Saturday, May 16, 2026
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ब्रेकर पर बोलेरा स्लो, पीछे से स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर: सीधी में एक गाड़ी का ड्राइवर घायल; हादसे का CCTV आया सामने – Sidhi News




सीधी जिले के अमिलिया गांव में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बड़ा मन वीर मंदिर के सामने एक स्कॉर्पियो और बोलेरो के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसका वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट हो रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क पर आगे चल रही बोलेरो गाड़ी मंदिर के पास बने स्पीड ब्रेकर (जंप) पर अचानक धीमी हुई और ड्राइवर ने ब्रेक लगा दिए। इसी बीच पीछे से काफी रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सीधे बोलेरो से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। एक युवक घायल, अस्पताल में भर्ती इस एक्सीडेंट में बोलेरा चालक राहुल दुबे नाम का एक शख्स घायल हुआ है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गाड़ियों की रफ्तार कितनी तेज थी और भिड़ंत कितनी खतरनाक थी। वहीं टक्कर मारने के बाद स्कॉर्पियो चालक मौके से भाग गया। लोगों में नाराजगी हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर बने जंप, गाड़ियों की ओवरस्पीड और अचानक ब्रेक मारना आए दिन होने वाले इन हादसों की बड़ी वजह है। लोगों ने मांग की है कि यहां ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाए और गाड़ियों की रफ्तार पर लगाम लगाई जाए। पुलिस का कहना अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला लग रहा है।



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गुरु, शुक्र और चंद्रमा की युति से मिथुन समेत 6 राशियों को मिलेगा महाभाग्य योग का लाभ, शुरू


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गुरु, शुक्र और चंद्रमा की युति से 6 राशियों को मिलेगा महाभाग्य योग का फायदा

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गुरु और शुक्र ग्रह इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं और अब तीन दिनों के लिए चंद्रमा की इनके साथ युति बन रही है, जिससे महाभाग्य योग का निर्माण हो रहा है. इस योग का शुभ प्रभाव मिथुन समेत 6 राशियों पर रहने वाला है, जो इन राशियों की जिंदगी में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. आइए जानते हैं मिथुन राशि में बन रही गुरु, शुक्र व चंद्रमा की युति से किन किन राशियों को लाभ होगा.

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देवताओं के गुरु बृहस्पति और असुरों के गुरु शुक्र इस समय एक साथ मिथुन राशि में विराजमान हैं. अब गुरु और शुक्र ग्रह के साथ चंद्रमा भी मिथुन राशि में संचार करने वाले हैं, जिससे एक साथ तीन ग्रहों की युति बनेगी. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस महीने की 18, 19 और 20 तारीख को चंद्रमा का संचार मिथुन राशि में होने वाला है, जहां पहले से ही गुरु और शुक्र ग्रह विराजमान हैं. मिथुन राशि में इन तीन ग्रहों के युति से त्रिग्रही योग, महाभाग्य योग समेत कई शुभ योग का निर्माण होने वाला है. इन शुभ योग का लाभ मिथुन, धनु समेत 6 राशियों को मिलने वाला है. इन राशियों के धन-संपत्ति में वृद्धि होगी और करियर में नई ऊंचाइयों को छुएंगी. 6 राशियों के इन तीन दिनों में लिए गए निर्णय और शुरू की गई योजनाएं शत प्रतिशत सफल होंगी. आइए जानते हैं मिथुन राशि में बन रही तीन ग्रहों की युति किन किन राशियों के लिए फायदेमंद रहने वाली है.

वृषभ राशि
शुक्र, चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह के धन के स्थान पर संयोग के कारण वृषभ राशि वालों के लिए राजपूजा का आशीर्वाद रहेगा. इस राशि वालों के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेने और प्रयास करने का यह बहुत ही अनुकूल समय है. वृषभ राशि वालों के युति के प्रभाव से प्रसिद्ध और धनी लोगों से संपर्क बढ़ेगा. साथ ही आय में अचानक और सहजता से वृद्धि होगी. नौकरी, करियर और व्यवसाय में अपेक्षा से अधिक प्रगति होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. वैवाहिक जीवन और ससुराल पक्ष में चल रही परेशानियों से राहत मिलेगी.

मिथुन राशि
बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा की आपकी ही राशि में युति बन रही है, ऐसे में मिथुन राशि वालों को निश्चित रूप से अपार सौभाग्य और धन की प्राप्ति होगी. आपके शेयर बाजार और सट्टेबाजी सहित आय बढ़ाने के सभी प्रयास सफल होंगे. इस राशि के नौकरी पेशा जातकों के ऑफिस में चल रही परेशानियों से राहत मिलेगी और अधिकारियों के साथ संबंध फिर से मजबूत होंगे. हालांकि आपको अन्य संगठनों से निमंत्रण और प्रस्ताव प्राप्त भी हो सकते हैं. परिवार में चल रही टेंशन से राहत मिलेगी और घर के जरूरतों को पूरा कर पाने की स्थिति में होंगे.

कन्या राशि
इस राशि के 10वें भाव में शुक्र, चंद्रमा और गुरु की युति से नौकरी में शुभ परिणाम मिलेंगे. आप जो भी काम करेंगे, उसमें सफलता मिलेगी. ऑफिस में आपके द्वारा किए जा रहे प्रयास रंग लाएंगे और अधिकारियों के साथ संबंध मजबूत होंगे. वहीं इस राशि के जो जातक काफी समय से रोजागर की तलाश कर रहे हैं, उनको भी इस अवधि में शुभ समाचार प्राप्त होगा. इस राशि के सिंगल जातकों का विवाह किसी धनी परिवार के साथ हो सकता है. अगर आप मकान व फ्लैट खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इस अवधि में आपको सफलता मिलेगी.

तुला राशि
बृहस्पति और चंद्रमा की युति के साथ राशि के स्वामी शुक्र की शुभ स्थिति के कारण तुला राशि वालों को राजसी आशीर्वाद प्राप्त होगा. इस अवधि में कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे और उनकी मदद से आपके कई कार्य पूरे होंगे. अगर आपके बिजनेस में परेशानी चल रही है तो वह इस अवधि में दूर हो जाएगी या कम से कम परेशानी को दूर करने का मार्ग मिल जाएगा. शुभ योग के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और संपत्ति में इजाफा होने के योग बन रहे हैं. परिवार में सुख-शांति से मन भी प्रसन्न रहेगा.

धनु राशि
शुक्र और चंद्रमा की युति के साथ राशिचक्र के स्वामी बृहस्पति के साथ सातवें भाव में युति होने के कारण, आप इस अवधि में जिस भी चीज को छुएंगे वह सोने में बदल जाएगी. आपकी आय में जबरदस्त वृद्धि होगी और आप आर्थिक व व्यक्तिगत समस्याओं से छुटकारा पाएंगे. अगर आप संपत्ति विवाद या अदालती मामलों में फंसे हुए हैं तो इस अवधि में आपके पक्ष में सुलझेंगे और हर कार्य को सफलतापूर्वक पूरे होंगे. अगर आप काफी समय से रोजगार या नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो इस अवधि में आपकी इच्छा पूरी होगी.

कुंभ राशि
कुंभ राशि के पंचम भाव में बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा का संयोजन संपत्ति, भूमि और गृहस्थी में लाभ लेकर आने वाला है. कुंभ राशि वालों के संपत्ति संबंधी विवाद अनुकूल रूप से सुलझ जाएंगे और किसी बुजुर्ग की व्यक्ति की सलाह आपके काम आएगी. अगर आपका धन कहीं फंसा हुआ है तो इस अवधि में मिलने की संभावना बन रही है और दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं. शेयर और सट्टेबाजी सहित सभी अतिरिक्त आय के प्रयास सफल होंगे. नवदंपत्तियों के लिए संतान प्राप्ति की संभावना बन रही है, जिससे पूरे परिवार की खुशियों में वृद्धि होगी.

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Parag SharmaChief Sub Editor

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें





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2005 से 2016 के बीच अक्षय कुमार-जॉन ने किया इन 4 फिल्मों में काम, 3 निकली ब्लॉकबस्टर


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Akshay Kumar and John Abraham movies: अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम अलग-अलग कई देशभक्ति और एक्शन भरी फिल्में कर चुके हैं. लेकिन दोनों ने साथ में ऐसी कोई फिल्म नहीं की. हालांकि, जॉन अब्राहम की देशभक्ति से भरी एक्शन फिल्म में अक्षय कुमार ने कैमियो किया है. यहां हम आपको इन दोनों की साथ वाली फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं.

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फिल्म ‘गरम मसाला’ के एक सीन में जॉन अब्राहम-अक्षय कुमार

मुंबई. अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने साथ में तीन बड़ी बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है, इसके अलावा एक खास कैमियो भी किया है. दोनों की शानदार कॉमिक टाइमिंग और ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए उन्हें जाना जाता है. 2000 और 2010 के दशक में इन दोनों ने कई यादगार कमर्शियल एंटरटेनर फिल्में दी हैं. दोनों की एक्शन हीरो की इमेज होने के बावजूद, साथ में सिर्फ कॉमेडी फिल्म की है. फैंस कई बार दोनों के साथ एक्शन और देशभक्ति से भरी फिल्मों में देखने डिमांड कर चुके हैं.

साल 2005 में आई ‘गरम मसाला’ में अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने पहली बार साथ काम किया. इस कॉमेडी फिल्म को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया. फिल्म में अक्षय और जॉन ने मैक और सैम नाम के दो कंपीटिटर फोटोग्राफर्स का किरदार निभाया. मैक एक साथ तीन एयर होस्टेस को डेट करता है और बुरी तरह फंस जाता है, वहीं सैम उसकी पोल खोलने की कोशिश करता है. फिल्म में सिचुएशनल कॉमेडी है. फिल्म सुपरहिट हुई थी. सालों से इसके सीक्वल की मांग उठ रही है.

इसके बाद, साल 2011 में आई ‘देसी बॉयज’ में जॉन अब्राहम और अक्षय कुमार के बीच फिर से नोंकझोंक देखने को मिली.दोनों ने जेर्री और निक नाम के दो सबसे अच्छे दोस्तों का रोल किया, जो यूके में रहते हैं. आर्थिक मंदी के कारण दोनों की नौकरी चली जाती है और पैसों की तंगी में वे ‘रॉको’ और ‘हंटर’ नाम से मेल एस्कॉर्ट बन जाते हैं. फिल्म में दीपिका पादुकोण लीड एक्ट्रेस हैं.

‘हाउसफुल 2’ में दिखी थी अक्षय कुमार-जॉन अब्राहम की फनी नोंक-झोंक

साल 2012 में आई ‘हाउसफुल 2’ में भी अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने साथ काम किया. यह मल्टीस्टारर फिल्म थी, जिसमें रितेश देशमुख और अभिषेक बच्चन भी थे. इस मल्टी-स्टारर कॉमेडी में अक्षय और जॉन ने सनी और मैक्स नाम के कॉलेज के कंपीटिटर का किरदार निभाया, जो झूठ और गलत पहचान की वजह से ससुराल वालों के बीच फंस जाते हैं.

जॉन अब्राहम की फिल्म में अक्षय कुमार का कैमियो

साल 2016 में आई ‘ढिशूम’ में जॉन अब्राहम मुख्य भूमिका में हैं, जो कबीर नाम के पुलिस वाले बने हैं. वहीं अक्षय कुमार ने समीर गाजी का कैमियो किया है, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. फिल्म में वरुण धवन भी थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हुई थी. इसके बाद से दोनों ने साथ काम नहीं किया है.

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रमेश कुमारSenior Sub Editor

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें





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चावल में सालों नहीं लगेंगे घुन और कीड़े, डिब्बे में डाल दें रसोई में रखी ये 5 चीजें


How to prevent insects in rice: चावल एक ऐसा अनाज है, जिसे हर कोई खाना पसंद करता है. भारत में चावल एक मुख्य भोजन की तरह खाया जाता है. दाल-चावल हो, खिचड़ी हो, बिरयानी हो, फ्राइड राइस हो, इन सभी को बनाने के लिए चावल की जरूरत होती है. ये एक ऐसा अनाज है जिसे एक बार में ही 5 से 10 किलो खरीद कर रख लेते हैं. हालांकि, कई बार इसमें बहुत जल्दी घुन और कीड़े लग जाते हैं. आखिर क्यों लग जाते हैं चावल में जल्दी कीड़े और घुन, जानिए कुछ कॉमन कारण और चावल को घुन से बचाने के देसी तरीके…

क्यों लगते हैं चावल में घुन और कीड़े?
चावल में घुन और छोटे कीड़े लगना एक आम समस्या है. जब आप इसे लंबे समय तक के लिए स्टोर करके रखते हैं, इस्तेमाल में बिल्कुल नहीं आता है तो गर्मियों में इसमें जल्दी घुन लग जाते हैं. इसके पीछे कई प्राकृतिक और वातावरण से जुड़ी वजहें होती हैं.

-नमी के कारण चावल में घुन जल्दी लगते हैं. इसे हल्की सी भी गीली या नम जगह पर रख दें तो चावल में कीड़े जल्दी पनपने लगते हैं. दरअसल, नमी में अंडे तेजी से विकसित होते हैं और घुन बन जाते हैं.

– कई बार बिना देखे लोग पुराने कीड़े और घुन लगे या अजीब सी स्मेल आने वाला चावल खरीद लेते हैं. इससे भी धीरे-धीरे घुन और कीड़े अंडे देते हैं, जो इनकी संख्या को तेजी से बढ़ाते हैं. पुराने चावल खरीदने से बचना चाहिए.

-गर्मी और बारिश के मौसम में घुन लगने का रिस्क अधिक तेजी से बढ़ जाता है. इन दोनों ही मौसम में तापमान और नमी दोनों बढ़ जाते हैं. इस तरह का वातावरण घुन और कीड़ों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है. इसी कारण से गर्मी और बरसात में चावल जल्दी खराब होने लगता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

चावल को कैसे करें स्टोर? (How to store rice) 
-चावल को कभी भी खुले बर्तन, ढीले ढक्कन या गंदे कंटेनर में न रखें. इससे हवा और नमी अंदर जाएगी, जो चावल को खराब कर सकता है. कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है. हमेशा एयरटाइट कंटेनर में ही रखें.

-कभी भी पुराने और नए चावल को एक साथ एक ही डिब्बे में डालकर न रखें. अगर पुराने चावल में एक भी घुन या सफेद वाला कीड़ा होगा, तो नए चावल को भी खराब कर देगा. इससे आपके पैसे बर्बाद हो जाएंगे. कीड़े और घुन लगे चावल को खाना काफी खराब स्वाद देता है.

– अगर चावल की खपत आपके घर में अधिक नहीं होती है तो 10 किलो खरीद कर ना रखें. जितने लोग हैं, जितना हर दिन इस्तेमाल होता है, उसी अंदाज में चावल खरीदें. लंबे समय तक स्टोर करके रखने से भी घुन लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसे घुन से बचाने के लिए बीच-बीच में धूप भी जरूर दिखाएं.

-कुछ घरेलू उपाय इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए चावल के डिब्बे में नीम की सूखी पत्तियां डाल दें. नीम में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और कीट-रोधी गुण मौजूद होते हैं और इसके तेज गंध से घुन जल्दी नहीं लगते हैं.

-तेजपत्ता चावल के डिब्बे में डाल दें. आप लहसुन की कलियां भी छिलका सहित डाल दें. इनकी तेज गंध से कीड़े और घुन जल्दी नहीं लगेंगे. लौंग के 10-15 दाने भी चावल के डिब्बे में डाल सकते हैं. साथ ही साबुत लाल मिर्च भी काफी कारगर साबित होगा.



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टाइम मैगजीन के शीर्ष 100 परोपकारियों में भारतीय और भारतवंशी: गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे नाडर; बच्चों को कुपोषण से निकाल लाए मेहता बंधु, शाह




टाइम मैगजीन ने 2026 की टाइम 100 फिलैन्थ्रॉपी लिस्ट जारी की है। इसके मुताबिक दानवीर अब पारंपरिक समाज सेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी अकूत दौलत से समाज और व्यवस्था की सूरत बदल रहे हैं। इसमें भारतीय व भारतवंशी भी हैं। मेहता बंधु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ झीलों-प्रकृति का संरक्षण कर रहे हैं, तो नाडर जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाकर अमेरिका तक भेज रहे हैं। भारतवंशी राजीव शाह बच्चों को शुद्ध खाना दिलवाने का प्रण ले चुके हैं, तो वहीं दीपक भार्गव बुनियादी अधिकारों की राह मजबूत कर रहे हैं। जानिए इन्हें… शिव नाडर- किसानों व मजदूरों के बच्चों को चुनकर मुफ्त में पढ़ा रहे एचसीएल टेक्नोलॉजीज के 80 वर्षीय फाउंडर का विजन ‘क्रिएटिव फिलैन्थ्रॉपी’ पर टिका है, जहां पारदर्शिता सबसे अहम है। शिक्षा को बदलाव की चाबी मानने वाले नाडर ‘विद्याज्ञान’ बोर्डिंग स्कूलों के जरिए यूपी के ग्रामीण इलाकों से गरीब किसानों-मजदूरों के होनहार बच्चों को चुनकर मुफ्त पढ़ाते हैं। इस साल दो बच्चों को अमेरिका भेजा। पिछले 5 वर्षों में 4 बार देश के ‘शीर्ष दानदाता’ रहे। 2025 में अकेले 2660 करोड़ रु. दिए। यूनिवर्सिटी, म्यूजियम व अस्पतालों को अब तक ₹14,000 करोड़ दे चुके हैं। सुधीर-समीर मेहता – पौने दो लाख बच्चों का हेल्थ चेकअप करवा चुके 1.17 लाख करोड़ से बड़े साम्राज्य वाले ‘टोरेंट ग्रुप’ के मालिक मेहता बंधुओं ने 2024 में पिता उत्तमभाई नत्थूलाल मेहता की जन्मशती पर 5 हजार करोड़ रु. दान करने का महा-संकल्प लिया था। इसी मुहिम के तहत अहमदाबाद में 30 हजार वर्गफुट का न्यूरो-रिहैबिलिटेशन केंद्र शुरू किया गया है। इनके ‘यूएनएम फाउंडेशन’ ने 10 साल में पौने दो लाख बच्चों की सेहत की जांच की, 70 हजार नौनिहालों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई है। बच्चों के लिए अस्पताल भी खोला है। राजीव शाह – 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ने का मिशन चला रहे राजीव जे. शाह भारतीय मूल के अमेरिकी नेता हैं, जो 2017 से 5.5 लाख करोड़ वाले रॉकफेलर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट हैं। यूट्यूबर मि.बीस्ट के साथ मिलकर केन्या में स्कूल किचन खोला। 1 लाख भोजन थाली का लक्ष्य है। फाउंडेशन ने मिशन 300 शुरू किया है, इसमें 2030 तक 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ना और बच्चों के लिए 8 हजार करोड़ की राशि से पौष्टिक और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है। बराक ओबामा प्रशासन में यूएसएड के प्रमुख रहे शाह कहते हैं,‘हर जिंदगी कीमती है। दीपक भार्गव- दुनियाभर में परोपकार से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जुटे लंबे समय तक एक्टिविस्ट रहे। 2024 में ‘फ्रीडम टुगेदर फाउंडेशन’ की कमान संभाली। भारतीय मूल के भार्गव मानते हैं कि बुनियादी अधिकारों व लोकतंत्र पर मंडराते खतरों के इस दौर में परोपकार का तरीका भी असाधारण होना चाहिए। आमतौर पर ट्रस्ट संपत्ति का 5% ही दान करते हैं, पर भार्गव ने इसे 10% तक पहुंचाया। 2025 में संस्था ने ₹3,300 करोड़ रु. दिए, जिसमें 70% लोकतंत्र की मजबूती में लगा। मैकआर्थर फाउंडेशन के साथ मिलकर दुनियाभर में ‘दान की स्वतंत्रता’ की पैरवी कर रहे हैं।



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समोसे में ट्विस्ट! एमपी की यह खास डिश देती है खट्टा-मीठा सरप्राइज, खाने वालों को कर देता ह


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Khata meetha samosa vendor: बुरहानपुर में एक युवक ने खट्टा-मीठा समोसा बेचकर अपनी अलग पहचान बनाई है. पहले वह दूसरों के यहां काम करता था, जहां से उसने समोसा बनाना सीखा. अब वह अपने ठेले पर तीन तरह की चटनी- इमली, पुदीना और कैरी का पना के साथ समोसा बेचता है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं.

Khata meetha samosa vendor: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले को खानपान के लिए जाना जाता है. यहां पर कई चीजें इतनी फेमस है कि जिसको लोग काफी पसंद करते है. एक युवक पहले दूसरों के यहां पर काम करता था. उसने वहां से समोसे बनाना सीखे और आज वह खट्टा मीठा समोसा बेचता है जिसको लोग काफी पसंद करते हैं. सुबह दुकान खुलते ही उनके यहां पर लोगों की खाने के लिए भीड़ लग जाती है. जिसमें तीन तरह की इमली की चटनी, पुदीने की चटनी और केरी का पना डालकर वह समोसा देते हैं. जिससे लोगों को यह समोसा बहुत पसंद आता है.

दुकान संचालक ने दी जानकारी 
लोकल 18 की टीम ने जब दुकान संचालक रविंद्र वरमडल से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अमरावती मार्ग पर 4 साल पहले जय हनुमान टेस्टी कॉर्नर के नाम से ठेले की शुरुआत की थी. पहले दूसरों के यहां पर काम करने के लिए जाते थे. वहां से ही उन्होंने यह समोसे बनाना सिखा और अभी खट्टे-मीठे समोसे, कचोरी, मूंग के भजिये और नाश्ते के कई आइटम बनाते हैं, जो लोगों को पसंद आते हैं. उन्होंने बताया कि क्वालिटी अच्छी होने के कारण लोग उनका नाश्ता पसंद करते हैं. जिससे हर साल 2 से 3 लाख रुपए की कमाई कर लेते हैं. नाश्ते की दुकान का संचालन करने वाले युवक का कहना है कि शुरुआत दौर में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. लगातार संघर्ष करता गए और आज इसी का नतीजा है कि वो सक्सेस हो गए हैं.

₹50000 का लोन लेकर शुरू किया था बिजनेस 
दुकान का संचालन करने वाले युवक का कहना है कि उन्होंने 4 साल पहले ₹50000 का लोन लेकर इस बिजनेस की शुरुआत की थी. शुरुआत के दिनों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. लेकिन आज उन्हें सक्सेस मिल गई. उनके यहां पर अच्छी क्वालिटी का तेल और अच्छी क्वालिटी का सामान जाता है, जिससे यह आइटम तैयार होते हैं और तीन तरह की चटनी भी लोगों को बहुत पसंद आती है. इसलिए उन्हें ऑर्डर देकर भी बनवाते हैं. उन्होंने कक्षा दसवीं तक पढ़ाई की है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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‘मैं डरता नहीं…’ रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम लैंड डील केस में मिली राहत


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‘मैं डरता नहीं…’ रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम लैंड डील केस में मिली राहत

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यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है. ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में पेश होकर जमानत लेना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है.

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पत्नी प्रियंका गांधी के साथ रॉबर्ट वाड्रा (File Photo)

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत मिल गई है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.

रॉबर्ट वाड्रा बुधवार को खुद अदालत में पेश हुए थे. अदालत में पेशी के बाद उन्हें नियमित प्रक्रिया के तहत जमानत दे दी गई. कानूनी जानकारों के मुताबिक, किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में पेश होकर जमानत लेना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है.

‘मैं निडर हूं, ईडी को झेलना है’

कोर्ट से मिली जमानत के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, ‘मैं निडर हूं. मैं डरता नहीं हूं. अब तक ईडी को झेलना है, क्योंकि वह तो सरकार के इशारे पर चलती है.’

क्या है पूरा मामला?

यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है. ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

इससे पहले पिछली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने वाड्रा को कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी और उन्हें निचली अदालत में पेश होने के लिए कहा था. मामले की सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से पेश वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता. वाड्रा के वकील ने अदालत से यह भी कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए. हालांकि अदालत ने 2 अगस्त 2025 को वाड्रा सहित 10 अन्य आरोपियों को प्री-समन जारी किए थे.

ईडी का आरोप है कि शिकोहपुर भूमि सौदे में वित्तीय अनियमितताएं हुईं और इसी से जुड़े लेन-देन की जांच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से की जा रही है. मामले में आगे की सुनवाई अब राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी.

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Saad Omar

साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें



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उन्नाव विधायक ने बिजली व्यवस्था का निरीक्षण किया: ग्रामीण क्षेत्रों को ट्रान्स गंगा सिटी सब-स्टेशन से मिलेगी आपूर्ति – Unnao News




उन्नाव सदर विधायक पंकज गुप्ता ने ट्रान्स गंगा सिटी पहुंचकर बिजली आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत समस्या तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। विधायक ने बताया कि अब शंकरपुर, पिपरी, सन्नी, कन्हवापुर, मुरलीपुर, नया खेड़ा और पिड़ोखा समेत कई गांवों की बिजली आपूर्ति ट्रान्स गंगा सिटी के सब-स्टेशन से जोड़ी जाएगी, जिससे ग्रामीणों को बेहतर बिजली मिल सकेगी। सदर विधायक ट्रान्स गंगा सिटी स्थित पावर हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने विद्युत विभाग के जेई आशीष गुप्ता से फीडर की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित गांवों की बिजली आपूर्ति तत्काल ट्रान्स गंगा सिटी पावर हाउस से जोड़ी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो उन्हें तुरंत अवगत कराया जाए ताकि उसका शीघ्र समाधान हो सके। विधायक पंकज गुप्ता ने जानकारी दी कि उन्होंने अपनी विधायक निधि से पांच करोड़ रुपये बिजली विभाग को आवंटित किए हैं। इस राशि का उपयोग गांवों और मोहल्लों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी घर या क्षेत्र में बिजली की समस्या नहीं रहने दी जाएगी और यदि कहीं शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि अब तक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ऐरा भदियार फीडर से की जा रही थी। लंबी दूरी होने के कारण अक्सर फाल्ट, रोस्टिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किसानों और ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद विधायक ने मामले का संज्ञान लिया और स्वयं मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान विधायक यूपीसीडा के साइट कार्यालय भी पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने बताया कि कई लोगों को पुनर्वास के तहत मिलने वाली 50 हजार रुपये की सहायता राशि अभी तक नहीं मिली है और विकसित प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया भी लंबित है। इस पर विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द कैंप लगाकर पात्र किसानों को पुनर्वास राशि और विकसित प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी के प्रति चेतावनी दी। प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सन्नी सुभाष लोधी, प्रधान सर्वेश लोधी, रतिभान, अखिलेश, किसान नेता हीरेंद्र निगम, रानू मिश्र, गोलू त्रिवेदी, पिंकू तिवारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



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बजरी माफियाओं पर ‘जीरो टॉलरेंस’: धौलपुर समेत 5 जिलों में बड़ा एक्शन, अवैध बजरी परिवहन पर पूरी रोक; जुर्माने पर नहीं छूटेंगे जब्त वाहन – Dholpur News




राजस्थान में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बूंदी और कोटा जिलों में 15 मई 2026 से अवैध बजरी परिवहन में पकड़े गए वाहनों को कंपाउंडिंग के जरिए छोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी और ट्रेलर जैसे जब्त वाहन सीधे न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का सामना करेंगे। वहीं, बिना VLTD डिवाइस वाले खनन वाहनों पर भी जल्द सख्त कार्रवाई होगी। अब जुर्माना भरकर नहीं छूटेंगे वाहन अब तक खान विभाग अवैध बजरी परिवहन में पकड़े गए भारी वाहनों को करीब एक लाख रुपए और ट्रैक्टर-ट्रॉली को लगभग 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लेकर छोड़ देता था। लेकिन नए आदेश लागू होने के बाद जब्त वाहन आसानी से रिहा नहीं हो सकेंगे। सरकार के इस फैसले को अवैध खनन के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस नीति” की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे बजरी माफियाओं और अवैध परिवहन में शामिल लोगों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती खान एवं भू-विज्ञान निदेशालय, उदयपुर द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका संख्या 02/2026 में 17 अप्रैल और 14 मई 2026 को दिए गए निर्देशों की पालना में की गई है। विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और अवैध बजरी परिवहन के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। चंबल सेंचुरी में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध बजरी खनन को लेकर सुप्रीम Court ने गहरी नाराजगी जताई है। अदालत ने प्रदेश के गृह, खनन, वित्त, वन, पर्यावरण, परिवहन और सड़क सुरक्षा विभागों के प्रमुख सचिवों को 19 मई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि अवैध खनन में शामिल अधिकारियों और वाहन चालकों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर रोक लगाने और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत हलफनामा भी मांगा गया है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) के सदस्य ने धौलपुर का दौरा कर अवैध बजरी खनन की स्थिति का निरीक्षण किया था और अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन पर बढ़ा खतरा चंबल नदी में लगातार हो रहे अवैध बजरी खनन का असर अब वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन जैसे दुर्लभ जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। पर्यावरणविदों का कहना है कि नदी की सतह और प्रवाह में बदलाव से इन जीवों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

बिना VLTD अब नहीं चल सकेंगे खनन वाहन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने भी खनन कार्य में लगे वाहनों और मशीनों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब सभी पंजीकृत खनन वाहनों में AIS-140 मानकों के अनुसार व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना अनिवार्य होगा। यह नियम ट्रैक्टर, एक्सकैवेटर, लोडर, ड्रेजर्स और खनन कार्य में उपयोग होने वाले अन्य उपकरणों पर भी लागू रहेगा। इससे प्रशासन वाहनों की लोकेशन और गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकेगा। 15 जून और 15 जुलाई की डेडलाइन अहम परिवहन विभाग के अनुसार 15 जून 2026 के बाद बिना VLTD लगे वाहनों का रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण, परमिट जारी करना और फिटनेस नवीनीकरण जैसी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। इसके बाद 15 जुलाई 2026 से बिना डिवाइस संचालित वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसे वाहनों को जब्त करने और संचालन रोकने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई अवैध बजरी खनन मामले में अब सभी की नजर 19 मई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि अदालत इस मामले में और भी सख्त निर्देश जारी कर सकती है, जिससे प्रदेश में अवैध खनन पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।



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शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल किशनगंज के नए प्रभारी मंत्री: बिहार सरकार ने जमा खान को हटाकर दी जिम्मेदारी, लोगों की बढ़ी उम्मीदें – Kishanganj (Bihar) News




बिहार सरकार ने किशनगंज के प्रभारी मंत्री में बदलाव किया है। पूर्व सांसद और गोपालपुर विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को जिले का नया प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। पूर्व प्रभारी मंत्री जमा खान को इस पद से हटा दिया गया है। सरकार के इस निर्णय के बाद जिले में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इस नियुक्ति की खबर मिलते ही बुलो मंडल के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया। गोपालपुर सहित सीमांचल क्षेत्र में उनके समर्थकों ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया है। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि बुलो मंडल के सक्रिय नेतृत्व से जिले के लंबित विकास कार्यों में तेजी आएगी। राजनीतिक विश्लेषक इस बदलाव को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय करार दिया है। वहीं, विपक्षी दल भी सरकार के इस कदम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। प्रभारी मंत्री से लोगों की बढ़ी उम्मीदें किशनगंज एक सीमावर्ती जिला होने के कारण विकास और प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नए प्रभारी मंत्री से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। संभावना है कि बुलो मंडल जल्द ही किशनगंज का दौरा करेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।



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