अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच सवाई माधोपुर में शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 94 और डीजल की कीमतों में 93 पैसे का एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। रहां 9 दिनों में ईंधन कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। सवाई माधोपुर में 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 90 पैसे से ज्यादा प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी करीब 3 रुपए प्रति लीटर कीमत बढ़ी थी। सवाई माधोपुर में शनिवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर नई रेट लागू कर दी गई है। सवाई माधोपुर में अब पेट्रोल डीजल की नई दरें यह होगी सवाई माधोपुर में अब सादा पेट्रोल कीमत प्रति लीटर 111.34 रुपए हो गई है। इससे पहले यहां सादा पेट्रोल की कीमत 110.40 रुपए प्रति लीटर थी। इसी तरह यहां अब डीजल की रेट 96.46 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले यहां डीजल-95.94 रुपए प्रति लीटर था। वहीं प्रीमीयम पेट्रोल की प्रति लीटर रेट 120.64 रुपए हो गई है। इससे पहले यहां प्रीमीयम पेट्रोल 119.71 रुपए प्रति लीटर था। पेट्रोल डीजल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से मंहगाई बढ़ने के साथ घरेलू बजट बिगड़ने की संभावना है।
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पेट्रोल, डीजल की कीमतों में फिर हुई बढ़ोतरी: 9 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी, जाने सवाई माधोपुर में डीजल पेट्रोल की कीमतें – Sawai Madhopur News
पूर्वांचल विश्वविद्यालय: 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई को: राज्यपाल के संभावित आगमन पर 53 समितियां तैयारियों में जुटीं – Jaunpur News
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई को आयोजित होगा। इस समारोह को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 53 समितियों का गठन किया है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुकी हैं। परिसर में साफ-सफाई, रंगाई-पोताई, भवनों की मरम्मत, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, उद्यान और सुंदरीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। ये तैयारियां प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के संभावित आगमन को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। विश्वविद्यालय के हेलीपैड और मार्ग से लेकर परिसर के अंदर तक सड़क के दोनों किनारों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसमें घास कटाई, नालियों की सफाई और पौधरोपण भी शामिल है। हेलीपैड स्थल से कार्यक्रम स्थल और कुलपति आवास तक विशेष साफ-सफाई व सुंदरीकरण पर जोर दिया जा रहा है। दीक्षांत समारोह में पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के लिए 30 जून तक साक्षात्कार प्रक्रिया पूर्ण करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। केवल तय समय तक वायवा में शामिल होने वाले शोधार्थियों को ही इस समारोह में उपाधि प्रदान की जाएगी। कुलसचिव केश लाल प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह परीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य समय से पूरा कराने के लिए लगातार अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है।
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आरा में देवर-भाभी की पिटाई, दांत से काटकर किया घायल: भतीजा ने साली से की थी दूसरी शादी, लोगों के साथ घर पहुंचकर सास ने किया हंगामा – Bhojpur News
आरा के अनाइठ मोहल्ले में शुक्रवार को साली से दूसरी शादी करने के विवाद में जमकर मारपीट हो गई। मारपीट देवर-भाभी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इलाज के लिए सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायलों की पहचान संजय प्रसाद की पत्नी आरती देवी(38) और देवर शुभम कुमार(21) शामिल है। घटना नवादा थाना क्षेत्र की है। शुभम कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी शादी सहार के मिश्रीचक निवासी ममता कुमारी से तय हुई थी, लेकिन लड़की का रंग सांवला होने के कारण उसने शादी से इनकार कर दिया था। इसके बाद उसकी भाभी आरती देवी ने अपने बेटे आशुतोष कुमार की शादी ममता से करा दी। इसी दौरान उसको साली श्वेता के साथ प्रेम संबंध हो गया। करीब तीन माह पहले वह श्वेता को लेकर फरार हो गया और उससे दूसरी शादी कर ली। इस मामले को लेकर महिला थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी, हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। दूसरी शादी के विवाद में मारा शुभम ने आगे बताया कि उसके भतीजे आशुतोष कुमार की सास किरण देवी कुछ लोगों के साथ घर पहुंची और दूसरी शादी के को लेकर झगड़ा करने लगी। अपने लोगों के साथ मिलकर भाभी और मेरी पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान आरती देवी के पैर में दांत काट लिया गया, जिससे वह घायल हो गईं।
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नरसिंहपुर में स्वास्थ्य विभाग में फर्जी भर्ती का विज्ञापन वायरल: बेरोजगारों से मांगे पैसे, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश – Narsinghpur News
नरसिंहपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के नाम पर सोशल मीडिया पर एक फर्जी विज्ञापन वायरल होने का मामला सामने आया है। इस विज्ञापन के जरिए बेरोजगार युवाओं को नौकरी और आकर्षक वेतन का लालच देकर उनसे पैसे मांगे जा रहे थे। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगे गए आवेदन जानकारी के अनुसार, जिले के अस्पतालों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति निजी कंपनियों के माध्यम से की जाती है। इसी बीच “नरसिंह जॉब ग्रुप” नाम के एक सोशल मीडिया पेज पर भर्ती संबंधी पोस्ट वायरल हुई। इसमें मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के पदों के लिए 10वीं और 12वीं पास युवाओं से आवेदन मांगे गए थे। पोस्ट में 2 से 5 जून के बीच जॉइनिंग और 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का दावा किया गया था। साथ ही उम्मीदवारों को एक व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया। संपर्क करने पर मांगे गए पैसे युवाओं ने जब दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो उनसे नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे मांगे जाने लगे। मामला सामने आने के बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा दी गई। इससे पहले भी जिला अस्पताल में भर्ती से जुड़ी एक अन्य पोस्ट वायरल हुई थी। डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वायरल पोस्ट में एक मोबाइल नंबर देकर भर्ती प्रक्रिया से जोड़ने का दावा किया गया था, जिसे विभाग ने भ्रामक बताया है। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश मामला रजनी सिंह तक पहुंचने के बाद उन्होंने सीएमएचओ से जवाब मांगा और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी के नाम पर पैसे न दें और केवल विभाग की आधिकारिक सूचना या वेबसाइट पर ही भरोसा करें। प्रशासन ने संदिग्ध कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट मिलने पर तुरंत शिकायत करने की सलाह दी है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग में इस तरह की कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही है। उन्होंने बताया कि यह विज्ञापन पूरी तरह फर्जी है, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जांच के लिए सूचना दी गई है, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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रिजर्व बैंक ने क्यों खजाने से बेचे 30 अरब डॉलर, पहले की थी 20 अरब डॉलर की खरीद
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RBI Forex Update : रिजर्व बैंक ने अपनी हालिया बुलेटिन में बताया कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज गई, जिसकी वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में से करीब 94 हजार करोड़ रुपये मूल्य के डॉलर की खुले बाजार में बिक्री करनी पड़ी. इसका मकसद भारतीय रुपये की कमजोरी को थामना था.
रुपया कमजोर होने पर आरबीआई खुले बाजार में डॉलर की बिक्री करता है.
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक के सामने ऐसी मुसीबत तो कोरोनाकाल में भी नहीं आई थी. अभी एक तरफ तो कच्चा तेल महंगा होने से आयात बिल और विदेशी मुद्रा के रिजर्व पर दबाव बढ़ रहा है तो दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये ने इस मुसीबत को और बढ़ा दिया है. यही वजह है कि आरबीआई को अपने खजाने से हजारों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा खुले बाजार में बेचनी पड़ रही है. मार्च में ही आरबीआई ने करीब 20 अरब डॉलर खुले बाजार में डाले हैं.
आरबीआई ने अपनी मासिक बुलेटिन में बताया कि मार्च में हाजिर मुद्रा बाजार में शुद्ध आधार पर 9.76 अरब डॉलर की बिक्री की गई. इससे पहले केंद्रीय बैंक लगातार दो महीनों तक अमेरिकी डॉलर की खरीद कर रहा था. फरवरी में आरबीआई ने हाजिर बाजार से 7.41 अरब डॉलर की शुद्ध खरीद की थी. लेकिन, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए मार्च में विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर को बेचकर रुपया खरीदना पड़ा.
क्या कहते हैं मार्च के आंकड़े
आरबीआई बुलेटिन के मुताबिक, मार्च में केंद्रीय बैंक ने 19.88 अरब डॉलर की खरीद की जबकि 29.64 अरब डॉलर की बिक्री करनी पड़ी. इस तरह शुद्ध बिक्री 9.76 अरब डॉलर (करीब 94 हजार करोड़ रुपये) की रही. अप्रैल में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ. हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा और आरबीआई के विभिन्न उपायों के चलते पिछले महीने यह गिरावट सीमित रही. इसके बाद रुपये की चाल कच्चे तेल की कीमतों के अनुरूप रही, जो पश्चिम एशिया की स्थिति को दर्शाती है.
मजबूत है विदेशी मुद्रा भंडार
आरबीआई ने बताया कि वास्तविक प्रभावी विनिमय दर (आरईईआर) के आधार पर भी अप्रैल में रुपये में गिरावट दर्ज की गई. इसका कारण नाममात्र प्रभावी विनिमय दर (एनईईआर) में कमजोरी और देश के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की तुलना में अपेक्षाकृत कम मूल्य सूचकांक रहा. बुलेटिन के मुताबिक, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में बना हुआ है. इस विदेशी मुद्रा भंडार से भारत लगभग 11 महीने तक आयात का भुगतान कर सकता है जबकि अपने बकाया विदेशी कर्ज का लगभग 90 फीसदी चुका सकता है.
अमेरिकी विदेशी मंत्री ने दिया राहत भरा संकेत
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उस टिप्पणी के बाद मुद्रा बाजार को कुछ राहत मिली, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान से जुड़ी कूटनीतिक वार्ता रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह एक साल पहले की तुलना में कुल और शुद्ध दोनों आधार पर अधिक रहा. मार्च में शुद्ध एफडीआई लगातार दूसरे महीने सकारात्मक रहा जबकि सकल एफडीआई प्रवाह में कुछ सुस्ती दर्ज की गई. इस दौरान भारत से बाहर जाने वाले एफडीआई में कमी आई और इसका आधे से अधिक हिस्सा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और नीदरलैंड में निवेश किया गया है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
10 दिन में तीसरी बार बढ़े तेल के दाम, पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे महंगा
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Petrol Price Update : सरकारी तेल कंपनियों का घाटा पाटने के लिए 10 दिनों में तीसरी बार तेल के दाम बढ़ा दिए गए हैं. शनिवार सुबह पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे लीटर महंगा हो गया है.
पेट्रोल के दाम 10 दिनों में करीब 5 रुपये बढ़ चुके हैं.
नई दिल्ली. ईरान युद्ध का असर अब खुलकर दिखने लगा है. सरकारी तेल कंपनियों ने 10 दिन के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. शनिवार सुबह पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे लीटर की बढ़ोतरी की गई है. तेल कंपनियों ने इसका इशारा पहले ही कर दिया था. कंपनियों का कहना था कि उन्हें महंगे क्रूड की वजह से रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है. इसके बाद पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कीमतें बढ़ाने का संकेत दिया था.
सरकारी तेल कंपनियों की ओर से ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें भी बढ़ गई हैं. डीलर्स का कहना है कि अब एक लीटर सामान्य पेट्रोल 99.51 रुपये और डीजल 92.49 रुपये लीटर हो गया है. इससे पहले भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी की गई थी. पहली बार 15 मई को पेट्रोल 3 रुपये महंगा हुआ था और फिर 19 मई को भी 90 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़ाए गए थे. इसी तरह, डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी.
10 दिन में 5 रुपये महंगा
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले 10 दिनों के भीतर ही 5 रुपये लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है. हालांकि, जनता पर एकसाथ सारा बोझ न डालते हुए पेट्रोलियम कंपनियों ने तीन बार में यह बढ़ोतरी की है. एसबीआई रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ग्लोबल मार्केट में क्रूड का भाव बढ़ने और डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही कमजोरी को देखते हुए आगे भी तेल के खुदरा दाम बढ़ सकते हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पहली बार बढ़ाए गए 3 रुपये तेल कंपनियों का घाटा पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.
कितना है कच्चे तेल का भाव
ग्लोबल मार्केट की बात करें तो क्रूड की कीमतें अब भी 100 डॉलर के पार बनी हुई हैं. पिछले 24 घंटे में ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़त के साथ 103.50 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. डब्ल्यूटीआई का रेट भी बढ़ गया है और ग्लोबल मार्केट में अब 96.60 डॉलर प्रति बैरल के भाव से चल रहा है. हालांकि, इंडियन बास्केट वाले क्रूड की कीमत तो इससे भी ज्यादा है और अभी करीब 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही है.
चार साल तक नहीं बढ़ाया दाम
सरकारी तेल कंपनियों ने इस साल मई में भले ही तीन बार तेल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की है, लेकिन इससे पहले 4 साल तक कीमतों को थामे रखा था. इससे पहले आखिरी बार बढ़ोतरी अप्रैल, 2022 में की गई थी. लेकिन, साल 2024 में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके तेल की खुदरा कीमतों को 2 रुपये प्रति लीटर कम कर दिया था. अब ईरान संकट की वजह से महंगे क्रूड और गिरते रुपये का दोहरा दबाव है, जिससे कंपनियों को घाटा हो रहा है. यही वजह है कि पिछले 10 दिनों में तीन बार तेल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं.
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पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा: 9 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी, मिडिल ईस्ट संकट के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
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नई दिल्ली27 मिनट पहले
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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं।
9 दिन में तीसरी बार बढ़ीं कीमतें
ईंधन की कीमतों में 9 दिन में यह तीसरी बढ़ोतरी है। 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। जबकि, 15 मई को भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।


अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…
मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।
खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।
बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।
बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं:
1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है।
2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है।
3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है।
4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है।
5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती

2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।
तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था
सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं ।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी
इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी।
स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी।
सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें…
पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था।
पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।
‘दृश्यम 3’ की कमाई में दूसरे दिन गिरावट, जानें ‘चांद मेरा दिल’ का कलेक्शन
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Drishyam 3 vs Chand Mera Dil Box Office Day 2: मोहनलाल की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म दृश्यम 3 ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की. हालांकि दूसरे दिन कलेक्शन में थोड़ी गिरावट नजर आई, लेकिन फिर भी फिल्म ने डबल डिजिट में बिजनेस किया. वहीं, 22 मई को बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली अनन्या पांडे और लक्ष्य की रोमांटिक-ड्रामा फिल्म चांद मेरा दिल की शुरुआत बहुत कम कमाई के साथ हुई.
नई दिल्ली. सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म दृश्यम 3 गुरुवार को सिनेमाघरों रिलीज हो गई. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद मजबूत शुरुआत की है. हालांकि, पहले दिन के मुकाबले शुक्रवार को कलेक्शन में मामूली गिरावट जरूर देखी गई, इसके बावजूद फिल्म ने भारत में महज दो दिनों के भीतर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है. दूसरी तरफ, 22 मई को रिलीज हुई रोमांटिक ड्रामा मूवी चांद मेरा दिल की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत हुई है.

ट्रेड वेबसाइड सैकनिल्क के मुताबिक, शुक्रवार को फिल्म के कलेक्शन में करीब 30.3 फीसदी की गिरावट आई और इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 11.05 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. इसी के साथ भारत में फिल्म की कुल कमाई अब 26.90 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. इससे पहले गुरुवार को फिल्म ने 51 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ भारत में 15.85 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी.

वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो पहले दिन भारत से 18.37 करोड़ और ओवरसीज मार्केट से 25 करोड़ रुपये बटोरकर फिल्म ने दुनिया भर में 43.37 करोड़ रुपये का ग्रोस बिजनेस किया. हालांकि दूसरी तरफ, प्रोडक्शन हाउस आशीर्वाद सिनेमाज का दावा है कि ‘दृश्यम 3’ ने पहले ही दिन वर्ल्डवाइड 50.35 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ ओपनिंग की है.
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‘दृश्यम 3’ बॉक्स ऑफिस पर मोहनलाल की सबसे बड़ी फिल्म एल2 एम्पुरान का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई है, जिसने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में ही 32.10 करोड़ रुपये का ताबड़तोड़ कलेक्शन किया था, लेकिन मोहनलाल की बाकी हालिया फिल्मों के मुकाबले इस सस्पेंस-थ्रिलर का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है.

अगर इसकी तुलना सुपरस्टार की पिछली फिल्मों से करें, तो उनकी बेहद लोकप्रिय रही क्राइम थ्रिलर थुडरुम ने दो दिनों में 14.30 करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म हृदयपूर्वम ने महज 5.75 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था. वहीं, उनकी बड़े बजट की मूवी वृषभ तो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह ढेर हो गई थी और भारत में लाइफटाइम कलेक्शन 1.64 करोड़ रुपये में सिमट गया था. इस लिहाज से दृश्यम 3 की कहानी दर्शकों को थिएटर्स तक खींचने में काफी कामयाब रही है.

अब बात करते हैं ‘चांद मेरा दिल’ के पहले दिन की कमाई की. अनन्या पांडे और लक्ष्य की रोमांटिक ड्रामा फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस मूवी को क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों तरफ से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है. इसका सीधा असर फिल्म के पहले दिन के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर देखने को मिल रहा है.

बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर नजर रखने वाली वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, ‘चांद मेरा दिल’ ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की है. देशभर में लगे करीब 4944 शोज से यह फिल्म अपने ओपनिंग डे पर भारत में सिर्फ 2.90 करोड़ का ही नेट कलेक्शन कर पाई है. फिर भी यह जुनैद खान और साई पल्लवी की फिल्म एक दिन से बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब रही, जिसे 1.15 करोड़ की ओपनिंग मिली थी.

बताते चलें कि विवेक सोनी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों की मुलाकात हैदराबाद में कॉलेज के दिनों के दौरान होती है, जहां दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है. लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब दोनों को एक अनप्लांड प्रेग्नेंसी का सामना करना पड़ता है. शादी के बाद असल जिंदगी की जिम्मेदारियों, दबाव और फ्रस्ट्रेशन के चलते उनके रिश्ते में दरार आने लगती है.
पूर्वांचल के सांसद-विधायक-पूर्वमंत्री समेत प्रमुख नेताओं से मिले अखिलेश: वाराणसी-चंदौली में सक्रिय कार्यकर्ताओं की टटोली नब्ज, 2027 के चुनावी मुद्दे भी उठे – Varanasi News
समाजवादी पार्टी के लखनऊ कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को वाराणसी और चंदौली संसदीय क्षेत्र के सपा नेताओं से संवाद किया। पूर्व सीएम पार्टी कार्यालय में सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक समेत तमाम सक्रिय नेताओं से रूबरू हुए। सपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बीच अखिलेश यादव ने दोनों जिलों के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। शहर और देहात में चल रही प्रमुख समस्याओं को भी बिंदुवार पूछा। इसके साथ ही जनता के बीच जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सपा नेताओं की सक्रियता भी जानी। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने पीएम के जिले में दालमंडी में बुलडोजर एक्शन, काशी विश्वनाथ मंदिर की अव्यवस्थाएं, बिजली की अघोषित कटौती और किसानों की दुश्वारियों को रखा। पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने गंगा में प्रदूषण, गिरते नालों समेत डबल इंजन की सरकार की खामियां गिनाई। शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी के कार्यकर्ताओं से जनता के बीच रहकर भाजपा की खामियां और सपा सरकारी की खूबियां गिनाने का मंत्र दिया। बताया कि जब हम सक्रिय रहेंगे तो हर मोर्चे पर जवाब दे सकेंगे, अफसरों की मनमानी का विरोध कर सकेंगे। पूर्व सीएम ने कहा कि 2027 विधानसभा का चुनाव यूपी की जनता के भविष्य का चुनाव है। चुनाव में भाजपा को दो दशक का हिसाब देना होगा, जनता की ताकत भाजपा का सफाया कर देगी। जनता भाजपा से बहुत नाराज है। पूरा पीडीए समाजवादी पार्टी के साथ है। समाजवादी पार्टी विकास की राजनीति में सबको साथ लेकर चलती है। लोकतंत्र को मजबूती देती है। समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय के साथ है। भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है। भाजपा आरक्षण की लूट कर रही है। पीडीए का हक खा रही है। पीडीए समाज की संख्या और जनाधार की तुलना में भाजपा की स्थिति शून्य है। तस्वीरों में देखिए सपा कार्यालय में पूर्वांचल के नेताओं की मौजूदगी संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाने को उत्तर प्रदेश की जनता 2027 चुनाव का इंतजार कर रही है। जबकि भाजपा की सरकार के दो कार्यकाल बिना किसी उपलब्धि के समाप्ति की ओर है। भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बना दिया है, किसानों की फसलों की लूट मची है। नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। भाजपा राज में महिलाएं उपेक्षित और अपमानित हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। सरकार ने प्राइमरी स्कूलों की दुर्दशा कर दी है। लगभग 70 हजार स्कूल बंद कर दिए। हजारों स्कूलों में एडमिशन न्यूनतम है। अस्पतालों में मरीजों को दवा-इलाज नहीं मिल रहा है। मरीज मारे-मारे फिर रहे हैं। गरीबों और सरकारी जमीनों पर कब्जा हो रहे हैं और सत्तादल के लोग भूमाफिया बन गए हैं। इन प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, सांसद छोटेलाल खरवार विधायक प्रभूनारायण सिंह, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व विधायक मनोज सिंह डबलू, पूर्व मंत्री और प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी, पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, पूर्व मेयर प्रत्याशी ओपी सिंह, व्यापार सभा के प्रदीप जायसवाल, पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव, राजू यादव, संजय मिश्रा, असफाक अहमद डब्ल्यू, पूजा यादव, बिरहा गायक विजय लाल यादव, केडी यादव समेत कई नेता शामिल रहे।
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