Sunday, May 10, 2026
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हंता के बाद अब नोरो वायरस: बीच समंदर दो क्रूज, दोनों में वायरस फैले; दुनियाभर में डर




क्रूज शिप होंडियस में हंता वायरस फैलने के बाद अब एक और क्रूज कैरेबियन प्रिंसेस में नोरो वायरस फैल गया है। अब बीच समंदर दो अलग-अलग जहाज वायरस प्रभावित हैं। दुनिया इन वायरस के आउटब्रेक से सकते में है। दोनों क्रूज शिप की निगरानी अमेरिकी एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के जिम्मे है। बताया जा रहा है कि कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज की विशेष निगरानी की जा रही है। इसमें वायरस संक्रमण फैलने की सूचना शनिवार को ही सामने आई है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार होंडियस में संक्रमित पहले मरीज की मौत के बाद उसकी पत्नी से अन्य यात्रियों ने हाथ मिलाया था। उस महिला की भी संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। होंडियस- 147 यात्रियों वाले क्रूज पर 6 संक्रमित, 3 की मौत अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की यात्रा पर निकले होंडियस क्रूज पर 147 यात्री और क्रू मेंबर सवार हैं। अब तक 6 प्रभावित और 3 की संक्रमण से मौत की पुष्टि। संक्रमण के चलते कैप वेर्दे में डॉकिंग नहीं मिली। अब इसे कैनरी आइलैंड ले जाया गया है। डब्ल्यूएचओ यात्रियों की निगरानी कर रहा है। कैरेबियन प्रिंसेस- 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू, इनमें 115 संक्रमित कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप फ्लोरिडा से 13 दिन की सदर्न कैरेबियन की यात्रा पर है। इस पर 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू हैं। जहाज पर करीब 115 नोरो वायरस के कारण उल्टी-दस्त और पेट में संक्रमण से प्रभावित हैं। ये क्रूज शिप 11 मई को अमेरिका के पोर्ट कैनवारेल पहुंचेगा। हंतावायरस से मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है। WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित दंपती जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। साथ ही, WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। ————————



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आज का पंचांग: सूर्य पूजा के साथ कालाष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी, पंचांग से जानें शुभ व अशु


Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 10 May 2026: आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन रविवार है. पंचांग के अनुसार, आज एक साथ सूर्य पूजा, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी उपरांत नवमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, कौलव करण, कृष्ण पक्ष और चंद्रमा मकर उपरांत कुंभ राशि में तो सूर्य मेष राशि में रहने वाले हैं. आज पश्चिम का दिशाशूल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार मासिक कृष्ण अष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. वहीं कालाष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित मानी जाती हैय मान्यता है कि काल भैरव भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप हैं, जो भक्तों को भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं. कई श्रद्धालु इस दिन रात में विशेष पूजा और भैरव मंत्रों का जाप भी करते हैं.

आज के दिन सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा, स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि नियमित रूप से सूर्य पूजा करने से व्यक्ति को आरोग्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. साथ ही कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है और सूर्यदोष खत्म होता है. सुबह तांबे के पात्र में जल भरकर गुड़हल का फूल और अक्षत डालकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें और ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करते रहें. इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबा, गेहूं, गुड़, लाल कपड़े, लाल फूल, लाल चंदन, मसूर की दाल आदि का दान करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. तो चलिए जानते हैं कि कब से शुभ और अशुभ मुहूर्त लग रहे हैं.

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 10 मई 2026
आज की तिथि- अष्टमी – 03:06 पी एम तक, फिर नवमी तिथि
आज का नक्षत्र- धनिष्ठा – 12:50 ए एम, 11 मई तक, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र
आज का करण- कौलव – 03:06 पी एम तक, तैतिल – 03:21 ए एम, 11 मई तक
आज का योग- ब्रह्म – 02:09 ए एम, 11 मई तक, इंद्र योग
आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष
आज का दिन- रविवार
चंद्र राशि- मकर उपरांत कुंभ राशि

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:34 ए एम
सूर्यास्त- 07:02 पी एम
चन्द्रोदय- 01:50 ए एम, 11 मई
चन्द्रास्त- 12:20 पी एम

आज के शुभ योग और मुहूर्त 10 मई 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 04:09 ए एम से 04:51 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:32 पी एम से 03:26 पी एम
अमृत काल: 01:49 पी एम से 03:30 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 07:00 पी एम से 07:22 पी एम
निशिता मुहूर्त: 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, 11 मई

शिववास: गौरी के साथ – 03:06 पी एम तक, सभा में

आज के अशुभ मुहूर्त 10 मई 2026
राहुकाल: 05:21 पी एम से 07:02 पी एम
यमगण्ड: 12:18 पी एम से 01:59 पी एम
विडाल योग: 12:50 ए एम से 05:33 ए एम, 11 मई
आडल योग: 05:34 ए एम से 12:50 ए एम, 11 मई
दुर्मुहूर्त: 05:14 पी एम से 06:08 पी एम
गुलिक काल: 03:40 पी एम से 05:21 पी एम
पंचक काल: 12:12 पी एम से 05:33 ए एम, 11 मई
दिशाशूल- पश्चिम



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गोरखपुर में महिला की लोढ़ा से कूचकर हत्या: कातिल ने दो बार सिर में किया वार, एम्स में हुई मौत… – Gorakhpur News




गोरखपुर के चौरीचौरा थानाक्षेत्र के मिर्जवा सरदार गांव में शनिवार सुबह एक महिला की लोढ़ा से कूचकर हत्या कर दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला के सिर पर दो स्थानों पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। हत्या किस वजह से हुई और इसमें कौन लोग शामिल हैं इसकी जांच शुरू हो गई है। एसपी नार्थ ने बताया कि जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला…
मिर्जवा सरदार निवासी साधु सरन बाराबंकी स्थित आईटीआई संस्थान में शिक्षक हैं। उनकी पत्नी स्नेहलता (32) शनिवार को दिन में करीब 11 बजे घर में खून से लथपथ हालत में मिली। परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए एम्स ले गए,जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटनास्थल से खून से सना लोढ़ा बरामद हुआ है, जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। तीन बच्चों की मां थी स्नेहलता
स्नेहलता तीन बच्चों की मां थीं। घटना के वक्त उनकी दो बेटियां स्कूल गई थीं, जबकि ढाई वर्षीय बेटा घर पर मौजूद था। पति साधु सरन मौर्य भी शुक्रवार को घर आए थे और शनिवार सुबह अपनी मां को लेने फरेंदा स्थित ननिहाल गए थे। रास्ते में ही पत्नी की मौत की सूचना मिलने पर वह लौट आए। स्नेहलाता का मायका गगहा थानाक्षेत्र के आसपार गांव में है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
लूट एंगल पर पुलिस कर रही जांच
महिला की हत्या के पीछे की वजह क्या है इसकी जांच सभी पहलू पर पुलिस कर रही है। इसमें न सिर्फ लूट के एंगल को देखा जा रहा है बल्कि किसी और इरादे से घर में घुसने के एंगल से भी जांच की जा रही है। यही नहीं पति कितने बजे घर से निकले और बच्चियां कितने बजे निकली आदि बिंदू भी पुलिस जांच रही है।



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कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस, जयपुर कमिश्नर ने ली समीक्षा-बैठक: थानों में दर्ज प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर; यहां पढ़े जयपुर क्राइम की खबरें – Jaipur News




पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने शनिवार को पुलिस कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने महिला अत्याचार, बाल अपराध और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर बैठक में चोरी, नकबजनी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने और अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए आपराधिक कानूनों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने और थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा पुलिस कमिश्नर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, वांछित एवं हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ और विभागीय जांचों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के लिए रणनीति बनाने को कहा गया। साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश बैठक में संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों, साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कर पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश इसके अलावा थाना स्तर पर महिला बीट और यूथ सीएलजी गठन कर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश, एडिशनल पुलिस कमिश्नर सिटी अजय सिंह राठौड़, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस लॉ एंड ऑडर राजीव पचार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात एवं प्रशासन योगेश दाधीच सहित सभी पुलिस डीसीपी मौजूद रहे।



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थलापति विजय का कोस्टार, अब छोटे से होटल में करता है काम! एक्टर की बदहाली पर फैंस इमोशनल


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हम जिस मशहूर बैकग्राउंड डांसर की बात कर रहे हैं, वे तमिल सिनेमा के मशहूर एक्टर जापान कुमार हैं. जापान कुमार ने 90 के दशक में विजय और अजीत जैसे बड़े सितारों के साथ अनगिनत हिट गानों में डांस किया था. वे अपनी खास ऊर्जा और ‘पोक्किरी’ जैसी फिल्मों में अपनी कॉमेडी के लिए पॉपुलर हुए. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की मानें, तो वे चेन्नई में एक छोटा फूड स्टॉल चला रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि यह उनके भाई की दुकान है, लेकिन इससे सिनेमा की चकाचौंध के पीछे छिपे गुमनाम कलाकारों का स्ट्रगल बयां होता है.

नई दिल्ली: सिनेमा की दुनिया बाहर से जितनी चकाचौंध भरी और ग्लैमरस दिखती है, अंदर से उतनी ही अस्थिर भी होती है. हमें अक्सर पर्दे पर सिर्फ वही चेहरे और नाम याद रहते हैं जो सुपरहिट हो जाते हैं, लेकिन उन कलाकारों का क्या जो सालों तक अपनी मेहनत से फिल्मों में जान फूंकते हैं? कामयाबी की चमक सबको दिखती है, पर स्ट्रगल की कहानी अक्सर अंधेरे में ही रह जाती है.

आज हम बात कर रहे हैं 90 के दशक के एक ऐसे ही मशहूर डांसर की, जिनका नाम है जापान कुमार. अगर आप उस दौर की फिल्में देखकर बड़े हुए हैं, तो आपको उनका चेहरा जरूर याद होगा. वे लगभग हर बड़ी फिल्म के गानों में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर नजर आते थे और अपनी खास एनर्जी के लिए पहचाने जाते थे.

जापान कुमार ने विजय और अजित जैसे तमिल सुपरस्टार्स के साथ अनगिनत गानों में डांस किया है. खासकर थलपति विजय की फिल्म ‘कुरुवी’ के गानों में उनके जबरदस्त डांस मूव्स को भला कौन भूल सकता है? उस जमाने में शायद ही कोई ऐसा हिट गाना होगा, जिसमें जापान कुमार की झलक न दिखाई दी हो.

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सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, उन्होंने प्रभु देवा, राजू सुंदरम और राघव लॉरेंस जैसे डांस के दिग्गजों के साथ भी काम किया. उन्होंने मशहूर गाने ‘जुंबलाका’ में भी अपनी परफॉर्मेंस दी थी. इतना ही नहीं, वे लंबे समय तक राजू सुंदरम मास्टर के असिस्टेंट के तौर पर भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे और पर्दे के पीछे भी काफी काम किया.

एक्टर को अपने जापानी लुक और चुलबुले अंदाज की वजह से एक्टिंग के मौके भी मिले. विजय की फिल्म ‘जिला’ में उनका ‘गोरखा’ वाला रोल हो या ‘पोक्किरी’ में वादिवेलु के साथ कॉमेडी सीन, उन्होंने अपनी छोटी-छोटी भूमिकाओं से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. धीरे-धीरे वे एक डांसर से एक पहचान रखने वाले कॉमेडियन बन गए.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद लोग हैरान हैं. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जापान कुमार अब चेन्नई के वडापलानी इलाके में एक छोटा सा फूड स्टॉल चला रहे हैं. इस खबर ने फैंस को काफी इमोशनल कर दिया है कि इतना बड़ा कलाकार अब एक होटल में काम कर रहा है.

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इंटरनेट पर चर्चा है कि फिल्मों में काम कम होने की वजह से उन्होंने ‘शक्ति वीट सप्पाडु’ नाम की दुकान खोल ली है. सोशल मीडिया पर लोग इसे सिनेमा की बेरहमी से जोड़कर देख रहे हैं कि कैसे एक वक्त का स्टार डांसर आज अपनी रोजी-रोटी के लिए खाने की दुकान चलाने को मजबूर है.

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हालांकि, इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि वह दुकान दरअसल जापान कुमार के भाई की है और वे बस वहां हाथ बंटाने जाते हैं. सच जो भी हो, पर जापान कुमार की ये तस्वीरें हमें याद दिलाती हैं कि पर्दे के पीछे काम करने वाले इन कलाकारों का योगदान भी किसी हीरो से कम नहीं होता.

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IIT छात्र से लेकर IAS ऑफिसर तक…. कौन हैं CM सुवेंदु अधिकारी के एडवाइजर सुब्रत गुप्ता?


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IIT छात्र से लेकर IAS ऑफिसर तक… कौन हैं CM सुवेंदु के एडवाइजर सुब्रत गुप्ता

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चुनाव के दौरान सुब्रत गुप्ता ने अपना मॉडर्न दिमाग चलाया था. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई काम किए. एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल उनके द्वारा किया गया था. इससे फर्जी वोटरों को लिस्ट से बाहर करने में मदद मिली. चुनाव में गड़बड़ी रोकने में उनका यह एक्शन सफल रहा था.

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सुब्रत गुप्ता सीएम सुवेंदु अधिकारी के सलाहकार नियुक्त किए गए हैं. (एएनआई)

कोलकाता. रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी सुब्रत गुप्ता को शनिवार को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया. सुब्रत गुप्ता की भूमिका को हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त विशेष चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर सराहना मिली थी. सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को ही दिन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

ईसीआई ने सात मई को सुब्रत गुप्ता के साथ-साथ विशेष पुलिस पर्यवेक्षक को भी उनके संबंधित कर्तव्यों से मुक्त कर दिया था. सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद, राज्य सरकार द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई, जिसमें सुब्रत गुप्ता को नए मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की गई.

सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी, एक टेक्नोक्रेट और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (खड़गपुर) के पूर्व छात्र रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन भी किया है. सुब्रत गुप्ता दिल्ली में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव भी रह चुके हैं.

उन्हें विशेष चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में, प्रौद्योगिकी के उचित उपयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अनुप्रयोग के माध्यम से मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के ईसीआई के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने का श्रेय दिया गया.

चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चरण के दौरान, प्रौद्योगिकी और एआई अनुप्रयोगों के इस व्यापक उपयोग ने ईसीआई को संदिग्ध मतदाताओं की पहचान करने और फर्जी मतदाताओं को सफलतापूर्वक हटाने में मदद की. इसके अलावा, मतदान चरणों के दौरान भी, इसी तकनीकी अनुप्रयोग और एआई ने आयोग को चुनाव से संबंधित अनियमितताओं और कदाचारों को समाप्त करने में मदद की.

इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल सरकार ने पश्चिम बंगाल कैडर के 2017 बैच के आईएएस अधिकारी सुब्रत बाला को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त करने की घोषणा की. इससे पहले वह दक्षिण 24 परगना जिले के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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इंदौर पहुंचा महाराष्ट्र का ये बेशकीमती आम, खास स्वाद और अनोखी खुशबू


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इंदौर में आम प्रेमियों के लिए इंतजार खत्म हो चुका है, जहां 8 मई से ‘मैंगो जत्रा’ उत्सव शुरू हो चुका है, जो 10 मई तक चलेगा. आम की अलग-अलग वैरायटी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं. इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में यह उत्सव पिछले 14 सालों से आयोजित हो रहा है. मैंगो जत्रा में रत्नागिरी के हापुस आम की भारी डिमांड है. आइए जानते हैं, इसके बारे में.

‘मैंगो जत्रा’ में रत्नागिरी का हापुस आम (अल्फांसो) मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं. इनकी कीमत साइज के अनुसार है और 500 से लेकर 1500 दर्जन तक बिक रहे हैं. कम फसल होने की वजह से आम के दाम पिछले साल के मुकाबले कुछ ज्यादा हैं. लेकिन फिर भी लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. छोटे साइज के हापुस 500 के दो दर्जन तक में भी उपलब्ध हैं.

रत्नागिरी और देवगढ़ के हापुस आम देखने में गोल होते हैं और खाने में बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं. इंदौर के लोगों को यह आम बहुत ही ज्यादा पसंद आते हैं. दुकानदार ने बताया है कि इस आम में कोई केमिकल का उपयोग नहीं हुआ है. यह पेड़ से पका हुआ आम है. इसके ऊपर पैकिंग डेट है. इसका स्वाद बहुत मीठा रहता है.

hapus mango

महाराष्ट्र के रत्नागिरी क्षेत्र में पैदा होने वाला हापुस आम, जिसे अल्फांसो आम भी कहा जाता है. अपने खास स्वाद, सुगंध और गुणवत्ता के कारण देश-दुनिया में प्रसिद्ध है. यही वजह है कि इसे आमों का राजा भी कहा जाता है. इसका गूदा बेहद मुलायम और क्रीमी होता है, जबकि इसकी खुशबू इतनी खास होती है कि दूर से ही इसकी पहचान हो जाती है.

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रत्नागिरी का हापुस आम पकने के बाद सुनहरा पीला और हल्का केसरिया रंग का दिखाई देता है, जो इसे और आकर्षक बनाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक रत्नागिरी की लाल मिट्टी, समुद्री हवाएं और तटीय जलवायु इस आम को खास स्वाद प्रदान करती हैं. यही कारण है कि यहां पैदा होने वाला हापुस दूसरे क्षेत्रों के आमों से अलग माना जाता है. इस आम में गुठली छोटी और गूदा अधिक होता है, जिससे खाने योग्य हिस्सा ज्यादा मिलता है.

हापुस आम की विदेशों में भी खूब मांग होती है. इसे अमेरिका, जापान, दुबई और यूरोप सहित कई देशों में इसका निर्यात किया जाता है. हापुस आम का मौसम सीमित होता है और यह मुख्य रूप से मार्च से जून के बीच बाजार में उपलब्ध रहता है. कम समय तक उपलब्ध रहने की वजह से इसकी कीमत ज्यादा होती है.

mohan yadav indore hapus mango

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर की लोकप्रिय और आम के अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव आम जत्रा पहुंचे. इस दौरान आम उत्पादकों से उन्होंने आम की विशेषताओं के बारे में जानकारी ली. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसान कल्याण वर्ष बना रही है. पूरे देश और दुनिया में जिस आम की धाक है. उसका मालवा में होना अच्छी बात है. सीएम ने खुद कार्यक्रम में हापुस आम खाने की इच्छा भी जताई.

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‘अकेलेपन का फायदा उठाया’, विजय के साथ अफेयर के बीच तृषा कृष्णन पर सिंगर का बड़ा बयान


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थलापति विजय एक तरफ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने को तैयार हैं, तो दूसरी ओर तृषा कृष्णन के साथ उनकी डेटिंग की अफवाहें जोर पकड़ रही हैं. कुछ सेलेब्स उन्हें शादी करने तक की सलाह दे रहे हैं. इस बीच, मशहूर सिंगर ने विजय और तृषा के अफेयर और उनके घर के क्लेश पर बेबाक बयान देकर फैंस का ध्यान खींचा है. सिंगर सुचित्रा का आरोप है कि तृषा कृष्णन सिर्फ विजय की राजनीतिक सफलता के कारण उनके करीब हैं. सिंगर ने विजय के अपने परिवार से अलगाव पर भी चिंता जताई और कहा कि राजनीति में उन्हें अपने पिता के मार्गदर्शन की जरूरत है. विजय और तृषा की ऑन-स्क्रीन जोड़ी सालों से पॉपुलर रही है, लेकिन निजी जीवन में उनके रिश्तों पर विवाद गहराता जा रहा है.

नई दिल्ली: साउथ फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों हलचल तेज है. थलापति विजय जहां मुख्यमंत्री पद संभालने के करीब हैं, तो दूसरी ओर उनकी निजी जिंदगी में भूचाल आया हुआ है. तृषा कृष्णन संग उनके अफेयर की चर्चाएं तेज हैं. अब सिंगर सुचित्रा ने एक्ट्रेस तृषा कृष्णन संग विजय के अफेयर पर आपत्तिजनक बयान दिया है. सुचित्रा ने साफ-साफ कह दिया है कि उन्हें तृषा बिल्कुल पसंद नहीं हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब तृषा और सुपरस्टार थलपति विजय के बीच डेटिंग की खबरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं.

Thalapathy vijay Trisha

सिंगर सुचित्रा ने एक इंटरव्यू में विजय की तो तारीफ की, लेकिन तृषा कृष्णन को लेकर उनके सुर काफी तल्ख थे. उन्होंने कहा कि वह विजय को बहुत पसंद करती हैं, लेकिन तृषा को लेकर उनकी राय एकदम अलग है. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी पुरानी दुश्मनी का जिक्र नहीं किया, पर उनकी बातों से कड़वाहट साफ झलक रही थी.

Thalapathy vijay Trisha

सुचित्रा ने तृषा को एक ‘परजीवी’ (पैरासाइट) की तरह बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि तृषा सिर्फ विजय की कामयाबी और हाल में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की जीत की वजह से उनके करीब हैं. सुचित्रा का मानना है कि जब कोई सफल इंसान अकेला पड़ जाता है, तो ऐसे लोग उनकी जिंदगी में जगह बना लेते हैं. वे बोलीं, ‘जब सफल लोग अकेले पड़ जाते हैं, तब उनकी जिंदगी में पैरासाइट की एंट्री होती है.’

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सिंगर ने विजय की पर्सनल लाइफ पर भी कमेंट किया. उन्होंने कहा कि विजय ने अपने माता-पिता और पत्नी से दूरी बना ली है और वह फिलहाल अकेले पड़ गए हैं. सुचित्रा की मानें, तो विजय ने अब तक इस अकेलेपन पर गहराई से विचार नहीं किया है और राजनीति में सफल होने के लिए उन्हें अपने पिता चंद्रशेखर के मार्गदर्शन की सख्त जरूरत है.

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अगर विजय और तृषा के फिल्मी सफर की बात करें, तो यह जोड़ी तमिल सिनेमा की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक रही है. ‘घिल्ली’, ‘थिरुपाची’ और ‘कुरुवी’ जैसी हिट फिल्मों में उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा. साल 2008 के आसपास से ही इन दोनों के ऑफ-स्क्रीन रिश्तों को लेकर गॉसिप शुरू हो गई थी.

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दिलचस्प बात यह है कि ‘कुरुवी’ के बाद विजय और तृषा ने अचानक साथ काम करना बंद कर दिया था. उस वक्त ऐसी अफवाहें उड़ी थीं कि विजय के परिवार ने उन्हें तृषा से दूरी बनाने की सलाह दी है. हालांकि, उस समय दोनों सितारों ने इन खबरों को गलत बताया था और कहा था कि वे सिर्फ अच्छे दोस्त हैं.

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कपल ने करीब 15 सालों के लंबे इंतजार के बाद साल 2023 में फिल्म ‘लियो’ से पर्दे पर वापस लौटी, जिससे फैंस काफी रोमांचित दिखे. लेकिन इसी साल जब विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी दी, तो उन्होंने विजय पर किसी दूसरी एक्ट्रेस के साथ रिश्ते में होने का आरोप लगाया. इसके बाद, लोगों ने एक बार फिर तृषा का नाम लेना शुरू कर दिया. (फोटो साभार: IMDb)

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सुचित्रा का ताजा इंटरव्यू आग में घी डालने जैसा काम कर रहा है. विजय के राजनीति में कदम रखने के बाद इस तरह के निजी विवाद उनकी इमेज पर क्या असर डालेंगे, यह तो वक्त ही बताएगा. फिलहाल, सुचित्रा के इन गंभीर आरोपों पर तृषा कृष्णन की ओर से कोई रिएक्शन नहीं आया है.

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ललितपुर में दो पक्षों में चले लाठी-डंडे: पथराव में तीन महिलाओं सहित 14 लोग घायल, पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया – Lalitpur News




ललितपुर के कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम अमरपुर में शनिवार शाम दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद लाठी-डंडों और पथराव में बदल गया, जिसमें कुल 14 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा है और मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना शनिवार शाम को 25 वर्षीय संजू राजा पुत्र भगवानसिंह और दूसरे पक्ष के तिलकराम के परिजनों के बीच किसी बात को लेकर हुए विवाद से शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करने के साथ-साथ पथराव भी किया।
इस संघर्ष में एक पक्ष से नौ लोग घायल हुए हैं। इनमें देवकीनंदन पुत्र शिवचरन (30), अभिषेक यादव पुत्र बाबूलाल (21), बादाम पुत्र शाकुलाल (26), ऊदल सिंह पुत्र तिलकराम (25), कमलेश पत्नी टीकाराम (50), पुष्पा पत्नी तिलकराम (50), तिलकराम पुत्र हल्कू (55), अंजो पत्नी रेवाशंकर (38) और किरन पत्नी जीतू (38) शामिल हैं। इन सभी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहीं, दूसरे पक्ष से पांच लोग घायल हुए हैं। इनमें संजू राजा पुत्र भगवान सिंह (25), रामसिंह बुंदेला पुत्र रामराजा (55), मानसिंह पुत्र बाबूलाल (42), ब्रजेश राजा पत्नी भगवान सिंह (50) और जगदीश बुंदेला पुत्र रामराजा (50) शामिल हैं। इन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि ग्राम अमरपुर में हुए इस विवाद के बाद दोनों पक्षों के घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी।



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हल्की बारिश में डूब जाती हैं कारें? स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम से नहीं भरेगा पानी


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हर मानसून में शहरों की सड़कें तालाब बन जाती हैं और लाखों की कारें पानी में डूबकर खराब हो जाती हैं. घरों में घुसता बारिश का पानी लोगों के लिए हर साल बड़ी मुसीबत बनता रहा है. लेकिन अब ‘स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम’ और अर्बन फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स शहरों को जलभराव से बचाने की नई उम्मीद बनकर सामने आ रहे हैं. नई तकनीक वाले ये हाईटेक सिस्टम भारी बारिश का पानी मिनटों में निकालकर सड़कों और कॉलोनियों को सुरक्षित रखने का दावा कर रहे हैं.

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अब बारिश में नहीं डूबेंगी कारें! स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम बदल देगा शहरों की तस्वीर. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. हर साल मानसून आते ही बड़े शहरों में जलभराव लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है. थोड़ी देर की बारिश में सड़कें तालाब जैसी दिखने लगती हैं, महंगी कारें पानी में फंस जाती हैं और घरों में गंदा पानी भरने लगता है. लेकिन अब देश के कई शहरों में शुरू हुए ‘अर्बन फ्लड मैनेजमेंट’ और स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम प्रोजेक्ट्स इस समस्या का स्थायी समाधान बनने की उम्मीद जगा रहे हैं. नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नई तकनीक से ऐसे सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं जो भारी बारिश के पानी को कुछ ही मिनटों में निकाल सकेंगे.

आखिर क्यों डूब जाते हैं शहर?
विशेषज्ञों के मुताबिक शहरों में बढ़ते कंक्रीट निर्माण और अव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम जलभराव की सबसे बड़ी वजह हैं. पहले बारिश का पानी जमीन में आसानी से चला जाता था, लेकिन अब सड़कों, पार्किंग और इमारतों के कारण पानी के प्राकृतिक रास्ते बंद हो गए हैं. दूसरी तरफ पुराने नाले और सीवर सिस्टम बढ़ती आबादी के हिसाब से छोटे पड़ चुके हैं. यही कारण है कि हल्की बारिश में भी सड़कें पानी से भर जाती हैं. कई बार घंटों तक पानी नहीं निकलता और वाहन बंद हो जाते हैं. इससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है.

क्या है स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम?
नई पीढ़ी के स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम को खासतौर पर शहरी बाढ़ रोकने के लिए डिजाइन किया जा रहा है. इसमें बड़े अंडरग्राउंड पाइप, हाई-कैपेसिटी पंप, सेंसर आधारित मॉनिटरिंग और रेनवॉटर स्टोरेज जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. जैसे ही बारिश शुरू होती है, सेंसर पानी का स्तर मापते हैं और कंट्रोल सिस्टम तुरंत अतिरिक्त पानी को दूसरी लाइन या स्टोरेज टैंक की ओर भेज देता है. कई शहरों में ऐसे ड्रेनेज सिस्टम बनाए जा रहे हैं जो एक घंटे में हुई भारी बारिश का पानी भी तेजी से निकाल सकें. इससे सड़क पर पानी जमा होने की संभावना काफी कम हो जाती है.

कार और घर बचाने में कैसे मिलेगा फायदा
बारिश के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान कारों और घरों को होता है. पानी भरने से कार का इंजन खराब हो सकता है और मरम्मत पर भारी खर्च आता है. वहीं घरों में पानी घुसने से फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और जरूरी सामान खराब हो जाते हैं. स्मार्ट ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स का सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि बारिश का पानी तेजी से निकलेगा और जलभराव की स्थिति नहीं बनेगी. इससे पार्किंग एरिया, बेसमेंट और कॉलोनियों में पानी जमा होने का खतरा कम होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह सिस्टम शहरी लोगों के आर्थिक नुकसान को भी काफी हद तक कम कर सकता है.

नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिशन की बड़ी तैयारी
देश के कई बड़े शहरों में नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नई ड्रेनेज लाइनें बिछाई जा रही हैं. कई जगह पुराने नालों को चौड़ा किया जा रहा है, जबकि कुछ शहरों में भूमिगत वाटर टनल बनाने का काम चल रहा है. इसके अलावा AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं ताकि बारिश शुरू होते ही संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा सके. कुछ नगर निगम मोबाइल ऐप और कंट्रोल रूम के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग की तैयारी भी कर रहे हैं. इससे प्रशासन को पहले से पता चल सकेगा कि किस इलाके में जलभराव का खतरा ज्यादा है.

मानसून में बदल सकती है शहरों की तस्वीर
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ये प्रोजेक्ट सही तरीके से लागू हुए तो आने वाले समय में शहरों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है. लोगों को हर मानसून में सड़क बंद होने, ट्रैफिक जाम और घरों में पानी भरने जैसी परेशानियों से राहत मिल सकती है. इसके साथ ही व्यापार, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की जिंदगी भी कम प्रभावित होगी. हालांकि इसके लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि आम लोगों की जिम्मेदारी भी जरूरी है. अगर लोग नालों में कचरा फेंकना बंद करें और जल निकासी व्यवस्था को साफ रखें, तो स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम और ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है. आने वाले वर्षों में यही तकनीक शहरों को सुरक्षित, आधुनिक और मानसून-फ्रेंडली बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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