ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने इलाज में घोर लापरवाही बरतने के मामले में न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर भारी जुर्माना लगाया है। आयोग ने पाया कि अस्पताल में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर थे और न ही वेंटिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरण। उचित उपचार के अभाव में एक प्रसूता की मौत को आयोग ने ‘सेवा में गंभीर कमी’ माना है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन पर 3 लाख 12 हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। क्या है पूरा मामला?
डी.डी. नगर निवासी उदयभान शर्मा ने पत्नी अर्चना शर्मा को 30 सितंबर 2023 को प्रसव (डिलीवरी) के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया था। हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद अगले दिन सिजेरियन से डिलीवरी हुई, लेकिन उसके बाद अर्चना की तबीयत बिगड़ने लगी। अर्चना का ऑक्सीजन लेवल गिरकर 80 तक पहुंच गया और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजन के बार-बार गिड़गिड़ाने के बावजूद अस्पताल ने न तो ऑक्सीजन दी और न ही समय पर उसे बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया। जब स्थिति हाथ से निकल गई, तब मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान अर्चना की मृत्यु हो गई। जांच में खुले अस्पताल के काले कारनामे
आयोग की सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन के कई चौंकाने वाले झूठ पकड़े गए हैं। अस्पताल के बाहर डॉ. रेणू शर्मा के नाम का बोर्ड लगा था, लेकिन जांच में पता चला कि वे वहां मरीजों को देखती ही नहीं थीं। अस्पताल बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहा था। अस्पताल में वेंटिलेटर, सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम, ऑपरेशन थिएटर (OT) के उपकरणों को कीटाणुमुक्त करने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। आयोग का आदेश: ऐसे देना होगा हर्जाना
आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुल 3 लाख 12 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि तय की है जिसमें तीन लाख रुपए आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए देने होंगे। जबकि 10 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति, 02 हजार रुपए वाद व्यय (कानूनी खर्च) देने होंगे। यह पूरा हर्जाना 45 दिन में देना होगा। यदि समय पर हर्जाना नहीं दिया जाता है तो 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आयोग की तीखी टिप्पणी
आयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज की स्थिति बिगड़ते ही उसे तुरंत उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया जाता, तो शायद महिला की जान बच सकती थी। बिना विशेषज्ञ और बुनियादी सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान से खिलवाड़ है।
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