Sunday, May 17, 2026
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बिहार में नई पॉलिटिकल लाइन खिंच गई! ललन ने बताया नीतीश की विरासत का नया अध्याय


पटना. “जब नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की कमान छोड़ने का फैसला किया, तो उन्होंने अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी खुद तय किया था. नीतीश जी ने सम्राट चौधरी के हाथों में अपना उत्तराधिकार सौंपा था.” अपने इसी संबोधन में ललन सिंह ने आगे जोड़ा कि “सम्राट चौधरी सिर्फ भाजपा की पसंद नहीं थे, बल्कि उन्हें खुद नीतीश कुमार ने आशीर्वाद दिया था. सम्राट चौधरी ने भी संकल्प लिया है कि वे नीतीश कुमार के दिखाए विकास के रास्ते पर ही बिहार को आगे बढ़ाएंगे.” लखीसराय के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने खुले मंच से जैसे ही बिहार के वर्तमान और भावी नेतृत्व को लेकर जेडीयू का रुख साफ किया, उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में अचानक ही गर्माहट ला दी है.

दरअसल, बिहार की सियासत में ‘उत्तराधिकार’ का सवाल हमेशा से सबसे जटिल और संवेदनशील रहा है. ऐसे में राजनीति के जानकारों की नजर में ललन सिंह का दिया गया बयान जेडीयू और बीजेपी के शीर्ष स्तर पर तय की गई एक बेहद गहरी रणनीतिक बिसात का हिस्सा माना जा रहा है. ललन सिंह का यह बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि बिहार में हाल ही में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं. इसको लेकर विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा कि मुख्यमंत्री चयन भाजपा का एकतरफा फैसला था और जेडीयू की भूमिका सीमित हो गई है. अब जब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इसकी घोषणा की है तो ललन सिंह के इस बयान को सिर्फ एक राजनीतिक प्रशंसा भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार NDA की भविष्य की राजनीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है.

ललन सिंह के बयान के कई राजनीतिक मायने

ललन सिंह ने जब यह कहा कि सम्राट चौधरी ने भी यह संकल्प लिया है कि वे नीतीश कुमार द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए बिहार के विकास को आगे बढ़ाएंगे. साफ है कि उनके इस बयान को बिहार एनडीए की भविष्य की राजनीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है. वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से पीछे हटने के बाद बिहार एनडीए के भीतर जो नए शक्ति केंद्र उभर रहे हैं, ललन सिंह का यह बयान उन समीकरणों को एक नया आकार देता हुआ प्रतीत हो रहा है. ललन सिंह के बयान ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सम्राट चौधरी को सिर्फ भाजपा का समर्थन नहीं, बल्कि खुद नीतीश कुमार की सहमति और भरोसा भी प्राप्त था.

निशांत कुमार बनाम सम्राट चौधरी

ललन सिंह का यह बयान अचानक नहीं आया है, इसके पीछे हालिया सियासी घटनाक्रम है. मार्च 2026 में जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से हटने के संकेत दिए, तो उनके बेटे निशांत कुमार आधिकारिक तौर पर जेडीयू में शामिल हो गए थे. इसके बाद 15 अप्रैल 2026 में एनडीए गठबंधन के तहत भाजपा के सम्राट चौधरी को बिहार का नया मुख्यमंत्री बनाया गया. इसके बाद मंत्रिपरिषद विस्तार में बीते 7 मई को निशांत कुमार को उनके मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई. इसके बावजूद, जेडीयू के अंदर और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम थी कि क्या नीतीश कुमार अपनी पारिवारिक विरासत को ही आगे बढ़ाएंगे. लेकिन, लखीसराय में ललन सिंह ने ‘उत्तराधिकारी’ शब्द का इस्तेमाल करके यह साफ संदेश देने की कोशिश की है कि नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत का नेतृत्व अब भाजपा के सम्राट चौधरी के हाथों में है, न कि उनके बेटे निशांत कुमार के पास.

लव-कुश समीकरण की मजबूरी

बिहार में नीतीश कुमार की राजनीति का सबसे बड़ा आधार ‘लव-कुश’ (कुर्मी और कोइरी) वोट बैंक रहा है. नीतीश कुमार खुद कुर्मी जाति से आते हैं, जबकि वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कोइरी (कुशवाहा) समाज के बड़े चेहरे हैं. नीतीश कुमार के हटने के बाद इस बात का बड़ा डर था कि यह वोट बैंक बिखर सकता है. ललन सिंह ने सम्राट चौधरी को नीतीश का उत्तराधिकारी बताकर इस पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट रखने की रणनीतिक चाल चली है. वे संदेश देना चाहते हैं कि नीतीश कुमार के जाने के बाद भी ‘लव-कुश’ एकता की सरकार बिहार में मजबूती से काम कर रही है.

क्यों अहम है ललन सिंह का बयान?

बिहार में करीब दो दशक तक सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार की राजनीति हमेशा इस सवाल से जुड़ी रही कि उनके बाद नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा. जेडीयू के भीतर भी कभी किसी नेता को खुलकर उत्तराधिकारी नहीं बताया गया. ऐसे में ललन सिंह जैसे वरिष्ठ नेता का सार्वजनिक मंच से सम्राट चौधरी को उत्तराधिकारी बताना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ललन सिंह का बयान इसलिए भी खास

यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि बिहार में हाल ही में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने. विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा कि मुख्यमंत्री चयन भाजपा का एकतरफा फैसला था और जेडीयू की भूमिका सीमित हो गई थी. लेकिन ललन सिंह के बयान ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सम्राट चौधरी को सिर्फ भाजपा का समर्थन नहीं बल्कि खुद नीतीश कुमार की सहमति और भरोसा भी प्राप्त था.

NDA में संतुलन साधने की कोशिश

राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह बयान एनडीए के भीतर संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है. बिहार में भाजपा और जेडीयू के रिश्ते हमेशा राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहे हैं. ऐसे में सम्राट चौधरी को “नीतीश मॉडल” का विस्तार बताना जेडीयू समर्थकों को यह भरोसा देने की कोशिश है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद शासन की दिशा नहीं बदलेगी.

क्या आंतरिक खींचतान पर मरहम है बयान?

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार भाजपा के भीतर भी कई तरह की आंतरिक खींचतान की खबरें चर्चा में आ रही थीं. राजनीति के जानकारों का मानना है कि ललन सिंह ने यह बयान देकर सम्राट चौधरी की स्थिति को और मजबूत किया है. उन्होंने विपक्ष और भाजपा के विरोधी धड़े को यह संदेश दिया है कि मौजूदा सरकार और सम्राट चौधरी के पीछे नीतीश कुमार का पूरा नैतिक और राजनीतिक समर्थन खड़ा है.

बिहार में अनुकंपा बनाम जनता की राजनीति

बहरहाल, लखीसराय में दिया गया ललन सिंह का बयान बिहार की राजनीति में सामान्य राजनीतिक टिप्पणी से कहीं अधिक महत्व रखता है. ललन सिंह के इस बयान ने साफ कर दिया है कि एनडीए अब सम्राट चौधरी को सिर्फ वर्तमान मुख्यमंत्री नहीं बल्कि भविष्य के स्थायी नेतृत्व के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. आगामी राजनीति में एनडीए गठबंधन सम्राट चौधरी के नेतृत्व को ही नीतीश कुमार के विकल्प और विकास के चेहरे के रूप में पेश करने जा रहा है.



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घर पर कैसे बनाएं रेस्टोरेंट जैसा नूडल्स? यहां जानें स्टेप-बाय-स्टेप तरीका


Restaurant Style Noodles: नूडल्स लगभग हर उम्र के लोगों बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंदीदा डिश है. लोगों को खास तौर पर रेस्टोरेंट-स्टाइल या स्ट्रीट-स्टाइल पहलवान का स्वाद बहुत पसंद आता है. हालांकि, कई लोगों को खासकर शाकाहारियों को लगता है कि घर पर ठीक वैसा ही स्वाद लाना नामुमकिन है. अच्छी खबर यह है कि कुछ आसान टिप्स और सही तरीकों को अपनाकर, आप घर पर ही स्वादिष्ट और पौष्टिक नूडल्स बना सकते हैं, जिसका स्वाद बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा ही होगा. आइए, इस आसान और स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी को देखें…

नूडल्स बनाने के लिए जरूरी सामग्री
1 पैकेट फ्राइड नूडल्स, 1 बारीक कटा हुआ प्याज़, 1 शिमला मिर्च, 1 गाजर, 1 कप पत्तागोभी, 2 से 3 लहसुन की कलियां, 2 बड़े चम्मच सोया सॉस, 1 बड़ा चम्मच टोमेटो सॉस, 1 छोटा चम्मच चिली सॉस, स्वादानुसार नमक, काली मिर्च पाउडर, 2 बड़े चम्मच तेल.

स्टेप 1: सबसे पहले, एक बड़े बर्तन में पानी भर लें. इसमें थोड़ा सा नमक और तेल की कुछ बूंदें डालें. अब, इसमें नूडल्स डालें और उन्हें तब तक पकाएं जब तक वे 80 से 90 प्रतिशत तक पक न जाएं. इसके बाद, नूडल्स का पानी निकाल दें और उन्हें ठंडे पानी से धो लें ताकि वे सिकुड़ें नहीं.

स्टेप 2: सभी सब्जियों को लंबी और पतली पट्टियों में काट लें. रेस्टोरेंट-स्टाइल सब्जियां बनाने के लिए, उनमें हल्का क्रंच (करारापन) बनाए रखना बहुत ज़रूरी है.

स्टेप 3: एक पैन या कड़ाही में तेल गरम करें, अब, बारीक कटा हुआ लहसुन डालें और उसे हल्का सुनहरा होने तक पकाएं। इसके बाद, प्याज़ डालें और तेज़ आंच पर थोड़ी देर के लिए भूनें.

स्टेप 4: अब, गाजर, शिमला मिर्च और पत्तागोभी डालें. सब्जियों को बहुत ज़्यादा देर तक न पकाएं; ऐसा करने से उनका क्रंच बना रहता है.

स्टेप 5: अब, सोया सॉस, टमाटर सॉस और चिली सॉस डालें. सभी चीज़ों को अच्छी तरह से मिला लें.

स्टेप 6: अब उबले हुए नूडल्स डालें और तेज आंच पर अच्छे से टॉस करें। ऊपर से नमक और काली मिर्च डालें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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कानपुर की कल की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में: कंपनी के बाहर श्रमिकों का 5 घंटे हंगामा, शिक्षिका ने छात्र का टीका मिटवाकर थप्पड़ जड़े – Kanpur News


नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें… सचेंडी में स्पन माइक्रो कंपनी में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन लागू करने, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, समय से बोनस, हर साल वेत

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किदवई नगर के-ब्लॉक स्थित मदर टेरेसा स्कूल में छठी के छात्र के माथे से शिक्षिका ने टीका मिटवा दिया। इसकी सूचना मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता ने स्कूल में हंगामा कर दिया। जमकर नारेबाजी करते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद स्कूल मैनेजमेंट ने शिक्षिका हिबा फातिमा को नौकरी से हटा दिया। तब जाकर हंगामा शांत हुआ। दामोदर नगर के रहने वाले छात्र दक्षेश मिश्रा ने इसकी शिकायत पुलिस से भी की थी। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…।

सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें

1- छात्र के माथे से टीका मिटवाने पर हंगामा: मदर टेरेसा स्कूल में ABVP ने की नारेबाजी, मैनेजमेंट ने शिक्षिका को निकाला

कानपुर में मदर टेरेसा स्कूल में छठी के छात्र के माथे से शिक्षिका ने टीका मिटवा दिया। इसकी सूचना मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता ने स्कूल में हंगामा कर दिया। जमकर नारेबाजी करते हुए पुलिस को सूचना दी।

इसके बाद स्कूल मैनेजमेंट ने शिक्षिका हिबा फातिमा को नौकरी से हटा दिया। तब जाकर गुस्साए कार्यकर्ता शांत हुए। इसके साथ ही छात्र के परिजन भी शिक्षिका के हटाए जाने पर संतुष्ट हो गए। मुकदमा दर्ज करवाने की बात से पीछे हट गए। पढ़ें पूरी खबर…

2- स्पन माइक्रो कंपनी के बाहर श्रमिकों का हंगामा: मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच मीटिंग हुई, 5 घंटे बाद समझौता

कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत किसाननगर रोड स्थित बिनौर के पास बनी स्पन माइक्रो कंपनी में कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। बड़ी संख्या में श्रमिकों ने काम बंद कर कंपनी गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से काम करने के बावजूद न तो वेतन बढ़ाया गया और न ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि कई बार प्रबंधन से वेतन बढ़ाने और सुविधाएं देने की मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…

3- चकरपुर मंडी अग्निकांड में तबाह हुए आढ़तियों से मिले सपा नेता, विधायक बोले- सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से 44 दुकानें जलीं

कानपुर चकरपुर मंडी में अग्निकांड से तबाह हुई 44 आढ़तों के पीड़ितों से मिलने के लिए शनिवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने व्यापारियों की समस्याएं सुनील और मंडी सचिव के साथ बैठक की। मंडी सचिव से आढ़तियों और पल्लेदारों को तत्काल मुआवजा और दुकानें बनवाकर देने की मांग की है। इसके साथ ही जिन पल्लेदारों की गृहस्थी जलकर खाक हो गई उन्हें भी मुआवजा देने की बात कही।

प्रतिनिधिमंडल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई, बिठूर विधानसभा से सपा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला, पूर्व सांसद राजाराम पाल, पार्षद अर्पित यादव समेत अन्य नेता शनिवार दोपहर चकरपुर मंडी पहुंचे। सपा नेताओं ने जिस चबूतरे में आग लगने से 44 दुकानें जलकर खाक हो गई और करोड़ों का नुकसान हो गया था, वहां पर निरीक्षण किया। इसके साथ ही आग्निकांड में बर्बाद हुए आढ़तियों और पल्लेदारों से भी बात करके उनका दर्द समझा। पढ़ें पूरी खबर…

4- दिन में लू के थपेड़े, रात में उमस बढ़ी: गर्मी का सितम, सुबह से तापमान बढ़ा; 20 मई तक लू चलेगी

कानपुर में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। शहर में सुबह से ही तेज धूप निकली हुई है। सूरज के तेवर सख्त हैं। आसमान पूरी तरह साफ है। 11:00 बजे के बाद लू चलने की संभावना है। सुबह 10 बजे तक तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के करीब है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है।

सुबह हल्के बादल छाए रहे। दिन चढ़ते ही तेज धूप निकल आई। सुबह 10 बजे के बाद सूरज ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। 20 मई तक लू चलने की संभावना है। पढ़ें पूरी खबर…

5- बारात से वापस आकर दूल्हे ने आत्महत्या की: रात में घर से निकला, सुबह शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला

कानपुर के एक घर में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब दुल्हन को विदा कराकर घर लौटे दूल्हे ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह गांव के बाहर खेतों में पेड़ से उसका शव लटका मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।

घटना के बाद नई नवेली दुल्हन समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। घटना सजेती थाना क्षेत्र के गुरैयनपुर गांव की है। पढ़ें पूरी खबर…

6- कानपुर में 14 बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा: सपा-भाजपा नेताओं में विवाद, टीचर घर से बुला रहे; पुलिस के साये में पढ़ाई हो रही

कानपुर में परमट स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल को नेताओं ने अपनी सियासी जंग का अखाड़ा बना दिया है। नेताओं की इस लड़ाई में अब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विवाद के 3 दिनों के बाद स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या कम हो गई है।

टीचर छात्रों को घरों से बुलाकर ला रहे हैं। आखिर इस समस्या का क्या समाधान है, इससे बच्चों पर क्या असर पड़ा है। इसको जानने के लिए दैनिक भास्कर ने स्कूल के प्रिंसिपल और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बात की। पढ़ें पूरी खबर…

7- कानपुर में 2 दिन की हड़ताल, कूड़े से पटा शहर: तीसरे दिन कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया, नगर निगम ने मांगें मानीं; उसके बाद हड़ताल समाप्त

कानपुर शहर की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में सफाई कर्मचारियों का नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहा। सफाई कर्मी हाथों में झाड़ू लेकर पहुंचे। गुरुवार सुबह शुरू हुए प्रदर्शन में देर शाम अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया था। इसके बाद शुक्रवार व शनिवार को सड़कों से कूड़ा नहीं उठा है।

दोपहर करीब पौने दो बजे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित सिंह सिंह गौर ने मांगों का माने जाने की घोषणा की। इसके बाद हड़ताल खत्म हुई। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में कूड़ा उठान व नालियों की सफाई नहीं हुई है। दो दिन से जारी हड़ताल के चलते सड़कों पर कूड़ा जमा है। पढ़ें पूरी खबर…

8- बर्थडे से पहले हेडकांस्टेबल के बेटे ने सुसाइड किया: पिता ने कहा- स्कूल टीचर ट्यूशन पढ़ने का दबाव बनाते थे, फटी हुई पर्ची मिली

कानपुर में टीचरों के टॉर्चर से परेशान हेड कांस्टेबल के 14 साल बेटे आयुष प्रताप सिंह ने फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। आज ही के दिन आयुष का बर्थडे था। सुसाइड करने से पहले छात्र ने पर्ची में एक नोट लिखा, लेकिन बाद में उसे फाड़ दिया।

बेटे की मौत से हेड कांस्टेबल बदहवास हो गए, उन्होंने बिलखते हुए कहा कि बेटे ने मुझसे बर्थडे में गिटार मंगाया था, लेकिन वह मुझे बर्थडे के दिन अपनी जान दे देगा, इसका मुझे एहसास नहीं था। आयुष ने शुक्रवार शाम सुसाइड किया, शनिवार को उसका बर्थडे था। पढ़ें पूरी खबर…

9- बिना कुर्ता और चप्पल पहने सपा MLA कार्यक्रम में पहुंचे: बोले- पार्टी की मीटिंग में ऐसे ही जाऊंगा, स्कूल का काम न शुरू होने तक मेरी जिद

कानपुर में सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने परमट प्राथमिक स्कूल के पुनर्निर्माण का काम शुरू न होने तक ऊपरी अंग पर वस्त्र धारण न करने और जूता-चप्पल न पहनने का संकल्प लिया है। विधायक को सरकारी बैठकों में शामिल होना होता है, साथ ही पार्टी से जुड़ी सभाओं और सार्वजनिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में भी जाना पड़ता है।

ऐसे में दैनिक भास्कर ने अमिताभ बाजपेयी से जाना कि वह अपने रोजमर्रा के कार्यक्रम किस तरह मैनेज करेंगे और क्या इसी तरह से वहां पहुंचेंगे। शनिवार सुबह विधायक अपने पहले कार्यक्रम में आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के हटिया पहुंचे, जहां वट सावित्री पूजन के अवसर पर शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित था। हटिया खोया मंडी से ही विधायक नंगे पैर दिखाई दिए। उनके साथ कुछ समर्थक और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। पढ़ें पूरी खबर…

10- किसान के घर 25 लाख की चोरी: छत का जाल काटकर घर में घुसे चोर, ज्वेलरी लेकर फरार हुए; परिवार सोता रहा

कानपुर में शातिर चोरों ने एक किसान के घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। शुक्रवार की रात चोर घर के ऊपर लगे जाल को काटकर अंदर दाखिल हुए। कमरे में रखी अलमारी का लॉकर तोड़कर करीब 25 लाख रुपए कीमत की ज्वेलरी पार कर दी।

शनिवार की सुबह परिवार के लोग जागे तो कमरे का नजारा देखकर चोरी जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना बिठूर थाना क्षेत्र के बनी गांव की है। बनी गांव निवासी राजेश तिवारी पेशे से किसान हैं। वह शुक्रवार की रात अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। रात के समय चोर मकान की छत के रास्ते पहुंचे और ऊपर लगा लोहे का जाल काटकर घर के अंदर घुस गए। पढ़ें पूरी खबर…



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‘करप्पु’ के आगे पस्त हुई ‘पत्नी पत्नी और वो दो’, सूर्या की फिल्म ने की धुआंधार कमाई


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Karuppu vs Pati Patni Aur Woh Do Box Office Day 2: बॉक्स ऑफिस पर सुपरस्टार सूर्या की ‘करुप्पु’ के आगे आयुष्मान खुराना की ‘पति पत्नी और वो दो’ पूरी तरह पस्त नजर आ रही है. जहां एक तरफ बॉक्स ऑफिस पर सूर्या की दहाड़ गूंज रही है और उनकी फिल्म ने दूसरे दिन रिकॉर्डतोड़ कमाई करते हुए सुनामी ला दी है, वहीं आयुष्मान की कॉमेडी फिल्म दर्शकों के लिए तरस रही है. ‘करुप्पु’ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है, जिसके सामने पति पत्नी और वो दो का टिक पाना बेहद मुश्किल लग रहा है.

नई दिल्ली. आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह की ‘पति पत्नी और वो दो’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इस मूवी को क्रिटिक्स से मिले-जुले रिव्यूज मिले हैं और इसका फिल्म की कमाई पर असर साफ नजर आ रहा है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शुरुआत बेहद ठंडी नजर आ रही है और दो दिनों में यह मूवी 10 करोड़ भी नहीं कमा पाई है. दूसरी तरफ, 15 मई को ही रिलीज हुई साउथ सुपरस्टार सूर्या और तृषा कृष्णन की फिल्म करुप्पु दनादन नोट छाप रही है.

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सूर्या और तृषा कृष्णन की फिल्म करुप्पु फिल्म का इंतजार कर रहे फैंस ने इसे बेहद शानदार रिस्पॉन्स दिया है. रिलीज के दूसरे दिन यानी शनिवार को फिल्म के कलेक्शन में बहुत बड़ा उछाल देखने को मिला है और अब यह 50 करोड़ के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है. बॉक्स ऑफिस पर सूर्या का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है.

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बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ‘करुप्पु’ ने दूसरे दिन करीब 23.45 करोड़ की बंपर कमाई की है. इससे पहले फिल्म ने ओपनिंग डे पर 15.50 करोड़ का कलेक्शन किया था. दो दिनों में फिल्म का टोटल इंडिया ग्रोस कलेक्शन 45.04 करोड़ हो गया है. वहीं, नेट कमाई 38.90 करोड़ रुपये हो गई है.

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कमाई के इन आंकड़ों में आई भारी तेजी की बड़ी वजह फिल्म को लेकर मिल रहा पॉजिटिव रिस्पॉन्स है. लंबे समय बाद सूर्या की बड़े पर्दे पर बतौर मास एक्शन हीरो वापसी ने थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ बढ़ा दी है. अब सबकी नजरें रविवार यानी आज के कलेक्शन पर टिकी हैं. जिस रफ्तार से फिल्म आगे बढ़ रही है, उसे देखकर साफ लग रहा है कि यह फिल्म आज ही 50 करोड़ का आंकड़ा बेहद आसानी से पार कर जाएगी.

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अब बात करते हैं ‘पति पत्नी और वो दो’ की. शनिवार को वीकेंड होने की वजह से थिएटर्स में दर्शकों की संख्या थोड़ी बढ़ी और कमाई में मामूली उछाल देखने को मिला, लेकिन इसके बाद भी फिल्म दो दिनों में 10 करोड़ का आंकड़ा पार करने में नाकाम रही. सिनेमाघरों में केवल 16 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जिससे साफ पता चलता है कि दर्शक इस कॉमेडी फिल्म को देखने के लिए थिएटर्स तक नहीं पहुंच रहे हैं. अगर बॉक्स ऑफिस पर यही हाल रहा, तो आने वाले वर्किंग डेज में इस फिल्म की राह और भी मुश्किल हो सकती है.

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बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म की हालत पस्त नजर आ रही है. रिलीज के दूसरे दिन यानी शनिवार को भी ‘पति पत्नी और वो दो’ दर्शकों को तरसती रही और महज 5.7 करोड़ का ही बिजनेस कर पाई. रिपोर्ट्स की मानें तो देश भर के सिनेमाघरों में इस फिल्म को कुल 6717 शोज दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद थिएटर्स तक जनता नहीं पहुंची.

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दो दिनों में आयुष्मान खुराना की फिल्म पति पत्नी और वो दो का भारत में नेट कलेक्शन सिर्फ 9.75 करोड़ ही हो पाया है. हैरानी की बात है कि भारी-भरकम बजट और बड़े चेहरों के बावजूद यह रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 10 करोड़ रुपये का भी आंकड़ा पार नहीं कर पाई है.

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बताते चलें कि फिल्म करुप्पु का निर्देशन आरजे बालाजी ने किया है. इसमें सूर्या और तृषा कृष्णन की लीड जोड़ी के साथ-साथ इंद्रांस, योगी बाबू, शिवदा, नट्टी सुब्रमण्यम और सुप्रीत रेड्डी जैसे सितारों ने अपने हुनर का जलवा बिखेरा है. वहीं, ‘पति पत्नी और वो दो’ में आयुष्मान खुराना के साथ सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह ने काम किया है. पति पत्नी और वो दो फिल्म मुदस्सर अजीज के डायरेक्शन में बनी है.

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आरा में मिलेगी कार मॉडिफिकेशन-डेंटिंग-पेंटिंग की प्रीमियम सर्विस, खर्च भी कम


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Car Detailing Studio Ara: आरा में कार लवर्स के लिए बड़ी सौगात है. शहर में किंग कार डिटेलिंग स्टूडियो की शुरुआत होने से अब कार मॉडिफिकेशन, पीपीएफ (PPF) और डेंटिंग-पेंटिंग जैसी प्रीमियम सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी. अब जिले के लोगों को अपनी गाड़ियों को नया लुक देने या चमकाने के लिए दिल्ली, पंजाब या पटना जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी. खास बात यह है कि यहां अत्याधुनिक तकनीक के साथ बेहद कम और किफायती कीमत पर ग्राहकों को वर्ल्ड-क्लास क्वालिटी दी जा रही है.

भोजपुर: बिहार के आरा में अब गाड़ी प्रेमियों को अपनी कारों के मॉडिफिकेशन, डेंटिंग-पेंटिंग या पीपीएफ (Paint Protection Film) जैसे प्रीमियम कामों के लिए दिल्ली के करोल बाग या पंजाब के चंडीगढ़ का रुख नहीं करना पड़ेगा. शहर के चंदवा सूर्य मंदिर के समीप शुरू हुए ‘किंग कार डिटेलिंग स्टूडियो’ ने स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करानी शुरू कर दी हैं.

इस स्टूडियो की शुरुआत युवा उद्यमी आदित्य सिंह द्वारा की गई है. उनका कहना है कि आज की युवा पीढ़ी में गाड़ियों को स्टाइलिश और प्रीमियम लुक देने का क्रेज तेजी से बढ़ा है, लेकिन बेहतर सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को दूसरे शहरों में जाकर मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी. अब आरा में ही लोगों को वही सुविधा किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है.

सभी आधुनिक कार्य एक ही छत के नीचे
स्टूडियो में गाड़ियों से जुड़े लगभग सभी आधुनिक कार्य एक ही छत के नीचे किए जा रहे हैं. यहां किसी भी बेस मॉडल कार को पूरी तरह टॉप मॉडल में बदला जा सकता है. इसके अलावा पीपीएफ कोटिंग के जरिए गाड़ियों की पेंट क्वालिटी और चमक को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है. जिससे कार स्क्रैच और धूल-मिट्टी के असर से बची रहती है. इंटीरियर कस्टमाइजेशन के तहत सीट कवर, रूफ डिजाइन, फुल बॉडी और हाफ बॉडी इंटीरियर वर्क जैसी सुविधाएं भी ग्राहक की पसंद और बजट के अनुसार उपलब्ध हैं. साथ ही डेंटिंग और पेंटिंग का काम भी आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल फिनिशिंग के साथ किया जा रहा है.

कम कीमत पर और बेहतर क्वालिटी 
आदित्य सिंह का दावा है कि जो काम पहले लोग दिल्ली या पंजाब जाकर भारी खर्च में करवाते थे. वही काम अब आरा में कम कीमत पर और बेहतर क्वालिटी के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में टाटा नेक्सॉन और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी गाड़ियां भी यहां पीपीएफ और मॉडिफिकेशन के लिए पहुंच चुकी हैं. ग्राहकों से मिले सकारात्मक फीडबैक के बाद स्टूडियो की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. खास बात यह है कि यहां इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट और मशीनें बड़े शहरों के स्टूडियो की तरह ही हाई क्वालिटी की हैं, जिससे काम की फिनिशिंग भी शानदार मिल रही है.

आरा शहर के लिए बड़ी उपलब्धि
स्थानीय युवाओं के लिए यह स्टूडियो रोजगार और नए बिजनेस आइडिया का भी माध्यम बन रहा है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए आरा जैसे शहर में इस तरह की सुविधा शुरू होना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अब भोजपुर और आसपास के जिलों के लोगों को अपनी गाड़ियों को प्रीमियम लुक देने के लिए दूसरे राज्यों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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ग्वालियर में सहायक कुल सचिव परीक्षा आज: तीन परीक्षा केन्द्रों 1277 अभ्यर्थी होंगे शामिल,परीक्षा में जूते-मोजे पहनने पर भी प्रतिबंध – Gwalior News



मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक कुल सचिव परीक्षा-2025 का आयोजन रविवार 17 मई को किया जाएगा। शहर के तीन परीक्षा केन्द्रों पर कुल 1277 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा एक ही सत्र में दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगी।

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नोडल अधिकारी एवं परीक्षा प्रभारी संयुक्त कलेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सुबह 10:30 बजे तक अनिवार्य रूप से पहुंचना होगा। परीक्षा केन्द्रों पर जूते और मोजे पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थी केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही प्रवेश कर सकेंगे।

परीक्षा एक सत्र में आयोजित होगी।

उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, किसी भी प्रकार की घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बेल्ट, बालों में लगाने वाले क्लचर, बक्कल और हाथ के बैंड सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केन्द्र में ले जाना वर्जित रहेगा। परीक्षार्थी केवल पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जा सकेंगे।

113 में कंट्रोल रूम बनाया

परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों की त्रि-स्तरीय जांच की जाएगी। पहले चरण में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। वहीं सभी परीक्षा केन्द्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कलेक्ट्रेट ग्वालियर के कक्ष क्रमांक-113 में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो 17 मई को सुबह 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक लगातार कार्य करेगा। कंट्रोल रूम का संचालन अधीक्षक जिला कार्यालय आर.आई. भगत के निर्देशन में होगा।

शिकायत एवं सुझाव के लिए कंट्रोल रूम दूरभाष नम्बर 0751-2446214 तथा अधीक्षक कलेक्ट्रेट आर.आई. भगत के मोबाइल नम्बर 9425135143 पर संपर्क किया जा सकता है।



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महाराष्ट्र के अमरावती-वर्धा में तापमान 46°C, देश में सबसे गर्म: गुजरात के जंगल सफारी में जानवरों के लिए AC; राजस्थान में आज से फिर हीटवेव


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नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ2 घंटे पहले

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देश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश के बाद हीटवेव की फिर से वापसी हो गई है। हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में शनिवार को तापमान 40°C के ऊपर दर्ज किया गया।

महाराष्ट्र के अमरावती और वर्धा देश के सबसे गर्म शहर रहे। दोनों शहरों का तापमान 46°C रिकॉर्ड हुआ। यवतमाल और ब्रह्मपुरी में 45.2°C पारा रहा। उत्तर प्रदेश में शनिवार को बांदा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8°C दर्ज किया गया।

इधर, गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास स्थित जंगल सफारी (सरदार पटेल जूलॉजिकल पार्क) में जानवरों और पक्षियों के लिए AC, कूलर और स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। पर्यटकों के लिए भी ठंडे पानी और शेड की व्यवस्था की गई है।

राजस्थान में कुछ दिनों की राहत के बाद फिर से भीषण गर्मी लौटने वाली है। मौसम विभाग ने रविवार को कई इलाकों में हीटवेव और 45°C तक तापमान पहुंचने का अलर्ट जारी किया है। फलोदी में शनिवार को राज्य में सबसे ज्यादा 44.8°C तापमान रिकॉर्ड हुआ।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

18 मई:

  • बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।
  • राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है। रातें भी गर्म रहेंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव चलेगी।
  • असम, मेघालय, केरलम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान है।

19 मई:

  • उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भीषण लू चल सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर भी लू चलने की आशंका है।
  • असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी में कुछ जगहों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं चलेंगी।
  • झारखंड में कुछ जगहों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। अरुणाचल प्रदेश में बिजली गिरने की आशंका है।

देशभर में मौसम की 3 तस्वीरें…

प्रयागराज में हीटवेव के कारण स्कूटी पर सवार बच्चे अपने हाथ और कपड़े से चेहरा ढकते दिखे।

प्रयागराज में हीटवेव के कारण स्कूटी पर सवार बच्चे अपने हाथ और कपड़े से चेहरा ढकते दिखे।

बीकानेर में गर्मी से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी गमछा से चेहरा ढककर ड्यूटी करता दिखा।

बीकानेर में गर्मी से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी गमछा से चेहरा ढककर ड्यूटी करता दिखा।

जयपुर में नगर निगम की एंटी-स्मॉग गन से सड़कों पर पानी की फुहारें छोड़ी गईं।

जयपुर में नगर निगम की एंटी-स्मॉग गन से सड़कों पर पानी की फुहारें छोड़ी गईं।

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‘ना कजरे की धार’ से ‘चिट्ठी आई है’ तक, पंकज उधास ने हर एहसास को दिए सुर, बने गजल सम्राट


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गजल की दुनिया में पंकज उधास वह नाम थे, जिन्होंने सुरों को सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि एहसास बना दिया. उनकी आवाज में ऐसा दर्द था, जो टूटे दिलों को सुकून देता था और ऐसी मिठास थी, जो मोहब्बत को और खूबसूरत बना देती थी. ‘चिट्ठी आई है’, ‘ना कजरे की धार’ और ‘थोड़ी-थोड़ी पिया करो’ जैसे गीतों ने उन्हें हर पीढ़ी का पसंदीदा बना दिया. 51 रुपये के छोटे से इनाम से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें गजल सम्राट बना गया। आज भी उनकी गजलों की महफिल सजती है, तो लोग सिर्फ गाने नहीं, अपने जज्बात सुनते हैं.

नई दिल्ली. कभी महफिलों में धीमे-धीमे गूंजने वाली एक आवाज ने पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया था. जब भी दर्द, मोहब्बत, जुदाई या यादों की बात होती, लोगों की जुबां पर सबसे पहले पंकज उधास के गीत आते. ‘चिट्ठी आई है’ सुनते ही आंखें नम हो जातीं, तो ‘ना कजरे की धार’ दिल में प्यार की मिठास घोल देता. पंकज उधास सिर्फ गायक नहीं थे, बल्कि एहसासों को सुरों में ढालने वाले कलाकार थे. उनकी गजलों में ऐसा सुकून और दर्द था, जो सीधे दिल तक पहुंचता था. छोटे से मंच पर 51 रुपये के इनाम से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें गजल की दुनिया का बादशाह बना गया. आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज अब भी हर महफिल, हर टूटे दिल और हर मोहब्बत की कहानी में जिंदा है.

Na Kajre Ki Dhar to Chitthi Aayi Hai Pankaj Udhas gave voice to every feeling became Ghazal emperor

भारतीय संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो वक्त गुजरने के बाद भी लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बसी रहती हैं. ऐसी ही एक आवाज थी मशहूर गजल गायक पंकज उधास की. उनकी गजलें लोगों की भावनाएं हुआ करती थीं. उनकी गायकी में ऐसी मिठास थी, जो सीधे दिल को छू जाती थी.इस महान गायक के सफर की शुरुआत एक छोटे से मंच और सिर्फ 51 रुपये के इनाम से हुई थी.

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पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में एक जमींदार परिवार में हुआ था. वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे. उनके बड़े भाई मनहर उधास और निर्मल उधास पहले से ही संगीत की दुनिया से जुड़े हुए थे. घर में संगीत का माहौल था, इसलिए बचपन से ही पंकज का मन भी सुरों में लगा हुआ था.

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पंकज उधास ने राजकोट की संगीत नाट्य अकादमी में तबला सीखना शुरू किया. बाद में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की भी ट्रेनिंग ली. पढ़ाई के साथ-साथ उनका पूरा ध्यान संगीत पर रहता था. उन्होंने मुंबई से विज्ञान विषय में डिग्री भी हासिल की. हालांकि, उनका असली सपना संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाना था.

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उनकी जिंदगी का सबसे खास किस्सा भारत-चीन युद्ध के समय का है. उस दौरान उनके बड़े भाई मनहर उधास का एक स्टेज शो चल रहा था. छोटे से पंकज ने मंच पर जाकर ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गीत गाया. उनकी आवाज सुनकर वहां मौजूद एक व्यक्ति इतना भावुक हो गया कि उसने मंच पर ही पंकज को 51 रुपये इनाम में दिए. आज के समय में यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन उस दौर में यह उनके लिए बहुत बड़ी बात थी.

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पंकज उधास ने कई इंटरव्यू में कहा कि वही 51 रुपए उनके जीवन का पहला सम्मान था. पंकज के लिए संगीत की दुनिया में पहचान बनाना आसान नहीं था. उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया. उन्हें फिल्मों में पहला मौका साल 1972 में आई फिल्म ‘कामना’ से मिला. फिल्म तो सफल नहीं हुई लेकिन उनकी आवाज लोगों को पसंद आई. इसके बाद उन्होंने गजल गायकी की ओर कदम बढ़ाया. उन्होंने उर्दू सीखी ताकि गजल को सही भाव और अंदाज में गा सकें.

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साल 1980 में उनका पहला गजल एल्बम ‘आहट’ रिलीज हुआ. इस एल्बम ने उन्हें नई पहचान दी. इसके बाद ‘तरन्नुम’, ‘महफिल’ और ‘नायाब’ जैसे एल्बम आए, जिन्होंने उन्हें गजल की दुनिया का बड़ा नाम बना दिया. फिर साल 1986 में फिल्म ‘नाम’ का गाना ‘चिट्ठी आयी है’ आया और पंकज उधास रातोंरात स्टार बन गए. यह गाना आज भी लोगों की आंखें नम कर देता है.

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पंकज उधास ने सिर्फ गजल ही नहीं बल्कि फिल्मों में भी कई यादगार गाने गाए. ‘चांदी जैसा रंग है तेरा’, ‘ना कजरे की धार’, ‘थोड़ी थोड़ी पिया करो’ और ‘चुपके चुपके’ जैसे गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने साल 2006 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा. बाद में उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया. 26 फरवरी 2024 को पंकज उधास ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.

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नीदरलैंड से 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज भारत आएंगे: मोदी की मौजूदगी में समझौता; टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप बनाने वाली डच कंपनी में भी डील


एम्सटर्डम4 घंटे पहले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोल ताम्र पट्टिकाओं को भारत लाने पर समझौता हुआ। ये करीब 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज हैं, जिनमें चोल साम्राज्य से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी है।

समझौते के तहत 11वीं सदी की चोल ताम्र पट्टिकाएं जल्द भारत लाई जाएंगी। यह 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटों का संग्रह है। इनमें ज्यादातर लेख तमिल भाषा में लिखे गए हैं। मोदी ने कहा कि इन पट्टिकाओं में राजा राजेंद्र चोल प्रथम और उनके पिता राजा राजराजा चोल प्रथम से जुड़ी जानकारी दर्ज है।

ताम्र पट्टिकाएं तांबे की बनी प्लेटें होती हैं, जिन पर पुराने समय में अहम बातें लिखी जाती थीं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 19वीं सदी में जब यूरोपीय देश भारत और एशिया के दूसरे हिस्सों में व्यापार और रिसर्च कर रहे थे, उसी दौरान ये दस्तावेज विदेश ले जाई गईं थीं।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच भी समझौता

द हेग में टाटा आयोजित एक कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के बीच भी समझौता हुआ। यह करार सेमीकंडक्टर और चिप तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए है।

ASML दुनिया की प्रमुख चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में शामिल है, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के प्रतिनिधि डील पर साइन कर रहे हैं, जबकि पीएम मोदी और पीएम जेटन पीछे खड़े हैं…

नीदरलैंड के राजा-रानी से मिले पीएम मोदी

मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड के हेग शहर में वहां के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की। यह मुलाकात शाही महल ‘पैलेस हाउस टेन बॉश’ में हुई।

बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों ने शिक्षा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, वाटर मैनेजमेंट और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाने की बात कही।

नीदरलैंड के राजा और रानी ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में रात्रिभोज भी रखा। मोदी ने 2019 में राजा और रानी की भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली थी। पीएम मोदी ने नीदरलैंड सरकार की मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया।

नीदरलैंड के राजा-रानी के साथ PM मोदी।

नीदरलैंड के राजा-रानी के साथ PM मोदी।

पीएम मोदी बोले- भारत में निवेश का अभी सबसे अच्छा समय

नीदरलैंड के हेग शहर में शनिवार को आयोजित CEO राउंड टेबल बैठक में मोदी ने कहा कि भारत में निवेश और कारोबार के लिए यह सबसे अच्छा समय है। उन्होंने बताया कि टैक्स, लेबर कानून और सरकारी व्यवस्था में सुधारों के कारण भारत में मैन्युफैक्चरिंग अब सस्ती और आसान हो गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, जो पहले बड़ा आयात क्षेत्र था, अब भारत का बड़ा निर्यात क्षेत्र बन चुका है। भारत और नीदरलैंड ग्रीन हाइड्रोजन, तकनीक और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाएंगे।

भारत में 300 से ज्यादा डच कंपनियां काम कर रहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसर खोलेगा। साथ ही दोनों देश अपनी साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने डच कंपनियों से भारत में ज्यादा निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 300 से ज्यादा डच कंपनियां पहले से भारत में काम कर रही हैं और भारत तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कारोबार करने वालों को अच्छे मौके और बेहतर परिणाम मिलेंगे।

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मोदी बोले- ये दुनिया के लिए आपदाओं का दशक:पहले कोरोना, फिर युद्ध, अब ऊर्जा संकट, हालात नहीं बदले तो गरीबी के दलदल में फंसेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे पर हैं। उन्होंने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। मोदी ने कहा कि आज मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। ये दशक आपदाओं का दशक बन गया है। दुनिया पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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