Thursday, July 2, 2026
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‘भाई का स्टारडम भी काम नहीं आएगा’, रियलिटी शो ‘अलायंस’ में जाने से पहले सोहेल का खुलासा


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सोहेल खान जल्द ही रियलिटी शो ‘अलायंस’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आने वाले हैं. इस शो में आने से पहले वह बतौर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर काम कर चुके हैं. लेकिन ये पहली बार है कि वह किसी शो में बतौर कंटेस्टेंट नजर आने वाले हैं. यही वजह है कि शो में आने से पहले उनके भाई सलमान खान ने उन्हें चेतावनी दी है.

नई दिल्ली. सलमान खान के भाई सोहेल खान जल्द ही रियलिटी शो ‘अलायंस’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आने वाले हैं. शो में एंट्री से पहले उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि सोहेल के इस शो में जाने के फैसले के बाद सलमान खान का क्या रिएक्शन था. एक्टर ने बताया है कि शो में जाने से पहले ही उनके भाई ने उन्हें चेतावनी दी थी कि तुमने सोच लिया कि क्या करने जा रहे हो.

सोहेल खान जल्द ही प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘अलायंस’में बतौर कंटेस्टेंट नजर आने वाले हैं. उन्होंने ये साफ कर दिया है कि इस शो में न उनके भाई का नाम या उनका स्टारडम काम आएगा और न ही फिल्म फिल्मी परिवार से होने का रुतबा. यहां सिर्फ दिमाग और रणनीति से अपना रास्ता बनाना होगा.

सोहेल खान पहली बार किसी शो में नजर आने वाले हैं, इस खबर ने इंडस्ट्री में सनसनी मचा दी है. उनके फैंस तो इस शो का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. फाइनली एक्टर ने खुलासा कर दिया है कि इस शो को में आने का फैसला उन्होंने क्यों लिया.

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सोहेल खान बताया है कि वह इस शो में एक सुपरस्टार के भाई बनकर नहीं, बल्कि अपनी नई पहचान बनाने के लिए आए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वह कहां से आए हैं और वह कौन हैं, ये सब इस शो में काम नहीं आएगा. यहां सिर्फ मैं, मेरा दिमाग और मेरा गेम काम आएगा.

शो में आने के बाद अगर फैंस को मेरा एक अलग रूप देखने को मिला, तो मेरी मेहनत सफल हो जाएगी. इतना ही नहीं यही मेरी सबसे बड़ी जीत होगी. मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं कभी किसी शो का हिस्सा बनूंगा.

सोहेल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह सलमान को काफी समय से बिग बॉस करते देख रहे हैं कि शो में कितना ड्रामा, कितनी एनर्जी और कई बार तो कितना इमोशनली प्रेशर आ जाती है कंटेस्टेंट पर मुझे लगता है कि कोई भी शो आसान नहीं है.

इस शो के बारे में बात करते हुए सोहेल ने कहा कि इस शो को खेलना आसान नहीं होगा.आपको शो में सामने वाले भनक लगे बिना ही उसे कड़ी चुनौती देनी है, इस शो की इसी बात की वजह से मैंने इस शो के लिए हामी दी है.

बता दें कि सोहेल ने इस दौरान इस बात का भी खुलासा किया कि जब सलमान को पता चला कि वह इस शो का हिस्सा बन रहे हैं, तो वह हैरान हो गए थे. उन्होंने सोहेल से पूछा, तुम्हें यकीन है कि तुम कौन सा बड़ा फैसला ले रहे हो ?’ उन्होंने मुझे ये चेतावनी भी दी और आशीर्वाद भी.बता दें कि इस नए शो के एपिसोड हर दिन दोपहर 12 बजे प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम किए जाते हैं.

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सुबह के नाश्ते का किंग है धौलपुर की बेढ़ई! जानें बनाने का सबसे आसान तरीका


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Dholpur Famous Bedhai Recipe: धौलपुर की पारंपरिक बेढ़ई अपने कुरकुरे स्वाद और मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसे जाने के लिए प्रसिद्ध है. धौलपुर के अलावा आगरा, ग्वालियर और मुरैना तक इसकी खास पहचान है. मेहमानों के स्वागत से लेकर रोजाना के नाश्ते तक बेढ़ई यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा बन चुकी है. गृहिणी मीनाक्षी शर्मा ने इसकी आसान रेसिपी साझा करते हुए बताया कि सूजी, बेसन, गेहूं का आटा, घी, कसूरी मेथी और अजवाइन से तैयार बेढ़ई को सुनहरा तलकर मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है.

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धौलपुर:  राजस्थान के धौलपुर जिले की मशहूर बेढ़ई अपने खास स्वाद, कुरकुरी बनावट और मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसे जाने के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. धौलपुर के अलावा आगरा, ग्वालियर और मुरैना के लोग भी इस पारंपरिक नाश्ते को बड़े चाव से खाते हैं. जब भी घर पर मेहमान आते हैं तो उनके स्वागत में बेढ़ई बनाना आज भी एक खास परंपरा मानी जाती है. सुबह के समय धौलपुर की लगभग हर नाश्ते की दुकान पर बेढ़ई खाने वालों की भीड़ आसानी से देखी जा सकती है.

गृहिणी मीनाक्षी शर्मा बताती हैं कि बेढ़ई बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं है, बस थोड़ा समय और सही तरीका अपनाना जरूरी है. सबसे पहले सूजी, बेसन और गेहूं के आटे को अच्छी तरह मिलाया जाता है. इसमें कसूरी मेथी, अजवाइन और करीब 100 ग्राम घी मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद पानी डालकर आटे को 7 से 8 मिनट तक अच्छी तरह गूंथा जाता है. आटा थोड़ा सख्त रखा जाता है, ताकि बेढ़ई आसानी से बेली जा सके.

घर पर ऐसे बनाएं धौलपुर की पारंपरिक बेढ़ई

इसके साथ बनने वाली आलू की सब्जी भी इसके स्वाद का सबसे बड़ा राज है. सबसे पहले आलू उबालकर उन्हें अच्छी तरह मैश किया जाता है. फिर प्याज, लहसुन, हरी मिर्च और टमाटर का पेस्ट तैयार किया जाता है. कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करके उसमें जीरा डाला जाता है. इसके बाद तैयार पेस्ट को अच्छी तरह भूना जाता है. अब एक कटोरी दही में लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाकर मसाला तैयार किया जाता है. इस मसाले को भी पेस्ट के साथ अच्छी तरह पकाया जाता है. जब मसाला अच्छी तरह भुन जाए, तब उसमें मैश किए हुए आलू डालकर 5 से 10 मिनट तक पकाया जाता है. इससे स्वादिष्ट और मसालेदार आलू की सब्जी तैयार हो जाती है.

धौलपुर में घर-घर की पसंद बन गई है बेढ़ई

इसके बाद तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें सामान्य पूरी से थोड़ी मोटी बेल लिया जाता है. फिर इन्हें गर्म घी में सुनहरा और कुरकुरा होने तक तला जाता है. तैयार बेढ़ई को गरमा-गरम आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है. बेढ़ई को कई लोग पूरी और कचौरी का स्वादिष्ट मिश्रण भी मानते हैं. सूजी, बेसन और गेहूं के आटे से बनने वाली यह डिश स्वाद के साथ-साथ पौष्टिक भी मानी जाती है बेढ़ई न केवल स्थानीय लोगों की पसंद है, बल्कि यह धौलपुर की समृद्ध खाद्य संस्कृति और पारंपरिक विरासत का भी शानदार प्रतीक बन चुकी है. अगर आप भी धौलपुर के पारंपरिक स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो इस आसान रेसिपी से घर पर बेढ़ई बनाकर परिवार के साथ लाजवाब नाश्ते का मजा ले सकते हैं.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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सरकारी डॉक्टर के पास मेडिकल स्टोर संचालक लिख रहा पर्चे: VIDEO बनने पर रुका रूके हाथ, शाहजहांपुर CMO ने जांच के आदेश दिए – Shahjahanpur News


शाहजहांपुर4 मिनट पहले

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शाहजहांपुर के पुवायां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरूवार की रात करीब 11 एक सरकारी डॉक्टर और एक निजी मेडिकल स्टोर संचालक के बीच कथित सांठगांठ का मामला सामने आया है। एक वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि डॉक्टर के साथ बैठा निजी मेडिकल स्टोर संचालक मरीजों के पर्चे लिख रहा था। वीडियो बनने पर उसने पर्चे लिखना बंद कर दिया। वायरल वीडियो दोपहर का बताया जा रहा है। यह घटना पुवायां सीएचसी के कमरा नंबर आठ की बताई जा रही है।

वीडियो में दिख रहा है कि कमरे के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी है। अंदर, डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं, जबकि उनके ठीक सामने एक व्यक्ति बैठा है और मरीजों के लिए दवा के पर्चे तैयार कर रहा है।

दावा किया जा रहा है कि डॉक्टर की मिलीभगत से पर्चों पर ऐसी दवाएं लिखी जा रही थीं, जो केवल उसी मेडिकल स्टोर संचालक के निजी स्टोर पर उपलब्ध थीं। जैसे ही किसी ने वीडियो बनाना शुरू किया, व्यक्ति ने घबराकर पर्चे टेबल पर ही छोड़ दिए और बाद में वहां से चला गया।

वीडियो बनाने वाले को देखकर डॉक्टर ने भी अपना सिर उठाया, लेकिन फिर से मरीजों को देखने लगे। सूत्रों के अनुसार, इस तरह की मिलीभगत से मरीजों को अक्सर वे दवाएं बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाकर बाहर के मेडिकल स्टोर से लेने को कहा जाता है। दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि डॉक्टर के पास कोई निजी मेडिकल स्टोर संचालक बैठा पाया गया है, तो मामले की गहन जांच कराई जाएगी।



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सीतामढ़ी सदर अस्पताल में डीएम का औचक निरीक्षण: एक एएनएम निलंबित; तीन डॉक्टरों का वेतन रोकने का निर्देश, स्वास्थ्य व्यवस्था में मिलीं अनियमितताएं – Sitamarhi News




सीतामढ़ी सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने बुधवार को जिलाधिकारी रिची पांडे ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कार्यप्रणाली में कई अनियमितताएं सामने आने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। इसके बाद आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एक एएनएम को निलंबित करने तथा तीन चिकित्सकों का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। डीएम की कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। इस दौरान कई स्तरों पर लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामले सामने आए। एएनएम के निलंबन का निर्देश निरीक्षण के दौरान कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर एएनएम रितु कुमारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने अस्पताल उपाधीक्षक को तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मियों की लापरवाही सीधे मरीजों की सेवा को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसी प्रवृत्तियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तीन चिकित्सकों का वेतन रोका जाएगा निरीक्षण के दौरान डॉ. निवेदिता, डॉ. रीता महतो और डॉ. अनुजा प्रीतम की अनधिकृत अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी ने तीनों चिकित्सकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित विभाग को प्रतिवेदन भेजकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया गया। डीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत आवश्यक है। संस्थागत प्रसव और गर्भवती महिलाओं की जांच पर जोर निरीक्षण के बाद आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा उच्च जोखिम वाले गर्भधारण (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की पहचान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमास (पहले तीन माह) में ही अल्ट्रासाउंड कराया जाए तथा आवश्यक जांचों की संख्या बढ़ाई जाए। इससे गर्भावस्था से जुड़ी संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। सीटी स्कैन सेवा की समीक्षा बैठक के दौरान अस्पताल में संचालित सीटी स्कैन सेवा की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया कि मरीजों की जांच समय पर की जाए और निर्धारित अवधि के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में अनावश्यक देरी मरीजों के इलाज को प्रभावित करती है, इसलिए इस व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दवा उपलब्धता और इमरजेंसी सेवाओं पर विशेष फोकस डीएम ने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति तथा इमरजेंसी सेवाओं की मजबूती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मरीजों को आवश्यक दवाएं समय पर उपलब्ध हों और आपातकालीन सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जाएं। इसके साथ ही मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने पर भी बल दिया गया। “लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं” जिलाधिकारी रिची पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक मरीज को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग, अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। शिकायतों के तुरंत निस्तारण के निर्देश बैठक में डीएम ने टीकाकरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो सके। डीएम की सख्त कार्रवाई और स्पष्ट निर्देशों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे अस्पताल की सेवाओं में सुधार आएगा और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।



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8वें वेतन आयोग पर बड़ी अपडेट! 3% तक बढ़ सकता है डीए, हाथ में कितनी सैलरी आएगी?


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8वें वेतन आयोग पर बड़ी अपडेट! 3% तक बढ़ सकता है डीए, हाथ में कितनी सैलरी आएगी?

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DA Hike: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर अच्छी खबर है. लेबर ब्यूरो के ताजा AICPI-IW आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में इंडेक्स 150.8 के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है, जिससे सितंबर-अक्टूबर 2026 में 3% डीए बढ़ोतरी की उम्मीद मजबूत हो गई है. हालांकि, अंतिम फैसला जून 2026 के AICPI डेटा और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद होगा. अगर यह बढ़ोतरी लागू होती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में सीधा इजाफा होगा और लाखों केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा.

लंबे समय से कर्मचारियों को डीए में बढ़ोतरी का इंतजार है. इसी के बीच लेबर ब्यूरो ने हाल ही में AICPI(All-India Consumer Price Index for Industrial Workers) के मंथली आंकड़े जारी किए हैं, जोकि 150.8 रहा. ये इंडेक्स केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के डीएस कैलकुलेशन के लिए अहम फैक्टर माना जाता है.

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पिछले 12 महीनों में ये सबसे हाई लेवल रहा है. हालांकि, जून 2026 के लिए डीए में बढ़त होने की जानकारी लेबर ब्यरो जुलाई के अंत में जून के AICPI डेटा के बाद ही देगा. जनवरी 2026 में 2 फीसदी की बढ़त के बाद सरकारी कर्मचारियों का डीए 60 फीसदी रहा है. मई के आंकड़ो की बात करें तो डीए में 3 फीसदी की बढ़त होने की उम्मीद है.

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इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल यानी अगर जून 2025 से मई 2026 तक का एआईसीपीआई- आई डब्लू के आंकड़े देखें तो जून 2025 में 145 जुलाई 2025 में 146.5 अगस्त में 147.2 में सितंबर 2025 में 147.3 अक्टूबर में 147.7 नवंबर 2025 में 148.2 दिसंबर 2025 में 148.2 जनवरी 2026 में 148.6 फरवरी 2026 में 148.5 मार्च 2026 में 149.1 अप्रैल 2026 में 149.9 मई 2026 में 150.8 तो ऐवरेज देखें तो 148.075 आता है.

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अब सबसे बड़ा सवाल कर्मचारियों के मन में ये रहता है कि डीए का कैलकुलेशन कैसे होता है. डीए का प्रतिशत निकालने के लिए 12 महीने का ऐवरेज AICPI-IW बेस वैल्यू को 2001 के बेस वैल्यू से 2.88 से गुणा करके जोड़ना होगा.

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2.88 का लेटेस्ट मल्टीपर बेस ईयर 2016 को 2001 के इक्विवेलेंट करने के लिए निकाला गया है. लेबर ब्यूरो के आंकड़ो से पता चलता है कि अगस्त 2020 में पुराने आधार के तहत सीपीआई -आई डब्लू का वैल्यू 33.8 था और नए आधार के तहत सीपीआई का वैल्यू 117.4 था, इसलिए मलटीपर का कैलुकेशन 338 338 ÷ 117.4 = 2.88 के रूप में की गई है.

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फिलहाल डीए% की बात करें तो ये AICPI-IW के आंकड़ों के अनुसार, 63.13 % होगी, यानी जनवरी 2026 से 3 फीसदी की बढ़त होने की उम्मीद है. यानी अगर किसी कर्मचारी की सैलरी का मिनिमम बेस वेतन 40,000 रुपये है. 50% महंगाई भत्ता मिलने पर उनका वेतन होगा = 40,000 रुपये + (40,000 रुपये का 50%) = 40,000 + 20,000 = 60,000 रुपये रहेगा.

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अगर इसी कर्मचारी को 3% महंगाई भत्ता बढ़कर 53% मिलता है, तो नया वेतन = 40,000 रुपये + (40,000 रुपये का 53%) = 40,000 + 21,200 = 61,200 रुपये होगा. इसका मतलब है कि महंगाई भत्ता (डीए) में 3% की बढ़ोतरी से उनके वेतन में 1,200 रुपये की वृद्धि होगी.

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मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी लगभग तय है. अब सिर्फ जून 2026 के आंकड़ों का इंतजार है. जैसे ही ये आंकड़े सरकार के पास पहुंचेंगे, वित्त मंत्रालय आगे का प्रोसेस शुरू करेगा. इसके बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. उम्मीद है कि सितंबर या अक्टूबर 2026 तक कर्मचारियों के लिए नए डीए का ऐलान कर दिया जाएगा.

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स्कूली बसों के फिटनेस का ​सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड नहीं – Ujjain News



स्कूली बसों के फिटनेस सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर में इनका रिकॉर्ड शो नही हो रहा है। सुधार कराए बगैर संचालन अवैध करार दिया जा रहा है। 1 जुलाई को स्कूल शुरू होने के पहले ही दिन इस समस्या के चलते कुछ स्कूली बसें तो चल ही नही पाई। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को स्कूल छोड़ने व लाने जाना पड़ा। इधर, परिवहन विभाग की तरफ से स्कूल बस संचालकों को स्पष्ट कह दिया है कि वे किसी भी प्रकार की रिस्क न लें और न ही उन्हें मुश्किल में डाले। बस के फिटनेस को अपडेट करने के लिए वे शोरूम से फॉर्म नंबर 21-22 लेकर आए, ताकि उस जानकारी के आधार पर सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जा सके। ऐसे में बुधवार को दिनभर में 20 बस संचालक ही ये दस्तावेज लाकर दे पाए। ये समस्या कुछ दिन पहले से हुई है। उम्मीद की जा रही थी कि जुलाई तक सुधार हो जाएगा, लेकिन नहीं हो पाया है। जिले में करीब 950 स्कूली बसें हैं। आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया बसों का फिटनेस जरूरी है। रिकॉर्ड के अभाव में वाहन का संचालन अवैधानिक है। एजुकेशन के नियमों में भी यह बहुत जरूरी है।



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‘वेलकम टू द जंगल’ की धीमी रफ्तार, छठे दिन सिंगल डिजिट में कमाई, जानें टोटल कलेक्शन


अहमद खान के डायरेक्शन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ एक ऐसी धमाकेदार कॉमेडी फिल्म है, जिसमें 30 से ज्यादा सितारों ने काम किया है. इस फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, रवीना टंडन, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, लारा दत्ता, तुषार कपूर, श्रेयस तलपड़े, आफताब शिवदासानी और जैकी श्रॉफ जैसे सितारे अहम किरदारों में हैं. कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, विंदू दारा सिंह, दलेर मेहंदी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन और उर्वशी रौतेला ने भी कॉमेडी का जबरदस्त तड़का लगाया है.



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MP-UP, महाराष्ट्र में बारिश से सड़कें डूबीं: कार-बाइकें बहीं, जीआरपी थाने में पानी घुसा; बिहार-झारखंड में बिजली गिरने से 5 की मौत




मध्य प्रदेश के 7 जिलों में बुधवार को तेज बारिश हुई। इंदौर में बारिश के बीच थार कार नाले में गिर गई। सीहोर जिले में सड़कों पर पानी नदी की तरह बहने लगा। तेज बहाव में सड़क किनारे खड़ी बाइकें बह गईं। बिहार में बिजली गिरने से तीन और झारखंड में दो लोगों की मौत हो गई। यूपी के 25 शहरों में बुधवार को बारिश हुई। आजमगढ़, बिजनौर, मिर्जापुर में तेज बारिश के बाद सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। ललितपुर रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल और जीआरपी थाने में पानी घुस गया। फतेहपुर में आंधी से ई-रिक्शा पलट गया। नवी मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार को सड़क पर भरे पानी में करंट फैल गया। इस दौरान नेरुल के एलपी ब्रिज के नीचे से गुजर रहीं टू-व्हीलर सवार दो छात्राएं करंट लगने से गिर गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुजरात के अमरेली जिले में बुधवार सुबह से भारी बारिश हुई, जिससे राजुला तालुका की रायदी नदी में बाढ़ आ गई। बाढ़ की चपेट में कुछ महिलाएं आ गईं, जिन्हें गांववालों ने बचा लिया। वहीं, नदी की बाढ़ में 35 बकरियां बह गईं। दिल्ली-राजस्थान को छोड़ पूरे देश में मानसून पहुंचा मानसून ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा में एंट्री कर ली। अब दिल्ली और राजस्थान को छोड़ पूरे देश में मानसून पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जुलाई में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल 3 जुलाई: 4 जुलाई:



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वर्ल्ड अपडेट्स: अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग; 3 क्रू मेंबर सुरक्षित निकाले गए, 1 लापता




अमेरिकी नौसेना के MH-60S सीहॉक हेलिकॉप्टर ने बुधवार को अरब सागर में इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग की। हेलिकॉप्टर में सवार चार क्रू मेंबर में से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक अब भी लापता है। उसकी तलाश में नौसेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। अमेरिकी नौसेना के मुताबिक, हेलिकॉप्टर USS जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश विमानवाहक पोत से उड़ान पर था। इमरजेंसी लैंडिंग के बाद बचाए गए तीनों क्रू मेंबर की हालत स्थिर है। अमेरिकी नौसेना ने कहा कि शुरुआती जांच में हेलिकॉप्टर पर किसी हमले के संकेत नहीं मिले हैं। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसका पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल लापता क्रू मेंबर की तलाश जारी है।



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चौथ में भारतीय कश्यप सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष अरेस्ट: अलीगढ़ DIG ऑफिस पर किया प्रदर्शन, बोला– पुलिस में गुंडे भर्ती; वर्दी उतारकर आएं तो बताएं – Aligarh News




अलीगढ़ पुलिस ने जमीनों पर अवैध कब्जा करने और उसके बदले चौथ वसूलने के लिए गिरोह बनाकर काम करने वाले भारतीय कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह खालसा को बुधवार देर रात अरेस्ट किया है। खुद पर और अपने साथियों पर कानूनी शिकंजा कसता देख पुलिस को दबाव में लेने के लिए आरोपी ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर डीआईजी कार्यालय पर हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मर्यादा भूलते हुए कश्यप सेना के अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली और विवादित बयान देते हुए कहा कि सड़क से गुंडे उठाकर पुलिस की वर्दी में भर्ती कर दिए हैं। एक बार वर्दी उतारकर जनता के बीच में आएं तब बताएंगे। थाना महुआखेड़ा क्षेत्र में जमीन पर कब्जा करने के लिए चौथ मांगने की शिकायत पर पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह और अलीगढ़ के मंडल अध्यक्ष अजय कांत जाटव समेत कुल 10 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। ये है पूरा मामला ग्राम भरतुआ के रहने वाले एक पीड़ित ने थाना महुआखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने पौने दो बीघा जमीन खरीदी थी, जिसका दाखिल-खारिज भी हो चुका था। लेकिन कश्यप सेना के अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष अजय कांत जाटव ने बाहरी जनपदों के लोगों के साथ मिलकर एक गैर-कानूनी संगठन बनाया है। वह जमीन पर पीड़ित को कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। आरोप है कि जमीन पर कब्जा छोड़ने के एवज में यह गिरोह पीड़ित से मोटी रंगदारी मांग रहा था। कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस पर बनाया दबाव पुलिस ने अवैध वसूली और जमीन कब्जे की भनक लगते ही शिकंजा कसना शुरू कर दिया। कार्रवाई से बचने के लिए प्रताप सिंह ने पुलिस को दबाव में लेने के लिए डीआईजी कार्यालय पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पहले भी आरोपी 19 जून को एसएसपी नीरज कुमार जादौन के कार्यालय पर दर्जनों कार्यकर्ताओं को लेकर ज्ञापन देने पहुंचा था। प्रदर्शन के दौरान उसने एसएसपी के पीआरओ दीपेंद्र कुमार पर ज्ञापन फाड़ने का झूठा आरोप लगाया और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। वहीं, डीआईजी कार्यालय पर जब सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने उसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी, तो उसने पुलिस पर ही एनकाउंटर करने की धमकी देने का आरोप मढ़ दिया। ‘वर्दी उतारकर आओ, जनता बताएगी…’ कश्यप सेना के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने सुशासन और पुलिस व्यवस्था पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उसने पुलिस टीम को गुंडा बताते हुए कहा कि सड़क से गुंडों को उठाकर पुलिस की वर्दी में भर्ती करा दिया है। बोला–ये गुंडे ही तो हैं, जो सरेआम मुकदमों और लाठीचार्ज की धमकी दे रहे हैं। वर्दी उतार कर आओ ना, जनता से भिड़ो, फिर जनता आपको बताएगी कि क्या मुकदमा होता है और क्या लाठीचार्ज होता है। पुलिस ने घेराबंदी कर 10 आरोपियों को दबोचा पुलिस ने गिरोह की गुंडागर्दी और दबाव की राजनीति के आगे झुकने के बजाय कड़ी कार्रवाई की। थाना महुआखेड़ा, क्वार्सी, सिविल लाइंस और महिला थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने दबिश देकर थाना क्षेत्र महुआखेड़ा से गिरोह के 10 सदस्यों को धर दबोचा। इनमें अलीगढ़ निवासी मंडल अध्यक्ष अजय कांत पुत्र राजकुमार, सहारनपुर निवासी राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पुत्र कृपाल सिंह, विकास पुत्र नौरत सिंह, अमित पुत्र ओमप्रकाश सिंह, पंकज पुत्र पप्पू, गौरव पुत्र सुरेंद्र सिंह और मैनपुरी निवासी करन पुत्र जगतपाल सिंह, लखीमपुर खीरी निवासी विनय पुत्र बलराम, मुरादाबाद निवासी रामसिंह आर्य पुत्र अंगनलाल आर्य व शामली निवासी रिषभ पुत्र संतलाल शामिल हैं। नकली नोटों के मामले में भी जा चुका है जेल सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। सहारनपुर के थाना कुतुबशेर पुलिस द्वारा प्रताप सिंह को 11,410 रुपए के जाली नोटों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा भी उसके खिलाफ सहारनपुर के जनकपुरी और अन्य थानों में सरकारी कार्य में बाधा डालने व धमकी देने के संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं उसके साथी अजय कांत के खिलाफ भी मारपीट, रंगदारी और घरेलू हिंसा के मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य सहयोगियों की तलाश में वैधानिक कार्रवाई जारी है।



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