उज्जैन शहर के जीवाजीगंज क्षेत्र में शुक्रवार सुबह कोचिंग पढ़ने आए छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बीच सड़क पर दोनों पक्षों के बीच बेल्ट, लात और घूंसों से जमकर मारपीट हुई। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीच सड़क पर छात्रों के बीच जमकर मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे कुछ छात्र मुंह बांधकर मौके पर पहुंचे और एक छात्र को खींचकर मारपीट शुरू कर दी। उसे बचाने के लिए दूसरे छात्र भी बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन विवाद और बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच बेल्ट, लात और घूंसों से काफी देर तक मारपीट होती रही, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मारपीट का वीडियो आया सामने घटना के दौरान मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में छात्रों के दो गुटों के बीच सड़क पर खुलेआम मारपीट होती दिखाई दे रही है। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लिया घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और झगड़ा कर रहे छात्रों को पकड़कर थाने ले गई। पुलिस के अनुसार, मारपीट में शामिल सभी छात्र नाबालिग हैं। विवाद की वजह तलाश रही पुलिस कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में विवाद का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। छात्रों और उनके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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दरभंगा में रेप मामले में उम्रकैद: चार साल पहले नाबालिग को बंधक बनाया था, मुंह में कपड़ा डालकर किया था गलत – Darbhanga News
दरभंगा में गुरुवार को 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म हुआ था। विशेष पॉक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने मामले में दोषी को उम्र कैद की सजा दी है। इसके अलावा 1 लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है। अदालत ने ये सजा सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर गांव निवासी गौतम शर्मा के बेटे विवेक कुमार शर्मा को सुनाई है। अभियोजन पक्ष के प्रभारी स्पेशल पीपी अमर प्रकाश ने बताया कि दोषी ने एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता शोर नहीं मचा सके, इसके लिए आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। घटना के अगले दिन उसकी कराहने की आवाज सुनकर लोग पहुंचे और पानी पिलाकर उसे होश में लाया था। 4 साल पहले हुई थी एफआईआर घटना की प्राथमिकी 21 सितंबर 2022 को दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अनुसंधान के बाद न्यायालय में आरोपपत्र समर्पित किया गया।
गुरुवार को सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इसे जघन्य सामाजिक अपराध बताते हुए अदालत से दोषी को अधिकतम सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी की कम उम्र का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा देने की अपील की।
पीड़िता को 6 लाख मुआवजा मिलेगा अदालत ने अभियोजन-बचाव पक्ष की दलीलों और अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखने के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत उम्रकैद की सजा दी। 50 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 4 के तहत 25 साल का सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड, भादवि की धारा 341 के तहत 1 महीने का कारावास और धारा 342 के तहत 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा न्यायालय ने पीड़िता को 6 लाख रुपए मुआवजा भुगतान करने का भी आदेश दिया।
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LPG कनेक्शन से जुड़े ये 8 नियम जान लें, वरना नहीं कर पाएंगे सिलेंडर बुक
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एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों के लिए नए नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है. घर या शहर बदलने पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर के लिए ट्रांसफर टर्मिनेशन वाउचर (TTV), पहचान पत्र, नए पते का प्रमाण और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे. कुछ मामलों में सिलेंडर और रेगुलेटर भी वापस करना पड़ सकता है. अगर आप भी अपने घर में एलपीजी का यूज करते हैं तो इन सभी नियमों को समझ लें वरना बाद में परेशानी हो सकती है.
अगर आप घर में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर, नए कनेक्शन, रिफिल बुकिंग, वेटिंग पीरियड और एलपीजी से पीएनजी में बदलाव से जुड़े कुछ जरूरी नियम लागू हुए हैं. इन नियमों की जानकारी नहीं होने पर गैस ट्रांसफर या नया कनेक्शन लेने में दिक्कत आ सकती है. इसलिए समय रहते इन नियमों को जान लेना आपके लिए जरूरी है.

अगर आपके घर में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का कनेक्शन लग गया है, तो एलपीजी गैस कनेक्शन को लेकर नया नियम जानना जरूरी है. सरकार के नए नियम के मुताबिक, पीएनजी कनेक्शन मिलने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन बंद कराना होगा. 30 दिनों की डेडलाइन जून के अंत में खत्म हो चुकी है तो इस नियम का आपको ध्यान रखना होगा वरना परेशानी हो सकती है. इस नियम का फोकस एक ही घर में दो तरह की गैस के अनावश्यक इस्तेमाल को रोकना और डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था को बेहतर बनाना है.

अगर आप घर बदल रहे हैं, तो सबसे पहले अपने मौजूदा एलपीजी (Indane, HP Gas या Bharat Gas) गैस डिस्ट्रीब्यूटर को नए पते की जानकारी दें और गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन करें. इसके लिए पहचान पत्र, नए पते का प्रमाण, गैस बुक या कंज्यूमर कार्ड, रेगुलेटर और गैस कनेक्शन का मूल वाउचर जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट अपने साथ रखें. अगर आपका नया घर उसी गैस एजेंसी के सर्विस क्षेत्र में आता है, तो प्रोसेस काफी आसान होता है. गैस एजेंसी सिर्फ आपके पते का रिकॉर्ड अपडेट कर देती है और नए पते पर सिलेंडर की सप्लाई जारी रहती है. इसलिए सभी जरूरी पहचान और पते से जुड़े डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखना बेहतर रहेगा.
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अगर आपका नया घर मौजूदा गैस एजेंसी के सर्विस एरिया से बाहर है, तो सबसे पहले आपको अपनी गैस एजेंसी से ट्रांसफर टर्मिनेशन वाउचर (TTV) लेना होगा. यह एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसके जरिए आप नए इलाके की गैस एजेंसी में अपना एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर करा सकते हैं. नई एजेंसी में TTV और जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद आपके नाम पर गैस कनेक्शन नए पते पर जारी कर दिया जाता है.

अगर आप किसी दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी पुरानी गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर और रेगुलेटर जमा करना होगा. इसके बाद एजेंसी आपको टर्मिनेशन वाउचर जारी करेगी और जमा की गई सिक्योरिटी राशि वापस कर देगी. फिर इस वाउचर और जरूरी डॉक्यूमेंट को नए शहर की गैस एजेंसी में जमा करने पर आपके नाम से नया एलपीजी कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा.

दूसरे शहर में शिफ्ट होने पर आपकी नई एजेंसी TTV को ट्रांसफर सब्सक्रिप्शन वाउचर (TSV) में बदल देती है, आपको नया कंज्यूमर नंबर जारी करती है और आगे से उसी नंबर पर गैस सिलेंडर की बुकिंग और सप्लाई शुरू हो जाती है. आपके नाम पर नया कंज्यूमर नंबर जारी करती है. इसके बाद आप नए पते से उसी कंज्यूमर नंबर के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं और नियमित रूप से एलपीजी की सुविधा का फायदा उठा सकते हैं.

देशभर में पिछले छह महीनों में 13.4 लाख से ज्यादा नए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन चालू किए गए हैं. हालांकि यह सरकार के 60 लाख नए कनेक्शन देने के लक्ष्य का केवल करीब 20% ही है. यह लक्ष्य मार्च में मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद एनर्जी आपूर्ति पर पड़े असर को देखते हुए तय किया गया था. सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा घरों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पाइप्ड गैस पहुंचाना है, लेकिन अभी तय टारगेट से काफी दूरी बाकी है.

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि अगर वे एलपीजी (LPG) से पीएनजी (PNG) पर जाना चाहते हैं, तो पहले अपने स्थानीय गैस डिस्ट्रिबुशन से बुकिंग और प्रोसेस की जानकारी जरूर लें. साथ ही, ट्रांसफर के समय मिलने वाले सभी डॉक्यूमेंट्स और ट्रांसफर वाउचर सुरक्षित रखें. मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती से भी लोगों को फिलहाल राहत मिलेगी, लेकिन नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर गैस डिस्ट्रिबुटर्स द्वारा नियमों को सही तरीके से लागू करना सबसे अहम होगा.
OMG! ऊंटनी के दूध से तैयार ‘राजभोग’ फ्लेवर बना पर्यटकों की पहली पसंद
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Camel Milk Ice Cream: बीकानेर स्थित राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र ने पर्यटकों के लिए एक अनोखी सौगात पेश की है. बढ़ती मांग को देखते हुए अब ऊंटनी के दूध से बनी ‘राजभोग’ आइसक्रीम तैयार की गई है, जो स्वाद और पोषण का शानदार मेल मानी जा रही है. ऊंटनी के दूध में मौजूद पोषक तत्वों के कारण इसे स्वास्थ्य के लिहाज से भी लाभकारी माना जाता है. पहले यहां चॉकलेट, वनीला और अन्य फ्लेवर उपलब्ध थे, लेकिन अब पारंपरिक भारतीय स्वाद को ध्यान में रखते हुए राजभोग फ्लेवर जोड़ा गया है. बीकानेर आने वाले पर्यटक इस खास आइसक्रीम का स्वाद लेने के लिए उत्साहित हैं. यह नई पहल न केवल ऊंटनी के दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा देगी, बल्कि राजस्थान के पर्यटन और स्थानीय खाद्य नवाचार को भी नई पहचान दिलाएगी.
बीकानेर. राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी), बीकानेर ने पर्यटकों की मांग और सुझावों को ध्यान में रखते हुए ऊंटनी के दूध से तैयार एक नया आइसक्रीम फ्लेवर विकसित किया है. अब तक केंद्र में आने वाले पर्यटकों को ऊंटनी के दूध से बनी वनीला फ्लेवर की आइसक्रीम परोसी जाती थी, लेकिन लगातार मिल रहे सुझावों के बाद वैज्ञानिकों ने एक नया और आकर्षक फ्लेवर तैयार किया है, जिसका नाम ‘राजभोग’ रखा गया है.
केंद्र की डेयरी टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेसिंग यूनिट की ओर से तैयार की गई इस विशेष आइसक्रीम में स्वाद और पौष्टिकता का अनोखा मेल देखने को मिलता है. राजभोग फ्लेवर को खास बनाने के लिए इसमें विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स, नट्स, फ्रूट्स और अन्य प्राकृतिक फ्लेवर का उपयोग किया गया है. इससे आइसक्रीम का स्वाद और भी समृद्ध हो गया है.
दूध की आइसक्रीम भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय
वैज्ञानिक मितुल कुमार ने बताया कि इस नए फ्लेवर को विकसित करने में करीब चार से पांच दिन का समय लगा. सही स्वाद, गुणवत्ता और बनावट सुनिश्चित करने के लिए कई चरणों में परीक्षण किए गए, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया.
राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है. यहां आने वाले पर्यटक ऊंट सफारी, ऊंट संग्रहालय और ऊंटनी के दूध से बने विभिन्न उत्पादों का अनुभव लेते हैं. ऊंटनी के दूध की आइसक्रीम भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है.
पर्यटकों के बीच आकर्षण का नया केंद्र
केंद्र का मानना है कि पर्यटकों के सुझावों के आधार पर नए उत्पाद विकसित करने से न केवल उनके अनुभव में बढ़ोतरी होगी, बल्कि ऊंटनी के दूध से तैयार उत्पादों को भी नई पहचान मिलेगी. ‘राजभोग’ फ्लेवर की यह नई आइसक्रीम स्वाद के साथ-साथ ऊंटनी के दूध के पोषण गुणों का भी बेहतरीन मिश्रण है और आने वाले दिनों में पर्यटकों के बीच आकर्षण का नया केंद्र बनने की उम्मीद है.
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Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
सीकर जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित: 44 नेताओं को संगठन में मिली जगह; पुरुषोत्तम शर्मा संगठन महासचिव और मोहर सिंह गौड़ कोषाध्यक्ष बरकरार – Sikar News
सीकर जिला कांग्रेस ने नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। संगठन में 44 नेताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एडवोकेट पुरुषोत्तम को संगठन महासचिव और मोहर सिंह गौड़ को कोषाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की हरी झंडी के बाद जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने कार्यकारिणी घोषित कर दी। जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में आगामी पंचायती राज और निकाय चुनाव, संगठन से जुड़ाव और कास्ट मैनेजमेंट को ध्यान में रखा गया है। पुराने और अनुभवी चेहरों पर भरोसा बरकरार रखते हुए एडवोकेट पुरुषोत्तम शर्मा को संगठन महासचिव, मोहर सिंह गौड़ को कोषाध्यक्ष और इस्लामुद्दीन खोखर को जिला प्रवक्ता के पद पर बरकरार रखा है। इस बार युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को भी प्रमुख जिम्मेदारी दी गई हैं। दिनेश सैनी होंगे जिले के नए प्रवक्ता कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को लंबे समय से इस सूची का इंतजार था। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का गृह जिला होने के कारण उन्होंने इस नई कार्यकारिणी के जरिए जिले के सभी गुटों, जातियों और क्षेत्रों को साधने की कोशिश की है। बूथ स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। दिनेश सैनी को नया जिला प्रवक्ता बनाया गया है।
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गोरखपुर में दुकानदार की हत्या में 5 गिरफ्तार: मां-पत्नी के सामने चाकू से गोदकर मारा था, लाश रखकर भीड़ ने किया हंगामा – Gorakhpur News
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में 8 जुलाई की शाम ट्रैक्टर खड़ा करने के विवाद में दुकानदार अमरनाथ गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के बेटे ऋषिकेश की तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गुरुवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपियों की पहचान मुग्गन प्रसाद, सूरज चौहान, भाने चौहान, शैलेश जायसवाल और गब्बर चौहान के रूप में हुई है। इसमे गब्बर चौहान मुख्य आरोपी है। शव रखकर जाम लगाने की कोशिष मृतक के शव का पोस्टमार्टम बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ। इस दौरान पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ वह खड़े हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद शव गांव लाया गया। अंतिम संस्कार के लिए जाते समय परिजन और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर हटा दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर रवाना हुए। मां और पत्नी के सामने हत्या की गई गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल टिकरिया में बुधवार की शाम 6 बजे मां और पत्नी के सामने ही किराना दुकानदार की चाकू से ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी। मां हमलावरों से मिन्नत करती रहीं। बेटे को छोड़ दो। हाथ जोड़ती रहीं। लेकिन, हमलावरों ने उन्हें धक्का देकर किनारे कर दिया। पत्नी भी हमलावरों से पति को बचाने पहुंची। हमलावरों को पकड़ा, लेकिन तब तक ताबड़तोड़ 10 चाकू दुकानदार के सीने में मार दिए। वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। हमलावर मौके से भाग गए। परिवार घायल दुकानदार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसपी सिटी निमिष पाटिल मौके पर पहुंचे। दुकानदार के बेटे से वारदात की जानकारी ली। कुछ ही देर में पुलिस ने चाकू मारने के आरोपी गब्बर चौहान को गिरफ्तार कर लिया। मामला जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर गुलरिहा के टिकरिया गांव का है। अब विस्तार से पूरा मामला जानिए गिरमिट चौराहा निवासी अमरनाथ गुप्ता (56) किराना दुकानदार थे। परिवार में मां जानकी देवी, पत्नी गुजराती देवी, दो बेटे ऋषिकेश गुप्ता ,शिवम गुप्ता और बेटी प्रिया गुप्ता हैं। उनके घर से सटे ही आरोपी अवधेश चौहान उर्फ गब्बर की जमीन थी। इस जमीन पर दोनों पक्ष दावा कर रहा था। इस जमीन को लेकर पिछले 5 साल से विवाद कोर्ट में चल रहा है। बुधवार शाम अमरनाथ ने उसी जमीन के सामने ट्रैक्टर खड़ा कर दिया। इसी बात को लेकर गब्बर से कहासुनी शुरू हो गई। गब्बर ने जमीन को अपना बताकर ट्रैक्टर खड़ा करने से मना किया। विवाद बढ़ने पर अवधेश चौहान उर्फ गब्बर चौहान ने चाकू से अमरनाथ पर हमला कर दिया। गब्बर ने अमरनाथ के सीने और पेट में चाकू से करीब 10 वार कर दिए। उस समय अमरनाथ गुप्ता की मां जानकी देवी मौके पर ही थीं। उन्होंने विवाद रोकने की कोशिश की। उन्हें धक्का देकर गिरा दिया। वह भी चोटिल हो गईं। बेटे पर हमला होते देखकर वह चीख-चीखकर रोने लगीं। उनकी आवाज सुनकर पत्नी गुजराती देवी भी दुकान से बाहर निकल आईं। हमलावरों से मिन्नत की। तब तक हमलावर वारदात को अंजाम देकर भाग गए। बेटे ने बताया-पापा घर के बाहर बैठे थे, इसी बीच हमला हुआ अमरनाथ गुप्ता के बड़े बेटे ऋषिकेश गुप्ता ने बताया कि, अवधेश ने जमीन के विवाद में हमारे पिता पर धारदार हथियार से कई बार वार किया। जानलेवा हमला किया और हत्या कर दिया। उन्होंने बताया कि इसमें मुकुंद चौहान, अनिकेत सूरत, भाने, शैलेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल थे। शाम 6 बजे पिता घर के बाहर बैठे थे। तभी अचानक ये लोग आकर हमला कर दिए। बचाव करने आई 85 साल की दादी पर भी हमला किया गया। जिससे उन्हें कई जगह गंभीर चोटें लगी हैं। अमरनाथ के वकील ने बताया कि आरोपी जबरजस्ती पीड़ितों की जमीन में निर्माण करवा रहा था। जिस पर कोर्ट का स्टे भी था। इसी बात को लेकर पिछले 3-4 महीने से विवाद चल रहा था। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि मुख्य आरोपी समेत 5 को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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लाइट्स-कैमरा-एक्सीडेंट! राजेश शर्मा ही नहीं, शूटिंग पर 9 सितारों ने झेले दर्द
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Stars Who Suffered Serious Injuries While Shooting: फिल्मी पर्दे पर चमकते सितारों की जिंदगी जितनी आलीशान और आसान दिखती है, हकीकत में इसके पीछे उतना ही कड़ा संघर्ष, खून और पसीना छिपा होता है. हाल ही में दिग्गज करेक्टर एक्टर राजेश शर्मा के साथ हुए एक भयानक हादसे ने एक बार फिर फिल्म सेट पर सुरक्षा और होने वाले हादसों की ओर सबका ध्यान खींचा है. आइए जानते हैं भारतीय सिनेमा के उन 10 बड़े एक्टर्स के बारे में, जो शूटिंग के दौरान गंभीर और अजीबोगरीब हादसों का शिकार हुए.
नई दिल्ली. ‘तनु वेड्स मनु’, ‘स्पेशल 26’, ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ और ‘भूल भुलैया 3’ जैसी फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों के दिलों में खास जगह बनाने वाले राजेश शर्मा कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती हैं. हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में सुपरस्टार प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फौजी’ की शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया. जिसके बाद उनके पैर में सीरियस इंफेक्शन फैल गया. सूजन, तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है. लेकिन राजेश शर्मा अकेले नहीं हैं जो सेट पर ऐसे हादसे के शिकार हुए. उनसे पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान से लेकर ऐश्वर्या राय तक इन 9 सितारों ने बेहद दर्द झेला है.

सबसे बड़ा हादसा साल 1982 में फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ हुआ था. बिग बी एक फाइट सीन फिल्मा रहे थे, तभी टाइमिंग बिगड़ने के कारण उनका पेट टेबल के कोने से टकरा गया. उनकी तिल्ली (स्प्लीन) फट गई और शरीर में भारी आंतरिक रक्तस्राव हुआ. बिग बी कुछ पलों के लिए क्लीनिकल डेथ की स्थिति में भी पहुंच गए थे. उनकी तिल्ली निकालनी पड़ी और महीनों तक वे अस्पताल में भर्ती रहे. पूरे देश ने उनकी जान की दुआ मांगी थी. फिल्म में दुर्घटना वाला फुटेज कैप्शन के साथ फ्रीज कर दिया गया था. मनमोहन देसाई द्वारा निर्देशित यह फिल्म साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी. करीब 3 करोड़ में बनी इस फिल्म ने 21 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी.

फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ की शूटिंग के दौरान सुशांत सिंह राजपूत भी चोटिल हुए थे. दरअसल, क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के सिग्नेचर ‘हेलीकॉप्टर शॉट’ को पूरी सटीकता से सीखने के चक्कर में सुशांत सिंह राजपूत के रिब्स (पसलियां) टूट गई थीं. इस परफेक्शनिस्ट एक्टर ने गंभीर चोट के बावजूद कड़ी ट्रेनिंग जारी रखी. पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे ने उन्हें ट्रेन किया था. नीरज पांडे द्वारा निर्देशित एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी का कुल बजट लगभग 104 करोड़ था. इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 215 से 216 करोड़ रुपये का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था और यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
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साल 2009 में आई शाहिद कपूर और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘कमीने’ का कुल बजट लगभग 35 करोड़ रुपये था. विशाल भारद्वाज ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया. फिल्म ‘कमीने’ की शूटिंग के दौरान शाहिद कपूर को करीब 5 से 6 चोटें आईं. एक एक्शन सीक्वेंस के दौरान उनकी कलाई बुरी तरह कट गई थी और शरीर पर कई नीले निशान पड़ गए थे. पहले उनकी कलाई में चोट आई, फिर एक स्किडिंग सीन में वे बुरी तरह घायल हो गए. दर्द के बावजूद उन्होंने शूटिंग पूरी की. फिल्म ने 70 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी और फिल्म हिट रही.

आलिया भट्ट ‘ब्रह्मास्त्र’ की शूटिंग के दौरान बुल्गारिया में एक एक्शन सीन करते समय कंधे और हाथ में चोटिल हो गई थीं. इस चोट के बाद आलिया को ठीक होने में समय लगा, लेकिन वे दोगुनी ताकत के साथ सेट पर वापस लौटीं. फिल्म मेगा बजट में तैयार हुई थी. फिल्म को बनाने के लिए मेकर्स ने 400 करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च की थी. फिल्मका दुनियाभर से 450 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन रहा. फिल्म हिट रही थी.

साल 2004 में राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित ‘खाकी’ एक बेहतरीन एक्शन-थ्रिलर रही. ‘खाकी’ की शूटिंग के दौरान एक स्टंटमैन की कार ने ऐश्वर्या राय को टक्कर मार दी थी, जिससे वह एक झाड़ी में जा गिरीं और उनके बाएं पैर की हड्डी टूट गई. उनकी पीठ में कैक्टस के कांटे भी चुभ गए थे. अमिताभ बच्चन ने इस घटना को याद करते हुए बताया था कि वे दो रात तक सो नहीं पाए थे. चोट के बावजूद ऐश्वर्या ने बड़ी हिम्मत दिखाई थी. फिल्म को लोगों ने पसंद किया और हिट रही. फिल्म ने 45 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया था.

लुधियाना में ‘दंगल’ की शूटिंग के दौरान आमिर खान सेट पर गिर पड़े. वीकों की कड़ी ट्रेनिंग और शूटिंग के बाद ज्यादा थकावट और डिहाइड्रेशन के कारण ऐसा हुआ. उन्होंने फिल्म के लिए 28 किलो वजन बढ़ाया था. आधे घंटे के आराम और आइस पैक के बाद भी वे खड़े नहीं हो पा रहे थे. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां कंधे में गंभीर चोट का पता चला. आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ बॉक्स ऑफिस पर एक ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर रही. 70 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने दुनियाभर से करीब 2,000 से 2,200 करोड़ की शानदार कमाई की.

ऋतिक रोशन हमेशा अपने स्टंट खुद करने के लिए जाने जाते हैं. साल 2014 में आई फिल्म ‘बैंग बैंग’ में उनका एक नया अवतार देखने को मिला. ‘बैंग बैंग’ के एक हाई-रिस्क स्टंट के दौरान उनके सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें बाद ब्रेन क्लॉट हटाने के लिए उन्हें एक सर्जरी से भी गुजरना पड़ा था. ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी. करीब 150 करोड़ के बजट में तैयार हुई फिल्म ने 340 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया था.

‘वांटेड’ के एक एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान सलमान खान के हाथ की लिगामेंट में चोट आ गई. बेइंतहा दर्द के बाद भी उन्होंने अपने स्टंट खुद करना जारी रखाकर फिल्म को पूरा किया. 2009 की सुपरहिट एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘वांटेड’ बॉक्स ऑफिस पर एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्म ‘सरदार उधम’ के लिए विक्की कौशल ने बहुत ज्यादा फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन किया. उन्होंने इंटेंस एक्शन सीक्वेंस किए, जिसमें उन्हें कई चोटें आईं और शारीरिक रूप से बहुत थकावट हुई. ये फिल्म बड़े पर्दे के बजाय ओटीटी पर रिलीज हुई. सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज नहीं हो सकीं इसलिए हिट या फ्लॉप की श्रेणी में नहीं आती, लेकिन पुरस्कारों के लिहाज से इसे ब्लॉकबस्टर माना गया. 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कुल 5 राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं.
ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया: कहा- होर्मुज में हमला किया तो कई देशों को आर्थिक नुकसान होगा; US ने 170 ठिकाने उड़ाए
ईरान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, बुधवार को IRGC की एयर डिफेंस यूनिट ने ड्रोन का पता लगाकर उसे इंटरसेप्ट किया और फिर नष्ट कर दिया। हालांकि अमेरिका ने इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच, IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट में दखल न दे। उसका कहना है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो स्ट्रेट में सामान्य आवाजाही बहाल नहीं हो पाएगी और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने मंगलवार और बुधवार को 170 से ज्यादा ईरानी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिका के मुताबिक, इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन भंडार, सैन्य स्पीड बोट और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। IRNA ने MQ-9 ड्रोन मार गिराने का यह वीडियो जारी किया है… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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हिंदी सिनेमा की वो हीरोइन, डांस मंडली के साथ दुनिया भर में लहराया परचम
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भारतीय सिनेमा और थिएटर की दिग्गज कलाकार जोहरा सहगल (जन्म 1912) ने उस दौर में रूढ़िवादी सोच को तोड़ा जब लड़कियों का घर से निकलना भी मुश्किल था. उन्होंने जर्मनी जाकर तीन साल तक मॉडर्न डांस सीखा और भारत लौटकर मशहूर उदय शंकर की डांस मंडली के साथ दुनिया भर में भारतीय नृत्य का परचम लहराया. समाज की परवाह न करते हुए उन्होंने अलग धर्म के कामेश्वर सहगल से शादी की. बंटवारे के बाद मुंबई आकर उन्होंने पृथ्वी थिएटर और ‘दिल से’, ‘वीर-जारा’ जैसी कई फिल्मों में यादगार अभिनय किया. कला में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘पद्म विभूषण’ सहित कई सम्मान मिले और 2014 में 102 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ.
जोहरा सहगल की शानदार जिंदगी.
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा की दुनिया में जोहरा सहगल एक ऐसा नाम हैं, जिन्हें आज भी उनकी जिंदादिली और गजब की एक्टिंग के लिए याद किया जाता है. उन्होंने न सिर्फ अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता, बल्कि अपनी हिम्मत से समाज की पुरानी सोच को भी तोड़ा. 27 अप्रैल 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जन्मी जोहरा का बचपन उत्तराखंड में बीता. उनका पूरा नाम साहिबजादी जोहरा मुमताज उल्लाह खान बेगम था. उस दौर में जहां लड़कियों की पढ़ाई जल्दी छुड़ाकर कम उम्र में शादी कर दी जाती थी, वहीं जोहरा ने अपने सपनों को चुना. उन्होंने लाहौर के क्वीन मैरी कॉलेज से पढ़ाई की. वह बचपन से ही बाकी लड़कियों से एकदम अलग थीं, जिन्हें पेड़ों पर चढ़ना और बेफिक्र होकर घूमना पसंद था.
जोहरा ने पढ़ाई पूरी करने के बाद एक ऐसा क्रांतिकारी फैसला लिया, जिसके बारे में उस जमाने में कोई लड़की सोच भी नहीं सकती थी. वह अकेले हजारों किलोमीटर दूर जर्मनी के ड्रेसडेन शहर पहुंच गईं और वहां के मशहूर मैरी विगमैन बैले स्कूल में एडमिशन ले लिया. उस दौर में जहां लड़कियों का घर से अकेले बाहर निकलना भी गुनाह माना जाता था, वहां जोहरा का यूरोप जाकर मॉडर्न डांस सीखना एक बहुत बड़ी मिसाल थी. वहां उन्होंने पूरे तीन साल तक कड़ी मेहनत की और डांस की बारीकियों को सीखा. इसी साहसी फैसले ने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया.
वैज्ञानिक से की शादी
जोहरा साल 1935 में जर्मनी से भारत लौटीं. उन्होंने मशहूर डांस गुरु उदय शंकर की मंडली में शामिल हो गईं. उन्होंने इस मंडली के साथ जापान, मिस्र, यूरोप और अमेरिका जैसे कई देशों की ट्रिप की और दुनिया भर में भारतीय डांस का परचम लहराया. फिर उनकी मुलाकात वैज्ञानिक व डांसर कामेश्वर सहगल से हुई. समाज की परवाह किए बिना दोनों ने शादी कर ली, जो उस दौर में काफी बड़ी बात थी. देश के बंटवारे के बाद जोहरा अपने परिवार के साथ मुंबई आ गईं और ‘पृथ्वी थिएटर’ के साथ जुड़कर एक्टिंग करने लगी.
‘धरती के लाल’ से किया एक्टिंग डेब्यू
जोहरा सहगल की फिल्मों में शुरुआत 1946 में आई फिल्म ‘धरती के लाल’ से हुई थी. उन्होंने ‘दिल से’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘वीर-जारा’, ‘कल हो ना हो’ और ‘चीनी कम’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता. कला में योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्य विभूषण’ से नवाजा गया. 102 साल की लंबी और भरपूर जिंदगी जीने के बाद जोहरा सहगल ने 10 जुलाई 2014 को दुनिया को अलविदा कहा.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें

