Monday, June 29, 2026
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IIIT दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय सम्मान: EU-भारत स्टूडेंट एंबेसडर नेटवर्क में हुआ चयन, यूरोपीय संघ के 20 प्रमुख संस्थानों की सूची में शामिल – New Delhi News




अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और शोध सहयोग के क्षेत्र में इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी-दिल्ली) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यूरोपीय संघ के पब्लिक एंड कल्चरल डिप्लोमेसी प्रोग्राम के तहत शुरू किए गए ईयू-भारत स्टूडेंट एंबेसडर नेटवर्क के लिए देश के 20 प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में आईआईआईटी-दिल्ली का चयन किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच उच्च शिक्षा, छात्र आदान-प्रदान, शोध सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देना है। नई दिल्ली में आयोजित लॉन्च समारोह में भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फ़िन की मौजूदगी रही। यूरोपीय संघ कार्यक्रम में चुने गए 3 संस्थानों में शामिल आईआईआईटी-दिल्ली उन चुनिंदा 3 संस्थानों में शामिल रहा, जिन्हें अपने कार्यों की प्रस्तुति देने का अवसर मिला। संस्थान के फैकल्टी सदस्य डॉ जैनेंद्र ने यूरोपीय संघ समर्थित इरासम हब परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारत के 10 और यूरोप के 4 देशों के सहयोग से रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम में क्षमता निर्माण को मजबूत कर रही है। संस्थान की ओर से जोशिता यादव और हार्दिक मदान को स्टूडेंट एंबेसडर बनाया गया है। भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फ़िन ने कहा, यह नेटवर्क भारत और यूरोप के युवाओं तथा प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को एक साझा मंच देता है। इससे उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक समझ और तकनीकी अनुसंधान में सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।



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पिता की विरासत 9 एकड़ दशहरी आम के बाग को अमित ने बनाया सफलता का जरिया, लाखों में कमाई


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Success story: अमित वर्मा बताते हैं कि उनके पिता कई वर्षों से दशहरी आम की बागवानी करते थे. उनके निधन के बाद उन्होंने बाग की पूरी जिम्मेदारी संभाली. शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने बागवानी की बारीकियां सीखीं और आधुनिक तरीके अपनाए. आज उनके बाग में हजारों आम के पेड़ हैं, जो हर साल बेहतर उत्पादन देते हैं. किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी अपनाने के लिए उद्यान विभाग लगातार प्रोत्साहित कर रहा है विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत पौधरोपण, सिंचाई और रखरखाव के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है इसका सकारात्मक असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है.

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लखीमपुर खीरी: जिले में केवल गन्ने की खेती के लिए ही नहीं, बल्कि अब बागवानी के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है. किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी अपनाने के लिए उद्यान विभाग लगातार प्रोत्साहित कर रहा है विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत पौधरोपण, सिंचाई और रखरखाव के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है इसका सकारात्मक असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. जिले के कई किसान आम, अमरूद, नींबू, आंवला और अन्य फलदार पौधों की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे है.

इन्हीं किसानों में शामिल हैं लखीमपुर खीरी के प्रगतिशील किसान अमित वर्मा, जिन्होंने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आम की बागवानी को ही अपना मुख्य व्यवसाय बना लिया है उनके पास लगभग 9 एकड़ में दशहरी आम का बाग है पिता के निधन के बाद उन्होंने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और आज मेहनत व आधुनिक तकनीकों के दम पर लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं.

पिता की विरासत को बनाया सफलता की कहानी

अमित वर्मा बताते हैं कि उनके पिता कई वर्षों से दशहरी आम की बागवानी करते थे. उनके निधन के बाद उन्होंने बाग की पूरी जिम्मेदारी संभाली. शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने बागवानी की बारीकियां सीखीं और आधुनिक तरीके अपनाए. आज उनके बाग में हजारों आम के पेड़ हैं, जो हर साल बेहतर उत्पादन देते हैं. अमित वर्मा के अनुसार दशहरी आम अपनी मिठास, खुशबू और स्वाद के कारण देशभर में काफी पसंद किया जाता है. गर्मियों के मौसम में इसकी मांग लगातार बनी रहती है. स्थानीय मंडियों के अलावा व्यापारी सीधे बाग पर आकर आम खरीद लेते हैं, जिससे किसानों को बाजार खोजने की परेशानी भी नहीं होती है.

बागवानी के लिए प्रोत्साहित कर रही सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार का उद्यान विभाग किसानों को बागवानी के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है. विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत फलदार पौधों के रोपण पर अनुदान, ड्रिप सिंचाई, पौध संरक्षण और तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाती है। विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित करता है, जिससे किसान नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकें. खीरी में पिछले कुछ वर्षों में बागवानी का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है. आम, अमरूद, पपीता, केला और आंवला जैसी फसलों की खेती किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है. उद्यान विभाग भी किसानों को नई तकनीकों और उन्नत पौध सामग्री उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहा है

रोजगार का भी बन रहा साधन

बागवानी केवल किसानों की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का बड़ा माध्यम भी बन रही है। आम के बागों में पौधरोपण, सिंचाई, निराई-गुड़ाई, छंटाई, दवा का छिड़काव और तुड़ाई जैसे कार्यों में बड़ी संख्या में मजदूरों को रोजगार मिलता है. आम की पैकिंग और परिवहन में भी स्थानीय लोगों को काम मिलता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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जहानाबाद नगर थाना पहुंचे SP किरण कुमार: सुरक्षा व्यवस्था-पुलिस संसाधनों का लिया जायजा, आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निपटारे पर दिया जोर – Jehanabad News




जहानाबाद जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक किरण कुमार ने सोमवार को नगर थाना, जहानाबाद का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना परिसर की विभिन्न शाखाओं, अभिलेखों, सुरक्षा उपकरणों और अन्य आवश्यक सामग्रियों की जांच की। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों और जवानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा कार्यप्रणाली की जानकारी ली। साथ ही पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह एक नियमित और सतत अभियान है, जिसके तहत जिले के सभी थानों का क्रमवार निरीक्षण किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य थानों में उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करना, पुलिसकर्मियों की आवश्यकताओं को समझना और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारियों के साथ मामलों के त्वरित और संवेदनशील निष्पादन पर भी चर्चा की गई, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गोपनीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसकी जानकारी सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं की जा सकती। एसपी किरण कुमार ने यह भी कहा कि आने वाले समय में जिले के सभी थानों को और अधिक संसाधनयुक्त एवं सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि थाने में आने वाले लोगों के आवेदनों को सरलता और संवेदनशीलता के साथ स्वीकार किया जाए तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान नगर थानाध्यक्ष उमेश कुमार अपने दल-बल के साथ उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक का परंपरानुसार सलामी देकर स्वागत किया गया और उन्हें थाना परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया।



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खनिज निरीक्षक पर मारपीट के आरोप, निलंबन की मांग: शिवपुरी में वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान मोबाइल छीनने का दावा, सात दिन का अल्टीमेटम – Shivpuri News




शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील में 19 जून को एक घटना के संबंध में लोधी युवा शक्ति संगठन ने सोमवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान युवक मंगल लोधी के साथ कथित मारपीट, अभद्र व्यवहार और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित को तत्काल निलंबित करने, एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन के सदस्य कपूर लोधी ने बताया कि 19 जून को पत्थर से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान मौके पर मौजूद कई लोग अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। मंगल लोधी भी घटना की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। आरोप है कि खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित ने उनका मोबाइल छीन लिया। जब मंगल लोधी ने अपना मोबाइल वापस मांगा, तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया, थप्पड़ मारा गया और धक्का-मुक्की की गई।
बोले- गलत ढंग से FIR कराई गई
संगठन का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो उपलब्ध है। इसके बावजूद, खनिज निरीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, मंगल लोधी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कर दिया गया। ज्ञापन में 112 डायल वाहन के उपयोग की भी जांच की मांग की गई है। संगठन ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि वाहन का उपयोग किस आदेश और वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया गया था। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मांग- निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए
जिला पंचायत सदस्य सियाराम लोधी ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक खनिज निरीक्षक को निलंबित किया जाना चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि मंगल लोधी के खिलाफ दर्ज प्रकरण जांच में गलत साबित होता है, तो उसे निरस्त किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगामी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष भी उठाया जाएगा।
पुलिस बोली- मामले की जांच जारी
इस मामले में पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार का कहना है कि पुलिस ने खनिज विभाग के आवेदन पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की थी। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षक बोले- वीडियो काट-छांटकर पेश किया
वहीं खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान मौके पर जानबूझकर विवाद की स्थिति बनाई गई थी। जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, उसे काट-छांटकर पेश किया गया है। उनका दावा है कि एक अन्य वीडियो भी मौजूद है, जिसमें मंगल लोधी जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को ले जाने से रोकते हुए दिखाई दे रहा है। ऋषभ दीक्षित ने यह भी कहा कि मंगल लोधी के खिलाफ पहले से आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित वाहन किसका है।



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5वीं की किताब में ऐश्वर्या राय का हिट गाना, पढ़ाए जा रहे ‘निंबूड़ा’ के बोल!


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Aishwarya Rai Nimbooda Song in School Textbook: क्या स्कूली बच्चों को अब बॉलीवुड के गानों से पढ़ाई कराई जाएगी? ओडिशा में कक्षा 5 की एक किताब में ऐश्वर्या राय के मशहूर गाने ‘निंबूड़ा निंबूड़ा’ के लिरिक्स छापने पर सोशल मीडिया से लेकर एजुकेशन सिस्टम तक में बवाल मच गया है. जानिए पूरा मामला.

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Aishwarya Rai Nimbooda Song: 5वीं की किताब में ऐश्वर्या राय का चर्चित गाना है

नई दिल्ली (Aishwarya Rai Nimbooda Song in School Textbook). स्कूली किताबों को लेकर अक्सर कोई न कोई नया विवाद सामने आता रहता है. इस बार ओडिशा से आए मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है. राज्य के स्कूलों में 5वीं कक्षा की इंग्लिश बुक में बॉलीवुड का एक सुपरहिट गाना शामिल किया गया है. सुपरस्टार ऐश्वर्या राय बच्चन और सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का मशहूर गाना ‘निंबूड़ा, निंबूड़ा’ बच्चों के सिलेबस का हिस्सा बनता हुआ दिखाई दे रहा है.

मामला सामने आने के बाद से नई बहस छिड़ गई है. लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं कि आखिर छोटे बच्चों की किताबों में कविताओं या ज्ञानवर्धक पाठों की जगह इस तरह के फिल्मी गाने क्यों हैं. सोशल मीडिया पर शिक्षा विभाग और किताब तैयार करने वाले पब्लिशर्स को जमकर ट्रोल किया जा रहा है. वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि एजुकेशन सिस्टम में इस तरह का ‘बॉलीवुड तड़का’ बच्चों के मानसिक विकास और उनके नैतिक मूल्यों के लिहाज से बिल्कुल भी सही नहीं है.

यह अजीबोगरीब मामला कैसे सामने आया?

ओडिशा के सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे किसी छात्र के अभिभावक ने 5वीं क्लास की वर्कबुक का पन्ना पलटते हुए उस पर ‘निंबूड़ा निंबूड़ा’ गाना छपा हुआ देखा. किताब के इस खास चैप्टर में लोकगीतों या कविताओं के बजाय बॉलीवुड के इस कमर्शियल गाने के बोल हूबहू लिखे गए थे. हैरान-परेशान अभिभावक ने इस पन्ने की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी. देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और लोग इस पर रिएक्शन देने लगे.

शिक्षा विभाग ने पब्लिशर्स पर फोड़ा ठीकरा

मामले के तूल पकड़ते ही ओडिशा के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. शुरुआती जांच और विवाद बढ़ता देख शिक्षा अधिकारियों ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए सारा ठीकरा प्राइवेट पब्लिशर्स पर फोड़ दिया है. विभाग का कहना है कि यह किताब राज्य सरकार या ऑफिशियल बोर्ड के सिलेबस का हिस्सा नहीं है. यह कुछ स्कूलों में इस्तेमाल की जाने वाली सप्लीमेंट्री वर्कबुक है, जिसे प्राइवेट पब्लिशर ने छापा है. प्रशासन ने इस मामले में संबंधित स्कूल और पब्लिशर के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात कही है.

क्या स्कूल सिलेबस में ‘बॉलीवुड तड़का’ सही है?

इस घटना ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में किताबों की री-चेकिंग और क्वॉलिटी कंट्रोल पर सवालिया निशान लगा दिया है. प्राइमरी स्कूल के बच्चों का दिमाग बेहद नाजुक होता है. इस उम्र में बच्चों को नैतिक शिक्षा, महान हस्तियों की जीवनियां और लोक संस्कृति से जुड़ी चीजें पढ़ाई जानी चाहिए. अगर किताबों को रोचक बनाने के नाम पर ‘निंबूड़ा निंबूड़ा’ जैसे फिल्मी गाने परोसे जाएंगे तो इससे बच्चों की भाषा और सोच पर गलत असर पड़ सकता है.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें





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घर पर कैसे बनाएं यह नेपाली सेल रोटी, जानिए क्रंच पाने का सीक्रेट


Nepali Sel Roti Recipe: अगर आपको कुछ नया और पारंपरिक आज़माना पसंद है, तो नेपाली सेल रोटी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह नेपाल का एक लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है, जिसे आमतौर पर दशईं और तिहार जैसे त्योहारों के दौरान बनाया जाता है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम, सेल रोटी चाय, आलू की सब्ज़ी या अचार के साथ खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है. हालांकि इसे पहली बार बनाना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन सही घोल और कुछ आसान टिप्स के साथ आप घर पर ही एकदम सही आकार की सेल रोटी बना सकते हैं…

सेल रोटी बनाने के लिए सामग्री
2 कप चावल (6-7 घंटे तक भिगोए हुए), ½ कप चीनी, 2 बड़े चम्मच घी, ½ कप दूध, 2-3 हरी इलायची (पिसी हुई), एक चुटकी नमक और तलने के लिए घी या तेल.

बनाने का तरीका

बैटर तैयार करें
सेल रोटी बनाने के लिए, सबसे पहले भीगे हुए चावल का पानी निकाल दें. फिर, चावल को दूध, चीनी और घी के साथ मिक्सर में तब तक पीसें जब तक कि एक स्मूद पेस्ट न बन जाए. मिश्रण में इलायची पाउडर और एक चुटकी नमक मिलाएं. बैटर न तो बहुत पतला और न ही बहुत गाढ़ा होना चाहिए. इसे ढककर 30 मिनट के लिए रख दें.

तेल गरम करें
एक गहरी कड़ाही में ज़रूरत के हिसाब से घी या तेल गरम करें. तेल बहुत ज़्यादा गरम नहीं होना चाहिए. आंच को मीडियम रखें ताकि सेल रोटी अच्छी तरह से पके.

रिंग का आकार दें
बैटर को एक बोतल, जग या डिस्पेंसर में डालें. सावधानी से बैटर को गरम तेल में गोल घुमाते हुए डालें ताकि रिंग का आकार बन जाए. आकार बिगड़ने के रिस्क को कम करने के लिए पहले छोटी सेल रोटियां बनाना शुरू करें.

सुनहरा होने तक तलें
सेल रोटी को तब तक तलें जब तक कि वह दोनों तरफ से सुनहरी-भूरी और कुरकुरी न हो जाए. फिर, इसे निकाल लें और एक्स्ट्रा तेल निकालने के लिए टिश्यू पेपर पर रखें.

कैसे परोसें?
सेल रोटी को आलू की चटनी, मिक्स वेज करी, दही, अचार या दूध वाली चाय के साथ परोसें. यह नाश्ते, त्योहारों या शाम की चाय के लिए एक बेहतरीन विकल्प है.

अगर आप घर पर कुछ पारंपरिक और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो आपको नेपाली सेल रोटी ज़रूर आज़मानी चाहिए. सही घोल, मध्यम आंच और थोड़ी सी प्रैक्टिस से आप आसानी से बाज़ार जैसी एकदम सही आकार की और कुरकुरी सेल रोटी बना सकते हैं. इसका अनोखा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी को ज़रूर पसंद आएगा.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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प्रयागराज में 11वीं के छात्र की करंट से मौत: पंखे का तार हटाते समय हुआ हादसा, कटका गांव का मामला – Prayagraj (Allahabad) News




प्रयागराज के करछना के कटका गांव में सोमवार को करंट लगने से 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद आनन फानन में युवक को घरवाले अस्पताल ले जाने का प्रयास किया लेकिन युवक दम तोड़ चुका था। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक छात्र मुकेश का घर दुकान से 200 मीटर की दूरी पर है। वह रोज दुकान बंद करने के बाद बाहर टीन शेड के नीचे पंखा लगाकर सोता था। रविवार की रात भी दुकान को बंद करने के बाद वह टीन शेड के नीचे सो गया। भोर में जब वह उठा और पंखा हटाने लगा तो तार की चपेट में आ गया। इसके बाद पंखा उसके ऊपर गिर गया। इस्दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। भोर में गांव के लोगों ने उसे देखा तो उसके घरवालों को सूचना दी। इसके बाद घरवाले पहुंचे तो देखा कि मुकेश की मौत हो चुकी थी। करछना थाना अंतर्गत कटका गांव के रहने वाले आजाद केसरवानी के चार बेटे है। दूसरे नम्बर का बेटा मुकेश 11वीं में पढ़ता था। आजाद सिंह गांव के किनारे ही किराने की दिनांक चलाते है। मुकेश दुकान बंद कर सो गया। भोर में उठने के दौरान फर्राटा फंखे को वह हटाने लगा। इस दौरान वह पंखा उसके ऊपर गिरा और वह करंट की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद तत्काल लोगो ने पहुंचकर छात्र को अस्पताल ले जाने की कोशिश की लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।



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टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट: चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा




दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।



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iPhone 18 और iPhone 18e में मिल सकता है 9GB रैम, Apple ने की है खास तैयारी


iPhone 18 और iPhone 18e में एप्पल बड़ा अपग्रेड करने वाला है। क्यूपरटिनो बेस्ड कंपनी अगले साल की शुरुआत में ये दोनों फोन भारत समेत ग्लोबल मार्केट में लॉन्च करने वाली है। इन दोनों फोन में 9GB का तगड़ा रैम मिल सकता है। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों फोन में पिछले साल आए iPhone 17 सीरीज के मुकाबले बड़ा अपग्रेड देखने को मिल सकता है। आईफोन में AI यानी एप्पल इंटेलिजेंस के आने के बाद से एप्पल ने यह फैसला किया है।

9GB रैम वाला आईफोन

एप्पल एनालिस्ट मिंग-ची-कुओ ने X पर शेयर किए गए अपने पोस्ट में दावा किया है कि iPhone 18 को कंपनी 2027 की पहली छमाही में लॉन्च करने वाली है। इसमें Apple का A20 Bionic चिपसेट मिल सकता है। यह TSMC के 2nm प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। ऐसे में डिवाइस की परफॉर्मेंस भी इंप्रूव हो सकती है। पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 में कंपनी ने 8GB रैम का इस्तेमाल किया था।

एनालिस्ट का दावा है कि इसमें 1.5GB के 6 DRAM यूज किए जा सकते हैं, जो पिछले साल आए 2GB के 4 DRAM के मुकाबले अलग तरीके का कॉन्फिगरेशन होगा। एप्पल इंटेलिजेंस के स्मूद एक्सपीरियंस के लिए कंपनी इसकी रैम को बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, यह iOS 27 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा, जिसमें एप्पल ने पहले ही बेहतर इंटरफेस देने का वादा किया है।

प्रो मॉडल में मिलेगा 12GB रैम

वहीं, पिछले दिन आई रिपोर्ट्स की मानें तो इस सीरीज के दोनों प्रो मॉडल और पहले फोल्डेबल आईफोन में कंपनी 12GB तक रैम दे सकती है। पिछले साल आए iPhone 17 Pro सीरीज में भी एप्पल ने 12GB रैम का ही यूज किया है। अपकमिंग एप्पल डिवाइस में नया और एडवांस Siri भी मिलने की उम्मीद है।

iPhone 18 और iPhone 18e के फीचर्स में और भी क्या अपग्रेड होंगे इसे लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद है कि पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 और iPhone 17e के मुकाबले इनमें बेहतर डिस्प्ले और परफॉर्मेंस मिलने की संभावना है। ये दोनों फोन OLED डिस्प्ले पैनल के साथ लॉन्च किए जा सकते हैं, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

कैमरे की बात करें तो iPhone 18 के बैक में भी डुअल कैमरा सेटअप मिल सकता है। इसमें 48MP का मेन और 12MP का सेकेंडरी कैमरा दिए जाने की संभावना है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन के फ्रंट में 18MP का सेंटर स्टेज कैमरा दे सकती है।

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नाबालिग का अपहरण, 5 लाख की फिरौती मांगी: गोपालगंज में इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद प्रेमी और परिवार पर आरोप – Gopalganj News




गोपालगंज में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है। भोरे थाना क्षेत्र में अपने मामा के घर आई नाबालिग को इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद अगवा कर लिया गया। उसकी सुरक्षित वापसी के लिए 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई है। इस संबंध में भोरे थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित नाबालिग लड़की भोरे थाना क्षेत्र स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी। इसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान सिधवलिया थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी रामनाथ तिवारी के बेटे निखिल तिवारी से हुई। आरोप है कि निखिल ने इंस्टाग्राम, सामान्य फोन कॉल और व्हाट्सएप कॉल के जरिए नाबालिग से नजदीकियां बढ़ाईं। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया बीती 18-19 जून 2026 की देर रात आरोपी निखिल तिवारी कथित तौर पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। सुबह जब परिजनों को लड़की के गायब होने का पता चला, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान, आरोपी निखिल के बड़े भाई सोनू कुमार तिवारी ने पीड़ित परिवार को फोन किया। उन्होंने लड़की की सुरक्षित वापसी के बदले 5 लाख रुपये नकद फिरौती की मांग की। पैसे मिलने के बाद ही लड़की को छोड़ा जाएगा – परिवार पीड़ित परिवार जब न्याय और अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में आरोपी के पैतृक गांव सलेमपुर पहुंचा, तो वहां स्थिति और गंभीर हो गई। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि आरोपी के पिता रामनाथ तिवारी और उसकी माता ने न केवल अपने बेटे निखिल तिवारी को संरक्षण दिया, बल्कि उन्होंने भी फिरौती की मांग का समर्थन किया। आरोपी के पूरे परिवार ने कहा कि पैसे मिलने के बाद ही लड़की को छोड़ा जाएगा।



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