Monday, July 6, 2026
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‘मैं यूपी से हूं…’, सुबह 3 बजे ही अमिताभ ने खड़का दिया फोन, अयोध्या में खरीदी इतनी जमीन


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अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में जमीन खरीदने के लिए रातोंरात ₹15 करोड़ ट्रांसफर किए. उन्होंने सरयू प्रोजेक्ट में 10 हजार वर्ग फुट का पहला प्लॉट खरीदा था.

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अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री के पहले सेलिब्रिटी हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जमीन खरीदी. उन्होंने 2024 में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले सरयू प्रोजेक्ट में 10 हजार वर्ग फुट का पहला प्लॉट खरीदा. इसके बाद उन्होंने बैक टू बैक कई प्रोजेक्ट इस शहर में बसाए. हाल में ही एक कार्यक्रम में रीयल एस्टेट कारोबारी ने एक इंटरव्यू में बिग बी द्वारा खरीदे गए प्रोजेक्ट को लेकर दिलचस्प बातें बताईं. उन्होंने बताया कि कैसे अमिताभ बच्चन अयोध्या में जमीन लेने के लिए उत्सुक थे. उन्होंने रातोंरात 15 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए थे.

हिंदुस्तान टाइम्स से ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के फाउंडर और सीएमडी अभिनंदन लोढ़ा वो शख्स थे, जिन्हें जमीन खरीदने के लिए अमिताभ बच्चन ने अचानक फोन किया था. कारोबारी ने बताया कि बिग बी ने फोन करके उनसे कहा था कि वह यूपी से हैं. उन्हें जमीन खरीदनी है. बस ये कहकर उन्होंने जो दाम बताया गया उसे ट्रांसफर कर दिया.

अमिताभ बच्चन ने किया फोन
अभिनंदन लोढ़ा ने बताया कि साल 2023 की बात है. उस वक्त वह ऑस्ट्रेलिया में थे. तब करीब 3 बजे का समय रहा होगा. एक फोन आता है. लेकिन वह उठा नहीं पाते. इसके बाद एक मैसेज भी आया. जिसे बाद में उन्होंने पढ़ा तो वह हैरान रह गए. दरअसल वह मैसेज किसी और का नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन का था. उन्होंने मैसेज में लिखा था, ‘मैं अमिताभ बच्चन हूं. अगर सही लगे तो एक बार कॉल करें.’

15 करोड़ तुरंत भेजे
ये मैसेज देखते ही वह हक्का-बक्का रह गए और उन्होंने दोबारा उसी मिस्ड कॉल वाले नंबर पर फोन किया. तब उनकी बात अमिताभ बच्चन से हुई. उन्होंने कहा, ‘अभिनंदन जी, मैं यूपी से हूं. मुझे अयोध्या में जमीन लेनी है. मैं 15 हजार वर्ग फुट जमीन खरीदना चाहता हूं. आप इसका दाम बताइए.’ इसके बाद कारोबारी ने 15 करोड़ की कीमत बताई तो उन्होंने अगले ही दिन सारे पैसे भेज दिए.

अयोध्या में अमिताभ बच्चन की जमीन-जायदाद
पिछले कुछ सालों में अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में अपनी जमीन-जायदाद बढ़ाई है. वह लगातार यहां कई प्रोजेक्ट में निवेश कर चुके हैं. सरयू प्रोजेक्ट में पहली प्रॉपर्टी खरीदने के बाद अब उन्होंने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर राम मंदिर से करीब 10 किलोमीटर दूर 54,454 वर्ग फुट का बड़ा भूखंड खरीदा है. इससे पहले मार्च 2026 में उन्होंने तिहुरा माझा इलाके में 35 करोड़ रुपये की कीमत वाला 2.67 एकड़ का प्लॉट भी खरीदा था. इतना ही नहीं, रणबीर कपूर ने अयोध्या में निवेश किया हुआ है.

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Varsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें



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सिंगरौली ट्रॉमा सेंटर में जच्चा-बच्चा की मौत: परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप लगाया – Singrauli News




सिंगरौली जिला अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को प्रसव के दौरान एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों पर गंभीर लापरवाही, अभद्र व्यवहार तथा पैसे मांगने का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों ने डिलीवरी वार्ड के ऑपरेशन थिएटर के गेट का शीशा भी तोड़ दिया और कार्रवाई की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया। मृतक प्रसूता 26 वर्षीय आरती बियार थीं, जो मूल रूप से दमोह के पतेरा की निवासी थीं और वर्तमान में झांझीटोला, बैढ़न में रहती थीं। बंद था ब्लड बैंक पति सूरज सिंह ठाकुर ने बताया कि रविवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर आरती को जिला चिकित्सालय लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि रात करीब 11 बजे भर्ती के बाद डॉक्टरों ने जांच लिखी और दो यूनिट रक्त की व्यवस्था करने को कहा, लेकिन संबंधित कक्ष बंद मिला। इसी दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। नवजात भी जीवित नहीं बच सका। पति सूरज सिंह का आरोप है कि प्रसव के दौरान दो स्टाफ नर्स प्रसूता के सीने पर दबाव बना रही थीं, जिससे उनका दम घुट गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती के समय स्टाफ नर्सों ने पैसों की मांग की और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ पुष्पराज सिंह ठाकुर और सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। महिला को थी खून की कमी अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने बताया कि स्टाफ की लापरवाही अभी प्राथमिक रूप से नहीं दिख रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जाएगी। डॉक्टर के अनुसार, महिला एनीमिक थी और खून की कमी थी, जिसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।



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नीतीश कुमार अचानक पहुंचे जदयू कार्यालय: जनसुनवाई व्यवस्था का लिया जायजा, प्रदेश अध्यक्ष को दिए आवश्यक निर्देश – Patna News




पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सोमवार को अचानक पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जन सुनवाई को लेकर चल रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनका यह औचक दौरा संगठन को और सक्रिय बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। जदयू कार्यालय पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने सबसे पहले कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां चल रही जनसुनवाई कार्यक्रम की व्यवस्था को भी देखा। जनसुनवाई में मंत्री श्रवण कुमार मौजूद थे और लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। नीतीश कुमार वहां पहुंचे और मौजूद लोगों से कहा कि जनसुनवाई पूरी गंभीरता और व्यवस्थित तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ठीक से कीजिए।” प्रदेश अध्यक्ष को दिए आवश्यक निर्देश निरीक्षण के दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी उनके साथ मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी कार्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, ‘कार्यालय में आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं की नियमित सुनवाई होनी चाहिए। हर स्तर पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रवण कुमार बोले- समय-समय पर समीक्षा करते हैं नीतीश इस मौके पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘नीतीश कुमार समय-समय पर पार्टी कार्यालय आकर गतिविधियों की समीक्षा करते हैं। वे यह देखते हैं कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘पार्टी कार्यालय आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाता है।’ बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बोले श्रवण कुमार श्रवण कुमार ने दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा, ‘2025 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया और एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला। भाजपा और जदयू के बीच बेहतर तालमेल है।’ उन्होंने विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर कहा कि उनसे एनडीए को कोई नुकसान नहीं होगा और अंतिम फैसला जनता करेगी। सरकार हर मामले में गंभीर, दोषियों पर होगी कार्रवाई भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में श्रवण कुमार ने मीडिया से अपील किया कि जांच पूरी होने तक धैर्य रखें, सरकार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।



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गुजरात में शेर का किसान पर हमला, VIDEO: हाथ जबड़े में आधे घंटे दबाए रहा, फिर छोड़ा; एक और व्यक्ति पर भी हमले की कोशिश की


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भावनगर12 मिनट पहले

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शेर किसान कालूभाई परमार को गिरफ्त में लिए बैठा रहा। बाद में छोड़ा।

गुजरात के भावनगर के पालीताना तालुका में सोमवार सुबह शेर ने किसान पर हमला कर दियाा। कालूभाई बोगभाई परमार ने बताया कि शेर ने मेरी पीठ पर वार किया और मुझे गिरा दिया। फिर उसने मेरा हाथ अपने मुंह में पकड़ लिया। उसने मुझे करीब आधे घंटे तक पकड़े रखा।

कालूभाई ने बताया, ‘मैं लगातार उससे छूटने की कोशिश करता रहा। मैंने उसे खरोंचा भी, लेकिन उसकी पकड़ मजबूत थी।’ शेर ने इसके पहले एक और व्यक्ति पर हमले की कोशिश की, लेकिन उसने भाग कर खुद को घर में बंद कर लिया। भावनगर, गीर नेशनल पार्क के इलाके में है। यहां अक्सर घरों और खेतों के आसपास शेर देखे जा सकते हैं।

शेर की पकड़ से निकलने की कोशिश करता किसान।

शेर की पकड़ से निकलने की कोशिश करता किसान।

घायल किसान बोला- मैंने शेर को खरोंचा किसान कालूभाई बोगभाई परमार ने बताया, ‘मैं सुबह 10:30 बजे अपनी गाय को चारा खिलाने जा रहा था। तभी यह घटना हुई। मैंने खुद को बचाने के लिए शेर को खरोंचा, जिससे उसने मेरा हाथ छोड़ दिया।’

उन्होंने बताया, ‘मैं तुरंत वहां से भागा। इसके बाद शेर मेरी गाय के पीछे चला गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि शेर जमीन पर बैठा है और आदमी को दबाए हुए है। शेर ने आदमी के पैर पर काट लिया। आदमी अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।’

घटना की 4 फोटोज…

आसपास के लोगों ने शेर की पकड़ से किसान को बचाने के लिए उसकी ओर पत्थर फेंके।

आसपास के लोगों ने शेर की पकड़ से किसान को बचाने के लिए उसकी ओर पत्थर फेंके।

शेर ने किसान के घर के पास यह हमला किया।वहां एक और शेरनी भी मौजूद थी।

शेर ने किसान के घर के पास यह हमला किया।वहां एक और शेरनी भी मौजूद थी।

शेर ने किसान की पीठ पर हमला किया। इससे काफी खून बह रहा था।

शेर ने किसान की पीठ पर हमला किया। इससे काफी खून बह रहा था।

घायल किसान का पालीताना के स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया।

घायल किसान का पालीताना के स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया।

पहले एक और व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश की

शेर के हमले से बचने वाले हेमूभाई गढ़वी ने बताया, ‘मैं सुबह दूध लेकर आया था, सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच का समय था। उस घर में सब लोग चिल्लाने लगे कि भाई, शेर हमारी बाड़ में घुस आया है। मैं दौड़कर वहां गया।

जब मैंने अपनी भैंस को छोड़ा, शेर सीधे मेरी ओर दौड़ा तो मैं जान बचाने भागा और पास में अपने भाई के घर में घुस गया और दरवाजा बंद कर लिया। मेरी भैंस भी भागी, लेकिन वहीं गिर गई। इससे शेर का ध्यान मेरी ओर से हट गया और मैं और मेरी मां दोनों बच गए।

उसके बाद शेर वहां से भाग गया। कुछ देर बाद कालूभाई मेरे घर आए तो शेर ने उन पर हमला कर दिया।

गांव में दहशत, शेर को पकड़ने की कोशिश जारी

गरजिया गांव की सरपंच के पति सावजीभाई ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम डेढ़ घंटे में मौके पर पहुंच गई। शेर को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना के बाद गरजिया गांव और आसपास के इलाकों के पशुपालकों में अपने पशुओं और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता और दहशत का माहौल है। डरे हुए बच्चे स्कूल नहीं गए।

पालीताना तालुका पंचायत सदस्य चेतन डाभी ने कहा, हमने वन विभाग से अपील की है कि यहां के शेरों को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाए। गांव में सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण हमने वन विभाग को कई बार सूचित किया है, लेकिन फिर भी वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।

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गुजरात में 12 शेर, MP में 10 बाघों की मौत:इनके CDV वायरस से मरने का दावा, वन-विभाग ने अब तक रिपोर्ट नहीं की जारी

एशियाटिक लायंस के लिए फेमस गुजरात के पूर्वी और पश्चिमी गिर फॉरेस्ट में 12 शेरों की मौत का मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। वन विभाग ने 30 से अधिक शेरों को एनीमल केयर सेंटर में रखा है। हालांकि, शेरों की लेबोरेटरी रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं की गई है। पढ़ें पूरी खबर…

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कांग्रेस प्रदेश सचिव ने विनय कटियार पर साधा निशाना: गोंडा में कहा- उन्होंने भी चढ़ावा का हिस्सा खाया है, नहीं तो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अपमान ना करते – Gonda News




गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी और कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी ने सोमवार सुबह 10 बजे के करीब मीडिया से बात की। उन्होंने अयोध्या के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार पर निशाना साधा। यह पलटवार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर कटियार के एक बयान पर किया गया। त्रिलोकी नाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि विनय कटियार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि कटियार ने चढ़ावे का हिस्सा खाया है। त्रिलोकी नाथ तिवारी के अनुसार, यदि उनकी बुद्धि भ्रष्ट न होती, तो वे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अपमान नहीं करते। तिवारी ने धीरेंद्र शास्त्री को कर्म और जन्म से ब्राह्मण बताते हुए कहा कि किसी ब्राह्मण का अपमान करना एक बड़ा पाप है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कटियार ने बजरंग दल और अन्य के नाम पर हुई ‘लूट’ में हिस्सा लिया है, जिससे उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। तिवारी ने आगे कहा कि भगवान राम के चढ़ावे का पैसा खाने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से नष्ट हो जाता है। त्रिलोकी नाथ तिवारी ने विनय कटियार की सोच को ‘गंदी’ बताया और कहा कि वह पहले भी नफरत फैलाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कटियार के वर्तमान बयानों की निंदा की। गौरतलब है कि पूर्व सांसद विनय कटियार ने मीडिया से बात करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और अपशब्दों का प्रयोग किया था। इस बयान के बाद काफी विरोध हुआ था इसके बाद उन्होंने अपने बयान को वापस लेते हुए अपने बयान की निंदा की थी।



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2 तरीकों से बनेंगे बाजार जैसे मुलायम और फूले-फूले दिल्ली वाले छोले-भटूरे


Delhi Bhature Recipe: छोले-भटूरे का नाम सुनते ही सबसे पहले दिल्ली का स्वाद याद आता है. बड़े-बड़े, गुब्बारे की तरह फूले हुए भटूरे और मसालेदार छोले हर किसी की पसंद होते हैं, लेकिन जब यही भटूरे घर पर बनाने की बारी आती है तो अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि भटूरे या तो सख्त बन जाते हैं, या फिर तलते समय बिल्कुल नहीं फूलते. कई बार आटा सही होने के बाद भी रिजल्ट वैसा नहीं आता जैसा बाजार में मिलता है. इसकी सबसे बड़ी वजह आटा गूंथने का तरीका और सही रेस्टिंग टाइम होता है. मशहूर शेफ रणवीर बरार ने इसी परेशानी का बेहद आसान हल बताया है.

उन्होंने भटूरे का आटा तैयार करने के दो ऐसे तरीके शेयर किए हैं, जिन्हें अपनाकर घर में भी बिल्कुल दिल्ली वाले मुलायम और फूले-फूले भटूरे बनाए जा सकते हैं, अगर आप भी चाहते हैं कि अगली बार आपके भटूरे देखने में शानदार लगें और खाने में भी नरम रहें, तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं.

भटूरे का असली स्वाद छिपा है आटा गूंथने के तरीके में
अक्सर लोग सोचते हैं कि अच्छा मैदा या ज्यादा तेल डालने से भटूरे बढ़िया बन जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. भटूरे की सबसे बड़ी खासियत उसके आटे की तैयारी में होती है, अगर आटा सही तरीके से गूंथा जाए और उसे सही समय तक रखा जाए, तो भटूरे तलते ही अच्छी तरह फूल जाते हैं. शेफ रणवीर बरार का कहना है कि सही टेक्सचर पाने के लिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

शुरुआत ऐसे करें
भटूरे के लिए सबसे पहले डेढ़ कप मैदा लें. इसमें आधा चम्मच चीनी और स्वाद के मुताबिक नमक मिलाएं. चीनी सिर्फ हल्की मिठास के लिए नहीं होती, बल्कि इससे भटूरों का रंग भी अच्छा आता है और अगर खमीर इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे एक्टिव होने में भी मदद मिलती है, अगर भटूरे ज्यादा मुलायम चाहिए तो सूखे मिश्रण में थोड़ा सा तेल भी मिला सकते हैं.

मुलायम या खस्ता, सूजी तय करेगी टेक्सचर
भटूरे का स्वाद और बनावट काफी हद तक सूजी पर भी निर्भर करती है, अगर आपको मुलायम भटूरे पसंद हैं, तो सूजी को करीब एक घंटे पहले पानी में भिगो दें और फिर आटे में मिलाएं. इससे भटूरे नरम बनेंगे. वहीं अगर आपको हल्के खस्ते भटूरे पसंद हैं, तो सूजी को बिना भिगोए सीधे मैदे में मिला दें. यह छोटी सी ट्रिक भटूरों का पूरा टेक्सचर बदल देती है.

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पहला तरीका: खमीर वाला पारंपरिक तरीका
अगर आपके पास थोड़ा समय है, तो खमीर वाला तरीका सबसे अच्छा माना जाता है. इसके लिए करीब 5 ग्राम खमीर को हल्के गुनगुने पानी में डालकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. जब खमीर एक्टिव हो जाए, तब उसे मैदे में मिलाकर आटा गूंथ लें. इसके बाद आटे को कम से कम डेढ़ घंटे तक ढककर रखें. इस दौरान आटा अच्छी तरह फूलता है और अंदर हल्कापन आ जाता है, जिससे भटूरे तलते समय बढ़िया फूलते हैं.

‘पटक-पटक’ कर गूंथने की तकनीक क्यों है खास?
शेफ रणवीर बरार के मुताबिक सिर्फ आटा गूंथ लेना काफी नहीं होता. आटे को बार-बार उठाकर हल्का पटकते हुए गूंथना चाहिए. इससे मैदे में ग्लूटेन अच्छी तरह बनता है. यही वजह है कि बेलते समय भटूरे फटते नहीं और गर्म तेल में डालते ही फूल जाते हैं. आटा तैयार होने के बाद उसकी ऊपरी सतह पर थोड़ा सा तेल लगा दें ताकि वह सूखे नहीं.

दूसरा तरीका: बिना खमीर वाला आसान ऑप्शन
सर्दियों में कई बार खमीर ठीक से काम नहीं करता. ऐसे में दही वाला तरीका काफी आसान और असरदार माना जाता है. इसके लिए मैदा, नमक और पहले से भिगोई हुई सूजी मिलाएं. अब पानी के साथ थोड़ा दही डालकर आटा गूंथ लें. दही आटे को हल्की खटास देने के साथ उसे नरम भी बनाता है. इस तरीके में आटे को सिर्फ 45 मिनट तक ढककर रखना होता है. कम समय में बढ़िया भटूरे बनाने के लिए यह तरीका काफी पसंद किया जाता है.

भटूरे तलते समय ये गलती बिल्कुल न करें
आटा जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है सही तापमान पर तलना. तेल पूरी तरह गर्म होना चाहिए. जब भटूरा तेल में डालें तो झारे से उसके ऊपर हल्का गर्म तेल डालें. इससे भटूरा तुरंत ऊपर उठता है और गुब्बारे की तरह फूल जाता है, अगर तेल कम गर्म होगा तो भटूरा ज्यादा तेल सोख लेगा और मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलेगा.

घर पर भी मिलेगा दिल्ली जैसा स्वाद
अगर आप इन आसान टिप्स को अपनाते हैं, तो घर में भी बिल्कुल बाजार जैसे मुलायम, फूले-फूले और स्वादिष्ट भटूरे तैयार किए जा सकते हैं. सही सामग्री, सही गूंथाई, थोड़ा धैर्य और सही तापमान-बस यही चार बातें आपके भटूरों को खास बना देंगी. अगली बार छोले-भटूरे बनाते समय इन तरीकों को जरूर आजमाएं और घरवालों को दिल्ली वाले स्वाद का मजा दें.



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TRAI ने की तैयारी, Truecaller समेत ये ऐप्स हो सकते हैं बैन, होगा बड़ा एक्शन


TRAI ने Truecaller समेत अन्य दो कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है। ट्रू कॉलर, Hiya और Whoscall नाम के ये तीनों ऐप्स ट्राई की रडार पर हैं। इन पर ट्राई ने IT एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। इन ऐप्स पर आरोप है कि ये 1400 और 1600 से शुरू होने वाले नंबर से आने वाले कॉल्स को स्पैम बता रहे हैं। इन नंबरों को खास तौर पर कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए असाइन किया गया है।

एक्शन की तैयारी

TRAI इन ऐप्स पर डायरेक्ट एक्शन नहीं ले सकता है क्योंकि ये ऐप्स दूरसंचार विभाग (DoT) के अंदर नहीं आते हैं। ऐसे में इन पर एक्शन लेने के लिए MeitY और DoT के परमिशन की जरूरत होगी। दूरसंचार नियामक का कहना है कि वो इन ऐप्स को रेगुलेट नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वो आईटी एक्ट के तहत नियमों के उल्लंघन को देखते हुए एक्शन लेना चाहता है।

नियामक के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि, सेफ हार्बर का प्रावधान है लेकिन ऐप्स को यहां के कानूनों का पालन करना चाहिए। हमें पता चला है कि कुछ ऐप्स ट्राई के रेगुलेशन का उल्लंघन कर रहे हैं। बता दें ‘सेफ हार्बर’ नियम उन कानूनी प्रावधानों को कहते हैं जो संगठनों को रेगुलेटरी जवाबदेही से बचाते हैं, बशर्ते वे खास, पहले से तय गाइडलाइंस का पालन करें।

रेगुलेटर चाहता है कि उसे इस नियम के तहत एक ऑथोराइज्ड एजेंसी घोषित कर देना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, MeitY ने TRAI की इस मांग पर सहमति जता दी है अब दूरसंचार विभाग की तरफ से इसे लेकर अगला एक्शन लिया जाएगा।

ट्रू कॉलर की सफाई

हालांकि, इस मामले में ट्रू कॉलर का कहना है कि वो ट्राई के मैनडेट के तहत किसी सीरीज के डेजिगनेटेड नंबर को स्पैम टैगिंग नहीं करता है और न ही ऑटोमैटिकली ब्लॉक करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो ट्रू कॉलर को अगर पता लगता है कि उनके प्लेटफॉर्म पर किसी डेजिगनेटेड सीरीज को स्पैम माना जाता है तो उसे प्लेटफॉर्म की तरफ से स्पैम टैग नहीं किया जाता है।

क्या बैन होगा ऐप?

ट्राई को अगर दूरसंचार विभाग की तरह से हरी झंडी मिल जाती है तो ट्रू कॉलर समेत तीन ऐप्स पर बड़ा एक्शन लिया जा सकता है। इन ऐप्स को दूरसंचार प्राधिकरण की तरफ से नोटिस जारी किया जा सकता है। अगर, मामला गंभीर पाया जाता है तो इन ऐप्स पर बैन भी लगाया जा सकता है।

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वर्ल्ड अपडेट्स: फ्रांस के लालिक म्यूजियम में 40 करोड़ रुपए की चोरी, नकाबपोश बदमाश 20 क्रिस्टल ज्वेलरी लेकर फरार




फ्रांस के लालिक म्यूजियम से रविवार तड़के करीब 40 लाख यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) के आभूषण चोरी हो गए। घटना जर्मनी सीमा से सटे विंगन-सुर-मोडेर कस्बे की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 5:30 बजे कई नकाबपोश बदमाश संग्रहालय का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। उन्होंने छह डिस्प्ले केस तोड़े और करीब 20 क्रिस्टल आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषण क्रिस्टल के बने थे और उनमें कीमती रत्न नहीं जड़े थे। इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन्हें पिघलाकर या दोबारा बेच पाना आसान नहीं होगा। लालिक म्यूजियम की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह प्रसिद्ध फ्रांसीसी ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों की कला को समर्पित है। संग्रहालय में 650 से अधिक आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला की कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। चोरी के बाद संग्रहालय को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में पेरिस के लूव्र म्यूजियम से फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स के आठ दुर्लभ आभूषण चोरी हुए थे। उनकी कीमत करीब 8.8 करोड़ यूरो आंकी गई थी। इसी दौरान डेनिस डिडेरो हाउस ऑफ एनलाइटनमेंट से करीब 2,000 दुर्लभ सिक्के और नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से 15 लाख यूरो कीमत के छह दुर्लभ सोने के नगेट भी चोरी हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन में विदेशी फंडिंग पर शिकंजा:चुनावी उम्मीदवारों को हर बड़े चंदे का स्रोत बताना होगा
ब्रिटेन ने सोमवार को विदेशी राजनीतिक चंदे पर नियम और सख्त कर दिए। सरकार का कहना है कि इसका मकसद विदेशी पैसे के जरिए चुनावों को प्रभावित होने से रोकना और राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह जानकारी ब्रिटिश सरकार के बयान में दी गई है। नए नियमों के तहत अब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उम्मीदवार घोषित होने से पहले मिले 2,230 पाउंड से अधिक के सभी चंदों की जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी साबित करना होगा कि यह रकम वैध स्रोतों से आई है। हाउसिंग मंत्री स्टीव रीड ने कहा कि विदेशी दानदाताओं के लिए कड़े मानक लागू कर और उम्मीदवारों से फंडिंग का स्रोत साबित कराने की व्यवस्था कर सरकार चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा कर रही है। नियमों के मुताबिक विदेश से आकर ब्रिटेन में बसे लोग अब तभी एक लाख पाउंड या उससे अधिक का राजनीतिक चंदा दे सकेंगे, जब वे कम से कम एक साल तक स्थायी रूप से ब्रिटेन में रह चुके हों। इसके अलावा कंपनियों से मिलने वाले राजनीतिक चंदे का आकलन अब उनके राजस्व के बजाय कर चुकाने के बाद हुए वास्तविक मुनाफे के आधार पर किया जाएगा। ये नए नियम मार्च में घोषित प्रावधानों के बाद लागू किए गए हैं। तब सरकार ने विदेश में रहने वाले ब्रिटिश नागरिकों के राजनीतिक चंदे की सीमा एक लाख पाउंड प्रति वर्ष तय की थी। लोगो विवाद में मॉली टी पर भारी पड़ा लुई वितों: चीनी अदालत ने $15 लाख हर्जाना और माफी का आदेश दिया
चीन की लोकप्रिय बबल टी चेन मॉली टी को फ्रांसीसी लग्जरी ब्रांड लुई वितों (Louis Vuitton) के ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में 1.03 करोड़ युआन (करीब 11 लाख पाउंड या 15 लाख डॉलर) हर्जाना भरने का आदेश दिया गया है। अदालत ने माना कि कंपनी का लोगो लुई वितों के मशहूर चार-पंखुड़ी वाले मोनोग्राम ट्रेडमार्क की नकल करता है। इस फैसले के बाद चीन में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। चाइना डेली के अनुसार, शंघाई के पूर्व में स्थित सूझोउ की अदालत ने गुरुवार को मॉली टी को विवादित लोगो का इस्तेमाल तुरंत बंद करने, सार्वजनिक माफी मांगने और लुई वितों को 1.03 करोड़ युआन का हर्जाना देने का आदेश दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मॉली टी और उससे जुड़ी कंपनियों ने कई ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए आवेदन किए थे, लेकिन चीन के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रशासन ने अधिकांश आवेदन खारिज कर दिए। केवल “मॉली टी” नाम वाले चीनी अक्षरों का ट्रेडमार्क ही पंजीकृत हो सका। इस मामले से जुड़ा एक हैशटैग चीनी सोशल मीडिया पर 40 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस पर हजारों टिप्पणियां आई हैं। कई यूजर्स ने मॉली टी का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिमी लग्जरी ब्रांडों के कई डिजाइन भी चीनी कलाकृतियों से प्रेरित रहे हैं। वीबो पर एक यूजर ने लिखा कि वह समर्थन जताने के लिए रोज मॉली टी पिएगा। वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अदालत के फैसले को सही ठहराया। उनका कहना था कि लुई वितों ने संबंधित ट्रेडमार्क पहले ही पंजीकृत करा रखा है, इसलिए कानून के मुताबिक उसकी सुरक्षा का अधिकार उसी के पास है। ‌‌BBC ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए मॉली टी और लुई वितों दोनों से संपर्क किया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की ओर से कोई बयान नहीं आया। NATO सम्मेलन से पहले रूस का बड़ा हमला:कीव में 9 की मौत
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने एक सप्ताह में दूसरी बार बड़ा मिसाइल हमला किया है। सोमवार तड़के हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कम से कम पांच बच्चे शामिल हैं। यह हमला तुर्किये में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है। सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात होने की उम्मीद है। रविवार को हमले से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि खुफिया जानकारी के अनुसार रूस कीव पर एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। वहीं रूस का कहना है कि उसने हाल में रूसी क्षेत्र के बिजलीघरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों के जवाब में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। NATO बैठक से पहले जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों की आपूर्ति में देरी नहीं करने की अपील की।



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Satluj Ban Reaction: ओटीटी से हटी ‘सतलुज’, नेटिजंस ने मचाया बवाल, दिलजीत दोसांझ बोले- ‘अब


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हनी त्रेहान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘सतलुज’ 3 जुलाई को ओटीटी पर रिलीज हुई और दो दिन बाद ही फिल्म को हटा दिया गया. इसका विरोध हो रहा है. दिलजीत दोसांझ ने खुद आपत्ति जताई है. फैंस फिल्म को फिर से रिलीज करने की मांग कर रहे हैं. नाराजगी जता रहे हैं.

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दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ के सपोर्ट में उतरे लोग. (फिल्म पोस्टर)

मुंबई. दिलजीत दोसांझ की एक और फिल्म विवादों में घिरी हुई है. इस बार वह ‘सतलुज’ को लेकर विवादों में हैं. फिल्म को लेकर सीबीएफसी पिछले 4 साल से सर्टिफिकेट नहीं दे रही थी. इसे अनकट वर्जन के साथ डायरेक्ट ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया. फिल्म को रिलीज के दो दिन बाद ही ओटीटी से हटा दिया गया. जी5 ने फिल्म हटाने को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसके बाद से लोग आपत्ति जता रहे हैं. फिल्म के सपोर्ट पोस्ट कर रहे हैं. दिलजीत ने सोशल मीडिया पर भी नाराजगी जताई है. दिलजीत के साथ-साथ कई लोगों आपत्ति जताई और रिएक्ट कर रहे हैं.

दिलजीत दोसांझ ने ‘सतलुज’ की स्क्रीनिंग का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा,”अब फिल्म नहीं रुकेगी. खालरा साब की आवाज को कोई नहीं दबा सकता.” वीडियो पंजाब के किसी गांव का है, जहां एक दीवार पर बड़ी स्क्रीन पर सैंकड़ों गांव वाले ‘सतलुज’ देख रहे हैं. एक्स पर भी लोग नाराजगी जता रहे हैं.



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OPEC+ का बड़ा फैसला! अब नहीं होगी तेल की कमी, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?


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OPEC+ ने अगस्त 2026 से लगातार तीसरे महीने रोजाना 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है. भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि लंबे समय तक कीमतें कम रहने पर महंगाई और पेट्रोल-डीजल की लागत पर असर पड़ सकता है. हालांकि, आगे तेल की कीमतें ग्लोबल मांग, सप्लाई और पश्चिम एशिया की जियो-पॉलिटिकल स्थिति पर निर्भर करेंगी.

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रविवार को हुई OPEC+ देशों की बैठक में यह फैसला लिया गया है.

दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों के ग्रुप OPEC+ ने एक बार फिर तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. ग्रुप ने तय किया है कि अगस्त 2026 से रोजाना 1.88 लाख बैरल (1,88,000 बैरल प्रति दिन) अतिरिक्त कच्चा तेल बाजार में लाया जाएगा. यह लगातार तीसरा महीना है, जब OPEC+ ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया है. इससे दुनिया में तेल की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है.

रविवार को हुई OPEC+ देशों की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इससे पहले जून और जुलाई में भी उत्पादन को इसी मात्रा यानी 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाया गया था. इस फैसले को सऊदी अरब, रूस और समूह के अन्य सदस्य देशों का समर्थन मिला. OPEC+ का कहना है कि ग्लोबल बाजार की जरूरत को देखते हुए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. हालांकि, जरूरत पड़ने पर भविष्य में उत्पादन घटाने का फैसला भी लिया जा सकता है.

तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट

उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 71.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) की कीमत करीब 68.58 डॉलर प्रति बैरल रही. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में ज्यादा तेल आने की उम्मीद से कीमतों पर दबाव बना है. हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों की वजह से कीमतों में बड़ा बदलाव अभी नहीं दिख रहा है.

भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने का सीधा फायदा देश को मिल सकता है. अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक कम रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की लागत पर भी असर पड़ सकता है. इससे महंगाई को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल पर ही निर्भर नहीं करतीं. टैक्स, रुपये-डॉलर की विनिमय दर और सरकारी नीतियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं.

आगे क्या रह सकता है रुख?

हाल के महीनों में खाड़ी देशों और रूस से तेल की सप्लाई बढ़ी है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों में जियो-पॉलिटिकल टेंशन और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण उत्पादन और निर्यात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि उत्पादन बढ़ाने की घोषणा के बावजूद वास्तविक ग्लोबल बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी. अगर ग्लोबल मांग कमजोर रहती है और उत्पादन बढ़ता है, तो आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है.

फिलहाल OPEC+ ने साफ किया है कि वह बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा और जरूरत के मुताबिक उत्पादन बढ़ाने या घटाने का फैसला करेगा. ऐसे में आने वाले महीनों में तेल की कीमतों की दिशा काफी हद तक ग्लोबल मांग और सप्लाई पर निर्भर करेगी.

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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