खातीपुरा बाजार में 13 मई से चल रहे पानी की पाइपलाइन बिछाने के कार्य के चलते खातीपुरा पुलिया के पास निर्माण कार्य जारी है। कार्य के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस मार्ग से आने वाले वाहनों को झोटवाड़ा पुलिया से डायवर्ट कर कालवाड़ रोड की ओर भेजा जाएगा। वहीं झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा तिराहे की ओर जाने वाले वाहन कालवाड़ रोड से खिरनी फाटक होते हुए एक्सप्रेस-वे सर्विस लेन का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। हालांकि खातीपुरा तिराहे से झोटवाड़ा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूर्ववत संचालित रहेगा। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
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खातीपुरा बाजार में ट्रैफिक डायवर्जन: झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा पुलिया तक आवाजाही बंद, पानी की लाइन बिछाने के कार्य के चलते बदली यातायात व्यवस्था – Jaipur News
सीतापुर में यात्रियों से भरी मैजिक पलटी, 4 यात्री घायल: 12 से अधिक यात्रियों को लेकर आ रहा था वाहन, चालक फरार – Sitapur News
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर गुरुवार शाम करीब 7 बजे एक मैजिक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में सवार 12 से अधिक यात्रियों में चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं। दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे मैजिक (UP 32 RN 655) सिधौली से मिश्रिख की ओर जा रहा था। वाहन में लगभग एक दर्जन यात्री सवार थे। जैसे ही मैजिक कोरौना गांव स्थित राम किशोर रामेश्वर दयाल डिग्री कॉलेज के पास पहुंची, चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते मैजिक सड़क किनारे पलट गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में सीताकुंड, कोतवाली मिश्रिख निवासी अनीता अवस्थी (56 वर्ष), बेलहिया निवासी महेश (65 वर्ष), सहशापुर निवासी हरदेव (45 वर्ष) तथा बेलहिया निवासी सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं कुछ अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जो प्राथमिक उपचार के बाद अपने-अपने घर चले गए। घटना की सूचना मिलते ही संदना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुलेंस की सहायता से गंभीर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछरेहटा भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। संदना थानाध्यक्ष मान सिंह पाल ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मैजिक वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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बरसात में कीड़ों से बचाना है बेसन और सूजी? अपनाएं ये आसान और असरदार किचन हैक्स
Monsoon Kitchen Tips: बरसात का मौसम आते ही रसोई में रखी कई जरूरी चीजों की देखभाल पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है. खासकर बेसन, सूजी और मैदा जैसी सूखी सामग्री, जिनका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है. कभी गरमा-गरम पकौड़े बनाने हों, मीठा हलवा तैयार करना हो या फिर केक और पूरी बनानी हो, ये तीनों चीजें किचन की जरूरत हैं. लेकिन बारिश के दिनों में हवा में बढ़ी नमी इनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है.
थोड़ी-सी लापरवाही के कारण इनमें कीड़े लग सकते हैं, बदबू आने लगती है या फिर इनका स्वाद और गुणवत्ता दोनों खराब हो जाते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप इन्हें लंबे समय तक ताजा, सुरक्षित और इस्तेमाल के लायक रख सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे आसान किचन हैक्स, जो हर घर के लिए बेहद काम के साबित हो सकते हैं.
बारिश में क्यों जल्दी खराब हो जाते हैं बेसन, सूजी और मैदा?
बरसात के मौसम में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. यही नमी धीरे-धीरे किचन में रखे सूखे खाद्य पदार्थों तक पहुंच जाती है. यदि डिब्बा ठीक से बंद न हो या बार-बार खुलता रहे, तो हवा के संपर्क में आने से इनमें नमी जमा होने लगती है. यही नमी बाद में फफूंदी, बदबू और कीड़ों की वजह बन जाती है. कई लोग यह सोचकर बड़ी मात्रा में बेसन या मैदा खरीद लेते हैं कि बार-बार बाजार नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन सही स्टोरेज न होने पर यह बचत नुकसान में बदल सकती है.
फ्रिज या फ्रीजर में रखना सबसे आसान उपाय
एयर टाइट कंटेनर का करें इस्तेमाल
अगर आप चाहते हैं कि बेसन, सूजी और मैदा लंबे समय तक सुरक्षित रहें, तो इन्हें पहले अच्छी तरह सूखे और साफ एयर टाइट कंटेनर में भरें. इसके बाद जरूरत के अनुसार इन्हें फ्रिज या फ्रीजर में रखा जा सकता है. ठंडे वातावरण में नमी का असर काफी कम हो जाता है, जिससे कीड़े लगने की संभावना भी घट जाती है. खासतौर पर अगर आपने बड़ी मात्रा में सामान खरीदा है, तो यह तरीका काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
पुदीने की सूखी पत्तियां रखें, कीड़े रहेंगे दूर
घरेलू नुस्खा जो आज भी कारगर है
पुराने समय से ही कई घरों में सूखी पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता रहा है. इनकी प्राकृतिक खुशबू कई तरह के छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है. ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों. गीली पत्तियां रखने से फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है.
तेजपत्ता भी है बेहतरीन विकल्प
प्राकृतिक खुशबू से मिलता है संरक्षण
अगर आपके घर में तेजपत्ता मौजूद है, तो उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है. कंटेनर में तीन से चार तेजपत्ते रख देने से कीड़ों के आने की संभावना कम हो जाती है. यह उपाय आसान होने के साथ-साथ पूरी तरह प्राकृतिक भी है और किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता.
नीम की सूखी पत्तियां भी आएंगी काम
नीम को प्राकृतिक कीटरोधी माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग आज भी अनाज और दालों को सुरक्षित रखने के लिए इसकी सूखी पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं. यदि आप बेसन, सूजी या मैदा के डिब्बे में अच्छी तरह सूखी नीम की पत्तियां रखते हैं, तो उनमें कीड़े लगने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. बस यह ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों और उनमें नमी बिल्कुल न हो.
सूजी और बेसन को हल्का भूनकर करें स्टोर
स्टोरेज से पहले अपनाएं यह छोटी-सी ट्रिक
यदि आप सूजी और बेसन का लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन्हें हल्की आंच पर कुछ मिनट भूनकर पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद एयर टाइट डिब्बे में भर दें. ऐसा करने से इनमें मौजूद अतिरिक्त नमी निकल जाती है और इनके खराब होने की संभावना कम हो जाती है. हालांकि मैदा को भूनने की जरूरत नहीं होती. उसे सीधे साफ और सूखे डिब्बे में स्टोर करना चाहिए.
साफ और सूखा कंटेनर ही करें इस्तेमाल
अक्सर लोग नया सामान पुराने डिब्बे में ही भर देते हैं, जबकि उसमें पहले से हल्की नमी या पुराने आटे के कण मौजूद हो सकते हैं. यही छोटी-सी गलती बाद में पूरे सामान को खराब कर सकती है. इसलिए हर बार कंटेनर को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. इसके बाद ही नया बेसन, सूजी या मैदा उसमें भरें. साथ ही हमेशा सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें.
छोटी-छोटी आदतें बचा सकती हैं बड़ा नुकसान
कई बार लोग गीले हाथों से डिब्बा खोलते हैं या इस्तेमाल के बाद उसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं करते. ऐसी छोटी गलतियां धीरे-धीरे नमी बढ़ा देती हैं. अगर परिवार में रोजाना इन चीजों का इस्तेमाल होता है, तो कोशिश करें कि बड़े डिब्बे की बजाय थोड़ा-थोड़ा सामान अलग डिब्बे में निकालकर रखें. इससे मुख्य स्टॉक बार-बार हवा के संपर्क में नहीं आएगा और ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेगा. बरसात में नमी के कारण बेसन, सूजी और मैदा जल्दी खराब हो सकते हैं. एयर टाइट डिब्बा, फ्रिज स्टोरेज, तेजपत्ता, नीम और सूखी पुदीने की पत्तियों जैसे आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
डीएम बोले-लंबित मामलों को निपटाया जाए: साप्ताहिक समन्वय बैठक में पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा – Madhubani News
गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साप्ताहिक अंतर विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों की कार्य प्रगति, लंबित मामलों, जन शिकायतों, न्यायालयीन वादों, राजस्व वसूली और विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता बैठक में ‘सेवा-संवाद-समाधान एवं सहयोग शिविर’ पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। कला एवं संस्कृति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण, उद्योग, अल्पसंख्यक कल्याण, खेल, सूचना एवं जनसंपर्क, पर्यटन तथा गन्ना उद्योग विभाग द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों के शत-प्रतिशत निष्पादन की सराहना की गई। हालांकि, जिन विभागों में मामले लंबित पाए गए, उन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम और सूचना का अधिकार सहित अन्य शिकायत निवारण मंचों पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की। शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही पर कार्रवाई उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। राजस्व वसूली से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया, खासकर नीलाम पत्र शाखा की समीक्षा के दौरान। उच्च न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी, एमजेसी और एलपीए जैसे मामलों में समय पर शपथ-पत्र, प्रतिवेदन और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गुणवत्तापूर्ण ढंग से योजनाएं पूर्ण कराने के निर्देश उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) और व्यय प्रमाण पत्र (डीसी) के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से योजनाएं पूर्ण कराने का निर्देश दिया। बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार सहित सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी शिफ्टिंग ट्रायल फेज में: राजीव गांधी अस्पताल में शुरू हुई नई व्यवस्था, न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक की पहली सफल सर्जरी – New Delhi News
नई दिल्ली। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अब ट्रायल चरण में पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सेवाओं के स्थानांतरण की शुरुआत करते हुए नए इमरजेंसी ब्लॉक में मरीजों की भर्ती और चिकित्सा व्यवस्थाओं का परीक्षण शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवाओं के पूर्ण स्थानांतरण के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गुरुवार को नए ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स में दो सफल सर्जरी भी की गईं। इनमें एक न्यूरोसर्जरी और एक ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन शामिल रहा। इमरजेंसी ब्लॉक में 24 घंटे लैब सुविधा अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इन सफल प्रक्रियाओं से नए परिसर की तकनीकी और चिकित्सीय तैयारियों की पुष्टि हुई है। स्थानांतरण योजना के तहत मेडिसिन, सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक और ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित की जाएंगी। मरीजों की जांच प्रभावित न हो, इसके लिए नए इमरजेंसी ब्लॉक में 24 घंटे लैब सेवाएं भी जीटीबी अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ट्रायल रन के दौरान बुनियादी ढांचे, क्लीनिकल वर्कफ्लो और सहयोगी सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि सभी व्यवस्थाएं तय मानकों पर सफल रहीं तो 7 जुलाई तक इमरजेंसी सेवाओं का पूरा संचालन नए अस्पताल से शुरू कर दिया जाएगा।
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कटहल प्रोसेसिंग से बदली सरिता की जिंदगी, 8 महिलाओं को दिया रोजगार, 23 लाख का टर्नओवर
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Success Story: झारखंड में रांची की रहने वाली सरिता देवी घर पर ही प्रोसेसिंग यूनिट लगवाई हैं. हालांकि सरिता को सरकार की तरफ से काफी सब्सिडी और मदद मिली है. उन्होंने बताया कि इस प्रोसेसिंग यूनिट के जरिए वह कटहल की पैकेजिंग करती हैं. ऐसा पैकेजिंग होता है कि कैन में 2 साल तक खराब नहीं होता है. मतलब आप 2 साल तक इस कटहल का प्रयोग कर सकते हैं. आइये जानते हैं सरिता की सफलता के बारे में.
सरिता ने बताया कि इसके अलावा वह कटहल का अचार से लेकर कटहल का चिप्स और पापड़ बनाती हैं. आज मुंबई, दिल्ली और अमेजॉन में इनका प्रोडक्ट हिट है. इस साल का टर्नओवर 23 लाख तो गया ही. इसके अलावा वह अपने साथ 8 महिलाओं को भी जोड़े हुए हैं, जो साथ में उनके काम करती हैं और उनकी भी रोजी रोटी चलती है.

सरिता बताती हैं कि उनके यहां कटहल बहुत होता है. अगर आप रांची के किसी भी ग्रामीण एरिया में चल जाएं तो आप देखेंगे कि कटहल के पेड़ बहुत हैं और कई बार खराब भी हो जाते हैं. बाजार में पूरा माल बिक नहीं पाता है.

ऐसे में इसे स्टोर करने का उन्हें आइडिया आया और सरकार की तरफ से फूड प्रोसेसिंग स्कीम के तहत उन्हें सब्सिडी भी दी गई और और साथ में ट्रेनिंग भी. इसके बाद वह और मेरे साथ और 8 अन्य महिलाओं ने मिलकर इन सभी को कैन में पैक करने का काम शुरू किया.
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वह तरह-तरह की चिप्स बनाती हैं. जहां कटहल के कई सारे अचार जैसे मीठा, खट्टा, मिक्स इस तरीके का अचार बनाने का काम करती हैं. यहां से लोग विदेश तक उनका अचार लेकर जाते हैं. पहले से घर के हालात भी उनकी बहुत सुधर गई है.

सरिता बताती हैं कि एक समय था. जब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना होता था. प्राइवेट स्कूल तो एक सपना था, लेकिन आज आलम यह है कि वह अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से पढाकर आज बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई करा रही हैं. अब तो उनका प्लेसमेंट भी होने वाला है. अब जिंदगी पहले से काफी बदल चुकी है और उनके साथ 8 महिलाएं भी सशक्त हो रही हैं.
कैंटोनमेंट बोर्ड के सामने यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन: पानी-सफाई संकट पर ‘कुंभकर्ण’ जगाकर जताया विरोध – Jabalpur News
शहर के कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। क्षेत्र के आठ वार्डों में लंबे समय से पीने के पानी की आपूर्ति न होने और सफाई व्यवस्था ठप होने के विरोध में कांग्रेसियों ने कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दफ्तर के भीतर घुसने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस बल ने रोका। इस दौरान वाकई में कुंभकर्ण की तरह प्रदर्शन के बावजूद बोर्ड का कोई भी अधिकारी बाहर नहीं आया। प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस ने बोर्ड प्रशासन की बेरुखी पर तंज कसने के लिए एक अनोखा और सांकेतिक तरीका अपनाया। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर ‘कुंभकर्ण’ को नींद से जगाने का स्वांग रचा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जनता की बुनियादी समस्याओं को दरकिनार कर कुंभकर्णीय नींद में सोए हुए हैं, जिन्हें जगाने के लिए यह प्रतीकात्मक कदम उठाना पड़ा। यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि आठ वार्डों के हजारों नागरिक पानी के लिए तरस रहे हैं और वार्डों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इस जनविरोधी स्थिति को लेकर बोर्ड प्रशासन और सीईओ को लगातार लिखित और मौखिक शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। लगातार हो रही अनदेखी के कारण क्षेत्र के निवासियों का जीवन दूभर हो चुका है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कैंटोनमेंट बोर्ड ने जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया, तो यह केवल एक शुरुआत है। यूथ कांग्रेस आने वाले दिनों में प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन की होगी।
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नालंदा में रामधनी जी की दुकान का रसकदम, 5वीं पीढ़ी चला रही विरासत
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Nalanda Ras Kadam shop: मिठाई तो आपने बहुत खाई होगी, लेकिन रस कदम का स्वाद मुंह में जाते ही एक अलग एहसास होता है. यह ऐसी मिठाई है, जो बिहार की लगभग हर मिठाई दुकान में मिलती है. हालांकि आज हम आपको ऐसी मिठाई दुकान के रसकदम के स्वाद के बारे में बता रहे हैं, जिसका इतिहास बहुत ही पुराना है. वो मिठाई दुकान रामधनी जी की है, जो करीब 150 साल पुरानी बताई जाती है. रामधनी जी की मिठाई दुकान को 5वीं पीढ़ी के युवा चला रहे हैं. यह दुकान नालंदा जिला के कराय परसूराय प्रखंड बाजार में है. स्थानीय बताते हैं कि इस इलाके की पहचान रस कदम मिठाई से है.
लोकल 18 से दुकान मालिक आनंद कहते हैं कि यह दुकान बहुत पुरानी है. यहां से अब तक 40 कारीगर सीखकर बाहर अपनी दुकान चला रहे हैं और रस कदम का स्वाद परोस रहे हैं. अभी हम 5वीं पीढ़ी वाले दुकान चला रहे हैं.

यहां का रस कदम अलग-अलग शहरों तक पहुंच रहा है. दिल्ली, कोलकाता, पटना, रांची से लेकर विदेश तक यहां का रस कदम पहुंच रहा है. एक समय था जब हफ्ते में एक दिन यहां का रस कदम कोलकाता तक ट्रेन से पहुंचता था.

आनंद ने रसकदम बनाने की विधि पर चर्चा करते हुए कहा कि यह बनाना आसान है. वैसे तो हर दुकान में यह मिठाई मिल जाएगी, लेकिन यहां के जैसा स्वाद नहीं मिल पाएगा. हम सबसे पहले शुद्ध दूध के छेना को निकालते हैं. फिर उस पर शुद्ध खोवा का लेप चढ़ाया जाता है.
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इसके बाद पोस्ता दाना लगाया जाता है. इस मिठाई में इलायची और दूसरे मसाले भी शामिल किए जाते हैं. इन्हीं वजहों से मिठाई का स्वाद बढ़िया होता है. अभी 550 रुपए प्रति किलो रस कदम मिल रहा है. हमारे यहां अभी एक दर्जन कारीगर जुड़े हुए हैं.

वहीं, एक कारीगर अनिल यादव ने कहा कि रसकदम का इतिहास बहुत पुराना है और यहां का स्वाद आपको अन्य मिठाई दुकान में नहीं मिल पाएगा. अब तक दर्जनों कारीगर बाहर निकल चुके हैं, लेकिन यहां वाला स्वाद नहीं दे पाए.

सोचिए! जिस वक्त 40 पैसा में पैंट और 60 पैसा में शर्ट बनता था उसी वक्त से दुकान में काम कर रहे हैं. आज उम्र 50 साल हो रही है और 600 रुपए में पैंट शर्ट की सिलाई होती है. यहां के दूध, खोवा और पानी का स्वाद ही है कि इस मिठाई दुकान की पहचान बनाकर रखी हुई है.
Flipkart GOAT Sale में सस्ती मिलेगी Nothing Phone 4a सीरीज
Flipkart पर शुरू होने वाले GOAT Sale में Nothing के इस साल लॉन्च हुए फोन की कीमत में बंपर कटौती की गई है। Phone 4a और Phone 4a Pro की खरीद पर 8,000 रुपये तक का डिस्काउंट मिलेग। नथिंग के ये दोनों फोन इस साल की शुरुआती तिमाही में पेश किए गए हैं। फोन में 12GB रैम, 50MP कैमरा जैसे तगड़े फीचर्स मिलते हैं। फ्लिपकार्ट पर यह सेल 4 जुलाई को शुरू हो रही है।
Nothing Phone (4a) सीरीज पर ऑफर
Nothing Phone (4a) की खरीद पर 4,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। फोन की खरीद पर 3,000 रुपये का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा। वहीं, EMI ट्रांजैक्शन पर भी 3,000 रुपये का बोनस मिलेगा।
वहीं, Nothing Phone (4a) Pro की खरीद पर 5,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट दिया जाएगा। फ्लिपकार्ट सेल में इस फोन की खरीद पर भी 3,000 रुपये का एक्सचेंज डिस्काउंट मिलेगा।
Nothing Phone (4a) सीरीज के फीचर्स
Nothing Phone (4a) Pro को भारत में 39,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। फोन के फीचर्स की बात करें तो यह फोन 6.83 इंच के AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसमें Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट दिया गया है। इसके साथ 12GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा।
इस स्मार्टफोन के बैक में 50MP + 50MP+ 8MP ट्रिपल कैमरा सेटअप मिलता है। साथ ही, फोन में 32MP कैमरा फ्रंट में मिलेगा। यह फोन 5,400mAh की बैटरी और 50W फास्ट चार्जिंग दिया गया है। यह Android 16 पर बेस्ड Nothing OS 4.1 पर काम करता है।
वहीं, Nothing Phone (4a) को भारत में 31,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। यह फोन 6.78 इंच के फ्लेक्सिबल AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। फोन का डिस्प्ले 1.5K रेजलूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यह स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट पर काम करता है। फोन में 12GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन के बैक में 50MP का कैमरा मिलेगा। यह फोन भी 5,400mAh की बैटरी और 50W चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा।
यह भी पढ़ें – Oppo Reno 16, Reno 16c भारत में लॉन्च, AI फीचर्स से लैस है 7000mAh बैटरी वाला फोन
(डिसक्लेमर – सेल में मिलने वाले ऑफर में उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में फाइनल प्राइस ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ही चेक करें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)









