यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने शकूरबस्ती-जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के दिल्ली कैंट स्टेशन पर ठहराव समय बढ़ा दिया है। अब यह ट्रेन पहले के 2 मिनट के बजाय 5 मिनट तक रुकेगी। उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया- ट्रेन संख्या 12249 शकूरबस्ती-जैसलमेर स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 19 जून से संशोधित समय के अनुसार दिल्ली कैंट स्टेशन पर शाम 5:54 बजे पहुंचेगी और 5:59 बजे रवाना होगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 12250 जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 18 जून से दिल्ली कैंट स्टेशन पर सुबह 8:36 बजे पहुंचेगी तथा 8:41 बजे रवाना होगी। रेलवे के अनुसार- ठहराव अवधि बढ़ने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा,जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस रेलसेवा रीशेड्यूल रहेगी रेलवे द्वारा बीकानेर-मेड़ता रोड रेलखंड पर नागौर-बदवासी-अलाई स्टेशनों के बीच सम्पूर्ण रेल पथ नवीनीकरण कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार- गाड़ी संख्या 22632, बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस ट्रेन 21 और 28 जून, 5 जुलाई और 12 जुलाई को बीकानेर से अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 30 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी।
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दिल्ली कैंट स्टेशन पर स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस का ठहराव बढ़ा: बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस ट्रेन रीशेड्यूल रहेगी, 4 दिन बदलेगा टाइम – Jodhpur News
भारत पर किसी ने अटैक किया तो हम जंग में कूद जाएंगे… पीएम मोदी के सामने बोले ट्रंप
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भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारत के समर्थन को लेकर बड़ा बयान दिया. ट्रंप ने कहा कि अगर कभी भारत पर हमला होता है, तो अमेरिका उसके साथ खड़ा होगा. उन्होंने कहा, अगर पीएम मोदी रहते हैं. यदि भारत पर हमला होता है, तो अमेरिका भारत के लिए मौजूद रहेगा, भले ही इस संबंध में कोई लिखित समझौता न हो. ट्रंप का यह बयान दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक और रक्षा संबंधों का संकेत माना जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरा विश्वास और साझेदारी है.
Exclusive: ‘मां की तरह से ललितेश्वरी हूं’, धार्मिक पहचान पर जीनत अमान का बेबाक बयान
नई दिल्ली: मशहूर एक्ट्रेस जीनत अमान को ‘न्यूज18 इंडिया’ ने ‘अमृत रत्न सम्मान’ से नवाजा. उन्होंने सम्मान के लिए न्यूज18 इंडिया का आभार जताया और अपनी जिंदगी और फिल्मी सफर पर तमाम बातें कीं, जिससे लोग ज्यादा वाकिफ नहीं हैं. उन्होंने जब हिंदी सिनेमा में कदम रखा, तो हीरोइन की परिभाषा बदल दी. उन्होंने निजी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव झेले.
जब जीनत अमान से पूछा गया कि वे अपने निर्णयों और परिणामों को कैसे देखती हैं, तो वे बोलीं, ‘जब आप कोई निर्णय लेते हैं, तो आपको उसके लिए तैयार रहना पड़ता है. फिर वह निजी है या पेशेवर, आपको बहाव के साथ बढ़ना पड़ता है. वे अपने दौर की ग्लैमरस हीरोइन थीं. उन्होंने एक्टिंग से पहले जर्नलिज्म की, फिर सौंदर्य प्रतियोगिता से देश का मान बढ़ाया. जीनत अमान अपनी ग्लैमरस इमेज के लिए मशहूर हैं, मगर वह पढ़ाई में भी अच्छी थीं. वे अपनी हीरोइन बनने के निर्णय पर कहा, ‘जब मेरी प्रिंसिपल को पता चला, तो वह रोईं. वह बोलीं कि राजनीति में जा सकती थी, हमारे देश को रीप्रेजेंट कर सकती थीं. इत्तेफाक की बात है कि मैं फिल्म में आ गई. मेरे पिता मशहूर लेखक थे. वे मुस्लिम थे और मां हिंदू थीं. मां की तरह से मेरा नाम ललितेश्वरी है.’
मुस्लिम पिता-हिंदू मां की बेटी हैं जीनत अमान
जीनत आगे कहती हैं, ‘मेरी मां हिंदू महिला थीं. मेरी परवरिश उन्हीं के साथ हुई. मैं धार्मिक नहीं हूं. कैथोलिक स्कूल से पढ़ी हूं. मेरा एक्सपोजर पूरी दुनिया का है. मैं किसी एक धर्म से नहीं जुड़ी. सब धर्म अच्छे हैं. कोई धर्म नहीं कहता है कि आप बुरा करें.’ उन्होंने इंसानियत को अपना धर्म बताया. जब जीनत से पूछा गया कि अगर कोई लड़की हीरोइन बनना चाहती है, तो उसे आप क्या सलाह देंगी? वे बोलीं, ‘किसी का डुप्लीकेट मत बनो, अपनी मौलिकता पेश करो.’
जीनत अमान ने जिंदगी को लेकर अपना नजरिया जाहिर किया.
जीनत अमान ने अपनी जिंदगी की मुश्किलों को लेकर कहा, ‘कुछ भी हुआ है आपकी जिंदगी में, आपको बढ़ते रहना पड़ता है. यह विकास के बारे में है. उतार-चढ़ाव है, उससे आप सीखते हैं. जीनत अमान ने फिल्में चुनने का अपना नजरिया पेश किया. वे बोलीं, ‘हरे रामा हरे कृष्ण के बाद लोगों ने मुझे गुड-बैड गर्ल के किरदारों में चुनना पसंद किया . वे सती-सावित्री जैसे किरदार नहीं हैं. उनके ग्रे शेड्स हैं. मैं देखती थी कि कौन अच्छी फिल्म बनाएगा. कौन फिल्म को लेकर जुनूनी है. उस वक्त के सभी बड़े फिल्ममेकर्स के साथ काम करने के बारे में सोचती थी. मनमोहन देसाई, फिरोज खान, राज कुमार, शम्मी कपूर थे. लोग पूछते हैं कि कौन पसंदीदा हीरो है, जबकि पूछना चाहिए कि कौन है फेरवरेट डायेरक्टर? देव आनंद, राज कपूर, फिरोज खान के साथ काम करके बहुत अच्छा अनुभव मिला.
‘सुंदरता का फायदा मिलता है’
जीनत अमान के गाने भी खूब मशहूर हुए. उनमें से एक गाना है- ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को.’ जिसे 50 साल बाद भी दोहराया जा रहा है. वे बोलीं, ‘मैंने कुछ साल पहले पढ़ा कि यह हिंदी का सबसे मशहूर गाना है. जीनत को हमेशा अव्वल आना पसंद था, क्योंकि वह हमेशा चाहती कि उनकी मां उनसे खुश रहें. जीनत ने सिनेमा पर कहा, ‘फिल्म मेकिंग एक बिजनेस हैं. अगर ऑडियंस ने किसी को खास रूप में स्वीकार कर लिया है, तो वह उसके साथ जाते हैं. अगर कोई झरने के नीचे देखना चाहता है, तो वह बार-बार आएगा. जब उनसे पूछा गया कि सुंदरता क्या बर्डन है, तो वे बोलीं, ‘नहीं, सुंदरता का फायदा मिलता है. मैंने नहीं, प्रोड्यूसर ने इसका फायदा उठाया.
अफवाहों पर जीनत अमान की दो टूक
जब जीनत अमान से उनकी जिंदगी से जुड़े अफवाहों पर बात हुई, तो वे बोलीं, ‘मुझ पर किसी ने चार पेज का आर्टिकल लिखा था. जिस शख्स के साथ कभी मुलाकात नहीं हुई, लोगों ने उसके साथ मेरा रिश्ता जोड़ दिया. आप किस-किस को जवाब देंगे? अब इंस्टाग्राम पर अपनी अपनी बात कहती हूं.’ गौरतलब है कि एक्ट्रेस को शुरुआती कुछ फिल्मों के बाद असली कामयाबी देव आनंद की फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ से मिली, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया था. उन्हें इसके लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. उन्होंने 1970 के दशक में ‘यादों की बारात’, ‘धर्मवीर’, ‘द ग्रेट गैम्बलर’ और ‘डॉन’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं, जबकि ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में उनके अभिनय की खूब चर्चा हुई.
गोरखपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री ने किया जनसंपर्क: लोगों तक पहुंचाईं सरकार की उपलब्धियां, बोले- सेवा और सुशासन से बदली भारत की तस्वीर – Gorakhpur News
गोरखपुर पहुंचे भारत सरकार के केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर शहर में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रसंघ चौराहा स्थित कबाड़खाना गली में प्रबुद्ध लोगों से मुलाकात की और उन्हें केंद्र सरकार की योजनाओं व 12 साल की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सेवा, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए देश के हर वर्ग तक विकास पहुंचाने का काम किया है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। सरकार की कोशिश रही है कि योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, जरूरतमंद परिवारों को घर और छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ने के अवसर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया में देश की अलग पहचान बनी है। स्वच्छता को लोगों की आदत बनाना जरूरी स्वच्छता अभियान में शामिल होकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के जरिए सफाई को लेकर लोगों को जागरूक किया है। अब स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर भारत बनाने के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। आयुष्मान, आवास और स्वनिधि योजना का किया जिक्र केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में बताते हुए तोखन साहू ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से गरीब परिवारों को इलाज में मदद मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर मिले हैं। वहीं पीएम स्वनिधि योजना से रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापार से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता मिली है, जिससे वे अपना रोजगार आगे बढ़ा रहे हैं। पेड़ लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा योगदान
केंद्रीय राज्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि साफ वातावरण और हरियाली हमारे भविष्य के लिए जरूरी है। हर व्यक्ति को प्रकृति बचाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। गोरखपुर दौरे के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने एम्स का भी अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने प्रबुद्ध नागरिकों से मुलाकात कर मोदी सरकार के 12 वर्षों में किए गए कार्यों की जानकारी वाली पुस्तिका दी। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, मंडल अध्यक्ष प्रदीप सिंह, रितेश सिंह बब्बू, पवन यादव, अंबिकेश दुबे, शशिकांत सिंह, अजय श्रीवास्तव सहित पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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कैमूर में RJD का धरना; महंगाई, बेरोजगारी-कानून-व्यवस्था पर हमला: जिलाध्यक्ष बोले- 16 लाख आबादी वाले जिले में अब तक नहीं बना मेडिकल कॉलेज, युवा कर रहे पलायन – Kaimur News
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कैमूर की देखरेख में जिला मुख्यालय स्थित लिच्छवी भवन के पास एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरने के माध्यम से राजद नेताओं ने प्रदेश की एनडीए सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर निशाना साधा। राजद नेताओं ने कैमूर जिले की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। कैमूर में मेडिकल कॉलेज नहीं बनने पर उठाए सवाल धरने की अध्यक्षता कर रहे राजद जिलाध्यक्ष अकलू राम ने कहा कि सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन जनता कई समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 16 लाख की आबादी वाले कैमूर जिले में अब तक मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं हो सकी है। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी या पटना रेफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में जिले के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे युवा राजद नेताओं ने कहा कि जिले में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में युवा दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। मुंडेश्वरी धाम के विकास को लेकर भी उठाया मुद्दा धरने के दौरान नेताओं ने विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां मुंडेश्वरी धाम के विकास को लेकर भी सवाल उठाए। राजद नेताओं का कहना था कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद मुंडेश्वरी धाम को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को नुकसान पहुंच रहा है। शराब तस्करी और अपराध पर सरकार को घेरा राजद नेताओं ने सीमावर्ती जिला होने के कारण शराब तस्करी और अपराध की समस्या को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अपराध बढ़ने से आम लोगों में भय का माहौल है। सरकार कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। अधूरी परियोजनाओं से किसानों को नुकसान का आरोप धरने में इंद्रपुरी जलाशय जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। नेताओं ने कहा कि वर्षों से लंबित परियोजनाओं के कारण किसानों को सिंचाई संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन योजनाओं को जल्द पूरा कराने की मांग की। लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का ऐलान धरना कार्यक्रम में जिला प्रधान महासचिव भोला नाथ सिंह, पूर्व मंत्री बृजकिशोर बिंद, पूर्व प्रत्याशी वीरेंद्र कुशवाहा, अजीत सिंह, आशिफ मुन्ना खां, डॉ. पुनीत सिंह, सिद्धेश्वर कुशवाहा, सचिदानंद यादव सहित बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजद नेताओं ने कहा कि कैमूर के विकास और जनता के अधिकारों को लेकर पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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डीयू आईसीसी चुनाव में ABVP का दबदबा: यूजी से आर्यन और पीजी से श्लोक जीते, महिला सुरक्षा के मुद्दे को मिला समर्थन – New Delhi News
दिल्ली विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के चुनाव में जीते पदाधिकारी।
दिल्ली विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत का परचम लहराया है। स्नातक (यूजी) वर्ग से आर्यन चौधरी और स्नातकोत्तर (पीजी) वर्ग से श्लोक कुमार सिंह निर्वाचित हुए है
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आईसीसी विश्वविद्यालय में लैंगिक संवेदनशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था है। इस महत्वपूर्ण चुनाव में एबीवीपी समर्थित प्रत्याशियों की विजय यह स्पष्ट करती है कि छात्र पारदर्शी कार्यशैली और समर्पित नेतृत्व चाहते हैं।
जीत छात्र समुदाय के विश्वास और हमारी सकारात्मक कार्यशैली की जीत
एबीवीपी लंबे समय से छात्राओं की सुरक्षा और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के लिए आंदोलन करती रही है। परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री का केंद्र नहीं, बल्कि नेतृत्व और संवेदनशीलता निर्माण का भी मंच है।
एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, यह जीत छात्र समुदाय के विश्वास और हमारी सकारात्मक कार्यशैली की जीत है। आर्यन और श्लोक छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और महिला सुरक्षा व निष्पक्ष शिकायत निवारण की दिशा में पूरी निष्ठा से काम करेंगे। इस परिणाम के बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने कहा कि वे परिसर को और अधिक सुरक्षित और न्यायपूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यं सहायता समूह से बदली किस्मत, घर के शुद्ध अचार की बढ़ी डिमांड
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Pickle Business Idea: आज के दौर में जहां एक तरफ युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के बिजुआ ब्लॉक के कुछ हुनरमंद लोग अपने पारंपरिक व्यवसाय के दम पर आत्मनिर्भरता और सफलता की एक नई इबारत लिख रहे हैं. ‘श्री बालाजी स्वयं सहायता समूह’ से जुड़कर न सिर्फ एक शख्स की किस्मत बदली, बल्कि गांव की 12 महिलाओं को घर बैठे रोजगार भी मिला. 20 तरह के शुद्ध और स्वादिष्ट अचार तैयार कर यह समूह आज हर दिन हजारों रुपये की शानदार कमाई कर रहा है.
Pickle Business Idea: आज के समय में जहां युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, वहीं कुछ लोग अपने हुनर और पारंपरिक व्यवसाय के दम पर सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं. बिजुआ ब्लॉक के रहने वाले हरीश ने बातचीत करते हुए बताया कि वह वर्ष 2023 में स्वयं सहायता समूह से जुड़े थे. स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद हमारी किस्मत बदल गई है. हमारे समूह का नाम ‘श्री बालाजी स्वयं सहायता समूह’ है. इसमें करीब 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें गांव में ही रोजगार मिल रहा है और उनके परिवार का पालन-पोषण अच्छे से हो रहा है.
20 प्रकार के स्वाद और बढ़ती डिमांड
स्वयं सहायता समूह के द्वारा करीब 20 प्रकार का अचार तैयार किया जाता है, उसके बाद उन्हें मार्केट में बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिस कारण अच्छा-खासा मुनाफा होता है. अगर वैरायटी की बात की जाए तो इसमें आम का अचार, नींबू, हरी मिर्च, लाल मिर्च, लहसुन, अदरक, कटहल, करौंदा, मिक्स वेज अचार, आंवला, गाजर, मूली व अन्य कई तरीके के अचार शामिल हैं. घर में तैयार किए गए इन अचारों की शुद्धता और गुणवत्ता के कारण बाजार में लगातार इनकी डिमांड बढ़ती जा रही है, जिस कारण समूह की इनकम में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
पारंपरिक विधि और शुद्धता का मेल
अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का चयन किया जाता है. इसके बाद मसालों में सरसों, मेथी, सौंफ, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च और नमक का सही अनुपात मिलाया जाता है. अचार को लंबे समय तक सुरक्षित और स्वादिष्ट रखने के लिए शुद्ध सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है. यही वजह है कि लोग इस घरेलू स्वाद को बेहद पसंद कर रहे हैं.
प्रतिदिन हजारों की कमाई और रोजगार
हरीश ने बातचीत करते हुए आगे बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा जो 20 प्रकार का अचार तैयार किया जाता है, उसकी बिक्री से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस समय बाजार में 1 किलो अचार 150 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. इसमें सबसे अधिक आम के अचार और लहसुन के अचार की डिमांड है. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खास पारंपरिक तरीके से इस अचार को तैयार करती हैं.
समूह से जुड़ने के बाद अब प्रतिदिन हजारों रुपये की कमाई आसानी से अचार के बिजनेस से हो रही है. जब हम स्वयं सहायता समूह में नहीं जुड़े थे, तब काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. पिछले तीन वर्षों से स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का रोजगार मिला है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
अमेरिका में बंद कमरे में मिली हरियाणवी युवक की डेडबाॉडी: 2 एकड़ जमीन बेच डंकी रूट से गया, कहा था-सारे कर्ज उतार दूंगा; परिवार का इकलौता बेटा – Karnal News
करनाल का सुपनदीप दो साल पहले अमेरिका गया था। मौत की सूचना पर करनाल में रोते-बिलखते परिजन। इनसेट में सुपनदीप की फाइल फोटो।
हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत हो गई। युवक अमेरिा के सैक्रामेंटो शहर में एक स्टोर पर जॉब करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर रूप पर लौटा, खाना खाया और सोने चला गया।
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नाइट शिफ्ट शुरु होने से पहले उसके दोस्त उसे लेने पहुंचे तो रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर युवक को बेसुध हालत में पड़ा देख उनके होश उड़ गए। दोस्तों ने तुरंत उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद दोस्तों ने ही परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक, युवक दो साल पहले दो एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह अमेरिका चला गया था। मौत से दो दिन पहले परिवार की उससे बात हुई थी। युवक ने कहा था- चिंता ना करों, सारे कर्ज उतार दूंगा।
बेटे की मौत से परिजन सदमे में है। उन्होंने परिवार ने सरकार, विदेश मंत्रालय और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से बेटे के शव को भारत लाने में मदद करने की गुहार लगाई है, ताकि बेटे को देश की मिट्टी नसीब हो सके।
युवक सुपनदीप के पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में मां और बड़ी बहन है। चाचा और दादी-दादी ने उसका पालन-पोषण किया था।

पोते की मौत की सचूना के बाद विलाप करती दादी व मां।
युवक के भारत से अमेरिका तक सफर की पूरी कहानी…
- पहले कनाडा, फिर डंकी रूट से अमेरिका गया : मृतक युवक सुपनदीप सिंह करनाल जिले के गांव सेखपुरा मंचूरी का रहने वाला था। चाचा गुरदेव सिंह ने बताया कि परिवार ने सुपनदीप सिंह को बेहतर भविष्य की तलाश में करीब दो वर्ष पहले कनाडा भेजा था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंच गया था।
- 2 एकड़ जमीन बेचकर जुटाए थे रुपए : गुरदेव सिंह के मुताबिक, परिवार ने सुपनदीप को कनाडा भेजने के लिए अपनी करीब 2 एकड़ जमीन बेच दी थी। कनाडा में रहने के दौरान भतीजे ने कई जगह नौकरी की, लेकिन पैसे ठीक नहीं मिलने के कारण वह अमेरिका चला गया था। वर्तमान में वह अमेरिका के सैक्रामेंटो शहर में रहकर एक स्टोर पर नौकरी कर रहा था। सैक्रामेंटो शहर में ही रह रहे करनाल के ही कुछ युवकों के साथ किराए पर रहता था।
- नाइट शिफ्ट करने के बाद रूम पर लौटा था : गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप नाइट शिफ्ट में काम करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर सुबह घर लौटा था। इसके बाद खाना खाकर सो गया था। शाम को जब उसके दोस्तों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो वह अंदर से बंद था।
- गेट तोड़कर पहुंचे दोस्तों को बेसुध हालत में मिला: इसके बाद युवकों के कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो सुपनदीप अचेत अवस्था में पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

सुपनदीप की मौत के बाद घर पर शोक व्यक्त करते ग्रामीण।
युवक सुपनदीप के परिवार ने बताईं ये बातें…
- 9 साल पहले पिता का भी हो चुका निधन : गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप के पिता गुरदीप सिंह का करीब 9 वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उसकी मां और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता की मौत के बाद सुपनदीप की परवरिश उसके चाचा और दादा-दादी ने मिलकर की थी। परिवार की उम्मीदें उसी पर टिकी थीं।
- मौत से दो दिन पहले कहा था- सारे कर्ज उतार दूंगा : परिजनों के अनुसार, मौत से दो दिन पहले ही सुपनदीप की फोन पर परिवार से बात हुई थी। उसने अपनी मां, दादा-दादी और चाचा से बातचीत करते हुए कहा था कि वे किसी बात की चिंता न करें। वह मेहनत करके परिवार के सभी कर्ज चुका देगा और जो जमीन बिकी है, उसे भी वापस खरीद लेगा। उसके इन शब्दों को याद कर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
- शव भारत लाने की लगाई गुहार : सुपनदीप की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने केंद्र, राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय, सामाजिक संस्थाओं और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से मदद की अपील की है। परिवार चाहता है कि सुपनदीप का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि उसकी मां, बहन और अन्य परिजन अंतिम दर्शन कर सकें और रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।

घर पर शोक व्यक्त करते परिजन।
5 महीने में करनाल के 6 लोगों की विदेश में मौत
करनाल से कई बच्चे विदेश पढ़ने या परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश जाते हैं। कोई कनाडा तो कोई अमेरिका जाता है। मगर, बीते 6 महीनों में ही विदेशों में सात युवकों की मौत से राज्य और परिवारों को बड़ा झटका लगा है। ताजा मामला युवक सुपनदीप का है। इससे पहले छह युवकों की भी बीमारी, हादसों में मौत हो चुकी है।
14 दिन पहले ही अमेरिका के इंडियाना राज्य के प्लेनफील्ड इलाके में 12 मई को हुए सड़क हादसे में करनाल के शिव कॉलोनी निवासी प्रवीन (40) की मौत हो गई। वह रेड लाइट पर खड़ा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वहीं, दो महीने पहले बसंत विहार निवासी युवक की रूस में मौत हो गई। युवक टूरिस्ट वीजा पर 16 मार्च को विदेश गया था। परिवार को उसकी मौत की सूचना वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से मिली। बताया जा रहा है कि युवक की गिरने से मौत हुई। इसी तरह टेक्सास शहर में फूड स्टोर में लगी आग में जिंदा जलकर करनाल के ही गंगाटेहड़ी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह (22) की मौत हो गई थी।
दो महीने पहले ही घोघगड़ीपुर गांव के एक 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। वहीं, कैमला गांव के युवक मुकेश कुमार की स्पेन में 5 महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई।
इन्द्री के गांव समौरा के चेतक शर्मा की भी अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था।
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करनाल के युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:मौत से 3 घंटे पहले परिवार से वीडियो कॉल की, ₹60 लाख खर्च कर गया था

करनाल जिला में इन्द्री क्षेत्र के गांव समौरा के एक युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। घटना के बाद वहां की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
पत्नी के नाम FD कराई, TDS भी कट गया? जानिए टैक्स क्रेडिट किसे मिलेगा
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अगर FD पत्नी के नाम है लेकिन पैसा पति का है और ब्याज की आय क्लबिंग नियमों के तहत पति की आय में जुड़ रही है, तो पत्नी TDS से बचने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर सकतीं. हालांकि बैंक की ओर से काटे गए TDS का पूरा क्रेडिट पति अपने ITR में क्लेम कर सकते हैं. इसलिए रिटर्न भरते समय ब्याज आय और PAN की जानकारी सही देना बेहद जरूरी है.
FD पत्नी के नाम, पैसा आपका! TDS का फायदा कौन उठाएगा (फोटो- एआई)
नई दिल्ली. रिटायरमेंट के बाद अक्सर लोग टैक्स बचाने या सुरक्षित निवेश के लिए अपनी हाउसवाइफ पत्नी के नाम पर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करा देते हैं. लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब उस एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर बैंक टीडीएस (TDS) काट लेता है. ऐसे में बड़ा कन्फ्यूजन होता है कि कटे हुए टैक्स का क्लेम कौन करेगा- पति या पत्नी?
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर आप अपनी पत्नी के नाम पर पैसा इन्वेस्ट करते हैं, तो उस पर मिलने वाला ब्याज ‘क्लबिंग प्रोविजंस’ के तहत आपकी (पति की) ही इनकम में जोड़ा जाता है.
क्या पत्नी TDS बचाने के लिए फॉर्म जमा कर सकती हैं?
मनीकंट्रोल से बात करते हुए टैक्स और निवेश एक्सपर्ट बलवंत जैन ने बताया कि इनकम टैक्स कानून में कुछ शर्तों के तहत बिना TDS कटौती के घोषणा-पत्र जमा किया जा सकता है. सीनियर सिटीजन्स के लिए यह सुविधा तब उपलब्ध होती है, जब उनकी कुल इनकनम पर कोई टैक्स देनदारी न बनती हो. लेकिन इस मामले में पत्नी FD की वास्तविक टैक्सपेयर्स नहीं मानी जाएंगी. एफडी भले ही उनके नाम हो, लेकिन ब्याज की आय क्लबिंग प्रावधानों के तहत पति की आय में जोड़ी जाती है. इसलिए पत्नी ऐसा फॉर्म जमा नहीं कर सकतीं, जिससे टीडीएस कटने से बचा जा सके.
तो कटे हुए TDS का पैसा वापस कैसे मिलेगा?
चिंता की कोई बात नहीं है, आपका पैसा डूबेगा नहीं. पति अपनी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय इस कटे हुए टीडीएस पर क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न में एक खास विकल्प मिलता है. अपना आईटीआर भरते समय उस ब्याज की रकम को अपनी कुल इनकम में दिखाएं और अपनी पत्नी का PAN नंबर बिल्कुल सही-सही दर्ज करें. ऐसा करने से बैंक की ओर से काटा गया टीडीएस सीधे आपके टैक्स अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा.
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वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें

