Tuesday, May 12, 2026
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सीक्रेट रेसिपी का कमाल! बगारा बैंगन खाते ही भूल जाएंगे बाकी सब्जियों का टेस्ट


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सीक्रेट रेसिपी का कमाल! बगारा बैंगन खाते ही भूल जाएंगे बाकी सब्जियों का टेस्ट

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Hyderabadi Bagara Baingan: हैदराबादी खानपान अपने तीखे मसालों, शाही अंदाज और खास स्वाद के लिए दुनियाभर में मशहूर है. इन्हीं खास व्यंजनों में शामिल है शाही बगारा बैंगन, जो अपने लाजवाब स्वाद और रिच ग्रेवी के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुका है. छोटे बैंगनों को मूंगफली, तिल, नारियल और मसालों से तैयार की गई खास ग्रेवी में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद बेहद शानदार बन जाता है. यह डिश खासतौर पर बिरयानी के साथ परोसी जाती है और हैदराबादी दावतों की शान मानी जाती है. तीखेपन और नवाबी फ्लेवर का ऐसा मेल कम ही देखने को मिलता है.

हैदराबाद: तेलंगाना की पाक कला अपनी तीखी, चटपटी और खट्टी ग्रेवी के लिए दुनिया भर में मशहूर है. इसी निज़ामी विरासत का एक अनमोल रत्न है बगारा बैंगन. यह न केवल हैदराबाद की शान है.बल्कि हर उस खाने के शौकीन की पहली पसंद है जो मसालों के सही संतुलन की तलाश में रहता है. अगर आप अपने मेहमानों को कुछ शाही परोसना चाहते हैं तो यह डिश आपके दस्तरख्वान की रौनक बढ़ा देगी.

इस शाही डिश को तैयार करने के लिए आपको चाहिए: सब्जी 250 ग्राम छोटे और ताजे बैंगन, 3 बड़े चम्मच मूंगफली, 2 बड़े चम्मच सफेद तिल, और 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल, राई, जीरा, मेथी दाना, कलौंजी, करी पत्ता, बारीक कटा प्याज, अदरक-लहसुन पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक और इमली का गाढ़ा पल्प.

बगारा बैंगन मूल रूप से हैदराबाद के निज़ामों के शाही खानपान का हिस्सा रहा है। यह अपनी गाढ़ी ग्रेवी और सुगंधित मसालों के लिए जाना जाता है। इसे अक्सर बगारा चावल यानी जीरा राइस जैसा लेकिन अधिक मसालों वाला के साथ परोसा जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें मूंगफली की सोंधी मिठास, इमली का तीखा खट्टापन और मसालों की गर्माहट का एक अद्भुत मेल होता है।

बगारा बैंगन मूल रूप से हैदराबाद के निज़ामों के शाही खानपान का हिस्सा रहा है. यह अपनी गाढ़ी ग्रेवी और सुगंधित मसालों के लिए जाना जाता है. इसे अक्सर बगारा चावल यानी जीरा राइस जैसा लेकिन अधिक मसालों वाला के साथ परोसा जाता है. इसकी खासियत यह है कि इसमें मूंगफली की सोंधी मिठास, इमली का तीखा खट्टापन और मसालों की गर्माहट का एक अद्भुत मेल होता है.

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यदि आप कैलोरी को लेकर सजग हैं तो बैंगनों को तलने के बजाय एयर-फ्राई या तवे पर हल्का रोस्ट भी कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस डिश का स्वाद अगले दिन और भी निखर कर आता है, क्योंकि समय के साथ बैंगन मसालों को गहराई से सोख लेते हैं। इसे हरे धनिये से सजाकर बगारा राइस या बिरयानी के साथ गरमा-गरम परोसें।

यदि आप कैलोरी को लेकर सजग हैं तो बैंगनों को तलने के बजाय एयर-फ्राई या तवे पर हल्का रोस्ट भी कर सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस डिश का स्वाद अगले दिन और भी निखर कर आता है, क्योंकि समय के साथ बैंगन मसालों को गहराई से सोख लेते हैं. इसे हरे धनिये से सजाकर बगारा राइस या बिरयानी के साथ गरमा-गरम परोसें.

स्वाद की शुरुआत मसालों को भूनने से होती है। सबसे पहले मूंगफली, तिल और नारियल को धीमी आंच पर अलग-अलग सुनहरा होने तक भूनें। ठंडा होने पर इन्हें थोड़े से पानी के साथ मिलाकर एक महीन और चिकना पेस्ट बना लें। यही वह पेस्ट है जो ग्रेवी को वह मशहूर नवाबी बनावट और स्वाद देता है।

स्वाद की शुरुआत मसालों को भूनने से होती है. सबसे पहले मूंगफली, तिल और नारियल को धीमी आंच पर अलग-अलग सुनहरा होने तक भूनें. ठंडा होने पर इन्हें थोड़े से पानी के साथ मिलाकर एक महीन और चिकना पेस्ट बना लें. यही वह पेस्ट है जो ग्रेवी को वह मशहूर नवाबी बनावट और स्वाद देता है.

बैंगनों को बीच से चीरा लगाकर (डंठल के साथ) गरम तेल में तब तक तलें जब तक कि वे 80% तक पक न जाएं। जब बैंगनों की त्वचा पर हल्की झुर्रियां दिखने लगें, तो उन्हें निकाल लें। यह प्रक्रिया बैंगन के भीतर तक मसालों को सोखने में मदद करती है।

बैंगनों को बीच से चीरा लगाकर (डंठल के साथ) गरम तेल में तब तक तलें जब तक कि वे 80% तक पक न जाएं. जब बैंगनों की त्वचा पर हल्की झुर्रियां दिखने लगें, तो उन्हें निकाल लें. यह प्रक्रिया बैंगन के भीतर तक मसालों को सोखने में मदद करती है.

बचे हुए तेल में तड़के की सामग्री डालकर चटकाएं और फिर प्याज को सुनहरा होने तक भूनें। अब तैयार किया गया मूंगफली-तिल का पेस्ट डालें और तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न होने लगे। इसके बाद इमली का पल्प और सूखे मसाले मिलाएं। अंत में तले हुए बैंगन डालकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर ढककर पकाएं ताकि ग्रेवी का सारा स्वाद बैंगनों में समा जाए।

बचे हुए तेल में तड़के की सामग्री डालकर चटकाएं और फिर प्याज को सुनहरा होने तक भूनें. अब तैयार किया गया मूंगफली-तिल का पेस्ट डालें और तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न होने लगे. इसके बाद इमली का पल्प और सूखे मसाले मिलाएं. अंत में तले हुए बैंगन डालकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर ढककर पकाएं ताकि ग्रेवी का सारा स्वाद बैंगनों में समा जाए.

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Share Market Today: नहीं थम रही बिकवाली! निवेशकों के 6 लाख करोड़ हुए स्वाहा


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शेयर बाजार में आज 12 मई को लगातार दूसरे दिन बिकवाली देखने को मिल रही है. सुबह 10 बजे सेंसेक्स 706.09 अंक यानी 0.93% गिरकर 75,309.19 पर कारोबार करते हुए नजर आया. वहीं, निफ्टी 188.35 अंक यानी 0.79% टूटकर 23,627.50 के लेवल पर पहुंच गया है.

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मंगलवार को भी भारतीय बाजार में गिरावट देखी जा रही है.

शेयर बाजार में आज 12 मई को लगातार दूसरे दिन बिकवाली देखने को मिल रही है. सुबह 10 बजे सेंसेक्स 706 अंक गिरकर 75,309 पर कारोबार करते हुए नजर आया. निफ्टी 188 अंक टूटकर 23,627.50 के स्तर पर पहुंच गया है. 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने, सोने की खरीदारी और विदेशी यात्रा को लेकर दिए गए बयान के बाद शेयर बाजार में दबाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और कमजोर खपत की चिंता के बीच दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों की करीब ₹6 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई है.

आज सबसे अधिक दबाव आईटी शेयरों पर देखा जा रहा है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया है. इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक में 3 फीसदी से अधिक दबाव देखा जा रहा है. निफ्टी रिएल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर में भी बिकवाली का मूड नजर आया है.

(खबर अपडेट हो रही है.)

About the Author

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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‘पापा हमेशा कहते थे लगे रहो बेटा’, धर्मेंद्र के सपनों को आगे बढ़ाएंगी ईशा


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बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल ने अपने पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की याद को नए करियर चैप्टर से जोड़ते हुए इंटीरियर डिजाइन की दुनिया में कदम रखा है. मुंबई स्थित रियल एस्टेट डेवलपर ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोधा’ के साथ पार्टनरशिप में उन्होंने अलीबाग के लग्जरी विला प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग की जिम्मेदारी संभाली है. इस घोषणा के दौरान ईशा अपने पिता की याद में भावुक हो गईं.

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ईशा देओल ने भावुक भाषण में पिता धर्मेद्र को याद किया.

नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल ने हाल ही में अपने इंटीरियर डिजाइन बिजनेस की शुरुआत की है. इस नए सफर में उनका सबसे बड़ा सहारा उनके दिवंगत पिता, महान अभिनेता धर्मेंद्र की प्रेरणा और आशीर्वाद है. ईशा ने एक इमोशनल स्पीच में बताया कि कैसे उनके पापा हमेशा उनकी रचनात्मकता में विश्वास रखते थे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते थे.

ईशा देओल ने मुंबई स्थित रियल एस्टेट डेवलपर ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के साथ साझेदारी करते हुए अलीबाग में अपने लग्जरी विला प्रोजेक्ट के डिजाइन की शुरुआत की. इस मौके पर ईशा भावुक हो गईं. उन्होंने बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र और वह घंटों बैठकर अलग-अलग जगहों की बनावट और साधारण स्थानों पर चर्चा किया करते थे. ईशा ने रुंधे गले से कहा, ‘पापा हमेशा कहते थे- ‘लगे रहो बेटे, करते रहो.’ ये शब्द आज भी मेरे साथ हैं और मार्गदर्शन करते हैं. यह उनका ही विश्वास था, जिसने मुझे आज पूरे मन से इस सपने को पूरा करने का साहस दिया.

‘ईशा धर्मेंद्र देओल डिजाइन’ दिया बिजनेस को नया नाम

उन्होंने अपने डिजाइन बिजनेस का नाम ‘ईशा धर्मेंद्र देओल डिजाइन’ रखा है. उनके लोगो में एक लालटेन (लैंटर्न) है, जिसकी कहानी और भी खास है. उन्होंने बताया, ‘मेरे लोगो वाली लालटेन को पापा ने खुद हाथ से बनाया था. यह उनका मुझे दिया गया एक तोहफा था. यह सिर्फ एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह उनकी वह रोशनी है जिसे मैं आगे ले जा रही हूं.’

शेयर किया खास पोस्ट

ईशा ने इंस्टाग्राम पर इस नई शुरुआत की जानकारी देते हुए लिखा, ‘आज मैं इस सपने को एक नाम दे रही हूं… ईशा धर्मेंद्र देओल डिजाइन. यह हमेशा आपके लिए रहेगा पापा.’

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387 साल पुरानी 12 मई से जुड़ी है दिल्‍ली के दिलचस्‍प किले की कहानी!


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387 साल पुरानी 12 मई से जुड़ी है दिल्‍ली के दिलचस्‍प किले की कहानी!

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Lal Qila ki Dilchasp kahani लाल किले की प्राचीर पर खड़ा देवांग अपनी बहन गौरी को लालकिले से जुड़ी वह कहानी बता रहा है, जिसे जानकार आप भी हैरान रह जाएंगे. इस कहानी में 12 मई 1639 की नींव से लेकर नहर-ए-बिहिश्त की ठंडक, तख्त-ए-ताऊस के हीरे, चांदी की छत, अंग्रेजों का बर्बर कहर, बहादुर शाह जफर के बेटों का कत्ल सहित कई घटनाओं का जिक्र किया गया है.

देवांग और गौरी लाल किले की प्राचीर के पास खड़े थे. देवांग ने गौरी की तरफ देखा और बोला- गौरी, आज 12 मई है. गौरी हंस दी- तो, मेरा बर्थडे नहीं है. देवांग मुस्कुराया और बोला – नहीं, आज से ठीक 387 साल पहले इसी दिन एक शाह ने धरती पर अपना जन्नत बसाने की नींव रखी थी. वो जन्नत है… ये लाल किला. चल, आज तुझे इसकी हर ईंट की कहानी सुनाता हूं.

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गौरी ने पूछा- अच्छा, ये लाल-लाल क्यों है? देवांग ने शरारत से कहा- खून से थोड़े ही! गौरी बोली- अरे यार! फिर देवांग सीरियस हो गया- असल में, शाहजहां ने फतेहपुर सीकरी से लाल बलुआ पत्थर यमुना के रास्ते मंगवाए थे और अंदर के महलों के लिए राजस्थान से सफेद संगमरमर. इन पत्थरों पर फूल इस कदर तराशे कि लगे मानो किसी ने दीवारों पर चित्रकारी कर दी हो. ये काम 9 साल चला. 9 साल! तूने कभी 9 साल किसी चीज पर लगाए?

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देवांग ने सवाल किया- पता है, इस किले को बनने में कितना खर्चा हुआ? गौरी ने अंदाजा लगाया- दस-बीस करोड़? गौरी हंस दी- नहीं, उस जमाने में एक करोड़ रुपये. सुन, हैरान मत हो- उस वक्त ये कई राज्यों का सालाना बजट होता था. यानी शाहजहां ने पूरे राज्यों की कमाई एक किले पर लुटा दी. गौरी बोला- वो तो प्यार में दीवाने थे. गौरी ने कहा- हां, अपनी मुमताज के लिए तो ताजमहल बनवाया, अपने शौक के लिए ये लाल किला.

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देवांग अब सबसे दिलचस्प बात लेकर आया- ये प्राचीर देख रही है? गौरी ने ऊपर देखा – हां, ऊंची-ऊंची. देवांग ने समझाया- मुगल काल में इस प्राचीर पर चढ़ने का मतलब था बादशाह के दरबार तक सीधी पहुंच. यानी तू दुनिया के सबसे ताकतवर आदमी से मिलने वाली थी. ऐसे इंसान को कहते थे ‘खास’. गौरी ने पूछा- और आज? देवांग गर्व से बोला- आज इसी प्राचीर से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं. 15 अगस्त 1947 से ये परंपरा है.

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गौरी को गर्मी की फिक्र हुई- गर्मी में यहां लगता तो बहुत तपती होगी. देवांग ने चालाकी से कहा- यही तो चमत्कार है. शाहजहां ने यमुना से एक नहर बनवाई ‘नहर-ए-बिहिश्त’ यानी स्वर्ग की नहर. ये पूरे किले में बहती थी. गौरी चौंकी- पानी से ठंडक? देवांग बोला – हां! रंग महल के पास ये नहर छोटे झरने में बदल जाती थी. बैलों से चलने वाली रहटें रात-दिन पानी बहाती थीं. सचमुच का एसी सिस्टम वो भी 400 साल पहले.

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अब देवांग की आवाज धीमी हो गई. अब बात करते हैं दुनिया के सबसे कीमती तख्त की. तख्त-ए-ताऊस यानी मयूर सिंहासन. गौरी उत्सुक थी. उसने पूछा- कैसा था? देवांग ने कहा – सात सोने के मोर – उनकी पूंछ में माणिक, पन्ना, नीलम, हीरे… सोने-चांदी के बर्तन, खुरासान के कालीन, रंगीन काँच के झूमर. गौरी ने पूछा – आज कहां है? देवांग उदास हो गया. वह बोला- जब 1739 में नादिरशाह ने दिल्ली लूटी, वो सब ले गया. कोहिनूर हीरा भी, जो आज ब्रिटेन के ताज में जड़ा है. समझ, हमारे दादा-परदादाओं का गहना आज किसी और के सर पर सो रहा है.

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गौरी ने पूछा- मुगलों के बाद क्या हुआ? देवांग ने बताया- आए मराठे. 1760 के दशक में सदाशिवराव भाऊ ने लाल किला जीत लिया. पर सेना के खर्चे के लिए उन्हें पैसे चाहिए थे. गौरी ने पूछा- क्या किया? देवांग बोला- दीवान-ए-खास की चांदी की छत तोड़कर उसे पिघलाया और सिक्के बनाए. सोच जहां बादशाह बैठता था, वहां अब छत ही नहीं बची.

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गौरी का सवाल था- अंग्रेजों ने क्या किया? देवांग बहुत गंभीर हो गया. वह बोला- 1857 का विद्रोह. अंग्रेज हारे नहीं, टूट पड़े. उन्होंने किले के 80% से ज्‍यादा हिस्से तोड़ डाले. सफेद मार्बल के महल गिरा दिए, उनकी जगह बैरकें बनाईं. गौरी फफक पड़ी और बोली-ये तो कत्ल है. देवांग ने सबसे बुरी बात बताई- और सबसे बुरा बहादुर शाह जफर के तीन बेटों को बिना मुकदमे के गोली मार दी. अंग्रेज हडसन ने बूढ़े बादशाह को अपने बेटों के शव दिखाए. फिर जफर को बर्मा भेज दिया, जहां वह अकेले मर गए.

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देवांग अब उत्तेजित हो गया- अब आता है 1945 का वो मुकदमा. अंग्रेजों ने आजाद हिंद फौज के तीन अफसरों शाह नवाज, गुरबख्श सिंह, प्रेम सहगल का यहीं किले में कोर्ट-मार्शल किया. गौरी ने पूछा- फिर क्या हुआ? देवांग बोला- फिर क्या, पूरा देश सड़कों पर उतर आया. हिंदू-मुस्लिम एक साथ. यहां तक कि ब्रिटेन को दुनिया के सामने शर्मिंदा होना पड़ा. ये आजादी की शुरुआत की आग थी.

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देवांग की आंखों में चमक आ गई. अब सबसे सुनहरा पल. 15 अगस्त 1947, सुबह. नेहरू जी इसी प्राचीर पर चढ़े. गौरी ने पूछा- तिरंगा लहराया? देवांग ने कहा- हां. वो तिरंगा राजस्थान के आलूदा गांव में बना था. और जब झंडा फहरा, तो बिस्मिल्लाह खान ने शहनाई बजाई. सोच, वो दृश्य – 200 साल की गुलामी के बाद, लाल किले की दीवारें, शहनाई की आवाज, और उड़ता तिरंगा. गौरी भावुक हो गई.



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मासूम सी लड़की ने कभी टीवी पर किया राज, 23 साल बाद लगती हैं बेहद खूबसूरत, पहचाना?


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Actress Childhood Photos: फोटो में दिख रही मासूम सी बच्ची आज बॉलीवुड की मशहूर हीरोइन हैं. उन्होंने 23 साल पहले टीवी शोज में अपनी मासूम हरकतों-शैतानियों से दिल जीता. अब वे बॉलीवुड की लीडिंग लेडी हैं. उन्हें गोविंदा जैसे सुपरस्टार के साथ काम करने का मौका मिला. उन्होंने सिर्फ 15 साल की उम्र में तेलुगु फिल्म ‘देशमुदुरु’ में लीड रोल निभाया था, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड मिला. क्या आपने उन्हें पहचाना?

नई दिल्ली: क्या आप फोटो में दिख रही लड़की को पहचानते हैं? वे दशकों पहले टीवी शोज में नजर आई थीं, आज सिनेमा जगत की लीडिंग लेडी हैं. उन्होंने अपनी मासूमियत और बेहतरीन एक्टिंग के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी. 23 साल बाद इस लड़की का लुक बदल गया है. वे अपने स्टाइल और ग्लैमरस अंदाज के लिए भी मशहूर हैं. वे 9 अगस्त 1991 को मुंबई के एक सिंधी परिवार में जन्मी थीं. क्या आपने उन्हें पहचाना? (फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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एक्ट्रेस के पिता प्रदीप मोटवानी एक बिजनेसमैन हैं और मां मोना मोटवानी एक डर्माटोलॉजिस्ट हैं. हम हंसिका मोटवानी की बात कर रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक आर्टिस्ट के रूप में की थी. उन्हें सबसे ज्यादा पॉपुलैरिटी बच्चों के पसंदीदा शो ‘शाका लाका बूम बूम’ से मिली. इसके बाद, उन्होंने ‘देश में निकला होगा चांद’ जैसे सीरियल्स में काम किया.
(फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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हंसिका बड़े पर्दे पर पहली बार ऋतिक रोशन की सुपरहिट फिल्म ‘कोई… मिल गया’ में बच्चों की टोली के एक अहम हिस्से के रूप में नजर आई थीं. महज 15 साल की उम्र में हंसिका ने लीड हीरोइन के तौर पर अपना सफर शुरू किया. 2007 में आई तेलुगु फिल्म ‘देशमुदुरु’ उनकी पहली फिल्म थी, जिसमें उनके अभिनय को काफी सराहा गया. (फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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हंसिका को इस शानदार शुरुआत के लिए साउथ सिनेमा का ‘बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस’ का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला. उन्होंने इसी साल हिमेश रेशमिया के साथ बॉलीवुड फिल्म ‘आप का सुरूर’ में भी काम किया था. (फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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तेलुगु और हिंदी के बाद हंसिका ने कन्नड़ सिनेमा की ओर रुख किया. 2008 में उन्होंने पुनीत राजकुमार के साथ फिल्म ‘बिंदास’ में काम किया, जो उनकी अब तक की एकमात्र कन्नड़ फिल्म है. (फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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हंसिका ने जूनियर एनटीआर के साथ तेलुगु फिल्म ‘कंट्री’ में दिखाई दीं. शुरुआती फिल्मों की सफलता ने उन्हें साउथ सिनेमा की एक उभरती हुई स्टार बना दिया था. तमिल सिनेमा में हंसिका की एंट्री फिल्म ‘माप्पिल्लई’ से हुई. इसके बाद, उन्होंने ‘एंगेयुम काधल’ जैसी सफल फिल्मों में काम किया. (फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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हंसिका ने उसी साल तमिल सुपरस्टार विजय के साथ फिल्म ‘वेलायुधम’ में अभिनय किया, जो एक बड़ी हिट साबित हुई. तमिल दर्शकों ने हंसिका को इतना प्यार दिया कि वे वहां की टॉप हीरोइनों की लिस्ट में शामिल हो गईं.(फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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हंसिका ने आगे चलकर खूब काम किया. ‘ओरु कल ओरु कन्नाडि’ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफल रही, जिसने उन्हें एक नई पहचान दी. तेलुगु फिल्म ‘डेनिकैना रेडी’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट भी किया गया. एक्ट्रेस किसी-न-किसी वजह से सुर्खियों में बनी ही रहती हैं. (फोटो साभार: Instagram@ihansika)

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चंदौली में साइको किलर गुरप्रीत सिंह मुठभेड़ में ढेर: 26 घंटे में 3 मर्डर, पुलिस अफसर की पिस्टल छीनकर फायरिंग करने लगा – Chandauli News




चंदौली जिले में 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की सिर में गोली मारकर हत्या करने वाले कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह को सोमवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस, जीआरपी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई दरियापुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे हुई। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएट कराने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी आंशिक रूप से घायल हुए हैं। घायल आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी ने जिले में 26 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की थी। सभी वारदातों में उसने पीड़ितों के सिर को निशाना बनाया।
गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र 2020 में आर्मी से रिटायर हुआ था। वह अमृतसर का रहने वाला बताया जा रहा था। उस पर तीन लोगों की हत्या करने का आरोप था। पुलिस का कहना है कि सीरियल किलिंग करने वाले गुरप्रीत का कोई परमानेंट ठिकाना नहीं था। वो शादीशुदा था। लेकिन पत्नी और बच्चों के बारे में कुछ भी बता नहीं रहा था। पकड़े जाने पर पुलिस से यह कहा था… मैं आर्मी जवान, अपने मन का राजा
मैं आर्मी जवान हूं। शराब पीने के बाद होश में नहीं रहता। मेरा दिमाग काम करना बंद कर देता है। इसके बाद मैं घूम-घूमकर जो मन में आता है, वो करता हूं। मैं लोगों को मार भी देता हूं। मुझे कोई रोक नहीं सकता। ‘ पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब समझिए गुरप्रीत ने तीन हत्याएं कैसे कीं… 2 ट्रेनों में चढ़ा, 2 यात्रियों की कनपटी पर मारी गोली रविवार सुबह आरोपी गुरप्रीत सिंह चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (पीडीडीयू जंक्शन) पर एक पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ। वह अपनी पीठ पर एक बैग लादे था। सुबह के करीब 7 बज रहे थे। ट्रेन जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर पहुंच चुकी थी। कुचमन स्टेशन से पहले उसकी किसी बात पर यात्री मंगरू (34) से कहासुनी हो गई। तभी गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर गोली मार दी। मंगरू की मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होने पर कूदकर फरार हो गया। इसके बाद वह करीब 9 किमी दूर व्यासनगर गांव पहुंचा। फिर पीडीडीयू जंक्शन से जम्मूतवी जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ गया। रविवार रात करीब 2 बजे गुरप्रीत ने बिहार के दिनेश साहू (42) की हत्या कर दी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। व्यासनगर रेलवे स्टेशन के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर गुरप्रीत ट्रेन से उतर गया। पुलिस को चलती ट्रेन में दूसरी हत्या होने के बाद शक हुआ कि करीब 18 घंटे में दूसरी वारदात हुई है। मर्डर का तरीका एक जैसा है, ऐसे में हत्यारा एक ही हो सकता है। पुलिस ने अपनी पड़ताल इसी दिशा में शुरू की। अस्पताल में हत्या के बाद उलझी पुलिस
दूसरे मर्डर के 6 घंटे बाद ही व्यासनगर से करीब 3 किमी की दूरी पर जीवक अस्पताल में घुसकर महिला के सिर में गोली मार दी गई। करीब 26 घंटे में तीन हत्याओं से पुलिस परेशान हो गई। महिला के सिर पर गोली लगने से पुलिस का शक गहराया, लेकिन दो हत्याएं ट्रेन में और तीसरी अस्पताल में होने से पुलिस उलझ गई।
भीड़ ने पुलिस का काम किया आसान
मुगलसराय के सीओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, तीनों हत्याओं की गुत्थी सुलझाने के लिए चंदौली के अलावा प्रयागराज पुलिस कमिश्नर प्रशांत राय भी जुटे थे। जब गुरप्रीत को पकड़ा गया तो वो घायल था। अस्पताल में महिला की हत्या करने के बाद आरोपी गुरप्रीत को पकड़ लिया था। उसे जमकर पीटा था। पुलिस ने इलाज कराया। जब वो कुछ बोलने लायक हुआ तो महिला की हत्या करने की वजह पूछी गई। इस दौरान वो खुद को अपने मन का राजा बताने लगा। कहने लगा कि एक नहीं दो–तीन को मारकर आया हूं। ये जवाब सुनकर पुलिस भी चौंक उठी। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया हुलिया
पुलिस ने गाजीपुर के रहने वाले प्रवेश कुमार यादव को बुलाया। जब पैसेंजर ट्रेन में मंगरू की हत्या की गई, वे वहीं मौजूद थे। उनसे पुलिस ने आरोपी का हुलिया पूछा। प्रवेश ने बताया, चेहरा साफ नहीं देख पाया। लेकिन हत्यारे ने सिर पर भगवा रंग का गमछा बांध रखा था। पैंट-शर्ट पहन रखी थी। कद करीब 6 फीट है। पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत का हुलिया मैच कराया। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने ट्रेन में दो हत्याएं करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या की वजह पूछी तो कहने लगा कि शराब पीने के बाद जो मन में आता है, वो करता हूं। आर्मी का जवान हूं। इसके बाद नाम और पता खंगाला गया तो उसका पता अमृतसर का मिला। ऑटो चालक ने हाथ पकड़कर पिस्टल छीने
ऑटो चालक आलोक दुबे ने बताया- मैंने दोनों हाथों में उसे पिस्टल लिए देखा तो जीवक हॉस्पिटल की बाउंड्रीवाल के पास दौड़ाकर उसके हाथ ऐंठ दिए। जब उसकी पकड़ कमजोर हुई तो बाकी लोगों की मदद पिस्टल छीनी। तब जाकर लोगों ने उसे पीटा। तब पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया। अब सिलसिलेवार तीनों वारदातें जानिए… 1- अस्पताल में घुसकर महिला गोली मारी जगह- चंदौली का जीवक अस्पताल, समय- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे…। चंदौली जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अलीनगर थाना क्षेत्र में जीवक अस्पताल है। बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना के बहोवना गांव की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) का पैर टूट गया था। उन्हें पिछले माह 5 अप्रैल को जीवक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक रिश्तेदार भी उसके साथ था। हमलावर वीरेंद्र सोमवार सुबह मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह बेड पर लेटी महिला के पास गया। सीधे कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उससे पिस्टल छीन ली। इसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। ऑटो ड्राइवर बोला- फायरिंग करते हुए हमलावर भागा
एडीजी पीयूष मोर्डिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऑटो चालक विनोद दुबे ने बताया कि महिला की हत्या के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग रहा था। उस समय वह अस्पताल के बाहर एक मरीज को उतार रहा था। भीड़ के चिल्लाने पर उन्होंने उसे पकड़ लिया। आरोपी ने उन पर असलहा तान दिया, लेकिन उन्होंने उसके हाथ मरोड़ दिए। असलहा जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। तभी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसे घेर लिया। उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए गए। कुछ लोगों ने आरोपी को ईंट-पत्थरों से भी मारा। इससे वह घायल हो गया। हालांकि, समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। स्टाफ ने बेड के नीचे छिपकर बचाई जान
जीवक अस्पताल स्थानीय डॉक्टर सुनील कुमार गौतम का है। सुनील ने बताया- हमलावर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा था। स्टाफ नर्स को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं, तो उसने उसे वार्ड बॉय के पास भेज दिया। इसी बीच, आरोपी भर्ती मरीजों के वार्ड में घुस गया और वहां महिला पर गोली चला दी। आरोपी ने स्टाफ पर भी गोली चलाने की कोशिश की। लोगों ने बेड के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। मुंह बांधकर वार्ड में घुसा था व्यक्ति
मृतका की रिश्तेदार सुनीता देवी ने बताया कि घटना के समय वह जीवक अस्पताल में मौजूद थीं। उसी दौरान एक व्यक्ति मुंह बांधकर वार्ड में घुस आया और अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। उन्होंने बताया कि शुरू में लोगों को लगा कि वह पागल है, इसलिए सभी उससे दूरी बना लिए। इसके बाद वह लक्ष्मीना देवी के पास पहुंचा और असलहे से उनके सिर में गोली मार दी। घटना को देखकर सभी लोग दंग रह गए। इसके बाद आरोपी वार्ड से बाहर भाग गया। उसकी हरकतों से अस्पताल में मौजूद लोग काफी डर और दहशत में आ गए थे। 2- ट्रेन में बाथरूम से निकलते ही मारी गोली जगह- वाराणसी, रविवार, समय- रात 2 बजे…। बिहार के गया जिले में पिपरिया गांव के रहने वाले दिनेश साहू (42) कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वह पत्नी के साथ कोच S-2 में सवार थे, जबकि उनकी बहन, उनके दो बच्चे और सास जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास ट्रेन पहुंची थी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी वीरेंद्र ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे। पत्नी भी दौड़कर पहुंची और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। ब्लॉक हट-बी के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर वीरेंद्र ट्रेन से उतर गया। यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां शव को नीचे उतारा गया।
यात्री के पास 15 हजार रुपए मिले, पत्नी के जेवर सुरक्षित
पुलिस ने बताया, दिनेश साहू के पास करीब 15 हजार रुपए नकद मिले। उनकी पत्नी के जेवर सुरक्षित हैं। घटना के बाद रेलवे पुलिस की एक टीम ट्रेन के साथ आगे गई, ताकि यात्रियों से पूछताछ कर हमलावर के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। वहीं दूसरी टीम दिनेश के गांव भेजी गई है, जहां परिजनों से पूछताछ की जाएगी। 3. पैसेंजर ट्रेन में मारी गोली, रफ्तार कम होते ही भागा जगह- चंदौली, रविवार, समय सुबह 7 बजे…। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का रहने वाला मंगरू (34) 15 दिन पहले काम की तलाश में कर्नाटक गया था। वहां पर मछली पकड़ने का काम करने लगा। काम पसंद नहीं आया। इसके बाद मंगरू वापस अपने घर लौट रहा था। वह कर्नाटक से सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर प्रयागराज (डीडीयू) जंक्शन पहुंचा था। यहां से घर जाने के लिए डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हुआ था। ट्रेन सुबह 6:30 बजे डीडीयू जंक्शन से रवाना हुई थी। यात्रियों ने बताया- ट्रेन चंदौली में कचमन स्टेशन से पहले अलीनगर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास पहुंची थी। तभी एक व्यक्ति ने मंगरू के माथे पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। मंगरू घायल होकर गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनकर ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होने पर कूदकर फरार हो गया। आरोपी ने अस्पताल में वीरेंद्र नाम से पर्चा बनवाया
अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ला ने बताया, आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र सोमवार सुबह जीवक अस्पताल पहुंचा था, जहां उसने वीरेंद्र नाम से पर्चा बनवाया था। पर्चे पर डॉक्टर ने चार दवाइयां और एक सिरप लिखा था। इसके बाद वह सीढ़ियों से चढ़कर महिला वार्ड में गया और वहां एक महिला के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। आरोपी बिहार के आरा में गार्ड की नौकरी करता था। वह पूर्व सैनिक है। इसलिए आर्मी और केंद्रीय एजेंसियां भी उसके बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं। सीओ बोले- तीनों हत्याएं गुरप्रीत ने की
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- पूछताछ के दौरान आरोपी गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में हुई तीनों हत्याओं को अंजाम देने की बात कबूल ली है। दो हत्याएं ट्रेन में और एक महिला को अस्पताल में गोली मारी है। आरोपी को अलीनगर थाने की पुलिस की कस्टडी में रखा गया है। ……………………… ये खबर भी पढ़ें थार ने मां- 5 साल की बेटी को कुचला, मौत:हाईवे पर 200 मीटर घसीटा, गुस्साए लोगों ने पथराव किया; रिंग सेरमनी से लौट रही थीं
वाराणसी में रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे थार सवारों ने बाइक सवार मां- मासूम बेटी और देवर को कुचल दिया। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि देवर गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला मौसी की बेटी की रिंग सेरेमनी से लौट रही थी। हादसा शहर के मंडुवाडीह क्षेत्र में प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर हुआ। पूरी खबर पढ़िए…



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‘पापा अच्छे हैं… समाज के दबाव में किया अंतिम संस्कार’: लव मैरिज पर परिवार ने पुतला बनाकर किया दाह-संस्कार, बेटी बोली- 8 साल से अफेयर था – Muzaffarpur News




‘मैं अपनी मर्जी से अपना घर छोड़कर आई हूं। समाज वालों की वजह से मेरे घर के लोग मेरा दाह संस्कार किया है। समाज के दबाव में कह रहे हैं कि लड़की-लड़का जहां मिलेंगे, वहीं मार देंगे।’ मड़वन प्रखंड के एक गांव की रहने वाली 20 साल की युवती ने सोमवार को ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। दरअसल, रविवार को युवती के पिता ने उसका पुतला बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया था। युवती ने 8 साल तक चले अफेयर के बाद एक महीने पहले प्रेमी से लव मैरिज की है। लव मैरिज से नाराज युवती के परिवार ने जिंदा बेटी को मृत मानकर विधिवत उसका दाह संस्कार कर दिया। इस दौरान गांव के लोग भी मौजद थे। परिवार के लोगों ने बकायदा अर्थी सजाई, उस पर युवती की तस्वीर रखी। फिर परिवार और गांव के लोगों ने अर्थी को कंधा दिया और श्मशान घाट लेकर पहुंचे। फिलहाल, युवती अपने पति के साथ जिले से बाहर रह रही है। युवती का कहना है कि मेरे परिवार के सदस्यों ने कहा है कि तुम दोनों को जहां देखेंगे, वहीं तुम दोनों की हत्या कर देंगे, इसलिए हम छिपकर रह रहे हैं। युवती की प्रेम कहानी क्या है? आखिर युवती के परिजन अपनी बेटी की लव मैरिज पर क्यों नाराज हैं? मामले को लेकर पुलिस का क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले युवती की अंतिम संस्कार की तस्वीरें देखिए अब जानिए युवती की प्रेम कहानी 20 साल की युवती ने बताया कि 8 साल से मेरा अफेयर चल रहा था। मैंने अपने अफेयर के बारे में घर में कई बार बात की। प्रेमी से शादी करने की इच्छा जताई, लेकिन घरवालों ने इनकार कर दिया। 6 अप्रैल को मैं अपने प्रेमी के साथ अपने घर से निकल गई। अब मैं अपने पति के साथ ही रहना चाहती हूं। 6 अप्रैल को मैं घर से निकली। इसके बाद मेरे पिता ने 8 अप्रैल को ‎करजा थाने में अपहरण की‎ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पिता ने थाने में दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि मुझे घर के आगे से किडनैप किया गया। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मैं घर के दरवाजे पर खड़ी थी, तभी बाइक सवार दो लोग आए और उठाकर ले गए। युवती ने कहा कि मेरे पिता ने झूठा केस किया है। मेरे प्रेमी के परिवार ने उनके साथ गाली-गलौज भी नहीं किया है। मैने 10 अप्रैल को पटना में कोर्ट मैरिज की। वहीं, युवती के पिता की ओर से दर्ज कराई गई FIR के बाद पुलिस ने नवविवाहित जोड़े को बरामद किया था और लड़की का कोर्ट में बयान भी दर्ज कराया था। कोर्ट में युवती ने कहा- मैंने अपनी मर्जी से शादी की करजा थाना की पुलिस ने युवती को कोर्ट में पेश किया तो उसने जज के सामने खुद को बालिग बताई और कहा कि मैंने अपनी मर्जी भागी है। कोर्ट में प्रेमी के साथ शादी कर ली है। मैं अपने पति के साथ ही रहूंगी। युवती के बयान के बाद पुलिस ने युवती को उसके पति के साथ जाने दिया था। अब जानिए युवती के घरवालों ने क्यों किया अंतिम संस्कार युवती की ओर से कोर्ट में दिए गए बयान की सूचना उसके परिजनों को मिली। इसके बाद वो आक्रोशित हो गए। इसके साथ ही समाज के लोगों ने भी इस शादी का विरोध किया। गांव के लोगों ने युवती के परिवार का ‘सामाजिक बहिष्कार’ कर दिया। पंचायत ‎स्तर पर कथित तौर पर ये नियम‎ बना दिया गया कि गांव का कोई ‎व्यक्ति उस परिवार से मेल-जोल,‎ खान-पान या सामाजिक संबंध नहीं‎ रखेगा। इतना ही नहीं, जो भी ‎व्यक्ति उस परिवार से संबंध ‎रखेगा, उसके खिलाफ भी ‎सामाजिक कार्रवाई की जाएगी। समाज में दोबारा शामिल होने के लिए पंचायत ने एक शर्त रखी और कहा कि परिवार अपनी बेटी को हमेशा के लिए मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दें, तभी उन्हें समान में वापस शामिल किया जाएगा। समाज के दबाव में परिजन ने युवती का अंतिम संस्कार किया‎ सामाजिक बहिष्कार से डरे से युवती के परिजन ने रविवार को पंचायत की शर्त को मान लिया। परिजनों ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाया। उसे अर्थी पर लिटाया और पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ गांव में उसकी शव यात्रा निकाली। श्मशान घाट ले जाकर मंत्रोच्चारण के बीच पुतले का दाह संस्कार किया गया। स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सामाजिक दबाव और बहिष्कार खत्म करने के लिए परिवार ने यह कदम उठाया है। अब खबर के बारे में कानूनी जानकारों की राय जानिए कानूनी जानकारों के अनुसार, भारत ‎के संविधान में प्रत्येक बालिग ‎को अपनी पसंद से शादी ‎करने और जीवनसाथी चुनने का‎ अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट भी‎ कई मामलों में ये स्पष्ट कर चुका‎ है कि बालिग युवक-युवती अपनी ‎इच्छा से विवाह कर सकते हैं। ‎किसी भी तरह का सामाजिक दबाव ‎या धमकी गैरकानूनी माना जा ‎सकता है। विशेषज्ञों का मानना है ‎कि सामाजिक बहिष्कार जैसी‎ परंपराएं व्यक्ति की गरिमा और‎ मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं।‎



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मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद का चुनाव, मतदान आज: भोपाल से 20 प्रत्याशी मैदान में, अपर जिला न्यायाधीश को बनाया मतदान अधिकारी – Bhopal News




मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्वाचन के लिए मतदान मंगलवार सुबह से शुरू होगा। इस निर्वाचन में संपूर्ण मध्य प्रदेश से 122 एवं भोपाल से 20 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हैं। इन 122 प्रत्याशियों में से 18 पुरुष और 7 महिला सदस्यों का निर्वाचन किया जाएगा। मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के पालन में की गई थी। यह निर्णय रिट याचिका एम वरधान बनाम भारत संघ एवं अन्य तथा संबंधित प्रकरणों में पारित आदेशों के अनुपालन में लिया गया। भोपाल से जिन नामों की चर्चा प्रमुखता से हो रही हैं। उनमें मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्वतमान को-चेयरमैन विजय चौधरी, पूर्व को चेयरमैन और मानद सचिव मो. महबूब अंसारी, नामांकन समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेश व्यास,मोहिंदर, जिला अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष पीसी कोठारी और अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रकुमार वलेजा हैं। इसके अलावा अपूर्वा सिंह ,सुहाग सिंह सोलंकी, कपिल मेहरा, रचना सिंह चौहान, प्रशांत हर्णे, देवेंद्र प्रकाश मिश्र, लक्ष्मी मीना, प्रताप भानू सिंह राजपूत, शेखर शर्मा,अनिल पाटिल, राजेश नेमा,राजकुमारी शर्मा, साधना गौर, राजश्री पांडेय और महेश मौर्य शामिल हैं। इस चुनाव में प्रदेश में 88,000 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। भोपाल में मतदान जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार को प्रातः 10 बजे से लेकर सायं 5 बजे तक किया जाएगा। बगैर पहचान पत्र मतदान नहीं कर सकेंगे मतदान के लिए अधिवक्ताओं को मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद अथवा जिला बार अभिभाषक संघ के द्वारा जारी किए गए परिचयपत्र अनिवार्य किया है। अधिवक्ता बगैर पहचान पत्र के मतदान नहीं कर सकेंगे। मप्र मंत्रालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा से मांग की है कि राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव के दिन 12 मई 2026 को राज्य की समस्त तहसील, जिला एवं मप्र उच्च न्यायालय की तीनों खंडपीठ में अकार्य दिवस घोषित किया जाए। न्यायाधीश एवं न्यायिक कर्मचारी भी मतदान भी सहयोग प्रदान करेंगे। इस कारण मंगलवार को संपूर्ण राज्य के न्यायालयों में आकार्य दिवस घोषित किया गया। अपर जिला न्यायाधीश मनोहर लाल पाटीदार को मतदान अधिकारी बनाया मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद द्वारा इस चुनाव के लिए अपर जिला न्यायाधीश मनोहर लाल पाटीदार को मतदान अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में अन्य न्यायाधीश , अधिवक्ता तथा न्यायिक कर्मचारी सहयोगी के रुप में साथ में रहकर मतदान में सहयोग करेंगे। अपर जिला न्यायाधीश मनोहर लाल पाटीदार ने मतदान के लिए प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर में न्यायाधीश, अधिवक्ता तथा न्यायिक कर्मचारियों के वाहन पार्क नहीं किए जाएंगें।



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राजस्थान का बाड़मेर लगातार दूसरे दिन सबसे गर्म, पारा 47.3°C: यूपी-बिहार समेत 5 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट; हिमाचल में घरों-गोशालाओं की छतें उड़ीं


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भोपाल/लखनऊ/जयपुर/देहरादून23 मिनट पहले

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राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हीटवेव जारी है। देश में सोमवार को सबसे गर्म राजस्थान का बाड़मेर रहा। यहां तापमान 47.3°C दर्ज किया गया। वहीं जैसलमेर में तापमान 46.5°C, फलोदी में 45.6°C, बीकानेर में 45.3°C और जोधपुर में 44.9°C रहा।

देश के अन्य राज्यों में महाराष्ट्र के अकोला में तापमान 45.1°C, जलगांव में 44.3°C, अमरावती में 44°C, गुजरात के अहमदाबाद और अमरेली में 44.3°C और मध्य प्रदेश के धार में 44°C दर्ज किया गया।

हिमाचल प्रदेश में सोमवार सुबह तेज आंधी-तूफान, बारिश और 65 किमी प्रति घंटे तक चली हवाओं से भारी नुकसान हुआ। कुल्लू में 5 घरों और 7 गोशालाओं की छतें उड़ गईं, जबकि मंडी, शिमला और कांगड़ा में पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं।

राजस्थान के हनुमानगढ़ में सोमवार सुबह करीब एक घंटे बारिश हुई। शाम को श्रीगंगानगर में ओले गिरे। उत्तराखंड के 9 जिलों में बारिश हुई। पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश हुई। यहां सड़कें नदी की तरह बन गईं। हरियाणा के 3 जिलों में बारिश हुई।

उत्तर प्रदेश में आज आंधी-बारिश और ओले गिर सकते हैं। वहीं बिहार, छत्तीसगढ़, पंजाब में 15 मई और हिमाचल प्रदेश में 16 मई तक आंधी-बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट है।

देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए

अगले दो दिन मौसम का हाल

13 मई:

पूर्वी यूपी, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि का असर बना रह सकता है। पंजाब और हरियाणा में भी तेज हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में बारिश के साथ बिजली गिर सकती है।

14 मई:

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश, गरज-चमक और 30-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिर सकते है। पहाड़ी इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

देशभर से मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें

सूरत के चिड़ियाघर में टाइगर के केज को पानी डालकर ठंडा रखा गया।

सूरत के चिड़ियाघर में टाइगर के केज को पानी डालकर ठंडा रखा गया।

उत्तराखंड के देहरादून में सोमवार दोपहर तेज बारिश हुई।

उत्तराखंड के देहरादून में सोमवार दोपहर तेज बारिश हुई।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ बारिश हुई।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ बारिश हुई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर सोमवार शाम बारिश के साथ ओले गिरे।

राजस्थान के श्रीगंगानगर सोमवार शाम बारिश के साथ ओले गिरे।

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मुरलीपुरा में किराए के मकान में महिला की संदिग्ध मौत: मकान से दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी; हत्या का मामला दर्ज – Jaipur News




जयपुर के मुरलीपुरा इलाके की जीवन दीप कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही एक 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मकान से दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, जहां महिला का शव मिला। शव करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर शिनाख्त कराई, जिसमें मृतका की पहचान टोंक जिले के बरौनी निवासी अंबिका के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, अंबिका फरवरी माह में अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर रामकल्याण गुर्जर के साथ घर से चली गई थी। इसके बाद 3 मई को दोनों ने मुरलीपुरा में किराए का मकान लेकर रहना शुरू किया था। थानाधिकारी वीरेंद्र कुरील ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर रामकल्याण गुर्जर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।



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