सीधी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हड़बड़ो में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। रसोई गैस सिलेंडरों से भरे एक ट्रक और एक बल्कर वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल सीधी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर कर दिया गया है। फिलहाल दुर्घटना में घायल दोनों व्यक्तियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान कराने और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय निवासी और प्रत्यक्षदर्शी दीपक तिवारी ने बताया कि बल्कर वाहन कथित तौर पर रॉन्ग साइड से आ रहा था, जबकि दूसरी ओर से गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक पहुंचा। इसी दौरान दोनों वाहनों में भिड़ंत हो गई। उन्होंने आशंका जताई कि यदि गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो जाता तो आसपास के मकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता था और जनहानि भी हो सकती थी। दीपक तिवारी ने इस घटना को लेकर परिवहन एवं यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि रॉन्ग साइड और नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण इस तरह के गंभीर हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। उपनिरीक्षक विवेक पांडे ने बताया कि पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में दोनों वाहनों के बीच टक्कर होने की पुष्टि हुई है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, बल्कर वाहन का पंजीयन क्रमांक MP17 ZR 9493 है, जबकि गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक का पंजीयन क्रमांक MH40 CM 7231 है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
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सीधी- गैस सिलेंडर से भरे ट्रक और बल्कर की भिड़ंत: आमने-सामने से टकराए दोनों वाहन, दोनों ड्राइवर की हालत गंभीर – Sidhi News
पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत: 3 घायल; क्षेत्र में और बम होने की आशंका, सर्च ऑपरेशन जारी
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पहले धमाके के घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी कुछ देर बाद दूसरा धमाका हुआ। यह विस्फोट पहले हमले की जगह से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। इसमें 2 और लोगों की मौत हो गई और एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) यासिर अफरीदी ने बताया कि सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं। घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बयान जारी कर इन हमलों को कायरतापूर्ण आतंकी कार्रवाई बताया। पुलिस के अनुसार, दोनों गाड़ियों को रिमोट कंट्रोल से किए गए धमाकों में निशाना बनाया गया। राहत और बचाव टीमों ने मृतकों के शव और घायलों को डोमेल ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया। बाद में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों को आशंका है कि क्षेत्र में और भी बम मौजूद हो सकते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आतंकियों को चेतावनी दी पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमले की कड़ी निंदा की और नागरिकों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति जरदारी ने आतंकियों और उन्हें सुरक्षित ठिकाने, आर्थिक मदद के साथ अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले को चेतावनी दी है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या:हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पूरी खबर पढ़ें
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फार्मेसी vs बायोटेक्नोलॉजी में से कौन सा कोर्स करें, किसमें ज्यादा सैलरी मिलेगी?
नई दिल्ली (Pharmacy vs Biotechnology Career). साइंस स्ट्रीम से 12वीं साइंस पास करने के बाद मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंट्स फार्मेसी और बायोटेक्नोलॉजी के बीच कंफ्यूज रहते हैं. इन दोनों क्षेत्रों की प्रकृति, पढ़ाई के तरीके और काम के माहौल में जमीन-आसमान का अंतर है. तेजी से बढ़ते फार्मास्युटिकल मार्केट के कारण फार्मेसी को बेहद सिक्योर करियर माना जाता है. वहीं, बायोटेक्नोलॉजी को भविष्य की सबसे मॉडर्न खोजों से जुड़ा विज्ञान माना जा रहा है.
Pharmacy vs Biotechnology: दोनों में क्या काम होता है?
फार्मेसी का संबंध दवाइयों के निर्माण, उनकी खोज, टेस्टिंग और मरीजों तक सही दवा पहुंचाने से है. इसके सिलेबस में दवाइयां बनाने का प्रोसेस और शरीर पर उनका असर शामिल है. दूसरी तरफ, बायोटेक्नोलॉजी में जीवित जीवों (जैसे बैक्टीरिया, सेल्स या डीएनए) का इस्तेमाल करके इंसानों के लिए नए प्रोडक्ट्स (जैसे वैक्सीन, इंसुलिन या एडवांस फसलें) बनाए जाते हैं. फार्मेसी केमिकल और थेरेपी पर टिकी है, जबकि बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च, जेनेटिक्स और लैब वर्क पर आधारित है.
करियर स्कोप: कहां है नौकरियों की ज्यादा गारंटी?
नौकरियों के मामले में फार्मेसी (B.Pharm) को काफी सेफ और एवरग्रीन माना जाता है. इसकी वजह है कि कोर्स पूरा करते ही रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट का प्रोफेशनल लाइसेंस मिल जाता है. आप तुरंत किसी भी हॉस्पिटल, ड्रग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, क्वालिटी कंट्रोल या ड्रग इंस्पेक्टर जैसी सरकारी नौकरियों के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
बायोटेक्नोलॉजी (B.Sc या B.Tech) में भी स्कोप बहुत शानदार है, लेकिन इसके कोर जॉब्स रिसर्च ओरिएंटेड होते हैं. सिर्फ ग्रेजुएशन के दम पर इस फील्ड में अच्छी नौकरी मिलना थोड़ा मुश्किल होता है. अगर आप रिसर्च साइंटिस्ट बनना चाहते हैं तो आगे चलकर M.Tech, M.Sc या PhD करनी पड़ेगी. हालांकि, वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों, बायो-फार्मा सेक्टर और जीनोमिक्स लैब में बायोटेक प्रोफेशनल्स की भारी डिमांड है.
सैलरी का गणित: शुरुआती पैकेज और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ
अगर शुरुआती सैलरी की बात करें तो फार्मेसी के ग्रेजुएट्स को भारत में आसानी से 3 लाख से 6 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिल जाता है, खासकर सेल्स, मार्केटिंग और प्रोडक्शन यूनिट्स में. अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी 10-15 लाख रुपये तक आराम से पहुंच जाती है. बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन स्तर पर शुरुआती सैलरी 3 लाख से 5.5 लाख रुपये सालाना के बीच होती है. अगर आपने किसी अच्छे संस्थान से MS या PhD कर ली तो बायोटेक्नोलॉजी में सैलरी ग्रोथ की कोई सीमा नहीं है. जेनेटिक इंजीनियरिंग और बायोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे रिसर्च फील्ड्स में सीनियर लेवल पर पैकेज 15 से 25 लाख रुपये सालाना तक भी चला जाता है.
कौन सा मेडिकल कोर्स बेस्ट है?
- फार्मेसी: अगर आप ग्रेजुएशन के तुरंत बाद स्टेबल जॉब चाहते हैं, दवाइयों के फॉर्मूलेशन में दिलचस्पी है या आप खुद का मेडिकल स्टोर/फार्मा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं.
- बायोटेक्नोलॉजी: अगर लैब में रिसर्च करना, डीएनए (DNA) के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद है और आगे लंबी पढ़ाई (मास्टर्स या रिसर्च) करने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं.
घर पर ऐसे बाएं सोया बिरयानी, उंगली चाटकर खाएंगे मेहमान
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घर पर खास तरीके से सोया बिरयानी बनाना अब बेहद आसान है. गृहणी राधिका प्रजापति ने रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाने का अनोखा तरीका बताया है. कुछ आसान ट्रिक्स से चावल एकदम खिले-खिले और खुशबूदार बनते हैं. मेहमान उंगलियाँ चाटते रह जाएंगे. इस समर वेकेशन में यह सीक्रेट रेसिपी हर किसी को ज़रूर आज़मानी चाहिए.
कोडरमा: अगर आप शाकाहारी हैं और प्रोटीन से भरपूर स्वादिष्ट बिरयानी का आनंद लेना चाहते हैं. तो सोया बिरयानी एक शानदार विकल्प है. यह खाने में लाजवाब होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है. गृहणी राधिका प्रजापति ने बताया कि कुछ आसान सामग्रियों और सही तरीके से पकाने पर घर में ही रेस्टोरेंट जैसी खुशबूदार सोया बिरयानी तैयार की जा सकती है. उन्होंने बताया कि सोया बिरयानी बनाने की शुरुआत बिरयानी चावल से होती है. सबसे पहले बिरयानी चावल को अच्छी तरह धोकर ठंडे पानी में लगभग एक घंटे के लिए भिगो दें. इससे चावल पकने के बाद लंबे और खिले-खिले बनते हैं. इस दौरान 7 से 8 प्याज को बारीक काट लें और अदरक-लहसुन का ताजा पेस्ट तैयार कर लें.
सोयाबीन बरी को बनाएं मुलायम
उन्होंने बताया कि इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार आलू को उबालकर उसके छिलके हटा दें. उबले हुए आलू को हल्का सुनहरा होने तक तेल में फ्राई करके अलग रख लें. वहीं सोयाबीन बड़ी को गर्म पानी में 10 से 20 मिनट तक भिगोकर मुलायम कर लें और बाद में उसका अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निचोड़कर अलग रख दें. इसके बाद एक गहरे बर्तन में कुकिंग ऑयल गर्म करें. इसमें 2 से 3 हरी मिर्च डालें और फिर कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद तेज पत्ता, लौंग, इलायची और दालचीनी डालकर मसालों की खुशबू आने तक पकाएं. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाकर कुछ मिनट तक भूनें.
मसाले को अच्छी तरह भूनें
उन्होंने बताया कि मसाला तैयार होने पर इसमें आधी कटोरी दही डालकर अच्छी तरह मिलाएं और पकने दें. जब दही और मसाला अच्छी तरह से तेल छोड़ने लगे. तब इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और कश्मीरी मिर्च पाउडर डालकर धीमी आंच पर भूनें. अब इस मसाले में पहले से फ्राई किए हुए आलू और स्वादानुसार नमक डालें. इसके बाद भीगे हुए सोयाबीन को मिलाकर तब तक पकाएं जब तक सोया मसालों का स्वाद पूरी तरह सोख न ले. आखिर में भीगे हुए बिरयानी चावल डालकर सभी सामग्री को हल्के हाथों से मिलाएं और बर्तन को ढककर मध्यम आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकने दें.
मध्यम आंच पर 10 से 15 मिनट तक पकाएं
राधिका ने बताया कि बिरयानी बनाते समय आंच तेज न रखें, क्योंकि तेज आंच पर चावल और मसाला नीचे से जल सकते हैं. लगभग 10 से 15 मिनट बाद ढक्कन हटाकर चावल को जांच लें. यदि चावल पूरी तरह पक चुके हों और मसालों की खुशबू चारों ओर फैलने लगे, तो आपकी सोया बिरयानी तैयार है. गरमा-गरम सोया बिरयानी को ताजे दही के रायते, सलाद और पापड़ के साथ परोसें.
About the Author
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
23 साल पुरानी वो फिल्म, जिसे कहा गया डिजास्टर, रिलीज होते ही हाउसफुल हो गए थे सिनेमाघर
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साल 2003 की एक कल्ट फिल्म का बेहद दिलचस्प किस्सा इन दिनों चर्चा में है. डायरेक्टर ने खुलासा किया कि ट्रायल शो के दौरान फिल्म को डिजास्टर घोषित कर दिया था. उन्हें सबसे बड़ी आपत्ति यह थी कि मेकर्स ने एक एक्शन हीरो को अस्पताल की यूनिफॉर्म पहनाकर डॉक्टर क्यों बना दिया. इतना ही नहीं, रिलीज के पहले दिन सुबह का शो सिर्फ आधा भरा था, जिसे देखकर पूरी टीम घबरा गई थी. हालांकि, शाम होते-होते दर्शकों ने फिल्म पर ऐसा प्यार बरसाया कि सिनेमाघरों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लग गए थे.
नई दिल्ली. संजय दत्त और अरशद वारसी की ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ बॉलीवुड की कल्ट फिल्मों में से एक है. इसका डायरेक्शन राजकुमार हिरानी ने किया था. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म को शुरुआत में ही डिजास्टर घोषित कर दिया गया था. रिलीज के बाद फिल्म के मॉर्निंग शोज को खास रिस्पॉन्स नहीं मिला, लेकिन शाम होते-होते सिनेमाघर हाउसफुल हो गए थे. यह खुलासा राजकुमार हिरानी ने खुद अपने एक इंटरव्यू में किया है.

राजकुमार हिरानी ने बताया कि उनकी फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के पहले ट्रायल शो को देखने के बाद इंडस्ट्री के एक जाने-माने डायरेक्टर ने इसे डिजास्टर बता दिया था, जिससे वह काफी परेशान हो गए थे. संजय अरोड़ा के साथ बातचीत में राजकुमार हिरानी ने बताया कि उस डायरेक्टर ने संजय दत्त जैसे बड़े एक्शन हीरो को अस्पताल में रखने और यूनिफॉर्म पहनाने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए थे.

हिरानी ने उस दौर को याद करते हुए बताया, ‘मुझे अच्छी तरह याद है, जब फिल्म पूरी हो गई थी और हमने एक ट्रायल शो रखा था. फिल्म देखने आए कुछ लोगों में एक डायरेक्टर भी शामिल थे. फिल्म खत्म होते ही उन्होंने मुझसे कहा कि ये तुमने क्या बना दिया है? ये तो डिजास्टर फिल्म है.’
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उन्होंने बताया, ‘डायरेक्टर ने आगे कहा कि संजय दत्त एक एक्शन हीरो हैं और तुम उन्हें लेकर अस्पताल के बैकग्राउंड पर फिल्म बना रहे हो? हद तो ये है कि तुमने गाने भी वहीं शूट कर लिए. कम से कम एक गाना तो किसी विदेशी लोकेशन पर फिल्माना चाहिए था. उनका मानना था कि फिल्म थोड़ी कलरफुल होनी चाहिए थी, जिसमें किरदारों के कपड़े रंग-बिरंगे होते. वह बोले कि ये क्या बकवास है? तुमने तो सबको अस्पताल की यूनिफॉर्म पहना दी है.’

‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर काफी ठंडी रही थी. हिरानी ने बताया कि रिलीज के पहले दिन दर्शकों का रिएक्शन देखने के लिए वह मुंबई के मशहूर गेटी गैलेक्सी सिनेमाहॉल गए थे. वहां पहुंचते ही थियेटर के गेटकीपर ने उन्हें नीचे की तरफ अंगूठा दिखाकर इशारा किया, जिसे देखकर हिरानी का दिल बैठ गया और उन्हें लगा कि फिल्म पिट गई.

राजकुमार हिरानी ने आगे बताया, ‘लेकिन जब मैं अंदर गया, तो देखा कि थियेटर सिर्फ 50 परसेंट ही भरा था. तब मुझे समझ आया कि गेटकीपर के उस इशारे का मतलब फिल्म का खराब होना नहीं, बल्कि शो का हाउसफुल न होना था. एक टिकट बेचने वाले के नजरिए से उसके लिए सिर्फ भीड़ मायने रखती थी.’

डायरेक्टर ने आगे कहा, ‘राहत की बात यह थी कि थियेटर के अंदर मौजूद वो आधी ऑडियंस भी फिल्म का भरपूर मजा ले रही थी और जमकर ठहाके लगा रही थी.’ हिरानी ने कहा कि सुबह का शो भले ही ठंडा था, लेकिन शाम होते-होते नजारा बदल गया और कई थियेटर्स के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लटक गए थे.’

संजय दत्त की इस फिल्म से राजकुमार हिरानी ने डायरेक्टोरियल डेब्यू किया था. यह फिल्म इस मायने में भी बेहद खास थी क्योंकि यह सुनील दत्त के करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई, जिसमें उन्होंने पर्दे पर भी अपने रियल लाइफ बेटे संजय दत्त के पिता का ही किरदार निभाया था. अरशद वारसी, बोमन ईरानी और ग्रेसी सिंह जैसे सितारों से सजी यह फिल्म क्रिटिक्स की कसौटी पर तो खरी उतरी ही, साथ ही बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के साथ कल्ट भी कहलाई.
गंगाधर मीणा होंगे UIT सचिव: RAS ट्रांसफर लिस्ट में मनीषा रेशम फिर से जिले में पोस्टिंग; बांदीकुई, सैंथल, महवा और मंडावर एसडीएम बदले – Dausa News
राज्य सरकार ने आधी रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अफसरों के तबादले किए हैं। ट्रांसफर लिस्ट में दौसा जिले में तैनात कई अधिकारी बदले हैं, जिनमें यूआइटी सचिव और कई एसडीएम भी शामिल हैं। गंगाधर मीणा होंगे यूआइटी सचिव
दौसा-बांदीकुई नगर विकास न्यास (यूआइटी) के सचिव मूलचंद लूणियां को नागौर जिले के डेगाना एसडीएम लगाया है। इनकी जगह अब गंगाधर मीणा यूआइटी के सचिव होंगे। वे भरतपुर जिले के वैर में एसडीएम लगे हुए थे। कई एसडीएम भी बदले
आरएएस ऋतुराज शर्मा को एसडीएम बांदीकुई लगाया है, वे बूंदी जिले के केशोरायपाटन एसडीएम थे। आरएएस बजरंग लाल स्वामी को एसडीएम मंडावर लगाया है, वे सीकर जिले के खंडेला में सहायक कलेक्टर लगे हुए थे। इसी प्रकार सुश्री नवज्योति कंवरिया को एसडीएम सैंथल लगाया है, वे अलवर जिले के मालाखेडा एसडीएम लगी हुई थीं। फिर दौसा जिले में पोस्टिंग
आरएएस मनीषा रेशम को दौसा में सहायक निदेशक लोक सेवाएं प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग में लगाया है। वे करौली में एसडीएम लगी हुई थीं। इससे पहले मनीषा जिले के ही महवा में एसडीएम थीं और कुछ दिनों पूर्व ही करौली जॉइन किया था। ऐसे में उन्हें एक माह में ही फिर से दौसा जिले में पोस्टिंग मिली है। इन्हें जिले से बाहर भेजा
जिले में तैनात बांदीकुई एसडीएम बद्रीनारायण मीणा को जिला आबकारी अधिकारी भरतपुर और सैंथल एमडीएम सुश्री अमृता खण्डेलवाल को एसडीएम दातारामगढ सीकर लगाया है। वहीं महवा एसडीएम प्रेमराज मीणा को एसडीएम करौली लगाया है। प्रेमराज ने हाल ही में महवा जॉइन किया था। फिलहाल महवा एसडीएम का पद रिक्त रखा गया है।
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पुलिस टीम पर हमले में जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार: मुरादाबाद में एक करोड़ की साइबर ठगी में छापा मारने आई गाजियाबाद पुलिस हुआ था हमला – Moradabad News
पुलिस टीम पर हमला करने के आरोपी जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद शमी उर्फ शम्मू को गाजियाबाद पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। मोहम्मद शमी मुरादाबाद जिला पंचायत बोर्ड का सदस्य और एमजेपी इंटर कॉलेज का प्रबंधक है। शमी पर आरोप है कि उसने साइबर ठगी के मामले में छापा मारने आई गाजियाबाद पुलिस की टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया था। इस मामले में मूढापांडे थाने पर शमी और उसके साथियों के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
मूंढापांडे थाने में गाजियाबाद के साइबर थाने के सब इंस्पेक्टर रिंकू सिंह ने सप्ताहभर पहले मुरादाबाद के जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद शमी उर्फ शम्मू, उसके भाई राशिद और नन्हें समेत 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें सब इंस्पेक्टर ने कहा था कि एक करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में करीब 43 लाख रुपये जिला पंचायत सदस्य के भाई राशिद अली के खाते में आए हैं। पुलिस टीम राशिद अली को पकड़ने आई थी, लेकिन जिला पंचायत सदस्य ने हमला करके राशिद को पुलिस टीम से छुड़ा लिया था।
शुक्रवार को गाजियाबाद पुलिस की टीम ने छापा मारकर मोहम्मद शमी को गिरफ्तार कर लिया है।
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बापू की कुटिया के पास युवक गंभीर घायल मिला: पहचान नहीं होने से इंदौर रेफर नहीं हो सका – shajapur (MP) News
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे बापू की कुटिया के पास सड़क किनारे एक अज्ञात युवक गंभीर घायल अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर लालघाटी थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक जांच के दौरान युवक के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें पाई गईं। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और वह बोलने की स्थिति में नहीं है। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर करने की सलाह दी है।हालांकि, युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। बेहोशी की स्थिति में होने के कारण उसके परिजनों या निवास स्थान की जानकारी नहीं मिल पाई है। घायल युवक के साथ इंदौर जाने वाला कोई परिजन मौजूद नहीं था, जिसके कारण उसे इंदौर रेफर नहीं किया जा सका। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया युवक ने शराब का सेवन कर रखा था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक घायल कैसे हुआ। पुलिस उसकी पहचान करने और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी हुई है।
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गर्मी या झमाझम? मानसून की सुस्ती के बीच 19 राज्यों में आंधी-बारिश का IMD अलर्ट
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Aaj Ka Mausam Live: देश में मानसून की सुस्त चाल के बीच मौसम विभाग (IMD) ने 19 राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में गर्मी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा. दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है. वहीं पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. IMD के अनुसार 23 जून के आसपास मानसून फिर रफ्तार पकड़ सकता है और महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आगे बढ़ सकता है, इससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
IMD ने 19 राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. (फोटो PTI)
Today Weather Live: जून का तीसरा सप्ताह खत्म होने को है लेकिन मानसून अभी भी पूरे देश में अपनी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है. यही वजह है कि देश के कई हिस्सों में मौसम एक अजीब स्थिति में पहुंच गया है. कहीं बादल हैं लेकिन बारिश नहीं, कहीं आंधी है लेकिन गर्मी कम नहीं हो रही और कहीं मानसून दस्तक दे चुका है तो कहीं लोग अब भी पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान ने साफ संकेत दिया है कि अगले कुछ दिन तक देश में गर्मी और बारिश का मिला-जुला दौर जारी रहेगा. हालांकि राहत की बात यह है कि 23 जून के आसपास मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय होकर कई राज्यों में आगे बढ़ सकता है.
IMD के अनुसार 23 जून के आसपास मानसून की प्रगति फिर से तेज हो सकती है. (PTI)
- देशभर में मौसम का यह बदलाव केवल स्थानीय नहीं है. मानसून की वर्तमान स्थिति का असर खेती, जल भंडारण और बिजली मांग तक पर पड़ रहा है. बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात की आशंका बढ़ा दी है. दूसरी ओर राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गर्म हवाओं और धूल भरी आंधी का असर बना हुआ है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं.
- IMD के अनुसार 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. यही वजह है कि मौसम वैज्ञानिक इस तारीख को काफी अहम मान रहे हैं. यदि मानसून की गति बढ़ती है तो जून के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और मौसम लगातार करवट ले रहा है.
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
(i) महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 23 जून, 2026 के आसपास दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए संभावना अनुकूल हैं।
(ii) उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून तक… pic.twitter.com/lOzOZKfoIn— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 19, 2026

