Sunday, July 5, 2026
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सरिया हमले में घायल दुकानदार की मौत: दतिया में परिजनों ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग की – datia News




दतिया जिले के बसई थाना क्षेत्र के ग्राम बसई में सरिया से हुए हमले में घायल दुकानदार रतनलाल साहू की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। दुकान बंद कराने को लेकर हुआ विवाद मृतक की पत्नी रिंकी साहू ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि यह घटना 21 जून की है। रतनलाल साहू अपनी दुकान पर आटा चक्की चला रहे थे। इसी दौरान गांव के रामप्रकाश साहू और उसके पुत्र संजय व अजय साहू दुकान पर पहुंचे और दुकान बंद कराने को लेकर विवाद करने लगे। सरिया और डंडों से हमला कर पीटा विरोध करने पर आरोपियों ने डंडों और लोहे की सरिया से रतनलाल साहू पर हमला कर दिया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज चल रहा था। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।



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नवजात बच्चे को मुंह में दबाए भागता रहा कुत्ता,VIDEO: जमुई में कचरे के ढेर से उठाया, 100 मीटर तक जबड़े में घुमाता रहा, राहगीर आते-जाते रहे – Jamui News




जमुई में एक नवजात बच्चे के शव को कुत्ता मुंह में दबाकर सड़क की ओर भाग रहा था। घटना का वीडियो सामने आया है। जिसमें कुत्ता काफी दूर तक शव को मुंह में दबाए लेकर जाता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान स्थानीय लोगों की उस पर नजर पड़ी, जिसके बाद लोगों ने कुत्ते से शव छुड़ाकर पुलिस को सूचना दी। घटना शहर के पुरानी बाजार स्थित गौशाला के पास की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। टाउन थाना अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में अननैचुरल डेथ (यूडी) का केस दर्ज किया गया है। एफएसएल टीम से घटनास्थल की जांच कराई जा रही है और शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नवजात को मुंह में दबाकर ले जाने की 2 तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी खबर… कचरे के ढेर से उठाया
जमुई शहर के पुरानी बाजार स्थित गौशाला जाने वाली सड़क के किनारे करीब 500 लोग द्वारा एक ही जगह पर कचरा फेंका जाता है। शनिवार की दोपहर इसी कचरे की ढेर से एक कुत्ता नवजात बच्चे का शव उठाया। सीसीटीवी के मुताबिक, कुत्ते ने शव को मुंह से दबोचकर ढेर से सड़क की ओर बढ़ने लगा। राहगीरों की नजर पड़ते ही हंगामा हुआ
इस दौरान कई राहगीर वहां से गुजरे, लेकिन किसी की भी नजर उस पर नहीं पड़ी। हालांकि सुनसान इलाके से 100 मीटर आगे बढ़ने पर कुत्ते के मुंह में दबा शव लोगों की नजर पर आ गई। इसके बाद लोगों ने कुत्ते से शव को छुड़ाकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को सदर अस्पताल ले गई। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ‘ऐसा मंजर देख हम भी हैरान रह गए’
स्थानीय निवासी सुरेश ने बताया कि हमलोग कुत्ते के मुंह में शव देख हैरान रह गए। यह बिल्कुल इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला था। हमने कुत्ते को मारकर भगाया। इसके बाद शव को पुलिस के हवाले कराया। इस इलाके में आए दिन एबॉर्शन और नवजात के मामले आते रहते हैं। पुलिस कार्रवाई नहीं होने की वजह से लोग बेझिझक ऐसी घटनाओं के अंजाम देते हैं। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
टाउन थाना अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात के शव को सड़क किनारे कचरे के ढेर में लावारिस छोड़ दिया था। वहीं से कुत्ता उसे उठा ले गया। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। नवजात के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात का शव वहां किसने और किन परिस्थितियों में फेंका था। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।



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PoK में पाकिस्तानी फोर्स ने लोगों पर गोलियां चलाईं: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ 40 हजार प्रदर्शनकारी जुटे थे; कई लोग घायल




पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रविवार को जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के शांतिपूर्ण प्रदर्शन रैली पर पाकिस्तानी फोर्स ने गोलियां चला दीं। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, JAAC ने दावा किया कि अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 40 हजार लोग जुटे थे। संगठन का आरोप है कि डुडियाल के AMB इलाके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बिना उकसावे के गोलीबारी की, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या या पाकिस्तान प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। JAAC का कहना है कि यह प्रदर्शन इस्लामाबाद सरकार के खिलाफ है। साथ ही, यह आंदोलन JAAC के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, प्रशासनिक विफलताओं और बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर चल रहा है। संगठन ने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की है। पाकिस्तानी सेना की फायरिंग की 2 फोटो… कई इलाकों से पहुंचे लोग, विदेश में भी प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, डेरा इस्माइल खान में चल रहे धरना स्थल पर भी कई अलग-अलग इलाकों से लोगों के काफिले लगातार पहुंचते रहे। प्रदर्शन में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी बड़ी भागीदारी बताई गई। JAAC ने कहा कि रावलाकोट और चक की महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। संगठन का दावा है कि प्रदर्शनकारी प्रशासन के दबाव के बावजूद पीछे नहीं हटे। वहीं, JAAC की अपील पर न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रहने वाले कश्मीरी समुदाय ने भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने JAAC के कोर कमेटी सदस्य शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी का विरोध किया और उनकी रिहाई की मांग की। JAAC का कहना है कि शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद पूरे PoJK में तनाव बढ़ गया है। संगठन ने सोशल मीडिया पर ‘रीलिज शौकत मीर’ अभियान चलाया, जिसके तहत लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान ‘लॉन्ग लिव कश्मीर’ और ‘लॉन्ग लिव द पीपल’ जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन करने वाले संगठन JAAC के बारे में जानिए 5 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य JAAC ने सोशल मीडिया पर PoK के 10 जिलों की अनुमानित आबादी का आंकड़ा साझा किया। संगठन के मुताबिक, यदि प्रत्येक जिले से 50 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हों तो कुल संख्या पांच लाख तक पहुंच सकती है। संगठन ने लोगों से सफेद झंडे के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उनका कहना है कि उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना है कि प्रदर्शन केवल बुनियादी अधिकारों की मांग के लिए है। PoK के कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने दावा किया कि शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद 600 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को लंदन में भी पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी है। पिछले महीने हिंसा में 30 की मौत हुई थी सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 8 जून को PoK में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रॉयटर्स के मुताबिक मृतकों में 4 पुलिसकर्मी भी शामिल थे। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर भी विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा था। PoK में 27 जुलाई को चुनाव 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इसका असर वहां की राजनीति पर भी पड़ा। मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। चौधरी अनवरुल हक को भी नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था, और अब वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर नए प्रधानमंत्री हैं। ————————— पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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संभल में 24 कोसीय परिक्रमा संपन्न: बारिश और कीचड़ के बावजूद श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ यात्रा की – Sambhal News




संभल में 24 कोसीय मासिक परिक्रमा समिति द्वारा आयोजित मासिक परिक्रमा रविवार को संपन्न हुई। मूसलाधार बारिश, कीचड़ और दुर्गम कच्चे मार्गों के बावजूद श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ परिक्रमा पूरी की। इस दौरान परिक्रमा मार्ग “हर-हर महादेव”, “जय श्री वंशगोपाल” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा। परिक्रमा सुबह 6:30 बजे शुरू होकर दोपहर 4 बजे समाप्त हुई। परिक्रमा संभल के थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव बैनीपुर चक स्थित श्रीवंशगोपाल तीर्थ से शुरू हुई। इसमें 68 तीर्थों और 19 कूपों की यात्रा शामिल थी। पंडित शिवओम शुक्ला ने पवित्र कुंड में देवताओं और पितरों को जल अर्पित कराकर परिक्रमा का शुभारंभ किया। इसके बाद पंडित विशाल शर्मा ने संभलेश्वर भोलेनाथ की आरती की। श्रद्धालुओं ने पवित्र कदंब वृक्ष और तीर्थ की परिक्रमा की, जिसके उपरांत महंत भगवद प्रिय महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर परिक्रमा के लिए रवाना किया। देखें, 3 तस्वीरें… परिक्रमा शुरू होते ही मार्ग में कई स्थानों पर भारी जलभराव और कीचड़ के कारण चार पहिया वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। कुछ वाहन कीचड़ में फंस गए, जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा और वे सीधे प्रमुख तीर्थों के दर्शन के लिए आगे बढ़े।
परिक्रमा भुवनेश्वर तीर्थ पहुंची, जहां पंडित विशाल शर्मा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की स्तुति में रुद्राष्टकम का सामूहिक पाठ किया। इसके बाद गांव फिरोजपुर स्थित मां चामुंडा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। नैमिषारण्य तीर्थ पर महंत बालयोगी दीनानाथ ने सिद्ध समाधि बाबा क्षेमनाथ महाराज के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं ने गांव भवानीपुर और गांव चंदायन स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में भगवान शिव का पूजन और जलाभिषेक किया। श्रीवंशगोपाल धाम लौटकर मासिक 24 कोसीय परिक्रमा का समापन हुआ। इस अवसर पर राज कुमार शर्मा, जसपाल सिंह, रामकिशन ठकराल, अंकित अग्रवाल, पंडित विशाल शर्मा, राजू टेंट, आशीष गुप्ता, सरिता गुप्ता, अर्जुन सिंह, अमित शर्मा और सत्यवीर सिंह सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।



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मिरांडा हाउस में एडमिशन की हर उलझन का मिलेगा समाधान: छात्राओं-अभिभावकों के लिए विशेष हेल्पडेस्क, रोजाना 500 अभ्यर्थियों को मिलेगी प्रवेश सुविधा – New Delhi News




दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज में स्नातक प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्राओं और उनके अभिभावकों की शंकाओं के समाधान के लिए 6 से 8 जुलाई तक ओपन हाउस सेशन (फेस-2) आयोजित किया जाएगा। कॉलेज परिसर के गेट नंबर-3 पर सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक चलने वाले इस विशेष सत्र में विशेषज्ञ, शिक्षक और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सीएसएएस फेस-2 के दौरान सही कोर्स प्रेफरेंस लिस्ट तैयार करने, ईसीए और स्पोर्ट्स कोटा, सर्टिफिकेट कोर्स, हॉस्टल, रेजिडेंस और प्रवेश प्रक्रिया के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की स्पष्ट जानकारी देना है। साथ ही प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से व्यक्तिगत स्तर पर भी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रखा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। कॉलेज की ओर से जारी पोस्टर पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। प्रत्येक दिन पंजीकरण के आधार पर अधिकतम 500 छात्राओं को उनके अभिभावकों के साथ प्रवेश मिलेगा। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान भ्रम कम होगा कॉलेज का मानना है कि इससे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान भ्रम कम होगा और छात्राएं बेहतर निर्णय ले सकेंगी। मिरांडा हाउस कॉलेज की प्रार्चाय प्रो बिजयालक्ष्मी नंदा ने कहा, हमारा प्रयास है कि हर अभ्यर्थी तक प्रवेश प्रक्रिया की सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचे, ताकि छात्राएं बिना किसी भ्रम के अपने भविष्य से जुड़ा निर्णय आत्मविश्वास के साथ ले सकें।



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लखनऊ आम महोत्सव में मेरठ का जलवा, 25 किस्मों की मिठास ने मचाया धूम


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UP Aam Mahotsav: लखनऊ में आम महोत्सव की 3 जुलाई से शुरुआत हो गई है, जिसमें देशभर की आम की वैरायटी लोगों को काफी पसंद आ रही है. ऐसे में मेरठ की भी अगर बात करें, तो 25 प्रकार की वैरायटी यहां देखने को मिलेगी. आइए इन आमों की खासियत के बारे में जानते हैं.

मेरठ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में तीन दिवसीय आम महोत्सव की शुरुआत हो गई है. तीन दिवसीय आम महोत्सव में देशभर के विभिन्न हिस्सों के आमों की किस्म आपको देखने को मिलेगी, जिसमें मेरठ के भी लगभग 25 प्रकार के आम की महक से भी लखनऊ का यह आम महोत्सव सुगंधित होते हुए दिखाई दे रहा है. ऐसे में लोकल 18 की टीम की ओर से भी जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार से खास बातचीत की.

लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि लखनऊ में आयोजित होने वाला आम महोत्सव बेहद खास होता है, क्योंकि इसमें देशभर के विभिन्न आमों की वैरायटी एक ही स्थान पर देखने को मिलती है. जिनकी डिमांड देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी बड़ी मात्रा में रहती है. ऐसे में मेरठ जनपद की भी 35 प्रकार की वैरायटी के नाम इस महोत्सव के लिए भेजे गए थे.

विदेशों तक होती है डिमांड
इसमें 25 वैरायटी को शामिल किया गया है, जो आपको महोत्सव के अंदर दिखाई देंगे. उन्होंने बताया कि इन आमों की अगर बात की जाए तो यह बेहद खास हैं, क्योंकि रंग-बिरंगे यह आम जितने देखने में अच्छे लगते हैं, उतने ही खाने में भी काफी स्वादिष्ट है. इसकी डिमांड विदेश में भी रहती है.

मेरठ की यह वैरायटी की गई है शामिल 
उन्होंने बताया कि आम महोत्सव में मेरठ की वैरायटी की अगर बात की जाए, तो इसमें अमरपाली, गुलाब खास, रजनीगंधा, गोदावरी, तोतापरी, हबीब पसंद, लेट लंगड़ा, रामकेला, चौसा, लंगड़ा, दशहरी, गुलाब जामुन, रटौल सहित 25 वैरायटी शामिल हैं, जो खाने में काफी स्वादिष्ट होती है. इन्हें लोगों की ओर से काफी पसंद भी किया जाता है. मेरठ के किसान की आम की प्रजाति को काफी पसंद किया गया था. ऐसे में अबकी बार भी उम्मीद है कि मेरठ की यह प्रजाति पसंद आएगी. गत वर्ष की तरह इस बार फिर से मेरठ इनाम राशि जीतकर बागवानी के क्षेत्र में परचम लहराएगा.

बताते चले कि इस तरह के महोत्सव कृषि के क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि जब किसानों को अवसर मिलता है, तो वह अपनी प्रतिभा का परिचय देते हैं. साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में वैरायटी चर्चा में रहते हैं. इससे किसानों को भी फायदा होता है.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें



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डबिंग रूम में आमिर खान का रूप देख दंग थी हीरोइन, ‘रंगीला’ की रिलीज से पहले लिखा फैन लेटर


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‘फरफेक्ट’ फिल्मी करियर के उलट आमिर खान की निजी जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही. वे अब अपनी दोस्त गौरी स्प्रैट संग शादी के चलते सुर्खियों में हैं. इस बीच उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘रंगीला’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा चर्चा में है. कहते हैं कि उर्मिला मातोंडकर अपने कोस्टार आमिर खान की शानदार एक्टिंग से इतना प्रभावित हुई थीं कि उन्होंने उनके नाम किसी फैन की तरह लेटर लिखा था. उर्मिला ने उनसे जो कहा, वो आगे चलकर सच साबित हुआ, मगर हीरोइन का फैन लेटर यादगार किस्सा बन गया.

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आमिर खान को ‘रंगीला’ ने स्टार बना दिया था. (फोटो साभार: IMDb)

नई दिल्ली: 61 साल के आमिर खान की जिंदगी में खूबसूरत मोड़ आया है. किरण राव से तलाक के बाद लोग सोच रहे थे कि आमिर खान अब बाकी की जिंदगी अकेले गुजार देंगे. मगर उन्होंने सबको चौंकाते हुए तीसरी बार शादी की. उन्होंने 20 साल पुरानी दोस्त को हमसफर बना लिया. आमिर खान की निजी जिंदगी भले उतार-चढ़ाव से भरी हो, मगर उनका फिल्मी सफर बेजोड़ रहा है. आज उनके भले करोड़ों फैंस हैं, जो उन्हें लेटर लिखते हैं. मगर करियर की शुरुआत में जब उनके पीछे कोई नहीं था, तब एक हीरोइन उनकी बड़ी फैन थी.

किस्सा तब का है, जब आमिर खान अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘रंगीला’ में काम कर रहे थे. फिल्म रिलीज नहीं हुई थी, मगर उनकी कोस्टार उर्मिला मातोंडकर ने उनके टैलेंट से उनके उज्ज्वल भविष्य को भांप लिया था. ईटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की डबिंग के वक्त एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर ने आमिर खान की एक्टिंग पर गौर किया. वे इतनी इम्प्रेस हुईं कि खुद को रोक नहीं पाईं. उन्होंने तुरंत आमिर को एक पर्सनल लेटर लिख डाला. मजेदार बात यह है कि उस वक्त तक न तो पब्लिक और न ही क्रिटिक्स ने आमिर के इस काम को देखा था. उर्मिला ने साल 2021 में एक डांस रियलिटी शो में यह किस्सा सुनाया था. उन्होंने आमिर को लेटर में लिखा था, ‘इस शानदार परफॉर्मेंस के बाद आपको तारीफों के ढेर सारे लेटर्स और अवॉर्ड्स मिलने वाले हैं, लेकिन यह आपका पहला फैन लेटर होगा.’

फिल्म ‘रंगीला’ का एक सीन. (फोटो साभार: IMDb)

तिकड़ी ने किया था कमाल
राम गोपाल वर्मा के डायरेक्शन में बनी ‘रंगीला’ को लोग भूल नहीं पाए हैं. आमिर खान, उर्मिला मातोंडकर और जैकी श्रॉफ की तिकड़ी ने रोमांटिक-ड्रामा में कमाल का काम किया था. फिल्म की कहानी और किरदारों के साथ-साथ इसका म्यूजिक भी ऑल-टाइम हिट रहा. फिल्म से म्यूजिक लीजेंड एआर रहमान ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था और उनके गानों ने हर तरफ धूम मचा दी थी. उर्मिला के लिए भी फिल्म मील का पत्थर साबित हुई. उनके ग्लैमरस अंदाज और बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें रातों-रात बॉलीवुड की टॉप हीरोइनों की कतार में ला खड़ा किया था.

रसूखदार फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं आमिर खान
आमिर खान फिल्म इंडस्ट्री के बहुत ही बड़े और रसूखदार फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. प्रोड्यूसर ताहिर हुसैन के बेटे और डायरेक्टर नासिर हुसैन के भतीजे आमिर के भाई फैसल खान भी एक्टर हैं. आमिर खान के कजिन मंसूर खान ने ‘कयामत से कयामत तक’ जैसी आइकॉनिक फिल्में डायरेक्ट की हैं. निजी जिंदगी की बात करें तो आमिर खान की पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी, जिससे उनके दो बच्चे जुनैद और आयरा खान हैं. किरण राव के साथ उनकी दूसरी शादी से उनका एक बेटा आजाद राव खान है. हालांकि, किरण राव से अलग होने के बाद भी दोनों मिलकर अपने बेटे की परवरिश कर रहे हैं. एक्टर की अब तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट के साथ तस्वीरें छाई हुई हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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बादलों में घिरे पावागढ़ शक्तिपीठ का मनमोहक दृश्य: महाकाली के दर्शन के लिए घने कोहरे के बीच भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी – Gujarat News




यह खूबसूरत दृश्य है गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित शक्तिपीठ पावागढ़ मंदिर का। जिले में जोरदार बारिश के चलते धुंध और ठंडक का माहौल है। रविवार की छुट्टी होने के चलते सुबह से ही मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। श्रद्धालु माताजी के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े थे और श्रद्धापूर्वक दर्शन कर रहे थे। पावागढ़ क्षेत्र में आज बारिश का मौसम रहा। सुबह मंदिर क्षेत्र बादलों से घिरा हुआ था, जिससे पूरी पहाड़ी पर धुंध और ठंडक का माहौल बन गया। तीर्थयात्रियों ने इन अनूठे प्राकृतिक दृश्यों के बीच माताजी के दर्शन किए। कुछ तीर्थयात्री मंदिर परिसर में श्रद्धापूर्वक गरबा खेलते हुए भी देखे गए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और आनंद से सराबोर हो गया। स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई थी, ताकि तीर्थयात्रियों को सुगम और सुरक्षित दर्शन का लाभ मिल सके। 5 तस्वीरों में देखें पावागढ़ का मनमोहक दृश्य… ————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एक ही दिन में 6 लोग गड्ढों में गिरे:गुजरात के जूनागढ़ की घटनाएं, सीसीटीवी में कैद हुईं तस्वीरें गुजरात में मानसून ने एंट्री कर ली है और जोरदार बारिश से अब हादसे भी सामने आने लगे हैं। वहीं, जूनागढ़ शहर में बुधवार को एक ही दिन में एक बच्ची समेत 6 लोग सड़कों पर बने गढ्ढों में गिरने से घायल हो गए। आजाद चौक इलाके में बाइक सवार दंपति गढ्ढे में गिर गए। युवक के सिर में गंभीर चोट आई। पूरी खबर पढ़ें…



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झालावाड़ में 30 मिनट तक हुई तेज बारिश: भीषण गर्मी और उमस से मिली राहत; किसानों चेहरे खिले, फसलों को होगा फायदा – jhalawar News




झालावाड़ शहर में रविवार दोपहर को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से तेज गर्मी और उमस के बाद दोपहर करीब 2 बजे आसमान में काले बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके कुछ ही देर बाद बिजली की गड़गड़ाहट के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। तेज बारिश के बाद रुक-रुककर हल्की फुहारों का दौर जारी रहा। इस बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। फसलों के लिए बारिश लाभदायक
सुबह से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, किसानों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी, क्योंकि यह लगातार हो रही बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक मानी जा रही है। शनिवार को भी जिले में दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई थी, जिससे क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे में रविवार सुबह 8 बजे तक जिले में कुल 133 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें झालावाड़ में 16 एमएम, रायपुर में 4 एमएम, अकलेरा में 13 एमएम, असनावर में 4 एमएम, बकानी में 28 एमएम, डग में 17 एमएम, झालरापाटन में 28 एमएम, खानपुर में 1 एमएम, मनोहर थाना में 8 एमएम, पचपहाड़ में 6 एमएम, पिड़ावा में 1 एमएम और सुनेल में 7 एमएम बारिश हुई। गंगाधर में कोई बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम विभाग ने आगामी तीन-चार दिनों तक जिले में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है। बारिश से पहले तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था और सुबह से तेज धूप व उमस के कारण बारिश की संभावना बनी हुई थी।



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Instagram तुरंत हटाए बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापन, केंद्र सरकार का आदेश


केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर Child Sexual Exploitative and Abuse Material- CSEAM से जुड़े पेड विज्ञापनों और कंटेंट को लेकर सख्ती दिखाई है और Meta को इसे तुरंत हटाने के लिए कहा है। सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने META को इस तरह के सभी पेड विज्ञापनों और कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया, जो किसी भी प्रकार से CSEAM तक यूजर्स की पहुंच को बढ़ावा देते हैं या उसे उपलब्ध कराने में सहायता करते हैं।

बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट हटाए इंस्टाग्राम

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने नोटिस में साफ किया कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी किसी भी तरह की सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने META से कहा है कि Instagram पर मौजूद इस प्रकार के सभी पेड विज्ञापनों और संबंधित कंटेंट को तत्काल Disable किया जाए। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित हो कि भविष्य में ऐसा कंटेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ना दिखाई दे।

META को 7 दिन में सरकार को देना होगा जवाब

सूत्रों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने META को इस मामले पर जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया है। सरकार ने META से पूछा है कि आखिर इस प्रकार का कंटेंट और विज्ञापन इंस्टाग्राम पर कैसे दिखा और इनको रोकने के लिए अभी तक क्या स्टेप लिए गए। सरकार ने META से एक विस्तृत रिपोर्ट और स्पष्टीकरण की मांग की है कि उसके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम और विज्ञापन की समीक्षा की प्रक्रिया में ऐसी चूक कैसे हो गई।

META से एल्गोरिदम को लेकर भी पूछा सवाल

इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने META को यह भी कहा है कि अगर उसके एल्गोरिदम किसी भी प्रकार से यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट को ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाने में रोल निभा रहे हैं, तो उस पर भी तुरंत रोक लगाई जाए। केंद्र सरकार का मानना है कि ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देने वाली किसी भी टेक्नोलॉजी या एल्गोरिदमिक सिस्टम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लिया गया कदम

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने यह स्टेप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लिया है। सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी सिर्फ आपत्तिजनक कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसे कंटेंट की पहचान और प्रसार को रोकने के लिए मजबूत टेक्निकल सिस्टम डेवलप करना भी उनकी जिम्मेदारी है।

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