मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र के पूर्वा ताहिर हुसैन में रविवार देर शाम गली में दरवाजा खोलने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान हुई मारपीट में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर कार्रवाई न करने और मिलीभगत का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है। पूर्वा ताहिर हुसैन निवासी वसीम पुत्र हाजी नफीस के अनुसार, उनकी गली में करीब 10 से 12 परिवार रहते हैं और यह गली वर्षों से केवल स्थानीय लोगों के आने-जाने के लिए इस्तेमाल होती रही है। वसीम का आरोप है कि तीन साल पहले पड़ोसी निजामुद्दीन ने एक मकान और दुकान खरीदी थी। रविवार को उसने पीछे की गली में जबरन एक नया दरवाजा खोल दिया। जब मोहल्ले के लोगों ने इस दरवाजे का विरोध किया, तो निजामुद्दीन अपने परिजनों और अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने विरोध करने वालों के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसमें वसीम के भाई के सिर पर गंभीर चोट आई। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पीड़ित पक्ष ने देहली गेट थाने में निजामुद्दीन, उसके परिजनों और अन्य लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। हालांकि, देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि उन्हें दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मेरठ में गली में दरवाजा खोलने पर विवाद: विरोध करने पर मारपीट, युवक घायल; पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप – Meerut News
खैरथल-तिजारा में चिटफंड धोखाधड़ी मामला, ईडी ने मांगे सबूत: सभी पीड़ितों को समन जारी, एफआईआर और बैंक डिटेल्स जमा करानी होगी – Khairthal-Tijara News
खैरथल-तिजारा के गांव मातौर में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड धोखाधड़ी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, ईडी जयपुर ने मामले की जांच के तहत परिवादी सत्यवीर चौधरी, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पीड़ित जमाकर्ताओं को समन जारी किए हैं। सभी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से मांगे सबूत
शिकायतकर्ताओं के वकील प्रताप सैन ने बताया- ईडी ने समन में पीड़ितों से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित पहचान एवं पते के प्रमाण, नवअंश ग्रुप एवं उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज शिकायत या एफआईआर की प्रति, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित सभी बैंक खातों का विवरण तथा नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड और सिंदुरिया माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के निदेशकों एवं एजेंटों के माध्यम से खुलवाए गए एफडी, बचत खाते, ऋण खाते सहित अन्य बैंक खातों की जानकारी मांगी है। करोड़ों के गबन का लगा आरोप
दरअसल, मामला 29 सितंबर 2025 का है। खैरथल थाने में दर्ज इस मामले में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर आम जनता से करोड़ों रुपए जमा कराकर गबन करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने खैरथल थाने में मामला दर्ज कराया और लगातार सरकार, प्रशासन तथा जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत की जमा पूंजी फंस गई है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। 10 लोगों को आरोपी बनाया, एक की हुई मौत
मामले में पुलिस की जांच के दौरान 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें एजेंट दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इनमें उमराव, दाताराम, सतपाल और पुरण फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जयपाल, नरेश, जिलेसिंह, वेंकटेश्वर प्रसाद और प्रेम कुमार जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रताप सैन न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर एवं रजिस्ट्रार कंपनियां, जयपुर द्वारा सब रजिस्ट्रार सहकारी समिति, खैरथल को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद दावों के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और सुनवाई भी समय पर नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। ये भी पढ़ें- मामा-भांजे ने फाइनेंस कंपनी बनाई, करोड़ों रुपए लेकर फरार:गुस्साए पीड़ितों ने घर में तोड़फोड़ की, बाइक फूंकी; बोले-मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़ा था साल 2010… खैरथल-तिजारा का मातौर गांव मामा-भांजे ने नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी बनाई। खुद का ऑफिस खोला और लोगों को रकम पर साल का 24% तक ब्याज देने का झांसा दिया। बॉन्ड, पासबुक और रसीदें भी छपवाईं। पहले कुछ साल ब्याज के साथ रुपए लौटाकर विश्वास जीता। इसके बाद लोग झांसे में आकर मेहनत से कमाई हुई मोटी रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) और RD (रिकरिंग डिपॉजिट) में जमा कराने लगे। 15 साल में निवेश के नाम पर जमा किए गए करोड़ों रुपए लेकर मामा-भांजा फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)
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साबूदाना भिगोने का सही तरीका, खिले-खिले रहेंगे दाने, खिचड़ी बनेगी बिल्कुल परफेक्ट
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Tricks To Make Non Sticky Sabudana: यदि आप हर बार स्वादिष्ट, दानेदार और बिल्कुल नॉन-स्टिकी साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं लेकिन बार-बार दाने चिपचिपे हो जाते हैं? तो यहां इस लेख में जानें खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने का सबसे आसान तरीका.
साबूदाना खिचड़ी व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली डिश में से एक है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मदद करती है. हालांकि, कई लोगों की शिकायत होती है कि खिचड़ी बनाते समय साबूदाना चिपक जाता है या फिर बहुत ज्यादा गीला हो जाता है. ऐसे में खिचड़ी का स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाते हैं. अगर आप भी हर बार खिला-खिला और दानेदार साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान कुकिंग टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं.
सही साबूदाना चुनना है जरूरी
अच्छी खिचड़ी बनाने के लिए सही साबूदाना चुनना सबसे जरूरी कदम है. बाजार में कई तरह के साबूदाने मिलते हैं, लेकिन मध्यम आकार वाला गोल साबूदाना खिचड़ी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. यह आसानी से पकता है और चिपचिपा भी नहीं होता.
भिगोने का सही तरीका अपनाएं
साबूदाना बनाने से पहले उसे 2-3 बार साफ पानी से धो लें ताकि एक्स्ट्रा स्टार्च निकल जाए. इसके बाद 1 कप साबूदाना में लगभग 3/4 कप पानी डालकर भिगो दें. ध्यान रखें कि ज्यादा पानी डालने से साबूदाना गीला और चिपचिपा हो सकता है. इसे लगभग 2 से ढाई घंटे के लिए ढककर छोड़ दें.
ऐसे पहचानें कि साबूदाना तैयार है
जब साबूदाना अच्छी तरह भीग जाए, तो उसके दाने आपस में चिपके नहीं होने चाहिए. दाने को हाथ से दबाने पर वह आसानी से टूट जाए और उसमें हल्की नमी महसूस हो, लेकिन वह ज्यादा गीला न लगे. यह संकेत है कि साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए तैयार है.
खिचड़ी बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान
सबसे पहले कढ़ाई में थोड़ा घी गर्म करें. फिर जीरा, अदरक और हरी मिर्च डालकर भून लें. इसके बाद उबले हुए आलू और भुनी हुई मूंगफली डालें. अब भीगा हुआ साबूदाना, सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाएं. हमेशा धीमी आंच पर पकाएं और लगातार हल्के हाथों से चलाते रहें.
मूंगफली पाउडर है सीक्रेट ट्रिक
खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने का सबसे आसान तरीका है मूंगफली पाउडर का इस्तेमाल. ये इंग्रीडिएंट नमी को सोख लेता है और साबूदाने के दानों को अलग-अलग रखने में मदद करता है. इसी वजह से खिचड़ी चिपकती नहीं है. अंत में जब खिचड़ी तैयार हो जाए तो ऊपर से नींबू का रस और हरा धनिया डालें. फिर 1-2 मिनट के लिए ढककर रखें ताकि सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिल जाएं.इसे दही, व्रत की चटनी या भुनी मूंगफली के साथ परोसकर स्वाद को और बढ़ाया जा सकता है.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
राजुला-खांभा में 12 इंच बारिश से बाढ़ के हालात: अमरेली में नदियां उफान पर आईं, हाईवे बंद होने से 20 गांवों का संपर्क टूटा – Gujarat News
गुजरात में अमरेली जिले के राजुला और खम्भा पंथक में बारिश ने भयंकर रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में खांभा ग्रामीण और राजुला पंथक में 12 इंच से अधिक भारी बारिश हुई है, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। धत्रावाडी और रायडी बांधों के ओवरफ्लो होने के बा
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खांभा के ग्रामीण इलाकों में 8 इंच और पंथक में कुल 12 इंच बारिश के कारण नागेश्री नेशनल हाईवे पूरी तरह से ठप हो गया है। चोटिला-खम्भा से नागेश्री जाने वाला नेशनल हाईवे भी अवरुद्ध हो गया है। रानीगापारा गांव के पास कोजीखान के नजदीक बने अस्थायी पुल का मार्ग बाढ़ के तेज पानी में बह गया है।
शहर और जिले में लगातार दो दिन तक भारी बारिश के चलते तापी नदी में 51 हजार क्यूसेक पानी की भारी आवक होने से सीजन में पहली बार वियर-कम-कॉजवे ओवरफ्लो हो गया है। जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 6.80 मीटर तक पहुंच गया। इस बीच यहां बने मनमोहक दृश्यों को कैमरे में कैद करने के लिए कॉजवे के पास लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
अमरेली जिले में बाढ़ की 5 तस्वीरें…
राजुला तालुका की धातरवाडी-2 डैम के गेट खोले जाने से रायडी नदी उफान पर आ गई।

राजुला तालुका के भेराई गांव के पास पानी घुस गया, 50 से अधिक लोग फंस गए,जिन्हें बचाया गया।

अमरेली-पिपावाव सड़क डूब गई है। खतरा उठाकर सड़क पार कर रहे वाहनों को रोका जा रहा है।

राजुला-सावरकुंडला राजमार्ग पर बाढ़ से सड़क बह गई। इससे दोनों तरफ का यातायात ठप हो गया।

सावरकुंडला में दीवार गिरने से खाना पका रही महिला मलबे में दब कर गंभीर रूप से घायल हो गई।
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ये खबर भी पढ़ें…
महाराष्ट्र में वाटरफॉल में फंसे 100 टूरिस्ट:रस्सी के सहारे रेस्क्यू; वसई में 20 कारें डूबीं; बिहार की कोसी नदी में समाए 6 घर

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में जेनिथ वाटरफॉल में अचानक पानी का लेवल बढ़ गया, जिसमें 100 टूरिस्ट फंस गए। उन्हें रस्सी की मदद से निकाला गया। नालासोपारा में सड़क पर पानी भरने से 20 कारें उसमें डूब गईं। पूरी खबर पढ़ें…
हाइट- 4 मंजिल, वजन- 500 हाथियों के समान, बुलेट ट्रेन के काम में लगी पहाड़ जैसी मशीन
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने देश की पहली हाई-स्पीड रेल के निर्माण में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है. मुंबई के विक्रोली में भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन ने अपना काम शुरू कर दिया है. यह इस पूरी परियोजना का सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण हिस्सा है. यह टनल मुंबई के सबसे व्यस्त इलाकों, ऊंची इमारतों और मीठी नदी के नीचे से होकर गुजरेगी, जिसके लिए अत्याधुनिक जापानी तकनीक और सुरक्षा मानकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
भारत की सबसे बड़ी रेल सुरंग निर्माण मशीन ने शुरू किया काम: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत विक्रोली से देश की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन ने भूमिगत सुरंग की खुदाई का काम शुरू कर दिया है. यह इस पूरी हाई-स्पीड रेल परियोजना का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. इस मशीन के जरिए मुंबई के घने इलाकों के नीचे से सुरक्षित रास्ता तैयार किया जाएगा.

चार मंजिला इमारत जितनी ऊंची है यह विशालकाय मशीन: सुरंग की खुदाई में जुटी इस मशीन का डायामीटर (व्यास) 13.6 मीटर है, जो लगभग एक चार मंजिला इमारत जितनी ऊंची दिखाई देती है. इतनी बड़ी मशीन का इस्तेमाल भारत में रेल सुरंग निर्माण के इतिहास में पहली बार किया जा रहा है. इसकी विशालता को देखकर ही इस परियोजना की भव्यता और आधुनिक तकनीक का अंदाजा लगाया जा सकता है.

500 हाथियों जितना वजन और फुटबॉल मैदान जैसी लंबाई: तकनीक के इस अजूबे का कुल वजन करीब 3,100 टन है, जो लगभग 500 एशियाई हाथियों के बराबर बैठता है. इसके साथ ही इसकी 96 मीटर की लंबाई एक पूरे फुटबॉल मैदान जितनी बड़ी है. इस भीमकाय मशीन को सुचारू रूप से चलाने के लिए जमीन के ऊपर एक पूरा आधुनिक सिस्टम तैयार किया गया है.
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21 किलोमीटर लंबी भूमिगत टनल का सफर: बुलेट ट्रेन के लिए मुंबई और अहमदाबाद के बीच कुल 21 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल बनाई जा रही है. इसमें से 16 किलोमीटर का हिस्सा इसी विशाल मशीन से खोदकर तैयार किया जाएगा. बाकी बचे 5 किलोमीटर का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) तकनीक से पहले ही पूरा किया जा चुका है.

खुदाई और मजबूती का काम एक साथ: विक्रोली से शुरू हुई यह मशीन एक ऐसी सिंगल-ट्यूब सुरंग तैयार करेगी, जिसमें बुलेट ट्रेन के आने और जाने के दोनों ट्रैक एक साथ होंगे. यह मशीन आगे बढ़ते हुए खुदाई करने के साथ ही कंक्रीट की लाइनिंग भी तुरंत करती जाती है. इस डबल एक्शन से सुरंग का निर्माण तेजी से होता है और वह साथ-साथ मजबूत होती चलती है.

घने इलाकों और मीठी नदी के नीचे से सुरक्षित रास्ता: यह सुरंग मुंबई के सबसे व्यस्त रिहायशी इलाकों, ऊंची इमारतों, सड़कों और मीठी नदी के ठीक नीचे से गुजरेगी. इसके लिए विशेष मिक्सशील्ड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो ज्यादा भूजल वाले इलाकों के लिए बेस्ट है. यह आधुनिक तकनीक जमीन धंसने के खतरे को पूरी तरह खत्म कर देती है जिससे ऊपर की संरचनाएं सुरक्षित रहती हैं.

20 मंजिला इमारत जितना गहरा शाफ्ट: इस विशालकाय मशीन को जमीन के नीचे उतारने के लिए विक्रोली में 56 मीटर गहरा एक विशाल शाफ्ट बनाया गया है. यह गहराई लगभग एक 20 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर बैठती है. इसी जगह पर मशीन के संचालन के लिए पानी शोधन संयंत्र, बिजली सब-स्टेशन और बैकअप जनरेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं तैयार की गई हैं.

सेंसर और सीस्मोग्राफ से रियल-टाइम निगरानी: खुदाई के दौरान ऊपर बनी इमारतों और जमीन पर कोई असर न पड़े, इसके लिए सतह पर विशेष सेंसर, टिल्ट मीटर और सीस्मोग्राफ लगाए गए हैं. ये आधुनिक उपकरण जमीन के नीचे होने वाली हर छोटी गतिविधि पर नजर रखते हैं. यह सारा डेटा कंट्रोल रूम को लाइव भेजा जाता है ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो.

100 टन की कंक्रीट रिंग से पूरी तरह वॉटरप्रूफ टनल: ठाणे के महापे कास्टिंग यार्ड में सुरंग को मजबूती देने के लिए 100-100 टन की 7,700 कंक्रीट रिंग तैयार की जा रही हैं. पानी के रिसाव को रोकने के लिए इस सुरंग में डबल-लेयर रबर सील और आधुनिक वॉटरप्रूफ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे भविष्य में टनल के अंदर पानी के रिसाव का खतरा शून्य हो जाएगा. (AI)
सरिया हमले में घायल दुकानदार की मौत: दतिया में परिजनों ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग की – datia News
दतिया जिले के बसई थाना क्षेत्र के ग्राम बसई में सरिया से हुए हमले में घायल दुकानदार रतनलाल साहू की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। दुकान बंद कराने को लेकर हुआ विवाद मृतक की पत्नी रिंकी साहू ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि यह घटना 21 जून की है। रतनलाल साहू अपनी दुकान पर आटा चक्की चला रहे थे। इसी दौरान गांव के रामप्रकाश साहू और उसके पुत्र संजय व अजय साहू दुकान पर पहुंचे और दुकान बंद कराने को लेकर विवाद करने लगे। सरिया और डंडों से हमला कर पीटा विरोध करने पर आरोपियों ने डंडों और लोहे की सरिया से रतनलाल साहू पर हमला कर दिया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज चल रहा था। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
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PoK में पाकिस्तानी फोर्स ने लोगों पर गोलियां चलाईं: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ 40 हजार प्रदर्शनकारी जुटे थे; कई लोग घायल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रविवार को जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के शांतिपूर्ण प्रदर्शन रैली पर पाकिस्तानी फोर्स ने गोलियां चला दीं। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, JAAC ने दावा किया कि अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 40 हजार लोग जुटे थे। संगठन का आरोप है कि डुडियाल के AMB इलाके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बिना उकसावे के गोलीबारी की, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या या पाकिस्तान प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। JAAC का कहना है कि यह प्रदर्शन इस्लामाबाद सरकार के खिलाफ है। साथ ही, यह आंदोलन JAAC के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, प्रशासनिक विफलताओं और बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर चल रहा है। संगठन ने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की है। पाकिस्तानी सेना की फायरिंग की 2 फोटो… कई इलाकों से पहुंचे लोग, विदेश में भी प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, डेरा इस्माइल खान में चल रहे धरना स्थल पर भी कई अलग-अलग इलाकों से लोगों के काफिले लगातार पहुंचते रहे। प्रदर्शन में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी बड़ी भागीदारी बताई गई। JAAC ने कहा कि रावलाकोट और चक की महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। संगठन का दावा है कि प्रदर्शनकारी प्रशासन के दबाव के बावजूद पीछे नहीं हटे। वहीं, JAAC की अपील पर न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रहने वाले कश्मीरी समुदाय ने भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने JAAC के कोर कमेटी सदस्य शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी का विरोध किया और उनकी रिहाई की मांग की। JAAC का कहना है कि शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद पूरे PoJK में तनाव बढ़ गया है। संगठन ने सोशल मीडिया पर ‘रीलिज शौकत मीर’ अभियान चलाया, जिसके तहत लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान ‘लॉन्ग लिव कश्मीर’ और ‘लॉन्ग लिव द पीपल’ जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन करने वाले संगठन JAAC के बारे में जानिए 5 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य JAAC ने सोशल मीडिया पर PoK के 10 जिलों की अनुमानित आबादी का आंकड़ा साझा किया। संगठन के मुताबिक, यदि प्रत्येक जिले से 50 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हों तो कुल संख्या पांच लाख तक पहुंच सकती है। संगठन ने लोगों से सफेद झंडे के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उनका कहना है कि उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना है कि प्रदर्शन केवल बुनियादी अधिकारों की मांग के लिए है। PoK के कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने दावा किया कि शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद 600 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को लंदन में भी पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी है। पिछले महीने हिंसा में 30 की मौत हुई थी सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 8 जून को PoK में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रॉयटर्स के मुताबिक मृतकों में 4 पुलिसकर्मी भी शामिल थे। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर भी विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा था। PoK में 27 जुलाई को चुनाव 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इसका असर वहां की राजनीति पर भी पड़ा। मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। चौधरी अनवरुल हक को भी नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था, और अब वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर नए प्रधानमंत्री हैं। ————————— पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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संभल में 24 कोसीय परिक्रमा संपन्न: बारिश और कीचड़ के बावजूद श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ यात्रा की – Sambhal News
संभल में 24 कोसीय मासिक परिक्रमा समिति द्वारा आयोजित मासिक परिक्रमा रविवार को संपन्न हुई। मूसलाधार बारिश, कीचड़ और दुर्गम कच्चे मार्गों के बावजूद श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ परिक्रमा पूरी की। इस दौरान परिक्रमा मार्ग “हर-हर महादेव”, “जय श्री वंशगोपाल” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा। परिक्रमा सुबह 6:30 बजे शुरू होकर दोपहर 4 बजे समाप्त हुई। परिक्रमा संभल के थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव बैनीपुर चक स्थित श्रीवंशगोपाल तीर्थ से शुरू हुई। इसमें 68 तीर्थों और 19 कूपों की यात्रा शामिल थी। पंडित शिवओम शुक्ला ने पवित्र कुंड में देवताओं और पितरों को जल अर्पित कराकर परिक्रमा का शुभारंभ किया। इसके बाद पंडित विशाल शर्मा ने संभलेश्वर भोलेनाथ की आरती की। श्रद्धालुओं ने पवित्र कदंब वृक्ष और तीर्थ की परिक्रमा की, जिसके उपरांत महंत भगवद प्रिय महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर परिक्रमा के लिए रवाना किया। देखें, 3 तस्वीरें… परिक्रमा शुरू होते ही मार्ग में कई स्थानों पर भारी जलभराव और कीचड़ के कारण चार पहिया वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। कुछ वाहन कीचड़ में फंस गए, जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा और वे सीधे प्रमुख तीर्थों के दर्शन के लिए आगे बढ़े।
परिक्रमा भुवनेश्वर तीर्थ पहुंची, जहां पंडित विशाल शर्मा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की स्तुति में रुद्राष्टकम का सामूहिक पाठ किया। इसके बाद गांव फिरोजपुर स्थित मां चामुंडा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। नैमिषारण्य तीर्थ पर महंत बालयोगी दीनानाथ ने सिद्ध समाधि बाबा क्षेमनाथ महाराज के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं ने गांव भवानीपुर और गांव चंदायन स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में भगवान शिव का पूजन और जलाभिषेक किया। श्रीवंशगोपाल धाम लौटकर मासिक 24 कोसीय परिक्रमा का समापन हुआ। इस अवसर पर राज कुमार शर्मा, जसपाल सिंह, रामकिशन ठकराल, अंकित अग्रवाल, पंडित विशाल शर्मा, राजू टेंट, आशीष गुप्ता, सरिता गुप्ता, अर्जुन सिंह, अमित शर्मा और सत्यवीर सिंह सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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