Wednesday, July 1, 2026
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लॉन्च होते ही WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर फंसा पेंच, सरकार करेगी जांच


सरकार ने हाल में लॉन्च हुए वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया है। इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप का यह नया प्राइवेसी फीचर यूजर्स के मोबाइल नंबर को छिपाने का काम करेगा। इसमें यूजर्स के मोबाइल नंबर की जगह उनके द्वारा क्रिएट किया गया यूजरनेम लोगों को दिखेगा। सरकार ने मेटा को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि इस नए फीचर की वजह से साइबर फ्रॉड की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसकी वजह से होने वाले फ्रॉड के लिए प्लेटफॉर्म को अकाउंटेबल बनना होगा।

प्लेटफॉर्म पर तय होगी जिम्मेदारी

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि प्लेटफॉर्म को यह भरोसा दिलाना होगा कि यूजरनेम फीचर या उसके प्रोडक्ट्स का फ्रॉड या स्कैम के लिए गलत इस्तेमाल न हो रहा हो। यही नहीं, सरकार का कहना है कि यूजरनेम के जरिए हो या फिर मैसेज एडिट फीचर और फर्जी ग्रुप क्रिएट होने या किसी भी प्रोडक्ट के गलत इस्तेमाल पर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को रेगुलेटरी एक्शन के लिए तैयार रहना होगा।

बता दें सरकार ने हाल ही में Re-NEET एग्जाम के दौरान मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को बैन कर दिया था। ऐप के एडिटिंग फीचर की वजह से सरकार ने यह एक्शन लिया था। सरकार का कहना है कि किसी भी प्लेटफॉर्म को यह भरोसा दिलाना होगा कि उसके आर्किटक्चर का गलत इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। प्लेटफॉर्म पर इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। 

क्या है वॉट्सऐप की दलील?

वॉट्सऐप के प्रवक्ता का कहना है कि यूजरनेम फीचर को खास तौर पर यूजर की प्राइवेसी बेहतर करने के लिए लाया गया है न कि प्राइवेसी को कमजोर करने के लिए। कंपनी ने प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं, जिनमें किसी और का रूप धरने (impersonation) का पता लगाने वाले सिस्टम, यूजरनेम के जरिए कोई अकाउंट कितने नए लोगों से संपर्क कर सकता है इस पर पाबंदी, बार-बार यूजरनेम का अंदाजा लगाने की कोशिशों से सुरक्षा, और मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं व सेलिब्रिटीज से जुड़े हाई-प्रोफ़ाइल यूजरनेम को रिजर्व रखना आदि शामिल हैं।

WhatsApp का यूजरनेम फीचर अभी लॉन्च किया गया है। इसमें लोग अपने पसंदीदा यूजरनेम को रिजर्व कर सकते हैं। इसे आने वाले कुछ सप्ताह में पूरी तरह से रोल आउट किया जाएगा। वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर लाने का मकसद ग्रुप चैट्स में लोगों के मोबाइल नंबर को छिपाना है। कंपनी का दावा है कि इस फीचर के आने के बाद सिम स्वैप के जरिए होने वाले टारगेटेड फ्रॉड को रोका जा सकेगा।

फीचर का होगा मूल्यांकन

हालांकि, MeitY द्वार वॉट्सऐप के इस नए फीचर का मूल्यांकन किया जाएगा। सरकार ने पिछले कुछ समय से साइबर सिक्योरिटी को मजबूत बनाने की दिशा में कई काम किए हैं। लोगों को साइबर क्राइम को लेकर अवेयर किया जा रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि वॉट्सऐप के इस नए फीचर की वजह से आइडैंटिटी फ्रॉड, इंप्रसोनेशन यानी किसी और का रूप धरने जैसे नए खतरे पैदा हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें – WhatsApp पर कैसे बदलें अपना यूजरनेम? नया क्रिएट करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान





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विटामिन D- B12 से भरपूर! डाइट में शामिल करें ये मछली, मिलेंगे कई फायदे


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Best Fish For Health: अगर आप मछली खाना पसंद करते हैं, तो सार्डिन मछली को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें. इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. ये एक सस्ती मछली है जो बालों से लेकर दिल से संबंधित समस्याओं से बचाव के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होती है.

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मछली सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि अपने जबरदस्त फायदों के लिए भी जाना जाता है. यदि आप नॉनवेज खाते हैं, तो हफ्ते में 2-3 बार मछली को अपने डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं. मछली दिल को स्वस्थ रखने के साथ, कार्यक्षमता बढ़ाने और शरीर की संपूर्ण सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती है. इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन से लेकर ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ए, डी और बी-कॉम्प्लेक्स जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं.

हालांकि सभी मछलियां एक तरह की नहीं होती है. सबकी अपनी खासियत है और इसी के आधार पर इनकी कीमत तय होती है. लेकिन यदि आप सस्ते में ज्यादा फायदे लेना चाहते हैं, तो सार्डिन मछली एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. ये छोटे आकार की तैलीय फिश है, जिसे आप सप्ताह में कम से कम दो बार खा सकते हैं.

सार्डिन मछली खाने के फायदे

  • यदि आप अपनी बालों की हेल्थ को लेकर परेशान रहते हैं, तो सार्डिन मछली आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. इस मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन बी12 भरपूर मात्रा में होता है जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही सिर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर बाल झड़ने की समस्या को कम कर सकते हैं. नियमित रूप से इसका सेवन करने से बाल घने और चमकदार बने रह सकते हैं तथा समय से पहले सफेद होने की संभावना भी कम हो सकती है.
  • विटामिन डी, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों के कारण ये मछली हड्डियों के लिए भी फायदेमंद होती है. ये तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने और उनकी घनत्व बढ़ाने में मदद करते हैं.इसके नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.
  • दिल की सेहत के लिए भी यह मछली काफी सेहतमंद मानी जाती है. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके अलावा यह रक्त वाहिकाओं में थक्के बनने के खतरे को भी कम कर सकती है, जिससे उच्च रक्तचाप और हार्ट अटैक का जोखिम घट सकता है.
  • इसके अलावा इस छोटी मछली में मौजूद पोषक तत्व याददाश्त को बेहतर बनाने और दिमाग को सक्रिय रखने में भी सहायक माने जाते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि यह मछली बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध होती है और आम लोगों की पहुंच में रहती है.

About the Author

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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‘मैंने गुस्से में आकर ये गलती कर दी’, फैसल खान ने मांगी भाई आमिर से माफी, हुआ पछतावा


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आमिर खान के भाई फैसल खान ने भी एक्टिंग में अपनी किस्मत आजमाई थी. काफी समय पहले उन्होंने अपने भाई और अपने परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए थे. लेकिन अब सालों बाद उन्होंने अपने पूरे परिवार से माफी मांगी है. उनका कहना है कि उन्होंने गुस्से में वो बातें कही थीं.

नई दिल्ली. आमिर खान इन दिनों अपनी तीसरी शादी को लेकर चर्चा में हैं. लेकिन इसी बीच उनके भाई फैसल खान का एक बयान सामने आया है, उन्होंने अपने परिवार से माफी मांगकर सालों पुराने विवाद को खत्म करने की ठान ली है. साथ ही उन्होंने अपने भाई आमिर से भी माफी मांगी है.

फैसल ने कहा कि उनसे गलती हो गई थी, उन्हें इस तरह अपने परिवार के निजी मामले को सबके सामने नहीं लाना चाहिए था. एक्टर का कहना है कि इन सबसे से जरूरी उनके लिए अपने रिश्ते बचाना है. वह अब कुछ साबित नहीं करना चाहते कि किस ने सही किया और किस ने गलत किया.

फैसल खान ने हाल ही में यूट्यूबर उज्जवल त्रिवेदी से बातचीत में ये खुलासा किया है कि उन्हें अब अपनी गलती का अहसास हो गया है. उन्होंने उस वक्त जो भी कहा वो उस वक्त गुस्से में आकर और दर्द में आकर कही थी, जिसका उन्हें पछतावा है.

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फैसल ने कहा कि मैंने उस वक्त जो भी कहा, उसके लिए मैं सबसे पहले अपनी मां से माफी मांगना चाहता हूं. फिर अपनी बहन निखद और जीजा संतोष हेगड़े से भी माफी मांगना चाहता हूं. मैं भाई आमिर से भी माफी मांगना चाहता हूं. मैंने उन्हें बहुत कुछ गलत कह दिया, जो नहीं कहना चाहिए था.

मैंने गुस्से में आकर काफी कुछ वो कह दिया जो, मुझे नहीं कहना चाहिए था. उन्होंने कहा कि मुझे अहसास हो गया है कि घर की परेशानियों का हल घर के अंदर मिलता है, अपने घर की बातें बाहर नहीं निकालनी चाहिए थी.

फैसली की मानें तो अब उन्हें किसी से कोई सफाई या कोई जवाब भी नहीं चाहिए. वो अब बस अपने रिश्ते सुधारना चाहते और आगे बढ़ना चाहते है. उनका कहना है कि कुरान पढ़ने के बाद उनकी सोच में काफी बदलाव आया है. कुराने स ही उन्हें परिवार की अहमियत समझ आई है.

फैसल ने बताया कि मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां से माफी मांगी.इसके बाद उन्होंने अपने और परिवार के निजी मामलों को सार्वजनिक करने के लिए उनसे भी माफी मांगी. परिवार ने भी उन्हें तय दिल से स्वीकार किया.

बता दें कि फैसल खान ने एक पॉडकास्ट में ये दावा किया था कि भाई आमिर खान ने उन्हें एक साल से ज्यादा समय तक मुंबई स्थित घर में बंद करके रखा था. अपने भाई पर आरोप लगाने के बाद वह चर्चा में आ गए थे. साथ ही कहा था कि उनका परिवार उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताकर उन्हें बहकाना चाहते हैं .

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अमेठी में संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू: जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई – Amethi District News




अमेठी में विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान बुधवार को शुरू हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार अग्रहरि ने गौरीगंज स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 1 से 31 जुलाई तक चलेगा, जिसमें संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान शामिल है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर फॉगिंग और एंटी लार्वा मशीनों का प्रदर्शन भी किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में स्वास्थ्य विभाग सहित कुल 11 विभागों की भूमिका तय की गई है। कार्यक्रम में सीडीओ पूजा साहू, सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप तिवारी, डॉ. पी.के. उपाध्याय, डॉ. राजीव सौरभ और जिला मलेरिया अधिकारी लाल साहेब सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि दस्तक अभियान के तहत आशा और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, आईएलआई (इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी) और क्षय रोग (टीबी) के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। साथ ही, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जाएगा और वेक्टर सर्वेक्षण भी किया जाएगा। इस दौरान 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने और दिव्यांगजनों की सूची तैयार करने का कार्य भी किया जाएगा। नगर पालिका विभाग नालियों की सफाई, लार्वानाशी दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग सुनिश्चित करेगा। कृषि विभाग जलभराव को रोकने के लिए कार्य करेगा, जबकि पंचायती राज विभाग स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, हैंडपंपों की मरम्मत और नालियों की सफाई सुनिश्चित करेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में इलाज के लिए भेजेगा। अधिकारियों ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जलभराव न होने दें और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों में सहयोग करें, ताकि जिले को संचारी रोगों से सुरक्षित रखा जा सके।



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सहरसा में साइकिल सवार नाई की मौत: DDC आवास से बाल-दाढ़ी बनाकर लौट रहे थे; वाहन ने मारी टक्कर; तीन बच्चों के पिता थे – Saharsa News




सहरसा सदर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में नाई की मौत हो गई। मृतक की पहचान सौर बाजार थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी 47 वर्षीय श्याम ठाकुर के रूप में हुई है। वह मंगलवार रात DDC आवास से बाल-दाढ़ी बनाकर लौट रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। श्याम ठाकुर सहरसा शहर के डीबी रोड स्थित जिला परिषद प्रांगण में कई वर्षों से सैलून चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। मंगलवार रात करीब 8 बजे वह सहरसा के उप विकास आयुक्त (DDC) के आवास पर बाल-दाढ़ी बनाने गए थे। बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी
रात लगभग 10 बजे अपनी साइकिल से डीबी रोड स्थित अपने ठिकाने पर लौटते समय DDC आवास के समीप ही एक अज्ञात बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से श्याम ठाकुर सड़क पर गिर गए और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद DDC सहित अन्य कर्मियों ने घायल श्याम ठाकुर को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, देर रात करीब 12 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। एक बेटा और एक बेटी विवाहित हैं
मृतक के बेटे गौरव कुमार को जिला उप विकास आयुक्त ने फोन पर घटना की जानकारी दी। मौत के बाद पूरे परिवार में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस बुधवार की सुबह शव कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। श्याम ठाकुर अपने चार भाइयों में तीसरे थे और उनके दो बेटे तथा एक बेटी है। एक बेटा और एक बेटी विवाहित हैं, जबकि एक बेटा अविवाहित है। बुधवार को सहरसा सदर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।



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भारत-PAK के 117 प्रमुख हस्तियों ने मोदी-शहबाज को पत्र लिखा: बोले- दुश्मनी खत्म करें, बातचीत और रिश्ते फिर शुरू हों


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नई दिल्ली/इस्लामाबाद3 मिनट पहले

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चिट्ठी पर भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 हस्तियों के साइन हैं।

भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारने के लिए दोनों देशों की 117 हस्तियों ने पीएम मोदी और पाक पीएम शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके।

इन 117 हस्तियों में पूर्व अधिकारी, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों और पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने चिट्ठी पर साइन किए हैं।

मोदी-शरीफ को लिखी चिट्ठी

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में वह बातें जो आप जानना चाहते हैं

1. दोनों देशों के बीच संवाद दोबारा शुरू हो अभी की स्थिति: 25 दिसंबर 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाहौर जाकर नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। इसके बाद 2 जनवरी 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के बाद व्यापक द्विपक्षीय वार्ता लगभग ठप हो गई।

साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काबुल दौरे से लौटते समय अचानक पाकिस्तान पहुंच गए थे। यहां वे तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की नातिन की शादी में शामिल हुए थे।

साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काबुल दौरे से लौटते समय अचानक पाकिस्तान पहुंच गए थे। यहां वे तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की नातिन की शादी में शामिल हुए थे।

2. जम्मू-कश्मीर समेत सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत हो अभी की स्थिति: 5 अगस्त 2019 को भारत ने अनुच्छेद 370 हटाया। इसके बाद पाकिस्तान ने द्विपक्षीय बातचीत और कूटनीतिक रिश्तों को सीमित कर दिया।

3. सैन्य तनाव कम हो अभी की स्थिति: 25 फरवरी 2021 को दोनों देशों ने LoC पर 2003 के सीजफायर समझौते का फिर से पालन करने पर सहमति जताई। इसके बावजूद हालिया आतंकी घटनाओं के बाद तनाव बना हुआ है।

4. लोगों के बीच संपर्क बढ़े अभी की स्थिति: 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए और वीजा सर्विस बंद कर दी गई।

5. सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध बेहतर हों अभी की स्थिति: 18 सितंबर 2016 (उरी हमले) के बाद कलाकारों के आदान-प्रदान और अधिकांश सांस्कृतिक कार्यक्रम लगभग बंद हो गए। विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग भी बहुत सीमित है।

6. क्रिकेट और अन्य खेलों की द्विपक्षीय सीरीज शुरू हो अभी की स्थिति: भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी। इसके बाद दोनों टीमें सिर्फ ICC और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में मिली हैं।

7. दोनों देशों के बीच हवाई सेवा शुरू हो अभी की स्थिति: 24 अप्रैल 2025 के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। तब से सीधी उड़ानें बंद हैं।

8. वीजा प्रक्रिया आसान हो अभी की स्थिति: 24 अप्रैल 2025 के बाद अधिकांश वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गईं और कई नागरिकों को वापस लौटना पड़ा।

9. हाई कमिश्नर दोबारा नियुक्त हों अभी की स्थिति: अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया। भारत ने भी अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया था। तब से दोनों देशों में पूर्णकालिक हाई कमिश्नर नहीं हैं।

10. बस सेवा, करतारपुर कॉरिडोर और अटारी-वाघा बॉर्डर फिर खोला जाए अभी की स्थिति: समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस अगस्त 2019 से बंद हैं। दिल्ली-लाहौर बस सेवा भी बंद है। अटारी-वाघा बॉर्डर से सामान्य नागरिक आवाजाही अप्रैल 2025 से प्रभावित है। करतारपुर कॉरिडोर, जो 9 नवंबर 2019 को खुला था, हालिया तनाव के कारण कई बार प्रभावित रहा है।

11. कारोबार फिर शुरू हो अभी की स्थिति: 9 अगस्त 2019 को पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार निलंबित कर दिया। तब से सीमित वस्तुओं को छोड़कर सामान्य व्यापार लगभग बंद है।

क्यों लिखा गया यह पत्र?

यह पहल ऐसे समय में की गई है जब हाल के महीनों में भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बना हुआ है। इनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

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भारत-पाक तनाव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

क्या भारत-पाकिस्तान में फिर दोस्ती होने वाली है: 4 देशों में बैकचैनल मीटिंग्स

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की रेगुलर प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। एक पत्रकार ने प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पूछा- क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत हो रही है? अंद्राबी बोले- अगर मैं टिप्पणी करूंगा, तो वो बैकचैनल नहीं रहेगा।

इधर भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के नंबर-2 नेता दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए। पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम. एम. नरवणे भी बोले- सीमा के दोनों तरफ आम लोग रहते हैं, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तान बोला- हमारा पानी रोका तो हाथ काट देंगे: सिंधु जल संधि अब भी लागू, भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर एक बार फिर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना चाहता है। पूरी खबर पढ़ें…

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इंदौर में स्थापित होगी सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा: इंदौर में चल रहा काम, महापौर ने किया निरीक्षण – Indore News




इंदौर के वार्ड क्रमांक-85 में स्थापित की जा रही देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्रतिमा के लिए बनाए जा रहे पेडेस्टल (आधार) का काम अंतिम चरण में पहुंच रहा है। बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। अगले महीने हो सकता है अनावरण निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में और बिना किसी बाधा के पूरे किए जाएं, ताकि अगले महीने प्रतिमा के भव्य अनावरण की तारीख तय की जा सके। निर्माण एजेंसी ने समय पर और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का भरोसा दिया। स्कूल निर्माण का भी लिया जायजा महापौर ने इसके बाद वार्ड क्रमांक-84 में निर्माणाधीन शासकीय स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय में स्कूल का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। महापौर बोले- शहर को मिलेगी नई पहचान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहर में विकसित की जा रही ऐसी परियोजनाएं इंदौर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। साथ ही नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।



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ट्रांसफार्मर में आग से घरों में दौड़ा करंट, 5 घायल: ​विभाग के कर्मचारियों ने नहीं उठाए फोन, सलूंबर जिले में धारोद-भागपुर गांव का मामला – Udaipur News




सलूंबर जिले के धारोद-भागपुर गांव में बीती देर रात बिजली बहाल होते ही बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब 12 बजे से बंद बिजली रात करीब 10 बजे बहाल हुई। तभी ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। इसके बाद करीब 10 से 15 घरों में तेज करंट दौड़ गया। जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। करंट की चपेट में आने से 4 महिलाओं सहित 5 जने घायल हो गए।। सभी घायलों को परिजनों द्वारा तुरंत सलूंबर हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज जारी है। बताया गया कि घरों में वायारिंग से लोहे की सामान में करंट फैल गया। जिसकी चपेट में आने से महिलाएं घायल हो गईं। ग्रामीण राजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद लाइनमैन राजेश को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया। विभाग के अन्य अधिकारियों को भी सूचना दी गई। इसके ​बावजूद कोई मौके पर नहीं पहुंचा। कई देर तक लोग घरों में करंट की वजह से डर और भय के माहौल में रहे। ग्रामीणों ने उठाई अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घटना के बाद से पूरे गांव में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही घटना का शिकार हुए परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। मामले में बिजली विभाग के जेईएन संदीप मीणा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मैं मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। मामले की जांच कराई जाएगी। क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत की जा रही है। घायलों की जानकारी ली गई। हालत खतरे से बाहर है।



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अरशद वारसी ने बताया क्यों छोड़ी ‘जॉली LLB 2’? बोले- मुझमें हीरो वाला ईगो नहीं


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बॉलीवुड के मशहूर एक्टर अरशद वारसी ने हाल ही में चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि ‘जॉली LLB 2’ में अक्षय कुमार को कास्ट करने का आइडिया खुद उनका था. उन्होंने निर्देशक सुभाष कपूर को अक्षय को फिल्म में लेने की सलाह दी थी. एक्टर ने ये भी बताया कि कैसे ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जैसी ब्लॉकबस्टर के बाद उन्हें काम मिलना ही बंद हो गया था्.

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अरशद वारसी हाल ही में ये खुलासे किए हैं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में शुमार अरशद वारसी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में ‘मुन्ना भाई’ सीरीज, ‘सहर’, ‘इश्किया’ और ‘जॉली एलएलबी’ जैसी फिल्मों से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. इसके बावजूद, उन्हें कई बार इंडस्ट्री में केवल कॉमेडी रोल्स तक सीमित कर दिया गया. लेकिन अरशद को कभी भी सोलो लीड न होने का मलाल नहीं रहा, क्योंकि उन्होंने हमेशा व्यावहारिक सोच को तवज्जो दी. न्यूज18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अरशद वारसी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि साल 2013 की हिट फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ में मुख्य भूमिका निभाने के बाद, इसके सीक्वल ‘जॉली एलएलबी 2’ में अक्षय कुमार को स्टार बनाने के पीछे उनका ही हाथ था.

इंटरव्यू में अरशद वारसी ने कहा कि उन्हें कभी इस बात का अफसोस नहीं रहा कि वह हर फिल्म में लीड हीरो नहीं बने. उन्होंने कहा- ‘जहां तक ​​लीड रोल न करने की बात है, तो मेरे करियर के पहले दिन से ही मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. मुझे बस अपना काम करना पसंद है. मुझे अच्छी स्क्रिप्ट और अच्छे रोल पसंद हैं. बस इतना ही… अगर आप मेरे पूरे करियर का ग्राफ देखें, तो वह हमेशा ऐसा ही रहा है’.

‘जॉली एलएलबी 2’ को लेकर किया खुलासा

उन्होंने कहा कि अपने पूरे करियर में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों को ठुकराया, जिनमें उन्हें सोलो हीरो बनने का मौका मिल रहा था. उन्होंने बड़ा खुलासा ‘जॉली एलएलबी 2’ को लेकर किया. बातचीत में उन्होंने आगे बताया कि जब फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुभाष कपूर इसके दूसरे भाग की तैयारी कर रहे थे. तब अक्षय कुमार इस रोल में दिलचस्पी दिखा रहे थे, तब उन्होंने खुद सुभाष कपूर को सलाह दी कि फिल्म अक्षय कुमार के साथ बनानी चाहिए.

जब मेकर्स से बोले- ‘अक्षय 5000 लोग लाएंगे, मैं 500’

अरशद ने मेकर्स को समझया और कहा, ‘अगर मैं 500 लोगों को सिनेमाघर तक ला सकता हूं तो अक्षय कुमार 5000 लोगों को लेकर आएंगे. उनकी मौजूदगी फिल्म के फ्रेम को और बड़ा बना देगी. मैं उन लोगों में था, जिसने सुभाष कपूर को अक्षय कुमार के साथ फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया.’ उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए किसी फिल्म में लीड रोल निभाना कभी अहम नहीं रहा. वह असरदार रोल्स पर ज्यादा महत्व देते हैं.

जहन में बस गईं नसीरुद्दीन शाह

अपने करियर के शुरुआती दिनों की बात भी उन्होंने की. उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह की तारीफ भरी बातें उनके जहन में बस गईं और उन्होंने हमेशा उन्हें माना. वे बताते हैं, ‘यह बात नसीर साहब ने मुझसे कही थी. उन्होंने कहा था कि मैं ‘सर्किट’ का किरदार इसलिए इतने अच्छे से निभा पाया क्योंकि संजय दत्त के सामने मेरा कोई ईगो नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर मैं खुद को हीरो से बड़ा समझता, तो ‘सर्किट’ का रोल नहीं कर पाता.’

मुन्नाभाई के बाद नहीं मिला काम

अरशद कहते हैं, ‘तो, मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो सिर्फ सोलो लीड रोल ही करना चाहे.’ अरशद ने अपने करियर के मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जैसी बड़ी सफलता के बाद भी उन्हें लंबे समय तक काम नहीं मिला. वह इस बात को नहीं पचा पा रहे थे कि फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बाद भी क्यों उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है.

जब राजकुमार हिरानी से पूछा- मुझे काम क्यों नहीं मिल रहा?

परेशान होकर उन्होंने निर्देशक राजकुमार हिरानी से भी पूछा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. उन्होंने बताया कि राजकुमार हिरानी ने जवाब दिया था कि समस्या यह नहीं थी कि उन्होंने अच्छा काम नहीं किया. बल्कि इंडस्ट्री यह तय नहीं कर पा रही थी कि उन्हें किस तरह की भूमिकाओं में फिट किया जाए. न वह पारंपरिक सोलो हीरो की छवि में फिट बैठते थे और न ही किसी तय ढांचे में. यही असमंजस उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती बन गया.

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Shikha Pandey

शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें



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400 ग्राम का अनोखा बीकानेरी जायंट दही बड़ा! स्वाद ऐसा कि आप भूल नहीं पाएंगे


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400 ग्राम का अनोखा बीकानेरी जायंट दही बड़ा! स्वाद ऐसा कि आप भूल नहीं पाएंगे

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Bikaner Laxman Chaat House Special Dahi Vada: बीकानेर का लक्ष्मण चाट हाउस अपने विशाल और खास दही बड़े के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. यहां बनने वाला एक दही बड़ा लगभग 400 ग्राम तक वजन का होता है और इसे राजस्थान के सबसे बड़े दही बड़ों में गिना जाता है. सुबह से ही इसकी तैयारी शुरू हो जाती है और पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. उड़द और मूंग दाल से बने बड़े को कई घंटे पानी में रखकर मुलायम बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बनावट अनोखी हो जाती है. काजू और किशमिश की स्टफिंग इसे और स्वादिष्ट बनाती है. दही, चटनी और मसालों के साथ परोसे जाने पर इसका स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. कोलकाता, मुंबई और सूरत जैसे शहरों से भी लोग इसे चखने आते हैं. यह व्यंजन बीकानेर की फूड टूरिज्म पहचान बन चुका है.

दुकान पर सजे दही बड़ों का यह नजारा बताता है कि बीकानेर में इस व्यंजन की लोकप्रियता कितनी ज्यादा है. सुबह से ही ताजा दही बड़े तैयार होने लगते हैं और ग्राहकों की मांग के अनुसार लगातार बनाए जाते हैं. इन्हें बनाने में एक से दो घंटे का समय लगता है. दही बड़े को मुलायम बनाने के लिए कई घंटे तक पानी में रखा जाता है और समय-समय पर पानी बदला जाता है ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे. बीकानेर के लक्ष्मण चाट हाउस में प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 दही बड़े तैयार किए जाते हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां का स्वाद लेने जरूर पहुंचते हैं.  बड़े आकार, मुलायम बनावट और खास स्वाद ने इस दही बड़े को बीकानेर की पहचान बना दिया है.

दही बड़ों का यह ऊंचा ढेर बीकानेर के मशहूर स्ट्रीट फूड की लोकप्रियता की कहानी खुद बयां करता है. हर बड़ा सावधानी से तैयार किया जाता है ताकि उसका आकार, स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे. उड़द और मूंग की दाल के मिश्रण से बने इन बड़ों में काजू और किशमिश की स्टफिंग इसे और भी खास बनाती है. तैयार होने के बाद इन्हें ठंडे पानी में रखा जाता है, जिससे ये बेहद नरम और स्पंजी हो जाते हैं. जब इन पर ताजा दही, मसाले और चटनी डाली जाती है तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. बीकानेर आने वाले लोग अक्सर इस अनोखे और विशाल दही बड़े को देखकर हैरान रह जाते हैं और इसे खाने का अनुभव अपने साथ यादगार बनाकर ले जाते हैं.

यह तस्वीर बीकानेर के उस मशहूर ठिकाने की है, जहां बड़े आकार के दही बड़े खाने के लिए दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. स्थानीय लोग हों या बाहर से आए पर्यटक, हर कोई यहां के खास स्वाद का आनंद लेने पहुंचता है. दुकान पर लगातार दही बड़े तैयार किए जाते हैं ताकि किसी ग्राहक को इंतजार न करना पड़े. वर्षों से चली आ रही इस दुकान की पहचान गुणवत्ता और स्वाद है. यहां आने वाले कई लोग अपने परिवार और दोस्तों के लिए दही बड़े पैक करवाकर भी ले जाते हैं. कोलकाता, मुंबई, सूरत और राजस्थान के कई शहरों से लोग खास तौर पर इस अनोखे व्यंजन का स्वाद लेने पहुंचते हैं. यही वजह है कि यह दुकान बीकानेर के प्रसिद्ध फूड डेस्टिनेशन में गिनी जाती है.

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इस तस्वीर में दही बड़े बनाने की पूरी तैयारी दिखाई दे रही है. एक तरफ तैयार बड़े रखे हैं तो दूसरी ओर उन्हें परोसने की सामग्री मौजूद है. दही बड़ा तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जाती है. पहले दाल पीसकर मिश्रण तैयार किया जाता है, फिर बड़े आकार के बड़े तलकर ठंडे पानी में भिगोए जाते हैं. समय-समय पर पानी बदलने से उनकी ताजगी बनी रहती है. जब ग्राहक ऑर्डर देता है तो बड़े को दही में डालकर ऊपर से मसाले, चटनी और अन्य सामग्री के साथ परोसा जाता है. यही ताजगी और पारंपरिक तरीका इस दही बड़े को दूसरे शहरों के दही बड़ों से अलग पहचान देता है. स्वाद और गुणवत्ता के कारण यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.

दुकानदार की हथेली पर रखा यह दही बड़ा उसके असली आकार का अंदाजा देता है. सामान्य दही बड़ों की तुलना में यह कई गुना बड़ा होता है और इसका वजन लगभग 400 ग्राम तक पहुंच जाता है. यही कारण है कि इसे राजस्थान के सबसे बड़े दही बड़ों में गिना जाता है. बड़े आकार के बावजूद इसका स्वाद और मुलायमपन बरकरार रहता है. उड़द और मूंग की दाल से तैयार इस दही बड़े में काजू और किशमिश का इस्तेमाल इसे और खास बना देता है. जब इसे दही, मीठी चटनी और मसालों के साथ परोसा जाता है तो इसका स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. बीकानेर की यात्रा करने वाले अधिकांश पर्यटक इस खास व्यंजन का स्वाद जरूर चखते हैं.

लक्ष्मण चाट हाउस का यह विशाल दही बड़ा सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि बीकानेर की खान-पान परंपरा का प्रतीक है. इसे बनाने में धैर्य, अनुभव और पारंपरिक विधि का विशेष महत्व होता है. पहले दाल का मिश्रण तैयार किया जाता है, फिर बड़े आकार में तलकर कई घंटे तक ठंडे पानी में रखा जाता है. इसके बाद ताजे दही, मसालों और चटनियों के साथ इसे परोसा जाता है. दुकान संचालकों के अनुसार, सूखा बड़ा कई दिनों तक सुरक्षित रहता है, जबकि दही बड़ा ताजा रखने के लिए समय-समय पर पानी बदलना जरूरी होता है. यही वजह है कि यहां मिलने वाला हर दही बड़ा स्वाद और गुणवत्ता में अलग नजर आता है. बीकानेर आने वाले पर्यटकों के लिए यह व्यंजन किसी यादगार स्वाद से कम नहीं है.

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