Thursday, June 11, 2026
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ससुर के उत्पीड़न से पीड़ित विधवा को राहत: हाईकोर्ट ने कहा- अलग से मिलेगा बिजली कनेक्शन, निर्देश – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज की एक विधवा को तत्काल बिजली कनेक्शन दिलाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। प्रयागराज के अहियापुर स्थित मकान नंबर 96-ए में रहने वाली याची महिला अपने पति की मृत्यु के बाद से ससुराल के उत्पीड़न का शिकार थी। महिला ने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत की थी, जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट प्रयागराज ने 22 सितंबर 2025 को आदेश दिया था कि ससुर महिला को उसके हिस्से से बेदखल नहीं कर सकते। इस आदेश को विफल करने के लिए ससुर ने 12 मई 2026 को महिला के हिस्से की बिजली काट दी। बिजली विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद महिला को नया कनेक्शन नहीं मिला, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने बिजली काटने को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पारित संरक्षण आदेश का उल्लंघन मानते हुए आदेश दिया और कहा महिला 10 जून 2026 को सुबह 11 बजे तक 3,000 रूपये मीटर शुल्क जमा करे। अधिशासी अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण खंड महिला को ऑनलाइन आवेदन में पूरी सहायता प्रदान करें 10 जून 2026 को शाम 4 बजे तक महिला के हिस्से में बिजली बहाल की जाए। कोर्ट ने कहा पुराने बकाये का बोझ महिला पर नहीं डाला जाएगा। वह देनदारी ससुर के खाते में है। कोर्ट के आदेश की प्रति उसी दिन रात 10 बजे तक यूपी पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को होगी।



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इंदौर में 20 देशों के डेलिगेट्स ने समझा होलकरकालीन इतिहास: खेती-किसानी और कपास उत्पादन पर पूछे सवाल, ऑर्गेनिक कम्पोस्ट मॉडल की सराहना की – Indore News


इंदौर में चल रहे BRICS कृषि सम्मेलन के तहत बुधवार को चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका समेत करीब 20 देशों के प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक राजवाड़ा का दौरा किया। कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने यहां होलकरकालीन इतिहास, संस्कृति और खेती-किसा

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इतिहासकार जफर अंसारी ने दैनिक भास्कर से बताया कि प्रतिनिधियों को होलकर रियासत के दौर में कृषि क्षेत्र में हुए विकास की जानकारी दी गई। इसके लिए उनके निजी संग्रह में मौजूद कई दुर्लभ दस्तावेज, रिकॉर्ड और ऐतिहासिक सामग्री भी दिखाई गई।

इनमें होलकर स्टेट के कृषि विभाग से जुड़े दस्तावेज, गांवों की सूची और किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं का रिकॉर्ड शामिल था।

खेती-किसानी से जुड़े दस्तावेजों में दिखाई दिलचस्पी

विदेशी प्रतिनिधियों ने खास तौर पर यह जानने में रुचि दिखाई कि होलकर शासनकाल में खेती कैसे की जाती थी और किसानों के लिए क्या व्यवस्थाएं थीं। उन्होंने कृषि से जुड़े पुराने दस्तावेजों को ध्यान से देखा और कई सवाल भी पूछे।

राजवाड़ा की खूबसूरती और इतिहास ने किया प्रभावित

प्रतिनिधियों ने राजवाड़ा की नक्काशी, वास्तुकला और देवी अहिल्याबाई होलकर से जुड़े इतिहास में खास दिलचस्पी दिखाई। उन्हें राजवाड़ा के निर्माण, उसकी ऐतिहासिक भूमिका और होलकर रियासत में उसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

इंदौर की कपास और व्यापार व्यवस्था को समझा

दौरे के दौरान विदेशी मेहमानों ने इंदौर के पुराने व्यापार और कपास उत्पादन के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि काली मिट्टी और अनुकूल मौसम की वजह से यहां उच्च गुणवत्ता वाली कपास पैदा होती थी। एक समय इंदौर में छह बड़ी कपास मिलें थीं, जिनका शहर के विकास में बड़ा योगदान रहा।

ऑर्गेनिक कम्पोस्ट मॉडल की सराहना

प्रतिनिधियों को इंदौर में विकसित ऑर्गेनिक कम्पोस्ट मॉडल के बारे में भी बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि इसके उपयोग से बेहतर गुणवत्ता वाली कपास की फसल होती थी। इस मॉडल को लेकर विदेशी मेहमानों ने काफी रुचि दिखाई और विस्तार से जानकारी ली।

राजबाड़ा का दौरा करते प्रतिनिधि।

राजबाड़ा का दौरा करते प्रतिनिधि।

दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुएं भी देखीं

राजवाड़ा में प्रतिनिधियों को स्वर्ण और रजत से बनी कई ऐतिहासिक वस्तुएं भी दिखाई गईं। इन दुर्लभ धरोहरों को देखकर वे काफी प्रभावित हुए और उनके बारे में कई सवाल पूछे।

इसलिए राजवाड़ा लाए गए विदेशी मेहमान

जफर अंसारी के मुताबिक 1747 में बना राजवाड़ा होलकर रियासत का प्रमुख महल और प्रशासनिक केंद्र रहा है। इंदौर की संस्कृति, इतिहास और विरासत को करीब से दिखाने के लिए BRICS सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों को यहां लाया गया। राजवाड़ा आज भी इंदौर की पहचान का सबसे प्रमुख प्रतीक माना जाता है।



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हॉस्पिटल से बस स्टैंड तक फैला था चोरी का नेटवर्क: रात में रेकी कर जेब से चुराते थे मोबाइल, अपराधियों और संदिग्ध लोगों तक पहुंचाते थे आरोपी, दो गिरफ्तार – Jaipur News




एसएमएस हॉस्पिटल थाना पुलिस ने संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत के 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी चोरी किए गए मोबाइल अपराधियों तक पहुंचाने का काम भी करते थे। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 9 जून को सुतान योगी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी एसएमएस अस्पताल में भर्ती थी और वह रात में अस्पताल में ही सो गया था। इसी दौरान किसी ने उसकी जेब से मोबाइल फोन चोरी कर लिया। शिकायत के आधार पर थाना एसएमएस अस्पताल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों सलीम खान उर्फ छमिया और मुन्ना उर्फ ईद्दू की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल और अन्य 7 मोबाइल फोन बरामद किए। अस्पतालों और बस स्टैंड पर सो रहे लोगों को बनाते थे निशाना पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एसएमएस अस्पताल, महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट, जनाना अस्पताल चांदपोल और विभिन्न बस स्टैंडों पर रात के समय सो रहे लोगों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही उनकी जेबों से मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो जाते थे। चोरी के मोबाइल अपराधियों तक पहुंचाते थे जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी किए गए मोबाइलों को आगे अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों तक पहुंचाने का काम भी करते थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क और चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुन्ना उर्फ ईद्दू (32) पुत्र इकरामुद्दीन, निवासी न्यू संजय नगर, हाल बजरंग नगर कच्ची बस्ती, भट्टा बस्ती और सलीम खान उर्फ छमिया (28) निवासी बिहारीयों का टीबा, भट्टा बस्ती के रूप में हई। आरोपी मुन्ना उर्फ ईद्दू के खिलाफ लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य मामलों सहित 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सलीम खान उर्फ छमिया के खिलाफ चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और अन्य अपराधों के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। बरामद किए गए मोबाइल पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न कंपनियों के 8 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें वीवो, रेडमी, ओप्पो और टेक्नो कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। कई मोबाइल लॉक अवस्था में मिले हैं, जिनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा रहा है।



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धनु वाले करियर में बड़ी सफलता के योग, रुके हुए काम होंगे पूरे! जानें राशिफल


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Aaj ka Dhanu Rashifal 11 june 2026: आज का दिन धनु राशि वालों के लिए उत्साह और उपलब्धियों से भरा रहने वाला है. ग्रहों की चाल आपके पक्ष में है, जो आपको करियर और कार्यक्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत दे रही है. अपनी प्रतिभा और कार्यशैली के दम पर लोग दूसरों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे. धार्मिक गतिविधियों की ओर भी रुझान बढ़ेगा और पूजा-पाठ, हवन या आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिल सकता है.

जमुई. आज यानी 11 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए आर्थिक, व्यावसायिक और करियर के लिहाज से सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज चंद्रमा और मंगल की युति मेष राशि में होने से जातकों के आत्मविश्वास, ऊर्जा और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है और भाग्य का भी पूरा सहयोग मिलने के संकेत हैं. उन्होंने बताया कि आज विशेष रूप से मीडिया, मार्केटिंग, शिक्षा, लेखन और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह दिन उपलब्धियां दिलाने वाला साबित हो सकता है. अपनी प्रतिभा और कार्यशैली के दम पर लोग दूसरों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे. धार्मिक गतिविधियों की ओर भी रुझान बढ़ेगा और पूजा-पाठ, हवन या आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिल सकता है. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिलने की संभावना दिखाई दे रही है.

आज खर्चों पर करना पड़ेगा पूरा कंट्रोल
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में संतुलन रखना होगा. आज आपके लाभ के अवसर सामने आएंगे. आज आप निवेश कर सकते हैं, लेकिन किसी भी निर्णय में भावनाओं को हावी नहीं होने दें. व्यवसाय से जुड़े लोगों को आज विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने बताया कि आज के दिन आपको बिजनेस में किसी पर आंख बंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए. यह आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन उत्साह से भरा रहेगा. आज आपके कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है. पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत भी बन रहे हैं. करियर के क्षेत्र में भाग्य का सहयोग मिलने से कई अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं.

आज के दिन सेहत भी रहेगा सामान्य
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सेहत के मामले में धनु वालों का दिन सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन खानपान में लापरवाही परेशानी बढ़ा सकती है. आज के दिन आपको अपने प्रेम संबंधों में भी संयम और समझदारी बनाए रखने की जरूरत है. दिनभर की व्यस्तता के बीच परिवार के लिए समय निकालना रिश्तों को और मजबूत करेगा. आपके लिए आज का दिन का शुभ अंक 2 और शुभ रंग पीला रहने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज आपको घर में पूजा या हवन करना चाहिए, ऐसा करना आपके शुभ फलदायी रहेगा.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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9 सवालों पर अटका सेबी का केस, ₹15 लाख करोड़ के विवाद पर राजेश मेहता का जवाब


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सेबी (SEBI) की जांच का सामना कर रही राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) ने रेगुलेटर के आरोपों पर खुलकर जवाब दिया है. कंपनी के चेयरमैन राजेश मेहता (Rajesh Mehta) का कहना है कि हजारों सवालों और स्पष्टीकरणों के बाद अब केवल 9 मुद्दे ही लंबित हैं. सबसे बड़ा विवाद 15.15 लाख करोड़ रुपये के कथित राजस्व बढ़ाकर दिखाने के आरोप से जुड़ा है, जिस पर कंपनी ने कहा है कि यह सेबी द्वारा वित्तीय आंकड़ों की गलत व्याख्या का नतीजा है और उनके पास हर लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है.

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विदेशी सहायक कंपनियों के वित्तीय दस्तावेज कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे पर भी सेबी ने आपत्ति जताई थी.

नई दिल्ली. 15 लाख करोड़ रुपये के फ्रॉड वाले मामले में फंसे राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) के प्रमोटर राजेश मेहता ने सामने आकर अपनी सफाई दी है. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि सेबी का पूरा केस केवल 9 सवालों पर टिका है. उनका कहना है कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान सेबी द्वारा मांगे गए हजारों स्पष्टीकरणों में से अधिकांश का जवाब दिया जा चुका है और अब केवल नौ सवालों पर चर्चा बाकी है. कंपनी के मुताबिक, सबसे बड़ा विवाद 15.15 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू को लेकर है, जिसे सेबी ने कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया राजस्व बताया है. राजेश मेहता का दावा है कि यह पूरा मामला कंपनी की स्विट्जरलैंड स्थित सहायक इकाई वाल्कैम्बी (Valcambi) के वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से समझे जाने की वजह से पैदा हुआ है.

सेबी के अंतरिम आदेश में कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के बीच विदेशी सहायक कंपनियों के जरिए राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपने कंसोलिडेटेड राजस्व को 15.15 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया. इस आरोप को खारिज करते हुए राजेश मेहता ने कहा कि रेगुलेटर ने वाल्कैम्बी के एबिटडा (EBITDA) और वास्तविक कारोबार के आंकड़ों को लेकर गलत निष्कर्ष निकाला है. मेहता के अनुसार वाल्कैम्बी का कारोबार दुनिया के सबसे बड़े कीमती धातु रिफाइनिंग कारोबारों में से एक है. कंपनी हर साल करीब 900 टन कीमती धातुओं की प्रोसेसिंग करती है. इसमें 300 टन टोल रिफाइनिंग और लगभग 600 टन धातुओं की खरीद, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और वैश्विक बिक्री शामिल है. उनका कहना है कि पांच वर्षों में करीब 3,000 टन सोने की प्रोसेसिंग हुई, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये बैठती है और इसी आंकड़े को लेकर विवाद खड़ा हुआ है.

प्रमोटर खातों में ट्रांसफर हुए पैसों पर सफाई

जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड में अप्रैल 2020 से सितंबर 2025 के बीच कंपनी से प्रमोटरों के व्यक्तिगत खातों में 338.90 करोड़ रुपये ट्रांसफर होने की बात सामने आई थी. इनमें से 232.40 करोड़ रुपये बाद में वापस भी किए गए थे. इस मुद्दे पर राजेश मेहता ने कहा कि सभी ट्रांजैक्शन पूरी तरह वैध और व्यावसायिक प्रकृति के थे. उन्होंने दावा किया कि किसी भी लेनदेन में फंड डायवर्जन या गड़बड़ी नहीं हुई और हर भुगतान का पूरा रिकॉर्ड और स्पष्टीकरण सेबी को उपलब्ध कराया जा चुका है. कंपनी का कहना है कि इन लेनदेन को रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के तौर पर देखने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये सामान्य कारोबारी गतिविधियों का हिस्सा थे.

11,400 करोड़ रुपये के लेनदेन पर भी उठे सवाल

सेबी ने FY22 से FY24 के दौरान एफ्लुएंस शेयर्स एंड स्टॉक्स लिमिटेड (Affluence Shares and Stocks Limited) के साथ हुए करीब 11,400 करोड़ रुपये के खरीद और बिक्री लेनदेन पर भी सवाल उठाए हैं. इसके अलावा एसीसी एनर्जी स्टोरेज (ACC Energy Storage) और प्रमोटर नियंत्रित एलिस्ट प्राइवेट लिमिटेड (Elest Private Limited) के बीच हुए कुछ फंड ट्रांसफर को भी रेगुलेटर ने संदिग्ध माना है. इन आरोपों पर कंपनी का कहना है कि सभी लेनदेन वास्तविक कारोबारी जरूरतों के तहत किए गए थे. राजेश मेहता ने दावा किया कि एक-एक रुपये का पूरा हिसाब, बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेज सेबी को सौंप दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है.

वित्तीय जानकारी अपलोड करने को तैयार कंपनी

विदेशी सहायक कंपनियों के वित्तीय दस्तावेज कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे पर भी सेबी ने आपत्ति जताई थी. इस पर राजेश मेहता ने कहा कि यदि नियमों के तहत ऐसी जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी है तो कंपनी को इसमें कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान सेबी के बचे हुए नौ सवालों का जवाब देने और सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने पर है. कंपनी को भरोसा है कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और स्पष्टीकरणों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और विवाद का समाधान निकल आएगा.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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बिन ब्याही मां की बेटी, सिनेमा पर किया राज, फैन से कर ली थी शादी, एक्ट्रेस की अनूठी जिंदगी


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बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस रेखा की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है. तमिल स्टार्स जेमिनी गणेशन और पुष्पावली के घर जन्मीं रेखा के माता-पिता की शादी नहीं हुई थी. पिता की गैरमौजूदगी और घर की आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कम उम्र में पढ़ाई छोड़ मजबूरी में फिल्मों में आना पड़ा. रेखा का नाम अमिताभ बच्चन के साथ गहराई से जुड़ा, जिस पर उन्होंने सिमी ग्रेवाल के शो में खुलकर प्यार का इजहार भी किया. साल 1990 में उन्होंने बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी की, लेकिन छह महीने बाद ही पति का निधन हो गया. पिता से खराब रिश्तों के चलते साल 2005 में रेखा उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुईं.

नई दिल्ली: बॉलीवुड की एवरग्रीन ब्यूटी रेखा की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है. 10 अक्टूबर 1954 को जन्मीं रेखा के माता-पिता जेमिनी गणेशन और पुष्पावली अपने जमाने के बड़े तमिल स्टार्स थे. लेकिन एक कड़वा सच यह भी था कि रेखा के जन्म के वक्त उनके माता-पिता की शादी नहीं हुई थी, जिसकी वजह से इस बात की चर्चा उनकी पूरी जिंदगी में होती रही.

माता-पिता के बड़े स्टार होने के बावजूद रेखा का बचपन सुख-सुविधाओं में नहीं बीता. उन्होंने कई इंटरव्यूज में खुद बताया कि उनके पिता जेमिनी गणेशन उनके बचपन में हमेशा उनसे दूर-दूर ही रहे. पिता का साया सिर पर न होने की वजह से उनका अपने पिता से कभी कोई खास या करीबी रिश्ता नहीं बन पाया.

एक वक्त ऐसा आया जब रेखा के घर की माली हालत काफी खराब हो गई. आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें बहुत कम उम्र में ही अपना स्कूल छोड़ना पड़ा. रेखा ने फिल्मों में काम करना किसी शौक या बड़े सपने के चलते शुरू नहीं किया था, बल्कि उन्होंने अपने परिवार का पेट पालने और मदद करने के लिए मजबूरी में कैमरे का सामना किया.

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शुरुआत भले ही मजबूरी में हुई थी, लेकिन रेखा की मेहनत ने इस मजबूरी को बॉलीवुड की सबसे बड़ी कामयाबी की कहानी में बदल दिया. उन्होंने इंडस्ट्री में एक स्ट्रगल करने वाली आउटसाइडर के तौर पर कदम रखा था, लेकिन अपनी अदाकारी और खूबसूरती के दम पर वह देखते ही देखते भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और आइकॉनिक स्टार बन गईं.

70 और 80 के दशक में रेखा की प्रोफेशनल लाइफ जितनी ऊंचाइयों पर थी, उनकी पर्सनल लाइफ भी उतनी ही सुर्खियों में आ गई. इसी दौर में उनका नाम बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ जोड़ा जाने लगा. दोनों के रिश्ते की खबरें और गॉसिप्स आज भी बॉलीवुड इतिहास के सबसे चर्चित किस्से में से एक माने जाते हैं.

सालों बाद जब मशहूर होस्ट सिमी ग्रेवाल ने अपने शो में रेखा से सीधा सवाल किया कि क्या वह कभी अमिताभ बच्चन के प्यार में थीं? तो रेखा ने बड़े बेबाक अंदाज में जवाब दिया, ‘बिल्कुल, यह तो बड़ा बेवकूफी भरा सवाल है. मैंने आज तक ऐसा कोई इंसान नहीं देखा जो अमिताभ बच्चन के प्यार में पागल न हो जाए. तो भला मैं इससे कैसे अलग रह सकती हूं? मैं बिल्कुल उनसे प्यार करती हूं.’

अमिताभ बच्चन से जुड़े किस्सों के बीच रेखा ने 4 मार्च 1990 को दिल्ली के एक बड़े बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी कर ली. इस अचानक हुई शादी ने उनके लाखों फैंस को हैरान कर दिया था. हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और शादी के महज छह महीने बाद ही उनके पति मुकेश अग्रवाल का निधन हो गया, जिसने रेखा को तोड़कर रख दिया.

रेखा की जिंदगी के इसी उतार-चढ़ाव के बीच साल 2005 में उनके पिता जेमिनी गणेशन का निधन हो गया. रेखा ने अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल न होने का एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया. उनके इस कदम ने पूरी इंडस्ट्री और मीडिया का ध्यान खींचा, जिसने एक बार फिर बाप-बेटी के उसी पुराने और उलझे हुए रिश्ते की दास्तान को हवा दे दी.

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मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे: जहानाबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उटा देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना – Jehanabad News




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जहानाबाद के उटा स्थित प्राचीन देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और देश के निरंतर विकास की कामना की। इस अवसर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया गया है। भाजपा नगर मंडल के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 12 वर्षों में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने गरीब कल्याण, डिजिटल भारत, स्वच्छता, आधारभूत संरचना और आत्मनिर्भर भारत जैसे क्षेत्रों में हुए ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख किया। भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पूनम कुमारी ने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लागू की गई योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। पूनम कुमारी ने प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल की खुशी में अपने घर पर तैयार किया गया सूजी का केक मंदिर परिसर में कार्यकर्ताओं के साथ काटा। इसके बाद मिठाइयों का वितरण कर सभी ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम पूजा-अर्चना, आरती, केक कटिंग और मिठाई वितरण के साथ संपन्न हुआ।



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जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत का नया स्टॉप, इन स्‍टेशनों पर रुकते हुए पहुंचेगी घाटी


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जम्मू-कश्मीर के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस अब अनंतनाग स्टेशन पर भी रुकेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बैठक में यह फैसला लिया गया है. नए स्टॉपेज से दक्षिण कश्मीर के लोगों, पर्यटकों और व्यापारियों को सीधा फायदा मिलेगा.

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जम्‍मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्‍सप्रेस को अब एक नया स्‍टॉपेज मिल गया है.

जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को अब एक नया कमर्शियल स्टॉपेज मिल गया है.

Jammu Srinagar Vande Bharat: यदि आप जम्‍मू-श्रीनगर वंदे भारत से सफर करने वाले हैं तो आपके लिए एक अच्‍छी खबर है. जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस अब अनंतनाग स्टेशन पर भी रुकेगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया. इस नए स्टॉपेज से घाटी के लोगों और पर्यटकों को तो सहूलियत मिलेगी ही, साथ ही व्यापारियों के दिन भी बदल जाएंगे.

रेल मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और लोगों की मांग को देखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस का अनंतनाग में कमर्शियल स्टॉपेज शुरू किया जाएगा. अब ट्रेन जम्मू से श्रीनगर के बीच सफर करते हुए अनंतनाग स्टेशन पर भी यात्रियों को चढ़ने और उतरने की सुविधा देगी. आपको बता दें कि अनंतनाग दक्षिण कश्मीर का एक अहम शहर है और इसे घाटी के आर्थिक तथा सांस्कृतिक केंद्रों में गिना जाता है.

पर्यटक को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा ने क्षेत्र में यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है. पहले जहां सड़क मार्ग से यात्रा में कई घंटे लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक रेल नेटवर्क के जरिए लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल रहा है. बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर में चल रही और भविष्य की रेलवे परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई है.

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत रेल नेटवर्क केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अनंतनाग में स्टॉपेज शुरू होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर घूमने पहुंचते हैं. अब उन्हें अनंतनाग और आसपास के इलाकों तक पहुंचने के लिए बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होगी. इससे स्थानीय होटल, व्यापार और पर्यटन उद्योग को भी फायदा मिलेगा.

बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे स्‍थानीय प्रोडक्‍ट्स
इसके अलावा अनंतनाग में वंदेभारत का स्‍टॉपेज बढ़ने से किसानों और कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा. जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध सेब, चेरी और अन्य फलों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में यह ढहराव बढ़ी भूमिका निभाने वाला है. साथ ही, सीमेंट और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई भी अब पहले की अपेक्षा में बेहद आसान हो जाएगी. इससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्‍ट कम होगा और स्थानीय प्रोडक्‍ट्स को बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा.

केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अनंतनाग में वंदे भारत का नया ठहराव स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है. यह कदम क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देगा. अनंतनाग में वंदे भारत एक्सप्रेस के नए स्टॉपेज को जम्मू-कश्मीर के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक अहम उपलब्धि है. इससे यात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को फायदा मिलेगा. – अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



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तरबूज काटते ही मिनटभर में अलग हो जाएंगे सारे बीज, अपनाएं ये आसान कटिंग ट्रिक


Watermelon Seeds Removal: गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में तरबूज की भरमार दिखने लगती है. लाल, मीठा और रस से भरपूर यह फल लोगों की पहली पसंद बन जाता है. तेज गर्मी में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ यह पानी की कमी भी पूरी करता है, लेकिन तरबूज खाते समय एक परेशानी लगभग हर घर में देखने को मिलती है और वह है इसके बीज. कई बार बच्चे बीजों की वजह से तरबूज खाने में आनाकानी करते हैं, जबकि बड़े लोगों को भी एक-एक बीज निकालना झंझट भरा काम लगता है. खासकर जब मेहमानों के लिए फ्रूट प्लेट तैयार करनी हो या जूस बनाना हो, तब यह काम और भी मुश्किल लगने लगता है.

ऐसे में सोशल मीडिया पर लोकप्रिय कुकिंग प्लेटफॉर्म ‘नेहा की रसोई’ ने तरबूज काटने और उसके बीज अलग करने का एक बेहद आसान तरीका बताया है. इस ट्रिक की मदद से कुछ ही पलों में बीज अलग किए जा सकते हैं और तरबूज खाने का मजा कई गुना बढ़ जाता है.

गर्मियों में क्यों खास है तरबूज?
तरबूज सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है. गर्म हवाओं और तेज धूप के बीच यह फल ताजगी का एहसास देता है. यही वजह है कि गर्मियों में इसकी मांग सबसे ज्यादा रहती है. हालांकि तरबूज खाते समय बार-बार आने वाले बीज कई लोगों को परेशान कर देते हैं. खासतौर पर छोटे बच्चों को खिलाते समय बीज निकालने में काफी समय लग जाता है. अब इस परेशानी का हल एक आसान कटिंग तकनीक के रूप में सामने आया है.

सबसे पहले करें सही कट
तरबूज को काटने से पहले उसे अच्छी तरह धो लें ताकि उसकी बाहरी सतह पर मौजूद धूल-मिट्टी साफ हो जाए. इसके बाद एक बड़ा और तेज धार वाला चाकू लें. अधिकतर लोग तरबूज को ऊपर से नीचे की तरफ काटते हैं, लेकिन नेहा की रसोई के अनुसार इसे बीच से आड़ा काटना ज्यादा बेहतर रहता है. ऐसा करने पर तरबूज दो बराबर हिस्सों में बंट जाता है और उसके अंदर बीजों की बनावट साफ दिखाई देने लगती है.

पहला तरीका: बीजों की लाइन पहचानें
कटे हुए हिस्से में से एक भाग को चॉपिंग बोर्ड पर रखें. अब इसे ऊपर से नीचे की तरफ दो हिस्सों में काट लें. ऐसा करते ही आपको अंदर बीजों की एक सीधी कतार नजर आएगी. असल में तरबूज के बीज पूरी तरह बिखरे नहीं होते, बल्कि एक खास पैटर्न में मौजूद रहते हैं. यही पैटर्न बीज निकालने का काम आसान बना देता है.

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पतली स्लाइस काटें और बीज अलग करें
अब बीजों की लाइन को ध्यान में रखते हुए पतली-पतली लंबी स्लाइस काट लें. इस तरीके से काटने पर बीज पूरी स्लाइस में फैलने के बजाय सिर्फ एक किनारे पर दिखाई देंगे. इसके बाद चाकू की नोक या सपाट हिस्से को बीजों की लाइन पर हल्के से चलाएं. एक ही स्ट्रोक में ज्यादातर बीज नीचे गिर जाएंगे. इस तरह बिना ज्यादा मेहनत के साफ स्लाइस तैयार हो जाएंगी.

दूसरा तरीका: राउंड पीस वाला हैक
अगर आप लंबी स्लाइस नहीं बनाना चाहते तो दूसरा तरीका भी काफी आसान है. इसके लिए तरबूज के गोल-गोल चक्के काट लें. जब आप इन गोल टुकड़ों को ध्यान से देखेंगे तो बीच में एक प्राकृतिक गोलाकार हिस्सा नजर आएगा. इसी हिस्से के आसपास अधिकतर बीज मौजूद होते हैं.

सेंटर सर्कल निकालते ही साफ हो जाएंगे बीज
अब चाकू की मदद से उस गोल हिस्से के चारों ओर कट लगाएं और बीच का भाग बाहर निकाल लें. ऐसा करते ही अधिकतर बीज अपने आप अलग हो जाएंगे. अगर कुछ बीज रह भी जाएं तो उस हिस्से को दो टुकड़ों में काटकर आसानी से निकाल सकते हैं. इसके बाद आपके पास लगभग बिना बीज वाला तरबूज तैयार होगा, जिसे बच्चों से लेकर बड़े तक आराम से खा सकेंगे.

यह तरीका क्यों है खास?
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें समय बहुत कम लगता है. जहां पहले बीज निकालने में कई मिनट लग जाते थे, वहीं अब यह काम लगभग एक मिनट में पूरा हो सकता है. इसके अलावा तरबूज की स्लाइस भी ज्यादा साफ और आकर्षक दिखाई देती हैं, जिससे मेहमानों के सामने परोसना आसान हो जाता है.

तरबूज गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल है, लेकिन इसके बीज अक्सर लोगों के लिए परेशानी बन जाते हैं. नेहा की रसोई द्वारा बताए गए ये दोनों आसान तरीके इस समस्या को काफी हद तक खत्म कर सकते हैं. सही कटिंग तकनीक अपनाकर आप कम समय में बीज अलग कर सकते हैं और बिना किसी झंझट के तरबूज का पूरा आनंद ले सकते हैं.



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एमसीडी और सीआरआरआई के बीच समझौता: इको-फिक्स से होगी गड्ढों की मरम्मत, अपनाई जाएगी स्टील-स्लैग तकनीक, प्रदूषण कम किया जाएगा – New Delhi News




नई दिल्ली। दिल्ली की जर्जर सड़कों और धूल प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत अब दिल्ली की सड़कों की मरम्मत और रखरखाव में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार और सीआरआरआई डायरेक्टर डॉ. चालुमूरी रवि शेखर ने एमओए पर हस्ताक्षर किए। इंजीनियरों को पेवमेंट निर्माण के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी समझौते के तहत अब सड़कों की गुणवत्ता की थर्ड-पार्टी जांच होगी और इंजीनियरों को पेवमेंट निर्माण के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण पहल इको-फिक्स तकनीक का उपयोग है, जो आयरन और स्टील-स्लैग पर आधारित है। यह मिक्स गड्ढों को भरने के लिए बेहद असरदार और त्वरित समाधान है। इस सहयोग पर निगम आयुक्त ने कहा, यह साझेदारी दिल्ली के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में मील का पत्थर है। समय पर मरम्मत से सड़क की धूल के उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इस नई तकनीक से अब दिल्लीवासियों को खराब सड़कों से मुक्ति मिलेगी और निर्माण कार्य में टिकाऊपन व स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।



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