श्रीदत्तगंज क्षेत्र में शनिवार की शाम में बच्चों के मामूली विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे 65 वर्षीय दयाराम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार सुबह दयाराम की नातिन सावित्री गांव के पश्चिम स्थित खेत में भैंस चरा रही थी। इसी दौरान पड़ोसी शेषराम के आठ वर्षीय पोते नीरज से उसकी कहासुनी हो गई। नीरज के रोते हुए घर पहुंचने पर दोनों परिवारों के बीच विवाद शुरू हो गया। मामले की शिकायत लेकर एक पक्ष सुबह ही थाने पहुंचा और तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि शाम करीब साढ़े छह बजे विपक्षी पक्ष के लोग दोबारा दयाराम के घर पहुंच गए और कहासुनी करने लगे। विवाद बढ़ने पर दयाराम बीच-बचाव के लिए पहुंचे। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी पिटाई कर दी और गमछे से गला कस दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के नाती बुधराम ने आरोप लगाया कि यदि सुबह दी गई शिकायत पर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा कि दयाराम दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वह स्वयं हिंसा का शिकार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक अविरल शुक्ल ने बताया कि तहरीर के आधार पर शेषराम, श्यामकला, मनीषा देवी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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बलरामपुर में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या: बच्चों के विवाद में बीच-बचाव करने गए थे, दोनों पक्ष सुबह में पुलिस को दी थी शिकायत – Sri Datt Ganj(Balrampur) News
फिल्म स्टार ने ठुकरा दिया प्यार, ताउम्र कुंवारी रही हीरोइन, दर्दभरी लव स्टोरी
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सुलक्षणा पंडित हिंदी सिनेमा की खूबसूरत और कुशल प्लेबैक सिंगर थीं. उन्होंने 70 और 80 के दशक में कई सुपरस्टार्स के साथ काम किया. उन्होंने महज 9 साल की उम्र में सिंगिंग करियर शुरू किया और ‘संकल्प’ फिल्म से फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता. हालांकि, एक्ट्रेस की निजी जिंदगी दुखद रही. फिल्म ‘उलझन’ के दौरान उन्हें एक्टर संजीव कुमार से प्यार हुआ, लेकिन शादी का ऑफर ठुकराए जाने से उनका दिल टूट गया. उन्हें बाद में मां के निधन ने गहरा सदमा दिया. आखिरकार, 6 नवंबर 2025 को संजीव कुमार की पुण्यतिथि के ही दिन दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.
एक्ट्रेस का उसी दिन निधन हुआ, जिस दिन संजीव कुमार ने दुनिया को अलविदा कहा था.
नई दिल्ली: सिनेमा की दुनिया में कई हीरोइनें आईं, जिन्होंने अपनी कला के दम पर सिनेमा में अलग मुकाम पाया. इन्हीं में से एक थीं- सुलक्षणा पंडित.उन्होंने न सिर्फ अपनी दमदार एक्टिंग बल्कि अपनी सुरीली आवाज से भी लाखों दिलों पर राज किया. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 12 जुलाई 1954 को जन्मी सुलक्षणा पंडित एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती थीं जहां नस-नस में संगीत बसा था. उनके पिता और चाचा क्लासिकल सिंगर थे, वहीं 90 के दशक में ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी फिल्मों में सुपरहिट गाने देने वाली जतिन-ललित की जोड़ी उनके सगे भाई हैं. सुलक्षणा पंडित ने 70-80 के दशक में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, जितेंद्र और विनोद खन्ना जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम किया.
घर में संगीतमय माहौल होने की वजह से सुलक्षणा बचपन से ही बहुत अच्छा गाती थीं. उन्होंने महज नौ साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था. साल 1967 में आई फिल्म ‘तकदीर’ में लता मंगेशकर के साथ ‘सात समुंदर पार से’ प्लेबैक सिंगिंग में कदम रखा. उन्होंने अपने पूरे करियर में 70 से ज्यादा फिल्मों में अपनी आवाज दी, जिसमें ‘मौसम मौसम लवली मौसम’ और ‘जब आती होगी याद मेरी’ जैसे यादगार नगमे शामिल हैं. साल 1975 में आई फिल्म ‘संकल्प’ के गाने के लिए तो उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. उन्होंने इसी साल संजीव कुमार के साथ फिल्म ‘उलझन’ से एक्टिंग की दुनिया में भी कदम रखा, जिसके बाद उन्होंने ‘हेराफेरी’, ‘अपनापन’ और ‘वक्त की दीवार’ जैसी कई हिट फिल्मों में लीड रोल प्ले किए.
सदमे ने सुलक्षणा पंडित को अंदर से तोड़ दिया
सिनेमा की इस चमकदार दुनिया के पीछे सुलक्षणा की निजी जिंदगी दुखों से भरी रही. उन्हें अपनी पहली फिल्म ‘उलझन’ की शूटिंग के दौरान को-स्टार संजीव कुमार से प्यार हो गया था. सुलक्षणा ने अपने दिल की बात बताते हुए संजीव कुमार के सामने शादी का प्रपोजल भी रखा, लेकिन संजीव कुमार ने इसे ठुकरा दिया. इससे सुलक्षणा का दिल बुरी तरह टूट गया. किस्मत का खेल देखिए कि 6 नवंबर 1985 को सिर्फ 47 साल की उम्र में संजीव कुमार का हार्ट अटैक से निधन हो गया. इस बड़े झटके के तुरंत बाद सुलक्षणा की मां भी दुनिया से चल बसीं. जिंदगी में एक के बाद एक लगे दो बड़े सदमों ने सुलक्षणा को अंदर से तोड़ दिया. वे डिप्रेशन में चली गईं. उन्होंने कभी शादी न करने का फैसला किया. उन्होंने हमेशा के लिए फिल्मी दुनिया से भी दूरी बना ली.
एक ही तारीख को सुलक्षणा-संजीव का हुआ निधन
अधूरी मोहब्बत की दास्तान का अंत भी अजीब रहा. जिस तारीख यानी 6 नवंबर को उनके प्यार संजीव कुमार ने दम तोड़ा था, ठीक उसी तारीख को उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. सुलक्षणा पंडित का 6 नवंबर 2025 को 71 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. भले ही आज वह हमारे बीच नहीं हैं और उनकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा गुमनामी और तन्हाई में बीता.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
गैंगस्टर एक्ट में अर्जुन जायसवाल की संपत्तियां कुर्की से मुक्त: गोरखपुर का मामला, हाईकोर्ट ने दलीलें सुन राहत दी – Prayagraj (Allahabad) News
गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के निवासी अर्जुन जायसवाल और उनके परिवार के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई एक आवासीय मकान और तीन वाहनों को कुर्की से मुक्त करने का आदेश दिया है। जानिये क्या है मामला पुलिस थाना बेलीपार, गोरखपुर की रिपोर्ट पर वर्ष 2020 में अर्जुन जायसवाल के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके आधार पर जिला मजिस्ट्रेट, गोरखपुर ने जनवरी 2021 में धारा 14(1) के तहत उनकी और परिवार के सदस्यों की कुछ संपत्तियां कुर्क कर दी थीं। इसमें गाटा संख्या 206 पर बना पक्का मकान और तीन चार-पहिया वाहन शामिल थे। बाद में विशेष न्यायाधीश, गैंगस्टर एक्ट, गोरखपुर ने भी नवंबर 2022 में इस कुर्की को बरकरार रखा था, जिसके विरुद्ध यह अपील दाखिल की गई थी। अर्जुन जायसवाल ने दलील दी कि संपत्तियां पैतृक हैं, परिवार के पास लगभग 150 बीघा पुश्तैनी कृषि भूमि रही है, और राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण पर सरकार से मुआवजा भी मिला था। वाहन ऋण लेकर खरीदे गए थे और उनके भाई व रिश्तेदारों के नाम पंजीकृत थे, जो अपने वैध व्यवसाय से आय अर्जित करते थे। उनका कहना था कि दस आपराधिक मामलों में से किसी में भी उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है, और महज आपराधिक इतिहास के आधार पर संपत्ति को अपराध की कमाई नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने क्या कहा जानिये हाईकोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 के तहत कुर्की का अधिकार एक असाधारण शक्ति है, जिसका प्रयोग तभी किया जा सकता है जब संपत्ति और अपराध की आय के बीच स्पष्ट व प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने वाले ठोस साक्ष्य मौजूद हों। कोर्ट ने कहा कि केवल आपराधिक पृष्ठभूमि होने से यह नहीं माना जा सकता कि हर संपत्ति अपराध की कमाई से अर्जित की गई है। पीठ ने पाया कि अभियोजन पक्ष इस बात का कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सका कि मकान या वाहन किसी विशिष्ट अपराध की आय से खरीदे गए थे। इसके विपरीत, परिवार ने राजस्व अभिलेख, बैंक स्टेटमेंट, मुआवजा दस्तावेज़, ऋण भुगतान रिकॉर्ड और आयकर रिटर्न सहित पर्याप्त दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत किए था। कोर्ट ने विशेष न्यायाधीश के आदेश को साक्ष्य के बजाय अनुमान पर आधारित मानते हुए गाटा संख्या 206 स्थित मकान तथा तीन वाहनों की कुर्की रद्द कर दी और उन्हें उनके वैध स्वामियों को सौंपने का निर्देश दिया। हालांकि, राम शरण निषाद के नाम पंजीकृत वाहन (UP 53 AB 5305) की कुर्की बरकरार रखी गई, क्योंकि उसके स्वामी ने न तो कोई आपत्ति दाखिल की और न ही कोर्ट में उपस्थित हुए। इस प्रकार अपील को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया।
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दतिया में रातभर तोड़फोड़, चक्काजाम, हंगामा: दिन में सोते रहे नरोत्तम समर्थक; महिला बोली-टिकट मिलता तो भी हम वोट नहीं देते; दिखे तोड़फोड़ के निशान – datia News
मध्य प्रदेश के दतिया में हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रत्याशी घोषित होते ही दावेदार माने जा रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बेकाबू हो गए। टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे जैसे ही आशुतोष तिवारी के नाम
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रातभर नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। कई जगह तोड़फोड़ भी की गई। वाहनों के शीशे टूटे मिले और पुलिस के बैरिकेड भी गिरा दिए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी घोषित नहीं किया जाएगा, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। अगले दिन शनिवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान कुछ समर्थक धरना स्थल पर सोते हुए नजर आए।
दूसरी ओर, कई लोग डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से खुश भी नजर आए। उनका कहना है कि उनकी वजह से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया। एक महिला ने कहा कि अगर उन्हें टिकट मिलता, तब भी हम उन्हें वोट नहीं देते।
इधर, कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वह भी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
भले ही भाजपा ने अपने नए प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश तेज कर दी है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी अभी भी पूरी तरह खत्म होती नजर नहीं आ रही। भाजपा कार्यालय में समर्थकों का शांतिपूर्ण धरना जारी है और वे टिकट बदलने की मांग पर अड़े हुए हैं। पढ़िए, यह रिपोर्ट…
पहले पढ़िए, समर्थक और विरोधियों की राय

आशुतोष तिवारी के खिलाफ भी नारेबाजी शुक्रवार रात साढ़े 12 बजे तक 500 से ज्यादा कार्यकर्ता हाईवे पर डटे रहे। महिलाओं ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया। आशुतोष तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन भाजपा कार्यालय तक पहुंच गया, जहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की, जबकि पुलिस ने रूट डायवर्ट कर यातायात की व्यवस्था संभाली।
भाजपा कार्यालय बना विरोध का केंद्र हाईवे से हटाने के बाद प्रदर्शनकारियों को भाजपा कार्यालय के भीतर ही रोक दिया गया। यहां भी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। संभागीय प्रभारी अभय प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें मनाने में सफल नहीं हो सके।
लंबे समय तक चले विरोध के बीच कई कार्यकर्ता कार्यालय परिसर में ही बैठे रहे और थकने के बाद वहीं आराम करते नजर आए। इसके बावजूद धरना समाप्त नहीं हुआ।
देखिए, प्रदर्शन की तस्वीरें…

नरोत्तम मिश्रा के समर्थक लगातार प्रदर्शन करते रहे।

प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों के कांच तोड़ दिए गए।

दिन में प्रदर्शनकारी आराम करते नजर आए।

हालात को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई।
समर्थकों का दावा- आंदोलन जारी रहेगा
डॉ. मिश्रा के समर्थकों का कहना है कि उनका विरोध किसी के कहने पर नहीं, बल्कि अपनी भावना के आधार पर है। उनका कहना है कि जब तक टिकट बदलने के फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया जाता, तब तक भाजपा कार्यालय के भीतर शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।
दूसरी ओर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से संयम बनाए रखने और अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने की अपील की है।

बाजार बंद पर भी राजनीति
विरोध प्रदर्शन के दौरान दतिया शहर का बाजार भी काफी हद तक बंद रहा। कई व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोलीं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना था कि डॉ. मिश्रा ने वर्षों तक क्षेत्र के लिए काम किया है, इसलिए उनके समर्थन में बाजार बंद रखा गया।
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि व्यापारियों पर दबाव बनाकर बाजार बंद कराया गया। इसे लेकर भी दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।


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दतिया राजघराने के घनश्याम कांग्रेस प्रत्याशी घोषित

घनश्याम सिंह दतिया राजघराने के मुखिया हैं, जिन्हें कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को कैंडिडेट बनाया है। AICC के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने लेटर जारी कर घोषणा की है। घनश्याम सिंह दतिया राजघराने के मुखिया हैं। दैनिक भास्कर से घनश्याम सिंह ने कहा- मैंने चुनाव की पूरी तैयारी कर ली है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
नरोत्तम का टिकट कटने पर हिंसा

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को चुनाव होना है। यहां से भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। शुक्रवार शाम यह खबर फैलते ही एमपी के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क गए। उन्होंने हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर में पथराव, चक्काजाम और पुलिस से झड़प शुरू हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
ओटीटी पर बैन के बाद खुलेआम दिखाई जा रही ‘सतलज’, भड़के वकील ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
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दिलजीत दोसांझ की ‘सतलज’ को जी5 से दो दिन बाद हटा दिया गया था. फिल्म को हटाए जाने के बावजूद पंजाब और जम्मू में इसकी अवैध पब्लिक स्क्रीनिंग की खबरें आ रही हैं. इसके खिलाफ वकील विनीत जिंदल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने आयोजकों पर सख्त कार्रवाई और एफआईआर की मांग की है.
सतलुज मूवी को ओटीटी से हटाए जाने पर बवाल मचा हुआ है.
नई दिल्ली: हनी त्रेहान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘सतलज’ इन दिनों विवादों के घेरे में है. सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की इस फिल्म को रिलीज होते ही भारत में जी5 प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था, इसके बावजूद पंजाब और जम्मू जैसी जगहों पर इसकी पब्लिक स्क्रीनिंग की खबरें सामने आ रही हैं. अब गैर-कानूनी स्क्रीनिंग्स को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दी गई है. इस याचिका में मांग की गई है कि जो भी लोग या संगठन बिना किसी कानूनी इजाजत के इस फिल्म को सरेआम दिखा रहे हैं, उनके खिलाफ तुरंत और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
पूरी फिल्म जाने-माने एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनकी मौत की सच्ची कहानी पर आधारित है. फिल्म को 3 जुलाई को जी5 पर रिलीज तो किया गया था, लेकिन भारी विवाद के बाद इसे 5 जुलाई को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. सेंसरशिप, कानूनी एक्शन और बिना परमिशन के फिल्म लीक करने पर एक नई बहस छिड़ गई है. इसी बीच, वकील विनीत जिंदल ने एक्स पर अपनी कोर्ट याचिका की कॉपी शेयर की है. उन्होंने ‘सतलज’ की अवैध पब्लिक स्क्रीनिंग के मामले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
पंजाब की शांति के लिए खतरा
विनीत जिंदल का आरोप है कि कुछ धार्मिक संगठन, राजनीतिक दल और चंद लोग अपने निजी फायदे के लिए इस फिल्म की अवैध स्क्रीनिंग का सहारा ले रहे हैं. उनका कहना है कि फिल्म के जरिए समाज में हिंसा को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक खास समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. वकील ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बताया है. उनका मानना है कि अगर इन एक्टिविटी को तुरंत नहीं रोका गया, तो पंजाब में सालों से बनी शांति पूरी तरह बिगड़ सकती है. उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करें और स्क्रीनिंग्स को फौरन रुकवाएं.
पंजाब में फ़िल्म “सतलुज” की पब्लिक स्क्रीनिंग पर रोक व करवाही के लिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पत्र याचिका दायर।
अधिवक्ता विनीत जिंदल ने पंजाब में फिल्म “सतलुज” की अवैध सार्वजनिक स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश… pic.twitter.com/FI2eQUaPYJ
नोखा नहर में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला: श्री खिंडा गांव के पास पानी में फंसा था, 5-6 दिन पुरानी लाश – Nokha (Rohtas ) News
नोखा थाना क्षेत्र के श्री खिंडा नहर में शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। यह शव श्री खिंडा गांव के पास भोजपुर राजवाहा में फंसा हुआ था। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। देर शाम तक शव की पहचान नहीं हो सकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार शाम को शव नहर में फंसा हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। हालांकि, शाम लगभग सात बजे तक शव को नहर से बाहर नहीं निकाला जा सका। पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई न होने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने शव निकालने में देरी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव काफी पुराना लग रहा था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। अनुमान है कि व्यक्ति की मौत करीब पांच-छह दिन पहले हुई होगी। शव का केवल सिर का हिस्सा ही पानी के ऊपर दिख रहा था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई भी शव की शिनाख्त नहीं कर सका। थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि मामले को देखा जा रहा है। पुलिस द्वारा शव को बाहर निकालने और आगे की जांच की कार्रवाई की जा रही है। शव की पहचान होने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
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100 करोड़ से संवरेगा चंबल गार्डन-किशोरपुरा मुक्तिधाम: ओम बिरला बोले- सिर्फ कोचिंग सिटी नहीं, खेल और पर्यटन का हब बनेगा कोटा – Kota News
हाड़ौती की विरासत और कोटा की लाइफलाइन कहे जाने वाले ऐतिहासिक चंबल गार्डन का अब कायाकल्प होने जा रहा है। चंबल गार्डन और किशोरपुरा मुक्तिधाम के पुनर्विकास के लिए शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने करीब 100 करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास किया। ओम बिरला ने कहा कि 50 साल पुराने इस ऐतिहासिक स्थल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर नया स्वरूप दिया जाएगा। आगामी दो वर्षों में यह गार्डन देश और प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
सिर्फ कोचिंग सिटी नहीं, खेल और पर्यटन का हब बनेगा कोटा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा के विकास का जो सपना हमने देखा था, वह अब धरातल पर उतर रहा है। आने वाले समय में कोटा सिर्फ कोचिंग सिटी ही नहीं, बल्कि खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन और कनेक्टिविटी के मामले में देश के अग्रणी शहरों में शामिल होगा। कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र आने वाले समय में सबसे बेहतरीन कनेक्टिविटी वाला इलाका होगा। लोकसभा अध्यक्ष ने प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) की कार्यप्रणाली को और सरल किया जाएगा। कोटा को मिल रही है नई वैश्विक पहचान: यूडीएच मंत्री खर्रा
स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के विजन के कारण ही आज कोटा की पर्यटन परियोजनाओं को नई दिशा मिल रही है। रिवर फ्रंट और चंबल गार्डन जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए कोटा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में कोटा विकास का नया मॉडल बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहे रिवर फ्रंट को लेकर भी आगे काम करवाए जाएंगे।
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बारिश में खाना है हलवाई जैसी जालीदार मूंग दाल मंगोड़ी? जानें सीक्रेट रेसिपी
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Moong Dal Pakora Recipe: बरसात के सुहाने मौसम में अगर गरमा-गरम और कुरकुरी पकोड़ियां मिल जाएं, तो मौसम का मजा दोगुना हो जाता है. सीतामढ़ी की खुशबू कुमारी ने मूंग दाल पकोड़ी की आसान रेसिपी साझा की है. इसमें खड़े मसाले और हलवाई की खास ट्रिक से पकोड़ी अंदर से जालीदार और बाहर से क्रिस्पी बनती है. जानें रेसिपी.
सीतामढ़ी: बरसात के सुहाने मौसम में अगर गरमा-गरम और कुरकुरी पकोड़ियां मिल जाएं, तो मौसम का मजा दोगुना हो जाता है. अक्सर लोग शादियों या हलवाई की दुकान पर मिलने वाली खास जालीदार मूंग दाल की मंगोड़ी या पकोड़ी के स्वाद के दीवाने होते हैं. अगर आप भी इस बारिश में वही स्वाद घर पर चाहते हैं तो अब इसे बेहद आसानी से तैयार कर सकते हैं. सीतामढ़ी की स्थानीय गृहणी खुशबू कुमारी ने मानसून के इस खुशनुमा मौसम के लिए मूंग दाल पकोड़ी की एक बेहद आसान और सीक्रेट रेसिपी साझा की है. खुशबू कुमारी का कहना है कि पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए कुछ विशेष खड़े मसालों और हलवाई वाली खास ट्रिक का उपयोग करके बनाई गई यह पकोड़ी अंदर से एकदम जालीदार और बाहर से क्रिस्पी बनती है. जिसका स्वाद साधारण पकोड़ों से बिल्कुल अलग और लाजवाब होता है.
दाल तैयार करने की यह है विधि
इस सीक्रेट रेसिपी को तैयार करने के लिए सबसे पहले डेढ़ कप मूंग की दाल को लेकर उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद दाल को करीब दो घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें ताकि वह बढ़िया से फूल जाए. दो घंटे बाद दाल का सारा पानी पूरी तरह से निकाल दें. उसे एक ग्राइंडिंग जार में डाल लें. खुशबू कुमारी के अनुसार दाल को पीसते समय इसमें पानी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है. अगर पीसने में परेशानी हो तो मात्र एक से दो छोटी चम्मच पानी ही डालें. अन्यथा बैटर गीला हो जाएगा. दाल को मिक्सी में हल्का दरदरा ही पीसना है. क्योंकि बिल्कुल बारीक पेस्ट बनाने से पकोड़ी का पारंपरिक टेक्सचर और कुरकुरापन नहीं आ पाता है.
ऐसे तैयार करें सीक्रेट खुशबूदार खड़ा मसाला
पकोड़ी के असली स्वाद को बढ़ाने के लिए एक विशेष खुशबूदार खड़ा मसाला तैयार किया जाता है. इसके लिए गैस पर एक पैन रखकर उसमें दो चम्मच साबुत धनिया, एक चम्मच सौंफ, एक चम्मच अजवाइन और एक चम्मच जीरा डालकर धीमी आंच पर हल्का सा भून लें. जब तक कि उसमें से अच्छी महक न आने लगे. ध्यान रहे कि मसाला जलना नहीं चाहिए. भूनते समय ही इसमें चार से पांच सूखी लाल मिर्च भी डाल दें ताकि वह क्रिस्पी हो जाए. मसालों के ठंडा होने पर उन्हें ग्राइंडिंग जार में डालकर मिक्सी को सिर्फ एक बार हल्का सा चलाकर दरदरा पीस लें. अब इस तैयार मसाले को दरदरी पीसी हुई दाल के बैटर में मिला दें. साथ ही इसमें स्वादानुसार नमक, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधी चम्मच हल्दी, एक चौथाई चम्मच हींग, कुटा हुआ अदरक-लहसुन, हरी मिर्च, कश्मीरी लाल मिर्च, बारीक कटी हरी धनिया पत्ती और कसूरी मेथी डालकर अच्छी तरह मिला लें.
बाइंडिंग और तलने की खास हलवाई ट्रिक
बैटर को बेहतरीन बाइंडिंग और अच्छा टेक्सचर देने के लिए इसमें दो चम्मच बेसन और दो चम्मच थोड़ा गर्म तेल डालकर अच्छी तरह फेंटते हुए मिक्स करें. आखिरी में दो पिंच खाने वाला मीठा सोडा डालकर उस पर एक चम्मच पानी डालें ताकि सोडा एक्टिव हो जाए और पकोड़ियां अंदर से जालीदार बनें. पकोड़ियों को तलने के लिए एक झारे पर दो चम्मच बैटर रखें और हाथों से दबाते हुए कढ़ाई के गर्म तेल में गिराएं. पकोड़ियां डालते समय गैस का फ्लेम हाई रखें ताकि वे अपना सही शेप ले लें और आपस में न चिपकें. थोड़ी देर बाद गैस को लो-टू-मीडियम करके इन्हें अलट-पलट करते हुए गोल्डन ब्राउन होने तक बढ़िया से तल लें. खुशबू कुमारी कहती हैं कि तैयार गरमा-गरम पकोड़ियों को तली हुई हरी मिर्च, हरी चटनी, इमली की चटनी या ऊपर से जीरावन और नींबू का रस डालकर परोसें.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
डॉक्टर बनने का देखा सपना, ‘मिस आंध्र’ बनने के बाद बदली किस्मत, जिस्म बेचकर लगी कमाने
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एक्ट्रेस अपनी फिल्मों से ज्यादा निजी जिंदगी के चलते सुर्खियों में रही है. उन्होंने सालों पहले अपनी जिंदगी के कई राज उजागर करके सबको चौंका दिया था. एक्ट्रेस का कहना था कि वे शोबिज की चकाचौंध भरी दुनिया में इतना खो गई थी कि गलत रास्ता पकड़ लिया. उन्होंने आलीशान जिंदगी की चाहत में पैसों के बदले शरीर बेचा. करीब 10 साल बाद उनका नाम विवादित केस में सामने आया.
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के कुछ विवाद इतने बड़े होते हैं कि सालों बीत जाने के बाद भी लोग उनके बारे में बातें करना बंद नहीं करते. मशहूर एक्ट्रेस की कहानी आज भी चर्चा में है. उन्होंने सरेआम ऐसा कबूलनामा किया था जिसे सुनकर पूरी इंडस्ट्री सन्न रह गई थी. एक्ट्रेस ने खुले तौर पर माना था कि उन्होंने पैसों के लिए मर्दों के साथ संबंध बनाए थे. इतना ही नहीं, उनका नाम हाई-प्रोफाइल केस में भी आया, जिसने उन्हें दोबारा सुर्खियों में ला दिया. (फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)

एक्ट्रेस ने साल 2012 में अपने ट्वीट्स के जरिए बड़ा खुलासा किया था. शर्लिन ने माना था कि उन्होंने अपने अतीत में पैसों के बदले मर्दों के साथ संबंध बिताए थे. कई लोगों ने पैसों के बदले संबंध बनाने के लिए उनसे संपर्क किया था. उन्होंने लग्जरी लाइफस्टाइल और ग्लैमर की चाहत में रास्ता चुना था. वे यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने साफ किया कि वे सहानुभूति पाने या खुद को सुधारने के लिए यह सब नहीं कह रही हैं, बल्कि सिर्फ सच बयां कर रही हैं. (फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)

शर्लिन चोपड़ा ने अपने ट्वीट में खुलकर लिखा था कि वे आगे बढ़ने से पहले सब कुछ साफ कर देना चाहती हैं. उनका मकसद लोगों को हैरान करना या खुद को ‘बुरी लड़की से अच्छी लड़की’ साबित करना बिल्कुल नहीं है. उन्होंने बताया था कि उन्हें अपने ट्विटर हैंडल और ऑफिशियल ईमेल पर लगातार ऐसे लोगों के मैसेज और नंबर मिल रहे हैं जो पैसे देकर उनके करीब आना चाहते हैं. उन्होंने माना था कि अतीत में कई बार उन्होंने पैसों के लिए ऐसा किया है, लेकिन उन पुराने कड़वे अनुभवों में से किसी को याद नहीं रखना चाहतीं. (फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)
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शर्लिन ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए एक इंटरव्यू में अपनी बात को थोड़ा और साफ तरीके से सामने रखा. उन्होंने बताया कि बचपन में उनका सपना एक डॉक्टर बनने का था क्योंकि उन्हें साइंस में दिलचस्पी थी. उनके पिता भी एक डॉक्टर थे. वे पढ़ाई-लिखाई और बाकी एक्टिविटीज में भी आगे रहती थीं. सब कुछ बढ़िया चल रहा था, लेकिन तभी उन्होंने ‘मिस आंध्र’ का खिताब जीत लिया. महज 19 साल की उम्र में वह शोबिज की चमकीली दुनिया की तरफ खिंची चली गईं और उनकी जिंदगी का रास्ता ही बदल गया. (फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)

शर्लिन ने बताया कि उन्होंने मॉडलिंग के शुरुआती दौर में अपनी उम्र से बड़े पुरुषों को डेट करना शुरू कर दिया था. वे लोग उन्हें महंगे-महंगे गिफ्ट्स देते थे और बहुत लाड़-प्यार से रखते थे. मगर शर्लिन चोपड़ा को समझने में थोड़ा वक्त लगा कि जरूरतों पर टिके इन रिश्तों में सच्ची परवाह, इज्जत और प्यार जैसी चीजें गायब थीं. उन्हें सोच-विचार के बाद समझ आया कि अगर कोई इंसान आपको पाना चाहता है, तो इसका मतलब बिल्कुल नहीं है कि वह दिल से आपकी कद्र भी करता है.
(फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)

शर्लिन चोपड़ा ने इंटरव्यू में कहा कि उनके खुलासे का असली मकसद अपने अतीत की कड़वाहट को पीछे छोड़ना था. वे अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करना चाहती थीं, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि मीडिया ने उनकी बातों का पूरी तरह से गलत मतलब निकाल लिया.
(फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)

शर्लिन चोपड़ा साल 2021 में एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गईं. इस बार मामला इंटरनेट पर अश्लील वीडियो अपलोड करने से जुड़ा हुआ था. इंटरनेट पर एडल्ट कॉन्टेंट डालने की शिकायत मिलने के बाद मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने एक्शन लिया. शर्लिन के खिलाफ एक नया मामला दर्ज कर लिया. (फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)

शर्लिन ने पूरे मामले पर अपना बचाव किया और सफाई दी. उन्होंने कहा कि जो भी कंटेंट इंटरनेट पर था, वह दरअसल यूके की एक कंपनी के लिए कानूनी तौर पर बनाया गया था जो इसे ‘पे-पर-व्यू’ प्लेटफॉर्म पर चलाती थी. जो मटीरियल फ्री में इंटरनेट पर दिख रहा था, वह पूरी तरह से पायरेटेड था. (फोटो साभार: Instagram@_sherlynchopra_)

