बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफे ने इस साल गेट्स फाउंडेशन को होने वाला अपना नियमित मध्य-वर्षीय अरबों डॉलर का दान फिलहाल रोक दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, वे फाउंडेशन और दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के संबंधों की बाहरी समीक्षा पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुजमैन ने एपस्टीन से जुड़े फाउंडेशन के पुराने संपर्कों की स्वतंत्र जांच कराई है। इसकी रिपोर्ट गर्मियों में आने की उम्मीद है। बताया गया है कि बफेट दान पर अंतिम फैसला साल के आखिर में, संभवतः अपनी थैंक्सगिविंग चिट्ठी जारी करने के समय ले सकते हैं। 95 वर्षीय बफे पिछले दो दशकों में बर्कशायर हैथवे के 47 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के शेयर गेट्स फाउंडेशन को दान कर चुके हैं। गेट्स फाउंडेशन उस समय विवादों में आया था जब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी कुछ ईमेल में एपस्टीन और फाउंडेशन के कर्मचारियों के बीच संवाद का जिक्र सामने आया। इसी के बाद फाउंडेशन ने पुराने संबंधों की स्वतंत्र समीक्षा शुरू कराई। रॉयटर्स के अनुसार, इस मामले पर बर्कशायर हैथवे और गेट्स फाउंडेशन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। एजेंसी स्वतंत्र रूप से वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट की पुष्टि भी नहीं कर सकी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबर… किंग चार्ल्स के आधिकारिक विवरण से 500 साल पुरानी ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ उपाधि हटी
ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय के आधिकारिक कार्य विवरण से 500 साल पुरानी ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ की उपाधि हटा दी गई है। 2025-26 की सॉवरेन ग्रांट रिपोर्ट में अब उन्हें इंग्लैंड चर्च का सुप्रीम गवर्नर और ब्रिटेन के बहुधार्मिक समाज में आस्था के लिए स्थान की रक्षा करने वाला बताया गया है। नई रिपोर्ट की भाषा पिछले साल की रिपोर्ट से अलग है। पहले चार्ल्स को ‘हेड ऑफ द चर्च ऑफ इंग्लैंड एंड डिफेंडर ऑफ द फेथ” कहा जाता था। हालांकि, शाही परिवार की आधिकारिक वेबसाइट पर यह उपाधि अभी भी दर्ज है। ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ की उपाधि 1521 में पोप लियो दशम ने इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम को दी थी। यह सम्मान उन्हें मार्टिन लूथर के धार्मिक सुधार आंदोलन का विरोध करने के बाद मिला था। यह बदलाव तीन दशक पुरानी बहस को फिर चर्चा में ले आया है। 1994 में प्रिंस ऑफ वेल्स रहते हुए चार्ल्स ने कहा था कि वे ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ कहलाना पसंद करेंगे, ताकि वे केवल ईसाई धर्म ही नहीं बल्कि सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व कर सकें। 2023 में राज्याभिषेक के दौरान उन्होंने पारंपरिक शपथ नहीं बदली थी, लेकिन प्रस्तावना में यह जोड़ा गया था कि इंग्लैंड चर्च ऐसा वातावरण बनाएगा, जहां सभी धर्मों और मान्यताओं के लोग स्वतंत्र रूप से रह सकें। अमेरिकी कैथोलिक आर्चडायसीज 500 से अधिक बाल यौन शोषण पीड़ितों को 39.5 करोड़ डॉलर देगा
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को कैथोलिक आर्चडायसीज ने 500 से अधिक बाल यौन शोषण मुकदमों के निपटारे के लिए 39.5 करोड़ डॉलर (395 मिलियन डॉलर) देने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। समझौते के तहत आर्चबिशप साल्वातोरे जे. कॉर्डिलियोने प्रत्येक पीड़ित को व्यक्तिगत माफी पत्र लिखेंगे। साथ ही चर्च को बाल सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े कई सुधार भी लागू करने होंगे। आर्चबिशप कॉर्डिलियोने ने श्रद्धालुओं को लिखे पत्र में कहा कि कोई भी आर्थिक समझौता अतीत के दर्द को मिटा नहीं सकता, लेकिन इससे पीड़ितों को उचित मुआवजा देने का रास्ता खुलेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संस्थागत विफलताओं के कारण यह नुकसान हुआ और सभी पीड़ितों से ईमानदारी से माफी मांगी। समझौते के तहत चर्च को बाल यौन शोषण के आरोप झेल चुके पादरियों की सूची सार्वजनिक रखनी होगी, उसे नियमित रूप से प्रकाशित करना होगा और पीड़ितों को चुप कराने वाले गोपनीयता समझौतों पर रोक लगानी होगी। यह मामला अमेरिका में कैथोलिक चर्च से जुड़े बाल यौन शोषण मामलों में हुए बड़े मुआवजा समझौतों की श्रृंखला का नया उदाहरण है। अक्टूबर 2024 में लॉस एंजिलिस आर्चडायसीज ने 1,353 मामलों के निपटारे के लिए 88 करोड़ डॉलर (880 मिलियन डॉलर) के समझौते पर सहमति जताई थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प की मेल-इन बैलेट चुनौती खारिज की
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रम्प समर्थित उस याचिका को 5-4 के बहुमत से खारिज कर दिया, जिसमें मेल-इन बैलेट की गिनती के नियम सख्त करने की मांग की गई थी। अदालत ने मिसिसिपी के उस कानून को बरकरार रखा, जिसके तहत चुनाव दिवस तक पोस्टमार्क किए गए मतपत्र पांच दिन के भीतर पहुंचने पर भी गिने जाएंगे। बहुमत की ओर से फैसला लिखते हुए जस्टिस एमी कोनी बैरेट ने कहा कि चुनाव संबंधी कानूनों के अनुसार मतदाता की पसंद चुनाव दिवस तक दर्ज हो जानी चाहिए। यदि मतदान की अंतिम समय-सीमा चुनाव दिवस है और मतपत्र उसी दिन तक पोस्टमार्क हो जाता है, तो बाद में उसके पहुंचने से कानून का उल्लंघन नहीं होता। फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर इसे मतदाताओं के अधिकारों के लिए “बड़ा नुकसान” बताया। उन्होंने कांग्रेस से सेव अमेरिका एक्ट पारित करने की अपील दोहराई। इस प्रस्तावित कानून में मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र और अमेरिकी नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करने के साथ मेल-इन वोटिंग पर कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।
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वर्ल्ड अपडेट्स: एपस्टीन कनेक्शन की समीक्षा पूरी होने तक वॉरेन बफे ने गेट्स फाउंडेशन को दान रोका: रिपोर्ट
ततारपुर थाने के पास मिला युवक का शव: हाथ में मिला इंजेक्शन, पास ही मिली बहरोड़ से चोरी हुई बाइक, शिनाख्त नहीं हुई – Khairthal-Tijara News
खैरथल-तिजारा जिले के ततारपुर थाना परिसर के पास सोमवार शाम 25 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिला है। सूचना मिलते ही थानाधिकारी महावीर सिंह शेखावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक के हाथ में इंजेक्शन लगा मिला है, पुलिस मौत के कारणों को लेकर जांच कर रही है। चोरी की बाइक के साथ मिला शव पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए माॅर्च्युरी में रखवाकर उसकी शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मौके से एक बाइक भी बरामद हुई। जांच में सामने आया कि यह बाइक सोमवार को ही बहरोड़ क्षेत्र से चोरी हुई थी। बाइक मालिक कांकर छाजा निवासी जयराम ने बताया कि वह सुबह करीब 10 बजे अपनी बाइक कैनरा बैंक के बाहर खड़ी कर ड्यूटी(गनमैन) पर गए थे। शाम को लौटने पर बाइक गायब मिली, जिसके बाद बहरोड़ थाने में चोरी का मामला दर्ज कराया गया। थानाधिकारी महावीर सिंह शेखावत ने बताया – मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक की मौत और चोरी की बाइक के बीच कोई संबंध है या नहीं।
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एक बार खाया तो भूल नहीं पाएंगे स्वाद! जानें क्यों खास है भरतपुर का यह लड्डू
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Bharatpur Famous Gulab Laddu Recipe: भरतपुर की पारंपरिक मिठाइयों में अब गुलाब लड्डू तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है. गुलाब की प्राकृतिक पंखुड़ियों, मावा, काजू, बादाम और अन्य ड्राई फ्रूट्स से तैयार यह खास मिठाई स्वाद के साथ पोषण का भी बेहतरीन मेल है. इसकी मनमोहक खुशबू और आकर्षक सजावट इसे अन्य लड्डुओं से अलग बनाती है. शादी-ब्याह, त्योहार और विशेष अवसरों पर इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. करीब 1000 रुपये प्रति किलो कीमत होने के बावजूद लोग इसे पसंद कर रहे हैं. भरतपुर आने वाले पर्यटक भी इस खास मिठाई को खरीदना नहीं भूलते.
भरतपुर अपने समृद्ध खान-पान और पारंपरिक मिठाइयों के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है. यहां की कई विशेष मिठाइयां लोगों के बीच खास पहचान रखती हैं. जिनमें अब गुलाब लड्डू तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह मिठाई अपने अनोखे स्वाद और खुशबू के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी खूब आकर्षित कर रही है.

गुलाब लड्डू की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में गुलाब की पंखुड़ियों का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है. गुलाब की प्राकृतिक खुशबू इस लड्डू को एक अलग ही स्वाद देती है, जो इसे अन्य पारंपरिक लड्डुओं से अलग बनाती है. मिठाई में गुलाब का फ्लेवर इतना संतुलित होता है कि यह न तो ज्यादा मीठा है और न ही कम, बल्कि खाने में बेहद लाजवाब अनुभव देता है.

इस खास लड्डू को बनाने में मावा, काजू, बादाम और कई प्रकार के ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल किया जाता है. इन सभी सामग्रियों के मेल से तैयार यह मिठाई न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पोषण से भी भरपूर होती है. ड्राई फ्रूट्स की मौजूदगी इसे सेहत के लिए भी फायदेमंद बनाती है. जिससे यह मिठाई स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का बेहतरीन संयोजन बन जाती है.
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गुलाब लड्डू की एक और खासियत इसकी सजावट है. इसे ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियों से सजाया जाता है. जिससे यह देखने में भी बेहद आकर्षक लगता है. खास अवसरों, त्योहारों और शादी-ब्याह में इस मिठाई की मांग लगातार बढ़ रही है. क्योंकि यह दिखने में जितनी खूबसूरत है, स्वाद में उतनी ही शानदार है. यही वजह है इस मिठाई की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है.

कीमत की बात करें तो गुलाब लड्डू आम मिठाइयों के मुकाबले थोड़ा महंगा होता है. बाजार में इसकी कीमत करीब 1000 रुपये प्रति किलो तक रहती है. हालांकि इसकी गुणवत्ता, स्वाद और विशेषता को देखते हुए लोग इसे खरीदना पसंद करते हैं और खास मौकों पर इसे उपहार के रूप में भी देते हैं. भरतपुर के लोग इस मिठाई को संदेश के तौर पर अपने स्वजनों को भेजते हैं. यही वजह है कि इस मिठाई की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है.

भरतपुर का गुलाब लड्डू पारंपरिक मिठाइयों में अपनी अलग पहचान बना रहा है. गुलाब की प्राकृतिक खुशबू, बेहतरीन स्वाद और पौष्टिक गुणों के कारण यह लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली यह खास मिठाई पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है. स्वाद और सेहत का अनूठा मेल होने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. आने वाले समय में भरतपुर का गुलाब लड्डू प्रदेश की पहचान बनने की ओर तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है.
यहां बारिश में तालाब बन जाती हैं गलियां: फैजुल्लागंज-IV वार्ड में न सड़क, न सफाई; शिकायतें नहीं सुन रहा नगर निगम – Lucknow News
यहां अधिकतर इलाके कच्चे हैं। सीवर और पानी की व्यवस्था लोगों को खुद ही करनी पड़ रही है। ज्यादातर इलाके गंदगी से बजबजा रहे हैं। आए दिन इसकी शिकायत लोग कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की समस्या भी क्षेत्र में है। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। इससे दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा है। रखरखाव के अभाव पार्क बदहाल स्थिति में है। बिजली की ट्रिपिंग पूरे क्षेत्र में बनी रहती है। ये हालात हैं वार्ड नंबर-75 फैजुल्लागंज चतुर्थ इलाके के। स्थानीय लोग नगर निगम से लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम वार्ड नंबर-75 फैजुल्लागंज चतुर्थ में पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। 3 तस्वीरों में देखिए वॉर्ड की ग्राउंड रियलिटी- वार्ड की बड़ी समस्याएं वार्ड में अधिकतर इलाके कच्चे- अनियोजित कॉलोनियों की भरमार पूरे वार्ड में फैली हुई है। सीवर और पानी का कनेक्शन ऐसी कॉलोनियो में नहीं है। लोग प्राइवेट तरीके से व्यवस्था करवा रहे हैं। वार्ड की अधिकतर सड़कें कच्ची ही हैं। ऐसे में लोगों की समस्या बढ़ गई है। कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है। रास्ते भी सही नहीं हैं। कच्चे रास्ते पर चलने को लोग मजबूर हैं। अनियोजित डेवलेपमेंट के चलते पूरे इलाके में मूलभूत सुविधाओं को बनाना भी चुनौती है। गंदगी का अंबार, बजबजा रहे इलाके- मुतकीपुर सहित वार्ड में कई इलाके हैं,जहां पर लोगों रहना मुश्किल है। यहां पर सीवर का गंदा पानी कॉलोनी के बीच में है। पूरे क्षेत्र में नालियां बजबजा रही हैं। साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम करने वाली कार्यदायी संस्था एलएसए भी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रही है। लोगों का आरोप है कि कंपनी दूसरे या तीसरे दिन कूड़ा उठाने के लिए आती है, जिससे खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कॉलोनियों के साथ-साथ पुराने इलाकों में भी साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। जलभराव और अतिक्रमण- कच्ची कॉलोनियों के कारण वार्ड के अधिकतर इलाकों में जलभराव की समस्या होती है। इस दौरान नाले और नालियों की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं। सीवर का गंदा पानी भी घरों में घुस जाता है। इस बीच दुर्गंध और बीमारी के बीच में लोगों को रहना पड़ता है। लोग बोले- पार्षद ने सड़क नपवाई, लेकिन प्लान हवा में उड़ गया बालाजी एन्क्लेव के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह ने बताया कि यहां रोड और नाले की समस्या बहुत ज्यादा है। पार्क का निर्माण भी पहले शुरू हुआ था, लेकिन पार्क भी हमारा रुका हुआ है। वहां भी जलभराव पार्क में बहुत ज्यादा है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। और रोडों की बहुत बड़ी समस्या है। रोड-नाली पहले नपाई हुई थी, विधायक जी ने भी कहा, पार्षद जी ने भी कहा, लेकिन अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। सारा प्लान हवा में उड़ गया। हर 10 मिनट में बिजली ट्रिप करती है बालाजी नगर के आरडी मिश्रा रहने वाले ने बताया कि हम लोग निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि कॉलोनी की जो सड़कें हैं, नालियां हैं, वो ठीक हो जाएं, लेकिन फिर भी अभी विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पार्षद ने एक बार सड़क नपवाया भी, लेकिन वो सब हवा में उड़ गया। बिजली की समस्या ऐसी है कि वो हर 10-10 मिनट पर ट्रिप करती है। नाला न होने की वजह से टूटी-फूटी सड़कों पर पानी भर जाता है जिससे निकलने में बहुत दिक्कत होती है। हम चाहेंगे कि नाला और नाली बने, तो समस्या आधी दूर हो जाएगी। आरोप सफाई तक नहीं होती फैजुल्लागंज के केशव नगर में रहने वाले राजू कश्यप कहते हैं- यहां की सबसे बड़ी समस्या सड़क और नालियों की है। इलाके में न तो सड़कें ठीक हैं और न ही नालियों की व्यवस्था दुरुस्त है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। बारिश में यहां जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी। इलाके में जगह-जगह पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। क्षेत्र में कई सड़कें अब भी कच्ची या जर्जर हालत में हैं। नालियों की सफाई और निर्माण का काम नहीं हुआ है। सड़क नदारद बच्चे स्कूल नहीं जा पाते बालाजी नगर के रहने वाले अंशू अवस्थी कहते हैं- हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या रोड की है जो कि बिल्कुल नदारद है और साथ ही जलभराव की समस्या है। थोड़ी सी भी बारिश होती है तो पानी यहां पूरे रोड पर भर जाता है, जिससे हम लोगों को निकलने में काफी समस्या होती है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। साथ ही लाइट की समस्या भी बहुत ज्यादा है। हर 10-15 मिनट पर लाइट ट्रिपिंग होती है, जिससे घर के उपकरण भी खराब हो रहे हैं। हमारा शासन-प्रशासन से यही अनुरोध है कि इन समस्याओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए। मुतकीपुर के लोग बोले- हाथाें से बनाई सड़क मुतकीपुर के रहने वाले शाहिद सहित 500 घरों के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि नाली की समस्या बहुत ज्यादा है। हम यही चाहते हैं कि यहां जल्द से जल्द नाली का निर्माण हो जाए ताकि पानी निकलने का रास्ता साफ हो सके। बारिश में तालाब बन जाती है सड़क और घर
पार्षद बोले- बुनियादी सुविधाओं पर कर रहे काम पार्षद रामू कनौजिया कहते हैं- वार्ड में बुनियादी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए अभी और भी काम किए जाने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि हमारे वार्ड में महत्वपूर्ण कई काम हुए हैं और बाकी अभी बहुत काम बाकी है। जैसे कि एक 45 करोड़ का नाला बन गया है, एक 50 बेड का हॉस्पिटल बना है, एक कल्याण मंडप बन गया है। गोमती नदी पीपा वाले पुल पर पक्के पुल का निर्माण भी चल रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में काफी सड़कों का निर्माण हुआ है। —————————– इस वार्ड को भी जानिए- बशीरतगंज गणेशगंज में नालियों में बह रहा सीवर : दुर्गंध और जलभराव से लोग परेशान, जर्जर खंभों और उलझे तारों से खतरा बशीरतगंज गणेशगंज वार्ड में संकरी गलियों के बीच में साफ-सफाई की चुनौती है। वार्ड में सीवर ओवरफ्लो की सम्स्या सबसे बड़ी है। नाले-नालियां सीवर से कनेक्ट नहीं हैं। ऐसे में सीवर का गंदा पानी नाले में ही बहता है। दुर्गंध के बीच लोग रहने को मजबूर हैं। बारिश के बाद दो फीट तक जलभराव की स्थिति होती है। डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति सुधारने की जरूरत है। पेयजल संकट वार्ड के कई इलाकों में बना हुआ है। इस वजह से लोगों का रहना तक मुश्किल हो रहा है। (पूरी खबर पढ़िए)
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बॉक्स ऑफिस घमासान: ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पास किया मंडे टेस्ट, ‘कॉकटेल 2’ की रफ्तार पड़ी धीम
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बॉक्स ऑफिस पर इस वक्त दो फिल्मों की किस्मत आमने-सामने खड़ी नजर आ रही है. एक तरफ ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पहले सोमवार की अग्निपरीक्षा पार कर अपनी मजबूत पकड़ का इशारा कर रही है. वहीं, 11वें दिन ‘कॉकटेल 2’ की रफ्तार सुस्त नजर आ रही है. वीकेंड की चमक के बाद ताजा आंकड़ों ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. चलिए बताते हैं कैसा रहा इन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस हाल…
नई दिल्ली. सिनेमाघरों में इन दिनों दो बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी-एक्शन फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा बनाए हुए है. वहीं दूसरी तरफ शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर रोमांटिक ड्रामा ‘कॉकटेल 2’ रिलीज के दूसरे हफ्ते में धीमी पड़ती नजर आ रही है. ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, दोनों फिल्मों के लिए सोमवार के नतीजे अलग-अलग रहे हैं.

26 जून को रिलीज हुई ‘वेलकम टू द जंगल’ को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. अहमद खान के निर्देशन में बनी ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म है. फिल्म में अक्षय कुमार के साथ दिशा पाटनी, जैकलिन फर्नांडीज और अरशद वारसी जैसे सितारों की लंबी-चौड़ी फौज है.

ओपनिंग वीकेंड पर धमाकेदार कमाई करने के बाद, इस फिल्म ने अपने पहले सोमवार यानी चौथे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए रखी. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने सोमवार को 7.77 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. वीकेंड के मुकाबले वर्किंग डे पर कलेक्शन कम है. लेकिन दूसरी फिल्मों से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच यह एक बेहतरीन आंकड़ा माना जा रहा है.
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फिल्म की शुरुआत काफी दमदार रही थी. अपने पहले शुक्रवार को फिल्म ने 15.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था, जबकि पेड प्रिव्यूज इससे 3.75 करोड़ की कमाई की. शनिवार को फिल्म ने 20 करोड़ और रविवार को अपने अब तक के सबसे ऊंचे आंकड़े यानी 24.75 करोड़ रुपये की कमाई की. इन आंकड़ों के साथ, फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 85.67 करोड़ रुपये और कुल नेट कलेक्शन 71.52 करोड़ रुपये हो चुका है.

होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी ‘कॉकटेल 2’ को 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. अपने दूसरे सोमवार को फिल्म की कमाई में गिरावट देखने को मिली. ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के आंकड़ों की माने तो फिल्म ने अपने 11वें 1.75 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसके बाद इसका कुल भारतीय नेट कलेक्शन 84.90 करोड़ रुपये हो गया है.

सोमवार को फिल्म के कुल 3,873 शोज थे, जिनमें केवल 16.51 प्रतिशत की ऑक्युपेसी देखी गई. इससे पहले फिल्म ने अपने दूसरे वीकेंड पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए शनिवार को 4.25 करोड़ और रविवार को 4.40 करोड़ रुपये बटोरे थे, जबकि दूसरे शुक्रवार को इसकी कमाई 4 करोड़ रुपये रही थी. फिल्म ने अपने पहले हफ्ते में 70.50 करोड़ रपुये का शानदार बिजनेस किया था.

भले ही सोमवार को फिल्म की रफ्तार कम हुई हो, लेकिन ‘कॉकटेल 2’ ने शाहिद कपूर की ही पिछली फिल्म ‘ओ रोमियो’ के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर 72.99 करोड़ रुपये का नेट लाइफटाइम कलेक्शन किया था. हालांकि, ‘कॉकटेल 2’ अभी तक शाहिद और कृति की साल 2024 में आई फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ का 85.16 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई है, लेकिन उम्मीद है कि यह जल्द ही इस आंकड़े को पार कर जाएगी.
‘भास्कर समाधान’ का असर…गंदे पानी से राहत: महेश बसवाल बनें आज के ‘पब्लिक स्टार’; आपनी शिकायत भी पहुंचाएं जिम्मेदारों तक – Indore News
इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 54 के पार्षद महेश बसवाल बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड 54 के मूसाखेड़ी निवासी विकास मावी ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गली-मोहल्ले में सीवेज का गंदा पानी भरने से लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत पोस्ट होते ही आज के ‘पब्लिक स्टार’ पार्षद महेश बसवाल ने संज्ञान लिया और संबंधित विभाग से समस्या का समाधान कराया। इसके बाद क्षेत्र से गंदे पानी की निकासी कराई गई, जिससे रहवासियों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान कलानी नगर: कचरे का ढेर हटाया, क्षेत्रवासियों को राहत वार्ड 69 के कलानी नगर निवासी इमरान खान ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि क्षेत्र में लंबे समय से कचरे का बड़ा ढेर लगा था। कई बार सफाई के बावजूद पूरी तरह कचरा नहीं हटाया जा रहा था। शिकायत पोस्ट होने के बाद नगर निगम ने सफाई कराई। शिकायतकर्ता ने स्वयं इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि समस्या का समाधान हो गया है। जलभराव, गंदगी और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी, समाधान का इंतजार गुमास्ता नगर: हर बारिश में जलभराव, स्थायी समाधान की मांग वार्ड 83 के गुमास्ता नगर निवासी मनीष वर्मा ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि हर बारिश में सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। शिकायतकर्ता ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। सुदामा नगर: कई दिनों से बंद स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में रहवासी वार्ड 82 के सुदामा नगर निवासी अक्षय श्रीवास ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की एक स्ट्रीट लाइट पिछले 5-6 दिनों से बंद है, जबकि आसपास की दो अन्य लाइटें भी करीब 15 दिनों से खराब हैं। रात के समय पूरी सड़क अंधेरे में डूबी रहती है। शिकायतकर्ता ने जल्द स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराने की मांग की है। चित्रा नगर: सीवेज का गंदा पानी टंकी में पहुंचने का खतरा वार्ड 31 के चित्रा नगर निवासी जानवी गडवाल ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सीवेज लाइन चोक होने से गंदा पानी घरों की पानी की टंकी तक पहुंच रहा है। पिछले 15 दिनों से यह समस्या बनी हुई है। कई शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने जल्द समाधान की मांग की है। भवानी नगर: टूटा चैंबर बना हादसे की वजह वार्ड 18 के भवानी नगर निवासी जितेंद्र माली ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि घर के सामने सीवेज चैंबर का ढक्कन टूटा हुआ है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने जल्द नया ढक्कन लगवाने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
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बिहार- बिजली गिरने से 4 की मौत, 24 झुलसे: पटना समेत 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट; 1 जुलाई से हेवी रेन की चेतावनी – Bihar News
बिहार में मानसून एक्टिव है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए हैं। रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-40Kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग की माने तो 30 जून यानी आज से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। पटना, नालंदा, अरवल और जहानाबाद समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। 1 जुलाई से राज्य में झमाझम बारिश होने की संभावना है। इधर, सोमवार को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। सीतामढ़ी में 2 लोगों की जान गई है। 24 से ज्यादा झुलसे हैं। मुंगेर में 15 साल की नाबालिग की बिजली गिरने से मौत हो गई। पटना के बख्तियारपुर में भी एक महिला की मौत हुई है। बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम बीते 24 घंटे में बांका, बेतिया, बगहा, कटिहार, खगड़िया, छपरा, रोहतास, कैमूर, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, आरा, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा और बक्सर में सुबह बारिश हुई। पटना में कई दिनों के बाद मौसम बदला रहा। राजधानी में सुबह तेज धूप के बाद अचानक काले बादल छा गए। दिन में अंधेरा छा गया है। तेज हवा के चलते गर्मी से राहत मिली। वहीं पटना के कुछ इलाकों में बारिश भी हुई। कई जिलों के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम की कुछ तस्वीरें देखिए… दरभंगा में मंदिर पर गिरी बिजली, गुंबद टूटा दरभंगा के होरलपट्टी गांव में जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर आकाशीय बिजली गिरने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के वक्त मंदिर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा कर रहे थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी श्रद्धालु घायल नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज बारिश, बादल गरजने और खराब मौसम के बीच अचानक मंदिर के गुंबद पर आकाशीय बिजली गिरी। इससे मंदिर के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भीड़ मंदिर परिसर में जुट गई। आगे कैसा रहेगा मौसम मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून…
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यूपी-बिहार, छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 9 की मौत: मानसून की रफ्तार धीमी, एमपी-गुजरात में अटका; दिल्ली-हरियाणा में तापमान 43°C पार
देश के 4 राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि छह राज्यों में तेज गर्मी हो रही है। हरियाणा और दिल्ली में पारा 43°C से ज्यादा दर्ज किया गया। बिहार के 15 जिलों में सोमवार को आंधी के साथ बारिश हुई। सीतामढ़ी, मुंगेर और पटना में बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं 24 लोग झुलस गए। वहीं दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर बिजली गिर गई। मंदिर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा कर रहे थे। यूपी में मानसून की एंट्री के लिए मौसम सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को लखनऊ समेत 15 जिलों में तेज बारिश हुई। मिर्जापुर में बारिश के बाद अंडरपास में करीब 3 फीट तक पानी भरने से गाड़ियां फंस गईं। बस्ती और महराजगंज में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के डुमकी गांव में सोमवार शाम बिजली गिरने से 2 बच्चों और एक युवक की मौत हो गई। मध्य प्रदेश में सोमवार को 12 जिलों में बारिश हुई। मानसून 24 जून तक 22 राज्यों को कवर कर चुका है। इसके बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। यह मध्य प्रदेश और गुजरात के कई क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई तक यह बाकी राज्यों में भी पहुंच सकता है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… असम में बाढ़, 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित अरुणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश की वजह से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल में बारिश से लेकू नदी उफान पर आ गई, जिससे असम के जोनाई इलाके में भीषण बाढ़ आ गई। बाढ़ से नेशनल हाईवे-515 भी डूब गया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, बाढ़ से राज्य के छह जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में पड़ा है, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से 96 गांव डूब गए हैं, करीब 1690 हेक्टेयर फसल और 48 हजार से ज्यादा जानवर प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ और भारी मॉनसून बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू को फोन कर हालात की जानकारी ली। देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें… 6 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा हरियाणा के रोहतक में 43.5°C दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली में 43.4°C, यूपी के बांदा में 43.2°C, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.2°C, पंजाब के आनंदपुर साहिब में 40.6°C और गुजरात के सुरेंद्रनगर में 40.5°C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 1 जुलाई: 2 जुलाई:
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एक ग्राहक की उधारी ने बदल दी किस्मत, बन गए हिंदी सिनेमा के महान संगीतकार
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हिंदी सिनेमा के दिग्गज संगीतकार कल्याणजी ने अपने भाई आनंदजी के साथ मिलकर भारतीय फिल्म संगीत को कई यादगार धुनें दीं. कहा जाता है कि रिकॉर्डिंग के दौरान अगर उन्हें किसी गाने में भावनाओं की कमी महसूस होती थी, तो वे तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवा देते थे. एक बार उन्होंने गाने की एक लाइन सुनकर कहा था, ‘इस लाइन में दर्द कम लग रहा है, ये ऐसे नहीं चलेगा.’ फिर उन्होंने खुद गाकर बताया कि उस लाइन में कितना एहसास होना चाहिए. यही सोच उन्हें अपने दौर के सबसे अलग और बेहतरीन संगीतकारों में शामिल करती थी.
नई दिल्ली. 30 जून 1928 को गुजरात के कच्छ में जन्मे कल्याणजी का बचपन साधारण परिवार में बीता. बाद में उनका परिवार मुंबई आकर बस गया, जहां उनके पिता वीरजी शाह किराने की दुकान चलाते थे. बचपन से ही कल्याणजी का सपना संगीतकार बनने का था, लेकिन संगीत सीखने के लिए उनके पास संसाधन नहीं थे.

उनकी जिंदगी ने तब नया मोड़ लिया, जब उनके पिता की दुकान पर आने वाले एक ग्राहक ने उधारी चुकाने की बजाय कल्याणजी और उनके भाई आनंदजी को संगीत सिखाने की पेशकश की. यही छोटी-सी घटना आगे चलकर भारतीय संगीत के इतिहास का बड़ा अध्याय बन गई.

जब कल्याण जी और आनंद जी संगीत सीखने सीख चुके थे, तो दोनों भाइयों ने ‘कल्याणजी वीरजी एंड पार्टी’ नाम से ऑर्केस्ट्रा शुरू किया. मुंबई और दूसरे शहरों में उनके स्टेज शो लोकप्रिय होने लगे. धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा. उनका फिल्मी सफर 1959 में रिलीज हुई ‘सम्राट चंद्रगुप्त’ से शुरू हुआ.
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इसी साल उन्होंने ‘सट्टा बाजार’ और ‘मदारी’ जैसी फिल्मों में भी संगीत दिया. लेकिन असली पहचान उन्हें 1960 में आई ‘छलिया’ से मिली. इस फिल्म का गाना ‘डम डम डिगा डिगा’ आज भी लोगों की जुबान पर है. इसके बाद ‘हिमालय की गोद में’ और ‘जब जब फूल खिले’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरहिट संगीतकारों की कतार में ला खड़ा किया.

इसके बाद उन्होंने ‘ये समा, समा है प्यार का’, ‘पल पल दिल के पास’, ‘यारी है ईमान मेरा’, ‘ओ साथी रे’, ‘कसमें वादे प्यार वफा’ और ‘चांद सी महबूबा हो मेरी’ जैसे अनगिनत गाने आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हुए हैं. 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘उपकार’ का देशभक्ति गीत ‘मेरे देश की धरती’ उनकी सबसे यादगार रचनाओं में गिना जाता है. इस गाने की रिकॉर्डिंग में काफी समय लगा था और इसमें लाइव साउंड का इस्तेमाल किया गया था, जिसने इसे और भी खास बना दिया.

बता दें कि 1970 का दशक कल्याणजी-आनंदजी के करियर का सबसे सुनहरा दौर रहा. ‘डॉन’, ‘कोरा कागज’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘सफर’ और ‘जंजीर’ जैसी फिल्मों के संगीत ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया.कल्याणजी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह सिर्फ धुन नहीं बनाते थे, बल्कि हर शब्द और हर भावना को महसूस करते थे.

रिकॉर्डिंग के दौरान अगर उन्हें कहीं दर्द, खुशी या जज्बात की कमी लगती, तो वे कलाकारों को खुद समझाते थे कि गाना कैसे महसूस करके गाया जाए. कई गायकों ने माना कि उनके साथ काम करना किसी संगीत की पाठशाला से कम नहीं था.

कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने करीब 250 फिल्मों में संगीत दिया. उन्हें 1968 में फिल्म ‘सरस्वतीचंद्र’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. वहीं 1975 में ‘कोरा कागज’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. साल 1992 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा.24 अगस्त 2000 को कल्याणजी इस दुनिया को अलविदा कह गए. लेकिन उनकी बनाई धुनें और उनका संगीत आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में उसी तरह जिंदा है.
मिस एंड मिसेज फेम ऑफ राजस्थान-2026 का ग्रैंड फिनाले आयोजित: लक्षिता कंवर और कोमल वैष्णव बनीं विजेता, राजस्थानी संस्कृति की दिखी झलक – Jaipur News
शहर के एक रिजॉर्ट में ‘मिस एंड मिसेज फेम ऑफ राजस्थान 2026’ का भव्य ग्रैंड फिनाले रंगारंग माहौल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न शहरों से आई प्रतिभागियों ने रैंप पर आत्मविश्वास, प्रतिभा और व्यक्तित्व का शानदार प्रदर्शन किया।
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आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे अपनी प्रतिभा, संस्कृति, रचनात्मकता और आत्मविश्वास के दम पर फैशन एवं ग्लैमर जगत में नई पहचान बना सकें। कार्यक्रम में ट्रेडिशनल राउंड, ईवनिंग गाउन राउंड, टैलेंट राउंड और प्रश्नोत्तर राउंड आकर्षण का केंद्र रहे।
लक्षिता बनीं विजेता प्रतियोगिता में लक्षिता कंवर ने मिस फेम ऑफ राजस्थान 2026 का खिताब अपने नाम किया। कनिष्का बोराना प्रथम रनर-अप और रेणुका चौधरी द्वितीय रनर-अप रहीं। वहीं मिसेज फेम ऑफ राजस्थान 2026 का ताज कोमल वैष्णव के सिर सजा। ताज प्रथम रनर-अप और भावना गहलोत द्वितीय रनर-अप घोषित की गईं।
कार्यक्रम में विभिन्न विशेष श्रेणियों में भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मिस कैटेगरी में शीमा नाज को मिस फोटोजेनिक, इशिका गहलोत को मिस ब्यूटीफुल स्माइल, एकता सोलंकी को मिस ब्यूटीफुल आइज़, प्रगति भारद्वाज को मिस ब्यूटीफुल हेयर और बेस्ट कॉस्ट्यूम, यशस्वी सेन को मिस कॉन्फिडेंस, निकिता गोस्वामी को मिस ब्यूटी विद ब्रेन, पिह बिश्नोई को मिस पर्सनैलिटी, यामिनी चौहान को मिस टैलेंट, कनिष्का बोराना को मिस फिटनेस तथा पायल को मिस इंस्पिरेशन का सम्मान मिला।
मोनिका प्रजापत को बेस्ट कैटवॉक अवॉर्ड
मिसेज कैटेगरी में मोनिका प्रजापत को बेस्ट कैटवॉक, कोमल वैष्णव को मिसेज टैलेंटेड, ज्योति दत्तीच को बेस्ट पर्सनैलिटी, भावना गहलोत को बेस्ट ईवनिंग गाउन और गंगोर को बेस्ट ट्रेडिशनल वियर का पुरस्कार प्रदान किया गया।
समापन समारोह में सभी विजेताओं को क्राउन, सैश, ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल ब्यूटी पेजेंट नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, प्रतिभा और सपनों को नई उड़ान देने का एक सशक्त मंच है।

