Wednesday, June 17, 2026
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‘भरोसे की कमी सबसे बड़ा संकट’, पीएम मोदी ने बगल में बैठे ट्रंप को खूब सुनाया


PM Modi G7 Summit France: फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने भरोसे, शांति और समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है. उन्होंने कहा कि भविष्य की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां इसी विश्वास की नींव पर टिकी होंगी. प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष ने कई मित्र देशों में भारी जान-माल का नुकसान पहुंचाया है. इस संकट का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है.

पीएम मोदी ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री व्यापार में आई बाधाओं का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. साथ ही कई भारतीय नागरिकों की भी इस संघर्ष में जान गई है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार से जुड़े नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग सुरक्षित और खुले रहने चाहिए ताकि नाविक बिना किसी डर और खतरे के अपना काम कर सकें.

बुधवार को पीएम मोदी और ट्रंप के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर है. इस बैठक में आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद मोदी और ट्रंप की पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय वार्ता होगी.

तीन दिन तक चलने वाले जी7 सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची समेत कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं. सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और अमेरिका-ईरान समझौते जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

G7 समिट LIVE: मोदी-UAE मुलाकात से बड़ा संदेश- ‘मेरे भाई’ कहकर किया स्वागत, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति तथा अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई. बैठक के बाद पीएम मोदी ने इसे बेहद सकारात्मक बताया और शेख मोहम्मद बिन जायद को अपना “भाई” कहा. दोनों नेताओं ने भारत-UAE संबंधों की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, ऊर्जा तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. साथ ही व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने UAE सरकार और राष्ट्रपति का वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति सहयोग और देखभाल के लिए विशेष आभार भी व्यक्त किया.

PM Modi G7 Summit LIVE: भारत-कनाडा रिश्तों में बड़ा ब्रेकथ्रू! मोदी-कार्नी बैठक में व्यापार से रक्षा तक बने नए रोडमैप

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की अहम बैठक हुई. दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों में आई सकारात्मक प्रगति पर संतोष जताया और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर सहमति बनाई. बैठक में व्यापार, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा हुई. एलएनजी, एलपीजी और कोयला क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की गई. दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को 2026 तक पूरा करने के लक्ष्य को दोहराया.

रक्षा, तकनीक, विज्ञान और प्रवासन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी. साथ ही सुरक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए GSOIA पर बातचीत शुरू करने का फैसला लिया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के IORA डायलॉग पार्टनर बनने के प्रयास का समर्थन किया और 2026 में कनाडा यात्रा के लिए संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.

PM Modi G7 Summit LIVE: भारत-कनाडा रिश्तों में बड़ा मोड़! मोदी बोले- FTA जल्द पूरा करें, इसी साल कनाडा दौरे की तैयारी

फ्रांस के एवियां में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई. पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि एक साल बाद दोनों नेता फिर मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब तक चार बार बातचीत हो चुकी है और दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों तथा वैश्विक मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के प्रति कनाडा की संवेदनशीलता के लिए कार्नी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बेहद उत्सुक है और उम्मीद है कि उनके संभावित कनाडा दौरे से पहले ही इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है. पीएम मोदी ने प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर देते हुए कहा कि कनाडा भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है.

G7 में मोदी का दुनिया को सीधा संदेश! भरोसे और बराबरी के बिना नहीं बनेगा नया वैश्विक भविष्य

फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में देशों के बीच भरोसा सबसे महत्वपूर्ण आधार है. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि दुनिया को अब दाता-प्राप्तकर्ता मॉडल से आगे बढ़ना होगा और समानता, सम्मान तथा एकजुटता पर आधारित साझेदारी को अपनाना होगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा “मानवता पहले” के सिद्धांत पर काम करता रहा है. उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ और “एक पेड़ मां के नाम” जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की सोच “वसुधैव कुटुंबकम्” के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के सतत और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है.

उनका यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब दुनिया आर्थिक अनिश्चितता, जलवायु संकट और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे में भारत ने सहयोग, विश्वास और साझा विकास का मजबूत संदेश देकर वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को फिर रेखांकित किया है.

PM Modi And Giorgia Meloni: ‘हम इंस्टाग्राम के सबसे बड़े स्टार हैं!’ मेलोनी ने मोदी से कही ऐसी बात, फिर चर्चा में आया ‘मेलोडी’ पल

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक दिलचस्प पल देखने को मिला. मोदी से मुलाकात के दौरान मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा, “आपसे फिर मिलकर अच्छा लगा. हम इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा मशहूर हैं.” उनका यह बयान पिछले साल वायरल हुए ‘मेलोडी’ सेल्फी पोस्ट की ओर इशारा था, जिसे इंस्टाग्राम पर 1 करोड़ से ज्यादा लाइक्स मिले थे. मेलोनी और मोदी की यह हल्की-फुल्की बातचीत एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है.

PM Modi G7 Summit LIVE: एक मंच पर पीएम मोदी और ट्रंप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और G7 देशों के अन्य नेता फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन में ग्रुप फोटो के लिए एक साथ खड़े हुए. 16 महीने बाद यह मौका आया है जब पीएम मोदी और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक मंच पर हैं.

PM Modi G7 Summit LIVE: G7 में मोदी-ट्रंप आमने-सामने! 16 महीने बाद एक मंच पर दिखे दोनों नेता, कल होगी अहम मुलाकात

फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया के बड़े नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. मेजबान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सभी नेताओं का आधिकारिक स्वागत कर रहे हैं. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया. मैक्रों ने पीएम मोदी को गले लगाकर उनका अभिनंदन किया.

सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक मंच पर आना रहा. करीब 16 महीने बाद दोनों नेता किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर साथ नजर आए हैं. जानकारी के अनुसार, कल मोदी और ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी होगी, जिस पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं.

G7 Summit 2026 LIVE: G7 में जेलेंस्की का बड़ा हमला! रूस को शांति के लिए मजबूर करने की मांग, ट्रंप ने भी बढ़ाया दबाव

फ्रांस में चल रहे जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर दबाव बढ़ाने की जोरदार मांग की. उन्होंने जी7 नेताओं के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि रूस को शांति की दिशा में बढ़ने के लिए मजबूर करना जरूरी है. जेलेंस्की ने वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति बढ़ाने, सर्दियों के लिए सहायता पैकेज तैयार करने और रूस पर प्रतिबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हजारों सैनिक हर महीने मारे जा रहे हैं और यह स्थिति पागलपन जैसी है. ट्रंप ने रूस से समझौता करने की अपील करते हुए युद्ध जल्द खत्म करने की जरूरत बताई.

PM Modi G7 Summit LIVE: G7 समिट में आज पीएम मोदी का कार्यक्रम क्या है?

  • जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे. उनकी मुलाकात कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के साथ होगी. इन बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी प्रमुख एजेंडा रहेंगे.
  • कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के संबंधों को सामान्य तथा मजबूत बनाने पर जोर रहेगा. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी.
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ हाल ही में हुए भारत-यूके व्यापार समझौते के क्रियान्वयन और रोडमैप 2030 के तहत सहयोग बढ़ाने पर विचार होगा. वहीं यूएई के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है.

G7 में पीएम मोदी LIVE: दुनिया के बड़े नेताओं से करेंगे सीधी बात, वैश्विक मुद्दों पर रखेंगे भारत का पक्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के एवियन पहुंच गए हैं, जहां वह जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श को लेकर उत्साहित हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत टिकाऊ विकास और समृद्ध भविष्य के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. जी7 सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. इस मंच पर भारत अपनी प्राथमिकताओं और विकास मॉडल को दुनिया के सामने मजबूती से रखेगा.

(Pic: PM Narendra Modi/X)

Trump G7 Summit LIVE: ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा- समझौता पूरा, हमले रोके, अब दूसरे चरण की तैयारी

फ्रांस के एवियन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरा हो चुका है और इसके सफल होने की उम्मीद है. ट्रंप ने कहा कि अब यह प्रक्रिया दूसरे चरण में जाएगी, जो उनके अनुसार पहले चरण की तुलना में आसान हो सकती है. ट्रंप ने खुलासा किया कि पिछले सप्ताह वह ईरान पर हमला नहीं करना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों के कारण ऐसा करना पड़ा. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने दो बार कार्रवाई की और तीसरी बार की तैयारी भी थी, लेकिन आखिरकार उस कदम की जरूरत नहीं पड़ी. ट्रंप के मुताबिक, मौजूदा समझौता दोनों पक्षों के लिए निष्पक्ष और अच्छा है.

हालांकि उन्होंने साफ किया कि अमेरिका ईरान में कोई निवेश नहीं करेगा और न ही उस पर कोई वित्तीय जिम्मेदारी लेगा. ट्रंप ने कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर अमेरिका के पास हस्तक्षेप करने का अधिकार रहेगा, लेकिन फिलहाल किसी आर्थिक निवेश की योजना नहीं है.

G7 Summit LIVE: ईरान को ट्रंप की चेतावनी- परमाणु हथियार बनाया तो भुगतने होंगे ‘अंतिम परिणाम’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के एवियन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न करे. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान न तो परमाणु हथियार विकसित करेगा, न खरीदेगा और न ही किसी अन्य तरीके से उसे हासिल करेगा. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसे “अकल्पनीय और अंतिम परिणाम” भुगतने होंगे.

ट्रंप ने कहा कि उनके लिए सबसे अहम मुद्दा सिर्फ ईरान का परमाणु कार्यक्रम है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने इस मुद्दे में हस्तक्षेप किया और समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमति दी. हालांकि उन्होंने संभावित कार्रवाई या परिणामों का खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत दिया कि अमेरिका इस मामले में कोई ढील देने के मूड में नहीं है.

दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि वह कभी भी “रेजीम चेंज” के समर्थक नहीं रहे हैं. ट्रंप के मुताबिक, ईरान के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने वाले लोग व्यवहारिक, मजबूत और समझदार हैं. उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व अपने देश की मदद करना चाहता है और वह उन्हें कट्टरपंथी नहीं मानते.

ट्रंप ने यह भी कहा कि वह भविष्य में ईरान के साथ अच्छे संबंधों की उम्मीद रखते हैं. हालांकि उन्होंने दोहराया कि किसी भी बेहतर रिश्ते की बुनियाद यही होगी कि ईरान परमाणु हथियारों से दूर रहे.

PM Modi Foreign Visit LIVE: स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए पीएम मोदी, एनडीए नेताओं ने कहा- 140 करोड़ भारतीयों का बढ़ा मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किए जाने पर एनडीए नेताओं ने इसे पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का प्रतीक बताया.

वहीं, जदयू सांसद संजय झा ने भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की साख दुनिया में मजबूत हुई है और यह सम्मान उसी का प्रमाण है. नेताओं ने इसे देश की कूटनीतिक सफलता और वैश्विक प्रभाव का बड़ा संकेत माना.

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जब किसी देश का सर्वोच्च सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को मिलता है तो वह सम्मान पूरे भारत और 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान बन जाता है. चिराग पासवान ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, विश्व स्तर पर भारत की मजबूत होती पहचान और वैश्विक शांति व मानव कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मिला यह 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान बताता है कि आज दुनिया में भारत की आवाज पहले से अधिक प्रभावशाली और सम्मानित है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास को नई गति दी है. यही वजह है कि दुनिया के कई देश भारत की उपलब्धियों और नीतियों की सराहना कर रहे हैं. अमेरिका-ईरान समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सभी देश चाहते थे कि तनाव जल्द समाप्त हो, क्योंकि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ रहा था.

जदयू सांसद संजय झा ने भी प्रधानमंत्री मोदी को मिले सम्मान का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की प्रतिष्ठा दुनिया भर में बढ़ी है. 30 से अधिक देशों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाना इस बात का प्रमाण है कि भारत आज वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान और गौरव से जुड़ा हुआ है.

PM Modi G7 Summit LIVE: G7 समिट के लिए फ्रांस रवाना हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्विट्जरलैंड के जिनेवा दौरे के बाद अब फ्रांस के एवियन के लिए रवाना हो गए हैं. जिनेवा पहुंचने पर उनका स्वागत स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन ने किया. इस दौरान दोनों देशों के संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी अब फ्रांस के एवियन में आयोजित होने जा रहे G7 Summit में हिस्सा लेंगे. इस शिखर सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, ऊर्जा और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर मंथन करेंगे. भारत भले ही जी7 का सदस्य नहीं है, लेकिन एक महत्वपूर्ण साझेदार देश के रूप में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी पर दुनिया की नजर रहेगी.

ब्रातिस्लावा में बनारस का जुड़ाव! स्लोवाक कलाकारों की प्रदर्शनी के मुरीद हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ब्रातिस्लावा के प्रेसिडेंशियल पैलेस में वाराणसी पर आधारित एक प्रदर्शनी देखी. यह पेंटिंग प्रदर्शनी देखने के बाद प्रधानमंत्री ने भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर देते हुए कहा कि कला और संस्कृति में लोगों तथा देशों को एक-दूसरे के करीब लाने की अद्भुत शक्ति होती है.

इस प्रदर्शनी में हाल ही में वाराणसी की यात्रा करने वाले स्लोवाक कलाकारों की कृतियां भी शामिल थीं. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा, ‘ब्रातिस्लावा में बनारस का जुड़ाव! कल ब्रातिस्लावा के प्रेसिडेंशियल पैलेस में राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और मैंने वाराणसी पर आधारित एक शानदार प्रदर्शनी देखी, जिसमें हाल ही में शहर की यात्रा करने वाले स्लोवाक कलाकारों के कार्य भी शामिल थे. कला और संस्कृति में सचमुच लोगों को करीब लाने की अनोखी क्षमता होती है. इस प्रदर्शनी में जिन लोगों के कार्य प्रदर्शित किए गए, उन सभी को मेरी शुभकामनाएं.’

PM Modi G7 Summit Live Updates: ‘युवाओं को योग अपनाते देखना बहुत अच्छा लगा’ स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों को देख बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह और स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी स्लोवाक के स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत विशेष योग प्रदर्शन को देखकर बेहद प्रसन्न हुए. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयोजित इस प्रस्तुति ने दुनिया भर में योग के बढ़ते आकर्षण और उसकी व्यापक स्वीकार्यता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और मैं स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों का खास योग प्रदर्शन देखकर बहुत खुश हुए. जैसे-जैसे दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के करीब आ रही है, युवाओं को योग अपनाते देखना बहुत अच्छा लग रहा है. यह देखकर भी खुशी हो रही है कि योग लोगों को सेहत की साझा कोशिश में साथ ला रहा है.’

PM Modi G7 Summit Live Updates: पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात पर सबकी नजर

पीएम मोदी के इस फ्रांस दौरे के दौरान सबसे ज्यादा नजरें 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली मुलाकात पर टिकी हैं. पश्चिम एशिया में बदलते घटनाक्रम, अमेरिका-ईरान समझौता, होर्मुज संकट, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक संबंधों पर दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है.

PM Modi G7 Summit Live Updates: कनाडा, यूके, यूएई… पीएम मोदी की आज ताबड़तोड़ बैठकें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके बाद 8:50 बजे (भारतीय समय) कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ बैठक करेंगे. फिर रात 9:25 बजे यूनाइटेड किंगडम और रात 10:05 बजे संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के साथ अलग-अलग बातचीत होगी. इन बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आयोजित विशेष गाला डिनर में भी प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे. यह कार्यक्रम भारतीय समयानुसार 17 जून की मध्यरात्रि 12 बजे शुरू होगा, जहां दुनिया के कई शीर्ष नेता अनौपचारिक माहौल में बातचीत करेंगे.

PM Modi G7 Summit Live Updates: जी-7 समिट में भारत की धमक

प्रधानमंत्री मोदी जी-7 समिट में शामिल होने के लिए फ्रांस के एवियन शहर पहुंचने वाले हैं. भारतीय समयानुसार शाम 6:15 बजे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उनका आधिकारिक स्वागत करेंगे. खास बात यह है कि G7 देशों के बाद आमंत्रित साझेदार देशों में सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री का स्वागत किया जाएगा, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है.

इसके बाद शाम 6:45 बजे से रात 8:45 बजे तक वर्क मीटिंग होगी, जिसमें G7 देशों के नेता, साझेदार देश, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के प्रतिनिधि शामिल होंगे. बैठक का मुख्य विषय नई वैश्विक साझेदारियां और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना रहेगा.





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प्रयागराज में तेज रफ्तार कार ने युवक को टक्कर मारी: टक्कर के बाद चालक फरार, घायल युवक अस्पताल में भर्ती – Prayagraj (Allahabad) News




प्रयागराज में एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क पार कर रहे एक युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिविल लाइंस क्षेत्र से सुलेम सराय स्थित अपने घर लौट रहे पंकज नामक युवक को सप्लाई डिपो के पास कार ने टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पंकज सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुका। स्थानीय लोगों ने बताया कि चालक ने पहले वाहन को आगे बढ़ाया और फिर सप्लाई डिपो की ओर से मोड़कर तेजी से फरार हो गया। लोगों ने उसे रोकने के लिए शोर मचाया और कुछ ने वाहन पर पत्थर भी फेंके, लेकिन चालक भागने में सफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने कार का नंबर UP70CK8586 बताया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल पंकज को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से फरार चालक की जल्द पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।



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कुल्हड़ में मिलती है मिर्जापुर की सबसे फेमस लस्सी, एक घूंट पीते ही मजे, जानिए


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कुल्हड़ में मिलती है मिर्जापुर की सबसे फेमस लस्सी, एक घूंट पीते ही मजे, जानिए

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गर्मियों में ठंडक और स्वाद का बेहतरीन संगम चाहिए तो मिर्जापुर की विजय लस्सी एक शानदार विकल्प है. शुद्ध दही, मावा और खास देसी अंदाज में तैयार होने वाली यह कुल्हड़ लस्सी वर्षों से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की भी पसंद बनी हुई है.

मिर्जापुर: गर्मी का मौसम और तेज धूप में कुछ पीने का मन हो. इसी मौसम में शुद्ध दही से बनी लस्सी मिल जाए तो क्या ही कहना. लस्सी फेमस दुकान से हो सोने पर सुहागा. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विजय की लस्सी खूब फेमस है. लस्सी का स्वाद बेहद ही लाजवाब रहता है.

लस्सी के स्वाद को बढ़ाने के लिए उसमें प्यार भरी मिठास वाला चीनी और खुशबू के लिए इतर मिलाया जाता है, जिसे एक बार पीने के बाद बार-बार पीने का मन करें. यहां पर लस्सी के दीवानों की भीड़ लगी रहती है. दूर-दूर से लोग विजय की लस्सी को पीने के लिए आते हैं. लस्सी में स्वाद का राज छिपा हुआ है. दाम भी बेहद कम.

मिर्जापुर के चिनियहवा का इनारा के पास विजय लस्सी की दुकान है. विजय लस्सी की दुकान काफी पुरानी है, यहां पर विजय शुद्ध दही से लस्सी को तैयार करते हैं. दही लेने के बाद शक्कर मावा और इत्र इत्यादि का प्रयोग करके लस्सी को बनाते हैं.

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खास बात यह है कि शुद्ध दही से बने होने के कारण इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. कुल्हड़ स्वाद को सोंधा कर देता है. प्यार वाली मिठास लस्सी में जाने के बाद खाने वाले ग्राहकों का दिन बाग-बाग हो जाता है. यही वजह है कि विजय की लस्सी मिर्जापुर में खूब फेमस है और यहां पर इसके स्वाद का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.

दुकान के मालिक विजय ने बताया कि लस्सी की दुकान काफी फेमस है. यहां पर काफी दूर-दूर से लोग स्वाद का आनंद लेने के लिए आते हैं. लस्सी को बनाने में किसी खास सामान का उपयोग नहीं होता है, जो भी सामान इसमें मिलाए जाते हैं. वह शुद्ध और देसी रहते हैं. यही वजह है कि इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. दही से बनी लस्सी के ऊपर जब मावे डाले जाते हैं, जिससे स्वाद बेहद ही खास हो जाता है.

लस्सी पीने के लिए आए शाहिद खान ने बताया कि यहां की लस्सी कई सालों से फेमस है. पहली बार हम दोस्तों के साथ दुकान पर पहुंचे थे. हालांकि, एक बार लस्सी पीने के बाद हम खुद अपने दोस्तों को लेकर यहां पर आते हैं. इनके यहां जो लस्सी मिलती है, उसके स्वाद का जवाब पूरे शहर में कहीं पर नहीं है. दम भी बेहद कम है. अगर आप भी लस्सी के दीवाने हैं तो एक बार विजय की लस्सी का स्वाद जरूर लीजिए.

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डेल के CEO ने रचा इतिहास, यूनिवर्सिटी को दान किए 75 करोड़ डॉलर से ज्यादा


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एक छोटे से छात्रावास के कमरे में शुरू हुआ सपना आज दुनिया की सबसे बड़ी टेक सफलता की कहानियों में गिना जाता है. Dell Technologies के सीईओ माइकल डेल ने अपनी पुरानी यूनिवर्सिटी को 75 करोड़ डॉलर का ऐतिहासिक दान देकर सभी को चौंका दिया है. इस रकम से अत्याधुनिक AI आधारित अस्पताल, मेडिकल रिसर्च और छात्रों के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी. शिक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह योगदान आने वाले वर्षों में लाखों लोगों की जिंदगी बदल सकता है.

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75 करोड़ डॉलर का महादान! AI अस्पताल बनाने के लिए आगे आए Dell के संस्थापक. (Image:News18)

नई दिल्ली. दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल Dell Technologies के संस्थापक और CEO माइकल डेल ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने शिक्षा और स्वास्थ्य जगत में नई चर्चा छेड़ दी है. उन्होंने अमेरिका की एक सार्वजनिक यूनिवर्सिटी को 75 करोड़ डॉलर का विशाल दान दिया है. इस राशि का उपयोग आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अस्पताल और शोध परियोजनाओं के विकास में किया जाएगा. इसे अमेरिका के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के इतिहास के सबसे बड़े दानों में से एक माना जा रहा है.

यूनिवर्सिटी को मिला ऐतिहासिक दान
माइकल डेल ने टेक्सास विश्वविद्यालय ऑस्टिन (The University of Texas at Austin) को 75 करोड़ डॉलर का दान देने की घोषणा की है. यह योगदान अमेरिकी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को मिले सबसे बड़े निजी दानों में शामिल हो गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा. इस दान के बाद माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसान डेल द्वारा विश्वविद्यालय को दी गई कुल सहायता 1 बिलियन डॉलर से भी अधिक हो गई है.

AI आधारित अस्पताल बनेगा नई पहचान
इस बड़ी राशि का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक अत्याधुनिक मेडिकल और रिसर्च कैंपस के निर्माण में खर्च किया जाएगा. विश्वविद्यालय का कहना है कि यहां देश का पहला ऐसा अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसकी संरचना और कार्यप्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख भूमिका होगी. AI तकनीक की मदद से डॉक्टर बीमारियों की जल्दी पहचान कर सकेंगे और मरीजों के लिए अधिक व्यक्तिगत उपचार योजनाएं तैयार कर पाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.

छात्रों और शोध कार्यों को भी मिलेगा लाभ
दान की गई राशि केवल अस्पताल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी. इसका उपयोग छात्रवृत्तियों, मेडिकल रिसर्च प्रोग्राम और उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भी किया जाएगा. विश्वविद्यालय का उद्देश्य भविष्य के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराना है. इससे हजारों छात्रों को बेहतर शिक्षा और शोध के नए अवसर मिल सकेंगे. साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में नई खोजों और नवाचारों को भी बढ़ावा मिलेगा.

यूनिवर्सिटी से जुड़ी है माइकल डेल की खास कहानी
माइकल डेल का इस विश्वविद्यालय से रिश्ता कई दशक पुराना है. उन्होंने 1983 में यहां प्री-मेडिकल छात्र के रूप में दाखिला लिया था. उनके माता-पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत ने उनके लिए अलग रास्ता चुना. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने छात्रावास के कमरे से कंप्यूटर अपग्रेड किट बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया. महज 1,000 डॉलर की शुरुआती पूंजी से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक Dell Technologies में बदल गया.

छात्रावास से अरबों डॉलर तक का सफर
कॉलेज के शुरुआती दिनों में शुरू किए गए कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए माइकल डेल ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. 1984 में शुरू की गई उनकी कंपनी ने तेजी से सफलता हासिल की और उन्हें दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल कर दिया. विश्वविद्यालय ने भी उनके योगदान और उपलब्धियों को सम्मान देने का फैसला किया है. हाल ही में घोषणा की गई कि जिस छात्रावास में माइकल डेल अपने पहले वर्ष में रहते थे, उसका नाम बदलकर ‘डेल हाउस’ रखा जाएगा.

शिक्षा और स्वास्थ्य के भविष्य में बड़ा निवेश
माइकल डेल का यह दान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के भविष्य में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है. AI आधारित अस्पताल, उन्नत शोध केंद्र और छात्रवृत्ति कार्यक्रम आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को लाभ पहुंचा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के योगदान से विश्वविद्यालयों को नई तकनीकों पर काम करने और समाज के लिए बेहतर समाधान विकसित करने में मदद मिलती है. छात्रावास के एक कमरे से शुरू हुई माइकल डेल की सफलता की कहानी अब शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई प्रेरणा बनती दिखाई दे रही है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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अब लैपटॉप से भी होगी वॉट्सऐप कॉलिंग, नए अपडेट में मिलेगा खास फीचर


WhatsApp यूजर्स अब लैपटॉप से भी वॉइस और वीडियो कॉलिंग फीचर को एक्सपीरियंस कर सकेंगे। मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के वेब वर्जन के लिए भी कॉलिंग फीचर को टेस्ट किया जा रहा है। हाल ही में इसकी एक झलक बीटा वर्जन में देखा गया है। इस फीचर के आने के बाद से यूजर्स अपने लैपटॉप या पीसी से भी वॉट्सऐप वॉइस और वीडियो कॉलिंग का लाभ ले सकेंगे। खास तौर पर ग्रुप कॉलिंग का एक्सपीरियंस पीसी में मिलेगा।

WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फीचर को लेटेस्ट बीटा वर्जन में देखा गया है। बता दें कि वॉट्सऐप पहले से ही पीसी के लिए वॉइस और वीडियो कॉलिंग का फीचर रोल आउट कर चुका है। हालांकि, इसके लिए पीसी में वॉट्सऐप को इंस्टॉल करने पड़ता है। हालांकि, अभी तक इसमें ग्रुप कॉलिंग वाला फीचर नहीं मिल रहा था। बीटा टेस्टिंग के बाद यूजर्स को यह ग्रुप कॉलिंग फीचर वेब वर्जन में मिलेगा।

ग्रुप कॉलिंग फीचर

वॉट्सऐप के ग्रुप कॉलिंग में एक साथ 32 लोगों को जोड़ा जा सकता है। ऐसे में यूजर्स ग्रुप कॉलिंग के जरिए 32 लोगों से कनेक्ट कर पाएंगे। इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपने पीसी या कम्प्यूटर में ब्राउजर की मदद से वॉट्सऐप ओपन करना होगा। यहां ऑप्शन में वॉइस कॉल और वीडियो कॉल दिखाई देंगे। यूजर्स अपने हिसाब से वॉइस या वीडियो में कोई भी कॉलिंग ऑप्शन चुन सकेंगे।

दुनियाभर के लाखों वॉट्सऐप यूजर्स इस फीचर का इंतजार कर रहे थे। इस फीचर में यूजर्स अपने पीसी से ऑफिस की मीटिंग, ऑनलाइन क्लास आदि कर पाएंगे। वॉट्सऐप में मिलने वाली एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन सुविधा अब ग्रुप वेब कॉलिंग पर भी मिलेगी। कंपनी इसे लेकर पहले ही दावा कर चुकी है। एनक्रिप्शन की वजह से वॉट्सऐप यूजर्स का डेटा सेफ रहता है। ग्रुप कॉलिंग वाले फीचर में यूजर्स को स्क्रीन शेयर करने का भी ऑप्शन मिलेगा।

होगा ये बड़ा बदलाव

WhatsApp की अन्य खबरों की बात करें तो ऐप में लंबे समय के बाद मैन्यू का डिजाइन बदल जाएगा। अपकमिंग फीचर्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo के मुताबिक, इस नए मैन्यू को एंड्रॉइड बीटा वर्जन 2.26.23.8 में देखा गया है। यह फीचर केवल बीटा टेस्टर्स के लिए ही है। रिपोर्ट के मुताबिक, iOS यूजर्स के लिए पहले से ही मैन्यू को रीडिजाइन किया जा चुका है। एंड्रॉइड यूजर्स के लिए वॉट्सऐप के ओवरफ्लो मैन्यू को टॉप से हटाकर नीचे देने का है, जिससे यूजर्स का एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। एंड्रॉइड यूजर्स को भी iOS की तरह इंटरैक्शन मैन्यू नीचे ही मिलेगा।

यह भी पढ़ें – सस्ते रिचार्ज प्लान की उम्मीद खत्म? सरकार के प्रस्ताव से सहमत नहीं टेलीकॉम कंपनियां, बताई वजह





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प्रभास की फिल्म में होगा बड़ा ट्विस्ट! Kalki 2 में आलिया भट्ट की एंट्री, जानें पूरा मामला


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प्रभास की फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल को लेकर काफी समय से चर्चा हो रही है. फिल्म को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड भी हैं. लेकिन फिल्म से दीपिका पादुकोण के बाहर होने के बाद अब खबर है कि आलिया भट्ट इस फिल्म से जुड़ गई हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आलिया ने फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर दी है. लेकिन क्या वह दीपिका को रिप्लेस करेंगी या फिर उनका कोई अलग किरदार है.

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फिल्म को लेकर आ रही बड़ी खबर

नई दिल्ली. प्रभास की सुपरहिट फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. साल 2024 में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिक की थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, कमल हासन, प्रभास और दीपिका पादुकोण नजर आए थे. लेकिन अब फिल्म के सीक्वल यानी कल्कि एडी 2 से आलिया भट्ट का नाम जुड़ रहा है.

दीपिका पादुकोण पहले इस फिल्म का हिस्सा थीं. लेकिन अब उन्हें इस फिल्म से बाहर कर दिया गया है. अब उनके फिल्म छोड़ने के बाद खबर है कि अब आलिया भट्ट का नाम Kalki 2 से जुड़ रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आलिया फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर चुकी हैं.

फिल्म में हुई आलिया भट्ट की एंट्री!

दीपिका पादुकोण के फिल्म कल्कि एडी 2 से बाहर होते ही, आलिया भट्ट के फिल्म से जुड़ने की खबर सामने आई है. इस साइंस-फिक्शन यूनिवर्स का हिस्सा अब आलिया भट्ट हैं. कहा जा रहा है कि आलिया भट्ट फिल्म में खास रोल है. लेकिन ये पहली बार होगा कि प्रभास और आलिया किसी फिल्म में साथ काम करेंगे.कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि फिल्म में आलिया भट्ट शूटिंग शुरू कर चुकी है. उनके हैराबाद में पांच दिन की शूटिंग की बात भी सामने आ रही है. लेकिन इस पर अभी कोई ऑफिशियली ऐनाउंसमेंट नहीं की गई है.

आलिया का हो सकता है ये खास किरदार

लेकिन इस खबर के सामने आते ही ये चर्चा होने लगी कि आलिया भट्ट फिल्म में दीपिका पादुकोण को रिप्लेस करने वाली है. लेकिन लेकिन कुछ रिपोर्ट में ये भी कहा जा रहा है कि आलिया का फिल्म में एक अलग तरह का रोल है. वहीं दीपिका के किरदार सुमति के लिए साई पल्लवी के होने की भी चर्चा हो रही है. कुछ सुत्रों की मानें तो फिल्म पर काफी काम किया जा चुका है. Kalki 2 दिसंबर 2027 में रिलीज होने की पूरी संभावना है.

बता दें कि इस फिल्म की शूटिंग अगले साल अप्रैल तक पूरी होने की बात भी की जा रही है. लेकिन फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अब तक कोई मेकर्स की ओर से ऑफिशियली ऐनाउंसमेंट नहीं की गई है. इसके अलावा आलिया अपनी फिल्म अल्फा को लेकर भी चर्चा में हैं.

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो पर फिलहाल रोक नहीं: इंदौर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, हेरिटेज और पर्यावरण नियमों पर 29 जून को अगली सुनवाई – Indore News




इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट के काम पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगेगी। इस प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाई कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुसार याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी के प्रतिवेदन पर सोमवार को कलेक्टर के समक्ष सुनवाई पूरी हो चुकी है और इस पर आदेश जारी किया जाना बाकी है। शासन ने आदेश जारी करने के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई 29 जून तय की है। याचिकाकर्ता ने उठाए कई सवाल याचिका में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर कई आपत्तियां दर्ज की गई हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रोजेक्ट के भूमिगत हिस्से में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पुरातात्विक महत्व की इमारतों के 200 मीटर दायरे के भीतर खुदाई और निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार इस क्षेत्र में किसी तरह की खुदाई या निर्माण की अनुमति नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना से शहर के भूजल स्तर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और कई स्थानों पर बिना पर्याप्त कारण पेड़ों की कटाई की जा रही है। कलेक्टर को दिए गए थे निर्देश पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर बिंदुवार सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाए और इस संबंध में आदेश जारी किया जाए। मंगलवार को शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कलेक्टर ने याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर सुनवाई पूरी कर ली है और अब सिर्फ आदेश जारी होना बाकी है। संभावना है कि यह आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा। प्रदूषण एनओसी और हेरिटेज नियमों पर भी सवाल सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह भी कहा कि उनके द्वारा उठाए गए पांच अन्य बिंदुओं पर भी आदेश जारी किया जाए। इनमें प्रदूषण विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), हेरिटेज संरक्षण नियमों के उल्लंघन और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून तक के लिए स्थगित कर दी।



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बक्सर से मद्यनिषेध सिपाही परीक्षा के लिए 2 स्पेशल ट्रेनें: पहली दोपहर 1:30 बजे, दूसरी शाम 6:00 बजे दानापुर और पटना के लिए – Buxar News




बिहार में मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के मद्देनजर बक्सर रेलवे प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। 17 जून को बक्सर स्टेशन से दो विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी ताकि परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों को घर लौटने में कोई परेशानी न हो। रेलवे यातायात निरीक्षक विंध्याचल पाण्डेय ने बताया कि पहली विशेष ट्रेन परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर 1:30 बजे बक्सर रेलवे स्टेशन से दानापुर के लिए रवाना होगी। दूसरी विशेष ट्रेन शाम 6:00 बजे बक्सर स्टेशन से पटना जंक्शन के लिए संचालित की जाएगी। इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य परीक्षार्थियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करना और उन्हें सुरक्षित यात्रा प्रदान करना है। विशेष ट्रेनों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील रेलवे प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों और आम यात्रियों से इन विशेष ट्रेनों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय से पहले स्टेशन पहुंचें ताकि भीड़ के कारण किसी भी असुविधा से बचा जा सके। परीक्षा के दिन बक्सर रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की सहायता के लिए एक विशेष सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। यहां रेलवे कर्मी आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन परिसर में मौजूद रहेंगे और माइकिंग के जरिए लगातार निर्देश प्रसारित किए जाएंगे। बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना है, जिसके लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे प्रशासन ने दावा किया है कि परीक्षार्थियों के आने और सुरक्षित वापस जाने तक हर स्तर पर समुचित तैयारी सुनिश्चित की गई है ताकि उन्हें सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा मिल सके।



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ट्रम्प ने G-7 में जेलेंस्की को नजरंदाज किया, VIDEO: सभी नेताओं से मिले, यूक्रेनी प्रेसिडेंट को देखते मुड़ गए; व्हाइट हाउस में तकरार हुई थी


नई दिल्ली5 मिनट पहले

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यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की।

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।

फ्रांस के शहर एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चैन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए।

यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए।

1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई।

1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई।

G-7 समिट के टॉप 8 मोमेंट्स…

G-7 समिट में 14 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट के नेता शामिल हुए।

G-7 समिट में 14 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट के नेता शामिल हुए।

G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है।

G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है।

G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं।

G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं।

मोदी की मैक्रों, मेलोनी और ट्रम्प से मुलाकात

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं।

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं।

पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।

पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे।

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे।

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है।

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है।

समिट के वर्किंग सेशन के दौरान कुछ पढ़ते हुए ट्रम्प।

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ये खबर भी पढ़ें…

पीएम मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले, फ्रांस में G7 समिट में साथ बैठे, 5 मिनट बात की

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात चली। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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46 साल का इंतजार खत्म! किशाऊ डैम पर 6 राज्‍यों में बनी सहमति


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किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर 6 राज्यों के बीच आख‍िरकार सहमति बन गई. गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मीटिंग सभी राज्‍यों के बीच समझौता हुआ. परियोजना से यमुना में जल प्रवाह, जल सुरक्षा, सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन बढ़ेगा.

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अमित शाह की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमत‍ि बनी.

46 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है. किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर छह राज्यों के बीच सहम‍त‍ि बन गई है. गृहमंत्री अमित शाह की अध्‍यक्षता में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच समझौता हुआ. इसे जल्‍द केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यह बांध यमुना में जरूरत के ह‍िसाब से पानी का बहाव सुन‍िश्च‍ित करेगा. इससे इन 6 राज्‍यों को पीने का और स‍िंचाई का पानी म‍िलेगा.

इस परियोजना का सबसे बड़ा असर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की जल सुरक्षा पर पड़ सकता है. समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के हिस्से का कुछ पानी दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी है. साथ ही, जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जिससे राज्यों पर वित्तीय बोझ कम होगा. परियोजना से जलविद्युत उत्पादन भी बढ़ेगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.

यमुना में आएगा खूब पानी

केंद्र सरकार का दावा है कि किशाऊ परियोजना ‘निर्मल और अविरल यमुना’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी. बांध से नियंत्रित जल प्रवाह होने पर यमुना में सालभर अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ पानी छोड़ा जा सकेगा, जिससे नदी की सेहत सुधारने में मदद मिलेगी. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बनी यह सहमति लंबे समय से लंबित परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

क्‍या है ये प्रोजेक्‍ट

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना भारत और नेपाल की सीमा के पास यमुना नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत और जल-संसाधन परियोजना है. यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर क्षेत्र के बीच विकसित की जानी है. इसका नाम यमुना की सहायक नदी टौंस पर स्थित किशाऊ क्षेत्र से पड़ा है. इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा तमाम अफसर मौजूद थे.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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