Monday, June 15, 2026
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ना महंगा बिल, ना ज्यादा तामझाम, दिल्ली के यूपी भवन में मिलता है घर जैसा स्वाद


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ना महंगा बिल, ना ज्यादा तामझाम, दिल्ली के यूपी भवन में मिलता है घर जैसा स्वाद

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Delhi UP Bhawan Food: यूपी भवन में भोजन का पूरा सिस्टम तय समय के अनुसार चलता है. भवन में लगे सूचना बोर्ड के मुताबिक नाश्ता सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक मिलता है. दोपहर का भोजन 1 बजे से 3 बजे तक और शाम का नाश्ता 4 बजे से 6:30 बजे तक परोसा जाता है. रात का खाना 7:30 बजे से 10:30 बजे तक उपलब्ध रहता है. खास बात यह है कि दोपहर और रात के खाने के लिए पहले से बुकिंग करानी जरूरी है. सूचना के अनुसार दोपहर के भोजन की बुकिंग सुबह 11 बजे तक और रात के भोजन की बुकिंग शाम 5 बजे तक करनी होती है. बिना बुकिंग के भोजन मिलने में परेशानी हो सकती है.

दिल्ली में बाहर का खाना अक्सर महंगा और ज्यादा मसालेदार होता है. ऐसे में अगर कोई कम कीमत पर साफ-सुथरा और घर जैसा भोजन तलाश रहा हो तो नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित यूपी भवन एक बेहतर विकल्प माना जाता है. यहां का खाना सिर्फ नेताओं और अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के बीच भी अपनी सादगी और स्वाद के लिए लोकप्रिय है.

यूपी भवन की रसोई में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद की झलक मिलती है. यहां तड़क-भड़क से ज्यादा सादा, पौष्टिक और घरेलू स्वाद पर जोर दिया जाता है. दाल, सब्जी, रोटी, चावल और समय-समय पर खास यूपी स्टाइल की डिश भी मेन्यू में शामिल रहती हैं. कम बजट में सादा, स्वादिष्ट और घर जैसा खाना चाहने वालों के लिए यहां का भोजन एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

पहले करनी होती है बुकिंग
यूपी भवन में भोजन का पूरा सिस्टम तय समय के अनुसार चलता है. भवन में लगे सूचना बोर्ड के मुताबिक नाश्ता सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक मिलता है. दोपहर का भोजन 1 बजे से 3 बजे तक और शाम का नाश्ता 4 बजे से 6:30 बजे तक परोसा जाता है. रात का खाना 7:30 बजे से 10:30 बजे तक उपलब्ध रहता है. खास बात यह है कि दोपहर और रात के खाने के लिए पहले से बुकिंग करानी जरूरी है. सूचना के अनुसार दोपहर के भोजन की बुकिंग सुबह 11 बजे तक और रात के भोजन की बुकिंग शाम 5 बजे तक करनी होती है. बिना बुकिंग के भोजन मिलने में परेशानी हो सकती है.

यूपी भवन में क्या-क्या परोसा जाता है
यूपी भवन में नाश्ते से लेकर लंच और डिनर तक घर जैसा सादा खाना परोसा जाता है. नाश्ते में पराठा, ब्रेड-बटर, पोहा, उपमा, चाय और कॉफी जैसी चीजें मिलती हैं. दोपहर और रात के खाने में दाल, मौसमी सब्जी, रोटी, चावल, सलाद और दही जैसे विकल्प उपलब्ध रहते हैं. कई बार उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद वाली डिशेज भी मेन्यू में शामिल की जाती हैं. रात का भोजन भी हल्का रखा जाता है, जिसमें दाल, रोटी, सब्जी और चावल ही परोसे जाते हैं.

खाने का खर्च कितना
यहां एक थाली की कीमत बाहर के रेस्टोरेंट की तुलना में काफी किफायती है. एक थाली का मूल्य लगभग ₹120 है, हालांकि ब्रेकफ़ास्ट और डिनर थाली के रेट अलग-अलग हैं. ₹200 में यहां आराम से ब्रेकफ़ास्ट, लंच और रात का खाना किया जा सकता है.

कैसे पहुंचे यहां
यूपी भवन तक पहुंचना आसान है. यह दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सरदार पटेल मार्ग पर है. मेट्रो से आने वालों के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस है.



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कहीं फेंक तो नहीं दिया अपना पुराना स्मार्टफोन? गूगल की बड़ी तैयारी


क्या आपने भी अपना पुराना स्मार्टफोन कबाड़ समझकर फेंक दिया है? अगर, आपने ये गलती नहीं की है तो पुराने स्मार्टफोन को संभालकर रखें। गूगल एक खास मिनी डेटा सेंटर बना रहा है, जिसमें वो लाखों पुराने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करेगा। सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल का यह प्रोजेक्ट कार्बन कम्प्यूटिंग कलस्टर टेक्नोलॉजी पर काम करेगा, जिसमें पुराने स्मार्टफोन को सीरीज करके एक डेटा सेंटर बनाया जाएगा।

पुराने फोन का हार्डवेयर होगा यूज

रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल पुराने स्मार्टफोन के कम्प्यूटिंग हार्डवेयर को निकालकर क्लाउड ऐप्लीकेशन और रिसर्च वर्कलोड के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है। इसमें स्मार्टफोन के चिप, मेमोरी और स्टोरेज का इस्तेमाल करके हजारों डिवाइस को एक साथ जोड़ा जाएगा। यह एक मिनी डेटा सेंटर के तौर पर काम कर सकता है।

गूगल ने इसके लिए अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम के साथ साझेदारी की है। गूगल और यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स साथ मिलकर टेस्ट कर रहे हैं कि हजारों पुराने हो चुके स्मार्टफोन को नए कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म में कैसे बदला जाए? अगर, गूगल का यह रिसर्च सफल रहा तो इस प्रोजेकेट के तहत कंपनी अपने करीब 2 हजार पुराने पिक्सल डिवाइस से एक मिनी डेटा सेंटर तैयार करेगा।

बनेगा मिनी डेटा सेंटर

Google का यह प्रोजेक्ट कलस्टर कम्प्यूटिंग कहलाएगा। कंपनी ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के जरिए बताया कि रिसर्चर पुराने स्मार्टफोन से डिस्प्ले, बैटरी और कैमरा के अलावा बाहरी बॉडी को अलग कर लेगा। बचे हुए मदरबोर्ड और स्टोरेज कंपोनेंट्स को मिलाकर इसे डेटा सेंटर में कन्वर्ट किया जाएगा। कई पुराने स्मार्टफोन के मदरबोर्ड को आपस में कनेक्ट करके Linux ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा। सभी डिवाइस कनेक्ट होने के बाद इसे कलस्टर के तौर पर काम में लिया जाएगा।

कैसे करेगा काम?

गूगल की योजना है कि इन सभी पुराने डिवाइस को Kubernetes प्लेटफॉर्म के जरिए मैनेज किया जाएगा, जो एडवांस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर यूज किया जा सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 से 50 स्मार्टफोन का एक कलस्टर तैयार किया जाएगा, जिसे मॉर्डन सर्वर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह क्लाउड बेस्ड सर्विस के लिए कम्प्यूटिंग पावर जेनरेट कर सकेगा। कंपनी पुराने स्मार्टफोन को दोबारा इस्तेमाल करके कार्बन उत्सर्जन को कम करना चाहती है।

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नॉनवेज छोड़ो गोरखपुर आओ, ये फूड स्पॉट मचा रहे धूम, वेज लवर्स की पहली पसंद


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नॉनवेज छोड़ो गोरखपुर आओ, ये फूड स्पॉट मचा रहे धूम, वेज लवर्स की पहली पसंद

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Gorakhpur Top Vegetarian Food Spots: गोरखपुर का खानपान लगातार बदल रहा है. जहां एक ओर शहर में नए-नए फूड आउटलेट खुल रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे वेज रेस्टोरेंट भी हैं जिन्होंने अपने स्वाद, गुणवत्ता और खास व्यंजनों के दम पर लोगों के दिलों में अलग जगह बनाई है. अगर आप शुद्ध शाकाहारी भोजन के शौकीन हैं, तो शहर की ये जगहें आपके लिए किसी फूड डेस्टिनेशन से कम नहीं हैं.

गोरखपुर के असुरन क्षेत्र में स्थित अग्रवाल रेस्टोरेंट वर्षों से शुद्ध शाकाहारी भोजन प्रेमियों की पसंद बना हुआ है. यह रेस्टोरेंट खास तौर पर अपने मारवाड़ी भोजन और पारंपरिक थाली के लिए जाना जाता है. यहां की दाल, कढ़ी, सब्जियां और देसी मसालों से तैयार व्यंजन लोगों को घर के खाने का एहसास कराते हैं. जो लोग सादगी में स्वाद तलाशते हैं, उनके लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं है.

अगर आपको पूर्वांचल और राजस्थान के पारंपरिक स्वाद का आनंद लेना है, तो परंपरा बाटी चोखा आपकी सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए. यहां की घी में डूबी बाटी, मसालेदार चोखा और खास दाल फ्राई लोगों को बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देती है. मिट्टी और देसी संस्कृति की खुशबू से भरा यह रेस्टोरेंट पारंपरिक भारतीय भोजन का शानदार अनुभव देता है.

गोरखपुर का चौधरी रेस्टोरेंट उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है जो भरपूर और विविधता से भरी वेज थाली का आनंद लेना चाहते हैं. यहां परोसी जाने वाली स्पेशल थाली में कई प्रकार की सब्जियां, दाल, रोटी, चावल और मिठाई शामिल होती है. स्वाद और गुणवत्ता का संतुलन इसे शाकाहारी भोजन प्रेमियों के लिए खास बनाता है.

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गणेश चौक पर स्थित गणेश रेस्टोरेंट शहर के पुराने और भरोसेमंद वेज फूड वह मिठाइयों की अलग क्वालिटी सेंटरों में गिना जाता है. यहां के व्यंजनों में पारंपरिक भारतीय स्वाद की झलक साफ दिखाई देती है. चाहे परिवार के साथ या दोस्तों के साथ, यहां मिलने वाला स्वाद और सेवा दोनों लोगों को संतुष्ट करते हैं. यही वजह है कि वर्षों से इसकी लोकप्रियता बरकरार है.

तारामंडल स्थित चूल्हा चौका रेस्टोरेंट अपने नाम की तरह ही देसी अंदाज में भोजन परोसने के लिए जाना जाता है. यहां का माहौल गांव की रसोई और चौपाल की याद दिलाता है. मेन्यू में मौजूद वेज व्यंजनों की लंबी श्रृंखला हर उम्र के लोगों को आकर्षित करती है. यहां का भोजन केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि एक अनुभव भी देता है.

तारामंडल क्षेत्र में मौजूद बीकानेरवाला की फ्रेंचाइजी शहर के फूड लवर्स के बीच काफी लोकप्रिय है. यहां मिलने वाले डोसा, दक्षिण भारतीय व्यंजन और स्नैक्स के लिए दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. साफ-सफाई, गुणवत्ता और एक जैसा स्वाद बनाए रखने के कारण यह परिवारों और युवाओं की पसंदीदा जगह बन चुका है.

गोरखपुर के ये रेस्टोरेंट केवल भोजन परोसने की जगह नहीं हैं, बल्कि शहर की बदलती फूड कल्चर की पहचान भी हैं. कहीं आपको मारवाड़ी स्वाद मिलेगा, कहीं देसी बाटी-चोखा का आनंद, तो कहीं शानदार थाली और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का मजा. यही वजह है कि शहर के ये वेज रेस्टोरेंट आज स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहे हैं.

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न शोले, न जंजीर, न ही दंगल, 92 अवॉर्ड जीतने वाली इकलौती बॉलीवुड फिल्म


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बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी फिल्में आईं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए. कुछ ने कमाई के मामले में झंडे गाड़े तो कुछ ने अवॉर्ड्स की बारिश कर दी. लेकिन एक फिल्म ऐसी भी रही जिसने अपने नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कराया. ये अब तक की इकलौती ऐसी फिल्म है, जिसका 26 साल से अब तक कोई रिकॉर्ड नहीं तोड़ सका है. इस फिल्म ने कुल 92 अवॉर्ड जीतकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाई थी.

नई दिल्ली. बॉलीवुड की सबसे ब्लॉकबस्टर या रिकॉर्ड तोड़ फिल्मों की बात आती है तो ख्याल ‘शोले’, ‘जंजीर’, ‘हम आपके हैं कौन’ या ‘दंगल’ जैसी फिल्मों का नाम याद आता है. लेकिन हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड किसी और फिल्म के नाम है. इस फिल्म ने अकेले कुल 92 अवॉर्ड्स जीते थे. यह आज तक एक अटूट रिकॉर्ड है, जिसको कोई टस से मस नहीं कर सका.

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बॉलीवुड में बाप-बेटे की जोड़ियों ने हमेशा ही सिनेमा की दुनिया पर राज किया है. राज कपूर, ऋषि कपूर और रणबीर कपूर से धर्मेंद्र, सनी देओल और बॉबी देओल तक कई नाम है. लेकिन बाप-बेटे इस जोड़ी ने ऐसी म्यूजिकल रोमांटिक-थ्रिलर बनाई, जो ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. ये फिल्म कोई और नहीं बल्कि साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘कहो न प्यार है’ है.

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इस फिल्म के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे आज तक कोई दूसरी बॉलीवुड फिल्म नहीं तोड़ पाई है. इस फिल्म ने अकेले कुल 92 अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे. इस बेमिसाल कामयाबी के कारण फिल्म का नाम बाकायदा ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया. इस ऐतिहासिक फिल्म को बॉलीवुड के एक बेहद मशहूर डायरेक्टर राकेश रोशन ने बनाया था. इस फिल्म के जरिए उन्होंने अपने बेटे ऋतिक रौशन को सिनेमा की दुनिया में लॉन्च किया था. रिलीज के साथ ही इस बाप-बेटे की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तहलका मचाया कि रातों-रात इतिहास रच दिया. उनके साथ अमीषा पटेल भी पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आई थीं.

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फिल्म की कहानी रोहित और सोनिया की प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है. रोहित एक साधारण लेकिन प्रतिभाशाली युवक होता है. दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगते हैं, लेकिन अचानक रोहित की मौत हो जाती है. इसके बाद कहानी में बड़ा मोड़ आता है, जब सोनिया की मुलाकात रोहित जैसे दिखने वाले राज से होती है. यहीं से सस्पेंस, रोमांस और एक्शन का नया सफर शुरू होता है.

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10 करोड़ की लागत में बनी इस फिल्म ने चार गुना से ज्यादा कमाई की. फिल्म ने 44 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. फिल्म के गाने भी जबरदस्त हिट हुए. ‘एक पल का जीना’, ‘ना तुम जानो ना हम’ और टाइटल ट्रैक आज भी पसंद किए जाते हैं. इसके संगीत ने फिल्म की लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया था. इस शानदार प्रदर्शन के कारण इसे बॉक्स ऑफिस पर ‘ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर’ का दर्जा मिला.

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फिल्म की हीरोइन के लिए शुरुआत में करीना कपूर को चुना गया था. शूटिंग की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सेट भी तैयार था. लेकिन शूटिंग शुरू होने से महज तीन दिन पहले राकेश रोशन और करीना कपूर की मां बबीता के बीच कुछ मतभेद हो गए. हालात ऐसे बने कि करीना ने फिल्म से अलग होने का फैसला कर लिया. इसके बाद राकेश रोशन के सामने नई एक्ट्रेस की तलाश की चुनौती आ गई. उन्होंने तेजी से फैसला लेते हुए अमीषा पटेल को फिल्म में कास्ट किया और उन्हें बतौर लीड एक्ट्रेस लॉन्च किया.

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साल 2002 में इस फिल्म को एक बहुत बड़ा सम्मान मिला. एक सिंगल कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 92 अवॉर्ड्स जीतने के लिए इस फिल्म का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में शामिल किया गया. आज तक कोई भी बॉलीवुड फिल्म इस रिकॉर्ड के आस-पास भी नहीं पहुंच सकी है. इस फिल्म से डेब्यू करने वाले एक्टर रातों-रात देश के सबसे बड़े सुपरस्टार बन गए थे. फिल्म के रिलीज होने के बाद लड़कियों के बीच उनका क्रेज इस कदर बढ़ गया था कि उन्हें वैलेंटाइन डे पर हजारों की तादाद में शादी के प्रपोजल मिले थे.

फिल्म ने कई बड़े अवॉर्ड्स शो में दबदबा बनाया. ऋतिक रोशन को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, जबकि राकेश रोशन को बेस्ट फिल्म का सम्मान दिया गया. राजेश रोशन ने बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का अवॉर्ड जीता. वहीं, लकी अली को बेस्ट प्लेबैक सिंगर चुना गया. इसके अलावा रवि कपूर और हनी ईरानी को बेस्ट स्क्रीनप्ले का पुरस्कार मिला.

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‘कहो ना… प्यार है’ को भव्य बनाने के लिए राकेश रोशन ने बड़ा जोखिम उठाया था. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि फिल्म के लिए उनका विजन बहुत बड़ा था. वह क्राबी आइलैंड, न्यूजीलैंड और ऐसी अनदेखी लोकेशंस पर शूटिंग करना चाहते थे. बढ़ते बजट के कारण उन्होंने अपना घर तक गिरवी रख दिया. 

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राकेश रोशन ने बताया कि एक गाने की शूटिंग के लिए उन्होंने सिंगापुर में एक शिप बुक किया, लेकिन बाद में पता चला कि वह ग्रीस में है. इसके बाद वह ग्रीस पहुंचे, शिप का पूरा किराया दिया और 150 लोगों की टीम के साथ सिंगापुर-थाईलैंड जाकर शूटिंग पूरी की.

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अमेरिका-ईरान समझौते से शेयर बाजार गदगद, सेंसेक्‍स-निफ्टी में जोरदार उछाल


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Stock Market Today : अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने से शेयर बाजार गदगद है. समझौते के ऐलान से एशियाई बाजारों में आई तेज तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त के साथ खुले हैं.

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शेयर मार्केट में आज तेजी है.

नई दिल्‍ली. अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने से शेयर बाजार गदगद है. समझौते के ऐलान से एशियाई बाजारों में आई तेज तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त के साथ खुले हैं.सेंसेक्‍स आज 1,197 अंकों की तेजी के साथ 76725.27 अंकों पर खुला. निफ्टी 50 भी 339.15 अंकों की बढत के साथ 23984.85 पर खुला.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्‍ड ट्रंप के वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते पर सहमत होने का ऐलान करने से दुनिया ने राहत की सांस ली है. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड का जून वायदा भाव 3.5 प्रतिशत गिरकर 83.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त होने की खबर का असर भारत सहित सारे एशियाई शेयर बाजारों पर दिखा है. जापान के निक्केई 225 सूचकांक में 5.12 फीसदी की तेजी तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.07 फीसदी चढ़ गया.

खबर अपडेट हो रही है…



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इनामी शंकर पांडे के बंद घर में फंसा कुत्ता: गाजीपुर में कई दिनों से भूखा-प्यासा, प्रशासन पर उठे सवाल – Ghazipur News




गाजीपुर में चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के एक लाख रुपये के इनामी आरोपी शंकर पांडे के बंद घर में एक पालतू कुत्ता फंसा हुआ मिला है। बताया जा रहा है कि कुत्ता कई दिनों से घर के अंदर बंद है और उसे भोजन-पानी नहीं मिल पा रहा है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शंकर पांडे फिलहाल फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। आरोप है कि घर के आसपास रहने वाले लोग इस स्थिति से अवगत होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, शंकर पांडे के घर पर बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस भी जारी हो चुका है। इस डर से पड़ोसी घर के पास जाने या किसी तरह का हस्तक्षेप करने से बच रहे हैं।
अब यह सवाल उठ रहा है कि घर पर ताला प्रशासन ने लगाया था या शंकर पांडे खुद घर बंद कर फरार हुआ। वायरल वीडियो के बाद लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस जानवर को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई जाएगी।



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तीन साल पहले एग्रीमेंट खत्म, अब पुलिसकर्मियों को सचेत किया: एचडीएफसी, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक के पुलिसकर्मियों के सैलरी पैकेज अटकेंगे – Bhopal News




मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) और कुछ निजी व सरकारी बैंकों के बीच हुए सैलरी पैकेज एग्रीमेंट खत्म हो चुके हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षकों और पुलिस यूनिट इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दें, जिनके वेतन खाते एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और केनरा बैंक में हैं। अब इन बैंकों की ओर से सैलरी पैकेज के तहत मिलने वाली विशेष सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को भेजे पत्र में बताया है कि इन बैंकों के साथ हुए अनुबंध समाप्त हो चुके हैं। इन अनुबंधों के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दुर्घटना या सामान्य मृत्यु की स्थिति में बीमा राशि समेत कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलती थीं। कब खत्म हुए एग्रीमेंट एग्रीमेंट दोबारा करने की कोशिश जारी पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि जिन पुलिसकर्मियों के वेतन खाते इन तीनों बैंकों में हैं, उन्हें अनुबंध समाप्त होने की जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी बताया गया है कि इन बैंकों के साथ अनुबंध का नवीनीकरण कराने के लिए पुलिस मुख्यालय की कल्याण शाखा लगातार प्रयास कर रही है। यह आदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के कल्याण प्रकोष्ठ की ओर से जारी किया गया है।



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महानगरों की तर्ज पर बदलेगी नालंदा की सूरत: बिहारशरीफ, राजगीर, बरबीघा में विश्वस्तरीय स्मार्ट बस स्टैंड, 3.73 एकड़ में बनेगा आधुनिक टर्मिनल – Nalanda News




नालंदा और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। महानगरों की तर्ज पर अब बिहारशरीफ के रांची रोड स्थित 3.73 एकड़ परिसर में एक बेहद आधुनिक और स्मार्ट बस स्टैंड का निर्माण होने जा रहा है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की पहल पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में धरातल पर उतारा जाएगा। बिहारशरीफ के साथ-साथ पर्यटन नगरी राजगीर और पड़ोसी जिले शेखपुरा के बरबीघा में भी इसी तरह के विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आधुनिक बस स्टैंड बनाए जाएंगे, जिससे न सिर्फ यात्रियों का सफर सुगम होगा बल्कि इन छोटे शहरों का लुक भी पूरी तरह बदल जाएगा। जी-प्लस फाइव भवन में मनोरंजन से लेकर ठहरने की व्यवस्था इस परियोजना के तहत बनने वाला मुख्य टर्मिनल भवन पांच मंजिला (जी प्लस फाइव) होगा, जिसे बहुउद्देशीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके ग्राउंड फ्लोर पर बसों की पार्किंग और एक अत्याधुनिक वर्कशॉप होगी, ताकि बसों के रखरखाव में कोई परेशानी न हो। वहीं, ऊपरी मंजिलों पर परिवहन निगम का कार्यालय, वातानुकूलित (एसी) और नॉन-एसी वेटिंग रूम, डॉरमेटरी (शयनशाला), गेस्ट रूम और महिलाओं की सुविधा के लिए विशेष फीडिंग रूम का निर्माण किया जाएगा। यात्रियों के मनोरंजन और खरीदारी के लिए इस परिसर में शॉपिंग मॉल, होटल, बैंक्वेट हॉल, कैफेटेरिया और देश की जानी-मानी मल्टीप्लेक्स चेन पीवीआर (प्रिया विलेज रोडशो) का सिनेमा हॉल भी खोला जाएगा। इसके अलावा, परिसर में यात्रियों को चौबीसों घंटे नकदी की सुविधा देने के लिए बैंकों के एटीएम स्थापित किए जाएंगे, जबकि खान-पान के लिए ‘जीविका दीदी की रसोई’ का संचालन किया जाएगा, जहां किफायती दरों पर स्वच्छ भोजन मिलेगा। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा: ईवी चार्जिंग स्टेशन और सीएनजी की सुविधा रांची रोड स्थित सरकारी बस स्टैंड परिसर को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटकर विकसित करने की योजना है। डिपो प्रबंधक कैसर हुसैन (नेता जी) ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर परिसर की भौतिक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। योजना के अनुसार, परिसर के एक भाग में सीएनजी, डीजल और पेट्रोल के रिटेल आउटलेट के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे भविष्य में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। दूसरे भाग में मुख्य जी-प्लस फाइव भवन और बसों के ठहराव के लिए टर्मिनल का निर्माण होगा, जबकि तीसरा भाग पूरी तरह से खुला और हरा-भरा (ग्रीन जोन) रखा जाएगा, जिससे परिसर का माहौल खुशनुमा बना रहे। हालांकि, राज्य स्तर पर योजना में कुछ आंशिक बदलाव भी किए जा सकते हैं। निजी एजेंसी संभालेगी कमान इस बेहद आधुनिक बस पड़ाव के निर्माण के लिए जिला प्रशासन और पथ परिवहन विभाग के आपसी सहयोग से आवश्यक जमीन की व्यवस्था की जा रही है। चूंकि यह पूरी परियोजना पीपीपी मोड पर आधारित है, इसलिए निर्माण पूरा होने के बाद इस बस पड़ाव को एक निश्चित अवधि के लिए लीज पर निजी एजेंसी को सौंप दिया जाएगा। इस लीज अवधि के दौरान स्टैंड के रखरखाव, साफ-सफाई और संचालन की पूरी जिम्मेदारी उसी निजी एजेंसी की होगी। लीज की समय-सीमा समाप्त होने के बाद यह पूरी संपत्ति और सुविधाएं वापस परिवहन निगम को ट्रांसफर कर दी जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस प्रकार के विश्वस्तरीय बस टर्मिनलों के निर्माण से क्षेत्र में तेजी से शहरीकरण और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। देश के कोने-कोने के लिए बस सेवाएं शुरू होने से अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और परिवहन निगम के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को उनके अनुकूल (फ्रेंडली) डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल सूचना प्रणाली और यात्री सहायता काउंटर भी शामिल होंगे।



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ट्रम्प के जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट: अब तक का सबसे महंगा मुकाबला, जीत के बाद फाइटर राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा


वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले

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UFC फाइट व्हाइट हाउस के लॉन में हो रही है। इसमें प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट मौजूद हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रविवार को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर खर्च किए। इसे अब तक के सबसे महंगे UFC आयोजनों में गिना जा रहा है।

इस फाइट में कुल 7 मुकाबले रखे गए हैं। मुख्य मुकाबला लाइटवेट कैटेगरी में जॉर्जियाई-स्पेनिश लाइटवेट फाइटर इलिया टोपुरिया और अमेरिकी फाइटर जस्टिन गैथजी के बीच होगा।

मुकाबलों की शुरुआत स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे हुई। इसका ब्रॉडकास्ट केवल पैरामाउंट प्लस पर हो रहा है। यह प्लेटफॉर्म डेविड एलिसन की कंपनी संचालित करती है, जिन्हें ट्रम्प का सहयोगी माना जाता है। पिछले साल UFC ने इस स्ट्रीमिंग सेवा के साथ 7.7 अरब डॉलर का समझौता किया था।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस आयोजन का सबसे बड़ा फायदा UFC ब्रांड को मिलेगा। मुकाबले देखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उनकी सरकार के कई सीनियर अफसर, खास मेहमान और हजारों सैन्यकर्मी मौजूद हैं।

शुरुआती मुकाबले में बो निकल ने पहले ही राउंड में काइल डाउकस को नॉकआउट कर दिया। उन्होंने एक जोरदार लेफ्ट हुक और राइट पंच से प्रतिद्वंद्वी को गिराया, जिसके बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया।

जीत के तुरंत बाद बो निकल रिंग से निकलकर सीधे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास पहुंचे। दोनों ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। इस इवेंट में करीब 4300 लोग मौजूद हैं। दूसरी तरफ, 85 हजार लोगों के लिए अलग फैन जोन बनाया गया है।

UFC फाइट से जुड़ी 5 तस्वीरें…

मैच शुरू होने से पहले व्हाइट हाउस बालकनी में राष्ट्रपति ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट।

मैच शुरू होने से पहले व्हाइट हाउस बालकनी में राष्ट्रपति ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट।

ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया UFC मुकाबला देखते हुए।

ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया UFC मुकाबला देखते हुए।

फाइटिंग एरिया में करीब 92 फीट ऊंचे आर्क (क्लॉ) भी बनाए गए। इनका वजन करीब 600 टन है।

फाइटिंग एरिया में करीब 92 फीट ऊंचे आर्क (क्लॉ) भी बनाए गए। इनका वजन करीब 600 टन है।

UFC फाइट मुकाबले व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित किए गए। फेदरवेट मुकाबले में ब्राजील के डिएगो लोपेस और अमेरिका के स्टीव गार्सिया।

UFC फाइट मुकाबले व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित किए गए। फेदरवेट मुकाबले में ब्राजील के डिएगो लोपेस और अमेरिका के स्टीव गार्सिया।

UFC फ्रीडम 250 में काइल डाउकस को हराने के बाद जीत का जश्न मनाते अमेरिकी फाइटर बो निकल। वह जीत के बाद तुरंत ट्रम्प से हाथ मिलाने पहुंचे।

UFC फ्रीडम 250 में काइल डाउकस को हराने के बाद जीत का जश्न मनाते अमेरिकी फाइटर बो निकल। वह जीत के बाद तुरंत ट्रम्प से हाथ मिलाने पहुंचे।

ट्रम्प ने कहा- यह धरती का सबसे बड़ा शो

अमेरिका के कई अधिकारियों और खुद ट्रम्प ने आयोजन की तारीफ की है। ट्रम्प ने इसे ‘धरती का सबसे बड़ा शो’ बताया और ‘क्लॉ’ की तुलना पेरिस के एफिल टॉवर से की। वहीं विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने UFC को अमेरिका की सॉफ्ट डिप्लोमैटिक पावर बताया।

इस इवेंट में कुल 14 फाइटर मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस आयोजन का सबसे बड़ा फायदा UFC ब्रांड को मिल सकता है। एक समय ऐसा था, जब इस खेल को प्रायोजकों और कई आयोजकों ने स्वीकार नहीं किया था। एक अमेरिकी सीनेटर ने इसे कभी ‘मानव मुर्गा लड़ाई’ तक कहा था। अब यही खेल व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है।

33 साल पहले शुरू हुआ था UFC का सफर

अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) आज दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) लीग है। इसकी शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी।

उस दौर में बॉक्सिंग, कराटे, कुश्ती और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु जैसी अलग-अलग फाइटिंग शैलियों के समर्थक अपनी-अपनी तकनीक को सबसे प्रभावी बताते थे। इस पर काफी बस होती थी कि असली मुकाबले में कौन-सा मार्शल आर्ट सबसे ज्यादा कारगर साबित होगा।

इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए UFC का पहला टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इसमें ब्राजीलियन जिउ-जित्सु विशेषज्ञ रॉयस ग्रेसी चैंपियन बने।

ग्रेसी शारीरिक रूप से कई प्रतिद्वंद्वियों से छोटे और हल्के थे, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक के दम पर बड़े और ताकतवर फाइटर्स को हराकर सबको चौंका दिया।

समय के साथ खेल का स्वरूप भी बदल गया। अब फाइटर्स सिर्फ एक शैली पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि बॉक्सिंग, रेसलिंग, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, जिउ-जित्सु और किक बॉक्सिंग जैसी कई तकनीकों को मिलाकर मुकाबला करते हैं। यही वजह है कि इसे आज ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ कहा जाता है।

अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे हो रहे

अमेरिका इस साल अपनी आजादी के 250 साल पूरे करने जा रहा है। अमेरिका जुलाई 1776 में ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था।

आजादी के जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पूरे देश में एक साल से ज्यादा समय तक चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। UFC इवेंट भी इसी जश्न का हिस्सा है, जिसे ट्रम्प प्रशासन प्रमुख आकर्षण के तौर पर पेश कर रहा है।

अमेरिका की स्थापना का आधार माने जाने वाले ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ पर 4 जुलाई 1776 को हस्ताक्षर हुए थे। इसी की 250वीं सालगिरह के मौके पर देशभर में परेड, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े सार्वजनिक समारोह आयोजित किए जाएंगे।

व्हाइट हाउस ने ‘टास्क फोर्स 250’ बनाई है, जो संघीय सरकार, राज्यों, निजी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आयोजन कर रही है।

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गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी फॉर्मूला


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गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी

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गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी

 

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जून-जुलाई के मौसम में गाय और भैंसों का दूध उत्पादन कम होना आम समस्या है, लेकिन सही देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. पशु चिकित्सक डॉ. पूनम शॉरेन के अनुसार, दुधारू पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा, गुड़ और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी देना चाहिए. डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए गुड़, सेंधा नमक और खाने वाला सोडा मिलाकर घोल पिलाना फायदेमंद होता है. पशुओं को छायादार जगह पर रखें और तेज धूप से बचाएं. सुबह-शाम चारा खिलाने और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने से पशु स्वस्थ रहते हैं, जिससे गर्मी में भी दूध उत्पादन बेहतर बना रहता है.



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