राजधानी लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में मंगलवार को गायत्री जयंती पर्व मनाया गया। इस अवसर पर अलीगंज के एनीमेशन सेंटर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की गई। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक काशी प्रसाद ने बताया कि गायत्री जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सेवा, सद्भाव और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक साधना और यज्ञ से समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और मानवता की भावना का विस्तार होता है। पांच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों का आयोजन काशी प्रसाद ने आगे जानकारी दी कि गायत्री जयंती के मुख्य आयोजन 24 जून को प्रातः 7 बजे से शक्तिपीठ के गर्भगृह में शुरू होंगे। इन आयोजनों में श्रद्धालु दर्शन-प्रणाम के साथ पाँच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और गायत्री परिवार के सदस्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर युगऋषि के विचार-यज्ञ में सहभागी बनें। काशी प्रसाद के अनुसार, सामूहिक उपासना, प्रार्थना और संस्कारों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।
बक्सर में 24 जून को मद्य निषेध विभाग सिपाही भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर में व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, बक्सर ने विशेष यातायात निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था 24 जून को सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। ट्रैक्टर, बस, पिकअप और चार पहिया पर रोक जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा के दौरान बक्सर शहर में दो पहिया वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध रहेगा। बड़ी गाड़ियों, ट्रैक्टर, बस, पिकअप और चार पहिया वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली परेशानी को कम करना है। वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित पुलिस प्रशासन ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया है। गोलंबर से बाईपास, ज्योति चौक, आईटीआई रोड, मठिया मोड़ और चानी कुटिया तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। वहीं, स्टेशन रोड, अंबेडकर चौक, सिंडिकेट और इटाढ़ी बाजार की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इटाढ़ी की ओर जाने और वहां से आने वाली गाड़ियों के लिए भी विशेष मार्ग तय किया गया है, ताकि शहर के अंदर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। स्कॉर्पियो माता मंदिर से पाण्डेय पट्टी गुमटी की ओर आने वाले सभी चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किला मैदान के पीछे पार्किंग स्थल बनाया वाहनों की पार्किंग के लिए भी अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। ट्रैक्टर, पिकअप, बस और चार पहिया वाहनों के लिए बुद्ध भवन, आरसीडी मैदान, बाजार समिति, गोलंबर पार्किंग स्थल और इटाढ़ी गुमटी से पहले दक्षिण रेलवे मैदान तय किया गया है। दो पहिया, तीन पहिया और मोटरसाइकिल के लिए किला मैदान और किला मैदान के पीछे पार्किंग स्थल बनाया गया है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि 24 जून को अनावश्यक रूप से चार पहिया वाहन लेकर शहर में प्रवेश न करें और जारी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी में मोहर्रम के त्योहार को शांति और सुरक्षा के साथ पूरा कराने के लिए मंगलवार शाम 7 बजे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल की अगुवाई में निकले इस मार्च का मकसद आम जनता में सुरक्षा का भरोसा जगाना और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों को सख्त संदेश देना था। इस फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एजेके डीएसपी नीलेश्वरी डावर, बड़वानी तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ और रक्षित निरीक्षक बलजीत सिंह सहित करीब 150 पुलिस जवान शामिल हुए। जिले के बड़े अधिकारियों ने खुद सड़क पर उतरकर सुरक्षा के इंतजामों को देखा और जायजा लिया। मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च यह फ्लैग मार्च बड़वानी के मुख्य बाजारों, ताजिए के पारंपरिक रास्तों और भीड़-भाड़ वाले मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। मार्च के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा के इंतजामों को बारीकी से परखा और संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए। साथ ही, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी प्रशासन ने लोगों को साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट शेयर न करें। शहर की शांति व्यवस्था में बाधा डालने वाली किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी पल-पल की नजर आने वाले त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ताजिए के पूरे रास्ते को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। किसी भी अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम पूरी तरह मुस्तैद है।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पंजीकृत भवन एवं निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत दिल्ली के करीब 2.70 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों सहित लगभग 10 लाख लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, श्रमिक और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों और उनके पात्र परिवारजनों- पति या पत्नी, बच्चों तथा माता-पिता को सूचीबद्ध अस्पतालों और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को दो लाख रुपए तक के उपचार की सुविधा मिलेगी, जबकि परिवार के लिए यह सीमा 10 लाख रुपए तक होगी। उपचार पूरी तरह कैशलेस होगा। जीवन साथियों का भी होगा वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण इसके अलावा श्रमिकों और उनके जीवन साथियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। योजना में मुफ्त ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, जांच एवं लैब सुविधाएं, आपातकालीन चिकित्सा सहायता, रेफरल सेवाएं तथा निर्माण स्थलों और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार लाभार्थियों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे और सेवाओं की निगरानी के लिए आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। श्रमिकों की सहायता के लिए 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर हर वर्ष करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना की खास बातें…
Europe Heatwave 2026 Crisis Alert; France Alcohol Ban | Italy Spain UK Portugal Heat Situation
पेरिस, लंदन, मैड्रिड1 घंटे पहले
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यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन समेत 15 देशों में गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है।
फ्रांस के आधा से ज्यादा हिस्से में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। फ्रांस की मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार रात देश ने 1947 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद की सबसे गर्म रात दर्ज की। फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। इसकी वजह यह है कि प्लांट को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गारोन नदी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
फ्रांस में गर्मी की 5 तस्वीरें देखें
पेरिस में लगातार दूसरी हीटवेव (लू) के दौरान एफिल टॉवर के पास ट्रोकाडेरो स्क्वायर पर एक महिला धूप से बचने की कोशिश करती हुई।
पेरिस में हीटवेव के साए में मनाए जा रहे नेशनल म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान एक महिला पानी की बौछार के नीचे से गुजरती हुई।
फ्रांस के बोर्डो शहर में सालाना ‘फेट डी ला म्यूजिक’ (स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल) के दौरान भीषण गर्मी से बचने के लिए एक महिला ‘मिस्ट स्प्रेयर’ (पानी की बौछार) से खुद को राहत देती हुई।
पेरिस की सेंट-मार्टिन नहर के किनारे बैठे लोग। गर्मी बढ़ने के कारण नहर के एक हिस्से में पहले सार्वजनिक तैराकी की अनुमति दी गई थी।
फ्रांस में 40 से ज्यादा लोग डूबे
फ्रांस के प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में उतरने के दौरान पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं।
भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया।
यह म्यूजिक फैसटीवल हर साल पूरे फ्रांस में आयोजित होता है। इसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरकर हिस्सा लेते हैं। सरकार को आशंका थी कि अत्यधिक गर्मी में शराब का सेवन लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में यह प्रतिबंध लागू किया गया।
फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा हीटवेव की गंभीरता अगस्त 2003 की गर्मी से काफी मिलती-जुलती है। 2003 में फ्रांस में 16 दिनों तक चली भीषण हीटवेव के कारण करीब 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसे यूरोप के इतिहास की सबसे घातक गर्मी की घटनाओं में गिना जाता है।
ब्रिटेन में टूट सकता है 50 साल पुराना रिकॉर्ड
ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को तापमान 39°C से अधिक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जून का 35.6°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा, जो 1976 में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिक नमी के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा।
मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है। यह चेतावनी तब जारी की जाती है जब गर्मी लोगों के स्वास्थ्य, परिवहन और जरूरी सेवाओं पर गंभीर असर डाल सकती है। ब्रिटेन में ट्रॉपिकल नाइट्स की स्थिति बनने की आशंका है। यानी रात में भी तापमान 20°C से नीचे नहीं जाएगा।
लंदन में भीषण गर्मी के बीच हाउस ऑफ पार्लियामेंट (संसद भवन) के पास हाथ का पंखा इस्तेमाल करती एक महिला।
इटली के मिलान में मेंस फैशन वीक के दौरान एक व्यक्ति गर्मी से राहत पाने के लिए पंखे के सामने खड़ा है।
स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली भी बेहाल
स्पेन के कई हिस्सों में तापमान 38-40°C से ऊपर बना हुआ है। कुछ हिस्से में रविवार रात से सोमवार सुबह तक तापमान 30°C से नीचे नहीं गया। मौसम विभाग के मुताबिक यह ट्रॉपिकल नाइट की स्थिति है, जब रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती।
जर्मनी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। एक हफ्ते में नदी में नहाने से 5 लोगों की मौत हो गई। बवेरिया की झीलों में 2 युवकों की डूबने से मौत हुई, जबकि बाल्टिक सागर में एक महिला की जान चली गई।
बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा गर्मी देश के इतिहास की सबसे भीषण हीटवेव बन सकती है। तापमान बढ़ने के कारण कई स्कूलों ने आधे दिन की क्लास शुरू कर दी हैं।
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। बुधवार को यह संख्या बढ़कर 16 हो सकती है। रोम में नई इलेक्ट्रिक बसों की बैटरियां तेजी से खत्म हो रही हैं, क्योंकि एयर कंडीशनर लगातार चलाने पड़ रहे हैं।
क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी की बड़ी वजह हीट डोम और ओमेगा ब्लॉक का एक साथ बनना है। ओमेगा ब्लॉक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें हवा का बहाव सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ पाता।
इसके कारण हीट डोम बनता है, जो ढक्कन की तरह गर्म हवा को जमीन के ऊपर फंसा देता है। गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और कई दिनों तक तापमान लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है।
मौजूदा हालात की तुलना अगस्त 2003 की ऐतिहासिक यूरोपीय हीटवेव से की जा रही है। उस दौरान 16 दिनों तक चली गर्मी के कारण पूरे यूरोप में लगभग 80 हजार मौतें हुई थीं।
यूरोप में केवल 20% घरों में AC
वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो स्थिति भी इस गर्मी को बढ़ा रही है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि कोयला, तेल और गैस के लगातार उपयोग से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके कारण हीटवेव जैसी घटनाएं पहले के मुकाबले अधिक बार, लंबे समय तक और अधिक तीव्र रूप में देखने को मिल रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के अधिकांश घरों में एयर कंडीशनर (AC) नहीं होने के कारण लोगों को गर्मी से बचने में ज्यादा कठिनाई हो रही है। यूरोप में केवल करीब 20% घरों में AC हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा लगभग 90% है। ऐसे में लंबे समय तक पड़ने वाली गर्मी का असर लोगों की सेहत पर ज्यादा पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है।
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ब्रिटेन में सबसे पुराने भारतीय-रेस्तरां पर बंद होने का खतरा:वीरास्वामी की 100 साल पुरानी लीज खत्म, मालिक कोर्ट पहुंचे
लंदन की रीजेंट स्ट्रीट पर पिछले 100 साल से चल रहा भारतीय रेस्तरां वीरास्वामी अब बंद होने के खतरे का सामना कर रहा है।
ब्रिटेन में मौजूद सबसे पुराने भारतीय रेस्तरां वीरास्वामी पर बंद होने का खतरा बढ़ गया है। जिस इमारत में यह रेस्तरां चलता है, उसका मालिक क्राउन एस्टेट है। क्राउन एस्टेट ब्रिटेन की एक बड़ी सरकारी संपत्ति संस्था है, जो राजा या रानी के नाम पर चलती है। पूरी खबर पढ़ें
आज दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक हैं. सफलता के जिस मुकाम पर वह आज हैं, इसके पीछे लंबी तैयारी और कड़ी मेहनत छिपी थी. अपनी पहली फिल्म पाने के लिए उन्होंने इतनी ही मेहनत की थी. इस बात का खुलासा खुद फिल्ममेकर फराह खान ने किया है.
नई दिल्ली. दीपिका पादुकोण ने एक्टिंग की दुनिया में कदम साल 2007 में आई फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से की थी. इस फिल्म में उन्होंने शांति का किरदार निभाकर इतिहास रच दिया था. लेकिन फराह खान ने खुलासा किया है इसके लिए उन्होंने बहुत ट्रेनिंग देनी पड़ी थी.
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने साल 2007 में आई फिल्म ओम शांति ओम से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में फराह खान ने उन्हें लॉन्च करने के लिए जी तोड़ मेहनत की थी.शाहरुख खान के साथ पहली फिल्म मिलना दीपिका के लिए भी आसान नहीं था.
फराह ने बताया कि उन्होंने दीपिका को एक्टिंग सीखने के लिए भेजा था, उन्हें कथक डांस की ट्रेनिंग दी गई उसके बाद भी 10 दिन सेट पर बुलाया गया था. दरअसल, फराह खान हाल ही में अपने कुकिंग व्लॉग के एक एपिसोड के लिए दीया मिर्जा के घर गई थीं.
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इसी दौरान उन्होंने बताया था कि बॉलीवुड में डेब्यू के लिए दीपिका को क्या करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि पादुकोण को फिल्म ओम शांति ओम के लिए कास्ट किया था तो पहले उन्हें अनुपम खेर के एक्टिंग स्कूल भेज दिया गया था. उन्हें एक्टिंग की क्लासेस दी गई थी. तब जाकर उन्हें दीपिका से शांति बनाया था.
इस पर फराह खान ने दीपिका पादुकोण के डेब्यू के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि दीपिका को ओम शांति ओम शुरू होने से पहले करीब 3 से 4 महीने तक ट्रेनिंग दी गई थी. सबसे पहले उन्हें अनुपम खेर की एक्टिंग क्लास में भेजा गया.
इसके अलावा उनके कई लुक टेस्ट भी किए गए ताकि उनके किरदार को बेहतर से बेहतर तरीके से पेश किया जा सके. उन्होंने ये खुलासा भी किया कि दीपिका की शूटिंग बाकी स्टार के 10 दिन बाद शुरू करवाई गई थी, क्योंकि इन 10 दिनों में दीपिका सिर्फ ऑब्जर्व करती थीं, कौन कैसे काम कर रहा है.
फराह चाहती थीं कि किसी को ये न लगे कि शाहरुख के सामने कोई नई लड़की कंप्लीट नहीं कर पाई, या शाहरुख के साथ अनफेयर लगे. वह उनकी हीरोइन के तौर पर उन्हें एक्टिंग के लिए तैयार कर रही थीं.
फराह ने ये भी खुलासा किया कि दीपिका को इस दौरान काफी कुछ सीखने को मिला और उसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म में उन्होंने बेहतरीन काम किया. ओम शांति ओम में दीपिका और शाहरुख खान दोनों ने डबल रोल निभाया था. ये साल 2007 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही थी. यहीं से दीपिका के करियर को नई उड़ान मिली थी.
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आयरन-प्रोटीन का पावरहाउस है ये देसी सब्जी, स्वाद ऐसा कि भूल जाएंगे पनीर-मशरूम
Charota Bhaji Dal Sabzi Recipe: अगर आप जिम जाते हैं और कुछ हेल्दी खाना चाहते हैं तो छत्तीसगढ़ की देसी डिश बना सकते हैं. यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना माने जाते हैं. इन्हीं में से एक चरोटा भाजी और दाल की सब्जी है. यह खासतौर पर बरसात के मौसम में बनाई जाती है. चरोटा भाजी खेतो में मिलती है. इसे प्रोटीन से भरपूर अरहर दाल के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है. इस खास रेसिपी में लहसुन, हरी मिर्च, प्याज और टमाटर का देसी तड़का लगाया जाता है, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देता है. इसे चावल या रोटी के साथ खाया जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार चरोटा भाजी में आयरन, फाइबर कूट-कूटकर भरा जाता है, जबकि दाल शरीर को भरपूर प्रोटीन देती है. कम मसालों में तैयार यह डिश बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है.
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सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने और आमजन को मदद के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जिले में सरकारी योजनाओं की शुरुआत की गई है। सीएमएचओ डॉ. भैराराम जाणी ने बताया- पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को हादसे के बाद शुरुआती 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। गोल्डन आवर में मिले ट्रीटमेंट इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय (गोल्डन ऑवर) में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देकर मृत्यु दर को कम करना है। इसके लिए जिले के सभी राजकीय और आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जान बचाने से न झिझकें डॉ. जाणी ने बताया कि घायलों की मदद करने वाले नागरिकों के लिए गुड सेमेरिटन’ (नेक व्यक्ति) योजना संचालित है। इसके तहत हादसे का शिकार हुए व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार नागरिक को सरकार द्वारा सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा। सीएमएचओ ने जिले वासियों से अपील की है कि वे दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने में बिल्कुल न झिझकें और घायल को तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाकर जीवन बचाने के इस मानवीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इटावा पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी के वाहन और सामान बेचकर कमाए गए 15 लाख 10 हजार रुपये नकद, दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो कार और चोरी की गई डीसीएम के कटे हुए पार्ट्स बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी हरियाणा और राजस्थान के रहने वाले हैं। गिरोह का सरगना याहया पुत्र कासिम निवासी नूंह, हरियाणा बताया गया है, जिसका पहले से आपराधिक इतिहास है।
यह कार्रवाई सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम विचारपुरा में हुई एक वाहन चोरी की घटना से जुड़ी है। 20/21 मई 2026 की रात चोरों ने आयशर कंपनी की डीसीएम गाड़ी (संख्या यूपी 75 बी 4436) चुरा ली थी। इस डीसीएम में रेलवे का सामान और कानपुर जा रहे फोम के गद्दे लदे हुए थे। डीसीएम मालिक विपिन कुमार पुत्र ध्यानदास निवासी विचारपुरा की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। 22/23 जून की रात सिविल लाइन पुलिस संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि चोरी की डीसीएम में शामिल आरोपी एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार से आगरा की ओर से आ रहे हैं और सफारी रोड होते हुए मध्य प्रदेश भागने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने लाइन सफारी रोड पर घेराबंदी की और चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध स्कॉर्पियो कार आती दिखाई दी, जिसे रोककर पुलिस ने उसमें सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी याहया और इम्तियाज उर्फ इम्मन उर्फ चैनी के पास से तमंचे और कारतूस बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, आरोपियों के पास से 15 लाख 10 हजार रुपये नकद भी मिले।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह चलाते हैं और अलग-अलग राज्यों में जाकर डीसीएम व भारी वाहनों को चोरी करते हैं। चोरी किए गए वाहनों को कबाड़ियों के माध्यम से कटवाकर उनके पार्ट्स बेच देते हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि विचारपुरा से चोरी की गई डीसीएम में लदे फोम के गद्दे और रेलवे के सामान को बेचकर मिली रकम ही उनके पास बरामद हुई है।
पुलिस ने चोरी की डीसीएम के कई महत्वपूर्ण पार्ट्स भी बरामद किए हैं, जिनमें आयशर कंपनी का केबिन, इंजन, सीएनजी सिलेंडर, फ्रंट एक्सल, क्राउन ट्यूब और रिम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा की गई अन्य वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
राजस्थान और हरियाणा पुलिस से भी संपर्क किया गया है।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली थाना सिविल लाइन पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा की ओर से उत्साहवर्धन के लिए 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
PPO Number : पीएफ खाता है और आप पेंशन भी लेते हैं तो पीपीओ नंबर के बारे में जरूर जानते होंगे. अगर आपका पीपीओ नंबर खो जाए अथवा आप भूल जाएं तो इसे रिकवर करने के बारे में जानते हैं या नहीं. पीपीओ नंबर किस काम के लिए जरूरी होता है, इसकी जानकारी होना भी आपके लिए जरूरी है.
पीपीओ नंबर को रिकवर करने के कई आसान तरीके हैं.
नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ खाते से से पैसे निकालना और इससे जुड़ी समस्याओं का हल खोजना कभी पहाड़ चढ़ने जितना मुश्किल माना जाता था. लेकिन, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से लगातार जारी सुधार के तहत अब पीएफ खाते से जुड़े काम करना काफी आसान हो गया है. हालांकि, पेंशन आदि कई जरूरी काम के लिए पीपीओ नंबर का होना बहुत जरूरी है. अगर आपके पास पीपीओ नंबर नहीं है या फिर आपने खो दिया है तो चिंता करने की बात नहीं. आप आसानी से अपना पीपीओ नंबर रिकवर कर सकते हैं, वह भी बिना दौड़भाग किए.
पीपीओ नंबर का इस्तेमाल पेंशन वेरिफिकेशन, लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने, बैंक इश्यू करने, किसी शिकायत के समाधान और रिकॉर्ड को अपडेट करने में किया जाता है. चूंकि, इस नंबर का इस्तेमाल रेगुलर तौर पर नहीं किया जाता है तो कई लोग इसे भूल जाते या फिर उनके पास से यह नंबर खो जाता है. हालांकि, इस दिक्कत के बावजूद खुशखबरी यह है कि पीपीओ नंबर को दोबारा पाने के लिए आपको शुरुआत से कोशिश नहीं करनी होगी. कई मामलों में आप इसे ईपीएफओ रिकॉर्ड से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. यह काम बैंक अथवा ऑनलाइन पेंशन सर्विस के जरिये हो जाता है.
घर बैठे रिकवर कर सकते हैं नंबर
वैसे तो यह पक्का नहीं है, लेकिन कई पेंशनर्स अपने पीपीओ नंबर को अपने ऑरिजनल पेंशन सैंक्शन लेटर से प्राप्त कर सकते हैं. इस लेटर पर पीपीओ नंबर लिखा होता है.
अगर यहां कागज नहीं मिलता है तो आप पीपीओ नंबर को पेंशन पेमेंट ऑर्डर वाले डॉक्यूमेंट से भी प्राप्त कर सकते हैं.
इतना ही नहीं, आप पुराने बैंक पासबुक से भी इसे रिकवर कर सकते हैं, क्योंकि जहां शुरुआत में पेंशन आती है वहां पीपीओ भी रिकॉर्ड में दर्ज होता है.
इतना ही नहीं, कुछ बैंक तो पीपीओ नंबर को पेंशन अकाउंट के स्टेटमेंट पर भी दर्ज करते हैं. ऑनलाइन अपने पीपीओ नंबर को खोजने से पहले इन डॉक्यूमेंट पर देखना ज्यादा आसान होता है.
अब ईपीएफओ पोर्टल से निकालने की बारी ईपीएफओ पेंशनर्स को अगर ये सारे डॉक्यूमेंट खंगालने के बाद भी पीपीओ नंबर नहीं मिलता है तो ऑनलाइन जाकर ईपीएफओ लिंक्ड पेंशन सर्विस के पोर्टल से पता चल सकता है. अगर आपका पेंशन अकाउंट आधार, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल नंबर से लिंक है तो पेंशन स्टेटस सर्विस अथवा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सिस्टम के रिकॉर्ड से भी आप अपना पीपीओ नंबर प्राप्त कर सकते हैं. पेंशनर्स के लिए यह काम अब आसान हो गया है, क्योंकि ईपीएफओ अब ज्यादातर पेंशन सिस्टम को ऑनलाइन जोड़ रहा है.
बैंक से भी मिल सकती है मदद अगर आपका पीपीओ नंबर अभी तक नहीं मिला है तो अपने पेंशन खाते वाले बैंक जाकर भी इस जानकारी को प्राप्त किया जा सकता है. बैंक भी पेंशन को प्रोसेस करने के लिए इन जानकारियों की मदद लेते हैं और उनके रिकॉर्ड में आपका पीपीओ नंबर जरूर रहता है. आप उस ब्रांच में जाएं जो आपकी पेंशन को हैंडल करता है, वहां बेसिक वेरिफिकेशन के बाद बैंक अधिकारी पीपीओ नंबर उपलब्ध करा सकते हैं. यह तरीका उन पेंशनर्स के लिए ज्यादा आसान होता है, जो ऑनलाइन जानकारियां लेने में असमर्थ होते हैं.
क्यों जरूरी है पीपीओ नंबर अगर पेंशनर्स के तौर पर आपको यह लगता है कि पीपीओ नंबर का इस्तेमाल सिर्फ पेंशन के अप्रूवल में ही होता है तो आप इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं. आपका पीपीओ नंबर लाइफ सर्टिफिकेट के लिए भी बहुत जरूरी होता है. इसके अलावा पेंशन संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए भी इसकी जरूरत पड़ती है. इसके अलावा बैंक ट्रांसफर, डिजिटल पेंशन सर्विस, रिवीजन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. लिहाजा पीपीओ नंबर को रिकवर करना और उसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना कई परेशानियों को दूर कर सकता है.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें