Thursday, June 25, 2026
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निशांत का पहला एक्शन- PMCH के प्रिंसिपल को हटाया: निरीक्षण के दौरान गायब मिले-फोन भी नहीं उठाया; अपने प्राइवेट क्लिनिक में बैठे थे – Patna News


पटनाकुछ ही क्षण पहले

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PMCH के प्रिंसिपल डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह को हटाया गया।

पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से उनके पद के अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह की जगह डॉ. गीता सिन्हा को PMCH का नया प्रिंसिपल बनाया गया है।

दरअसल, 23 जून को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार निरीक्षण के लिए PMCH पहुंचे थे। इस दौरान अस्पताल की ड्यूटी के समय डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह अनुपस्थित पाए गए। मंत्री ने बैठक के लिए उन्हें फोन भी किया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बताया गया कि वे बिना छुट्टी लिए ड्यूटी से गैरहाजिर थे।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि ड्यूटी के दौरान डॉ. सिंह अपने निजी क्लीनिक में मौजूद थे। जांच के दौरान उनके क्लीनिक के बाहर विभाग की सरकारी गाड़ी भी खड़ी मिली। इसे सरकारी संसाधनों के निजी उपयोग के रूप में देखा गया है।

डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को PMCH में प्रिंसिपल के रूप में अतिरक्त प्रभार मिला था। 23 जून को वे बिना बताए ड्यूटी से गायब थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की।

डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को PMCH में प्रिंसिपल के रूप में अतिरक्त प्रभार मिला था। 23 जून को वे बिना बताए ड्यूटी से गायब थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की।

48 घंटे बाद सवास्थ्य विभाग का एक्शन

निरीक्षण के बाद निशांत कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि अस्पताल में कई खामियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा था कि प्राचार्य अपने पद पर मौजूद नहीं थे और उनकी जगह कोई अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी उपलब्ध नहीं था।

फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं हो सका, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। उनके एबसेंस के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच की। जांच में पाया गया कि 23 जून 2026 को PMCH में आयोजित एक पहले से निर्धारित कार्यक्रम के दौरान वे बिना किसी जानकारी के अनुपस्थित थे।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डॉ. सिंह ने न तो अवकाश का कोई आवेदन दिया था और न ही किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा था। उस दौरान उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन भी रिसीव नहीं किया। उनकी अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।

निरीक्षण के करीब 48 घंटे बाद सरकार ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया। स्वास्थ्य विभाग ने इसे प्रशासनिक लापरवाही, कर्तव्यहीनता, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और अनधिकृत अनुपस्थिति का मामला मानते हुए कार्रवाई की है।

डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को PMCH के प्रभारी प्राचार्य पद के अतिरिक्त प्रभार से हटाकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया में मनोरोग विभाग के प्राध्यापक पद पर पदस्थापित कर दिया गया है।

देखें निरीक्षण के दिन की तस्वीरें…

स्वास्थ्य मंत्री के आने के पहले का विजुअल, एरिया में कई मरीज लेते हुए थे।

स्वास्थ्य मंत्री के आने के पहले का विजुअल, एरिया में कई मरीज लेते हुए थे।

उनके आने के बाद का विजुअल, रस्ते से सभी मरीजों को जल्दी जल्दी हटा दिया गया।

उनके आने के बाद का विजुअल, रस्ते से सभी मरीजों को जल्दी जल्दी हटा दिया गया।

अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे निशांत कुमार।

अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे निशांत कुमार।

प्रिंसिपल PMCH से गायब मिले थे

दरअसल, 23 जून PMCH में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान PMCH के प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह भी अनुपस्थित मिले।

इसपर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा था- प्रिंसिपल फोन भी नहीं उठ रहे हैं और उन्होंने अपने स्थान पर किसी अन्य अधिकारी को चार्ज भी नहीं दिया है।

आगे निशांत ने कहा, मामले में गंभीर लापरवाही दिख रही है और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रिंसिपल ने कहा था- तबीयत खराब थी

PMCH के प्रिंसिपल डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया था- ‘मैं अस्वस्थ हूं। अचानक गर्म पानी पेट पर गिर गया। इसका प्रमाण हैं। स्वस्थ होते ही स्वास्थ मंत्री निशांत कुमार और स्वास्थ्य सचिव को इस आकस्मिक घटना की पूरी जानकारी दूंगा और अपना पक्ष रखूंगा’।

निरीक्षण में कई गड़बड़ियां सामने आई थीं

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था, निरीक्षण में कई गड़बड़ियां सामने आई, जिनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि भी मौजूद रहे। इसके बाद अस्पताल के अधीक्षक प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

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बिजली इंजीनियर ₹2000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार: दमोह के हटा में लोकायुक्त की कार्रवाई, मीटर रीडर भी पकड़ा गया – Damoh News




दमोह के हटा में बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) राजेश सहाय को बुधवार दोपहर ₹2000 की रिश्वत लेते हुए सागर लोकायुक्त की टीम ने उनके कार्यालय में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक आरओ वाटर प्लांट संचालक से मीटर का लोड बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में की गई। इस मामले में एक मीटर रीडर संदीप पटेरिया को भी गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता इंद्रकुमार पटेल उपकाशी मिनरल वाटर आरओ प्लांट के संचालक हैं। पटेल के वाटर प्लांट में लगे मीटर का लोड बढ़ाने के लिए कनिष्ठ अभियंता राजेश सहाय ने ₹7000 की रिश्वत मांगी थी। ₹2000 इसकी पहली किश्त के तौर पर तय किए गए थे। लोकायुक्त इंस्पेक्टर रंजीत सिंह ने बताया कि सहायक अभियंता राजेश सहाय ने आवेदक के वाटर प्लांट का निरीक्षण किया था। प्लांट पर लगे मीटर का लोड कम पाए जाने पर कार्रवाई न करने के एवज में ₹7000 की रिश्वत मांगी जा रही थी। रिश्वत न देने पर आवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी भी दी गई थी। इंद्र कुमार पटेल ने सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद बुधवार को ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई गई। टीम ने हटा पहुंचकर ₹2000 की रिश्वत लेते हुए सहायक अभियंता राजेश कुमार सहाय को गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारी संदीप पटेरिया, जो मीटर रीडर का कार्य करता है, की भूमिका भी इस मामले में पाई गई है, जिसके संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। आवेदक इंद्र कुमार पटेल ने बताया उन्होंने मीटर लोड बढ़ाने की कार्रवाई भी करा ली थी। इसके बाबजूद भी कनिष्ठ अभियंता राजेश सहाय के द्वारा धमकाया जा रहा था। रिश्वत की मांग की जा रही थी। पैसे न देने पर एक लाख रुपए का केस बनाकर कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही थी। वह 6 हजार रुपए पहले भी चुका है उसके बाद 7 हजार रुपए की मांग की जा रही थी।



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साल 1994 की वो फिल्म, जिसने बदली इस सुपरस्टार की तकदीर, हीरो ने जीता था अवॉर्ड


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90 के दशक में रिलीज हुई एक सुपरस्टार फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए, बल्कि हिंदी सिनेमा को उसका अगला बड़ा सुपरस्टार भी दे दिया. साल 1994 की इस कल्ट क्लासिक फिल्म ने एक नए-नवेले एक्टर की तकदीर हमेशा के लिए बदल दी. फिल्म में दमदार एक्टिंग को दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स ने भी खूब सराहा. बेमिसाल परफॉर्मेंस के दम पर एक्टर ने बेस्ट डेब्यू एक्टर फिल्मफेयर अवॉर्ड भी अपने नाम किया था.

नई दिल्ली. सुपरस्टार शाहरुख खान ने साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. राज कंवर के निर्देशन में बनी यह रोमांटिक-थ्रिलर आज ही के दिन यानी 25 जून को आई थी अब इस मूवी की रिलीज को 34 साल पूरे हो चुके हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्म के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे. उनसे पहले यह रोल बॉलीवुड के एक दूसरे एक्टर को ऑफर हुआ था.

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फिल्ममेकर राज कंवर के दिमाग में ‘दीवाना’ की स्टारकास्ट को लेकर कुछ और ही प्लानिंग थी. वह इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे पहले ऋषि कपूर के पास गए, जो उनकी पहली पसंद थे. उस दौर में उनका स्टारडम बुलंदियों पर था और यही वजह थी कि उन्हें इस रोल के लिए करीब 10 लाख की भारी-भरकम फीस दी गई थी, जो उस समय के लिहाज से एक बहुत बड़ी रकम मानी जाती थी.

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इस फिल्म में लीड एक्ट्रेस के रोल के लिए मेकर्स की पहली पसंद माधुरी दीक्षित थीं, जो उस दौर में बॉलीवुड की टॉप हीरोइनों में शुमार हो रही थीं. हालांकि, बिजी शेड्यूल और डेट्स की कमी के चलते वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन पाईं. इसके बाद प्रोड्यूसर गुड्डू धनोआ के करीबी जतिन राजगुरु की सिफारिश पर दिव्या भारती को कास्ट किया गया.

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ऋषि कपूर और दिव्या भारती के फाइनल होने के बाद दूसरे लीड रोल के लिए तलाश शुरू हुई. शाहरुख खान से पहले सनी देओल, अनिल कपूर, गोविंदा और साउथ सुपरस्टार नागार्जुन जैसे बड़े नामों पर विचार किया गया. आखिरकार, यह रोल अरमान कोहली की झोली में गिरा. अरमान ने फिल्म साइन की और कुछ दिनों तक शूटिंग भी की. लेकिन प्रोड्यूसर ललित कपूर की पत्नी शबनम कपूर के साथ हुए एक विवाद के बाद अरमान अचानक इस प्रोजेक्ट से अलग हो गए.

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अरमान कोहली के फिल्म छोड़ने के बाद मेकर्स एक नए चेहरे की तलाश में जुट गए. उन दिनों शाहरुख खान बड़े पर्दे पर तो अनजाने थे, लेकिन ‘सर्कस’ और ‘दिल दरिया’ जैसे टीवी सीरियल्स से अपनी पहचान बना रहे थे. निर्देशक राज कंवर की नजर शाहरुख के काम पर पड़ी और वह उनकी स्क्रीन प्रेजेंस से बेहद प्रभावित हुए. इसके बाद राज कंवर ने ही मेकर्स को शाहरुख खान का नाम सुझाया और उनकी फिल्म में एंट्री हुई.

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शाहरुख खान के लिए भी वह दौर काफी भागदौड़ भरा था. वह उस समय ‘दीवाना’ के साथ-साथ ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ की शूटिंग भी कर रहे थे. इंडस्ट्री में चर्चा थी कि ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ ही शाहरुख की पहली रिलीज होगी और इसी से वह बॉलीवुड में कदम रखेंगे. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, उथल-पुथल के बीच बनी ‘दीवाना’ पहले रिलीज हुई और यही शाहरुख की ऑफिशियल डेब्यू फिल्म बन गई.

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जब ‘दीवाना’ सिनेमाघरों में लगी, तो अपनी इंटेंस एक्टिंग, अलग अंदाज और कमाल की एनर्जी से शाहरुख खान ने दर्शकों का दिल जीत लिया. ऋषि कपूर और दिव्या भारती जैसे स्थापित सितारों के बीच भी वह अपनी गहरी छाप छोड़ने में कामयाब रहे. इस दमदार परफॉर्मेंस के उन्होंने फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड अपने नाम कर लिया था और बॉलीवुड को नया सुपरस्टार मिल गया.

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इसके बाद शाहरुख खान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह पिछले 3 दशक से बॉलीवुड पर राज कर रहे हैं. इन दिनों वह अपनी अपकमिंग फिल्म ‘किंग’ को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसे सिद्धार्थ आनंद डायरेक्ट कर रहे हैं. शाहरुख की बेटी सुहाना खान भी फिल्म का हिस्सा हैं. यह एक एक्शन से भरपूर फिल्म होगी, जो इस साल क्रिसमस के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी.

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ट्रक में घुसी कार, औरंगाबाद के चार लोगों की मौत: दो की हालत गंभीर, एक घंटे फंसे रहे; मंदसौर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हादसा – Mandsaur News




मंदसौर में दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुई। सीतामऊ थाना पुलिस के मुताबिक, रेनॉल्ट ट्राइबर कार में छह लोग सवार थे। सभी महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। वे दिल्ली की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। उसमें सवार लोग करीब एक घंटे तक अंदर फंसे रहे। पुलिस से पहले राहगीरों ने रेस्क्यू किया हादसे के बाद कार में सवार लोग करीब एक घंटे तक वाहन में फंसे रहे। राहगीरों और अन्य वाहन चालकों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों और मृतकों को कार से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों में रवींद्र काले और सचिन गंगाधर गजभारे की पहचान की है। दोनों औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं। अन्य दो मृतक और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस परिजन से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। देखिए हादसे के बाद की तस्वीरें… पुलिस बोली- तेज रफ्तार के कारण हुआ हादसा हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और एक्सप्रेस-वे के निगरानी सिस्टम की मदद से ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सीतामऊ थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का कारण माना जा रहा है।



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कोरियन ब्यूटी जैसा निखार पाने के लिए रोज क्या खाएं? नोट कर लें ये स्किन ग्लोइंग फूड्स


Glass Skin Ka Matlab Kya Hota Hai: ‘ग्लास स्किन’ (Glass Skin) मूल रूप से कोरियन ब्यूटी ट्रेंड है, जिसका मतलब होता है ऐसी त्वचा जो बिल्कुल साफ, बेदाग, पोर्स-लेस (बारीक छिद्रों से मुक्त) और अंदर से हाइड्रेटेड दिखे. साधारण शब्दों में कहें तो जब आपकी त्वचा इतनी स्वस्थ, चिकनी और नमी से भरपूर हो जाए कि वह एक साफ शीशे (कांच) की तरह चमकदार, पारदर्शी और चमकदार नजर आने लगे, तो उसे ही ‘ग्लास स्किन’ कहा जाता है. यह त्वचा की बाहरी चमक नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल और अच्छी डाइट से मिलने वाला अंदरूनी और प्राकृतिक निखार है.

ग्‍लास स्किन के लिए क्‍या खाएं?

हेल्‍थलाइन के मुताबिक, हम जो कुछ भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत के साथ-साथ हमारी त्वचा (Skin) पर भी पड़ता है. एक खराब डाइट न सिर्फ हमारे मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ती है और वजन बढ़ाती है, बल्कि दिल और लिवर जैसे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है.

ठीक इसी तरह, हमारी स्किन की सेहत और उसकी बढ़ती उम्र का कनेक्शन भी सीधे हमारी थाली से जुड़ा है. अगर आप भी महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और मेकअप के बिना नेचुरल ‘ग्लास स्किन’ या ग्लोइंग स्किन पाना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी डाइट में इन 11 सुपरफूड्स को शामिल कर लें:

1. फैटी फिश (Fatty Fish)-
सामन (Salmon) और मैकेरल जैसी फैटी फिश ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन सोर्स हैं. यह आपकी त्वचा को मोटा, मुलायम और नमी से भरपूर बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है. ओमेगा-3 की कमी से स्किन ड्राई हो सकती है. यह चेहरे की सूजन, लालिमा और मुंहासों को कम करने के साथ-साथ सूरज की हानिकारक यूवी (UV) किरणों से भी त्वचा का बचाव करती है. इसमें मौजूद विटामिन ई स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाता है.

2. एवोकैडो (Avocados)
एवोकैडो में हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. एक रिसर्च के मुताबिक, रोजाना एक एवोकैडो खाने से चेहरे की त्वचा में लचीलापन (Elasticity) और कसावट आती है. इसके अलावा, इसमें मौजूद विटामिन सी और ई त्वचा में कोलाजन (Collagen) बनाने और उसे सूरज के डैमेज से बचाने में मदद करते हैं, जिससे उम्र का असर जल्दी दिखाई नहीं देता.

3. अखरोट (Walnuts)
अखरोट में ऐसे जरूरी फैटी एसिड होते हैं, जिन्हें हमारा शरीर खुद नहीं बना पाता. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैट्स, मैग्नीशियम और आर्जिनिन जैसे पोषक तत्व शरीर और त्वचा की सूजन (Inflammation) को कम करने में काफी मददगार होते हैं.

4. सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds)
नट्स और बीज स्किन के लिए पावरहाउस माने जाते हैं. सूरजमुखी के बीजों में हाई लेवल के मोनोअनसैचुरेटेड और ओमेगा-6 फैट्स होते हैं, जो सूजन और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाने में मदद कर सकते हैं.

5. शकरकंद (Sweet Potatoes)
शकरकंद बीटा-कैरोटीन का एक शानदार स्रोत है, जो हमारे शरीर में जाकर विटामिन ए में बदल जाता है. यह एंटीऑक्सीडेंट हमारी त्वचा के लिए एक नेचुरल सनब्लॉक (Sunblock) की तरह काम करता है. इसे खाने से त्वचा की कोशिकाएं धूप से सुरक्षित रहती हैं और सनबर्न, झुर्रियों व ड्राई स्किन की समस्या से बचाव होता है.

6. लाल या पीली शिमला मिर्च (Bell Peppers)
शकरकंद की तरह शिमला मिर्च भी बीटा-कैरोटीन और विटामिन सी का बेस्ट सोर्स है. विटामिन सी त्वचा को फर्म और स्ट्रॉन्ग रखने वाले कोलाजन प्रोटीन को बनाने के लिए बेहद जरूरी है.

7. ब्रोकली (Broccoli)
ब्रोकली में जिंक, विटामिन ए और सी जैसे कई जरूरी मिनरल्स होते हैं. इसमें ल्यूटिन नाम का तत्व होता है जो त्वचा को ड्राई होने और झुर्रियों से बचाता है. साथ ही, ब्रोकली में ‘सल्फोराफेन’ नाम का एक खास कंपाउंड होता है, जो धूप से होने वाले डैमेज के खिलाफ सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.

8. टमाटर (Tomatoes)
टमाटर में विटामिन सी के साथ-साथ लाइकोपीन जैसे सभी मुख्य कैरोटीनॉयड पाए जाते हैं, जो त्वचा को धूप के नुकसान और झुर्रियों से बचाते हैं. बेहतर फायदे के लिए टमाटर जैसी चीजों को थोड़े से फैट (जैसे ऑलिव ऑयल या चीज) के साथ खाएं, जिससे शरीर इसे बेहतर तरीके से एब्जॉर्ब कर पाता है.

9. डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)
अगर आपको चॉकलेट पसंद है, तो यह आपकी त्वचा के लिए भी बेहतरीन है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डार्क चॉकलेट खाने से त्वचा घनी, हाइड्रेटेड, चिकनी और चमकदार बनती है. यह धूप से होने वाले बर्न को भी रोकती है. बस ध्यान रहे कि चॉकलेट में कम से कम 70% कोको (Cocoa) हो और शुगर कम हो.

10. ग्रीन टी (Green Tea)
ग्रीन टी त्वचा को डैमेज और बूढ़ा होने से बचाती है. इसमें मौजूद ‘कैटेचिन’ नाम का कंपाउंड स्किन हेल्थ को सुधारता है. लेकिन ध्यान रखें, ग्रीन टी में कभी भी दूध मिलाकर न पिएं, क्योंकि दूध इसके एंटीऑक्सीडेंट के असर को कम कर देता है.

11. लाल अंगूर (Red Grapes)
लाल अंगूर के छिलके में ‘रेस्वेराट्रॉल’ नाम का एक यौगिक पाया जाता है, जो बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने के लिए जाना जाता है. यह स्किन सेल्स को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को बनने से रोकता है. (नोट: यह कंपाउंड रेड वाइन में भी होता है, लेकिन वाइन के बजाय सीधे लाल अंगूर या बेरीज खाना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है).

महंगी क्रीम और मेकअप से सिर्फ कुछ देर की चमक मिल सकती है, लेकिन अगर आप अंदरूनी और लंबे समय तक रहने वाला निखार चाहती हैं, तो अपनी रोज की डाइट में इन जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करना न भूलें!



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डिवाइडर से टकराई तेज रफ्तार बाइक, चालक की मौत: मुरादाबाद में चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल, दिल्ली से मोहर्रम पर घर जाते समय हुआ हादसा – Munda Pandey(Munda Pandey) News




मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र में रामपुर दोराहा ज़ीरो प्वाइंट पर गुरुवार सुबह डिवाइडर की टक्कर से युवक की मौत हो गयी, वही मृतक का चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना अब्दुल्ला फर्म के सामने हुई, जहां तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। मोहर्रम पर घर लौट रहे थे भाई मृतक की पहचान फैजान (18) निवासी शीशगढ़ धामनी, थाना खजुरिया, जिला रामपुर के रूप में हुई है। वहीं घायल युवक अख्तर खां (20) निवासी ठिरिया, थाना फतेहगंज पश्चिमी जिला बरेली है। दोनों चचेरे भाई दिल्ली से मोहर्रम के अवसर पर अपने घर लौट रहे थे। दिल्ली में बाइक पार्ट्स बेचने का काम करते थे युवक घायल अख्तर खां ने बताया कि वह दिल्ली में बाइक के पार्ट्स बेचने का काम करता है, जबकि फैजान चावल बेचने का काम करता था। दोनों सुबह करीब पांच बजे मुरादाबाद सिटी क्षेत्र से निकले थे। जब वे रामपुर दोराहा ज़ीरो प्वाइंट के पास पहुंचे, तभी उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक और दोनों युवक सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए। मददगारों और पुलिस की तत्परता से एक की बची जान हादसे के बाद राहगीरों ने दोनों को सड़क किनारे पहुंचाया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन एंबुलेंस को पहुंचने में लगभग एक घंटा लग गया। अख्तर का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती तो संभवतः फैजान की जान बचाई जा सकती थी। उसने बताया कि एंबुलेंस आने से पहले ही फैजान ने दम तोड़ दिया था। घायल का अस्पताल में जारी उपचार ज़ीरो प्वाइंट चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार ने घायल अख्तर को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। वहीं पुलिस ने फैजान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।



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फोन चुराना बंद कर देंगे चोर, आ गई Kill Switch टेक्नोलॉजी


स्मार्टफोन चोरी होने की टेंशन जल्द खत्म हो जाएगी। ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियों ने ऐसी टेक्नोलॉजी पेश की है, जो फोन चोरी होने पर उसे पूरी तरह से ब्लॉक या डेड कर देती है। फोन में एक किल स्वीच फीचर मिलेगा, जो फोन के चोरी होने पर रिमोटली एक्टिवेट किया जा सकेगा। ऐसे में चोर अगर फोन चुराता भी है तो वो उसके लिए केवल खाली डिब्बा बन जाएगा। वो न तो फोन में कोई सिम लगा पाएंगे और न उसे स्वीच ऑन कर पाएंगे।

क्या है Kill Switch?

रिपोर्ट के मुतबिक, ब्रिटेन की दो टेलीकॉम कंपनियां Virgin Media O2 और Vodafone 3 ने इस कमाल की टेक्नोलॉजी पेश की है। इस टेक्नोलॉजी का नाम Kill Switch रखा गया है। यह एक क्लिक में फोन को पूरी तरह से ब्लॉक कर सकता है। इस टेक्नोलॉजी को फिलहाल रिटेल स्टोर्स ने नए फोन को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी?

Kill Switch टेक्नोलॉजी में यूजर अपने मोबाइल डिवाइस को रिमोटली बंद कर सकता है और उसे हमेशा के लिए डेड कर देगा। इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल उन नए स्मार्टफोन के लिए किया जाएगा, जो अब तक बेचे नहीं गए हैं या यूज नहीं किए गए हैं। इसमें जैसे ही फोन ऑन होता है तो सिस्टम यूजर की तुरंत पहचान कर लेता है। इसके बाद हैंडसेट की जानकारी फोन निर्माता के डेटाबेस में दर्ज हो जाती है। फोन चोरी होने पर एक रिमोट कमांड के जरिए उसे हमेशा के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। फिलहाल इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल रिटेल स्टोर में हो रही चोरी को रोकने के लिए किया जा रहा है।

एक क्लिक से फोन बन जाएगा डिब्बा

बता दें पिछले दिनों ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक साल के अंदर 70,000 से अधिक लोग फोन चोरी के शिकार हुए हैं। फोन चोरी की बढ़ती घटना को देखते हुए यह टेक्नोलॉजी पेश की गई है। यह चोरी किए गए फोन को डिब्बा बना देगी, जिसके बाद उसकी कोई रिसेल वैल्यू नहीं रहेगी। ज्यादातर चोरी किए गए फोन को चोर ब्लैक मार्केट में बेचते हैं। फोन डिब्बा बन जाने से वो उसे नहीं बेच पाएंगे और चोरी करने का कोई फायदा नहीं मिलेगा।

इस टेक्नोलॉजी को फिलहाल रिटेल स्टोर्स के लिए पेश किया गया है। यह उन्हीं डिवाइस पर काम करेगा, जो रिटेलर या नेटवर्क प्रोवाइडर की संपत्ति है। ऐसे में फोन जब किसी ग्राहक को बेच दिया जाता है, तो उसका मालिकाना हक ग्राहक के पास पहुंच जाता है। एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियां भी अपने स्मार्टफोन में ऐसी ही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाली है। इसके आने के बाद भविष्य में फोन चोरी की घटनाएं बंद हो सकती है।

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केजरीवाल ने SIT को बताया फर्जी, CBI-ED जांच की मांग: राम मंदिर से चढ़ावा चोरी केस; बोले- बिना एफआईआर कैसे बनाई – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच करने के लिए बनाई गई एसआईटी पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी फ़र्ज़ी है। यूपी सरकार बताए कि किस कानून की किस धारा में ये एसआईटी बनाई गई है, कानूनन बिना एफआईआर के एसआईटी नहीं बनती। उन्होंने कहा कि ये एसआईटी केवल मामले को रफा दफा करने, ऊंचे लोगों को बचाने और आम लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बनाई गई है। आज हर हिंदू और हर सनातनी पूछ रहा है कि मामले में एफआईआर करके सीबीआई और ईडी को जांच क्यों नहीं सौंपी जा रहा। एसआईटी की कोई पावर नहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच करने के लिए एक एसआईटी बनाई गई है। एसआईटी की कोई पावर नहीं है। कानून के अंदर बिना एफआईआर के कोई एसआईटी बन ही नहीं सकती। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि इन्होंने जो एसआईटी बनाई है, वह किस कानून की किस धारा के तहत बनाई है, ऐसा कोई कानून नहीं है। इस एसआईटी के पास न किसी को समन करने की पावर है, न किसी को गिरफ्तार करने की और न ही किसी पर रेड मारने की। यह एसआईटी कुछ नहीं कर सकती। इसे केवल मामले की लीपापोती करने, उसे रफा-दफा करने और बड़े-बड़े लोगों को बचाने के लिए बनाया गया है। अयोध्या में नेताओं ने जमीन घोटाला भी किया अरविंद केजरीवाल ने याद दिलाया कि 2021 में भी इन्होंने एक एसआईटी बनाई थी। उस समय यह मामला उठा था कि अयोध्या के अंदर बहुत बड़े-बड़े नेताओं और अफसरों ने जमीनें खरीदकर घोटाला किया है। उस समय भी एसआईटी बनी थी, लेकिन कोई एफआईआर नहीं की गई थी। आज तक उस एसआईटी का कोई अता-पता नहीं है। थोड़े दिन में लोग इस एसआईटी को भी भूल जाएंगे। यह एसआईटी भी कुछ नहीं करने वाली है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी मीडिया में पढ़ने को मिल रहा है कि एसआईटी छोटे-छोटे आम कर्मचारियों को पकड़कर उनसे पूछताछ कर रही है। अगर इतने महीनों और सालों से चढ़ावे की चोरी हो रही थी, तो वे छोटे-छोटे कर्मचारी बिना किसी बड़े आदमी की शह के तो ऐसा कर नहीं रहे थे। जरूर चढ़ावे की चोरी ऊपर तक जा रही थी। इसमें बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और सिर्फ छोटे लोगों की जांच चल रही है। सीबीआई और ईडी को क्यों नहीं सौंपा मामला अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर इनकी मंशा वाकई असली चोरों को पकड़ने की है, तो यह मामला सीबीआई और ईडी को क्यों नहीं सौंपा जा रहा? आज हर हिंदू और हर सनातनी पूछना चाहता है कि इस मामले में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई और यह मामला सीबीआई व ईडी को क्यों नहीं सौंपा गया। मेल भेजकर साक्ष्य देने के लिए समय मांगा उधर, “आप” उत्तर प्रदेश के प्रभारी व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मैं पहले दिन से ही कह रहा था कि एसआईटी सिर्फ एक झुनझुना है। योगी आदित्यनाथ ने लंबा-चौड़ा भाषण देकर कहा था कि जिसके पास साक्ष्य हैं वह एसआईटी को दे, बाहर बात करने की जरूरत नहीं है। मुझे मालूम था कि एसआईटी किसी काम की नहीं है, फिर भी मैंने 20 जून को एसआईटी को चिट्ठी और मेल भेजकर साक्ष्य देने के लिए समय मांगा है। चढ़ावा चोरी का माल भी बरामद संजय सिंह ने कहा कि मेरे पास साक्ष्य हैं कि दो करोड़ रुपए की जमीन 18.5 करोड़ में, तीन करोड़ की जमीन 24 करोड़ में और 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ 37 लाख रुपए में खरीदी गई। राम मंदिर में इतना भारी भ्रष्टाचार और बेईमानी हुई है। 260 किलो चांदी चोरी हो गई, प्रभु श्री राम की पादुकाएं और हार भी चोरी हो गया, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। चढ़ावे और दान में हुई चोरी का माल बरामद भी हो गया, फिर भी न कोई जेल गया और न ही कोई एफआईआर हुई। इसके उलट, वे लोग फिर मंच पर बैठकर आयोजन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में बननी चाहिए थी SIT संजय सिंह ने कहा कि इन चंदा चोरों और चढ़ावे में चोरी करने वालों को बचाया जा रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी की पूरी ईडी पार्टी इसमें शामिल है। अब तक कोई ईडी या सीबीआई जांच नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट बनाया था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में समयबद्ध तरीके से जांच करने वाली एसआईटी बननी चाहिए थी और बेईमानों को जेल भेजा जाना चाहिए था। इससे करोड़ों हिंदुओं का भरोसा बनता कि उनके दान पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन अभी सिर्फ रस्मअदायगी और भाषणबाजी चल रही है। ईडी पार्टी ने प्रभु श्री राम का मंदिर लूटा संजय सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ट्रस्ट बनाया और उसमें अपने लोगों को भर दिया। आरएसएस और ईडी पार्टी से जुड़े ये लोग खुलेआम जमीनों का घोटाला और चढ़ावे में चोरी कर रहे हैं और इस लूट का हिस्सा नीचे से लेकर ऊपर तक पहुंच रहा है। यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपए की चोरी है। प्रभु श्री राम का मंदिर लूटकर ये लोग विधायक और सांसद खरीद रहे हैं और पूरे देश में राजनीति चमका रहे हैं। क्या राम मंदिर आस्था का केंद्र है या इनकी लूट का? मैं तो बार-बार यह कह रहा हूं कि महमूद गजनवी ने सोमनाथ का मंदिर लूटा था और ईडी पार्टी ने प्रभु श्री राम का मंदिर लूटा है। यहां तक कि किसी भक्त द्वारा दान की गई कागभुशुंडी (राम भक्त कौवे) की चांदी की मूर्ति भी चोरी हो गई।



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वर्ल्ड अपडेट्स: बिल गेट्स का दावा- एपस्टीन ने ब्लैकमेल करने की कोशिश की


2 घंटे पहले

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माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष गवाही में दावा किया है कि दिवंगत वित्त कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने उनके विवाहेतर संबंधों से जुड़ी जानकारी के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। गेट्स ने कहा कि एपस्टीन उन्हें दोबारा अपने संपर्क में लाना चाहता था, लेकिन उसका प्रयास सफल नहीं हुआ।

अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी के समक्ष 10 जून को हुई बंद-दरवाजा गवाही का ट्रांसक्रिप्ट मंगलवार को सार्वजनिक किया गया। यह पूछताछ एपस्टीन के नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों से उसके संबंधों की जांच का हिस्सा थी।

गेट्स ने स्वीकार किया कि 2008 में यौन अपराध से जुड़ी सजा मिलने के बावजूद उन्होंने 2011 में एपस्टीन से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि 2014 में एपस्टीन से संबंध खत्म कर लिए गए। इसके बाद एपस्टीन ने उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की।

गेट्स ने दो वयस्क रूसी महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध होने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि उनका एपस्टीन के किसी आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध नहीं था।

उन्होंने STD, ड्रग्स और महिलाओं से मिलवाने से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एपस्टीन ने कभी उनके लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की। गेट्स ने यह भी कहा कि वे कभी एपस्टीन के निजी द्वीप, रैंच या फ्लोरिडा स्थित घर नहीं गए।

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टेक्सास के ICE सेंटर पर हमले दोषियों को 100 से 70 साल तक की सजा

अमेरिका के टेक्सास स्थित प्रेयरीलैंड ICE डिटेंशन सेंटर पर जुलाई 2025 में हुए हमले के मामले में 8 दोषियों को सजा सुनाई गई है। कथित लीडर और पुलिस अधिकारी को गोली मारने वाले बेंजामिन हानिल सॉन्ग को 100 साल जेल, जबकि अन्य आरोपियों को 30 से 70 साल तक की कैद दी गई।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक, दोषियों को दंगा करने, हथियार और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने, आतंकवादियों को समर्थन देने, न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने और अल्वाराडो पुलिस अधिकारी की हत्या के प्रयास का दोषी पाया गया।

DOJ ने कहा कि बेंजामिन हानिल सॉन्ग इस समूह का कथित नेता था। उसी ने 4 जुलाई 2025 को हुए हमले के दौरान एक पुलिस अधिकारी को गोली मारकर घायल किया था। न्याय विभाग ने इसे एंटीफा से जुड़े दोषियों की पहली बड़ी सजा बताया।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने फैसले को “कानून और व्यवस्था की जीत” बताया है।

सितंबर 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एंटीफा को “घरेलू आतंकवादी संगठन” घोषित किया था। व्हाइट हाउस का आरोप है कि यह आंदोलन कई हिंसक प्रदर्शनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल रहा है।

एंटीफा यानी ‘एंटी-फासिस्ट’ आंदोलन वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क माना जाता है। यह समूह फासीवाद विरोधी प्रदर्शनों और काउंटर-प्रोटेस्ट के लिए जाना जाता है। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।

दुबई में 23 वर्षीय इन्फ्लुएंसर ब्रूक जॉर्ज पर ब्रिटिश युवक की हत्या का आरोप:

दुबई में 23 वर्षीय ब्रिटिश सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रूक जॉर्ज पर एक ब्रिटिश नागरिक की हत्या का आरोप लगाया गया है। मृतक से उनकी पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। बचाव पक्ष का कहना है कि युवती ने कथित हमले के बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी।

मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों की ओर से अभी तक आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। यदि आरोपी इन्फ्लुएंसर पर दोष सिद्ध होता है तो उसे फायरिंग स्क्वाॉड के माध्यम मौत की सजा मिलने की आशंका है।

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रूक की पहचान 26 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक से फेसबुक के जरिए हुई थी। फिर वह दुबई गईं। ब्रूक का कहना है कि पहली यात्रा अच्छी रही, लेकिन दूसरी बार दुबई पहुंचने पर युवक का व्यवहार काफी बदल गया और वह कथित तौर पर आक्रामक तथा नियंत्रित करने वाला हो गया।

परिवार के मुताबिक, घटना वाले दिन दोनों एक बार गए थे। इसके बाद युवक ने कथित रूप से कार और बाद में अपार्टमेंट में ब्रूक के साथ मारपीट की। परिवार का दावा है कि युवती ने दोस्तों की मदद से ब्रिटेन लौटने की व्यवस्था कर ली थी और वह केवल अपना पासपोर्ट लेने के लिए अपार्टमेंट वापस गई थीं।

ब्रूक के अनुसार, वहां फिर से उन पर हमला किया गया। उनका कहना है कि इसी दौरान उन्होंने आत्मरक्षा में पास में मौजूद रसोई के चाकू का इस्तेमाल किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जून को दुबई एयरपोर्ट से यूएई छोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन पर हत्या का आरोप लगाया गया।

मानवाधिकार संगठन ‘डिटेन्ड इन दुबई’ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी राधा स्टर्लिंग ने कहा कि मामले की जांच के दौरान ब्रूक जॉर्ज को घरेलू हिंसा की संभावित पीड़िता के रूप में देखा जाना चाहिए।

फिलहाल ब्रूक जॉर्ज को जेल में रखा गया है। संगठन ने उनकी जमानत पर रिहाई की मांग की है।



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दरभंगा में 2 बाइकों की आपस में टक्कर: हादसे में एक किशोर की मौत, दूसरे की हालत गंभीर; घायल की पहचान नहीं हो सकी है – Darbhanga News




दरभंगा में बुधवार देर रात 2 बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे एक किशोर की मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहे युवक की हालत गंभीर है। घटना बहेड़ा थाना क्षेत्र के अन्टौर गांव के पास की है। मृतक की पहचान घनश्यामपुर के हरसिंहपुर निवासी इंदल सहनी के पुत्र रवि सहनी(17) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक रवि किसी काम से कहीं जा रहा था। रास्ते में सामने से आ रही बाइक से टक्कर हो गई। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। मामले की जांच में जुटी पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। बहेड़ा थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइक को जब्त कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया है। घायल की पहचान की जा रही है।



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