ग्वालियर में भीषण गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। हालांकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शनिवार सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो गुरुवार के 41 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले मामूली कम रहा। शुक्रवार का न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जबकि गुरुवार को यह 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सड़कें और बाजार सूने भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कें और बाजार सूने नजर आ रहे हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू जैसे हालात ने आमजन की दिनचर्या पर असर डाल दिया है। डॉक्टरों ने कहा-सावधानी बरतें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार लगातार बढ़ती गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और लू लगने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में ग्वालियर का पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।
Source link
Last Updated:
PM Modi Netherlands Visit Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों पांच देशों की यात्रा पर हैं. वे पहले यूएई गए, जहां एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर अहम समझौते किए गए. इसके बाद पीएम मोदी नीदरलैंड पहुंचे हैं. यहां व…और पढ़ें
पीएम मोदी UAE के बाद नीदरलैंड पहुंचे हैं. (पीएम मोदी के X अकाउंट से साभार)
PM Modi Netherlands Visit Live: नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेग और एम्स्टर्डम में भारतीय समुदाय के लोगों ने जोरदार स्वागत किया. प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बाद भारत-यूरोप आर्थिक संबंधों को नई गति मिली है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा. एम्स्टर्डम पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत-ईयू एफटीए ने व्यापार और निवेश संबंधों को महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि नीदरलैंड के साथ सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और नीदरलैंड के राजा विलेम अलेक्जेंडर तथा महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए एम्स्टर्डम एयरपोर्ट पर डच सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इनमें नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन, एडजुटेंट जनरल और चीफ ऑफ मिलिट्री हाउसहोल्ड रियर एडमिरल लुडगर ब्रुमेलार तथा नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन शामिल थे.
हेग में भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए स्वागत किया. प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया. इस दौरान कलाकारों ने गरबा और शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. नीदरलैंड प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा का दूसरा चरण है. इससे पहले वह संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे, जहां उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, निवेश और भारत-यूएई साझेदारी को लेकर अहम चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई को भारत का दूसरा घर बताते हुए गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए आभार जताया.
पीएम मोदी की यात्रा इसलिए अहम
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यूएई के समर्थन में भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई. उन्होंने कहा कि यूएई पर हुए हमलों की भारत कड़ी निंदा करता है और नई दिल्ली हर परिस्थिति में अबू धाबी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. प्रधानमंत्री ने कठिन परिस्थितियों में भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार और शाही परिवार की सराहना भी की. प्रधानमंत्री मोदी की यह विदेश यात्रा भारत के वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है. खासकर यूरोप के साथ व्यापार, तकनीक और हरित ऊर्जा सहयोग को लेकर भारत की सक्रिय कूटनीति पर दुनिया की नजर बनी हुई है.
















