Friday, June 19, 2026
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जब पाई-पाई को तरसे थे बॉलीवुड के धाकड़ विलेन, रुला देगी आशीष विद्यार्थी की स्ट्रगल स्टोरी


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Birthday Special: सिनेमा के पर्दे पर अपनी कड़क आवाज से खौफ पैदा करने वाले दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस वक्त उन्हें फिल्म ‘द्रोहकाल’ के लिए देश का सबसे बड़ा ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड’ मिला था, उस समय वे मुंबई में कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे. पाई-पाई के लिए संघर्ष करने वाले आशीष विद्यार्थी ने कैसे साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी धाक जमाई और आज 60 की उम्र पार करने के बाद भी कैसे वे यूट्यूब और सोशल मीडिया की दुनिया पर राज कर रहे हैं, बर्थडे स्पेशल में जानिए एक्टर के असल जिंदगी स्ट्रगल स्टोरी.

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Happy Birthday Ashish Vidyarthi: बड़े पर्दे पर अपनी कड़क आवाज और खूंखार विलेन के किरदारों से सबको डराने वाले आशीष विद्यार्थी असल जिंदगी में बहुत ही जिंदादिल और सरल इंसान हैं. 19 जून 1962 को केरल में जन्मे आशीष आज सोशल मीडिया की दुनिया में भी एक बड़े स्टार बन चुके हैं. वह अपने पॉडकास्ट में अक्सर कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और यह आपकी सोच को कभी बूढ़ा नहीं कर सकती. आशीष को यह गहरी और सुलझी हुई सोच अपने माता-पिता से विरासत में मिली है.

एक्टर के पिता गोविंद विद्यार्थी एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश के लिए अपना सरनेम तक बदल लिया था, और उनकी मां रेबा विद्यार्थी एक मशहूर कथक गुरु थीं. इसी वजह से बचपन से ही आशीष के मन में कला के लिए एक खास जगह बन गई थी.

कभी कमरा किराए पर लेने के नहीं थे पैसे

दिल्ली के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद आशीष ने एक्टिंग सीखने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का रुख किया. इसके बाद उन्होंने मनोज बाजपेयी जैसे कलाकारों के साथ थिएटर में जमकर पसीना बहाया. साल 1994 में आई फिल्म ‘द्रोहकाल’ उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला, जो किसी भी एक्टर के लिए बहुत गर्व की बात होती है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस वक्त उन्हें यह बड़ा सम्मान मिला, उस दौर में वे मुंबई में रहने के लिए कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे और बहुत कड़े आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे.

विलेन बनकर जीता दर्शकों का दिल

आर्थिक तंगी से जूझने के बाद भी आशीष ने हार नहीं मानी. उन्होंने ‘वास्तव’ और ‘इस रात की सुबह नहीं’ जैसी फिल्मों में विलेन बनकर बॉलीवुड में अपनी एक तगड़ी पहचान बना ली. इसके बाद उन्होंने साउथ की फिल्मों का रुख किया. तमिल फिल्म ‘दिल’ और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘घिल्ली’ में उनके निभाए किरदारों ने उन्हें रातों-रात पूरे दक्षिण भारत में मशहूर कर दिया. उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में काम करके यह साबित कर दिया कि एक सच्चे कलाकार के लिए भाषा कभी कोई दीवार नहीं बन सकती.

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फूल बंगले में विराजमान हुए रंगनाथ भगवान: दर्शन को उमड़े श्रद्धालु,वर्ष में एक बार बनता है फूल बंगला – Mathura News


वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा

उत्तर भारत के प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में गुरुवार की देर शाम श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्

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परंपरा का किया निर्वहन

धार्मिक नगरी वृंदावन में श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख श्री रंगनाथ मंदिर में ठाकुर जी को गर्मी से शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से विविध प्रकार के फूलों से सजे बंगले में विराजित किया जाता है। इसके पीछे भाव है कि भगवान कुंज,लता पताओं में विराजमान होकर लीलाएं किया करते थे। आज भी ब्रज के देवालयों में इसका अनुश्रवण किया जाता है। इसी के तहत साल में केवल एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले के गुरुवार की शाम जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी।

जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी

केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी

विविध प्रकार के देशी सुगंधित और शीतलता प्रदान करने वाले फूलों से सजाए गए आकर्षक बंगले की अनुपम छटा देखते ही बनती थी। खास तौर पर नामचीन कलाकर जुगल किशोर शर्मा और उनकी टीम द्वारा केले के तनों पर उकेरी गई श्री वैष्णव संप्रदाय के संतो की छवि आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। फूल बंगला में विराजमान भगवान रंगनाथ माता गोदा जी और समस्त परिकर के दर्शनों के लिए भक्त आतुर नजर आए। केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी ने सभी का मन मोह लिया। जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी।

जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी

जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी

कृतिम यमुना स्वरूपणी सरोवर में भगवान गोवर्धन नाथ पर्वत की छवि बनाई गई साथ ही उसमें बनाई गई नाव,क्रतिम नाव बेहद ही आकर्षक लग रही थी। इस दौरान दर्शन करने के लिए विधायक श्री कांत शर्मा, बांके बिहारी मंदिर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य रिटायर्ड न्यायधीश मुकेश मिश्रा,गोपी गोस्वामी सहित प्रमुख लोग भी पहुंचे।



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भारत पर किसी महाशक्ति का दबाव नहीं, मोदी और ट्रंप की बॉन्डिंग से क्या संदेश मिला?


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भारत पर किसी महाशक्ति का दबाव नहीं, मोदी-ट्रंप की बॉन्डिंग से क्या संदेश मिला?

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एसोसिएट फेलो बिदिशा भट्टाचार्य ने 16 महीनों बाद पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की हुई पहली द्विपक्षीय बैठक को काफी सफल बताया. बिदिशा ने कहा क‍ि अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘दुन‍िया का सबसे मजबूत वार्ताकार’ बताया है, जो इस मुलाकात को काफी सकारात्‍मक बनाता है. दोनों नेताओं की बैठक के दौरान ड‍िफेंस यानी रक्षा के क्षेत्र को लेकर भी बेहद महत्‍वपूर्ण चर्चा हुई है. राष्‍ट्रपत‍ि ट्रंप ने भरोसा दिया है क‍ि वो रक्षा के क्षेत्र में भी भारत का पूरा सहयोग करेंगे.

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जी-7 समिट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से मुलाकात की.

नई द‍िल्‍ली. फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा को भारत और अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ल‍िए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शब्‍दों पर गौर फरमाते हुए चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के प्रेसिडेंट शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि दो देशों के बीच र‍िश्‍ते तो स्ट्रेटेजिक, एनर्जी स‍िक्‍योर‍िटी, क्र‍िट‍िकल म‍िनरल्‍स, टेक्‍नॉल‍िजी और ड‍िफेंस पर होते हैं, लेकिन 17 जून जो फ्रांस के एवियन शहर में दोनों देश के नेताओं के बीच जो केम‍िस्‍ट्री बनी वो हमें बहुत आगे ले जाने वाली है.

आईएएनएस से बात करते हुए चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के प्रेसिडेंट शिशिर प्रियदर्शी ने कहा क‍ि दो देशों के बीच र‍िश्‍ते इस बात पर न‍िर्भर करते हैं कि दोनों देशों के नेताओं के आपसी संबंध कैसे हैं. इसके ल‍िए मैं अपने देश के प्रधानमंत्री की सराहना करता हूं. ज‍िस प्रकार व‍िश्‍व भर के नेताओं के बीच वह अपने आप को और भारत देश को प्रस्‍तुत करते हैं, वह काबिले-तारीफ है.

शिशिर प्रियदर्शी ने कहा क‍ि यह व‍िचार करके ही देख‍िए क‍ि ये क‍ितनी बड़ी बात है, जब अमेर‍िका के राष्‍ट्रपत‍ि दुनिया भर के नेताओं की मौजूदगी में हमारे प्रधानमंत्री के ल‍िए कहते हैं, “मैं पीएम मोदी का म‍ित्र हूं, उनका सम्‍मान करता हूं और उनसे स्‍नेह रखता हूं.” प्रियदर्शी ने कहा क‍ि यही वो संबंध हैं, जो दोनों देशों के र‍िश्‍तों को आगे लेकर जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्राइम मिनिस्टर मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच बाइलेटरल मीटिंग 16 महीने बाद हुई और इससे दोनों देशों के लोगों में काफी उम्मीदें पैदा हुई हैं.

वहीं, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन की एसोसिएट फेलो बिदिशा भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीनों में पहली बाइलेटरल मीटिंग काफी सफल रही है. बिदिशा ने कहा क‍ि अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘दुन‍िया सबसे मजबूत वार्ताकार’ बताया. उनका यह कहना इस मुलाकात और बातों को काफी सकारात्‍मक बनाता है. बिदिशा कहा क‍ि कल दोनों नेताओं की बैठक के दौरान ड‍िफेंस को लेकर भी महत्‍वपूर्ण चर्चा हुई है. राष्‍ट्रपत‍ि ट्रंप ने कहा है क‍ि वो रक्षा के क्षेत्र भी भारत का सहयोग करेंगे. यह भारत के ल‍िहाज से बहुत ही महत्‍वपूर्ण है.

बिदिशा ने कहा क‍ि इस बैठक में एक जरूरी बात न‍िकल कर सामने आई, ज‍िसने लोगों का भ्रम दूर कर द‍िया. कल की बैठक ने यह स्‍पष्‍ट कर दिया है क‍ि भारत पर क‍िसी प्रकार का कोई दवाब नहीं है. राष्‍ट्रपति ट्रंप का यह कहना क‍ि “पीएम मोदी बहुत सख्त बातचीत करने वाले नेता हैं. सच कहूं तो सबसे सख्त नेताओं में से एक हैं.” यह इस बात की ओर इशारा है क‍ि भारत क‍िसी भी तरह से अमेर‍िका के दबाव में नहीं है.

वहीं, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के वरिष्ठ शोध सलाहकार कर्नल राजीव अग्रवाल (सेवानिवृत्त) ने कहा क‍ि अमेरिका-ईरान समझौते समझौते पर हस्ताक्षर होना एक बेहद स्वागतयोग्य कदम है, क्योंकि पिछले 100 दिनों से न सिर्फ यह क्षेत्र बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही थी. सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ऊर्जा संकट था, जिसमें तेल और एलपीजी की आपूर्ति भी शामिल है. उन्होंने कहा क‍ि अगर यह समझौता वास्तव में हो गया है और जैसा कि होर्मुज स्‍ट्रेट प्राधिकरण ने कहा है कि इसे 24 घंटे के भीतर फिर से खोल दिया जाएगा, तो यह सभी के लिए बहुत अच्छी खबर है, खासकर भारत के लिए.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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ग्वालियर में बंदूकबाज दुल्हन, पति को धमका रही: शादी के बाद सिर्फ एक महीने साथ रही, जेवर समेट ले गई, पति बोला-10 शादी पहले कर चुकी है – Gwalior News




ग्वालियर में कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ का मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है। बिजौली थाना क्षेत्र के मुगुलपुरा निवासी राहुल जाटव ने अपनी पत्नी, सास, साली और शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी एक ऐसे गिरोह की सदस्य है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठगता है। 14 अप्रैल को हुई शादी, एक महीने बाद छोड़कर चली गई पत्नी राहुल जाटव ने बताया कि उसकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी निवासी राखी जाटव से हुई थी। आरोप है कि शादी के दौरान ही पत्नी ने अपने रिश्तेदारों और अन्य लोगों की मदद से घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी करवा लिए। इस संबंध में पहले ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पीड़ित के मुताबिक, पत्नी 15 मई को ससुराल आई थी, लेकिन 23 मई को बिना बताए घर छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर पांच लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। 5 लाख नहीं दिए तो झूठे केस में फंसाने की धमकी राहुल का आरोप है कि पत्नी ने फोन पर कहा कि उसे उसके साथ नहीं रहना है और यदि पांच लाख रुपए नहीं दिए गए तो वह मीडिया के सामने यह आरोप लगाएगी कि उससे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। पीड़ित का कहना है कि उसे और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने तथा बदनाम करने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पत्नी के 10 से अधिक शादियां करने का दावा शिकायतकर्ता का दावा है कि पत्नी के बारे में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह पहले भी करीब 10 शादियां कर चुकी है और शादी के बाद जेवरात व नकदी लेकर फरार हो जाती है। राहुल ने मांग की है कि पत्नी, उसकी मां और बहन के बैंक खातों की जांच कराई जाए, जिससे कथित ठगी के लेनदेन सामने आ सकें। इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ फोटो डालने का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ तस्वीरें और स्टेटस डालकर लोगों को डराने का प्रयास करती है। साथ ही अनजान नंबरों से उसे लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। शिवपुरी साइबर सेल के आरक्षक पर भी आरोप राहुल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक इस गिरोह की मदद कर रहा है। उसके मुताबिक आरक्षक अपने पद का दुरुपयोग कर उसकी लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य निजी जानकारी निकालकर पत्नी तक पहुंचा रहा है। पुलिस ने शुरू की जांच एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि एक युवक ने शिकायत की है कि उसकी पत्नी शादी के बाद घर छोड़कर चली गई है। शिकायतकर्ता ने पत्नी द्वारा कई शादियां करने और जेवरात ठगने के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच बिजौली थाना पुलिस को सौंपी गई है।



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‘द केरल स्टोरी 2’ पर नफरत फैलाने का आरोप, हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर को थमाया नोटिस


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केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है. याचिका में फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है और इसके नाम से ‘केरल’ शब्द हटाने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म का कंटेंट केरल की इमेज खराब करता है, सामाजिक एकता पर असर डालता है.

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‘द केरल स्टोरी 2’ की बढ़ी मुश्किलें.

नई दिल्ली : केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कोर्ट ने निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को नोटिस जारी किया है. दरअसल, कोर्ट में एक याचिका दायर करके फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है. याचिका में मांग की गई है कि फिल्म के नाम से ‘केरल’ शब्द को हटा दिया जाए. जब न्यायमूर्ति ने इस मामले की सुनवाई की, तो उन्होंने सवाल उठाया कि चूंकि फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है और इसे लाखों लोग देख चुके हैं, तो क्या अब यह याचिका बेअसर नहीं हो गई है? इस पर याचिकाकर्ता ने दलील दी कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि यह फिल्म सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी धड़ल्ले से देखी जा रही है. इससे समाज पर इसका असर लगातार बना हुआ है.

याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस फिल्म का कंटेंट केरल राज्य की इमेज को ठेस पहुंचाता है. समाज में एक बेहद गलत संदेश फैलाता है. दलील में कहा गया है कि फिल्म में दिखाए गए कई हिस्से ऐसे हैं जो आम लोगों के बीच नफरत और गलतफहमी पैदा कर सकते हैं, जिससे हमारी सामाजिक एकता और ताने-बाने को नुकसान पहुंच सकता है. इतना ही नहीं, याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म का कंटेंट भारतीय न्याय संहिता के नियमों का उल्लंघन करता है. यह अलग-अलग समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम कर सकता है. इसी वजह से कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत एक्शन लिया जाए.

1 मई से ओटीटी पर देख रहे लोग
फिल्म 1 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ पर रिलीज की गई थी, इसलिए याचिकाकर्ता ने इस कंपनी को भी मामले में शामिल करने की मांग की है. उनका कहना है कि जब कोई फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाती है, तो उस कंपनी की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कुछ सबूत भी पेश किए हैं, जिनमें ओटीटी के शिकायत अधिकारी को भेजे गए ईमेल और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट शामिल हैं. इन सबूतों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि फिल्म को पूरी तरह सच बताकर प्रचारित किया जा रहा है, जिससे एक खास समुदाय के खिलाफ नकारात्मक माहौल बन रहा है. फिल्म पहले भी कई कानूनी विवादों में घिर चुकी है.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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LPG सप्लाई पर आया नया अपडेट, 3 दिनों में 1.47 करोड़ सिलेंडर हुए डिलीवर


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Gas Supply in India: एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 3 दिनों में देशभर में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई, जबकि इसी दौरान 1.36 करोड़ सिलेंडर बुक हुए.

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LPG सप्लाई को लेकर सरकार ने क्या-क्या बताया?

Gas Supply in India: देश में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर सरकार ने नए आंकड़े जारी किए हैं. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारत में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई नॉर्मल है. सरकार ने कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग करने से बचें.

मंत्रालय के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में देशभर में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई, जबकि इसी दौरान 1.36 करोड़ सिलेंडर बुक हुए. किसी भी गैस एजेंसी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक खत्म होने की कोई खबर नहीं है.

कालाबाजारी और गड़बड़ी पर सख्त एक्शन
सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं. अब लगभग 99% सिलेंडर ऑनलाइन बुक हो रहे हैं. डिलीवरी के समय ‘ओटीपी’ का इस्तेमाल 96% तक बढ़ गया है, जिससे सही ग्राहक तक गैस पहुंच रही है. नियमों का उल्लंघन करने पर पिछले 3 दिनों में 8 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और 14 पेट्रोल पंपों पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 598 पेट्रोल पंपों को सस्पेंड कर दिया गया है.

पीएनजी को बढ़ावा
इस साल मार्च से अब तक 10.02 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं. सरकार राज्यों से अपील कर रही है कि जहां नेटवर्क उपलब्ध है, वहां लोग एलपीजी की जगह पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल शुरू करें.

सरकार की जनता से अपील
पेट्रोल, डीजल या गैस की घबराहट में बुकिंग न करें, रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और स्टॉक पर्याप्त है. अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करें. एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म (मोबाइल ऐप्स/ऑनलाइन) का इस्तेमाल करें.

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विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



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कुकर में झटपट बनाएं बाजार जैसे टेस्टी मोमोज, एक बार खाएंगे, बार-बार मांगेंगे, जानें रेसिपी


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Pressure Cooker Momos Recipe: अगर आपके पास स्टीमर नहीं है, तो भी आप प्रेशर कुकर में बाजार जैसे मुलायम और स्वादिष्ट मोमोज बना सकते हैं. ताजा सब्जियों की स्टफिंग और आसान स्टीमिंग तकनीक की यह रेसिपी बहुत आसान है. घर पर बने मोमोज का टेस्ट आपको दीवाना बना देगा और आप बार-बार यह रेसिपी फॉलो करेंगे.

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प्रेशर कुकर में आसानी से टेस्टी मोमोज तैयार कर सकते हैं.

Homemade Momos Recipe: मोमोज का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. सॉफ्ट बाहरी परत, अंदर भरी मसालेदार सब्जियों की स्टफिंग और साथ में तीखी लाल चटनी, यही वजह है कि मोमोज आज भारत के सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड्स में शामिल हो चुके हैं. मोमोज खाने के लिए अधिकतर लोग बाजार जाते हैं या ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं. अधिकतर लोग सोचते हैं कि घर पर बाजार जैसे मुलायम और जूसी मोमोज बनाना मुश्किल है, क्योंकि इसके लिए स्टीमर की जरूरत पड़ती है. अगर आपके घर में प्रेशर कुकर है, तो आप आसानी से बाजार जैसे स्वादिष्ट मोमोज तैयार कर सकते हैं. इसकी रेसिपी बहुत आसान है.

मोमोज बनाने के लिए जरूरी सामग्री

मोमोज की परत तैयार करने के लिए 2 कप मैदा, आधा चम्मच नमक और जरूरत अनुसार पानी लें. वहीं स्टफिंग के लिए एक कप बारीक कटी पत्ता गोभी, आधा कप कद्दूकस की हुई गाजर, एक बारीक कटा प्याज, एक चम्मच कटा हुआ लहसुन, एक चम्मच सोया सॉस, आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और एक चम्मच तेल की जरूरत होगी.

घर पर ऐसे बनाएं टेस्टी वेज मोमोज

एक बड़े बर्तन में मैदा और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए चिकना और सॉफ्ट आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा बहुत ज्यादा सख्त न हो. आटा तैयार होने के बाद उसे गीले कपड़े से ढककर 20 मिनट के लिए रख दें. इससे मैदा अच्छी तरह सेट हो जाता है और मोमोज की परत मुलायम बनती है.

एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उसमें लहसुन डालकर कुछ सेकंड तक भून लें. अब प्याज डालें और हल्का नरम होने तक पकाएं. इसके बाद पत्ता गोभी और गाजर डालकर तेज आंच पर 2 से 3 मिनट तक चलाते हुए पकाएं. अब इसमें नमक, काली मिर्च और सोया सॉस डालकर अच्छी तरह मिला लें. स्टफिंग को ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना सब्जियां पानी छोड़ सकती हैं. तैयार मिश्रण को ठंडा होने के लिए अलग रख दें.

अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें पतला बेल लें. बीच में एक चम्मच स्टफिंग रखें और किनारों को मोड़ते हुए मोमोज का आकार दें. आप गोल, अर्धचंद्राकार या फूल जैसी डिजाइन भी बना सकते हैं. अगर पहली बार बना रहे हैं तो साधारण शेप भी बिल्कुल सही रहेगी.

प्रेशर कुकर में लगभग एक से डेढ़ गिलास पानी डालें और अंदर एक स्टैंड रख दें. अब एक प्लेट या छलनी पर हल्का तेल लगाकर मोमोज सजा दें. प्लेट को कुकर के अंदर रखें और ढक्कन बंद कर दें. ध्यान रखें कि कुकर की सीटी न लगाएं. मध्यम आंच पर 12 से 15 मिनट तक मोमोज को स्टीम करें. जब मोमोज की बाहरी परत हल्की चमकदार और पारदर्शी दिखाई देने लगे, तो समझ जाइए कि वे तैयार हैं.

मोमोज का असली स्वाद उसकी चटनी में छिपा होता है. इसके लिए सूखी लाल मिर्च, टमाटर, लहसुन और थोड़ा नमक उबालकर पीस लें. तैयार चटनी को मोमोज के साथ सर्व करें. इसका तीखा और चटपटा स्वाद मोमोज का मजा दोगुना कर देगा.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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पुलिस लाइन का कांस्टेबल 7 हजार की रिश्वत लेते ट्रेप: मामले को रफा-दफा करने की एवज में 15 हजार की डिमांड की, 5 हजार पहले ले चुका था – Kota News




भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा ने पुलिस लाइन के कांस्टेबल हरिओम को 7 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रेप किया है। आरोपी कांस्टेबल हरिओम की उद्योग नगर थाने में ड्यूटी (चेतक ड्राइवर) लगी है। कांस्टेबल, थाने पेश शिकायत में समझौता करवाने, कार्रवाई रोकने,मामले को रफा-दफा करने की एवज में परिवादी से 15000 रिश्वत की डिमांड कर रहा था। 5 हजार पहले ले चुका था। एसीबी की टीम ने गुरुवार रात साढ़े 10 बजे उद्योग नगर थाने में ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी की कार्रवाई के बाद थाने में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी एसीबी विजय स्वर्णकार ने बताया-परिवादी ने एसीबी भी चौकी में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि उनके कॉलोनी में नाबालिग बेटे का किसी के साथ झगड़ा हुआ था। बेटे के खिलाफ किसी ने थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में कार्रवाई रोकने,समझौता करवाने,मामले को रफा-दफा करने की एवज में आरोपी कांस्टेबल हरिओम रिश्वत की डिमांड कर रहा था। 5 हजार रूपए पहले ले चुका था। बाकी की रकम के लिए दबाव बना रहा था। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।सत्यापन के दौरान आरोपी हरिओम, परिवादी से 8000 रिश्वत लेने पर राजी हुआ।जिसके बाद गुरुवार रात को एसीबी ने ट्रेप की कार्रवाई की। आरोपी कांस्टेबल हरिओम ने थाने के बाहर परिवादी से 7000 की रिश्वत ली। इधर इशारा मिलते ही एसीबी ने आरोपी कांस्टेबल को पकड़ लिया। फिलहाल कार्रवाई जारी है।



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औरंगाबाद के नए एसपी बने उपेंद्र नाथ वर्मा: अंबरीश राहुल को मिली नई जिम्मेदारी, राजगीर में सहायक निदेशक की कमान सभालेंगे – Aurangabad (Bihar) News




बिहार सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत औरंगाबाद को नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) मिल गया है। वर्तमान में बांका के एसपी के रूप में कार्यरत आईपीएस अधिकारी उपेंद्र नाथ वर्मा को औरंगाबाद का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वर्तमान एसपी अंबरीश राहुल का तबादला कर उन्हें बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में सहायक निदेशक के पद पर पदस्थापित किया गया है। उपेंद्र नाथ वर्मा साल 2013 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। वे इससे पहले बांका के पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था के बेहतर संचालन और पुलिसिंग में तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। बांका में उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और पुलिस-आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए गए। नए एसपी के रूप में उपेंद्र नाथ वर्मा ऐसे समय में औरंगाबाद की कमान संभालेंगे, जब जिले में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने, साइबर अपराधों पर नियंत्रण, शराबबंदी कानून के प्रभावी अनुपालन और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। प्रशासनिक हलकों में उनकी पहचान एक अनुशासित, संवेदनशील और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में रही है। बिहार पुलिस अकादमी के सहायक निदेशक बनाए गए अंबरीश राहुल अंबरीश राहुल के कार्यकाल में औरंगाबाद पुलिस ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। अपराध नियंत्रण, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, शराब तस्करी के खिलाफ अभियान और जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को लेकर उनकी कार्यशैली की सराहना की गई। अब उन्हें बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में सहायक निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां वे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के प्रशिक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाएंगे।गृह विभाग के इस आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। लोगों को उम्मीद है कि नए एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के नेतृत्व में औरंगाबाद में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। साथ ही अपराध नियंत्रण को लेकर प्रभावी और परिणामकारी पहल देखने को मिलेगी। जल्द ही उनके पदभार ग्रहण करने की संभावना है।



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न दशहरी, न चौसा…लंगड़ा से बनता है सबसे तगड़ा आम पन्ना, गाजीपुर के तराईनी से जानिए रेसिपी


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Aam Panna Recipe : गाजीपुर के सुहवल गांव में खुर्शीद तराईनी पिछले 15 साल से आम का पन्ना बेच रहे हैं. लोकल 18 से खुर्शीद बताते हैं कि अच्छे पन्ने का राज सिर्फ मसालों में नहीं, बल्कि सही आम के चुनाव में छिपा होता है. आज भी वे पारंपरिक तरीके से ही पन्ना तैयार करते हैं, लेकिन आम का चुनाव हमेशा से सावधानीपूर्वक करते आए हैं. खुर्शीद बताते हैं कि हर आम का पन्ना स्वादिष्ट नहीं बनता. कच्चा आम, पुदीना और मसालों के मिश्रण से तैयार यह पेय लोगों को ताजगी का एहसास देता है.

गाजीपुर. गर्मी बढ़ते ही आम का पन्ना लोगों की पहली पसंद बन जाता है. गाजीपुर के सुहवल स्थित सिवला चट्टी पर पिछले करीब 15 वर्षों से खुर्शीद तराईनी आम का पन्ना बना रहे हैं. उनका कहना है कि अच्छे पन्ने का राज सिर्फ मसालों में नहीं, बल्कि सही आम के चुनाव में छिपा होता है. लोकल 18 से खुर्शीद बताते हैं कि जब उन्होंने आम का पन्ना बनाना शुरू किया था, तब इलाके में बहुत कम लोग इसे बनाते थे. आज भी वे पारंपरिक तरीके से पन्ना तैयार करते हैं और गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में लोग इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं. खुर्शीद के अनुसार, सबसे पहले कच्चे आमों को चुनकर कुकर में करीब आधे घंटे तक उबाला जाता है. आम नरम होने के बाद उसका गूदा निकाला जाता है. इसके बाद उसमें पुदीना, भुना जीरा, काला नमक, नींबू और अन्य मसाले मिलाए जाते हैं. फिर इसे ठंडा करके परोसा जाता है.

खुर्शीद का कहना है कि हर आम का पन्ना स्वादिष्ट नहीं बनता. उनके अनुसार, देसी आम और खासकर लंगड़ा आम का गूदा ज्यादा गाढ़ा, सुगंधित और स्वाद से भरपूर होता है. विशेषज्ञों और पारंपरिक अनुभव के अनुसार, लंगड़ा आम से पन्ना बेहतर बनने के पीछे कई कारण हैं. तेज और प्राकृतिक खुशबू, जिससे पन्ने में बेहतरीन सुगंध आती है. कच्चे लंगड़ा आम में संतुलित खट्टापन होता है, जो पन्ने के लिए आदर्श माना जाता है. गूदे की मात्रा अधिक होने से पन्ना गाढ़ा और स्वादिष्ट बनता है. इसमें रेशे कम होते हैं, जिससे पेय का टेक्सचर मुलायम रहता है. मिठास और खटास का संतुलन अच्छा होने के कारण कम चीनी में भी स्वाद बढ़िया आता है.

गर्मी का क्यों फेवरेट

आम का पन्ना उत्तर भारत में लंबे समय से गर्मियों का पारंपरिक पेय माना जाता रहा है. कच्चे आम, पुदीना और मसालों के मिश्रण से तैयार यह पेय लोगों को ताजगी का एहसास देता है. कई लोग इसे गर्मी और लू के मौसम में पसंद करते हैं.

घर पर कैसे बनाएं

सामग्री (4–5 गिलास के लिए)

कच्चे लंगड़ा आम – 3 मध्यम (लगभग 500–600 ग्राम)
चीनी या गुड़ – 4 से 6 बड़े चम्मच
भुना जीरा पाउडर – 2 छोटे चम्मच
काला नमक – 1 छोटा चम्मच
साधारण नमक – आधा छोटा चम्मच
पुदीना पत्तियां – 15 से 20
ठंडा पानी – 4 से 5 कप
बर्फ – आवश्यकतानुसार

बनाने की विधि
पहला चरण में आम उबालें. कच्चे लंगड़ा आमों को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद प्रेशर कुकर में 2 से 3 सीटी तक या पतीले में 15 से 20 मिनट तक उबालें. उबलने के बाद उन्हें ठंडा होने दें. दूसरा चरण गूदा निकालें. आम का छिलका हटाकर उसका गूदा निकाल लें। गुठली में लगा गूदा भी अच्छी तरह खुरच लें. तीसरे चरण में पन्ना बेस तैयार करें. गूदे में चीनी या गुड़, पुदीना, काला नमक, साधारण नमक और भुना जीरा मिलाएं। फिर इसे मिक्सर में पीसकर स्मूद पेस्ट बना लें. चौथा चरण. एक गिलास में 4 से 5 बड़े चम्मच पन्ना बेस डालें. इसमें ठंडा पानी और बर्फ मिलाएं. स्वाद के अनुसार नमक या मिठास को समायोजित करें और ठंडा-ठंडा परोसें.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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