सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक: देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
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हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, 3 लोगों की मौत: रतलाम में 10 से ज्यादा झुलसे, 5 गंभीर; मुहर्रम जुलूस में 200 लोग थे शामिल – Ratlam News
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार रात ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में 10 से अधिक लोग आ गए। इनमें 3 की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में 5 की हालत गंभीर है। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना पिपलोदा के हतनारा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। हालांकि अरबाज के परिजन उसे अस्पताल से कहीं और ले गए। इस कारण प्रशासन ने 2 मौतों की पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर रविंद्र सोलंकी ने 3 मौतों की पुष्टि की है। घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों में अनास पिता अकरम (16), मोइन शाह पिता इश्क शाह (35), रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद और वहीद शामिल हैं। वहीं इब्राहिम पिता हनीफ को रतलाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… करीब 200 लोग जुलूस में थे शामिल प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी ने बताया कि मुहर्रम के अवसर पर हतनारा गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली लाइन काफी नीचे थी। ताजिया के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और आगे चल रहे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी। हादसे के वक्त का वीडियो भी आया सामने घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें करंट लगने के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग जमीन पर पड़े दिख रहे हैं। आसपास के लोग घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। ड्यूटी डॉक्टर बोले- तीन लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था रतलाम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रविंद्र सोलंकी ने बताया कि तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। 3 मृतकों में से 2 के परिजन औपचारिक कागजी प्रक्रिया पूरी किए बिना उन्हें अपने साथ ले गए। उन्हें बता दिया गया था कि उनकी धड़कनें बंद हो चुकी हैं। एएसपी बोले- हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद हुआ हादसा रतलाम एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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एमआईए की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण: राजेंद्र गहलोत बोले: इंडस्ट्री के विकास और समस्याओं के लिए करेंगे प्रयास, सीनियर बिजनेसमैन को किया सम्मानित – Jodhpur News
मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी वर्ष का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ठ उद्यमी सम्मान समारोह मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के जगशांति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यों एवं एसोसिएशन के ऑडिटोरियम की सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के बारे में बताए ताकि समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने जोधपुर, पाली एवं बालोतरा की बंद यूनिट को दोबारा संचालित करवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मेंडका भरोसा दिलाया।
इन्हें दिलाई शपथ
पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने एमआईए की 43 वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इसमें राकेश कुमार बंसल अध्यक्ष, भंवरलाल भूतड़ा एवं ओपी भंसाली उपाध्यक्ष, विनोद परिहार सचिव, नवरतनमल बैद एवं राजीव चैपड़ा सहसचिव, रमन सिंघल कोषाध्यक्ष, दिलीप सोनी निवर्तमान अध्यक्ष सहित अक्षय अग्रवाल, अमन त्रेहान, अनुपम शर्मा, दिव्येश परिहार, गजेन्द्र सोलंकी, गुमानाराम जांगिड़, गणेश चैधरी, इमरान खान, जयेश खत्री, मनोज जैन, मनोज भण्डारी, निर्मल मालू, पीयूष लूणिया, राजेश बांठिया, रचित माहेश्वरी, को कार्यकारिणी सदस्यों एवं अनिल गहलोत, अरूण सिंघल, दिनेश सोनी, कैलाश विश्नोई, सिद्धार्थ कंसारा एवं सिद्धार्थ सुराणा को सहवृत्त सदस्यों के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पूर्व चुनाव अधिकारी उपेन्द्र भंसाली ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों व सहवृत्त सदस्यों को मंच पर शपथग्रहण हेतु आमंत्रित किया।
रीको लि. के पूर्व स्वतंत्र निदेशक सुनील परिहार ने एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को दोबारा संचालित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य सरकार द्वारा समय रहते प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरणीय मानकों में भी संशोधन किया जाना चाहिए। ताकि उद्योगों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए ताकि 7 लाख से अधिक प्रभावित रोजगार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
सीनियर उद्यमियों का किया सम्मान
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री ओमकार वर्मा ने कहा- जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के उद्योगों की तालाबंदी केवल राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता के कारण ही संभव हुई है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार द्वारा समय रहते माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी करते हुए बंद पड़े उद्योगों के शीघ्र संचालित करने हेतु त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में एमआईए द्वारा वरिष्ठ उद्यमी कैलाशराज टाटिया और विमलराज सिंघवी को वरिष्ठ उद्यमी सम्मान से सम्मानित किया गया।
एमआईए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेशकुमार बंसल एवं नवनिर्वाचित सचिव विनोद परिहार ने एसोसिएशन की कार्यकारिणी के निर्विरोध निर्वाचन पर सभी उद्यमियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार से सम्बंधित कई समस्याओं को लेकर प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योग त्रस्त है। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए दोबारा संचालित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम क शुरुआत में एमआईए अध्यक्ष राकेश कुमार बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनके कार्यकाल के बारे में जानकारी दी। सचिव विनोद परिहार ने सालभर की एक्टिविटी के बारे में बताया। संचालन एमआईए के सहसचिव राजीव चैपड़ा ने किया। कार्य्रम में ये रहे में ये रहे मौजूद
समारोह में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी दक्षिण के पूर्व अध्यक्ष नरेश जोशी एवं जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी उत्तर के पूर्व अध्यक्ष सलीम खान, रीको बोरानाडा के उपमहाप्रबंधक विनीत गुप्ता, रीको जोधपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक सुशील कटियार एवं क्षेत्रीय प्रबंधक मितेश रतनानी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र से पूनम राठौड़ एवं ओमप्रकाश चैधरी, एचडीएफसी बैंक के कलस्टर हैड अमित भण्डारी, एचडीएफसी बासनी शाखा के शाखा प्रबंधक निर्मल गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक बासनी के शाखा प्रबंधक सुधीर पारीक, आईडीबीआई बैंक बासनी के ब्रांच हैड अभिमन्यूसिंह बराड़, जोधपुर डिस्काॅम के सहायक अभियंता बी-चतुर्थ संदीप पंवार एवं पंकज चैहान, वरिष्ठ उद्यमी रावलचंद चैपड़ा, कैलाशराज टाटिया, प्रकाश संचेती, रामजीलाल लीला, किशनसिंह देवड़ा, किशनलाल गर्ग, विष्णु मित्तल, राहुल सिंघवी, जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया, पूर्व अध्यक्ष एनके जैन, लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रांत अध्यक्ष महावीर चैपड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष पंकज भण्डारी एवं सचिव राकेश चोरड़िया, बोरानाडा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सुराणा एवं सचिव राजेश सोलंकी, एमआईए के पूर्व अध्यक्ष कैलाश एन. कंसारा, कमल मेहता, डॉ .एसके शर्मा, कमल सिंघवी, उमेश लीला, प्रदीप डाकलिया, उपेन्द्र भंसाली, योगेश माहेश्वरी, भंवरलाल चैपड़ा सहित नरेन्द्र छाजेड़, नरेन्द्र शर्मा, मुकेश खत्री, अशोक एस. तातेड़, धनराज गुणपाल, केके लूंकड़, लक्ष्मीनारायण भाटी, हरदीपसिंह सलूजा, गौरव भंसाली, जितेन्द्र बोहरा, पार्षद योगेश गहलोत सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।
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गोरखपुर रामगढ़ताल में हुड़दंग मचाते 8 गिरफ्तार: लक्जरी गाड़ियों से आधी रात किया हंगामा, पुलिस हिरासत में हंसता रहा सुल्तान – Gorakhpur News
गोरखपुर रामगढ़ताल की नौकायन चौकी के पास हुड़दंग करते हुए 8 मनबढ़ों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसमे एक आरोपी सुल्तान पुलिस की हिरासत में भी हंसता रहा। गोरखपुर रामगढ़ताल की नौकायन पुलिस चौकी के पास बुधवार देर रात फार्च्यूनर समेत तीन वाहनों से पहुंचे युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया। बीच सड़क वाहन खड़ा कर शोर-शराबा करने और राहगीरों से विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। तब मनबढ़ पुलिस से ही उलझ गए। इसके बाद रामगढ़ताल थाना की पुलिस ने 08 युवकों को हिरासत में ले लिया और कई मनबढ़ मौके का फायदा उठाकर भाग गए। हंसता रहा सुल्तान, हैरान हो गई पुलिस पकड़े गए मनबढ़ों की पहचान बांसगांव के बैदौली बाबू निवासी विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान,राहुल कन्नौजिया,कुशीनगर के कसया स्थित बरवा जंगल निवासी आदित्य शर्मा, तुर्कपट्टी के छहूं निवासी यश सिंह, देवरिया के महुआडीह भटनी दादन गांव के सोनू गौतम, खलीलाबाद के सचिन,विवेक शर्मा तथा प्रमोद यादव को हिरासत में ले लिया। इसमे विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान पर पहले से कई केस थानों में दर्ज है। वह गिरोह का संचालन करता है। रामगढ़ताल थाने में पुलिस के सामने वह लगातार हंसता रहा। जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान हो गए। गुरुवार को आरोपियों के कब्जे से मिली 2 कार सीज करने के साथ ही सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला…
पुलिस के अनुसार 24 जून की रात नौकायन चौकी के पास मनबढ़ युवक बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर हंगामा कर रहे थे। आने-जाने वाले लोगों से उनकी कहासुनी भी हो रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवकों को वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे पुलिसकर्मियों से ही बहस करने लगे। इसके बाद पुलिस ने विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान,राहुल कन्नौजिया,कुशीनगर के कसया स्थित बरवा जंगल निवासी आदित्य शर्मा, तुर्कपट्टी के छहूं निवासी यश सिंह, देवरिया के महुआडीह भटनी दादन गांव के सोनू गौतम,खलीलाबाद के सचिन,विवेक शर्मा तथा प्रमोद यादव को हिरासत में ले लिया। इन मामलों से चर्चा में आया सुल्तान पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान दो वर्ष पहले सर्किट हाउस के पास हुई चर्चित फायरिंग की घटना के बाद सुर्खियों में रहा था। साल 2024 में ही रामगढ़ताल पुलिस ने जेएसआर गार्डेन से अवैध असलहे के साथ रील बनाते हुए विपिन कन्नौजिया उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया था।
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घर पर नहीं है कोई सब्जी, झटपट तैयार करें मट्ठा के आलू, एक बार खाएंगे तो बार-बार मांगेंगे
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Mattha Ke Aloo Recipe: अगर घर में हरी सब्जियां नहीं हैं और कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मट्ठा के आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं. कई जगहों पर मट्ठा के आलू शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ, आलू और मसालों से तैयार होने वाली यह पारंपरिक डिश कम समय में बन जाती है और स्वाद ऐसा होता है कि हर कोई बार-बार मांगकर खाए.
मट्ठा के आलू बनाने की रेसिपी आसान है और इसका टेस्ट गजब का होता है.
Mattha Ke Aloo Recipe: कई बार बाजार जाने का समय नहीं मिलता है और घर में सब्जियां खत्म हो जाती हैं. ऐसी कंडीशन में समझ नहीं आता कि खाने में क्या बनाया जाए. अगर आपके सामने ऐसी समस्या पैदा हो जाए, तो आप मट्ठा के आलू बना सकते हैं. आलू और मट्ठा यानी छाछ से बनने वाली यह डिश आपका दिन बना सकती है. मट्ठा के आलू यूपी के कई हिस्सों में काफी पसंद किए जाते हैं और शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ की हल्की खटास और मसालों का बेहतरीन स्वाद इस डिश को खास बनाता है. अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो गए हैं, तो यह रेसिपी आपके खाने का स्वाद बदल सकती है.
मट्ठा के आलू बनाने के लिए सामग्री
मट्ठा के आलू बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और यह कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है. इस डिश के लिए आपको 4 से 5 उबले हुए आलू, 2 कप मट्ठा यानी छाछ, 1 बड़ा चम्मच बेसन, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 चुटकी हींग, 1 से 2 हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ा चम्मच तेल और थोड़ा सा हरा धनिया की जरूरत होगी. इन सभी चीजों से गजब की डिश तैयार हो जाएगी.
मट्ठा के आलू बनाने की आसान विधि
सबसे पहले उबले हुए आलुओं को बड़े टुकड़ों में काट लें. अब एक बाउल में मट्ठा और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें गांठें न रहें. इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर जीरा और हींग का तड़का लगाएं. फिर बारीक कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें. अब हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत मट्ठा-बेसन का मिश्रण कढ़ाई में डाल दें.
मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाएं, ताकि मट्ठा फटे नहीं. जब ग्रेवी हल्की गाढ़ी होने लगे, तब उसमें कटे हुए आलू और नमक डाल दें. धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक पकाएं ताकि आलू मसालों और मट्ठे का स्वाद अच्छी तरह सोख लें. जब ग्रेवी मनचाही गाढ़ी हो जाए, तब गैस बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं.
गरमा-गरम मट्ठा के आलू को रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है. खासकर गर्मियों में यह डिश बेहद पसंद की जाती है, क्योंकि मट्ठा शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
दरवाजे की घंटी से आज भी कांप जाती हैं रिया चक्रवर्ती, 6 साल बाद छलका दर्द
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सुशांत सिंह राजपूत केस के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी. अब 6 साल बाद एक्ट्रेस ने उस मुश्किल दौर पर खुलकर बात की है. रिया ने बताया कि उस समय मिला ट्रॉमा आज भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा और वह अब तक पूरी तरह उससे उबर नहीं पाई हैं.
आज भी दर्द में हैं रिया
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में उस मुश्किल दौर को याद किया, जिससे वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद गुजरी थीं. नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब चैट शो ‘डबल डेट’ में रिया अपने भाई शोविक चक्रवर्ती के साथ पहुंचीं, जहां दोनों ने उस समय के दर्द, डर और मानसिक तनाव पर खुलकर बात की.
साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच के दौरान ड्रग्स एंगल सामने आने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रिया और शोविक को गिरफ्तार किया था. इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा था और दोनों को काफी आलोचनाओं और मुश्किलों का सामना करना पड़ा था.
आसान नहीं रिया के लिए ये दर्द भुलाना
रिया से जब इस शो में पूछा गया कि क्या वह उस ट्रॉमा से पूरी तरह बाहर निकल चुकी हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसे एक्सपीरियंस कभी पूरी तरह खत्म नहीं होते. रिया ने बताया कि ट्रॉमा सिर्फ दिमाग पर नहीं, बल्कि शरीर और भावनाओं पर भी असर छोड़ जाता है. उन्होंने कहा कि वह थेरेपी की मदद से खुद को संभालने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उस दर्द को पूरी तरह भुला पाना आसान नहीं है.आज भी अगर दरवाजे की घंटी बजती है, तो मुझे पुराने दिन याद आ जाते हैं. उस समय ऐसा माहौल था कि हर छोटी आवाज भी हमें खतरे जैसी लगती थी.
टूट गया शोविक का सपना
इस शो में शोविक ने बताया कि उस घटना से पहले उनकी जिंदगी बिल्कुल अलग थी. उनका सपना आईआईएम या व्हार्टन जैसे बड़े बिजनेस स्कूल में पढ़ाई करने का था, लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया. उन्होंने कहा कि जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी.शोविक के मुताबिक, उस बुरे दौर से बाहर निकलने में उन्हें करीब चार से पांच साल लग गए. उन्होंने बताया कि आज भी कई बार वह उन घटनाओं को याद करते हैं और सोचते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) है और आज भी घर की घंटी बजने जैसी छोटी-छोटी चीजें उन्हें पुराने दिनों की याद दिला देती हैं.
बता दें कि रिया ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि उनके लिए ये एक्सपीरियंस इसलिए और ज्यादा मुश्किल था, क्योंकि सब कुछ सार्वजनिक रूप से हुआ. पूरे देश और मीडिया की नजरें उन पर थीं और हर कोई उनके बारे में अपनी राय बना रहा था. हालांकि, उन्होंने और उनके भाई ने धीरे-धीरे खुद को संभाला और जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश की. ‘डबल डेट’ शो यूट्यूब पर स्ट्रीम होता है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें
प्रभारी मंत्री जमा खान अलीनगर पाली पहुंचे: मोहर्रम की नौवीं पर शमा रौशन कर अमन-शांति की दुआ मांगी – Jehanabad News
मोहर्रम की नौवीं तारीख पर बिहार सरकार के मंत्री और जहानाबाद के प्रभारी मंत्री जमा खान गुरुवार को अलीनगर पाली स्थित इमामबाड़े पहुंचे। उन्होंने शमा रौशन कर प्रदेश और देश में अमन, शांति तथा खुशहाली की दुआ मांगी। मोहर्रम के अवसर पर अलीनगर पाली में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। इससे पहले मोहर्रम की सातवीं तारीख को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी अलीनगर पाली पहुंचकर शमा रौशन कर चुके थे। नौवीं तारीख के कार्यक्रम में मंत्री जमा खान के साथ सैयद सलमान हुसैन, अलमदार हुसैन, मुशर्रफ इमाम पालवी, हैदर काजमी, अकील काजमी, मजहर इमाम, जदयू जिलाध्यक्ष प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह और मेराज अहमद सुड्डू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री जमा खान ने कहा कि अलीनगर पाली में मोहर्रम का वास्तविक स्वरूप और उसकी समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की याद में व्यक्त की जाने वाली श्रद्धा, आस्था और गम इंसानियत, त्याग और बलिदान का संदेश देता है। मंत्री ने क्षेत्र में कायम धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सद्भाव, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। अलीनगर पाली का मोहर्रम हर वर्ष अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराओं, अनुशासित आयोजन और बड़ी जनभागीदारी के लिए जाना जाता है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मोहर्रम की रस्मों में शामिल होते हैं।
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गैंगस्टर की रियल लाइफ पर बनी वो फिल्म, 50-50 बार देखी, फिर भी नहीं भरा मन
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कोई फिल्म इतनी रियलिस्टिक होती है कि रील और रियल का फर्क ही खत्म हो जाता है. इन फिल्मों को लेकर इतनी दीवानगी होती है कि 50 बार-बार भी देखने के बाद भी मन नहीं भरता. गैंगस्टर की रियल लाइफ पर बेस्ड ऐसी ही एक फिल्म 2000 के शुरुआती दशक में सिनेमाघरों में आई थी. उत्तर भारत में हर आयु वर्ग की पसंदीदा फिल्म बन गई. 25 साल बाद भी यह फिल्म नई जैसी लगती है.
कई फ्लॉप फिल्मों की स्टोरी इतनी रियलिस्टिक होती है कि इन्हें देखते समय जरा भी अहसास नहीं होता कि पर्दे पर मूवी चल रही है. ऐसा लगता है कि जैसे सच में हमारे आसपास की कहानी दिखाई जा रही है. 2005 में सिनेमाघरों में कबीर कौशिक के निर्देशन में बनी एक फिल्म आई थी जिसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड और एमपी में खूब पसंद किया गया. अरशद वारसी-सुशांत सिंह लीड रोल में थे. यह अरशद वारसी के करियर की सबसे बेस्ट फिल्म है. हम बात कर रहे हैं ‘सहर’ फिल्म की.

सहर फिल्म रियलिस्टिक सिनेमा का अनुपम उदाहरण है. अरशद वारसी-सुशांत सिंह के अलावा फिल्म में पंकज कपूर, महिमा चौधरी, राजेंद्र गुप्ता जैसे दिग्गज एक्टर्स ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. अरशद वारसी ने लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी अरुण कुमार का रोल निभाया था. कबीर कौशिक ने ही कहानी-स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिखे थे. फिल्म उत्तर प्रदेश में अपराध की दुनिया और राजनीतिक गठजोड़ को दिखाती है.

‘सहर’ फिल्म की कहानी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला की लाइफ पर बेस्ड थी. फिल्म में उसके कैरेक्टर का नाम गजराज सिंह था. बाकी किरदार काफी मिलते-जुलते थे. फिल्म में गोरखपुर जिले की चिल्लूपार विधानसभा सीट का जिक्र था जहां से कभी बाहुबली विधायक हरिशंकर तिवारी चुनाव लड़ा करते थे. तिवारी इस सीट से लगातार 5 बार विधायक और मंत्री रहे. श्रीप्रकाश उनके ही इलाके (मामखोर गांव) का रहने वाला था. श्रीप्रकाश शुक्ला इसी सीट से चुनाव लड़ना चाहता था.
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90 के दशक में यूपी के गोरखपुर शहर के दुर्दांत गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला का पूरे प्रदेश में आतंक था. गोरखपुर के मामखोर गांव का रहने वाला श्रीप्रकाश शुक्ला अशोक सिंह के नाम से फिरौती मांगा करता था. बिहार के सूरज भान सिंह गिरोह से जुड़ा था. उसके पिता ए ग्रेड के ठेकेदार थे, टीचर नहीं थे. बचपन से ही उसे गैंगस्टर लाइफ का चस्का था, इसीलिए क्राइम की दुनिया में आया. सितंबर 1998 में यूपी एसटीएफ ने उसका गाजियाबाद इंदिरापुरम में एनकाउंटर किया था. यह भी दिलचस्प है कि श्री प्रकाश शुक्ला की पहली तस्वीर बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी की फोटो का सहारा लेकर बनाई गई थी.

कहा जाता है कि श्री प्रकाश शुक्ला ने तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह की सुपारी ली थी. श्री प्रकाश शुक्ला के खात्मे के लिए यूपी एसटीएफ बनाई गई थी. फिल्म में पूरी कहानी दिखाई गई है. डायरेक्टर कबीर कौशिक ने पूरी रिसर्च के साथ फिल्म बनाई थी. फिल्म जब 2005 में रिलीज हुई तब मुंबई में बाढ़ आ गई थी. ऐसे में लोग इस फिल्म को देखने सिनेमाघरों में नहीं जा सके.

फिल्म में गजराज सिंह (श्री प्रकाश शुक्ला की लाइफ पर बेस्ड) का किरदार निभाने वाले एक्टर सुशांत सिंह ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो उत्तर भारत में जहां भी जाते हैं, उन्हें ऐसा कोई शख्स नहीं मिला जिसने ‘सहर’ फिल्म ना देखी हो. सुशांत सिंह ने कहा था, ‘मेरे फैंस कहते हैं कि वो जो फिल्म आप किए थे, 25 बार देखी है सर, बहुत कमाल की फिल्म है. आज भी इस फिल्म को देखेंगे तो तकनीकी रूप से उसमें पावरफुल परफॉर्मेंस देखने को मिलेगा. आपको लगेगा ही नहीं कि यह 20 साल पुरानी फिल्म है. जब डायरेक्टर कबीर कौशिक ने कास्टिंग बताई थी तो मुझे लगा कि अरशद वारसी आईपीएस का रोल कर रहे हैं. मुझे लगा कि वो रोल सही ढंग से नहीं कर पाएंगे लेकिन जब मैंने फिल्म देखी तो अरशद की एक्टिंग देखकर होश उड़ गए. अरशद ने जिस तरह से रोल किया, फिल्म रियलिस्टिक हो गई.’

फिल्म इतनी रियलिस्टिक थी कि थिएटर से निकलने के बाद दर्शकों के दिमाग में किरदार कई दिनों तक घूमते रहे. फिल्म को सबसे ज्यादा हिंदी बेल्ट में देखा गया. फिल्म फ्लॉप रही लेकिन यूट्यूब पर इसे करोड़ों व्यूज मिले. अरशद वारसी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘सहर मेरी सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक है. इस फिल्म में एक खास किस्म का रियलिज्म और गहराई है.’

आगे चलकर श्री प्रकाश शुक्ला पर ज़ी 5 की ओर से एक ‘रंगबाज’ नाम से एक वेब सीरीज बनाई गई. इस वेब सीरीज को दर्शकों ने हाथोंहाथ लिया. ‘सहर’ जैसी फिल्में कभी कभार ही बनती है. 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 2.4 करोड़ का बिजनेस किया.

फिल्म फ्लॉप हो गई लेकिन आज इसकी गिनती कल्ट मूवी में होती है. इस मूवी की एक खास फैन फॉलोइंग है. बार-बार देखकर भी इस मूवी से दिल नहीं भरता. फिल्म लोगों के दिल में हमेशा के लिए बस गई. यह बॉलीवुड की उन गिनी-चुनी फिल्मों में से है जो रियल सिनेमा को दिखाती हैं.
डेढ़ घंटे की बारिश से रायसेन के निचले इलाके डूबे: महामाया चौक पर दो फीट पानी भरा, आंधी से बिजली गुल – Raisen News
रायसेन में गुरुवार शाम करीब 7 बजे तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक लगातार हुई इस बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। महामाया चौक पर करीब 2 फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहन ड्राइवरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। रामलीला मैदान और महामाया चौक जैसे निचले इलाकों में भी पानी भर गया। तेज हवाओं के कारण शहर की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो गई। 10 दिन देरी से पहुंचा है मानसून
जिले में बुधवार से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भी भारी बारिश हुई थी, जिसके बाद गुरुवार शाम 7 बजे से फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। इस लगातार बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का मौसम पूरी तरह बदल गया है। रायसेन जिले में 1 जून से अब तक कुल 77.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस बार मानसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा था, लेकिन अब यह पूरी तरह सक्रिय हो गया है और लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ सीजन की बुआई ने अब गति पकड़ ली है। रायसेन जिले में धान का रकबा अधिक होने के कारण किसान धान की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से बुआई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है, जिससे किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है।
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NEET री-एग्जाम में आपके कितने जवाब सही? NTA की तरफ से जारी आंसर की से मिलाकर करें चेक
NEET री-एग्जाम देने वाले लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार आखिर खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NEET री-एग्जाम 2026 की आंसर की रिलीज कर दी है। अब अभ्यर्थी आंसर की से अपने सही जवाब चेक कर सकते हैं। अगर किसी सवाल या जवाब को लेकर आपत्ति है, तो तय समय सीमा के अंदर उसे दर्ज कराने का मौका भी दिया गया है।
NTA की तरफ से जारी आंसर की करें चेक
NTA ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट करके बताया कि 21 जून 2026 को आयोजित किए गए री-एग्जाम में शामिल हुए कैंडिडेट अब ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर आंसर-की को देख सकते हैं। साथ ही, NTA ने आंसर-की को चैलेंज करने की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है।
आपत्ति दर्ज करने की लिए तय की गई समय सीमा
NTA के मुताबिक, कैंडिडेट 25 से 28 जून 2026 की रात 11:50 बजे तक आंसर-की को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि किसी सवाल का जवाब गलत है या उसमें संशोधन होना चाहिए, तो वह संबंधित सवाल को चुनौती दे सकता है। हर सवाल को चैलेंज करने के लिए 200 रुपये फीस निर्धारित की गई है। अगर आपत्ति सही पाई जाती है तो 200 रुपये की पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।
आंसर की को कैसे कर सकते हैं चैलेंज?
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
- अब अपने टेस्ट बुकलेट के कवर पर दिए गए Question Paper Series Code को रजिस्टर करें।
- अब उन सवालों को सिलेक्ट करें, जिन्हें चैंलेंज करना चाहते हैं।
- अपने दावे के सपोर्ट में NCERT या अन्य मानक पाठ्यपुस्तकों से संबंधित प्रमाण को भी अपलोड करें।
- अब फीस जमा करें। आवेदन सबमिट करने के बाद प्रक्रिया पूरी मान ली जाएगी।
समानांतर रूप होगी OMR शीट की स्कैनिंग और आपत्तियों की समीक्षा
NTA ने साफ किया कि आंसर-की चैलेंज सबमिट करने का मौका सिर्फ एक बार मिलेगा, इसलिए कैंडिडेट अंतिम सबमिशन से पहले सभी डिटेल की सावधानी से जांच कर लें। NTA ने यह भी बताया कि OMR शीट की स्कैनिंग और एक्सपर्ट्स की तरफ से आपत्तियों की समीक्षा समानांतर रूप से हो रही है, ताकि रिजल्ट जल्द से जल्द घोषित किया जा सके। किसी भी मदद के लिए कैंडिडेट NTA हेल्पलाइन 011-40759000 या ईमेल- neetug2026@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं।
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