Saturday, May 23, 2026
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SMS हॉस्पिटल में ब्रॉन्कोप्लास्टी सर्जरी: नाक, मुंह से ऑक्सीजन फेफड़े तक पहुंचाने वाली दांयी ब्रोंकस हो चुकी थी ब्लॉक; डॉक्टरों का दावा, प्रदेश में ये पहली सर्जरी – Jaipur News




जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में ब्रॉन्कोप्लास्टी सर्जरी की गई। ये ऑपरेशन सवाई माधोपुर के रहने वाले 16 साल के मरीज के किया। इस सर्जरी से पहले मरीज को सांस लेने में काफी तकलीफ थी और उसकी लगातार हालात खराब हो रही थी। डॉक्टरों का दावा है कि राजस्थान में पहले ऐसी सर्जरी किसी भी हॉस्पिटल में नहीं हुई। कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संजीव देवगढ़ा ने बताया- मरीज कालूराम पुत्र नवल सिंह का पिछले महीने 4 अप्रैल को रोड एक्सीडेंट हुआ। इस एक्सीडेंट में उसके दाहिने फेफड़े में गंभीर चोट आने के बाद से उसे सांस लेने में लगातार परेशानी होने लगी। कई बार उसको ऑक्सीजन सपोर्ट पर भी रखा गया। परिजनों ने मरीज को कई हॉस्पिटलों में दिखाया, लेकिन बीमारी का सही कारण पता नहीं चल सका और मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। 15 अप्रैल एसएमएस हॉस्पिटल की ओपीडी में सीटीवीएस विभाग में परामर्श लेने के बाद 16 अप्रैल को भर्ती कराया गया। भर्ती के बाद मरीज जांचें की, जिसमें सीटी स्कैन, छाती का एक्स-रे और वर्चुअल ब्रॉन्कोस्कोपी शामिल थी। जांचों में पाया कि मरीज के दाएं मुख्य ब्रोंकस की सांस की नली पूरी तरह बंद हो चुकी थी, जिसके कारण उसका दायां फेफड़ा सिकुड़ गया और उसे सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी। 4 घंटे लगे सर्जरी में तमाम जांच करने और मरीज के फिट होने के बाद उसका 29 अप्रैल को ब्रॉन्कोप्लास्टी सर्जरी की गई। इस सर्जरी में करीब चार घंटे का समय लगा। ऑपरेशन के दौरान सिकुड़े और बंद हो चुके दाएं ब्रोंकस के हिस्से को काटकर अलग किया और शेष रही सही ब्रोंकस को वापस मुख्य श्वास नली से जोड़ा गया। इस ब्रोंकस को काटना सबसे कठिन था, क्योंकि ये आसपास के ट्यूश (ऊतकों) से चिपके हुए थे। सर्जरी के बाद मरीज का सिकुड़ा हुआ फेफड़ा वापस काम सामान्य तौर पर काम करने लगा। इससे मरीज की सांस लेने की दिक्कत दूर हो गई। इस सर्जरी में डॉ. संजीव देवगढ़ा के साथ प्रोफेसर डॉ. अनुला सिसोदिया, डॉ. के.के. मावर, डॉ. ध्रुव शर्मा, डॉ. उत्सव नंदवाना, डॉ. मोहित सिंघल, डॉ. स्वप्निल पंचाल और एनेस्थीसिया टीम डॉ. अंशुल गुप्ता, डॉ. दीपिका गहलोत का सहयोग रहा।



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महाराष्ट्र स्टाइल पावभाजी दुनियाभर में क्यों खास मानी जाती है? जानें इसे बनाने का तरीका


महाराष्ट्र, खासकर मुंबई, अपनी स्ट्रीट फूड कल्चर के लिए जाना जाता है और उन्हीं में से एक सबसे लोकप्रिय डिश है पावभाजी. यह डिश सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पसंद की जाती है. इसका मसालेदार स्वाद, बटर की खुशबू और सॉफ्ट पाव इसे बेहद खास बनाते हैं.

पावभाजी फेमस क्यों है?
1. जबरदस्त मसालेदार स्वाद
महाराष्ट्रा स्टाइल पावभाजी का स्वाद अलग होता है क्योंकि इसमें खास पावभाजी मसाला इस्तेमाल किया जाता है. यह मसाला सब्जियों को तीखा, चटपटा और खुशबूदार बनाता है.

2. बटर का भरपूर इस्तेमाल
मुंबई की पावभाजी में बटर खुलकर डाला जाता है, जिससे इसका टेस्ट और भी रिच और लाजवाब हो जाता है.

3. हेल्दी + टेस्टी कॉम्बिनेशन
इसमें कई सब्जियां जैसे आलू, टमाटर, फूलगोभी, मटर और शिमला मिर्च मिलती हैं, जो इसे पोषक भी बनाती हैं.

4. स्ट्रीट फूड का आकर्षण
मुंबई की सड़कों पर बड़े तवे पर बनती पावभाजी का तरीका ही इसे यूनिक बनाता है, तेज आंच, लगातार मैशिंग और ताजगी इसका स्वाद बढ़ाते हैं.

पावभाजी बनाने की सामग्री
आलू – 3 उबले हुए
फूलगोभी – 1 कप
मटर – 1/2 कप
टमाटर – 3 बारीक कटे
प्याज – 1 बारीक कटा
शिमला मिर्च – 1 बारीक कटी
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 चम्मच
पावभाजी मसाला – 2 चम्मच
हल्दी – 1/2 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच
नमक – स्वादानुसार
बटर – 3–4 बड़े चम्मच
हरा धनिया – सजाने के लिए
नींबू – 1

बनाने की विधि
1. सब्जियां उबालें
आलू, फूलगोभी और मटर को कुकर में उबाल लें. फिर इन्हें अच्छे से मैश कर लें.

2. मसाला तैयार करें
एक कढ़ाई या तवे पर बटर गर्म करें. उसमें प्याज डालकर हल्का ब्राउन करें.
अब अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर भूनें.

3. टमाटर और मसाले डालें
अब कटे टमाटर डालें और उन्हें अच्छी तरह गलने दें. फिर हल्दी, लाल मिर्च, नमक और पावभाजी मसाला डालकर मिलाएं.

4. सब्जियां मिलाएं
अब मैश की हुई सब्जियां इसमें डालें और अच्छे से मिलाएं. थोड़ा पानी डालकर 10–15 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं. बीच-बीच में मैश करते रहें.

5. फाइनल टच
ऊपर से बटर डालें और हरे धनिये से सजाएं. आपकी भाजी तैयार है.

पाव तैयार करें
एक तवे पर थोड़ा बटर गर्म करें और पाव को बीच से काटकर सेक लें जब तक वे हल्के क्रिस्पी न हो जाएं.

परोसने का तरीका
गरमा-गरम भाजी को प्लेट में निकालें, ऊपर से बटर डालें, साथ में पाव, प्याज और नींबू के टुकड़े रखें.



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टीवी, एसी, पंखे आदि के लिए घर में लगाना चाहिए कितने एम्पियर का सॉकेट?


घर में इलेक्ट्रिकल वायरिंग कराते समय अगर इलेक्ट्रिशियन अप्लायंसेज के लिए गलत सॉकेट लगा देता है, तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे शॉर्ट-सर्किट हो सकता है और पूरे घर की वायरिंग जल भी सकती है। आजकल लगभग हर घर में एसी, टीवी, फ्रिज, सेट-टॉप बॉक्स जैसे अप्लायंसेज होते हैं। इन सब को बिजली से कनेक्ट करने के लिए घर में लगे सॉकेट का इस्तेमाल किया जाता है। घर मे लगने वाले हर अप्लायंसेज के लिए अलग-अलग एम्पियर के सॉकेट लगते हैं। किस अप्लायंस के लिए कितने एम्पियर का सॉकेट लगवाना चाहिए, आइए जानते हैं…

6 AMP  (एम्पियर) वाला सॉकेट

आम तौर पर ज्यादातर होम अप्लायंसेज इस 6 amp वाले सॉकेट पर काम करते हैं। लाइटिंग, पंखे, टीवी, सेट-टॉप बॉक्स आदि के लिए इस सॉकेट का यूज होता है। यह सॉकेट कम लोड वाले अप्लायंसेज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

16 AMP वाला सॉकेट

यह सॉकेट हैवी लोड वाले अप्लायंसेज के लिए यूज किया जाता है। इस सॉकेट को आप घर में रखे अप्लायंसेज जैसे कि फ्रिज, मिक्सर, ग्राइंडर, वॉशिंग मशीन, गीजर, एसी, आयरन, माइक्रोवेव, मोटर आदि के लिए यूज किया जाता है। आपके घर में अगर इलेक्ट्रिक वायरिंग होती है, तो आप उन जगहों पर 16 एम्पियर का ही सॉकेट लगवाएं, जहां ये हैवी लोड वाले अप्लायंसेज इस्तेमाल करना हो।

20/25 AMP वाला सॉकेट

यह सॉकेट आम तौर पर बहुत ज्यादा लोड जैसे कि इंडक्शन कुकटॉप, इन्वर्टर और हैवी अप्लायंसेज के लिए यूज होता है। हालांकि, ये सब अप्लायंसेज 16 amp वाले सॉकेट पर भी काम करते हैं, लेकिन अगर अप्लायंसेज का पावर कंजम्पशन ज्यादा है, तो इसके पिघलने का खतरा रहता है। ऐसे में शॉर्ट-सर्किट हो सकता है।

भूलकर भी न करें ये काम

इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई के लिए सॉकेट एक कनेक्टर का काम करता है, जहां से इलेक्ट्रिसिटी को अप्लायंसेज में सप्लाई किया जाता है। 6 amp वाले सॉकेट में अगर आप हैवी लोड वाले अप्लायंसेज कनेक्ट करेंगे तो यह गर्म होकर पिछल सकता है। ऐसे में शॉर्ट-सर्किट लगने का खतरा रहेगा। इसलिए घर में इस्तेमाल किए जाने वाले हैवी लोड वाले अप्लायंसेज को आप पावर सॉकेट में ही यूज करें।

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महाकाल की नगरी में 20 रुपये में दिखी अंतरिक्ष की अद्भुत दुनिया


धार्मिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला मध्य प्रदेश का उज्जैन अब विज्ञान और खगोल अध्ययन के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है. शहर की प्राचीन जीवजी वैधशाला, डोंगला स्थित वराहमिहिर वैधशाला, तारामंडल और विज्ञान केंद्र अब विज्ञान और अंतरिक्ष में रुचि रखने वालों के लिए खास आकर्षण बनते जा रहे हैं. इसी कड़ी में प्राचीन जीवजी वैधशाला में 21 मई से विशेष खगोलीय अवलोकन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जो 28 मई तक जारी रहेगा. इस कार्यक्रम के जरिए लोग आधुनिक उपकरणों की मदद से ग्रहों, तारों और आकाशीय घटनाओं को करीब से देख और समझ सकेंगे.

इस खास आयोजन में देश-विदेश से उज्जैन पहुंचे पर्यटक और विज्ञान प्रेमी अंतरिक्ष की अनोखी दुनिया से रूबरू हो रहे हैं. 8 इंच के शक्तिशाली टेलिस्कोप के जरिए उन्हें चंद्रमा की सतह पर बने विशाल गड्ढों के साथ बृहस्पति ग्रह और उसके उपग्रहों के रोमांचक दृश्य देखने का अवसर मिल रहा है, जो लोगों के लिए यादगार अनुभव बन रहा है.

रोचक जानकारी से खिल रहे चेहरे 
वैधशाला में पहले ही दिन उत्साह का अनोखा नजारा देखने को मिला. यहां पहुंचे पर्यटक और विद्यार्थी सिर्फ आसमान नहीं देख रहे, बल्कि ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से महसूस कर रहे हैं. मौके पर मौजूद गाइड रोचक अंदाज में ग्रहों और अंतरिक्ष से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियां साझा कर रहे हैं, जिससे लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 साल से कम उम्र के बच्चों की एंट्री नहीं रखी गई है. वैधशाला के अधीक्षक के अनुसार यहां शुक्र, बृहस्पति और बढ़ते चंद्रमा का भी अवलोकन कराया जा रहा है, जो विज्ञान और आस्था के अद्भुत संगम को दर्शा रहा है.

पर्यटक ने कहा ऐसा भी सभव 
वैधशाला मे अंतरिक्ष का सुंदर नज़ारा देखने आए कक्षा पांचवी के छात्र हनी ने बताया कि जब मैंने पहली बार टेलीस्कोप से आसमान को करीब से देखा, तो नजारा किसी सपने से कम नहीं लगा. चंद्रमा की सतह पर बने गहरे गड्ढे साफ नजर आ रहे थे और बृहस्पति अपने उपग्रहों के साथ अद्भुत दिखाई दे रहा था. जिन्हें अब तक सिर्फ किताबों में पढ़ा था, आज उन्हें अपनी आंखों से देखकर मन रोमांच और उत्साह से भर गया.

आसमान की अनंत दुनिया को करीब से देखने के बाद पर्यटकों की खुशी देखते ही बन रही थी. वैधशाला मे आए दूसरे छात्र कक्षा सातवीं में पढ़ने वाले प्रिंस ने बताया कि, यह अनुभव इतना खास था कि इसे शब्दों में पूरी तरह बयां करना मुश्किल है. जो नजारे उन्होंने टेलिस्कोप से देखे, उन्हें वे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करेंगे और यहां आने की सलाह देंगे. वहीं विकास ने कहा कि 8 दिनों की यह खास सुविधा हर किसी को जरूर लेना चाहिए, क्योंकि यह अनुभव बेहद रोचक और यादगार रहा.

जानिए कैसे दिख रहे है चाँद-सितारे 
जीवजी वैधशाला अधीकक्ष राजेंद्र गुप्त कहते है कि, जैसे ही शाम ढलती है, आसमान एक अद्भुत खगोलीय कहानी सुनाने लगता है. सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में लट्टू की तरह चमकता शुक्र ग्रह नजर आता है, वहीं उससे ऊपर चमकदार बृहस्पति अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है. इस नजारे को और खास बनाता है शुक्ल पक्ष का हर दिन बढ़ता चंद्रमा. तीनों खगोलीय पिंड मिलकर आकाश प्रेमियों के लिए रोमांच और जिज्ञासा से भरा शानदार दृश्य तैयार कर रहे हैं.

20 रूपये मे हो रही अंतरिक्ष की सैर 
गर्मी की छुट्टियों में आसमान के रहस्यों को करीब से देखने का खास मौका मिल रहा है. शासकीय जीवाजी वैधशाला उज्जैन ने 8 दिवसीय “ग्रीष्मकालीन आकाशीय अवलोकन” कार्यक्रम शुरू किया है. हर शाम 7 से 9 बजे तक लोग सिर्फ 20 रुपये में टेलीस्कोप से चांद, ग्रह और अंतरिक्ष के अद्भुत नजारे देख सकेंगे. हालांकि शुक्र ग्रह की स्थिति नीचे होने से उसे केवल रात 8 बजे तक ही देखा जा सकेगा. साफ आसमान होने पर यह अनुभव और भी खास बनेगा.



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बिजनौर में गर्मी का कहर, दोपहर में सूनी सड़कें: अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पानी में राहत तलाशते दिखे बाघ और हाथी; बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी – Bijnor News




बिजनौर जिले में शनिवार को भी भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप जारी रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर में शहर की सड़कें सूनी नजर आईं। लोग घरों में रहने को मजबूर रहे, जबकि कई इलाकों में बिजली कटौती ने परेशानी और बढ़ा दी। जिले में मई की शुरुआत से ही गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। बीच-बीच में हुई हल्की बारिश और हवाओं से कुछ दिनों तक राहत जरूर मिली थी, लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार तापमान ऊंचा बना हुआ है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि शनिवार दोपहर अचानक चली हल्की ठंडी हवा से कुछ देर के लिए राहत महसूस की गई। गर्मी से बचने के लिए लोग कर रहे उपाय भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग सिर पर कपड़ा और टोपी लगाकर बाहर निकल रहे हैं। वहीं आइसक्रीम, जूस, नींबू पानी और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से लोग बच रहे हैं, जिसके चलते दोपहर में बिजनौर शहर की सड़कें लगभग खाली दिखाई दीं। बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या कम रही। कारोबार और मजदूरों पर असर गर्मी का असर कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों में सन्नाटा रहने से दुकानदार खाली बैठे नजर आए। सबसे ज्यादा दिक्कत उन मजदूरों को हो रही है, जो तपती धूप में काम करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी का असर वन्यजीवों पर भी देखने को मिला। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ और हाथी पानी पीते और उसमें चहलकदमी करते नजर आए। वन्यजीव पानी में रहकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। तीन दिन का तापमान रिकॉर्ड कृषि अनुसंधान केंद्र नगीना के अनुसार जिले में पिछले तीन दिनों का तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया— 20 मई: अधिकतम 41.0°C, न्यूनतम 23.6°C 21 मई: अधिकतम 41.2°C, न्यूनतम 23.8°C 22 मई: अधिकतम 40.6°C, न्यूनतम 23.9°C वहीं सापेक्ष आर्द्रता 80 से 86 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई, जिससे उमस और अधिक बढ़ गई।



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Anupam Kher Exclusive: अनुपम खेर ने खोले थिएटर के वो राज… जो फिल्मों में कभी नहीं दिखते!


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Anupam Kher Exclusive: अनुपम खेर ने खोले थिएटर के वो राज… जो फिल्मों में कभी नहीं दिखते, देखें पूरा इंटरव्यू

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Anupam Kher Exclusive: अनुपम खेर ने खोले थिएटर के वो राज… जो फिल्मों में कभी नहीं दिखते, देखें पूरा इंटरव्यू

 

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Anupam Kher Exclusive Interview: दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने News18 India को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपने थिएटर और फिल्मी सफर से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि फिल्मों में आने के बावजूद उन्होंने थिएटर कभी नहीं छोड़ा, क्योंकि यह उन्हें लगातार जिंदगी और दर्शकों से जोड़कर रखता है. उनके मुताबिक थिएटर की सबसे बड़ी ताकत इसकी लाइव एनर्जी है, जहां हर शो अलग होता है और ऑडियंस का रिएक्शन उसी वक्त सामने आता है, जबकि फिल्मों में रीटेक और एडिटिंग का विकल्प होता है. अनुपम खेर ने बताया कि थिएटर उन्हें हमेशा एक्टिव और क्रिएटिव बनाए रखता है, और जब भी लगता है कि अभिनय में ठहराव आ रहा है, तो थिएटर उसे फिर से नया जीवन देता है. उन्होंने अपने स्कूल और शुरुआती थिएटर के दिनों को याद करते हुए कई मजेदार किस्से भी सुनाए, जहां स्टेज पर हुई गलतियां और अनप्रेडिक्टेबल मोमेंट्स आज भी उनके लिए यादगार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि थिएटर और फिल्मों का अनुभव अलग जरूर है, लेकिन दोनों ने उनके अभिनय को अलग-अलग तरीके से निखारा है. आज के दौर में उन्होंने युवा कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि नए एक्टर्स उन्हें ऊर्जा देते हैं और आज की इंडस्ट्री में लगातार खुद को साबित करना जरूरी हो गया है क्योंकि दर्शकों के पास अब बहुत विकल्प मौजूद हैं.



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भोजपुर में 2 बाइकों की आपस में टक्कर: हादसे में राजमिस्त्री की मौत, घर से काम पर जाने के लिए निकले थे; आरोपी मौके से फरार – Bhojpur News




आरा-अरवल मार्ग पर दो बाइकों की आपसी टक्कर हो गई। हादसे में एक अधेड़ की मौत हो गई। दूसरा बाइक सवार गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान पवना वार्ड नंबर-1 निवासी भरत पंडित(40) के तौर पर हुई है। पेशे से राजमिस्त्री था। मृतक के बेटे रामाशंकर ने बताया कि रोज की तरह शनिवार की सुबह काम करने के लिए रन्नी गांव जा रहे थे। रास्ते में पीछे से आ रही गाड़ी ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। इलाज के लिए पहले ग्रामीण डॉक्टर के पास ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर में मचा कोहराम टाउन पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार में पत्नी सुभद्रा देवी, चार पुत्री पिंकी, प्रियंका, रिंकी, प्रीति और दो पुत्र रवि शंकर, रामाशंकर है। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।



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नरसिंहपुर में दो सड़क हादसे, 2 की मौत: NH-44 पर ट्रक पलटा, टवेरा में टक्कर से 4 घायल – Narsinghpur News




नरसिंहपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर शनिवार को कुछ घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। इन दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। पहली दुर्घटना बरमान चौकी क्षेत्र के ग्राम सगरी के पास हुई। यहां एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में ट्रक में सवार चालक और परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी घटना ग्राम सगरी और बीतली के बीच हुई। यहां एक अज्ञात ट्रक ने टवेरा वाहन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टवेरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर के बाद टवेरा में सवार चार लोगों को चोटें आईं। पीछे बैठे दो लोग लगभग 15 मिनट तक क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। मृतकों के नाम गणपत और निरंजन बताई जा रहे हैं जो कि आगरा उत्तरप्रदेश के निवासी हैं, पुलिस परिजनों से संपर्क कर पता शादी करने का प्रयास कर रही है। विस्तृत जानकारी आने के बाद इसको अपडेट कराऊंगा।



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NEET पेपर लीक की आरोपी फिजिक्स टीचर सस्पेंड: 30 जून को रिटायरमेंट था; इस मामले में अब तक 11 अरेस्ट


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  • NEET Paper Leak Scam CBI Case Update; Maharashtra Physics Lecturer | Seth Hiralal Saraswati

नई दिल्ली/पिंपरी चिंचवाड़3 घंटे पहले

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मनीषा संजय हवलदार की यह तस्वीर 2014 की है।

महाराष्ट्र के स्कूल सेठ हीरालाल सरस्वती प्रशाला ने सीनियर फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार को NEET पेपर लीक में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद तुरंत सस्पेंड कर दिया है।

स्कूल सेक्रेटरी डॉ. सतीश गावड़े ने बताया कि मनीषा, 1992 से संस्थान में फिजिक्स की लेक्चरर हैं। उनके पास MSc, BEd की डिग्री है। वह 30 जून को रिटायर होने वाली हैं।

गावड़े ने मनीषा के इस काम को छात्रों, संस्थान और देश के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक हाई लेवल इंटरनल जांच कमेटी बनाई गई है।

डॉ. गावड़े ने कहा- हमें इस NEET मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वह क्या कर रही थीं, उन्हें कब नियुक्त किया गया था, या किसने नियुक्त किया था।

NEET पेपर लीक केस में 11वें आरोपी के रूप में अरेस्ट मनीषा एग्जाम प्रोसेस में शामिल थीं। NTA ने उन्हें एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था।

मनीषा की पहुंच फिजिक्स के क्वेश्चन पेपर तक थी। अप्रैल 2026 में उन्होंने फिजिक्स से संबंधित कुछ सवाल अन्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ शेयर किए थे।

3 मई को हुए NEET एग्जाम के बाद इसके पेपर लीक होने की खबर सामने आई। इस केस में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

फीस रिफंड के लिए लास्ट डेट 27 मई

NTA ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 कैंडिडेट के लिए एक खास पोर्टल खोला है, ताकि वे इस महीने की शुरुआत में एंट्रेंस एग्जाम कैंसिल होने के बाद एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स जमा कर सकें। बैंक अकाउंट डिटेल्स जमा करने की सुविधा 22 मई से 27 मई (रात 11:50 बजे तक) तक रहेगी।

अब तक 11 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा 7 महाराष्ट्र से

3 मई को हुई परीक्षा 12 मई को रद्द

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया।

खबरें और भी हैं…



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मस्क बेच रहे पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट: मंगल पर 10 लाख लोगों की बस्ती, चांद पर फैक्ट्री, अंतरिक्ष में डेटासेंटर का प्लान




‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म का डायलॉग नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने आईपीओ फाइलिंग में ये लिखा है। कंपनी अगले माह अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े डेब्यू की तैयारी में है। अमूमन आईपीओ दस्तावेज वित्तीय आंकड़ों से भरे होते हैं। पर, स्पेसएक्स का 300 से ज्यादा पन्नों का दस्तावेज कारोबारी रिपोर्ट से ज्यादा भविष्य की पटकथा जैसा है। यह खुद को ऐसी संस्था के रूप में पेश कर रही है, जो मानव चेतना को सितारों तक पहुंचाना चाहती है। यानी मस्क सिर्फ रॉकेट नहीं, पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट बेच रहे हैं। जानें कुछ ऐसे दावे, जिनसे टेक और वित्तीय जगत में हलचल है… – मंगल पर बस्ती कंपनी का सबसे बड़ा सपना मंगल को इंसानों का दूसरा घर बनाना है। फाइलिंग में 63 बार मंगल का जिक्र है। इसे सिर्फ रिसर्च स्टेशन या छोटी कॉलोनी नहीं, बल्कि मानव प्रजाति के बैकअप की तरह तैयार करने का विचार है। ताकि पृथ्वी पर आपदा से सभ्यता खत्म न हो। वहां 10 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य है। फाइलिंग में गुंबदनुमा शहरों, सोलर पैनलों और वहां रहते परिवारों के विजुअल्स भी दिए हैं। मस्क का सपना है कि मंगल पर ऊर्जा जरूरतें वहीं से पूरी हों और बाकी सामान स्टारशिप से पहुंचे। – चांद पर नई अर्थव्यवस्था फाइलिंग में चांद पर मैन्युफैक्चरिंग हब, चांद की अर्थव्यवस्था और क्षुद्रग्रहों पर खनन योजनाओं का जिक्र है। यानी भविष्य में चांद सिर्फ वैज्ञानिक मिशन का ठिकाना नहीं, बल्कि निर्माण, ऊर्जा, खनन और सप्लाई-चेन का केंद्र बन सकता है। – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर विज्ञान-कथा जैसा ही सपना है एआई डेटा सेंटर धरती से बाहर ले जाना। कंपनी ने 2028 तक सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय एआई कंप्यूट उपग्रह तैनात करने की बात कही है। अंतरिक्ष की ठंड में बड़े-बड़े डेटा सेंटर सौर ऊर्जा से चलेंगे। धरती पर बिजली-पानी बचेंगे। लक्ष्य 10 लाख तक उपग्रहों वाले डेटा सेंटर सिस्टम का है, जो 500 से 2,000 किमी ऊंचाई पर तैनात होंगे। हर साल 100 गीगावॉट एआई कम्प्यूट क्षमता तैनात करने की योजना है। – पूरा दाव स्टारशिप पर है इन तीनों सपनों की चाबी स्टारशिप है। मंगल पर इंसान भेजना हो, चांद पर कार्गो उतारना हो या अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना, सबके लिए भारी सामान को बार-बार कम लागत में कक्षा तक पहुंचाना जरूरी है। स्पेसएक्स ने कहा है कि स्टारशिप 2026 की दूसरी छमाही में पेलोड डिलीवरी शुरू कर सकता है। लेकिन यही सबसे बड़ा जोखिम है। अगर स्टारशिप बार-बार प्रयोग लायक और सस्ता नहीं बना तो ये सपने महंगे पोस्टर बनकर रह सकते हैं। एआई से अश्लील सामग्री का खतरा, बढ़ सकते हैं मुकदमे फाइलिंग में कंपनी ने स्वीकार किया कि ग्रोक के स्पाइसी और अनहिंज्ड मोड्स अश्लील सामग्री, गलत सूचना, गैर-सहमति वाली तस्वीरें और भेदभावपूर्ण कंटेंट पैदा कर सकते हैं। इससे नियामकीय जांच और मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है। ​साथ ही कंपनी ने स्वीकार किया कि ट्विटर का नाम बदलकर एक्स (X) करना बेहद महंगा साबित हुआ। फाइलिंग के अनुसार, नाम बदलने के बाद कंपनी की वैल्यू में 3.71 अरब डॉलर (35,516 करोड़ रुपए) की गिरावट आई।



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