Wednesday, June 24, 2026
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लखनऊ अग्निकांड- जहां 15 लाशें मिलीं, वहां पहुंचे भास्कर रिपोर्टर: दो मंजिला बिल्डिंग में खिड़की-एग्जॉस्ट तक नहीं; दरवाजा डबल लॉक था – Lucknow News




लखनऊ की बिल्डिंग में लगी आग में 15 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। सभी ने बाहर निकलने की जद्दोजहद की, लेकिन धुंआ और गेट लॉक होने की वजह से बाहर नहीं निकल सके। जिस हेड हॉपर स्टूडियो से 15 लाशें निकाली गईं, भास्कर रिपोर्टर्स ने उसके अंदर जाकर पड़ताल की। हमारी पड़ताल में अंदर के हालात भयावह दिखे। 185 वर्गमीटर जमीन पर बनी 2 मंजिल इमारत में खिड़की और एग्जॉस्ट तक नहीं लगे थे। इसी वजह से जब आग लगी, तो पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। सेकेंड फ्लोर पर स्थित कोचिंग के बॉयोमेट्रिक डबल लॉक वाले गेट जाम हो गए। उसमें फंसे लोग खुद को बचाने के लिए वॉशरूम में घुस गए। वहां भी धुआं भर गया। कुछ देर बाद आग से स्टूडियो की लकड़ियां जल गईं, तो शीशे टूट-टूटकर नीचे गिर गए। इसके बावजूद बिल्डिंग से धुआं नहीं निकल सका। फायर बिग्रेड के अफसर-कर्मचारी बिल्डिंग के पीछे की दीवार तोड़कर अंदर पहुंचे, तो शव एक-दूसरे के ऊपर पड़े थे। टीम ने एक-एक करके 15 शव बाहर निकाले। पहले मौके की 3 तस्वीरें देखिए… बेसमेंट के AC में शार्ट सर्किट से उठी थी चिंगारी जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत बिल्डिंग के बेसमेंट से हुई थी। यहां लगे AC के आउटडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट के बाद आग भड़की। फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और आग की लपटों से भर गई। बेसमेंट को पेट शॉप के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां बड़ी मात्रा में सामान रखा था। इसके अलावा पालतू जानवर भी मौजूद थे। AC की आउटडोर यूनिट के साथ 3 मोटरसाइकिलें भी खड़ी थीं। इन सब वजहों से आग तेजी से फैलती चली गई। वेंटिलेशन नहीं होने से सभी फ्लोर पर धुआं भरा था जांच में सामने आया है कि हादसे के समय पूरी बिल्डिंग में कुल 23 लोग मौजूद थे। आग और धुएं के बीच 7 लोग किसी तरह से तार के सहारे बाहर निकलने में सफल रहे। एक युवक ऊपर से नीचे कूद गया। उसका इलाज चल रहा है। 15 लोग अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई। जांच अधिकारियों के अनुसार, बिल्डिंग में वेंटिलेशन नहीं होने से सभी फ्लोर पर धुआं भर गया। इससे आग में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। ज्यादातर मौतें आग की लपटों से नहीं, जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुईं। दूसरी मंजिल में फंसे लोग बाहर निकलने के लिए संघर्ष करते रहे जांच में पता चला है कि बिल्डिंग की अलग-अलग मंजिलों पर अलग-अलग गतिविधियां चल रही थीं। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक थी। सेकेंड फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी और हेड हॉपर स्टूडियो है। स्टूडियो में 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता था। इस फ्लोर पर किचन, केबिन, शौचालय और बड़ी संख्या में कंप्यूटर लगे थे। आग फैलने के बाद इस फ्लोर के लोग ही बाहर निकलने के लिए जूझते रहे। बायोमेट्रिक गेट लॉक, छत की सीढ़ियों पर ताला लगा था जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि छत तक जाने वाली सीढ़ियों के रास्ते पर लोहे का चैनल गेट लगा था। लेकिन, उसमें ताला बंद था। इस वजह से धुआं ऊपर नहीं निकल पाया। इसके अलावा स्टूडियो का मेन गेट बायोमेट्रिक था। वह लॉक हो गया था। माना जा रहा है कि अगर छत का रास्ता खुला होता, तो कई लोग बाहर निकल सकते थे। फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने 8 घंटे चलाया रेस्क्यू बिल्डिंग में एक ही रास्ता और वेंटिलेशन नहीं होने से रेस्क्यू टीमों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 20 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को 8 घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाना पड़ा। आग पर काबू पाने के दौरान पूरी बिल्डिंग में पानी भर गया था, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। बिल्डिंग की पीछे की दीवार तोड़कर टीमें अंदर पहुंची। इसके बाद अंदर से शव निकाले गए। SIT और फोरेंसिक टीम जांच के लिए पहुंची मामले की जांच के लिए 2 सदस्यीय SIT बनाई गई। SIT में शामिल प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार 23 जून (मंगलवार) को मौके पर पहुंचे। इसके अलावा फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों, भवन संचालकों और पीड़ित परिवारों से पूछताछ की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से बनी जांच समिति भी भवन निर्माण, मानचित्र स्वीकृति, अग्नि सुरक्षा मानकों और निकास व्यवस्था की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की बात सामने आ रही है।



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3 साल की तपस्या लाई रंग, BARC में वैज्ञानिक अधिकारी बनीं खैरथल की ख्याति


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Khyati Khandelwal BARC Scientific Officer: राजस्थान के खैरथल की रहने वाली ख्याति खंडेलवाल ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया है. दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी करने वाली ख्याति ने घर पर रहकर 3 साल तक कड़ी तैयारी की और नेट व गेट परीक्षा भी पास की. डीड राइटर की बेटी ख्याति की इस बड़ी सफलता से पूरे जिले में खुशी की लहर है. अगस्त से उनकी 1 साल की ट्रेनिंग मुंबई में शुरू होगी. ख्याति ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और पूरे परिवार के सहयोग को दिया है.

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Khyati Khandelwal BARC Scientific Officer: “प्रतिभा किसी पहचान या संसाधन की मोहताज नहीं होती” इस पुरानी कहावत को अक्षरशः साकार कर दिखाया है राजस्थान के खैरथल जिले की होनहार बेटी ख्याति खंडेलवाल ने. ख्याति ने देश के सबसे प्रतिष्ठित और शीर्ष संस्थान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (Bhabha Atomic Research Centre – BARC) में वैज्ञानिक अधिकारी (Scientific Officer) के पद पर चयनित होकर न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन कर दिया है. जैसे ही भाभा सेंटर द्वारा जारी आधिकारिक चयन सूची में ख्याति का नाम सामने आया, वैसे ही पूरे खैरथल शहर और उनके निवास स्थान पर जश्न का माहौल छा गया. इस बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से ही उनके घर पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों का तांता लगा हुआ है.

ख्याति खंडेलवाल की यह असाधारण सफलता उनकी वर्षों की लगन और कड़ी मेहनत का परिणाम है. ख्याति ने बताया कि उनकी प्रारंभिक और स्कूली शिक्षा खैरथल शहर के ही एक निजी विद्यालय में संपन्न हुई थी. वह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बेहद मेधावी थीं. उन्होंने दसवीं कक्षा में 91.17 प्रतिशत तथा बारहवीं कक्षा में 89.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा की ओर रुख किया और भौतिक विज्ञान (Physics) विषय में स्नातक (B.Sc) और स्नातकोत्तर (M.Sc) की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से पूरी की. उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने अपनी योग्यता को साबित करते हुए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) और ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) जैसी कठिन परीक्षाओं को भी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण किया.

3 साल की कड़ी तपस्या और मुंबई का टिकट
परमाणु भौतिकी (Nuclear Physics) में गहरी रुचि होने के कारण ख्याति ने भारत के प्रमुख परमाणु अनुसंधान संस्थान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक अधिकारी के पद के लिए आवेदन किया था. इस बेहद प्रतिष्ठित पद के लिए होने वाले कठिन इंटरव्यू को उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और विषय पर मजबूत पकड़ के दम पर पहले ही प्रयास में क्लियर कर लिया. ख्याति ने साझा किया कि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक बनने का उनका सपना था, जिसके लिए उन्होंने घर पर रहकर ही करीब 3 साल तक प्रतिदिन कई घंटों की कड़ी मेहनत और एकाग्रता के साथ तैयारी की थी. उनकी इस सफलता ने पूरे खैरथल जिले को गौरवान्वित किया है.

साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि
ख्याति के पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके पिता इंद्र खंडेलवाल एक डीड राइटर (दस्तावेज लेखक) हैं, जबकि उनकी माता सुषमा खंडेलवाल एक कुशल गृहणी हैं. ख्याति का एक भाई यश खंडेलवाल है जो चिकित्सा क्षेत्र में है और डॉक्टर है. ख्याति ने बताया कि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक अधिकारी के रूप में अपनी नियमित सेवाएं शुरू करने से पहले उन्हें 1 साल की कठिन ट्रेनिंग से गुजरना होगा. यह विशेष वैज्ञानिक ट्रेनिंग मुंबई में आयोजित की जाएगी, जो आगामी अगस्त महीने से शुरू होने जा रही है.

सफलता का श्रेय और माता-पिता का गर्व
ख्याति ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार के अटूट सहयोग, विश्वास और सही मार्गदर्शन को दिया है. उन्होंने कहा कि उनके दादाजी गुलाबचंद, दादीजी, नाना-नानी, माता-पिता और भाई डॉ. यश का लगातार मिला मानसिक और भावनात्मक समर्थन उनके लिए हमेशा प्रेरणादायक रहा. पिता इंद्र खंडेलवाल ने बेहद भावुक होकर बताया कि बेटी का वैज्ञानिक के पद पर चयन होना पूरे परिवार के लिए एक सपने के सच होने जैसा है.

माता सुषमा खंडेलवाल ने भी बेटी के सिलेक्शन पर अत्यधिक खुशी जाहिर करते हुए बताया कि घर के छोटे-मोटे कामों में हाथ बंटाने के साथ-साथ ख्याति ने अपनी पढ़ाई पर हमेशा पूरा फोकस रखा. दिन-रात की गई उसकी इस निस्वार्थ मेहनत के परिणाम ने आज पूरे परिवार और समाज को झूमने का अवसर दिया है. ख्याति की यह अद्भुत उपलब्धि यह साबित करती है कि अगर मन में सच्ची लगन, अटूट मेहनत और लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट हो, तो छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी देश के सबसे ऊंचे और प्रतिष्ठित मुकामों को हासिल किया जा सकता है.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें



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ग्वालियर में संदिग्ध हालात में जिंदा जला युवक: कमरे से उठीं आग की लपटें, पत्नी की मौत के बाद से डिप्रेशन में था – Gwalior News




ग्वालियर शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नदीपार टाल इलाके में मंगलवार रात एक हादसा हो गया। यहां रहने वाला एक 43 वर्षीय युवक अपने ही कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग जिंदा जल गया। घटना के समय युवक कमरे में अकेला था और भारी नशे में था। हालांकि, स्थानीय लोगों में कमरे के भीतर रखा छोटा एलपीजी (LPG) सिलेंडर फटने की चर्चा थी, जिसे थाटीपुर थाना पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का अनुमान है कि नशे की हालत में बीड़ी या सिगरेट सुलगाते समय यह हादसा हुआ है। नशा ज्यादा होने के कारण वह बच नहीं सका है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है। महीने भर पहले ही हुई थी पत्नी की मैत, डिप्रेशन में पी रहा था शराब थाटीपुर थाना पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, नदीपार टाल निवासी 43 वर्षीय विजय शाक्य पुत्र रामचरण शाक्य मजदूरी करके अपना जीवनयापन करता था। विजय अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। परिजनों ने बताया कि लगभग एक महीने पहले ही विजय की पत्नी का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। पत्नी की मौत के बाद से ही विजय गहरे सदमे और अवसाद में चल रहा था। गम को भुलाने के लिए उसने शराब का सहारा ले लिया था। मंगलवार सुबह से ही वह अपने घर के एक कमरे में कुंडी लगाकर लगातार शराब पी रहा था। रात 11 बजे अचानक कमरे से उठीं आग की लपटें मंगलवार रात करीब 11:00 बजे अचानक विजय के कमरे की खिड़की और दरवाजे से आग की भीषण लपटें और धुआं उठते देख परिवार के अन्य सदस्यों में हड़कंप मच गया। भाई और अन्य परिजनों ने तुरंत दरवाजा तोड़कर विजय को बाहर निकालने और आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक उसे काबू में किया जाता, विजय बुरी तरह शत-प्रतिशत झुलस चुका था और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस को आशंका-‘बीडी-सिगरेट’ से लगी आग हादसे के बाद इलाके में यह अफवाह तेजी से फैल गई कि विजय के कमरे में खाना बनाने वाला 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर रखा था, जो अचानक फट गया और जोरदार धमाके के साथ आग लग गई। इस अफवाह पर विराम लगाते हुए थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि मौके का मुआयना करने पर कोई सिलेंडर फटा हुआ नहीं मिला है। आसपास के लोगों को किस चीज के ब्लास्ट की आवाज आई, यह अभी जांच का विषय है। थाना प्रभारी के मुताबिक, चूंकि मृतक अत्यधिक नशे में था, इसलिए पूरी आशंका है कि रात में बीड़ी या सिगरेट जलाते समय उसके कपड़ों या बिस्तर ने आग पकड़ ली। भारी नशे के कारण विजय खुद को संभाल नहीं सका और कमरे से बाहर भागने या शोर मचाने में असमर्थ रहा, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।



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2500 किलोमीटर पीछा कर केरल से दबोचा इनामी तस्कर: आरोपी ने बदल ली थी पहचान, ANTF राजस्थान ने कारीगर बनकर कंबल खरीदने का झांसा देकर किया गिरफ्तार – Jaipur News



राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सात साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर रणजीत दायमा उर्फ रणजीत बंजारा को केरल से गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ ने कार्रवाई को ‘ऑपरेशन यमलकमली’ नाम दिया था। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने राजस्थान से केरल

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एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया- हाल ही ऑपरेशन मदाविकाढ़त के तहत मध्य प्रदेश से गिरफ्तार तस्कर रमेश बंजारा से पूछताछ में रणजीत दायमा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि दोनों आपस में समधी हैं। करीब आठ वर्षों से डोडा-चूरा तस्करी के नेटवर्क में साझेदार के रूप में काम कर रहे थे।

जांच के अनुसार- रमेश बंजारा तस्करी की डील तय करता था, जबकि रणजीत माल की व्यवस्था और सुरक्षित सप्लाई का काम संभालता था। इसके बदले उसे 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कमीशन मिलता था। बड़े सौदों में उसकी कमाई लाखों रुपए तक पहुंच जाती थी।

केरल में बदल ली थी पहचान

एएनटीएफ के अनुसार- रणजीत दायमा पिछले सात वर्षों से केरल के शोरानूर क्षेत्र में रह रहा था। वह भले ही पढ़ा-लिखा नहीं था, लेकिन मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु भाषाओं पर उसकी अच्छी पकड़ थी। स्थानीय लोगों के बीच वह पूरी तरह मलयाली बनकर रह रहा था, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रही।

आरोपी ने केरल के वडकनचेरी क्षेत्र में कंबल बेचने का व्यवसाय शुरू कर रखा था। वह मोटरसाइकिल पर कंबल लादकर आसपास के इलाकों में बिक्री करता था और समय-समय पर राजस्थान तथा मध्य प्रदेश आकर तस्करी नेटवर्क को संचालित कर वापस लौट जाता था।

राजस्थानी कारीगर बनकर पहुंची टीम

रमेश बंजारा से मिले सुराग के बाद एएनटीएफ की टीम केरल पहुंची और कई दिनों तक स्थानीय स्तर पर रेकी की। टीम के सदस्य राजस्थानी कारीगर बनकर इलाके में घूमते रहे ताकि आरोपी को किसी प्रकार का शक न हो।

जांच के दौरान पता चला कि रणजीत उस दिन शोरानूर से करीब 100 किलोमीटर दूर नीलयांमती पहाड़ियों की एक बस्ती में कंबल बेचने गया हुआ है। इसके बाद टीम तत्काल वहां पहुंची और ग्राहक बनकर उससे संपर्क किया।

पुलिस अधिकारियों ने कंबल खरीदने का नाटक करते हुए बड़ी डील का झांसा दिया और उसे अपने कथित सेठ से मिलने के लिए वाहन तक बुला लिया। जैसे ही रणजीत वाहन के पास पहुंचा, टीम ने अपनी पहचान बताकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में डोडा-चूरा की सप्लाई करता था। उसने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं, इसकी जानकारी उसे स्वयं भी नहीं है।

गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ की टीम आरोपी को केरल से राजस्थान लेकर आई। सात वर्षों से फरार चल रहे इस इनामी तस्कर की गिरफ्तारी को एएनटीएफ की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।



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गायत्री जयंती पर अग्नि दुर्घटना पीड़ितों को श्रद्धांजलि: कुर्सी रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में सामूहिक प्रार्थना और यज्ञ का आयोजन – Lucknow News




राजधानी लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में मंगलवार को गायत्री जयंती पर्व मनाया गया। इस अवसर पर अलीगंज के एनीमेशन सेंटर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की गई। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक काशी प्रसाद ने बताया कि गायत्री जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सेवा, सद्भाव और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक साधना और यज्ञ से समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और मानवता की भावना का विस्तार होता है। पांच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों का आयोजन काशी प्रसाद ने आगे जानकारी दी कि गायत्री जयंती के मुख्य आयोजन 24 जून को प्रातः 7 बजे से शक्तिपीठ के गर्भगृह में शुरू होंगे। इन आयोजनों में श्रद्धालु दर्शन-प्रणाम के साथ पाँच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और गायत्री परिवार के सदस्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर युगऋषि के विचार-यज्ञ में सहभागी बनें। काशी प्रसाद के अनुसार, सामूहिक उपासना, प्रार्थना और संस्कारों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।



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‘अब इंतजार नहीं होता’, बहन अंशुला की शादी को लेकर एक्साइटेड हैं अर्जुन कपूर, शेयर की पोस्ट


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कपूर परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और हर कोई इस खास मौके को लेकर उत्साहित नजर आ रहा है. बहन अंशुला कपूर की शादी को लेकर अर्जुन कपूर भी काफी खुश हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अभी तो जश्न की शुरुआत हुई है और अब उन्हें शादी के समारोहों का बेसब्री से इंतजार है.

नई दिल्ली. कपूर परिवार में जल्द ही शहनाइयां गूंजने वाली हैं. अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर अपने मंगेतर रोहन ठक्कर के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं. ऐसे में परिवार में जश्न का माहौल है और अर्जुन कपूर भी अपनी खुशी छिपा नहीं पा रहे हैं.

अंशुला कपूर बीते कुछ दिनों से अपनी शादी को लेकर चर्चा में हैं. वह रोहन ठक्कर से शादी करने जा रही हैं. शादी की रस्में शुरू हो चुकी है. इसकी झलक अंशुला की कजिन शनाया कपूर और उनकी मां महीप कपूर ने दिखाई थी. उन्होंने जो फोटोज शेयर की उसमें शादी की रस्मों को सेलिब्रेट किया जा रहा था. अब भाई अर्जुन कपूर ने भी बहन की फोटोज और वीडियो शेयर की है.

अर्जुन ने इंस्टाग्राम पर अंशुला और रोहन की सगाई से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए. इसके साथ उन्होंने बहन के लिए एक प्यारा और भावुक नोट भी लिखा. उन्होंने कहा, ‘अंश, अभी तो जश्न की शुरुआत हुई है.

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अपने नोट में अर्जुन ने लिखा है कि अभी तो सिर्फ एक शाम बीती है और मुझे लग रहा है कि ये खूबसूरत पल बहुत जल्दी गुजर जाएंगे. मैं तुम दोनों के लिए बहुत खुश हूं और अब शादी का इंतजार नहीं हो रहा.

हाल ही में अंशुला और रोहन की शादी की रस्मों की शुरुआत माता की चौकी के साथ हुई. इस खास मौके की तस्वीरें और वीडियो महीप कपूर ने सोशल मीडिया पर शेयर किए. उन्होंने पोस्ट के साथ लिखा, “शादी की शुरुआत… जय माता दी.

अंशुला ने भी इस समारोह की कुछ खूबसूरत फोटोज शेयर कीं और बताया कि शादी के जश्न की शुरुआत रोहन के परिवार की ओर से आयोजित माता की चौकी से हुई. उन्होंने कहा कि इस मौके पर फुलकारी दुपट्टा पहनना उनके लिए बेहद खास रहा, क्योंकि यह पंजाबी परंपरा, संस्कृति और बड़ों के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है.

अंशुला ने अपने पोस्ट में लिखा कि रोहन के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करने के लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता था. समारोह में अर्जुन कपूर, जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर, शनाया कपूर, महीप कपूर और संजय कपूर समेत कपूर परिवार के कई सदस्य शामिल हुए.

बता दें कि अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी को लेकर परिवार और फैंस दोनों काफी उत्साहित हैं. शादी के बाकी कार्यक्रम भी जल्द शुरू होने वाले हैं, जिनका सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

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बिना तेल के कैसे बनाएं कुरकुरे पकौड़े? यहां जान लीजिए आसान तरीका, स्वाद होगा लाजवाब


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Oil-Free Pakoras Recipe: अगर आप पकौड़ों का स्वाद लेना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा तेल से बचना चाहते हैं, तो बिना तेल या बहुत कम तेल में बनने वाले कुरकुरे पकौड़े बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं. एयर फ्रायर या ओवन की मदद से तैयार होने वाली यह आसान रेसिपी स्वाद और सेहत का संतुलन बनाए रखती है. हेल्दी और क्रिस्पी पकौड़े बनाने का तरीका आसान है.

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ओवन या एयर फ्रायर में बिना तेल के कुरकुरे पकौड़े बना सकते हैं.

Perfect Oil-Free Pakoras Recipe: बरसात का मौसम शुरू हो गया है. बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम पकौड़ों की बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है. कई लोग ज्यादा तेल में तले हुए पकौड़े खाने से बचते हैं. ऐसे में अगर आप भी हेल्दी तरीके से पकौड़ों का स्वाद लेना चाहते हैं, तो बिना तेल या बहुत कम तेल में कुरकुरे पकौड़े बनाने का तरीका आपके लिए बेहद काम आ सकता है. खास बात यह है कि इन पकौड़ों का स्वाद भी किसी डीप फ्राई पकौड़े से कम नहीं लगता. चलिए जानते हैं पकौड़े बनाने की अनोखी रेसिपी, जो आपको मानसून में भरपूर आनंद देगी.

बिना तेल के पकौड़े बना सकते हैं?

फूड एक्सपर्ट्स की मानें तो आजकल एयर फ्रायर, ओवन और नॉन-स्टिक पैन की मदद से पकौड़े बिना डीप फ्राई किए भी बनाए जा सकते हैं. इस तरीके से पकौड़े कम तेल में तैयार होते हैं, जिससे इनमें अतिरिक्त फैट की मात्रा भी कम हो सकती है. सही बैटर और सही तापमान का इस्तेमाल करके आप इन्हें बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बना सकते हैं.

पकौड़े बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस आसान रेसिपी के लिए 1 कप बेसन, 1 बारीक कटा प्याज, 1 हरी मिर्च, थोड़ा सा हरा धनिया, आधा चम्मच अजवाइन, स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर और जरूरत के अनुसार पानी लें. आप चाहें तो इसमें पालक, पत्तागोभी या अन्य सब्जियां भी मिला सकते हैं. इन सभी चीजों से आप कुरकुरे और टेस्टी पकौड़े तैयार कर सकते हैं.

ऐसे तैयार करें पकौड़े का बैटर

एक बड़े बर्तन में बेसन, प्याज, हरी मिर्च, धनिया और मसाले डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा बैटर तैयार करें. ध्यान रखें कि बैटर बहुत पतला न हो, क्योंकि इससे पकौड़े कुरकुरे नहीं बन पाएंगे. अब बैटर को 10 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे मसालों का स्वाद अच्छी तरह मिल जाता है और पकौड़ों की बनावट भी बेहतर होती है.

एयर फ्रायर में बनाएं कुरकुरे पकौड़े

एयर फ्रायर को पहले से 180 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट कर लें. अब बैटर के छोटे-छोटे हिस्से एयर फ्रायर ट्रे में रखें. चाहें तो ऊपर से ब्रश की मदद से बहुत हल्का तेल लगा सकते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है. पकौड़ों को 12 से 15 मिनट तक पकाएं और बीच में एक बार पलट दें. कुछ ही मिनटों में आपके कुरकुरे पकौड़े तैयार हो जाएंगे.

ओवन में भी बना सकते हैं पकौड़े

अगर आपके पास एयर फ्रायर नहीं है, तो ओवन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. बेकिंग ट्रे पर बटर पेपर लगाएं और बैटर के छोटे हिस्से रख दें. 200 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 20 मिनट तक बेक करें. बीच में एक बार पलटने से पकौड़े समान रूप से कुरकुरे बनते हैं. पकौड़ों के बैटर में थोड़ा सा चावल का आटा या सूजी मिलाने से वे ज्यादा कुरकुरे बन सकते हैं. इसके अलावा अजवाइन और हरी मिर्च का इस्तेमाल स्वाद को और बेहतर बना देता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 12,000 लोगों ने योग किया: इंडियन कॉन्सुलेट में कई देशों के राजनयिक शामिल हुए




अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में शनिवार को 12 हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया। दुनिया के सबसे व्यस्त चौराहों में गिने जाने वाले इस जगह पर अलग-अलग देशों और समुदायों के लोग योग करने के लिए जुटे। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के मुख्य आकर्षण योग गुरु डॉ. एच.आर. नागेंद्र रहे। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार 12 हजार से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। प्रतिभागियों ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर योग करना एक अनोखा अनुभव है और इससे लोगों को शांति का एहसास होता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से दुनिया के कई देशों में हर साल बड़े पैमाने पर योग दिवस मनाया जाता है। न्यूयॉर्क में योग गुरु एचआर नागेंद्र का ध्यान सत्र अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित इंडियन कॉन्सुलेट में योग गुरु एच आर. नागेंन्द्र के नेतृत्व में विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया। योग गुरु नागेंद्र ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, लेकिन योग और विशेष प्राणायाम की मदद से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन विज्ञान है, जो केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन, प्राण, भक्ति और बुद्धि को भी समझने का रास्ता दिखाता है। कॉन्सुल जनरल बोले- अमेरिका में योग की लोकप्रियता बढ़ रही भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रमाण योग केंद्रों और कार्यक्रमों में बढ़ती भागीदारी है। उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के लिए भारत के प्रधानमंत्री का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और आज यह 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। प्रेम भंडारी पिछले एक दशक से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और अमेरिकी संसद परिसर कैपिटल हिल जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। 3 लोगों के साथ योग शुरू हुआ, 12 हजार तक पहुंचा टाइम्स स्क्वायर में योग कार्यक्रम की शुरुआत 21 जून 2003 को सिर्फ तीन लोगों के साथ हुई थी। बाद में यह आयोजन धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक योग आयोजनों में शामिल हो गया। आज यहां पूरे दिन सात मुफ्त योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। एक प्रतिभागी ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर में योग करना एक जादुई अनुभव है, जहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग एक साथ आकर सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। वहीं एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि दुनिया के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक पर योग करना यह महसूस कराता है कि भागदौड़ और शोर के बीच भी शांति और स्थिरता हासिल की जा सकती है। यह कार्यक्रम इंडियन कॉन्सुलेट और उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के सहयोग से हुआ। इसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, योग संस्थानों, आध्यात्मिक संगठनों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, नेपाल, रोमानिया और मलेशिया के राजनयिकों समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम योग और ध्यान के जरिए देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने में मदद करते हैं।



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जहानाबाद में मुहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट: जुलूसों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य, प्रत्येक में दो वीडियोग्राफर होंगे तैनात – Jehanabad News




जहानाबाद में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। समाहरणालय स्थित ग्राम्प्लेक्स भवन में जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया और पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने शांति समिति के सदस्यों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ यह संयुक्त बैठक की। इसमें सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सभी मुहर्रम जुलूसों के लिए संबंधित थाने से लाइसेंस और पंजीकरण अनिवार्य होगा। जुलूस केवल निर्धारित समय और तय मार्गों पर ही निकाले जा सकेंगे। प्रत्येक लाइसेंसधारी को 20 सदस्यों के मोबाइल नंबर और आधार विवरण उपलब्ध कराने होंगे, साथ ही पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती भी सुनिश्चित करनी होगी। प्रशासन ने ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 15 फीट निर्धारित की है। स्वयंसेवकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा और प्रत्येक जुलूस में दो वीडियोग्राफरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। लाउडस्पीकर केवल निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही बजाए जा सकेंगे, जबकि डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। तलवार, भाला, बरछी, फरसा, कुल्हाड़ी और हॉकी स्टिक जैसे घातक हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। बैठक में विद्युत, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर परिषद और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। इन विभागों को जुलूस मार्गों पर ढीले बिजली के तार हटाने, मेडिकल टीम और एंबुलेंस की तैनाती, फायर ब्रिगेड की उपलब्धता, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।



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बक्सर में सिपाही भर्ती परीक्षा, ट्रैफिक अलर्ट जारी: सुबह 4 से रात 10 बजे तक प्रभावी, 24 जून को कई मार्गों पर नो-एंट्री – Buxar News




बक्सर में 24 जून को मद्य निषेध विभाग सिपाही भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर में व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, बक्सर ने विशेष यातायात निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था 24 जून को सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। ट्रैक्टर, बस, पिकअप और चार पहिया पर रोक जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा के दौरान बक्सर शहर में दो पहिया वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध रहेगा। बड़ी गाड़ियों, ट्रैक्टर, बस, पिकअप और चार पहिया वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली परेशानी को कम करना है। वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित पुलिस प्रशासन ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया है। गोलंबर से बाईपास, ज्योति चौक, आईटीआई रोड, मठिया मोड़ और चानी कुटिया तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। वहीं, स्टेशन रोड, अंबेडकर चौक, सिंडिकेट और इटाढ़ी बाजार की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इटाढ़ी की ओर जाने और वहां से आने वाली गाड़ियों के लिए भी विशेष मार्ग तय किया गया है, ताकि शहर के अंदर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। स्कॉर्पियो माता मंदिर से पाण्डेय पट्टी गुमटी की ओर आने वाले सभी चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किला मैदान के पीछे पार्किंग स्थल बनाया वाहनों की पार्किंग के लिए भी अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। ट्रैक्टर, पिकअप, बस और चार पहिया वाहनों के लिए बुद्ध भवन, आरसीडी मैदान, बाजार समिति, गोलंबर पार्किंग स्थल और इटाढ़ी गुमटी से पहले दक्षिण रेलवे मैदान तय किया गया है। दो पहिया, तीन पहिया और मोटरसाइकिल के लिए किला मैदान और किला मैदान के पीछे पार्किंग स्थल बनाया गया है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि 24 जून को अनावश्यक रूप से चार पहिया वाहन लेकर शहर में प्रवेश न करें और जारी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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