ओटीटी के बाद अब सिनेमाघरों में मचेगा कालीन भैया और गुड्डू पंडित का असली गदर! ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ का धमाकेदार टीज़र रिलीज़ होते ही यूट्यूब पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रहा है. मेकर्स ने भी कह दिया- ‘ये भी ठीक है!’ जानिए कब बड़े पर्दे पर दस्तक देगी यह फिल्म.
नई दिल्ली: ‘मिर्ज़ापुर’ के दीवानों के लिए आखिरकार वो घड़ी आ ही गई जिसका उन्हें महीनों से बेसब्री से इंतज़ार था. अगर आप भी कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया के स्वैग के फैन हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. ओटीटी की दुनिया में अपना खौफ और जलवा बिखेरने के बाद, अब मिर्ज़ापुर की टोली बड़े पर्दे पर तहलका मचाने आ रही है. मेकर्स ने फिल्म का एक बेहद ही दमदार और कड़क टीज़र रिलीज़ कर दिया है, जिसे देखने के बाद फैंस की एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर पहुंच गई है.
यह टीजर सोशल मीडिया पर आते ही पूरी तरह से छा गया है. इंटरनेट पर इस समय सिर्फ और सिर्फ मिर्ज़ापुर का ही भौकाल देखने को मिल रहा है. फैंस इस टीज़र को इतना पसंद कर रहे हैं कि इसने रिलीज़ होते ही यूट्यूब की ट्रेंडिंग लिस्ट में पहले नंबर पर कब्ज़ा कर लिया है.
मेकर्स बोले- यूट्यूब पर नंबर 1 ट्रेंडिंग, ये भी ठीक है! यूट्यूब पर नंबर 1 पर ट्रेंड करने की इस बड़ी कामयाबी को खुद मेकर्स ने फैंस के साथ शेयर किया है. इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मेकर्स ने अपने ही अंदाज़ में लिखा, “यूट्यूब पर #1 पर ट्रेंड कर रहा है मिर्ज़ापुर द मूवी का टीज़र! ये भी ठीक है. ” इसके साथ ही उन्होंने फैंस को याद दिलाया कि असली भौकाल देखने के लिए उन्हें थोड़ा सा इंतज़ार और करना होगा, क्योंकि यह फिल्म 4 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी.
Lemon Plant Care Tips: घर की बालकनी में हरियाली देखने का अपना अलग ही सुकून होता है. अगर उसी हरियाली के बीच एक ऐसा पौधा हो, जिससे जरूरत पड़ने पर ताजा नींबू भी तोड़ सकें, तो बात ही अलग हो जाती है. बहुत से लोगों को लगता है कि नींबू का पौधा सिर्फ बड़े बगीचे में ही लगाया जा सकता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. सही गमला, अच्छी मिट्टी और थोड़ी सी देखभाल के साथ नींबू का पौधा गमले में भी शानदार तरीके से बढ़ता है. एक बार पौधा अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो कई सालों तक आपको ताजे और रसीले नींबू मिल सकते हैं. अगर आप भी अपने घर की बालकनी या छत पर नींबू उगाना चाहते हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर यह काम बेहद आसान बनाया जा सकता है.
सही गमला और किस्म चुनना है सबसे पहला कदम नींबू के पौधे के लिए ऐसा गमला चुनें जिसकी गहराई कम से कम 35 से 40 सेंटीमीटर हो और उसके नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद हों. छोटे गमले में जड़ें ठीक तरह से नहीं फैल पातीं. अगर संभव हो तो कंटेनर में उगने वाली किस्म जैसे मेयर या लिस्बन नींबू का पौधा लगाएं. ये गमले में अच्छी तरह बढ़ते हैं और जल्दी फल देना शुरू कर देते हैं.
मिट्टी का सही मिश्रण बनाएगा पौधा मजबूत नींबू के पौधे को सख्त और चिपचिपी मिट्टी पसंद नहीं होती. इसके लिए ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें बगीचे की मिट्टी, अच्छी तरह सड़ी हुई खाद, थोड़ी रेत और कोकोपीट मिला हो. इस तरह की मिट्टी में पानी नहीं रुकता और जड़ों तक हवा भी आसानी से पहुंचती रहती है. अच्छी मिट्टी पौधे की बढ़वार और फल आने दोनों के लिए जरूरी होती है.
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भरपूर धूप मिलना बेहद जरूरी है नींबू का पौधा धूप पसंद करता है. इसे रोज कम से कम छह घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए. गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह या दोपहर की धूप अच्छी तरह आती हो. पर्याप्त धूप मिलने से पौधे में ज्यादा फूल आते हैं और फल भी बेहतर बनते हैं.
पानी देने में न करें जल्दबाजी बहुत से लोग रोज पानी डाल देते हैं, जबकि नींबू के पौधे को जरूरत के हिसाब से ही पानी देना चाहिए. मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखने पर तुरंत पानी डालने की बजाय दो से तीन इंच नीचे तक जांच लें. अगर मिट्टी सूखी हो तभी गहराई तक पानी दें. ज्यादा पानी देने से जड़ों में सड़न हो सकती है.
समय पर खाद देने से मिलेगा अच्छा फल नींबू का पौधा लगातार पोषण चाहता है. बढ़वार के मौसम में हर चार से छह सप्ताह के बीच साइट्रस पौधों के लिए उपयुक्त खाद डालें. संतुलित खाद देने से पत्तियां हरी रहती हैं, फूल ज्यादा आते हैं और फल भी अच्छे आकार के बनते हैं.
हल्की छंटाई भी है जरूरी गमले में लगे पौधे को बहुत ज्यादा फैलने न दें. समय-समय पर सूखी, कमजोर और आपस में टकराने वाली शाखाओं को काट दें. इससे पौधे में हवा का संचार बेहतर रहता है और नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं. हल्की छंटाई पौधे को सुंदर आकार भी देती है.
तेज गर्मी और ठंड से करें बचाव अगर बहुत तेज धूप पड़ रही हो, तो दोपहर के समय गमले को थोड़ी छांव में रख सकते हैं. सर्दियों में बहुत ज्यादा ठंड होने पर पौधे को हल्के कपड़े से ढक दें. मौसम के अनुसार थोड़ी सावधानी रखने से पौधा स्वस्थ बना रहता है.
गमले में लगे नींबू के पौधे की देखभाल नींबू के पौधे की नियमित जांच करते रहें. अगर पत्तियां पीली होने लगें या कीड़े दिखाई दें, तो समय रहते उनका इलाज करें. गिरे हुए पत्ते और सूखी टहनियां हटाते रहें ताकि पौधा साफ और स्वस्थ बना रहे. सही देखभाल मिलने पर गमले में लगा पौधा भी कई सालों तक फल देता रहता है.
घर में नींबू उगाने के फायदे घर का ताजा नींबू बाजार के नींबू से ज्यादा ताजा और खुशबूदार होता है. जरूरत पड़ने पर तुरंत फल तोड़ सकते हैं. साथ ही बालकनी की खूबसूरती भी बढ़ती है और घर का वातावरण ज्यादा हराभरा और ताजा महसूस होता है. थोड़ी सी मेहनत के बदले आपको लंबे समय तक ताजे नींबू मिलते रहते हैं.
सघन पल्स पोलियो महाअभियान रविवार से शुरू हो गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आज प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में एक नवजात शिशु को पोलियो की दो बूंदें पिलाकर इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, और समय पर दी गई दो बूंदें बच्चों को आजीवन सुरक्षा प्रदान करती हैं। उन्होंने जनपद के सभी अभिभावकों से अपील की कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाई जाए, भले ही उन्हें पहले कितनी भी बार दवा दी गई हो। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, आशा कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और मीडिया प्रतिनिधियों से इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करने का आग्रह किया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाना है। इसके लिए जनपद में पोलियो बूथ, ट्रांजिट बूथ और घर-घर भ्रमण की व्यापक व्यवस्था की गई है। डॉ. मिश्रा ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लाएं। यदि किसी कारणवश बूथ तक पहुँचना संभव न हो, तो घर आने वाली स्वास्थ्य टीम से बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं। जनपद में कुल 3,07,095 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 1092 पोलियो बूथ, 36 ट्रांजिट टीमें और 7 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। बूथ दिवस पर 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को प्रातः 9:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह, गिरधारी लाल सहित अन्य अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।
बांका में शनिवार शाम हुई मूसलाधार बारिश और तेज गर्जन के बीच वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। विभिन्न घटनाओं में एक15 वर्षीय किशोर की जान चली गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। रजौन प्रखंड के अलीपुर गांव में वज्रपात की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई, वहीं सात पेड़ों में आग लग गई। धोरैया प्रखंड के धनकुंड थाना क्षेत्र स्थित धर्मगरा बहियार में मियांगड़िया गांव निवासी मनीष कुमार यादव(15) अपने साथियों के साथ भैंस चरा रहा था। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हुई और अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना में पास में मवेशी चरा रहे चन्द्र यादव भी घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया,जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने मनीष को मृत घोषित कर दिया।घायल चन्द्र यादव का इलाज जारी है। मृतक मनीष के पिता का नाम बच्ची यादव,माता अमेरिका देवी और दादा फुलेश्वर यादव हैं। अलग-अलग घटनाओं में 3 महिलाएं हुई घायल इधर,धोरैया थाना क्षेत्र में ही वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाएं भी घायल हो गईं। कुशमाहा गांव निवासी राबड़ी देवी अपने घर में थीं,तभी वज्रपात की चपेट में आकर घायल हो गईं। उन्हें परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया,जहां उनका इलाज चल रहा है। वज्रपात के कारण कुशमाहा गांव के पांच से छह घरों की एल्बेस्टर की छतें भी उड़ गईं।रामपुर गांव की बीबी नगमा खातून और बीबी जहां आरा भी वज्रपात की चपेट में आने से घायल हुईं,दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है। धनकुंड थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उधर,रजौन प्रखंड के अलीपुर गांव में भी शनिवार शाम वज्रपात ने भारी नुकसान पहुंचाया।रामविलास यादव अपनी भैंस को बहियार में चरा रहे थे। तेज बारिश के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से भैंस की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि रामविलास यादव मामूली रूप से घायल हुए।घटना के दौरान सात पेड़ों में भी वज्रपात से आग लग गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। लगातार हो रहे वज्रपात के कारण खेतों में काम कर रहे किसान और अन्य मवेशी चरवाहे भी सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 135वें एपिसोड में कहा- समुद्र से लेकर आसमान तक भारत सुरक्षित है। पीएम मे हाल में टेस्ट की गईं जमीन से हवा में हमला करने वालीं मिसाइलों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा- जून के महीने में ही देश ने विमानन क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मेड इन इंडिया अभियान के तहत तैयार किए गए C-295 विमान ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है। वर्तमान में ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मुझे कोलकाता में नौ-सेना से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। वहां INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को भारतीय नौ-सेना के बेड़े में शामिल किया गया। इन शिप की डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग तक सब कुछ स्वदेशी है।
पीएम ने कहा कि इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के कई कार्यक्रम हुए। अहमदाबाद में आयोजित ‘विश्व योगासन चैम्पियनशिप’ की भी बड़ी चर्चा हुई। इस चैम्पियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते हैं, जिनमें 102 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा है।
पीएम मोदी की मन का बात की प्रमुख बातें
महाराष्ट्र के परिवार का जिक्र’
पीएमने कहा कि महाराष्ट्र के नांदेड़ के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार ने घर में विवाह के मौके पर अपने गांव के लगभग साढ़े तीन हजार लोगों के लिए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की। हर व्यक्ति को एक लाख रुपए का बीमा कवर दिया गया।
नगालैंड की 2 लीग का चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि नगालैंड में दो ऐसी लीग होती हैं जो सबको इंस्पायर कर सकती हैं। इनमें से एक का नाम है नगालैंड बेबी लीग। यह 5 से 12 वर्ष के छोटे-छोटे बच्चों की असाधारण लीग होती है। यह उनकी रफ्तार और प्रतिभा को प्रेरित करती है। यह लीग 3 वर्ष पूरे कर चुकी है।
नगालैंड विमेन फुटसल लीग: फुटसल को आम भाषा में इंडोर फुटबॉल कहा जाता है। इसमें 5 खिलाड़ी होते हैं। यह सामान्य से छोटा मैदान होता है। तेजी से फैसले लेने होते हैं।
असम के हरगिला पक्षी की बात
पीएम मोदी ने कहा कि असम में एक पक्षी पाया जाता है। उस पक्षी का नाम है ‘हरगिला’। ‘हरगिला’ एक दुर्लभ पक्षी है। ये प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था।
लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था जिन पर हरगिला के घोसले बने होते थे। इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने ये सब देखा। उन्होंने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया।
उन्होंने महिलाओं से बात की, उन्होंने लोगों को विज्ञान के आधार पर समझाया, धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ने लगीं। फिर एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गाँवों की पहचान बनने लगा।
हजारों ग्रामीण महिलाएं ‘हरगिला’ को बचाने के लिए आगे आईं। आज उन्हें ‘हरगिला आर्मी’ के नाम से जाना जाता है। इन महिलाओं ने समाज के साथ संघर्ष भी किया। समाज को समझाने के लिए दिन-रात काम किया और अंधविश्वास को पीछे छोड़ करके रहे। उन्होंने दिखाया है जब सही जानकारी पहुंचाई जाती है, तो वर्षों पुरानी सोच भी बदल सकती है।
नालंदा विश्वविद्यालय की परंपरा
पीएम मोदी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ की हमारी प्राचीन परंपरा को फिर से जीवंत किया है। शास्त्रार्थ केवल अपनी बात रखने का माध्यम नहीं है। ये वाद-संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ, अपनी बात कहना बहुत जरूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है। मुझे खुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया।
दिल्ली सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी का जिक्र
पीएम ने कहा कि दिल्ली में स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बी-टेक प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। ये आधुनिक टेक्नोलॉजी को भारत के पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे भारतीय भाषाओं के लिए नए AI टूल्स तैयार करने में मदद मिलेगी। हमारे प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के काम को भी नई गति मिलेगी।
‘मन की बात’ के पिछले 5 एपिसोड…
134वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा- देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। मुझे बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां ऑब्जर्वेशनल सेशन आयोजित किए जाते हैं।’खगोल मण्डल’ नाम की एक टीम ने 30 घंटे का एक बहुत इनोवेटिव कोर्स शुरू किया है। ऐसे ही केरलम और गुजरात में भी एस्ट्रोनॉमी इवेंट आयोजित किए जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
133वां एपिसोड: पीएम ने कहा कि हमारे देश में इस समय जनगणना का अभियान चल रहा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें…132वां एपिसोड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 131वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट के दौरान, कई देश के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर, टेक कंपनी के दिग्गज जुटे। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों को, पांडुलिपि को संरक्षित कर रहे हैं। AI समिट में भारत की ताकत दुनिया के सामने आई। युवाओं में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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PM मोदी ने सेशेल्स में कछुओं को पत्तियां खिलाईं, VIDEO: 256 साल पहले 5 भारतीय रहने पहुंचे थे; अब हर 8वां नागरिक भारतवंशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बोटैनिकल गार्डन में एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे।
हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीपीय देश का भारत से रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि 256 साल पुराना भी है। साल 1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए। पूरी खबर पढ़ें…
Alia Bhatt Sharvari Wagh Alpha Workout: फिल्मी परदे पर पहली बार दिखेगा दो हसीनाओं का ऐसा खतरनाक रूप! फिल्म ‘अल्फा’ में जासूस बनने के लिए आलिया भट्ट और शरवरी वाघ ने जिम में उठाया भारी वजन. दोनों का यह हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट वीडियो देखकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट रहे हैं. देखिए दोनों ‘अल्फा वुमन’ की कड़क ट्रेनिंग की तस्वीरें .
Alia Bhatt Sharvari Wagh Alpha Workout Video: आलिया भट्ट और शरवरी वाघ इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘अल्फा’ को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की इस फिल्म में दोनों अभिनेत्रियां जबरदस्त एक्शन करती नजर आएंगी. अपनी कैरेक्टर को बखूबी निभाने के लिए दोनों काफी टफ प्रैक्टिस कर रही हैं. हाल ही में दोनों का एक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट वीडियो और फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वे ‘अल्फा’ के लिए कड़ी ट्रेनिंग लेती दिख रही हैं. उनकी इस हार्ड वर्क को देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं. चलिए दिखाते हैं दोनों की धांसू फोटोज.
आलिया भट्ट और शरवरी वाघ अपनी आने वाली स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ के लिए जिम में पसीना बहा रही हैं. फिल्म में खुद को एक जासूस के रूप में ढालने के लिए दोनों ही हसीनाएं बेहद कठिन वर्कआउट कर रही हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए उनके नए वीडियो में उनकी फिटनेस और लगन साफ देखी जा सकती है.
वायरल वीडियो में आलिया भट्ट मुश्किल एक्सरसाइज बहुत ही आसानी से करती हुई नजर आ रही हैं. वे अपनी पावर और स्टैमिना को बढ़ाने के लिए हैवी वेट ट्रेनिंग और कोर वर्कआउट पर ध्यान दे रही हैं. मां बनने के बाद भी आलिया की ऐसी फिटनेस देखकर उनके फैंस काफी हैरान हैं.
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शरवरी वाघ भी फिटनेस के मामले में आलिया को कड़ी टक्कर दे रही हैं. वीडियो में वे बहुत ही फुर्ती के साथ अलग-अलग तरह के जंप्स और पुश-अप्स करती दिख रही हैं. फिल्म ‘मुंज्या’ की सफलता के बाद शर्वरी इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए खुद को पूरी तरह एक्शन मोड में ला चुकी हैं.
यह पहली बार है जब वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की किसी फिल्म की कमान पूरी तरह से दो लेडी कलाकारों के हाथ में है. इससे पहले टाइगर, पठान और वॉर जैसी फिल्मों में मेल एक्टर्स लीड रोल में थे. यही वजह है कि आलिया और शरवरी स्क्रीन पर बेस्ट दिखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं.
बता दें कि ये वीडियो और फोटोज खुद आलिया और शरवरी ने अपने ऑफिशियल इंस्टग्राम पर पोस्ट किया है. दोनों ने अपनी मूवी का काउंटडाउन पोस्ट कर लिखा बस 6 दिन और… इसके बाद # लगाकर उन्होंने बताया कि अल्फा 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. जैसे ही दोनों का यह वर्कआउट वीडियो इंटरनेट पर आया, फैंस ने इस पर कमेंट्स की बरसात कर दी. लोग आलिया और शर्वरी को ‘अल्फा वुमन’ कह रहे हैं. फैंस का मानना है कि बॉलीवुड में इस तरह का तगड़ा फीमेल एक्शन देखने को नहीं मिला है और यह वीडियो फिल्म के प्रति एक्साइटमेंट को और बढ़ा देता है.
हाल ही में फिल्म का एक शेड्यूल कश्मीर की खूबसूरत वादियों में पूरा हुआ था, जहां से उनकी कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं. अब अगले बड़े एक्शन शेड्यूल पर जाने से पहले दोनों स्टार्स खुद को फिजिकली और मेंटली मजबूत करने के लिए जिम में घंटों बिता रही हैं.
फिल्म ‘अल्फा’ का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं, जिन्होंने इससे पहले हिट सीरीज ‘द रेलवे मेन’ बनाई थी. इस फिल्म को बहुत बड़े बजट और इंटरनेशनल लेवल के एक्शन के साथ बनाया जा रहा है. आलिया और शर्वरी की यह जोड़ी सिनेमाघरों में तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है.
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दौसा साइबर थाना पुलिस ने एशियन पेंट्स के मास्टरस्ट्रोक रिवॉर्ड ऐप में तकनीकी सेंध लगाकर करीब 1.72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, एशियन पेंट्स लिमिटेड के एजीएम ने 11 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कंपनी के रिवॉर्ड प्रोग्राम में हेरफेर कर आरोपियों ने बिना उत्पाद खरीदे ही ट्रायल एंड एरर पद्धति से फर्जी क्यूआर कोड जनरेट किए और कंपनी को 1 करोड़ 72 लाख 86 हजार 297 रुपये का नुकसान पहुंचाया। एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर क्राइम के पुलिस उपाधीक्षक बृजेश मीना के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने आरोपी सोनू सैनी (23) निवासी काला काकरा वाली ढाणी, लालसोट को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि इससे पहले अनिल कुमार सैनी, विष्णु कुमार सैनी, रिकु सैनी और राहुल सैनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी से अन्य साथियों के संबंध में पूछताछ जारी है।
शनिवार रात शिवपुरी जिले के बदरवास बायपास (NH-46) पर एक बड़ा हादसा टल गया। उज्जैन से पटना (बिहार) जा रहे पांच कारोबारियों की इको कार अचानक आग की चपेट में आ गई। चाय ढाबे के पास टॉयलेट के लिए कार रोकते ही वाहन से धुआं उठने लगा और कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि समय रहते सभी पांच लोग कार से नीचे उतर चुके थे, जिससे उनकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, उज्जैन निवासी अली फरदीन खान, जकरिया शोएब अहमद कुरैशी, जुनैद वारसी, खालिद कुरैशी समेत कुल पांच लोग इको कार (क्रमांक MP09DH2006) से पटना जा रहे थे। शनिवार रात उन्होंने बदरवास बायपास पर एक चाय ढाबे के पास अपनी कार रोकी। टॉयलेट के लिए उतरे, तभी भड़की आग जैसे ही सभी यात्री टॉयलेट के लिए कार से नीचे उतरे, उन्हें वाहन के निचले हिस्से से हल्की आग और धुआं निकलता दिखाई दिया। इससे पहले कि वे स्थिति को समझ पाते या आग बुझाने का प्रयास करते, आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही बदरवास फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक इको कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। इस हादसे में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है, क्योंकि सभी समय रहते वाहन से सुरक्षित बाहर निकल गए थे। फिलहाल पुलिस और संबंधित अधिकारी कार में आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।
चेतन और सिया 17 जून को पुणे के एक कैफे में मिले थे। यहीं पर केतन का मर्डर प्लान किया था।
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने गूगल पर लोहगढ़ किले के डेथ पॉइंट सर्च किए थे। वहां तक पहुंचने का रास्ता और खाइयों की भी जानकारी जुटाई थी।
पुलिस ने कहा- दोनों ने गूगल पर ‘डेथ पॉइंट और जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो’ जैसे सवाल सर्च किए। पकड़े जाने पर पुलिस के सवालों के क्या जवाब देने हैं, यह भी खोजा। कौन-कौन से वॉट्सएप मैसेज डिलीट करना है, यह भी सर्च किया था।
पुलिस ने बताया कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मर्डर के दिन अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था। इसके बाद उसने दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया। पुलिस डिलीट किए गए वॉट्सएप मैसेज की भी फोरेंसिक जांच करा रही है।
शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता को लोणावला पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाया था।
पुणे मर्डर केस जुड़े अपडेट
रविवार को पुलिस सिया और चेतन को लेकर लोहगढ़ फोर्ट पहुंची है। यहां पर केतन की हत्या का सीन रीक्रिएट किया जा रहा है।
पुलिस ने शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता से 12 घंटे पूछताछ की। इससे पहले गुरुवार को सिया के भाई से 10 घंटे तक पूछताछ की थी।
पुलिस ने आरोपी चेतन चौधरी की बाइक जब्त की है, जिससे वह लोहगढ़ किला पहुंचा था। इसके अलावा चेतन की हुडी, हेडफोन और अन्य सामान जब्त किया है। सभी की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
सिया-चेतन का नया वीडियो
सिया और चेतन का नया वीडियो सामने आया। इसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
वहीं, पुलिस की पूछताछ में सिया के भाई साहिल ने खुलासा किया कि सिया-चेतन की मुलाकात क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। इसके बाद एक दोस्त के घर दिवाली की पूजा में भी दोनों मिले थे। साहिल भी चेतन को जानता है।
दरअसल, सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हुई थी। सिया पर बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मंगेतर की हत्या का आरोप है। दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
सिया और चेतन का वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं।
केतन की मां बोलीं- सिया और चेतन को फांसी की सजा मिले
शनिवार शाम केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए पिंपरी-चिंचवाड़ में परिवार और सोसाइटी के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘मेरा 26 साल का बेटा बिना किसी गलती के मारा गया। मैं उसकी शादी कराने निकला था, लेकिन बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। मेरी सिर्फ एक मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।’
केतन की मां राखी अग्रवाल ने कहा, ‘मैं एक मां हूं और सिया की भी मां है। इसके बावजूद मैं चाहती हूं कि सिया और चेतन, दोनों को फांसी की सजा मिले। मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए।’
कैंडल मार्च की 2 तस्वीरें…
कैंडल मार्च के दौरान केतन के माता-पिता समेत अन्य लोग भावुक नजर आए।
केतन के परिवार ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
केतन मर्डर केस में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए…
सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डेटा रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर तन चौधरी के थे। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में है, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, केतन के पिता के मुताबिक शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
दावा- केतन का सिर कुचला हुआ था
केतन का शव स्क्यू करने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया…
केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी चोट थीं। कई लोग रो रहे थे, मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन सिया शांत खड़ी थी। 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। बचाव अभियान दोपहर 12:30 बजे तक चला और करीब 1:30 बजे शव एंबुलेंस में पहुंचाया गया था।
केतन के पिता बोले- घटना वाले दिन ही सिया पर शक हुआ
केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मुताबिक, घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए थे। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी जवाब नहीं दिया।
चेतन के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया था कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकाला जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर उसकी पहचान की गई।
केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा।
अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही। सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया।
सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई नवंबर, 2025 में हुई थी। दोनों के परिवार शादी की तैयारियां कर रहे थे।
परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखा कि लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है
परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर सिया के अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता।
सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी
सिया की मां पूजा बोलीं- इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
सिया ने पिता प्रवीण ने कहा कि सिया ने खुद कहा था कि केतन से उसका रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था। केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था।
सिया के माता-पिता ने गुरुवार को पहली बार मीडिया से इस केस पर बात की। पिता ने कहा कि केतन और सिया को एक-दूसरे से प्यार था।
31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर
31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा
11फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया
सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया
सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया
19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।
अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताई। CENTCOM के मुताबिक ये हमले होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकानों पर किए गए। यह कार्रवाई ‘एम/टी किकु’ नाम के तेल टैंकर पर हुए ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई है। रॉयटर्स के मुताबिक होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। जहाज को नुकसान पहुंचा, लेकिन वह आगे बढ़ रहा है। अमेरिका ने ईरान पर हमला करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। यह कार्रवाई अमेरिका की ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले का यह वीडियो जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हवाई हमले: अमेरिका ने शुक्रवार को करीब एक घंटे तक ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर हवाई हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम तोड़ा था, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
2. ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला: ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, किन ठिकानों पर हमला हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
3. होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला: ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा है, लेकिन सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और तेल रिसाव की सूचना नहीं है।
4. खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां: ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां जारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए उनके पार्थिव शरीर को सड़क के बजाय हेलिकॉप्टर या सैन्य विमान से ले जाने पर विचार किया जा रहा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…