जैसलमेर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। रविवार, 28 जून को होने वाले मुख्य टीकाकरण दिवस से पहले शनिवार को शहर में एक बड़ी जागरूकता रैली निकाली गई। सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने गड़ीसर चौराहे से इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का मुख्य उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना था ताकि जन्म से लेकर पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। इस रैली में आशा सहयोगिनियों, एएनएम छात्राओं और नर्सिंग कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए हनुमान चौराहे पर जाकर संपन्न हुई। ‘दो बूंद जिंदगी की’ जागरूकता रैली का आयोजन शनिवार सुबह गड़ीसर चौराहे से शुरू होकर यह रैली आसनी पथ, गोपा चौक और गांधी चौक होती हुई हनुमान चौराहा पहुंची। रैली में शामिल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में जागरूकता के नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं। इन तख्तियों पर “दो बूंद जिंदगी की”, “बच्चों को विकलांगता से बचाओ” और “जब चलेगा पल्स पोलियो अभियान, मिटेगा पोलियो का नामोनिशान” जैसे सरल और प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। इन नारों के जरिए शहर के लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए प्रेरित किया गया। हनुमान चौराहे पर हुई सभा हनुमान चौराहे पर पहुंचकर रैली एक सभा में बदल गई। यहां जिला शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल शर्मा और उमेश आचार्य ने उपस्थित कर्मचारियों और आम जनता को संबोधित किया। डॉ. शर्मा ने सभी माता-पिता से अपील करते हुए कहा कि रविवार को अपने पांच साल तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर जरूर ले जाएं और दवा पिलाएं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि कोई बच्चा किसी वजह से रविवार को बूथ पर दवा नहीं पी पाता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। अभियान के दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाएंगी। ये अधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग और डब्ल्यूएचओ (WHO) के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें डब्ल्यूएचओ की जिला कॉर्डिनेटर डॉ. पल्लवी राव, उमेश पारीक, नर्सिंग कॉलेज के ताराचंद, नर्सिंग अफसर दीप्ति डेनिस, मोनिका सुमन और वार्डन पूजा शामिल थीं। सभी ने इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
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जैसलमेर में पोलियो के खिलाफ निकली जागरूकता रैली: शहर में लगे ‘दो बूंद जिंदगी के नारे’; 5 साल तक के बच्चों को दवा पिलाने की अपील – Jaisalmer News
शहडोल में 6 लाख की स्मैक-इंजेक्शन जब्त, 3 गिरफ्तार: महंगे शौक पूरे करने के लिए नशीले पदार्थ बेच रहे थे युवक – Shahdol News
शहडोल जिले में कोतवाली पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार देर शाम इस मामले का खुलासा किया और आरोपियों से बड़ी मात्रा में नशीला सामान जब्त किया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद शहर के एक मकान पर दबिश दी गई। मौके से तीन युवकों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 53.6 ग्राम स्मैक और 880 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस के अनुसार इनकी बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपए आंकी गई है। शौक पूरे करने के लिए नशे का कारोबार कर रहे थे गिरफ्तार युवकों की पहचान ऋषभ तिवारी, नितिन यादव और संदीप यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग पैसा कमाने और शौक पूरे करने के लिए नशे का कारोबार कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब यह जांच की जा रही है कि नशीला सामान कहां से आता था और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन शुरू, CBSE से रिवैल्यूएशन कराने वाले छात्रों के लिए छूट
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक सेशन 2026-27 के लिए एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी ने अपने अलग-अलग अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन फेज की शुरुआत की घोषणा की है। यूनिवर्सिटी के 67 कॉलेजों में ऑफर किए जाने वाले 73 प्रोग्राम और सौ से ज्यादा बीए प्रोग्राम में एडमिशन सिर्फ सीयूईटी (यूजी)- 2026 में मिले स्कोर के आधार पर होंगे। उन्हीं छात्रों को एडमिशन मिलेगा, जो यूजी बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन 2026-27 में पब्लिश प्रोग्राम-स्पेसिफिक एलिजिबिलिटी को पूरा करते हैं।
सीबीएसई छात्रों के लिए गाइडलाइन
दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडमिशन डीन हनीत गांधी ने बताया कि 12वीं कक्षा के जिन छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया है, लेकिन उन्हें अभी तक रिवाइज्ड स्कोर नहीं मिले हैं, उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए सीएसएएस पोर्टल पर अपने प्री-इवैल्यूएशन मार्क्स डालने चाहिए। रिवाइज्ड रिजल्ट घोषित होने के बाद वे अपने मार्क्स अपडेट कर सकते हैं। स्टूडेंट्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सीएसएएस पोर्टल कई हफ्तों तक खुला रहेगा, जिससे उन्हें बदलाव करने के लिए काफ़ी समय मिलेगा।
इस पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशन
दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरफ से कहा गया है कि जो कैंडिडेट कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट में शामिल हुए थे और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में एडमिशन लेना चाहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम-2026 पोर्टल (https://ugadmission.uod.ac.in) पर खुद को रजिस्टर करें।
73 प्रोग्राम और सौ से ज्यादा बीए में एडमिशन
दिल्ली यूनिवर्सिटी के 67 कॉलेजों में एडमिशन दिया जा रहा है। इसमें ऑफर किए जाने वाले प्रोग्राम में एडमिशन सिर्फ सीयूईटी- यूजी 2026 में मिले स्कोर के आधार पर मिलेगा। कैंडिडेट सिर्फ अपने सीयूईटी एप्लीकेशन नंबर के जरिए सीएसएस पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी की सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के रजिस्ट्रेशन एक्सपीरियंस पक्का करने की पहल के तहत, कैंडिडेट के जरूरी क्रेडेंशियल, जैसे नाम, जन्म तिथि, फोटोग्राफ और सिग्नेचर, भारत सरकार के सिक्योर एपीआई सेतु के जरिए ऑटो-इंटीग्रेटेड हो गए हैं। इससे डुप्लीकेट डेटा मैनेज करने की परेशानी खत्म हो जाती है, जिससे डेटा सिक्योरिटी मजबूत होती है और स्टूडेंट-स्पेसिफिक एंट्री की गलतियां कम होती हैं।
रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अहम जानकारियां
रजिस्ट्रेशन शुरू: शुक्रवार, 26 जून, 2026.
रजिस्ट्रेशन पोर्टल: https://ugadmission.uod.ac.in
रजिस्ट्रेशन फीस: एक बार की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस लागू होगी
एप्लीकेशन फीस: UR/OBC-NCL/EWS- 250.00 (दो सौ पचास रुपये), SC/ST/PwBD- 100.00 (सौ रुपये)
रजिस्ट्रेशन के दूसरे फेज की प्रक्रिया
पहला फेज पूरा करने के बाद कैंडिडेट्स को प्रोग्राम कॉलेज कॉम्बिनेशन के लिए अपनी पसंद भी बतानी होगी। यह सीएसएएस का दूसरा फेज होगा। इसमें, कैंडिडेट्स को सीयूईटी टेस्ट पेपर्स को 12वीं कक्षा में पढ़े गए सब्जेक्ट्स से मैच करना होगा। यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रोग्राम-स्पेसिफिक एलिजिबिलिटी पता करने के लिए, सिर्फ उन्हीं भाषा या डोमेन-स्पेसिफिक पेपर्स पर विचार किया जाएगा, जिनमें कैंडिडेट ने 12वीं कक्षा पास की हो। सब्जेक्ट-मैपिंग के आधार पर, यूनिवर्सिटी कैंडिडेट की एलिजिबिलिटी का पता लगाएगी और सभी सब्जेक्ट्स के लिए कुल स्कोर कैलकुलेट करेगी। जिन प्रोग्राम के लिए कैंडिडेट एलिजिबल पाया जाता है। इसके बाद, कैंडिडेट को प्रोग्राम/कॉलेजों और कॉलेज/कॉलेजों के लिए अपनी पसंद बतानी होगी। फेज II का शेड्यूल जल्द ही अनाउंस किया जाएगा।
छात्रों के लिए गाइडलाइन
कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि अप्लाई करने से पहले वे मिनिमम एलिजिबिलिटी, प्रोग्राम-स्पेसिफिक जरूरतों और एलोकेशन गाइडलाइन्स को समझने के लिए वेबसाइट पर मौजूद यूजी बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन और सीएसएएस पर नियमों को देखें। सभी कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे आगे के अपडेट्स, शेड्यूल और ऑफिशियल अनाउंसमेंट के लिए रेगुलर ऑफिशियल एडमिशन वेबसाइट (admission.uod.ac.in) देखते रहें।
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PM मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा: राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे; यहां हर 8वां व्यक्ति भारतीय मूल का
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिन सेशेल्स दौरे के लिए शनिवार सुबह 8.50 बजे रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर होने वाली परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे। मोदी का पिछले 11 साल में यह दूसरा सेशेल्स का दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीप देश की यात्रा की थी। सेशेल्स की आबादी 1.35 लाख है। इसमें से 12 हजार के करीब लोग भारतीय मूल के हैं। यह करीब 8 से 9% हिस्सा है। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
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‘वेलकम टू द जंगल’ ने मारी दहाड़, ‘भूत बंगला’ ही नहीं, ‘जॉली एलएलबी’ 3 का भी टूटा रिकॉर्ड
बताते चलें कि ‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टारकास्ट इतनी बड़ी है कि किसी फिल्म में शायद ही कभी देखने को मिली हो. इसमें अक्षय कुमार के साथ-साथ सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े नाम शामिल हैं. उनके अलावा परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, बृजेंद्र काला, फिरोज खान (अर्जुन), पुनीत इस्सर समेत 34 सितारे फिल्म का हिस्सा हैं.
‘फायर ब्रिगेड को देर हुई, वर्ना 15 लोग बच जाते’: लखनऊ अग्निकांड के बाद आरोप; भास्कर रिपोर्टर ने स्कूटी से नापी घटनास्थल की दूरी – Lucknow News
‘बिल्डिंग से कहीं-कहीं से धुआं निकल रहा था। पता चला कि इसके अंदर लोग फंसे हुए हैं। हमने पत्थर मार-मारकर कांच तोड़े तो 4-5 लोग नीचे उतरे। इस दौरान फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देर तो हुई, वर्ना 15 लोग बच जाते।’ ‘आधा घंटा नहीं, 1 घंटे लेट पहुंची थी फायर ब्रिगेड। अगर 15-20 मिनट लेट पहुंचती तब भी 15 बच्चों की जान बच जाती।’ ऐसे आरोप लखनऊ अग्निकांड के प्रत्यक्षदर्शी और पीड़ितों ने लगाए। इन आरोपों के बाद दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने स्थिति को परखा। इसके लिए घटनास्थल से सबसे नजदीकी फायर ब्रगेड स्टेशन की दूरी स्कूटी से नापी। समय वही चुना, जब आग लगी थी- दोपहर 3 बजे के आसपास। रिकॉर्ड की बात करें तो फायर स्टेशन पर सूचना 2:27 बजे दी गई। वहीं, अलीगंज थाने में दर्ज FIR के अनुसार 2:30 बजे आग लगी। इस रिपोर्ट में पढ़िए लोगों के आरोप, जानिए घटनास्थल के हालात और दोपहर 3 बजे कपूरथला से इंदिरानगर फायर स्टेशन के बीच की ट्रैफिक। पहले मैप देखिए- अब देखिए बिल्डिंग की हालत- अब पूरी घटना जानिए- राजधानी के अलीगंज इलाके में 2 मंजिला इमारत में 22 जून को आग लगी। इसमें 5 लोगों ने किसी तरह पाइप और तार के सहारे उतरकर खुद को बचा लिया। एक युवक आग के दौरान नीचे कूद गया, जिससे पैर पैरालाइज हो गए। हादसे में दूसरे फ्लोर पर थ्रीडी एनिमेशन सेंटर पर मौजूद 15 युवाओं की मौत हो गई। 23 जून को SIT और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जांच और पूछताछ की। दो सदस्यीय SIT यहां के बाद KGMU पहुंची। वहां भर्ती सभी घायलों से बातचीत कर हादसे की स्थिति जानी। उसी दिन सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम कर उनके परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे के बाद LDA ने बिल्डिंग ढहाने का आदेश दिया। रियलिटी चेक में 20 में स्कूटी से पहुंचा रिपोर्टर अलीगंज अग्निकांड की जगह से जो सबसे करीबी फायर स्टेशन है, वह इंदिरानगर है। दोनों जगहों के बीच की दूरी लगभग 6.2 किलोमीटर है। गूगल मैप पर यह दूरी फोरव्हीलर से 18 मिनट में दिखा रही है। रिपोर्टर जब इसी दूरी को स्कूटी से मापने पहुंचा, तो 20 मिनट में घटनास्थल से फायर स्टेशन पहुंच गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां स्कूटी के बराबर नहीं होतीं। एक हाइड्रोलिक मशीन भी पहुंची थी। कुल 19 गाड़ियां थीं, जो कई फायर स्टेशनों से पहुंची थीं। अब पढ़िए पीड़ितों और चश्मदीदों को- …लेकिन फायर ब्रिगेड को आने में थोड़ी देरी हुई प्रत्यक्षदर्शी साहिल जोशी ने बताया- मैं यहां से बाइक से गुजर रहा था। आग कैसे शुरू हुई इसके बारे में नहीं पता। यहां धुआं उठ रहा था। नीचे से लोगों ने पत्थर मारकर शीशे तोड़े। अंदर से 3-4 लड़के तार से लटकते हुए नीचे आए। कई बच्चे अंदर ही फंसे थे। इस पूरे घटनाक्रम में 20-25 मिनट हो गए। यहां सब लोग फायर ब्रिगेड और पुलिस को कॉल कर रहे थे। लेकिन, फायर ब्रिगेड के आने में थोड़ी देरी हुई। ‘फायर की गाड़ियां देर से आईं, इसलिए समस्या हुई’ हादसे की चश्मदीद कामिनी ने बताया- जब आग लगी तो मैं घर पर ही थी। चीख-पुकार मचने पर बाहर निकली तो देखा कि अफरा-तफरी का माहौल था। लोग इमारत पर ईंट मार रहे थे, ताकि शीशा टूट जाए और धुआं बाहर निकल जाए। शीशा टूटते ही इमारत से लटककर लोग कूदने लगे। चाहकर भी हम, लोगों की मदद नहीं कर पाए। फायर की गाड़ियां भी देर से आईं, इसलिए बहुत समस्या हुई। फायर की गाड़ियां आधे घंटे से ज्यादा देरी से पहुंचीं। ‘आधा नहीं, 1 घंटे से भी लेट आई फायर ब्रिगेड’ हादसे में जान गंवाने वाले नीलेश की भाभी रेनू ने कहा कि इस घटना के बाद मौत की सबसे बड़ी वजह फायर ब्रिगेड की गाड़ी का देर से आना। उन्होंने गाड़ियों के आधा घंटे में पहुंचने की बात काटते हुए कहा- पूरे 1 घंटे के बाद आग बुझाने वाली गाड़ी पहुंची। अगर 10 या 20 मिनट देरी से आती तो बच्चों की जान बच जाती। एक घंटे देर से आने की वजह से मैंने अपने देवर को खो दिया। फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची, इस वजह से 15 बच्चे अब नहीं रहे। ‘फायर ब्रिगेड हमेशा देर से आती है’ बख्शी का तालाब के शुभम मिश्रा हमें घटनास्थल पर मिले। उन्होंने कहा- फायर ब्रिगेड की टीम हमेशा लेट पहुंचती है। फायर ब्रिगेड की सबसे बड़ी लापरवाही है। अगर वह समय पर आते तो इतनी मौतें न होतीं। 2 महीने पहले मेरी दुकान में भी आग लगी थी। जब पूरा माल जल गया था, तब फायर ब्रिगेड पहुंची। जैसे चौराहों पर पुलिस की गाड़ियां खड़ी रहती हैं, उसी तरह फायर ब्रिगेड की भी गाड़ी खड़ी रहनी चाहिए। कोई हादसा होता है तो हादसे के बाद गाड़ी आती है। उसके पहुंचने में समय लगता है, इसलिए हर चौराहे पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी तैयार हालत में होनी चाहिए। अंत में 2 तस्वीरें रियलिटी चेकिंग की- —————————– संबंधित खबर भी पढ़िए-
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एमपी-झारखंड में आंधी-बिजली गिरने से 16 की मौत: उत्तराखंड में घरों-स्कूलों में मलबा घुसा, गाड़ियां दबीं; यूपी-राजस्थान-हरियाणा में पारा 42°C
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भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना9 मिनट पहले
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देश के 6 राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि छह राज्यों में तेज गर्मी भी हो रही है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पारा 42°C से ज्यादा दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में शुक्रवार को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग झुलस गए। देवास में आंधी-बारिश से मकान की बालकनी का हिस्सा गिर गया, हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई।
वहीं झारखंड में भी बिजली गिरने से 10 और छत्तीसगढ़ में दो लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के चमोली में देर रात देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद बादल फटने जैसी घटना हुई, जिससे स्कूल, 8 बड़ी गाड़ियां, एंबुलेंस और मकानों में मलबा घुस गया है।
मानसून ने देश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। यूपी में मानसून 8 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 15 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका है। यह अगले 2 दिन में बिहार बॉर्डर से प्रदेश में एंट्री कर सकता है।
पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून…

देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें…

हिमाचल प्रदेश के शिमला में शुक्रवार दोपहर को तेज बारिश हुई और दिन में अंधेरा छा गया।

उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने के बाद मलबे में थार कार फंस गई।

मध्य प्रदेश के बालाघाट बिजली गिरने से 2 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई।

मध्य प्रदेश के देवास में घर की बालकनी का हिस्सा गिर गया। इससे 2 महिलाओं की मौत हो गई।
6 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा हरियाणा के रोहतक में 43.4°C दर्ज किया गया।
वहीं यूपी के लखीमपुर खीरी में 43.2°C, बांदा और आगरा में 43°C, राजस्थान के श्रीगंगानगर में 42.1°C, एमपी के ग्वालियर में 41.8°C और गुजरात के अहमदाबाद में 41.7°C रहा।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल
28 जून:
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।
- सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
- आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र (नागपुर-अमरावती रीजन) में लगातार चौथे दिन हीटवेव का अलर्ट है।
29 जून:
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है।
- बिहार में 50-60kmph की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवा चलेगी।
- राजस्थान में 30-40kmph की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव जारी रहेगी।

पुलिस ने कहा-केतन जिंदा है तो सिया के हावभाव बदले: पिता बोले- सवालों के बीच बुआ सिया को खींच ले गई, यहीं से हमारा शक गहराया
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- Pune Businessman Murder: Father Suspects Siya Agrawal; Police Note Behavioral Shift
पुणे58 मिनट पहले
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पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में उनके पिता विशाल अग्रवाल ने दावा किया कि घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी कोई जवाब नहीं दिया।
विशाल अग्रवाल ने दिव्य भास्कर से बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकालकर लाया जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर पहचान की गई।
सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई। सिया पर अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या करने का आरोप है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

नवंबर 2025 में सिया और केतन अग्रवाल की सगाई हुई थी।
बुआ सिया को ले गई, तभी परिवार का शक गहराया
- केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा।
- अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही।
- सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया।
परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। इसके बाद परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज भी खंगाले।
उन्होंने बताया कि घर लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
फोन बिजी रहता था, केतन को शक हुआ था
विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है
परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता।
सिया-चेतन ने चैट डिलीट की, भाई से 10 घंटे पूछताछ
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डिलीट डेटा रिकवर करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन चौधरी को जानता है।
पुलिस का दावा- विग और हकलाने की वजह से की हत्या
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, विशाल अग्रवाल ने इस दावे पर कहा कि शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। राज्य सरकार ने परिवार की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है।

सिया के माता-पिता ने गुरुवार को मीडिया से पहली बार इस केस पर बात की।
सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी
- इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
- परिवार को सिया और केतन की शादी से बहुत उम्मीदें थीं। केतन का परिवार भी सिया को बहुत प्यार और स्नेह देता था। सारे कार्यक्रम अच्छे से चल रहे थे।
- अगर हमें लगता कि सिया को कोई परेशानी हो रही है या वह केतन से बात नहीं कर पा रही है, तो वे हमसे बात करते। सिया की इस शादी में रजामंदी थी।
- हमें चेतन के बारे में कुछ भी पता नहीं था। सगाई के बाद से वह सिर्फ केतन से ही बात करती थी। मुझे नहीं लगता कि वह (अपराध करने के लिए) राजी हुई होगी।
- अगर जांच में मेरी बेटी भी दोषी पाई जाती है तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
पिता प्रवीण गोयल ने कहा- केतन ही सिया को लोहगढ़ ले गया था
- सिया ने मुझे खुद ही कहा था कि इस लड़के से मेरा रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था।
- केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था।
केतन की हत्या के पहले कैफे में मिले थे सिया-चेतन

केतन की मौत से एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक कैफे गए थे।
केतन की हत्या के एक दिन पहले 17 जून को आरोपी सिया और प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था।
दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था।
दरअसल, 31 मई को सिया और मंगेतर केतन लोहगढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया को उसे मारने का आइडिया आया।
14 जून को भी केतन को धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस समय सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की कोशिश की थी, लेकिन केतन बच गया था।

पुलिस का दावा है कि कैफे में ही दोनों ने लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था।
31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर

31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घूमने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक जब दोनों किले की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचे, तो यहीं सिया को पहली बार केतन से पीछा छुड़ाने के लिए उसे पहाड़ी से धक्का देकर मार डालने का प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। तब केतन के घर वालों ने मना कर दिया। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। सभी लोग फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले। पुणे ग्रामीण के SP संदीप सिंह गिल के मुताबिक केतन के साथ बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने उसका पासपोर्ट अपने पास अलग रख लिया था।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। बोली कि मुझे वह जगह पसंद है। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पर पहुंचे। सिया ने केतन को एक जगह पीछे से धक्का दिया। पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- ‘धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।
तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल

पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ
21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही।
विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए।
दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा

पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा।
गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था।
तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे।
ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी
सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है।
बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी।

पुणे के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 22 जून को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें
केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो।
दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ।

19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे।

एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।

सगाई के एक महीने बाद सिया ने केक की फोटो शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को घर मिले एक महीना हो गया।
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तीन साल में ड्रग्स मुक्त राज्यों का लक्ष्य: अमित शाह ने जारी की राष्ट्रीय-कार्ययोजना, तस्करी रोकने, तस्करों की संपत्ति जब्त करने, विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश – Jaipur News
देश में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर व्यापक रणनीति तैयार की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को नार्को कॉ-ऑर्डिनेशन सेंटर (एन-कॉर्ड) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में अगले तीन वर्षों में राज्यों को ड्रग्स मुक्त बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध तीन वर्षीय कार्ययोजना का भी विमोचन किया गया। बैठक में तय किया गया कि ड्रग्स तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। तस्करों के नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जब्ती तथा वित्तीय लेन-देन की गहन जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसका नेतृत्व ऐसे अधिकारी के हाथ में होना चाहिए, जो पूर्णकालिक रूप से इस जिम्मेदारी का निर्वहन करे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार राज्यों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। बैठक में एनडीपीएस मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यकतानुसार विशेष अदालतें स्थापित करने, नशा मुक्ति केंद्रों को सुदृढ़ बनाने तथा स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही अफीम और अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती को पूरी तरह समाप्त करने के लिए राज्यों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अमित शाह ने कहा कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाली एन-कॉर्ड बैठकों में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उनकी नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्थान में ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए अभियानों और अवैध एमडी फैक्ट्रियों पर की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए सभी राज्यों से समन्वित और परिणाम आधारित अभियान चलाने का आह्वान किया।
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वेनेजुएला भूकंप में अब तक 920 की मौत: करीब 3300 घायल, लोग खुद मलबा हटाकर अपनों की तलाश में जुटे
कराकस, वेनेजुएला3 घंटे पहले
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दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सरकारी राहत टीमों की कमी के कारण लोग अपने परिजनों को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटाने में जुटे हैं।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि मलबे से जिंदा निकाला गया हर व्यक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे पहले सरकार ने बताया था कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है।
इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है।
मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन…

भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें…

भूकंप आने के बाद बिल्डिंग मलबे के ढेर में बदल गई।

लोग मगबे में अपने लोगों के ढूंढ रहे है।

वेनेजुएला के ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे से एक शव ले जाते लोग।

ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे के नीचे पड़ा एक शव।
परिवार खुद मलबा हटाकर तलाश कर रहे
सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में हुई है। यहां कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी बचाव दल बहुत कम पहुंचे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे मलबे में दबे लोगों को जिंदा निकालने के लिए सबसे अहम होते हैं। ऐसे में हर घंटे के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद

दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है।
रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
भारत ने भी राहत सामग्री भेजी
भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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