राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सात साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर रणजीत दायमा उर्फ रणजीत बंजारा को केरल से गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ ने कार्रवाई को ‘ऑपरेशन यमलकमली’ नाम दिया था। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने राजस्थान से केरल
.
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया- हाल ही ऑपरेशन मदाविकाढ़त के तहत मध्य प्रदेश से गिरफ्तार तस्कर रमेश बंजारा से पूछताछ में रणजीत दायमा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि दोनों आपस में समधी हैं। करीब आठ वर्षों से डोडा-चूरा तस्करी के नेटवर्क में साझेदार के रूप में काम कर रहे थे।
जांच के अनुसार- रमेश बंजारा तस्करी की डील तय करता था, जबकि रणजीत माल की व्यवस्था और सुरक्षित सप्लाई का काम संभालता था। इसके बदले उसे 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कमीशन मिलता था। बड़े सौदों में उसकी कमाई लाखों रुपए तक पहुंच जाती थी।
केरल में बदल ली थी पहचान
एएनटीएफ के अनुसार- रणजीत दायमा पिछले सात वर्षों से केरल के शोरानूर क्षेत्र में रह रहा था। वह भले ही पढ़ा-लिखा नहीं था, लेकिन मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु भाषाओं पर उसकी अच्छी पकड़ थी। स्थानीय लोगों के बीच वह पूरी तरह मलयाली बनकर रह रहा था, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रही।
आरोपी ने केरल के वडकनचेरी क्षेत्र में कंबल बेचने का व्यवसाय शुरू कर रखा था। वह मोटरसाइकिल पर कंबल लादकर आसपास के इलाकों में बिक्री करता था और समय-समय पर राजस्थान तथा मध्य प्रदेश आकर तस्करी नेटवर्क को संचालित कर वापस लौट जाता था।
राजस्थानी कारीगर बनकर पहुंची टीम
रमेश बंजारा से मिले सुराग के बाद एएनटीएफ की टीम केरल पहुंची और कई दिनों तक स्थानीय स्तर पर रेकी की। टीम के सदस्य राजस्थानी कारीगर बनकर इलाके में घूमते रहे ताकि आरोपी को किसी प्रकार का शक न हो।
जांच के दौरान पता चला कि रणजीत उस दिन शोरानूर से करीब 100 किलोमीटर दूर नीलयांमती पहाड़ियों की एक बस्ती में कंबल बेचने गया हुआ है। इसके बाद टीम तत्काल वहां पहुंची और ग्राहक बनकर उससे संपर्क किया।
पुलिस अधिकारियों ने कंबल खरीदने का नाटक करते हुए बड़ी डील का झांसा दिया और उसे अपने कथित सेठ से मिलने के लिए वाहन तक बुला लिया। जैसे ही रणजीत वाहन के पास पहुंचा, टीम ने अपनी पहचान बताकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में डोडा-चूरा की सप्लाई करता था। उसने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं, इसकी जानकारी उसे स्वयं भी नहीं है।
गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ की टीम आरोपी को केरल से राजस्थान लेकर आई। सात वर्षों से फरार चल रहे इस इनामी तस्कर की गिरफ्तारी को एएनटीएफ की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
राजधानी लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में मंगलवार को गायत्री जयंती पर्व मनाया गया। इस अवसर पर अलीगंज के एनीमेशन सेंटर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की गई। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक काशी प्रसाद ने बताया कि गायत्री जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सेवा, सद्भाव और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक साधना और यज्ञ से समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और मानवता की भावना का विस्तार होता है। पांच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों का आयोजन काशी प्रसाद ने आगे जानकारी दी कि गायत्री जयंती के मुख्य आयोजन 24 जून को प्रातः 7 बजे से शक्तिपीठ के गर्भगृह में शुरू होंगे। इन आयोजनों में श्रद्धालु दर्शन-प्रणाम के साथ पाँच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और गायत्री परिवार के सदस्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर युगऋषि के विचार-यज्ञ में सहभागी बनें। काशी प्रसाद के अनुसार, सामूहिक उपासना, प्रार्थना और संस्कारों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।
Oil-Free Pakoras Recipe: अगर आप पकौड़ों का स्वाद लेना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा तेल से बचना चाहते हैं, तो बिना तेल या बहुत कम तेल में बनने वाले कुरकुरे पकौड़े बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं. एयर फ्रायर या ओवन की मदद से तैयार होने वाली यह आसान रेसिपी स्वाद और सेहत का संतुलन बनाए रखती है. हेल्दी और क्रिस्पी पकौड़े बनाने का तरीका आसान है.
ओवन या एयर फ्रायर में बिना तेल के कुरकुरे पकौड़े बना सकते हैं.
Perfect Oil-Free Pakoras Recipe: बरसात का मौसम शुरू हो गया है. बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम पकौड़ों की बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है. कई लोग ज्यादा तेल में तले हुए पकौड़े खाने से बचते हैं. ऐसे में अगर आप भी हेल्दी तरीके से पकौड़ों का स्वाद लेना चाहते हैं, तो बिना तेल या बहुत कम तेल में कुरकुरे पकौड़े बनाने का तरीका आपके लिए बेहद काम आ सकता है. खास बात यह है कि इन पकौड़ों का स्वाद भी किसी डीप फ्राई पकौड़े से कम नहीं लगता. चलिए जानते हैं पकौड़े बनाने की अनोखी रेसिपी, जो आपको मानसून में भरपूर आनंद देगी.
बिना तेल के पकौड़े बना सकते हैं?
फूड एक्सपर्ट्स की मानें तो आजकल एयर फ्रायर, ओवन और नॉन-स्टिक पैन की मदद से पकौड़े बिना डीप फ्राई किए भी बनाए जा सकते हैं. इस तरीके से पकौड़े कम तेल में तैयार होते हैं, जिससे इनमें अतिरिक्त फैट की मात्रा भी कम हो सकती है. सही बैटर और सही तापमान का इस्तेमाल करके आप इन्हें बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बना सकते हैं.
पकौड़े बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस आसान रेसिपी के लिए 1 कप बेसन, 1 बारीक कटा प्याज, 1 हरी मिर्च, थोड़ा सा हरा धनिया, आधा चम्मच अजवाइन, स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर और जरूरत के अनुसार पानी लें. आप चाहें तो इसमें पालक, पत्तागोभी या अन्य सब्जियां भी मिला सकते हैं. इन सभी चीजों से आप कुरकुरे और टेस्टी पकौड़े तैयार कर सकते हैं.
ऐसे तैयार करें पकौड़े का बैटर
एक बड़े बर्तन में बेसन, प्याज, हरी मिर्च, धनिया और मसाले डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा बैटर तैयार करें. ध्यान रखें कि बैटर बहुत पतला न हो, क्योंकि इससे पकौड़े कुरकुरे नहीं बन पाएंगे. अब बैटर को 10 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे मसालों का स्वाद अच्छी तरह मिल जाता है और पकौड़ों की बनावट भी बेहतर होती है.
एयर फ्रायर में बनाएं कुरकुरे पकौड़े
एयर फ्रायर को पहले से 180 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट कर लें. अब बैटर के छोटे-छोटे हिस्से एयर फ्रायर ट्रे में रखें. चाहें तो ऊपर से ब्रश की मदद से बहुत हल्का तेल लगा सकते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है. पकौड़ों को 12 से 15 मिनट तक पकाएं और बीच में एक बार पलट दें. कुछ ही मिनटों में आपके कुरकुरे पकौड़े तैयार हो जाएंगे.
ओवन में भी बना सकते हैं पकौड़े
अगर आपके पास एयर फ्रायर नहीं है, तो ओवन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. बेकिंग ट्रे पर बटर पेपर लगाएं और बैटर के छोटे हिस्से रख दें. 200 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 20 मिनट तक बेक करें. बीच में एक बार पलटने से पकौड़े समान रूप से कुरकुरे बनते हैं. पकौड़ों के बैटर में थोड़ा सा चावल का आटा या सूजी मिलाने से वे ज्यादा कुरकुरे बन सकते हैं. इसके अलावा अजवाइन और हरी मिर्च का इस्तेमाल स्वाद को और बेहतर बना देता है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
बक्सर में 24 जून को मद्य निषेध विभाग सिपाही भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर में व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, बक्सर ने विशेष यातायात निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था 24 जून को सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। ट्रैक्टर, बस, पिकअप और चार पहिया पर रोक जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा के दौरान बक्सर शहर में दो पहिया वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध रहेगा। बड़ी गाड़ियों, ट्रैक्टर, बस, पिकअप और चार पहिया वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली परेशानी को कम करना है। वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित पुलिस प्रशासन ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया है। गोलंबर से बाईपास, ज्योति चौक, आईटीआई रोड, मठिया मोड़ और चानी कुटिया तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। वहीं, स्टेशन रोड, अंबेडकर चौक, सिंडिकेट और इटाढ़ी बाजार की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इटाढ़ी की ओर जाने और वहां से आने वाली गाड़ियों के लिए भी विशेष मार्ग तय किया गया है, ताकि शहर के अंदर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। स्कॉर्पियो माता मंदिर से पाण्डेय पट्टी गुमटी की ओर आने वाले सभी चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किला मैदान के पीछे पार्किंग स्थल बनाया वाहनों की पार्किंग के लिए भी अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। ट्रैक्टर, पिकअप, बस और चार पहिया वाहनों के लिए बुद्ध भवन, आरसीडी मैदान, बाजार समिति, गोलंबर पार्किंग स्थल और इटाढ़ी गुमटी से पहले दक्षिण रेलवे मैदान तय किया गया है। दो पहिया, तीन पहिया और मोटरसाइकिल के लिए किला मैदान और किला मैदान के पीछे पार्किंग स्थल बनाया गया है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि 24 जून को अनावश्यक रूप से चार पहिया वाहन लेकर शहर में प्रवेश न करें और जारी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी में मोहर्रम के त्योहार को शांति और सुरक्षा के साथ पूरा कराने के लिए मंगलवार शाम 7 बजे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल की अगुवाई में निकले इस मार्च का मकसद आम जनता में सुरक्षा का भरोसा जगाना और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों को सख्त संदेश देना था। इस फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एजेके डीएसपी नीलेश्वरी डावर, बड़वानी तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ और रक्षित निरीक्षक बलजीत सिंह सहित करीब 150 पुलिस जवान शामिल हुए। जिले के बड़े अधिकारियों ने खुद सड़क पर उतरकर सुरक्षा के इंतजामों को देखा और जायजा लिया। मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च यह फ्लैग मार्च बड़वानी के मुख्य बाजारों, ताजिए के पारंपरिक रास्तों और भीड़-भाड़ वाले मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। मार्च के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा के इंतजामों को बारीकी से परखा और संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए। साथ ही, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी प्रशासन ने लोगों को साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट शेयर न करें। शहर की शांति व्यवस्था में बाधा डालने वाली किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी पल-पल की नजर आने वाले त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ताजिए के पूरे रास्ते को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। किसी भी अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम पूरी तरह मुस्तैद है।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पंजीकृत भवन एवं निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत दिल्ली के करीब 2.70 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों सहित लगभग 10 लाख लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, श्रमिक और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों और उनके पात्र परिवारजनों- पति या पत्नी, बच्चों तथा माता-पिता को सूचीबद्ध अस्पतालों और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को दो लाख रुपए तक के उपचार की सुविधा मिलेगी, जबकि परिवार के लिए यह सीमा 10 लाख रुपए तक होगी। उपचार पूरी तरह कैशलेस होगा। जीवन साथियों का भी होगा वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण इसके अलावा श्रमिकों और उनके जीवन साथियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। योजना में मुफ्त ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, जांच एवं लैब सुविधाएं, आपातकालीन चिकित्सा सहायता, रेफरल सेवाएं तथा निर्माण स्थलों और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार लाभार्थियों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे और सेवाओं की निगरानी के लिए आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। श्रमिकों की सहायता के लिए 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर हर वर्ष करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना की खास बातें…
Europe Heatwave 2026 Crisis Alert; France Alcohol Ban | Italy Spain UK Portugal Heat Situation
पेरिस, लंदन, मैड्रिड1 घंटे पहले
कॉपी लिंक
यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन समेत 15 देशों में गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है।
फ्रांस के आधा से ज्यादा हिस्से में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। फ्रांस की मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार रात देश ने 1947 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद की सबसे गर्म रात दर्ज की। फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। इसकी वजह यह है कि प्लांट को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गारोन नदी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
फ्रांस में गर्मी की 5 तस्वीरें देखें
पेरिस में लगातार दूसरी हीटवेव (लू) के दौरान एफिल टॉवर के पास ट्रोकाडेरो स्क्वायर पर एक महिला धूप से बचने की कोशिश करती हुई।
पेरिस में हीटवेव के साए में मनाए जा रहे नेशनल म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान एक महिला पानी की बौछार के नीचे से गुजरती हुई।
फ्रांस के बोर्डो शहर में सालाना ‘फेट डी ला म्यूजिक’ (स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल) के दौरान भीषण गर्मी से बचने के लिए एक महिला ‘मिस्ट स्प्रेयर’ (पानी की बौछार) से खुद को राहत देती हुई।
पेरिस की सेंट-मार्टिन नहर के किनारे बैठे लोग। गर्मी बढ़ने के कारण नहर के एक हिस्से में पहले सार्वजनिक तैराकी की अनुमति दी गई थी।
फ्रांस में 40 से ज्यादा लोग डूबे
फ्रांस के प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में उतरने के दौरान पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं।
भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया।
यह म्यूजिक फैसटीवल हर साल पूरे फ्रांस में आयोजित होता है। इसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरकर हिस्सा लेते हैं। सरकार को आशंका थी कि अत्यधिक गर्मी में शराब का सेवन लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में यह प्रतिबंध लागू किया गया।
फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा हीटवेव की गंभीरता अगस्त 2003 की गर्मी से काफी मिलती-जुलती है। 2003 में फ्रांस में 16 दिनों तक चली भीषण हीटवेव के कारण करीब 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसे यूरोप के इतिहास की सबसे घातक गर्मी की घटनाओं में गिना जाता है।
ब्रिटेन में टूट सकता है 50 साल पुराना रिकॉर्ड
ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को तापमान 39°C से अधिक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जून का 35.6°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा, जो 1976 में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिक नमी के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा।
मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है। यह चेतावनी तब जारी की जाती है जब गर्मी लोगों के स्वास्थ्य, परिवहन और जरूरी सेवाओं पर गंभीर असर डाल सकती है। ब्रिटेन में ट्रॉपिकल नाइट्स की स्थिति बनने की आशंका है। यानी रात में भी तापमान 20°C से नीचे नहीं जाएगा।
लंदन में भीषण गर्मी के बीच हाउस ऑफ पार्लियामेंट (संसद भवन) के पास हाथ का पंखा इस्तेमाल करती एक महिला।
इटली के मिलान में मेंस फैशन वीक के दौरान एक व्यक्ति गर्मी से राहत पाने के लिए पंखे के सामने खड़ा है।
स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली भी बेहाल
स्पेन के कई हिस्सों में तापमान 38-40°C से ऊपर बना हुआ है। कुछ हिस्से में रविवार रात से सोमवार सुबह तक तापमान 30°C से नीचे नहीं गया। मौसम विभाग के मुताबिक यह ट्रॉपिकल नाइट की स्थिति है, जब रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती।
जर्मनी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। एक हफ्ते में नदी में नहाने से 5 लोगों की मौत हो गई। बवेरिया की झीलों में 2 युवकों की डूबने से मौत हुई, जबकि बाल्टिक सागर में एक महिला की जान चली गई।
बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा गर्मी देश के इतिहास की सबसे भीषण हीटवेव बन सकती है। तापमान बढ़ने के कारण कई स्कूलों ने आधे दिन की क्लास शुरू कर दी हैं।
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। बुधवार को यह संख्या बढ़कर 16 हो सकती है। रोम में नई इलेक्ट्रिक बसों की बैटरियां तेजी से खत्म हो रही हैं, क्योंकि एयर कंडीशनर लगातार चलाने पड़ रहे हैं।
क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी की बड़ी वजह हीट डोम और ओमेगा ब्लॉक का एक साथ बनना है। ओमेगा ब्लॉक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें हवा का बहाव सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ पाता।
इसके कारण हीट डोम बनता है, जो ढक्कन की तरह गर्म हवा को जमीन के ऊपर फंसा देता है। गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और कई दिनों तक तापमान लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है।
मौजूदा हालात की तुलना अगस्त 2003 की ऐतिहासिक यूरोपीय हीटवेव से की जा रही है। उस दौरान 16 दिनों तक चली गर्मी के कारण पूरे यूरोप में लगभग 80 हजार मौतें हुई थीं।
यूरोप में केवल 20% घरों में AC
वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो स्थिति भी इस गर्मी को बढ़ा रही है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि कोयला, तेल और गैस के लगातार उपयोग से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके कारण हीटवेव जैसी घटनाएं पहले के मुकाबले अधिक बार, लंबे समय तक और अधिक तीव्र रूप में देखने को मिल रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के अधिकांश घरों में एयर कंडीशनर (AC) नहीं होने के कारण लोगों को गर्मी से बचने में ज्यादा कठिनाई हो रही है। यूरोप में केवल करीब 20% घरों में AC हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा लगभग 90% है। ऐसे में लंबे समय तक पड़ने वाली गर्मी का असर लोगों की सेहत पर ज्यादा पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है।
———————-
ये खबर भी पढ़ें…
ब्रिटेन में सबसे पुराने भारतीय-रेस्तरां पर बंद होने का खतरा:वीरास्वामी की 100 साल पुरानी लीज खत्म, मालिक कोर्ट पहुंचे
लंदन की रीजेंट स्ट्रीट पर पिछले 100 साल से चल रहा भारतीय रेस्तरां वीरास्वामी अब बंद होने के खतरे का सामना कर रहा है।
ब्रिटेन में मौजूद सबसे पुराने भारतीय रेस्तरां वीरास्वामी पर बंद होने का खतरा बढ़ गया है। जिस इमारत में यह रेस्तरां चलता है, उसका मालिक क्राउन एस्टेट है। क्राउन एस्टेट ब्रिटेन की एक बड़ी सरकारी संपत्ति संस्था है, जो राजा या रानी के नाम पर चलती है। पूरी खबर पढ़ें
आज दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक हैं. सफलता के जिस मुकाम पर वह आज हैं, इसके पीछे लंबी तैयारी और कड़ी मेहनत छिपी थी. अपनी पहली फिल्म पाने के लिए उन्होंने इतनी ही मेहनत की थी. इस बात का खुलासा खुद फिल्ममेकर फराह खान ने किया है.
नई दिल्ली. दीपिका पादुकोण ने एक्टिंग की दुनिया में कदम साल 2007 में आई फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से की थी. इस फिल्म में उन्होंने शांति का किरदार निभाकर इतिहास रच दिया था. लेकिन फराह खान ने खुलासा किया है इसके लिए उन्होंने बहुत ट्रेनिंग देनी पड़ी थी.
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने साल 2007 में आई फिल्म ओम शांति ओम से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में फराह खान ने उन्हें लॉन्च करने के लिए जी तोड़ मेहनत की थी.शाहरुख खान के साथ पहली फिल्म मिलना दीपिका के लिए भी आसान नहीं था.
फराह ने बताया कि उन्होंने दीपिका को एक्टिंग सीखने के लिए भेजा था, उन्हें कथक डांस की ट्रेनिंग दी गई उसके बाद भी 10 दिन सेट पर बुलाया गया था. दरअसल, फराह खान हाल ही में अपने कुकिंग व्लॉग के एक एपिसोड के लिए दीया मिर्जा के घर गई थीं.
Add News18 as Preferred Source on Google
इसी दौरान उन्होंने बताया था कि बॉलीवुड में डेब्यू के लिए दीपिका को क्या करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि पादुकोण को फिल्म ओम शांति ओम के लिए कास्ट किया था तो पहले उन्हें अनुपम खेर के एक्टिंग स्कूल भेज दिया गया था. उन्हें एक्टिंग की क्लासेस दी गई थी. तब जाकर उन्हें दीपिका से शांति बनाया था.
इस पर फराह खान ने दीपिका पादुकोण के डेब्यू के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि दीपिका को ओम शांति ओम शुरू होने से पहले करीब 3 से 4 महीने तक ट्रेनिंग दी गई थी. सबसे पहले उन्हें अनुपम खेर की एक्टिंग क्लास में भेजा गया.
इसके अलावा उनके कई लुक टेस्ट भी किए गए ताकि उनके किरदार को बेहतर से बेहतर तरीके से पेश किया जा सके. उन्होंने ये खुलासा भी किया कि दीपिका की शूटिंग बाकी स्टार के 10 दिन बाद शुरू करवाई गई थी, क्योंकि इन 10 दिनों में दीपिका सिर्फ ऑब्जर्व करती थीं, कौन कैसे काम कर रहा है.
फराह चाहती थीं कि किसी को ये न लगे कि शाहरुख के सामने कोई नई लड़की कंप्लीट नहीं कर पाई, या शाहरुख के साथ अनफेयर लगे. वह उनकी हीरोइन के तौर पर उन्हें एक्टिंग के लिए तैयार कर रही थीं.
फराह ने ये भी खुलासा किया कि दीपिका को इस दौरान काफी कुछ सीखने को मिला और उसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म में उन्होंने बेहतरीन काम किया. ओम शांति ओम में दीपिका और शाहरुख खान दोनों ने डबल रोल निभाया था. ये साल 2007 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही थी. यहीं से दीपिका के करियर को नई उड़ान मिली थी.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Redmi का एक और बजट फ्रेंडली फोन लॉन्च हो गया है। रेडमी का यह स्मार्टफोन 5160mAh की दमदार बैटरी के साथ पेश किया गया है। Redmi 17c के बारे में पिछले कुछ समय से लीक रिपोर्ट सामने आ रही थी। यह पिछले साल आए Redmi 15c का अपग्रेड है। फोन के हार्डवेयर में बड़ा अपग्रेड देखने को मिलेगा। साथ ही, कंपनी ने फोन के डिजाइन में भी बदलाव किया है।
Redmi 17c की कीमत
रेडमी का यह स्मार्टफोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 799 यानी लगभग 12,000 रुपये है। वहीं, इसके टॉप वेरिएंट की कीमत CNY 899 यानी लगभग 13,000 रुपये है। इसे ब्लैक, डानेक्सिया रेड और सी ब्रीज ब्लू कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है।
Redmi 17c के फीचर्स
चीनी कंपनी का यह स्मार्टफोन 6.88 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूसन 720 x 1620 पिक्सल है। डिस्प्ले का रिफ्रेश रेट 120Hz है और 240Hz टच सैम्पलिंग रेट को सपोर्ट करता है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 600 निट्स तक की है। इस स्मार्टफोन में कंपनी ने ऑक्टाकोर MediaTek Helio G81 Ultra चिपसेट दिया है। इसके साथ 4GB रैम और 128GB स्टोरेज तक का सपोर्ट मिलेगा।
इस स्मार्टफोन के बैक में 13MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसके साथ 5MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा। कनेक्टिविटी के लिए इस फोन में 4G, VoLTE, WiFi 6, Bluetooth 5.4, 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मिलेगा। यह फोन 5,160mAh की बैटरी के साथ आता है। इसके साथ 18W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलेगा। फोन Android 16 पर काम करता है।
Redmi 15c के फीचर्स
Redmi 15c को भी कंपनी ने MediaTek Helio G81 Ultra चिपसेट के साथ लॉन्च किया था। इसमें 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। रेडमी का यह बजट फोन 6.9 इंच का डिस्प्ले मिलता है। इस फोन का डिस्प्ले भी 120Hz रिफ्रेश रेट और 660 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है।
रेडमी के इस फोन के बैक में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है। वहीं, सेल्फी के लिए 8MP का कैमरा मिलेगा। यह स्मार्टफोन 6000mAh की दमदार बैटरी को सपोर्ट करता है। इसके साथ 33W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है।
आयरन-प्रोटीन का पावरहाउस है ये देसी सब्जी, स्वाद ऐसा कि भूल जाएंगे पनीर-मशरूम
Charota Bhaji Dal Sabzi Recipe: अगर आप जिम जाते हैं और कुछ हेल्दी खाना चाहते हैं तो छत्तीसगढ़ की देसी डिश बना सकते हैं. यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना माने जाते हैं. इन्हीं में से एक चरोटा भाजी और दाल की सब्जी है. यह खासतौर पर बरसात के मौसम में बनाई जाती है. चरोटा भाजी खेतो में मिलती है. इसे प्रोटीन से भरपूर अरहर दाल के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है. इस खास रेसिपी में लहसुन, हरी मिर्च, प्याज और टमाटर का देसी तड़का लगाया जाता है, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देता है. इसे चावल या रोटी के साथ खाया जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार चरोटा भाजी में आयरन, फाइबर कूट-कूटकर भरा जाता है, जबकि दाल शरीर को भरपूर प्रोटीन देती है. कम मसालों में तैयार यह डिश बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।