Tuesday, July 14, 2026
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दिल्ली में कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 की तैयारी तेज: सीएम रेखा ने लॉन्च किया शुभंकर ‘मयूर’; 25 से अधिक देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे दम – New Delhi News


दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करती हुईं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज आगामी ’22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026′ के आधिकारिक शुभंकर (मैस्कॉट) ‘मयूर’ का गरिमामयी अनावरण किया। राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित यह शुभंकर न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता को दर्

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आगामी 27 जुलाई से शुरू होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ की मेजबानी के लिए दिल्ली पूरी तरह तैयार है। इसका समापन 2 अगस्त को किया जाएगा।

कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता।

चैंपियनशिप की मुख्य बातें और आयोजन का विवरण

शुभंकर के अनावरण के दौरान मुख्यमंत्री ने खेल के आयोजन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

आयोजन की तिथि: यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक खेली जाएगी।

खेल का मैदान: सभी मुकाबले दिल्ली के अत्याधुनिक त्यागराज स्टेडियम में आयोजित होंगे।

वैश्विक भागीदारी: इस बार चैंपियनशिप में 25 से अधिक देशों के शीर्ष खिलाड़ी अपनी खेल कला और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

दिल्ली की खेल भावना और उत्कृष्ट मेजबानी का गवाह बनेगा विश्व- मुख्यमंत्री

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा- “यह आयोजन हर दिल्लीवासी के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। पूरी दुनिया इस चैंपियनशिप के दौरान दिल्ली की उत्कृष्ट खेल भावना, हमारी बेहतरीन आयोजन क्षमता और हमारी पारंपरिक ‘अतिथि देवो भव:’ की आत्मीय मेजबानी की साक्षी बनेगी। हम सभी देशों के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।”

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम को और अधिक गरिमामयी बनाने के लिए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद और टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई।



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खंडवा स्टेशन रोड की 4 दुकानों पर चला बुलडोजर: 10 सेकंड में ढही 4 मंजिला इमारत, थ्री पुलिया फ्लाईओवर में बन रही थी बाधा – Khandwa News




खंडवा में मंगलवार को रेलवे स्टेशन रोड़ की 4 दुकानों पर बुलडोजर एक्शन लिया गया। इन्हें पोकलेन और जेसीबी मशीनों से तोड़ा गया। इस दौरान एक घंटे तक ट्रैफिक रोका गया। जिसके चलते लंबा जाम भी लगा रहा। पोकलेन के पंजों की मार लगते ही चारों दुकानें भर-भराकर गिर गई। इस दौरान प्रशासन और निगम के आला-अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि, तीन पुलिया ओवरब्रिज के निर्माण के लिए स्टेशन रोड़ का चौड़ीकरण किया जा रहा हैं। रेलवे की ओर की दुकानों को चिन्हित किया गया था। जो कि नगर निगम द्वारा निर्मित की जाकर 20 साल पहले ही आवंटित की गई थी। लोगों के पास स्थायी लीज थी, इस हिसाब से प्रशासन ने जमीन के बदले जमीन देकर भंडारिया रोड़ पर विस्थापित किया हैं। मंगलवार को चार दुकानों को तोड़ा गया, जबकि अधिकांश दुकानों को पहले ही जमींदोज कर प्रस्तावित सर्विस रोड़ बना दिया गया हैं। सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई की गई कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर की मौजूदगी में की गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि, चार दुकानें शेष रह गई थी। जिन्हें कुछ समय के लिए मोहलत दी गई थी। आज इन्हें तोड़ा गया, इनमें वैशाली किराना की 4 मंजिला इमारत सहित दो बिल्डिंग तीन मंजिला और एक बिल्डिंग दो मंजिला थी। कार्रवाई के दौरान कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका गया। आंखों के सामने टूटी दुकान, रो पड़े व्यापारी लंबे समय से किराना कारोबार कर रहे वैशाली किराना के संचालक और अन्य कारोबारी भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। चार मंजिला इमारत के गिरते ही दुकानदार और उनके परिजनों के आंसू निकल आए। वे रो पड़े, तभी साथ आए दोस्तों ने ढांढ़स बंधाया। इधर, कई व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर से पूछा कि हमारा क्या भविष्य हैं। हमारी दुकानें भी टूटेगी क्या।



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खेत की जुताई के दौरान किसान पर जानलेवा हमला: भागलपुर में लाठी-डंडों से बदमाशों ने किया अटैक; बेटा बोला- दोषी के खिलाफ कार्रवाई हो – Bhagalpur News




भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड के खैरा मोड़ क्षेत्र में खेत की जुताई के दौरान एक किसान पर जानलेवा हमला किया गया है। घटना में गंभीर रूप से घायल किसान मोहम्मद अयूब का इलाज जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भागलपुर में चल रहा है। उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। मोहम्मद अयूब अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने वहां पहुंचकर उनसे विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपितों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में अयूब गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज घटना की सूचना मिलने पर परिजन मो अयाज ने मौके पर पहुंचे और घायल किसान को उपचार के लिए पहले एक निजी अस्पताल ले गए। घायल के बेटे अयाज ने बताया कि निजी अस्पताल में इलाज का खर्च अधिक होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए वहां इलाज कराना संभव नहीं था। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। घायल किसान के बेटे ने बताया कि उनके पिता की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने हमला किया, वे रिश्ते में उनके दादा लगते हैं। बेटे का कहना है कि घटना के बाद न तो आरोपितों ने कोई मदद की और न ही गांव के अन्य लोगों ने परिवार की सहायता की। किसी तरह परिजन घायल किसान को अस्पताल तक लेकर पहुंचे। बेटे ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर तथ्य सामने लाने और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। वहीं, अस्पताल में डॉक्टरों की टीम घायल किसान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।



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एडेड कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती इंटरव्यू 21 जुलाई से: 910 पदों पर चयन के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी – Prayagraj (Allahabad) News




उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह चयन विज्ञापन संख्या-51 के तहत 33 विषयों में होना है। साक्षात्कार प्रक्रिया 21 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगी। इन पदों के लिए 18 और 19 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 9 जून को घोषित किया गया था। लिखित परीक्षा में सफल घोषित किए गए कुल 3,155 अभ्यर्थी अब इस साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होंगे। आयोग के उपसचिव द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को अर्थशास्त्र विषय का साक्षात्कार होगा। इसके बाद 22 जुलाई को वनस्पति विज्ञान और दर्शनशास्त्र, 23 जुलाई को रसायन विज्ञान, 24 जुलाई को अंग्रेजी, 28 जुलाई को कृषि अर्थशास्त्र, मानव विज्ञान और भूगोल के साक्षात्कार निर्धारित हैं। 29 जुलाई को भौतिक विज्ञान और मनोविज्ञान, जबकि 30 जुलाई को चित्रकला, संस्कृत और उर्दू विषयों के साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। 31 जुलाई को प्राचीन इतिहास, सैन्य विज्ञान/रक्षा अध्ययन और संगीत गायन के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा। अगस्त माह में, 4 अगस्त 2026 को शिक्षाशास्त्र और इतिहास के साक्षात्कार होंगे। 5 अगस्त को पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान, संगीत तबला, शारीरिक शिक्षा और जीव विज्ञान के लिए साक्षात्कार निर्धारित हैं। 6 अगस्त को विधि और राजनीति विज्ञान, 7 अगस्त को हिंदी और गणित के साक्षात्कार होंगे। 11 अगस्त को हिंदी, 12 अगस्त को एशियाई संस्कृति, बागवानी, संगीत सितार/वाद्य यंत्र, समाजशास्त्र और सांख्यिकी विषयों के साक्षात्कार होंगे। अंतिम चरण में, 13 अगस्त 2026 को वाणिज्य और गृह विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा। साक्षात्कार में शामिल होने वाले सफल अभ्यर्थी अपने साक्षात्कार पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.upessc.up.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध महत्वपूर्ण अनुदेशों और दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना अनिवार्य है।



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बारिश में खाने का मन है मिठाई? बिना मावा और चाशनी के बनाएं चने की बर्फी!


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Chana Dal Burfi Recipe: अगर बारिश के मौसम में आपका कुछ मीठा खाने का मन करे, तो चने की दाल से बनी यह पारंपरिक बर्फी ज़रूर आज़माएं. बस कुछ ही चीज़ों से बनने वाली यह स्वादिष्ट मिठाई परिवार के सभी सदस्यों को जरूर पसंद आएगी और त्योहारों या खास मौकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है…

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Chana Dal Burfi Recipe: बारिश का मौसम आते ही अक्सर चाय के साथ कुछ मीठा खाने का मन करता है. अगर आप बाज़ार की मिठाइयों से बचना चाहते हैं और घर पर ही कुछ स्वादिष्ट बनाना पसंद करते हैं, तो चना दाल बर्फी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इसे बनाने के लिए आपको खोया (मावा) या चाशनी की ज़रूरत नहीं पड़ती बस चना दाल, देसी घी और कुछ सामान्य चीज़ों का इस्तेमाल करके आप घर पर ही स्वादिष्ट और नरम बर्फी बना सकते हैं…

सामग्री
1 कप चना दाल, ½ कप देसी घी, ¾ कप पिसी हुई चीनी (बूरा या बारीक पिसी चीनी), ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 2 बड़े चम्मच कटे हुए बादाम और पिस्ता, 1 बड़ा चम्मच काजू

तैयारी की विधि

-चने की दाल की बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल को 4 से 5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. उसके बाद दाल को अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में नरम होने तक पकाएं. अतिरिक्त पानी पूरी तरह से निकाल दें और दाल को ठंडा होने दें. अब इसे बिना पानी डाले मिक्सर में चिकना पेस्ट बना लें.

-भारी तले वाले पैन में देसी घी गरम करें और दाल का पेस्ट डालें. इसे मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए 15 से 20 मिनट तक भूनें. जब मिश्रण सुनहरा होने लगे और घी छोड़ने लगे तो इसमें इलायची पाउडर मिलाएं. आंच बंद कर दें, मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसमें बूरा या पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लें.

-अब एक प्लेट या ट्रे को थोड़े से घी से चिकना कर लें और तैयार मिश्रण को समान रूप से फैला दें. ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू को धीरे से दबाएं. इसे 2 से 3 घंटे तक सेट होने दें. एक बार जब बर्फी पूरी तरह से सेट हो जाए, तो इसे मनचाहे आकार में काट लें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

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Rajvant Prajapati

With more than five years of experience in digital media, Rajvant has built a strong reputation for creating engaging, informative, and reader-focused content. Currently, he is working with News18, where he cov…और पढ़ें



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नासिक में पर्यटकों पर हमला, 20km तक पीछा किया: चलती कार पर पत्थर-रॉड मारे, पीड़ित परिवार ने महिला से छेड़छाड़ का विरोध किया था




महाराष्ट्र के नासिक में घूमने गए पर्यटक परिवार पर मनचलों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने परिवार की लड़की से छेड़छाड़ की थी। परिवार ने इसका विरोध किया तो 8-10 युवकों ने उन्हें घेर लिया। परिवार किसी तरह कार से वहां से भागा। इसके बाद आरोपियों ने बाइकों से कार का करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया और लाठी-डंडों, रॉड और बेसबॉल स्टिक से उन पर जानलेवा हमला किया और चलती कार में तोड़फोड़ की। परिवार ने किसी तरह जान बचाई। वारदात रविवार शाम की है। इस मामले में पुलिस ने लूट, हत्या के प्रयास और छेड़छाड़ का केस दर्ज कर 8 युवकों को अरेस्ट किया है। एक की तलाश जारी है। रास्ते में कई बार कार पर डंडों-रॉड से हमला किया नासिक पुलिस के मुताबिक, नासिक में ही रहने वाली पूनम भागवत 12 जुलाई की शाम अपने परिवार के साथ भावली वाटरफॉल घूमने गई थीं। इसी दौरान परिवार की लड़की के साथ कुछ स्थानीय मनचलों ने छेड़छाड़ की। इस पर उन्होंने और उनके पति ने विरोध जताते हुए कहा कि आपको पता है यह पब्लिक प्लेस है। इतना सुनते ही दोनों युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसका विरोध करने के बाद वे मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद 8-10 लोग उनके पास आए और बोले की उनके लोगों को क्यों मार रहे हो। इस पर उन्होंने उनसे कहा कि इसमें आपका क्या लेना-देना। इसके बाद उन लोगों ने भी परिवार के साथ गाली-गलौज की। इतना सब होने के बाद परिवार मामला सुलझाकर वहां से कार से निकल गया। लेकिन, आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू किया। एक कार और बाइक पर सवार युवकों ने हथियारों के साथ उनकी कार का करीब 15 किलोमीटर तक पीछा किया। रास्ते में कई बार इन्होंने कार पर डंडों और रॉड से हमला करने की कोशिश की। पूनम ने बताया कि उन्हें आरोपियों से बचने के लिए मजबूरी में कार स्पीड में चलानी पड़ी। कार में बैठे सभी लोग सहमे हुए थे। इसी दौरान उनकी कार में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। पूनम ने किसी तरह परिवार की जान बचाई। इसके बाद उन्होंने अंबड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। आरोपियों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए गए: डॉ. स्वामी नासिक SP डॉ. स्वामी ने बताया कि 12 जुलाई को हुई घटना के संबंध में केस दर्ज किए गए हैं। शुरुआत में अंबड पुलिस स्टेशन में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में इगतपुरी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया। सीसीटीवी की मदद से पुलिस को बदमाशों की गाड़ी का नंबर (MH 46 BE 3721) मिला। इसके बाद 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फरार आरोपियों में से एक का आपराधिक रिकॉर्ड है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नेशनल हाईवे पर आतंक, कोई मदद नहीं मिली आरोपी परिवार का नेशनल हाईवे पर 20 किलोमीटर तक पीछा करते रहे। टोल प्लाजा, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और राजमार्ग पुलिस तैनात हैं। फिर भी, मदद के लिए कोई नहीं आया। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। कुछ पर्यटकों ने बताया कि मानसून के दौरान हजारों पर्यटक भवाली वाटरफॉल और डेम घूमने आते हैं। स्थानीय गुंडों के गिरोहों ने इस क्षेत्र को अपना अड्डा बना लिया है। महिलाओं से छेड़छाड़ और धमकाना आम बात है। इसलिए इन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ऋषिकेश में पर्यटकों पर हमला करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार:काले की ढाल क्षेत्र में मारपीट और तोड़फोड़ ऋषिकेश के काले की ढाल क्षेत्र में हरियाणा से आए पर्यटकों के साथ मारपीट, जानलेवा हमला और वाहन में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पीड़ितों की तहरीर पर 5 नामजद समेत अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…



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17 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं जीनत अमान, कही ये बात


भारतीय इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सी. सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ जंतर-मंतर पर अनशन में बैठे हैं. उनके सपोर्ट में अब मनोरंजन जगत से अभिनेत्री जीनत अमान और ‘3 इडियट्स’ के ‘चतुर’, यानी कि ओमी वैद्य आए हैं। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से बातचीत का प्रस्ताव रखा है.

एक्ट्रेस जीनत अमान ने सोनम वांगचुक की तस्वीर पोस्ट कर लिखा, “आज मेरे विचार देश की राजधानी दिल्ली में हैं, जहां सोनम वांगचुक जी पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. मैंने एक समाचार में पढ़ा कि वांगचुक जी का शरीर धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और उन्हें बहुत तकलीफ हो रही है. जब उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही.”

सोनम वांगचुक को लेकर क्या बोलीं जीनत अमान
अभिनेत्री ने लिखा, “सोनम वांगचुक जी एसईसीएमओएल (स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख) के संस्थापक हैं। उन्होंने ‘आइस स्तूप’ जैसी अनोखी तकनीक विकसित की है, लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए महत्वपूर्ण काम किया है और पर्यावरण व समाज की सेवा में अपना जीवन लगाया है। फिल्म 3 इडियट्स का लोकप्रिय किरदार ‘फुनसुख वांगड़ू’, जिसे आमिर खान ने निभाया था, उनकी प्रेरणा से बनाया गया था। उन्हें समाज में योगदान के कारण देश-विदेश में कई सम्मान और पुरस्कार भी मिले हैं.”

सरकार से भी किया निवेदन
अभिनेत्री जीनत अमान ने भारत सरकार से निवेदन करते हुए लिखा कि वे अनुरोध करती हैं कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार सोनम वांगचुक से बात करें कि यह केवल लद्दाख का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य से जुड़ा विषय है.

‘सरकार की जिम्मेदारी है’
उन्होंने लिखा, “हमें ऐसा समाज नहीं बनना चाहिए जो अपने देश के एक महान और ईमानदार व्यक्ति को चुपचाप कष्ट सहते हुए देखता रहे. भारत में हमेशा से शांतिपूर्ण विरोध की परंपरा रही है, और सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब बातचीत और समझदारी से दे. मेरी ओर से श्री सोनम वांगचुक जी और उनके साथ जुड़े सभी लोगों को सम्मान.”

ओमी वैद्य ने भी किया रिएक्ट
वहीं, एक्टर ओमी वैद्य ने अपनी बात को रखते हुए इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कहा कि वे सोनम वांगचुक को मरते नहीं देखना चाहते हैं। वीडियो में वे कहते हैं, “मैं 3 इडियट्स का वही ‘चतुर’ हूं और आज एक जरूरी मैसेज देना चाहता हूं. फिल्म में आमिर खान का फुंसुक वांगड़ू वाला किरदार असल जिंदगी के इंजीनियर, आविष्कारक और शिक्षक सोनम वांगचुक से प्रेरित था. मेरी सोनम से मुलाकात हो चुकी है और वो बेहद सादगी पसंद और समाज के लिए काम करने वाले इंसान हैं.”

‘इंसान को मरते हुए नहीं देख सकते’
ओमी वैद्य ने आगे कहा, “सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, लद्दाख के लोगों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. हर किसी की राय अलग हो सकती है, लेकिन ऐसे इंसान को मरते हुए नहीं देख सकते जिसने समाज के लिए इतने अच्छे काम किए हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि अगर आप उनकी मांगों से सहमत हों तो सोशल मीडिया पर उनकी बात आगे बढ़ाएं, उनके पोस्ट शेयर करें, जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों तक ये मुद्दा पहुंचाएं ताकि इस पर बातचीत हो सके.”



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जो अमेरिका नहीं कर पाया चीन ने कर दिखाया, लॉन्च किया दुनिया का पहला एजेंटिक AI स्मार्टफोन


Highlights

  • दुनिया का पहला एजेंटिक AI वाला स्मार्टफोन, जिसे चीनी स्टार्ट-अप StepFun ने बनाया है
  • इसमें बिल्ट-इन एआई एजेंट मिलेगा, जो मल्टी-स्टेप, एंड-टू-एंड टास्क परफॉर्म कर सकता है
  • इसमें ऑन-डिवाइस Step Edge फाउंडेशन मॉडल का इस्तेमाल किया गया है

चीन ने दुनिया का पहला एजेंटिक AI स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। चीनी एआई कंपनी StepFun के इस एआई स्मार्टफोन में आपको कई ऐसे फीचर्स मिलेंगे, जो आम स्मार्टफोन में देखने को नहीं मिलते हैं। भले ही एआई सेक्टर में फिलहाल अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है लेकिन किसी ने भी एजेंटिक एआई वाला स्मार्टफोन लॉन्च नहीं किया है। इस मामले में अमेरिकी कंपनियां चीन से पीछे रह गई हैं।

Google से लेकर Samsung, Oppo, Vivo जैसे तमाम ब्रांड्स इन दिनों अपने फ्लैगशिप फोन को AI फीचर्स के साथ उतार रहे हैं लेकिन किसी भी ब्रांड ने अब तक फुल एजेंटिक एआई स्मार्टफोन नहीं लॉन्च किया है। इन ब्रांड्स के स्मार्टफोन में आपको एआई फोटो एडिटर, ट्रांसलेशन जैसे टूल्स मिल जाते हैं।

एआई टूल्स

चीनी एआई स्टार्टअप कंपनी StepFun ने StepX Neo फोन लॉन्च किया है, जिसे दुनिया का पहला एजेंटिक एआई स्मार्टफोन कहा जा रहा है। इस स्टार्टअप को माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व कर्मचारियों ने 2023 में ओपन किया था। इस स्मार्टफोन की खास बात ये है कि इसमें बिल्ट-इन एआई एजेंट मिलेगा, जो मल्टी-स्टेप, एंड-टू-एंड टास्क अपने आप परफॉर्म कर सकता है। इसके लिए किसी रिपिटेड प्रॉम्प्ट और सेपरेट ऐप को ओपन करने की जरूरत नहीं होगी।

इन-हाउस एआई एजेंट Step Amoo

इस स्मार्टफोन में कंपनी का इन-हाउस एआई एजेंट Step Amoo मिलेगा, जो फोन के कस्टमाइज्ड ऑपरेटिंग सिस्टम Step AOS पर काम करता है। यह एक चैटबॉट है जिससे आप आम चैटबॉट की तरह बात कर सकते हैं। इस एआई एजेंटकी खास बात ये है कि यह ऑफलाइन में भी काम कर सकता है। इसके लिए लगातार नेटवर्क कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं होगी।

StepX Neo में दिया गया ऑपरेटिंग सिस्टम सिंगल नेचुरल लैंग्वेज पर काम करेगा, जिसे यूजर द्वारा सेलेक्ट किया जाएगा। यह नेचुरल लैंग्वेज डिवाइस में मौजूद सभी ऐप्स, वेब टूल्स और बिल्ट-इन टूल्स को कंट्रोल करने का काम करेगा। यह स्मार्टफोन यूजर के सभी एक्टिविटीज को खुद-ब-खुद प्रायरटाइज कर लेता है। इसमें इस्तेमाल किया गया एजेंटिक ऑपरेटिंग सिस्टम फोन के फंक्शन को चार ग्रुप्स- कम्युनिकेशन, ऐप्स, फाइल्स और सिस्टम टूल्स में बांट देता है। इससे एजेंट की टास्क परफॉर्म करने में आसानी होती है।

तीन सपोर्टिंग सिस्टम

इस एजेंटिक एआई वाले स्मार्टफोन में तीन सपोर्टिंग सिस्टम- मेमोरी, डिसिजन मेकिंग और सिक्योरिटी दिए गए हैं। इसमें ऑन-डिवाइस Step Edge फाउंडेशन मॉडल का इस्तेमाल किया गया है। यह मॉडल Edge AI पर काम करता है। हालांकि, कंपनी ने इस फोन को अभी लॉन्च किया है, लेकिन इसकी सेल कब होगी और क्या कीमत होगी, इसे लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। यह फोन केवल चीन में ही लॉन्च किया जाएगा या अन्य ग्लोबल मार्केट में पेश किया जाएगा यह भी साफ नहीं है।

यह भी पढ़ें – Nothing Phone (4b) की सेल शुरू, First Sale में मिल रहा खास ऑफर





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वर्ल्ड अपडेट्स: पोलैंड की नेता ने ‘हिटलर’ जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी




पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों पर रिसर्च करने वाला अमेरिकी वैज्ञानिक चीन की हिरासत में
चीनी मूल के अमेरिकी भूकंप वैज्ञानिक डॉ. यूलिन चेन को चीन ने जासूसी के आरोप में करीब दो साल से हिरासत में रखा है। अमेरिका ने उन्हें “रॉन्गफुली डिटेन्ड” घोषित करते हुए उनकी रिहाई को शीर्ष कूटनीतिक प्राथमिकता बताया है। चेन उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों के भूकंपीय संकेतों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ हैं और उनकी रिसर्च अमेरिकी सरकारी एजेंसियों की फंडिंग से हुई थी। परिवार के अनुसार चेन को नवंबर 2024 में बीजिंग एयरपोर्ट से अमेरिका लौटने से पहले गिरफ्तार किया गया था। मई 2025 में उन पर जासूसी का आरोप लगाया गया, लेकिन अब तक उनका ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। चेन की पत्नी युफांग रोंग का कहना है कि उनकी रिसर्च पूरी तरह सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित थी और इसे सार्वजनिक प्रकाशन की मंजूरी भी मिली थी। इसके बावजूद चीन की सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे 100 से ज्यादा बार पूछताछ की। उनका कहना है कि बंद कमरे में होने वाले ट्रायल में पहले से ही दोषी ठहराए जाने का खतरा है।



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जिसे अपनों ने छोड़ा, उसने खुद को संभाला! एनआरएलएम ने बदली जिंदगी; विनीता की कहानी कर देगी


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Shivpuri News: पति की मौत के बाद ससुराल से निकाले जाने और आर्थिक संकट झेलने के बावजूद विनीता ने हिम्मत नहीं हारी. एनआरएलएम से जुड़कर उन्हें ट्रेनिंग सेंटर में मैनेजर की नौकरी मिली. आज वह आत्मनिर्भर हैं और सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं. उनके बच्चे भी अच्छी शिक्षा हासिल कर रहे हैं.

रिपोर्टर आशीष पांडेय शिवपुरी 

Vinita Jadaun Inspiring Story: शिवपुरी जीवन में जब परेशानियां एक साथ आती हैं, तो इंसान अंदर से टूट जाता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इन मुश्किलों से लड़कर समाज के सामने एक मिसाल पेश करते हैं. संघर्ष की ऐसी ही प्रेरक कहानी है विनीता जादौन की. पति की मौत के बाद जिस महिला को अपनों ने ही बेसहारा छोड़ दिया और जो कभी खुदकुशी करने की कगार पर थीं, आज वह न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं बल्कि सैकड़ों महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं. ‘लोकल 18’ से विनीता जी से उनके इस चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायी सफर पर सीधी बातचीत की.

पति की मौत के बाद सास-ससुर ने घर से निकाला
विनीता जादौन मूल रूप से राजा की मुड़ेरी की रहने वाली हैं. उन्होंने बताया कि उनके चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) हैं. पति के अचानक निधन के बाद उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. दुख की इस घड़ी में सहारा देने के बजाय उनके सास-ससुर ने उन्हें बच्चों समेत घर से बाहर निकाल दिया और उनका सारा सामान बाहर फेंक दिया.

विनीता जी बताती हैं कि पति के जाने के बाद मुझे ससुराल की तरफ से कुछ भी नहीं दिया गया. हालात इतने बुरे थे कि मुझे दो वक्त की रोटी तक नसीब नहीं थी. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं नन्हे-नन्हे बच्चों को कैसे पालूंगी. उस वक्त हताशा में मुझे सिर्फ एक ही रास्ता सूझ रहा था- खुदकुशी करना.

एनआरएलएम समूह बना संकटमोचक, मिली प्रबंधक की नौकरी
जब विनीता जी हर तरफ से निराश हो चुकी थीं, तब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) उनके लिए नई उम्मीद बनकर आया. वह पहले से ही आजीविका समूह से जुड़ी हुई थीं. इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि 26 नंबर पर विभाग का नया ट्रेनिंग सेंटर शुरू हो रहा है.

वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से उनकी मुलाकात डीपीएम से हुई। जब उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह 12वीं पास हैं.  उनकी योग्यता को देखते हुए आजीविका मिशन के तहत उन्हें ट्रेनिंग सेंटर में प्रबंधक (मैनेजर) के पद पर नियुक्त किया गया.

ट्रेनिंग सेंटर का संभालती हैं पूरा मैनेजमेंट
विनीता जी आज इस ट्रेनिंग सेंटर में अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं. वह केंद्र की पूरी कागजी कार्यवाही संभालती हैं. साथ ही प्रशिक्षण लेने आने वाली ग्रामीण महिलाओं के आने, ठहरने, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं का पूरा प्रबंधन भी देखती हैं. इसके अलावा वह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षण भी देती हैं.

सरकारी स्कूल में पढ़कर बच्चे छू रहे हैं आसमान
आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद विनीता जी के बच्चों की शिक्षा को नई दिशा मिली. उनके चारों बच्चों ने सरकारी स्कूलों से पढ़ाई की और आज उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं.

बड़ी बेटी: इंदौर में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रही है.
दूसरी बेटी: कोटा के सरकारी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है.
बेटा: साइंस कॉलेज में अध्ययनरत है.
छोटी बेटी: सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रही है.

एनआरएलएम को दिया धन्यवाद
आज विनीता जी न सिर्फ अपने पैरों पर खड़ी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं. वह कहती हैं कि भगवान की कृपा से मुझे एनआरएलएम जैसा प्लेटफॉर्म मिला, जिसकी बदौलत मेरे बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ रहे हैं और मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकी हूं. इसके लिए मैं एनआरएलएम का दिल से धन्यवाद करती हूं

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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