‘बिल्डिंग से कहीं-कहीं से धुआं निकल रहा था। पता चला कि इसके अंदर लोग फंसे हुए हैं। हमने पत्थर मार-मारकर कांच तोड़े तो 4-5 लोग नीचे उतरे। इस दौरान फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देर तो हुई, वर्ना 15 लोग बच जाते।’ ‘आधा घंटा नहीं, 1 घंटे लेट पहुंची थी फायर ब्रिगेड। अगर 15-20 मिनट लेट पहुंचती तब भी 15 बच्चों की जान बच जाती।’ ऐसे आरोप लखनऊ अग्निकांड के प्रत्यक्षदर्शी और पीड़ितों ने लगाए। इन आरोपों के बाद दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने स्थिति को परखा। इसके लिए घटनास्थल से सबसे नजदीकी फायर ब्रगेड स्टेशन की दूरी स्कूटी से नापी। समय वही चुना, जब आग लगी थी- दोपहर 3 बजे के आसपास। रिकॉर्ड की बात करें तो फायर स्टेशन पर सूचना 2:27 बजे दी गई। वहीं, अलीगंज थाने में दर्ज FIR के अनुसार 2:30 बजे आग लगी। इस रिपोर्ट में पढ़िए लोगों के आरोप, जानिए घटनास्थल के हालात और दोपहर 3 बजे कपूरथला से इंदिरानगर फायर स्टेशन के बीच की ट्रैफिक। पहले मैप देखिए- अब देखिए बिल्डिंग की हालत- अब पूरी घटना जानिए- राजधानी के अलीगंज इलाके में 2 मंजिला इमारत में 22 जून को आग लगी। इसमें 5 लोगों ने किसी तरह पाइप और तार के सहारे उतरकर खुद को बचा लिया। एक युवक आग के दौरान नीचे कूद गया, जिससे पैर पैरालाइज हो गए। हादसे में दूसरे फ्लोर पर थ्रीडी एनिमेशन सेंटर पर मौजूद 15 युवाओं की मौत हो गई। 23 जून को SIT और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जांच और पूछताछ की। दो सदस्यीय SIT यहां के बाद KGMU पहुंची। वहां भर्ती सभी घायलों से बातचीत कर हादसे की स्थिति जानी। उसी दिन सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम कर उनके परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे के बाद LDA ने बिल्डिंग ढहाने का आदेश दिया। रियलिटी चेक में 20 में स्कूटी से पहुंचा रिपोर्टर अलीगंज अग्निकांड की जगह से जो सबसे करीबी फायर स्टेशन है, वह इंदिरानगर है। दोनों जगहों के बीच की दूरी लगभग 6.2 किलोमीटर है। गूगल मैप पर यह दूरी फोरव्हीलर से 18 मिनट में दिखा रही है। रिपोर्टर जब इसी दूरी को स्कूटी से मापने पहुंचा, तो 20 मिनट में घटनास्थल से फायर स्टेशन पहुंच गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां स्कूटी के बराबर नहीं होतीं। एक हाइड्रोलिक मशीन भी पहुंची थी। कुल 19 गाड़ियां थीं, जो कई फायर स्टेशनों से पहुंची थीं। अब पढ़िए पीड़ितों और चश्मदीदों को- …लेकिन फायर ब्रिगेड को आने में थोड़ी देरी हुई प्रत्यक्षदर्शी साहिल जोशी ने बताया- मैं यहां से बाइक से गुजर रहा था। आग कैसे शुरू हुई इसके बारे में नहीं पता। यहां धुआं उठ रहा था। नीचे से लोगों ने पत्थर मारकर शीशे तोड़े। अंदर से 3-4 लड़के तार से लटकते हुए नीचे आए। कई बच्चे अंदर ही फंसे थे। इस पूरे घटनाक्रम में 20-25 मिनट हो गए। यहां सब लोग फायर ब्रिगेड और पुलिस को कॉल कर रहे थे। लेकिन, फायर ब्रिगेड के आने में थोड़ी देरी हुई। ‘फायर की गाड़ियां देर से आईं, इसलिए समस्या हुई’ हादसे की चश्मदीद कामिनी ने बताया- जब आग लगी तो मैं घर पर ही थी। चीख-पुकार मचने पर बाहर निकली तो देखा कि अफरा-तफरी का माहौल था। लोग इमारत पर ईंट मार रहे थे, ताकि शीशा टूट जाए और धुआं बाहर निकल जाए। शीशा टूटते ही इमारत से लटककर लोग कूदने लगे। चाहकर भी हम, लोगों की मदद नहीं कर पाए। फायर की गाड़ियां भी देर से आईं, इसलिए बहुत समस्या हुई। फायर की गाड़ियां आधे घंटे से ज्यादा देरी से पहुंचीं। ‘आधा नहीं, 1 घंटे से भी लेट आई फायर ब्रिगेड’ हादसे में जान गंवाने वाले नीलेश की भाभी रेनू ने कहा कि इस घटना के बाद मौत की सबसे बड़ी वजह फायर ब्रिगेड की गाड़ी का देर से आना। उन्होंने गाड़ियों के आधा घंटे में पहुंचने की बात काटते हुए कहा- पूरे 1 घंटे के बाद आग बुझाने वाली गाड़ी पहुंची। अगर 10 या 20 मिनट देरी से आती तो बच्चों की जान बच जाती। एक घंटे देर से आने की वजह से मैंने अपने देवर को खो दिया। फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची, इस वजह से 15 बच्चे अब नहीं रहे। ‘फायर ब्रिगेड हमेशा देर से आती है’ बख्शी का तालाब के शुभम मिश्रा हमें घटनास्थल पर मिले। उन्होंने कहा- फायर ब्रिगेड की टीम हमेशा लेट पहुंचती है। फायर ब्रिगेड की सबसे बड़ी लापरवाही है। अगर वह समय पर आते तो इतनी मौतें न होतीं। 2 महीने पहले मेरी दुकान में भी आग लगी थी। जब पूरा माल जल गया था, तब फायर ब्रिगेड पहुंची। जैसे चौराहों पर पुलिस की गाड़ियां खड़ी रहती हैं, उसी तरह फायर ब्रिगेड की भी गाड़ी खड़ी रहनी चाहिए। कोई हादसा होता है तो हादसे के बाद गाड़ी आती है। उसके पहुंचने में समय लगता है, इसलिए हर चौराहे पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी तैयार हालत में होनी चाहिए। अंत में 2 तस्वीरें रियलिटी चेकिंग की- —————————– संबंधित खबर भी पढ़िए-
Weather MP UP Rajasthan Himachal Uttarakhand Pre Monsoon Rain Flood Alert
भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना9 मिनट पहले
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देश के 6 राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि छह राज्यों में तेज गर्मी भी हो रही है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पारा 42°C से ज्यादा दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में शुक्रवार को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग झुलस गए। देवास में आंधी-बारिश से मकान की बालकनी का हिस्सा गिर गया, हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई।
वहीं झारखंड में भी बिजली गिरने से 10 और छत्तीसगढ़ में दो लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के चमोली में देर रात देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद बादल फटने जैसी घटना हुई, जिससे स्कूल, 8 बड़ी गाड़ियां, एंबुलेंस और मकानों में मलबा घुस गया है।
मानसून ने देश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। यूपी में मानसून 8 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 15 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका है। यह अगले 2 दिन में बिहार बॉर्डर से प्रदेश में एंट्री कर सकता है।
पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून…
देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें…
हिमाचल प्रदेश के शिमला में शुक्रवार दोपहर को तेज बारिश हुई और दिन में अंधेरा छा गया।
उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने के बाद मलबे में थार कार फंस गई।
मध्य प्रदेश के बालाघाट बिजली गिरने से 2 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई।
मध्य प्रदेश के देवास में घर की बालकनी का हिस्सा गिर गया। इससे 2 महिलाओं की मौत हो गई।
6 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा हरियाणा के रोहतक में 43.4°C दर्ज किया गया।
वहीं यूपी के लखीमपुर खीरी में 43.2°C, बांदा और आगरा में 43°C, राजस्थान के श्रीगंगानगर में 42.1°C, एमपी के ग्वालियर में 41.8°C और गुजरात के अहमदाबाद में 41.7°C रहा।
अगले 2 दिन के मौसम का हाल
28 जून:
असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।
सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र (नागपुर-अमरावती रीजन) में लगातार चौथे दिन हीटवेव का अलर्ट है।
29 जून:
छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है।
बिहार में 50-60kmph की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवा चलेगी।
राजस्थान में 30-40kmph की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव जारी रहेगी।
Pune Businessman Murder: Father Suspects Siya Agrawal; Police Note Behavioral Shift
पुणे58 मिनट पहले
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पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में उनके पिता विशाल अग्रवाल ने दावा किया कि घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी कोई जवाब नहीं दिया।
विशाल अग्रवाल ने दिव्य भास्कर से बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकालकर लाया जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर पहचान की गई।
सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई। सिया पर अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या करने का आरोप है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
नवंबर 2025 में सिया और केतन अग्रवाल की सगाई हुई थी।
बुआ सिया को ले गई, तभी परिवार का शक गहराया
केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा।
अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही।
सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया।
परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। इसके बाद परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज भी खंगाले।
उन्होंने बताया कि घर लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
फोन बिजी रहता था, केतन को शक हुआ था
विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है
परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता।
सिया-चेतन ने चैट डिलीट की, भाई से 10 घंटे पूछताछ
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डिलीट डेटा रिकवर करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन चौधरी को जानता है।
पुलिस का दावा- विग और हकलाने की वजह से की हत्या
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, विशाल अग्रवाल ने इस दावे पर कहा कि शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। राज्य सरकार ने परिवार की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है।
सिया के माता-पिता ने गुरुवार को मीडिया से पहली बार इस केस पर बात की।
सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी
इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
परिवार को सिया और केतन की शादी से बहुत उम्मीदें थीं। केतन का परिवार भी सिया को बहुत प्यार और स्नेह देता था। सारे कार्यक्रम अच्छे से चल रहे थे।
अगर हमें लगता कि सिया को कोई परेशानी हो रही है या वह केतन से बात नहीं कर पा रही है, तो वे हमसे बात करते। सिया की इस शादी में रजामंदी थी।
हमें चेतन के बारे में कुछ भी पता नहीं था। सगाई के बाद से वह सिर्फ केतन से ही बात करती थी। मुझे नहीं लगता कि वह (अपराध करने के लिए) राजी हुई होगी।
अगर जांच में मेरी बेटी भी दोषी पाई जाती है तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
पिता प्रवीण गोयल ने कहा- केतन ही सिया को लोहगढ़ ले गया था
सिया ने मुझे खुद ही कहा था कि इस लड़के से मेरा रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था।
केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था।
केतन की हत्या के पहले कैफे में मिले थे सिया-चेतन
केतन की मौत से एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक कैफे गए थे।
केतन की हत्या के एक दिन पहले 17 जून को आरोपी सिया और प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था।
दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था।
दरअसल, 31 मई को सिया और मंगेतर केतन लोहगढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया को उसे मारने का आइडिया आया।
14 जून को भी केतन को धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस समय सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की कोशिश की थी, लेकिन केतन बच गया था।
पुलिस का दावा है कि कैफे में ही दोनों ने लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था।
31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर
31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घूमने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक जब दोनों किले की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचे, तो यहीं सिया को पहली बार केतन से पीछा छुड़ाने के लिए उसे पहाड़ी से धक्का देकर मार डालने का प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। तब केतन के घर वालों ने मना कर दिया। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। सभी लोग फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले। पुणे ग्रामीण के SP संदीप सिंह गिल के मुताबिक केतन के साथ बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने उसका पासपोर्ट अपने पास अलग रख लिया था।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। बोली कि मुझे वह जगह पसंद है। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पर पहुंचे। सिया ने केतन को एक जगह पीछे से धक्का दिया। पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- ‘धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।
तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल
पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ
21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही।
विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए।
दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा
पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा।
गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था।
तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे।
ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी
सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है।
बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी।
पुणे के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 22 जून को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें
केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो।
दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ।
19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे।
एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।
सगाई के एक महीने बाद सिया ने केक की फोटो शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को घर मिले एक महीना हो गया।
देश में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर व्यापक रणनीति तैयार की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को नार्को कॉ-ऑर्डिनेशन सेंटर (एन-कॉर्ड) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में अगले तीन वर्षों में राज्यों को ड्रग्स मुक्त बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध तीन वर्षीय कार्ययोजना का भी विमोचन किया गया। बैठक में तय किया गया कि ड्रग्स तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। तस्करों के नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जब्ती तथा वित्तीय लेन-देन की गहन जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसका नेतृत्व ऐसे अधिकारी के हाथ में होना चाहिए, जो पूर्णकालिक रूप से इस जिम्मेदारी का निर्वहन करे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार राज्यों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। बैठक में एनडीपीएस मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यकतानुसार विशेष अदालतें स्थापित करने, नशा मुक्ति केंद्रों को सुदृढ़ बनाने तथा स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही अफीम और अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती को पूरी तरह समाप्त करने के लिए राज्यों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अमित शाह ने कहा कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाली एन-कॉर्ड बैठकों में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उनकी नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्थान में ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए अभियानों और अवैध एमडी फैक्ट्रियों पर की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए सभी राज्यों से समन्वित और परिणाम आधारित अभियान चलाने का आह्वान किया।
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सरकारी राहत टीमों की कमी के कारण लोग अपने परिजनों को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटाने में जुटे हैं।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि मलबे से जिंदा निकाला गया हर व्यक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे पहले सरकार ने बताया था कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है।
इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है।
मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन…
भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें…
भूकंप आने के बाद बिल्डिंग मलबे के ढेर में बदल गई।
लोग मगबे में अपने लोगों के ढूंढ रहे है।
वेनेजुएला के ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे से एक शव ले जाते लोग।
ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे के नीचे पड़ा एक शव।
परिवार खुद मलबा हटाकर तलाश कर रहे
सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में हुई है। यहां कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी बचाव दल बहुत कम पहुंचे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे मलबे में दबे लोगों को जिंदा निकालने के लिए सबसे अहम होते हैं। ऐसे में हर घंटे के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद
दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है।
रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
भारत ने भी राहत सामग्री भेजी
भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बचाओ-बचाओ…मुझे सांप ने काट लिया,यहीं-कहीं सीट पर छिपा हुआ है, जल्दी से डाक्टर को बुलाओ, अगर इलाज नहीं मिला तो मर जाऊंगा। चलती ट्रेन में एक यात्री की यह चीख सुनते ही अफरा-तफरी मच गई। यात्री अपनी सीटें छोड़कर दूसरे डिब्बों की ओर भागने लगे। ट्रेन के जबलपुर स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक, हेल्थ स्टाफ और सर्प विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। घायल यात्री को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे इंजेक्शन लगाया गया। शाम तक उसकी हालत सामान्य हो गई। बाद में उसने बताया कि उसे ठीक से पता नहीं है कि सांप ने काटा था या चूहे ने। मेडिकल जांच सामान्य आने के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुणे-पटना एक्सप्रेस के एस-8 कोच में अफरा-तफरी घटना शुक्रवार को पुणे से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 17610) के स्लीपर कोच एस-8 में हुई। बिहार के सुपौल निवासी 20 वर्षीय विकास कुमार बर्थ नंबर-69 पर सफर कर रहे थे। जब ट्रेन जबलपुर पहुंचने वाली थी, तभी उन्होंने अचानक शोर मचाते हुए कहा कि उन्हें सांप ने काट लिया है। उनकी बात सुनते ही कोच में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और घबराए यात्री दूसरे डिब्बों में चले गए। सीटों के नीचे तक तलाशी, सांप नहीं मिला सूचना मिलते ही जबलपुर स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी, सीएंडडब्ल्यू स्टाफ, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञ ने संयुक्त जांच की। प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर ट्रेन पहुंचते ही संबंधित कोच की सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कहीं भी सांप नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। यात्री को सिर्फ पूंछ दिखी, चूहे की आशंका यात्री विकास कुमार ने बताया कि वह बर्थ पर सो रहा था। इसी दौरान उनकी उंगली में किसी जीव ने काट लिया। आंख खुलने पर उन्हें केवल उसकी पूंछ दिखाई दी। लगा कि वह सांप था, इसलिए उन्होंने शोर मचा दिया। उपचार के बाद हालत सामान्य, आगे की यात्रा पर रवाना सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे अधिकारियों ने विकास कुमार को जबलपुर स्टेशन पर उतारकर विक्टोरिया अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और शाम तक उनकी हालत सामान्य हो गई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वह यह निश्चित नहीं बता सकते कि उन्हें सांप ने काटा था या चूहे ने। इसके बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। एस-8 कोच की पूरी तलाशी में नहीं मिला सांप रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञों ने एस-8 कोच की विस्तृत जांच की। सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की तलाशी लेने के बावजूद कहीं भी सांप नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। सर्प विशेषज्ञ बोले- जहरीला सांप होता तो हालत गंभीर होती सर्प विशेषज्ञ ने बताया कि सूचना मिलने पर वह तत्काल रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूरे कोच की जांच की, लेकिन कोई सांप नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि यात्री को जहरीले सांप ने काटा होता तो कुछ ही घंटों में उसकी हालत गंभीर हो जाती। उपचार के बाद शाम तक यात्री पूरी तरह सामान्य था। यात्री नहीं बता सका सांप था या चूहा जीआरपी टीआई संजीवनी ने बताया कि पूछताछ के दौरान यात्री यह स्पष्ट नहीं बता सका कि उसे सांप ने काटा था या चूहे ने। वह काफी घबराया हुआ था। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई और उसे आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे की अपील- अफवाह से बचें, पहले सूचना दें रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दें, लेकिन बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाएं। संयम बनाए रखने से अनावश्यक घबराहट और भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
गोरखपुर में फर्जी क्लेम कर हेल्थ इंश्योरेंस की रकम हड़पने वाले गैंग के दो अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों गैंगेस्टर एक्ट के तहत वांटेड थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सरगना एजेंटों के माध्यम से इंश्योरेंस कराने वाले लोगों का डिटेल निकलवाते थे। फिर उनके नाम से हॉस्पिटल में फर्जी एडमिट, मेडिकल रिपोर्ट और फर्जी डिस्चार्ज बिल कंपनियों को दिखा कर लाखों रुपए क्लेम कर लेते थे। यह पूरा गैंग एक संगठित नेटवर्क की तरह चलता था। जिसका संचालन गोरखपुर और बस्ती स्थित डिसेंट हॉस्पिटल से होता था। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। रामगढ़ ताल थाने की पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश और आगे की जांच में जुटी है। जानिए पूरा मामला…
पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना विकास मणि त्रिपाठी उर्फ प्रवीण त्रिपाठी है, जिसने अपने सहयोगियों शमशुल कमर उर्फ सोनू खान, अफजल अंसारी, ताहिर खान, राकेश कुमार ओझा, ऋषभ सिंह, इन्द्रेश यादव, अभिषेक शर्मा उर्फ हनी शर्मा और अमन यादव उर्फ गौरव यादव के साथ मिलकर संगठित नेटवर्क तैयार किया था। जिसका उद्देश्य फर्जी बीमा दावों के जरिए आर्थिक लाभ कमाना था। जांच में सामने आया कि गिरोह हेल्थ इंश्योरेंस एजेंटों के माध्यम से बीमाधारकों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराए बिना ही इलाज के नाम पर फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड, बिल और डिस्चार्ज पेपर तैयार कर बीमा कंपनियों से क्लेम पास कराया जाता था। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन गोरखपुर और बस्ती स्थित डिसेंट हॉस्पिटल के माध्यम से किया जा रहा था। बजाज आलियांज की शिकायत से खुलासा हुआ
मामले का खुलासा तब हुआ जब बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के ब्रांच ऑपरेटर और सर्विस मैनेजर अनूप अग्रवाल ने रामगढ़ताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। कंपनी की इंटरनल जांच में पाया गया कि बीमा करवाने वाले सत्यवीर के नाम पर एपेक्स हॉस्पिटल और डिसेंट हॉस्पिटल से इलाज का क्लेम लिया गया, जबकि सत्यवीर ने लिखित रूप से बताया कि वह कभी इन अस्पतालों में भर्ती ही नहीं हुए। पता चला कि बीमाधारक के नाम से उसकी जानकारी और सहमति के बिना फर्जी बैंक खाता खोलकर करीब 1.80 लाख रुपये का क्लेम लिया गया। इसके बाद रामगढ़ताल थाने में साल 2025 में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज किया गया। डॉक्टर की फर्जी सिग्नेचर का इस्तेमाल किया
पुलिस ने जब जांच शुरू किया तो एक और मामला सामने आया, जिसमें डॉ. अजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनके नाम और सिग्नेचर का दुरुपयोग कर कई बीमा कंपनियों में फर्जी मेडिकल फाइलें तैयार की गईं। आरोप है कि मरीजों को भर्ती दिखाकर लाखों रुपये का बीमा क्लेम लिया गया, जबकि उन्होंने ऐसे किसी मरीज का उपचार नहीं किया था। इस शिकायत पर भी रामगढ़ताल थाने में अलग FIR दर्ज किया गया। पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
विवेचना के दौरान पुलिस ने साल 2025 और 2026 में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में फाइल किया। इसके बाद पुलिस ने पूरे गिरोह का गैंग चार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति लिया। जिस के बाद 21 जून 2026 को गिरोह के सभी सदस्यों के खिलाफ यूपी गैंगेस्टर और एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट के तहत FIR दर्ज किया गया। शुक्रवार को इसी मुकदमे में वांटेड राकेश कुमार ओझा और अभिषेक शर्मा उर्फ हनी शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।
Stock Market Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार (26 जून) को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला.सेंसेक्स अंत में 109.25 अंक (0.14%) की मामूली बढ़त के साथ 77,47 पर और निफ्टी-50 करीब 34.35 अंक (0.14%) की तेजी लेकर 24,056 पर बंद हुआ. एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है. 24,000-23,950 का लेवल अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,100-24,150 के ऊपर मजबूती दिख सकती है. जानकारों के मुताबिक गिरावट आने पर खरीदारी की रणनीति फायदेमंद रह सकती है. वहीं, कच्चे तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहने और अच्छे मानसून से भारतीय बाजार का आउटलुक और मजबूत हो सकता है. इस वीडियो में एक्सपर्ट से जानिए कि 29 जून को बाजार की चाल कैसी रह सकती है?
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पंकज त्रिपाठी ने हिंदी सिनेमा में यूं तो कई किरदार निभाए हैं, जिनमें 7 किरादार के कुछ सबसे यादगार और बेहतरीन किरदारों को रेखांकित करता है. इसमें उनके द्वारा निभाए गए ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बेरहम सुल्तान कुरैशी और ‘मिर्जापुर’ के शांत मगर डरावने कालीन भैया जैसे विलेन के किरदारों का जिक्र है. वहीं दूसरी तरफ, ‘स्त्री’ के पैरानॉर्मल एक्सपर्ट रुद्र भैया और ‘लूडो’ के सत्तू भैया के रूप में उनकी कमाल की कॉमिक टाइमिंग को दर्शाया गया है. इसके अलावा, ‘क्रिमिनल जस्टिस’ के हाजिर-जवाब वकील, ‘नील बट्टे सन्नाटा’ के भावुक प्रिंसिपल और ‘मेट्रो इन दिनों’ के मोंटी के रूप में उनकी बहुमुखी एक्टिंग प्रतिभा की तारीफ की गई है.
‘मिर्जापुर’ में पंकज त्रिपाठी बेरहम और भाव-शून्य माफिया डॉन कालीन भैया बने हैं. वे एक डरावने क्रिमिनल मास्टरमाइंड का रोल निभाते हैं. उनका गर्दन झटकाने का खास अंदाज लोगों के बीच बड़ा पॉपुलर हुआ. उन्होंने कालीन भैया को पॉप-कल्चर का एक यादगार किरदार बना दिया.
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में सुल्तान कुरैशी के रोल ने पकंज त्रिपाठी को पॉपुलर बना दिया था. वे एक बेरहम कसाई सुल्तान के रोल से दर्शकों को याद रह गए. उन्होंने इसमें जबरदस्त एक्टिंग की. पकंज का शांत मगर डरावना अंदाज, बिना किसी कोशिश के दिखाई क्रूरता ने विलेन के रोल को एक नई परिभाषा दी. उन्होंने एक ऐसा किरदार बनाया जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. (इमेज: YouTube/Screengrab)
‘स्त्री’ में पकंज त्रिपाठी ने रुद्र भैया का यादगार रोल निभाया है. उनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब भाई. उन्होंने एक अजीबोगरीब, पैरानॉर्मल एक्सपर्ट के रोल में सबका दिल जीत लिया, जो किताबों की दुकान चलाता है. पंकज की गंभीर अंदाज में मजाक करने की कला, मजेदार बॉडी लैंग्वेज और अजीब डायलॉग टाइमिंग ने इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म में सबसे मजेदार पल दिए. (इमेज: YouTube/Screengrab)
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‘मेट्रो इन दिनों’ में पंकज त्रिपाठी ने मोंटी का रोल निभाया था. एक्टर ने मॉडर्न रोमांस में शहरी अपनापन और परिपक्वता का रंग भरा. उनके किरदार ने जटिल रिश्तों को एक जमीनी और दार्शनिक नजरिया दिया.
‘क्रिमिनल जस्टिस’ में माधव मिश्रा के रोल में पंकज त्रिपाठी का अलग ही अंदाज देखने को मिला. उन्होंने सीरीज में एक हाजिर-जवाब लॉयर के रोल में इंप्रेस किया जो लगातार स्किन एलर्जी से जूझता रहता है. पंकज त्रिपाठी ने अपनी परफॉर्मेंस से थ्रिलर सीरीज में जान डाल दी. उन्होंने तेज दिमाग और आम इंसान जैसे मजाकिया अंदाज के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया.
‘नील बट्टे सन्नाटा’ के प्रिंसिपल एसएस अहलूवालिया आपको याद हैं? सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के रोल में पंकज त्रिपाठी ने दिल को छू लेने वाला अंदाज दिखाया. एक्टर के अनोखे तौर-तरीके और स्टूडेंट्स के साथ प्यार भरी बातचीत ने छोटी, लेकिन अहम भूमिकाओं में भी गहराई लाने की जबरदस्त काबिलियत को दिखाया.
‘लूडो’ में पंकज त्रिपाठी ने सत्येंद्र ‘सत्तू’ का रोल निभाया है. वे किस्मत के अजीब खेल में फंसे एक बेरहम, पुराने जमाने के गैंगस्टर के रोल में हैं. उन्होंने डार्क क्राइम में अतरंगी किरदार निभाया है. चाहे बंदूक चलाते हुए पुराने गाने गाना हो या चोटों का इलाज करवाना, उनकी बेतरतीब और मनमौजी एक्टिंग बहुत मजेदार थी.
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बंदरा प्रखंड में शुक्रवार को मुहर्रम का पर्व संपन्न हुआ। इस दौरान पियर थाना क्षेत्र के सिमरा गांव में दो गुटों के बीच झड़प हो गई, जिसमें रेजा अली और मो ताज गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। यह घटना मुहर्रम जुलूस के दौरान सिमरा गांव में हुई। झड़प में सिमरा निवासी रेजा अली और मो ताज गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, प्रखंड के हत्था थाना क्षेत्र सहित अधिकांश अन्य स्थानों पर मुहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। विभिन्न स्थानों से गाजे-बाजे के साथ ताजिया जुलूस निकाले गए। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हसन हुसैन की शहादत के नारे लगाते हुए क्षेत्र का भ्रमण किया और निर्धारित अखाड़ों पर पहुंचे। सिमरा, पिरापुर, रामपुरदयाल के मछहां रन, रतवारा, छपरा, बंदरा, बैंगरी और हत्था सहित कई जगहों पर अखाड़ों का आयोजन किया गया। इन अखाड़ों में युवकों ने लाठी-डंडे, भाला-गड़ासा जैसे पारंपरिक हथियारों के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया। जुलूस के दौरान शहादत से संबंधित नारे भी लगाए जा रहे थे। शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सीओ अंकुर राय के साथ पियर थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हत्था थानाध्यक्ष लोकेश कुमार चौधरी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अंत में, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजिये का पहलाम किया गया।