जमुई के लक्ष्मीपुर इलाके के आनंदपुर गांव के एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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इस वीडियो में युवक पुलिस के बारे में आपत्तिजनक बातें कहते हुए गाली-गलौज कर रहा है। युवक की पहचान राजकुमार दास के रूप में हुई है, जो ITBP का जवान बताया जा रहा है और फिलहाल सिक्किम में तैनात है।
जानकारी के अनुसार, राजकुमार दास के खिलाफ लक्ष्मीपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक मामला भी दर्ज है।
गलत के खिलाफ आवाज उठाऊंगा – जवान राजकुमार
वायरल वीडियो में राजकुमार दास भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बिहार पुलिस को गालियां दे रहा है। वह लगातार कह रहा था कि वह गलत के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा और समाज के लिए लड़ने वाले व्यक्ति पर गोली चलाने को बर्दाश्त नहीं करेगा।
युवक ने बिहार पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसी एक व्यक्ति के कहने पर गोली चलाई होगी। उसने कहा, “मेरा आईडी डिलीट मार देना, मैं डरने वाला नहीं हूं। जय भीम, जय हिंद बोलूंगा और देश के लिए लड़ता रहूंगा।” राजकुमार दास ने भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि वह सही काम कर रहे थे और सिस्टम के खिलाफ थे।
महिला थाना प्रभारी को लेकर भी आपत्तिजनक बातें
वीडियो में राजकुमार दास ने बिहार पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे पांच दिनों तक किसी थाने में केस दर्ज नहीं करते, बल्कि सेटलमेंट की बात करते हैं।
उसने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसके एक रिश्तेदार का झगड़ा हुआ था, जिसमें उनका सिर फट गया था। 2 दिन बीत जाने के बाद भी जमुई के गिद्धौर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और सेटलमेंट के चक्कर में थी।
युवक ने गिद्धौर थाने की महिला थाना प्रभारी को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं और उन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि,
भरत तिवारी के एनकाउंटर करने वाले सावधान हो जाओ, इस तरह के एनकाउंटर से सम्राट चौधरी का तख्ता हिल जाएगा।
जिस दिन बिहारवासी, भारतवासी जात-पात की लड़ाई को छोड़कर एक हो जाएगा तो आपकी सत्ता धूमिल हो जाएगा। कोई पुलिस वाले नहीं बचाएगा। सेना के जवान भी नेता को नहीं बचाएंगे, समझ जाओ, इज्जत करना सीखो, सम्मान करना सीखो, बहुत लोगों का खोपड़ी उल्टा होता है। जिस दिन ऐसा हुआ ना हम लोग अपनी बंदूक के नीचे कर देंगे।
हम लोग जानते हैं कि सभी नेता भ्रष्ट है। जो भरत तिवारी के साथ एनकाउंटर किया गया है। वह पूरी तरह से गलत है। हम भीम आर्मी को सपोर्ट करते हैं, बुध को मानते है, हम मानवता के खिलाफ नहीं है। भीम आर्मी कभी गलत नहीं है, एक निहत्थे आदमी का एनकाउंटर किया है तुम लोगों ने, बिहार पुलिस मैं थूकता हूं।
बिहार पुलिस अपनी वर्दी पर दाग लगा दिया है। जो शेर पुलिस वाले हैं, जो शेर फौजी है, उसकी इज्जत पर तुम लोगों ने कालिख पोत दी है। तुम्हारी वजह से पूरा वर्दी कलंकित हो गया है। हम लोग देश के लिए मरते हैं देश के लिए जीते हैं।
इस मामले में जमुई SP विश्वजीत दयाल ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जहां भी वह ड्यूटी कर रहा है इसे लेकर उनके सीनियर पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। उसके विरुद्ध जो केस है ,उस मामले में आगे कार्रवाई करेंगे।
परेड ग्राउंड पर नए शामिल हुए जांबाज सैनिकों को राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों की शपथ दिलाई गई. उन्हें मुख्य रूप से संबोधित करते हुए कमांडेंट मेजर जनरल एनआर पांडे ने सभी अग्निवीरों को उनके दृढ़ संकल्प, गजब की सहनशक्ति और कठिन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई दी.
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नासिक आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर पास हुए.
मुंबई. महाराष्ट्र के नासिक के आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर पास आउट हुए हैं. कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग के बाद ये सभी भारतीय सेना में शामिल होने को तैयार हैं. इसी को लेकर सेंटर ने 19 और 20 जून को अग्निवीर बैच 08/26 की अटेस्टेशन परेड (सत्यापन परेड) आयोजित की, जिसमें अग्निवीरों की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई. यह समारोह भारतीय सेना में उनकी औपचारिक एंट्री और देश की सेवा समर्पण, अनुशासन और सम्मान के साथ करने की उनकी तैयारी का प्रतीक था.
परेड का निरीक्षण नासिक के आर्टिलरी सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल एनआर पांडे (सीएसएम) ने किया. इस कार्यक्रम में बेहतरीन ड्रिल मूवमेंट, मिलिट्री के तौर-तरीके और सटीकता दिखाई गई, जो भारतीय सेना के प्रमुख ट्रेनिंग सेंटरों में से एक में दी जाने वाली ट्रेनिंग के उच्च मानकों को दर्शाती है. यह शानदार प्रदर्शन अग्निवीरों और उनके इंस्ट्रक्टरों दोनों की प्रतिबद्धता, लगन और पेशेवर दक्षता का सबूत था.
नए शामिल हुए सैनिकों को संबोधित करते हुए मेजर जनरल एनआर पांडे ने अग्निवीरों को उनके दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के लिए बधाई दी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे भारतीय सेना की बेहतरीन परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखते हुए देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
कमांडेंट ने युवा रिक्रूट्स को अनुशासित और युद्ध के लिए तैयार सैनिकों में बदलने के लिए इंस्ट्रक्टरों और ट्रेनिंग स्टाफ की भी तारीफ की. समारोह के दौरान चुने गए अग्निवीरों के माता-पिता को ‘गौरव पदक’ दिए गए, ताकि देश की सेवा के लिए अपने बेटों को समर्पित करने में उनके योगदान को सम्मान दिया जा सके. इस दौरान रिव्यूइंग ऑफिसर ने माता-पिता से बातचीत भी की और उनके सहयोग और त्याग के लिए उनकी सराहना की.
अटेस्टेशन परेड अग्निवीरों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है और एक अत्यधिक प्रेरित, कुशल और अनुशासित सेना तैयार करने के भारतीय सेना के कमिटमेंट को फिर से पक्का करती है. जैसे ही ये युवा सैनिक अपने मिलिट्री करियर की शुरुआत करते हैं, वे नासिक के आर्टिलरी सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान सिखाए गए साहस, वफादारी, निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति अटूट कमिटमेंट के मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
गीत-संगीत के बिना बॉलीवुड फिल्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती. लीड हीरो-हीरोइन पर गाने फिल्माए जाते हैं. फिल्म का म्यूजिक जितना असरदार होगा, मूवी उतनी ही बड़ी हिट होगी. 60 साल पहले धर्मेंद्र की एक ऐसी फिल्म आई थी जिसमें छह गाने थे लेकिन एक भी गाना उन पर नहीं फिल्माया गया था. यह उस दौर की संभवत: पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें लीड हीरो पर कोई नहीं फिल्माया गया था. इसी फिल्म के एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी. धर्मेंद्र ने अपनी अदाकारी का ऐसा जलवा बिखेरा कि मूवी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इस फिल्म ने धर्मेंद्र को स्टार बनाया.
धर्मेंद्र -मीना कुमारी की फिल्म ‘फूल और पत्थर’ 14 अगस्त 1966 को रिलीज हुई थी. फिल्म के आइडिया का क्रेडिट अख्तर उल इमान को जबकि स्टोरी-स्क्रीनप्ले ओपी रल्हन का था. डायलॉग एहसान रिजवी ने लिखे थे. गीतकार शकील बदायुंनी जबकि संगीतकार रवि थे. फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रहलन थे. ओपी रल्हन बॉलीवुड सुपर स्टार राजेंदर कुमार के जीजा थे. राजेंद्र कुमार के कहने पर ही उन्होंने धर्मेंद्र को फिल्म में लीड रोल में कास्ट किया था.
धर्मेंद्र को जब लीड हीरो के रोल के लिए साइन कर लिया गया तब मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही ने ओपी रल्हन ने कहा था कि धर्मेंद्र इस लायक नहीं है कि उन्हें मीना कुमारी के अपोजिट लीड रोल दिया जाए. हालांकि तब तक धर्मेंद्र-मीना कुमारी तीन फिल्मों में काम कर चुके थे. बताया जाता है कि निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही को धर्मेंद्र-मीना कुमारी की दोस्ती पसंद नहीं थी. रल्हन ने जवाब देते हुए कहा था कि यही लड़का आगे चलकर स्टार बनेगा. फिल्म में शशिकला, ललिता पवार, मदन पुरी और इफ्तिखार भी अहम भूमिकाओं में थे.
फिल्म का म्यूजिक रवि ने कंपोज किया था. फिल्म में 6 गाने थे लेकिन धर्मेंद्र पर्दे पर कोई गाना गाते नजर नहीं आए. 60 के दशक में शायद ही ऐसी कोई फिल्म होगी जिसमें लीड हीरो ने गाना नहीं गाया हो. ‘फूल और पत्थर’ में यह अनोखा प्रयोग किया गया. मीना कुमारी पर सिर्फ एक गाना फिल्माया गया था. दो गाने शशि कला पर जबकि दो गाने ओपी रल्हन पर फिल्माए गए. उन्होंने फिल्म में एक्टिंग भी की थी.
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धर्मेंद्र ने बताया था कि डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रल्हन का एटिट्यूड अच्छा नहीं था. वो बहुत ही घमंडी थे. अक्खड़ स्वभाव के थे. ऐसे में धर्मेंद्र से उनकी अनबन हो गई थी. बात इतनी बिगड़ी कि धर्मेंद्र ने बीच में फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था. उन्होंने अपनी मां से कहा था कि वो फिल्म इंडस्ट्री छोड़ रहे थे. तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. उन्होंने किसी तरह फिल्म पूरी की.
फिल्म के एक सीन में धर्मेंद्र रात में फुटपाथ पर सो रही एक बुजुर्ग महिला को अपनी शर्ट ओढ़ा देते हैं. फिर अपने घर पर पहुंचते हैं. मीना कुमारी उनके घर पर बिस्तर पर लेटी हैं. धर्मेंद्र को पास आता देखकर वो डर जाती हैं. धर्मेंद्र पास आते हैं और यह देखते हैं कि क्या वो सो रही हैं? फिर कंबल ओढ़ाकर चले जाते हैं. इस एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी.
एक पल में वो एक बूढ़ी औरत के बेटे बन जाते हैं तो दूसरे ही पल में वो हमउम्र औरत के रखवाले बन जाते हैं. धर्मेंद्र का बिना शर्ट वाला पोस्टर खूब चर्चा में रहा. रात में ठंड से ठिठुर रही बुजुर्ग महिला को शर्ट ओढ़ाने का आइडिया धर्मेंद्र का ही था. शर्त उतरना फिल्म का आइकॉनिक सीन बन गया. यह सीन धर्मेंद्र की और फिल्म की पहचान बन गया.
धर्मेंद्र इस फिल्म में चोर बने थे. धर्मेंद्र का चोर बनना उनकी किस्मत खोल गया. आगे आने वाले वर्षों में कई फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं. धर्मेंद्र ‘मेरा गांव मेरा देश’ (1971), जुगनू (1973), कहानी किस्मत की (1973), लोफर (1973) , यादों की बारात (1973) और शोले (1975) जैसी फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं.
‘फूल और पत्थर’ फिल्म का बजट करीब 65 लाख रुपये के करीब था. फिल्म गोल्डन जुबली हिट हुई. फिल्म की कुल कमाई 7.5 करोड़ थी. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस की कैटेगरी में धर्मेंद्र-मीना कुमारी को फिल्मफेयर नॉमिनेशन मिला था लेकिन उस साल बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड देवानंद को ‘गाइड’ के लिए मिला. फिल्म को दो फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले. ये अवॉर्ड बेस्ट आर्ट डायरेक्टर और बेस्ट एडिटर कैटेगरी में मिले.
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राजगढ़ जिले के कालीपीठ थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क हादसे में 7 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिता शराब के नशे में बाइक चला रहा था और उसकी तेज रफ्तार बाइक महाबल गांव के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार से टकरा गई। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। प्रेमपुरा निवासी देवीसिंह तंवर (30) अपनी 7 वर्षीय बेटी मोंटी के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। महाबल गांव के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी कार से टकरा गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल देवीसिंह व बच्ची को जिला अस्पताल राजगढ़ ले गई। अस्पताल में चिकित्सकों ने मोंटी को मृत घोषित कर दिया। घायल देवीसिंह का उपचार जारी है। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि देवीसिंह शराब के नशे में था। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को नया एयरफोर्स वन विमान दिखाया। यह विमान पहले कतर सरकार के पास था। पिछले साल मई में कतर ने बोइंग 747 का यह आधुनिक मॉडल ट्रम्प को उपहार में दिया था। बाद में इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में तैयार किया गया।
मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में ट्रम्प ने इस विमान को दुनिया का सबसे शानदार राष्ट्रपति विमान बताया। उन्होंने कहा, “इस विमान को उड़ते हुए व्हाइट हाउस की तरह बनाया गया है। इतनी लग्जरी शायद दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी।”
नए एयरफोर्स-1 की 3 फोटोज
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जॉइंट बेस एंड्रयूज’ (मैरीलैंड) में नए एयर फोर्स वन को दुनिया के सामने पेश किया।
प्लेन से उतरते समय ट्रम्प के पसंदीदा गाना गॉड ब्लेस द यूएसए की धुन बज रही थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नए एयर फोर्स वन के सामने खड़े होकर भाषण देते हुए।
पुराने एयरफोर्स-1 की पहचान खत्म, ट्रम्प की पसंद के रंगों में तैयार
नए विमान का रंग-रूप मौजूदा एयर फोर्स वन से पूरी तरह अलग है। पुराने विमान के हल्के नीले रंग की जगह इसके निचले हिस्से को गहरे नेवी ब्लू रंग से रंगा गया है, जबकि उसके ऊपर लाल पट्टी बनाई गई है।
विमान के उस हिस्से पर, जहां से राष्ट्रपति चढ़ते हैं, राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर लगाई गई है। वहीं पिछले हिस्से पर अमेरिकी झंडा बनाया गया है।
ट्रम्प ने कहा कि जब यह प्लेन लंदन, जर्मनी या दुनिया के किसी अन्य एयरपोर्ट पर उतरेगा तो कोई भी इसकी बराबरी नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा, “हमारे देश का प्रतिनिधित्व इसी तरह होना चाहिए। रंग और डिजाइन मेरी पसंद के हैं, यह मैं मानता हूं।”
उन्होंने यह भी बताया कि नया एयर फोर्स वन अगले महीने 4 जुलाई को अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट करेगा।
ट्रम्प NATO समिट में हिस्सा लेने नए प्लेन से जाएंगे
ट्रम्प ने पुष्टि की कि वह अगले महीने तुर्किए की राजधानी अंकारा में होने वाले NATO समिट में इसी से जाएंगे। इसके बाद वे नवंबर में भी चीन दौरे पर इसका इस्तेमाल करेंगे। ट्रम्प ने कहा कि इस हफ्ते G7 समिट के दौरान फ्रांस दौरे पर उन्होंने आखिरी बार इस प्लेन का इस्तेमाल किया।
2028 तक ही कतर के गिफ्ट प्लेन का इस्तेमाल
ट्रम्प सरकार का कहना है कि कतर से मिला यह प्लेन एक ‘ब्रिज एयरक्राफ्ट’ यानी अस्थायी समाधान है। इसका इस्तेमाल तब तक किया जाएगा, जब तक बोइंग नए राष्ट्रपति विमान तैयार नहीं कर देता।
बोइंग के नए प्लेन 2024 में मिलने थे, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी हो गई। अब उनकी डिलीवरी 2028 तक होने की संभावना है।
ट्रम्प ने कहा,
हम थोड़ी मुश्किल स्थिति में फंस गए थे क्योंकि नए प्लेन समय पर नहीं मिल रहे थे। इसलिए मैंने कतर के अमीर से पूछा कि क्या उनके किसी प्लेन का इस्तेमाल किया जा सकता है।सामान्य राष्ट्रपति ऐसा नहीं करते। वे इन सबसे दूरी बनाए रखना चाहते हैं।
कतर के से मिले गिफ्ट पर उठे थे सवाल
नए एयरफोर्स वन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ डॉलर (3600 करोड़ रुपए) बताई गई है। हालांकि विदेशी सरकार से इतना महंगा उपहार स्वीकार करने को लेकर अमेरिका में नैतिकता और कानूनी सवाल उठे थे। आलोचकों ने पूछा था कि क्या किसी विदेशी सरकार से इतना महंगा विमान लेना उचित है।
ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद वह इस विमान का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि बाद में इसे किसी राष्ट्रपति पुस्तकालय को दान कर दिया जाएगा।
ट्रम्प को मई 2025 में जब लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट गिफ्ट मिला था, तब यह ऐसा दिखता था।
ट्रम्प की पहली पारी से जुड़ा है रंग बदलने का विवाद
राष्ट्रपति विमान का रंग बदलने की ट्रम्प की योजना नई नहीं है। अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने नए एयर फोर्स वन को अपने निजी विमान की तरह लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग देने का फैसला किया था।
लेकिन मार्च 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यह फैसला बदल दिया था। एयर फोर्स की समीक्षा में कहा गया था कि गहरे रंगों के इस्तेमाल से लागत बढ़ सकती है और विमान की डिलीवरी में और देरी हो सकती है।
हालांकि सत्ता में लौटने के बाद ट्रम्प ने फिर अपनी पसंद की रंग योजना लागू कर दी। एयर फोर्स ने यह भी बताया कि भविष्य में कैबिनेट मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी विमानों पर भी इसी तरह का लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग इस्तेमाल किया जाएगा।
पुराने एयरफोर्स वन अभी सर्विस में रहेंगे
एयर फोर्स के एक अधिकारी के अनुसार मौजूदा राष्ट्रपति विमान, जिन्हें VC-25A कहा जाता है, अभी रिटायर नहीं होंगे। वे तब तक सेवा में बने रहेंगे जब तक नए VC-25B विमान पूरी तरह तैयार होकर बेड़े में शामिल नहीं हो जाते।
इस दौरान कतर से मिला नया विमान और मौजूदा दोनों एयर फोर्स वन राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। राष्ट्रपति एयरलिफ्ट ग्रुप हर मिशन की जरूरत के हिसाब से तय करेगा कि किस यात्रा में कौन सा विमान इस्तेमाल किया जाएगा।
पुराने एयरफोर्स वन के बारे में जानिए
ट्रम्प अब तक बोइंग 747-200B का एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। बोइंग 747-200B अपनी सुरक्षा, संचार, और कमांड क्षमताओं के कारण दुनिया का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक चलते-फिरते ऑफिस की तरह है।
वैसे तो दो बोइंग 747-200B विमान हैं, जिन्हें एक साथ तैयार रखा जाता है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सवारी वाला विमान ही एयर फोर्स वन कहलाता है।
नए एयरफोर्स वन में हवा में ईंधन भरने वाली खूबियां नहीं
एयर फोर्स वन में हवा में ही ईंधन भरने वाली खूबियां हैं जो नए एयर फोर्स वन में नहीं है। पुराना विमान परमाणु युद्ध जैसी स्थिति में करीब 7 दिन तक बिना रुके आसमान में रह सकता था। नया विमान अधिकतम 16 घंटे (14,430 किमी) ही उड़ पाएगा।
नए प्लेन को तैयार करने के बजट को कंट्रोल में रखने के लिए व्हाइट हाउस ने इस फीचर को हटाने का फैसला किया था, क्योंकि हवा में ईंधन भरने का सिस्टम लगाने में बहुत ज्यादा खर्च आता है।
पिछले 30 साल के इतिहास में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के सवार रहते हुए कभी भी हवा में ईंधन नहीं भरा गया है। सुरक्षा कारणों से हमेशा सुरक्षित सैन्य ठिकानों पर ही ईंधन भरना पसंद किया जाता है।
नए एयर फोर्स की अपनी बिना ईंधन भरे उड़ान भरने की रेंज पुराने वाले विमान से लगभग 1,100 मील (करीब 1,770 किलोमीटर) अधिक है। यह एक बार में बिना रुके लगभग 8,900 मील (14,300+ किमी) तक उड़ सकता है, जो कि राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए काफी मानी गई है।
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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Instant Dosa Batter: कम समय में स्वादिष्ट और क्रिस्पी डोसा बनाना चाहते हैं तो यह इंस्टेंट डोसा बैटर रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है. बिना फर्मेंटेशन के तैयार होने वाला यह बैटर स्वाद में शानदार और बनाने में बेहद आसान है.
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इंस्टेंट डोसा बैटर
Instant Dosa Batter: बिना फर्मेंटेशन के घर पर बनाएं क्रिस्पी डोसा, जानें आसान और झटपट रेसिपी सुबह के नाश्ते में कुछ हल्का, टेस्टी और पेट भरने वाला खाने का मन हो तो डोसा सबसे बढ़िया ऑप्शन माना जाता है. साउथ इंडियन फूड का नाम आते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले गरमा-गरम और क्रिस्पी डोसा ही आता है. बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसे बड़े चाव से खाना पसंद करता है. लेकिन कई लोग सिर्फ इसलिए घर पर डोसा नहीं बना पाते क्योंकि उसका बैटर तैयार करने में काफी लंबा समय लगता है. चावल और दाल को घंटों भिगोना, फिर पीसना और उसके बाद खमीर उठने का इंतजार करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता.
खासकर वर्किंग लोगों के लिए यह प्रोसेस काफी मुश्किल लगती है. ऐसे में अब एक ऐसी आसान रेसिपी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें बिना फर्मेंटेशन के सिर्फ 30 मिनट में डोसा बैटर तैयार किया जा सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सारी चीजें आसानी से घर में मिल जाती हैं. इस बैटर से बनने वाला डोसा इतना क्रिस्पी बनता है कि लोग होटल वाला स्वाद भूल जाएंगे, अगर आपको भी अचानक डोसा खाने की क्रेविंग होती है तो यह इंस्टेंट रेसिपी आपके बहुत काम आने वाली है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई आसान रेसिपी यूट्यूब पर मसाला किचन नाम के एक चैनल ने इस इंस्टेंट डोसा बैटर का तरीका शेयर किया है. देखते ही देखते यह रेसिपी वायरल हो गई क्योंकि इसमें घंटों इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती. लोग इस ट्रिक को काफी पसंद कर रहे हैं क्योंकि कम समय में भी शानदार रिजल्ट मिल रहा है. आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर कोई जल्दी बनने वाली रेसिपी ढूंढता है. ऐसे में यह इंस्टेंट डोसा बैटर उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो स्वाद के साथ समय भी बचाना चाहते हैं. खास बात यह है कि इस बैटर में किसी तरह का बेकिंग सोडा या बाजार वाला मिक्स इस्तेमाल नहीं होता.
इंस्टेंट डोसा बैटर के लिए जरूरी चीजें इस आसान रेसिपी को बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके लिए एक कप मूंग दाल, एक कप चना दाल और एक कप समा के चावल चाहिए होंगे. इसके अलावा दो उबले हुए आलू, दो हरी मिर्च, थोड़े से कढ़ी पत्ते, एक छोटा चम्मच हींग, एक छोटा चम्मच अजवाइन और स्वादानुसार नमक लेना होगा. उबले आलू डालने से बैटर का टेक्सचर काफी अच्छा बनता है और डोसा बाहर से क्रिस्पी जबकि अंदर से सॉफ्ट रहता है. वहीं अजवाइन और हींग स्वाद को और भी शानदार बना देते हैं.
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ऐसे तैयार करें झटपट डोसा बैटर सबसे पहले मूंग दाल, चना दाल और समा के चावल को अच्छे से धो लें. अब इन्हें एक बर्तन में डालकर करीब 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. जब यह अच्छे से फूल जाएं तब इनका पानी निकाल लें. अब मिक्सी के जार में भीगी हुई दाल और चावल डालें. इसके साथ उबले आलू, हरी मिर्च, कढ़ी पत्ता, हींग, अजवाइन और नमक भी डाल दें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी मिलाएं और इसे अच्छे से पीस लें. बैटर इतना पतला होना चाहिए कि आसानी से तवे पर फैल जाए. बैटर तैयार होने के बाद तवा गर्म करें और हल्का सा तेल लगाएं. अब एक कलछी बैटर डालकर गोल-गोल फैलाएं. मध्यम आंच पर इसे तब तक पकाएं जब तक किनारे सुनहरे और क्रिस्पी न हो जाएं. चाहें तो ऊपर से थोड़ा तेल भी डाल सकते हैं.
ऐसे मिलेगा होटल जैसा स्वाद अगर आप चाहते हैं कि घर का डोसा बिल्कुल होटल जैसा बने तो तवा सही तरीके से गर्म होना चाहिए. बहुत ज्यादा गर्म तवे पर बैटर ठीक से नहीं फैलता जबकि ठंडे तवे पर डोसा क्रिस्पी नहीं बनता. इसलिए मध्यम गर्म तवे का इस्तेमाल करें. डोसा को नारियल चटनी, मूंगफली चटनी या टमाटर की तीखी चटनी के साथ सर्व करें. चाहें तो आलू मसाला भरकर मसाला डोसा भी बना सकते हैं.
क्यों खास है यह इंस्टेंट रेसिपी इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता. अचानक मेहमान आ जाएं या बच्चों को कुछ टेस्टी खिलाना हो, यह रेसिपी हर बार काम आती है. साथ ही इसमें इस्तेमाल होने वाली दालें हेल्दी भी होती हैं, जिससे यह स्वाद के साथ सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है. अब आपको डोसा खाने के लिए बाहर जाने या बाजार से रेडीमेड बैटर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सिर्फ 30 मिनट में घर पर तैयार होगा शानदार और क्रिस्पी डोसा.
मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…और पढ़ें
कोटा में गैर इरादतन हत्या के 6 साल पुराने मामले में जिला जज ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी बबलू निवासी खेड़ा रसूलपुर( खेड़ारामपुर) थाना कैथून व सुनीता निवासी देवलीमाझी बस स्टैंड के सामने ढीकोली थाना देवलीमांझी को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5-5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। जंगल में दोस्त के बीच शराब पार्टी के दौरान झगड़ा होने पर दोनों ने दोस्त रामस्वरूप (58) के साथ मारपीट की और धक्का देकर पटक दिया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां झाड़ियों में साड़ी का टुकड़ा व आसपास लाख चूड़े के टुकड़े पड़े हुए मिले। जिम्हे पुलिस ने FSL जांच के लिए भेजा था रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लोक अभियोजक मनोज पुरी ने बताया मृतक के बेटे मोहित ने मई 2020 को गुमानपुरा थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि 18 मई को सुबह 11 बजे पिता रामस्वरूप उनकी महिला मित्र सुनीता व दोस्त बबलू के साथ बाइक पर बैठकर डीसीएम की तरफ गए थे। जो शाम तक वापस नहीं लौटे। पिता को काफी तलाश किया। लेकिन उनका कोई पता नहीं लगा। 20 मई को जानकारी में आया कि सुनीता व बबलू उसके पिताजी को ढाड़देवी के जंगलों में ले गए। जिसके बाद उन्हें तलाश करने गए। उम्मेदगंज ढाड़देवी रोड पर एक नाले की पुलिया के पास उसके पिता रामस्वरूप के खून लगे कपड़े व चप्पल मिले। बेटे ने सुनीता व बबलू पर पिता की हत्याकर लाश को कही फेंकने का शक जताया। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया- शराब के नशे में आपस में झगड़ा होने पर सुनीता व बबलू ने रामस्वरूप के साथ मारपीट की और उसे धक्का देकर गिरा दिया। उसे वहीं छोड़कर वापस लौट आए। जांच के बाद पुलिस ने अगस्त 2020 में कोर्ट में चालान पेश किया। 23 गवाहों के बयान करवाए।
PM Kisan Samman 23rd Installment : पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के इंतजार में बैठे करोड़ों किसानों का इंतजार कुछ ही देर में खत्म होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में पश्चिम बंगा…और पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा डालेंगे.
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में देश के करीब 9 करोड़ किसानों को बड़ा तोहफा देने वाले हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा जीत हासिल करने के बाद पीएम मोदी पहली बार इस राज्य से पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा डालने की शुरुआत करेंगे. यह पीएम किसान निधि की 23वीं किस्त होगी और किसानों के खाते में आज 2-2 हजार रुपये डाले जाएंगे. पीएम मोदी बंगाल के हुगली जिले में तारकेश्वर से इस योजना के पैसे डालने की शुरुआत करेंगे.
यूपी में बिना फार्मर आईडी भी मिलेंगे पैसे
अभी तक यही माना जा रहा था कि पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनकी फार्मर आईडी बनी हुई है. लेकिन, यूपी के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. प्रदेश में उन किसानों को भी 23वीं किस्त दी जाएगी , जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है. आज यूपी के 2.17 करोड़ किसानों के खाते में 2 हजार की रकम आ सकती है. प्रदेश में कुल 4,352 करोड़ रुपये किसान सम्मान निधि के तहत डाले जाएंगे.
कहां से निकाल सकेंगे पैसे
अगर आपको भी किसान सम्मान निधि के तहत आज 2 हजार रुपये की रकम मिलती है तो यह पैसा बहुत आसानी से निकाल सकते हैं. खाते में पैसे आने के बाद आप DigiPay अथवा DigiPayLite के जरिये निकासी कर सकते हैं. आपको पैसे निकालने के लिए ज्यादा दिक्कत भी नहीं आएगी और नजदीकी एफपीओ अथवा पीएसीएस पर जाकर अपना पैसा निकाल सकते हैं.
यूपी बिहार में कितने किसानों को फायदा
यूपी में 2.88 करोड़ किसानों ने पीएम किसान सम्मान निधि के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. पिछली बार की 22वीं किस्त के लिए प्रदेश के 2.18 करोड़ किसानों को निधि का पैसा मिला था. माना जा रहा है कि इस बार 50 लाख से ज्यादा किसानों को यूपी में झटका लग सकता है और उनके खाते में निधि का पैसा नहीं आएगा. इन किसानों ने फॉर्मर आईडी अभी तक नहीं बनवाई है. बिहार में भी इस योजना के तहत 73 लाख से ज्यादा किसान अपना लाभ ले रहे हैं. 22वीं किस्त में बिहार के 73.34 लाख किसानों को पैसे मिले थे. हालांकि, माना जा रहा है कि इस बार 34 हजार लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं.
अब तक 4.28 लाख करोड़ खर्च
किसान सम्मान निधि के तहत अभी तक सरकार ने किसानों के खाते में करीब 4.28 लाख करोड़ रुपये डाले हैं. इसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम तो सिर्फ महिला किसानों के खाते में डाली गई है. 20 जून को 23वीं किस्त के तहत भी देशभर के करीब 9.44 करोड़ किसानों के खाते में निधि का पैसा डाला जाएगा.
PM-Kisan Samman Nidhi Scheme is laying a strong foundation for the honour, prosperity and economic security of our Annadatas.
Through transparent Direct Benefit Transfer (DBT), financial assistance has reached more than 9.44 crore farmers across the country.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल में जनता को संबोधित करेंगे और उसके तत्काल बाद योजना का पैसा खाते में आना शुरू हो जाएगा. माना जा रहा है कि शाम 4 बजे के बाद किसान सम्मान निधि का पैसा किसानों के खाते में आना शुरू हो जाएगा. सरकार ने देशभर के कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी को इस काम में मदद करने का निर्देश दिया है, ताकि किसानों समय पर और आसानी से उनकी किस्त का पैसा खाते में मिल जाए.
PM-Kisan Samman Nidhi’s 23rd Installment will be released on 20th June, 2026 (Tomorrow).
All CSCs to help Farmers use #DigiPay and #DigiPayLite App to withdraw the 23rd installment of the PM Kisan Samman Nidhi Scheme.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सरकार हर साल तीन किस्तों में पैसे डालती है. हर किस्त 2-2 हजार की होती है तो कुल मिलाकर 6 हजार रुपये किसानों के खाते में डाले जाते हैं. यह पैसा हर महीने के लिए 500 रुपये की दर से दिया जाता है और 4 महीने का पैसा एकसाथ खाते में आता है. इस बार देश के करीब 9.44 करोड़ किसानों के खाते में किस्त आएगी, जिस पर सरकार का करीब 18,880 करोड़ रुपये खर्च होगा.
इस बार जल्दी आ गया पैसा
देश के करीब साढ़े 9 करोड़ किसानों को इस बार पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा पाने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा. 20 जून को आने वाली 23वीं किस्त चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही की किस्त होगी, जो तिमाही समाप्त होने से पहली ही खाते में आ जाएगी. पिछले साल पहली तिमाही का पैसा किसानों को अगस्त में जाकर मिला था. हालांकि, पिछले वित्तवर्ष की आखिरी तिमाही का पैसा भी समय से पहले 13 मार्च को ही आ गया था.
नोएडागांव बरौला के निवासी बीसी प्रधान ने बताया कि हम लगातार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से को अवगत करवाते रहते हैं उसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता है सबसे बड़ी समस्या है गांव बरौला में टूटी हुई सड़क और उन पर सीवर और नालियों का पानी जमा होना जिसके चलते आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव वासियों का सीधा आरोप है कि टेंडर तो उठाए जाते हैं लेकिन किसी लेवल पर कोई काम दिखाई नहीं देता जिसका खामियाजा गांव वासियों और किराए पर रह रहे लोगों को भुगतना पड़ता है. सेक्टर 49 के बरौला गांव में टूटी सड़कों पर सीवर और नालियों का पानी भरा, ग्रामीणों ने प्राधिकरण पर लापरवाही और टेंडर के बाद भी काम न होने का आरोप लगाया
नोएडा: नोएडा के सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में समस्याओं का अंबार है और यहां रहने वाले लोग बहुत परेशान हैं ग्रामीण निवासियों का कहना है कि समस्याओं के चलते हमारा आना जाना भी कई बार तो दुश्वार हो जाता है नालियां और सीवर का पानी बरसात के पानी की तरह सड़कों पर आपको बहता हुआ मिलेगा उसको लेकर कोई प्राधिकरण का अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है पढ़िए गांव वासियों को जुवानी.
टेंडर उठते है लेकिन काम नहीं होता है गांववासी
गांव बरौला के निवासी बीसी प्रधान ने बताया कि हम लगातार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से को अवगत करवाते रहते हैं उसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता है सबसे बड़ी समस्या है गांव बरौला में टूटी हुई सड़क और उन पर सीवर और नालियों का पानी जमा होना जिसके चलते आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव वासियों का सीधा आरोप है कि टेंडर तो उठाए जाते हैं लेकिन किसी लेवल पर कोई काम दिखाई नहीं देता जिसका खामियाजा गांव वासियों और किराए पर रह रहे लोगों को भुगतना पड़ता है.
किरायेदारों का टूटता है सपना
युवा विकास समिति बरौला के अध्यक्ष कर्मवीर गुर्जर ने बताया कि यहां के जो मूल निवासी हैं गांव के लोग वह तो मजबूरी में रह ही रहे हैं लेकिन जो लोग नोएडा में एक सपना साजोकर आते हैं और जब यहां के हालात देखते हैं तो वह सिर्फ एक ही बात कहते हैं कि यहां से 100 गुना अच्छा हमारा गांव है कम से कम गंदगी और तमाम समस्याओं का सामना तो नहीं करना पड़ता। इनका कहना है कि किराएदार तो यहां नहीं कही दूसरी जगह रूम ले लेगा लेकिन गांव निवासी अपना घर छोड़कर कहां जाएंगे. और ये सबसे बड़ी मुसीबत है नालियों और सीवर के बेहद बुरा हाल है. निवासियों का आरोप है कि कई कई दिन हो जाते है शिकायत करने के बाबजूद जिम्मेदार मजबूरी नहीं समझते हैं.
इन समस्याओं से भी जनता परेशान
शालिनी सिंह ने बताया कि नोएडा में कई जगह डम्बिंग यार्ड बनाए गए उसमें आए दिन आपको आग लगती दिखाई देगी, नोएडा के गांव में सीवर व्यवस्था बहुत पुरानी है दोबारा से सीवर डाली जाए ताकि गांव वासियों को परेशानी न झेलना पड़े, वही पेयजल का क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों सही की जाए, नोएडा में कई ऐसे वैंकट हॉल है जो अवैध तरीके से बने है प्राधिकरण की जमीन पर बने है लेकिन उनपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है और आमजन को परेशानी होती है लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.
पानी की सप्लाई और साफ सफाई के भी आफत
वही मोहित बैसोया ने बताया कि वैसे तो समस्याओं का अंबार है लेकिन पानी की सप्लाई गांव में जो पार्क है उसकी साफ सफाई के लिए कई बार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से मिले उनके कान पर जूं नहीं रेंगती. अंकित गुप्ता ने बताया कि जब भी थोड़ी बारिश होती है तो आपको हर गली जलमग्न मिलेगी वही बरसात के दिनों में तो ये नर्क बन जाता है और पैदल वालों के लिए बेहद मुसीबत का सामना करना पड़ता है.
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
Maharashtra Hanuman Mandir Roof Collapse Video LIVE Update | Parbhani Yashwadi Tragedy Photos
परभणी18 मिनट पहले
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मंदिर के सभा मंडप गिरने की घटना CCTV में कैद हो गई। उस वक्त लोग प्रसाद ले रहे थे।
महाराष्ट्र के परभणी जिले में यशवाड़ी देवस्थान में हनुमान मंदिर के हॉल की निर्माणाधीन छत शनिवार दोपहर गिर गई। मलबे में में दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां मंदिर के ठीक सामने सभामंडप बनाने का काम चल रहा था। दोपहर के समय लोग प्रसाद ले रहे थे। अचानक मंदिर का स्ट्रक्चर और पत्थर भरभराकर गिर पड़े।
हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो के मुताबिक दोपहर 3 बजे कई लोग लाइन में खड़े होकर प्रसाद दर्शन-पूजा कर रहे थे। तभी बांस और लोहे की रॉड से बना सेंट्रिंग स्ट्रक्चर टूट गया।
शनिवार होने के कारण मंदिर में भीड़ ज्यादा थी। हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
8 तस्वीरों में देखें परभणी हनुमान मंदिर हादसा…
मनवत तालुका में बने मारुति मंदिर में शनिवार के कारण भीड़ ज्यादा थी, लोग दर्शन और पूजा कर रहे थे।
दोपहर 3 बजे प्रसाद ले रहे लोगों पर मंदिर के ठीक सामने बन रहा सभा मंडप अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
इससे मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। बाहर मौजूद दूसरे लोगों ने निर्माण सामग्री और मंडप पर लग रहे पत्थर हटाने शुरू कर दिए।
प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के आने से पहले दर्शन करने आए बाकी लोगों ने मलबा हटाना शुरू किया और दबे हुए लोगों को निकाला।
मंदिर में मौजूद लोगों ने बताया कि मलबे में करीब 40 लोग दब गए थे। उन्हें निकालने के लिए पत्थर और लोहे-बांस का स्ट्रक्चर हटाना शुरू किया।
मारुति मंदिर के सभा मंडप को पत्थर से बनाया जा रहा था। दर्शन करने आए लोगों पर यही पत्थर गिरे, जिससे उन्हें बचने का मौका नहीं मिला।
हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन जेसीबी लेकर पहुंचा। मलबा और पत्थर हटाने का काम तेजी से किया गया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस बुलाई गई हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। 25 घायलों को हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है।
मंडप में मौजूद लोगों ने मलबा हटाया
रिपोर्ट्स के मुताबिक परभणी के हनुमान मंदिर के ठीक सामने सभा मंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी सभा मंडप की छत अचानक ढह गई। जिला कलेक्टर संजय चव्हाण, उपमंडल अधिकारी संगीता चव्हाण और तहसीलदार पांडुरंग माछेवाड़ ने बताया कि 32 लोगों में से 7 की मौत हो गई और 25 गंभीर रूप से घायल हो गए।
आपदा प्रबंधन अधिकारी, पथरी अग्निशमन विभाग, मानवत लोक निर्माण विभाग, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा दल, परभणी नगर निगम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान पूरा किया गया।
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मार्च 2026 में छ्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में रोपवे टूट गया था। इस हादसे में 16 श्रद्धालु घायल हुए थे। एक लड़की की मौत हो गई थी। ये सभी लोग चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन करने आए थे। दर्शन के बाद कुछ श्रद्धालु रोपवे की ट्रॉली से नीचे उतर रहे थे। तभी अचानक केबल टूट गया। ट्रॉली पहाड़ी से टकराई और उसमें बैठे लोग करीब 20 फीट नीचे गिर गए। पढ़ें पूरी खबर…