Thursday, May 7, 2026
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गर्मी में राहत का स्वाद! बादाम दूध से मसाला सोडा तक ये ड्रिंक्स देंगे ठंडक


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गर्मी में राहत का स्वाद! बादाम दूध से मसाला सोडा तक ये ड्रिंक्स देंगे ठंडक

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Hyderabad Summer Drinks: भीषण गर्मी के बीच हैदराबाद की खास ठंडी ड्रिंक्स लोगों को राहत पहुंचा रही हैं. बादाम दूध, मसाला सोडा, फालूदा और पारंपरिक शरबत जैसे पेय पदार्थ गर्मी में शरीर को ठंडक देने के साथ स्वाद का भी खास अनुभव कराते हैं. शहर के पुराने बाजारों और फूड स्ट्रीट्स पर इन ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ जाती है. बादाम दूध अपनी पौष्टिकता और ठंडक के लिए पसंद किया जाता है, जबकि मसाला सोडा अपने चटपटे स्वाद से लोगों को तरोताजा कर देता है. स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि पर्यटक भी इन पारंपरिक पेयों का स्वाद लेने पहुंचते हैं. हैदराबाद की फूड कल्चर में ये ड्रिंक्स खास जगह रखती हैं और गर्मियों में लोगों की पहली पसंद बन जाती हैं.

हैदराबाद की चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए शरीर को ठंडा रखना सिर्फ शौक नहीं, बल्कि जरूरत बन जाता है. यहाँ की गर्मी अक्सर 40 डीग्री के पार चली जाती है ऐसे में केवल पानी पीना काफी नहीं होता. शहर की गलियों से लेकर घरों के किचन तक, कुछ ऐसे पारंपरिक और रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स हैं, जो न सिर्फ प्यास बुझाते हैं बल्कि आपको अंदर से तरोताजा रखते हैं.

बादाम का दूध शाही ठंडक हैदराबाद की तहजीब की तरह यहाँ का बादाम दूध भी शाही होता है। ठंडे दूध में पिसे हुए बादाम, केसर और इलायची का मिश्रण इसे एक एनर्जी ड्रिंक बना देता है। गर्मी में जब धूप की वजह से थकान महसूस होती है, तब एक गिलास गाढ़ा और ठंडा बादाम दूध न केवल प्रोटीन देता है, बल्कि दिमाग को भी सुकून पहुँचाता है। पुराने शहर की गलियों में मिलने वाला यह ड्रिंक आज भी लोगों की पहली पसंद है।

बादाम का दूध शाही ठंडक: हैदराबाद की तहजीब की तरह यहाँ का बादाम दूध भी शाही होता है. ठंडे दूध में पिसे हुए बादाम, केसर और इलायची का मिश्रण इसे एक एनर्जी ड्रिंक बना देता है. गर्मी में जब धूप की वजह से थकान महसूस होती है, तब एक गिलास गाढ़ा और ठंडा बादाम दूध न केवल प्रोटीन देता है, बल्कि दिमाग को भी सुकून पहुँचाता है. पुराने शहर की गलियों में मिलने वाला यह ड्रिंक आज भी लोगों की पहली पसंद है.

मसाला सोडा तीखा और चटपटा तड़का सड़कों के किनारे बंटा सोडा या मसाला सोडा की आवाज़ हैदराबाद की गर्मियों की पहचान है। नींबू का रस, काला नमक, भुना हुआ जीरा और चाट मसाला जब ठंडी सोडा बोतल के साथ मिलते हैं तो एक जबरदस्त फिज़ पैदा होता है। यह ड्रिंक न केवल पेट की जलन को शांत करता है बल्कि भारी हैदराबादी खाने के बाद पाचन में भी बेजोड़ मदद करता है।

मसाला सोडा तीखा और चटपटा तड़का: सड़कों के किनारे बंटा सोडा या मसाला सोडा की आवाज़ हैदराबाद की गर्मियों की पहचान है. नींबू का रस, काला नमक, भुना हुआ जीरा और चाट मसाला जब ठंडी सोडा बोतल के साथ मिलते हैं, तो एक जबरदस्त फिज़ पैदा होता है. यह ड्रिंक न केवल पेट की जलन को शांत करता है, बल्कि भारी हैदराबादी खाने के बाद पाचन में भी बेजोड़ मदद करता है.

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मटका छाछ देसी हाइड्रेशन अगर आप किसी हाइड्रेटिंग ड्रिंक की तलाश में हैं जिसमें कैलोरी कम हो, तो मसाला छाछ से बेहतर कुछ नहीं। ठंडे दही में पानी, कटी हुई हरी मिर्च, अदरक और कड़ी पत्ता डालकर बनाया गया यह पेय प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है। धूप से आने के बाद मटके का ठंडा छाछ पीना लू से बचने का सबसे पुराना और असरदार नुस्खा है।

मटका छाछ देसी हाइड्रेशन: अगर आप किसी हाइड्रेटिंग ड्रिंक की तलाश में हैं जिसमें कैलोरी कम हो, तो मसाला छाछ से बेहतर कुछ नहीं. ठंडे दही में पानी, कटी हुई हरी मिर्च, अदरक और कड़ी पत्ता डालकर बनाया गया यह पेय प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है. धूप से आने के बाद मटके का ठंडा छाछ पीना लू से बचने का सबसे पुराना और असरदार नुस्खा है.

पुदीना लेमोनेड ताजगी का एहसास गर्मी में पुदीना एक वरदान की तरह है। पुदीना और नींबू का मेल शरीर के तापमान को तुरंत कम करने की क्षमता रखता है। ताजे पुदीने की पत्तियों को पीसकर, उसमें थोड़ा शहद या चीनी और ढेर सारी बर्फ मिलाकर तैयार यह ड्रिंक हाइड्रेशन का सबसे बेहतरीन जरिया है। इसकी खुशबू ही मन को शांत कर देती है।

पुदीना लेमोनेड ताजगी का एहसास: गर्मी में पुदीना एक वरदान की तरह है. पुदीना और नींबू का मेल शरीर के तापमान को तुरंत कम करने की क्षमता रखता है. ताजे पुदीने की पत्तियों को पीसकर, उसमें थोड़ा शहद या चीनी और ढेर सारी बर्फ मिलाकर तैयार यह ड्रिंक हाइड्रेशन का सबसे बेहतरीन जरिया है. इसकी खुशबू ही मन को शांत कर देती है.

तरबूज का शरबत हैदराबाद के बाज़ारों में गर्मियों में तरबूज के ढेर लगे नज़र आते हैं। तरबूज में लगभग 92% पानी होता है। इसका ताज़ा जूस, जिसमें थोड़े पुदीने के टुकड़े और काला नमक मिला हो, इलेक्ट्रोलाइट्स का प्राकृतिक स्रोत है। यह न केवल शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है बल्कि त्वचा को भी चमकदार बनाए रखता है।

तरबूज का शरबत : हैदराबाद के बाज़ारों में गर्मियों में तरबूज के ढेर लगे नज़र आते हैं. तरबूज में लगभग 92% पानी होता है। इसका ताज़ा जूस, जिसमें थोड़े पुदीने के टुकड़े और काला नमक मिला हो, इलेक्ट्रोलाइट्स का प्राकृतिक स्रोत है. यह न केवल शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है बल्कि त्वचा को भी चमकदार बनाए रखता है.

जौ का सत्तू या रागी अंबाली दक्षिण भारत में गर्मियों के दौरान रागी अंबाली बहुत लोकप्रिय है। इसी तरह जौ का पानी या सत्तू का शरबत भी शरीर को अंदरूनी ठंडक देता है। यह ड्रिंक उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बाहर धूप में ज्यादा समय बिताते हैं, क्योंकि यह लंबे समय तक शरीर को ऊर्जावान और ठंडा रखता है।

जौ का सत्तू या रागी अंबाली: दक्षिण भारत में गर्मियों के दौरान रागी अंबाली बहुत लोकप्रिय है. इसी तरह जौ का पानी या सत्तू का शरबत भी शरीर को अंदरूनी ठंडक देता है. यह ड्रिंक उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बाहर धूप में ज्यादा समय बिताते हैं, क्योंकि यह लंबे समय तक शरीर को ऊर्जावान और ठंडा रखता है.

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‘एक्सपेंसिव घड़ी, मोटे अमाउंट का चेक’, शाहरुख खान ने शेखर सुमन को दिया था 1 काम


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फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ सलमान खान ही नहीं, बल्कि शाहरुख खान को भी उनके व्यवहार और काइंडनेस के लिए जाना जाता है. कई सेलेब्स उनके व्यवहार की तारीफ कर चुके हैं. शाहरुख का अपने को-एक्टर्स संग भी अच्छा व्यवहार रहता है. वह उनके साथ काफी अच्छी बॉन्डिंग शेयर करते हैं. शेखर सुमन ने शाहरुख से जुड़ा ऐसा ही एक किस्सा हाल में बताया.

शाहरुख खान का हाल में एक वीडियो वायरल हुआ. यह वीडियो किंग के सेट पर का था. शाहरुख, प्रग्नेंट दीपिका पादुकोण को सपोर्ट देते हुए उनका हाथ थाम कर सीढ़ियों पर चढ़ते हुए दिखे. फैंस शाहरुख के इस व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं. अब शेखर सुमन ने भी शाहरुख के दिलदारी से भरा किस्सा बताया है. उन्होंने दावा किया कि शाहरुख उनके बहुत अच्छे दोस्त भी हैं. (फोटो साभारः आईएमडीबी)

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शेखर सुमन ने बताया कि उन्हें ‘चलते चलते’ फिल्म में वॉयसओवर के लिए संपर्क किया गया था. उन्होंने बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में कहा, “मुझे याद है जब शाहरुख ‘चलते चलते’ बना रहे थे और उन्हें फिल्म में कमेंट्री के लिए मेरी आवाज चाहिए थी…” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

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शेखर सुमन ने आगे कहा, “…जब टीजर आया तो उन्होंने मुझे सीधे फोन किया, ‘हाय, मैं शाहरुख बोल रहा हूं.’ और मैंने कहा, ‘हां, शाहरुख.’ उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि आप आकर इसके लिए वॉयसओवर दें.’ और मैंने कहा, ‘हां, मैं आ जाऊंगा.’ तो मैं गया और वो काम कर दिया.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

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शेखर सुमन ने आगे बताया कि शाहरुख ने दोस्ती के बावजूद उन्हें मेहनताना देने की जिद की. शेखर ने कहा, “और उन्होंने मुझे एक मोटे अमाउंट वाला चेक दिया. मैंने कहा, ‘देखो, ये दो दोस्तों के बीच की बात है, इसमें पैसे की कोई बात नहीं है.’ लेकिन वे माने नहीं.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

Shah Rukh khan

शेखर सुमन ने आगे कहा, “शाहरुख तो शाहरुख हैं, अगली बार उन्होंने मुझे एक बहुत महंगी घड़ी भेजी, जो आज भी मेरे पास है. और वो मेरे लिए एक खूबसूरत यादगार है.” शेखर ने शाहरुख के साथ ‘देवदास’ में काम करने का मौका चूकने की बात भी बताई. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

Shah Rukh khan

शेखर सुमन ने इंस्टेंट बॉलीवुड से एक बातचीत में कहा था, “संजय लीला भंसाली ने मुझे ‘देवदास’ में चुन्नीलाल का रोल ऑफर किया था, लेकिन उस वक्त मैं वो नहीं कर पाया. फिर जैकी श्रॉफ को वो रोल मिला और अच्छा हुआ कि उन्होंने किया.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

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शेखर सुमन ने आगे कहा, “लेकिन मुझे इस बात का अफसोस रहा कि मैं संजय लीला भंसाली के साथ काम नहीं कर पाया, लेकिन मेरी ये ख्वाहिश ‘हीरामंडी’ में पूरी हो गई.” वर्क फ्रंट की बात करें तो शेखर सुमन आखिरी बार वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ में नजर आए थे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

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बात करें, शाहरुख खान के वर्कफ्रंट की, तो आखिरी बार वह ‘डंकी’ में नजर आए थे. वह अब मच अवेटेड फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे. इस फिल्म के लिए जरिए उनकी बेटी सुहाना खान बड़े पर्दे पर डेब्यू कर रही है. फिल्म को सिद्धार्थ आनंद डायरेक्ट कर रहे हैं. इसमें दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन समेत कई बड़े कलाकार हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

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अम्बेडकरनगर में पहला फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा: प्रस्ताव भेजा, जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया – Ambedkarnagar News




अम्बेडकरनगर जिले में ग्रामीण स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिए पहला फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) बहलोलपुर नीबा में स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट आलापुर तहसील के रामनगर विकासखंड के अंतर्गत बनेगा। इसका उद्देश्य सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना है। वर्तमान में जिले की 899 ग्राम पंचायतों में सेप्टिक टैंकों से निकलने वाली गंदगी (गाद) को खुले खेतों, सड़क किनारे या नालियों में फेंक दिया जाता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से होने वाले इस निस्तारण से गांवों में दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और जल प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए एक एकड़ क्षेत्र में यह वैज्ञानिक प्लांट विकसित किया जा रहा है। यह प्लांट कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलेगा। गंदगी के ठोस हिस्से को सुखाकर जैविक खाद में परिवर्तित किया जाएगा, जबकि गंदे पानी को फिल्टर और शुद्ध कर सिंचाई तथा सफाई के लिए उपयोग योग्य बनाया जाएगा। प्रशासन की योजना वर्ष 2025 तक जिले में ऐसे दो प्लांट स्थापित करने की है। बहलोलपुर नीबा के बाद एक अन्य स्थान पर भी प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। इसका उद्देश्य कचरा ढोने की दूरी कम करना और सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय ने ने बताया कि प्लांट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही प्रदेश मुख्यालय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण के दौरान तकनीकी और पर्यावरणीय मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।



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‘गर्लफ्रेंड ने कॉल करके बुलाया, फिर दोस्तों से पिटवाया’: प्रेमी पर छेड़खानी का आरोप; लड़की बोली- एग्जाम हॉल में घसीटा, हत्या की धमकी दी – Muzaffarpur News




“मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझे मिलने के लिए बुलाया था। उसने कहा कि एक बार आकर मिलो। उसके बुलाने पर ही मैं कॉलेज आया था, लेकिन यहां आने के बाद उसने अपने दोस्तों को बुला लिया और मेरे साथ मारपीट की। उसने मुझ पर छेड़खानी का झूठा आरोप लगाया और कॉलेज मैनेजमेंट से कहकर डायल-112 की टीम को बुलाकर मुझे गिरफ्तार करवा दिया।” यह कहना है पूर्वी चंपारण के राजेपुर थाना क्षेत्र के मधुआ गांव निवासी रवि शंकर कुमार (25) का। सफाई में उन्होंने ये बातें कहीं। रवि शंकर कुमार पर आरोप है कि उसने एग्जाम हॉल में एक छात्रा पर जबरन शादी करने का दबाव बनाया। छात्रा के मना करने पर उसने गोली मारने की धमकी दी। हालांकि, रवि का कहना है, “हम दोनों का तीन साल से अफेयर था, लेकिन लड़की ने मुझे धोखा दे दिया।” सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए इस मामले की पूरी कहानी… लड़की ने क्या आरोप लगाए, पहले वो पढ़िए… मामला ललित नारायण तिरहुत (LNT) कॉलेज, अघोरिया बाजार, मुजफ्फरपुर से जुड़ा है। मंगलवार को कॉलेज में बीए फिफ्थ सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम कॉलेज पहुंची और रवि शंकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया। छात्रा का आरोप है, “मंगलवार को मैं कॉलेज में बीए फिफ्थ सेमेस्टर की परीक्षा दे रही थी। इसी दौरान आरोपी शिव शंकर अचानक परीक्षा हॉल में घुस आया। उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और जबरन खींचकर मुझे बाहर ले जाने की कोशिश की। जब मैंने बाहर जाने से इनकार कर दिया, तो उसने मुझे एग्जाम हॉल में टेबल से नीचे गिरा दिया। एग्जाम सेंटर में मौजूद छात्र-छात्राएं पूरा घटनाक्रम देख रहे थे। जब मैं नीचे गिरी, तो स्टूडेंट्स मुझे बचाने आए और आरोपी शिव शंकर को पकड़ लिया।” छात्रा ने काजी मोहम्मदपुर थाना की पुलिस को बताया, “आरोपी रवि शंकर कुमार मुझे पिछले तीन साल से परेशान कर रहा है। उसने मुझे प्रपोज किया था, लेकिन मैंने इनकार कर दिया था। इसके बाद वह एकतरफा प्यार में मुझ पर शादी के लिए दबाव बनाने लगा। जब मैंने इनकार किया, तो उसने मुझे गोली मारने की धमकी दी।” छात्रा का आरोप है कि आरोपी शिव शंकर कुमार ने उसका मोबाइल हैक कर लिया था और उससे निजी फोटो व वीडियो हासिल कर लिए थे। वह इन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर लगातार उसे ब्लैकमेल कर रहा था। छात्रा ने यह भी कहा कि उसकी दो बार शादी तय हुई, लेकिन आरोपी ने लड़के वालों से संपर्क कर उसकी निजी तस्वीरें दिखाकर दोनों बार शादी तुड़वा दी। अब जानिए लड़के ने क्या कहा छात्रा के आरोपों को लेकर बुधवार को कोर्ट पहुंचे आरोपी से बातचीत की गई। इस दौरान उसने तीन साल से चल रहे अफेयर में धोखा मिलने की बात कही। उसका कहना है कि लड़की ने छेड़खानी, दुर्व्यवहार और गोली मारने की धमकी की जो शिकायत दर्ज कराई गई है, वह पूरी तरह झूठी है। आरोपी के मुताबिक, आरोप लगाने वाली लड़की भी पूर्वी चंपारण जिले के तेतरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसने बताया कि पिछले तीन साल से दोनों के बीच अफेयर था और लगातार फोन पर बातचीत होती थी। रवि का कहना है कि उसकी प्रेमिका किसी अन्य लड़के से फोन पर बात करने लगी। जब उसने इसका विरोध किया, तो लड़की ने उसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। आरोपी के अनुसार, इसी मुद्दे पर बात करने के लिए लड़की ने उसे मंगलवार को मुजफ्फरपुर स्थित एग्जाम सेंटर पर बुलाया था। उसके कहने पर वह कैंपस पहुंचा, लेकिन वहां पहुंचते ही लड़की ने शोर मचाकर अन्य छात्रों को बुला लिया। इसके बाद कॉलेज मैनेजमेंट और डायल-112 को सूचना देकर उस पर छेड़खानी, दुर्व्यवहार और गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगा दिया। आरोपी का कहना है कि उसकी प्रेमिका ने सोची-समझी साजिश के तहत उसे फंसाया है। आरोपी की फोटोकॉपी की दुकान जानकारी के मुताबिक, बालूघाट पर आरोपी शिव शंकर कुमार की फोटोकॉपी की दुकान है। इसकी जानकारी के बाद पुलिस ने आरोपी की दुकान पर छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल और लैपटॉप को जब्त कर लिया है और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर भेजा जेल काजी मोहम्मदपुर थानेदार चंद्रभूषण कुमार सिंह ने बताया कि छात्रा के आवेदन पर FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, SDPO टाउन-1 सुरेश कुमार ने बताया कि परीक्षा के दौरान एक छात्रा से छेड़खानी की घटना हुई, इस घटना में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।



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दिल्ली में महिलाओं-बुजुर्गों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध: साल 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 केस दर्ज; तमिलनाडु में 2023 की तुलना में 1.5% कम क्राइम


नई दिल्ली1 घंटे पहले

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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2024 में देश में हुए क्राइम की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

रिपोर्ट बताती है कि 2024 में मेट्रो शहरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में शीर्ष पर रही है। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में 13,366 थे।

तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे हैं। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 4,41,534 मामले दर्ज हुए, जो 2023 से 1.5% कम थे। सबसे अधिक 27.2% मामले पति के क्रूरता और अपहरण से संबंधित थे।

दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध बढ़ा

दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ 1,267 अपराध दर्ज किए गए। दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों की दर प्रति लाख आबादी पर 110 मामले रही, जो केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा दरों में से एक रही। मध्य प्रदेश सबसे ऊपर रहा, जहां 2024 में 5,875 मामले दर्ज किए गए, यह संख्या 2023 के 5,738 मामलों से ज्यादा है।

दूसरी तरफ, देश में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। 2024 में कुल 32,602 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के मुकाबले 16.9% ज्यादा हैं।

देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 1.5% की गिरावट

  • महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 1.5% की गिरावट दर्ज की गई। महिलाओं के खिलाफ अपराध का रेट 2023 में 66.2 से घटकर 2024 में 64.6 हो गया। 2024 में ऐसे 4.41 लाख केस दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी।
  • अनुसूचित जाति (SC) के खिलाफ अपराधों में भी 3.6% की कमी आई। 2024 में 55,698 केस दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 57,789 थी।
  • अनुसूचित जनजाति (ST) के खिलाफ अपराधों में 23.1% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 2024 में ऐसे 9,966 मामले सामने आए, जबकि 2023 में 12,960 केस दर्ज हुए थे।
  • ‘हर्ट’ यानी चोट से जुड़े मामलों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। ये केस 2023 में 6.36 लाख से घटकर 2024 में 4.41 लाख रह गए, यानी 30.58% की कमी आई।

देश भर में कुल अपराध 6% घटे

एनसीआरबी के मुताबिक, देश में कुल अपराध 6% घट गए हैं। 2024 में 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए, जबकि 2023 में 62.41 लाख मामले दर्ज किए गए थे। अपराध दर (प्रति लाख आबादी पर दर्ज मामले) भी एक साल में 448.3 से घटकर 418.9 रह गई। अपराध सुलझाने के केस में पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहे।

साइबर क्राइम: मेट्रो शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे

  • 2024 में 1 लाख से ज्यादा साइबर क्राइम दर्ज, 17.9% बढ़ोतरी
  • देश में 2024 के दौरान कुल 1,01,928 साइबर क्राइम मामले दर्ज किए गए। 2023 के 86,420 मामलों के मुकाबले 17.9% ज्यादा हैं।
  • देश में साइबर क्राइम की दर 2023 में 6.2 से बढ़कर 2024 में 7.3 हो गई।
  • दिलचस्प यह है कि दिल्ली से कम आबादी वाले गाजियाबाद में 2024 में 479 साइबर क्राइम मामले दर्ज हुए, जबकि दिल्ली में थोड़ा ज्यादा यानी 404 केस दर्ज किए गए।
  • मेट्रो शहरों में 2024 में साइबर अपराध के मामलों में बेंगलुरु सबसे ऊपर रहा। 17,561 मामले दर्ज किए गए।
  • मेट्रो शहरों में बेंगलुरु के बाद मुंबई दूसरे स्थान पर रहा। मुंबई में 4,939 मामले दर्ज हुए। हैदराबाद में 4,009 मामले दर्ज किए गए।

………………………..

NCRB की यह रिपोर्ट भी पढ़ें…

NCRB रिपोर्ट 2023- देश में 7% क्राइम बढ़ा: हत्या में यूपी, दुष्कर्म में राजस्थान आगे; महिलाओं के खिलाफ अपराध ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने अक्टूबर 2025 में साल 2023 के दौरान हुए अपराधों की रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में देश में कुल 62 लाख 41 हजार 569 अपराध दर्ज हुए। ये 2022 की तुलना में 7.2% ज्यादा हैं।देशभर में महिलाओं पर 4.48 लाख अपराध दर्ज हुए, जो 10 साल में सबसे ज्यादा हैं। पूरी खबर पढ़ें

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भाषण बाद में.. सीएम बोले- पहले झालमुड़ी खा लेने दो: नरोत्तम मिश्रा ‘झालमुड़ी’ वाले बने; नायक नहीं, खलनायक हूं मैं.. गाने पर झूमे एसपी – Madhya Pradesh News


मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा।

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सीएम के संबोधन पर भारी पड़ी ‘झालमुड़ी’ ‘झालमुड़ी’ की महिमा बरकरार है। इतनी कि इसके आगे किसी को कुछ सूझ ही नहीं रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ही ले लीजिए, जिन्होंने झालमुड़ी के लिए अपना संबोधन तक टाल दिया।

हुआ यूं कि सीएम बुरहानपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भाजपा को मिली जीत की खुशी में कार्यकर्ताओं को झालमुड़ी बांटी और मंच पर बैठकर खुद भी झालमुड़ी खाई।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन कर रहीं भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने संबोधन के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव का नाम पुकारा, लेकिन सीएम ने आगे की ओर इशारा कर दिया। इस पर विधायक ने माइक पर ही कहा- अच्छा, झालमुड़ी खाने के बाद बोलेंगे। इस पर सीएम ने सिर हिलाकर सहमति जताई।

इसके बाद झालमुड़ी खाने के बाद ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपना संबोधन दिया। उन्होंने बंगाल की जीत को बेहद बड़ी और अहम बताया, साथ ही विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा।

सीएम ने अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा- केजरीवाल जेल जाने के बाद भी पद नहीं छोड़ते, वहीं इतनी बड़ी हार के बाद भी ममता बनर्जी निर्ममता के साथ पेश आती हैं और पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

बुरहानपुर में सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंच पर बैठे-बैठे ही झालमुड़ी खाई।

भाजपा में नई एंट्री का झालमुड़ी से स्वागत पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ताओं का झालमुड़ी खिलाकर स्वागत किया। उन्होंने खुद अपने हाथों से नए कार्यकर्ताओं को झालमुड़ी बांटी।

खास बात यह रही कि इस दौरान नरोत्तम मिश्रा किसी झालमुड़ी वाले की तरह ‘झालमुड़ी… झालमुड़ी…’ कहते नजर आए। उनकी आवाज सुनकर कार्यकर्ता आते गए और झालमुड़ी का दोना उठाते गए।

नरोत्तम मिश्रा के इस झालमुड़ी प्रेम को उनकी चुनावी वापसी की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित की गई है और इस पर कभी भी उपचुनाव हो सकते हैं।

ऐसे में अपनी संभावित उम्मीदवारी को देखते हुए नरोत्तम मिश्रा खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे छोटे-बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने फीता काटकर पानी के प्याऊ का भी उद्घाटन किया था।

अब खरी बात यह है कि जब आप चुनाव की दहलीज पर खड़े हों, तो भला चुनावी कामयाबी की ‘गारंटी’ बन चुकी झालमुड़ी का साथ कौन नहीं चाहेगा।

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा में शामिल कार्यकर्ताओं को झालमुड़ी खिलाई।

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा में शामिल कार्यकर्ताओं को झालमुड़ी खिलाई।

‘नायक नहीं.. खलनायक हूं मैं’ पर झूमे एसपी भिंड जिले के एसपी डॉ. असित यादव का प्रमोशन हुआ है। वे डीआईजी बनकर ग्वालियर जा रहे हैं। ऐसे में भिंड में उनकी विदाई हुई, लेकिन एक खास वजह से यह विदाई चर्चा में है।

दरअसल, डॉ. असित यादव के विदाई समारोह में फिल्म ‘खलनायक’ का गाना ‘नायक नहीं, खलनायक हूं मैं’ बज रहा था। इस दौरान उनके समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया और सभी इस गाने पर झूमते नजर आए।

इसका वीडियो भी सामने आया है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ का कहना है कि उन्हें नायक की तरह पेश किया गया, लेकिन ‘खलनायक’ वाला अंदाज समझ से परे है।

वहीं, कुछ लोगों ने उनके कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों को नायक की तरह ही पेश आना चाहिए। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि यह सिर्फ मौज-मस्ती का हिस्सा था और ऐसे मौके पर यह सब चलता है।

भिंड एसपी डॉ. असित यादव ने ‘खलनायक हूं मैं’ गाना गुनगुनाया और डांस भी किया।

भिंड एसपी डॉ. असित यादव ने ‘खलनायक हूं मैं’ गाना गुनगुनाया और डांस भी किया।

पदभार के बहाने केपी यादव का शक्ति प्रदर्शन गुना के पूर्व सांसद केपी यादव ने राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पूरे तामझाम के साथ पदभार ग्रहण किया। इससे पहले उन्होंने भोपाल तक जोरदार शक्ति प्रदर्शन भी किया।

केपी यादव करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। इस दौरान जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ। वे भाजपा कार्यालय और सीएम हाउस भी पहुंचे, इसके बाद औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया।

अब उनके इस तामझाम और पावर पॉलिटिक्स की चर्चा हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि केपी यादव आखिर किसे और क्यों अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं, हालांकि, समझदार के लिए इशारा ही काफी होता है।

ये वही केपी यादव हैं, जो कभी सिंधिया के साथ सेल्फी लेते नजर आते थे, फिर उन्हीं को चुनाव में हराया और बाद में टिकट भी कट गया। लेकिन अब उन्होंने एक बार फिर दमदार वापसी की है।

भाजपा नेता केपी यादव ने पदभार ग्रहण के बहाने शक्ति प्रदर्शन किया।

भाजपा नेता केपी यादव ने पदभार ग्रहण के बहाने शक्ति प्रदर्शन किया।

इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल) रईस सिद्दिकी (बुरहानपुर), पवन दीक्षित (भिंड) राधावल्लभ मिश्रा (दतिया)

ये भी पढ़ें – भाजपा विधायक बोले- कांग्रेस का काम भौंकना: सरकार का ‘झालमुड़ी’ प्रेम, राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया

भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने कांग्रेस को लेकर कहा है कि इनका काम भौंकना ही रह गया है। दरअसल, मीडिया उनसे पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को लेकर सवाल कर रहा था। उनसे पूछा कि कांग्रेस का आरोप है कि बंगाल में भाजपा वोट चोरी कर जीती है। इस पर विधायक ने कहा कि हाथी निकलता है और ये भौंकते रहते हैं। पूरी खबर पढ़ें



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मटन, पपीता, घी और 25 तरह के मसाले…जानिए बलिया के गलावटी कबाब की रेसिपी


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Mutton Galawati Kebab Recipe : बलिया की ये दुकान सुर्खियों में है. कच्चे पपीते, मटन और 25 मसाले के साथ यहां देसी घी से तैयार होने वाले इस आइटम को एक बार चखने के बाद लोग दोबारा आने को मजबूर हैं. लखरानी रेस्टोरेंट के फाउंडर इं. दिव्यांशु गुप्ता लोकल 18 से कहते हैं कि इस रेस्टोरेंट का नामकरण उन्होंने अपनी दादी के नाम पर किया है. मटन गलावटी कबाब उनकी दादी का पसंदीदा था. इसे बनाने के लिए 25 प्रकार के मसालों और कच्चे पपीते का प्रयोग किया जाता है.

बलिया. अगर आपको नॉनवेज खाने का शौक है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए है. बलिया में इन दिनों नॉनवेज का एक आइटम खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इसे चखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. इसकी खासियत इसे एक अलग पहचान दे रही है. कच्चे पपीते, मटन और 25 मसाले के साथ देसी घी से तैयार होने वाले इस आइटम को एक बार चखने के बाद लोग दोबारा आने को मजबूर हो रहे हैं. इस आइटम को मटन गलावटी कबाब के नाम से जाना जा रहा है.

दादी का फेवरेट

लखरानी रेस्टोरेंट के फाउंडर इं. दिव्यांशु गुप्ता लोकल 18 से कहते हैं कि इस रेस्टोरेंट का नामकरण उन्होंने अपनी दादी के नाम पर किया है. उनकी दादी को खाना खिलाना और व्यंजन बनाना बेहद पसंद था. उन्हीं के पसंदीदा व्यंजनों को लेकर नॉनवेज रेस्टोरेंट लखरानी नाम से शुरुआत की है. यहां मांसाहारी में अनेक आइटम हैं, लेकिन फिलहाल मटन गलावटी कबाब खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इसे खूब पसंद किया जा रहा है. यह आइटम उनकी दादी का पसंदीदा था.

दिव्यांशु बताते हैं कि इस कबाब को बनाने के लिए सबसे पहले मशीन से मटन का कीमा बनाया जाता है. उसके बाद 25 प्रकार के मसाले और कच्चे पपीते का प्रयोग किया जाता है और धीमी आंच पर देसी घी में इसे देर तक पकाया जाता है, जो की बहुत ही मुलायम बनकर तैयार होता है. इसको बुजुर्ग भी बड़े आसानी और चांव से खा रहे हैं और खूब पसंद किया भी जा रहा है. बलिया शहर में इस कबाब को खाने के लिए बहुत दूर-दूर से लोग आ रहे हैं.

जानिए लोकेशन

इस गलावटी कबाब की कीमत 140 रुपए में दो पीस है. अगर आप भी इसका स्वाद चखना चाहते हैं, तो इसके लिए बलिया बलिया रेलवे स्टेशन लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्टेडियम/एसपी ऑफिस के सामने जमुना बेकरी के ठीक पास में लखरानी रेस्टोरेंट है, जहां पर यह मटन गलावटी कबाब खाने को मिल जाएगा.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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लहूलुहान पड़े थे चंद्रनाथ, रो रहा था ड्राइवर… सुवेंदु के पीए को कैसे मारा गया?


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लहूलुहान पड़े थे चंद्रनाथ, रो रहा था ड्राइवर… सुवेंदु के पीए को कैसे मारा गया?

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Suvendu Adhikari PA Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. 6 मई की रात घात लगाकर किए गए इस हमले में ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है. बीजेपी ने इसे सोची-समझी साजिश और सुवेंदु अधिकारी पर हमले की कोशिश करार दिया है. वहीं टीएमसी ने भी कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है.

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Chandranath Rath Murder Case Details: सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या: मध्यमग्राम हत्याकांड की पूरी जानकारी. (Photo : PTI)

Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कद्दावर बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में बुधवार (06 मई 2026) रात करीब सवा 10 बजे हुई. पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि हमलावरों ने बाकायदा इलाके की रेकी की थी और एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत इस हत्याकांड को अंजाम दिया. घटना उस वक्त हुई जब चंद्रनाथ अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर थे. हमलावरों के पास विदेशी हथियार थे और उन्होंने जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया, उस पर लगी नंबर प्लेट भी जाली पाई गई है. इस वारदात के बाद से मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में भारी तनाव है.

बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह हमला सुवेंदु अधिकारी को डराने या शायद उन पर हमला करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था. वहीं, अस्पताल पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस की जांच पर अविश्वास जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है.
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ. (File Photo : PTI)

मध्यमग्राम में बुधवार रात 10 बजे के बाद क्या-क्या हुआ? चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की टाइमलाइन

6 मई की रात करीब 10:10 बजे : चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो जेसोर रोड स्थित मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में दाखिल हुई. चंद्रनाथ अपने एक साथी बुद्धदेव बेरा के साथ घर की ओर बढ़ रहे थे.

रात 10:15 बजे : उनका घर सिर्फ 200 मीटर दूर था. तभी अचानक एक अनजान कार ने उनकी स्कॉर्पियो का रास्ता रोक लिया. जैसे ही गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई, बाइक पर सवार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.

रात 10:20 बजे : गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. वहां का नजारा बेहद डरावना था. स्कॉर्पियो के भीतर चंद्रनाथ और बुद्धदेव खून से लथपथ पड़े थे.

रात करीब 10:40 बजे : उन्हें पास के डाइवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया. उनके सीने के बाईं तरफ दो गोलियां लगी थीं. वहीं उनके साथी बुद्धदेव को तीन गोलियां लगी हैं, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है

रात 11:30 बजे : घटना की खबर जंगल की आग की तरह फैली और वहां भारी पुलिस बल के साथ बीजेपी के बड़े नेता पहुंचने लगे.

Suvendu Adhikari’s PA Shot Dead: सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या. 06 मई 2026 की रात कब क्या हुआ? (Infographics made with AI)

Suvendu Adhikari PA Chandra Murder: चश्मदीद ने अपनी आंखों से क्या-क्या देखा?

  • News18 इंडिया से बात करते हुए चश्मदीद सुशांत सरकार ने उस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई. सुशांत ने कहा कि उन्होंने घर के अंदर गोलियों की आवाज सुनी और बाहर भागे.
  • जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक स्कॉर्पियो खड़ी थी और उसका ड्राइवर बुरी तरह रो रहा था. ड्राइवर बार-बार कह रहा था, ‘सर, यह क्या हो गया!’ ड्राइवर ने बताया कि कुछ लोग गोलियां बरसाकर फरार हो गए हैं.
  • सुशांत के मुताबिक, गाड़ी की दूसरी सीट पर बैठे शख्स (चंद्रनाथ) के शरीर से काफी खून निकल रहा था. वह उस वक्त जिंदा थे लेकिन कुछ बोल पाने की हालत में नहीं थे. उनके मुंह से बस हल्की आवाजें निकल रही थीं और सीना खून से लथपथ था.
  • सुशांत और अन्य लोगों ने तुरंत ड्राइवर से कहा कि वह इन्हें लेकर अस्पताल भागे और उन्होंने खुद पुलिस को फोन किया. वारदात के समय हमलावर इतनी तेजी से आए और गए कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला.



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सावधान! 6.6% पर आ सकती है देश की विकास दर, विकसित भारत के लिए अब ‘सुधारों’ की डोज जरूरी


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एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के मुताबिक FY27 में भारत की विकास दर घटकर 6.6 प्रतिशत रह सकती है, जिसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया का तनाव और महंगा कच्चा तेल है. रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई 4.6 प्रतिशत के आसपास रह सकती है, लेकिन जोखिम बना रहेगा. साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए ऊर्जा, श्रम, पूंजी बाजार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार जरूरी बताए गए हैं.

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एसएंडपी ने कहा है कि 2026-27 में देश की विकास दर थोड़ी धीमी पड़ सकती है.

नई दिल्ली. वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है. इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की विकास दर थोड़ी धीमी पड़ सकती है और यह करीब 6.6 प्रतिशत रह सकती है. यह आंकड़ा मौजूदा वित्त वर्ष के करीब 7 प्रतिशत के अनुमान से कम है, जो साफ दिखाता है कि बाहरी दबाव अब असर डालने लगे हैं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखना आसान नहीं होगा. मजबूत घरेलू मांग और सरकारी खर्च भारत की ताकत बने हुए हैं, लेकिन ग्लोबल फैक्टर्स अब बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं.

पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक ग्रोथ में संभावित गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है. ईरान से जुड़े हालात और युद्ध जैसी स्थिति ने ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो तेजी से ऊपर गई हैं.

भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति ज्यादा संवेदनशील है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. तेल महंगा होने से न सिर्फ आयात बिल बढ़ता है, बल्कि महंगाई भी ऊपर जाती है और कंपनियों की लागत पर दबाव बनता है. यही वजह है कि इकोनॉमिक ग्रोथ पर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है.

महंगाई पर भी बना रहेगा दबाव

एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने अनुमान लगाया है कि FY27 में महंगाई करीब 4.6 प्रतिशत रह सकती है. यह आंकड़ा नियंत्रण में दिखता है, लेकिन इसमें ऊपर जाने का जोखिम बना हुआ है. खासकर अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो महंगाई फिर से बढ़ सकती है. भारतीय रिजर्व बैंक पहले से ही महंगाई को काबू में रखने के लिए सतर्क है. लेकिन ग्लोबल कारणों पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं होता. इसलिए बाहरी झटकों का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

विकसित भारत के लिए सुधार ही रास्ता

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर भारत को विकसित भारत बनने का लक्ष्य हासिल करना है, तो अब बड़े और गहरे सुधार करने होंगे. सिर्फ छोटे कदम काफी नहीं होंगे. ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना सबसे जरूरी बताया गया है, ताकि तेल आयात पर निर्भरता कम हो सके. इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा, श्रम सुधार, पूंजी बाजार में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक अगर ये सुधार सही तरीके से लागू किए जाते हैं, तो भारत आने वाले वर्षों में 7.5 से 8 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ हासिल कर सकता है.

लंबी अवधि में उम्मीद बरकरार

भले ही अल्पकाल में ग्रोथ थोड़ी नरम पड़ने का अनुमान है, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी मजबूत बनी हुई है. भारत की घरेलू मांग, डिजिटल इकोनॉमी और सरकारी कैपेक्स उसे बाकी देशों से अलग बनाते हैं. अगर वैश्विक हालात सामान्य होते हैं और सुधारों की रफ्तार तेज रहती है, तो भारत एक बार फिर तेज विकास की राह पकड़ सकता है.



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100 करोड़ी मूवी देने वाली पहली हीरोइन, 2 साल में दी 3 सुपरहिट, करियर के पीक पर हुई गायब


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एक्ट्रेस ने जब बॉलीवुड में एंट्री मारी थी, तो लगा था कि वे प्रियंका चोपड़ा-करीना कपूर जैसी टॉप हीरोइनों को पीछे छोड़ देंगी. वे बॉलीवुड में एंट्री के साथ 100 करोड़ी फिल्म देने वाली पहली हीरोइन बन गई थीं. उन्होंने आमिर, सलमान और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ ब्लॉकबस्टर फिल्में दी, फिर अचानक सिनेमा जगत को छोड़कर सबको चौंका दिया. उन्होंने 2016 में बिजनेसमैन से शादी कर ली. अक्षय कुमार ने उनकी निजी जिंदगी में बड़ा रोल प्ले किया था. एक्ट्रेस अपनी निजी जिंदगी की वजह से लाइमलाइट से दूर हैं.

नई दिल्ली: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कुछ सितारे ऐसे होते हैं जो अपनी पहली ही फिल्म से धमाका कर देते हैं. एक्ट्रेस उनमें से एक थीं. वे बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ी फिल्म देने वाली पहली हीरोइन हैं. एक्ट्रेस की बॉलीवुड में एंट्री से प्रियंका चोपड़ा-करीना कपूर की बादशाहत को कड़ी चुनौती मिली थी. एक्ट्रेस ने बैक-टू-बैक हिट फिल्में देकर सबको हैरान कर दिया था. उन्होंने इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया और बहुत ही कम समय में घर-घर में अपनी पहचान बना ली. मगर उन्होंने करियर की पीक पर एक्टिंग से दूरी बना ली.

She dominated the box office when Rs 100 crore was still a big deal, delivered back-to-back hits with the industry’s biggest stars, and became a household name almost overnight. Just when it felt like she was unstoppable, she made a shocking decision, stepping away from films at the absolute peak of her career, leaving fans wondering why. The actress? Asin Thottumkal, who not only ruled Bollywood but also made waves across the South Indian film industry.

अक्टूबर 1985 में जन्मी एक्ट्रेस का सफर मलयालम, तमिल और तेलुगू फिल्मों से शुरू हुआ था. हम असिन की बात कर रहे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने महज 15 साल की उम्र में साल 2001 में अभिनय की शुरुआत कर दी थी. शुरुआत भले ही सादी रही हो, लेकिन उनकी मेहनत और टैलेंट ने उन्हें जल्द ही साउथ सिनेमा की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों की लिस्ट में खड़ा कर दिया.

Born in October 1985, Asin carved a remarkable career across multiple film industries, seamlessly working in Malayalam, Tamil, Telugu, and later Hindi cinema. She stepped into films at a young age, making her acting debut in 2001 at just 15 with Narendran Makan Jayakanthan Vaka, directed by Sathyan Anthikkad. While her debut marked a modest beginning, it was only the start of a journey that would soon see her rise to become one of the most sought-after actresses in South Indian cinema, before eventually making a powerful transition to Bollywood.

साउथ सिनेमा में राज करने के बाद असिन ने साल 2008 में आमिर खान के साथ फिल्म ‘गजनी’ से बॉलीवुड में कदम रखा. यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि यह घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ कमाने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म बनी. इस एक फिल्म ने असिन को रातों-रात बॉलीवुड की टॉप स्टार्स की कतार में ला खड़ा किया.

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She made her much-anticipated Bollywood debut in 2008 with Ghajini, starring opposite Aamir Khan. The film turned out to be a massive game-changer, becoming the first Bollywood movie to cross the Rs 100 crore mark at the domestic box office, and instantly catapulting her into the big league. Riding on this success, she went on to star in a string of commercially successful entertainers, including Ready alongside Salman Khan, Bol Bachchan with Abhishek Bachchan and Ajay Devgn, and Khiladi 786 opposite Akshay Kumar. After a successful run in Bollywood, she was last seen on the big screen in All Is Well, marking the end of her acting career before she stepped away from the spotlight.

असिन का जादू सर चढ़कर बोला. उन्होंने सलमान खान के साथ ‘रेडी’, अक्षय कुमार के साथ ‘खिलाड़ी 786’ और अजय देवगन के साथ ‘बोल बच्चन’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की झड़ी लगा दी. लेकिन जब हर किसी को लग रहा था कि वह बॉलीवुड पर लंबे समय तक राज करेंगी, तब उन्होंने फिल्म ‘ऑल इज वेल’ के बाद अचानक फिल्मों से दूरी बना ली, जिससे उनके फैंस काफी दंग रह गए.

In 2016, Asin chose to shift her focus from a thriving film career to her personal life, deciding to settle down and embrace a new chapter. She tied the knot with Rahul Sharma, co-founder of Micromax, in an intimate yet high-profile ceremony held at Dusit Devarana in Delhi. Following her marriage, Asin quietly stepped away from the film industry, opting for a life away from the arc lights and public glare. The couple welcomed their first child, a daughter named Arin, in October 2017, further cementing her decision to prioritise family life. Over the years, Rahul Sharma has built a successful business empire, with his net worth often reported to be around Rs 1,300 crore.

असिन ने साल 2016 में अपने करियर के शिखर पर फिल्मों को अलविदा कहकर अपनी निजी जिंदगी को चुनने का फैसला किया. उन्होंने माइक्रोमैक्स के को-फाउंडर राहुल शर्मा के साथ दिल्ली में एक निजी सेरेमनी में शादी कर ली. उन्होंने शादी के बाद ग्लैमर की दुनिया से पूरी तरह किनारा कर लिया और अपनी निजी जिदंगी में व्यस्त हो गईं. साल 2017 में इस कपल के घर एक प्यारी सी बेटी अरिन का जन्म हुआ.

During an appearance on Raj Shamani’s podcast, Asin’s businessman husband revealed Akshay Kumar played the matchmaker, where he met his wife for the first time, and why they connected. He shared, “We were going for an India vs Pakistan match (in 2012). Akshay's movie was coming up, Housefull (2), and she was acting in that movie. And then Akshay said, ‘There’s a movie coming. We want to promote the movie.' Since Micromax was the sponsor of Asia Cup, it was happening in Dhaka, Bangladesh. So if somebody asks me where you met your wife, I say the most romantic place on Earth – Dhaka.”

असिन और राहुल की इस लव स्टोरी के पीछे असली ‘क्युपिड’ बॉलीवुड खिलाड़ी अक्षय कुमार थे. राहुल शर्मा ने एक पॉडकास्ट में बताया कि उनकी पहली मुलाकात 2012 में ढाका में हुई थी. अक्षय कुमार अपनी फिल्म ‘हाउसफुल 2’ को प्रमोट कर रहे थे और राहुल की कंपनी माइक्रोमैक्स उस एशिया कप को स्पॉन्सर कर रही थी. अक्षय को लगा कि राहुल और असिन की वैल्यूज और बैकग्राउंड एक जैसे हैं, इसलिए उन्होंने दोनों के नंबर एक-दूसरे को दिए.

He continued, “Then Akshay said she's a girl who's very, very simple, down-to-earth, similar to you. She just comes, does her work, and goes back, very professional. Her mother is a doctor, father is into services, so fantastic. Then he gave her number to me and my number to her. He just felt there's so much common in us. We come from the same values and backgrounds.”

अक्षय कुमार ने खुद एक बार मजाक में बताया था कि उन्होंने इन दोनों को मिलाने के लिए काफी चालाकी से काम किया था. ‘हाउसफुल 2’ की शूटिंग के दौरान जब सब दिल्ली में थे, तो अक्षय ने एक खेल के बहाने राहुल और असिन को एक ही अलमारी में छिपा दिया था. अक्षय का यह मजेदार आइडिया काम कर गया और वहीं से दोनों के बीच बातचीत और प्यार का सिलसिला शुरू हुआ.

Akshay Kumar had also spoken about playing cupid in Asin and Rahul’s love story in 2016. He had said, “I’ve been hiding this for three-and-a-half to four years. Yes, I got them to meet and Jacqueline (Fernandez, actor) was also a part of it, but she didn’t realise it because I played it very slyly. It was ­during Housefull 2 and we were in Delhi. Don’t laugh, but we were ­playing hide and seek, and I made the two of them hide ­together in one ­cupboard. That is how it started and it is so nice that they are getting ­married now.”

आज असिन लाइमलाइट से दूर एक खुशहाल जिंदगी बिता रही हैं. एक्टर के पति राहुल शर्मा एक सफल बिजनेस टाइकून हैं, जिनकी नेटवर्थ करीब 1300 करोड़ रुपये बताई जाती है. असिन का फिल्मों को छोड़ने का फैसला भले ही फैंस के लिए चौंकाने वाला था, लेकिन उनकी कहानी दिखाती है कि कभी-कभी करियर की ऊंचाइयों से ज्यादा सुकून अपनी निजी खुशियों में मिलता है.

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