Monday, July 6, 2026
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चटपटा और स्वादिष्ट, बरसात के मौसम में देशी तरीके से बनाए चिकन, 35 मिनट में हो जाएगा तैयार


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चटपटा और स्वादिष्ट, देशी तरीके से बनाए चिकन, 35 मिनट में हो जाएगा तैयार

 

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जैसे ही बरसात का सीजन शुरू होता है तो लोग चटपटा भोजन और स्वादिष्ट व्यंजन पसंद करते हैं यदि आप भी आपके घर पर देसी तरीके से चिकन बनाना चाहते हैं तो 35 मिनट में बनकर तैयार हो जाएगा. उसको बनाना बहुत ही आसान है इसको आप कुकर में भी बना सकते हैं आज हम आपको एक्सपर्ट के अनुसार विदेशी चिकन बनाने की रेसिपी बता रहे है. बरसात के मौसम में स्वादिष्ट देसी चिकन बनाने के लिए एक्सपर्ट फूलाबाई ने आसान रेसिपी साझा की है. यह देसी स्टाइल चिकन स्वादिष्ट होने के साथ घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और मानसून के मौसम में खाने का बेहतरीन विकल्प है.

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5 आतंकियों को उनके गांव लेकर पहुंची गुजरात ATS: मध्यप्रदेश-गुजरात से गिरफ्तार किए गए थे 8 आतंकी, टेररिस्ट नेटवर्क फैलाने का काम कर रहे थे


पालनपुर43 मिनट पहले

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पकड़े गए 8 में से 5 आतंकी पालनपुर तालुका के भागल गांव के रहने वाले हैं।

गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा था। जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें से 5 तो पालनपुर तालुका के भागल गांव के ही रहने वाले हैं। सोमवार को एटीएस इन पांचों को लेकर भागल गांव में इनके घर पहुंची।

क्योंकि, गिरफ्तार किए गए 8 में से 5 आतंकी इसी गांव के रहने वाले हैं। मुदाशिर गाजीवाला और अहमद गाजीवाला चचेरे भाई हैं। एटीएस सभी संबंधित लोगों को साथ लेकर जांच कर रही है और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

आतंकियों के घर से साहित्य और अन्य सामान जब्त पालनपुर तालुका के भागल गांव में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादियों के घर पर तलाशी अभियान के दौरान, गुजरात एटीएस टीम ने आतंकवादी संगठन से संबंधित आपत्तिजनक साहित्य जब्त किया है। एटीएस अधिकारियों ने आतंकवादियों में से एक के घर से सामग्री से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए हैं।

गुजरात ATS आतंकियों को लेकर पालनपुर के भागल गांव पहुंची।

गुजरात ATS आतंकियों को लेकर पालनपुर के भागल गांव पहुंची।

पांचों आतंकियों को एक-एककर उनके घर ले जाया गया।

पांचों आतंकियों को एक-एककर उनके घर ले जाया गया।

आतंकियों में से एक के घर से आपत्तिजनक साहित्य से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए गए।

आतंकियों में से एक के घर से आपत्तिजनक साहित्य से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए गए।

3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़े गए थे आतंकी

गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को 3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा है। सभी को अलग अलग जिलों से पकड़ा गया है। इनमें से दो की उम्र 18 और 19 साल है।

ये सभी गुजरात में JeM का एक एक्टिव नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहे थे, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया सके। एटीएस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

सूचना मिलने के बाद, एटीएस ने 5 अलग-अलग टीमें बनाकर एक बड़ा अभियान चलाया। एटीएस की टीमों ने गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी, पाटण और मध्य प्रदेश के देवास से 8 लोगों को गिरफ्तार किया।

जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के ही रहने वाले हैं और एक पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे।

पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था: डीआईजी

गुजरात के एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से काफी साहित्य और झंडे भी बरामद हुए। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन से काफी जानकारियां मिली हैं।

पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के हैंडलर के संपर्क में थे: डीआईजी

डीआईजी सुनील जोशी ने आगे बताया कि सभी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के एक हैंडलर के संपर्क में थे। हैंडलर के इशारे पर ही गुजरात में मजबूत नेटवर्क खड़ा करने कोशिशों में लगे हुए थे। इन्हें एक शख्स के जरिए 3 लाख रुपए भी मिले थे। ये गुजरात में पाटण के एक मदरसे में रह रहे थे। मदरसे से साहित्य और कुछ पर्चे भी जब्त किए गए हैं।

सदस्यों की भर्ती के लिए तंजीम नाम का संगठन बनाया था

डीआईजी सुनील जोशी ने कहा- आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के लिए गुजरात में एक तंजीम नाम का संगठन बनाया था। वर्तमान में, तंजीम में 8 सदस्य शामिल हो चुके थे और अपने क्षेत्र में अन्य सदस्यों को शामिल करने के लिए उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी साहित्य का गुजराती में अनुवाद करके स्थानीय स्तर पर इसकी विचारधारा का प्रचार भी कर रहे थे।

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गुजरात से 4 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट

गुजरात एटीएस ने बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

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फिरोजाबाद में डायलिसिस के दौरान युवती की मौत: परिजनों का आरोप- 108 एंबुलेंस कर्मियों ने नहीं की मदद; अस्पताल प्रशासन से कार्रवाई की मांग – Firozabad News




फिरोजाबाद जिला अस्पताल में सोमवार शाम डायलिसिस के दौरान 20 वर्षीय युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर रेफर किया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में मौजूद 108 एंबुलेंस कर्मियों पर समय पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय कीर्ति, स्वर्गीय मान सिंह की पुत्री थी। वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी और नियमित रूप से जिला अस्पताल में डायलिसिस करा रही थी। सोमवार शाम करीब चार बजे डायलिसिस के दौरान अचानक उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। एंबुलेंस से मदद नहीं मिलने का आरोप डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर कीर्ति को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल परिसर में मौजूद 108 एंबुलेंस से मरीज को ले जाने के लिए मदद मांगी, लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों और परिजनों ने स्ट्रेचर पर ही युवती को ट्रॉमा सेंटर ले जाना शुरू किया। रास्ते में तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले ही रास्ते में कीर्ति की मौत हो गई। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रशासन और 108 एंबुलेंस सेवा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



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3100 करोड़ कमाने वाली फिल्म का हीरो, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सिखाई एक्टिंग


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रणवीर सिंह ने जो जगह आज इंडस्ट्री में अपनी बनाई है, इस मुकाम तक पहुंचना किसी भी एक्टर के लिए आसान नहीं हैं. आज वह अपना 41वां बर्थडे मना रहे हैं. अपनी जबरदस्त एनर्जी, दमदार एक्टिंग और अलग फैशन सेंस को लेकर तो वह छाए रहते हैं. लेकिन करियर में उन्होंने बहुत उतार चढ़ाव भी देखें हैं. एक वक्त तो ऐसा भी रहा, जब उनकी लगातार फिल्में फ्लॉप होती जा रही थीं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के सबसे एनर्जेटिक एक्टर्स में से एक रणवीर सिंह के फैंस आज उन पर दिल खोलकर प्यार लुटाते हैं. डेब्यू करते ही उन्होंने फैंस का दिल जीत लिया था. उनके कुछ किरदार तो लोगों के जहन में बस गए हैं. बाजीराव मस्तानी के बाद तो लोग उन्हें बॉलीवुड का बाजीराव भी कहने लगे हैं. लेकिन अपने करियर में उन्होंने कई फ्लॉप फिल्में भी दी हैं.

Ranveer Singh Starrer Pralay To Go On Floors In September

बाजीराव मस्तानी, पद्मावत और गली बॉय जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए हैं, जिन्हें देखकर थिएटर से निकलने वाले लोग सोचने पर मजबूर हो गए थे. आज वह इडंस्ट्री के उन चुनिंदा एक्टर्स की लिस्ट में शामिल हैं, जिनकी फिल्मों की ऑडियंस दीवानी होती है. उनके बर्थडे पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ खास बातें, जिनके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं.

FWICE Claims Ranveer Singh Replied Only After Press Conference Announcement After Three Invitations.

अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणवीर सिंह मुंबई आए थे. वहां उन्होंने एक कॉपीराइटर के तौर पर नौकरी की थी.लेकिन किस्मत में तो एक्टर बनना लिखा था, तो किस्मत उन्हें बॉलीवुड में ले आईऔर यहां आते ही वह छा गए.

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Ranveer Singh

अनुष्का शर्मा के साथ साल 2010 में आई फिल्म बैंड बाजा बारात से रणवीर सिंह ने अपना करियर शुरु किया था. लेकिन इस फिल्म से पहले उन्होंने कई फिल्मों के ऑफर ठुकरा दिए थे.क्योंकि वह ऐसी फिल्म से डेब्यू करना चाहते थे, जहां उन्हें अपना एक्टिंग टैलेंट दिखाने का मौका मिले.

Ranveer Singh

यही वजह थी कि अपनी डेब्यू फिल्म बैंड बाजा बारात में उन्होंने ऐसा रोल निभाया कि इसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड मिले थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म से पहले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उन्हें एक्टिंग के लिए तैयार करने में काफी मदद की थी.

6. Directed by Aditya Dhar, the two-part spy thriller franchise Dhurandhar has created box office history. Headlined by Ranveer Singh as undercover agent Jaskirat Singh Rangi, the films have collectively earned over ₹3,100 crore worldwide. With this milestone, Dhurandhar became the first Indian film franchise to cross the ₹3,000 crore mark, overtaking major blockbusters like Baahubali and Pushpa.

खुद रणवीर ने खुलासा किया था कि नवाजुद्दीन ने ही उन्हें ट्रेन किया था. लेकिन उन्होंने कहा कि ये सक्सेस उन्होंने अपने टैलेंट और मेहनत के दम पर पाई है. जब वह दीपिका के साथ फिल्म गोलियों की रासलीला राम-लीला में नजर आए थे. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन उनके काम के मुरीद हो गए थे.

रणवीर ने बताया था कि इस फिल्म में उनकी एक्टिंग बिग बी को इतनी पसंद आई थी कि उन्होंने अपने हाथ से लिखा एक लेटर भेजा था. फिल्म में उनके रोल को लेकर उन्होंने तारीफ में कसीदे पढ़ दिए थे. रणवीर की दादी चंद बर्क भी 1950 के दशक की जानी मानी एक्ट्रेस रह चुकी हैं.

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कहा तो ये भी जाता है कि आदित्य धर के निर्देशन में बनी दो पार्ट वाली धुरंधर फ्रेंचाइजी ने दुनियाभर में 3,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है. यह 3,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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Samsung Galaxy Z Fold 8 में मिलेगा नया हिंज, डिस्प्ले में क्रीज वाली दिक्कत होगी खत्म


Samsung Galaxy Z Fold 8 सीरीज जल्द लॉन्च होने वाली है। सैमसंग की यह फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज इसी महीने यानी जुलाई के आखिर में पेश की जा सकती है। अपकमिंग सीरीज में कंपनी बड़ा बदलाव करने वाली है। इसमें नए हिंज के साथ-साथ बिना क्रीज वाला डिस्प्ले पैनल दिया जा सकता है। इस सीरीज में कंपनी Galaxy Z Fold 8 के साथ-साथ Galaxy Z Fold 8 Ultra पेश कर सकती है।

Galaxy Z Fold 8 सीरीज

सैमसंग की अपकमिंग बुक-स्टाइल वाली फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज में कंपनी पिछले Galaxy Z Fold 7 के मुकाबले नई हिंज यूज कर सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Ice Universe ने दावा किया है कि फोन का हिंज को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिसकी वजह से इसमें पड़ने वाला क्रीज कम दिखेगा।

टिप्स्टर ने दावा किया है कि अपकमिंग फोल्डेबल फोन का डिस्प्ले हिंज ज्यादा डिसिसिव होगा यानी इससे फोल्ड और अनफोल्ड होने पर पड़ने वाली क्रीज खत्म हो जाएगी। सैमसंग के इस फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज का मुकाबला Oppo Find N6 सीरीज से हो सकती है। चीनी कंपनी ने अपने पिछले फोल्डेबल फोन के लॉन्च के समय ये दावा किया था कि इसके डिस्प्ले में क्रीज के निशान नहीं पड़ेंगे।

कीमत हुई लीक

पिछले दिनों सैमसंग के इस फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज की कीमत ऑनलाइन लीक हो गई है। इस सीरीज के Galaxy Z Fold 8 को EUR 1999 यानी लगभग 2,17,000 रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया जा सकता है। फोन में 256GB तक स्टोरेज मिल सकता है। वहीं, इसका 512GB और 1TB वाला वेरिएंट क्रमशः EUR 2199 यानी लगभग 2,40,000 रुपये और EUR 2599 यानी लगभग 2,83,000 रुपये में आ सकता है।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra को EUR 2199 यानी लगभग 2,40,000 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया जा सकता है। इसके 512GB और 1TB वाले वेरिएंट की कीमत क्रमशः EUR 2399 यानी लगभग 2,60,000 रुपये और EUR 2799 यानी लगभग 3,00,000 रुपये हो सकती है।

कब होगा लॉन्च?

पहले ये खबरें सामने आ रही थी कि सैमसंग अपनी इस फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज को 2 जुलाई को लॉन्च करने वाली है। यह इवेंट लंदन में आयोजित किए जाने की संभावना थी। हालांकि, सैमसंग की तरफ से अपमकमिंग फोल्डेबल स्मार्टफोन सीरीज की लॉन्च डेट आधिकारिक तौर पर कंफर्म नहीं की गई है।

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वॉट्सएप ग्रुप से 500 करोड़ का फ्रॉड करने वाला गिरफ्तार: फाइनेंस कंपनियों की आड़ में फर्जी बैंक खाते खुलवाए, विदेश भेज रहा था रुपए – Jaipur News




राजस्थान पुलिस ने वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर में 500 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। जो शेयर बाजार में फायदे का लालच देकर लोगों झांसे में लेता था। निवेश के नाम पर रुपए ले लेता। फाइनेंस कंपनियों की आड़ में लोगों के दस्तावेज हासिल करता था। इससे फर्जीवाड़े के लिए म्यूल बैंक अकाउंट खोलता था। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना युवराज सतीश मुदलियार (35) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जो म्यून अकाउंट के जरिए ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टो कसेंसी के जरिए विदेशों तक पहुंचा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया- स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे ‘105 IND STOCKS ADV’ नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। फर्जी योजनाओं में निवेश करने के नाम पर 16 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम टीम ने वॉट्सएप ग्रुप की चैट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों की जांच की। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसी एक वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जा चुकी थी। ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग से कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। लोगों का विश्वास में लेने के लिए थोड़ा बहुत मुनाफा उनके खातों में भेजा जाता था। इससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद लोग अपनी जमा-पूंजी और बड़ी रकम निवेश कर देते थे। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने दर्जनों बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुणे से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में तैयार करता था म्यूल बैंक खाते पूछताछ में आरोपी ने बताया- वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर वह लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लेता था। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले करीब 10 हजार रुपए का कमीशन दिया जाता था। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंचती थी रकम इन म्यूल खातों में आने वाली करोड़ों रुपए की ठगी की रकम एटीएम से निकाल लेता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से आरोपी क्रिप्टो करेंसी खरीदता था। उसे विदेशों में बेच देता था। इस पूरे नेटवर्क के बदले उसे करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, म्यूल अकाउंट संचालकों और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस देशव्यापी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी और उपाधीक्षक पुलिस गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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व्हाट्सएप ग्रुप से 500 करोड़ का महा साइबर-फ्रॉड, मास्टरमाइंड गिरफ्तार: फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में खुलवाए म्यूल बैंक-खाते, हवाला-क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजी जाती थी ठगी की रकम – Jaipur News




राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके मुख्य सरगना को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि एक ही व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई। आरोपी फर्जी फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों के दस्तावेज हासिल कर उनके नाम से म्यूल बैंक खाते खुलवाता था और उन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम हवाला नेटवर्क तथा क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से विदेशों तक पहुंचाई जाती थी। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में परिवादी सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे ‘105 IND STOCKS ADV’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। झूठे आश्वासन और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए उससे 16 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम टीम ने व्हाट्सएप ग्रुप की चैट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसी एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जा चुकी थी। ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग से कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। शुरुआत में लोगों का विश्वास जीतने के लिए निवेश पर थोड़ा-बहुत मुनाफा उनके खातों में भेजा जाता था, जिससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद वे अपनी जमा-पूंजी और बड़ी रकम निवेश कर देते थे। जैसे ही बड़ी राशि आरोपियों के खातों में पहुंचती, उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया जाता और ग्रुप डिलीट कर आरोपी फरार हो जाते। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और साइबर क्राइम पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने दर्जनों बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया तथा पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुणे से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में तैयार करता था म्यूल बैंक खाते पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर वह लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लेता था। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले करीब 10 हजार रुपये का कमीशन दिया जाता था। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंचती थी रकम इन म्यूल खातों में आने वाली करोड़ों रुपये की ठगी की रकम एटीएम से निकाली जाती थी। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से आरोपी अपने बिनांस (Binance) वॉलेट में USDT क्रिप्टो करेंसी खरीदता था और उसे विदेशों में बेच देता था। इस पूरे नेटवर्क के बदले उसे करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और बिनांस वॉलेट को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, म्यूल अकाउंट संचालकों और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस देशव्यापी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी और उपाधीक्षक पुलिस गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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‘मैं यूपी से हूं…’, सुबह 3 बजे ही अमिताभ ने खड़का दिया फोन, अयोध्या में खरीदी इतनी जमीन


Last Updated:

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में जमीन खरीदने के लिए रातोंरात ₹15 करोड़ ट्रांसफर किए. उन्होंने सरयू प्रोजेक्ट में 10 हजार वर्ग फुट का पहला प्लॉट खरीदा था.

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अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री के पहले सेलिब्रिटी हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जमीन खरीदी. उन्होंने 2024 में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले सरयू प्रोजेक्ट में 10 हजार वर्ग फुट का पहला प्लॉट खरीदा. इसके बाद उन्होंने बैक टू बैक कई प्रोजेक्ट इस शहर में बसाए. हाल में ही एक कार्यक्रम में रीयल एस्टेट कारोबारी ने एक इंटरव्यू में बिग बी द्वारा खरीदे गए प्रोजेक्ट को लेकर दिलचस्प बातें बताईं. उन्होंने बताया कि कैसे अमिताभ बच्चन अयोध्या में जमीन लेने के लिए उत्सुक थे. उन्होंने रातोंरात 15 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए थे.

हिंदुस्तान टाइम्स से ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के फाउंडर और सीएमडी अभिनंदन लोढ़ा वो शख्स थे, जिन्हें जमीन खरीदने के लिए अमिताभ बच्चन ने अचानक फोन किया था. कारोबारी ने बताया कि बिग बी ने फोन करके उनसे कहा था कि वह यूपी से हैं. उन्हें जमीन खरीदनी है. बस ये कहकर उन्होंने जो दाम बताया गया उसे ट्रांसफर कर दिया.

अमिताभ बच्चन ने किया फोन
अभिनंदन लोढ़ा ने बताया कि साल 2023 की बात है. उस वक्त वह ऑस्ट्रेलिया में थे. तब करीब 3 बजे का समय रहा होगा. एक फोन आता है. लेकिन वह उठा नहीं पाते. इसके बाद एक मैसेज भी आया. जिसे बाद में उन्होंने पढ़ा तो वह हैरान रह गए. दरअसल वह मैसेज किसी और का नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन का था. उन्होंने मैसेज में लिखा था, ‘मैं अमिताभ बच्चन हूं. अगर सही लगे तो एक बार कॉल करें.’

15 करोड़ तुरंत भेजे
ये मैसेज देखते ही वह हक्का-बक्का रह गए और उन्होंने दोबारा उसी मिस्ड कॉल वाले नंबर पर फोन किया. तब उनकी बात अमिताभ बच्चन से हुई. उन्होंने कहा, ‘अभिनंदन जी, मैं यूपी से हूं. मुझे अयोध्या में जमीन लेनी है. मैं 15 हजार वर्ग फुट जमीन खरीदना चाहता हूं. आप इसका दाम बताइए.’ इसके बाद कारोबारी ने 15 करोड़ की कीमत बताई तो उन्होंने अगले ही दिन सारे पैसे भेज दिए.

अयोध्या में अमिताभ बच्चन की जमीन-जायदाद
पिछले कुछ सालों में अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में अपनी जमीन-जायदाद बढ़ाई है. वह लगातार यहां कई प्रोजेक्ट में निवेश कर चुके हैं. सरयू प्रोजेक्ट में पहली प्रॉपर्टी खरीदने के बाद अब उन्होंने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर राम मंदिर से करीब 10 किलोमीटर दूर 54,454 वर्ग फुट का बड़ा भूखंड खरीदा है. इससे पहले मार्च 2026 में उन्होंने तिहुरा माझा इलाके में 35 करोड़ रुपये की कीमत वाला 2.67 एकड़ का प्लॉट भी खरीदा था. इतना ही नहीं, रणबीर कपूर ने अयोध्या में निवेश किया हुआ है.

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Varsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें



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सिंगरौली ट्रॉमा सेंटर में जच्चा-बच्चा की मौत: परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप लगाया – Singrauli News




सिंगरौली जिला अस्पताल सह ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को प्रसव के दौरान एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों पर गंभीर लापरवाही, अभद्र व्यवहार तथा पैसे मांगने का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों ने डिलीवरी वार्ड के ऑपरेशन थिएटर के गेट का शीशा भी तोड़ दिया और कार्रवाई की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया। मृतक प्रसूता 26 वर्षीय आरती बियार थीं, जो मूल रूप से दमोह के पतेरा की निवासी थीं और वर्तमान में झांझीटोला, बैढ़न में रहती थीं। बंद था ब्लड बैंक पति सूरज सिंह ठाकुर ने बताया कि रविवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर आरती को जिला चिकित्सालय लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि रात करीब 11 बजे भर्ती के बाद डॉक्टरों ने जांच लिखी और दो यूनिट रक्त की व्यवस्था करने को कहा, लेकिन संबंधित कक्ष बंद मिला। इसी दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। नवजात भी जीवित नहीं बच सका। पति सूरज सिंह का आरोप है कि प्रसव के दौरान दो स्टाफ नर्स प्रसूता के सीने पर दबाव बना रही थीं, जिससे उनका दम घुट गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती के समय स्टाफ नर्सों ने पैसों की मांग की और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ पुष्पराज सिंह ठाकुर और सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। महिला को थी खून की कमी अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने बताया कि स्टाफ की लापरवाही अभी प्राथमिक रूप से नहीं दिख रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जाएगी। डॉक्टर के अनुसार, महिला एनीमिक थी और खून की कमी थी, जिसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।



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नीतीश कुमार अचानक पहुंचे जदयू कार्यालय: जनसुनवाई व्यवस्था का लिया जायजा, प्रदेश अध्यक्ष को दिए आवश्यक निर्देश – Patna News




पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सोमवार को अचानक पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जन सुनवाई को लेकर चल रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनका यह औचक दौरा संगठन को और सक्रिय बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। जदयू कार्यालय पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने सबसे पहले कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां चल रही जनसुनवाई कार्यक्रम की व्यवस्था को भी देखा। जनसुनवाई में मंत्री श्रवण कुमार मौजूद थे और लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। नीतीश कुमार वहां पहुंचे और मौजूद लोगों से कहा कि जनसुनवाई पूरी गंभीरता और व्यवस्थित तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ठीक से कीजिए।” प्रदेश अध्यक्ष को दिए आवश्यक निर्देश निरीक्षण के दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी उनके साथ मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी कार्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, ‘कार्यालय में आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं की नियमित सुनवाई होनी चाहिए। हर स्तर पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रवण कुमार बोले- समय-समय पर समीक्षा करते हैं नीतीश इस मौके पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘नीतीश कुमार समय-समय पर पार्टी कार्यालय आकर गतिविधियों की समीक्षा करते हैं। वे यह देखते हैं कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘पार्टी कार्यालय आने वाले कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाता है।’ बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बोले श्रवण कुमार श्रवण कुमार ने दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा, ‘2025 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया और एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला। भाजपा और जदयू के बीच बेहतर तालमेल है।’ उन्होंने विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर कहा कि उनसे एनडीए को कोई नुकसान नहीं होगा और अंतिम फैसला जनता करेगी। सरकार हर मामले में गंभीर, दोषियों पर होगी कार्रवाई भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में श्रवण कुमार ने मीडिया से अपील किया कि जांच पूरी होने तक धैर्य रखें, सरकार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।



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