Thursday, May 7, 2026
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गंगा एक्सप्रेस-वे पर ट्रक ने DCM में मारी टक्कर: ड्राइवर की मौत, मेरठ से प्रयागराज जाते समय हुआ हादसा – Sambhal News




संभल में गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में एक डीसीएम ड्राइवर की मौत हो गई। हादसा बहजोई थाना क्षेत्र के बंजरपुरी अंडरपास के पास हुआ, जहां मेरठ से प्रयागराज जा रही डीसीएम पीछे खड़े ट्रक में जा घुसी। मृतक की पहचान आगरा निवासी किशनवीर (31) पुत्र पातीराम के रूप में हुई है। घटना गुरुवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही और करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस को चालक की मौत की जानकारी गुरुवार सुबह करीब 9 बजे मिली। वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे और किशनवीर की पहचान की। हादसे में ट्रक को भी नुकसान पहुंचा है। थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया- सड़क हादसे में डीसीएम चालक की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस ने ट्रक और डीसीएम को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।



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WhatsApp पर सरकार बनाने का न्योता! विजय की चाल देख लेफ्ट नेताओं का चकराया सिर


चेन्नई: तमिलनाडु में सरकार बनाने की जद्दोजहद के बीच थलापति विजय की पार्टी तमिलनाडु वेत्री कड़गम (TVK) ने संभावित सहयोगियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल रास्ता अपनाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीवीके ने इंडिया ब्लॉक की छोटी पार्टियों जैसे सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके को औपचारिक मुलाकात के बजाय व्हाट्सएप मैसेज भेजकर समर्थन मांगा है. इस अनौपचारिक तरीके ने पुराने और अनुभवी राजनेताओं को हैरान कर दिया है. एक लेफ्ट नेता ने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद यह नई पीढ़ी की राजनीति है, जहां सरकार बनाने जैसे गंभीर मुद्दे भी मैसेजिंग ऐप पर तय किए जा रहे हैं. तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इस पर गहरा सस्पेंस बना हुआ है.

गवर्नर की शर्त और विजय का मिशन 118

टीवीके के पास फिलहाल 108 सीटें हैं, जो बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से 10 कम हैं. हालांकि कांग्रेस के 5 विधायकों ने टीवीके को समर्थन देने का वादा किया है, लेकिन इसके बावजूद विजय के पास केवल 113 का आंकड़ा ही पहुंच पा रहा है.

विजय से TN गवर्नर की दो-टूक: ‘फोन पर नहीं, कागज पर दिखाओ बहुमत’. (File Photo : ANI)

लेफ्ट पार्टियों की नाराजगी और ‘डिजिटल’ दूरियां

टीवीके के व्हाट्सएप आउटरीच ने लेफ्ट पार्टियों के भीतर काफी असहजता पैदा कर दी है. नेताओं का कहना है कि गठबंधन बनाने के लिए आमतौर पर औपचारिक चर्चा, सम्मान और वैचारिक स्पष्टता की जरूरत होती है.

एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, ‘जो पार्टी सरकार बनाना चाहती है और जिसके पास बहुमत नहीं है, वह हमारे ऑफिस तक नहीं आई. उन्होंने सिर्फ व्हाट्सएप पर निमंत्रण भेज दिया, इसे हम क्या समझें?’

इसके पीछे एक गहरी चिंता यह भी है कि कांग्रेस ने डीएमके के साथ अपना दशकों पुराना रिश्ता तोड़कर टीवीके का हाथ थाम लिया है. लेफ्ट पार्टियों को डर है कि कहीं टीवीके का यह डिजिटल जाल उनके गठबंधन को भी न तोड़ दे. फिलहाल सीपीआई और वीसीके जैसी पार्टियों ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और वे अपनी आंतरिक बैठकों का इंतजार कर रही हैं.

क्या डीएमके और एआईएडीएमके आएंगे साथ?

मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के बीच तमिलनाडु में एक ऐसी संभावना की चर्चा भी तेज हो गई है, जो पहले अकल्पनीय थी. राजनीतिक गलियारों में खबर है कि अगर टीवीके बहुमत साबित करने में विफल रहती है, तो डीएमके और एआईएडीएमके के बीच एक गुप्त समझौता हो सकता है.

उधर, एमके स्टालिन ने भी आंतरिक रूप से संकेत दिए हैं कि वे टीवीके को सरकार बनाने का मौका देने के पक्ष में हैं, लेकिन उनकी नजर इस बात पर है कि क्या विजय 118 का आंकड़ा जुटा पाएंगे.

तमिलनाडु में आगे क्या होने वाला है?

16वीं तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. इसका मतलब है कि विजय के पास बहुमत जुटाने के लिए बहुत कम समय बचा है. अगर 10 मई तक कोई भी दल सरकार बनाने का स्पष्ट दावा पेश नहीं कर पाता, तो राज्यपाल के पास राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने या नए चुनाव कराने का विकल्प होगा.

टीवीके के लिए चुनौती यह है कि वह उन 5-10 विधायकों का समर्थन कहां से लाए, जो उन्हें सीएम की कुर्सी तक पहुंचा सकें. क्या व्हाट्सएप वाला यह ‘जेन-जी’ अंदाज काम आएगा या फिर तमिलनाडु की पुरानी राजनीतिक परंपराएं विजय पर भारी पड़ेंगी, इसका फैसला अगले 48 घंटों में हो सकता है. फिलहाल, चेन्नई से लेकर पुडुचेरी तक राजनीति का पारा सातवें आसमान पर है.



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चाय पीकर घर के लिए निकले थे: बीजेपी कार्यकर्ता ने बताया- सुवेंदु अधिकारी की यात्राओं का पूरा अरेंजमेंट वे ही करते थे


सूरत19 मिनट पहले

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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बुधवार, 6 मई की रात को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हत्या से ठीक दो घंटे पहले मृतक चंद्रनाथ रथ सूरत के भाजपा कार्यकर्ता डॉ. प्रकाश चंद्र के साथ थे।

प्रकाश चंद्र ने बताया कि मुझे भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसलिए सुवेंदुजी से बातचीत करने के लिए चंद्रनाथ के लगातार संपर्क में रहता था। कई रैलियां और सभाओं में भी हम साथ रहे। बुधवार की शाम एक सम्मेलन के बाद हमने साथ ही चाय पी थी।

इसके बाद रात को वे यह कहकर विदा हुए कि मैं खाने के लिए घर जा रहा हूं। इसी दौरान हमलावरों ने कार रोककर उनको गोली मार दी। डॉ. प्रकाश चंद्र के अनुसार, यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश है। हमलावरों ने पहले से ही रेकी की होगी और उनका पीछा किया होगा।

गुजरात के सूरत में रहने वाले डॉ. प्रकाश चंद्र 110 दिनों से पश्चिम बंगाल में हैं।

गुजरात के सूरत में रहने वाले डॉ. प्रकाश चंद्र 110 दिनों से पश्चिम बंगाल में हैं।

चंद्रनाथ ही सुवेंदु की यात्राओं का अरेंजमेंट करते थे: डॉ. प्रकाश चंद्र डॉ. प्रकाश चंद्र पिछले 110 दिनों से पश्चिम बंगाल में हैं और पूरे समय चंद्रनाथ रथ के सीधे संपर्क में रहे। भवानीपुर विधानसभा के कामकाज के दौरान दोनों ने मिलकर कई जनसभाएं और रणनीतियां तैयार की थीं। प्रकाश चंद्र कहते हैं- चंद्रनाथ बहुत जिम्मेदार व्यक्ति थे।

चुनाव में चंद्रनाथ नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों का कामकाज संभाल रहे थे। डॉ. प्रकाश चंद्र बताते हैं कि जब भी सुवेंदु यात्रा पर होते थे, चंद्रनाथ ही उनके सभी अरेंजमेंट करते थे।

CCTV फुटेज में सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ की गाड़ी गुजरती नजर आ रही है।

CCTV फुटेज में सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ की गाड़ी गुजरती नजर आ रही है।

किसी भी विवाद में नहीं थे चंद्रनाथ: डॉ. प्रकाश चंद्र सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चंद्रनाथ रथ कभी मंच पर नहीं आए और न ही उन्होंने सार्वजनिक सभाओं में भाषण दिए। वे कार्यालय के कामकाज को संभालते थे और सुवेंदु अधिकारी के साये में रहकर प्रबंधन करते थे। वे नेताओं की तरह सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं निकले और न ही विवादों में फंसे।

ऐसे सीधे-सादे और अनुशासित व्यक्ति को निशाना क्यों बनाया गया, यह एक बड़ा सवाल है। डॉ. प्रकाश चंद्र के अनुसार, उनकी हत्या के पीछे राजनीतिक ईर्ष्या और सुवेंदु अधिकारी की शक्ति को कमजोर करने की साजिश हो सकती है।

सूरत के कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ीं इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए गए सूरत के अन्य कार्यकर्ताओं में भी डर का माहौल है। डॉ. प्रकाश चंद्र, चंद्रनाथ रथ के बेहद करीबी थे और हत्या से कुछ घंटे पहले तक उनके साथ थे, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

फिलहाल डॉ. प्रकाश चंद्र बंगाल में ही हैं और उन्होंने कहा है कि वे हिम्मत न हारते हुए अपना काम जारी रखेंगे, लेकिन चंद्रनाथ जी को छोड़ना उनके लिए गहरा सदमा है। ————–

चंद्रनाथ हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

हमलावरों ने 7 किमी तक पीछा किया:फिर गोली मारी; सुवेंदु अधिकारी बोले- मैंने ममता को हराया, इसलिए पीए की हत्या

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि उनके पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने ममता को हराया है। सुवेंदु ने कहा- इस हत्या को जिस तरह से अंजाम दिया गया, उसकी जितनी भी निंदा करें वह कम है। पूरी खबर पढ़ें…

आखिरी 90 मिनट:हमलावरों ने स्कॉर्पियो के सामने कार लाकर रास्ता रोका; गोलियां मारीं, 2 सीने में, एक पेट में लगी

पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। 42 साल के चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम जा रहे थे, जहां वे किराए के घर में अकेले रहते थे। पूरी खबर पढ़ें…

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प्यार किया या लव जिहाद? मुस्लिम से शादी के बाद 7 हीरोइनों का जीना हुआ दुश्वार


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मुस्लिम डायरेक्टर से शादी के बाद हीरोइन ने फैंस के साथ अपनी खुशियां बांटी, तो उन्हें बधाइयों के बजाय नफरत मिली. हद तो तब हो गई, जब लोगों ने कहा कि आपके बच्चे आगे चलकर आईएसआईएस ज्वॉइन करेंगे. यानी आतंकवादी बनेंगे. कई हीरोइनों को मुस्लिम पार्टनर से शादी करने पर धमकियां मिली और पतियों पर लव जिहाद का आरोप लगा. लोगों की नफरत ने उनका जीना दूभर कर दिया. आइए, सोनाक्षी सिन्हा सहित उन हीरोइनों के बारे में जानते हैं, जिनकी शादी पर खूब बवाल हुआ था. ट्रोल्स ने भी अपनी सारी हदें पार कर दी थीं.

नई दिल्ली: ‘द केरल स्टोरी’ जैसी फिल्मों ने बताया कि ‘लव जिहाद’ समाज की वह सच्चाई है, जिससे मुंह नहीं फेरा जा सकता. हालांकि, एक तबका फिल्म पर प्रोपेगेंडा करने और मुस्लिमों के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा. नतीजतन, आजकल जब भी कोई मशहूर एक्ट्रेस किसी मुस्लिम पार्टनर से शादी करती है, तो उन्हें बधाई संदेशों की जगह लोगों के गुस्से और नफरत का सामना करना पड़ता है. लोग बिना सोचे-समझे उनकी शादी को सीधे ‘लव जिहाद’ से जोड़ देते हैं. सोनाक्षी सिन्हा से जहीर इकबाल की शादी को लोगों ने लव जिहाद का रूप देने की भरपूर कोशिश की. ट्रोल्स ने दावा किया उनके रिश्ते का अंत बेहद दर्दनाक होगा. कई एक्ट्रेस के पार्टनर्स पर भी ‘लव जिहाद’ के आरोप लगते रहे हैं.

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सोनाक्षी सिन्हा से जहीर इकबाल की शादी को लोगों ने लव जिहाद का रूप देने की कोशिश की. ट्रोल्स ने दावा किया उनके रिश्ते का अंत खराब होगा, मगर कपल का रिश्ता हर गुजरते साल के साथ मजबूत हो रहा है. सोनाक्षी सिन्हा ने शादी के फैसले में भले माता-पिता को शामिल न किया हो, मगर शत्रुघ्न सिन्हा ने बाद में बेटी का फुल सपोर्ट किया था. (फोटो साभार: Instagram@aslisona)

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टीवी की मशहूर ‘गोपी बहू’ देवोलीना भट्टाचार्जी ने जब अपने जिम ट्रेनर शाहनवाज शेख के साथ शादी की तस्वीरें शेयर कीं, तो लोगों ने उन्हें बधाई देने के बजाय ट्रोल करना शुरू कर दिया था. हद तो तब हो गई, जब कुछ लोगों ने श्रद्धा वाकर केस का जिक्र करते हुए उन पर बेहद भद्दे और डरावने कमेंट्स किए. देवोलीना भट्टाचार्जी को अपने पसंदीदा इंसान से शादी करने पर नफरत झेलनी पड़ी.(फोटो साभार: Instagram@devoleena)

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बॉलीवुड की बेबाक एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा भी इस कड़वे अनुभव से गुजर चुकी हैं. उन्होंने जब अपने पार्टनर और एक्टर अली फजल से शादी की, तो सोशल मीडिया पर उन्हें ‘बुर्का मुबारक’ जैसे ताने मारकर ट्रोल किया. लोगों ने भविष्यवाणी तक कर दी कि उनकी शादी का अंजाम भी बुरा होगा. ऋचा और अली के प्यार को भी धर्म के चश्मे से देखा गया. (फोटो साभार: Instagram@therichachadha)

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एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने जब सैफ अली खान से शादी की थी, तब भी हालात कुछ अलग नहीं थे. सैफ पर उस समय भी ‘लव जिहाद’ के आरोप खूब लगे थे. हालांकि, करीना ने हमेशा बड़ी मजबूती से अपना पक्ष रखा और साफ कहा कि वह सिर्फ प्यार में यकीन रखती हैं, किसी एजेंडे में नहीं. उन्होंने सालों तक इस मानसिक दबाव को झेला है, लेकिन अपने रिश्ते को पूरी गरिमा के साथ निभाया. (फोटो साभार: Instagram@kareenakapoorkhan)

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सिर्फ बड़े सितारे ही नहीं, छोटे पर्दे से जुड़े लोग भी ‘लव जिहाद’ का दंश झेल चुके हैं. 2019 की मिस इंडिया अर्थ रही सायली सुर्वे का मामला सामने आया, जिसमें शादी के बाद धर्म परिवर्तन के दबाव की बातें उठीं. वहीं कुंभ मेला फेम मोनालिसा भोसले की शादी पर भी विवाद हुआ.

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एक्ट्रेस प्रियामणि ने जब 2017 में मुस्तफा राज से शादी की थी, तब उन पर और उनके परिवार पर बुरे हमले हुए थे. नफरत जताने वालों ने यहां तक कह दिया था कि उनके बच्चे आगे चलकर आतंकी बनेंगे. ऐसी बातें लोगों का दिल तोड़ देती हैं. (फोटो साभार: Instagram@pillumani)

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प्रियामणि ने बताया कि धर्म और जाति पर बयान मानसिक तौर पर परेशान कर सकते हैं. उन्होंने फैसला किया कि वे इन नफरती लोगों को जवाब देकर उन्हें और अहमियत नहीं देंगी, क्योंकि ऐसे ट्रोल्स सिर्फ अटेंशन पाने के लिए यह सब करते हैं. (फोटो साभार: Instagram@pillumani)

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तुनिषा शर्मा की जब 2022 में अचानक मौत हो गई थी, तब एक मुस्लिम एक्टर के साथ उनके रिश्ते पर खूब विवाद हुआ था. एक्टर पर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगा था. फिल्म स्टार्स के साथ ट्रोलिंग अब एक खतरनाक पैटर्न बन चुका है. किसी की मौत हो या किसी की शादी, हर चीज को सांप्रदायिक रंग दे दिया जाता है. सोनाक्षी सिन्हा जैसी हीरोइनों को अक्सर अपने फैसले की वजह से घेरा जाता है. नफरत और प्रोपेगेंडा की बुनियाद पर किसी के कैरेक्टर या भविष्य पर सवाल उठाना गलत है.

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हिमाचल के मंदिर में 100 ग्राम सोने का हार चढ़ाया: महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु बोले- मां की कृपा से मन्नत पूरी हुई – Kangra News




हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के माता ब्रजेश्वरी मंदिर में एक श्रद्धालु ने 100 ग्राम सोने का हार चढ़ाया। महाराष्ट्र के पुणे से आए श्रद्धालु ने यह हार भेंट किया। इसकी कीमत लगभग 16 लाख रुपए बताई जा रही है। मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे निवासी विनोद एन शर्मा ने यह हार चढ़ाया है। विनोद शर्मा अपने परिवार सहित माता के दरबार में दर्शन करने पहुंचे थे। उनके साथ उषा शर्मा, हेमंत, तरुण और मनोज भी मौजूद रहे। मंदिर अधिकारी की मौजूदगी में चढ़ाया हार विनोद शर्मा ने मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर की उपस्थिति में विधिवत रूप से 100 ग्राम सोने का हार मां वज्रेश्वरी के चरणों में अर्पित किया।विनोद एन शर्मा ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कांगड़ा स्थित माता वज्रेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए आता रहा है और मां के प्रति उनकी गहरी आस्था है। उन्होंने बताया कि परिवार की एक मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने माता के चरणों में यह सोने का हार अर्पित करने का संकल्प लिया था, जिसे अब पूरा किया गया है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालु परिवार की इस भेंट के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने भी माता के प्रति दिखाई गई इस श्रद्धा और भक्ति की सराहना की।



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औरंगाबाद से झारखंड बॉर्डर तक बनेगा 30KM लंबा बाईपास: सड़क जाम से मिलेगी मुक्ति, ओवर ब्रिज-अंबा बाजार पर जाने में होगी आसानी – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद में लगातार लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। शहर के ओवर ब्रिज और अंबा बाजार में लगने वाले सड़क जाम के कारण एनएच 139 होते हुए अंबा, हरिहरगंज व नबीनगर की ओर जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों की समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने नए बाईपास निर्माण की कवायद शुरू कर दी है। पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने बताया कि एनएच-139 को जाम मुक्त बनाने के लिए औरंगाबाद के खैरी मोड़ से पोला तक एक नए बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिसकी लंबाई लगभग 30 किलोमीटर होगी। इसके लिए विस्तृत डीपीआर तैयार कर विभाग को भेजने की तैयारी चल रही है। पूर्व सांसद ने कहा कि पहले विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण एनएच-139 को फोरलेन बनाने की योजना में काफी देरी हुई। उन्होंने बताया कि दाउदनगर और ओबरा में बाईपास निर्माण को लेकर पहल की गई थी, लेकिन औरंगाबाद और अंबा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया था। बाद में जब इस समस्या की जानकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को दी गई और रोजाना लगने वाले जाम के फोटो भेजे गए, तब विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बताया कि अब औरंगाबाद से पोला तक तक एक बड़े बाईपास निर्माण पर सहमति बन चुकी है। इससे शहर और बाजार क्षेत्रों में लगने वाले भारी जाम से लोगों को राहत मिलेगी। पूर्व सांसद ने उम्मीद जताई कि आने वाले तीन से चार महीनों में इस दिशा में ठोस प्रगति देखने को मिल सकती है। बता दें कि औरंगाबाद बाईपास और अंबा चौक पर रोजाना भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। आम नागरिकों के साथ-साथ अधिकारी, एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ता है। कई बार गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। बाईपास बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी पूर्व सांसद ने कहा कि पहले सरकार का ध्यान इस सड़क के बजाय सासाराम और आमस-गया सड़क परियोजना पर अधिक था। एनएच-139 के विकास का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। लेकिन लगातार प्रयास और पहल के बाद अधिकारियों ने इस सड़क के महत्व को समझा और अब इसके निर्माण को लेकर सहमति बनी है।उन्होंने कहा कि बाईपास बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। बता दें कि एनएच 139 पटना से अरवल दाउदनगर व औरंगाबाद होते हुए बिहार झारखंड बॉर्डर तक जाती है। यह सड़क डाल्टनगंज होते हुए रांची और छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और यूपी को भी जोड़ती है। आवागमन के लिहाज से यह सड़क अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और लोगों को जान माल का नुकसान झेलना पड़ता है। नए बाईपास के निर्माण से लोगों को सहूलियत होगी।



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ढाई साल का हिसाब मांगने 45 सूत्रीय एजेंडा तय: कल से तीन दिन तक समीक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर हवाई सेवाओं तक नई प्लानिंग पर डिस्कसन – Bhopal News




मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर मंत्रियों और विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से अब तक हुए काम का हिसाब लेंगे। साथ ही आगामी एक्शन प्लान पूछा जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने 45 सूत्रीय एजेंडा तय कर दिया है और विभागों को इसकी जानकारी दी गई है। अब सरकार की प्राथमिकता को लेकर 8 मई से 10 मई तक बैठकों के माध्यम से विभागवार चर्चा की जाएगी। ऐसे होगी विभागवार समीक्षा और अगली प्लानिंग पट्टा वितरण और नर्मदा मिशन मुख्यमंत्री राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्रियों और अफसरों से ‘स्वामित्व योजना’ की प्रगति का हिसाब लेंगे। योजना में ग्रामीण क्षेत्र में निशुल्क रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करने और प्रधानमंत्री के माध्यम से 50 लाख पट्टों का सिंगल क्लिक वितरण करने का बड़ा निर्णय लिया जाना है। इसके अलावा अभियान चलाकर ग्राम पंचायतों में नई आबादी भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा और उसे आबादी भूमि घोषित किया जाएगा। साथ ही ‘नर्मदा समग्र मिशन’ के लिए एक विशेष सेल गठित करने और आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की प्लानिंग पर चर्चा होगी। आरजीपीवी और मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन भागों में बांटने की तैयारी तकनीकी शिक्षा और कौशल विभाग की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने की तैयारी है। इसके लिए RGPV को तीन विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जाएगा। यह भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में संचालित किए जाने की तैयारी है। इसी तरह मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी तीन भागों में विभाजित करने की प्लानिंग सरकार ने की है। यह विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में खोले जाएंगे। इसके अलावा, सांदीपनि विद्यालयों के भवनों का उपयोग दोपहर की शिफ्ट में महाविद्यालयों के संचालन के रूप में होगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग समन्वय करेंगे। साथ ही इन विद्यालय भवनों का उपयोग कोचिंग और स्किल सेंटर के रूप में करने की कार्ययोजना पर सीएम रिपोर्ट लेंगे। नगरीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ सरकार नई फायर सेफ्टी नीति और एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने पर निर्णय लेगी। शहरी इलाकों की निकायवार पेयजल समीक्षा की जाएगी। साथ ही महानगरों में पानी और सीवेज के प्रबंधन के लिए पीएचई विभाग के थोक अमले को प्रतिनियुक्ति पर शहरी निकायों में शिफ्ट करने की नीति बनाने पर भी काम किया जाएगा। प्रदेश में कैंसर अस्पतालों को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग में लाई जाएगी जिसके लिए समय सीमा तय की जाएगी। DBT योजनाओं का एकीकरण और सुरक्षा वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह लाडली बहना और किसान सम्मान जैसी DBT योजनाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने का मॉडल तैयार करे। 50 करोड़ रुए से अधिक की सामग्री खरीदी की सभी प्रक्रिया को स्टेट फाइनेंस कमेटी और ईएफसी से सैद्धांतिक स्वीकृति दिलाने का निर्णय भी विभाग की ओर से प्रस्तावित है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027′ की तैयारी अगले ढाई साल की सबसे बड़ी प्लानिंग जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट है। इसके लिए औद्योगिक निवेश और प्रोत्साहन विभाग को अभी से फोकस एरिया और नीतिगत एप्रोच तय करने को कहा गया है। भोपाल में ‘आईटी नॉलेज सिटी’ और उज्जैन में ‘डीप टेक पार्क’ के निर्माण के साथ-साथ AI और डेटा सेंटर जैसे निवेश आकर्षित करने का रोडमैप सीएम के सामने पेश करना होगा। सीएम यादव ने आईटी सेक्टर में बड़े निवेश पर फोकस किया है। पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजना सरकार की प्राथमिकताओं में पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजनाओं की समय-सीमा तय की जाएगी। इसके लिए हवाई पट्‌टी से हवाई अड्‌डे तक की सुविधाओं का विस्तार करने का काम किया जा रहा है। साथ ही विमानन विभाग को उज्जैन के दताना मताना में नवीन हवाई अड्डे के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण और पीपीपी मॉडल पर तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग से पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन और महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों में होमगार्ड के पदों के सृजन पर जवाब मांगा जाएगा। शहरों के बीच स्थित जेलों और मंडियों को शिफ्ट कर उस जमीन के ‘री-डेंसिफिकेशन’ की प्लानिंग भी बैठक का हिस्सा है। बैठकों में इन मुद्दों पर भी रहेगा सरकार का फोकस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 8 से 10 मई तक होने वाली विभागवार समीक्षा बैठकों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। सरकार आगामी ढाई साल के रोडमैप के तहत प्रशासनिक सुधार, कृषि, शिक्षा, रोजगार, शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े निर्णयों की तैयारी कर रही है।



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चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा: भ्रष्टाचार मामले में वेई फेंघे और ली शांगफू दोषी करार, पूरी प्रॉपर्टी भी जब्त


बीजिंग9 मिनट पहले

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चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। अगर वह दो साल तक कोई नया अपराध नहीं करता तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।

ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। जिसके बाद दोनों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना और रक्षा से जुड़े के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ लेते हुए।

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ लेते हुए।

ली शांगफू पर रिश्वत और अनुशासन उल्लंघन के आरोप

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पिछले साल अक्टूबर में अचानक पद से हटा दिया गया था। वे करीब दो महीने तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिससे कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं।

अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच चल रही थी।

CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य अनुशासन जांच एजेंसी ने पाया कि ली ने गंभीर रूप से पार्टी अनुशासन और कानून का उल्लंघन’ किया। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि ली की गतिविधियों से सेना के हथियार डेवलपमेंट और मिलिट्री इक्विपमेंट की इमेज को भारी नुकसान पहुंचा।

पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर भी कार्रवाई

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर रिश्वत लेने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी माना है। जांच में सामने आया कि वेई फेंगहे ने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फैसलों में फायदा पहुंचाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत ली थी।

वेई फेंगहे चीन के सीनियर सैन्य अधिकारियों में गिने जाते थे। वे चीन के पूर्व रक्षा मंत्री होने के साथ चीनी सेना में रॉकेट फोर्स के कमांडर भी रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन की मिसाइल और परमाणु हथियार सिस्टम को संभालती है।

वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे।

वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे।

रॉकेट फोर्स पर जांच का फोकस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में चल रही भ्रष्टाचार जांच का सबसे बड़ा सेंटर PLA रॉकेट फोर्स और सेना के हथियार खरीद विभाग को माना जा रहा है। PLA रॉकेट फोर्स चीन की सेना की वह खास यूनिट है, जो देश की परमाणु मिसाइलों और लॉन्ग रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों को संभालती है।

इसे चीन की सैन्य ताकत का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यही यूनिट जरूरत पड़ने पर परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है।

जांच एजेंसियों को शक है कि सेना के लिए हथियार खरीदने, रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। आरोप हैं कि कई अधिकारियों ने ठेके देने और बड़े सैन्य सौदों में रिश्वत ली।

सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने मामले की जांच की थी

ली शांगफू और वेई फेंगहे के मामले में सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) की जांच एजेंसियों ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की थी।

CMC चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और चीन सरकार की ओर से सेना पर नियंत्रण रखती है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग CMC के चेयरमैन हैं।

इसके अधीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA), पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP) और मिलिशिया काम करते हैं।

शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा

पिछले एक साल में चीन के सैन्य और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े दर्जनों सीनियर अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार और अविश्वास के खिलाफ अभियान का हिस्सा है।

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Google Pixel 11 में मिलेगा Nothing वाला ये खास फीचर, नई लीक ने फैंस को दिया ‘सरप्राइज


Google Pixel 11 सीरीज को लेकर लगातार लीक रिपोर्ट्स सामने आ रही है। इस सीरीज के नए लीक ने तो फैंस को सरप्राइज कर दिया है। पिक्सल 11 के बैक में कंपनी Nothing Phone की तरह ही LED लाइट देने वाली है। गूगल इसका नाम ‘Pixel Glow’ रख सकता है। इसमें RGB लाइट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही, बैक में कंपनी थर्मामीटर सेंसर को हटाने वाली है। इसे RGB लाइट से रिप्लेस किया जा सकता है।

क्या है Pixel Glow?

गूगल पिक्सल 11 लाइन अप का CAD रेंडर भी सामने आया है, जिसमें फोन का डिजाइन देखा जा सकता है। Mystic Leaks नाम के टेलीग्राम चैनल ने हाल ही में Pixel 11 सीरीज का रेंडर शेयर किया है, जिसके बैक में कैमरा मॉड्यूल के साथ RGB लाइट देखा जा सकता है। इसमें Google का लोगो दिखाई देता है। इस साल लॉन्च हुए Nothing Phone 4a Pro और Infinix Note 60 Pro के बैक में भी LED लाइट दिया गया है, जिसे कंपनी ने अलग-अलग नाम दिया है। Infinix ने इसे एक्टिव मैट्रिक्स बताया है तो नथिंग इसे Glyph लाइटिंग कह रहा है।

Image Source : MYSTIC LEAKS/TELEGRAMगूगल पिक्सल 11 (लीक इमेज)

Google Pixel 11 सीरीज में Pixel 11 के अलावा Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold लॉन्च किए जाएंगे। गूगल ने थर्मामीटर सेंसर को सबसे पहले Google Pixel 8 Pro में इस्तेमाल किया था। अपकमिंग सीरीज में कंपनी इसे Pixel Glow के साथ रिप्लेस करने वाली है। यह फीचर फोन पर आने वाले जरूरी नोटिफिकेशन के लिए यूज किया जा सकेगा। हालांकि, इसमें Nothing के Glyph के मुकाबले कम चीजों के लिए यूज किया जा सकेगा।

2nm चिपसेट के साथ होगा लॉन्च

Google Pixel 11 सीरीज के संभावित फीचर्स की बात करें तो यह सीरीज नए Tensor G6 चिपसेट पर काम करेगी। यह चिपसेट 2nm टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। गूगल की यह सीरीज AI फीचर्स से लैस होगी, जिसकी वजह से यह चिप तेजी से इमेज और वीडियो प्रोसेस कर पाएगा। इस सीरीज के स्टैंडर्ड मॉडल में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन में 5000mAh की दमदार बैटरी दी जा सकती है।

वहीं, Google Pixel 11 Pro में बेहतर रैम और एक्स्ट्रा टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। यह फोन 6.1 इंच के OLED डिस्प्ले के साथ आ सकता है। इसके अलावा Pixel 11 Pro XL में 6.8 इंच का OLED पैनल और बड़ी बैटरी दी जा सकती है। फोल्डेबल फोन की बात करें तो इसमें कंपनी 5000mAh की बैटरी देगी।

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साधारण कोल्ड ड्रिंक्स छोड़ो! फर्मेंटेड समर ड्रिंक्स हैं इस सीजन का सबसे कारगर


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साधारण कोल्ड ड्रिंक्स छोड़ो! फर्मेंटेड समर ड्रिंक्स हैं इस सीजन का सबसे कारगर

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Fermented summer drinks : गर्मियों के मौसम में, लोग अक्सर अपने शरीर को ठंडक और ताज़गी देने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं. हालांकि, ये पेय जो अत्यधिक चीनी और रसायनों से भरे होते हैं लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. यही कारण है कि लोग अब तेज़ी से मोटापे की ओर बढ़ रहे हैं. इस मौसम में, गर्मियों के लिए फ़र्मेंट किए हुए पेय एक नए और स्वस्थ चलन के रूप में उभर रहे हैं.

Fermented summer drinks : फर्मेंटेड ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ होते हैं, जो एक निश्चित समय तक चलने वाली प्राकृतिक फर्मेंटेशन प्रक्रिया से गुज़रते हैं. इस प्रक्रिया के दौरान, कुछ फ़ायदेमंद बैक्टीरिया विकसित होते हैं, जिन्हें पाचन और रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि ये ड्रिंक्स न केवल शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं, बल्कि उसे भीतर से भी पोषित करते हैं.

भारत में सदियों से कई तरह के फर्मेंटेड (किण्वित) पेय पदार्थों का सेवन किया जाता रहा है. कांजी इन्हीं में से एक लोकप्रिय उदाहरण है. काली गाजर, राई और मसालों से बना यह पेय प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है और गर्मियों के मौसम में पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है.

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इसके अलावा, छाछ को एक बेहतरीन फर्मेंटेड पेय माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देता है, पेट के लिए हल्का होता है, और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है. वहीं, कोम्बुचा जैसे अंतरराष्ट्रीय पेय भी लोगों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं.

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फर्मेंटेड ड्रिंक्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, वे शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखने में भी असरदार होते हैं.

फर्मेंटेड ड्रिंक्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, वे शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखने में भी असरदार होते हैं.

आजकल, फ़िटनेस और वेलनेस के शौकीन लोग मीठे सोडे और पैकेट वाले कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय नैचुरल ड्रिंक्स को चुन रहे हैं. यही वजह है कि अब कैफ़े और हेल्थ ब्रांड्स गर्मियों के लिए कई तरह के फ़र्मेंटेड ड्रिंक्स लॉन्च कर रहे हैं.

आजकल, फ़िटनेस और वेलनेस के शौकीन लोग मीठे सोडे और पैकेट वाले कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय नैचुरल ड्रिंक्स को चुन रहे हैं. यही वजह है कि अब कैफ़े और हेल्थ ब्रांड्स गर्मियों के लिए कई तरह के फ़र्मेंटेड ड्रिंक्स लॉन्च कर रहे हैं.

हालांकि, किसी भी फर्मेंटेड पेय का सेवन केवल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. ताज़े बने, घर के बने पेय ज़्यादा सुरक्षित और पौष्टिक माने जाते हैं.

हालांकि, किसी भी फर्मेंटेड पेय का सेवन केवल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. ताज़े बने, घर के बने पेय ज़्यादा सुरक्षित और पौष्टिक माने जाते हैं.

अगर आप इस गर्मी में ठंडा, ऊर्जावान और तरोताज़ा रहना चाहते हैं, तो आम कोल्ड ड्रिंक्स को छोड़कर, अपनी डाइट में फर्मेंटेड गर्मियों के पेय पदार्थों को शामिल करें. ये न केवल एक अनोखा स्वाद देते हैं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

अगर आप इस गर्मी में ठंडा, ऊर्जावान और तरोताज़ा रहना चाहते हैं, तो आम कोल्ड ड्रिंक्स को छोड़कर, अपनी डाइट में फर्मेंटेड गर्मियों के पेय पदार्थों को शामिल करें. ये न केवल एक अनोखा स्वाद देते हैं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

Put the pulp into the mixer grinder and blend until you get a nice paste. Chef Kunal warned against adding water to the mango as it might ruin the taste. (Image: Pexels)

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

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