Friday, June 19, 2026
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भरतपुर की इन देसी मिठाइयों का स्वाद है बेमिसाल,हर निवाले में घुलती है मिठास


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Famous Sweets Of Bharatpur: भरतपुर की गलियों में बसती है ऐसी मिठास, जिसका स्वाद एक बार चखने के बाद लंबे समय तक ज़ुबान पर बना रहता है. बिस्तर बंद की अनोखी मिठास हो, बयाना के मशहूर कलाकंद का मलाईदार स्वाद या फिर साल में एक बार मिलने वाले खजले की कुरकुरी लज़्ज़त, हर मिठाई अपनी अलग कहानी कहती है. यही वजह है कि भरतपुर की ये पारंपरिक मिठाइयां सिर्फ खाने की चीज़ नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और विरासत की मीठी पहचान हैं.

भरतपुर जिला न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति के लिए जाना जाता है. बल्कि यहां की पारंपरिक मिठाइयां भी लोगों के दिलों पर राज करती हैं. स्थानीय स्वाद और देसी अंदाज़ में बनी ये मिठाइयां न सिर्फ भरतपुर बल्कि आसपास के जिलों में भी काफी मशहूर हैं. हर मिठाई की अपनी अलग पहचान और स्वाद है, जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं और खास मौकों पर जरूर शामिल करते हैं.

भरतपुर की एक और खास मिठाई खजला है जो साल में केवल एक बार विशेष अवसर पर बनाई जाती है. यह मिठाई खासतौर पर त्योहारों और पारंपरिक आयोजनों में तैयार की जाती है. इसके अलावा मेला में देखने के लिए मिलती है. खजला का कुरकुरा और मीठा स्वाद इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाता है और लोग सालभर इसके बनने का इंतजार करते हैं.

रूपवास क्षेत्र की नानखटाई भी भरतपुर की पहचान बन चुकी है. यह पारंपरिक बिस्किट जैसी मिठाई घी और मैदा से तैयार की जाती है जिसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है. चाय के साथ इसका आनंद लेना लोगों को बेहद पसंद है और रूपवास की नानखटाई की मांग हमेशा बनी रहती है.

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इसके अलावा मिश्री मावे के लड्डू भी भरतपुर की खास मिठाइयों में शामिल हैं. यह लड्डू मावे और मिश्री के मिश्रण से बनाए जाते हैं जो स्वाद में बेहद मीठे और पौष्टिक होते हैं. शादी-ब्याह और खास अवसरों पर इनका विशेष महत्व होता है. कुल मिलाकर भरतपुर की ये सभी मिठाइयां न केवल स्वाद में बेहतरीन हैं. बल्कि यहां की संस्कृति और परंपरा की झलक भी पेश करती हैं.

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AI सेक्टर में Jio का बड़ा दांव, जामनगर में बनाएगा डेटा सेंटर, कई एआई टूल्स हुए पेश


Reliance के 49वें AGM में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत में AI की नई क्रांति की घोषणा की है। देश के करोड़ों लोगों को सस्ते में AI उपलब्ध कराने के लिए गुजरात के जामनगर में कंपनी देश का सोवर्जन AI बैकबोन बनाने जा रही है। इस एआई डेटासेंटर में कंपनी क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल करने वाली है। इसे रिलायंस के कच्छ स्थित सोलर ग्रिड के जरिए बिजली दी जाएगी। कंपनी ने घोषणा की है कि यह 120 मेगावाट वाला सोलर ग्रिड साल के आखिर तक कमीशन कर  लिया जाएगा।

इस एआई डेटा सेंटर में 75,000 H100 NVIDIA GB300 GPU का इस्तेमाल किया जाएगा। पहले 120 मेगावाट के कमीशन होने के बाद इसमें दो लाख से ज्यादा H100 GPU लगाए जाने की तैयारी है। इतनी क्षमता के साथ यह दुनिया के लीडिंग AI डेटा सेंटर में अपनी जगह बना लेगा।

हर सेक्टर में AI का बोलबाला

डेटा सेंटर के अलावा कंपनी लोगों के लिए अफोर्डेबल AI सर्विसेस लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने मल्टीलिंगुअल AI सर्विस की घोषणा की है, जिसे 22 भारतीय भाषाओं के सपोर्ट के साथ डिजाइन किया गया है। कंपनी ने JioBharatIQ, AI Vyapar, JioHealthIQ, JioLearnIQ और JioKrishiIQ की घोषणा की है, जो करोड़ों भारतीयों की मदद करेगा।

  • Jio BharatIQ को देश के हर नागरिक का AI साथी के तौर पर लॉन्च किया गया है।
  • Jio AI Vyapar को छोटे व्यापारियों और बिजनेस के लिए डेवलप किया गया है। यह एआई टूल छोटे बिजनेस की प्रोडेक्टिविटी बढ़ाने और ग्राहकों क मदद के लिए डिजाइन किया है।
  • Jio HealthIQ को हेल्थकेयर सेक्टर के लिए डेवलप किया गया है। यह एजेंटिक एआई हर परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में मदद करेगा।
  • Jio LearnIQ को हर छात्र को अपनी भाषा में सीखने के लिए डेवलप किया गया है। वो एक ही जगह हर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
  • Jio KrishIQ को खास तौर पर किसानों के लिए डिजाइन किया गया है। यह एजेंटिक एआई किसानों को खेती से संबंधित हर छोटी जानकारी उपलब्ध कराएगा।

AGM में अपने कीनोट के दौरान कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि हम AI रिसर्चर्स और इंजीनियर्स की वर्ल्ड क्लास टीम तैयार कर रहे हैं। भारत में एआई स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में कंपनी बड़ा निवेश करने जा रही है। इसके लिए रिलायंस देश के कई बड़े यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ साझेदारी की है।

India AI Mission

49वें AGM में जियो की ये घोषणाएं आने वाले समय में भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने का काम करेगा। यह केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी परियोजना India AI Mission के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

यह भी पढ़ें – 49वें AGM में AI का बोलबाला, Jio ने लॉन्च किया TeleFrame, घर को बनाएगा स्मार्ट होम





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फोटो-बदलकर अन्नपूर्णा रसोई में बनाए नए लाभार्थी, 4 रसोइयां सीज: पकड़े जाने पर संचालक बोले- कच्ची बस्तियों के लोगों के पास कपड़े कम होते हैं – Jhunjhunu News


गरीब और जरूरतमंद लोगों को 8 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने वाली अन्नपूर्णा रसोई योजना में AI की मदद से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।

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जांच में खुलासा हुआ कि अन्नपूर्णा रसोई संचालक पुराने लाभार्थियों की फोटो में बदलाव कर उन्हें नया बताकर पोर्टल पर अपलोड कर रहे थे। इसके बाद उन्हीं के आधार पर फर्जी कूपन जनरेट कर रहे थे।

मामले में 4 अन्नपूर्णा रसोइयों को सीज किया गया है और प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अब जिले की सभी 38 रसोइयों के पिछले 5 महीने के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। हालांकि पकड़े गए संचालकों का दावा है कि कच्ची बस्तियों के लोगों के पास कपड़े कम होते हैं, ऐसे में उनकी फोटो एक ही दिखाई दे रही है।

झुंझुनू में संचालित अन्नपूर्णा रसोई (फाइल फोटो)

कैसे करते थे यह खेल, AI से फोटो बदलकर बनाए जा रहे थे नए लाभार्थी

​भ्रष्टाचार के इस डिजिटल मॉडल को समझने के लिए शुक्रवार को दैनिक भास्कर टीम ने जब आईटी एक्सपर्ट्स और जानकारों से बात की, तो जांच में सामने आया कि कुछ अन्नपूर्णा रसोई संचालक पुराने लाभार्थियों की फोटो को AI टूल की मदद से बदल रहे थे। फोटो में चेहरा, बैकग्राउंड, पिक्सल और कपड़ों के रंग में मामूली बदलाव कर उसे नए लाभार्थी की तरह पोर्टल पर अपलोड किया जाता था।

इसके बाद एक ही व्यक्ति की फोटो का अलग-अलग तारीखों में उपयोग कर कई कूपन जनरेट किए जा रहे थे। मौके पर कम लोग भोजन कर रहे थे, लेकिन रिकॉर्ड में ज्यादा भोजन परोसा हुआ दिखाया जा रहा था।

डायरेक्टर अनिता कुमारी फर्जीवाड़े की जानकारी देते हुए।

डायरेक्टर अनिता कुमारी फर्जीवाड़े की जानकारी देते हुए।

ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

अनिता कुमारी, जॉइंट डायरेक्टर ऑफ टेक्नोलॉजी एंड कम्युनिकेशन, आईटी सेल विभाग ने बताया- डीएलबी की आईटी टीम ने ऑनलाइन कूपन डेटा और लाभार्थियों की फोटो की जांच की। जांच में कई फोटो में एक जैसे चेहरे, कपड़े और पैटर्न बार-बार दिखाई दिए।

कुछ रसोइयों में रिकॉर्ड के अनुसार रोज 190 से 200 कूपन कट रहे थे, जबकि मौके पर केवल 19 से 20 लोग ही भोजन करते मिले। डेटा, फोटो और मौके की स्थिति का मिलान करने पर गड़बड़ी सामने आ गई।

इसके बाद 4 रसोइयों को सीज कर प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।

योजना के तहत 8 रुपए में पौष्टिक थाली उपलब्ध कराई जाती है।

योजना के तहत 8 रुपए में पौष्टिक थाली उपलब्ध कराई जाती है।

जरूरतमंदों को सस्ता भोजन देना था उद्देश्य

सरकार ने गरीब, मजदूर, प्रवासी और जरूरतमंद लोगों को सस्ते में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए अन्नपूर्णा रसोई योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य था कि कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए।

योजना के तहत 8 रुपए में 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 300 ग्राम चपाती और 100 ग्राम चावल या मिलेट्स की खिचड़ी उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए सरकार संचालकों को अनुदान भी देती है।

वेरिफिकेशन सिस्टम में AI से किया घोटाला

जानकारी के अनुसार सरकारी पोर्टल का वेरिफिकेशन सिस्टम चेहरे के मुख्य फीचर्स को पहचानता है। आरोप है कि AI की मदद से फोटो के पिक्सल, कपड़ों के रंग और बैकग्राउंड में बदलाव कर सिस्टम को भ्रमित किया गया।

इस तरीके से एक ही व्यक्ति को अलग-अलग लाभार्थी दिखाकर फर्जी कूपन बनाए गए।

नोडल अधिकारी अरुण कुमार जाखड़ ने पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी दी।

नोडल अधिकारी अरुण कुमार जाखड़ ने पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी दी।

एक जैसे कपड़ों पर संचालक बोले-

आईटी टीम की जांच में कई लाभार्थी लगातार एक जैसे कपड़ों में दिखाई दिए। कई महीनों तक एक जैसे कपड़ों वाली फोटो सामने आने पर संचालकों से जवाब मांगा गया।

इस पर संचालकों ने कहा कि कच्ची बस्तियों के लोगों के पास कपड़े कम होते हैं, इसलिए वे रोज एक जैसे कपड़े पहनकर भोजन करने आते हैं।

मामला सामने आने के बाद स्वायत्त शासन विभाग (DLB) और स्थानीय प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

जिले की सभी 38 अन्नपूर्णा रसोइयों के 1 जनवरी 2026 से 31 मई 2026 तक के ऑनलाइन कूपन डेटा, आवंटन और उपयोग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

कई जगह भोजन और कूपन के आंकड़ों में अंतर

जांच में यह भी सामने आया कि असली काउंटर पर भले ही कम लोग भोजन कर रहे थे, लेकिन बैकएंड में कंप्यूटर ऑपरेटर AI से तैयार फोटो के जरिए लगातार कूपन जनरेट कर रहे थे।

कई जगह 20 लोगों के आने के बावजूद रिकॉर्ड में 190 से 200 कूपन तक काटे जाने का मामला सामने आया। जांच में भोजन क्षमता और उपयोग के आंकड़ों में भी अंतर मिला है।

मंड्रेला की एक रसोई की कुल क्षमता 57,800 भोजन की थी, जबकि रिकॉर्ड में 36,986 भोजन दर्ज किए गए। उपयोग प्रतिशत 63.99 रहा।

झुंझुनूं शहर की 6 रसोइयों में कुल क्षमता 58,200 भोजन की थी, जबकि रिकॉर्ड में 42,661 भोजन दर्ज किए गए। यहां उपयोग प्रतिशत 73.30 रहा।

मुकुंदगढ़ की 2 रसोइयों में 72.12 प्रतिशत और मंडावा की 2 रसोइयों में 86 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया।

बिसाऊ में सबसे ज्यादा गड़बड़ी का शक

बिसाऊ की 2 रसोइयों में रिकॉर्ड के अनुसार 44,606 भोजन और 74.59 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया।

लेकिन मौके की जांच में सामने आया कि वहां रोजाना केवल 19 से 20 लोग भोजन कर रहे थे, जबकि 190 से 195 कूपन प्रतिदिन काटे जा रहे थे। इससे रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया।

वहीं सुल्ताना में 95.51 प्रतिशत और सिंघाना में 95.19 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों की भी दोबारा जांच की जा रही है।

सुलताना और सिंघाना में 95% से ज्यादा उपयोग

रिकॉर्ड के मुताबिक सुलताना में 95.51% और सिंघाना में 95.19% उपयोग दर्ज किया गया है। ये आंकड़े 100% के काफी करीब हैं। इसलिए इन रसोइयों के रिकॉर्ड की भी AI टूल की मदद से दोबारा जांच की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये आंकड़े सही हैं या फिर कूपन बढ़ाकर दिखाए गए हैं।

गड़बड़ी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

नोडल अधिकारी अरुण जाखड़ ने बताया कि जिले में वर्तमान में 38 रसोइयां संचालित हैं।

उन्होंने कहा कि जिन 4 रसोइयों पर कार्रवाई हुई है, उनसे जुर्माने की राशि बकाया बिलों से वसूल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि बाकी 34 रसोइयों के रिकॉर्ड की भी जांच चल रही है। यदि किसी संस्था द्वारा कूपन बढ़ाने या AI के जरिए पुरानी फोटो का उपयोग कर फर्जी लाभार्थी बनाने की पुष्टि होती है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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यह खबर भी पढ़ें…

अन्नपूर्णा रसोई में फर्जीवाड़ा, तीन संस्थाएं ब्लैकलिस्ट:झुंझुनूं, चिड़ावा और पिलानी में ‘फोटो से फोटो’ खींचकर काटे जा रहे थे नकली कूपन

कोई भी भूखा न सोए उद्देश्य के साथ सरकार ने ‘श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना’ चलाई थी। इसमे गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए यहां सिर्फ 8 रुपए में भर पेट खाना खिलाया जाता है। (पूरी खबर पढ़ें)



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Jio IPO : आकाश, ईशा और अनंत संभालेंगे जियो आईपीओ की जिम्‍मेदारी


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JIO IPO : आरआईएल के सीएमडी मुकेश अंबानी ने जियो के आईपीओ पर बड़ा अपडेट दिया है. उन्‍होंने कहा कि आईपीओ की जिम्‍मेदारी आकाश, ईशा और अनंत अंबानी निभाएंगे और इसका DRHP आज ही जमा करा दिया जाएगा.

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रिलायंस की 49वी एजीएम 19 जून को हो रही है.

नई दिल्‍ली. रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को रिलायांस की 49वीं सालाना महासभा में जियो के आईपीओ पर सबसे बड़ा अपडेट दिया. उन्‍होंने बताया कि आकाश, ईशा और अनंत मिलकर जियो के आईपीओ की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. इसका DRHP आज सेबी के पास जमा करा दिया जाएगा. मुकेश अंबानी ने कहा कि 10 साल पहले जियो की शुरुआत ऐसे माहौल में हुई थी, जब डाटा महंगा था और इंटरनेट की स्‍पीड काफी खराब. आज डाटा तो सस्‍ता हुआ ही है, स्‍पीड भी दुनिया के अन्‍य देशों को टक्‍कर दे रही है.

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्‍लेटफॉर्म के आईपीओ को बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है और इसका DRHP बाजार नियामक सेबी के पास 19 जून को ही जमा भी कर दिया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि जियो को आईपीओ रिलायंस की मूल्‍य वृद्धि के लिहाज से इस साल का सबसे बड़ा कदम होगा. यह रिलायंस के शेयरधारकों के लिए भी काफी महत्‍वपूर्ण साबित होने वाला है, जो हमारे निवेशकों को बेहतरीन निवेशक का अवसर दिलाएगा.

दुनिया के लिए नजीर होगा आईपीओ
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो का आईपीओ दुनिया के लिए नजीर साबित होगा. यह दुनिया को दिखा देगा कि भारत विश्‍व स्‍तरीय और वैश्विक क्षमता वाली तकनीक कंपनी बनाने में सक्षम है. इस आईपीओ की अगुवाई आकाश, ईशा और अनंत अंबानी करेंगे, जबकि तीनों ही नेक्‍स जेनरेशन के तौर पर कंपनी को आगे बढ़ाने का भी काम करेंगे.

(डिस्क्लेमर- नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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पत्नी से झगड़े के बाद ऑटो चालक ने खाया जहर: कन्नौज में इलाज के दौरान मौत, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा – Kannauj News


विकास अवस्थी | कन्नौजकुछ ही क्षण पहले

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कन्नौज जिले में पत्नी से झगड़े के बाद एक ऑटो चालक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र की मानीमऊ चौकी के सैय्यदपुर सकरी गांव की है। मृतक की पहचान सुधीर कुशवाहा (40) पुत्र कुशल मिस्त्री के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, सुधीर सुबह करीब दस बजे शराब के नशे में घर पहुंचा था।

घर पहुंचने के बाद सुधीर का अपनी पत्नी से झगड़ा हो गया। झगड़े के बाद वह घर के पीछे चला गया और वहां सल्फास की चार पुड़िया खा लीं। जहरीला पदार्थ खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

परिजनों ने तुरंत सुधीर को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे भर्ती कर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान सुधीर ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था।

सुधीर कुशवाहा ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके दो बेटे और दो बेटियां हैं, और वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।



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शिल्पा से सामंथा तक, बॉलीवुड की 6 सुपरफिट हसीनाएं, फिटनेस के लिए करती हैं योग


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Yoga For Fitness: योग सिर्फ शरीर को फिट रखने का तरीका नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का एक अहम हिस्सा है. ग्लैमर की दुनिया में भी फिटनेस और मेंटल पीस के लिए योग पर भरोसा किया जा रहा है. यहां आप अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऐसी बॉलीवुड एक्ट्रेसेस के बारे में जान सकते हैं,जिन्होंने योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल किया और इसके जरिए फिटनेस के साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी जीवन के हर उतार-चढ़ाव के लिए तैयार किया है.

शिल्पा शेट्टी- 51 साल की उम्र में भी शिल्पा शेट्टी बिल्कुल फिट नजर आती हैं. इसका कारण है योग. पिछले दो दशकों से योग को लगातार बढ़ावा दे रही हैं उन्होंने अपने फिटनेस वीडियो, वेलनेस कंटेंट और योग ट्यूटोरियल्स के जरिए करोड़ों लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया है. शिल्पा का मानना है कि योग शारीरिक शक्ति, लचीलापन, मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन का सबसे प्रभावी माध्यम है. इसी समर्पण ने उन्हें भारत की सबसे बड़ी वेलनेस आइकन्स में शामिल कर दिया है.

करीना कपूर खान- 45 साल की करीना कपूर खान लंबे समय से हेल्दी लाइफस्टाइल के कॉन्सेप्ट को सपोर्ट करती रही हैं. योग उनकी फिटनेस जर्नी का अहम हिस्सा है. एक्ट्रेस अक्सर बताती हैं कि योग उन्हें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से केंद्रित और व्यस्त शूटिंग शेड्यूल व मां की जिम्मेदारियों के बीच बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है.

सामंथा रुथ प्रभु- 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु की वेलनेस जर्नी ने उनके फैंस के लिए मोटिवेशन का काम किया है. एक्ट्रेस अक्सर सेल्फ-केयर, माइंडफुलनेस और पूरे स्वास्थ्य के महत्व पर बात करती हैं, जिसमें योग की महत्वपूर्ण भूमिका है. सोशल मीडिया पर वह अपनी योग प्रैक्टिस की झलकियां साझा करती रहती हैं और लोगों को शारीरिक ही नहीं, मानसिक मजबूती पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित करती हैं. उनके लिए योग आत्मिक उपचार, रिकवरी और आंतरिक शक्ति का माध्यम है.

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कृति खरबंदा कृति खरबंदा के लिए योग केवल एक्सरसाइज नहीं, बल्कि खुद से जुड़ने का एक माध्यम है. व्यस्त शूटिंग शेड्यूल और प्रोफेशनल कमिटमेंट्स के बीच योग उन्हें लचीलापन, बेहतर एकाग्रता और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. कृति मानती हैं कि योग उन्हें मनोरंजन जगत की तेज रफ्तार जिंदगी में भी जमीन से जुड़े रहने की ताकत देता है.

कुब्रा सैत- 42 साल की एक्ट्रेस और राइटर कुब्रा सैत सेल्फ अवेयरनेस और मानसिक शांति को प्राथमिकता देती हैं. योग उनकी फिटनेस और आत्मिक संतुलन की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. अपने जीवन और अनुभवों के जरिए कुब्रा लोगों को यह संदेश देती हैं कि योग के माध्यम से एक सांस, एक आसन और एक पल के साथ हर व्यक्ति खुद से गहरा जुड़ाव महसूस कर सकता है.

नुसरत भरुचा- अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए पहचानी जाने वाली 41 साल की नुसरत भरुचा फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य को बराबर महत्व देती हैं. योग उनकी सेल्फ-केयर रूटीन का अहम हिस्सा है, जो उन्हें व्यस्त प्रोफेशनल लाइफ के बीच शांत और संतुलित बनाए रखता है. उनकी सोच आज की युवा पीढ़ी के उस नजरिए को दर्शाती है, जिसमें योग को केवल फिटनेस नहीं बल्कि लंबे स्वास्थ्य का आधार माना जाता है.

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शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस आज: दोनों गुटों की अलग-अलग रैली; शिंदे के कार्यक्रम में 6 बागी सांसद पहुंच सकते हैं


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मुंबई2 घंटे पहले

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शिवसेना स्थापना दिवस को लेकर दोनों गुटों के पोस्टर्स लगे है।

आज शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट मुंबई में अलग-अलग रैली करेंगे। उद्धव गुट का कार्यक्रम सायन के षणमुखानंद हॉल में होगा, जबकि शिंदे गुट गोरेगांव के नेस्को सेंटर में रैली करेगा।

यह स्थापना दिवस ऐसे समय हो रहा है, जब शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। गुरुवार को इन सांसदों ने पार्टी की संसदीय दल की बैठक का बहिष्कार किया। लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर अलग होने की वजह बताई।

शिवसेना (शिंदे) गुट के कार्यक्रम के लिए गोरेगांव के नेस्को सेंटर पर तैयारी।

शिवसेना (शिंदे) गुट के कार्यक्रम के लिए गोरेगांव के नेस्को सेंटर पर तैयारी।

शिंदे गुट के कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं बागी सांसद

शिंदे गुट के कार्यक्रम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इन 6 सांसदों की है। माना जा रहा है कि वे नेस्को सेंटर में होने वाले कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

स्थापना दिवस से पहले मुंबई में शिंदे गुट ने बड़े पैमाने पर पोस्टर और बैनर लगाए हैं। इनमें बालासाहेब ठाकरे, आनंद दिघे, छत्रपति शिवाजी महाराज और एकनाथ शिंदे की तस्वीरें लगाई गई हैं। इधर, उद्धव ठाकरे गुट ने भी राज्यभर से कार्यकर्ताओं को मुंबई बुलाया है।

ठाकरे गुट में टूट पर भास्कर के 2 कार्टून…

उद्धव ठाकरे की बैठक में 3 सांसद नहीं पहुंचे थे

बागी सांसद बोले- ठाकरे गुट कांग्रेस में विलय चाहता था

बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को सौंपे पत्र में दावा किया है कि ठाकरे गुट के कुछ वरिष्ठ नेता शिवसेना का कांग्रेस में विलय चाहते थे। उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे पार्टी की मूल विचारधारा से दूर चले गए हैं, इसलिए पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए अलग होना जरूरी है।

शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे ने दावा किया है कि ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। इसे उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे “ऑपरेशन टाइगर” का हिस्सा बताया।

पार्टी में 4 साल में दूसरी बार टूट

जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दिया था। अब 6 सांसदों की बगावत को पिछले चार साल में पार्टी के लिए दूसरी बड़ी टूट माना जा रहा है।

6 सांसदों के गुट को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत

लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है। यानी अगर 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं।

इसी वजह से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, सिर्फ अलग गुट बनाना ही काफी नहीं होगा।

आगे चलकर इन सांसदों को किसी दूसरे दल में विलय की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है, ताकि उनकी स्थिति कानूनी रूप से और मजबूत हो सके।

पिछले चार दिन में क्या-क्या हुआ…

18 जून: उद्धव ठाकरे की बुलाई संसदीय दल की बैठक से 6 सांसद दूर रहे। सांसदों ने स्पीकर को पत्र सौंपकर अलग होने की वजह बताई।

17 जून: शिंदे गुट के नेताओं ने दावा किया कि 6 सांसद अलग गुट बनाने के लिए सहमत हो चुके हैं। इसके बाद संजय राउत, अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की।

16 जून: अलग-अलग शहरों से सांसदों को दिल्ली लाया गया। संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को तोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपए तक का ऑफर दिया गया।

15 जून: ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा शुरू हुई। दावा किया गया कि उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे गुट में जा सकते हैं। संजय राउत ने इन दावों को खारिज किया था।

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ये खबर भी पढ़ें…

बागी सांसद बोले- ठाकरे गुट कांग्रेस में विलय चाहता है:इसलिए अलग हुए; स्पीकर को चिट्ठी सौंपी, शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होंगे

शिवसेना में उसके स्थापना दिवस यानी 19 जून से ठीक एक दिन पहले बड़ी टूट हो गई। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने बगावत कर दी है। एक दिन पहले इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी सौंपी थी। पूरी खबर पढ़ें…

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शरीर पर टेप से शराब बांधकर तस्करी: किशनगंज में 3 तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क का पता लगा रही गलगलिया पुलिस – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में शराब तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है। गलगलिया थाना पुलिस ने तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो अपने शरीर पर टेप से शराब की बोतलें बांधकर बिहार में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। यह घटना ठाकुरगंज प्रखंड के गलगलिया थाना क्षेत्र की है। गलगलिया थाना पुलिस और एसएसबी को पश्चिम बंगाल से बिहार में शराब लाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एक संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान, संदेह के आधार पर तीन व्यक्तियों को रोका गया। उनकी तलाशी लेने पर पुलिसकर्मी हैरान रह गए, क्योंकि तीनों ने अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों पर टेप से अंग्रेजी शराब की बोतलें कसकर बांध रखी थीं। 14.04 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद पुलिस ने कुल 14.04 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्पण साह (38 वर्ष, निवासी गुजरी बाजार, समस्तीपुर), सोनी लाल दास (55 वर्ष, निवासी गौशाला चौक, कटिहार) और संजीव कुमार सिंह (48 वर्ष, निवासी माधवपाड़ा, बंगाली मोहल्ला, पूर्णिया) के रूप में हुई है। गलगलिया थाना अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल से शराब लेकर बिहार में प्रवेश कर रहे थे। जांच के दौरान उनके कपड़ों के अंदर टेप से बंधी शराब की बोतलें मिलीं, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह शराब किसके लिए लाई जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। इधर, इस घटना की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग शराब तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे इस अनोखे तरीके को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए सीमा क्षेत्रों में लगातार निगरानी और अभियान जारी रहेगा।



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NEET री-एग्जाम में स्टूडेंट क्या पहनें और क्या नहीं, परीक्षा हॉल में क्या चीजें ले जाने की है अनुमति? NTA ने जारी की गाइडलाइन


NEET री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने स्टूडेंट्स के लिए ड्रेस कोड और अन्य तरह की गाइडलाइन जारी कर दी हैं। NTA ने बताया है कि 21 जून, 2026 को एग्जाम के दिन स्टूडेंट कैसे कपड़े पहन सकते हैं। अगर धार्मिक प्रतीक जैसे- कलावा आदि पहनकर कोई स्टूडेंट परीक्षा केंद्र पर आ रहा है तो उसे किन गाइडलाइंस का पालन करना पड़ेगा। साथ ही, ये भी बताया गया है कि एग्जाम हॉल में किस तरह की पानी की बोतल ले जाने की अनुमति होगी। पढ़ें NTA की गाइडलाइन।

NEET री-एग्जाम पर NTA की गाइडलाइन

  1. सभी उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल के भीतर पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति है।
  2. बारिश के कारण होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड को पारदर्शी प्लास्टिक पाउच में ले जा सकते हैं।
  3. उम्मीदवारों को अपनी आस्था से जुड़ी वस्तुएं या प्रतीक (जैसे- धार्मिक चिह्न, कलावा, पगड़ी, हिजाब या इसी तरह की अन्य चीजें) पहनने की अनुमति है। हालांकि, इसके लिए परीक्षा केंद्र पर काफी समय पहले पहुंचना होगा ताकि सुरक्षाकर्मी गहन जांच कर सकें।
  4. हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अगर आवश्यक हो तो उम्मीदवार पूरी आस्तीन के कपड़े या ऊनी कपड़े पहन सकते हैं, बशर्ते वे गहन जांच के लिए परीक्षा केंद्र पर समय से पहले रिपोर्ट करें।
  5. स्लीपर और कम एड़ी वाले जूते-चप्पल पहनना ज्यादा सही रहेगा। ऊंची एड़ी वाले जूते-चप्पल पहनने वाले उम्मीदवारों की अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जा सकती है।
  6. परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ एक्सेसरीज, ईयरफोन या कोई भी संचार उपकरण ले जाना सख्त प्रतिबंधित है।
  7. परीक्षा हॉल के अंदर धातु की वस्तुएं, बड़े बेल्ट बकल, भारी गहने/आभूषण और अन्य एक्सेसरीज ले जाने की अनुमति नहीं है।
  8. सभी कैंडिडेट्स की एंट्री से पहले अनिवार्य तौर पर तलाशी ली जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय वक्त पर सेंटर पर पहुंचें ताकि बिना किसी परेशानी के सिक्योरिटी चेक हो सके।

अधिक जानकारी के लिए NTA हेल्पडेस्क पर करें संपर्क

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने ये भी बताया कि कैंडिडेट, NEET (UG)-2026 री-एग्जाम से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए NTA हेल्पडेस्क से 011-40759000/011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं या neetug2026@nta.ac.in पर ईमेल भी कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें- NEET री-एग्जाम के लिए NTA ने जारी की सेफ्टी एडवाइजरी, छात्रों को व्हाट्सएप पर मिल रहे अपडेट





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