अपनी सुनहरी रेत, ऐतिहासिक किलों और शाही संस्कृति के लिए दुनियाभर में मशहूर ‘स्वर्ण नगरी’ जैसलमेर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। अपनी बेमिसाल मेहमाननवाजी और पर्यटकों के प्रति खास लगाव की बदौलत जैसलमेर को विश्व के सबसे बेहतरीन मेहमाननवाज शहरों में शामिल किया गया है। मशहूर ग्लोबल ट्रेवल पोर्टल ‘बुकिंग डॉट कॉम’ की ओर से जारी दुनिया के टॉप-10 सबसे शानदार मेहमाननवाज शहरों की सूची में जैसलमेर ने 9वीं रैंक हासिल की है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के पीछे जैसलमेर के आलीशान होटलों का सबसे बड़ा हाथ है, जिसमें ‘होटल सूर्यगढ़’ असली हीरो बनकर उभरा है। सूर्यगढ़ की बेमिसाल सेवा और अनोखे अंदाज ने जैसलमेर को वैश्विक पटल पर यह मुकाम दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। सैलानियों के दिलों पर राज कर रहा है ‘होटल सूर्यगढ़’ दुनिया के सबसे बड़े ट्रेवल पोर्टल ‘ट्रिप एडवाइजर’ के प्रतिष्ठित ‘ट्रैवलर्स चॉइस अवार्ड्स-2026’ में भी जैसलमेर के पर्यटन उद्योग का सिक्का चमका है। देश के टॉप-25 आलीशान और बेहतरीन होटलों की मुख्य सूची में जैसलमेर के होटलों ने शान से अपनी जगह बनाई है, जिसमें ‘होटल सूर्यगढ़’ शीर्ष पर बना हुआ है। थार रेगिस्तान के बीचोबीच स्थित सूर्यगढ़ सिर्फ एक ठहरने की जगह नहीं है, बल्कि यह राजस्थानी संस्कृति, आधुनिक सुख-सुविधाओं और शाही जीवनशैली का एक अनूठा संगम है। यहाँ आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों ने सूर्यगढ़ की वास्तुकला, यहाँ के स्टाफ के सेवा भाव और यहाँ के खास अनुभवों को दुनिया में सबसे सर्वश्रेष्ठ माना है। सूर्यगढ़ ने अपनी बेहतरीन सेवाओं, शाही तौर-तरीकों और एकदम अनूठी लोकेशन के दम पर दुनियाभर के सैलानियों का दिल जीता है और जैसलमेर के पर्यटन को एक नए स्तर पर पहुंचाया है। इसके साथ ही, जैसलमेर के ही ‘रिसोर्ट द सराय’ ने भी मुख्य सूची में अपनी जगह बनाई है। वहीं, ट्रिप एडवाइजर की अन्य विशेष श्रेणियों में भी यहाँ के दो और बड़े होटलों ‘मेरियट रिसोर्ट एवं स्पा’ तथा ‘द गढ़ जैसल’ ने बाजी मारकर इस कामयाबी को दोगुना कर दिया है। लेकिन इन सबमें सूर्यगढ़ का जलवा सबसे अलग और खास रहा है। पर्यटकों की पहली पसंद बना सोनार किला, धोरे और सूर्यागढ़ का जादू ट्रेवल पोर्टल्स पर सैलानियों द्वारा दिए गए रिव्यूज और शानदार रेटिंग से यह साफ होता है कि जैसलमेर का जादू अब सूर्यगढ़ जैसी जगहों से और ज्यादा गहरा गया है। इसके अलावा सैलानी यहाँ के इकलौते जीवित किले ‘सोनार किला’ को भी बेहद पसंद करते हैं, जहाँ आज भी शहर की एक बड़ी आबादी निवास करती है। साथ ही पटवा हवेली की बारीक नक्काशी और स्थापत्य कला को देखने के लिए भी लोग खिंचे चले आते हैं। वहीं, सम के मखमली धोरों के बीच स्थित डेजर्ट कैंप्स में रात गुजारना और राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाना अब पर्यटकों का सबसे बड़ा क्रेज बन चुका है। लेकिन इन सबके बीच, होटल सूर्यगढ़ में बिताए गए पल सैलानियों के लिए सबसे यादगार अनुभव साबित हो रहे हैं, जिसकी वजह से वे इंटरनेट पर जैसलमेर को शानदार रेटिंग दे रहे हैं। टूटे पर्यटन के सारे रिकॉर्ड, नए सीजन में बंपर ग्राहकी की उम्मीद इस शानदार मेहमाननवाजी और होटल सूर्यगढ़ जैसे वैश्विक स्तर के आकर्षणों का ही नतीजा है कि बीते साल जैसलमेर में 41 लाख से अधिक देसी-विदेशी सैलानी पहुंचे थे, जो कि पर्यटन के इतिहास में अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। इस नई वैश्विक रैंकिंग और अवार्ड्स के बाद स्थानीय पर्यटन व्यवसायी फूले नहीं समा रहे हैं और उनमें जबर्दस्त उत्साह का माहौल है। जानकारों का मानना है कि होटल सूर्यगढ़ को मिली इस अंतरराष्ट्रीय पहचान और जैसलमेर की 9वीं रैंक के बाद आने वाले आगामी सीजन में पर्यटकों की संख्या में और भारी इजाफा होगा।
इससे स्थानीय हस्तशिल्प, होटल व्यवसाय, ट्रेवल एजेंसी और गाइड सहित हजारों लोगों को रोजगार के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे पूरे जिले की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी। शाही शादियों का गवाह सूर्यगढ़ सिर्फ अपनी सेवा ही नहीं, बल्कि आलीशान और शाही शादियों (डेस्टिनेशन वेडिंग) के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। बॉलीवुड के मशहूर सितारे सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी जैसी बड़ी हस्तियों ने इसी होटल के पारंपरिक प्रांगण (बावड़ी) में सात फेरे लेकर अपनी शादी को यादगार बनाया था। यहाँ की भव्य सजावट, मशालों की रोशनी और लोक संगीत के बीच होने वाली शादियाँ किसी सपने जैसी लगती हैं। शाही कमरों का किराया और खास सुविधाएं होटल सूर्यगढ़ में पर्यटकों के लिए बेहद आलीशान कमरे, हेरिटेज सुइट्स और प्राइवेट विला बनाए गए हैं, जो पुराने महलों की याद दिलाते हैं। यहाँ कमरों का शुरुआती किराया सीजन और बुकिंग के समय के अनुसार सामान्यत 12 हजार से 50 हजार रुपए प्रति रात से शुरू होता है, जो यहाँ के आलीशान और बड़े विला के लिए लाखों रुपये तक जाता है। यहाँ ठहरने वाले सैलानियों को स्विमिंग पूल, स्पा, और थार की संस्कृति से जुड़े कस्टमाइज्ड टूर जैसी बेहतरीन और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, जो इस किराए को पूरी तरह वसूल कर देती हैं। इसके साथ ही, जैसलमेर के ही ‘रिसोर्ट द सराय’ ने भी मुख्य सूची में अपनी जगह बनाई है। वहीं, ट्रिप एडवाइजर की अन्य विशेष श्रेणियों में भी यहाँ के दो और बड़े होटलों ‘मेरियट रिसोर्ट एवं स्पा’ तथा ‘द गढ़ जैसल’ ने बाजी मारकर इस कामयाबी को दोगुना कर दिया है। लेकिन इन सबमें सूर्यगढ़ का जलवा सबसे अलग और खास रहा है।
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मेहमाननवाजी में जैसलमेर विश्व में 9वें स्थान पर: दुनियाभर में गूंजा ‘पधारो म्हारे देस’; ‘होटल सूर्यगढ़’ बना इस कामयाबी का असली हीरो – Jaisalmer News
कलेक्टर ने रात्रि चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं: निवाड़ी में संबल योजना से 2 लाख की सहायता दी; योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई – Niwari News
निवाड़ी जिले की ग्राम पंचायत चौमो खास में ‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर जमुना भिड़े ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही उनके निराकरण के निर्देश दिए। चौपाल में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया, जिसमें गांव निवासी लोकेश साहू ने अपनी समस्या बताई। उनकी माता के निधन के बाद कलेक्टर ने उन्हें संबल योजना का लाभ दिलाने के लिए तत्काल दो लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई रात्रि चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाना था। चौपाल में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के साथ खेती करने के तरीकों से अवगत कराया गया। लोगों की समस्याओं का समाधान के निर्देश कलेक्टर जमुना भिड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना, एसडीएम मनीषा जैन, डिप्टी कलेक्टर स्वाति सिंह, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। रात्रि चौपाल के माध्यम से प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार की योजनाएं और सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का मूल उद्देश्य है।
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अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास: ट्रम्प से सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा; पीस डील पर UAE को मनाने पहुंचे रूबियो
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। 1973 के वॉर पॉवर्स एक्ट के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों ने किसी राष्ट्रपति से युद्ध जैसी कार्रवाई खत्म करने की मांग की है। वोटिंग के दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया, जिससे ट्रम्प की पार्टी के भीतर बढ़ती बागवत भी सामने आई। हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस प्रस्ताव का कोई कानूनी असर नहीं होगा और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो UAE, बहरीन और कुवैत के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका मकसद अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर खाड़ी देशों की चिंताओं को दूर करना है। इन देशों को आशंका है कि समझौते से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का प्रभाव बढ़ सकता है। साथ ही समझौते में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर कोई स्पष्ट शर्त नहीं होने से भी सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के संभावित फंड पर भी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि इसमें खाड़ी देशों से आर्थिक सहयोग मांगा जा सकता है। ऐसे में वॉशिंगटन अपने सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान पहुंचे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान एक दिन की यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच हुई पीस डील पर चर्चा हुई। 2. भारत से जुड़े 11 जहाजों ने होर्मुज पार किया: अमेरिका-ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौते के बाद अब तक 11 जहाज होर्मुज पार कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। 3. होर्मुज से 1.9 करोड़ बैरल तेल गुजरा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि सोमवार को होर्मुज से 1.9 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हुई, जो अब तक का रिकॉर्ड है। 4. इजराइल अपने हथियार खुद बनाएगा: इजराइली PM ने कहा कि इजराइल को अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर सैन्य निर्भरता कम करनी होगी और खुद हथियार बनाना सीखना होगा। 5. ट्रम्प ने ईरान को फिर से धमकी दी: ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता या सही तरीके से व्यवहार नहीं करता, तो वह फिर से कार्रवाई करने को तैयार हैं। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
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अमरीश पुरी के साथ था पहला सीन, ‘गदर’ के सेट पर कांपने लगी थीं अमीषा पटेल
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सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ की रिलीज के 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल ने शूटिंग के दिनों का किस्सा शेयर किया. अमीषा ने बताया कि फिल्म पहले दिन ही इंटरवल के बाद वाले एक हाई-वोल्टेज इमोशनल सीन में उन्हें अमरीश पुरी के साथ शूट करना था. उस वक्त इंडस्ट्री में वह बिल्कुल नई थीं और इतने बड़े स्टार के सामने डर के मारे थर-थर कांप रही थीं. हालांकि, अमरीश पुरी ने उन्हें फिल्म के सेट पर तुरंत सहज महसूस करवाया था.
ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गदर’ की रिलीज को हुए 25 साल.
नई दिल्ली. सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ ने हाल ही में अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लिए हैं. इस खास मौके पर फिल्म की अमीषा पटेल ने शूटिंग के पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि फिल्म के एक इमोशनल सीन की शूटिंग के दौरान वह कितनी ज्यादा डरी हुई थीं. दरअसल, वो सीन उन्हें अमरीश पुरी के साथ शूट करना था और उनके सामने परफॉर्म करने को लेकर वह बहुत नर्वस थीं.
इंडिया टुडे के साथ बातचीत में अमीषा पटेल ने बताया, ‘सच कहूं तो मैं अमरीश जी को बहुत ज्यादा मिस करती हूं. शूटिंग के वक्त जो डर मुझे लग रहा था, वो उनकी वजह से बिल्कुल नहीं था, वह तो असल जिंदगी में एक बेहद प्यारे इंसान थे. उनका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का था और वह काफी मजाकिया थे. मोगेम्बो और अशरफ अली जैसे उनके खतरनाक ऑनस्क्रीन किरदारों को देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता कि वह असल में कितने जिंदादिल इंसान थे.’
अमरीश पुरी के साथ शूट हुआ था पहला सीन
डर के मारे कांपने लगी थीं अमीषा पटेल
उस सीन की शूटिंग के वक्त अपनी घबराहट को याद करते हुए अमीषा ने कहा, ‘वो टकराव वाला सीन गदर के लिए मेरा पहला ही सीन था, वो भी अमरीश जी के सामने. डर के मारे मेरी तो हालत ही खराब थी, मैं सचमुच कांप रही थी. लेकिन उनके साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा. उन्होंने मेरे लिए सब कुछ इतना आसान बना दिया कि मुझे कभी लगा ही नहीं कि वह इतने बड़े कलाकार हैं और मैं महज एक नौसिखिया लड़की हूं. उस वक्त तक तो मेरी पहली फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ भी रिलीज नहीं हुई थी, उसकी शूटिंग चल ही रही थी और कोई मुझे जानता तक नहीं था.’
क्या है ‘गदर’ फिल्म की कहानी?
‘गदर’ की कहानी साल 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान बंटवारे के उस दर्दनाक दौर पर आधारित है, जिसने लाखों जिंदगियां बदल दीं. फिल्म में दिखाया गया कि तारा सिंह एक सिख ट्रक ड्राइवर है जो रसूखदार मुस्लिम परिवार की बेटी सकीना को बंटवारे के दंगों के बीच अपनी जान पर खेलकर बचाता है. इसके बाद बाद दोनों भारत में अपनी एक नई और खूबसूरत दुनिया बसा लेते हैं. लेकिन उनकी यह खुशियां ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पातीं, जब सकीना का परिवार उसे जबरन पाकिस्तान ले जाता है. इसके बाद तारा सिंह अपनी पत्नी और बेटे को वापस लाने के लिए सरहद पार जाता है और पाकिस्तान में तहलका मचा देता है.
About the Author

कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …और पढ़ें
लखनऊ अग्निकांड- जहां 15 लाशें मिलीं, वहां पहुंचे भास्कर रिपोर्टर: दो मंजिला बिल्डिंग में खिड़की-एग्जॉस्ट तक नहीं; दरवाजा डबल लॉक था – Lucknow News
लखनऊ की बिल्डिंग में लगी आग में 15 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। सभी ने बाहर निकलने की जद्दोजहद की, लेकिन धुंआ और गेट लॉक होने की वजह से बाहर नहीं निकल सके। जिस हेड हॉपर स्टूडियो से 15 लाशें निकाली गईं, भास्कर रिपोर्टर्स ने उसके अंदर जाकर पड़ताल की। हमारी पड़ताल में अंदर के हालात भयावह दिखे। 185 वर्गमीटर जमीन पर बनी 2 मंजिल इमारत में खिड़की और एग्जॉस्ट तक नहीं लगे थे। इसी वजह से जब आग लगी, तो पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। सेकेंड फ्लोर पर स्थित कोचिंग के बॉयोमेट्रिक डबल लॉक वाले गेट जाम हो गए। उसमें फंसे लोग खुद को बचाने के लिए वॉशरूम में घुस गए। वहां भी धुआं भर गया। कुछ देर बाद आग से स्टूडियो की लकड़ियां जल गईं, तो शीशे टूट-टूटकर नीचे गिर गए। इसके बावजूद बिल्डिंग से धुआं नहीं निकल सका। फायर बिग्रेड के अफसर-कर्मचारी बिल्डिंग के पीछे की दीवार तोड़कर अंदर पहुंचे, तो शव एक-दूसरे के ऊपर पड़े थे। टीम ने एक-एक करके 15 शव बाहर निकाले। पहले मौके की 3 तस्वीरें देखिए… बेसमेंट के AC में शार्ट सर्किट से उठी थी चिंगारी जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत बिल्डिंग के बेसमेंट से हुई थी। यहां लगे AC के आउटडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट के बाद आग भड़की। फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और आग की लपटों से भर गई। बेसमेंट को पेट शॉप के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां बड़ी मात्रा में सामान रखा था। इसके अलावा पालतू जानवर भी मौजूद थे। AC की आउटडोर यूनिट के साथ 3 मोटरसाइकिलें भी खड़ी थीं। इन सब वजहों से आग तेजी से फैलती चली गई। वेंटिलेशन नहीं होने से सभी फ्लोर पर धुआं भरा था जांच में सामने आया है कि हादसे के समय पूरी बिल्डिंग में कुल 23 लोग मौजूद थे। आग और धुएं के बीच 7 लोग किसी तरह से तार के सहारे बाहर निकलने में सफल रहे। एक युवक ऊपर से नीचे कूद गया। उसका इलाज चल रहा है। 15 लोग अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई। जांच अधिकारियों के अनुसार, बिल्डिंग में वेंटिलेशन नहीं होने से सभी फ्लोर पर धुआं भर गया। इससे आग में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। ज्यादातर मौतें आग की लपटों से नहीं, जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुईं। दूसरी मंजिल में फंसे लोग बाहर निकलने के लिए संघर्ष करते रहे जांच में पता चला है कि बिल्डिंग की अलग-अलग मंजिलों पर अलग-अलग गतिविधियां चल रही थीं। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक थी। सेकेंड फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी और हेड हॉपर स्टूडियो है। स्टूडियो में 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता था। इस फ्लोर पर किचन, केबिन, शौचालय और बड़ी संख्या में कंप्यूटर लगे थे। आग फैलने के बाद इस फ्लोर के लोग ही बाहर निकलने के लिए जूझते रहे। बायोमेट्रिक गेट लॉक, छत की सीढ़ियों पर ताला लगा था जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि छत तक जाने वाली सीढ़ियों के रास्ते पर लोहे का चैनल गेट लगा था। लेकिन, उसमें ताला बंद था। इस वजह से धुआं ऊपर नहीं निकल पाया। इसके अलावा स्टूडियो का मेन गेट बायोमेट्रिक था। वह लॉक हो गया था। माना जा रहा है कि अगर छत का रास्ता खुला होता, तो कई लोग बाहर निकल सकते थे। फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने 8 घंटे चलाया रेस्क्यू बिल्डिंग में एक ही रास्ता और वेंटिलेशन नहीं होने से रेस्क्यू टीमों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 20 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को 8 घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाना पड़ा। आग पर काबू पाने के दौरान पूरी बिल्डिंग में पानी भर गया था, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। बिल्डिंग की पीछे की दीवार तोड़कर टीमें अंदर पहुंची। इसके बाद अंदर से शव निकाले गए। SIT और फोरेंसिक टीम जांच के लिए पहुंची मामले की जांच के लिए 2 सदस्यीय SIT बनाई गई। SIT में शामिल प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार 23 जून (मंगलवार) को मौके पर पहुंचे। इसके अलावा फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों, भवन संचालकों और पीड़ित परिवारों से पूछताछ की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से बनी जांच समिति भी भवन निर्माण, मानचित्र स्वीकृति, अग्नि सुरक्षा मानकों और निकास व्यवस्था की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की बात सामने आ रही है।
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ग्वालियर में संदिग्ध हालात में जिंदा जला युवक: कमरे से उठीं आग की लपटें, पत्नी की मौत के बाद से डिप्रेशन में था – Gwalior News
ग्वालियर शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नदीपार टाल इलाके में मंगलवार रात एक हादसा हो गया। यहां रहने वाला एक 43 वर्षीय युवक अपने ही कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग जिंदा जल गया। घटना के समय युवक कमरे में अकेला था और भारी नशे में था। हालांकि, स्थानीय लोगों में कमरे के भीतर रखा छोटा एलपीजी (LPG) सिलेंडर फटने की चर्चा थी, जिसे थाटीपुर थाना पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का अनुमान है कि नशे की हालत में बीड़ी या सिगरेट सुलगाते समय यह हादसा हुआ है। नशा ज्यादा होने के कारण वह बच नहीं सका है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है। महीने भर पहले ही हुई थी पत्नी की मैत, डिप्रेशन में पी रहा था शराब थाटीपुर थाना पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, नदीपार टाल निवासी 43 वर्षीय विजय शाक्य पुत्र रामचरण शाक्य मजदूरी करके अपना जीवनयापन करता था। विजय अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। परिजनों ने बताया कि लगभग एक महीने पहले ही विजय की पत्नी का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। पत्नी की मौत के बाद से ही विजय गहरे सदमे और अवसाद में चल रहा था। गम को भुलाने के लिए उसने शराब का सहारा ले लिया था। मंगलवार सुबह से ही वह अपने घर के एक कमरे में कुंडी लगाकर लगातार शराब पी रहा था। रात 11 बजे अचानक कमरे से उठीं आग की लपटें मंगलवार रात करीब 11:00 बजे अचानक विजय के कमरे की खिड़की और दरवाजे से आग की भीषण लपटें और धुआं उठते देख परिवार के अन्य सदस्यों में हड़कंप मच गया। भाई और अन्य परिजनों ने तुरंत दरवाजा तोड़कर विजय को बाहर निकालने और आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक उसे काबू में किया जाता, विजय बुरी तरह शत-प्रतिशत झुलस चुका था और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस को आशंका-‘बीडी-सिगरेट’ से लगी आग हादसे के बाद इलाके में यह अफवाह तेजी से फैल गई कि विजय के कमरे में खाना बनाने वाला 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर रखा था, जो अचानक फट गया और जोरदार धमाके के साथ आग लग गई। इस अफवाह पर विराम लगाते हुए थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि मौके का मुआयना करने पर कोई सिलेंडर फटा हुआ नहीं मिला है। आसपास के लोगों को किस चीज के ब्लास्ट की आवाज आई, यह अभी जांच का विषय है। थाना प्रभारी के मुताबिक, चूंकि मृतक अत्यधिक नशे में था, इसलिए पूरी आशंका है कि रात में बीड़ी या सिगरेट जलाते समय उसके कपड़ों या बिस्तर ने आग पकड़ ली। भारी नशे के कारण विजय खुद को संभाल नहीं सका और कमरे से बाहर भागने या शोर मचाने में असमर्थ रहा, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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2500 किलोमीटर पीछा कर केरल से दबोचा इनामी तस्कर: आरोपी ने बदल ली थी पहचान, ANTF राजस्थान ने कारीगर बनकर कंबल खरीदने का झांसा देकर किया गिरफ्तार – Jaipur News
राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सात साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर रणजीत दायमा उर्फ रणजीत बंजारा को केरल से गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ ने कार्रवाई को ‘ऑपरेशन यमलकमली’ नाम दिया था। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने राजस्थान से केरल
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एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया- हाल ही ऑपरेशन मदाविकाढ़त के तहत मध्य प्रदेश से गिरफ्तार तस्कर रमेश बंजारा से पूछताछ में रणजीत दायमा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि दोनों आपस में समधी हैं। करीब आठ वर्षों से डोडा-चूरा तस्करी के नेटवर्क में साझेदार के रूप में काम कर रहे थे।
जांच के अनुसार- रमेश बंजारा तस्करी की डील तय करता था, जबकि रणजीत माल की व्यवस्था और सुरक्षित सप्लाई का काम संभालता था। इसके बदले उसे 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कमीशन मिलता था। बड़े सौदों में उसकी कमाई लाखों रुपए तक पहुंच जाती थी।
केरल में बदल ली थी पहचान
एएनटीएफ के अनुसार- रणजीत दायमा पिछले सात वर्षों से केरल के शोरानूर क्षेत्र में रह रहा था। वह भले ही पढ़ा-लिखा नहीं था, लेकिन मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु भाषाओं पर उसकी अच्छी पकड़ थी। स्थानीय लोगों के बीच वह पूरी तरह मलयाली बनकर रह रहा था, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रही।
आरोपी ने केरल के वडकनचेरी क्षेत्र में कंबल बेचने का व्यवसाय शुरू कर रखा था। वह मोटरसाइकिल पर कंबल लादकर आसपास के इलाकों में बिक्री करता था और समय-समय पर राजस्थान तथा मध्य प्रदेश आकर तस्करी नेटवर्क को संचालित कर वापस लौट जाता था।
राजस्थानी कारीगर बनकर पहुंची टीम
रमेश बंजारा से मिले सुराग के बाद एएनटीएफ की टीम केरल पहुंची और कई दिनों तक स्थानीय स्तर पर रेकी की। टीम के सदस्य राजस्थानी कारीगर बनकर इलाके में घूमते रहे ताकि आरोपी को किसी प्रकार का शक न हो।
जांच के दौरान पता चला कि रणजीत उस दिन शोरानूर से करीब 100 किलोमीटर दूर नीलयांमती पहाड़ियों की एक बस्ती में कंबल बेचने गया हुआ है। इसके बाद टीम तत्काल वहां पहुंची और ग्राहक बनकर उससे संपर्क किया।
पुलिस अधिकारियों ने कंबल खरीदने का नाटक करते हुए बड़ी डील का झांसा दिया और उसे अपने कथित सेठ से मिलने के लिए वाहन तक बुला लिया। जैसे ही रणजीत वाहन के पास पहुंचा, टीम ने अपनी पहचान बताकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में डोडा-चूरा की सप्लाई करता था। उसने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं, इसकी जानकारी उसे स्वयं भी नहीं है।
गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ की टीम आरोपी को केरल से राजस्थान लेकर आई। सात वर्षों से फरार चल रहे इस इनामी तस्कर की गिरफ्तारी को एएनटीएफ की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गायत्री जयंती पर अग्नि दुर्घटना पीड़ितों को श्रद्धांजलि: कुर्सी रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में सामूहिक प्रार्थना और यज्ञ का आयोजन – Lucknow News
राजधानी लखनऊ के कुर्सी रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में मंगलवार को गायत्री जयंती पर्व मनाया गया। इस अवसर पर अलीगंज के एनीमेशन सेंटर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही, हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की गई। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक काशी प्रसाद ने बताया कि गायत्री जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सेवा, सद्भाव और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक साधना और यज्ञ से समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और मानवता की भावना का विस्तार होता है। पांच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों का आयोजन काशी प्रसाद ने आगे जानकारी दी कि गायत्री जयंती के मुख्य आयोजन 24 जून को प्रातः 7 बजे से शक्तिपीठ के गर्भगृह में शुरू होंगे। इन आयोजनों में श्रद्धालु दर्शन-प्रणाम के साथ पाँच कुण्डीय यज्ञ, विभिन्न संस्कारों और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और गायत्री परिवार के सदस्यों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर युगऋषि के विचार-यज्ञ में सहभागी बनें। काशी प्रसाद के अनुसार, सामूहिक उपासना, प्रार्थना और संस्कारों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।
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‘अब इंतजार नहीं होता’, बहन अंशुला की शादी को लेकर एक्साइटेड हैं अर्जुन कपूर, शेयर की पोस्ट
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कपूर परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और हर कोई इस खास मौके को लेकर उत्साहित नजर आ रहा है. बहन अंशुला कपूर की शादी को लेकर अर्जुन कपूर भी काफी खुश हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अभी तो जश्न की शुरुआत हुई है और अब उन्हें शादी के समारोहों का बेसब्री से इंतजार है.
नई दिल्ली. कपूर परिवार में जल्द ही शहनाइयां गूंजने वाली हैं. अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर अपने मंगेतर रोहन ठक्कर के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं. ऐसे में परिवार में जश्न का माहौल है और अर्जुन कपूर भी अपनी खुशी छिपा नहीं पा रहे हैं.

अंशुला कपूर बीते कुछ दिनों से अपनी शादी को लेकर चर्चा में हैं. वह रोहन ठक्कर से शादी करने जा रही हैं. शादी की रस्में शुरू हो चुकी है. इसकी झलक अंशुला की कजिन शनाया कपूर और उनकी मां महीप कपूर ने दिखाई थी. उन्होंने जो फोटोज शेयर की उसमें शादी की रस्मों को सेलिब्रेट किया जा रहा था. अब भाई अर्जुन कपूर ने भी बहन की फोटोज और वीडियो शेयर की है.

अर्जुन ने इंस्टाग्राम पर अंशुला और रोहन की सगाई से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए. इसके साथ उन्होंने बहन के लिए एक प्यारा और भावुक नोट भी लिखा. उन्होंने कहा, ‘अंश, अभी तो जश्न की शुरुआत हुई है.
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अपने नोट में अर्जुन ने लिखा है कि अभी तो सिर्फ एक शाम बीती है और मुझे लग रहा है कि ये खूबसूरत पल बहुत जल्दी गुजर जाएंगे. मैं तुम दोनों के लिए बहुत खुश हूं और अब शादी का इंतजार नहीं हो रहा.

हाल ही में अंशुला और रोहन की शादी की रस्मों की शुरुआत माता की चौकी के साथ हुई. इस खास मौके की तस्वीरें और वीडियो महीप कपूर ने सोशल मीडिया पर शेयर किए. उन्होंने पोस्ट के साथ लिखा, “शादी की शुरुआत… जय माता दी.

अंशुला ने भी इस समारोह की कुछ खूबसूरत फोटोज शेयर कीं और बताया कि शादी के जश्न की शुरुआत रोहन के परिवार की ओर से आयोजित माता की चौकी से हुई. उन्होंने कहा कि इस मौके पर फुलकारी दुपट्टा पहनना उनके लिए बेहद खास रहा, क्योंकि यह पंजाबी परंपरा, संस्कृति और बड़ों के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है.

अंशुला ने अपने पोस्ट में लिखा कि रोहन के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करने के लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता था. समारोह में अर्जुन कपूर, जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर, शनाया कपूर, महीप कपूर और संजय कपूर समेत कपूर परिवार के कई सदस्य शामिल हुए.

बता दें कि अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी को लेकर परिवार और फैंस दोनों काफी उत्साहित हैं. शादी के बाकी कार्यक्रम भी जल्द शुरू होने वाले हैं, जिनका सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

