Sunday, June 21, 2026
Home Blog

देवरिया के रुद्रपुर में मोहर्रम से पहले विवाद: पुराना चौक पर मरम्मत कार्य एसडीएम ने रुकवाया – Deoria News




देवरिया जिले के रुद्रपुर में मोहर्रम पर्व से पहले नगर के संवेदनशील पुराना चौक (पक्का चौक) पर रविवार को मरम्मत कार्य को लेकर विवाद हो गया। चौक पर चल रहे कार्य का कुछ लोगों ने विरोध किया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा तत्काल कार्य रुकवा दिया गया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में दो लोगों का चालान भी किया है। नगर का पुराना चौक वर्षों से मोहर्रम और दुर्गा पूजा के दौरान संवेदनशील स्थल माना जाता है। सड़क के बीच स्थित इस चबूतरे को लेकर अतिक्रमण और निर्माण संबंधी विवाद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। रविवार सुबह एक पक्ष द्वारा चबूतरे पर मरम्मत कार्य शुरू किए जाने की सूचना मिलते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी अवधेश निगम, क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र राय, थाना प्रभारी कल्याण सिंह सागर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। एहतियात के तौर पर मरम्मत कार्य तत्काल रोक दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आनंद पांडेय ने बताया कि स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है और बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण या मरम्मत कार्य नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस ने मौके से रुद्रपुर निवासी मोइन शाह पुत्र मोहम्मद ईशु तथा मोहम्मद वालिद पुत्र मोहम्मद लतीफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में शांति भंग की आशंका में दोनों का चालान कर दिया गया। घटना की सूचना पर कुछ अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि, प्रशासन की तत्परता और पुलिस की सतर्कता के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने नगरवासियों से शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।



Source link

70वीं BPSC में खगड़िया के 3 कैंडिडेट सेलेक्ट: वैभव SDM, रागिनी RDO और राजू DSP बने, जिलेभर से मिल रही बधाइयां – Khagaria News




खगड़िया के तीन अभ्यर्थियों ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल की है। इनमें वैभव वात्सल को अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), रागिनी कुमारी को ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) और राजू कुमार को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पद मिला है। वैभव वात्सल को परीक्षा में 37वीं रैंक अलौली, परबत्ता और खगड़िया शहर से जुड़े इन अभ्यर्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है। किसी ने नौकरी के साथ तैयारी कर SDM का पद प्राप्त किया, तो किसी ने दरोगा और शिक्षिका की नौकरी के बाद RDO का पद हासिल किया। एक पूर्व सैनिक ने DSP बनकर देश सेवा का अपना जुनून जारी रखा। अलौली प्रखंड के आनंदपुर परास गांव निवासी वैभव वात्सल ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 37वीं रैंक प्राप्त कर SDM का पद हासिल किया है। ऑडिट ऑफिसर के पद पर थे कार्यरत वैभव मध्य विद्यालय अलौली के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार और मध्य विद्यालय सुखासन की प्रधानाध्यापिका अस्मिता कुमारी के पुत्र हैं। वर्तमान में वे भुवनेश्वर स्थित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) कार्यालय में ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। व्यस्त सरकारी नौकरी के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा और निरंतर अध्ययन जारी रखा। वैभव ने दसवीं की पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल, खगड़िया से, इंटरमीडिएट मुजफ्फरपुर से तथा बीटेक की डिग्री आईआईटी पटना से प्राप्त की है। दरोगा और शिक्षिका के रूप में सेवा देने के बाद रागिनी कुमारी ने ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद प्राप्त किया है। वायु सेना की सेवा के बाद अब DSP भारतीय वायु सेना में दो दशक तक देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिक राजू कुमार ने DSP बनकर वर्दी पहनने का अपना सपना फिर से साकार किया है। परबत्ता प्रखंड के लगार गांव निवासी तथा मध्य विद्यालय शेर के प्रधानाध्यापक हर्ष देव राय की पत्नी रागिनी कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद प्राप्त किया है। उनकी सफलता से मायके सलारपुर और ससुराल लगार दोनों जगह जश्न का माहौल है। रागिनी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं
रागिनी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने पहले बिहार पुलिस में दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) के पद पर सफलता प्राप्त की, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा से उन्होंने उस पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बीपीएससी शिक्षिका परीक्षा उत्तीर्ण कर प्लस-टू विद्यालय में शिक्षिका के रूप में योगदान दिया। हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था। उन्होंने लगातार तैयारी जारी रखी और आखिरकार 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी बन गईं।
उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो सफलता अवश्य मिलती है। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि रागिनी की उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
20 वर्षों तक वायु सेना में देश सेवा, अब DSP बन जनता की करेंगे सेवा। राजू कुमार को परीक्षा में 440वीं रैंक मिली

राजेंद्र नगर, खगड़िया निवासी राजाराम साहु के पुत्र राजू कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 440वीं रैंक प्राप्त कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। वे बलुआही निवासी दिवंगत शिक्षक अमिय कुमार साह के दामाद तथा शिक्षक प्रदुम्न कुमार प्रसून के छोटे बहनोई हैं।
राजू कुमार ने भारतीय वायु सेना में करीब 20 वर्षों तक देश की सेवा की। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने 63वीं बीपीएससी परीक्षा में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तथा 64वीं बीपीएससी परीक्षा में राजस्व अधिकारी के पद पर सफलता हासिल की थी। लेकिन उनका सपना हमेशा वर्दी पहनकर जनता की सेवा करना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने तैयारी जारी रखी और 70वीं बीपीएससी में डीएसपी पद पर चयनित होकर अपना सपना साकार कर लिया।
उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। उनके साले एवं शिक्षक नवनीत कुमार सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि राजू कुमार का संघर्ष, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने तीनों अभ्यर्थी
70वीं बीपीएससी में जिले के इन तीन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की सफलता ने यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता निश्चित मिलती है। नौकरी के साथ तैयारी कर एसडीएम बनने वाले वैभव वात्सल, कई पड़ाव पार कर आरडीओ बनने वाली रागिनी कुमारी और वायु सेना में 20 वर्ष की सेवा के बाद डीएसपी बनने वाले राजू कुमार आज खगड़िया के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों ने तीनों सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



Source link

शाजापुर में मानसून की देरी से सोयाबीन बुवाई प्रभावित: 22 से 25 जून के बीच सक्रिय होने की संभावना – shajapur (MP) News




शाजापुर जिले में इस वर्ष मानसून की आमद लगभग 15 दिन देरी से होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में तीन लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की खेती होती है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने के कारण अब तक बुवाई शुरू नहीं हो सकी है। खेत तैयार, बारिश का इंतजार कर रहे किसान किसानों ने खेतों की जुताई, खाद और बीज की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन मिट्टी में नमी पर्याप्त न होने के कारण बुवाई रुकी हुई है। किसानों को अब मानसून की सक्रिय बारिश का इंतजार है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी.के. तिवारी ने किसानों को सलाह दी है कि वे कम से कम चार इंच बारिश होने के बाद ही सोयाबीन की बुवाई करें। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर 25 से 30 जून का समय सोयाबीन बुवाई के लिए उपयुक्त माना जाता है। उन्होंने कहा कि यदि मानसून में और देरी होती है तो दो से तीन इंच बारिश के बाद ही मिट्टी में पर्याप्त नमी सुनिश्चित कर बुवाई करनी चाहिए। जल्दबाजी में बुवाई से नुकसान का खतरा डॉ. तिवारी ने चेतावनी दी कि कम बारिश में बुवाई करने पर यदि 10 से 15 दिनों तक सूखा पड़ता है तो बीज अंकुरित नहीं हो पाएंगे। इससे फसल खराब होने की आशंका रहती है और किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि जुलाई के बाद बुवाई में देरी होने पर सोयाबीन की पैदावार पर असर पड़ सकता है। देर से बोई गई फसल में पौधों की वृद्धि कम होती है और कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। 22 से 25 जून के बीच मानसून सक्रिय होने की संभावना भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने शाजापुर जिले में मानसून की सक्रिय आमद 22 से 25 जून के बीच होने की संभावना जताई है। इसके बाद जिले में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है, जिससे खरीफ फसलों, विशेषकर सोयाबीन की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।



Source link

BPSC के इंटरव्यू में इस सवाल का जवाब देकर सचिन बन गए SDM, मिली 102वीं रैंक


होमताजा खबरbusiness

BPSC के इंटरव्यू में इस सवाल का जवाब देकर सचिन बन गए SDM, मिली 102वीं रैंक

Last Updated:

BPSC Success Story: 70वीं बीपीएससी में जमुई के सचिन ने सफलता पाई है. इसमें उन्हें 104 रैंक मिला है. अब वह एसडीएम बन गए हैं. सचिन जमुई जिले के खैरा प्रखंड के रहने वाले हैं. उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है. उन्होंने इंटरव्यू में कुछ मजेदार सवाल भी बताएं. जानिए इनकी सक्सेस स्टोरी.

ख़बरें फटाफट

जमुई: 70वीं बीपीएससी का रिजल्ट 20 जून को जारी कर दिया गया. इसमें कई लोगों ने बाजी मारी. जमुई के सचिन ने भी एसडीएम बने हैं. उन्होंने लोकल 18  से बात करते हुए कई यादे साझा की. बताया कि इंटरव्यू में कई बार ऐसे मजेदार सवाल पूछे जाता हैं. जिसका जबाव देने के अभ्यर्थी के पसीने छूट जाते हैं. ऐसा ही जमुई के सचिन के साथ हुआ. उनके एक ऐसा सवाल पूछा गया जिसे सुनकर उन्हें पहले तो मुश्किल हुई. लेकिन इसका जवाब देकर सचिन एसडीएम बन गए हैं. दरअसल 70वीं बीपीएससी में जमुई के सचिन ने सफलता पाई है. इसमें उन्हें 104 रैंक मिला है. अब वह एसडीएम बन गए हैं. सचिन जमुई जिले के खैरा प्रखंड के रहने वाले हैं. उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है. इस से पहले वह बेगूसराय में राजस्व अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे.

चौथे प्रयास में सचिन को मिली यह सफलता
सचिन ने बताया कि उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता प्राप्त की है. उन्होंने बताया कि पहले दो प्रयास में सचिन ने प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके थे. तीसरी बार उन्होंने बीपीएससी उत्तीर्ण किया और उन्हें राजस्व अधिकारी का पद मिला. वर्तमान में सचिन बेगूसराय जिले के बखरी में राजस्व अधिकारी के रूप में पदस्थापित थे. इसके बाद उन्होंने इस बार फिर से बीपीएससी पास किया है. सचिन ने इस से पहले लोको पायलट सहित तीन और अलग नौकरी हासिल की, लेकिन सबको छोड़कर उन्होंने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में हिस्सा लिया.

इंटरव्यू में पूछा गया था यह मजेदार सवाल
सचिन ने बताया कि बीपीएससी के इंटरव्यू में उनसे बड़ा ही मजेदार सवाल पूछा गया था. उन्होंने कहा कि चूंकि मैं राजस्व अधिकारी के रूप में काम कर रहा था. इसलिए इंटरव्यूअर ने मुझसे पूछा कि अंचल कार्यालय को भ्रष्टाचार का स्वर्ग क्यों कहा जाता है. सचिन ने बताया कि इस सवाल को सुनकर मैं हैरान रह गया. जवाब में मैंने कहा कि अभी मुझे केवल छह महीने ही हुए हैं और मैं अभी खुद ट्रेनिंग कर रहा हूं, इसलिए मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. सचिन ने बताया कि वो यूपीएससी की परीक्षा पास करना चाहते हैं, तथा टीना डाबी को देखकर उन्हें प्रेरणा मिली.

About the Author

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



Source link

दावा- ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर कल तक इस्तीफा दे सकते हैं: पार्टी के 100 सांसद खिलाफ; 10 साल में 5 पीएम ने कार्यकाल से पहले पद छोड़ा


लंदन54 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कीर स्टार्मर 5 जुलाई 2024 को ब्रिटेन के पीएम बने थे।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार को इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। साथ ही वे अपने पद छोड़ने का रोडमैप भी बता सकते हैं। यह दावा ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की रिपोर्ट में किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों और ट्रेड यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद तय किया है कि उनका पद पर बने रहना अब मुश्किल है। हालांकि, रॉयटर्स के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि स्टार्मर अभी भी प्रधानमंत्री के तौर पर अपने काम करने पर ध्यान दे रहे हैं।

रॉयटर्स के मुताबिक स्टार्मर की लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि पीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए या अपने पद छोड़ने की समयसीमा घोषित करनी चाहिए। स्टार्मर के खिलाफ हुए सांसद, हाउस ऑफ कॉमन्स में पार्टी के कुल सांसदों का करीब एक चौथाई हैं।

अगर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो ब्रिटेन के 10 साल के इतिहास में वे छठे ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जिन्हें यह पद छोड़ना पड़ा। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक अपना कार्यकाल खत्म करने से पहले ही पीएम पद छोड़ चुके हैं।

ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ और ‘द संडे टेलिग्राफ’ ने रविवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बारे में छापा।

ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ और ‘द संडे टेलिग्राफ’ ने रविवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बारे में छापा।

स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव क्यों बढ़ा

स्टार्मर ने 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी जीत दिलाई थी, लेकिन उसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार घटी है। कई विवादों, नीतिगत यू-टर्न और जीवनस्तर में सुधार के वादों को पूरा नहीं कर पाने की वजह से उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा।

स्टार्मर की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब उनके विरोधी एंडी बर्नहैम ने शुक्रवार को उपचुनाव जीत लिया। इस जीत के बाद बर्नहैम पार्टी की कमान संभालने की दावेदारी पेश कर सकते हैं। जीत के बाद बर्नहैम ने कहा कि वह देश को नई दिशा देना चाहते हैं। बर्नहैम के सहयोगी स्टार्मर से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी संकेत दिया कि वह जरूरत पड़ने पर स्टार्मर को नेतृत्व के लिए चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, स्टार्मर ने 19 जून को साफ कहा था कि मैं अपने नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करूंगा। साथ ही लेबर पार्टी के नेताओं से आपसी खींचतान से बचने की अपील की थी।

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की वजह

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की बड़ी वजह वहां की संसदीय व्यवस्था है। वहां प्रधानमंत्री को लोग सीधे नहीं चुनते, बल्कि उनकी पार्टी के सांसद उनका समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री तब तक पद पर बने रहते हैं, जब तक पार्टी के सांसद उनके साथ खड़े हों।

अगर सांसदों को लगने लगे कि किसी नेता की घटती लोकप्रियता से अगले चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है, तो वे बिना आम चुनाव कराए भी नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि ब्रिटेन में पार्टी का समर्थन कमजोर पड़ते ही प्रधानमंत्री बदलने की नौबत जल्दी आ जाती है।

ब्रिटेन की बड़ी पार्टियों के नियम भी नेताओं को हटाने का रास्ता आसान बना देते हैं। कंजर्वेटिव पार्टी में अगर 15% सांसद किसी नेता के खिलाफ चिट्ठी लिख दें, तो उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं, लेबर पार्टी में कोई दूसरा नेता तब दावेदारी पेश कर सकता है, जब उसे पार्टी के 20% से ज्यादा सांसदों और सदस्यों का समर्थन मिल जाए।

2011 में स्थिरता के लिए ‘फिक्स्ड टर्म कानून’ लाया गया था

2011 में फिक्स्ड-टर्म पार्लियामेंट्स एक्ट’ लाया गया था। इसका मकसद संसद का कार्यकाल तय रखना और सरकारों को समय से पहले गिरने से बचाना था। लेकिन बाद में इस कानून को खत्म कर दिया गया।

आलोचकों का कहना है कि इसके बाद पुराने नियम फिर लागू हो गए, जिससे प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के समर्थन और अचानक पैदा होने वाले राजनीतिक संकटों के ज्यादा भरोसे हो गए। ऐसे में पार्टी का समर्थन कम होते ही प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है, जिससे नेताओं का कार्यकाल छोटा और अनिश्चित होता जा रहा है।

ब्रेग्जिट के बाद कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2016 में ब्रेग्जिट पर हुए जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। लोग अब सिर्फ पार्टी देखकर वोट नहीं देते, बल्कि महंगाई, टैक्स, सरकारी सेवाओं और बेहतर जीवन स्तर जैसे मुद्दों पर जल्दी नतीजे चाहते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी वजह से नेताओं पर कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है। अगर सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर ही विरोध शुरू हो जाता है और नेता बदलने की मांग उठने लगती है।

————————

ये खबर भी पढ़ें…

शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं:कश्मीर मूल की हैं; एपस्टीन फाइल्स विवाद से PM स्टार्मर की कुर्सी खतरे में

अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में है। अब उनकी अपनी लेबर पार्टी के एक धड़े ने ही इस्तीफे की मांग कर दी है। हालांकि स्टार्मर अभी पद छोड़ने से इनकार कर रहे हैं।

इस बीच, नए प्रधानमंत्री पद की होड़ में गृह मंत्री शबाना महमूद के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री वेस्ट स्ट्रीटिंग और पूर्व उपप्रधानमंत्री अंगेला रेनर का नाम सामने आ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

करिश्मा कपूर ने जब रिजेक्ट की सुनील शेट्टी की फिल्म, इस एक्ट्रेस को मिला था हीरोइन का रोल


Last Updated:

एक्ट्रेस मधु ने साल 1993 में आई अपनी सुपरहिट फिल्म ‘पहचान’ को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि सुनील शेट्टी और सैफ अली खान स्टारर इस एक्शन-ड्रामा फिल्म के लिए वह मेकर्स की पहली पसंद नहीं थीं. उनसे पहले करिश्मा कपूर सहित उस दौर की 2-3 बड़ी हीरोइनों को यह रोल ऑफर हुआ था, लेकिन सबने इसे ठुकरा दिया. मधु ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि टॉप एक्ट्रेसेस इस रोल को मना कर चुकी हैं, तो उनका उत्साह और बढ़ गया और उन्होंने तुरंत फिल्म साइन कर ली.

ख़बरें फटाफट

Zoom

करिश्मा कपूर ने रिजेक्ट की थी पहचान फिल्म.

नई दिल्ली. 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मधु आज भी सिनेमाप्रेमियों के दिलों पर राज करती हैं. अपनी बेहतरीन एक्टिंग से पहचान बनाने वाली मधु ने हाल ही में साल 1993 में आई अपनी सुपरहिट एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘पहचान’ को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस फिल्म में उनका जो रोल था, वो उनसे पहले इंडस्ट्री की कई टॉप एक्ट्रेसेस को ऑफर हुआ था. मधु के मुताबिक, करिश्मा कपूर सहित उस दौर की कई बड़ी हीरोइनों ने इस रोल को करने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह फिल्म उनकी झोली में आ गिरी.

आईएएनएस से बातचीत के दौरान मधु ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि कई लीड एक्ट्रेसेस इस भूमिका को ठुकरा चुकी हैं, तो उनका इस किरदार को निभाने का उत्साह और बढ़ गया. उन्होंने बताया कि वह शायद इस रोल के लिए पहली पसंद नहीं थीं. फिल्म निर्माताओं ने उस समय कई हीरोइनों से संपर्क किया था, लेकिन सभी ने मना कर दिया. इसके बाद यह भूमिका उनके पास आई.

करिश्मा कपूर ने ठुकराई थी फिल्म

मधु ने कहा, ‘जितना मुझे बताया गया कि कई बड़ी एक्ट्रेस ने इस रोल को ठुकराया है, उतना ही मेरा विश्वास बढ़ता गया कि मुझे यह फिल्म करनी चाहिए. मुझे इस फिल्म का हिस्सा बनने पर गर्व है.’ जब उनसे पूछा गया कि किन हीरोइनों ने यह रोल ठुकराया था, तो उन्होंने बताया कि जिन नामों की जानकारी उन्हें मिली थी, उनमें करिश्मा कपूर का नाम शामिल था. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बाकी एक्ट्रेसेस के नामों की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन 2-3 एक्ट्रेसेस ने इस भूमिका को करने से मना कर दिया था.

View this post on Instagram





Source link

प्रेशर कुकर में बिना तेल के बनेगी फूली-फूली कुरकुरी पानी पुरी, ट्राई करें ये सिंपल हैक


Last Updated:

How to make pani puri in cooker: पानी पुरी मार्केट से तो आप खूब खाते होंगे, लेकिन क्या कभी घर पर इसे बनाया है? आमतौर पर कड़ाही में तेल डालकर पानी पुरी तलते हैं, लेकिन आप इसे प्रेशर कुकर में बिना तेल के ही गोल फूली और कुरकुरी बना सकते हैं. यहां जानिए कुकर में सिर्फ एक चम्मच तेल डालकर फूली-फूली पानी पुरी की पुरी बनाने का वायरल ट्रिक.

Zoom

प्रेशर कुकर में बनाएं पानी पुरी.

How to make pani puri in cooker: पानी पुरी का ठेला कहीं रास्ते में दिख जाए तो खाए बिना रहा नहीं जाता है. खासकर, महिलाएं, लड़कियां तो पानी पुरी की दीवानी होती हैं. जिनका फेवरेट होता है गोलगप्पा, वो तो एक बार में ही तीन-चार प्लेट खा जाते हैं. आप अक्सर पानी पुरी ठेले पर से खाते हैं. कई बार हाइजीन, साफ-सफाई को लेकर शक भी होता है. ऐसे में कुछ लोग बाहर से खाने से बचते हैं. लेकिन, गोलगप्पे खाने का मन कर जाए तो क्या करें. परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप बहुत ही आसान तरीके से पानी पुरी का पुरी तैयार कर सकते हैं. काफी लोग पानी पुरी बनाते हैं, लेकिन वो टूट जाती हैं, फूली और कुरकुरी नहीं बनती हैं. साथ ही तेल में तलने से काफी ऑयली भी होती हैं.

कैसा हो जब आपको बिना कड़ाही में ढेर सारा तेल डाले ही आप पानी पुरी की पुरियां तैयार कर लें. वह भी बेहद आसान तरीके से प्रेशर कुकर में? थ्रेड्स पर वायरल हो रहे एक वीडियो में प्रेशर कुकर में गोलगप्पे बनाने का तरीका बताया जा रहा है. ये वीडियो थ्रेड्स पर neha.nehra07 नाम के अकाउंट पर शेयर किया गया है. इसमें तेल का इस्तेमाल एक चम्मच सिर्फ किया गया है और गोल-गोल फूली हुई पानी पुरी बनकर तैयार हो जाएगी. जानते हैं बिना तेल में तले पानी पुरी बनाने का सिंपल से प्रेशर कुकर वाला ट्रिक.

प्रेशर कुकर में बनाएं पानी पुरी
सबसे पहले प्रेशर कुकर में आपको थोड़ा सा तेल लगाना है. इससे पहले आप पानी पुरी का आटा जिस तरह से गूंथते हैं, वैसे गूंथ लें. थोड़ी देर आटे को ढक कर छोड़ दें ताकि ये सेट हो जाए. इनकी छोटी-छोटी लोई बनाकर पूरियां बेल लें. अब एक साथ कुकर में 10-15 पूरियां डाल दें. ऊपर से एक चम्मच फैला कर तेल डाल दें. कुकर का ढक्कन लगा दें. अब गैस पर इस कुकर को रख दें और सीटी निकाल दें. आंच को फुल फ्लेम में रहने दें. 5 मिनट के अंदर गैस बंद कर दें. कुकर का ढक्कन खोलकर देखें. गोल-गोल फूली हुई पानी पुरी देखकर हैरान रह जाएंगे आप.

About the Author

authorimg

Anshumala

अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें



Source link

दिल्ली में सैकड़ों साधकों के साथ CM ने किया योग: ‘विकसित भारत नर्सरी’ का लिया जायजा; बोलीं-योग मन, मस्तिष्क-आत्मा के बीच सामंजस्य का विज्ञान – New Delhi News




दिल्ली में संडे काे 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज राजधानी दिल्ली के आसोला-भाटी वन्यजीव अभ्यारण्य में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नीली झील के सुरम्य किनारे पर सैकड़ों योग साधकों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया। इस वर्ष का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग) थीम पर मनाया जा रहा है, जो समाज को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन जीने का संदेश देता है। इस राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी, मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, विधायक करतार सिंह तंवर सहित दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी योग साधकों का उत्साह बढ़ाने के लिए उपस्थित रहे। योगाभ्यास के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक संपूर्ण विज्ञान है। योग कार्यक्रम के समापन के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ने अभ्यारण्य परिसर में नवनिर्मित ‘विकसित भारत नर्सरी’ का विस्तृत निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह दिल्ली के हरित विकास से जुड़ी योजनाओं की जमीनी समीक्षा का एक हिस्सा था। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने नर्सरी में उगाई जा रही भारत की देसी प्रजातियों के पेड़-पौधों की खेती, जैव विविधता संरक्षण और दिल्ली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों की बारीकी से जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने नर्सरी में तैयार किए जा रहे पौधों की गुणवत्ता, उनके संरक्षण के उपायों और वर्तमान में चल रही पर्यावरणीय परियोजनाओं की प्रगति का भी मौके पर आकलन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।



Source link

बिजनौर में उत्साह के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: नेहरू स्टेडियम में प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने किया योगाभ्यास – Bijnor News




बिजनौर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को योगमय नजर आया। मुख्य कार्यक्रम नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। जिले भर के सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संगठनों द्वारा भी योग शिविरों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में लोगों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है, मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति का समग्र विकास होता है। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आज योग पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि योग जीवन का ऐसा मंत्र है, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाता है। बढ़ती उम्र में भी योग व्यक्ति को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सदर विधायक सूची चौधरी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राएं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। उन्होंने बताया कि गंगा बैराज स्थित शीश महल परिसर में भी योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जनपद के नोडल अधिकारी एवं परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने की। इसके अलावा जनपद के सभी गांवों, नगर क्षेत्रों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर सदर विधायक सूची चौधरी, भाजपा के वरिष्ठ नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी, पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने नियमित योग करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।



Source link

सवाई माधोपुर में करीब एक हजार लोगों ने किया योगा: कृषि मंत्री, प्रभारी सचिव, कलेक्टर, एसपी ने भी किया योग – Sawai Madhopur News




जिला प्रशासन एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय समारोह रविवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में आयोजित किया गया। यहां सुबह 6 बजे से 8 तक “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर यह कार्यक्रम आयोजित हुआ । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर ने शिरकत की। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने की। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सांसद रामचरण बोहरा उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी की स्पीच सुनी
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्पीच का सीधा प्रसारण किया गया। निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा, सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार, कलेक्टर कानाराम, एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित अधिकारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने योग किया। यहां मौजूद करीब एक हजार लोगों ने ग्रीवा चालन, स्कंधा संचालन, कटि चालन, घुटना संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन जैसे आसन किए। इस मुख्य अतिथि द्वारा स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए नियमित योग को दैनिक दिनचर्या में अपनाने का संकल्प दिलाया गया। मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई
उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सभी को शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सर्वोपरि है। योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ एवं निरोगी बना रहता है तथा व्यक्ति की कार्य क्षमता बढ़ जाती है। योग करेंगे तो मन शांत और शरीर निरोगी रहेगा। स्वस्थ रहेंगे तो न सिर्फ हम अच्छा काम कर पाएंगे बल्कि जीवन में तरक्की भी कर पाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर योग दिवस के कार्यक्रम से जुड़े सभी का आभार व्यक्त करते हुए जीवन में योग अपनाने की बात कहीं। वहीं कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने मतदाता जगरूकता की शपथ दिलवाई। कृषि ने नन्हें समर्थक को दिया आटोग्राफ कार्यक्रम के समापन पर युवा क्रिकेट खिलाड़ी समृद्ध पाराशर की खुशी दुगनी हो गई, जब कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने उनकी क्रिकेट टी-शर्ट और कैप पर क्रिकेट खिलाड़ी पाराशर द्वारा आग्रह करने पर ऑटोग्राफ दिया। ग़ौरतलब है की समृद्ध पाराशर सवाई माधोपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट अकादमी में कोच सुरेंद्र चौधरी के मार्गदर्शन में क्रिकेट प्रशिक्षण ले रहे हैं। समृद्ध समाज सेवी मनोज पाराशर के पुत्र है।



Source link