Sunday, May 24, 2026
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यूरोप से चोरी हुए फोन चीन भेजे जा रहे: लंदन में आईफोन छीना, फिर चीन से मां को धमकियां भेजीं; एपल आईडी हटवाकर माने चोर




शिकागो के 37 वर्षीय एलेक्स पिकुला मई 2024 में लंदन घूमने गए थे। वेस्ट एंड में थिएटर से बाहर निकलते ही ई-बाइक सवार बदमाश ने उनके हाथ से आईफोन छीन लिया। एलेक्स को लगा, फोन गया और बात खत्म। लेकिन असली परेशानी इसके बाद शुरू हुई। कुछ दिन बाद उनकी 65 वर्षीय मां जूडी पिकुला को अजीब मैसेज आने लगे। पहले मैसेज एपल-पे जैसा दिखा। उसमें लिखा था कि फोन चीन में इस्तेमाल हो रहा है और बेटे के बैंक अकाउंट खतरे में हैं। फिर फिलीपींस के नंबर से मैसेज आया- हमारे पास आपके बेटे के ईमेल, कार्ड, बैंक डिटेल और निजी जानकारी है। इसके बाद धमकियां तेज हो गईं। जूडी को एक वीडियो भेजा गया, जिसमें एक व्यक्ति बंदूक दिखा रहा था। मैसेज में दुष्कर्म, हत्या और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी थी। गैंग की एक ही मांग थी- चोरी हुए फोन से एपल आईडी हटाओ। एलेक्स ने मां से कहा कि इसे नजरअंदाज करें, लेकिन धमकियां बढ़ती गईं। आखिरकार एलेक्स ने फोन से एपल आईडी हटा दी और डेटा मिटा दिया। इसके बाद धमकी भरे मैसेज बंद हो गए। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में लंदन में रिकॉर्ड 81 हजार फोन चोरी हुए। 2025 में यह संख्या घटकर करीब 71 हजार रही, लेकिन चोरी के बाद धमकियों का ट्रेंड बढ़ गया। लंदन पुलिस अब उन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर फोकस कर रही है, जो चोरी के फोन चीन भेजते हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि फोन चीन के शेन्जेन शहर में दिखा। क्रिमिनोलॉजिस्ट डेविड वॉल के मुताबिक, गैंग पहले फर्जी एपल मैसेज भेजते हैं। फिर खुद को मददगार खरीदार बताते हैं। जब पीड़ित नहीं मानता, तो हिंसक धमकियां शुरू हो जाती हैं। ये मनोवैज्ञानिक हमला है विशेषज्ञ इसे मनोवैज्ञानिक हमला बताते हैं, क्योंकि फोन में बैंकिंग, फोटो, ईमेल और निजी डेटा होता है। चोरी के आईफोन को नया खरीदार तभी इस्तेमाल कर सकता है, जब पुरानी एपल आईडी हटे। आईडी जुड़ी रहे तो फोन रीसेट नहीं होता और उसकी रीसेल वैल्यू खत्म हो जाती है। इसलिए गैंग पीड़ितों को धमकाकर फोन को अनलिंक करवाते हैं, ताकि उसे ब्लैक मार्केट में बेचा जा सके। साइबर विशेषज्ञों की सलाह है कि चोरी के बाद फोन को लॉक और वाइप करें, लेकिन एपल आईडी से न हटाएं। एपल भी कहता है कि फोन को फाइंड माई लिस्ट में रहने दें, ताकि चोर उसे नए यूजर के लिए सेटअप न कर सकें।



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कभी सुधीर के पास चाय पीने के नहीं थे पैसे, आज चला रहे मिंडा इंडस्ट्री, प्रेरक है स्टोरी


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सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मिंडा इंडस्ट्रीज में असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में की. शुरुआती दिनों से ही उनका मानना था कि काम केवल नौकरी करने के लिए नहीं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ होना चाहिए. वह हमेशा यह सोचते थे कि कंपनी की प्रोडक्टिविटी कैसे बढ़ाई जाए और बेहतर परिणाम कैसे दिए जाएं.

ग्रेटर नोएडाः कभी ऐसा भी समय था जब जेब में एक कप चाय पीने तक के पैसे नहीं होते थे. हर सुबह यह चिंता रहती थी कि आज का दिन कैसे कटेगा और घर का खर्च कैसे चलेगा. लेकिन कठिन परिस्थितियों के बीच भी अगर इंसान मेहनत और ईमानदारी का दामन नहीं छोड़ता, तो किस्मत बदलने में देर नहीं लगती. यह कहानी है सुधीर श्रीवास्तव की, जिन्होंने संघर्षों से भरे जीवन को अपनी मेहनत के बल पर सफलता में बदल दिया.

100 प्रतिशत काम पर दिया ध्यान

सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मिंडा इंडस्ट्रीज में असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में की. शुरुआती दिनों से ही उनका मानना था कि काम केवल नौकरी करने के लिए नहीं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ होना चाहिए. वह हमेशा यह सोचते थे कि कंपनी की प्रोडक्टिविटी कैसे बढ़ाई जाए और बेहतर परिणाम कैसे दिए जाएं.

बताया कि उन्होंने अपने काम के दौरान कभी समय की परवाह नहीं की. जब काम का समय होता था, तो वह पूरी मेहनत और 100 प्रतिशत ध्यान के साथ काम करते थे. यही वजह रही कि मिंडा ग्रुप आज भी उनके दिल के बेहद करीब है. इसके बाद उन्होंने लुमीनस में भी काम किया.

चाय पीने के नहीं थे पैसे

जिंदगी का सबसे कठिन मोड़ तब आया, जब वर्ष 1998 के आसपास लुमिनस में काम करते समय उनकी मैनेजमेंट से विचार नहीं मिले. काम करने का तरीका और सोच अलग होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया. नौकरी छोड़ने के बाद कई दिनों तक वह घर पर बैठे रहे. उस समय हालात इतने खराब हो गए थे कि उनके पास एक कप चाय खरीदने तक के पैसे नहीं थे. हर दिन भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती थी. बताया कि वह समय उनके जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उनके माता-पिता और परिवार ने उस मुश्किल दौर में उन्हें पूरा सहयोग दिया. उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने के लिए समय और समर्पण दोनों की जरूरत होती है. वह देर रात तक काम करते थे, लेकिन परिवार ने कभी शिकायत नहीं की.

कहा कि इसी संघर्ष के दौर में उन्होंने खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया और J&S Wirelink Pvt. Ltd. की स्थापना की. छोटी शुरुआत से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया. आज उनकी इंडस्ट्री नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थापित है और कई लोगों को रोजगार दे रही है.

नोएडा के हरौला से सफर शुरू किया

उनके बच्चों ने भी हमेशा उनका साथ दिया. उन्होंने कभी महंगी पार्टियों या बड़ी मांगों की जिद नहीं की. कई बार ऐसा होता था कि बच्चों के जन्मदिन पर भी वह समय से घर नहीं पहुंच पाते थे. तब घर में साधारण तरीके से बर्फी काटकर जन्मदिन मनाया जाता था. अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए सुधीर ने बताया कि वह नोएडा के हरौला इलाके में रहा करते थे, जहां वॉशरूम इस्तेमाल करने के लिए भी लंबी लाइन में लगना पड़ता था. लेकिन उन्होंने कभी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया.
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हैं कि अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं. मेहनत करें, ईमानदारी से काम करें और समय की कीमत समझें. उनका मानना है कि गौतम बुद्ध नगर में जिसने भी मेहनत और लगन से काम किया, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाया.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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10 साल पुरानी फिल्म, हीरो ने नहीं ली फीस, सुपरहिट होते ही कमाई में मिला 80% हिस्सा


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बॉलीवुड में अक्सर सितारे अपनी फिल्मों के लिए करोड़ों की भारी-भरकम फीस वसूलते हैं, लेकिन आज से लगभग 10 साल पहले एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी, जिसके लिए देश के एक बड़े सुपरस्टार ने चवन्नी भी फीस नहीं ली. जी हां, एक्टर ने मेकर्स से फीस मांगने के बजाय फिल्म की कमाई में एक बड़ा हिस्सा लेना चुना. सिनेमाघरों में दस्तक देते ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और नतीजा यह रहा कि सुपरस्टार को फिल्म की कुल कमाई का 80 फीसदी हिस्सा मिला.

नई दिल्ली. सिनेमा की दुनिया में स्टार्स की फीस हमेशा चर्चा का विषय रहती है. आज के दौर में जहां एक्टर्स एक फिल्म के लिए 100 से 150 करोड़ रुपये तक चार्ज कर रहे हैं, वहीं साल 2016 में आई फिल्म को लेकर एक ऐसा दिलचस्प किस्सा है. देशभक्ति और रोमांच से भरपूर फिल्म के लिए हीरो ने बतौर फीस एक भी रुपया नहीं लिया था. हम जिस मूवी की बात कर रहे हैं उसका नाम ‘एयरलिफ्ट’ है.

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साल 2016 में रिलीज हुई ‘एयरलिफ्ट’ बॉलीवुड की पॉपुलर फिल्मों में से एक है. इसमें अक्षय कुमार ने लीड रोल निभाया था. उनके अलावा निम्रत कौर, कुमुद मिश्रा, पूरब कोहली और निनाद कामत जैसे सितारे नजर आए थे. यह देशभक्ति से भरपूर कहानी है जिसने बड़े पर्दे पर दस्तक देते ही दर्शकों के दिलों को जीत लिया था.

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दिलचस्प बात है कि इस मूवी के लिए अक्षय कुमार ने चवन्नी भी फीस नहीं ली थी. दरअसल, उन्होंने ‘एयरलिफ्ट’के लिए प्रॉफिट शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था. आईएमडीबी के मुताबिक, अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए अपनी फीस के तौर पर एक भी पाई नहीं ली है. इसके बजाय, उन्होंने फिल्म के मुनाफे का 80 फीसदी हिस्सा बतौर फीस अपने नाम करने का फैसला किया था.

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डायरेक्टर राजा कृष्ण मेनन के निर्देशन में बनी ‘एयरलिफ्ट’ की कहानी साल 1990 के कुवैत संकट पर आधारित थी. जब इराकी सेना ने कुवैत पर हमला किया था, तब वहां रहने वाले भारतीय बेघर और बेसहारा हो गए थे. फिल्म में अक्षय कुमार ने रंजीत कात्याल नाम के एक अमीर भारतीय बिजनेसमैन का किरदार निभाया था, जो खुद सुरक्षित निकलने के बजाय कुवैत में फंसे 1 लाख 70 हजार से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकालने के मिशन में जुट जाता है.

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यह भारत सरकार और एयर इंडिया द्वारा चलाए गए दुनिया के सबसे बड़े नागरिक बचाव अभियान की सच्ची और रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान थी. यह फिल्म करीब 30 से 35 करोड़ रुपये की लागत में बनकर तैयार हो गई थी. 22 जनवरी 2016 को रिलीज हुई ‘एयरलिफ्ट’ को क्रिटिक्स और दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला.

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इस बंपर मुनाफे का सीधा फायदा अक्षय कुमार को मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 80% प्रॉफिट शेयरिंग के तहत अक्षय कुमार के खाते में इतनी बड़ी रकम आई, जो उस वक्त उनकी रेगुलर फीस से कहीं ज्यादा थी. इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा, बल्कि यह साबित कर दिया कि अगर कंटेंट दमदार हो, तो बिना तय फीस के भी रिकॉर्डतोड़ कमाई की जा सकती है.

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अगर आपने अभी तक इस मूवी को नहीं देखा है कोई बात नहीं. अब आप इसका ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर एयरलिफ्ट फिल्म का लुत्फ उठा सकते हैं. आईएमडीबी पर अक्षय कुमार की इस फिल्म को 7.9 रेटिंग मिली है. यह अक्षय कुमार की बेहरतरीन देशभक्ति फिल्मों में से एक है, जिसे दर्शकों और क्रिटिक्स ने खूब सराहा है.

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नो गैस, नो ऑयल, सिर्फ 2 मिनट में तैयार होगा ये पोहा, वजन घटाने का है रामबाण


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नो गैस, नो ऑयल, सिर्फ 2 मिनट में तैयार होगा ये पोहा, वजन घटाने का है रामबाण

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Bina Oil Poha Recipe: क्या आपने कभी बिना गैस और बिना तेल का पोहा खाया है? यह स्वादिष्ट और हेल्दी नो-कुक पोहा वजन कम करने वालों के लिए बेस्ट है. इसकी सामग्री में 1 लोगों के लिए 1 कप पॉहे (धोकर 2 मिनट भिगोएं), 1 छोटा प्याज बारीक कटा, 1 टमाटर कटा, 1 हरी मिर्च, नींबू का रस, चाट मसाला, नमक, हरा धनिया की जरूरत पड़ेगी. इसके बनाने के लिए पोहे को छानकर बाउल में निकालें. ऊपर प्याज, टमाटर, मिर्च, नमक, चाट मसाला डालें. नींबू निचोड़कर अच्छे से मिलाएं. हरा धनिया सजाएं. बस यह बनकर 2 मिनट में तैयार है. यह कम कैलोरी, फाइबर से भरपूर होता है. सुबह का नाश्ता या शाम का स्नैक, वजन घटाने में मददगार साबित हो सकता है.

बिना कड़ाही और ज्यादा मेहनत के बनने वाला हेल्दी पोहा आजकल लोगों की पहली पसंद बन गया है. इसे बनाने के लिए बस भीगा हुआ पोहा, टमाटर, प्याज, खीरा, गाजर जैसी ताजी सब्जियां और हल्के मसाले चाहिए. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता तैयार हो जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें तेल का इस्तेमाल नहीं होता, फिर भी इसका स्वाद बेहद लाजवाब लगता है. वजन कम करने वाले, फिटनेस फॉलो करने वाले और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. यह नाश्ता पेट भरने के साथ शरीर को ऊर्जा भी देता है. ( एआई फोटो )

हेल्दी पोहा बनाने के लिए 1 कप पतला पोहा लें और उसे हल्का धोकर कुछ मिनट के लिए नरम होने दें. अब इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाएं. फिर भुना जीरा पाउडर, काला नमक और नींबू का रस डालकर अच्छे से मिक्स करें. स्वाद बढ़ाने के लिए मूंगफली डालें. चाहें तो इसमें अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी मिला सकते हैं. बिना तेल और कड़ाही के तैयार यह पोहा स्वादिष्ट, हल्का और पौष्टिक नाश्ता है, जिसे फिटनेस पसंद करने वाले लोग खूब पसंद करते हैं. ( एआई फोटो )

बिना कड़ाही चढ़ाए और बिना तेल के हेल्दी पोहा बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले पतले पोहे को हल्के पानी से धो लें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि वह नरम हो जाए. अब इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें। फिर स्वादानुसार काला नमक, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस मिलाकर अच्छे से मिक्स करें. चाहें तो इसमें मूंगफली, अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी डाल सकते हैं. यह बिना तेल के बनने वाला स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता है, जिसे फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल पसंद करने वाले लोग खूब पसंद करते हैं. ( एआई फोटो )

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जब पोहा फूलकर अच्छी तरह सॉफ्ट हो जाए, तब उसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और ताजा हरा धनिया डालें. अब सभी सामग्री को हल्के हाथों से अच्छी तरह मिलाएं, ताकि हर स्वाद पोहे में अच्छे से घुल जाए. इसके बाद स्वादानुसार काला नमक, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस डालकर फिर से मिक्स करें. चाहें तो मूंगफली, अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी मिला सकते हैं. बिना तेल और गैस के तैयार यह पोहा स्वादिष्ट, हल्का और हेल्दी नाश्ता है, जो शरीर को भरपूर ऊर्जा देता है. ( एआई फोटो )

इसके बाद पोहे में काला नमक, भुना जीरा पाउडर और ताजा नींबू का रस डालकर अच्छे से मिक्स करें. अब ऊपर से मूंगफली, अंकुरित मूंग या अनार के दाने डाल दें. चाहें तो हरा धनिया भी गार्निश कर सकते हैं. बिना तेल और गैस के तैयार यह हेल्दी पोहा स्वाद में लाजवाब और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. बिना तेल और कम कैलोरी वाले इस पोहे को डाइट फॉलो करने वाले लोग इसे सबसे ताकतवर फूड कह रहे हैं. इसमें फाइबर और ताजी सब्जियां होने से इसका स्वाद लाजवाब है. इसे लोग खूब पसंद करते हैं. ( एआई फोटो )

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ललितपुर में बाइक से गिरी महिला की मौत: 6 माह की बेटी घायल, मायके से ससुराल जाते समय हुआ हादसा – Lalitpur News




ललितपुर में एक सड़क हादसे में बाइक से गिरने के कारण एक महिला की मौत हो गई। यह घटना जखौरा बांसी मार्ग पर हुई, जब महिला अपनी छह माह की बेटी के साथ अपने चचेरे देवर के साथ मायके से ससुराल जा रही थी। मासूम बेटी इस हादसे में बाल-बाल बच गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना जखौरा के ग्राम जमौरा निवासी 22 वर्षीय दीपिका पाल पत्नी सुंदर अपनी छह माह की बेटी के साथ अपने मायके, थाना पूरा कलां के एवनी गांव में थीं। शनिवार को उनका चचेरा देवर उन्हें बाइक पर बैठाकर ससुराल छोड़ने जा रहा था। दीपिका ने अपनी छह माह की बेटी को गोद में लिया हुआ था। दोपहर में जब वे जखौरा बांसी मार्ग पर स्थित खोडन नदी के पास पहुंचे, तभी अचानक दीपिका बेटी सहित बाइक से सड़क पर गिर गईं। इस दुर्घटना में दीपिका के सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दीपिका को ललितपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर रविवार सुबह कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि मृतिका का पति नासिक में मजदूरी करता है। दीपिका की शादी दो साल पहले हुई थी और उनकी एक छह महीने की पुत्री है।



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जालोर में 4.39 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार: बाइक को भी किया जब्त, खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ जारी – Jalore News




जालोर में अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे के तहत रामसीन थाना पुलिस ने कार्रवाई कर दो आरोपी शेरू खान व सुजाराम को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 04.39 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की। साथ ही तस्करी में उपयोग की जा रही एक मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है। गोशाला के पास दी दबिश रामसीन थानाधिकारी अरविन्द कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 23 मई 2026 को सरहद धाणसा में जालन्धरनाथ गोशाला के पास दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को रोककर तलाशी ली, तो उनके पास से स्मैक बरामद हुई। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज पुलिस ने मौके से अवैध स्मैक के साथ परिवहन में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल (नंबर: RJ 16 SB 3974) को जब्त कर लिया। आरोपियों के खिलाफ रामसीन थाने में धारा 8/21 और 25 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने रामसीन थाने के सेरणा गांव निवासी शेरू खान (38)पुत्र अब्दुल खां कोटवाल, धाणसा निवासी सुजाराम (22)पुत्र गोरा राम मेघवाल को गिरफ्तार किया। जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही हैं। कार्रवाई टीम
रामसीन थानाधिकारी अरविन्द कुमार, एएसआई जयसिंह,कांस्टेबल प्रकाश, जयंतिलाल,गणपतसिंह व भैरूसिंह मौजूद रहे।



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रोहिणी बोली- भगवा गमछा धारी जमात गुंडों से पटी है: सीएम के हरे गमछे वाले बयान पर पप्पू बोले, प्लीज सम्राट जी नफरत की राजनीति नहीं करिए – Patna News




CM सम्राट चौधरी ने AI समिट के मंच से हरे गमछे को लेकर बयान दिया था। जिसके बाद RJD सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर लिखा है, ‘भगवा गमछा धारी जमात गुंडों से पटी है। बिहार और देश में कई बड़े अपराधी, दंगाई और कानून तोड़ने वाले लोग भगवा गमछा और भगवा मुरेठा पहनने वाली राजनीति से जुड़े हुए हैं, लेकिन निशाना “हरे गमछा” पहनने वालों को बनाया जा रहा है।’ वहीं, पूर्णिया सासंद ने कहा कि, सम्राट तो राजद में थे, उनके पिता शकुनि चौधरी भी लालू यादव के साथ काम किए। उस वक्त आपको हरियाली याद नहीं आई। हरा से क्या संबंध है, हरा तो विश्व का प्रतीक है। हरा गमछा से क्या दिक्कत है, यह तो मुसलमान के कंधे पर भी है, हमारे देश का प्रतीक है। दलित गरीब के कंधों पर हरा गमछा होता है। मुख्यमंत्री जी प्लीज इस तरह की राजनीति मत करिए, नफरत की राजनीति मत करिए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्या कहा था… पटना के ऊर्जा भवन में शनिवार को आयोजित एआई समिट के दौरान सम्राट चौधरी ने राजधानी में लगाए गए एआई कैमरों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि पटना में करीब 4 हजार एआई कैमरे लगाए गए हैं और अगर एआई सिस्टम को यह निर्देश दे दिया जाए कि “हरा गमछा वालों को खोजो”, तो वह तुरंत ऐसे लोगों की पहचान कर लेगा। हालांकि बयान के तुरंत बाद उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति या समूह की ओर नहीं है।
राजनीतिक विरोधियों को डराने की कोशिश हो रही है- रोहिणी रोहिणी आचार्या ने आरोप लगाया है कि कानून व्यवस्था के नाम पर राजनीतिक विरोधियों को डराने और एक खास वर्ग को टारगेट करने की कोशिश की जा रही है। रोहिणी ने कहती हैं कि ऐसी भाषा किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देती। अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्या ने आगे लिखा कि बिहार हमेशा तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने वाली धरती रही है और जनता ऐसे रवैये का जवाब देना जानती है। उन्होंने कहा कि तकनीक और एआई जैसे गंभीर मंच से राजनीतिक कटाक्ष करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री एआई की बात कर ही रहे थे तो उन्हें यह भी बता देना चाहिए था कि “भगवा गमछा वालों के सारे गुनाह माफ हैं।” क्या पूरे देश की हरियाली को काट देंगे- पप्पू पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कल कोई केशरिया रंग को लेकर सवाल उठाएगा, वो मिलकर रहने का प्रतीक है। लाल रंग हमारे क्रांति का प्रतीक है। येलो का मतलब है प्रपोज करना, अगर येलो हमने किसी को दिया है तो समझिए तो उनको प्यार के लिए प्रपोज किया। लाल दियया तो प्यार हो गया। क्या आप पूरे देश की हरियाली को काट देंगे। क्या पूरे देश में आप हरे कपड़े को बंद कर देंगे, तो पूरे फैक्ट्री को कह दीजिए कि हरा कपड़ा नहीं बनाने।



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₹10 से शुरू कर सकते हैं गोल्ड में निवेश! इन्वेस्टमेंट से पहले समझें ये बात


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डिजिटल गोल्ड आज युवाओं के बीच तेजी से फेमस हो रहा है. इसमें सिर्फ ₹1 या ₹10 से भी निवेश शुरू किया जा सकता है और मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से सोना खरीदा-बेचा जा सकता है. इसमें खरीदार के नाम पर 24 कैरेट शुद्ध सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है. छोटे निवेश के लिए यह सुविधाजनक विकल्प हो सकता है, लेकिन बड़े निवेश के लिए Gold ETF या Sovereign Gold Bond जैसे रेगुलेटेड विकल्प ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं.

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सोने के जेवर की बजाय अब लोग मोबाइल ऐप के जरिए छोटी-छोटी रकम से सोना खरीद रहे हैं.

आजकल युवा निवेशक तेजी से डिजिटल गोल्ड में निवेश कर रहे हैं. ट्रेडिशनल सोने के जेवर खरीदने की बजाय अब लोग मोबाइल ऐप के जरिए छोटी-छोटी रकम देकर भी सोना खरीद रहे हैं. आप सिर्फ ₹1 या ₹10 से भी डिजिटल गोल्ड में निवेश शुरू कर सकते हैं. इससे SIP जैसी आदत बन जाती है और सोने में लगातार निवेश करना आसान हो जाता है.

पिछले डेढ़ साल में डिजिटल गोल्ड के ट्रांजेक्शन 21 मिलियन से बढ़कर करीब 1 अरब हो गए हैं. अब कुल सोने के निवेश का लगभग 10% हिस्सा डिजिटल गोल्ड का है. लेकिन इस सुविधा के साथ कुछ कमियां भी हैं, जिन्हें समझना बहुत जरूरी है.

डिजिटल गोल्ड क्या है?

डिजिटल गोल्ड कोई काल्पनिक या वर्चुअल चीज नहीं है. जब आप डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं तो प्लेटफॉर्म आपके नाम पर असली 24 कैरेट (999.9 शुद्धता) वाला सोना खरीदता है और उसे सुरक्षित इंश्योर्ड वॉल्ट में रखता है.

आपको फिजिकल गोल्ड नहीं मिलता, लेकिन आप उसके मालिक होते हैं. आप चाहें तो इसे किसी भी समय बेच सकते हैं या अतिरिक्त शुल्क देकर फिजिकल गोल्ड (सिक्के या बार) के रूप में भी ले सकते हैं.

क्यों हो रहा है डिजिटल गोल्ड इतना पॉपुलर?

डिजिटल गोल्ड की सबसे बड़ी खूबी इसकी आसानी और कम लागत है. आपको ज्वेलरी शॉप जाने की जरूरत नहीं, लॉकर का खर्च नहीं और चोरी का डर भी नहीं रहता. आप कभी भी खरीद-बिक्री कर सकते हैं और रियल टाइम भाव के हिसाब से ट्रांजेक्शन होता है. युवा निवेशक छोटी रकम से शुरू करके धीरे-धीरे अपना सोने का पोर्टफोलियो बढ़ा रहे हैं. इससे सोने में निवेश करना पहले से कहीं ज्यादा सरल और सुविधाजनक हो गया है.

क्या देना होगा चार्ज?

डिजिटल गोल्ड खरीदते समय कोई मेकिंग चार्ज नहीं लगता, लेकिन 3% GST हर खरीदारी पर लगता है. इसके अलावा प्लेटफॉर्म स्प्रेड या छोटे शुल्क भी लग सकते हैं. अगर आप फिजिकल गोल्ड लेना चाहें तो डिलीवरी और मेकिंग चार्ज अलग से देने पड़ते हैं.

टैक्स के नियम फिजिकल गोल्ड जैसे ही हैं. अगर 24 महीने से कम समय में बेचते हैं तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स आपके इनकम स्लैब के अनुसार लगता है. 24 महीने से ज्यादा होल्ड करने पर 12.5% टैक्स (प्लस सरचार्ज) लगता है.

क्या है सबसे बड़ा रिस्क?

डिजिटल गोल्ड अभी SEBI या RBI के नियमन के दायरे में नहीं आता है. इसका मतलब है प्लेटफॉर्म पर पूरी निगरानी नहीं है, शिकायत का प्रोसेस कमजोर है और सुरक्षा पूरी तरह प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर निर्भर करती है. डिजिटल गोल्ड छोटी रकम से सोने में निवेश शुरू करने के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन बड़े निवेश के लिए गोल्ड ETF या Sovereign Gold Bond जैसे रेगुलेटेड ऑप्शन ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं. निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जरूर चेक कर लें और अपनी जरूरत के अनुसार फैसला करें.

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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अमरपाटन सिविल अस्पताल में लिफ्ट नहीं: तीन मंजिला इमारत में मरीज परेशान; स्ट्रक्चर तैयार पर सेवा शुरू नहीं – Maihar News




मैहर जिले के अमरपाटन स्थित 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की तीन मंजिला इमारत में लिफ्ट की सुविधा न होने के कारण खासकर बुजुर्ग, गंभीर और दुर्घटना में घायल मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल भवन में पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, महिला एवं पुरुष जनरल वार्ड जैसे महत्वपूर्ण विभाग अलग-अलग मंजिलों पर संचालित होते हैं। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को बार-बार सीढ़ियों से ऊपर-नीचे जाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। मरीजों को स्ट्रेचर के सहारे सीढ़ियों से ले जाना पड़ता अस्पताल में लिफ्ट लगाने के लिए पूरा ढांचा (स्ट्रक्चर) तैयार कर लिया गया है, लेकिन अब तक लिफ्ट स्थापित नहीं की गई है और न ही इसकी सेवा शुरू हो पाई है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि करोड़ों रुपए की लागत से बने अस्पताल में यह बुनियादी सुविधा अनुपलब्ध है। स्थानीय समाजसेवी जीतेश द्विवेदी ने बताया कि लिफ्ट का ढांचा पिछले वर्ष ही तैयार हो गया था, लेकिन सुविधा आज तक शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है। जल्द लिफ्ट सुविधा शुरू करने की मांग कई बार मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के सहारे सीढ़ियों से ले जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द लिफ्ट सुविधा शुरू करने की मांग की है। इस संबंध में बीएमओ डॉ सतनामी ने भी स्वीकार किया कि लिफ्ट का ढांचा तैयार है, लेकिन सेवा अब तक शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि मरीजों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है और लिफ्ट का जल्द शुरू होना आवश्यक है। अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।



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LIVE: ‘फाल्टा में भाग खड़े हुए टीएमसी के लोग, बीजेपी का कोई मुकाबला नहीं’


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LIVE: ‘फाल्टा में भाग खड़े हुए टीएमसी के लोग, बीजेपी का कोई मुकाबला नहीं’

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Falta Assembly Election Result Live: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की चर्चित फाल्टा विधानसभा सीट के नतीजों पर आज देशभर की नजरें टिकी हैं. इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव नहीं …और पढ़ें

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फाल्टा विधानसभा सीट के नतीजों पर आज देशभर की नजरें टिकी हैं.

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की चर्चित फाल्टा विधानसभा सीट के नतीजों पर आज देशभर की नजरें टिकी हैं. यहां वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो गई और कुछ ही घंटों में शुरुआती रुझान सामने आने की उम्मीद है. अंतिम नतीजे दोपहर या शाम तक घोषित किए जा सकते हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सुवेंदु अधिकारी सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने फाल्टा में बीजेपी की बड़ी जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा कि फाल्टा में कोई लड़ाई नहीं हुई. टीएमसी के लोग भाग खड़े हुए और अब बस नतीजों का इंतजार है.

चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया में गंभीर उल्लंघन की शिकायतों के बाद फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था. यहां कई मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर इत्र जैसी चीज़ छिड़कने और मशीनों पर चिपकने वाला टेप लगाने के आरोप सामने आए थे. इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था.

इसके बाद गुरुवार को यहां रीपोलिंग कराई गई, जो शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. इस क्षेत्र की 285 मतदान केंद्रों में से किसी से भी हिंसा, तनाव या चुनावी धांधली की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के अनुसार, यहां शाम 5 बजे तक 86.11 प्रतिशत वोटर्स ने मताधिकार का प्रयोग किया, जो कि काफी ज्यादा है.

इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी थी, जिससे बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा की जीत लगभग तय मानी जा रही है. हालांकि जहांगीर खान की नाम वापसी की यह घोषणा सिर्फ एक औपचारिकता ही बनकर रह गई, क्योंकि गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर उनका नाम अभी भी दिखाई दे रहा था. ऐसे में सवाल यही बरकरार है क्या पश्चिम बंगाल की तरह फाल्टा में भी बीजेपी का झंडा लहराएगा या फिर टीएमसी कैंडिडेट जहांगीर खान का खेला कोई काम करेगा.

Falta Election Result Live: फाल्टा में 88.13% लोगों ने डाला था वोट, अब रिजल्ट पर सबकी नजर

चुनाव आयोग की तरफ से जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 21 मई को फाल्टा में मतदान प्रतिशत 88.13% रहा. यह 2021 के मतदान प्रतिशत से 0.93% अधिक है, जबकि 29 अप्रैल, 2026 को रद्द किए गए मतदान की तुलना में 0.65% कम है. वर्ष 2021 में इस विधानसभा क्षेत्र में 87.2% मतदान दर्ज किया गया था, जबकि 2016 में यह 88.63% और 2011 में 85.65% था.

Falta Election Result Live: फाल्टा में वोट काउंटिंग को लेकर भारी सुरक्षा बंदोबस्त

फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान की मतगणना को लेकर डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

Falta Election Result Live: ‘फाल्टा में कोई मुकाबला नहीं, भाग खड़े हुए टीएमसी के लोग…’ दिलीप घोष ने किया बीजेपी की जीत का दावा

पश्चिम बंगाल के फाल्टा में हुई रीपोलिंग की मतगणना पर वरिष्ठ बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा, ‘जनता का परिणाम सबको मालूम है. कोई लड़ाई नहीं हुई. टीएमसी के लोग भाग खड़े हुए और अब परिणाम की प्रतीक्षा तो वो भी आ जाएगा.’

Falta Chunav Result Live: फाल्टा में बीजेपी के देबांग्शु पांडा ने खूब लगाया जोर, झुक गया टीएमसी का पुष्पा

फाल्टा विधानसभा सीट पर कुल छह उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें बीजेपी के देबांग्शु पांडा, कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मुल्ला , सीपीएम के संभूनाथ कुर्मी और निर्दलीय उम्मीदवार दीप हती और चंद्रकांत रॉय के अलावा टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान शामिल हैं. जहांगीर खान ने वोटिंग से ऐन पहले अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी थी. हालांकि रीपोलिंग के दौरान ईवीएम में उनका नाम भी दर्ज दिखा.

Falta Chunav Result Live: फाल्टा सीट पर भारी सुरक्षा के बीच हुई थी रीपोलिंग

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट के लिए सबसे पहले 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. उस दिन चुनाव में धांधली की बड़े पैमाने पर शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया था. यह दोबारा वोटिंग पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में कराई गई, जिसके लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 35 कंपनियां तैनात की गई थीं. किसी एक विधानसभा क्षेत्र के लिए यह तैनाती काफी ज्यादा मानी जाती है.



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