Friday, June 12, 2026
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मीठा खाने का है मन? घर पर ऐसे बनाएं बंगाली स्टाइल खीर कदम, जानें आसान रेसिपी


Bengali Style Kheer Kadam: अगर आपको मीठा पसंद है और आप कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो बंगाल की मशहूर ‘खीर कदम’ एक बेहतरीन विकल्प है. यह पारंपरिक बंगाली मिठाई अपने अनोखे स्वाद और आकर्षक बनावट के लिए जानी जाती है. ‘खीर कदम’ के बीच में एक नरम रसगुल्ला होता है, जबकि बाहरी परत मावा (गाढ़ा किया हुआ दूध) और सूखे दूध से बनी होती है. एक बार चखने पर, इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है. सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे आसानी से घर पर बना सकते हैं. आइए इसकी आसान, स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी जानते हैं…

ज़रूरी सामग्री
10 छोटे रसगुल्ले, 1 कप मावा (खोया), ½ कप मिल्क पाउडर, 3 बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी, 2 बड़े चम्मच दूध, ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, सजावट के लिए बारीक कटे हुए पिस्ते या बादाम.

स्टेप 1: रसगुल्ले तैयार करें
सबसे पहले, रसगुल्लों को चाशनी से निकालें और हल्के हाथ से दबाकर अतिरिक्त चाशनी निकाल दें. ध्यान रखें कि वे टूटें नहीं. उन्हें एक प्लेट में अलग रख दें.

स्टेप 2: परत तैयार करें
एक कटोरे में मावा (खोया), मिल्क पाउडर, पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं. मिश्रण में धीरे-धीरे थोड़ा दूध डालें और इसे नरम आटे की तरह गूंथ लें. मिश्रण इतना नरम होना चाहिए कि आसानी से गोले बनाए जा सकें.

स्टेप 3: छोटे हिस्से बनाएं
मिश्रण को बराबर हिस्सों में बांट लें. हर हिस्से को हाथों से गोले का आकार दें और फिर उसे थोड़ा चपटा करें ताकि उसके अंदर रसगुल्ला रखा जा सके.

स्टेप 4: रसगुल्ले को अंदर भरें
चपटे किए हुए मावा मिश्रण के बीच में एक रसगुल्ला रखें, इसे चारों तरफ से बंद करें और चिकने गोले का आकार दें. पक्का करें कि रसगुल्ला पूरी तरह से ढका हुआ हो. अब खीर कदम को हल्के से मिल्क पाउडर में लपेटें, इससे मिठाई को पारंपरिक बंगाली लुक मिलता है. ऊपर से कटे हुए पिस्ते या बादाम से सजाएं.

स्टेप 5: ठंडा होने दें
खीर कदम को लगभग 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखें. इससे इसका टेक्सचर और स्वाद दोनों बेहतर हो जाते हैं.

त्योहारों, पार्टियों या खास मौकों पर ठंडी खीर परोसें. यह डेज़र्ट सभी को ज़रूर पसंद आएगा और आपकी डेज़र्ट टेबल की शोभा बढ़ाएगा.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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इस साल भी सितंबर तक है आईटीआर भरने की डेडलाइन या बदल गई, चूक गए तो क्‍या?


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ITR Deadline : आप भी नौकरीपेशा हैं तो इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने की शुरुआत हो चुकी है. कई टैक्‍सपेयर्स के मन में इस बात को लेकर गफलत चल रही है कि इस बार भी आईटीआर भरने की डेडलाइन सितंबर तक रहेगी. इस चक्‍कर में अगर आप डेडलाइन को चूक गए तो कई तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं.

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आईटीआर भरने की डेडलाइन 2026 में 31 जुलाई रखी गई है.

नई दिल्‍ली. इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने की शुरुआत हो चुकी है. आयकर विभाग की ओर से आईटीआर फॉर्म नोटिफाई करने के साथ ही करदाताओं के सामने रिटर्न भरने की मारामारी भी शुरू हो चुकी है. कंपनियों ने तो अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 भी जारी करना शुरू कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब रिटर्न भरने की दौड़ पूरी तरह शुरू हो चुकी है. लेकिन, एक सवाल है जो हर बार करदाताओं के मन में जरूर उठता है. अगर वे इनकम टैक्‍स विभाग की ओर से तय की गई डेडलाइन को चूक जाते हैं तो क्‍या परेशानी सामने आ सकती है. दूसरी अहम बात ये है कि इस बार रिटर्न भरने की डेडलाइन क्‍या है.

पिछले साल सरकार ने आईटीआर भरने के लिए सितंबर तक का समय दिया था. यही वजह है कि इस बार भी तमाम करदाताओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इस बार भी डेडलाइन वही है या फिर बदल गई है. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो एक बात आप गांठ बांध लीजिए कि आपके लिए आईटीआर भरने की अंतिम समय सीमा 31 जुलाई ही है. इस बार आप सितंबर का सोचकर चूक मत जाइएगा. दूसरी बात ये कि अगर आप डेडलाइन तक आईटीआर नहीं भरते हैं तो इसके कई तरह से नुकसान हो सकते हैं.

क्‍या है आईटीआर भरने की डेडलाइन

  • सामान्‍य करदाताओं, नौकरीपेशा और एचयएफ के लिए रिटर्न भरने की डेडलाइन 31 जुलाई, 2026 है.
  • ऐसे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्‍स जिनके खातों को ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए आईटीआर की डेडलाइन 31 अगस्‍त, 2026 है.
  • ऐसे बिजनेसमैन और पेशेवर जिनके खातों को ऑडिट की जरूरत होती है, वे 31 अक्‍टूबर तक रिटर्न भर सकते हैं.
  • ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के तहत आने वाले टैक्‍सपेयर्स 30 नवंबर, 2026 तक अपना रिटर्न भर सकते हैं.
  • अगर आप सामान्‍य डेडलाइन को चूक जाते हैं तो लेट पेमेंट चार्ज के साथ 31 दिसंबर, 2026 तक आईटीआर भर सकते हैं.

डेडलाइन चूक गए तो क्‍या करें
आप सैलरीड पर्सन हैं या फिर एचयूएफ के रूप में आईटीआर दाखिल कर रहे हैं तो 31 जुलाई की डेडलाइन याद रखनी चाहिए. अगर आप इस डेडलाइन को चूक जाते हैं तो इनकम टैक्‍स की धारा 234एफ के तहत आप बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. डेडलाइन के बाद रिटर्न भरने के लिए आपको लेट फीस चुकानी पडे़गी. इनकम टैक्‍स विभाग ने 5 लाख तक की सालाना कमाई पर 1,000 रुपये की लेट फीस तय की है, जबकि 5 लाख से ज्‍यादा की कमाई 5 हजार रुपये की लेट फीस लगाई जाती है.

डेडलाइन चूकने पर आपको क्‍या नुकसान
अगर इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने की सामान्‍य डेडलाइन आप चूक गए हैं तो सेक्‍शन 234ए के तहत बकाया टैक्‍स पर ब्‍याल लगाया जा सकता है. इनकम टैक्‍स विभाग आपके नुकसान को कैरी फारवर्ड करने से इनकार कर सकता है. इतना ही नहीं आपका रिफंड आने में भी देरी हो सकती है. देरी से रिटर्न भरने पर आपको रिफंड तो मिलेगा, लेकिन आपको इस रिफंड पर मिलने वाले ब्‍याज का नुकसान हो सकता है. 31 दिसंबर के बाद आईटीआर भरते हैं तो रिफंड क्‍लेम करने का अधिकार समाप्‍त हो जाता है. इसके लिए आपको सेक्‍शन 119(2)(b) के तहत कर अधिकारियों से अपनी देरी को माफ किए जाने का आवेदन करना पड़ेगा और यह उनके ऊपर होगा कि वे आपकी बात स्‍वीकार करते हैं या नहीं.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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बदायूं में गंगा एक्सप्रेस-वे पर हादसा, दो की मौत: अज्ञात वाहन से ने पीछे से मारी टक्कर, मलिहाबाद से आम लेकर पंजाब जा रहा था पिकअप – Badaun News




बदायूं में गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब मलिहाबाद से आम लेकर पंजाब जा रही एक पिकअप आगे चल रहे अज्ञात वाहन से पीछे से टकरा गई। यह घटना मूसाझाग थाना क्षेत्र के बजरमैरी गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के 199 किलोमीटर प्वाइंट पर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान संभल जिले के बरेली सराय निवासी बंटी (25) और मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के रतनपुर निवासी राहुल (23) के रूप में हुई है। पिकअप का चालक अमर सिंह (बंटी का भाई) और पंजाब निवासी अजय घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार पिकअप अचानक आगे चल रहे किसी अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही गंगा एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग टीम और मूसाझाग पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से बिनावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने बंटी और राहुल को मृत घोषित कर दिया। चालक अमर सिंह और अजय का उपचार जारी है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में मातम छा गया। पुलिस अब एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि टक्कर के बाद फरार हुए अज्ञात वाहन की पहचान की जा सके। मूसाझाग पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अज्ञात वाहन की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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फिल्मों के पिटने से स्टार को लगा झटका, समझ में आई अपनी भूल, अब लिया बड़ा फैसला


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बॉलीवुड के एक नामचीन स्टार की पिछली दो लगातार बड़ी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुईं. करोड़ों के बजट और भारी बज के बावजूद इन फिल्मों के पिटने से एक्टर को गहरा झटका लगा है. अब एक्टर उन्होंने माना कि लगातार मिल रही असफलताओं के बाद अब उन्होंने स्क्रिप्ट चुनने का अपना तरीका पूरी तरह बदल दिया है. एक्टर ने कबूल किया कि शायद वह अकेले यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन सी फिल्म चुनी जाए, इसलिए अब वह अकेले स्क्रिप्ट की कहानी नहीं सुनते हैं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘कॉकटेल 2’ के प्रमोशन में जुटे हुए हैं. इससे पहले उनकी पिछली दो फिल्में ‘देवा’ और ‘ओ रोमिया’ जबरदस्त बज के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थीं. इस बीच एक इंटरव्यू में शाहिद ने साफ किया कि पिछली फिल्मों के खराब प्रदर्शन ने उन्हें फिल्म चुनने का तरीका बदलने पर मजबूर कर दिया है.

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द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि अब वह अकेले स्क्रिप्ट सुनना पसंद नहीं करते, बल्कि स्क्रिप्ट फाइनल करते वक्त अपनी पूरी टीम को साथ रखते हैं ताकि हर पहलू को बेहतर ढंग से समझा जा सके. अपनी पिछली फिल्मों की असफलता पर बात करते हुए शाहिद ने माना कि जब कोई फिल्म नहीं चलती, तो इंसान कई तरह की भावनाओं और निराशा से गुजरता है.

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उन्होंने कहा, ‘जब आप इस इंडस्ट्री में इतने लंबे समय से काम कर रहे होते हैं, तो आपको उम्मीद होती है कि आप चीजों को बेहतर तरीके से समझेंगे और आपके फैसले सही साबित होंगे. लेकिन असल में ऐसा होता नहीं है. आप कितने सालों से काम कर रहे हैं, इस बात से फिल्मों की सफलता का कोई लेना-देना नहीं है.’

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शाहिद कपूर ने कहा, ‘फिल्में पूरी तरह से अनप्रेडिक्टेबल हैं यानी यहां कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता. एक एक्टर होने के नाते, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा परफॉर्म करेगी, इस पर आपका कोई कंट्रोल नहीं होता. यहां तक कि आप पर्दे पर जो कर रहे हैं, उस पर भी आपका पूरा नहीं बल्कि थोड़ा-बहुत ही कंट्रोल होता है. आखिरकार, डायरेक्टर ही यह तय करता है कि फ्रेम में क्या दिखेगा और उसका संतुष्ट होना सबसे ज्यादा जरूरी है.’

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‘देवा’ और ‘ओ रोमियो’ के पिटने के बाद अपने काम करने के तरीके में आए एक बड़े बदलाव का जिक्र करते हुए शाहिद ने कहा, ‘अब मैंने अपनी टीम से एक बात साफ कह दी है कि शायद मुझे अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट खुद तय नहीं करनी चाहिए. कैमरा के सामने क्या और कैसे करना है, यह तो मैं बहुत अच्छे से जानता हूं, लेकिन शायद मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि कौन सी फिल्म चुनी जाए. हो सकता है कि मेरा फैसला पूरी तरह से एक कलाकार की सोच पर टिका हो, जो शायद आम दर्शकों को पसंद न आ रहा हो.’

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साल 2025 में शाहिद कपूर एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘देवा’ में नजर आए थे. रोशन एंड्रयूज के निर्देशन में बनी इस फिल्म को क्रिटिक्स से मिले-जुले रिव्यू मिले और यह बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई. करीब 50 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म भारत में महज 40.82 करोड़ और दुनिया भर में सिर्फ 56.32 करोड़ का ही कलेक्शन कर सकी.

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इसके बाद साल 2026 में आई विशाल भारद्वाज की ‘ओ रोमियो’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था. शाहिद कपूर के लीड रोल वाली इस रोमांटिक एक्शन थ्रिलर से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन इसे भी ठंडा रिस्पॉन्स मिला और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डूब गई. 150 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ तैयार हुई यह फिल्म दुनिया भर में सिर्फ 110 करोड़ ही बटोर पाई.

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अब शाहिद कपूर को अपनी अगली रिलीज ‘कॉकटेल 2’ से काफी उम्मीदें हैं. होमी अदजानिया के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म की कहानी तरुण जैन और लव रंजन ने लिखी है. फिल्म में शाहिद के साथ कृति सेनन और रश्मिका मंदाना लीड रोल में हैं. साल 2012 की सुपरहिट फिल्म ‘कॉकटेल’ की तरह इसकी कहानी भी एक लव ट्रायंगल के इर्द-गिर्द घूमती है. यह फिल्म 19 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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कानपुर से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, उसी ट्रेन में सवार थे मोहन भागवत


होमताजा खबरदेश

दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, ट्रेन में थे मोहन भागवत, बाल-बाल बचे

Last Updated:

Shatabdi Express Stone Pelting: यूपी से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के पास शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी से कोच E1 की खिड़की टूट गई. जिस शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है, उसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत सवार थे. राहत की बात है कि इस पथराव में मोहन भागवत बाल-बाल बच गए हैं. वह सुरक्षित हैं. इसक पत्थरबाजी के चलते ट्रेन देर से दिल्ली पहुंची.

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यूपी से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ है.

Mohan Bhagwat Shatabdi Express Train Attacked: उत्तर प्रदेश से दिल्ली आ रही शताब्दी एक्सप्रेस में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक उस पर पत्थर फेंके गए. जी हां, यूपी के फिरोजाबाद में शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर पथराव हुआ. शताब्दी एक्सप्रेस की खिड़की का शीशा उस समय टूट गया, जब फिरोजाबाद के पास ट्रेन पर पत्थर फेंका गया. जिस ट्रेन पर पथराव हुआ, उस ट्रेन में उस वक्त आरएसएस चीफ मोहन भागवत मौजूद थे. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कानपुर से दिल्ली एक कार्यक्रम के सिलसिले में जा रहे थे.

दरअसल, यह घटना फिरोजाबाद आउटर इलाके में गुरुवार रात करीब 8 बजे हुई. यहां पत्थर शताब्दी ट्रेन के कोच E1 पर लगा, जिसमें बताया जा रहा है कि मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे. ऐसा लगता है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ट्रेन को जानबूझकर निशाना बनाया गया है. संघ प्रमुख कानपुर में एक समारोह में शामिल होने के बाद 12003-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे. इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत वाली कोच पर फिरोजरबाद के पास एक पत्थर लगा.

पथराव में मोहन भागवत सेफ

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इस घटना से कोच की खिड़की टूट गई और यात्रियों में चिंता फैल गई. हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि किसी को चोट नहीं आई है. मोहन भागवत और सभी अन्य यात्री सुरक्षित रहे. घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित कोच की जांच की और स्थिति का जायजा लिया. उसके बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई. सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और अन्य रेलवे विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की.

आखिर किसने पत्थर फेंके?

फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि पत्थर ट्रेन पर कैसे आया या इसके लिए कौन जिम्मेदार है. अधिकारी घटना से जुड़े हालात की जांच कर रहे हैं और सबूत जुटा रहे हैं. जरूरी जांच के बाद शताब्दी एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा दिल्ली की ओर फिर से शुरू की और रात 10.13 बजे राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गई. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जानकारी सामने आएगी.

जीआरपी के इंस्पेक्टर ने क्या अपडेट दिया

सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के इंस्पेक्टर शेर सिंह ने बताया कि भागवत को कोई चोट नहीं आई और उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टुंडला जंक्शन पर रुकने के बाद ट्रेन ने अपनी यात्रा फिर से शुरू की. यह घटना गुरुवार शाम करीब 7.20 बजे हुई, जब कानपुर से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस फिरोजाबाद जिले से गुजर रही थी और मक्खनपुर स्टेशन को बिना रुके पार कर चुकी थी, तभी तेज रफ्तार ट्रेन के E-1 कोच की खिड़की के शीशे पर एक पत्थर लगा और शीशा टूट गया.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें



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बिहार में बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत: राजस्थान-पंजाब में ओले गिरे, दिल्ली में आंधी-तूफान का रेड अलर्ट, 27 राज्यों में बारिश की चेतावनी


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भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना2 घंटे पहले

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मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में गुरुवार रात कई इलाकों में तेज हवाएं चलने के बाद आंधी-तूफान और बिजली गिरने का रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में 70-90kmph की रफ्तार से हवाएं और कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है।

वहीं, गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में गुरुवार को बारिश के साथ ओले गिरे। जयपुर में हॉस्पिटल के बाहर कार पर पेड़ गिर गया।

बिहार के 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा में बिजली गिरने से पति-पत्नी समेत 9 लोगों की मौत हो गई। यूपी में प्री-मानसून में 52 शहरों में बारिश हुई। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी बरसात हुई।

मानसून ने गुरुवार को बिहार में एंट्री कर ली है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी यह आगे बढ़ गया है। 4 जून को केरलम में एंट्री के बाद से मानसून 8 दिन में 17 राज्यों तक पहुंच चुका है। अगले 2-3 दिनों इसके में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है।

मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून

27 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट

आज 22 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें राजस्थान, एमपी, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, केरलम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड शामिल हैं। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है।

राज्यों से मौसम की तस्वीरें…

हिमाचल प्रदेश के चंबा में तेज बारिश के बाद मलबे में दबी गाड़ी।

हिमाचल प्रदेश के चंबा में तेज बारिश के बाद मलबे में दबी गाड़ी।

पंजाब के अमृतसर में दीवार गिरने से एक शख्स की मौत हो गई।

पंजाब के अमृतसर में दीवार गिरने से एक शख्स की मौत हो गई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुवार शाम को ओले गिरे।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुवार शाम को ओले गिरे।

गर्मी से राहत नहीं, 11 राज्यों में पारा 40°C पार

बारिश के बावजूद यूपी, दिल्ली, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और हरियाणा के कई शहरों में पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा पंजाब के भटिंडा में दर्ज किया गया। यहां पारा 46.2°C रहा। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 44.6°C, यूपी के झांसी में 43.4°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 44.5°C और एमपी के खजुराहो में 43°C दर्ज किया गया।

अगले दो दिन के मौसम का हाल

13 जून:

  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है। 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिरने की आशंका।
  • केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश होगी। कर्नाटक और केरलम के तटीय जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।

14 जून:

  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-बारिश हो सकती है। कई जगह 50-70kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले गिरने की आशंका है।
  • बिहार, झारखंड और ओडिशा में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं ओले गिरने की आशंका है।

खबरें और भी हैं…



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नालंदा में आज बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मौका: SIS करेगा 320 पदों पर भर्ती, 23 जून तक 10 प्रखंड में जॉब कैंप, 33 हजार तक मिलेगी सैलरी – Nalanda News




बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत जिला नियोजनालय, नालंदा जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का एक सुनहरा अवसर ला रहा है। जिला नियोजन पदाधिकारी मो० आकिफ वक्कास ने जानकारी दी है। इसके अनुसार एसआईएस (SIS) चकाई जमुई के सौजन्य से नालंदा के 10 अलग-अलग प्रखंडों में सुरक्षा कर्मियों की भर्ती होगी। आज से 23 जून तक विशेष पंजीयन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 320 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। 40 साल तक के लोगों को मिलेगा मौका इन शिविरों में सुरक्षा सुपरवाइजर के 60 पदों के लिए योग्यता 12वीं पास, उम्र 19 से 40 साल, न्यूनतम ऊंचाई 170 सेंटीमीटर और वेतनमान 17,000 से 24,000 रुपये तय किया गया है। वहीं सबसे अधिक सुरक्षा जवान के 150 पदों पर बहाली होगी, जिसके लिए 10वीं पास युवा जिनकी उम्र 19 से 40 साल और ऊंचाई 167.5 सेंटीमीटर हो, वे आवेदन कर सकते हैं। इन्हें 14,000 से 22,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा कैश कस्टोडियन के 35 पदों (योग्यता 12वीं पास, ऊंचाई 165 सेमी, वेतन 13,000-19,000 रुपये) और सुरक्षा अधिकारी के 75 पदों (योग्यता स्नातक पास, ऊंचाई 170 सेमी, वेतन 25,000-33,000 रुपये) पर भी नियुक्तियां की जाएंगी, जिन्हें अन्य सरकारी लाभों के साथ बिहार राज्य और पूरे भारत में काम करने का अवसर मिलेगा। पंजीयन शिविरों का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार रोजाना सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा, जिसके तहत 12 जून को करायपरशुराय, 13 जून को हिलसा, 15 जून को इस्लामपुर, 16 जून को परवलपुर, 17 जून को सरमेरा, 18 जून को हरनौत, 19 जून को रहुई, 20 जून को सिलाव, 22 जून को राजगीर और अंतिम दिन 23 जून को बिहारशरीफ प्रखंड में शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर में भाग लेने वाले सभी इच्छुक आवेदकों का भारत सरकार के एनसीएस पोर्टल पर निबंधित होना अनिवार्य है। शिविर में भाग लेने के लिए नहीं देने होंगे रुपए जिला नियोजन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस पंजीयन शिविर में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना है और यह पूरी तरह से निःशुल्क है। यदि कोई व्यक्ति इस शिविर के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो अभ्यर्थी इसकी शिकायत तुरंत जिला नियोजन कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि चयन के उपरांत ड्रेस, प्रशिक्षण या अन्य मदों में होने वाले किसी भी प्रकार के खर्च की जिम्मेदारी सीधे तौर पर अभ्यर्थी और एसआईएस चकाई जमुई की होगी, इसमें जिला नियोजनालय की पैसे के लेन-देन में कोई भूमिका या जवाबदेही नहीं होगी। विशेष जानकारी के लिए अभ्यर्थी विभागीय ईमेल आईडी या दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।



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अहमदाबाद प्लेन हादसे का एक साल: हादसे में बचे अकेले शख्स ने कहा- हमें यह जानने का हक है कि उस दिन हुआ क्या था


अहमदाबाद4 घंटे पहले

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हादसे के अगले दिन PM मोदी ने अस्पताल में विश्वास से मुलाकात की थी।

‘12 जून 2025 के उस मनहूस दिन को पूरा साल हो गया। पर मेरे लिए वक्त वहीं ठहरा है। लोग मुझे ‘चमत्कारी’ कहते हैं, क्योंकि अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही जब एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हुआ, तो उसमें सवार 260 लोगों में से सिर्फ मैं अकेला जिंदा बचा था। पर सच कहूं, तो इस जिंदा रहने की कीमत मैं हर रोज अपनी आत्मा का एक हिस्सा देकर चुका रहा हूं।

इस दुर्घटना के एकमात्र सर्वाइवर विश्वास कुमार रमेश ने अपने भाई को भी इस क्रैश में खो दिया था। रमेश ने कहा कि हादसे की कैसी भी जांच हो, मेरा भाई तो नहीं लौटा सकती। लेकिन, हम सभी को यह जानने का पूरा हक है कि उस दिन हुआ क्या था। भावुक अपील में विश्वास ने जांचकर्ताओं द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले ‘ईमानदारी, पारदर्शिता की मांग की है। पढ़िए उन्होंने और क्या कहा…

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

आज भी वह खौफनाक मंजर दिखाई देता है: रमेश

रमेश ने कहा- आज भी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे वो चीखें, आग और वो खौफनाक मंजर दिखाई देता है। मैं बच तो गया, लेकिन गहरे मानसिक जख्मों के साथ। आज त्रासदी की पहली बरसी है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि जांच ‘अंतिम चरण’ में है और रिपोर्ट बरसी तक आ जाएगी।

हादसे के ठीक 30 दिन बाद शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ पोजीशन पर आ गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। पर ऐसा क्यों हुआ? यह तकनीकी खराबी थी या किसी की लापरवाही? इस सवाल का जवाब सालभर बाद भी नहीं मिला है।

उन्होंने आगे कहा- मुझे और मेरे जैसे सैकड़ों पीड़ित परिवारों को सिर्फ तीन चीजें चाहिए- ईमानदारी, पारदर्शिता और हमारे सवालों के जवाब। कोई भी रिपोर्ट मेरे भाई को लौटा नहीं सकती, न ही उन 260 लोगों को जिंदा कर सकती है। पर प्रभावित परिवारों को यह जानने का हक है कि उनके अपनों के साथ उस दिन क्या हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

सदमे के चलते काम पर नहीं लौट पाया हूं: रमेश

हादसे के बाद से मेरी जिंदगी पटरी से उतर चुकी है। एअर इंडिया ने मदद के लिए 21,500 पाउंड (लगभग 23 लाख रुपए) दिए थे, पर वह रकम इस कड़वी हकीकत के सामने बहुत छोटी है। मानसिक आघात के कारण मैं काम पर सामान्य रूप से नहीं लौट पाया हूं। लंदन में मेरा परिवार हर महीने 1,000 पाउंड (एक लाख रु. से कम) में गुजारा करने को मजबूर है।

मेरे प्रतिनिधि संजीव पटेल ने कई बार एअर इंडिया के सीईओ से मिलने का समय मांगा, पर उन्होंने जरूरी नहीं समझा। हाल में एअर इंडिया अधिकारियों व टाटा समूह प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, पर मुआवजे और मदद से जुड़े अहम मुद्दे अब भी अधर में हैं। ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद मुझे या अन्य ब्रिटिश पीड़ित परिवारों को यूके सरकार से मदद नहीं मिली।

हमारे वकील कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि असली जिम्मेदार तय हो सके। एअर इंडिया प्रवक्ता संपर्क में होने की बात करते हैं, पर अब वादों से ज्यादा ठोस नतीजों की जरूरत है। हर दिन न्याय की उम्मीद में जागता हूं, ताकि मेरे जैसे सैकड़ों परिवार इस दर्द से थोड़ा सा उबर सकें।’

एयर इंडिया ने 96% पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया

एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे से प्रभावित 96% परिवारों को 25-25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे दिया है। जिनके डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या जहाँ परिवार में झगड़े चल रहे हैं, उन परिवारों को ही मुआवजा नहीं मिला है।साथ ही जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा मुआवजा मिला है। बाकी लोगों ने हेल्पडेस्क से फॉर्म ले लिए थे, लेकिन अभी तक उन्हें जमा नहीं किया है।

टाटा संस ने AI171 हादसे से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए AI171 मेमोरियल और वेलफ़ेयर ट्रस्ट बनाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सभी मरने वालों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा की थी। 91% परिवारों को पूरे ₹1 करोड़ दिए जा चुके हैं।

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अहमदाबाद प्लेन क्रैश जिस हॉस्टल पर हुआ था, वह फिर बनेगा: सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल पर ₹105 करोड़ खर्च होंगे

अहमदाबाद में पिछले साल जून में जिस हॉस्टल पर गिरकर प्लेन क्रैश हुआ था, उसकी जगह अब नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाया जाएगा। गुजरात सरकार ने सिविल अस्पताल के पास असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में ₹105 करोड़ की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक बनाने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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अहमदाबाद प्लेन हादसे का एक साल: हादसे में बचे अकेले शख्स ने कहा- हमें यह जानने का हक है कि उस दिन हुआ क्या था


अहमदाबाद29 मिनट पहले

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हादसे के अगले दिन PM मोदी ने अस्पताल में विश्वास से मुलाकात की थी।

‘12 जून 2025 के उस मनहूस दिन को पूरा साल हो गया। पर मेरे लिए वक्त वहीं ठहरा है। लोग मुझे ‘चमत्कारी’ कहते हैं, क्योंकि अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही जब एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हुआ, तो उसमें सवार 260 लोगों में से सिर्फ मैं अकेला जिंदा बचा था। पर सच कहूं, तो इस जिंदा रहने की कीमत मैं हर रोज अपनी आत्मा का एक हिस्सा देकर चुका रहा हूं।

इस दुर्घटना के एकमात्र सर्वाइवर विश्वास कुमार रमेश ने अपने भाई को भी इस क्रैश में खो दिया था। रमेश ने कहा कि हादसे की कैसी भी जांच हो, मेरा भाई तो नहीं लौटा सकती। लेकिन, हम सभी को यह जानने का पूरा हक है कि उस दिन हुआ क्या था। भावुक अपील में विश्वास ने जांचकर्ताओं द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले ‘ईमानदारी, पारदर्शिता की मांग की है। पढ़िए उन्होंने और क्या कहा…

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

प्लेन हादसे के बाद रमेश विश्वास कुमार घटनास्थल से पैदल चलकर बाहर आए थे।

आज भी वह खौफनाक मंजर दिखाई देता है: रमेश

रमेश ने कहा- आज भी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे वो चीखें, आग और वो खौफनाक मंजर दिखाई देता है। मैं बच तो गया, लेकिन गहरे मानसिक जख्मों के साथ। आज त्रासदी की पहली बरसी है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि जांच ‘अंतिम चरण’ में है और रिपोर्ट बरसी तक आ जाएगी।

हादसे के ठीक 30 दिन बाद शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ पोजीशन पर आ गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। पर ऐसा क्यों हुआ? यह तकनीकी खराबी थी या किसी की लापरवाही? इस सवाल का जवाब सालभर बाद भी नहीं मिला है।

उन्होंने आगे कहा- मुझे और मेरे जैसे सैकड़ों पीड़ित परिवारों को सिर्फ तीन चीजें चाहिए- ईमानदारी, पारदर्शिता और हमारे सवालों के जवाब। कोई भी रिपोर्ट मेरे भाई को लौटा नहीं सकती, न ही उन 260 लोगों को जिंदा कर सकती है। पर प्रभावित परिवारों को यह जानने का हक है कि उनके अपनों के साथ उस दिन क्या हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था।

सदमे के चलते काम पर नहीं लौट पाया हूं: रमेश

हादसे के बाद से मेरी जिंदगी पटरी से उतर चुकी है। एअर इंडिया ने मदद के लिए 21,500 पाउंड (लगभग 23 लाख रुपए) दिए थे, पर वह रकम इस कड़वी हकीकत के सामने बहुत छोटी है। मानसिक आघात के कारण मैं काम पर सामान्य रूप से नहीं लौट पाया हूं। लंदन में मेरा परिवार हर महीने 1,000 पाउंड (एक लाख रु. से कम) में गुजारा करने को मजबूर है।

मेरे प्रतिनिधि संजीव पटेल ने कई बार एअर इंडिया के सीईओ से मिलने का समय मांगा, पर उन्होंने जरूरी नहीं समझा। हाल में एअर इंडिया अधिकारियों व टाटा समूह प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, पर मुआवजे और मदद से जुड़े अहम मुद्दे अब भी अधर में हैं। ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद मुझे या अन्य ब्रिटिश पीड़ित परिवारों को यूके सरकार से मदद नहीं मिली।

हमारे वकील कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि असली जिम्मेदार तय हो सके। एअर इंडिया प्रवक्ता संपर्क में होने की बात करते हैं, पर अब वादों से ज्यादा ठोस नतीजों की जरूरत है। हर दिन न्याय की उम्मीद में जागता हूं, ताकि मेरे जैसे सैकड़ों परिवार इस दर्द से थोड़ा सा उबर सकें।’

एयर इंडिया ने 96% पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया

एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे से प्रभावित 96% परिवारों को 25-25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे दिया है। जिनके डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या जहाँ परिवार में झगड़े चल रहे हैं, उन परिवारों को ही मुआवजा नहीं मिला है।साथ ही जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा मुआवजा मिला है। बाकी लोगों ने हेल्पडेस्क से फॉर्म ले लिए थे, लेकिन अभी तक उन्हें जमा नहीं किया है।

टाटा संस ने AI171 हादसे से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए AI171 मेमोरियल और वेलफ़ेयर ट्रस्ट बनाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सभी मरने वालों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा की थी। 91% परिवारों को पूरे ₹1 करोड़ दिए जा चुके हैं।

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अहमदाबाद में पिछले साल जून में जिस हॉस्टल पर गिरकर प्लेन क्रैश हुआ था, उसकी जगह अब नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाया जाएगा। गुजरात सरकार ने सिविल अस्पताल के पास असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में ₹105 करोड़ की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक बनाने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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उम्र रोकने की दवा के पहली बार इंसान पर परीक्षण: ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया इंजेक्शन




मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। दावा है कि पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है। इसे लॉन्गेविटी साइंस में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हो चुका है सफल टेस्ट इस प्रयोग के पहले चरण में ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख में सीधे यह प्रयोगात्मक जीन थेरेपी इंजेक्ट की गई है। अब डॉक्टर और वैज्ञानिक आने वाले कई महीनों तक मरीज की बारीकी से निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तकनीक इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस थेरेपी में सबसे पहले मरीज की आंख में एक सिंगल जीन थेरेपी इंजेक्शन दिया जाता है। इसके बाद कुछ हफ्तों तक एंटीबायोटिक दवाओं का एक विशेष कोर्स कराया जाता है। यह एंटीबायोटिक दवा शरीर के भीतर जाकर उन तीन इलाज करने वाले जीनों के लिए ‘ऑन स्विच’ का काम करती है जो कोशिकाओं को रीप्रोग्राम (युवा) करना शुरू करते हैं। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हुए टेस्ट में इसने उनकी रोशनी सफलतापूर्वक वापस लौटा दी थी। इस थैरेपी के लिए इंसानों की आंख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि आंख शरीर के बाकी हिस्सों से अलग और सुरक्षित होती है। इससे साइड इफेक्ट्स पर नजर रखना भी आसान होता है। परीक्षण सफल रहा तो एजिंग थेरेपी का नया दौर लाइफ बायोसाइंसेज के सीईओ जेरी मैकलॉघलिन ने कहा कि यह उनकी कंपनी या एजिंग बायोलॉजी ही नहीं, पूरे चिकित्सा विज्ञान के लिए संभावित रूप से बड़ा और परिवर्तनकारी पल है। अगर यह क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा, तो एजिंग थेरेपी में नया युग शुरू हो सकता है। लक्ष्य पूरे शरीर की कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है, ताकि उम्र बढ़ने के साथ डीएनए के काम करने और उसके एक्सप्रेशन के तरीके में सुधार हो सके। अरबपतियों और फार्मा कंपनियों का निवेश
इस तकनीक में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। एली लिली और मर्क जैसी दवा कंपनियां भी इस आइडिया में निवेश बढ़ा रही हैं। इंसानों पर ट्रायल से पहले यह रिसर्च चूहों और बंदरों तक सीमित थी। ————-
ये खबरें भी पढ़ें… रूस बुढ़ापा रोकने की तकनीक बना रहा:सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने पर काम जारी, ₹2.47 लाख करोड़ का एंटी एजिंग प्रोजेक्ट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में विशेष प्रजाति के सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जीन क्लॉक’ बताएगी किस उम्र में थमेगी जिंदगी:शोध में दावा- जीन गतिविधि से उम्र जानना पुराने तरीकों से ज्यादा कारगर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘मॉलिक्यूलर क्लॉक’ (आणविक घड़ी) तैयार की है, जो इंसानों की जीन गतिविधि के आधार पर उनकी वास्तविक जैविक (बायोलॉजिकल) उम्र और यहां तक कि उनकी मौत के संभावित समय की भविष्यवाणी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें…



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