Monday, May 25, 2026
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तुला राशि वालों को मिलेगा मानसिक सुकून! आज पूरे होंगे लंबे समय से अटके काम


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Aaj Ka Tula Rashifal 25 May 2026: तुला राशि वालों के लिए आज का दिन राहत और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आ सकता है. लंबे समय से चल रहा मानसिक तनाव कम होगा और मन को सुकून महसूस होगा. रुके हुए काम पूरे होने के योग बन रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं. आर्थिक मामलों में भी सुधार देखने को मिल सकता है और धन लाभ के संकेत हैं. परिवार और रिश्तों में चल रही गलतफहमियां दूर होने की संभावना है. प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी और पार्टनर का सहयोग मिलेगा. छात्रों के लिए दिन मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला साबित हो सकता है.

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अजमेर. तुला राशि के जातकों के लिए 25 मई यानी आज का दिन  आत्मचिंतन, मानसिक शांति और नई समझ लेकर आया है. आज चंद्रमा आपकी राशि से 12वें भाव यानी कन्या राशि में गोचर कर रहे हैं. ज्योतिष में 12वां भाव व्यय, यात्रा, एकांत और आत्मविश्लेषण का माना जाता है. ऐसे में आज का दिन आपको खुद के करीब लाने और जीवन को नए नजरिए से समझने का अवसर देगा.

अजमेर के प्रसिद्ध ज्योतिष हिमांशु दाधीच के अनुसार आज आप खुद के साथ समय बिताना पसंद करेंगे. पिछले कुछ समय से जो बातें आपके मन को परेशान कर रही थीं उन्हें समझने और सुलझाने का प्रयास करेंगे. लंबे समय से जो मानसिक अशांति या बेचैनी महसूस हो रही थी, उसमें राहत मिलने के संकेत हैं. यह समय खुद को भीतर से मजबूत बनाने का है. आज आप अपनी गलतियों अनुभवों और भविष्य की योजनाओं को लेकर गंभीरता से सोच सकते हैं.

तुला राशि वाले जल्दबाजी में बड़ा फैसला लेने से बचें
आज आपका पूरा फोकस उन कार्यों पर रहेगा जो काफी समय से अधूरे पड़े हुए हैं. पुराने रुके हुए कामों को पूरा करने की कोशिश सफल हो सकती है. कार्यक्षेत्र में धैर्य और शांत स्वभाव आपके लिए फायदेमंद रहेगा. आज जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। रिसर्च, प्लानिंग और भविष्य की तैयारी के लिए दिन काफी अच्छा माना जा रहा है. विदेश या यात्रा से जुड़े कार्यों में भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं.

तुला राशि वालों के लिए मेडिटेशन जरूरी
आज थोड़ी दूरी बनाकर खुद को समझने का मन करेगा, लेकिन इसका असर रिश्तों पर न पड़ने दें. परिवार और जीवनसाथी के साथ शांत और संतुलित व्यवहार बनाए रखें. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक थकान से बचने के लिए पर्याप्त आराम और मेडिटेशन जरूरी रहेगा.

तुला राशि वाले करें ये उपाय
आज सोमवार का दिन है इसलिए आज के दिन शिवलिंग पर कच्चे दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करें और ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें. इससे मानसिक शांति मिलेगी और जीवन में चल रही उलझनों का समाधान मिलने लगेगा.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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‘आग बुझाने से प्यार नहीं हो जाता’, नरगिस को लेकर सुनील दत्त ने किया था बड़ा खुलासा


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सुनील दत्त और नरगिस की प्रेम कहानी को भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे भावुक दास्तान कहा जाता है. राज कपूर से अलग होने के बाद नरगिस डिप्रेशन में थीं. लेकिन ‘मदर इंडिया’ के सेट पर लगी भीषण आग में कूदकर सुनील दत्त ने जब नरगिस को बचाया तो दोनों को प्यार हो गया था. लेकिन सुनील दत्त ने खुलासा किया था कि ये सच नहीं है.

नई दिल्ली. फिल्मी दुनिया में कई प्रेम कहानियां बनीं, लेकिन सुनील दत्त और नरगिस की कहानी सबसे अलग मानी जाती है. लोग हमेशा यही समझते रहे कि ‘मदर इंडिया’ के सेट पर आग से बचाने के बाद सुनील दत्त को नरगिस से प्यार हुआ था.लेकिन असल में दोनों की एक होने की वजह कुछ और ही थी.

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हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त और नरगिस की प्रेम कहानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.नरगिस का परिवार के प्रति अपनापन और सुनील दत्त की बहन के लिए उनकी चिंता ने अभिनेता का दिल जीत लिया था. यही रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया और दोनों हिंदी सिनेमा की सबसे आइकॉनिक जोड़ियों में शामिल हो गए.

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सुनील दत्त सिर्फ शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि बेहद भावुक और परिवार को महत्व देने वाले इंसान भी थे. उनकी और नरगिस की प्रेम कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत कहानियों में गिनी जाती है. हालांकि ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि फिल्म ‘मदर इंडिया’ की शूटिंग के दौरान आग से नरगिस को बचाने के बाद दोनों करीब आए थे, लेकिन खुद सुनील दत्त ने इस बात को गलत बताया था.

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एक इंटरव्यू में सुनील दत्त ने कहा था कि अगर आग बुझाने से प्यार हो जाता, तो उन्होंने कई हीरोइनों को बचाया था. उनके मुताबिक असली वजह नरगिस का स्वभाव और परिवार के प्रति उनका प्यार था. नरगिस ने बिना किसी स्वार्थ के उनकी बहन का ख्याल रखा, मुश्किल वक्त में परिवार का साथ दिया और हर हाल में साथ खड़ी रहीं. यही बात सुनील दत्त के दिल को छू गई थी.

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सुनील दत्त ने बताया था कि नरगिस की सादगी और परिवार के लिए उनकी चिंता देखकर उन्होंने मन ही मन तय कर लिया था कि वह उनसे शादी जरूर करेंगे. यहां तक कि उन्होंने सोच लिया था कि अगर नरगिस ने शादी से इनकार किया, तो वह गांव लौटकर खेती करेंगे. लेकिन नरगिस ने उनके प्यार को स्वीकार कर लिया और दोनों की जिंदगी हमेशा के लिए एक हो गई.

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फिल्म ‘मदर इंडिया’ ने भी दोनों की जिंदगी में खास जगह बनाई. इस फिल्म में नरगिस और सुनील दत्त की जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया था. फिल्म ऑस्कर तक पहुंची थी और भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है.

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सुनील दत्त का असली नाम बलराज दत्त था. फिल्मों में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रेडियो से की थी, जहां उनकी आवाज लोगों को काफी पसंद आती थी. बाद में फिल्मों में आए और ‘मदर इंडिया’, ‘वक्त’, ‘पड़ोसन’, ‘हमराज’, ‘रेशमा और शेरा’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया.

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सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, सुनील दत्त ने राजनीति में भी अपनी खास पहचान बनाई. वह पंडित जवाहरलाल नेहरू से काफी प्रभावित थे और बाद में सांसद और केंद्रीय मंत्री भी बने. लोगों की मदद करना और देश के लिए काम करना उन्हें बेहद पसंद था. 6 जून 1929 को जन्मे सुनील दत्त ने 25 मई 2005 को दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी फिल्में, उनका व्यक्तित्व और नरगिस संग उनकी प्रेम कहानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.

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संत प्रेमानंद महाराज का शिष्यों को भावुक संदेश: कहा हम मिलें न मिले,बोलें न बोलें – आप सबको बहुत प्यार करते हैं – Mathura News




आध्यात्मिक धर्म गुरु संत प्रेमानंद महाराज का एक भावुक संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के आधिकारिक यू ट्यूब चैनल पर चल रहे इस संदेश के सामने आने के बाद उनके शिष्य चिंतित नजर आ रहे हैं। हालांकि इस वीडियो के वायरल होने के बाद उनका शिष्य,भक्त या फिर आश्रम से जुड़ा कोई भी व्यक्ति इसके मायने बताने के लिए तैयार नहीं है। क्या कहा पहले ये जानिए वायरल हो रहे संदेश में संत प्रेमानंद महाराज कहते हैं बिल्कुल चिंता मत करो,हम मिलें न मिले,बोलें न बोलें हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। यदि प्यार पर तुम्हें विश्वास है तो और सबको चाहते हैं कि श्री जी की कृपा प्राप्त हो और सब श्री जी के चरणों तक पहुंचे। अंतिम बात यह है कि बिल्कुल चिंता नहीं करनी है में मिलूं न मिलूं,बोलूं न बोलूं, आऊं न आऊं। न यह चिंता करनी है कि कैसे कैसे हमारा उत्थान होगा। बिना बोले तुम्हारे दिमाग में हम होंगे देख लेना। तुम वहीं करोगे जो गुरुदेव कहेंगे। सभी बिल्कुल निश्चिंत रहें संत प्रेमानंद महाराज कहते हैं आप सभी निश्चिंत रहिएगा,जो जिस सेवा में है उस सेवा में रहिएगा। खूब नाम जप करो हम रहें न रहें,आएं न आएं,मिलें न मिले तुम्हारा मंगल होगा। तुम्हारे गुरुदेव तुम्हारे दिमाग में बैठे रहेंगे। तुम्हारा भरण पोषण इष्ट के द्वारा होगा किसी व्यक्ति के द्वारा नहीं। जब लगे कि इस व्यक्ति के द्वारा हो रहा है तो छोड़ देना। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज कहते हैं आप निर्भय,निश्चिंत,निशोक भजन परायण हो। हमारा जब मन होगा तब बोल देंगे,नहीं हम मौन,चुपचाप,शांत एकांतवास कर रहे हैं। वह एकांत आपके लिए ही है हमारे लिए एकांत नहीं है। हमारे लिए भजन नहीं कर रहे हैं,हमारे लिए हमारा मौन नहीं है। हम आपको सही बताएं हमारा जो कुछ होना था वह हो गया है,जो कुछ हो रहा है वह आप सबके लिए हो रहा है। वीडियो के अंत में वह कहते हैं खूब भजन करो,नाम जप करो और सुखी रहो,प्रसन्न रहो। भक्तों को सताई चिंता संत प्रेमानंद महाराज के भावुक संदेश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके भक्तों में चिंता है। कमेंट में एक यूजर लिखते हैं गुरुदेव महाराज का यह संदेश सुनकर चिंता हो रही है,लाडली जू कृपा करें। एक अन्य यूजर लिखते हैं आपके इन शब्दों से मन विचलित हो रहा है प्रभु। एक अन्य यूजर ने लिखा है मन विचलित हो रहा है प्रभु,हम आपके बिना नहीं रह सकते,मन बहुत घबरा रहा है। एक और यूजर लिखते हैं आज पहली बार मन घबरा रहा है प्रभु,हे लाडली जू गुरुदेव को स्वस्थ रखना। 17 मई से नहीं कर रहे पदयात्रा संत प्रेमानंद महाराज की रात में होने वाली पदयात्रा इन दिनों स्थगित चल रही है। 17 मई से संत प्रेमानंद महाराज ने पदयात्रा,एकांतिक दर्शन और वार्तालाप स्थगित किया हुआ है। दो दिन पहले संत प्रेमानंद महाराज अपने केली कुंज आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित गुरु संत गोविंद शरण महाराज के दर्शन करने उनके आश्रम गए थे।



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वीरप्पन का काल, नक्सलियों का बाप! संकटमोचक विजय कुमार से जिन्हें मिला पद्मश्री


होमताजा खबरदेश

वीरप्पन का काल, नक्सलियों का बाप! संकटमोचक विजय कुमार से जिन्हें मिला पद्मश्री

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खूंखार चंदन तस्कर वीरप्पन का अंत करने वाले और नक्सलियों के गढ़ में घुसकर उन्हें चुनौती देने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी के. विजय कुमार को साल 2026 के प्रतिष्ठित पद्मश्री (Padma Shri) सम्मान से नवाजा गया है. अपने पांच दशक के शानदार करियर में उन्होंने हमेशा मुश्किलों का सीना तानकर सामना किया. 2010 के दांतेवाड़ा नक्सली हमले के बाद रात के अंधेरे में उसी खूनी जंगल में जवानों के साथ रुकना हो, या श्रीनगर में फिदायीन हमलों को रोकना, विजय कुमार ने हर मोर्चे पर शानदार नेतृत्व किया. आइए जानते हैं उस ‘संकटमोचक’ की कहानी, जिसने आईएएस की कुर्सी ठुकराकर वर्दी चुनी.

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के विजय कुमार को आज मिलेगा पद्म श्री अवॉर्ड.

Padma Shri Award K. Vijayan: कहते हैं कि जब हालात सबसे बुरे हों, तब असली हीरो की पहचान होती है. भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पूर्व अधिकारी के. विजय कुमार एक ऐसे ही ‘संकटमोचक’ हैं, जो देश पर आए हर संकट में सबसे आगे खड़े नजर आए. मुश्किल जगहों पर जाने की उनकी इसी सहज आदत और अद्भुत बहादुरी को सलाम करते हुए, उन्हें साल 2026 के प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

के. विजय कुमार को पुलिस की नौकरी का जुनून था. उनके पिता खुद एक पुलिस इंस्पेक्टर थे और हमेशा स्मार्ट यूनिफॉर्म में रहते थे. एक छोटे लड़के के रूप में विजय कुमार के लिए पिता की वह झलक सबसे बड़ी प्रेरणा थी. उन्होंने एमए (MA) की पढ़ाई पूरी की. 1975 में आईपीएस के लिए चुन लिए गए. दिलचस्प बात यह है कि एक साल बाद जब उनका चयन प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए भी हो गया, तो उन्होंने इसे साफ ठुकरा दिया क्योंकि उन्हें यूनिफॉर्म (वर्दी) से गहरा लगाव था.

खूनी मंजर और डीजी का हौसला

उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण पल अप्रैल 2010 में आया, जब वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डीजी थे. छत्तीसगढ़ के दांतेवाड़ा में नक्सलियों ने सीआरपीएफ के जवानों पर घात लगाकर भीषण हमला किया, जिसमें 75 जवान शहीद हो गए. हालात बेहद तनावपूर्ण और गंभीर थे.

लेकिन एक सच्चे लीडर की तरह, विजय कुमार तुरंत उस खूनी जंगल में पहुंचे और रात भी ठीक उसी जगह बिताई जहां घास लगाकर वह कायराना हमला किया गया था. उनका यह कदम जवानों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश था. इससे पूरी फोर्स का हौसला बढ़ गया. उनकी सीख साफ थी – ‘जिस जगह मुसीबत हो, वहीं जाओ.’

विजय कुमार का पांच दशकों का करियर ऐसे ही साहसिक कारनामों से भरा पड़ा है

  1. धर्मापुरी में नक्सलवाद पर प्रहार: करियर के शुरुआती दिनों में जब उन्हें धर्मापुरी का एसपी (SP) बनाया गया, जो नक्सलियों का गढ़ था – तब उन्होंने खुद रातों में नाइट पेट्रोलिंग की, लोगों का विश्वास जीता और इलाके की तस्वीर बदल दी.
  2. कारगिल युद्ध और श्रीनगर: 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान, वह श्रीनगर में बीएसएफ (BSF) के आईजी थे. वहां फिदायीन हमलों का जबरदस्त खौफ था, लेकिन उन्होंने अपने सिस्टेमेटिक एप्रोच से श्रीनगर में हालात को पूरी तरह कंट्रोल में कर लिया.
  3. ऑपरेशन कोकून (वीरप्पन का अंत): अगली और सबसे बड़ी चुनौती चंदन और हाथी दांत के कुख्यात तस्कर वीरप्पन से निपटना था. साल 2004 में तमिलनाडु के घने जंगलों में, विजय कुमार के नेतृत्व में ही ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF) ने वीरप्पन को मार गिराया था.

परिवार मेरी सबसे बड़ी ताकत

आज जब उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्मश्री से नवाजा गया है, तो वह इसका पूरा श्रेय अपने परिवार और सहकर्मियों को देते हैं. विजय कुमार भावुक होकर कहते हैं, ‘अगर उन्होंने परिवार की पूरी जिम्मेदारी ना संभाली होती, तो मुझे नहीं लगता मैं आज यहां होता. वह मेरी सबसे बड़ी ताकत थीं.’ उनका जीवन फलसफा बेहद सीधा और प्रेरणादायक है, ‘किसी भी काम में, अगर आपको अपना काम पसंद है, तो आप उसमें अच्छा करने लगते हैं, अपना बेस्ट देने लगते हैं और आप अपने आप सबसे ऊपर पहुंच जाते हैं.’

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भास्कर अपडेट्स: CBSE ने आंसर शीट लेने की लास्ट डेट आज रात तक बढ़ाई


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12 मिनट पहले

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 12वीं के छात्रों के लिए स्कैन की गई आंसर शीट लेने की लास्ट डेट सोमवार 25 मई रात तक बढ़ा दी है। पहले यह तारीख 24 मई थी।

बोर्ड ने यह भी कहा कि जिन छात्रों से तकनीकी गड़बड़ी के कारण ज्यादा फीस कट गई थी, उन्हें पैसे वापस किए जाएंगे। री-इवैल्यूएशन की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

आज की अन्य बड़ी खबरें…

PM मोदी के दौरे से पहले विस्फोटक मिलने पर 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले जिलेटिन स्टिक और टाइमर मिलने के मामले में 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें एक सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और चार कांस्टेबल शामिल हैं।

यह विस्फोटक सामग्री आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के पास मिली थी। मामले की जांच में अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) भी शामिल हो गई है।

खबरें और भी हैं…



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भोपाल सिटी बसों से अब राजनीतिक दखल खत्म होगा: मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अधीन शहर की बस सेवा; स्मार्ट सिटी सीईओ के पास प्रभार – Bhopal News




भोपाल सिटी बसों से अब राजनीतिक दखल खत्म होने वाला है। यह सेवा अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अधीन हो गई है। इसका प्रभार अब महापौर या एमआईसी की जगह स्मार्ट सिटी सीईओ के पास रहेगा। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड‎(बीसीएलएल) ‎राज्य सरकार की नई ‘मुख्यमंत्री सुगम‎परिवहन सेवा’ का हिस्सा बन गई है। ‎इसका आधिकारिक पत्र भोपाल नगर निगम ‎को सौंप दिया गया है। अब तक बीसीएलएल में महापौर‎और एमआईसी (मेयर इन काउंसिल)‎ सदस्यों (पार्षदों) का सीधा दखल होता ‎था, लेकिन अब कमान पूरी तरह ‎प्रशासनिक अफसरों के हाथ में होगी। जब तक नया कार्यकारी बोर्ड पूरी ‎तरह आकार नहीं ले लेता, तब तक वर्तमान ‎व्यवस्था के तहत सीईओ के पद पर अंजू‎ अरुण ही प्रभारी बनी रहेंगी।‎ नई नीति में प्रदेश को सात जोन में बांटा नई नीति के तहत पूरे प्रदेश को 7 जोन ‎में बांटा गया है। इसमें भोपाल क्षेत्र के साथ ‎नर्मदापुरम संभाग को भी जोड़ा गया है।‎दोनों संभागों के कलेक्टर इसके बोर्ड में‎ होंगे, जो बस सेवा को नियंत्रित करेंगे।‎
सिफारिशें नहीं चलेंगी जानकारी के अनुसार, रूट्स तय करने, बसों के स्टॉपेज या‎नई बसें चलाने में अब पार्षदों या ‎एमआईसी की सिफारिशें नहीं चलेंगी। पूरा‎ नियंत्रण क्षेत्रीय कंपनी के पास होगा। इससे ‎सेवा के संबंध में फैसले तेजी से और‎ व्यावहारिक आधार पर लिए जाएंगे।‎ भोपाल क्षेत्रीय कंपनी ही अब तय करेगी ‎कि शहर और उप नगरीय इलाकों में कौन‎ से रूट पर कितनी बसें चलेंगी। किराया‎ निर्धारण और परमिट की पूरी व्यवस्था भी ‎यही कंपनी संभालेगी। जिससे नगर निगम‎पर निर्भरता खत्म होगी।‎ बीसीएलएल की बसों में अक्सर आने‎ वाली शिकायतों (जैसे चालकों की‎मनमानी, समय पर बस न मिलना) को‎दूर करने के लिए इसे टेलिजेंट ट्रांसपोर्ट‎ मैनेजमेंट सिस्टम से लैस किया जाएगा। ‎इससे बसों की लाइव ट्रैकिंग और सुचारू‎ मॉनिटरिंग सीधे मुख्यालय से होगी।‎ कार्रवाई भी समय पर हो सकेगी।‎ भोपाल क्लस्टर में चलेंगी 398 बसें‎
योजना के पहले चरण में भोपाल क्षेत्र के 104 ‎मार्गों पर कुल 398 बसें चलाने का खाका तैयार ‎किया गया है। ये बसें भोपाल शहर के मुख्य‎ मार्गों से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों और नर्मदापुरम ‎संभाग के प्रमुख रूट्स को आपस में जोड़ेंगी।‎ सरकार खुद बसें खरीदने के बजाय निजी‎ ऑपरेटरों के जरिए इन 398 बसों का संचालन‎ पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल‎पर कराएगी। जिससे बीसीएलएल की तरह नगर‎ निगम पर वित्तीय बोझ नहीं बढ़ेगा।‎ बता दें कि पहले साढ़े तीन सौ से ज्यादा सिटी बसें भोपाल शहर में दौड़ती थी, लेकिन इनकी संख्या लगातार घटती गई। वर्तमान में करीब 70 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही है। इस वजह से टैक्सी, ऑटो पर यात्रियों की निर्भरता बढ़ गई है।



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जयपुर में कार ने बाइक सवार दंपती को उड़ाया, VIDEO: रोड क्रॉस करते समय मारी टक्कर, 20 फीट दूर उछलकर दूर जा गिरे – Jaipur News




जयपुर में ओवर स्पीड कार के बाइक सवार दंपती को उड़ाने का मामला सामने आया है। रोड क्रॉस करते समय बाइक सवार दंपती को कार ने टक्कर मारी। टक्कर से बाइक सवार दंपती करीब 20 फीट दूर उछलकर गिरने से घायल हो गए। हरमाड़ा थाना पुलिस ने गंभीर घायल हालत में पति-पत्नी को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया है। SHO (हरमाड़ा) उदयभान ने बताया- दोपहर करीब 3 बजे लोहा मंडी के पास एक्सीडेंट हुआ था। बाइक पर सवार तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह अपनी पत्नी वंदना कंवर के साथ रोड क्रॉस कर रहे थे। इसी दौरान ओवर स्पीड में आ रही कार ने बाइक सवार दंपती को टक्कर मार दी। बाइक सहित दोनों उछ़लकर करीब 20 फीट दूर जा गिरे। एक्सीडेंट की सूचना पर पहुंची हरमाड़ा थाना पुलिस ने घायल दंपती को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। डॉक्टर्स ने इलाज के लिए दोनों को एडमिट कर लिया। पुलिस का कहना है कि हादसे के बाद कार को छोड़कर ड्राइवर फरार हो गया। पुलिस की ओर से एक्सीडेंट कार को जब्त कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। बीजेपी कार्यकर्ता गजेंद्र सिंह ने बताया- हादसे के दौरान मेरे पास सूचना आई। घायल पति-पत्नी को सीकेएस हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। उनके कई मल्टीपल फ्रैक्चर आए है। आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है।



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कच्चे आम से बनता है ये केरल का ‘कडुमंगा अचार’, बना रहा है लोगों को दीवाना


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केरल का कडुमंगा अचार एक पारंपरिक और बेहद खास स्वाद वाला अचार है जो कच्चे आम और देसी मसालों से तैयार किया जाता है. इसमें नारियल तेल, सरसों और करी पत्ते जैसे साउथ इंडियन फ्लेवर इसे बाकी आम के अचारों से बिल्कुल अलग बना देते हैं. इसका खट्टा-तीखा स्वाद गरम चावल के साथ खाने पर और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगने लगता है.

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केरल की रसोई में कई ऐसे पारंपरिक स्वाद मिलते हैं जो साधारण होकर भी बेहद खास होते हैं. उन्हीं में से एक है कच्चे आम से बनने वाला “कडुमंगा अचार”. यह अचार देखने में जितना सिंपल है, स्वाद में उतना ही दमदार. खास बात यह है कि यह अचार केरल के लगभग हर घर में किसी न किसी रूप में जरूर बनाया जाता है और गरम चावल के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. इस अचार की सबसे बड़ी खासियत इसका देसी और ऑथेंटिक फ्लेवर है, जो नारियल तेल और पारंपरिक मसालों से आता है. आइए इसे बनाने का आसान तरीका जानते हैं.

कडुमंगा अचार बनाने की आसान रेसिपी

छोटे कच्चे आम (कडुमंगा) – 5 से 6
सरसों के दाने – 1 छोटा चम्मच
सूखी लाल मिर्च – 4 से 5
हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
हींग – एक चुटकी
करी पत्ता – 8 से 10 पत्ते
नमक – स्वाद अनुसार
नारियल तेल – 3 से 4 बड़े चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच

बनाने की विधि:
सबसे पहले कच्चे आम को अच्छे से धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें
एक पैन में नारियल तेल गर्म करें
उसमें सरसों के दाने डालकर चटकने दें
फिर सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालें
अब इसमें हल्दी और हींग डालकर हल्का भून लें
इसके बाद कटे हुए आम डाल दें और अच्छे से मिला दें
नमक और लाल मिर्च पाउडर डालकर धीमी आंच पर 5–7 मिनट पकाएं
जब आम थोड़ा नरम हो जाए और मसाले अच्छे से मिल जाएं, तो गैस बंद कर दें
इसे ठंडा होने दें और फिर किसी साफ जार में भरकर रख दें

स्वाद कैसा होता है?
कडुमंगा अचार का स्वाद एक साथ खट्टा, तीखा और हल्का मसालेदार होता है. जब इसे गरम-गरम चावल के साथ खाया जाता है, तो इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. केरल के ज्यादातर घरों में यह रोज़ के खाने का हिस्सा होता है और लोग इसे बहुत पसंद करते हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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मधुबनी में करंट लगने से युवक की मौत: गुस्साए परिजनों ने सदर अस्पताल में तोड़फोड़ की, एक हिरासत में – Madhubani News




मधुबनी शहर के सिंघानिया चौक पर रविवार शाम करीब 4 बजे बिजली के करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सिंघानिया चौक निवासी बुधन मोची के पुत्र विक्की कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजन उसे आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल मधुबनी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में भड़का आक्रोश, हुई तोड़फोड़ युवक की मौत की खबर मिलते ही सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि 10 से 20 की संख्या में पहुंचे कुछ लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया सूचना मिलने पर सदर अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद मौके पर पहुंचे और नगर थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप मृतक के भाई निशु कुमार ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले सिंघानिया चौक इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बिजली का तार टूटकर सड़क किनारे गिरा हुआ था। उन्होंने कहा कि विक्की कुमार ओम प्रकाश नामक दुकानदार की दुकान में मरम्मत का काम कर रहा था, तभी वह टूटे हुए तार की चपेट में आ गया। जांच के आदेश, कार्रवाई का आश्वासन सदर अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद ने बताया कि अस्पताल में हुई तोड़फोड़ की लिखित शिकायत अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन के माध्यम से नगर थाना को दे दी गई है। वहीं नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर कार्रवाई की जाएगी।



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इंजीनियर से ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर ठगी: महिला बनकर जाल में फंसाया, 19 लाख रुपए हड़पे – Meerut News




मेरठ में साइबर ठगों ने एक इंजीनियर को ऑनलाइन बिजनेस में भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 19 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक युवती ने इंजीनियर से दोस्ती कर उसे एक फर्जी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में निवेश करने के लिए राजी किया। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उसका अकाउंट बंद कर दिया गया। कंकरखेड़ा क्षेत्र निवासी इंजीनियर अनुज कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर उसकी एक युवती से बातचीत शुरू हुई थी। बातचीत बढ़ने पर युवती ने उसे ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से कमाई करने की एक योजना बताई। उसने दावा किया कि वेबसाइट पर पंजीकरण कर सस्ते दामों पर सामान खरीदकर ऑनलाइन बेचने से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। युवती के झांसे में आकर अनुज ने उस वेबसाइट पर अपना अकाउंट बना लिया। इसके बाद, अलग-अलग ऑर्डर और निवेश के नाम पर उससे लगातार पैसे जमा कराए जाते रहे। मार्च से मई के बीच, अनुज ने कई बैंक खातों में कुल 18 लाख 88 हजार रुपये ट्रांसफर किए। पीड़ित के अनुसार, जब उसने अपना अकाउंट बंद करने और निवेश की गई रकम वापस लेने की बात कही, तो उससे अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की गई। अनुज के इनकार करने पर उसका ऑनलाइन स्टोर सस्पेंड कर दिया गया और बाद में अकाउंट पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इसके बाद, फोन और ईमेल के माध्यम से संपर्क करने के सभी प्रयास विफल रहे। इस मामले में पीड़ित इंजीनियर ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और साइबर ठगों के बैंक खातों तथा मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है।



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