Sunday, June 28, 2026
Home Blog

‘रिशु श्री घोटाले में तेजस्वी बताएं कितना कमीशन लिया’: बेगूसराय में भाजपा प्रवक्ता ने कहा- पहले अपना दामन देखें नेता प्रतिपक्ष – Begusarai News




रिशु श्री के टेंडर घोटाले को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से सवाल उठाए जाने से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बेगूसराय में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। नीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि जब यह घोटाला हुआ, तब संबंधित विभाग की जिम्मेदारी खुद तेजस्वी यादव के पास थी। संबंधित विभाग के मंत्री खुद तेजस्वी थे नीरज कुमार ने कहा है कि रिशु श्री के मामले में सबसे पहले तेजस्वी यादव को जनता को यह जवाब देना चाहिए कि उन्होंने इसमें कितना कमीशन लिया। बिहार में रिशु श्री के जितने भी घोटाले सामने आए हैं, वे सभी उस समय के हैं, जब संबंधित विभाग के मंत्री खुद तेजस्वी यादव हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री होने के नाते इस गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदारी तेजस्वी यादव की बनती है। किसी पर भी उंगली उठाने या आरोप लगाने से पहले तेजस्वी को अपने दामन में झांक कर देखना चाहिए। उनका पूरा परिवार मजबूत सबूतों (एविडेंस) के आधार पर कोर्ट में चार्जशीटेड है। उनके खिलाफ अदालत में मुकदमा चल रहा है। ऐसे में दूसरों पर सवाल उठाने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है। राजनीति में बिना सिर-पैर के आरोप नहीं चलते। आप किसी पर आरोप लगाते हैं, तो पहले उसके ठोस सबूत और प्रमाण जनता के सामने पेश करिए, कोर्ट में साबित करिए। बेवजह आरोप लगाना और गाल बजाना बंद करिए। बिहार की जनता आपकी इस बयानबाजी के झांसे में आने वाली नहीं है।



Source link

ग्वालियर में क्रिकेट बॉल पर मचा बवाल: खेत में बॉल आने से रोका तो लोगों ने घेरकर किया पथराव, जान बचाने की फायरिंग – Gwalior News




ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुंअरपुर में एक बार फिर दबंगई और कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखने का मामला सामने आया है। खेत में बार-बार क्रिकेट की बॉल आने और फसल खराब होने से मना करना एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। क्रिकेट खेलने वालों ने सरेराह गुंडागर्दी करते हुए करीब 40 से 45 लोगों की उग्र भीड़ को लाठी-डंडों के साथ बुलाकर किसान परिवार पर ताबड़तोड़ पथराव कर दिया। पथराव और बेकाबू भीड़ से अपनी व परिवार की जान बचाने के लिए पीड़ित पक्ष को छत से अपनी लाइसेंसी राइफल से हवाई फायरिंग करनी पड़ी, जिसके बाद हमलावर भाग खड़े हुए। घटना 21 जून की शाम की है। पुलिस ने इस मामले में किसान के खिलाफ फायरिंग का मामला दर्ज किया था, जबकि रविवार को किसान परिवार की शिकायत पर हमला करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुंअरपुर में क्रिकेट की बॉल खेत में जाने और फसल खराब होने से रोकने पर किसान परिवार पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि क्रिकेट खेलने वालों ने 40 से 45 लोगों की भीड़ बुलाकर घर पर पथराव कर दिया। जान बचाने के लिए किसान पक्ष को लाइसेंसी राइफल से हवाई फायरिंग करनी पड़ी। घटना 21 जून की है। पहले किसान पक्ष पर केस दर्ज हुआ था, जबकि रविवार को उनकी शिकायत पर दूसरे पक्ष के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। बार-बार खेत में जाती थी बॉल फरियादी अंकित राजावत ने पुलिस को बताया कि उनके खेत के पीछे आबिद खान, हजमत उर्फ गुंडा, अमजद और रज्जफ खान अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेलते हैं। बॉल बार-बार खेत में जाने से फसल खराब होती थी। कई बार समझाने के बाद भी वे नहीं माने। बात बढ़ी तो बुला ली भीड़ 21 जून की शाम फिर बॉल खेत में चली गई। अंकित ने बॉल लेने आए युवकों को रोका तो उन्होंने फोन कर 40-45 लोगों को बुला लिया। आरोप है कि सभी ने लाठी-डंडों के साथ घर घेरकर पथराव शुरू कर दिया। हवाई फायरिंग के बाद भागे आरोपी परिवार का आरोप है कि पथराव से जान का खतरा देखकर अंकित के भाई राहुल सिंह राजावत ने अपनी लाइसेंसी राइफल से आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की। इसके बाद हमलावर मौके से भाग गए और जान से मारने की धमकी देकर चले गए। दोनों पक्षों पर दर्ज हुए केस अंकित ने बताया कि आरोपियों के डर से वे तुरंत थाने नहीं जा सके। बाद में शिकायत पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ बलवा, पथराव और धमकी का मामला दर्ज किया। इससे पहले क्रिकेट खेलने वाले पक्ष की शिकायत पर राजावत परिवार के खिलाफ हवाई फायरिंग का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।



Source link

यूट्यूब पर आया ‘मिर्जापुर’ का असली भौकाल, टीजर रिलीज होते ही नंबर 1 पर कर लिया कब्जा!


Last Updated:

ओटीटी के बाद अब सिनेमाघरों में मचेगा कालीन भैया और गुड्डू पंडित का असली गदर! ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ का धमाकेदार टीज़र रिलीज़ होते ही यूट्यूब पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रहा है. मेकर्स ने भी कह दिया- ‘ये भी ठीक है!’ जानिए कब बड़े पर्दे पर दस्तक देगी यह फिल्म.

Zoom

नई दिल्ली: ‘मिर्ज़ापुर’ के दीवानों के लिए आखिरकार वो घड़ी आ ही गई जिसका उन्हें महीनों से बेसब्री से इंतज़ार था. अगर आप भी कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया के स्वैग के फैन हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. ओटीटी की दुनिया में अपना खौफ और जलवा बिखेरने के बाद, अब मिर्ज़ापुर की टोली बड़े पर्दे पर तहलका मचाने आ रही है. मेकर्स ने फिल्म का एक बेहद ही दमदार और कड़क टीज़र रिलीज़ कर दिया है, जिसे देखने के बाद फैंस की एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर पहुंच गई है.

यह टीजर सोशल मीडिया पर आते ही पूरी तरह से छा गया है. इंटरनेट पर इस समय सिर्फ और सिर्फ मिर्ज़ापुर का ही भौकाल देखने को मिल रहा है. फैंस इस टीज़र को इतना पसंद कर रहे हैं कि इसने रिलीज़ होते ही यूट्यूब की ट्रेंडिंग लिस्ट में पहले नंबर पर कब्ज़ा कर लिया है.

मेकर्स बोले- यूट्यूब पर नंबर 1 ट्रेंडिंग, ये भी ठीक है!
यूट्यूब पर नंबर 1 पर ट्रेंड करने की इस बड़ी कामयाबी को खुद मेकर्स ने फैंस के साथ शेयर किया है. इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मेकर्स ने अपने ही अंदाज़ में लिखा, “यूट्यूब पर #1 पर ट्रेंड कर रहा है मिर्ज़ापुर द मूवी का टीज़र! ये भी ठीक है. ” इसके साथ ही उन्होंने फैंस को याद दिलाया कि असली भौकाल देखने के लिए उन्हें थोड़ा सा इंतज़ार और करना होगा, क्योंकि यह फिल्म 4 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी.

View this post on Instagram





Source link

बालकनी के गमले में उगाएं रसीले और खुशबूदार नींबू, बस इन आसान स्टेप्स को अपनाएं


Lemon Plant Care Tips: घर की बालकनी में हरियाली देखने का अपना अलग ही सुकून होता है. अगर उसी हरियाली के बीच एक ऐसा पौधा हो, जिससे जरूरत पड़ने पर ताजा नींबू भी तोड़ सकें, तो बात ही अलग हो जाती है. बहुत से लोगों को लगता है कि नींबू का पौधा सिर्फ बड़े बगीचे में ही लगाया जा सकता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. सही गमला, अच्छी मिट्टी और थोड़ी सी देखभाल के साथ नींबू का पौधा गमले में भी शानदार तरीके से बढ़ता है. एक बार पौधा अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो कई सालों तक आपको ताजे और रसीले नींबू मिल सकते हैं. अगर आप भी अपने घर की बालकनी या छत पर नींबू उगाना चाहते हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर यह काम बेहद आसान बनाया जा सकता है.

सही गमला और किस्म चुनना है सबसे पहला कदम
नींबू के पौधे के लिए ऐसा गमला चुनें जिसकी गहराई कम से कम 35 से 40 सेंटीमीटर हो और उसके नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद हों. छोटे गमले में जड़ें ठीक तरह से नहीं फैल पातीं. अगर संभव हो तो कंटेनर में उगने वाली किस्म जैसे मेयर या लिस्बन नींबू का पौधा लगाएं. ये गमले में अच्छी तरह बढ़ते हैं और जल्दी फल देना शुरू कर देते हैं.

मिट्टी का सही मिश्रण बनाएगा पौधा मजबूत
नींबू के पौधे को सख्त और चिपचिपी मिट्टी पसंद नहीं होती. इसके लिए ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें बगीचे की मिट्टी, अच्छी तरह सड़ी हुई खाद, थोड़ी रेत और कोकोपीट मिला हो. इस तरह की मिट्टी में पानी नहीं रुकता और जड़ों तक हवा भी आसानी से पहुंचती रहती है. अच्छी मिट्टी पौधे की बढ़वार और फल आने दोनों के लिए जरूरी होती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

भरपूर धूप मिलना बेहद जरूरी है
नींबू का पौधा धूप पसंद करता है. इसे रोज कम से कम छह घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए. गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह या दोपहर की धूप अच्छी तरह आती हो. पर्याप्त धूप मिलने से पौधे में ज्यादा फूल आते हैं और फल भी बेहतर बनते हैं.

पानी देने में न करें जल्दबाजी
बहुत से लोग रोज पानी डाल देते हैं, जबकि नींबू के पौधे को जरूरत के हिसाब से ही पानी देना चाहिए. मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखने पर तुरंत पानी डालने की बजाय दो से तीन इंच नीचे तक जांच लें. अगर मिट्टी सूखी हो तभी गहराई तक पानी दें. ज्यादा पानी देने से जड़ों में सड़न हो सकती है.

समय पर खाद देने से मिलेगा अच्छा फल
नींबू का पौधा लगातार पोषण चाहता है. बढ़वार के मौसम में हर चार से छह सप्ताह के बीच साइट्रस पौधों के लिए उपयुक्त खाद डालें. संतुलित खाद देने से पत्तियां हरी रहती हैं, फूल ज्यादा आते हैं और फल भी अच्छे आकार के बनते हैं.

हल्की छंटाई भी है जरूरी
गमले में लगे पौधे को बहुत ज्यादा फैलने न दें. समय-समय पर सूखी, कमजोर और आपस में टकराने वाली शाखाओं को काट दें. इससे पौधे में हवा का संचार बेहतर रहता है और नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं. हल्की छंटाई पौधे को सुंदर आकार भी देती है.

तेज गर्मी और ठंड से करें बचाव
अगर बहुत तेज धूप पड़ रही हो, तो दोपहर के समय गमले को थोड़ी छांव में रख सकते हैं. सर्दियों में बहुत ज्यादा ठंड होने पर पौधे को हल्के कपड़े से ढक दें. मौसम के अनुसार थोड़ी सावधानी रखने से पौधा स्वस्थ बना रहता है.

गमले में लगे नींबू के पौधे की देखभाल
नींबू के पौधे की नियमित जांच करते रहें. अगर पत्तियां पीली होने लगें या कीड़े दिखाई दें, तो समय रहते उनका इलाज करें. गिरे हुए पत्ते और सूखी टहनियां हटाते रहें ताकि पौधा साफ और स्वस्थ बना रहे. सही देखभाल मिलने पर गमले में लगा पौधा भी कई सालों तक फल देता रहता है.

घर में नींबू उगाने के फायदे
घर का ताजा नींबू बाजार के नींबू से ज्यादा ताजा और खुशबूदार होता है. जरूरत पड़ने पर तुरंत फल तोड़ सकते हैं. साथ ही बालकनी की खूबसूरती भी बढ़ती है और घर का वातावरण ज्यादा हराभरा और ताजा महसूस होता है. थोड़ी सी मेहनत के बदले आपको लंबे समय तक ताजे नींबू मिलते रहते हैं.



Source link

मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान: बोले- हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाएं; पीएम को अब तक 34 देश सम्मानित कर चुके


विक्टोरिया53 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पीएम मोदी को सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने पर्यावरण के क्षेत्र में देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को अब तक 34 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं।

सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स को मिलकर हिंद महासागर को ‘अवसरों का महासागर’ बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

इससे पहले सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

पीएम मोदी को राष्ट्रपति पैट्रिक ने सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया।

पीएम मोदी को राष्ट्रपति पैट्रिक ने सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यह एक सैन्य सम्मान है, जिसमें सैनिक अपनी जगह पर खड़े होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या किसी विशेष अतिथि को सलामी देते हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यह एक सैन्य सम्मान है, जिसमें सैनिक अपनी जगह पर खड़े होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या किसी विशेष अतिथि को सलामी देते हैं।

इसके बाद राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने मोदी का स्वागत किया। दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है।

इसके बाद राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने मोदी का स्वागत किया। दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है।

पर्यावरण के क्षेत्र में मोदी को अब तक 3 बड़े सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पर्यावरण की रक्षा, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने और लंबे समय तक पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में किए गए काम के लिए मिला है।

पर्यावरण के क्षेत्र में मोदी को अब तक 3 बड़े अवार्ड मिल चुके हैं। इससे पहले मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया था। संयुक्त राष्ट्र ने साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड’ प्रदान किया था।

मोदी-हर्मिनी की बैठक, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स दोनों देशों के उद्योगों के लिए नए अवसर तलाशना जारी रखेंगे। साथ ही दोनों देशों के बीच संपर्क और कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जाएगा। भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अपने सफल अनुभव सेशेल्स के साथ साझा करेगा।

मोदी शनिवार को तीन दिन के दौरे पर हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स पहुंचे है। रविवार को राजधानी विक्टोरिया के स्टेट हाउस में राष्ट्रपति हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बैठक हुई, जिसमें आपसी सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें…

सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल 'लेस्पवार' सौंपा।

सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’ सौंपा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार' सौंपा। इससे सेशेल्स की समुद्री निगरानी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में गश्त की क्षमता मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘पीएस लेस्पवार’ सौंपा। इससे सेशेल्स की समुद्री निगरानी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में गश्त की क्षमता मजबूत होगी।

PM मोदी सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन पहुंचे और वहां पर कछुए को पत्ते खिलाए।

PM मोदी सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन पहुंचे और वहां पर कछुए को पत्ते खिलाए।

PM मोदी के सेशेल्स दौरे की खास बातें

1. गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि

पीएम मोदी सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए हैं। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बने हैं।

2. 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज

भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ गिफ्ट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा।

3. नए समझौतों पर हस्ताक्षर

  • प्रत्यर्पण संधि: सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समझौता हुआ।
  • स्वास्थ्य सेवा: भारत सेशेल्स में एक नेशनल हॉस्पिटल बनाने में मदद करेगा।
  • अंतरिक्ष और कृषि: अंतरिक्ष की खोज और कृषि के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने हाथ मिलाया है।

4. मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया

कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स पर ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है।

कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं।

इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं।

प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम ‘कोको डी मेर’ पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल।

सेशेल्स से जुड़ी खास बातें जानिए…

सेशेल्स की पहली बस्ती में शामिल थे 5 भारतीय

पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने पहली बार सेशेल्स को 1502 में खोज की थी। तब यहां पर लोगों की कोई स्थाई बसावट नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी आबादी नहीं बनी।

पहली बार 1770 में फ्रांस ने पहली स्थायी बस्ती बसाई। इसी दल में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स का पहला स्थायी निवासी माना जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से भी लोग यहां आकर बसने लगे। 20वीं सदी से तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे।

सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज बिहार से

आज करीब 1.20 लाख आबादी वाले इस देश में भारतीय मूल के लोग लगभग 8% हैं। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है। साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं।

रामकलावन के परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया। साल 2018 में, जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था।

सेशेल्स के कछुए लंबी उम्र के लिए मशहूर

दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनमें से सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ सबसे प्रसिद्ध प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति अपनी बेहद लंबी उम्र (औसत उम्र 150 साल) के लिए जानी जाती है।

दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। वह 1882 में करीब 50 साल की उम्र में सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था।

वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का राज जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाएं इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं करतीं। इससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों का पता चल सकता है।

दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित कछुआ। इसका नाम जोनाथन है। यह एल्डाब्रा जायंट कछुए की प्रजाति का है और अटलांटिक महासागर में स्थित सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है।

दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित कछुआ। इसका नाम जोनाथन है। यह एल्डाब्रा जायंट कछुए की प्रजाति का है और अटलांटिक महासागर में स्थित सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है।

मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे

पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।

फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है।

मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।

मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था।

उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था।

मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके।

मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था।

उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।

—————

ये खबर भी पढ़ें…

PM मोदी ने सेशेल्स में कछुओं को पत्तियां खिलाईं, VIDEO:256 साल पहले 5 भारतीय रहने पहुंचे थे; अब हर 8वां नागरिक भारतवंशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बोटैनिकल गार्डन में एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे।

हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीपीय देश का भारत से रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि 256 साल पुराना भी है। साल 1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

जिलाधिकारी ने सघन पल्स पोलियो महाअभियान का शुभारंभ किया: प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में नवजात शिशु को पिलाई खुराक – Sonbhadra News




सघन पल्स पोलियो महाअभियान रविवार से शुरू हो गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आज प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में एक नवजात शिशु को पोलियो की दो बूंदें पिलाकर इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, और समय पर दी गई दो बूंदें बच्चों को आजीवन सुरक्षा प्रदान करती हैं। उन्होंने जनपद के सभी अभिभावकों से अपील की कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाई जाए, भले ही उन्हें पहले कितनी भी बार दवा दी गई हो। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, आशा कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और मीडिया प्रतिनिधियों से इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करने का आग्रह किया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाना है। इसके लिए जनपद में पोलियो बूथ, ट्रांजिट बूथ और घर-घर भ्रमण की व्यापक व्यवस्था की गई है। डॉ. मिश्रा ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लाएं। यदि किसी कारणवश बूथ तक पहुँचना संभव न हो, तो घर आने वाली स्वास्थ्य टीम से बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं। जनपद में कुल 3,07,095 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 1092 पोलियो बूथ, 36 ट्रांजिट टीमें और 7 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। बूथ दिवस पर 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को प्रातः 9:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह, गिरधारी लाल सहित अन्य अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।



Source link

बांका में वज्रपात से किशोर की मौत, 4 घायल: रजौन में भैंस की मौत, 7 पेड़ों में लगी आग – Banka News




बांका में शनिवार शाम हुई मूसलाधार बारिश और तेज गर्जन के बीच वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। विभिन्न घटनाओं में एक15 वर्षीय किशोर की जान चली गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। रजौन प्रखंड के अलीपुर गांव में वज्रपात की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई, वहीं सात पेड़ों में आग लग गई। धोरैया प्रखंड के धनकुंड थाना क्षेत्र स्थित धर्मगरा बहियार में मियांगड़िया गांव निवासी मनीष कुमार यादव(15) अपने साथियों के साथ भैंस चरा रहा था। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हुई और अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना में पास में मवेशी चरा रहे चन्द्र यादव भी घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया,जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने मनीष को मृत घोषित कर दिया।घायल चन्द्र यादव का इलाज जारी है। मृतक मनीष के पिता का नाम बच्ची यादव,माता अमेरिका देवी और दादा फुलेश्वर यादव हैं। अलग-अलग घटनाओं में 3 महिलाएं हुई घायल इधर,धोरैया थाना क्षेत्र में ही वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाएं भी घायल हो गईं। कुशमाहा गांव निवासी राबड़ी देवी अपने घर में थीं,तभी वज्रपात की चपेट में आकर घायल हो गईं। उन्हें परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया,जहां उनका इलाज चल रहा है। वज्रपात के कारण कुशमाहा गांव के पांच से छह घरों की एल्बेस्टर की छतें भी उड़ गईं।रामपुर गांव की बीबी नगमा खातून और बीबी जहां आरा भी वज्रपात की चपेट में आने से घायल हुईं,दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है। धनकुंड थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उधर,रजौन प्रखंड के अलीपुर गांव में भी शनिवार शाम वज्रपात ने भारी नुकसान पहुंचाया।रामविलास यादव अपनी भैंस को बहियार में चरा रहे थे। तेज बारिश के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से भैंस की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि रामविलास यादव मामूली रूप से घायल हुए।घटना के दौरान सात पेड़ों में भी वज्रपात से आग लग गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। लगातार हो रहे वज्रपात के कारण खेतों में काम कर रहे किसान और अन्य मवेशी चरवाहे भी सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।



Source link

मोदी बोले- समुद्र से आकाश तक भारत सुरक्षित: देश में 40 से ज्यादा C-295 विमान बनाए जा रहे, योग में भारत ने 114 पदक जीते


नई दिल्ली3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 135वें एपिसोड में कहा- समुद्र से लेकर आसमान तक भारत सुरक्षित है। पीएम मे हाल में टेस्ट की गईं जमीन से हवा में हमला करने वालीं मिसाइलों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा- जून के महीने में ही देश ने विमानन क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मेड इन इंडिया अभियान के तहत तैयार किए गए C-295 विमान ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है। वर्तमान में ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में मुझे कोलकाता में नौ-सेना से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। वहां INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को भारतीय नौ-सेना के बेड़े में शामिल किया गया। इन शिप की डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग तक सब कुछ स्वदेशी है।

पीएम ने कहा कि इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के कई कार्यक्रम हुए। अहमदाबाद में आयोजित ‘विश्व योगासन चैम्पियनशिप’ की भी बड़ी चर्चा हुई। इस चैम्पियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते हैं, जिनमें 102 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा है।

पीएम मोदी की मन का बात की प्रमुख बातें

महाराष्ट्र के परिवार का जिक्र’

पीएम ने कहा कि महाराष्ट्र के नांदेड़ के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार ने घर में विवाह के मौके पर अपने गांव के लगभग साढ़े तीन हजार लोगों के लिए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की। हर व्यक्ति को एक लाख रुपए का बीमा कवर दिया गया।

नगालैंड की 2 लीग का चर्चा

पीएम मोदी ने कहा कि नगालैंड में दो ऐसी लीग होती हैं जो सबको इंस्पायर कर सकती हैं। इनमें से एक का नाम है नगालैंड बेबी लीग। यह 5 से 12 वर्ष के छोटे-छोटे बच्चों की असाधारण लीग होती है। यह उनकी रफ्तार और प्रतिभा को प्रेरित करती है। यह लीग 3 वर्ष पूरे कर चुकी है।

नगालैंड विमेन फुटसल लीग: फुटसल को आम भाषा में इंडोर फुटबॉल कहा जाता है। इसमें 5 खिलाड़ी होते हैं। यह सामान्य से छोटा मैदान होता है। तेजी से फैसले लेने होते हैं।

असम के हरगिला पक्षी की बात

पीएम मोदी ने कहा कि असम में एक पक्षी पाया जाता है। उस पक्षी का नाम है ‘हरगिला’। ‘हरगिला’ एक दुर्लभ पक्षी है। ये प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था।

लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था जिन पर हरगिला के घोसले बने होते थे। इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने ये सब देखा। उन्होंने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया।

उन्होंने महिलाओं से बात की, उन्होंने लोगों को विज्ञान के आधार पर समझाया, धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ने लगीं। फिर एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गाँवों की पहचान बनने लगा।

हजारों ग्रामीण महिलाएं ‘हरगिला’ को बचाने के लिए आगे आईं। आज उन्हें ‘हरगिला आर्मी’ के नाम से जाना जाता है। इन महिलाओं ने समाज के साथ संघर्ष भी किया। समाज को समझाने के लिए दिन-रात काम किया और अंधविश्वास को पीछे छोड़ करके रहे। उन्होंने दिखाया है जब सही जानकारी पहुंचाई जाती है, तो वर्षों पुरानी सोच भी बदल सकती है।

नालंदा विश्वविद्यालय की परंपरा

पीएम मोदी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ की हमारी प्राचीन परंपरा को फिर से जीवंत किया है। शास्त्रार्थ केवल अपनी बात रखने का माध्यम नहीं है। ये वाद-संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा कि इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ, अपनी बात कहना बहुत जरूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है। मुझे खुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया।

दिल्ली सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी का जिक्र

पीएम ने कहा कि दिल्ली में स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बी-टेक प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। ये आधुनिक टेक्नोलॉजी को भारत के पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे भारतीय भाषाओं के लिए नए AI टूल्स तैयार करने में मदद मिलेगी। हमारे प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के काम को भी नई गति मिलेगी।

‘मन की बात’ के पिछले 5 एपिसोड…

134वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा- देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। मुझे बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां ऑब्जर्वेशनल सेशन आयोजित किए जाते हैं।’खगोल मण्डल’ नाम की एक टीम ने 30 घंटे का एक बहुत इनोवेटिव कोर्स शुरू किया है। ऐसे ही केरलम और गुजरात में भी एस्ट्रोनॉमी इवेंट आयोजित किए जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

133वां एपिसोड: पीएम ने कहा कि हमारे देश में इस समय जनगणना का अभियान चल रहा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें… 132वां एपिसोड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 131वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट के दौरान, कई देश के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर, टेक कंपनी के दिग्गज जुटे। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों को, पांडुलिपि को संरक्षित कर रहे हैं। AI समिट में भारत की ताकत दुनिया के सामने आई। युवाओं में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

——————

PM मोदी ने सेशेल्स में कछुओं को पत्तियां खिलाईं, VIDEO: 256 साल पहले 5 भारतीय रहने पहुंचे थे; अब हर 8वां नागरिक भारतवंशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बोटैनिकल गार्डन में एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे।

हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीपीय देश का भारत से रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि 256 साल पुराना भी है। साल 1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

जिम में पसीना बहा रही हैं आलिया और शरवरी, ‘अल्फा’ के खतरनाक वर्कआउट फोटोज ने मचाया तहलका!


Last Updated:

Alia Bhatt Sharvari Wagh Alpha Workout: फिल्मी परदे पर पहली बार दिखेगा दो हसीनाओं का ऐसा खतरनाक रूप! फिल्म ‘अल्फा’ में जासूस बनने के लिए आलिया भट्ट और शरवरी वाघ ने जिम में उठाया भारी वजन. दोनों का यह हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट वीडियो देखकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट रहे हैं. देखिए दोनों ‘अल्फा वुमन’ की कड़क ट्रेनिंग की तस्वीरें .

Alia Bhatt Sharvari Wagh Alpha Workout Video: आलिया भट्ट और शरवरी वाघ इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘अल्फा’ को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की इस फिल्म में दोनों अभिनेत्रियां जबरदस्त एक्शन करती नजर आएंगी. अपनी कैरेक्टर को बखूबी निभाने के लिए दोनों काफी टफ प्रैक्टिस कर रही हैं. हाल ही में दोनों का एक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट वीडियो और फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वे ‘अल्फा’ के लिए कड़ी ट्रेनिंग लेती दिख रही हैं. उनकी इस हार्ड वर्क को देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं. चलिए दिखाते हैं दोनों की धांसू फोटोज.

आलिया भट्ट और शरवरी वाघ अपनी आने वाली स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ के लिए जिम में पसीना बहा रही हैं. फिल्म में खुद को एक जासूस के रूप में ढालने के लिए दोनों ही हसीनाएं बेहद कठिन वर्कआउट कर रही हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए उनके नए वीडियो में उनकी फिटनेस और लगन साफ देखी जा सकती है.

वायरल वीडियो में आलिया भट्ट मुश्किल एक्सरसाइज बहुत ही आसानी से करती हुई नजर आ रही हैं. वे अपनी पावर और स्टैमिना को बढ़ाने के लिए हैवी वेट ट्रेनिंग और कोर वर्कआउट पर ध्यान दे रही हैं. मां बनने के बाद भी आलिया की ऐसी फिटनेस देखकर उनके फैंस काफी हैरान हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

शरवरी वाघ भी फिटनेस के मामले में आलिया को कड़ी टक्कर दे रही हैं. वीडियो में वे बहुत ही फुर्ती के साथ अलग-अलग तरह के जंप्स और पुश-अप्स करती दिख रही हैं. फिल्म ‘मुंज्या’ की सफलता के बाद शर्वरी इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए खुद को पूरी तरह एक्शन मोड में ला चुकी हैं.

यह पहली बार है जब वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की किसी फिल्म की कमान पूरी तरह से दो लेडी कलाकारों के हाथ में है. इससे पहले टाइगर, पठान और वॉर जैसी फिल्मों में मेल एक्टर्स लीड रोल में थे. यही वजह है कि आलिया और शरवरी स्क्रीन पर बेस्ट दिखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं.

बता दें कि ये वीडियो और फोटोज खुद आलिया और शरवरी ने अपने ऑफिशियल इंस्टग्राम पर पोस्ट किया है. दोनों ने अपनी मूवी का काउंटडाउन पोस्ट कर लिखा बस 6 दिन और… इसके बाद # लगाकर उन्होंने बताया कि अल्फा 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. जैसे ही दोनों का यह वर्कआउट वीडियो इंटरनेट पर आया, फैंस ने इस पर कमेंट्स की बरसात कर दी. लोग आलिया और शर्वरी को ‘अल्फा वुमन’ कह रहे हैं. फैंस का मानना है कि बॉलीवुड में इस तरह का तगड़ा फीमेल एक्शन देखने को नहीं मिला है और यह वीडियो फिल्म के प्रति एक्साइटमेंट को और बढ़ा देता है.

हाल ही में फिल्म का एक शेड्यूल कश्मीर की खूबसूरत वादियों में पूरा हुआ था, जहां से उनकी कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं. अब अगले बड़े एक्शन शेड्यूल पर जाने से पहले दोनों स्टार्स खुद को फिजिकली और मेंटली मजबूत करने के लिए जिम में घंटों बिता रही हैं.

फिल्म ‘अल्फा’ का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं, जिन्होंने इससे पहले हिट सीरीज ‘द रेलवे मेन’ बनाई थी. इस फिल्म को बहुत बड़े बजट और इंटरनेशनल लेवल के एक्शन के साथ बनाया जा रहा है. आलिया और शर्वरी की यह जोड़ी सिनेमाघरों में तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

1.72 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का आरोपी गिरफ्तार: प्रोडक्ट खरीदे बिना ही रिवॉर्ड ऐप में सेंध लगाई; अब तक 5 गिरफ्तारी – Dausa News




दौसा साइबर थाना पुलिस ने एशियन पेंट्स के मास्टरस्ट्रोक रिवॉर्ड ऐप में तकनीकी सेंध लगाकर करीब 1.72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, एशियन पेंट्स लिमिटेड के एजीएम ने 11 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कंपनी के रिवॉर्ड प्रोग्राम में हेरफेर कर आरोपियों ने बिना उत्पाद खरीदे ही ट्रायल एंड एरर पद्धति से फर्जी क्यूआर कोड जनरेट किए और कंपनी को 1 करोड़ 72 लाख 86 हजार 297 रुपये का नुकसान पहुंचाया। एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर क्राइम के पुलिस उपाधीक्षक बृजेश मीना के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने आरोपी सोनू सैनी (23) निवासी काला काकरा वाली ढाणी, लालसोट को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि इससे पहले अनिल कुमार सैनी, विष्णु कुमार सैनी, रिकु सैनी और राहुल सैनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी से अन्य साथियों के संबंध में पूछताछ जारी है।



Source link