Tuesday, July 7, 2026
Home Blog

भाजपा विधायक ने पसका-गोंडा रोडवेज बस सेवा शुरू की: छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को जिला मुख्यालय आने में मिली सुविधा – Gonda News




गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र में सीएम ग्राम परिवहन योजना के तहत पसका-गोंडा रोडवेज बस सेवा का आज मंगलवार को शुभारंभ किया गया। भाजपा विधायक अजय कुमार सिंह ने आज मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पसका पहुंचकर इस बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सेवा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत शुरू की गई है। पसका क्षेत्र के लोग लंबे समय से परिवहन विभाग से रोडवेज बस चलाने की मांग कर रहे थे। स्थानीय विधायक अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में कई बार शासन को पत्र लिखा था, जिसके बाद बस सेवा को मंजूरी मिली। इस बस सेवा के शुरू होने से पसका और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इससे लंबे समय से चली आ रही परिवहन की समस्या का समाधान होगा। पहले लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए किराए के साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। विधायक अजय सिंह ने बताया कि यह सेवा श्रद्धालुओं, मरीजों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि पहले मरीजों को इलाज के लिए, बच्चों को शिक्षा के लिए, व्यापारियों को व्यापार के लिए और महिलाओं को बाजार जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोडवेज बस सेवा शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने भाजपा विधायक अजय सिंह और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का आभार व्यक्त किया है। विधायक ने कहा कि मेरे द्वारा परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा गया था। मेरे पत्र के आधार पर ही रोडवेज बस चलाई जाने की अनुमति मिली थी, जिसका आज मेरे द्वारा हरी झंडी दिखा करके शुभारंभ किया गया। सुबह और शाम दोनों टाइम यहां से रोडवेज बस गोंडा जाएगी और गोंडा से यहां पर आएगी।



Source link

राजेश खन्ना-अमिताभ बच्चन सहित, 70-80s में बॉलीवुड को 4 सुपरस्टार देने वाले 5 डायरेक्टर


Last Updated:

1970 और 1980 का दशक बॉलीवुड का एक जादुई दौर था, जिसने फिल्म इंडस्ट्री की परिभाषा ही बदल दी. यह वह समय था जब थिएटर के बाहर मीलों तक लाइनें लगी रहती थीं और जैसे ही कोई फिल्म स्टार स्क्रीन पर आता था, सिक्कों की बारिश होने लगती थी. लेकिन, राजेश खन्ना की रोमांटिक मुस्कान और अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज वाले ‘एंग्री यंग मैन’ पर्सनैलिटी के पीछे, कुछ दूर की सोचने वाले लोग थे जिन्हें सिनेमा का असली आर्किटेक्ट माना जाता है. ऋषिकेश मुखर्जी, प्रकाश मेहरा, यश चोपड़ा, रमेश सिप्पी और शक्ति सामंत जैसे डायरेक्टर्स ने न सिर्फ बेहतरीन फिल्में बनाईं, बल्कि बॉलीवुड को 5 अनमोल सुपरस्टार भी दिए, जिसमें मुख्य रूप से राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर के नाम शामिल हैं, जिन्होंने दशकों तक दर्शकों पर राज किया.

नई दिल्ली. बॉलीवुड में जब भी कामयाबी और स्टारडम की बात होती है, तो अक्सर सबसे पहले एक्टर्स का नाम दिमाग में आता है. लेकिन, असलियत यह है कि पत्थर को तराशकर मूर्ति बनाने का काम हमेशा कैमरे के पीछे से डायरेक्टर्स ने ही किया है. 1970 और 1980 के दशक की शुरुआत में जब देश में सामाजिक और आर्थिक बदलाव हो रहे थे, तो सिल्वर स्क्रीन पर एक नई क्रांति की जरूरत थी. उस जमाने के कुछ चुनिंदा डायरेक्टर्स ने इस जरूरत को पहचाना. उन्होंने न सिर्फ कहानियां बुनीं, बल्कि ऐसे कैरेक्टर स्ट्रक्चर भी बनाए जिन्होंने आम एक्टर्स को हमेशा आगे बढ़ने वाले सुपरस्टार्स में बदल दिया. तो आइए, उन 5 महान डायरेक्टर्स पर करीब से नजर डालते हैं जिन्होंने बॉलीवुड को उसके सदाबहार सुपरस्टार्स दिए.

Rajesh Khanna, Amitabh Bachchan, Bollywood Retro Directors, 70s Bollywood Superstars, Yash Chopra Movies, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, बॉलीवुड के पुराने डायरेक्टर, 70 के दशक की फिल्में, हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार

1. ऋषिकेश मुखर्जी: ऋषिकेश मुखर्जी बॉलीवुड में एक ऐसे डायरेक्टर के तौर पर जाने जाते हैं, जिन्होंने इंसानी भावनाओं को बिना किसी दिखावे के बहुत सादगी से दिखाया. उन्होंने राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन दोनों के करियर को इतनी ऊंचाइयों तक पहुंचाया कि वे अमर हो गए. 1971 की फिल्म ‘आनंद’ ने राजेश खन्ना के स्टारडम को एक नई गंभीरता दी. ‘जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं’ जैसे डायलॉग ने काका को घर-घर में मशहूर कर दिया. वहीं, अमिताभ बच्चन को उनके अंदर के गंभीर एक्टर को दुनिया के सामने लाया. इसके बाद ‘अभिमान’, ‘मिली’ और ‘चुपके चुपके’ जैसी फिल्मों के जरिए, उन्होंने अमिताभ बच्चन को एक सेंसिटिव और कॉमिक एक्टर के तौर पर स्थापित किया, जो उनकी एंग्री यंग मैन की इमेज से अलग था. उन्होंने धर्मेंद्र को भी ‘चुपके चुपके’ से ब्रेकथ्रू दिलाया, जिसे उनके करियर की सबसे अच्छी कॉमेडी माना जाता है.

Rajesh Khanna, Amitabh Bachchan, Bollywood Retro Directors, 70s Bollywood Superstars, Yash Chopra Movies, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, बॉलीवुड के पुराने डायरेक्टर, 70 के दशक की फिल्में, हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार

2. प्रकाश मेहरा: 1970 के दशक की शुरुआत में, जब लोग राजेश खन्ना के रोमांटिक अंदाज से ऊब चुके थे, देश के युवाओं में एस्टैब्लिशमेंट के खिलाफ गुस्सा पनप रहा था. डायरेक्टर प्रकाश मेहरा ने इस नब्ज को समझा. प्रकाश मेहरा ने ‘जंजीर’ में इंस्पेक्टर विजय के रोल के लिए अमिताभ बच्चन को चुना, जबकि उस समय अमिताभ की कई फिल्में फ्लॉप हो चुकी थीं. इस एक फिल्म ने बॉलीवुड को उसका सबसे बड़ा सुपरस्टार ‘एंग्री यंग मैन’ दिया. मेहरा-बच्चन की जोड़ी ने बाद में ‘हेरा फेरी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘लावारिस’ और ‘शराबी’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. प्रकाश मेहरा की फिल्मों ने विनोद खन्ना को एक दमदार एंटी-हीरो और बागी को-स्टार के तौर पर भी स्थापित किया, जिससे वह उस समय अमिताभ बच्चन को टक्कर देने वाले अकेले स्टार बन गए.

Add News18 as
Preferred Source on Google

Rajesh Khanna, Amitabh Bachchan, Bollywood Retro Directors, 70s Bollywood Superstars, Yash Chopra Movies, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, बॉलीवुड के पुराने डायरेक्टर, 70 के दशक की फिल्में, हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार

3. यश चोपड़ा: यश चोपड़ा एक अनोखे डायरेक्टर थे, जो कोयला खदानों में काम करने वालों का दर्द और दूसरी तरफ स्विट्जरलैंड की घाटियों में शिफॉन साड़ी पहनी एक्ट्रेस के रोमांस को दिखा सकते थे. 1975 की ‘दीवार’ और उसके बाद आई ‘त्रिशूल’ में यश चोपड़ा ने अमिताभ बच्चन के गुस्से को एक सामाजिक और पारिवारिक संदर्भ दिया. ‘दीवार’ का विजय आज भी सिनेमा के इतिहास के सबसे आइकॉनिक किरदारों में से एक माना जाता है. दूसरी ओर, यश चोपड़ा ही थे जिन्होंने ‘कभी कभी’ और बाद में ‘चांदनी’ जैसी फिल्मों से रोमांटिक जॉनर को जिंदा रखा. उन्होंने ऋषि कपूर की चॉकलेट बॉय इमेज का इतना फायदा उठाया कि वे 70 और 80 के दशक के सबसे पसंदीदा रोमांटिक स्टार बन गए.

Rajesh Khanna, Amitabh Bachchan, Bollywood Retro Directors, 70s Bollywood Superstars, Yash Chopra Movies, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, बॉलीवुड के पुराने डायरेक्टर, 70 के दशक की फिल्में, हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार

4. रमेश सिप्पी: जब हम रमेश सिप्पी के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले ‘शोले’ (1975) का नाम आता है, जो बॉलीवुड की सबसे बड़ी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर में से एक बन गई. लेकिन, सिप्पी का योगदान सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं था. सिप्पी ने धर्मेंद्र को ‘सीता और गीता’ और ‘शोले’ से एक्शन-कॉमेडी की दुनिया में सबसे ऊपर पहुंचाया. जय और वीरू की जोड़ी ने धर्मेंद्र और अमिताभ दोनों के स्टारडम को अमर कर दिया. रमेश सिप्पी ने ‘शक्ति’ (1982) में अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया, जिससे यह साबित हुआ कि अमिताभ बच्चन सिर्फ एक कमर्शियल हीरो नहीं थे, बल्कि एक्टिंग के सच्चे मास्टर थे. उनकी सूझबूझ भरी नजर ने समय-समय पर विनोद खन्ना और ऋषि कपूर जैसे स्टार्स के करियर को भी रास्ता दिखाया.

Rajesh Khanna, Amitabh Bachchan, Bollywood Retro Directors, 70s Bollywood Superstars, Yash Chopra Movies, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, बॉलीवुड के पुराने डायरेक्टर, 70 के दशक की फिल्में, हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार

5. शक्ति सामंत: अगर 1970 के दशक की शुरुआत में ‘राजेश खन्ना’ का क्रेज पूरे देश में छाया था, तो इसका मुख्य कारण डायरेक्टर शक्ति सामंत थे. शक्ति सामंत ने राजेश खन्ना में वह चार्म पहचाना जिससे लड़कियां उनसे प्यार करने लगीं. ‘आराधना’ और ‘अमर प्रेम’ जैसी फिल्मों ने राजेश खन्ना को लगातार 17 गोल्डन जुबली और हिट फिल्में देने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने में मदद की, जो आज तक कायम है. सामंत जानते थे कि एक एक्टर को अमर बनाने के लिए बेहतरीन म्यूजिक कितना जरूरी है. उन्होंने आरडी बर्मन और किशोर कुमार के साथ मिलकर राजेश खन्ना के लिए जो गाने बनाए, उन्होंने खन्ना को बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार बना दिया.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

हर शेयर पर दिख रहा ₹171 मुनाफा, कल खुलने वाले इस IPO का बज रहा डंका


Last Updated:

Kusumgar IPO : कुसुमगर मुख्य रूप से इंजीनियर्ड फैब्रिक’और तकनीकी टेक्सटाइल सॉल्यूशंस तैयार करने का काम करती है. कंपनी का आईपीओ 7 जुलाई को खुलेगा. खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में कुसुमगर आईपीओ (Kusumgar IPO GMP) के शेयर करीब 41 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

कुसुमगर आईपीओ का प्राइस बैंड 419 रुपये रखा गया है. (Photo : AI)

नई दिल्‍ली. सिंथेटिक फैब्रिक निर्माता कंपनी कुसुमगर का आईपीओ बाजार में कदम रखने से पहले ही ग्रे मार्केट में गदर मचा रहा है. यह इश्‍यू कल यानी 7 जुलाई को खुलेगा. इसके शेयरेां के लिए रिटेल निवेशक 10 जुलाई तक बोली लगा सकेंगे. आज कुसुमगर आईपीओ के अनलिस्‍टेड शेयर ग्रे मार्केट में 40 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. यह इश्‍यू पूरी तरह है ऑफर फॉर सेल (OFS) है. कुसुमगर आईपीओ आज बड़े संस्थागत निवेशकों (Anchor Investors) के लिए खुल जाएगा. 15 जुलाई को कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्‍ट होंगे.

कुसुमगर मुख्य रूप से इंजीनियर्ड फैब्रिक’और तकनीकी टेक्सटाइल सॉल्यूशंस तैयार करने का काम करती है. कंपनी पॉलीअमाइड, पॉलिएस्टर फिलामेंट और पॉलीयूरेथेन आधारित विशेष प्रकार के कपड़े बनाती है. इसके प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल भारतीय डिफेंस सेक्‍टर, एयरोस्पेस, इंडस्ट्रियल सेगमेंट, ऑटोमोबाइल और लाइफस्टाइल जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में होता है.

कुसुमगर आईपीओ प्राइस बैंड

कुसुमगर आईपीओ का प्राइस बैंड 419 रुपये रखा गया है. कंपनी इस इश्‍यू के जरिए 650 करोड़ रुपये बाजार से उठाना चाहती है. यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है. इसमें कोई कोई भी नया शेयर (Fresh Issue) जारी नहीं किया जाएगी. ओएफएस के जरिए कंपनी के मुख्य प्रमोटर सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, उनकी पत्नी सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर HUF बाजार में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. आईपीओ के जरिए आने वाली पूरी रकम सीधे उन प्रमोटर्स की जेब में जाएगी, जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं.

कुसुमगर आईपीओ जीएमपी

कुसुमगर आईपीओ के अनलिस्‍टेड शेयरों को ग्रे मार्केट में अच्‍छा रिस्‍पॉन्‍स मिल रहा है. ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट आईपीओवाच.इन के अनुसार, आज मंगलवार, 7 जुलाई को कुसुमगर आईपीओ के शेयर 171 रुपये प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं. शुक्रवार को आईपीओ की जीएमपी 141 रुपये थी. अपर प्राइस बैंड 419 रुपये के हिसाब से देखें तो शेयर 590 रुपये पर लिस्‍ट हो सकते हैं. इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 41 फीसदी लिस्टिंग गेन मिल सकता है.



Source link

पश्चिम मध्य रेलवे में मेडिकल क्लेम घोटाला: 10 हजार में शून्य बढ़ाकर किया 1 लाख, दो लिपिक निलंबित; 40 लाख की गड़बड़ी की आशंका – Jabalpur News




पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर जोन में मेडिकल क्लेम के नाम पर लाखों रुपए के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। रेलवे कर्मचारियों पर इलाज के बिलों में हेराफेरी कर सरकारी राशि का गबन करने का आरोप है। शुरुआती जांच में करीब 40 लाख रुपए के घोटाले की आशंका जताई गई है। मामले में दो लिपिकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अन्य कर्मचारी और अधिकारी जांच के दायरे में हैं। बिलों में शून्य जोड़कर बढ़ा दी क्लेम राशि रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुछ कर्मचारियों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराने के बाद कार्मिक विभाग के लिपिकों से मिलीभगत कर मेडिकल क्लेम में हेराफेरी की। आरोप है कि 10 हजार रुपए के बिल को एक लाख रुपए तक दर्शाने के लिए रकम के आगे अतिरिक्त शून्य जोड़ दिए गए और उसी आधार पर भुगतान भी कराया गया। दो लिपिक सस्पेंड, विजिलेंस ने संभाली जांच प्रारंभिक जांच में कार्मिक विभाग के मयंक श्रीवास्तव और अतुल कुमार की भूमिका संदिग्ध मिलने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे विजिलेंस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कटनी मंडल तक पहुंची जांच जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जीवाड़ा केवल जबलपुर तक सीमित नहीं है। कटनी मंडल के कुछ कर्मचारियों के मेडिकल बिल भी संदिग्ध पाए गए हैं। इसके अलावा कार्मिक और लेखा विभाग के कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी भी जांच के घेरे में हैं। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने अनियमितता के चलते दो कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है। जांच में अब तक सामने आए तथ्य कार्मिक और लेखा विभाग की भूमिका पर सवाल जांच में कार्मिक और लेखा विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। विभागीय परीक्षण के बाद ही मेडिकल क्लेम भुगतान के प्रस्ताव भेजे जाते हैं, ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार फर्जी भुगतान के बदले राशि के बंटवारे की भी आशंका है। मामले में एक अन्य कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) जारी किया गया है। विजिलेंस की जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी कार्रवाई हो सकती है।



Source link

नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख की ठगी, गिरफ्तार: फर्जी नियुक्ति-पत्र बांटे; जमानत पर बाहर आते ही पुलिस ने फिर पकड़ा – Jalore News




जालोर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में शिवगंज (सिरोही) पुलिस ने तखतगढ़ निवासी राकेश जीनगर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने डीएलबी की 2018 की एलडीसी भर्ती में पुराने रिकॉर्ड के आधार पर स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर सितंबर 2024 से जून 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में शिकायतकर्ता से 24.37 लाख रुपए वसूल लिए। इसके बाद 11 मार्च 2025 को जालोर नगर परिषद ले जाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया और फर्जी जॉइनिंग का नाटक भी कराया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, आरोपी को गिरफ्तार कर जालोर नगर परिषद में दस्तावेजों की जांच कराई, जहां नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए। पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
नगर निकायों में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने के मामले में शिवगंज (सिरोही) पुलिस ने तखतगढ़ (पाली) निवासी राकेश जीनगर को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ 3 जनवरी 2026 को शिवगंज थाने में 24 लाख 37 हजार 583 रुपए की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। आरोपी को इससे पहले जालोर पुलिस भी गिरफ्तार कर चुकी है। 2. पुराने रिकॉर्ड का झांसा देकर रुपए लिए, फर्जी जॉइनिंग भी कराई
शिवगंज निवासी निर्मल कुमार ने पुलिस को बताया – राकेश जीनगर ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीएलबी की 2018 की एलडीसी भर्ती के पुराने रिकॉर्ड के आधार पर स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने जयपुर के अधिकारियों से पहचान और विभाग में सीधी पहुंच होने का दावा कर भरोसा जीता। इसके बाद दस्तावेज लेकर रिकॉर्ड तैयार करने, फाइल आगे बढ़ाने और नियुक्ति पत्र जारी कराने के नाम पर सितंबर 2024 से जून 2025 के बीच नकद, बैंक ट्रांसफर और फोन-पे के जरिए कुल 24.37 लाख रुपए ले लिए। 11 मार्च 2025 को वह शिकायतकर्ता को जालोर नगर परिषद लेकर गया, वहां ढाई लाख रुपए नकद लेने के बाद एक नियुक्ति पत्र दिया और शहरी आजीविका मिशन कार्यालय में रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाकर फर्जी जॉइनिंग तक करा दी, ताकि उसे नौकरी लगने का विश्वास हो जाए। 3. नौकरी नहीं मिली तो खुला राज, जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी निकले
जब काफी समय बाद भी नौकरी की पुष्टि नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने अपने रुपए वापस मांगे। आरोप है कि राकेश जीनगर टालमटोल करता रहा और धमकियां देने लगा। इसके बाद मामला दर्ज कराया गया। जांच के दौरान सोमवार (6 जुलाई) को शिवगंज पुलिस आरोपी को जालोर नगर परिषद लेकर पहुंची और उसके दिए गए नियुक्ति पत्रों की जांच कराई। नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि नियुक्ति पत्र विभाग की ओर से जारी नहीं किए गए थे और पूरी तरह फर्जी हैं। 4. जमानत पर बाहर आने के बाद फिर पकड़ा गया आरोपी
जालोर पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी 3 जुलाई को जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद शिवगंज पुलिस ने इस मामले में जांच तेज की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस उसे नगर परिषद ले गई, जहां दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है। 5. कई और युवकों से भी ठगी, किसी ने प्लॉट बेचा तो किसी ने गहने गिरवी रखे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने कई अन्य युवकों से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए लिए। शिकायतकर्ता निर्मल कुमार ने 24.37 लाख रुपए जुटाने के लिए अपना प्लॉट बेच दिया, बाद में केसीसी और गोल्ड लोन भी लेना पड़ा। आहोर थाना क्षेत्र के रणछोड़ और मुकेश ने जमीन गिरवी रखकर 3-3 लाख रुपए दिए। तखतगढ़ के पारसमल ने दादी के गहने गिरवी रखकर 5.5 लाख रुपए दिए, जबकि लालाराम ने जमीन बेचकर लाखों रुपए दिए। पारसमल और लालाराम ने तखतगढ़ थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं, जिनमें आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है। — यह खबर भी पढ़े… लाखों में सरकारी नौकरी बांटने वाला ठग कोर्ट में पेश:हंसते हुए आया, 3 दिन के रिमांड पर भेजा; पैसे लेकर दिए थे फर्जी नियुक्ति पत्र जालोर में 4 साल से बांट रहा था फर्जी नौकरियां:अब तक 30 पीड़ितों को ठगा, 200 लोगों से करोड़ों रुपए वसूले फर्जी सरकारी नौकरियां बांटने वाला पकड़ा:जयपुर नगर निगम की फर्जी मेल से भेजता था जॉइनिंग लेटर



Source link

बंद शुगर मिल की जमीन बिक्री पर फैली अफवाह: मोतिहारी में एडीएम ने भ्रामक खबरों का खंडन किया, हाईकोर्ट के आदेश पर हटी थी रोक – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी में बंद पड़ी हनुमान शुगर मिल की जमीन को लेकर इन दिनों तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर हैं। खासकर खाता संख्या 109 की जमीन के बेचे जाने की खबरों ने बाजार और आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि, जिला प्रशासन ने इन खबरों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक बताया है। अपर समाहर्ता (एडीएम) मुकेश कुमार सिन्हा ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वर्ष 2023 के बाद से खाता संख्या 109 की एक इंच जमीन की भी खरीद-बिक्री नहीं हुई है। एडीएम मुकेश सिन्हा ने कहा कि कुछ मीडिया हाउस और पत्रकारों द्वारा बिना तथ्यों की पुष्टि किए खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिससे जनता में भ्रम फैल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रशासनिक पदाधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने और गलत मंशा से इस तरह की बातें उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला अवर निबंधक द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में यह साफ किया जा चुका है कि 2023 के बाद से उक्त खाता संख्या की किसी भी जमीन की खरीद-बिक्री नहीं हुई है। संख्या 109 की जमीन को प्रोहिबिशन लिस्ट से हटाया उन्होंने आगे बताया कि हनुमान शुगर मिल से संबंधित खाता संख्या 109 की जमीन को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में रोक सूची (प्रोहिबिशन लिस्ट) से हटाया गया है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि जमीन की बिक्री शुरू हो गई है। रोक सूची से हटाना और जमीन की खरीद-बिक्री होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसके बावजूद कुछ लोग इन दोनों प्रक्रियाओं को मिलाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। एडीएम ने परिमार्जन (म्यूटेशन) और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को भी स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका आधार केवल रोक सूची से हटाया जाना नहीं हो सकता। परिमार्जन या दाखिल-खारिज के लिए राजस्व संबंधी वैध दस्तावेज जैसे जमाबंदी पंजी, खतियान आदि आवश्यक होते हैं।
रोक सूची के आधार पर किया था परिमार्जन उन्होंने बताया कि एक राजस्व कर्मचारी द्वारा केवल रोक सूची के आधार पर परिमार्जन कर दिया गया था, जो नियमों के विरुद्ध था। इस गलती को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जमाबंदी रद्दीकरण से जुड़े सवालों पर एडीएम ने कहा कि यह मामला वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय में लंबित (सब-ज्यूडिस) है, जहां एलपीए (लेटर्स पेटेंट अपील) के तहत सुनवाई चल रही है। ऐसे में बिना न्यायालय के अंतिम निर्णय और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा के कोई भी प्रशासनिक कार्रवाई करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पहले ही संबंधित लोगों को स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी, इसके बावजूद गलत तथ्यों को प्रचारित किया जा रहा है। अधूरे दस्तावेजों के आधार पर न खरीदे जमीन एडीएम मुकेश सिन्हा ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों और अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें। उन्होंने आगाह किया कि गलत या अधूरे दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री करने से भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरें समाज में असमंजस और अविश्वास का माहौल बनाती हैं, जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन से जुड़े किसी भी लेन-देन से पहले संबंधित विभाग से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल प्रमाणित और वैध स्रोतों पर ही भरोसा करें। प्रशासन का कहना है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने कहा की हाई कोर्ट के आदेश पर रोक सूची से मुक्त किया गया था, अब हम लोग इस आदेश के विरोध के अपील में जाने की तैयार में है।



Source link

2 फीट लंबा, आधा किलो भारी… अकेले नहीं खा पाएंगे बीकानेर का यह परांठा


Last Updated:

Bikaner Famous Moong Dal Paratha: बीकानेर का प्रसिद्ध मूंग दाल परांठा अपने विशाल आकार और पारंपरिक स्वाद के कारण पर्यटकों के बीच खास पहचान बना चुका है. बड़ा बाजार स्थित ‘परांठा ही परांठा’ दुकान पर तैयार होने वाला यह परांठा करीब डेढ़ से दो फुट चौड़ा और लगभग 500 ग्राम वजनी होता है. इसे बनाने में करीब 15 मिनट का समय लगता है. मूंग दाल, हींग, कसूरी मेथी, लाल मिर्च और अन्य देसी मसालों की खास भरावन के साथ इसे बड़े लोहे के तवे पर धीमी आंच में सेंका जाता है. महज 70 रुपये की कीमत में मिलने वाला यह परांठा दो से तीन लोगों के लिए पर्याप्त होता है. मसालेदार सब्जी, अचार और मक्खन के साथ परोसा जाने वाला यह व्यंजन बीकानेर आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है.

बीकानेर के बड़ा बाजार स्थित ‘परांठा ही परांठा’ दुकान पर संचालक रामकुमार पुरोहित विशाल मूंग दाल का परांठा तैयार करते हैं. यह परांठा करीब डेढ़ से दो फुट तक बड़ा होता है और इसका वजन लगभग आधा किलो होता है. पारंपरिक तकनीक और वर्षों के अनुभव से तैयार होने वाला यह परांठा अपने बेहतरीन स्वाद और बड़े आकार के कारण बीकानेर की खास पहचान बन चुका है. विशाल लोहे के तवे पर धीमी आंच में सिकने वाला यह प्रसिद्ध मूंग दाल का परांठा तैयार होने में करीब 15 मिनट का समय लेता है. सबसे पहले मूंग दाल में विशेष मसालों का मिश्रण तैयार कर भरावन बनाई जाती है. इसके बाद परांठे को बड़े आकार में बेलकर तवे पर 5 से 7 मिनट तक दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेंका जाता है. इसकी लाजवाब खुशबू दूर से ही लोगों को दुकान तक खींच लाती है. यही पारंपरिक तरीका और खास स्वाद इस परांठे को आम परांठों से अलग पहचान दिलाता है.

बीकानेर की चायपट्टी स्थित दुकान पर एक ओर विशाल तवे पर मूंग दाल का परांठा सिकता नजर आता है, तो दूसरी ओर ग्राहकों के लिए गर्मागर्म नाश्ता तैयार किया जाता है. यहां रोजाना करीब 100 से 150 लोग इस मशहूर परांठे का स्वाद लेने पहुंचते हैं. लगभग आधा किलो वजनी इस परांठे को अकेले खाना आसान नहीं माना जाता, इसलिए अधिकांश लोग इसे परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खाते हैं. यही वजह है कि यह दुकान आज बीकानेर के लोकप्रिय फूड डेस्टिनेशन में अपनी खास पहचान बना चुकी है.

बीकानेर का प्रसिद्ध मूंग दाल परांठा मसालेदार सब्जी, अचार और मक्खन के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और भी खास बना देता है. बाहर से सुनहरा और कुरकुरा, जबकि अंदर से मसालेदार मूंग दाल की भरावन से भरपूर यह परांठा हर निवाले में देसी जायके का अलग अनुभव देता है. इसकी पहचान सिर्फ इसके विशाल आकार से नहीं, बल्कि पारंपरिक मसालों के संतुलित स्वाद और खास बनाने की विधि से भी है. यही वजह है कि एक बार इसका स्वाद चखने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग दोबारा यहां आना नहीं भूलते.

Add News18 as
Preferred Source on Google

विशाल तवे पर फैला करीब डेढ़ से दो फुट चौड़ा मूंग दाल का परांठा आज बीकानेर की खास पहचान बन चुका है. लगभग 500 ग्राम वजनी इस परांठे को पारंपरिक तकनीक और विशेष मसालों के साथ तैयार किया जाता है. बड़े आकार के कारण इसे अकेले खत्म करना आसान नहीं होता, इसलिए ज्यादातर लोग इसे परिवार या दोस्तों के साथ मिलकर खाते हैं. सुनहरी कुरकुरी परत और मसालेदार भरावन इसे स्वाद में भी खास बनाते हैं. यही अनोखा आकार और लाजवाब स्वाद पर्यटकों व स्थानीय लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है.

धीमी आंच पर सुनहरे रंग में सिककर तैयार होने वाला बीकानेर का प्रसिद्ध मूंग दाल परांठा अपने पारंपरिक स्वाद के लिए जाना जाता है. इसे गेहूं के आटे, मूंग दाल, हींग, कसूरी मेथी, लाल मिर्च और अन्य देसी मसालों के खास मिश्रण से बनाया जाता है. बड़े लोहे के तवे पर सावधानी से सेंका गया यह परांठा बाहर से कुरकुरा और अंदर से स्वादिष्ट भरावन से भरपूर होता है. पारंपरिक विधि और संतुलित मसालों का यही मेल इसके स्वाद को लंबे समय तक लोगों की जुबान पर बनाए रखता है.

थाली से भी बड़ा नजर आने वाला बीकानेर का यह आधा किलो वजनी मूंग दाल परांठा अपने विशाल आकार और बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर है. आमतौर पर इसे दो से तीन लोग मिलकर आराम से खा लेते हैं. महज 70 रुपये की कीमत में मिलने वाला यह परांठा भरपूर मात्रा और लाजवाब स्वाद का शानदार मेल है. बाहर से कुरकुरा और अंदर से मसालेदार भरावन वाला यह व्यंजन बीकानेर आने वाले पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन चुका है और स्थानीय लोगों की भी पहली पसंद माना जाता है.

विशाल मूंग दाल परांठे के लिए कारीगर सावधानी से मसालेदार भरावन और आटे का मिश्रण तैयार करते हैं. स्वादिष्ट परांठे की असली शुरुआत इसी प्रक्रिया से होती है. मूंग दाल में हींग, कसूरी मेथी, लाल मिर्च और अन्य देसी मसालों का संतुलित मिश्रण मिलाया जाता है, जो इसे खास स्वाद और अलग पहचान देता है. इसके बाद आटे में भरावन भरकर बड़े आकार में बेलने की प्रक्रिया शुरू होती है. वर्षों से चली आ रही पारंपरिक विधि, अनुभवी हाथों की मेहनत और मसालों का अनोखा मेल ही इस परांठे को आज बीकानेर के सबसे चर्चित और लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल करता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान के बाद कोम पहुंचा: यहां से पूर्व सुप्रीम लीडर ने धार्मिक शिक्षा हासिल की; अंतिम यात्रा निकाली जाएगी




ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर सोमवार शाम तेहरान से कोम पहुंच गया। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर के जरिए पार्थिव शरीर को कोम लाया गया, जहां मंगलवार को अंतिम यात्रा और धार्मिक रस्में होंगी। कोम वही शहर है, जहां उन्होंने धार्मिक शिक्षा हासिल की थी। बाद में ईरान के सबसे प्रभावशाली धार्मिक नेताओं में शामिल हुए। कोम को शिया मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। इससे पहले तेहरान में तीसरे दिन भी लाखों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। लोगों ने खामेनेई और उनके परिवार के दिवंगत सदस्यों के ताबूतों पर फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी। कोम में अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को उनके गृह नगर मशहद ले जाया जाएगा। गुरुवार को उन्हें इमाम रजा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 5 तस्वीरें… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा में जनसैलाब: तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में लाखों लोग जुटे। भारी भीड़ के कारण ताबूत लेकर चल रहा वाहन कई जगह धीमा पड़ा और आजादी स्ट्रीट पर कुछ देर के लिए रुकना भी पड़ा। 2. खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंचा: तेहरान में अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया गया। गुरुवार को उनके गृह नगर मशहद में दफन किया जाएगा। 3. ईरान में खामेनेई के बदले की मांग तेज: अंतिम यात्रा में लाल झंडे और ‘या लथारत अल-खामेनेई’ के नारे गूंजे। समर्थकों ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांग दोहराई। 4. ईरानी नेताओं की दो टूक चेतावनी: राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा को खामेनेई के रास्ते पर चलने का संकल्प बताया। सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि हत्या करने वालों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा। 5. इजराइल-ईरान के बीच बयानबाजी तेज: नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ पूरे ईरान की आवाज नहीं है। वहीं इराक के शिया नेता अम्मार अल-हकीम ने लोगों से अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



Source link

दो दिवसीय दौरे पर आज वाराणसी आएंगे CM योगी: कैशलेश स्वास्थ्य सुविधा की शिक्षकों को देंगे सौगात, करेंगे दर्शन – पूजन – Varanasi News




मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार की शाम वाराणसी पहुंचेंगे। यहां वो राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र के बेटे की शादी में शामिल होंगे और शिक्षकों के लिए कैशलेश चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में करेंगे दर्शन – पूजन जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री मंगलवार की शाम 6 बजे के बाद पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से सीधे श्री काशी विश्वनाथ धाम दर्शन – पूजन को पहुंचेंगे। इसके बाद रोहनिया स्थित होटल लेमन ट्री में आयोजित राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु के बेटे अनिमेश के विवाह समारोह में शमिल होने जाएंगे। रात्रि विश्राम सर्किट हाउस में करेंगे। दूसरे दिन करेंगे कैशलेस चिकित्सा का उद्घाटन डीएम ने बताया – बुधवार को मुख्यमंत्री बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों के लिए कैशलेश चिकित्सा सुविधा का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा प्रदेश भर के छात्रों के खाते में 1 करोड़ से अधिक की धनराशि डीबीटी द्वारा छात्रवृत्ति की ट्रांसफर करेंगे। गोदौलिया से मैदागिन नो व्हीकल जोन मुख्यमंत्री इसके बाद पुलिस लाइन पहुंचेंगे। यहां से वो मिर्जापुर के विंध्याचल के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान मैदागिन से गोदौलिया मार्ग नोव्हीकल जोन रहेगा। किसी भी प्रकार के वाहनों को आने जाने की अनुमति नहीं होगी। ट्रैफिक विभाग ने इसके लिए एडवाइजरी जारी की है।



Source link

महाराष्ट्र: नासिक में बादल फटने की चेतावनी, त्र्यंबकेश्वर मंदिर बंद: मौसम विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट; स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद




महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 300 मिमी तक बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। साथ ही, त्र्यंबकेश्वर और नासिक के बीच बादल फटने की आशंका जताई है। बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रात से हालात पर नजर रखी जा रही है। एहतियात के तौर पर मेटघर फोर्ट क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया। नासिक जिले के सभी स्कूल और कॉलेजों में आज छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, त्र्यंबकेश्वर मंदिर और साढ़े तीन शक्तिपीठों में शामिल सप्तश्रृंगी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आज बंद रहेंगे। मानसून आज पूरे देश को कवर कर सकता है… देशभर से मौसम की 7 तस्वीरें… देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…



Source link