उज्जैन में स्वास्थ्य विभाग ने देर रात कार्रवाई करते हुए दो अवैध क्लीनिकों को सील कर दिया। इनमें भेरूगढ़ रोड स्थित श्रीसिद्धि हेल्थ केयर सेंटर और आगर रोड, इंदिरा नगर स्थित निरामय क्लीनिक शामिल हैं। जांच के दौरान दोनों ही स्थानों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। श्रीसिद्धि हेल्थ केयर सेंटर में बच्चों सहित कई मरीज भर्ती पाए गए। क्लीनिक में 8 से 10 बिस्तरों पर मरीजों का इलाज चल रहा था और उन्हें ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। जांच टीम को मौके पर कोई बाल रोग विशेषज्ञ या महिला नर्सिंग स्टाफ नहीं मिला, जबकि महिला मरीज भी भर्ती थीं। मुख्य डॉक्टर भी अनुपस्थित थे, और तीन से चार युवक मरीजों की देखभाल करते तथा ड्रिप लगाते हुए पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि क्लीनिक संचालक डॉ. राम राठौर का पंजीयन 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था, फिर भी एलोपैथी उपचार जारी था। मौके से एलोपैथी दवाइयां और उपचार सामग्री जब्त की गई। दूसरी ओर, आगर रोड, इंदिरा नगर स्थित निरामय क्लीनिक की जांच में पाया गया कि इसके संचालक डॉ. पलाश जैन के पास इलेक्ट्रो होम्योपैथिक सिस्टम ऑफ मेडिसिन की डिग्री थी, जिसे मान्यता प्राप्त नहीं है। क्लीनिक के बोर्ड पर घुटनों का दर्द, साइटिका, बदन दर्द, कमर दर्द, नसों में खिंचाव, झुनझुनी, पाइल्स, फिशर, फंगल इन्फेक्शन और बालों का झड़ना जैसे सामान्य रोगों के उपचार का दावा किया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने इसे नियम विरुद्ध मानते हुए क्लीनिक को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और बिना अनुमति उपचार करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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झारखंड की पारंपरिक खानपान संस्कृति में कई खास व्यंजन शामिल हैं. इन्हीं में से एक प्रसिद्ध पकवान है ‘ओकोपोको’.इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि भीषण गर्मी में भी यह महीनों तक खराब नहीं होता. ओकोपोको बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. इसे मुख्य रूप से गेहूं का आटा, गुड़ और घी से तैयार किया जाता है. सबसे पहले आटे में गुड़ मिलाया जाता है. इसमें पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि गुड़ की नमी और घी से ही मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद छोटे-छोटे गोले बनाकर धीमी आंच पर घी या तेल में तला जाता है. धीरे-धीरे पकने पर इसका रंग सुनहरा भूरा हो जाता है और इसकी खुशबू लोगों को आकर्षित करती है. ठंडा होने के बाद इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.









