Thursday, June 18, 2026
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धागा बांधने की नहीं पड़ेगी जरूरत, इस तरीके से बनाएं भरवा करेला, बच्चे भी मांगेंगे बार-बार


Bharwa Karela Recipe: करेला ऐसी सब्जी है जिसे लोग दो हिस्सों में बांट देते हैं. कुछ लोग इसे बहुत पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग इसका नाम सुनते ही मुंह बना लेते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह इसका कड़वा स्वाद माना जाता है. हालांकि स्वास्थ्य के लिहाज से करेला काफी फायदेमंद माना जाता है और कई लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहते हैं. परेशानी तब आती है जब भरवा करेला बनाने की बात होती है. अक्सर लोगों को लगता है कि इसमें बहुत ज्यादा तेल लगेगा, स्टफिंग बाहर निकल जाएगी या फिर स्वाद बहुत कड़वा रहेगा. यही कारण है कि कई घरों में यह सब्जी कम ही बनती है. लेकिन अगर कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जाए तो भरवा करेला इतना स्वादिष्ट बन सकता है कि जो लोग इसे पसंद नहीं करते, वे भी इसे दोबारा खाने की मांग कर सकते हैं. इस तरीके की खास बात यह है कि इसमें कम तेल लगता है, धागा बांधने की जरूरत नहीं पड़ती और स्टफिंग भी पूरी तरह अंदर बनी रहती है.

सही करेला चुनना क्यों है जरूरी
भरवा करेला बनाने की शुरुआत सही करेले के चुनाव से होती है. हमेशा मध्यम आकार के करेले चुनने की कोशिश करें. बहुत बड़े और मोटे करेले अक्सर ज्यादा सख्त होते हैं और उनका स्वाद भी उतना अच्छा नहीं लगता. ताजे और हरे करेले पकने के बाद ज्यादा स्वादिष्ट लगते हैं. अगर करेला बहुत ज्यादा पीला दिखाई दे रहा है तो उसे लेने से बचना चाहिए. सही करेला चुनने से पूरी रेसिपी का स्वाद बेहतर हो जाता है.

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करेले की तैयारी कैसे करें
सबसे पहले करेले को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद ऊपर और नीचे का हिस्सा हल्का सा काट दें. अब करेले का पतला छिलका निकालें, लेकिन इसे पूरी तरह साफ न करें. फिर बीच में लंबाई में चीरा लगाकर अंदर के बीज निकाल लें. ध्यान रखें कि छिलके और बीजों को फेंकना नहीं है. इन्हें भी मसाले में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे स्वाद बढ़ता है और कोई हिस्सा बेकार भी नहीं जाता.

कड़वाहट कम करने का आसान तरीका
करेले की कड़वाहट कम करने के लिए नमक का इस्तेमाल सबसे आसान तरीका माना जाता है. तैयार किए गए करेले पर अच्छी तरह नमक लगाएं और करीब 10 मिनट के लिए छोड़ दें. कुछ देर बाद करेला पानी छोड़ने लगेगा. अब इसे हल्के हाथों से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें. इस प्रक्रिया से कड़वाहट काफी हद तक कम हो जाती है. यही छोटा सा कदम पूरे स्वाद में बड़ा फर्क ला सकता है.

करेले के पानी का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
जब नमक लगाने के बाद करेले से पानी निकलता है तो ज्यादातर लोग उसे फेंक देते हैं. लेकिन चाहें तो इसका इस्तेमाल एक हेल्दी ड्रिंक बनाने में भी किया जा सकता है. इसमें थोड़ा पानी, नींबू का रस, काला नमक, भुना जीरा और पुदीना मिलाकर पी सकते हैं. कई लोग इसे सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं.

स्वाद बढ़ाने वाला खास मसाला
भरवा करेले की जान उसकी स्टफिंग में छिपी होती है. इसके लिए जीरा, धनिया, सौंफ, काली मिर्च और अजवाइन को हल्का भून लें. अब इसमें अदरक, लहसुन और हरी मिर्च मिलाकर दरदरा पीस लें. स्वाद को संतुलित करने के लिए अमचूर और थोड़ा सा गुड़ भी मिला दें. यह मिश्रण करेले की कड़वाहट को संतुलित करता है और स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा पन जोड़ता है.

स्टफिंग को ऐसे करें तैयार
एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उसमें बारीक कटा प्याज डालें. प्याज को केवल हल्का नरम होने तक पकाएं. इसे ज्यादा भूरा नहीं करना है. अब तैयार मसाला डालकर कुछ मिनट तक भूनें. जब मसाले से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. स्टफिंग तैयार है.

करेले में मसाला भरने का सही तरीका
अब तैयार मसाले को धीरे-धीरे सभी करेलों में भरें. पहले हर करेले में थोड़ा मसाला डालें और फिर दोबारा सभी में बराबर मात्रा में भर दें. इससे सभी करेलों में स्टफिंग एक जैसी रहेगी. बहुत ज्यादा मसाला ऊपर तक भरने की कोशिश न करें, क्योंकि पकाते समय वह बाहर निकल सकता है.

बिना धागे के भी नहीं निकलेगी स्टफिंग
अक्सर लोग भरवा करेला बनाते समय धागा बांधते हैं ताकि मसाला बाहर न निकले. लेकिन इस रेसिपी में इसकी जरूरत नहीं पड़ती. इसके लिए पकाने की शुरुआत सही तरीके से करनी होती है. कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें और सबसे पहले करेले को स्टफिंग वाली साइड नीचे करके रखें. इससे मसाला अंदर ही सेट हो जाता है और बाहर निकलने की संभावना काफी कम हो जाती है.

धीमी आंच पर पकाने का फायदा
भरवा करेला हमेशा धीमी आंच पर पकाना चाहिए. कड़ाही को ढक दें और बीच-बीच में करेलों को पलटते रहें. तेज आंच पर पकाने से मसाला जल सकता है और करेला बाहर से पककर अंदर से कच्चा रह सकता है. धीमी आंच पर पकने से मसाले का स्वाद अंदर तक पहुंचता है और करेला भी मुलायम बनता है.

तैयार भरवा करेले का स्वाद कैसा होगा
जब करेला पूरी तरह पक जाएगा तो उसका स्वाद काफी संतुलित हो जाएगा. कड़वाहट पहले के मुकाबले बहुत कम महसूस होगी. मसालों, अमचूर और गुड़ की वजह से इसमें हल्का खट्टा-मीठा और चटपटा स्वाद आएगा. करेला सॉफ्ट रहेगा और स्टफिंग अंदर ही बनी रहेगी. इसे रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ आराम से परोसा जा सकता है.



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पैसों का पिटारा खोलेगी ये पोस्ट ऑफिस स्कीम! 5 साल में हाथ में आएंगे ₹20 लाख


आज के समय में ज्यादातर लोग ऐसे निवेश योजना की तलाश में रहते हैं, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश ऑप्शन में उतार-चढ़ाव का रिस्क रहता है, लेकिन पोस्ट ऑफिस की रेकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है. यह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसमें निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहता है.

पोस्ट ऑफिस आरडी उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं. बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर की जरूरत या इमरजेंसी फंड तैयार करने के लिए यह योजना काफी उपयोगी मानी जाती है. नियमित बचत और कंपाउंडिंग के फायदे से छोटी रकम भी समय के साथ बड़े फंड में बदला जा सकता है.

पोस्ट ऑफिस आरडी में कितने साल तक कर सकते हैं निवेश?

पोस्ट ऑफिस आरडी में निवेशक हर महीने एक तय रकम जमा करता है. फिलहाल इस योजना पर 6.7 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है, जिसकी कैलकुलेशन तिमाही आधार पर की जाती है. खाते की अवधि 5 साल होती है और मैच्योरिटी पर जमा राशि के साथ ब्याज का फायदा मिलता है. इस योजना में कम से कम 100 रुपये प्रति माह से निवेश शुरू किया जा सकता है. निवेशक अपनी कैपेसिटी के अनुसार ज्यादा रकम भी जमा कर सकते हैं. नियमित निवेश करने से बचत की आदत भी विकसित होती है और भविष्य के लिए अच्छा फंड तैयार हो जाता है.

20 लाख रुपये का फंड बनाने के लिए कितनी बचत करनी होगी?

अगर आपका टारगेट 5 साल में करीब 20 लाख रुपये का फंड तैयार करना है, तो मौजूदा ब्याज दर के अनुसार आपको हर महीने लगभग 28,000 रुपये जमा करने होंगे.

मासिक निवेश- लगभग ₹28,000

अवधि- 5 साल (60 महीने)

कुल जमा राशि- लगभग ₹16.80 लाख

अनुमानित ब्याज- लगभग ₹3.20 लाख

मैच्योरिटी राशि- करीब ₹20 लाख

इस तरह नियमित निवेश के जरिए आप बिना किसी बड़े रिस्क के 20 लाख रुपये के आसपास का फंड तैयार कर सकते हैं.

15 लाख रुपये का फंड बनाने के लिए कितनी रकम जमा करनी होगी?

यदि आपका टारगेट 15 लाख रुपये जुटाना है, तो आपको हर महीने करीब 21,000 रुपये जमा करने होंगे.

मंथली निवेश- लगभग ₹21,000

अवधि- 5 साल (60 महीने)

कुल जमा राशि- लगभग ₹12.60 लाख

अनुमानित ब्याज- लगभग ₹2.40 लाख

मैच्योरिटी राशि- करीब ₹15 लाख

यह ऑप्शन उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जो हर महीने सीमित बचत कर पाते हैं लेकिन भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं.

पोस्ट ऑफिस आरडी के अन्य फायदे

पोस्ट ऑफिस आरडी में निवेश करने वालों को जरूरत पड़ने पर जमा राशि के आधार पर लोन की सुविधा भी मिल सकती है. खाता खोलने का प्रोसेस भी काफी आसान है और इसे देश के किसी भी पोस्ट ऑफिस में शुरू किया जा सकता है.

नियमित निवेश से वित्तीय अनुशासन विकसित होता है और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है. यही वजह है कि छोटे और मध्यम आय वाले परिवारों के बीच यह योजना काफी फेमस है. हालांकि, निवेश करने से पहले ब्याज दर और नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि समय-समय पर इनमें बदलाव हो सकता है.



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एयरफोर्स अफसर की पत्नी से रेप मामले में मौलाना गिरफ्तार: नागपुर से MP ले जाकर काला जादू करने का आरोप; निकाह के लिए दबाव बनाया


नागपुर10 मिनट पहले

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महिला के धर्मांतरण से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें आरोपी अय्याज, उसके हाथ पकड़े और उस पर फूंखते दिखा।

नागपुर में एयरफोर्स अफसर की पत्नी से रेप, काला जादू और जबरन धर्मांतरण मामले में एक मौलाना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 24 साल की महिला ने 12 जून FIR में आरोप लगाया था कि उसे नशीला पदार्थ देकर रेप और ब्लैकमेल किया गया।

फिर जबरन शादी और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। हजरत नाम के मौलाना पर महिला के ऊपर काला जादू और धर्मांतरण करने का आरोप है। आरोपी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया का रहने वाला है।

मौलाना की तलाश में कई टीमें लगाई गई थीं। दबाव बढ़ने पर बुधवार रात उसने सरेंडर कर दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा। मामले में 26 साल का अय्याज मदारे और उसका 30 साल का दोस्त आमीन शेख भी आरोपी हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनसॉट, जिसमें आरोपी अय्याज और पीड़ित दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनसॉट, जिसमें आरोपी अय्याज और पीड़ित दिखाई दे रहे हैं।

धमकी भरे फोन आने पर पति को सच्चाई बताई

अय्याज और उसका दोस्त 21 जून तक पुलिस कस्टडी में हैं। अय्याज महिला का पूर्व क्लासमेट है। पुलिस के अनुसार, महिला ने यह पूरा मामला अपने पति से छिपाकर रखा था। लेकिन जब पति के सामने धमकी भरे फोन आने लगे तब उसने पूरी सच्चाई बताई।

इसके बाद कपल पुलिस के पास पहुंचे। महिला ने FIR में बताया था कि तीनों आरोपी उसे मध्य प्रदेश के तामिया गांव ले गए थे, जहां मौलाना ने उस पर तांत्रिक अनुष्ठान और काला जादू किया। महिला का आरोप है कि उसी के प्रभाव में उसने इस्लाम कबूल किया और अय्याज से निकाह के लिए राजी हो गई।

महिला प्रॉपर्टी डीलर, पति दूसरे शहर में पोस्टेड

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के पति भारतीय वायुसेना में हैं और फिलहाल दूसरे शहर में पोस्टेड है। महिला प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। 12 जून को जब उसका पति ड्यूटी से घर लौटा, तब महिला ने उसे पूरी घटना बताई थी।

महिला के मुताबिक, फरवरी 2025 में आरोपी अय्याज ने प्लॉट खरीदने के बहाने उससे संपर्क किया था। आरोपी ने उसे वर्धा रोड स्थित एक होटल में बुलाया। वहां उससे नशीला पदार्थ देकर बेहोशी की हालत में रेप करने और फोटो-वीडियो बनाने का आरोप है।

अय्याज पर ब्लैकमेल करके 4 लाख वसूलने का आरोप

FIR के अनुसार, अय्याज इन्हीं आपत्तिजनक वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करता था और कई बार उसका यौन शोषण किया। FIR के बाद महिला का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें अय्याज उसके हाथ पकड़कर कुछ पढ़ रहा था।

वीडियो में महिला ने कहा, ‘तुम्हें लड़ने की बहुत आदत है ना, हाथ छोड़ो ना… छोड़ो।’ इसके बाद वह लगातार ‘मुझे छोड़ दो’ कहकर रोती और विरोध करती रही, लेकिन आरोपी जोर से उसके हाथ पकड़े रहा। फिर कुछ शब्द पढ़कर उसके चेहरे पर कई बार फूंकता था। महिला ने बताया था की वीडियो एक साथ पुराना है।

वीडियो में अय्याज कुछ पढ़ते हुए महिला पर फूंक मार रहा था। महिला रोते हुए छोड़ने के लिए कह रही थी।

वीडियो में अय्याज कुछ पढ़ते हुए महिला पर फूंक मार रहा था। महिला रोते हुए छोड़ने के लिए कह रही थी।

आरोपियों के फोन और डिजिटल सबूतों का जांच जारी

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 64 (रेप), 308 (उगाही), 296 (अश्लील कृत्य), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा महाराष्ट्र अंधश्रद्धा, मानव बलि और काला जादू विरोधी कानून, 2013 की धाराएं भी लगाई गई हैं।

जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, सिम कार्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। इसके अलावा नशीला पदार्थ देकर रेप के आरोपों और पैसों की उगाही की भी जांच की जा रही है।

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तमिलनाडु में 3 साल की बच्ची से रेप, मौत: बिहार का आरोपी गिरफ्तार; बिस्किट देने के बहाने ले गया था आरोपी

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में 3 साल की बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बच्ची रविवार से लापता थी। सोमवार को वह झाड़ियों में गंभीर हालत में मिली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 19 साल के विबिन मंच के तौर पर हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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खेत बचाओ अभियान: सीसीएस राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान ने किसान चौपाल का आयोजन किया – Jaipur News



कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जो सीसीएस राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (CCS NIAM) जयपुर के महानिदेशक चिन्मय पी गोटमारे (आईएएस) के निर्देश पर हो रहे ह

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इसी क्रम में संस्थान की उपनिदेशक डॉ. शुचि माथुर द्वारा महिला किसानों के साथ किसान चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. माथुर ने महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों के चयन तथा उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने किसानों को बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाकर गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

अभियान के अंतर्गत किसानों के लिए क्षेत्रीय एवं शैक्षणिक भ्रमण का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. शुचि माथुर ने किसानों को ऑर्गेनिक (जैविक) खेती एवं औषधीय खेती की संभावनाओं, तकनीकों तथा उनके आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैविक एवं औषधीय खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पीजीडीएम-आई.ई.वी. के कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सोहन गनेचिया ने किसानों को जैविक एवं औषधीय खेती के विभिन्न लाभों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बाजार की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जैविक एवं औषधीय फसलों के उत्पादन की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।

सीसीएस एनआईएएम द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत किसानों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के लिए किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम, शैक्षणिक भ्रमण तथा अन्य विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे किसानों को नवीन कृषि तकनीकों एवं टिकाऊ कृषि प्रणालियों की जानकारी प्राप्त हो सके।



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मुजफ्फरनगर में मोहर्रम जुलूस मार्ग बदलने की मांग: बोले- शिव चौक, हनुमान चौक से न गुजरे जुलूस; धार्मिक स्थलों को न ढका जाए – Muzaffarnagar News




मुज़फ़्फ़रनगर में आगामी मोहर्रम जुलूस के मार्ग को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने जुलूस के रूट में बदलाव की मांग की है, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद की आशंका को टाला जा सके। समिति का कहना है कि वर्तमान में मोहर्रम का मातमी जुलूस शहर के प्रमुख चौराहों शिव चौक और हनुमान चौक से होकर गुजरता है। समिति के संयोजक नरेंद्र पवार ने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर, विशेषकर शिव चौक और हनुमान मंदिर के सामने, लंबे समय तक रुककर मातम किया जाता है, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। पवार ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि इस वर्ष हिंदू धार्मिक स्थलों को तिरपाल से न ढका जाए। उन्होंने जुलूस को इन संवेदनशील स्थानों से न निकालकर वैकल्पिक मार्ग से निकालने का आग्रह किया। हिंदू संघर्ष समिति के नेता देशराज पंवार ने भी शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील धार्मिक स्थलों से जुलूस निकालने पर प्रशासन को पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि हर वर्ष इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष की स्थिति बनती है। समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मोहर्रम से पहले इस विषय पर उचित निर्णय लेने की मांग की है। उनका उद्देश्य है कि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।



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पूर्व PM इंद्र कुमार गुजराल के बेटे से फ्रॉड, ₹78000000 ले उड़े जालसाज


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पूर्व PM इंद्र कुमार गुजराल के बेटे से फ्रॉड, ₹78000000 ले उड़े जालसाज

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Former PM Son Fraud Case: सरकार और पुलिस-प्रशासन की तरफ से साइबर फ्रॉड को लेकर लगातार जागरुकता अभियान चलाया जाता है. इसके बावजूद ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते हैं. एक बार फिर से साइबर फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है.

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल के साथ साइबर फ्रॉड किया गया है. (फाइल फोटो/PTI)

Former PM Son Fraud Case: पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए हैं. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार, ठगों ने नरेश गुजराल की तस्वीर का इस्तेमाल कर उनके एक कर्मचारी को व्हाट्सएप पर संदेश भेजा और खुद को गुजराल बताकर बातचीत की. ठग ने कर्मचारी से कहा कि वे एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त हैं और तत्काल एक बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए रकम ट्रांसफर करनी है. भरोसा होने के कारण कर्मचारी ने निर्देशों का पालन किया, जिसके बाद करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



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सोनाली बेंद्रे ने क्यों तोड़ा अपना नियम? 90s की ग्लैमर गर्ल का OTT पर खूंखार कमबैक


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कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात देने के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे ने ग्लैमर इंडस्ट्री में अपनी दूसरी पारी शुरू की. तब उन्होंने कुछ नियम खुद के लिए बनाए. वह केवल ऐसे रोल्स करना चाहती थीं जो उम्मीद और खुशियों से भरी हों, न कि ऐसी जो उन्हें मानसिक रूप से परेशान या तनाव में डाल दें. हालांकि, अपने इस नियन के बावजूद उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई एक डार्क और डिस्टर्बिंग वेब सीरीज में काम किया, जिसकी चर्चा इस समय हर तरफ हो रही है, जिसका नाम है ‘राख’.

नई दिल्ली. 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे ने कैंसर से जंग जीतने के बाद अपने करियर को लेकर एक खास नियम बना लिया था. स्टेज-4 मेटास्टेटिक कैंसर से उबरने के बाद वह सिर्फ ऐसे किरदार निभाना चाहती थीं, जो उम्मीदों से भरे हों. वह दोबारा ऐसे रोल नहीं करना चाहती थीं जो उन्हें इमोशनल रूप से परेशान करें या पुराने मुश्किल दौर की याद दिलाएं. हालांकि, हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘राख’ के लिए उन्होंने ये नियम तोड़ दिया.

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कहते हैं कुछ दिनों को भूलना मुश्किल होता है. हालांकि, वक्त के साथ ये यादें थोड़ी धुंधली जरूर हो जाती हैं. साल 2018 में बॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को ‘स्टेज 4 मेटास्टैटिक कैंसर’ का पता चला था. इस खतरनाक बीमारी से एक लंबी और दर्दनाक लड़ाई उन्होंने लड़ी. उन्होंने साल 2022 में वेब सीरीज ‘द ब्रोकन न्यूज’ से एक्टिंग की दुनिया में शानदार वापसी की. कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से उबरने के बाद सोनाली ने तय किया था कि वह केवल हल्के-फुल्के और पॉजिटिव किरदार ही निभाएंगी. वह किसी भी ऐसे काम का हिस्सा नहीं बनना चाहती थीं, जो उनके पुराने जख्मों या मानसिक तनाव को दोबारा ट्रिगर कर दे. फोटो साभार-@iamsonalibendre/Instagram

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हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 से बातचीत में सोनाली बेंद्रे ने अपनी इस जर्नी, मानसिक स्थिति और सिनेमाई दुनिया में वापसी को लेकर खुलकर बात की. सोनाली ने बताया कि कैंसर से ठीक होने के बाद उनके लिए फिल्मों में काम करने का पैमाना बदल गया था. उन्होंने सैफ अली खान के साथ आई उनकी फिल्म ‘लव के लिए कुछ भी करेगा’ जैसी कॉमेडी फिल्में थीं. उन्होंने याद किया कि उस फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने और सैफ ने कितना मजा किया था और सेट पर कितनी पॉजिटिव एनर्जी थी. फोटो साभार-@iamsonalibendre/Instagram

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सोनाली का मानना है कि आज के दौर में ऐसी हल्की-फुल्की और दिल को छू लेने वाली कहानियां बहुत कम लिखी जा रही हैं. वह दोबारा किसी ऐसे डिस्टर्बिंग प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर मानसिक रूप से टूटना नहीं चाहती थीं. सोनाली बेंद्रे की हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘राख’ अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है, उनके इस पैमाने से बिल्कुल उलट थी. फोटो साभार-@iamsonalibendre/Instagram

यह सीरीज 1978 के दिल्ली के बेहद खौफनाक और चर्चित ‘रंगा-बिल्ला’ हत्याकांड पर आधारित एक डार्क क्राइम थ्रिलर है. सीरीज में सोनाली बेंद्रे ने एक पीड़ित और शोकग्रस्त मां (मोना अरोड़ा) का बेहद गंभीर किरदार निभाया है, जिसके दो बच्चों का बेरहमी से अपहरण और मर्डर कर दिया जाता है.

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सोनाली ने स्वीकार किया कि ‘राख’ जैसी डार्क स्क्रिप्ट उनकी बकेट लिस्ट में बिल्कुल नहीं थी और वह इसके लिए तैयार भी नहीं थीं. लेकिन जब निर्देशक प्रोसित रॉय और उनकी टीम ने उन्हें इसकी स्क्रिप्ट सुनाई, तो वह ना नहीं कह सकीं. सोनाली ने कहा, ‘इसकी कहानी और मेरा किरदार इतना दमदार था कि मेरे पास मना करने का कोई रास्ता ही नहीं बचा था. यह अनुभव मेरे लिए बेहद अद्भुत रहा.’ फोटो साभार-@iamsonalibendre/Instagram

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सीरीज में अली फजल और आमिर बशीर जैसे कलाकार भी नजर आ रहे हैं. सोनाली ने माना कि भले वह सीरीज में अपने स्क्रीन टाइम पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. वह चाहती थीं कि पर्दे पर और ज्यादा दिखतीं. हालांकि, उन्हें खुशी है कि उन्होंने यह रिस्क लिया. फोटो साभार-@iamsonalibendre/Instagram

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90 के दशक की फिल्मों और आज के दौर की तुलना करते हुए सोनाली बेंद्रे ने कहा, ‘अगर मैं 90 के दशक में इस उम्र में होती तो मुझे वो किरदार कभी नहीं मिलते जो आज मिल रहे हैं. आज ओटीटी के आने से कहानी कहने के तरीके बदल गए हैं. भले ही मेकर्स आज मुझे लेकर थोड़े असमंजस में रहते हैं कि मुझे कहां फिट किया जाए, लेकिन मैं इस नए दौर और नए किरदारों के लिए बेहद आभारी हूं. फोटो साभार-@iamsonalibendre/Instagram

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डिजिनिलैंड मेला टेंडर पर जांच की मांग कर रहा जन-सुराज: मोतिहारी नगर निगम को नुकसान, पिछले साल से 143000 रुपए कम दर पर दिया गया टेंडर – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी में डिजिनिलैंड मेले के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। जन सुराज के नेताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों-नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है। जन सुराज के मोतिहारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. अतुल कुमार ने इस संबंध में कई सवाल उठाए हैं। डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि नगर भवन मैदान में लगने वाले डिजिनिलैंड मेले का टेंडर पिछले वर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से 31 दिनों के लिए दिया गया था। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इस वर्ष यह दर अचानक घटकर मात्र 32 हजार रुपए प्रतिदिन कैसे हो गई। निगम को मिलने वाला राजस्व कम डॉ. कुमार ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राजस्व हानि के पीछे किसका हाथ है और किन दबावों में यह निर्णय लिया गया। उनके अनुसार, मेले के आयोजन में खर्च लगभग समान है, लेकिन नगर निगम को मिलने वाला राजस्व काफी कम हो गया है। उन्होंने मांग की कि बीच का पैसा किसके पास जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। जन सुराज के प्रवक्ता अजय आजाद ने भी नगर निगम प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने उप मेयर डॉ. लालबाबू गुप्ता पर आरोप लगाया कि जिला स्कूल का खेल मैदान, जिसका उपयोग छात्र अभ्यास के लिए करते हैं, उसे मेले के लिए बेहद कम दर पर दिया गया। 3 हजार रुपए प्रतिदिन की दर पर दिया गया टेंडर अजय आजाद ने दावा किया कि मैदान का टेंडर मात्र 3 हजार रुपए प्रतिदिन की दर पर दिया गया है, जो गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने एसडीओ और नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी, तो किसी के पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। आजाद ने आरोप लगाया कि यह टेंडर प्रक्रिया पहले से ही निर्धारित की गई थी, जिसका उद्देश्य कुछ विशेष लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाना था। जन सुराज ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के खेलने के मैदान को इस तरह से व्यावसायिक उपयोग में देना गलत है और इससे छात्रों व खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी हुई है।



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बिजली कनेक्शन में लापरवाही, करकेली जेई निलंबित: राजस्व हानि पहुंचाने पर अधीक्षण अभियंता ने की कार्रवाई – Umaria News




उमरिया बिजली कंपनी ने बिजली कनेक्शन देने में गंभीर लापरवाही और कंपनी को राजस्व हानि पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई की है। करकेली वितरण केंद्र में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता (जेई) देवानंद बुनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता योगेश उइके की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उमरिया संभाग के वितरण केंद्र करकेली में कार्यरत देवानंद बुनकर (कर्मचारी क्रमांक 14560486) ने अपने कार्यक्षेत्र में विद्युत कनेक्शन प्रदान करने में गंभीर अनियमितताएं बरतीं। इन अनियमितताओं के कारण कंपनी को राजस्व का नुकसान हुआ। कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान देवानंद बुनकर का मुख्यालय कार्यालय कार्यपालन अभियंता (एसटीएम/एसटीसी), मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, संभाग उमरिया निर्धारित किया गया है। विभागीय आदेश के अनुसार, उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।



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घर पर बनाएं सोया चाप, बनाने के लिए सिर्फ 4 चीजों की जरूरत, जानें विधि


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Homemade Soyachaap Recipe: बाजार में मिलने वाला सोया चाप गंदगी और मिलावट से तैयार बना हुआ हो सकता है. ऐसे में इसे घर पर बनाना बेहतरीन विकल्प होता है. इस लेख में आप घर पर सोया चाप बनाने के आसान तरीके के बारे में जान सकते हैं.

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सोया चाप शाकाहारी थाली में चिकन-मटन के स्वाद को जोड़ने का काम करता है. हालांकि इसमें किसी तरह का नॉनवेज नहीं मिला होता है, लेकिन इसका टेक्सचर और स्वाद बिल्कुल बोनलेस चिकन की तरह लगता है. सेहत के नजरिए से भी सोया चाप फायदेमंद माना जाता है. सोयाबिन से तैयार किए जाने के कारण इसमें हाई प्रोटीन और फाइबर होता है. इसके अलावा इसमें फैट की मात्रा भी कम होती है, जो इसे जिम जाने वालों के लिए एक बेहतरीन फूड साबित होता है.

हालांकि, सोया चाप आसानी से मार्केट से खरीदे जा सकते हैं, लेकिन मिलावट और गंदगी से बनाने के ऐसे कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिसे देखने के बाद खा पाना मुश्किल है. इसलिए आज हम आपको यहां बहुत ही आसान तरीके से घर पर सोयाचाप बनाने का तरीका बता रहे हैं.

घर पर सोयाचाप बनाने का तरीका

सामाग्री
सोयाबीन दाल- आधा कप
सोया चंक्स- 1 कप
मैदा-1 कप बाइंडिंग के लिए
नमक
आइसक्रीम स्टिक्स- 8-10

विधि

  • सोयाचाप बनाने के लिए एक रात पहले सोयाबीन दाल को पानी में भिगोकर छोड़ दें. सुबह साफ पानी से इसे धोकर मिक्सर में कम पानी के साथ स्मूथ पीस लें.
  • फिर सोया चंक्स को उबलते पानी में लगभग 5 मिनट तक पकाएं. इसके बाद इन्हें ठंडा होने दें और अच्छी तरह दबाकर सारा पानी निकाल दें. अब सोया चंक्स को मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें.
  • एक बड़े बाउल में पिसी हुई सोया दाल, दरदरे सोया चंक्स, मैदा और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. बिना पानी या जरूरत हो तो सिर्फ कुछ बूंद पानी डालकर इसे सख्त आटे की तरह गूंध लें. आटे को 10 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि वह अच्छी तरह सेट हो जाए.
  • अब आटे की एक बड़ी लोई बनाकर पतली रोटी बेल लें. रोटी को चाकू से लंबी और पतली स्ट्रिप्स में काट लें. एक आइसक्रीम स्टिक लें और एक-एक स्ट्रिप को स्टिक पर घुमाते हुए लपेट दें.
  • दूसरी तरफ एक गहरे बर्तन में पानी उबालें. जब पानी अच्छे से उबलने लगे, तब तैयार स्टिक्स को उसमें डाल दें. इन्हें 10-12 मिनट तक तेज आंच पर पकाएं. पकने के बाद सोया चाप पानी की सतह पर तैरने लगेगी. इन्हें तुरंत निकालकर बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें, जिससे चाप मुलायम, स्पंजी और जूसी बनेगी.

ऐसे करें स्टोर
ठंडा होने पर चाप को सुखाकर जिपलॉक बैग में भरें और फ्रीजर में रख दें. ऐसे चाप को 2-3 महीने तक स्टोर करके खाया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर निकालें, काटें और अपनी पसंदीदा ग्रेवी में बनाकर स्वादिष्ट सोया चाप का आनंद लें.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



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