अगर FD पत्नी के नाम है लेकिन पैसा पति का है और ब्याज की आय क्लबिंग नियमों के तहत पति की आय में जुड़ रही है, तो पत्नी TDS से बचने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर सकतीं. हालांकि बैंक की ओर से काटे गए TDS का पूरा क्रेडिट पति अपने ITR में क्लेम कर सकते हैं. इसलिए रिटर्न भरते समय ब्याज आय और PAN की जानकारी सही देना बेहद जरूरी है.
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FD पत्नी के नाम, पैसा आपका! TDS का फायदा कौन उठाएगा (फोटो- एआई)
नई दिल्ली. रिटायरमेंट के बाद अक्सर लोग टैक्स बचाने या सुरक्षित निवेश के लिए अपनी हाउसवाइफ पत्नी के नाम पर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करा देते हैं. लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब उस एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर बैंक टीडीएस (TDS) काट लेता है. ऐसे में बड़ा कन्फ्यूजन होता है कि कटे हुए टैक्स का क्लेम कौन करेगा- पति या पत्नी?
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर आप अपनी पत्नी के नाम पर पैसा इन्वेस्ट करते हैं, तो उस पर मिलने वाला ब्याज ‘क्लबिंग प्रोविजंस’ के तहत आपकी (पति की) ही इनकम में जोड़ा जाता है.
क्या पत्नी TDS बचाने के लिए फॉर्म जमा कर सकती हैं? मनीकंट्रोल से बात करते हुए टैक्स और निवेश एक्सपर्ट बलवंत जैन ने बताया कि इनकम टैक्स कानून में कुछ शर्तों के तहत बिना TDS कटौती के घोषणा-पत्र जमा किया जा सकता है. सीनियर सिटीजन्स के लिए यह सुविधा तब उपलब्ध होती है, जब उनकी कुल इनकनम पर कोई टैक्स देनदारी न बनती हो. लेकिन इस मामले में पत्नी FD की वास्तविक टैक्सपेयर्स नहीं मानी जाएंगी. एफडी भले ही उनके नाम हो, लेकिन ब्याज की आय क्लबिंग प्रावधानों के तहत पति की आय में जोड़ी जाती है. इसलिए पत्नी ऐसा फॉर्म जमा नहीं कर सकतीं, जिससे टीडीएस कटने से बचा जा सके.
तो कटे हुए TDS का पैसा वापस कैसे मिलेगा? चिंता की कोई बात नहीं है, आपका पैसा डूबेगा नहीं. पति अपनी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय इस कटे हुए टीडीएस पर क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न में एक खास विकल्प मिलता है. अपना आईटीआर भरते समय उस ब्याज की रकम को अपनी कुल इनकम में दिखाएं और अपनी पत्नी का PAN नंबर बिल्कुल सही-सही दर्ज करें. ऐसा करने से बैंक की ओर से काटा गया टीडीएस सीधे आपके टैक्स अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा.
वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें
CJI सूर्यकांत ने साइबर फ्राड आरोपी की जमानत याचिका खारिज की. उन्होंने साइबर अपराधियों को निवेशकों का पैसा ठगने वाला परजीवी बताया. सख्त रुख की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि तुम्हारे शिकार पूरे देश में फैले होते हैं. तमिलनाडु में किसी को ठगते हो और फिर जम्मू में किसी और को निशाना बनाते हो. समाज के हित में यही है कि तुम जेल में रहो.
साइबर ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज ये बात कही.
नई दिल्ली. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान ऐसा शब्द बोल दिया जो चर्चा का विषय बन गया है.हालांकि लोग इस बार चीफ जस्टिस द्वारा कहे गए शब्द का समर्थन करते नजर आ रहे हैं. पिछली बार उनके द्वारा कहा गया कॉक्रोच शब्द काफी चर्चा में था.आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बार परजीवी किस कहा है और क्यों कहा.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार साइबर ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने साइबर अपराधियों पर कड़ी टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने बुधवार को साइबर फ्राड के आरोपी को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसे अपराधी देशभर में लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं.
एएनआई के अनुसार जमानत याचिका खारिज करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘तुम लोग परजीवी हो, जो निवेशकों से करोड़ों रुपये ठग लेते हो. साइबर अपराधियों के प्रति हमें बेहद सख्त होना होगा. तुम्हारे शिकार पूरे देश में फैले होते हैं. तमिलनाडु में किसी को ठगते हो और फिर जम्मू में किसी और को निशाना बनाते हो. समाज के हित में यही है कि तुम जेल में रहो.’
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
कहानी भले ही एक ही हो लेकिन अगर फिल्म का ट्रीटमेंट बहुत ही अलग ढंग से किया जाए तो वही मूवी बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर जाती है. 66 साल के अंतराल में ऐसी ही चार फिल्में बनीं जिनकी कहानी सेम थी. कहानी में रत्तीभर का बदलाव नहीं था. चारों फिल्मों का लास्ट सीन भी एक जैसा ही था. सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि तीन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रहीं. एक फिल्म तो ऑस्कर तक नॉमिनेट हुई. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं.
फैमिली ड्रामा से जुड़ी फिल्में हमेशा से दर्शकों की पहली पसंद रही है. इन फिल्मों की कहानी भले ही एक जैसी हो लेकिन ट्रीटमेंट अलग-अलग होने की वजह से कहानी दर्शकों को जोड़ लेती है. 66 साल के अंतराल में ऐसी ही चार फिल्में बनीं जिनकी मूल कहानी एक जैसी थी. सभी कहानियों को फिल्माने का तरीका बहुत ही अलग था. चारों ही फिल्मों ने बड़ा नाम कमाया. तीन ने तो बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डिंग ही तोड़ दिए. एक मूवी तो ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेट हुई. ये फिल्में थीं : मदर इंडिया, फर्ज और कानून, शक्ति और जेलर.
इस लिस्ट में पहला नाम ‘मदर इंडिया’ फिल्क का है जिसका निर्देशन महबूब खान ने किया था. फिल्म 14 फरवरी 1957 को रिलीज हुई थी. फिल्म नायिक प्रधान थी. मूवी में नरगिस, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार और राजकुमार लीड रोल में नजर आए थे. सुनील दत्त-राजेंद्र कुमार ने नरगिस के बेटे का रोल निभाया था. बहुत कम लोग जानते होंगे कि यह कालजयी फिल्म भी 1940 में आई फिल्म ‘औरत’ का रीमेक थी. पति (राज कुमार) की मौत के बाद गरीबी में जकड़ी राधा (नरगिस) अपने दो बच्चे के कैसे पालती है, कैसे जीवन में संघर्ष करती है. सुक्खी लाला से खुद का दामन कैसे बचाती है, यह सब फिल्म में बहुत ही इमोशनल तरीके से दिखाया गया.
फिल्म के लास्ट सीन में गांव की इज्जत के लिए राधा अपने बेटे बिरजू को गोली मार देती है. फिर फूट-फूटकर रोती है, उसे गले लगाती है. बिरजू उनकी बाहों में दम तोड़ देता है. वो बिलख-बिलखकर कहती है, ‘बिरजू मेरे लाल मत जाओ.’ उस दौर में इस तरह के सीन की कल्पना डायरेक्टर महबूब खान ही कर सकते थे. 60 लाख के बजट में तैयार हुई थी ‘मदर इंडिया’ ने 7 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई. इसे हिंदी की बेस्ट फीचर फिल्म के अवॉर्ड से नवाजा गया. 5 फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले थे. ऑस्कर में नॉमिनेशन पाने वाली यह पहली हिंदी फिल्म थी. सिर्फ एक वोट से यह फिल्म पुरस्कार की दौड़ से बाहर हो गई थी.
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‘मदर इंडिया’ फिल्म के क्लाइमैक्स को कई फिल्मों में दिखाया गया. 80 के दशक में जीतेंद्र-हेमा मालिनी-रति अग्निहोत्री स्टारर ‘फर्ज और कानून’ मूवी में भी सेम स्टोरी लाइन देखने को मिली थी. ‘फर्ज और कानून’ फिल्म 6 अगस्त 1982 को रिलीज हुई थी. डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव थे. यह तेलुगू फिल्म का रीमेक थी. डायलॉग कादर खान ने लिखे थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. गीतकार आनंद बख्शी थे.
‘फर्ज और कानून’ के क्लाइमैक्स में पिता अपने बेटे को गोली नहीं मारता. बिगड़ा हुआ बेटा सुधर जाता है. जीतेंद्र का डबल रोल था. जीतेंद्र ने इंस्पेक्टर पिता का रोल भी निभाया था. फिल्म सिर्फ डेढ़ माह में बनकर तैयार हुई थी. फिल्म का पेस बहुत अच्छा था. यह एक मसाला फिल्म थी और एंटरटेनर थी. फिल्म में राज किरन का रोल सराहा गया था. ‘फर्ज और कानून’ सुपरहिट साबित हुई थी.
‘फर्ज और कानून’ से महज दो माह बाद रिलीज हुई अमिताभ बच्चन-दिलीप कुमार की फिल्म ‘शक्ति’ में भी ‘मदर इंडिया’ की कहानी दोहराई गई. ‘शक्ति’ फिल्म 1 अक्टूबर 1982 को रिलीज हुई थी. ‘शक्ति’ फिल्म की कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी. डायरेक्टर रमेश सिप्पी थे. वही रमेश सिप्पी जिन्होंने ‘शोले’ फिल्म बनाई थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, दिलीप कुमार, स्मिता पाटिल, कुलभूषण खरबंदा और अमरीश पुरी ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. राखी उन दिनों लीड रोल करती थीं, फिर भी उहोंने दिलीप कुमार की पत्नी का रोल निभाया था. फिल्म में आरडी बर्मन का म्यूजिक था. फिल्म के दो तीन ‘मांगी जो दुआ, वो कुबूल हो गई’, ‘हमने सनम को खत लिखा, खत में लिखा’ और ‘जाने कैसे कब कहां इकरार हो गया’ आज भी हिट हैं.
अमिताभ बच्चन कई बार अपने इंटरव्यू में यह बात दोहरा चुके हैं कि वो दिलीप कुमार को अपना आदर्श मानते रहे हैं. यह दिलीप कुमार के साथ उनकी पहली फिल्म थी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो असफल रही लेकिन समय के साथ इसकी गहराई को लोगों ने समझा. जीतेंद्र की ‘फर्ज और कानून’ दो माह पहले रिलीज हुई थी और स्टोरी भी सेम थी, ऐसे में ‘शक्ति’ फिल्म को खासा नुकसान हुआ. इस फिल्म में भी ‘मदर इंडिया’ जैसा लास्ट सीन देखने को मिला था. दिलीप कुमार अपने बेटे अमिताभ बच्चन को गोली मार देते हैं. यह कालजयी फिल्म हिंदी सिनेमा के लिए एक स्कूल साबित हुई. इस फिल्म में सदी के दो दिग्गज एक्टर दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन ने सीरियस रोल किया है. दिलीप कुमार को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था.
इस फिल्म में सबसे अंतिम नाम रजनीकांत की फिल्म जेलर का है जो कि 10 अगस्त 2023 को रिलीज हुई थी. जेलर फिल्म का डायरेक्शन नेल्सन ने किया था. प्रोड्यूसर कलानिधि मारन थे. कहानी नेल्सन ने ही लिखी थी. यह एक तमिल मूवी थी जिसे हिंदी में भी डब करके रिलीज किया गया था. यह एक एक्शन-कॉमेडी फिल्म थी. जेलर फिल्म में हमें रजनीकांत, मोहनलाल, शिव राजकुमार, राम्या कृष्णन, विनायकान, तमन्ना भाटिया, जैकी श्रॉफ, वसंत रवि, योगी बाबू अहम भूमिकाओं में नजर आए थे. जेलर में रजनीकांत एक रिटायर लेकिन सख्त जेलर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आए थे. रजनीकांत बेटे अर्जुन को बचाने और मूर्ति तस्कर गिरोह से लड़ने के लिए फिर से मोर्चा संभालते हैं.
फिल्म की कहानी बाप-बेटे के इमोशनल रिश्ते पर भी थी. रजनीकांत के बेटे का किरदार वसंत रवि ने निभाया था. वो एक ईमानदार पुलिस अफसर था. उसे किडनैप कर लिया जाता है और यहीं से स्टोरी ट्विस्ट लेती है. शुरुआत में रजनीकांत शरीफ नजर आते हैं लेकिन जैसे -जैसे फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है, उनका खतरनाक स्वरूप दर्शकों के सामने आता है. फिल्म का क्लाइमैक्स भी चौंका देने वाला था. बेटा जिंदा निकलता है. फिल्म का अंत मदर इंडिया मूवी की तरह होता है. यह फिल्म मदर इंडिया का मॉडर्न वर्जन ही थी. फिल्म का बजट करीब 240 करोड़ रुपये था. फिल्म ने 600 करोड़ से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया थ. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
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जोधपुर के बासनी थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक की इलाज के दौरान एम्स हॉस्पिटल में मौत हो गई। उसने थाने में जहर खा लिया था। महिला के गायब होने के मामले में पुलिस उसे मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे पूछताछ के लिए थाने लाई थी। पुलिस का कहना है कि मृतक अपने साथ जहर की पुड़िया लेकर आया था। पूछताछ के दौरान उसने मौका पाकर जहर खा लिया। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर DCP कमल शेखावत भी थाने पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। वहीं थाने के CCTV भी सुरक्षित रखे गए हैं। मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने मृतक के चाचा ओर पुलिस से बातचीत की। मृतक अमृत वैष्णव (30) के चाचा दलपत ने बताया कि वह सर गांव का रहने वाला था। उसकी शादी हो गई थी लेकिन गौना नहीं हुआ था। वह पिछले कुछ साल से से महिला से बात करता था। वह महिला 11-12 दिन पहले घर से गायब हो गई। उसके परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में 12 जून को अमृत को पूछताछ के लिए बासनी थाने बुलाया गया था। मैं भी उसके साथ बासनी थाने आया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद वापस भेज दिया। हेड कॉन्स्टेबल ने कहा-महिला नहीं मिली तो अंदर डाल दूंगा सोमवार शाम को थाने के हेड कॉन्स्टेबल सतपाल सिंह का कॉल आया, उसने बताया कि यदि मंगलवार को वह महिला नहीं मिली तो तुम्हें अंदर डाल दूंगा। इसके चलते उनका भतीजा टेंशन में आ गया था। वह रात भर सो नहीं पाया। 16 जून को सुबह जल्दी थाने से फोन आ गया। इस पर उसके भतीजे ने उन्हें दोपहर फोन कर बताया कि पुलिस उसे थाने बुला रही है, तब वह अपने भतीजे को लेकर थाने पहुंचा। महिलाओं ने गला पकड़ने की कोशिश की थाने में गायब महिला के पक्ष की 4-5 महिलाएं मौजूद थीं। अमृत थाने में अंदर गया तो महिलाओं ने उसका गला पकड़ने की कोशिश की। बाद में अमृत को पुलिस एक कमरे में पूछताछ के लिए लेकर चली गई। मैं 5 मिनट तक बाहर खड़ा रहा। बाद में उन महिलाओं ने विरोध कर मुझे थाने से बाहर निकलवा दिया। जब में स्वागत कक्ष में जाकर बैठा तो मुझे वहां से भी बाहर भेज दिया गया। पट्टे मारने पर सच बताएगा अमृत को ढाई घंटे तक वापस नहीं भेजा तो मैं थाने के अंदर गया और पुलिस वालों से कहा कि पूछताछ पूरी हो गई हो तो इसे भेज दीजिए। हमारा टिफिन सर्विस का काम है। टिफिन सप्लाई करने जाना है। इस पर पुलिस ने कहा कि आज इसे पट्टे मारेंगे तब सच बताएगा कि महिला को कहां गायब करवाया है, जबकि 12 जून को हुई पूछताछ में पुलिस को सबकुछ बता दिया था, कि महिला को गायब करने में इसका कोई रोल नहीं है। इस पर भी पुलिस ने अमृत को नहीं छोड़ा और मुझे थाने से भगा दिया। पुलिस ने मोबाइल देने से मना कर दिया था मैंने पुलिस से अमृत का मोबाइल मांगा था, लेकिन देने से मना कर दिया। मेरे वहां से रवाना होते समय अमृत ने मुझे अपना पर्स दिया था। मैं शाम करीब 4.30 बजे पाल शिल्पग्राम पहुंचा था तो अमृत के फोन से पुलिस ने मुझे फोन किया कि आप थाने आ जाओ इसने जहर खा लिया है। कहा कि सीथे एम्स आ जाओ इसे एम्स में एडमिट कराया है। महिला को 251 बार कॉल किए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि बासनी थाने में एक महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी, इस मामले में अमृतलाल संदिग्ध था, क्योंकि जब CDR खंगाली गई थी तो सबसे ज्यादा फोन अमृत के फोन से किए गए थे। उसके फोन से 251 कॉल किए गए थे, भागने के बाद का लास्ट कॉल भी अमृत के मोबाइल पर ही किया गया था। उन्होंने बताया कि अमृत ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 5 साल से उस महिला से बात करता है। थाने में जांच अधिकारी पूछताछ के बाद इधर-उधर हुए तो उसने जहर खा लिया, उसके बाद उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर खा लिया है। उसके बाद उसे एम्स ले जाया गया। उन्होंने बताया कि एम्स लाने के बाद थाने के अंदर घटना होने के चलते जुडिशियल मजिस्ट्रेट को भी इन्फॉर्म किया गया था। वह भी एम्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उसके बयान रिकॉर्ड किए गए। उसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी देवड़ा ने कहा कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जब उसने जहर खाया तो उसने पुलिस को बताया कि उस महिला ने उसे धोखा दे दिया था। इसके चलते उसे नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी थी। जिस जगह घटना हुई थी, वहां पर कैमरे लगे हुए थे, जिसकी भी लापरवाही रही है वो रिकॉर्ड में आ जाएगी। इधर इस मामले को लेकर परिजन और समाज के लोगों ने एम्स हॉस्पिटल में धरना दे रखा है। उन्होंने शव लेने से मना कर दिया है। परिजनों की मांग है कि एक आश्रित को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए, वहीं थाने के स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये खबर भी पढ़िए… बासनी थाने में युवक ने खाया जहर:महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था, हॉस्पिटल में हुई मौत जोधपुर में एक महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक अमृत वैष्णव (30) ने थाने में जहर खा लिया। इसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। (पढ़िए पूरी खबर)
बदायूं में हुए एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है और तीन अन्य घायल हुए हैं। यह दुर्घटना तेज रफ्तार ट्रैक्टर द्वारा ई-रिक्शा को टक्कर मारने से हुई है। यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी (डीएम) अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
पूर्णिया में 14 साल की नाबालिग से उसके बॉयफ्रेंड ने रेप किया है। दोनों का अफेयर 1 साल से था। लड़के ने उसे फोन कर सुनसान जगह बुलाया और उसके साथ गलत किया। जहां घटना हुई वो जगह पीड़िता के घर से 1 किमी दूर है। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर गई। घर में उस वक्त उसकी मां नहीं थी। वो मायके गई थी। जब वो लौटी तो बेटी को तनाव में देखा। उससे जब मां ने पूछताछ की तो पीड़िता ने सारी बात मां को बता दी। घटना रूपौली की है। पीड़िता का चल रहा इलाज मामला दो दिन पहले का है। मंगलवार को पीड़िता अपने परिवार के साथ थाने गई। वहां पुलिस से शिकायत की। इस दौरान पीड़िता की तबीयत थाने में ही बिगड़ गई। पुलिस ने पीड़िता को तुरंत जीएमसीएच में भर्ती कराया। जहां उसका इलाज अभी भी चल रहा है। दूसरी तरफ पुलिस पीड़िता का आज मेडिकल भी कराएगी। वहीं, आरोपी युवक अभी फरार है, पुलिस उसकी तलाश में है।
फोन पर बातचीत होती थी पीड़िता ने बताया कि पीड़िता जहां रहती है वहीं आसपास आरोपी युवक का भी घर है। इस कारण दोनों की पहचान हुई थी। बात अफेयर तक पहुंच गई। दोनों एक-दूसरे से करीब 1 साल से बात कर रहे थे। इस कारण लड़की को लड़के पर पूरी भरोसा था। वो जो कहता था वो उसकी बात मान लेती थी। पीड़िता के अनुसार लड़के ने शादी का भी वादा किया था। दो दिन पहले बॉयफ्रेंड ने उसे घर से दूर बुलाया तो नाबालिग बिना कुछ सोचे-समझे चली गई। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही पुलिस ने पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर भवानीपुर थाना में मामला दर्ज कर लिया है। केस की आईओ मोनी कुमारी का कहना है कि सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत NEET-UG री-एग्जाम से पहले एप पर अस्थायी रोक लगाई गई है। कोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई के लिए सहमति दे दी है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को सरकार की तरफ से टेलीग्राम पर बैन की जानकारी दी थी। यह रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है।
टेलीग्राम CEO ने सरकार के फैसले की आलोचना करते की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से भारत के 15 करोड़ से ज्यादा टेलीग्राम यूजर्स को सजा मिली है, न कि उन लोगों को जिन्होंने पेपर लीक की थी। इस बैन से कुछ भी नहीं रुकेगा। लीक करने वाले दूसरे एप्स पर शिफ्ट हो जाएंगे।
गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से टेलीग्राम हटाया
देश में पहली बार किसी एप को पेपर लीक की आशंका के कारण बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस एप का इस्तेमाल पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए कर रहे थे।
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि ‘कोई विकल्प’ नहीं बचा था, क्योंकि जालसाज इसका दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से भी टेलीग्राम एप हटा दिया है।
3 सवाल-जवाब में जानिए, टेलीग्राम पर बैन क्यों लगा
टेलीग्राम पर पाबंदी क्यों जरूरी लगी?टेलीग्राम पर कोई व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर ऐसा चैनल बना सकता है, जिसमें असीमित लोग जुड़ सकते हैं। ‘पेपर लीक्ड नीट’ जैसे चैनलों पर लाखों लोग थे, जिनकी ट्रैकिंग कठिन थी। ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर क्यों बैन किया? टेलीग्राम पर पुराने मैसेज एडिट करने पर भी उसका असली समय नहीं बदलता। परीक्षा खत्म होने के बाद एडमिन अपने पुराने और सामान्य मैसेज को एडिट करके वहां असली प्रश्न पत्र की PDF डाल देते थे। फिर इसका स्क्रीनशॉट दिखाकर झूठा दावा करते थे कि परीक्षा से पहले लीक हो गया था।
टेलीग्राम पर बड़ी फाइलें शेयर करने का क्या नियम है, जो दुरुपयोग की वजह बना? टेलीग्राम पर बिना साइज कम किए 2GB तक की बड़ी फाइलें आसानी से शेयर की जा सकती हैं। इसी वजह से इस पर परीक्षा के पेपर और फिल्में आसानी से लीक की जाती हैं।क्या टेलीग्राम कार्रवाई नहीं करता है? कार्रवाई करता है। टेलीग्राम ने 2025 में 4.35 करोड़ से ज्यादा चैनल ब्लॉक किए थे और 2026 में रोजाना हटाए जाने वाले चैनलों की संख्या बढ़ाकर 80,000 से 1,40,000 तक कर दी है, लेकिन यह नाकाफी साबित हुई।
टेलीग्राम बैन, तो वॉट्सएप क्यों नहीं? टेलीग्राम पर अपराधियों को पहचान छिपाने और लाखों का ग्रुप बनाने की आजादी मिलने से इस पर अस्थायी बैन लगाना पड़ा। वहीं, वॉट्सएप भारतीय नियमों को मानता है। यहां यूजर को ट्रैक करना आसान है। वॉट्सएप पर मोबाइल नंबर जरूरी, टेलीग्राम पर ‘यूजरनेम’ से पहचान छिपती है। वॉट्सएप पर चैट डिफॉल्ट एन्क्रिप्टेड और ग्रुप मेंबर्स सीमित (1,024) हैं। टेलीग्राम में असीमित लोग जुड़ सकते हैं, जिससे पेपर जल्दी वायरल होते हैं। वॉट्सएप का भारत में ऑफिस है और AI से निगरानी होती है। टेलीग्राम में इसकी कमी है।
NTA ने NEET-UG रीएग्जाम में कुछ बदलाव किए हैं। 12 जून को जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है।
पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई
3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।
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नीट पेपर लीक से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
नीट री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी: 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों वसूले; राजस्थान-बिहार से 3 आरोपी गिरफ्तार
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने नीट-यूजी के री-एग्जाम से पहले ऑनलाइन पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम और अन्य परीक्षाओं के पेपर दिलाने का झांसा देकर 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स और पेरेंट्स से लाखों रुपये वसूलने का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें…
उमरिया जिले में डीजल की किल्लत अब खुलकर सामने आ रही है। आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को अमरपुर क्षेत्र के महरोई-पड़वार मार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टरों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां किसान घंटों इंतजार करते रहे। जानकारी के अनुसार, इस पंप पर कल्टीवेटर सहित 50 से अधिक ट्रैक्टर डीजल भरवाने के लिए खड़े थे। किसानों का आरोप है कि पंप संचालक प्रत्येक वाहन को अधिकतम 2 हजार रुपये तक का ही डीजल दे रहे हैं। किसान चंद्रिका पटेल ने बताया कि आसपास के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध न होने के कारण बड़ी संख्या में किसान इसी पंप पर पहुंच रहे हैं। सीमित मात्रा में डीजल मिलने से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, खासकर जुताई और अन्य महत्वपूर्ण कृषि कार्यों में बाधा आ सकती है। इस संबंध में जिला खाद्य विभाग से स्थिति जानने के लिए प्रभारी खाद्य अधिकारी रोहित सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। किसानों ने प्रशासन से जल्द पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि कृषि कार्य बाधित न हों।
Maharashtra Operation Tiger Live Updates: महाराष्ट्र की सियासत में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर हलचल चरम पर पहुंच गई है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी से बगावत पर उतारू सांसदों को संजय राउत ने खुली चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि जो सांसद पार्टी छोड़ेंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा.
दरअसल शिवसेना यूबीटी के 9 में से 6 सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं. ये सभी बागी सांसद फिलहाल दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में ठहरे हुए हैं. आज ये सभी दिल्ली में श्रीकांत शिंदे और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं.
खबर है कि शिवसेना के ये सभी बागी सांसद आज ही पार्टी से नाता तोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. इन बागी सांसदों में संजय संजय देशमुख, दीना पाटिल, नागेश पाटिल अष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव के नाम शामिल हैं. शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता प्रियंका चर्तुवेदी ने पार्टी में बगावत पर एक तरह से मुहर लगाते हुए बीजेपी को चेतावनी दी है. उन्होंने इन बागियों की तुलना सांपों से करते हुए बीजेपी को चेताया है कि कल ये उसे भी डसेंगे.
उधर शिवसेना यूबीटी ने भी इस बगावत की काट के लिए चाल चल दी है. उद्धव ठाकरे के वफादार शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पार्टी के किसी भी सांसद के अलग गुट बनाने या किसी अन्य दल में विलय को मान्यता न दी जाए. सावंत ने इस पत्र में लिखा है कि शिवसेना यूबीटी एक ही राजनीतिक दल है और कानून की नजर में वही मान्य है. शिवसेना यूबीटी ने कहा कि संसद में पार्टी का अस्तित्व मूल राजनीतिक दल से आता है, इसलिए अलग-अलग गुट बनाकर उसी पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं किया जा सकता.
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE : ‘फिर तो चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं’ उद्धव सेना में टूट पर बोले संजय राउत- ऑपरेशन टाइगर आसान नहीं
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सासंद संजय राउत के घर प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है. इस पीसी में संजय राउत ने कहा, ‘ऑपरेशन टाइगर आसान नहीं है. हमें ऐसे ऑपरेशन के बारे में मीडिया से पता चल रहा है. अगर ऐसा है, तो इस देश में चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं है. मैं यह भी कहना चाहूंगा कि जिन सांसदों के नामों का ज़िक्र हो रहा है, उनकी जानकारी मुझे नहीं है. कुछ लोग कहते हैं कि वे दिल्ली में हैं, कुछ कहते हैं कि वे मुंबई में हैं, जबकि कुछ का दावा है कि वे अपने चुनाव क्षेत्रों में हैं. आपको उनसे संपर्क करना चाहिए. ये सभी सांसद शिवसेना के ‘जलती हुई मशाल’ चुनाव चिह्न पर चुने गए थे.’
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE : ‘मैं उद्धव ठाकरे के साथ…’ शिवसेना यूबीटी के सांसद ने ऑपरेशन टाइगर की निकाली हवा
उद्धव ठाकरे के करीबी और शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत के घर पर थोड़ी ही देर में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है. इस बीच अनिल देसाई और अरविंद सावंत संजय राउत के घर पहुंच गए हैं. खबर है कि ये दोनों प्रेस ब्रीफिंग में साथ रहेंगे. हालांकि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन के बजाय चार कुर्सियां रखी गई हैं. खबर है कि राजाभाऊ वाजे भी इस ब्रीफिंग में शामिल हो सकते हैं. वह दिल्ली पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी तक संजय राउत के घर नहीं आए हैं.
नासिक से शिवसेना (UBT) के सांसद राजाभाऊ वाजे से इससे पहले News18 से बातचीत में कहा था, ‘मैं दिल्ली जा रहा हूं. मेरी कुछ मीटिंग्स तय हैं. मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूं और कहीं और जाने के बारे में नहीं सोच रहा हूं. मैं संजय राउत से मिलूंगा.’
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE Updates : संजय राउत के घर बड़ी बैठक, शिवसेना यूबीटी ने सांसदों को जारी किया व्हिप
राजधानी दिल्ली में संजय राउत के घर पर एक जरूरी मीटिंग चल रही है. बताया जा रहा है कि इस बैठक में अनिल देसाई और कुछ लीगल एक्सपर्ट मौजूद हैं. अरविंद सावंत के भी जल्द ही मीटिंग में शामिल होने की उम्मीद है. इस बीच शिवसेना यूबीटी ने 18 जून को संसदीय दल की बैठक के लिए अपने सभी सांसदों को व्हीप जारी किया है. इस बीच खबर यह है कि लोकसभा स्पीकर से पहले उद्धव गुट के बागी सांसद मुलाकात कर सकते हैं. उसके बाद उद्धव गुट के बचे सांसद मिल सकते हैं. सुबह ही ये दोनों मुलाकात प्रस्तावित है.
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE : ‘सांपों की फितरत ही डंसना…’ उद्धव सेना में बगावत पर प्रियंका चतुर्वेदी की मुहर, बीजेपी को चेताया
शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता प्रियंका चर्तुवेदी ने पार्टी में बगावत पर एक तरह से मुहर लगाते हुए बीजेपी को चेतावनी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘बीजेपी इस भ्रम में ना रहे के सपोलों की टोली जमा करके, सांपों को दूध पिलाएंगे और वह सिर्फ़ विपक्ष को डसेंगे. आपका समय भी आएगा, क्योंकि सांप की फ़ितरत ही डंसना है, आज अगर हमारी बारी है , कल आपकी भी हो सकती है.’
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE : दिल्ली में बागियों का डेरा, उधर जयपुर चले गए एकनाथ शिंदे, उद्धव की शिवसेना की टूट में नया ट्विस्ट
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलों के बीच बड़ा ट्विस्ट देखने को मिला है. एक तरफ से शिवसेना (यूबीटी) के बागी विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे के जयपुर पहुंचने की खबर है. शिवसेना से जुड़े सूत्रों ने News18 इंडिया को बताया कि एकनाथ शिंदे एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जयपुर गए हैं. शिंदे के करीबी सूत्रों ने बताया कि पार्टी में किसी भी सांसद का विलय 19 जून को शिवसेना की स्थापना दिवस के बाद ही होगा.
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE: दिल्ली में 5 स्टार होटल में डटे शिवसेना यूबीटी के बागी सांसद
शिवसेना उद्धव गुट के बागी सांसद फिलहाल दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में ठहरे हुए हैं. आज ये सभी दिल्ली में श्रीकांत शिंदे और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं.
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE : हदगांव से हैदराबाद और फिर दिल्ली… शिवसेना यूबीटी के एक और सांसद ने पकड़ी फ्लाइट, उद्धव की बढ़ी टेंशन
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीट) के हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर दिल्ली रवाना हो गए हैं. सूत्रों के अनुसार, नागेश मंगलवार रात हदगांव से हैदराबाद और वहां से दिल्ली गए हैं. कल रात नांदेड़ हवाई अड्डे से परभणी के सांसद संजय जाधव और यवतमाल के सांसद संजय देशमुख एक निजी विमान से दिल्ली रवाना हुए थे. तभी से ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
मंगलवार से ही सांसद आष्टीकर का मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा था. नांदेड़ के डॉक्टरीन क्षेत्र स्थित कृष्णकुंज इमारत में सांसद आष्टीकर का फ्लैट है, लेकिन वहां भी उनके परिवार का कोई सदस्य उपलब्ध नहीं था. इस बीच जानकारी सामने आई है कि सांसद आष्टीकर मंगलवार रात हदगांव से हैदराबाद पहुंचे और वहां से दिल्ली के लिए रवाना हुए.
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE : एकनाथ शिंदे कैंप में 19 जून को शामिल होंगे उद्धव के बागी सांसद- सूत्र
उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी में टूट की अटकलों के बीच खबर है कि एकनाथ शिंदे कैंप 19 जून को बागी सांसदों को पार्टी में शामिल करने का ऐलान कर सकता है. दरअसल 19 जून को शिवसेना का वर्धापन दिवस है. इसी दिन 4 साल पहले एकनाथ शिंद ने उद्धव से बगावत करके शिवसेना में दोफाड़ किया था. ऐसे में उसी दिन वह उद्धव ठाकरे को एक और चोट देने की तैयारी में हैं. इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों में से एक सांसद को केंद्रीय मंत्री बनाने का भी ऑफर दिया गया है.
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE Updates: ‘अपना सपना मनी..मनी..!’ उद्धव से दगाबाजी के लिए सांसदों को मिले 15-15 करोड़, संजय राउत का दावा
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाया है. राउत ने सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को खरीदने के लिए 15-15 करोड़ रुपये एडवांस दिए जा रहे हैं. संजय राउत का कहना है कि उद्धव गुट के सभी 9 सांसद एकजुट हैं.
अपना सपना मनी..मनी..!
Apna Sapna Money Money!
It’s shocking and revolting that Maharashtra MPs are reportedly being offered ₹15 crore each tonight to switch sides.@Dev_Fadnavis
Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE : उद्धव ठाकरे की शिवसेना में टूट रोकने की नई चाल, संजय राउत के घर पर टिकी नजर
महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर को लेकर जारी सियासी अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी आज सुबह 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है. ये प्रेस कॉन्फ्रेंस सांसद संजय राउत के घर पर होगी. खास बात ये है कि इसमें दिल्ली में मौजूद ठाकरे गुट के सभी सांसदों के शामिल होने की बात कही जा रही है. ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन सांसद मौजूद रहते हैं और कौन नजर नहीं आता, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर टूट और सांसदों के अलग होने की चर्चाएं लगातार तेज हैं.
बॉलीवुड के लीजेंड सिंगर किशोर कुमार 60 के दशक में सिर्फ देवानंद के लिए प्लेबैक सिंगिंग किया करते थे. बहुत ही मूडी इंसान थे. संगीतकार एसडी बर्मन उन्हें बहुत चाहते थे. एक बार किशोर दा ने एसडी बर्मन के जटिल गाने की स्टाइल बदल दी. ऐसी सुरीली ट्यून बनाई कि गाना अमर हो गया. गाना इतना पॉप्युलर हुआ कि सरकारी विज्ञापनों में खूब दिखाया गया. गाना प्रेम-प्यार का प्रतीक बन गया. फिल्म ने इतिहास रच दिया. मूवी हिंदी सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित हुई. खुद किशोर कुमार रातोंरात इस फिल्म की वजह से स्टार बने. इस फिल्म की कहानी एक रात में फाइनल हुई थी. उस रात एक और फिल्म फाइनल हुई थी.
Rajesh khanna Hit Movies : कुछ फिल्में दर्शकों के दिल में बस जाती हैं. कहानी इतनी मर्मस्पर्शी होती है कि बार-बार देखने पर भी दिल नहीं भरता. ऐसी फिल्में हर बार नई फीलिंग देती हैं. 57 साल ऐसी ही एक फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इस फिल्म का एक ब्लॉकबस्टर गाना किशोर कुमार ने अपनी ही स्टाइल में गाया था. संगीतकार एसडी बर्मन ने जो धुन बनाई थी, उसे बदलकर अनोखे अंदाज में गाया. किशोर कुमार ने इतनी सुरीली धुन बनाई कि गाना अमर हो गया. वो गाना था ‘रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना’. गाना 7 नवंबर 1969 को रिलीज ‘आराधना’ फिल्म का था. इसी फिल्म ने किशोर कुमार को रातोंरात स्टार बनाया. इसी फिल्म से हिंदी सिनेमा को सही मायने में अपना पहला सुपरस्टार राजेश खन्ना के रूप मिला.
‘आराधना’ फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन शक्ति सामंत ने किया था. फिल्म में राजेश खन्ना-शर्मिला टैगोर लीड रोल में थे. इसके अलावा, सुजीत कुमार, फरीदा जलाल और किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म की कहानी सचिन भौमिक ने लिखी थी. यह कहानी 1946 में आई अमेरिकन फिल्म टू ईच हिज ओन (To Each His Own) से इंस्पायर्ड थी. सचिन ने यह कहानी सबसे पहले ऋषिकेश मुखर्जी को सुनाई थी. जब ऋषिकेश दा इस फिल्म को नहीं बना पाए तो सचिन ने यही कहानी शक्ति सामंत को सुनाई. पहले इस फिल्म का टाइटल ‘सुबह प्यार की’ था. एसडी बर्मन के कहने पर टाइटल बदला गया.
फिल्म का म्यूजिक एसडी बर्मन ने दिया था और गीतकार आनंद बख्शी थे. आरडी बर्मन ने म्यूजिक बनाने में बहुत मदद की थी. फिल्म में कुल 7 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म का म्यूजिक उस दशक का सबसे ज्यादा बिकने वाला संगीत था. फिल्म के पॉप्युलर गाने थे : रूप तेरा मस्ताना, मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, कोरा कागज था ये मन मेरा, चंदा है तू मेरा सूरज है तू, सफल होगी तेरी आराधना, गुन गुना रहे हैं भंवरे और बागों में बहार है. ‘रूप तेरा मस्ताना’ गाने की सुरीली धुन बनाने में किशोर कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी.
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किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने एक स्टेज शो ‘रूप तेरा मस्ताना’ गाने का किस्सा सुनाया था. उन्होंने बताया था पहले इस गाने की धुन बहुत ही अजीब सी थी. गाना बहुत ही कठिन था. जब संगीतकार एसडी बर्मन इस गाने की धुन सिखा रहे थे तो किशोर दा को ट्यून पसंद नहीं आई. गाना बहुत ही धीमा था. किशोर कुमार को उसी समय एसडी बर्मन का पुराना गाना याद आया जो इसी धुन से मिलता-जुलता था. किशोर कुमार ने एसडी बर्मन को उनका बंगाली गाना याद दिलाया. यह गाना था ‘एतो कछे दूजने, प्रेम भरा जो बूने, होथट भूले भूल ना होय जाए.’ गाना सुनते ही बर्मन दा खुश हो गए.
‘आराधना’ फिल्म का निर्माण कैसे हुआ, इसकी कहानी भी बहुत दिलचस्प है. आखिरी समय में इस फिल्म की कहानी बदलनी पड़ी थी. दरअसल, डायरेक्टर-प्रोड्यूसर शक्ति सामंत, लेखक गुलशन नंदा और मधुसूदन कालेलकर के साथ फेमस स्टूडियो में बैठे थे. इसी दौरान अनिल कपूर के पिता प्रोड्यूसर सुरेंद्र कपूर वहां पहुंचे और अपनी फिल्म ‘एक श्रीमान, एक श्रीमती’ की आखिरी रील देखने का अनुरोध किया. इस फिल्म का आखिरी हिस्सा देखकर शक्ति सामंत के होश उड़ गए. दरअसल ‘एक श्रीमान, एक श्रीमती’ का आखिरी हिस्सा ‘आराधना’ की कहानी से हूबहू मेल खाता था. दोनों फिल्मों के राइटर सचिन भौमिक ही थे. शक्ति सामंत सचिन भौमिक से बहुत नाराज हुए और परेशान भी हुए.
उन्होंने गुलशन नंदा से मदद मांगी. ‘आराधना’ की कहानी सुनने के बाद हीरो का डबल रोल करने का सुझाव दिया. शक्ति सामंत को सुझाव पसंद आया. फिल्म का क्लाइमैक्स फिर से कई बदलाव के साथ लिखा गया. गुलशन नंदा ने ‘कटी पतंग’ की कहानी भी शक्ति सामंत को सुनाई थी. इस तरह से एक ही रात में दोनों फिल्मों की स्क्रिप्ट फाइनल हुई. दोनों फिल्में दो साल के अंतराल में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुईं. आराधना 7 नवंबर 1969 को रिलीज हुई थी जबकि 29 जनवरी 1971 को सिनेमाघरों में आई थी. आराधना ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. कटी पतंग को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया. यह हिट फिल्म साबित हुई.
‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’ गाने का किस्सा भी दिलचस्प है. दरअसल, इस गाने के रिद्म एक गिटारिस्ट नहीं बजा पाया. उधर, शक्ति सामंत पूरी टीम के साथ दार्जलिंग में थे. गाने का इंतजार था. ऐसे में आरडी बर्मन ने गिटार की जगह माउथ ऑर्गन बजाया था. गाना तो सुपरहिट बना ही, इसका हर म्यूजिक पीस पॉप्युलर हुआ. ‘आराधना’ शक्ति सामंत के साथ राजेश खन्ना की पहली फिल्म थी. इस फिल्म से ही राजेश खन्ना रातोंरात सुपरहिट बने. राजेश खन्ना-शर्मिला टैगोर की साथ में यह पहली फिल्म थी. फिल्म का नेट कलेक्शन 3.5 करोड़ रुपये के आसपास था. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. यह 1969 की सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाली फिल्म थी. फिल्म को तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. बेस्ट फिल्म शक्ति सामंत, बेस्ट एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और बेस्ट प्लेबैक मेल सिंगर किशोर कुमार ‘रूप तेरा मस्ताना’ के फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे.
उधर, ‘कटी पतंग’ की बात करें तो इस फिल्म ने राजेश खन्ना के स्टारडम को एक अलग मुकाम दिया. ‘कटी पतंग’ नायिका प्रधान फिल्म थी. राजेश खन्ना, आशा पारेख, प्रेम चोपड़ा, बिंदु और नाजिर हुसैन जैसे सितारों ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. कहानी गुलशन नंदा की थी. वृजेंद्र गौड़ ने डायलॉग लिखे थे. फिल्म की कहानी 1948 में आए कॉर्निल वूलरिच के उपन्यास ‘आई मैरिड ए डेड मैन’ से इंस्पायर्ड थी. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. इस फिल्म का म्यूजिक भी ब्लॉकबस्टर रहा था. इस फिल्म के सुपरहिट गाने ‘प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है’, ‘ये शाम मस्तानी, मदहोश किए जा’, ‘ये जो मुहब्बत है, उनका है काम’ ‘ना कोई उमंग है, ना कोई तरंग है’ थे. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म मैसिव हिट साबित हुई थी.
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