Saturday, May 23, 2026
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मस्क बेच रहे पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट: मंगल पर 10 लाख लोगों की बस्ती, चांद पर फैक्ट्री, अंतरिक्ष में डेटासेंटर का प्लान




‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म का डायलॉग नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने आईपीओ फाइलिंग में ये लिखा है। कंपनी अगले माह अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े डेब्यू की तैयारी में है। अमूमन आईपीओ दस्तावेज वित्तीय आंकड़ों से भरे होते हैं। पर, स्पेसएक्स का 300 से ज्यादा पन्नों का दस्तावेज कारोबारी रिपोर्ट से ज्यादा भविष्य की पटकथा जैसा है। यह खुद को ऐसी संस्था के रूप में पेश कर रही है, जो मानव चेतना को सितारों तक पहुंचाना चाहती है। यानी मस्क सिर्फ रॉकेट नहीं, पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट बेच रहे हैं। जानें कुछ ऐसे दावे, जिनसे टेक और वित्तीय जगत में हलचल है… – मंगल पर बस्ती कंपनी का सबसे बड़ा सपना मंगल को इंसानों का दूसरा घर बनाना है। फाइलिंग में 63 बार मंगल का जिक्र है। इसे सिर्फ रिसर्च स्टेशन या छोटी कॉलोनी नहीं, बल्कि मानव प्रजाति के बैकअप की तरह तैयार करने का विचार है। ताकि पृथ्वी पर आपदा से सभ्यता खत्म न हो। वहां 10 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य है। फाइलिंग में गुंबदनुमा शहरों, सोलर पैनलों और वहां रहते परिवारों के विजुअल्स भी दिए हैं। मस्क का सपना है कि मंगल पर ऊर्जा जरूरतें वहीं से पूरी हों और बाकी सामान स्टारशिप से पहुंचे। – चांद पर नई अर्थव्यवस्था फाइलिंग में चांद पर मैन्युफैक्चरिंग हब, चांद की अर्थव्यवस्था और क्षुद्रग्रहों पर खनन योजनाओं का जिक्र है। यानी भविष्य में चांद सिर्फ वैज्ञानिक मिशन का ठिकाना नहीं, बल्कि निर्माण, ऊर्जा, खनन और सप्लाई-चेन का केंद्र बन सकता है। – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर विज्ञान-कथा जैसा ही सपना है एआई डेटा सेंटर धरती से बाहर ले जाना। कंपनी ने 2028 तक सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय एआई कंप्यूट उपग्रह तैनात करने की बात कही है। अंतरिक्ष की ठंड में बड़े-बड़े डेटा सेंटर सौर ऊर्जा से चलेंगे। धरती पर बिजली-पानी बचेंगे। लक्ष्य 10 लाख तक उपग्रहों वाले डेटा सेंटर सिस्टम का है, जो 500 से 2,000 किमी ऊंचाई पर तैनात होंगे। हर साल 100 गीगावॉट एआई कम्प्यूट क्षमता तैनात करने की योजना है। – पूरा दाव स्टारशिप पर है इन तीनों सपनों की चाबी स्टारशिप है। मंगल पर इंसान भेजना हो, चांद पर कार्गो उतारना हो या अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना, सबके लिए भारी सामान को बार-बार कम लागत में कक्षा तक पहुंचाना जरूरी है। स्पेसएक्स ने कहा है कि स्टारशिप 2026 की दूसरी छमाही में पेलोड डिलीवरी शुरू कर सकता है। लेकिन यही सबसे बड़ा जोखिम है। अगर स्टारशिप बार-बार प्रयोग लायक और सस्ता नहीं बना तो ये सपने महंगे पोस्टर बनकर रह सकते हैं। एआई से अश्लील सामग्री का खतरा, बढ़ सकते हैं मुकदमे फाइलिंग में कंपनी ने स्वीकार किया कि ग्रोक के स्पाइसी और अनहिंज्ड मोड्स अश्लील सामग्री, गलत सूचना, गैर-सहमति वाली तस्वीरें और भेदभावपूर्ण कंटेंट पैदा कर सकते हैं। इससे नियामकीय जांच और मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है। ​साथ ही कंपनी ने स्वीकार किया कि ट्विटर का नाम बदलकर एक्स (X) करना बेहद महंगा साबित हुआ। फाइलिंग के अनुसार, नाम बदलने के बाद कंपनी की वैल्यू में 3.71 अरब डॉलर (35,516 करोड़ रुपए) की गिरावट आई।



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बाजार में लौटा 200 रुपये किलो वाला देसी फल, स्वाद ऐसा कि लोग भूल गए आम-लीची


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Bharatpur famous Food Khirni: भरतपुर में कई साल बाद खिरनी की अच्छी आवक से बाजारों में रौनक, करीब 200 रुपये किलो बिक रही, लोग इसके मीठे स्वाद और सेहत लाभ के कारण गर्मी में खूब खरीद रहे हैं. खिरनी की सबसे खास बात यह है कि यह फल सिर्फ गर्मी के मौसम में ही मिलता है. इसी कारण सीमित समय के लिए इसकी मांग काफी बढ़ जाती है.

भरतपुर. भरतपुर के बाजारों में इन दिनों एक खास मौसमी फल खिरनी फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. कई सालों बाद खिरनी की अच्छी आवक ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है. गर्मियों में मिलने वाला यह पारंपरिक देसी फल एक बार फिर लोगों की पसंद बनता नजर आ रहा है. इसका स्वाद बेहद मीठा और अलग होता है, जिसकी वजह से लोग इसे बड़े चाव से खरीद रहे हैं.

खिरनी की सबसे खास बात यह है कि यह फल सिर्फ गर्मी के मौसम में ही मिलता है. इसी कारण सीमित समय के लिए इसकी मांग काफी बढ़ जाती है. भरतपुर के स्थानीय बाजारों में इन दिनों खिरनी की अच्छी आवक देखने को मिल रही है और लोग इसे खरीदने के लिए खास उत्साह दिखा रहे हैं.

सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है खिरनी

आयुर्वेदाचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश दीक्षित के अनुसार खिरनी शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला फल माना जाता है. उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को तरोताजा रखने में मदद करता है और लू जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक माना जाता है.

तेज गर्मी के बीच लोग अब पारंपरिक और देसी फलों की तरफ फिर से रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि बढ़ते तापमान के साथ बाजार में खिरनी की मांग भी लगातार बढ़ रही है. लोग इसे स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानते हैं.

कई साल बाद बढ़ी आवक, 200 रुपये किलो बिक रही खिरनी

खिरनी विक्रेता बताते हैं कि कई साल बाद इस बार खिरनी की इतनी अच्छी पैदावार और आवक देखने को मिल रही है. पहले यह फल बाजार में बहुत कम दिखाई देता था, लेकिन इस बार इसकी उपलब्धता ने बाजार में नई रौनक ला दी है. ग्राहक भी इसे खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे बिक्री में तेजी आई है.

अगर कीमत की बात करें तो फिलहाल खिरनी करीब 200 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है. कीमत ज्यादा होने के बावजूद इसकी मिठास और सेहतमंद गुणों के चलते लोग इसे खरीदने से पीछे नहीं हट रहे हैं.

भरतपुर में खिरनी की वापसी न सिर्फ लोगों को पुराने स्वाद की याद दिला रही है, बल्कि बाजारों में भी खास मिठास घोल रही है. गर्मियों के इस मौसम में खिरनी एक बार फिर स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम बनकर उभर रही है.

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Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



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‘बाहुबली’ जैसा साम्राज्य, श्रीदेवी बनीं सुपरनैचुरल विले, फ्लॉप हुई 130 करोड़ में बनी फिल्म


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प्रभास स्टारर ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की. साउथ फिल्म इंडस्ट्री की पहली ऐसी फिल्म बनी, जिसने हिंदी मार्केट पर जबरदस्त कमाई की. इसने पैन इंडिया फिल्मों के चलन का ट्रेंड सेट किया. बाहुबल जुलाई 2015 में आई. लेकिन क्या आप जानते हैं इसके ठीक 3 महीने बाद एक और ऐसी ही फिल्म आई. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई. फिल्म में श्रीदेवी सुपरनैचुरल विलेन के रोल में थीं.

साल 2015 में आई ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ में जिस तरह का साम्राज्य, एक राजकुमार का देश निकाला और सत्ता की लड़ाई दिखाई गई थी. ठीक उसी तरह अक्टूबर 2015 में आई फिल्म में भी देखने को मिला. लगभग वैसे ही घने जंगल, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और पहाडों-नदियों के बीच एक बड़ा साम्राज्य. सुपरस्टार ने लीड हीरो का रोल निभाया. श्रीदेवी को मिलाकर तीन हीरोइन थीं. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)

Puli Sridevie Movie

फिल्म को तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज किया गया था. रिलीज के समय इसकी तुलना ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ से होने लगी थी, क्योंकि दोनों फिल्मों में फैंटेसी दुनिया और बड़े विजुअल्स देखने को मिले. इस फिल्म का नाम ‘पुली’ है. थलापति विजय ने फिल्म में डबल रोल निभाया. ‘पुली’ दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी.

Puli Sridevie Movie

क्रिटिक्स ने ‘पुली’ की कहानी और स्क्रीनप्ले को कमजोर बताया, लेकिन विजय और श्रीदेवी की मौजूदगी ने शुरुआती दिनों में थिएटर्स में भीड़ जरूर खींची. ‘पुली’ तमिल सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी. इस फिल्म से बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा श्रीदेवी ने लंबे समय बाद तमिल सिनेमा में वापसी की थी.

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Puli Sridevie Movie

फिल्म को निर्देशक चिम्बु देवन ने ग्रैंड लेवेल पर बनाया था और उस दौर में इसे साउथ की सबसे महंगी फिल्मों में गिना गया. फिल्म की कहानी एक फैंटेसी किंगडम पर आधारित थी, जहां इंसानों और वेधालम नाम के दानवों के बीच संघर्ष दिखाया गया. विजय ने मरुधीरन और पुलिवेन्धन नाम के किरदार निभाए थे. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा श्रीदेवी के किरदार ‘रानी यवनरानी’ की हुई. भारी ज्वेलरी, शाही कॉस्ट्यूम और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के जरिए श्रीदेवी ने फिल्म में अलग ही रंग भर दिया था. कई दर्शकों ने माना कि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उनका रॉयल अवतार था.

Puli Sridevie Movie

‘पुली’ को लेकर शुरुआत से ही जबरदस्त बज बना हुआ था. फिल्म का सेट, वीएफएक्स और ग्रैंड विजुअल्स उस समय तमिल इंडस्ट्री में काफी बड़े माने गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 87 करोड़ से लेकर 130 करोड़ रुपये के बीच बताया गया. कई मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे लगभग 100 करोड़ रुपये की फिल्म माना.

Puli Sridevie Movie

बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर में करीब 100 से 101 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन किया. कुछ रिपोर्ट्स में इसे 101 करोड़ ग्रॉस बताया गया है. हालांकि भारी बजट की वजह से इसे ब्लॉकबस्टर नहीं माना गया. ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक फिल्म अपने थिएट्रिकल रन में उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं कर पाई. बावजूद इसके, सैटेलाइट और डिजिटल राइट्स से मेकर्स को काफी राहत मिली और नुकसान की भरपाई हुई.

Puli Sridevie Movie

श्रीदेवी के लिए भी ‘पुली’ खास फिल्म रही. हिंदी सिनेमा में शानदार वापसी करने के बाद उन्होंने इस तमिल फिल्म में निगेटिव शेड वाला किरदार निभाने का जोखिम उठाया. उनका मेकअप और लुक उस समय सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा. कुछ लोगों ने इसे ओवर-द-टॉप कहा, तो कई दर्शकों ने उनके शाही अंदाज की तारीफ की.

Puli Sridevie Movie

आज भी ‘पुली’ को विजय के करियर की सबसे अलग फिल्मों में गिना जाता है. भले ही यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक इतिहास नहीं रच सकी, लेकिन इसकी भव्यता, श्रीदेवी की वापसी और फैंटेसी दुनिया ने इसे यादगार जरूर बना दिया. खासकर श्रीदेवी का रानी वाला अवतार आज भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बना रहता है.

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Rajasthan Viral Food: 3 साल इंतजार के बाद खुलती है यह अनोखी कोफ्ता दुकान, स्वाद के लिए उमड़ती है भारी भीड़


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सिर्फ 1 दिन सजती है ये मशहूर ‘कोफ्ता दुकान’! 10 रुपये में 4 कोफ्ते

 

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Famous Kofta Shop Rajasthan: राजस्थान में एक अनोखी ‘कोफ्ता दुकान’ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. खास बात यह है कि यह दुकान तीन साल में सिर्फ एक दिन के लिए सजती है, लेकिन इसका स्वाद लोगों को दूर-दूर से खींच लाता है. यहां मात्र 10 रुपये में 4 स्वादिष्ट कोफ्ते मिलते हैं और कुछ ही घंटों में करीब 1 लाख कोफ्ते खत्म हो जाते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार इस दुकान का स्वाद और पारंपरिक मसाले इसे बेहद खास बनाते हैं. दुकान खुलते ही यहां भारी भीड़ उमड़ पड़ती है और लोग लंबी लाइनों में लगकर कोफ्तों का स्वाद लेते हैं. सोशल मीडिया पर भी यह अनोखी फूड स्टोरी तेजी से वायरल हो रही है. यह दुकान सिर्फ खाने का ठिकाना नहीं बल्कि स्थानीय परंपरा और स्वाद की पहचान बन चुकी है, जिसे देखने और चखने के लिए हर साल लोगों में खास उत्साह देखने को मिलता है.

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पेट्रोल, डीजल की कीमतों में फिर हुई बढ़ोतरी: 9 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी, जाने सवाई माधोपुर में डीजल पेट्रोल की कीमतें – Sawai Madhopur News




अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच सवाई माधोपुर में शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 94 और डीजल की कीमतों में 93 पैसे का एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। रहां 9 दिनों में ईंधन कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। सवाई माधोपुर में 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 90 पैसे से ज्यादा प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी करीब 3 रुपए प्रति लीटर कीमत बढ़ी थी। सवाई माधोपुर में शनिवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर नई रेट लागू कर दी गई है। सवाई माधोपुर में अब पेट्रोल डीजल की नई दरें यह होगी सवाई माधोपुर में अब सादा पेट्रोल कीमत प्रति लीटर 111.34 रुपए हो गई है। इससे पहले यहां सादा पेट्रोल की कीमत 110.40 रुपए प्रति लीटर थी। इसी तरह यहां अब डीजल की रेट 96.46 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले यहां डीजल-95.94 रुपए प्रति लीटर था। वहीं प्रीमीयम पेट्रोल की प्रति लीटर रेट 120.64 रुपए हो गई है। इससे पहले यहां प्रीमीयम पेट्रोल 119.71 रुपए प्रति लीटर था। पेट्रोल डीजल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से मंहगाई बढ़ने के साथ घरेलू बजट बिगड़ने की संभावना है।



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ऑफ होने पर भी बिजली खाते हैं ये डिवाइस, सरकार ने बताया बिल कम करने का तरीका


सरकार ने लोगों को बिजली के बिल को कम करने का तरीका बताया है। कई लोग घर में लगे अप्लायंसेज को केवल रिमोट से बंद करके समझते हैं कि वो स्वीच ऑफ हो गया और बिल नहीं उठाएगा। ऐसे 6 डिवाइसेज हम अपने घर में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये नहीं जान पाते हैं कि ये बिजली का बिल बंद होने के बाद भी उठाते रहते हैं। स्मार्टफोन चार्जर से लेकर एसी, टीवी जैसे ये डिवाइसेज पावर ऑफ होने के बाद भी बिजली का बिल बढ़ाते रहते हैं।

UPPCL यानी उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इन उपकरणों के बारे में बताया है। अगर, कंज्यूमर्स थोड़ी सी सावधानी बरतें तो वो हर महीने बड़ मात्रा में बिजली का बिल बचा सकते हैं। इनमें से ज्यादातर उपकरण हम डेली यूज करते हैं। टीवी, चार्जर, सेट-टॉप बॉक्स, वॉशिंग मशीन जैसे ये डिवाइसेज स्टैंडबाई में रहकर लोगों के बिजली का बिल लगातार बढ़ाते हैं।

क्या होता हैं स्टैंडबाई मोड?

यह एक ऐसा मोड होता है, जिसमें उपकरण भले ही इस्तेमाल न हो रहा हो, लेकिन यह बिजली की खपत करता रहता है। खास तौर पर टीवी, सेट-टॉप बॉक्स और रिमोट से चलने वाले डिवाइसेज को हम स्वीच से बंद न करके रिमोट से उन्हें बंद करते हैं। इनमें पावर सप्लाई होती रहती है और स्टैंडबाई मोड में ये बिजली की खपत करते हैं। सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि इन डिवाइसेज को रिमोट से ऑफ करने के बाद इनके स्वीच को भी बंद कर दें। ऐसा करने से ये स्टैंडबाई मोड में नहीं रहेंगे और बिजली की खपत नहीं करेंगे।

AC और चार्जर भी उठाते हैं बिल

ज्यादातर लोग एसी को भी टीवी, सेट-टॉप बॉक्स आदि की तरह रिमोट से बंद कर देते हैं। लोगों की ये गलती उनपर भारी पड़ती है। एसी में लगे PCB यानी सर्किट बोर्ड में इलेक्ट्रिक करेंट सप्लाई होती रहती है, इसकी वजह से बिजली का बिल उठता रहता है। एसी को भी आपको टीवी या अन्य उपकरणों की तरह ही रिमोट से बंद करने के बाद स्विच से बंद करना चाहिए।

वहीं, हम फोन चार्ज करने के बाद चार्जर को प्लग में ही लगाकर छोड़ देते हैं और सोचते हैं कि ये छोटा सा डिवाइस कितना ही बिजली कंज्यूम करेगा। हम यहां भी गलती करते हैं, जिसकी वजह से बिजली का बिल उठता रहता है। ऐसे में चार्जर को भी डिवाइस चार्ज होने के बाद स्विच ऑफ कर देना चाहिए।

इन दो डिवाइस को भी करें स्वीच ऑफ

घर में लगा WiFi डिवाइस भी पूरे टाइम ऑन रहने पर बिजली की खपत करता है। इसके अलावा RO भी बिजली की खपत करता रहता है। इन दोनों डिवाइसेज को भी जब इस्तेमाल न कर रहे हों तो स्वीच ऑफ कर दें। रात के टाइम में अगर आप इंटरनेट यूज नहीं कर रहे हैं तो इसे स्वीच ऑफ कर दें। वहीं, RO को भी लगातार ऑन न रखें। इस तरह से घर में लगें ये 6 डिवाइसेज लगातार पावर ऑफ होने के बाद भी लगातार बिजली की खपत करते रहते हैं।

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पूर्वांचल विश्वविद्यालय: 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई को: राज्यपाल के संभावित आगमन पर 53 समितियां तैयारियों में जुटीं – Jaunpur News




जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई को आयोजित होगा। इस समारोह को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 53 समितियों का गठन किया है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुकी हैं। परिसर में साफ-सफाई, रंगाई-पोताई, भवनों की मरम्मत, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, उद्यान और सुंदरीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। ये तैयारियां प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के संभावित आगमन को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। विश्वविद्यालय के हेलीपैड और मार्ग से लेकर परिसर के अंदर तक सड़क के दोनों किनारों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसमें घास कटाई, नालियों की सफाई और पौधरोपण भी शामिल है। हेलीपैड स्थल से कार्यक्रम स्थल और कुलपति आवास तक विशेष साफ-सफाई व सुंदरीकरण पर जोर दिया जा रहा है। दीक्षांत समारोह में पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के लिए 30 जून तक साक्षात्कार प्रक्रिया पूर्ण करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। केवल तय समय तक वायवा में शामिल होने वाले शोधार्थियों को ही इस समारोह में उपाधि प्रदान की जाएगी। कुलसचिव केश लाल प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह परीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य समय से पूरा कराने के लिए लगातार अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है।



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आरा में देवर-भाभी की पिटाई, दांत से काटकर किया घायल: भतीजा ने साली से की थी दूसरी शादी, लोगों के साथ घर पहुंचकर सास ने किया हंगामा – Bhojpur News




आरा के अनाइठ मोहल्ले में शुक्रवार को साली से दूसरी शादी करने के विवाद में जमकर मारपीट हो गई। मारपीट देवर-भाभी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इलाज के लिए सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायलों की पहचान संजय प्रसाद की पत्नी आरती देवी(38) और देवर शुभम कुमार(21) शामिल है। घटना नवादा थाना क्षेत्र की है। शुभम कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी शादी सहार के मिश्रीचक निवासी ममता कुमारी से तय हुई थी, लेकिन लड़की का रंग सांवला होने के कारण उसने शादी से इनकार कर दिया था। इसके बाद उसकी भाभी आरती देवी ने अपने बेटे आशुतोष कुमार की शादी ममता से करा दी। इसी दौरान उसको साली श्वेता के साथ प्रेम संबंध हो गया। करीब तीन माह पहले वह श्वेता को लेकर फरार हो गया और उससे दूसरी शादी कर ली। इस मामले को लेकर महिला थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी, हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। दूसरी शादी के विवाद में मारा शुभम ने आगे बताया कि उसके भतीजे आशुतोष कुमार की सास किरण देवी कुछ लोगों के साथ घर पहुंची और दूसरी शादी के को लेकर झगड़ा करने लगी। अपने लोगों के साथ मिलकर भाभी और मेरी पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान आरती देवी के पैर में दांत काट लिया गया, जिससे वह घायल हो गईं।



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नरसिंहपुर में स्वास्थ्य विभाग में फर्जी भर्ती का विज्ञापन वायरल: बेरोजगारों से मांगे पैसे, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश – Narsinghpur News




नरसिंहपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के नाम पर सोशल मीडिया पर एक फर्जी विज्ञापन वायरल होने का मामला सामने आया है। इस विज्ञापन के जरिए बेरोजगार युवाओं को नौकरी और आकर्षक वेतन का लालच देकर उनसे पैसे मांगे जा रहे थे। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगे गए आवेदन जानकारी के अनुसार, जिले के अस्पतालों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति निजी कंपनियों के माध्यम से की जाती है। इसी बीच “नरसिंह जॉब ग्रुप” नाम के एक सोशल मीडिया पेज पर भर्ती संबंधी पोस्ट वायरल हुई। इसमें मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के पदों के लिए 10वीं और 12वीं पास युवाओं से आवेदन मांगे गए थे। पोस्ट में 2 से 5 जून के बीच जॉइनिंग और 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का दावा किया गया था। साथ ही उम्मीदवारों को एक व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया। संपर्क करने पर मांगे गए पैसे युवाओं ने जब दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो उनसे नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे मांगे जाने लगे। मामला सामने आने के बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा दी गई। इससे पहले भी जिला अस्पताल में भर्ती से जुड़ी एक अन्य पोस्ट वायरल हुई थी। डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वायरल पोस्ट में एक मोबाइल नंबर देकर भर्ती प्रक्रिया से जोड़ने का दावा किया गया था, जिसे विभाग ने भ्रामक बताया है। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश मामला रजनी सिंह तक पहुंचने के बाद उन्होंने सीएमएचओ से जवाब मांगा और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी के नाम पर पैसे न दें और केवल विभाग की आधिकारिक सूचना या वेबसाइट पर ही भरोसा करें। प्रशासन ने संदिग्ध कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट मिलने पर तुरंत शिकायत करने की सलाह दी है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग में इस तरह की कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही है। उन्होंने बताया कि यह विज्ञापन पूरी तरह फर्जी है, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जांच के लिए सूचना दी गई है, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।



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रिजर्व बैंक ने क्‍यों खजाने से बेचे 30 अरब डॉलर, पहले की थी 20 अरब डॉलर की खरीद


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RBI Forex Update : रिजर्व बैंक ने अपनी हालिया बुलेटिन में बताया कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज गई, जिसकी वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में से करीब 94 हजार करोड़ रुपये मूल्‍य के डॉलर की खुले बाजार में बिक्री करनी पड़ी. इसका मकसद भारतीय रुपये की कमजोरी को थामना था.

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रुपया कमजोर होने पर आरबीआई खुले बाजार में डॉलर की बिक्री करता है.

नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक के सामने ऐसी मुसीबत तो कोरोनाकाल में भी नहीं आई थी. अभी एक तरफ तो कच्‍चा तेल महंगा होने से आयात बिल और विदेशी मुद्रा के रिजर्व पर दबाव बढ़ रहा है तो दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये ने इस मुसीबत को और बढ़ा दिया है. यही वजह है कि आरबीआई को अपने खजाने से हजारों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा खुले बाजार में बेचनी पड़ रही है. मार्च में ही आरबीआई ने करीब 20 अरब डॉलर खुले बाजार में डाले हैं.

आरबीआई ने अपनी मासिक बुलेटिन में बताया कि मार्च में हाजिर मुद्रा बाजार में शुद्ध आधार पर 9.76 अरब डॉलर की बिक्री की गई. इससे पहले केंद्रीय बैंक लगातार दो महीनों तक अमेरिकी डॉलर की खरीद कर रहा था. फरवरी में आरबीआई ने हाजिर बाजार से 7.41 अरब डॉलर की शुद्ध खरीद की थी. लेकिन, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए मार्च में विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर को बेचकर रुपया खरीदना पड़ा.

क्‍या कहते हैं मार्च के आंकड़े
आरबीआई बुलेटिन के मुताबिक, मार्च में केंद्रीय बैंक ने 19.88 अरब डॉलर की खरीद की जबकि 29.64 अरब डॉलर की बिक्री करनी पड़ी. इस तरह शुद्ध बिक्री 9.76 अरब डॉलर (करीब 94 हजार करोड़ रुपये) की रही. अप्रैल में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ. हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा और आरबीआई के विभिन्न उपायों के चलते पिछले महीने यह गिरावट सीमित रही. इसके बाद रुपये की चाल कच्चे तेल की कीमतों के अनुरूप रही, जो पश्चिम एशिया की स्थिति को दर्शाती है.

मजबूत है विदेशी मुद्रा भंडार
आरबीआई ने बताया कि वास्तविक प्रभावी विनिमय दर (आरईईआर) के आधार पर भी अप्रैल में रुपये में गिरावट दर्ज की गई. इसका कारण नाममात्र प्रभावी विनिमय दर (एनईईआर) में कमजोरी और देश के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की तुलना में अपेक्षाकृत कम मूल्य सूचकांक रहा. बुलेटिन के मुताबिक, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में बना हुआ है. इस विदेशी मुद्रा भंडार से भारत लगभग 11 महीने तक आयात का भुगतान कर सकता है जबकि अपने बकाया विदेशी कर्ज का लगभग 90 फीसदी चुका सकता है.

अमेरिकी विदेशी मंत्री ने दिया राहत भरा संकेत
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उस टिप्पणी के बाद मुद्रा बाजार को कुछ राहत मिली, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान से जुड़ी कूटनीतिक वार्ता रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह एक साल पहले की तुलना में कुल और शुद्ध दोनों आधार पर अधिक रहा. मार्च में शुद्ध एफडीआई लगातार दूसरे महीने सकारात्मक रहा जबकि सकल एफडीआई प्रवाह में कुछ सुस्ती दर्ज की गई. इस दौरान भारत से बाहर जाने वाले एफडीआई में कमी आई और इसका आधे से अधिक हिस्सा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और नीदरलैंड में निवेश किया गया है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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