औरंगाबाद के सदर प्रखंड अंतर्गत फेसर थाना क्षेत्र में आज सड़क हादसा हो गया। उन्थू से राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को जोड़ने वाली नहर रोड पर सड़क में बने गहरे गड्ढे में पड़कर एक इलेक्ट्रॉनिक ऑटो पलट गई। हादसे में ऑटो पर सवार एक ही परिवार के छह लोग घायल हो गए। आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घायलों की पहचान बरवाडीह गांव निवासी संतोष कुमार, उनकी पत्नी गुड़िया देवी, संगीता कुमारी और परिवार के तीन बच्चों के रूप में हुई है। सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया गया। हादसे में कुछ लोगों को गंभीर चोटें भी आई हैं। ट्रेन पकड़ने अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन जा रहे थे यात्री घायलों के परिजनों ने बताया कि संतोष कुमार छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह अपने परिवार के साथ गांव से इलेक्ट्रॉनिक ऑटो रिजर्व कर अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन जाने के लिए निकले थे। परिवार को ट्रेन पकड़नी थी, इसलिए वे उन्थू नहर रोड के रास्ते स्टेशन जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर बने बड़े गड्ढे में ऑटो का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी पलट गई। ऑटो पलटते ही उसमें सवार सभी लोग सड़क पर गिर पड़े और चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को उठाकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि नहर रोड की स्थिति लंबे समय से खराब है। सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। खासकर बरसात के दिनों में यह सड़क और भी खतरनाक हो जाती है। परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क निर्माण और उसके रखरखाव को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सरकार सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में सड़कें जल्द ही जर्जर हो जाती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उन्थू नहर रोड के गड्ढों को अविलंब भरवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। घटना के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और खराब सड़कों को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
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औरंगाबाद में गड्ढे में बेकाबू होकर पलटा टोटो: एक ही परिवार के छह लोग घायल, रेलवे स्टेशन जा रहे थे सभी – Aurangabad (Bihar) News
फाल्टा में ढह गया TMC का डायमंड हार्बर मॉडल! 109021 वोटों से जीते BJP कैंडिडेट
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Falta Repoll Result: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान (Repoll) के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आए हैं. मतगणना के रुझानों में बीजेपी ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. भाजपा उम्मीदवार देबांशु पांडा (Debangshu Panda) लगभग 1 लाख वोटों के विशाल अंतर से प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने सीपीआई(एम), टीएमसी और कांग्रेस के उम्मीदवारों को पूरी तरह से पछाड़ दिया है. इस एकतरफा जीत पर बीजेपी गदगद है. बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने इसे ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का पतन और बंगाल में पीएम मोदी के विजन की ऐतिहासिक जीत बताया है.
फाल्टा में बीजेपी प्रचंड जीत की ओर
चुनाव आयोग के ताजा रिपोर्ट में देबांशु पांडा ने 148994 वोट हासिल कर लिए हैं. वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 109021 वोटों के मार्जिन से जीत चुके हैं. आगे चल रहे हैं. दूसरे नंबर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी हैं, जिन्हें अब तक 40627 वोट मिले हैं. वहीं, राज्य की सत्ताधारी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है; वह महज 7756 वोट मिले हैं. कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला को भी मात्र 9,763 वोट ही हासिल हुए हैं. यह आंकड़े फाल्टा में ‘कमल’ की निर्विवाद आंधी की गवाही दे रहे हैं.
Diamond Harbour Model COLLAPSES!
‘BHAIPOs’ Arrogance Defeated !
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) May 24, 2026
गुजरात में बैंक से 8.70 करोड़ चुराने वाला कर्मचारी अरेस्ट: कचरा बताकर 9 बक्सों में भरकर ले गया था, 2 करोड़ का घर, 1 करोड़ की दुकान खरीदी
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- Ahmedabad Bank Employee Arrested Rs 8.70 Crore Theft; Buys Rs 2 Cr House, Rs 1 Cr Shop
अहमदाबाद19 मिनट पहले
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बैंक का सीसीटीवी फुटेज, जिसमें आरोपी दो लोगों की मदद से बक्सों में नोट भरकर ले जाते नजर आ रहा है।
अहमदाबाद में आरबीआई के करेंसी चेस्ट बैंक से 8.70 करोड़ रुपए चुराने वाले कस्टोडियन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 13 जनवरी की रात 9:12 बैंक का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें कस्टोडियन और उसके दो साथी बक्सों में भरकर रुपए ले जाते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने आरोपी के दो साथियों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी के पैसों से अहमदाबाद में 2 करोड़ का बंगला और 1.40 करोड़ रुपए की दुकान भी खरीद ली है। पुलिस ने उसकी कार से 2.20 करोड़ रुपए नकद भी बरामद किए हैं।
कर्मचारियों से कहा कि बक्सों में कचरा है
मामले का खुलासा हाल ही में तब हुआ, जब ऑडिट और नए कस्टोडियनों द्वारा की गई जांच में 500 रुपए के नोटों की 174 रीलें कम पाई गईं, जिनकी कुल कीमत 8.70 करोड़ रुपए थी। बैंक अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पाया कि 13 जनवरी को आरोपी हर्षसिद्ध कादियार कुछ बक्से लेकर बैंक से बाहर जा रहा था। उस समय उसने अन्य कर्मचारियों से कहा था कि बक्सों में कचरा भरा है और वह इन्हें फिंकवाने जा रहा है।
अहमदाबाद के गांधी रोड स्थित इस बैंक में आरबीआई का करेंसी चेस्ट संचालित होता है, जहां से जरूरत के अनुसार अन्य बैंकों को नकदी भेजी जाती है। चोरी के दौरान संजय शर्मा मुख्य कस्टोडियन और हरसिद्ध कडियार संयुक्त कस्टोडियन के रूप में बैंक में पदस्थ थे।


90 दिनों बाद फुटेज डिलीट हो जाने का भरोसा था
आरोपी को भरोसा था कि 90 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो जाएगी। इसी वजह से वह चोरी के बाद भी करीब 3 महीने तक नियमित रूप से नौकरी करता रहा। इसके तीन महीनों बाद 13 अप्रैल को उसने मुख्य प्रबंधक को संदेश भेजकर अपनी तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर एक दिन की छुट्टी ली। इसके बाद उसने 5 दिन की मेडिकल छुट्टी ली थी। इसके बाद से ही लापता था।
शिकायत दर्ज होने के दौरान मनाली में था आरोपी
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी परिवार के साथ मनाली घूमने गया था। उसके लौटने से पहले ही पुलिस ने उसके घर के नीचे खड़ी कार से 2.20 करोड़ रुपए नकद जब्त कर लिए थे। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसने बताया कि इन पैसों से में उसने करीब चार करोड़ खर्च भी कर दिए हैं। उसने कुछ रकम क्रिप्टोकरेंसी में भी निवेश की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपनी एक सहकर्मी को घर खरीदने के लिए 28 लाख रुपए दिए थे। चोरी में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने कैश ट्रांसफर से जुड़े दो अन्य लोगों सुल्तान और जुल्फिकार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस हिरासत में आरोपी हर्षसिद्ध कादियार।
15 सालों से बैंक में काम कर रहा था पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि 15 सालों की मेहनत के बाद अब वह आरामदेह जीवन जीना चाहता थी। इसीलिए उसने चोरी की। संदेह है कि अन्य लोग भी आरोपी के साथ शामिल हैं, जिसकी जांच की जा रही है। इस बात की जांच चल रही है कि क्या उसकी पत्नी भी मिलीभगत में थी। आरोपी की पत्नी रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है।
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अहमदाबाद में 1.66 करोड़ की ज्वेलरी चुराने वाली सेल्सगर्ल अरेस्ट:ब्वॉयफ्रेंड संग रहने के लिए की थी चोरी

अहमदाबाद में निकोल इलाके की एक ज्वैलरी शोरूम की सेल्स गर्ल हर्षिदा शेट्टी 10 दिनों बाद पुलिस की गिरफ्त में आ गई। हर्षिदा 11 मई 2026 को शोरूम से 1.66 करोड़ रुपए की ज्वेलरी चुराकर फरार हो गई थी। हर्षिदा ने बताया कि उसने ब्वॉयफ्रेंड मयूर माली के साथ मिलकर चोरी का ये प्लान बनाया था। पूरी खबर पढ़ें…
मुजफ्फरनगर में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग का खुलासा: तीन महिलाएं गिरफ्तार, शादी के अगले दिन जेवर लेकर फरार होती थी दुल्हन – Muzaffarnagar News
मुजफ्फरनगर के थाना छपार क्षेत्र में पुलिस ने एक ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह शादी के नाम पर लोगों को ठगता था। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन पर परिवारों से नकदी और जेवर हड़पने का आरोप है। गिरोह ऐसे परिवारों को निशाना बनाता था, जहां लड़कों की शादी में समस्या आ रही होती थी। आरोपी पहले रिश्ते की बात कर विश्वास जीतते थे। शादी के बाद दुल्हन कुछ ही समय में जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थी। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब मांगेराम नामक व्यक्ति ने थाना छपार में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, मांगेराम की मुलाकात रविंद्र पुत्र सग्गार निवासी ग्राम घुमावटी से हुई थी। रविंद्र ने उनके बेटे के लिए सोनाक्षी नामक युवती का रिश्ता बताया था। आरोप है कि शादी कराने के नाम पर परिवार से पैसे भी लिए गए। दूसरे दिन ही दुल्हन जेवर लेकर फरार इसके बाद हरिद्वार के एक मैरिज होम में शादी संपन्न हुई। परिवार ने दुल्हन को आभूषण भी दिए थे। हालांकि, शादी के अगले ही दिन कथित दुल्हन सोनाक्षी जेवर लेकर फरार हो गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोनाक्षी, उसकी मां कामिनी और महिला बिचौलिया आशा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से मंगलसूत्र, झुमकी, अंगूठी, पायल और बिछुए सहित कई आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऐसे परिवारों को निशाना बनाते थे, जहां शादी में दिक्कतें आती थीं। सीओ सदर डॉ. रविशंकर ने बताया कि मामले का कुछ ही घंटों में खुलासा कर तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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लौकी-पनीर को भूल जाएंगे मेहमान! घर पर बनाइए स्वाद से भरपूर चना दाल कोफ्ते
Chana Dal Kofta Recipe: हर घर में कोफ्ते की सब्जी बड़े शौक से बनाई और खाई जाती है. ज्यादातर लोग लौकी, आलू या पनीर के कोफ्ते ही बनाते हैं, लेकिन अगर आप कुछ नया और अलग स्वाद ट्राई करना चाहते हैं तो चना दाल कोफ्ते आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकते हैं. बाहर से हल्के क्रिस्पी और अंदर से नरम ये कोफ्ते मसालेदार ग्रेवी के साथ ऐसा स्वाद देते हैं कि खाने वाला उंगलियां चाटता रह जाए. खास बात ये है कि ये रेसिपी ज्यादा मुश्किल भी नहीं है और घर की साधारण चीजों से आराम से बन जाती है. मशहूर शेफ प्रियंका कपूर ने सोशल मीडिया पर इस खास रेसिपी को शेयर किया है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं.
इस डिश की सबसे बड़ी खासियत इसका अलग फ्लेवर है, क्योंकि इसमें सांभर मसाले और अनारदाने का ट्विस्ट दिया गया है, अगर आपके घर मेहमान आने वाले हैं या वीकेंड पर कुछ खास बनाने का मन है, तो ये चना दाल कोफ्ते आपकी टेबल की शान बढ़ा सकते हैं.
चना दाल कोफ्ते के लिए जरूरी सामग्री
कोफ्ते के लिए
-1.5 कप पकी हुई चना दाल
-2 छोटे चम्मच बारीक कटा अदरक
-1 बारीक कटी हरी मिर्च
-2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
-2 से 3 बड़े चम्मच बेसन
-1 छोटा चम्मच हल्का कुचला अनारदाना
-1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
-स्वाद के मुताबिक नमक
ग्रेवी के लिए
-3 मीडियम टमाटर की प्यूरी
-1 छोटा चम्मच अजवाइन
-1 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
-1 बड़ा चम्मच सांभर मसाला
-आधा कप छोटे प्याज
-2 कप गर्म पानी
-1 बड़ा चम्मच देसी घी या तेल
ऐसे तैयार करें कोफ्ते का मिश्रण
सबसे पहले एक बड़ा बाउल लें और उसमें पकी हुई चना दाल डाल दें. अब इसमें अदरक, हरी मिर्च, हरा धनिया, भुना जीरा पाउडर, अनारदाना और नमक मिलाएं. इसके बाद 2 से 3 चम्मच बेसन डालें. बेसन डालने से कोफ्ते अच्छे से बंधे रहते हैं और तलते समय टूटते नहीं हैं. अब सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिक्स करें. तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे गोल कोफ्ते बना लें.
डीप फ्राई या एयर फ्राई, दोनों तरीके हैं आसान
अगर आप रेस्टोरेंट जैसा स्वाद चाहते हैं तो कड़ाही में तेल गर्म करके कोफ्तों को मीडियम आंच पर सुनहरा होने तक तल लें. ध्यान रखें कि आंच बहुत तेज न हो, वरना कोफ्ते बाहर से जल जाएंगे और अंदर से कच्चे रह सकते हैं. अगर आप हेल्दी ऑप्शन चाहते हैं तो एयर फ्रायर का इस्तेमाल करें. एयर फ्रायर को 200 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें और करीब 15 मिनट तक कोफ्तों को एयर फ्राई करें. इससे कम तेल में भी बढ़िया स्वाद मिलेगा.
ग्रेवी का असली स्वाद देगा ये खास मसाला
अब एक कड़ाही में देसी घी या तेल गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद उसमें अजवाइन डालें. जैसे ही अजवाइन चटकने लगे, तुरंत टमाटर की प्यूरी डाल दें. अब इसमें कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, सांभर मसाला और नमक मिलाएं. मसालों को मीडियम आंच पर अच्छे से भूनें. जब मसाले के किनारों से तेल अलग दिखने लगे, समझ जाइए कि ग्रेवी का बेस तैयार हो चुका है. सांभर मसाले की वजह से इस ग्रेवी में हल्का साउथ इंडियन फ्लेवर आता है, जो इसे बाकी कोफ्तों से अलग बनाता है.
छोटे प्याज डालने से बढ़ेगा स्वाद
अब ग्रेवी में बीच से कटे छोटे प्याज डालें और करीब 2 मिनट तक पकाएं. छोटे प्याज इस डिश को हल्की मिठास और शानदार टेक्सचर देते हैं. इसके बाद इसमें 2 कप गर्म पानी डालें और कड़ाही को ढक दें. करीब 3 से 4 मिनट तक ग्रेवी को पकने दें ताकि सारे मसाले अच्छी तरह मिल जाएं.
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भाजपा बोली- राहुल का मोदी सरकार गिराना सपने देखने जैसा: ‘टूलकिट गैंग’ की फितरत सब जानते हैं; राहुल बोले- एक साल में मोदी की विदाई तय
राहुल गांधी के केंद्र सरकार गिरने की भविष्यवाणी करने को लेकर भाजपा ने रविवार को पलटवार किया। महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल का बयान दिन में सपने देखने जैसा है। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल का बयान एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। जिसमें कांग्रेस, अन्य विपक्षी दल और टूलकिट गैंग शामिल हैं। ये लोग मिलकर भारत को अस्थिर करने का सपना देख रहे हैं। राहुल गांधी शनिवार को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की सलाहकार परिषद की एक बैठक में शामिल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक राहुल ने बैठक में कहा कि एक साल के अंदर केंद्र सरकार गिर जाएगी। पीएम मोदी की विदाई तय है। 2 दिन का घटनाक्रम, राहुल का बयान, भाजपा का जवाब… 24 मई. पीयूष गोयल बोले- भारत में आग लगाने की साजिश कामयाब नहीं होगी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- देश के लोग राहुल गांधी, विपक्ष और उस ‘टूलकिट गैंग’ की असली फितरत को पूरी तरह समझते हैं, जो राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम कर रहा है। बार-बार, लोगों ने इन तत्वों को करारा जवाब दिया है। भारत को आग के हवाले करने की ‘INDI गठबंधन’ की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी। उधर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि देश की जनता समझदार है। क्या आप भारत के लोगों को उकसाकर दंगे भड़का पाएंगे? नहीं, राहुल जी। भारत में संविधान का राज चलता है और लोकतंत्र की जीत होती है। टूलकिट शब्द कहां से आया, क्या है मतलब… ‘टूलकिट गैंग’ शब्द भारत में खास तौर पर 2021 किसान आंदोलन के दौरान चर्चा में आया। उस समय स्वीडन की सोशल एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने ‘Toolkit Document’ नाम का एक डॉक्यूमेंट शेयर किया था। ग्रेटा को विपक्ष ने काफी समर्थन दिया था। भाजपा ने आरोप लगाया कि टूलकिट गैंग भारत अभियान चलाने, नैरेटिव बनाने या विरोध प्रदर्शन को ऑनलाइन बढ़ाने का काम करता है। 23 मई: राहुल की बैठक; बोले- देश के लोगो के अंसतोष फैल रहा राहुल गांधी ने शनिवार को कांग्रेस की बैठक में कहा कि एक साल में मोदी सरकार गिर जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक हालात और देश में बढ़ता आर्थिक असंतोष इसके बड़े कारण बनेंगे। जिस तरह परिस्थितियां बन रही हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है, उसका असर भारत की राजनीति पर दिखाई देगा। लोकसभा में भाजपा बहुमत से पीछे, NDA की सरकार राहुल गांधी का केंद्र सरकार गिरने की भविष्यवाणी फिलहाल तो दावा है। लेकिन असल में लोकसभा में भाजपा के पास अकेले बहुमत नहीं है। केंद्र में भाजपा फिलहाल NDA के सहयोगी दलों के भरोसे सरकार चला रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 240 सीटें मिलीं थीं। जो बहुमत के आंकड़े 272 से 32 कम है। ऐसे में भाजपा को अन्य 13 पार्टियों से सपोर्ट लेना पड़ा। फिलहाल NDA का आंकड़ा 292 सीटों का है। यह बहुमत से 20 ज्यादा है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… NDA की राज्यसभा में एक सीट घट सकती है: कांग्रेस-JMM को एक सीट का फायदा 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव होगा। चुनाव आयोग (EC) ने शुक्रवार को यह ऐलान किया। इस चुनाव में NDA को राज्यसभा की एक सीट गंवानी पड़ सकती है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष को तीन सीटों का फायदा होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ें…
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यूरोप से चोरी हुए फोन चीन भेजे जा रहे: लंदन में आईफोन छीना, फिर चीन से मां को धमकियां भेजीं; एपल आईडी हटवाकर माने चोर
शिकागो के 37 वर्षीय एलेक्स पिकुला मई 2024 में लंदन घूमने गए थे। वेस्ट एंड में थिएटर से बाहर निकलते ही ई-बाइक सवार बदमाश ने उनके हाथ से आईफोन छीन लिया। एलेक्स को लगा, फोन गया और बात खत्म। लेकिन असली परेशानी इसके बाद शुरू हुई। कुछ दिन बाद उनकी 65 वर्षीय मां जूडी पिकुला को अजीब मैसेज आने लगे। पहले मैसेज एपल-पे जैसा दिखा। उसमें लिखा था कि फोन चीन में इस्तेमाल हो रहा है और बेटे के बैंक अकाउंट खतरे में हैं। फिर फिलीपींस के नंबर से मैसेज आया- हमारे पास आपके बेटे के ईमेल, कार्ड, बैंक डिटेल और निजी जानकारी है। इसके बाद धमकियां तेज हो गईं। जूडी को एक वीडियो भेजा गया, जिसमें एक व्यक्ति बंदूक दिखा रहा था। मैसेज में दुष्कर्म, हत्या और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी थी। गैंग की एक ही मांग थी- चोरी हुए फोन से एपल आईडी हटाओ। एलेक्स ने मां से कहा कि इसे नजरअंदाज करें, लेकिन धमकियां बढ़ती गईं। आखिरकार एलेक्स ने फोन से एपल आईडी हटा दी और डेटा मिटा दिया। इसके बाद धमकी भरे मैसेज बंद हो गए। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में लंदन में रिकॉर्ड 81 हजार फोन चोरी हुए। 2025 में यह संख्या घटकर करीब 71 हजार रही, लेकिन चोरी के बाद धमकियों का ट्रेंड बढ़ गया। लंदन पुलिस अब उन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर फोकस कर रही है, जो चोरी के फोन चीन भेजते हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि फोन चीन के शेन्जेन शहर में दिखा। क्रिमिनोलॉजिस्ट डेविड वॉल के मुताबिक, गैंग पहले फर्जी एपल मैसेज भेजते हैं। फिर खुद को मददगार खरीदार बताते हैं। जब पीड़ित नहीं मानता, तो हिंसक धमकियां शुरू हो जाती हैं। ये मनोवैज्ञानिक हमला है विशेषज्ञ इसे मनोवैज्ञानिक हमला बताते हैं, क्योंकि फोन में बैंकिंग, फोटो, ईमेल और निजी डेटा होता है। चोरी के आईफोन को नया खरीदार तभी इस्तेमाल कर सकता है, जब पुरानी एपल आईडी हटे। आईडी जुड़ी रहे तो फोन रीसेट नहीं होता और उसकी रीसेल वैल्यू खत्म हो जाती है। इसलिए गैंग पीड़ितों को धमकाकर फोन को अनलिंक करवाते हैं, ताकि उसे ब्लैक मार्केट में बेचा जा सके। साइबर विशेषज्ञों की सलाह है कि चोरी के बाद फोन को लॉक और वाइप करें, लेकिन एपल आईडी से न हटाएं। एपल भी कहता है कि फोन को फाइंड माई लिस्ट में रहने दें, ताकि चोर उसे नए यूजर के लिए सेटअप न कर सकें।
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कभी सुधीर के पास चाय पीने के नहीं थे पैसे, आज चला रहे मिंडा इंडस्ट्री, प्रेरक है स्टोरी
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सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मिंडा इंडस्ट्रीज में असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में की. शुरुआती दिनों से ही उनका मानना था कि काम केवल नौकरी करने के लिए नहीं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ होना चाहिए. वह हमेशा यह सोचते थे कि कंपनी की प्रोडक्टिविटी कैसे बढ़ाई जाए और बेहतर परिणाम कैसे दिए जाएं.
ग्रेटर नोएडाः कभी ऐसा भी समय था जब जेब में एक कप चाय पीने तक के पैसे नहीं होते थे. हर सुबह यह चिंता रहती थी कि आज का दिन कैसे कटेगा और घर का खर्च कैसे चलेगा. लेकिन कठिन परिस्थितियों के बीच भी अगर इंसान मेहनत और ईमानदारी का दामन नहीं छोड़ता, तो किस्मत बदलने में देर नहीं लगती. यह कहानी है सुधीर श्रीवास्तव की, जिन्होंने संघर्षों से भरे जीवन को अपनी मेहनत के बल पर सफलता में बदल दिया.
100 प्रतिशत काम पर दिया ध्यान
सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मिंडा इंडस्ट्रीज में असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में की. शुरुआती दिनों से ही उनका मानना था कि काम केवल नौकरी करने के लिए नहीं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ होना चाहिए. वह हमेशा यह सोचते थे कि कंपनी की प्रोडक्टिविटी कैसे बढ़ाई जाए और बेहतर परिणाम कैसे दिए जाएं.
बताया कि उन्होंने अपने काम के दौरान कभी समय की परवाह नहीं की. जब काम का समय होता था, तो वह पूरी मेहनत और 100 प्रतिशत ध्यान के साथ काम करते थे. यही वजह रही कि मिंडा ग्रुप आज भी उनके दिल के बेहद करीब है. इसके बाद उन्होंने लुमीनस में भी काम किया.
चाय पीने के नहीं थे पैसे
जिंदगी का सबसे कठिन मोड़ तब आया, जब वर्ष 1998 के आसपास लुमिनस में काम करते समय उनकी मैनेजमेंट से विचार नहीं मिले. काम करने का तरीका और सोच अलग होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया. नौकरी छोड़ने के बाद कई दिनों तक वह घर पर बैठे रहे. उस समय हालात इतने खराब हो गए थे कि उनके पास एक कप चाय खरीदने तक के पैसे नहीं थे. हर दिन भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती थी. बताया कि वह समय उनके जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उनके माता-पिता और परिवार ने उस मुश्किल दौर में उन्हें पूरा सहयोग दिया. उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने के लिए समय और समर्पण दोनों की जरूरत होती है. वह देर रात तक काम करते थे, लेकिन परिवार ने कभी शिकायत नहीं की.
कहा कि इसी संघर्ष के दौर में उन्होंने खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया और J&S Wirelink Pvt. Ltd. की स्थापना की. छोटी शुरुआत से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया. आज उनकी इंडस्ट्री नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थापित है और कई लोगों को रोजगार दे रही है.
नोएडा के हरौला से सफर शुरू किया
उनके बच्चों ने भी हमेशा उनका साथ दिया. उन्होंने कभी महंगी पार्टियों या बड़ी मांगों की जिद नहीं की. कई बार ऐसा होता था कि बच्चों के जन्मदिन पर भी वह समय से घर नहीं पहुंच पाते थे. तब घर में साधारण तरीके से बर्फी काटकर जन्मदिन मनाया जाता था. अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए सुधीर ने बताया कि वह नोएडा के हरौला इलाके में रहा करते थे, जहां वॉशरूम इस्तेमाल करने के लिए भी लंबी लाइन में लगना पड़ता था. लेकिन उन्होंने कभी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया.
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हैं कि अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं. मेहनत करें, ईमानदारी से काम करें और समय की कीमत समझें. उनका मानना है कि गौतम बुद्ध नगर में जिसने भी मेहनत और लगन से काम किया, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाया.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें










