गाजियाबाद में बुधवार रात 12 बजे बड़े बेटे ने जमीन विवाद में अपने पिता की गोली बरसाकर हत्या कर दी। बेटे ने पिस्टल से 6 गोलियां मारीं, उसके बाद पिस्टल लेकर फरार हो गया। घर में हत्या से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर एसीपी मोदीनर भास्कर वर्मा और डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्यारोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 4 टीमें लगाईं हैं, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने बतााया कि शराब के नशे में युवक ने जमीनी विवाद में पिता की हत्या की है। 150 करोड़ के मालिक थे हरिओम चौधरी गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव निवासी हरिओम चौधरी (52 साल) की गिनती क्षेत्र के सम्पन्न किसानों में थी। उनके नाम पर मोदीनगर के पास 75 बीघा जमीन है, जबकि मोदीनगर में दिल्ली- मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने मार्केट है। हरिओम के परिवार में पत्नी अनिता, बड़ा बेटा निखिल नेहरा और छोटा बेटा नीशू है। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़ा बेटा निखिल शराब पीने का आदी है, इसी को लेकर पिता उसे डांटते थे। बड़े बेटे को मार्केट में दुकानें और 25 बीघा जमीन भी दे रखी थी। लेकिन बेटा अपने हिस्से की जमीन अपने नाम कराना चाहता था, इस पर पिता कहते थे कि तू इस जमीन को भी शराब और अपने शौक में बेचकर खा जाएगा। अवैध पिस्टल से की हत्या हरिओम चौधरी ने रात में अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था, उस समय बड़ा बेटा घर पर नहीं था। वह रात में ही शराब पीकर आया था। बताया गया है कि पिता ने बेटे को शराब पीने पर डांट दिया। जिसके बाद निखिल (32 साल) ने पिस्टल निकाल ली। जहां निखिल का पिता से विवाद होने लगा। इस दौरान दूसरे कमरे से हरिओम की पत्नी अनीता और छोटा बेटा नीशू भी आ गए। जहां हाथापाई के बाद बड़े बेटे निखिल ने पिस्टल से गोली मार दी। चेहरे पर गोली लगकर हरिओम फर्श पर गिर पड़े, इसके बाद हरिओम ने चेहरे, सीने और प्राइवेट पार्ट के पास भी गोलियां मारी। जहां पुलिस ने 4 से 6 गोलियों के निशान बताए। 2018 में छोटे भाई को मारी थी गोली हरिओम के दोनों बेटों की शादी नहीं हुई है, पुलिस की जांच में आया कि निखिल का शराब पीने को लेकर अपनी मां ओर पिता से पूर्व में भी झगड़ा होता रहता था। साल 2018 में भी निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी फायरिंग की थी, जिसमें एक गोली नीशू को लगी थी। अब पुलिस पूरे केस की भी जांच कर रही है। पति की हत्या के बाद पत्नी अनीता रोती बिलखती रहीं कि तूने तो पूरा घर ही उजाड़ दिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रात में निखिल ने मोदीनगर में दोस्तों के साथ शराब पार्टी की थी, उसके बाद घर पहुंचकर पिता की हत्या की। एसीपी का बयान एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़े बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की है। जांच में आया कि शराब पीकर बेटा घर में झगड़ा करता था। जमीन के विवाद को लेकर पुलिस जांच कर रही है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 टीमें लगाई गईं हैं।
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6 गोली मारकर बेटे ने पिता का मर्डर किया: गाजियाबाद में बेटे को शराब पीने से रोकता था पिता, पत्नी और बेटा चिल्लाते रहे – Ghaziabad News
डायबिटीज के आधार पर बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज किया: उपभोक्ता आयोग ने लगाई फटकार, कहा- क्लेम रोकना अनुचित; भुगतान का दिया आदेश – Gwalior News
ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पैर टूटने के इलाज का हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि मरीज डायबिटीज से पीड़ित है। आयोग ने माना कि आज के समय में मधुमेह एक सामान्य लाइफस्टाइल बीमारी है और इसका एंकल फ्रैक्चर से कोई सीधा संबंध नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा की पीठ ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को फटकार लगाते हुए बीमाधारक के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने कहा कि बिना ठोस चिकित्सीय साक्ष्य के केवल तकनीकी आधार पर बीमा दावा खारिज करना उपभोक्ता के साथ अन्याय और सेवा में गंभीर कमी है। गिरने से टूटा पैर, ऑपरेशन में डली प्लेट ग्वालियर निवासी सुनील गुप्ता ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस से हेल्थ पॉलिसी ली थी। 16 सितंबर 2024 को अचानक गिरने से उनके पैर के टखने के ऊपर गंभीर फ्रैक्चर हो गया। उन्हें सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर पैर में प्लेट डाली गई। इलाज पूरा होने के बाद उन्होंने अस्पताल में हुए खर्च का बीमा क्लेम कंपनी के पास जमा किया। कंपनी ने कहा- पहले से थी डायबिटीज, इसलिए नहीं मिलेगा पैसा बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पॉलिसी लेने से पहले से ही सुनील गुप्ता को डायबिटीज थी, जिसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी। कंपनी ने इसे पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। आयोग ने पूछा- फ्रैक्चर का शुगर से क्या संबंध मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी से पूछा कि आखिर पैर के फ्रैक्चर और डायबिटीज का क्या संबंध है। आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ऐसा कोई मेडिकल रिकॉर्ड या विशेषज्ञ राय पेश नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो सके कि डायबिटीज की वजह से यह इलाज प्रभावित हुआ या क्लेम अमान्य हो जाता है। आयोग ने टिप्पणी की कि आज की जीवनशैली में हल्की-फुल्की शुगर होना आम बात है। केवल इसी आधार पर दुर्घटना में हुए फ्रैक्चर का बीमा दावा रोकना पूरी तरह अनुचित है। 45 दिन में देना होगा पूरा भुगतान आयोग ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर परिवादी को इलाज का खर्च 1 लाख 27 हजार 812, मानसिक प्रताड़ना के लिए 5 हजार रुपए और वाद व्यय 2 हजार रुपए का भुगतान करे। यह फैसला क्यों है अहम? यह फैसला उन लाखों बीमाधारकों के लिए राहत की मिसाल माना जा रहा है, जिनके दावे कई बार तकनीकी कारणों या पहले से मौजूद सामान्य बीमारियों का हवाला देकर खारिज कर दिए जाते हैं। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बीमा कंपनियां बिना ठोस मेडिकल आधार के मनमाने तरीके से क्लेम खारिज नहीं कर सकतीं।
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बिना स्टीमर, यहां सीखें कुकर में मोमोज बनाने का आसान तरीका
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Momos Making Tips: यदि आप मोमोज लवर हैं, लेकिन बाजार के अनहाइजेनिक मोमोज नहीं खाना चाहते हैं, तो इसे घर पर बनाना ही बेहतर विकल्प है. यहां हम आपको इसका बहुत ही आसान तरीका बता रहे हैं. दिलचस्प बात है कि इसके लिए आपको स्टीमर खरीदने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, घर में दाल बनाने के लिए मौजूद प्रेशर कुकर की मदद से ही आप बाजार जैसे सॉफ्ट मोमोज बनाकर खा सकते हैं.
मोमोज आज के समय में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले स्ट्रीट फूड्स में से एक बन चुका है. बच्चे हों, जवान हों या बुजुर्ग, लगभग हर उम्र के लोग इसका स्वाद पसंद करते हैं. बाजार में मिलने वाले गर्मागर्म मोमोज और उनकी मसालेदार चटनी लोगों को आसानी से अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं. हालांकि बाहर का खाना हमेशा साफ-सुथरा हो, यह जरूरी नहीं है. यही वजह है कि कई लोग घर पर ही मोमोज बनाना पसंद करते हैं. लेकिन जब घर में मोमोज बनाने की बात आती है, तो सबसे बड़ी समस्या स्टीमर की होती है.
आमतौर पर मोमोज को भाप में पकाने के लिए विशेष स्टीमर का इस्तेमाल किया जाता है, जो हर किसी के घर में नहीं होता. ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि बिना स्टीमर के अच्छे मोमोज बनाना संभव नहीं है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. अगर आपके घर में प्रेशर कुकर है, तो आप आसानी से बाजार जैसे नरम और स्वादिष्ट मोमोज तैयार कर सकते हैं. चलिए इस लेख में सीखते हैं पूरा तरीका-
प्रेशर कुकर में मोमोज बनाने का तरीका
- प्रेशर कुकर में मोमोज बनाने के लिए सबसे पहले कुकर में लगभग एक से डेढ़ गिलास पानी डालें. इसके बाद कुकर के अंदर एक छोटी कटोरी, स्टैंड या कोई ऊंचा बेस रखें ताकि मोमोज पानी से टच न हो.
- अब एक प्लेट, छलनी या किसी स्टीमिंग ट्रे पर हल्का सा तेल लगा लें. इससे मोमोज चिपकेंगे नहीं. तैयार मोमोज को इस प्लेट पर थोड़ी दूरी बनाकर रखें. इसके बाद प्लेट को सावधानी से कुकर के अंदर रख दें और ढक्कन बंद कर दें.
- ध्यान रखें कि मोमोज बनाते समय कुकर की सीटी का इस्तेमाल नहीं करना है. मीडियम आंच पर लगभग 12 से 15 मिनट तक मोमोज को भाप में पकने दें. जब मोमोज की बाहरी परत हल्की चमकदार और पारदर्शी दिखने लगे, तो समझ लें कि वे तैयार हैं. इसके बाद गैस बंद कर दें और मोमोज निकालकर अपनी पसंदीदा चटनी के साथ परोसें.
ये तरीका भी आसान
अगर आपके पास ऐसा इडली स्टैंड है जो कुकर में आसानी से फिट हो जाता है, तो यह तरीका और भी सुविधाजनक हो सकता है. इसके लिए कुकर में पानी गर्म करें और इडली स्टैंड के सांचों पर थोड़ा तेल या घी लगा दें. फिर हर सांचे में एक या दो मोमोज रख दें. अब स्टैंड को कुकर में रखें और ढक्कन की सीटी तथा रबर निकालकर कुकर बंद कर दें. मीडियम आंच पर 10 से 12 मिनट तक स्टीम करें. इस आसान तरीके से आप बिना स्टीमर के भी घर पर टेस्टी और मुलायम मोमोज तैयार कर सकते हैं.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
82 पुलिस-निरीक्षकों के तबादले; कई थानों को मिले नए SHO: दक्षिण, पूर्व और पश्चिम जिलों समेत यातायात, अपराध शाखा और साइबर यूनिट में व्यापक बदलाव – Jaipur News
जयपुर पुलिस आयुक्तालय में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 82 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पूर्व में स्थानांतरण आदेशों के तहत कार्यभार ग्रहण करने वाले पांच पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक के नियमित पदस्थापन के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों को नए थानाधिकारी मिले हैं। वहीं अपराध शाखा, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, सीएसटी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, रिजर्व पुलिस लाइन और यातायात शाखा में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां कमलेश कुमार – थानाधिकारी, सुभाष चौक रघुवीर सिंह – थानाधिकारी, जयसिंहपुरा खोर भूरी सिंह – थानाधिकारी, कोतवाली सज्जन कुमार – थानाधिकारी, नाहरगढ़ सुनील कुमार – थानाधिकारी, जालूपुरा मदन लाल कड़वासरा – थानाधिकारी, महेश नगर सतीश चंद – थानाधिकारी, मानसरोवर मनोहर लाल – थानाधिकारी, अशोक नगर गुंजन वर्मा – थानाधिकारी, ज्योति नगर मनोज बेरवाल – थानाधिकारी, सोडाला हरि सिंह दूधवाल – थानाधिकारी, श्याम नगर छोटेलाल मीणा – थानाधिकारी, नारायण विहार हितेश शर्मा – थानाधिकारी, शिप्रा पथ मुकेश कुमार खारड़िया – थानाधिकारी, मुहाना गुरु भूपेंद्र सिंह – थानाधिकारी, सांगानेर सदर कृष्ण कुमार – थानाधिकारी, चाकसू राजेश गौतम – थानाधिकारी, बस्सी विक्रांत शर्मा – थानाधिकारी, प्रताप नगर गौरव प्रधान – थानाधिकारी, मालवीय नगर प्रदीप सिंह – थानाधिकारी, तूंगा सुरेश कुमार यादव – थानाधिकारी, एसएमएस अस्पताल प्रेम सिंह – थानाधिकारी, आदर्श नगर विक्रम सिंह – थानाधिकारी, ट्रांसपोर्ट नगर दीपक त्यागी – थानाधिकारी, महिला थाना (जयपुर पूर्व) धर्मेंद्र कुमार शर्मा – थानाधिकारी, बनीपार्क अरविंद सिंह शेखावत – थानाधिकारी, सिंधी कैंप अनिल कुमार जैमनी – थानाधिकारी, वैशाली नगर महेश चंद शर्मा – थानाधिकारी, हरमाड़ा रायसल सिंह शेखावत – थानाधिकारी, झोटवाड़ा दिलीप सिंह – थानाधिकारी, कालवाड़ यातायात और विशेष शाखाओं में भी बदलाव आदेशों के तहत कई निरीक्षकों को यातायात शाखा, अपराध शाखा, सीएसटी, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, स्टाफ ऑफिसर और रिजर्व पुलिस लाइन में भी पदस्थापित किया गया है। पांच अधिकारियों के नियमित पदस्थापन पुलिस आयुक्त ने पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रम में पांच अधिकारियों का नियमित पदस्थापन भी किया है। इनमें प्रहलाद नारायण को यातायात जयपुर, प्रकाश राम विश्नोई को खोह नागोरियान, रामधन मीणा को बजाज नगर, रतन सिंह को जामड़ोली तथा श्याम सुंदर (उप निरीक्षक) को लालकोठी थाना का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
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जमुई में ‘हत्या’ की गुत्थी निकली आत्महत्या: शव नवादा से लाकर बहियार में फेंका; परिजनों पर केस दर्ज, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा – Jamui News
जमुई पुलिस ने चंद्रदीप थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव से बरामद युवक के शव मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिसे हत्या बताया जा रहा था, वह वास्तव में आत्महत्या का मामला था। आरोप है कि मृतक के परिजनों ने आत्महत्या को हत्या का रूप देने के लिए शव को नवादा जिले से लाकर जमुई के मोहनपुर बहियार में फेंका था। मृतक की पहचान नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के कुमरौआ गांव निवासी अंकित मिस्त्री (पिता बिरजू मिस्त्री) के रूप में हुई थी। घटना के बाद मृतक की मां सुनीता देवी ने आठ लोगों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया था। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। तकनीकी अनुसंधान में अंकित की बुआ के मोबाइल की कॉल डिटेल और शव पर मिली बेडशीट की जांच से पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, अंकित ने नवादा में अपनी बुआ की बेटी के घर आत्महत्या की थी। शव को जमुई के मोहनपुर बहियार में लाकर फेंक दिया
इसके बाद उसकी मां, फूफा, मौसा, मौसी समेत अन्य परिजनों ने शव को एक बोलेरो वाहन से जमुई के मोहनपुर बहियार में लाकर फेंक दिया। मोहनपुर अंकित का ननिहाल था। परिजनों का मकसद घटना को हत्या का रूप देकर दूसरों को फंसाना था। एडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि मंगलवार सुबह चंद्रदीप थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव से एक अज्ञात शव बरामद किया गया था। शव की पहचान के बाद युवक की मां के बयान के आधार पर आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक ने हाल ही में एक लड़की से शादी की थी, जिससे दो परिवारों के बीच तनाव की स्थिति थी। मृतक की मां ने लड़की के परिवार वालों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया था। रात में युवक के फूफा के घर में सुसाइड किया
उन्होंने बताया कि घटना की तब्तीश के द्वारा मृतक की मां से पूछताछ की गई, उनके मोबाइल पर 14 तारीख की सुबह तीन बजे सुबह एक मोबाइल नंबर से कॉल आया था, इस मामले में मृतक की मां के द्वारा मोबाइल नंबर के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया। पुलिस ने इसके बाद उसे मोबाइल नंबर को आईडेंटिफाई किया, दो नवादा के एक यूजर का निकला। हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो पूरे मामले का उद्भेदन हुआ है। उन्होंने बताया कि 14 तारीख को ही रात में युवक के फूफा के घर में सुसाइड कर लिया गया था। मृतक के मां, फूफा, मौसी, फुआ के द्वारा अंकित के डेड बॉडी को बेडशीट में लपेटकर जमुई जिला के चंद्रदीप थाना क्षेत्र इलाके के मोहनपुर में फेक दिया गया था। लड़की से बातचीत करने के लिए नहीं दिया जा रहा था
उन्होंने बताया कि पूरे मामले को छुपाने का उद्देश्य यह था कि जिस लड़की से अंकित की शादी हुई थी,उसके परिवार पर हत्या के मुकदमा किया जा सके। एसडीपीओ में बताया कि इस मामले में एक सुसाइड नोट पर बरामद हुआ है, उसे सुसाइड नोट के आधार प्रारंभिक रूप से यह लग रहा है कि अंकित को लड़की से बातचीत करने के लिए नहीं दिया जा रहा था। मृतक के मामा और मौसा के द्वारा मृतक के पत्नी को कहीं छुपा दिया गया था। उन्होंने बताया कि चंद्रदीप थाना क्षेत्र के सोनखार से मृतक के फूफा के परिचित के घर से लड़की को बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या को हत्या का रूप इसलिए दिया गया था की लड़की के पिता सहित अन्य लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें फसाया जा सके। दरअसल अंकित गांव के ही एक लड़की से 14 जून को घर से भाग कर लव मैरिज किया था। यह शादी अंतर्जातीय होने के कारण लड़की के परिवार वाला और लड़के के परिवार वालों में तनाव की स्थिति थी। लड़की से बात नहीं कराए जाने के कारण अंकित ने सुसाइड कर लिया था।
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सहरसा में पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण: संवेदनशील स्परों पर बढ़ी निगरानी; बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश – Saharsa News
बाढ़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर, वीरपुर के बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिस्सरण विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बुधवार को सहरसा जिले में पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से स्पर संख्या 116.70 और 117.15 का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तटबंध पर नदी के दबाव, सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ से निपटने की तैयारियों का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान, मुख्य अभियंता ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंध के सभी संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। नदी के जलस्तर में वृद्धि, दबाव बढ़ने या कटाव की आशंका होने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं। अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया
मुख्य अभियंता ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जाए और सभी संसाधनों को हर समय तैयार रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तटबंध की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभाग को हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहना होगा। संजीव शैलेश ने बताया कि विभाग कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता विकास कुमार, कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार और फ्लड फाइटिंग फोर्स के चेयरमैन सह बाढ़ संघर्षात्मक समिति के अध्यक्ष सहजानंद सिंह सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान शुरू: अगले 3 वर्षों में देश को नशा मुक्त करने का संकल्प, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने दिलाई शपथ – Jabalpur News
मध्य प्रदेश पुलिस और सामाजिक न्याय विभाग ने बुधवार से जबलपुर में 15 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ की शुरुआत की। भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में दीप प्रज्वलन के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ। इस दौरान आईजी प्रमोद वर्मा, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संपत उपाध्याय समेत अधिकारियों, चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अगले तीन वर्षों में भारत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। आईजी प्रमोद वर्मा ने युवाओं से खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पादों की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। वहीं एसपी संपत उपाध्याय ने अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। अभियान के तहत जबलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एसपी रेल सुंदर सिंह कनेश, एएसपी भावना मरावी, डीएसपी अंकिता सुल्य और जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत मौजूद रहीं। संस्कृति स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों, शिक्षकों और रेल यात्रियों सहित करीब 200 लोगों ने नशामुक्त जीवन की शपथ ली। कार्यक्रम के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत आगामी दिनों में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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एथर ईवी में 200 करोड़ डालेगी सरकार, क्या है प्राइवेट कंपनी में इस निवेश की वजह
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इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बनाने वाली कंपनी एथर को सरकार की ओर से 200 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं. कंपनी 1200 करोड़ रुपये का फंड जुटाने निकली है. इसमें से 900 करोड़ रुपये से ज्यादा उसे उसके मौजूदा शेयरहोल्डर हीरो मोटोकॉर्प से मिलेंगे.
कंपनी ने जून में 2500 करोड़ रुपये जुटाने के प्लान को मंजूरी दी थी.
नई दिल्ली. एथर को सरकार से 200 करोड़ रुपये मिले हैं. ये निवेश सरकार ने भविष्य में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए किया है. कई लोगों को लग सकता है कि सरकार किसी प्राइवेट कंपनी पर इतना क्यों मेहरबान हो रही है. क्यों नहीं इसे पीएलआई के रास्ते फंडिंग दी जा रही है. हम आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए किसी कंपनी में पैसा डाला हो. इससे पहले भी कई कंपनियों को सरकार डायरेक्ट फंडिंग दे चुकी है. इसके बारे में आगे विस्तार से जानेंगे कि कब, किस कंपनी को कितनी फंडिंग दी गई लेकिन उस पहले जान लेते हैं कि आज एथर खबर में क्यों हैं.
एथर टेक्नोलॉजी 1200 करोड़ रुपये का फंड जुटा रही है. यह जानकारी कंपनी ने बीएसई की फाइलिंग में दी. इसमें से 200 करोड़ रुपये सरकार ने दे दिये हैं. सरकार के अलावा इस फंडरेजर में कंपनी के फाउंडर्स और मौजूदा शेयरधारक भी हैं. कंपनी के शेयरहोल्डर्स में एक बड़ा नाम हीरो मोटोकॉर्प का भी है. हीरो इस फंडरेजर में 960 करोड़ रुपये डालेगी. इसके अलावा एथर को को-फाउंडर्स मिलकर 40 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. इसके अलावा भी कुछ और निवेशक कंपनी में पैसा डालेंगे.
बड़े प्लान का पार्ट
कंपनी ने जून में 2500 करोड़ रुपये जुटाने के प्लान को मंजूरी दी थी. तब प्लान यह किया गया था कि 1500 करोड़ रुपये क्यूआईपी के जरिए जुटाए जाएंगे और बाकी 1000 करोड़ प्रेफेरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाए जाएंगे. हालांकि, मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक अब ये 1200 करोड़ रुपये प्रेफरेंशियल इश्यू के रास्ते उठाए जा रहे हैं.
अब बात सरकारी निवेश की
दरअसल, सरकार 200 करोड़ रुपये इंडिया-जापान फंड से निकाल कर देगी. यह फंड 60 करोड़ डॉलर का है. भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू 4900 करोड़ रुपये है. यह फंड भारत और जापान ने एक द्विपक्षीय समझौते के तहत मिलकर बनाया है. इस फंड को नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड द्वारा मैनेज किया जाता है. ऐसा पहली बार नहीं है जब इस फंड से किसी निजी इलेक्ट्रिक व्हीलकल कंपनी को फंडिंग दी गई हो. इससे पहले भी इन कंपनियों को यहां से पैसा मिला है:
- इकेए मोबिलिटी (कमर्शियल ईवी)- 500 करोड़ रुपये का निवेश
- महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी- 400 करोड़ रुपये का निवेश
- एथर एनर्जी में पहले भी 600 करोड़ रुपये का निवेश सरकार ने किया था.
क्या है इसका मकसद
भारत सरकार 2030 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्रमोट करना चाहती है. एथर जैसी कंपनियां 2-व्हीलर मार्केट में लीडर है. सरकार चाहती है कि लोकल ईवी कंपनियां मजबूत हों और चीन पर निर्भरता कम की जाए. इसका एक पक्ष यह भी है कि एथर जैसी कंपनियों को जब फंड मिलता है तो वह अपने इंफ्रा का विस्तार करती हैं जिसकी वजह से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है.
क्यूआईपी से 1300 करोड़
एथर ने इस 1200 करोड़ रुपये के प्रेफरेंशियल इश्यू के 1300 करोड़ रुपये का क्यूआईपी यानी क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट भी लॉन्च कर दिया है. यानी जून में कंपनी को बोर्ड से 2500 करोड़ रुपये जुटाने की जो अनुमति मिली थी वह रकम इस तरह से पूरी होती है. क्यूआईपी के तहत हर शेयर 1,169.70 रुपये का होगा.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें
स्वीट कॉर्न से बनाएं 5 टेस्टी स्नैक्स, बच्चों से बड़ों तक सबको आएगा पसंद
आजकल स्वीट कॉर्न लोगों के पसंदीदा हेल्दी स्नैक्स में से एक बन चुका है. इसका हल्का मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वीट कॉर्न में फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इसे पोषण से भरपूर बनाते हैं. यही वजह है कि इसे नाश्ते, शाम के स्नैक्स या हल्की भूख मिटाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है.
खास बात ये है कि स्वीट कॉर्न से बनने वाली ज्यादातर रेसिपीज बहुत कम समय में तैयार हो जाती हैं और इसके लिए किसी खास सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती. अगर अचानक मेहमान आ जाएं, बच्चों को कुछ स्वादिष्ट खाने की इच्छा हो या आप खुद कुछ हल्का और टेस्टी खाना चाहते हों, तो स्वीट कॉर्न की रेसिपीज आपके काम आ सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 आसान रेसिपीज के बारे में, जिन्हें आप कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकते हैं.
स्वीट कॉर्न चाट
अगर आपको चटपटा और झटपट बनने वाला स्नैक पसंद है, तो स्वीट कॉर्न चाट ट्राई कर सकते हैं. इसके लिए उबले हुए स्वीट कॉर्न में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, चाट मसाला, काला नमक और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर दें. फिर ऊपर से हरा धनिया डालकर तुरंत सर्व करें.
चीजी स्वीट कॉर्न सैंडविच
यह बच्चों की पसंदीदा रेसिपी है. इसे बनाने के लिए ब्रेड पर मक्खन लगाकर उसमें उबला स्वीट कॉर्न और कद्दूकस किया हुआ चीज भरें. फिर ऊपर से काली मिर्च और ऑरेगैनो डालें. अब सैंडविच को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें और सर्व करें.
स्वीट कॉर्न सूप
ठंड के मौसम में ये सूप स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा होता है. इसे बनाने के लिए उबले हुए कॉर्न का आधा हिस्सा पीस लें. फिर इसमें लहसुन, अदरक, नमक, काली मिर्च और थोड़ा कॉर्नफ्लोर मिलाकर 8 से 10 मिनट तक पकाएं. इस तरह से गर्मागर्म सूप तैयार है.
स्वीट कॉर्न मसाला
ये रेसिपी सिर्फ 10 मिनट में बन जाती है. पैन में थोड़ा मक्खन गर्म करें और उसमें स्वीट कॉर्न डालकर 2-3 मिनट भूनें. फिर लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च और चाट मसाला मिलाएं. आखिर में नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. इस तरह से तैयार है स्वीट कॉर्न मसाला.
स्वीट कॉर्न टिक्की
शाम की चाय के साथ खाने के लिए ये एक बेहतरीन स्नैक है. उबले स्वीट कॉर्न, उबले आलू, ब्रेडक्रम्ब्स, हरा धनिया, हरी मिर्च और मसालों को मिलाकर टिक्की बना लें. इन्हें तवे पर हल्के तेल के साथ दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें.
बस्ती में टूल्लू पंप के करंट से युवक की मौत: घर पर हुआ हादसा, जिला अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम – Basti News
बस्ती के दुबौलिया थाना क्षेत्र के रमवापुर राजा गांव में बुधवार शाम करीब 6 बजे एक युवक की टूल्लू पंप के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। सुरेश गुप्ता (30) को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, रमवापुर राजा निवासी सुरेश गुप्ता (30) पुत्र बजरंगी प्रसाद गुप्ता बुधवार शाम अपने घर पर लगे नल के टूल्लू पंप के पास किसी काम से गए थे। इसी दौरान वह पंप में उतर रहे करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय सुरेश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में गहरा शोक छा गया। परिजनों का बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है।
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