गोरखपुर में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई यूपी एसटीएफ और एम्स थाने की पुलिस ने की है। तीनों आरोपी बिहार के सिवान और गोपालगंज से हथियार खरीदकर गोरखपुर सहित आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते थे और मुनाफे के पैसे से ऐशो-आराम की जिंदगी जीते थे। उनके पास से एक पिस्टल, दो तमंचे,14 जिंदा कारतूस, पिस्टल की मैगजीन, तीन मोबाइल फोन, नकदी और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। आगे की कार्रवाई और पूछताछ में जुटी है। जानिए पूरा मामला… शनिवार देर रात एसटीएफ और एम्स थाना पुलिस ने माड़ापार स्थित कोनी तिराहे पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। रविवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन शर्मा बरईपट्टी, थाना नौतन बाजार, जिला सिवान (हाल पता हरिसेवकपुर नंबर-2, थाना गुलरिहा), सौरभ शुक्ला उर्फ निति निवासी बसडीला, थाना चौरीचौरा और मंजीत कुमार सिंह निवासी महुआ भूसा, थाना नौतन, जिला सिवान (बिहार) के रूप में हुई है। बिहार से गोरखपुर आने की सूचना मिली
जानकारी के मुताबिक एसटीएफ को शनिवार देर रात को सूचना मिली थी कि बिहार से अवैध हथियार लेकर कुछ तस्कर गोरखपुर आने वाले हैं। एसटीएफ प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के निर्देशन में टीम लगातार इनपुट जुटा रही थी। माड़ापार के कोनी तिराहे पर घेराव किया
इसी बीच मुखबिर ने बताया कि तीन तस्कर माड़ापार के कोनी तिराहे पर हथियारों की खेप लेकर मौजूद हैं। जानकारी मिलते ही एसटीएफ के उपनिरीक्षक विनायक सिंह और एम्स थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार अवस्थी ने संयुक्त टीम के साथ घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। बिहार में भी चार दिन पहले गिरफ्तारी हुई
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिहार के सिवान और गोपालगंज के कुख्यात हथियार तस्करों अनुराग कुमार, मिक्की उर्फ गोलू कुमार और मंजीत सिंह से अवैध असलहे खरीदते थे। इसके बाद इन्हें गोरखपुर और आसपास के जिलों में अधिक कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। जांच में पता चला कि जिन तीन तस्करों के नाम आरोपियों ने बताए हैं, वे 24 जून 2026 को बिहार के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में अवैध हथियार तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। गोरखपुर में ग्राहक तलाश करते थे आरापी
बिहार के सिवान और गोपालगंज से अवैध हथियार खरीदे जाते थे। गोरखपुर लाकर ग्राहकों की तलाश की जाती थी। एक पिस्टल लगभग 25 हजार रुपये और एक देशी तमंचा 12 हजार रुपये तक में बेचा जाता था। मुनाफे की रकम से आरोपी ऐशो-आराम और शौक पूरे करते थे। एसटीएफ अब नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित खरीदारों की तलाश में जुटी है। यह हुआ बरामद
एक 0.32 बोर की पिस्टल,एक पिस्टल मैगजीन,दो 12 बोर के देशी तमंचे,12 बोर के 10 जिंदा कारतूस,0.32 बोर के चार जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन,नकदी,एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद किया है।
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अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले 3 आरोपी अरेस्ट: बिहार से गोरखपुर लाकर महंगे दामों पर बेचते, प्रॉफिट से लग्जरी लाइफ जीते थे – Gorakhpur News
गयाजी में डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी: विकास योजनाओं का जायजा भी लिया, उच्च विद्यालय में पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम – Gaya News
गयाजी रविवार को नगर प्रखंड के चाकंद स्थित उच्च विद्यालय में पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस खास मौके पर डीएम शशांक शुभंकर खुद मौजूद रहे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और विकास योजनाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि पंचायत विकास दिवस को आयोजित करने का असली मकसद सिर्फ फाइलों में काम देखना नहीं है बल्कि जमीन पर उतर कर ग्रामीणों की समस्याओं और उनके कीमती सुझावों को सुनना है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों चर्चा कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा के सदस्यों ने हिस्सा लिया। गांव की तरक्की के लिए पहले से चल रही योजनाओं और आने वाले समय में होने वाले नए विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों चर्चा हुई। डीएम ने चाकंद उच्च विद्यालय के प्रांगण में मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि हर सरकारी योजना का लाभ समाज के आखिरी पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान गांव से जुड़ी तमाम बड़ी और महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। कमियों को दूर करने के दिए निर्देश अधिकारियों ने योजनाओं की मौजूदा स्थिति को देखा और जहां भी कमी पाई गई, उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के तहत चुनी गई अलग-अलग थीमों पर भी गहराई से विचार-विमर्श किया गया। इस बार के पंचायत विकास दिवस में सबसे ज्यादा ध्यान LSDG थीम-9 यानी महिला हितैषी पंचायत पर दिया गया। इस विषय पर चर्चा करते हुए डीएम शशांक शुभंकर और अन्य वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक हमारी माताएं-बहनें आगे नहीं बढ़ेंगी। तब तक किसी भी गांव या पंचायत का विकास अधूरा है। कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बनाने के लिए वहां मौजूद लोगों को कुछ ऐसी उत्कृष्ट पंचायतों के विकास कार्यों का वीडियो दिखाया गया जिन्होंने अपने बेहतरीन काम से मिसाल कायम की है। इस वीडियो प्रदर्शन को देखकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भी अपने गांव को सुंदर और विकसित बनाने का नया जोश देखा गया।
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7 फिल्में, पांचों में एक जैसी कहानी, हर मूवी ने की बंपर कमाई, तीसरी बनी आइकॉनिक फिल्म
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अक्सर आपने सुना होगा कि घिसी-पिटी स्टोरी पर बनी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखाती. यह बात बहुत हद तक सच है. दर्शकों को हमेशा नए तरह की स्टोरी पसंद आती है, फिर भी बॉलीवुड में रिपीटेड फॉर्मूले पर कई फिल्में बनाई गईं. ऐसी फिल्मों का ट्रीटमेंट जरूर बहुत यूनिक था. बाकी कहानी एक जैसी थी. सिनेमाघरों में 47 साल के अंतराल में 7 ऐसी फिल्में आईं जिनकी कहानी एक जैसी थी. हर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए. इन फिल्मों के सीन भी काफी-मिलते थे. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं…
60 के दशक में एक ऐसी फिल्म आई जिससे इंस्पायर्ड होकर कई फिल्में बनाई गईं. इस फिल्म का नाम ‘तीसरी मंजिल’ था. विजय आनंद के निर्देशन में बनी ‘तीसरी मंजिल’ में शम्मू कपूर-आशा पारेख लीड रोल में थे. नासिर हुसैन ने फिल्म के प्रोड्यूसर थे. कहानी नासिर हुसैन ने ही लिखी थी. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. ‘ओ हसीना जुल्फोंवाली जाने जहां’, ‘आ जा मैं हूं प्यार तेरा’ और ‘ओ मेरे सोना रे सोना’ जैसे क्लासिक गाने थे. फिल्म का सबसे बड़ी खासियत शम्मू कपूर-आशा पारेख के बीच प्यार भरी नोकझोंक थीं. पहले दोनों एकदूसरे से नफरत करते हैं, फिर दोनों को प्यार हो जाता है. यह फिल्म मस्ट वॉच लिस्ट में शामिल है. इस मूवी से इंस्पायर्ड होकर 90 और 2000 के दशक में कई फिल्में बनाई गईं. इन सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए. ये फिल्में थीं : दिल, दिल है कि मानता नहीं, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, हम तुम, जब वी मेट, चेन्नई एक्सप्रेस और इश्कजादे. इन सभी फिल्मों में हीरो-हीरोइन के बीच पहले नोकझोंक, फिर प्यार-रोमांस की कहानी देखने को मिली.

इस लिस्ट में पहला नाम आमिर खान-माधुरी दीक्षित स्टारर फिल्म ‘दिल’ का है. 22 जून 1990 को रिलीज इस फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर इंद्र कुमार थे. फिल्म में ‘तीसरी मंजिल जैसी ही हीरो-हीरोइन के बीच नोकझोंक थी. माधुरी दीक्षित-आमिर खान के बीच कॉलेज में तकरार होती है. फिर दोनों में प्यार हो जाता है. इंद्र कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था उन्होंने यह फिल्म तीसरी मंजिल से इंस्पायर्ड होकर बनाई थी. इस फिल्म ने कॉलेज रोमांस को भुनाया था. आनंद मिलिंद का म्यूजिक था. डायलॉग कमलेश पांडेय ने लिखे थे. फिल्म के गाने ‘मुझे नींद ना आए… ना जाने कहां दिल खो गया’, ‘हमने घर छोड़ा, रस्मों को तोड़ा है…’, ‘ हम प्यार करने वाले और ‘ओ पिया पिया…’ आज भी पॉप्युलर हैं. 2.40 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 18 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. 1990 में दिल फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पैसा कमाने के मामले में पहले नंबर पर थी. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

अगले ही साल 12 जुलाई 1991 को महेश भट्ट के निर्देशन में बनी एक म्यूकिल रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘दिल है कि मानता नहीं’ रिलीज हुई थी जिसमें आमिर खान-पूजा भट्ट लीड रोल में थे. कहानी रॉबिन भट्ट ने लिखी थी. रॉबिन भट्ट महेश भट्ट के सौतेले भाई हैं. शरद जोशी ने डायलॉग लिखे थे. गुलशन कुमार प्रोड्यूसर थे. नदीम-श्रवण का ब्लॉकबस्टर था. ‘दिल है कि मानता नहीं’ यह 1934 की हॉलीवुड फिल्म ‘इट हैपंड वन नाइट’ से इंस्पार्ड थी लेकिन इसमें हीरो-हीरोइन के बीच नोकझोंक, एकसाथ बाहर रात गुजारने जैसे प्लॉट को रखा गया था. तकरार के बाद दोनों प्यार का इकरार करते हैं. फिल्म में पूजा का नाम पूजा ही रखा गया था. फिल्म में आमिर खान ने अपने भांजे इमरान खान की एक सफेद रंग की कैप चुराकर पहनी थी. 2.23 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 5.9 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.
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90 के दशक में ही इसी थीम पर बेस्ड एक और फिल्म आई जिसने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. इस फिल्म के बारे में कहा जाता है कि हर किसी को यह मूवी अपनी लाइफ में एक ना एक बार जरूर देखना चाहिए. फिल्म का नाम ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ था जो कि 20 अक्टूबर 1995 को रिलीज हुई थी. शाहरुख खान-काजोल लीड रोल में थे. इसके अलावा अमरीश पुरी, फरीदा जलाल और अनुपम खेर सहायक भूमिकाओं में नजर आए थे. बतौर डायरेक्टर यह आदित्य चोपड़ा की पहली फिल्म थी. प्रोड्यूसर यश चोपड़ा थे. जतिन-ललित ने इस फिल्म का कालजयी म्यूजिक कंपोज किया था. हर गाना सुपरहिट था. इस फिल्म की कहानी भी लड़का-लड़की से होती है. दोनों ट्रेन में पहली बार मिलते हैं. लड़ते-झगड़ते हुए अपनी ट्रिप पूरी करते हैं. यानी नफरत-तकरार और फिर प्यार वाली कहानी दोहराई गई. पूरी फिल्म में केवल एक एक्सीन सीन था जिसे शाहरुख खान ने जबरन रखवाया था. 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 103 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. फिल्म को एक नेशनल अवॉर्ड और 10 फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले थे. यह अपने आप एक रिकॉर्ड था. 1995 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. फिल्म में सिमरन जब दौड़कर ट्रेन पकड़ती है, यह फिल्म इतिहास का सबसे आइकॉनिक सीन बन गया. फिल्म का टाइटल अनुपम खेर की पत्नी किरण खेर ने दिया था.

प्यार-तकरार की सबसे बेस्ट फिल्म ‘हम तुम’ है जो 28 मई 2004 में कुणाल कोहली के निर्देशन में रिलीज हुई थी. स्टोरी कुणाल कोहली-सिद्धार्थ आनंद ने लिखी थी. प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा थे. सैफ अली खान-रानी मुखर्जी लीड रोल में थे. जतिन-ललित का म्यूजिक था. इसी फिल्म का गाना ‘लड़की क्यों ना जाने क्यों, लड़कों सी नहीं होती’ आज भी पॉप्युलर है. यह फिल्म 1989 की अमेरिकन रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘व्हेन हैरी मेट सैली’ से इंस्पायर्ड थी. 8.5 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 42.68 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी. यह 2004 की छठवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.

इसी कड़ी में अगली फिल्म 2007 में आई. इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी ‘जब वी मेट’ आई. इस फिल्म में भी ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की तरह दो अजनबी लड़का-लड़की ट्रेन में मिलते हैं. ‘जब वी मेट’ में करीना कपूर को बातूनी और चुलबुली लड़की के किरदार में नजर आती हैं. गीत और आदित्य की लव स्टोरी तकरार से शुरू होती है. शाहिद कपूर-करीना कपूर लीड रोल में थे. यह इम्जियाज अली के करियर की पहली सुपरहिट फिल्म थी. फिल्म में सूफी सॉन्ग से लेकर रोमांटिक सुनने को मिले थे. करीब 15 करोड़ के बजट में बनी इस मूवी ने वर्ल्डवाइड 50 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. फिल्म की शूटिंग जब शुरू हुई थी तो शाहिद- करीना के बीच अफेयर चल रहा था. फिल्म कंप्लीट होते-होते दोनों का ब्रेकअप हो गया था.

हीरो-हीरोइन के बीच तगड़ी फाइट और उतना ही तगड़ा रोमांस 11 मई 2012 को रिलीज फिल्म ‘इश्कजादे’ में देखने को मिला था. हबीब फैजल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अर्जुन कपूर-परणीति चोपड़ा लीड रोल में थे. स्टोरी हबीब फैजल-आदित्य चोपड़ा ने लिखी थी. प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा थे. म्यूजिक अमित त्रिवेदी का था. फिल्म की बहुत ज्यादा शूटिंग लखनऊ, हरदोई और यूपी के अन्य हिस्सों में हुई थी. फिल्म का एक फेमस गाना ‘हुआ छोकरा जवां रे’ गाना डायरेक्टर हबीब फैजल ने ही लिखा था. फिल्म का बजट 19 करोड़ रुपये था. फिल्म ने 63.59 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.

इस लिस्ट में आखिरी नाम शाहरुख खान -दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ का है जो कि 8 अगस्त 2013 को रिलीज हुई थी. डायरेक्शन रोहित शेट्टी ने किया था. फिल्म की कहानी की शुरुआत डीडीएलजी फिल्म की तरह ट्रेन से होती है. ट्रेन में ही दीपिका-शाहरुख खान के बीच पहली मुलाकात होती है. दोनों शुरुआत में लड़ते हैं लेकिन बाद में दिल में मुहब्बत जागती है. फिल्म में म्यूजिक विशाल शेखर का था. म्यूजिक सुपरहिट था. 115 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 423 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. यह 2013 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म की लिस्ट में दूसरे नंबर पर थी.
इंदौर में बसों में तोड़फोड़ करने वाले पकड़ाए: 5 दिनों तक 5 बसों में की थी वारदात, आरोपियों को जेल भेजा – Indore News
इंदौर-भोपाल रूट पर संचालित निजी बसों के बीच पिछले कई दिनों से टाइमिंग और सवारी बैठाने को लेकर चल रहे विवाद में बसों में तोड़फोड़ करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने की। पुलिस के अनुसार, पिछले चार-पांच दिनों से चौहान बस सर्विस और शारदा ट्रेवल्स के कर्मचारियों के बीच यात्रियों को बैठाने और बसों के संचालन समय को लेकर लगातार विवाद हो रहा था। इसी रंजिश में दोनों पक्षों के कर्मचारियों ने एक-दूसरे की बसों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया था। घटनाओं के बाद भंवरकुआं और छोटी ग्वालटोली थानों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने एसीपी संयोगितागंज तुषार सिंह के नेतृत्व में दोनों थानों की संयुक्त टीम गठित की। जांच और पूछताछ के बाद पुलिस ने बसों में तोड़फोड़ करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर वारदात की पुष्टि भी कराई गई। इसके बाद सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी बस संचालकों को दी सख्त चेतावनी पुलिस ने दोनों बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने परमिट में निर्धारित समय के अनुसार ही बसों का संचालन करें। साथ ही भविष्य में इस तरह का विवाद होने या कानून-व्यवस्था भंग करने की स्थिति बनने पर संबंधित बसों के परमिट निरस्त करने सहित कड़ी वैधानिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
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दिल्ली में झुग्गियों के लिए ₹700 करोड़ मंजूर: बिधूड़ी का दावा-केजरीवाल सरकार 11 साल में जो नहीं कर पाई, बीजेपी ने 11 महीने में किया – New Delhi News
दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली की झुग्गी-झोंपड़ी (JJ) कॉलोनियों के विकास को लेकर आम आदमी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। बिधूड़ी ने कहा कि जो काम केजरीवाल सरकार 11 साल में नहीं कर पाई, उसे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भाजपा सरकार ने महज 11 महीने में न सिर्फ प्लान किया, बल्कि जमीन पर लागू भी कर दिया है। सांसद बिधूड़ी ने बताया कि दिल्ली में भाजपा सरकार ने झुग्गी बस्तियों के कायाकल्प और विकास कार्यों के लिए 700 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। इस राशि से झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। ओखला में बनेगा सबसे बड़ा जन सुविधा परिसर सांसद बिधूड़ी ने तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े झुग्गी कैंप ‘इंदिरा कल्याण विहार’ (ओखला फेज-1) में एक बड़े प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस जन सुविधा परिसर को बनाने में 66 लाख रुपए खर्च होंगे। इसमें कुल 60 सीटें बनाई जा रही हैं, जिनमें 30 पुरुषों और 30 महिलाओं के लिए होंगी। बिधूड़ी ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए फंड जारी करने पर क्षेत्रवासियों की तरफ से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार जताया। मोलडबंद में ₹1.5 करोड़ से बनेंगी सड़कें और नालियां झुग्गी बस्तियों के अलावा दिल्ली के अन्य इलाकों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। बिधूड़ी ने मोलडबंद विस्तार के मेन खजूर रोड पर 1.5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क और नालियों के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक रामसिंह नेताजी, निगम पार्षद हेमचंद गोयल और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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डोसे को दें नया ट्विस्ट! आलू और प्याज से बनाएं पिज्जा स्टाइल क्रिस्पी डोसा, जानिए तरीका
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Aloo Pyaj Dosa Recipe: अगर सिंपल मसाला डोसा खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार पिज्जा स्टाइल आलू-प्याज डोसा जरूर ट्राई करें. शेफ शिखा शेट्टी की यह यूनिक रेसिपी देखने में अलग और खाने में बेहद स्वादिष्ट है. इसे बनाना आसान है और घर की सामान्य सामग्री से तैयार हो जाता है. जानिए इसे बनाने का पूरा तरीका.
आलू प्याज डोसा रेसिपी
Aloo Pyaj Dosa Recipe: आजकल लोग रोज एक जैसा मसाला डोसा खाकर बोर हो जाते हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं. अगर आप भी डोसे में नया स्वाद और नया अंदाज चाहते हैं, तो शेफ शिखा शेट्टी की यह खास रेसिपी आपके लिए बेहतरीन हो सकती है. इस रेसिपी में डोसे को बिल्कुल अलग स्टाइल में बनाया जाता है. देखने में यह पिज्जा जैसा लगता है, लेकिन स्वाद पूरी तरह भारतीय होता है. इसमें आलू का मसाला, प्याज की रिंग, डोसा बैटर और ऊपर से मसालों का ऐसा मेल होता है कि हर निवाला बेहद स्वादिष्ट लगता है.
इसे बनाने के लिए किसी महंगी सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद वही चीजें इस्तेमाल होती हैं जो सामान्य मसाला डोसा बनाने में लगती हैं. अगर बच्चे डोसा खाने में आनाकानी करते हैं, तो यह रेसिपी उन्हें भी जरूर पसंद आएगी. शाम के नाश्ते, वीकेंड ब्रेकफास्ट या मेहमानों के लिए भी यह एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है.
क्यों खास है यह पिज्जा स्टाइल डोसा
शेफ शिखा शेट्टी की यह रेसिपी पारंपरिक मसाला डोसे को एक नया रूप देती है. इसमें डोसे को पिज्जा की तरह तैयार किया जाता है, जिससे यह देखने में भी आकर्षक लगता है और खाने में भी अलग स्वाद देता है. कुरकुरा डोसा, मसालेदार आलू और प्याज का मेल इसे बाकी डोसों से अलग बना देता है.
ऐसे तैयार करें आलू और प्याज की बेस
सबसे पहले तवे पर थोड़ा सा तेल डालें और प्याज की मोटी गोल स्लाइस को रिंग की तरह रख दें. अब इन प्याज की रिंग के बीच में तैयार आलू का मसाला भरें. इससे मसाला फैलता नहीं है और डोसे का आकार भी सुंदर बनता है. कुछ देर पकाने के बाद इसे हल्का सेट होने दें.
बैटर डालने का सही तरीका
अब तैयार डोसा बैटर को पूरे आलू और प्याज के ऊपर फैलाएं, ताकि पूरा मिश्रण अच्छी तरह ढक जाए. ऊपर से थोड़ा डोसा मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालें. अब तवे को ढककर कुछ मिनट पकाएं. इससे डोसा अंदर तक अच्छी तरह पक जाता है और स्वाद भी बेहतर आता है.
दोनों तरफ मसाला डालने से बढ़ेगा स्वाद
जब एक तरफ से डोसा पक जाए, तो उसे सावधानी से पलट दें. दूसरी तरफ भी थोड़ा डोसा मसाला और हरा धनिया डालें. इससे डोसे के दोनों तरफ बराबर स्वाद आता है और हर बाइट चटपटी लगती है. यही इस रेसिपी की सबसे खास ट्रिक है.
पिज्जा की तरह काटकर करें सर्व
जब डोसा दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा हो जाए, तो उसे प्लेट में निकाल लें. अब चाकू या पिज्जा कटर की मदद से इसे पिज्जा की तरह त्रिकोण आकार में काटें. नारियल की चटनी, सांभर या टमाटर की चटनी के साथ परोसें. बच्चे और बड़े दोनों इसे बड़े चाव से खाएंगे.
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सलमान के बर्ताव से जब हैरान हुआ एक्टर, ‘बजरंगी भाईजान’ का सुनाया किस्सा-‘कई बार मुंह से..’
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सलमान खान के साथ काम कर चुके एक्टर मनोज बख्शी ने फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ का किस्सा सुनाया. वे मानते हैं कि भाईजान पर ‘दबंग’ इमेज जंचती है, मगर असल में वह बहुत दयालु और अच्छे इंसान हैं. उन्होंने भाईजान से जुड़े कई किस्से सुनाए, जो उनकी शख्सियत के कई पहलुओं को बयां करता है. एक्टर ने ‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग का भी किस्सा सुनाया, जब उन्होंने नन्ही हर्षाली मल्होत्रा के उगले चिकन के टुकड़ों को कई बार अपने हाथ में लिया था.
सलमान खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ ब्लॉकबक्टर रही थी.
नई दिल्ली: सलमान खान अपने दबंग अंदाज के लिए मशहूर हैं. रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में सबने उनका गुस्सा देखा है. हालांकि, वे बाहर से जितना सख्त दिखते हैं, अंदर से बड़े संवेदनशील इंसान हैं. वे बड़े दिलवाले हैं. अब फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में उनके साथ काम कर चुके एक्टर मनोज बख्शी ने उनकी शख्सियत के अनजाने पहलू के बारे में बताया है. उन्होंने फिल्म की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा सुनाया.
सलमान खान के साथ जिन सितारों ने काम किया है, वे बताते हैं कि भाईजान बहुत मिलनसार और दूसरों का ख्याल रखने वाले इंसान हैं. मनोज बख्शी ने वरुण तिवारी के साथ इंटरव्यू में ‘बजरंगी भाईजान’ की चाइल्ड एक्टर हर्षाली मल्होत्रा से जुड़ा किस्सा सुनाया. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे सलमान ने ‘बजरंगी भाईजान’ की कास्ट और क्रू के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग का खास इंतजाम किया था.
‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग का अजीब किस्सा
मनोज बख्शी ने कहा, ‘हम ‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग कर रहे थे और उस छोटी बच्ची (हर्षाली मल्होत्रा) को चिकन खाना था. कबीर खान सर ने उससे रोमांच के साथ चिकन का एक टुकड़ा खाने को कहा और खाते समय मुस्कुराने की सलाह दी. अगर उसके मुंह में बड़ा टुकड़ा आ जाता तो वह चबाते समय मुस्कुरा नहीं पाती, तो उसे चिकन के टुकड़े वहीं थूकने पड़ते थे. सलमान ने कम से कम 20 बार उसे अपने हाथ में लिया. वह उनका अपना बच्चा भी नहीं है और वह अपने हाथ में खाना थुकवा रहे हैं. आप इसे जैसे चाहें वैसे सोचें, लेकिन एक स्टार होने के बावजूद वह बहुत अच्छे इंसान हैं.’
जब फैंस ने घेर लिया था सिनेमाहॉल
दिग्गज एक्टर ने एक और किस्सा भी याद किया जब फिल्म की पूरी यूनिट साथ में फिल्म देखने गई थी. जब ‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग कर रहे थे, तब ‘डॉली की डोली’ रिलीज हुई थी. सलमान खान ने पूरी यूनिट को फिल्म दिखाने का वादा किया. सब लोग एक-साथ फिल्म देखने गए. सलमान भी वहां मौजूद थे. मनोज बख्शी ने याद करते हुए कहा कि जब हम बाहर निकलने वाले थे, तो उनके बॉडीगार्ड्स ने हमें अंदर ही रहने के लिए कहा. दरअसल, खबर फैल गई थी कि सलमान अंदर हैं, इसलिए फैंस ने पूरे थिएटर को घेर लिया.’
दिल से सोचते हैं सलमान खान
सलमान खान के फैंस ने चेतावनी दी कि अगर भाईजान उनसे नहीं मिले तो वे पत्थरबाजी शुरू कर देंगे. वह बाहर गए, उन सभी से मिले और फिर वे सब चले गए. फैंस का सलमान खान के लिए क्रेजी बर्ताव से सभी हैरान थे. मनोज बख्शी मानते हैं कि ‘दबंग’ इमेज सलमान खान के लिए सही है, मगर असल में वह ऐसे इंसान नहीं हैं. उन्होंने भाईजान के अनूठे स्वभाव पर कहा, ‘अगर उन्हें कोई मामूली इंसान भी पसंद आ जाए, तो वह उसके लिए कुछ भी कर सकते हैं. शाहरुख अभी भी दिमाग से सोचते हैं, लेकिन सलमान अपने दिल की सुनते हैं.’
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
दिशा की बैठक सम्पन्न ,अधिकारियों को दिए गए निर्देश0: सपा विधायक ने अपने विधानसभा में 1 लाख रुपये वसूलने का लगाया आरोप – Jaunpur News
जौनपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार दोपहर 12 बजे जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शुरू हुई। यह बैठक शाम 4 बजे तक चली, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जौनपुर के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने की। मछलीशहर की सपा सांसद प्रिया सरोज सह-अध्यक्ष के रूप में और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव भी मौजूद रहे। इस दौरान कई विभागों के कामकाज पर नाराजगी व्यक्त की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर सांकेतिक बोर्ड सही करवाने और लगाने, कट प्वाइंट दुरुस्त कराने, अमूल फैक्ट्री के पास रंबल स्ट्रिप स्थापित कराने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने और ब्लैक स्पॉट की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा गया। अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर उनकी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्य राजस्व अधिकारी से सुरीश देहाती, जौनपुर-भदोही, आजमगढ़-वाराणसी सहित अन्य स्थानों पर भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की स्थिति की जानकारी ली गई। सभी पात्र किसानों को शीघ्र मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तारों को विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर शीघ्र स्थानांतरित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, सभी विद्यालयों को फर्नीचर, विद्युत और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि विभाग को विधानसभावार खाद एवं यूरिया की उपलब्धता की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी से पंजीकृत अस्पतालों, एक्स-रे मशीनों की क्रियाशीलता और सीएचसी मड़ियाहूं में स्टाफ की कमी सहित विभिन्न अस्पतालों की समस्याओं पर जानकारी ली गई और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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फ्रांस में पैराशूट स्कूल का प्लेन क्रैश: 5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट की मौत, ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते ही संतुलन बिगड़ा
पूर्वी फ्रांस के टॉम्बलाइन में रविवार सुबह एक पैराशूटिस्ट स्कूल का सिविलियन एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट शामिल हैं। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, म्यूर्थ-ए-मोजेल इलाके के प्रशासनिक अधिकारी (प्रीफेक्ट) यवेस सेगुई ने बताया कि विमान ने नैन्सी-एस्से एयरोड्रोम से उड़ान भरी थी, जिसके बाद स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे यह नैन्सी शहर के पास क्रैश हो गया। 3 पॉइंट्स में समझिए कैसे हुआ हादसा? इमरजेंसी सर्विसेज ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू हादसे की खबर मिलते ही इमरजेंसी सर्विसेज और राहत-बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है। अधिकारी मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके। फ्रांस के गृह मंत्रालय ने घटना पर दुख जताया है और कहा है कि गृह मंत्री खुद हालात का जायजा लेने घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ब्लास्ट के खतरे के कारण पुलिस ने इलाका सील किया पुलिस की अपील- घटनास्थल की तरफ न जाएं लोग स्थानीय पुलिस ने आम जनता से साल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट इलाके से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। पुलिस ने X पर पोस्ट कर कहा, “राहत और बचाव काम में लगी टीमों और पुलिस के लिए रास्ता साफ रखें। घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें।” रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ऑपरेशनल सेंटर एक्टिव स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि घटना की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए विभागीय परिचालन केंद्र (COD) को एक्टिव कर दिया गया है। सभी ऑपरेशनल टीमें काम पर लगा दी गई हैं और प्रीफेक्ट खुद मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। यह खबर हम लगातार अपडेट कर रहे हैं… ये भी पढ़ें… सऊदी अरब में हेलिकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत: मरने वाले सभी सऊदी के नागरिक, हेलिकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था सऊदी अरब के रास तनुरा में रविवार को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे। हालांकि, क्रैश की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 76 हजार की ठगी: डूंगरपुर पुलिस ने साइबर ठग को दबोचा, मोबाइल और एटीएम कार्ड जब्त – Dungarpur News
डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते से ₹76,495 की ठगी की राशि का लेन-देन होने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड जब्त किया है। साइबर पुलिस पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित से ₹76,495 की ठगी की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद को हितेश पाटीदार बताकर युवतियां उपलब्ध कराने का झांसा दिया। उसने धोखे से पीड़ित से यह राशि अपने बैंक खाते में जमा करवा ली। साइबर थाना पुलिस ने एसबीआई आसपुर शाखा के एक खाते की जांच की, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि होने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हितेश पाटीदार (26) पुत्र तेजेंग पाटीदार, निवासी बडलिया, थाना दोवड़ा, जिला डूंगरपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी से मिले पैसों का इस्तेमाल उसने अपने घर पर चारदीवारी और लोहे का गेट बनवाने में किया था। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मामले में अन्य आरोपियों और साइबर ठगी के नेटवर्क की भूमिका को लेकर आगे की जांच जारी है। कार्रवाई को साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरधारी सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अंजाम दिया, जिसमें एसआई छत्तर सिंह, कांस्टेबल अभिषेक मीणा और सत्येंद्र सिंह शामिल थे।
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