Friday, June 12, 2026
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कानपुर से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, उसी ट्रेन में सवार थे मोहन भागवत


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दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, ट्रेन में थे मोहन भागवत, बाल-बाल बचे

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Shatabdi Express Stone Pelting: यूपी से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के पास शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी से कोच E1 की खिड़की टूट गई. जिस शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है, उसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत सवार थे. राहत की बात है कि इस पथराव में मोहन भागवत बाल-बाल बच गए हैं. वह सुरक्षित हैं. इसक पत्थरबाजी के चलते ट्रेन देर से दिल्ली पहुंची.

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यूपी से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है.

Mohan Bhagwat Shatabdi Express Train Attacked: उत्तर प्रदेश से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक उस पर पत्थर फेंके गए. जी हां, यूपी के फिरोजाबाद में शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर पथराव हुआ. शताब्दी एक्सप्रेस की खिड़की का शीशा उस समय टूट गया, जब फिरोजाबाद के पास ट्रेन पर पत्थर फेंका गया. जिस ट्रेन पर पथराव हुआ, उस ट्रेन में उस वक्त आरएसएस चीफ मोहन भागवत मौजूद थे. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कानपुर से दिल्ली एक कार्यक्रम के सिलसिले में जा रहे थे.

दरअसल, यह घटना फिरोजाबाद आउटर इलाके में गुरुवार रात करीब 8 बजे हुई. यहां पत्थर शताब्दी ट्रेन के कोच E1 पर लगा, जिसमें बताया जा रहा है कि मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे. ऐसा लगता है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ट्रेन को जानबूझकर निशाना बनाया गया है. संघ प्रमुख कानपुर में एक समारोह में शामिल होने के बाद 12003-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे. इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत वाली कोच पर फिरोजरबाद के पास एक पत्थर लगा.

पथराव में मोहन भागवत सेफ

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इस घटना से कोच की खिड़की टूट गई और यात्रियों में चिंता फैल गई. हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि किसी को चोट नहीं आई है. मोहन भागवत और सभी अन्य यात्री सुरक्षित रहे. घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित कोच की जांच की और स्थिति का जायजा लिया. उसके बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई. सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और अन्य रेलवे विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की.

आखिर किसने पत्थर फेंके?

फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि पत्थर ट्रेन पर कैसे आया या इसके लिए कौन जिम्मेदार है. अधिकारी घटना से जुड़े हालात की जांच कर रहे हैं और सबूत जुटा रहे हैं. जरूरी जांच के बाद शताब्दी एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा दिल्ली की ओर फिर से शुरू की और रात 10.13 बजे राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गई. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जानकारी सामने आएगी.

जीआरपी के इंस्पेक्टर ने क्या अपडेट दिया

सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के इंस्पेक्टर शेर सिंह ने बताया कि भागवत को कोई चोट नहीं आई और उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टुंडला जंक्शन पर रुकने के बाद ट्रेन ने अपनी यात्रा फिर से शुरू की. यह घटना गुरुवार शाम करीब 7.20 बजे हुई, जब कानपुर से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस फिरोजाबाद जिले से गुजर रही थी और मक्खनपुर स्टेशन को बिना रुके पार कर चुकी थी, तभी तेज रफ्तार ट्रेन के E-1 कोच की खिड़की के शीशे पर एक पत्थर लगा और शीशा टूट गया.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें



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बिहार में बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत: राजस्थान-पंजाब में ओले गिरे, दिल्ली में आंधी-तूफान का रेड अलर्ट, 27 राज्यों में बारिश की चेतावनी


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भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना2 घंटे पहले

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मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में गुरुवार रात कई इलाकों में तेज हवाएं चलने के बाद आंधी-तूफान और बिजली गिरने का रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में 70-90kmph की रफ्तार से हवाएं और कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है।

वहीं, गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में गुरुवार को बारिश के साथ ओले गिरे। जयपुर में हॉस्पिटल के बाहर कार पर पेड़ गिर गया।

बिहार के 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा में बिजली गिरने से पति-पत्नी समेत 9 लोगों की मौत हो गई। यूपी में प्री-मानसून में 52 शहरों में बारिश हुई। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी बरसात हुई।

मानसून ने गुरुवार को बिहार में एंट्री कर ली है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी यह आगे बढ़ गया है। 4 जून को केरलम में एंट्री के बाद से मानसून 8 दिन में 17 राज्यों तक पहुंच चुका है। अगले 2-3 दिनों इसके में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है।

मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून

27 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट

आज 22 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें राजस्थान, एमपी, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, केरलम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड शामिल हैं। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है।

राज्यों से मौसम की तस्वीरें…

हिमाचल प्रदेश के चंबा में तेज बारिश के बाद मलबे में दबी गाड़ी।

हिमाचल प्रदेश के चंबा में तेज बारिश के बाद मलबे में दबी गाड़ी।

पंजाब के अमृतसर में दीवार गिरने से एक शख्स की मौत हो गई।

पंजाब के अमृतसर में दीवार गिरने से एक शख्स की मौत हो गई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुवार शाम को ओले गिरे।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुवार शाम को ओले गिरे।

गर्मी से राहत नहीं, 11 राज्यों में पारा 40°C पार

बारिश के बावजूद यूपी, दिल्ली, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और हरियाणा के कई शहरों में पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा पंजाब के भटिंडा में दर्ज किया गया। यहां पारा 46.2°C रहा। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 44.6°C, यूपी के झांसी में 43.4°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 44.5°C और एमपी के खजुराहो में 43°C दर्ज किया गया।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

13 जून:

  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है। 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिरने की आशंका।
  • केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश होगी। कर्नाटक और केरलम के तटीय जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।

14 जून:

  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-बारिश हो सकती है। कई जगह 50-70kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले गिरने की आशंका है।
  • बिहार, झारखंड और ओडिशा में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं ओले गिरने की आशंका है।

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नालंदा में आज बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मौका: SIS करेगा 320 पदों पर भर्ती, 23 जून तक 10 प्रखंड में जॉब कैंप, 33 हजार तक मिलेगी सैलरी – Nalanda News




बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत जिला नियोजनालय, नालंदा जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का एक सुनहरा अवसर ला रहा है। जिला नियोजन पदाधिकारी मो० आकिफ वक्कास ने जानकारी दी है। इसके अनुसार एसआईएस (SIS) चकाई जमुई के सौजन्य से नालंदा के 10 अलग-अलग प्रखंडों में सुरक्षा कर्मियों की भर्ती होगी। आज से 23 जून तक विशेष पंजीयन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 320 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। 40 साल तक के लोगों को मिलेगा मौका इन शिविरों में सुरक्षा सुपरवाइजर के 60 पदों के लिए योग्यता 12वीं पास, उम्र 19 से 40 साल, न्यूनतम ऊंचाई 170 सेंटीमीटर और वेतनमान 17,000 से 24,000 रुपये तय किया गया है। वहीं सबसे अधिक सुरक्षा जवान के 150 पदों पर बहाली होगी, जिसके लिए 10वीं पास युवा जिनकी उम्र 19 से 40 साल और ऊंचाई 167.5 सेंटीमीटर हो, वे आवेदन कर सकते हैं। इन्हें 14,000 से 22,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा कैश कस्टोडियन के 35 पदों (योग्यता 12वीं पास, ऊंचाई 165 सेमी, वेतन 13,000-19,000 रुपये) और सुरक्षा अधिकारी के 75 पदों (योग्यता स्नातक पास, ऊंचाई 170 सेमी, वेतन 25,000-33,000 रुपये) पर भी नियुक्तियां की जाएंगी, जिन्हें अन्य सरकारी लाभों के साथ बिहार राज्य और पूरे भारत में काम करने का अवसर मिलेगा। पंजीयन शिविरों का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार रोजाना सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा, जिसके तहत 12 जून को करायपरशुराय, 13 जून को हिलसा, 15 जून को इस्लामपुर, 16 जून को परवलपुर, 17 जून को सरमेरा, 18 जून को हरनौत, 19 जून को रहुई, 20 जून को सिलाव, 22 जून को राजगीर और अंतिम दिन 23 जून को बिहारशरीफ प्रखंड में शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर में भाग लेने वाले सभी इच्छुक आवेदकों का भारत सरकार के एनसीएस पोर्टल पर निबंधित होना अनिवार्य है। शिविर में भाग लेने के लिए नहीं देने होंगे रुपए जिला नियोजन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस पंजीयन शिविर में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना है और यह पूरी तरह से निःशुल्क है। यदि कोई व्यक्ति इस शिविर के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो अभ्यर्थी इसकी शिकायत तुरंत जिला नियोजन कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि चयन के उपरांत ड्रेस, प्रशिक्षण या अन्य मदों में होने वाले किसी भी प्रकार के खर्च की जिम्मेदारी सीधे तौर पर अभ्यर्थी और एसआईएस चकाई जमुई की होगी, इसमें जिला नियोजनालय की पैसे के लेन-देन में कोई भूमिका या जवाबदेही नहीं होगी। विशेष जानकारी के लिए अभ्यर्थी विभागीय ईमेल आईडी या दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।



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अहमदाबाद प्लेन हादसे का एक साल: हादसे में बचे अकेले शख्स ने कहा- हमें यह जानने का हक है कि उस दिन हुआ क्या था


अहमदाबाद4 घंटे पहले

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हादसे के अगले दिन PM मोदी ने अस्पताल में विश्वास से मुलाकात की थी।

‘12 जून 2025 के उस मनहूस दिन को पूरा साल हो गया। पर मेरे लिए वक्त वहीं ठहरा है। लोग मुझे ‘चमत्कारी’ कहते हैं, क्योंकि अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही जब एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हुआ, तो उसमें सवार 260 लोगों में से सिर्फ मैं अकेला जिंदा बचा था। पर सच कहूं, तो इस जिंदा रहने की कीमत मैं हर रोज अपनी आत्मा का एक हिस्सा देकर चुका रहा हूं।

इस दुर्घटना के एकमात्र सर्वाइवर विश्वास कुमार रमेश ने अपने भाई को भी इस क्रैश में खो दिया था। रमेश ने कहा कि हादसे की कैसी भी जांच हो, मेरा भाई तो नहीं लौटा सकती। लेकिन, हम सभी को यह जानने का पूरा हक है कि उस दिन हुआ क्या था। भावुक अपील में विश्वास ने जांचकर्ताओं द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले ‘ईमानदारी, पारदर्शिता की मांग की है। पढ़िए उन्होंने और क्या कहा…

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

आज भी वह खौफनाक मंजर दिखाई देता है: रमेश

रमेश ने कहा- आज भी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे वो चीखें, आग और वो खौफनाक मंजर दिखाई देता है। मैं बच तो गया, लेकिन गहरे मानसिक जख्मों के साथ। आज त्रासदी की पहली बरसी है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि जांच ‘अंतिम चरण’ में है और रिपोर्ट बरसी तक आ जाएगी।

हादसे के ठीक 30 दिन बाद शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ पोजीशन पर आ गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। पर ऐसा क्यों हुआ? यह तकनीकी खराबी थी या किसी की लापरवाही? इस सवाल का जवाब सालभर बाद भी नहीं मिला है।

उन्होंने आगे कहा- मुझे और मेरे जैसे सैकड़ों पीड़ित परिवारों को सिर्फ तीन चीजें चाहिए- ईमानदारी, पारदर्शिता और हमारे सवालों के जवाब। कोई भी रिपोर्ट मेरे भाई को लौटा नहीं सकती, न ही उन 260 लोगों को जिंदा कर सकती है। पर प्रभावित परिवारों को यह जानने का हक है कि उनके अपनों के साथ उस दिन क्या हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

सदमे के चलते काम पर नहीं लौट पाया हूं: रमेश

हादसे के बाद से मेरी जिंदगी पटरी से उतर चुकी है। एअर इंडिया ने मदद के लिए 21,500 पाउंड (लगभग 23 लाख रुपए) दिए थे, पर वह रकम इस कड़वी हकीकत के सामने बहुत छोटी है। मानसिक आघात के कारण मैं काम पर सामान्य रूप से नहीं लौट पाया हूं। लंदन में मेरा परिवार हर महीने 1,000 पाउंड (एक लाख रु. से कम) में गुजारा करने को मजबूर है।

मेरे प्रतिनिधि संजीव पटेल ने कई बार एअर इंडिया के सीईओ से मिलने का समय मांगा, पर उन्होंने जरूरी नहीं समझा। हाल में एअर इंडिया अधिकारियों व टाटा समूह प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, पर मुआवजे और मदद से जुड़े अहम मुद्दे अब भी अधर में हैं। ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद मुझे या अन्य ब्रिटिश पीड़ित परिवारों को यूके सरकार से मदद नहीं मिली।

हमारे वकील कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि असली जिम्मेदार तय हो सके। एअर इंडिया प्रवक्ता संपर्क में होने की बात करते हैं, पर अब वादों से ज्यादा ठोस नतीजों की जरूरत है। हर दिन न्याय की उम्मीद में जागता हूं, ताकि मेरे जैसे सैकड़ों परिवार इस दर्द से थोड़ा सा उबर सकें।’

एयर इंडिया ने 96% पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया

एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे से प्रभावित 96% परिवारों को 25-25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे दिया है। जिनके डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या जहाँ परिवार में झगड़े चल रहे हैं, उन परिवारों को ही मुआवजा नहीं मिला है।साथ ही जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा मुआवजा मिला है। बाकी लोगों ने हेल्पडेस्क से फॉर्म ले लिए थे, लेकिन अभी तक उन्हें जमा नहीं किया है।

टाटा संस ने AI171 हादसे से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए AI171 मेमोरियल और वेलफ़ेयर ट्रस्ट बनाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सभी मरने वालों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा की थी। 91% परिवारों को पूरे ₹1 करोड़ दिए जा चुके हैं।

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अहमदाबाद प्लेन क्रैश जिस हॉस्टल पर हुआ था, वह फिर बनेगा: सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल पर ₹105 करोड़ खर्च होंगे

अहमदाबाद में पिछले साल जून में जिस हॉस्टल पर गिरकर प्लेन क्रैश हुआ था, उसकी जगह अब नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाया जाएगा। गुजरात सरकार ने सिविल अस्पताल के पास असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में ₹105 करोड़ की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक बनाने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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अहमदाबाद प्लेन हादसे का एक साल: हादसे में बचे अकेले शख्स ने कहा- हमें यह जानने का हक है कि उस दिन हुआ क्या था


अहमदाबाद29 मिनट पहले

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हादसे के अगले दिन PM मोदी ने अस्पताल में विश्वास से मुलाकात की थी।

‘12 जून 2025 के उस मनहूस दिन को पूरा साल हो गया। पर मेरे लिए वक्त वहीं ठहरा है। लोग मुझे ‘चमत्कारी’ कहते हैं, क्योंकि अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही जब एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हुआ, तो उसमें सवार 260 लोगों में से सिर्फ मैं अकेला जिंदा बचा था। पर सच कहूं, तो इस जिंदा रहने की कीमत मैं हर रोज अपनी आत्मा का एक हिस्सा देकर चुका रहा हूं।

इस दुर्घटना के एकमात्र सर्वाइवर विश्वास कुमार रमेश ने अपने भाई को भी इस क्रैश में खो दिया था। रमेश ने कहा कि हादसे की कैसी भी जांच हो, मेरा भाई तो नहीं लौटा सकती। लेकिन, हम सभी को यह जानने का पूरा हक है कि उस दिन हुआ क्या था। भावुक अपील में विश्वास ने जांचकर्ताओं द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले ‘ईमानदारी, पारदर्शिता की मांग की है। पढ़िए उन्होंने और क्या कहा…

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

आज भी वह खौफनाक मंजर दिखाई देता है: रमेश

रमेश ने कहा- आज भी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे वो चीखें, आग और वो खौफनाक मंजर दिखाई देता है। मैं बच तो गया, लेकिन गहरे मानसिक जख्मों के साथ। आज त्रासदी की पहली बरसी है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि जांच ‘अंतिम चरण’ में है और रिपोर्ट बरसी तक आ जाएगी।

हादसे के ठीक 30 दिन बाद शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ पोजीशन पर आ गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। पर ऐसा क्यों हुआ? यह तकनीकी खराबी थी या किसी की लापरवाही? इस सवाल का जवाब सालभर बाद भी नहीं मिला है।

उन्होंने आगे कहा- मुझे और मेरे जैसे सैकड़ों पीड़ित परिवारों को सिर्फ तीन चीजें चाहिए- ईमानदारी, पारदर्शिता और हमारे सवालों के जवाब। कोई भी रिपोर्ट मेरे भाई को लौटा नहीं सकती, न ही उन 260 लोगों को जिंदा कर सकती है। पर प्रभावित परिवारों को यह जानने का हक है कि उनके अपनों के साथ उस दिन क्या हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

सदमे के चलते काम पर नहीं लौट पाया हूं: रमेश

हादसे के बाद से मेरी जिंदगी पटरी से उतर चुकी है। एअर इंडिया ने मदद के लिए 21,500 पाउंड (लगभग 23 लाख रुपए) दिए थे, पर वह रकम इस कड़वी हकीकत के सामने बहुत छोटी है। मानसिक आघात के कारण मैं काम पर सामान्य रूप से नहीं लौट पाया हूं। लंदन में मेरा परिवार हर महीने 1,000 पाउंड (एक लाख रु. से कम) में गुजारा करने को मजबूर है।

मेरे प्रतिनिधि संजीव पटेल ने कई बार एअर इंडिया के सीईओ से मिलने का समय मांगा, पर उन्होंने जरूरी नहीं समझा। हाल में एअर इंडिया अधिकारियों व टाटा समूह प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, पर मुआवजे और मदद से जुड़े अहम मुद्दे अब भी अधर में हैं। ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद मुझे या अन्य ब्रिटिश पीड़ित परिवारों को यूके सरकार से मदद नहीं मिली।

हमारे वकील कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि असली जिम्मेदार तय हो सके। एअर इंडिया प्रवक्ता संपर्क में होने की बात करते हैं, पर अब वादों से ज्यादा ठोस नतीजों की जरूरत है। हर दिन न्याय की उम्मीद में जागता हूं, ताकि मेरे जैसे सैकड़ों परिवार इस दर्द से थोड़ा सा उबर सकें।’

एयर इंडिया ने 96% पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया

एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे से प्रभावित 96% परिवारों को 25-25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे दिया है। जिनके डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या जहाँ परिवार में झगड़े चल रहे हैं, उन परिवारों को ही मुआवजा नहीं मिला है।साथ ही जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा मुआवजा मिला है। बाकी लोगों ने हेल्पडेस्क से फॉर्म ले लिए थे, लेकिन अभी तक उन्हें जमा नहीं किया है।

टाटा संस ने AI171 हादसे से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए AI171 मेमोरियल और वेलफ़ेयर ट्रस्ट बनाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सभी मरने वालों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा की थी। 91% परिवारों को पूरे ₹1 करोड़ दिए जा चुके हैं।

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अहमदाबाद प्लेन क्रैश जिस हॉस्टल पर हुआ था, वह फिर बनेगा: सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल पर ₹105 करोड़ खर्च होंगे

अहमदाबाद में पिछले साल जून में जिस हॉस्टल पर गिरकर प्लेन क्रैश हुआ था, उसकी जगह अब नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाया जाएगा। गुजरात सरकार ने सिविल अस्पताल के पास असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में ₹105 करोड़ की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक बनाने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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उम्र रोकने की दवा के पहली बार इंसान पर परीक्षण: ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया इंजेक्शन




मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। दावा है कि पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है। इसे लॉन्गेविटी साइंस में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हो चुका है सफल टेस्ट इस प्रयोग के पहले चरण में ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख में सीधे यह प्रयोगात्मक जीन थेरेपी इंजेक्ट की गई है। अब डॉक्टर और वैज्ञानिक आने वाले कई महीनों तक मरीज की बारीकी से निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तकनीक इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस थेरेपी में सबसे पहले मरीज की आंख में एक सिंगल जीन थेरेपी इंजेक्शन दिया जाता है। इसके बाद कुछ हफ्तों तक एंटीबायोटिक दवाओं का एक विशेष कोर्स कराया जाता है। यह एंटीबायोटिक दवा शरीर के भीतर जाकर उन तीन इलाज करने वाले जीनों के लिए ‘ऑन स्विच’ का काम करती है जो कोशिकाओं को रीप्रोग्राम (युवा) करना शुरू करते हैं। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हुए टेस्ट में इसने उनकी रोशनी सफलतापूर्वक वापस लौटा दी थी। इस थैरेपी के लिए इंसानों की आंख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि आंख शरीर के बाकी हिस्सों से अलग और सुरक्षित होती है। इससे साइड इफेक्ट्स पर नजर रखना भी आसान होता है। परीक्षण सफल रहा तो एजिंग थेरेपी का नया दौर लाइफ बायोसाइंसेज के सीईओ जेरी मैकलॉघलिन ने कहा कि यह उनकी कंपनी या एजिंग बायोलॉजी ही नहीं, पूरे चिकित्सा विज्ञान के लिए संभावित रूप से बड़ा और परिवर्तनकारी पल है। अगर यह क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा, तो एजिंग थेरेपी में नया युग शुरू हो सकता है। लक्ष्य पूरे शरीर की कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है, ताकि उम्र बढ़ने के साथ डीएनए के काम करने और उसके एक्सप्रेशन के तरीके में सुधार हो सके। अरबपतियों और फार्मा कंपनियों का निवेश
इस तकनीक में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। एली लिली और मर्क जैसी दवा कंपनियां भी इस आइडिया में निवेश बढ़ा रही हैं। इंसानों पर ट्रायल से पहले यह रिसर्च चूहों और बंदरों तक सीमित थी। ————-
ये खबरें भी पढ़ें… रूस बुढ़ापा रोकने की तकनीक बना रहा:सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने पर काम जारी, ₹2.47 लाख करोड़ का एंटी एजिंग प्रोजेक्ट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में विशेष प्रजाति के सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जीन क्लॉक’ बताएगी किस उम्र में थमेगी जिंदगी:शोध में दावा- जीन गतिविधि से उम्र जानना पुराने तरीकों से ज्यादा कारगर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘मॉलिक्यूलर क्लॉक’ (आणविक घड़ी) तैयार की है, जो इंसानों की जीन गतिविधि के आधार पर उनकी वास्तविक जैविक (बायोलॉजिकल) उम्र और यहां तक कि उनकी मौत के संभावित समय की भविष्यवाणी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें…



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शिप्रा में दर्दनाक सड़क हादसा: बस की टक्कर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नजदीकी रिश्तेदार की मौत; आधी रात को पोस्टमॉर्टम की तैयारी – Indore News




इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रिश्तेदार की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। आधी रात शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अरबिंदो अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आवश्यक कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शुक्रवार सुबह शव को एयर लिफ्ट कर दिल्ली भेजे जाने की तैयारी की गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान प्रशांत सिंह (29) पुत्र प्रदीप सिंह, निवासी रेवती, गाय घाट, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे अपने तीन परिचितों के साथ कार से यात्रा कर रहे थे। रात करीब 11 बजे शिप्रा क्षेत्र में एक स्थान पर कार रुकने के बाद प्रशांत सिंह नीचे उतरे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि बस चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घायल प्रशांत सिंह को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी और मृतक के परिजनों व परिचितों से संपर्क किया। बाद में पता चला कि प्रशांत सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रिश्तेदार हैं और रिश्ते में उनके भतीजे लगते हैं। दिल्ली और भोपाल तक पहुंची सूचना, प्रशासन हुआ सक्रिय हादसे की जानकारी मिलते ही भोपाल और दिल्ली स्तर पर भी प्रशासनिक हलचल बढ़ गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस बीच सोनकच्छ विधायक राजेश सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने देर रात ही पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी शुरू कर दी, ताकि सुबह जल्द से जल्द पार्थिव देह को दिल्ली रवाना किया जा सके। पुलिस फरार बस चालक और वाहन की तलाश में जुटी हुई है।



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बभनान बाजार की 66 दुकानों की नीलामी रद्द: गाजीपुर का चर्चित मामला, हाईकोर्ट ने नई प्रक्रिया के दिए निर्देश – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती जिले की नगर पंचायत बभनान बाजार द्वारा 66 दुकानों की नीलामी के लिए 8 मई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना को निरस्त कर दिया है।
साथ ही नगर पंचायत को कानून के अनुरूप नई नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने कृष्ण कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट में पेश की गईं दलीलें याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि नीलामी प्रक्रिया में सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। साथ ही नीलामी के लिए केवल स्थानीय स्थायी निवासियों को आवेदन की अनुमति देकर अन्य पात्र व्यक्तियों को बाहर कर दिया गया। याची वर्ष 2018 से नियमित रूप से किराया जमा कर संबंधित दुकान का संचालन कर रहा है, फिर भी उसे नीलामी प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि नीलामी के लिए प्रस्तावित दुकानों का आकार और सटीक स्थान सार्वजनिक सूचना में स्पष्ट नहीं किया गया था, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। सुनवाई के दौरान नगर पंचायत की ओर से अदालत को बताया गया कि वह मौजूदा अधिसूचना वापस लेकर कानून के अनुरूप नई प्रक्रिया शुरू करेगी। इस पर हाईकोर्ट ने 8 मई 2026 की नीलामी सूचना को रद्द करते हुए नगर पंचायत को न्यायालय की टिप्पणियों के अनुरूप नई अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।



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धनु: आर्थिक-सामाजिक जीवन में होगा बड़ा बदलाव, करियर-लव लाइफ में बरतें सावधानी


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Aaj ka Dhanu Rashifal 12 june 2026: धनु राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा? आर्थिक और सामाजिक प्रगति के साथ-साथ करियर और प्रेम संबंधों में रहें सावधान. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है.जानें आज का संपूर्ण राशिफल

जमुई: आज यानी 12 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन देवी लक्ष्मी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त हो सकती है. उन्होंने बताया कि आज अधिक मास की अंतिम द्वादशी तिथि पर शुक्र और गुरु की युति से गजलक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही मेष राशि में चंद्रमा और मंगल की युति तथा मिथुन राशि में बुध के प्रभाव से भद्र राजयोग भी सक्रिय रहेगा.

उन्होंने बताया कि इन ग्रह स्थितियों का सकारात्मक प्रभाव धनु राशि के लोगों के आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर दिखाई देगा. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और ऐसे स्रोतों से लाभ मिलने की संभावना है, जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में सम्मान और सहयोग प्राप्त होगा. विरोधी और प्रतिस्पर्धी आपके सामने कमजोर पड़ सकते हैं तथा आपकी योजनाएं सफल होती नजर आएंगी.

आज अनुकूल रहने वाला है आपका दिन
ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि पारिवारिक जीवन की बात करें तो दिन का दूसरा भाग विशेष रूप से अनुकूल रहने वाला है. परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर के किसी महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है. वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य बढ़ेगा. हालांकि परिवार की जरूरतों और सुख-सुविधाओं पर कुछ अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह खर्च भविष्य में संतोष देने वाला साबित होगा.

धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपकी रुचि बढ़ेगी. किसी मंदिर, धार्मिक आयोजन या तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए संयम और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आर्थिक दृष्टि से दिन लाभदायक रहने के बावजूद व्यवसाय में कुछ अस्थायी रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए किसी भी बड़े निवेश या निर्णय में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय और दैनिक कार्यों में सावधानी बरतें क्योंकि चोट या शारीरिक कष्ट की आशंका बनी हुई है.

आज प्रेम संबंध में हो सकता है मतभेद
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशिवालों के प्रेम संबंधों में जीवनसाथी या प्रियजन के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें. परिवार और संतान पक्ष से जुड़े मामलों में भी धैर्य की आवश्यकता होगी तथा ससुराल पक्ष के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने से बचना चाहिए. मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. धनु राशि के लिए आज का दिन का शुभ अंक 4 और शुभ रंग पीला रहेगा.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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भीषण गर्मी से राहत पाने का देसी नुस्खा ‘खस का शरबत’, शरीर को दे ठंडक, ताजगी, जानें विधि


भीषण गर्मी और लू के मौसम में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे समय में कृत्रिम पेय पदार्थों की बजाय पारंपरिक खस का शरबत एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसकी प्राकृतिक ठंडक, मनमोहक खुशबू और हल्का मीठा स्वाद शरीर के साथ-साथ मन को भी सुकून पहुंचाता है.

क्यों खास है खस का शरबत?

खस का शरबत लंबे समय से भारतीय घरों में गर्मियों का पसंदीदा पेय रहा है. उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में इसे गर्मी से राहत पाने के लिए पारंपरिक रूप से पिया जाता है. एक गिलास ठंडा खस शरबत न केवल प्यास बुझाता है बल्कि दिनभर की थकान और शरीर की गर्मी को भी कम करने में मदद करता है.

शरीर को देता है प्राकृतिक ठंडक

खस की जड़ों में प्राकृतिक रूप से शीतल गुण पाए जाते हैं. इन्हें पानी में भिगोने पर पानी में ठंडक का प्रभाव आ जाता है, जो शरीर के अंदरूनी तापमान को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है. यह गर्मी के कारण होने वाली बेचैनी और अधिक पसीने से होने वाली कमजोरी को भी कम करने में मदद कर सकता है.

मन को रखे शांत और तरोताजा

खस की सुगंध का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक ताजगी और सुकून का एहसास भी कराती है. गर्मी में तनाव और थकावट महसूस होने पर इसका सेवन मन को शांत रखने और तरोताजा महसूस कराने में मददगार हो सकता है.

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पाचन और हाइड्रेशन में भी सहायक

आयुर्वेद में खस को पाचन के लिए लाभकारी माना गया है. इसका शरबत शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है और गर्मियों में डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है. यही वजह है कि इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त माना जाता है.

घर पर ऐसे बनाएं खस का शरबत

खस की साफ की हुई जड़ों को दो से तीन घंटे पानी में भिगोकर रखें. इसके बाद पानी को छान लें और उसमें स्वादानुसार चीनी या गुड़, थोड़ा नींबू का रस और इलायची पाउडर मिलाएं. चाहें तो पुदीना या सौंफ भी डाल सकते हैं. इसे ठंडा करके परोसने से स्वाद और ताजगी दोनों बढ़ जाते हैं.

बाजार के पेयों से बेहतर विकल्प

घर पर तैयार किया गया खस का शरबत कृत्रिम रंग, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव से मुक्त होता है. इसलिए यह कई पैकेज्ड ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में अधिक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है.

रोजाना सेवन से मिल सकते हैं कई फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में खस का शरबत पीने से शरीर का तापमान संतुलित रखने, पानी की कमी से बचाने और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही इसकी ताजगी भरी खुशबू और स्वाद गर्मियों के मौसम को और भी सुखद बना देते हैं.



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