प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जहानाबाद के उटा स्थित प्राचीन देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और देश के निरंतर विकास की कामना की। इस अवसर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया गया है। भाजपा नगर मंडल के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 12 वर्षों में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने गरीब कल्याण, डिजिटल भारत, स्वच्छता, आधारभूत संरचना और आत्मनिर्भर भारत जैसे क्षेत्रों में हुए ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख किया। भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पूनम कुमारी ने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लागू की गई योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। पूनम कुमारी ने प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल की खुशी में अपने घर पर तैयार किया गया सूजी का केक मंदिर परिसर में कार्यकर्ताओं के साथ काटा। इसके बाद मिठाइयों का वितरण कर सभी ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम पूजा-अर्चना, आरती, केक कटिंग और मिठाई वितरण के साथ संपन्न हुआ।
Source link
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे: जहानाबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उटा देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना – Jehanabad News
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत का नया स्टॉप, इन स्टेशनों पर रुकते हुए पहुंचेगी घाटी
Last Updated:
जम्मू-कश्मीर के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस अब अनंतनाग स्टेशन पर भी रुकेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बैठक में यह फैसला लिया गया है. नए स्टॉपेज से दक्षिण कश्मीर के लोगों, पर्यटकों और व्यापारियों को सीधा फायदा मिलेगा.
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को अब एक नया स्टॉपेज मिल गया है.
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को अब एक नया कमर्शियल स्टॉपेज मिल गया है.
Jammu Srinagar Vande Bharat: यदि आप जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत से सफर करने वाले हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस अब अनंतनाग स्टेशन पर भी रुकेगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया. इस नए स्टॉपेज से घाटी के लोगों और पर्यटकों को तो सहूलियत मिलेगी ही, साथ ही व्यापारियों के दिन भी बदल जाएंगे.
रेल मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और लोगों की मांग को देखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस का अनंतनाग में कमर्शियल स्टॉपेज शुरू किया जाएगा. अब ट्रेन जम्मू से श्रीनगर के बीच सफर करते हुए अनंतनाग स्टेशन पर भी यात्रियों को चढ़ने और उतरने की सुविधा देगी. आपको बता दें कि अनंतनाग दक्षिण कश्मीर का एक अहम शहर है और इसे घाटी के आर्थिक तथा सांस्कृतिक केंद्रों में गिना जाता है.
पर्यटक को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा ने क्षेत्र में यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है. पहले जहां सड़क मार्ग से यात्रा में कई घंटे लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक रेल नेटवर्क के जरिए लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल रहा है. बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर में चल रही और भविष्य की रेलवे परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई है.
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत रेल नेटवर्क केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अनंतनाग में स्टॉपेज शुरू होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर घूमने पहुंचते हैं. अब उन्हें अनंतनाग और आसपास के इलाकों तक पहुंचने के लिए बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होगी. इससे स्थानीय होटल, व्यापार और पर्यटन उद्योग को भी फायदा मिलेगा.
बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे स्थानीय प्रोडक्ट्स
इसके अलावा अनंतनाग में वंदेभारत का स्टॉपेज बढ़ने से किसानों और कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा. जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध सेब, चेरी और अन्य फलों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में यह ढहराव बढ़ी भूमिका निभाने वाला है. साथ ही, सीमेंट और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई भी अब पहले की अपेक्षा में बेहद आसान हो जाएगी. इससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कम होगा और स्थानीय प्रोडक्ट्स को बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा.
केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अनंतनाग में वंदे भारत का नया ठहराव स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है. यह कदम क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देगा. अनंतनाग में वंदे भारत एक्सप्रेस के नए स्टॉपेज को जम्मू-कश्मीर के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक अहम उपलब्धि है. इससे यात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को फायदा मिलेगा. – अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री
About the Author

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें
एमसीडी और सीआरआरआई के बीच समझौता: इको-फिक्स से होगी गड्ढों की मरम्मत, अपनाई जाएगी स्टील-स्लैग तकनीक, प्रदूषण कम किया जाएगा – New Delhi News
नई दिल्ली। दिल्ली की जर्जर सड़कों और धूल प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत अब दिल्ली की सड़कों की मरम्मत और रखरखाव में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार और सीआरआरआई डायरेक्टर डॉ. चालुमूरी रवि शेखर ने एमओए पर हस्ताक्षर किए। इंजीनियरों को पेवमेंट निर्माण के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी समझौते के तहत अब सड़कों की गुणवत्ता की थर्ड-पार्टी जांच होगी और इंजीनियरों को पेवमेंट निर्माण के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण पहल इको-फिक्स तकनीक का उपयोग है, जो आयरन और स्टील-स्लैग पर आधारित है। यह मिक्स गड्ढों को भरने के लिए बेहद असरदार और त्वरित समाधान है। इस सहयोग पर निगम आयुक्त ने कहा, यह साझेदारी दिल्ली के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में मील का पत्थर है। समय पर मरम्मत से सड़क की धूल के उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इस नई तकनीक से अब दिल्लीवासियों को खराब सड़कों से मुक्ति मिलेगी और निर्माण कार्य में टिकाऊपन व स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
Source link
बालाघाट में 957 ट्रॉली अवैध रेत जब्त: खनिज-राजस्व विभाग की दो गांवों में कार्रवाई; माफिया नदियों से निकालकर डंप कर रहे – Balaghat (Madhya Pradesh) News
बालाघाट में खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर दो अलग-अलग गांवों से करीब 957 ट्रॉली अवैध रेत जब्त की है। यह पूरी कार्रवाई बुधवार की दोपहर लालबर्रा के मौसमी गांव और बालाघाट के कुम्हारी गांव में की गई। दरअसल, जिले में इस समय रेत खदान का कोई ठेका नहीं है, फिर भी नदियों से धड़ल्ले से रेत निकालकर गांवों में डंप की जा रही थी। शाम को जब खनिज अधिकारी से बात हो पाई, तब जाकर मामले की पूरी जानकारी सामने आई। सरकारी जमीन और गांवों में मिला रेत का भारी स्टॉक अधिकारी ने बताया कि अवैध खनन और भंडारण को लेकर विभाग लगातार अलर्ट पर है। इसी कड़ी में जब संयुक्त टीम लालबर्रा के मौसमी गांव पहुंची, तो वहां सरकारी जमीन पर लगभग 22 ट्रॉली रेत का अवैध स्टॉक मिला। इसके बाद टीम ने कुम्हारी गांव में छापा मारा, जहां भारी मात्रा में यानी करीब 935 ट्रॉली रेत डंप की हुई मिली। इस तरह दोनों जगहों को मिलाकर कुल 957 ट्रॉली रेत लावारिस हालत में जमा करके रखी गई थी। मौके पर दस्तावेज नहीं दिखा पाए कारोबारी जब जांच टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से रेत के रख-रखाव, खनन या ट्रांसपोर्ट से जुड़े जरूरी कागजात मांगे, तो कोई भी एक भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। कागजात न होने की वजह से टीम ने इसे पूरी तरह अवैध माना और तुरंत रेत को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। कोटवारों की निगरानी में सौंपी गई जब्त रेत जब्त की गई इस करोड़ों की रेत को सुरक्षित रखने के लिए फिलहाल संबंधित गांवों के कोटवारों की देखरेख और सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है। अधिकारी क्या बोले? खनिज अधिकारी उप संचालक फरहत जहां का कहना है कि इस मामले में मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत कार्रवाई की जा रही है और जिले में इस तरह का अवैध कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी अवैध रेत के खनन या भंडारण की भनक लगे, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
Source link
न चिकन-मटन, न ही कोई पाउडर, सिर्फ 3 चीजों से दिनभर में मिलेगा 120 ग्राम शुद्ध प्रोटीन
Last Updated:
Vegetarian Muscle-Building Diet: अगर आप चिकन-मटन और प्रोटीन पाउडर के बिना मसल्स बनाना चाहते हैं, तो पनीर, सोया और दालें आपकी मदद कर सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इन 3 शाकाहारी फूड्स को सही मात्रा में डाइट में शामिल करके रोज 120 ग्राम तक प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है, जो मसल्स ग्रोथ और फिटनेस के लिए फायदेमंद है.
पनीर, टोफू, सोया चंक्स और दालों में भरपूर प्रोटीन होता है. ये चिकन-मटन के बेस्ट वेज ऑप्शंस हैं.
Most Powerful High Protein Foods: आजकल मसल्स बिल्डिंग के लिए लोग सबसे ज्यादा प्रोटीन पर ध्यान देते हैं. जिम जॉइन करने के बाद लोगों का दूसरा टारगेट ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन इनटेक होता है. प्रोटीन के लिए अक्सर लोग चिकन, मटन और अंडा खाते हैं. इन चीजों में अच्छी खासी मात्रा में प्रोटीन होता है. कुछ लोग प्रोटीन पाउडर का भी सेवन करते हैं, ताकि मसल्स में नई जान आ सके. कई लोग नॉनवेज नहीं खाते और प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन कैसे मिलेगा.
प्रोटीन के लिए ये हैं बेस्ट फूड्स
पनीर और दूध : दूध और इससे बने प्रोडक्ट प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स हैं. दो गिलास दूध से करीब 16 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है, जबकि 100 ग्राम पनीर में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन होता है. इसके अलावा दही और हंग कर्ड भी प्रोटीन बढ़ाने में मदद करते हैं. इन चीजों का आप नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं.
सोया चंक्स और टोफू : शाकाहारियों के लिए सोया सबसे ताकतवर प्रोटीन सोर्स माना जाता है. एक कप पके हुए सोया चंक्स से करीब 25 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. वहीं 100 ग्राम टोफू में 12 से 15 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है. नियमित रूप से सोया खाने से प्रोटीन की जरूरत आसानी से पूरी हो सकती है. इन चीजों को सब्जी में डालकर भी आसानी से खाया जा सकता है.
दालें और चना : राजमा, चना, मूंग, उड़द और विभिन्न दालें प्रोटीन से भरपूर होती हैं. एक कटोरी दाल में लगभग 7 से 10 ग्राम प्रोटीन मिलता है. अगर दाल को चावल या रोटी के साथ खाया जाए तो शरीर को बेहतर गुणवत्ता वाला प्रोटीन मिलता है. अंकुरित अनाज यानी स्प्राउट्स भी प्रोटीन का शानदार विकल्प हैं.
इस तरह पाएं भरपूर प्रोटीन
डाइटिशियन के अनुसार एक बार में ज्यादा प्रोटीन खाने की बजाय इसे पूरे दिन 4 से 5 भोजन में बांटना चाहिए. सुबह दूध और स्प्राउट्स, दोपहर में दाल और दही, शाम को ड्राई फ्रूट्स और रात में पनीर या टोफू शामिल करके आसानी से 120 ग्राम प्रोटीन के लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है. मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन खाना काफी नहीं है. नियमित वर्कआउट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पर्याप्त कैलोरी लेना भी जरूरी है. तभी शरीर प्रोटीन का सही इस्तेमाल कर पाएगा और मसल्स की ग्रोथ बेहतर होगी.
About the Author

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
आधी-अधूरी स्टोरी पर बनी वो फिल्म, रिलीज होते ही निकली सुपरहिट, मूवी में थे कालजयी गाने
Last Updated:
Bollywood superhit film 1982 : जिस फिल्म की कहानी पूरी यूनिट को पसंद ना आए, कहानी भी आधी-अधूरी हो, उसी स्टोरी पर बनी मूवी सुपरहिट साबित हो जाए तो इसे चमत्कार ही कहा जाएगा. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर और राइटर की मेहनत के चलते ही यह संभव हुआ. सबने मिलकर फिल्म को संपूर्णता दी. यह फिल्म ना केवल कामयाब रही, बल्कि उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवी बनी. 41 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म सिनेमाघर में आई थी जिसका एक-एक गाना आज भी सुपरहिट है. एक-एक सीन लोगों के जेहन में बसा हुआ है. फिल्म आज कल्ट क्लासिक मूवी का दर्जा रखती है. इस फिल्म को चाहे कितनी भी बार देखें, मन नहीं भरता है. फिल्म की कहानी इतना लगाव पैदा कर देती है कि एक मिनट के लिए भी स्क्रीन से दर्शक नजरें नहीं हटा पाते.
जिस फिल्म की कहानी आधी-अधूरी हो और पूरी यूनिट को कहानी पसंद ना आए लेकिन वही स्टोरी डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के मन में ऐसी बसी कि उन्होंने सबके विरोध के बावजूद मूवी बनाने का फैसला लिया. फैसला कितना चुनौतीपूर्ण रहा होगा, इसका अंदाजा लगा पाना आसान नहीं है. राइटर की मदद से फिल्म को की कहानी को पूरा किया. बाद में कहानी को इस अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया जरा भी अहसास नहीं हुआ कि फिल्म अधूरी है. फिल्म की सफलता में सबसे बड़ा हाथ म्यूजिक ने निभाया. म्यूजिक सदाबहार संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. ऐसा म्यूजिक जिसका असर पिछले 41 साल से बरकरार है. सिने प्रेमियों के दिल में म्यूजिक रच-बस गया. यह फिल्म थी प्रेम रोग जिसका डायरेक्शन-प्रोडक्शन राज कपूर ने किया था.

ऋषि कपूर-पद्मिनी कोल्हापुरे स्टारर ‘प्रेम रोग’ एक म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी जो कि 30 जुलाई 1982 को रिलीज हुई थी. स्क्रीनप्ले जैनेंद्र जैन और कामना चंद्रा ने मिलकर लिखा था. वैसे यह मूवी लेखिका कामना चंद्र की पहली फिल्म थी. कामना चंद्र ने अपनी मां से एक रियल लाइफ कहानी सुनी थी. उन्होंने यह कहानी राज कपूर को सुनाने का फैसला किया. उन दिनों राज कपूर ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ बना रहे थे. जब कामना चंद्रा ने यह कहानी राज कपूर को सुनाई तो वहां पर मौजूद किसी भी शख्स को यह कहानी पसंद नहीं आई थी. कामना चंद्रा कहानी सुनाते समय फॉक सॉन्ग भी गाकर सुनाती थी. राज कपूर को फॉक सॉन्ग पसंद आए. उन्होंने फिल्म बनाने का फैसला किया. कामना चंद्रा की कहानी अधूरी थी. फिल्म के इंटरवल के बाद जो कुछ भी दिखाया जाता है, उसे राज साहब ने अपने से जोड़ा था.

ऋषि कपूर उन दिनों बहुत बिजी थे. यह पहला मौका था जब राज साहब को ऋषि कपूर से डेट्स एडजस्ट करनी पड़ीं. राज कपूर चाहते थे कि ऋषि ही फिल्म का निर्देशन करें लेकिन वो बहुत व्यस्त थे. फिर तय हुआ कि स्क्रीनप्ले-डायलॉग राइटर जैनेंद्र जैन फिल्म का डायरेक्शन करेंगे. जब डिस्ट्रीब्यूटर्स को पता चला तो उन्होंने राज कपूर से ऐसा ना करने के लिए कहा. उनका कहना था कि फिल्में राज कपूर के नाम से चलती है. अंत में राज कपूर ने ही इस मूवी का डायरेक्शन किया. राज साहब ने ऋषि कपूर से कहा था कि मुझे फिल्म में तुम्हारे चेहरे पर दिलीप कुमार जैसा सीरियस इंटेंस लुक चाहिए. यह दूसरा मौका था जब ऋषि कपूर ने राज कपूर के निर्देशन में काम किया. पहले मधु कपूर यह फिल्म करने वाली थीं. फिर पद्मिनी कोल्हापुरे इस फिल्म की नायिका बनी. राज कपूर ने एक विधवा के रूप में उनका स्क्रीन टेस्ट भी लिया था. पद्मिनी तब 20 साल की भी नहीं थीं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

‘प्रेम रोग’ में राज कपूर के तीनों बेटे काम कर रहे थे. रणधीर कपूर प्रोडक्शन मैनेजर थे. राजीव कपूर असिस्टेंट डायरेक्टर थे. ऋषि कपूर हीरो थे. कहा जाता है कि फिल्म की शूटिंग के दौरान राजीव कपूर-पद्मिनी कोल्हापुरे के बीच बढ़ी नजदीकियों से राज कपूर परेशान हो गए थे. ऐसे में दोनों की वार्निंग भी थी. पद्मिनी कोल्हापुरे की ऑनस्क्रीन मां का रोल नंदा ने निभाया था.

‘प्रेम रोग’ फिल्म का सदाबहार म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. गीतकार संतोष आनंद, पंडित नारायण शर्मा और अमीर ककलबाश थे. गीतकार पंडित नारायण शर्मा ने भंवरे ने खिलाया फूल फूल को ले गया राजकुमार’ लिखा था. गाना एम्स्टर्डम में फिल्माया गया था. जून महीने में वहां पर ट्यूलिप के पौधे लगा दिए जाते हैं. एम्स्टर्डम में दिन में बहुत देर से अंधेरा होता है, इसलिए क्रू ने काफी लंबे समय तक शूटिंग की. गाना पूरे नौ दिन में फिल्माया गया था. गाना कितना शानदार शूट हुआ, बताने की जरूरत नहीं. गाना कई कारणों से खास है. लंबे-लंबे तीन अंतरे हैं. एक-एक लाइन को खास तरीके से कंपोज किया गया है. लता मंगेशकर-सुरेश वाडकर ने उतनी ही खूबसूरती से इसे गाया है. इस गाने में लता दीदी की हंसी-खिलखिलाहट भी सुनाई देती है. गाने का फिल्मांकन असाधारण है.

फिल्म का हर गाना सिचुएशन और कहानी के अनुरूप था. बैकग्राउंड म्यूजिक कमाल का था. फिल्म के अन्य पॉप्युलर गाने थे : ये प्यार था या कुछ और था (सुधा मल्होत्रा-अनवर) मैं हूं प्रेमरोगी (सुरेश वाडकर), मोहब्बत है क्या चीज हमको बताओ (लता मंगेशकर-सुरेश वाडकर) और ये गलियां ये चौबारा (लता मंगेशकर). लता मंगेशकर की आवाज प्रेम रोग के गानों में स्पेशल है. एक गाने में अलाप तो दूसरे गाने में उनकी हंसी मंत्रमुग्ध कर देती है. अमीर कजलबाश ने यादगार गाना ‘मेरी किस्मत में तू नहीं शायद’ लिखा था.

शम्मी कपूर ने फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे के ताऊ का रोल निभाया था. यह पहला और आखिरी मौका था जब उन्होंने राज कपूर के निर्देशन में काम किया. फिल्म में रजा मुराद ने पद्मिनी कोल्हपुरे के जेठ का किरदार निभाया था. फिल्म जब शुरू होती है तो कलरफुल रहती है लेकिन जब पद्मिनी कोल्हापुरे के साथ हादसा हो जाता है तो पूरे सीन सफेद रंग के बेजान नजर आते हैं. यह इस बात का प्रतीक था कि सबकुछ बेरंग हो गया है. मनोरमा की जिंदगी उदास है. पद्मिनी जब हंसती हैं तो फूल खिलते नजर आते हैं. उसी समय गाना
‘भंवरे ने खिलाया फूल फूल को ले गया राजकुमार’ शुरू होता है. गाने के जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई जैसे मनोरमा की जिंदगी में रंग भर जाएंगे. फिल्म का एक और यादगार गाना ‘ये गलियां ये चौबारा’ था. गाना आज तक सुपरहिट है.

फिल्म में हर कलाकार का काम बहुत अच्छा था. फिल्म को चार फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड राज कपूर, बेस्ट एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे, बेस्ट लिरिसिस्ट संतोष आनंद ((मोहब्बत है क्या चीज), बेस्ट एडिटिंग राज कपूर. इन सबके बावजूद ‘प्रेम रोग’ फिल्म कम प्राइस पर बेचनी पड़ी थी. दरअसल, इस फिल्म के रिलीज से पहले ऋषि कपूर-पद्मिनी कोल्हापुरे की फिल्म ‘जमाने को दिखाना है’ फ्लॉप हो गई थी. फिल्म को 85% ओपनिंग मिली थी. फिल्म का बजट पौने तीन करोड़ था. नेट कलेक्शन 6.5 करोड़ था. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी. यह 1982 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म की लिस्ट में दूसरे नंबर पर थी. पहले नंबर पर सुभाष घई की फिल्म ‘विधाता’ थी.
PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश: 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बुधवार को पाकिस्तान सेना का एक MI-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मुजफ्फराबाद के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि हेलिकॉप्टर में कुल कितने लोग सवार थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये सुरक्षाकर्मी PoK के नीलम घाटी सेक्टर जा रहे थे। वहां पर विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। इस वजह से सरकार वहां एक्स्ट्रा सैनिक तैनात कर रही है। मुजफ्फराबाद में उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन सुरक्षित उतारा नहीं जा सका। पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि दुर्घटना की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर हादसे से जुड़ा वीडियो वायरल है… आर्मी चीफ मुनीर ने हादसे की जांच का आदेश दिया सेना ने कहा है कि दुर्घटना की असली वजह पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर समेत सेना के सभी अधिकारियों और जवानों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हेलिकॉप्टर हादसे पर शोक जताया। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि पूरा देश इन सैनिकों के बलिदान को सलाम करता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि देश इन बहादुर सैनिकों की कुर्बानी को हमेशा याद रखेगा। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने मृतकों के लिए प्रार्थना की और उनके परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की कामना की। PoK में प्रदर्शन को रोकने सेना तैनात यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। हाल के दिनों में वहां बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। इसकी वजह यह थी कि एक विरोध आंदोलन से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, जबकि स्थानीय सरकार ने उस संगठन पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। रविवार को क्षेत्र के पुंछ जिले की राजधानी रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद PoK में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। साथ ही सरकार ने पूरे क्षेत्र के लिए सख्त यात्रा सलाह भी जारी की है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सोवियत संघ के टूटने के बाद पाकिस्तान ने हेलिकॉप्टर खरीदा जो हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, वह Mi-17 था। यह रूस में बना सैन्य हेलिकॉप्टर है। भारत समेत दुनिया के कई देशों की सेनाएं इसका इस्तेमाल करती हैं। सोवियत संघ के टूटने के बाद पाकिस्तान ने रूस से यह हेलिकॉप्टर खरीदे थे। बाद में पाकिस्तान ने इसके कई अपग्रेड वर्जन भी खरीदे। Mi-17 का इस्तेमाल सैनिकों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने, राहत एवं बचाव अभियान चलाने, घायलों को निकालने और मुश्किल पहाड़ी इलाकों में सैन्य संचालन के लिए किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और खराब मौसम में भी उड़ान भर सकता है। इस हेलिकॉप्टर में आम तौर पर 24 से 36 सैनिकों को ले जाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसमें मशीनगन और रॉकेट जैसे हथियार भी लगाए जा सकते हैं। इसकी अधिकतम गति करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटा होती है और यह लगभग 6,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता है। पाकिस्तान में एमआई-17 हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल अक्सर कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान और अफगानिस्तान सीमा से लगे पहाड़ी इलाकों में सैनिकों और रसद पहुंचाने के लिए किया जाता है। यही वजह है कि सेना के परिवहन अभियानों में इसकी अहम भूमिका है।
Source link
Samsung Galaxy A27 की कीमत आई सामने, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
Samsung Galaxy A27 को जल्द भारत समेत ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया जाएगा। फोन की कीमत लॉन्च से पहले सामने आ गई है। सैमसंग का यह फोन बजट प्राइस रेंज में पेश किया जा सकता है। इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट समेत तगड़े फीचर्स मिल सकते हैं। सैमसंग का यह फोन पिछले दिनों भारत में लॉन्च हुए Galaxy A57 और Galaxy A37 की तरह ही दिखेगा। इसे Awesome Mint कलर ऑप्शन में पेश किया जा सकता है।
Samsung Galaxy A27 की कीमत हुई लीक
सैमसंग के इस फोन की कीमत लॉन्च से पहले सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस फोन को यूरोप में 349 यूरो यानी लगभग 38,400 रुपये की कीमत में लॉन्च किया जाएगा। यह फोन 6GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 128GB स्टोरेज ऑप्शन में आ सकता है। इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 439 यूरो (लगभग 48,000 रुपये) हो सकती है। रिपोर्ट की मानें तो सैमसंग का यह फोन पिछले साल आए Galaxy A26 के मुकाबले 70 यूरो यानी लगभग 7,000 रुपये तक महंगा हो सकता है।
क्या होंगे फीचर्स?
सैमसंग के इस मिड बजट फोन में 6.7 इंच का FHD+ डिस्प्ले मिल सकता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। वहीं, इसमें Qualcomm Snadpdragon 6 Gen 3 चिपसेट मिल सकता है। कंपनी इस बार फोन के चिपसेट को अपग्रेड करने वाली है। पिछले साल आए मॉडल में Exynos 1380 चिपसेट यूज किया गया है।
इस फोन में 50MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। वहीं, इसके साथ दो और कैमरे दिए जा सकते हैं। फोन में 5MP का अल्ट्रा वाइड और 2MP का मैक्रो कैमरा भी मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए सैमसंग के इस फोन में 12MP का कैमरा मिलेगा। यह फोन 5000mAh की दमदार बैटरी और 25W वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ आ सकता है। यह Android 16 पर बेस्ड OneUI पर काम कर सकता है।
Samsung से जुड़ी अन्य खबरों की बात करें तो कंपनी के अगले फ्लैगशिप मॉडल Galaxy S27 को हाल ही में कुछ सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर देखा गया है। सैमसंग का यह फोन अगले साल जनवरी में लॉन्च किया जा सकता है। फोन के कैमरे से लेकर डिजाइन और फीचर्स में अपग्रेड की संभावना है।
यह भी पढ़ें – Airtel का बड़ा फैसला, Priority Postpaid सर्विस का बदल दिया नाम, जानें वजह
हांसी में मोबाइल हैक कर अकाउंट से 80 हजार निकाले: स्क्रीन पर दिखा अपडेटिंग का मैसेज, साइबर सेल ने मेरठ का ठग पकड़ा – Hansi News
हांसी साइबर अपराध थाना पुलिस ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 80 हजार रुपए की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को उत्तर प्रदेश के मेरठ से पकड़ा गया है। पुलिस ने उसके पास से ठगी गई राशि में से 11 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। मुख्य सिपाही प्रमोद कुमार ने बताया कि थाना सदर क्षेत्र निवासी विकास ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसकी मां के भारतीय स्टेट बैंक खाते से 80 हजार रुपए धोखाधड़ी से निकाल लिए गए थे। विकास ने बताया कि 3 जून 2026 को उसका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया और स्क्रीन पर अपडेटिंग का संदेश दिखने लगा। इसके बाद, बिना किसी कॉल, ओटीपी या संदिग्ध लिंक पर क्लिक किए, उसके बैंक खाते से 80 हजार रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित ने घटना के बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाना हांसी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मेरठ में दबिश देकर अरेस्ट किय आरोपी जांच के दौरान, साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन का गहन विश्लेषण किया। जांच में आरोपी की पहचान उदय निवासी शिव सरोवर कॉलोनी, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने मेरठ में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य सिपाही प्रमोद कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। आरोपी के कब्जे से ठगी गई रकम में से 11 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और शेष राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत सतर्क रहें। बैंक खाते से संबंधित किसी भी अनधिकृत लेनदेन की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
Source link
उज्जैन मंडी में किसानों को बड़ी सौगात, 2 करोड़ के हाईटेक प्लांट से फसल होगी मुफ्त साफ
Last Updated:
Ujjain News: उज्जैन कृषि उपज मंडी में किसानों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सारटेक्स क्लीनिंग और ग्रेडिंग प्लांट तैयार किया जा रहा है. इस प्लांट में किसानों की फसल की निशुल्क सफाई और ग्रेडिंग होगी, जिससे उपज की गुणवत्ता बढ़ेगी और बेहतर दाम मिलेंगे. निर्माण अंतिम चरण में है, जल्द सुविधा शुरू होगी.
मध्यप्रदेश के उज्जैन के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. अब कृषि उपज मंडी में किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए अत्याधुनिक सारटेक्स क्लीनिंग और ग्रेडिंग प्लांट की सुविधा मिलने जा रही है. करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह हाईटेक प्लांट किसानों की उपज को निशुल्क साफ और ग्रेड करेगा. दरअसल, आगर रोड स्थित कृषि उपज मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं. खेतों से आने वाली उपज में अक्सर धूल, मिट्टी और अन्य अशुद्धियां मिली होती हैं. जिसके कारण मंडी में किसानों को अपेक्षित भाव नहीं मिल पाता. विशेषज्ञों के अनुसार, खराब गुणवत्ता के कारण किसानों को प्रति क्विंटल 100 से 150 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ता है.
इसी समस्या को दूर करने के लिए मध्यप्रदेश एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड ने यह आधुनिक पहल की है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों की फसल की मुफ्त सफाई और वैज्ञानिक तरीके से ग्रेडिंग की जाएगी. इससे उपज की गुणवत्ता बेहतर होगी, खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा. यह सुविधा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
जल्द शुरू होगा प्लांट
मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों से प्लांट की प्रगति और संचालन व्यवस्था की जानकारी ली. साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और मंडी परिसर में बेहतर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए. इस सम्बन्ध में अधिकारियों का कहना है कि प्लांट का निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे किसानों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. प्लांट शुरू होने पर यह मंडी प्रदेश की प्रमुख गेहूं और सोयाबीन मंडियों में शामिल हो जाएगी.
किसानों को होगा फायदा
मंडी सचिव राजेश गोयल ने बताया “इस प्लांट में पूरी प्रक्रिया मशीनों के माध्यम से होगी. इसलिए उपज की गुणवत्ता में सुधार होगा. साफ और ग्रेडेड उपज को व्यापारियों और निर्यातकों द्वारा अधिक पसंद किया जाता है. उज्जैन मंडी की यह पहल प्रदेश की अन्य मंडियों के लिए भी मॉडल बन सकती है.
किसानों के खिले चेहरे
किसान जगदीश ने कहा, किसानों के लिए यह एक बड़ी राहत और सौगात साबित होने जा रही है. अब तक फसलों में धूल, मिट्टी, भूसी, टूटे दाने, कंकड़ और अन्य अशुद्धियों के कारण व्यापारियों द्वारा गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाते थे, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था. लेकिन अब अत्याधुनिक क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग सुविधा मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उसकी मांग भी बढ़ेगी. किसानों को सफाई और पैकेजिंग पर अलग से खर्च नहीं करना पड़ेगा. जिससे उनकी आय में सीधा फायदा होगा. किसानो को गेहूं में 150 से 200 रु क्विंटल अधिक भाव व सोयाबीन में 400 से 500 रु अधिक भाव मिलने की इस प्रोसेस के बाद किसानों के लिए संभावना रहेगी.

