संभल और मुरादाबाद के पूर्व सांसद तथा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क की दूसरी बरसी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सांसद, विधायक सहित हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने डॉ. बर्क के जनसेवा के कार्यों को याद किया और कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उक्त कार्यक्रम रविवार शाम 6 बजे संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के महमूद खां सराय स्थित एक बैंक्वेट हॉल में हुआ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे डॉ. बर्क के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें गरीबों और वंचितों का सच्चा नेता बताया गया। इस दौरान उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। 4 तस्वीरें देखिए… संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद और डॉ. बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क ने अपने संबोधन में कहा कि उनके दादा डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के प्रति लोगों का प्यार आज भी बरकरार है। उन्होंने बताया कि डॉ. बर्क की यादें और उनका राजनीतिक सफर लोगों के दिलों में जीवित है। सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि उनके दादा ने हमेशा आम लोगों की आवाज उठाई, चाहे वह जमीन पर हो, विधानसभा में या संसद में। उन्होंने हर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और कभी समझौता नहीं किया। जियाउर्रहमान बर्क ने आगे कहा कि जनता का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने संकल्प लिया कि वह हमेशा क्षेत्र की जनता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करते रहेंगे। इस अवसर पर रामपुर के सपा सांसद मोहिबुल्लाह, सपा विधायक कमाल अख्तर, सपा विधायक फहीम इरफान, सपा विधायक इकबाल महमूद के पुत्र सुहैल इकबाल, सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी, पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान, जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट, हाजी अनीस, मौलाना कलीम अशरफ, मौलाना फाजिल, मौलाना शरीफ और मौलाना फैजान अशरफ सहित हजारों लोग मौजूद थे।
किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड के गंधर्वडांगा थाना क्षेत्र के तलबारबंधा गांव में रविवार शाम एक बुजुर्ग महिला का शव मक्के के खेत से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शव महिला के घर से लगभग 500 से 600 मीटर दूर मक्के के खेत में मिला। मृतका की पहचान 60 वर्षीय उमेदा खातून उर्फ नेंगरी के रूप में हुई है, जो तलबारबंधा वार्ड नंबर 12 निवासी पूर्व वार्ड सदस्य लजमुद्दीन उर्फ बमका की पहली पत्नी थीं। प्रत्यक्षद्रशियो के अनुसार उनके सीने पर धारदार हथियार से गहरे घाव के निशान पाए गए हैं। शनिवार शाम करीब 6-7 बजे कुछ लोगों ने मक्के के खेत में शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। गंधर्वडांगा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई। परिजनों को लगा रिश्तेदार के घर गई होगी परिवार के सदस्यों ने बताया कि महिला शनिवार से अपने घर से लापता थीं। उनकी गुमशुदगी की कोई सूचना गंधर्वडांगा थाने में नहीं दी गई थी। परिजनों को लगा था कि वह किसी रिश्तेदार के घर गई होंगी। रविवार शाम शव मिलने के बाद परिजनों में चिंता और इलाके में चर्चा का विषय बन गया। वही गंधर्वडांगा थाना की पुलिस को आशंका है कि महिला की हत्या कर शव को मक्के के खेत में फेंका गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
धार जिले के सरदारपुर स्थित सब जेल में रविवार शाम को विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धार के सचिव प्रदीप कुमार सोनी ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और विधिक सेवाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता, जमानत याचिका, अपील प्रक्रिया और अन्य कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया गया। सचिव प्रदीप कुमार सोनी ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बंदियों को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर जेल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। कार्यक्रम में सहायक जेल अधीक्षक संजय कुमार परमार, वारंट शाखा प्रभारी सियाराम लिमनपुरे, प्रहरी राजकुमार अहिरवार, विकम भाबोर, घनश्याम प्रजापति सहित अन्य ड्यूटीरत कर्मचारी मौजूद रहे।
कुकर में बनाएं ढाबा स्टाइल मटन करी, ये रही सबसे आसान और स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी
Last Updated:
Mutton Curry Recipe: नॉनवेज का नाम सुनते ही शौकीनों के मुंह में पानी आ जाना लाजमी है. चाहे छुट्टी का दिन हो या घर पर कोई खास मेहमान, मटन की खुशबू ही भूख बढ़ा देती है. अक्सर लोग होटल और ढाबे जैसा स्वाद घर पर नहीं ला पाते, लेकिन अब आपकी यह शिकायत दूर होने वाली है. अगर आप भी मटन को घर पर बिल्कुल प्रोफेशनल अंदाज में बनाना चाहते हैं, तो यह खास रेसिपी आपके लिए है. महज कुछ घरेलू मसालों और सही तरीके से की गई ‘भुनाई’ के साथ आप घर के ही किचन में वो जादुई स्वाद पैदा कर सकते हैं, जिसके लिए लोग दूर-दूर के होटलों में जाते हैं. आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप मटन करी बनाने की सबसे आसान विधि.
नॉनवेज का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. लोग इसको खाने के लिए ढाबे, होटल या फिर घरों में बनाकर इसका सेवन करते हैं. ऐसे मगर आप भी मटन को घर पर बनाना चाहते हैं तो यह रेसिपी से आप इसको घर में जाकर जान बन सकते हैं.
घर में होटल जैसा मटन बनाने के लिए आप को ज्यादा परेशान होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और यह है कुछ ही मिनट में आपका तैयार हो जाएगा. इसको बनाने के लिए आप को कुछ गर्म मसाले और घर में मौजूद इन आइटमों का प्रयोग करना होगा.
अगर आप घर में मटन करी बनाना चाहते हैं तो आप हमारे द्वारा बताए गए इन रेसिपी को अपना कर घर पर ही एक जायके दार मटन करी बना सकते हैं. इसके लिए आपको 1 केजी अच्छा बकरे का मटन लेना होगा. और इसमें डालने के लिए लगभग 400 ग्राम खड़ी प्याज लेनी पड़ेगी.
Add News18 as Preferred Source on Google
जैसे ही कुकर की गैस निकल जाए, और अगर वह पक गया है तो उसमें अपने स्वादा अनुसार पानी डाल दे. और थोड़ा गैस में 5 मिनट पका दे. जैसे ही मटन हाथों से टूटने लगे गैस को बंद करके उसमें हरा धनिया डाल दे. जिसके बाद मटन करी पूरी तरह से तैयार हो जाती है
इसको बनाने से पहले मटन को पहले साफ पानी से अच्छी तरह धूल ले, इसके बाद कुकर में लगभग 250 ग्राम सरसों का तेल डालकर उसको अच्छी तरह गर्म करे. तेल गर्म होने के बाद उसमें खड़े गरम मसाले बड़ी इलायची, लौंग, काली मिर्च, डोडा, चकरफुल, जावित्री, तेज पत्ता डाल दे.
गरम मसाले के डालने के बाद अच्छे से खुशबू आने तक लगभग 1 मिनट तक उसको पकाए, फिर उसमें लगभग 400 ग्राम हाथों से कटा महीन प्याज डालकर भुजे, जब तक वह गोल्डन न हो जाए. उसके बाद पूरा मटन डालकर उसकी लगभग 15 मिनट उसकी भुजाई करे.
जैसे ही उसकी भुजाई हो जाए. फिर उसमें एक चम्मच अदरक लहसुन का पेस्ट डाल दें. उसके बाद फिर उसको लगभग 5 मिनट भुजने के बाद उसमें पीसे मसले, जैसे धनिया मिर्च, हल्दी, गरम मसाला, मीट मसाला, नमक डालकर लगभग 15 मिनट तक उसकी भुजाई कर दे.
बता दे कि उसकी भुजाई तब तक करनी है, जब तक उसमें से महका न आने लगे और जब तक मसाले तेल न छोड़ दे. अच्छे से भुजाई करने के बाद उसमें पानी डालकर उसको बंद करके उसकी तीन सीटी बजा देनी है. और फिर गैस को एक दम बंद कर देना है. और कुकर की गैस निकल जाने तक इसका इंतजार करना है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मदर्स डे पर अगर आप अपनी मां को ऐसा तोहफा देना चाहते हैं जो जिंदगीभर उनके काम आए, तो उनके नाम घर खरीदना सबसे खास फैसला हो सकता है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं के नाम पर घर लेने पर सरकार लाखों रुपये की सब्सिडी और कई अतिरिक्त फायदे दे रही है. इससे न सिर्फ घर खरीदना आसान हो रहा है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत बन रही है. कम EMI, रजिस्ट्री में छूट और मालिकाना हक जैसे फायदे इस योजना को महिलाओं के लिए बेहद खास बना रहे हैं.
ख़बरें फटाफट
मदर्स डे पर मां के नाम घर खरीदें और पाएं लाखों की सब्सिडी, जानिए PMAY के फायदे. (Representative Image:AI)
नई दिल्ली. मदर्स डे के मौके पर अगर आप अपनी मां या पत्नी को सबसे बड़ा और सुरक्षित तोहफा देना चाहते हैं, तो घर उनके नाम खरीदना एक शानदार फैसला हो सकता है. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना यानी PMAY के तहत महिलाओं के नाम पर घर खरीदने पर कई बड़े फायदे मिलते हैं. इसमें लाखों रुपये की सब्सिडी, होम लोन पर राहत और कई राज्यों में रजिस्ट्री शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
महिलाओं को घर का मालिक बनाने पर सरकार का जोर प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य सिर्फ लोगों को घर देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना भी है. इसी वजह से PMAY के तहत कई मामलों में घर का मालिकाना हक महिला के नाम होना जरूरी रखा गया है. सरकार चाहती है कि महिलाएं परिवार में सिर्फ जिम्मेदारी निभाने तक सीमित न रहें, बल्कि संपत्ति की मालिक भी बनें. यही कारण है कि योजना में मां, पत्नी या परिवार की किसी महिला सदस्य के नाम पर घर लेने को विशेष प्राथमिकता दी जाती है. इससे महिलाओं को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा भी मिलती है.
लाखों रुपये की सब्सिडी से कम होता है लोन का बोझ PMAY के तहत पात्र लोगों को होम लोन पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है. आय वर्ग के अनुसार यह सब्सिडी लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. इससे घर खरीदने वालों की EMI का बोझ काफी कम हो जाता है. खास बात यह है कि अगर घर महिला के नाम पर लिया जाता है, तो आवेदन को अधिक प्राथमिकता मिल सकती है. सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अपने नाम से संपत्ति की मालिक बनें और भविष्य के लिए सुरक्षित रहें. छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है.
रजिस्ट्री और टैक्स में भी मिलता है फायदा कई राज्यों में महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्टर कराने पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी जाती है. इससे घर खरीदने की कुल लागत कम हो जाती है. उदाहरण के तौर पर कुछ राज्यों में महिलाओं को 1 से 2 प्रतिशत तक स्टांप ड्यूटी में राहत मिलती है. इसके अलावा भविष्य में प्रॉपर्टी टैक्स में भी कुछ स्थानों पर विशेष छूट मिल सकती है. यानी महिला के नाम घर खरीदना सिर्फ भावनात्मक फैसला नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित हो सकता है.
महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के नाम संपत्ति होना परिवार की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद अहम है. इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आर्थिक फैसलों में ज्यादा मजबूत भूमिका निभा पाती हैं. अगर भविष्य में किसी तरह की पारिवारिक या आर्थिक समस्या आती है, तो संपत्ति का मालिकाना हक महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है. यही वजह है कि सरकार लगातार महिला स्वामित्व वाले घरों को बढ़ावा दे रही है. डिजिटल बैंकिंग और आसान होम लोन प्रक्रिया ने भी महिलाओं के लिए घर खरीदना पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है.
मदर्स डे पर मां को दें सुरक्षित भविष्य का सबसे बड़ा तोहफा मदर्स डे पर अक्सर लोग महंगे गिफ्ट या सरप्राइज प्लान करते हैं, लेकिन मां के नाम घर खरीदना जिंदगीभर काम आने वाला उपहार साबित हो सकता है. PMAY जैसी योजनाएं इस सपने को साकार करने में बड़ी मदद कर रही हैं. कम ब्याज, सब्सिडी, रजिस्ट्री में छूट और सरकारी सहायता के कारण अब अपना घर लेना पहले से ज्यादा आसान हो गया है. ऐसे में अगर कोई परिवार मां या पत्नी के नाम पर घर खरीदने का फैसला करता है, तो यह सिर्फ एक प्रॉपर्टी निवेश नहीं बल्कि पूरे परिवार के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है.
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
PM Modi Work From Home Statement: पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित तरीके से उपयोग करना समय की मांग है. उन्होंने कहा कि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा.
ख़बरें फटाफट
पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने पर जोर दिया.
हैदराबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देना होगा. इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल और डीजल का संयम से इस्तेमाल करने पर जोर दिया. पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले दो महीने से हमारे पड़ोस में ही इतना बड़ा युद्ध चल रहा है इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है और भारत पर तो और भी गंभीर असर हुआ है.’ वह हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने आगे कहा, ‘भारत के पास बड़े-बड़े तेल के कुएं नहीं है. हमें अपनी जरूरत का पेट्रोल, डीजल, गैस, यह सब बहुत बड़ी मात्रा में दुनिया के दूसरे देशों से, बाहर से मंगाना पड़ता है. युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर के दाम बहुत अधिक बढ़ चुके हैं. आसमान को भी पार कर गए हैं.’
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमने कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम की, ऑनलाइन मीटिंग्स की, वीडियो कांफ्रेंस की… ऐसी अनेक व्यवस्थाएं विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी. आज समय की मांग ऐसी है कि उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें, तो वो देशहित में होगा और इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है.’
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज जो संकट है उसमें हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना होगा. क्योंकि दुनिया में पेट्रोल-डीजल इतना ज्यादा महंगा हो गया है, इसलिए हम सबका दायित्व है कि पेट्रोल-डीजल की खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होती है तो पेट्रोल डीजल बचाकर हमें वो मुद्रा भी बचानी है.’
उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज सुधार एक्सप्रेस पर सवार है और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी तैयार कर रहा है. उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना के हर परिवार को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि केंद्र सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए और भी तेजी से काम करती रहेगी.
पश्चिम एशिया में जंग के बीच पीएम मोदी की जनता से बड़ी अपील 1. वैश्विक युद्ध का असर: पड़ोस में चल रहे युद्ध का भारत समेत पूरी दुनिया पर गंभीर प्रभाव पड़ा है. 2. तेल संकट की चुनौती: भारत के पास पर्याप्त तेल संसाधन नहीं, सप्लाई चेन बाधित होने से मुश्किलें बढ़ रही हैं. 3. सरकार उठा रही बोझ: आम नागरिकों पर भार न पड़े, इसके लिए सरकार खुद आर्थिक दबाव झेल रही है. 4. ईंधन बचत का संकल्प: पेट्रोल-डीजल का उपयोग सीमित करने की अपील. 5. पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर: जहां मेट्रो उपलब्ध हो, वहीं उसका उपयोग करें. 6. कार पूलिंग को बढ़ावा: निजी वाहन जरूरी हो तो साथ में ज्यादा लोगों को लेकर चलें. 7. विदेश यात्रा टालने की अपील: एक साल तक विदेश घूमने और शादियों में जाने से बचें, देश में ही पर्यटन करें. 8. विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर: अनावश्यक खर्च कम कर देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दें. 9. सोना खरीदने से बचें: एक साल तक सोने की खरीदारी न करने का संकल्प लें. 10. आत्मनिर्भरता पर बल: ऐसे कदमों से दूरी बनाएं जो भारत को आत्मनिर्भर बनने से रोकते हैं.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
वो जो पर्दे पर आते ही तहलका मचा देती थीं. वो जो जिसके राज कपूर संग खूब चर्चे हुए थे. अपने करियर में ज्यादातर हिट देकर जिसने अपनी अलग पहचान बनाई. आगे चलकर सुपरस्टार की पत्नी बनीं. लेकिन लाडले बेटे को स्टार बनते न देख पाईं.
नई दिल्ली. सादगी की मिसाल कही जाने वाली वो अप्सरा सी हसीना. अपनी एक्टिंग से जो लोगों को अपना मुरीद बना दिया करती थीं. जिस हसीना के पति भी इंडस्ट्री में धाक जमाए बैठे थे. वही बदनसीब अपने बेटे को हीरो बनते हुए न देख सकी और पहले ही दुनिया छोड़ गईं.
हम बात कर रहे हैं, इंडस्ट्री की जानी मानी एक्ट्रेस नरगिस की.वो अपने दौर की हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं. वह अपने किरदारों में जान फूंक दिया करती थीं. उनके हिस्से वही फिल्में आईं, जो सिनेमा की दुनिया में इतिहास बन गए.
नरगिस ने सुनील दत्त से शादी की थी. उनके बेटे संजय ने भी एक्टिंग की दुनिया में ही करियर बनाया है. संजय दत्त की फिल्म ‘रॉकी’ की रिलीज पहले ही उनकी मां नरगिस दत्त ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.
Add News18 as Preferred Source on Google
दरअसल, जिस वक्त नरगिस बहुत बीमार थीं और कैंसर से जूझ रही थी. उसी वक्त के दौरान संजय दत्त की फिल्म रिलीज होने वाली थीं. नरगिस भी इस फिल्म के प्रीमियर का हिस्सा बनना चाहती थीं.उन्होंने जिद पकड़ रखी थी कि वह प्रीमियर जरूर देखेंगी.
नर्गिस पहले से ही काफी बीमार थीं. वह कोमा में चली गई थीं. डॉक्टर ने तो उनके दोबारा ठीक ने होने तक की बात कह दी थी. लेकिन किस्मत ने जोर दिया और वह ठीक हुईं, लेकिन उन्होंने इच्छा जताई कि वह संजय की फिल्म का प्रीमियर देखना चाहती थीं.
सुनील दत्त ने सारी तैयारिया कर ली थीं. थिएटर के बाहर एंबुलेंस खड़ी की गई. थिएटर में व्हील चैयर भी रखी गईं. उन्होंने सुनील दत्त से कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया जाए. क्योंकि वह इस फिल्म को मिस नहीं करना चाहती थीं.
इसके बाद फिल्म के प्रीमियर के लिए थिएटर के अंदर भी उनकी सीट सुनील दत्त और संजय दत्त के बीच तय की गई थी. सबकुछ तैयार था, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था और उसी दौरान ठीक तीन दिन पहले ही नरगिस का निधन हो गया. 3 मई 1981 को नर्गिस ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
सुनील दत्त और संजय दत्त की तो दुनिया ही उजड़ गई थी. उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.बाद में जब ये फिल्म रिलीज हुई तो, फिल्म हिट साबित हुई लेकिन संजय दत्त के घर पर जश्न के बजाय मातम पसरा हुआ था. सुनील दत्त को ताउम्र ये पछतावा रहा था कि वह नरगिस की ये इच्छा पूरी नहीं कर सके थे.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
किम जोंग-उन इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के लॉन्च का निरीक्षण करते हुए। फाइल फोटो।
उत्तर कोरिया ने अपने संविधान और परमाणु नीति में बड़ा बदलाव करते हुए नया प्रावधान जोड़ा है। अब अगर देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन की हत्या हो जाती है या किसी विदेशी हमले के दौरान वे लीडरशिप करने की हालात में नहीं रहते, तो उत्तर कोरिया तुरंत परमाणु हमला करेगा।
ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बदलाव मार्च में तेहरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद किया गया। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई सीनियर ईरानी अधिकारियों की मौत हो गई थी।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी के मुताबिक, इन हमलों ने प्योंगयांग को सोचने पर मजबूर कर दिया और उत्तर कोरिया को डर सताने लगा कि भविष्य में ऐसा ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ यानी टॉप लीडरशिप को खत्म करने वाला हमला उसके खिलाफ भी हो सकता है।
यह नया प्रावधान 22 मार्च को प्योंगयांग में शुरू हुए 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के पहले सत्र के दौरान अपनाया गया। बाद में दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने सीनियर सरकारी अधिकारियों को इस बदलाव की जानकारी दी।
नॉर्थ कोरिया की 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली (संसदीय सत्र) के दौरान देश के संविधान में बदलाव किया गया।
क्यों बदली गई उत्तर कोरिया की परमाणु नीति?
डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान पर हुए हमलों ने उत्तर कोरिया की लीडरशिप को झकझोर दिया। हमलों की तेजी और सटीकता देखकर प्योंगयांग को लगा कि विदेशी शक्तियां किम जोंग-उन और उत्तर कोरियाई मिलिट्री लीडरशिप के खिलाफ भी इसी तरह का ऑपरेशन कर सकती हैं।
सियोल स्थित कूकमिन यूनिवर्सिटी में इतिहास और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर आंद्रेई लांकोव ने मीडिया से कहा कि ईरान पर हुआ ऑपरेशन उत्तर कोरिया के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत बन गया।
लांकोव ने कहा कि ईरान एक वेक-अप कॉल था। उत्तर कोरिया ने देखा कि अमेरिका और इजराइल के डिकैपिटेशन हमले कितने प्रभावी थे, जिन्होंने तुरंत ईरानी लीडरशिप के बड़े हिस्से को खत्म कर दिया। अब उत्तर कोरिया बेहद डरा हुआ होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संभव है ऐसी नीति पहले अनौपचारिक रूप से मौजूद रही हो, लेकिन अब इसे संविधान का हिस्सा बना दिया गया है, इसलिए इसका महत्व बढ़ गया है।
तेहरान में 28 फरवरी को ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दफ्तर पर हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
उत्तर कोरिया में हमला करना मुश्किल
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ईरान के मुकाबले उत्तर कोरिया में ऐसा हमला करना कहीं ज्यादा मुश्किल होगा। उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे बंद देशों में से एक है। वहां विदेशी डिप्लोमैट्स, सहायता कर्मियों और कारोबारियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है, जिससे खुफिया जानकारी जुटाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
लोकल ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली खुफिया एजेंसियों ने ईरानी नेताओं पर नजर रखने के लिए हैक किए गए ट्रैफिक कैमरों और डिजिटल सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल किया था।
हालांकि प्योंगयांग में ऐसा करना बहुत कठिन होगा, क्योंकि उत्तर कोरिया में CCTV नेटवर्क सीमित है और वहां इंटरनेट सिस्टम पर सरकार का कड़ा कंट्रोल है।
किम जोंग-उन अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी बेहद सख्त माने जाते हैं। वे आमतौर पर भारी हथियारों से लैस बॉडीगार्ड्स के बड़े ग्रुप के साथ यात्रा करते हैं और हवाई यात्रा से बचते हैं। इसके बजाय वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिए बख्तरबंद ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं।
फुटेज अप्रैल 2019 की है। उस समय भी किम जोंग ट्रेन से ही रूस दौरे पर गए थे। (क्रेडिट-ग्लोबल टाइम्स)
उत्तर कोरिया को सैटेलाइट ट्रैकिंग तकनीक से डर
प्रोफेसर लांकोव ने कहा कि उत्तर कोरिया अब पारंपरिक जासूसी से ज्यादा सैटेलाइट ट्रैकिंग तकनीक से डरता है।
उन्होंने कहा-
उनका (किम जोंग) सबसे बड़ा डर सैटेलाइट तकनीक से मिलने वाली जानकारी है। उनकी चिंता गलत भी नहीं है, क्योंकि किसी भी संघर्ष की शुरुआत में लीडरशिप को खत्म करना निर्णायक साबित हो सकता है।
लांकोव के मुताबिक, अगर किम जोंग-उन पर हमला होता है तो उत्तर कोरिया की मिलिट्री लीडरशिप परमाणु जवाबी कार्रवाई के आदेश का पालन करेगी, क्योंकि वहां के अधिकारी किसी भी विदेशी हमले को देश के अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं।
उन्होंने कहा-
मुझे दक्षिण कोरिया की तरफ से ऐसे किसी हमले की संभावना नहीं दिखती, इसलिए किसी भी जवाबी कार्रवाई का निशाना अमेरिका होगा।
उत्तर कोरिया और कौन से सैन्य कदम उठा रहा है?
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर दबाव बढ़ाते हुए बॉर्डर के पास लॉन्ग रेंज की आर्टिलरी सिस्टम तैनात करने की योजना भी घोषित की है।
सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक, किम जोंग-उन ने हाल ही में एक हथियार फैक्ट्री का दौरा किया और वहां “नई प्रकार की 155 मिलीमीटर सेल्फ-प्रोपेल्ड गन-हाउइट्जर” के प्रोडक्शन का निरीक्षण किया।
यह नया आर्टिलरी सिस्टम 60 किमी से ज्यादा दूरी तक हमला कर सकती है और इसे इसी साल दक्षिण कोरिया सीमा के पास तैनात किया जाएगा। इससे राजधानी सियोल सीधे हमले की जद में आ सकती है।
KCNA ने किम जोंग-उन के हवाले से कहा कि नया हाउइट्जर सिस्टम हमारी सेना के जमीनी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण बदलाव और बढ़त देगा।
हाल के सालों में उत्तर और दक्षिण कोरिया के संबंध लगातार खराब हुए हैं, जबकि सियोल की तरफ से कई बार शांति प्रयास किए गए। अब उत्तर कोरिया खुलकर दक्षिण कोरिया को अपना मुख्य दुश्मन बताने लगा है और उसने अपने संविधान से कोरियाई एकीकरण से जुड़े संदर्भ भी हटा दिए हैं।
उत्तर और दक्षिण कोरिया तकनीकी रूप से अब भी युद्ध की स्थिति में हैं, क्योंकि 1950-1953 का कोरियाई युद्ध केवल युद्धविराम समझौते के साथ खत्म हुआ था, किसी औपचारिक शांति संधि के साथ नहीं।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का दौरा करते हुए। यह तस्वीर 8 मई 2026 को उत्तर कोरियाई सरकार ने जारी की।
नॉर्थ कोरिया के पास अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें हैं
फिलहाल नॉर्थ कोरिया के पास कुल कितनी मिसाइलें हैं, इसका सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के पास सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें शॉर्ट रेंज, मीडियम रेंज और और लंबी दूरी (ICBM) की मिसाइलें शामिल हैं।
ICBM यानी लंबी दूरी की मिसाइलें ऐसी हैं, जो अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं। नॉर्थ कोरिया ने ह्वासोंग-15, ह्वासोंग-17 और ह्वासोंग-18 जैसी मिसाइलों की टेस्टिंग की है। इन मिसाइलों की रेंज लगभग 10,000 से 15,000 किलोमीटर तक मानी जाती है।
इसका मतलब है कि ये अमेरिका के बड़े हिस्से तक पहुंच सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स यह भी मानती हैं कि नॉर्थ कोरिया के पास करीब 50–100 के आसपास परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलें हो सकती हैं, लेकिन यह पक्का आंकड़ा नहीं है।
——————-
यह खबर भी पढ़ें…
किम जोंग बोले- परमाणु हथियार रखने का फैसला सही था:ईरान पर हमले ने हमें सच साबित किया, जीत मजबूत ताकत से तय होती है
नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने देश के पास परमाणु हथियार होने को लेकर खुशी जताई है। सरकारी मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर किए गए हमले साबित करते हैं, कि उनके देश का परमाणु हथियार रखने का फैसला सही था। पढ़ें पूरी खबर…
जयपुर में डॉक्टर्स का आंदोलन आज खत्म हो गया। डॉ. सोनदेव बंसल के परिजन संग हुई कथित तौर पर हुई मारपीट के मामले की जांच के लिए SIT का गठन करने के बाद डॉक्टरों के संगठन ने इस आंदोलन को स्थगित करने का एलान किया। इस निर्णय के बाद अब मरीजों को जयपुर के उन प्राइवेट हॉस्पिटल भी इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो गई, जहां पिछले 2-3 दिन से आंदोलन के कारण बंद थी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) राजस्थान के जोनल सचिव जोनल सचिव डॉ. अनुराग शर्मा, जयपुर मेडिकल एसोसिएशन (JMA) अध्यक्ष डॉ जगदीश मोदी, सचिव डॉ. अनुराग तोमर, प्राईवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन (PHNHA) के प्रेसिडेंट डॉ. विजय कपूर समेत तमाम संगठन के पदाधिकारियों ने आज पुलिस की एसआईटी बनाने के बाद SMS हॉस्पिटल स्थित जेएमए सभागार में बैठक बुलाई। IMA राजस्थान के जोनल सचिव जोनल सचिव डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया- इस बैठक में सभी ने आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय किया। साथ ही आज से ही मरीजों के लिए प्राइवेट हॉस्पिटलों में इलाज की सुविधा को शुरू किया गया। PHNHA के प्रेसिडेंट डॉ. विजय कपूर ने बताया- हमे और हमारे सभी संगठन को सरकार और न्यायालय पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में जब तक डॉ. बंसल और उनके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक हमारा विरोध निरंतर जारी रहेगा और आगे के घटनाक्रम पर नज़र रहेगी। पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के बाद बनी एसआईटी डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया – इससे पहले हम सभी प्रतिनिधिमंडल के तौर पर पुलिस कमिश्नर के पास गए, जहां उनको अवगत कराया कि वकीलों के एक समूह की तरफ से लगातार धमकी, दबाव, हंगामा और भय का वातावरण बनाया जा रहा है और डॉ. सोनदेव बंसल की जमानत सुनवाई में भी व्यवधान उत्पन्न किया गया। साथ ही डॉक्टरों और उनके परिवारजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच एवं सुरक्षा की मांग की गई। चिकित्सा संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग भी की गई, जिसे पुलिस कमिश्नर ने तत्काल स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की घोषणा की गई।
दरभंगा साइबर पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड और सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। बहेड़ी बाजार स्थित एक ‘कमल स्टूडियो’ में छापेमारी कर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मौके से इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट, संदिग्ध दस्तावेज और पहचान पत्र बनाने में इस्तेमाल सामग्री बरामद की गई है। साइबर एसडीपीओ सह थानाध्यक्ष विपिन बिहारी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्टूडियो में फर्जी आधार कार्ड तैयार किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए साइबर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टूडियो में छापेमारी की गई। वहां आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर, स्कैनर और अन्य डिजिटल उपकरणों की सहायता से जाली दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। भारी मात्रा में उपकरण जब्त जब्त सामग्री में कंप्यूटर सेट, प्रिंटर, स्कैनर, डिजिटल डेटा स्टोरेज डिवाइस, संदिग्ध आधार कार्ड, फोटो एडिटिंग से संबंधित दस्तावेज शामिल है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह भोले-भाले लोगों से मोटी रकम वसूल कर फर्जी पहचान पत्र उपलब्ध कराता था। इस गिरोह का नेटवर्क केवल दरभंगा तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य जिलों से भी इसके तार जुड़े हो सकते हैं। साइबर कैफे संचालक की हुई थी गिरफ्तारी जिले में फर्जी आधार और सिम कार्ड जारी करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले केवटी और सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने ऐसे अवैध नेटवर्क का खुलासा किया था। उन मामलों में भी साइबर कैफे संचालकों की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि कुछ साइबर कैफे संचालक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी करने और पहचान पत्र तैयार करने के अवैध धंधे में संलिप्त थे। जिन प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए थे, उनमें मुख्य रूप से रोशन इंटरप्राइजेज के संचालक रोशन झा, अभिषेक इंटरप्राइजेज के संचालक अभिषेक कुमार और विवेक मोबाइल के संचालक विवेक कुमार शामिल बताए गए थे। वहीं, सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा स्थित घोड़दौड़ चौक पर संचालित ‘जानवी साइबर प्वाइंट’ में छापेमारी कर संचालक इन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया था। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस साइबर एसडीपीओ विपिन बिहारी ने बताया कि पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और किन-किन लोगों को उपलब्ध कराए गए। कहीं इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर अपराध, बैंक फ्रॉड या अन्य आपराधिक गतिविधियों में तो नहीं किया गया। इसकी जांच की जा रही है।