Monday, July 6, 2026
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कांग्रेस प्रदेश सचिव ने विनय कटियार पर साधा निशाना: गोंडा में कहा- उन्होंने भी चढ़ावा का हिस्सा खाया है, नहीं तो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अपमान ना करते – Gonda News




गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी और कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी ने सोमवार सुबह 10 बजे के करीब मीडिया से बात की। उन्होंने अयोध्या के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार पर निशाना साधा। यह पलटवार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर कटियार के एक बयान पर किया गया। त्रिलोकी नाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि विनय कटियार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि कटियार ने चढ़ावे का हिस्सा खाया है। त्रिलोकी नाथ तिवारी के अनुसार, यदि उनकी बुद्धि भ्रष्ट न होती, तो वे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का अपमान नहीं करते। तिवारी ने धीरेंद्र शास्त्री को कर्म और जन्म से ब्राह्मण बताते हुए कहा कि किसी ब्राह्मण का अपमान करना एक बड़ा पाप है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कटियार ने बजरंग दल और अन्य के नाम पर हुई ‘लूट’ में हिस्सा लिया है, जिससे उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। तिवारी ने आगे कहा कि भगवान राम के चढ़ावे का पैसा खाने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से नष्ट हो जाता है। त्रिलोकी नाथ तिवारी ने विनय कटियार की सोच को ‘गंदी’ बताया और कहा कि वह पहले भी नफरत फैलाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कटियार के वर्तमान बयानों की निंदा की। गौरतलब है कि पूर्व सांसद विनय कटियार ने मीडिया से बात करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और अपशब्दों का प्रयोग किया था। इस बयान के बाद काफी विरोध हुआ था इसके बाद उन्होंने अपने बयान को वापस लेते हुए अपने बयान की निंदा की थी।



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2 तरीकों से बनेंगे बाजार जैसे मुलायम और फूले-फूले दिल्ली वाले छोले-भटूरे


Delhi Bhature Recipe: छोले-भटूरे का नाम सुनते ही सबसे पहले दिल्ली का स्वाद याद आता है. बड़े-बड़े, गुब्बारे की तरह फूले हुए भटूरे और मसालेदार छोले हर किसी की पसंद होते हैं, लेकिन जब यही भटूरे घर पर बनाने की बारी आती है तो अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि भटूरे या तो सख्त बन जाते हैं, या फिर तलते समय बिल्कुल नहीं फूलते. कई बार आटा सही होने के बाद भी रिजल्ट वैसा नहीं आता जैसा बाजार में मिलता है. इसकी सबसे बड़ी वजह आटा गूंथने का तरीका और सही रेस्टिंग टाइम होता है. मशहूर शेफ रणवीर बरार ने इसी परेशानी का बेहद आसान हल बताया है.

उन्होंने भटूरे का आटा तैयार करने के दो ऐसे तरीके शेयर किए हैं, जिन्हें अपनाकर घर में भी बिल्कुल दिल्ली वाले मुलायम और फूले-फूले भटूरे बनाए जा सकते हैं, अगर आप भी चाहते हैं कि अगली बार आपके भटूरे देखने में शानदार लगें और खाने में भी नरम रहें, तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं.

भटूरे का असली स्वाद छिपा है आटा गूंथने के तरीके में
अक्सर लोग सोचते हैं कि अच्छा मैदा या ज्यादा तेल डालने से भटूरे बढ़िया बन जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. भटूरे की सबसे बड़ी खासियत उसके आटे की तैयारी में होती है, अगर आटा सही तरीके से गूंथा जाए और उसे सही समय तक रखा जाए, तो भटूरे तलते ही अच्छी तरह फूल जाते हैं. शेफ रणवीर बरार का कहना है कि सही टेक्सचर पाने के लिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

शुरुआत ऐसे करें
भटूरे के लिए सबसे पहले डेढ़ कप मैदा लें. इसमें आधा चम्मच चीनी और स्वाद के मुताबिक नमक मिलाएं. चीनी सिर्फ हल्की मिठास के लिए नहीं होती, बल्कि इससे भटूरों का रंग भी अच्छा आता है और अगर खमीर इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे एक्टिव होने में भी मदद मिलती है, अगर भटूरे ज्यादा मुलायम चाहिए तो सूखे मिश्रण में थोड़ा सा तेल भी मिला सकते हैं.

मुलायम या खस्ता, सूजी तय करेगी टेक्सचर
भटूरे का स्वाद और बनावट काफी हद तक सूजी पर भी निर्भर करती है, अगर आपको मुलायम भटूरे पसंद हैं, तो सूजी को करीब एक घंटे पहले पानी में भिगो दें और फिर आटे में मिलाएं. इससे भटूरे नरम बनेंगे. वहीं अगर आपको हल्के खस्ते भटूरे पसंद हैं, तो सूजी को बिना भिगोए सीधे मैदे में मिला दें. यह छोटी सी ट्रिक भटूरों का पूरा टेक्सचर बदल देती है.

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पहला तरीका: खमीर वाला पारंपरिक तरीका
अगर आपके पास थोड़ा समय है, तो खमीर वाला तरीका सबसे अच्छा माना जाता है. इसके लिए करीब 5 ग्राम खमीर को हल्के गुनगुने पानी में डालकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. जब खमीर एक्टिव हो जाए, तब उसे मैदे में मिलाकर आटा गूंथ लें. इसके बाद आटे को कम से कम डेढ़ घंटे तक ढककर रखें. इस दौरान आटा अच्छी तरह फूलता है और अंदर हल्कापन आ जाता है, जिससे भटूरे तलते समय बढ़िया फूलते हैं.

‘पटक-पटक’ कर गूंथने की तकनीक क्यों है खास?
शेफ रणवीर बरार के मुताबिक सिर्फ आटा गूंथ लेना काफी नहीं होता. आटे को बार-बार उठाकर हल्का पटकते हुए गूंथना चाहिए. इससे मैदे में ग्लूटेन अच्छी तरह बनता है. यही वजह है कि बेलते समय भटूरे फटते नहीं और गर्म तेल में डालते ही फूल जाते हैं. आटा तैयार होने के बाद उसकी ऊपरी सतह पर थोड़ा सा तेल लगा दें ताकि वह सूखे नहीं.

दूसरा तरीका: बिना खमीर वाला आसान ऑप्शन
सर्दियों में कई बार खमीर ठीक से काम नहीं करता. ऐसे में दही वाला तरीका काफी आसान और असरदार माना जाता है. इसके लिए मैदा, नमक और पहले से भिगोई हुई सूजी मिलाएं. अब पानी के साथ थोड़ा दही डालकर आटा गूंथ लें. दही आटे को हल्की खटास देने के साथ उसे नरम भी बनाता है. इस तरीके में आटे को सिर्फ 45 मिनट तक ढककर रखना होता है. कम समय में बढ़िया भटूरे बनाने के लिए यह तरीका काफी पसंद किया जाता है.

भटूरे तलते समय ये गलती बिल्कुल न करें
आटा जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है सही तापमान पर तलना. तेल पूरी तरह गर्म होना चाहिए. जब भटूरा तेल में डालें तो झारे से उसके ऊपर हल्का गर्म तेल डालें. इससे भटूरा तुरंत ऊपर उठता है और गुब्बारे की तरह फूल जाता है, अगर तेल कम गर्म होगा तो भटूरा ज्यादा तेल सोख लेगा और मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलेगा.

घर पर भी मिलेगा दिल्ली जैसा स्वाद
अगर आप इन आसान टिप्स को अपनाते हैं, तो घर में भी बिल्कुल बाजार जैसे मुलायम, फूले-फूले और स्वादिष्ट भटूरे तैयार किए जा सकते हैं. सही सामग्री, सही गूंथाई, थोड़ा धैर्य और सही तापमान-बस यही चार बातें आपके भटूरों को खास बना देंगी. अगली बार छोले-भटूरे बनाते समय इन तरीकों को जरूर आजमाएं और घरवालों को दिल्ली वाले स्वाद का मजा दें.



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TRAI ने की तैयारी, Truecaller समेत ये ऐप्स हो सकते हैं बैन, होगा बड़ा एक्शन


TRAI ने Truecaller समेत अन्य दो कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है। ट्रू कॉलर, Hiya और Whoscall नाम के ये तीनों ऐप्स ट्राई की रडार पर हैं। इन पर ट्राई ने IT एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। इन ऐप्स पर आरोप है कि ये 1400 और 1600 से शुरू होने वाले नंबर से आने वाले कॉल्स को स्पैम बता रहे हैं। इन नंबरों को खास तौर पर कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए असाइन किया गया है।

एक्शन की तैयारी

TRAI इन ऐप्स पर डायरेक्ट एक्शन नहीं ले सकता है क्योंकि ये ऐप्स दूरसंचार विभाग (DoT) के अंदर नहीं आते हैं। ऐसे में इन पर एक्शन लेने के लिए MeitY और DoT के परमिशन की जरूरत होगी। दूरसंचार नियामक का कहना है कि वो इन ऐप्स को रेगुलेट नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वो आईटी एक्ट के तहत नियमों के उल्लंघन को देखते हुए एक्शन लेना चाहता है।

नियामक के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि, सेफ हार्बर का प्रावधान है लेकिन ऐप्स को यहां के कानूनों का पालन करना चाहिए। हमें पता चला है कि कुछ ऐप्स ट्राई के रेगुलेशन का उल्लंघन कर रहे हैं। बता दें ‘सेफ हार्बर’ नियम उन कानूनी प्रावधानों को कहते हैं जो संगठनों को रेगुलेटरी जवाबदेही से बचाते हैं, बशर्ते वे खास, पहले से तय गाइडलाइंस का पालन करें।

रेगुलेटर चाहता है कि उसे इस नियम के तहत एक ऑथोराइज्ड एजेंसी घोषित कर देना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, MeitY ने TRAI की इस मांग पर सहमति जता दी है अब दूरसंचार विभाग की तरफ से इसे लेकर अगला एक्शन लिया जाएगा।

ट्रू कॉलर की सफाई

हालांकि, इस मामले में ट्रू कॉलर का कहना है कि वो ट्राई के मैनडेट के तहत किसी सीरीज के डेजिगनेटेड नंबर को स्पैम टैगिंग नहीं करता है और न ही ऑटोमैटिकली ब्लॉक करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो ट्रू कॉलर को अगर पता लगता है कि उनके प्लेटफॉर्म पर किसी डेजिगनेटेड सीरीज को स्पैम माना जाता है तो उसे प्लेटफॉर्म की तरफ से स्पैम टैग नहीं किया जाता है।

क्या बैन होगा ऐप?

ट्राई को अगर दूरसंचार विभाग की तरह से हरी झंडी मिल जाती है तो ट्रू कॉलर समेत तीन ऐप्स पर बड़ा एक्शन लिया जा सकता है। इन ऐप्स को दूरसंचार प्राधिकरण की तरफ से नोटिस जारी किया जा सकता है। अगर, मामला गंभीर पाया जाता है तो इन ऐप्स पर बैन भी लगाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें – Airtel का 56 दिन वाला सस्ता प्लान, अनलिमिटेड कॉलिग, डेटा समेत मिलेंगे ये खास बेनिफिट्स





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Satluj Ban Reaction: ओटीटी से हटी ‘सतलुज’, नेटिजंस ने मचाया बवाल, दिलजीत दोसांझ बोले- ‘अब


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हनी त्रेहान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘सतलुज’ 3 जुलाई को ओटीटी पर रिलीज हुई और दो दिन बाद ही फिल्म को हटा दिया गया. इसका विरोध हो रहा है. दिलजीत दोसांझ ने खुद आपत्ति जताई है. फैंस फिल्म को फिर से रिलीज करने की मांग कर रहे हैं. नाराजगी जता रहे हैं.

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दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ के सपोर्ट में उतरे लोग. (फिल्म पोस्टर)

मुंबई. दिलजीत दोसांझ की एक और फिल्म विवादों में घिरी हुई है. इस बार वह ‘सतलुज’ को लेकर विवादों में हैं. फिल्म को लेकर सीबीएफसी पिछले 4 साल से सर्टिफिकेट नहीं दे रही थी. इसे अनकट वर्जन के साथ डायरेक्ट ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया. फिल्म को रिलीज के दो दिन बाद ही ओटीटी से हटा दिया गया. जी5 ने फिल्म हटाने को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसके बाद से लोग आपत्ति जता रहे हैं. फिल्म के सपोर्ट पोस्ट कर रहे हैं. दिलजीत ने सोशल मीडिया पर भी नाराजगी जताई है. दिलजीत के साथ-साथ कई लोगों आपत्ति जताई और रिएक्ट कर रहे हैं.

दिलजीत दोसांझ ने ‘सतलुज’ की स्क्रीनिंग का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा,”अब फिल्म नहीं रुकेगी. खालरा साब की आवाज को कोई नहीं दबा सकता.” वीडियो पंजाब के किसी गांव का है, जहां एक दीवार पर बड़ी स्क्रीन पर सैंकड़ों गांव वाले ‘सतलुज’ देख रहे हैं. एक्स पर भी लोग नाराजगी जता रहे हैं.



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OPEC+ का बड़ा फैसला! अब नहीं होगी तेल की कमी, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?


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OPEC+ ने अगस्त 2026 से लगातार तीसरे महीने रोजाना 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है. भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि लंबे समय तक कीमतें कम रहने पर महंगाई और पेट्रोल-डीजल की लागत पर असर पड़ सकता है. हालांकि, आगे तेल की कीमतें ग्लोबल मांग, सप्लाई और पश्चिम एशिया की जियो-पॉलिटिकल स्थिति पर निर्भर करेंगी.

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रविवार को हुई OPEC+ देशों की बैठक में यह फैसला लिया गया है.

दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों के ग्रुप OPEC+ ने एक बार फिर तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. ग्रुप ने तय किया है कि अगस्त 2026 से रोजाना 1.88 लाख बैरल (1,88,000 बैरल प्रति दिन) अतिरिक्त कच्चा तेल बाजार में लाया जाएगा. यह लगातार तीसरा महीना है, जब OPEC+ ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया है. इससे दुनिया में तेल की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है.

रविवार को हुई OPEC+ देशों की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इससे पहले जून और जुलाई में भी उत्पादन को इसी मात्रा यानी 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाया गया था. इस फैसले को सऊदी अरब, रूस और समूह के अन्य सदस्य देशों का समर्थन मिला. OPEC+ का कहना है कि ग्लोबल बाजार की जरूरत को देखते हुए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. हालांकि, जरूरत पड़ने पर भविष्य में उत्पादन घटाने का फैसला भी लिया जा सकता है.

तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट

उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 71.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) की कीमत करीब 68.58 डॉलर प्रति बैरल रही. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में ज्यादा तेल आने की उम्मीद से कीमतों पर दबाव बना है. हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों की वजह से कीमतों में बड़ा बदलाव अभी नहीं दिख रहा है.

भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने का सीधा फायदा देश को मिल सकता है. अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक कम रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की लागत पर भी असर पड़ सकता है. इससे महंगाई को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल पर ही निर्भर नहीं करतीं. टैक्स, रुपये-डॉलर की विनिमय दर और सरकारी नीतियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं.

आगे क्या रह सकता है रुख?

हाल के महीनों में खाड़ी देशों और रूस से तेल की सप्लाई बढ़ी है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों में जियो-पॉलिटिकल टेंशन और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण उत्पादन और निर्यात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि उत्पादन बढ़ाने की घोषणा के बावजूद वास्तविक ग्लोबल बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी. अगर ग्लोबल मांग कमजोर रहती है और उत्पादन बढ़ता है, तो आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है.

फिलहाल OPEC+ ने साफ किया है कि वह बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा और जरूरत के मुताबिक उत्पादन बढ़ाने या घटाने का फैसला करेगा. ऐसे में आने वाले महीनों में तेल की कीमतों की दिशा काफी हद तक ग्लोबल मांग और सप्लाई पर निर्भर करेगी.

About the Author

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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ग्वालियर में यूपी के युवक ने लगाई फांसी: पेट में दर्द है…कहकर घर लौटा था, रात को भाई आया शव फंदे पर देखा – Gwalior News




ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट नगर (टीपी नगर) में रविवार रात एक युवक ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के फतेहपुर निवासी शिवा सविता (19) के रूप में हुई है। वह अपने चचेरे भाई के साथ ग्वालियर में रहकर मजदूरी करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दोनों चचेरे भाई साथ रहते थे पुलिस के अनुसार, शिवा सविता और उसका चचेरा भाई सत्यम सविता (17) बहोड़ापुर के टीपी नगर में किराए का कमरा लेकर रहते थे। दोनों मजदूरी कर अपना गुजारा करते थे। रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे दोनों रोज की तरह काम पर गए थे। पेट दर्द का बहाना बनाकर काम से लौट आया काम के दौरान शिवा ने अपने भाई सत्यम से कहा कि उसके पेट में तेज दर्द हो रहा है और वह आराम करने के लिए कमरे पर जा रहा है। इसके बाद वह काम छोड़कर कमरे पर लौट आया, जबकि सत्यम काम पर ही रुका रहा। शाम करीब 6 बजे काम खत्म होने के बाद सत्यम अपने कुछ दोस्तों के साथ घूमने चला गया। रात में जब वह कमरे पर लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब उसने खिड़की से अंदर देखा तो शिवा फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। यह देखते ही उसके होश उड़ गए। उसने तत्काल बहोड़ापुर थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस, शव को फंदे से उतारा सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर शव को फंदे से नीचे उतारा और जांच शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। नहीं मिला सुसाइड नोट, मोबाइल की जांच करेगी पुलिस घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अब उसकी कॉल डिटेल, आखिरी चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जाएगी, ताकि आत्महत्या की वजह सामने आ सके। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) में दे दी है। परिजनों के ग्वालियर पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है। आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



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‘पति का असली हत्यारा सामने आए…मैं रहूंगी या वो’: पूर्व डकैत कोमेश बोली-पुलिस ये बता दे जगन गुर्जर को क्यों मारा; मर्डर पर उठाए सवाल – Rajasthan News


‘एक बार मेरे पति का असली हत्यारा मेरे सामने आ जाए…..या तो मैं रहूंगी या वो जिंदा रहेगा। जो मारने वाला है, वो कबूल करके ये तो बता दे कि क्या दुश्मनी थी? क्यों उसने मारा? इसके पीछे क्या साजिश थी।’

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ये कहना है 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए डकैत जगन गुर्जर की दूसरी पत्नी और पूर्व महिला डकैत कोमेश गुर्जर का। पति की हत्या के बाद ब्लड प्रेशर कम होने के चलते कोमेश धौलपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट है। जब भी उसे होश आता है, बार-बार अपने पति की हत्या के बदले की बात करती है।

एक जमाने में चंबल की महिला डकैतों में कोमेश गुर्जर का नाम गूंजता था। वहीं जगन गुर्जर के साथ उसकी लव स्टोरी आगे बढ़ी और दोनों ने शादी कर ली थी। तीन बच्चों के साथ कोमेश एक आम गृहिणी की जिंदगी बिता रही थी। हत्याकांड के बाद भास्कर टीम डकैत जगन के पैतृक गांव बभूतिपुरा पहुंची और कोमेश गुर्जर से बात करने की कोशिश की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट….

जगन गुर्जर के घर चल रही तीये की बैठक में मौजूद लोग।

धौलपुर से 40 किमी दूर बभूतिपुरा गांव में जगन गुर्जर के तीये की शोक बैठक चल रही थी। मध्यप्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग शहरों से जगन के कई समर्थक और रिश्तेदारों की भीड़ लगी थी। हत्याकांड की सीबीआई जांच और परिजनों की अन्य मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए पंचायत चल रही थी।

कोमेश गुर्जर बार-बार बेहोश हो रही थी। अचानक बीपी (ब्लड प्रेशर) कम होने के चलते उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। कोमेश से बातचीत के लिए हम भी उसी अस्पताल पहुंचे। करीब 3 घंटे ट्रीटमेंट के बाद वहां के डॉक्टर्स ने हमें मिलने की परमिशन दी।

अस्पताल में भर्ती कोमेश गुर्जर बार-बार बेहोश हो रही थी।

अस्पताल में भर्ती कोमेश गुर्जर बार-बार बेहोश हो रही थी।

हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या पर आपका क्या कहना है… हमारा सवाल पूरा होने से पहले ही कोमेश ने उत्तर देना शुरू किया…

सबसे मेरा तो एक ही निवेदन है, एसपी साहब उसको (हत्या के आरोपी विष्णु जाट को) रिमांड पर लेवें और उससे कुछ कबूल करवा कर हमारे सामने लाएं। वो बस हमें एक बार ये बता दे कि जेल सुपरिटेंडेंट ने मरवाया है या उसने खुद ने दुश्मनी के चलते जगन को मारा है या फिर कोई राजनीतिक वजह से ये मर्डर करवाया गया है। एसपी साहब उसका रिमांड लें और उससे ये पूछताछ करें।

हमें तो न्याय तभी मिलेगा जब मेरे पति जगन गुर्जर की हत्या का पूरा सच सामने आएगा। इसके बाद ही तसल्ली मिलेगी। जेल कर्मचारियों को भी सजा होनी चाहिए कि आखिर हाई सिक्योरिटी जेल में ये हो कैसे गया? मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और दूसरे नेताओं से मेरी यही मांग है कि हमारे असली दुश्मन का बस नाम बता दो, जिसने ये किया और करवाया है।

असल दुश्मन को हमारे सामने ले आओ। जेल सुपरिटेंडेंट है, जेलर है या कोई और, उनको ये एहसास होना चाहिए कि मर्डर क्या होता है? ऐसे तो किसी भी कैदी को कल कोई मार देगा…बहुत पब्लिक भरी हुई है जेल में।

इतने बड़े आदमी जगन को ही धोखा दे दिया और उसके साथ गद्दारी कर दी। छोटे-बड़े आदमी का तो क्या ही होगा अब? सुपरिटेंडेंट और जेलर से मुझे ये जवाब लेना है कि ये घटना हो कैसे गई?

कोमेश ने आरोप लगाए कि पति जगन गुर्जर को जेल में बेहोशी का इंजेक्शन देकर बाद में सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है।

कोमेश ने आरोप लगाए कि पति जगन गुर्जर को जेल में बेहोशी का इंजेक्शन देकर बाद में सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है।

देवर ने बताया जेल में बेहोशी के इंजेक्शन देकर मारा

कोमेश गुर्जर ने बताया कि जगन के अंतिम संस्कार में जेल से कुछ घंटों के लिए लाए गए देवर पप्पू गुर्जर ने भी कई राज खोले। कोमेश के अनुसार पप्पू गुर्जर ने बताया कि जगन को नींद की गोली या इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया। इसके बाद मारा गया।

कोमेश ने कहा- जब जेल में कुछ भी नहीं जाने देते हैं तो फिर ये गोलियां कहां से आ गई? डॉक्टर ही इस बारे में बता सकता है, वो भी जेलर और सुपरिटेंडेंट से मिला हुआ है।

मैं जब जेल में थी…तब मेरी छोटी सी बच्ची भी मुझसे कभी मिलने आती थी तो उसे कम से कम 50 बार चेक करते थे। आखिर जेल में ये कैसे हो सकता है कि हत्या हो जाए और किसी को कुछ पता ही न चले?

हत्या के आरोपी विष्णु जाट ने पुलिस को बताया कि जगन गुर्जर जेल में उससे बुरा बर्ताव करता था। अपने अंडर गारमेंट्स धुलवाता था। इसके चलते हत्या कर दी।

हत्या के आरोपी विष्णु जाट ने पुलिस को बताया कि जगन गुर्जर जेल में उससे बुरा बर्ताव करता था। अपने अंडर गारमेंट्स धुलवाता था। इसके चलते हत्या कर दी।

हत्या वाले दिन ही हुई थी बात

कोमेश गुर्जर ने बताया- उसी दिन (29 जून) सुबह मेरी जगन से जेल की एसटीडी पर बात हुई थी। तब भी बढ़िया प्रेम से बात की थी। जेल में किसी से झगड़े और विवाद की कोई बात नहीं बताई। उसी दिन कोर्ट में उनकी बेल की अर्जी भी लगी हुई थी।

हां, इस दौरान जगन ने ही बताया था जेलर पूछ रहा है कि तुम्हारी बेल कब हो रही है? मैंने बता दिया… आज ही हो जानी चाहिए।

कोमेश आगे कहती हैं- जेल स्टाफ का तो उन्हें मारने का प्री प्लान था, इसीलिए दोनों भाइयों को पहले अलग-अलग कर दिया था। दोनों की सेल बदल दी थी।

1 जुलाई को अंतिम संस्कार के दिन जगन गुर्जर के छोटे भाई पप्पू गुर्जर को कुछ घंटों के लिए गांव लाया गया था।

1 जुलाई को अंतिम संस्कार के दिन जगन गुर्जर के छोटे भाई पप्पू गुर्जर को कुछ घंटों के लिए गांव लाया गया था।

पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल

जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को अलग-अलग ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया।

जेल प्रशासन का कहना है- दोनों भाइयों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया था। फिर 27 जून को ही विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया था। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी।

ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब

जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों विष्णु और जगन बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जेल प्रशासन का दावा है कि जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। यही वजह थी कि उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे।

अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया है कि जेल में CCTV की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (DOIT) को ईमेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद हो जाते हैं।

पिता की मौत का बदला लेने के लिए बनी थी डकैत

कोमेश के पिता छीतरिया गुर्जर की हत्या हो गई थी, वो गांव के सरपंच थे। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए कोमेश डकैत बनने बीहड़ों में चली गई। वहीं उसकी पहली बार जगन गुर्जर से मुलाकात हुई। जगन का उसके घर पर पहले से आना-जाना था, तभी से वो उसको पसंद करती थी। बीहड़ में मुलाकात के बाद जगन ने कोमेश को बंदूक थमाई और बदला लेने में मदद की। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली।

साल 2000 के आसपास जब कोमेश प्रेग्नेंट थी। पुलिस से बचने के लिए वो बीहड़ों से होते हुए हिंडौन सिटी के एक नर्सिंग होम पहुंची थी। यहां उसने अपने पहले बच्चे लवकुश को जन्म दिया। उसी नर्सिंग होम से कोमेश को पहली बार पुलिस ने पकड़ा था। कोमेश की गिरफ्तारी के बाद जगन ने भी साल 2001 में पहली बार तत्कालीन धौलपुर एसपी बीजू जॉर्ज जोसेफ के सामने सरेंडर कर दिया था।

जमानत पर आने के बाद कोमेश फिर से बीहड़ों में चली गई। साल 2008 में पुलिस ने उसे और उसकी गैंग को घेर लिया था। कई घंटे मुठभेड़ चली। अंत में एक गोली कोमेश को लगी और वो घायल हो गई। इस दौरान कोमेश प्रेग्नेंट थी और गर्भ में ही उसके बच्चे की मौत हो गई थी। गिरफ्तारी के बाद कोमेश फिर जमानत पर बाहर आई और फरार हो गई। बाद में सीधे कोर्ट में ही सरेंडर कर दिया था। साल 2009 में जगन ने कैमरी गांव के जगन्नाथ मेले में दूसरी बार कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने सरेंडर कर दिया था। जेल से छूटने के बाद करीब 9 साल पहले कोमेश ने बेटी काजल को जन्म दिया था।

साल 2014 में कोमेश के छोटे भाई रामू की हत्या हुई। पुलिस रिकॉर्ड अनुसार साल 2014 में कोमेश अपने पति डकैत जगन गुर्जर के साथ जेल में थी। इसके बाद कोमेश ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए अपने रिश्तेदार देवर की मदद से आरोपी संजीत कोली की हत्या करवा दी। इसके बाद से वो बाड़ी में खेती-बाड़ी कर और दो भैंस रखकर उनका दूध बेचकर जीवन गुजार रही है।

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पूर्णिया में मां-बेटी को तेज रफ्तार कार ने रौंदा: 200 मीटर तक घसीटता रहा, न्यूट्रिशन कोच की मौत; कटिहार से घर लौटते समय हुआ हादसा – Purnia News




पूर्णिया के मीरगंज में दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन ली। कटिहार के फलका से लौट रहीं मां-बेटी को तेज रफ्तार कार ने कुचल डाला। हादसे के बाद ब्रेक लगाने के बजाए कार सवार युवक 200 मीटर तक मां-बेटी को घसीटता रहा। इस हादसे में जाने मानेन्यूट्रिशन कोच की मौत हो गई, जबकि बेटी की हालत काफी गंभीर है। मृतका की पहचान मधेपुरा निवासी विजय कुमार यादव की पत्नी कविता कुमारी(41) के रूप में हुई है। वो फिलहाल पूर्णिया में रह रही थी। कोर्ट स्टेशन के पास न्यूट्रिशन क्लब संचालित करती थी। जबकि उनकी बेटी शिवानी कुमारी 18 गंभीर रूप से घायल हैं। शिवानी का इलाज GMCH में डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। घटना मीरगंज थाना क्षेत्र के बहेलिया स्थान के पास की है। स्कूटी से गिरने के बाद कार ने रौंदा घायल शिवानी ने बताया कि वो अपनी मां कविता के साथ स्कूटी से फलका कस्टमर के री-चेकअप के लिए गई थीं। वहां से दोनों स्कूटी से वापस घर लौट रही थी। रास्ते में बहेलिया स्थान के समीप सड़क पर चिकनी मिट्टी होने के कारण स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़ीं। वे दोनों संभलती कि इससे पहले ही तेज रफ्तार में आ रहे सफेद रंग की कार ने रौंद दिया। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत दोनों को ऑटो से GMCH पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद कविता कुमारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि शिवानी का इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मदद का दिलाया भरोसा जानकारी मिलते ही सांसद पप्पू यादव ने अपने सांसद प्रतिनिधि आदिल आरजू को जीएमसीएच भेजकर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। कविता कुमारी अपने मिलनसार स्वभाव और बेहतर कार्यशैली के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थी। उनकी असामयिक मौत से न्यूट्रिशन क्लब से जुड़े लोगों और परिचितों में भी शोक की लहर है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस वहीं, मीरगंज थाना पुलिस ने घटनास्थल से स्कूटी और मोबाइल जब्त कर थाने ले गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिएभेज दिया गया है। फरार वाहन और चालक की पहचान के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई किए जाने की बात पुलिस कह रही है।



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खामेनेई के जनाजे में 3 बेटे शामिल, मुजतबा दूर रहे: लोगों ने ‘किल ट्रम्प’ के नारे लगाए; आज तेहरान में अंतिम यात्रा




ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में रविवार को उनके तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा शामिल हुए। हालांकि खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई समारोह से दूर रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल से जान का खतरा होने के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लिया। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने ‘किल ट्रम्प’ और ‘किल बीबी’ (इजराइल के प्रधानमंत्री) के नारे लगाए। साथ ही, पूर्व सुप्रीम लीडर का बदला लेने की मांग की। आज सोमवार को तेहरान की सड़कों से खामेनेई की भव्य अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। खामेनेई के ताबूत को शहर के प्रमुख मार्गों से ले जाया जाएगा। धार्मिक नेता, सरकारी अधिकारी और सेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 4 तस्वीरें… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडे्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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प्रयागराज के छावनी अस्पताल में मेनोपॉज OPD जल्द: अगले हफ्ते से जांच-इलाज शुरू, ब्लड टेस्ट से लेकर दवा तक सब फ्री – Prayagraj (Allahabad) News




प्रयागराज के छावनी सामान्य अस्पताल में अब शहर की पहली मेनोपॉज ओपीडी शुरू होने जा रही है। महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह विशेष सुविधा अगले सप्ताह से उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में होने वाली मेनोपॉज से जुड़ी समस्याओं का निदान और मुफ्त इलाज यहां किया जाएगा। ओपीडी में तीन विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात होंगे । एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक वरिष्ठ फिजिशियन और एक मनोचिकित्सक। अस्पताल प्रमुख अधीक्षक डॉ. वैशाली सिंह ने बताया कि मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के व्यवहार में परिवर्तन आता है, जिसे समझना बेहद जरूरी होता है। लेकिन अधिकांश लोग इसके बारे में जानते नहीं हैं, जिससे पारिवारिक और मानसिक समस्याएं बढ़ती हैं। मेनोपॉज ओपीडी सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी । सोमवार, बुधवार और बृहस्पतिवार। आने वाली महिलाओं के लिए ब्लड टेस्ट सहित सभी आवश्यक जांचें बिल्कुल मुफ्त होंगी। ओपीडी में काउंसलिंग के साथ दवाइयां भी प्रदान की जाएंगी। साथ ही मरीजों के साथ आए परिजनों और पतियों को भी मेनोपॉज के लक्षण और व्यवहारिक बदलावों के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि घरेलू सहयोग बढ़े और मानसिक तनाव कम हो। मेनोपॉज सामान्यतः 40 से 55 वर्ष की आयु के बीच आता है और तब माना जाता है जब किसी महिला को लगातार 12 महीने तक मासिक धर्म न आए। इसके प्रमुख लक्षणों में अनियमित पीरियड, अचानक हॉट फ्लैश, रात में ज्यादा पसीना, अनिद्रा, मूड स्विंग और वजन बढ़ना शामिल है।



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