Tuesday, June 16, 2026
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मॉनसून की आहट के साथ खुले राजस्थान मिनी कश्मीर के गेट; सैलानियों के लिए जन्नत है यह!


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Monsoon Best Place To Visit : अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां चारों तरफ हरियाली हो, पहाड़ों को छूते हुए बादल गुजर रहे हों और ठंडी हवाएं आपका स्वागत करें. तो आपको कश्मीर या हिमाचल जाने की जरूरत नहीं है. राजस्थान में ही एक ऐसी जगह है जहां जाते ही लोग कश्मीर का एहसास करने लगेंगे. क्योंकि राजस्थान का ‘मिनी कश्मीर’ अब पूरी तरह तैयार हो चुका है.

मॉनसून की तारीख नजदीक आने के साथ ही राजस्थान के मिनी कश्मीर कहे जाने वाले ‘गोरम घाट’ के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं. आसमान में बादलों के डेरे और सुहाने मौसम के साथ ही यहाँ प्रकृति का एक अनोखा रूप नजर आने लगा है. जिससे यहां पहुंचने वाले पर्यटको की अब भारी भीड देखी जा रही है. हालात यह है कि गोरमघाट के अंदर जाने वाले गेट पर गाडियों का जाम तक लग जाता है क्योकि बारिशों के समय यह जगह किसी जन्नत से कम नही होती.

करीब 1930 के आसपास अंग्रेजों के शासनकाल में मारवाड़ और मेवाड़ को जोड़ने के लिए इस कठिन पहाड़ी क्षेत्र में रेलवे लाइन का निर्माण किया गया था. उस समय की इंजीनियरिंग का यह अद्भुत नमूना आज भी लोगों को हैरान करता है. यहां बने ऊंचे रेलवे पुल, सुरंगें और घुमावदार पटरियां इस मार्ग को बेहद रोमांचक बनाती हैं. जब ट्रेन इन पुलों से गुजरती है तो आसपास फैली हरियाली और गहरी घाटियों का नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है.

मानसून के मौसम में गोरम घाट का दृश्य और भी अद्भुत हो जाता है. चारों तरफ फैली हरियाली, पहाड़ियों से गिरते झरने और बादलों से घिरी घाटियां किसी स्वर्ग से कम नहीं लगतीं. यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्रकृति का आनंद लेने और फोटोग्राफी के लिए पहुंचते हैं. चारों ओर फैले घने जंगल, पहाड़ियां और प्राकृतिक झरने इस जगह को और भी खास बनाते हैं. यहां की शांति और ताजगी भरा वातावरण शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का अहसास कराता है.

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अरावली की पहाड़ियों में बसा गौरम घाट प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण यहाँ का ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक और शानदार पुल हैं, जो बीते दौर की इंजीनियरिंग की एक अद्भुत मिसाल पेश करते हैं. घने जंगलों और पहाड़ों के बीच से गुजरतीं कई प्राकृतिक सुरंगें इस सफर के रोमांच को दोगुना कर देती हैं. यदि आप रोमांच पसंद करते हैं, तो यहाँ ट्रैकिंग और एडवेंचर के बेहतरीन अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं. चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियाँ और खूबसूरत नजारे इसे फोटोग्राफी के लिए एक परफेक्ट स्थान बनाते हैं.यहाँ चलने वाली ठंडी हवा और शांत वातावरण दिल और दिमाग को असीम सुकून देता है, जिससे शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है. यहां आने के लिए यदि आप रूट जानना चाहते हैं तो  सड़क मार्ग द्वारा यह पाली से लगभग 74 किलोमीटर और उदयपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. वहीं यदि आप रेल मार्ग से आते हैं तो इस जगह का निकटतम रेलवे स्टेशन गोरम घाट है. मारवाड़ जंक्शन से सीधे गोरम घाट ट्रेन पहुंचती है. और भी आसानी से यदि आप हवाई मार्ग से यहां आना चाह रहे हैं तो यहां से निकटतम हवाई अड्डा महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है.

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दीया ने पुरुषों को बताया क्लाइमेट चेंज का दोषी,लोगों ने कहा- ‘हिप्पोक्रेट-ट्यूबलाइट’


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दीया मिर्जा बरसों से पर्यावरण से संबंधित मुद्दों को उठा रही हैं. इसके लिए उन्हें सराहा भी जाता रहा है. लेकिन इस बार वह ट्रोल रही हैं. सोहा अली खान के साथ एक पॉडकास्ट में उन्होंने पर्यावरण में परिवर्तन होने की वजह पेट्रिआर्की को बताया है. उनका कहना है कि पर्यावरण क्षति के लिए पुरुष ही जिम्मेदार हैं.

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दीया मिर्जा पर्यावरण परिवर्तन के लिए पुरुषों को जिम्मेदार बताया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. यह वीडियो सोहा अली खान के पॉडकास्ट की एक क्लिप है. 25 सेकेंड की इस क्लिप में दीया कहती हैं, “पितृसत्ता (पेट्रिआर्की) जलवायु परिवर्तन का कारण है.” उनके इस वीडियो पर लोगों के रिएक्शन आने लगे. कई लोगों ने उनकी आलोचना की. पॉडकास्ट में दीया मिर्जा ने पर्यावरण लेखिका और फोटोग्राफर आरती कुमार-राव के साथ जलवायु परिवर्तन और समाज के प्रकृति से संबंध पर चर्चा की.

दीया मिर्जा ने कहा कि प्रकृति का शोषण उस मानसिकता से जुड़ा है जो प्रभुत्व, आक्रामक विकास और प्राकृतिक संसाधनों के अधीनता को प्राथमिकता देती है. दीया ने कहा, “इस दुनिया में पुरुष हैं. जलवायु परिवर्तन को पुरुषों ने ही बढ़ाया है और वे पूरी तरह से इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं.” एक्स पर कई यूजर्स ने दीया के इस लॉजिक को चैलेंज किया.

दीया मिर्जा को बताया ट्यूबलाइट.

कई लोगों ने दीया पर पाखंड का आरोप लगाया. एक यूजर ने लिखा, “फाइनली दीया ने उन सभी अचीवमेंट्स को बर्बाद कर दिया जो “असली महिला सशक्तिकरण पहलों” ने अब तक हासिल की हैं. वह खुद को रिलेवेंट साबित करने की बहुत कोशिश करती हैं, लेकिन आखिर में सबके सामने “ट्यूबलाइट महोदया” बनकर रह जाती हैं.”



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काशी के गंगा घाट पर स्वयंसेवकों का श्रमदान: वाराणसी में नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने की सफाई, पर्यटकों से गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की अपील – Varanasi News




नमामि गंगे के स्वयंसेवकों द्वारा मंगलवार को अस्सी घाट पर स्वच्छता अभियान के तहत गंगा तट की साफ-सफाई की गई। इस दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में ‘स्वच्छ गंगा’ सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों से इस जन-अभियान में शामिल होने की अपील की गई। स्वयंसेवकों ने घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन व अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाने का काम किया। आम जनता को पर्यावरण संरक्षण अपनी जीवनशैली में शामिल करने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करते हुए कपड़े के झोले का वितरण किया गया। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर ‘गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है’ और ‘सबका साथ हो, गंगा साफ हो’ जैसे नारों के माध्यम से घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई गई। उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने कहा कि धर्म तभी सार्थक है जब हम प्रकृति और अपनी गंगा मां का सम्मान करें। आस्था का सम्मान, स्वच्छता का संकल्प। गंगा हमारी धरोहर है और इसकी निर्मलता बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। श्रमदान के दौरान महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी , विधि दीक्षित, राहुल खन्ना उपस्थित रहे ।



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जयपुर में ट्रेलर ने युवक-युवती को रौंदा, मौत: बाइक से जाते समय पीछे से मारी टक्कर, गाड़ी छोड़कर ड्राइवर फरार – Jaipur News




जयपुर में मंगलवार सुबह ट्रेलर के युवक-युवती को रौंदने से मौत हो गई। बाइक से जाते समय ओवर स्पीड ट्रेलर ने उन्हें पीछे से टक्कर मारी थी। हरमाड़ा थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए दोनों शव को कब्जे में लेकर कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया है। युवक-युवती को रौंदते हुए निकल गया ट्रेलर SHO (हरमाड़ा) उदय सिंह यादव ने बताया- हरमाड़ा के नींदड़ मोड़ पर हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ है। चौमूं से जयपुर की ओर सीमेंट से भरा ट्रेलर जा रहा था। ओवर स्पीड ट्रेलर ने आगे चल रही बाइक सवार युवक-युवती को टक्कर मार दी। टक्कर से नीचे रोड पर गिरे दोनों को ट्रेलर रौंदते हुए निकल गया। ड्राइवर ट्रेलर छोड़कर फरार ट्रेलर के टायरों के नीचे आने से कुचले दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर ट्रेलर छोड़कर ड्राइवर फरार हो गया। एक्सीडेंट की सूचना पर हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर कांवटिया हॉस्पिटल भिजवाया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस बाइक के नंबर के आधार पर मृतकों की पहचान के प्रयास में जुटी है।



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मुजफ्फरपुर में कारोबारी की हत्या, बेटे के सामने मारी गोली: घर से 100 मीटर पहले फायरिंग, 22 जून को होनी थी बेटे की सगाई; CCTV में भागते दिखे बदमाश – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर में सोमवार की रात सर्राफा व्यवसायी दीपक कुमार शाह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र के माधोपुर चौक निवासी दीपक अपनी आभूषण दुकान बंद कर करीब 30 से 35 लाख रुपए के जेवरात लेकर घर लौट रहे थे। घर से महज 100 मीटर पहले बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। गोली लगने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, जिस जेवरात के बैग को लूटने की आशंका जताई जा रही थी, वह घटनास्थल पर ही सुरक्षित मिला। घटना के कारणों को लेकर पुलिस लूट, असफल छिनतई और आपसी रंजिश समेत सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। इधर, 22 जून को उनके छोटे बेटे की होने वाली सगाई से पहले हुई इस हत्या से परिवार की खुशियां मातम में बदल गई है। वारदात के बाद मौके से भाग रहे अपराधियों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई। दुकान बंद कर लौट रहे थे घर मृतक की पहचान माधोपुर चौक पर आभूषण की दुकान चलाने वाले दीपक कुमार शाह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह सोमवार रात करीब 8:15 बजे दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उनके पास कीमती जेवरातों से भरा एक झोला था। सड़क पर नल-जल योजना का काम चलने के कारण वह दूसरे रास्ते से घर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान घर से कुछ दूरी पहले बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बदमाशों ने उनसे झोला छीनने का प्रयास किया। विरोध होने पर हाथापाई शुरू हो गई और फिर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। बेटे के सामने मारी गई गोली मृतक के बड़े बेटे दुर्गेश कुमार ने बताया कि पिता के साथ उनका भांजा भी था। घटना के दौरान भांजा दौड़कर घर पहुंचा और बताया कि नाना के साथ कुछ लोग झगड़ा कर रहे हैं। इसके बाद परिवार के लोग मौके की ओर भागे। दुर्गेश के अनुसार जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो बदमाशों ने उन पर भी हथियार तान दिया। इसी दौरान दीपक शाह ने परिवार को बचाने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों ने उनके सीने में गोली मार दी। दूसरी गोली उनके हाथ में लगी, जो आर-पार होकर कमर के पास जख्म कर गई। वारदात के बाद अपराधी फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने गंभीर रूप से घायल दीपक शाह को तत्काल बैरिया स्थित मां जानकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के संचालक डॉ. अमितांशु ने बताया कि उन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत अवस्था में लाया गया था। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग जुट गए। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। पोस्टमार्टम को लेकर घंटों चला हंगामा मौत की पुष्टि के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध कर दिया। परिजन शव को अस्पताल से लेकर सीधे घर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक परिवार के लोग तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक समझाने-बुझाने और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। इसके बाद पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटनास्थल पर मिला जेवरात का बैग और पिस्टल पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां कई अहम साक्ष्य मिले। घटनास्थल के पास ही जेवरात से भरा बैग सुरक्षित अवस्था में मिला। इसके अलावा एक 7 एमएम की पिस्टल भी बरामद हुई। पिस्टल की मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस मौजूद थे। पुलिस को घटनास्थल से एक खोखा, एक जिंदा कारतूस, अपराधियों की टोपी और मास्क भी मिले हैं। बरामद सामान को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। दोनों टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और कई बिंदुओं पर जांच की। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने गोलीबारी के एंगल, बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया। पुलिस को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच से अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। तीन घंटे तक मौके पर डटे रहे अधिकारी वारदात की सूचना मिलते ही सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी मौके पर पहुंचे और देर रात तक कैंप करते रहे। उनके साथ एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार, एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा, एसडीपीओ पश्चिमी-1 अनिमेष चंद्र ज्ञानी समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए काजी मोहम्मदपुर, ब्रह्मपुरा, अहियापुर, सदर, कच्ची-पक्की, तुर्की समेत आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई। इलाके में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी में भागते दिखे बदमाश पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार एक सीसीटीवी फुटेज में वारदात के बाद अपाचे बाइक पर भागते दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। पुलिस अब उनके रूट का पता लगाने के लिए अलग-अलग इलाकों के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू कर दी गई है। पहले भी दुकान में हो चुकी थी चोरी मृतक के मामा धर्मेंद्र शाह ने बताया कि करीब दो महीने पहले दीपक शाह की एक दुकान में चोरी हुई थी। इसके बाद से वह रोज दुकान बंद करने के बाद कीमती जेवरात अपने साथ लेकर घर लौटते थे। सोमवार की रात भी वह दुकान के जेवरात लेकर घर जा रहे थे, तभी अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया। इंगेजमेंट की तैयारियों के बीच उजड़ गई खुशियां परिजनों ने बताया कि 22 जून को दीपक के छोटे बेटे रिशु की इंगेजमेंट होने वाली थी। शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थी। घर में रिश्तेदारों का आना-जाना भी शुरू हो गया था। पूरे परिवार में उत्साह का माहौल था। इंगेजमेंट को लेकर दीपक भी काफी खुश थे और तैयारियों में जुटे हुए थे। घर में मेहमान पहुंच चुके थे तथा कार्यक्रम को लेकर चर्चा चल रही थी। लेकिन सोमवार को छिनतई के दौरान अपराधियों ने दीपक को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाई की तैयारी हो रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। सभी बिंदुओं पर जांच: सिटी एसपी सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि सर्राफा कारोबारी दीपक शाह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी दो अपराधियों ने उन पर हमला किया। गोली लगने से उनकी मौत हुई है। प्रथम दृष्टया मामला लूट या छिनतई के प्रयास से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन घटनास्थल पर जेवरात से भरा बैग मिलने के कारण अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। पुलिस लूट, असफल छिनतई, आपसी रंजिश और अन्य संभावित कारणों समेत सभी बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है तथा जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।



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इंदौर में प्लायवुड फैक्ट्री में लगी आग: डेढ़ लाख लीटर पानी से पाया काबू; किन्नरों के डेरे और मकान में भी आगजनी – Indore News




इंदौर के धार रोड स्थित जवाहर टेकरी क्षेत्र में सोमवार देर रात एक प्लायवुड फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि फैक्ट्री में रखा सामान जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार आग सतीश पटेल की प्लायवुड फैक्ट्री में लगी थी। रात करीब 2 बजे घटना की सूचना मिली थी। आग बुझाने के लिए करीब डेढ़ लाख लीटर पानी का उपयोग किया गया। मंगलवार अलसुबह तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा। किन्नरों के डेरे में भी लगी आग इधर, सोमवार रात ही नंदलालपुरा क्षेत्र में किन्नरों के डेरे में भी आग लगने की घटना सामने आई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। शुरुआती जानकारी के अनुसार डेरे के नीचे स्थित एक दुकान में आग लगी थी, जिसे समय रहते बुझा लिया गया। घटना की सूचना उमर अली खान ने कंट्रोल रूम को दी थी। एक मकान में भी लगी आग तीसरी आगजनी की घटना आजाद नगर के इंदिरा एकता नगर क्षेत्र में हुई। यहां शैलेंद्र नामक व्यक्ति के घर में आग लग गई, जिससे गृहस्थी का सामान जल गया। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। तीनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।



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इस खास तरीके से बनाएं कुरकुरा मूली का पराठा, 10 मिनट में होगा तैयार, मेहमान भी पूछेंगे बनाने का सीक्रेट!


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इस खास तरीके से बनाएं मूली का पराठा, 10 मिनट में होगा तैयार, जानें आसान रेसिपी

 

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Mooli Paratha Recipe: ‘मूली का पराठा’ हमेशा से नाश्ते के लिए लोगों की पहली पसंद रहा है, लेकिन कई बार इसे बनाने के लिए गलत तरीके का इस्तेमाल किया जाता है. इससे उसका स्वाद बिगड़ जाता है साथ ही ये बनाते बनाते फट भी जाता है. ऐसे में आज हम आपको एक छत्तीसगढ़ स्टाइल स्पेशल मूली का पराठा बनाने की रेसिपी बताने जा रही है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले दो कप चावल के आटे में एक कप गेहूं के आटे को मिला लें. फिर टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन, प्याज, मेथी और जीरा पाउडर मिला लें. इसके बाद कद्दूकस की हुई ताजी मूली को इस मिक्सचर में गूंथ लें. फिर तवे पर हल्के तेल के साथ दोनों तरफ से क्रिस्पी होने तक सेंके. इस पराठे को आप सुबह की चाय, दही या अचार के साथ परोस सकते हैं. अगर आप इसे घर पर बनाना चाह रहे हैं तो वीडियो में आसान रेसिपी देख सकते हैं.

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मऊ वलीदपुर में विकास कार्य की खुली पोल, 80 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें खराब


मऊ: सरकार द्वारा जन सुविधाओं को देखते हुए प्रत्येक नगर पंचायत और सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाती है, जिससे यात्रियों को सफर करने में आसानी हो. लेकिन मऊ जनपद के वलीदपुर नगर पंचायत में लगभग 90 लाख रुपये की लागत से लगाई गई लगभग 80 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं. अब आइए जानते हैं इसको लेकर स्थानीय सभासद और वहां के अधिकारी क्या कहते हैं.

लगभग 90 लाख की लागत से लगी थीं 80 स्ट्रीट लाइटें

लोकल 18 से बात करते हुए नगर पंचायत के मनोनीत सभासद विनोद सोनकर बताते हैं कि लगभग 90 लाख रुपये की लागत से करीब 80 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, जो कई महीनों से खराब हैं. इस नगर पंचायत में स्ट्रीट लाइट के पोल तो दिख रहे हैं, लेकिन लाइटें गायब हैं, जिससे आम राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है. जबकि शासन-प्रशासन द्वारा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं ताकि यात्रियों को सफर में कोई परेशानी न हो, लेकिन यहां लोग डर के साए में सफर कर रहे हैं. पूरे नगर पंचायत में लगाई गई अधिकांश लाइटें खराब हैं और कुछ लाइटें गायब हैं. इस संबंध में नगर पंचायत कार्यालय से लेकर अन्य अधिकारियों तक शिकायत दी गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई.

अंधेरे में डर के साए में चल रहे यात्री

विनोद सोनकर बताते हैं कि इस सड़क पर पहले अक्सर छिनैती की घटनाएं होती थीं, और लोग डर के साए में चलते थे या तो किसी के साथ आते-जाते थे. जब स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं तो लगा कि अब यह समस्या दूर हो जाएगी और लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी. कई वर्षों तक तो लाइटें खराब होने पर तुरंत ठीक कर दी जाती थीं, लेकिन जब नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री देवी बनीं, तब से लाइटें खराब होती गईं और पोल से लाइटें गायब होती गईं. आज तक स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं किया गया है. पोल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन लाइटें गायब हैं, जिसके कारण सड़कों पर अंधेरा रहता है और लोगों को हादसों का डर बना रहता है. अगर यह लाइटें जल्द नहीं ठीक की गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल में नहीं बदली गई लाइट

सभासद अंसारुल हक बताते हैं कि पहले के कार्यकाल में तीन साल पहले लाइटों की नियमित मरम्मत की जाती थी और उनकी जांच होती थी. सभी लगाई गई लाइटें ठीक से जलती थीं. लेकिन जब से नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री गुप्ता का कार्यकाल शुरू हुआ है, तब से अब तक कोई लाइट नहीं जली है. नए लाइट लगाने के लिए टेंडर किए गए, लाइटें आईं भी, लेकिन लगाई नहीं गईं. आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी गई तो बताया गया कि लगभग 200 लाइटें उपलब्ध हो चुकी हैं, लेकिन वे कहां लगाई गई हैं, इसकी जानकारी नहीं दी गई. ऐसे में पूरे नगर पंचायत के लोग अंधेरे में डर के साए में चल रहे हैं.

अधिशासी अधिकारी बोले-जल्द ठीक कराई जाएंगी लाइटें

नगर पंचायत वलीदपुर के अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह ने बताया कि हाल ही में उन्होंने इस नगर पंचायत में कार्यभार संभाला है. यदि सड़कों पर लाइटें नहीं जल रही हैं और पोल से लाइटें गायब हैं, तो इसकी जांच कराकर तुरंत लाइटें लगवाई जाएंगी. यदि लाइटें खराब हैं तो उनकी मरम्मत कराई जाएगी, और यदि वे ठीक नहीं हो सकतीं तो नया टेंडर कराकर सभी लाइटें लगाई जाएंगी. सड़कों पर उजाले की व्यवस्था जल्द से जल्द कर दी जाएगी.



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‘जब वी मेट’ से ‘तमाशा’ तक, घर छोड़कर क्यों निकल पड़ते हैं इम्तियाज अली के किरदार?


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Imtiaz Ali Birthday: इम्तियाज अली बॉलीवुड के एक ऐसे मैजिकल डायरेक्टर हैं, जिनकी फिल्मों के किरदारों को अगर कोई एक बार देख ले, तो उन्हें चाहकर भी कभी भूल नहीं पाता. उनकी मूवी के कैरेक्टर्स हमारे और आपके जैसे ही आम इंसान होते हैं, जो अपनी जिंदगी में किसी न किसी उलझन से जूझ रहे होते हैं. लेकिन वह पर्दे पर इसे इतनी खूबसूरती से दिखाते हैं, कि हर कोई उससे रिलेट कर लेता है और कभी उस किरदार को भूल नहीं पाता. आज यानी 16 जून को इम्तियाज अली अपना जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर आइए एक नजर डालते हैं कि आखिर क्यों उनकी फिल्मों के ज्यादातर कैरेक्टर्स घर छोड़कर जरूर भागते हैं. इसके पीछे क्या लॉजिक है?

Imtiaz Ali Birthday Special: इम्तियाज अली बॉलीवुड के बेहतरीन निर्देशकों में से एक हैं. वे एक ऐसे डायरेक्टर हैं जिनकी फिल्मों की कहानियां और उनके किरदार दर्शकों के दिलों को छू लेते हैं. चाहे ‘जब वी मेट’ की गीत हो, ‘तमाशा’ का वेद हो या फिर ‘रॉकस्टार’ का जॉर्डन,उनकी फिल्मों में एक बात बहुत कॉमन होती है. वह यह कि उनका मुख्य किरदार अपनी बंधी-बंधाई जिंदगी, अपना घर या अपना शहर छोड़कर कहीं दूर निकल पड़ता है. इम्तियाज अली के 55 वें जन्मदिन के इस खास मौके पर आइए उनके सिनेमा के इसी सबसे बड़े राज को समझते हैं कि आखिर उनके किरदार घर छोड़कर क्यों भागते हैं.

इम्तियाज अली की फिल्मों को अगर आप ध्यान से देखें, तो घर छोड़ना सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाना नहीं होता. उनके सिनेमा में घर छोड़ने का मतलब होता है अपनी पुरानी और उबाऊ जिंदगी से आजाद होना. जब तक उनका कोई किरदार अपने घर की दीवारों से बाहर नहीं निकलता, तब तक उसे समझ ही नहीं आता कि वह असल में जिंदगी से चाहता क्या है. यह उनके सिनेमा का एक ऐसा सिग्नेचर स्टाइल है जो उनकी हर बड़ी फिल्म में दिखाई देता है.

जब वी मेट में आदित्य का घर छोड़ना: फिल्म ‘जब वी मेट’ की शुरुआत में दिखाया गया है कि आदित्य कश्यप अपनी जिंदगी और बिजनेस से इतना परेशान हो चुका है कि वह बिना किसी को बताए चुपचाप एक ट्रेन में बैठ जाता है. उसे खुद नहीं पता होता कि वह कहां जा रहा है. उसका यह घर छोड़ना ही उसे गीत से मिलवाता है. गीत की बेफिक्री और ट्रेन छूटने के बाद का जो सफर शुरू होता है, वही आदित्य को जिंदगी जीने का असली मतलब सिखाता है. अगर आदित्य अपना घर और शहर नहीं छोड़ता, तो वह कभी भी अपनी डिप्रेशन वाली जिंदगी से बाहर नहीं आ पाता.

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रॉकस्टार का जॉर्डन और उसका सफर: फिल्म ‘रॉकस्टार’ में जनार्दन जाखड़ नाम का एक सीधा-साधा लड़का है जो बड़ा म्यूजिशियन बनना चाहता है. उसे कोई बताता है कि जब तक दिल नहीं टूटेगा, तब तक अंदर का कलाकार बाहर नहीं आएगा. इस फिल्म में भी जॉर्डन का अपने घर से निकाला जाना और दर-दर भटकना ही उसे एक बहुत बड़ा रॉकस्टार बनाता है. जब वह सूफी संत की दरगाह पर रहने लगता है और घर की सुख-सुविधाओं से दूर हो जाता है, तब जाकर उसका असली संगीत बाहर आता है. इम्तियाज अली ने यहां दिखाया है कि कभी-कभी खुद को ढूंढने के लिए अपनों से दूर जाना पड़ता है.

हाईवे में वीरा की असली आजादी: फिल्म ‘हाईवे’ में तो घर छोड़ने और आजादी के इस कॉन्सेप्ट को बिल्कुल अलग तरीके से दिखाया गया है. फिल्म की मुख्य किरदार वीरा का उसकी शादी से ठीक पहले किडनैप हो जाता है. लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि वीरा को अपने आलीशान घर में जो घुटन महसूस होती थी, वह उसे उस किडनैपर के साथ ट्रकों में सफर करते हुए नहीं होती. वह पहाड़ों और रास्तों पर घूमते हुए खुद को ज्यादा सुरक्षित और आजाद महसूस करती है. इस फिल्म से इम्तियाज ने साफ किया कि आलीशान घर भी कभी-कभी इंसान के लिए जेल जैसा बन सकता है.

तमाशा का वेद और पहाड़ों की पुकार: इम्तियाज अली के सिनेमा के इस राज को सबसे बेहतरीन तरीके से फिल्म ‘तमाशा’ में दिखाया गया है. वेद बचपन से ही कहानियों का शौकीन है, लेकिन समाज के दबाव में आकर वह एक रोबोट जैसी नौकरी करने लगता है. जब वह सब कुछ छोड़कर कोर्सिका नाम की जगह पर जाता है, तब वहां वह अपनी मर्जी की जिंदगी जीता है. बाद में जब वह वापस अपने घर और ऑफिस के ढर्रे में फंस जाता है, तो वह पागल होने लगता है. आखिर में उसे अपनी पहचान तभी मिलती है जब वह उस बंधी-बंधाई नौकरी और घर की उम्मीदों को छोड़कर अपनी कहानी खुद लिखने निकल पड़ता है.

खुद की तलाश का यह सफर क्यों है जरूरी: इम्तियाज अली ने कई इंटरव्यूज में खुद यह बात मानी है कि उन्हें सफर करना और नए लोगों से मिलना बहुत पसंद है. उनका मानना है कि जब इंसान अपनी जानी-पहुचानी जगह और आरामदायक घर को छोड़ता है, तभी उसका असली इम्तिहान शुरू होता है. अनजान रास्तों पर चलकर ही इंसान को अपनी असली ताकत और अपनी कमजोरियों का पता चलता है. इसीलिए उनके किरदारों का घर छोड़ना असल में खुद को ढूंढने का एक जरिया होता है. यही वजह है कि उनकी फिल्में देखने के बाद हर किसी का मन एक बार सब कुछ छोड़कर पहाड़ों पर निकल जाने का करने लगता है.

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वर्ल्ड अपडेट्स: रूस का बॅाम्बर विमान क्रैश, चारों पायलट सुरक्षित, इंजन फेल होने की आशंका


16 मिनट पहले

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रूस का Tu-22M3 बॉम्बर विमान सोमवार को साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विमान जमीन की ओर तेजी से गिरा, जिससे घटनास्थल पर धुएं का बड़ा गुबार उठ गया।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विमान में सवार चारों क्रू मेंबर समय रहते इजेक्ट (पैराशूट के जरिए बाहर निकल) हो गए और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में जमीन पर भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।

इरकुत्स्क क्षेत्र के गवर्नर इगोर कोबजेव ने बताया कि विमान कामेंका गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। शुरुआती जांच में इंजन फेल होना हादसे की वजह माना जा रहा है।

Tu-22, जिसे NATO ने Backfire कोडनेम दिया है, सोवियत काल का एक सुपरसोनिक बॉम्बर विमान है। रूस इसका इस्तेमाल सीरिया और यूक्रेन में सैन्य अभियानों के दौरान कर चुका है। Tu-22M3 इसका आधुनिक संस्करण है, जो Kh-22 क्रूज मिसाइलों और हवा से लॉन्च होने वाली हाइपरसोनिक किंझाल मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है।

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ब्रिटेन में 16 साल की उम्र से पहले बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया, प्रस्ताव से 10 में से 9 अभिभावक खुश

ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है।

सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी।

बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है।

ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है।

अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ।

25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं।

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में 6.7 तीव्रता का भूकंप, जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के पास मंगलवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र पालू शहर से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। फिलहाल जान-माल के नुकसान या सुनामी की कोई अलर्ट नहीं ।

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