Saturday, May 16, 2026
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बिहार दिनभर, 10 बड़ी खबरें: काली कमाई से करोड़पति बना इंजीनियर, बालू माफिया ने सिपाही को रौंदा, शादी के बाद कपल ने खाया जहर – Bihar News




नमस्कार आज की सबसे बड़ी पटना से है। ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रेड की। मजिस्ट्रेट कॉलोनी के जगत विला अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर F-2 से 40 लाख रुपए कैश मिले हैं। ये कैश डिजिटल लॉकर में रखे गए थे। 60 लाख के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा जमीन संबंधित कई लैंड डीड्स और निवेश के कागजात और बैंक अकाउंट्स की जानकारी EOU को मिली है।चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… टॉप 10 खबरें… 01- काली कमाई का करोड़पति इंजीनियर, 50 लाख कैश जब्त बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रेड की। पटना और जमुई के 4 ठिकानों पर ये छापेमारी हुई। पटना की मजिस्ट्रेट कॉलोनी के जगत विला अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर F-2 से 40 लाख रुपए कैश मिले हैं। ये कैश डिजिटल लॉकर में रखे गए थे। 60 लाख के आभूषण बरामद किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें 02- बिहार में बेखौफ बालू माफिया, पुलिस पर कर रहे हमला बिहार में बालू माफिया बेखौफ हो चुके हैं। सासाराम में शनिवार सुबह एक बालू लदे ट्रैक्टर ने ड्यूटी पर तैनात सिपाही को रौंद दिया। यह घटना नो एंट्री क्षेत्र में ट्रैक्टर को रोकने के दौरान हुई। इधर, नवादा में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई खनन विभाग की टीम पर बालू माफिया ने गोलीबारी कर दी। पूरी खबर पढ़ें 03- मुजफ्फरपुर-किशनगंज में सीमेंट फैक्ट्री को मिली मंजूरी बिहार के मुजफ्फरपुर और किशनगंज में सीमेंट फैक्ट्री को मंजूरी दी गई है। CM सम्राट ने X पर लिखा- बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालमिया और अंबुजा सीमेंट की बड़ी इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। पूरी खबर पढ़ें 04- लव मैरिज के 1 घंटे बाद कपल ने खाया जहर, लड़के की मौत भागलपुर के कहलगांव थाना क्षेत्र के शिवकुमार पहाड़ मोहल्ले में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे शादी की, इसके बाद 4 बजे नवविवाहित दंपती ने जहर खा लिया। जहर खाने से पहले लड़के ने वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी मां को भेजा था। इसके बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। दोनों को उठाकर अनुमंडलीय अस्पताल ले गए। पूरी खबर पढ़ें 05- पति ने रील देखने से रोका, पत्नी ने कर ली खुदकुशी आरा में रील्स देखने से मना करने पर एक गर्भवती महिला ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नगर थाना क्षेत्र के उजियार टोला स्थित बिंद टोली मोहल्ले की है। मृतका की पहचान पटना जिले के महीनावां गांव निवासी गोविंद महतो की पत्नी पार्वती देवी(22) के तौर पर हुई है। पूरी खबर पढ़ें 06- पटना में इंदौर की तर्ज पर बनेगा स्ट्रीट फूड हब पटना में इंदौर की तर्ज पर स्ट्रीट फूड हब का निर्माण किया जाएगा। इसमें चंपारण मटन से लेकर खाजा-ठेकुआ बेचा जाएगा। बिहार के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दिलाने और स्ट्रीट फूड संस्कृति को व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें 07- बिहार के 27 पेट्रोल पंप हुए बंद, कई शहरों में लगाई लिमिट बिहार में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग शंकाएं हैं। कहीं पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए लोग 1 किलोमीटर से ज्यादा लंबी लाइन में खड़े हो जा रहे हैं तो कहीं पेट्रोल पंप ही बंद हो जा रहे हैं। राजधानी पटना में ही पेट्रोल-डीजल पर कैपिंग यानि कि इसकी खरीद मात्रा लिमिट कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें 08- सुल्तानगंज डबल मर्डर केस, उप सभापति पर इनाम घोषित सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई। इस मामले में मुख्य आरोपी रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद अब उपसभापति नीलम देवी समेत उनके दो बेटों की भी गिरफ्तारी होगी। भागलपुर पुलिस की ओर से तीनों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। पूरी खबर पढ़ें 09- शादी के 16वें दिन कैश-ज्वेलरी लेकर फरार लुटेरी दुल्हन मुजफ्फरपुर में शादी के 16 दिन बाद दुल्हन कैश और गहने लेकर फरार हो गई। घटना मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के लोमा गांव (वार्ड संख्या 1) की है। लोमा गांव के रामबाबू मांझी के बेटे धर्मेंद्र कुमार की शादी 25 अप्रैल को पियर थाना क्षेत्र की एक लड़की से हुई थी। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। पूरी खबर पढ़ें 10- बिहार के 20 जिलों में कल आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने बिहार के 20 जिलों में कल यानी रविवार को आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। साथ ही 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।



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जौनपुर में 12 मुख्य आरक्षी चालक सहायक उप निरीक्षक बने: पुलिस कार्यालय में पीपिंग सेरेमनी आयोजित, बैज पहनाकर किया सम्मानित – Jaunpur News




जौनपुर में 12 मुख्य आरक्षी चालकों को सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इस पदोन्नति के उपलक्ष्य में पुलिस कार्यालय में एक पीपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी पुलिस कार्यालय विवेक सिंह ने की। सेरेमनी के दौरान, पदोन्नत हुए सभी मुख्य आरक्षी चालकों को सहायक उप निरीक्षक पद के बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन उनकी नई जिम्मेदारी और पदोन्नति को चिह्नित करने के लिए किया गया था।
पदोन्नत होने वाले पुलिसकर्मियों में दिनेश कुमार यादव, साधु शरण सिंह, मंगला सिंह, महेन्द्र यादव, मनोज चौबे, राम प्रताप सिंह, बेबी लाल बघेल, योगेन्द्र प्रताप सिंह, विनोद कुमार द्विवेदी, रविशंकर तिवारी, आत्मा सिंह और सत्येन्द्र नाथ पाण्डेय शामिल हैं।



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CBSE 3rd Language Rule 2026: अब 9वीं-10वीं में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य, 1 जुलाई से लागू होगा नियम


CBSE 3rd Language Rule 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का नियम अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, कक्षा 10 में तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। परिपत्र में कहा गया है, ‘1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के लिए तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।’ सीबीएसई के परिपत्र के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (एनसीएफ-एसई) 2023 के अनुरूप, तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए।  

क्या कहता है नया नियम 

बता दें कि, सीबीएसई माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार संबंधित भाषा विषयों को तीन स्तर आर1, आर2 और आर3 में बांटा गया है। आर1 छात्र की मुख्य भाषा होगी, आर2 एक अलग भाषा होगी और आर3 शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से अनिवार्य होगी और 2030-31 तक कक्षा 10 तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। आर1 और आर2 स्तर पर चुनी गई भाषाएं एक जैसी नहीं हो सकतीं और इन्हें एक से अधिक स्तरों पर एक साथ नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। सीबीएसई की अधिसूचना में कहा गया है, “भाषाओं में भारत की दो आधिकारिक भाषाएं यानी हिन्दी, अंग्रेजी और 42 अन्य भाषाएं शामिल हैं। इस प्रकार, भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी अनुसूचित भाषाओं के अलावा, अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाएँ और विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जा रही हैं।”  

नौवीं कक्षा से दो स्तरीय गणित और विज्ञान 

गणित और विज्ञान में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से दो-स्तरीय प्रणाली लागू होगी। सभी छात्र गणित के मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे, जिसमें तीन घंटे की 80 अंकों की एक सामान्य परीक्षा शामिल है, जबकि उन्नत घटक में उच्च-स्तरीय सोच कौशल (HOTS) का परीक्षण करने के लिए 25 अंकों का एक अलग प्रश्नपत्र होगा। नया पाठ्यक्रम मौजूदा बुनियादी और मानक गणित प्रणाली का स्थान लेगा; गणित और विज्ञान में दो स्तरीय प्रणाली (मानक + उन्नत) 2026-27 में शुरू होगी, और 10वीं कक्षा की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।  


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79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल: रेड कार्पेट पर गुजराती फिल्ममेकर का जलवा


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गुजरात की फिल्ममेकर चंदा पटेल ने 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म ‘तेरा मेरा नाता’ के ग्लोबल प्रीमियर के साथ भारतीय सिनेमा का गौरव बढ़ाया है. रेड कार्पेट पर आइवरी और पेस्टल शेड्स के शानदार डिजाइनर आउटफिट में उनकी मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा. फिल्म की इमोशनल कहानी और कल्चरल जुड़ाव को ग्लोबल स्टेज पर काफी सराहना मिली, जो भारतीय रीजनल सिनेमा के लिए एक बड़ी अचीवमेंट है. चंदा पटेल ने इस अनुभव को अपने लिए बेहद सम्मानजनक बताया. यह सफलता ग्लोबल मंच पर भारतीय निर्माताओं की बढ़ती ताकत और पहचान को मजबूती से बयां करती है.

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चंदा पटेल ने रेड कार्पेट पर शिरकत की.

नई दिल्ली: गुजरात की मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर चंदा पटेल ने एक बार फिर ग्लोबल स्टेज पर भारत का नाम रोशन कर दिया है. 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर जब चंदा पटेल ने कदम रखा, तो उनकी सादगी और आत्मविश्वास ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस खास मौके की सबसे बड़ी बात उनकी फिल्म ‘तेरा मेरा नाता’ का ग्लोबल प्रीमियर रहा. दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म को जिस तरह पेश किया गया, उसने न केवल भारतीय कल्चर की झलक दिखाई, बल्कि रीजनल सिनेमा को भी एक नई ऊंचाई दी. चंदा पटेल की यह कामयाबी दिखाती है कि भारतीय कहानियां अब सरहदों के पार जाकर लोगों के दिलों को छू रही हैं.

कान्स फिल्म फेस्टिवल के ग्लैमरस माहौल में चंदा पटेल का लुक किसी रानी से कम नहीं लग रहा था. उन्होंने आइवरी और पेस्टल शेड्स का एक बेहद खूबसूरत डिजाइनर गाउन पहना था, जिस पर की गई बारीक एम्ब्रॉयडरी भारतीय कारीगरी का बेजोड़ नमूना पेश कर रही थी. उनके आउटफिट का लंबा ट्रेल और मॉडर्न स्टाइल भारतीय परंपरा और ग्लोबल फैशन का एक परफेक्ट फ्यूजन नजर आया. सटल मेकअप और एलिगेंट ज्वेलरी के साथ जब वो रेड कार्पेट पर चलीं, तो वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और मेहमान उन्हें देखते रह गए. उनका यह अंदाज न केवल स्टाइलिश था, बल्कि इसमें भारतीय गरिमा की साफ झलक मिल रही थी.

सराही गई ‘तेरा मेरा नाता’ की कहानी
चंदा पटेल हमेशा से ही ऐसी कहानियों पर काम करती आई हैं जो भावनाओं और हमारी जड़ों से जुड़ी हों. ‘तेरा मेरा नाता’ की इमोशनल कहानी को कान्स में काफी सराहा गया, जो भारतीय फिल्मकारों के लिए गर्व की बात है. चंदा ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बेहद भावुक होकर कहा कि इतने मंच पर अपनी फिल्म को लेकर आना और देश को रीप्रेजेंट करना उनके लिए एक बड़े सम्मान की बात है. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो और जज्बा सच्चा हो, तो भारतीय सिनेमा का परचम पूरी दुनिया में लहराया जा सकता है.

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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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ब्रेकर पर बोलेरा स्लो, पीछे से स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर: सीधी में एक गाड़ी का ड्राइवर घायल; हादसे का CCTV आया सामने – Sidhi News




सीधी जिले के अमिलिया गांव में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बड़ा मन वीर मंदिर के सामने एक स्कॉर्पियो और बोलेरो के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसका वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट हो रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क पर आगे चल रही बोलेरो गाड़ी मंदिर के पास बने स्पीड ब्रेकर (जंप) पर अचानक धीमी हुई और ड्राइवर ने ब्रेक लगा दिए। इसी बीच पीछे से काफी रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सीधे बोलेरो से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। एक युवक घायल, अस्पताल में भर्ती इस एक्सीडेंट में बोलेरा चालक राहुल दुबे नाम का एक शख्स घायल हुआ है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गाड़ियों की रफ्तार कितनी तेज थी और भिड़ंत कितनी खतरनाक थी। वहीं टक्कर मारने के बाद स्कॉर्पियो चालक मौके से भाग गया। लोगों में नाराजगी हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर बने जंप, गाड़ियों की ओवरस्पीड और अचानक ब्रेक मारना आए दिन होने वाले इन हादसों की बड़ी वजह है। लोगों ने मांग की है कि यहां ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाए और गाड़ियों की रफ्तार पर लगाम लगाई जाए। पुलिस का कहना अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला लग रहा है।



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NCB ने ₹182 करोड़ की कैप्टागॉन ड्रग जब्त की: शाह बोले- यह जिहादी ड्रग, नारकोटिक्स ब्यूरो ने ऑपरेशन रेजपिल चलाकर पहली खेप जब्त की


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2 घंटे पहले

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कैप्टागॉन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह से लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागॉन जब्त किया गया है। जिसे जिहादी ड्रग भी कहते हैं, इसकी कीमत 182 करोड़ रुपए है।

गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कैप्टागॉन की पहली खेप जब्त करने के लिए एजेंसी की सराहना की। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है।

ऑपरेशन से जुड़ी दो तस्वीरें…

क्यों कहते हैं जिहादी ड्रग

कैप्टागॉन एक आम नाम है जो फेनेथिलिन से जुड़ा है। यह 1960 के दशक में बनाया गया एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट (उत्तेजक) है। इसका गलत इस्तेमाल और तस्करी पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में एक्टिविस्ट और कॉन्फ्लिक्ट जोन के नेटवर्क से जुड़ी है।

इसे जिहादी ड्रग का नाम इसलिए मिला क्योंकि इस ड्रग के असर से इसका इस्तेमाल करने वाले लोग लंबे समय तक जाग पाते थे। डर और थकान को दबाया जा सकता है।

इतना ही नहीं एग्रेसिव और जोखिम लेने वाला व्यवहार भी बढ़ाया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से तनाव वाले हालात में लंबे समय तक लड़ाई जैसी गतिविधियों को जारी रखा जा सकता है।

गृह मंत्रालय बोला- ऑपरेशन रेजपिल नशामुक्त भारत के लिए चलाया

MHA ने एक बयान में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से जानकारी मिली थी कि भारत का इस्तेमाल कैप्टागॉन की तस्करी के लिए एक ट्रांजिट रूट के तौर पर किया जा रहा है।

नई दिल्ली के नेब सराय में एक घर की पहचान की गई, और 11 मई को वहां तलाशी ली गई, जिसके दौरान एक कमर्शियल चपाती-काटने वाली मशीन में छिपाई गई लगभग 31.5 किलो कैप्टागॉन टैबलेट बरामद हुई। इस मशीन को सऊदी अरब के जेद्दाह में एक्सपोर्ट करने का इरादा था।

दिल्ली में रह रहे सीरिया के नागरिक से मिला था इनपुट

नेब सराय का यह घर एक सीरियाई नागरिक ने किराए पर लिया था, जो 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। MHA ने बताया कि उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को खत्म हो गया था। वह गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था।

उससे पूछताछ के आधार पर 14 मई को गुजरात के मुंद्रा में कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में रखे एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलो कैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। यह कंटेनर सीरिया से मंगाया गया था, जिसमें भेड़ की ऊन बताई गई थी।

कंटेनर की पूरी तरह से तलाशी लेने पर, उसमें से 3 बैग बरामद हुए जिनमें 196.2 किलोग्राम कैप्टागॉन पाउडर भरा हुआ था। शुरुआती जांच से पता चला है कि बरामद किए गए इस सामान को खाड़ी क्षेत्र खासकर सऊदी अरब और आस-पास के मध्य-पूर्वी देशों में भेजा जाना था।

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जम्मू-कश्मीर में 28 दिनों में 733 ड्रग तस्कर गिरफ्तार:47 के घर पर बुलडोजर चला; 114 केमिस्ट दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड

जम्मू और कश्मीर में पिछले 28 दिनों में ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े 733 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान आरोपी ड्रग पेडलर्स के 47 घरों पर बुलडोजर चलाया गया।

अपराधियों की आवाजाही रोकने के लिए 373 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए और नियमों का उल्लंघन करने पर 114 केमिस्ट दुकानों के लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।

दरअसल, एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्करी खत्म करने के लिए 100 दिनों का अभियान शुरू किया था। पूरी खबर पढ़ें

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गुरु, शुक्र और चंद्रमा की युति से मिथुन समेत 6 राशियों को मिलेगा महाभाग्य योग का लाभ, शुरू


होमराशि

गुरु, शुक्र और चंद्रमा की युति से 6 राशियों को मिलेगा महाभाग्य योग का फायदा

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गुरु और शुक्र ग्रह इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं और अब तीन दिनों के लिए चंद्रमा की इनके साथ युति बन रही है, जिससे महाभाग्य योग का निर्माण हो रहा है. इस योग का शुभ प्रभाव मिथुन समेत 6 राशियों पर रहने वाला है, जो इन राशियों की जिंदगी में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. आइए जानते हैं मिथुन राशि में बन रही गुरु, शुक्र व चंद्रमा की युति से किन किन राशियों को लाभ होगा.

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देवताओं के गुरु बृहस्पति और असुरों के गुरु शुक्र इस समय एक साथ मिथुन राशि में विराजमान हैं. अब गुरु और शुक्र ग्रह के साथ चंद्रमा भी मिथुन राशि में संचार करने वाले हैं, जिससे एक साथ तीन ग्रहों की युति बनेगी. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस महीने की 18, 19 और 20 तारीख को चंद्रमा का संचार मिथुन राशि में होने वाला है, जहां पहले से ही गुरु और शुक्र ग्रह विराजमान हैं. मिथुन राशि में इन तीन ग्रहों के युति से त्रिग्रही योग, महाभाग्य योग समेत कई शुभ योग का निर्माण होने वाला है. इन शुभ योग का लाभ मिथुन, धनु समेत 6 राशियों को मिलने वाला है. इन राशियों के धन-संपत्ति में वृद्धि होगी और करियर में नई ऊंचाइयों को छुएंगी. 6 राशियों के इन तीन दिनों में लिए गए निर्णय और शुरू की गई योजनाएं शत प्रतिशत सफल होंगी. आइए जानते हैं मिथुन राशि में बन रही तीन ग्रहों की युति किन किन राशियों के लिए फायदेमंद रहने वाली है.

वृषभ राशि
शुक्र, चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह के धन के स्थान पर संयोग के कारण वृषभ राशि वालों के लिए राजपूजा का आशीर्वाद रहेगा. इस राशि वालों के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेने और प्रयास करने का यह बहुत ही अनुकूल समय है. वृषभ राशि वालों के युति के प्रभाव से प्रसिद्ध और धनी लोगों से संपर्क बढ़ेगा. साथ ही आय में अचानक और सहजता से वृद्धि होगी. नौकरी, करियर और व्यवसाय में अपेक्षा से अधिक प्रगति होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. वैवाहिक जीवन और ससुराल पक्ष में चल रही परेशानियों से राहत मिलेगी.

मिथुन राशि
बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा की आपकी ही राशि में युति बन रही है, ऐसे में मिथुन राशि वालों को निश्चित रूप से अपार सौभाग्य और धन की प्राप्ति होगी. आपके शेयर बाजार और सट्टेबाजी सहित आय बढ़ाने के सभी प्रयास सफल होंगे. इस राशि के नौकरी पेशा जातकों के ऑफिस में चल रही परेशानियों से राहत मिलेगी और अधिकारियों के साथ संबंध फिर से मजबूत होंगे. हालांकि आपको अन्य संगठनों से निमंत्रण और प्रस्ताव प्राप्त भी हो सकते हैं. परिवार में चल रही टेंशन से राहत मिलेगी और घर के जरूरतों को पूरा कर पाने की स्थिति में होंगे.

कन्या राशि
इस राशि के 10वें भाव में शुक्र, चंद्रमा और गुरु की युति से नौकरी में शुभ परिणाम मिलेंगे. आप जो भी काम करेंगे, उसमें सफलता मिलेगी. ऑफिस में आपके द्वारा किए जा रहे प्रयास रंग लाएंगे और अधिकारियों के साथ संबंध मजबूत होंगे. वहीं इस राशि के जो जातक काफी समय से रोजागर की तलाश कर रहे हैं, उनको भी इस अवधि में शुभ समाचार प्राप्त होगा. इस राशि के सिंगल जातकों का विवाह किसी धनी परिवार के साथ हो सकता है. अगर आप मकान व फ्लैट खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इस अवधि में आपको सफलता मिलेगी.

तुला राशि
बृहस्पति और चंद्रमा की युति के साथ राशि के स्वामी शुक्र की शुभ स्थिति के कारण तुला राशि वालों को राजसी आशीर्वाद प्राप्त होगा. इस अवधि में कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे और उनकी मदद से आपके कई कार्य पूरे होंगे. अगर आपके बिजनेस में परेशानी चल रही है तो वह इस अवधि में दूर हो जाएगी या कम से कम परेशानी को दूर करने का मार्ग मिल जाएगा. शुभ योग के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और संपत्ति में इजाफा होने के योग बन रहे हैं. परिवार में सुख-शांति से मन भी प्रसन्न रहेगा.

धनु राशि
शुक्र और चंद्रमा की युति के साथ राशिचक्र के स्वामी बृहस्पति के साथ सातवें भाव में युति होने के कारण, आप इस अवधि में जिस भी चीज को छुएंगे वह सोने में बदल जाएगी. आपकी आय में जबरदस्त वृद्धि होगी और आप आर्थिक व व्यक्तिगत समस्याओं से छुटकारा पाएंगे. अगर आप संपत्ति विवाद या अदालती मामलों में फंसे हुए हैं तो इस अवधि में आपके पक्ष में सुलझेंगे और हर कार्य को सफलतापूर्वक पूरे होंगे. अगर आप काफी समय से रोजगार या नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो इस अवधि में आपकी इच्छा पूरी होगी.

कुंभ राशि
कुंभ राशि के पंचम भाव में बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा का संयोजन संपत्ति, भूमि और गृहस्थी में लाभ लेकर आने वाला है. कुंभ राशि वालों के संपत्ति संबंधी विवाद अनुकूल रूप से सुलझ जाएंगे और किसी बुजुर्ग की व्यक्ति की सलाह आपके काम आएगी. अगर आपका धन कहीं फंसा हुआ है तो इस अवधि में मिलने की संभावना बन रही है और दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं. शेयर और सट्टेबाजी सहित सभी अतिरिक्त आय के प्रयास सफल होंगे. नवदंपत्तियों के लिए संतान प्राप्ति की संभावना बन रही है, जिससे पूरे परिवार की खुशियों में वृद्धि होगी.

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Parag SharmaChief Sub Editor

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें





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2005 से 2016 के बीच अक्षय कुमार-जॉन ने किया इन 4 फिल्मों में काम, 3 निकली ब्लॉकबस्टर


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Akshay Kumar and John Abraham movies: अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम अलग-अलग कई देशभक्ति और एक्शन भरी फिल्में कर चुके हैं. लेकिन दोनों ने साथ में ऐसी कोई फिल्म नहीं की. हालांकि, जॉन अब्राहम की देशभक्ति से भरी एक्शन फिल्म में अक्षय कुमार ने कैमियो किया है. यहां हम आपको इन दोनों की साथ वाली फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं.

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फिल्म ‘गरम मसाला’ के एक सीन में जॉन अब्राहम-अक्षय कुमार

मुंबई. अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने साथ में तीन बड़ी बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है, इसके अलावा एक खास कैमियो भी किया है. दोनों की शानदार कॉमिक टाइमिंग और ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए उन्हें जाना जाता है. 2000 और 2010 के दशक में इन दोनों ने कई यादगार कमर्शियल एंटरटेनर फिल्में दी हैं. दोनों की एक्शन हीरो की इमेज होने के बावजूद, साथ में सिर्फ कॉमेडी फिल्म की है. फैंस कई बार दोनों के साथ एक्शन और देशभक्ति से भरी फिल्मों में देखने डिमांड कर चुके हैं.

साल 2005 में आई ‘गरम मसाला’ में अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने पहली बार साथ काम किया. इस कॉमेडी फिल्म को प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया. फिल्म में अक्षय और जॉन ने मैक और सैम नाम के दो कंपीटिटर फोटोग्राफर्स का किरदार निभाया. मैक एक साथ तीन एयर होस्टेस को डेट करता है और बुरी तरह फंस जाता है, वहीं सैम उसकी पोल खोलने की कोशिश करता है. फिल्म में सिचुएशनल कॉमेडी है. फिल्म सुपरहिट हुई थी. सालों से इसके सीक्वल की मांग उठ रही है.

इसके बाद, साल 2011 में आई ‘देसी बॉयज’ में जॉन अब्राहम और अक्षय कुमार के बीच फिर से नोंकझोंक देखने को मिली.दोनों ने जेर्री और निक नाम के दो सबसे अच्छे दोस्तों का रोल किया, जो यूके में रहते हैं. आर्थिक मंदी के कारण दोनों की नौकरी चली जाती है और पैसों की तंगी में वे ‘रॉको’ और ‘हंटर’ नाम से मेल एस्कॉर्ट बन जाते हैं. फिल्म में दीपिका पादुकोण लीड एक्ट्रेस हैं.

‘हाउसफुल 2’ में दिखी थी अक्षय कुमार-जॉन अब्राहम की फनी नोंक-झोंक

साल 2012 में आई ‘हाउसफुल 2’ में भी अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम ने साथ काम किया. यह मल्टीस्टारर फिल्म थी, जिसमें रितेश देशमुख और अभिषेक बच्चन भी थे. इस मल्टी-स्टारर कॉमेडी में अक्षय और जॉन ने सनी और मैक्स नाम के कॉलेज के कंपीटिटर का किरदार निभाया, जो झूठ और गलत पहचान की वजह से ससुराल वालों के बीच फंस जाते हैं.

जॉन अब्राहम की फिल्म में अक्षय कुमार का कैमियो

साल 2016 में आई ‘ढिशूम’ में जॉन अब्राहम मुख्य भूमिका में हैं, जो कबीर नाम के पुलिस वाले बने हैं. वहीं अक्षय कुमार ने समीर गाजी का कैमियो किया है, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. फिल्म में वरुण धवन भी थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हुई थी. इसके बाद से दोनों ने साथ काम नहीं किया है.

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रमेश कुमारSenior Sub Editor

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें





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चावल में सालों नहीं लगेंगे घुन और कीड़े, डिब्बे में डाल दें रसोई में रखी ये 5 चीजें


How to prevent insects in rice: चावल एक ऐसा अनाज है, जिसे हर कोई खाना पसंद करता है. भारत में चावल एक मुख्य भोजन की तरह खाया जाता है. दाल-चावल हो, खिचड़ी हो, बिरयानी हो, फ्राइड राइस हो, इन सभी को बनाने के लिए चावल की जरूरत होती है. ये एक ऐसा अनाज है जिसे एक बार में ही 5 से 10 किलो खरीद कर रख लेते हैं. हालांकि, कई बार इसमें बहुत जल्दी घुन और कीड़े लग जाते हैं. आखिर क्यों लग जाते हैं चावल में जल्दी कीड़े और घुन, जानिए कुछ कॉमन कारण और चावल को घुन से बचाने के देसी तरीके…

क्यों लगते हैं चावल में घुन और कीड़े?
चावल में घुन और छोटे कीड़े लगना एक आम समस्या है. जब आप इसे लंबे समय तक के लिए स्टोर करके रखते हैं, इस्तेमाल में बिल्कुल नहीं आता है तो गर्मियों में इसमें जल्दी घुन लग जाते हैं. इसके पीछे कई प्राकृतिक और वातावरण से जुड़ी वजहें होती हैं.

-नमी के कारण चावल में घुन जल्दी लगते हैं. इसे हल्की सी भी गीली या नम जगह पर रख दें तो चावल में कीड़े जल्दी पनपने लगते हैं. दरअसल, नमी में अंडे तेजी से विकसित होते हैं और घुन बन जाते हैं.

– कई बार बिना देखे लोग पुराने कीड़े और घुन लगे या अजीब सी स्मेल आने वाला चावल खरीद लेते हैं. इससे भी धीरे-धीरे घुन और कीड़े अंडे देते हैं, जो इनकी संख्या को तेजी से बढ़ाते हैं. पुराने चावल खरीदने से बचना चाहिए.

-गर्मी और बारिश के मौसम में घुन लगने का रिस्क अधिक तेजी से बढ़ जाता है. इन दोनों ही मौसम में तापमान और नमी दोनों बढ़ जाते हैं. इस तरह का वातावरण घुन और कीड़ों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है. इसी कारण से गर्मी और बरसात में चावल जल्दी खराब होने लगता है.

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चावल को कैसे करें स्टोर? (How to store rice) 
-चावल को कभी भी खुले बर्तन, ढीले ढक्कन या गंदे कंटेनर में न रखें. इससे हवा और नमी अंदर जाएगी, जो चावल को खराब कर सकता है. कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है. हमेशा एयरटाइट कंटेनर में ही रखें.

-कभी भी पुराने और नए चावल को एक साथ एक ही डिब्बे में डालकर न रखें. अगर पुराने चावल में एक भी घुन या सफेद वाला कीड़ा होगा, तो नए चावल को भी खराब कर देगा. इससे आपके पैसे बर्बाद हो जाएंगे. कीड़े और घुन लगे चावल को खाना काफी खराब स्वाद देता है.

– अगर चावल की खपत आपके घर में अधिक नहीं होती है तो 10 किलो खरीद कर ना रखें. जितने लोग हैं, जितना हर दिन इस्तेमाल होता है, उसी अंदाज में चावल खरीदें. लंबे समय तक स्टोर करके रखने से भी घुन लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसे घुन से बचाने के लिए बीच-बीच में धूप भी जरूर दिखाएं.

-कुछ घरेलू उपाय इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए चावल के डिब्बे में नीम की सूखी पत्तियां डाल दें. नीम में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और कीट-रोधी गुण मौजूद होते हैं और इसके तेज गंध से घुन जल्दी नहीं लगते हैं.

-तेजपत्ता चावल के डिब्बे में डाल दें. आप लहसुन की कलियां भी छिलका सहित डाल दें. इनकी तेज गंध से कीड़े और घुन जल्दी नहीं लगेंगे. लौंग के 10-15 दाने भी चावल के डिब्बे में डाल सकते हैं. साथ ही साबुत लाल मिर्च भी काफी कारगर साबित होगा.



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टाइम मैगजीन के शीर्ष 100 परोपकारियों में भारतीय और भारतवंशी: गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे नाडर; बच्चों को कुपोषण से निकाल लाए मेहता बंधु, शाह




टाइम मैगजीन ने 2026 की टाइम 100 फिलैन्थ्रॉपी लिस्ट जारी की है। इसके मुताबिक दानवीर अब पारंपरिक समाज सेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी अकूत दौलत से समाज और व्यवस्था की सूरत बदल रहे हैं। इसमें भारतीय व भारतवंशी भी हैं। मेहता बंधु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ झीलों-प्रकृति का संरक्षण कर रहे हैं, तो नाडर जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाकर अमेरिका तक भेज रहे हैं। भारतवंशी राजीव शाह बच्चों को शुद्ध खाना दिलवाने का प्रण ले चुके हैं, तो वहीं दीपक भार्गव बुनियादी अधिकारों की राह मजबूत कर रहे हैं। जानिए इन्हें… शिव नाडर- किसानों व मजदूरों के बच्चों को चुनकर मुफ्त में पढ़ा रहे एचसीएल टेक्नोलॉजीज के 80 वर्षीय फाउंडर का विजन ‘क्रिएटिव फिलैन्थ्रॉपी’ पर टिका है, जहां पारदर्शिता सबसे अहम है। शिक्षा को बदलाव की चाबी मानने वाले नाडर ‘विद्याज्ञान’ बोर्डिंग स्कूलों के जरिए यूपी के ग्रामीण इलाकों से गरीब किसानों-मजदूरों के होनहार बच्चों को चुनकर मुफ्त पढ़ाते हैं। इस साल दो बच्चों को अमेरिका भेजा। पिछले 5 वर्षों में 4 बार देश के ‘शीर्ष दानदाता’ रहे। 2025 में अकेले 2660 करोड़ रु. दिए। यूनिवर्सिटी, म्यूजियम व अस्पतालों को अब तक ₹14,000 करोड़ दे चुके हैं। सुधीर-समीर मेहता – पौने दो लाख बच्चों का हेल्थ चेकअप करवा चुके 1.17 लाख करोड़ से बड़े साम्राज्य वाले ‘टोरेंट ग्रुप’ के मालिक मेहता बंधुओं ने 2024 में पिता उत्तमभाई नत्थूलाल मेहता की जन्मशती पर 5 हजार करोड़ रु. दान करने का महा-संकल्प लिया था। इसी मुहिम के तहत अहमदाबाद में 30 हजार वर्गफुट का न्यूरो-रिहैबिलिटेशन केंद्र शुरू किया गया है। इनके ‘यूएनएम फाउंडेशन’ ने 10 साल में पौने दो लाख बच्चों की सेहत की जांच की, 70 हजार नौनिहालों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई है। बच्चों के लिए अस्पताल भी खोला है। राजीव शाह – 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ने का मिशन चला रहे राजीव जे. शाह भारतीय मूल के अमेरिकी नेता हैं, जो 2017 से 5.5 लाख करोड़ वाले रॉकफेलर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट हैं। यूट्यूबर मि.बीस्ट के साथ मिलकर केन्या में स्कूल किचन खोला। 1 लाख भोजन थाली का लक्ष्य है। फाउंडेशन ने मिशन 300 शुरू किया है, इसमें 2030 तक 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ना और बच्चों के लिए 8 हजार करोड़ की राशि से पौष्टिक और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है। बराक ओबामा प्रशासन में यूएसएड के प्रमुख रहे शाह कहते हैं,‘हर जिंदगी कीमती है। दीपक भार्गव- दुनियाभर में परोपकार से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जुटे लंबे समय तक एक्टिविस्ट रहे। 2024 में ‘फ्रीडम टुगेदर फाउंडेशन’ की कमान संभाली। भारतीय मूल के भार्गव मानते हैं कि बुनियादी अधिकारों व लोकतंत्र पर मंडराते खतरों के इस दौर में परोपकार का तरीका भी असाधारण होना चाहिए। आमतौर पर ट्रस्ट संपत्ति का 5% ही दान करते हैं, पर भार्गव ने इसे 10% तक पहुंचाया। 2025 में संस्था ने ₹3,300 करोड़ रु. दिए, जिसमें 70% लोकतंत्र की मजबूती में लगा। मैकआर्थर फाउंडेशन के साथ मिलकर दुनियाभर में ‘दान की स्वतंत्रता’ की पैरवी कर रहे हैं।



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