Saturday, June 20, 2026
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ट्रम्प ने अपना नया विमान ‘एयरफोर्स-1’ दिखाया: कहा- यह उड़ता हुआ व्हाइट हाउस, ऐसी लग्जरी कहीं नहीं; कतर ने पिछले साल गिफ्ट किया


वॉशिंगटन डीसी58 मिनट पहले

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को नया एयरफोर्स वन विमान दिखाया। यह विमान पहले कतर सरकार के पास था। पिछले साल मई में कतर ने बोइंग 747 का यह आधुनिक मॉडल ट्रम्प को उपहार में दिया था। बाद में इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में तैयार किया गया।

मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में ट्रम्प ने इस विमान को दुनिया का सबसे शानदार राष्ट्रपति विमान बताया। उन्होंने कहा, “इस विमान को उड़ते हुए व्हाइट हाउस की तरह बनाया गया है। इतनी लग्जरी शायद दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी।”

नए एयरफोर्स-1 की 3 फोटोज

राष्ट्रपति ट्रम्प ने जॉइंट बेस एंड्रयूज' (मैरीलैंड) में नए एयर फोर्स वन को दुनिया के सामने पेश किया।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने जॉइंट बेस एंड्रयूज’ (मैरीलैंड) में नए एयर फोर्स वन को दुनिया के सामने पेश किया।

प्लेन से उतरते समय ट्रम्प के पसंदीदा गाना गॉड ब्लेस द यूएसए की धुन बज रही थी।

प्लेन से उतरते समय ट्रम्प के पसंदीदा गाना गॉड ब्लेस द यूएसए की धुन बज रही थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नए एयर फोर्स वन के सामने खड़े होकर भाषण देते हुए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नए एयर फोर्स वन के सामने खड़े होकर भाषण देते हुए।

पुराने एयरफोर्स-1 की पहचान खत्म, ट्रम्प की पसंद के रंगों में तैयार

नए विमान का रंग-रूप मौजूदा एयर फोर्स वन से पूरी तरह अलग है। पुराने विमान के हल्के नीले रंग की जगह इसके निचले हिस्से को गहरे नेवी ब्लू रंग से रंगा गया है, जबकि उसके ऊपर लाल पट्टी बनाई गई है।

विमान के उस हिस्से पर, जहां से राष्ट्रपति चढ़ते हैं, राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर लगाई गई है। वहीं पिछले हिस्से पर अमेरिकी झंडा बनाया गया है।

ट्रम्प ने कहा कि जब यह प्लेन लंदन, जर्मनी या दुनिया के किसी अन्य एयरपोर्ट पर उतरेगा तो कोई भी इसकी बराबरी नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा, “हमारे देश का प्रतिनिधित्व इसी तरह होना चाहिए। रंग और डिजाइन मेरी पसंद के हैं, यह मैं मानता हूं।”

उन्होंने यह भी बताया कि नया एयर फोर्स वन अगले महीने 4 जुलाई को अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट करेगा।

ट्रम्प NATO समिट में हिस्सा लेने नए प्लेन से जाएंगे

ट्रम्प ने पुष्टि की कि वह अगले महीने तुर्किए की राजधानी अंकारा में होने वाले NATO समिट में इसी से जाएंगे। इसके बाद वे नवंबर में भी चीन दौरे पर इसका इस्तेमाल करेंगे। ट्रम्प ने कहा कि इस हफ्ते G7 समिट के दौरान फ्रांस दौरे पर उन्होंने आखिरी बार इस प्लेन का इस्तेमाल किया।

2028 तक ही कतर के गिफ्ट प्लेन का इस्तेमाल

ट्रम्प सरकार का कहना है कि कतर से मिला यह प्लेन एक ‘ब्रिज एयरक्राफ्ट’ यानी अस्थायी समाधान है। इसका इस्तेमाल तब तक किया जाएगा, जब तक बोइंग नए राष्ट्रपति विमान तैयार नहीं कर देता।

बोइंग के नए प्लेन 2024 में मिलने थे, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी हो गई। अब उनकी डिलीवरी 2028 तक होने की संभावना है।

ट्रम्प ने कहा,

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हम थोड़ी मुश्किल स्थिति में फंस गए थे क्योंकि नए प्लेन समय पर नहीं मिल रहे थे। इसलिए मैंने कतर के अमीर से पूछा कि क्या उनके किसी प्लेन का इस्तेमाल किया जा सकता है।सामान्य राष्ट्रपति ऐसा नहीं करते। वे इन सबसे दूरी बनाए रखना चाहते हैं।

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कतर के से मिले गिफ्ट पर उठे थे सवाल

नए एयरफोर्स वन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ डॉलर (3600 करोड़ रुपए) बताई गई है। हालांकि विदेशी सरकार से इतना महंगा उपहार स्वीकार करने को लेकर अमेरिका में नैतिकता और कानूनी सवाल उठे थे। आलोचकों ने पूछा था कि क्या किसी विदेशी सरकार से इतना महंगा विमान लेना उचित है।

ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद वह इस विमान का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि बाद में इसे किसी राष्ट्रपति पुस्तकालय को दान कर दिया जाएगा।

ट्रम्प को मई 2025 में जब लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट गिफ्ट मिला था, तब यह ऐसा दिखता था।

ट्रम्प को मई 2025 में जब लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट गिफ्ट मिला था, तब यह ऐसा दिखता था।

ट्रम्प की पहली पारी से जुड़ा है रंग बदलने का विवाद

राष्ट्रपति विमान का रंग बदलने की ट्रम्प की योजना नई नहीं है। अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने नए एयर फोर्स वन को अपने निजी विमान की तरह लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग देने का फैसला किया था।

लेकिन मार्च 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यह फैसला बदल दिया था। एयर फोर्स की समीक्षा में कहा गया था कि गहरे रंगों के इस्तेमाल से लागत बढ़ सकती है और विमान की डिलीवरी में और देरी हो सकती है।

हालांकि सत्ता में लौटने के बाद ट्रम्प ने फिर अपनी पसंद की रंग योजना लागू कर दी। एयर फोर्स ने यह भी बताया कि भविष्य में कैबिनेट मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी विमानों पर भी इसी तरह का लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग इस्तेमाल किया जाएगा।

पुराने एयरफोर्स वन अभी सर्विस में रहेंगे

एयर फोर्स के एक अधिकारी के अनुसार मौजूदा राष्ट्रपति विमान, जिन्हें VC-25A कहा जाता है, अभी रिटायर नहीं होंगे। वे तब तक सेवा में बने रहेंगे जब तक नए VC-25B विमान पूरी तरह तैयार होकर बेड़े में शामिल नहीं हो जाते।

इस दौरान कतर से मिला नया विमान और मौजूदा दोनों एयर फोर्स वन राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। राष्ट्रपति एयरलिफ्ट ग्रुप हर मिशन की जरूरत के हिसाब से तय करेगा कि किस यात्रा में कौन सा विमान इस्तेमाल किया जाएगा।

पुराने एयरफोर्स वन के बारे में जानिए

ट्रम्प अब तक बोइंग 747-200B का एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। बोइंग 747-200B अपनी सुरक्षा, संचार, और कमांड क्षमताओं के कारण दुनिया का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक चलते-फिरते ऑफिस की तरह है।

वैसे तो दो बोइंग 747-200B विमान हैं, जिन्हें एक साथ तैयार रखा जाता है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सवारी वाला विमान ही एयर फोर्स वन कहलाता है।

नए एयरफोर्स वन में हवा में ईंधन भरने वाली खूबियां नहीं

एयर फोर्स वन में हवा में ही ईंधन भरने वाली खूबियां हैं जो नए एयर फोर्स वन में नहीं है। पुराना विमान परमाणु युद्ध जैसी स्थिति में करीब 7 दिन तक बिना रुके आसमान में रह सकता था। नया विमान अधिकतम 16 घंटे (14,430 किमी) ही उड़ पाएगा।

नए प्लेन को तैयार करने के बजट को कंट्रोल में रखने के लिए व्हाइट हाउस ने इस फीचर को हटाने का फैसला किया था, क्योंकि हवा में ईंधन भरने का सिस्टम लगाने में बहुत ज्यादा खर्च आता है।

पिछले 30 साल के इतिहास में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के सवार रहते हुए कभी भी हवा में ईंधन नहीं भरा गया है। सुरक्षा कारणों से हमेशा सुरक्षित सैन्य ठिकानों पर ही ईंधन भरना पसंद किया जाता है।

नए एयर फोर्स की अपनी बिना ईंधन भरे उड़ान भरने की रेंज पुराने वाले विमान से लगभग 1,100 मील (करीब 1,770 किलोमीटर) अधिक है। यह एक बार में बिना रुके लगभग 8,900 मील (14,300+ किमी) तक उड़ सकता है, जो कि राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए काफी मानी गई है।

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ट्रम्प बोले-मेलोनी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं:इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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30 मिनट में बनाएं होटल जैसा क्रिस्पी डोसा, बिना खमीर उठाए तैयार होगा सुपर टेस्टी बैटर


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Instant Dosa Batter: कम समय में स्वादिष्ट और क्रिस्पी डोसा बनाना चाहते हैं तो यह इंस्टेंट डोसा बैटर रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है. बिना फर्मेंटेशन के तैयार होने वाला यह बैटर स्वाद में शानदार और बनाने में बेहद आसान है.

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इंस्टेंट डोसा बैटर

Instant Dosa Batter: बिना फर्मेंटेशन के घर पर बनाएं क्रिस्पी डोसा, जानें आसान और झटपट रेसिपी सुबह के नाश्ते में कुछ हल्का, टेस्टी और पेट भरने वाला खाने का मन हो तो डोसा सबसे बढ़िया ऑप्शन माना जाता है. साउथ इंडियन फूड का नाम आते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले गरमा-गरम और क्रिस्पी डोसा ही आता है. बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसे बड़े चाव से खाना पसंद करता है. लेकिन कई लोग सिर्फ इसलिए घर पर डोसा नहीं बना पाते क्योंकि उसका बैटर तैयार करने में काफी लंबा समय लगता है. चावल और दाल को घंटों भिगोना, फिर पीसना और उसके बाद खमीर उठने का इंतजार करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता.

खासकर वर्किंग लोगों के लिए यह प्रोसेस काफी मुश्किल लगती है. ऐसे में अब एक ऐसी आसान रेसिपी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें बिना फर्मेंटेशन के सिर्फ 30 मिनट में डोसा बैटर तैयार किया जा सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सारी चीजें आसानी से घर में मिल जाती हैं. इस बैटर से बनने वाला डोसा इतना क्रिस्पी बनता है कि लोग होटल वाला स्वाद भूल जाएंगे, अगर आपको भी अचानक डोसा खाने की क्रेविंग होती है तो यह इंस्टेंट रेसिपी आपके बहुत काम आने वाली है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुई आसान रेसिपी
यूट्यूब पर मसाला किचन नाम के एक चैनल ने इस इंस्टेंट डोसा बैटर का तरीका शेयर किया है. देखते ही देखते यह रेसिपी वायरल हो गई क्योंकि इसमें घंटों इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती. लोग इस ट्रिक को काफी पसंद कर रहे हैं क्योंकि कम समय में भी शानदार रिजल्ट मिल रहा है. आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर कोई जल्दी बनने वाली रेसिपी ढूंढता है. ऐसे में यह इंस्टेंट डोसा बैटर उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो स्वाद के साथ समय भी बचाना चाहते हैं. खास बात यह है कि इस बैटर में किसी तरह का बेकिंग सोडा या बाजार वाला मिक्स इस्तेमाल नहीं होता.

इंस्टेंट डोसा बैटर के लिए जरूरी चीजें
इस आसान रेसिपी को बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके लिए एक कप मूंग दाल, एक कप चना दाल और एक कप समा के चावल चाहिए होंगे. इसके अलावा दो उबले हुए आलू, दो हरी मिर्च, थोड़े से कढ़ी पत्ते, एक छोटा चम्मच हींग, एक छोटा चम्मच अजवाइन और स्वादानुसार नमक लेना होगा. उबले आलू डालने से बैटर का टेक्सचर काफी अच्छा बनता है और डोसा बाहर से क्रिस्पी जबकि अंदर से सॉफ्ट रहता है. वहीं अजवाइन और हींग स्वाद को और भी शानदार बना देते हैं.

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ऐसे तैयार करें झटपट डोसा बैटर
सबसे पहले मूंग दाल, चना दाल और समा के चावल को अच्छे से धो लें. अब इन्हें एक बर्तन में डालकर करीब 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. जब यह अच्छे से फूल जाएं तब इनका पानी निकाल लें. अब मिक्सी के जार में भीगी हुई दाल और चावल डालें. इसके साथ उबले आलू, हरी मिर्च, कढ़ी पत्ता, हींग, अजवाइन और नमक भी डाल दें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी मिलाएं और इसे अच्छे से पीस लें. बैटर इतना पतला होना चाहिए कि आसानी से तवे पर फैल जाए. बैटर तैयार होने के बाद तवा गर्म करें और हल्का सा तेल लगाएं. अब एक कलछी बैटर डालकर गोल-गोल फैलाएं. मध्यम आंच पर इसे तब तक पकाएं जब तक किनारे सुनहरे और क्रिस्पी न हो जाएं. चाहें तो ऊपर से थोड़ा तेल भी डाल सकते हैं.

ऐसे मिलेगा होटल जैसा स्वाद
अगर आप चाहते हैं कि घर का डोसा बिल्कुल होटल जैसा बने तो तवा सही तरीके से गर्म होना चाहिए. बहुत ज्यादा गर्म तवे पर बैटर ठीक से नहीं फैलता जबकि ठंडे तवे पर डोसा क्रिस्पी नहीं बनता. इसलिए मध्यम गर्म तवे का इस्तेमाल करें. डोसा को नारियल चटनी, मूंगफली चटनी या टमाटर की तीखी चटनी के साथ सर्व करें. चाहें तो आलू मसाला भरकर मसाला डोसा भी बना सकते हैं.

क्यों खास है यह इंस्टेंट रेसिपी
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता. अचानक मेहमान आ जाएं या बच्चों को कुछ टेस्टी खिलाना हो, यह रेसिपी हर बार काम आती है. साथ ही इसमें इस्तेमाल होने वाली दालें हेल्दी भी होती हैं, जिससे यह स्वाद के साथ सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है. अब आपको डोसा खाने के लिए बाहर जाने या बाजार से रेडीमेड बैटर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सिर्फ 30 मिनट में घर पर तैयार होगा शानदार और क्रिस्पी डोसा.

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Mohit Mohit

मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…और पढ़ें



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कोटा में महिला-पुरुष को 10- 10 साल की जेल: दोस्त के साथ जंगल में शराब पार्टी की, मारपीट कर धक्का दिया, मौके पर मिले थे साड़ी व चूड़े के टुकड़े – Kota News




कोटा में गैर इरादतन हत्या के 6 साल पुराने मामले में जिला जज ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी बबलू निवासी खेड़ा रसूलपुर( खेड़ारामपुर) थाना कैथून व सुनीता निवासी देवलीमाझी बस स्टैंड के सामने ढीकोली थाना देवलीमांझी को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5-5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। जंगल में दोस्त के बीच शराब पार्टी के दौरान झगड़ा होने पर दोनों ने दोस्त रामस्वरूप (58) के साथ मारपीट की और धक्का देकर पटक दिया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां झाड़ियों में साड़ी का टुकड़ा व आसपास लाख चूड़े के टुकड़े पड़े हुए मिले। जिम्हे पुलिस ने FSL जांच के लिए भेजा था रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लोक अभियोजक मनोज पुरी ने बताया मृतक के बेटे मोहित ने मई 2020 को गुमानपुरा थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि 18 मई को सुबह 11 बजे पिता रामस्वरूप उनकी महिला मित्र सुनीता व दोस्त बबलू के साथ बाइक पर बैठकर डीसीएम की तरफ गए थे। जो शाम तक वापस नहीं लौटे। पिता को काफी तलाश किया। लेकिन उनका कोई पता नहीं लगा। 20 मई को जानकारी में आया कि सुनीता व बबलू उसके पिताजी को ढाड़देवी के जंगलों में ले गए। जिसके बाद उन्हें तलाश करने गए। उम्मेदगंज ढाड़देवी रोड पर एक नाले की पुलिया के पास उसके पिता रामस्वरूप के खून लगे कपड़े व चप्पल मिले। बेटे ने सुनीता व बबलू पर पिता की हत्याकर लाश को कही फेंकने का शक जताया। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया- शराब के नशे में आपस में झगड़ा होने पर सुनीता व बबलू ने रामस्वरूप के साथ मारपीट की और उसे धक्का देकर गिरा दिया। उसे वहीं छोड़कर वापस लौट आए। जांच के बाद पुलिस ने अगस्त 2020 में कोर्ट में चालान पेश किया। 23 गवाहों के बयान करवाए।



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मंच पर पहुंचे PM मोदी, थोड़ी देर में खाता में आएगा पीएम किसान का पैसा


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PM Kisan Samman 23rd Installment : पीएम किसान सम्‍मान निधि योजना की 23वीं किस्त के इंतजार में बैठे करोड़ों किसानों का इंतजार कुछ ही देर में खत्म होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में पश्चिम बंगा…और पढ़ें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर पीएम किसान सम्‍मान निधि का पैसा डालेंगे.

नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में देश के करीब 9 करोड़ किसानों को बड़ा तोहफा देने वाले हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा जीत हासिल करने के बाद पीएम मोदी पहली बार इस राज्‍य से पीएम किसान सम्‍मान निधि का पैसा डालने की शुरुआत करेंगे. यह पीएम किसान निधि की 23वीं किस्‍त होगी और किसानों के खाते में आज 2-2 हजार रुपये डाले जाएंगे. पीएम मोदी बंगाल के हुगली जिले में तारकेश्‍वर से इस योजना के पैसे डालने की शुरुआत करेंगे.

यूपी में बिना फार्मर आईडी भी मिलेंगे पैसे 

अभी तक यही माना जा रहा था कि पीएम किसान सम्‍मान निधि का पैसा उन्‍हीं किसानों को मिलता है, जिनकी फार्मर आईडी बनी हुई है. लेकिन, यूपी के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. प्रदेश में उन किसानों को भी 23वीं किस्‍त दी जाएगी , जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है. आज यूपी के 2.17 करोड़ किसानों के खाते में  2 हजार की रकम आ सकती है. प्रदेश में कुल 4,352 करोड़ रुपये किसान सम्‍मान निधि के तहत डाले जाएंगे.

 

 

कहां से निकाल सकेंगे पैसे

अगर आपको भी किसान सम्‍मान निधि के तहत आज 2 हजार रुपये की रकम मिलती है तो यह पैसा बहुत आसानी से निकाल सकते हैं. खाते में पैसे आने के बाद आप DigiPay अथवा DigiPayLite के जरिये निकासी कर सकते हैं. आपको पैसे निकालने के लिए ज्‍यादा दिक्‍कत भी नहीं आएगी और नजदीकी एफपीओ अथवा पीएसीएस पर जाकर अपना पैसा निकाल सकते हैं.

यूपी बिहार में कितने किसानों को फायदा 

यूपी में 2.88 करोड़ किसानों ने पीएम किसान सम्‍मान निधि के लिए अपना रजिस्‍ट्रेशन कराया है. पिछली बार की 22वीं किस्‍त के लिए प्रदेश के 2.18 करोड़ किसानों को निधि का पैसा मिला था. माना जा रहा है कि इस बार 50 लाख से ज्‍यादा किसानों को यूपी में झटका लग सकता है और उनके खाते में निधि का पैसा नहीं आएगा. इन किसानों ने फॉर्मर आईडी अभी तक नहीं बनवाई है. बिहार में भी इस योजना के तहत 73 लाख से ज्‍यादा किसान अपना लाभ ले रहे हैं. 22वीं किस्‍त में बिहार के 73.34 लाख किसानों को पैसे मिले थे. हालांकि, माना जा रहा है कि इस बार 34 हजार लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं.

 

अब तक 4.28 लाख करोड़ खर्च

किसान सम्‍मान निधि के तहत अभी तक सरकार ने किसानों के खाते में करीब 4.28 लाख करोड़ रुपये डाले हैं. इसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा की रकम तो सिर्फ महिला किसानों के खाते में डाली गई है. 20 जून को 23वीं किस्‍त के तहत भी देशभर के करीब 9.44 करोड़ किसानों के खाते में निधि का पैसा डाला जाएगा.

कितने बजे खाते में आएगा पैसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल में जनता को संबोधित करेंगे और उसके तत्‍काल बाद योजना का पैसा खाते में आना शुरू हो जाएगा. माना जा रहा है कि शाम 4 बजे के बाद किसान सम्‍मान निधि का पैसा किसानों के खाते में आना शुरू हो जाएगा. सरकार ने देशभर के कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी को इस काम में मदद करने का निर्देश दिया है, ताकि किसानों समय पर और आसानी से उनकी किस्‍त का पैसा खाते में मिल जाए.

सालभर में कितने पैसे मिलते हैं

प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि के तहत सरकार हर साल तीन किस्‍तों में पैसे डालती है. हर किस्‍त 2-2 हजार की होती है तो कुल मिलाकर 6 हजार रुपये किसानों के खाते में डाले जाते हैं. यह पैसा हर महीने के लिए 500 रुपये की दर से दिया जाता है और 4 महीने का पैसा एकसाथ खाते में आता है. इस बार देश के करीब 9.44 करोड़ किसानों के खाते में किस्‍त आएगी, जिस पर सरकार का करीब 18,880 करोड़ रुपये खर्च होगा.

इस बार जल्‍दी आ गया पैसा

देश के करीब साढ़े 9 करोड़ किसानों को इस बार पीएम किसान सम्‍मान निधि का पैसा पाने के लिए ज्‍यादा इंतजार नहीं करना पड़ा. 20 जून को आने वाली 23वीं किस्‍त चालू वित्‍तवर्ष की पहली तिमाही की किस्‍त होगी, जो तिमाही समाप्‍त होने से पहली ही खाते में आ जाएगी. पिछले साल पहली तिमाही का पैसा किसानों को अगस्‍त में जाकर मिला था. हालांकि, पिछले वित्‍तवर्ष की आखिरी तिमाही का पैसा भी समय से पहले 13 मार्च को ही आ गया था.





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नोएडा सेक्टर 49 के बरौला गांव में टूटी सड़कों, सीवर, पानी और गंदगी की गंभीर समस्या


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नोएडागांव बरौला के निवासी बीसी प्रधान ने बताया कि हम लगातार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से को अवगत करवाते रहते हैं उसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता है सबसे बड़ी समस्या है गांव बरौला में टूटी हुई सड़क और उन पर सीवर और नालियों का पानी जमा होना जिसके चलते आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव वासियों का सीधा आरोप है कि टेंडर तो उठाए जाते हैं लेकिन किसी लेवल पर कोई काम दिखाई नहीं देता जिसका खामियाजा गांव वासियों और किराए पर रह रहे लोगों को भुगतना पड़ता है. सेक्टर 49 के बरौला गांव में टूटी सड़कों पर सीवर और नालियों का पानी भरा, ग्रामीणों ने प्राधिकरण पर लापरवाही और टेंडर के बाद भी काम न होने का आरोप लगाया

नोएडा: नोएडा के सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में समस्याओं का अंबार है और यहां रहने वाले लोग बहुत परेशान हैं ग्रामीण निवासियों का कहना है कि समस्याओं के चलते हमारा आना जाना भी कई बार तो दुश्वार हो जाता है नालियां और सीवर का पानी बरसात के पानी की तरह सड़कों पर आपको बहता हुआ मिलेगा उसको लेकर कोई प्राधिकरण का अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है पढ़िए गांव वासियों को जुवानी.

टेंडर उठते है लेकिन काम नहीं होता है गांववासी

गांव बरौला के निवासी बीसी प्रधान ने बताया कि हम लगातार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से को अवगत करवाते रहते हैं उसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता है सबसे बड़ी समस्या है गांव बरौला में टूटी हुई सड़क और उन पर सीवर और नालियों का पानी जमा होना जिसके चलते आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव वासियों का सीधा आरोप है कि टेंडर तो उठाए जाते हैं लेकिन किसी लेवल पर कोई काम दिखाई नहीं देता जिसका खामियाजा गांव वासियों और किराए पर रह रहे लोगों को भुगतना पड़ता है.

किरायेदारों का टूटता है सपना

युवा विकास समिति बरौला के अध्यक्ष कर्मवीर गुर्जर ने बताया कि यहां के जो मूल निवासी हैं गांव के लोग वह तो मजबूरी में रह ही रहे हैं लेकिन जो लोग नोएडा में एक सपना साजोकर आते हैं और जब यहां के हालात देखते हैं तो वह सिर्फ एक ही बात कहते हैं कि यहां से 100 गुना अच्छा हमारा गांव है कम से कम गंदगी और तमाम समस्याओं का सामना तो नहीं करना पड़ता। इनका कहना है कि किराएदार तो यहां नहीं कही दूसरी जगह रूम ले लेगा लेकिन गांव निवासी अपना घर छोड़कर कहां जाएंगे. और ये सबसे बड़ी मुसीबत है नालियों और सीवर के बेहद बुरा हाल है. निवासियों का आरोप है कि कई कई दिन हो जाते है शिकायत करने के बाबजूद जिम्मेदार मजबूरी नहीं समझते हैं.

इन समस्याओं से भी जनता परेशान

शालिनी सिंह ने बताया कि नोएडा में कई जगह डम्बिंग यार्ड बनाए गए उसमें आए दिन आपको आग लगती दिखाई देगी, नोएडा के गांव में सीवर व्यवस्था बहुत पुरानी है दोबारा से सीवर डाली जाए ताकि गांव वासियों को परेशानी न झेलना पड़े, वही पेयजल का क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों सही की जाए, नोएडा में कई ऐसे वैंकट हॉल है जो अवैध तरीके से बने है प्राधिकरण की जमीन पर बने है लेकिन उनपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है और आमजन को परेशानी होती है लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

पानी की सप्लाई और साफ सफाई के भी आफत

वही मोहित बैसोया ने बताया कि वैसे तो समस्याओं का अंबार है लेकिन पानी की सप्लाई गांव में जो पार्क है उसकी साफ सफाई के लिए कई बार प्राधिकरण के आलाधिकारियों से मिले उनके कान पर जूं नहीं रेंगती. अंकित गुप्ता ने बताया कि जब भी थोड़ी बारिश होती है तो आपको हर गली जलमग्न मिलेगी वही बरसात के दिनों में तो ये नर्क बन जाता है और पैदल वालों के लिए बेहद मुसीबत का सामना करना पड़ता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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महाराष्ट्र के परभणी में हनुमान मंदिर की छत गिरी: 7 की मौत, 25 घायल; शनिवार को प्रसाद लेने के लिए भीड़ जुटी थी


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परभणी18 मिनट पहले

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मंदिर के सभा मंडप गिरने की घटना CCTV में कैद हो गई। उस वक्त लोग प्रसाद ले रहे थे।

महाराष्ट्र के परभणी जिले में यशवाड़ी देवस्थान में हनुमान मंदिर के हॉल की निर्माणाधीन छत शनिवार दोपहर गिर गई। मलबे में में दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां मंदिर के ठीक सामने सभामंडप बनाने का काम चल रहा था। दोपहर के समय लोग प्रसाद ले रहे थे। अचानक मंदिर का स्ट्रक्चर और पत्थर भरभराकर गिर पड़े।

हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो के मुताबिक दोपहर 3 बजे कई लोग लाइन में खड़े होकर प्रसाद दर्शन-पूजा कर रहे थे। तभी बांस और लोहे की रॉड से बना सेंट्रिंग स्ट्रक्चर टूट गया।

शनिवार होने के कारण मंदिर में भीड़ ज्यादा थी। हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

8 तस्वीरों में देखें परभणी हनुमान मंदिर हादसा…

मनवत तालुका में बने मारुति मंदिर में शनिवार के कारण भीड़ ज्यादा थी, लोग दर्शन और पूजा कर रहे थे।

मनवत तालुका में बने मारुति मंदिर में शनिवार के कारण भीड़ ज्यादा थी, लोग दर्शन और पूजा कर रहे थे।

दोपहर 3 बजे प्रसाद ले रहे लोगों पर मंदिर के ठीक सामने बन रहा सभा मंडप अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

दोपहर 3 बजे प्रसाद ले रहे लोगों पर मंदिर के ठीक सामने बन रहा सभा मंडप अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

इससे मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। बाहर मौजूद दूसरे लोगों ने निर्माण सामग्री और मंडप पर लग रहे पत्थर हटाने शुरू कर दिए।

इससे मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। बाहर मौजूद दूसरे लोगों ने निर्माण सामग्री और मंडप पर लग रहे पत्थर हटाने शुरू कर दिए।

प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के आने से पहले दर्शन करने आए बाकी लोगों ने मलबा हटाना शुरू किया और दबे हुए लोगों को निकाला।

प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के आने से पहले दर्शन करने आए बाकी लोगों ने मलबा हटाना शुरू किया और दबे हुए लोगों को निकाला।

मंदिर में मौजूद लोगों ने बताया कि मलबे में करीब 40 लोग दब गए थे। उन्हें निकालने के लिए पत्थर और लोहे-बांस का स्ट्रक्चर हटाना शुरू किया।

मंदिर में मौजूद लोगों ने बताया कि मलबे में करीब 40 लोग दब गए थे। उन्हें निकालने के लिए पत्थर और लोहे-बांस का स्ट्रक्चर हटाना शुरू किया।

मारुति मंदिर के सभा मंडप को पत्थर से बनाया जा रहा था। दर्शन करने आए लोगों पर यही पत्थर गिरे, जिससे उन्हें बचने का मौका नहीं मिला।

मारुति मंदिर के सभा मंडप को पत्थर से बनाया जा रहा था। दर्शन करने आए लोगों पर यही पत्थर गिरे, जिससे उन्हें बचने का मौका नहीं मिला।

हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन जेसीबी लेकर पहुंचा। मलबा और पत्थर हटाने का काम तेजी से किया गया।

हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन जेसीबी लेकर पहुंचा। मलबा और पत्थर हटाने का काम तेजी से किया गया।

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस बुलाई गई हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। 25 घायलों को हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है।

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस बुलाई गई हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। 25 घायलों को हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है।

मंडप में मौजूद लोगों ने मलबा हटाया

रिपोर्ट्स के मुताबिक परभणी के हनुमान मंदिर के ठीक सामने सभा मंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी सभा मंडप की छत अचानक ढह गई। जिला कलेक्टर संजय चव्हाण, उपमंडल अधिकारी संगीता चव्हाण और तहसीलदार पांडुरंग माछेवाड़ ने बताया कि 32 लोगों में से 7 की मौत हो गई और 25 गंभीर रूप से घायल हो गए।

आपदा प्रबंधन अधिकारी, पथरी अग्निशमन विभाग, मानवत लोक निर्माण विभाग, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा दल, परभणी नगर निगम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान पूरा किया गया।

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छत्तीसगढ़-खल्लारी मंदिर में रोपवे टूटा, 2 ट्रॉली खाई में गिरी: 1 की मौत, 16 घायल; संचालक और 2 स्टाफ पर मामला दर्ज

मार्च 2026 में छ्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में रोपवे टूट गया था। इस हादसे में 16 श्रद्धालु घायल हुए थे। एक लड़की की मौत हो गई थी। ये सभी लोग चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दर्शन करने आए थे। दर्शन के बाद कुछ श्रद्धालु रोपवे की ट्रॉली से नीचे उतर रहे थे। तभी अचानक केबल टूट गया। ट्रॉली पहाड़ी से टकराई और उसमें बैठे लोग करीब 20 फीट नीचे गिर गए। पढ़ें पूरी खबर…

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72 साल की हुईं शिल्पा शेट्टी की मां सुनंदा, शेयर की तस्वीरें-वीडियोज, कहा- ‘दोस्त’


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शिल्पा शेट्टी ने मां सुनंदा शेट्टी के 72वें जन्मदिन पर खास पोस्ट किया है. उन्होंने एक लंबा नोट लिखा और कई तस्वीरें और वीडियो शेयर की है. शिल्पा ने अपनी मां को अपना सबसे बड़ी आलोचक, दोस्त और सोलमेट बताया. इतना ही नहीं, उन्होंने मां की अच्छी सेहत और शांति की प्रार्थना की.

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शिल्पा शेट्टी अपनी मां के साथ पोज देते हुए. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @theshilpashetty)

मुंबई. शिल्पा शेट्टी की मां सुनंदा शेट्टी रविवार को अपना 72वां जन्मदिन मना रही हैं. मां के जन्मदिन पर शिल्पा शेट्टी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर पुराने दिनों को याद किया. एक्ट्रेस ने सुनंदा को अपनी सबसे बड़ी आलोचक, सबसे अच्छी दोस्त और सोलमेट बताया. शिल्पा ने सोशल मीडिया पर अपनी मां सुनंदा, पति राज कुंद्रा, बहन शमिता और बच्चों के साथ कई तस्वीरें शेयर कीं. इन तस्वीरों में उन्होंने सुनंदा की जवानी के दिनों की तस्वीरें भी शामिल थीं.

शिल्पा शेट्टी ने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, “हैप्पी बर्थडे, मां! मेरी सबसे बड़ी ब्लेसिंग, सबसे बड़ी ताकत, सबसे सख्त आलोचक, सबसे अच्छी दोस्त, टीचर, गाइड और सोलमेट, मेरी सब कुछ. आप मेरे लिए क्या मायने रखती हैं, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. आपके बेपनाह प्यार, आशीर्वाद और अटूट साथ के लिए धन्यवाद.”

शिल्पा शेट्टी ने आगे लिखा, “मैं प्रार्थना करती हूं कि आपको अच्छी सेहत, शांति और खुशी मिले और आपके सभी सपने सच हों, क्योंकि आपको मुस्कुराते हुए देखने से ज्यादा खुशी मुझे किसी चीज से नहीं मिलती. मैं आपसे हमेशा प्यार करती हूं.”

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पूर्व मंत्री कमलेश पाठक को रंगदारी मामले में जमानत: कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर रिहाई का दिया आदेश, अभी जेल से बाहर नहीं आएंगे – Auraiya News




आगरा जेल में 7 साल से बंद पूर्व विधायक-पूर्व मंत्री कमलेश पाठक को रंगदारी और धमकी के एक मामले में राहत मिली है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज सीडी कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके और निजी बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। यह मामला 7 जनवरी 2020 को औरैया थाने में दर्ज किया गया था। संकटमोचन गली निवासी राजेश कुमार ने रिपोर्ट लिखाई थी कि पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और अब्दुल सत्तार उनसे पिछले सात साल से हर महीने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। पुलिस ने इस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) (रंगदारी) और 351(2) (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया था। जमानत सुनवाई के दौरान कमलेश पाठक के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल 16 मार्च 2020 से आगरा जेल में बंद हैं। उन्होंने दलील दी कि जेल मैनुअल के अनुसार, सांसद/विधायक श्रेणी के बंदी को केवल दो लोगों से बात करने की अनुमति होती है और अब्दुल सत्तार उन दो लोगों में शामिल नहीं हैं। वकील ने यह भी कहा कि पत्रावली में रंगदारी लेने या जेल से बात करने का कोई सीधा सबूत मौजूद नहीं है।अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि कमलेश पाठक पर पहले से 39 मुकदमे दर्ज हैं और वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर सकते हैं। हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फाइल में रंगदारी का कोई सीधा सबूत नहीं है और जेल में बंद व्यक्ति का सीधे तौर पर संपर्क करना मुश्किल होता है। इसके बाद कोर्ट ने कमलेश पाठक को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। यह उल्लेखनीय है कि कमलेश पाठक 2020 के एक डबल मर्डर केस में पहले से ही आगरा जेल में बंद हैं। इस रंगदारी मामले में जमानत मिलने के बावजूद, वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। उन पर गैंगस्टर एक्ट और एक अन्य मामला अभी भी लंबित है, जिसके कारण उन्हें जेल में ही रहना होगा। कमलेश पाठक के पक्ष का कहना है कि शिकायतकर्ता राजेश कुमार से उनकी पुरानी रंजिश है। वर्ष 2021 में राजेश ने कमलेश की पत्नी मधु पाठक और अब्दुल सत्तार के खिलाफ जमीन पर कब्जे का एक मामला दर्ज कराया था। पाठक पक्ष का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते यह रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।



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किशनगंज में 25 प्रतिष्ठानों में पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी: भारत-नेपाल सीमा पर कार्रवाई की तैयारी, एसपी बोले- NGO भी रडार पर – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में बिहार-नेपाल सीमा से सटे इलाके में जिला प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। पुलिस और कई एजेंसियों की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान 25 ऐसी दुकानों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों को पकड़ा है, जहां पैसों के लेन-देन और कागजों में बड़ी गड़बड़ी मिली है। किशनगंज के एसपी संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नेपाल से सटी सीमा काफी संवेदनशील है। इसलिए जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर लगातार जांच अभियान चला रही हैं। इसी जांच में 25 जगहों पर शक हुआ है। इन दुकानों और संस्थानों में टैक्स की चोरी, पैसों की हेराफेरी और दस्तावेजों में गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई एसपी संतोष कुमार ने कहा कि उनकी टीम सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक गड़बड़ियों पर भी नजर रख रही है। जांच में जिन 25 प्रतिष्ठानों में संदिग्ध काम मिला है, उनकी पूरी रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेज दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद इनके खिलाफ जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एसपी ने आगे कहा कि जांच टीम को दर्जनों शिक्षण संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) पर भी शक है। इन पर विदेश से पैसा आने और उसके गलत इस्तेमाल का शक है। ऐसे सभी संस्थानों की गहन जांच हो रही है। एसपी ने साफ कहा कि विदेशी फंडिंग में गड़बड़ी करने वाले NGO और स्कूलों पर भी तुरंत कानूनी एक्शन लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सीमा पर देश की सुरक्षा और आर्थिक अपराध रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।



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सीधी- गैस सिलेंडर से भरे ट्रक और बल्कर की भिड़ंत: आमने-सामने से टकराए दोनों वाहन, दोनों ड्राइवर की हालत गंभीर – Sidhi News




सीधी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हड़बड़ो में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। रसोई गैस सिलेंडरों से भरे एक ट्रक और एक बल्कर वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल सीधी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर कर दिया गया है। फिलहाल दुर्घटना में घायल दोनों व्यक्तियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान कराने और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय निवासी और प्रत्यक्षदर्शी दीपक तिवारी ने बताया कि बल्कर वाहन कथित तौर पर रॉन्ग साइड से आ रहा था, जबकि दूसरी ओर से गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक पहुंचा। इसी दौरान दोनों वाहनों में भिड़ंत हो गई। उन्होंने आशंका जताई कि यदि गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो जाता तो आसपास के मकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता था और जनहानि भी हो सकती थी। दीपक तिवारी ने इस घटना को लेकर परिवहन एवं यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि रॉन्ग साइड और नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण इस तरह के गंभीर हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। उपनिरीक्षक विवेक पांडे ने बताया कि पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में दोनों वाहनों के बीच टक्कर होने की पुष्टि हुई है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, बल्कर वाहन का पंजीयन क्रमांक MP17 ZR 9493 है, जबकि गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक का पंजीयन क्रमांक MH40 CM 7231 है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।



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