मंदसौर जिला अस्पताल में वर्ष 2024 में हुई एक सिजेरियन डिलीवरी के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने जिला अस्पताल में पदस्थ चार वरिष्ठ चिकित्सकों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही सभी चिकित्सकों की दो वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश भी जारी किए गए हैं। कार्रवाई की जद में आने वाले चिकित्सकों में डॉ. संगीता पाटीदार, डॉ. रजत पाटीदार, डॉ. मीना वर्मा और डॉ. सिद्धार्थ शिंदे शामिल हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के संज्ञान लेने के बाद की गई है। प्राइवेट पार्ट पर कट लग गया था
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में महिला सीमा की जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी करवाई गई थी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात शिशु के प्राइवेट पार्ट पर कट लग गया था, जिससे शिशु गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि उस समय मौजूद चिकित्सकों ने परिजनों को सही जानकारी दिए बिना इसे गठान बताते हुए नवजात के टांके लगा दिए थे। बाद में शिशु की हालत बिगड़ने पर उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां करीब डेढ़ माह तक उसका उपचार चला। पीएम-सीएम कार्यालय सहित कई जगह की गई थी शिकायत
मामले को लेकर प्रसूता महिला के पति दशरथ पुरोहित ने पीएम कार्यालय, सीएम कार्यालय, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग सहित विभिन्न विभागों में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब से असंतुष्ट आयोग ने दिए कार्रवाई के निर्देश
जांच के दौरान डॉ. संगीता पाटीदार, डॉ. रजत पाटीदार, डॉ. मीना वर्मा और डॉ. सिद्धार्थ शिंदे से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग चिकित्सकों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए वसूली के आदेश
आयोग के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चारों चिकित्सकों पर 50-50 हजार रुपए की वसूली करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा सभी चिकित्सकों की दो वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की गई है।
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मंदसौर के चार डॉक्टरों पर 50-50 हजार जुर्माना: वेतनवृद्धि भी रोकी; डिलीवरी के दौरान नवजात के प्राइवेट पार्ट पर कट लगने पर कार्रवाई – Mandsaur News
कैमरे में कैद हुई ‘खाकी’, ले रहा था ऐसी चीज, कभी न पड़ती कमाने की जरूरत!
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दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर ‘खाकी’ कैमरे में कैद हुई है. मामले में खाकी वर्दी में मौजूद शख्स एक पैसेंजर से कुछ ऐसी चीज ले रहा है, जिसकी कीमत इतनी है कि उसे जिंदगी में कभी कमाने की जरूरत नहीं पड़ती. क्या है पूरा खेल, जानने के लिए पढ़ें आगे…
आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टम एआईयू को बड़ी सफलता मिली है.
Delhi IGI Airport News: सोशल मीडिया में एक ताजा-ताजा वीडियो आया है. इस वीडियो में खाकी वर्दी पहने एक शख्स सामने खड़े दूसरे शख्स की कमर में कुछ ऐसे हाथ लगा रहा है, मानों वह उसकी तलाशी ले रहा हो. इसके बाद, दूसरा शख्स अपने पैंट की चोर जेब से एक ऐसी चीज निकालना शुरू करता है, जिसमे देखकर खाकी वर्दी वाले की आंखे चौड़ी हो जाती है. अब दूसरा शख्स एक-एक कर पैंट से वह चीज निकाल रहा था और खाकी वर्दी वाला उसे लेकर साइड में रखता जा रहा था. खाकी वर्दी वाले ने साइड में चीज रखी थी, वह एक ऐसी चीज थी, जिसको पाने के बाद शायद उसे जीवन में कभी कमाने की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन…
दरअसल यह मामला दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है. वहीं, वर्दी में दिख रहा शख्स कोई और नहीं, बल्कि कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) का जवान है. बीते दिनों, सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से 15 फीसदी होने के बाद से एआईयू ने अपनी चौकसी एयरपोर्ट पर बढ़ा दी थी. एआईयू को इस बात की आशंका थी कि ड्यूटी बढ़ने के बाद तस्करी की कोशिशों में तेजी से इजाफा होगा. एआईयू की आशंका सही निकली और जिसका डर था, वही हुआ. 15 मई को सैन फ्रांसिस्को से आई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-4174 के पैसेंजर्स पर कस्टम की एआईयू ने अपनी नजर जमा रखी थी.
भारी पड़ गई की कस्टम की एआईयू से होशियारी
आम तौर पर यह माना जाता है कि अमेरिका तस्करी के लिहाज से नॉन सेंसिटिव एयरपोर्ट है और वहां से आने वाले पैसेंजर्स सोने की तस्करी में कम ही लिप्त होते हैं. लेकिन, एआईयू की चौकसी ने एयरपोर्ट एजेंसीज की इस सोच को बदल दिया. सैन फ्रांसिस्को से आया एक पैसेंजर बड़ी होशियारी से कस्टम का ग्रीन चैनल क्रॉस करने की कोशिश क रहा था. वह अपने मंसूबों में सफल होता, इससे पहले एआईयू की निगाह उस पर पड़ गई. इस पैसेंजर के हावभाव पढ़ने के बाद एआईयू को यह समझते देर नहीं लगी कि इस शख्स के साथ कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है. लिहाजा, उस पैसेंजर को रोकर तलाशी शुरू की गई.
हाथ से निकला करीब छह करोड़ का सोना
तलाशी के दौरान, इस पैसेंजर के कब्जे से 115 गोल्ड बार बरामद किए गए. जिनका वेट करीब 3565 ग्राम था. बरामद किए गए सभी गोल्ड बार 24-कैरेट शुद्धता वाले थे. आज की कीमत को देखते हुए हिसाब लगाएं तो इसकी कीमत करीब 5.74 करोड़ रुपए से भी ज्यादा बनती है. पूछतछ में यह पता चला कि यह शख्स भारतीय मूल का अमेरिकी नागरिक है. वहीं, एआईयू ने बरामद सोने को कस्टम एक्ट 1962 की धारा 110 के तहत जब्त कर लिया है. वहीं, आरोपी पैसेंजर को कस्टम एक्ट 1962 की धारा 104 के तहत अरेस्ट कर लिया गया है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें
दुनिया की ‘बर्गर कैपिटल’ कहलाता है ये शहर! अमेरिका में नहीं तो कहां? जानकर चौंक जाएंगे आप
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दुनियाभर में बर्गर खाने वालों की कमी नहीं है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक शहर ऐसा भी है जिसे “बर्गर कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” कहा जाता है? इस शहर का नाम बर्गर के इतिहास से बेहद खास जुड़ा हुआ है.
दुनियाभर में बर्गर सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फास्ट फूड्स में से एक है. बच्चे हों या बड़े, लगभग हर उम्र के लोग इसे बड़े मजे से खाते हैं. आज छोटे शहरों से लेकर बड़े मॉल तक हर जगह बर्गर आसानी से मिल जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा शहर भी है जिसे “बर्गर कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” कहा जाता है? यह शहर है जर्मनी का हैम्बर्ग. जी हां, जिस “हैम्बर्गर” शब्द को हम रोज सुनते हैं, उसका संबंध भी इसी शहर से माना जाता है.
दरअसल, “हैम्बर्गर” नाम की शुरुआत जर्मनी के हैम्बर्ग शहर से जुड़ी मानी जाती है. पुराने समय में यहां खास तरह का minced meat यानी बारीक कटा हुआ मीट तैयार किया जाता था, जिसे “हैम्बर्ग स्टाइल” कहा जाता था. यही डिश बाद में दूसरे देशों तक पहुंची और धीरे-धीरे “हैम्बर्गर” नाम से मशहूर हो गई. माना जाता है कि इसी वजह से हैम्बर्ग को दुनिया की “बर्गर कैपिटल” कहा जाने लगा.
हैम्बर्ग जर्मनी का बेहद खूबसूरत और आधुनिक शहर है. यह सिर्फ बर्गर ही नहीं, बल्कि अपने बंदरगाह, शानदार इमारतों और खानपान के लिए भी दुनियाभर में मशहूर है. यहां की फूड कल्चर काफी अलग और दिलचस्प मानी जाती है. दुनियाभर से आने वाले पर्यटक यहां के पारंपरिक खाने के साथ बर्गर से जुड़ी जगहों को भी एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं.
आज बर्गर पूरी दुनिया में अलग-अलग अंदाज में बनाया जाता है. कहीं इसमें चिकन पैटी डाली जाती है तो कहीं वेजिटेबल या पनीर का इस्तेमाल होता है. भारत में भी मसालेदार आलू टिक्की बर्गर काफी लोकप्रिय है. वहीं कई देशों में चीज, डबल पैटी और बड़े साइज वाले बर्गर खाने का अलग ही ट्रेंड है. हालांकि इसकी शुरुआत जिस नाम से हुई, उसका रिश्ता अब भी हैम्बर्ग शहर से जोड़ा जाता है.
फास्ट फूड इंडस्ट्री ने भी बर्गर को दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. बड़े-बड़े फूड ब्रांड्स और स्थानीय रेस्टोरेंट्स ने इसे हर देश के स्वाद के हिसाब से बदल दिया. यही वजह है कि आज बर्गर सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि ग्लोबल फूड कल्चर का हिस्सा बन चुका है.
दिलचस्प बात यह है कि बर्गर अब सोशल मीडिया और पॉप कल्चर में भी काफी जगह बना चुका है. लोग नए-नए फ्लेवर ट्राई करते हैं, बड़े साइज वाले बर्गर चैलेंज करते हैं और फूड ब्लॉग्स में इसकी खूब चर्चा होती है. कई शहरों में बर्गर फेस्टिवल भी आयोजित किए जाते हैं, जहां हजारों लोग अलग-अलग तरह के बर्गर का स्वाद लेने पहुंचते हैं.
हालांकि एक्सपर्ट्स ज्यादा फास्ट फूड खाने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इसमें अधिक कैलोरी और फैट होता है. फिर भी स्वाद और लोकप्रियता के मामले में बर्गर आज भी लोगों का पसंदीदा फास्ट फूड बना हुआ है. अगर कभी आपसे पूछा जाए कि दुनिया की “बर्गर कैपिटल” कौन सा शहर है, तो इसका जवाब होगा जर्मनी का खूबसूरत शहर हैम्बर्ग, जहां से “हैम्बर्गर” नाम की कहानी शुरू हुई मानी जाती है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
सीवरेज में डूबे युवक का शव 22 घंटे बाद बरामद: जीवन ज्योति संस्थान से लापता हुआ था मंदबुद्धि युवक – Didwana-Kuchaman News
डीडवाना शहर के जीवन ज्योति सेवा संस्थान से लापता हुए मंदबुद्धि युवक श्रवण (35) का शव शनिवार सुबह सीवरेज के गंदे पानी और दलदल से बरामद किया गया। यह शव करीब 22 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिला। श्रवण शुक्रवार सुबह को संस्थान से लापता हो गया था। बताया गया कि जलापूर्ति के लिए पानी की गाड़ी आने के दौरान गेट खुला रह गया था, जिसका फायदा उठाकर श्रवण बाहर निकल गया। कर्मचारियों को उसके लापता होने का पता तब चला जब वह काफी दूर जा चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों ने श्रवण को संस्थान के पास स्थित सीवरेज के भराव क्षेत्र और गहरे दलदल की ओर जाते देखा था। इसकी सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू की गई। हालांकि, सीवरेज के अत्यधिक गंदे पानी, तेज बदबू और गहरे दलदल के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय स्तर पर कई घंटों की तलाश के बाद भी सफलता नहीं मिली, जिसके बाद जिला प्रशासन ने अजमेर से SDRF की विशेष गोताखोर टीम को बुलाया। अजमेर से पहुंची SDRF टीम ने शुक्रवार शाम को सर्च ऑपरेशन शुरू किया। प्रशिक्षित गोताखोरों ने दलदल और गंदे पानी के बीच कई घंटों तक तलाश की, लेकिन अंधेरा बढ़ने और जोखिम अधिक होने के कारण रात करीब 8 बजे अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। शनिवार को प्रशासन और SDRF की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान पानी की सतह पर श्रवण का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। टीम ने तुरंत शव को बाहर निकाला और एम्बुलेंस से राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने परिजनों और अन्य लोगों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई और शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार, परिजनों की लिखित रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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बिहार दिनभर, 10 बड़ी खबरें: काली कमाई से करोड़पति बना इंजीनियर, बालू माफिया ने सिपाही को रौंदा, शादी के बाद कपल ने खाया जहर – Bihar News
नमस्कार आज की सबसे बड़ी पटना से है। ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रेड की। मजिस्ट्रेट कॉलोनी के जगत विला अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर F-2 से 40 लाख रुपए कैश मिले हैं। ये कैश डिजिटल लॉकर में रखे गए थे। 60 लाख के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा जमीन संबंधित कई लैंड डीड्स और निवेश के कागजात और बैंक अकाउंट्स की जानकारी EOU को मिली है।चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… टॉप 10 खबरें… 01- काली कमाई का करोड़पति इंजीनियर, 50 लाख कैश जब्त बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रेड की। पटना और जमुई के 4 ठिकानों पर ये छापेमारी हुई। पटना की मजिस्ट्रेट कॉलोनी के जगत विला अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर F-2 से 40 लाख रुपए कैश मिले हैं। ये कैश डिजिटल लॉकर में रखे गए थे। 60 लाख के आभूषण बरामद किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें 02- बिहार में बेखौफ बालू माफिया, पुलिस पर कर रहे हमला बिहार में बालू माफिया बेखौफ हो चुके हैं। सासाराम में शनिवार सुबह एक बालू लदे ट्रैक्टर ने ड्यूटी पर तैनात सिपाही को रौंद दिया। यह घटना नो एंट्री क्षेत्र में ट्रैक्टर को रोकने के दौरान हुई। इधर, नवादा में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई खनन विभाग की टीम पर बालू माफिया ने गोलीबारी कर दी। पूरी खबर पढ़ें 03- मुजफ्फरपुर-किशनगंज में सीमेंट फैक्ट्री को मिली मंजूरी बिहार के मुजफ्फरपुर और किशनगंज में सीमेंट फैक्ट्री को मंजूरी दी गई है। CM सम्राट ने X पर लिखा- बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालमिया और अंबुजा सीमेंट की बड़ी इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। पूरी खबर पढ़ें 04- लव मैरिज के 1 घंटे बाद कपल ने खाया जहर, लड़के की मौत भागलपुर के कहलगांव थाना क्षेत्र के शिवकुमार पहाड़ मोहल्ले में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे शादी की, इसके बाद 4 बजे नवविवाहित दंपती ने जहर खा लिया। जहर खाने से पहले लड़के ने वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी मां को भेजा था। इसके बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। दोनों को उठाकर अनुमंडलीय अस्पताल ले गए। पूरी खबर पढ़ें 05- पति ने रील देखने से रोका, पत्नी ने कर ली खुदकुशी आरा में रील्स देखने से मना करने पर एक गर्भवती महिला ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नगर थाना क्षेत्र के उजियार टोला स्थित बिंद टोली मोहल्ले की है। मृतका की पहचान पटना जिले के महीनावां गांव निवासी गोविंद महतो की पत्नी पार्वती देवी(22) के तौर पर हुई है। पूरी खबर पढ़ें 06- पटना में इंदौर की तर्ज पर बनेगा स्ट्रीट फूड हब पटना में इंदौर की तर्ज पर स्ट्रीट फूड हब का निर्माण किया जाएगा। इसमें चंपारण मटन से लेकर खाजा-ठेकुआ बेचा जाएगा। बिहार के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दिलाने और स्ट्रीट फूड संस्कृति को व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें 07- बिहार के 27 पेट्रोल पंप हुए बंद, कई शहरों में लगाई लिमिट बिहार में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग शंकाएं हैं। कहीं पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए लोग 1 किलोमीटर से ज्यादा लंबी लाइन में खड़े हो जा रहे हैं तो कहीं पेट्रोल पंप ही बंद हो जा रहे हैं। राजधानी पटना में ही पेट्रोल-डीजल पर कैपिंग यानि कि इसकी खरीद मात्रा लिमिट कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें 08- सुल्तानगंज डबल मर्डर केस, उप सभापति पर इनाम घोषित सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई। इस मामले में मुख्य आरोपी रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद अब उपसभापति नीलम देवी समेत उनके दो बेटों की भी गिरफ्तारी होगी। भागलपुर पुलिस की ओर से तीनों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। पूरी खबर पढ़ें 09- शादी के 16वें दिन कैश-ज्वेलरी लेकर फरार लुटेरी दुल्हन मुजफ्फरपुर में शादी के 16 दिन बाद दुल्हन कैश और गहने लेकर फरार हो गई। घटना मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के लोमा गांव (वार्ड संख्या 1) की है। लोमा गांव के रामबाबू मांझी के बेटे धर्मेंद्र कुमार की शादी 25 अप्रैल को पियर थाना क्षेत्र की एक लड़की से हुई थी। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। पूरी खबर पढ़ें 10- बिहार के 20 जिलों में कल आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने बिहार के 20 जिलों में कल यानी रविवार को आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। साथ ही 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
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जौनपुर में 12 मुख्य आरक्षी चालक सहायक उप निरीक्षक बने: पुलिस कार्यालय में पीपिंग सेरेमनी आयोजित, बैज पहनाकर किया सम्मानित – Jaunpur News
जौनपुर में 12 मुख्य आरक्षी चालकों को सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इस पदोन्नति के उपलक्ष्य में पुलिस कार्यालय में एक पीपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी पुलिस कार्यालय विवेक सिंह ने की। सेरेमनी के दौरान, पदोन्नत हुए सभी मुख्य आरक्षी चालकों को सहायक उप निरीक्षक पद के बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन उनकी नई जिम्मेदारी और पदोन्नति को चिह्नित करने के लिए किया गया था।
पदोन्नत होने वाले पुलिसकर्मियों में दिनेश कुमार यादव, साधु शरण सिंह, मंगला सिंह, महेन्द्र यादव, मनोज चौबे, राम प्रताप सिंह, बेबी लाल बघेल, योगेन्द्र प्रताप सिंह, विनोद कुमार द्विवेदी, रविशंकर तिवारी, आत्मा सिंह और सत्येन्द्र नाथ पाण्डेय शामिल हैं।
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ट्रम्प के बाद अब पुतिन भी चीन जाएंगे: चीनी मीडिया बोली- यह ट्रम्प के दौरे से ज्यादा अहम, अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा दिखावटी थी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन दौरे के बाद अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी वहां जाएंगे। दोनों देशों ने इसकी पुष्टि कर दी है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक पुतिन 19 से 20 मई के बीच बीजिंग में रहेंगे। वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के न्योते पर वहां जा रहे हैं। यह इस साल पुतिन की पहली विदेश यात्रा होगी। यहां पर वे चीनी राष्ट्रपति से यूक्रेन जंग खत्म करने और परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते को लेकर बातचीत कर सकते हैं। इसके अलावा वे चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग से अलग मुलाकात करेंगे। इसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी। इस दौरे को लेकर चीनी मीडिया में चर्चा है। इसे ट्रम्प की दौरे ज्यादा अहम बताया जा रहा है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक जहां ट्रम्प का दौरा ज्यादा औपचारिक और दिखावटी था, वहीं पुतिन का दौरा ज्यादा गंभीर और रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। अमेरिका-रूस के बीच संतुलन बना रहा चीन ट्रम्प के बाद अब पुतिन के दौरे को लेकर जानकारों का कहना है कि लगातार हो रहे ये बड़े दौरे दिखाते हैं कि चीन एक साथ अमेरिका और रूस दोनों के साथ रिश्ते संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब यूक्रेन और ईरान से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक तनाव बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के पास यह मौका है कि वह एक साथ अमेरिका और रूस दोनों के साथ बातचीत करके अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत दिखाए। पुतिन 40 से ज्यादा बार जिनपिंग से मिल चुके रूस के राष्ट्रपति पुतिन अब तक 20 से ज्यादा बार चीन का दौरा कर चुके हैं। दोनों नेता अब तक 40 से ज्यादा बार मुलाकात कर चुके हैं। पुतिन और जिनपिंग की दोस्ती दुनिया की सबसे मजबूत राजनीतिक साझेदारियों में मानी जाती है। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग ने अपनी पहली विदेश यात्रा रूस की की थी। वहीं पुतिन भी कई बार चीन को अपनी शुरुआती विदेशी यात्राओं में प्राथमिकता देते रहे हैं। दोनों नेता सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे को करीबी दोस्त और रणनीतिक साझेदार बता चुके हैं। क्रेमलिन के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं, बल्कि लगातार निजी संवाद भी होता रहा है। फरवरी 2026 में हुई वीडियो बैठक में शी जिनपिंग ने पुतिन को चीन आने का न्योता दिया था, जिसे पुतिन ने तुरंत स्वीकार कर लिया। दोनों नेता BRICS, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और एशिया-प्रशांत मंचों पर भी अक्सर साथ नजर आते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के मुकाबले रूस और चीन खुद को मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर के समर्थक के रूप में पेश करते रहे हैं। मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर यानी ऐसी दुनिया, जहां ताकत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि कई बड़े देशों में बंटी हो। चीन-रूस के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हुए अमेरिकी प्रभाव को लेकर साझा चिंता के चलते चीन और रूस ने पिछले कुछ सालों में अपने रिश्ते काफी मजबूत किए हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, विदेश नीति, कानून व्यवस्था और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर लगातार उच्च स्तरीय बैठकें होती रही हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद चीन और रूस के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है। चीन ने रूस से तेल, कोयला और गैस की खरीद बढ़ाई है। वहीं, चीन रूस को कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी बड़ी वस्तुओं का निर्यात भी कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार 228.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। रूस को इसमें 21.49 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस मिला, जो 2024 के मुकाबले 55% ज्यादा है। हालांकि, पश्चिमी देशों ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस को आर्थिक सहारा दे रहा है। पावर ऑफ साइबेरिया-2 पाइपलाइन पर भी नजर माना जा रहा है कि पुतिन और शी जिनपिंग की आगामी बैठक में इस प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हो सकती है। रूस लंबे समय से ‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह एक बहुत बड़ा गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट है, जिसे रूस और चीन मिलकर बना रहे हैं। इसका मकसद रूस की गैस सीधे चीन तक पहुंचाना है, ताकि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हो सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पाइपलाइन के जरिए रूस के यामाल प्रायद्वीप से हर साल करीब 50 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस मंगोलिया के रास्ते उत्तरी चीन भेजी जा सकेगी। इतनी गैस से 15 से 20 करोड़ घरों की एक साल की जरूरत पूरी हो सकती है। दोनों देशों के बीच पहले से एक पाइपलाइन चल रही है, जिसका नाम पावर ऑफ साइबेरिया-1 है। यह रूस के पूर्वी हिस्से से चीन को गैस देती है, जो दिसंबर 2019 में शुरू हुई थी। दूसरी पाइपलाइन रूस के पश्चिमी हिस्से से गैस लाएगी। ईरान संकट और तेल कीमतों से रूस को राहत अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने जैसी स्थिति से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे दुनियाभर में आर्थिक मंदी का खतरा भी गहराया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से फिलहाल रूस को कुछ फायदा मिला है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस भंडार वाले देशों में शामिल है। हालांकि, यूक्रेन युद्ध के कारण रूस अब भी अमेरिका और यूरोपीय देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों का असर रूसी अर्थव्यवस्था पर लगातार बना हुआ है।
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CBSE 3rd Language Rule 2026: अब 9वीं-10वीं में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य, 1 जुलाई से लागू होगा नियम
CBSE 3rd Language Rule 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का नियम अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, कक्षा 10 में तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। परिपत्र में कहा गया है, ‘1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के लिए तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।’ सीबीएसई के परिपत्र के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (एनसीएफ-एसई) 2023 के अनुरूप, तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।
क्या कहता है नया नियम
बता दें कि, सीबीएसई माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार संबंधित भाषा विषयों को तीन स्तर आर1, आर2 और आर3 में बांटा गया है। आर1 छात्र की मुख्य भाषा होगी, आर2 एक अलग भाषा होगी और आर3 शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से अनिवार्य होगी और 2030-31 तक कक्षा 10 तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। आर1 और आर2 स्तर पर चुनी गई भाषाएं एक जैसी नहीं हो सकतीं और इन्हें एक से अधिक स्तरों पर एक साथ नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। सीबीएसई की अधिसूचना में कहा गया है, “भाषाओं में भारत की दो आधिकारिक भाषाएं यानी हिन्दी, अंग्रेजी और 42 अन्य भाषाएं शामिल हैं। इस प्रकार, भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी अनुसूचित भाषाओं के अलावा, अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाएँ और विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जा रही हैं।”
नौवीं कक्षा से दो स्तरीय गणित और विज्ञान
गणित और विज्ञान में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से दो-स्तरीय प्रणाली लागू होगी। सभी छात्र गणित के मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे, जिसमें तीन घंटे की 80 अंकों की एक सामान्य परीक्षा शामिल है, जबकि उन्नत घटक में उच्च-स्तरीय सोच कौशल (HOTS) का परीक्षण करने के लिए 25 अंकों का एक अलग प्रश्नपत्र होगा। नया पाठ्यक्रम मौजूदा बुनियादी और मानक गणित प्रणाली का स्थान लेगा; गणित और विज्ञान में दो स्तरीय प्रणाली (मानक + उन्नत) 2026-27 में शुरू होगी, और 10वीं कक्षा की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।
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79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल: रेड कार्पेट पर गुजराती फिल्ममेकर का जलवा
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गुजरात की फिल्ममेकर चंदा पटेल ने 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म ‘तेरा मेरा नाता’ के ग्लोबल प्रीमियर के साथ भारतीय सिनेमा का गौरव बढ़ाया है. रेड कार्पेट पर आइवरी और पेस्टल शेड्स के शानदार डिजाइनर आउटफिट में उनकी मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा. फिल्म की इमोशनल कहानी और कल्चरल जुड़ाव को ग्लोबल स्टेज पर काफी सराहना मिली, जो भारतीय रीजनल सिनेमा के लिए एक बड़ी अचीवमेंट है. चंदा पटेल ने इस अनुभव को अपने लिए बेहद सम्मानजनक बताया. यह सफलता ग्लोबल मंच पर भारतीय निर्माताओं की बढ़ती ताकत और पहचान को मजबूती से बयां करती है.
चंदा पटेल ने रेड कार्पेट पर शिरकत की.
नई दिल्ली: गुजरात की मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर चंदा पटेल ने एक बार फिर ग्लोबल स्टेज पर भारत का नाम रोशन कर दिया है. 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर जब चंदा पटेल ने कदम रखा, तो उनकी सादगी और आत्मविश्वास ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस खास मौके की सबसे बड़ी बात उनकी फिल्म ‘तेरा मेरा नाता’ का ग्लोबल प्रीमियर रहा. दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म को जिस तरह पेश किया गया, उसने न केवल भारतीय कल्चर की झलक दिखाई, बल्कि रीजनल सिनेमा को भी एक नई ऊंचाई दी. चंदा पटेल की यह कामयाबी दिखाती है कि भारतीय कहानियां अब सरहदों के पार जाकर लोगों के दिलों को छू रही हैं.
कान्स फिल्म फेस्टिवल के ग्लैमरस माहौल में चंदा पटेल का लुक किसी रानी से कम नहीं लग रहा था. उन्होंने आइवरी और पेस्टल शेड्स का एक बेहद खूबसूरत डिजाइनर गाउन पहना था, जिस पर की गई बारीक एम्ब्रॉयडरी भारतीय कारीगरी का बेजोड़ नमूना पेश कर रही थी. उनके आउटफिट का लंबा ट्रेल और मॉडर्न स्टाइल भारतीय परंपरा और ग्लोबल फैशन का एक परफेक्ट फ्यूजन नजर आया. सटल मेकअप और एलिगेंट ज्वेलरी के साथ जब वो रेड कार्पेट पर चलीं, तो वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और मेहमान उन्हें देखते रह गए. उनका यह अंदाज न केवल स्टाइलिश था, बल्कि इसमें भारतीय गरिमा की साफ झलक मिल रही थी.
सराही गई ‘तेरा मेरा नाता’ की कहानी
चंदा पटेल हमेशा से ही ऐसी कहानियों पर काम करती आई हैं जो भावनाओं और हमारी जड़ों से जुड़ी हों. ‘तेरा मेरा नाता’ की इमोशनल कहानी को कान्स में काफी सराहा गया, जो भारतीय फिल्मकारों के लिए गर्व की बात है. चंदा ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बेहद भावुक होकर कहा कि इतने मंच पर अपनी फिल्म को लेकर आना और देश को रीप्रेजेंट करना उनके लिए एक बड़े सम्मान की बात है. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो और जज्बा सच्चा हो, तो भारतीय सिनेमा का परचम पूरी दुनिया में लहराया जा सकता है.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
ब्रेकर पर बोलेरा स्लो, पीछे से स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर: सीधी में एक गाड़ी का ड्राइवर घायल; हादसे का CCTV आया सामने – Sidhi News
सीधी जिले के अमिलिया गांव में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बड़ा मन वीर मंदिर के सामने एक स्कॉर्पियो और बोलेरो के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसका वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट हो रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क पर आगे चल रही बोलेरो गाड़ी मंदिर के पास बने स्पीड ब्रेकर (जंप) पर अचानक धीमी हुई और ड्राइवर ने ब्रेक लगा दिए। इसी बीच पीछे से काफी रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सीधे बोलेरो से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। एक युवक घायल, अस्पताल में भर्ती इस एक्सीडेंट में बोलेरा चालक राहुल दुबे नाम का एक शख्स घायल हुआ है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गाड़ियों की रफ्तार कितनी तेज थी और भिड़ंत कितनी खतरनाक थी। वहीं टक्कर मारने के बाद स्कॉर्पियो चालक मौके से भाग गया। लोगों में नाराजगी हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर बने जंप, गाड़ियों की ओवरस्पीड और अचानक ब्रेक मारना आए दिन होने वाले इन हादसों की बड़ी वजह है। लोगों ने मांग की है कि यहां ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाए और गाड़ियों की रफ्तार पर लगाम लगाई जाए। पुलिस का कहना अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला लग रहा है।
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