Friday, June 5, 2026
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मतदाता सूची पर सवाल: SIR खत्म, फिर मिले 65 हजार संदिग्ध वोटर; प्रदेश में 21 लाख – Gwalior News




एसआईआर की प्रक्रिया चार महीने चली, इस दौर को कभी भूल पाना संभव नहीं है। अफसरों ने तब दावा किया था कि वोटर लिस्ट में जो गलत, फर्जी नाम हैं वे हट जाएंगे। हकीकत में ऐसा हुआ नहीं। एसआईआर का काम खत्म होते ही प्रदेश में 21 लाख से ज्यादा और ग्वालियर में 65 हजार ऐसे संदिग्ध वोटर फिर मिल गए जिनके नाम-चेहरे मिलते जुलते हैं। मतलब साफ है कि चार महीने की जांच के बाद भी वोटर लिस्ट शुद्ध नहीं हो सकी। फिलहाल संदिग्ध वोटरों की जांच चल रही है। उल्लेखनीय है कि एसआईआर के दौरान 2 लाख 52 हजार 583 वोटरों के नाम हट चुके हैं। एक महीने पहले प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने डेमोग्राफीकल सिमिलर एंट्री (डीएसई) मतलब एक समान प्रविष्टि वाले वोटरों की सूची हर जिले में भेजी। इसमें ग्वालियर के 587 ऐसे वोटर हैं जिनके नाम-चेहरे एक ही पोलिंग पर रिपीट हैं। कुल 674 के उस विधानसभा में और सर्वाधिक 64 हजार 204 के नाम प्रदेश की दूसरी विधानसभाओं में मैच हो रहे हैं। इनकी जांच अभी चल रही है, अभी लगभग 40 फीसदी काम बाकी है। वहीं इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने कहा कि सीईओ से जो सूची मिली है उसमें समान एंट्री वाले वोटरों की संख्या 65 हजार 465 थी। अब तक की जांच में बीएलओ को 42 हजार 846 नाम सही मिले हैं। इनमें किसी भी तरह के सुधार की आवश्यकता नहीं है। चूंकि अभी जनगणना काम चल रहा था, इसलिए बाकी रहे वोटरों की जांच प्रक्रिया में है। काम जल्द पूरा हो जाएगा। फिर वोटर लिस्ट में जुड़ेंगे-हटेंगे नाम
बारिश के बाद वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम फिर चालू होगा। यह काम अगस्त अंत या सितंबर में चालू हो सकता है। इस दौरान वे लोग अपना नाम जुड़वा सकेंगे जो अभी वोटर नहीं हैं। हटाने और संशोधन का काम भी होगा। निकायों में हटे 540 नाम
जिले की सभी नगरीय निकायों में भी लगभग 750 वोटर एक समान नाम और चेहरे वाले थे। इनमें से 540 को संबंधित कर्मचारी अपने स्तर पर जांच के बाद हटा चुके हैं। जो बाकी हैं उनके लिए होमवर्क चल रहा है। इस मुद्दे पर बुधवार को चर्चा हुई। इसके बाद जो भी डुप्लीकेट एंट्री होगी उसे हटाया जाएगा।



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‘मुझे PM मोदी पसंद हैं, वह मेरे अच्छे दोस्त’: ट्रंप ने की तारीफ, ट्रेड डील पर भी अपडेट


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भरोसा जताया कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली जल्द ही व्यापार समझौते पर पहुंच जाएंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “अच्छा दोस्त” बताया और कहा कि उनके साथ उनके संबंध मजबूत हैं.

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, “हम समझौते तक पहुंच जाएंगे क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं, वह मेरे अच्छे दोस्त हैं और हमारे बीच अच्छी बनती है. हमारे संबंध अच्छे हैं.”

ट्रंप ने एक बार फिर भारत की टैरिफ नीति की आलोचना की और कहा कि नई दिल्ली ने वर्षों तक अमेरिकी सामानों पर भारी शुल्क लगाया, जबकि उसे अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिली.

उन्होंने कहा, “सालों तक भारत ने अमेरिका का फायदा उठाया. उन्होंने हम पर भारी टैरिफ लगाए और कुछ नहीं चुकाया.”

हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि हाल के वर्षों में व्यापार का समीकरण बदल गया है और अब अमेरिका को भारत के साथ आर्थिक संबंधों से ज्यादा फायदा हो रहा है.

उन्होंने कहा, “अब स्थिति पूरी तरह उलट गई है और हम भारत के साथ बहुत पैसा कमा रहे हैं.”

ट्रंप ने अमेरिकी मोटरसाइकिल निर्माता हार्ले-डेविडसन का उदाहरण दिया, जिसे वह अक्सर अनुचित व्यापार बाधाओं का उदाहरण बताते हैं. उन्होंने कहा, “वे हार्ले-डेविडसन को भारत में नहीं आने देते थे. वे 200% टैरिफ लगाते थे. दुर्भाग्य से, यह सब मेरे कार्यकाल से पहले हुआ. वे यहां मोटरसाइकिल बेचना चाहते थे और हमने उन पर कोई शुल्क नहीं लगाया.”

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है, जिसे दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग और बाजार पहुंच को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया है.

इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था और गुरुवार को चार दिन की बातचीत के बाद एक अंतरिम द्विपक्षीय समझौते पर चर्चा पूरी की.

भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि व्यापार वार्ता सहयोग और व्यावहारिकता की भावना के साथ हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे.



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गोविंदा की हीरोइन, 7 भाषाओं में की 100 से ज्यादा फिल्में, कहलाई साउथ की दिव्या भारती


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90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस ने महज 16 साल की उम्र में डेब्यू किया था. एक्ट्रेस की बड़ी-बड़ी आंखें, मासूमियत और तेजी से सफल होते करियर के कारण उन्हें ‘साउथ की दिव्या भारती’ का टैग दिया गया था. उन्होंने साउथ में पॉपुलैरिटी हासिल करने के बाद बॉलीवुड का रुख किया. सलमान खान के साथ ‘जुड़वां’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम करते हुए लगभग 7 भाषाओं में 100 से ज्यादा फिल्में कीं. साल 2010 में कनाडाई बिजनेसमैन से शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली.

नई दिल्ली: 90 का दशक भारतीय सिनेमा के लिए वाकई बड़ा जादुई था. इसी दौर में कई ऐसी खूबसूरत और टैलेंटेड अभिनेत्रियों ने बड़े पर्दे पर कदम रखा, जिनकी सादगी और मासूमियत ने दर्शकों को दीवाना बना दिया. इन्हीं में से एक नाम था एक्ट्रेस रंभा का, जिन्होंने जब फिल्मी दुनिया में एंट्री ली, तो उन्हें लेकर एक बेहद दिलचस्प चर्चा शुरू हो गई थी.
(फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

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उस जमाने में हर कोई रंभा की तुलना बॉलीवुड की सुपरहिट एक्ट्रेस दिव्या भारती से करने लगा था. फिल्म क्रिटिक्स से लेकर आम दर्शकों तक, सब उन्हें ‘साउथ की दिव्या भारती’ कहकर बुलाते थे. ऐसा इसलिए था क्योंकि रंभा का चेहरा-मोहरा काफी हद तक दिव्या भारती से मिलता था और उनके करियर की रफ्तार भी वैसी ही तूफानी थी. (फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

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रंभा का जन्म 5 जून 1976 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुआ था और उनके माता-पिता ने उनका नाम विजयलक्ष्मी रखा था. बचपन से ही उन्हें एक्टिंग और डांस का बड़ा शौक था. किस्मत ने भी उनका साथ दिया और उन्होंने बहुत ही छोटी उम्र में ग्लैमर की दुनिया में कदम रख दिया, जहां उन्हें नया नाम ‘रंभा’ मिला.

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साल 1992 में आई मलयालम फिल्म ‘सरगम’ से रंभा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 16 साल थी. उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली. इसके बाद तो जैसे तेलुगु और तमिल फिल्मों की लाइन लग गई और वह साउथ की टॉप एक्ट्रेस बन गईं.
(फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

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दिव्या भारती ने भी बहुत कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था और देखते ही देखते सुपरस्टार बन गई थीं. रंभा के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ. उनकी बड़ी-बड़ी आंखें, प्यारी सी मुस्कान और कैमरे के सामने गजब का कॉन्फिडेंस देखकर हर कोई हैरान था. इसी पॉपुलैरिटी और तेज रफ्तार करियर की वजह से मीडिया ने उन्हें दिव्या भारती का अक्स बताना शुरू कर दिया. (फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

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साउथ में तहलका मचाने के बाद रंभा ने बॉलीवुड का रुख किया और 1995 में फिल्म ‘जल्लाद’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा. इसके बाद तो उन्होंने सलमान खान के साथ ‘जुड़वां’ और ‘बंधन’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया. गोविंदा, अक्षय कुमार और अजय देवगन जैसे बड़े स्टार्स के साथ उनकी कॉमिक टाइमिंग और ग्लैमरस अंदाज को लोगों ने खूब पसंद किया.
(फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

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रंभा सिर्फ किसी एक भाषा या इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहीं. उन्होंने अपने करियर में तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, हिंदी, भोजपुरी और बंगाली सहित करीब 7 अलग-अलग भाषाओं में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टीवी पर बतौर जज भी अपनी पहचान बनाई और खूब नाम कमाया.

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सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद रंभा ने साल 2010 में कनाडाई बिजनेसमैन इंद्र कुमार पद्मनाथन से शादी कर ली. उन्होंने शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली और पूरी तरह अपने परिवार और बच्चों की परवरिश में बिजी हो गईं. हालांकि, आज भी वह सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ अक्सर जुड़ी रहती हैं. (फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

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पुतिन बोले- अमेरिका का मोदी पर दबाव डालना बेकार: भारत महान देश, रूस को उसपर भरोसा है, US और उसकी नजदीकी से हमें दिक्कत नहीं


सेंट पीटर्सबर्ग1 घंटे पहले

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रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 4 जून को सेंट पीटर्सबर्ग में दुनियाभर के न्यूज एजेंसियों के हेड से बात की।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका भारत पर रूस के साथ उसके रिश्ते सहित कई मुद्दों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इस तरह की कोशिशें बेकार हैं। भारत इसका विरोध करेगा।

पुतिन ने PTI समेत दुनिया की प्रमुख न्यूज एजेंसियों के हेड से बातचीत के दौरान भारत और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा- भारत एक महान देश है। भारत एक महान देश और लोकतंत्र है। रूस उसे अपना भरोसेमंद पार्टनर मानता है।

रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा- भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। अमेरिका से उसके बढ़ते संबंधों से भारत-रूस की पार्टनरशिप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रूस के साथ उसके रिश्ते पहले की तरह मजबूत रहेंगे।

पुतिन बोले- भारत-रूस के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर पहुंचेगा

पुतिन ने कहा- हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ संबंध बढ़ा रहा है, जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी मानता है। पुतिन ने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में भारत और रूस के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने कहा- भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेज विकास दर वाले देशों में गिना जाता है। यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की लगातार मेहनत और नीतियों का परिणाम है।

‘भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदायक’

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों ने भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने का दबाव बनाने की कोशिश की थी। हालांकि अब सभी को समझ आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।

सितबंर में पुतिन का भारत दौरा, मोदी भी रूस जाएंगे

पुतिन का बयान भारत दौरे से पहले आया है। वे पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। पीएम मोदी भी इसी साल रूस दौरे पर जाएंगे।

रूसी राष्ट्रपति 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 4 दिसंबर 2025 को भारत आए थे। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में भारत आए थे।

दिल्ली पहुंचने के बाद दोनों नेता एक ही टोयोटा SUV में पीएम आवास गए थे।

दिल्ली पहुंचने के बाद दोनों नेता एक ही टोयोटा SUV में पीएम आवास गए थे।

भारत-रूस के बीच दिसंबर 2025 में हुए अहम समझौते

  • ऊर्जा सहयोग:रूस ने भरोसा दिलाया कि वह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए लगातार और बिना रुकावट ईंधन की सप्लाई करता रहेगा।
  • उद्योगिक साझेदारी:भारतीय कंपनियों ने रूस की URALCHEM के साथ एक यूरिया प्लांट रूस में ही स्थापित करने का समझौता किया।
  • फूड सेफ्टी:भारत की FSSAI और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों को मजबूत करने के लिए औपचारिक समझौते हुए।
  • हेल्थकेयर सहयोग:मेडिकल रिसर्च और हेल्थ सर्विस में सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU साइन किए गए।
  • समुद्री लॉजिस्टिक्स:बंदरगाह और शिपिंग ऑपरेशन में भारत-रूस के सहयोग को बढ़ाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर हुए।
  • माइग्रेशन और मोबिलिटी:दोनों देशों ने लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए समझौते किए।

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भारत रूसी कच्चा तेल खरीदता रहेगा:सरकार बोली- अमेरिकी प्रतिबंध बेअसर; फंसे जहाजों से तेल खरीदने के लिए US की 30 दिन की राहत

अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों से हमारे इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें…

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LDA सीमा में शामिल 477 गांव: जिला पंचायत से पास नक्शे होंगे वैध, नहीं देना होगा जुर्माना – Lucknow News




लखनऊ. प्रदेश सरकार ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसला किया है कि विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल हो चुके ग्रामीण क्षेत्रों में 31 मार्च तक जिला पंचायत से स्वीकृत सभी भवन नक्शों को पूरी तरह वैध माना जाएगा। इससे लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की सीमा में शामिल 477 गांवों के हजारों मकान मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इन गांवों में जिला पंचायत से नक्शा पास कराकर मकान बनाने वाले लोगों को यह डर बना रहता था कि एलडीए उनके निर्माण को अवैध घोषित कर सकता है। कई मामलों में लोगों को शमन शुल्क जमा करने या कार्रवाई का सामना करने की आशंका रहती थी। नए फैसले के बाद ऐसे सभी निर्माणों को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। नहीं देना होगा शमन शुल्क सरकार के निर्णय के अनुसार, जिला पंचायत के नियमों के तहत बनाए गए मकानों और व्यावसायिक भवनों के मालिकों को अब एलडीए को भारी-भरकम शमन शुल्क या जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। इससे वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी। बैंक लोन और रजिस्ट्री होगी आसान नक्शों को वैधता मिलने के बाद इन क्षेत्रों की संपत्तियों पर बैंक से ऋण लेना आसान हो जाएगा। साथ ही मकानों और भूखंडों की खरीद-बिक्री तथा रजिस्ट्री में आने वाली कानूनी बाधाएं भी दूर होंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति बाजार को भी गति मिलने की उम्मीद है। क्यों लिया गया फैसला? दरअसल, किसी ग्रामीण क्षेत्र को विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल किए जाने के बाद वहां जिला पंचायत से पहले स्वीकृत नक्शों की वैधता को लेकर विवाद खड़ा हो जाता था। प्राधिकरण कई बार ऐसे निर्माणों को नियम विरुद्ध मानकर नोटिस जारी करता था। सरकार के इस फैसले से प्राधिकरण और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त होने की उम्मीद है। नए निर्माणों के लिए एलडीए से लेनी होगी मंजूरी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल उन निर्माणों पर लागू होगी, जिनके नक्शे संबंधित क्षेत्र के विकास प्राधिकरण में शामिल होने से पहले जिला पंचायत से स्वीकृत हो चुके हैं। भविष्य में इन गांवों में होने वाले किसी भी नए निर्माण या भवन विस्तार के लिए एलडीए से नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले से हजारों परिवारों को राहत मिलने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और संपत्ति कारोबार को भी नई गति मिलने की संभावना है।



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बुजुर्ग महिला से गहने लूटने वाला बदमाश मुरैना से गिरफ्तार: लूट से पहले मंदिर में दो घंटे रुका, पूजा-पाठ किया; जुए के कर्ज ने बनाया लुटेरा – Jaipur News




जयपुर साउथ पुलिस ने सोडाला थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज चेन स्नैचिंग और लूट की वारदात के हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मंदिर से लौट रही बुजुर्ग महिला को सड़क पर पटककर 17 सेकंड में 4.23 लाख रुपये के सोने के आभूषण लूटने वाले आरोपी को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से गिरफ्तार किया गया, जबकि लूट का माल खरीदने वाले दो ज्वेलर्स को भी पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में अन्य वारदातों के भी खुलासे होंगे। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी की पहचान अनिकेश रावत (21) पुत्र हरिज्ञान रावत के रूप में हुई। अनिकेश मूल रूप से मुरैना (मध्यप्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में गंगाविहार कॉलोनी, सुशीलपुरा, सोडाला में किराए पर रह रहा था। मुरैना में छत से कूदकर भागने की कोशिश डीसीपी साउथ ने बताया कि आरोपी की लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम मध्यप्रदेश के सबलगढ़ पहुंची। देर रात गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के घर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर अनिकेश छत से कूदकर भागने लगा, लेकिन गिरने से उसके हाथ-पैर और शरीर पर चोटें आ गईं। इसके बावजूद पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। जिसके बाद जयपुर लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने वारदात कबूल कर ली। जुए के कर्ज ने बनाया लुटेरा पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जयपुर में किराए का कमरा लेकर रह रहा था और इधर-उधर घूमकर रेकी करता था। इसी दौरान वह जुए-सट्टे में भी शामिल हो गया, जिससे उस पर कर्ज चढ़ गया। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी मोटरसाइकिल तक गिरवी रख दी थी। 2 जून को भी वह सुबह घर से निकलकर सोडाला और सुशीलपुरा क्षेत्र में घूमता रहा। रास्ते में हनुमान मंदिर में करीब दो घंटे तक रुका और पूजा-पाठ किया। इसके बाद शिकार की तलाश में निकल पड़ा। सुनसान रास्ते पर अकेली बुजुर्ग महिला को देखकर उसने वारदात को अंजाम दे दिया। गोपाल ज्वेलर्स को बेचा था लूटा गया माल पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने लूटे गए सोने के आभूषण मानसरोवर स्थित गोपाल ज्वेलर्स में बेच दिए थे। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो खरीदारों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों की पहचान महेश चंद्र गुप्ता (61 वर्ष) निवासी वीटी रोड और राजेंद्र अग्रवाल (63 वर्ष) निवासी हीरापथ, मानसरोवर के रूप में हुई है। पुलिस लूटे गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास कर रही है। पहले भी कर चुका है चेन स्नैचिंग जांच में सामने आया है कि आरोपी अनिकेश रावत 24 अप्रैल को महेश नगर क्षेत्र के रामनगर विस्तार में भी एक महिला से मकान पूछने के बहाने सोने की चेन लूट चुका है। उस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है। मंदिर से लौट रही महिला को बनाया था निशाना आरोपी ने बुजुर्ग महिला से घर के बाहर ही लूट की वारदात को अंजाम दिया था। संतोष अग्रवाल दोपहर करीब 12:40 बजे मंदिर से घर लौट रही थीं। श्याम सदन अपार्टमेंट, गुलाबी नगर, सोडाला के बाहर एक युवक काफी देर से उनका पीछा कर रहा था। मौका मिलते ही उसने पीछे से झपट्टा मारकर बुजुर्ग महिला को सड़क पर गिरा दिया और मारपीट करते हुए उनके कानों के टॉप्स तथा सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। वारदात के दौरान एक ऑटो भी उसके पीछे चलता दिखाई दिया।



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वृश्चिक वालों के लिए हद खास है दिन? पुरानी चिंताओं को कहें अलविदा! चमकेगी ताकत


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Aaj ka Vrishchik Rashifal 05 June 2026: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और बड़ा बदलाव लेकर आया है. अगर आप पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव और पुरानी चिंताओं से परेशान थे. तो आज उन सभी को पीछे छोड़कर जीवन में एक नया कदम आगे बढ़ाने का समय आ चुका है. ग्रहों की अनुकूल स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगी। पढ़ें आज का पूरा राशिफल.

सीतामढ़ी: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है. आज का दिन आपके भीतर छिपी हुई असली शक्ति और क्षमताओं को पहचानने का है. पिछले कुछ समय से जिन पुरानी चिंताओं और मानसिक तनावों ने आपको घेर रखा था. आज उन्हें हमेशा के लिए पीछे छोड़कर जीवन में एक कदम आगे बढ़ने का बिल्कुल सही समय आ चुका है. ग्रहों की स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को बढ़ावा दे रही है.

कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से रहें सतर्क
ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार, इस राशि के जातकों को आज अपने कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से सतर्क और सक्रिय रहना चाहिए. आपके बॉस और उच्च अधिकारी आपकी कार्यप्रणाली और मेहनत पर पैनी नजर रख रहे हैं.  आपकी निरंतर लगन के चलते आज आपको दफ्तर में कोई बेहतरीन फीडबैक या प्रोत्साहन मिल सकता है. वहीं दूसरी ओर, व्यापारिक दृष्टिकोण से भी दिन बेहद शुभ है. आज बाजार में बना कोई नया संपर्क या मुलाकात भविष्य में आपके लिए बड़ा आर्थिक मुनाफा लेकर आ सकती है.

धन प्रवाह रहेगा सामान्य
आर्थिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर बात करें तो आज वित्तीय स्थिति मध्यम बनी रहेगी. धन का प्रवाह सामान्य रहेगा, इसलिए समझदारी इसी में है कि आप बेवजह के खर्चों पर पूरी तरह नियंत्रण रखें और बजट के अनुसार ही काम करें. स्वास्थ्य के लिहाज से आज आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है. विशेष रूप से कमर और पेट से जुड़ी समस्याओं के प्रति सचेत रहें. खान-पान में लापरवाही बिल्कुल न बरतें और आज के दिन जितना हो सके हल्का और सुपाच्य भोजन ही ग्रहण करें. पारिवारिक और प्रेम जीवन के मामले में आज का दिन बेहद खूबसूरत रहने वाला है.

करें ये उपाय, रहेगा सुख-शांति का माहौल
घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और परिजनों का पूरा सहयोग आपको मिलेगा. जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ आपका रिश्ता और भी गहरा होगा. जिससे आपसी जुड़ाव और रोमांस बढ़ेगा. आज के दिन को और अधिक भाग्यशाली बनाने के लिए आपका शुभ अंक 6 और शुभ रंग गहरा लाल हैय इसके अलावा, आज की शाम को अधिक कल्याणकारी बनाने के लिए 11 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें.

About the Author

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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SEBI की चेतावनी के घेरे में ICICI, FPI फंड ट्रांसफर मामले में वार्निंग लेटर


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SEBI की चेतावनी मिलने के बाद ICICI Bank एक बार फिर चर्चा में आ गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि बैंक के वित्तीय नतीजे अब भी मजबूत बने हुए हैं. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) से जुड़े एक लेनदेन में नियमों के उल्लंघन पर बाजार नियामक ने बैंक को वार्निंग लेटर जारी किया है. मामला वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के तहत तय अवधि पूरी होने से पहले फंड वापस भेजने की अनुमति से जुड़ा है. हालांकि इस घटनाक्रम के बीच बैंक ने मुनाफे, कर्ज वितरण और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.

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ICICI Bank को SEBI की फटकार, विदेशी निवेशक लेनदेन नियमों में मिली चूक. (Image:News18)

नई दिल्ली. देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक ICICI Bank को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से एक चेतावनी पत्र मिला है. बैंक ने 4 जून को शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में बताया कि उसे 1 जून 2026 तारीख वाला यह पत्र 2 जून को प्राप्त हुआ. मामला बैंक की कस्टोडियन के रूप में निभाई गई भूमिका से जुड़ा है. SEBI ने बैंक को एक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) को निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले धन वापस भेजने की अनुमति देने के कारण चेतावनी जारी की है.

FPI लेनदेन से जुड़ा है पूरा मामला
SEBI के अनुसार यह मामला वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के तहत किए गए निवेश से जुड़ा है. नियामक ने पाया कि एक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक को उसकी प्रतिबद्ध रिटेंशन अवधि पूरी होने से पहले ही फंड वापस भेजने की अनुमति दी गई. इसी वजह से बैंक को चेतावनी पत्र जारी किया गया. यह कार्रवाई बैंक की कस्टोडियन सेवाओं से संबंधित है, जहां निवेशकों के लेनदेन और निवेश रिकॉर्ड की निगरानी की जिम्मेदारी निभाई जाती है.

मुनाफे में दर्ज हुई मजबूत बढ़ोतरी
एक तरफ SEBI की चेतावनी चर्चा में है, वहीं बैंक के वित्तीय नतीजे मजबूत रहे हैं. ICICI Bank का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 13,701.7 करोड़ रुपये रहा. पिछले वर्ष इसी अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 12,630 करोड़ रुपये था. यह आंकड़ा बाजार के अनुमान 12,949 करोड़ रुपये से भी अधिक रहा. बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी बढ़कर 22,979.2 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 21,193 करोड़ रुपये थी.

एसेट क्वालिटी में भी हुआ सुधार
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला. नेट एनपीए घटकर 0.33 प्रतिशत रह गया, जो पिछली तिमाही में 0.37 प्रतिशत था. इसी तरह सकल एनपीए भी 1.53 प्रतिशत से घटकर 1.40 प्रतिशत पर आ गया. खराब ऋणों में कमी आने से बैंक की बैलेंस शीट और मजबूत हुई है. इसके अलावा एनपीए से संबंधित कुल राशि में भी गिरावट दर्ज की गई, जो बैंक के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

प्रोविजनिंग घटी, कर्ज वितरण बढ़ा
बैंक की प्रोविजनिंग भी काफी कम हुई है. चौथी तिमाही में यह 96.2 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 2,556 करोड़ रुपये थी. वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में प्रोविजनिंग 890.7 करोड़ रुपये रही थी. दूसरी ओर बैंक का कुल ऋण वितरण सालाना आधार पर 15.8 प्रतिशत बढ़कर 15.53 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. तिमाही आधार पर इसमें 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो कर्ज कारोबार में मजबूती को दर्शाती है.

शेयर में तेजी के साथ कारोबार समाप्त
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) चौथी तिमाही में 4.32 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही के 4.3 प्रतिशत के मुकाबले लगभग स्थिर रहा. पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी NIM 4.32 प्रतिशत पर बना रहा. इस बीच, 4 जून को BSE पर ICICI Bank का शेयर 9.95 रुपये या 0.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,252.30 रुपये पर बंद हुआ. SEBI की चेतावनी के बावजूद निवेशकों की नजर बैंक के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन पर बनी रही.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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वो 8 साइकोलॉजिकल हॉरर, जिनमें डराता है इंसानी दिमाग का पागलपन, रोंगटे खड़े कर देंगी कहानी


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अगर आपको साइकोलॉजिकल हॉरर थ्रिलर्स पसंद हैं, तो आपको इन 8 फिल्मों और सीरीज की लिस्ट देखनी चाहिए. लिस्ट में ‘टॉक टू मी’, ‘द बाबाडूक’ और ‘सेंट मॉड’ जैसी फिल्में शामिल हैं, जो मानसिक बीमारी, दुख और धार्मिक उन्माद को डरावने रूप में दिखाती हैं. इसके अलावा, वेब सीरीज ‘बिहाइंड हर आइज’ अपने अनोखे ट्विस्ट और क्लासिक फिल्म ‘मिजरी’ एक जुनूनी फैन के खौफनाक पागलपन को बखूबी बयां करती है.

शैतान (2024): इस लिस्ट में बॉलीवुड की फिल्म ‘शैतान’ भी अपनी जगह बनाती है, जो माता-पिता के सबसे बड़े डर को पर्दे पर लाती है. एक हंसता-खेलता परिवार वीकेंड मनाने बाहर जाता है, लेकिन उनकी जिंदगी तब नरक बन जाती है, जब एक अजनबी उनकी जवान बेटी को अपने वश में कर लेता है. वह लड़की उस आदमी के सम्मोहन में आकर अपने ही माता-पिता पर क्रूर अत्याचार करने लगती है, जिसे देख किसी की भी रूह कांप जाए.

भूतकालम (2022): मलयालम सिनेमा की बेहतरीन साइकोलॉजिकल फिल्म आपको सोचने पर मजबूर कर देगी. घर में एक मौत के बाद एक मां और उसका बेटा डिप्रेशन से जूझते हुए अपने किराए के मकान में कुछ बेहद डरावनी और अजीब घटनाओं का सामना करते हैं. फिल्म की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यह अंत तक दर्शकों को उलझाए रखती है कि जो कुछ हो रहा है, वह वाकई कोई भूत है या फिर उनके दिमाग का वहम.

तुम्बाड (2018): भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन हॉरर फिल्मों में गिनी जाने वाली ‘तुम्बाड’ इंसानी लालच की एक अनोखी और डरावनी लोककथा है. कहानी एक ऐसे आदमी की है, जिसकी सोने के खजाने को पाने की भूख उसे एक श्रापित देवता की अंधेरी कोख तक ले जाती है. यह फिल्म सिर्फ डराती नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे इंसान का अपना ही लालच उसके लिए सबसे बड़ा और सबसे भयानक राक्षस बन जाता है.

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बिहाइंड हर आइज (2021): अगर आपको मिनीसीरीज देखना पसंद है, तो ‘बिहाइंड हर आइज’ एक परफेक्ट साइकोलॉजिकल थ्रिलर है. कहानी एक सिंगल मदर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बॉस के साथ अफेयर में पड़ जाती है और साथ ही उसकी रहस्यमयी पत्नी से भी दोस्ती कर लेती है. तीन लोगों का यह अजीब लव ट्रायंगल धीरे-धीरे ऐसे डार्क सीक्रेट्स खोलता है, जिसका अंत देखकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी.

मिजरी (1990): मशहूर लेखक स्टीफन किंग के नॉवेल पर बनी क्लासिक फिल्म एक जुनूनी फैन के डरावने रूप को दिखाती है. एक जाने-माने लेखक की कार का एक्सीडेंट हो जाता है, जिसके बाद उसकी जान उसकी ‘नंबर वन फैन’ बचाती है. लेकिन यह सेवा जल्द ही एक भयानक कैद में बदल जाती है, जब उस फैन का पागलपन सामने आता है. यह फिल्म आपको शुरू से अंत तक सीट से बांधकर रखेगी.

सेंट मॉड (2020): अगर आप धीरे-धीरे बढ़ने वाले सस्पेंस के दीवाने हैं, तो आपको ‘सेंट मॉड’ बिल्कुल मिस नहीं करनी चाहिए. इसमें एक अकेली और बेहद धार्मिक हॉस्पिस नर्स की कहानी है, जो अपनी एक नास्तिक मरीज की आत्मा को बचाने के जुनून में इस कदर अंधी हो जाती है कि सही और गलत का फर्क भूल बैठती है. यह फिल्म मानसिक बीमारी, तन्हाई और धार्मिक उन्माद के खतरनाक तालमेल को बहुत ही खौफनाक अंदाज में दिखाती है.

द बाबाडूक (2014): यह फिल्म सिर्फ एक मॉन्स्टर की कहानी नहीं है, बल्कि इंसानी दिमाग के गहरे खालीपन को दिखाती है. कहानी एक अकेली मां और उसके बेटे की है, जो बच्चों की एक किताब से निकले अजीब और डरावने राक्षस ‘बाबाडूक’ के साए से परेशान हैं. यह कमाल की ऑस्ट्रेलियाई फिल्म असल में किसी भूत-प्रेत से ज्यादा, एक मां के पुराने दुख, तन्हाई और डिप्रेशन के खौफनाक रूप को पर्दे पर बेहद संजीदगी और डर के साथ पेश करती है.

टॉक टू मी : अगर आपको रोंगटे खड़े कर देने वाला सस्पेंस पसंद है, तो ऑस्ट्रेलियाई हॉरर फिल्म ‘टॉक टू मी’ आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए. कहानी कुछ ऐसे टीनेजर्स की है, जिन्हें एक नकली सिरेमिक हाथ मिलता है, जिसकी मदद से वे आत्माओं को बुलाने का खेल शुरू करते हैं. देखते ही देखते उनका यह रोमांच एक खौफनाक और जानलेवा पागलपन में बदल जाता है, जहां दोस्तों का दबाव और पुरानी यादों का दर्द उन्हें एक डरावने जाल में फंसा देता है.

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उच्च शिक्षा में नैक की तर्ज पर सैक शुरू करें: सीएम बोले, जरूरत हो तो शिफ्ट में चलाएं महाविद्यालय, रोजगार परक पाठ्यक्रम पर करें फोकस – Bhopal News




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिफ्ट व्यवस्था लागू कर शैक्षणिक सुविधा देने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते अन्य संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्पों को लागू करने की तैयारी भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग के कामों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था सुनिश्चित कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर खुशी जताई है। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिन्दवाड़ा के राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में अच्छे विषयों का समावेश करें। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक आर्थिक सहयोग देगी। विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान के कोर्स के लिए व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों की रूचि के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में निरंतर सुधार के कदम उठाए जाएं। पीएमश्री महाविद्यालयों में भी इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। अन्य सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन होता रहे, इस पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। प्रदेश की तीन अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआर एफ) द्वारा श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिए सराहा गया है। स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में पंजीयन के कार्य में मध्यप्रदेश ने जुलाई 2025 में 3 लाख 52 हजार 931 पंजीयन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जुलाई 2026 के सेमेस्टर में यह संख्या 2 लाख 73 हजार 266 हो गई है। प्रदेश में गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय और आगर मालवा में लॉ कॉलेज प्रारंभ किया गया। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों में पीजी कक्षाएं प्रारंभ की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश



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