Friday, June 19, 2026
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फर्रुखाबाद में एक घंटे हुई झमाझम बारिश: दो दिन की भीषण गर्मी के बाद मिली राहत, तापमान गिरा – Farrukhabad News




फर्रुखाबाद में शुक्रवार सुबह मौसम ने करवट बदली। सुबह 4 बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक झमाझम होती रही। इससे दो दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह के समय 32 सेल्सियस पर तापमान जा पहुंचा। पिछले दो दिनों से जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप था। तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था, जिससे दिन और रात दोनों समय लोग परेशान थे। शुक्रवार सुबह अचानक मौसम में बदलाव आया। तेज हवाएं चलने लगीं और आसमान में बादल छा गए, जिसके बाद बिजली चमकने के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश शुरू होते ही शहर की बिजली गुल हो गई। बारिश रुकने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन सुबह 7 बजे तक हर 15 मिनट पर बिजली आती-जाती रही। किसानों ने बताया कि बारिश से खेतों में कटी पड़ी मक्का की फसल को नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, जो फसल अभी काटी नहीं गई है, उसे इस बारिश से फायदा मिलेगा।



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दरभंगा ग्रामीण एसपी बनीं साक्षी कुमारी: 2022 बैच की IPS अधिकारी हैं, पेंडिंग मामलों का जल्द होगा निपटारा – Darbhanga News




बिहार में गुरुवार देर रात बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल हुए हैं। बिहार सरकार ने 21 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया है। 11 जिलों के DM बदले गए हैं। वहीं, 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी साक्षी कुमारी को दरभंगा ग्रामीण एसपी बनाया गया है। इससे पहले खगड़िया जिले के गोगरी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के तौर पर तैनात थीं। पूर्व ग्रामीण एसपी आलोक के ट्रांसफर के बाद से लंबे समय से पद रिक्त था। इस कारण कई प्रशासनिक और अनुसंधान संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे थे। अब साक्षी कुमारी के आने से ग्रामीण क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले आईपीएस काम्या मिश्रा को दरभंगा ग्रामीण की पहली पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके बाद आईपीएस आलोक ने कार्यभार संभाला। अब साक्षी कुमारी ग्रामीण पुलिस अधीक्षक का दायित्व निभाएंगी। पेंडिंग केस पर फोकस पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों के बीच यह उम्मीद व्यक्त की जा रही है कि लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। विशेष रूप से अनुसंधानाधीन मामलों की समीक्षा, अपराध नियंत्रण, वारंट निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और थाना स्तर पर लंबित कांडों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया जाएगा।



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ईरान डील पर अमेरिका में सवाल: ट्रम्प जंग से क्यों पीछे हटे; रिपब्लिकन नेताओं ने समझौते को सरेंडर बताया




अमेरिकी उपराष्ट्रति जेडी वेंस ने इजराइल की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुई डील की आलोचना करने वालों को हकीकत समझना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर वे नेतन्याहू सरकार में होते तो दुनिया में अपने सबसे ताकतवर सहयोगी अमेरिका पर सवाल नहीं उठाते। वेंस ने कहा- इस समय पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रम्प ही ऐसे राष्ट्र प्रमुख हैं जो इजराइल के लिए सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने ट्रम्प की आलोचना करने वाले इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच की आलोचना की। उन्होंने नाम लेकर उनसे पूछा कि आपके पास ऑप्शन क्या है? इजराइल सिर्फ 90 लाख की आबादी वाला देश है। हर समस्या का हल लोगों को मार कर नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका पीस डील लागू: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में इससे जुड़े MoU पर साइन किए। 2. अमेरिका-ईरान प्रतिनिधि आज स्विट्जरलैंड में मिलेंगे: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच पहली औपचारिक वार्ता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होगी। 3. इजराइल बोला- लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे: इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का नया नक्शा जारी किया है और साफ किया है कि फिलहाल वहां से सैनिक नहीं हटाए जाएंगे। 4. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही तेज: पीस डील पर साइन होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं। 5. लेबनान में इजराइली हमलों में 3 लोगों की मौत: पीस डील लागू होने के बाद भी इजराइल ने साउथ लेबनान में हमला किया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। 2 मार्च से अब तक इन हमलों में 3,900 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका-ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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MP में 21जून को NEET परीक्षा, हर सेंटर पर CCTV-जैमर: भोपाल में 13,774 स्टूडेंट देंगे एग्जाम; बारीकी से जांच होगी, स्पेशल ट्रेन भी चलेगी – Bhopal News




NEET (यूजी) की 21 जून को होने वाली पात्रता परीक्षा को लेकर नियम सख्त रहेंगे। सभी सेंटरों पर CCTV कैमरे और जैमर लगेंगे। ताकि, गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। सेंटर के बाहर बड़ी सी घड़ी लगेंगी। जिससे स्टूडेंट्स को टाइमिंग का सही पता रहे। ये नियम प्रदेश के सभी एग्जॉम सेंटरों पर लागू होंगे। इधर, भोपाल, इंदौर और रतलाम के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। भोपाल में कुल 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस के साथ रेलवे भी तैयारी कर रहा है। 32 केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को वन-टू-वन किया। मीटिंग में बताया गया कि कई बार दो से तीन सेंटरों के नाम एक जैसे होते हैं। जिससे परीक्षार्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए उन्हें केंद्र का नाम और स्थान क्लियर रखें। हमीदिया रोड पर जो सेंटर हैं, उसके रास्ते में लोग गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स को देरी हो सकती है। इसलिए पुलिस गाड़ियों को तुरंत हटा दें। पुराने शहर में मेट्रो का काम चल रहा है। बेरिकेडिंग में सेंटर का नाम छिप सकता है। इसलिए सेंटर की ओर रास्ता दिखाने वाले बोर्ड लगेंगे। इतने स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे
भोपाल में 13 हजार 774, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है। तीन शहरों में चलेगी स्पेशल ट्रेन
अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा केंद्रों तक उनकी सुगम आवाजाही के लिए रेलवे इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह स्पेशल ट्रेन इंदौर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से भोपाल आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगी। गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन 20 जून 2026 को किया जाएगा। यह ट्रेन इंदौर स्टेशन से सुबह 11.25 बजे प्रस्थान कर फतेहाबाद में दोपहर 12 बजे, बड़नगर में दोपहर 12.42 बजे, रतलाम में 1.30 बजे, नागदा में दोपहर 2.23 बजे, उज्जैन में दोपहर 3.25 बजे, मक्सी में शाम 4.30 बजे, शुजालपुर में शाम 5.21 बजे, सीहोर में शाम 6 बजे, बैरागढ़ स्टेशन पर शाम 6.18 बजे और शाम 5 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचेंगी। इसी प्रकार वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल–रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून 2026 को भोपाल स्टेशन से शाम 7.40 बजे प्रस्थान कर संत हिरदाराम नगर में रात 8.08 बजे, सीहोर में रात 8.34 बजे, शुजालपुर में रात 8.59 बजे, मक्सी में रात 9.59 बजे, उज्जैन में रात 11.05 बजे एवं अगले दिन नागदा रात 12.05 बजे आगमन कर गंतव्य स्टेशन रतलाम रात 12.55 बजे पहुंचेगी। यह रहेगी कोच कम्पोजीशन
इस गाड़ी में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआर/डी सहित कुल 17 कोच रहेंगे। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से यह स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है।



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मैक्रों ने हिंदी में कहा- भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर रहे: मित्र नरेंद्र, आपका स्वागत करके बहुत खुशी हुई; PM मोदी पेरिस से दिल्ली रवाना


पेरिस/नई दिल्ली29 मिनट पहले

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पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में मैक्रों और पीएम मोदी शामिल हुए।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हिंदी में वीडियो मैसेज शेयर किया है। उन्होंने कहा- प्रिय मित्र नरेंद्र, आपका नीस, एवियन और पेरिस के दौरे में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हुई। फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे।

इसके बाद मुस्कुराते हुए मैक्रों ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है यह (हिंदी संदेश) सही होगा। डियर प्राइम मिनिस्टर इस दोस्ती के लिए आपका धन्यवाद। मैं अगली फरवरी (भारत यात्रा) आपसे मिलूंगा।’ वहीं, फ्रांस से रवाना होने के बाद मोदी ने X पर लिखा- यह यात्रा सहभागिता और उपलब्धियों दोनों के लिहाज से व्यापक रही।

दरअसल, पीएम मोदी 6 दिन का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा पूरा करके गुरुवार देर रात भारत के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने G7 समिट भी अटेंड की। यहां पीएम की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हुई। ट्रम्प ने मोदी की जमकर तारीफ की।

पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति गले मिले।

पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति गले मिले।

तारीखों में पीएम मोदी की 6 दिन की यात्रा

18 जून: पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में शामिल हुए

पीएम मोदी पेरिस में आयोजित विवाटेक समिट में शामिल हुए थे। मोदी ने कहा- फ्रांस एक अहम कड़ी का काम कर रहा है जो भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब ला रहा है।

उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं।

मोदी ने कहा कि 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

पीएम की स्पीच, 5 बड़ी बातें; कहा- भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर

  • लोकतंत्र की ताकत, चायवाला पीएम बना: आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं। 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया। बीते 12 सालों में 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। भारत की जीडीपी दोगुना हुई है।
  • भारत में दोगुनी स्पीड से विकास हो रहा: एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी हुई है। यूनिवर्सिटी की संख्या भी दोगुनी हो गई है। हाईवे कंस्ट्रक्शन की स्पीड तीन गुना बढ़ गई है। मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, इससे आप अंदाजा लगा पाएंगे की आज भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में 100 गुना की बढ़ोतरी हुई है। भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है।
  • 12 सालों की उपलब्धि को अंकों से नहीं माप सकते: 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानी एक ऐसी प्रगति, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में आज जितने कुल घर हैं, उससे ज्यादा घर हमने भारत में जरूरतमंद लोगों को लिए बनाए हैं। इन 12 सालों की उपलब्धियों में एक उपलब्धि ऐसी भी है, जिसे अंकों से नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास। आज का भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
  • महिलाएं-किसान टेक्नोलॉजी से सशक्त: एक समय था, जब दूरदराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल था। आज उन्हीं गावों में मोबाइल, बिजली और इंटरनेट सुविधाओं की पूरी दुनिया है। हमारे किसान, मछुआरों, डेयरी फार्मर्स, महिलाएं, स्टूडेंट्स सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं। अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।
  • भारत को अब नेक्स्ट लेवल पर ले जाना है: इन उपलब्धियों की विशेषताएं ये हैं कि कुछ समय पहले तक यह नामुमकिन लगती है। आज भारत के लोग अपने जीवन को भी नेक्स्ट लेवल पर ले जाना चाहते है। और भारत को भी नेक्स्ट लेवल पर ले जाना उनका मकसद, सपना और संकल्प है। यही एस्पेरेशन आज भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

17 जून: पीएम G7 समिट में शामिल हुए, ट्रम्प से मीटिंग की

मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए थे। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई।

ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा।

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।

G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नहीं

17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा।

ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं।

बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी।

मोदी ने भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया

  • पीएम मोदी ने G7 समिट में 16 जून और 17 जून दोनों ही दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिट के पहले दिन मंगलवार को आउटरीच सेशन में कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।
  • G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प , ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शामिल थे। इन नेताओं के साथ हुई बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

14-16 जून: मोदी का स्लोवाकिया दौरा, सवोच्च नागरिक सम्मान मिला

राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा था।

राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहे थे। 15 जून को उन्हें स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया था। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया था।

सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा – वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

13 से 14 जून: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा, पहला फेज

14 जून को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए थे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई थी। दोनों देशों ने अगले 5 साल में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। पूरी खबर पढ़ें…

भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।

इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

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फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम: पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया> फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…

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जब पाई-पाई को तरसे थे बॉलीवुड के धाकड़ विलेन, रुला देगी आशीष विद्यार्थी की स्ट्रगल स्टोरी


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Birthday Special: सिनेमा के पर्दे पर अपनी कड़क आवाज से खौफ पैदा करने वाले दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस वक्त उन्हें फिल्म ‘द्रोहकाल’ के लिए देश का सबसे बड़ा ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड’ मिला था, उस समय वे मुंबई में कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे. पाई-पाई के लिए संघर्ष करने वाले आशीष विद्यार्थी ने कैसे साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी धाक जमाई और आज 60 की उम्र पार करने के बाद भी कैसे वे यूट्यूब और सोशल मीडिया की दुनिया पर राज कर रहे हैं, बर्थडे स्पेशल में जानिए एक्टर के असल जिंदगी स्ट्रगल स्टोरी.

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Happy Birthday Ashish Vidyarthi: बड़े पर्दे पर अपनी कड़क आवाज और खूंखार विलेन के किरदारों से सबको डराने वाले आशीष विद्यार्थी असल जिंदगी में बहुत ही जिंदादिल और सरल इंसान हैं. 19 जून 1962 को केरल में जन्मे आशीष आज सोशल मीडिया की दुनिया में भी एक बड़े स्टार बन चुके हैं. वह अपने पॉडकास्ट में अक्सर कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और यह आपकी सोच को कभी बूढ़ा नहीं कर सकती. आशीष को यह गहरी और सुलझी हुई सोच अपने माता-पिता से विरासत में मिली है.

एक्टर के पिता गोविंद विद्यार्थी एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश के लिए अपना सरनेम तक बदल लिया था, और उनकी मां रेबा विद्यार्थी एक मशहूर कथक गुरु थीं. इसी वजह से बचपन से ही आशीष के मन में कला के लिए एक खास जगह बन गई थी.

कभी कमरा किराए पर लेने के नहीं थे पैसे

दिल्ली के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद आशीष ने एक्टिंग सीखने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का रुख किया. इसके बाद उन्होंने मनोज बाजपेयी जैसे कलाकारों के साथ थिएटर में जमकर पसीना बहाया. साल 1994 में आई फिल्म ‘द्रोहकाल’ उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला, जो किसी भी एक्टर के लिए बहुत गर्व की बात होती है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस वक्त उन्हें यह बड़ा सम्मान मिला, उस दौर में वे मुंबई में रहने के लिए कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे और बहुत कड़े आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे.

विलेन बनकर जीता दर्शकों का दिल

आर्थिक तंगी से जूझने के बाद भी आशीष ने हार नहीं मानी. उन्होंने ‘वास्तव’ और ‘इस रात की सुबह नहीं’ जैसी फिल्मों में विलेन बनकर बॉलीवुड में अपनी एक तगड़ी पहचान बना ली. इसके बाद उन्होंने साउथ की फिल्मों का रुख किया. तमिल फिल्म ‘दिल’ और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘घिल्ली’ में उनके निभाए किरदारों ने उन्हें रातों-रात पूरे दक्षिण भारत में मशहूर कर दिया. उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में काम करके यह साबित कर दिया कि एक सच्चे कलाकार के लिए भाषा कभी कोई दीवार नहीं बन सकती.

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23 साल की याशिका ने सिकल सेल बीमारी को दी मात, दिल्ली के ये डॉक्टर बने भगवान


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डॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इस बीमारी में कम से कम 100 दिन तक ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज की मॉनिटरिंग की जाती है. 100 दिन बाद माना जाता है कि अब मरीज स्वस्थ है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद सिकल सेल डिसीज दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि इसमें डीएनए बदल देते हैं और मरीज का पूरा इम्यूनिटी सिस्टम ही बदल जाता है. एक नया इम्यूनिटी सिस्टम….

ख़बरें फटाफट

नई दिल्ली/अंजलि सिंह राजपूत: मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली 23 साल की याशिका पाटिल 10 साल की उम्र से सिकल सेल बीमारी से जूझ रही थी जिस वजह से उनका स्कूल बुरी तरह प्रभावित हुआ. शरीर में असहनीय दर्द ने उनके पूरे जीवन को जैसे मानो थाम सा दिया था. बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा था. समझ में नहीं आ रहा था कि क्या बीमारी है. इसी तरह याशिका 22 साल की हो गई और उनकी मुलाकात हुई डॉक्टर गौरव खार्या से जोकि दिल्ली के अपोलो इंद्रप्रस्थ हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हैं और सेंटर फॉर बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड सेल्यूलर थेरेपी के क्लीनिकल लीडर हैं.

डॉक्टर ने याशिका पाटिल को बताया कि उन्हें एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिसे सिकल सेल डिजीज कहते हैं. इसमें बोन मैरो ट्रांसप्लांट करना पड़ता है जिसके लिए डोनर की जरूरत पड़ती है. ऐसे में याशिका के माता-पिता ने याशिका के भाई को डोनर के रूप में पेश किया और फिलहाल याशिका का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ. अब याशिका पूरी तरह से स्वस्थ हैं और एक फाइटर बनकर उभरी हैं.

216 सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुए
डॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल ने लगभग 216 सिकल सेल डिजीज के बोन मैरो ट्रांसप्लांट किए हैं. सभी सफल रहे हैं. यह बीमारी जेनेटिक है और माता-पिता से ही बच्चों में होती है. इस बीमारी में रेड ब्लड सेल की संरचना और काम में जब गड़बड़ी पैदा हो जाती है तब यह बीमारी होती है. इसकी वजह से शरीर में खून की कमी, बार-बार दर्द होना, अंगों का खराब होना, स्ट्रोक और आयु घटना जैसा खतरा बढ़ जाता है. यह बीमारी भारत में मध्य, पश्चिमी और आदिवासी इलाकों में के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उड़ीसा और राजस्थान राज्यों में ज्यादा देखने के लिए मिलती है. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 13% लोग या बच्चे इससे प्रभावित हैं. विदेश की बात करें तो अफ्रीका और उससे जुड़े हुए युगांडा, नाइजीरिया और केन्या जैसे देश बहुत प्रभावित हैं. हाल ही में उन्होंने अफ्रीका से अपोलो इंद्रप्रस्थ आए हुए बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया है, जिसमें एक 32 साल की महिला भी शामिल है.

ट्रांसप्लांट के बाद दोबारा नहीं होती यह बीमारी
डॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इस बीमारी में कम से कम 100 दिन तक ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज की मॉनिटरिंग की जाती है. 100 दिन बाद माना जाता है कि अब मरीज स्वस्थ है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद सिकल सेल डिसीज दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि इसमें डीएनए बदल देते हैं और मरीज का पूरा इम्यूनिटी सिस्टम ही बदल जाता है. एक नया इम्यूनिटी सिस्टम शरीर में विकसित हो जाता है. उन्होंने बताया कि बिना डोनर के अभी संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग सिकल सेल बोन मैरो ट्रांसप्लांट में 15 से 50 लाख रुपए तक का खर्चा आता है. आपको बता दें कि अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल ने यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी है, जिसमें देश के जाने माने मशहूर डॉक्टर डॉ. बिपिन पुरी भी मौजूद रहे. आपको बता दें कि डॉक्टर डॉ. बिपिन पुरी लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी रह चुके हैं.

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फूल बंगले में विराजमान हुए रंगनाथ भगवान: दर्शन को उमड़े श्रद्धालु,वर्ष में एक बार बनता है फूल बंगला – Mathura News


वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा

उत्तर भारत के प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में गुरुवार की देर शाम श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्

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परंपरा का किया निर्वहन

धार्मिक नगरी वृंदावन में श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख श्री रंगनाथ मंदिर में ठाकुर जी को गर्मी से शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से विविध प्रकार के फूलों से सजे बंगले में विराजित किया जाता है। इसके पीछे भाव है कि भगवान कुंज,लता पताओं में विराजमान होकर लीलाएं किया करते थे। आज भी ब्रज के देवालयों में इसका अनुश्रवण किया जाता है। इसी के तहत साल में केवल एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले के गुरुवार की शाम जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी।

जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी

केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी

विविध प्रकार के देशी सुगंधित और शीतलता प्रदान करने वाले फूलों से सजाए गए आकर्षक बंगले की अनुपम छटा देखते ही बनती थी। खास तौर पर नामचीन कलाकर जुगल किशोर शर्मा और उनकी टीम द्वारा केले के तनों पर उकेरी गई श्री वैष्णव संप्रदाय के संतो की छवि आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। फूल बंगला में विराजमान भगवान रंगनाथ माता गोदा जी और समस्त परिकर के दर्शनों के लिए भक्त आतुर नजर आए। केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी ने सभी का मन मोह लिया। जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी।

जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी

जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी

कृतिम यमुना स्वरूपणी सरोवर में भगवान गोवर्धन नाथ पर्वत की छवि बनाई गई साथ ही उसमें बनाई गई नाव,क्रतिम नाव बेहद ही आकर्षक लग रही थी। इस दौरान दर्शन करने के लिए विधायक श्री कांत शर्मा, बांके बिहारी मंदिर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य रिटायर्ड न्यायधीश मुकेश मिश्रा,गोपी गोस्वामी सहित प्रमुख लोग भी पहुंचे।



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भारत पर किसी महाशक्ति का दबाव नहीं, मोदी और ट्रंप की बॉन्डिंग से क्या संदेश मिला?


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भारत पर किसी महाशक्ति का दबाव नहीं, मोदी-ट्रंप की बॉन्डिंग से क्या संदेश मिला?

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एसोसिएट फेलो बिदिशा भट्टाचार्य ने 16 महीनों बाद पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की हुई पहली द्विपक्षीय बैठक को काफी सफल बताया. बिदिशा ने कहा क‍ि अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘दुन‍िया का सबसे मजबूत वार्ताकार’ बताया है, जो इस मुलाकात को काफी सकारात्‍मक बनाता है. दोनों नेताओं की बैठक के दौरान ड‍िफेंस यानी रक्षा के क्षेत्र को लेकर भी बेहद महत्‍वपूर्ण चर्चा हुई है. राष्‍ट्रपत‍ि ट्रंप ने भरोसा दिया है क‍ि वो रक्षा के क्षेत्र में भी भारत का पूरा सहयोग करेंगे.

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जी-7 समिट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से मुलाकात की.

नई द‍िल्‍ली. फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा को भारत और अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ल‍िए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शब्‍दों पर गौर फरमाते हुए चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के प्रेसिडेंट शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि दो देशों के बीच र‍िश्‍ते तो स्ट्रेटेजिक, एनर्जी स‍िक्‍योर‍िटी, क्र‍िट‍िकल म‍िनरल्‍स, टेक्‍नॉल‍िजी और ड‍िफेंस पर होते हैं, लेकिन 17 जून जो फ्रांस के एवियन शहर में दोनों देश के नेताओं के बीच जो केम‍िस्‍ट्री बनी वो हमें बहुत आगे ले जाने वाली है.

आईएएनएस से बात करते हुए चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के प्रेसिडेंट शिशिर प्रियदर्शी ने कहा क‍ि दो देशों के बीच र‍िश्‍ते इस बात पर न‍िर्भर करते हैं कि दोनों देशों के नेताओं के आपसी संबंध कैसे हैं. इसके ल‍िए मैं अपने देश के प्रधानमंत्री की सराहना करता हूं. ज‍िस प्रकार व‍िश्‍व भर के नेताओं के बीच वह अपने आप को और भारत देश को प्रस्‍तुत करते हैं, वह काबिले-तारीफ है.

शिशिर प्रियदर्शी ने कहा क‍ि यह व‍िचार करके ही देख‍िए क‍ि ये क‍ितनी बड़ी बात है, जब अमेर‍िका के राष्‍ट्रपत‍ि दुनिया भर के नेताओं की मौजूदगी में हमारे प्रधानमंत्री के ल‍िए कहते हैं, “मैं पीएम मोदी का म‍ित्र हूं, उनका सम्‍मान करता हूं और उनसे स्‍नेह रखता हूं.” प्रियदर्शी ने कहा क‍ि यही वो संबंध हैं, जो दोनों देशों के र‍िश्‍तों को आगे लेकर जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्राइम मिनिस्टर मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच बाइलेटरल मीटिंग 16 महीने बाद हुई और इससे दोनों देशों के लोगों में काफी उम्मीदें पैदा हुई हैं.

वहीं, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन की एसोसिएट फेलो बिदिशा भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीनों में पहली बाइलेटरल मीटिंग काफी सफल रही है. बिदिशा ने कहा क‍ि अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘दुन‍िया सबसे मजबूत वार्ताकार’ बताया. उनका यह कहना इस मुलाकात और बातों को काफी सकारात्‍मक बनाता है. बिदिशा कहा क‍ि कल दोनों नेताओं की बैठक के दौरान ड‍िफेंस को लेकर भी महत्‍वपूर्ण चर्चा हुई है. राष्‍ट्रपत‍ि ट्रंप ने कहा है क‍ि वो रक्षा के क्षेत्र भी भारत का सहयोग करेंगे. यह भारत के ल‍िहाज से बहुत ही महत्‍वपूर्ण है.

बिदिशा ने कहा क‍ि इस बैठक में एक जरूरी बात न‍िकल कर सामने आई, ज‍िसने लोगों का भ्रम दूर कर द‍िया. कल की बैठक ने यह स्‍पष्‍ट कर दिया है क‍ि भारत पर क‍िसी प्रकार का कोई दवाब नहीं है. राष्‍ट्रपति ट्रंप का यह कहना क‍ि “पीएम मोदी बहुत सख्त बातचीत करने वाले नेता हैं. सच कहूं तो सबसे सख्त नेताओं में से एक हैं.” यह इस बात की ओर इशारा है क‍ि भारत क‍िसी भी तरह से अमेर‍िका के दबाव में नहीं है.

वहीं, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के वरिष्ठ शोध सलाहकार कर्नल राजीव अग्रवाल (सेवानिवृत्त) ने कहा क‍ि अमेरिका-ईरान समझौते समझौते पर हस्ताक्षर होना एक बेहद स्वागतयोग्य कदम है, क्योंकि पिछले 100 दिनों से न सिर्फ यह क्षेत्र बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही थी. सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ऊर्जा संकट था, जिसमें तेल और एलपीजी की आपूर्ति भी शामिल है. उन्होंने कहा क‍ि अगर यह समझौता वास्तव में हो गया है और जैसा कि होर्मुज स्‍ट्रेट प्राधिकरण ने कहा है कि इसे 24 घंटे के भीतर फिर से खोल दिया जाएगा, तो यह सभी के लिए बहुत अच्छी खबर है, खासकर भारत के लिए.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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ग्वालियर में बंदूकबाज दुल्हन, पति को धमका रही: शादी के बाद सिर्फ एक महीने साथ रही, जेवर समेट ले गई, पति बोला-10 शादी पहले कर चुकी है – Gwalior News




ग्वालियर में कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ का मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है। बिजौली थाना क्षेत्र के मुगुलपुरा निवासी राहुल जाटव ने अपनी पत्नी, सास, साली और शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी एक ऐसे गिरोह की सदस्य है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठगता है। 14 अप्रैल को हुई शादी, एक महीने बाद छोड़कर चली गई पत्नी राहुल जाटव ने बताया कि उसकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी निवासी राखी जाटव से हुई थी। आरोप है कि शादी के दौरान ही पत्नी ने अपने रिश्तेदारों और अन्य लोगों की मदद से घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी करवा लिए। इस संबंध में पहले ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पीड़ित के मुताबिक, पत्नी 15 मई को ससुराल आई थी, लेकिन 23 मई को बिना बताए घर छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर पांच लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। 5 लाख नहीं दिए तो झूठे केस में फंसाने की धमकी राहुल का आरोप है कि पत्नी ने फोन पर कहा कि उसे उसके साथ नहीं रहना है और यदि पांच लाख रुपए नहीं दिए गए तो वह मीडिया के सामने यह आरोप लगाएगी कि उससे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। पीड़ित का कहना है कि उसे और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने तथा बदनाम करने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पत्नी के 10 से अधिक शादियां करने का दावा शिकायतकर्ता का दावा है कि पत्नी के बारे में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह पहले भी करीब 10 शादियां कर चुकी है और शादी के बाद जेवरात व नकदी लेकर फरार हो जाती है। राहुल ने मांग की है कि पत्नी, उसकी मां और बहन के बैंक खातों की जांच कराई जाए, जिससे कथित ठगी के लेनदेन सामने आ सकें। इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ फोटो डालने का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ तस्वीरें और स्टेटस डालकर लोगों को डराने का प्रयास करती है। साथ ही अनजान नंबरों से उसे लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। शिवपुरी साइबर सेल के आरक्षक पर भी आरोप राहुल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक इस गिरोह की मदद कर रहा है। उसके मुताबिक आरक्षक अपने पद का दुरुपयोग कर उसकी लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य निजी जानकारी निकालकर पत्नी तक पहुंचा रहा है। पुलिस ने शुरू की जांच एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि एक युवक ने शिकायत की है कि उसकी पत्नी शादी के बाद घर छोड़कर चली गई है। शिकायतकर्ता ने पत्नी द्वारा कई शादियां करने और जेवरात ठगने के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच बिजौली थाना पुलिस को सौंपी गई है।



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