अब फौलादी होगा शरीर, ‘सुपर पावर’ बनेगा जवानों का दिमाग! CISF ने की बड़ी डील
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देश की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवानों को अब मानसिक रूप से और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. सीआईएसएफ ने हार्टफुलनेस संस्थान के साथ पांच साल का समझौता किया है, जिसके तहत जवानों को मेडिटेशन, तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.
जवानों के दिगाम को मजबूत बनाने के लिए सीआईएसएफ ने बड़ी डील की है.
CISF News: एयरपोर्ट सहित देश की तमाम संवेदनशील यूनिट्स की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान अब सिर्फ बंदूक और बुलेटप्रूफ जैकेट के भरोसे नहीं रहेंगे. अब उनके दिमाग को भी ‘सुपर पावर’ बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. तनाव, डर, थकान और मानसिक दबाव से लड़ने के लिए सीआईएसएफ ने ऐसा कदम उठाया है, जो जवानों को अंदर से भी फौलादी बना देगा.
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था ‘हार्टफुलनेस संस्थान’ के साथ पांच साल की बड़ी डील की है. इस समझौते का मकसद जवानों की मानसिक ताकत बढ़ाना, तनाव को कंट्रोल करना और उन्हें भावनात्मक रूप से इतना मजबूत बनाना है कि मुश्किल हालात भी उनका आत्मविश्वास न तोड़ सकें.
कमांडो की तरह तैयार होगा दिमाग सीआईएसएफ की वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब जवानों की ट्रेनिंग में सिर्फ हथियार चलाने, सुरक्षा रणनीति और फिजिकल फिटनेस पर ही फोकस नहीं होगा. पहली बार मेडिटेशन, माइंड कंट्रोल, इमोशनल बैलेंस और मानसिक मजबूती को भी ट्रेनिंग का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है. ट्रेनिंग के दौरान जवानों का शरीर ही नहीं, उनका दिमाग भी कमांडो की तरह तैयार किया जाएगा.
दरअसल, अर्धसैनिक बलों की जिंदगी बेहद कठिन होती है. महीनों तक घर से दूर रहना, हर वक्त अलर्ट मोड में ड्यूटी करना और लगातार खतरे के बीच काम करना जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है. कई बार यही दबाव तनाव और भावनात्मक थकान की वजह बन जाता है. इस समझौते के तहत देशभर में मेडिटेशन वर्कशॉप, मानसिक मजबूती के ट्रेनिंग कैंप और एक्टिव सेशन आयोजित किए जाएंगे.
जवानों के सिखाई जाएंगी नई तकनीकें जवानों को ऐसी तकनीकें सिखाई जाएंगी, जिनसे वे तनाव को कंट्रोल कर सकें, फोकस बढ़ा सकें और मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत दिमाग से फैसले ले सकें. इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ जवान ही नहीं, उनके परिवार भी इसका हिस्सा होंगे. जवानों के बच्चों के लिए ‘ब्राइटर माइंड्स’ जैसे विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि उनका बौद्धिक विकास बेहतर हो सके.
वहीं ‘वॉयस दैट केयर्स’ हेल्पलाइन के जरिए छह भारतीय भाषाओं में मुफ्त और गोपनीय मानसिक परामर्श भी मिलेगा. वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘कान्हा शांति वनम’ में खास वेलनेस और लीडरशिप रिट्रीट आयोजित किए जाएंगे. यहां अधिकारियों को मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन और बेहतर नेतृत्व की ट्रेनिंग दी जाएगी.
ध्यान और मेडिटेशन की सरल तकनीकें दिल और दिमाग के बीच बेहतर तालमेल बनाती हैं. इससे तनाव कम होता है और व्यक्ति मानसिक रूप से रिचार्ज महसूस करता है. यह पहल जवानों को मानसिक तौर पर भी काफी मजबूत बनाएंगी. – प्रवीर रंजन, महानिदेशक, सीआईएसएफ
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें
इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में चोरी की वारदात सामने आई है। बदमाश मंदिर की दानपेटी का ढक्कन खोलकर उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर के पुजारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। तिलक नगर पुलिस ने विजय त्रिवेदी निवासी पवनपुरी कॉलोनी की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। विजय ने पुलिस को बताया कि वह बृजेश्वरी मेन स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में पुजारी हैं। सोमवार रात वह रोज की तरह मंदिर में ताला लगाकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह उन्हें सुनील मालवीय का फोन आया, जिसमें बताया गया कि किसी अज्ञात बदमाश ने मंदिर की दानपेटी का ढक्कन उठाकर उसमें रखे रुपए निकाल लिए हैं। घटना के बाद मंदिर से जुड़े लोगों में नाराजगी है। पुजारी के अनुसार, दानपेटी पिछले तीन महीने से नहीं खोली गई थी और उसमें करीब 50 हजार रुपए होने का अनुमान है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
रूस से कच्चे तेल की खरीद में आई गिरावट ने भारत के ऊर्जा बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है. अप्रैल 2026 में भारत का रूसी तेल आयात 15 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 4.5 अरब यूरो पर पहुंच गया. विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह गुजरात की एक प्रमुख रिफाइनरी का रखरखाव के लिए बंद होना रही. हालांकि गिरावट के बावजूद भारत अब भी रूस से सबसे ज्यादा पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वाले देशों में शामिल बना हुआ है.
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अप्रैल में रूस से तेल खरीद 15% घटी. (Representative Image:AI)
नई दिल्ली. भारत ने अप्रैल 2026 में रूस से कच्चे तेल की खरीद में बड़ी कमी दर्ज की है. रिपोर्ट के मुताबिक, रूस से आयात 15 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 4.5 अरब यूरो रह गया. इसकी सबसे बड़ी वजह एक प्रमुख रिफाइनरी का रखरखाव के लिए बंद होना बताया जा रहा है. हालांकि गिरावट के बावजूद भारत रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल बना हुआ है.
रूस से तेल आयात में आई बड़ी गिरावट यूरोपीय शोध संस्था Centre for Research on Energy and Clean Air यानी CREA की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में भारत ने रूस से 5.3 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदा था, लेकिन अप्रैल में यह घटकर 4.5 अरब यूरो रह गया. यानी एक महीने में ही आयात में 15 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई. रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में भी 3.7 प्रतिशत की कमी आई. इसमें सबसे बड़ा असर रूस से आने वाले तेल पर पड़ा, जहां मासिक आधार पर करीब 19.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. इसके बावजूद भारत अप्रैल में रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना रहा.
रिफाइनरी बंद होने से प्रभावित हुई खरीद विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की मुख्य वजह गुजरात स्थित वाडिनार रिफाइनरी का रखरखाव के लिए बंद होना रही. Nayara Energy की यह रिफाइनरी काफी हद तक रूसी कच्चे तेल पर निर्भर मानी जाती है. रिपोर्ट के अनुसार, वाडिनार रिफाइनरी में रूसी तेल की आवक करीब 92 प्रतिशत तक गिर गई. वहीं जामनगर रिफाइनरी में भी 38 प्रतिशत की कमी देखी गई. हालांकि दूसरी तरफ इंडियन ऑयल की रिफाइनरी में रूसी तेल आयात 87 प्रतिशत बढ़ गया, जिससे कुछ हद तक संतुलन बना रहा.
कुछ रिफाइनरियों ने फिर शुरू की खरीद रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नया मंगलूर और विशाखापत्तनम रिफाइनरियों ने नवंबर 2025 के बाद रूसी तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया था. लेकिन मार्च 2026 से इन रिफाइनरियों ने दोबारा रूस से तेल खरीद शुरू कर दी. विशाखापत्तनम रिफाइनरी में अप्रैल के दौरान रूसी तेल का आयात 149 प्रतिशत तक बढ़ गया. इससे संकेत मिलता है कि भारत अभी भी सस्ते और वैकल्पिक तेल स्रोतों की तलाश में सक्रिय है. जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और कीमतों के आधार पर भारत लगातार अपनी रणनीति बदल रहा है.
अमेरिकी छूट और बढ़ती कीमतों का असर CREA की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली कुछ छूटों के कारण रूसी तेल की सप्लाई फिर बढ़ी है. यही वजह है कि कई भारतीय कंपनियों ने दोबारा खरीद बढ़ाने में रुचि दिखाई. हालांकि इसी दौरान रूस के यूराल कच्चे तेल की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. अप्रैल में इसकी औसत कीमत बढ़कर 112.3 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा तय सीमा से काफी ज्यादा है. बढ़ती कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए नई चिंता पैदा कर सकती हैं.
भारत के लिए क्यों अहम है रूसी तेल? रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से बड़े पैमाने पर रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदना शुरू किया था. इससे भारत को ऊर्जा जरूरतें पूरी करने और आयात लागत कम रखने में मदद मिली. कुछ ही वर्षों में रूस भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों से तेल खरीद की रणनीति अपनाता है. ऐसे में किसी एक रिफाइनरी के बंद होने या वैश्विक कीमतों में बदलाव का सीधा असर आयात आंकड़ों पर दिखाई देता है. आने वाले महीनों में पश्चिम एशिया की स्थिति, अमेरिकी प्रतिबंध और वैश्विक तेल कीमतें भारत की आयात नीति को प्रभावित कर सकती हैं.
ऊर्जा सुरक्षा पर बना रहेगा फोकस भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है और उसकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक ऊर्जा आयात पर निर्भर करती है. इसलिए सरकार और तेल कंपनियां लगातार ऐसे विकल्प तलाशती रहती हैं, जिनसे लागत कम हो और सप्लाई स्थिर बनी रहे. रूस से आयात में आई यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है, लेकिन इससे यह साफ हो गया है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में छोटे बदलाव भी भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देशों पर बड़ा असर डाल सकते हैं. आने वाले समय में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए संतुलित और लचीली रणनीति पर जोर देता रहेगा.
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हसनबार गांव में मंगलवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां अज्ञात लोगों ने सांसद अभय कुमार सिन्हा उर्फ अभय कुशवाहा की गाड़ी पर हमला कर दिया। घटना के समय सांसद गाड़ी में मौजूद नहीं थे, लेकिन हमलावरों ने गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और सांसद के पीए संजय कुमार तथा चालक नौलेश यादव उर्फ रौशन के साथ मारपीट की। घटना में चालक को गंभीर चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार सांसद के पीए संजय कुमार सांसद की अनुपस्थिति में श्रीडीह गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से उन्हें ताराडीह जाना था। इसी दौरान वे हसनबार गांव से होकर लौट रहे थे। पीए के मुताबिक गांव के संकरे रास्ते में विपरीत दिशा से आ रही गाड़ियों को साइड देने को लेकर विवाद शुरू हुआ। चालक ने पहले अपनी गाड़ी पीछे कर दूसरी गाड़ी को रास्ता दिया, लेकिन इसके बाद दूल्हा पक्ष की एक गाड़ी सांसद की गाड़ी के सामने खड़ी कर दी गई। बीच-बचाव करने पहुंचे पीए संजय कुमार के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और कुछ लोग मारपीट पर उतर आए। आरोप है कि हमलावरों ने सांसद की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और चालक नौलेश यादव के साथ जमकर मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे पीए संजय कुमार के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर थाना पुलिस और सदर एसडीपीओ-2 चंदन कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। मामले को लेकर सांसद की गाड़ी के चालक द्वारा मदनपुर थाना में लिखित आवेदन देने की तैयारी की जा रही है। सांसद के पीए ने बताया कि हमला करने वाले तीन लोगों की पहचान कर ली गई है। इनमें हसनबार गांव निवासी रौशन कुमार, सोनू कुमार और सुधीर कुमार शामिल हैं। सांसद ने कहा- बोर्ड लगे होने के बावजूद हमला निंदनीय है घटना को लेकर सांसद अभय कुशवाहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह फिलहाल पटना में हैं और एक शोक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में उनके पीए कुछ लोगों के साथ क्षेत्र में आयोजित शादी समारोहों में शामिल होने गए थे। इसी दौरान हसनबार गांव में उनकी गाड़ी पर हमला किए जाने की सूचना मिली। सांसद ने कहा कि गाड़ी पर सांसद का बोर्ड लगा होने के बावजूद हमला किया जाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने औरंगाबाद एसपी अंबरीश राहुल को फोन कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। वहीं सदर एसडीपीओ-2 चंदन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बारात के दौरान गाड़ी साइड करने को लेकर विवाद की बात सामने आई है। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई थी, जिसमें सांसद की गाड़ी का शीशा क्षतिग्रस्त हुआ। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
गर्मियों की तेज धूप में जब कुछ ठंडा और मीठा खाने का मन करता है, तो आइसक्रीम से बेहतर कुछ नहीं लगता. खासकर चॉकलेट वाला चोकोबार हर उम्र के लोगों की फेवरेट ट्रीट है, जो बचपन की यादों को भी ताजा कर देता है. अब इस क्लासिक डेजर्ट को आप घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. सेलिब्रिटी शेफ Kunal Kapur ने एक आसान होममेड चोकोबार आइसक्रीम रेसिपी शेयर की है, जिसे सिर्फ कुछ साधारण इंग्रेडिएंट्स से तैयार किया जा सकता है और यह बाजार जैसी ही टेस्टी लगती है.
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चोकोबार आइसक्रीम
गर्मियों में आइसक्रीम का नाम सुनते ही सबसे पहले ठंडक और मिठास का एहसास होता है. भारत की तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी में अक्सर लोग कुछ ठंडा और रिफ्रेशिंग खाने की तलाश में रहते हैं और ऐसे में चॉकलेट बार आइसक्रीम यानी चोकोबार सबसे पसंदीदा विकल्पों में से एक बन जाता है. इसकी खास बात यह है कि यह बचपन की यादों से भी जुड़ा होता है और हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. इसी क्लासिक फेवरेट ट्रीट को अब आप घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. सेलिब्रिटी शेफ और Kunal Kapur ने अपनी खास होममेड चोकोबार आइसक्रीम रेसिपी शेयर की है, जिसे सिर्फ कुछ आसान सामग्री के साथ तैयार किया जा सकता है.
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें सिर्फ 5 सामग्री लगती हैं और इसे बहुत कम समय में तैयार किया जा सकता है. हालांकि फ्रीजिंग टाइम अलग से लगता है, लेकिन बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है. यह आइसक्रीम बाहर मिलने वाली महंगी आइसक्रीम का एक बेहतरीन और हेल्दी होममेड विकल्प बन सकती है. खासकर उन लोगों के लिए जो घर पर बनी चीजों को ज्यादा पसंद करते हैं और एडिटिव्स से बचना चाहते हैं.
‘हीरोज’ और ‘नैशविले’ जैसी पॉपुलर सीरीज का हिस्सा रह चुकीं एक्ट्रेस हेडन ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि जब वह इंडस्ट्री में नई थीं, तब उन्हें काफी कुछ झेलना पड़ा था. उन्होंने बताया कि उनकी एक फ्रेंड ने उन्हें जबरन एक बोट पर एक बिना कपड़ों वाले मशहूर आदमी के पास भेज दिया था.
नई दिल्ली. हॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस और सिंगर हेडन पैनेटीयर इन दिनों एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने एक पुराना किस्सा शेयर किया है. ये हादसा उनके साथ करियर के शुरुआती दिनों में हुआ था.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
आज भी उस हादसे को याद कर हेडन भावुक हो जाती हैं.एक हालिया पॉडकास्ट में उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर का याद किया है. बात तक की वह जब वह हॉलीवुड में काम शुरू कर रही थीं. उस वक्त उनकी उम्र महज 18 साल की थीं. (फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
आज भी हेडन उस पल को याद कर इमोशनल हो जाती हैं. ‘हीरोज’ और ‘नैशविले’ फेम हेडन ने बताया कि उनकी एक दोस्त ने तो उन्हें एक ‘मशहूर आदमी’ के बिस्तर तक पहुंचा दिया था. ये बताते हुए वह रो पड़ी थी.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
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हेडन पैनेटीयर ने जे शेट्टी के पॉडकास्ट ‘ऑन पर्पस’ में अपनी जिंदगी के इस काले सच का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि उस वक्त कुछ लोग ऐसे थे, जिन पर वह भरोसा करती थीं. लेकिन लोगों ने उनका फायदा उठाया.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि उनकी खास दोस्त ने उन्हें एक बोट पर पार्टी में ले गई थीं. उस दौरान वह उन्हें एक छोटे से कमरे में ले गईं. उस कमरे में पहले से एक बहुत पॉपुलर बुजुर्ग आदमी मौजूद था. वो समझ ही नहीं पा रही थीं कि आखिर ये क्या हो रहा है.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
वहां सेक्सुअल एक्ट करने के लिए कहा गया. जब मैंने वहां एक ‘बिना कपड़ों वाले’ आदमी को देखा तो मैं समझ गई कि मैं फंस गई हूं.मेरी फ्रेंड ने मुझे उस बिना कपड़ों वाले आदमी के बगल वाले बिस्तर पर लिटा दिया. वो वो भी एक बोट पर जहां, दूर-दूर तक गहरा समुद्र था. मेरी अपनी दोस्त ने मेरे साथ ऐसा किया.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
ये सब देख मैं आपा खो बैठी और मैंने ये सब करने से इनकार कर दिया. किसी तरह मैं उस वक्त उस कमरे से भाग निकलीं. लेकिन वहां मेरे छिपने के लिए कोई जगह नहीं थी,जाती भी कहां बोट पर चारों तरफ पानी ही पानी था.(फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
बता दें कि इसी दौरान उन्होंने अपनी दर्दभरी पर्सनल लाइफ का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे नशे की लत ने उनका करियर बर्बाद कर दिया था. उन्होंने अपनी बेटी की कस्टडी तक खो दी. पोस्टपार्टम डिप्रेशन के चलते उन्हें अपनी बेटी भी अपने Ex को देनी पड़ी थी. (फोटो साभार: Instagram@haydenpanettiere)
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स्पेन के कैनरी द्वीप स्थित टेनेरिफ एयरपोर्ट पर हंटा वायरस प्रभावित क्रूज शिप ‘MV होंडियस’ से उतरे यात्रियों पर विमान में बैठने से पहले स्पेनिश अधिकारियों ने डिसइन्फेक्टेंट स्प्रे किया था।
हंतावायरस के संपर्क में आए 3 और लोगों में संक्रमण मिला है। इनमें एक अमेरिकी और एक फ्रांसीसी यात्री शामिल हैं, जो पहले अपने-अपने देश लौट चुके थे। वहीं, मैड्रिड में क्वारैंटाइन एक स्पेनिश नागरिक की शुरुआती रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
अब तक 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है। 11 अप्रैल को एक बुजुर्ग डच यात्री की जहाज पर मौत हुई थी। उनकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका में मृत मिलीं। 2 मई को एक जर्मन महिला की जहाज पर मौत हो गई।
ये सभी यात्री ‘MV होंडियस’ नाम की उस क्रूज शिप से लौटे हैं, जहां वायरस के मामले सामने आए थे। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका था। WHO के मुताबिक जहाज से जुड़े हंतावायरस के 9 केस कन्फर्म हो चुके हैं।
WHO ने जहाज से लौटने वाले सभी लोगों के लिए 42 दिन आइसोलेशन की सिफारिश की है। हालांकि अमेरिकी CDC ने कहा कि वायरस का इंसान से इंसान में फैलना दुर्लभ है और इसे कोविड जैसी महामारी नहीं माना जाना चाहिए।
इससे पहले सोमवार को हंतावायरस के संपर्क में आए 17 अमेरिकी यात्रियों को अमेरिका के नेब्रास्का मेडिकल सेंटर लाया गया। यहां उन्हें 42 दिनों तक निगरानी और क्वारिंटीन में रखा जाएगा।
हंतावायरस के लक्षण दिखने में 8 हफ्ते तक लग सकते हैं
हंतावायरस से इंसानों की किडनी फेल होने का खतरा होता है। कई मामलों में मरीज को तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी होने लगती है। हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भर सकता है और जान का खतरा भी हो सकता है।
इंसानों में हंतावायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते लग जाते हैं, लेकिन इसके बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। WHO के मुताबिक, हंतावायरस की चपेट में आने वालों में से 35-40% की मौत 6 हफ्तों के अंदर हो जाती है।
जानवरों से फैलता है यह वायरस
हंतावायरस एक खतरनाक वायरस है, जो ज्यादातर चूहों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है। यह उनके मल, पेशाब और लार में पाया जाता है। इसका नाम दक्षिण कोरिया की “हंटन” नदी के नाम पर रखा गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हंता वायरस की “एंडीज” नाम की एक खास किस्म इंसान से इंसान में भी फैल सकती है। यह संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक, साथ खाना खाने या एक ही बिस्तर पर सोने से फैल सकता है। मरीज की देखभाल करने वालों को ज्यादा खतरा रहता है।
इस वायरस का पहला मामला 1993 में अमेरिका में सामने आया था। उस समय एक अमेरिकी दंपत्ति की मौत हुई थी। जांच में उनके घर के आसपास चूहों के बिल और वायरस के निशान मिले थे।
अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल हंता वायरस के करीब 1.5 लाख मामले सामने आते हैं, जिनमें से ज्यादातर यूरोप और एशिया के होते हैं।
इनमें से आधे से ज्यादा मामले चीन से होते हैं। 2018 में अर्जेंटीना की एक बर्थडे पार्टी में यह वायरस 34 लोगों में फैल गया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी।
संक्रमित इंसान के करीबी संपर्क से हंता वायरस होता है
अधिकारियों के मुताबिक, हंतावायरस आसानी से नहीं फैलता। यह केवल उस व्यक्ति के बहुत करीबी संपर्क से फैल सकता है जिसमें लक्षण दिखाई दे रहे हों।
यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के कार्यवाहक निदेशक जय भट्टाचार्य ने कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि कौन-कौन लोग संक्रमित व्यक्ति के करीब थे। उसी हिसाब से उन्हें कम, मध्यम या ज्यादा खतरे वाली श्रेणी में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्री का संक्रमित व्यक्ति से करीबी संपर्क नहीं था, तो उसे कम खतरे वाला माना जाएगा।
हालांकि, यह वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता। ज्यादातर मामलों में यह संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इंसान से इंसान में फैलने के मामले बहुत कम देखे गए हैं।
हंतावायरस का अभी कोई इलाज नहीं
हंतावायरस का अभी कोई खास इलाज या वैक्सीन मौजूद नहीं है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के हिसाब से इलाज करते हैं ताकि उसकी हालत ज्यादा खराब न हो।
अगर मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है, तो उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की मदद दी जाती है। शरीर में पानी और ब्लड प्रेशर संतुलित रखने के लिए दवाएं और फ्लूइड दिए जाते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि जल्दी पहचान और समय पर इलाज से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बुखार, सांस लेने में परेशानी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है।
कुछ लोगों को घर भेजा जा सकता है
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद कुछ यात्रियों को घर जाने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, उन्हें सुरक्षित तरीके से भेजा जाएगा ताकि रास्ते में किसी और को खतरा न हो।
घर पहुंचने के बाद भी लोकल स्वास्थ्य विभाग और सीडीसी उनकी लगातार निगरानी करेंगे।
CDC के मुताबिक, वायरस के संपर्क में आने के बाद 42 दिनों तक निगरानी जरूरी होती है। अगर इस दौरान किसी को बुखार या दूसरे लक्षण दिखते हैं, तो उसे तुरंत खुद को अलग करना होगा।
खास मेडिकल सेंटर में रखा गया
नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में अमेरिका की खास नेशनल क्वारंटीन यूनिट है। यह अमेरिका की इकलौती फेडरल फंडेड क्वारंटीन सुविधा है। यहां के कमरों में खास नेगेटिव एयर प्रेशर सिस्टम लगाया गया है, जिससे वायरस हवा में फैल नहीं पाता।
अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को स्ट्रेचर पर नहीं लाया गया। वे खुद विमान से उतरकर गाड़ियों में बैठे और सीधे अपने क्वारंटीन कमरों में पहुंचे।
डॉक्टर माइकल वाडमैन ने बताया कि यहां रहने की व्यवस्था होटल जैसी है। लोगों को कमरे में खाना मिलेगा, वे हल्की एक्सरसाइज कर सकेंगे और रोजाना उनकी जांच होगी।
अगर कोई यात्री बीमार होता है, तो उसे अस्पताल की बायोकंटेनमेंट यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा, जहां खतरनाक संक्रामक बीमारियों का इलाज किया जाता है।
नेब्रास्का मेडिकल सेंटर अमेरिका का एक खास अस्पताल है, जहां खतरनाक और संक्रामक बीमारियों के मरीजों के इलाज और क्वारंटीन की विशेष सुविधा मौजूद है।
भारत में आ चुके हैं हंता वायरस के मामले
2007 में आंध्र प्रदेश में एक 46 साल के व्यक्ति को यह संक्रमण हुआ था। नेचर जर्नल में प्रकाशित आर्टिकल के मुताबिक 2008 में चूहे और सांप पकड़ने वाले 28 लोगों में संक्रमण मिला।
सबसे हालिया केस 2016 का है। इंडियन जर्नल ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के मुताबिक, मुंबई में हंता वायरस से एक महिला की मौत हुई थी।
महिला को डिलिवरी के 8 दिन बाद पेट में तेज दर्द, बुखार और चक्कर आने लगे। ब्लड प्रेशर कम हुआ और सांस लेने में परेशानी होने लगी। 10 दिन में उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में वायरस की पुष्टि हुई।
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दोनों क्रूज शिप की निगरानी अमेरिकी एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के जिम्मे है। पढ़ें पूरी खबर…
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नई दिल्ली2 घंटे पहले
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RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान, मुस्लिमों और पश्चिम एशिया युद्ध समेत अन्य मुद्दों पर बात की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए। दोनों देशों को एक-दूसरे को वीजा भी देना चाहिए। खेलकूद और व्यापार भी होना चाहिए। लेकिन पुलवामा जैसे हमले का जवाब भी मजबूती से देना होगा।
न्यूज एजेंसी PTI के CEO विजय जोशी को दिए इंटरव्यू में होसबाले ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंध पुराने हैं और हम एक ही राष्ट्र रहे हैं। राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर भरोसा कम होने के कारण पाकिस्तान के खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सिविल सोसायटी को आगे आना चाहिए।
होसबाले के इंटरव्यू की 3 बड़ी बातें…
सनातन खत्म करने पर- उदयनिधि स्टालिन ने सनातन खत्म करने की बात कही है। लेकिन सनातन शाश्वत है, सिर्फ इसलिए गायब नहीं हो जाएगा क्योंकि कोई कहता है कि इसे खत्म कर देना चाहिए।
ईरान युद्ध संसाधनों की लड़ाई- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष सभ्यताओं का संघर्ष नहीं बल्कि तेल और संसाधनों को लेकर पैदा हुआ विवाद है। दुनिया के ज्यादातर युद्ध लालच, अहंकार और दूसरों पर कब्जा करने की मानसिकता से जन्म लेते हैं। इतिहास में हर दौर में युद्ध होते रहे हैं और आगे पानी को लेकर भी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। युद्ध मानवता को खत्म नहीं करेंगे, लेकिन मानव जीवन और व्यवस्था को जरूर बदल देंगे।
पीएम मोदी की अपील का समर्थन- युद्ध जैसी स्थिति हो या न हो, भारतीय जीवनशैली में सादगी और संयम हमेशा होना चाहिए। संकट के समय यह और ज्यादा जरूरी हो जाता है। भारत दुनिया के देशों और नेताओं को शांति और समझदारी का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
PTI के सवालों पर होसबाले के जवाब-
सवाल: मुस्लिमों को कैसे भरोसा दिलाया जा सकता है कि वे इंडिया में सेफ हैं और हिंदू राष्ट्र का मतलब कल्चरल से है न कि धर्म से? जवाब: हम हिंदू राष्ट्र बना नहीं रहे हैं, यह पहले से हिंदू राष्ट्र है। ब्रिटिश शासन के समय भी यह हिंदू राष्ट्र ही था। हिंदू राष्ट्र का अर्थ सांस्कृतिक पहचान से है, न कि धार्मिक राज्य से। धर्म परिवर्तन से राष्ट्रीयता नहीं बदलती। जब राष्ट्रीयता एक है तो हम किसी को अलग नहीं मानते। भारत में मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं माना जाता। सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंच रहा है और RSS लगातार अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं से बात करता है।
सवाल: संघ प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि सभी का डीएनए एक है। तो फिर लव-जिहाद पर इतना विवाद क्यों है? जवाब: लव जिहाद तब होता है जब कोई एजेंडा हो, हिंदू लड़कियों को ले जाने की सोची-समझी साजिश हो। यह मंजूर नहीं है। जब यह एकतरफा हो तो यह प्यार नहीं यह एक साजिश है।
सवाल: असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल चुनाव के बाद कहा कि मुस्लिमों को अलग पार्टी बनानी चाहिए? जवाब: संविधान में सबको पार्टी बनाने का अधिकार है। मुसलमानों में नेशनलिस्ट लीडरशिप बहुत कम देखने को मिलती है। कम्युनिटी किसी को तभी सपोर्ट करेगी जब वह सेपरेटिस्ट हो।
सवाल: हमें पाकिस्तान के साथ कैसे डील करनी चाहिए? जवाब: अगर पाकिस्तान पुलवामा जैसी हरकत करता है, तो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए भारत को हालात के मुताबिक जवाब देना होगा। लेकिन साथ ही हमें बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। हमें हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए। व्यापार और कॉमर्स, वीजा जारी करना बंद नहीं होना चाहिए, क्योंकि बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की खुली रहनी चाहिए। इसीलिए डिप्लोमैटिक संबंध बनाए रखे गए हैं। वहां के शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों को आगे आना चाहिए, क्योंकि उनके राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य नेतृत्व में भारत के प्रति नफरत पैदा हो गई है।
सवाल: पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों RSS स्वयं सेवकों की कितनी भूमिका है? जवाब: नागरिक के तौर पर उन्होंने हर स्तर पर काम किया। बंगाल में हर हिंदू वोटर हिंदू वर्कर बन गया था। नतीजों से यह साबित होता है कि जब जनता परेशान होगी तो जनता पलटवार करेगी।
सवाल: विदेश में रहने वाले भारतीय वहां मंदिर बना रहे हैं, जिससे उस देश के लोगों के साथ उनके व्यवहार खराब हो रहे हैं। उन्हें इसे कैसे बैलेंस करना चाहिए? जवाब: हनुमान मंदिर या मूर्तियां गैरकानूनी तरीके से नहीं बनाई गईं। भारतीय आमतौर पर कानून मानने वाले लोग हैं और उनका क्राइम रेट भी कम है। कई देशों में भारतीयों ने मेहनत से अपनी पहचान बनाई है, लेकिन उनकी सफलता से कुछ लोगों में नौकरी छिनने का डर पैदा होता है। विदेश में रहने वाले भारतीयों को जिस देश में वे रहते और कमाते हैं, उसके प्रति जिम्मेदारी और वफादारी भी दिखानी चाहिए। भारत से जुड़ाव स्वाभाविक है, लेकिन वहां के समाज और समुदाय की चिंता करना भी जरूरी है।
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उदयनिधि स्टालिन बोले- सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए:यह लोगों को बांटता है
तमिलनाडुके पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। यह लोगों को बांटता है। उन्होंने पहले 2023 में भी सनातन को डेंगू, मलेरिया बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी। पूरी खबर पढ़ें…
NEET का पेपर लीक, परीक्षा रद्द, जांच CBI को, NTA ने माना- हम जिम्मेदार
पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा- इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा। पूरी खबर पढ़ें…
3 मई को आयोजित हुई NEET 2026 परीक्षा को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा रद्द किए जाने के बाद राजस्थान सहित देशभर के अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। राजस्थान के 27 जिलों के 611 परीक्षा केंद्रों पर करीब 2 लाख विद्यार्थियों ने परीक्
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कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने परीक्षा रद्द होने पर भाजपा सरकार और केंद्र की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों के टूटने जैसा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से साबित हो गया है कि देश की शिक्षा व्यवस्था “पेपर माफियाओं” के कब्जे में है। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत की, माता-पिता ने कर्ज लेकर बच्चों को कोचिंग दिलाई, लेकिन लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था ने सब बर्बाद कर दिया।
छात्रों ने जताई नाराजगी
जयपुर की छात्रा भूमिका ने कहा कि लगातार पेपर लीक होने से छात्रों का भरोसा टूट गया है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने के बावजूद यह भरोसा नहीं रह गया कि सही तरीके से चयन होगा।
छात्रा स्वाती शर्मा ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए NEET की तैयारी करना बेहद महंगा और कठिन होता है। लाखों रुपए खर्च करने और कठिन मेहनत के बाद भी यदि पेपर लीक हो जाए तो छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाता है।
छात्रा सुनेना तंवर ने कहा कि परीक्षा रद्द करने की बजाय पेपर लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
आर्थिक बोझ और मानसिक दबाव
अलवर की छात्रा साक्षी खटाणा ने बताया कि वह जयपुर में किराये का कमरा लेकर तैयारी कर रही थीं। कोचिंग, किराया और अन्य खर्चों में हर साल लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करना मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से मुश्किल हो गया है।
दौसा निवासी छात्र अमित मीणा ने कहा कि उन्होंने दो साल मेहनत की थी और इस बार चयन की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी सारी मेहनत बेकार हो गई।
धौलपुर के छात्र इशांत शर्मा ने कहा कि पेपर लीक पूरी तरह NTA की विफलता है और इससे छात्रों का मनोबल टूट गया है।
पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई की मांग
खाचरियावास ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने, पेपर लीक माफिया और उनके संरक्षणकर्ताओं की गिरफ्तारी तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्रों का कहना है कि यदि सरकार और एजेंसियां परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित नहीं बना पातीं, तो मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य लगातार खतरे में रहेगा।
केरल का अगला सीएम कौन? राहुल गांधी की मैराथन बैठक के बाद इस नाम पर बनी सहमति!
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Who will be New Chief Minister of Kerala: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस खत्म होता दिख रहा है. राहुल गांधी द्वारा केरल के दिग्गज नेताओं के साथ की गई अहम बैठक में केसी वेणुगोपाल को भारी बहुमत का समर्थन मिला है. 140 में से 102 सीटें जीतने के बाद अब दिल्ली में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अंतिम फैसला होने वाला है.
नई दिल्ली. केरल का अगला सीएम कौन होगा? केरल, कांग्रेस और KC को लेकर राहुल गांधी बीते कई दिनों से माथापच्ची कर रहे हैं. केरल विधानसभा चुनावों में वामपंथी मोर्चे (LDF) को सत्ता से बेदखल कर कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) ने शानदार वापसी की है. 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबकी निगाहें इस सवाल पर टिकी हैं कि केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? मंगलवार को दिल्ली में हुई हाई-प्रोफाइल बैठकों के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री की दौड़ में केसी वेणुगोपाल ने अपने प्रतिद्वंदियों पर निर्णायक बढ़त बना ली है. राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद वेणुगोपाल के नाम पर मुहर लगना अब महज एक औपचारिक औपचारिकता मानी जा रही है. लेकिन, राहुल गांधी केंद्र बनाम राज्य पॉलिटिक्स को ठोक बजाकर कोई फैसला करने वाले हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या केसी वेणुगोपाल को दिल्ली से केरल भेजा जाएगा या फिर केरल का ही कोई चेहरा आगे आएगा?
केरल के नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर मचे घमासान के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर केरल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ एक लंबी और गहन बैठक की. इस बैठक में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एम.एम. हसन, के. सुधाकरन, और के. मुरलीधरन के साथ-साथ अनुशासन समिति के प्रमुख तिरुवंचूर राधाकृष्णन और कार्यकारी अध्यक्ष शफी परम्बिल, ए.पी. अनिल कुमार और पी.सी. विष्णुनाथ शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने एक-एक कर सभी नेताओं से उनकी राय जानी, ताकि राज्य में एक स्थिर और प्रभावी शासन दिया जा सके.
KERALAM HAS WON! IT IS A UDF TSUNAMI!
We thank the 3 crore people of Keralam for a historic, record breaking mandate in the UDF’s favour, giving us 102 seats!
Red fortresses have been demolished, traditional arithmetic has been rejected, and a UDF wave has swept through… pic.twitter.com/guQjyffPH5