नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सिर्फ रिटायरमेंट बचत का साधन नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यह एक बड़ा सहारा भी बन सकता है. घर खरीदने, घर बनाने, बच्चों की पढ़ाई, शादी या मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में कर्मचारी अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं.
मुसीबत में काम आएगा आपका PF!
EPF Withdrawal Online: जीवन में कब कैसी जरूरत आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी हो या फिर अपने सपनों का घर खरीदना, इन सभी के लिए एक मोटी रकम की जरूरत होती है. ऐसी स्थिति में अक्सर लोग बैंक लोन या रिश्तेदारों से कर्ज लेने के बारे में सोचते हैं, जहां भारी ब्याज चुकाना पड़ता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पीएफ (PF) खाते में जमा रकम इस मुश्किल वक्त में आपके सबसे बड़े काम आ सकती है?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने खाताधारकों को विशेष परिस्थितियों में बिना किसी ब्याज के एडवांस पैसे निकालने (EPF Partial Withdrawal) की सुविधा देता है. यह कोई लोन नहीं है, बल्कि आपकी ही गाढ़ी कमाई का हिस्सा है, इसलिए इस पर कोई ब्याज नहीं लगता. आइए जानते हैं कि आप घर बैठे अपने मोबाइल से इसके लिए कैसे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.
इन नियमों के तहत मिलता है पैसा ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, आप बीमारी के इलाज के लिए अपनी सैलरी का 6 गुना या कर्मचारी शेयर का पूरा हिस्सा (जो भी कम हो) निकाल सकते हैं. वहीं, नया घर खरीदने या निर्माण के लिए भी नौकरी की अवधि के आधार पर एक निश्चित हिस्सा एडवांस के रूप में निकाला जा सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि मेडिकल एडवांस के लिए अब किसी बड़े डॉक्यूमेंटेशन की जरूरत नहीं होती और यह पैसा बेहद कम समय में प्रोसेस हो जाता है.
PF एडवांस निकालने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस अगर आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट है और वह आपके आधार, पैन और बैंक खाते से लिंक है, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अप्लाई कर सकते हैं.
सबसे पहले EPFO सदस्य पोर्टल पर जाएं और अपने UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें.
लॉगिन के बाद Online Services सेक्शन में जाएं और Claim (Form-31, 19, 10C) ऑप्शन चुनें.
अपना बैंक खाता नंबर दर्ज कर वेरिफिकेशन करें. इसके बाद Proceed for Online Claim पर क्लिक करें.
ड्रॉप-डाउन मेन्यू में क्लेम का प्रकार चुनें. घर खरीदने, मेडिकल इमरजेंसी या दूसरी जरूरत के अनुसार Form-31 का ऑप्शन चुनना होता है.
आवश्यक जानकारी भरें और जरूरत पड़ने पर दस्तावेज अपलोड करें.
आधार बेस्ड OTP वेरिफिकेशन पूरा करें और क्लेम सबमिट कर दें.
वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें
फर्रुखाबाद में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने रविवार शाम एक प्रेस वार्ता की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस वार्ता में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन 12 वर्षों में डीआरडीए, ग्राम विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, जल निगम, पंचायती राज, वन विभाग, विद्युत विभाग, कृषि, पशुपालन, महिला कल्याण, लोक निर्माण और बेसिक शिक्षा विभाग सहित कई अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने फर्रुखाबाद के संकिसा को बौद्ध सर्किट के रूप में विकसित करने की घोषणा की। यह प्रदेश का 13वां बौद्ध सर्किट होगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। एक सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने बताया कि फर्रुखाबाद को लिंक एक्सप्रेसवे दिया गया है। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि सभी एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और उद्योगों को बढ़ावा देना तथा बाहरी निवेशकों को आकर्षित कर नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित कराना है। भाजपा के चुनावी मोड में होने के सवाल पर जयवीर सिंह ने कहा कि भाजपा हमेशा चुनावी मोड में रहती है। पार्टी 24 घंटे, 365 दिन जनसेवा, लोगों की भलाई और विकास के लिए संकल्पित होकर काम करती है। उन्होंने कहा कि संगठन और कार्यकर्ता हमेशा अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए चुनाव के लिए तैयार रहते हैं। राम मंदिर में दान की चोरी से संबंधित सवाल पर मंत्री ने बताया कि मंदिर का प्रबंधन ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। हाल ही में मिली सूचनाओं के आधार पर मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कुछ शंकाएं व्यक्त की गईं, जिसके बाद सरकार से एसआईटी जांच का अनुरोध किया गया। एसआईटी का गठन कर दिया गया है और जांच के बाद सभी तथ्य सामने आएंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा कहा गया है कि मंदिर की जांच अफसर करेंगे यह दुर्भाग्य है इस सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा हम लोगों ने जांच शुरू नहीं कराई मंदिर ट्रस्ट की जांच कमेटी ने जांच की है। उन्होंने कुछ ऐसा पाया होगा जरूरत महसूस की होगी उन्हें की संस्तुति के आधार पर सरकार ने कमेटी गठित कर जांच करने का निर्णय लिया है। प्रभारी मंत्री ने कहा हम बेटियों का सम्मान करते हैं। महिलाओं को सशक्तिकरण करना चाहते हैं। हम महिलाओं के विरोधी नहीं हैं। बेटी चाहे अखिलेश यादव की हो या किसी गरीब की हो सभी का सम्मान होना चाहिए। जिसने भी यह हरकत की है उसके खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत हुआ है। एक सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा समाजवादी पार्टियों कांग्रेस गठबंधन से लड़ेंगे तब भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हम लोग का हमेशा प्रयास रहता है कि आधे से ज्यादा मत हमारे पक्ष में रहेंगे और बाकी के में हिस्सेदारी करते हैं। वह आमने-सामने लडे या इकट्ठा होकर लड़ाई इससे हमारी रणनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हम 2017 के इतिहास को पुनः बीट करते हुए ऐतिहासिक विजय के साथ तीसरी बार सरकार बनाने का कार्य करेंगे। भाजपा क्या सहयोगी गठबंधन के साथ ही चुनाव मैदान में उतरेगी या और बनेंगे इस सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा अभी तक तो वह है ही सब आगे का किसने देखा है। अभी तक जो है वह सब साथ हैं वह सब साथ रहेंगे। ईरान अमेरिका युद्ध से पूरा विश्व प्रभावित प्रभारी मंत्री ने कहा ईरान और अमेरिका के युद्ध से पूरा विश्व प्रभावित है चाहे पर्यटन की दृष्टि से देखें चाहे ऊर्जा की दृष्टि से देखें। डीजल पेट्रोल एलपीजी और अन्य सभी चीज प्रभावित हुई हैं लेकिन भारत सरकार के सुप्रबंधन के कारण अन्य देशों को भी देख ले उन सब की अपेक्षा सबसे कम प्रभाव आम आदमी पर भारत में पड़ा है। डीजल पेट्रोल के रेट की बात करें एलजी के रेट की बात करें। ऊर्जा की आपूर्ति की बात करें। कहीं भी क्राइसिस की स्थिति नहीं आने दी। विपक्षी क्या डरे हुए हैं इस सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा स्थित आप देख रहे हैं बंगाल में चुनाव हुआ। एक तरफ बंगाल की जनता ने प्रचंड बहुमत देकर हमें सरकार बनाने का अवसर दिया। देख लीजिए वहां ममता बनर्जी की पार्टी का हाल विधायक सभा साथ छोड़ गए। सांसद साथ छोड़ गए। पूरा देश चाहता है विकास की बातों जन कल्याण की बातों भलाई की बात हो यह कर भारतीय जनता पार्टी मोदी जी और योगी जी के नेतृत्व में ही संभव है। सारा देश चाहता है कि मोदी लंबे समय तक देश का नेतृत्व करें। ओवैसी के लखनऊ आगमन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा दूसरे राज्यों में भी वह चुनाव लड़े थे वहां क्या हश्र हुआ। भारतीय जहाजों पर अमेरिका की सेना हमला कर रही है इस सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा बहुत कठोरता के साथ अमेरिकी दूतावासों के राज नायकों को बुलाकर के गहरी आपत्ति और विरोध दर्ज करने का कार्य किया है। अमेरिका को विशेष रूप से खड़ा संदेश देने का कार्य भारत सरकार ने किया है। विधायकों की रिपोर्ट कार्ड को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा यह सब पार्टी नेतृत्व करता है। इस दौरान सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य भोजपुरी विधायक नागेंद्र सिंह राठौर कायमगंज विधायक डॉक्टर सुरभि जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव डीएम डॉक्टर अंकुर लाठर, एसपी आरती सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
नई दिल्ली के हौज रानी के ‘फ्लोरिश स्टे होटल’ में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में गिरफ्तार रसोइये केसर सिंह नेगी की ससम्मान रिहाई और असली गुनहगारों को जेल भेजने की मांग को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि इस दर्दनाक हादसे में 15 विदेशी नागरिकों सहित कुल 23 लोगों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशासन निर्दोषों को फंसाने के बजाय उन असली अपराधियों को गिरफ्तार करे जो इस जनहानि के असली जिम्मेदार हैं। इस दौरान अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी गई। निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग प्रदर्शन में शामिल राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के राष्ट्रीय सह-संयोजक जगदीश ममगांई, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत और दिल्ली भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति डंगवाल सहित कई बुद्धिजीवियों और मीडियाकर्मियों ने इस अग्निकांड की निष्पक्ष जांच किसी विशेष व स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और पारदर्शी न्याय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विश्वसनीय जांच होना बेहद जरूरी है। दिल्ली पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल एकीकृत दिल्ली नगर निगम की निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष और शहरी मामलों के विशेषज्ञ जगदीश ममगांई ने दिल्ली पुलिस की जांच पर गहरा असंतोष जताया। उन्होंने पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया है कि आग लगते ही केसर ने बिजली का स्विच बंद कर दिया था। ममगांई ने कहा, “मैं खुद सिविल डिफेंस का वॉलिंटियर रहा हूँ और मैंने फायर फाइटिंग व रेस्क्यू का प्रशिक्षण लिया है। आपदा प्रबंधन का पहला नियम ही यही कहता है कि आग लगने पर सबसे पहले विद्युत कनेक्शन या फ्यूज बॉक्स को बंद किया जाए ताकि आग फैले नहीं। केसर ने वही किया जो प्रशिक्षण में सिखाया जाता है, तो वह दोषी कैसे हो गया?” ममगांई ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि अवैध निर्माण से वसूली करने वाला नगर निगम का बिल्डिंग विभाग, स्थानीय पार्षद, विधायक और पुलिस तंत्र खुद इस अवैध कारोबार और लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं। भ्रष्टाचार के चलते हजारों लोग ऐसी अकाल मौत मर रहे हैं, लेकिन असली जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? कालकाजी आग हादसे में बुजुर्ग महिला को बचाने वाले दमकल कर्मियों का अभिनंदन वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने राजधानी में बढ़ती आग की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए दिल्लीवासियों से विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया है। उन्होंने रविवार को कालकाजी में लगी भीषण आग और गैस सिलेंडरों के धमाकों के बीच, दूसरी मंजिल पर फंसी एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकालने वाले फायर ब्रिगेड कर्मियों की बहादुरी की जमकर सराहना की। हर्ष मल्होत्रा ने कहा, “अपनी जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग महिला को सुरक्षित निकालने वाले जांबाज दमकल कर्मियों का मैं सभी दिल्लीवासियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन करता हूं।” भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि तड़के कालकाजी की एक इमारत में अचानक आग लग गई, जिससे बगल की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय विधायक आतिशी पर साधा निशाना इस हादसे के बीच हर्ष मल्होत्रा ने स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए हौज रानी कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हम आग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन यह बेहद खेदजनक है कि महज पांच दिन पहले मैक्स अस्पताल के बाहर हौज रानी दुर्घटना पर घड़ियाली आंसू बहाने वाली स्थानीय कालकाजी विधायक आतिशी मार्लेना, अपने ही क्षेत्र में हुए इस हादसे के घंटों बाद भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं।”
मंदसौर शहर के चर्चित जैन दंपती हत्याकांड में पुलिस जांच पूरी हो चुकी है। सिटी कोतवाली पुलिस ने रविवार को मामले की फाइनल रिपोर्ट एसपी विनोद कुमार मीना को सौंप दी है। अब एसपी रिपोर्ट का अवलोकन करेंगे। इसके बाद न्यायालय में खात्मे संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस जांच में सामने आया है कि 31 दिसंबर की रात गोल चौराहा क्षेत्र स्थित निवास पर दिलीप जैन और उनकी पत्नी रेखा जैन की हत्या निम्बाहेड़ा निवासी सराफा व्यापारी विकास सोनी ने की थी। हत्या के बाद आरोपी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के कोई प्रमाण नहीं मिले। फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोले राज
कोतवाली पुलिस को हाल ही में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट में पिस्टल, गोली, खून के नमूनों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में पुष्टि हुई कि घटनास्थल से बरामद हथियार और गोली का मिलान हुआ तथा विकास सोनी ने ही जैन दंपती की हत्या के बाद स्वयं को गोली मारी थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होने से पहले पुलिस ने दर्जनों लोगों के बयान लिए, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, टोल नाकों के कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया। उधारी के पैसों को लेकर उपजा विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि दिलीप जैन सोने के आभूषण निर्माण का कार्य करते थे और विकास सोनी से उनका लेन-देन था। विकास पर दिलीप जैन के रुपए बकाया थे, जिन्हें लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी आर्थिक विवाद के चलते विकास सोनी ने दिलीप जैन और उनकी पत्नी रेखा जैन की हत्या कर दी तथा बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय में खात्मा प्रतिवेदन पेश किया जाएगा। यह था पूरा घटनाक्रम
राजस्थान के निम्बाहेड़ा निवासी मृतक विकास की सराफा बाजार में अपना ज्वेलर्स के नाम से दुकान थी, यह 31 दिसम्बर की रात करीब सवा 7 बजे राजस्थान पासिंग स्कूटी पर सवार होकर दिलीप जैन के घर पहुंचा था उस वक्त घर में सिर्फ रेखा जैन मौजूद थीं, जिसके बाद विकास ने दिलीप को फोन किया और लगभग 12 मिनट इंतजार के बाद दिलीप घर पहुंचे। पुलिस सूत्रों की मानें तो दिलीप और विकास ने साथ में चाय पी और बिस्किट खाए, जो की रेखा लेकर आई थी। रेखा बिस्किट और चाय देने के बाद दूसरी मंजिल पर बने कमरे में चली गई थी। करीब आधा घंटा सामान्य बातचीत के बाद दीपक और विकास के बीच विवाद हुआ। झूमाझटकी जैसी स्थिति बनी। तभी विकास देशी पिस्टल निकलता है और दिलीप पर फायर करने का प्रयास करता है लेकिन गोली नहीं चलती है। जिसके बाद विकास पैरों में पहने हुए मोजे में छिपा कर रखा गया चाकू निकलता है और दिलीप की छाती और चेहरे पर एक के बाद एक कई वार कर देता है। शोर सुन दिलीप की पत्नी रेखा पहुंचती है और अपने पति को खून से सना देख वह विकास पर टूट पड़ती है, जिसके बाद विकास रेखा को भी चाकुओं से गोद देता है ऐसे में रेखा भी अपने पति के हत्यारे से संघर्ष करते हुए औंधे मुंह फर्श पर गिर जाती है। इसके बाद विकास ने खुद को गोली मारी
जब पति-पत्नी अंतिम सांसे गिन रहे थे तब विकास पहले तो घर में टहलता है फिर सोफे पर बैठता है और पिस्टल उठाकर खुद की दांई कनपट्टी पर गोली मार लेता है। गोली कनपट्टी को चीरते हुए कि सिर के रास्ते बाहर निकलकर घर की छत पर बने पीओपी में जा घुसती है। इस पूरे घटनाक्रम में सिर्फ 1 ही गोली चली थी जो विकास ने अपने आप को मारी थी। विकास ने दिलीप पर हमले के दौरान एक के बाद एक 11 वार किए। जिसमें उनका सिर और छाती बुरी तरह जख्मी हो गए। वहीं 30 से अधिक ताबड़तोड़ हमले में रेखा के दोनों हाथ, सिर, गर्दन और छाती छल्ली हो चुकी थी। मौके से बरामद हुए थे हथियार और अहम साक्ष्य
घटनास्थल से पुलिस ने एक चाकू, एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, विकास सोनी की जेब से एक अतिरिक्त गोली तथा पीओपी में धंसी गोली बरामद की थी। इसके अलावा घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी जब्त किया गया था। साथ ही पुलिस को मौके से एक बॉक्स में रखे चार सोने के कंगन भी मिले थे। वहीं पोस्टमार्टम के दौरान विकास की जेब से 500-500 रुपए के नोटों की गड्डी बरामद हुई थी। दिलीप जैन के पास से भी 500 रुपए के 18 नोट मिले थे। भतीजे की शिकायत पर दर्ज हुआ था हत्या का मामला
घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मृतक दिलीप जैन के भतीजे मानव जैन की शिकायत पर निम्बाहेड़ा निवासी विकास सोनी के विरुद्ध हत्या एवं आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। हालांकि आरोपी की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो जाने तथा जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता नहीं मिली। थाना प्रभारी के मुताबिक, विकास सोनी ने लेन-देन के विवाद के चलते दिलीप जैन और उनकी पत्नी रेखा जैन की हत्या की तथा बाद में स्वयं गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बता दें कि दंपती के दो बच्चे हैं, बेटा आर्किटेक्ट है तो बेटी गुड़गांव में पढ़ाई कर रही है। वहीं विकास के भी 2 बेटे हैं जिनकी उम्र 3 साल और 7 साल है।
सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत परसागढ़ी दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या-8 में 22 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान मो. नौशाद की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। वह छह माह के एक मासूम बच्चे की मां थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सुपौल भेज दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार प्रियंका कुमारी ने करीब तीन वर्ष पूर्व गांव के ही शादीशुदा युवक मो. नौशाद से प्रेम विवाह किया था। ग्रामीणों का कहना है कि चार दिन पूर्व किसी पारिवारिक विवाद के बाद उसने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि समय रहते परिजनों ने उसका उपचार करा दिया था, जिससे उसकी जान बच गई थी। तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी परिजनों ने बताया कि शनिवार से प्रियंका को खून की उल्टियां होने लगी थीं। उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। गंभीर हालत में उसे अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद टीबी (क्षय रोग) की आशंका जताई और बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया रविवार को परिजन उसे इलाज के लिए बाहर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जदिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जदिया थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजकिशोर मंडल ने बताया कि अभी तक किसी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
स्पीकर की कमरे तक पहुंची टीएमसी की लड़ाई, दोनों गुटों ने पार्टी पर ठोका दावा
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TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली का लुटियंस जोन इस समय पश्चिम बंगाल की राजनीति के सबसे बड़े ऐतिहासिक दलबदल का गवाह बन रहा है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर टीएमसी के बागी सांसदों की खुफिया ब…और पढ़ें
टीएमसी के बागी सांसदों का दिल्ली में महाजुटान लाइव कवरेज.
TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली के लुटियंस जोन में जब टीएमसी के 20 बागी सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर भाजपा रणनीतिकारों के साथ बैठक कर रहे हैं, ठीक उसी समय तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी ने इस बगावत को कुचलने के लिए अपना सबसे बड़ा कानूनी और संसदीय दांव चल दिया है. अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक बेहद सख्त और आधिकारिक पत्र भेजा है. इस पत्र के सामने आते ही दिल्ली से लेकर कोलकाता तक चल रहे राजनीतिक ड्रामे में एक नया मोड़ आ गया है. हालांकि, बागी गुट के पास 20 सांसदों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है, जो टीएमसी के कुल 29 सांसदों का दो-तिहाई (2/3rd) से अधिक है. संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद अलग होते हैं, तो उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होता. लेकिन अभिषेक बनर्जी की इस चिट्ठी ने कानूनी लड़ाई की नींव रख दी है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर हुआ विद्रोह अब पूरी तरह सतह पर आ चुका है. दिल्ली के लुटियंस जोन में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास और फिर बंग भवन में होने जा रही ‘सीक्रेट डिनर डिप्लोमेसी’ के लिए बागी सांसदों का महाजुटान हो रहा है. लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) ओम बिरला को सौंपी गई चिट्ठी और सार्वजनिक हुए दस्तावेजों के अनुसार, टीएमसी के कुल 29 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों के हस्ताक्षर सामने आ चुके हैं, जो दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) से बचने के लिए जरूरी दो-तिहाई (2/3rd) के आंकड़े को पूरा करते हैं. टीएमसी के वरिष्ठतम सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के भी पाला बदलने की खबर है, जिससे यह संख्या 20 तक पहुंच रही है. अब पार्टी की सांसद काकोली घोष ने कहा है कि 2 और सांसदों का समर्थन आ गया है. देखें कौन-कौन बागी सांसद हैं, जो आज की मीटिंग में पहुंच रहे हैं.
1- डॉ. काकोली घोष दस्तिदार (बारासात): इस पूरे बागी गुट का मुख्य चेहरा और लोकसभा में खुद को ‘चीफ व्हिप’ के तौर पर पेश कर रही हैं.
2- शताब्दी रॉय (बीरभूम): चार बार की वरिष्ठ सांसद, जिन्हें बागी गुट का ‘डिप्टी लीडर’ बनाया गया है.
3- माला रॉय (कोलकाता दक्षिण): ममता बनर्जी की बेहद पुरानी और तीन बार की वफादार सांसद, जिनका बागी खेमे में जाना चौंकाने वाला है.
4- सायोनी घोष (जादवपुर): अभिनेत्री से सांसद बनीं और अभिषेक बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सायोनी का नाम इस लिस्ट में सबसे हैरान करने वाला है.
5- यूसुफ पठान (बहरामपुर): पूर्व भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने अधीर रंजन चौधरी को हराया था, अब ममता का साथ छोड़ चुके हैं.
6- दीपक अधिकारी उर्फ देव (घाटाल): बांग्ला सिनेमा के सुपरस्टार और तीन बार के सांसद.
7- रचना बनर्जी (हुगली): प्रसिद्ध बांग्ला अभिनेत्री और पहली बार की सांसद.
8- जून मालिया (मेदिनीपुर): लोकप्रिय अभिनेत्री और पहली बार लोकसभा पहुंचीं सांसद.
9- प्रसुन बंद्योपाध्याय (हावड़ा): पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और वरिष्ठ सांसद.
10- जगदीश बर्मा बसुनिया (कूचबिहार): उत्तर बंगाल का बड़ा राजनैतिक चेहरा.
11- खलीलुर्रहमान (जंगीपुर): मुर्शिदाबाद जिले के कद्दावर नेता.
12- अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद): दो बार के सांसद, जिन्होंने हाल ही में सुवेंदु अधिकारी की तारीफ भी की है.
13- बापी हलदर (मथुरापुर): पहली बार के सांसद.
14- डॉ. शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व): पहली बार की सांसद.
15- असित कुमार मल (बोलपुर): वीरभूम इलाके के वरिष्ठ नेता.
16- अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा): बांकुड़ा से सांसद.
17- मिताली बैग (आरामबाग): पहली बार की महिला सांसद.
18- कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम): आदिवासी बहुल क्षेत्र के बड़े नेता.
19- पार्थ भौमिक (बैरकपुर): ममता बनर्जी सरकार में पूर्व मंत्री और नवनिर्वाचित सांसद.
20- सुदीप बंदोपाध्याय (कोलकाता उत्तर) भी शनिवार को दिल्ली पहुंचकर भाजपा के रणनीतिकारों से मिल चुके हैं, जिससे वे इस बागी गुट के 20वें सबसे बड़े स्तंभ बनकर उभरे हैं.
दिल्ली में यह बैठक पहले बागी गुट का मुख्य चेहरा बनीं सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तिदार के सरकारी आवास पर तय की गई थी, लेकिन सुरक्षा और भारी राजनीतिक सस्पेंस को देखते हुए ऐन वक्त पर इसके आयोजन की जगह बदली भी जा सकती है. इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में मौजूद अधिकांश बागी सांसदों का जुटना शुरू हो गया है. एक-एक कर बागी गुट के सांसदों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है. पहले इस गुट की बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम सुवेंदु अधिकारी की भी शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन अब कहा जा रहा है कि उन्होंने इस बैठक से अपने आप को दूर कर लिया है.
TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली में भूपेंद्र यादव के यहां टीएमसी के बागी कर रहे मीटिंग, इधर ममता बनर्जी ने कर दिया बड़ा खेला
TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: भूपेंद्र यादव के घर से टीएमसी के 19 सांसद सीधे लोकसभा स्पीकर के आवास पर जाकर मिले. सभी 19 सांसदों के नाम की सूची सिक्योरिटी के पास मौजूद. इधर कीर्ति झा आजाद भी स्पीकर से मिलने पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाई. टीएमसी ने सचिवालय को निम्नलिखित मांगे की है.
टीएमसी ने की स्पीकर से मांग : (i) इस प्रस्तुति (submission) को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करें; (ii) एआईटीसी (ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस) को सदन में केवल उसके विधिवत अधिकृत नेता और व्हिप के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता दें, तथा एआईटीसी के किसी भी कथित अलग समूह या गुट को किसी प्रकार की मान्यता, दर्जा या सुविधा प्रदान न करें; (iii) उपर्युक्त प्रकार के किसी भी संचार पर कोई निर्णय लेने से पहले एआईटीसी को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करें, यदि ऐसा कोई संचार प्राप्त होता है. यह भी विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत किया जाता है कि एआईटीसी अपने सभी अधिकार सुरक्षित रखती है, जिसमें संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत उपयुक्त कानूनी कार्यवाही शुरू करने का अधिकार भी शामिल है, यदि कोई आचरण उपर्युक्त प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया जाता है.
#WATCH | TMC MP Kirti Azad says, “It is very clear. Supreme Court constitutional bench has said, it has been mentioned in Article 4 of 10th Schedule, that there cannot be a split. What happened in Maharashtra is wrong. So, we have came here an application over the same. We have… https://t.co/RBzCgRv98Dpic.twitter.com/NFfpnHtYL7
TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली में बगावत के बीच कोलकाता से अभिषेक बनर्जी का बड़ा हमला, स्पीकर को पत्र लिख कहा- ‘बागियों को न मिले कोई भाव’
TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली के लुटियंस जोन में जब टीएमसी के 20 बागी सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर भाजपा रणनीतिकारों के साथ बैठक कर रहे हैं, ठीक उसी समय तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी ने इस बगावत को कुचलने के लिए अपना सबसे बड़ा कानूनी और संसदीय दांव चल दिया है. लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में अभिषेक बनर्जी ने बेहद नपे-तुले और कानूनी शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बागियों के मंसूबों पर पानी फेरने की कोशिश की है. उन्होंने पत्र में लिखा- “सदन में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) को केवल एक एकल राजनीतिक दल के रूप में ही माना जाए, जिसका प्रतिनिधित्व पूरी तरह से इसके विधिवत अधिकृत नेता और व्हिप के माध्यम से होता है. इसके अलावा, सदन के भीतर एआईटीसी के किसी भी कथित अलग समूह या धड़े को किसी भी प्रकार की मान्यता, दर्जा या विधायी सुविधा देने से पूरी तरह इनकार किया जाए.”
TMC leader Abhishek Banerjee writes to Lok Sabha Speaker: “Treat the AITC as a single political party represented in the House solely through its duly authorised Leader and Whip, and decline to accord any recognition, status, or facility to any purported separate group or faction… pic.twitter.com/osEoy8ro17
अभिषेक बनर्जी का यह कदम साफ तौर पर सुदीप बंदोपाध्याय, सायोनी घोष, माला रॉय और प्रसून बनर्जी जैसे बागी नेताओं की उस रणनीति को रोकने के लिए है, जिसके तहत वे लोकसभा अध्यक्ष के सामने परेड कर ‘तृणमूल कांग्रेस सेक्युलर’ या किसी अन्य नाम से एक अलग संसदीय गुट के रूप में मान्यता मांगने की तैयारी कर रहे थे.अभिषेक बनर्जी के इस पत्र ने अब गेंद पूरी तरह से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पाले में डाल दी है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक बनर्जी इस पत्र के जरिए रिकॉर्ड पर यह बात लाना चाहते थे कि पार्टी का आधिकारिक व्हिप और संगठन अभी भी पूरी तरह से ममता बनर्जी के नियंत्रण में है.
TMC Political Crisis LIVE Updates: दिल्ली में ममता बनर्जी को सबसे बड़ा झटका, भूपेंद्र यादव के घर पहुंचीं सायोनी घोष, माला रॉय और प्रसून बनर्जी!
TMC Political Crisis LIVE Updates: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है. कोलकाता में सीआईडी मुख्यालय ‘भवानी भवन’ में जहां अभिषेक बनर्जी से जाली हस्ताक्षर मामले में मैराथन पूछताछ चल रही है, वहीं देश की राजधानी दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वजूद को खत्म करने वाला सबसे बड़ा धमाका हो चुका है. रविवार शाम ठीक 4:15 बजे टीएमसी की सबसे मुखर सांसद सायोनी घोष (Saayoni Ghosh), हावड़ा से सांसद प्रसून बनर्जी (Prasun Banerjee) और कोलकाता दक्षिण की कद्दावर नेता माला रॉय (Mala Roy) केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ रणनीतिकार भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर पहुंच चुकी हैं.
TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: सुदीप बंदोपाध्याय भी पहुंचे भूपेंद्र यादव के घर! दिल्ली में टीएमसी का ‘पावर सेंटर’ पूरी तरह ध्वस्त
TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: ममता बनर्जी को अब तक का सबसे तगड़ा झटका लगा है. टीएमसी संसदीय दल के नेता और सबसे वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय भी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली आवास पर पहुंच चुके हैं. सायोनी, माला और प्रसून के बाद सुदीप की एंट्री से साफ है कि तृणमूल कांग्रेस अब दो-फाड़ हो चुकी है.
सुदीप बंदोपाध्याय का इस बागी गुट के साथ खुलकर भूपेंद्र यादव के दरवाजे पर पहुंचना ममता बनर्जी के लिए अब तक का सबसे घातक और अंतिम प्रहार माना जा रहा है. इस पहले काकोली घोष और अरुप चौधरी भी भूपेंद्र यादव के घर पहुंच गई हैं. बता दें कि सुदीप केवल एक सांसद नहीं हैं, बल्कि वे संसद के भीतर ममता बनर्जी की आवाज और टीएमसी के सबसे वरिष्ठ रणनीतिकार रहे हैं.
TMC Political Crisis LIVE Updates: भूपेंद्र यादव के आवास पर टीएमसी की बागी सांसद शताब्दी राय पहुंची, देंखे क्या कहा
TMC Political Crisis LIVE Updates: भूपेंद्र यादव के आवास पर टीएमसी की बागी सांसद शताब्दी राय पहुंची
TMC Political Crisis LIVE Updates: ‘काबा गर्ल’ सायोनी घोष के बदले सुर: ममता के संकटकाल में दिल्ली पहुंचीं जादवपुर की सांसद, पुराने बयानों पर घिरीं
TMC Political Crisis LIVE Updates: लुटियंस दिल्ली में इस समय चर्चा गरम है कि ममता बनर्जी के साथ अब केवल 8 वफादार सांसद ही चट्टान की तरह खड़े हैं. बाकी के 20 लोकसभा सांसद पाला बदलने को पूरी तरह तैयार हैं. इसके अलावा, कोलकाता में कल्याण बनर्जी ने भी पिछले कुछ दिनों से अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाकर गेंद सीधे ममता बनर्जी के पाले में डाल दी है, जिससे दिल्ली में मौजूद बागियों के हौसले बुलंद हैं. टीएमसी की फायर ब्रांड सांसद काबा गर्ल के नाम से मशहूर सायोनी घोष भी पाला बदल ली है. बागियों की मीटिंग में हिस्सा लेने जब घोष दिल्ली पहुंची तो उन्होंने भी बड़ा दांव खेल दिया.
Delhi: TMC MP Saayoni Ghosh arrives at Delhi Airport.
She says, “I will not respond to you. I will only respond to the people of my constituency” pic.twitter.com/qom6h6b1o5
गुलजार की एक जिद और बदल गई सुखविंदर सिंह की किस्मत! जानिए कैसे अचानक सुखविंदर सिंह की झोली में आ गिरा फिल्म ‘ओमकारा’ का सबसे बड़ा ब्लॉकबस्टर गाना ‘बीड़ी जलाईले’.
नई दिल्ली: फिल्म ‘ओमकारा’ का सुपरहिट गाना ‘बीड़ी जलाईले’ आज भी हर पार्टी की जान है. इस गाने को सुखविंदर सिंह ने गाया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुखविंदर यह गाना गाने वाले ही नहीं थे? हाल ही में टीवी शो ‘इंडियन आइडल’ के मंच पर सुखविंदर ने खुद इस बात का एक मजेदार खुलासा किया है.
सुखविंदर सिंह ने बताया, ‘शुरुआत में मैं ‘बीड़ी जलाईले’ गाने की टीम में शामिल ही नहीं था. मुझे तो फिल्म के एक दूसरे काम के लिए बुलाया गया था. मैं सिर्फ फिल्म का मुख्य थीम सॉन्ग ‘धम-धम धड़म धरैया रे, सबसे बड़े लड़ैया रे, ओमकारा’ की कुछ लाइनें रिकॉर्ड करने आया था. ”
गुलजार की पारखी नजर
सुखविंदर ने आगे बताया, ”जब मैं वहां पहुंचा, तो मशहूर गीतकार गुलजार साहब ने संगीतकार विशाल भारद्वाज से कहा कि क्यों न इस लड़के से नए गाने की कुछ लाइनें गवा कर देखी जाएं. उनका सोचना था कि शायद मेरी आवाज से गाने में कुछ अलग बात आ जाए. इसके बाद मैंने माइक संभाला और गाया— ‘ना गिलाफ, ना लिहाफ, ठंडी हवा भी खिलाफ ससुरी…’. यह सुनते ही सबको इतना मजा आया कि उन्होंने मुझे आगे भी गाने को कहा. मैंने भी पूरे जोश में आकर बाकी की लाइनें रिकॉर्ड कर दीं. ”
अचानक चमकी किस्मत
सिंगर ने मुस्कुराते हुए कहा, ”मेरी आवाज और गाने का अंदाज वहां बैठे सभी लोगों को इतना पसंद आया कि मुझे पूरा गाना ही दे दिया गया. यह सब इतनी जल्दी और अचानक हुआ कि मुझे खुद भी यकीन नहीं हो रहा था. सुखविंदर का यह किस्सा सुनकर शो की जज और मशहूर सिंगर श्रेया घोषाल खुद को रोक नहीं पाईं और उनकी तारीफ करते हुए बोलीं, “आपकी आवाज में एक अलग ही जादू है. आप जब भी गाते हैं, सीधा दिल से गाते हैं. ”
विशाल भारद्वाज ने सराहा
श्रेया की बात पर मुहर लगाते हुए विशाल भारद्वाज ने भी सुखविंदर की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सुखविंदर ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री को कई कभी न भूलने वाले गाने दिए हैं. उनकी आवाज किसी भी साधारण गाने में जान फूंक सकती है. यह एंटरटेनिंग शो ‘इंडियन आइडल’ हर शनिवार और रविवार को सोनी टीवी पर आता है और इसे सोनी लिव ऐप पर भी देखा जा सकता है.
मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 3 साल से ज्यादा का अनुभव है और फिलहाल मैं सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले मैंने, दैनिक जाग…और पढ़ें
भारत की पारंपरिक रेसिपीज में लाल चीटियों की चटनी एक ऐसी डिश है, जिसका नाम सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं. इसे छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में खाया जाता है. कई आदिवासी समुदायों में यह चटनी सदियों से बनाई जाती रही है. अपने अनोखे खट्टे-तीखे स्वाद और सांस्कृतिक महत्व की वजह से यह आज देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के फूड लवर्स का ध्यान आकर्षित कर रही है.
ख़बरें फटाफट
लाल चींटियों की चटनी.
भारत के अलग-अलग राज्यों में कई ऐसी पारंपरिक रेसिपीज हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. ऐसी ही एक अनोखी डिश है लाल चीटियों की चटनी, जिसे खासतौर पर छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड के कुछ आदिवासी समुदायों में बनाया और खाया जाता है. यह चटनी अपने खट्टे-तीखे स्वाद और सांस्कृतिक महत्व के कारण वर्षों से स्थानीय खानपान का हिस्सा रही है. यह चटनी आज फूड ट्रैवलर्स और सोशल मीडिया के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बन रही है.
इस चटनी को बनाने के लिए लाल चींटियों और उनके अंडों का इस्तेमाल किया जाता है. सबसे पहले इन्हें सावधानी से इकट्ठा कर साफ किया जाता है. इसके बाद लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, नमक और स्थानीय मसालों के साथ पीसकर चटनी तैयार की जाती है. तैयार चटनी का स्वाद खट्टा, तीखा और हल्का चटपटा होता है. इसका खट्टापन मुख्य रूप से चींटियों में पाए जाने वाले प्राकृतिक अम्लीय तत्वों से आता है, जो इसे अन्य चटनियों से अलग बनाता है.
सिर्फ स्वाद नहीं, सांस्कृतिक पहचान भी आदिवासी समुदायों में यह चटनी केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय संसाधनों के उपयोग का उदाहरण मानी जाती है. पीढ़ियों से लोग इसे अपने भोजन का हिस्सा बनाते आए हैं. कई क्षेत्रों में त्योहारों, मेलों और सामुदायिक आयोजनों में भी इसका विशेष महत्व देखा जाता है. स्थानीय लोगों के लिए यह डिश उनकी पहचान और परंपरा से जुड़ी हुई है, इसलिए इसे केवल “अजीब खाना” कहकर समझना सही नहीं होगा.
क्या कहती है वैज्ञानिक जानकारी? कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि लाल चींटियों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद हो सकते हैं. इसके अलावा इनमें कुछ जैव सक्रिय यौगिक (Bioactive Compounds) भी पाए जाते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इनके स्वास्थ्य लाभों को लेकर अभी और व्यापक रिसर्च की जरूरत है. इसलिए इसे किसी चिकित्सा उपचार या चमत्कारी खाद्य पदार्थ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
GI टैग मिलने से बढ़ी पहचान ओडिशा की प्रसिद्ध लाल चींटी चटनी ‘काई चटनी’ को 2024 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला. इससे इस पारंपरिक डिश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली. GI टैग किसी उत्पाद की विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान और पारंपरिक महत्व को मान्यता देता है. सोशल मीडिया और फूड ट्रैवल कंटेंट के दौर में लोग नई और अनोखी डिशेज के बारे में जानना चाहते हैं. लाल चीटियों की चटनी इसी वजह से कई बार चर्चा का विषय बन चुकी है.
विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में बंजी जंपिंग के दौरान एक हादसे में 21 साल की युवती की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों ने युवती को सेफ्टी रोप लगाए बिना ही पुल से छलांग लगवा दी, जिससे वह 130 फीट से ज्यादा गहराई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवती की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी की ओर से आयोजित बंजी जंपिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने पहुंची थी। यह हादसा स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी युवती को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और उसे नीचे छोड़ देते हैं। जैसे ही वह गिरने लगती है, वहां मौजूद लोगों को एहसास होता है कि उसकी सेफ्टी रोप नहीं बंधी है। वीडियो में कई लोग जोर से चिल्लाते सुनाई देते हैं, “रोप… रोप…”, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवती गहरी खाई में गिर चुकी थी। पुलिस ने घटना के बाद मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है। मारिया ने हादसे से पहले अपनी तस्वीरें शेयर की थी हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जंपिंग प्लेस की तस्वीरें शेयर की थीं। एक तस्वीर में पुल और उसकी जंपिंग रिस्टबैंड दिखाई दे रही थी। तस्वीर के साथ उसने लिखा था, “आखिर किस पागल इंसान ने मुझे पुल से छलांग लगाने आने दिया?” रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मारिया का मंगेतर भी वहां मौजूद था। युवती की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका ट्रीटमेंट किया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एडवेंचर टूरिज्म प्लेस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लिमेरा के मेयर मुरिलो फ्लिक्स ने कहा कि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की शिकायत ब्राजील की सरकार से करेगा और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जोखिम वाले इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं और अब जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। पुलिस जांच कर रही है कि सेफ्टी प्रोसेस में कहां चूक हुई, कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या बंजी जंपिंग से पहले तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। क्या होती है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। जंप से पहले इंसान के पैरों या पूरे शरीर पर हार्नेस लगाया जाता है और उसे बंजी रोप से जोड़ा जाता है। छलांग लगाने के बाद व्यक्ति कुछ सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता है। जैसे ही रोप पूरी तरह खिंचती है, वह उसे वापस ऊपर की ओर खींचती है। यही ऊपर-नीचे उछलने का अनुभव बंजी जंपिंग को रोमांचक बनाता है। बंजी जंपिंग कराने वाली कंपनियां आमतौर पर सुरक्षा के लिए कई नियमों का पालन करती हैं। सबसे पहले जंप करने वाले व्यक्ति का वजन मापा जाता है और उसी के हिसाब से रोप का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हार्नेस, सेफ्टी बेल्ट, एंकरिंग सिस्टम और बैकअप कनेक्शन की कई बार जांच की जाती है। ट्रेनर की परमिशन मिलने के बाद ही जंप कराया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बंजी जंपिंग एक हाई एडवेंचर स्पोर्ट जरूर है, लेकिन अगर बंजी जंपिंग अनुभवी लोगों की देखरेख में और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कराई जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में कहां सबसे ज्यादा लोकप्रिय है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग का सबसे बड़ा सेंटर न्यूजीलैंड को माना जाता है। यहां का कावराउ ब्रिज मॉर्डन कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है। यहां हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा चीन का मकाऊ टावर, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की बॉर्डर पर स्थित विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज और स्विट्जरलैंड का वेरजास्का डैम भी दुनिया की सबसे मशहूर बंजी जंपिंग साइटों में शामिल हैं। ——————— यह खभर भी पढ़ें…. कश्मीर के गुलमर्ग रोपवे में खराबी, 300 पर्यटकों का रेस्क्यू:7 घंटे ऑपरेशन चला; 65 ट्रॉली हवा में फंसीं, कई 500 फीट ऊंचाई पर थीं जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में एशिया के सबसे ऊंचे रोपवे गोंडोला (रोपवे) में 25 मई को तकनीकी खराबी आने से करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फंस गए। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रोपवे के 65 केबिन दोपहर करीब 1.30 बजे बीच हवा में रुक गए थे। कुछ केबिन जमीन से करीब 500 फीट की ऊंचाई पर थे। एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं। भारी बारिश के बीच SDRF, NDRF, सेना और पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन चलाया। पूरी खबर पढ़ें…
Sitamarhi News: मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सदन के वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी में इस किसान ने पूरे 24 मिनट तक अपना पक्ष रखा. इस दौरान उन्होंने बिहार की समृद्ध, लेकिन चुनौतियों से घिरी कृषि व्यवस्था की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने नीति निर्माताओं को भी सोचने पर मजबूर कर दिया.
सीतामढ़ीः साल 2020 बिहार के कृषि इतिहास में एक खास वर्ष के रूप में दर्ज है, जब पहली बार एक जागरूक किसान को बिहार विधानसभा में सीधे अपनी बात रखने के लिए विशेष आमंत्रण मिला. न्यू सेक्रेटेरिएट से पास जारी होने के बाद उन्हें जन लोकपाल के दायरे में कृषि बिल पर बोलने का यह दुर्लभ अवसर प्रदान किया गया. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सदन के वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी में इस किसान ने पूरे 24 मिनट तक अपना पक्ष रखा. इस दौरान उन्होंने बिहार की समृद्ध, लेकिन चुनौतियों से घिरी कृषि व्यवस्था की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने नीति निर्माताओं को भी सोचने पर मजबूर कर दिया.
अपने संबोधन में किसान ने बिहार की नाव आकार वाली भौगोलिक बनावट और उत्तर से दक्षिण बहने वाली नदियों का विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने गंगा के मैदानी इलाकों में जमा गाद (सिल्ट) की समस्या, मिट्टी की सेहत (सॉइल टेस्ट और ट्रीटमेंट) तथा जल संसाधन प्रबंधन पर विशेष रूप से ध्यान दिलाया. उन्होंने केवल पारंपरिक खेती तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि नदियों, नहरों, स्लुइस गेट, स्टेट बोरिंग के बेहतर उपयोग के साथ डेयरी, गोटरी (बकरी पालन), मत्स्य पालन, सीप पालन, मखाना की खेती, फल और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया. साथ ही, गौशालाओं के आधुनिकीकरण, देसी नस्ल की गायों के संरक्षण-संवर्धन और A-2 मिल्क के प्रोत्साहन की भी पुरजोर वकालत की.
भाषण का प्रभाव और नीतिगत बदलाव किसान के इस तर्कपूर्ण और जमीनी अनुभव पर आधारित भाषण का असर इतना गहरा रहा कि सरकार ने कृषि और डेयरी नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए. वर्ष 2021 में सरकार ने डेयरी क्षेत्र में दूध के दाम में प्रति लीटर ₹6 से अधिक की बढ़ोतरी कर पशुपालकों को बड़ी राहत दी. इसके साथ ही, एक अहम निर्णय लेते हुए ट्रैक्टर को दोबारा ‘मास्टर यंत्र’ की सूची में शामिल किया गया, जिसे पहले हटा दिया गया था. इसके बाद किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीद पर अनुदान (सब्सिडी) की व्यवस्था भी पुनः बहाल की गई. यह बदलाव किसी किसान की आवाज से प्रेरित एक बड़ा नीतिगत सुधार माना गया.
जन लोकपाल बिल कमेटी और किसानों की भागीदारी साक्षात्कार में किसान ने बताया कि उनका यह आमंत्रण बाबा साहेब के उस विजन और एक्ट के तहत संभव हुआ, जो कृषि प्रधान देश में 80% किसान आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए जन लोकपाल गठन की बात करता है. अन्ना हजारे के आंदोलनों के बाद वर्ष 2017 में केंद्र और राज्यों में जन लोकपाल का ढांचा तैयार हुआ.
देशभर के 13 राज्यों से आए आवेदनों में बिहार से केवल इन्हीं का आवेदन वरीयता के आधार पर चुना गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित ‘जन लोकपाल बिल कमेटी’ में एक राज्यसभा सदस्य, एक लोकसभा सदस्य, केंद्रीय कृषि मंत्री और देश के दो किसान शामिल होंगे, जो भविष्य में कृषि बजट और नीतियों के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे.