इंदौर के वार्ड क्रमांक-85 में स्थापित की जा रही देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्रतिमा के लिए बनाए जा रहे पेडेस्टल (आधार) का काम अंतिम चरण में पहुंच रहा है। बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। अगले महीने हो सकता है अनावरण निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में और बिना किसी बाधा के पूरे किए जाएं, ताकि अगले महीने प्रतिमा के भव्य अनावरण की तारीख तय की जा सके। निर्माण एजेंसी ने समय पर और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का भरोसा दिया। स्कूल निर्माण का भी लिया जायजा महापौर ने इसके बाद वार्ड क्रमांक-84 में निर्माणाधीन शासकीय स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय में स्कूल का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। महापौर बोले- शहर को मिलेगी नई पहचान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहर में विकसित की जा रही ऐसी परियोजनाएं इंदौर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। साथ ही नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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इंदौर में स्थापित होगी सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा: इंदौर में चल रहा काम, महापौर ने किया निरीक्षण – Indore News
ट्रांसफार्मर में आग से घरों में दौड़ा करंट, 5 घायल: विभाग के कर्मचारियों ने नहीं उठाए फोन, सलूंबर जिले में धारोद-भागपुर गांव का मामला – Udaipur News
सलूंबर जिले के धारोद-भागपुर गांव में बीती देर रात बिजली बहाल होते ही बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब 12 बजे से बंद बिजली रात करीब 10 बजे बहाल हुई। तभी ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। इसके बाद करीब 10 से 15 घरों में तेज करंट दौड़ गया। जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। करंट की चपेट में आने से 4 महिलाओं सहित 5 जने घायल हो गए।। सभी घायलों को परिजनों द्वारा तुरंत सलूंबर हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज जारी है। बताया गया कि घरों में वायारिंग से लोहे की सामान में करंट फैल गया। जिसकी चपेट में आने से महिलाएं घायल हो गईं। ग्रामीण राजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद लाइनमैन राजेश को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया। विभाग के अन्य अधिकारियों को भी सूचना दी गई। इसके बावजूद कोई मौके पर नहीं पहुंचा। कई देर तक लोग घरों में करंट की वजह से डर और भय के माहौल में रहे। ग्रामीणों ने उठाई अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घटना के बाद से पूरे गांव में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही घटना का शिकार हुए परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। मामले में बिजली विभाग के जेईएन संदीप मीणा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मैं मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। मामले की जांच कराई जाएगी। क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत की जा रही है। घायलों की जानकारी ली गई। हालत खतरे से बाहर है।
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अरशद वारसी ने बताया क्यों छोड़ी ‘जॉली LLB 2’? बोले- मुझमें हीरो वाला ईगो नहीं
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बॉलीवुड के मशहूर एक्टर अरशद वारसी ने हाल ही में चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि ‘जॉली LLB 2’ में अक्षय कुमार को कास्ट करने का आइडिया खुद उनका था. उन्होंने निर्देशक सुभाष कपूर को अक्षय को फिल्म में लेने की सलाह दी थी. एक्टर ने ये भी बताया कि कैसे ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जैसी ब्लॉकबस्टर के बाद उन्हें काम मिलना ही बंद हो गया था्.
अरशद वारसी हाल ही में ये खुलासे किए हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में शुमार अरशद वारसी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में ‘मुन्ना भाई’ सीरीज, ‘सहर’, ‘इश्किया’ और ‘जॉली एलएलबी’ जैसी फिल्मों से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. इसके बावजूद, उन्हें कई बार इंडस्ट्री में केवल कॉमेडी रोल्स तक सीमित कर दिया गया. लेकिन अरशद को कभी भी सोलो लीड न होने का मलाल नहीं रहा, क्योंकि उन्होंने हमेशा व्यावहारिक सोच को तवज्जो दी. न्यूज18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अरशद वारसी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि साल 2013 की हिट फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ में मुख्य भूमिका निभाने के बाद, इसके सीक्वल ‘जॉली एलएलबी 2’ में अक्षय कुमार को स्टार बनाने के पीछे उनका ही हाथ था.
इंटरव्यू में अरशद वारसी ने कहा कि उन्हें कभी इस बात का अफसोस नहीं रहा कि वह हर फिल्म में लीड हीरो नहीं बने. उन्होंने कहा- ‘जहां तक लीड रोल न करने की बात है, तो मेरे करियर के पहले दिन से ही मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. मुझे बस अपना काम करना पसंद है. मुझे अच्छी स्क्रिप्ट और अच्छे रोल पसंद हैं. बस इतना ही… अगर आप मेरे पूरे करियर का ग्राफ देखें, तो वह हमेशा ऐसा ही रहा है’.
‘जॉली एलएलबी 2’ को लेकर किया खुलासा
उन्होंने कहा कि अपने पूरे करियर में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों को ठुकराया, जिनमें उन्हें सोलो हीरो बनने का मौका मिल रहा था. उन्होंने बड़ा खुलासा ‘जॉली एलएलबी 2’ को लेकर किया. बातचीत में उन्होंने आगे बताया कि जब फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुभाष कपूर इसके दूसरे भाग की तैयारी कर रहे थे. तब अक्षय कुमार इस रोल में दिलचस्पी दिखा रहे थे, तब उन्होंने खुद सुभाष कपूर को सलाह दी कि फिल्म अक्षय कुमार के साथ बनानी चाहिए.
जब मेकर्स से बोले- ‘अक्षय 5000 लोग लाएंगे, मैं 500’
अरशद ने मेकर्स को समझया और कहा, ‘अगर मैं 500 लोगों को सिनेमाघर तक ला सकता हूं तो अक्षय कुमार 5000 लोगों को लेकर आएंगे. उनकी मौजूदगी फिल्म के फ्रेम को और बड़ा बना देगी. मैं उन लोगों में था, जिसने सुभाष कपूर को अक्षय कुमार के साथ फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया.’ उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए किसी फिल्म में लीड रोल निभाना कभी अहम नहीं रहा. वह असरदार रोल्स पर ज्यादा महत्व देते हैं.
जहन में बस गईं नसीरुद्दीन शाह
अपने करियर के शुरुआती दिनों की बात भी उन्होंने की. उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह की तारीफ भरी बातें उनके जहन में बस गईं और उन्होंने हमेशा उन्हें माना. वे बताते हैं, ‘यह बात नसीर साहब ने मुझसे कही थी. उन्होंने कहा था कि मैं ‘सर्किट’ का किरदार इसलिए इतने अच्छे से निभा पाया क्योंकि संजय दत्त के सामने मेरा कोई ईगो नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर मैं खुद को हीरो से बड़ा समझता, तो ‘सर्किट’ का रोल नहीं कर पाता.’
मुन्नाभाई के बाद नहीं मिला काम
अरशद कहते हैं, ‘तो, मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो सिर्फ सोलो लीड रोल ही करना चाहे.’ अरशद ने अपने करियर के मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जैसी बड़ी सफलता के बाद भी उन्हें लंबे समय तक काम नहीं मिला. वह इस बात को नहीं पचा पा रहे थे कि फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बाद भी क्यों उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है.
जब राजकुमार हिरानी से पूछा- मुझे काम क्यों नहीं मिल रहा?
परेशान होकर उन्होंने निर्देशक राजकुमार हिरानी से भी पूछा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. उन्होंने बताया कि राजकुमार हिरानी ने जवाब दिया था कि समस्या यह नहीं थी कि उन्होंने अच्छा काम नहीं किया. बल्कि इंडस्ट्री यह तय नहीं कर पा रही थी कि उन्हें किस तरह की भूमिकाओं में फिट किया जाए. न वह पारंपरिक सोलो हीरो की छवि में फिट बैठते थे और न ही किसी तय ढांचे में. यही असमंजस उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती बन गया.
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें
400 ग्राम का अनोखा बीकानेरी जायंट दही बड़ा! स्वाद ऐसा कि आप भूल नहीं पाएंगे
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Bikaner Laxman Chaat House Special Dahi Vada: बीकानेर का लक्ष्मण चाट हाउस अपने विशाल और खास दही बड़े के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. यहां बनने वाला एक दही बड़ा लगभग 400 ग्राम तक वजन का होता है और इसे राजस्थान के सबसे बड़े दही बड़ों में गिना जाता है. सुबह से ही इसकी तैयारी शुरू हो जाती है और पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. उड़द और मूंग दाल से बने बड़े को कई घंटे पानी में रखकर मुलायम बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बनावट अनोखी हो जाती है. काजू और किशमिश की स्टफिंग इसे और स्वादिष्ट बनाती है. दही, चटनी और मसालों के साथ परोसे जाने पर इसका स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. कोलकाता, मुंबई और सूरत जैसे शहरों से भी लोग इसे चखने आते हैं. यह व्यंजन बीकानेर की फूड टूरिज्म पहचान बन चुका है.
दुकान पर सजे दही बड़ों का यह नजारा बताता है कि बीकानेर में इस व्यंजन की लोकप्रियता कितनी ज्यादा है. सुबह से ही ताजा दही बड़े तैयार होने लगते हैं और ग्राहकों की मांग के अनुसार लगातार बनाए जाते हैं. इन्हें बनाने में एक से दो घंटे का समय लगता है. दही बड़े को मुलायम बनाने के लिए कई घंटे तक पानी में रखा जाता है और समय-समय पर पानी बदला जाता है ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे. बीकानेर के लक्ष्मण चाट हाउस में प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 दही बड़े तैयार किए जाते हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां का स्वाद लेने जरूर पहुंचते हैं. बड़े आकार, मुलायम बनावट और खास स्वाद ने इस दही बड़े को बीकानेर की पहचान बना दिया है.

दही बड़ों का यह ऊंचा ढेर बीकानेर के मशहूर स्ट्रीट फूड की लोकप्रियता की कहानी खुद बयां करता है. हर बड़ा सावधानी से तैयार किया जाता है ताकि उसका आकार, स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे. उड़द और मूंग की दाल के मिश्रण से बने इन बड़ों में काजू और किशमिश की स्टफिंग इसे और भी खास बनाती है. तैयार होने के बाद इन्हें ठंडे पानी में रखा जाता है, जिससे ये बेहद नरम और स्पंजी हो जाते हैं. जब इन पर ताजा दही, मसाले और चटनी डाली जाती है तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. बीकानेर आने वाले लोग अक्सर इस अनोखे और विशाल दही बड़े को देखकर हैरान रह जाते हैं और इसे खाने का अनुभव अपने साथ यादगार बनाकर ले जाते हैं.

यह तस्वीर बीकानेर के उस मशहूर ठिकाने की है, जहां बड़े आकार के दही बड़े खाने के लिए दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. स्थानीय लोग हों या बाहर से आए पर्यटक, हर कोई यहां के खास स्वाद का आनंद लेने पहुंचता है. दुकान पर लगातार दही बड़े तैयार किए जाते हैं ताकि किसी ग्राहक को इंतजार न करना पड़े. वर्षों से चली आ रही इस दुकान की पहचान गुणवत्ता और स्वाद है. यहां आने वाले कई लोग अपने परिवार और दोस्तों के लिए दही बड़े पैक करवाकर भी ले जाते हैं. कोलकाता, मुंबई, सूरत और राजस्थान के कई शहरों से लोग खास तौर पर इस अनोखे व्यंजन का स्वाद लेने पहुंचते हैं. यही वजह है कि यह दुकान बीकानेर के प्रसिद्ध फूड डेस्टिनेशन में गिनी जाती है.
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इस तस्वीर में दही बड़े बनाने की पूरी तैयारी दिखाई दे रही है. एक तरफ तैयार बड़े रखे हैं तो दूसरी ओर उन्हें परोसने की सामग्री मौजूद है. दही बड़ा तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जाती है. पहले दाल पीसकर मिश्रण तैयार किया जाता है, फिर बड़े आकार के बड़े तलकर ठंडे पानी में भिगोए जाते हैं. समय-समय पर पानी बदलने से उनकी ताजगी बनी रहती है. जब ग्राहक ऑर्डर देता है तो बड़े को दही में डालकर ऊपर से मसाले, चटनी और अन्य सामग्री के साथ परोसा जाता है. यही ताजगी और पारंपरिक तरीका इस दही बड़े को दूसरे शहरों के दही बड़ों से अलग पहचान देता है. स्वाद और गुणवत्ता के कारण यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.

दुकानदार की हथेली पर रखा यह दही बड़ा उसके असली आकार का अंदाजा देता है. सामान्य दही बड़ों की तुलना में यह कई गुना बड़ा होता है और इसका वजन लगभग 400 ग्राम तक पहुंच जाता है. यही कारण है कि इसे राजस्थान के सबसे बड़े दही बड़ों में गिना जाता है. बड़े आकार के बावजूद इसका स्वाद और मुलायमपन बरकरार रहता है. उड़द और मूंग की दाल से तैयार इस दही बड़े में काजू और किशमिश का इस्तेमाल इसे और खास बना देता है. जब इसे दही, मीठी चटनी और मसालों के साथ परोसा जाता है तो इसका स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. बीकानेर की यात्रा करने वाले अधिकांश पर्यटक इस खास व्यंजन का स्वाद जरूर चखते हैं.

लक्ष्मण चाट हाउस का यह विशाल दही बड़ा सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि बीकानेर की खान-पान परंपरा का प्रतीक है. इसे बनाने में धैर्य, अनुभव और पारंपरिक विधि का विशेष महत्व होता है. पहले दाल का मिश्रण तैयार किया जाता है, फिर बड़े आकार में तलकर कई घंटे तक ठंडे पानी में रखा जाता है. इसके बाद ताजे दही, मसालों और चटनियों के साथ इसे परोसा जाता है. दुकान संचालकों के अनुसार, सूखा बड़ा कई दिनों तक सुरक्षित रहता है, जबकि दही बड़ा ताजा रखने के लिए समय-समय पर पानी बदलना जरूरी होता है. यही वजह है कि यहां मिलने वाला हर दही बड़ा स्वाद और गुणवत्ता में अलग नजर आता है. बीकानेर आने वाले पर्यटकों के लिए यह व्यंजन किसी यादगार स्वाद से कम नहीं है.
वर्ल्ड अपडेट्स: अफगानिस्तान का दावा- पाकिस्तान में ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की
अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ISIS के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान में हमलों की योजना बनाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। मंत्रालय ने चेतावनी दी, “हम अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाली हर जगह को निशाना बनाएंगे।” मंत्रालय के मुताबिक, बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानान, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल की शाह सलीम घाटी में कार्रवाई की गई। अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में कई आतंकवादी मारे गए। यह भी कहा गया कि सरानान इलाके के एक स्कूल का इस्तेमाल ISIS के अड्डे के रूप में किया जा रहा था। अफगानिस्तान ने कहा कि यह कार्रवाई हाल में पाकिस्तान की ओर से सीमा पार किए गए हवाई हमलों के बाद की गई है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कई आम नागरिक मारे गए थे। भारत ने भी पहले पाकिस्तान के अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की आलोचना करते हुए उन्हें अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबर… बाल दुष्कर्म मामलों में दोषी पाकिस्तानी मूल का शबीर रिहा होगा, ब्रिटिश नागरिकता रद्द होने के बावजूद नहीं होगा निर्वासित
ब्रिटेन के चर्चित रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का दोषी शबीर अहमद गुरुवार को 14 साल जेल में बिताने के बाद रिहा होने वाला है। ब्रिटिश मीडिया के अनुसार उसकी नागरिकता रद्द की जा चुकी है, लेकिन मौजूदा इमिग्रेशन कानून के तहत उसे पाकिस्तान निर्वासित नहीं किया जा सकता। 73 वर्षीय अहमद को 2012 में नाबालिग से दुष्कर्म, यौन शोषण के लिए मानव तस्करी और अन्य अपराधों में दोषी ठहराते हुए 19 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में उसी वर्ष उसे बाल दुष्कर्म के 30 अतिरिक्त मामलों में 22 साल की सजा मिली। दोनों सजाएं साथ-साथ चलने के कारण वह अब रिहा हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार रिहाई के बाद उसे 24 घंटे निगरानी वाले आवास में रखा जाएगा। उस पर कर्फ्यू, कुछ क्षेत्रों में जाने पर प्रतिबंध और अन्य निगरानी संबंधी शर्तें लागू रहेंगी। रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का मामला ब्रिटेन में उन प्रमुख मामलों में शामिल है, जिनमें पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर पीड़ितों की शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे थे। ब्रिटेन के दो तटीय शहरों में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर 3 साल की रोक
इंग्लैंड के केंट तट पर स्थित मार्गेट और रैम्सगेट शहरों में बढ़ती हिंसा और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश बुधवार से लागू होगा। इसके तहत पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर शराब जब्त कर सकेगी और आदेश का पालन नहीं करने वालों पर 1,000 पाउंड (करीब 1.3 लाख रुपए) तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इंग्लैंड और वेल्स के अधिकांश हिस्सों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना कानूनी है, लेकिन स्थानीय परिषदें पब्लिक स्पेसेज प्रोटेक्शन ऑर्डर (PSPO) के तहत संवेदनशील इलाकों में ऐसे प्रतिबंध लागू कर सकती हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार मार्गेट शहर में दर्ज होने वाली करीब 70% से अधिक कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाएं शराब के नशे से जुड़ी असामाजिक गतिविधियों से संबंधित हैं। इनमें सड़क पर मारपीट, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना और उपद्रव शामिल हैं। केंट पुलिस के मुताबिक हाल के समय में बड़ी संख्या में बाहरी इलाकों से आए युवाओं के कारण समुद्र तटों पर सामूहिक झगड़े और रेलवे स्टेशन पर हमले जैसी घटनाएं हुईं। सबसे लोकप्रिय जर्मन पार्टी की नेता बोलीं को अर्थव्यवस्था संभलने के लिए रूस से फिर खरीदें तेल-गैस
जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) की सह-अध्यक्ष एलिस वाइडेल ने रूस से तेल और गैस आयात पर लगी रोक हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सस्ती रूसी ऊर्जा बंद होने से जर्मन अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी रूस के साथ आर्थिक संबंध बहाल करेगी। रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में वाइडेल ने कहा, “रूस से मिलने वाली सस्ती ऊर्जा ‘मेड इन जर्मनी’ की सफलता का आधार थी। हमें उसे वापस लाना होगा।” यूक्रेन युद्ध के बाद 2022 में पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के तहत जर्मनी ने रूस से ऊर्जा आयात में भारी कटौती की थी। इससे पहले जर्मनी अपनी प्राकृतिक गैस का लगभग 55% रूस से प्राप्त करता था। ताजा INSA सर्वे में एएफडी को 29% समर्थन मिलने का अनुमान है, जो चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की सीडीयू से सात प्रतिशत अंक अधिक है। हालांकि जर्मनी की अन्य प्रमुख पार्टियां अब भी एएफडी के साथ गठबंधन करने से इनकार करती हैं। अगला आम चुनाव 2029 में प्रस्तावित है।
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Noida airport : आज से जयपुर, देहरादून समेत 6 शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट्स
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Noida Airport Flights : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से शुरू हुआ था. शुरुआत में यहां से सिर्फ छह शहरों के लिए फ्लाइट उपलब्ध थी. आज से 6 और शहरों के लिए उड़ानें शुरू हो जाएंगी. 13 जुलाई से जयपुर के लिए भी नोएडा एयरपोर्ट से डायरेक्ट फ्लाइट चलेगी.
नोएडा एयरपोर्ट से कल यानी 2 जुलाई से जयपुर और किशनगढ़ के लिए भी सीधी हवाई सेवा शुरू हो जाएगी.
नई दिल्ली. दिल्ली, एनसीआर और इसके आसपास के इलाकों के लोगों के लिए अच्छी खबर है. आज यानी 1 जुलाई से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से देश के 6 प्रमुख शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू हो रही हैं. ऐसे में अगर आप वीकेंड ट्रिप या छुट्टियों पर जाने की सोच रहे हैं तो आपको अब केवल दिल्ली हवाई अड्डे पर निभर्र नहीं रहना होगा. आप नोएडा से भी फ्लाइट पकड़कर धर्मशाला, देहरादून और जोधपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जा सकते हैं. यहां से लखनऊ, नवी मुंबई, जम्मू, अमृतसर, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए नियमित फ्लाइट्स पहले से ही ऑपरेट हो रही हैं.
आज से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहाड़ों की वादियों से लेकर रजवाड़ों के शहर तक के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो गई हैं. अब आप यहां से भोपाल, देहरादून, धर्मशाला, जोधपुर, बरेली और पंतनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट ले सकते हैं. जोधपुर और बरेली के लिए रोजाना फ्लाइट नहीं मिलेगी. इन दोनों शहरों के लिए सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को ही फ्लाइट मिलेंगी.
15 जून को शुरू हुआ था नोएडा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से शुरू हुआ था. शुरुआत में यहां से सिर्फ छह शहरों के लिए रोजाना 12 उड़ानें संचालित हो रही थीं. आज से शहरों की संख्या 12 हो जाएंगी और एयरपोर्ट पर रोजाना टेकऑफ और लैंडिंग करने वाले विमानों की कुल संख्या भी बढ़कर 48 हो जाएगी.
जयपुर और चंडीगढ़ के लिए भी फ्लाइट जल्द
नोएडा एयरपोर्ट से कल यानी 2 जुलाई से जयपुर और किशनगढ़ के लिए भी सीधी हवाई सेवा शुरू हो जाएगी. जयपुर के लिए रोजाना फ्लाइट मिलेगी, वहीं किशनगढ़ के लिए मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को फ्लाइट चलेगी. 13 जुलाई से चंडीगढ़ के लिए भी सीधी फ्लाइट शुरू होने जा रही है. इन नए रूटों के शुरू होने से कुल 16 शहर सीधे नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ जाएंगे.
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों के लिए खुशखबरी: जिला अस्पताल में बनेगा अलग पर्ची काउंटर, CDO ने दिए निर्देश – Hapur News
हापुड़ के संयुक्त चिकित्सालय में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए जल्द ही एक अलग पर्ची काउंटर शुरू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य इन मरीजों को लंबी कतारों से राहत दिलाना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रुति शर्मा ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अधिक उम्र के लोगों और दिव्यांगजनों को पर्ची बनवाने के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने में काफी परेशानी होती है। अलग काउंटर शुरू होने से उन्हें कम समय में पंजीकरण की सुविधा मिलेगी, जिससे इलाज की प्रक्रिया भी तेज होगी। इस व्यवस्था से हजारों जरूरतमंद मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में दवाइयों के बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया गया है। सीडीओ ने निर्देश दिए हैं कि सभी दवाइयों की एक्सपायरी तिथि की नियमित जांच की जाए। साथ ही, उनकी अलग-अलग सूची तैयार कर एक्सपायरी के अनुसार व्यवस्थित रखा जाए। इससे मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
अस्पताल में उपचार करा रहे मरीजों से भी स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली गई। मरीजों ने बताया कि उन्हें समय पर इलाज और आवश्यक दवाइयां व अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। इस पर अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने तथा सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग पर्ची काउंटर की यह पहल संयुक्त चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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पटना में शराबियों को लेकर लौट रही टीम पर फायरिंग: पालीगंज में मध निषेध विभाग ने की छापेमारी, अज्ञात हमलावर फरार; सभी जवान सुरक्षित – Bihta News
पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल में मंगलवार देर रात मध निषेध विभाग की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। अख्तियारपुर पुल के पास विभाग के वाहन पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। घटना के समय वाहन में मौजूद जवान और अन्य कर्मी बाल-बाल बच गए। शराबियों को लेकर लौटते समय हुई फायरिंग पालीगंज अनुमंडल के आबकारी विभाग के अधिकारी बैद्यनाथ यादव ने बताया, ‘विभाग की टीम क्षेत्र के विभिन्न मुसहरी इलाकों में शराबबंदी कानून के तहत छापेमारी कर रही थी। महाराजगंज मुसहरी से कुछ शराबियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार लोगों को लेकर टीम वापस लौट रही थी। इसी दौरान अख्तियारपुर पुल के पास वाहन पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। गोली वाहन को निशाना बनाकर चलाई गई, लेकिन किसी भी कर्मी को चोट नहीं आई। वाहन में मौजूद होमगार्ड जवान प्रिंस कुमार ने बताया, जब हम सभी लोग शराबी को पकड़ कर थाना ला रहे थे, तभी अचानक से गाड़ी पर फायरिंग हुई। घटना में सभी लोग सुरक्षित बच गए। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सभी हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पालीगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया, ‘देर रात अख्तियारपुर पुल के पास घटना हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, तब तक सभी अपराधी फरार हो चुके थे। गाड़ी के ऊपर एक फायरिंग हुई है। विभाग के तरफ से लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।’ फिलहाल, पुलिस घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटाने और हमलावरों की पहचान के प्रयास में लगी हुई है।
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सिया-केतन के 27 गुण मिले थे: पुणे पुलिस का दावा- हत्या की 3 बार कोशिश की, घर के पास खाई में धक्का देने की रिहर्सल की
पुणे के केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी तय होने से पहले कुंडली मिलाई गई थी। ज्योतिषियों ने बताया था कि केतन का देव गण और सिया का मनुष्य गण होने की वजह से दोनों के बीच अच्छा तालमेल रहेगा। दोनों के 36 में से 27 गुण मिले थे। इधर, मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस का दावा है कि सिया और उसके साथी चेतन चौधरी ने हत्या से पहले तीन बार कोशिश की थी। दोनों ने पुणे में अपने घर के पास एक अज्ञात जगह पर केतन को खाई में धक्का देने की रिहर्सल भी की थी। अब पुलिस उस जगह की जांच करेगी। सिया और चेतन फिलहाल वडगांव मावल पुलिस की हिरासत में हैं। दोनों से पूछताछ चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में चेतन बेचैन है और पूछताछ के दौरान कई बार रो पड़ा। वहीं, सिया शांत है, लेकिन जांच में सहयोग नहीं कर रही। लोहगढ़ किले पर 50% टूरिस्ट बढ़े, ‘सिया पॉइंट’ नाम पर विवाद मर्डर केस के बाद लोहगढ़ किले पर आने वाले टूरिस्ट की संख्या करीब 50% बढ़ गई है। देशभर से लोग घटनास्थल देखने पहुंच रहे हैं। इस बीच किले की एक खाई को ‘सिया पॉइंट’ कहे जाने पर इतिहासकारों और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी ऐतिहासिक स्थल को इस तरह नया नाम देना उसकी पहचान और इतिहास से छेड़छाड़ है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे नामों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। जांच के चलते लोनावला ग्रामीण पुलिस ने फिलहाल लोहगढ़ किले को टूरिस्ट के लिए बंद कर दिया है। सिया ने केतन से ₹1 करोड़ लिए थे; केस से जुड़े 2 बड़े अपडेट्स… सिया के भाई को ₹10 करोड़ का मानहानि नोटिस मर्डर केस में वकील को लेकर भी विवाद सामने आया है। दो वकील आशुतोष श्रीवास्तव और विपुल दुशिंग ने सिया गोयल की ओर से कोर्ट में पैरवी करने का दावा किया है। आशुतोष का कहना है कि सिया गोयल ने अपना केस लड़ने के लिए उन्हें नियुक्त किया है। 29 जून को सुनवाई के दौरान वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिया ने कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव मेरे वकील नहीं हैं। मेरी ओर से विपुल दुशिंग पैरवी कर रहे हैं। इसके बाद आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को कानूनी नोटिस भेजकर 10 करोड़ रुपए हर्जाने की मांग की है। नोटिस में उन्होंने मांग की है कि साहिल (सिया का भाई) उनके खिलाफ दिए गए कथित बयान तुरंत वापस लें। सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें। पुलिस के 3 और दावे, इशारा मिलते ही केतन को धक्का दिया हत्या से 6 दिन के अंदर आरोपी अरेस्ट 18 जून को केतन की हत्या से छह दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी सिया और चेतन को अरेस्ट कर लिया। जांच के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है। 31 मई को मर्डर का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया। 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई। 18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। ——————- ये खबर भी पढ़े… पुणे मर्डर- क्या हुडी में दिखा व्यक्ति चेतन ही था:पुलिस चलने का तरीका जांचेगी, सिया का केस लड़ने पर 2 वकीलों का दावा पुपुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस आरोपी चेतन चौधरी का गेट एनालिसिस करेगी। गेट एनालिसिस यानी पुलिस चेतन के चलने का तरीका, बॉडी मूमेंट, कदमों की लंबाई की जांच करेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि दावा है कि 18 जून को (मर्डर वाले दिन) लोहगढ़ फोर्ट पर हुडी पहने दिखा युवक चेतन ही था। पूरी खबर पढ़ें…
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‘काला हिरण’ केस में आज होगी सुनवाई, सलमान खान ने फिल्म पर बैन की उठाई मांग
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फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लिगेसी’ केस में आज 1 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है. सलमान खान ने फिल्म पर रोक के लिए याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने पर्सनैलिटी राइट्स उल्लंघन का हवाला दिया है. ये फिल्म एक्टर के काला हिरण शिकार केस से प्रेरित बताई जा रही है.
सलमान खान की याचिका पर आज सुनवाई होनी है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि एक कानूनी लड़ाई है. सलमान खान ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सलमान खान की जिंदगी के सबसे विवादित अध्याय पर ‘काला हिरणः द बैटल फॉर लेगेसी’ बनाई जा रही है. इसपर रोक के लिए एक्टर ने कोर्ट से गुहार लगाई है. आज इस मामले में सुनवाई होनी है. पहले मामले की सुनवाई 19 जून को होनी थी जिसे बाद में टाल कर 1 जुलाई कर दिया गया था.
सलमान खान ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में इस फिल्म के मेकर्स और इससे जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है. दायर अर्जी में एक्टर ने फिल्म के मेकर्स और फिल्म पर परमानेंट और अंतरिम रोक लगाने की मांग की है. इसमें उनके पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन और कमर्शियल फायदे के लिए उनके नाम, इमेज और पहचान के बिना इजाजत का आरोप लगाया गया है.
पहले लुक पर मचा बवाल
फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लिगेसी’ के फर्स्ट लुक और टीजर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल तेज हो गई. इस फिल्म में सलमान खान से प्रेरित एक मुख्य किरदार रखा गया है, जिसका नाम ‘अयान खान’ है. इस खास रोल को एक्टर काशिफ इकबाल खान निभा रहे हैं.
टीजर में काशिफ का अंदाज देखकर दर्शक हैरान रह गए. उनका स्क्रीन लुक, चलने-फिरने का स्टाइल और चेहरे के हाव-भाव हूबहू सलमान खान की याद दिलाते हैं. हद तो तब हो गई जब काशिफ के हाथ में ठीक वैसा ही फिरोजी ब्रेसलेट दिखाई दिया, जैसा सलमान हमेशा पहनते हैं. सलमान खान की इस तरह हुबहू नकल को देखकर सोशल मीडिया पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही है. फिल्म के हीरो के ब्रेसलेट पर सवाल उठने पर मेकर्स ने कहा कि वो पेटेंट नहीं है और कोई भी वो ब्रेसलेट पहन सकता है.
मेकर्स ने सलमान खान की याचिका पर किया था रिएक्ट
‘काला हिरण’ के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सलमान खान द्वारा दायर की गई याचिका पर अपना रिएक्शन दिया था. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि सलमान को लगता है कि हर कोई उनसे डर जाएगा लेकिन वो डरने वाले नहीं हैं. वो पीछे नहीं हटेंगे और फिल्म बनाकर ही रहेंगे.
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From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें

