भरा रहेगा और जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता और ज्यादा मजबूत होगा. सेहत के मामले में आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. आज काम के चक्कर में थकान और मानसिक तनाव से बचें. पेट से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं, इसलिए हल्का खाना खाएं और खूब पानी पिएं. आज आपका शुभ अंक 9 और शुभ रंग गहरा लाल व काला है. शाम को लाल कपड़े में 11 लौंग और हल्दी बांधकर ॐ दुर्गायै नमः का 11 बार जाप कर सिरहाने रखने से परेशानियां दूर होंगी.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ के नाम से जाना जाता है, लेकिन निर्देशक विक्रम भट्ट इस टैग से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. हाल ही में उन्होंने आमिर के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आमिर खुद को परफेक्ट नहीं मानते, बल्कि हमेशा अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में आमिर खान को अक्सर ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है. उनकी फिल्मों और काम करने के तरीके को देखकर फैंस ने उन्हें यह पहचान दी है. लेकिन फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट इस टैग को थोड़ा अलग नजरिए से देखते हैं. उनका मानना है कि आमिर खान परफेक्शनिस्ट नहीं, बल्कि ऐसे कलाकार हैं जो हमेशा अपने काम को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं.
आमिर खान ने भी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. उन्होंने मुंबई के नरसी कॉलेज से 12वीं पास की है. इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ थिएटर कंपनी में काम करना शुरू किया. फिल्म कयामत से कयामत तक फिल्म से उन्होंने अपना करियर शुरू किया और आज वह सुपरस्टार हैं.
हाल ही में विक्रम भट्ट ने अपनी बातचीत में कहा कि वह आमिर को परफेक्शनिस्ट कहे जाने से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. उनके मुताबिक, एक सच्चा परफेक्शनिस्ट वह होता है जो मान ले कि उसने सबसे बेहतरीन काम कर लिया है और अब उससे आगे कुछ नहीं हो सकता.
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लेकिन आमिर खान की सोच इससे बिल्कुल अलग है. आमिर कभी यह नहीं मानते कि उनका काम पूरी तरह परफेक्ट हो गया है. वह हमेशा सोचते हैं कि इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है. यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है. वह अपने काम से जल्दी संतुष्ट नहीं होते और लगातार सुधार की कोशिश करते रहते हैं.’
अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि अपना बेस्ट देने की कोशिश करना और खुद को परफेक्ट मान लेना, दोनों अलग बातें हैं. आमिर हमेशा मानते हैं कि अभी और मेहनत की जा सकती है. वह अपने हर प्रोजेक्ट में समय और ऊर्जा लगाते हैं, जिसका असर उनकी फिल्मों की गुणवत्ता में साफ दिखाई देता है.
बातचीत के दौरान विक्रम भट्ट ने फिल्म ‘गुलाम’ के दिनों को भी याद किया, जिसमें उन्होंने आमिर खान के साथ काम किया था. उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान कई बार दोनों के बीच किसी सीन या फैसले को लेकर मतभेद भी होते थे. हालांकि इन बहसों का मकसद एक-दूसरे को गलत साबित करना नहीं, बल्कि फिल्म को बेहतर बनाना होता था.
बता दें कि विक्रम भट्ट के मुताबिक, आमिर हर चीज को गहराई से समझना चाहते हैं. अगर उन्हें लगता है कि किसी सीन में और सुधार की गुंजाइश है, तो वह उस पर खुलकर चर्चा करते हैं. वह उन कलाकारों में से नहीं हैं जो सिर्फ अपना काम खत्म करके आगे बढ़ जाएं.
निर्देशक ने आखिर में कहा कि यह उनकी निजी राय है और जरूरी नहीं कि आमिर खुद भी अपने बारे में ऐसा ही सोचते हों. लेकिन इतने सालों तक उनके साथ काम करने और उन्हें करीब से देखने के बाद उनकी यही समझ बनी है कि आमिर खान एक ऐसे कलाकार हैं, जो लगातार सीखने, खुद को बेहतर बनाने और आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं.
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फतुहा में रविवार को अग्निशमन विभाग द्वारा अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान फतुहा थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित कल्याण नाथ मंदिर के समीप आयोजित किया गया था। इस दौरान फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से आम लोगों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की घटनाओं में घबराने के बजाय सूझबूझ और सतर्कता से काम लेना चाहिए। लोगों को फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना देने, सुरक्षित स्थान पर जाने और बचाव के दौरान ध्यान रखने योग्य बातों के बारे में बताया गया। प्रधान अग्निक बीरमनी कुमार ने जानकारी दी कि विभाग का उद्देश्य लोगों को अग्नि दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि आग लगने के समय बचाव के उपाय, गैस सिलेंडर और बिजली से लगने वाली आग पर नियंत्रण तथा प्राथमिक सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस जागरूकता अभियान में प्रधान अग्निक बीरमनी कुमार, अग्निक मो. इब्रान खान और अग्निक चालक कुंदन कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में उपयोगी बताया।