Thursday, June 25, 2026
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बिजली इंजीनियर ₹2000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार: दमोह के हटा में लोकायुक्त की कार्रवाई, मीटर रीडर भी पकड़ा गया – Damoh News




दमोह के हटा में बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) राजेश सहाय को बुधवार दोपहर ₹2000 की रिश्वत लेते हुए सागर लोकायुक्त की टीम ने उनके कार्यालय में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक आरओ वाटर प्लांट संचालक से मीटर का लोड बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में की गई। इस मामले में एक मीटर रीडर संदीप पटेरिया को भी गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता इंद्रकुमार पटेल उपकाशी मिनरल वाटर आरओ प्लांट के संचालक हैं। पटेल के वाटर प्लांट में लगे मीटर का लोड बढ़ाने के लिए कनिष्ठ अभियंता राजेश सहाय ने ₹7000 की रिश्वत मांगी थी। ₹2000 इसकी पहली किश्त के तौर पर तय किए गए थे। लोकायुक्त इंस्पेक्टर रंजीत सिंह ने बताया कि सहायक अभियंता राजेश सहाय ने आवेदक के वाटर प्लांट का निरीक्षण किया था। प्लांट पर लगे मीटर का लोड कम पाए जाने पर कार्रवाई न करने के एवज में ₹7000 की रिश्वत मांगी जा रही थी। रिश्वत न देने पर आवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी भी दी गई थी। इंद्र कुमार पटेल ने सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद बुधवार को ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई गई। टीम ने हटा पहुंचकर ₹2000 की रिश्वत लेते हुए सहायक अभियंता राजेश कुमार सहाय को गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारी संदीप पटेरिया, जो मीटर रीडर का कार्य करता है, की भूमिका भी इस मामले में पाई गई है, जिसके संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। आवेदक इंद्र कुमार पटेल ने बताया उन्होंने मीटर लोड बढ़ाने की कार्रवाई भी करा ली थी। इसके बाबजूद भी कनिष्ठ अभियंता राजेश सहाय के द्वारा धमकाया जा रहा था। रिश्वत की मांग की जा रही थी। पैसे न देने पर एक लाख रुपए का केस बनाकर कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही थी। वह 6 हजार रुपए पहले भी चुका है उसके बाद 7 हजार रुपए की मांग की जा रही थी।



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साल 1994 की वो फिल्म, जिसने बदली इस सुपरस्टार की तकदीर, हीरो ने जीता था अवॉर्ड


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90 के दशक में रिलीज हुई एक सुपरस्टार फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए, बल्कि हिंदी सिनेमा को उसका अगला बड़ा सुपरस्टार भी दे दिया. साल 1994 की इस कल्ट क्लासिक फिल्म ने एक नए-नवेले एक्टर की तकदीर हमेशा के लिए बदल दी. फिल्म में दमदार एक्टिंग को दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स ने भी खूब सराहा. बेमिसाल परफॉर्मेंस के दम पर एक्टर ने बेस्ट डेब्यू एक्टर फिल्मफेयर अवॉर्ड भी अपने नाम किया था.

नई दिल्ली. सुपरस्टार शाहरुख खान ने साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. राज कंवर के निर्देशन में बनी यह रोमांटिक-थ्रिलर आज ही के दिन यानी 25 जून को आई थी अब इस मूवी की रिलीज को 34 साल पूरे हो चुके हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्म के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे. उनसे पहले यह रोल बॉलीवुड के एक दूसरे एक्टर को ऑफर हुआ था.

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फिल्ममेकर राज कंवर के दिमाग में ‘दीवाना’ की स्टारकास्ट को लेकर कुछ और ही प्लानिंग थी. वह इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे पहले ऋषि कपूर के पास गए, जो उनकी पहली पसंद थे. उस दौर में उनका स्टारडम बुलंदियों पर था और यही वजह थी कि उन्हें इस रोल के लिए करीब 10 लाख की भारी-भरकम फीस दी गई थी, जो उस समय के लिहाज से एक बहुत बड़ी रकम मानी जाती थी.

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इस फिल्म में लीड एक्ट्रेस के रोल के लिए मेकर्स की पहली पसंद माधुरी दीक्षित थीं, जो उस दौर में बॉलीवुड की टॉप हीरोइनों में शुमार हो रही थीं. हालांकि, बिजी शेड्यूल और डेट्स की कमी के चलते वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन पाईं. इसके बाद प्रोड्यूसर गुड्डू धनोआ के करीबी जतिन राजगुरु की सिफारिश पर दिव्या भारती को कास्ट किया गया.

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ऋषि कपूर और दिव्या भारती के फाइनल होने के बाद दूसरे लीड रोल के लिए तलाश शुरू हुई. शाहरुख खान से पहले सनी देओल, अनिल कपूर, गोविंदा और साउथ सुपरस्टार नागार्जुन जैसे बड़े नामों पर विचार किया गया. आखिरकार, यह रोल अरमान कोहली की झोली में गिरा. अरमान ने फिल्म साइन की और कुछ दिनों तक शूटिंग भी की. लेकिन प्रोड्यूसर ललित कपूर की पत्नी शबनम कपूर के साथ हुए एक विवाद के बाद अरमान अचानक इस प्रोजेक्ट से अलग हो गए.

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अरमान कोहली के फिल्म छोड़ने के बाद मेकर्स एक नए चेहरे की तलाश में जुट गए. उन दिनों शाहरुख खान बड़े पर्दे पर तो अनजाने थे, लेकिन ‘सर्कस’ और ‘दिल दरिया’ जैसे टीवी सीरियल्स से अपनी पहचान बना रहे थे. निर्देशक राज कंवर की नजर शाहरुख के काम पर पड़ी और वह उनकी स्क्रीन प्रेजेंस से बेहद प्रभावित हुए. इसके बाद राज कंवर ने ही मेकर्स को शाहरुख खान का नाम सुझाया और उनकी फिल्म में एंट्री हुई.

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शाहरुख खान के लिए भी वह दौर काफी भागदौड़ भरा था. वह उस समय ‘दीवाना’ के साथ-साथ ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ की शूटिंग भी कर रहे थे. इंडस्ट्री में चर्चा थी कि ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ ही शाहरुख की पहली रिलीज होगी और इसी से वह बॉलीवुड में कदम रखेंगे. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, उथल-पुथल के बीच बनी ‘दीवाना’ पहले रिलीज हुई और यही शाहरुख की ऑफिशियल डेब्यू फिल्म बन गई.

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जब ‘दीवाना’ सिनेमाघरों में लगी, तो अपनी इंटेंस एक्टिंग, अलग अंदाज और कमाल की एनर्जी से शाहरुख खान ने दर्शकों का दिल जीत लिया. ऋषि कपूर और दिव्या भारती जैसे स्थापित सितारों के बीच भी वह अपनी गहरी छाप छोड़ने में कामयाब रहे. इस दमदार परफॉर्मेंस के उन्होंने फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड अपने नाम कर लिया था और बॉलीवुड को नया सुपरस्टार मिल गया.

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इसके बाद शाहरुख खान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह पिछले 3 दशक से बॉलीवुड पर राज कर रहे हैं. इन दिनों वह अपनी अपकमिंग फिल्म ‘किंग’ को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसे सिद्धार्थ आनंद डायरेक्ट कर रहे हैं. शाहरुख की बेटी सुहाना खान भी फिल्म का हिस्सा हैं. यह एक एक्शन से भरपूर फिल्म होगी, जो इस साल क्रिसमस के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी.

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ट्रक में घुसी कार, औरंगाबाद के चार लोगों की मौत: दो की हालत गंभीर, एक घंटे फंसे रहे; मंदसौर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हादसा – Mandsaur News




मंदसौर में दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुई। सीतामऊ थाना पुलिस के मुताबिक, रेनॉल्ट ट्राइबर कार में छह लोग सवार थे। सभी महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। वे दिल्ली की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। उसमें सवार लोग करीब एक घंटे तक अंदर फंसे रहे। पुलिस से पहले राहगीरों ने रेस्क्यू किया हादसे के बाद कार में सवार लोग करीब एक घंटे तक वाहन में फंसे रहे। राहगीरों और अन्य वाहन चालकों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों और मृतकों को कार से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों में रवींद्र काले और सचिन गंगाधर गजभारे की पहचान की है। दोनों औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं। अन्य दो मृतक और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस परिजन से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। देखिए हादसे के बाद की तस्वीरें… पुलिस बोली- तेज रफ्तार के कारण हुआ हादसा हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और एक्सप्रेस-वे के निगरानी सिस्टम की मदद से ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सीतामऊ थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का कारण माना जा रहा है।



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कोरियन ब्यूटी जैसा निखार पाने के लिए रोज क्या खाएं? नोट कर लें ये स्किन ग्लोइंग फूड्स


Glass Skin Ka Matlab Kya Hota Hai: ‘ग्लास स्किन’ (Glass Skin) मूल रूप से कोरियन ब्यूटी ट्रेंड है, जिसका मतलब होता है ऐसी त्वचा जो बिल्कुल साफ, बेदाग, पोर्स-लेस (बारीक छिद्रों से मुक्त) और अंदर से हाइड्रेटेड दिखे. साधारण शब्दों में कहें तो जब आपकी त्वचा इतनी स्वस्थ, चिकनी और नमी से भरपूर हो जाए कि वह एक साफ शीशे (कांच) की तरह चमकदार, पारदर्शी और चमकदार नजर आने लगे, तो उसे ही ‘ग्लास स्किन’ कहा जाता है. यह त्वचा की बाहरी चमक नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल और अच्छी डाइट से मिलने वाला अंदरूनी और प्राकृतिक निखार है.

ग्‍लास स्किन के लिए क्‍या खाएं?

हेल्‍थलाइन के मुताबिक, हम जो कुछ भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत के साथ-साथ हमारी त्वचा (Skin) पर भी पड़ता है. एक खराब डाइट न सिर्फ हमारे मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ती है और वजन बढ़ाती है, बल्कि दिल और लिवर जैसे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है.

ठीक इसी तरह, हमारी स्किन की सेहत और उसकी बढ़ती उम्र का कनेक्शन भी सीधे हमारी थाली से जुड़ा है. अगर आप भी महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और मेकअप के बिना नेचुरल ‘ग्लास स्किन’ या ग्लोइंग स्किन पाना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी डाइट में इन 11 सुपरफूड्स को शामिल कर लें:

1. फैटी फिश (Fatty Fish)-
सामन (Salmon) और मैकेरल जैसी फैटी फिश ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन सोर्स हैं. यह आपकी त्वचा को मोटा, मुलायम और नमी से भरपूर बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है. ओमेगा-3 की कमी से स्किन ड्राई हो सकती है. यह चेहरे की सूजन, लालिमा और मुंहासों को कम करने के साथ-साथ सूरज की हानिकारक यूवी (UV) किरणों से भी त्वचा का बचाव करती है. इसमें मौजूद विटामिन ई स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाता है.

2. एवोकैडो (Avocados)
एवोकैडो में हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. एक रिसर्च के मुताबिक, रोजाना एक एवोकैडो खाने से चेहरे की त्वचा में लचीलापन (Elasticity) और कसावट आती है. इसके अलावा, इसमें मौजूद विटामिन सी और ई त्वचा में कोलाजन (Collagen) बनाने और उसे सूरज के डैमेज से बचाने में मदद करते हैं, जिससे उम्र का असर जल्दी दिखाई नहीं देता.

3. अखरोट (Walnuts)
अखरोट में ऐसे जरूरी फैटी एसिड होते हैं, जिन्हें हमारा शरीर खुद नहीं बना पाता. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैट्स, मैग्नीशियम और आर्जिनिन जैसे पोषक तत्व शरीर और त्वचा की सूजन (Inflammation) को कम करने में काफी मददगार होते हैं.

4. सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds)
नट्स और बीज स्किन के लिए पावरहाउस माने जाते हैं. सूरजमुखी के बीजों में हाई लेवल के मोनोअनसैचुरेटेड और ओमेगा-6 फैट्स होते हैं, जो सूजन और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाने में मदद कर सकते हैं.

5. शकरकंद (Sweet Potatoes)
शकरकंद बीटा-कैरोटीन का एक शानदार स्रोत है, जो हमारे शरीर में जाकर विटामिन ए में बदल जाता है. यह एंटीऑक्सीडेंट हमारी त्वचा के लिए एक नेचुरल सनब्लॉक (Sunblock) की तरह काम करता है. इसे खाने से त्वचा की कोशिकाएं धूप से सुरक्षित रहती हैं और सनबर्न, झुर्रियों व ड्राई स्किन की समस्या से बचाव होता है.

6. लाल या पीली शिमला मिर्च (Bell Peppers)
शकरकंद की तरह शिमला मिर्च भी बीटा-कैरोटीन और विटामिन सी का बेस्ट सोर्स है. विटामिन सी त्वचा को फर्म और स्ट्रॉन्ग रखने वाले कोलाजन प्रोटीन को बनाने के लिए बेहद जरूरी है.

7. ब्रोकली (Broccoli)
ब्रोकली में जिंक, विटामिन ए और सी जैसे कई जरूरी मिनरल्स होते हैं. इसमें ल्यूटिन नाम का तत्व होता है जो त्वचा को ड्राई होने और झुर्रियों से बचाता है. साथ ही, ब्रोकली में ‘सल्फोराफेन’ नाम का एक खास कंपाउंड होता है, जो धूप से होने वाले डैमेज के खिलाफ सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.

8. टमाटर (Tomatoes)
टमाटर में विटामिन सी के साथ-साथ लाइकोपीन जैसे सभी मुख्य कैरोटीनॉयड पाए जाते हैं, जो त्वचा को धूप के नुकसान और झुर्रियों से बचाते हैं. बेहतर फायदे के लिए टमाटर जैसी चीजों को थोड़े से फैट (जैसे ऑलिव ऑयल या चीज) के साथ खाएं, जिससे शरीर इसे बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब कर पाता है.

9. डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)
अगर आपको चॉकलेट पसंद है, तो यह आपकी त्वचा के लिए भी बेहतरीन है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डार्क चॉकलेट खाने से त्वचा घनी, हाइड्रेटेड, चिकनी और चमकदार बनती है. यह धूप से होने वाले बर्न को भी रोकती है. बस ध्यान रहे कि चॉकलेट में कम से कम 70% कोको (Cocoa) हो और शुगर कम हो.

10. ग्रीन टी (Green Tea)
ग्रीन टी त्वचा को डैमेज और बूढ़ा होने से बचाती है. इसमें मौजूद ‘कैटेचिन’ नाम का कंपाउंड स्किन हेल्थ को सुधारता है. लेकिन ध्यान रखें, ग्रीन टी में कभी भी दूध मिलाकर न पिएं, क्योंकि दूध इसके एंटीऑक्सीडेंट के असर को कम कर देता है.

11. लाल अंगूर (Red Grapes)
लाल अंगूर के छिलके में ‘रेस्वेराट्रॉल’ नाम का एक यौगिक पाया जाता है, जो बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने के लिए जाना जाता है. यह स्किन सेल्स को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को बनने से रोकता है. (नोट: यह कंपाउंड रेड वाइन में भी होता है, लेकिन वाइन के बजाय सीधे लाल अंगूर या बेरीज खाना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है).

महंगी क्रीम और मेकअप से सिर्फ कुछ देर की चमक मिल सकती है, लेकिन अगर आप अंदरूनी और लंबे समय तक रहने वाला निखार चाहती हैं, तो अपनी रोज की डाइट में इन जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करना न भूलें!



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डिवाइडर से टकराई तेज रफ्तार बाइक, चालक की मौत: मुरादाबाद में चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल, दिल्ली से मोहर्रम पर घर जाते समय हुआ हादसा – Munda Pandey(Munda Pandey) News




मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र में रामपुर दोराहा ज़ीरो प्वाइंट पर गुरुवार सुबह डिवाइडर की टक्कर से युवक की मौत हो गयी, वही मृतक का चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना अब्दुल्ला फर्म के सामने हुई, जहां तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। मोहर्रम पर घर लौट रहे थे भाई मृतक की पहचान फैजान (18) निवासी शीशगढ़ धामनी, थाना खजुरिया, जिला रामपुर के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक अख्तर खां (20) निवासी ठिरिया, थाना फतेहगंज पश्चिमी जिला बरेली है। दोनों चचेरे भाई दिल्ली से मोहर्रम के अवसर पर अपने घर लौट रहे थे। दिल्ली में बाइक पार्ट्स बेचने का काम करते थे युवक घायल अख्तर खां ने बताया कि वह दिल्ली में बाइक के पार्ट्स बेचने का काम करता है, जबकि फैजान चावल बेचने का काम करता था। दोनों सुबह करीब पांच बजे मुरादाबाद सिटी क्षेत्र से निकले थे। जब वे रामपुर दोराहा ज़ीरो प्वाइंट के पास पहुंचे, तभी उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक और दोनों युवक सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए। मददगारों और पुलिस की तत्परता से एक की बची जान हादसे के बाद राहगीरों ने दोनों को सड़क किनारे पहुंचाया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन एंबुलेंस को पहुंचने में लगभग एक घंटा लग गया। अख्तर का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती तो संभवतः फैजान की जान बचाई जा सकती थी। उसने बताया कि एंबुलेंस आने से पहले ही फैजान ने दम तोड़ दिया था। घायल का अस्पताल में जारी उपचार ज़ीरो प्वाइंट चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार ने घायल अख्तर को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। वहीं पुलिस ने फैजान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।



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फोन चुराना बंद कर देंगे चोर, आ गई Kill Switch टेक्नोलॉजी


स्मार्टफोन चोरी होने की टेंशन जल्द खत्म हो जाएगी। ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियों ने ऐसी टेक्नोलॉजी पेश की है, जो फोन चोरी होने पर उसे पूरी तरह से ब्लॉक या डेड कर देती है। फोन में एक किल स्वीच फीचर मिलेगा, जो फोन के चोरी होने पर रिमोटली एक्टिवेट किया जा सकेगा। ऐसे में चोर अगर फोन चुराता भी है तो वो उसके लिए केवल खाली डिब्बा बन जाएगा। वो न तो फोन में कोई सिम लगा पाएंगे और न उसे स्वीच ऑन कर पाएंगे।

क्या है Kill Switch?

रिपोर्ट के मुतबिक, ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियां Virgin Media O2 और Vodafone 3 ने इस कमाल की टेक्नोलॉजी पेश की है। इस टेक्नोलॉजी का नाम Kill Switch रखा गया है। यह एक क्लिक में फोन को पूरी तरह से ब्लॉक कर सकता है। इस टेक्नोलॉजी को फिलहाल रिटेल स्टोर्स ने नए फोन को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी?

Kill Switch टेक्नोलॉजी में यूजर अपने मोबाइल डिवाइस को रिमोटली बंद कर सकता है और उसे हमेशा के लिए डेड कर देगा। इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल उन नए स्मार्टफोन के लिए किया जाएगा, जो अब तक बेचे नहीं गए हैं या यूज नहीं किए गए हैं। इसमें जैसे ही फोन ऑन होता है तो सिस्टम यूजर की तुरंत पहचान कर लेता है। इसके बाद हैंडसेट की जानकारी फोन निर्माता के डेटाबेस में दर्ज हो जाती है। फोन चोरी होने पर एक रिमोट कमांड के जरिए उसे हमेशा के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। फिलहाल इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल रिटेल स्टोर में हो रही चोरी को रोकने के लिए किया जा रहा है।

एक क्लिक से फोन बन जाएगा डिब्बा

बता दें पिछले दिनों ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक साल के अंदर 70,000 से अधिक लोग फोन चोरी के शिकार हुए हैं। फोन चोरी की बढ़ती घटना को देखते हुए यह टेक्नोलॉजी पेश की गई है। यह चोरी किए गए फोन को डिब्बा बना देगी, जिसके बाद उसकी कोई रिसेल वैल्यू नहीं रहेगी। ज्यादातर चोरी किए गए फोन को चोर ब्लैक मार्केट में बेचते हैं। फोन डिब्बा बन जाने से वो उसे नहीं बेच पाएंगे और चोरी करने का कोई फायदा नहीं मिलेगा।

इस टेक्नोलॉजी को फिलहाल रिटेल स्टोर्स के लिए पेश किया गया है। यह उन्हीं डिवाइस पर काम करेगा, जो रिटेलर या नेटवर्क प्रोवाइडर की संपत्ति है। ऐसे में फोन जब किसी ग्राहक को बेच दिया जाता है, तो उसका मालिकाना हक ग्राहक के पास पहुंच जाता है। एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियां भी अपने स्मार्टफोन में ऐसी ही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाली है। इसके आने के बाद भविष्य में फोन चोरी की घटनाएं बंद हो सकती है।

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वर्ल्ड अपडेट्स: बिल गेट्स का दावा- एपस्टीन ने ब्लैकमेल करने की कोशिश की


2 घंटे पहले

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माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष गवाही में दावा किया है कि दिवंगत वित्त कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने उनके विवाहेतर संबंधों से जुड़ी जानकारी के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। गेट्स ने कहा कि एपस्टीन उन्हें दोबारा अपने संपर्क में लाना चाहता था, लेकिन उसका प्रयास सफल नहीं हुआ।

अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी के समक्ष 10 जून को हुई बंद-दरवाजा गवाही का ट्रांसक्रिप्ट मंगलवार को सार्वजनिक किया गया। यह पूछताछ एपस्टीन के नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों से उसके संबंधों की जांच का हिस्सा थी।

गेट्स ने स्वीकार किया कि 2008 में यौन अपराध से जुड़ी सजा मिलने के बावजूद उन्होंने 2011 में एपस्टीन से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि 2014 में एपस्टीन से संबंध खत्म कर लिए गए। इसके बाद एपस्टीन ने उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की।

गेट्स ने दो वयस्क रूसी महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध होने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि उनका एपस्टीन के किसी आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध नहीं था।

उन्होंने STD, ड्रग्स और महिलाओं से मिलवाने से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एपस्टीन ने कभी उनके लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की। गेट्स ने यह भी कहा कि वे कभी एपस्टीन के निजी द्वीप, रैंच या फ्लोरिडा स्थित घर नहीं गए।

अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

टेक्सास के ICE सेंटर पर हमले दोषियों को 100 से 70 साल तक की सजा

अमेरिका के टेक्सास स्थित प्रेयरीलैंड ICE डिटेंशन सेंटर पर जुलाई 2025 में हुए हमले के मामले में 8 दोषियों को सजा सुनाई गई है। कथित लीडर और पुलिस अधिकारी को गोली मारने वाले बेंजामिन हानिल सॉन्ग को 100 साल जेल, जबकि अन्य आरोपियों को 30 से 70 साल तक की कैद दी गई।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक, दोषियों को दंगा करने, हथियार और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने, आतंकवादियों को समर्थन देने, न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने और अल्वाराडो पुलिस अधिकारी की हत्या के प्रयास का दोषी पाया गया।

DOJ ने कहा कि बेंजामिन हानिल सॉन्ग इस समूह का कथित नेता था। उसी ने 4 जुलाई 2025 को हुए हमले के दौरान एक पुलिस अधिकारी को गोली मारकर घायल किया था। न्याय विभाग ने इसे एंटीफा से जुड़े दोषियों की पहली बड़ी सजा बताया।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने फैसले को “कानून और व्यवस्था की जीत” बताया है।

सितंबर 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एंटीफा को “घरेलू आतंकवादी संगठन” घोषित किया था। व्हाइट हाउस का आरोप है कि यह आंदोलन कई हिंसक प्रदर्शनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल रहा है।

एंटीफा यानी ‘एंटी-फासिस्ट’ आंदोलन वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क माना जाता है। यह समूह फासीवाद विरोधी प्रदर्शनों और काउंटर-प्रोटेस्ट के लिए जाना जाता है। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।

दुबई में 23 वर्षीय इन्फ्लुएंसर ब्रूक जॉर्ज पर ब्रिटिश युवक की हत्या का आरोप:

दुबई में 23 वर्षीय ब्रिटिश सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रूक जॉर्ज पर एक ब्रिटिश नागरिक की हत्या का आरोप लगाया गया है। मृतक से उनकी पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। बचाव पक्ष का कहना है कि युवती ने कथित हमले के बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी।

मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों की ओर से अभी तक आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। यदि आरोपी इन्फ्लुएंसर पर दोष सिद्ध होता है तो उसे फायरिंग स्क्वाॉड के माध्यम मौत की सजा मिलने की आशंका है।

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रूक की पहचान 26 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक से फेसबुक के जरिए हुई थी। फिर वह दुबई गईं। ब्रूक का कहना है कि पहली यात्रा अच्छी रही, लेकिन दूसरी बार दुबई पहुंचने पर युवक का व्यवहार काफी बदल गया और वह कथित तौर पर आक्रामक तथा नियंत्रित करने वाला हो गया।

परिवार के मुताबिक, घटना वाले दिन दोनों एक बार गए थे। इसके बाद युवक ने कथित रूप से कार और बाद में अपार्टमेंट में ब्रूक के साथ मारपीट की। परिवार का दावा है कि युवती ने दोस्तों की मदद से ब्रिटेन लौटने की व्यवस्था कर ली थी और वह केवल अपना पासपोर्ट लेने के लिए अपार्टमेंट वापस गई थीं।

ब्रूक के अनुसार, वहां फिर से उन पर हमला किया गया। उनका कहना है कि इसी दौरान उन्होंने आत्मरक्षा में पास में मौजूद रसोई के चाकू का इस्तेमाल किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जून को दुबई एयरपोर्ट से यूएई छोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन पर हत्या का आरोप लगाया गया।

मानवाधिकार संगठन ‘डिटेन्ड इन दुबई’ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी राधा स्टर्लिंग ने कहा कि मामले की जांच के दौरान ब्रूक जॉर्ज को घरेलू हिंसा की संभावित पीड़िता के रूप में देखा जाना चाहिए।

फिलहाल ब्रूक जॉर्ज को जेल में रखा गया है। संगठन ने उनकी जमानत पर रिहाई की मांग की है।



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दरभंगा में 2 बाइकों की आपस में टक्कर: हादसे में एक किशोर की मौत, दूसरे की हालत गंभीर; घायल की पहचान नहीं हो सकी है – Darbhanga News




दरभंगा में बुधवार देर रात 2 बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे एक किशोर की मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहे युवक की हालत गंभीर है। घटना बहेड़ा थाना क्षेत्र के अन्टौर गांव के पास की है। मृतक की पहचान घनश्यामपुर के हरसिंहपुर निवासी इंदल सहनी के पुत्र रवि सहनी(17) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक रवि किसी काम से कहीं जा रहा था। रास्ते में सामने से आ रही बाइक से टक्कर हो गई। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। मामले की जांच में जुटी पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। बहेड़ा थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइक को जब्त कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया है। घायल की पहचान की जा रही है।



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NCERT ने सिलेबस में 1975-1977 इमरजेंसी सेक्शन शामिल: कक्षा 9वीं को पढ़ाया जाएगा; NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव


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नई दिल्ली10 मिनट पहले

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तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 मई 1975 को देश में इमरजेंसी की घोषणा की थी।

NCERT यानी नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 की इमरजेंसी को शामिल किया है।

नई किताब ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि कक्षा 9 की किताब में पहली बार इमरजेंसी पर अलग सेक्शन जोड़ा गया है।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब देश ने हाल ही में इमरजेंसी लागू होने के 50 साल पूरे होने को याद किया है।

किताब में लिखा- इंदिरा सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ी

किताब में लिखा गया है कि 1970 के दशक की शुरुआत में इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। बेरोजगारी, महंगाई और कुप्रबंधन के आरोपों के कारण कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय इमरजेंसी लागू की गई।

किताब के अनुसार, इस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और कई राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुस्तक में कहा गया है कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा और लोगों की स्वतंत्रता सीमित हो गई।

जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी जिक्र

25 जून 1975 को नई दिल्ली में रामलीला मैदान में लोगों को संबोधित करते जयप्रकाश नारायण।

25 जून 1975 को नई दिल्ली में रामलीला मैदान में लोगों को संबोधित करते जयप्रकाश नारायण।

किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने छात्रों और आम लोगों को संगठित किया और बिहार तथा गुजरात में बड़े जन आंदोलन खड़े हुए।

पुस्तक के मुताबिक, 1977 में इमरजेंसी खत्म होने के बाद आम चुनाव कराए गए। जनता ने मतदान के जरिए अपनी राय दी और सत्तारूढ़ सरकार चुनाव हार गई। किताब में इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताया गया है।

लोकतंत्र के सामने दूसरी चुनौतियां भी शामिल

इमरजेंसी के अलावा किताब में लोकतंत्र के सामने मौजूद दूसरी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है। इनमें फेक न्यूज, गलत सूचनाएं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, नियमों का उल्लंघन, गरीबी, क्षेत्रवाद, सामाजिक भेदभाव और लैंगिक असमानता शामिल हैं।

NCERT ने पहली बार ‘डेमोक्रेसी एंड यू’ नाम का नया सेक्शन भी जोड़ा है। इसका मकसद छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका समझाना है।

लोकतांत्रिक परंपराओं और मीडिया पर जोर

  • किताब में भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थाओं पर भी खास फोकस किया गया है। इसमें बताया गया है कि भारत में लोकतांत्रिक सोच और भागीदारी की परंपरा काफी पुरानी है।
  • मीडिया की भूमिका पर भी एक अलग सेक्शन दिया गया है। किताब में मीडिया को लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ बताया गया है और कहा गया है कि यह जनता की आवाज उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अहम भूमिका निभाता है।
  • भारतीय लोकतंत्र के आकार को समझाने के लिए किताब में चुनावी आंकड़े भी दिए गए हैं। इसके अनुसार, 2024 में देश में 96.8 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड वोटर्स थे। साथ ही देशभर में फैले मतदान केंद्रों के नेटवर्क का भी जिक्र किया गया है।
  • किताब में स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र के उदाहरण भी शामिल किए गए हैं। इसमें गुजरात की एक पंचायत और त्रिपुरा की महिला-अनुकूल पंचायत का जिक्र है। महिलाओं के मतदान अधिकार और स्थानीय निकायों में आरक्षण पर भी अलग सेक्शन दिया गया है।

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मूर्ति नग्न थी, NCERT ने ढंककर छापी: विवाद के बाद बदलने का फैसला; कांसे की प्रतिमा 1926 में मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली थी

मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली कांसे की नर्तकी की मूर्ति की फोटो बदले हुए रूप में छापी गई है। NCERT की किताब में मूर्ति के ढंके धड़ वाली फोटो है। मूर्ति का रंग भी बदल दिया गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्तकी की तस्वीर 9वीं की किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में दी गई है। तस्वीर में कंधे से नीचे का हिस्सा ढंक दिया गया है, जबकि मूल मूर्ति में यह हिस्सा खुला दिखाई देता है। 25 साल से छप रही इस कांस्य मूर्ति के मूल स्वरूप में पहले कभी बदलाव नहीं किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

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दिशा पाटनी के घर छाया मातम, एक ही दिन दो सबसे लाडले पेट्स की मौत से टूटीं एक्ट्रेस


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बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. जानवरों से बेहद प्यार करने वाली दिशा ने एक ही दिन में अपने दो सबसे प्यारे साथियों, डॉगी बेला और कैट जैस्मीन को हमेशा के लिए खो दिया है. इस अचानक हुए नुकसान से एक्ट्रेस पूरी तरह टूट गई हैं. जिससे फैंस भी हैरान हो गए हैं और वे भी पूछ रहे हैं कि आखिर क्या हुआ था दिशा के इन लाडलों को? नीचे पढ़ें पूरी खबर-

बॉलीवुड एक्ट्रेस  दिशा पाटनी इन दिनों गहरे सदमे में हैं. दिशा अपनी फिल्मों के साथ-साथ जानवरों से बेहद प्यार करने के लिए जानी जाती हैं और अक्सर अपने पेट्स के साथ क्यूट तस्वीरें शेयर करती रहती थीं. लेकिन आज दिशा के घर से एक बहुत ही दुखी करने वाली खबर सामने आई है. दिशा ने अपने दो सबसे प्यारे पालतू जानवरों, डॉगी बेला और बिल्ली जैस्मीन को हमेशा के लिए खो दिया है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इन दोनों की मौत एक ही दिन हुई है, जिससे एक्ट्रेस पूरी तरह टूट गई हैं.

दिशा पाटनी के घर में मातम का माहौल छा गया है. एक्ट्रेस के दो सबसे लाडले पेट्स, बेला और जैस्मीन अब इस दुनिया में नहीं रहे. दिशा इन दोनों से अपने बच्चों की तरह प्यार करती थीं और उनके जाने से एक्ट्रेस का बुरा हाल हो गया है.

इस खबर ने हर किसी को इसलिए भी हैरान कर दिया क्योंकि बेला और जैस्मीन दोनों की मौत एक ही दिन हुई है. एक साथ अपने दो वफादार साथियों को खो देना किसी भी पेट लवर के लिए बहुत बड़ा झटका है और दिशा इस समय इसी दर्द से गुजर रही हैं.

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दिशा ने इस दुखद खबर को अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने बेला और जैस्मीन की तस्वीरें पोस्ट की हैं और उनके लिए एक बेहद इमोशनल मैसेज लिखा है. दिशा का यह पोस्ट देखकर किसी की भी आंखें नम हो सकती हैं.

दिशा ने जैसे ही यह पोस्ट शेयर किया, उनके फैंस और करीबी दोस्त भी गहरे सदमे में आ गए. लोग लगातार कमेंट्स करके दिशा को सांत्वना दे रहे हैं. इसके साथ ही हर कोई हैरान होकर यह पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने एक ही दिन दम तोड़ दिया. उनकी इस पोस्ट पर रवीना टंडन ने भी दुख जताया है. इसके अलावा कई और सेलेब्स ने इस पोस्ट पर कमेंट किया है.

एक्ट्रेस ने अपने दोनों प्यारे पेट्स के लिए इमोशनल मैसेज लिखकर कुछ फोटोज पोस्ट की हैं. उन्होंने बेला के लिए लिखा- मेरे बेला, इस जिंदगी को इतना खूबसूरत और रंगों से भरने के लिए तुम्हारा बहुत-बहुत थैंक्यू. हमारा घर चुनने और मुझे अपनी मां बनाने के लिए थैंक्यू. तुमने मुझे सिखाया कि सच्चा प्यार क्या होता है. मुझे तुम्हारी आंखों में पूरी कायनात दिखती थी. मैं तुम्हें बहुत मिस कर रही हूं और दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करती हूं. दुनिया के सबसे प्यारे बच्चे, भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे, मेरे सोलमेट. मेरा सुंदर बेलू, मैं तुम्हारी हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी.

दिशा ने अपनी कैट जैस्मिन के लिए भी बहुत ही इमोशनल मैसेज लिखकर फोटोज पोस्ट की हैं. उन्होंने जैस्मिन के लिए लिखा- मेरी जैस्मीन, अब तक की सबसे प्यारी बच्ची बनने के लिए तुम्हारा बहुत-बहुत थैंक्यू. मुझे तुम्हारी मां बनने का मौका मिला, इसके लिए मैं तुम्हारी शुक्रगुजार हूं. तुम हमेशा मेरी प्रिंसेस रहोगी. तुम्हारा अपने पंजों से मेरे हाथों को छूना और प्यार से आवाज निकालना दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास था, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती. मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूं और बहुत मिस कर रही हूं मेरी जासू. भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे मेरी बच्ची. तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार किया जाएगा और तुम हमेशा मेरे दिल में रहोगी, मेरी प्रिंसेस जैस्मीन.

दिशा जब भी अपनी फिल्मों की शूटिंग या बिजी शेड्यूल से थककर घर लौटती थीं, तो बेला और जैस्मीन ही उनका मूड ठीक करते थे. दिशा कई बार इंटरव्यूज में कह चुकी थीं कि उनके पेट्स उनके लिए सबसे बड़े स्ट्रेस बस्टर हैं और उनके साथ रहकर वह अपनी सारी थकान भूल जाती हैं. लेकिन अचानक लगे इस गहरे सदमे से उबरने में दिशा को काफी वक्त लगेगा. फैंस उन्हें कमेंट में काफी ज्यादा सपोर्ट कर रहे हैं.

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