Monday, July 20, 2026
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वायरल NEET OMR शीट पर NTA का आया रिप्लाई, 5 अभ्यार्थियों से जुड़े दावों पर किया बड़ा खुलासा


अभी सोशल मीडिया पर NEET UG 2026 की कुछ OMR शीट को लेकर यह दावा किया जा रहा था कि इसमें गड़बड़ी हुई है। ये दावे काफी वायरल हो रहे थे मगर अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने इन दावों को लेकर अपनी बात रखी है। NTA ने इन वायरल दावों की जांच की और उसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अभ्यार्थियों के OMR शीट को लेकर पोस्ट करते हुए विस्तार से जानकारी दी है। आइए फिर आपको बताते हैं कि वायरल NEET OMR शीट पर NTA का क्या कहना है।

NTA ने वायरल दावों को बताया गलत

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यार्थियों के NEET OMR शीट काफी वायरल हो रहे थे और वायरल पोस्ट में इनमें गड़बड़ी का दावा किया जा रहा था। अब NTA ने इनकी जांच की और वायरल हो रहे 5 अभ्यार्थियों से जुड़े OMR शीट के दावों को खारिज कर दिया। इसके संबंध में NTA 5 अलग-अलग पोस्ट किए हैं और सभी अभ्यार्थियों से जुड़े वायरल OMR शीट पर जानकारी दी है। आइए आपको उसके बारे में बताते हैं।

आर्या सिंह के मामले में क्या कहा?

NTA द्वारा किए गए पोस्ट में लिखा है कि, ‘आर्या सिंह (एप्लिकेशन नंबर 260410434102) के NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है और उम्मीदवार की असली OMR शीट NTA के पास है। जो इमेज फैलाई जा रही है, वह उसी शीट का डिजिटल रूप से बदला हुआ वर्जन है। असली शीट पर एक इनविजिलेटर (निरीक्षक) के हस्ताक्षर का दर्ज समय दोपहर 3:45 बजे था, जिसे बदली हुई इमेज में दोपहर 2:45 बजे कर दिया गया है। नकली OMR शीट पर डिजिटल बदलाव के कई अन्य निशान भी हैं।’

लक्ष्य सिंह के पोस्ट को लेकर क्या कहा?

NTA ने एक दूसरे पोस्ट में लक्ष्य सिंह के वायरल OMR शीट पर भी जानकारी दी है। उसमें लिखा है, ‘लक्ष्य सिंह (एप्लिकेशन नंबर 260412053016) द्वारा अपनी NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है। जो इमेज फैलाई जा रही है, उसमें ऐसे निशान (responses) दिख रहे हैं जो असली शीट पर नहीं हैं। नकली OMR शीट बनाने के लिए डिजिटल तरीके से अतिरिक्त गोलों (bubbles) को भरा गया है।’

प्रतिभा त्रिवेदी और अभय यादव के मामले में क्या कहा?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो प्रतिभा त्रिवेदी और अभय यादव के OMR शीट पर भी जांच के बाद जानकारी दी है और वायरल हो रही इमेज को गलत बताया। प्रतिभा त्रिवेदी के मामले में पोस्ट करते हुए लिखा, ‘प्रतिभा त्रिवेदी (एप्लीकेशन नंबर 260412140662) के NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है। जो इमेज फैलाई जा रही है, वह असली OMR शीट का डिजिटल रूप से बदला हुआ वर्शन है। यह NTA के रिकॉर्ड में मौजूद शीट नहीं है और इसमें डिजिटल रूप से काफी बदलाव किए गए हैं।’

वहीं अभय यादव के वायरल हो रहे OMR शीट को लेकर NTA ने कहा, ‘उम्मीदवार ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि केवल 5 सवाल बिना हल किए रह गए थे और उनका परिणाम 634 अंक होना चाहिए। रिकॉर्ड इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं। 180 सवालों में से 44 सवाल बिना हल किए रह गए थे। फाइल में मौजूद OMR और कैलकुलेशन शीट एक-दूसरे से मेल खाते हैं।’

अवनीश श्रीवास्तव के मामले में NTA ने क्या कहा?

एक अन्य पोस्ट में NTA ने अवनीश श्रीवास्तव के वायरल OMR शीट दावों पर भी जानकारी दी है और बताया कि, ‘श्री अवनीश श्रीवास्तव (एप्लिकेशन नंबर 260411198880, रोल नंबर 2001805051) की जो इमेज फैलाई जा रही है, वह NTA द्वारा जारी की गई OMR शीट नहीं है। उस इमेज में दी गई पहचान NEET (UG) 2026 के लिए रजिस्टर्ड किसी भी उम्मीदवार से मेल नहीं खाती है। NEET (UG) 2026 के डेटाबेस में उस नाम और माता-पिता के विवरण वाला कोई उम्मीदवार मौजूद नहीं है।’

पोस्ट में आगे लिखा है, ‘यह इमेज उम्मीदवार की अपनी असली OMR शीट का डिजिटल रूप से बनाया गया वर्जन है। पहचान वाले हिस्सों को बदल दिया गया है और शीट के प्रिंटेड हिस्से को AI या OCR-आधारित टूल से दोबारा बनाया गया है, जिससे असली OMR शीट के कुछ हिस्सों में साफ तौर पर गलतियां दिख रही हैं; ऐसी गलतियां कोई उम्मीदवार पेन से नहीं कर सकता।’

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बाजार खुलते ही 4% फिसला सबसे बड़े प्राइवेट बैंक का शेयर, अब खरीदें या नहीं


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HDFC बैंक के शेयर पहली तिमाही के नतीजों के बाद 4% से ज्यादा टूट गए हैं. हालांकि, बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर 5% बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये और ब्याज से होने वाली कमाई 6.7% बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये रही. वहीं, ग्रॉस और नेट एनपीए में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली. ऐसे में ब्रोकरेज फर्म Jefferies और Nomura ने बैंक पर रेटिंग क्या रखी है, ये जरूर देखें.

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आज 20 जुलाई को एचडीएफसी बैंक के शेयर्स 4 फीसदी से ज्यादा गिर गए हैं.

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक के शेयर्स में आज 20 जुलाई को जोरदार गिरावट देखने को मिली है.  बाजार खुलते ही ये बैंक स्टॉक 4% से ज्यादा फिसल गया और 781 रुपये पर कारोबार करते हुए नजर आया है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बैंक के Q1FY27 के नतीजे रही है. बता दें कि बैंक का मुनाफा 5% बढ़ा और 18,155 करोड़ रुपये से बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये हो गया है.

इसके अलावा नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली कमाई 6.7% बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये पहुंच गई. प्रोविजन एंड कंटीजेंसी करीब 79% घटकर 3,060 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 14,442 करोड़ रुपये था. ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) मामूली बढ़कर 1.17% हो गया, जो पिछली तिमाही में 1.15% था नेट एनपीए (Net NPA) भी 0.38% से बढ़कर 0.41% हो गया.

ब्रोकरेज फर्म ने दी राय

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने HDFC बैंक के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक का पहली तिमाही का मुनाफा अनुमान के मुताबिक रहा. ब्याज से होने वाली कमाई (NII) उम्मीद से थोड़ी कम रही, लेकिन कम खर्च और क्रेडिट कॉस्ट से इसकी भरपाई हो गई है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, Nomura ने भी HDFC बैंक के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और 950 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक के पहली तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमान के अनुरूप रहे और बैंक का परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक रहा है.

कितना दिया है HDFC बैंक ने अब तक रिटर्न?

1 महीने में 0.44 फीसदी का पॉजिटिव रिटर्न दिया है. जबकि 3 महीनों में 1.46 प्रतिशत और 6 महीनों में 15.82 फीसदी नेगेटिव रिटर्न दिया है. 1 साल में तो 19 फीसदी से ज्यादा ये स्टॉक गिर चुका है. हालांकि, बैंक ने 10 साल में 154 फीसदी का पॉजिटिव रिटर्न दिया है.

अन्य बैंकिंग शेयर्स का हाल

HDFC बैंक के साथ-साथ दूसरे बैंकिंग शेयरों में भी दबाव देखने को मिला. एक्सिस बैंक का शेयर करीब 5% टूटकर 1,261 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 2% से ज्यादा गिरकर 381 रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक का शेयर इस गिरावट से अलग हरे निशान में रहा और करीब 1% की तेजी के साथ 1,457 रुपये पर कारोबार करता दिखा है.

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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3 युवकों की UP में रोड एक्सीडेंट में मौत: अयोध्या से मोतिहारी लौटते समय बस से टकराई कार, 6 घायल – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी के 3 युवकों की उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। इनमें से 2 युवकों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि एक युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान पिपरा थाना क्षेत्र के चिंतावनपुर गांव निवासी मधुसूदन सिंह का बेटा कुंदन कुमार (32), कल्याणपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी राम तपस्या सिंह का बेटा पंकज कुमार (40) और केसरिया थाना क्षेत्र निवासी मोहन प्रसाद का बेटा रितिक कुमार (40) के रूप में हुई है। एक्सीडेंट से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरी घटना… तीनों दोस्त कार से अयोध्या घूमने गए थे घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त कार से अयोध्या घूमने गए थे। वहां से लौटने के दौरान बस्ती के नगर थाना क्षेत्र के रिठिया ओवरब्रिज के पास उनकी कार तेज रफ्तार (करीब 130 किमी/घंटा) से जा रही थी। इसी दौरान चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कार डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंचकर एक बस से टकरा गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती कराया इस हादसे में कुंदन कुमार और पंकज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रितिक कुमार को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। वहीं बस में सवार छह अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शवों की पहचान कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन शव लेने के लिए बस्ती रवाना हो गए। कुंदन के कंधों पर थी घर की जिम्मेदारी पिपरा थाना क्षेत्र के चिंतावनपुर गांव निवासी कुंदन कुमार अपने परिवार की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे दो भाइयों में सबसे बड़े थे और दिल्ली में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। हाल ही में घर आए थे और दोस्तों के साथ अयोध्या घूमने गए थे। लौटने के दौरान ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना पर कल्याणपुर के विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।



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बिना हेलमेट-बेल्ट बिजली पोल पर चढ़े कर्मचारी: ग्वालियर में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का वीडियो – Gwalior News




ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बिजली कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही का मामला सामने आया है। संधारण कार्य के दौरान कर्मचारी बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के बिजली के खंभों पर चढ़कर काम करते दिखाई दिए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्टोन पार्क क्षेत्र के बिजली पोल पर कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर काम करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय तक इसी तरह बिजली लाइन पर काम करते रहे। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। सुरक्षा नियमों की अनदेखी बिजली लाइनों पर काम के दौरान हेलमेट, इंसुलेटेड दस्ताने, सेफ्टी बेल्ट और सेफ्टी शूज जैसे सुरक्षा उपकरण जरूरी होते हैं। इनके बिना काम करना कर्मचारियों की जान को खतरे में डाल सकता है और श्रम सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाता है। लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। बिना सुरक्षा उपकरणों के बिजली के खंभों पर काम कराना गंभीर लापरवाही है, जिससे कर्मचारियों के साथ आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। विभाग का पक्ष नहीं आया मामले में देर शाम तक बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो के बाद विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।



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वर्ल्ड अपडेट्स: ब्रिटेन में विपक्ष की मांग- पाकिस्तान की सहायता और वीजा पर लगे रोक


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14 मिनट पहले

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ब्रिटेन में विपक्षी दलों ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पाकिस्तान द्वारा बाल यौन अपराधी शबीर अहमद को वापस लेने से इनकार करने के बाद विपक्ष ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान ऐसे दोषियों को स्वीकार नहीं करता, तब तक उसे दी जाने वाली आर्थिक सहायता और नए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी जाए।

पाकिस्तान में जन्मा शबीर अहमद रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का प्रमुख सदस्य था। उसे बच्चियों से दुष्कर्म के 30 मामलों में दोषी ठहराया गया था। 22 साल की सजा में से 14 साल जेल काटने के बाद इस महीने उसे रिहा किया गया।

ब्रिटेन ने 2016 में उसकी नागरिकता समाप्त कर दी थी, लेकिन 1971 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत मिले कानूनी संरक्षण के कारण सरकार उसे निर्वासित नहीं कर सकी। गृह सचिव शबाना महमूद ने कहा है कि ऐसे अत्यंत गंभीर मामलों में कानून में संशोधन किया जाएगा।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि अहमद ने दशकों पहले अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी थी और उसकी जिम्मेदारी अब ब्रिटेन की है, जहां उसका पालन-पोषण हुआ और उसने अपराध किए।

इसी दौरान यह भी सामने आया कि ब्रिटेन ने अगले तीन वर्षों के लिए पाकिस्तान को 153 मिलियन पाउंड की विकास सहायता मंजूर की है। इस पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सहायता और वीजा दोनों तब तक रोके जाने चाहिए, जब तक पाकिस्तान शबीर अहमद जैसे दोषियों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं होता।



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मानसून में अपने आप उगती है ये जंगली सब्जी, स्वाद में चिनक-मटन को करती है फेल


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Kutumba Sabji Recipe: कोडरमा में मानसून के बाद उगने वाली कुटुंबा सब्जी बहुत ही ज्यादा पसंद की जाती है. इसे झारखंड में टर्की बेरी भी कहते हैं, ग्रामीण इलाकों में यह सब्जी बहुत ही लोकप्रिय है. यह पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर है, जिसे लोग पारंपरिक तरीके से बनाते हैं. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में.

ख़बरें फटाफट

कोडरमा: झारखंड में कोडरमा जिले के ग्रामीण इलाकों में मानसून के मौसम के बाद झाड़ियों में अपने आप उगने वाली कुटुंबा इन दिनों लोगों की थाली की खास सब्जी बनी हुई है. इसे कई जगहों पर टर्की बेरी, जंगली बैंगन भी कहा जाता है. स्वाद में हल्की कड़वाहट होने के बावजूद यह अपने पौष्टिक और औषधीय गुणों के कारण ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों के बीच बेहद लोकप्रिय है. वर्षों से लोग इसे पारंपरिक तरीके से बनाकर अपने भोजन का हिस्सा बनाते आ रहे हैं. कुटुंबा प्राकृतिक रूप से उगने वाली जंगली सब्जी है. जिसके लिए किसी विशेष खेती की आवश्यकता नहीं होती है. मानसून के बाद खेतों के किनारों, झाड़ियों और खाली जमीन पर इसकी झाड़ियां दिखाई देने लगती हैं. इसकी झाड़ी बैंगन के पौधे की तरह पत्ते और कांटे वाली होती है.

ऐसे तैयार होता है कुटुंबा की भुजिया

वहीं, ग्रामीण महिलाएं इसे तोड़कर घर लाती हैं और इसकी भुजिया तैयार करती हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सब्जी शरीर को पोषण देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाती है. बहुमणि बिरहोर ने बताया कि इसकी भुजिया बनाने की विधि भी काफी आसान है. सबसे पहले कुटुंबा को अच्छी तरह धोकर उसकी डंडियों से अलग किया जाता है. इसके बाद हर दाने को बीच से दो भागों में काट लिया जाता है.

जहां स्वाद और मात्रा बढ़ाने के लिए इसमें बारीक कटे हुए आलू भी मिलाए जाते हैं. फिर कड़ाही में सरसों का तेल गरम कर उसमें साबुत जीरा, बारीक कटा लहसुन और प्याज डालकर सुनहरा होने तक भुना जाता है. इसके बाद कटे हुए कुटुंबा और आलू डालकर हल्दी, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. धीमी आंच पर ढककर पकाने के बाद जब यह कुरकुरी हो जाती है तो इसकी खुशबू और स्वाद दोनों ही लोगों को खूब पसंद आते हैं.

मानसून के बाद बढ़ जाती है मांग

कोडरमा के आदिवासी समाज में इस सब्जी का विशेष महत्व है. मानसून के मौसम में कोडरमा के गांवों में कुटुंबा की मांग बढ़ जाती है. कई ग्रामीण परिवार इसे अपने उपयोग के साथ-साथ स्थानीय हाट-बाजारों में भी बेचते हैं. प्राकृतिक रूप से उपलब्ध यह जंगली सब्जी आज भी झारखंड की पारंपरिक खाद्य संस्कृति और आदिवासी जीवनशैली की एक महत्वपूर्ण पहचान बनी हुई है.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com  में स…और पढ़ें





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डीसीएम से 200 लीटर डीजल चोरी: लखीमपुर खीरी में घर के बाहर खड़ी गाड़ी से निकाला, चोर CCTV में कैद – Lakhimpur-Kheri News


गोपाल गिरि | लखीमपुर-खीरी3 मिनट पहले

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लखीमपुर खीरी के मैगलगंज थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में रविवार तड़के एक डीसीएम से लगभग 200 लीटर डीजल चोरी हो गया। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें सफेद रंग की कार से आए चोर वारदात को अंजाम देते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, आढ़ती व्यापारी संजय गुप्ता की डीसीएम उनके घर के सामने खड़ी थी। सुबह करीब 5 बजे सफेद रंग की एक कार में सवार होकर कुछ बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने वाहन के टैंक से लगभग 200 लीटर डीजल निकाला और मौके से फरार हो गए।

घटना का पता चलने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें चोरों की पूरी गतिविधि रिकॉर्ड हो गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले भी सफेद कार सवार एक गिरोह ने क्षेत्र में कई वाहनों से डीजल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। इस तरह की वारदात दोबारा सामने आने से वाहन मालिकों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है।



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सिंधिया राजपरिवार में संपत्ति विवाद, सुनवाई आज: जयविलास पैलेस, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिल सकती हैं दिल्ली व शिवपुरी की संपत्ति – Gwalior News


देश के चर्चित राजघरानों में शुमार ग्वालियर के सिंधिया राजवंश मे पारिवारिक संपत्ति बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार (20 जुलाई) को महा-समझौता हो सकता है।

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केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन पेश किया गया है। समझौता प्रस्ताव में सिंधिया राजघराने के मुखिया व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं (राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मप्र की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा व अन्य) के बीच अरबों-खरबों रुपये की शाही विरासतों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बन चुकी है।

परिवार के किस सदस्य के पास क्या संपत्ति रहेगी यह भी तय होगा है। 08 जुलाई को समझौता आवेदन पर सुनवाई होनी थी, लेकिन संपत्तियों का रिकॉर्ड न आ पाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी।

अब सोमवार (20) जुलाई को जिला न्यायालय में मामले की सुनवाई होगी। इस ऐतिहासिक महा-समझौते के लागू होते ही दिल्ली, मुंबई, पुणे और ग्वालियर की अदालतों में वर्षों से लंबित एक दर्जन से अधिक मुकदमों का हमेशा के लिए पटाक्षेप हो जाएगा।

यह रहेगा समझौते का मसौदा

कब्जा ही मालिकाना हक: सूत्रों का दावा है कि आपसी सहमति में तय हुआ है कि ‘जो पक्ष जिस संपत्ति पर वर्तमान में काबिज (रह रहा) है, वह संपत्ति पूरी तरह उसी की हो जाएगी। इस आधार पर ग्वालियर का जयविलास पैलेस, शिवपुरी की संपत्तियां केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर आती दिख रही हैं।

कागजी उलझनें होंगी खत्म: भले ही कागजों में या पूर्व के रिकॉर्ड में उस संपत्ति का मालिकाना हक किसी भी पक्ष, ट्रस्ट या कंपनी के अधीन रहा हो, लेकिन अब वर्तमान कब्जे को ही अंतिम मालिकाना हक मानकर कोर्ट में डिक्री (डीड) कराई जाएगी।

जानकारी स्रोतः सिंधिया परिवार द्वारा पूर्व में जिला न्यायालय में पेश किए गए दावे से

जानकारी स्रोतः सिंधिया परिवार द्वारा पूर्व में जिला न्यायालय में पेश किए गए दावे से

ट्रस्ट और कंपनियों में बंटी है पूरी रियासत

सिंधिया राजपरिवार की अधिकांश संपत्तियां सीधे किसी व्यक्ति के नाम न होकर 1970 के दशक से ‘सर जयाजीराव ट्रस्ट’ और ‘कृष्ण माधव ट्रस्ट’ जैसी संस्थाओं के अधीन हैं। वहीं, दिल्ली की ‘सिंधिया पॉटरीज’ की जमीन पर बनी तीन आलीशान कोठियों में तीनों बुआएं (वसुंधरा, यशोधरा और ऊषा राजे) निवास करती हैं।

पूर्व के पारिवारिक बंटवारे में माधवराव सिंधिया को मिली ‘सिंधिया इंवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (SIPL)’ की कमान वर्तमान में ज्योतिरादित्य सिंधिया संभाल रहे हैं।

इनके बीच है सीधा विवाद

ग्वालियर जिला न्यायालय में पेश दावों के अनुसार, यह महा-समझौता मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा, यशोधरा राजे सिंधिया, कनिका देवी, प्रतिमा देवी और चित्रांगदा राजे के बीच होने जा रहा है।

बुआओं की ओर से अगले सप्ताह कोर्ट में आवेदन दाखिल होने की संभावना है, जिसके बाद कोर्ट इस पर अपनी अंतिम सील लगा देगा। सबसे ज्यादा मुकदमे मुंबई की अदालतों में लंबित हैं, जबकि ग्वालियर में भी 5 केस चल रहे हैं, जो अब वापस ले लिए जाएंगे।

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सिंधिया राजपरिवार का महा-समझौता, सुनवाई टली

ग्वालियर में देश के चर्चित व रॉयल राजघरानों में शुमार सिंधिया राजघराने का दशकों पुराना संपत्ति विवाद अब महा-समझौता की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन पेश किया गया है। हालांकि रिकॉर्ड रूम से फाइल नहीं आने के कारण केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा दिए गए समझौता आवेदन पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी और टल गई।पूरी खबर पढ़ें



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विजेता दहिया बोले-वॉलंटियर्स पीटे, अब मेरी अरेस्टिंग कभी भी: सोनम वांगचुक सर को किडनैप कर ले गए पुलिस वाले, मैं हरियाणवी हूं, डरता नहीं – Sonipat News




पुलिस के यहां बहुत सारे लोग आए, वो प्लेन क्लोथ्स (सादी वर्दी) में थे। उन्होंने आते ही वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की की। एक के पैर पे चोट लगी तो दूसरे की टीशर्ट्स फट गई। हमारे वॉलंटियर्स बेचारे कुछ कर नहीं सके, उनको घूंसे और लातें भी मारे पुलिस वालों ने, और फिर वो सर (सोनम वांगचुक) तक पहुंचे और उनको एक वाइट चद्दर में लपेट के पहले थोड़ा घसीटा, फिर उठाकर ले गए। एक तरीके से उनकी किडनैपिंग हुई। ये कहना है CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया का। उन्होंने बताया 21 दिन से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के सुबह जबरन उठा लिया। हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच पुलिस वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज हरियाणा के सोनीपत के विजेता दहिया ने इसे ‘लोकतंत्र के लिए काला दिन’ करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने गुंडों की तरह बर्ताव किया और वांगचुक को किडनैप कर ले गई। जंतर-मंतर पर दैनिक भास्कर टीम से हुई बातचीत में विजेता दहिया ने आशंका जताई कि अब पुलिस उन्हें और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को कभी भी अरेस्ट कर सकती है। मगर, हरियाणवी डरते नहीं हैं। पढ़िए पूरी बातचीत… भास्कर टीम: शनिवार को जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
विजेता दहिया: NEET पेपर लीक और शिक्षा तंत्र की खामियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रोटेस्ट चल रहा है। शनिवार को जो हुआ, वो भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन था। सुबह पुलिस वालों ने निहत्थे वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की की और लात-घूंसे मारे। जब सोनम जी अपना अनशन नहीं तोड़ना चाहते थे, तो क्यों जबरदस्ती की जा रही है। भास्कर टीम: अभी वांगचुक कहां है और उनकी मांग क्या?
विजेता दहिया: उनको सफदरजंग हॉस्पिटल में जबरदस्ती डिटेन किया हुआ है। जब वो भूख हड़ताल नहीं तोड़ना चाहते, तो आप क्यों फालतू कोशिश कर रहे हैं? अगर सरकार को इतनी ही चिंता है उनकी, तो जो चीज डिमांड कर रहे हैं आप उनकी बात सुन लीजिए। वो यही तो कह रहे थे कि आप एक बार बात तो कर लो। वह अपने लिए नहीं देश की जनता और युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। भास्कर टीम: वांगचुक को यहां से हटाने के बाद आगे क्या होगा? विजेता दहिया: अभी ये आशंका बनी हुई है या यू कहे कि यह कभी भी हो सकता है कि हमें डिटेन कर लिया जाए। हम गिरफ्तारी से नहीं डरते। हमें गिरफ्तार करना है तो आओ गिरफ्तार कर लो। भास्कर टीम: अभी कौन-कौन अनशन पर बैठे हैं? विजेता दहिया: बाकी पहले से जो लोग थे… नेहा, मनीष, आमिन ये तो हैं ही। एक बहादुर सिंह हैं वहां पर और आज अभिजीत दीपके ने भी जॉइन कर लिया हैं। भास्कर टीम: दुष्यंत-दिग्विजय चौटाला भी आए थे यहां? विजेता दहिया: संसद मार्च के लिए हरियाणा से भी काफी लोग आ रहे हैं, क्योंकि अगर उसूलों पर आंच आएगी तो बोलना जरूरी है। हरियाणा में तो हम ऐसे कहते हैं कि भाई वीरों की भूमि है, हम किसी से डरते नहीं हैं। पेपर लीक के विरोध में हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा। यहां पर देखिए उन बच्चों की फोटो लगी हुई है जिन्होंने पेपर लीक के बाद सुसाइड कर लिया। मगर सरकार को कोई मतलब नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी विदेश में जाकर मेलोडी- मेलोडी कर रहे थे। भास्कर टीम: लोगों की भीड़ बढ़ी है या इसमें कमी आई है? विजेता दहिया: जब हम 20 जून को यहां पर आए तब पहले कुछ दिनों तक काफी भीड़ थी, फिर थोड़ी कम हुई, फिर सोनम सर आए तो भीड़ बढ़ गई, फिर थोड़ी कम हुई, तो ऐसे ऊपर नीचे चलता रहता है। पिछले तीन-चार दिन से ही काफी ज्यादा मोमेंटम ये पकड़ रहा था और आज तो मतलब एकदम से बहुत ज्यादा ऊपर चला गया। भास्कर टीम: हरियाणा में मोदी जी ने हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन किया? विजेता दहिया: ये कभी कहते हैं स्पेस टेक्नोलॉजी से रोड बनाएंगे, कभी वो नाले की गैस से चाय बनाएंगे। कभी बादलों से रडार को रोक देंगे। मगर जमीनी हकीकत ये है कि हरियाणा में कितने सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, ओवरऑल पूरे देश में ही हो रहे हैं। पिछले 10 साल में 94,000 के आसपास स्कूल्स बंद हो चुके। सरकार को सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था पर जोर देना चाहिए और इसे बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। ऐसी-ऐसी सिचुएशन हमने सुनी है कि डेड बॉडी को चूहों ने कुतर दिया, सरकार को बेसिक चीजों पर ध्यान देना चाहिए। क्या है पूरा मामला? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विरोध में 16 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी की डिजिटल शुरुआत हुई थी। 6 जून 2026 से इसका जमीनी प्रदर्शन शुरू हुआ, जो मुख्य रूप से NEET-UG पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। शिक्षाविद और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक भी छात्रों के अधिकारों के समर्थन में खुद को “मानद कॉकरोच” बताकर 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। 21 दिनों के उपवास के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ा और 9.5 किलो वजन घट गया। इसके बाद 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनकी पत्नी ने इसे ‘अवैध हिरासत’ बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। हरियाणा के रहने वाले हैं विजेता दहिया विजेता दहिया हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग के बाद विदेश मंत्रालय में एसएससी-सीजीएल (SSC-CGL) के जरिये नौकरी की। सिस्टम से मोहभंग होने पर सरकारी नौकरी छोड़ दी और ‘भाड़ में जाए वो नौकरी’ नाम की चर्चित किताब लिखी। वे यूट्यूबर ध्रुव राठी के लिए रिसर्च और स्क्रिप्ट राइटिंग का काम भी कर चुके हैं और अब CJP मूवमेंट का प्रमुख चेहरा हैं। बोले- डर गए तो समझो मर गए
भास्कर टीम से बातचीत के अंत दहिया ने तीखे तेवर में कहा कि आज देश में हर इंसान असुरक्षित है, चाहे वो अस्पताल हो, सड़क हो या ट्रेन। उन्होंने दो टूक कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं, अगर मुझे भी गिरफ्तार करना है तो कर लें। मैं यहीं जंतर-मंतर पर बैठा हूं”। अपनी बात के अंत में उन्होंने मशहूर शायर फैज़ अहमद फैज़ की नज़्म – “बोल के लब आज़ाद हैं तेरे….” का जिक्र करते हुए युवाओं से हक की आवाज बुलंद करने की अपील की। ———————— ये खबर भी पढ़ें… यूट्यूबर ध्रुव राठी का साथी कॉकरोच जनता पार्टी का प्रवक्ता:विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिल्में बना चुके; पढ़िए सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पार्टी की कोर टीम में शामिल सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी भी काफी दिलचस्प है। विजेता CJP के तीन प्रवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने दिल्ली से इंजीनियरिंग की, विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिर उसे छोड़कर हरियाणवी फिल्में, लेखन और कंटेंट क्रिएशन की राह चुनी। (पूरी खबर पढ़ें)



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