Tuesday, June 16, 2026
Home Blog

रायसेन में रात दो बजे किराना दुकान में लगी आग: फ्रिज, कूलर समेत लाखों का सामान जला; ऊपर रह रहे परिवार पर भी मंडराया खतरा – Raisen News




रायसेन के पाटनदेव इलाके में एक किराना दुकान में सोमवार-मंगलवार की रात 2 बजे भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान में रखा लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। आग इतनी विकराल थी कि दुकान के अंदर रखा फ्रिज, कूलर, फर्नीचर और किराना का पूरा सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसियों ने समय रहते आग को देखा और तुरंत इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। यदि समय पर आग की सूचना नहीं मिलती, तो यह एक बड़ा हादसा हो सकता था। दुकान के ऊपर स्थित मकान और उसमें रह रहे लोगों के लिए भी खतरा टल गया। दुकान संचालक का नाम जितेंद्र कुशवाहा ‘जीतू’ है। इस आग से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।



Source link

बांका में मिर्जापुर डैम से हथियार बरामद: पुलिस की कार्रवाई में 21 गोलियों सहित 2 अवैध हथियार मिले, अपराधी भागे – Banka News




बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने मिर्जापुर डैम के पास से दो अवैध हथियार और 21 जिंदा गोलियां बरामद की हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बौसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने मंगलवार को बाराहाट थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 15 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, मिर्जापुर लवधरिया टोला से सटे मिर्जापुर डैम के पास दो अपराधी अवैध हथियारों के साथ मछली मार रहे थे। दो अपराधी हथियार लेकर खड़े मिले इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची, तो दो अपराधी हथियार लेकर खड़े मिले। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया, लेकिन वे झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। भागते समय अपराधियों ने अपने हथियार झाड़ियों में फेंक दिए। सभी हथियारों और गोलियों को जब्त कर थाने लाया तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने झाड़ियों से एक राइफल बरामद की, जिसमें पांच राउंड गोली लोड थी। इसके अतिरिक्त, एक बटुए में बंधी 16 जिंदा गोलियां और एक लोडेड देसी छोटा मास्केट भी मिला। बरामद सभी हथियारों और गोलियों को जब्त कर थाने लाया गया। एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फरार अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। छापेमारी दल में बाराहाट थानाध्यक्ष अशोक कुमार, पंचवाड़ा थानाध्यक्ष चंदन कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।



Source link

GST अफसरों को मिलेगी डिजिटल टूल्स की मिलेगी ट्रेनिंग: दिल्ली सरकार ने शुरू किया कार्यक्रम, आईटीसी, रिफंड, ऑडिट और प्रवर्तन की बारीकियां सीखेंगे – New Delhi News




नई दिल्ली। दिल्ली सरकार कर (टैक्स) प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ट्रेड एंड टैक्स विभाग के माध्यम से जीएसटी प्रशासन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दो सप्ताह का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आधुनिक कर प्रशासन केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, कानून, जांच, विश्लेषण और जनसेवा का समन्वित तंत्र बन चुका है। ऐसे में अधिकारियों का नियमित क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (एनएसीआईएन) के सहयोग से आयोजित यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 26 जून तक चलेगा। प्रतिदिन तीन सत्रों में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता को मजबूत करना है। जीएसटी नेटवर्क पर होगा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जीएसटी नेटवर्क पर रिटर्न फाइलिंग, पंजीकरण, संशोधन, निरस्तीकरण, पुनर्बहाली, बैक ऑफिस संचालन, हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण तंत्र का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही जांच, पूछताछ, बयान दर्ज करने, तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी और डिजिटल जांच उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी जाएगी। अनुशासनहीनता पर हो सकती है प्रशासनिक कार्रवाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थिति अनिवार्य होगी। बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने, देर से पहुंचने, बीच में सत्र छोड़ने या निर्देशों का पालन नहीं करने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिल्ली के जीएसटी प्रशासन को अधिक दक्ष, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाएगा।



Source link

शिंदे गुट का दावा-UBT के 7 सांसद हमारे संपर्क में: मानसून सत्र से पहले शामिल होंगे; उद्वव ठाकरे बोले- जो जाना चाहते हैं, खुशी-खुशी जाएं




शिवसेना (शिंदे गुट) के MLC कृपाल तुमाने ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 7 सांसद उनके संपर्क में हैं। ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पिछले एक महीने से चर्चा चल रही है। अब अंतिम चरण में है। मानसून सत्र से पहले ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मुताबिक, इस बीच 14 जून को उद्वव ठाकरे ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कोई पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। वे खुशी-खुशी जाएं। उद्धव ने 2022 में हुई शिवसेना की टूट का जिक्र करते हुए कहा- उस समय भी मुझे बगावत की जानकारी थी, लेकिन मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया। शिवसेना (UBT) सांसद ने मंत्री से मुलाकात की यवतमाल-वाशिम से शिवसेना (UBT) सांसद संजय देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से दिल्ली में मुलाकात की। देशमुख ने रविवार की बैठक में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि PTI से बातचीत में राउत ने कहा कि इस मुलाकात को लेकर गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद पार्टी के साथ हैं। राउत बोले- सभी सांसद एकजुट हैं UBT सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और टूट की खबरें गलत हैं। कृपाल तुमाने कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है। राउत ने कहा कि चार दिन पहले उद्धव ठाकरे की बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे और उन्होंने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया था। कुछ नेताओं ने तो अपने परिजनों की कसम खाकर उद्धव ठाकरे के साथ रहने की बात कही थी। हालांकि, मीडिया रोपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मीटिंग में 4 सांसद फिजकली पहुंचे थे, जबकि एक सांसद ऑनलाइन जुड़े थे। 4 सांसद मीटिंग में शामिल नहीं हुए। चार साल पहले टूटी थी शिवसेना 20 जून 2022 को महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 में से 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ गए। तब उद्धव सीएम थे। राज्यपाल ने उन्हें फ्लोर टेस्ट को कहा। उद्धव सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट नहीं रोका तो उद्धव ने इस्तीफा दे दिया। 30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बन गए। फिर दोनों गुट एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी 2023 को स्पीकर ने कहा कि जब बगावत हुई, तब शिंदे गुट में 37 विधायक थे। इसलिए यही असली शिवसेना है। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दीं। इनकी सदस्यता भी रद्द नहीं की। इसी बीच, चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दे दिया। —————- ये खबर भी पढ़ें… क्या 4 साल बाद एक होगी उद्धव-शिंदे की शिवसेना:MLC चुनाव में खींचतान, कार्यकर्ता बोले- विचारधारा एक, हाईकमान के ऑर्डर का इंतजार 2 जून 2026 को उद्धव ठाकरे खेमे के बड़े नेता अंबादास दानवे और एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार का काफिला आमने-सामने आ गया। दोनों नेताओं ने गाड़ी से उतरकर एक-दूसरे को गले लगाया। इनकी मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद अंबादास दानवे ने मीडिया में कहा- वक्त आ गया है कि दोनों शिवसेना एक हो जाएं। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

नेपाली सेकुवा, अफगानी मोमो से तंदूरी तक…देहरादून में यहां मिलता है नॉनवेज का असली मजा


होमफोटोलाइफ़फूड

देहरादून के इन ठिकानों पर मिलता है नॉनवेज का असली मजा! जरूर ट्राई करें

Last Updated:

Must Try Nonveg Food Spots in Dehradun: पहाड़ों की ठंडी हवाएं, चारों तरफ फैली हरियाली और सामने हो गर्मागर्म टेस्टी चिकन डिश, देहरादून का यह फील यहां आने वाले हर मुसाफिर के दिल में बस जाता है. बीते कुछ सालों में दून घाटी एक बड़े फूड हब के रूप में उभरी है. खासकर अगर आप नॉन-वेज के शौकीन हैं, तो देहरादून की गलियों में चिकन शावरमा से लेकर पारंपरिक नेपाली चिकन सेकुवा, तीखा चिकन सूप, जूसी मोमोज और लाजवाब तंदूरी चिकन का ऐसा जायका मिलेगा कि आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे. आइए जानते हैं देहरादून की उन मशहूर जगहों के बारे में जहां आपको चिकन के सबसे बेहतरीन और असली स्वाद मिलेंगे और इन्हें कैसे खास तरीके से तैयार किया जाता है.

पहाड़ों की ठंडी हवाएं, चारों ओर फैली हरियाली और सामने गर्मागर्म चिकन डिश, देहरादून का यह एहसास यहां आने वाले हर मुसाफिर के दिल में बस जाता है. दून घाटी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत माहौल के लिए मशहूर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह शहर एक बड़े फूड हब के रूप में भी उभरा है. अगर आप नॉन-वेज और खासकर चिकन के शौकीन हैं, तो यहां आपको कई लाजवाब विकल्प मिल जाएंगे. मिडिल ईस्ट का मशहूर चिकन शावरमा, पारंपरिक नेपाली चिकन सेकुवा, राजपुर रोड का प्रसिद्ध केसी चिकन सूप, अंगीठी रेस्टोरेंट के अफगानी मोमो और बिरयानी मैन की चिकन बिरयानी यहां के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल हैं.

देहरादून में स्वादिष्ट चिकन शावरमा के लिए कई मशहूर जगहें हैं. इनमें नेहरू कॉलोनी और धर्मपुर स्थित ‘शावरमा किंग बाय सिंह’ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, जो अपने लेबनानी स्वाद के लिए जाना जाता है. इसके अलावा राजपुर रोड पर ‘दुबई शावरमा’, दर्शन लाल चौक के पास ‘शावरमा दरबार’ और नेशविला रोड के कई फूड स्टॉल्स पर भी बेहतरीन शावरमा का स्वाद लिया जा सकता है.

चिकन शावरमा मिडिल ईस्ट का लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है. इसे बनाने के लिए बोनलेस चिकन को दही, लहसुन, नींबू के रस और खास अरबी मसालों में मैरीनेट किया जाता है. इसके बाद चिकन को वर्टिकल रोटिसरी पर धीरे-धीरे पकाया जाता है, जिससे यह अंदर से जूसी और बाहर से हल्का कुरकुरा बन जाता है. पकने के बाद चिकन को पतले टुकड़ों में काटकर पीता ब्रेड या रुमाली रोटी में भरा जाता है. इसमें गार्लिक सॉस, मेयोनेज़, पत्तागोभी, प्याज और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां मिलाकर स्वादिष्ट रोल तैयार किया जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

वहीं, चिकन सेकुवा देहरादून में तेजी से लोकप्रिय हो रहा पारंपरिक नेपाली व्यंजन है. इसका स्वाद मोथरोवाला, दुधली रोड स्थित 'टो ब्रदर्स कैफे', जाखन और गढ़ी कैंट के आसपास मौजूद नेपाली फूड स्टॉल्स पर लिया जा सकता है. इसे बोनलेस चिकन को दही, नींबू, अदरक-लहसुन, सरसों के तेल और नेपाली मसालों के साथ मैरीनेट करके तैयार किया जाता है. इसके बाद चिकन को सीकों में लगाकर कोयले की अंगीठी पर भुना जाता है. इसी वजह से इसमें खास स्मोकी फ्लेवर आता है. इसे पुदीने की चटनी, प्याज और नींबू के साथ परोसा जाता है.

वहीं, चिकन सेकुवा देहरादून में तेजी से लोकप्रिय हो रहा पारंपरिक नेपाली व्यंजन है. इसका स्वाद मोथरोवाला, दुधली रोड स्थित ‘टो ब्रदर्स कैफे’, जाखन और गढ़ी कैंट के आसपास मौजूद नेपाली फूड स्टॉल्स पर लिया जा सकता है. इसे बोनलेस चिकन को दही, नींबू, अदरक-लहसुन, सरसों के तेल और नेपाली मसालों के साथ मैरीनेट करके तैयार किया जाता है. इसके बाद चिकन को सीकों में लगाकर कोयले की अंगीठी पर भुना जाता है. इसी वजह से इसमें खास स्मोकी फ्लेवर आता है. इसे पुदीने की चटनी, प्याज और नींबू के साथ परोसा जाता है.

देहरादून का प्रसिद्ध ‘केसी सूप बार’ राजपुर रोड के जाखन क्षेत्र में स्थित है. यह शहर के सबसे लोकप्रिय फूड जॉइंट्स में से एक माना जाता है. यहां का चिकन सूप चिकन स्टॉक, काली मिर्च, तेजपत्ता और अदरक-लहसुन जैसे मसालों से तैयार किया जाता है. बाद में इसमें चिकन के बारीक रेशे मिलाए जाते हैं. इस सूप की खासियत इसका तीखा और चटपटा स्वाद है. ऊपर से मक्खन, हरी मिर्च का सिरका, सोया सॉस और कुटी काली मिर्च डालकर इसे परोसा जाता है.

देहरादून के इनामुल्लाह बिल्डिंग स्थित ‘राजधानी चिकन पॉइंट’ का तंदूरी चिकन काफी लोकप्रिय है. इसे बनाने के लिए चिकन पर कट लगाकर पहले नींबू, नमक और अदरक-लहसुन के पेस्ट से मैरीनेट किया जाता है. इसके बाद दही, कश्मीरी लाल मिर्च, गरम मसाला, कसूरी मेथी और अन्य मसालों के मिश्रण में कुछ घंटों तक रखा जाता है. फिर इसे पारंपरिक तंदूर में पकाया जाता है. तंदूर में पकने के दौरान मक्खन लगाया जाता है, जिससे चिकन जूसी और स्मोकी फ्लेवर वाला बनता है. इसे चटनी और प्याज के साथ परोसा जाता है. यहां हाफ प्लेट तंदूरी चिकन करीब 200 रुपये में मिल जाता है.

देहरादून की फूड लिस्ट चिकन मोमो के बिना पूरी नहीं होती. अगर आप बेहतरीन चिकन मोमो खाना चाहते हैं, तो राजपुर रोड, जाखन स्थित ‘द मोमो कैफे’ एक अच्छा विकल्प है. यहां के मोमो अपनी पतली लेयर और जूसी स्टफिंग के लिए मशहूर हैं. स्टफिंग में चिकन, प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद मोमो को स्टीमर में 10 से 12 मिनट तक पकाया जाता है. तैयार मोमो को तीखी लाल चटनी और मेयोनीज के साथ परोसा जाता है, जो इनके स्वाद को और बढ़ा देता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

दुनिया के 16 नेताओं से छोटे हैं ट्रम्प: 91% नेताओं से ज्यादा उम्रदराज, उनसे 10 साल ज्यादा सऊदी किंग की उम्र




डोनाल्ड ट्रम्प इस हफ्ते 16 जून को 80 साल के हो गए। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए 80 साल की उम्र देखने वाले वे अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नवंबर 2022 में अपना 80वां जन्मदिन मनाया था। ट्रम्प दुनिया के सबसे उम्रदराज नेताओं में जरूर शामिल हो गए हैं, लेकिन वे दुनिया के सबसे बुजुर्ग शासक नहीं हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के 186 देशों के नेताओं में 16 नेता ऐसे हैं जो ट्रम्प से भी ज्यादा उम्र के हैं। रिपोर्ट के अनुसार ट्रम्प दुनिया के लगभग 91 % राष्ट्रीय नेताओं से बड़े हैं। वहीं दुनिया के राष्ट्रीय नेताओं की औसत उम्र 63 साल है। दुनिया के सबसे उम्रदराज मौजूदा राष्ट्रीय नेता कैमरून के राष्ट्रपति पॉल बिया हैं। उनकी उम्र 93 साल है और वे 1982 से सत्ता में बने हुए हैं। उनके बाद सऊदी अरब के राजा सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद आते है, जिनकी उम्र 90 साल है और वे 2015 से देश के शासक हैं। अफ्रीकी देशों के नेताओं की सबसे ज्यादा उम्र रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दुनिया के सबसे ज्यादा उम्र वाले नेताओं में बड़ी संख्या अफ्रीकी देशों की है। इनमें युगांडा, इक्वेटोरियल गिनी, मलावी, आइवरी कोस्ट, जिम्बाब्वे और रिपब्लिक ऑफ कांगो के नेता शामिल हैं। युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी की उम्र अब 82 साल है और वे करीब 40 साल से सत्ता में बने हुए हैं। वहीं इक्वेटोरियल गिनी के राष्ट्रपति तेओदोरो ओबियांग न्गुएमा म्बासोगो भी दुनिया के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। वे 1979 से देश पर शासन कर रहे हैं। दुनिया के दस सबसे उम्रदराज नेताओं में से 7 ऐसे देशों का नेतृत्व कर रहे हैं जिन्हें फ्रीडम हाउस ने नॉट फ्री यानी स्वतंत्र नहीं की श्रेणी में रखा है। दूसरे शब्दों में कहें तो इन देशों में लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और राजनीतिक अधिकार सीमित माने जाते हैं। ट्रम्प से ज्यादा उम्र वाले 16 नेताओं में से लगभग आधे ऐसे देशों का नेतृत्व कर रहे हैं जिन्हें इसी श्रेणी में रखा गया है। इस वजह से फिर से यह सवाल उठने लगा है कि क्या लंबे समय तक सत्ता में बने रहना लोकतांत्रिक जवाबदेही को प्रभावित करता है। —————————— ये खबर भी पढ़ें ट्रम्प ने जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट कराई:अब तक का सबसे महंगा शो, ₹567 करोड़ खर्च; जीत के बाद विजेता राष्ट्रपति से मिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप यानी UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन माना जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें



Source link

13 साल बाद कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के दोबारा शुरू होने की जगी उम्मीद


क्या शेयर मार्केट के धंधे में मुंबई धाक थमने वाली है. यह बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि देश के पुराने समृद्ध शहर कोलकाता में एक बार फिर से ट्रेडिंग शुरू करने की चर्चा शुरू हुई है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद उम्मीद जगी है कि कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) को दोबारा खोला जाए, ताकि मुंबई की तरह यहां एक बार फिर से ट्रेडिंग का धंधा शुरू हो सके.

कहां से शुरू हुई कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की चर्चा

दरअसल, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के एक डेलीगेशन ने सोमवार को राज्य के नये इंडस्ट्री मंत्री तपस रॉय से मुलाकात की. इस दौरान उनके सामने मांग रखी गई कि कोलकाता में लंबे समय से बंद पड़े कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को दोबारा शुरू किया जाए. डेलीगेशन की ओर से तपस रॉय को एक पत्र भी सौंपा गया, जिसमें कहा गया- ‘एक्सचेंज सेबी को दी गई वॉलंटरी एग्जिट एप्लीकेशन वापस लेना चाहता है और ट्रेडिंग फिर से शुरू करके इंस्टीट्यूशन को फिर से शुरू करना चाहता है.’

मंत्री तपस रॉय ने भी उन्हें निराश नहीं किया और अपील पर विचार करने और संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करने के का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा- ‘हां, हम स्टॉक एक्सचेंज को फिर से शुरू करना चाहते हैं. हम केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्ट्री और सेबी से संपर्क करेंगे.’

2013 से कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग बंद

सेबी ने अप्रैल 2013 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग रोक दी थी. रेगुलेटर के साथ 10 साल की कानूनी लड़ाई के बाद, एक्सचेंज ने फरवरी 2025 में स्टॉक एक्सचेंज ऑपरेशन से वॉलंटरी एग्जिट के लिए एक एप्लीकेशन दी. हालांकि, सेबी ने अभी तक एग्जिट ऑर्डर पास नहीं किया है.

एक्सचेंज के अधिकारियों ने पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से संपर्क किया था. यह बताते हुए कि सेबी ने मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज को मुंबई से काम करने की इजाजत दी है. CSE अधिकारियों ने कहा कि लायंस रेंज इंस्टीट्यूशन को भी फिर से शुरू किया जाना चाहिए, क्योंकि उसके पास काफी फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर और नेशनल प्रेजेंस है.

CSE सदस्यों ने कहा कि एक्सचेंज का फिर से शुरू होना बीजेपी के चुनाव से पहले किए गए बंगाल के इंडस्ट्रियल पुनरुत्थान के वादे को पूरा करेगा.

जानकारी के लिए बता दूं कि मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में रोजाना करीब 250 लाख करोड़ से 270 लाख करोड़ तक कारोबार होता है. वहीं कैश या इक्विटी मार्केट में रोजाना करीब 8,000 करोड़ से 10,000 करोड़ का कारोबार होता है.

BSE और CSE में कौन ज्यादा पुराना

भारत में ट्रेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सबसे पुराना है. एक बरगद के पेड़ के नीचे कुछ स्टॉक ब्रोकर्स जुटे थे, जिसके बाद मुंबई में 9 जुलाई 1875 को द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन बनाया गया था, जो बाद में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज हो गया.

वहीं साल 1908 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) शुरू हुआ था. हालांकि यह भी कहा जाता है कि कोलकाता में शेयरों की ट्रेडिंग 1830 के दशक से ही शहर के एक पुराने नीम के पेड़ के नीचे शुरू हुई थी. इसे एक संगठित और औपचारिक संस्था के रूप में 1908 में पंजीकृत किया गया. यह भारत का दूसरा सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है.



Source link

मॉनसून की आहट के साथ खुले राजस्थान मिनी कश्मीर के गेट; सैलानियों के लिए जन्नत है यह!


Last Updated:

Monsoon Best Place To Visit : अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां चारों तरफ हरियाली हो, पहाड़ों को छूते हुए बादल गुजर रहे हों और ठंडी हवाएं आपका स्वागत करें. तो आपको कश्मीर या हिमाचल जाने की जरूरत नहीं है. राजस्थान में ही एक ऐसी जगह है जहां जाते ही लोग कश्मीर का एहसास करने लगेंगे. क्योंकि राजस्थान का ‘मिनी कश्मीर’ अब पूरी तरह तैयार हो चुका है.

मॉनसून की तारीख नजदीक आने के साथ ही राजस्थान के मिनी कश्मीर कहे जाने वाले ‘गोरम घाट’ के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं. आसमान में बादलों के डेरे और सुहाने मौसम के साथ ही यहाँ प्रकृति का एक अनोखा रूप नजर आने लगा है. जिससे यहां पहुंचने वाले पर्यटको की अब भारी भीड देखी जा रही है. हालात यह है कि गोरमघाट के अंदर जाने वाले गेट पर गाडियों का जाम तक लग जाता है क्योकि बारिशों के समय यह जगह किसी जन्नत से कम नही होती.

करीब 1930 के आसपास अंग्रेजों के शासनकाल में मारवाड़ और मेवाड़ को जोड़ने के लिए इस कठिन पहाड़ी क्षेत्र में रेलवे लाइन का निर्माण किया गया था. उस समय की इंजीनियरिंग का यह अद्भुत नमूना आज भी लोगों को हैरान करता है. यहां बने ऊंचे रेलवे पुल, सुरंगें और घुमावदार पटरियां इस मार्ग को बेहद रोमांचक बनाती हैं. जब ट्रेन इन पुलों से गुजरती है तो आसपास फैली हरियाली और गहरी घाटियों का नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है.

मानसून के मौसम में गोरम घाट का दृश्य और भी अद्भुत हो जाता है. चारों तरफ फैली हरियाली, पहाड़ियों से गिरते झरने और बादलों से घिरी घाटियां किसी स्वर्ग से कम नहीं लगतीं. यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्रकृति का आनंद लेने और फोटोग्राफी के लिए पहुंचते हैं. चारों ओर फैले घने जंगल, पहाड़ियां और प्राकृतिक झरने इस जगह को और भी खास बनाते हैं. यहां की शांति और ताजगी भरा वातावरण शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का अहसास कराता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

अरावली की पहाड़ियों में बसा गौरम घाट प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण यहाँ का ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक और शानदार पुल हैं, जो बीते दौर की इंजीनियरिंग की एक अद्भुत मिसाल पेश करते हैं. घने जंगलों और पहाड़ों के बीच से गुजरतीं कई प्राकृतिक सुरंगें इस सफर के रोमांच को दोगुना कर देती हैं. यदि आप रोमांच पसंद करते हैं, तो यहाँ ट्रैकिंग और एडवेंचर के बेहतरीन अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं. चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियाँ और खूबसूरत नजारे इसे फोटोग्राफी के लिए एक परफेक्ट स्थान बनाते हैं.यहाँ चलने वाली ठंडी हवा और शांत वातावरण दिल और दिमाग को असीम सुकून देता है, जिससे शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है. यहां आने के लिए यदि आप रूट जानना चाहते हैं तो  सड़क मार्ग द्वारा यह पाली से लगभग 74 किलोमीटर और उदयपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. वहीं यदि आप रेल मार्ग से आते हैं तो इस जगह का निकटतम रेलवे स्टेशन गोरम घाट है. मारवाड़ जंक्शन से सीधे गोरम घाट ट्रेन पहुंचती है. और भी आसानी से यदि आप हवाई मार्ग से यहां आना चाह रहे हैं तो यहां से निकटतम हवाई अड्डा महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|



Source link

दीया ने पुरुषों को बताया क्लाइमेट चेंज का दोषी,लोगों ने कहा- ‘हिप्पोक्रेट-ट्यूबलाइट’


Last Updated:

दीया मिर्जा बरसों से पर्यावरण से संबंधित मुद्दों को उठा रही हैं. इसके लिए उन्हें सराहा भी जाता रहा है. लेकिन इस बार वह ट्रोल रही हैं. सोहा अली खान के साथ एक पॉडकास्ट में उन्होंने पर्यावरण में परिवर्तन होने की वजह पेट्रिआर्की को बताया है. उनका कहना है कि पर्यावरण क्षति के लिए पुरुष ही जिम्मेदार हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

दीया मिर्जा पर्यावरण परिवर्तन के लिए पुरुषों को जिम्मेदार बताया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. यह वीडियो सोहा अली खान के पॉडकास्ट की एक क्लिप है. 25 सेकेंड की इस क्लिप में दीया कहती हैं, “पितृसत्ता (पेट्रिआर्की) जलवायु परिवर्तन का कारण है.” उनके इस वीडियो पर लोगों के रिएक्शन आने लगे. कई लोगों ने उनकी आलोचना की. पॉडकास्ट में दीया मिर्जा ने पर्यावरण लेखिका और फोटोग्राफर आरती कुमार-राव के साथ जलवायु परिवर्तन और समाज के प्रकृति से संबंध पर चर्चा की.

दीया मिर्जा ने कहा कि प्रकृति का शोषण उस मानसिकता से जुड़ा है जो प्रभुत्व, आक्रामक विकास और प्राकृतिक संसाधनों के अधीनता को प्राथमिकता देती है. दीया ने कहा, “इस दुनिया में पुरुष हैं. जलवायु परिवर्तन को पुरुषों ने ही बढ़ाया है और वे पूरी तरह से इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं.” एक्स पर कई यूजर्स ने दीया के इस लॉजिक को चैलेंज किया.

दीया मिर्जा को बताया ट्यूबलाइट.

कई लोगों ने दीया पर पाखंड का आरोप लगाया. एक यूजर ने लिखा, “फाइनली दीया ने उन सभी अचीवमेंट्स को बर्बाद कर दिया जो “असली महिला सशक्तिकरण पहलों” ने अब तक हासिल की हैं. वह खुद को रिलेवेंट साबित करने की बहुत कोशिश करती हैं, लेकिन आखिर में सबके सामने “ट्यूबलाइट महोदया” बनकर रह जाती हैं.”



Source link

काशी के गंगा घाट पर स्वयंसेवकों का श्रमदान: वाराणसी में नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने की सफाई, पर्यटकों से गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की अपील – Varanasi News




नमामि गंगे के स्वयंसेवकों द्वारा मंगलवार को अस्सी घाट पर स्वच्छता अभियान के तहत गंगा तट की साफ-सफाई की गई। इस दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में ‘स्वच्छ गंगा’ सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों से इस जन-अभियान में शामिल होने की अपील की गई। स्वयंसेवकों ने घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन व अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाने का काम किया। आम जनता को पर्यावरण संरक्षण अपनी जीवनशैली में शामिल करने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करते हुए कपड़े के झोले का वितरण किया गया। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर ‘गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है’ और ‘सबका साथ हो, गंगा साफ हो’ जैसे नारों के माध्यम से घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई गई। उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने कहा कि धर्म तभी सार्थक है जब हम प्रकृति और अपनी गंगा मां का सम्मान करें। आस्था का सम्मान, स्वच्छता का संकल्प। गंगा हमारी धरोहर है और इसकी निर्मलता बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। श्रमदान के दौरान महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी , विधि दीक्षित, राहुल खन्ना उपस्थित रहे ।



Source link