Sunday, June 14, 2026
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लाल चीटियों की चटनी… भारत की ये पारंपरिक डिश कहां खाई जाता है?


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भारत की पारंपरिक रेसिपीज में लाल चीटियों की चटनी एक ऐसी डिश है, जिसका नाम सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं. इसे छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में खाया जाता है. कई आदिवासी समुदायों में यह चटनी सदियों से बनाई जाती रही है. अपने अनोखे खट्टे-तीखे स्वाद और सांस्कृतिक महत्व की वजह से यह आज देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के फूड लवर्स का ध्यान आकर्षित कर रही है.

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लाल चींटियों की चटनी.

भारत के अलग-अलग राज्यों में कई ऐसी पारंपरिक रेसिपीज हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. ऐसी ही एक अनोखी डिश है लाल चीटियों की चटनी, जिसे खासतौर पर छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड के कुछ आदिवासी समुदायों में बनाया और खाया जाता है. यह चटनी अपने खट्टे-तीखे स्वाद और सांस्कृतिक महत्व के कारण वर्षों से स्थानीय खानपान का हिस्सा रही है. यह चटनी आज फूड ट्रैवलर्स और सोशल मीडिया के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बन रही है.

इस चटनी को बनाने के लिए लाल चींटियों और उनके अंडों का इस्तेमाल किया जाता है. सबसे पहले इन्हें सावधानी से इकट्ठा कर साफ किया जाता है. इसके बाद लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, नमक और स्थानीय मसालों के साथ पीसकर चटनी तैयार की जाती है. तैयार चटनी का स्वाद खट्टा, तीखा और हल्का चटपटा होता है. इसका खट्टापन मुख्य रूप से चींटियों में पाए जाने वाले प्राकृतिक अम्लीय तत्वों से आता है, जो इसे अन्य चटनियों से अलग बनाता है.

सिर्फ स्वाद नहीं, सांस्कृतिक पहचान भी
आदिवासी समुदायों में यह चटनी केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय संसाधनों के उपयोग का उदाहरण मानी जाती है. पीढ़ियों से लोग इसे अपने भोजन का हिस्सा बनाते आए हैं. कई क्षेत्रों में त्योहारों, मेलों और सामुदायिक आयोजनों में भी इसका विशेष महत्व देखा जाता है. स्थानीय लोगों के लिए यह डिश उनकी पहचान और परंपरा से जुड़ी हुई है, इसलिए इसे केवल “अजीब खाना” कहकर समझना सही नहीं होगा.

क्या कहती है वैज्ञानिक जानकारी?
कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि लाल चींटियों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद हो सकते हैं. इसके अलावा इनमें कुछ जैव सक्रिय यौगिक (Bioactive Compounds) भी पाए जाते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इनके स्वास्थ्य लाभों को लेकर अभी और व्यापक रिसर्च की जरूरत है. इसलिए इसे किसी चिकित्सा उपचार या चमत्कारी खाद्य पदार्थ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

GI टैग मिलने से बढ़ी पहचान
ओडिशा की प्रसिद्ध लाल चींटी चटनी ‘काई चटनी’ को 2024 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला. इससे इस पारंपरिक डिश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली. GI टैग किसी उत्पाद की विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान और पारंपरिक महत्व को मान्यता देता है. सोशल मीडिया और फूड ट्रैवल कंटेंट के दौर में लोग नई और अनोखी डिशेज के बारे में जानना चाहते हैं. लाल चीटियों की चटनी इसी वजह से कई बार चर्चा का विषय बन चुकी है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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जब बिहार विधानसभा में पहली बार बोला किसान, भाषण से बदल गई थी नीति


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Sitamarhi News: मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सदन के वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी में इस किसान ने पूरे 24 मिनट तक अपना पक्ष रखा. इस दौरान उन्होंने बिहार की समृद्ध, लेकिन चुनौतियों से घिरी कृषि व्यवस्था की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने नीति निर्माताओं को भी सोचने पर मजबूर कर दिया.

सीतामढ़ीः साल 2020 बिहार के कृषि इतिहास में एक खास वर्ष के रूप में दर्ज है, जब पहली बार एक जागरूक किसान को बिहार विधानसभा में सीधे अपनी बात रखने के लिए विशेष आमंत्रण मिला. न्यू सेक्रेटेरिएट से पास जारी होने के बाद उन्हें जन लोकपाल के दायरे में कृषि बिल पर बोलने का यह दुर्लभ अवसर प्रदान किया गया. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सदन के वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी में इस किसान ने पूरे 24 मिनट तक अपना पक्ष रखा. इस दौरान उन्होंने बिहार की समृद्ध, लेकिन चुनौतियों से घिरी कृषि व्यवस्था की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने नीति निर्माताओं को भी सोचने पर मजबूर कर दिया.

अपने संबोधन में किसान ने बिहार की नाव आकार वाली भौगोलिक बनावट और उत्तर से दक्षिण बहने वाली नदियों का विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने गंगा के मैदानी इलाकों में जमा गाद (सिल्ट) की समस्या, मिट्टी की सेहत (सॉइल टेस्ट और ट्रीटमेंट) तथा जल संसाधन प्रबंधन पर विशेष रूप से ध्यान दिलाया. उन्होंने केवल पारंपरिक खेती तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि नदियों, नहरों, स्लुइस गेट, स्टेट बोरिंग के बेहतर उपयोग के साथ डेयरी, गोटरी (बकरी पालन), मत्स्य पालन, सीप पालन, मखाना की खेती, फल और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया. साथ ही, गौशालाओं के आधुनिकीकरण, देसी नस्ल की गायों के संरक्षण-संवर्धन और A-2 मिल्क के प्रोत्साहन की भी पुरजोर वकालत की.

भाषण का प्रभाव और नीतिगत बदलाव
किसान के इस तर्कपूर्ण और जमीनी अनुभव पर आधारित भाषण का असर इतना गहरा रहा कि सरकार ने कृषि और डेयरी नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए. वर्ष 2021 में सरकार ने डेयरी क्षेत्र में दूध के दाम में प्रति लीटर ₹6 से अधिक की बढ़ोतरी कर पशुपालकों को बड़ी राहत दी. इसके साथ ही, एक अहम निर्णय लेते हुए ट्रैक्टर को दोबारा ‘मास्टर यंत्र’ की सूची में शामिल किया गया, जिसे पहले हटा दिया गया था. इसके बाद किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीद पर अनुदान (सब्सिडी) की व्यवस्था भी पुनः बहाल की गई. यह बदलाव किसी किसान की आवाज से प्रेरित एक बड़ा नीतिगत सुधार माना गया.

जन लोकपाल बिल कमेटी और किसानों की भागीदारी
साक्षात्कार में किसान ने बताया कि उनका यह आमंत्रण बाबा साहेब के उस विजन और एक्ट के तहत संभव हुआ, जो कृषि प्रधान देश में 80% किसान आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए जन लोकपाल गठन की बात करता है. अन्ना हजारे के आंदोलनों के बाद वर्ष 2017 में केंद्र और राज्यों में जन लोकपाल का ढांचा तैयार हुआ.

देशभर के 13 राज्यों से आए आवेदनों में बिहार से केवल इन्हीं का आवेदन वरीयता के आधार पर चुना गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित ‘जन लोकपाल बिल कमेटी’ में एक राज्यसभा सदस्य, एक लोकसभा सदस्य, केंद्रीय कृषि मंत्री और देश के दो किसान शामिल होंगे, जो भविष्य में कृषि बजट और नीतियों के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे.



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पहले खाते में पहुंचते थे 15 पैसे-प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह: बोले- अब 1 रुपए सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा, बलीपुर में रात्रि चौपाल का आयोजन – Farrukhabad News




फर्रुखाबाद के कमालगंज विकासखंड के बलीपुर गांव में शनिवार रात आयोजित रात्रि चौपाल में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, जबकि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि रात्रि चौपाल का उद्देश्य सरकार की योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान कराना है। उन्होंने अधिकारियों से गांव स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव और पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री जयवीर सिंह ने सात गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई और पांच बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया। इसके अलावा 12 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल को स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी प्रभारी मंत्री ने निरीक्षण किया। यहां ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। मंत्री ने ग्रामीणों से स्वच्छता, शिक्षा, पौधरोपण और गांव के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने बनाया नया कीर्तिमान रात्रि चौपाल के दौरान प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक कार्य करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के विकास, गरीब कल्याण और जनहित के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल हुई हैं। मंत्री ने कहा कि चौपालों का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। यदि किसी पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है या किसी प्रकार की समस्या आ रही है, तो उसका समाधान प्रशासनिक स्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले पूर्व प्रधानमंत्री यह कहते थे कि सरकार द्वारा भेजे गए एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही लाभार्थी तक पहुंचते हैं, जबकि आज आधुनिक तकनीक और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था के कारण पूरा एक रुपया सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है। इससे सरकार के लाखों-करोड़ों रुपये की बचत भी हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है। सभी योजनाओं से संतृप्त होगा बलीपुर गांव जिलाधिकारी ने चौपाल में कहा कि बलीपुर गांव को सरकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। रात्रि चौपाल में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम देर रात तक चला और ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को अधिकारियों के सामने रखा।



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बिना बॉडी और टैंकर तैयार हुए गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन: RTO जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, 6 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन निरस्त कर किया मामला दर्ज – Chittorgarh News




चित्तौड़गढ़ में गाड़ी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी एक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। परिवहन विभाग की जांच में छह ऐसे वाहन सामने आए हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन कथित रूप से निर्माण पूरा होने से पहले ही कर दिया गया। विभाग का दावा है कि जिन गाड़ियों पर बॉडी या टैंकर का निर्माण होना था, उनका निर्माण पूरा नहीं हुआ था, लेकिन डॉक्यूमेंट्स और फिजिकल इंस्पेक्शन के आधार पर उन्हें पूर्ण निर्मित मानते हुए रजिस्ट्रेशन जारी कर दिया गया। मामले की जांच के बाद जिला परिवहन अधिकारी ने सभी छह गाड़ियों की आरसी निरस्त कर दी है और संबंधित गाड़ी मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सदर थाना चित्तौड़गढ़ में रिपोर्ट भिजवाई है। जांच में सामने आईं कई गड़बड़ियां, जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विभाग जिला परिवहन अधिकारी नीरज नवीन शाह ने बताया कि यह कार्रवाई अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) जयपुर के निर्देश पर की गई जांच के बाद सामने आई है। जांच में पाया गया कि कुछ गाड़ियों का पंजीयन मोटर वाहन अधिनियम और केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के प्रावधानों के विपरीत किया गया। विभाग का आरोप है कि बिना बॉडी या टैंकर तैयार हुए गाड़ियों के लिए फॉर्म 22ए पार्ट-द्वितीय प्रस्तुत किया गया और उन्हें पूर्ण निर्मित गाड़ी के रूप में दर्शाया गया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान संबंधित गाड़ी मालिकों को नोटिस जारी कर सुनवाई का मौका दिया गया था। विभाग ने उनका पक्ष भी सुना और लिखित जवाब प्राप्त किए, लेकिन अधिकारियों ने उन जवाबों को संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी एवं पंजीयन अधिकारी ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए छह वाहनों के रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। अजमेर और चित्तौड़गढ़ से जुड़े वाहन मालिकों के नाम शामिल रिपोर्ट में जिन गाड़ियों का उल्लेख किया गया है उनमें गाड़ी संख्या आरजे 09 जीएफ 0673 के मालिक सलीम बैग एण्ड सन्स के प्रोपराइटर सलीम बैग पुत्र मुस्ताक बैग, गाड़ी संख्या आरजे 09 जीएफ 0677 और आरजे 09 जीएफ 0701 से जुड़े युनिक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार चोरडिया पुत्र हुकमी चंद तथा गाड़ी संख्या आरजे 09 जीएफ 0679, आरजे 09 जीएफ 0680 और आरजे 09 जीएफ 0681 के मालिक श्रीकिशन चौधरी पुत्र रामधन चौधरी शामिल हैं। विभाग का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन मामलों में प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन की स्थिति बनती है। इसी आधार पर संबंधित गाड़ी के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जरूरी कानूनी कार्रवाई करना जरूरी है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर भी उठ रहे सवाल इस पूरे मामले ने गाड़ी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जांच में यह पाया गया कि गाड़ी पूरी तरह तैयार नहीं थे, तो फिर उनका फिजिकल इंस्पेक्शन किस आधार पर किया गया और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कैसे हुई। हालांकि परिवहन विभाग की रिपोर्ट में फिलहाल गाड़ी मालिकों और पेश किए गए डॉक्यूमेंट्स पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन मामला सामने आने के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि ऐसी स्थिति में पूरी प्रक्रिया की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। उधर, परिवहन विभाग के सूचना सहायक पियूष व्यास ने 13 जून को सदर थाना चित्तौड़गढ़ पहुंचकर विभाग की ओर से तैयार रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी। अब पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई करेगी।



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मधुबनी में 24 घंटे में 59 आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने हत्या-आर्म्स-NDPS एक्ट में की बड़ी कार्रवाई, शराब-गांजा भी जब्त – Madhubani News




मधुबनी पुलिस ने अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पिछले 24 घंटे में बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान जिले भर में सघन छापेमारी कर कुल 59 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक मधुबनी योगेंद्र कुमार ने रविवार को 11:30 बजे इसकी जानकारी दी। गिरफ्तार किए गए 59 लोगों में विभिन्न मामलों के आरोपी शामिल हैं। इनमें शराब से जुड़े 13, हत्या के एक, हत्या के प्रयास के 6, वारंट के 30, एनडीपीएस एक्ट के तहत 7 और आर्म्स एक्ट के तहत 2 अभियुक्त हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ और शराब भी जब्त की है। इसमें 1598 लीटर देशी और विदेशी शराब के साथ 567 किलोग्राम गांजा शामिल है। इसके अलावा, अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन चारपहिया वाहन, तीन मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, एक साइकिल और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया। इस दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में वाहन जांच के दौरान 87 वाहनों से कुल 1 लाख 27 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही, न्यायालय द्वारा जारी किए गए 30 वारंटों का भी सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि मधुबनी पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों पर शिकंजा कसने और नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपराध और नशा तस्करी से संबंधित जानकारी पुलिस को देने की अपील की, ताकि एक अपराध मुक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण सुनिश्चित हो सके।



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‘मीनाक्षी नटराजन को साजिश के तहत रोका गया’: हरदा में कांग्रेस ने लगाए आरोप, आंदोलन की चेतावनी, कहा- अब सड़क पर लड़ेंगे लड़ाई – Harda News




राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद रविवार को हरदा जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन साई और पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले ने भारतीय जनता पार्टी तथा संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि मामले में न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। कांग्रेस बोली- नटराजन को रोकने बीजेपी ने रची साजिश
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा पहुंचने से रोकने के लिए सुनियोजित तरीके से काम किया गया है। उनका कहना था कि मीनाक्षी नटराजन पिछले दो दशकों से गांव-गांव जाकर गांधीवादी विचारों और संविधान की रक्षा का संदेश दे रही थीं, जिससे भाजपा और आरएसएस असहज थे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साई ने कहा कि भाजपा को आशंका थी कि राज्यसभा पहुंचने के बाद मीनाक्षी नटराजन किसानों, गरीबों और वंचित वर्ग की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाएंगी। इसी कारण उन्हें राज्यसभा जाने से रोकने का प्रयास किया गया है। षड्यंत्र रचकर उन्हें रोका
पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले ने मीनाक्षी नटराजन को साफ-सुथरी छवि की गांधीवादी नेता बताते हुए भाजपा पर कांग्रेस के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए अलग-अलग कानून लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने उन मंत्रियों का भी उल्लेख किया जिन पर विभिन्न मामले लंबित हैं और पूछा कि क्या उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। हेमंत टाले ने कहा कि इस कथित अन्याय के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की मजबूती को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।



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डूबने लगा था कंगना का करियर, इस फिल्म ने रातों-रात बदली किस्मत, की थी खतरनाक तैयारी


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जब गैंगस्टर फिल्म के बाद कंगना रनौत का करियर नीचे जा रहा था, तब इस फिल्म ने उनकी किस्मत हमेशा के लिए बदल दी. अनुपम खेर के शो में कंगना का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि कैसे ‘शोनाली गुजराल’ के रोल के लिए उन्होंने घर में दिन-रात हाई हील्स पहनने से लेकर कोकीन एडिक्ट्स पर रिसर्च तक की थी. देखिए कंगना के इस मुश्किल दौर और उनके पहले नेशनल अवॉर्ड के सफर की पूरी कहानी.

कंगना रनौत इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’को लेकर चर्चा में हैं.इसी बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. कंगना आज बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड और बेबाक एक्ट्रेसेस में से एक हैं.लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब शुरुआती हिट्स के बाद उनका करियर ग्राफ तेजी से नीचे गिर रहा था. इस मुश्किल दौर में मधुर भंडारकर की फिल्म ‘फैशन’ कंगना के लिए एक लाइफ-चेंजर साबित हुई. इस बारे में उन्होंने खुलासा किया है कि कैसे इस एक फिल्म को पाने के लिए उन्होंने दिन-रात एक कर दिया था और ड्रग एडिक्ट मॉडल का रोल निभाने के लिए कितनी खतरनाक तैयारी की थी.

आज कंगना भले ही टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हों, लेकिन करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें एक बड़े ब्रेक की जरूरत थी. ‘गैंगस्टर’ और ‘वो लम्हे’ जैसी फिल्मों से पहचान मिलने के बाद भी उनका करियर वैसी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा था जैसी उन्होंने उम्मीद की थी.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ‘द अनुपम खेर शो- कुछ भी हो सकता है’ के एक क्लिप में कंगना ने अपने स्ट्रगल के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्हें लगने लगा था कि उनका करियर धीरे-धीरे नीचे जा रहा है और खुद को साबित करने के लिए यह उनका आखिरी मौका हो सकता है.

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कंगना ने इंटरव्यू में माना कि ‘फैशन’ उनके हाथ लगा एक बहुत बड़ा चांस था. लेकिन इसके साथ ही उनके मन में एक गहरा डर भी था कि अगर इस फिल्म में उनका परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा, तो इंडस्ट्री में उनके लिए आगे के सारे रास्ते हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं.

फिल्म में एक सुपरमॉडल ‘शोनाली गुजराल’ का रोल परफेक्ट तरीके से पर्दे पर उतारने के लिए कंगना ने जी-जान लगा दी. उन्होंने बताया कि मॉडल की चाल-ढाल को बारीकी से समझने के लिए वह घर पर भी चौबीसों घंटे ऊंची हील्स पहनकर चलने की प्रैक्टिस करती थीं.

फिल्म में उनका किरदार ड्रग्स की लत के कारण बर्बाद हो जाता है. इस रोल में जान फूंकने के लिए कंगना ने सिगरेट पीने के स्टाइल की प्रैक्टिस की, नशे के साइड-इफेक्ट्स पर रिसर्च की और उन लोगों से भी मुलाकात की जो कभी कोकीन की लत का शिकार रह चुके थे.

कंगना ने बताया कि उनके दिमाग में बस एक ही बात घूम रही थी कि यह उनके करियर की आखिरी बड़ी लड़ाई है. इसी प्रेशर और डर ने उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए मोटिवेट किया. उन्होंने पूरी लगन और ईमानदारी के साथ इस रोल को जिया.

जब ‘फैशन’ रिलीज हुई, तो कंगना के अभिनय ने हर तरफ तहलका मचा दिया. ऑडियंस से लेकर फिल्म क्रिटिक्स तक, हर कोई उनका दीवाना हो गया. कंगना की इस कमाल की एक्टिंग के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला.

इस कल्ट फिल्म में कंगना के साथ लीड रोल में प्रियंका चोपड़ा थीं. प्रियंका के काम को भी फैंस ने खूब पसंद किया था और उन्हें इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला था. इन दोनों एक्ट्रेसेस की जोड़ी ने इस फिल्म को हमेशा के लिए यादगार बना दिया.

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दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड की पीड़िता का आरोप: बांग्लादेश शव भेजने के लिए ₹1.8 लाख वसूले, मुफ्त व्यवस्था का वादा था




दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टेज होटल अग्निकांड में बची एक बांग्लादेशी नागरिक ने मृतकों के शवों को बांग्लादेश भेजने के नाम पर पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता शमिया चौधरी ने कहा कि पहले सरकार की ओर से शवों को मुफ्त में स्वदेश भेजने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में दूतावास में 1.8 लाख रुपए जमा कराने को कहा गया। ANI से बातचीत में शमिया ने कहा कि हमें बताया गया था कि शव को मुफ्त में बांग्लादेश भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूतावास में हमसे ₹1.80 लाख लिए गए। मैं जानना चाहती हूं कि जब मुफ्त भेजने का वादा किया गया था तो पैसे क्यों लिए गए।” शमिया बोलीं- मुझे लगा था मैं जिंदा नहीं बचूंगी शमिया ने बताया कि हादसे के समय वह होटल की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 302 में थीं। कमरे में पांच लोग मौजूद थे। उन्होंने ने कहा सुबह करीब 8 बजे आग लगी। उस वक्त मुझे लगा कि मैं बच नहीं पाऊंगी। ऐसा महसूस हो रहा था कि जिंदगी खत्म होने वाली है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस की मदद से उनका कुछ सामान वापस मिल गया है, हालांकि कई सामान अब भी लापता हैं। CM रेखा गुप्ता ने बचावकर्मियों को किया सम्मानित उधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत के सईदुलाजाब भवन हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बचाव कार्य में शामिल नागरिकों, पुलिसकर्मियों और राहतकर्मियों को सम्मानित किया गया। लोगों की जान बचाने में मदद करने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी को भी विशेष सम्मान दिया गया। आग में 23 लोगों की मौत हुई थी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में 3 जून की सुबह आग लगी थी। आग में मरनों वालों की संख्या 23 हो गई है। 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। हादसा होने की 5 बड़ी वजह —————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली होटल अग्निकांड में पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल:रसूखदारों को बचाने रसोइए को बनाया ‘बलि का बकरा’, हादसे में अब तक गईं 23 जानें दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…



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वर्ल्ड अपडेट्स: बंजी जंप से पहले रस्सी बांधना भूले कर्मचारी, 130 फीट नीचे गिरकर 21 साल की युवती की मौत




ब्राजील में बंजी जंप के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 21 साल की मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास की मौत हो गई। आरोप है कि कर्मचारियों ने सुरक्षा रस्सी लगाए बिना ही उसे पुल से कूदने के लिए छोड़ दिया। मारिया करीब 130 फीट नीचे खाई में गिर गई। मौके पर पहुंची राहत टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में 6 लोगों को हिरासत में लिया है। यह हादसा साओ पाउलो राज्य के स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मारिया को पुल के किनारे ले जाया गया और फिर नीचे छोड़ दिया गया। तभी लोगों को पता चला कि सुरक्षा रस्सी उससे जुड़ी ही नहीं थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… लंदन में 26 साल के भारतीय युवक की चाकू मारकर हत्या; 7 लोग हिरासत में लिया गया ब्रिटेन की राजधानी लंदन में 26 साल के भारतीय मूल के युवक गुरभेज सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके से 20 से 30 साल की उम्र के 7 लोगों को हत्या के शक में हिरासत में लिया था। जांच के बाद 6 लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि एक व्यक्ति को जमानत पर रिहा किया गया है। उससे आगे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, गुरभेज सिंह पर करीब रात 12:30 बजे हमला हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। घटना में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद अब वह खतरे से बाहत है। पुलिस ने बताया कि गुरभेज सिंह के परिवार को सहायता दी जा रही है और हमले की पूरी वजह जानने के लिए जांच जारी है। रेयर अर्थ की तलाश में ग्रीनलैंड पहुंचेगा जापान का दल जापान इस गर्मी में ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ खनिजों के संभावित खनन का मूल्यांकन करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी कर रहा है। निक्केई की रिपोर्ट के मुताबिक, दल में सरकारी अधिकारी, ट्रेडिंग कंपनियों के प्रतिनिधि और ऊर्जा-सुरक्षा एजेंसी के सदस्य शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, यह दल ग्रीनलैंड के स्थानीय सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर खनन संभावनाओं का आकलन करेगा। ग्रीनलैंड लंबे समय से अपने संभावित रेयर अर्थ भंडारों के कारण वैश्विक शक्तियों की रुचि का केंद्र रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन ऊर्जा उपकरणों, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्र में इन खनिजों की बढ़ती जरूरत के चलते दुनिया भर में इनके नए स्रोत तलाशे जा रहे हैं। ग्रीनलैंड की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और संभावित खनिज संपदा इसे वैश्विक शक्तियों के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।



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Stocks to Buy: 12 महीनों में ही वारे-न्यारे, ब्रोकरेज ने बताए कमाई वाले 3 शेयर


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Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी चुनिंदा शेयरों से कमाई होने की संभावना बरकरार रहती है. देश की तीन दिग्‍गज ब्रोकरेज हाउसेज ने ऐसे ही तीन शेयरों में पैसा लगाने की सलाह दी है, जो आने वाले 12 महीनों में निवेशकों को जोरदार रिटर्न दे सकते हैं.

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चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने ऑरियनप्रो सॉल्यूशंस शेयर को खरीदने की सलाह दी है.

नई दिल्ली. शेयर बाजार पिछले कुछ समय से हिचकोले खा रहा है. अस्थिरता के इस दौर में आप भी अगर कमाई वाले शेयरों की तलाश में है तो यह खबर आपके काम की है. देश के दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस ने मजबूत बिजनेस मॉडल, सेक्टर में बढ़ती मांग और भविष्य की विस्तार योजनाओं को देखते हुए तीन ऐसी कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाने की सलाह निवेशकों को दी है जिनमें अगले एक साल में ही 61 फीसदी तक की जोरदार तेजी आ सकती है.

ब्रोकरेज फर्म चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने ऑरियनप्रो सॉल्यूशंस शेयर में जोरदार तेजी आने की उम्‍मीद जताई है तो अजमेरा रियल्टी शेयर पर एमके ग्‍लोबल बुलिश है. ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज शेयर से जोरदार कमाई की आस आनंद राठी को है.

ऑरियनप्रो सॉल्यूशंस शेयर दे सकता है 61% रिटर्न

चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने ऑरियनप्रो सॉल्यूशंस शेयर को खरीदने की सलाह दी है. ब्रोकरेज ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि यह शेयर आने वाले समय में 1,250 रुपये का स्‍तर छू सकता है. शेयर का करंट प्राइस 775 रुपये है. इसका मतलब है कि निवेशकों को 61 फीसदी का छप्परफाड़ रिटर्न मिल सकता है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर, ट्रांजिट डिजिटाइजेशन और डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे भविष्य के सबसे बड़े ग्रोथ थीम्स पर काम कर रही है.

अजमेरा रियल्‍टी कराएगा जोरदार कमाई

ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने अजमेरा रियलटी एंड इंफ्रा शेयर में पैसा लगाने की सलाह निवेशकों को दी है. ब्रोकरेज ने इस शेयर का टारगेट प्राइस 175 रुपये तय किया है. शेयर का मौजूदा बाजार भाव 121 रुपये है, जिससे इसमें करीब 45 फीसदी की तेजी आ सकती है. ब्रोकरेज का कहना है कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करने वाली इस रियल एस्टेट कंपनी ने कोविड के बाद शानदार वापसी की है. वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच कंपनी की प्री-सेल्स में 24 फीसदी की जोरदार कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की गई है.

ल्‍यूमैक्‍स ऑटो शेयर में भी है दम

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने ल्‍यूमैक्‍स ऑटो टेक्‍नोलॉजीज पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग को बरकरार रखा है. ब्रोकरेज ने अगले 12 महीनों के लिहाज से इस शेयर का टारगेट प्राइस 2,150 रुपये तय किया है. शेयर का मौजूदा भाव 1,634 रुपये है. ब्रोकरेज का कहनाह है कि कंपनी पैसेंजर व्हीकल (PV) कंपोनेंट्स सेगमेंट में बेहद मजबूत स्थिति में है कंपनी के पास बेहद मजबूत ऑर्डर बुक और देश के प्रतिष्ठित ग्राहक हैं.

 (Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)



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