Wednesday, July 1, 2026
Home Blog

झांसी में सपेरे की इलाज के दौरान मौत: कोबरा पकड़ कर बच्चों को खेल दिखा रहा था, सांप ने चेहरे पर डस लिया – Jhansi News




झांसी से सटे मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के टोडा गांव में जहरीले कोबरा से खिलवाड़ एक सपेरे को भारी पड़ गया। सांप पकड़ने के बाद लोगों को करतब दिखा रहे 72 वर्षीय सपेरे बिच्छू अदिवादी को कोबरा ने चेहरे पर डस लिया। इसके कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मंगलवार को झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के टोडा गांव निवासी बिच्छू आदिवासी (72) वर्षों से सांप पकड़ने का काम करता था। सोमवार शाम इलाके में हुई बारिश के बाद गांव के एक घर में जहरीला कोबरा निकल आया। घरवालों ने सांप पकड़ने के लिए बिच्छू को बुलाया। इसके बाद सांप पकड़ने में एक्सपर्ट बिच्छू ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़ लिया। सांप पकड़े जाने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों और बच्चों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ के कहने पर बिच्छू सांप का प्रदर्शन करने लगा। इसी दौरान वह कोबरा को अपने चेहरे के पास ले आया। लापरवाही के चलते सांप पर उसकी पकड़ ढीली पड़ गई और कोबरा ने उसके चेहरे पर डस लिया। सांप के डसते ही बिच्छू जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि कोबरा वहां से निकल भागा। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद मंगलवार को उसकी मौत हो गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के अनुसार, बिच्छू आदिवासी ने अपने जीवन में एक हजार से अधिक सांप और बिच्छू पकड़े थे। कोबरा समेत कई विषैले सांपों को पकड़कर वह उन्हें जंगल में छोड़ देता था। यही उसकी आजीविका का मुख्य साधन भी था। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे अनुभव के बावजूद उसके साथ पहले कभी सर्पदंश की घटना नहीं हुई थी। विडंबना यह रही कि पहली बार सांप के डसने की घटना ही उसकी मौत का कारण बन गई।



Source link

राजस्थान पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 100 पुलिस-निरीक्षकों के तबादले: सबसे अधिक पोस्टिंग अजमेर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा रेंज में, सतपाल सिंह का ट्रांसफर निरस्त – Jaipur News




राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा रेंज के अलावा सीआईडी-सीबी, सीआईडी-सीबी सतर्कता शाखा, सीआईडी-सीबी सिविल राइट्स, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, राजस्थान पुलिस अकादमी, प्रशिक्षण निदेशालय, पीटीएस भरतपुर, पीटीएस जोधपुर, पीटीएस खैरवाड़ा, पीटीएस बीकानेर, एजीटीएफ, लीगल सेल, पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, एससीआरबी तथा राजस्थान राज्य महिला आयोग सहित कई इकाइयों में कार्यरत निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में रोहिताश, मेघना त्रिपाठी, हेमलता शर्मा, तुलसीराम, नरेंद्र सिंह, सुनील ताडा, मोहन सिंह, मुकेश चौधरी, छोटीलाल मीणा, रामेश्वरी, जगदीश सिंह, मुकेश चंद, करतार सिंह, प्रहलाद चंद, दिग्विजय सिंह, मुरारीलाल मीणा, सुमेर सिंह, हरिमन मीणा, हीरालाल, अजीत कुमार, कुसुमलता, तेजपाल सैनी, बच्चू सिंह, युधिष्ठिर, कंचन कुमारी, मांगेलाल, हरलाल, दयाराम मीणा, सुरेंद्र यादव, चौथमल बलाई, लक्ष्मीनारायण, कमल पुरी गोस्वामी, सत्यवीर, बशीलाल, महेंद्र सिंह, केशर, चंद्रवीर, अवधेश सांदू, महेश श्रीमाली, सुरेंद्र कुमार राणा, ज्ञानचंद, गंभीर सिंह, रामभरोसी मीणा, हरीसिंह मीणा, मदनलाल, हरेंद्र सिंह सौदा, आनंद यादव, मोहम्मद रफीक, माधोसिंह, दीप सिंह, प्रवीण राजपुरोहित, मिठूलाल मेघवाल, दलबीर सिंह, नेहरीलाल गुर्जर, हिमांशु सिंह राजावत, भीमसेन कौशिक, सुखवीर सिंह, प्रेमचंद, प्रदीप सिंह, विकांत शर्मा, विक्रम सिंह, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, गौरव प्रधान, सुधीर कुमार उपाध्याय, कमल किशोर, लीला कुमारी, चंपाराम मेघवाल, सुरेश कुमार सोनी, भारत सिंह, अमित कुमार, शिवदास, महीराम बिश्नोई, बेगराज मीणा, रमेशचंद मीणा, राजेश कुमार, संगीता बंजारा, सुरेशचंद मेघवाल, राजेश शर्मा, शैफाली सांखला, सरोज कुमारी, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार गंगवानी, भरत सिंह, धर्मसिंह, अर्चना मीणा, रामकेश मीणा, भवानी सिंह राजावत, गीता कुमारी, संजू रानी, उर्मिला कुमारी, अशोक, नेकीराम, शेषकरण बारहट, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार शर्मा, अशोक कुमार सैनी, मनीषा, रूपनारायण तथा हरिसिंह देपावत समेत कुल 100 निरीक्षकों को नई तैनाती दी गई है। आदेश के अनुसार सबसे अधिक पदस्थापन अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर तथा सीआईडी-सीबी में किए गए हैं। कई अधिकारियों को एटीएस-एसओजी, जीआरपी, एसीबी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन निरीक्षकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रकरण अथवा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय ने 19 जून 2026 को जारी आदेश संख्या 1521 के तहत क्रम संख्या-3 पर अंकित पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से पुलिस आयुक्तालय जयपुर किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया है। सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों, प्रशिक्षण संस्थानों के कमांडेंट और संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें तथा इसकी अनुपालना रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजें। बीते दिनों भी हुए थे ट्रांसफर
उस समय जयपुर के पुलिस आयुक्तालय और JDA में भी कई अहम बदलाव देखने को मिला था। रमेश कुमार पारीक, ओम प्रकाश मीणा और सुरेश कुमार स्वामी को जेडीए में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली। राजधानी में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए एसीपी भी लगाए गए। जबकि बीते मई महीने में 19 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए गए। उस समय दौसा, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर ग्रामीण और झुंझुनू सहित कई जिलों के थाना प्रभारियों व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हुआ था।
मुख्य तबादले: कौन कहां गया यहां देखें सूची



Source link

दिग्गज अभिनेत्री-निर्देशक विजया मेहता का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस


Last Updated:

मराठी रंगमंच और भारतीय थिएटर की जानी मानी एक्ट्रेस निर्देशक और निर्माता विजया मेहता का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपने घर पर उम्र संबंधी परेशानियों के चलते अंतिम सांस ली. उनके निधन से मराठी फिल्म और थिएटर जगत में शोक की लहर है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

नई दिल्ली. विजया मेहता का जन्म 4 नवंबर 1934 को गुजरात के वडोदरा में हुआ था. उनका शुरुआती नाम विजया जयवंत था. उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की और मशहूर रंगकर्मी इब्राहिम अल्काजी और आदि मर्जबान से अभिनय और रंगमंच की बारीकियां सीखीं. मराठी थिएटर में उन्हें प्यार और सम्मान से ‘बाई’ कहा जाता था.

1960 के दशक में विजया मेहता ने विजय तेंडुलकर, डॉ. श्रीराम लागू और अरविंद देशपांडे के साथ मिलकर ‘रंगायन’ थिएटर ग्रुप की स्थापना की. इस संस्था ने मराठी रंगमंच को नई दिशा दी और प्रायोगिक थिएटर को मजबूत पहचान दिलाई.

नाटक और फिल्मों में किया काम

विजया मेहता ने अपने करियर में ‘एक शून्य बाजीराव’, ‘अजब न्याय वर्तुलाचा’, ‘बैरिस्टर’, ‘शाकुंतल’, ‘हमीदाबाईची कोठी’, ‘वाडा चिरेबंदी’, ‘पुरुष’ और ‘हयवदन’ जैसे कई चर्चित नाटकों का निर्देशन किया. सिर्फ थिएटर ही नहीं, उन्होंने फिल्मों में भी अपनी अलग छाप छोड़ी. उन्होंने ‘रावसाहेब’ और ‘पेस्तनजी’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया, जबकि ‘पार्टी’ और ‘कलियुग’ जैसी फिल्मों में अभिनय भी किया. उनकी टीवी सीरियल ‘स्मृतिचित्रे’ और ‘लाइफलाइन’ भी काफी लोकप्रिय रहीं.

नाना पाटेकर की बनीं गुरु

विजया मेहता अपने अनुशासन और काम के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं. उनके मार्गदर्शन में नाना पाटेकर, विक्रम गोखले, नीना कुलकर्णी और अशोक सराफ जैसे कई कलाकारों ने अपने अभिनय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. उन्होंने अपना आत्मकथात्मक संस्मरण ‘झिम्मा: आठवणींचा गोफ’ भी लिखा.

बता दें कि भारतीय रंगमंच और सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, कालिदास सम्मान, विष्णुदास भावे सुवर्ण पदक और संगीत नाटक अकादमी टैगोर रत्न जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. उन्हें फिल्म ‘रावसाहेब’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का सम्मान भी मिला.

About the Author

authorimg

Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





Source link

लोहानीपुर से 92 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त: मुखबिर की सूचना पर कदमकुआं पुलिस ने की कार्रवाई, तस्कर फरार – Patna News




पटना के लोहानीपुर रेलवे हंटर रोड से कदमकुआं थाना पुलिस ने 92 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की है। प्रत्येक बोतल 180 एमएल की थी। यह कार्रवाई आज सुबह 7:40 बजे की गई। पुलिस सुबह 6 बजे इलाके में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें शराब की तस्करी के संबंध में गुप्त सूचना मिली। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब जब्त की। कदमकुआं थाना के एसआई अनिल कुमार और पीएसआई राजीव रंजन ओझा ने इस बरामदगी की पुष्टि की है। इस संबंध में कदमकुआं थाने में केस नंबर 487/26 दर्ज किया गया है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने यह शराब रखी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ लोग शराब लेकर जा रहे थे। लेकिन, पुलिस की भनक लगते ही वे शराब वहीं छोड़कर फरार हो गए। जब्त शराब की कीमत का आकलन अभी नहीं किया जा सका है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।



Source link

फेसबुक फ्रेंडशिप बनी ठगी का जाल: युवक से 3.87 लाख की साइबर धोखाधड़ी, मुनाफे का झांसा देकर ऑनलाइन निवेश कराया, फिर किया ब्लॉक – Gwalior News




ग्वालियर में सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों से दोस्ती करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। मुरार थाना क्षेत्र के काली माई संतर निवासी 40 वर्षीय अमित शर्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने फेसबुक पर युवती बनकर पहले उनसे दोस्ती की और फिर आकर्षक मुनाफे का लालच देकर करीब 3 लाख 87 हजार 243 रुपए की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे दिया। पुलिस ने मंगलवार को मामले में एफआईआर दर्ज की। पीड़ित अमित शर्मा, जो निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ने पुलिस को बताया कि अक्टूबर 2025 में उनके फेसबुक अकाउंट पर रिद्धिमा शाह नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। शुरुआत में उन्होंने अनुरोध स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ समय बाद युवती ने खुद को निवेश से अच्छा मुनाफा कमाने वाली बताकर “क्लब 21 मॉल” नामक वेबसाइट पर पैसा लगाने की सलाह दी। विश्वास जीतने के लिए पहले आरोपी ने अमित को एक डेमो प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया, जहां उन्हें लाभ भी मिला। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तारीखों में कई किश्तों के जरिए विभिन्न यूपीआई आईडी पर कुल 3,87,243 रुपए ट्रांसफर कर दिए। 11 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 के बीच यह रुपए ट्रांसफर करवाए गए। शुरुआती निवेश पर कुछ रकम वापस मिलने से उनका भरोसा और मजबूत हो गया, लेकिन बाद में लगातार पैसा जमा कराने के बावजूद न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस लौटी। लेकिन जब अमित ने अपने पैसे निकालने और रिद्धिमा शाह से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मुरार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के झांसे में आकर किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें।



Source link

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा




अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा संवैधानिक फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर बच्चा जन्म से अमेरिकी नागरिक होगा, चाहे उसके माता-पिता देश में अवैध रूप से रह रहे हों या फिर अस्थायी वीजा पर आए हों। अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ऐसे बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से इनकार किया गया था। यह फैसला 5-4 के बहुमत से आया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखा। अमेरिका में पिछले 158 साल से यह व्यवस्था लागू है कि वहां जन्म लेने वाला हर बच्चा अपने जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है। यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में दिया गया है। शपथ लेने के कुछ घंटे बाद ही जारी किया था आदेश ट्रम्प ने अपने शपथ ग्रहण वाले दिन यानी 20 जनवरी 2025 को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर बर्थ राइट सिटीजनशिप पर रोक लगा दी थी। इसके कुछ ही दिन बाद कई संघीय (फेडरल) जिला अदालतों ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। यानी ट्रम्प का आदेश लागू ही नहीं हो सका। हालांकि उस समय बर्थराइट सिटिजनशिप पर रोक नहीं लगी थी, बल्कि ट्रम्प के आदेश पर रोक लगी थी। इसके बाद फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने अब अंतिम फैसला देते हुए कहा कि 14वां संशोधन जन्मजात नागरिकता की गारंटी देता है। इसलिए ट्रम्प का आदेश असंवैधानिक है और उसे रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) सामान्य कानून बनाकर जन्म से नागरिकता के अधिकार का दायरा नहीं बदल सकती। अगर इस व्यवस्था में बदलाव करना है, तो इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा। ट्रम्प खुद भी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे 1 अप्रैल को ट्रम्प इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहे। किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का सुप्रीम कोर्ट में इस तरह सुनवाई के दौरान मौजूद रहना बेहद दुर्लभ माना जाता है। अगर ट्रम्प का यह आदेश लागू हो जाता, तो हर साल अमेरिका में जन्म लेने वाले करीब 2.5 लाख बच्चों की कानूनी स्थिति प्रभावित होती। साथ ही परिवारों को अपने नवजात बच्चे की नागरिकता तय कराने के लिए माता-पिता की नागरिकता और इमिग्रेशन स्थिति के दस्तावेज भी देने पड़ते। यह फैसला ट्रम्प के लिए इसलिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसे खत्म करने का वादा किया था। अमेरिका में 157 साल पहले मिला था जन्मजात नागरिकता का अधिकार 1865 में अमेरिकी गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में अमेरिकी संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। ट्रम्प और उनके समर्थकों का दावा है कि इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। ट्रम्प के करीबियों को भी मिला था जन्मजात नागरिकता का लाभ दिलचस्प बात यह है कि ट्रम्प के कई करीबी सहयोगी भी इसी जन्मजात नागरिकता व्यवस्था का लाभ उठा चुके हैं। विदेश मंत्री मार्को रूबियो, एफबीआई निदेशक काश पटेल और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस के माता-पिता दूसरे देशों से अमेरिका आए थे। इनका जन्म अमेरिका में हुआ, इसलिए इन्हें जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिकता मिल गई। कोर्ट के इस फैसले से भारतीयों को राहत क्यों मिली? H-1B वीजा धारकों के लिए गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के नियम नहीं बदलेंगे अमेरिका के इमिग्रेशन कानून या वीजा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो H-1B वीजा या किसी अन्य वैध अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अमेरिका में गर्भधारण करने या बच्चे को जन्म देने से रोकता हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी ऐसे परिवारों के अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा। क्या बच्चे की नागरिकता मिलने से माता-पिता को भी नागरिकता मिल जाएगी? जवाब है- नहीं। अगर किसी बच्चे का जन्म अमेरिका में होता है तो उसे जन्म से अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, लेकिन इसका फायदा उसके माता-पिता को नहीं मिलता। H-1B या किसी अन्य अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अपने इमिग्रेशन स्टेटस को पहले की तरह अलग से बनाए रखना होगा। मौजूदा अमेरिकी कानून के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक बच्चा अपने माता-पिता के लिए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की सिफारिश तभी कर सकता है, जब उसकी उम्र 21 वर्ष हो जाए। भारतीय मूल के बच्चों के लिए दोहरी नागरिकता का क्या नियम है? भारत पूरी तरह दोहरी नागरिकता (ड्यूल सिटिजनशिप) की अनुमति नहीं देता। अगर भारतीय माता-पिता के यहां अमेरिका में बच्चा पैदा होता है, तो उसे जन्म के साथ अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। हालांकि, वह एक साथ पूरी भारतीय नागरिकता नहीं रख सकता। ऐसे बच्चों के लिए माता-पिता ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड बनवा सकते हैं। ओसीआई कार्ड मिलने पर उन्हें भारत आने के लिए आजीवन वीजा की जरूरत नहीं होती। साथ ही भारत में रहने से जुड़े कई अधिकार भी मिलते हैं।



Source link

फ्रिज में रखा खाना कितनी बार गर्म करना है सेफ? बार-बार गर्म करने की ये गलती…


आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग समय बचाने के लिए एक बार ज्यादा खाना बनाकर उसे फ्रिज में रख देते हैं. फिर जरूरत के हिसाब से उसे निकालकर गर्म करके खा लेते हैं. इससे समय और मेहनत दोनों बचते हैं, लेकिन कई बार लोग खाने को बार-बार गर्म करके वापस फ्रिज में रख देते हैं. यही आदत खाने की क्वालिटी और सेहत दोनों को प्रभावित कर सकती है.

फ्रिज में रखा खाना दोबारा गर्म किया जा सकता है, लेकिन इसे बार-बार गर्म करने से बचना चाहिए. बेहतर यही माना जाता है कि जितनी मात्रा में खाना खाना हो, उतना ही निकालकर गर्म करें. बार-बार गर्म और ठंडा करने से खाने में बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर अगर खाना कुछ समय के लिए बाहर रखा गया हो.

कैसे गर्म करना चाहिए खाना?
खाने को गर्म करने का मतलब सिर्फ उसे हल्का गर्म करना नहीं है. खाना अंदर तक अच्छी तरह गर्म होना चाहिए, ताकि उसमें मौजूद संभावित बैक्टीरिया खत्म हो सकें. दाल, सब्जी, ग्रेवी और चावल जैसी चीजों को गर्म करते समय खास ध्यान रखना चाहिए.

बार-बार गर्म करने से क्या नुकसान हो सकता है?
बार-बार खाना गर्म करने से उसका स्वाद, टेक्सचर और पोषण प्रभावित हो सकता है. कई खाद्य पदार्थों में मौजूद कुछ पोषक तत्व ज्यादा गर्मी के कारण कम हो सकते हैं. वहीं, अगर खाना सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया है तो उसमें बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर चावल, मीट, अंडे और डेयरी से बनी चीजों को संभालकर रखना चाहिए. इन चीजों को लंबे समय तक बाहर रखने से खराब होने की संभावना ज्यादा होती है.

फ्रिज में खाना रखने का सही तरीका क्या है?
खाना बचने के बाद उसे ज्यादा देर तक कमरे के तापमान पर नहीं छोड़ना चाहिए. खाना थोड़ा सामान्य तापमान पर आने के बाद उसे ढककर फ्रिज में रखना बेहतर होता है. फ्रिज का तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रखना खाने को सुरक्षित रखने में मदद करता है. इसके अलावा, खाने को छोटे-छोटे कंटेनर में स्टोर करना अच्छा रहता है, क्योंकि इससे जरूरत के हिसाब से खाना निकाला जा सकता है और बार-बार पूरा कंटेनर गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती.

कौन से खाने को बार-बार गर्म करने से बचना चाहिए?
कुछ खाने जल्दी खराब हो सकते हैं, इसलिए इन्हें बार-बार गर्म करने से बचना चाहिए.

पके हुए चावल
चिकन और मीट
दूध से बनी चीजें
अंडे से बने व्यंजन
क्रीम वाली डिश

इन चीजों को सही तरीके से स्टोर करना और समय पर इस्तेमाल करना जरूरी होता है.

खाना गर्म करते समय रखें इन बातों का ध्यान
खाने को हमेशा उतनी ही मात्रा में गर्म करें जितनी आपको खानी है. माइक्रोवेव में गर्म करते समय बीच में खाना हिलाएं ताकि हर हिस्से तक गर्मी पहुंचे. अगर खाने की गंध बदल गई है, स्वाद अजीब लग रहा है या वह ज्यादा समय से रखा है तो उसे खाने से बचना बेहतर है.



Source link

खूबसूरती, शोहरत और रईसी सब था, फिर भी अमिताभ बच्चन की बहू नहीं बन सकीं ये एक्ट्रेस


Last Updated:

कहते हैं न किस्मत से कम और किस्मत से ज्यादा किसी को नहीं मिलता है. बस ऐसा ही हुआ था 90s की टॉप एक्ट्रेस के साथ. जो कि अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के घर की बहू बनने के सपने संजो रही थी. सब कुछ तय भी हो गया था, मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर है.

ये किस्सा बॉलीवुड के दो सबसे बड़े खानदानों से जुड़ा है. जिसे कई फैंस जानते होंगे तो कई नहीं. जी हां, हम बात कर रहे हैं कपूर खानदान और अमिताभ बच्चन की फैमिली की. दोनों परिवारों के बीच सिर्फ इंडस्ट्री तक ही रिश्ता सीमित नहीं है. बल्कि रिश्तेदारी भी साझा करते हैं.

ಬಾಲಿವುಡ್‌ನ ಪ್ರತಿಷ್ಠಿತ ಕಪೂರ್ ಕುಟುಂಬದಿಂದ ನಾಯಕಿಯಾಗಿ ಚಿತ್ರರಂಗಕ್ಕೆ ಕಾಲಿಟ್ಟ ಮೊದಲ ನಟಿ ಎಂಬ ಹೆಗ್ಗಳಿಕೆಗೆ ಪಾತ್ರರಾದ ಕರಿಷ್ಮಾ ಕಪೂರ್, 1990ರ ದಶಕದ ಅತ್ಯಂತ ಯಶಸ್ವಿ ನಟಿಯರಲ್ಲಿ ಒಬ್ಬರು. ತಮ್ಮ ಸೌಂದರ್ಯ, ಅಭಿನಯ ಮತ್ತು ವಿಭಿನ್ನ ಪಾತ್ರಗಳ ಮೂಲಕ ಅವರು ಕೋಟ್ಯಂತರ ಅಭಿಮಾನಿಗಳ ಮನ ಗೆದ್ದಿದ್ದರು. ವೃತ್ತಿಜೀವನದ ಉತ್ತುಂಗದಲ್ಲಿದ್ದಾಗಲೇ ವೈಯಕ್ತಿಕ ಬದುಕಿನ ಮಹತ್ವದ ನಿರ್ಧಾರ ತೆಗೆದುಕೊಂಡ ಅವರು, ನಂತರ ಹಲವು ಸವಾಲುಗಳನ್ನು ಎದುರಿಸಿ ಹೊಸ ಬದುಕನ್ನು ಕಟ್ಟಿಕೊಂಡರು.

अगर उस दिन बात न बिगड़ी होती तो अमिताभ बच्चन और रणधीर कपूर समधी होते. करीना कपूर, अभिषेक बच्चन की साली साहिबा होती. वैसे तो दोनों ने ही रिफ्यूजी (2000) से साथ में डेब्यू किया था. फिल्म में अभिषेक बच्चन और करीना कपूर प्यार में गिरफ्त होते हैं. मगर असल जिंदगी में अभिषेक और करिश्मा का कनेक्शन था.

1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की तो सगाई तक हो गई थी. दोनों ने करीब 5 साल डेट भी किया था. मीडिया के सामने भी बच्चन और कपूर खानदान ने इस रिश्ते का ऐलान कर दिया था.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पहले बात करते हैं अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर की लवस्टोरी की. कहते हैं कि दोनों की प्रेम कहानी दोनों के डेब्यू करने से पहले ही शुरू हो गई थी. दरअसल अभिषेक बच्चन की बड़ी बहन श्वेता बच्चन की शादी कपूर खानदान के बेटी ऋतु नंदा के बेटे निखिल नंदा से हुई. इसी शादी में अभिषेक-करिश्मा की नजदीकियां बढ़ी थी.

करिश्मा और अभिषेक की प्रेम कहानी से दोनों परिवार खुश थे. साल 2002 तक आते आते दोनों ने सगाई भी कर ली थी. एक दिन मीडिया के सामने करिश्मा कपूर को अपनी बहू के रूप में मिलवाया भी था.

यही जया बच्चन को अभिषेक-करिश्मा की शादी टूटने की वजह भी माना जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जया बच्चन नहीं चाहती थीं कि उनकी होने वाली बहू फिल्मों में काम करें. ये बात करिश्मा कपूर की मां बबीता को कतई मंजूर नहीं थी. बात इतनी बिगड़ गई की दोनों का रिश्ता टूट गया.

आगे चलकर साल 2003 में करिश्मा कपूर ने बिजनेसमैन संजय कपूर संग शादी कर ली. दोनों को दो बच्चे हुए एक बेटा कियान और एक बेटी समायरा. लेकिन करिश्मा कपूर की किस्मत एक बार फिर मोड़ लेती है. पति से तमाम झगड़ों और परेशानियों के बीच दोनों ने तलाक ले लिया.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर 11वें दिन प्रदर्शन: भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, पुलिस पर समर्थकों को रोकने के आरोप


  • Hindi News
  • National
  • Cockroach Janata Party Jantar Mantar Protest Sonam Wangchuk Abhijeet Dipke Neet Paper Leak

नई दिल्ली4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 11वें दिन भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। इसी बीच वहां तीन दिनों से भूख हड़ताल कर रहे लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई।

आंदोलन के आयोजकों ने बताया कि वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर घटकर 66 पर पहुंच गया है, जो सामान्य से कम माना जाता है। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल कर रहे हैं। वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

वहीं CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। समर्थकों और पार्टी के सदस्यों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। कुछ लोगों को पहचान पत्र नहीं होने के कारण प्रवेश नहीं दिया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की 4 तस्वीरें…

सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर 117/60, ऑक्सीजन स्तर 96 और पल्स रेट 92 दर्ज किया गया।

सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर 117/60, ऑक्सीजन स्तर 96 और पल्स रेट 92 दर्ज किया गया।

CJP के समर्थक जंतर-मंतर पर कालीन पर सोते हुए।

CJP के समर्थक जंतर-मंतर पर कालीन पर सोते हुए।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में अंदर जाने के लिए कई लोग लाइन लगाकर खड़े हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में अंदर जाने के लिए कई लोग लाइन लगाकर खड़े हैं।

CJP के प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छह छात्र नेता भी शामिल हैं।

CJP के प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छह छात्र नेता भी शामिल हैं।

सोनम वांगचुक 170 दिन जोधपुर जेल में रहे

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया।

दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था।

दीपके का दावा- राजस्थान पैरामेडिकल का पेपर जयपुर में लीक हुआ

  • पेपर लीक सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परीक्षाएं अनियमितताओं का शिकार हो रही हैं। राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल परीक्षा का पेपर भी जयपुर के कॉलेज से लीक हुआ।
  • अगर आज आप आवाज नहीं उठाएंगे तो कल आपका पेपर भी लीक हो सकता है और आपकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।
  • सरकार और प्रशासन पेपर माफिया पर कार्रवाई करने के बजाय प्रदर्शनकारियों को रोकने पर ध्यान दे रहे हैं। आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
  • हम वायरस नहीं हैं, बल्कि उस वायरस के खिलाफ वैक्सीन हैं। डबल इंजन वाली सरकार में डबल इंजन-डबल लीक हो रहा। दबाव और रोक-टोक के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा।

छात्र संगठनों का भी समर्थन

प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छह छात्र नेता भी शामिल हैं, जो अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। इनमें संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश समेत अन्य छात्र नेता शामिल हैं।

CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है और इसकी शुरुआत NEET समेत कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों और पेपर लीक के विरोध में की गई थी। पार्टी ने कहा कि आने वाले दिनों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य जवाबदेही से जुड़े मुद्दे भी आंदोलन का हिस्सा बनाए जाएंगे।

CJP का 8 शहरों में प्रदर्शन

CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।

इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया।

10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं।

महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे

30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

——————————–

ये खबर भी पढ़ें…

DMK ने भी दस्तखत किए; बोले- चुनाव आयोग की प्रकिया मनमानी और लोकतंत्र विरोधी

चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने मंगलवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को लेटर लिखा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

बुंदेलखंडी तरीके से बनाएं आम का अचार,1 साल तक रहेगा ताजा, स्वाद बरकरार, जानिए खास रेसिपी


Last Updated:

आम के अचार को सही तरीके से बनाने की विधि के बारे में बात की जाए तो सबसे पहले हमें यह कोशिश करना चाहिए. कच्चे आम ताजे खरीदें हम कच्चे अचार के आम बाजार में मिलते हैं या तोड़कर लाते हैं तो सबसे पहले उनको पानी से भरे किसी बर्तन में कम से कम 4 से 6 घंटे के लिए डालकर छोड़ दें.  फिर 6 घंटे बाद उनको वापस निकाल कर सूखे कपड़े से साफ कर लें.

आज के समय में कौन नहीं होगा जो अचार नहीं खाता होगा लगभग हर घर में सीजन के हिसाब से अलग-अलग अचार तैयार किया जाता है. इस समय आम के अचार बनाने का समय चल रहा है. कई बार देखा जाता है कि किसी का अचार बहुत जल्दी खराब हो जाता है किसी का अचार मसाले के साथ ही घुल जाता है. किसी का अचार का टेस्ट बदल जाता है. ऐसे में आज हम आपको बुंदेलखंड की उस रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं.

जो अचार को 1 साल तक एकदम ताजा और फ्रेश बनाए रखती है. इसके लिए आपको कुछ चीजों को फॉलो करना होगा.आम के अचार को सही तरीके से बनाने की विधि के बारे में बात की जाए तो सबसे पहले हमें यह कोशिश करना चाहिए. कच्चे आम ताजे खरीदें हम कच्चे अचार के आम बाजार में मिलते हैं या तोड़कर लाते हैं तो सबसे पहले उनको पानी से भरे किसी बर्तन में कम से कम 4 से 6 घंटे के लिए डालकर छोड़ दें.  फिर 6 घंटे बाद उनको वापस निकाल कर सूखे कपड़े से साफ कर लें.

आम का अचार तैयार करने की शानदार रेसिपी
इसके बाद कच्चे आम को हम पारंपरिक हथियार आम कटना से काटने की शुरुआत करें इसमें आम की साइज भी निर्भर करेगी की आपको उसके कितने पीस बनाना है एक आम से अधिकतम चार टुकड़े करना ठीक रहता है जब आपके पूरे आम कट कर तैयार हो जाएं तो फिर उनके लिए नमक लगाकर किसी जालीदार बर्तन में अगर लकड़ी से बने टोकरी में रखें तो अच्छा है रख दें शाम के समय रखें. सुबह उनके लिए उठाएं इस दौरान इन आम में जो भी खट्टापन या नुकसानदायक तोड़ रह जाता है वह पूरी तरह से निकल जाता है.

एक साल तक रहेगा ताजा आम का अचार
इसके बाद हम कोपर लेकर कटे हुए आम रख देते हैं. दूसरी तरफ हमने जो मसाला तैयार किया हुआ है जिसमें नमक पीला सरसों भुनी हुई मेथी दालचीनी सौंफ़ मिर्ची और सरसों का तेल होता है उसे मसले को इनमें डालकर अच्छे से मिक्स करते हैं. करीब 30 मिनट के लिए खुला रखने के बाद हमारे पास जो भी कांच का बर्तन है. उसमें यह आचार रख देते हैं. इस तरह से अचार तैयार हो जाता है.इसकी खासियत होती है कि यह काम से कम 1 साल तक एकदम ताजा और फ्रेश बना रहता है ना तो इसमें लिज लिजा पन आता है. वरना ही टेस्ट में कोई बदलाव होता है. यह एकदम हल्का खट्टा और बेहतरीन स्वाद वाला अचार बना रहता है जो हर मौसम ताजे अचार का एहसास कराता रहता है.

मसाला बनाने की रेसिपी 
अगर आपने 10 किलो कच्चे आम का आचार तैयार करना चाहते हैं तो इसमें 2 किलो नमक, एक लीटर सरसों तेल, 500 ग्राम मेथी, 500 ग्राम पीला सरसों, 300 ग्राम कुटी लाल मिर्च, 15 ग्राम हींग, 100 ग्राम सौंफ लेते हैं. इसमें सबसे पहले सरसों के तेल को कढ़ाई में डालकर गर्म करते हैं. फिर उसमें धीरे-धीरे यह सभी मसाले डाल देते हैं. हल्की भुनाई करते हैं. और कुछ समय में शानदार मसाला तैयार हो जाता जिसको कटे हुए आम में मिक्स किया जाता है.



Source link