Tuesday, June 16, 2026
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46 साल का इंतजार खत्म! किशाऊ डैम पर 6 राज्‍यों में बनी सहमति


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किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर 6 राज्यों के बीच आख‍िरकार सहमति बन गई. गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मीटिंग सभी राज्‍यों के बीच समझौता हुआ. परियोजना से यमुना में जल प्रवाह, जल सुरक्षा, सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन बढ़ेगा.

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अमित शाह की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमत‍ि बनी.

46 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है. किशाऊ मल्‍टीपरपज डैम प्रोजेक्‍ट पर छह राज्यों के बीच सहम‍त‍ि बन गई है. गृहमंत्री अमित शाह की अध्‍यक्षता में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच समझौता हुआ. इसे जल्‍द केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यह बांध यमुना में जरूरत के ह‍िसाब से पानी का बहाव सुन‍िश्च‍ित करेगा. इससे इन 6 राज्‍यों को पीने का और स‍िंचाई का पानी म‍िलेगा.

इस परियोजना का सबसे बड़ा असर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की जल सुरक्षा पर पड़ सकता है. समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के हिस्से का कुछ पानी दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी है. साथ ही, जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जिससे राज्यों पर वित्तीय बोझ कम होगा. परियोजना से जलविद्युत उत्पादन भी बढ़ेगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.

यमुना में आएगा खूब पानी

केंद्र सरकार का दावा है कि किशाऊ परियोजना ‘निर्मल और अविरल यमुना’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी. बांध से नियंत्रित जल प्रवाह होने पर यमुना में सालभर अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ पानी छोड़ा जा सकेगा, जिससे नदी की सेहत सुधारने में मदद मिलेगी. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बनी यह सहमति लंबे समय से लंबित परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

क्‍या है ये प्रोजेक्‍ट

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना भारत और नेपाल की सीमा के पास यमुना नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत और जल-संसाधन परियोजना है. यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर क्षेत्र के बीच विकसित की जानी है. इसका नाम यमुना की सहायक नदी टौंस पर स्थित किशाऊ क्षेत्र से पड़ा है. इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा तमाम अफसर मौजूद थे.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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इलायची-काजू और कपूर की खुशबू से महकेगा घर, ऐसे बनाएं तिरुपति जैसा बूंदी लड्डू


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Tirupati Boondi Laddu Recipe: अगर आप घर पर तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध लड्डुओं जैसा स्वाद पाना चाहते हैं, तो यह दक्षिण भारतीय बूंदी लड्डू रेसिपी जरूर ट्राई करें. इलायची, काजू, किशमिश और खाने वाले कपूर की सुगंध से भरपूर ये नरम और स्वादिष्ट लड्डू हर त्योहार और खास मौके की मिठास को दोगुना कर देंगे. आसान विधि से तैयार होने वाले इन लड्डुओं का हर कौर आपको पारंपरिक दक्षिण भारतीय स्वाद और प्रसाद जैसी दिव्य अनुभूति का एहसास कराएगा.

हैदराबाद. भारत में त्योहारों और खुशियों का जिक्र लड्डुओं के बिना अधूरा है. वैसे तो बूंदी का लड्डू पूरे देश में चाव से खाया जाता है, लेकिन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के दक्षिण भारतीय संस्करण, विशेषकर प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू की बात ही कुछ और है. इलायची, काजू, किशमिश और पचा कर्पूरम यानी खाने वाले कपूर की अनूठी सुगंध से महकने वाला यह लड्डू सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि एक दिव्य अहसास है. यदि आप भी इस पवित्र स्वाद को अपनी रसोई में लाना चाहते हैं तो पारंपरिक दक्षिण भारतीय बूंदी लड्डू की यह खास रेसिपी आपके लिए है.

इसे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री- बेसन 2 कप, चीनी 2 कप (चाशनी के लिए), पानी 1 कप (चाशनी के लिए) + बेसन घोलने के लिए आवश्यकतानुसार, शुद्ध देसी घी तलने के लिए, काजू और किशमिश 2 बड़े चम्मच (घी में भुने हुए), इलायची पाउडर 1 छोटा चम्मच, खाने वाला कपूर एक छोटा चुटकी. इसे बनाने की रेसिपी है बेहद आसान है, सबसे पहले घोल तैयार करें. एक बर्तन में बेसन छान लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए बिना गांठ वाला एक गाढ़ा और चिकना घोल (बैटर) तैयार करें, जो न ज्यादा गाढ़ा हो और न ज्यादा पतला. अब इसके बाद इसके लिए चाशनी बनाएं. एक कड़ाही में चीनी और 1 कप पानी डालकर उबालें. इसके लिए एक तार की चाशनी बनानी है. चिपचिपी और एक तार की चाशनी बनते ही गैस बंद कर दें और इसमें इलायची पाउडर व खाने वाला कपूर मिला दें.

अब कड़ाही में घी गर्म करें, बूंदी छानने वाले झारे पर बेसन का घोल डालें और कलछी से थपथपाते हुए गरम घी में गोल-गोल बूंदी गिराएं. बूंदी को सिर्फ 10-15 सेकंड तक तलें, इसे कुरकुरा नहीं करना है सॉफ्ट रखना है. इसके बाद तली हुई बूंदी को तुरंत गरम चाशनी में डालते जाएं. जब सारी बूंदी चाशनी सोख ले, तब उसमें भुने हुए काजू और किशमिश मिलाएं. मिश्रण के हल्का गुनगुना रहते ही हाथों में थोड़ा सा घी लगाकर गोल-गोल लड्डू बांध लें. तैयार हैं आपके दक्षिण भारतीय शैली के अत्यंत सुगंधित और स्वादिष्ट बूंदी लड्डू. इसकी हर बाइट में आपको तिरुपति के पारंपरिक और पवित्र स्वाद का अनुभव होगा.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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किशोर कुमार ने की 30 दिन तैयारी, फिर रिकॉर्ड किया कालजयी गाना, आज भी गाती है पूरी दुनिया


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Rajesh Khanna Kishore Kumar Hit Songs : बॉलीवुड के लीजेंड सिंगर किशोर कुमार ने क्लासिकल सिंगिंग की ट्रेनिंग नहीं ली थी. वो सरगम गाने से हमेशा परहेज करते थे. किशोर दा अपने कई इंटरव्यू में इस बात को दोहरा चुके थे कि उन्हें ‘सा रे गा मा’ नहीं आता. एक बार तो उन्होंने पूरे 30 दिन गाने की रियाज की थी. इतना ही नहीं, उन्होंने आरडी बर्मन से साफ कहा था कि वो इस गाने को नहीं गाएंगे. पहले गाना लता मंगेशकर से रिकॉर्ड करवा लीजिए. किशोर दा ने लता मंगेशकर का गाना सुना. पूरे 30 दिन रियाज किया और फिर ऐसा कालजयी गाना रिकॉर्ड किया, जो अमर हो गया. जब फिल्म रिलीज हुई तो सुपर स्टार राजेश खन्ना खूब रोए थे.

किशोर कुमार और राजेश खन्ना के स्टारडम का दौर 1969 से साथ-साथ ही शुरू हुआ था. राजेश खन्ना ने हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर से कह रखा था कि किशोर कुमार ही उनके लिए प्लेबैक सिंगिंग करेंगे. आरडी बर्मन से उनकी अच्छी दोस्ती थी. एक बार आरडी बर्मन ने ऐसी धुन बनाई जिसे सुनते ही किशोर कुमार ने हाथ ख‌ड़े कर दिए. उन्होंने साफ कहा कि पहले इस गाने को लता मंगेशकर से रिकॉर्ड करवाइये. पंचम दा ने लता मंगेशकर से गाना रिकॉर्ड करवाया. फिर किशोर दा ने इस गाने को सुना. पूरे एक माह तक रियाज किया. फिर अपनी बुलंद आवाज में ऐसा दर्दभरा कालजयी गाना रिकॉर्ड किया, जिसने इतिहास रच दिया. यह गाना था : मेरे नैना सावन भादों….. गाना राजेश खन्ना पर फिल्माया गया था. फिल्म का नाम ‘महबूबा’ था.

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‘महबूबा’ फिल्म 19 जुलाई 1976 को रिलीज हुई थी. डायरेक्शन शक्ति सामंत ने किया था. वही शक्ति सामंत जिन्होंने राजेश खन्ना के साथ ‘आराधना’, ‘अमरप्रेम’, ‘कटी पतंग’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाईं. फिल्म की कहानी गुलशन नंदा ने लिखी थी. प्रोड्यूसर मुशीर रियाज थे. 

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साल 1975 बॉलीवुड के लिए निर्णायक साल साबित हुआ. इसी साल आई ‘दीवार’ और ‘शोले’ फिल्म ने अमिताभ बच्चन को स्टारडम के शिखर पर बैठा दिया. राजेश खन्ना के सितारे धुंधले पड़ने लगे थे. उन्हें एक हिट फिल्म की सख्त जरूरत थी. राजेश खन्ना का मानना था कि एक्शन फिल्मों का दौर जल्द खत्म होगा और रोमांटिक फिल्में फिर से अच्छा बिजनेस करेंगी.

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महबूब एक रोमांटिक फिल्म थी और पुनर्जन्म की कहानी पर बेस्ड थी. राजेश खन्ना के स्टारडम का दारोमदार इसी फिल्म पर टिका था.
फिल्म गुलशन नंदा के उपन्यास ‘सिसकते साज’ पर बेस्ड थी. नंदा ने ही फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा था. कहा जाता है कि यह नॉवेल पुराने संगीतकार खेमचंद्र की लाइफ पर बेस्ड था. महबूबा के डायलॉग अख्तर रोमानी ने लिखे थे. फिल्म को बेस्ट बनाने के लिए पूरे प्रयास किए गए. आरडी बर्मन ने अपने करियर का शानदार म्यूजिक कंपोज किया. आनंद बख्शी ने सुपरहिट गाने लिखे.

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‘महबूबा’ फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म के दो गाने ‘मेरे नैना सावन भादों’ और ‘परबत के पीछे चंबे दा गांव’ आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं. ‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने के दो वर्जन थे. गाना शिवरंजनी राग पर आधारित है. एक बार गाना लता मंगेशकर की आवाज में तो दूसरी बार किशोर कुमार की आवाज में सुनाई देता है.

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‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने से जु‌ड़ा दिलचस्प किस्सा आरडी बर्मन ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में सुनाया था. उन्होंने बताया था कि इस गाने की धुन सुनते ही किशोर कुमार ने कहा था कि गाना बहुत मुश्किल है. आरडी बर्मन ने बताया था, ‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने की रिहर्सल के दौरान किशोर कुमार मौजूद थे. वो बोले कि इस गाने को लता भी गाने वाली हैं. पहले उनसे गवाओ, फिर मैं गाऊंगा. ये गाना बहुत मुश्किल है. पहले मैं लता का गाना सुनूंगा. उसका पोस्टमार्टम करूंगा, उसे खा जाऊंगा, फिर गाऊंगा. लता मंगेशकर से गाना रिकॉर्ड करवाया गया. फिर उन्होंने जो गाना गाया, इतिहास रच दिया.’

गीतकार आनंद बख्शी गाकर अपने गाने लिखते थे. उनकी धुनों पर कई संगीतकारों ने गाने भी बनाए हैं. इस फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘परबत के पीछे चंबे दा गांव’ की धुन आनंद बख्शी ने ही बनाई थी. गाने एक पंजाबी फॉक सॉन्ग से इंस्पायर्ड था. सुरिंदर और और प्रकाश कौर के गाए टप्पे पर यह गान बेस्ड है. वो गाना था : ‘साडे ते वेडे विच’. गाना आज भी रेडियो-टीवी पर सुनाई दे जाता है.

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फिल्म की दो-दो पुनर्जन्म की कहानियां थीं, इससे दर्शक उब गए. फिल्म के सुपरहिट म्यूजिक ने दर्शकों को बांधने की कोशिश की लेकिन नाकाफी रही. फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. इस फिल्म के फ्लॉप होने के साथ ही राजेश खन्ना का स्टारडम खत्म सा हो गया. राजेश खन्ना ने अपना पूरा दमखम लगाया कि फिल्म समीक्षक मूवी को अच्छा बताएं लेकिन बात नहीं बनी. 1.25 करोड़ के बजट में बनी ‘महबूबा’ फिल्म ने डेढ़ करोड़ का कलेक्शन किया था. फिल्म एवरेज रही. इसी फिल्म की असफलता के साथ ही राजेश खन्ना का चार्म जाता रहा. वो असफलता से इतने दुखी हुए कि रात में अपनी छत पर बैठकर रोते थे.

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पहली ही बारिश में डूबा झुंझुनूं: रोड़ नंबर 3 पर नाले में फंसी बस, हवाई पट्टी चौराहे से लेकर गांधी चौक तक समंदर बना शहर​ – Jhunjhunu News




मानसून की पहली ही जोरदार बरसात ने झुंझुनूं नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम और दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। आज हुई तेज बारिश के बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया। सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा होने से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। ​रोड़ नंबर 3 पर बड़ा हादसा, नाले में धंसी बस
बारिश के चलते सबसे ज्यादा विकट स्थिति रोड़ नंबर 3 पर देखने को मिली। यहां जलभराव के कारण सड़क और नाले का फर्क पूरी तरह खत्म हो गया, जिसके चलते एक चलती हुई निजी टूरिस्ट बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे नाले में जा गिरी। गनीमत यह रही कि बस एक तरफ झुककर अटक गई और कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बस का आधा हिस्सा पानी और मलबे में डूबा हुआ है, जिससे वहाँ लंबा जाम लग गया। ​बंद हुए दुपहिया वाहन, रेंगते नजर आए लोग पानी का बहाव और भराव इतना ज्यादा था कि सड़कों से गुजरने वाले दुपहिया वाहन (मोटरसाइकिल और स्कूटी) बीच रास्ते में ही बंद हो गए। कई वाहन चालक पानी के बीच ही अपनी गाड़ियों को धक्का मारते और संघर्ष करते नजर आए। कार और अन्य बड़े वाहनों के पहिए भी आधे से ज्यादा पानी में डूबे दिखाई दिए, जिससे गाड़ियों के इंजन फेल होने का खतरा लगातार बना रहा। ​इन प्रमुख चौराहों पर बना समंदर जैसा नजारा शहर का शायद ही कोई ऐसा मुख्य हिस्सा बचा हो जो इस जलभराव की चपेट में न आया हो। भारी बारिश के बाद शहर के मुख्य केंद्र पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए। ​हवाई पट्टी चौराहा: यहां सड़कों पर पानी का भारी रेला देखने को मिला, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। ​रोड़ नंबर 3: नाले में बस गिरने और भारी जलभराव के कारण यह रूट सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। ​गांधी चौक और खेमी शक्ति चौराहा: व्यापारिक गतिविधियों के इन मुख्य केंद्रों पर पानी भरने से दुकानदारों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ​बगड़ चौराहा: यहां भी जलभराव के कारण चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। ​प्रशासनिक दावों की खुली पोल हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के प्रशासनिक दावे किए जाते हैं, लेकिन इस पहली ही बरसात ने साफ कर दिया कि धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक होने की वजह से चंद घंटों की बारिश में ही पूरा शहर टापू बन गया। स्थानीय निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।



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CM योगी बोले- इलाज और मकान की चिंता छोड़िए: गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान 200 लोगों की फरियाद सुनी, अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए – Uttar Pradesh News




गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। चाहे इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत हो या मकान की, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। वे खुद लोगों के बीच पहुंचे, उनके आवेदन लिए और एक-एक शिकायत की जानकारी ली। सीएम बोले- इलाज के लिए एस्टिमेट जमा करें, सरकार खर्च उठाएगी इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज का इलाज कराइए और अस्पताल से खर्च का अनुमान (एस्टिमेट) बनवाकर जमा कर दीजिए। सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं, ताकि उन्हें इलाज में परेशानी न हो। जरूरत पड़ने पर विवेकाधीन कोष से भी सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ लोग मकान की मांग लेकर भी पहुंचे। इस पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हर पात्र व्यक्ति को मकान दिया जा रहा है। किसी भी जरूरतमंद को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पुलिस-राजस्व मामलों पर अधिकारियों को निर्देश दिए गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और आवास से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में देरी की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। गोशाला में की गोसेवा, बच्चों से मुलाकात कर बांटी चॉकलेट जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में गुरु गोरखनाथ और अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। सीएम ने गायों को गुड़, रोटी और हरा चारा खिलाया और उनका दुलार किया। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां आए बच्चों से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट दी, पढ़ाई के बारे में पूछा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।



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5G के जमाने में Tecno ने लॉन्च किया 4G फोन, मिलेगी 6000mAh की बैटरी


Tecno ने अपना नया 4G स्मार्टफोन पेश किया है। हांग-कांग की कंपनी का यह फोन खास तौर पर बजट फ्रेंडली यूजर्स के लिए उतारा गया है। इस फोन में 6000mAh तक की बैटरी और वाटरप्रूफ जैसे फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का दावा है कि यह स्मार्टफोन 4.5G नेटवर्क को सपोर्ट करेगा। साथ ही, इसमें डुअल सेल बैटरी टेक्नोलॉजी का यूज किया गया है। टेक्नो ने हालांकि, फोन की कीमत नहीं बताई है। उम्मीद है कि इसकी कीमत बजट प्राइस रेंज में रखी जाएगी।

Tecno Spark 50 Pro को भारत समेत ग्लोबल मार्केट में जल्द सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इस फोन को ब्लैक, टाइटेनियम ग्रे, मिडनाइट ब्लू, डायनैमिक ऑरेंज और क्लाउड व्हाइट कलर में पेश किया गया है। फोन का लुक और डिजाइन में iPhone 17 Pro वाली फील देने की कोशिश की गई है। हालांकि, फोन के बैक पैनल के कैमरा का डिजाइन Realme 16 से इंस्पायर्ड लग रहा है।

Tecno Spark 50 Pro के फीचर्स

इस बजट स्मार्टफोन में 6.78 इंच का डिस्प्ले दिया गया है, जो HD+ रेजलूशन को सपोर्ट करेगा। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट और हाई ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। यह MediaTek Helio G100 Ultimate चिपसेट पर काम करता है। कंपनी का दावा है कि यह 4G चिपसेट परफॉर्मेंस के मामले में जबरदस्त है और इसे AnTuTu पर 5,50,000 का स्कोर प्राप्त हुआ है। हालंकि, कंपनी ने फोन के रैम के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की है।










Tecno Spark Pro फीचर्स
डिस्प्ले 6.78 इंच, HD+
प्रोसेसर MediaTek Helio G100 Ultimate
स्टोरेज पता नहीं
कैमरा 50MP, 8MP
बैटरी 6000mAh, 60W
OS Android 16, HiOS

Tecno का यह फोन Android 16 पर बेस्ड HiOS पर काम करता है। इसमें AI पावर्ड टूल्स और Ella एआई एजेंट दिया गया है। इसमें AI Writing, AI Noise cancellation, AI Eraser 2.0 और AI Extender जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसमें लाइव फंक्शनैलिटी और यूनिवर्सल टोन इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

यह फोन 5,600mAh या 6,000mAh बैटरी के साथ आता है। इसमें 60W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा। कंपनी का दावा है कि यह बजट फोन महज 30 मिनट में 63 प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है। इसके अलावा फोन में बाईपास चार्जिंग फीचर भी दिया गया है। फोन के बैक में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसके अलावा इसमें 8MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा।

यह भी पढ़ें – Telegram पर बड़ी कार्रवाई, 22 जून तक रहेगा बैन, WhatsApp पर क्यों नहीं लगी पाबंदी?





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यूपी सहित 13 राज्‍यों का भरा है खजाना, 15 स्‍टेट में खर्चे पूरे करने के भी पैसे नहीं


नई दिल्‍ली. देश के 28 राज्‍यों में से 10 के पास तो अपने खर्चे पूरे करने के बाद भी ठीकठाक राजस्‍व बचता है, लेकिन बाकी 18 राज्‍यों के पास इतने भी पैसे नहीं हैं कि अपना खर्चा भी पूरा किया जा सके. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) के संजय मूर्ति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मणिपुर सहित 13 राज्यों ने 2024-25 में राजस्व सरप्‍लस दर्ज किया, जबकि बाकी 15 राज्यों में घाटा रहा.

कैग की ‘राज्य वित्त 2024-25’ रिपोर्ट के अनुसार, 18 राज्यों ने रेवेन्‍यू सरप्‍लस का लक्ष्य रखा था, 3 राज्यों ने राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा और 7 राज्यों ने शून्य राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा था. अब रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2024-25 में 15 राज्य राजस्व घाटे में रहे, जबकि बाकी 13 राज्यों में रेवेन्‍यू सरप्‍लस रहा. 18 राज्यों में से जिन्होंने रेवेन्‍यू सरप्‍लस का लक्ष्य रखा था, 9 राज्य ही इसे हासिल कर पाए. इसके अलावा असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना 2024-25 के दौरान राजस्व घाटे में रहे.

7 राज्‍यों ने रखा था शून्‍य घाटे का लक्ष्‍य
रिपोर्ट में उन 7 राज्‍यों का भी जिक्र किया गया, जिन्‍होंने शून्‍य राजस्‍व घाटे का लक्ष्‍य रखा था. इन राज्‍यों में गोवा, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. इनमें से चार राज्‍यों गोवा, झारखंड, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश ने रेवेन्‍यू सरप्‍लस हासिल कर लिया, जबकि पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु को राजस्‍व घाटा हुआ. 2024-25 में जिन 15 राज्यों में राजस्व घाटा रहा, उनमें हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब और पश्चिम बंगाल को वित्त आयोग से राजस्व घाटा अनुदान मिला.

कितना रहा राजस्‍व घाटा
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यदि 2024-25 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा राज्यों के लिए निर्धारित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3 फीसदी के संकेतक राजकोषीय घाटा लक्ष्य को देखा जाए, तो 18 राज्य इस लक्ष्य से ऊपर रहे. 15 राजस्व घाटे वाले राज्यों का कुल राजस्व घाटा 13 राज्यों के रेवेन्‍यू सरप्‍लस को मिलाए बिना ही 3,46,385 करोड़ रुपये रहा, जो उनके संयुक्त GSDP का 1.5 फीसदी है. 13 राज्यों के रेवेन्‍यू सरप्‍लस को समायोजित करने के बाद शुद्ध राजस्व घाटा 2,19,041 करोड़ रुपये रहा, जो सभी 28 राज्यों के संयुक्त GSDP का 0.68 फीसदी है.

राज्‍यों ने कितना पैसा जुटाया
कैग ने अपनी रिपोर्ट में राज्यों के रेवेन्‍यू की बढ़ती अहमियत को दिखाया, जो 2024-25 में 28 राज्यों की कुल राजस्व प्राप्तियों 40.52 लाख करोड़ रुपये का 50 फीसदी रहा. इस दौरान राज्य जीएसटी राज्यों के अपने कर राजस्व का 43 फीसदी से अधिक रहा है. सभी राज्यों का संयुक्त बजटीय खर्च 2024-25 में 51.20 लाख करोड़ रुपये रहा, जो उनके संयुक्त GSDP का 15.78 फीसदी है. आंकड़े बताते हैं कि वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान अब भी राजस्व खर्च का बड़ा हिस्सा बने हुए हैं. 31 मार्च 2025 तक राज्यों की कुल देनदारियां 90.51 लाख करोड़ रुपये थीं.



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प्रोड्यूसर का पोता, दादी भी थीं जानी मानी एक्ट्रेस, आमिर संग ब्लॉकबस्टर देकर छोड़ी एक्टिंग


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आमिर खान संग काम कर चुका वो एक्टर, जिसने ब्लॉकबस्टर देकर भी एक्टिंग की दुनिया को अलविदा कह दिया. एक्टिंग की दुनिया में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाले उस एक्टर ने पढ़ाई को प्राथमिकता दी और आज यूके में एक सफल डेंटिस्ट हैं.

नई दिल्ली. एक्टिंग में दुनिया में नाम कमाने का सपना लेकर हर एक्टर मुंबई आता है. लेकिन बहुत कम लोग हैं, जिन्हें काम मिल जाता है. लेकिन एक एक्टर ऐसे हैं, जो ब्लॉकबस्टर देकर एक्टिंग से दूर अपना पायलट बनने का सपना पूरा करने में जुटे हुए हैं.

हम बात कर रहे हैं, आमिर खान संग फिल्म ‘तारे जमीन पर’ में नजर आ चुके एक्टर सचेत की. वही जिन्होंने फिल्म में ईशान अवस्थी के बड़े भाई का रोस निभाया छथा. सचेत इंजीनियर ब्लॉकबस्टर फिल्म देकर भी दोबारा किसी फिल्म में नजर नहीं आए.

काफी समय से वह फिल्मी दुनिया से कटे हुए हैं. बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट आमिर संग काम कर चुके, करोड़ों दिल जीतने वाले सचेत ने एक्टिंग को अलविदा कहकर पढ़ाई को प्रॉयरिटी दी. आज वह यूके में एक सफल डेंटिस्ट हैं. इसके साथ ही वह अपना पायलट बनने का सपना भी पूरा करने में बिजी हैं.

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इंडस्ट्री में कई ऐसे चाइल्ड आर्टिस्ट आए हैं, जिन्होंने अपने काम से लोगों का दिल जीता. सचेत इंजीनियर भी उन्हीं में से एक हैं, फर्क सिर्फ ये है कि उन्हें आमिर खान जैसे सुपरस्टार की फिल्म में काम करने का मौका मिला और वो फिल्म भी ब्लॉकबस्टर हो गईं.

फिल्म में ‘तारे जमीन पर’ में ईशान अवस्थी का रोल दर्शील सफारी ने निभाया था.उनके बड़े भाई योहान अवस्थी का किरदार सचेत इंजीनियर ने निभाया था. इस फिल्म के बाद दर्शील सफारी तो एक्टिंग की दुनिया लगातार सुर्खियों में बने रहे, वहीं सचेत ने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली और अपनी पढ़ाई पर फोकस किया.

आज सचेत इंजीनियर बॉलीवुड को छोड़कर यूनाइटेड किंगडम (UK) में एक सफल डेंटिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. इसके साथ ही वह लाइसेंस प्राप्त पायलट बनने की ट्रेनिंग भी ले रहे हैं, योहान अवस्थी का रोल निभाकर उन्हें बड़ी पहचान मिली. फिर भी उन्होंने अपनी पढ़ाई को जरूरी समझा.

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रायसेन में रात दो बजे किराना दुकान में लगी आग: फ्रिज, कूलर समेत लाखों का सामान जला; ऊपर रह रहे परिवार पर भी मंडराया खतरा – Raisen News




रायसेन के पाटनदेव इलाके में एक किराना दुकान में सोमवार-मंगलवार की रात 2 बजे भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान में रखा लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। आग इतनी विकराल थी कि दुकान के अंदर रखा फ्रिज, कूलर, फर्नीचर और किराना का पूरा सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसियों ने समय रहते आग को देखा और तुरंत इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। यदि समय पर आग की सूचना नहीं मिलती, तो यह एक बड़ा हादसा हो सकता था। दुकान के ऊपर स्थित मकान और उसमें रह रहे लोगों के लिए भी खतरा टल गया। दुकान संचालक का नाम जितेंद्र कुशवाहा ‘जीतू’ है। इस आग से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।



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बांका में मिर्जापुर डैम से हथियार बरामद: पुलिस की कार्रवाई में 21 गोलियों सहित 2 अवैध हथियार मिले, अपराधी भागे – Banka News




बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने मिर्जापुर डैम के पास से दो अवैध हथियार और 21 जिंदा गोलियां बरामद की हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बौसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने मंगलवार को बाराहाट थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 15 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, मिर्जापुर लवधरिया टोला से सटे मिर्जापुर डैम के पास दो अपराधी अवैध हथियारों के साथ मछली मार रहे थे। दो अपराधी हथियार लेकर खड़े मिले इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची, तो दो अपराधी हथियार लेकर खड़े मिले। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया, लेकिन वे झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। भागते समय अपराधियों ने अपने हथियार झाड़ियों में फेंक दिए। सभी हथियारों और गोलियों को जब्त कर थाने लाया तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने झाड़ियों से एक राइफल बरामद की, जिसमें पांच राउंड गोली लोड थी। इसके अतिरिक्त, एक बटुए में बंधी 16 जिंदा गोलियां और एक लोडेड देसी छोटा मास्केट भी मिला। बरामद सभी हथियारों और गोलियों को जब्त कर थाने लाया गया। एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फरार अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। छापेमारी दल में बाराहाट थानाध्यक्ष अशोक कुमार, पंचवाड़ा थानाध्यक्ष चंदन कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।



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