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BPSC Success Story: 70वीं बीपीएससी में जमुई के सचिन ने सफलता पाई है. इसमें उन्हें 104 रैंक मिला है. अब वह एसडीएम बन गए हैं. सचिन जमुई जिले के खैरा प्रखंड के रहने वाले हैं. उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है. उन्होंने इंटरव्यू में कुछ मजेदार सवाल भी बताएं. जानिए इनकी सक्सेस स्टोरी.
जमुई: 70वीं बीपीएससी का रिजल्ट 20 जून को जारी कर दिया गया. इसमें कई लोगों ने बाजी मारी. जमुई के सचिन ने भी एसडीएम बने हैं. उन्होंने लोकल 18 से बात करते हुए कई यादे साझा की. बताया कि इंटरव्यू में कई बार ऐसे मजेदार सवाल पूछे जाता हैं. जिसका जबाव देने के अभ्यर्थी के पसीने छूट जाते हैं. ऐसा ही जमुई के सचिन के साथ हुआ. उनके एक ऐसा सवाल पूछा गया जिसे सुनकर उन्हें पहले तो मुश्किल हुई. लेकिन इसका जवाब देकर सचिन एसडीएम बन गए हैं. दरअसल 70वीं बीपीएससी में जमुई के सचिन ने सफलता पाई है. इसमें उन्हें 104 रैंक मिला है. अब वह एसडीएम बन गए हैं. सचिन जमुई जिले के खैरा प्रखंड के रहने वाले हैं. उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है. इस से पहले वह बेगूसराय में राजस्व अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे.
चौथे प्रयास में सचिन को मिली यह सफलता
सचिन ने बताया कि उन्होंने चौथे प्रयास में यह सफलता प्राप्त की है. उन्होंने बताया कि पहले दो प्रयास में सचिन ने प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके थे. तीसरी बार उन्होंने बीपीएससी उत्तीर्ण किया और उन्हें राजस्व अधिकारी का पद मिला. वर्तमान में सचिन बेगूसराय जिले के बखरी में राजस्व अधिकारी के रूप में पदस्थापित थे. इसके बाद उन्होंने इस बार फिर से बीपीएससी पास किया है. सचिन ने इस से पहले लोको पायलट सहित तीन और अलग नौकरी हासिल की, लेकिन सबको छोड़कर उन्होंने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में हिस्सा लिया.
इंटरव्यू में पूछा गया था यह मजेदार सवाल
सचिन ने बताया कि बीपीएससी के इंटरव्यू में उनसे बड़ा ही मजेदार सवाल पूछा गया था. उन्होंने कहा कि चूंकि मैं राजस्व अधिकारी के रूप में काम कर रहा था. इसलिए इंटरव्यूअर ने मुझसे पूछा कि अंचल कार्यालय को भ्रष्टाचार का स्वर्ग क्यों कहा जाता है. सचिन ने बताया कि इस सवाल को सुनकर मैं हैरान रह गया. जवाब में मैंने कहा कि अभी मुझे केवल छह महीने ही हुए हैं और मैं अभी खुद ट्रेनिंग कर रहा हूं, इसलिए मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. सचिन ने बताया कि वो यूपीएससी की परीक्षा पास करना चाहते हैं, तथा टीना डाबी को देखकर उन्हें प्रेरणा मिली.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें







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