Tuesday, July 14, 2026
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‘राख’ में अपने किरदार को लेकर अली फजल को हो गई थी बेचैनी, खुद किया खुलासा


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अली फजल की हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘राख’ दर्शकों का ध्यान खींच रही है. सीरीज में एक जुनूनी पुलिस अधिकारी का किरदार निभा रहे अली ने बताया कि उन्होंने अपने किरदार की बेचैनी और न्याय की जिद को समझने के लिए स्क्रिप्ट के साथ पूरी ईमानदारी से काम किया. अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उनका किरदार अपराधियों को पकड़ने के लिए हर हद तक जाने को तैयार रहता है.

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वेब सीरीज राख के एक सीन में अली फजल. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

नई दिल्ली. अभिनेता अली फजल इन दिनों प्राइम वीडियो की नई सीरीज ‘राख’ को लेकर चर्चा में हैं. इस इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर में उन्होंने एक ऐसे पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया है, जो दो बच्चों की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पूरी ताकत झोंक देता है. अली के अभिनय को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. अब उन्होंने बताया है कि इस किरदार की मानसिक स्थिति को समझने और पर्दे पर उतारने के लिए उन्होंने किस तरह तैयारी की.

आईएएनएस से बातचीत में अली फजल ने कहा कि उन्होंने कोशिश की कि वह स्क्रिप्ट से बिल्कुल न भटकें और किरदार की भावनाओं को उसी तरह निभाएं, जैसा उसे लिखा गया था. उन्होंने बताया कि उनका किरदार अपराधियों को पकड़ने के मिशन में पूरी तरह डूबा हुआ है और किसी भी कीमत पर उन्हें कानून के शिकंजे तक पहुंचाना चाहता है.

स्कूल की याद दिलाता है ये सीन

अली ने सीरीज के एक अहम सीन का भी जिक्र किया, जिसमें उनके सीनियर अधिकारी उन्हें केस से दूर रहने के लिए कहते हैं. अभिनेता के मुताबिक, यह पल उन्हें स्कूल के उन दिनों की याद दिलाता है, जब किसी गलती पर शिक्षक डांटते या सजा देते थे. उन्होंने कहा कि उस भावना को समझकर उन्होंने उस सीन को निभाने की कोशिश की.

किरदार में फूंक दी जान

अली के मुताबिक, उनका किरदार कई बार अपनी तय सीमाओं से भी आगे निकल जाता है. वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव रास्ता अपनाता है, लेकिन इसी दौरान उसे मुश्किल हालात और अपने फैसलों के नतीजों का भी सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि उनके किरदार की सबसे बड़ी पहचान उसकी बेचैनी है. वह बार-बार अपराधियों तक पहुंचने के बेहद करीब आता है, लेकिन हर बार थोड़ा पीछे रह जाता है. यही अधूरापन उसके भीतर गुस्सा और जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने की जिद पैदा करता है. अली का कहना है कि उन्होंने इसी बेचैनी को अपने अभिनय में दिखाने की कोशिश की.

बता दें कि ‘राख’ 1970 के दशक की पृष्ठभूमि पर बनी एक इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर सीरीज है. इसकी कहानी चर्चित रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित मानी जाती है. हालांकि सीरीज की कहानी काल्पनिक है, लेकिन इसमें उस दौर के अपराध, जांच और पुलिस व्यवस्था का माहौल दिखाया गया है. यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है.

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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गुजरात के अंबाजी मंदिर में भी दान की चोरी: 2 महीने पुराना CCTV हुआ वायरल, तीन कर्मचारियों की मिलीभगत से हुई थी चोरी


अंबाजी4 मिनट पहले

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नोटों का एक बंडल चोरी करने का यह सीसीटीवी फुटेज बीती 5 मई का है।

राम मंदिर में चंदे की चोरी का मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर के खजाने में हुई चोरी का एक सीसीटीवी फुटेज वायरल है।

हालांकि, यह फुटेज दो महीने पुराना है। इसमें आउटसोर्सिंग कर्मचारी नोटों का एक बंडल अपने पैरों के नीचे छिपाते नजर आ रहा है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी चिराग ठाकोर समेत तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। मंदिर ट्र्स्ट इनकी सेवाएं खत्म कर चुका है।

फुटेज वायरल होने पर बनासकांठा कलेक्टर मिहिर प्रवीणकुमार पटेल ने भी बताया कि यह घटना 5 मई, 2026 की है। घटना सामने आते ही मंदिर ट्रस्ट ने FIR दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद मंदिर के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।

अंबाजी मंदिर में दान गिनने के लिए आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी लगाए जाते थे।

अंबाजी मंदिर में दान गिनने के लिए आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी लगाए जाते थे।

गुजरात के बनासकांठा में स्थित अंबाजी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है।

गुजरात के बनासकांठा में स्थित अंबाजी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है।

बाथरूम जाते समय नोटों का बंडल गिर गया था

यह चोरी उस समय हुई थी, जब भंडारगृह में नोटों की गिनती की जा रही थी। रुपये का बंडल छुपाने के बाद चिराग ठाकोर बाथरूम जाने के बहाने निकल रहा था। इसी दौरान उसकी जेब से 1,04,000 रुपए का एक बंडल गिर गया था।

वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों जब उसे देखा तो तुरंत उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी थी। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने ठाकोर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। अदालत ने भी तीनों 5 दिन की रिमांड पर भी भेजा था।

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राममंदिर ट्रस्ट कोषाध्यक्ष बोले- चढ़ावे से ₹3 करोड़ चोरी हुए:आरोपी लवकुश का मकान सील होगा

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा- जहां तक मेरा अनुमान है करीब 3 करोड़ रुपए की चोरी हुई होगी। 14 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी होने की बात गलत है। पूरी खबर पढ़ें…

दान-चोरी; बगलामुखी मंदिर समिति के पदाधिकारी अंडरग्राउंड:कोई बोला- मैं सदस्य ही नहीं

आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच शुरू हो चुकी है। मंदिर के नाम पर तीन साल पहले यानी 2024 में बनी ‘नलखेड़ा सुदर्शन सेवा समिति’ के पदाधिकारी अंडरग्राउंड हैं। नियम विरुद्ध बनी इस समिति में 12 सदस्य हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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अवैध खनन की कमाई पर पुलिस का शिकंजा: हिस्ट्रीशीटर की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी, 6 मामले दर्ज – Baran News




बारां में पुलिस ने अवैध खनन से अर्जित संपत्ति पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मांगरोल थाना क्षेत्र के एक आदतन अपराधी की अवैध कमाई से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने आरोपी की संपत्तियों की कुर्की के लिए अनुमोदन की अनुशंसा की है। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि मांगरोल थानाधिकारी विनोद कुमार मीणा की टीम ने यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि मांगरोल निवासी राजेन्द्र वैष्णव उर्फ राजू (40) ने अवैध खनन से अर्जित आय से 2 ट्रैक्टर, एक निर्माणाधीन मकान और बैंक खाते में संपत्ति बनाई है।
पुलिस ने इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय मानते हुए कुर्क करने की अनुशंसा की है। सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, राजेन्द्र वैष्णव आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसके खिलाफ मांगरोल, विज्ञान नगर (कोटा) और अयाना थानों में अवैध खनन, चोरी, लोक सेवक पर हमला, चौथ वसूली और हत्या के प्रयास सहित कुल 6 मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



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दिल्ली में कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 की तैयारी तेज: सीएम रेखा ने लॉन्च किया शुभंकर ‘मयूर’; 25 से अधिक देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे दम – New Delhi News


दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करती हुईं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज आगामी ’22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026′ के आधिकारिक शुभंकर (मैस्कॉट) ‘मयूर’ का गरिमामयी अनावरण किया। राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित यह शुभंकर न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता को दर्

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आगामी 27 जुलाई से शुरू होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ की मेजबानी के लिए दिल्ली पूरी तरह तैयार है। इसका समापन 2 अगस्त को किया जाएगा।

कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता।

चैंपियनशिप की मुख्य बातें और आयोजन का विवरण

शुभंकर के अनावरण के दौरान मुख्यमंत्री ने खेल के आयोजन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

आयोजन की तिथि: यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक खेली जाएगी।

खेल का मैदान: सभी मुकाबले दिल्ली के अत्याधुनिक त्यागराज स्टेडियम में आयोजित होंगे।

वैश्विक भागीदारी: इस बार चैंपियनशिप में 25 से अधिक देशों के शीर्ष खिलाड़ी अपनी खेल कला और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

दिल्ली की खेल भावना और उत्कृष्ट मेजबानी का गवाह बनेगा विश्व- मुख्यमंत्री

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा- “यह आयोजन हर दिल्लीवासी के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। पूरी दुनिया इस चैंपियनशिप के दौरान दिल्ली की उत्कृष्ट खेल भावना, हमारी बेहतरीन आयोजन क्षमता और हमारी पारंपरिक ‘अतिथि देवो भव:’ की आत्मीय मेजबानी की साक्षी बनेगी। हम सभी देशों के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।”

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम को और अधिक गरिमामयी बनाने के लिए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद और टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई।



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खंडवा स्टेशन रोड की 4 दुकानों पर चला बुलडोजर: 10 सेकंड में ढही 4 मंजिला इमारत, थ्री पुलिया फ्लाईओवर में बन रही थी बाधा – Khandwa News




खंडवा में मंगलवार को रेलवे स्टेशन रोड़ की 4 दुकानों पर बुलडोजर एक्शन लिया गया। इन्हें पोकलेन और जेसीबी मशीनों से तोड़ा गया। इस दौरान एक घंटे तक ट्रैफिक रोका गया। जिसके चलते लंबा जाम भी लगा रहा। पोकलेन के पंजों की मार लगते ही चारों दुकानें भर-भराकर गिर गई। इस दौरान प्रशासन और निगम के आला-अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि, तीन पुलिया ओवरब्रिज के निर्माण के लिए स्टेशन रोड़ का चौड़ीकरण किया जा रहा हैं। रेलवे की ओर की दुकानों को चिन्हित किया गया था। जो कि नगर निगम द्वारा निर्मित की जाकर 20 साल पहले ही आवंटित की गई थी। लोगों के पास स्थायी लीज थी, इस हिसाब से प्रशासन ने जमीन के बदले जमीन देकर भंडारिया रोड़ पर विस्थापित किया हैं। मंगलवार को चार दुकानों को तोड़ा गया, जबकि अधिकांश दुकानों को पहले ही जमींदोज कर प्रस्तावित सर्विस रोड़ बना दिया गया हैं। सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई की गई कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर की मौजूदगी में की गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि, चार दुकानें शेष रह गई थी। जिन्हें कुछ समय के लिए मोहलत दी गई थी। आज इन्हें तोड़ा गया, इनमें वैशाली किराना की 4 मंजिला इमारत सहित दो बिल्डिंग तीन मंजिला और एक बिल्डिंग दो मंजिला थी। कार्रवाई के दौरान कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका गया। आंखों के सामने टूटी दुकान, रो पड़े व्यापारी लंबे समय से किराना कारोबार कर रहे वैशाली किराना के संचालक और अन्य कारोबारी भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। चार मंजिला इमारत के गिरते ही दुकानदार और उनके परिजनों के आंसू निकल आए। वे रो पड़े, तभी साथ आए दोस्तों ने ढांढ़स बंधाया। इधर, कई व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर से पूछा कि हमारा क्या भविष्य हैं। हमारी दुकानें भी टूटेगी क्या।



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खेत की जुताई के दौरान किसान पर जानलेवा हमला: भागलपुर में लाठी-डंडों से बदमाशों ने किया अटैक; बेटा बोला- दोषी के खिलाफ कार्रवाई हो – Bhagalpur News




भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड के खैरा मोड़ क्षेत्र में खेत की जुताई के दौरान एक किसान पर जानलेवा हमला किया गया है। घटना में गंभीर रूप से घायल किसान मोहम्मद अयूब का इलाज जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भागलपुर में चल रहा है। उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। मोहम्मद अयूब अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने वहां पहुंचकर उनसे विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपितों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में अयूब गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज घटना की सूचना मिलने पर परिजन मो अयाज ने मौके पर पहुंचे और घायल किसान को उपचार के लिए पहले एक निजी अस्पताल ले गए। घायल के बेटे अयाज ने बताया कि निजी अस्पताल में इलाज का खर्च अधिक होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए वहां इलाज कराना संभव नहीं था। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। घायल किसान के बेटे ने बताया कि उनके पिता की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने हमला किया, वे रिश्ते में उनके दादा लगते हैं। बेटे का कहना है कि घटना के बाद न तो आरोपितों ने कोई मदद की और न ही गांव के अन्य लोगों ने परिवार की सहायता की। किसी तरह परिजन घायल किसान को अस्पताल तक लेकर पहुंचे। बेटे ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर तथ्य सामने लाने और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। वहीं, अस्पताल में डॉक्टरों की टीम घायल किसान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।



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एडेड कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती इंटरव्यू 21 जुलाई से: 910 पदों पर चयन के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी – Prayagraj (Allahabad) News




उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह चयन विज्ञापन संख्या-51 के तहत 33 विषयों में होना है। साक्षात्कार प्रक्रिया 21 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगी। इन पदों के लिए 18 और 19 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 9 जून को घोषित किया गया था। लिखित परीक्षा में सफल घोषित किए गए कुल 3,155 अभ्यर्थी अब इस साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होंगे। आयोग के उपसचिव द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को अर्थशास्त्र विषय का साक्षात्कार होगा। इसके बाद 22 जुलाई को वनस्पति विज्ञान और दर्शनशास्त्र, 23 जुलाई को रसायन विज्ञान, 24 जुलाई को अंग्रेजी, 28 जुलाई को कृषि अर्थशास्त्र, मानव विज्ञान और भूगोल के साक्षात्कार निर्धारित हैं। 29 जुलाई को भौतिक विज्ञान और मनोविज्ञान, जबकि 30 जुलाई को चित्रकला, संस्कृत और उर्दू विषयों के साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। 31 जुलाई को प्राचीन इतिहास, सैन्य विज्ञान/रक्षा अध्ययन और संगीत गायन के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा। अगस्त माह में, 4 अगस्त 2026 को शिक्षाशास्त्र और इतिहास के साक्षात्कार होंगे। 5 अगस्त को पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान, संगीत तबला, शारीरिक शिक्षा और जीव विज्ञान के लिए साक्षात्कार निर्धारित हैं। 6 अगस्त को विधि और राजनीति विज्ञान, 7 अगस्त को हिंदी और गणित के साक्षात्कार होंगे। 11 अगस्त को हिंदी, 12 अगस्त को एशियाई संस्कृति, बागवानी, संगीत सितार/वाद्य यंत्र, समाजशास्त्र और सांख्यिकी विषयों के साक्षात्कार होंगे। अंतिम चरण में, 13 अगस्त 2026 को वाणिज्य और गृह विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा। साक्षात्कार में शामिल होने वाले सफल अभ्यर्थी अपने साक्षात्कार पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.upessc.up.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध महत्वपूर्ण अनुदेशों और दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना अनिवार्य है।



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बारिश में खाने का मन है मिठाई? बिना मावा और चाशनी के बनाएं चने की बर्फी!


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Chana Dal Burfi Recipe: अगर बारिश के मौसम में आपका कुछ मीठा खाने का मन करे, तो चने की दाल से बनी यह पारंपरिक बर्फी ज़रूर आज़माएं. बस कुछ ही चीज़ों से बनने वाली यह स्वादिष्ट मिठाई परिवार के सभी सदस्यों को जरूर पसंद आएगी और त्योहारों या खास मौकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है…

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Chana Dal Burfi Recipe: बारिश का मौसम आते ही अक्सर चाय के साथ कुछ मीठा खाने का मन करता है. अगर आप बाज़ार की मिठाइयों से बचना चाहते हैं और घर पर ही कुछ स्वादिष्ट बनाना पसंद करते हैं, तो चना दाल बर्फी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इसे बनाने के लिए आपको खोया (मावा) या चाशनी की ज़रूरत नहीं पड़ती बस चना दाल, देसी घी और कुछ सामान्य चीज़ों का इस्तेमाल करके आप घर पर ही स्वादिष्ट और नरम बर्फी बना सकते हैं…

सामग्री
1 कप चना दाल, ½ कप देसी घी, ¾ कप पिसी हुई चीनी (बूरा या बारीक पिसी चीनी), ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 2 बड़े चम्मच कटे हुए बादाम और पिस्ता, 1 बड़ा चम्मच काजू

तैयारी की विधि

-चने की दाल की बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल को 4 से 5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. उसके बाद दाल को अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में नरम होने तक पकाएं. अतिरिक्त पानी पूरी तरह से निकाल दें और दाल को ठंडा होने दें. अब इसे बिना पानी डाले मिक्सर में चिकना पेस्ट बना लें.

-भारी तले वाले पैन में देसी घी गरम करें और दाल का पेस्ट डालें. इसे मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए 15 से 20 मिनट तक भूनें. जब मिश्रण सुनहरा होने लगे और घी छोड़ने लगे तो इसमें इलायची पाउडर मिलाएं. आंच बंद कर दें, मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसमें बूरा या पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लें.

-अब एक प्लेट या ट्रे को थोड़े से घी से चिकना कर लें और तैयार मिश्रण को समान रूप से फैला दें. ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू को धीरे से दबाएं. इसे 2 से 3 घंटे तक सेट होने दें. एक बार जब बर्फी पूरी तरह से सेट हो जाए, तो इसे मनचाहे आकार में काट लें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

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Rajvant Prajapati

With more than five years of experience in digital media, Rajvant has built a strong reputation for creating engaging, informative, and reader-focused content. Currently, he is working with News18, where he cov…और पढ़ें



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नासिक में पर्यटकों पर हमला, 20km तक पीछा किया: चलती कार पर पत्थर-रॉड मारे, पीड़ित परिवार ने महिला से छेड़छाड़ का विरोध किया था




महाराष्ट्र के नासिक में घूमने गए पर्यटक परिवार पर मनचलों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने परिवार की लड़की से छेड़छाड़ की थी। परिवार ने इसका विरोध किया तो 8-10 युवकों ने उन्हें घेर लिया। परिवार किसी तरह कार से वहां से भागा। इसके बाद आरोपियों ने बाइकों से कार का करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया और लाठी-डंडों, रॉड और बेसबॉल स्टिक से उन पर जानलेवा हमला किया और चलती कार में तोड़फोड़ की। परिवार ने किसी तरह जान बचाई। वारदात रविवार शाम की है। इस मामले में पुलिस ने लूट, हत्या के प्रयास और छेड़छाड़ का केस दर्ज कर 8 युवकों को अरेस्ट किया है। एक की तलाश जारी है। रास्ते में कई बार कार पर डंडों-रॉड से हमला किया नासिक पुलिस के मुताबिक, नासिक में ही रहने वाली पूनम भागवत 12 जुलाई की शाम अपने परिवार के साथ भावली वाटरफॉल घूमने गई थीं। इसी दौरान परिवार की लड़की के साथ कुछ स्थानीय मनचलों ने छेड़छाड़ की। इस पर उन्होंने और उनके पति ने विरोध जताते हुए कहा कि आपको पता है यह पब्लिक प्लेस है। इतना सुनते ही दोनों युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसका विरोध करने के बाद वे मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद 8-10 लोग उनके पास आए और बोले की उनके लोगों को क्यों मार रहे हो। इस पर उन्होंने उनसे कहा कि इसमें आपका क्या लेना-देना। इसके बाद उन लोगों ने भी परिवार के साथ गाली-गलौज की। इतना सब होने के बाद परिवार मामला सुलझाकर वहां से कार से निकल गया। लेकिन, आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू किया। एक कार और बाइक पर सवार युवकों ने हथियारों के साथ उनकी कार का करीब 15 किलोमीटर तक पीछा किया। रास्ते में कई बार इन्होंने कार पर डंडों और रॉड से हमला करने की कोशिश की। पूनम ने बताया कि उन्हें आरोपियों से बचने के लिए मजबूरी में कार स्पीड में चलानी पड़ी। कार में बैठे सभी लोग सहमे हुए थे। इसी दौरान उनकी कार में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। पूनम ने किसी तरह परिवार की जान बचाई। इसके बाद उन्होंने अंबड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। आरोपियों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए गए: डॉ. स्वामी नासिक SP डॉ. स्वामी ने बताया कि 12 जुलाई को हुई घटना के संबंध में केस दर्ज किए गए हैं। शुरुआत में अंबड पुलिस स्टेशन में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में इगतपुरी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया। सीसीटीवी की मदद से पुलिस को बदमाशों की गाड़ी का नंबर (MH 46 BE 3721) मिला। इसके बाद 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फरार आरोपियों में से एक का आपराधिक रिकॉर्ड है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नेशनल हाईवे पर आतंक, कोई मदद नहीं मिली आरोपी परिवार का नेशनल हाईवे पर 20 किलोमीटर तक पीछा करते रहे। टोल प्लाजा, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और राजमार्ग पुलिस तैनात हैं। फिर भी, मदद के लिए कोई नहीं आया। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। कुछ पर्यटकों ने बताया कि मानसून के दौरान हजारों पर्यटक भवाली वाटरफॉल और डेम घूमने आते हैं। स्थानीय गुंडों के गिरोहों ने इस क्षेत्र को अपना अड्डा बना लिया है। महिलाओं से छेड़छाड़ और धमकाना आम बात है। इसलिए इन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ऋषिकेश में पर्यटकों पर हमला करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार:काले की ढाल क्षेत्र में मारपीट और तोड़फोड़ ऋषिकेश के काले की ढाल क्षेत्र में हरियाणा से आए पर्यटकों के साथ मारपीट, जानलेवा हमला और वाहन में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पीड़ितों की तहरीर पर 5 नामजद समेत अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…



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17 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं जीनत अमान, कही ये बात


भारतीय इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सी. सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ जंतर-मंतर पर अनशन में बैठे हैं. उनके सपोर्ट में अब मनोरंजन जगत से अभिनेत्री जीनत अमान और ‘3 इडियट्स’ के ‘चतुर’, यानी कि ओमी वैद्य आए हैं। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से बातचीत का प्रस्ताव रखा है.

एक्ट्रेस जीनत अमान ने सोनम वांगचुक की तस्वीर पोस्ट कर लिखा, “आज मेरे विचार देश की राजधानी दिल्ली में हैं, जहां सोनम वांगचुक जी पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. मैंने एक समाचार में पढ़ा कि वांगचुक जी का शरीर धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और उन्हें बहुत तकलीफ हो रही है. जब उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही.”

सोनम वांगचुक को लेकर क्या बोलीं जीनत अमान
अभिनेत्री ने लिखा, “सोनम वांगचुक जी एसईसीएमओएल (स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख) के संस्थापक हैं। उन्होंने ‘आइस स्तूप’ जैसी अनोखी तकनीक विकसित की है, लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए महत्वपूर्ण काम किया है और पर्यावरण व समाज की सेवा में अपना जीवन लगाया है। फिल्म 3 इडियट्स का लोकप्रिय किरदार ‘फुनसुख वांगड़ू’, जिसे आमिर खान ने निभाया था, उनकी प्रेरणा से बनाया गया था। उन्हें समाज में योगदान के कारण देश-विदेश में कई सम्मान और पुरस्कार भी मिले हैं.”

सरकार से भी किया निवेदन
अभिनेत्री जीनत अमान ने भारत सरकार से निवेदन करते हुए लिखा कि वे अनुरोध करती हैं कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार सोनम वांगचुक से बात करें कि यह केवल लद्दाख का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य से जुड़ा विषय है.

‘सरकार की जिम्मेदारी है’
उन्होंने लिखा, “हमें ऐसा समाज नहीं बनना चाहिए जो अपने देश के एक महान और ईमानदार व्यक्ति को चुपचाप कष्ट सहते हुए देखता रहे. भारत में हमेशा से शांतिपूर्ण विरोध की परंपरा रही है, और सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब बातचीत और समझदारी से दे. मेरी ओर से श्री सोनम वांगचुक जी और उनके साथ जुड़े सभी लोगों को सम्मान.”

ओमी वैद्य ने भी किया रिएक्ट
वहीं, एक्टर ओमी वैद्य ने अपनी बात को रखते हुए इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कहा कि वे सोनम वांगचुक को मरते नहीं देखना चाहते हैं। वीडियो में वे कहते हैं, “मैं 3 इडियट्स का वही ‘चतुर’ हूं और आज एक जरूरी मैसेज देना चाहता हूं. फिल्म में आमिर खान का फुंसुक वांगड़ू वाला किरदार असल जिंदगी के इंजीनियर, आविष्कारक और शिक्षक सोनम वांगचुक से प्रेरित था. मेरी सोनम से मुलाकात हो चुकी है और वो बेहद सादगी पसंद और समाज के लिए काम करने वाले इंसान हैं.”

‘इंसान को मरते हुए नहीं देख सकते’
ओमी वैद्य ने आगे कहा, “सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, लद्दाख के लोगों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. हर किसी की राय अलग हो सकती है, लेकिन ऐसे इंसान को मरते हुए नहीं देख सकते जिसने समाज के लिए इतने अच्छे काम किए हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि अगर आप उनकी मांगों से सहमत हों तो सोशल मीडिया पर उनकी बात आगे बढ़ाएं, उनके पोस्ट शेयर करें, जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों तक ये मुद्दा पहुंचाएं ताकि इस पर बातचीत हो सके.”



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