दौसा सदर थाना पुलिस ने चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को भीलवाड़ा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भैरूलाल जाट (40) निवासी नयागांव, थाना बिगोद, जिला भीलवाड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में पूर्व में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य भोपाल सिंह मीना और अजय योगी निवासी ओण्ड मीना को गिरफ्तार किया गया था। उनकी निशानदेही पर तीन चोरी की स्विफ्ट कारें और एक बिना नंबर की टाटा हैरियर एसयूवी बरामद की गई थी। साथ ही वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए थे। जांच के दौरान सामने आया कि बरामद टाटा हैरियर एसयूवी को भैरूलाल जाट ने खरीदा था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर वह वाहन छोड़कर फरार हो गया था। सदर थाना पुलिस ने लगातार तलाश के बाद उसे नयागांव, जिला भीलवाड़ा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। यह कार्रवाई एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देशन में सदर थाना प्रभारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने की।
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चोरी का वाहन खरीदने का आरोपी भीलवाड़ा से गिरफ्तार: पहले बरामद हुई थीं 4 लग्जरी कारें; पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया था – Dausa News
‘अब खाकी पर फायर होगा’ कहने वाला आरोपी गिरफ्तार: तीन दिन पुलिस रिमांड पर, आर्मी ऑफिसर के घर पर की थी ताबड़तोड़ फायरिंग – Satna News
सतना में आर्मी ऑफिसर के घर पर गोली चलाने वाले मास्टरमाइंड और 10 हजार रुपये के इनामी अमित सोनी उर्फ बंटा (25 वर्ष) को 20 दिन बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन की रिमांड मंजूर कराई गई है। अमित सोनी बाल्मीक मोहल्ला, सिंधी कैंप का निवासी है। आर्मी ऑफिसर के बेटे पर घर के बाहर की थी फायरिंग
यह घटना 5 जून को कोलगवां थाना क्षेत्र के घूरडांग में हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर बंटा ने अपने साथियों अमर सिंह, अभिज्ञान त्रिपाठी, अंकित सिंह और युवराज उर्फ राजाबाबू के साथ मिलकर एयरफोर्स अधिकारी रामदास सिंह के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस दौरान उनके बेटे हर्ष प्रताप सिंह (22 वर्ष) की हत्या का प्रयास किया गया था। इस मामले में वारदात के अगले ही दिन अंकित और युवराज को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में अमर और राजाबाबू को मुंबई पुलिस की मदद से पकड़ा गया। फरारी में मदद करने वाले एक अन्य आरोपी को भी हाल ही में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मास्टरमाइंड बंटा लगातार फरार चल रहा था। पुलिस को दी थी धमकी- अब खाकी पर फायर होगा
पुलिस को सूचना मिली थी कि अमित सोनी चोरी-छिपे सतना लौट रहा है। इसके बाद बाइपास रोड पर एक ढाबे के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए असलहे की बरामदगी और फरारी में मदद करने वालों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए 27 जून तक की रिमांड हासिल की है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वारदात के बाद फरारी के दौरान अमित सोनी उर्फ बंटा ने अपने साथियों के साथ एक चलते वाहन में वीडियो बनाया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा था, जिसमें बंटा ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि “अब खाकी की बारी है।”
इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… “पुलिस ट्रैक करके दिखाए, अब खाकी पर फायर होगा” सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में एयरफोर्स अधिकारी के घर फायरिंग और उनके बेटे पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं मुख्य आरोपी अमित सोनी उर्फ बंटा अब भी फरार है। गिरफ्तारी से बचता फिर रहा आरोपी अब सोशल मीडिया पर खुलेआम पुलिस को चुनौती देता नजर आया है। पूरी खबर पढे़ं…
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वेनेजुएला में तबाही के बाद सड़कों पर लगे रिलीफ कैंप: अपनों से मिलकर रोए लोग, शहर मलबे में बदले; 22 PHOTOS-VIDEOS
कराकस, वेनेजुएला15 मिनट पहले
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वेनेजुएला में गुरुवार को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। 40 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकास की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं।
कई परिवारों ने अपनों को खो दिया। हजारों लोग घायल हैं। सड़कों पर रेस्क्यू कैंप्स में लोगों का इलाज चल रहा है। लोग अपने लोगों को ढूंढ रहे हैं। मलबा हटाने की कोशिशें की जा रही है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
22 PHOTO-VIDEO में देखें, वेनेजुएला में रेस्क्यू , इलाज, तबाही और राहत का मंजर…
मलबे से लोगों का रेस्क्यू, 4 तस्वीरें

कराकास में भूकंप के बाद इमारत ढहने से एक महिला मलबे में फंस गई। रेस्क्यू टीम ने उसे निकाला।

धराशायी हो चुकी एक बिल्डिंग में से रेस्क्यू टीम ने एक व्यक्ति को उसके पालतू जानवर के साथ बाहर निकाला।

राजधानी कराकस में मलबे में फंसे शख्स को निकालती रेस्क्यू टीम।

रेस्क्यू टीमें कराकस में मलबे में दबे हुए लोगों को ढूंढने की कोशिश कर रही है।
सड़कों पर लगे राहत शिविरों में रह रहे लोग, 4 तस्वीरें

भूकंप से अस्पताल तबाह होने के बाद कराकस में सड़क पर रिलीफ कैंप्स लगे हैं। यहां लोगों का इलाज चल रहा है।

कराबालेदा शहर में बने एक राहत शिविर में घायल बच्चों का इलाज जारी है।

कराकास में बीच सड़क पर रिलीफ कैंप लगा हुआ है, जहां लोगों का इलाज जारी है।

वेनेजुएला के कातिया ला मार शहर में भूकंप से क्षतिग्रस्त होने के बाद खाली कराए गए एक अस्पताल के बाहर बेड पर लेटे मरीज।
मलबे में बदला शहर, 4 तस्वीरें

कराकास में भी काफी तबाही हुई है। रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर आम लोग भी मलबे को हटाने में जुटे हैं।

भूकंप के बाद राजधानी कराकास की बड़ी इमारतें ढह गईं। पूरा शहर मलबे में बदल चुका है।

मलबे में अपनों को खोजने की तलाश जारी है। एक शख्स ढेर के ऊपर थककर बैठ गया।

कराकस में मशीनें और रेस्क्यू टीम मलबा हटाने में जुटी हैं।
तबाही के पहले और बाद का मंजर; 4 तस्वीरें

लॉस पालोस ग्रांडेस जिले में एक ऑफिस की बिल्डिंग ढह गई। रेस्क्यू टीम मलबा हटाने में जुटी है।

ला गुएरा में भूकंप से एक रेसिडेंशियल अपार्टमेंट ढह गया। मलबे में कई लोग फंसे हो सकते हैं।

भूकंप के दो झटकों के बाद वेनेजुएला के ला गुएरा में एक होटल मलबे में बदल गया।

उत्तरी लॉस पालोस ग्रांडेस जिले के पेटुनिया में रेसिडेंशियल बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई।
अपनों से मिलने की खुशी, 4 तस्वीरें

कराकास में रिलीफ कैंप में एक पिता अपने बच्चों से मिलने के बाद उन्हें गले लगाकर रोने लगा।

कराकास में मलबे के पास अपने बेटे को गोद में उठाकर खड़ी एक मां।

भूकंप के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर है। ऐसे में लोग एक दूसरे को ढांढस बताते दिखे।

ला गुएरा में रिलीफ कैंप के अंदर अपने बच्चों को गले लगाकर सोता हुआ एक व्यक्ति।
दूसरे देशों से आ रही रेस्क्यू टीम्स, 2 तस्वीरें

पूरी दुनिया से रेस्क्यू टीम्स वेनेजुएला के लिए रवाना हो गई हैं। स्विट्जरलैंड, चिली, अल साल्वाडोर, मैक्सिको, स्पेन, फ्रांस और पुर्तगाल शामिल वेनेजुएला में विशेषज्ञ और बचाव दल भेज रहे हैं।

अल साल्वाडोर से एक विशेष बचाव दल गुरुवार को वेनेजुएला के लिए रवाना हो गया है।
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वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। 39 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकस की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। भूकंप ने कुछ ही सेकेंड में हजारों लोगों की जिंदगी बदल दी। कई परिवारों ने अपनों को खो दिया, सैकड़ों लोग घायल हुए और बड़ी संख्या में लोगों को घर छोड़ना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…
बारिश में कुछ नया खाना है? ट्राई करें राजस्थान का मशहूर ‘घेरिया’
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Ghar Par Gheriya Kaise Banaye: राजस्थान के मारवाड़ और जालौर इलाके में मानसून के मौसम में पारंपरिक स्नैक ‘घेरिया’ खूब पसंद किया जा रहा है. इसे कई जगहों पर ‘साजिया’ या ‘हाजिया’ भी कहा जाता है. गेहूं के आटे से बनने वाला यह स्नैक डीप फ्राई करने के बजाय भाप (स्टीम) में पकाया जाता है, जिससे यह समोसे-कचौड़ी के मुकाबले बेहद हेल्दी होता है. स्थानीय गृहिणी अनिता के अनुसार, अजवाइन, जीरा और हरी मिर्च के मिश्रण से तैयार इस पकवान को अंत में देसी घी और लाल मिर्च के साथ परोसा जाता है, जो बच्चों और बुजुर्गों सबका पसंदीदा है.
Monsoon Rajasthani Traditional Snacks: बारिश की ठंडी हवाएं, आसमान में छाए काले बादल और हल्की-हल्की बूंदाबांदी… ऐसे सुहावने मौसम में हर किसी का मन कुछ गरमा-गरम और चटपटा खाने का करता है. आमतौर पर लोग ऐसे समय में समोसे, कचौड़ी या मिर्ची बड़ा खाना पसंद करते हैं. लेकिन अगर आप रोज-रोज के इन तली-भुनी चीजों को खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो आज हम आपको राजस्थान के मारवाड़ इलाके का एक बेहद खास और पारंपरिक स्नैक बताने जा रहे हैं, जिसे ‘घेरिया’ कहा जाता है. जालौर सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में यह मानसून का सबसे पसंदीदा पकवान माना जाता है.
राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र की पारंपरिक रसोई का यह एक अभिन्न हिस्सा है. इस स्वादिष्ट स्नैक को अलग-अलग इलाकों में स्थानीय बोलियों के अनुसार अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है. कहीं इसे ‘साजिया’ कहा जाता है, तो कहीं इसे ‘हाजिया’ के नाम से भी पहचाना जाता है. नाम भले ही इसके अलग-अलग क्षेत्रों में बदल जाते हों, लेकिन इसे बनाने का तरीका, इसका लाजवाब स्वाद और इसकी पौष्टिकता हर जगह एक जैसी ही बेहतरीन रहती है.
स्वाद के साथ सेहत का बेहतरीन कॉम्बो
यह पारंपरिक व्यंजन सिर्फ स्वाद में ही लाजवाब नहीं होता, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद माना जाता है. बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मानसून स्नैक्स मैदे से बने होते हैं और उन्हें डीप फ्राई किया जाता है. इसके विपरीत, घेरिया की सबसे खास बात यह है कि यह शुद्ध गेहूं के आटे से बनाया जाता है और इसे पकाने में ज्यादा तेल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है. तेल की जगह इसे भाप (स्टीम) में पकाया जाता है, जिससे यह एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक बन जाता है. जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है, मारवाड़ के घरों में शाम की चाय के साथ घेरिया बनाने की होड़ मच जाती है. यह स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन बनाए रखता है.
बच्चे और बुजुर्ग सभी करते हैं पसंद
स्थानीय गृहिणी अनिता ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि हमारे यहां हर साल बारिश के मौसम में घेरिया जरूर बनाया जाता है. यह बहुत ही आसान रेसिपी है और सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ज्यादा तेल-मसालों का तामझाम नहीं होता, इसलिए यह पेट के लिए भी हल्का और हेल्दी रहता है. घर के बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं और बड़े-बुजुर्गों को भी इसका पारंपरिक स्वाद बहुत पसंद आता है. बारिश के दिनों में यह पूरे परिवार के लिए एक परफेक्ट गेट-टुगेदर स्नैक है.
घेरिया बनाने की आसान विधि
घेरिया को घर पर बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले गैस पर एक बर्तन में पानी गर्म करें. जब पानी अच्छे से उबलने लगे, तब उसमें अजवाइन, जीरा, बारीक कटी हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा मीठा सोडा डालें. इसके बाद इसमें धीरे-धीरे गेहूं का आटा मिलाएं और लकड़ी की चम्मच से लगातार चलाते रहें, ताकि मिश्रण अच्छे से मिक्स हो जाए और उसमें गुठलियां ना बनें. जब यह गाढ़ा मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब इसे स्टीम करने की प्रक्रिया शुरू करें.
इसके लिए एक कढ़ाई में पानी गर्म करें और उसके ऊपर एक छलनी रख दें. अब तैयार आटे के मिश्रण को छलनी में डालकर कुछ मिनट तक भाप में अच्छी तरह से पकाएं. जब यह अच्छी तरह पक जाए, तो इसे बाहर निकालकर प्लेट में निकालें. सर्व करते समय इसके ऊपर गरमा-गरम देसी घी डालें, साथ में ऊपर से सूखी लाल मिर्च पाउडर और बारीक कटा हरा धनिया डालकर इसे और भी स्वादिष्ट और आकर्षक बनाया जा सकता है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
संगीत की दुनिया की ‘महारानी’, जिसके आगे झुकते थे राजे-रजवाड़े, डिमांड पर चलानी पड़ी ट्रेन
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गौहर जान को आज लोग भले नहीं जानते, मगर वे आजादी से पहले भारत की मशहूर शख्सियत थीं. उन्हें पहली सेलिब्रिटी गायिका बताया जाता है. उन्होंने साल 1902 में देश की पहली ग्रामोफोन रिकॉर्डिंग करके इतिहास रचा था. उन्होंने 10 से ज्यादा भाषाओं में 600 से ज्यादा गाने गाए थे. गौहर जान अपनी बेमिसाल गायकी के साथ-साथ अपने रॉयल अंदाज के लिए भी मशहूर थीं. आप उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्हें एक कार्यक्रम में जाने के लिए उनकी स्पेशल ट्रेन की मांग तक पूरी की गई थी. उन्होंने साल 1911 में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम के सामने भी परफॉर्मेंस दी थी.
गौहर जान का असली नाम एंजेलिना योवर्ड था. (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: भारतीय संगीत के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिनके हुनर से एक नया दौर शुरू हुआ. उन्हीं में से एक बड़ा नाम हैं- गौहर जान. गौहर जान को भारत की पहली रिकॉर्डिंग स्टार और पहली सेलिब्रिटी गायिका माना जाता है. वह न सिर्फ अपनी बेमिसाल गायकी के लिए जानी जाती थीं, बल्कि अपनी ठाठ-बाठ और बेबाकी के लिए भी मशहूर थीं. गायिका की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि एक बार किसी रियासत के कार्यक्रम में जाने के लिए उन्होंने पूरी टीम के साथ सफर के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग की थी, जिसे मान भी लिया गया था.
गौहर जान का जन्म 26 जून 1873 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुआ था और उनका असली नाम एंजेलिना योवर्ड था. उनके पिता रॉबर्ट विलियम योवर्ड एक इंजीनियर थे और मां विक्टोरिया हेमिंग्स संगीत और डांस की शौकीन थीं. बचपन में ही माता-पिता के अलग होने के बाद उनकी मां ने इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम मलका जान रख लिया. एंजेलिना का भी नाम बदलकर गौहर जान हो गया. बाद में मां-बेटी कोलकाता आ गईं, जहां गौहर ने उस दौर के बड़े-बड़े उस्तादों से शास्त्रीय संगीत और कथक सीखा. उन्होंने कम उम्र में ही दरभंगा राज के दरबार से अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी.
आवाज रिकॉर्ड करवाकर रचा इतिहास
20वीं सदी की शुरुआत में जब भारत में ग्रामोफोन तकनीक आई, तो साल 1902 में गौहर जान ने अपनी आवाज रिकॉर्ड करवाकर इतिहास रच दिया. उस जमाने में रिकॉर्डिंग का समय सिर्फ तीन मिनट का होता था, इसलिए उन्होंने लंबे शास्त्रीय गानों को छोटे समय में समेटने की गजब की कला सीखी. हर रिकॉर्डिंग के खत्म होने पर उनका शान से यह कहना कि ‘माय नेम इज गौहर जान’ उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया. उन्होंने साल 1902 से 1920 के बीच 10 से ज्यादा भाषाओं में 600 से भी अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जो उस समय के हिसाब से एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड था.
आखिरी दिनों में बनीं दरबारी संगीतकार
गौहर जान की दीवानगी ऐसी थी कि उस दौर में उनकी तस्वीरें पोस्टकार्डों पर छपती थीं और वह एक इवेंट के लिए भारी-भरकम फीस लेती थीं. उन्हें साल 1911 में दिल्ली दरबार में ब्रिटेन के सम्राट जॉर्ज पंचम के सामने परफॉर्म करने का मौका मिला, जो किसी भी कलाकार के लिए बहुत गर्व की बात थी. जिंदगी के आखिरी दिनों में वह मैसूर के महाराजा कृष्णराज वाडियार चतुर्थ के बुलावे पर वहां की दरबारी संगीतकार बनीं. हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ उनकी सेहत बिगड़ने लगी और आखिरकार 17 जनवरी 1930 को मैसूर में इस महान गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, 3 लोगों की मौत: रतलाम में 10 से ज्यादा झुलसे, 5 गंभीर; मुहर्रम जुलूस में 200 लोग थे शामिल – Ratlam News
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार रात ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में 10 से अधिक लोग आ गए। इनमें 3 की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में 5 की हालत गंभीर है। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना पिपलोदा के हतनारा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। हालांकि अरबाज के परिजन उसे अस्पताल से कहीं और ले गए। इस कारण प्रशासन ने 2 मौतों की पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर रविंद्र सोलंकी ने 3 मौतों की पुष्टि की है। घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों में अनास पिता अकरम (16), मोइन शाह पिता इश्क शाह (35), रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद और वहीद शामिल हैं। वहीं इब्राहिम पिता हनीफ को रतलाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… करीब 200 लोग जुलूस में थे शामिल प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी ने बताया कि मुहर्रम के अवसर पर हतनारा गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली लाइन काफी नीचे थी। ताजिया के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और आगे चल रहे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी। हादसे के वक्त का वीडियो भी आया सामने घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें करंट लगने के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग जमीन पर पड़े दिख रहे हैं। आसपास के लोग घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। ड्यूटी डॉक्टर बोले- तीन लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था रतलाम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रविंद्र सोलंकी ने बताया कि तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। 3 मृतकों में से 2 के परिजन औपचारिक कागजी प्रक्रिया पूरी किए बिना उन्हें अपने साथ ले गए। उन्हें बता दिया गया था कि उनकी धड़कनें बंद हो चुकी हैं। एएसपी बोले- हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद हुआ हादसा रतलाम एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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एमआईए की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण: राजेंद्र गहलोत बोले: इंडस्ट्री के विकास और समस्याओं के लिए करेंगे प्रयास, सीनियर बिजनेसमैन को किया सम्मानित – Jodhpur News
मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी वर्ष का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ठ उद्यमी सम्मान समारोह मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के जगशांति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यों एवं एसोसिएशन के ऑडिटोरियम की सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के बारे में बताए ताकि समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने जोधपुर, पाली एवं बालोतरा की बंद यूनिट को दोबारा संचालित करवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मेंडका भरोसा दिलाया।
इन्हें दिलाई शपथ
पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने एमआईए की 43 वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इसमें राकेश कुमार बंसल अध्यक्ष, भंवरलाल भूतड़ा एवं ओपी भंसाली उपाध्यक्ष, विनोद परिहार सचिव, नवरतनमल बैद एवं राजीव चैपड़ा सहसचिव, रमन सिंघल कोषाध्यक्ष, दिलीप सोनी निवर्तमान अध्यक्ष सहित अक्षय अग्रवाल, अमन त्रेहान, अनुपम शर्मा, दिव्येश परिहार, गजेन्द्र सोलंकी, गुमानाराम जांगिड़, गणेश चैधरी, इमरान खान, जयेश खत्री, मनोज जैन, मनोज भण्डारी, निर्मल मालू, पीयूष लूणिया, राजेश बांठिया, रचित माहेश्वरी, को कार्यकारिणी सदस्यों एवं अनिल गहलोत, अरूण सिंघल, दिनेश सोनी, कैलाश विश्नोई, सिद्धार्थ कंसारा एवं सिद्धार्थ सुराणा को सहवृत्त सदस्यों के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पूर्व चुनाव अधिकारी उपेन्द्र भंसाली ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों व सहवृत्त सदस्यों को मंच पर शपथग्रहण हेतु आमंत्रित किया।
रीको लि. के पूर्व स्वतंत्र निदेशक सुनील परिहार ने एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को दोबारा संचालित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य सरकार द्वारा समय रहते प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरणीय मानकों में भी संशोधन किया जाना चाहिए। ताकि उद्योगों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए ताकि 7 लाख से अधिक प्रभावित रोजगार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
सीनियर उद्यमियों का किया सम्मान
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री ओमकार वर्मा ने कहा- जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के उद्योगों की तालाबंदी केवल राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता के कारण ही संभव हुई है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार द्वारा समय रहते माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी करते हुए बंद पड़े उद्योगों के शीघ्र संचालित करने हेतु त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में एमआईए द्वारा वरिष्ठ उद्यमी कैलाशराज टाटिया और विमलराज सिंघवी को वरिष्ठ उद्यमी सम्मान से सम्मानित किया गया।
एमआईए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेशकुमार बंसल एवं नवनिर्वाचित सचिव विनोद परिहार ने एसोसिएशन की कार्यकारिणी के निर्विरोध निर्वाचन पर सभी उद्यमियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार से सम्बंधित कई समस्याओं को लेकर प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योग त्रस्त है। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए दोबारा संचालित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम क शुरुआत में एमआईए अध्यक्ष राकेश कुमार बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनके कार्यकाल के बारे में जानकारी दी। सचिव विनोद परिहार ने सालभर की एक्टिविटी के बारे में बताया। संचालन एमआईए के सहसचिव राजीव चैपड़ा ने किया। कार्य्रम में ये रहे में ये रहे मौजूद
समारोह में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी दक्षिण के पूर्व अध्यक्ष नरेश जोशी एवं जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी उत्तर के पूर्व अध्यक्ष सलीम खान, रीको बोरानाडा के उपमहाप्रबंधक विनीत गुप्ता, रीको जोधपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक सुशील कटियार एवं क्षेत्रीय प्रबंधक मितेश रतनानी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र से पूनम राठौड़ एवं ओमप्रकाश चैधरी, एचडीएफसी बैंक के कलस्टर हैड अमित भण्डारी, एचडीएफसी बासनी शाखा के शाखा प्रबंधक निर्मल गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक बासनी के शाखा प्रबंधक सुधीर पारीक, आईडीबीआई बैंक बासनी के ब्रांच हैड अभिमन्यूसिंह बराड़, जोधपुर डिस्काॅम के सहायक अभियंता बी-चतुर्थ संदीप पंवार एवं पंकज चैहान, वरिष्ठ उद्यमी रावलचंद चैपड़ा, कैलाशराज टाटिया, प्रकाश संचेती, रामजीलाल लीला, किशनसिंह देवड़ा, किशनलाल गर्ग, विष्णु मित्तल, राहुल सिंघवी, जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया, पूर्व अध्यक्ष एनके जैन, लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रांत अध्यक्ष महावीर चैपड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष पंकज भण्डारी एवं सचिव राकेश चोरड़िया, बोरानाडा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सुराणा एवं सचिव राजेश सोलंकी, एमआईए के पूर्व अध्यक्ष कैलाश एन. कंसारा, कमल मेहता, डॉ .एसके शर्मा, कमल सिंघवी, उमेश लीला, प्रदीप डाकलिया, उपेन्द्र भंसाली, योगेश माहेश्वरी, भंवरलाल चैपड़ा सहित नरेन्द्र छाजेड़, नरेन्द्र शर्मा, मुकेश खत्री, अशोक एस. तातेड़, धनराज गुणपाल, केके लूंकड़, लक्ष्मीनारायण भाटी, हरदीपसिंह सलूजा, गौरव भंसाली, जितेन्द्र बोहरा, पार्षद योगेश गहलोत सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।
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