Saturday, July 4, 2026
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बंटवारे के बाद तंगी से जूझ रहा था एक्टर, 1 मूवी ने चमकाई किस्मत, अचानक छोड़ी एक्टिंग


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साल 1964 में आई फिल्म ‘दोस्ती’ ने एक्टर सुशील कु्मार को स्टार बना दिया था. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसने नेशनल अवार्ड समेत कई फिल्मफेयर पुरस्कार जीते. उन्होंने फिल्म में बैसाखी के सहारे चलने वाले ‘रामनाथ’ का किरदार निभाया था. बंटवारे के बाद उनका परिवार तंगी से जूझ रहा था. उन्हें मुसीबत से छुटकारा तब मिला, जब राजश्री प्रोडक्शंस ने उन्हें 300 रुपये महीने की सैलरी पर 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट के लिए साइन किया. सुशील कुमार ने बाद में एयर इंडिया में नौकरी की और साल 2003 में रिटायर हुए.

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फिल्म ‘दोस्ती’ से स्टार बने थे एक्टर

नई दिल्ली: फिल्म ‘दोस्ती’ की कहानी दिल को झकझोर देने वाली है. फिल्म लोगों को खूब पसंद आई थी. इसने साल 1964 में सिनेमाघरों में राज किया था. आज भी यह लोगों की पसंदीदा फिल्मों में से एक है. इसमें एक्टर सुशील कुमार ‘रामनाथ’ का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए थे. वे 4 जुलाई 1945 को कराची में जन्मे थे. बंटवारे के बाद उनका सिंधी परिवार सबकुछ छोड़कर भारत आ गया. सुशील को बचपन से ही डांस और एक्टिंग का बड़ा शौक था. घर के खराब हालातों को सुधारने के लिए उनकी मां ने उन्हें फिल्मों में काम करने की इजाजत दे दी. उन्होंने 1958 में एक सिंधी फिल्म से शुरुआत की और फिर कई फिल्मों में बतौर बाल कलाकार अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया.

सुशील कुमार की किस्मत तब पलटी, जब राजश्री प्रोडक्शंस के मालिक ताराचंद बड़जात्या फिल्म ‘दोस्ती’ के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे. दरअसल, ताराचंद बड़जात्या की बेटी ने सुशील को एक फिल्म में एक्टिंग करते देखा था. उन्होंने अपने पिता को सुशील का नाम सुझाया, जिसके बाद राजश्री प्रोडक्शंस ने सुशील कुमार के साथ पूरे तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया. उन्हें हर महीने 300 रुपये की सैलरी मिलती थी, जो आज के जमाने में भले ही बहुत कम लगे, लेकिन उस वक्त एक नए एक्टर और उनके परिवार के लिए यह बहुत बड़ा सहारा थी.

एक्टिंग छोड़ एयर इंडिया में पकड़ी नौकरी
जब फिल्म ‘दोस्ती’ रिलीज हुई, तो इसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. सुशील कुमार और सुधीर कुमार की सादगी भरी जोड़ी ने दर्शकों को खूब रुलाया. मोहम्मद रफी के गाए गाने और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने फिल्म को अमर बना दिया, जिसे नेशनल अवार्ड और कई फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले. ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद सुशील को कई ऑफर मिले, पर बात नहीं बन पाई. उन्होंने बाद में फिल्मों को अलविदा कहकर अपनी पढ़ाई पूरी की और एयर इंडिया में नौकरी कर ली. मजेदार बात यह है कि फिल्म ‘हीरा पन्ना’ की शूटिंग जब फ्लाइट में हो रही थी, तब सुशील कुमार फ्लाइट पर्सर के रूप में कैमरे के सामने नजर आए थे. वे साल 2003 में अपनी नौकरी से रिटायर होकर एक शांत जीवन जी रहे हैं.

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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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मुरादाबाद में करंट की चपेट में आने से 3 झुलसे: बिजली भागने पर छत पर सोने गया था परिवार, ऊपर से गुजर रही HT लाइन में फाल्ट हुआ – Moradabad News



मुरादाबाद में हाईटेंशन लाइन में हुए फाल्ट के बाद करेंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के 3 लोग झुलस गए। झुलसने वालों में पति पत्नी और 7 साल का एक बच्चा शामिल है।

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घटना मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में एकता नगर कॉलोनी की है। ओमपाल सिंह यहां अपने परिवार के साथ रहते हैं। ओमपाल सिंह के बड़े बेटे सतीश ने बताया की शुक्रवार रात करीब 12:30 पर बिजली भागने पर पूरा परिवार सोने के लिए छत पर चला गया था। कुछ देर बाद बिजली आई तो ओमपाल सिंह की पत्नी बबीता ने पति से पंखे के तार लगाने के लिए कहा। ओमपाल सिंह ने जैसे ही पंख का प्लग लगाकर स्विच ऑन किया इसी दौरान घर के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन में अचानक फाल्ट हुआ। सतीश का कहना है कि इसके बाद उनके पूरे घर की वायरिंग में आग लग गई और करंट दौड़ने लगा। करंट की चपेट में आने से ओमपाल सिंह; उनकी पत्नी बबीता और 7 साल का बेटा हर्षित गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम सदर और को सिविल लाइंस ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से घटना के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही चिकित्सकों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार का समुचित इलाज किया जाए।

महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है।



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नवभारत हाउसिंग सोसायटी घोटाला में 4.64 करोड़ की हेराफेरी: ED की जांच तेज, सहकारी समिति की जमीन बेचकर फंड गबन का आरोप – Indore News




इंदौर की चर्चित नवभारत हाउसिंग सोसायटी में करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। करीब 4.64 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं और जमीन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने आरोपी श्रीकांत घंटे, सुभाष चंद्र दुबे, राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायालय, इंदौर में चालान पेश किया है। मामले में कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मामला इंदौर के एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें नवभारत गृह निर्माण सहकारी समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलुओं की जांच प्रारंभ की थी। जमीन बेचकर सोसायटी फंड में सेंध लगाने का आरोप ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों ने नियोजित तरीके से सोसायटी की संपत्तियों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि सोसायटी के फंड से खरीदी गई जमीनों को विभिन्न संस्थाओं और पक्षों को बेच दिया गया और उससे प्राप्त राशि का हिसाब-किताब छिपाकर फंड का गबन किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सोसायटी के सदस्यों को धोखे में रखा गया और जमीन बिक्री से जुड़े कई रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए, ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी सामने न आ सके। ईडी के अनुसार, घोटाले से प्राप्त धन को विभिन्न स्तरों पर खपाया गया और बाद में उससे अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि को वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए, जिन्हें धनशोधन की श्रेणी में माना गया है। 64 लाख की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी को पीएमएलए-2002 के तहत आरोपी श्रीकांत घंटे और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज करीब 64 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर दी थीं। एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।



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‘परदेसी-परदेसी’ से रातों-रात बनीं स्टार, शादीशुदा मर्द के इश्क में हुई बर्बाद


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हम जिस हीरोइन की बात कर रहे हैं, वह ‘राजा हिंदुस्तानी’ के सुपरहिट गाने ‘परदेसी परदेसी’ से रातों-रात स्टार बनी थीं. वे दिग्गज एक्ट्रेस माला सिन्हा की बेटी प्रतिभा सिन्हा हैं. उन्होंने अपना फिल्मी करियर एक विवादित रिश्ते की वजह से तबाह हो गया. शादीशुदा संगीतकार नदीम सैफी संग उनके अफेयर के मां माला सिन्हा खिलाफ थीं. साल 1997 के गुलशन कुमार हत्याकांड में नदीम का नाम आने से प्रतिभा का करियर पूरी तरह खत्म हो गया. प्रतिभा अब चकाचौंध से दूर अपनी मां के साथ मुंबई में शांति से जीवन जी रही हैं.

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प्रतिभा सिन्हा, माला सिन्हा की बेटी हैं. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

नई दिल्ली: साल 1996 में आई फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’ का वो सदाबहार गाना ‘परदेसी परदेसी जाना नहीं’ तो आप सबको याद ही होगा. इस गाने में करिश्मा कपूर और आमिर खान के बीच एक बंजारन डांसर ने अपनी अदाओं से सबका ध्यान खींचा था. वो डांसर कोई और नहीं, बल्कि गुजरे जमाने की दिग्गज एक्ट्रेस माला सिन्हा की बेटी प्रतिभा सिन्हा थीं. महज 7 मिनट के इस गाने ने प्रतिभा को रातों-रात स्टार बना दिया था. मगर किस्मत का खेल देखिए, जिस संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण के गाने ने उन्हें शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचाया, उसी जोड़ी के नदीम सैफी संगर अफेयर ने प्रतिभा के फिल्मी करियर को बर्बाद कर दिया.

प्रतिभा का जन्म 4 जुलाई 1969 को बड़े फिल्मी परिवार में हुआ था. उन्हें एक्टिंग विरासत में मिली थी. उनकी मां माला सिन्हा बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस थीं और पिता चिदंबर प्रसाद लोहानी नेपाल के मशहूर एक्टर और जमींदार थे. प्रतिभा ने साल 1992 में फिल्म ‘महबूब मेरे महबूब’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. हालांकि फिल्म फ्लॉप रही, लेकिन प्रतिभा की सादगी ने मेकर्स का दिल जीत लिया. उन्होंने ‘कल की आवाज’, ‘दिल है बेताब’ और ‘तू चोर मैं सिपाही’ जैसी फिल्मों में काम किया. फिर ‘परदेसी परदेसी’ गाने से उन्हें जो कामयाबी मिली, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. साल 2000 में आई ‘ले चल अपने संग’ उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई.


माला सिन्हा ने बाल ठाकरे से मांगी थी मदद
प्रतिभा की जिंदगी का सबसे विवादित मोड़ तब आया, जब फिल्मों के दौरान उनकी नजदीकियां शादीशुदा संगीतकार नदीम सैफी से बढ़ीं. दोनों अलग धर्म के थे, इसलिए माला सिन्हा इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं. बेटी को नदीम से दूर रखने के लिए माला सिन्हा ने उन्हें चेन्नई में नजरबंद तक कर दिया था. फिर भी दोनों कोड वर्ड में एक-दूसरे से बात करते रहे. जब दोनों के भागने की अफवाहें उड़ीं, तो माला सिन्हा ने बाल ठाकरे से मदद मांगी. प्रतिभा को मुंबई वापस लाकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कराई गई, जहां उन्होंने भारी दबाव में नदीम पर किडनैपिंग और शोषण के आरोप लगाए. हालांकि, नदीम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया था.

गुलशन कुमार की हत्या में शामिल होने का लगा आरोप
ड्रामा शांत भी नहीं हुआ था कि अगस्त 1997 में टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की सरेआम हत्या कर दी गई. इस मर्डर केस में साजिशकर्ता के रूप में नदीम सैफी का नाम सामने आया. नदीम अपनी जान बचाकर लंदन भाग गए. कोर्ट ने भले ही नदीम को बेगुनाह माना, लेकिन इस पूरे मामले ने प्रतिभा सिन्हा के बचे-खुचे करियर पर फुल स्टॉप लगा दिया. आज प्रतिभा सिन्हा फिल्मी दुनिया की चकाचौंध को भूलकर मुंबई में अपनी मां के साथ सुकून भरी जिंदगी जी रही हैं.

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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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बाजार जैसी अंगूरी रसमलाई घर पर बनाएं, मेहमान भी पूछेंगे कहां से लाए, नोट कर लें रेसिपी


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Angoori Rasmalai Recipe: अंगूरी रसमलाई का नाम सुनते ही मिठाई लवर्स के मुंह में पानी आ जाता है. आमतौर पर लोग इसे बाजार से खरीदकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन अब आप इसे घर पर भी बना सकते हैं वो भी बिल्कुल हलवाई जैसी स्वादिष्ट और मुलायम. अंगूरी रसमलाई थोड़ी मेहनत और सही तरीके से बनाई जाए तो यह किसी भी खास मौके को और भी खास बना सकती है. देश के कई बड़े होटल्स में काम कर चुकी शेफ स्पर्श नरूला बताती हैं कि सॉफ्ट और स्पंजी अंगूरी रसमलाई बनाने के लिए दूध से छेना बनाने, छेना को छानने या फिर उसको मसलते समय कुछ सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी हैं. अक्सर लोग इसमें एक गलती कर देते हैं, इस वजह से रसमलाई मनचाही रंगत नहीं ला पाती है.

अंगूरी रसमलाई बनाने के लिए सबसे पहले छेना तैयार करने के लिए 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 2 से 3 बड़े चम्मच सिरका, आधा कप पानी, 1 छोटा चम्मच कॉर्नफ्लोर और एक चुटकी बेकिंग सोडा की जरूरत होगी. वहीं स्वादिष्ट रबड़ी बनाने के लिए 1 लीटर फुल क्रीम दूध, स्वादानुसार चीनी, कुछ केसर और आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर लें. अपने हिसाब से कोई भी ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं. इसके अलावा चाशनी तैयार करने के लिए डेढ़ कप चीनी और 4 कप पानी की जरूरत पड़ेगी. थोड़ी बर्फ भी रेडी रखें, आगे काम आएगी.

सबसे पहले एक लीटर दूध को किसी बड़े बर्तन में डालकर उसे उबाल लें. उबाल आने के बाद गैस बंद कर दें और दूध को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद 3 चम्मच सिरके को आधा कप पानी में मिलाकर धीरे-धीरे दूध में डालें और लगातार चलाते रहें. दूध पूरी तरह फट जाए तो इसे कॉटन के कपड़े में छान लें. छेना को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि सिरके का स्वाद निकल जाए. फिर कपड़े को करीब एक घंटे के लिए टांग दें ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए.

शेफ टिप्स की बात करें तो यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दूध में उबाल आने के बाद उसे तुरंत न फाड़ें. पहले उसे 5 से 7 मिनट तक हल्का ठंडा होने दें. इसके बाद ही फाड़ने वाला आइटम डालें. ऐसा करने से छेना मुलायम और चिकना बनता है. वहीं अगर उबलते हुए दूध में सीधे सिरका डाल दिया जाए, तो छेना सख्त होने की संभावना बढ़ जाती है. इससे रसमलाई उतनी स्पंजी और नरम नहीं बन पाती.

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जब तक छेना से बचा हुआ पानी निकल रहा है, तब तक रबड़ी बना लेते हैं. इसके लिए एक लीटर दूध को बड़े बर्तन में डालकर आधा होने तक पकाएं. फिर इसमें कूटे हुए पिस्ता, बादाम, कूटी हुई इलायची, केसर और अपने अनुसार कोई भी ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद चीनी मिलाकर करीब 10 मिनट तक पकाएं. फिर गैस बंद कर ठंडा होने के लिए रख दें. यही रबड़ी अंगूरी रसमलाई का स्वाद बढ़ाएगी.

अब तैयार छेना को निकालकर करीब 8 मिनट तक अच्छी तरह मसलें. ध्यान रहे, छेने को मसलते हुए उसे इतना नहीं मसलना है कि उसका घी अलग होने लगे. बस इसे सॉफ्ट होने तक मसलना है. इसके बाद कॉर्नफ्लोर और बेकिंग सोडा मिलाकर दो मिनट और गूंथें. फिर कपड़े से ढककर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें. इसके बाद छेना से कपड़ा हटाएं और उसे छोटे-छोटे अंगूर जैसे साइज के छोटे-छोटे बॉल्स बना लें.

एक चौड़े बर्तन में डेढ़ कप चीनी और चार कप पानी डालकर उबालें. जब चाशनी अच्छे से उबलने लगे तो उसमें छेना के बॉल्स डालें. बर्तन को ढककर लगभग 15 मिनट तक पकाएं. पकने के बाद इन्हें तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें और 5 मिनट तक रहने दें. इसके बाद बॉल्स को ठंडे पानी से निकालकर हल्के से हाथों से निचोड़कर इसको अलग बर्तन में बारी-बारी से रखें.

फिर उसमें रबड़ी को डाल दें. इसके ऊपर से आप पिस्ता, बादाम, इलायची पाउडर, केसर या फिर अपने हिसाब से कोई भी ड्राई फ्रूट्स डालकर कम से कम 5 से 6 घंटे या पूरी रात फ्रिज में रखें. जैसे ही आप फ्रिज खोलकर उसको निकालेंगे, तो रसमलाई अपनी रंगत में दिखाई देने लगेगी. सर्व करने से पहले बादाम, पिस्ता, केसर और सूखी गुलाब की पंखुड़ियों से इसको गार्निश कर सकते हैं. इस तरह ठंडी-ठंडी अंगूरी रसमलाई तैयार है. इसका स्वाद ऐसा होगा कि घर के लोग भी पूछ बैठेंगे कि मिठाई घर में बनी है या किसी मशहूर हलवाई की दुकान से लाई गई है.

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जाट महापंचायत विवाद पर 30 दिन में फैसला करना होगा: हाईकोर्ट ने कहा- एक महीने में कारण सहित आदेश जारी करेंगे; जोधपुर कलेक्टर को दिए निर्देश – Jodhpur News




राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद में जोधपुर कलेक्टर को निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को सभी पक्षों की सुनवाई कर 30 दिनों में कारण सहित आदेश जारी करने को कहा है। यह मामला महाराजा सूरजमल संगठन (भारत) द्वारा दायर एक याचिका से जुड़ा है। याचिका में बताया गया था कि पीपाड़ क्षेत्र में प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने आवेदन को रद्द कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता हनुमान राम सिरोही ने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने कहा- अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा जस्टिस समीर जैन की बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह मामला कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णय से संबंधित है। इस पर अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा। हाईकोर्ट ने कहा- याचिकाकर्ता को जिला कलेक्टर के समक्ष नया प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता होगी। यदि किसी अन्य पक्ष को इस कार्यक्रम पर आपत्ति है तो उसे भी व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद जिला कलेक्टर प्रशासनिक आवश्यकताओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और सरकारी नीति को ध्यान में रखते हुए 30 दिनों में एक ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ (कारण सहित आदेश) पारित करेंगे। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके इस आदेश का मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और कलेक्टर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र व निष्पक्ष निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे।



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लालू-राबड़ी को मिली Z सिक्योरिटी और बुलेटप्रूफ गाड़ी: बिहार सरकार ने वापस लौटाई सुरक्षा, बंगला विवाद के बीच घटाई गई थी सिक्योरिटी – Patna News




राजद सुप्रीमो लालू यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी को Z कैटेगरी की सुरक्षा फिर से बहाल कर दी गई है। इसके साथ ही दोनों को बुलेट प्रूफ गाड़ी भी मुहैया कराई गई है। इसको लेकर बिहार सरकार ने शुक्रवार की शाम नोटिफिकेशन जारी किया है। बताया जा रहा है कि एक महीना पहले बिहार सरकार ने VVIP सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। सुरक्षा में बदलाव के विरोध में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस कर दी थी। 10 सर्कुलर स्थित बंगले से वापस किया था सुरक्षा सुरक्षा में कटौती से नाराज लालू परिवार ने राज्य सरकार की नई सुरक्षा व्यवस्था को खारिज कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले पर तैनात सभी सरकारी सुरक्षा जवानों को वापस लौटा दिया था। इसके बाद से सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी सुरक्षा जवानों को वापस कर दिए थे। वहीं, राजद ने आरोप लगाया था कि विपक्ष के प्रमुख नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाते हुए उनकी सुरक्षा घटाई गई है। आवास विवाद के बीच घटाई गई सुरक्षा सम्राट सरकार की तरफ से राबड़ी आवास को खाली करने का नोटिस दिया गया। इस नोटिस पर विवाद बढ़ा तो लालू परिवार की जेड प्लस सिक्योरिटी खत्म कर दी गई है। दोनों को बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी, जिसमें एस्कॉर्ट, बुलेट प्रूफ कार और 8 से 16 गार्ड शामिल थे। इसके साथ ही लालू यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की भी Y कैटेगरी की सुरक्षा खत्म कर दी गई। 29 मई को राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस 29 मई को राबड़ी आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया था। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते थे। हालांकि, अब तेजस्वी यादव 1 पोलो रेड में शिफ्ट हो गए हैं और लालू-राबड़ी कौटिल्य नगर स्थिति निजी बंगले में शिफ्ट हो गए हैं।



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हरदोई में करंट लगने से दंपती की मौत: पंखा ठीक करते समय पत्नी को लगा करंट, बचाने गए पति की भी गई जान – Bharakhani(Sawayajpur) News




हरदोई के थाना पाली क्षेत्र के ग्राम सहजनपुर में शुक्रवार शाम को करंट लगने से पति-पत्नी की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, सहजनपुर निवासी 65 वर्षीय राममोहन मिश्रा और उनकी 57 वर्षीय पत्नी सरस्वती मिश्रा की करंट लगने से जान चली गई। बताया गया कि सरस्वती पंखा ठीक करते समय करंट की चपेट में आ गईं। उन्हें बचाने के प्रयास में राममोहन मिश्रा भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। राममोहन मिश्रा खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में उनके छह बच्चे हैं, जिनमें चार बेटियों का विवाह हो चुका है। दो पुत्रों में गौरव विवाहित हैं, जबकि उत्सव अविवाहित हैं। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।



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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल बोले- इस्तीफे-गिरफ्तारी सिर्फ दिखावा: भगवान राम में नहीं, वोट और पैसे में आस्था; आरोपियों को बचाया जा रहा – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों और चढ़ावा चोरी के आरोपों में शामिल लोगों को क्यों बचाया जा रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण, जमीन खरीद और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ही राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किया, उसके सदस्यों का चयन किया और चंपत राय को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी। ऐसे में यदि घोटाले सामने आए हैं तो उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक हुई कार्रवाई केवल दिखावे के लिए है और इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी तथा एफआईआर जैसी प्रक्रियाएं वास्तविक जांच के बजाय मामले को दबाने का प्रयास हैं। ‘सोने चांदी समेत 200 करोड़ रुपए नकद चढ़ावे के चारी’ गोवा दौरे के दौरान आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने कहा कि गोवा के लोग बेहद धार्मिक हैं और राम मंदिर निर्माण के समय उन्होंने श्रद्धा के साथ खुलकर दान दिया था। लेकिन अब मंदिर में कथित घोटालों और चढ़ावे की चोरी की खबरों से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि भगवान राम के आभूषण, हार, पादुका, हीरे-जवाहरात, 200 किलो चांदी की ईंटें, चांदी के दीये और करीब 200 करोड़ रुपए नकद चढ़ावे के गायब होने जैसी बातें सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि इन आरोपों से देशभर के राम भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। ’14 करोड़ रुपए मूल्य की जमीनें 95 करोड़ रुपए में खरीदी’ केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अनियमितताओं की शुरुआत वर्ष 2021 में कथित जमीन घोटाले से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में एक जमीन पहले 2 करोड़ रुपए में खरीदी गई और कुछ ही मिनटों बाद उसी जमीन को राम मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। उनके अनुसार इस प्रक्रिया के जरिए दान की बड़ी राशि का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 3 करोड़ रुपए की जमीन 24 करोड़ रुपए में, 9 करोड़ रुपए की जमीन 55 करोड़ रुपए में और 14 करोड़ रुपए मूल्य की जमीनें 95 करोड़ रुपए में खरीदी गईं। उन्होंने कहा कि इन सभी सौदों से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक हैं और इन्हीं के आधार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ’40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं’ निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि कुछ इंजीनियरों ने रिकॉर्ड पर यह कहा है कि निर्माण से जुड़े टेंडरों में 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में सीसीटीवी फुटेज में 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि 8 महीने की फुटेज कथित रूप से हटा दी गई। उनके अनुसार अब तक जो जानकारी सामने आई है, वह पूरी तस्वीर का केवल एक हिस्सा है और वास्तविक अनियमितताएं इससे कहीं अधिक हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन मामलों में शामिल प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई होगी। केजरीवाल का आरोप था कि मामले के सामने आने के बाद जांच को प्रभावित करने, सबूत मिटाने और गवाहों को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार समर्थक पक्ष यह कह रहा है कि प्रधानमंत्री को इन घटनाओं की जानकारी नहीं थी, लेकिन जनता इस दावे पर विश्वास नहीं कर रही। उनका कहना था कि जब ट्रस्ट का गठन और संचालन प्रधानमंत्री के स्तर पर तय हुआ था, तब इतनी बड़ी अनियमितताओं की जानकारी न होना सवाल खड़े करता है। ‘चढ़ावा चोरी के संबंध में कई रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भेजी थीं’ केजरीवाल ने दावा किया कि ट्रस्ट में केंद्र सरकार का प्रतिनिधि भी मौजूद है और उनके अनुसार प्रधानमंत्री को हर महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सूत्रों से जानकारी मिली है कि खुफिया एजेंसियों ने राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों और चढ़ावा चोरी के संबंध में कई रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भेजी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास यह कहने का कोई सबूत नहीं है कि कथित धन प्रधानमंत्री तक पहुंचा। उनका आरोप केवल इतना है कि पूरे घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। ‘गठित विशेष जांच दल के अधिकार सीमित होते हैं’ एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि बिना एफआईआर के गठित विशेष जांच दल के अधिकार सीमित होते हैं। उनके अनुसार ऐसी एसआईटी न तो किसी को गिरफ्तार कर सकती है, न छापेमारी कर सकती है और न ही किसी को समन जारी कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज लेकर एसआईटी के पास पहुंचे तो जांच एजेंसी ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि जमीन घोटाले की जांच उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2021 में गठित एसआईटी का भी कोई नतीजा सामने नहीं आया और वर्तमान जांच का भी वही हश्र होगा। ‘इस्तीफे की घोषणा के बावजूद मंदिर का संचालन कर रहे चंपत राय’ केजरीवाल ने कहा कि हाल में दर्ज एफआईआर में केवल कुछ छोटे कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि कथित तौर पर 200 करोड़ रुपए के चढ़ावे की बात कही जा रही है और बरामदगी केवल 80 लाख रुपए की बताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार लोगों से पुलिस ने प्रभावी पूछताछ भी नहीं की और उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय के इस्तीफे की घोषणा के बावजूद मंदिर का संचालन आज भी वही कर रहे हैं। प्रेसवार्ता के अंत में केजरीवाल ने कहा कि यदि इतने गंभीर आरोप सामने आए हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कब और कैसे कार्रवाई होगी।



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बिना केमिकल वाला गुड़ घर पर बनाना है आसान, जानें पूरी विधि


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Homemade Jaggery Making Tips: गुड़ चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है. लेकिन ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले गुड़ पर ही निर्भर होते हैं, जबकि मिलावट का खतरा रहता है. ऐसे में आज हम आपको घर गुड़ बनाने का आसान तरीका यहां बता रहे हैं. इसे बनाना भी आसान है, और समय भी ज्यादा नहीं लगता है.

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बाजार में मिलने वाला गुड़ हमेशा शुद्ध हो, यह जरूरी नहीं है. कई बार इसे ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए इसमें केमिकल, आर्टिफिशियल कलर या अन्य मिलावटी चीजें मिलायी जाती हैं. इस तरह के गुड़ के स्वाद में बहुत फर्क समझ नहीं आता है, लेकिन सेहत के नजरिए से ये बिल्कुल फायदेमंद नहीं होता है.

अगर आप चाय, हलवा, खीर, दलिया या पारंपरिक मिठाइयों में गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, तो शुद्ध गुड़ चुनना बेहद जरूरी है. ऐसे में घर पर बना गुड़ एक बेहतर विकल्प हो सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे बहुत ही आसानी और कम सामानों से बनाया जा सकता है. यहां आप घर पर गुड़ बनाने की पूरी विधि जान सकते हैं.

घर पर शुद्ध गुड़ बनाने का तरीका

  • घर पर गुड़ बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है ताजा गन्ने का रस. यदि आपको किसी गन्ना विक्रेता या मिल से ताजा रस मिल जाए, तो आप आसानी से शुद्ध गुड़ तैयार कर सकते हैं.
  • इसके बाद गन्ने के रस को एक साफ कपड़े या महीन छलनी से छान लें, ताकि उसमें मौजूद मिट्टी, घास या अन्य अशुद्धियां निकल जाएं.
  • इसके बाद छने हुए रस को एक मोटे तले वाले बर्तन में डालें और धीमी आंच पर पकाना शुरू करें. जैसे-जैसे रस गर्म होगा, उसकी सतह पर झाग बनने लगेगा. यह झाग अशुद्धियों का मिश्रण होता है, इसलिए इसे समय-समय पर चम्मच की मदद से हटाते रहें. इससे गुड़ का रंग साफ और गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है.
  • रस को लगातार पकाते रहें और बीच-बीच में चलाते रहें. कुछ समय बाद रस गाढ़ा होने लगेगा और उसका रंग सुनहरा भूरा दिखाई देने लगेगा. जब मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा होकर गुड़ जैसी स्थिरता में आ जाए, तब गैस बंद कर दें.
  • अब इस तैयार मिश्रण को घी लगी हुई ट्रे, थाली या किसी सांचे में डाल दें. इसे कुछ समय तक ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद यह सख्त हो जाएगा. फिर आप इसे अपनी पसंद के अनुसार छोटे या बड़े टुकड़ों में काट सकते हैं.

घर पर बना गुड़ खाने के फायदे
घर पर बना गुड़ नेचुरल रंग, खुशबू और स्वाद से भरपूर होता है. इसमें आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. यही कारण है कि यह बाजार के मिलावटी गुड़ की तुलना में अधिक पौष्टिक माना जाता है. हालांकि घर पर गुड़ बनाने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद और शुद्धता मेहनत को पूरी तरह सफल बना देते हैं. इस गुड़ का इस्तेमाल आप चाय, खीर, हलवा, पराठा या किसी भी मीठी डिश में कर सकते हैं. इससे न केवल खाने का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि आपको शुद्ध और पौष्टिक मिठास का लाभ भी मिलेगा.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



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