Friday, June 12, 2026
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बभनान बाजार की 66 दुकानों की नीलामी रद्द: गाजीपुर का चर्चित मामला, हाईकोर्ट ने नई प्रक्रिया के दिए निर्देश – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती जिले की नगर पंचायत बभनान बाजार द्वारा 66 दुकानों की नीलामी के लिए 8 मई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना को निरस्त कर दिया है।
साथ ही नगर पंचायत को कानून के अनुरूप नई नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने कृष्ण कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट में पेश की गईं दलीलें याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि नीलामी प्रक्रिया में सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। साथ ही नीलामी के लिए केवल स्थानीय स्थायी निवासियों को आवेदन की अनुमति देकर अन्य पात्र व्यक्तियों को बाहर कर दिया गया। याची वर्ष 2018 से नियमित रूप से किराया जमा कर संबंधित दुकान का संचालन कर रहा है, फिर भी उसे नीलामी प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि नीलामी के लिए प्रस्तावित दुकानों का आकार और सटीक स्थान सार्वजनिक सूचना में स्पष्ट नहीं किया गया था, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। सुनवाई के दौरान नगर पंचायत की ओर से अदालत को बताया गया कि वह मौजूदा अधिसूचना वापस लेकर कानून के अनुरूप नई प्रक्रिया शुरू करेगी। इस पर हाईकोर्ट ने 8 मई 2026 की नीलामी सूचना को रद्द करते हुए नगर पंचायत को न्यायालय की टिप्पणियों के अनुरूप नई अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।



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धनु: आर्थिक-सामाजिक जीवन में होगा बड़ा बदलाव, करियर-लव लाइफ में बरतें सावधानी


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Aaj ka Dhanu Rashifal 12 june 2026: धनु राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा? आर्थिक और सामाजिक प्रगति के साथ-साथ करियर और प्रेम संबंधों में रहें सावधान. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है.जानें आज का संपूर्ण राशिफल

जमुई: आज यानी 12 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन देवी लक्ष्मी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त हो सकती है. उन्होंने बताया कि आज अधिक मास की अंतिम द्वादशी तिथि पर शुक्र और गुरु की युति से गजलक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही मेष राशि में चंद्रमा और मंगल की युति तथा मिथुन राशि में बुध के प्रभाव से भद्र राजयोग भी सक्रिय रहेगा.

उन्होंने बताया कि इन ग्रह स्थितियों का सकारात्मक प्रभाव धनु राशि के लोगों के आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर दिखाई देगा. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और ऐसे स्रोतों से लाभ मिलने की संभावना है, जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में सम्मान और सहयोग प्राप्त होगा. विरोधी और प्रतिस्पर्धी आपके सामने कमजोर पड़ सकते हैं तथा आपकी योजनाएं सफल होती नजर आएंगी.

आज अनुकूल रहने वाला है आपका दिन
ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि पारिवारिक जीवन की बात करें तो दिन का दूसरा भाग विशेष रूप से अनुकूल रहने वाला है. परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर के किसी महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है. वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य बढ़ेगा. हालांकि परिवार की जरूरतों और सुख-सुविधाओं पर कुछ अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह खर्च भविष्य में संतोष देने वाला साबित होगा.

धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपकी रुचि बढ़ेगी. किसी मंदिर, धार्मिक आयोजन या तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है और पढ़ाई में सफलता मिलने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े कार्यों, नौकरी या व्यापार में भी प्रगति के योग बन रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों को अपने विचारों के कारण विरोध का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए संयम और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आर्थिक दृष्टि से दिन लाभदायक रहने के बावजूद व्यवसाय में कुछ अस्थायी रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए किसी भी बड़े निवेश या निर्णय में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय और दैनिक कार्यों में सावधानी बरतें क्योंकि चोट या शारीरिक कष्ट की आशंका बनी हुई है.

आज प्रेम संबंध में हो सकता है मतभेद
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशिवालों के प्रेम संबंधों में जीवनसाथी या प्रियजन के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें. परिवार और संतान पक्ष से जुड़े मामलों में भी धैर्य की आवश्यकता होगी तथा ससुराल पक्ष के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने से बचना चाहिए. मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. धनु राशि के लिए आज का दिन का शुभ अंक 4 और शुभ रंग पीला रहेगा.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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भीषण गर्मी से राहत पाने का देसी नुस्खा ‘खस का शरबत’, शरीर को दे ठंडक, ताजगी, जानें विधि


भीषण गर्मी और लू के मौसम में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे समय में कृत्रिम पेय पदार्थों की बजाय पारंपरिक खस का शरबत एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसकी प्राकृतिक ठंडक, मनमोहक खुशबू और हल्का मीठा स्वाद शरीर के साथ-साथ मन को भी सुकून पहुंचाता है.

क्यों खास है खस का शरबत?

खस का शरबत लंबे समय से भारतीय घरों में गर्मियों का पसंदीदा पेय रहा है. उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में इसे गर्मी से राहत पाने के लिए पारंपरिक रूप से पिया जाता है. एक गिलास ठंडा खस शरबत न केवल प्यास बुझाता है बल्कि दिनभर की थकान और शरीर की गर्मी को भी कम करने में मदद करता है.

शरीर को देता है प्राकृतिक ठंडक

खस की जड़ों में प्राकृतिक रूप से शीतल गुण पाए जाते हैं. इन्हें पानी में भिगोने पर पानी में ठंडक का प्रभाव आ जाता है, जो शरीर के अंदरूनी तापमान को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है. यह गर्मी के कारण होने वाली बेचैनी और अधिक पसीने से होने वाली कमजोरी को भी कम करने में मदद कर सकता है.

मन को रखे शांत और तरोताजा

खस की सुगंध का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक ताजगी और सुकून का एहसास भी कराती है. गर्मी में तनाव और थकावट महसूस होने पर इसका सेवन मन को शांत रखने और तरोताजा महसूस कराने में मददगार हो सकता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

पाचन और हाइड्रेशन में भी सहायक

आयुर्वेद में खस को पाचन के लिए लाभकारी माना गया है. इसका शरबत शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है और गर्मियों में डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है. यही वजह है कि इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त माना जाता है.

घर पर ऐसे बनाएं खस का शरबत

खस की साफ की हुई जड़ों को दो से तीन घंटे पानी में भिगोकर रखें. इसके बाद पानी को छान लें और उसमें स्वादानुसार चीनी या गुड़, थोड़ा नींबू का रस और इलायची पाउडर मिलाएं. चाहें तो पुदीना या सौंफ भी डाल सकते हैं. इसे ठंडा करके परोसने से स्वाद और ताजगी दोनों बढ़ जाते हैं.

बाजार के पेयों से बेहतर विकल्प

घर पर तैयार किया गया खस का शरबत कृत्रिम रंग, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव से मुक्त होता है. इसलिए यह कई पैकेज्ड ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में अधिक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है.

रोजाना सेवन से मिल सकते हैं कई फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में खस का शरबत पीने से शरीर का तापमान संतुलित रखने, पानी की कमी से बचाने और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही इसकी ताजगी भरी खुशबू और स्वाद गर्मियों के मौसम को और भी सुखद बना देते हैं.



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सलमान खान का वो दर्दभरा गाना, सुनकर फूट-फूट कर रोने लगी थी सिंगर की पत्नी


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Salman Khan Sad Song : सलमान खान की फिल्म का एक दर्दभरा गाना असल में उनके लिए नहीं बना था. म्यूजिक कंपोजर इस्माइल दरबार ने बताया कि शुरुआत में इसे किसी दूसरे बड़े प्रोजेक्ट के लिए एक टेम्परेरी (स्क्रैच) ट्रैक के रूप में रिकॉर्ड किया जा रहा था. जब डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने यह गाना सुना, तो वे बहुत प्रभावित हुए. दिवंगत गायक केके ने पहले इसे गाने से मना कर दिया था, लेकिन समझाने पर जब उन्होंने इसे रिकॉर्ड किया, तो उनकी पत्नी सुनकर रो पड़ी थीं.

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे दर्दभरे गानों की बात होती है, तो फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का गाना ‘तड़प तड़प के’ हर किसी की जुबान पर सबसे पहले आता है. इस आइकॉनिक गाने को लेकर म्यूजिक कंपोजर इस्माइल दरबार ने अब एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है. (फोटो साभार: IMDb/IANS)

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इस्माइल दरबार ने बताया कि यह सुपरहिट गाना असल में सलमान खान और ऐश्वर्या राय स्टारर संजय लीला भंसाली की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए लिखा या बनाया ही नहीं गया था. शुरुआत में इस गाने की कहानी कुछ और ही थी और यह किसी दूसरे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने वाला था. (फोटो साभार: IMDb)

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संगीतकार ने अपने पुराने दिनों के स्ट्रगल को याद करते हुए बताया कि यह गाना शुरू में किसी दूसरे बहुत बड़े प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ एक टेम्परेरी यानी ‘स्क्रैच ट्रैक’ के रूप में रिकॉर्ड किया जा रहा था. उस वक्त उनके पास भंसाली की यह बड़ी फिल्म नहीं थी. (फोटो साभार: IMDb)

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गीत आखिरकार फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली तक कैसे पहुंचा, इसकी कहानी भी बेहद दिलचस्प है. आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, इस्माइल दरबार ने बताया कि करीब 6 महीने तक भंसाली के साथ उनका काम चलता रहा और फिर एक दिन उन्होंने भंसाली को यह गाना सुनाया. (फोटो साभार: IMDb)

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गाना सुनते ही संजय लीला भंसाली बेहद भावुक और इम्प्रेस हो गए. उन्होंने इस्माइल दरबार से कहा, ‘आज मुझे पता चल गया कि मेरी फिल्म का इंटरवल कहां होगा और फिल्म का अंत कहां होगा. आज मैंने अपनी फिल्म पूरी कर ली है.’ (फोटो साभार: IMDb)

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इस्माइल दरबार इंडियन आइडल के आने वाले एपिसोड में एक कंटेस्टेंट की परफॉर्मेंस को देखकर इस गाने की पुरानी यादों में खो गए. उन्होंने दिवंगत और बेहद लोकप्रिय गायक केके (कृष्णकुमार कुन्नाथ) के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी शेयर किया. (फोटो साभार: IMDb)

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इस्माइल दबार ने बताया कि बांद्रा के एक स्टूडियो में जब वे इस गाने का स्क्रैच रिकॉर्ड कर रहे थे, तब केके से उनकी पहली मुलाकात हुई. जब उन्होंने केके को यह गाना सुनाया, तो केके ने तुरंत कहा, ‘इस्माइल भाई, यह मेरी स्टाइल का गाना नहीं है, मैं इसे नहीं गा पाऊंगा.’ (फोटो साभार: IMDb)

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हालांकि, इस्माइल दरबार को केके की वोकल रेंज और उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा था. उन्होंने केके को समझाया कि लो से लेकर हाई नोट्स तक उनकी आवाज बिल्कुल परफेक्ट है और उनसे गाना गवाना उनका काम है, जिसके बाद केके हंसते हुए गाने के लिए तैयार हो गए. जब गाना रिकॉर्ड हुआ, तो केके की पत्नी इसे सुनकर रो पड़ी थीं. (फोटो साभार: IMDb)

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घर में नहीं लगाई अगर ये 1 चीज, तो सारा पैसा होगा बर्बाद! बदलने जा रहे नियम


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दिल्ली में लगातार हो रहे हादसों और हौज रानी अग्निकांड में 23 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार फायर सेफ्टी नियमों में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी कर रही है. इसके तहत अब हाईराइज इमारतों के साथ-साथ दिल्ली के हर स्वतंत्र मकान, बिल्डर फ्लोर और लो-राइज अपार्टमेंट में भी स्मोक डिटेक्टर लगाना अनिवार्य किया जा सकता है. गृह मंत्री आशीष सूद के अनुसार, सरकार बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन पर विचार कर रही है ताकि 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले उन 10 प्रतिशत भवनों को भी सुरक्षा के दायरे में लाया जा सकता है जो अब तक फायर एनओसी (NOC) के नियमों से बाहर थे.

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इस पूरी मुहिम को कामयाब बनाने के लिए दिल्ली फायर सर्विसेज के बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है. (AI)

नई दिल्ली. दिल्ली में लगातार सामने आ रही आग की भीषण घटनाओं और हाल ही में हौज रानी अग्निकांड में 23 मासूम लोगों की जान जाने के बाद राजधानी का प्रशासनिक अमला पूरी तरह सख्त हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार अब दिल्ली के रियल एस्टेट और रिहायशी ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल करने जा रही है. इस नए फैसले के तहत अब दिल्ली के हर छोटे-बड़े घर, स्वतंत्र कोठी और बिल्डर फ्लोर में स्मोक डिटेक्टर लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य किया जा सकता है. सरकार बिल्डिंग बायलॉज में बड़ा संशोधन करने जा रही है ताकि दिल्ली की प्रॉपर्टीज को सुरक्षित बनाया जा सके. इस बड़े नीतिगत फैसले को लेकर गृह मंत्री आशीष सूद ने साफ किया है कि सरकार मौजूदा नियमों की गहन समीक्षा कर रही है और जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी कानूनी व नीतिगत बदलाव तुरंत किए जाएंगे.

फिलहाल दिल्ली के नियम इतने ढीले हैं कि सिर्फ 15 मीटर से ऊंची रिहायशी इमारतों में ही स्मोक डिटेक्टर या फायर हाइड्रेंट लगाना जरूरी होता है, जिससे लाखों स्वतंत्र मकान और छोटे अपार्टमेंट नियमों से बच निकलते हैं. गृह मंत्री ने बताया कि वैसे तो 90 प्रतिशत इमारतें किसी न किसी रूप में नियमों के दायरे में हैं, लेकिन बचे हुए हिस्से को सुरक्षित करने के लिए अब स्मोक डिटेक्टर, फायर हाइड्रेंट और इमरजेंसी एग्जिट सिस्टम जैसी सुविधाओं को हर प्रॉपर्टी की बुनियादी जरूरत बनाया जाएगा.

प्रॉपर्टी मालिकों पर क्या होगा असर

अगर इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगती है तो दिल्ली के लाखों प्रॉपर्टी मालिकों को अपने घरों में फायर सेफ्टी उपकरण लगाने होंगे, जिससे मकानों की कंस्ट्रक्शन कॉस्ट पर भी थोड़ा असर पड़ सकता है. राहत की बात यह है कि सरकार केवल नई बनने वाली इमारतों पर ही इसे लागू नहीं करेगी, बल्कि पुरानी और पहले से बनी प्रॉपर्टीज को भी इन उपकरणों को लगाने के लिए अगले तीन वर्षों का समय देने पर विचार कर रही है. इसके साथ ही भविष्य में बनने वाले मकानों और सोसाइटियों में कम ज्वलनशील निर्माण सामग्री (कम आग पकड़ने वाले मैटेरियल) के इस्तेमाल को भी अनिवार्य किया जा सकता है ताकि किसी हादसे की स्थिति में आग को फैलने से रोका जा सके.

गरीब बस्तियों की चिंता

इस नीति के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल जेजे (JJ) क्लस्टर्स और झुग्गी-झोपड़ी वाले संवेदनशील इलाकों में रहने वाले निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर उठ रहा था. इस पर सरकार ने योजना बनाई है कि ऐसी संपत्तियों पर उपकरणों के बजाय फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की पहुंच और उनके रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर करने पर पूरा फोकस रखा जाएगा ताकि तंग गलियों में भी समय रहते राहत पहुंचाई जा सके.

इस पूरी मुहिम को कामयाब बनाने के लिए दिल्ली फायर सर्विसेज के बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है. गृह मंत्री आशीष सूद ने बताया कि विभाग का मौजूदा वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम लगभग पांच दशक पुराना हो चुका है, जिसे पूरी तरह बदलकर नया आधुनिक कम्युनिकेशन नेटवर्क स्थापित करने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं. सरकार का इरादा आग लगने के बाद राहत कार्य करने के पुराने ढर्रे को बदलकर, तकनीक के दम पर रिहायशी संपत्तियों को पूरी तरह सुरक्षित करने का है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव को मिली धमकी: पार्सल बुकिंग का झांसा दिया, अपशब्दों का इस्तेमाल किया; साइबर थाने में शिकायत दर्ज – Patna News




बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर अपशब्द कहे। धमकी भी दी है। कॉल करने वाले ने पार्सल बुकिंग का झांसा देकर संपर्क किया और बाद में लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए परेशान किया। मामला 5 जून का है। आप्त सचिव ने दर्ज कराई शिकायत इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव वीरेंद्र कुमार ने 5 जून को पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर फ्रॉड गिरोह की आशंका प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह मामला साइबर फ्रॉड और ठगी गिरोह से जुड़ा लग रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह पार्सल बुकिंग के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने और फंसाने की कोशिश करता है। पुलिस जांच तेज, नंबर ट्रेस करने में जुटी टीम साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल और नंबर की ट्रेसिंग की जा रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। पुलिस जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा कर रही है।



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7 आरोपियों के कब्जे से 30 मोटरसाइकिल बरामद: चोरी की वारदात का 24 घंटे में खुलासा कर 5 को किया गिरफ्तार, पढ़ें क्राइम की प्रमुख खबरें – Jodhpur News




कमिश्ररेट के जिला वेस्ट में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने और चोरी की घटनाओं में शामिल अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीमों द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों एवं सक्रिय वाहन चोर गिरोहों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर सूचना संकलन के साथ ही घटनास्थलों एवं आस-पास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया। मुखबिर तंत्र की सक्रियता और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा शातिर मोटरसाइकिल चोरों की सघन तलाश एवं दबिश की कार्रवाई की गई। इनमें कुल 33 मोटरसाइकिल अब तक बरामद की जा चुकी है। आरोपियों से और बरामदगी के प्रयास जारी है। पुलिस थाना बासनी द्वारा 2 आरोपियो को गिरफ्तार कर 14 मोटरसाइकिल बरामद, पुलिस थाना सरदारपुरा द्वारा 3 मुलजिम गिरफ्तार कर 18 मोटरसाइकिल बरामद और पुलिस थाना बोरानाडा द्वारा 1 मुलजिम गिरफ्तार कर 1 मोटरसाइकिल बरामद की गई। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेवरात व नगदी की बरामद सूरसागर थाना पुलिस ने चोरी की वारदार का 24 घंटे में ही खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में शामिल आरोपियों के कब्जे से जेवरात और नकदी भी बरामद की है। सूरसागर थानाधिकारी
हरीश चन्द्र सोलंकी ने बताया कि बुधवार को ऊंटो की घाटी सूरसागर निवासी शाहबाज बेलिम पुत्र इकबाल ने थाने में चोरी की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के अनुसार 10 जून सुबह लगभग 3.00 बजे से 3.30 बजे के बीच उनके मकान में चोर घुस गये व घर में रखे सोने चांदी के आभूषण व रुपये चोरी कर ले गये। केस दर्ज होने के बाद थानाधिकारी हरीशचन्द्र सोलंकी के नेतृत्व मे एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सूचना और सीसीटीवी कैमरे चेक कर आरोपियों साजिद, मुकेश उर्फ दुबा, सैफअली उर्फ सेफ, पृथ्वीराज उर्फ पियुष व संजय को पकड़ा। पुछताछ के बाद आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गहने और रुपये बरामद किये गये। अ जिला पश्चिम डीएसटी भंग डीसीपी कमल शेखावत ने आदेश जारी कर जिला जोधपुर पश्चिम की जिला विशेष टीम (डीएसटी)को भंग कर दिया। डीएसटी में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों अपनी उपस्थिति, तैनाती संबंधित थाना और पुलिसलाइन में देने के निर्देश दिए गए।



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चील सी रफ्तार और जैमिंग बेअसर, सेना को मिले 106 अग्निवेग सुसाइड ड्रोन


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चील सी रफ्तार और जैमिंग बेअसर, सेना को मिले 106 अग्निवेग सुसाइड ड्रोन

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Agniveg Kamikaze Drone: भारतीय सेना को एसएमपीपी डिफेंस फर्म से 106 स्वदेशी अग्निवेग पीसकीपर टर्बोजेट सुसाइड ड्रोन मिले हैं. यह ड्रोन 450 किमी/घंटा की रफ्तार और 180 किमी रेंज के साथ दुश्मन के कमांड सेंटर्स को तबाह कर सकता है. इसकी मारक सटीकता 5 मीटर से कम है और यह दुश्मन की भारी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग व स्पूफिंग को भी बेअसर कर देता है. यह आत्मनिर्भर भारत के तहत सेना की ताकत बढ़ाएगा.

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भारतीय सेना की ताकत और बढ़ गई है.

भारतीय सेना को आधुनिक ड्रोन युद्ध में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है. देश की जानी-मानी डिफेंस फर्म एसएमपीपी ने भारतीय सेना को 106 बेहद आधुनिक टर्बोजेट-संचालित ‘अग्निवेग’ (पीसकीपर) कामिकेज़ सुसाइड ड्रोन की डिलीवरी पूरी कर दी है. रक्षा क्षेत्र में इसे एक गेम-चेंजर कदम माना जा रहा है क्योंकि ये ड्रोन पारंपरिक तोपखाने और लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों के बीच के बड़े अंतर को पाटेंगे. ये ड्रोन दुश्मन की सीमा में बेहद अंदर घुसकर उनके कमांड सेंटर्स और रडार ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह करने की ताकत रखते हैं.

सबसे खास बात यह है कि इन स्वदेशी सुसाइड ड्रोन्स को भारतीय सेना में ऐसे समय पर शामिल किया गया है, जब यूक्रेन और पश्चिम एशिया के युद्धों ने पूरी दुनिया को यह दिखा दिया है कि आधुनिक लड़ाई का रुख अब मानवरहित और सटीक मार करने वाले ड्रोन सिस्टम ही तय कर रहे हैं. इन ड्रोन्स की आपूर्ति महज 6 महीने के रिकॉर्ड समय के भीतर पूरी की गई है जो भारतीय रक्षा निर्माण उद्योग की बढ़ती रफ्तार को बयां करता है.

अग्निवेग पीसकीपर ड्रोन की 5 सबसे बड़ी और घातक खूबियां

• रफ्तार और मारक क्षमता का बेजोड़ कॉम्बिनेशन: अग्निवेग ड्रोन 450 किलोमीटर प्रति घंटे की अत्यधिक तेज रफ्तार से उड़ान भर सकता है. इसकी आपरेशनल रेंज 180 किलोमीटर तक है जिसका मतलब है कि यह दुश्मन के इलाके में गहरी पैठ बनाकर उनके लॉजिस्टिक हब और महत्वपूर्ण सैन्य बुनियादी ढांचे को नेस्तनाबूद कर सकता है.

• सटीकता में नंबर 1: सेना द्वारा किए गए कड़े यूजर ट्रायल्स के दौरान इस ड्रोन ने सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) के तहत 5 मीटर से भी कम का सटीक निशाना प्रदर्शित किया. यानी यह अपने टारगेट से 5 मीटर भी नहीं भटकता और एकदम पिन-पॉइंट स्ट्राइक (सटीक हमला) करता है.

• इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और जैमिंग भी बेअसर: दुश्मन के इलाके में मजबूत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और जैमिंग वाले माहौल में भी यह ड्रोन पूरी तरह सुरक्षित रहकर अपना मिशन पूरा कर सकता है. दुश्मन की सेना चाहकर भी इसे हैक, जैम या इसके जीपीएस को स्पूफ (भ्रमित) नहीं कर पाएगी.

• कम लागत में मिसाइल जैसा असर: यह ड्रोन सिस्टम भारतीय सैन्य कमांडरों को बेहद कम लागत में एक बड़ा विकल्प देता है. पारंपरिक और बेहद महंगी मिसाइलों की तुलना में ये कामिकेज ड्रोन एक चौथाई खर्च में दुश्मन को उतना ही भारी और घातक नुकसान पहुंचा सकते हैं.

• भविष्य के लिए और भी एडवांस वेरिएंट तैयार: एसएमपीपी कंपनी ने सेना को वर्तमान ऑर्डर के तहत 100 ऑपरेशनल ड्रोन और 6 ट्रेनिंग ड्रोन सौंप दिए हैं. इसके साथ ही कंपनी ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भारतीय सेना को इससे भी ज्यादा दूरी तक मार करने वाले (एक्सटेंडेड रेंज) वेरिएंट का प्रस्ताव भी दे दिया है.

रणनीतिक और सैन्य दृष्टिकोण
पीसकीपर (अग्निवेग) ड्रोन का भारतीय सेना में शामिल होना इस बात का साफ संकेत है कि भारत अब भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह कमर कस चुका है. अप्रैल 2026 में ही भारतीय सेना ने मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAS) और लोइटरिंग म्यूनिशन्स (सुसाइड ड्रोन) को लेकर अपना एक विस्तृत टेक्नोलॉजी रोडमैप जारी किया था. यह डिलीवरी उसी रणनीति का हिस्सा है. टर्बोजेट इंजन होने की वजह से इन ड्रोन्स की गति सामान्य ड्रोन्स से कहीं ज्यादा है, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को इन्हें ट्रैक करने और मार गिराने के लिए बेहद कम समय मिलेगा.

इसके अलावा अत्यधिक इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग वाले माहौल में भी काम करने की इसकी क्षमता इसे भारत की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं (पाकिस्तान और चीन सीमा) के लिए बेहद उपयोगी बनाती है, जहाँ दुश्मन अक्सर जीपीएस जैमिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करता है. यह डिलीवरी रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी मजबूत करती है, क्योंकि अब भारत को ऐसे घातक हथियारों के लिए दूसरे देशों का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा.

सवाल-जवाब
अग्निवेग (पीसकीपर) ड्रोन की अधिकतम रफ्तार और मारक क्षमता की रेंज कितनी है?
अग्निवेग ड्रोन की अधिकतम रफ्तार 450 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह 180 किलोमीटर की दूरी तक जाकर दुश्मन के ठिकानों पर हमला कर सकता है. यह बहुत ही तेज गति से स्वायत्त (ऑटोनॉमस) सटीकता के साथ मिशन को अंजाम देने में सक्षम है.
इस ड्रोन को ‘कामिकेज़’ या सुसाइड ड्रोन क्यों कहा जा रहा है और इसकी सटीकता क्या है?
कामिकेज़ या सुसाइड ड्रोन का मतलब होता है कि यह ड्रोन खुद विस्फोटक बनकर टारगेट से सीधे टकरा जाता है और उसे ब्लास्ट कर देता है. यूजर ट्रायल में इसकी सटीकता (CEP) 5 मीटर से भी कम पाई गई है, जो इसे बेहद अचूक बनाती है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें



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इंग्लैंड से मैहर पहुंचे तीन विदेशी श्रद्धालु: मां शारदा के दर्शन किए, कैमा में सुनी हनुमंत कथा – Maihar News




इंग्लैंड से आए विदेशी श्रद्धालुओं के एक दल ने गुरुवार को मैहर पहुंचकर मां शारदा देवी के दर्शन किए। सभी श्रद्धालु पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में नजर आए। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ माता की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। मां शारदा के दर्शन करने के बाद विदेशी मेहमान सतना जिले के सिद्धेश्वर धाम कैमा पहुंचे। यहां चल रही हनुमंत कथा में उन्होंने बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। इस कथा का वाचन बड़ा अखाड़ा मैहर के प्रसिद्ध संत श्री 1008 वल्लभ शरण जी महाराज कर रहे थे। कथा खत्म होने के बाद श्रद्धालुओं ने संत श्री वल्लभ शरण जी महाराज से आशीर्वाद लिया और भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर बातचीत की। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी अरुण तनय मिश्रा भी विदेशी मेहमानों के साथ मौजूद रहे और उनका सहयोग किया। अब मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना जानकारी के मुताबिक, इंग्लैंड से आए ये तीनों श्रद्धालु मैहर और सतना का अपना धार्मिक दौरा पूरा करने के बाद आगे की यात्रा के लिए श्री कृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना हो गए हैं।



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