Monday, July 13, 2026
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चारबाग के तीन अहम रेल प्रोजेक्ट छह साल से अधूरे: स्टेशन अपग्रेडेशन पर फोकस, आरआरआई, फोरलेन आउटर और सुरक्षा परियोजनाएं अटकीं – Lucknow News




उत्तर रेलवे के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुरू किए गए तीन अहम प्रोजेक्ट करीब छह साल बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई), फोरलेन आउटर और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की योजनाएं अब तक अधूरी हैं। रेलवे अधिकारियों का पूरा ध्यान स्टेशन के अपग्रेडेशन कार्य पर होने से ये परियोजनाएं लगातार देरी का शिकार हो रही हैं। पुरानी सिग्नलिंग व्यवस्था से बढ़ रही परेशानी चारबाग स्टेशन से रोजाना 180 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और सवा लाख से ज्यादा यात्री यहां से सफर करते हैं। स्टेशन की लगभग 40 वर्ष पुरानी सिग्नलिंग प्रणाली को बदलने के लिए लॉकडाउन से पहले आरआरआई परियोजना शुरू की गई थी। कानपुर एंड पर इसके लिए भवन भी बनाया गया, लेकिन काम अधूरा रह गया। नतीजतन स्टेशन अब भी पुरानी सिग्नलिंग प्रणाली पर निर्भर है। पुराने तारों को चूहे नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे सिग्नल फेल होने और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आउटर पर ट्रेनों की लंबी रोक, फोरलेन योजना अधूरी चारबाग से दिलकुशा और आलमनगर की ओर मौजूद दो रेल लाइनों को बढ़ाकर चार लाइन करने की योजना भी अधूरी है। इस परियोजना का उद्देश्य आउटर पर ट्रेनों की भीड़ कम करना और अनावश्यक ठहराव खत्म करना था। काम शुरू होने के बावजूद फोरलेन आउटर तैयार नहीं हो सका, जिससे आज भी कई ट्रेनों को आउटर पर इंतजार करना पड़ता है और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है। आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की योजना भी फाइलों में स्टेशन की सुरक्षा मजबूत करने के लिए करीब आठ करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की गई थी। इसके तहत ड्रोन निगरानी, हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, अतिरिक्त लगेज स्कैनर और मेटल डोर डिटेक्टर लगाने की योजना थी। हालांकि यह परियोजना भी आगे नहीं बढ़ सकी और अधिकांश काम अधूरा है। अपग्रेडेशन परियोजना बनी देरी की वजह रेलवे सूत्रों के अनुसार, आरआरआई और फोरलेन आउटर पर काम शुरू होने के बाद रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) ने चारबाग स्टेशन के विश्वस्तरीय पुनर्विकास का काम शुरू कर दिया। स्टेशन अपग्रेडेशन को प्राथमिकता मिलने से पहले से चल रही परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई और वे समय पर पूरी नहीं हो सकीं। वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स तैयार, फिर भी शुरू नहीं हुआ चारबाग स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये की लागत से कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद इसका उद्घाटन और कमीशनिंग अब तक नहीं हुई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि औपचारिक कमीशनिंग के बाद ही यहां वंदे भारत ट्रेनों का नियमित रखरखाव शुरू किया जा सकेगा।



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बालोतरा में सड़क हादसे में तीन की मौत, 5 रेफर: स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार से सभी, राहगीरों ने निजी एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल – Balotra News




बालोतरा जिले में जोधपुर नेशनल हाईवे पर देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा भाडिंयावास के पास हुआ, जहां एक स्कॉर्पियो गाड़ी की अज्ञात वाहन से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहगीरों ने बताया कि हादसा रविवार आधी रात को हुआ और टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव कार्य के बाद घायलों और मृतकों को निजी एंबुलेंस की सहायता से राजकीय नाहटा अस्पताल, बालोतरा पहुंचाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पांच घायल जोधपुर रेफर राजकीय नाहटा अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कॉर्पियो की टक्कर किसी अज्ञात वाहन से हुई थी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। मृतकों और घायलों की पहचान तथा हादसे के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।



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नए वोटर को देना होगा माता-पिता के SIR का ब्योरा: अभी केवल पुराने वोटर्स पर लागू था; चुनाव आयोग बोला- इससे पहचान-रिकॉर्ड मिलाना आसान होगा




चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल पुराने मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा। चुनाव आयोग ने यह नियम क्यों बनाया? फॉर्म-6 के साथ देना होगा घोषणा पत्र EC अधिकारियों ने बताया कि बिहार में जून 2025 में शुरू किए गए SIR अभियान के दौरान फॉर्म-6 के साथ यह घोषणा पत्र जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को आवेदन के साथ यह घोषणा भी भरनी होती थी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई औपचारिक संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि निर्देश जारी कर इस घोषणा को अनिवार्य बनाया गया है। संयुक्त राष्ट्र की आपत्तियों पर EC का जवाब चुनाव आयोग ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्तेयर्स द्वारा SIR की पारदर्शिता पर उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नाम हटाना है। किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और यदि किसी का नाम हटता है, तो उसे चुनौती देने का अवसर दिया जाता है। SIR से जुड़ा अपडेट…. चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज, सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ। तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। भास्कर नॉलेज Form-6 वह आधिकारिक आवेदन पत्र है, जिसके जरिए 18 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई भी पात्र भारतीय नागरिक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाता है या किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरण के बाद नया पंजीकरण कराता है। इसे वोटर हेल्पलाइन एप, चुनाव आयोग की वेबसाइट या BLO/निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से भरा जा सकता है।



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कैसे RBI के एक फैसले ने बदल दी विदेशियों की चाल, दौड़े-दौड़े आए FII! दे दिए ₹60,000 करोड़


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विदेशी निवेशकों का भारत से पैसा निकालना पिछले कुछ समय से चिंता का विषय बना हुआ था. लेकिन जून में सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ बड़े फैसले किए, जिनका असर अब दिखने लगा है. SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कदमों के बाद सिर्फ एक महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारत में करीब 7 अरब डॉलर यानी लगभग ₹60,000 करोड़ का निवेश किया है. इससे रुपये को भी मजबूती मिली है और विदेशी पूंजी का भरोसा फिर से भारत की ओर लौटता दिख रहा है.

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RBI के नए नियमों के बाद बैंकों को इस योजना के जरिए ज्यादा जमा जुटाने में मदद मिल रही है.

नई दिल्ली. पिछले कुछ महीनों से विदेशी निवेशक (FII) भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे थे. इससे शेयर बाजार के साथ साथ रुपये पर भी दबाव बढ़ रहा था. ऐसे में सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जून में कुछ ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने विदेशी निवेशकों का नजरिया बदल दिया. अब इसका असर भी दिखने लगा है. SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, इन फैसलों के बाद भारत में करीब 7 अरब डॉलर यानी लगभग ₹60,000 करोड़ की विदेशी पूंजी आई है. इसका फायदा सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहा. डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती देखने को मिली. 20 मई को रुपया जहां 1 डॉलर के मुकाबले 96.80 रुपये तक पहुंच गया था, वहीं जून के आखिर तक इसमें करीब 2.2 फीसदी की रिकवरी दर्ज की गई.

जून में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी थीं. इससे रुपये पर दबाव आने लगा. ऐसे में सरकार और RBI ने विदेशी निवेशकों और एनआरआई (NRI) का पैसा भारत लाने के लिए कई अहम फैसले किए. इनमें सबसे बड़ा फैसला था कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को सरकारी बॉन्ड में निवेश पर टैक्स में राहत दी गई. इसके अलावा विदेशी मुद्रा गैर निवासी बैंक जमा (FCNR-B) योजना को और आकर्षक बनाया गया. RBI ने बैंकों की हेजिंग लागत खुद उठाने का फैसला किया, जिससे विदेशी मुद्रा जमा पर बैंकों का खर्च कम हो गया. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए रियायती डॉलर स्वैप विंडो भी शुरू की गई.

FCNR-B स्कीम से कैसे आया पैसा?

FCNR-B ऐसी जमा योजना है, जिसमें विदेश में रहने वाले भारतीय (NRI) डॉलर जैसी विदेशी मुद्रा में भारत के बैंकों में पैसा जमा कर सकते हैं. RBI के नए नियमों के बाद बैंकों को इस योजना के जरिए ज्यादा जमा जुटाने में मदद मिल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक बैंकों ने इस योजना के जरिए 3 से 4 अरब डॉलर यानी करीब ₹26,000 करोड़ से ₹34,000 करोड़ जुटा लिए हैं. बैंकिंग सेक्टर को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस स्कीम के जरिए 40 से 50 अरब डॉलर यानी लगभग ₹3.4 लाख करोड़ से ₹4.3 लाख करोड़ तक की नई विदेशी जमा आ सकती है. खासकर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों से इसमें अच्छी भागीदारी की उम्मीद है.

रुपये को कैसे मिला सहारा?

जब किसी देश में ज्यादा विदेशी डॉलर आते हैं तो डॉलर की उपलब्धता बढ़ जाती है. इससे स्थानीय करेंसी पर दबाव कम होता है. यही वजह रही कि जून के दौरान रुपये में मजबूती देखने को मिली. हालांकि, हाल में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर फिर कुछ दबाव बना है. इसके बावजूद SBI रिसर्च का मानना है कि अगर भारत के लिए कच्चे तेल की औसत कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल यानी करीब ₹6,900 प्रति बैरल या उससे नीचे रहती है तो देश का तेल आयात बिल पिछले अनुमान की तुलना में 30 से 35 अरब डॉलर यानी लगभग ₹2.6 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ तक कम हो सकता है.

विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ा

रिपोर्ट के अनुसार, जून के आखिर तक समाप्त पखवाड़े में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.4 अरब डॉलर यानी करीब ₹38,000 करोड़ बढ़ा है. वहीं बैंकों की लिक्विडिटी भी बेहतर हुई है. सिर्फ जून के आखिर तक के पखवाड़े में बैंकों में करीब ₹7 लाख करोड़ की नई जमा आई है.

अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अच्छी खबर?

विदेशी निवेश बढ़ने से शेयर बाजार को सहारा मिलता है, रुपये में स्थिरता आती है और कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना आसान होता है. साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होने से भारत बाहरी झटकों का बेहतर तरीके से सामना कर सकता है. SBI रिसर्च का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ज्यादा नहीं बिगड़ते, तो आने वाले महीनों में विदेशी निवेश का यह सिलसिला और मजबूत हो सकता है.



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देकुली धाम में दो विकास योजनाओं का लोकार्पण: मुख्यमंत्री कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करेंगे उद्घाटन, सुविधाओं का विस्तार होगा – Sheohar News




शिवहर के प्रसिद्ध आस्था केंद्र देकुली धाम में दो महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन कल, सोमवार को किया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने इसकी पुष्टि की है। उद्घाटन की जाने वाली योजनाओं में देकुली धाम स्थित पोखर के किनारे निर्मित पक्का घाट और श्रद्धालुओं तथा स्थानीय व्यवसायियों के लिए बनाई गई नई दुकानों की श्रृंखला शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार करना है। जिला प्रशासन के अनुसार, इन योजनाओं के शुरू होने से देकुली धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इन परियोजनाओं का निर्माण जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के नेतृत्व में अल्प समय में पूरा किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन उद्घाटन के बाद, ये दोनों योजनाएं आम लोगों के लिए समर्पित कर दी जाएंगी। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह देकुली धाम के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



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शादीशुदा व्यक्ति और नाबालिग के शव पेड़ पर लटके मिले: धार के डही में सरपंच के बताने पर पहुंची पुलिस; प्रेम-प्रसंग के एंगल से जांच – Dhar News




धार जिले के डही थाना क्षेत्र के ग्राम बलवानी दवानीपुरा में एक सुनसान पहाड़ी रास्ते पर बबूल के पेड़ से एक युवक और एक युवती के शव एक ही फंदे पर लटके मिले। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बलवानी के सरपंच अर्जुन सिंह रनदा ने तत्काल डही पुलिस को सूचना दी। पुलिस दल मौके पर पहुंचा, दोनों शवों को नीचे उतरवाया और प्रारंभिक जांच शुरू की। पुलिस जांच में युवक की पहचान ग्राम बलवानी निवासी 22 वर्षीय वीरेंद्र पिता सुखराम जामोद के रूप में हुई। वीरेंद्र शादीशुदा था और उसकी एक छोटी बेटी भी है। वहीं, युवती की पहचान ग्राम अराडा निवासी 16 वर्षीय लीला पिता रामलाल मानकर के रूप में हुई, जो अविवाहित थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए डही अस्पताल भेजा गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। डही पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।



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मानव तस्करी गिरोह के दो इनामी गिरफ्तार: सोनभद्र में नाबालिगों की खरीद-फरोख्त और जबरन विवाह कराने का आरोप – Sonbhadra News




सोनभद्र पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त और जबरन विवाह कराने वाले संगठित मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹25-25 हजार के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लंबे समय से फरार चल रहे दोनों आरोपियों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) यूनिट और रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छपका पावर हाउस के पीछे स्थित एक मकान पर छापा मारकर सुनील दास और रानू बेगम को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर घर से ले जाता था और फिर उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में मोटी रकम लेकर उनका जबरन विवाह कराता था। एक ही पीड़िता को कई बार बेचने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि पीड़िताओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध कई बार अलग-अलग व्यक्तियों को बेचा जाता था। प्रत्येक सौदे से मिलने वाली रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। गिरोह में दलालों, वाहन चालकों और स्थानीय सहयोगियों का सक्रिय नेटवर्क भी शामिल था, जो पीड़िताओं को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने का काम करता था। मोबाइल फोन से जुटाए जा रहे नेटवर्क के सुराग पूछताछ में दोनों आरोपियों ने नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त और जबरन विवाह कराने वाले नेटवर्क से जुड़े होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना से जुड़े मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब डिजिटल जांच के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों, आर्थिक लेन-देन और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। मानव तस्करी और महिला-बाल अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



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नॉनवेज से भी ज्यादा टेस्टी ये पनीर डिश, जानिए मसाला पनीर कलेजी बनाने का तरीका


पनीर भारतीय रसोई का एक बहुत कॉमन फूड है, जिससे कई तरह की स्वादिष्ट डिशेज बनाई जाती हैं. यदि आप शाही पनीर, मटर पनीर जैसी रेसिपी खाकर बोर हो गए हैं, तो पनीर कलेजी की रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. ये डिश अपने अनोखे स्वाद और खास बनाने के तरीके की वजह से काफी अलग नजर आती है. इसमें पनीर को पहले चायपत्ती वाले पानी में उबाला जाता है, जिससे इसका रंग हल्का गहरा हो जाता है और स्वाद भी काफी खास बनता है.

मसालों से भरपूर इसकी ग्रेवी पनीर को एकदम नया फ्लेवर देती है. यह रेसिपी खास मौकों, फैमिली डिनर या मेहमानों के स्वागत के लिए भी शानदार है. अगर आप हमेशा एक जैसी पनीर की सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस स्वादिष्ट रेसिपी को जरूर ट्राई करें.

मसाला पनीर कलेजी की रेसिपी

मसाला पनीर कलेजी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म करें. एक साफ कपड़े में चायपत्ती बांधकर छोटी पोटली बना लें और उसे पानी में डाल दें. इसके साथ पनीर के बड़े टुकड़े और थोड़ा नमक डालकर 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें. इससे पनीर का रंग और स्वाद दोनों बदल जाते हैं. उबालने के बाद पनीर को निकाल लें और पानी को संभालकर रख दें, क्योंकि इसका इस्तेमाल बाद में ग्रेवी बनाने में होगा.

अब एक कड़ाही में तेल या थोड़ा घी गर्म करें. इसमें जीरा, साबुत लाल मिर्च, तेजपत्ता, दालचीनी, इलायची, काली मिर्च और लौंग डालकर भूनें. जब मसालों की खुशबू आने लगे, तब बारीक कटा प्याज डालें और सुनहरा होने तक पकाएं. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ मिनट भून लें.

अब इसमें टमाटर और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर, पनीर मसाला और गरम मसाला डालकर अच्छी तरह पकाएं. जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब हरी मिर्च और अदरक का लच्छा डाल दें. इसके बाद उबला हुआ पनीर डालकर हल्के हाथों से मिलाएं.

अब बचा हुआ चायपत्ती वाला पानी जरूरत के अनुसार डालें और 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. जब ग्रेवी गाढ़ी हो जाए, तो ऊपर से कसूरी मेथी और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.

तैयार मसाला पनीर कलेजी को तंदूरी रोटी, बटर नान, मिस्सी रोटी या जीरा राइस के साथ परोसें. ऊपर से अदरक और हरे धनिये की सजावट इसका स्वाद और लुक दोनों बढ़ा देती है.



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दिव्या खोसला ने समंदर के बीचों-बीच कराया ग्लैमरस फोटोशूट, फैंस हुए दीवाने


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दिव्या खोसला कुमार का यह नया और रिफ्रेशिंग अवतार सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है! समंदर के बीचों-बीच आलीशान याच पर बैठीं दिव्या निऑन जिम वियर में गजब के पोज देती नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस की इस फिटनेस और कातिलाना अंदाज को देख फैंस अपनी नजरें नहीं हटा पा रहे हैं. नीचे देखें फोटोज-

बॉलीवुड एक्ट्रेस और डायरेक्टर दिव्या खोसला अपने कमाल के फैशन सेंस और स्टाइल के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली दिव्या ने हाल ही में अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ बेहद ही खूबसूरत और ग्लैमरस तस्वीरें पोस्ट की हैं, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों में दिव्या समंदर के बीच एक आलीशान याच पर फुर्सत के पल बिताती नजर आ रही हैं. उनका यह नया अंदाज उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है और लोग इस पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं.

दिव्या खोसला ने अपने इंस्टाग्राम पर जो तस्वीरें शेयर की हैं, उनमें उनका एक बेहद रिफ्रेशिंग और स्टाइलिश अवतार देखने को मिल रहा है. समंदर के खूबसूरत बैकड्रॉप के साथ एक आलीशान याच पर बैठी दिव्या इन तस्वीरों में बेहद अट्रैक्टिव लग रही हैं.

लुक की बात करें तो दिव्या ने इस फोटोशूट के लिए काफी स्पोर्टी और ट्रेंडी ऑउटफिट चुना है. उन्होंने निऑन और ब्लैक कलर का जिम वियर कैरी किया हुआ है, जो उनके इस वेकेशन लुक पर पूरी तरह से जच रहा है. इस सिंपल और एलिगेंट लुक में भी वह काफी कमाल लग रही हैं.

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इन खूबसूरत तस्वीरों को पोस्ट करते हुए दिव्या खोसला ने एक छोटा और मजेदार कैप्शन भी दिया है. उन्होंने लिखा, “विटामिन D”. समंदर की लहरों के बीच गुनगुनी धूप का मजा लेते हुए दिव्या का यह अंदाज सोशल मीडिया पर फैंस का ध्यान खींच रहा है.

तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दिव्या ने याच पर बैठकर अलग-अलग एंगल से बेहद शानदार पोज दिए हैं. सूरज की रोशनी में उनका चेहरा काफी ग्लो कर रहा है. उनकी हर एक तस्वीर में उनका कॉन्फिडेंस और ग्लैमरस अंदाज साफ नजर आ रहा है.

जैसे ही दिव्या ने ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कीं, फैंस ने कमेंट सेक्शन में तारीफों की बौछार कर दी. दिव्या के कैप्शन का जवाब देते हुए एक फैन ने लिखा, “विटामिन डी नहीं, आप तो विटामिन डिवा हैं!” फैंस को उनका यह लुक बहुत पसंद आ रहा है.

दिव्या की इस पोस्ट पर फैंस लगातार रेड हार्ट और फायर वाले इमोजी शेयर कर रहे हैं. कमेंट करते हुए एक यूजर ने उन्हें ‘सनशाइन’ कहा, तो वहीं दूसरे यूजर्स उनकी फिटनेस और नेचुरल ब्यूटी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.

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कुमार विश्वास ने 9वीं में लिखी पहली कविता, बहन ने जीती ट्रॉफी, उन्हें पड़ा थप्पड़


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कुमार विश्वास ने ‘कहके रहेगा कहने वाला’ शो में अपने जीवन के कई पड़ावों, करियर और संघर्षों पर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने कविता और अध्यापन चुना.

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न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम ‘कहके रहेगा कहने वाला’ के लेटेस्ट एपिसोड में ऐसी शख्सियत ने शिरकत की, जिनका जीवन कई पड़ावों से होकर गुजरा है. कभी उन्होंने कवि के रूप में पहचान बनाई, कभी राजनीति में कदम रखा और कभी कथावाचक बनकर लोगों का दिल जीता. अपने अनुभवों की लंबी पोटली के साथ वह शो में पहुंचे, जहां उन्होंने अपने करियर और संघर्ष से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा कीं.

कुमार विश्वास मंच और स्क्रीन पर जितने बेबाक नजर आते हैं, अपने पिता के सामने उतने ही शांत रहते थे. उनके पिता चाहते थे कि बेटा इंजीनियर बने. उनपर पांच बच्चों समेत पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे. ऐसे में उनका सपना था कि बेटा एक सफल इंजीनियर बने. लेकिन कुमार विश्वास ने इंजीनियरिंग की बजाय कविता और अध्यापन का रास्ता चुना. यही बात उनके पिता को लंबे समय तक पसंद नहीं आई और वह अक्सर उनसे नाराज रहते थे.

विश्वास कुमार शर्मा से कुमार विश्वास
कुमार विश्वास ने शो में बताया कि उन्होंने अपना नाम कैसे बदला और पहली कविता लिखने की शुरुआत कैसे हुई. उनका असली नाम विश्वास कुमार शर्मा है, जबकि घर में सभी उन्हें प्यार से पिंटू बुलाते हैं. उन्होंने बताया कि उनका नाम बदलने के पीछे उनकी बहन का बड़ा योगदान है. बहन ने ही उन्हें एक काव्यात्मक नाम अपनाने की सलाह दी. पहले तो सभी ने खूब सोच विचार किया और बाद में ‘विश्वास कुमार’ से ‘कुमार विश्वास’ लिखना तय हुआ. इतना ही नहीं, उनकी वजह से ही कुमार विश्वास ने 9वीं कक्षा में अपनी पहली कविता भी लिखी.

दरअसल, उनकी बहन को एक कविता प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था. उनकी मदद के लिए कुमार विश्वास ने 9वीं कक्षा में ही एक कविता लिखी, जिसे उनकी बहन ने प्रतियोगिता में सुनाया. इस कविता की बदौलत उनकी बहन ने पहला स्थान हासिल किया.

पहली कविता लिखने पर पड़ा थप्पड़
कुमार विश्वास ने इस किस्से को मजाकिया अंदाज में सुनाया. उन्होंने बताया कि जब उनकी बहन प्रतियोगिता जीतकर घर लौटीं तो पिता ने उन्हें प्यार-दुलार दिया और उनकी पीठ थपथपाई. लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि कविता कुमार विश्वास ने लिखी थी, उन्होंने बेटे को एक थप्पड़ मार दिया और कहा कि पढ़ाई छोड़कर इन सब चीजों में समय क्यों लगा रहे हो.

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VarshaSenior Sub Editor

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें





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