Saturday, May 23, 2026
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महाराष्ट्र स्टाइल पावभाजी दुनियाभर में क्यों खास मानी जाती है? जानें इसे बनाने का तरीका


महाराष्ट्र, खासकर मुंबई, अपनी स्ट्रीट फूड कल्चर के लिए जाना जाता है और उन्हीं में से एक सबसे लोकप्रिय डिश है पावभाजी. यह डिश सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पसंद की जाती है. इसका मसालेदार स्वाद, बटर की खुशबू और सॉफ्ट पाव इसे बेहद खास बनाते हैं.

पावभाजी फेमस क्यों है?
1. जबरदस्त मसालेदार स्वाद
महाराष्ट्रा स्टाइल पावभाजी का स्वाद अलग होता है क्योंकि इसमें खास पावभाजी मसाला इस्तेमाल किया जाता है. यह मसाला सब्जियों को तीखा, चटपटा और खुशबूदार बनाता है.

2. बटर का भरपूर इस्तेमाल
मुंबई की पावभाजी में बटर खुलकर डाला जाता है, जिससे इसका टेस्ट और भी रिच और लाजवाब हो जाता है.

3. हेल्दी + टेस्टी कॉम्बिनेशन
इसमें कई सब्जियां जैसे आलू, टमाटर, फूलगोभी, मटर और शिमला मिर्च मिलती हैं, जो इसे पोषक भी बनाती हैं.

4. स्ट्रीट फूड का आकर्षण
मुंबई की सड़कों पर बड़े तवे पर बनती पावभाजी का तरीका ही इसे यूनिक बनाता है, तेज आंच, लगातार मैशिंग और ताजगी इसका स्वाद बढ़ाते हैं.

पावभाजी बनाने की सामग्री
आलू – 3 उबले हुए
फूलगोभी – 1 कप
मटर – 1/2 कप
टमाटर – 3 बारीक कटे
प्याज – 1 बारीक कटा
शिमला मिर्च – 1 बारीक कटी
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 चम्मच
पावभाजी मसाला – 2 चम्मच
हल्दी – 1/2 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच
नमक – स्वादानुसार
बटर – 3–4 बड़े चम्मच
हरा धनिया – सजाने के लिए
नींबू – 1

बनाने की विधि
1. सब्जियां उबालें
आलू, फूलगोभी और मटर को कुकर में उबाल लें. फिर इन्हें अच्छे से मैश कर लें.

2. मसाला तैयार करें
एक कढ़ाई या तवे पर बटर गर्म करें. उसमें प्याज डालकर हल्का ब्राउन करें.
अब अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर भूनें.

3. टमाटर और मसाले डालें
अब कटे टमाटर डालें और उन्हें अच्छी तरह गलने दें. फिर हल्दी, लाल मिर्च, नमक और पावभाजी मसाला डालकर मिलाएं.

4. सब्जियां मिलाएं
अब मैश की हुई सब्जियां इसमें डालें और अच्छे से मिलाएं. थोड़ा पानी डालकर 10–15 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं. बीच-बीच में मैश करते रहें.

5. फाइनल टच
ऊपर से बटर डालें और हरे धनिये से सजाएं. आपकी भाजी तैयार है.

पाव तैयार करें
एक तवे पर थोड़ा बटर गर्म करें और पाव को बीच से काटकर सेक लें जब तक वे हल्के क्रिस्पी न हो जाएं.

परोसने का तरीका
गरमा-गरम भाजी को प्लेट में निकालें, ऊपर से बटर डालें, साथ में पाव, प्याज और नींबू के टुकड़े रखें.



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महाकाल की नगरी में 20 रुपये में दिखी अंतरिक्ष की अद्भुत दुनिया


धार्मिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला मध्य प्रदेश का उज्जैन अब विज्ञान और खगोल अध्ययन के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है. शहर की प्राचीन जीवजी वैधशाला, डोंगला स्थित वराहमिहिर वैधशाला, तारामंडल और विज्ञान केंद्र अब विज्ञान और अंतरिक्ष में रुचि रखने वालों के लिए खास आकर्षण बनते जा रहे हैं. इसी कड़ी में प्राचीन जीवजी वैधशाला में 21 मई से विशेष खगोलीय अवलोकन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जो 28 मई तक जारी रहेगा. इस कार्यक्रम के जरिए लोग आधुनिक उपकरणों की मदद से ग्रहों, तारों और आकाशीय घटनाओं को करीब से देख और समझ सकेंगे.

इस खास आयोजन में देश-विदेश से उज्जैन पहुंचे पर्यटक और विज्ञान प्रेमी अंतरिक्ष की अनोखी दुनिया से रूबरू हो रहे हैं. 8 इंच के शक्तिशाली टेलिस्कोप के जरिए उन्हें चंद्रमा की सतह पर बने विशाल गड्ढों के साथ बृहस्पति ग्रह और उसके उपग्रहों के रोमांचक दृश्य देखने का अवसर मिल रहा है, जो लोगों के लिए यादगार अनुभव बन रहा है.

रोचक जानकारी से खिल रहे चेहरे 
वैधशाला में पहले ही दिन उत्साह का अनोखा नजारा देखने को मिला. यहां पहुंचे पर्यटक और विद्यार्थी सिर्फ आसमान नहीं देख रहे, बल्कि ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से महसूस कर रहे हैं. मौके पर मौजूद गाइड रोचक अंदाज में ग्रहों और अंतरिक्ष से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियां साझा कर रहे हैं, जिससे लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 साल से कम उम्र के बच्चों की एंट्री नहीं रखी गई है. वैधशाला के अधीक्षक के अनुसार यहां शुक्र, बृहस्पति और बढ़ते चंद्रमा का भी अवलोकन कराया जा रहा है, जो विज्ञान और आस्था के अद्भुत संगम को दर्शा रहा है.

पर्यटक ने कहा ऐसा भी सभव 
वैधशाला मे अंतरिक्ष का सुंदर नज़ारा देखने आए कक्षा पांचवी के छात्र हनी ने बताया कि जब मैंने पहली बार टेलीस्कोप से आसमान को करीब से देखा, तो नजारा किसी सपने से कम नहीं लगा. चंद्रमा की सतह पर बने गहरे गड्ढे साफ नजर आ रहे थे और बृहस्पति अपने उपग्रहों के साथ अद्भुत दिखाई दे रहा था. जिन्हें अब तक सिर्फ किताबों में पढ़ा था, आज उन्हें अपनी आंखों से देखकर मन रोमांच और उत्साह से भर गया.

आसमान की अनंत दुनिया को करीब से देखने के बाद पर्यटकों की खुशी देखते ही बन रही थी. वैधशाला मे आए दूसरे छात्र कक्षा सातवीं में पढ़ने वाले प्रिंस ने बताया कि, यह अनुभव इतना खास था कि इसे शब्दों में पूरी तरह बयां करना मुश्किल है. जो नजारे उन्होंने टेलिस्कोप से देखे, उन्हें वे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करेंगे और यहां आने की सलाह देंगे. वहीं विकास ने कहा कि 8 दिनों की यह खास सुविधा हर किसी को जरूर लेना चाहिए, क्योंकि यह अनुभव बेहद रोचक और यादगार रहा.

जानिए कैसे दिख रहे है चाँद-सितारे 
जीवजी वैधशाला अधीकक्ष राजेंद्र गुप्त कहते है कि, जैसे ही शाम ढलती है, आसमान एक अद्भुत खगोलीय कहानी सुनाने लगता है. सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में लट्टू की तरह चमकता शुक्र ग्रह नजर आता है, वहीं उससे ऊपर चमकदार बृहस्पति अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है. इस नजारे को और खास बनाता है शुक्ल पक्ष का हर दिन बढ़ता चंद्रमा. तीनों खगोलीय पिंड मिलकर आकाश प्रेमियों के लिए रोमांच और जिज्ञासा से भरा शानदार दृश्य तैयार कर रहे हैं.

20 रूपये मे हो रही अंतरिक्ष की सैर 
गर्मी की छुट्टियों में आसमान के रहस्यों को करीब से देखने का खास मौका मिल रहा है. शासकीय जीवाजी वैधशाला उज्जैन ने 8 दिवसीय “ग्रीष्मकालीन आकाशीय अवलोकन” कार्यक्रम शुरू किया है. हर शाम 7 से 9 बजे तक लोग सिर्फ 20 रुपये में टेलीस्कोप से चांद, ग्रह और अंतरिक्ष के अद्भुत नजारे देख सकेंगे. हालांकि शुक्र ग्रह की स्थिति नीचे होने से उसे केवल रात 8 बजे तक ही देखा जा सकेगा. साफ आसमान होने पर यह अनुभव और भी खास बनेगा.



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बिजनौर में गर्मी का कहर, दोपहर में सूनी सड़कें: अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पानी में राहत तलाशते दिखे बाघ और हाथी; बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी – Bijnor News




बिजनौर जिले में शनिवार को भी भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप जारी रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर में शहर की सड़कें सूनी नजर आईं। लोग घरों में रहने को मजबूर रहे, जबकि कई इलाकों में बिजली कटौती ने परेशानी और बढ़ा दी। जिले में मई की शुरुआत से ही गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। बीच-बीच में हुई हल्की बारिश और हवाओं से कुछ दिनों तक राहत जरूर मिली थी, लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार तापमान ऊंचा बना हुआ है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि शनिवार दोपहर अचानक चली हल्की ठंडी हवा से कुछ देर के लिए राहत महसूस की गई। गर्मी से बचने के लिए लोग कर रहे उपाय भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग सिर पर कपड़ा और टोपी लगाकर बाहर निकल रहे हैं। वहीं आइसक्रीम, जूस, नींबू पानी और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से लोग बच रहे हैं, जिसके चलते दोपहर में बिजनौर शहर की सड़कें लगभग खाली दिखाई दीं। बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या कम रही। कारोबार और मजदूरों पर असर गर्मी का असर कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों में सन्नाटा रहने से दुकानदार खाली बैठे नजर आए। सबसे ज्यादा दिक्कत उन मजदूरों को हो रही है, जो तपती धूप में काम करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी का असर वन्यजीवों पर भी देखने को मिला। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ और हाथी पानी पीते और उसमें चहलकदमी करते नजर आए। वन्यजीव पानी में रहकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। तीन दिन का तापमान रिकॉर्ड कृषि अनुसंधान केंद्र नगीना के अनुसार जिले में पिछले तीन दिनों का तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया— 20 मई: अधिकतम 41.0°C, न्यूनतम 23.6°C 21 मई: अधिकतम 41.2°C, न्यूनतम 23.8°C 22 मई: अधिकतम 40.6°C, न्यूनतम 23.9°C वहीं सापेक्ष आर्द्रता 80 से 86 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई, जिससे उमस और अधिक बढ़ गई।



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Anupam Kher Exclusive: अनुपम खेर ने खोले थिएटर के वो राज… जो फिल्मों में कभी नहीं दिखते!


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Anupam Kher Exclusive: अनुपम खेर ने खोले थिएटर के वो राज… जो फिल्मों में कभी नहीं दिखते, देखें पूरा इंटरव्यू

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Anupam Kher Exclusive: अनुपम खेर ने खोले थिएटर के वो राज… जो फिल्मों में कभी नहीं दिखते, देखें पूरा इंटरव्यू

 

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Anupam Kher Exclusive Interview: दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने News18 India को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपने थिएटर और फिल्मी सफर से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि फिल्मों में आने के बावजूद उन्होंने थिएटर कभी नहीं छोड़ा, क्योंकि यह उन्हें लगातार जिंदगी और दर्शकों से जोड़कर रखता है. उनके मुताबिक थिएटर की सबसे बड़ी ताकत इसकी लाइव एनर्जी है, जहां हर शो अलग होता है और ऑडियंस का रिएक्शन उसी वक्त सामने आता है, जबकि फिल्मों में रीटेक और एडिटिंग का विकल्प होता है. अनुपम खेर ने बताया कि थिएटर उन्हें हमेशा एक्टिव और क्रिएटिव बनाए रखता है, और जब भी लगता है कि अभिनय में ठहराव आ रहा है, तो थिएटर उसे फिर से नया जीवन देता है. उन्होंने अपने स्कूल और शुरुआती थिएटर के दिनों को याद करते हुए कई मजेदार किस्से भी सुनाए, जहां स्टेज पर हुई गलतियां और अनप्रेडिक्टेबल मोमेंट्स आज भी उनके लिए यादगार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि थिएटर और फिल्मों का अनुभव अलग जरूर है, लेकिन दोनों ने उनके अभिनय को अलग-अलग तरीके से निखारा है. आज के दौर में उन्होंने युवा कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि नए एक्टर्स उन्हें ऊर्जा देते हैं और आज की इंडस्ट्री में लगातार खुद को साबित करना जरूरी हो गया है क्योंकि दर्शकों के पास अब बहुत विकल्प मौजूद हैं.



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भोजपुर में 2 बाइकों की आपस में टक्कर: हादसे में राजमिस्त्री की मौत, घर से काम पर जाने के लिए निकले थे; आरोपी मौके से फरार – Bhojpur News




आरा-अरवल मार्ग पर दो बाइकों की आपसी टक्कर हो गई। हादसे में एक अधेड़ की मौत हो गई। दूसरा बाइक सवार गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान पवना वार्ड नंबर-1 निवासी भरत पंडित(40) के तौर पर हुई है। पेशे से राजमिस्त्री था। मृतक के बेटे रामाशंकर ने बताया कि रोज की तरह शनिवार की सुबह काम करने के लिए रन्नी गांव जा रहे थे। रास्ते में पीछे से आ रही गाड़ी ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। इलाज के लिए पहले ग्रामीण डॉक्टर के पास ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर में मचा कोहराम टाउन पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार में पत्नी सुभद्रा देवी, चार पुत्री पिंकी, प्रियंका, रिंकी, प्रीति और दो पुत्र रवि शंकर, रामाशंकर है। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।



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नरसिंहपुर में दो सड़क हादसे, 2 की मौत: NH-44 पर ट्रक पलटा, टवेरा में टक्कर से 4 घायल – Narsinghpur News




नरसिंहपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर शनिवार को कुछ घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। इन दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। पहली दुर्घटना बरमान चौकी क्षेत्र के ग्राम सगरी के पास हुई। यहां एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में ट्रक में सवार चालक और परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी घटना ग्राम सगरी और बीतली के बीच हुई। यहां एक अज्ञात ट्रक ने टवेरा वाहन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टवेरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर के बाद टवेरा में सवार चार लोगों को चोटें आईं। पीछे बैठे दो लोग लगभग 15 मिनट तक क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। मृतकों के नाम गणपत और निरंजन बताई जा रहे हैं जो कि आगरा उत्तरप्रदेश के निवासी हैं, पुलिस परिजनों से संपर्क कर पता शादी करने का प्रयास कर रही है। विस्तृत जानकारी आने के बाद इसको अपडेट कराऊंगा।



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NEET पेपर लीक की आरोपी फिजिक्स टीचर सस्पेंड: 30 जून को रिटायरमेंट था; इस मामले में अब तक 11 अरेस्ट


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  • NEET Paper Leak Scam CBI Case Update; Maharashtra Physics Lecturer | Seth Hiralal Saraswati

नई दिल्ली/पिंपरी चिंचवाड़3 घंटे पहले

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मनीषा संजय हवलदार की यह तस्वीर 2014 की है।

महाराष्ट्र के स्कूल सेठ हीरालाल सरस्वती प्रशाला ने सीनियर फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार को NEET पेपर लीक में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद तुरंत सस्पेंड कर दिया है।

स्कूल सेक्रेटरी डॉ. सतीश गावड़े ने बताया कि मनीषा, 1992 से संस्थान में फिजिक्स की लेक्चरर हैं। उनके पास MSc, BEd की डिग्री है। वह 30 जून को रिटायर होने वाली हैं।

गावड़े ने मनीषा के इस काम को छात्रों, संस्थान और देश के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक हाई लेवल इंटरनल जांच कमेटी बनाई गई है।

डॉ. गावड़े ने कहा- हमें इस NEET मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वह क्या कर रही थीं, उन्हें कब नियुक्त किया गया था, या किसने नियुक्त किया था।

NEET पेपर लीक केस में 11वें आरोपी के रूप में अरेस्ट मनीषा एग्जाम प्रोसेस में शामिल थीं। NTA ने उन्हें एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था।

मनीषा की पहुंच फिजिक्स के क्वेश्चन पेपर तक थी। अप्रैल 2026 में उन्होंने फिजिक्स से संबंधित कुछ सवाल अन्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ शेयर किए थे।

3 मई को हुए NEET एग्जाम के बाद इसके पेपर लीक होने की खबर सामने आई। इस केस में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

फीस रिफंड के लिए लास्ट डेट 27 मई

NTA ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 कैंडिडेट के लिए एक खास पोर्टल खोला है, ताकि वे इस महीने की शुरुआत में एंट्रेंस एग्जाम कैंसिल होने के बाद एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स जमा कर सकें। बैंक अकाउंट डिटेल्स जमा करने की सुविधा 22 मई से 27 मई (रात 11:50 बजे तक) तक रहेगी।

अब तक 11 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा 7 महाराष्ट्र से

3 मई को हुई परीक्षा 12 मई को रद्द

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया।

खबरें और भी हैं…



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मस्क बेच रहे पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट: मंगल पर 10 लाख लोगों की बस्ती, चांद पर फैक्ट्री, अंतरिक्ष में डेटासेंटर का प्लान




‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म का डायलॉग नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने आईपीओ फाइलिंग में ये लिखा है। कंपनी अगले माह अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े डेब्यू की तैयारी में है। अमूमन आईपीओ दस्तावेज वित्तीय आंकड़ों से भरे होते हैं। पर, स्पेसएक्स का 300 से ज्यादा पन्नों का दस्तावेज कारोबारी रिपोर्ट से ज्यादा भविष्य की पटकथा जैसा है। यह खुद को ऐसी संस्था के रूप में पेश कर रही है, जो मानव चेतना को सितारों तक पहुंचाना चाहती है। यानी मस्क सिर्फ रॉकेट नहीं, पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट बेच रहे हैं। जानें कुछ ऐसे दावे, जिनसे टेक और वित्तीय जगत में हलचल है… – मंगल पर बस्ती कंपनी का सबसे बड़ा सपना मंगल को इंसानों का दूसरा घर बनाना है। फाइलिंग में 63 बार मंगल का जिक्र है। इसे सिर्फ रिसर्च स्टेशन या छोटी कॉलोनी नहीं, बल्कि मानव प्रजाति के बैकअप की तरह तैयार करने का विचार है। ताकि पृथ्वी पर आपदा से सभ्यता खत्म न हो। वहां 10 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य है। फाइलिंग में गुंबदनुमा शहरों, सोलर पैनलों और वहां रहते परिवारों के विजुअल्स भी दिए हैं। मस्क का सपना है कि मंगल पर ऊर्जा जरूरतें वहीं से पूरी हों और बाकी सामान स्टारशिप से पहुंचे। – चांद पर नई अर्थव्यवस्था फाइलिंग में चांद पर मैन्युफैक्चरिंग हब, चांद की अर्थव्यवस्था और क्षुद्रग्रहों पर खनन योजनाओं का जिक्र है। यानी भविष्य में चांद सिर्फ वैज्ञानिक मिशन का ठिकाना नहीं, बल्कि निर्माण, ऊर्जा, खनन और सप्लाई-चेन का केंद्र बन सकता है। – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर विज्ञान-कथा जैसा ही सपना है एआई डेटा सेंटर धरती से बाहर ले जाना। कंपनी ने 2028 तक सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय एआई कंप्यूट उपग्रह तैनात करने की बात कही है। अंतरिक्ष की ठंड में बड़े-बड़े डेटा सेंटर सौर ऊर्जा से चलेंगे। धरती पर बिजली-पानी बचेंगे। लक्ष्य 10 लाख तक उपग्रहों वाले डेटा सेंटर सिस्टम का है, जो 500 से 2,000 किमी ऊंचाई पर तैनात होंगे। हर साल 100 गीगावॉट एआई कम्प्यूट क्षमता तैनात करने की योजना है। – पूरा दाव स्टारशिप पर है इन तीनों सपनों की चाबी स्टारशिप है। मंगल पर इंसान भेजना हो, चांद पर कार्गो उतारना हो या अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना, सबके लिए भारी सामान को बार-बार कम लागत में कक्षा तक पहुंचाना जरूरी है। स्पेसएक्स ने कहा है कि स्टारशिप 2026 की दूसरी छमाही में पेलोड डिलीवरी शुरू कर सकता है। लेकिन यही सबसे बड़ा जोखिम है। अगर स्टारशिप बार-बार प्रयोग लायक और सस्ता नहीं बना तो ये सपने महंगे पोस्टर बनकर रह सकते हैं। एआई से अश्लील सामग्री का खतरा, बढ़ सकते हैं मुकदमे फाइलिंग में कंपनी ने स्वीकार किया कि ग्रोक के स्पाइसी और अनहिंज्ड मोड्स अश्लील सामग्री, गलत सूचना, गैर-सहमति वाली तस्वीरें और भेदभावपूर्ण कंटेंट पैदा कर सकते हैं। इससे नियामकीय जांच और मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है। ​साथ ही कंपनी ने स्वीकार किया कि ट्विटर का नाम बदलकर एक्स (X) करना बेहद महंगा साबित हुआ। फाइलिंग के अनुसार, नाम बदलने के बाद कंपनी की वैल्यू में 3.71 अरब डॉलर (35,516 करोड़ रुपए) की गिरावट आई।



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बाजार में लौटा 200 रुपये किलो वाला देसी फल, स्वाद ऐसा कि लोग भूल गए आम-लीची


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Bharatpur famous Food Khirni: भरतपुर में कई साल बाद खिरनी की अच्छी आवक से बाजारों में रौनक, करीब 200 रुपये किलो बिक रही, लोग इसके मीठे स्वाद और सेहत लाभ के कारण गर्मी में खूब खरीद रहे हैं. खिरनी की सबसे खास बात यह है कि यह फल सिर्फ गर्मी के मौसम में ही मिलता है. इसी कारण सीमित समय के लिए इसकी मांग काफी बढ़ जाती है.

भरतपुर. भरतपुर के बाजारों में इन दिनों एक खास मौसमी फल खिरनी फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. कई सालों बाद खिरनी की अच्छी आवक ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है. गर्मियों में मिलने वाला यह पारंपरिक देसी फल एक बार फिर लोगों की पसंद बनता नजर आ रहा है. इसका स्वाद बेहद मीठा और अलग होता है, जिसकी वजह से लोग इसे बड़े चाव से खरीद रहे हैं.

खिरनी की सबसे खास बात यह है कि यह फल सिर्फ गर्मी के मौसम में ही मिलता है. इसी कारण सीमित समय के लिए इसकी मांग काफी बढ़ जाती है. भरतपुर के स्थानीय बाजारों में इन दिनों खिरनी की अच्छी आवक देखने को मिल रही है और लोग इसे खरीदने के लिए खास उत्साह दिखा रहे हैं.

सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है खिरनी

आयुर्वेदाचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश दीक्षित के अनुसार खिरनी शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला फल माना जाता है. उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को तरोताजा रखने में मदद करता है और लू जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक माना जाता है.

तेज गर्मी के बीच लोग अब पारंपरिक और देसी फलों की तरफ फिर से रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि बढ़ते तापमान के साथ बाजार में खिरनी की मांग भी लगातार बढ़ रही है. लोग इसे स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानते हैं.

कई साल बाद बढ़ी आवक, 200 रुपये किलो बिक रही खिरनी

खिरनी विक्रेता बताते हैं कि कई साल बाद इस बार खिरनी की इतनी अच्छी पैदावार और आवक देखने को मिल रही है. पहले यह फल बाजार में बहुत कम दिखाई देता था, लेकिन इस बार इसकी उपलब्धता ने बाजार में नई रौनक ला दी है. ग्राहक भी इसे खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे बिक्री में तेजी आई है.

अगर कीमत की बात करें तो फिलहाल खिरनी करीब 200 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है. कीमत ज्यादा होने के बावजूद इसकी मिठास और सेहतमंद गुणों के चलते लोग इसे खरीदने से पीछे नहीं हट रहे हैं.

भरतपुर में खिरनी की वापसी न सिर्फ लोगों को पुराने स्वाद की याद दिला रही है, बल्कि बाजारों में भी खास मिठास घोल रही है. गर्मियों के इस मौसम में खिरनी एक बार फिर स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम बनकर उभर रही है.

About the Author

Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



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‘बाहुबली’ जैसा साम्राज्य, श्रीदेवी बनीं सुपरनैचुरल विले, फ्लॉप हुई 130 करोड़ में बनी फिल्म


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प्रभास स्टारर ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की. साउथ फिल्म इंडस्ट्री की पहली ऐसी फिल्म बनी, जिसने हिंदी मार्केट पर जबरदस्त कमाई की. इसने पैन इंडिया फिल्मों के चलन का ट्रेंड सेट किया. बाहुबल जुलाई 2015 में आई. लेकिन क्या आप जानते हैं इसके ठीक 3 महीने बाद एक और ऐसी ही फिल्म आई. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई. फिल्म में श्रीदेवी सुपरनैचुरल विलेन के रोल में थीं.

साल 2015 में आई ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ में जिस तरह का साम्राज्य, एक राजकुमार का देश निकाला और सत्ता की लड़ाई दिखाई गई थी. ठीक उसी तरह अक्टूबर 2015 में आई फिल्म में भी देखने को मिला. लगभग वैसे ही घने जंगल, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और पहाडों-नदियों के बीच एक बड़ा साम्राज्य. सुपरस्टार ने लीड हीरो का रोल निभाया. श्रीदेवी को मिलाकर तीन हीरोइन थीं. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

Puli Sridevie Movie

फिल्म को तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज किया गया था. रिलीज के समय इसकी तुलना ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ से होने लगी थी, क्योंकि दोनों फिल्मों में फैंटेसी दुनिया और बड़े विजुअल्स देखने को मिले. इस फिल्म का नाम ‘पुली’ है. थलापति विजय ने फिल्म में डबल रोल निभाया. ‘पुली’ दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी.

Puli Sridevie Movie

क्रिटिक्स ने ‘पुली’ की कहानी और स्क्रीनप्ले को कमजोर बताया, लेकिन विजय और श्रीदेवी की मौजूदगी ने शुरुआती दिनों में थिएटर्स में भीड़ जरूर खींची. ‘पुली’ तमिल सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी. इस फिल्म से बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा श्रीदेवी ने लंबे समय बाद तमिल सिनेमा में वापसी की थी.

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Puli Sridevie Movie

फिल्म को निर्देशक चिम्बु देवन ने ग्रैंड लेवेल पर बनाया था और उस दौर में इसे साउथ की सबसे महंगी फिल्मों में गिना गया. फिल्म की कहानी एक फैंटेसी किंगडम पर आधारित थी, जहां इंसानों और वेधालम नाम के दानवों के बीच संघर्ष दिखाया गया. विजय ने मरुधीरन और पुलिवेन्धन नाम के किरदार निभाए थे. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा श्रीदेवी के किरदार ‘रानी यवनरानी’ की हुई. भारी ज्वेलरी, शाही कॉस्ट्यूम और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के जरिए श्रीदेवी ने फिल्म में अलग ही रंग भर दिया था. कई दर्शकों ने माना कि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उनका रॉयल अवतार था.

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‘पुली’ को लेकर शुरुआत से ही जबरदस्त बज बना हुआ था. फिल्म का सेट, वीएफएक्स और ग्रैंड विजुअल्स उस समय तमिल इंडस्ट्री में काफी बड़े माने गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 87 करोड़ से लेकर 130 करोड़ रुपये के बीच बताया गया. कई मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे लगभग 100 करोड़ रुपये की फिल्म माना.

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बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर में करीब 100 से 101 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन किया. कुछ रिपोर्ट्स में इसे 101 करोड़ ग्रॉस बताया गया है. हालांकि भारी बजट की वजह से इसे ब्लॉकबस्टर नहीं माना गया. ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक फिल्म अपने थिएट्रिकल रन में उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं कर पाई. बावजूद इसके, सैटेलाइट और डिजिटल राइट्स से मेकर्स को काफी राहत मिली और नुकसान की भरपाई हुई.

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श्रीदेवी के लिए भी ‘पुली’ खास फिल्म रही. हिंदी सिनेमा में शानदार वापसी करने के बाद उन्होंने इस तमिल फिल्म में निगेटिव शेड वाला किरदार निभाने का जोखिम उठाया. उनका मेकअप और लुक उस समय सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा. कुछ लोगों ने इसे ओवर-द-टॉप कहा, तो कई दर्शकों ने उनके शाही अंदाज की तारीफ की.

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आज भी ‘पुली’ को विजय के करियर की सबसे अलग फिल्मों में गिना जाता है. भले ही यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक इतिहास नहीं रच सकी, लेकिन इसकी भव्यता, श्रीदेवी की वापसी और फैंटेसी दुनिया ने इसे यादगार जरूर बना दिया. खासकर श्रीदेवी का रानी वाला अवतार आज भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बना रहता है.

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