Saturday, May 16, 2026
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2005 से 2016 के बीच अक्षय कुमार-जॉन ने किया इन 4 फिल्मों में काम, 3 निकली ब्लॉकबस्टर


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Akshay Kumar and John Abraham movies: अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम अलग-अलग कई देशभक्ति और एक्शन भरी फिल्में कर चुके हैं. लेकिन दोनों ने साथ में ऐसी कोई फिल्म नहीं की. हालांकि, जॉन अब्राहम की देशभक्ति से भरी एक्शन फिल्म में अक्षय कुमार ने कैमियो किया है. यहां हम आपको इन दोनों की साथ वाली फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं.

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फिल्म ‘गरम मसाला’ के एक सीन में जॉन अब्राहम-अक्षय कुमार

मुंबई. अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने साथ में तीन बड़ी बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है, इसके अलावा एक खास कैमियो भी किया है. दोनों की शानदार कॉमिक टाइमिंग और ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए उन्हें जाना जाता है. 2000 और 2010 के दशक में इन दोनों ने कई यादगार कमर्शियल एंटरटेनर फिल्में दी हैं. दोनों की एक्शन हीरो की इमेज होने के बावजूद, साथ में सिर्फ कॉमेडी फिल्म की है. फैंस कई बार दोनों के साथ एक्शन और देशभक्ति से भरी फिल्मों में देखने डिमांड कर चुके हैं.

साल 2005 में आई ‘गरम मसाला’ में अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने पहली बार साथ काम किया. इस कॉमेडी फिल्म को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया. फिल्म में अक्षय और जॉन ने मैक और सैम नाम के दो कंपीटिटर फोटोग्राफर्स का किरदार निभाया. मैक एक साथ तीन एयर होस्टेस को डेट करता है और बुरी तरह फंस जाता है, वहीं सैम उसकी पोल खोलने की कोशिश करता है. फिल्म में सिचुएशनल कॉमेडी है. फिल्म सुपरहिट हुई थी. सालों से इसके सीक्वल की मांग उठ रही है.

इसके बाद, साल 2011 में आई ‘देसी बॉयज’ में जॉन अब्राहम और अक्षय कुमार के बीच फिर से नोंकझोंक देखने को मिली.दोनों ने जेर्री और निक नाम के दो सबसे अच्छे दोस्तों का रोल किया, जो यूके में रहते हैं. आर्थिक मंदी के कारण दोनों की नौकरी चली जाती है और पैसों की तंगी में वे ‘रॉको’ और ‘हंटर’ नाम से मेल एस्कॉर्ट बन जाते हैं. फिल्म में दीपिका पादुकोण लीड एक्ट्रेस हैं.

‘हाउसफुल 2’ में दिखी थी अक्षय कुमार-जॉन अब्राहम की फनी नोंक-झोंक

साल 2012 में आई ‘हाउसफुल 2’ में भी अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने साथ काम किया. यह मल्टीस्टारर फिल्म थी, जिसमें रितेश देशमुख और अभिषेक बच्चन भी थे. इस मल्टी-स्टारर कॉमेडी में अक्षय और जॉन ने सनी और मैक्स नाम के कॉलेज के कंपीटिटर का किरदार निभाया, जो झूठ और गलत पहचान की वजह से ससुराल वालों के बीच फंस जाते हैं.

जॉन अब्राहम की फिल्म में अक्षय कुमार का कैमियो

साल 2016 में आई ‘ढिशूम’ में जॉन अब्राहम मुख्य भूमिका में हैं, जो कबीर नाम के पुलिस वाले बने हैं. वहीं अक्षय कुमार ने समीर गाजी का कैमियो किया है, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. फिल्म में वरुण धवन भी थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हुई थी. इसके बाद से दोनों ने साथ काम नहीं किया है.

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रमेश कुमारSenior Sub Editor

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें





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चावल में सालों नहीं लगेंगे घुन और कीड़े, डिब्बे में डाल दें रसोई में रखी ये 5 चीजें


How to prevent insects in rice: चावल एक ऐसा अनाज है, जिसे हर कोई खाना पसंद करता है. भारत में चावल एक मुख्य भोजन की तरह खाया जाता है. दाल-चावल हो, खिचड़ी हो, बिरयानी हो, फ्राइड राइस हो, इन सभी को बनाने के लिए चावल की जरूरत होती है. ये एक ऐसा अनाज है जिसे एक बार में ही 5 से 10 किलो खरीद कर रख लेते हैं. हालांकि, कई बार इसमें बहुत जल्दी घुन और कीड़े लग जाते हैं. आखिर क्यों लग जाते हैं चावल में जल्दी कीड़े और घुन, जानिए कुछ कॉमन कारण और चावल को घुन से बचाने के देसी तरीके…

क्यों लगते हैं चावल में घुन और कीड़े?
चावल में घुन और छोटे कीड़े लगना एक आम समस्या है. जब आप इसे लंबे समय तक के लिए स्टोर करके रखते हैं, इस्तेमाल में बिल्कुल नहीं आता है तो गर्मियों में इसमें जल्दी घुन लग जाते हैं. इसके पीछे कई प्राकृतिक और वातावरण से जुड़ी वजहें होती हैं.

-नमी के कारण चावल में घुन जल्दी लगते हैं. इसे हल्की सी भी गीली या नम जगह पर रख दें तो चावल में कीड़े जल्दी पनपने लगते हैं. दरअसल, नमी में अंडे तेजी से विकसित होते हैं और घुन बन जाते हैं.

– कई बार बिना देखे लोग पुराने कीड़े और घुन लगे या अजीब सी स्मेल आने वाला चावल खरीद लेते हैं. इससे भी धीरे-धीरे घुन और कीड़े अंडे देते हैं, जो इनकी संख्या को तेजी से बढ़ाते हैं. पुराने चावल खरीदने से बचना चाहिए.

-गर्मी और बारिश के मौसम में घुन लगने का रिस्क अधिक तेजी से बढ़ जाता है. इन दोनों ही मौसम में तापमान और नमी दोनों बढ़ जाते हैं. इस तरह का वातावरण घुन और कीड़ों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है. इसी कारण से गर्मी और बरसात में चावल जल्दी खराब होने लगता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

चावल को कैसे करें स्टोर? (How to store rice) 
-चावल को कभी भी खुले बर्तन, ढीले ढक्कन या गंदे कंटेनर में न रखें. इससे हवा और नमी अंदर जाएगी, जो चावल को खराब कर सकता है. कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है. हमेशा एयरटाइट कंटेनर में ही रखें.

-कभी भी पुराने और नए चावल को एक साथ एक ही डिब्बे में डालकर न रखें. अगर पुराने चावल में एक भी घुन या सफेद वाला कीड़ा होगा, तो नए चावल को भी खराब कर देगा. इससे आपके पैसे बर्बाद हो जाएंगे. कीड़े और घुन लगे चावल को खाना काफी खराब स्वाद देता है.

– अगर चावल की खपत आपके घर में अधिक नहीं होती है तो 10 किलो खरीद कर ना रखें. जितने लोग हैं, जितना हर दिन इस्तेमाल होता है, उसी अंदाज में चावल खरीदें. लंबे समय तक स्टोर करके रखने से भी घुन लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसे घुन से बचाने के लिए बीच-बीच में धूप भी जरूर दिखाएं.

-कुछ घरेलू उपाय इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए चावल के डिब्बे में नीम की सूखी पत्तियां डाल दें. नीम में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और कीट-रोधी गुण मौजूद होते हैं और इसके तेज गंध से घुन जल्दी नहीं लगते हैं.

-तेजपत्ता चावल के डिब्बे में डाल दें. आप लहसुन की कलियां भी छिलका सहित डाल दें. इनकी तेज गंध से कीड़े और घुन जल्दी नहीं लगेंगे. लौंग के 10-15 दाने भी चावल के डिब्बे में डाल सकते हैं. साथ ही साबुत लाल मिर्च भी काफी कारगर साबित होगा.



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समोसे में ट्विस्ट! एमपी की यह खास डिश देती है खट्टा-मीठा सरप्राइज, खाने वालों को कर देता ह


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Khata meetha samosa vendor: बुरहानपुर में एक युवक ने खट्टा-मीठा समोसा बेचकर अपनी अलग पहचान बनाई है. पहले वह दूसरों के यहां काम करता था, जहां से उसने समोसा बनाना सीखा. अब वह अपने ठेले पर तीन तरह की चटनी- इमली, पुदीना और कैरी का पना के साथ समोसा बेचता है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं.

Khata meetha samosa vendor: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले को खानपान के लिए जाना जाता है. यहां पर कई चीजें इतनी फेमस है कि जिसको लोग काफी पसंद करते है. एक युवक पहले दूसरों के यहां पर काम करता था. उसने वहां से समोसे बनाना सीखे और आज वह खट्टा मीठा समोसा बेचता है जिसको लोग काफी पसंद करते हैं. सुबह दुकान खुलते ही उनके यहां पर लोगों की खाने के लिए भीड़ लग जाती है. जिसमें तीन तरह की इमली की चटनी, पुदीने की चटनी और केरी का पना डालकर वह समोसा देते हैं. जिससे लोगों को यह समोसा बहुत पसंद आता है.

दुकान संचालक ने दी जानकारी 
लोकल 18 की टीम ने जब दुकान संचालक रविंद्र वरमडल से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अमरावती मार्ग पर 4 साल पहले जय हनुमान टेस्टी कॉर्नर के नाम से ठेले की शुरुआत की थी. पहले दूसरों के यहां पर काम करने के लिए जाते थे. वहां से ही उन्होंने यह समोसे बनाना सिखा और अभी खट्टे-मीठे समोसे, कचोरी, मूंग के भजिये और नाश्ते के कई आइटम बनाते हैं, जो लोगों को पसंद आते हैं. उन्होंने बताया कि क्वालिटी अच्छी होने के कारण लोग उनका नाश्ता पसंद करते हैं. जिससे हर साल 2 से 3 लाख रुपए की कमाई कर लेते हैं. नाश्ते की दुकान का संचालन करने वाले युवक का कहना है कि शुरुआत दौर में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. लगातार संघर्ष करता गए और आज इसी का नतीजा है कि वो सक्सेस हो गए हैं.

₹50000 का लोन लेकर शुरू किया था बिजनेस 
दुकान का संचालन करने वाले युवक का कहना है कि उन्होंने 4 साल पहले ₹50000 का लोन लेकर इस बिजनेस की शुरुआत की थी. शुरुआत के दिनों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. लेकिन आज उन्हें सक्सेस मिल गई. उनके यहां पर अच्छी क्वालिटी का तेल और अच्छी क्वालिटी का सामान जाता है, जिससे यह आइटम तैयार होते हैं और तीन तरह की चटनी भी लोगों को बहुत पसंद आती है. इसलिए उन्हें ऑर्डर देकर भी बनवाते हैं. उन्होंने कक्षा दसवीं तक पढ़ाई की है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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‘मैं डरता नहीं…’ रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम लैंड डील केस में मिली राहत


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‘मैं डरता नहीं…’ रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम लैंड डील केस में मिली राहत

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यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है. ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में पेश होकर जमानत लेना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है.

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पत्नी प्रियंका गांधी के साथ रॉबर्ट वाड्रा (File Photo)

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत मिल गई है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.

रॉबर्ट वाड्रा बुधवार को खुद अदालत में पेश हुए थे. अदालत में पेशी के बाद उन्हें नियमित प्रक्रिया के तहत जमानत दे दी गई. कानूनी जानकारों के मुताबिक, किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में पेश होकर जमानत लेना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है.

‘मैं निडर हूं, ईडी को झेलना है’

कोर्ट से मिली जमानत के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, ‘मैं निडर हूं. मैं डरता नहीं हूं. अब तक ईडी को झेलना है, क्योंकि वह तो सरकार के इशारे पर चलती है.’

क्या है पूरा मामला?

यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है. ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

इससे पहले पिछली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने वाड्रा को कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी और उन्हें निचली अदालत में पेश होने के लिए कहा था. मामले की सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से पेश वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता. वाड्रा के वकील ने अदालत से यह भी कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए. हालांकि अदालत ने 2 अगस्त 2025 को वाड्रा सहित 10 अन्य आरोपियों को प्री-समन जारी किए थे.

ईडी का आरोप है कि शिकोहपुर भूमि सौदे में वित्तीय अनियमितताएं हुईं और इसी से जुड़े लेन-देन की जांच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से की जा रही है. मामले में आगे की सुनवाई अब राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी.

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Saad Omar

साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें



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उन्नाव विधायक ने बिजली व्यवस्था का निरीक्षण किया: ग्रामीण क्षेत्रों को ट्रान्स गंगा सिटी सब-स्टेशन से मिलेगी आपूर्ति – Unnao News




उन्नाव सदर विधायक पंकज गुप्ता ने ट्रान्स गंगा सिटी पहुंचकर बिजली आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत समस्या तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। विधायक ने बताया कि अब शंकरपुर, पिपरी, सन्नी, कन्हवापुर, मुरलीपुर, नया खेड़ा और पिड़ोखा समेत कई गांवों की बिजली आपूर्ति ट्रान्स गंगा सिटी के सब-स्टेशन से जोड़ी जाएगी, जिससे ग्रामीणों को बेहतर बिजली मिल सकेगी। सदर विधायक ट्रान्स गंगा सिटी स्थित पावर हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने विद्युत विभाग के जेई आशीष गुप्ता से फीडर की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित गांवों की बिजली आपूर्ति तत्काल ट्रान्स गंगा सिटी पावर हाउस से जोड़ी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो उन्हें तुरंत अवगत कराया जाए ताकि उसका शीघ्र समाधान हो सके। विधायक पंकज गुप्ता ने जानकारी दी कि उन्होंने अपनी विधायक निधि से पांच करोड़ रुपये बिजली विभाग को आवंटित किए हैं। इस राशि का उपयोग गांवों और मोहल्लों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी घर या क्षेत्र में बिजली की समस्या नहीं रहने दी जाएगी और यदि कहीं शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि अब तक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ऐरा भदियार फीडर से की जा रही थी। लंबी दूरी होने के कारण अक्सर फाल्ट, रोस्टिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किसानों और ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद विधायक ने मामले का संज्ञान लिया और स्वयं मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान विधायक यूपीसीडा के साइट कार्यालय भी पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने बताया कि कई लोगों को पुनर्वास के तहत मिलने वाली 50 हजार रुपये की सहायता राशि अभी तक नहीं मिली है और विकसित प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया भी लंबित है। इस पर विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द कैंप लगाकर पात्र किसानों को पुनर्वास राशि और विकसित प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी के प्रति चेतावनी दी। प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सन्नी सुभाष लोधी, प्रधान सर्वेश लोधी, रतिभान, अखिलेश, किसान नेता हीरेंद्र निगम, रानू मिश्र, गोलू त्रिवेदी, पिंकू तिवारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



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बजरी माफियाओं पर ‘जीरो टॉलरेंस’: धौलपुर समेत 5 जिलों में बड़ा एक्शन, अवैध बजरी परिवहन पर पूरी रोक; जुर्माने पर नहीं छूटेंगे जब्त वाहन – Dholpur News




राजस्थान में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बूंदी और कोटा जिलों में 15 मई 2026 से अवैध बजरी परिवहन में पकड़े गए वाहनों को कंपाउंडिंग के जरिए छोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी और ट्रेलर जैसे जब्त वाहन सीधे न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का सामना करेंगे। वहीं, बिना VLTD डिवाइस वाले खनन वाहनों पर भी जल्द सख्त कार्रवाई होगी। अब जुर्माना भरकर नहीं छूटेंगे वाहन अब तक खान विभाग अवैध बजरी परिवहन में पकड़े गए भारी वाहनों को करीब एक लाख रुपए और ट्रैक्टर-ट्रॉली को लगभग 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लेकर छोड़ देता था। लेकिन नए आदेश लागू होने के बाद जब्त वाहन आसानी से रिहा नहीं हो सकेंगे। सरकार के इस फैसले को अवैध खनन के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस नीति” की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे बजरी माफियाओं और अवैध परिवहन में शामिल लोगों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती खान एवं भू-विज्ञान निदेशालय, उदयपुर द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका संख्या 02/2026 में 17 अप्रैल और 14 मई 2026 को दिए गए निर्देशों की पालना में की गई है। विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और अवैध बजरी परिवहन के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। चंबल सेंचुरी में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध बजरी खनन को लेकर सुप्रीम Court ने गहरी नाराजगी जताई है। अदालत ने प्रदेश के गृह, खनन, वित्त, वन, पर्यावरण, परिवहन और सड़क सुरक्षा विभागों के प्रमुख सचिवों को 19 मई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि अवैध खनन में शामिल अधिकारियों और वाहन चालकों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर रोक लगाने और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत हलफनामा भी मांगा गया है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) के सदस्य ने धौलपुर का दौरा कर अवैध बजरी खनन की स्थिति का निरीक्षण किया था और अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन पर बढ़ा खतरा चंबल नदी में लगातार हो रहे अवैध बजरी खनन का असर अब वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन जैसे दुर्लभ जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। पर्यावरणविदों का कहना है कि नदी की सतह और प्रवाह में बदलाव से इन जीवों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

बिना VLTD अब नहीं चल सकेंगे खनन वाहन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने भी खनन कार्य में लगे वाहनों और मशीनों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब सभी पंजीकृत खनन वाहनों में AIS-140 मानकों के अनुसार व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना अनिवार्य होगा। यह नियम ट्रैक्टर, एक्सकैवेटर, लोडर, ड्रेजर्स और खनन कार्य में उपयोग होने वाले अन्य उपकरणों पर भी लागू रहेगा। इससे प्रशासन वाहनों की लोकेशन और गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकेगा। 15 जून और 15 जुलाई की डेडलाइन अहम परिवहन विभाग के अनुसार 15 जून 2026 के बाद बिना VLTD लगे वाहनों का रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण, परमिट जारी करना और फिटनेस नवीनीकरण जैसी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। इसके बाद 15 जुलाई 2026 से बिना डिवाइस संचालित वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसे वाहनों को जब्त करने और संचालन रोकने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई अवैध बजरी खनन मामले में अब सभी की नजर 19 मई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि अदालत इस मामले में और भी सख्त निर्देश जारी कर सकती है, जिससे प्रदेश में अवैध खनन पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।



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शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल किशनगंज के नए प्रभारी मंत्री: बिहार सरकार ने जमा खान को हटाकर दी जिम्मेदारी, लोगों की बढ़ी उम्मीदें – Kishanganj (Bihar) News




बिहार सरकार ने किशनगंज के प्रभारी मंत्री में बदलाव किया है। पूर्व सांसद और गोपालपुर विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को जिले का नया प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। पूर्व प्रभारी मंत्री जमा खान को इस पद से हटा दिया गया है। सरकार के इस निर्णय के बाद जिले में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इस नियुक्ति की खबर मिलते ही बुलो मंडल के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया। गोपालपुर सहित सीमांचल क्षेत्र में उनके समर्थकों ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया है। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि बुलो मंडल के सक्रिय नेतृत्व से जिले के लंबित विकास कार्यों में तेजी आएगी। राजनीतिक विश्लेषक इस बदलाव को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय करार दिया है। वहीं, विपक्षी दल भी सरकार के इस कदम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। प्रभारी मंत्री से लोगों की बढ़ी उम्मीदें किशनगंज एक सीमावर्ती जिला होने के कारण विकास और प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नए प्रभारी मंत्री से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। संभावना है कि बुलो मंडल जल्द ही किशनगंज का दौरा करेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।



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ग्वालियर में तापमान गिरा पर गर्मी बरकरार: राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ाई – Gwalior News




ग्वालियर में भीषण गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। हालांकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शनिवार सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो गुरुवार के 41 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले मामूली कम रहा। शुक्रवार का न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जबकि गुरुवार को यह 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सड़कें और बाजार सूने भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कें और बाजार सूने नजर आ रहे हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू जैसे हालात ने आमजन की दिनचर्या पर असर डाल दिया है। डॉक्टरों ने कहा-सावधानी बरतें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार लगातार बढ़ती गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और लू लगने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में ग्वालियर का पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।



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शाहिद की दिखी सादगी, सुन-बोल नहीं पाने वाले फैंस संग इशारों में की दिल छू लेने वाली बात


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बॉलीवुड के हैंडसम और टैलेंटेड एक्टर शाहिद कपूर ने फैंस ही नहीं हर किसी का दिल जीत लिया है. एक्टर की सादगी देख हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है, दरअसल सोशल मीडिया पर शाहिद का एक वीडियो काफी ज्यादा वायरल हो रहा है. जिसमें वे अपने सुन और बोल नहीं पाने वाले फैंस से बातें करते दिखाई दे रहे हैं.उन्होंने अपने सभी चाहने वालों से इशारों में काफी देर बात की और वक्त बिताया. अब उनकी सिंपलिसिटी देखकर हर कोई शाहिद की तारीफ कर रहा. चलिए दिखाते हैं वीडियो, जो आपका भी दिल जीत लेगा.

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शाहिद कपूर ने जीता फैंस का दिल

बॉलीवुड के हैंडसम और टैलेंटेड एक्टर शाहिद कपूर एक बार फिर अपनी सादगी की वजह से लोगों का दिल जीतते नजर आए हैं. सोशल मीडिया पर शाहिद का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने बिजी वक्त से टाइम निकालकर डेफ और डंब फैंस से बेहद प्यार से मिलते दिखाई दे रहे हैं. खास बात ये रही कि शाहिद ने सिर्फ फोटो क्लिक करवाकर ही मुलाकात खत्म नहीं की, बल्कि उन्होंने अपने फैंस के साथ काफी समय बिताया और इशारों में उनसे बातचीत भी की. यही वजह है कि अब हर तरफ लोग उनके इस नेचर और बिहेवियर की तारीफ कर रहे हैं.

वीडियो में शाहिद के साथ तीन-चार खास फैंस दिखाई दे रहे हैं, जिनमें एक लड़की भी शामिल थी. सभी फैंस शाहिद से मिलकर काफी खुश नजर आए. वहीं शाहिद भी बड़े ध्यान से उनकी बात समझते और जवाब देते दिखाई दिए. बिना शब्दों के हुई यह बातचीत लोगों को काफी इमोशनल कर रही है.

फैंस के साथ बिताया खास समय
अक्सर देखा जाता है कि सेलेब्स भीड़ में जल्दी-जल्दी फैंस से मिलकर निकल जाते हैं या फिर उन्हें इग्नोर करके चले जाते हैं.लेकिन शाहिद कपूर ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने अपने हर फैन को पूरा समय दिया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शाहिद अपने फैंस की बातों को समझने की कोशिश कर रहे हैं और इशारों में ही उनसे बातें कर रहे हैं. उनके चेहरे की मुस्कान और फैंस के लिए अपनापन लोगों को काफी पसंद आ रहा है.

लुक की बात करें तो उन्होंने रॉयल ब्लू कलर का स्टाइलिश को-ऑर्ड सेट पहना था, जिसमें एक्टर काफी स्मार्ट लग रहे हैं. यह वीडियो किसी कॉफी शॉप के बाहर का है,जहां वह कॉफी लेने पहुंचे थे. जैसे ही एक्टर कॉफी लेकर बाहर आने लगे तभी उनके फैंस वहां पर इकठ्ठे हो गए. इस दौरान उन्होंने अपने बिजी वक्त से टाइम निकाल कर अपने फैंस संग खास समय बिताया.उनकी इस वीडियो को देख एक्टर के फैन ही नहीं बल्की हर कोई उनकी सराहना कर रहा है.

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Hyderabad News: मिठास का डबल डोज! क्या आपने चखा है खोवा गुलाब जामुन गोला?


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Hyderabad Khova Gulab Jamun Gola: गर्मियों के मौसम में लोग ठंडे और स्वादिष्ट डेजर्ट की तलाश में रहते हैं, और ऐसे में हैदराबाद का खोवा गुलाब जामुन गोला तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है. यह खास मिठाई पारंपरिक गुलाब जामुन और ठंडे गोले का अनोखा मिश्रण है, जो स्वाद के साथ ठंडक का भी एहसास कराता है. खोवे की मिठास, गुलाब जामुन का फ्लेवर और बर्फ की ठंडक इसे गर्मियों का परफेक्ट डेजर्ट बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी यह फूड आइटम काफी वायरल हो रहा है और फूड लवर्स इसे चखने के लिए खासतौर पर हैदराबाद पहुंच रहे हैं. स्थानीय दुकानों पर इसकी जबरदस्त डिमांड देखने को मिल रही है.

ख़बरें फटाफट

हैदराबाद: अपनी ऐतिहासिक इमारतों और अनूठे जायकों के लिए मशहूर हैदराबाद एक बार फिर अपने नए स्ट्रीट फूड की वजह से चर्चा में है. चारमीनार की गलियों से लेकर हाई-टेक सिटी के आधुनिक कैफे तक, यहाँ के खान-पान में हमेशा कुछ नया देखने को मिलता है. इस बार सोशल मीडिया पर खोवा गुलाब जामुन गोला ने धूम मचा रखी है जो पारंपरिक बर्फ के गोले को एक शाही और प्रीमियम अंदाज में पेश कर रहा है.

बर्फ का गोला जो भारत की तपती गर्मियों का एक अभिन्न हिस्सा रहा है जिसे लोग अक्सर काला खट्टा या खस जैसे शरबत के साथ पसंद करते हैं. लेकिन हैदराबाद के इस नए वर्जन ने गोले की परिभाषा ही बदल दी है. इसमें बर्फ के चूरे के साथ केवल सिरप ही नहीं बल्कि ताज़ा खोवा (मावा) और नरम गुलाब जामुन का मिश्रण होता है. शौकीन खाने के द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद इस डिश की लोकप्रियता रातों-रात बढ़ गई है.

नए फ्यूजन की मांग सबसे ज्यादा
इस गोले को तैयार करने की प्रक्रिया किसी कला से कम नहीं है. सबसे पहले मशीन से बर्फ को बारीक घिसा जाता है फिर उसमें मलाईदार खोवा मिलाया जाता है जो इसे एक अलग टेक्सचर और रिचनेस देता है. इसके ऊपर मीठी चाशनी में डूबे हुए गुलाब जामुन के टुकड़े रखे जाते हैं. स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें कंडेंस्ड मिल्क, मेवे और खास फ्लेवर्ड सिरप डाले जाते हैं. मल्लेपल्ली और नामपल्ली जैसे इलाकों में मौजूद पुराने बर्फ के गोलों के ठेलों पर अब इस नए फ्यूजन की मांग सबसे ज्यादा है.

परिवारों की लंबी कतारें
हैदराबाद के लोग जो पहले से ही ईरानी चाय और मटन लुकमी जैसे पकवानों के मुरीद हैं अब इस मीठे एक्सपेरिमेंट को खूब सराह रहे हैं. स्थानीय पर्यटकों के लिए यह गोला अब एक मस्ट-ईटिंग लिस्ट का हिस्सा बन गया है. सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण शाम होते ही इन स्टॉल्स पर युवाओं और परिवारों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं.

हैदराबाद को भारत की फूड कैपिटल में से एक बनाता
यदि आप भी शहर की सैर पर निकल रहे हैं और कुछ ऐसा चखना चाहते हैं जो ठंडा होने के साथ-साथ रूह को तृप्त कर दे तो हैदराबाद का यह खोवा गुलाब जामुन गोला आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा. स्ट्रीट फूड के प्रति यह जुनून ही हैदराबाद को भारत की फूड कैपिटल में से एक बनाता है.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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