डूंगरपुर में राज्य सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से शुक्रवार से सेवा शिविर शुरू हो गए हैं। ये शिविर एक महीने तक एक ही स्थान पर आयोजित किए जाएंगे, जहां 13 से अधिक प्रकार के कार्य किए जा सकेंगे। इन शिविरों में लोगों की समस्याओं को सुनकर तुरंत समाधान का प्रयास किया जाएगा। नगर परिषद कार्यालय में जिले के प्रभारी एवं टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने इन शिविरों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर देशलदान, सागवाड़ा विधायक शंकर डेचा, पूर्व सांसद कनकमल कटारा, पूर्व सभापति अमृत कलासुआ, महामंत्री पंकज जैन सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि पहले ग्रामीण शिविरों के माध्यम से गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनी गईं और उनका समाधान किया गया। अब शहरी क्षेत्र के लोगों की तकलीफें दूर करने के लिए इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने आगे कहा कि इन शिविरों से एक ही जगह पर लोगों के कई तरह के काम पूरे होंगे। इनमें सड़क, बिजली, पानी से जुड़ी समस्याएं, जमीन का पट्टा, नकल और अन्य प्रकार के कार्य शामिल हैं। सभी कार्यों का निस्तारण शिविर के माध्यम से होगा और लोगों को राहत पहुंचाई जाएगी। नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि डूंगरपुर शहरी क्षेत्र में ये शिविर 15 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे। शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार मध्यम और कमजोर वर्ग को बड़ी छूट मिलेगी, जिसमें छोटे प्लॉट या दुकान पर अधिक छूट प्रदान की जाएगी। शिविरों में जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, सीवर कनेक्शन, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति, नामांतरण, फ्रीहोल्ड, लीज मुक्ति, भू-उपयोग परिवर्तन, उप-विभाजन और पुनर्गठन सहित विभिन्न सेवाओं का निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क, नाली, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव, आवारा पशुओं की धरपकड़, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, कुसुम योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन लेकर उनका समाधान किया जाएगा।
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टीएडी मंत्री खराड़ी ने शहरी सेवा शिविर का किया शुभारंभ: एक महीने तक 13 से अधिक काम एक ही जगह होंगे – Dungarpur News
पटना साहिब जत्थेदार ने की पूर्व-जत्थेदार पर कार्रवाई की मांग: श्री अकाल तख्त को लिखा लेटर, बोले- सिख सिद्धांतों और मर्यादा का उल्लंघन किया – Amritsar News
पटना साहिब स्थित तख्त श्री हरिमंदिर जी के जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मांग ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा एक दुनियावी जांच एजेंसी (एसआईटी) के समक्ष बयान देने के बाद की गई है। पत्र में कहा गया है कि विभिन्न समाचार चैनलों की रिपोर्टों के अनुसार, ज्ञानी रघबीर सिंह ने एक दुनियावी जांच एजेंसी के सामने बयान दिए हैं। जत्थेदार रंजीत सिंह के अनुसार, यह कार्य श्री अकाल तख्त साहिब की पवित्र परंपराओं, सिख सिद्धांतों और उसकी मर्यादा का उल्लंघन है। कहा- सिख संगत की भावनाएं आहत हुई ज्ञानी रंजीत सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि श्री अकाल तख्त साहिब दुनियाभर के सिखों के लिए सर्वोच्च धार्मिक संस्था है। यहां से जारी होने वाला प्रत्येक हुक्म और संदेश सिख पंथ के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि इस घटना से दुनियाभर की सिख संगत की भावनाएं आहत हुई हैं और इसे एक गंभीर चूक माना जाना चाहिए। उन्होंने जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील की है कि ज्ञानी रघबीर सिंह के विरुद्ध पंथक मर्यादा के अनुसार तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने का दुस्साहस न कर सके। खुद को बताया गुरु पंथ का सेवक पत्र के अंत में, ज्ञानी रंजीत सिंह ने स्वयं को “गुरु पंथ का सेवक” बताते हुए श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानी रघुबीर सिंह को अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल से कोई परेशानी है तो वो उनके खिलाफ पर्सनल केस करें, लेकिन ऐसे पंथ की मर्यादा को भंग नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वो श्री अकाल तख्त साहिब से विनती करते हैं इस मामले में ज्ञानी रघबीर सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया जाए ओर उन्हें ओर उनके साथियों को पंथ से हमेशा हमेशा के लिये निकाल दिया जाए। वहीं ज्ञानी रघबीर सिंह को बेरी साहिब पर बांध कर सजा दी जाए, ताकि कोई आगे से श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा को भंग न कर सके।
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बहन किनारे पर इंतजार करती रही, भाई नर्मदा में डूबे: नरसिंहपुर के बरमान रेत घाट में हुआ हादसा – Narsinghpur News
नरसिंहपुर जिले के बरमान रेत घाट पर गुरुवार को नर्मदा नदी में डूबने से दो ममेरे भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान ऋतिक चड़ार (21) और अभिषेक चड़ार (21) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त उनकी बहन तट पर ही मौजूद थी, लेकिन घटना से बेखबर थी। घटनाक्रम के अनुसार, ऋतिक चड़ार अपनी बहन रिया का कॉलेज में दाखिला कराने करेली आया था। वहां उसका ममेरा भाई अभिषेक चड़ार भी उनके साथ हो गया। कॉलेज का काम निपटाने के बाद तीनों बाइक से गुंदरई जाने के लिए निकले थे। रास्ते में वे बरमान में रुके और रेतघाट गए। दीपेश्वर मंदिर के पास अभिषेक और ऋतिक नदी में नहाने उतरे, जबकि रिया किनारे पर बैठ गई। फोन पर परिजनों को बताया नहाने गए पर लौटे नहीं नदी में नहाने उतरे दोनों भाई जब काफी देर तक वापस नहीं आए, तो किनारे बैठी रिया चिंतित होने लगी। इसी बीच अभिषेक के मोबाइल पर परिजनों का फोन आया। रिया ने फोन उठाकर बताया कि भाई नहाने गए हैं और अभी तक लौटे नहीं हैं। यह सुनकर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। तीन घंटे में परिजनों ने खोजे दोनों शव रिया को खुद भी काफी देर तक भाइयों के डूबने का अंदाजा नहीं था। फोन पर बात होने के बाद उसने स्थानीय निवासियों और नाविकों को सूचित किया। परिजनों के मौके पर पहुंचने के बाद करीब 2-3 घंटे की तलाश के बाद दोनों के शव बरामद किए जा सके। शुक्रवार को जिला अस्पताल में दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों युवकों के शव उनके गृह ग्रामों में पहुंचे, तो पूरे गांव में शोक छा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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भारतीय सेना को मिले 106 कामिकाजे ड्रोन: 180 किमी की रेंज, 450kmph की रफ्तार; न जैमिंग का असर, न टारगेट से भटकेंगे
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नई दिल्ली22 मिनट पहले
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भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वदेशी रक्षा कंपनी SMPP ने सेना को 106 टर्बोजेट इंजन से चलने वाले ‘कामिकाजे’ ड्रोन सौंप दिए हैं। इन्हें ‘पीसकीपर (अग्निवेग)’ नाम दिया गया है।
यह ड्रोन 180km की रेंज तक हमला कर सकते हैं। साथ ही 450kmph की रफ्तार पकड़ सकते हैं। यानी इसकी रफ्तार दुनिया में सबसे तेज उड़ने वाले पेरेग्रिन फाल्कन पक्षी की रफ्तार 320kmph से भी ज्यादा है।
इतना ही नहीं इन पर न जैमिंग का असर होगा, न कोई स्पूफिंग के जरिए इन्हें टारगेट से भटका सकेगा। कंपनी ने कहा है कि उसने 100 ऑपरेशनल और 6 ट्रेनिंग ड्रोन सेना को सौंप दिए हैं।
यह डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता और अनमैन्ड वारफेयर में उपलब्धि मानी जा रही है। इन्हें बेलारूसी फर्म केबी इंडेला की मदद से तैयार किया गया है।

कंपनी का दावा है कि यह ड्रोन पूरी तरह ऑटोनॉमस प्रिसिजन स्ट्राइक मिशन अंजाम दे सकता है। यानी लक्ष्य निर्धारित होने के बाद यह बिना किसी इंसानी दखल के मिशन पूरा कर देगा।
कामिकाजे ड्रोन्स क्या हैं…
- कामिकाजे ड्रोन ऐसे ड्रोन होते हैं जो लक्ष्य पर हमला करते समय खुद भी नष्ट हो जाते हैं। इन्हें लॉइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है।
- कामिकाजे नाम सेकेंड वर्ल्ड वार के कामिकाजे अटैक से लिया गया है। जब जापानी पायलट अपने विमानों को दुश्मन के जहाजों से टकराकर आत्मघाती हमला करते थे।
- जब किसी ड्रोन लॉन्च किया जाता है, तब वह काफी देर तक हवा में मंडराता है। कैमरे और सेंसर से टारगेट खोजता है। उसके मिलने पर उसकी ओर तेजी से बढ़ता है और टकराते ही विस्फोट कर देता है।
- इन ड्रोन्स का फायदा है कि अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं। सटीक हमला कर सकते हैं। सैनिकों की जान सीधे खतरे में नहीं डालते। टैंक, रडार, तोप और सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।
विस्फोट का दायरा केवल 5 मीटर, यानी जानमाल का कम नुकसान
अग्निवेग में अहम मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स हब, कमांड सेंटर, रडार इंस्टॉलेशन और दूसरे रणनीतिक ठिकानों पर सटीक हमला करने की क्षमता है। ट्रायल के दौरान अग्निवेग ने जैमिंग और स्पूफिंग वाले माहौल में काम करते हुए 5 मीटर से कम का सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) हासिल किया।
सरल शब्दों में कहें तो यह ड्रोन अपने टारगेट को बेहद करीब जाकर हमला करने में सक्षम है। इससे किसी सैन्य ठिकाने के केवल एक हिस्से को निशाना बनाया जा सकता है। इससे टारगेट के आसपास मौजूद सिविलियन स्ट्रक्चर का कम नुकसान होता है।
दिल्ली की कंपनी ने 6 महीने में तैयार किए, एडवांस्ड वर्जन भी बनाएगी
SMPP के सीईओ और निदेशक आशीष कंसल ने कहा कि केवल 6 महीने के भीतर भारतीय सेना को ड्रोन की आपूर्ति करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध अब सटीकता, स्वायत्तता और कॉस्ट इफेक्टिव हो रहे हैं। ऐसे सिस्टम युद्धक्षेत्र में ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ साबित हो रहे हैं।
अग्निवेग में 75% से ज्यादा स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी ने सेना को अग्निवेग का एडवांस्ड वर्जन देने की पेशकश भी की है।
मीठा खाने का है मन? घर पर ऐसे बनाएं बंगाली स्टाइल खीर कदम, जानें आसान रेसिपी
Bengali Style Kheer Kadam: अगर आपको मीठा पसंद है और आप कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो बंगाल की मशहूर ‘खीर कदम’ एक बेहतरीन विकल्प है. यह पारंपरिक बंगाली मिठाई अपने अनोखे स्वाद और आकर्षक बनावट के लिए जानी जाती है. ‘खीर कदम’ के बीच में एक नरम रसगुल्ला होता है, जबकि बाहरी परत मावा (गाढ़ा किया हुआ दूध) और सूखे दूध से बनी होती है. एक बार चखने पर, इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है. सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे आसानी से घर पर बना सकते हैं. आइए इसकी आसान, स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी जानते हैं…
ज़रूरी सामग्री
10 छोटे रसगुल्ले, 1 कप मावा (खोया), ½ कप मिल्क पाउडर, 3 बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी, 2 बड़े चम्मच दूध, ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, सजावट के लिए बारीक कटे हुए पिस्ते या बादाम.
स्टेप 1: रसगुल्ले तैयार करें
सबसे पहले, रसगुल्लों को चाशनी से निकालें और हल्के हाथ से दबाकर अतिरिक्त चाशनी निकाल दें. ध्यान रखें कि वे टूटें नहीं. उन्हें एक प्लेट में अलग रख दें.
स्टेप 2: परत तैयार करें
एक कटोरे में मावा (खोया), मिल्क पाउडर, पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं. मिश्रण में धीरे-धीरे थोड़ा दूध डालें और इसे नरम आटे की तरह गूंथ लें. मिश्रण इतना नरम होना चाहिए कि आसानी से गोले बनाए जा सकें.
स्टेप 3: छोटे हिस्से बनाएं
मिश्रण को बराबर हिस्सों में बांट लें. हर हिस्से को हाथों से गोले का आकार दें और फिर उसे थोड़ा चपटा करें ताकि उसके अंदर रसगुल्ला रखा जा सके.
चपटे किए हुए मावा मिश्रण के बीच में एक रसगुल्ला रखें, इसे चारों तरफ से बंद करें और चिकने गोले का आकार दें. पक्का करें कि रसगुल्ला पूरी तरह से ढका हुआ हो. अब खीर कदम को हल्के से मिल्क पाउडर में लपेटें, इससे मिठाई को पारंपरिक बंगाली लुक मिलता है. ऊपर से कटे हुए पिस्ते या बादाम से सजाएं.
स्टेप 5: ठंडा होने दें
खीर कदम को लगभग 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखें. इससे इसका टेक्सचर और स्वाद दोनों बेहतर हो जाते हैं.
त्योहारों, पार्टियों या खास मौकों पर ठंडी खीर परोसें. यह डेज़र्ट सभी को ज़रूर पसंद आएगा और आपकी डेज़र्ट टेबल की शोभा बढ़ाएगा.
( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
इस साल भी सितंबर तक है आईटीआर भरने की डेडलाइन या बदल गई, चूक गए तो क्या?
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ITR Deadline : आप भी नौकरीपेशा हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न भरने की शुरुआत हो चुकी है. कई टैक्सपेयर्स के मन में इस बात को लेकर गफलत चल रही है कि इस बार भी आईटीआर भरने की डेडलाइन सितंबर तक रहेगी. इस चक्कर में अगर आप डेडलाइन को चूक गए तो कई तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं.
आईटीआर भरने की डेडलाइन 2026 में 31 जुलाई रखी गई है.
नई दिल्ली. इनकम टैक्स रिटर्न भरने की शुरुआत हो चुकी है. आयकर विभाग की ओर से आईटीआर फॉर्म नोटिफाई करने के साथ ही करदाताओं के सामने रिटर्न भरने की मारामारी भी शुरू हो चुकी है. कंपनियों ने तो अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 भी जारी करना शुरू कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब रिटर्न भरने की दौड़ पूरी तरह शुरू हो चुकी है. लेकिन, एक सवाल है जो हर बार करदाताओं के मन में जरूर उठता है. अगर वे इनकम टैक्स विभाग की ओर से तय की गई डेडलाइन को चूक जाते हैं तो क्या परेशानी सामने आ सकती है. दूसरी अहम बात ये है कि इस बार रिटर्न भरने की डेडलाइन क्या है.
पिछले साल सरकार ने आईटीआर भरने के लिए सितंबर तक का समय दिया था. यही वजह है कि इस बार भी तमाम करदाताओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इस बार भी डेडलाइन वही है या फिर बदल गई है. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो एक बात आप गांठ बांध लीजिए कि आपके लिए आईटीआर भरने की अंतिम समय सीमा 31 जुलाई ही है. इस बार आप सितंबर का सोचकर चूक मत जाइएगा. दूसरी बात ये कि अगर आप डेडलाइन तक आईटीआर नहीं भरते हैं तो इसके कई तरह से नुकसान हो सकते हैं.
क्या है आईटीआर भरने की डेडलाइन
- सामान्य करदाताओं, नौकरीपेशा और एचयएफ के लिए रिटर्न भरने की डेडलाइन 31 जुलाई, 2026 है.
- ऐसे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स जिनके खातों को ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए आईटीआर की डेडलाइन 31 अगस्त, 2026 है.
- ऐसे बिजनेसमैन और पेशेवर जिनके खातों को ऑडिट की जरूरत होती है, वे 31 अक्टूबर तक रिटर्न भर सकते हैं.
- ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स 30 नवंबर, 2026 तक अपना रिटर्न भर सकते हैं.
- अगर आप सामान्य डेडलाइन को चूक जाते हैं तो लेट पेमेंट चार्ज के साथ 31 दिसंबर, 2026 तक आईटीआर भर सकते हैं.
डेडलाइन चूक गए तो क्या करें
आप सैलरीड पर्सन हैं या फिर एचयूएफ के रूप में आईटीआर दाखिल कर रहे हैं तो 31 जुलाई की डेडलाइन याद रखनी चाहिए. अगर आप इस डेडलाइन को चूक जाते हैं तो इनकम टैक्स की धारा 234एफ के तहत आप बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. डेडलाइन के बाद रिटर्न भरने के लिए आपको लेट फीस चुकानी पडे़गी. इनकम टैक्स विभाग ने 5 लाख तक की सालाना कमाई पर 1,000 रुपये की लेट फीस तय की है, जबकि 5 लाख से ज्यादा की कमाई 5 हजार रुपये की लेट फीस लगाई जाती है.
डेडलाइन चूकने पर आपको क्या नुकसान
अगर इनकम टैक्स रिटर्न भरने की सामान्य डेडलाइन आप चूक गए हैं तो सेक्शन 234ए के तहत बकाया टैक्स पर ब्याल लगाया जा सकता है. इनकम टैक्स विभाग आपके नुकसान को कैरी फारवर्ड करने से इनकार कर सकता है. इतना ही नहीं आपका रिफंड आने में भी देरी हो सकती है. देरी से रिटर्न भरने पर आपको रिफंड तो मिलेगा, लेकिन आपको इस रिफंड पर मिलने वाले ब्याज का नुकसान हो सकता है. 31 दिसंबर के बाद आईटीआर भरते हैं तो रिफंड क्लेम करने का अधिकार समाप्त हो जाता है. इसके लिए आपको सेक्शन 119(2)(b) के तहत कर अधिकारियों से अपनी देरी को माफ किए जाने का आवेदन करना पड़ेगा और यह उनके ऊपर होगा कि वे आपकी बात स्वीकार करते हैं या नहीं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
8000 रुपये सस्ता मिल रहा Realme का 10000mAh बैटरी वाला फोन, नई सेल में ऑफर्स की बारिश
Realme Narzo Power की कीमत में भारी कटौती की गई है। रियलमी का 10,001mAh बैटरी वाला यह फोन लॉन्च प्राइस से काफी सस्ते में मिल रहा है। ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन और कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू हुई Realme Days Sale में दमदार बैटरी वाला यह फोन 8,000 रुपये तक सस्ते में खरीदा जा सकता है। इसके अलावा कंपनी Realme के कई और नए लॉन्च हुए फोन पर भी दमदार डिस्काउंट ऑफर कर रही है।
Realme Narzo Power पर ऑफर
रियलमी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में आता है। यह फोन 27,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लिस्ट किया गया है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 29,999 रुपये में मिल रहा है। Realme Days Sale में यह फोन 25,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। इस फोन की MRP 35,999 रुपये से शुरू होती है। ऐसे में फोन को 8,000 रुपये सस्ते में लिस्ट किया गया है।
12 जून से 16 जून के बीच चलने वाले इस सेल में फोन की खरीद पर 2,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर मिल रहा है। इसके अलावा कंपनी फोन की खरीद पर कूपन और कैशबैक डिस्काउंट ऑफर कर रही है। रियलमी का 10,001mAh बैटरी वाला यह मिड बजट फोन इस साल लॉन्च हुआ है।
Realme Narzo Power के फीचर्स
रियलमी का यह फोन 6.8 इंच के कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। इस फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट और 6,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। इस स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 7400 Ultra चिपसेट दिया गया है। इसके साथ 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज को सपोर्ट करता है।
| Realme Narzo Power | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.8 इंच, 1.5K AMOLED, 144Hz |
| प्रोसेसर | MediaTek Dimensity 7400 Ultra |
| स्टोरेज | 8GB, 256GB |
| कैमरा | 50MP OIS + 8MP, 16MP |
| बैटरी | 10,001mAh. 80W |
| OS | Android 16, Realme UI |
चीनी ब्रांड के इस फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 50MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 16MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन 10,001mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। इसमें 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है। यह फोन Android 16 पर बेस्ड Realme UI पर काम करता है। फोन में IP66, IP68, IP69 रेटिंग मिलती है, जो फोन को पानी में गिरने या धूल-मिट्टी से बचाता है।
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डिस्क्लेमर – फोन की कीमत मौजूदा सेल में मिल रहे ऑफर के हिसाब से बताई गई है। इसमें उतार-चढ़ाव और बदलाव संभव है।
बदायूं में गंगा एक्सप्रेस-वे पर हादसा, दो की मौत: अज्ञात वाहन से ने पीछे से मारी टक्कर, मलिहाबाद से आम लेकर पंजाब जा रहा था पिकअप – Badaun News
बदायूं में गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब मलिहाबाद से आम लेकर पंजाब जा रही एक पिकअप आगे चल रहे अज्ञात वाहन से पीछे से टकरा गई। यह घटना मूसाझाग थाना क्षेत्र के बजरमैरी गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के 199 किलोमीटर प्वाइंट पर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान संभल जिले के बरेली सराय निवासी बंटी (25) और मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के रतनपुर निवासी राहुल (23) के रूप में हुई है। पिकअप का चालक अमर सिंह (बंटी का भाई) और पंजाब निवासी अजय घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार पिकअप अचानक आगे चल रहे किसी अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही गंगा एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग टीम और मूसाझाग पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से बिनावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने बंटी और राहुल को मृत घोषित कर दिया। चालक अमर सिंह और अजय का उपचार जारी है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में मातम छा गया। पुलिस अब एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि टक्कर के बाद फरार हुए अज्ञात वाहन की पहचान की जा सके। मूसाझाग पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अज्ञात वाहन की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वर्ल्ड अपडेट्स: जयशंकर बोले- अमेरिका ने खुद रूसी तेल खरीदने को कहा, बाद में टैरिफ लगा दिया
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने खुद भारत से रूसी तेल खरीदने की अपील की थी ताकि वैश्विक तेल बाजार स्थिर रहे और कीमतों में बेतहाशा उछाल न आए। फिनलैंड में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि रूस पर बैन लगाए जाने के बाद यूरोपीय देशों ने रूसी तेल से दूरी बना ली और पश्चिम एशिया से बड़ी मात्रा में तेल खरीदना शुरू कर दिया। पश्चिम एशिया लंबे समय से भारत के लिए तेल का प्रमुख स्रोत रहा है। ऐसे में बाजार की स्थिति बदल गई। जयशंकर ने कहा, “उस समय अमेरिका ने खास तौर पर भारत से कहा था कि वह रूसी तेल खरीदे ताकि तेल बाजार स्थिर रह सके।” उन्होंने कहा कि भारत ने हालात को देखते हुए व्यावहारिक फैसला लिया और सस्ता तेल खरीदा। जयशंकर ने पश्चिमी देशों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका ने भारत से बाजार को स्थिर करने में मदद मांगी, बाद में टैरिफ लगाए और फिर उन्हें वापस भी ले लिया। इससे पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में फैसले हमेशा आदर्शों, नैतिकता या सिद्धांतों के आधार पर फैसले नहीं लिए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… POK के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की गोलीबारी से 16 की मौत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की फायरिंग में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 37 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह घटना उस समय हुई जब हजारों लोग महंगाई, बिजली दरों में वृद्धि और बुनियादी राजनीतिक-आर्थिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोलीबारी की। फायरिंग के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। POK में पिछले कई दिनों से सस्ती बिजली, सब्सिडी वाला गेहूं-चावल और अधिक अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। हाल ही में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद तनाव और बढ़ गया। प्रशासन ने कई गिरफ्तारियां की हैं तथा कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं। स्थानीय दावों के अनुसार 5 जून से जारी आंदोलन के दौरान अब तक 53 नागरिकों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शन नेताओं ने कहा है कि वे आर्थिक राहत और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। भारत ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे नरसंहार बताया है और कहा है कि यह पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में लोगों के अधिकारों के दमन को दर्शाता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले का संज्ञान लेने और पाकिस्तान से लोगों के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है। 3 साल से ज्यादा समय तक कोमा में रहीं थाई राजकुमारी बज्रकिटियाभा का निधन
थाईलैंड की राजकुमारी बज्रकिटियाभा का 47 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह दिसंबर 2022 से कोमा में थीं। थाई शाही परिवार ने शुक्रवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि लगातार चिकित्सा प्रयासों के बावजूद उनकी हालत बिगड़ती रही और गुरुवार शाम बैंकॉक के चुलालॉन्गकॉर्न अस्पताल में उनका निधन हो गया। राजकुमारी बज्रकिटियाभा दिसंबर 2022 में अपने कुत्तों के साथ व्यायाम कर रही थीं, तभी अचानक बेहोश हो गई थीं। डॉक्टरों ने बाद में बताया कि उनके हृदय में मायकोप्लाज्मा संक्रमण हुआ था, जिससे गंभीर अनियमित धड़कन की समस्या पैदा हुई और वह कोमा में चली गईं। 7 दिसंबर 1978 को जन्मीं बज्रकिटियाभा, थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी संतान थीं। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से दो स्नातकोत्तर डिग्रियां हासिल कीं। संयुक्त राष्ट्र में थाई मिशन के साथ काम करने के बाद उन्होंने थाईलैंड में अटॉर्नी जनरल कार्यालय में सेवाएं दीं। वर्ष 2012 से 2014 तक वह ऑस्ट्रिया में थाईलैंड की राजदूत रहीं। बाद में वह संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एवं अपराध कार्यालय (UNODC) की ‘रूल ऑफ लॉ’ एम्बेसडर भी रहीं। 2021 में राजा वजिरालोंगकोर्न ने उन्हें अपनी निजी सुरक्षा इकाई का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया और जनरल का दर्जा दिया। उनकी प्रशासनिक क्षमता और सार्वजनिक छवि के कारण उन्हें थाई राजशाही के संभावित उत्तराधिकारियों में भी देखा जाता था। उ. कोरिया में ड्रोन भेजने पर द. कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को 30 साल अतिरिक्त जेल
दक्षिण कोरिया की सियोल जिला अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को उत्तर कोरिया में ड्रोन भेजकर तनाव भड़काने के मामले में 30 साल अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि इस अभियान का मकसद उत्तर कोरिया को उकसाकर आपात स्थिति पैदा करना और बाद में मार्शल लॉ लागू करने के लिए माहौल तैयार करना था। अदालत ने यून सुक योल, पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून, डिफेंस काउंटर इंटेलिजेंस कमांड के पूर्व प्रमुख यो इन-ह्युंग और ड्रोन ऑपरेशन कमांड के पूर्व प्रमुख किम योंग-डे को देशद्रोह और सत्ता के दुरुपयोग का दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि इन अधिकारियों ने सैन्य अभियान की आड़ में उत्तर कोरिया को उकसाया, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष का खतरा बढ़ गया। फैसले में कहा गया कि अक्टूबर 2024 में प्योंगयांग में प्रचार सामग्री गिराने के लिए ड्रोन भेजे गए थे। अदालत के अनुसार यह कार्रवाई यून सुक योल के निर्देश पर हुई थी और उन्हें उम्मीद थी कि उत्तर कोरिया जवाबी प्रतिक्रिया देगा। अभियोजन पक्ष का दावा था कि यह अभियान दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की तैयारी का हिस्सा था। यून ने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ लागू करते हुए कहा था कि देश को “राष्ट्र-विरोधी ताकतों” से बचाने की जरूरत है, लेकिन भारी जनविरोध के बाद उन्हें फैसला वापस लेना पड़ा। यून सुक योल पहले ही विद्रोह के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और गिरफ्तारी में बाधा डालने के मामले में पांच साल की अलग सजा भी मिल चुकी है। यूरोप में नाटो अभियानों के लिए लड़ाकू विमान और युद्धपोत घटाएगा अमेरिका
अमेरिका यूरोप में नाटो अभियानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले लड़ाकू विमानों, टोही विमानों और युद्धपोतों की संख्या में बड़ी कटौती की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस कदम से नाटो की लंबी दूरी के हमले और निगरानी क्षमता प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका नाटो अभियानों के लिए उपलब्ध F-16 और F-15E लड़ाकू विमानों की संख्या लगभग 150 से घटाकर 100 करने की योजना बना रहा है। समुद्री निगरानी में इस्तेमाल होने वाले विमानों की संख्या भी 26 से घटाकर 15 किए जाने का प्रस्ताव है। योजना के तहत यूरोप के लिए उपलब्ध कराए गए सभी आठ एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर विमानों को हटाया जा सकता है। इसके अलावा एक मिसाइल-सक्षम पनडुब्बी, एक विमानवाहक पोत और उससे जुड़े कई युद्धपोतों को अन्य क्षेत्रों में पुनः तैनात किए जाने की संभावना है। विमानवाहक पोत के साथ अभियान में शामिल होने वाले दर्जनों लड़ाकू विमानों को भी हटाया जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोप की सुरक्षा के लिए निर्धारित दो बमवर्षक समूहों में से एक को किसी अन्य क्षेत्र में भेजा जा सकता है। इससे नाटो की रणनीतिक और निगरानी क्षमताओं पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, इस संबंध में नाटो और अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। चीन ने रेगिस्तानी इलाकों में ‘अत्यधिक बाढ़’ की चेतावनी दी
चीन ने उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग और आसपास के इलाकों में इस गर्मी अत्यधिक बाढ़ की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक सामान्य से अधिक तापमान, भारी बारिश और तेजी से पिघलते ग्लेशियरों के कारण रेगिस्तानी क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सरकारी प्रसारक CCTV के अनुसार, चीन के सबसे बड़े तकलामकान रेगिस्तान में जून की शुरुआत में इस साल की पहली बाढ़ दर्ज की गई। आमतौर पर ऐसे हालात अगस्त में देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार मौसम में असामान्य बदलाव के कारण बाढ़ अपेक्षा से पहले आ गई। चीन मौसम विज्ञान प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बाढ़ से सड़क, रेलवे तथा तेल और गैस अवसंरचना को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। पोलैंड ने यूक्रेन से सड़क का नाम बदलने की मांग की
पोलैंड ने यूक्रेन के विनित्सिया शहर में स्टेपन बांदेरा के नाम पर रखी गई सड़क का नाम बदलने की मांग की है। पोलिश अधिकारियों का कहना है कि बांदेरा और उनके संगठन की विरासत पोलैंड में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़ी मानी जाती है और ऐसे प्रतीक दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं। विनित्सिया में जिस सड़क का नाम पहले रूसी लेखक लियो टॉल्स्टॉय के नाम पर था, उसका नाम 2022 में बदलकर स्टेपन बांदेरा के नाम पर रखा गया था। यह कदम यूक्रेन द्वारा रूसी प्रभाव से जुड़े नामों को हटाने के अभियान का हिस्सा था। स्टेपन बांदेरा यूक्रेनी राष्ट्रवादी नेता थे। यूक्रेन में उन्हें राष्ट्रवादी प्रतीक के रूप में सम्मान मिलता है, जबकि पोलैंड उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जोड़ता है और उन्हें युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार मानता है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने हाल में चेतावनी दी थी कि यदि यूक्रेन ऐतिहासिक विवादों पर पोलैंड की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेता, तो वारसॉ भविष्य में अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए अधिक व्यावहारिक नीति अपना सकता है। ‘पोकेमॉन गो’ का डेटा सैन्य मैपिंग में इस्तेमाल हुआ हो सकता है: व्हिसलब्लोअर का दावा
गूगल के पूर्व कर्मचारी और व्हिसलब्लोअर जैक वोरहीस ने दावा किया है कि लोकप्रिय मोबाइल गेम ‘पोकेमॉन गो’ के खिलाड़ियों द्वारा वर्षों में जुटाया गया लोकेशन और विजुअल डेटा अमेरिकी सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वोरहीस ने एक साक्षात्कार में कहा कि अधिकांश खिलाड़ियों को यह अंदाजा नहीं था कि उनके स्मार्टफोन कैमरा और GPS के जरिए एकत्र की गई जानकारी भविष्य में सैन्य उपयोग के लिए भी काम आ सकती है। उनके अनुसार यह डेटा दुनिया भर के स्थानों की जमीनी स्तर की जानकारी उपलब्ध कराता है। पोकेमॉन गो को 2016 में अमेरिकी कंपनी नायंटिक ने लॉन्च किया था। ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक पर आधारित यह गेम खिलाड़ियों को वास्तविक दुनिया के स्थानों पर जाकर डिजिटल पात्रों की खोज करने के लिए प्रोत्साहित करता है। वोरहीस का दावा है कि जमीनी स्तर से जुटाई गई तस्वीरें और स्थान संबंधी जानकारी सैटेलाइट इमेजरी को और अधिक प्रभावी बना सकती हैं। उनके अनुसार इस प्रकार का डेटा किसी क्षेत्र की त्रि-आयामी संरचना तैयार करने और भू-भाग की विस्तृत समझ विकसित करने में सहायक हो सकता है। NATO लक्ष्यों की फंडिंग को लेकर ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली का इस्तीफा
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हीली ने आरोप लगाया कि सरकार और वित्त मंत्रालय सेना के आधुनिकीकरण तथा NATO प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं। उनका इस्तीफा लेबर सरकार के लिए एक नए राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। अपने खुले पत्र में हीली ने कहा कि वह लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार और रक्षा खर्च को 2030 तक GDP के 3% तक ले जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार इस दिशा में स्पष्ट वित्तीय प्रतिबद्धता नहीं दिखा सकी। उन्होंने सोमवार को जारी रक्षा बजट की भी आलोचना की और कहा कि यह सेना की वास्तविक जरूरतों से काफी कम है। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार पहले से कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। हालिया स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को नुकसान हुआ था और सरकार की कुछ नियुक्तियों को लेकर भी विवाद सामने आए थे। हीली के इस्तीफे से अब स्टार्मर सरकार पर रक्षा नीति और सैन्य निवेश को लेकर दबाव और बढ़ सकता है। चीन ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री और उनके परिवार पर लगाया प्रवेश प्रतिबंध
दक्षिण चीन सागर को लेकर जारी विवाद के बीच चीन ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोदोरो और उनके परिवार पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन ने उन्हें, उनकी पत्नी और बच्चों को देश, हांगकांग तथा मकाऊ में प्रवेश से रोक दिया है। मनीला ने इस कदम को “अमित्रतापूर्ण कार्रवाई” बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों पर चिंता जताई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि टियोदोरो ने बार-बार चीन के खिलाफ गलत टिप्पणियां की हैं, जिससे चीन के वैध हितों और चीन-फिलीपींस संबंधों को नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा कि चीन के संगठन और नागरिक भी टियोदोरो तथा उनके परिवार के साथ किसी प्रकार का लेनदेन या सहयोग नहीं कर सकेंगे। प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया देते हुए टियोदोरो ने कहा कि वह अपना कर्तव्य निभाना जारी रखेंगे और दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन आलोचकों को दबाने की कोशिश कर रहा है। फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास निर्माण और रचनात्मक संवाद की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा। विदेश मंत्री मारिया थेरेसा लाजारो ने बताया कि मनीला इस मुद्दे पर चीन के साथ बातचीत करेगा और कूटनीतिक समाधान तलाशेगा। खैबर पख्तूनख्वा में 2 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को दो अलग-अलग लक्षित हमलों में दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों घटनाएं बन्नू जिले में हुईं, जहां हाल के महीनों में आतंकवादी हिंसा और सुरक्षा बलों पर हमलों में बढ़ोतरी हुई है। पुलिस के अनुसार पहला हमला सेदगी बकाखेल इलाके में हुआ। अज्ञात बंदूकधारियों ने पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद रोशन पर उनके घर के बाहर गोलीबारी कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर घटना के बाद फरार हो गए। दूसरी घटना आजाद मंडी क्षेत्र के पास हुई। पुलिस अधिकारी मिश्कवत उल्लाह आमिर बकाखेल तबलीगी मरकज में नमाज अदा कर घर लौट रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया। गोलीबारी में उनकी मौत हो गई। पिछले महीने हुए एक आत्मघाती हमले में 15 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
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फिल्मों के पिटने से स्टार को लगा झटका, समझ में आई अपनी भूल, अब लिया बड़ा फैसला
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बॉलीवुड के एक नामचीन स्टार की पिछली दो लगातार बड़ी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुईं. करोड़ों के बजट और भारी बज के बावजूद इन फिल्मों के पिटने से एक्टर को गहरा झटका लगा है. अब एक्टर उन्होंने माना कि लगातार मिल रही असफलताओं के बाद अब उन्होंने स्क्रिप्ट चुनने का अपना तरीका पूरी तरह बदल दिया है. एक्टर ने कबूल किया कि शायद वह अकेले यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन सी फिल्म चुनी जाए, इसलिए अब वह अकेले स्क्रिप्ट की कहानी नहीं सुनते हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘कॉकटेल 2’ के प्रमोशन में जुटे हुए हैं. इससे पहले उनकी पिछली दो फिल्में ‘देवा’ और ‘ओ रोमिया’ जबरदस्त बज के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थीं. इस बीच एक इंटरव्यू में शाहिद ने साफ किया कि पिछली फिल्मों के खराब प्रदर्शन ने उन्हें फिल्म चुनने का तरीका बदलने पर मजबूर कर दिया है.

द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि अब वह अकेले स्क्रिप्ट सुनना पसंद नहीं करते, बल्कि स्क्रिप्ट फाइनल करते वक्त अपनी पूरी टीम को साथ रखते हैं ताकि हर पहलू को बेहतर ढंग से समझा जा सके. अपनी पिछली फिल्मों की असफलता पर बात करते हुए शाहिद ने माना कि जब कोई फिल्म नहीं चलती, तो इंसान कई तरह की भावनाओं और निराशा से गुजरता है.

उन्होंने कहा, ‘जब आप इस इंडस्ट्री में इतने लंबे समय से काम कर रहे होते हैं, तो आपको उम्मीद होती है कि आप चीजों को बेहतर तरीके से समझेंगे और आपके फैसले सही साबित होंगे. लेकिन असल में ऐसा होता नहीं है. आप कितने सालों से काम कर रहे हैं, इस बात से फिल्मों की सफलता का कोई लेना-देना नहीं है.’
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शाहिद कपूर ने कहा, ‘फिल्में पूरी तरह से अनप्रेडिक्टेबल हैं यानी यहां कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता. एक एक्टर होने के नाते, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा परफॉर्म करेगी, इस पर आपका कोई कंट्रोल नहीं होता. यहां तक कि आप पर्दे पर जो कर रहे हैं, उस पर भी आपका पूरा नहीं बल्कि थोड़ा-बहुत ही कंट्रोल होता है. आखिरकार, डायरेक्टर ही यह तय करता है कि फ्रेम में क्या दिखेगा और उसका संतुष्ट होना सबसे ज्यादा जरूरी है.’

‘देवा’ और ‘ओ रोमियो’ के पिटने के बाद अपने काम करने के तरीके में आए एक बड़े बदलाव का जिक्र करते हुए शाहिद ने कहा, ‘अब मैंने अपनी टीम से एक बात साफ कह दी है कि शायद मुझे अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट खुद तय नहीं करनी चाहिए. कैमरा के सामने क्या और कैसे करना है, यह तो मैं बहुत अच्छे से जानता हूं, लेकिन शायद मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि कौन सी फिल्म चुनी जाए. हो सकता है कि मेरा फैसला पूरी तरह से एक कलाकार की सोच पर टिका हो, जो शायद आम दर्शकों को पसंद न आ रहा हो.’

साल 2025 में शाहिद कपूर एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘देवा’ में नजर आए थे. रोशन एंड्रयूज के निर्देशन में बनी इस फिल्म को क्रिटिक्स से मिले-जुले रिव्यू मिले और यह बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई. करीब 50 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म भारत में महज 40.82 करोड़ और दुनिया भर में सिर्फ 56.32 करोड़ का ही कलेक्शन कर सकी.

इसके बाद साल 2026 में आई विशाल भारद्वाज की ‘ओ रोमियो’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था. शाहिद कपूर के लीड रोल वाली इस रोमांटिक एक्शन थ्रिलर से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन इसे भी ठंडा रिस्पॉन्स मिला और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डूब गई. 150 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ तैयार हुई यह फिल्म दुनिया भर में सिर्फ 110 करोड़ ही बटोर पाई.

अब शाहिद कपूर को अपनी अगली रिलीज ‘कॉकटेल 2’ से काफी उम्मीदें हैं. होमी अदजानिया के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म की कहानी तरुण जैन और लव रंजन ने लिखी है. फिल्म में शाहिद के साथ कृति सेनन और रश्मिका मंदाना लीड रोल में हैं. साल 2012 की सुपरहिट फिल्म ‘कॉकटेल’ की तरह इसकी कहानी भी एक लव ट्रायंगल के इर्द-गिर्द घूमती है. यह फिल्म 19 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है.


