Thursday, June 4, 2026
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8 जून को लॉन्च होगा Infinix Smart 20, कीमत 10,000 रुपये से भी कम?


8 जून को Infinix अपना एक और बजट फ्रेंडली फोन लॉन्च करने जा रहा है। कंपनी ने इस फोन की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। इसकी कीमत 10,000 रुपये से कम हो सकती है। इन्फिनिक्स का यह फोन ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर लिस्ट किया गया है। साथ ही, फोन का एक माइक्रोसाइट भी तैयार किया गया है, जहां इसके कई फीचर्स भी रिवील हुए हैं। Infinix का यह स्मार्टफोन पिछले साल आए Infinix Smart 10 का अपग्रेड होगा।

Infinix Smart 20 की लॉन्च डेट कंफर्म

इनफिनिक्स का यह फोन 8 जून को दिन के 12 बजे ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर लॉन्च होगा। फोन की कीमत भी लॉन्च से पहले लीक हो गई है। यह फोन चार कलर ऑप्शन – क्लाउडलाइन ब्लू, पोलारिस टाइटेनियम, शैडो ब्लैक और सनलाइक ऑरेंज में आएगा। लिस्टिंग के मुताबिक, इस फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप और LED फ्लैश लाइट मिलेगी।

मिलेंगे ये फीचर्स?

माइक्रोसाइट के मुताबिक, इस फोन में पंच-होल डिजाइन वाला डिस्प्ले मिलेगा। फोन के बैक में 3D टेक्स्चर डिजाइन दिया जाएगा। वहीं, फ्रेम में पावर बटन के साथ वॉल्यूम कंट्रोलर्स देखे जा सकते हैं। फोन की मोटाई 7.7mm होगी। इस फोन के फीचर्स की बात करें तो इसमें MediaTek Helio G81 चिपसेट दिया जा सकता है। इसमें 4GB रैम के साथ माइक्रोएसडी के जरिए 2TB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा।

Infinix Smart 20 में 6.78 इंच का डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन में 5,200mAh की बैटरी के साथ 15W वायर्ड और 5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट दिया जा सकता है। इसमें IP64 रेटिंग मिल सकती है, जो फोन को पानी में भींगने और धूल-मिट्टी से बचाएगा।

Infinix Smart 10 के फीचर्स

पिछले साल लॉन्च हुए Infinix Smart 10 की बात करें तो इसे भारत में 6,799 रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया गया था। फोन में 4GB रैम के साथ 64GB स्टोरेज मिलता है। यह फोन 6.67 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। फोन में Unisoc T7250 चिपसेट दिया गया है। इस फोन के बैक और फ्रंट में 8MP के कैमरे लगे हैं। यह फोन 5,000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है और Android 15 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।

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हेड कांस्टेबल को कार ने मारी टक्कर: बायां पैर फ्रैक्चर हुआ, शामली में रात्रि गश्त के दौरान नेशनल हाईवे पर हुआ हादसा – Shamli News




शामली के कैराना कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर रात्रि गश्त के दौरान एक हेड कांस्टेबल को तेज रफ्तार अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में हेड कांस्टेबल पवन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका पैर दो-तीन जगह से टूट गया। उन्हें उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी कंडेला पर तैनात हेड कांस्टेबल पवन कुमार अपने साथी पुलिसकर्मी पूरण के साथ नेशनल हाईवे-709 एडी पर बाइक से गश्त कर रहे थे। यह घटना देर रात करीब एक बजे हुई। बताया गया कि ऐरटी कट से लगभग पांच सौ मीटर आगे पूर्वी यमुना नहर पुल की ओर सड़क किनारे खड़े कार सवार युवकों से हेड कांस्टेबल पवन पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान कैराना की ओर से आई एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। कार के पिछले टायर की चपेट में आने से उनका बायां पैर फ्रैक्चर हो गया। हादसे में सिपाही की बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि पीछे बैठे साथी पुलिसकर्मी पूरण बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के बाद आरोपी चालक कार समेत मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त कार की लाइटें बंद थीं। मामले की सूचना पर चौकी प्रभारी एसआई बिजेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल हरिओम मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल पुलिसकर्मी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने पवन कुमार को हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।



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जानिए ऑयल फ्री सब्जी बनाने के आसान तरीके, हेल्थ भी रहेगी फिट


Oil Free Sabji: आज के समय में लोग अपने खान-पान को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हो गए हैं. बढ़ता वजन, हाई कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी परेशानियों ने लोगों को अपनी रोजमर्रा की डाइट पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया है. ऐसे में सबसे पहले जिस चीज पर लोगों की नजर जाती है, वह है खाने में इस्तेमाल होने वाला तेल. कई लोग तेल कम करने की कोशिश करते हैं, जबकि कुछ लोग पूरी तरह ऑयल फ्री खाना अपनाने लगे हैं. हालांकि अब भी बहुत से लोगों को लगता है कि बिना तेल के बनी सब्जी फीकी और बेस्वाद होती है. यही वजह है कि वे इस तरीके को अपनाने से बचते हैं. असल में यह सिर्फ एक गलतफहमी है.

सही तकनीक और कुछ आसान किचन टिप्स की मदद से बिना एक बूंद तेल के भी स्वादिष्ट, खुशबूदार और लाजवाब सब्जियां बनाई जा सकती हैं. कई बार तो सब्जियों का असली स्वाद तभी सामने आता है जब उनमें तेल का ज्यादा इस्तेमाल न किया जाए, अगर आप भी हेल्दी लाइफस्टाइल की तरफ कदम बढ़ाना चाहते हैं और स्वाद से कोई समझौता नहीं करना चाहते, तो ऑयल फ्री सब्जी बनाने के ये आसान तरीके आपके बेहद काम आने वाले हैं.

1. सही बर्तन चुनना है सबसे पहला कदम
ऑयल फ्री कुकिंग में बर्तनों की भूमिका बहुत अहम होती है, अगर आप नॉन-स्टिक पैन या भारी तले वाली कढ़ाई का इस्तेमाल करते हैं तो सब्जी आसानी से पकती है और चिपकती भी नहीं. इससे तेल की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाती है. मोटे तले वाले बर्तन गर्मी को बराबर फैलाते हैं जिससे सब्जियां अच्छी तरह पकती हैं.

2. पानी से भी हो सकती है बेहतरीन भुनाई
अक्सर लोग सोचते हैं कि प्याज, अदरक, लहसुन और टमाटर को भूनने के लिए तेल जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है. आप इन चीजों को थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर भी अच्छी तरह भून सकते हैं. जब पानी सूखने लगे तो थोड़ा और पानी डाल दें और लगातार चलाते रहें. इससे मसाले धीरे-धीरे पकेंगे और उनका स्वाद भी बरकरार रहेगा. टमाटर की प्यूरी या वेजिटेबल स्टॉक का इस्तेमाल भी इस काम के लिए किया जा सकता है. इससे सब्जी का फ्लेवर और बेहतर हो जाता है.

3. सूखे मसाले बढ़ाते हैं स्वाद
अगर आप बिना तेल के खाना बना रहे हैं तो मसालों का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है. जीरा, धनिया, सौंफ और काली मिर्च जैसे मसालों को हल्का सूखा भून लें. इसके बाद इन्हें पीसकर सब्जी में डालें. ऐसा करने से मसालों की खुशबू कई गुना बढ़ जाती है और सब्जी में गहराई वाला स्वाद आता है.

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4. हींग देगी तड़के जैसा स्वाद
हींग एक ऐसा मसाला है जो कम मात्रा में भी खाने का स्वाद बदल देता है. ऑयल फ्री सब्जी में हींग का इस्तेमाल तड़के जैसी खुशबू और स्वाद देता है. आप इसे सीधे सब्जी में डाल सकते हैं या पानी में घोलकर मिला सकते हैं. खासकर दाल और आलू की सब्जी में हींग का स्वाद शानदार लगता है.

कौन सी सब्जियां बनती हैं सबसे अच्छी
कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जो बिना तेल के भी बहुत अच्छी बन जाती हैं. इनमें लौकी, तोरी, कद्दू, पालक, मशरूम, टमाटर, पत्ता गोभी और फूलगोभी शामिल हैं. इन सब्जियों में प्राकृतिक नमी होती है जिससे इन्हें पकाने में ज्यादा परेशानी नहीं होती. फूलगोभी और पत्ता गोभी जैसी सब्जियों को पहले हल्का उबाल लिया जाए तो वे जल्दी पकती हैं और स्वाद भी अच्छा आता है.

स्टीम और प्रेशर कुकिंग का लें सहारा
अगर आप सब्जियों को पहले स्टीम कर लेते हैं तो उनकी बनावट और स्वाद दोनों बेहतर रहते हैं. स्टीम की हुई सब्जियां जल्दी पकती हैं और उनमें पोषक तत्व भी ज्यादा बचते हैं. इसी तरह दाल, राजमा या कुछ सख्त सब्जियों को प्रेशर कुकर में आसानी से पकाया जा सकता है. इससे समय की बचत भी होती है और तेल की जरूरत भी नहीं पड़ती.

स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये तरीके
ऑयल फ्री खाना स्वादिष्ट बनाने के लिए हरा धनिया, पुदीना और करी पत्ता काफी मददगार होते हैं. ये खाने में ताजगी और शानदार खुशबू जोड़ते हैं. इसके अलावा नींबू का रस, अमचूर पाउडर और इमली का पल्प भी सब्जी के स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं. हल्की खटास खाने को ज्यादा मजेदार बना देती है.

बिना तेल के कैसे बनाएं गाढ़ी ग्रेवी
कई लोगों को लगता है कि बिना तेल के ग्रेवी वाली सब्जी नहीं बन सकती, लेकिन यह पूरी तरह गलत है. टमाटर की प्यूरी, पानी में पकी प्याज की पेस्ट, कम वसा वाला दही, भीगे हुए काजू या खरबूजे के बीज की थोड़ी मात्रा ग्रेवी को गाढ़ापन और क्रीमी टेक्सचर दे सकती है. इस तरीके से बनी ग्रेवी स्वाद में भी अच्छी लगती है और शरीर पर अतिरिक्त फैट का बोझ भी नहीं डालती.



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खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी: सांसद बोले-खुलेगा विकास और रोजगार का द्वार,परिवहन-निवेश को बढ़ावा मिलेगा – Khagaria News




खगड़िया से पूर्णिया तक बनने वाली फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने इसे सीमांचल और खगड़िया के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया। गुरुवार को खगड़िया परिसदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में विकास, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। सांसद वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि पटना से बेगूसराय तक फोरलेन सड़क उपलब्ध थी, लेकिन बेगूसराय से पूर्णिया तक सड़क की स्थिति खराब थी। उन्होंने इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाया था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आश्वासन दिया था। आर्थिक विकास के लिए नई जीवनरेखा उन्होंने इस परियोजना की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बिहार सरकार और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया। सांसद ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक सड़क निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि सीमांचल के आर्थिक विकास के लिए एक नई जीवनरेखा साबित होगी, जिससे व्यापार, परिवहन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। “डबल इंजन सरकार” का सहयोग सांसद राजेश वर्मा ने यह भी बताया कि खगड़िया जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए के विधायक हैं। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के सहयोग से जिले में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और आने वाले समय में खगड़िया को कई और महत्वपूर्ण परियोजनाएं मिलेंगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने मानसी स्थित प्रिस्टाइन मेगा फूड पार्क से संबंधित जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रिस्टाइन और बुडको के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब सुलझ गया है। चिराग के हस्तक्षेप और पहल से मामला सुलझा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के हस्तक्षेप और पहल से मामला सुलझा है, जिसके बाद अब फूड पार्क में जल्द उद्योग स्थापित होने की उम्मीद है। इससे जिले में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि खगड़िया में सड़क, पुल और पुलिया जैसी बुनियादी समस्याओं को समाप्त करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदलेगी।
सांसद ने कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर भी जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड रखा था और अब आगामी 24 जून को दो वर्ष पूरा होने के अवसर पर फिर से अपने कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जनता मालिक के सामने पेश करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।



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दिल्ली होटल अग्निकांड, एलजी ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग: संधू बोले- बिना इजाज़त ना हो कंस्ट्रक्शन, एक्शन प्लान बनाने का आदेश – New Delhi News




नई दिल्ली। मालवीय नगर इलाके में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत और 35 लोगों को घायल होने के बाद दिल्ली के उप-राज्यपाल तरणजीत संधू ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार और अन्य अधिकारियों के साथ गुरुवार को हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। बैठक में मजबूत शहरी गवर्नेंस, बेहतर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर और दिल्ली में बेहतर स्ट्रक्चरल सेफ्टी के लिए एक बड़े एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। एलजी संधु ने कमिश्नर संजीव खिरवार को बिना नक्शा पास किए अवैध रूप से बन रहे निर्माणों पर सीलिंग, तोड़फोड़ कड़ी कार्रवाई के लिए एक बड़े एक्शन प्लान को लागू करने का आदेश दिया। एलजी बोले- म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर होंगे जिम्मेदार एलजी ने एमसीडी से रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने को कहा जो बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करने, गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन/एक्सपेंशन पर सजा दें और सभी म्युनिसिपल जोन में पूरी तरह से इंस्टीट्यूशनल जवाबदेही तय करें, जिसे जल्द से जल्द उनके सेक्रेटेरिएट को पेश किया जाए। एलजी संधू ने कहा कि एमसीडी अप्रूव्ड बिल्डिंग ब्लूप्रिंट या स्टैंडर्ड सेफ्टी कोड का उल्लंघन करने वाले गैर-कानूनी रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल वर्टिकल एक्सपेंशन की पहचान करने, जोनल अकाउंटेबिलिटी मैकेनिज्म, लोकल इंजीनियर, टेक्निकल स्टाफ और म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी अनदेखे गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन या चल रहे अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से करें लागू : संधू एलजी तरनजीत संधू ने गैर-कानूनी स्ट्रक्चरल एक्सपेंशन को रोकने के लिए एमसीडी के कमिश्नर संजीव को बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करने को कहा। एलजी ने एमसडी को को बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन से निर्णायक रूप से निपटने के लिए एक टाइम-बाउंड स्ट्रैटेजी लागू करने का निर्देश दिया।



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शहडोल में पेट्रोल पंप कर्मियों पर मारपीट का आरोप: एसडीएम से की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज जांचने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग – Shahdol News




शहडोल जिले के ब्यौहारी निवासी दलबीर पटेल ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए गुरुवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होने का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पेट्रोल भरवाने के दौरान हुआ विवाद ज्ञापन के अनुसार, 30 मई 2026 की रात दलबीर पटेल जनपद पंचायत कार्यालय के सामने स्थित गुप्ता फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। इसी दौरान उनका पेट्रोल पंप के कर्मचारी अरुणोदय द्विवेदी और शक्तिमान तिवारी से विवाद हो गया। दलबीर पटेल का आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। कार्रवाई नहीं होने का आरोप पटेल का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी थी, लेकिन शिकायत के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान भी पूरी जानकारी दर्ज नहीं की गई और उनकी बातों को सही तरीके से रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया। सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग ज्ञापन में दलबीर पटेल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पेट्रोल पंप परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखकर उसकी जांच कराने की मांग उठाई है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल पंप पर तेल वितरण में कथित अनियमितताओं और लापरवाही की भी जांच कराने की मांग की है। आंदोलन की चेतावनी दलबीर पटेल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने समर्थकों के साथ धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन प्राप्त होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



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चीन की ह‍िमाकत पर अरुणाचल के सीएम बोले- यह 1962 वाला दौर नहीं


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अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू ने चीन के दावों को खारिज कर कहा, हमारी सीमा तो चीन से लगती ही नहीं. हमारी सीमा तो तिब्बत से लगती है. उन्‍हें याद रखना चाह‍िए क‍ि यह 1962 का दौर नहीं. मोदी सरकार में बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है.

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अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू.

चीन बार-बार अरुणाचल प्रदेश को अपना ह‍िस्‍सा बताता है. यहां तक क‍ि अरुणाचल प्रदेश के कई जगहों के नाम भी खुद बदलता रहता है. एक बार फ‍िर जब उसने यह ह‍िमाकत की तो अरुणाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पेमा खांडू ने उसे जवाब द‍िया है. पेमा खांडू ने कहा क‍ि चीन कौन होता है, हमारे बारे में बात करने वाला. हमारा बॉर्डर तो चीन नहीं लगता. हमारा र्बॉर्डर तो त‍ि ब्‍बत से लगता है. सीएम पेमा खांडू ने चीन को 1962 का वक्‍त याद द‍िलाया.

अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने कहा, अरुणाचल प्रदेश बेहद सुरक्षित है, और हमारी सीमा चीन से नहीं, बल्कि तिब्बत से लगती है. हमारा बॉर्डर केवल त‍िब्‍बत से लगता है. यह 1962 वाला दौर नहीं है. उस दौर के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की तुलना आज के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से करना सरासर गलत है. यह 2026 का युग है – नए भारत और विकसित भारत का युग. आजकल, हमारे सभी बॉर्डर इलाकों में कश्मीर क्षेत्र से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक, मैं विशेष रूप से सभी उत्तरी सीमाओं की बात कर रहा हूं, जबरदस्‍त काम हुआ है.

चीन के दावों को हम गंभीरता से नहीं लेते

पेमा खांडू ने बॉर्डर इलाकों में हुए काम की तारीफ करते हुए कहा क‍ि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के विकास को जिस तरह से बढ़ावा दिया है, उससे ये क्षेत्र अत्यधिक सुलभ हो गए हैं. अब ऐसी सुव‍िधाएं हो गई हैं, जब हमारी फौज को तुरंत मदद म‍िल सकती है. फौज तुरंत एक्‍शन ले सकती है. रही बात चीन के दावे क‍ी तो यह हमारे ल‍िए कोई नई बात नहीं है और हम इस तरह के दावों की परवाह नहीं करते. हम इसे गंभीरता से नहीं लेते…

चीन की ह‍िमाकत को भारत ने बताया शरारत

हाल ही में चीन ने एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा दोहराते हुए वहां के कई स्थानों के नाम बदलने की सूची जारी की थी. बीजिंग अरुणाचल प्रदेश को जांगनान यानी दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है और दावा करता है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से तिब्बत से जुड़ा रहा है. अप्रैल 2026 में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के भीतर स्थित कई पहाड़ों, दर्रों, नदियों और बस्तियों को नए चीनी नाम दिए. भारत ने इस कदम को शरारतपूर्ण और काल्पनिक दावों पर आधारित बताते हुए खारिज कर दिया और स्पष्ट कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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बिना गलती के भी पिटती थीं तृप्ति डिमरी, ‘मां बहन’ के प्रमोशन में खोला खोला घर का ये राज!


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“बचपन में बिना गलती के भी पिट जाती थीं तृप्ति डिमरी! नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म ‘मां बहन’ के प्रमोशन के दौरान एक्ट्रेस ने खोले अपने बचपन के वो मजेदार राज, जिन्हें सुन आपको भी अपने दिन याद आ जाएंगे, नीचे पढ़ें पूरी खबर.

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नई दिल्ली: तृप्ति डिमरी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मां बहन’ को लेकर बेहद खुश और एक्साइटेड हैं. यह फिल्म आज यानी 4 जून को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है. फिल्म के प्रमोशन के दौरान तृप्ति ने अपने बचपन के दिनों को याद किया और कुछ ऐसे मजेदार किस्से सुनाए, जिन्हें सुनकर हर किसी को अपना बचपन याद आ जाएगा. आईएनएस के दिए इंटरव्यू में तृप्ति ने हंसते हुए बताया कि बचपन में उन्हें अपने माता-पिता से खूब मार पड़ती थी.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बचपन में माता-पिता की मार से कोई नहीं बचा होगा, सबने कभी न कभी तो मार खाई ही होगी. जब मैं बड़ी हो रही थी, तब तो मेरी बहुत ज्यादा कुटाई होती थी.”

जब बिना बात के ही पड़ जाती थी डांट

तृप्ति ने आगे बड़े ही मजाकिया अंदाज में एक किस्सा शेयर किया. उन्होंने कहा, “कभी-कभी तो ऐसा होता था कि जिस दिन मेरी कोई गलती नहीं होती थी, उस दिन भी मुझे मार पड़ जाती थी. मैं जब बाहर से घर लौटती थी और बहुत खुश दिखती थी, तो घरवाले पूछते थे, क्या बात है, आज इतनी खुश क्यों हो? और बस इसी बात पर डांट या मार पड़ जाती थी.” तृप्ति का कहना है कि बचपन में सजा पाना उनके लिए बहुत आम बात थी, लेकिन आज जब वो उन दिनों को याद करती हैं, तो उन्हें चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.

फिल्म के किरदारों में दिखेगा दम

अपनी फिल्म ‘मां बहन’ के बारे में बात करते हुए तृप्ति ने बताया कि इस फिल्म की कहानी बहुत अलग है. फिल्म में तीन मुख्य किरदार हैं और तीनों ही अपने-अपने तरीके से बहुत मजबूत हैं. कहानी में जब भी कोई परेशानी या हंगामा होता है, तो तीनों के हिस्से में बराबर की मुश्किलें आती हैं.

एक बिखरा हुआ पर प्यारा परिवार

तृप्ति के मुताबिक, फिल्म में जिस परिवार को दिखाया गया है, वह बहुत बिखरा हुआ और अजीब सा है, लेकिन यही इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबसूरती भी है. कहानी में ये तीनों किरदार एक ऐसी मुसीबत में फंस जाते हैं, जहां से निकलने के लिए उन्हें हर पल नए-नए जुगाड़ और तरीके लगाने पड़ते हैं.

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होर्मुज स्‍ट्रेट में टंटा के बीच आई खुशखबरी, LPG और तेल की कमी के बीच राहत


होमताजा खबरदेश

होर्मुज स्‍ट्रेट में टंटा के बीच आई खुशखबरी, LPG और तेल की कमी के बीच राहत

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India Solar Energy Generation: ईरान जंग के बीच एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर मशहूर होर्मुज स्‍ट्रेट से LPG और तेल से लदे जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई है. इससे एनर्जी क्राइसिस की स्थिति पैदा हो गई है. बुरे वक्‍त में भारत ने सौर ऊर्जा के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है.

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होमुर्ज स्‍ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित होने से ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई है. इस बीच, भारत ने सोलर एनर्जी जेनरेशन में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है. (फाइल फोटो/Reuters)

India Solar Energy Generation: ईरान जंग के चलते एनर्जी कॉरिडोर होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस लदे जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभाावित हुई है. इससे एशिया से लेकर यूरोप तक में एनर्जी क्राइसिस की स्थिति पैदा हो गई है. भारत पर भी इसका असर पड़ा है. अब ऊर्जा संकट के बीच बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारत ने सोलर एनर्जी जेनरेशन के मामले में उल्‍लेखनीय सफलता हासिल की है. यह किसी राहत से कम नहीं है. भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ष 2025 में वार्षिक सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है. केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर ग्रोथ मार्केट बन गया है.

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल एक्स पर पोस्‍ट शेयर कर बताया कि भारत की सौर ऊर्जा विकास गाथा वैश्विक स्तर पर नए मानक स्थापित कर रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में भारत ने वार्षिक सौर क्षमता वृद्धि के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है. जोशी के अनुसार, मजबूत सरकारी नीतियों, टेक्‍नोलॉजिकल इनोवेशन और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की बदौलत भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता प्रमुख सौर ऊर्जा बाजार बनकर उभरा है. अधिकारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय रिन्‍यूवेबल एनर्जी एजेंसी (आईआरईएनए) की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025 के दौरान भारत ने 37 गीगावाट (GW) से अधिक नई सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जबकि इसी अवधि में अमेरिका ने 34 गीगावाट सौर क्षमता का विस्तार किया. इस उपलब्धि ने भारत को वैश्विक रैंकिंग में अमेरिका से आगे पहुंचा दिया.

दुनिया का दूसरा बड़ा सोलर एनर्जी मार्केट

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बन चुका है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की तेज प्रगति को दर्शाती है और इससे अधिक भरोसेमंद, कुशल तथा टिकाऊ सौर ऊर्जा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के निर्माण को बल मिलेगा. भारत की रिन्‍यूवेबल एनर्जी कैपेसिटी में लगातार हो रही वृद्धि का असर वैश्विक रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है. अप्रैल 2026 में जारी आईआरईएनए के आंकड़ों के अनुसार, कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है. इस सूची में चीन पहले और अमेरिका दूसरे स्थान पर है. भारत ने इस मामले में ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है.

दुनिया के अन्‍य देशों का क्‍या हाल

दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, चीन के पास 2,258.02 गीगावाट रिन्‍यूवेबल एनर्जी कैपेसिटी है, जबकि अमेरिका 467.92 गीगावाट के साथ दूसरे स्थान पर है. भारत 250.52 गीगावाट क्षमता के साथ तीसरे स्थान पर है. इसके बाद ब्राजील 228.20 गीगावाट और जर्मनी 199.92 गीगावाट क्षमता के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं. प्रह्लाद जोशी ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 55.3 गीगावाट नॉन फॉसिल फ्यूल बेस्‍ड कैपेसिटी जोड़ी है.

बड़ी उपलब्धि

जुलाई 2025 में देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की जब कुल 203 गीगावाट बिजली मांग में से 51.5 प्रतिशत हिस्सेदारी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि सौर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों में तेजी से बढ़ता निवेश भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



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काजू कतली और गुलाब जामुन नहीं! घर पर ऐसे बनाएं ‘ऑरेंज-कोकोनट बर्फी’


Orange Coconut Barfi Recipe : अगर आप हर बार काजू कतली, रसगुल्ला या गुलाब जामुन जैसी पारंपरिक मिठाइयां खाकर ऊब गए हैं, तो इस बार घर पर कुछ नया ट्राई करें. ऑरेंज-कोकोनट बर्फी एक फ़्यूज़न मिठाई है, जिसमें नारियल की मिठास और संतरे की ताज़गी का एक बेहतरीन मेल मिलता है. इस बर्फी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में न तो ज़्यादा समय लगता है और न ही ज़्यादा मेहनत. सिर्फ़ 15 मिनट में तैयार होने वाली यह मिठाई बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी को ज़रूर पसंद आएगी. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी…

बनाने के लिए सामग्री
2 कप ताज़ा या सूखा कसा हुआ नारियल, 1 कप कंडेंस्ड मिल्क, 1 बड़ा संतरा (रस और थोड़ा सा कसा हुआ छिलका), 1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 1 बड़ा चम्मच घी, सजावट के लिए कटे हुए पिस्ता या बादाम.

बनाने की विधि

स्टेप 1: सबसे पहले, स्टोव पर एक नॉन-स्टिक पैन रखें और उसमें घी डालें। अब, नारियल को 1–2 मिनट के लिए हल्का सा भून लें. इससे नारियल की खुशबू और स्वाद, दोनों ही बढ़ जाते हैं.

स्टेप 2: अब, एक पैन में कंडेंस्ड मिल्क डालें और लगातार चलाते रहें। इसके बाद, इसमें ताज़ा संतरे का रस और थोड़ा-सा कसा हुआ संतरे का छिलका मिलाएं. इससे बर्फी में एक अनोखा खट्टा-मीठा स्वाद आ जाएगा.

स्टेप 3: मिश्रण में इलायची पाउडर डालें और इसे धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकाते रहें. लगभग 8–10 मिनट में, मिश्रण गाढ़ा हो जाएगा और पैन के किनारों से अलग होने लगेगा.

स्टेप 4: एक प्लेट या ट्रे पर थोड़ा-सा घी लगा लें. तैयार मिश्रण को पिघली हुई अवस्था में ही इसमें डाल दें, और ऊपर से पिस्ता या बादाम छिड़क दें. अब, इसे 10–15 मिनट तक ठंडा होने दें.

स्टेप 5: जब मिश्रण पूरी तरह से जम जाए, तो इसे अपनी पसंद के आकार में काट लें. आपकी स्वादिष्ट ऑरेंज-कोकोनट बर्फी तैयार है.

अगर आप घर पर कोई नई और स्वादिष्ट मिठाई बनाना चाहते हैं जो जल्दी बन जाए, तो ‘ऑरेंज-कोकोनट बर्फी’ ज़रूर आज़माएं. इसका अनोखा स्वाद आपके परिवार और आपकी बिल्लियों, दोनों को ही बहुत पसंद आएगा.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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