Sunday, June 28, 2026
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जुड़वां बेटियों के हत्यारोपी पिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल: 220 पन्नों में 21 लोग गवाह, CCTV फुटेज अहम सबूत बनाया गया – Kanpur News




कानपुर की नौबस्ता पुलिस ने 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों की गला रेतकर हत्या करने वाले पिता शशिरंजन मिश्रा के खिलाफ 220 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतकों की मां, मौसी, मामा, अपार्टमेंट के चौकीदार, नौकरानी, पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर और विवेचना से जुड़े पुलिसकर्मियों समेत कुल 21 लोगों को गवाह बनाया है। घर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को सबसे अहम साक्ष्य माना जा रहा है। 19 अप्रैल को वारदात को दिया था अंजाम किदवई नगर के ब्लाक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर जी-फोर फ्लैट में दवा कंपनी में मैनेजर शशिरंजन मिश्रा पत्नी रेशमा छेत्री, 11 वर्षीय जुड़वां बेटियां रिद्धी-सिद्धी और छह वर्षीय बेटे रुद्रव के साथ रहता था। 19 अप्रैल की तड़के 4:32 बजे शशिरंजन ने पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर अपनी दोनों बेटियों की हत्या करने की जानकारी दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी सीसीटीवी कैमरे वाले कमरे में दोनों बेटियों के शवों के पास बैठा था। घटनास्थल से खून से सना चापड़ और हथौड़ा भी बरामद हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने पहले दोनों बेटियों का गला दबाने और फिर चापड़ रखकर उस पर हथौड़ा मारकर हत्या करने की बात कबूल की थी। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पूरी वारदात कैद हुई थी। फुटेज के अनुसार पहली बेटी की हत्या रात 1:50 बजे और दूसरी की हत्या रात 3:35 बजे की गई थी। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि गवाहों के बयान और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ 220 पन्ने की चार्जशीट दाखिल की गई है।



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बर्बाद कर देता है प्रॉपर्टी का झगड़ा, विवाद से बचने के लिए जरूर करें ये 5 काम


नई दिल्ली. पैसों या प्रॉपर्टी को लेकर होने वाला विवाद किसी भी हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर सकता है. भारत में आज भी अदालतों में चल रहे ज्यादातर पारिवारिक मुकदमों की मुख्य वजह संपत्ति का बंटवारा ही है- फिर चाहे वह मकान हो, जमीन हो, कैश हो या कोई बिजनेस.

कई बार मामला लालच का नहीं होता, बल्कि लोग अपने किसी करीबी की आखिरी इच्छा को ठीक से समझ नहीं पाते या फिर उन्हें संपत्ति के सही कागजात ही नहीं मिलते. इन कानूनी चक्करों में सालों बर्बाद हो जाते हैं और समय के साथ-साथ ढेर सारा पैसा भी पानी की तरह बह जाता है. अच्छी बात यह है कि सही प्लानिंग से इस पूरी परेशानी से बचा जा सकता है.

1. साफ और कानूनी रूप से वैध वसीयत बनाएं
भविष्य के झगड़ों से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका है एक कानूनी रूप से मजबूत वसीयत बनाना. वसीयत में साफ लिखा होता है कि आपके जाने के बाद किसे क्या मिलेगा. अगर वसीयत नहीं होगी, तो संपत्ति का बंटवारा उत्तराधिकार कानून के हिसाब से होगा, जो शायद आपकी इच्छा के मुताबिक न हो. वसीयत में सभी वारिसों के नाम और संपत्ति का पूरा ब्योरा साफ-साफ होना चाहिए.

2. नॉमिनेशन अपडेट रखें
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बैंक अकाउंट, बीमा या इन्वेस्टमेंट में जिसे नॉमिनी बनाया है, वही उस संपत्ति का मालिक होगा. लेकिन ऐसा नहीं है बल्कि कई मामलों में नॉमिनी सिर्फ एक केयरटेकर होता है, असली मालिक नहीं. इसलिए शादी, तलाक, बच्चे के जन्म या किसी हादसे के बाद नॉमिनेशन को तुरंत अपडेट करें और इसे अपनी वसीयत के हिसाब से ही रखें ताकि कोई भ्रम न रहे.

3. अपनी सभी संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड रखें
कई बार झगड़ा सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि परिवार वालों को पता ही नहीं होता कि कुल कितनी संपत्ति है. बैंक खाते, एफडी, म्यूचुअल फंड, शेयर और बीमा के कागजात अलग-अलग जगह बिखरे होने के कारण बाद में उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है. अपनी सभी संपत्तियों और कर्ज की एक लिस्ट बनाकर रखें, जिससे परिवार के लिए चीजें आसान हो जाएं.

4. अपने प्लान के बारे में परिवार से बात करें
संपत्ति और मौत जैसे विषयों पर बात करना थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन चुप्पी और भी खतरनाक हो सकती है. अगर आप कोई बड़ा फैसला ले रहे हैं, तो उस पर परिवार से खुलकर बात करें. आपको अपनी पूरी संपत्ति की पाई-पाई बताने की जरूरत नहीं है, बस उन्हें अपने फैसले की वजह समझा दें ताकि बाद में उन्हें कोई झटका न लगे.

5. समय-समय पर अपने प्लान की समीक्षा करें
जिंदगी बदलती रहती है, इसलिए आपकी संपत्ति की प्लानिंग भी बदलनी चाहिए. शादी, बच्चे का होना या कोई नई बड़ी प्रॉपर्टी खरीदने पर अपनी वसीयत और नॉमिनेशन को दोबारा चेक करें और जरूरत पड़ने पर बदलें. एक पुरानी और अधूरी वसीयत, वसीयत न होने जितनी ही खतरनाक हो सकती है.



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एमपी में बिजली गिरने से 4 की मौत: मानसून 22 राज्यों में पहुंचा, आज यूपी में एंट्री संभव; राजस्थान में पारा 43°C पार




देश के 6 राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि सात राज्यों में तेज गर्मी हो रही है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पारा 43°C से ज्यादा दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच शनिवार को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग झुलस गए। शिवपुरी में तेज हवा से कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। एक ढाबा और मकान ढह गया। कार, बाइक और पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचा। रतलाम में बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में भी बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। राजस्थान के 16 जिलों में बारिश हुई। बिहार के बेगूसराय, बांका समेत 6 जिलों में तेज बारिश हो रही है। मुजफ्फरपुर में 1 घंटे की बारिश से कई जगह पानी जमा हो गया है। मानसून ने देश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। यूपी में मानसून 9 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 16 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका हुआ है। यह आज बिहार बॉर्डर से प्रदेश में एंट्री कर सकता है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से बारिश की 3 तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के फलोदी में 43.8°C दर्ज किया गया। वहीं यूपी के आगरा और प्रयागराज में 43.2°C, हरियाणा के भिवानी में 43°C, एमपी के उमरिया में 42°C, दिल्ली में 41.9°C और गुजरात के राजकोट में 40.9°C रहा। यूपी के अलीगढ़ में गर्मी की वजह से 8वीं तक के स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 29 जून: 30 जून:



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पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला: 4 सुरक्षाकर्मियों और 6 आतंकियों की मौत; जमात-उल-अहरार ने ली जिम्मेदारी




पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमला रात करीब 8.30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ। इसमें चार रेंजर्स जवानों की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में छह आतंकी मारे गए, जबकि एक आतंकी को घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया गया। PTI के मुताबिक, आतंकी गाड़ी से मैन गेट तोड़ते हुए परिसर में घुसे। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके और फायरिंग शुरू कर दी, जिससे कई धमाके हुए। करीब 90 मिनट तक चली मुठभेड़ के बाद स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU), एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF) और रेंजर्स ने सभी हमलावरों को काबू कर लिया। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, हमलावर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के धड़े जमात-उल-अहरार (JuA) से जुड़े थे। इस संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन अफगानिस्तान सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा में नागरिकों, सुरक्षाकर्मियों और सरकारी ठिकानों पर हमले करता रहा है। हमले से जुड़ी 2 तस्वीरें… इलाके की घेराबंदी, लोगों को घरों में रहने की सलाह हमले के बाद पूरे परिसर और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी गई। आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई। ऑपरेशन के दौरान आसपास के कुछ इलाकों में बिजली भी बाधित रही। रेस्क्यू-1122 की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने घटना की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक और कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG) को मामले की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने भी घटना पर अलग से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक किसी आतंकी या अलगाववादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जमात-उल-अहरार (JuA) के जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अक्टूबर 2024 के बाद कराची का पहला बड़ा आतंकी हमला मई में 128 आतंकी हमले, 27% बढ़ोतरी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में देश में 128 आतंकी हमले हुए। अप्रैल में यह संख्या 101 थी। यानी एक महीने में आतंकी हमलों में 27% की बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा आतंकी हिंसा खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में दर्ज की गई। ————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत:रिमोट कंट्रोल से गाड़ियों को निशाना बनाया, अबतक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पूरी खबर पढ़ें…



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संभल के SP बन साइबर ठगी की कोशिश: गोरखपुर के व्यापारी को फेक फेसबुक एकाउंट से भेजी रिक्वेस्ट, 85 हजार मांगे – Gorakhpur News




गोरखपुर में संभल SP KK बिश्नोई बनकर साइबर जालसाजों ने ठगी करने की कोशिश की। उन्होंने शहर के एक व्यापारी को SP के फर्जी फेसबुक एकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा। एक्सेप्ट करने पर मैसेज के जरिए खुद को KK विश्नोई बताते हुए अपने किसी रिश्तेदार का गोरखपुर से ट्रांसफर होने की बात कही। और उनके पुराने फर्नीचर को कम दामों में खरीदने के लिए कहा। इसके लिए व्यापारी से 85 हजार रुपए ऑनलाइन भेजने की मांग की। जिससे व्यापारी को शक हुआ और उन्होंने तत्काल SP को काल करके जानकारी ली। तब मामले का खुलासा हुआ। जानिए पूरा मामला…
जानकारी के अनुसार शनिवार को चैंबर आफ टेक्सटाइल्स के अध्यक्ष राजेश नेभानी के फेसबुक अकाउंट पर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई। सामने वाले ने खुद को एसपी बताते हुए कहा कि गोरखपुर में तैनात सेना के एक अधिकारी उनके दोस्त हैं, जिनका ट्रांसफर हो गया है और वह कम कीमत पर अपना फर्नीचर व घरेलू सामान बेचना चाहते हैं। उनकाे आपका नंबर दे रहा हूं बात कर लिजिए। रूपए मांगने पर शक हुआ कुछ देर बाद राजेश नेभानी के पास दूसरे नंबर से फोन आया। काल करने वाले ने अपना नाम संतोष कुमार और खुद को सेना का अधिकारी बताते हुए कहा कि सामान खरीदने के लिए उनके खाते में 85 हजार रुपये आनलाइन जमा कर दीजिए। व्यापारी ने एसपी संभल केके बिश्नोई से जानकारी ली व्यापारी के पास उसने सोफा व बेड की तस्वीर भेजी। उसने भरोसा दिलाया कि भुगतान के बाद फर्नीचर और अन्य सामान मिल जाएगा। संदेह होने पर व्यापारी ने एसपी संभल कृष्ण कुमार बिश्नोई से संपर्क कर जानकारी ली। एसपी ने बताया कि उनके नाम से बनाई गई फेसबुक आइडी फर्जी है और साइबर अपराधी उसी के जरिए लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं



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एमपी में 65 डीएसपी के तबादले: बालाघाट हॉक फोर्स में 18 अफसर पदस्थ; ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन के CSP बदले – Bhopal News


पीएचक्यू ने शनिवार रात आदेश जारी किए हैं।

मध्य प्रदेश में गृह विभाग ने शनिवार रात 65 पुलिस अफसर के तबादले किए हैं। राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के तबादले में ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, पीथमपुर के नगर पुलिस अधीक्षकों (CSP) के साथ ही भोपाल और इंदौर में इसी कैडर के अफसरों की शहरी क्षेत्र में पदस्थ

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आदेश में बालाघाट में हॉक फोर्स में भी डीएसपी स्तर के 18 अफसरों को सहायक सेनानी पदस्थ किया है। इसके अलावा बालाघाट जिले में ही एसडीओपी के पद पर भी 4 राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारी पदस्थ किए हैं।

जिन अधिकारियों को बालाघाट जिले में हाफ फोर्स में पद्धति किया है उसमें उदित मिश्रा, अभिलाष कुमार भलावी, आकाश अमलकर, रवि सोनेर, उमेश प्रजापति, रितेश कुमार शिव, रविंद्र सिंह राठी, आयुष कुमार अलावा, सचिन पटेल, कुंदन मंडलोई, राहुल कुमार सय्याम, अक्षय चौधरी, अतुल कुमार सोनी अमन मिश्रा रोहित राठौर राकेश आर्य शामिल हैं।

वहीं, बालाघाट में दीपक तोमर एसडीओपी लांजी बालाघाट, चंद्रशेखर पांडे एसडीओपी बैहर बालाघाट, अभिषेक गौतम एसडीओपी परसवाड़ा, बालाघाट पदस्थ किए गए हैं।

देखें पूरी लिस्ट



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‘पुलिस ने खौलता पानी फेंका…’ भास्कर की खबर का असर: 8 दिन बाद हरकत में आई सरकार, पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, आर्थिक सहायता और डेयरी बूथ देने की भी घोषणा – Jaipur News



दैनिक भास्कर में “पुलिस ने खौलता पानी फेंका, युवती की छाती जली: पीड़िता बोलीं- शादी भी नहीं हुई, भविष्य की कल्पना करके रूह कांप जाती है” शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। घटना के आठ दिन बाद सरकार ने मामले मे

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सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 19 जून को जयपुर के रामनगरिया क्षेत्र में मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले यातायात व्यवस्था के दौरान हुई घटना में रेशु गुप्ता अपने ठेले पर रखे गर्म पानी से झुलस गई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल लाइन हाजिर किया है और निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है।

वहीं, नगर निगम जयपुर ग्रेटर के आयुक्त ओम कसेरा और उपायुक्त नीलम मीना पीड़िता के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेशु गुप्ता के उपचार का संपूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अलावा प्रभावित परिवार की आजीविका को दोबारा स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा स्थायी रोजगार के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 19 जून को रामनगरिया थाना क्षेत्र में मोमोज का ठेला लगाने वाली रेशु गुप्ता के पुलिसकर्मियों से विवाद के दौरान गंभीर रूप से झुलसने का मामला सामने आया था। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मी द्वारा ठेले को धक्का देने से खौलता पानी उस पर गिर गया। इस मामले में 22 जून को पीड़िता की बहन ने एफआईआर दर्ज कराई थी। भास्कर द्वारा पीड़िता की आपबीती प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और अब सरकार ने राहत और पुनर्वास संबंधी कदम उठाने की घोषणा की है।

यह भी पढ़े: पुलिस ने खौलता पानी फेंका, युवती की छाती जली:पीड़िता बोलीं- शादी भी नहीं हुई, भविष्य की कल्पना करके रूह कांप जाती है

जयपुर-मोमोज बेचने वाली युवती पर पुलिसवाले ने खौलता पानी फेंका:बुरी तरह जली; सीएम काफिले के लिए रोड क्लियर करवा रहे थे, एक-दूसरे पर आरोप



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3 अलग-अलग फिल्में, ‘सेम’ था विलेन का नाम, एक सुपरहिट-दूसरी ब्लॉकबस्टर, तीसरी रही फ्लॉप


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फिल्म में हीरो को टक्कर देने वाला विलेन जितना खूंखार होता है, मूवी देखने का रोमांच उतना ही बढ़ जाता है.70-80 और 90 के दशक में कुछ फिल्में आई जिनमें आइकॉनिक विलेन थे. ‘शोले’ के ‘गब्बर सिंह’, ‘शान’ मूवी के ‘शाकाल’, ‘मिस्टर इंडिया’ के ‘मोगेंबो’ को भला कौन भूल सकता है. इन खलनायकों के किरदार और इन्हें निभाने वाले एक्टर अमर हो गए. 22 साल के अंतराल में सिनेमाघरों में तीन ऐसी फिल्में आईं जिनके विलेन के नाम करीब-करीब एक जैसे थे. एक मूवी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई तो दूसरी मूवी सुपरहिट रही. एक फ्लॉप होकर भी दिल में बस गई. दो फिल्मों में विनोद खन्ना तो एक फिल्म में राज कुमार नजर आए थे.

यह सच है कि बॉलीवुड फिल्म हो या हॉलीवुड, मूवी में विलेन का होना जरूरी है. जब तक विलेन नहीं होगा, फिल्म देखने में मजा नहीं आएगा. 70-80 और 90 के दशक में फिल्मों में डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सबसे ज्यादा मेहनत ‘विलेन’ के किरदार, उसके स्क्रीन पर नाम पर करते थे. 70 के दशक में तो कई हीरो ही विलेन का रोल करते थे. शत्रुघ्न सिन्हा और विनोद खन्ना ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत निगेटिव रोल्स से की. अमजद खान से लेकर अमरीश पुरी तक निगेटिव रोल निभाने वाले एक्टर ने ‘विलेन’ के रूप में खूब नाम कमाया. 22 साल के अंतराल में बॉलीवुड में 3 ऐसी फिल्में भी आईं जिनमें विलेन के नाम लगभग एक जैसे थे. ये फिल्में थीं : मेरा गांव मेरा देश, शोले और इंसानियत के देवता. इन तीनों फिल्मों के विलेन का नाम मिलता-जुलता था.

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सबसे पहले बात करते हैं 13 अगस्त 1971 में रिलीज हुई ‘मेरा गांव मेरा देश’ फिल्म की जिसका डायरेक्शन राज खोसला ने किया था.
राज खोसला ने स्टोरी डिपार्टमेंट बना रखा था जिसमें कई लेखक स्टोरी लिखते थे. फिल्म की कहानी खोसला एंटरप्राइजेज स्टोरी डिपार्टमेंट ने लिखी थी. राज खोसला के भाई लेखराज खोसला और बोलू खोसला फिल्म के प्रोड्यूसर थे. स्क्रीनप्ले जीआर कामत ने लिखा था. डायलॉग अख्तर रोमानी ने लिखे थे. धर्मेंद्र, आशा पारेख और विनोद खन्ना लीड रोल में थे. सबसे दिलचस्प बात यह है कि विनोद खन्ना ही फिल्म के विलेन थे. उन्होंने ‘जब्बर सिंह’ डाकू का किरदार निभाया था. फिल्म के क्लाइमैक्स में उनकी फाइट धर्मेंद्र से होती है.

म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. गीतकार आनंद बक्शी थे. फिल्म के सभी गाने सुपरहिट थे. फिल्म के दो गाने ‘हाय शरमाऊं, किस-किस को बताऊं अपनी प्रेम कहानियां, ‘मार दिया जाए या छोड़ दिया जाए’ तब से लेकर आज तक हिट हैं. दोनों गाने लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में थे. ‘मेरा गांव मेरा देश’ में धर्मेंद्र ने कॉमेडी, रोमांस और एक्शन हर डिपॉर्टमें में शानदार एक्टिंग से सबका दिल जीत लिया. फिल्म में गांव की पागल औरत का किरदार पूर्णिमा दास ने निभाया था. उनका असली नाम मेहरबानो था जो कि महेश भट्ट की सगी मौसी थीं. मुन्नी बाई का किरदार लक्ष्मी छाया ने निभाया था. राजस्थान के उदयपुर के एक गांव में फिल्म की शूटिंग हुई थी.

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‘मेरा गांव मेरा देश’ ही वो फिल्म है जिसने धर्मेंद्र को एक्शन हीरो के तौर पर बॉलीवुड में पहचान दी. एक्शन हीरो के तौर पर धर्मेंद्र छा गए थे. आगे चलकर ‘शोले’ और ‘प्रतिज्ञा’ जैसी कई एक्शन फिल्में धर्मेंद्र सुपरस्टार बनकर उभरे. वहीं विनोद खन्ना बहुत ही डोमिनेटिंग रहे. वो जब-जब पर्दे पर आए दर्शक सीटियां बजाने के लिए मजबूर हुए. यह फिल्म जब रिलीज हुई तब कोई नहीं जानता था कि यह मूवी हिंदी सिनेमा के इतिहास की आइकॉनिक फिल्म के लिए प्लॉट तैयार करेगी. जब भी शोले फिल्म का नाम लिया जाता है तो मेरा गांव मेरा देश की भी चर्चा होती है. दिलचस्प बात यह भी है कि दोनों ही फिल्मों में धर्मेंद्र ने काम किया है. यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी. फिल्म में विनोद खन्ना ‘जब्बर सिंह’ के रोल में छाए रहे.

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इस कड़ी में दूसरी फिल्म ‘शोले’ है जो हिंदी सिनेमा की सर्वेश्रेष्ठ फिल्मों में शामिल है. सच ही कहा जाता है कि ‘शोले’ जैसी आइकॉनिक फिल्में बस बन जाती हैं. ‘मेरा गांव मेरा देश’ फिल्म की कहानी को सलीम-जावेद ने नए अंदाज में लिखा. यह भी दिलचस्प है कि जहां ‘मेरा गांव मेरा देश’ 13 अगस्त 1971 में रिलीज हुई वहीं ‘शोले’ फिल्म 15 अगस्त 1975 को सिनेमाघरों में आई थी. धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, संजीव कुमार, अमजद खान लीड रल में थे. फिल्म का डायरेक्शन रमेश सिप्पी ने किया था. प्रोड्यूसर जीपी सिप्पी थे. जय-वीरू यानी अमिताभ बच्चन-धर्मेंद्र की जोड़ी इसी फिल्म में नजर आई थी. हेमा मालिनी ने बसंती का कालजयी किरदार निभाया था.

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यह भी दिलचस्प है कि ‘शोले’ फिल्म में जहां अमजद खान ने गब्बर सिंह डाकू बनकर अपना नाम इतिहास में दर्ज कराया वहीं ‘मेरा गांव मेरा देश’ फिल्म में अमजद खान के पिता जयंत ने मेजर जसवंत सिंह का किरदार निभाया था. उनका वास्तविक नाम जकरिया खान था. एक फिल्म में जहां पिता ने किरदार निभाया, वहीं दूसरी फिल्म में बेटे ने शानदार एक्टिंग की. हिंदी सिनेमा के इतिहास में ऐसा सुखद संयोग बहुत ही काम देखने को मिलता है. यह भी हैरान करने वाली बात है कि फिल्म में 66 मिनट बाद गब्‍बर सिंह की एंट्री होती है. इतनी देर बाद मिली एंट्री के बाद वो भी छा गए. ‘शोले’ ने अमजद खान को फिल्म इंडस्ट्री में स्‍थापित किया. उन्हें ‘गब्‍बर सिंह’ के तौर पर अमर पहचान दी. उन्होंने ऐसा किरदार गढ़ा, जो बॉलीवुड के विलेन की कसौटी बन गया. अमजद खान ने खास तरह की संवाद अदायगी के चलते इस कैरेक्टर को ‘लार्जर दैन लाइफ’ बना दिया.

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मेरा गांव मेरा देश औ शोले दोनों फिल्मों में कई समानताए हैं. फिल्म में हर किसी का काम असाधारण था. ‘मेरा गांव मेरा देश’ में अजित बने धर्मेंद्र जहां सिक्का उछालकर कोई बड़ा फैसला लेते हैं, वहीं ‘शोले’ फिल्म में जय (अमिताभ बच्चन) सिक्का उछालते हैं. मजेदार बात यह भी है कि विनोद खन्ना का नाम फिल्म में जब्बर सिंह रहता है, वही शोले फिल्म में हमें ‘गब्बर सिंह’ नाम का डाकू अमजद खान के रूप में दिखाई देता है. मेरा गांव मेरा देश में अजित शराब पीता है. बाद में शराब छोड़ देता है. शोले में वीरू शराब पीता है. बसंती से प्यार का इजहार शराब पीकर ही गांववालों के सामने करता है. मेरा गांव मेरा देश में धर्मेंद्र, आशा पारेख को बंदूक चलाना सिखाते हैं. कुछ इसी तरह का सीन हमें शोले फिल्म में भी दिखाई देता है जहां धर्मेंद्र, बसंती यानी हेमा मालिनी को बंदूक चलाना सिखाते हैं. मेरा गांव मेरा देश में पौने घंटे बाद ‘जब्बर सिंह’ यानी विनोद खन्ना की एंट्री होती है. वहीं शोले में एक घंटे बाद पर्दे पर गब्बर सिंह यानी अमजद खान की एंट्री होती है.

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शोले फिल्म जब रिलीज हुई तो पूरे एक हफ्ते तक नहीं चली थी. प्रोड्यूसर समेत पूरी टीम को यकीन हो गया था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. फिल्म का क्लाइमैक्स बदलने के लिए अमिताभ बच्चन के घर पर सलीम-जावेद और रमेश सिप्पी की बैठक भी हुई थी. फिर ऐसा चमत्कार हुआ कि फिल्म ने इतिहास रच दिया. यह ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म में शुमार है. हिंदी सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा टिकट इस फिल्म के बिकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी शोले के नाम है. शोले ने उस समय 50 करोड़ का कलेक्शन किया था.

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इस लिस्ट में सबसे आखिरी नाम ‘इंसानियत के देवता’ फिल्म का है जो कि 12 फरवरी 1993 में रिलीज हुई थी. डायरेक्शन केसी बोकाड़िया ने किया था. फिल्म में रजनीकांत, विनोद खन्ना, राज कुमार, जया प्रदा, मनीषा कोइराला, वर्षा उसगांवकर और विवेक मुश्रान ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. म्यूजिक आनंद-मिलिंद का था. यह एक एक्शन फिल्म थी. राज कुमार साहब को इस फिल्म के लिए 25 लाख रुपये की फीस दी गई थी. पहले इस फिल्म का टाइटल ‘कसम मेरे देश की’ था. फिल्म में विलेन रामी रेड्डी के किरदार का नाम ‘जब्बर सिंह’ था. यही नाम विनोद खन्ना का ‘मेरा गांव मेरा देश’ में था. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी.

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गर्दन में सरिया घुसने से छात्र की मौत: भागलपुर में हॉस्टल रहता था बच्चा, खेलते समय हुई घटना – Pirpainti(Bhagalpur) News




भागलपुर के पीरपैंती थाना क्षेत्र स्थित एक निजी विद्यालय के हॉस्टल में शनिवार को खेल के दौरान हुए हादसे में 9 वर्षीय छात्र आर्यन कुमार की मौत हो गई। आर्यन बाखरपुर पश्चिमी पंचायत निवासी दशरथ मंडल का पुत्र था। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। 5 साल से हॉस्टल में रहता था जानकारी के अनुसार, आर्यन पिछले पांच वर्षों से इसी निजी विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शनिवार को विद्यालय प्रबंधन ने आर्यन के परिजनों को फोन पर उसकी मौत की सूचना दी। परिजन तत्काल विद्यालय पहुंचे, जहां उन्हें बच्चे की गर्दन में लोहे की छड़ (सरिया) घुसने के निशान मिले। खेलते समय गरदन में सरिया घुसने से गई जान प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आर्यन अन्य बच्चों के साथ विद्यालय परिसर स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे खेल रहा था। इसी दौरान खेल-खेल में लोहे की छड़ से हादसा हो गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बाखरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी नागेन्द्र कुमार ने बताया कि मृतक के पिता दशरथ मंडल ने थाना में दिए लिखित आवेदन में कहा है कि उनके पुत्र की मृत्यु खेल के दौरान हुए हादसे में हुई है।



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हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने मंत्री से भेंट की: सामाजिक, धार्मिक और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की – Purnia News




विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार रात बिहार सरकार के भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने डॉ. दिलीप जायसवाल को भगवा अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ और श्री राम दरबार भेंट कर अभिनंदन किया। इस दौरान ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया गया। मुलाकात के दौरान सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, समाज में सेवा, समरसता, जनजागरण तथा संगठन की भावी कार्य योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। आशीष गोस्वामी ने बताया कि विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याण के कार्यों में निरंतर सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सीमांचल, बिहार सहित पूरे देशभर में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सेवा, जनजागरण तथा सामाजिक समरसता के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। गोस्वामी ने यह भी दोहराया कि उनका संगठन सदैव सरकार एवं प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर समाजहित एवं राष्ट्रहित के कार्यों में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा। वहीं, बिहार सरकार के भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने संगठन द्वारा किए जा रहे सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याण के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाजहित के लिए कार्य करने वाले सामाजिक संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मंत्री ने संगठन के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ द्वारा किए जा रहे सेवा एवं जनहित के कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे जनहितकारी कार्यों में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा और समाजहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय मंत्री खगेश कुमार, विक्की गोस्वामी, पूर्णिया जिला गौ-रक्षा प्रमुख नवीन कुमार, सुशील कुमार, पूर्णिया नगर अध्यक्ष अमरेंद्र भगत, महिला मोर्चा पूर्णिया जिला मंत्री प्रिया कुमारी, पूर्णिया नगर मंत्री काजल गुप्ता, वार्ड अध्यक्ष (वार्ड संख्या-20) आकृति कुमारी, वार्ड अध्यक्ष (वार्ड संख्या-7) प्रिंस कुमार, राजेश कुमार, सोनाली पासवान, पूजा गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



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