Sunday, May 17, 2026
Home Blog

वाराणसी की निष्क्रीय SOG-2 भंग, SHO मिर्जामुराद लाइन हाजिर: शिवाकांत को कैंट से सिगरा भेजा, संजय मिश्रा को रामनगर की कमान – Varanasi News




वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने शनिवार की रात क्राइम मीटिंग के बाद लापरवाहों पर कार्रवाई का हंटर चलाया। अकर्मणयता और निष्क्रीयता के आरोपों से घिरी एसओजी-2 को भंग कर दिया। एसओजी-2 में तैनात दरोगा समेत सभी पुलिसकर्मियों को लाइन भेज दिया। कारगुजारियों से चर्चा में रहने वाले इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को मिर्जामुराद थाने से लाइन हाजिर कर दिया। उन पर एक युवती से जुड़े लवजेहाद के मामले में लापरवाही बरतने का भी आरोप है। इसके अलावा सीपी ने खराब प्रदर्शन पर कई थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्जों के तबादले किए गए। शनिवार रात निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा, निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा और उपनिरीक्षक विकास सिंह को नई तैनाती मिली। कैंट थाना प्रभारी रहे शिवाकांत मिश्रा हटाकर सिगरा भेजा गया। उन्हें प्रभारी निरीक्षक के तौर पर सिगरा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिगरा के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा को रामनगर का इंस्पेक्टर बनाया गया है। पुलिस कमिश्नर के पीआरओ उपनिरीक्षक विकास सिंह को रोडवेज चौकी इंचार्ज बनाया गया है। SOG-02 को तत्काल प्रभाव से भंग कर सभी कर्मियों को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। बाद में यूनिट का नए सिरे से गठन किया जाएगा। मिर्जामुराद प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय को पुलिस लाइन भेजा गया, जबकि साइबर क्राइम थाने से गोपाल जी कुशवाहा को मिर्जामुराद का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं रामनगर के राजकिशोर पाण्डेय को कैंट थाने की कमान सौंपी गई है। बैठक में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साफ संदेश दिया कि वही थाना प्रभारी और अधिकारी पद पर बने रहेंगे जो जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना और कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। सीपी की मीटिंग में ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फोकस पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मासिक अपराध मीटिंग के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई एवं पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रभावी अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की बात कही। स्पष्ट किया कि बेहतर काम वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण, सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुपालन, सीसीटीएनएस एवं थाना अभिलेखों की जानकारी, ई-समन पोर्टल, यक्ष ऐप एवं डिजिटल व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया। यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु RTC स्कीम विशेष निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई की बात कही। महिला अपराध, साइबर अपराध, गोतस्करी, एनडीपीएस एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही, आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी गोमती नीतू, सभी जोन के एडीसीपी और ट्रैफिक के अफसर सहित समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारीगण व थाना प्रभारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।



Source link

धनु: धन हानि या नुकसान की प्रबल संभावना, गाड़ी चलाते समय रखें अत्यधिक सतर्कता


Last Updated:

Aaj ka Dhanu Rashifal 17 may 2026: धनु राशि के जातकों की लव लाइफ आज काफी अच्छी रहेगी. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा. प्यार के मामले में आज का दिन आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है. धनु राशि वालों के लिए आज आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन नए निवेश से बचें, वरना नुकसान हो सकता है. लव लाइफ अच्छी रहेगी, परिवार में खुशियां रहेंगी. सेहत का ध्यान रखें, वाहन चलाते समय सतर्क रहें. शुभ रंग केसरिया, अंक 7.

जमुई: आज 17 मई 2026 के दिन सूर्य देव वृषभ राशि में संचार करेंगे. जिस कारण आज के दिन बुध, चंद्रमा और सूर्य की युति से त्रिग्रह योग का निर्माण होगा. इतना ही नहीं आज के दिन चंद्रमा उच्च होकर गौरी योग का निर्माण करेंगे. जिसका असर सभी राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि धनु राशि के जातकों पर भी आज के दिन बनने वाले इन दोनों योग का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा. आज धनु राशि के जातकों का दिन काफी व्यस्तता में बीतेगा. आज आपको किसी तरह की पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता आन पड़ेगी. धनु राशि के जातकों को आज के दिन अपने सुख-साधन पर पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. उन्होंने बताया कि आज आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहेगी.

किसी बड़ी परेशानी का मिल सकता है हल 
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातक अगर लंबे समय से किसी परेशानी से गुजर रहे हैं, तो आज के दिन उन्हें इसका हल मिल सकता है. उन्होंने बताया कि कारोबारी के लिए आज का दिन काफी अच्छा रहने वाला है. हालांकि आज आपको किसी तरह की निवेश से बचना चाहिए. आप कहीं भी पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तब उससे पहले अच्छी तरह से विमर्श कर लें नहीं तो आपका पैसा फंसने की भी संभावना बन सकती है. आप जहां काम करते हैं वहां आपके वरिष्ठ अधिकारी और साथ काम करने वाले कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपकी मुश्किलें थोड़ी आसान हो सकती हैं.

प्यार के लिए अनुकूल रहेगा दिन 
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों की लव लाइफ आज काफी अच्छी रहेगी. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा. प्यार के मामले में आज का दिन आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है. धनु राशि के जातक को आज अपने सेहत की थोड़ी चिंता करनी चाहिए. खासकर वाहन चलाते समय आपको चोट-चपेट लगने की संभावना बन रही है. उन्होंने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज के दिन भगवान सूर्य की पूजा करनी चाहिए और उन्हें जल अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से आपको फायदा हो सकता है. आज के दिन के लिए आपका शुभ अंक 7 और शुभ रंग केसरिया रहने वाला है.

About the Author

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



Source link

मीठी चाय नहीं, पहाड़ों की ये रहस्यमयी चाय क्यों पीते हैं लोग? वजह जानकर हैरान रह जाएंगे


Last Updated:

भारत के पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी अनोखी चाय पी जाती है जिसमें चीनी नहीं बल्कि नमक और मक्खन डाला जाता है. लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में सदियों से पी जाने वाली यह बटर टी न सिर्फ ठंड से बचाने में मदद करती है बल्कि शरीर को ऊर्जा भी देती है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

भारत में ज्यादातर लोग सुबह की शुरुआत मीठी दूध वाली चाय से करते हैं, लेकिन देश के कई पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी चाय भी पी जाती है जिसमें चीनी नहीं, बल्कि नमक डाला जाता है. पहली बार सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में यह चाय सदियों से लोगों की जिंदगी का हिस्सा रही है. वहां के ठंडे मौसम और कठिन जीवनशैली में यह चाय शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने के लिए काफी लोकप्रिय मानी जाती है.

नमक वाली चाय सबसे ज्यादा लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और तिब्बती इलाकों में पी जाती है. कश्मीर में भी “नून चाय” या “शीर चाय” काफी मशहूर है, जिसका स्वाद हल्का नमकीन होता है. वहीं लद्दाख और तिब्बती क्षेत्रों में इसे “बटर टी” या “गुर्गुर चाय” कहा जाता है. ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ स्वाद की बात नहीं, बल्कि जरूरत भी मानी जाती है. वहां तापमान कई बार शून्य से नीचे चला जाता है, इसलिए लोग ऐसी चीजें पीना पसंद करते हैं जो शरीर को लंबे समय तक गर्म रख सकें.

क्या है इसका इतिहास?
माना जाता है कि नमक वाली चाय की शुरुआत तिब्बत और मध्य एशिया के पहाड़ी इलाकों से हुई थी. पुराने समय में वहां रहने वाले लोग लंबे सफर और ठंडे मौसम में खुद को गर्म रखने के लिए चाय में मक्खन और नमक मिलाकर पीते थे. धीरे-धीरे यह परंपरा हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंच गई. तिब्बत में याक नाम के जानवर के दूध से बने मक्खन का इस्तेमाल इस चाय में किया जाता था. यही वजह है कि इसे “बटर टी” कहा जाने लगा. कई इतिहासकार मानते हैं कि यह चाय व्यापारिक रास्तों और बौद्ध संस्कृति के जरिए अलग-अलग पहाड़ी इलाकों में फैली.

कैसे बनाई जाती है नमक वाली चाय?
इस चाय को बनाने का तरीका सामान्य चाय से काफी अलग होता है. इसमें चायपत्ती को लंबे समय तक उबाला जाता है और फिर उसमें नमक, मक्खन और कई जगह दूध मिलाया जाता है. लद्दाख में इसे खास लकड़ी के बर्तन में फेंटा भी जाता है, जिससे इसका टेक्सचर क्रीमी हो जाता है. कश्मीर की नून चाय में गुलाबी रंग लाने के लिए बेकिंग सोडा भी डाला जाता है. वहीं तिब्बती बटर टी ज्यादा गाढ़ी और मक्खन वाली होती है.

ठंडे मौसम में क्यों मानी जाती है फायदेमंद?
पहाड़ी इलाकों में लोग मानते हैं कि यह चाय शरीर को लंबे समय तक गर्म रखती है. मक्खन और फैट की वजह से शरीर को ऊर्जा मिलती है, जबकि नमक शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है. यही कारण है कि ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोग दिन में कई बार इसे पीते हैं. पहले यह चाय सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित थी, लेकिन अब सोशल मीडिया और ट्रैवल व्लॉग्स की वजह से इसकी चर्चा पूरे देश में होने लगी है. कई ट्रैवलर्स पहाड़ों में जाकर इस अनोखी चाय को ट्राई करते हैं और उसका वीडियो शेयर करते हैं. अब बड़े शहरों के कुछ कैफे में भी बटर टी और नून चाय मिलने लगी है.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



Source link

आयुष्मान कार्ड होने पर भी हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं,जानिए कौन सुविधाएं बाहर


Last Updated:

आयुष्मान भारत योजना देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है. इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. लेकिन कई लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि आयुष्मान कार्ड से हर बीमारी का इलाज मुफ्त हो जाता है. असल में इस योजना के तहत कुछ बीमारियां, टेस्ट और इलाज ऐसे भी हैं जो पूरी तरह कवर नहीं किए जाते.

ख़बरें फटाफट

Zoom

आयुष्मान कार्ड में हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं है. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. आयुष्मान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बनी है. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में गिनी जाती है. इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से बचाना है. इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है. खासतौर पर गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में यह योजना बड़ी मदद देती है. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी इस योजना का लाभ लिया जा सकता है. हालांकि योजना का दायरा बड़ा होने के बावजूद इसमें कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं, जिनके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है.

OPD और सामान्य जांच का खर्च नहीं होता शामिल
बहुत से लोग सोचते हैं कि आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद डॉक्टर की हर विजिट मुफ्त हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. इस योजना में केवल अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले इलाज को प्राथमिकता दी जाती है. अगर कोई व्यक्ति सिर्फ डॉक्टर से सलाह लेने गया है और उसे भर्ती नहीं किया गया, तो उस OPD खर्च को योजना के तहत कवर नहीं किया जाता. इसी तरह केवल जांच कराने का खर्च भी योजना में शामिल नहीं होता, जब तक कि डॉक्टर भर्ती मरीज के इलाज के दौरान उन टेस्ट की सलाह न दें. यही वजह है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद पता चलता है कि कुछ खर्च उन्हें खुद उठाने होंगे.

विटामिन, टॉनिक और सामान्य दवाओं पर नहीं मिलती राहत
आयुष्मान योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों और जरूरी इलाज में मदद देना है. इसलिए सामान्य कमजोरी, थकान या स्वास्थ्य सुधार के लिए इस्तेमाल होने वाले विटामिन, टॉनिक और सप्लीमेंट्स का खर्च इसमें शामिल नहीं किया गया है. हालांकि अगर किसी गंभीर बीमारी या चोट के इलाज के दौरान डॉक्टर इन दवाओं को जरूरी बताते हैं, तो स्थिति अलग हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि योजना मुख्य रूप से जीवनरक्षक और अस्पताल आधारित इलाज के लिए बनाई गई है, इसलिए रोजमर्रा की सामान्य दवाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया.

दांतों के सामान्य इलाज और IVF जैसी सुविधाएं भी बाहर
योजना के तहत नियमित दांतों की सफाई, कैविटी भरने या सामान्य डेंटल चेकअप का खर्च भी नहीं मिलता. केवल गंभीर हादसे, जबड़े की चोट, ट्यूमर या सिस्ट जैसी गंभीर स्थितियों में डेंटल इलाज को कवर किया जाता है. इसके अलावा IVF यानी टेस्ट ट्यूब बेबी से जुड़े इलाज और दूसरी Assisted Reproductive Technologies भी योजना के दायरे से बाहर हैं. कॉस्मेटिक सर्जरी, टैटू हटाना, वजन कम करने की सर्जरी और नेक लिफ्ट जैसी प्रक्रियाएं भी मुफ्त इलाज सूची में शामिल नहीं हैं. सरकार का मानना है कि योजना का फोकस जरूरी और गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं पर होना चाहिए, इसलिए सौंदर्य या वैकल्पिक प्रक्रियाओं को इसमें जगह नहीं दी गई.

हर व्यक्ति नहीं बनवा सकता आयुष्मान कार्ड
यह योजना खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए तैयार की गई है. इसी वजह से हर व्यक्ति इसके लिए पात्र नहीं होता. सरकारी कर्मचारी, आयकर भरने वाले लोग, ESIC सुविधा लेने वाले कर्मचारी और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले वे लोग जिनका PF कटता है, आमतौर पर इस योजना के दायरे में नहीं आते. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इलाज शुरू कराने से पहले यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि कौन-सा खर्च योजना में शामिल है और कौन-सा नहीं. इससे बाद में आर्थिक परेशानी और भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है. स्वास्थ्य योजनाओं के बढ़ते दायरे के बीच सही जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जा रही है.

About the Author

authorimg

Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



Source link

‘मेरा क्या उखाड़ लिया’, ब्राह्मणों पर टिप्पणी करके फंसे अनुराग कश्यप, कोर्ट का सख्त आदेश


Last Updated:

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने ब्राह्मण समुदाय पर विवादित बयान दिया था, जिसने अब तूल पकड़ लिया है. सूरत जिला अदालत ने अनुराग कश्यप के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट/विज़ुअल्स को लेकर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. शिकायतकर्ता वकील कमलेश रावल ने कहा कि 19 मार्च पिछले साल अनुराग कश्यप ने एक ट्वीट किया था. इसके बाद एक्स यूजर आदित्य दत्ता ने उनसे ट्वीट हटाने को कहा. इस पर अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा पोस्ट किया और लिखा कि ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.

ख़बरें फटाफट

Zoom

विवादित बयान की वजह से फंसे अनुराग कश्यप

नई दिल्ली: मशहूर फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. लेकिन इस बार उनके एक सोशल मीडिया कमेंट उनके लिए बड़ी कानूनी मुसीबत बन गया है. पिछले साल ब्राह्मण समुदाय को लेकर किए गए एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. गुजरात की सूरत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अनुराग कश्यप के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का सख्त आदेश दे दिया है. कोर्ट ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है, जिसके बाद अब पुलिस को इस पर कानूनी कार्रवाई शुरू करनी होगी.

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब वकील कमलेश रावल ने कोर्ट में अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के मुताबिक, 19 मार्च को अनुराग कश्यप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विवादित ट्वीट किया था. इसके बाद, जब आदित्य दत्ता नाम के एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने उन्हें वह पोस्ट हटाने की सलाह दी, तो अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर और ज्यादा आक्रामक रुख अपना लिया. उन्होंने न सिर्फ पोस्ट हटाने से मना किया, बल्कि बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा लिख दिया कि ‘ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.’ इसी बात को लेकर समाज में नाराजगी फैल गई और मामला अदालत तक पहुंच गया.

बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कानूनी लड़ाई में अनुराग कश्यप की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ गईं, क्योंकि उन्होंने कोर्ट की चेतावनियों को हल्के में लिया. अदालत ने इससे पहले भी उन्हें इस मामले में समन भेजकर पेश होने का साफ निर्देश दिया था, लेकिन वह तय तारीख पर कोर्ट के सामने हाजिर नहीं हुए. उनकी इसी लापरवाही को देखते हुए सूरत कोर्ट ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है और उनके खिलाफ सीधे गुनाह दर्ज करने यानी एफआईआर का फैसला सुना दिया है. इस आदेश के बाद अब अनुराग कश्यप को हर हाल में कोर्ट में हाजिर होकर अपनी सफाई देनी होगी, नहीं तो उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं.

About the Author

authorimg

Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





Source link

मुंगेर में हर पंचायत में जिम-खेलकूद की होगी व्यवस्था: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का ऐलान, अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन, धरोहरों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर – Munger News




केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने घोषणा की है कि सांसद फंड से हर पंचायत में जिम और खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह बात शनिवार देर शाम मुंगेर पहुंचने पर कही। मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है, ताकि वे विभिन्न नियुक्तियों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने देश के विकास पर भी प्रकाश डाला, बताया कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 58 लाख के अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री शनिवार शाम दो दिवसीय दौरे पर मुंगेर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले अतिथि गृह में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित अन्य अधिकारियों के साथ जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने एनडीए कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इसके बाद केंद्रीय मंत्री पोलो मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए लगभग 58 लाख रुपए की लागत से बनाए गए अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन किया। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया
उद्घाटन के पश्चात उन्होंने मैदान में मौजूद खिलाड़ियों से बातचीत की और टर्फ का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुंगेर जिला फुटबॉल संघ के सचिव भवेश कुमार उर्फ बंटी सिंह ने उन्हें मुख्य किला गेट का तैलचित्र भेंट कर सम्मानित किया। पोलो मैदान से निकलने के बाद मंत्री जिला परिषद भवन पहुंचे। यहां जिला प्रशासन ने जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से भवन का सौंदर्यीकरण कराया है। लगभग 38 लाख रुपए की लागत से हुए इस कार्य के तहत भवन को रंगीन रोशनी से सजाया गया है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया। मंत्री ने यह भी कहा कि मुंगेर सहित बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने का काम किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत को समझ सकें और इतिहास से जुड़ सकें। कार्यक्रम के दौरान जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, जिला परिषद अध्यक्ष साधना देवी, उपाध्यक्ष ब्यूटी विश्वास, जदयू जिलाध्यक्ष सौरव निधि सहित कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मंत्री का स्वागत किया। देर रात केंद्रीय मंत्री अतिथि गृह लौट गए। वहीं सोमवार को वह जिला अधिकारियों के साथ दिशा समिति की बैठक करेंगे।



Source link

मंदसौर के चार डॉक्टरों पर 50-50 हजार जुर्माना: वेतनवृद्धि भी रोकी; डिलीवरी के दौरान नवजात के प्राइवेट पार्ट पर कट लगने पर कार्रवाई – Mandsaur News




मंदसौर जिला अस्पताल में वर्ष 2024 में हुई एक सिजेरियन डिलीवरी के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने जिला अस्पताल में पदस्थ चार वरिष्ठ चिकित्सकों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही सभी चिकित्सकों की दो वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश भी जारी किए गए हैं। कार्रवाई की जद में आने वाले चिकित्सकों में डॉ. संगीता पाटीदार, डॉ. रजत पाटीदार, डॉ. मीना वर्मा और डॉ. सिद्धार्थ शिंदे शामिल हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के संज्ञान लेने के बाद की गई है। प्राइवेट पार्ट पर कट लग गया था
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में महिला सीमा की जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी करवाई गई थी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात शिशु के प्राइवेट पार्ट पर कट लग गया था, जिससे शिशु गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि उस समय मौजूद चिकित्सकों ने परिजनों को सही जानकारी दिए बिना इसे गठान बताते हुए नवजात के टांके लगा दिए थे। बाद में शिशु की हालत बिगड़ने पर उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां करीब डेढ़ माह तक उसका उपचार चला। पीएम-सीएम कार्यालय सहित कई जगह की गई थी शिकायत
मामले को लेकर प्रसूता महिला के पति दशरथ पुरोहित ने पीएम कार्यालय, सीएम कार्यालय, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग सहित विभिन्न विभागों में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब से असंतुष्ट आयोग ने दिए कार्रवाई के निर्देश
जांच के दौरान डॉ. संगीता पाटीदार, डॉ. रजत पाटीदार, डॉ. मीना वर्मा और डॉ. सिद्धार्थ शिंदे से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग चिकित्सकों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए वसूली के आदेश
आयोग के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चारों चिकित्सकों पर 50-50 हजार रुपए की वसूली करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा सभी चिकित्सकों की दो वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की गई है।



Source link

PM की अपील से दिल्ली में नहीं लग रहा जाम: बरेली में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा बोले- मोदी की हर अपील पर देश की जनता ने साथ दिया है – Bareilly News




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब-जब देश की जनता से कोई अपील की है, देश की जनता ने उसमें बढ़-चढ़कर साथ दिया है। यही वजह है कि लोग अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे है। अब दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या नहीं रह गई है। वहां जाम नहीं लग रहा है। ये कहना है बरेली पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा का…बीएल वर्मा आज से बरेली में शुरू हुए भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल होने आए थे। बीएल वर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा बरेली के पीलीभीत रोड स्थित स्पर्श रिजॉर्ट में भारतीय जनता पार्टी के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण महाअभियान का आज से शानदार आगाज हो गया है। इस खास कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। केंद्रीय मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब-जब देश के हित में और देश की जनता से किसी भी विषय पर कोई अपील की है, तब-तब देशवासियों ने उस पर अपनी मुहर लगाई है और बढ़-चढ़कर उनका सहयोग किया है। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। कार्यकर्ता निर्माण के लिए प्रशिक्षण बेहद जरूरी प्रशिक्षण महाअभियान के मुख्य उद्देश्य को बताते हुए केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित और कार्यकर्ताओं के बल पर चलने वाली पार्टी है। समय-समय पर कार्यकर्ताओं के कौशल को निखारने, संगठन का शिल्पी बनाने और उनके कार्यक्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए इस तरह के वर्ग आयोजित किए जाते हैं। बरेली महानगर का यह दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग कुल 19 सत्रों में आयोजित होने जा रहा है, जिसमें कार्यकर्ताओं को संगठन की नीतियों और कार्यप्रणाली से रूबरू कराया जाएगा। विपक्षी दलों के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री का पलटवार उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जो भी आरोप लगाए या इसे दिखावा कहे, लेकिन हकीकत यह है कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है। दुनिया के तमाम बड़े देश आज भारत के बढ़ते कदमों और हमारी नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं। आजादी के बाद इतने कम समय में भारत ने जो विकास की रफ्तार पकड़ी है, वह पूरी दुनिया के सामने है। भारत आज दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की ओर मजबूती से अग्रसर है। ऊर्जा संरक्षण और सादगी की अनूठी मिसाल बरेली में चल रहे इस आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सादगी और पर्यावरण संरक्षण की अपील का एक बड़ा असर देखने को मिला। कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे तमाम बड़े नेता अपनी गाड़ियों को छोड़कर रिक्शों से सफर तय करते नजर आए। इस पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट है, पेट्रोल और डीजल की कीमतें पूरी दुनिया में बढ़ रही हैं। कई देशों में तो कीमतें 40 से 50 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं और हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में डीजल 500 रुपये लीटर तक बिक रहा है। ऐसे संकट के समय में हमारे देश ने दूरदर्शिता दिखाते हुए कीमतों पर काफी हद तक नियंत्रण रखा है। साधनों की बचत के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भले ही हमें कभी-कभी अपनी गाड़ियों से चलना आवश्यक लगता है, लेकिन जब कभी संभव हो, हमें ऊर्जा और ईंधन की बचत के लिए सार्वजनिक परिवहन या फिर हल्के साधनों का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि बरेली में आज 17-18 गाड़ियों के काफिले के बजाय लोग एक साथ मिलकर बसों से आ रहे हैं, कोई रिक्शे से आ रहा है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारे भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता देशहित में खुद से शुरुआत करने में यकीन रखते हैं। दिल्ली जैसे महानगरों में भी आज बड़े-बड़े अधिकारी मेट्रो और पुल कार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे न केवल ईंधन की बचत हो रही है बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिल रही है। प्रशिक्षण महाअभियान में उमड़ा भाजपा का कुनबा स्पर्श रिजॉर्ट में आयोजित इस भव्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा के साथ मंच पर वन मंत्री डॉ अरुण कुमार और सदन में भाजपा के कई वरिष्ठ चेहरे मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा के कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, विष्णु शर्मा, गुलशन आनंद और डॉ. हुदा सहित पार्टी के तमाम पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में समर्पित कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने केंद्रीय मंत्री के विचारों को सुना और संगठन को जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत करने का संकल्प लिया।



Source link

कैमरे में कैद हुई ‘खाकी’, ले रहा था ऐसी चीज, कभी न पड़ती कमाने की जरूरत!


होमताजा खबरदेश

कैमरे में कैद हुई ‘खाकी’, ले रहा था ऐसी चीज, कभी न पड़ती कमाने की जरूरत!

Last Updated:

दिल्‍ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर ‘खाकी’ कैमरे में कैद हुई है. मामले में खाकी वर्दी में मौजूद शख्‍स एक पैसेंजर से कुछ ऐसी चीज ले रहा है, जिसकी कीमत इतनी है कि उसे जिंदगी में कभी कमाने की जरूरत नहीं पड़ती. क्‍या है पूरा खेल, जानने के लिए पढ़ें आगे…

Zoom

आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्‍टम एआईयू को बड़ी सफलता मिली है.

Delhi IGI Airport News: सोशल मीडिया में एक ताजा-ताजा वीडियो आया है. इस वीडियो में खाकी वर्दी पहने एक शख्‍स सामने खड़े दूसरे शख्‍स की कमर में कुछ ऐसे हाथ लगा रहा है, मानों वह उसकी तलाशी ले रहा हो. इसके बाद, दूसरा शख्‍स अपने पैंट की चोर जेब से एक ऐसी चीज निकालना शुरू करता है, जिसमे देखकर खाकी वर्दी वाले की आंखे चौड़ी हो जाती है. अब दूसरा शख्‍स एक-एक कर पैंट से वह चीज निकाल रहा था और खाकी वर्दी वाला उसे लेकर साइड में रखता जा रहा था. खाकी वर्दी वाले ने साइड में चीज रखी थी, वह एक ऐसी चीज थी, जिसको पाने के बाद शायद उसे जीवन में कभी कमाने की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन…

दरअसल यह मामला दिल्‍ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है. वहीं, वर्दी में दिख रहा शख्‍स कोई और नहीं, बल्कि कस्‍टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) का जवान है. बीते दिनों, सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से 15 फीसदी होने के बाद से एआईयू ने अपनी चौकसी एयरपोर्ट पर बढ़ा दी थी. एआईयू को इस बात की आशंका थी कि ड्यूटी बढ़ने के बाद तस्‍करी की कोशिशों में तेजी से इजाफा होगा. एआईयू की आशंका सही निकली और जिसका डर था, वही हुआ. 15 मई को सैन फ्रांसिस्को से आई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-4174 के पैसेंजर्स पर कस्‍टम की एआईयू ने अपनी नजर जमा रखी थी.

भारी पड़ गई की कस्‍टम की एआईयू से होशियारी
आम तौर पर यह माना जाता है कि अमेरिका तस्‍करी के लिहाज से नॉन सेंसिटिव एयरपोर्ट है और वहां से आने वाले पैसेंजर्स सोने की तस्‍करी में कम ही लिप्‍त होते हैं. लेकिन, एआईयू की चौकसी ने एयरपोर्ट एजेंसीज की इस सोच को बदल दिया. सैन फ्रांसिस्को से आया एक पैसेंजर बड़ी होशियारी से कस्‍टम का ग्रीन चैनल क्रॉस करने की कोशिश क रहा था. वह अपने मंसूबों में सफल होता, इससे पहले एआईयू की निगाह उस पर पड़ गई. इस पैसेंजर के हावभाव पढ़ने के बाद एआईयू को यह समझते देर नहीं लगी कि इस शख्‍स के साथ कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है. लिहाजा, उस पैसेंजर को रोकर तलाशी शुरू की गई.

हाथ से निकला करीब छह करोड़ का सोना
तलाशी के दौरान, इस पैसेंजर के कब्‍जे से 115 गोल्‍ड बार बरामद किए गए. जिनका वेट करीब 3565 ग्राम था. बरामद किए गए सभी गोल्‍ड बार 24-कैरेट शुद्धता वाले थे. आज की कीमत को देखते हुए हिसाब लगाएं तो इसकी कीमत करीब 5.74 करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा बनती है. पूछतछ में यह पता चला कि यह शख्‍स भारतीय मूल का अमेरिकी नागरिक है. वहीं, एआईयू ने बरामद सोने को कस्टम एक्ट 1962 की धारा 110 के तहत जब्‍त कर लिया है. वहीं, आरोपी पैसेंजर को कस्टम एक्ट 1962 की धारा 104 के तहत अरेस्‍ट कर लिया गया है.

About the Author

authorimg

Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



Source link

दुनिया की ‘बर्गर कैपिटल’ कहलाता है ये शहर! अमेरिका में नहीं तो कहां? जानकर चौंक जाएंगे आप


Last Updated:

दुनियाभर में बर्गर खाने वालों की कमी नहीं है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक शहर ऐसा भी है जिसे “बर्गर कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” कहा जाता है? इस शहर का नाम बर्गर के इतिहास से बेहद खास जुड़ा हुआ है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

दुनियाभर में बर्गर सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फास्ट फूड्स में से एक है. बच्चे हों या बड़े, लगभग हर उम्र के लोग इसे बड़े मजे से खाते हैं. आज छोटे शहरों से लेकर बड़े मॉल तक हर जगह बर्गर आसानी से मिल जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा शहर भी है जिसे “बर्गर कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” कहा जाता है? यह शहर है जर्मनी का हैम्बर्ग. जी हां, जिस “हैम्बर्गर” शब्द को हम रोज सुनते हैं, उसका संबंध भी इसी शहर से माना जाता है.

दरअसल, “हैम्बर्गर” नाम की शुरुआत जर्मनी के हैम्बर्ग शहर से जुड़ी मानी जाती है. पुराने समय में यहां खास तरह का minced meat यानी बारीक कटा हुआ मीट तैयार किया जाता था, जिसे “हैम्बर्ग स्टाइल” कहा जाता था. यही डिश बाद में दूसरे देशों तक पहुंची और धीरे-धीरे “हैम्बर्गर” नाम से मशहूर हो गई. माना जाता है कि इसी वजह से हैम्बर्ग को दुनिया की “बर्गर कैपिटल” कहा जाने लगा.

हैम्बर्ग जर्मनी का बेहद खूबसूरत और आधुनिक शहर है. यह सिर्फ बर्गर ही नहीं, बल्कि अपने बंदरगाह, शानदार इमारतों और खानपान के लिए भी दुनियाभर में मशहूर है. यहां की फूड कल्चर काफी अलग और दिलचस्प मानी जाती है. दुनियाभर से आने वाले पर्यटक यहां के पारंपरिक खाने के साथ बर्गर से जुड़ी जगहों को भी एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं.

आज बर्गर पूरी दुनिया में अलग-अलग अंदाज में बनाया जाता है. कहीं इसमें चिकन पैटी डाली जाती है तो कहीं वेजिटेबल या पनीर का इस्तेमाल होता है. भारत में भी मसालेदार आलू टिक्की बर्गर काफी लोकप्रिय है. वहीं कई देशों में चीज, डबल पैटी और बड़े साइज वाले बर्गर खाने का अलग ही ट्रेंड है. हालांकि इसकी शुरुआत जिस नाम से हुई, उसका रिश्ता अब भी हैम्बर्ग शहर से जोड़ा जाता है.

फास्ट फूड इंडस्ट्री ने भी बर्गर को दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. बड़े-बड़े फूड ब्रांड्स और स्थानीय रेस्टोरेंट्स ने इसे हर देश के स्वाद के हिसाब से बदल दिया. यही वजह है कि आज बर्गर सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि ग्लोबल फूड कल्चर का हिस्सा बन चुका है.

दिलचस्प बात यह है कि बर्गर अब सोशल मीडिया और पॉप कल्चर में भी काफी जगह बना चुका है. लोग नए-नए फ्लेवर ट्राई करते हैं, बड़े साइज वाले बर्गर चैलेंज करते हैं और फूड ब्लॉग्स में इसकी खूब चर्चा होती है. कई शहरों में बर्गर फेस्टिवल भी आयोजित किए जाते हैं, जहां हजारों लोग अलग-अलग तरह के बर्गर का स्वाद लेने पहुंचते हैं.

हालांकि एक्सपर्ट्स ज्यादा फास्ट फूड खाने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इसमें अधिक कैलोरी और फैट होता है. फिर भी स्वाद और लोकप्रियता के मामले में बर्गर आज भी लोगों का पसंदीदा फास्ट फूड बना हुआ है. अगर कभी आपसे पूछा जाए कि दुनिया की “बर्गर कैपिटल” कौन सा शहर है, तो इसका जवाब होगा जर्मनी का खूबसूरत शहर हैम्बर्ग, जहां से “हैम्बर्गर” नाम की कहानी शुरू हुई मानी जाती है.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



Source link