इंदौर में रविवार रात आगजनी की दो अलग-अलग घटनाओं हुई। एक ओर भेरूघाट पर चलती कार में आग लग गई, वहीं शहर के झंडा चौक क्षेत्र में दो दुकानों में भी आग भड़क उठी। दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग भेरूघाट स्थित भगवती ढाबे के पास रविवार रात कार क्रमांक MP13CE3547 में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार कार की बैटरी से धुआं निकलने के बाद आग भड़क गई और कुछ ही देर में वाहन आग की चपेट में आ गया। सूचना मिलने पर मानपुर और सिमरोल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बताया गया है कि उज्जैन निवासी एक परिवार महेश्वर घूमकर लौट रहा था। हादसे के समय कार में छह वयस्क और दो बच्चे सवार थे। सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद घटना की सूचना मिलते ही एफआरवी के जवान और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। परिवार को सुरक्षित दूसरी गाड़ी से उज्जैन रवाना किया गया। आग लगने के कारण घाट क्षेत्र में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई थी। आग बुझने और वाहन हटाने के बाद यातायात सामान्य कराया गया। झंडा चौक में दो दुकानों में आग वहीं, शहर के जवाहर मार्ग स्थित रानीपुरा के पास झंडा चौक क्षेत्र में रविवार रात दो दुकानों में आग लग गई। स्थानीय लोगों के अनुसार कचरा जलाने के दौरान आग फैलकर दुकानों तक पहुंच गई। आग से मोहम्मद इख्तियार की स्क्रैप दुकान और पास स्थित मोहम्मद याकूब की दुकान प्रभावित हुई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड के अनुसार आग बुझाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग: महेश्वर से घर जा रहा था परिवार; पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद – Indore News
पाकिस्तानी सबमरीन का बाप, बंगाल की खाड़ी से हिन्द महासागर तक जलवा
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INS Agray Warship: भारत अपनी सामरिक ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. एक तरफ मॉडर्न फाइटर जेट खरीदा जा रहा है तो दूसरी तरफ देसी स्तर पर अत्याधुनिक लड़ाकू विमान डेवलप करने की प्रक्रिया चल रही है. आर्मी को मॉडर्न वॉरफेयर के लिहाज से तैयार किया जा रहा है. सेना के तीसरे अंग नेवी को भी नई टेक्नोलॉजी से अपडेट और अपग्रेड किया जा रहा है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को तीन वॉरशिप को औपचारिक तौर पर नौसेना के हवाले किया. इनमें से INS अग्रय भी एक है.
INS अग्रय को 21 जून 2026 को इंडियन नेवी को सौंपा गया. यह एक एंटी-सबमरीन वॉरशिप है. (पीएम मोदी के फेसबुक अकाउंट से साभार)
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के लिए तीन महत्वपूर्ण युद्धपोतों (INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय) को राष्ट्र को समर्पित किया. इस अवसर पर नौसेना अधिकारियों ने इन पोतों की एडवांस कॉम्बैट कैपेबिलिटी, स्वदेशी तकनीकों और समुद्री सुरक्षा में उनकी रणनीतिक भूमिका पर विस्तार से बताया. इन तीनों पोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता और समुद्री क्षेत्र में सामरिक बढ़त और मजबूत होने की उम्मीद है. नौसेना अधिकारियों के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म केवल आधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस नहीं हैं, बल्कि इनमें बड़ी संख्या में स्वदेशी सिस्टम्स का इस्तेमाल किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में एक अहम कदम है.
INS अग्रय क्यों खास
इनमें INS अग्रय को विशेष रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए तैयार किया गया है. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सुनील मलपोत्रा ने कहा कि आकार में अपेक्षाकृत छोटा दिखने वाला यह पोत अपनी युद्धक क्षमता के लिहाज से बेहद शक्तिशाली है. उन्होंने कहा कि जहाज को उसके आकार से नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि इसमें अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों का घना संयोजन किया गया है. कमांडर मलपोत्रा ने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि इस जहाज के आकार को देखकर इसकी क्षमता का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए. यह छोटा जरूर दिखता है, लेकिन इसमें बड़ी मात्रा में हथियार और सेंसर लगे हैं. इसमें दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और निशाना बनाने की सभी जरूरी क्षमताएं मौजूद हैं.’ उन्होंने कहा कि समुद्र की सतह पर उभरते खतरों से निपटने के लिए भी जहाज को पर्याप्त क्षमता के साथ तैयार किया गया है.
पाकिस्तान ने हाल में चीन से हंगोर क्लास की पनडुब्बी खरीदी है. INS अग्रय को उसका जवाब माना जा रहा है. (फाइल फोटो/PTI)
सबमरीन को ऐसे तबाह करेगा INS अग्रय
कमांडर मलपोत्रा ने बताया कि INS अग्रय में पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित सोनार सूट, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो ट्यूब और डिकॉय सिस्टम लगाए गए हैं. यह डिकॉय सिस्टम दुश्मन की ओर से दागे गए टॉरपीडो को भटकाने में मदद करता है, जिससे युद्धपोत की सुरक्षा क्षमता बढ़ जाती है. अधिकारियों के मुताबिक, यह पोत तटीय और उथले समुद्री क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा. INS दुनागिरी और INS संशोधक भी भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे. दुनागिरी एक एडवांस युद्धपोत के रूप में नौसेना की युद्धक क्षमता को सुदृढ़ करेगा, जबकि संशोधक अत्याधुनिक सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक क्षमताओं से समुद्री मानचित्रण, नौवहन सुरक्षा और सामरिक समुद्री सूचनाओं के संकलन में योगदान देगा.
हिन्द महासागर में भी बढ़ेगी ताकत
नौसेना अधिकारियों ने कहा कि इन तीनों पोतों का एक साथ शामिल होना केवल बेड़े की संख्या बढ़ाने भर का मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारी, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री उपस्थिति को नई मजबूती देने वाला कदम है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया जाना भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति और रक्षा आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
दावा-ट्रम्प की धमकी के बाद बातचीत छोड़कर निकले ईरानी अधिकारी: उपराष्ट्रपति वेंस के साथ फोटो खिंचाने से भी इनकार; US अधिकारी बोले- दावा गलत
स्विट्जरलैंड में रविवार को अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान तनाव बढ़ गया। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की धमकियों से नाराज होकर ईरानी टीम ने बातचीत बंद कर दी। एजेंसी ने कहा कि कतर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद ईरानी टीम उस इमारत से निकल गई, जहां अमेरिका के साथ बातचीत हो रही थी। पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाने और जॉइंट फोटो सेशन की योजना बनी थी। लेकिन ईरानी टीम ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि बातचीत शुरू होने से तुरंत पहले ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी थी। इसमें उन्होंने ईरान से लेबनान में हिजबुल्लाह को रोकने को कहा था। ऐसा न करने पर उन्होंने फिर से ईरान पर हमला करने की धमकी दी थी। ट्रम्प की इस टिप्पणी के बाद ईरानी टीम का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा था कि ईरान अमेरिकी धमकियों से डरने वाला नहीं है। इस बीच स्विट्जरलैंड में मौजूद एक अमेरिकी अधिकारी ने ईरानी न्यूज एजेंसी के दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि ईरानी डेलिगेशन अब भी बातचीत के लिए मौजूद है और उन्होंने मध्यस्थ देशों को बातचीत छोड़ने की बात नहीं कही है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत: दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। 2. वेंस बोले- मिलकर शांति के लिए काम करेंगे: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके मुताबिक, दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं और ट्रम्प अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं। 3. ट्रम्प की ईरान को धमकी: ट्रम्प ने कहा कि ईरान लेबनान में अपने समर्थक हिजबुल्लाह को तुरंत रोके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले हफ्ते से भी ज्यादा सख्त कार्रवाई करेगा। 4. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 4,100 के पार: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 4,106 लोगों की मौत और 12,153 लोग घायल हुए हैं। वहीं, इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई दोबारा शुरू हो सकती है। 5. ईरान का दावा- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर मिलेंगे: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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बिना गैस और तेल के बनता है ये सीक्रेट स्नैक, एक बार खाया तो बार-बार मांगेंगे बच्चे
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How To Make Lacha Pyaz Chips At Home: फूड ब्लॉगर अंजू वर्मा ने बिना गैस और तेल के मिनटों में बनने वाले चटपटे ‘लच्छा प्याज चिप्स’ की आसान रेसिपी साझा की है. इसे बनाने के लिए पतले कटे प्याज को पांच मिनट बर्फ के पानी में रखा जाता है ताकि तीखापन दूर हो सके. इसके बाद प्याज में हरी मिर्च, लाल मिर्च, चाट मसाला, नमक और नींबू का रस मिलाया जाता है. परोसने से ठीक पहले इसमें चिप्स और हरा धनिया मिक्स किया जाता है. यह क्रिस्पी स्नैक बच्चों और बड़ों दोनों को बेहद पसंद आता है और शाम की चाय के लिए एक बेहतरीन विकल्प है.
Lacha Pyaz Chips Recipe: बच्चों को घर पर बनी नई-नई चीजें खाना बहुत पसंद होता है. हर बार उनकी अलग-अलग डिमांड को पूरा करना और वह भी हेल्दी तरीके से, माता-पिता के लिए एक बड़ा काम होता है. अगर आप भी अपने बच्चों के लिए इस बार कुछ बेहद नया, टेस्टी और क्रिस्पी ट्राई करना चाहते हैं, तो ‘लच्छा प्याज चिप्स’ की रेसिपी एक बार जरूर ट्राई करें. इस लाजवाब डिश को बनाने में अधिक समय नहीं लगता है और यह खास डिश कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. वहीं, इसे बनाने के लिए आपको किचन में घंटों पसीना बहाने की या बहुत अधिक सामग्री जुटाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है.
इस स्वादिष्ट स्नैक की सबसे खास बात तो यह है कि इस डिश को बनाने के लिए आपको बिल्कुल भी तेल की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके साथ ही इसे तैयार करने में गैस भी न के बराबर या कहें तो बिल्कुल खर्च नहीं होता है. यही वजह है कि यह पूरी तरह से झंझट मुक्त रेसिपी है. इसका चटपटा स्वाद और गजब का कुरकुरापन केवल छोटे बच्चों को ही नहीं, बल्कि घर के हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आता है. इसे आप अचानक आए मेहमानों के सामने भी फटाफट परोस सकते हैं.
घर में मौजूद साधारण चीजों से बनेगी डिश
मशहूर फूड ब्लॉगर अंजू वर्मा ने बताया कि कुरकुरे और चटपटे लच्छा प्याज चिप्स बनाने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी चीज लाने की आवश्यकता नहीं है. इसे बनाने के लिए एक से डेढ़ प्याज, बारीक कटी हुई हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, चटपटा चाट मसाला, स्वादानुसार नमक, नींबू का रस, 80 से 100 ग्राम आलू चिप्स और थोड़ा-सा बारीक कटा हुआ हरा धनिया इसकी मुख्य सामग्री हैं. यानी, घर की रसोई में हमेशा उपलब्ध रहने वाली साधारण चीजों से यह बेहतरीन और माउथ-वाटरिंग डिश आसानी से तैयार की जा सकती है.
लच्छा प्याज चिप्स बनाने की सबसे आसान विधि
फूड ब्लॉगर के अनुसार, लच्छा प्याज चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले प्याज को छीलकर बेहद पतला और लंबा-लंबा (लच्छेदार) काट लें. इसके बाद कटे हुए प्याज को लगभग पांच मिनट तक बर्फ वाले एकदम ठंडे पानी में भिगोकर रख दें. उन्होंने बताया कि बर्फ के पानी में रखने से प्याज का तीखापन काफी हद तक कम हो जाता है, वह एकदम क्रंची हो जाता है और उसका स्वाद बहुत बढ़ जाता है. इसके बाद पांच मिनट बाद प्याज को ठंडे पानी से निकालकर छलनी में रख दें, ताकि इसमें मौजूद एक्स्ट्रा पानी पूरी तरह से निकल जाए.
परोसने से ठीक पहले मिलाएं चिप्स
जब प्याज का पानी अच्छी तरह से सूख जाए, तब एक बड़े मिक्सिंग बाउल में प्याज डालें. अब उसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, नमक और खटास के लिए नींबू का रस मिलाएं. इन सभी सामग्रियों को प्याज के साथ अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इसके बाद इसमें रेडीमेड या घर के बने चिप्स डालें. इस दौरान विशेष ध्यान रखें कि चिप्स को हमेशा परोसने (सर्व करने) से ठीक पहले ही बाउल में मिलाएं, ताकि उनका कुरकुरापन और क्रंच लंबे समय तक बना रहे और वे नमी से गल न जाएं. अंत में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर सजाएं. आपके कुरकुरे और चटपटे लच्छा प्याज चिप्स तैयार हैं.
गर्मियों और बारिश के मौसम के लिए है बेस्ट स्नैक
फूड ब्लॉगर अंजू वर्मा ने बताया कि आप अपनी पसंद और बच्चों के टेस्ट के अनुसार इसमें अलग-अलग फ्लेवर के चिप्स जैसे पुदीना, टोमैटो या साल्टेड चिप्स मिला सकते हैं. इसके अलावा इसमें अतिरिक्त मसाले या भुना जीरा पाउडर भी शामिल कर सकते हैं. गर्मियों और बारिश के सुहावने मौसम में यह डिश सुबह के नाश्ते, शाम की चाय या छोटे-मोटे पारिवारिक आयोजनों का मजा दुगुने कर देती है. लच्छा प्याज चिप्स की खूबी यही है कि इसे बनाने में गैस या किसी विशेष कुकिंग उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती. यह परिवार के सदस्यों को एक नया और रिफ्रेशिंग स्वाद चखने का बेहतरीन मौका देती है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
21 साल तक की सरकारी नौकरी, फिर बन बैठे एक्टर, 1 रोल से बना डाली कभी न मिटने वाली पहचान
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हिंदी सिनेमा में जब भी दमदार खलनायकों की बात होती है, तो अमरीश पुरी का नाम सबसे पहले लिया जाता है. उनकी भारी आवाज, तीखे हाव-भाव और स्क्रीन पर जबरदस्त मौजूदगी ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे यादगार विलेन बना दिया. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में आने से पहले वह 21 साल तक सरकारी नौकरी करते रहे थे.
नई दिल्ली. 22 जून 1932 को पंजाब के नवांशहर में जन्मे अमरीश पुरी का फिल्मी दुनिया से पुराना नाता था. उनके बड़े भाई मदन पुरी और चमन पुरी पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे. मशहूर गायक और अभिनेता के. एल. सहगल भी उनके रिश्तेदार थे. इसके बावजूद बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था.

युवा उम्र में अमरीश पुरी अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे थे. उन्होंने फिल्मों में हीरो बनने के लिए स्क्रीन टेस्ट भी दिया, लेकिन पहली ही कोशिश में उन्हें निराशा हाथ लगी. इसके बाद उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में नौकरी शुरू कर दी. हालांकि नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा.

“मैं हूं हीरो तू है जीरो” 1989 की आइकॉनिक फिल्म राम लखन का लोकप्रिय गाना है. यह फिल्म सुभाष घई के निर्देशन में बनी थी, जिसमें डिंपल कपाड़िया और माधुरी दीक्षित समेत कई बड़े कलाकार शामिल थे. फिल्म अपने यादगार संगीत और संवादों के लिए जानी जाती है और एक क्लासिक एक्शन-ड्रामा के रूप में अपनी जगह बना चुकी है.
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बता दें कि फिल्म में सनी देओल ने फिल्म के सेकेंड हाफ में एंट्री कर ऐसे-ऐसे डायलॉग बोले कि लगा कि फिल्म का असली हीरो, न ऋषि कपूर और न सनी देओल, न मीनाक्षी और न अमरीश पुरी हैं, बल्कि फिल्म के डायलॉग ही हैं. फिल्म में सनी देओल को अपनी धांसू एक्टिंग के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था.

अमरीश पुरी ने 1971 में फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की. शुरुआती दौर में उन्होंने छोटे-छोटे किरदार निभाए, लेकिन उनकी प्रतिभा जल्द ही लोगों की नजर में आ गई. ‘निशांत’, ‘मंथन’ और ‘अर्ध सत्य’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहना मिली.

साल 1980 में आई फिल्म ‘हम पांच’ के बाद उनकी पहचान एक मजबूत खलनायक के रूप में बनने लगी. इसके बाद उन्होंने ‘विधाता’, ‘हीरो’, ‘मेरी जंग’, ‘नगीना’, ‘फूल और कांटे’, ‘दामिनी’ और कई सुपरहिट फिल्मों में विलेन का किरदार निभाया.

फिर आया साल 1987, जब फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में उन्होंने ‘मोगैम्बो’ का किरदार निभाया. यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि अमरीश पुरी हमेशा के लिए हिंदी सिनेमा के इतिहास में अमर हो गए. उनका मशहूर डायलॉग ‘मोगैम्बो खुश हुआ’ आज भी लोगों की जुबान पर है.

हालांकि अमरीश पुरी सिर्फ विलेन बनकर ही सीमित नहीं रहे. सूर्या, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘विरासत’ और ‘परदेस’ जैसी फिल्मों में उन्होंने सख्त लेकिन भावुक पिता के किरदार भी निभाए, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया. उन्होंने हॉलीवुड फिल्म ‘इंडियाना जोन्स एंड द टेम्पल ऑफ डूम’ में भी काम किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. अपने लंबे करियर में अमरीश पुरी ने 400 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया.

थिएटर में योगदान के लिए उन्हें 1979 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला. वहीं ‘मेरी जंग’, ‘घातक’ और ‘विरासत’ जैसी फिल्मों के लिए उन्होंने कई फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीते.12 जनवरी 2005 को अमरीश पुरी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन उनकी दमदार आवाज, शानदार अभिनय और यादगार किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं. हिंदी सिनेमा में उनके जैसा कलाकार शायद ही दोबारा देखने को मिले.
सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की भारत को धमकी: रक्षामंत्री बोले- जिस पल पानी पर खतरा लगा, हम जंग शुरू कर देंगे
इस्लामाबाद23 मिनट पहले
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तानी चैनल एआरवाई न्यूज से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा, अगर हमें लगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है और पानी भी हमारी सुरक्षा का हिस्सा है तो हम निश्चित रूप से भारत के खिलाफ युद्ध करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत तेजी से पाकिस्तान के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित करने की कोशिश करता दिखा तो सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी।

भारत-पाकिस्तान के बीच का सिंधु जल समझौता क्या है?
सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं।
1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाक के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला।
1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया।
इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है।

सिंधु जल समझौता स्थगित करने का पाकिस्तान पर असर
पाकिस्तान में खेती की 90% जमीन यानी 4.7 करोड़ एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी सिंधु नदी प्रणाली से मिलता है। पाकिस्तान की नेशनल इनकम में एग्रीकल्चर सेक्टर की हिस्सेदारी 23% है और इससे 68% ग्रामीण पाकिस्तानियों की जीविका चलती है। ऐसे में पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ वहां की बेहाल अर्थव्यवस्था और बदतर होने लगी है।
पाकिस्तान के मंगल और तारबेला हाइड्रोपावर डैम को पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे पाकिस्तान के बिजली उत्पादन में 30% से 50% तक की कमी आ सकती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा।
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भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
आज का पंचांग: आज ज्येष्ठ सोमवार व्रत, शिवकृपा से दूर होंगे सभी कष्ट, पंचांग से जानें शुभ व
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 22 June 2026: आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि दिन सोमवार है. हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी तिथि, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, बव करण, शुक्ल पक्ष और चंद्रमा कन्या राशि में तो सूर्य मिथुन राशि में रहने वाले हैं. आज अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त दोनों के साथ रवि योग भी बन रहा है, जो शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल हैं. हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की अनेक समस्याएं दूर होती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं. मान्यता है कि सोमवार के दिन व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. अविवाहित युवक-युवतियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए सोमवार का व्रत रखते हैं.
सोमवार का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. संस्कृत में चंद्रमा को सोम कहा गया है, इसलिए इस दिन को सोमवार कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक ग्रह माना गया है. इसलिए सोमवार के दिन शिव पूजा करने से चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक तनाव, चिंता तथा अस्थिरता में कमी आने की मान्यता है. सोमवार की सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा स्थान या मंदिर में भगवान शिव का ध्यान करें. शिवलिंग पर गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र अर्पित करें. साथ ही धतूरा, आक के फूल और सफेद चंदन भी चढ़ाया जा सकता है. पूजा के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें. पूजा के अंत में भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना करें.
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 22 जून 2026
आज की तिथि- अष्टमी – 03:39 पी एम तक, फिर नवमी तिथि
आज का नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी – 10:22 ए एम तक, फिर हस्त
आज का करण- बव – 03:39 पी एम तक, बालव – 04:05 ए एम, 23 जून तक
आज का योग- व्यतीपात – 10:31 ए एम तक, वरीयान् योग
आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष
आज का दिन- सोमवार
चंद्र राशि- कन्या राशि
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:25 ए एम
सूर्यास्त- 07:23 पी एम
चन्द्रोदय- 12:50 पी एम
चन्द्रास्त- 12:35 ए एम, 23 जून
आज के शुभ योग और मुहूर्त 22 जून 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 04:05 ए एम से 04:45 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:56 ए एम से 12:52 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:43 पी एम से 03:39 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 07:21 पी एम से 07:41 पी एम
निशिता मुहूर्त: 12:04 ए एम से 12:44 ए एम, 23 जून
रवि योग: 10:22 ए एम से 12:32 पी एम
शिववास: श्मशान में – 03:39 पी एम तक, फिर गौरी के साथ
आज के अशुभ मुहूर्त 22 जून 2026
राहुकाल: 07:10 ए एम से 08:55 ए एम
यमगण्ड: 10:39 ए एम से 12:24 पी एम
गुलिक काल: 02:09 पी एम से 03:53 पी एम
आडल योग: 10:22 ए एम से 12:32 पी एम
दुर्मुहूर्त: 12:52 पी एम से 01:48 पी एम
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दिशाशूल: पूर्व
ग्वालियर में बारात की खुशियां मातम में बदलीं: स्पीड ब्रेकर पर उछलकर ट्रैक्टर के नीचे गिरा अधेड़, पहिया सिर के ऊपर से निकला, मौत – Gwalior News
भिंड जिले के गोहद से ग्वालियर के मुरार इलाके में आ रही एक बारात की खुशियां रविवार शाम मातम में बदल गईं। तेज रफ्तार ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठे 50 वर्षीय एक बाराती की स्पीड ब्रेकर पर उछाल लगने से संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। इससे पहले कि कोई उसे बचा पाता, ट्रैक्टर का पहिया उसके सिर और सीने के ऊपर से गुजर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना मुरार थाना क्षेत्र के खुरैरी इलाके में रियल होटल के सामने हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। बाद में घेराबंदी कर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया तथा ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। बारातियों ने रोका, फिर भी नहीं मानी चालक ने बात मुरार थाना पुलिस के अनुसार, भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के ग्राम अगनूपुरा से रविवार को एक बारात मुरार के जड़ेरुआ बंधा आ रही थी। गांव के 50 वर्षीय कमलेश पुत्र माधौसिंह जाटव भी बारात में शामिल होने के लिए ट्रैक्टर के पिछले पहिए के ऊपर बने मडगार्ड पर बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक सुनील ट्रैक्टर को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। ट्रैक्टर में बैठे अन्य बारातियों ने कई बार उसे धीमे चलाने की समझाइश दी, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी और वाहन को तेज गति से दौड़ाता रहा। स्पीड ब्रेकर पर उछला ट्रैक्टर, नीचे गिरे कमलेश जब बारात का ट्रैक्टर खुरैरी स्थित रियल होटल के सामने पहुंचा तो वहां बने स्पीड ब्रेकर पर तेज रफ्तार के कारण ट्रैक्टर उछल गया। झटके से मडगार्ड पर बैठे कमलेश जाटव संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान ट्रैक्टर का पिछला पहिया उनके सिर और छाती के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे की शिकायत पर कार्रवाई मृतक के बेटे विकास जाटव की शिकायत पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद आरोपी चालक की तलाश शुरू की गई। प्रधान आरक्षक नरवीर सिंह राणा ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर गांव में दबिश दी और आरोपी चालक सुनील को गिरफ्तार कर लिया। दुर्घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को भी जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया है। थाना प्रभारी ने क्या कहा मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि तेज रफ्तार और लापरवाही से ट्रैक्टर चलाने के कारण बारात में शामिल एक व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई। मृतक के बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी चालक को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया है।
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बोचहा में एनएच-27 पर पलटी ऑटो: 6.54 लाख रुपये बरामद, पुलिस ने जब्त किया – bochaha News
मुजफ्फरपुर के बोचहां थाना क्षेत्र में एनएच-27 पर रविवार शाम एक मालवाहक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। वाहन की जांच के दौरान पुलिस ने ऑटो से 6 लाख 54 हजार 410 रुपये नकद बरामद किए हैं। घायल चालक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के बेनीबाद थाना क्षेत्र स्थित शिवपुर भोरहा निवासी इंद्रजीत कुमार (पिता बिन्देश्वर राम) के रूप में हुई है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे मुजफ्फरपुर के आईटी मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही बोचहां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ऑटो की जांच की। तलाशी के दौरान वाहन से एक झोला मिला, जिसमें 6,54,410 रुपये नकद रखे हुए थे। पुलिस ने यह राशि जब्त कर ली है और इसकी सूचना घायल चालक के परिजनों तथा वरीय पुलिस अधीक्षक को दी गई है। बोचहां थानाध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्रा ने बताया कि मालवाहक ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया था। उन्होंने पुष्टि की कि घायल चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वाहन से बरामद भारी नकदी के संबंध में आगे की जांच-पड़ताल की जा रही है।
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