Friday, July 17, 2026
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MP-UP में 2 दिन बाद होगी मानसून की वापसी: राजस्थान को 5 दिन करना होगा इंतजार, पुरी में आज भी भारी बारिश का अलर्ट


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नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर2 मिनट पहले

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मध्य प्रदेश में देरी से पहुंचा मानसून मानसून कुछ दिन में ही कमजोर हो गया है। राज्य के ज्यादातर हिस्से से बादल गायब हो गए हैं। हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि मध्यप्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून रफ्तार पकड़ सकता है और 19 जुलाई से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बिहार में 17 जुलाई को किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण और अररिया में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, शुक्रवार को उत्तराखंड के पांच जिलों देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान में फिलहाल कमजोर मानसूनी परिस्थितियां अगले 3–4 दिनों तक बनी रहने की संभावना है। 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में ईस्ट कामेंग, अपर सुबनसिरी, अपर सियांग, कामले और क्रा दादी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की नई घटनाएं सामने आई हैं। राज्य में अब तक 7 लोगों की मौत, 29 लोग घायल और 1,03,860 लोग प्रभावित हुए हैं।

सैटेलाइट इमेज में देखें देश में मानसून की स्थिति…

सीजन में 23% कम बरसे बादल

देखें राज्यों में बारिश का अलर्ट…

देशभर में मौसम से जुड़ी तस्वीरें…

बिहार के बगहा में पिता ने बेटे को कंधे पर बैठाकर उफनती नदी पार कर स्कूल पहुंचाया।

बिहार के बगहा में पिता ने बेटे को कंधे पर बैठाकर उफनती नदी पार कर स्कूल पहुंचाया।

लखनऊ में गुरुवार शाम करीब 6 बजे काले बादलों से अंधेरा छा गया।

लखनऊ में गुरुवार शाम करीब 6 बजे काले बादलों से अंधेरा छा गया।

छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। रायपुर में गुरुवार शाम जमकर बारिश हुई।

छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। रायपुर में गुरुवार शाम जमकर बारिश हुई।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से झारखंड के रांची में तीनों दिनों से तेज बारिश हो रही है।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से झारखंड के रांची में तीनों दिनों से तेज बारिश हो रही है।

ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुरुवार को जमकर बारिश हुई।

ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुरुवार को जमकर बारिश हुई।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल…

18 जुलाई:

  • पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और रायलसीमा में तेज गर्मी और उमस भरा मौसम रहेगा।
  • ओडिशा-बंगाल में भारी बारिश, आंधी-बिजली और तूफान का ऑरेंज अलर्ट है।
  • कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है।
  • बिहार, झारखंड, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर में तेज बारिश होगी।

19 जुलाई:

  • असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है।
  • उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा में यलो अलर्ट है।
  • कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
  • मध्य प्रदेश, झारखंड, बंगाल और जम्मू-कश्मीर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

खबरें और भी हैं…



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संतों के श्रीमुख से गूंजेगा ब्रज की स्वच्छता का संदेश: प्रवचन,सत्संग और श्रीमद्भागवत कथाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिलाया जाएगा संकल्प – Mathura News




ब्रज की स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में अब संत समाज भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। गुरुवार की देर शाम को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान में ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर संत, महंत एवं भागवताचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की मौजूदगी में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, नगर आयुक्त ओजस्वी राज सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संत समाज से सुझाव प्राप्त किए। बैठक में तय किया गया कि अब संत, महंत एवं भागवताचार्य अपने प्रवचनों, सत्संगों, श्रीमद्भागवत कथाओं एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को ब्रज की स्वच्छता एवं पवित्रता का संदेश देंगे तथा उन्हें स्वच्छता का संकल्प भी दिलाएंगे। संत करेंगे अपील संत समाज श्रद्धालुओं से अपील करेगा कि वे ब्रज में कहीं भी कूड़ा न फैलाएं, एकल-उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग न करें तथा यमुना तट, कुंडों, घाटों, परिक्रमा मार्गों और सभी धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में अपना सक्रिय योगदान दें। बैठक में यह भी कहा गया कि प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु ब्रजधाम आते हैं। यदि संत समाज अपने आध्यात्मिक मंचों से स्वच्छता का संदेश देगा तो यह अभियान जन-जन तक पहुंचेगा और एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकेगा। संतों ने दिया आश्वासन बैठक में संत समाज ने वृंदावन में गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर चिंताजनक स्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। साथ ही यह भी कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा और प्रत्येक श्रद्धालु का धार्मिक कर्तव्य है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली को स्वच्छ रखना उनकी सेवा, ब्रज रज का सम्मान और अपनी आस्था के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रतीक है। सभी संतों ने अभियान को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। यह रहे मौजूद हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, नगर निगम एवं हार्टफुलनेस संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। बैठक में महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज, महंत हरिशंकर दास नागा महाराज, महंत सनत दास महाराज, संत गोविंदानंद तीर्थ महाराज, महंत राम स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, संत रामदेवानंद सरस्वती महाराज, महंत सुंदर दास महाराज, महंत लाडली दास महाराज, संत सच्चिदानंद दास महाराज, संत मदन मोहन दास, संत लाडली शरण दास महाराज,महा मंडलेश्वर नवल गिरी महाराज,समाजसेवी कपिल देव उपाध्याय , हार्टफुलनेस संस्था से निशांत शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की मंशा ब्रज के स्वच्छता अभियान से जुड़े संत समाज : शैलजाकांत मिश्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि ब्रज की स्वच्छता को सेवा और जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए। इससे संत समाज को भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु जब स्वच्छ और सुंदर ब्रज देखेंगे तो उनकी आस्था और भी प्रगाढ़ होगी। उन्होंने संतों से आह्वान किया कि आश्रमों, मंदिरों एवं भंडारों से ही स्वच्छता की शुरुआत करें और अपने प्रभाव क्षेत्र में लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मथुरा में सीमित सफाईकर्मी हैं, इसलिए जनसहयोग ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।



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दिल्ली में MP को मिले ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव: सीएम ने निवेशकों के साथ कीं दो बैठकें; 27 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार – Bhopal News




दिल्ली में आयोजित ‘भारत टेक्स-2026’ और ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।



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NEET-UG का रिजल्ट जारी, टॉप-10 में राजस्थान के 2 स्टूडेंट: उपलक्ष्य की तीसरी और गौरव की 9वीं रैंक; टॉपर पांशुल ने कोटा में पढ़ाई की – Kota News


नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात नीट यूजी-2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं।

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पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। बिहार के आयुष ने चौथी रैंक हासिल की है। पांशुल और आयुष ने कोटा में रहकर कोचिंग की थी।

राजस्थान के 2 स्टूडेंट भी टॉप-10 में शामिल है। उपलक्ष्य गोयल ने 714 नंबर के साथ तीसरी रैंक और गौरव सिंह ने 712 नंबर के साथ 9वीं रैंक हासिल की है। परीक्षा में सफल स्टूडेंटस में 58% से ज्यादा छात्राएं हैं, जबकि 55.1% छात्र हैं।

बता दें कि 2 दिन पहले रिकोर्डेड रिस्पॉन्स की जारी होने के बाद से स्टूडेंटस को रिजल्ट का इंतजार था। एनटीए ने फाइनल आंसर-की जारी की और उसके कुछ मिनट बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया है।

NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया।

इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था।

2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा

पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है।

नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।

सुधारों के लिए बनी थी समिति

जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।



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बिहार में बारिश से बढ़ा डेंगू का खतरा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 180 से कम मरीज, 318 फॉगिंग मशीनें तैनात – Patna News




बिहार में मानसून की सक्रियता के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। हालांकि, इस वर्ष अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या पिछले साल की तुलना में काफी कम दर्ज की गई है। इसके बावजूद, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 15 जुलाई तक बिहार में 180 से कम डेंगू मरीज सामने आए हैं। इनमें से लगभग 50 मामले अकेले पटना जिले से दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि समय पर की गई तैयारियों और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के कारण मरीजों की संख्या नियंत्रित रही है। विभाग ने जुलाई माह को ‘एंटी-डेंगू माह’ घोषित किया है। इस अवधि में स्कूलों, पंचायतों, नगर निकायों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को डेंगू से बचाव के तरीके, मच्छरों की रोकथाम और शुरुआती लक्षणों की पहचान के बारे में जानकारी दी जा रही है। राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं मच्छर नियंत्रण के लिए राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं। लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव भी नियमित रूप से किया जा रहा है। सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में एनएस-1 एलिसा और आईजीएम एलिसा जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, आवश्यक दवाओं, प्लेटलेट्स प्रबंधन और अन्य चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। पीएमसीएच में 20 बेड का एक विशेष डेंगू वार्ड भी तैयार किया गया है। पटना में विशेष निगरानी, घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम लोगों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार लार्वा सर्वे, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग का काम कर रही हैं। जहां जलजमाव की शिकायत मिल रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। उनके अनुसार बारिश के बाद अगले दो महीने डेंगू नियंत्रण के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण हैं।
डॉक्टरों की सलाह – बुखार को नजरअंदाज न करें पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दर्द निवारक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे डेंगू मरीजों में रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, आराम करना और समय पर जांच कराना डेंगू के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टरों के अनुसार जुलाई से सितंबर तक का समय डेंगू के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बाद घरों और आसपास जमा साफ पानी में एडीज मच्छर तेजी से पनपता है। इसलिए सप्ताह में कम-से-कम एक दिन घर और आसपास जमा पानी पूरी तरह खाली करें, पानी की टंकियों को ढककर रखें और साफ-सफाई बनाए रखें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी डेंगू संक्रमण को तेजी से बढ़ा सकती है। ऐसे में सरकारी तैयारियों के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता और सहभागिता ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे पीएमसीएच में 20 बेड का समर्पित डेंगू वार्ड तैयार संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (आरएसबी) में 20 बेड का विशेष डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में मच्छरदानियों सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां 24 घंटे डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल अटेंडेंट की तैनाती रहेगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को नए रेडियोलॉजी भवन की आधुनिक जांच सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा, जिससे जांच और उपचार में किसी तरह की देरी न हो।
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की जाएगी।

निजी अस्पतालों और लैब को भी दिए गए निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी संस्थानों को कहा गया है कि डेंगू के संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएं। इस व्यवस्था का उद्देश्य संक्रमित क्षेत्रों की जल्द पहचान कर वहां फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और अन्य रोकथाम उपायों को तुरंत लागू करना है। विभाग का मानना है कि समय पर सूचना मिलने से संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।



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बांकीपुर उपचुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार: 3.79 लाख मतदाता करेंगे वोट, 422 बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम – Patna News



जिला निर्वाचन पदाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पीसी की।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की स्थिति और आदर्श आचार संहिता के अ

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प्रशासन ने दावा किया कि उपचुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

3.79 लाख से अधिक मतदाता करेंगे वोट

प्रशासन के अनुसार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 79 हजार 616 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 2 लाख 60 पुरुष मतदाता, 1 लाख 79 हजार 533 महिला मतदाता तथा 23 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहा है।

422 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 247 मतदान केंद्र सरकारी भवनों में तथा 175 मतदान केंद्र निजी भवनों में स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मतदाताओं की सुविधा के लिए 29 चलंत (मोबाइल) मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि सभी मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नामांकन के बाद 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में

डीएम ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुल 40 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 26 नामांकन वैध पाए गए। इसके बाद एक उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया, जिसके चलते अब 25 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

वेबकास्टिंग से होगी निगरानी, मोबाइल रखने की भी व्यवस्था

मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी।

इसके अलावा मतदान केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं के लिए मोबाइल जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मतदाता पहचान पत्र के अलावा 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों को भी मान्य किया है।

आचार संहिता के दौरान बड़ी कार्रवाई

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक की कार्रवाई में—

2 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। 16 कारतूस जब्त किए गए हैं। 2.785 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। 2652 लीटर शराब जब्त की गई है। इसके अलावा अन्य प्रतिबंधित सामग्री भी जब्त की गई है।

मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना पटना के एएन कॉलेज स्थित कला भवन में कराई जाएगी। मतगणना स्थल पर भी सुरक्षा और पारदर्शिता के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरी तैयारी

डीएम और एसएसपी ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों की निगरानी, वेबकास्टिंग, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर और आदर्श आचार संहिता के सख्ती से पालन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।



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विश्व कप मैच के बाद फॉकलैंड पर फिर भिड़े अर्जेंटीना-ब्रिटेन: ब्रिटिश वॉरशिप के समुद्री इलाके में घुसने का आरोप; खिलाड़ियों के बैनर से विवाद बढ़ा




फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराने के कुछ घंटों बाद अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच फॉकलैंड द्वीप को लेकर नया विवाद शुरू हो गया। अर्जेंटीना ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन की रॉयल नेवी का वॉरशिप HMS मेडवे बिना अनुमति उसके समुद्री क्षेत्र में घुस आया।

अर्जेंटीना ने इसे सैन्य घुसपैठ करार दिया। विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि इस मामले में ब्रिटिश दूतावास के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया है। वहीं ब्रिटेन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यात्रा की जानकारी पहले ही अर्जेंटीना सरकार को दे दी गई थी और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप थी। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर ‘लास माल्विनास सन अर्जेंटीना’ (माल्विनास अर्जेंटीना का है) लिखा बैनर लहराया। अर्जेंटीना में फॉकलैंड को माल्विनास कहा जाता है। इस घटना के बाद दोनों देशों का पुराना विवाद फिर चर्चा में आ गया। अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति ने इंग्लैंड को समुद्री लुटेरा कहा मैच से पहले अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया वियारुएल ने इंग्लैंड को आक्रमणकारी और कब्जा करने वाले समुद्री लुटेरे तक कहा था। मैच जीतने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “फॉकलैंड अर्जेंटीना का है। हमें स्टेडियम में यह बैनर ले जाने से रोका गया, लेकिन वे भूल गए कि माल्विनास हमारे खून और हमारे दिल में बसता है।” ब्रिटेन ने नाराजगी जताई, कहा- खेल में राजनीति न हो वहीं, ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी पीटर काइल ने खिलाड़ियों के बैनर को पूरी तरह अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि फुटबॉल में राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और फीफा को जांच करनी चाहिए कि कहीं खिलाड़ियों ने राजनीतिक संदेश देने संबंधी नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया। उन्होंने कहा, “राजनीति को फुटबॉल से दूर रहना चाहिए। आगे क्या कार्रवाई होगी, इसका फैसला अब फीफा करेगा।” फॉकलैंड को लेकर अर्जेंटीना और ब्रिटेन में 44 साल से विवाद फॉकलैंड द्वीप का मामला ब्रिटेन और अर्जेंटीना दोनों के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। दोनों देश इस पर दावा करते हैं। अर्जेंटीना इस द्वीप को माल्विनास कहता है। फॉकलैंड दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित हैं और अर्जेंटीना से सिर्फ 500 किमी दूर है। वहीं ब्रिटेन से यह 13,000 किमी दूर स्थित है। अर्जेंटीना ऐतिहासिक रूप से इस द्वीप को अपना बताता आया है। अर्जेंटीना का कहना है कि ये द्वीप उसके पास होने चाहिए, क्योंकि ये उसके इलाके के करीब हैं। वहीं ब्रिटेन कहता है कि वहां रहने वाले लोग खुद को ब्रिटिश मानते हैं और उन्होंने वोट करके भी ब्रिटेन के साथ रहने की इच्छा जताई है, इसलिए यह उसका क्षेत्र है। 1982 में अर्जेंटीना ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद ब्रिटेन की तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने सेना भेजकर सिर्फ 10 हफ्ते में इन्हें वापस हासिल किया था। अर्जेंटीना के आत्मसमर्पण करने से पहले लगभग 650 अर्जेंटीनाई सैनिक और 255 ब्रिटिश सैनिक मारे गए थे। फॉकलैंड पर ब्रिटेन का रुख क्या है ब्रिटेन ने दोहराया कि फॉकलैंड द्वीप के लोगों ने कई बार जनमत के जरिए ब्रिटिश क्षेत्र बने रहने की इच्छा जताई है। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा- ब्रिटेन का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। फॉकलैंड द्वीप के लोग ब्रिटिश हैं और अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार उन्हीं के पास है।



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NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी, 11.21 लाख स्टूडेंट्स पास: इनमें 58% से ज्यादा छात्राएं; आठ राज्यों के 17 टॉपर्स को 700 से ज्यादा अंक


नई दिल्ली2 मिनट पहले

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। इनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य स्नातक मेडिकल कोर्स के लिए क्वालिफाई हुए हैं।

सफल उम्मीदवारों में 58% से ज्यादा छात्राएं हैं। 8 राज्यों के 17 स्टेट टॉपर्स ने 720 में से 705 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 1.7 लाख से अधिक स्टूडेंट्स सफल हुए, जबकि लक्षद्वीप से सबसे कम 43 स्टूडेंट्स क्वालिफाई कर सके।

138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 से ज्यादा अंक हासिल किए। इनमें 93% से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पहली बार NEET परीक्षा दी थी। 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच है। इस साल 3 मई को NEET परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के कारण NTA ने 11 जून को दोबारा परीक्षा कराई थी।

NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई।

2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा

पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है।

नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।

सुधारों के लिए बनी थी समिति

जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।



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पार्वती नदी में डूबने से दो युवकों की मौत: राजगढ़ में पुल पर बाइक, कपड़े और मोबाइल मिले; 27 घंटे बाद SDERF ने दोनों शव निकाले – rajgarh (MP) News




राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़-बैरसिया मार्ग स्थित पार्वती नदी में डूबे दोनों युवकों के शव गुरुवार को बरामद कर लिए गए। बुधवार शाम से चल रहे रेस्क्यू अभियान में एसडीईआरएफ की टीम ने करीब 27 घंटे तक बोट से तलाश की। गुरुवार सुबह एक युवक का शव मिला, जबकि दूसरे का शव शाम करीब 7:15 बजे नदी से निकाला गया। जानकारी के अनुसार, भोपाल जिले के नजीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मेगरा नवीन निवासी सोनू अहिरवार (26) और गोलू अहिरवार (23) बुधवार शाम करीब 4:30 बजे पार्वती नदी में नहाने गए थे। काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। पुल पर बाइक खड़ी मिलीं तलाशी के दौरान नदी पर बने अस्थायी पुल पर दोनों की बाइक खड़ी मिली। पुल के किनारे उनके कपड़े और मोबाइल भी रखे थे। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नदी में डूबने की आशंका जताते हुए एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया। बुधवार देर रात तक रेस्क्यू अभियान चला, लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ ने बोट से दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुबह सोनू का शव बरामद हुआ। इसके बाद पूरे दिन तलाश जारी रही। शाम करीब 7:15 बजे गोलू का शव भी नदी से निकाल लिया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बैरसिया अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



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संभल के पूर्व डीआईओएस को हाईकोर्ट से राहत: 53.80 लाख की वसूली और कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगी – Sambhal News




संभल के पूर्व डीआईओएस श्यामा कुमार (वर्तमान डीपीएमओ) को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने 53.80 लाख रुपये की वसूली और दंडात्मक कार्रवाई के लिए जारी शासनादेश पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ में गुरुवार को सुना गया। अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने 20 मार्च 2026 को श्यामा कुमार से 53,98,908 रुपये की वसूली और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। श्यामा कुमार ने अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि श्यामा कुमार 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। नियमानुसार, सेवानिवृत्ति के बाद उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने से पहले राज्यपाल की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या 20 मार्च 2026 का आदेश जारी करने से पहले राज्यपाल से आवश्यक पूर्व अनुमति ली गई थी। अधिवक्ता के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से ऐसी कोई अनुमति न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इस पर न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को वेतन विसंगति से संबंधित मानते हुए शासनादेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश शासन और अन्य संबंधित पक्षों को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सितंबर में निर्धारित तिथि पर होगी। पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नवंबर 2025 में जारी एक पत्र के अनुसार, श्यामा कुमार ने प्रधानाचार्य पद पर रहते हुए अपनी मूल सेवा पंजिका में स्वयं गलत वेतन निर्धारण की प्रविष्टियाँ दर्ज की थीं। शाहजहाँपुर के सहायक लेखाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) ने भी इस त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण को अनुमोदित कर दिया था।



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