झांसी में गर्लफ्रेंड के धोखा देने पर एक युवक ने सुसाइड कर लिया। दोनों के बीच दो साल से अफेयर था। जब युवक ने घर जाकर शादी का प्रस्ताव रखा तो उसने मना कर दिया। सबके सामने कहा- मैं तुमने प्यार नहीं करती। बात करना भी बंद कर दिया। इस धोखे को युवक सह नहीं पाया। 9 जुलाई की रात को घर से निकला। स्टेट्स लगाया- “सॉरी मां, मुझे माफ कर देना। मैं अच्छा बेटा नहीं बन पाया। मैं उसके बिना नहीं जी सकता।” 3 दिन से वह लापता था। रविवार को घर से 12 किलोमीटर दूर खजराहा बुजुर्ग रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर उसकी लाश मिली। पुलिस का कहना है कि युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी है। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम 6 बजे शव परिजनाें को सौंप दिया। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए मृतक का नाम विकास रायकवार (25) पुत्र दिनेश रायकवार था। वह प्रेमनगर के नगरा का रहने वाला था। मृतक के भाई आकाश रायकवार ने बताया- हम दो भाई विकास और आकाश व एक बहन खुशबू हैं। तीनों अविवाहित हैं। मेरा भाई विकास कारपेंटर का काम करता था। उसका लगभग दो साल से एक युवती से अफेयर था। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी। भाई जो पैसे कमाता था, वो युवती पर खर्च कर देता था। मगर प्रेमजाल में फंसाकर युवती उसे धोखा दे रही थी। कुछ दिन पहले भाई ने शादी के लिए बोला तो युवती ने मना कर दिया। घरवालों के सामने कह दिया कि मैं तुमने प्यार नहीं करती। इसके बाद बातचीत भी बंद कर दी। युवती के इस धोखे को मेरा भाई विकास बर्दाश्त नहीं कर पाया। वह डिप्रेशन में रहने लगा। युवती के बात नहीं करने पर वह परेशान रहने लगा था। स्टेट्स देख तलाश में जुटे घरवाले आकाश ने आगे बताया- 9 जुलाई की रात लगभग 9 बजे भाई मां से कहकर गया कि एक घंटे में घूमकर आ रहा हूं। उसके बाद बहन ने फोन लगाया कि मां की तबीयत खराब है, दवाई लाओ तो दोस्त से दवाई घर भिजवा दी। फिर मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। घर नहीं आया तो तलाश शुरू की। रात 11:09 बजे उसने वाट्सएप पर एक स्टेट्स लगाया। जिसमें लिखा- सॉरी मां, मुझे माफ कर देना। मैं एक अच्छा बेटा नहीं बन पाया। मैं उसके बिना नहीं जी सकता। मुझे माफ कर देना। ये स्टेट्स देखकर घरवालों ने तलाश तेज कर दी। मगर उसका कोई सुराग नहीं मिला। जीआरपी थाने से आया कॉल रविवार को घर से लगभग 12 किलोमीटर दूर खजराहा बुजुर्ग रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर विकास की लाश मिली। उसके पास मोबाइल भी मिला। मोबाइल के जरिए जीआरपी ने घरवालों को सूचना दी। तब परिजन थाने पहुंच गए और शव की पहचान की। इसके बाद जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया। शाम लगभग 6 बजे शव परिजनों के हवाले कर दिया। भाई ने कहा- मेरे भाई की मौत की जिम्मेदार युवती है। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। उसने भाई को धोखा दिया। जिसकी वजह से भाई ने जान दी है।
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‘मां मुझे माफ करना… उसके बिना नहीं जी सकता’: स्टेट्स लगाकर युवक ने सुसाइड किया, झांसी में 2 दिन से लापता था, पटरी पर मिला – Jhansi News
डूंगरपुर नगर परिषद में 2 दिन में आयुक्त बदले: ललित सिंह देथा नए आयुक्त, भंवराराम को सचिव का प्रभार – Dungarpur News
डूंगरपुर नगर परिषद में स्वायत्त शासन विभाग ने 2 दिन बाद ही आयुक्त को फिर बदल दिया। भंवराराम की जगह अब ललित सिंह देथा नए आयुक्त होंगे। जबकि भंवराराम को सचिव के पद पर लगाया है। दो दिनों में ही इस बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं है। डूंगरपुर नगर परिषद में ट्रांसफर लिस्ट के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 2 दिन पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में डूंगरपुर नगर परिषद के अयुक्त प्रकाश डूडी का ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह भंवराराम को डूंगरपुर नगर परिषद का आयुक्त लगाया। लेकिन अब 2 दिन बाद ही फिर एक आदेश में भंवराराम की जगह ललित सिंह देथा को आयुक्त लगाया है। देथा अभी आयुक्तालय में आदेशों की प्रतिक्षा में थे। आदेश ने ट्रांसफर की लेकर प्रशासनिक कारण बताए गए है।
उसी आदेश में भंवराराम को आयुक्त की जगह अब सचिव का चार्ज दिया गया है। 2 दिन में हो इन फेरबदल को लेकर राजनीतिक कारण भी बताए जा रहे है। ऐसे में कई तरह की चर्चाएं चल रही है।
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नाई की दुकान पर करता था काम, फिर बना डायरेक्टर, अमिताभ बच्चन को फ्लॉप के दलदल से निकाला
हिंदी सिनेमा के जगत में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी जर्नी हर किसी को प्रेरित करती हैं. एक नाम है ऐसे डायरेक्टर और फिल्म निर्माता ने जिन्होंने चंद पैसों से करियर की शुरुआत की लेकिन आगे चलकर अमिताभ बच्चन के लिए वह मसीहा बन गए. वह कोई और नहीं बल्कि सुपरहिट डायरेक्टर प्रकाश मेहरा हैं. आज भले ही उन्हें बॉलीवुड के सबसे सफल फिल्मकारों में गिना जाता है, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद मुश्किल हालातों में हुई थी. वह कभी सिर्फ 13 रुपए लेकर मुंबई पहुंचे थे. मायानगरी में पहचान बनाने के लिए उन्होंने छोटे-मोटे काम किए, नाई की दुकान पर काम किया और कई परेशानियों का सामना किया. कुछ कर दिखाने की जिद ने उन्हें हिंदी सिनेमा का बड़ा नाम बना दिया.
प्रकाश मेहरा का जन्म 13 जुलाई 1939 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था. बचपन से ही उन्हें संगीत और फिल्मों में काफी रुचि थी. उनके जीवन की शुरुआत आसान नहीं रही. बचपन में ही उनकी मां का निधन हो गया था और पिता ने भी गृहस्थ जीवन से दूरी बना ली थी. ऐसे हालात में उनका पालन-पोषण रिश्तेदारों के बीच हुआ. फिल्मों के प्रति लगाव के चलते उन्होंने छोटी उम्र में ही मुंबई आने की ठान ली थी.
कभी किया था नाई की दुकान पर
कहा जाता है कि प्रकाश मेहरा जब किशोर उम्र में थे, तब वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर से निकल पड़े. उनके पास सिर्फ 13 रुपए थे. उस समय मुंबई पहुंचना और फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान नहीं था. शुरुआती दिनों में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा. काम की तलाश में भटकने के बाद उन्होंने गुजारे के लिए छोटे-मोटे काम किए. यहां तक कि उन्होंने नाई की दुकान पर भी काम किया लेकिन उनके मन में हमेशा फिल्म बनाने का सपना जिंदा रहा.
ऐसे फिल्म इंडस्ट्री में घुसे
संघर्ष के दिनों में उनकी मुलाकात फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों से हुई और धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा. उन्होंने शुरुआत में प्रोडक्शन कंट्रोलर के तौर पर काम किया. इसके बाद उन्होंने सहायक निर्देशक के रूप में भी काम किया. फिल्मी दुनिया को करीब से समझने के बाद उन्होंने निर्देशन की तरफ कदम बढ़ाया.
ऐसी की शुरुआत, हो गए हिट
साल 1968 में प्रकाश मेहरा ने बतौर निर्देशक फिल्म ‘हसीना मान जाएगी’ से अपने करियर की शुरुआत की. यह फिल्म सफल रही और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने ‘मेला’, ‘समाधि’ और ‘आन-बान’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया, जिन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया. उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म साल 1973 में रिलीज हुई ‘जंजीर’ साबित हुई. इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा का इतिहास बदल दिया.
अमिताभ बच्चन को फ्लॉप से बचाया
उस समय अमिताभ बच्चन की लगातार कई फिल्में सफल नहीं हो रही थीं, और उन्हें फ्लॉप अभिनेता माना जाने लगा था. लेकिन प्रकाश मेहरा ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें ‘जंजीर’ में मौका दिया. फिल्म की सफलता ने अमिताभ बच्चन को रातोंरात बड़ा स्टार बना दिया और उनकी पहचान ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में बनी.
आगे चलकर बनाई कई सुपरहिट
‘जंजीर’ के बाद प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन की जोड़ी ने कई यादगार फिल्में दीं. इनमें ‘हेरा फेरी’, ‘खून पसीना’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘लावारिस’, ‘नमक हलाल’ और ‘शराबी’ जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं. इन फिल्मों ने दोनों को हिंदी सिनेमा में खास मुकाम दिलाया.
लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
प्रकाश मेहरा सिर्फ निर्देशन तक सीमित नहीं रहे बल्कि उन्होंने कई फिल्मों का निर्माण भी किया. उन्होंने ‘दलाल’, ‘जिंदगी एक जुआ’ और ‘बाल ब्रह्मचारी’ जैसी फिल्मों का भी निर्माण किया. साल 2006 में उन्हें इंडिया मोशन पिक्चर डायरेक्टर्स एसोसिएशन की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया. इसके अलावा उन्हें निर्माता के तौर पर भी लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान मिला.
चल बसे
प्रकाश मेहरा का निधन 17 मई 2009 को मुंबई में हुआ. वह 69 साल के थे. बीमारी के चलते उनका निधन हुआ लेकिन उनकी बनाई फिल्में आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं.
रूस-ईरान ने क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का व्यापार किया: दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से अलग नेटवर्क बनाया; ड्रोन, तेल और हथियार खरीदे
रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयरा की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…
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चारबाग के तीन अहम रेल प्रोजेक्ट छह साल से अधूरे: स्टेशन अपग्रेडेशन पर फोकस, आरआरआई, फोरलेन आउटर और सुरक्षा परियोजनाएं अटकीं – Lucknow News
उत्तर रेलवे के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुरू किए गए तीन अहम प्रोजेक्ट करीब छह साल बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई), फोरलेन आउटर और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की योजनाएं अब तक अधूरी हैं। रेलवे अधिकारियों का पूरा ध्यान स्टेशन के अपग्रेडेशन कार्य पर होने से ये परियोजनाएं लगातार देरी का शिकार हो रही हैं। पुरानी सिग्नलिंग व्यवस्था से बढ़ रही परेशानी चारबाग स्टेशन से रोजाना 180 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और सवा लाख से ज्यादा यात्री यहां से सफर करते हैं। स्टेशन की लगभग 40 वर्ष पुरानी सिग्नलिंग प्रणाली को बदलने के लिए लॉकडाउन से पहले आरआरआई परियोजना शुरू की गई थी। कानपुर एंड पर इसके लिए भवन भी बनाया गया, लेकिन काम अधूरा रह गया। नतीजतन स्टेशन अब भी पुरानी सिग्नलिंग प्रणाली पर निर्भर है। पुराने तारों को चूहे नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे सिग्नल फेल होने और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आउटर पर ट्रेनों की लंबी रोक, फोरलेन योजना अधूरी चारबाग से दिलकुशा और आलमनगर की ओर मौजूद दो रेल लाइनों को बढ़ाकर चार लाइन करने की योजना भी अधूरी है। इस परियोजना का उद्देश्य आउटर पर ट्रेनों की भीड़ कम करना और अनावश्यक ठहराव खत्म करना था। काम शुरू होने के बावजूद फोरलेन आउटर तैयार नहीं हो सका, जिससे आज भी कई ट्रेनों को आउटर पर इंतजार करना पड़ता है और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है। आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की योजना भी फाइलों में स्टेशन की सुरक्षा मजबूत करने के लिए करीब आठ करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की गई थी। इसके तहत ड्रोन निगरानी, हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, अतिरिक्त लगेज स्कैनर और मेटल डोर डिटेक्टर लगाने की योजना थी। हालांकि यह परियोजना भी आगे नहीं बढ़ सकी और अधिकांश काम अधूरा है। अपग्रेडेशन परियोजना बनी देरी की वजह रेलवे सूत्रों के अनुसार, आरआरआई और फोरलेन आउटर पर काम शुरू होने के बाद रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) ने चारबाग स्टेशन के विश्वस्तरीय पुनर्विकास का काम शुरू कर दिया। स्टेशन अपग्रेडेशन को प्राथमिकता मिलने से पहले से चल रही परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई और वे समय पर पूरी नहीं हो सकीं। वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स तैयार, फिर भी शुरू नहीं हुआ चारबाग स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये की लागत से कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद इसका उद्घाटन और कमीशनिंग अब तक नहीं हुई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि औपचारिक कमीशनिंग के बाद ही यहां वंदे भारत ट्रेनों का नियमित रखरखाव शुरू किया जा सकेगा।
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बालोतरा में सड़क हादसे में तीन की मौत, 5 रेफर: स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार से सभी, राहगीरों ने निजी एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल – Balotra News
बालोतरा जिले में जोधपुर नेशनल हाईवे पर देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा भाडिंयावास के पास हुआ, जहां एक स्कॉर्पियो गाड़ी की अज्ञात वाहन से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहगीरों ने बताया कि हादसा रविवार आधी रात को हुआ और टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव कार्य के बाद घायलों और मृतकों को निजी एंबुलेंस की सहायता से राजकीय नाहटा अस्पताल, बालोतरा पहुंचाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पांच घायल जोधपुर रेफर राजकीय नाहटा अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कॉर्पियो की टक्कर किसी अज्ञात वाहन से हुई थी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। मृतकों और घायलों की पहचान तथा हादसे के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
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मटन-चिकन भी फेल! बारिश में जब थाली में सजती है मिथिलांचल की खास सुखौती, जानें रेसिपी
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Mithila Sukhauti Sabji Recipe: मानसून की शुरुआत के साथ ही बाजारों में हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं. ऐसे में मिथिलांचल की पारंपरिक सुखौती यानी सूखी गोभी लोगों के जायके और जेब दोनों का ख्याल रख रही है. सीजन में बेहद सस्ते दामों पर खरीदकर स्टोर की जाने वाली इस गोभी की सब्जी का स्वाद बेमौसम में भी लाजवाब होता है. जानें रेसिपी.
मधुबनी: मानसून की दस्तक के साथ ही बाजारों में हरी सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं. ऐसे में गृहणियों के लिए रसोई का बजट संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है. लेकिन अगर आप मधुबनी या मिथिलांचल क्षेत्र में हैं. तो इस बेमौसम और महंगी सब्जियों के दौर में भी एक पारंपरिक तरीके से पैसे की बचत और स्वाद दोनों का आनंद ले सकते हैं. इस मौसम में मिथिला के घरों में पारंपरिक रूप से तैयार की जाने वाली सूखी गोभी (सुखौती) और कुम्हर (पेठा) की सब्जी थाली की शान बढ़ा रही है. बेमौसम गोभी की यह सब्जी खाने में बेहद लाजवाब और जायकेदार होती है.
सीजन में 5 रुपये किलो खरीदो और बारिश के लिए करो स्टोर
मिथिलांचल में फूड मैनेजमेंट और बचत की यह परंपरा सदियों पुरानी है. दरअसल जब सर्दियों के सीजन में बाजार में गोभी की भारी आवक होती है. यह बेहद सस्ती महज 5 से 7 रुपये प्रति किलो मिलती है. उस समय यहां के लोग इसे भारी मात्रा में खरीद लेते हैं. गोभी को साफ करके छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सुखाकर पूरे साल के लिए स्टोर कर लिया जाता है. जिसे स्थानीय भाषा में सुखौती कहते हैं.बारिश के मौसम में जब हरी सब्जियां सड़ने-गलने लगती हैं. बेहद महंगी हो जाती हैं. तब यह सुखौती संकटमोचक बनती है. इससे पैसे की भारी बचत होती है और बेमौसम में भी गोभी का लजीज स्वाद मिल जाता है.
लाजवाब सुखौती की सब्जी बनाने की पूरी रेसिपी
इस पारंपरिक और स्वादिष्ट सब्जी को बनाने की विधि बेहद सरल है. इसे आप नीचे दिए गए स्टेप्स से अपने घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं. सबसे पहले सूखी गोभी (सुखौती) और आलू को प्रेशर कुकर में डालकर एक या दो सीटी आने तक अच्छी तरह उबाल लें. उबलने के बाद आलू के छिलके उतार लें. अब एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उबाली हुई गोभी को हल्का फ्राई करके अलग निकाल लें. अब कढ़ाई में दोबारा तेल गर्म करें. तेल अच्छे से कड़क जाए तो उसमें पांचफोरन, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं. जब तड़का चटकने लगे तब इसमें टमाटर, प्याज और लहसुन का बारीक पेस्ट डालकर अच्छी तरह भूनें.
मसाले और आलू का मेल
जैसे ही पेस्ट तेल छोड़ने लगे. इसमें उबले हुए आलुओं को मैश करके डाल दें. इसके साथ ही रसोई के बुनियादी मसाले जैसे हल्दी, नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला डालें. यदि आप चाहें तो खड़े मसालों को सिलबट्टे पर पीसकर डालेंगे. तो इसका स्वाद दोगुना हो जाएगा.
मसालों के अच्छी तरह भुन जाने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार पानी डालें. जब ग्रेवी में अच्छा उबाल आ जाए. तब इसमें पहले से फ्राई करके रखी हुई गोभी डाल दें और धीमी आंच पर कुछ मिनट पकने दें. आपकी गरमा-गरम और खुशबूदार सुखौती की सब्जी पूरी तरह तैयार है. मिथिलांचल में लोग इसे बड़े चाव से उबले हुए चावल (भात) के साथ पूरे परिवार के साथ मिलकर खाते हैं.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
झांसी HDFC बैंक के डिप्टी मैनेजर की हादसे में मौत: आगरा से मीटिंग कर लौट रहे थे झांसी, गाय सामने आने पर ट्रक के सामने आ गई कार – Gwalior News
उत्तर प्रदेश के आगरा में बैंक की अहम मीटिंग में शामिल होकर झांसी लौट रहे एचडीएफसी (HDFC) बैंक के डिप्टी मैनेजर की रविवार शाम ग्वालियर के सिरोल हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनकी महिला सहकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाईवे पर अचानक गाय सामने आने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड चली गई और सामने से आ रहे ट्रक से उसकी आमने-सामने भिड़ंत हो गई। आगरा से लौटते समय हुआ हादसा सिरोल थाना पुलिस के अनुसार, झांसी के मसीहागंज निवासी 33 वर्षीय राहुल सैनी, पुत्र रवींद्र सैनी, एचडीएफसी बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में गुरसराय शाखा में पदस्थ थे। वे 11 जुलाई को बैंक की आवश्यक बैठक में शामिल होने के लिए आगरा गए थे। उनके साथ बैंक कर्मचारी गरिमा माथुर भी थीं। बैठक समाप्त होने के बाद दोनों रविवार शाम झांसी लौट रहे थे। गाय को बचाने के प्रयास में कार हुई बेकाबू शाम करीब 5:45 बजे दोनों की ऑल्टो-800 कार मेहरा टोल पार कर सिरोल स्थित होटल रंगमहल के सामने पहुंची। इसी दौरान अचानक सड़क पर गाय आ गई। राहुल सैनी ने गाय को बचाने के लिए कार मोड़ी, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड पहुंच गया। उसी समय सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से कार की सीधी भिड़ंत हो गई। कार के उड़े परखच्चे, राहुल की मौके पर मौत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों उसमें फंस गए। सूचना मिलने पर सिरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार को काटकर दोनों को बाहर निकाला गया और 108 एम्बुलेंस से जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने राहुल सैनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि गरिमा माथुर की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। हाईवे पर लगा जाम, पुलिस ने शुरू की जांच हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस अब ट्रक चालक से पूछताछ कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि दुर्घटना के सही कारणों की पुष्टि हो सके। सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगोली ने बताया कि आगरा-झांसी मार्ग पर होटल रंगमहल के पास ऑल्टो कार और ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर हुई है। हादसे में एचडीएफसी बैंक के डिप्टी मैनेजर राहुल सैनी की मौत हो गई है, जबकि उनकी महिला सहकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
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समस्तीपुर में चोरी करने वाले 4 हुए गिरफ्तार: रिहायशी इलाकों में बंद घरों को बनाते थे निशाना, एक यूपी का रहने वाला – Samastipur News
समस्तीपुर के नगर थाना क्षेत्र में चोरी के मामलों में 4 को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीरपुर निवासी राजेश पासवान का बेटा गनौर पासवान (23), चकमेहसी क्षेत्र निवासी चंदेश्वर पासवान का बेटा सुनील पासवान (20), गुप्ता चौक गोपालपुर निवासी शिव नारायण पासवान का बेटा पासवान (42) और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी दिलीप मद्धेशिया का बेटा शिवम मद्धेशिया (24) के रूप में हुई है। पिछले कुछ दिनों से नगर थाना क्षेत्र के बंद घरों और रिहायशी इलाकों में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने छापेमारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की। नेटवर्क की जांच की जा रही है पुलिस अब इनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। साथ ही, चोरी के सामान की बरामदगी के लिए भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस संबंध में नगर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने लगातार अभियान चलाकर इन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है। सभी का सदर अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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नए वोटर को देना होगा माता-पिता के SIR का ब्योरा: अभी केवल पुराने वोटर्स पर लागू था; चुनाव आयोग बोला- इससे पहचान-रिकॉर्ड मिलाना आसान होगा
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल पुराने मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा। चुनाव आयोग ने यह नियम क्यों बनाया? फॉर्म-6 के साथ देना होगा घोषणा पत्र EC अधिकारियों ने बताया कि बिहार में जून 2025 में शुरू किए गए SIR अभियान के दौरान फॉर्म-6 के साथ यह घोषणा पत्र जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को आवेदन के साथ यह घोषणा भी भरनी होती थी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई औपचारिक संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि निर्देश जारी कर इस घोषणा को अनिवार्य बनाया गया है। संयुक्त राष्ट्र की आपत्तियों पर EC का जवाब चुनाव आयोग ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्तेयर्स द्वारा SIR की पारदर्शिता पर उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नाम हटाना है। किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और यदि किसी का नाम हटता है, तो उसे चुनौती देने का अवसर दिया जाता है। SIR से जुड़ा अपडेट…. चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज, सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ। तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। भास्कर नॉलेज Form-6 वह आधिकारिक आवेदन पत्र है, जिसके जरिए 18 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई भी पात्र भारतीय नागरिक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाता है या किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरण के बाद नया पंजीकरण कराता है। इसे वोटर हेल्पलाइन एप, चुनाव आयोग की वेबसाइट या BLO/निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से भरा जा सकता है।
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