Friday, June 19, 2026
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कभी बंधता नहीं तो कभी पत्थर हो जाता है पेड़ा? घर पर ऐसे पाएं बिलकुल बाजार वाला टेक्सचर


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Market Like Peda Recipe At Home: घर पर पेड़ा बनाते समय कई बार बाजार जैसा टेक्सचर नहीं आता. कभी पेड़ा बंधता ही नहीं तो कभी पत्थर जैसा हो जाता है. एक्सपर्ट ने बताया कि चीनी मिलाने का समय और खोये को ठीक से घोटना बहुत जरूरी है. जानते हैं घर पर बाजार जैसा पेड़ा बनाने के लिए क्या करना चाहिए.

समस्तीपुर. घर में पेड़ा बनाना लोगों को काफी पसंद होता है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि घर पर तैयार किया गया पेड़ा बाजार जैसा खस्ता और सही टेक्सचर वाला नहीं बन पाता. कई बार यह बहुत ज्यादा सॉफ्ट हो जाता है, तो कभी इतना सख्त कि उसे तोड़ना भी मुश्किल हो जाता है. इसके पीछे कई तकनीकी कारण होते हैं, जिन पर आमतौर पर लोग ध्यान नहीं देते. खासकर दूध को पकाने की प्रक्रिया, मावा (खोआ) की नमी, चीनी मिलाने का सही समय और लगातार चलाने की विधि पेड़ा की क्वालिटी को काफी प्रभावित करती है.

कारीगरों ने साझा की जानकारी
समस्तीपुर के कारीगर सुरेश कुमार बताते हैं कि घर और बाजार में बनने वाले पेड़े के तरीके में काफी अंतर होता है. वे बड़े पैमाने पर 30 से 40 किलो या उससे अधिक दूध से पेड़ा तैयार करते हैं, इसलिए हर स्टेप पर विशेष ध्यान दिया जाता है. उनके अनुसार सबसे पहले दूध को अच्छी तरह उबालकर उसे खोया में बदलना जरूरी है. इसके बाद सही समय पर चीनी मिलाना चाहिए. वे बताते हैं कि अक्सर लोग ठंडा करते समय गलत तरीके से चलाते हैं, जिससे पेड़े का टेक्सचर खराब हो जाता है.

लकड़ी के डंडे से चलाना और सही समय तक मेहनत करना जरूरी
कारीगरों के अनुसार पेड़ा तैयार करते समय लकड़ी के डंडे (चलाने वाले उपकरण) का उपयोग करना बेहतर होता है, क्योंकि लोहे या अन्य बर्तनों से चलाने पर उसका असर टेक्सचर पर पड़ता है. जब दूध से खोया बन जाए तो आखिर में चीनी डालें और गैस से बर्तन उतार लें.

अब इस मिश्रण को लगातार 15 से 20 मिनट तक लकड़ी के डंडे या ऐसी ही किसी चीज से सही तरीके से चलाएं. यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है. जितना अच्छे से इसे चलाया जाएगा, उतना ही पेड़े का स्वाद और बनावट बेहतर होगी. विशेषज्ञ मानते हैं कि इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर घर पर भी बाजार जैसा खस्ता, स्वादिष्ट और आकर्षक रंग वाला पेड़ा आसानी से तैयार किया जा सकता है.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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क्या नीट यूजी पेपर फिर लीक हो गया? एनटीए ने सोशल मीडिया पर दिया जवाब


नई दिल्ली (NEET UG 2026 Exam Guidelines LIVE). नीट यूजी 2026 री-परीक्षा को लेकर विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां पीक पर हैं. नीट यूजी परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है. सोशल मीडिया पर पेपर लीक के नाम पर चल रही धोखाधड़ी और अफवाहें रोकने के लिए जहां टेलीग्राम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर अस्थाई पाबंदी लगाई गई है, वहीं हर राज्य भी अपने स्तर पर मुस्तैदी से काम कर रहा है.

NEET UG 2026 LIVE: अहमदाबाद में साइबर क्राइम सेल का बड़ा एक्शन

नीट यूजी 2026 लाइव: गुजरात में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त इंतजाम किए गए हैं. अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम सेल ने हाल ही में ऐसे अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो टेलीग्राम पर करीब 8 फर्जी चैनल चलाकर छात्रों को ठगने का काम कर रहा था. इस कार्रवाई के बाद गुजरात सरकार ने सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर्स की संख्या बढ़ा दी है और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है. इससे परीक्षा हॉल के अंदर कोई भी बाहरी या फर्जी उम्मीदवार एंट्री नहीं कर सकेगा.

NEET UG 2026 LIVE: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और पुलिस की पैनी नजर

नीट यूजी 2026 लाइव: बिहार में नीट परीक्षा को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) उन सभी गिरोहों और दलालों की लिस्ट तैयार कर रही है जो पिछले कुछ समय से पेपर लीक या सेटिंग के मामलों में शामिल रहे हैं. राज्य में परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने के साथ-साथ संदिग्धों पर निगरानी रखी जा रही है. बिहार सरकार ने साफ किया है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत गिरफ्तारियां की जाएंगी, जिससे ईमानदार छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे.

NEET UG 2026 LIVE: 30 जून तक मेसेज एडिटिंग फीचर पर रोक

नीट यूजी 2026 लाइव: टेलीग्राम ब्लॉक करने के साथ ही सरकार ने एक और बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत 30 जून 2026 तक भारत में टेलीग्राम के ‘मेसेज-एडिटिंग’ फीचर पर रोक रहेगी. NTA ने खुलासा किया कि चीटिंग रैकेट चलाने वाले लोग इस फीचर का गलत इस्तेमाल करते थे. वे परीक्षा से कई दिन पहले भेजे गए किसी पुराने साधारण मेसेज को एडिट करके, उसमें परीक्षा खत्म होने के बाद असली पेपर की पीडीएफ (PDF) अपलोड कर देते थे, जिससे लगे कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था. इस डिजिटल जालसाजी को रोकने के लिए ही एडिटिंग टूल को बैन किया गया है.

NEET UG 2026 LIVE: माता-पिता के लिए बेहद जरूरी अपील

नीट यूजी 2026 लाइव: इस नाजुक वक्त में पेरेंट्स की भूमिका काफी अहम हो जाती है. अपने बच्चों पर अच्छे मार्क्स लाने या कटऑफ क्लियर करने का मानसिक दबाव न बनाएं. उनसे खुलकर बात करें, उन्हें समझाएं कि यह परीक्षा जिंदगी का हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं. आपका थोड़ा सा प्यार, हौसला और पॉजिटिव रवैया बच्चों का कॉन्फिडेंस सातवें आसमान पर पहुंचा सकता है और उन्हें शांत रख सकता है.

NEET UG 2026 LIVE: मानसिक तनाव के लिए ‘मानस’ आपके साथ

नीट यूजी 2026 लाइव: अगर नीट यूजी परीक्षा का दबाव आपके दिमाग पर भारी पड़ रहा है और घबराहट महसूस हो रही है तो याद रखिए कि आप अकेले नहीं हैं. सरकार की विशेष मेंटल-हेल्थ हेल्पलाइन ‘MANAS’ (14416) चौबीसों घंटे खुली है. इस नंबर पर कॉल करके आप एक्सपर्ट्स से बात कर सकते हैं और अपने मन का डर दूर कर सकते हैं. मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है.

NEET UG 2026 LIVE: तय है ईमानदारी की जीत होना

नीट यूजी 2026 लाइव: NTA और सरकार का एजेंडा स्पष्ट है- मेहनती और ईमानदार उम्मीदवार के भविष्य की रक्षा करना. परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की धांधली, नकल या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा. कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाइयां इतनी मजबूत हैं कि कोई भी गलत तत्व इस व्यवस्था को हिला नहीं पाएगा.

NEET UG 2026 LIVE: NTA का सुरक्षा को लेकर बड़ा भरोसा

नीट यूजी 2026 लाइव: इस बार परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने खास इंतजाम किए हैं. विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर मजबूत और फूलप्रूफ प्लान तैयार किया गया है. मल्टी-लेयर सिक्योरिटी चेकिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न बचे.

NEET UG 2026 LIVE: खुद की मेहनत पर पूरा भरोसा रखें

नीट यूजी 2026 लाइव: ज्यादातर अभ्यर्थी पिछले एक या दो सालों से नीट यूजी के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. फिजिक्स के फॉर्मूले, केमिस्ट्री के रिएक्शंस और बायोलॉजी के डायग्राम्स को उंगलियों पर रटा है. आखिरी वक्त में यह सोचना बंद कर दें कि आप कुछ भूल रहे हैंय यह इंसानी फितरत है कि परीक्षा से पहले ऐसा लगता है, लेकिन जब आपके सामने सवाल आएंगे तो दिमाग सही जवाब खुद ढूंढ निकालेगा.

NEET UG 2026 LIVE: सोशल मीडिया के शोर से बना लें दूरी

नीट यूजी 2026 लाइव: नीट यूजी परीक्षा से ठीक पहले यूट्यूब, टेलीग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी दावों की बाढ़ आ जाती है. कोई कहता है पेपर लीक हो गया तो कोई नई तारीख का दावा करता है. इन सभी डिजिटल शोर-शराबे से खुद को पूरी तरह से कट-ऑफ कर लें. किसी भी तरह की जानकारी के लिए केवल और केवल NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही भरोसा करें और अपनी मानसिक शांति बनाए रखें.

NEET UG 2026 LIVE: फाइनल है नीट यूजी परीक्षा की तारीख

नीट यूजी 2026 लाइव: एनटीए ने स्पष्ट कर दिया है कि नीट यूजी 2026 की परीक्षा अपने निर्धारित समय पर यानी 21 जून को ही होगी. सोशल मीडिया पर चल रही पोस्टपोन होने की अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें. ये अफवाहें सिर्फ ध्यान भटकाने का काम करती हैं. इस समय फोकस सिर्फ और सिर्फ अपनी पढ़ाई और रिवीजन पर होना चाहिए, जिससे परीक्षा हॉल में अपना शत-प्रतिशत दे सकें.



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वो लो बजट फिल्म, जिसके लिए शाहरुख खान ने माफ किए 42 लाख रुपए, बॉक्स ऑफिस पर कमाए ₹80 करोड़


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‘देऊळ बंद 2’ इस साल की मराठी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनकर उभरी है. फिल्म के लिए शाहरुख खान ने बहुत मदद की है. इसका खुलासा इसके डायरेक्टर प्रविण तरडे ने किया है. 21 मई को रिलीज हुई यह फिल्म अभी तक मराठी बॉक्स ऑफिस पर बनी हुई है. यह अबतक की 5 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मराठी फिल्मों में शामिल हो गई है.

‘देऊळ बंद 2’ के डायरेक्टर प्रविण तरडे ने बताया कि शाहरुख खान ने फिल्म की रिलीज से पहले एक बड़ी आर्थिक समस्या के लिए एक बड़ी मदद की. शाहरुख ने अपनी कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट को फिल्म के डिजिटल सिनेमा पैकेज (डीसीपी) से जुड़े करीब 42 लाख रुपये के बिल को माफ को किया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

Deool Band 2 Shah

‘देऊल बंद 2’ करीब 8-10 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 80 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है और अब यह अब तक की पांच सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मराठी फिल्मों में शामिल हो गई है. हालांकि, इसका सिनेमाघरों तक पहुंचना आसान नहीं था. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

निर्देशक प्रविण तरडे ने अभिजात मराठी फिल्मी से बातचीत में बताया कि मेकर्स ने फिल्म के डीसीपी तैयार करवाने के लिए रेड चिलीज एंटरटेनमेंट से कॉन्टैक्ट किया था, जो थिएटर में फिल्म दिखाने के लिए जरूरी डिजिटल फॉर्मेट है. टीम ने इसके लिए करीब 12 लाख रुपये अलग रखे थे. लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि फाइनल बिल करीब 42 लाख रुपये का है. (फाइल फोटो)

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Deool Band 2 Shah RUkh

प्रविण तरडे ने बताया कि यह रकम मेकर्स के लिए बड़ी चिंता बन गई, क्योंकि उनके पास सीमित संसाधन थे लेकिन वे फिल्म को बड़े लेवेल पर रिलीज करना चाहते थे. प्रविण ने कहा, “बिल 42 लाख रुपये का आया. हमारे पास इतने पैसे नहीं थे, न ही कोई ऐसा स्रोत था जिससे हम ये रकम जुटा पाते.” इसके बाद उन्होंने रेड चिलीज से संपर्क किया और समझाया कि ‘देऊळ बंद 2’ एक क्षेत्रीय मराठी फिल्म है, जो सीमित बजट में बनी है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

Deool Band 2 Shah RUkh

मामला आखिरकार शाहरुख खान तक पहुंचा, जिन्होंने अपनी तकनीकी टीम से फिल्म और उसके मेकर्स के बारे में जानकारी ली. टीम ने उन्हें बताया कि ‘देऊळ बंद 2’ उन्हीं मेकर्स की फिल्म है, जिन्होंने ‘मुलशी पैटर्न’ बनाई थी, जिसे बाद में सलमान खान की ‘अंतिम’ के रूप में हिंदी में बनाया गया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

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जब शाहरुख को पता चला कि डीसीपी तैयार है लेकिन पेमेंट न होने के कारण नहीं दिया जा रहा, तो उन्होंने रेड चिलीज को तुरंत डीसीपी रिलीज करने के लिए कहा. प्रविण तरडे ने कहा, “शाहरुख खान ने बस इतना कहा, ‘इनका बिल माफ कर दो. यह मराठी फिल्म है. इन्हें डीसीपी दे दो. पेमेंट बाद में देख लेंगे. अगर फिल्म अच्छी है तो इन्हें डीसीपी दे दो.'” (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

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प्रविण तरडे ने शाहरुख खान और रेड चिलीज टीम की तारीफ की. उन्होंने मराठी सिनेमा का सम्मान किया और आर्थिक पहलुओं से ऊपर फिल्म को रखा. उन्होंने कहा कि शाहरुख का सपोर्ट इसलिए भी खास था क्योंकि उस वक्त किसी को नहीं पता था कि ‘देऊळ बंद 2’ हिट होगी या नहीं. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

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प्रविण तरडे ने कहा, “शाहरुख खान ने जो किया, जब फिल्म कुछ भी नहीं थी, जब किसी को नहीं पता था कि चलेगी या नहीं, वह हमेशा याद रहेगा. मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा.” उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि वे शाहरुख के लिए खुद फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित करना चाहते हैं. प्रविण ने ही फिल्म की कहानी और डायरेक्शन किया है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

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‘देऊळ बंद 2’ में स्नेहल तरडे मुख्य भूमिका में हैं, जबकि मोहन जोशी एक बार फिर स्वामी समर्थ के किरदार में नजर आते हैं. फिल्म किसान आत्महत्या और आस्था-अनास्था के जटिल संघर्ष को दिखाती है. इसकी भावनात्मक कहानी और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ ने इसे मराठी सिनेमा का ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर बना दिया है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

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‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से: जोधपुर में सड़क, पानी और सीवरेज शहर की बड़ी समस्या, यूजर बोले- टेढ़ा पोल तक नहीं सुधारा – Rajasthan News




दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान‘ पर जोधपुर शहर के विभिन्न वार्डों से यूजर अपने क्षेत्र और गली की बुनियादी समस्याओं से जुड़ी फोटो–वीडियो शेयर कर रहे हैं। इनमें बिजली, नाली, पानी, सीवरेज और साफ–सफाई की परेशानी सबसे ज्यादा है। अधिकारी और जन प्रतिनिधी भी अपने स्तर पर इन समस्याओं के जल्द समाधान में सहयोग कर रहे हैं। विभाग की ओर से प्रभावी मॉनिटरिंग न होने से कुछ इलाकों में समस्याओं के हल लंबित हैं। शहर में सीवरेज लाइन, गंदे पानी की निकासी की समस्या, पेयजल और सड़कों की परेशानी लगातार बनी हुई हैं। एक नजर डालते हैं अधिकारियों के करवाए समाधानों और यूजर की ओर से भेजी उन समस्याओं पर जो दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। बिजली का टेढ़ा पोल ठीक नहीं कर रहे जोधपुर से दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर नागौरी गेट रोड, अजय चौक से ललित सांखला ने बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा अजय चौक पर बालाजी सॉफ्टवेयर सर्विसेज के सामने बिजली का खम्भा टेढ़ा हो गया है। इसकी शिकायत कई बार कर चुके लेकिन विभाग इसे ठीक नहीं कर रहा है। न कचरा उठता, न नाले की सफाई ‘भास्कर समाधान’ पर कमला नेहरु नगर से हीना चौहान ने अपने एरिया में बने नाले की सफाई समय पर न होने की शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि नियमित सफाई न होने के कारण नाले और इसके आसपास गंदगी फैली रहती है। बेसहारा पशुओं का झुंड खड़ा रहता है। बार बार कहने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। पाइपलाइन डाली, मलबा मिट्‌टी छोड़ी भंवरलाल ने जोधपुर के डिगाड़ी रोड से ‘भास्कर समाधान’ पर सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि डिगाड़ी रोड से 10 दुकान मार्केट की तरफ जाने वाली रोड को पीएचईडी ने पाइपलाइन डालने के लिए खोदा था। काम पूरा होने के बाद मिट्‌टी मलबा सड़क पर ही डालकर चले गए। रोड भी ठीक नहीं करवाई। 15 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नहीं की ठीक नंदन वन नगर से गोविन्द पांडे ने स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनकी कॉलोनी में बीते 15 दिन से स्ट्रीट लाइट खराब है। शाम होते ही पूरे एरिया में अंधेरा छा जाता है। कई बार शिकायत कर चुके लेकिन इस समस्या को 15 दिन बाद भी विभाग के कर्मचारियों ने ठीक नहीं किया है। अब एक नजर उन समाधानों पर जो ‘भास्कर समाधान’ की पहल पर हुए… खराब रोड लाइट हुई ठीक जोधपुर की ब्राह्मणों की गली, बधला चौक से धर्मेंद्र टाक ने ‘भास्कर समाधान’ पर बरसात के बाद गली की रोड लाइट खराब होने की पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि इससे गली में रात भर अंधेरा रहता है। इस पर एक्शन लेते हुए बिजली विभाग ने रोड लाइट ठीक कर समस्या का समाधान कर दिया है। एक महीने पुरानी समस्या का समाधान जोधपुर की एक पॉश कॉलोनी आशापूर्णा से यूजर ने ‘भास्कर समाधान’ पर बार–बार पावर कट होने और विभाग के कर्मचारियों के रेस्पॉन्स न करने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने कहा कि गर्मी में लाइट काटने का कोई ठोस कारण नहीं होने के बावजूद विभाग महीने भर से पावर कट हो रहा है। इस समस्या का समाधान करवा दिया है। धीरज राय बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर की आशापूर्णा एनआरआई एरिया से अन्ना ने ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट किया था कि उनकी सोसायटी में बीते एक महीने से लाइट की बहुत समस्या है। खराब मौसम के बिना भी अक्सर रात को लाइट काट ली जाती है। कम्प्लेन के बावजूद विभाग ध्यान नहीं देता। डिस्कॉम कॉल सेंटर के टीम लीडर धीरज राय ने समाधान करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 2.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 3.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 4.अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 5.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 6.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर



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फर्रुखाबाद में एक घंटे हुई झमाझम बारिश: दो दिन की भीषण गर्मी के बाद मिली राहत, तापमान गिरा – Farrukhabad News




फर्रुखाबाद में शुक्रवार सुबह मौसम ने करवट बदली। सुबह 4 बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक झमाझम होती रही। इससे दो दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह के समय 32 सेल्सियस पर तापमान जा पहुंचा। पिछले दो दिनों से जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप था। तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था, जिससे दिन और रात दोनों समय लोग परेशान थे। शुक्रवार सुबह अचानक मौसम में बदलाव आया। तेज हवाएं चलने लगीं और आसमान में बादल छा गए, जिसके बाद बिजली चमकने के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश शुरू होते ही शहर की बिजली गुल हो गई। बारिश रुकने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन सुबह 7 बजे तक हर 15 मिनट पर बिजली आती-जाती रही। किसानों ने बताया कि बारिश से खेतों में कटी पड़ी मक्का की फसल को नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, जो फसल अभी काटी नहीं गई है, उसे इस बारिश से फायदा मिलेगा।



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दरभंगा ग्रामीण एसपी बनीं साक्षी कुमारी: 2022 बैच की IPS अधिकारी हैं, पेंडिंग मामलों का जल्द होगा निपटारा – Darbhanga News




बिहार में गुरुवार देर रात बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल हुए हैं। बिहार सरकार ने 21 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया है। 11 जिलों के DM बदले गए हैं। वहीं, 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी साक्षी कुमारी को दरभंगा ग्रामीण एसपी बनाया गया है। इससे पहले खगड़िया जिले के गोगरी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के तौर पर तैनात थीं। पूर्व ग्रामीण एसपी आलोक के ट्रांसफर के बाद से लंबे समय से पद रिक्त था। इस कारण कई प्रशासनिक और अनुसंधान संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे थे। अब साक्षी कुमारी के आने से ग्रामीण क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले आईपीएस काम्या मिश्रा को दरभंगा ग्रामीण की पहली पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके बाद आईपीएस आलोक ने कार्यभार संभाला। अब साक्षी कुमारी ग्रामीण पुलिस अधीक्षक का दायित्व निभाएंगी। पेंडिंग केस पर फोकस पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों के बीच यह उम्मीद व्यक्त की जा रही है कि लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। विशेष रूप से अनुसंधानाधीन मामलों की समीक्षा, अपराध नियंत्रण, वारंट निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और थाना स्तर पर लंबित कांडों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया जाएगा।



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ईरान डील पर अमेरिका में सवाल: ट्रम्प जंग से क्यों पीछे हटे; रिपब्लिकन नेताओं ने समझौते को सरेंडर बताया




अमेरिकी उपराष्ट्रति जेडी वेंस ने इजराइल की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुई डील की आलोचना करने वालों को हकीकत समझना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर वे नेतन्याहू सरकार में होते तो दुनिया में अपने सबसे ताकतवर सहयोगी अमेरिका पर सवाल नहीं उठाते। वेंस ने कहा- इस समय पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रम्प ही ऐसे राष्ट्र प्रमुख हैं जो इजराइल के लिए सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने ट्रम्प की आलोचना करने वाले इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच की आलोचना की। उन्होंने नाम लेकर उनसे पूछा कि आपके पास ऑप्शन क्या है? इजराइल सिर्फ 90 लाख की आबादी वाला देश है। हर समस्या का हल लोगों को मार कर नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका पीस डील लागू: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में इससे जुड़े MoU पर साइन किए। 2. अमेरिका-ईरान प्रतिनिधि आज स्विट्जरलैंड में मिलेंगे: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच पहली औपचारिक वार्ता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होगी। 3. इजराइल बोला- लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे: इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का नया नक्शा जारी किया है और साफ किया है कि फिलहाल वहां से सैनिक नहीं हटाए जाएंगे। 4. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही तेज: पीस डील पर साइन होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं। 5. लेबनान में इजराइली हमलों में 3 लोगों की मौत: पीस डील लागू होने के बाद भी इजराइल ने साउथ लेबनान में हमला किया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। 2 मार्च से अब तक इन हमलों में 3,900 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका-ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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MP में 21जून को NEET परीक्षा, हर सेंटर पर CCTV-जैमर: भोपाल में 13,774 स्टूडेंट देंगे एग्जाम; बारीकी से जांच होगी, स्पेशल ट्रेन भी चलेगी – Bhopal News




NEET (यूजी) की 21 जून को होने वाली पात्रता परीक्षा को लेकर नियम सख्त रहेंगे। सभी सेंटरों पर CCTV कैमरे और जैमर लगेंगे। ताकि, गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। सेंटर के बाहर बड़ी सी घड़ी लगेंगी। जिससे स्टूडेंट्स को टाइमिंग का सही पता रहे। ये नियम प्रदेश के सभी एग्जॉम सेंटरों पर लागू होंगे। इधर, भोपाल, इंदौर और रतलाम के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। भोपाल में कुल 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस के साथ रेलवे भी तैयारी कर रहा है। 32 केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को वन-टू-वन किया। मीटिंग में बताया गया कि कई बार दो से तीन सेंटरों के नाम एक जैसे होते हैं। जिससे परीक्षार्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए उन्हें केंद्र का नाम और स्थान क्लियर रखें। हमीदिया रोड पर जो सेंटर हैं, उसके रास्ते में लोग गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स को देरी हो सकती है। इसलिए पुलिस गाड़ियों को तुरंत हटा दें। पुराने शहर में मेट्रो का काम चल रहा है। बेरिकेडिंग में सेंटर का नाम छिप सकता है। इसलिए सेंटर की ओर रास्ता दिखाने वाले बोर्ड लगेंगे। इतने स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे
भोपाल में 13 हजार 774, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है। तीन शहरों में चलेगी स्पेशल ट्रेन
अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा केंद्रों तक उनकी सुगम आवाजाही के लिए रेलवे इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह स्पेशल ट्रेन इंदौर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से भोपाल आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगी। गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन 20 जून 2026 को किया जाएगा। यह ट्रेन इंदौर स्टेशन से सुबह 11.25 बजे प्रस्थान कर फतेहाबाद में दोपहर 12 बजे, बड़नगर में दोपहर 12.42 बजे, रतलाम में 1.30 बजे, नागदा में दोपहर 2.23 बजे, उज्जैन में दोपहर 3.25 बजे, मक्सी में शाम 4.30 बजे, शुजालपुर में शाम 5.21 बजे, सीहोर में शाम 6 बजे, बैरागढ़ स्टेशन पर शाम 6.18 बजे और शाम 5 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचेंगी। इसी प्रकार वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल–रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून 2026 को भोपाल स्टेशन से शाम 7.40 बजे प्रस्थान कर संत हिरदाराम नगर में रात 8.08 बजे, सीहोर में रात 8.34 बजे, शुजालपुर में रात 8.59 बजे, मक्सी में रात 9.59 बजे, उज्जैन में रात 11.05 बजे एवं अगले दिन नागदा रात 12.05 बजे आगमन कर गंतव्य स्टेशन रतलाम रात 12.55 बजे पहुंचेगी। यह रहेगी कोच कम्पोजीशन
इस गाड़ी में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआर/डी सहित कुल 17 कोच रहेंगे। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से यह स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है।



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मैक्रों ने हिंदी में कहा- भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर रहे: मित्र नरेंद्र, आपका स्वागत करके बहुत खुशी हुई; PM मोदी पेरिस से दिल्ली रवाना


पेरिस/नई दिल्ली29 मिनट पहले

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पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में मैक्रों और पीएम मोदी शामिल हुए।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हिंदी में वीडियो मैसेज शेयर किया है। उन्होंने कहा- प्रिय मित्र नरेंद्र, आपका नीस, एवियन और पेरिस के दौरे में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हुई। फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे।

इसके बाद मुस्कुराते हुए मैक्रों ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है यह (हिंदी संदेश) सही होगा। डियर प्राइम मिनिस्टर इस दोस्ती के लिए आपका धन्यवाद। मैं अगली फरवरी (भारत यात्रा) आपसे मिलूंगा।’ वहीं, फ्रांस से रवाना होने के बाद मोदी ने X पर लिखा- यह यात्रा सहभागिता और उपलब्धियों दोनों के लिहाज से व्यापक रही।

दरअसल, पीएम मोदी 6 दिन का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा पूरा करके गुरुवार देर रात भारत के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने G7 समिट भी अटेंड की। यहां पीएम की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हुई। ट्रम्प ने मोदी की जमकर तारीफ की।

पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति गले मिले।

पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति गले मिले।

तारीखों में पीएम मोदी की 6 दिन की यात्रा

18 जून: पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में शामिल हुए

पीएम मोदी पेरिस में आयोजित विवाटेक समिट में शामिल हुए थे। मोदी ने कहा- फ्रांस एक अहम कड़ी का काम कर रहा है जो भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब ला रहा है।

उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं।

मोदी ने कहा कि 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

पीएम की स्पीच, 5 बड़ी बातें; कहा- भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर

  • लोकतंत्र की ताकत, चायवाला पीएम बना: आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं। 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया। बीते 12 सालों में 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। भारत की जीडीपी दोगुना हुई है।
  • भारत में दोगुनी स्पीड से विकास हो रहा: एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी हुई है। यूनिवर्सिटी की संख्या भी दोगुनी हो गई है। हाईवे कंस्ट्रक्शन की स्पीड तीन गुना बढ़ गई है। मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, इससे आप अंदाजा लगा पाएंगे की आज भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में 100 गुना की बढ़ोतरी हुई है। भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है।
  • 12 सालों की उपलब्धि को अंकों से नहीं माप सकते: 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानी एक ऐसी प्रगति, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में आज जितने कुल घर हैं, उससे ज्यादा घर हमने भारत में जरूरतमंद लोगों को लिए बनाए हैं। इन 12 सालों की उपलब्धियों में एक उपलब्धि ऐसी भी है, जिसे अंकों से नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास। आज का भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
  • महिलाएं-किसान टेक्नोलॉजी से सशक्त: एक समय था, जब दूरदराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल था। आज उन्हीं गावों में मोबाइल, बिजली और इंटरनेट सुविधाओं की पूरी दुनिया है। हमारे किसान, मछुआरों, डेयरी फार्मर्स, महिलाएं, स्टूडेंट्स सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं। अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।
  • भारत को अब नेक्स्ट लेवल पर ले जाना है: इन उपलब्धियों की विशेषताएं ये हैं कि कुछ समय पहले तक यह नामुमकिन लगती है। आज भारत के लोग अपने जीवन को भी नेक्स्ट लेवल पर ले जाना चाहते है। और भारत को भी नेक्स्ट लेवल पर ले जाना उनका मकसद, सपना और संकल्प है। यही एस्पेरेशन आज भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

17 जून: पीएम G7 समिट में शामिल हुए, ट्रम्प से मीटिंग की

मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए थे। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई।

ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा।

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।

G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नहीं

17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा।

ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं।

बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी।

मोदी ने भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया

  • पीएम मोदी ने G7 समिट में 16 जून और 17 जून दोनों ही दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिट के पहले दिन मंगलवार को आउटरीच सेशन में कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।
  • G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प , ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शामिल थे। इन नेताओं के साथ हुई बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

14-16 जून: मोदी का स्लोवाकिया दौरा, सवोच्च नागरिक सम्मान मिला

राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा था।

राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहे थे। 15 जून को उन्हें स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया था। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया था।

सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा – वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

13 से 14 जून: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा, पहला फेज

14 जून को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए थे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई थी। दोनों देशों ने अगले 5 साल में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। पूरी खबर पढ़ें…

भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।

इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

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फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम: पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया> फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…

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जब पाई-पाई को तरसे थे बॉलीवुड के धाकड़ विलेन, रुला देगी आशीष विद्यार्थी की स्ट्रगल स्टोरी


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Birthday Special: सिनेमा के पर्दे पर अपनी कड़क आवाज से खौफ पैदा करने वाले दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस वक्त उन्हें फिल्म ‘द्रोहकाल’ के लिए देश का सबसे बड़ा ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड’ मिला था, उस समय वे मुंबई में कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे. पाई-पाई के लिए संघर्ष करने वाले आशीष विद्यार्थी ने कैसे साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी धाक जमाई और आज 60 की उम्र पार करने के बाद भी कैसे वे यूट्यूब और सोशल मीडिया की दुनिया पर राज कर रहे हैं, बर्थडे स्पेशल में जानिए एक्टर के असल जिंदगी स्ट्रगल स्टोरी.

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Happy Birthday Ashish Vidyarthi: बड़े पर्दे पर अपनी कड़क आवाज और खूंखार विलेन के किरदारों से सबको डराने वाले आशीष विद्यार्थी असल जिंदगी में बहुत ही जिंदादिल और सरल इंसान हैं. 19 जून 1962 को केरल में जन्मे आशीष आज सोशल मीडिया की दुनिया में भी एक बड़े स्टार बन चुके हैं. वह अपने पॉडकास्ट में अक्सर कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और यह आपकी सोच को कभी बूढ़ा नहीं कर सकती. आशीष को यह गहरी और सुलझी हुई सोच अपने माता-पिता से विरासत में मिली है.

एक्टर के पिता गोविंद विद्यार्थी एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश के लिए अपना सरनेम तक बदल लिया था, और उनकी मां रेबा विद्यार्थी एक मशहूर कथक गुरु थीं. इसी वजह से बचपन से ही आशीष के मन में कला के लिए एक खास जगह बन गई थी.

कभी कमरा किराए पर लेने के नहीं थे पैसे

दिल्ली के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद आशीष ने एक्टिंग सीखने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का रुख किया. इसके बाद उन्होंने मनोज बाजपेयी जैसे कलाकारों के साथ थिएटर में जमकर पसीना बहाया. साल 1994 में आई फिल्म ‘द्रोहकाल’ उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला, जो किसी भी एक्टर के लिए बहुत गर्व की बात होती है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस वक्त उन्हें यह बड़ा सम्मान मिला, उस दौर में वे मुंबई में रहने के लिए कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे और बहुत कड़े आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे.

विलेन बनकर जीता दर्शकों का दिल

आर्थिक तंगी से जूझने के बाद भी आशीष ने हार नहीं मानी. उन्होंने ‘वास्तव’ और ‘इस रात की सुबह नहीं’ जैसी फिल्मों में विलेन बनकर बॉलीवुड में अपनी एक तगड़ी पहचान बना ली. इसके बाद उन्होंने साउथ की फिल्मों का रुख किया. तमिल फिल्म ‘दिल’ और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘घिल्ली’ में उनके निभाए किरदारों ने उन्हें रातों-रात पूरे दक्षिण भारत में मशहूर कर दिया. उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में काम करके यह साबित कर दिया कि एक सच्चे कलाकार के लिए भाषा कभी कोई दीवार नहीं बन सकती.

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