Saturday, June 20, 2026
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पूर्व मंत्री कमलेश पाठक को रंगदारी मामले में जमानत: कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर रिहाई का दिया आदेश, अभी जेल से बाहर नहीं आएंगे – Auraiya News




आगरा जेल में 7 साल से बंद पूर्व विधायक-पूर्व मंत्री कमलेश पाठक को रंगदारी और धमकी के एक मामले में राहत मिली है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज सीडी कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके और निजी बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। यह मामला 7 जनवरी 2020 को औरैया थाने में दर्ज किया गया था। संकटमोचन गली निवासी राजेश कुमार ने रिपोर्ट लिखाई थी कि पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और अब्दुल सत्तार उनसे पिछले सात साल से हर महीने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। पुलिस ने इस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) (रंगदारी) और 351(2) (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया था। जमानत सुनवाई के दौरान कमलेश पाठक के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल 16 मार्च 2020 से आगरा जेल में बंद हैं। उन्होंने दलील दी कि जेल मैनुअल के अनुसार, सांसद/विधायक श्रेणी के बंदी को केवल दो लोगों से बात करने की अनुमति होती है और अब्दुल सत्तार उन दो लोगों में शामिल नहीं हैं। वकील ने यह भी कहा कि पत्रावली में रंगदारी लेने या जेल से बात करने का कोई सीधा सबूत मौजूद नहीं है।अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि कमलेश पाठक पर पहले से 39 मुकदमे दर्ज हैं और वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर सकते हैं। हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फाइल में रंगदारी का कोई सीधा सबूत नहीं है और जेल में बंद व्यक्ति का सीधे तौर पर संपर्क करना मुश्किल होता है। इसके बाद कोर्ट ने कमलेश पाठक को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। यह उल्लेखनीय है कि कमलेश पाठक 2020 के एक डबल मर्डर केस में पहले से ही आगरा जेल में बंद हैं। इस रंगदारी मामले में जमानत मिलने के बावजूद, वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। उन पर गैंगस्टर एक्ट और एक अन्य मामला अभी भी लंबित है, जिसके कारण उन्हें जेल में ही रहना होगा। कमलेश पाठक के पक्ष का कहना है कि शिकायतकर्ता राजेश कुमार से उनकी पुरानी रंजिश है। वर्ष 2021 में राजेश ने कमलेश की पत्नी मधु पाठक और अब्दुल सत्तार के खिलाफ जमीन पर कब्जे का एक मामला दर्ज कराया था। पाठक पक्ष का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते यह रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।



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किशनगंज में 25 प्रतिष्ठानों में पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी: भारत-नेपाल सीमा पर कार्रवाई की तैयारी, एसपी बोले- NGO भी रडार पर – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में बिहार-नेपाल सीमा से सटे इलाके में जिला प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। पुलिस और कई एजेंसियों की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान 25 ऐसी दुकानों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों को पकड़ा है, जहां पैसों के लेन-देन और कागजों में बड़ी गड़बड़ी मिली है। किशनगंज के एसपी संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नेपाल से सटी सीमा काफी संवेदनशील है। इसलिए जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर लगातार जांच अभियान चला रही हैं। इसी जांच में 25 जगहों पर शक हुआ है। इन दुकानों और संस्थानों में टैक्स की चोरी, पैसों की हेराफेरी और दस्तावेजों में गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई एसपी संतोष कुमार ने कहा कि उनकी टीम सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक गड़बड़ियों पर भी नजर रख रही है। जांच में जिन 25 प्रतिष्ठानों में संदिग्ध काम मिला है, उनकी पूरी रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेज दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद इनके खिलाफ जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एसपी ने आगे कहा कि जांच टीम को दर्जनों शिक्षण संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) पर भी शक है। इन पर विदेश से पैसा आने और उसके गलत इस्तेमाल का शक है। ऐसे सभी संस्थानों की गहन जांच हो रही है। एसपी ने साफ कहा कि विदेशी फंडिंग में गड़बड़ी करने वाले NGO और स्कूलों पर भी तुरंत कानूनी एक्शन लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सीमा पर देश की सुरक्षा और आर्थिक अपराध रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।



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सीधी- गैस सिलेंडर से भरे ट्रक और बल्कर की भिड़ंत: आमने-सामने से टकराए दोनों वाहन, दोनों ड्राइवर की हालत गंभीर – Sidhi News




सीधी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हड़बड़ो में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। रसोई गैस सिलेंडरों से भरे एक ट्रक और एक बल्कर वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल सीधी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर कर दिया गया है। फिलहाल दुर्घटना में घायल दोनों व्यक्तियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान कराने और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय निवासी और प्रत्यक्षदर्शी दीपक तिवारी ने बताया कि बल्कर वाहन कथित तौर पर रॉन्ग साइड से आ रहा था, जबकि दूसरी ओर से गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक पहुंचा। इसी दौरान दोनों वाहनों में भिड़ंत हो गई। उन्होंने आशंका जताई कि यदि गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो जाता तो आसपास के मकानों को भारी नुकसान पहुंच सकता था और जनहानि भी हो सकती थी। दीपक तिवारी ने इस घटना को लेकर परिवहन एवं यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि रॉन्ग साइड और नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण इस तरह के गंभीर हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। उपनिरीक्षक विवेक पांडे ने बताया कि पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में दोनों वाहनों के बीच टक्कर होने की पुष्टि हुई है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, बल्कर वाहन का पंजीयन क्रमांक MP17 ZR 9493 है, जबकि गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक का पंजीयन क्रमांक MH40 CM 7231 है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।



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पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत: 3 घायल; क्षेत्र में और बम होने की आशंका, सर्च ऑपरेशन जारी




पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पहले धमाके के घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी कुछ देर बाद दूसरा धमाका हुआ। यह विस्फोट पहले हमले की जगह से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। इसमें 2 और लोगों की मौत हो गई और एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) यासिर अफरीदी ने बताया कि सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं। घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बयान जारी कर इन हमलों को कायरतापूर्ण आतंकी कार्रवाई बताया। पुलिस के अनुसार, दोनों गाड़ियों को रिमोट कंट्रोल से किए गए धमाकों में निशाना बनाया गया। राहत और बचाव टीमों ने मृतकों के शव और घायलों को डोमेल ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया। बाद में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों को आशंका है कि क्षेत्र में और भी बम मौजूद हो सकते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आतंकियों को चेतावनी दी पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमले की कड़ी निंदा की और नागरिकों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति जरदारी ने आतंकियों और उन्हें सुरक्षित ठिकाने, आर्थिक मदद के साथ अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले को चेतावनी दी है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या:हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पूरी खबर पढ़ें



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NEET एग्जाम, दिल्ली से सहारनपुर तक स्पेशल ट्रेन: डीटीसी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा, 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर बनाए कूलिंग जोन – New Delhi News




नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को देखते हुए रेलवे और दिल्ली सरकार ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। जहां उत्तर रेलवे ने परीक्षा विशेष ट्रेनों की अवधि एक दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया है, वहीं दिल्ली सरकार ने परीक्षार्थियों को डीटीसी बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने के साथ सभी 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करने की घोषणा की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नीट अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और परीक्षा के बाद घर लौटने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए दिल्ली में कुल 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अब 21 जून को भी चलेगी परीक्षा विशेष ट्रेन उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि 04427 परीक्षा विशेष ट्रेन, जिसे पहले 20 जून तक चलाया जाना था, अब 21 जून को भी संचालित होगी। यह ट्रेन शाम 5:15 बजे शकूरबस्ती से रवाना होकर रात 10 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार 04428 विशेष ट्रेन, जिसकी अवधि 21 जून तक निर्धारित थी, अब 22 जून को भी चलेगी। यह ट्रेन सहारनपुर से सुबह 4:45 बजे रवाना होकर सुबह 9:40 बजे शकूरबस्ती पहुंचेगी। 04429 विशेष ट्रेन को भी 21 जून तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन शकूरबस्ती से सुबह 10:50 बजे चलकर दोपहर 3:30 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहीं 04430 विशेष ट्रेन भी 21 जून को संचालित होगी, जो सहारनपुर से शाम 5:45 बजे रवाना होकर रात 10:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी



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फार्मेसी vs बायोटेक्नोलॉजी में से कौन सा कोर्स करें, किसमें ज्यादा सैलरी मिलेगी?


नई दिल्ली (Pharmacy vs Biotechnology Career). साइंस स्ट्रीम से 12वीं साइंस पास करने के बाद मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंट्स फार्मेसी और बायोटेक्नोलॉजी के बीच कंफ्यूज रहते हैं. इन दोनों क्षेत्रों की प्रकृति, पढ़ाई के तरीके और काम के माहौल में जमीन-आसमान का अंतर है. तेजी से बढ़ते फार्मास्युटिकल मार्केट के कारण फार्मेसी को बेहद सिक्योर करियर माना जाता है. वहीं, बायोटेक्नोलॉजी को भविष्य की सबसे मॉडर्न खोजों से जुड़ा विज्ञान माना जा रहा है.

फार्मेसी और बायोटेक्नोलॉजी में असीम संभावनाएं मौजूद हैं. लेकिन किसी भी क्षेत्र में सक्सेस आपकी रुचि पर निर्भर करती है. फार्मेसी दवाइयों के प्रोडक्शन, उनके केमिकल कंपोजिशन और क्लीनिकल ट्रायल्स पर फोकस्ड है. इसके तहत हेल्थ सर्विस सेक्टर में काम करने का मौका मिलता है. वहीं, बायोटेक्नोलॉजी लैब रिसर्च, जेनेटिक इंजीनियरिंग और जीवित जीवों के तकनीकी इस्तेमाल पर आधारित है. इन दोनों कोर्स में उपलब्ध जॉब्स, ग्लोबल मांग और शुरुआती वेतन की तुलना करके ही फैसला लें.

Pharmacy vs Biotechnology: दोनों में क्या काम होता है?

फार्मेसी का संबंध दवाइयों के निर्माण, उनकी खोज, टेस्टिंग और मरीजों तक सही दवा पहुंचाने से है. इसके सिलेबस में दवाइयां बनाने का प्रोसेस और शरीर पर उनका असर शामिल है. दूसरी तरफ, बायोटेक्नोलॉजी में जीवित जीवों (जैसे बैक्टीरिया, सेल्स या डीएनए) का इस्तेमाल करके इंसानों के लिए नए प्रोडक्ट्स (जैसे वैक्सीन, इंसुलिन या एडवांस फसलें) बनाए जाते हैं. फार्मेसी केमिकल और थेरेपी पर टिकी है, जबकि बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च, जेनेटिक्स और लैब वर्क पर आधारित है.

करियर स्कोप: कहां है नौकरियों की ज्यादा गारंटी?

नौकरियों के मामले में फार्मेसी (B.Pharm) को काफी सेफ और एवरग्रीन माना जाता है. इसकी वजह है कि कोर्स पूरा करते ही रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट का प्रोफेशनल लाइसेंस मिल जाता है. आप तुरंत किसी भी हॉस्पिटल, ड्रग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, क्वालिटी कंट्रोल या ड्रग इंस्पेक्टर जैसी सरकारी नौकरियों के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

बायोटेक्नोलॉजी (B.Sc या B.Tech) में भी स्कोप बहुत शानदार है, लेकिन इसके कोर जॉब्स रिसर्च ओरिएंटेड होते हैं. सिर्फ ग्रेजुएशन के दम पर इस फील्ड में अच्छी नौकरी मिलना थोड़ा मुश्किल होता है. अगर आप रिसर्च साइंटिस्ट बनना चाहते हैं तो आगे चलकर M.Tech, M.Sc या PhD करनी पड़ेगी. हालांकि, वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों, बायो-फार्मा सेक्टर और जीनोमिक्स लैब में बायोटेक प्रोफेशनल्स की भारी डिमांड है.

सैलरी का गणित: शुरुआती पैकेज और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ

अगर शुरुआती सैलरी की बात करें तो फार्मेसी के ग्रेजुएट्स को भारत में आसानी से 3 लाख से 6 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिल जाता है, खासकर सेल्स, मार्केटिंग और प्रोडक्शन यूनिट्स में. अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी 10-15 लाख रुपये तक आराम से पहुंच जाती है. बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन स्तर पर शुरुआती सैलरी 3 लाख से 5.5 लाख रुपये सालाना के बीच होती है. अगर आपने किसी अच्छे संस्थान से MS या PhD कर ली तो बायोटेक्नोलॉजी में सैलरी ग्रोथ की कोई सीमा नहीं है. जेनेटिक इंजीनियरिंग और बायोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे रिसर्च फील्ड्स में सीनियर लेवल पर पैकेज 15 से 25 लाख रुपये सालाना तक भी चला जाता है.

कौन सा मेडिकल कोर्स बेस्ट है?

  • फार्मेसी: अगर आप ग्रेजुएशन के तुरंत बाद स्टेबल जॉब चाहते हैं, दवाइयों के फॉर्मूलेशन में दिलचस्पी है या आप खुद का मेडिकल स्टोर/फार्मा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं.
  • बायोटेक्नोलॉजी: अगर लैब में रिसर्च करना, डीएनए (DNA) के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद है और आगे लंबी पढ़ाई (मास्टर्स या रिसर्च) करने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं.



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घर पर ऐसे बाएं सोया बिरयानी, उंगली चाटकर खाएंगे मेहमान


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घर पर खास तरीके से सोया बिरयानी बनाना अब बेहद आसान है. गृहणी राधिका प्रजापति ने रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाने का अनोखा तरीका बताया है. कुछ आसान ट्रिक्स से चावल एकदम खिले-खिले और खुशबूदार बनते हैं. मेहमान उंगलियाँ चाटते रह जाएंगे. इस समर वेकेशन में यह सीक्रेट रेसिपी हर किसी को ज़रूर आज़मानी चाहिए.

ख़बरें फटाफट

कोडरमा: अगर आप शाकाहारी हैं और प्रोटीन से भरपूर स्वादिष्ट बिरयानी का आनंद लेना चाहते हैं. तो सोया बिरयानी एक शानदार विकल्प है. यह खाने में लाजवाब होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है. गृहणी राधिका प्रजापति ने बताया कि कुछ आसान सामग्रियों और सही तरीके से पकाने पर घर में ही रेस्टोरेंट जैसी खुशबूदार सोया बिरयानी तैयार की जा सकती है. उन्होंने बताया कि सोया बिरयानी बनाने की शुरुआत बिरयानी चावल से होती है. सबसे पहले बिरयानी चावल को अच्छी तरह धोकर ठंडे पानी में लगभग एक घंटे के लिए भिगो दें. इससे चावल पकने के बाद लंबे और खिले-खिले बनते हैं. इस दौरान 7 से 8 प्याज को बारीक काट लें और अदरक-लहसुन का ताजा पेस्ट तैयार कर लें.

सोयाबीन बरी को बनाएं मुलायम
उन्होंने बताया कि इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार आलू को उबालकर उसके छिलके हटा दें. उबले हुए आलू को हल्का सुनहरा होने तक तेल में फ्राई करके अलग रख लें. वहीं सोयाबीन बड़ी को गर्म पानी में 10 से 20 मिनट तक भिगोकर मुलायम कर लें और बाद में उसका अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निचोड़कर अलग रख दें. इसके बाद एक गहरे बर्तन में कुकिंग ऑयल गर्म करें. इसमें 2 से 3 हरी मिर्च डालें और फिर कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद तेज पत्ता, लौंग, इलायची और दालचीनी डालकर मसालों की खुशबू आने तक पकाएं. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाकर कुछ मिनट तक भूनें.

मसाले को अच्छी तरह भूनें
उन्होंने बताया कि मसाला तैयार होने पर इसमें आधी कटोरी दही डालकर अच्छी तरह मिलाएं और पकने दें. जब दही और मसाला अच्छी तरह से तेल छोड़ने लगे. तब इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और कश्मीरी मिर्च पाउडर डालकर धीमी आंच पर भूनें. अब इस मसाले में पहले से फ्राई किए हुए आलू और स्वादानुसार नमक डालें. इसके बाद भीगे हुए सोयाबीन को मिलाकर तब तक पकाएं जब तक सोया मसालों का स्वाद पूरी तरह सोख न ले. आखिर में भीगे हुए बिरयानी चावल डालकर सभी सामग्री को हल्के हाथों से मिलाएं और बर्तन को ढककर मध्यम आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकने दें.

मध्यम आंच पर 10 से 15 मिनट तक पकाएं 
राधिका ने बताया कि बिरयानी बनाते समय आंच तेज न रखें, क्योंकि तेज आंच पर चावल और मसाला नीचे से जल सकते हैं. लगभग 10 से 15 मिनट बाद ढक्कन हटाकर चावल को जांच लें. यदि चावल पूरी तरह पक चुके हों और मसालों की खुशबू चारों ओर फैलने लगे, तो आपकी सोया बिरयानी तैयार है. गरमा-गरम सोया बिरयानी को ताजे दही के रायते, सलाद और पापड़ के साथ परोसें.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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23 साल पुरानी वो फिल्म, जिसे कहा गया डिजास्टर, रिलीज होते ही हाउसफुल हो गए थे सिनेमाघर


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साल 2003 की एक कल्ट फिल्म का बेहद दिलचस्प किस्सा इन दिनों चर्चा में है. डायरेक्टर ने खुलासा किया कि ट्रायल शो के दौरान फिल्म को डिजास्टर घोषित कर दिया था. उन्हें सबसे बड़ी आपत्ति यह थी कि मेकर्स ने एक एक्शन हीरो को अस्पताल की यूनिफॉर्म पहनाकर डॉक्टर क्यों बना दिया. इतना ही नहीं, रिलीज के पहले दिन सुबह का शो सिर्फ आधा भरा था, जिसे देखकर पूरी टीम घबरा गई थी. हालांकि, शाम होते-होते दर्शकों ने फिल्म पर ऐसा प्यार बरसाया कि सिनेमाघरों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लग गए थे.

नई दिल्ली. संजय दत्त और अरशद वारसी की ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ बॉलीवुड की कल्ट फिल्मों में से एक है. इसका डायरेक्शन राजकुमार हिरानी ने किया था. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म को शुरुआत में ही डिजास्टर घोषित कर दिया गया था. रिलीज के बाद फिल्म के मॉर्निंग शोज को खास रिस्पॉन्स नहीं मिला, लेकिन शाम होते-होते सिनेमाघर हाउसफुल हो गए थे. यह खुलासा राजकुमार हिरानी ने खुद अपने एक इंटरव्यू में किया है.

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राजकुमार हिरानी ने बताया कि उनकी फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के पहले ट्रायल शो को देखने के बाद इंडस्ट्री के एक जाने-माने डायरेक्टर ने इसे डिजास्टर बता दिया था, जिससे वह काफी परेशान हो गए थे. संजय अरोड़ा के साथ बातचीत में राजकुमार हिरानी ने बताया कि उस डायरेक्टर ने संजय दत्त जैसे बड़े एक्शन हीरो को अस्पताल में रखने और यूनिफॉर्म पहनाने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए थे.

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हिरानी ने उस दौर को याद करते हुए बताया, ‘मुझे अच्छी तरह याद है, जब फिल्म पूरी हो गई थी और हमने एक ट्रायल शो रखा था. फिल्म देखने आए कुछ लोगों में एक डायरेक्टर भी शामिल थे. फिल्म खत्म होते ही उन्होंने मुझसे कहा कि ये तुमने क्या बना दिया है? ये तो डिजास्टर फिल्म है.’

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उन्होंने बताया, ‘डायरेक्टर ने आगे कहा कि संजय दत्त एक एक्शन हीरो हैं और तुम उन्हें लेकर अस्पताल के बैकग्राउंड पर फिल्म बना रहे हो? हद तो ये है कि तुमने गाने भी वहीं शूट कर लिए. कम से कम एक गाना तो किसी विदेशी लोकेशन पर फिल्माना चाहिए था. उनका मानना था कि फिल्म थोड़ी कलरफुल होनी चाहिए थी, जिसमें किरदारों के कपड़े रंग-बिरंगे होते. वह बोले कि ये क्या बकवास है? तुमने तो सबको अस्पताल की यूनिफॉर्म पहना दी है.’

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‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर काफी ठंडी रही थी. हिरानी ने बताया कि रिलीज के पहले दिन दर्शकों का रिएक्शन देखने के लिए वह मुंबई के मशहूर गेटी गैलेक्सी सिनेमाहॉल गए थे. वहां पहुंचते ही थियेटर के गेटकीपर ने उन्हें नीचे की तरफ अंगूठा दिखाकर इशारा किया, जिसे देखकर हिरानी का दिल बैठ गया और उन्हें लगा कि फिल्म पिट गई.

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राजकुमार हिरानी ने आगे बताया, ‘लेकिन जब मैं अंदर गया, तो देखा कि थियेटर सिर्फ 50 परसेंट ही भरा था. तब मुझे समझ आया कि गेटकीपर के उस इशारे का मतलब फिल्म का खराब होना नहीं, बल्कि शो का हाउसफुल न होना था. एक टिकट बेचने वाले के नजरिए से उसके लिए सिर्फ भीड़ मायने रखती थी.’

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डायरेक्टर ने आगे कहा, ‘राहत की बात यह थी कि थियेटर के अंदर मौजूद वो आधी ऑडियंस भी फिल्म का भरपूर मजा ले रही थी और जमकर ठहाके लगा रही थी.’ हिरानी ने कहा कि सुबह का शो भले ही ठंडा था, लेकिन शाम होते-होते नजारा बदल गया और कई थियेटर्स के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लटक गए थे.’

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संजय दत्त की इस फिल्म से राजकुमार हिरानी ने डायरेक्टोरियल डेब्यू किया था. यह फिल्म इस मायने में भी बेहद खास थी क्योंकि यह सुनील दत्त के करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई, जिसमें उन्होंने पर्दे पर भी अपने रियल लाइफ बेटे संजय दत्त के पिता का ही किरदार निभाया था. अरशद वारसी, बोमन ईरानी और ग्रेसी सिंह जैसे सितारों से सजी यह फिल्म क्रिटिक्स की कसौटी पर तो खरी उतरी ही, साथ ही बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के साथ कल्ट भी कहलाई.

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गंगाधर मीणा होंगे UIT सचिव: RAS ट्रांसफर लिस्ट में मनीषा रेशम फिर से जिले में पोस्टिंग; बांदीकुई, सैंथल, महवा और मंडावर एसडीएम बदले – Dausa News




राज्य सरकार ने आधी रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अफसरों के तबादले किए हैं। ट्रांसफर लिस्ट में दौसा जिले में तैनात कई अधिकारी बदले हैं, जिनमें यूआइटी सचिव और कई एसडीएम भी शामिल हैं। गंगाधर मीणा होंगे यूआइटी सचिव
दौसा-बांदीकुई नगर विकास न्यास (यूआइटी) के सचिव मूलचंद लूणियां को नागौर जिले के डेगाना एसडीएम लगाया है। इनकी जगह अब गंगाधर मीणा यूआइटी के सचिव होंगे। वे भरतपुर जिले के वैर में एसडीएम लगे हुए थे। कई एसडीएम भी बदले
आरएएस ऋतुराज शर्मा को एसडीएम बांदीकुई लगाया है, वे बूंदी जिले के केशोरायपाटन एसडीएम थे। आरएएस बजरंग लाल स्वामी को एसडीएम मंडावर लगाया है, वे सीकर जिले के खंडेला में सहायक कलेक्टर लगे हुए थे। इसी प्रकार सुश्री नवज्योति कंवरिया को एसडीएम सैंथल लगाया है, वे अलवर जिले के मालाखेडा एसडीएम लगी हुई थीं। फिर दौसा जिले में पोस्टिंग
आरएएस मनीषा रेशम को दौसा में सहायक निदेशक लोक सेवाएं प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग में लगाया है। वे करौली में एसडीएम लगी हुई थीं। इससे पहले मनीषा जिले के ही महवा में एसडीएम थीं और कुछ दिनों पूर्व ही करौली जॉइन किया था। ऐसे में उन्हें एक माह में ही फिर से दौसा जिले में पोस्टिंग मिली है। इन्हें जिले से बाहर भेजा
जिले में तैनात बांदीकुई एसडीएम बद्रीनारायण मीणा को जिला आबकारी अधिकारी भरतपुर और सैंथल एमडीएम सुश्री अमृता खण्डेलवाल को एसडीएम दातारामगढ सीकर लगाया है। वहीं महवा एसडीएम प्रेमराज मीणा को एसडीएम करौली लगाया है। प्रेमराज ने हाल ही में महवा जॉइन किया था। फिलहाल महवा एसडीएम का पद रिक्त रखा गया है।



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पुलिस टीम पर हमले में जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार: मुरादाबाद में एक करोड़ की साइबर ठगी में छापा मारने आई गाजियाबाद पुलिस हुआ था हमला – Moradabad News




पुलिस टीम पर हमला करने के आरोपी जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद शमी उर्फ शम्मू को गाजियाबाद पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। मोहम्मद शमी मुरादाबाद जिला पंचायत बोर्ड का सदस्य और एमजेपी इंटर कॉलेज का प्रबंधक है। शमी पर आरोप है कि उसने साइबर ठगी के मामले में छापा मारने आई गाजियाबाद पुलिस की टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया था। इस मामले में मूढापांडे थाने पर शमी और उसके साथियों के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी।

मूंढापांडे थाने में गाजियाबाद के साइबर थाने के सब इंस्पेक्टर रिंकू सिंह ने सप्ताहभर पहले मुरादाबाद के जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद शमी उर्फ शम्मू, उसके भाई राशिद और नन्हें समेत 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें सब इंस्पेक्टर ने कहा था कि एक करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में करीब 43 लाख रुपये जिला पंचायत सदस्य के भाई राशिद अली के खाते में आए हैं। पुलिस टीम राशिद अली को पकड़ने आई थी, लेकिन जिला पंचायत सदस्य ने हमला करके राशिद को पुलिस टीम से छुड़ा लिया था।
शुक्रवार को गाजियाबाद पुलिस की टीम ने छापा मारकर मोहम्मद शमी को गिरफ्तार कर लिया है।



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