मेरठ के मोदीपुरम थानाक्षेत्र के पल्लवपुरम फेज वन में रविवार रात को पति अजय कुमार नैन ने अपनी पत्नी सरिता नैन को गोली मार दी है। अजय मधुर एंक्लेव फेज वन का रहने वाला है। उम्र 50 साल है। अजय ने लाईसेंसी पिस्टल से पत्नी सरिता के गोली मारी है। गोली सरिता के पेट में लगी है। उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं आरोपी पति अजय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मौके से लाईसेंसी पिस्टल, खोखा, कारतूस भी बरामद किया है। बाकी पूरी घटना की पुलिस जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि अजय ने गृह क्लेश के चलते गोली मारना बताया है। सरिता का मायका बागपत का है उसके दो बच्चे हैं। आरोपी अजय रिटायर फौजी बताया जा रहा है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। लाइसेंसी पिस्टल से मारी गोली पुलिस के अनुसार रॉयल पार्क एक्सटेंशन निवासी अजय नैन का अपनी पत्नी सरिता नैन से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी पर गोली चला दी। गोली सरिता के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना पर थाना पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल कैलाशी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने महिला का उपचार शुरू कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। आरोपी अजय नैन को हिरासत में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोली उसकी लाइसेंसी पिस्टल से चली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है सीओ दौराला प्रकाश चंद अग्रवाल ने बताया कि डायल 112 पर थाना पल्लवपुरम पर फेज वन में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को गोली मारने की सूचना मिली। सूचना पर मैं थानापुलिस मौके पर पहुंचा। घायल हालत में अजय की पत्नी सरिता को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं मौके से आरोपी पति अजय कुमार नैन को अरेस्ट किया गया है। पति ने बताया कि गृहकलेश के चलते उसने अपनी पत्नी को गोली मारी है। मौके से खोखा कारतूस, जिंदा कारतूस और लाईसेंसी पिस्टल बरामद की गई है।
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मेरठ में पति ने पत्नी के पेट में मारी गोली: गृहकलेश के चलते घटना को दिया अंजाम, अरेस्ट – Meerut News
इंदौर के गुलमार्ग परिसर हाउसिंग सोसाइटी में मारपीट का मामला: पुलिस कमिश्नर से की शिकायत, कहा- सोसाइटी सचिव और आरक्षक के नाम FIR से हटाए – Indore News
इंदौर के कनाड़िया इलाके की बिचौली हप्सी स्थित गुलमार्ग परिसर हाउसिंग सोसाइटी में मेंटेनेंस विवाद के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि सोसाइटी सचिव और पुलिस आरक्षक नारायण जाट सहित मुख्य आरोपियों के नाम प्रभाव के चलते एफआईआर से हटा दिए गए, जबकि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में महिला ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। महिला ने निगम आयुक्त को आरोपियों द्वारा सोसाइटी के समीप खाली सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मंदिर निर्माण और निजी उपयोग के आरोप लगाएं हैं। वहीं, पीड़ितों ने रविवार को निगम आयुक्त को भी आवेदन दिया है। जिसमें सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप लगाया है। पहले जान लीजिए क्या है पूरा मामला
8 जून 2026 की रात 9:30 बजे पीड़ित कार्तिक शर्मा सोसाइटी परिसर में टहल रहे थे। तब समिति के लोकेश जाट ने उन्हें सुनाते हुए ब्लॉक बी-12 के रहवासियों को गालियां दीं। विरोध करने पर लोकेश जाट और चंदू जाट अपनी कार से डंडे निकाल लाए और कार्तिक के सिर व शरीर पर जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। सचिन और उसके दो साथियों ने भी मारपीट की और कार्तिक की सोने की चेन लूट ली। जाते-जाते आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी। वारदात के बाद 9 जून 2026 (रात 02:26 बजे) घायल कार्तिक अपनी मां सुलोचना शर्मा और बहन तनिषा शर्मा के साथ कनाडिया थाने पहुंचा। पुलिस ने (BNS) की धारा 115(2), 296(a), 3(5), और 351(2) में मामला दर्ज किया। लेकिन आरोप है कि प्रभाववश मुख्य आरोपी कनाड़िया थाने में पदस्थ आरक्षक नारायण जाट का नाम FIR से गायब कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने 9 जून 2026 को ही थाना प्रभारी कनाड़िया को लिखित आवेदन देकर FIR में आरक्षक नारायण जाट और उसके भाई चंद्रेश जाट का नाम सह आरोपी के रूप में जोड़ने की गुहार लगाई। 12 जून को पुलिस कमिश्नर और निगम आयुक्त को शिकायत कनाडिया पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर कार्तिक की मां सुलोचना शर्मा ने 12 जून 2026 को इंदौर पुलिस कमिश्नर और नगर पालिक निगम आयुक्त शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कमिश्नर और निगम कमिश्नर को की गई शिकायत में पीड़ित परिवार ने सोसाइटी के वर्तमान पदाधिकारियों दिलीप पंवार (अध्यक्ष), सुंदन सिंह (कोषाध्यक्ष) और नारायण जाट (सचिव) पर कई आरोप लगाए हैं। महिला और उसके परिवार का आरोप है कि सोसाइटी का सचिव नारायण जाट असल में कनाडिया थाने में ही आरक्षक (कांस्टेबल) के पद पर पदस्थ है। वह पिछले एक साल से अपनी शासकीय वर्दी और पद की धौंस दिखाकर सोसाइटी के 216 फ्लैट्स के रहवासियों को डरा-धमका रहा है। शिकायत पत्र के मुताबिक, आरक्षक नारायण जाट खुद अवैध रूप से शराब की पेटियां लेकर आता है और वह और उसका भाई चन्द्रेश जाट दोनों मिलकर सोसाइटी परिसर के भीतर से ही अवैध शराब बेचने का काला कारोबार संचालित करते हैं। निगम की जमीन पर अवैध कब्जा
पीड़िता का आरोप है कि इन पदाधिकारियों ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए गुलमर्ग परिसर सोसाइटी से लगी नगर निगम की शासकीय (सरकारी) भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण कार्य करवा रहे हैं। विरोध करने पर पानी और कचरा गाड़ी बंद की
जो भी रहवासी इनके वित्तीय गबन, अवैध शराब बिक्री या शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का विरोध करता है, ये लोग तानाशाही दिखाते हुए उनका पानी 3-4 दिनों के लिए बंद कर देते हैं, कचरा गाड़ी रोक देते हैं। आरक्षक ने दुर्भावनापूर्वक पीड़िता की छत पर रखे गमलों को भी नीचे फेंककर तोड़फोड़ की। आरक्षक कहता है कानून मेरी जेब में
शिकायत पत्र में महिला ने बताया कि वारदात के वक्त आरोपियों ने सार्वजनिक रूप से पूरी सोसाइटी के सामने ललकारते हुए कहा था कि “कानून मेरी जेब में रहता है, हमारा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता।” पुलिस द्वारा अपने ही विभाग के आरक्षक को बचाने के प्रयास से पीड़ित परिवार अत्यंत भय के साये में जीने को मजबूर है और उन्हें अपनी जान का प्रत्यक्ष खतरा है। शिकायती पत्र में ये मांगे
पहले से दर्ज एफआईआर में मुख्य साजिशकर्ता आरक्षक नारायण जाट और उसके भाई चन्द्रेश जाट का नाम तुरंत सह-आरोपी के रूप में जोड़ा जाए। साथ ही पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले आरक्षक नारायण जाट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निष्पक्ष विभागीय जांच की जाए। पीड़िता ने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।
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वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन बेहद खास, करियर में तरक्की और धन लाभ योग
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Aaj ka Vrishchik Rashifal 15 June 2026: आज वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद खास और ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. 15 जून 2026 को वृश्चिक राशि वालों के लिए करियर, बिजनेस और धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं. आज ऑफिस में सीनियर से सराहना मिलेगी. परिवार में खुशियां, लव लाइफ मजबूत, सेहत को लेकर सावधानी जरूरी है. जानें राशिफल और उपाय.
सीतामढ़ी: 15 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद खास और ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. आज आपकी अंदरूनी ताकत और गहरी समझ आपको दूसरों से काफी आगे रखेगी. किस्मत के सितारे बुलंद हैं, जिससे अचानक कोई बड़ा अवसर या कोई गुप्त बात आपके सामने आ सकती है, जो आपके भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगी. कुल मिलाकर आज का दिन आपको एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे न बताया कि करियर और कारोबार के मामले में आज आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलने वाला है.
सीनियर देंगे आज तवज्जो
दफ्तर में आपके नए आइडिया और आपकी बातों को सीनियर काफी तवज्जो देंगे. कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी मिलने के साथ ही आपकी तारीफ होने के भी पूरे योग हैं. वहीं बिजनेस करने वाले लोगों के लिए आज नई डील फाइनल करने या नए संपर्क बनाने का सबसे अच्छा दिन है. आपकी पुरानी योजनाएं अब मुनाफा देना शुरू कर देंगी. आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन आपके चेहरे पर मुस्कान लेकर आएगा.
रुका हुआ धन मिलेगा वापिस
काफी समय से रुका हुआ धन या पुराना बकाया पैसा आज आपको वापस मिल सकता है. इसके अलावा अचानक कहीं से धन लाभ होने की भी पूरी उम्मीद है, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी. ज्योतिषाचार्य ने कहा कि पारिवारिक जीवन की बात करें तो घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा. परिवार के किसी सदस्य की तरफ से कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है.
ऐसा रहेगा लव लाइफ, जानें उपाय
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए लव लाइफ के लिहाज से आज का दिन रोमांस से भरा रहेगा और जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता और ज्यादा मजबूत होगा. सेहत के मामले में आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. आज काम के चक्कर में थकान और मानसिक तनाव से बचें. पेट से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं, इसलिए हल्का खाना खाएं और खूब पानी पिएं. आज आपका शुभ अंक 9 और शुभ रंग गहरा लाल व काला है. शाम को लाल कपड़े में 11 लौंग और हल्दी बांधकर ॐ दुर्गायै नमः का 11 बार जाप कर सिरहाने रखने से परेशानियां दूर होंगी.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
‘वह किसी सीन से सतुंष्ट नहीं होते’, आमिर खान को लेकर विक्रम भट्ट का बेबाक बयान
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आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ के नाम से जाना जाता है, लेकिन निर्देशक विक्रम भट्ट इस टैग से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. हाल ही में उन्होंने आमिर के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आमिर खुद को परफेक्ट नहीं मानते, बल्कि हमेशा अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में आमिर खान को अक्सर ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है. उनकी फिल्मों और काम करने के तरीके को देखकर फैंस ने उन्हें यह पहचान दी है. लेकिन फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट इस टैग को थोड़ा अलग नजरिए से देखते हैं. उनका मानना है कि आमिर खान परफेक्शनिस्ट नहीं, बल्कि ऐसे कलाकार हैं जो हमेशा अपने काम को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं.

आमिर खान ने भी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. उन्होंने मुंबई के नरसी कॉलेज से 12वीं पास की है. इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ थिएटर कंपनी में काम करना शुरू किया. फिल्म कयामत से कयामत तक फिल्म से उन्होंने अपना करियर शुरू किया और आज वह सुपरस्टार हैं.

हाल ही में विक्रम भट्ट ने अपनी बातचीत में कहा कि वह आमिर को परफेक्शनिस्ट कहे जाने से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. उनके मुताबिक, एक सच्चा परफेक्शनिस्ट वह होता है जो मान ले कि उसने सबसे बेहतरीन काम कर लिया है और अब उससे आगे कुछ नहीं हो सकता.
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लेकिन आमिर खान की सोच इससे बिल्कुल अलग है. आमिर कभी यह नहीं मानते कि उनका काम पूरी तरह परफेक्ट हो गया है. वह हमेशा सोचते हैं कि इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है. यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है. वह अपने काम से जल्दी संतुष्ट नहीं होते और लगातार सुधार की कोशिश करते रहते हैं.’

अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि अपना बेस्ट देने की कोशिश करना और खुद को परफेक्ट मान लेना, दोनों अलग बातें हैं. आमिर हमेशा मानते हैं कि अभी और मेहनत की जा सकती है. वह अपने हर प्रोजेक्ट में समय और ऊर्जा लगाते हैं, जिसका असर उनकी फिल्मों की गुणवत्ता में साफ दिखाई देता है.

बातचीत के दौरान विक्रम भट्ट ने फिल्म ‘गुलाम’ के दिनों को भी याद किया, जिसमें उन्होंने आमिर खान के साथ काम किया था. उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान कई बार दोनों के बीच किसी सीन या फैसले को लेकर मतभेद भी होते थे. हालांकि इन बहसों का मकसद एक-दूसरे को गलत साबित करना नहीं, बल्कि फिल्म को बेहतर बनाना होता था.

बता दें कि विक्रम भट्ट के मुताबिक, आमिर हर चीज को गहराई से समझना चाहते हैं. अगर उन्हें लगता है कि किसी सीन में और सुधार की गुंजाइश है, तो वह उस पर खुलकर चर्चा करते हैं. वह उन कलाकारों में से नहीं हैं जो सिर्फ अपना काम खत्म करके आगे बढ़ जाएं.

निर्देशक ने आखिर में कहा कि यह उनकी निजी राय है और जरूरी नहीं कि आमिर खुद भी अपने बारे में ऐसा ही सोचते हों. लेकिन इतने सालों तक उनके साथ काम करने और उन्हें करीब से देखने के बाद उनकी यही समझ बनी है कि आमिर खान एक ऐसे कलाकार हैं, जो लगातार सीखने, खुद को बेहतर बनाने और आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं.
फतुहा में अग्नि सुरक्षा पर विशेष जागरूकता अभियान: वीडियो दिखाकर लोगों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके सिखाए – fatwah News
फतुहा में रविवार को अग्निशमन विभाग द्वारा अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान फतुहा थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित कल्याण नाथ मंदिर के समीप आयोजित किया गया था। इस दौरान फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से आम लोगों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की घटनाओं में घबराने के बजाय सूझबूझ और सतर्कता से काम लेना चाहिए। लोगों को फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना देने, सुरक्षित स्थान पर जाने और बचाव के दौरान ध्यान रखने योग्य बातों के बारे में बताया गया। प्रधान अग्निक बीरमनी कुमार ने जानकारी दी कि विभाग का उद्देश्य लोगों को अग्नि दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि आग लगने के समय बचाव के उपाय, गैस सिलेंडर और बिजली से लगने वाली आग पर नियंत्रण तथा प्राथमिक सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस जागरूकता अभियान में प्रधान अग्निक बीरमनी कुमार, अग्निक मो. इब्रान खान और अग्निक चालक कुंदन कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में उपयोगी बताया।
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मूंछों की लंबाई तय, परेड में नहीं चमकेगी तलवार…सेना के ड्रेस कोड में 5 बदलाव
कलाई पर ब्रेसलेट बांधने का शौक हो या फिर ड्यूटी पर महकता हुआ परफ्यूम लगाने की चाहत, सरहद के रखवालों के लिए अब नियम पूरी तरह बदल चुके हैं. भारतीय सेना ने सदियों पुराने औपनिवेशिक कायदे-कानूनों की कड़ियों को एक झटके में तोड़ते हुए आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 के नाम से एक ऐसा सख्त और ऐतिहासिक रूलबुक जारी की है जिसने सैन्य गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. अब न तो परेड ग्राउंड पर निरीक्षण के दौरान अफसरों के हाथों में वो ब्रिटिश काल की तलवारें चमकेंगी और न ही सेना की डिक्शनरी में रॉयल जैसा कोई गुलामी का शब्द जिंदा रहेगा. मूंछों की कतरन से लेकर महिला अफसरों की लिपस्टिक और बिंदी तक पर सेना ने कड़े पहरे बिठा दिए हैं. गुलामी के प्रतीकों को मटियामेट कर भारतीय सेना अब पूरी तरह से देसी और स्वदेशी तेवर में सजने के लिए तैयार है, जहां बंदगला की जगह पारंपरिक बंदी जैकेट देश के गौरव को नई ऊंचाई देगी.
सेना द्वारा जारी किए गए नए 174 पन्नों के मैनुअल आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 के तहत ब्रिटिश काल के कई नियमों, प्रतीकों और शब्दावलियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशस्त्र बलों से औपनिवेशिक तौर-तरीकों को हटाने और भारतीय सैन्य लोकाचार को अपनाने के आह्वान के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है. नए नियमों में सेना की वर्दी को आधुनिक भारतीय पहचान के अनुरूप ढाला गया है.
सेना ड्रेस कोर्ड से जुड़ी 5 मुख्य बातें
1. बंदी जैकेट को मंजूरी: अब सेना के अधिकारी औपचारिक कार्यक्रमों में बंदगला के साथ भारतीय पारंपरिक ‘बंदी जैकेट’ भी पहन सकेंगे.
2. तलवार की अनिवार्यता खत्म: परेड के दौरान निरीक्षण करने वाले अधिकारियों (Reviewing Officers) के लिए अब तलवार ले जाना अनिवार्य नहीं होगा.
3. शब्दावली से ‘रॉयल’ शब्द बाहर: ब्रिटिश हुकूमत की याद दिलाने वाले ‘रॉयल’ जैसे कई पुराने और औपनिवेशिक शब्दों को सेना की डिक्शनरी से हटा दिया गया है.
4. महिला अफसरों के लिए सख्त नियम: यूनिफॉर्म में लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी और नोज़ पिन लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. स्लीवलेस कुर्ता या प्लाजो पैंट की अनुमति नहीं है.
5. परफ्यूम और ब्रेसलेट पर प्रतिबंध: ड्यूटी के दौरान परफ्यूम या डियोड्रेंट लगाने और ब्रेसलेट पहनने पर पाबंदी रहेगी. केवल धार्मिक उत्सव के दिन एक पवित्र धागा (मौली) पहनने की छूट होगी.
औपनिवेशिक सोच से मुक्ति
भारतीय सेना का यह कदम केवल कपड़ों का बदलाव नहीं है बल्कि यह मानसिक रूप से औपनिवेशिक दासता से मुक्त होने की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक और वैचारिक कदम है. दुनिया की सबसे अनुशासित सेनाओं में शुमार भारतीय सेना अब अपनी स्वदेशी पहचान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रही है. बंदी जैकेट को शामिल करना और रॉयल जैसे शब्दों को हटाना यह दिखाता है कि भारत अब अपनी सैन्य पहचान को भारतीय मूल्यों के आधार पर परिभाषित कर रहा है. इसके साथ ही, ग्रूमिंग और कॉस्मेटिक्स पर सख्त नियम लागू करके सेना ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिकता के दौर में भी सैन्य अनुशासन, सादगी और एकरूपता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
सवाल-जवाब
प्रश्न 1: भारतीय सेना ने ड्रेस रेगुलेशन में बदलाव क्यों किया है?
जवाब: यह बदलाव सेना से औपनिवेशिक काल (ब्रिटिश शासन) के अवशेषों, प्रतीकों और पुरानी शब्दावलियों को हटाने और सैन्य संस्कृति को भारतीय लोकाचार व राष्ट्रीय पहचान के अनुरूप ढालने के लिए किया गया है.
प्रश्न 2: नए विंटर यूनिफॉर्म ‘ड्रेस 3B’ की क्या विशेषता है?
जवाब: ‘ड्रेस 3B’ सेना के सभी रैंकों के लिए लागू एक नई विंटर यूनिफॉर्म है, जिसमें एक अंगोला शर्ट, बैटल जैकेट और बेरेट (टोपी) शामिल की गई है.
प्रश्न 3: महिला और पुरुष सैन्य कर्मियों के ग्रूमिंग मानकों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
जवाब: पुरुषों के लिए मूंछों की अधिकतम लंबाई 12 सेंटीमीटर तय की गई है और परफ्यूम पर बैन है. महिलाओं के लिए यूनिफॉर्म में लिपस्टिक, बिंदी, नोज़ पिन और रंगीन नेल पॉलिश लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है.
झूठे मुकदमों पर डूंगरपुर पुलिस का सख्त एक्शन: पहली बार कोर्ट ने लगाया 4 हजार जुर्माना, 100 से ज्यादा मामलों में तैयार हुए इस्तगासे – Dungarpur News
डूंगरपुर जिले में निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। धम्बोला थाना क्षेत्र के एक मामले में शिकायत झूठी पाए जाने पर कोर्ट ने शिकायतकर्ता पर 4 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। पुलिस के अनुसार जिले में इस तरह की यह पहली कार्रवाई है। वहीं, झूठे मुकदमों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 100 से अधिक मामलों में पुलिस इस्तगासे तैयार कर कोर्ट में पेश कर चुकी है। एसपी की निगरानी में चल रहा विशेष अभियान सीमलवाड़ा डीएसपी मदनलाल विश्नोई ने बताया कि जिले में आपसी रंजिश, द्वेष या दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराए जाने वाले झूठे मुकदमों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार स्वयं ऐसे मामलों की निगरानी कर रहे हैं। अभियान के तहत उन प्रकरणों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनकी जांच में शिकायतें झूठी पाई गई हैं। होली के विवाद में दर्ज कराई थी रिपोर्ट डीएसपी विश्नोई ने बताया कि धम्बोला थाना क्षेत्र के पाडलिया निवासी राजेंद्र कुमार रोत ने 3 मार्च को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि होली के दौरान गांव में हुए विवाद में ईश्वर रोत और राजेश रोत ने उनके साथ मारपीट की तथा पत्थर मारकर घायल कर दिया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और शिकायतकर्ता, गवाहों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की गई। जांच में आरोप निकले निराधार पुलिस जांच में शिकायत में लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए। जांच अधिकारियों ने पाया कि शिकायतकर्ता को यह जानकारी थी कि वह जो रिपोर्ट दर्ज करा रहा है, वह तथ्यहीन और झूठी है। इसके बावजूद उसने ईश्वर रोत और राजेश रोत को परेशान करने तथा कानूनी प्रक्रिया में उलझाने के उद्देश्य से गलत सूचना देकर मामला दर्ज कराया। कोर्ट ने लगाया 4 हजार रुपए का जुर्माना जांच पूरी होने के बाद धम्बोला थाना पुलिस ने शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का इस्तगासा तैयार कर सीमलवाड़ा कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने शिकायतकर्ता को झूठा मुकदमा दर्ज कराने और पुलिस व कोर्ट का समय बर्बाद करने का दोषी माना। कोर्ट ने उस पर 4 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। पुलिस के अनुसार डूंगरपुर जिले में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में कोर्ट द्वारा की गई यह पहली कार्रवाई है। पुलिस की आमजन से अपील जिला पुलिस ने लोगों से केवल सत्य और तथ्य आधारित शिकायतें दर्ज कराने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाती है और यदि कोई शिकायत झूठी पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत रंजिश, दबाव बनाने या किसी को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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‘दमदार कहानी चाहिए’, ‘गदर 3’ को लेकर अनिल शर्मा का खुलासा, लौट रहा ‘तारा सिंह!
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सनी देओल के फैंस के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. एक्टर की सुपरहिट फिल्म’गदर: एक प्रेम कथा’ के 25 साल पूरे होने पर निर्देशक अनिल शर्मा ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने ‘गदर 3’ को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि फिलहाल, फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है और अगर सब कुछ प्लान के तहत चलता है तो,अगले साल इसकी शूटिंग शुरू हो सकती है.
फैंस के गिफ्ट से कम नहीं ये खबर
नई दिल्ली. सनी देओल की ‘गदर’ फ्रेंचाइजी को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. सनी देओल के फैंस के लिए ये बड़ी खुशखबरी है. ‘गदर: एक प्रेम कथा’ के 25 साल पूरे होने पर डायरेक्टर अनिल शर्मा ने फैंस को एक खास तोहफा दिया है. उन्होंने ‘गदर 3’ को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. साथ ही बताया है कि फिल्म की शूटिंग अगले साल शुरू होने की पूरी संभावना है.
साल 2001 में आई ‘गदर: एक प्रेम कथा’को लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं. रिलीज होते फिल्म ने तहलका मचा दिया था. फिल्म इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी कि फिल्म सीक्वल बनाया गया था. दूसरे पार्ट ने भी गदर काट दिया था. अब फिल्म के तीसरे पार्ट की चर्चा हो रही है.
25 साल पूरे होते ही अनिल शर्मा का बड़ा ऐलान
गदर 2 के बाद अब लोगों की नजरें गदर 3 पर टिकी हैं. फिल्म में सनी देओल, अमीषा पटेल लीड रोल में नजर आए थे. दोनों ने ही पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई की है. खास बात यह है कि यह फिल्म आमिर खान की ‘लगान’ के साथ रिलीज हुई थी, लेकिन दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई की थी. हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स संग हुई बातचीत में अनिल शर्मा ने कहा कि फिल्म के 25 साल पूरे होने के बाद भी लोग फिल्म को भूल नहीं पाए हैं.
कब शुरू होगी शूटिंग ?
अनिल शर्मा ने दावा किया कि ‘गदर’ को उस वक्त तकरीबन 10 करोड़ लोगों ने थिएटर में देखा था और आज तक किसी फिल्म ने इतने फुटफॉल्स का रिकॉर्ड नहीं बनाया. हद तो तब हुई जब ‘गदर 2’ ने भी इतनी ही बड़ी सफलता हासिल की थी. लेकिन जब उनसे गदर 3 को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘गदर 3’ के लिए मुझे न्यूक्लियर बम जैसी कहानी का इंतजार है. स्क्रिप्ट पर काम किया जा रहा है. अगर सब ठीक रहता है, तो अगले साल फिल्म फ्लॉर पर होगी.
बता दें कि गदर में तारा सिंह और सकीना की प्रेम कहानी को लोग आज भी मिस करते हैं.दोनों की जोड़ी ने साबित कर दिया था कि इस फिल्म में रोल के लिए न कोई दूसरी हीरो और न को दूसरी हीरोइन इस तरह की एक्टिंग कर पाते.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें
अपने बच्चे को मैगी नहीं, खिलाएं आटे का घर में बना नूडल्स, जान लें हेल्दी रेसिपी
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आजकल बच्चे मैगी और इंस्टेंट नूडल्स बहुत शौक से खाते हैं लेकिन ये सेहत के लिए अच्छे नहीं माने जाते. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा टेस्टी खाने के साथ हेल्दी भी रहे तो घर पर आटे से बने नूडल्स एक बेहतरीन और आसान विकल्प हैं. इन्हें आप कम तेल और ताजी सब्जियों के साथ बनाकर बच्चों को स्वाद और पोषण दोनों दे सकते हैं.
नूडल्स बनाने का तरीका.
Aata Noodles Recipe: आजकल बच्चों को मैगी और इंस्टेंट नूडल्स बहुत पसंद आते हैं लेकिन ये चीजें अक्सर मैदे, ज्यादा नमक और प्रिजर्वेटिव से भरी होती हैं जो सेहत के लिए अच्छी नहीं मानी जातीं. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा टेस्टी खाने के साथ हेल्दी भी रहे तो घर पर आटे से बने नूडल्स एक बेहतरीन विकल्प हैं.
घर के बने नूडल्स की सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसमें मैदे की जगह गेहूं का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं. गेहूं का आटा फाइबर से भरपूर होता है जो बच्चों के पाचन को बेहतर बनाता है. आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा मल्टीग्रेन आटा या बेसन भी मिला सकते हैं ताकि इसका न्यूट्रिशन और बढ़ जाए.
आटा गूंधने और नूडल्स बनाने का तरीका
सबसे पहले गेहूं के आटे में थोड़ा नमक, हल्का सा तेल और पानी डालकर नरम आटा गूंध लें. अब इस आटे को कुछ देर ढककर रख दें. इसके बाद इसे पतला बेलकर स्ट्रिप्स में काट लें ताकि नूडल्स का शेप बन जाए. फिर इन्हें हल्का उबाल लें ताकि ये सॉफ्ट हो जाएं लेकिन टूटें नहीं.
सब्जियों से बढ़ाएं स्वाद और सेहत
नूडल्स को और ज्यादा हेल्दी बनाने के लिए इसमें ताजी सब्जियां जरूर डालें. गाजर, बीन्स, मटर, शिमला मिर्च और प्याज जैसी सब्जियां बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं. ये विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती हैं और इम्युनिटी को मजबूत बनाती हैं. थोड़ा सा अदरक और लहसुन डालने से इसका स्वाद और भी अच्छा हो जाता है.
कम तेल में बनाएं टेस्टी नूडल्स
पकाने के लिए बहुत ज्यादा तेल का इस्तेमाल न करें. आप चाहें तो ऑलिव ऑयल या बहुत कम तेल में सब्जियों को हल्का सा भून लें. फिर उसमें उबले हुए आटे के नूडल्स डालकर अच्छे से मिक्स करें. चाहें तो हल्का सा घर का मसाला या थोड़ा सोया सॉस भी डाल सकते हैं.
बच्चों के लिए हेल्दी और टेस्टी विकल्प
यह आटे के घर में बने नूडल्स बच्चों के लिए एक परफेक्ट स्नैक या हल्का खाना हो सकता है. इसमें न तो मैदा होता है और न ही हानिकारक प्रिजर्वेटिव. इससे बच्चों को स्वाद भी मिलता है और सेहत भी बनी रहती है. रोजमर्रा की डाइट में ऐसे छोटे बदलाव बच्चों की हेल्थ पर बड़ा असर डाल सकते हैं.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें


