Friday, June 26, 2026
Home Blog

एमआईए की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण: राजेंद्र गहलोत बोले: इंडस्ट्री के विकास और समस्याओं के लिए करेंगे प्रयास, सीनियर बिजनेसमैन को किया सम्मानित – Jodhpur News




मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी वर्ष का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ठ उद्यमी सम्मान समारोह मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के जगशांति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यों एवं एसोसिएशन के ऑडिटोरियम की सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के बारे में बताए ताकि समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने जोधपुर, पाली एवं बालोतरा की बंद यूनिट को दोबारा संचालित करवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मेंडका भरोसा दिलाया।
इन्हें दिलाई शपथ
पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने एमआईए की 43 वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इसमें राकेश कुमार बंसल अध्यक्ष, भंवरलाल भूतड़ा एवं ओपी भंसाली उपाध्यक्ष, विनोद परिहार सचिव, नवरतनमल बैद एवं राजीव चैपड़ा सहसचिव, रमन सिंघल कोषाध्यक्ष, दिलीप सोनी निवर्तमान अध्यक्ष सहित अक्षय अग्रवाल, अमन त्रेहान, अनुपम शर्मा, दिव्येश परिहार, गजेन्द्र सोलंकी, गुमानाराम जांगिड़, गणेश चैधरी, इमरान खान, जयेश खत्री, मनोज जैन, मनोज भण्डारी, निर्मल मालू, पीयूष लूणिया, राजेश बांठिया, रचित माहेश्वरी, को कार्यकारिणी सदस्यों एवं अनिल गहलोत, अरूण सिंघल, दिनेश सोनी, कैलाश विश्नोई, सिद्धार्थ कंसारा एवं सिद्धार्थ सुराणा को सहवृत्त सदस्यों के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पूर्व चुनाव अधिकारी उपेन्द्र भंसाली ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों व सहवृत्त सदस्यों को मंच पर शपथग्रहण हेतु आमंत्रित किया।

रीको लि. के पूर्व स्वतंत्र निदेशक सुनील परिहार ने एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को दोबारा संचालित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य सरकार द्वारा समय रहते प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरणीय मानकों में भी संशोधन किया जाना चाहिए। ताकि उद्योगों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए ताकि 7 लाख से अधिक प्रभावित रोजगार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
सीनियर उद्यमियों का किया सम्मान
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री ओमकार वर्मा ने कहा- जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के उद्योगों की तालाबंदी केवल राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता के कारण ही संभव हुई है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार द्वारा समय रहते माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी करते हुए बंद पड़े उद्योगों के शीघ्र संचालित करने हेतु त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में एमआईए द्वारा वरिष्ठ उद्यमी कैलाशराज टाटिया और विमलराज सिंघवी को वरिष्ठ उद्यमी सम्मान से सम्मानित किया गया।
एमआईए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेशकुमार बंसल एवं नवनिर्वाचित सचिव विनोद परिहार ने एसोसिएशन की कार्यकारिणी के निर्विरोध निर्वाचन पर सभी उद्यमियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार से सम्बंधित कई समस्याओं को लेकर प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योग त्रस्त है। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए दोबारा संचालित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम क शुरुआत में एमआईए अध्यक्ष राकेश कुमार बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनके कार्यकाल के बारे में जानकारी दी। सचिव विनोद परिहार ने सालभर की एक्टिविटी के बारे में बताया। संचालन एमआईए के सहसचिव राजीव चैपड़ा ने किया। कार्य्रम में ये रहे में ये रहे मौजूद
समारोह में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी दक्षिण के पूर्व अध्यक्ष नरेश जोशी एवं जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी उत्तर के पूर्व अध्यक्ष सलीम खान, रीको बोरानाडा के उपमहाप्रबंधक विनीत गुप्ता, रीको जोधपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक सुशील कटियार एवं क्षेत्रीय प्रबंधक मितेश रतनानी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र से पूनम राठौड़ एवं ओमप्रकाश चैधरी, एचडीएफसी बैंक के कलस्टर हैड अमित भण्डारी, एचडीएफसी बासनी शाखा के शाखा प्रबंधक निर्मल गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक बासनी के शाखा प्रबंधक सुधीर पारीक, आईडीबीआई बैंक बासनी के ब्रांच हैड अभिमन्यूसिंह बराड़, जोधपुर डिस्काॅम के सहायक अभियंता बी-चतुर्थ संदीप पंवार एवं पंकज चैहान, वरिष्ठ उद्यमी रावलचंद चैपड़ा, कैलाशराज टाटिया, प्रकाश संचेती, रामजीलाल लीला, किशनसिंह देवड़ा, किशनलाल गर्ग, विष्णु मित्तल, राहुल सिंघवी, जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया, पूर्व अध्यक्ष एनके जैन, लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रांत अध्यक्ष महावीर चैपड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष पंकज भण्डारी एवं सचिव राकेश चोरड़िया, बोरानाडा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सुराणा एवं सचिव राजेश सोलंकी, एमआईए के पूर्व अध्यक्ष कैलाश एन. कंसारा, कमल मेहता, डॉ .एसके शर्मा, कमल सिंघवी, उमेश लीला, प्रदीप डाकलिया, उपेन्द्र भंसाली, योगेश माहेश्वरी, भंवरलाल चैपड़ा सहित नरेन्द्र छाजेड़, नरेन्द्र शर्मा, मुकेश खत्री, अशोक एस. तातेड़, धनराज गुणपाल, केके लूंकड़, लक्ष्मीनारायण भाटी, हरदीपसिंह सलूजा, गौरव भंसाली, जितेन्द्र बोहरा, पार्षद योगेश गहलोत सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।



Source link

गोरखपुर रामगढ़ताल में हुड़दंग मचाते 8 गिरफ्तार: लक्जरी गाड़ियों से आधी रात किया हंगामा, पुलिस हिरासत में हंसता रहा सुल्तान – Gorakhpur News




गोरखपुर रामगढ़ताल की नौकायन चौकी के पास हुड़दंग करते हुए 8 मनबढ़ों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसमे एक आरोपी सुल्तान पुलिस की हिरासत में भी हंसता रहा। गोरखपुर रामगढ़ताल की नौकायन पुलिस चौकी के पास बुधवार देर रात फार्च्यूनर समेत तीन वाहनों से पहुंचे युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया। बीच सड़क वाहन खड़ा कर शोर-शराबा करने और राहगीरों से विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। तब मनबढ़ पुलिस से ही उलझ गए। इसके बाद रामगढ़ताल थाना की पुलिस ने 08 युवकों को हिरासत में ले लिया और कई मनबढ़ मौके का फायदा उठाकर भाग गए। हंसता रहा सुल्तान, हैरान हो गई पुलिस पकड़े गए मनबढ़ों की पहचान बांसगांव के बैदौली बाबू निवासी विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान,राहुल कन्नौजिया,कुशीनगर के कसया स्थित बरवा जंगल निवासी आदित्य शर्मा, तुर्कपट्टी के छहूं निवासी यश सिंह, देवरिया के महुआडीह भटनी दादन गांव के सोनू गौतम, खलीलाबाद के सचिन,विवेक शर्मा तथा प्रमोद यादव को हिरासत में ले लिया। इसमे विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान पर पहले से कई केस थानों में दर्ज है। वह गिरोह का संचालन करता है। रामगढ़ताल थाने में पुलिस के सामने वह लगातार हंसता रहा। जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान हो गए। गुरुवार को आरोपियों के कब्जे से मिली 2 कार सीज करने के साथ ही सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला…
पुलिस के अनुसार 24 जून की रात नौकायन चौकी के पास मनबढ़ युवक बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर हंगामा कर रहे थे। आने-जाने वाले लोगों से उनकी कहासुनी भी हो रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवकों को वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे पुलिसकर्मियों से ही बहस करने लगे। इसके बाद पुलिस ने विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान,राहुल कन्नौजिया,कुशीनगर के कसया स्थित बरवा जंगल निवासी आदित्य शर्मा, तुर्कपट्टी के छहूं निवासी यश सिंह, देवरिया के महुआडीह भटनी दादन गांव के सोनू गौतम,खलीलाबाद के सचिन,विवेक शर्मा तथा प्रमोद यादव को हिरासत में ले लिया। इन मामलों से चर्चा में आया सुल्तान पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान दो वर्ष पहले सर्किट हाउस के पास हुई चर्चित फायरिंग की घटना के बाद सुर्खियों में रहा था। साल 2024 में ही रामगढ़ताल पुलिस ने जेएसआर गार्डेन से अवैध असलहे के साथ रील बनाते हुए विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया था।



Source link

घर पर नहीं है कोई सब्जी, झटपट तैयार करें मट्ठा के आलू, एक बार खाएंगे तो बार-बार मांगेंगे


Last Updated:

Mattha Ke Aloo Recipe: अगर घर में हरी सब्जियां नहीं हैं और कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मट्ठा के आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं. कई जगहों पर मट्ठा के आलू शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ, आलू और मसालों से तैयार होने वाली यह पारंपरिक डिश कम समय में बन जाती है और स्वाद ऐसा होता है कि हर कोई बार-बार मांगकर खाए.

Zoom

मट्ठा के आलू बनाने की रेसिपी आसान है और इसका टेस्ट गजब का होता है.

Mattha Ke Aloo Recipe: कई बार बाजार जाने का समय नहीं मिलता है और घर में सब्जियां खत्म हो जाती हैं. ऐसी कंडीशन में समझ नहीं आता कि खाने में क्या बनाया जाए. अगर आपके सामने ऐसी समस्या पैदा हो जाए, तो आप मट्ठा के आलू बना सकते हैं. आलू और मट्ठा यानी छाछ से बनने वाली यह डिश आपका दिन बना सकती है. मट्ठा के आलू यूपी के कई हिस्सों में काफी पसंद किए जाते हैं और शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ की हल्की खटास और मसालों का बेहतरीन स्वाद इस डिश को खास बनाता है. अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो गए हैं, तो यह रेसिपी आपके खाने का स्वाद बदल सकती है.

मट्ठा के आलू बनाने के लिए सामग्री

मट्ठा के आलू बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और यह कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है. इस डिश के लिए आपको 4 से 5 उबले हुए आलू, 2 कप मट्ठा यानी छाछ, 1 बड़ा चम्मच बेसन, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 चुटकी हींग, 1 से 2 हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ा चम्मच तेल और थोड़ा सा हरा धनिया की जरूरत होगी. इन सभी चीजों से गजब की डिश तैयार हो जाएगी.

मट्ठा के आलू बनाने की आसान विधि

सबसे पहले उबले हुए आलुओं को बड़े टुकड़ों में काट लें. अब एक बाउल में मट्ठा और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें गांठें न रहें. इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर जीरा और हींग का तड़का लगाएं. फिर बारीक कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें. अब हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत मट्ठा-बेसन का मिश्रण कढ़ाई में डाल दें.

मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाएं, ताकि मट्ठा फटे नहीं. जब ग्रेवी हल्की गाढ़ी होने लगे, तब उसमें कटे हुए आलू और नमक डाल दें. धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक पकाएं ताकि आलू मसालों और मट्ठे का स्वाद अच्छी तरह सोख लें. जब ग्रेवी मनचाही गाढ़ी हो जाए, तब गैस बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं.

गरमा-गरम मट्ठा के आलू को रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है. खासकर गर्मियों में यह डिश बेहद पसंद की जाती है, क्योंकि मट्ठा शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



Source link

प्रभारी मंत्री जमा खान अलीनगर पाली पहुंचे: मोहर्रम की नौवीं पर शमा रौशन कर अमन-शांति की दुआ मांगी – Jehanabad News




मोहर्रम की नौवीं तारीख पर बिहार सरकार के मंत्री और जहानाबाद के प्रभारी मंत्री जमा खान गुरुवार को अलीनगर पाली स्थित इमामबाड़े पहुंचे। उन्होंने शमा रौशन कर प्रदेश और देश में अमन, शांति तथा खुशहाली की दुआ मांगी। मोहर्रम के अवसर पर अलीनगर पाली में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। इससे पहले मोहर्रम की सातवीं तारीख को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी अलीनगर पाली पहुंचकर शमा रौशन कर चुके थे। नौवीं तारीख के कार्यक्रम में मंत्री जमा खान के साथ सैयद सलमान हुसैन, अलमदार हुसैन, मुशर्रफ इमाम पालवी, हैदर काजमी, अकील काजमी, मजहर इमाम, जदयू जिलाध्यक्ष प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह और मेराज अहमद सुड्डू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री जमा खान ने कहा कि अलीनगर पाली में मोहर्रम का वास्तविक स्वरूप और उसकी समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की याद में व्यक्त की जाने वाली श्रद्धा, आस्था और गम इंसानियत, त्याग और बलिदान का संदेश देता है। मंत्री ने क्षेत्र में कायम धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सद्भाव, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। अलीनगर पाली का मोहर्रम हर वर्ष अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराओं, अनुशासित आयोजन और बड़ी जनभागीदारी के लिए जाना जाता है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मोहर्रम की रस्मों में शामिल होते हैं।



Source link

गैंगस्टर की रियल लाइफ पर बनी वो फिल्म, 50-50 बार देखी, फिर भी नहीं भरा मन


Last Updated:

कोई फिल्म इतनी रियलिस्टिक होती है कि रील और रियल का फर्क ही खत्म हो जाता है. इन फिल्मों को लेकर इतनी दीवानगी होती है कि 50 बार-बार भी देखने के बाद भी मन नहीं भरता. गैंगस्टर की रियल लाइफ पर बेस्ड ऐसी ही एक फिल्म 2000 के शुरुआती दशक में सिनेमाघरों में आई थी. उत्तर भारत में हर आयु वर्ग की पसंदीदा फिल्म बन गई. 25 साल बाद भी यह फिल्म नई जैसी लगती है.

कई फ्लॉप फिल्मों की स्टोरी इतनी रियलिस्टिक होती है कि इन्हें देखते समय जरा भी अहसास नहीं होता कि पर्दे पर मूवी चल रही है. ऐसा लगता है कि जैसे सच में हमारे आसपास की कहानी दिखाई जा रही है. 2005 में सिनेमाघरों में कबीर कौशिक के निर्देशन में बनी एक फिल्म आई थी जिसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड और एमपी में खूब पसंद किया गया. अरशद वारसी-सुशांत सिंह लीड रोल में थे. यह अरशद वारसी के करियर की सबसे बेस्ट फिल्म है. हम बात कर रहे हैं ‘सहर’ फिल्म की.

bollywood flop cult movies, sehar movie based on, Sehar Movie director, sehar movie unknown facts, sehar movie cast, sehar movie hit or flop, sehar movie real story, sehar movie ott, ek doctor ki maut real story, What is the story of the movie Sehar, sehar movie shri prakash shukla, sehar movie based on which gangster, shri prakash shukla movie name, sehar movie arshad warsi, sehar movie real story, sehar movie true story, shri prakash shukla web series, shri prakash shukla encounter

सहर फिल्म रियलिस्टिक सिनेमा का अनुपम उदाहरण है. अरशद वारसी-सुशांत सिंह के अलावा फिल्म में पंकज कपूर, महिमा चौधरी, राजेंद्र गुप्ता जैसे दिग्गज एक्टर्स ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. अरशद वारसी ने लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी अरुण कुमार का रोल निभाया था. कबीर कौशिक ने ही कहानी-स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिखे थे. फिल्म उत्तर प्रदेश में अपराध की दुनिया और राजनीतिक गठजोड़ को दिखाती है.

bollywood flop cult movies, sehar movie based on, Sehar Movie director, sehar movie unknown facts, sehar movie cast, sehar movie hit or flop, sehar movie real story, sehar movie ott, ek doctor ki maut real story, What is the story of the movie Sehar, sehar movie shri prakash shukla, sehar movie based on which gangster, shri prakash shukla movie name, sehar movie arshad warsi, sehar movie real story, sehar movie true story, shri prakash shukla web series, shri prakash shukla encounter

‘सहर’ फिल्म की कहानी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला की लाइफ पर बेस्ड थी. फिल्म में उसके कैरेक्टर का नाम गजराज सिंह था. बाकी किरदार काफी मिलते-जुलते थे. फिल्म में गोरखपुर जिले की चिल्लूपार विधानसभा सीट का जिक्र था जहां से कभी बाहुबली विधायक हरिशंकर तिवारी चुनाव लड़ा करते थे. तिवारी इस सीट से लगातार 5 बार विधायक और मंत्री रहे. श्रीप्रकाश उनके ही इलाके (मामखोर गांव) का रहने वाला था. श्रीप्रकाश शुक्ला इसी सीट से चुनाव लड़ना चाहता था.

Add News18 as
Preferred Source on Google

90 के दशक में यूपी के गोरखपुर शहर के दुर्दांत गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला का पूरे प्रदेश में आतंक था. गोरखपुर के मामखोर गांव का रहने वाला श्रीप्रकाश शुक्ला अशोक सिंह के नाम से फिरौती मांगा करता था. बिहार के सूरज भान सिंह गिरोह से जुड़ा था. उसके पिता ए ग्रेड के ठेकेदार थे, टीचर नहीं थे. बचपन से ही उसे गैंगस्टर लाइफ का चस्का था, इसीलिए क्राइम की दुनिया में आया. सितंबर 1998 में यूपी एसटीएफ ने उसका गाजियाबाद इंदिरापुरम में एनकाउंटर किया था. यह भी दिलचस्प है कि श्री प्रकाश शुक्ला की पहली तस्वीर बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी की फोटो का सहारा लेकर बनाई गई थी.

bollywood flop cult movies, sehar movie based on, Sehar Movie director, sehar movie unknown facts, sehar movie cast, sehar movie hit or flop, sehar movie real story, sehar movie ott, ek doctor ki maut real story, What is the story of the movie Sehar, sehar movie shri prakash shukla, sehar movie based on which gangster, shri prakash shukla movie name, sehar movie arshad warsi, sehar movie real story, sehar movie true story, shri prakash shukla web series, shri prakash shukla encounter

कहा जाता है कि श्री प्रकाश शुक्ला ने तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह की सुपारी ली थी. श्री प्रकाश शुक्ला के खात्मे के लिए यूपी एसटीएफ बनाई गई थी. फिल्म में पूरी कहानी दिखाई गई है. डायरेक्टर कबीर कौशिक ने पूरी रिसर्च के साथ फिल्म बनाई थी. फिल्म जब 2005 में रिलीज हुई तब मुंबई में बाढ़ आ गई थी. ऐसे में लोग इस फिल्म को देखने सिनेमाघरों में नहीं जा सके. 

bollywood flop cult movies, sehar movie based on, Sehar Movie director, sehar movie unknown facts, sehar movie cast, sehar movie hit or flop, sehar movie real story, sehar movie ott, ek doctor ki maut real story, What is the story of the movie Sehar, sehar movie shri prakash shukla, sehar movie based on which gangster, shri prakash shukla movie name, sehar movie arshad warsi, sehar movie real story, sehar movie true story, shri prakash shukla web series, shri prakash shukla encounter

फिल्म में गजराज सिंह (श्री प्रकाश शुक्ला की लाइफ पर बेस्ड‌) का किरदार निभाने वाले एक्टर सुशांत सिंह ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो उत्तर भारत में जहां भी जाते हैं, उन्हें ऐसा कोई शख्स नहीं मिला जिसने ‘सहर’ फिल्म ना देखी हो. सुशांत सिंह ने कहा था, ‘मेरे फैंस कहते हैं कि वो जो फिल्म आप किए थे, 25 बार देखी है सर, बहुत कमाल की फिल्म है. आज भी इस फिल्म को देखेंगे तो तकनीकी रूप से उसमें पावरफुल परफॉर्मेंस देखने को मिलेगा. आपको लगेगा ही नहीं कि यह 20 साल पुरानी फिल्म है. जब डायरेक्टर कबीर कौशिक ने कास्टिंग बताई थी तो मुझे लगा कि अरशद वारसी आईपीएस का रोल कर रहे हैं. मुझे लगा कि वो रोल सही ढंग से नहीं कर पाएंगे लेकिन जब मैंने फिल्म देखी तो अरशद की एक्टिंग देखकर होश उ‌ड़ गए. अरशद ने जिस तरह से रोल किया, फिल्म रियलिस्टिक हो गई.’

bollywood flop cult movies, sehar movie based on, Sehar Movie director, sehar movie unknown facts, sehar movie cast, sehar movie hit or flop, sehar movie real story, sehar movie ott, ek doctor ki maut real story, What is the story of the movie Sehar, sehar movie shri prakash shukla, sehar movie based on which gangster, shri prakash shukla movie name, sehar movie arshad warsi, sehar movie real story, sehar movie true story, shri prakash shukla web series, shri prakash shukla encounter

फिल्म इतनी रियलिस्टिक थी कि थिएटर से निकलने के बाद दर्शकों के दिमाग में किरदार कई दिनों तक घूमते रहे. फिल्म को सबसे ज्यादा हिंदी बेल्ट में देखा गया. फिल्म फ्लॉप रही लेकिन यूट्यूब पर इसे करोड़ों व्यूज मिले. अरशद वारसी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘सहर मेरी सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक है. इस फिल्म में एक खास किस्म का रियलिज्म और गहराई है.’

bollywood flop cult movies, sehar movie based on, Sehar Movie director, sehar movie unknown facts, sehar movie cast, sehar movie hit or flop, sehar movie real story, sehar movie ott, ek doctor ki maut real story, What is the story of the movie Sehar, sehar movie shri prakash shukla, sehar movie based on which gangster, shri prakash shukla movie name, sehar movie arshad warsi, sehar movie real story, sehar movie true story, shri prakash shukla web series, shri prakash shukla encounter

आगे चलकर श्री प्रकाश शुक्ला पर ज़ी 5 की ओर से एक ‘रंगबाज’ नाम से एक वेब सीरीज बनाई गई. इस वेब सीरीज को दर्शकों ने हाथोंहाथ लिया. ‘सहर’ जैसी फिल्में कभी कभार ही बनती है. 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 2.4 करोड़ का बिजनेस किया.

bollywood flop cult movies, sehar movie based on, Sehar Movie director, sehar movie unknown facts, sehar movie cast, sehar movie hit or flop, sehar movie real story, sehar movie ott, ek doctor ki maut real story, What is the story of the movie Sehar, sehar movie shri prakash shukla, sehar movie based on which gangster, shri prakash shukla movie name, sehar movie arshad warsi, sehar movie real story, sehar movie true story, shri prakash shukla web series, shri prakash shukla encounter

फिल्म फ्लॉप हो गई लेकिन आज इसकी गिनती कल्ट मूवी में होती है. इस मूवी की एक खास फैन फॉलोइंग है. बार-बार देखकर भी इस मूवी से दिल नहीं भरता. फिल्म लोगों के दिल में हमेशा के लिए बस गई. यह बॉलीवुड की उन गिनी-चुनी फिल्मों में से है जो रियल सिनेमा को दिखाती हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

डेढ़ घंटे की बारिश से रायसेन के निचले इलाके डूबे: महामाया चौक पर दो फीट पानी भरा, आंधी से बिजली गुल – Raisen News




रायसेन में गुरुवार शाम करीब 7 बजे तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक लगातार हुई इस बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। महामाया चौक पर करीब 2 फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहन ड्राइवरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। रामलीला मैदान और महामाया चौक जैसे निचले इलाकों में भी पानी भर गया। तेज हवाओं के कारण शहर की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो गई। 10 दिन देरी से पहुंचा है मानसून
जिले में बुधवार से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भी भारी बारिश हुई थी, जिसके बाद गुरुवार शाम 7 बजे से फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। इस लगातार बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का मौसम पूरी तरह बदल गया है। रायसेन जिले में 1 जून से अब तक कुल 77.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस बार मानसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा था, लेकिन अब यह पूरी तरह सक्रिय हो गया है और लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ सीजन की बुआई ने अब गति पकड़ ली है। रायसेन जिले में धान का रकबा अधिक होने के कारण किसान धान की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से बुआई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है, जिससे किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है।



Source link

NEET री-एग्जाम में आपके कितने जवाब सही? NTA की तरफ से जारी आंसर की से मिलाकर करें चेक


NEET री-एग्जाम देने वाले लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार आखिर खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NEET री-एग्जाम 2026 की आंसर की रिलीज कर दी है। अब अभ्यर्थी आंसर की से अपने सही जवाब चेक कर सकते हैं। अगर किसी सवाल या जवाब को लेकर आपत्ति है, तो तय समय सीमा के अंदर उसे दर्ज कराने का मौका भी दिया गया है।

NTA की तरफ से जारी आंसर की करें चेक

NTA ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट करके बताया कि 21 जून 2026 को आयोजित किए गए री-एग्जाम में शामिल हुए कैंडिडेट अब ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर आंसर-की को देख सकते हैं। साथ ही, NTA ने आंसर-की को चैलेंज करने की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है।

आपत्ति दर्ज करने की लिए तय की गई समय सीमा

NTA के मुताबिक, कैंडिडेट 25 से 28 जून 2026 की रात 11:50 बजे तक आंसर-की को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि किसी सवाल का जवाब गलत है या उसमें संशोधन होना चाहिए, तो वह संबंधित सवाल को चुनौती दे सकता है। हर सवाल को चैलेंज करने के लिए 200 रुपये फीस निर्धारित की गई है। अगर आपत्ति सही पाई जाती है तो 200 रुपये की पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।

आंसर की को कैसे कर सकते हैं चैलेंज?

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  2. अब अपने टेस्ट बुकलेट के कवर पर दिए गए Question Paper Series Code को रजिस्टर करें।
  3. अब उन सवालों को सिलेक्ट करें, जिन्हें चैंलेंज करना चाहते हैं।
  4. अपने दावे के सपोर्ट में NCERT या अन्य मानक पाठ्यपुस्तकों से संबंधित प्रमाण को भी अपलोड करें।
  5. अब फीस जमा करें। आवेदन सबमिट करने के बाद प्रक्रिया पूरी मान ली जाएगी।

समानांतर रूप होगी OMR शीट की स्कैनिंग और आपत्तियों की समीक्षा

NTA ने साफ किया कि आंसर-की चैलेंज सबमिट करने का मौका सिर्फ एक बार मिलेगा, इसलिए कैंडिडेट अंतिम सबमिशन से पहले सभी डिटेल की सावधानी से जांच कर लें। NTA ने यह भी बताया कि OMR शीट की स्कैनिंग और एक्सपर्ट्स की तरफ से आपत्तियों की समीक्षा समानांतर रूप से हो रही है, ताकि रिजल्ट जल्द से जल्द घोषित किया जा सके। किसी भी मदद के लिए कैंडिडेट NTA हेल्पलाइन 011-40759000 या ईमेल- neetug2026@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें- शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का Exclusive इंटरव्यू, जानें NEET री-एग्जाम पर क्या बोले





Source link

पत्रकारों से सवालों पर भड़के सांसद संजय पाटिल: कहा- दोबारा आए तो मार डालूंगा, डिप्टी सीएम शिंदे बोले- मीडिया से माफी मांगे


  • Hindi News
  • National
  • Mumbai MP Sanjay Patil Threatens Journalists | Abuses Reporters | Controversy

मुंबई56 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दीना पाटिल ने पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी।

हाल ही में शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए मुंबई नॉर्थ-ईस्ट से सांसद संजय दीना पाटिल पर पत्रकारों को धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है।

पत्रकार संजय दीना पाटिल से शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत द्वारा मुंबई पुलिस आयुक्त को लिखे गए पत्र और उनकी पार्षद बेटी राजुल पाटिल के उद्धव ठाकरे के साथ बने रहने के फैसले पर प्रतिक्रिया लेने पहुंचे थे। इसी दौरान पाटिल कथित तौर पर भड़क गए और पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी।

पाटिल ने पत्रकारों से कहा- मेरे मामलों में दखल क्यों देते हो? दोबारा आए तो मार डालूंगा। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है।

मामला इतना बढ़ गया कि खुद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सामने आकर कहना पड़ा-

QuoteImage

मैंने संजय दीना पाटिल को स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यदि आपने कोई अनुचित टिप्पणी की है, तो आपको खेद व्यक्त करना चाहिए।

QuoteImage

इन दो सवालों पर भड़क गए पाटिल

महाराष्ट्र में जारी राजनीति गर्माहट के बीच पत्रकार अपना काम कर रहे थें। उनका काम सवाल पूछना है, जो वो करेंगे ही। इसी क्रम में पत्रकारों ने उनसे उनकी बेटी (कॉरपोरेटर) राजुल पाटिल के स्टैंड पर सवाल पूछा, जिन्होंने साफ कहा है कि वह अपने पिता के पाला बदलने के बाद भी उद्धव ठाकरे की पार्टी (UBT) के साथ ही रहेंगी।

इसके अलावा दूसरा सवाल यह था कि उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में मांग की गई है कि पाटिल के उस पुराने बयान पर कार्रवाई हो, जिसमें उन्होंने कहा था कि दल-बदल का विरोध करने वालों पर वह बम फेंकेंगे और उनके घरों में घुसकर मार डालेंगे।

अब पत्रकारों ने जैसे ही ये दो सवाल पूछे, शिवसेना सांसद भड़क उठे। सांसद पाटिल ने पत्रकारों को गाली देते हुए कहा कि तुम लोग मेरे मामलों में अपनी नाक क्यों घुसा रहे हो? अगर दोबारा आए, तो जान से मार डालूंगा।

शिंदे ने कहा कि मैंने उनसे साफ कह दिया है कि आपको माफी मांगनी चाहिए।

शिंदे ने कहा कि मैंने उनसे साफ कह दिया है कि आपको माफी मांगनी चाहिए।

बैकफुट पर आए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

इस पूरे विवाद के बाद जब राज्य विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घेरा, तो उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की। शिंदे ने हा कि संजय दीना पाटिल का इरादा पत्रकारों का अपमान करने का नहीं था। अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो उन्होंने माफी मांगने की इच्छा जताई है। शिंदे ने कहा कि मैंने उनसे साफ कह दिया है कि अगर आपके मुंह से कोई गलत बात निकली है, तो आपको माफी मांगनी चाहिए।

शिंदे ने कहा कि उन्होंने पाटिल से स्पष्ट कहा है कि यदि उनसे कोई अनुचित टिप्पणी हुई है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 से लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियों और परिवारों पर हमलों की राजनीति हो रही है, जिससे पाटिल नाराज थे, लेकिन उनका गुस्सा मीडिया के खिलाफ नहीं था।

संजय राउत ने कमिश्नर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी गुरुवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती को पत्र लिखकर सांसद संजय दिना पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पाटिल हाल ही में सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हुए हैं और उन पर प्रदर्शनकारियों पर बम फेंकने की कथित टिप्पणी करने का आरोप है। राउत ने आरोप लगाया कि पाटिल ने कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ विरोध करता है, तो वह उन पर बम फेंकेंगे, उनके घरों में घुसेंगे और उन्हें मार डालेंगे।

गौरतलब है कि सोमवार को शिंदे गुट में शामिल होने के बाद भी संजय दीना पाटिल के बयान विवादों में रहे थे। उस समय उन्होंने अपने पिता पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि हमने पांच लोगों को मार दिया था। हालांकि, उन्होंने इस बयान का कोई विस्तृत संदर्भ नहीं दिया था।

————————

महाराष्ट्र से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें…

उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल:4 साल में दूसरी टूट, शिंदे बोले- छक्का लगाया

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सोमवार को फिर बगावत हो गई। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

एमसीडी सदन में स्वच्छता और जलभराव पर घमासान: सत्ता पक्ष ने गिनाईं तैयारियां, विपक्ष ने मांगे जवाब, सुरक्षा मुद्दों पर जवाबदेही का सवाल उठाया – New Delhi News




नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की सदन बैठक गुरुवार को महापौर प्रवेश वाही की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्वच्छता, जलभराव, नालों की सफाई और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। सत्ता पक्ष ने बैठक को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित और सफल बताया, जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े कई अहम सवालों पर चर्चा से बचने का प्रयास किया गया। सदन में विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और सुझाव रखे। मानसून से पहले जलभराव की चुनौती मानसून से पहले जलभराव की चुनौती, नालों की डी-सिल्टिंग, कूड़ा प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई। निगम प्रशासन के अनुसार नागरिक हितों से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए, जो विकास कार्यों को गति देने में सहायक होंगे। महापौर प्रवेश वाही ने कहा सदन में पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि जलभराव और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निगम मानसून से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और तैयारियों पर काम कर रहा है। आम आदमी पार्टी ने की नागरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग वहीं, आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने हाल के दिनों में सामने आई इमारत ढहने की घटनाओं, अग्निकांडों, संभावित जलभराव और नागरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की मांग की। विपक्ष का आरोप था कि इन विषयों पर निगम प्रशासन और सत्ता पक्ष की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। बैठक के दौरान निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा मानसून तैयारियों को लेकर फील्ड स्तर पर काम तेज कर दिया गया है। जहां भी कमियां सामने आएंगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उनका कहना था कि निगम का लक्ष्य नागरिकों को न्यूनतम परेशानी के साथ बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। बैठक ने साफ संकेत दिया कि मानसून प्रबंधन, स्वच्छता और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में निगम प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा के प्रमुख विषय बने रहेंगे।



Source link

कनाडा ने माना- एअर इंडिया फ्लाइट ब्लास्ट खालिस्तानियों ने किया: 41 साल पहले आतंकी हमले में 329 लोगों की मौत हुई, ज्यादातर भारतीय मूल के थे


ओटावा52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस( CSIS) ने इस घटना को ‘जघन्य आतंकवादी काम’ बताया है।

23 जून को इस घटना के 41 साल पूरे होने पर CSIS ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एजेंसी ने लिखा,

QuoteImage

आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर हम एयर इंडिया फ्लाइट 182 के उन 329 लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने एक जघन्य आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई।

QuoteImage

इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे। 24 लोग भारत के नागरिक थे।

कनिष्क विमान का मलबा इकठ्ठा करते आयरिश नेवल अथॉरिटी के जवान।

कनिष्क विमान का मलबा इकठ्ठा करते आयरिश नेवल अथॉरिटी के जवान।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी दी श्रद्धांजलि

23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली आ रही थी। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में जोरदार विस्फोट हुआ और विमान हवा में ही टूटकर समुद्र में गिर गया। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस घटना को देश के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा, “41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके में 329 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। कनाडा हर तरह के हिंसक आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।”

जांच में सामने आया कि विस्फोटक एक सूटकेस में छिपाकर विमान के चेक-इन बैगेज में रखा गया था। यह सूटकेस जिस यात्री के नाम से चेक-इन हुआ था, वह खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ।

कनाडाई जांच एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह हमला 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। जांच के मुताबिक, इसी के प्रतिशोध में सिख अलगाववादियों ने एयर इंडिया विमान को निशाना बनाया।

एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर हुआ हमला आज भी किसी यात्री विमान पर हुआ दुनिया का सबसे घातक बम धमाका माना जाता है। हालांकि 2001 के 9/11 हमलों के बाद यह घटना वैश्विक स्तर पर कुछ हद तक चर्चा से बाहर हो गई, लेकिन कनाडा, भारत और आयरलैंड में इसे आज भी नहीं भुलाया गया है।

इस तस्वीर में आयरलैंड में एयर इंडिया बॉम्बिंग के बाद शवों को निकालते हुए रेस्क्यू वर्कर्स को देखा जा सकता है।

इस तस्वीर में आयरलैंड में एयर इंडिया बॉम्बिंग के बाद शवों को निकालते हुए रेस्क्यू वर्कर्स को देखा जा सकता है।

कनाडा ने यह बात कहने में 41 साल क्यों लगा दिए?

भारत शुरू से कहता रहा कि इस हमले की साजिश कनाडा की जमीन से सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों ने रची थी। लेकिन कनाडा की सरकार और सरकारी संस्थाएं कई दशकों तक सार्वजनिक तौर पर ‘खालिस्तानी’ शब्द इस्तेमाल करने से बचती रहीं। इसके पीछे कई वजह रहे हैं।

1. जांच एजेंसियों की बड़ी नाकामी

2010 में कनाडा के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जॉन मेजर की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक जांच में कहा गया कि कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों की कई गंभीर गलतियों ने जांच को कमजोर कर दिया।

सबसे बड़ी चूक यह थी कि CSIS ने बब्बर खालसा के नेता तलविंदर सिंह परमार की निगरानी तो की, लेकिन बाद में उसकी सैकड़ों घंटे की फोन रिकॉर्डिंग नष्ट कर दी। इससे महत्वपूर्ण सबूत खत्म हो गए और मुकदमा कमजोर पड़ गया।

2. CSIS और RCMP के बीच तालमेल की कमी

कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS और पुलिस एजेंसी RCMP के बीच जानकारी साझा करने को लेकर मतभेद थे। इसका असर जांच पर पड़ा।

3. हमले को भारत का मामला समझा गया

जांच आयोग ने कहा कि चूंकि विमान एयर इंडिया का था, इसलिए कई राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे मुख्य रूप से भारत से जुड़ा मामला माना गया। जबकि मारे गए अधिकांश लोग कनाडा के नागरिक थे। इससे इस हमले को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में उतनी गंभीरता नहीं मिली।

4. अदालत में केस कमजोर पड़ गया

मुख्य गवाहों को धमकियां मिलीं, कुछ की हत्या भी कर दी गई। सबूत कमजोर होने के कारण 2005 में मुख्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के चलते बरी कर दिया।

5. सरकार ने माफी तो मांगी, लेकिन नाम लेने से बचती रही

2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी और माना कि सरकार इस मामले को संभालने में विफल रही। इसके बावजूद कई वर्षों तक कनाडा की सरकारी संस्थाएं चरमपंथी या उग्रवादी जैसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करती रहीं और सीधे खालिस्तानी चरमपंथी नहीं कहा।

धमाके से करीब 2 हफ्ते पहले एअर इंडिया के कनिष्क विमान की तस्वीर

धमाके से करीब 2 हफ्ते पहले एअर इंडिया के कनिष्क विमान की तस्वीर

अब हालात कैसे बदले

हाल के कुछ साल में भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि कनाडा अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक गतिविधियों के नाम पर खालिस्तान समर्थक नेटवर्क को खुलकर काम करने देता है।

इसी बीच CSIS ने अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार कनाडा बेस्ट खालिस्तानी एक्सट्रीमिस्ट (CBKE) को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया।

रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे कुछ नेटवर्क कनाडा की संस्थाओं का इस्तेमाल कर धन जुटाते हैं और उसे हिंसक गतिविधियों की ओर मोड़ते हैं। यह भी कहा गया कि इनकी हिंसक गतिविधियां कनाडा और उसके हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बनी हुई हैं।

———————————–

कनिष्क प्लेन क्रैश से जुड़े मामले को यहां विस्तार से पढ़ें…

जब खालिस्तानियों ने हवा में उड़ा दिया भारतीय विमान:329 लोग सवार थे, कोई नहीं बचा

23 जून 1985 की सुबह

एअर इंडिया की फ्लाइट नंबर ‘182′ कनाडा से लंदन होते हुए भारत आ रही थी। इसमें 307 पैंसेजर्स और 22 क्रू मेंबर सवार थे। यह बोइंग 747 विमान था, जिसे एयर इंडिया ने कनिष्क नाम दिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link