मानसून की पहली ही जोरदार बरसात ने झुंझुनूं नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम और दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। आज हुई तेज बारिश के बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया। सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा होने से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। रोड़ नंबर 3 पर बड़ा हादसा, नाले में धंसी बस
बारिश के चलते सबसे ज्यादा विकट स्थिति रोड़ नंबर 3 पर देखने को मिली। यहां जलभराव के कारण सड़क और नाले का फर्क पूरी तरह खत्म हो गया, जिसके चलते एक चलती हुई निजी टूरिस्ट बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे नाले में जा गिरी। गनीमत यह रही कि बस एक तरफ झुककर अटक गई और कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बस का आधा हिस्सा पानी और मलबे में डूबा हुआ है, जिससे वहाँ लंबा जाम लग गया। बंद हुए दुपहिया वाहन, रेंगते नजर आए लोग पानी का बहाव और भराव इतना ज्यादा था कि सड़कों से गुजरने वाले दुपहिया वाहन (मोटरसाइकिल और स्कूटी) बीच रास्ते में ही बंद हो गए। कई वाहन चालक पानी के बीच ही अपनी गाड़ियों को धक्का मारते और संघर्ष करते नजर आए। कार और अन्य बड़े वाहनों के पहिए भी आधे से ज्यादा पानी में डूबे दिखाई दिए, जिससे गाड़ियों के इंजन फेल होने का खतरा लगातार बना रहा। इन प्रमुख चौराहों पर बना समंदर जैसा नजारा शहर का शायद ही कोई ऐसा मुख्य हिस्सा बचा हो जो इस जलभराव की चपेट में न आया हो। भारी बारिश के बाद शहर के मुख्य केंद्र पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए। हवाई पट्टी चौराहा: यहां सड़कों पर पानी का भारी रेला देखने को मिला, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। रोड़ नंबर 3: नाले में बस गिरने और भारी जलभराव के कारण यह रूट सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। गांधी चौक और खेमी शक्ति चौराहा: व्यापारिक गतिविधियों के इन मुख्य केंद्रों पर पानी भरने से दुकानदारों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बगड़ चौराहा: यहां भी जलभराव के कारण चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। प्रशासनिक दावों की खुली पोल हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के प्रशासनिक दावे किए जाते हैं, लेकिन इस पहली ही बरसात ने साफ कर दिया कि धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक होने की वजह से चंद घंटों की बारिश में ही पूरा शहर टापू बन गया। स्थानीय निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
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पहली ही बारिश में डूबा झुंझुनूं: रोड़ नंबर 3 पर नाले में फंसी बस, हवाई पट्टी चौराहे से लेकर गांधी चौक तक समंदर बना शहर – Jhunjhunu News
CM योगी बोले- इलाज और मकान की चिंता छोड़िए: गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान 200 लोगों की फरियाद सुनी, अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए – Uttar Pradesh News
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। चाहे इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत हो या मकान की, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। वे खुद लोगों के बीच पहुंचे, उनके आवेदन लिए और एक-एक शिकायत की जानकारी ली। सीएम बोले- इलाज के लिए एस्टिमेट जमा करें, सरकार खर्च उठाएगी इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज का इलाज कराइए और अस्पताल से खर्च का अनुमान (एस्टिमेट) बनवाकर जमा कर दीजिए। सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं, ताकि उन्हें इलाज में परेशानी न हो। जरूरत पड़ने पर विवेकाधीन कोष से भी सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ लोग मकान की मांग लेकर भी पहुंचे। इस पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हर पात्र व्यक्ति को मकान दिया जा रहा है। किसी भी जरूरतमंद को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पुलिस-राजस्व मामलों पर अधिकारियों को निर्देश दिए गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और आवास से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में देरी की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। गोशाला में की गोसेवा, बच्चों से मुलाकात कर बांटी चॉकलेट जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में गुरु गोरखनाथ और अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। सीएम ने गायों को गुड़, रोटी और हरा चारा खिलाया और उनका दुलार किया। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां आए बच्चों से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट दी, पढ़ाई के बारे में पूछा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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यूपी सहित 13 राज्यों का भरा है खजाना, 15 स्टेट में खर्चे पूरे करने के भी पैसे नहीं
नई दिल्ली. देश के 28 राज्यों में से 10 के पास तो अपने खर्चे पूरे करने के बाद भी ठीकठाक राजस्व बचता है, लेकिन बाकी 18 राज्यों के पास इतने भी पैसे नहीं हैं कि अपना खर्चा भी पूरा किया जा सके. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) के संजय मूर्ति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मणिपुर सहित 13 राज्यों ने 2024-25 में राजस्व सरप्लस दर्ज किया, जबकि बाकी 15 राज्यों में घाटा रहा.
कैग की ‘राज्य वित्त 2024-25’ रिपोर्ट के अनुसार, 18 राज्यों ने रेवेन्यू सरप्लस का लक्ष्य रखा था, 3 राज्यों ने राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा और 7 राज्यों ने शून्य राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा था. अब रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2024-25 में 15 राज्य राजस्व घाटे में रहे, जबकि बाकी 13 राज्यों में रेवेन्यू सरप्लस रहा. 18 राज्यों में से जिन्होंने रेवेन्यू सरप्लस का लक्ष्य रखा था, 9 राज्य ही इसे हासिल कर पाए. इसके अलावा असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना 2024-25 के दौरान राजस्व घाटे में रहे.
7 राज्यों ने रखा था शून्य घाटे का लक्ष्य
रिपोर्ट में उन 7 राज्यों का भी जिक्र किया गया, जिन्होंने शून्य राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा था. इन राज्यों में गोवा, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. इनमें से चार राज्यों गोवा, झारखंड, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश ने रेवेन्यू सरप्लस हासिल कर लिया, जबकि पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु को राजस्व घाटा हुआ. 2024-25 में जिन 15 राज्यों में राजस्व घाटा रहा, उनमें हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब और पश्चिम बंगाल को वित्त आयोग से राजस्व घाटा अनुदान मिला.
कितना रहा राजस्व घाटा
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यदि 2024-25 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा राज्यों के लिए निर्धारित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3 फीसदी के संकेतक राजकोषीय घाटा लक्ष्य को देखा जाए, तो 18 राज्य इस लक्ष्य से ऊपर रहे. 15 राजस्व घाटे वाले राज्यों का कुल राजस्व घाटा 13 राज्यों के रेवेन्यू सरप्लस को मिलाए बिना ही 3,46,385 करोड़ रुपये रहा, जो उनके संयुक्त GSDP का 1.5 फीसदी है. 13 राज्यों के रेवेन्यू सरप्लस को समायोजित करने के बाद शुद्ध राजस्व घाटा 2,19,041 करोड़ रुपये रहा, जो सभी 28 राज्यों के संयुक्त GSDP का 0.68 फीसदी है.
राज्यों ने कितना पैसा जुटाया
कैग ने अपनी रिपोर्ट में राज्यों के रेवेन्यू की बढ़ती अहमियत को दिखाया, जो 2024-25 में 28 राज्यों की कुल राजस्व प्राप्तियों 40.52 लाख करोड़ रुपये का 50 फीसदी रहा. इस दौरान राज्य जीएसटी राज्यों के अपने कर राजस्व का 43 फीसदी से अधिक रहा है. सभी राज्यों का संयुक्त बजटीय खर्च 2024-25 में 51.20 लाख करोड़ रुपये रहा, जो उनके संयुक्त GSDP का 15.78 फीसदी है. आंकड़े बताते हैं कि वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान अब भी राजस्व खर्च का बड़ा हिस्सा बने हुए हैं. 31 मार्च 2025 तक राज्यों की कुल देनदारियां 90.51 लाख करोड़ रुपये थीं.
प्रोड्यूसर का पोता, दादी भी थीं जानी मानी एक्ट्रेस, आमिर संग ब्लॉकबस्टर देकर छोड़ी एक्टिंग
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आमिर खान संग काम कर चुका वो एक्टर, जिसने ब्लॉकबस्टर देकर भी एक्टिंग की दुनिया को अलविदा कह दिया. एक्टिंग की दुनिया में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाले उस एक्टर ने पढ़ाई को प्राथमिकता दी और आज यूके में एक सफल डेंटिस्ट हैं.
नई दिल्ली. एक्टिंग में दुनिया में नाम कमाने का सपना लेकर हर एक्टर मुंबई आता है. लेकिन बहुत कम लोग हैं, जिन्हें काम मिल जाता है. लेकिन एक एक्टर ऐसे हैं, जो ब्लॉकबस्टर देकर एक्टिंग से दूर अपना पायलट बनने का सपना पूरा करने में जुटे हुए हैं.

हम बात कर रहे हैं, आमिर खान संग फिल्म ‘तारे जमीन पर’ में नजर आ चुके एक्टर सचेत की. वही जिन्होंने फिल्म में ईशान अवस्थी के बड़े भाई का रोस निभाया छथा. सचेत इंजीनियर ब्लॉकबस्टर फिल्म देकर भी दोबारा किसी फिल्म में नजर नहीं आए.

काफी समय से वह फिल्मी दुनिया से कटे हुए हैं. बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट आमिर संग काम कर चुके, करोड़ों दिल जीतने वाले सचेत ने एक्टिंग को अलविदा कहकर पढ़ाई को प्रॉयरिटी दी. आज वह यूके में एक सफल डेंटिस्ट हैं. इसके साथ ही वह अपना पायलट बनने का सपना भी पूरा करने में बिजी हैं.
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इंडस्ट्री में कई ऐसे चाइल्ड आर्टिस्ट आए हैं, जिन्होंने अपने काम से लोगों का दिल जीता. सचेत इंजीनियर भी उन्हीं में से एक हैं, फर्क सिर्फ ये है कि उन्हें आमिर खान जैसे सुपरस्टार की फिल्म में काम करने का मौका मिला और वो फिल्म भी ब्लॉकबस्टर हो गईं.

फिल्म में ‘तारे जमीन पर’ में ईशान अवस्थी का रोल दर्शील सफारी ने निभाया था.उनके बड़े भाई योहान अवस्थी का किरदार सचेत इंजीनियर ने निभाया था. इस फिल्म के बाद दर्शील सफारी तो एक्टिंग की दुनिया लगातार सुर्खियों में बने रहे, वहीं सचेत ने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली और अपनी पढ़ाई पर फोकस किया.

आज सचेत इंजीनियर बॉलीवुड को छोड़कर यूनाइटेड किंगडम (UK) में एक सफल डेंटिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. इसके साथ ही वह लाइसेंस प्राप्त पायलट बनने की ट्रेनिंग भी ले रहे हैं, योहान अवस्थी का रोल निभाकर उन्हें बड़ी पहचान मिली. फिर भी उन्होंने अपनी पढ़ाई को जरूरी समझा.
रायसेन में रात दो बजे किराना दुकान में लगी आग: फ्रिज, कूलर समेत लाखों का सामान जला; ऊपर रह रहे परिवार पर भी मंडराया खतरा – Raisen News
रायसेन के पाटनदेव इलाके में एक किराना दुकान में सोमवार-मंगलवार की रात 2 बजे भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान में रखा लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। आग इतनी विकराल थी कि दुकान के अंदर रखा फ्रिज, कूलर, फर्नीचर और किराना का पूरा सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसियों ने समय रहते आग को देखा और तुरंत इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। यदि समय पर आग की सूचना नहीं मिलती, तो यह एक बड़ा हादसा हो सकता था। दुकान के ऊपर स्थित मकान और उसमें रह रहे लोगों के लिए भी खतरा टल गया। दुकान संचालक का नाम जितेंद्र कुशवाहा ‘जीतू’ है। इस आग से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।
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बांका में मिर्जापुर डैम से हथियार बरामद: पुलिस की कार्रवाई में 21 गोलियों सहित 2 अवैध हथियार मिले, अपराधी भागे – Banka News
बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने मिर्जापुर डैम के पास से दो अवैध हथियार और 21 जिंदा गोलियां बरामद की हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बौसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने मंगलवार को बाराहाट थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 15 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, मिर्जापुर लवधरिया टोला से सटे मिर्जापुर डैम के पास दो अपराधी अवैध हथियारों के साथ मछली मार रहे थे। दो अपराधी हथियार लेकर खड़े मिले इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची, तो दो अपराधी हथियार लेकर खड़े मिले। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया, लेकिन वे झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। भागते समय अपराधियों ने अपने हथियार झाड़ियों में फेंक दिए। सभी हथियारों और गोलियों को जब्त कर थाने लाया तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने झाड़ियों से एक राइफल बरामद की, जिसमें पांच राउंड गोली लोड थी। इसके अतिरिक्त, एक बटुए में बंधी 16 जिंदा गोलियां और एक लोडेड देसी छोटा मास्केट भी मिला। बरामद सभी हथियारों और गोलियों को जब्त कर थाने लाया गया। एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फरार अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। छापेमारी दल में बाराहाट थानाध्यक्ष अशोक कुमार, पंचवाड़ा थानाध्यक्ष चंदन कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
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12 साल बाद बांग्लादेशी महिला को वापस भेजने की तैयारी: फेसबुक पर मुलाकात के बाद गुजराती युवक से की थी लव-मैरिज, पति बोला- वहां मार डालेंगे
आणंद (गुजरात)3 घंटे पहले
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गुजरात के आणंद शहर में पुलिस ने एक बांग्लादेशी लड़की को गिरफ्तार किया है। काजुली (अब काजल) 12 साल पहले आणंद में रहने वाले तरुण से शादी करने के लिए भारत में दाखिल हुई थी। तरुण और काजल ने शादी कर ली थी। अब इनके दो बेटे भी हैं।
हालांकि काजुली अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। इसीलिए अब उसके वापस बांग्लादेश डिपोर्टेशन की तैयारी की जा रही है। पति ने भारत सरकार से काजुली को नागरिकता देने की गुहार लगाई है। तरुण का कहना है कि काजल अब हिंदू बन चुकी है। ऐसे में न सिर्फ उसका परिवार ही बिखर जाएगा, बल्कि काजुली को अब उसका परिवार भी नहीं अपनाएगा और कट्टरपंथी उसकी हत्या कर देंगे।

साल 2016 में काजुली ने हिंदू रीति-रिवाजों से तरुण से शादी की थी।

काजुली की शादी की समय की तस्वीर।

काजुली और तरुण।
2016 में सीमा पार कर गुजरात पहुंची थी काजुली
आज से 15 साल पहले, आणंद के लम्भवेल गांव के निवासी तरुण पटेल की प्रेम कहानी फेसबुक पर शुरू हुई थी। फेसबुक के जरिए उनकी मुलाकात बांग्लादेश की एक मुस्लिम लड़की काजुली से हुई। धीरे-धीरे पहचान प्यार में बदल गई। काजुली तरुण से शादी करना चाहती थी और इसके लिए उसने बांग्लादेश में पासपोर्ट बनवाने के लिए 13,000 रुपए तक खर्च कर दिए थे, लेकिन एजेंट की धोखाधड़ी के कारण उसे पासपोर्ट नहीं मिल सका।
दूसरी ओर, बांग्लादेश में उसके पिता उस पर किसी दूसरे मुस्लिम पुरुष से शादी करने का दबाव डाल रहे थे। इसी के चलते काजुली 2016 में अवैध रूप से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल से होते हुए गुजरात पहुंची थी। काजुली ने हिंदू धर्म अपना लिया तरुण से शादी कर ली। अब परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा ध्यान (8 साल) और छोटा बेटा अर्श (2 साल) का है।

छोटे बेटे अर्श (2 साल) के साथ काजुली।
बांग्लादेश में बीमार मां को फोन करते समय फोन ट्रेस हुआ
बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने के लिए गुजरात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान काजल की यह कहानी सामने आई। काजल ने कुछ दिन पहले बांग्लादेश में रह रही अपनी बीमार मां का हालचाल जानने के लिए फोन किया था।
पुलिस ने इस फोन कॉल को ट्रेस किया और जांच में पता चला कि वह भारत में अवैध रूप से रह रही थी। इसके बाद 2 जून की रात को आणंद की एलसीबी पुलिस ने काजल को गिरफ्तार कर लिया और उसे महिला गृह में भेजकर उसे वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

दोनों बेटों के साथ तरुण।
पत्नी की बांग्लादेश में हत्या हो जाएगी: तरुण
पिछले 15 दिनों से अपनी मां के बिना संघर्ष कर रहे बच्चों और परेशान पति तरुण पटेल ने भारत सरकार से गुहार लगाई है। तरुण के अनुसार, काजल किसी आपराधिक इरादे से भारत नहीं आई थी, बल्कि अपने प्यार की तलाश में आई थी। उसने हिंदू धर्म अपना लिया है। बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए ये कठिन समय है।
अगर उसे वहां वापस भेज दिया जाता है, तो उसका परिवार उसे स्वीकार नहीं करेगा और वहां के चरमपंथी उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। उसकी जान को बड़ा खतरा है। काजल के 8 वर्षीय बेटे ध्यान ने भी रोते हुए सरकार से अपील की है कि उसने 15 दिनों से अपनी मां का चेहरा नहीं देखा है और वह अपनी मां के बिना नहीं रह सकता।
पत्नी की नागरिकता की मांग की
तरुण पटेल ने गृह मंत्री हर्ष संघवी और भारत सरकार से मानवीय आधार पर इस मामले पर गौर करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि जहां भारत सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित हिंदुओं को नागरिकता दे रही है, वहीं काजल ने भी मुस्लिम धर्म से हिंदू धर्म में धर्मांतरण किया है।
ऐसे में, ताकि मासूम बच्चों का प्यार उनसे न छिन जाए और परिवार न टूटे, आनंद के परिवार ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है कि काजल को निर्वासित न किया जाए और उसे भारतीय नागरिकता दी जाए।
———– बांग्लादेशियों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
अहमदाबाद में 166 बांग्लादेशी पकड़े गए:300 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में लिए गए

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शहर के तीन इलाकों से 300 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जांच में 166 बांग्लादेशी पाए गए हैं, जबकि अन्य संदिग्धों के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…
GST अफसरों को मिलेगी डिजिटल टूल्स की मिलेगी ट्रेनिंग: दिल्ली सरकार ने शुरू किया कार्यक्रम, आईटीसी, रिफंड, ऑडिट और प्रवर्तन की बारीकियां सीखेंगे – New Delhi News
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार कर (टैक्स) प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ट्रेड एंड टैक्स विभाग के माध्यम से जीएसटी प्रशासन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दो सप्ताह का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आधुनिक कर प्रशासन केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, कानून, जांच, विश्लेषण और जनसेवा का समन्वित तंत्र बन चुका है। ऐसे में अधिकारियों का नियमित क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (एनएसीआईएन) के सहयोग से आयोजित यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 26 जून तक चलेगा। प्रतिदिन तीन सत्रों में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता को मजबूत करना है। जीएसटी नेटवर्क पर होगा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जीएसटी नेटवर्क पर रिटर्न फाइलिंग, पंजीकरण, संशोधन, निरस्तीकरण, पुनर्बहाली, बैक ऑफिस संचालन, हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण तंत्र का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही जांच, पूछताछ, बयान दर्ज करने, तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी और डिजिटल जांच उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी जाएगी। अनुशासनहीनता पर हो सकती है प्रशासनिक कार्रवाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थिति अनिवार्य होगी। बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने, देर से पहुंचने, बीच में सत्र छोड़ने या निर्देशों का पालन नहीं करने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिल्ली के जीएसटी प्रशासन को अधिक दक्ष, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाएगा।
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शिंदे गुट का दावा-UBT के 7 सांसद हमारे संपर्क में: मानसून सत्र से पहले शामिल होंगे; उद्वव ठाकरे बोले- जो जाना चाहते हैं, खुशी-खुशी जाएं
शिवसेना (शिंदे गुट) के MLC कृपाल तुमाने ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 7 सांसद उनके संपर्क में हैं। ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पिछले एक महीने से चर्चा चल रही है। अब अंतिम चरण में है। मानसून सत्र से पहले ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मुताबिक, इस बीच 14 जून को उद्वव ठाकरे ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कोई पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। वे खुशी-खुशी जाएं। उद्धव ने 2022 में हुई शिवसेना की टूट का जिक्र करते हुए कहा- उस समय भी मुझे बगावत की जानकारी थी, लेकिन मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया। शिवसेना (UBT) सांसद ने मंत्री से मुलाकात की यवतमाल-वाशिम से शिवसेना (UBT) सांसद संजय देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से दिल्ली में मुलाकात की। देशमुख ने रविवार की बैठक में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि PTI से बातचीत में राउत ने कहा कि इस मुलाकात को लेकर गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद पार्टी के साथ हैं। राउत बोले- सभी सांसद एकजुट हैं UBT सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और टूट की खबरें गलत हैं। कृपाल तुमाने कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है। राउत ने कहा कि चार दिन पहले उद्धव ठाकरे की बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे और उन्होंने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया था। कुछ नेताओं ने तो अपने परिजनों की कसम खाकर उद्धव ठाकरे के साथ रहने की बात कही थी। हालांकि, मीडिया रोपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मीटिंग में 4 सांसद फिजकली पहुंचे थे, जबकि एक सांसद ऑनलाइन जुड़े थे। 4 सांसद मीटिंग में शामिल नहीं हुए। चार साल पहले टूटी थी शिवसेना 20 जून 2022 को महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 में से 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ गए। तब उद्धव सीएम थे। राज्यपाल ने उन्हें फ्लोर टेस्ट को कहा। उद्धव सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट नहीं रोका तो उद्धव ने इस्तीफा दे दिया। 30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बन गए। फिर दोनों गुट एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी 2023 को स्पीकर ने कहा कि जब बगावत हुई, तब शिंदे गुट में 37 विधायक थे। इसलिए यही असली शिवसेना है। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दीं। इनकी सदस्यता भी रद्द नहीं की। इसी बीच, चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दे दिया। —————- ये खबर भी पढ़ें… क्या 4 साल बाद एक होगी उद्धव-शिंदे की शिवसेना:MLC चुनाव में खींचतान, कार्यकर्ता बोले- विचारधारा एक, हाईकमान के ऑर्डर का इंतजार 2 जून 2026 को उद्धव ठाकरे खेमे के बड़े नेता अंबादास दानवे और एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार का काफिला आमने-सामने आ गया। दोनों नेताओं ने गाड़ी से उतरकर एक-दूसरे को गले लगाया। इनकी मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद अंबादास दानवे ने मीडिया में कहा- वक्त आ गया है कि दोनों शिवसेना एक हो जाएं। पूरी खबर पढ़ें…
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नेपाली सेकुवा, अफगानी मोमो से तंदूरी तक…देहरादून में यहां मिलता है नॉनवेज का असली मजा
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Must Try Nonveg Food Spots in Dehradun: पहाड़ों की ठंडी हवाएं, चारों तरफ फैली हरियाली और सामने हो गर्मागर्म टेस्टी चिकन डिश, देहरादून का यह फील यहां आने वाले हर मुसाफिर के दिल में बस जाता है. बीते कुछ सालों में दून घाटी एक बड़े फूड हब के रूप में उभरी है. खासकर अगर आप नॉन-वेज के शौकीन हैं, तो देहरादून की गलियों में चिकन शावरमा से लेकर पारंपरिक नेपाली चिकन सेकुवा, तीखा चिकन सूप, जूसी मोमोज और लाजवाब तंदूरी चिकन का ऐसा जायका मिलेगा कि आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे. आइए जानते हैं देहरादून की उन मशहूर जगहों के बारे में जहां आपको चिकन के सबसे बेहतरीन और असली स्वाद मिलेंगे और इन्हें कैसे खास तरीके से तैयार किया जाता है.
पहाड़ों की ठंडी हवाएं, चारों ओर फैली हरियाली और सामने गर्मागर्म चिकन डिश, देहरादून का यह एहसास यहां आने वाले हर मुसाफिर के दिल में बस जाता है. दून घाटी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत माहौल के लिए मशहूर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह शहर एक बड़े फूड हब के रूप में भी उभरा है. अगर आप नॉन-वेज और खासकर चिकन के शौकीन हैं, तो यहां आपको कई लाजवाब विकल्प मिल जाएंगे. मिडिल ईस्ट का मशहूर चिकन शावरमा, पारंपरिक नेपाली चिकन सेकुवा, राजपुर रोड का प्रसिद्ध केसी चिकन सूप, अंगीठी रेस्टोरेंट के अफगानी मोमो और बिरयानी मैन की चिकन बिरयानी यहां के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल हैं.

देहरादून में स्वादिष्ट चिकन शावरमा के लिए कई मशहूर जगहें हैं. इनमें नेहरू कॉलोनी और धर्मपुर स्थित ‘शावरमा किंग बाय सिंह’ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, जो अपने लेबनानी स्वाद के लिए जाना जाता है. इसके अलावा राजपुर रोड पर ‘दुबई शावरमा’, दर्शन लाल चौक के पास ‘शावरमा दरबार’ और नेशविला रोड के कई फूड स्टॉल्स पर भी बेहतरीन शावरमा का स्वाद लिया जा सकता है.

चिकन शावरमा मिडिल ईस्ट का लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है. इसे बनाने के लिए बोनलेस चिकन को दही, लहसुन, नींबू के रस और खास अरबी मसालों में मैरीनेट किया जाता है. इसके बाद चिकन को वर्टिकल रोटिसरी पर धीरे-धीरे पकाया जाता है, जिससे यह अंदर से जूसी और बाहर से हल्का कुरकुरा बन जाता है. पकने के बाद चिकन को पतले टुकड़ों में काटकर पीता ब्रेड या रुमाली रोटी में भरा जाता है. इसमें गार्लिक सॉस, मेयोनेज़, पत्तागोभी, प्याज और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां मिलाकर स्वादिष्ट रोल तैयार किया जाता है.
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वहीं, चिकन सेकुवा देहरादून में तेजी से लोकप्रिय हो रहा पारंपरिक नेपाली व्यंजन है. इसका स्वाद मोथरोवाला, दुधली रोड स्थित ‘टो ब्रदर्स कैफे’, जाखन और गढ़ी कैंट के आसपास मौजूद नेपाली फूड स्टॉल्स पर लिया जा सकता है. इसे बोनलेस चिकन को दही, नींबू, अदरक-लहसुन, सरसों के तेल और नेपाली मसालों के साथ मैरीनेट करके तैयार किया जाता है. इसके बाद चिकन को सीकों में लगाकर कोयले की अंगीठी पर भुना जाता है. इसी वजह से इसमें खास स्मोकी फ्लेवर आता है. इसे पुदीने की चटनी, प्याज और नींबू के साथ परोसा जाता है.

देहरादून का प्रसिद्ध ‘केसी सूप बार’ राजपुर रोड के जाखन क्षेत्र में स्थित है. यह शहर के सबसे लोकप्रिय फूड जॉइंट्स में से एक माना जाता है. यहां का चिकन सूप चिकन स्टॉक, काली मिर्च, तेजपत्ता और अदरक-लहसुन जैसे मसालों से तैयार किया जाता है. बाद में इसमें चिकन के बारीक रेशे मिलाए जाते हैं. इस सूप की खासियत इसका तीखा और चटपटा स्वाद है. ऊपर से मक्खन, हरी मिर्च का सिरका, सोया सॉस और कुटी काली मिर्च डालकर इसे परोसा जाता है.

देहरादून के इनामुल्लाह बिल्डिंग स्थित ‘राजधानी चिकन पॉइंट’ का तंदूरी चिकन काफी लोकप्रिय है. इसे बनाने के लिए चिकन पर कट लगाकर पहले नींबू, नमक और अदरक-लहसुन के पेस्ट से मैरीनेट किया जाता है. इसके बाद दही, कश्मीरी लाल मिर्च, गरम मसाला, कसूरी मेथी और अन्य मसालों के मिश्रण में कुछ घंटों तक रखा जाता है. फिर इसे पारंपरिक तंदूर में पकाया जाता है. तंदूर में पकने के दौरान मक्खन लगाया जाता है, जिससे चिकन जूसी और स्मोकी फ्लेवर वाला बनता है. इसे चटनी और प्याज के साथ परोसा जाता है. यहां हाफ प्लेट तंदूरी चिकन करीब 200 रुपये में मिल जाता है.

देहरादून की फूड लिस्ट चिकन मोमो के बिना पूरी नहीं होती. अगर आप बेहतरीन चिकन मोमो खाना चाहते हैं, तो राजपुर रोड, जाखन स्थित ‘द मोमो कैफे’ एक अच्छा विकल्प है. यहां के मोमो अपनी पतली लेयर और जूसी स्टफिंग के लिए मशहूर हैं. स्टफिंग में चिकन, प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद मोमो को स्टीमर में 10 से 12 मिनट तक पकाया जाता है. तैयार मोमो को तीखी लाल चटनी और मेयोनीज के साथ परोसा जाता है, जो इनके स्वाद को और बढ़ा देता है.


