Friday, June 26, 2026
Home Blog

कोटा में वैन पलटी, धड़ से अलग हुआ सिर: सामने से आ रहे ट्रक का टायर डिवाइडर क्रॉस कर वैन से टकराया, लोहे की रेलिंग व गाड़ी के बीच फंसी गर्दन – Kota News




कोटा बारां NH 27 पर ईको वैन पलट गई। हादसे में वैन में सवार युवक का सिर धड़ से अलग हो गया।युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सिमलिया थाना क्षेत्र की गुरुवार रात साढ़े 11बजे की है। वैन सवार व्यक्ति पप्पू हरचरण कुशवाहा (50) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का निवासी था। जो वर्तमान में गुजरात के मेहसाणा में पानी-पुरी का व्यवसाय करता था। गुरुवार को अपनी पत्नी, बेटे व मां के साथ वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जालौन जा रहा था। परिजनों ने बताया कि 28 जून को पप्पू की मौसी की बेटी की शादी थी। जिसमें शामिल होने के लिए परिवार गुरुवार दोपहर रवाना हुआ था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों की सूचना पर सिमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को कोटा हॉस्पिटल पहुंचाया। सिमलिया थाना ASI शिवराज ने बताया कि पप्पू वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जा रहा था। वैन को उसका बेटा मनीष चला रहा था। गाड़ी में दो महिलाए भी बैठी हुई थी। नेशनल हाईवे-27 पर पोलाई कलां के पास गत्ता फैक्ट्री के पास बारां की तरफ से आ रहे एक ट्रक का टायर निकल गया। डिवाइडर पर चढ़कर सड़क के दूसरी साइड पर आ गया।ट्रक का टायर पप्पू की वैन से टकरा गया। पप्पू खलासी साइड पर बैठा हुआ था। वैन अनियंत्रित होकर हाइवे किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकराकर पलट गई। पप्पू की गर्दन लोहे की रेलिंग व वैन के बीच फंसकर अलग हो गई।बेटे मनीष की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।



Source link

यूपी में आंगनबाड़ी और प्राइमरी स्कूल होंगे हाईटेक: योगी सरकार का ‘को-लोकेशन और मैपिंग’ अभियान तेज, हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर अपलोड होगा डेटा – Uttar Pradesh News




उत्तर प्रदेश में अब आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच का तालमेल और बेहतर होने जा रहा है। योगी सरकार ने इसके लिए प्रदेशभर में ‘को-लोकेशन और मैपिंग’ अभियान को मिशन मोड पर शुरू किया है। इसका सीधा फायदा बच्चों की शुरुआती पढ़ाई (स्कूल रेडीनेस), बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और महिला-बाल विकास मंत्रालय के गाइडलाइंस के तहत यूपी में यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) मोनिका रानी और बाल विकास सेवा व पुष्टाहार निदेशक हर्षिता माथुर ने इसके लिए संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर अपलोड होगा डेटा इस पूरे अभियान को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तय समय सीमा के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग, यू-डायस (U-DISE) कोड अपडेट करने और हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे शिक्षा और बाल विकास दोनों विभागों के आंकड़ों में पारदर्शिता आएगी। कैसे तय होगी मैपिंग? समझिए इसके नियम: बीएसए और डीपीओ मिलकर करेंगे वेरिफिकेशन अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। हर जिले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) संयुक्त रूप से पूरी प्रक्रिया और डेटा का सत्यापन (वेरिफिकेशन) करेंगे, जिससे आंकड़ों में कोई हेराफेरी न होने पाए।



Source link

रिटायरमेंट के बाद चाहिए पक्की पेंशन? समझिए एन्युटी प्लान का पूरा गणित


Last Updated:

अगर आप भी पेंशन जैसी गारंटीड इनकम चाहते हैं, तो एन्युटी प्लान आपके काम आ सकता है. इसमें एकमुश्त निवेश करने के बाद आपको तय अंतराल पर रेगुलर कमाई होती है. लेकिन निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि एन्युटी प्लान कैसे काम करता है, इसके फायदे क्या हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

Zoom

बुढ़ापे में कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत!

नई दिल्ली. रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चिंता यह नहीं होती कि आपने कितना पैसा जोड़ा है, बल्कि यह होती है कि वह पैसा कब तक चलेगा. बढ़ती उम्र, महंगे इलाज और लंबी जिंदगी के कारण ज्यादातर लोगों को डर रहता है कि कहीं बुढ़ापे में उनके पैसे खत्म न हो जाएं. इसी डर को दूर करने का एक बेहतरीन जरिया है एन्युटी प्लान (Annuity Plan). यह एक ऐसा फाइनेंशियल प्रोडक्ट है जो आपके एकमुश्त पैसे को रेगुलर इनकम में बदल देता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता.

क्या है एन्युटी प्लान?
एन्युटी प्लान लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से दिया जाने वाला एक प्रोडक्ट है. इसमें आप कंपनी को एक बड़ी रकम एक साथ देते हैं और बदले में कंपनी आपको जीवनभर या एक तय समय तक नियमित रूप से पैसे देती है. आप अपनी जरूरत के हिसाब से यह तय कर सकते हैं कि आपको यह पैसा महीने में चाहिए, हर तीन महीने में, छह महीने में या साल में एक बार.

एन्युटी प्लान के टाइप
बाजार में कई तरह के एन्युटी प्लान मौजूद हैं, जैसे:

  • लाइफ एन्युटी: इसमें आपको तब तक पेंशन मिलती है जब तक आप जीवित हैं.
  • जॉइंट लाइफ एन्युटी: इसमें पॉलिसी होल्डर की मौत के बाद उसके पार्टनर (पति/पत्नी) को जीवनभर पेंशन मिलती रहती है.
  • रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस: कुछ प्लान ऐसे होते हैं जिनमें पॉलिसी होल्डर की मौत के बाद उसका पूरा पैसा नॉमिनी को वापस मिल जाता है, जबकि कुछ प्लान में पैसा वापस नहीं मिलता लेकिन पेंशन की रकम ज्यादा होती है.

क्यों चुनते हैं लोग एन्युटी प्लान?
शेयर बाजार गिरे या बढ़े, आपकी पेंशन फिक्स रहती है. यह आपकी पूरी जिंदगी को कवर करता है, जिससे बुढ़ापे में हाथ खाली होने का खतरा नहीं रहता. रिटायरमेंट के बाद बार-बार निवेश बदलने या शेयर बाजार देखने का झंझट नहीं रहता.

निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर महंगाई तेजी से बढ़ती है, तो फिक्स पेंशन की वैल्यू समय के साथ कम लगने लगती है. एक बार एन्युटी में पैसा डालने के बाद उसे बीच में अचानक निकालना बहुत मुश्किल होता है. बुढ़ापे को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए केवल एन्युटी पर निर्भर न रहें. अपने पैसों का एक हिस्सा एन्युटी में लगाएं ताकि फिक्स इनकम आती रहे और कुछ हिस्सा ऐसी जगहों पर लगाएं जहां महंगाई को मात देने वाले रिटर्न मिल सकें.

About the Author

authorimg

विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



Source link

दिल्ली में जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत: फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे थे, रेस्क्यू कर बाहर निकाले शव – New Delhi News




नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार दोपहर करीब 12:03 बजे ज्वालापुरी फायर स्टेशन को सूचना मिली कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री नंबर 93/8 के सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं। फायर टीम ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान सूचना मिलते ही दो वाटर टेंडर घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम की जानकारी मिलने पर टिकरी फायर स्टेशन से एक अतिरिक्त वाटर टेंडर भी भेजा गया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो। मौके पर पहुंची फायर विभगा टीम ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीडीएमए के माध्यम से एसडीएम मुंडका को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की मदद से बाहर निकाले गए शव सुरक्षा उपकरणों की मदद से टैंक में उतरकर मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सेप्टिक टैंक में जमा जहरीली गैस के कारण मजदूरों का दम घुट गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



Source link

नवादा में नशा मुक्त भारत सप्ताह का समापन: विजेता छात्राओं और स्वयंसेवकों को किया गया सम्मानित – Nawada News




नवादा में विजेता छात्राओं और स्वयंसेवकों को किया गया सम्मानित,नशा मुक्त भारत सप्ताह का समापन नवादा में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ का 26 जून को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह सप्ताह 17 जून से शुरू हुआ था। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश के निर्देश पर आयोजित इस समापन समारोह में प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय, नवादा में विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल दिए गए। इसके अतिरिक्त, अभियान को सफल बनाने तथा जन जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले स्वयंसेवकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना की गई। प्रतियोगिताओं के विजेता इस प्रकार रहे: निबंध प्रतियोगिता में रिया कुमारी (कक्षा 12वीं) प्रथम, कुमारी संस्कृति (कक्षा 10वीं ‘बी’) द्वितीय और आकृति कुमारी (कक्षा 10वीं ‘सी’) तृतीय रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में कृति कुमारी (कक्षा 12वीं) ने पहला, प्रिया भारती (कक्षा 10वीं ‘सी’) ने दूसरा और नेहा कुमारी (कक्षा 9वीं ‘एफ’) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वक्तृत्व प्रतियोगिता में रिया कुमारी (कक्षा 12वीं) विजेता रहीं। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने छात्राओं और स्वयंसेवकों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं की जागरूकता और सहभागिता से ही नशामुक्त भारत का संकल्प पूरा हो सकता है। सभी प्रतिभागियों से अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य सदस्यों को भी नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। उल्लेखनीय है कि ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ के दौरान जिलेभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण समारोह, रैलियां, निबंध, चित्रकला और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं सहित कई गतिविधियां आयोजित की गईं। इन आयोजनों का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जन जागरूकता फैलाना था।



Source link

मंगलनाथ मंदिर के सामने संन्यासी की मौत का खुलासा: डायल-112 रिकॉर्डिंग से खुला राज, सीने की चोट से हुई मौत; पानी की केन फेंककर मारी थी – Ujjain News




उज्जैन के चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र स्थित मंगलनाथ मंदिर के सामने रहने वाले संन्यासी गंगेश्वर गिरी की मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और डायल-112 की कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी कौशिक सोनी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार रतलाम जिले के जावरा निवासी अनिल कुमार जोशी ने सूचना दी थी कि उनके बड़े भाई सुनील जोशी ने वर्ष 2010 में संन्यास ग्रहण कर गंगेश्वर गिरी नाम धारण कर लिया था। वह पिछले डेढ़ वर्ष से मंगलनाथ मंदिर के सामने स्थित एक कुटिया में रह रहे थे। परिजनों की 10 जून को हुई थी बात परिजनों ने बताया कि 10 जून को उनकी गंगेश्वर गिरी से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान पीछे से विवाद की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। 17 जून को जब परिजन कुटिया पहुंचे तो वहां सामान बिखरा हुआ मिला। पूछताछ करने पर पता चला कि 11 जून को कुटिया से गंगेश्वर गिरी का शव बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पानी की केन फेंकी थी जांच के दौरान सामने आया कि घटना वाले दिन गंगेश्वर गिरी ने स्वयं डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बताया था कि कौशिक सोनी ने उन पर पानी की केन फेंकी है, जिससे उनके सीने में गंभीर चोट लगी है। उस समय पुलिस ने उन्हें थाने आकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी थी। बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सीने पर लगी गंभीर चोट को ही मृत्यु का कारण बताया गया। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी कौशिक सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



Source link

वर्ल्ड अपडेट्स: यूरोपीय संघ की बैठक में स्वीडन की मंत्री अपने 3 साल के बच्चे के साथ पहुंचीं




यूरोपीय संघ (EU) के जलवायु मंत्रियों की बैठक में गुरुवार को स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पूरमोख्तारी अपने 3 महीने के बेटे एडम को लेकर पहुंचीं। EU परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, पहली बार किसी मंत्री स्तरीय बैठक में एक शिशु शामिल हुआ है। 30 साल की रोमिना ने कहा कि वह यह दिखाना चाहती थीं कि महिलाओं को मां बनने और करियर में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा तभी संभव है, जब परिवार और सरकारी नीतियों से पूरा सहयोग मिले। स्वीडन में दुनिया की सबसे उदार पेरेंटल लीव नीतियों में से एक है। वहां माता-पिता को कुल 16 महीने का सवेतन अवकाश मिलता है। इसमें से 90 दिन मां और 90 दिन पिता के लिए तय होते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… जापान की PM 1 जुलाई से भारत दौरे पर; पीएम मोदी के साथ बैठक होगी जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई तक भारत के दौरे पर रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह नई दिल्ली आएंगी और दोनों नेताओं के बीच 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा समेत दोनों देशों के सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का यह पहला भारत दौरा होगा। इससे पहले अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे, जहां 15वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक आयोजित हुई थी।



Source link

‘हॉन्टेड 3डी’ शूटिंग के दौरान टूट गई थी एक्ट्रेस, संभालना था मुश्किल


Last Updated:

एक्ट्रेस चेतना पांडे इन दिनों अपनी हालिया रिलीज हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट’ को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने खुलासा किया कि शूटिंग के दौरान वे असल जिंदगी में मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद बुरे दौर से गुजर रही थीं. चेतना ने अपने इसी वास्तविक दर्द, अकेलेपन और संघर्ष को बिना किसी बनावट के सीधे अपने ‘सुनहरी’ के किरदार में उतार दिया.

Zoom

चेतना पांडे को ‘हॉन्टेड 3डी’ में देखा गया.

नई दिल्ली. सिनेमा के पर्दे पर जब कोई कलाकार रोता है, डरता है या संघर्ष करता है, तो दर्शक अक्सर उसे बेहतरीन अभिनय का नाम देते हैं. लेकिन कई बार पर्दे पर दिखने वाला वो दर्द अभिनय नहीं, बल्कि उस कलाकार की असल जिंदगी की कड़वी सच्चाई होता है. इन दिनों अपनी हालिया रिलीज हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट’ को लेकर चर्चा बटोर रहीं एक्ट्रेस चेतना पांडे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. फिल्म में उनके काम की खूब तारीफ हो रही है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान चेतना मानसिक और भावनात्मक रूप से अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रही थीं.

हाल ही में आईएएनएस को दिए एक बेहद भावुक इंटरव्यू में चेतना ने अपने इस दर्दनाक सफर का खुलासा किया. फिल्म में अपने किरदार ‘सुनहरी’ के बारे में बात करते हुए चेतना ने कहा, ‘जब मुझे सुनहरी का रोल मिला, तब मुझे अंदाजा भी नहीं था कि यह किरदार मेरी असल जिंदगी के इतने करीब होगा. सच कहूं तो, इस रोल के लिए मुझे किसी एक्टिंग वर्कशॉप की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि मेरी अपनी जिंदगी के हालातों ने मुझे इसके लिए तैयार कर दिया. जब शूटिंग शुरू हुई, मैं अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी और मानसिक रूप से बेहद परेशान थी. खुद को संभालना मेरे लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था.’

चेतना ने शेयर किया दर्द

चेतना ने आगे बताया कि फिल्म में सुनहरी की कहानी और उनकी खुद की निजी जिंदगी की परेशानियां काफी हद तक एक जैसी थीं. यही वजह थी कि कैमरे के सामने उन्हें डर या दुख की भावनाएं पैदा करने के लिए कोई दिखावा नहीं करना पड़ा. उन्होंने अपने असली दर्द, अकेलेपन और आंसुओं को सीधे अपने किरदार में झोंक दिया.

वो बताती हैं कि जो कुछ वे असल जिंदगी में महसूस कर रही थीं, वही सब पर्दे पर सुनहरी के रूप में नजर आया.हालांकि, चेतना अब इस मुश्किल दौर को एक सीख की तरह देखती हैं. उनका मानना है कि जिंदगी में आने वाली हर मुसीबत हमें भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मजबूत बनाती है.

विक्रम भट्ट का जताया आभार

विक्रम भट्ट जैसे दिग्गज निर्देशक के साथ काम करने के अपने अनुभव पर खुशी जाहिर करते हुए चेतना ने कहा, ‘जब मुझे पता चला कि फिल्म का निर्देशन विक्रम भट्ट सर कर रहे हैं, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. भारतीय सिनेमा में हॉरर जॉनर को एक नई और आधुनिक पहचान देने का श्रेय उन्हीं को जाता है. ‘हॉन्टेड’ भारत की पहली थ्री-डायमेंशनल हॉरर फिल्मों में से एक थी, जिसके सीन्स और गाने आज भी लोगों के जहन में ताजा है.’

About the Author

authorimg

Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें



Source link

इस कच्चे गोश्त की बिरयानी का स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं चटोरे, ₹70 में मिलता है शेफ नसीम के हाथों का स्वाद


X

इस कच्चे गोश्त की बिरयानी का स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं चटोरे, ₹70 है कीमत

 

arw img

आपने आज तक कई तरह की बिरयानी का स्वाद चखा होगा पर जमशेदपुर वालों को जो स्वाद आजकल खूब भा रहा है, वो है कच्ची गोश्त की बिरयानी. इंटरनेशनल शेफ नसीम पिछले 15 सालों से लोगों को अलग-अलग स्वाद चखा रहे हैं पर उनकी कच्चे गोश्त की बिरयानी का जवाब नहीं. इसमें गोश्त को मसालों में मैरिनेट करके कच्चा ही भगौने में सबसे नीचे बिछाया जाता है और उस पर ऊपर से चावल की लेयर डाली जाती है. चावल और गोश्त साथ पकते हैं, जिससे स्वाद बेहद खास आता है. कीमत की बात करें तो 70 रुपये में हाफ प्लेट और 120 रुपये में फुल प्लेट का स्वाद मिलेगा. इसे खाने के लिए आपको मेनरोड करनडीह जाना होगा. यह दुकान ब्लॉक ऑफिस परसुडीह थाने के पास है. 

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Mission ShaktiSAT के लिए चुनी गई रायपुर की छात्रा महिमा राजपूत, 108 देशों की छात्राएं मिशन में लेंगी भाग


रायपुर की कक्षा 10 की छात्रा महिमा राजपूत का चयन भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंतर्राष्ट्रीय ‘ShaktiSAT’ उपग्रह मिशन के लिए हुआ है। लगभग 108 देशों की छात्राओं को ‘ShaktiSAT’ अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम में भाग लेने और उपग्रह प्रौद्योगिकी के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। 

बताया मिशन के लिए कैसे जुटाई जानकारी 

इस गौरवपूर्ण क्षण को साझा करते हुए महिमा ने एएनआई को बताया, ‘मेरा चयन Mission ShaktiSAT के लिए हो गया है। यह बात मेरी प्रधानाचार्य ने मेरी मार्गदर्शक शिक्षिका को बताई और उन्होंने मेरा पंजीकरण करवा दिया। पंजीकरण के बाद कुछ मॉड्यूल आए, जिनसे विज्ञान और उपग्रहों के बारे में बेसिक कॉन्सेप्ट स्पष्ट हुए। कुल 21 मॉड्यूल और 365 पाठ थे, जिनसे हमें बहुत मदद मिली। हमें उपग्रह बनाने का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें कुल 108 देश शामिल हैं। 23 अगस्त को हमें दिल्ली जाना है, जहां हम एक उपग्रह बनाएंगे जो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा, और दूसरा उपग्रह चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा करेगा, और फिर हम इसे अक्टूबर में प्रक्षेपण करेंगे।’

महिला की टीचर ने बताया आगे का प्लान 

महिमा की टीचर योगेश्वरी लाहिड़ी के अनुसार, ‘यह एक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजना है जिसमें दुनिया भर से बच्चों का चयन किया जाना था… चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब अगस्त में, अन्य देशों के बच्चे भारत, दिल्ली आएंगे और हमारे बच्चे भी दिल्ली जाएंगे। बच्चे वहां उपग्रह बनाएंगे… श्रीहरिकोटा के बच्चे और वैज्ञानिक अक्टूबर में दो उपग्रहों का प्रक्षेपण करेंगे… कुल मिलाकर, राष्ट्रीय स्तर के प्रथम चरण के चयन में दो बच्चों का चयन हुआ था। उसके बाद… महिमा का चयन राष्ट्रीय स्तर के प्रथम चरण के लिए हुआ है।’ 

क्या है मिशन शक्तिसैट 

मिशन शक्तिसैट चेन्नई स्थित एयरोस्पेस स्टार्टअप स्पेस किड्ज इंडिया की पहल है। शक्तिसैट को 108 देशों की 14-18 वर्ष आयु वर्ग की 12,000 लड़कियों को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस मिशन को अक्टूबर में लॉन्च किया जाना है। मिशन योजना के अनुसार, एक उपग्रह चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और दूसरा चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा करेगा। यह मिशन छात्रों को उपग्रह शिक्षा और वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। 

108 देशों के भाग लेने के पीछे है वजह

 गौरतलब है कि, अंतरिक्ष इंजीनियरिंग में, 108 का अनुपात एक ब्रह्मांडीय संरेखण घटना है। चंद्रमा और सूर्य दोनों पृथ्वी से लगभग अपने व्यास के 108 गुना दूरी पर स्थित हैं, जिससे पूर्ण सूर्य ग्रहण संभव हो पाता है। शक्तिसैट पोर्टल पर उल्लेख के अनुसार, यह ज्यामितीय सामंजस्य वैश्विक एकता और ब्रह्मांडीय सटीकता का प्रतीक है।   

ये भी पढ़ें –

CBSE में Re-evaluation के बाद रांची की छात्रा को मिले 500/500 नंबर, जानिए कौन हैं अवनी केजरीवाल ?

NCERT ने कक्षा-9 के सिलेबस में शामिल किया SIR और EC, ‘बेमिसाल’ चुनावी प्रक्रिया के बारे में पढ़ेंगे स्टूडेंट्स

 





Source link