Sunday, June 21, 2026
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अब एसी चलाने पर भी कम आएगा बिजली बिल: जयपुर में शुरू हुआ स्मार्ट एसी मिशन, 2 हजार घरों में लगेगी आईओटी डिवाइस, घटेगी बिजली खपत – Jaipur News




बिजली की बढ़ती मांग और ग्रिड पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए जयपुर डिस्कॉम ने एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत वैशाली नगर, मानसरोवर और मालवीय नगर के करीब 2 हजार घरेलू उपभोक्ताओं के एयर कंडीशनर (एसी) में मुफ्त स्मार्ट आईओटी डिवाइस लगाई जा रही है। इस तकनीक के जरिए पीक ऑवर्स में एसी की बिजली खपत को स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जाएगा, जिससे बिजली की बचत के साथ ग्रिड का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।
डिस्कॉम ने यह पायलट प्रोजेक्ट प्रौद्योगिकी कंपनी फ्लॉक एनर्जी के सहयोग से शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार देश में पहली बार किसी विद्युत वितरण निगम की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं के एसी को ऑटोमेटेड डिमांड रिस्पांस (एडीआर) तकनीक से जोड़कर बिजली की मांग को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।
पीक ऑवर्स में कम होगा बिजली तंत्र पर दबाव
गर्मी के मौसम में एसी का उपयोग बढ़ने से बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे ग्रिड और विद्युत तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नई एडीआर तकनीक ऐसे समय में एसी की बिजली खपत को नियंत्रित करेगी। इससे बिजली की मांग संतुलित रहेगी और ग्रिड को ओवरलोड होने से बचाया जा सकेगा।
डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना राजस्थान विद्युत नियामक प्राधिकरण के डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी एवं डिमांड साइड मैनेजमेंट विनियम-2026 के तहत शुरू की गई है। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। ऐसे काम करेगी स्मार्ट आईओटी डिवाइस
एडीआर डिवाइस दो हिस्सों में काम करती है। इसका एक भाग घर के सामान्य बिजली सॉकेट में लगाया जाता है, जबकि दूसरा भाग एसी यूनिट पर लगाया जाता है। यह डिवाइस घर के वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से ग्रिड प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी रहती है।
जब बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचती है, तब यह डिवाइस कमरे के आरामदायक तापमान को बनाए रखते हुए एसी के तापमान में करीब एक डिग्री की बढ़ोतरी कर देती है। इससे उपभोक्ता को किसी बड़े बदलाव का एहसास नहीं होता, लेकिन बिजली की खपत कम हो जाती है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा बिजली बिल में फायदा
डिस्कॉम के अनुसार यदि एसी प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक चलाया जाए तो इस तकनीक की मदद से बिजली की खपत में 3 से 6 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। इससे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बचत होगी।
अधिकारियों का मानना है कि 2 हजार उपभोक्ताओं के एसी को इस तकनीक से जोड़ने पर बिजली मांग में करीब 1 मेगावाट तक की कमी लाई जा सकती है। यह बचत पीक ऑवर्स में बिजली व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या भी होगी कम
बिजली की मांग नियंत्रित रहने से ग्रिड और वितरण तंत्र पर दबाव कम होगा। इससे फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर वोल्टेज और बेहतर गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
डिस्कॉम का मानना है कि यह परियोजना ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, बिजली बचत को प्रोत्साहित करने और भविष्य के स्मार्ट ग्रिड सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



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ज़ॉम्बी सिटी से लेकर स्कैरी एस्केप तक, हैदराबाद में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा हॉरर एडवेंचर


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हैदराबाद का नया स्पॉट: मैजिक डिस्ट्रिक्ट में डर, रहस्य और मनोरंजन सब एक साथ

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हैदराबाद के सरस सिटी मॉल में स्थित मैजिक डिस्ट्रिक्ट एक अनोखा मल्टी-कॉन्सेप्ट एक्सपीरिएंशियल एंटरटेनमेंट ज़ोन है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए रोमांच और मनोरंजन का खास अनुभव देता है. यहां का प्रमुख आकर्षण ज़ॉम्बी सिटी है, जो VFX, लाइव कलाकारों और डरावने सेट्स के साथ एक पोस्ट-एपोकैलिप्टिक दुनिया का एहसास कराता है. इसके अलावा स्केरी एस्केप रूम टीमवर्क और पहेलियों का रोमांचक अनुभव देता है, जबकि जूनियर स्केरी हाउस, हा हा हो हाउस और क्लासिक स्केरी हाउस अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए डर और मज़े का संतुलन पेश करते हैं.

हैदराबाद में इन दिनों मैजिक डिस्ट्रिक्ट नाम का मनोरंजन केंद्र पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यह खुद को भारत का पहला मल्टी-कॉन्सेप्ट एक्सपीरिएंशियल एंटरटेनमेंट ज़ोन बताता है. पारंपरिक पार्कों से अलग, यहां एक ही छत के नीचे हॉरर, सस्पेंस, पहेलियां, भ्रम और शानदार कहानियों का ऐसा अनोखा तालमेल तैयार किया गया है, जो बच्चों से लेकर वयस्कों तक, हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींच रहा है.

पहेलियां सुलझाने और दिमागी कसरत करने वालों के लिए स्कैरी एस्केप रूम एकदम सही जगह है. यहां अलग-अलग टीमों को एक निश्चित समय के भीतर छिपे हुए सुरागों को ढूंढकर रहस्यों से पर्दा उठाना होता है. भूतिया घर और मर्डर मिस्ट्री जैसे रोमांचक थीम के कारण यह एस्केप रूम कॉर्पोरेट टीमों और दोस्तों के समूहों के बीच टीम-बिल्डिंग और मनोरंजन के लिए काफी लोकप्रिय हो चुका है.

ज्ञान और मनोरंजन का बेहतरीन मिश्रण है मैजिक म्यूजियम. यह एक ऐसा एडुटेनमेंट ज़ोन है जहां विज्ञान, इतिहास और कला को अनोखे डिस्प्ले के माध्यम से सिखाया जाता है. इसी के साथ जुड़ी है मेज़ ऑफ इल्यूजन यानी भ्रम की भूलभुलैया, जो अपनी विजुअल ट्रिक्स, दिमाग चकरा देने वाले रास्तों और ऑप्टिकल इल्यूजन के कारण हर मोड़ पर इंसान के देखने और सोचने के नजरिए को चुनौती देती है.

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मैजिक डिस्ट्रिक्ट हैदराबाद के सरस सिटी माल में खुला है जो सप्ताह के सभी दिन सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है. यहां एंट्री और पैकेज की कीमतें आपके द्वारा चुने गए आकर्षणों के आधार पर तय होती हैं. विजिटर के लिए सिंगल टिकट के साथ-साथ बजट-फ्रेंडली कॉम्बो पास भी उपलब्ध हैं.

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केमिकल वाली सब्जियां तो नहीं खा रहे हैं? घर पर इन आसान ट्रिक्स से करें पहचान


How to Identify Chemical-Treated Vegetables: हरी-हरी ताजी सब्जियों के बिना खाना अधूरा है. पौष्टिक तत्वों से भरपूर ये ग्रीन वेजिटेबल्स शरीर को आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि प्रदान करती हैं, लेकिन कई बार केमिकल युक्त सब्जियों के सेवन से आपको कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं. आजकल सब्जी मार्केट में खूब केमिकल युक्त सब्जियों के बेचने का गोरखधंधा चल रहा है. सब्जी विक्रेता सब्जियों को जल्दी बड़ा करने, उन्हें ताजी और चमकदार दिखाने के लिए कई तरह के केमिकल्स, पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल करते हैं. ये शरीर के लिए हानिकारक होते हैं. ऐसे में आप इन्हें फ्रेश समझकर खरीद लेते हैं, लेकिन आप जानना चाहते हैं केमिकल लगी सब्जियों को पहचानने का तरीका, तो यहां बताए गए कुछ टिप्स पर गौर करें…

केमिकल लगी सब्जियों को पहचानने के टिप्स

1.  जब आप ठेले पर से सब्जी लें, तो ध्यान से देखें कि कहीं वह जरूरत से ज्यादा चमकदार तो नजर नहीं आ रही हैं. शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन, खीरा असामान्य रूप से चमकदार दिख रही हैं तो अलर्ट हो जाएं. इन पर वैक्स या अन्य रसायनों की परत लगी हो सकती है.

2. जब कोई सब्जी नेचुरल तरीके से उगाई जाती है तो उनके रंग, आकार में थोड़ा बहुत फर्क होता है. सारे टमाटर, खीरे, बैंगन, शिमला मिर्च एक ही साइज, रंग, आकार के नजर आ रहे हों तो इन्हें ना खरीदें. इनमें रासायनिक उपचार की संभावना हो सकती है.

3. कोई भी सब्जी अपने मौसम के अनुसार ही खाने में अधिक टेस्टी और फ्रेश लगती है. ऑफ-सीजन मिलने वाली सब्जियों को फ्रेश रखने के लिए काफी सब्जी विक्रेता केमिकल का यूज करते हैं. साथ ही इनमें ग्रोथ रेगुलेटर का उपयोग भी काफी सब्जी बेचने वाले करते हैं, ताकि वे अधिक दिनों तक खराब न हों.

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4. असामान्य रूप से बड़ा आकार हो तो भी अलर्ट हो जाएं. ऐसी सब्जियों को खरीदने से बचें. कुछ लौकी, बैंगन या फिर भिंडी काफी बड़े साइज की नजर आती हैं. ऐसा सब्जियों के आकार को बढ़ाने के लिए ग्रोथ हॉर्मोन और अत्यधिक उर्वरकों के इस्तेमाल के कारण भी हो सकता है.

5. नेचुरल तरीके से उगाई गईं सब्जियां कुछ दिनों में मुरझाने लगती हैं, लेकिन जब यही सब्जी कई दिनों तक फ्रेश ही नजर आए तो समझ लें कुछ गड़बड़ है.  इन सब्जियों पर प्रिजर्वेटिव या वैक्स की परत लगी हो सकती है.

6.  कुछ सब्जियां काटने पर हाथों में बैंगनी, लाल, मैरून, हरा रंग लगे तो समझ लें इन्हें फ्रेश दिखाने के लिए नकली रंग लगाया गया है. इन्हें बिल्कुल भी ना खाएं.

केमिकल का असर कम करने के उपाय
– सब्जियों से नकली रंग और केमिकल हटाने के लिए नमक वाले पानी में भिगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. फिर दो से तीन बार साफ पानी से धो लें. कीटनाशक अवशेष हटाने में मदद मिलती है.

-पानी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा डालकर मिक्स करें. इसमें सब्जियों को 15 मिनट भिगोकर छोड़ दें. फिर साफ पानी से सब्जियां साफ कर लें.

– जिन सब्जियों का छिलका हटाना जरूरी है, उन्हें अच्छी तरह से छीलकर ही पकाएं. खीरा, लौकी, गाजर, चुकंदर आदि के छिलके उतार दें.

सब्जी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

हमेशा ताजी, लोकल और मौसमी सब्जियां खरीदें.
विश्वसनीय सब्जी वाले से सब्जी खरीदें.
ऑर्गेनिक या प्राकृतिक खेती से उगाई गई सब्जियां ही खाएं.
चमकदार और असामान्य रूप से बड़े आकार की सब्जियां ना खरीदें.



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देशभर में NEET-UG री-एग्जाम को लेकर तैयारी पूरी, 22 लाख से अधिक छात्र होंगे शामिल


NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर तैयारी पूर हो चुकी है। देश भर में अधिकारियों ने परीक्षा आयोजित करने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े इंतजाम बढ़ा दिए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और CCTV निगरानी से लेकर ट्रांसपोर्ट और मेडिकल सहायता तक, हर तरह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस परीक्षा में 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है। यह परीक्षा पेन-और-पेपर मोड में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच अपने सेंटर पर पहुंच जाएं, क्योंकि एंट्री गेट दोपहर 1:30 बजे बंद हो जाएंगे।

551 शहरों में होगी परीक्षा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 21 जून 2026 को होने वाली यह परीक्षा भारत के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। परीक्षा अंग्रेजी और 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर कुल 1,38,560 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी फीड की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर वर्चुअली की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी से परीक्षा को सुरक्षित रखने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं। 

अभ्यर्थियों की होगी कड़ी निगरानी

परीक्षा के दिन की ड्यूटी के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को तैनात किया गया है। 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में से प्रत्येक में दो इनविजिलेटर होंगे, और हर केंद्र पर दस से अधिक अतिरिक्त परीक्षा अधिकारी तैनात होंगे। उम्मीदवार के वेरिफिकेशन को और मजबूत किया गया है; इसके लिए 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए 48,448 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। बायोमेट्रिक मैनपावर को दोगुना किया गया है और फेस ऑथेंटिकेशन का भी सहारा लिया गया है ताकि वेरिफिकेशन अच्छी तरह से हो सके और केंद्रों पर लाइनें कम से कम हों। CCTV फीड की निगरानी करने और किसी भी तकनीकी समस्या को मौके पर ही हल करने के लिए सभी 5,440 केंद्रों पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) तैनात किया गया है।

हर सेंटर पर होंगे 40-50 सुरक्षाकर्मी

राज्य और जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की है, जिसमें पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, भारतीय वायु सेना और डाक विभाग की तैनाती शामिल है। औसतन, हर परीक्षा केंद्र पर लगभग 40 से 50 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। गोपनीय सामग्री रखने वाली लगभग 1,500 बैंक शाखाओं में बैंक अधिकारियों को तैनात किया गया है, और डाक विभाग देश भर के लगभग 700 कलेक्शन सेंटरों से OMR शीट इकट्ठा करने के लिए अपनी टीमों के साथ तालमेल बिठाएगा। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की गई हैं, और जिलों ने केंद्र की व्यवस्थाओं की पुष्टि की है। 

अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं

राज्य सरकारों के साथ मिलकर, परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए अनुकूल सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें पीने का पानी, ORS, एम्बुलेंस और माता-पिता के लिए छायादार वेटिंग एरिया शामिल हैं। उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त उपायों में हर परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी, रफ़-वर्क के लिए अतिरिक्त पेज (बाएं हाथ से लिखने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए बुकलेट की शुरुआत में पेज दिए गए हैं), और एंट्री की औपचारिकताओं में लगने वाले समय की भरपाई के लिए परीक्षा का बढ़ा हुआ समय शामिल है। 

अफवाहों के खिलाफ एक्शन

NTA सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रहा है और अफवाह फैलाने वालों और “पेपर लीक” के फर्जी दावों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, जिनसे उम्मीदवारों को बेवजह तनाव होता है। उम्मीदवारों और माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे केवल NTA की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और बिना पुष्टि वाले संदेशों पर ध्यान न दें। NTA सभी संबंधित लोगों से अपील की है कि वे उम्मीदवारों को पूरा सहयोग दें और परीक्षा के दिन तनाव कम करने में मदद करें, ताकि 22 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार जो देश के भविष्य के डॉक्टर हैं शांत, सुरक्षित और सहयोगी माहौल में परीक्षा दे सकें।

पेपर लीक के बाद हो रहा री-एग्जाम

दरअसल, 3 मई को हुई परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोपों के बाद NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया गया था। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) इस मामले की जांच कर रही है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इस विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की खबरें भी आई हैं। इसी माहौल को देखते हुए, अलग-अलग राज्यों के अधिकारियों ने सुरक्षा कड़ी करने और तालमेल बेहतर बनाने पर ध्यान दिया है, ताकि 21 जून को परीक्षा में शामिल होने वाले 22.79 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए परीक्षा सुचारू और निष्पक्ष रूप से आयोजित की जा सके।

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NEET री-एग्जाम में स्टूडेंट क्या पहनें और क्या नहीं, परीक्षा हॉल में क्या चीजें ले जाने की है अनुमति? NTA ने जारी की गाइडलाइन





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बरेली में NEET(UG) RE-EXAM-2026 कल, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: 24 केंद्रों पर परीक्षा होगी, 11 हजार से अधिक छात्र देंगे इम्तिहान – Bareilly News




कल रविवार को दोपहर दो बजे से शाम सवा पांच बजे तक नीट यूजी की परीक्षा बरेली में आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा के लिए शहर भर में चौबीस केंद्र बनाए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए कमर कस ली गई है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। सुरक्षा का कड़ा पहरा
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। थाना कोतवाली में 6, बारादरी में 8, इज्जतनगर में 3, प्रेमनगर में 2, कैंट में 2 और किला, सीबीगंज व हाफिजगंज में एक-एक केंद्र बनाया गया है। हर केंद्र पर तलाशी लेने के लिए पुलिस टीम तैनात रहेगी। इसके अलावा प्रवेश द्वार और केंद्र के अंदर गश्त करने के लिए भी अलग से पुलिस बल लगाया गया है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति वहां न भटक सके। सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम
कुल चौबीस केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए 72 उपनिरीक्षक, 144 हेड कांस्टेबल और 96 महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। हर सेंटर पर सुरक्षा का खाका इस तरह तैयार किया गया है कि अभ्यर्थियों को फ्रिस्किंग के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो और परीक्षा शांति से संपन्न हो सके। परीक्षा में कुल ग्यारह हजार चार सौ बानवे परीक्षार्थी शामिल होने वाले हैं। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 21 जून रविवार को NEET(UG) RE-EXAM-2026 आयोजित की जा रही है। जनपद बरेली में कुल 24 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर 01 दरोगा, 03 पुरूष हेड कांस्टेबल व 02 महिला हेड कांस्टेबल की तैनाती अभ्यर्थियों की तलाशी हेतु एवं 01 दरोगा, 02 पुरूष हेड कांस्टेबल व 02 महिला हेड कांस्टेबल की तैनाती परीक्षा केन्द्र के प्रवेश द्वार के आसपास और केंद्र परिसर में भ्रमणशील रहकर अराजकतत्व पर दृष्टि रखने हेतु लगाई गयी है। परीक्षा में कुल 11492 परीक्षार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा। 24 परीक्षा केन्द्रों पर 72 दरोगा, 144 हेड कांस्टेबल एवं 96 महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गयी है। अधिकारियों के कड़े निर्देश
बैठक में परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने यातायात, पार्किंग, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के आदेश दिए हैं। सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर केंद्र की निगरानी की जाएगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए अधिकारियों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने और तुरंत एक्शन लेने को कहा गया है। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



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बाली उम्र के फैसले ने बर्बाद की जवानी, दुल्हन बन चौपट किया करियर, 32 साल बाद मांग रही काम


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कई बार हमारे फैसले हमारी पूरी जिंदगी बदलकर रख देते हैं. बॉलीवुड की इस खूबसूरत एक्ट्रेस के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ. महज 21 साल की उम्र में उन्होंने बने बनाए करियर को ठोकर मारकर शादी रचाने का फैसला किया. लेकिन शादी के बाद भी वक्त ऐसा आया कि तलाक लेना पड़ा. अब 32 साल बाद वह हसीना काम को तरस रही है.

नई दिल्ली. अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर संग कई हिट दे चुकी वो हसीना. अपने करियर की शुरुआत में ही जिसने कई एक्ट्रेसेस के रोल छीन लिए थे. लेकिन 90 के दशक की इस एक्ट्रेस ने शादी के लिए करियर को छोड़ दिया. महज 21 साल की उम्र से पहले लिया ऐसा फैसला, बाद में हुआ पछतावा.

हम बात कर रहे हैं 90 के दशक की हुस्नपरी सोनम खान की. बहुत ही छोटी सी उम्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. सेट पर जब वह काम मांगने पहुंची तो उनकी उम्र महज साढ़े तैरह साल थी. लेकिन किसी तरह उन्हें यश चोपड़ा की फिल्म में काम करने का मौका मिल गया.

Sonam Khan started eating snow for the first time Yash Chopra laughed after seeing innocence of actress

ऋषि कपूर ने उन्हें एक्टिंग की दुनिया में शुरुआत करने में काफी मदद भी की. बाद में उन्होंने ऋषि कपूर के साथ फिल्म अजूबा में काम भी किया. सोनम इतनी खूबसूरत थीं कि उनके साथ त्रिदेव और विश्वात्मा जैसी फिल्में करने वाले डायरेक्टर राजीव रॉय ने उनसे शादी कर ली थी.

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साल 1989 में आई फिल्म त्रिदेव से ही सोनम खान की किस्मत चमकी थी. इस फिल्म का एक गाना जो उस दौर में काफी बड़ा हिट साबित हुआ था. यह फिल्म सोनम के करियर की सबसे बड़ी हिट्स में से एक थी, वो गाना है, ‘तिरछी टोपी वाले’.

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सोनम की उम्र महज 21 साल थीं और वह अपने करियर में आगे बढ़ रही थीं. लेकिन बाली उम्र में ही उन्होंने एक बड़ा फैसला किया कि वह एक्टिंग छोड़ राजीव रॉय से शादी करेंगी. भरी जवानी में उन्होंने ये फैसला लिया. शादी की और कुछ टाइम बाद टूट भी गई.

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शादी के बाद सोनम खान का बना बनाया करियर पूरी तरह चौपट हो चुका था. वह समझ ही नहीं पा रही थीं कि उनके साथ ये क्या हुआ. कहा जाता है कि दूसरी शादी एक डॉक्टर से उन्होंने उस वक्त की जब उनका बेटा 23 साल का था. वह दो बार हिंदू लड़कों से शादी कर चुकी हैं.

वही सोनम जो कभी फिल्म ‘त्रिदेव’ के बाद रातोंरात स्टार बनी. कई बड़े स्टार के साथ काम किया. लेकिन शादी से पहले कई बड़ी फिल्मों को भी ठोकर मार गईं. इनमें सनी देओल की लुटेरे और सलमान खान की बागी जैसी फिल्में शामिल हैं.

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बता दें इतनी बड़ी बड़ी फिल्में रिजेक्ट करने वाली सोनम खान आज 32 साल बाद फिर से काम करना चाहती हैं. अपने कई इंटरव्यू में ये बात रख चुकी हैं कि वह अब काम की तलाश में हैं, लेकिन अब तक उनके पास वो रोल नहीं पहुंचे हैं, जिनमें वह काम करना चाहती हैं.

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‘एनकाउंटर करने वाले सावधान, CM का तख्ता हिल जाएगा’: जमुई के ITBP जवान ने भरत तिवारी एनकाउंटर और केस दर्ज नहीं करने के लगाए आरोप – Jamui News


जमुई के लक्ष्मीपुर इलाके के आनंदपुर गांव के एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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इस वीडियो में युवक पुलिस के बारे में आपत्तिजनक बातें कहते हुए गाली-गलौज कर रहा है। युवक की पहचान राजकुमार दास के रूप में हुई है, जो ITBP का जवान बताया जा रहा है और फिलहाल सिक्किम में तैनात है।

जानकारी के अनुसार, राजकुमार दास के खिलाफ लक्ष्मीपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक मामला भी दर्ज है।

गलत के खिलाफ आवाज उठाऊंगा – जवान राजकुमार

वायरल वीडियो में राजकुमार दास भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बिहार पुलिस को गालियां दे रहा है। वह लगातार कह रहा था कि वह गलत के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा और समाज के लिए लड़ने वाले व्यक्ति पर गोली चलाने को बर्दाश्त नहीं करेगा।

युवक ने बिहार पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसी एक व्यक्ति के कहने पर गोली चलाई होगी। उसने कहा, “मेरा आईडी डिलीट मार देना, मैं डरने वाला नहीं हूं। जय भीम, जय हिंद बोलूंगा और देश के लिए लड़ता रहूंगा।” राजकुमार दास ने भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि वह सही काम कर रहे थे और सिस्टम के खिलाफ थे।

महिला थाना प्रभारी को लेकर भी आपत्तिजनक बातें

वीडियो में राजकुमार दास ने बिहार पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे पांच दिनों तक किसी थाने में केस दर्ज नहीं करते, बल्कि सेटलमेंट की बात करते हैं।

उसने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसके एक रिश्तेदार का झगड़ा हुआ था, जिसमें उनका सिर फट गया था। 2 दिन बीत जाने के बाद भी जमुई के गिद्धौर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और सेटलमेंट के चक्कर में थी।

युवक ने गिद्धौर थाने की महिला थाना प्रभारी को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं और उन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि,

भरत तिवारी के एनकाउंटर करने वाले सावधान हो जाओ, इस तरह के एनकाउंटर से सम्राट चौधरी का तख्ता हिल जाएगा।

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जिस दिन बिहारवासी, भारतवासी जात-पात की लड़ाई को छोड़कर एक हो जाएगा तो आपकी सत्ता धूमिल हो जाएगा। कोई पुलिस वाले नहीं बचाएगा। सेना के जवान भी नेता को नहीं बचाएंगे, समझ जाओ, इज्जत करना सीखो, सम्मान करना सीखो, बहुत लोगों का खोपड़ी उल्टा होता है। जिस दिन ऐसा हुआ ना हम लोग अपनी बंदूक के नीचे कर देंगे।

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हम लोग जानते हैं कि सभी नेता भ्रष्ट है। जो भरत तिवारी के साथ एनकाउंटर किया गया है। वह पूरी तरह से गलत है। हम भीम आर्मी को सपोर्ट करते हैं, बुध को मानते है, हम मानवता के खिलाफ नहीं है। भीम आर्मी कभी गलत नहीं है, एक निहत्थे आदमी का एनकाउंटर किया है तुम लोगों ने, बिहार पुलिस मैं थूकता हूं।

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बिहार पुलिस अपनी वर्दी पर दाग लगा दिया है। जो शेर पुलिस वाले हैं, जो शेर फौजी है, उसकी इज्जत पर तुम लोगों ने कालिख पोत दी है। तुम्हारी वजह से पूरा वर्दी कलंकित हो गया है। हम लोग देश के लिए मरते हैं देश के लिए जीते हैं।

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इस मामले में जमुई SP विश्वजीत दयाल ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जहां भी वह ड्यूटी कर रहा है इसे लेकर उनके सीनियर पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। उसके विरुद्ध जो केस है ,उस मामले में आगे कार्रवाई करेंगे।



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ट्रेनिंग से रणभूमि तक: 3650 अग्निवीर बने सेना की नई ताकत, नासिक से निकली देश की नई फौज


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परेड ग्राउंड पर नए शामिल हुए जांबाज सैनिकों को राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों की शपथ दिलाई गई. उन्हें मुख्य रूप से संबोधित करते हुए कमांडेंट मेजर जनरल एनआर पांडे ने सभी अग्निवीरों को उनके दृढ़ संकल्प, गजब की सहनशक्ति और कठिन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई दी.

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नासिक आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर पास हुए.

मुंबई. महाराष्ट्र के नासिक के आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर पास आउट हुए हैं. कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग के बाद ये सभी भारतीय सेना में शामिल होने को तैयार हैं. इसी को लेकर सेंटर ने 19 और 20 जून को अग्निवीर बैच 08/26 की अटेस्टेशन परेड (सत्यापन परेड) आयोजित की, जिसमें अग्निवीरों की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई. यह समारोह भारतीय सेना में उनकी औपचारिक एंट्री और देश की सेवा समर्पण, अनुशासन और सम्मान के साथ करने की उनकी तैयारी का प्रतीक था.

परेड का निरीक्षण नासिक के आर्टिलरी सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल एनआर पांडे (सीएसएम) ने किया. इस कार्यक्रम में बेहतरीन ड्रिल मूवमेंट, मिलिट्री के तौर-तरीके और सटीकता दिखाई गई, जो भारतीय सेना के प्रमुख ट्रेनिंग सेंटरों में से एक में दी जाने वाली ट्रेनिंग के उच्च मानकों को दर्शाती है. यह शानदार प्रदर्शन अग्निवीरों और उनके इंस्ट्रक्टरों दोनों की प्रतिबद्धता, लगन और पेशेवर दक्षता का सबूत था.

नए शामिल हुए सैनिकों को संबोधित करते हुए मेजर जनरल एनआर पांडे ने अग्निवीरों को उनके दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के लिए बधाई दी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे भारतीय सेना की बेहतरीन परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखते हुए देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

कमांडेंट ने युवा रिक्रूट्स को अनुशासित और युद्ध के लिए तैयार सैनिकों में बदलने के लिए इंस्ट्रक्टरों और ट्रेनिंग स्टाफ की भी तारीफ की. समारोह के दौरान चुने गए अग्निवीरों के माता-पिता को ‘गौरव पदक’ दिए गए, ताकि देश की सेवा के लिए अपने बेटों को समर्पित करने में उनके योगदान को सम्मान दिया जा सके. इस दौरान रिव्यूइंग ऑफिसर ने माता-पिता से बातचीत भी की और उनके सहयोग और त्याग के लिए उनकी सराहना की.

अटेस्टेशन परेड अग्निवीरों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है और एक अत्यधिक प्रेरित, कुशल और अनुशासित सेना तैयार करने के भारतीय सेना के कमिटमेंट को फिर से पक्का करती है. जैसे ही ये युवा सैनिक अपने मिलिट्री करियर की शुरुआत करते हैं, वे नासिक के आर्टिलरी सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान सिखाए गए साहस, वफादारी, निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति अटूट कमिटमेंट के मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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60 साल पहले आई वो फिल्म, धर्मेंद्र को रातोंरात बनाया स्टार, एक सीन ने दी अमर पहचान


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गीत-संगीत के बिना बॉलीवुड फिल्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती. लीड हीरो-हीरोइन पर गाने फिल्माए जाते हैं. फिल्म का म्यूजिक जितना असरदार होगा, मूवी उतनी ही बड़ी हिट होगी. 60 साल पहले धर्मेंद्र की एक ऐसी फिल्म आई थी जिसमें छह गाने थे लेकिन एक भी गाना उन पर नहीं फिल्माया गया था. यह उस दौर की संभवत: पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें लीड हीरो पर कोई नहीं फिल्माया गया था. इसी फिल्म के एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी. धर्मेंद्र ने अपनी अदाकारी का ऐसा जलवा बिखेरा कि मूवी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इस फिल्म ने धर्मेंद्र को स्टार बनाया.

धर्मेंद्र -मीना कुमारी की फिल्म ‘फूल और पत्थर’ 14 अगस्त 1966 को रिलीज हुई थी. फिल्म के आइडिया का क्रेडिट अख्तर उल इमान को जबकि स्टोरी-स्क्रीनप्ले ओपी रल्हन का था. डायलॉग एहसान रिजवी ने लिखे थे. गीतकार शकील बदायुंनी जबकि संगीतकार रवि थे. फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रहलन थे. ओपी रल्हन बॉलीवुड सुपर स्टार राजेंदर कुमार के जीजा थे. राजेंद्र कुमार के कहने पर ही उन्होंने धर्मेंद्र को फिल्म में लीड रोल में कास्ट किया था.

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धर्मेंद्र को जब लीड हीरो के रोल के लिए साइन कर लिया गया तब मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही ने ओपी रल्हन ने कहा था कि धर्मेंद्र इस लायक नहीं है कि उन्हें मीना कुमारी के अपोजिट लीड रोल दिया जाए. हालांकि तब तक धर्मेंद्र-मीना कुमारी तीन फिल्मों में काम कर चुके थे. बताया जाता है कि निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही को धर्मेंद्र-मीना कुमारी की दोस्ती पसंद नहीं थी. रल्हन ने जवाब देते हुए कहा था कि यही लड़का आगे चलकर स्टार बनेगा. फिल्म में शशिकला, ललिता पवार, मदन पुरी और इफ्तिखार भी अहम भूमिकाओं में थे.

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फिल्म का म्यूजिक रवि ने कंपोज किया था. फिल्म में 6 गाने थे लेकिन धर्मेंद्र पर्दे पर कोई गाना गाते नजर नहीं आए. 60 के दशक में शायद ही ऐसी कोई फिल्म होगी जिसमें लीड हीरो ने गाना नहीं गाया हो. ‘फूल और पत्थर’ में यह अनोखा प्रयोग किया गया. मीना कुमारी पर सिर्फ एक गाना फिल्माया गया था. दो गाने शशि कला पर जबकि दो गाने ओपी रल्हन पर फिल्माए गए. उन्होंने फिल्म में एक्टिंग भी की थी.

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धर्मेंद्र ने बताया था कि डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रल्हन का एटिट्यूड अच्छा नहीं था. वो बहुत ही घमंडी थे. अक्खड़ स्वभाव के थे. ऐसे में धर्मेंद्र से उनकी अनबन हो गई थी. बात इतनी बिगड़ी कि धर्मेंद्र ने बीच में फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था. उन्होंने अपनी मां से कहा था कि वो फिल्म इंडस्ट्री छोड़ रहे थे. तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. उन्होंने किसी तरह फिल्म पूरी की.

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फिल्म के एक सीन में धर्मेंद्र रात में फुटपाथ पर सो रही एक बुजुर्ग महिला को अपनी शर्ट ओढ़ा देते हैं. फिर अपने घर पर पहुंचते हैं. मीना कुमारी उनके घर पर बिस्तर पर लेटी हैं. धर्मेंद्र को पास आता देखकर वो डर जाती हैं. धर्मेंद्र पास आते हैं और यह देखते हैं कि क्या वो सो रही हैं? फिर कंबल ओढ़ाकर चले जाते हैं. इस एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी.

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एक पल में वो एक बूढ़ी औरत के बेटे बन जाते हैं तो दूसरे ही पल में वो हमउम्र औरत के रखवाले बन जाते हैं. धर्मेंद्र का बिना शर्ट वाला पोस्टर खूब चर्चा में रहा. रात में ठंड से ठिठुर रही बुजुर्ग महिला को शर्ट ओढ़ाने का आइडिया धर्मेंद्र का ही था. शर्त उतरना फिल्म का आइकॉनिक सीन बन गया. यह सीन धर्मेंद्र की और फिल्म की पहचान बन गया.

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धर्मेंद्र इस फिल्म में चोर बने थे. धर्मेंद्र का चोर बनना उनकी किस्मत खोल गया. आगे आने वाले वर्षों में कई फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं. धर्मेंद्र ‘मेरा गांव मेरा देश’ (1971), जुगनू (1973), कहानी किस्मत की (1973), लोफर (1973) , यादों की बारात (1973) और शोले (1975) जैसी फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं.

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‘फूल और पत्थर’ फिल्म का बजट करीब 65 लाख रुपये के करीब था. फिल्म गोल्डन जुबली हिट हुई. फिल्म की कुल कमाई 7.5 करोड़ थी. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस की कैटेगरी में धर्मेंद्र-मीना कुमारी को फिल्मफेयर नॉमिनेशन मिला था लेकिन उस साल बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड देवानंद को ‘गाइड’ के लिए मिला. फिल्म को दो फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले. ये अवॉर्ड बेस्ट आर्ट डायरेक्टर और बेस्ट एडिटर कैटेगरी में मिले.

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शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी की पीट-पीटकर हत्या: ट्रेन में चढ़ने को लेकर विवाद, यूपी का रहने वाला, ड्यूटी से लौट रहा था घर – New Delhi News




नई दिल्ली। शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए विवाद में एक सुरक्षाकर्मी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर हुई, जहां कुछ यात्रियों से कहासुनी के बाद सुरक्षाकर्मी पर लात-घूंसों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सुरक्षाकर्मी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा के रूप में हुई है। वह इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था और ड्यूटी के बाद ट्रेन से घर लौट रहा था। वारदात के बाद आरोपी ट्रेन में सवार होकर फरार हो गए। डीसीपी भरत रेड्डी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि योग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पंकज का कुछ यात्रियों से विवाद हो गया था। इसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वायरल वीडियो से मिले अहम सुराग घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति पर लात-घूंसों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक आरपीएफ जवान बीच-बचाव के लिए पहुंचता है। हमले के दौरान पंकज जमीन पर गिरकर अचेत हो जाता है, जबकि आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच में शामिल कर लिया है। साथ ही स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद शाहदरा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्टेशन पर आरपीएफ और पुलिस चौकी होने के बावजूद प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी वारदात होना सुरक्षा इंतजामों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरपीएफ जवान तो मौके पर पहुंच गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि तत्काल हस्तक्षेप होता तो क्या आरोपी मौके से फरार होने से रोके जा सकते थे।



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