उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को देवरिया को 456.38 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बरहज विधानसभा क्षेत्र के नेतवार गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में कुल 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, पुल, बाढ़ एवं कटान निरोधक कार्य, शिक्षा, नगर विकास और ग्रामीण आधारभूत ढांचे से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। यह कार्यक्रम बरहज क्षेत्र के बरांव चौराहे के समीप आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 10:30 बजे गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर से प्रस्थान करेंगे। वे शुक्रवार सुबह 10:55 बजे बरहज तहसील क्षेत्र के बरांव स्थित हेलीपैड पर पहुंचेंगे। इसके बाद सीधे कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे। जानिए सीएम योगी का कार्यक्रम मुख्यमंत्री सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक बरांव में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान वे रुद्रपुर और बरहज विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, मुख्यमंत्री दोपहर 12:00 बजे कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान कर 12:05 बजे हेलीपैड पहुंचेंगे और 12:10 बजे गोरखपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। कुल 106 परियोजनाओं में से, मुख्यमंत्री 64.94 करोड़ रुपये की लागत वाली 25 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 391.44 करोड़ रुपये की लागत वाली 81 परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी। प्रशासन द्वारा इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां अंतिम चरण में पूरी कर ली गई हैं। लोकार्पण होने वाली प्रमुख परियोजनाएं मुख्यमंत्री जिन परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उनमें बाढ़ एवं कटान निरोधक कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। सरयू नदी के बाएं तट पर छितूपुर-भागलपुर तटबंध के 0.191 से 0.820 किलोमीटर के बीच 10.90 करोड़ रुपये की लागत से किया गया कटान निरोधक कार्य जनता को समर्पित किया जाएगा। इसके अलावा बरहज तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी के बाएं तट पर कपरवार-बिनटोलिया ग्राम समूह की सुरक्षा हेतु 4.52 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कटान निरोधक परियोजना का भी लोकार्पण होगा। शिक्षा क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निर्मित अकादमिक ब्लॉक एवं छात्रावास भवनों को भी जनता को समर्पित किया जाएगा। वहीं रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के नवगांव छपरा तटबंध के सुदृढ़ीकरण हेतु 6.85 करोड़ रुपये की परियोजना भी लोकार्पित की जाएगी। शिलान्यास होने वाली बड़ी परियोजनाएं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा 391.44 करोड़ रुपये की लागत से 81 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इनमें सबसे महत्वपूर्ण परियोजना बरहज विकास खंड के भदिला अव्वल गांव में प्रस्तावित 31.30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला पुल है। इसके साथ ही सोनूघाट-बरहज मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 172.26 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का शिलान्यास होगा। यह सड़क क्षेत्रीय आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी। नौरंगिया हाटा-गौरीबाजार-रुद्रपुर मार्ग के 16 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण हेतु 66.38 करोड़ रुपये की योजना भी शामिल है। इसके अलावा इंदुपुर-लवकनी मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य भी प्रस्तावित है। बाढ़ एवं कटान नियंत्रण को लेकर बड़ी पहल कार्यक्रम में बाढ़ एवं कटान नियंत्रण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। इनमें भागलपुर कस्बे की सुरक्षा हेतु 6.80 करोड़ रुपये की परियोजना, केवटलिया-मेहन तटबंध पर 4.05 करोड़ रुपये की योजना तथा छितूपुर-भागलपुर तटबंध पर 5.85 करोड़ रुपये की नई कटान निरोधक परियोजना शामिल है। इन परियोजनाओं से बरसात के मौसम में होने वाले नुकसान को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। शहरी विकास एवं अन्य परियोजनाएं मुख्यमंत्री द्वारा रुद्रपुर नगर पंचायत में बारात घर निर्माण तथा एनएसएस प्रशिक्षण केंद्र भवन के पुनर्निर्माण जैसी योजनाओं की भी आधारशिला रखी जाएगी। इन योजनाओं से शहरी और शैक्षणिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर ने बुधवार को नेतवार स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग और हेलीपैड निर्माण कार्य का जायजा लिया तथा आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पर जर्मन हैंगर पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी भी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। सड़क सुधार और व्यवस्थाएं तेज मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने रुद्रपुर-बरहज मार्ग पर बरांव चौराहे के आसपास सड़क मरम्मत का कार्य तेज कर दिया है। मदनपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिया पर स्लैब डालने और एप्रोच मार्ग तैयार करने का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। 11 स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था कार्यक्रम में आने वाले लोगों और वीआईपी अतिथियों के लिए कुल 11 स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। वीआईपी वाहनों के लिए हनुमान विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर और बरांव स्थित ब्रह्मस्थान के पास व्यवस्था की गई है। आम लोगों के वाहनों के लिए मदनपुर, बरांव, खुदिया बुजुर्ग मार्ग, बहसुआ सहकारी समिति के पास, कोल्हुआ मोड़, नेतवार बगीचा, बंद ईंट भट्ठा मोड़ तथा हरनही पुल के पास अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे को जिले के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जिसमें बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे।
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बारिश में कुछ नया खाना है? ट्राई करें राजस्थान का मशहूर ‘घेरिया’
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Ghar Par Gheriya Kaise Banaye: राजस्थान के मारवाड़ और जालौर इलाके में मानसून के मौसम में पारंपरिक स्नैक ‘घेरिया’ खूब पसंद किया जा रहा है. इसे कई जगहों पर ‘साजिया’ या ‘हाजिया’ भी कहा जाता है. गेहूं के आटे से बनने वाला यह स्नैक डीप फ्राई करने के बजाय भाप (स्टीम) में पकाया जाता है, जिससे यह समोसे-कचौड़ी के मुकाबले बेहद हेल्दी होता है. स्थानीय गृहिणी अनिता के अनुसार, अजवाइन, जीरा और हरी मिर्च के मिश्रण से तैयार इस पकवान को अंत में देसी घी और लाल मिर्च के साथ परोसा जाता है, जो बच्चों और बुजुर्गों सबका पसंदीदा है.
Monsoon Rajasthani Traditional Snacks: बारिश की ठंडी हवाएं, आसमान में छाए काले बादल और हल्की-हल्की बूंदाबांदी… ऐसे सुहावने मौसम में हर किसी का मन कुछ गरमा-गरम और चटपटा खाने का करता है. आमतौर पर लोग ऐसे समय में समोसे, कचौड़ी या मिर्ची बड़ा खाना पसंद करते हैं. लेकिन अगर आप रोज-रोज के इन तली-भुनी चीजों को खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो आज हम आपको राजस्थान के मारवाड़ इलाके का एक बेहद खास और पारंपरिक स्नैक बताने जा रहे हैं, जिसे ‘घेरिया’ कहा जाता है. जालौर सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में यह मानसून का सबसे पसंदीदा पकवान माना जाता है.
राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र की पारंपरिक रसोई का यह एक अभिन्न हिस्सा है. इस स्वादिष्ट स्नैक को अलग-अलग इलाकों में स्थानीय बोलियों के अनुसार अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है. कहीं इसे ‘साजिया’ कहा जाता है, तो कहीं इसे ‘हाजिया’ के नाम से भी पहचाना जाता है. नाम भले ही इसके अलग-अलग क्षेत्रों में बदल जाते हों, लेकिन इसे बनाने का तरीका, इसका लाजवाब स्वाद और इसकी पौष्टिकता हर जगह एक जैसी ही बेहतरीन रहती है.
स्वाद के साथ सेहत का बेहतरीन कॉम्बो
यह पारंपरिक व्यंजन सिर्फ स्वाद में ही लाजवाब नहीं होता, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद माना जाता है. बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मानसून स्नैक्स मैदे से बने होते हैं और उन्हें डीप फ्राई किया जाता है. इसके विपरीत, घेरिया की सबसे खास बात यह है कि यह शुद्ध गेहूं के आटे से बनाया जाता है और इसे पकाने में ज्यादा तेल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है. तेल की जगह इसे भाप (स्टीम) में पकाया जाता है, जिससे यह एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक बन जाता है. जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है, मारवाड़ के घरों में शाम की चाय के साथ घेरिया बनाने की होड़ मच जाती है. यह स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन बनाए रखता है.
बच्चे और बुजुर्ग सभी करते हैं पसंद
स्थानीय गृहिणी अनिता ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि हमारे यहां हर साल बारिश के मौसम में घेरिया जरूर बनाया जाता है. यह बहुत ही आसान रेसिपी है और सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ज्यादा तेल-मसालों का तामझाम नहीं होता, इसलिए यह पेट के लिए भी हल्का और हेल्दी रहता है. घर के बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं और बड़े-बुजुर्गों को भी इसका पारंपरिक स्वाद बहुत पसंद आता है. बारिश के दिनों में यह पूरे परिवार के लिए एक परफेक्ट गेट-टुगेदर स्नैक है.
घेरिया बनाने की आसान विधि
घेरिया को घर पर बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले गैस पर एक बर्तन में पानी गर्म करें. जब पानी अच्छे से उबलने लगे, तब उसमें अजवाइन, जीरा, बारीक कटी हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा मीठा सोडा डालें. इसके बाद इसमें धीरे-धीरे गेहूं का आटा मिलाएं और लकड़ी की चम्मच से लगातार चलाते रहें, ताकि मिश्रण अच्छे से मिक्स हो जाए और उसमें गुठलियां ना बनें. जब यह गाढ़ा मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब इसे स्टीम करने की प्रक्रिया शुरू करें.
इसके लिए एक कढ़ाई में पानी गर्म करें और उसके ऊपर एक छलनी रख दें. अब तैयार आटे के मिश्रण को छलनी में डालकर कुछ मिनट तक भाप में अच्छी तरह से पकाएं. जब यह अच्छी तरह पक जाए, तो इसे बाहर निकालकर प्लेट में निकालें. सर्व करते समय इसके ऊपर गरमा-गरम देसी घी डालें, साथ में ऊपर से सूखी लाल मिर्च पाउडर और बारीक कटा हरा धनिया डालकर इसे और भी स्वादिष्ट और आकर्षक बनाया जा सकता है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
संगीत की दुनिया की ‘महारानी’, जिसके आगे झुकते थे राजे-रजवाड़े, डिमांड पर चलानी पड़ी ट्रेन
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गौहर जान को आज लोग भले नहीं जानते, मगर वे आजादी से पहले भारत की मशहूर शख्सियत थीं. उन्हें पहली सेलिब्रिटी गायिका बताया जाता है. उन्होंने साल 1902 में देश की पहली ग्रामोफोन रिकॉर्डिंग करके इतिहास रचा था. उन्होंने 10 से ज्यादा भाषाओं में 600 से ज्यादा गाने गाए थे. गौहर जान अपनी बेमिसाल गायकी के साथ-साथ अपने रॉयल अंदाज के लिए भी मशहूर थीं. आप उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्हें एक कार्यक्रम में जाने के लिए उनकी स्पेशल ट्रेन की मांग तक पूरी की गई थी. उन्होंने साल 1911 में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम के सामने भी परफॉर्मेंस दी थी.
गौहर जान का असली नाम एंजेलिना योवर्ड था. (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: भारतीय संगीत के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिनके हुनर से एक नया दौर शुरू हुआ. उन्हीं में से एक बड़ा नाम हैं- गौहर जान. गौहर जान को भारत की पहली रिकॉर्डिंग स्टार और पहली सेलिब्रिटी गायिका माना जाता है. वह न सिर्फ अपनी बेमिसाल गायकी के लिए जानी जाती थीं, बल्कि अपनी ठाठ-बाठ और बेबाकी के लिए भी मशहूर थीं. गायिका की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि एक बार किसी रियासत के कार्यक्रम में जाने के लिए उन्होंने पूरी टीम के साथ सफर के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग की थी, जिसे मान भी लिया गया था.
गौहर जान का जन्म 26 जून 1873 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुआ था और उनका असली नाम एंजेलिना योवर्ड था. उनके पिता रॉबर्ट विलियम योवर्ड एक इंजीनियर थे और मां विक्टोरिया हेमिंग्स संगीत और डांस की शौकीन थीं. बचपन में ही माता-पिता के अलग होने के बाद उनकी मां ने इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम मलका जान रख लिया. एंजेलिना का भी नाम बदलकर गौहर जान हो गया. बाद में मां-बेटी कोलकाता आ गईं, जहां गौहर ने उस दौर के बड़े-बड़े उस्तादों से शास्त्रीय संगीत और कथक सीखा. उन्होंने कम उम्र में ही दरभंगा राज के दरबार से अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी.
आवाज रिकॉर्ड करवाकर रचा इतिहास
20वीं सदी की शुरुआत में जब भारत में ग्रामोफोन तकनीक आई, तो साल 1902 में गौहर जान ने अपनी आवाज रिकॉर्ड करवाकर इतिहास रच दिया. उस जमाने में रिकॉर्डिंग का समय सिर्फ तीन मिनट का होता था, इसलिए उन्होंने लंबे शास्त्रीय गानों को छोटे समय में समेटने की गजब की कला सीखी. हर रिकॉर्डिंग के खत्म होने पर उनका शान से यह कहना कि ‘माय नेम इज गौहर जान’ उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया. उन्होंने साल 1902 से 1920 के बीच 10 से ज्यादा भाषाओं में 600 से भी अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जो उस समय के हिसाब से एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड था.
आखिरी दिनों में बनीं दरबारी संगीतकार
गौहर जान की दीवानगी ऐसी थी कि उस दौर में उनकी तस्वीरें पोस्टकार्डों पर छपती थीं और वह एक इवेंट के लिए भारी-भरकम फीस लेती थीं. उन्हें साल 1911 में दिल्ली दरबार में ब्रिटेन के सम्राट जॉर्ज पंचम के सामने परफॉर्म करने का मौका मिला, जो किसी भी कलाकार के लिए बहुत गर्व की बात थी. जिंदगी के आखिरी दिनों में वह मैसूर के महाराजा कृष्णराज वाडियार चतुर्थ के बुलावे पर वहां की दरबारी संगीतकार बनीं. हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ उनकी सेहत बिगड़ने लगी और आखिरकार 17 जनवरी 1930 को मैसूर में इस महान गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, 3 लोगों की मौत: रतलाम में 10 से ज्यादा झुलसे, 5 गंभीर; मुहर्रम जुलूस में 200 लोग थे शामिल – Ratlam News
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार रात ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में 10 से अधिक लोग आ गए। इनमें 3 की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में 5 की हालत गंभीर है। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना पिपलोदा के हतनारा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। हालांकि अरबाज के परिजन उसे अस्पताल से कहीं और ले गए। इस कारण प्रशासन ने 2 मौतों की पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर रविंद्र सोलंकी ने 3 मौतों की पुष्टि की है। घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों में अनास पिता अकरम (16), मोइन शाह पिता इश्क शाह (35), रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद और वहीद शामिल हैं। वहीं इब्राहिम पिता हनीफ को रतलाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… करीब 200 लोग जुलूस में थे शामिल प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी ने बताया कि मुहर्रम के अवसर पर हतनारा गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली लाइन काफी नीचे थी। ताजिया के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और आगे चल रहे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी। हादसे के वक्त का वीडियो भी आया सामने घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें करंट लगने के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग जमीन पर पड़े दिख रहे हैं। आसपास के लोग घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। ड्यूटी डॉक्टर बोले- तीन लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था रतलाम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रविंद्र सोलंकी ने बताया कि तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। 3 मृतकों में से 2 के परिजन औपचारिक कागजी प्रक्रिया पूरी किए बिना उन्हें अपने साथ ले गए। उन्हें बता दिया गया था कि उनकी धड़कनें बंद हो चुकी हैं। एएसपी बोले- हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद हुआ हादसा रतलाम एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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एमआईए की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण: राजेंद्र गहलोत बोले: इंडस्ट्री के विकास और समस्याओं के लिए करेंगे प्रयास, सीनियर बिजनेसमैन को किया सम्मानित – Jodhpur News
मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी वर्ष का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ठ उद्यमी सम्मान समारोह मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के जगशांति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यों एवं एसोसिएशन के ऑडिटोरियम की सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के बारे में बताए ताकि समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने जोधपुर, पाली एवं बालोतरा की बंद यूनिट को दोबारा संचालित करवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मेंडका भरोसा दिलाया।
इन्हें दिलाई शपथ
पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने एमआईए की 43 वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इसमें राकेश कुमार बंसल अध्यक्ष, भंवरलाल भूतड़ा एवं ओपी भंसाली उपाध्यक्ष, विनोद परिहार सचिव, नवरतनमल बैद एवं राजीव चैपड़ा सहसचिव, रमन सिंघल कोषाध्यक्ष, दिलीप सोनी निवर्तमान अध्यक्ष सहित अक्षय अग्रवाल, अमन त्रेहान, अनुपम शर्मा, दिव्येश परिहार, गजेन्द्र सोलंकी, गुमानाराम जांगिड़, गणेश चैधरी, इमरान खान, जयेश खत्री, मनोज जैन, मनोज भण्डारी, निर्मल मालू, पीयूष लूणिया, राजेश बांठिया, रचित माहेश्वरी, को कार्यकारिणी सदस्यों एवं अनिल गहलोत, अरूण सिंघल, दिनेश सोनी, कैलाश विश्नोई, सिद्धार्थ कंसारा एवं सिद्धार्थ सुराणा को सहवृत्त सदस्यों के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पूर्व चुनाव अधिकारी उपेन्द्र भंसाली ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों व सहवृत्त सदस्यों को मंच पर शपथग्रहण हेतु आमंत्रित किया।
रीको लि. के पूर्व स्वतंत्र निदेशक सुनील परिहार ने एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को दोबारा संचालित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य सरकार द्वारा समय रहते प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरणीय मानकों में भी संशोधन किया जाना चाहिए। ताकि उद्योगों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए ताकि 7 लाख से अधिक प्रभावित रोजगार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
सीनियर उद्यमियों का किया सम्मान
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री ओमकार वर्मा ने कहा- जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के उद्योगों की तालाबंदी केवल राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता के कारण ही संभव हुई है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार द्वारा समय रहते माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी करते हुए बंद पड़े उद्योगों के शीघ्र संचालित करने हेतु त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में एमआईए द्वारा वरिष्ठ उद्यमी कैलाशराज टाटिया और विमलराज सिंघवी को वरिष्ठ उद्यमी सम्मान से सम्मानित किया गया।
एमआईए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेशकुमार बंसल एवं नवनिर्वाचित सचिव विनोद परिहार ने एसोसिएशन की कार्यकारिणी के निर्विरोध निर्वाचन पर सभी उद्यमियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार से सम्बंधित कई समस्याओं को लेकर प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योग त्रस्त है। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए दोबारा संचालित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम क शुरुआत में एमआईए अध्यक्ष राकेश कुमार बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनके कार्यकाल के बारे में जानकारी दी। सचिव विनोद परिहार ने सालभर की एक्टिविटी के बारे में बताया। संचालन एमआईए के सहसचिव राजीव चैपड़ा ने किया। कार्य्रम में ये रहे में ये रहे मौजूद
समारोह में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी दक्षिण के पूर्व अध्यक्ष नरेश जोशी एवं जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी उत्तर के पूर्व अध्यक्ष सलीम खान, रीको बोरानाडा के उपमहाप्रबंधक विनीत गुप्ता, रीको जोधपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक सुशील कटियार एवं क्षेत्रीय प्रबंधक मितेश रतनानी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र से पूनम राठौड़ एवं ओमप्रकाश चैधरी, एचडीएफसी बैंक के कलस्टर हैड अमित भण्डारी, एचडीएफसी बासनी शाखा के शाखा प्रबंधक निर्मल गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक बासनी के शाखा प्रबंधक सुधीर पारीक, आईडीबीआई बैंक बासनी के ब्रांच हैड अभिमन्यूसिंह बराड़, जोधपुर डिस्काॅम के सहायक अभियंता बी-चतुर्थ संदीप पंवार एवं पंकज चैहान, वरिष्ठ उद्यमी रावलचंद चैपड़ा, कैलाशराज टाटिया, प्रकाश संचेती, रामजीलाल लीला, किशनसिंह देवड़ा, किशनलाल गर्ग, विष्णु मित्तल, राहुल सिंघवी, जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया, पूर्व अध्यक्ष एनके जैन, लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रांत अध्यक्ष महावीर चैपड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष पंकज भण्डारी एवं सचिव राकेश चोरड़िया, बोरानाडा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सुराणा एवं सचिव राजेश सोलंकी, एमआईए के पूर्व अध्यक्ष कैलाश एन. कंसारा, कमल मेहता, डॉ .एसके शर्मा, कमल सिंघवी, उमेश लीला, प्रदीप डाकलिया, उपेन्द्र भंसाली, योगेश माहेश्वरी, भंवरलाल चैपड़ा सहित नरेन्द्र छाजेड़, नरेन्द्र शर्मा, मुकेश खत्री, अशोक एस. तातेड़, धनराज गुणपाल, केके लूंकड़, लक्ष्मीनारायण भाटी, हरदीपसिंह सलूजा, गौरव भंसाली, जितेन्द्र बोहरा, पार्षद योगेश गहलोत सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।
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गोरखपुर रामगढ़ताल में हुड़दंग मचाते 8 गिरफ्तार: लक्जरी गाड़ियों से आधी रात किया हंगामा, पुलिस हिरासत में हंसता रहा सुल्तान – Gorakhpur News
गोरखपुर रामगढ़ताल की नौकायन चौकी के पास हुड़दंग करते हुए 8 मनबढ़ों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसमे एक आरोपी सुल्तान पुलिस की हिरासत में भी हंसता रहा। गोरखपुर रामगढ़ताल की नौकायन पुलिस चौकी के पास बुधवार देर रात फार्च्यूनर समेत तीन वाहनों से पहुंचे युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया। बीच सड़क वाहन खड़ा कर शोर-शराबा करने और राहगीरों से विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। तब मनबढ़ पुलिस से ही उलझ गए। इसके बाद रामगढ़ताल थाना की पुलिस ने 08 युवकों को हिरासत में ले लिया और कई मनबढ़ मौके का फायदा उठाकर भाग गए। हंसता रहा सुल्तान, हैरान हो गई पुलिस पकड़े गए मनबढ़ों की पहचान बांसगांव के बैदौली बाबू निवासी विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान,राहुल कन्नौजिया,कुशीनगर के कसया स्थित बरवा जंगल निवासी आदित्य शर्मा, तुर्कपट्टी के छहूं निवासी यश सिंह, देवरिया के महुआडीह भटनी दादन गांव के सोनू गौतम, खलीलाबाद के सचिन,विवेक शर्मा तथा प्रमोद यादव को हिरासत में ले लिया। इसमे विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान पर पहले से कई केस थानों में दर्ज है। वह गिरोह का संचालन करता है। रामगढ़ताल थाने में पुलिस के सामने वह लगातार हंसता रहा। जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान हो गए। गुरुवार को आरोपियों के कब्जे से मिली 2 कार सीज करने के साथ ही सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला…
पुलिस के अनुसार 24 जून की रात नौकायन चौकी के पास मनबढ़ युवक बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर हंगामा कर रहे थे। आने-जाने वाले लोगों से उनकी कहासुनी भी हो रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवकों को वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे पुलिसकर्मियों से ही बहस करने लगे। इसके बाद पुलिस ने विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान,राहुल कन्नौजिया,कुशीनगर के कसया स्थित बरवा जंगल निवासी आदित्य शर्मा, तुर्कपट्टी के छहूं निवासी यश सिंह, देवरिया के महुआडीह भटनी दादन गांव के सोनू गौतम,खलीलाबाद के सचिन,विवेक शर्मा तथा प्रमोद यादव को हिरासत में ले लिया। इन मामलों से चर्चा में आया सुल्तान पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान दो वर्ष पहले सर्किट हाउस के पास हुई चर्चित फायरिंग की घटना के बाद सुर्खियों में रहा था। साल 2024 में ही रामगढ़ताल पुलिस ने जेएसआर गार्डेन से अवैध असलहे के साथ रील बनाते हुए विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया था।
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बेगूसराय में नदी में डूबे दो किशोर: नहाने के दौरान हुई मौत, तीन घंटे बाद मिले शव – Begusarai News
बेगूसराय सदर के वनद्वारा पत्थर घाट पर गुरुवार को नहाने के दौरान दो किशोर नदी के गहरे पानी में डूब गए। इस घटना में उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान करते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए, जिसके बाद वे लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल खोजबीन शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोताखोरों को बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक चले सघन सर्च अभियान के बाद गोताखोर श्याम सहनी, राम सहनी और रामचंद्र मुखिया ने दोनों किशोरों के शव नदी से बाहर निकाले। मृतकों की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के गौरा निवासी दिलीप रजक के 17 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार और नीमा-चांदपुरा थाना क्षेत्र के अझौर वार्ड-8 निवासी मोहम्मद सौकत के 13 वर्षीय पुत्र मोहम्मद समसाद के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर नीमा-चांदपुरा थाना प्रभारी विवेक कुमार, एएसआई सौरव कुमार और अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया।
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घर पर नहीं है कोई सब्जी, झटपट तैयार करें मट्ठा के आलू, एक बार खाएंगे तो बार-बार मांगेंगे
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Mattha Ke Aloo Recipe: अगर घर में हरी सब्जियां नहीं हैं और कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मट्ठा के आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं. कई जगहों पर मट्ठा के आलू शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ, आलू और मसालों से तैयार होने वाली यह पारंपरिक डिश कम समय में बन जाती है और स्वाद ऐसा होता है कि हर कोई बार-बार मांगकर खाए.
मट्ठा के आलू बनाने की रेसिपी आसान है और इसका टेस्ट गजब का होता है.
Mattha Ke Aloo Recipe: कई बार बाजार जाने का समय नहीं मिलता है और घर में सब्जियां खत्म हो जाती हैं. ऐसी कंडीशन में समझ नहीं आता कि खाने में क्या बनाया जाए. अगर आपके सामने ऐसी समस्या पैदा हो जाए, तो आप मट्ठा के आलू बना सकते हैं. आलू और मट्ठा यानी छाछ से बनने वाली यह डिश आपका दिन बना सकती है. मट्ठा के आलू यूपी के कई हिस्सों में काफी पसंद किए जाते हैं और शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ की हल्की खटास और मसालों का बेहतरीन स्वाद इस डिश को खास बनाता है. अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो गए हैं, तो यह रेसिपी आपके खाने का स्वाद बदल सकती है.
मट्ठा के आलू बनाने के लिए सामग्री
मट्ठा के आलू बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और यह कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है. इस डिश के लिए आपको 4 से 5 उबले हुए आलू, 2 कप मट्ठा यानी छाछ, 1 बड़ा चम्मच बेसन, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 चुटकी हींग, 1 से 2 हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ा चम्मच तेल और थोड़ा सा हरा धनिया की जरूरत होगी. इन सभी चीजों से गजब की डिश तैयार हो जाएगी.
मट्ठा के आलू बनाने की आसान विधि
सबसे पहले उबले हुए आलुओं को बड़े टुकड़ों में काट लें. अब एक बाउल में मट्ठा और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें गांठें न रहें. इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर जीरा और हींग का तड़का लगाएं. फिर बारीक कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें. अब हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत मट्ठा-बेसन का मिश्रण कढ़ाई में डाल दें.
मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाएं, ताकि मट्ठा फटे नहीं. जब ग्रेवी हल्की गाढ़ी होने लगे, तब उसमें कटे हुए आलू और नमक डाल दें. धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक पकाएं ताकि आलू मसालों और मट्ठे का स्वाद अच्छी तरह सोख लें. जब ग्रेवी मनचाही गाढ़ी हो जाए, तब गैस बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं.
गरमा-गरम मट्ठा के आलू को रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है. खासकर गर्मियों में यह डिश बेहद पसंद की जाती है, क्योंकि मट्ठा शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

