Tuesday, June 16, 2026
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CSK से लेकर अंडर-19 कप्तान तक, तैयार हो रहे इंटरनेशनल क्रिकेटर


सहारनपुर: खेल के मैदान पर प्रतिभा किसी सुख-सुविधा या रसूख की मोहताज नहीं होती, उसे बस एक सही मौके और थोड़े से मार्गदर्शन की दरकार होती है. उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला इन दिनों देश के खेल जगत में अपनी सफलता के झंडे गाड़ रहा है. इसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका निभा रही है ‘सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन’ (SDCA), जो आज के समय में पैसों की कमी और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे गरीब बच्चों के लिए साक्षात मसीहा बनकर सामने आई है. इस एसोसिएशन की कड़े परिश्रम और दूरदर्शी नीति का ही नतीजा है कि आज सहारनपुर का क्रिकेट लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यहां के तंग गलियों से निकले बच्चे आईपीएल (IPL) और इंडिया अंडर-19 जैसी बड़ी टीमों में अपने बल्ले और गेंद से धमाल मचा रहे हैं.

तैयार हो रही है इंटरनेशनल क्रिकेटरों की फौज

सहारनपुर में क्रिकेट की इस ऐतिहासिक क्रांति की नींव साल 2014 में रखी गई थी. इस संस्था की शुरुआत इसी मुख्य उद्देश्य के साथ की गई थी कि पैसों की तंगी के कारण किसी भी होनहार बच्चे का क्रिकेटर बनने का सपना अधूरा न रह जाए. इसके बाद से ही जिला एसोसिएशन ने ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के प्रतिभावान युवाओं को खोजना और उन्हें तराशना शुरू किया.

CSK से लेकर U-19 के कप्तान तक

सहारनपुर क्रिकेट एसोसिएशन के ट्रेनिंग कैंप से निकले खिलाड़ियों की सफलता की कहानियां रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं-

प्रशांत वीर: हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम में सबसे महंगे और प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में शामिल होने वाले प्रशांत वीर ने सहारनपुर की इसी एसोसिएशन की पिच पर दौड़कर क्रिकेट की एबीसीडी सीखी थी.

मोहम्मद अमन (पूर्व अंडर-19 कप्तान): एक बेहद गरीब और साधनहीन परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद मोहम्मद अमन ने अपनी लगन और एसोसिएशन के सहयोग से भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी करने का गौरव हासिल किया.

मुफ्त मिलेंगी सारी सुविधाएं: अगर कोई बच्चा बेहद गरीब परिवार से है, उसके माता-पिता महंगी क्रिकेट किट, जूते या कोचिंग की फीस वहन नहीं कर सकते, तो डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ऐसे बच्चों को पूरी तरह गोद ले रही है. एसोसिएशन की तरफ से उन्हें विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, आधुनिक उपकरण और टूर्नामेंट खेलने के लिए पूरा खर्च मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिल सके.

सहारनपुर का इंफ्रास्ट्रक्चर भी अब बड़े महानगरों को टक्कर दे रहा है. यहां अब एक चमचमाता नेशनल स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और कई ऐसे हाई-टेक ग्राउंड्स बनकर तैयार हो चुके हैं, जहां आज भी रणजी, अंडर-19 और आईपीएल के बड़े-बड़े खिलाड़ी नेट प्रैक्टिस करने के लिए आते हैं.

ट्रेनिंग, ग्राउंड फीस, किट सब मुफ्त

हाल ही में सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने नए पदाधिकारियों की टीम की आधिकारिक घोषणा की है. पदभार संभालते ही नए युवा पदाधिकारियों ने जिले के नवोदित खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है. इसके तहत, जो भी बच्चा क्रिकेट खेलने का इच्छुक है और उसके पास आर्थिक संसाधन नहीं हैं, उसके लिए एसोसिएशन के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे. ऐसे बच्चों के लिए ट्रेनिंग, ग्राउंड फीस, किट और रहने-खाने की तमाम व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क (फ्री) रहेगी, ताकि वे बिना किसी मानसिक और आर्थिक दबाव के देश का नाम रोशन करने के अपने सपने को साकार कर सकें.

सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (SDCA) की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
इस एसोसिएशन की शुरुआत साल 2014 में की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य गरीब व साधनहीन प्रतिभावान बच्चों को मुफ्त में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर तक पहुंचाना है.

सहारनपुर के किस विकेटकीपर खिलाड़ी को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम में शामिल किया गया है?
सहारनपुर से ही क्रिकेट की बारीकियां सीखकर आईपीएल तक पहुंचने वाले तेज-तर्रार विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रशांत वीर को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम में शामिल किया गया है.



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रामगढ़ताल में सुरक्षा पर GDA की रहेगी नजर: निगरानी के लिए टीम गठित; बोटिंग संचालन पर रहेगा ध्यान – Gorakhpur News




रामगढ़ताल में हुई घटना के बाद यहां सुरक्षा को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। यहां सुरक्षा और सफाई की निगरानी के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। बोटिंग के दौरान स्टंटबाजी तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की घटनाओं के चलते यह कदम उठाया गया है।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने रामगढ़ताल क्षेत्र में निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की है। GDA के सहायक अभियंता राज बहादुर को टीम का प्रभारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में टीम ताल क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करेगी और बोटिंग संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी करेगी। रामगढ़ताल में वर्षों से बोटिंग गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन ताल के भीतर आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के सवाल लगातार उठते रहे हैं। पूर्व में भी ताल में नाव पलटने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश में एक तालाब में क्रूज डूबने की घटना के बाद जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर बहस तेज हुई, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा सके। अब जीडीए ने जेटी और बोटिंग प्वाइंट्स पर विशेष निगरानी की योजना बनाई है। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए, सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों और संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या लापरवाही न हो। इसके साथ ही ताल क्षेत्र में जल पुलिस की तैनाती अथवा त्वरित बचाव व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल का कहना है कि रामगढ़ताल को सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा



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बहन को खोने का दर्द बना मिशन, अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर फिल्म बनाएंगे मिलान शर्मा


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अहमदाबाद प्लेन क्रैश में अपनी बहन को खोने वाले फिल्ममेकर मिलान शर्मा अब इस दर्दनाक हादसे पर एक फिल्म बनाने जा रहे हैं. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके लिए एक निजी मिशन है. उन्होंने यहां तक कहा कि यह उनके करियर का आखिरी प्रोजेक्ट भी हो सकता है.

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फिल्ममेकर ने बताया क्यों बनाई फिल्म

नई दिल्ली. वडोदरा में रहने वाले 38 वर्षीय मिलान शर्मा मूल रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं. पिछले साल अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश में उन्होंने अपनी 56 साल की बहन अंजू शर्मा को खो दिया था. हादसे के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने तय कर लिया था कि इस त्रासदी की कहानी बड़े पर्दे पर जरूर लाएंगे.

मिलान ने बताया कि हादसे के एक हफ्ते के भीतर ही उन्होंने इस पर फिल्म बनाने का फैसला कर लिया था और वह पहले से ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि एक साल बीत जाने के बाद भी लोग हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और पीड़ित परिवार जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन हुआ क्या था.

हादसे के बाद बदली जिंदगी पर होगी आधारित

मिलान शर्मा के मुताबिक, यह फिल्म सिर्फ विमान हादसे तक सीमित नहीं रहेगी. इसमें उन परिवारों की कहानी भी दिखाई जाएगी, जिनकी जिंदगी इस दुर्घटना के बाद पूरी तरह बदल गई. मिलान अब तक 20 से 25 प्रभावित परिवारों से मिल चुके हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों की कहानी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि वह परिवारों से फिल्म के लिए नहीं, बल्कि उनका दुख समझने और बांटने के लिए मिले. इसी दौरान उन्होंने कई ऐसे लोगों से भी बात की, जो हादसे के समय मौके पर मौजूद थे. वह पीड़ितों की यादें, तस्वीरें और उनके आखिरी पलों से जुड़ी बातें भी इकट्ठा कर रहे हैं.

फिल्म को लेकर किया दावा

मिलान का कहना है कि इस हादसे को लेकर हर व्यक्ति का अपना नजरिया है और वह इन सभी कहानियों को एक साथ लेकर आना चाहते हैं. हालांकि फिल्म की स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने से पहले वह जांच रिपोर्ट का इंतजार करेंगे. उनका कहना है कि हादसे की वजह चाहे मानवीय गलती निकले या तकनीकी खराबी, फिल्म जरूर बनेगी.

बता दें कि मिलान ने बताया कि यह एक बड़े स्तर का प्रोजेक्ट होगा, जिसमें उनके प्रोडक्शन पार्टनर और सहयोगी भी साथ होंगे. मिलान मानते हैं कि अगर उनका कोई अपना इस हादसे का शिकार नहीं भी होता, तब भी वह इस पर फिल्म बनाते, लेकिन शायद उतने जुनून के साथ नहीं. इस हादसे ने उनकी निजी जिंदगी पर भी गहरा असर डाला है. अब जब भी वह हवाई यात्रा करते हैं, तो घबराहट महसूस होती है. उन्होंने बताया कि हाल ही में फ्लाइट में बैठने से पहले उन्होंने अपने परिवार को तस्वीर भेजी, जबकि पहले कभी ऐसा नहीं किया था.

बता दें कि मिलान शर्मा ने 2007 में बतौर एक्टर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा था. बाद में उन्होंने प्रोडक्शन और डायरेक्शन की दुनिया में काम किया. वह पंजाबी फिल्म ‘इश्क वाला’ और गुजराती प्रोजेक्ट ‘अमे छिये’ को भी प्रोड्यूस कर चुके हैं.

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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पेरिस में बजा डंका! दुनिया के 7 सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में भारत के दो एयरपोर्ट


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अडानी समूह के विमानन कारोबार के लिए वैश्विक मोर्चे से एक बेहद शानदार खबर आई है. पेरिस में यूनेस्को (UNESCO) मुख्यालय में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘प्रिक्स वर्साय वास्तुकला और डिजाइन पुरस्कार 2026’ ने दुनिया के 7 सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों की सूची जारी की है, जिसमें भारत के दो हवाई अड्डों ने अपनी जगह पक्की कर ली है. अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा संचालित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और गुवाहाटी का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टर्मिनल 2) इस वैश्विक सूची में शामिल हुए हैं. खास बात यह है कि इस साल भारत की तरफ से सिर्फ इन्हीं दो हवाई अड्डों को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है.

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अडानी समूह के इन दोनों टर्मिनलों को पारंपरिक और उबाऊ सरकारी इमारतों के ढर्रे से अलग हटकर तैयार किया गया है. (IANS)

नई दिल्ली. भारतीय विमानन क्षेत्र और बुनियादी ढांचे के लिहाज से एक बड़ी और गर्व करने वाली खबर आई है. पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय द्वारा घोषित समकालीन वास्तुकला के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘प्रिक्स वर्साय 2026’ की सूची में भारत के दो हवाई अड्डों को दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में शामिल किया गया है. इस साल वैश्विक स्तर पर केवल सात एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को उनकी बेहतरीन वास्तुकला, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन के लिए चुना गया है. इनमें से 2 भारत के हैं. दोनों का संचालन गौतम अडानी की कंपनी ‘अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड’ करती है.

यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत से इस पूरी सूची में सिर्फ इन्हीं दो हवाई अड्डों को जगह मिली है. इन एयरपोर्ट्स ने दुनिया के कई विकसित देशों के आधुनिक विमानन केंद्रों को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है. अडानी समूह के इन दोनों टर्मिनलों को पारंपरिक और उबाऊ सरकारी इमारतों के ढर्रे से अलग हटकर तैयार किया गया है. यह न केवल वैश्विक मानकों को पूरा करते हैं बल्कि भारत की बढ़ती विमानन महत्वाकांक्षाओं और आधुनिक डिजाइन क्षमताओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं.

इन वैश्विक दिग्गजों के साथ मिली जगह

साल 2026 की इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होकर भारतीय हवाई अड्डों ने वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाई है. इस सूची में शामिल अन्य देशों के प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  1. ग्वांगझू (चीन)
  2. फ्रैंकफर्ट एम मेन (जर्मनी)
  3. कंदल स्टुएंग (कंबोडिया)
  4. पिट्सबर्ग (अमेरिका)
  5. सैन डिएगो (अमेरिका)

डिजाइन में ऐसा क्या है जो दुनिया दीवानी हो गई?

इन दोनों हवाई अड्डों के निर्माण और उनकी वास्तुकला में स्थानीय संस्कृति और भविष्य की जरूरतों का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है:

  • नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टर्मिनल 1): इस हवाई अड्डे के पूरे निर्माण को भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. यह अत्याधुनिक वैश्विक तकनीक, भारतीय कला और कार्यशैली के बेहतरीन तौर-तरीकों का एक अनूठा उदाहरण पेश करता है, जो यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव देता है.
  • गुवाहाटी हवाई अड्डा (टर्मिनल 2): पूर्वोत्तर भारत के इस अहम प्रवेश द्वार को असम की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के रंग में रंगा गया है. इसका मुख्य डिजाइन वहां के मशहूर ‘बांस के ऑर्किड’ से प्रेरित है. इसमें प्राकृतिक सिद्धांतों का इस्तेमाल किया गया है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना यात्रियों को प्रकृति के करीब होने का अहसास कराता है.

कंपनी की साख और ब्रांड वैल्यू को मिलेगा बूस्ट

अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के प्रवक्ता ने इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर कहा कि यह सम्मान देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा खड़ा करने की हमारी प्रतिबद्धता पर मुहर लगाता है. हम ऐसे हवाई अड्डे विकसित कर रहे हैं जो न केवल सुंदरता बल्कि कार्यक्षमता और परिचालन दक्षता को भी सुनिश्चित करते हैं. व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैश्विक सम्मान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अडानी समूह के इंफ्रा कारोबार की साख और मजबूत होगी. इस बड़ी वैश्विक पहचान का सकारात्मक असर आने वाले समय में समूह के विमानन क्षेत्र के शेयरों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई परियोजनाएं हासिल करने की क्षमता पर साफ देखने को मिल सकता है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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भागवत बोले- RSS गुप्त संगठन नहीं, सरकार भी जानती है: 100 साल में किसी ने रजिस्ट्रेशन करवाने नहीं कहा; प्रियांक ने पूछा था- संघ रजिस्टर्ड क्यों नहीं


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बेंगलुरु/नागपुर27 मिनट पहले

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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के रजिस्ट्रेशन की मांग को खारिज करते हुए कहा कि संगठन न तो गुप्त है और न ही जनता की नजर से दूर काम करता है।

केरल के त्रिशूर में संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा- बहुत सी ऐसी चीजें चल रही हैं जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है। संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हम खुले मैदानों में काम करते हैं। लोगों को बुलाते हैं और उन्हें बताते हैं कि हम क्या करते हैं।

उन्होंने संघ के रजिस्ट्रेशन के सवाल पर बताया कि जो लोग सरकार से फंड चाहते हैं, उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है। वह होना ही चाहिए। लेकिन सरकार जानती है कि संघ का अस्तित्व है।

दरअसल कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत को लेटर लिखा था। खड़गे ने पूछा था- 100 साल का हिसाब बताएं। कानूनी दर्जा, फंडिंग और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करें।

भागवत ने और क्या कहा, 5 पॉइंट…

  • सरकार ने हम पर दो बार प्रतिबंध लगाया। एक प्रतिबंध कोर्ट के आदेश से लगा था। दूसरा सत्याग्रह के बाद हटाया गया। इसका मतलब है कि सरकार जानती थी कि RSS का अस्तित्व है।
  • संगठन ने 1950 में सरकार को अपना लिखित संविधान सौंपा था और किसी भी अधिकारी ने कभी भी मान्यता मिलने से पहले रजिस्ट्रेशन कराने पर जोर नहीं दिया।
  • 100 से ज्यादा साल बीत गए हैं। किसी ने हमसे यह नहीं कहा कि आपको रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा। हिंदू धर्म रजिस्टर्ड नहीं है। कई चीजें रजिस्टर्ड नहीं हैं।
  • हमारे कार्यकर्ता हर इलाके में रहते हैं। लोग उन्हें रोज देखते हैं। हमारी पहुंच बहुत व्यापक है। अगर हम कोई बात छिपाकर रखते, तो इनमें से कुछ भी मुमकिन नहीं होता
  • वे किसी न किसी तरह से एक तरफ तो संघ के काम में बाधा डालना चाहते हैं और लोगों के मन में शक पैदा करना चाहते हैं। लेकिन अब ऐसा करना मुमकिन नहीं है क्योंकि लोग हमें जानते हैं।

खड़गे ने पूछा था- RSS 100 साल का हिसाब बताए

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को RSS के 100 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए, मोहन भागवत को लेटर लिखकर संघ की कानूनी स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा है। खड़गे ने RSS से कहा कि वह अपना रजिस्ट्रेशन कराए। अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और फंडिंग, आय, खर्च और संपत्ति के स्रोतों की जानकारी सार्वजनिक करे।

उन्होंने तर्क दिया कि संगठन को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए। 13 जून को लिखे लेटर में प्रियांक ने सवाल किया कि जब नागरिकों, मजदूर संगठनों, NGO, ट्रस्ट, मंदिरों और कंपनियों से कानून का पालन करने, रजिस्ट्रेशन कराने और जानकारी देने की उम्मीद की जाती है, तो RSS को इससे छूट क्यों मिलनी चाहिए।

RSS पर प्रियांक खड़गे के पिछले 2 बयान

20 अक्टूबर 2025: प्रियांक बोले- RSS कार्यकर्ताओं ने गाली-धमकी दी

कर्नाटक के चित्तपुर में होने वाली RSS और भीम आर्मी के मार्च को प्रशासन ने परमिशन देने से इनकार कर दिया है। चित्तपुर से विधायक और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि RSS के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुझे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। अगर कोई संगठन मार्च निकालना चाहता है तो पहले यह साबित करे कि वह कानूनी परमिशन ले। अब तक किसी स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस से औपचारिक अनुमति नहीं मांगी है।

1 जुलाई 2025: प्रियांक बोले-केंद्र में आए तो RSS को बैन करेंगे

कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने कहा कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो RSS पर बैन लगाया जाएगा। प्रियांक ने RSS पर धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने पहले भी दो बार RSS पर बैन लगाया था और अब उन्हें उसे हटाने का अफसोस है। उनके मुताबिक, संघ हमेशा समानता और आर्थिक न्याय के विरोध में रहा है।’

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भागवत बोले- संघ कहे तो पद छोड़ दूंगा, कोई भी हिंदू RSS प्रमुख बन सकता है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। RSS प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। पूरी खबर पढ़ें…

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निसरपुरा दोहरे हत्याकांड: जहानाबाद में कुर्की के डर से एक आरोपी ने किया सरेंडर, दूसरे की संपत्ति कुर्क – Jehanabad News




जहानाबाद जिले के भेलावर थाना क्षेत्र के निसरपुरा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के फरार आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को न्यायालय के आदेश पर पुलिस जब दो आरोपियों के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करने पहुंची, तो एक आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, दूसरे आरोपी की संपत्ति कुर्क कर ली गई। पुलिस के अनुसार, हत्याकांड के आरोपी नीतीश कुमार और अंकित कुमार लंबे समय से फरार थे। न्यायालय से कुर्की-जब्ती का आदेश मिलने के बाद पुलिस बल निसरपुरा गांव पहुंचा। कुर्की की प्रक्रिया शुरू होते ही आरोपी नीतीश कुमार ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद उसके घर की कुर्की की कार्रवाई रोक दी गई और उसे विधिसम्मत तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरे आरोपी अंकित कुमार के फरार रहने के कारण उसके घर में न्यायालय के आदेशानुसार कुर्की-जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भेलावर दोहरे हत्याकांड में पुलिस का शिकंजा, 8 आरोपी गिरफ्तार/आत्मसमर्पित, छापेमारी जारी पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने बताया कि निसरपुरा दोहरे हत्याकांड में कुल 17 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इनमें से अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पांच अन्य आरोपियों के घरों में पहले ही कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जा चुकी है। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। 20 दिनों में एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या यह उल्लेखनीय है कि 15 मई को शिवम कुमार पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था, जिनकी इलाज के दौरान 17 मई को मौत हो गई थी। इसके बाद, मामले में पैरवी कर रहे उनके चाचा मुन्ना कुमार सिंह की 7 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 20 दिनों के भीतर एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।



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सरकारी जमीन पर बनीं 20 से अधिक दुकानें हटाईं: बदनावर-टिमरवानी फोरलेन का कट पॉइंट तय होने के बाद हुआ था कब्जा – Jhabua News


झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील के ग्राम सारंगी में प्रशासन ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह पूरा मामला सर्वे नंबर 1784/2 की जमीन का है, जो सरकारी कामों के लिए सुरक्षित रखी गई है।

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दरअसल, हाल ही में प्रस्तावित बदनावर-टिमरवानी फोरलेन का कट पॉइंट इस जमीन के पास तय हुआ है, जिसके बाद से यहां की जमीनों के दाम आसमान छूने लगे हैं।

फोरलेन की वजह से बढ़े दामों का फायदा उठाने के लिए भू-माफियाओं और कब्जाधारियों ने एक ही रात में लोहे के एंगल और शेड लगाकर 20 से ज्यादा दुकानें खड़ी कर दी थीं। आरोप तो यह भी है कि ग्राम पंचायत के साथ सांठगांठ करके इस कीमती जमीन के फर्जी पट्टे भी बांट दिए गए थे।

जब इस मामले की शिकायत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के पास जनसुनवाई में पहुंची, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम तनुश्री मीणा को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए।

महिलाओं ने दी खुदकुशी की धमकी, पर नहीं रुका बुलडोजर

सोमवार को पेटलावाद तहसीलदार अनिल बघेल भारी पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ जब अतिक्रमण हटाने पहुंचे, तो उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ महिलाओं ने तो हाथ में पत्थर उठा लिए और खुद को नुकसान पहुंचाने (आत्मदाह जैसी) धमकी देकर टीम को रोकने की कोशिश की।

इसके बावजूद तहसीलदार ने बिना किसी दबाव के अपनी कार्रवाई जारी रखी और बुलडोजर चलाकर सारे अवैध कब्जों को मलबे में मिला दिया।

बांटे गए फर्जी पट्टों की जांच शुरू

प्रशासन के मुताबिक, इस जमीन में से दो हेक्टेयर भूमि पहले से ही पेटलावद की विपणन सहकारी संस्था को वेयरहाउस और टमाटर केचप प्लांट के लिए दी जा चुकी है। इसके अलावा, 10 आरा जमीन पर सोसाइटी का भवन और करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर गाडोलिया समाज का कब्जा है।

प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि जिस जमीन का मालिकाना हक ग्राम पंचायत के पास था ही नहीं, उसके पट्टे आखिर कैसे और किसने बांट दिए।

इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पेटलावद थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया, चौकी प्रभारी दीपक देवरे समेत पुलिस और राजस्व विभाग का अमला मुस्तैद रहा।



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दिल्ली में मां यमुना तट स्वच्छता अभियान: 28 घाटों से हटाया 116.6 मीट्रिक टन कचरा; मंत्री बोले-यमुना केवल नदी नहीं, दिल्ली की आस्था है – New Delhi News




दिल्ली सरकार द्वारा यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए राजधानी के 28 प्रमुख यमुना घाटों पर एक साथ “मां यमुना तट स्वच्छता अभियान” का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अभियान में 15,000 से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया अभियान के दौरान यमुना घाटों, नदी तटों, पहुंच मार्गों और आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की व्यापक सफाई की गई। इस दौरान 116.6 मीट्रिक टन कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा यमुना केवल एक नदी नहीं है, यह दिल्ली की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। इस अभियान में सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, राजस्व विभाग सहित कई विभागों ने संयुक्त रूप से इस अभियान को सफल बनाया। दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और डूसिब ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 8 ट्रैश स्किमर एवं वीड हार्वेस्टर, 28 नावें, 28 जेसीबी मशीनें, 84 पीडब्ल्यूडी मेंटेनेंस वैन, 28 हॉर्टिकल्चर वाहन, कचरा परिवहन वाहन तथा प्रत्येक स्थल पर आपात चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस तैनात की गईं। 116.6 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया अभियान के दौरान एकत्र कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारित किया गया। सामान्य कचरे एवं निर्माण एवं विध्वंस (सीडी) अपशिष्ट का निर्धारित नियमों के तहत निपटान किया गया। पूजा सामग्री एवं खंडित मूर्तियों का पर्यावरण अनुकूल तरीके से विसर्जन सुनिश्चित किया गया। जलकुंभी एवं अन्य हरित अपशिष्ट को वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए निर्धारित ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स तक पहुंचाया गया। ‘यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है’ जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आगे कहा दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता और जनभागीदारी के विजन से प्रेरित होकर यमुना पुनर्जीवन के लिए लगातार कार्य कर रही है। यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है। यदि हम सभी यह निश्चय करें कि यमुना में कचरा नहीं जाएगा, तो यमुना को स्वच्छ बनने से कोई नहीं रोक सकता।



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PM के सलाहकार की ‘बेइज्‍जती’ पर बौखलाया बांग्‍लादेश, लेकिन ये हुआ क्‍यों?


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PM के सलाहकार की ‘बेइज्‍जती’ पर बौखलाया बांग्‍लादेश, लेकिन ये हुआ क्‍यों?

Agency:एजेंसियां

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बांग्‍लादेशी पीएम के सलाहकार भारत आए तो उन्‍हें द‍िल्‍ली के इंद‍िरा गांधी एयरपोर्ट पर रोक द‍िया गया. और अब ये बड़ा बखेड़ा बन गया है. आख‍िर ये हुआ क्‍यों? बांग्‍लादेशी मीडिया में क्‍या चल रहा है?

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द‍िल्‍ली एयरपोर्ट…

बांग्‍लादेश के प्रधानमंत्री तार‍िक रहमान के सलाहकार जाहेद उर रहमान भारत आए तो द‍िल्‍ली एयरपोर्ट पर स‍िक्‍योर‍िटी ने उन्‍हें रोक ल‍िया. ढाई घंटे तक पूछताछ की, फ‍िर अध‍िकार‍ियों से बातचीत के बाद उन्‍हें जाने द‍िया. अब बांग्‍लादेश नाराज है क‍ि उसके अध‍िकारी को ‘बेइज्‍जत’ क्‍यों क‍िया गया? तार‍िक रहमान सरकार ने भारत के उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब क‍िया, उनसे श‍िकायत दर्ज कराई. ये पूछा क‍ि आख‍िर ये हुआ कैसे?

दरअसल, जाहेद उर रहमान इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) की 28वीं बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली आए थे. लेकिन जब वे द‍िल्‍ली एयरपोर्ट पहुंचे तो स‍िक्‍योर‍िटी ने उन्‍हें देखते ही रोक ल‍िया. सरकार ने तो अब तक कुछ बताया नहीं है, लेकिन जो र‍िपोर्ट सामने आई है, उसके मुताबिक- इमिग्रेशन जांच के दौरान जाहेद उर रहमान का नाम भारत की स‍िक्‍योर‍िटी वॉचल‍िस्‍ट में फ्लैग हो गया. यह देखकर कोई भी एजेंसी कैसे जाने देती. एजेंस‍ियों ने उन्हें तुरंत रोक ल‍िया. करीब 2 से 2.5 घंटे तक सत्यापन की कोश‍िश की. पूछताछ की गई. बाद में उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई, लेकिन उन्होंने यात्रा जारी रखने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया.

स‍िक्‍योर‍िटी वॉचल‍िस्‍ट में नाम क्यों था?

-सवाल यही सबसे बड़ा है क‍ि आख‍िर जाहेद उर रहमान ने ऐसा क्‍या क‍िया था क‍ि उनका नाम स‍िक्‍योर‍िटी वॉचल‍िस्‍ट में आ गया. सरकार ने इस पर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है. लेकिन बांग्लादेशी मीडिया और कुछ सूत्रों के हवाले से कुछ र‍िपोर्ट सामने आई हैं. बताया जा रहा है क‍ि उनका नाम पहले से एक स‍िक्‍योर‍िटी वॉचलिस्ट में दर्ज था. कुछ में यह एडम‍िन‍िस्‍ट्रेट‍िव एरर बताया गया है, ज‍िसे बाद में सुधार ल‍िया गया और बाद में क्लियरेंस दे दी गई.

-बांग्‍लादेश की कुछ मीडिया र‍िपोर्ट्स में कहा जा रहा क‍ि जुलाई 2025 में प्रदर्शन के दौरान जब भारत विरोधी नारेबाजी की जा रही थी, तब भारत ने कुछ बांग्‍लादेशी लोगों, कंटेंट क्र‍िएटर्स की एक्‍ट‍िव‍िटीज पर नजर रखी थी. सूत्रों के हवाले से बांग्‍लादेशी मीडिया दावा कर रही है क‍ि उसी वक्‍त जाहेद उर रहमान को भी स‍िक्‍योर‍िटी वॉचलिस्ट में डाला गया था. लेक‍िन इसकी पुष्टि भारत ने नहीं की है.

-कुछ र‍िपोर्ट में पासपोर्ट को लेकर भी दावे क‍िए जा रहे हैं. कहा जा रहा क‍ि जाहेद उर रहमान सामान्य बांग्लादेशी पासपोर्ट यानी ग्रीन पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे. उनके पास SAARC वीजा भी था. एक रिपोर्ट में भारतीय अधिकारी के हवाले से कहा गया कि उनके पास उपयुक्त भारतीय वीजा नहीं था और इसी वजह से प्रवेश रोका गया. सच क्‍या है, यह भारत सरकार के जवाब के बाद भी पता चल पाएगा.

दोस्‍ती का वक्‍त, और ये घटना

घटना से कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने दोनों देशों के बीच ‘वर्किंग रिलेशनशिप’ की जरूरत पर जोर दिया था और कहा था कि पड़ोसी होने के नाते हमें साथ रहना और सहयोग करना जरूरी है. यह घटना ढाका में भारतीय उच्चायोग में नेतृत्व परिवर्तन के समय हुई है. नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी 12 जून को बांग्लादेश पहुंचे हैं और वे प्रणय वर्मा की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे. दोनों देशों ने हाल ही में कई क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने की इच्छा जताई है, ऐसे में यह अप्रत्याशित कूटनीतिक विवाद भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजर रखने वालों के लिए चर्चा का विषय बन गया है.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



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Jio का ‘ग्लोबल’ दबदबा, बनी टॉप-20 पेटेंट रैंकिंग वाली अकेली भारतीय कंपनी


Jio ने ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में भी अपना दबदबा कायम किया है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन यानी WIPO का लेटेस्ट पेटेंट रैंकिंग के टॉप-20 में अपनी जगह बना ली है। ऐसा करने वाली यह देश की पहली कंपनी बन गई है। जियो ने 320 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। यह भारत की इकलौती टेक इनोवेटर है, जिसने ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है। इसके साथ ही जियो, सैमसंग, क्वालकॉम, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गया है।

कई इनोवेशन पर हो रहा काम

जियो सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं रही है। पिछले कुछ सालों में यह टेक्नोलॉजी बनाने वाली देश की बड़ी टेक कंपनी बन गई है। जियो फ्यूचर के हिसाब से खुद को बदल रहा है और ऐसे एडवांस तकनीकों पर काम कर रहा है, जो आगे चलकर मील का पत्थर साबित हो सकता है। कंपनी 5G, 6G, AI, IoT डिवाइसेज और क्लाउड प्लेटफॉर्म्स से लेकर कंप्यूटर से चलने वाले ऑटोमेशन आदि पर काम कर रही है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने जियो की इस उपलब्धि पर कहा कि दुनिया की टॉप-20 पेटेंट रैंकिंग में जियो का आना हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारे पिछले कुछ साल की मेहनत का नतीजा है। जियो लगातार नई और अत्याधुनिक तकनीकों पर इनोवेशन कर रहा है।

बता दें जियो ने 31 मार्च 2026 तक कुल 6,817 पेटेंट्स फाइल किए हैं। ऐसे में जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपना लोहा मनवा लिया है। जियो ने भारत में कुल 2,392 और विदेशों में 4,424 पेटेंट्स फाइल किए हैं। इन पेटेंट्स में से 1,009 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मंजूरी मिल गई है। इसमें भारत के 538 और विदेशों में फाइल किए गए 471 पेटेंट्स को मंजूरी मिल चुकी है।

बेहतर रिसर्च और डेवलपमेंट टीम

Jio की यह कामयाबी ऐसे ही नहीं हासिल हुई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की ईकाई ने पिछले कुछ सालों में कई अत्याधुनिक तकनीकों खुद विकसित किया है। इसमें कंपनी के 5G/6G रेडियो, सैटेलाइट कम्युनिकेसन और जियोब्रेन जैसे एडवांस एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। रैंकिंग में जियो की यह छलांग दर्शाती है कि कंपनी की डेवलपमेंट और रिसर्च टीम कितना बेहतर काम कर रही है।

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