मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिफ्ट व्यवस्था लागू कर शैक्षणिक सुविधा देने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते अन्य संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्पों को लागू करने की तैयारी भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग के कामों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था सुनिश्चित कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर खुशी जताई है। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिन्दवाड़ा के राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में अच्छे विषयों का समावेश करें। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक आर्थिक सहयोग देगी। विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान के कोर्स के लिए व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों की रूचि के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में निरंतर सुधार के कदम उठाए जाएं। पीएमश्री महाविद्यालयों में भी इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। अन्य सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन होता रहे, इस पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। प्रदेश की तीन अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआर एफ) द्वारा श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिए सराहा गया है। स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में पंजीयन के कार्य में मध्यप्रदेश ने जुलाई 2025 में 3 लाख 52 हजार 931 पंजीयन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जुलाई 2026 के सेमेस्टर में यह संख्या 2 लाख 73 हजार 266 हो गई है। प्रदेश में गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय और आगर मालवा में लॉ कॉलेज प्रारंभ किया गया। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों में पीजी कक्षाएं प्रारंभ की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश
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उच्च शिक्षा में नैक की तर्ज पर सैक शुरू करें: सीएम बोले, जरूरत हो तो शिफ्ट में चलाएं महाविद्यालय, रोजगार परक पाठ्यक्रम पर करें फोकस – Bhopal News
‘भड़काओ, सुर्खियों में आओ, दोहराओ… क्या राहुल बनते जा रहे हैं भारत के ट्रंप?’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति अब एक नए ट्रैक पर चल पड़ी है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि उनकी राजनीति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलती है. सुर्खियों में बने रहना और विरोधियों को लगातार उकसाना उनका मुख्य हथियार बन गया है. वह हर समय चर्चा का केंद्र बने रहना चाहते हैं. इसके लिए वह क्रेडिबिलिटी दांव पर लगाने को भी तैयार दिखते हैं. सालों पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से एक सवाल पूछा गया था. उनसे उनकी विवादास्पद बयानबाजी का कारण पूछा गया था. तब उन्होंने हंसते हुए कहा था कि ‘छपते रहो’. अब राहुल गांधी ने भी अपने पूर्व राजनीतिक गुरु की इस बात को पूरी तरह अपना लिया है. वह लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे बीजेपी को कई प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ती हैं.
क्या राहुल गांधी जानबूझकर डोनाल्ड ट्रंप की स्टाइल को कॉपी कर रहे हैं?
ट्रंप पर कितने भी आरोप लगें लेकिन वह हमेशा चर्चा में बने रहते हैं. राहुल गांधी भी भारत में यही गेम प्लान चला रहे हैं. वह जानते हैं कि चर्चा में बने रहने से उनकी लीडरशिप मजबूत दिखती है. उनके समर्थक इसे एक सोची-समझी रणनीति मानते हैं. उनका कहना है कि राहुल गांधी उन मुद्दों को उठा रहे हैं जिन पर बाकी लोग चुप रहते हैं.
राहुल गांधी क्यों अपना रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी आक्रामक राजनीति, क्या है कांग्रेस का नया गेम प्लान? (AI Generated Image)
राफेल से लेकर संसद में गले मिलने तक कैसे बदला राहुल गांधी का अंदाज?
राहुल गांधी के राजनीतिक सफर में कई ऐसे मोड़ आए हैं जिसने सबको चौंका दिया. कुछ साल पहले उन्होंने राफेल डील को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के नाम पर एक बड़ा दावा किया था. मनोहर पर्रिकर ने उस दावे का तुरंत खंडन किया था. इसके बावजूद राहुल गांधी अपने स्टैंड पर अड़े रहे. उन्होंने ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया जो चुनाव में भले नहीं चला लेकिन बीजेपी को डिफेंसिव होना पड़ा.
संसद में पीएम नरेंद्र मोदी को अचानक गले लगाना और फिर आंख मारना भी इसी रणनीति का हिस्सा था. इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारी अटेंशन बटोरी. राहुल गांधी कई बार दावा कर चुके हैं कि आईबी और दूसरी एजेंसियों के अफसर उन्हें सीक्रेट इनफॉर्मेशन देते हैं. वह इन दावों के जरिए हमेशा खुद को खबरों के टॉप पर बनाए रखते हैं.
क्या बिना सबूत के बड़े आरोप लगाने से राहुल गांधी की इमेज को नुकसान हो रहा है?
इस आक्रामक राजनीति के साथ एक बहुत बड़ा रिस्क भी जुड़ा हुआ है. लगातार विवादास्पद बयान देने से नेता की गंभीरता कम होने का खतरा रहता है.
- डोनाल्ड ट्रंप भी अमेरिका में कई बार मीम्स और जोक्स का शिकार बनते हैं. राहुल गांधी के विरोधी उन पर ‘शूट एंड स्कूट’ यानी आरोप लगाकर भाग जाने का आरोप लगाते हैं.
- आलोचकों का कहना है कि राहुल गांधी जो भी दावे करते हैं उनके पक्ष में फैक्ट्स और एविडेंस नहीं देते हैं. लीडर ऑफ अपोजिशन एक संवैधानिक पद है और इसके गरिमा की अपनी मांग होती है.
- संसद की सीढ़ियों पर चाय में बिस्कुट डुबोने जैसी घटनाओं से सोशल मीडिया पर रील्स तो बन जाती हैं लेकिन इससे पद की गंभीरता कम होती है.
बीजेपी को परेशान करने के लिए कांग्रेस ने कौन सा नया चक्रव्यूह तैयार किया है?
राजनीति के जानकार इसे नैरेटिव सेट करने का खेल कहते हैं. राहुल गांधी अब सीधे सीधे हमला करने की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं. वह सोशल मीडिया की ताकत को पहचान चुके हैं. इसलिए उनके बयान छोटे वीडियो और रील्स के लिए बिल्कुल परफेक्ट होते हैं.
इस आक्रामक राजनीति का भविष्य क्या है और राहुल गांधी को इससे क्या मिलेगा?
आने वाले समय में भारतीय राजनीति और भी ज्यादा आक्रामक होने वाली है. राहुल गांधी का यह ट्रंप कार्ड कितना कामयाब होगा यह तो चुनाव के नतीजे ही बताएंगे. लेकिन एक बात साफ है कि अब उन्हें कोई इग्नोर नहीं कर सकता है. क्रेडिबिलिटी का संकट अपनी जगह है लेकिन विजिबिलिटी के मामले में वह सबसे आगे चल रहे हैं. उनके इस अंदाज ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर दिया है.
अब वह सिर्फ छोर पर रहकर मैच नहीं देखते बल्कि सीधे काउंटर अटैक करते हैं. देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ट्रंप स्टाइल पॉलिटिक्स उन्हें देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा पाएगी या फिर वह सिर्फ हेडलाइंस तक ही सीमित रह जाएंगे.
क्या राहुल गांधी देश में आर्थिक मंदी का झूठा डर फैला रहे हैं?
बीजेपी ने अपने दावों को साबित करने के लिए कई आर्थिक डाटा पेश किए हैं. अप्रैल और मई 2026 में ई-वे बिल जनरेशन में 11 प्रतिशत से ज्यादा की भारी तेजी आई है. मई में विनिर्माण पीएमआई बढ़कर 56.6 हो गया है और सर्विस पीएमआई भी 58.9 पर बेहद मजबूत स्थिति में है. इसके साथ ही अप्रैल में रिटेल महंगाई दर सिर्फ 3.48 प्रतिशत रही है जो रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के टारगेट से भी कम है.
बीजेपी के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में देश का ग्रॉस एफडीआई 94.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. देश के पास विदेशी मुद्रा का बड़ा रिजर्व है जो ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव से इकोनॉमी की रक्षा करता है. अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय रुपया 36 प्रतिशत तक गिर गया था. उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत दी कि वह देश में झूठा डर फैलाना बंद करें क्योंकि भारतीय इकोनॉमी आज हर मोर्चे पर बेहद सुरक्षित और मजबूत है.
राजेश खन्ना की वो एक्शन फिल्म, अमिताभ बच्चन ने दिया मुहुर्त क्लैप, रूह में उतर गई मूवी
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बॉलीवुड के दो सुपर स्टार राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन ने ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में साथ में काम किया है. उस समय इंडस्ट्री में राजेश खन्ना की तूती बोलती थी. फिर 1973 में ‘जंजीर’ से अमिताभ बच्चन रातोंरात सुपर स्टार बनकर उभरे. पूरे 15 साल इंडस्ट्री में एकतरफा राज किया. 80 के दशक में एक समय ऐसा भी आया जब राजेश खन्ना की फिल्म का मुहुर्त शॉट देने अमिताभ बच्चन पहुंचे थे. इस फिल्म के गाने ब्लॉकबस्टर साबित हुए. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं…….
डायरेक्टर सुल्तान अहमद को बड़ी स्टार कास्ट के साथ फिल्में बनाने का शौक था. 80 के दशक में उन्होंने एक ऐसी मल्टी स्टारर फिल्म बनाई जिसका मुहुर्त क्लैप अमिताभ बच्चन ने दिया था. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में राजेश खन्ना ने अमिताभ बच्चन को रिप्लेस किया था लेकिन मुहूर्त शॉट अमिताभ के हाथों ही कराया गया था. यह फिल्म थी धरम-कांटा जो कि 1982 में रिलीज हुई थी. फिल्म के गाने खूब पॉप्युलर हुए थे. ‘ए गोटेदार लहंगा’ गाना आज भी उतनी ही मकबूल है.

धरम कांटा में राज कुमार, वहीदा रहमान, जीतेंद्र, राजेश खन्ना, रीना रॉय और सुलक्षणा पंडित ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. यह एक एक्शन फिल्म थी. डाकुओं की कहानी थी. अमजद खान डबल रोल में थे. पहले पिता का फिर बेटे का रोल किया. पहले प्राण साहब को साइन किया गया था लेकिन बाद में सुल्तान अहमद को लगा कि अगर इस रोल को राज कुमार साहब करेंगे तो फिल्म का कैनवास बड़ लगेगा. फिल्म की प्राइस भी अच्छी मिलेगी. राज कुमार ने उस भूमिका को हीरो के अंदाज में निभाकर चार चांद लगा दिए.

फिल्म का यादगार म्यूजिक नौशाद ने कंपोज किया था. गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी थे. फिल्म में कुल 5 गाने थे. ये गाने थे : तेरी मेरी है नजर कातिल की, घुंघरू टूट गए, ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब डाल के, तेरा नाम लिया दिल थाम लिया और दुनिया छूटे यार ना छूटे. इन गानों में आशा भोसले, मोहम्मद रफी और भूपिंदर सिंह की आवाजें थीं. सुपरहिट गाना ‘ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब डाल के’ आशा भोसले ने गाया था.
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डायरेक्टर सुल्तान अहमद ने 1978 में ‘गंगा की सौगंध’ बनाई थी जिसमें अमिताभ-रेखा की जोड़ी थी. सुल्तान ने अपनी अगली फिल्म अमिताभ के साथ प्लान की लेकिन अमिताभ बच्चन को जब पता चला कि सुल्तान अहमद ने राजेश खन्ना से संपर्क किया है वो बहुत नाराज हुए.

उधर, सुल्तान अहमद ने इसकी बिल्कुल अलग कहानी सुनाई थी. उनका कहना था कि अमिताभ चाहते थे कि यह फिल्म सलीम-जावेद से लिखवाऊं. वो मेरे राइटर बीबी भल्ला से खुश नहीं थे. कश्मीर को कहानी सुनाने के लिए श्रीनगर भी गए थे. पूरे दो दिन टरकाते रहे और कहानी नहीं सुनी.

‘धर्मकांटा’ का मुहूर्त अगस्त 1978 में हुआ था. मुहुर्त शॉट राजेश खन्ना पर होना था. डायरेक्टर ने तय किया कि मुहूर्त क्लैप अमिताभ बच्चन देंगे. बताया जाता है कि राजेश खन्ना सेट पर बार-बार फोन करके पूछ रहे थे कि अमिताभ आए हैं या नहीं. वो अमिताभ के बाद ही फिल्म के सेट पर आना चाहते थे. दूसरी तरफ अमिताभ भी लगातार फोन कर काका के आने की बात पूछ रहे थे. मजेदार बात यह है कि अमिताभ जब सेट पर आए, ठीक उसी समय काका भी आए. इस तरह से फिल्म का मुहूर्त सीन शूट किया गया.

डायरेक्टर सुल्तान अहमद ‘मुगल-ए-आजम’ के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के. आसिफ के असिस्टेंट रहे थे. उन्होंने ‘धरम कांटा’ में के. आसिफ की बेटी हिना कौसर को भी एक रोल दिया था. फिल्म के शुरुआती 35 मिनट तक राज कुमार ही छाए रहे. फिल्म के एक सीन में राजकुमार को हीरो का हार पकड़ना था. उन्हें नकली हीरों का हार पकड़ाया गया तो नाराज हो गए और बोले कि हम नकली चीजों को हाथ नहीं लगाते. फिर उनके लिए असली हीरों का हार मंगवाया गया.

धरम कांटा के असली किरदार राज कुमार-वहीदा रहमान थे. दोनों के रोल बहुत ही पावरफुल थे. जब भी राज कुमार पर्दे पर आए, छा गए. इस फिल्म में एक भी गाना लता मंगेशकर ने नहीं गाया था. उन दिनों लता मंगेशकर और संगीतकार नौशाद में अनबन थी. फिल्म को 90 फीसदी ओपनिंग मिली थी. छोटे शहरों में फिल्म खूब चली थी. रिपीट रन में फिल्म ने अच्छा बिजनेस किया. धरम कांटा का बजट करीब पौने दो करोड़ रुपये था. नेट कलेक्शन 3 करोड़ था. मूवी बॉक्स ऑफिस पर करीब-करीब हिट थी.
सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी नहीं, टीम ने किए जब्त: 2 दुकानों पर हेल्थ विभाग का एक्शन; 51 पैकेट बरामद, बाजार में हड़कंप – Jaisalmer News
जैसलमेर शहर के हनुमान सर्किल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने इलाके की दो दुकानों पर अचानक छापा मारकर बिना वैधानिक (कानूनी) चेतावनी वाले 51 सिगरेट के पैकेट जब्त किए हैं। यह कार्रवाई भैरव जनरल स्टोर और बंशी जनरल स्टोर पर की गई। जांच के दौरान इन दुकानों पर बिक रहे सिगरेट के पैकेटों पर सेहत से जुड़ी कोई चेतावनी या तस्वीर नहीं छपी थी, जो कि पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों के अनुसार, बिना चेतावनी के तंबाकू उत्पाद बेचना एक गंभीर कानूनन अपराध है। आम जनता, विशेषकर युवाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में दुकानों की जांच का यह अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा ताकि नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसी जा सके। अधिकारियों के आदेश पर हुई कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल और कमिश्नर (आयुक्त) टी. शुभ मंगला के सख्त आदेश पर की गई। विभाग को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि शहर के कुछ बाजारों में बिना नियमों के तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं। इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से हनुमान सर्किल के व्यस्त बाजार में छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे बाजार के दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने की फिराक में दिखे। कोटपा कानून का उल्लंघन, मिली सख्त चेतावनी जांच टीम का नेतृत्व कर रहे दवा नियंत्रण अधिकारी (औषधि नियंत्रण अधिकारी) राजेश मीणा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा ने बताया कि दोनों दुकानों पर कोटपा कानून (तंबाकू नियंत्रण कानून) का खुला उल्लंघन पाया गया। नियम के मुताबिक, देश में बिकने वाले हर सिगरेट और तंबाकू के पैकेट पर तय आकार में कैंसर की चेतावनी और डरावनी तस्वीर होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने जब्त किए गए सामान को अपने कब्जे में लेकर दुकानदारों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की है। इसके साथ ही दोनों दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि भविष्य में दोबारा बिना नियम वाले या विदेशी ब्रांड के अवैध उत्पाद बेचते पाए गए, तो दुकानें सील करने के साथ-साथ उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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8 जून को लॉन्च होगा Infinix Smart 20, कीमत 10,000 रुपये से भी कम?
8 जून को Infinix अपना एक और बजट फ्रेंडली फोन लॉन्च करने जा रहा है। कंपनी ने इस फोन की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। इसकी कीमत 10,000 रुपये से कम हो सकती है। इन्फिनिक्स का यह फोन ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर लिस्ट किया गया है। साथ ही, फोन का एक माइक्रोसाइट भी तैयार किया गया है, जहां इसके कई फीचर्स भी रिवील हुए हैं। Infinix का यह स्मार्टफोन पिछले साल आए Infinix Smart 10 का अपग्रेड होगा।
Infinix Smart 20 की लॉन्च डेट कंफर्म
इनफिनिक्स का यह फोन 8 जून को दिन के 12 बजे ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर लॉन्च होगा। फोन की कीमत भी लॉन्च से पहले लीक हो गई है। यह फोन चार कलर ऑप्शन – क्लाउडलाइन ब्लू, पोलारिस टाइटेनियम, शैडो ब्लैक और सनलाइक ऑरेंज में आएगा। लिस्टिंग के मुताबिक, इस फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप और LED फ्लैश लाइट मिलेगी।
मिलेंगे ये फीचर्स?
माइक्रोसाइट के मुताबिक, इस फोन में पंच-होल डिजाइन वाला डिस्प्ले मिलेगा। फोन के बैक में 3D टेक्स्चर डिजाइन दिया जाएगा। वहीं, फ्रेम में पावर बटन के साथ वॉल्यूम कंट्रोलर्स देखे जा सकते हैं। फोन की मोटाई 7.7mm होगी। इस फोन के फीचर्स की बात करें तो इसमें MediaTek Helio G81 चिपसेट दिया जा सकता है। इसमें 4GB रैम के साथ माइक्रोएसडी के जरिए 2TB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा।
Infinix Smart 20 में 6.78 इंच का डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन में 5,200mAh की बैटरी के साथ 15W वायर्ड और 5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट दिया जा सकता है। इसमें IP64 रेटिंग मिल सकती है, जो फोन को पानी में भींगने और धूल-मिट्टी से बचाएगा।
Infinix Smart 10 के फीचर्स
पिछले साल लॉन्च हुए Infinix Smart 10 की बात करें तो इसे भारत में 6,799 रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया गया था। फोन में 4GB रैम के साथ 64GB स्टोरेज मिलता है। यह फोन 6.67 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। फोन में Unisoc T7250 चिपसेट दिया गया है। इस फोन के बैक और फ्रंट में 8MP के कैमरे लगे हैं। यह फोन 5,000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है और Android 15 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।
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हेड कांस्टेबल को कार ने मारी टक्कर: बायां पैर फ्रैक्चर हुआ, शामली में रात्रि गश्त के दौरान नेशनल हाईवे पर हुआ हादसा – Shamli News
शामली के कैराना कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर रात्रि गश्त के दौरान एक हेड कांस्टेबल को तेज रफ्तार अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में हेड कांस्टेबल पवन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका पैर दो-तीन जगह से टूट गया। उन्हें उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी कंडेला पर तैनात हेड कांस्टेबल पवन कुमार अपने साथी पुलिसकर्मी पूरण के साथ नेशनल हाईवे-709 एडी पर बाइक से गश्त कर रहे थे। यह घटना देर रात करीब एक बजे हुई। बताया गया कि ऐरटी कट से लगभग पांच सौ मीटर आगे पूर्वी यमुना नहर पुल की ओर सड़क किनारे खड़े कार सवार युवकों से हेड कांस्टेबल पवन पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान कैराना की ओर से आई एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। कार के पिछले टायर की चपेट में आने से उनका बायां पैर फ्रैक्चर हो गया। हादसे में सिपाही की बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि पीछे बैठे साथी पुलिसकर्मी पूरण बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के बाद आरोपी चालक कार समेत मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त कार की लाइटें बंद थीं। मामले की सूचना पर चौकी प्रभारी एसआई बिजेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल हरिओम मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल पुलिसकर्मी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने पवन कुमार को हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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जानिए ऑयल फ्री सब्जी बनाने के आसान तरीके, हेल्थ भी रहेगी फिट
Oil Free Sabji: आज के समय में लोग अपने खान-पान को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हो गए हैं. बढ़ता वजन, हाई कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी परेशानियों ने लोगों को अपनी रोजमर्रा की डाइट पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया है. ऐसे में सबसे पहले जिस चीज पर लोगों की नजर जाती है, वह है खाने में इस्तेमाल होने वाला तेल. कई लोग तेल कम करने की कोशिश करते हैं, जबकि कुछ लोग पूरी तरह ऑयल फ्री खाना अपनाने लगे हैं. हालांकि अब भी बहुत से लोगों को लगता है कि बिना तेल के बनी सब्जी फीकी और बेस्वाद होती है. यही वजह है कि वे इस तरीके को अपनाने से बचते हैं. असल में यह सिर्फ एक गलतफहमी है.
सही तकनीक और कुछ आसान किचन टिप्स की मदद से बिना एक बूंद तेल के भी स्वादिष्ट, खुशबूदार और लाजवाब सब्जियां बनाई जा सकती हैं. कई बार तो सब्जियों का असली स्वाद तभी सामने आता है जब उनमें तेल का ज्यादा इस्तेमाल न किया जाए, अगर आप भी हेल्दी लाइफस्टाइल की तरफ कदम बढ़ाना चाहते हैं और स्वाद से कोई समझौता नहीं करना चाहते, तो ऑयल फ्री सब्जी बनाने के ये आसान तरीके आपके बेहद काम आने वाले हैं.
1. सही बर्तन चुनना है सबसे पहला कदम
ऑयल फ्री कुकिंग में बर्तनों की भूमिका बहुत अहम होती है, अगर आप नॉन-स्टिक पैन या भारी तले वाली कढ़ाई का इस्तेमाल करते हैं तो सब्जी आसानी से पकती है और चिपकती भी नहीं. इससे तेल की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाती है. मोटे तले वाले बर्तन गर्मी को बराबर फैलाते हैं जिससे सब्जियां अच्छी तरह पकती हैं.
2. पानी से भी हो सकती है बेहतरीन भुनाई
अक्सर लोग सोचते हैं कि प्याज, अदरक, लहसुन और टमाटर को भूनने के लिए तेल जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है. आप इन चीजों को थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर भी अच्छी तरह भून सकते हैं. जब पानी सूखने लगे तो थोड़ा और पानी डाल दें और लगातार चलाते रहें. इससे मसाले धीरे-धीरे पकेंगे और उनका स्वाद भी बरकरार रहेगा. टमाटर की प्यूरी या वेजिटेबल स्टॉक का इस्तेमाल भी इस काम के लिए किया जा सकता है. इससे सब्जी का फ्लेवर और बेहतर हो जाता है.
3. सूखे मसाले बढ़ाते हैं स्वाद
अगर आप बिना तेल के खाना बना रहे हैं तो मसालों का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है. जीरा, धनिया, सौंफ और काली मिर्च जैसे मसालों को हल्का सूखा भून लें. इसके बाद इन्हें पीसकर सब्जी में डालें. ऐसा करने से मसालों की खुशबू कई गुना बढ़ जाती है और सब्जी में गहराई वाला स्वाद आता है.
4. हींग देगी तड़के जैसा स्वाद
हींग एक ऐसा मसाला है जो कम मात्रा में भी खाने का स्वाद बदल देता है. ऑयल फ्री सब्जी में हींग का इस्तेमाल तड़के जैसी खुशबू और स्वाद देता है. आप इसे सीधे सब्जी में डाल सकते हैं या पानी में घोलकर मिला सकते हैं. खासकर दाल और आलू की सब्जी में हींग का स्वाद शानदार लगता है.
कौन सी सब्जियां बनती हैं सबसे अच्छी
कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जो बिना तेल के भी बहुत अच्छी बन जाती हैं. इनमें लौकी, तोरी, कद्दू, पालक, मशरूम, टमाटर, पत्ता गोभी और फूलगोभी शामिल हैं. इन सब्जियों में प्राकृतिक नमी होती है जिससे इन्हें पकाने में ज्यादा परेशानी नहीं होती. फूलगोभी और पत्ता गोभी जैसी सब्जियों को पहले हल्का उबाल लिया जाए तो वे जल्दी पकती हैं और स्वाद भी अच्छा आता है.
स्टीम और प्रेशर कुकिंग का लें सहारा
अगर आप सब्जियों को पहले स्टीम कर लेते हैं तो उनकी बनावट और स्वाद दोनों बेहतर रहते हैं. स्टीम की हुई सब्जियां जल्दी पकती हैं और उनमें पोषक तत्व भी ज्यादा बचते हैं. इसी तरह दाल, राजमा या कुछ सख्त सब्जियों को प्रेशर कुकर में आसानी से पकाया जा सकता है. इससे समय की बचत भी होती है और तेल की जरूरत भी नहीं पड़ती.
स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये तरीके
ऑयल फ्री खाना स्वादिष्ट बनाने के लिए हरा धनिया, पुदीना और करी पत्ता काफी मददगार होते हैं. ये खाने में ताजगी और शानदार खुशबू जोड़ते हैं. इसके अलावा नींबू का रस, अमचूर पाउडर और इमली का पल्प भी सब्जी के स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं. हल्की खटास खाने को ज्यादा मजेदार बना देती है.
बिना तेल के कैसे बनाएं गाढ़ी ग्रेवी
कई लोगों को लगता है कि बिना तेल के ग्रेवी वाली सब्जी नहीं बन सकती, लेकिन यह पूरी तरह गलत है. टमाटर की प्यूरी, पानी में पकी प्याज की पेस्ट, कम वसा वाला दही, भीगे हुए काजू या खरबूजे के बीज की थोड़ी मात्रा ग्रेवी को गाढ़ापन और क्रीमी टेक्सचर दे सकती है. इस तरीके से बनी ग्रेवी स्वाद में भी अच्छी लगती है और शरीर पर अतिरिक्त फैट का बोझ भी नहीं डालती.
कनाडा में स्विमिंग पूल में डूबने से युवक की मौत: कुरुक्षेत्र से 2 साल पहले गया, ₹14 लाख में डेडबॉडी इंडिया पहुंची; दिसंबर में होनी थी शादी – Kurukshetra News
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के युवक की कनाडा में स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब युवक नहाने के लिए स्वीमिंग में उतरा, लेकिन पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। जब तक उसे बाहर निकाला जाता, वह बेसुध हो चुका था। साथियों ने उसे तुरंत ही हॉस्पिटल में एडमिट कराया, जहां वह करीब तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक युवक की पहचान मंदीप सिंह (21) निवासी लाडवा के रूप में हुई। मंदीप सिंह करीब दो साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। वह ब्रैम्पटन शहर में रहकर बच्चों की हेल्थ केयर से जुड़े फील्ड में काम कर रहा था। परिवार ने कनाडा से बॉडी पहुंचने के बाद आज उसका दाह संस्कार कर दिया। परिवार के मुताबिक, मंदीप को इसी साल दिसंबर में आना था। उसकी सगाई हो चुकी थी, दिसंबर में परिवार ने उसकी शादी करने के लिए तैयारी कर रखी थी। मगर, इससे पहले ही वह हादसे का शिकार हो गया। कनाडा में युवक के साथ कैसे हुआ हादसा… मंदीप सिंह के बारे में परिवार ने बताईं ये बातें… परिवार में माता-पिता और बड़ा भाई : मंदीप अपने पीछे माता-पिता, बड़े भाई और उसके परिवार को छोड़ गया है। उसके चाचा राम कुमार श्री सनातन धर्म महाबीर दल लाड़वा के उपप्रधान हैं। उन्होंने बताया कि पूरे परिवार को इस घटना से गहरा सदमा लगा है। रिश्तेदारों और परिचितों का परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार घर पहुंचना जारी है। दिसंबर में हुआ था 21 साल का : मंदीप सिंह ने पिछले साल 3 दिसंबर को अपना 21वां जन्मदिन मनाया था। वह पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर करियर की उम्मीद लेकर कनाडा गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह अपने भविष्य को संवारकर घर लौटेगा, लेकिन उसकी असमय मौत ने सभी सपने अधूरे छोड़ दिए। 14 लाख रुपए में डेडबॉडी इंडिया पहुंची चाचा राम कुमार ने बताया कि मंदीप अपने कुछ दोस्तों के साथ हेमिल्टन शहर में घूमने आया था। मंदीप को तैरना नहीं आता था। यहां अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया। करीब 14 लाख रुपए में मंदीप की बॉडी वापस भारत पहुंची। मंदीप का बड़ा भाई नरेश प्राइवेट सेक्टर में जॉब करता है। सगाई हो चुकी, दिसंबर में शादी होनी थी चाचा राम कुमार ने आगे बताया कि मंदीप के पिता खेती-बाड़ी का काम करते हैं। मंदीप की जाने से पहले से पास के गांव के हलालपुर की लड़की के साथ सगाई हो चुकी थी। अब मंदीप को दिसंबर को वापस आना था। उसी महीने में उसकी शादी तय हो रखी थी।
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खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी: सांसद बोले-खुलेगा विकास और रोजगार का द्वार,परिवहन-निवेश को बढ़ावा मिलेगा – Khagaria News
खगड़िया से पूर्णिया तक बनने वाली फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने इसे सीमांचल और खगड़िया के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया। गुरुवार को खगड़िया परिसदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में विकास, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। सांसद वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि पटना से बेगूसराय तक फोरलेन सड़क उपलब्ध थी, लेकिन बेगूसराय से पूर्णिया तक सड़क की स्थिति खराब थी। उन्होंने इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाया था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आश्वासन दिया था। आर्थिक विकास के लिए नई जीवनरेखा उन्होंने इस परियोजना की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बिहार सरकार और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया। सांसद ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक सड़क निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि सीमांचल के आर्थिक विकास के लिए एक नई जीवनरेखा साबित होगी, जिससे व्यापार, परिवहन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। “डबल इंजन सरकार” का सहयोग सांसद राजेश वर्मा ने यह भी बताया कि खगड़िया जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए के विधायक हैं। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के सहयोग से जिले में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और आने वाले समय में खगड़िया को कई और महत्वपूर्ण परियोजनाएं मिलेंगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने मानसी स्थित प्रिस्टाइन मेगा फूड पार्क से संबंधित जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रिस्टाइन और बुडको के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब सुलझ गया है। चिराग के हस्तक्षेप और पहल से मामला सुलझा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के हस्तक्षेप और पहल से मामला सुलझा है, जिसके बाद अब फूड पार्क में जल्द उद्योग स्थापित होने की उम्मीद है। इससे जिले में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि खगड़िया में सड़क, पुल और पुलिया जैसी बुनियादी समस्याओं को समाप्त करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदलेगी।
सांसद ने कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर भी जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड रखा था और अब आगामी 24 जून को दो वर्ष पूरा होने के अवसर पर फिर से अपने कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जनता मालिक के सामने पेश करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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दिल्ली होटल अग्निकांड, एलजी ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग: संधू बोले- बिना इजाज़त ना हो कंस्ट्रक्शन, एक्शन प्लान बनाने का आदेश – New Delhi News
नई दिल्ली। मालवीय नगर इलाके में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत और 35 लोगों को घायल होने के बाद दिल्ली के उप-राज्यपाल तरणजीत संधू ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार और अन्य अधिकारियों के साथ गुरुवार को हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। बैठक में मजबूत शहरी गवर्नेंस, बेहतर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर और दिल्ली में बेहतर स्ट्रक्चरल सेफ्टी के लिए एक बड़े एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। एलजी संधु ने कमिश्नर संजीव खिरवार को बिना नक्शा पास किए अवैध रूप से बन रहे निर्माणों पर सीलिंग, तोड़फोड़ कड़ी कार्रवाई के लिए एक बड़े एक्शन प्लान को लागू करने का आदेश दिया। एलजी बोले- म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर होंगे जिम्मेदार एलजी ने एमसीडी से रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने को कहा जो बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करने, गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन/एक्सपेंशन पर सजा दें और सभी म्युनिसिपल जोन में पूरी तरह से इंस्टीट्यूशनल जवाबदेही तय करें, जिसे जल्द से जल्द उनके सेक्रेटेरिएट को पेश किया जाए। एलजी संधू ने कहा कि एमसीडी अप्रूव्ड बिल्डिंग ब्लूप्रिंट या स्टैंडर्ड सेफ्टी कोड का उल्लंघन करने वाले गैर-कानूनी रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल वर्टिकल एक्सपेंशन की पहचान करने, जोनल अकाउंटेबिलिटी मैकेनिज्म, लोकल इंजीनियर, टेक्निकल स्टाफ और म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी अनदेखे गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन या चल रहे अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से करें लागू : संधू एलजी तरनजीत संधू ने गैर-कानूनी स्ट्रक्चरल एक्सपेंशन को रोकने के लिए एमसीडी के कमिश्नर संजीव को बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करने को कहा। एलजी ने एमसडी को को बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन से निर्णायक रूप से निपटने के लिए एक टाइम-बाउंड स्ट्रैटेजी लागू करने का निर्देश दिया।
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