Monday, July 20, 2026
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औरैया में भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियां तेज कीं: बूथ सम्मेलन को लेकर पदाधिकारियों की बैठक, मंडल प्रभारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं – Auraiya News


औरैया4 मिनट पहले

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औरैया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिशन 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत बूथ सम्मेलन को सफल बनाने के लिए जिला कार्यालय पर बैठक आयोजित की। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री एवं जिले के प्रवासी सुनील तिवारी ने बूथ सम्मेलन को संगठन की प्राथमिकता बताते हुए पदाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।

सुनील तिवारी ने कहा कि बूथ सम्मेलन की सफलता आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की मजबूत नींव साबित होगी। उन्होंने अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा की और सभी पदाधिकारियों से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया।

जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने मंडल प्रभारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए निर्देश दिए कि वे अपने-अपने शक्ति केंद्रों पर बैठकें आयोजित करें। साथ ही शक्ति संयोजकों के सहयोग से बूथ अध्यक्षों से संपर्क कर अधिक से अधिक संख्या में सम्मेलन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि औरैया जिले का बूथ सम्मेलन कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में सबसे सफल रहेगा।

जिला मीडिया प्रभारी भूरे चौबे ने बताया कि औरैया विधानसभा का बूथ सम्मेलन सुबह 10 बजे तिलक महल गार्डन, मुरादगंज में, दिबियापुर विधानसभा का सम्मेलन दोपहर 12 बजे कटियार मेंशन, सेहुद मंदिर के सामने दिबियापुर में तथा बिधूना विधानसभा का सम्मेलन दोपहर 2 बजे रैपिड ग्लोबल पब्लिक स्कूल, बिधूना में आयोजित होगा। उन्होंने सभी बूथ अध्यक्षों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के सम्मेलन में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की।

बैठक का संचालन जिला महामंत्री यशवीर सिकरवार ने किया। इस दौरान जिला महामंत्री विशाल शुक्ला, मनु राजपूत, ऋषि पांडे सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



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Motorola Edge 70 Max की पहली सेल भारत में शुरू, मिल रहा बंपर डिस्काउंट


Motorola Edge 70 Max की सेल भारत में शुरू हो गई है। मोटोरोला ने अपने इस फोन को पिछले दिनों भारत में लॉन्च किया है। इससे पहले कंपनी भारतीय बाजार में Motorola Edge 70, Motorola Edge 70 Pro, Motorola Edge 70 Fusion और Motorola Edge 70 Pro+ पेश कर चुकी है। मोटोरोला के अपने इस लेटेस्ट फोन की खरीद पर कई तरह के ऑफर की घोषणा की है।

पहली सेल में ऑफर

Motorola Edge 70 Max का यह फोन भारत में दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 54,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 59,999 रुपये है। इस फोन की पहली सेल में 5,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। फोन की सेल ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर आयोजित की जा रही है। इसे पेनाटोन डार्क शैडो और पेनाटोन आइस मेल्ट कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं।

Motorola Edge 70 Max के फीचर्स

मोटोरोला का यह फोन 6.8 इंच के QHD+ Extreme AMOLED डिस्प्ले पैनल के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1440 x 3168 पिक्सल है। इस फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। साथ ही, इसके डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 7000 निट्स तक की है। यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।










Motorola Edge 70 Max फीचर्स
डिस्प्ले 6.8 इंच, QHD+, 144Hz
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5
स्टोरेज 12GB, 256GB
बैटरी 7100, 90W, 25W
कैमरा 50MP + 8MP, 32MP
OS Android 16

Motorola Edge 70 Max में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इस फोन में 12GB रैम के साथ 256GB तक के स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन IP68 और IP69 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने और धूल-मिट्टी में यह खराब नहीं होगा। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। 

इस फोन के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का OIS कैमरा मिलता है। फोन में 8MP का अल्ट्रा वाइड और एक 2-in-1 लाइट सेंसर मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए मोटोरोला के इस फोन में 32MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन 7100mAh की बैटरी और 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ-साथ 25W वायरलेस चार्जिंग फीचर को सपोर्ट करता है।

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चीन में डिलीवरी ब्वॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला: खाना पहुंचाते हुए लिखी कई कविताएं, ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने




चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। उनकी कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ को यह सम्मान दिया गया है। इस किताब की कई कविताएं उन्होंने फूड डिलीवरी के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर लिखी थीं। वांग 2019 के आसपास फूड डिलीवरी राइडर बने थे। उनकी कविताएं सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। उनकी नई किताब ‘लो फ्लाइट’ डिलीवरी राइडर्स की रोजमर्रा की परेशानियों, संघर्ष और जीवन पर आधारित है। यह किताब उन्होंने 2024 में प्रकाशित की थी। इसके लिए उन्होंने करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की और उनके अनुभवों को अपनी कविताओं में दर्ज किया। उनकी एक कविता की पंक्ति है- किसने कहा कि पंख फैलाने का मतलब सिर्फ ऊंची उड़ान भरना है? नीचे उड़ना भी उड़ान ही है। कस्टमर से मिली फटकार के बाद लिखी कविता- वायरल हुई वांग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें 14 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने निर्माण मजदूर, कबाड़ बीनने वाले और सड़क किनारे सामान बेचने जैसे कई छोटे-मोटे काम किए। बाद में वे फूड डिलीवरी राइडर बन गए। हालांकि, पढ़ने-लिखने का उनका शौक कभी खत्म नहीं हुआ। 2022 में उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। यह कविता 2019 की एक घटना से प्रेरित थी। उस समय वह जियांगसू के कुनशान शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे। एक ग्राहक ने गलत पता दर्ज कर दिया था। सही घर ढूंढने के लिए वांग को तीन रिहायशी इमारतों में भटकना पड़ा और 18 मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। जब वह आखिरकार खाना लेकर पहुंचे तो ग्राहक ने देर होने पर उन्हें डांट दिया। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी और दर्द को शब्दों में ढाल दिया। इसी से उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ जन्मी। यह कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यही से उनके साहित्यिक सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। इस किताब की एक कविता की एक पंक्ति है- सड़क पर दौड़ता हर आम इंसान अपने हाथ में एक छोटी-सी रोशनी लिए चलता है। यही रोशनी पहले हमें रास्ता दिखाती है और फिर धीरे-धीरे पूरी दुनिया को रोशन कर देती है। 6 हजार से ज्यादा कविताएं लिख चुके वांग अब तक वह 6 हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। उनकी कई रचनाएं प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। वांग कहते हैं, “लोग शायद मुझे याद न रखें, लेकिन उन्हें तेज रफ्तार से गुजरता एक फूड डिलीवरी राइडर जरूर याद रहता है।” यही सोच उन्हें लाखों डिलीवरी कर्मियों की जिंदगी पर किताब लिखने की प्रेरणा बनी। वांग का कहना है, मैं चाहता हूं कि इस किताब को पढ़ने के बाद लोग डिलीवरी राइडर्स के प्रति ज्यादा समझदारी और धैर्य दिखाएं, ताकि उनके साथ होने वाले विवाद कम हों। पुरस्कार मिलने के बाद भी नौकरी नहीं छोड़ेंगे पुरस्कार जीतने के बाद वांग ने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से कहा कि पुरस्कार मिलने की खबर आने तक वे बेहद घबराए हुए थे। उन्होंने बताया कि मीडिया का बढ़ता ध्यान उनके लिए मानसिक दबाव भी लेकर आया। उन्होंने साफ किया कि पुरस्कार मिलने के बावजूद वे अपनी नौकरी नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि वे 60 साल की उम्र तक फूड डिलीवरी का काम जारी रखना चाहते हैं। वांग ने कहा, अब मुझे जीवनयापन के लिए इस नौकरी की जरूरत नहीं है, लेकिन मुझे यह काम पसंद है। इससे मैं सक्रिय और फिट रहता हूं। मैं जमीन से जुड़ी जिंदगी जीना चाहता हूं और यह पुरस्कार मुझे नहीं बदलेगा। चीन में बढ़ रही है मजदूर लेखकों की पहचान वांग जिबिंग उन ब्लू-कॉलर कामगारों की नई पीढ़ी का हिस्सा हैं, जिन्हें हाल के कुछ साल में उनके साहित्यिक लेखन के लिए पहचान मिली है। उनकी रचनाएं चीन की तेजी से बढ़ती गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों लोगों के संघर्ष, दबाव और जीवन की सच्चाई को सामने लाती हैं। साल 2023 में पूर्व डिलीवरी कर्मी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ प्रकाशित हुई थी। यह किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और विदेशों में भी चर्चा का विषय रही। पिछले साल इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ। इसी तरह 2017 में प्रवासी मजदूर फान यूसु का आत्मकथात्मक लेख ‘आई एम फान यूसु’ चीन में इंटरनेट पर जबरदस्त वायरल हुआ था। इसे इतनी बड़ी प्रतिक्रिया मिली कि लगातार मीडिया की भीड़ से बचने के लिए फान को कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। लू शुन चीन का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान वांग जिबिंग को जिस लू शुन साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उसका नाम चीन के महान साहित्यकार लू शुन के नाम पर रखा गया है। उन्हें 20वीं सदी के चीन का सबसे प्रभावशाली लेखक माना जाता है। उन्होंने अपने व्यंग्यात्मक उपन्यासों और कहानियों के जरिए पारंपरिक चीनी समाज की कमियों और सामाजिक बुराइयों पर हमला बोला। लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन करता है। यह पुरस्कार हर चार साल में दिया जाता है और इसे चीन के सबसे बड़े साहित्यिक सम्मानों में गिना जाता है। इसकी शुरुआत समकालीन चीनी साहित्य की उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित करने के लिए की गई थी। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह पुरस्कार लंबे समय से चीन के मुख्यधारा के साहित्य का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता रहा है और साहित्य जगत में इसका खास महत्व है।



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वायरल NEET OMR शीट पर NTA का आया रिप्लाई, 5 अभ्यार्थियों से जुड़े दावों पर किया बड़ा खुलासा


अभी सोशल मीडिया पर NEET UG 2026 की कुछ OMR शीट को लेकर यह दावा किया जा रहा था कि इसमें गड़बड़ी हुई है। ये दावे काफी वायरल हो रहे थे मगर अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने इन दावों को लेकर अपनी बात रखी है। NTA ने इन वायरल दावों की जांच की और उसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अभ्यार्थियों के OMR शीट को लेकर पोस्ट करते हुए विस्तार से जानकारी दी है। आइए फिर आपको बताते हैं कि वायरल NEET OMR शीट पर NTA का क्या कहना है।

NTA ने वायरल दावों को बताया गलत

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यार्थियों के NEET OMR शीट काफी वायरल हो रहे थे और वायरल पोस्ट में इनमें गड़बड़ी का दावा किया जा रहा था। अब NTA ने इनकी जांच की और वायरल हो रहे 5 अभ्यार्थियों से जुड़े OMR शीट के दावों को खारिज कर दिया। इसके संबंध में NTA 5 अलग-अलग पोस्ट किए हैं और सभी अभ्यार्थियों से जुड़े वायरल OMR शीट पर जानकारी दी है। आइए आपको उसके बारे में बताते हैं।

आर्या सिंह के मामले में क्या कहा?

NTA द्वारा किए गए पोस्ट में लिखा है कि, ‘आर्या सिंह (एप्लिकेशन नंबर 260410434102) के NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है और उम्मीदवार की असली OMR शीट NTA के पास है। जो इमेज फैलाई जा रही है, वह उसी शीट का डिजिटल रूप से बदला हुआ वर्जन है। असली शीट पर एक इनविजिलेटर (निरीक्षक) के हस्ताक्षर का दर्ज समय दोपहर 3:45 बजे था, जिसे बदली हुई इमेज में दोपहर 2:45 बजे कर दिया गया है। नकली OMR शीट पर डिजिटल बदलाव के कई अन्य निशान भी हैं।’

लक्ष्य सिंह के पोस्ट को लेकर क्या कहा?

NTA ने एक दूसरे पोस्ट में लक्ष्य सिंह के वायरल OMR शीट पर भी जानकारी दी है। उसमें लिखा है, ‘लक्ष्य सिंह (एप्लिकेशन नंबर 260412053016) द्वारा अपनी NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है। जो इमेज फैलाई जा रही है, उसमें ऐसे निशान (responses) दिख रहे हैं जो असली शीट पर नहीं हैं। नकली OMR शीट बनाने के लिए डिजिटल तरीके से अतिरिक्त गोलों (bubbles) को भरा गया है।’

प्रतिभा त्रिवेदी और अभय यादव के मामले में क्या कहा?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो प्रतिभा त्रिवेदी और अभय यादव के OMR शीट पर भी जांच के बाद जानकारी दी है और वायरल हो रही इमेज को गलत बताया। प्रतिभा त्रिवेदी के मामले में पोस्ट करते हुए लिखा, ‘प्रतिभा त्रिवेदी (एप्लीकेशन नंबर 260412140662) के NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है। जो इमेज फैलाई जा रही है, वह असली OMR शीट का डिजिटल रूप से बदला हुआ वर्शन है। यह NTA के रिकॉर्ड में मौजूद शीट नहीं है और इसमें डिजिटल रूप से काफी बदलाव किए गए हैं।’

वहीं अभय यादव के वायरल हो रहे OMR शीट को लेकर NTA ने कहा, ‘उम्मीदवार ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि केवल 5 सवाल बिना हल किए रह गए थे और उनका परिणाम 634 अंक होना चाहिए। रिकॉर्ड इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं। 180 सवालों में से 44 सवाल बिना हल किए रह गए थे। फाइल में मौजूद OMR और कैलकुलेशन शीट एक-दूसरे से मेल खाते हैं।’

अवनीश श्रीवास्तव के मामले में NTA ने क्या कहा?

एक अन्य पोस्ट में NTA ने अवनीश श्रीवास्तव के वायरल OMR शीट दावों पर भी जानकारी दी है और बताया कि, ‘श्री अवनीश श्रीवास्तव (एप्लिकेशन नंबर 260411198880, रोल नंबर 2001805051) की जो इमेज फैलाई जा रही है, वह NTA द्वारा जारी की गई OMR शीट नहीं है। उस इमेज में दी गई पहचान NEET (UG) 2026 के लिए रजिस्टर्ड किसी भी उम्मीदवार से मेल नहीं खाती है। NEET (UG) 2026 के डेटाबेस में उस नाम और माता-पिता के विवरण वाला कोई उम्मीदवार मौजूद नहीं है।’

पोस्ट में आगे लिखा है, ‘यह इमेज उम्मीदवार की अपनी असली OMR शीट का डिजिटल रूप से बनाया गया वर्जन है। पहचान वाले हिस्सों को बदल दिया गया है और शीट के प्रिंटेड हिस्से को AI या OCR-आधारित टूल से दोबारा बनाया गया है, जिससे असली OMR शीट के कुछ हिस्सों में साफ तौर पर गलतियां दिख रही हैं; ऐसी गलतियां कोई उम्मीदवार पेन से नहीं कर सकता।’

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बाजार खुलते ही 4% फिसला सबसे बड़े प्राइवेट बैंक का शेयर, अब खरीदें या नहीं


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HDFC बैंक के शेयर पहली तिमाही के नतीजों के बाद 4% से ज्यादा टूट गए हैं. हालांकि, बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर 5% बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये और ब्याज से होने वाली कमाई 6.7% बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये रही. वहीं, ग्रॉस और नेट एनपीए में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली. ऐसे में ब्रोकरेज फर्म Jefferies और Nomura ने बैंक पर रेटिंग क्या रखी है, ये जरूर देखें.

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आज 20 जुलाई को एचडीएफसी बैंक के शेयर्स 4 फीसदी से ज्यादा गिर गए हैं.

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक के शेयर्स में आज 20 जुलाई को जोरदार गिरावट देखने को मिली है.  बाजार खुलते ही ये बैंक स्टॉक 4% से ज्यादा फिसल गया और 781 रुपये पर कारोबार करते हुए नजर आया है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बैंक के Q1FY27 के नतीजे रही है. बता दें कि बैंक का मुनाफा 5% बढ़ा और 18,155 करोड़ रुपये से बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये हो गया है.

इसके अलावा नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली कमाई 6.7% बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये पहुंच गई. प्रोविजन एंड कंटीजेंसी करीब 79% घटकर 3,060 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 14,442 करोड़ रुपये था. ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) मामूली बढ़कर 1.17% हो गया, जो पिछली तिमाही में 1.15% था नेट एनपीए (Net NPA) भी 0.38% से बढ़कर 0.41% हो गया.

ब्रोकरेज फर्म ने दी राय

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने HDFC बैंक के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक का पहली तिमाही का मुनाफा अनुमान के मुताबिक रहा. ब्याज से होने वाली कमाई (NII) उम्मीद से थोड़ी कम रही, लेकिन कम खर्च और क्रेडिट कॉस्ट से इसकी भरपाई हो गई है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, Nomura ने भी HDFC बैंक के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और 950 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक के पहली तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमान के अनुरूप रहे और बैंक का परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक रहा है.

कितना दिया है HDFC बैंक ने अब तक रिटर्न?

1 महीने में 0.44 फीसदी का पॉजिटिव रिटर्न दिया है. जबकि 3 महीनों में 1.46 प्रतिशत और 6 महीनों में 15.82 फीसदी नेगेटिव रिटर्न दिया है. 1 साल में तो 19 फीसदी से ज्यादा ये स्टॉक गिर चुका है. हालांकि, बैंक ने 10 साल में 154 फीसदी का पॉजिटिव रिटर्न दिया है.

अन्य बैंकिंग शेयर्स का हाल

HDFC बैंक के साथ-साथ दूसरे बैंकिंग शेयरों में भी दबाव देखने को मिला. एक्सिस बैंक का शेयर करीब 5% टूटकर 1,261 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 2% से ज्यादा गिरकर 381 रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक का शेयर इस गिरावट से अलग हरे निशान में रहा और करीब 1% की तेजी के साथ 1,457 रुपये पर कारोबार करता दिखा है.

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



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3 युवकों की UP में रोड एक्सीडेंट में मौत: अयोध्या से मोतिहारी लौटते समय बस से टकराई कार, 6 घायल – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी के 3 युवकों की उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। इनमें से 2 युवकों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि एक युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान पिपरा थाना क्षेत्र के चिंतावनपुर गांव निवासी मधुसूदन सिंह का बेटा कुंदन कुमार (32), कल्याणपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी राम तपस्या सिंह का बेटा पंकज कुमार (40) और केसरिया थाना क्षेत्र निवासी मोहन प्रसाद का बेटा रितिक कुमार (40) के रूप में हुई है। एक्सीडेंट से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरी घटना… तीनों दोस्त कार से अयोध्या घूमने गए थे घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त कार से अयोध्या घूमने गए थे। वहां से लौटने के दौरान बस्ती के नगर थाना क्षेत्र के रिठिया ओवरब्रिज के पास उनकी कार तेज रफ्तार (करीब 130 किमी/घंटा) से जा रही थी। इसी दौरान चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कार डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंचकर एक बस से टकरा गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती कराया इस हादसे में कुंदन कुमार और पंकज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रितिक कुमार को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। वहीं बस में सवार छह अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शवों की पहचान कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन शव लेने के लिए बस्ती रवाना हो गए। कुंदन के कंधों पर थी घर की जिम्मेदारी पिपरा थाना क्षेत्र के चिंतावनपुर गांव निवासी कुंदन कुमार अपने परिवार की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे दो भाइयों में सबसे बड़े थे और दिल्ली में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। हाल ही में घर आए थे और दोस्तों के साथ अयोध्या घूमने गए थे। लौटने के दौरान ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना पर कल्याणपुर के विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।



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बिना हेलमेट-बेल्ट बिजली पोल पर चढ़े कर्मचारी: ग्वालियर में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का वीडियो – Gwalior News




ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बिजली कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही का मामला सामने आया है। संधारण कार्य के दौरान कर्मचारी बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के बिजली के खंभों पर चढ़कर काम करते दिखाई दिए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्टोन पार्क क्षेत्र के बिजली पोल पर कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर काम करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय तक इसी तरह बिजली लाइन पर काम करते रहे। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। सुरक्षा नियमों की अनदेखी बिजली लाइनों पर काम के दौरान हेलमेट, इंसुलेटेड दस्ताने, सेफ्टी बेल्ट और सेफ्टी शूज जैसे सुरक्षा उपकरण जरूरी होते हैं। इनके बिना काम करना कर्मचारियों की जान को खतरे में डाल सकता है और श्रम सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाता है। लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। बिना सुरक्षा उपकरणों के बिजली के खंभों पर काम कराना गंभीर लापरवाही है, जिससे कर्मचारियों के साथ आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। विभाग का पक्ष नहीं आया मामले में देर शाम तक बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो के बाद विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।



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वर्ल्ड अपडेट्स: ब्रिटेन में विपक्ष की मांग- पाकिस्तान की सहायता और वीजा पर लगे रोक


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  • World News Updates; US Iran Israel Pakistan Breaking News UK Opposition Demands Ban On Pakistan Aid And Visas | Shabir Ahmed Case

14 मिनट पहले

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ब्रिटेन में विपक्षी दलों ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पाकिस्तान द्वारा बाल यौन अपराधी शबीर अहमद को वापस लेने से इनकार करने के बाद विपक्ष ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान ऐसे दोषियों को स्वीकार नहीं करता, तब तक उसे दी जाने वाली आर्थिक सहायता और नए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी जाए।

पाकिस्तान में जन्मा शबीर अहमद रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का प्रमुख सदस्य था। उसे बच्चियों से दुष्कर्म के 30 मामलों में दोषी ठहराया गया था। 22 साल की सजा में से 14 साल जेल काटने के बाद इस महीने उसे रिहा किया गया।

ब्रिटेन ने 2016 में उसकी नागरिकता समाप्त कर दी थी, लेकिन 1971 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत मिले कानूनी संरक्षण के कारण सरकार उसे निर्वासित नहीं कर सकी। गृह सचिव शबाना महमूद ने कहा है कि ऐसे अत्यंत गंभीर मामलों में कानून में संशोधन किया जाएगा।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि अहमद ने दशकों पहले अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी थी और उसकी जिम्मेदारी अब ब्रिटेन की है, जहां उसका पालन-पोषण हुआ और उसने अपराध किए।

इसी दौरान यह भी सामने आया कि ब्रिटेन ने अगले तीन वर्षों के लिए पाकिस्तान को 153 मिलियन पाउंड की विकास सहायता मंजूर की है। इस पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सहायता और वीजा दोनों तब तक रोके जाने चाहिए, जब तक पाकिस्तान शबीर अहमद जैसे दोषियों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं होता।



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मानसून में अपने आप उगती है ये जंगली सब्जी, स्वाद में चिनक-मटन को करती है फेल


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Kutumba Sabji Recipe: कोडरमा में मानसून के बाद उगने वाली कुटुंबा सब्जी बहुत ही ज्यादा पसंद की जाती है. इसे झारखंड में टर्की बेरी भी कहते हैं, ग्रामीण इलाकों में यह सब्जी बहुत ही लोकप्रिय है. यह पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर है, जिसे लोग पारंपरिक तरीके से बनाते हैं. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में.

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कोडरमा: झारखंड में कोडरमा जिले के ग्रामीण इलाकों में मानसून के मौसम के बाद झाड़ियों में अपने आप उगने वाली कुटुंबा इन दिनों लोगों की थाली की खास सब्जी बनी हुई है. इसे कई जगहों पर टर्की बेरी, जंगली बैंगन भी कहा जाता है. स्वाद में हल्की कड़वाहट होने के बावजूद यह अपने पौष्टिक और औषधीय गुणों के कारण ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों के बीच बेहद लोकप्रिय है. वर्षों से लोग इसे पारंपरिक तरीके से बनाकर अपने भोजन का हिस्सा बनाते आ रहे हैं. कुटुंबा प्राकृतिक रूप से उगने वाली जंगली सब्जी है. जिसके लिए किसी विशेष खेती की आवश्यकता नहीं होती है. मानसून के बाद खेतों के किनारों, झाड़ियों और खाली जमीन पर इसकी झाड़ियां दिखाई देने लगती हैं. इसकी झाड़ी बैंगन के पौधे की तरह पत्ते और कांटे वाली होती है.

ऐसे तैयार होता है कुटुंबा की भुजिया

वहीं, ग्रामीण महिलाएं इसे तोड़कर घर लाती हैं और इसकी भुजिया तैयार करती हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सब्जी शरीर को पोषण देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाती है. बहुमणि बिरहोर ने बताया कि इसकी भुजिया बनाने की विधि भी काफी आसान है. सबसे पहले कुटुंबा को अच्छी तरह धोकर उसकी डंडियों से अलग किया जाता है. इसके बाद हर दाने को बीच से दो भागों में काट लिया जाता है.

जहां स्वाद और मात्रा बढ़ाने के लिए इसमें बारीक कटे हुए आलू भी मिलाए जाते हैं. फिर कड़ाही में सरसों का तेल गरम कर उसमें साबुत जीरा, बारीक कटा लहसुन और प्याज डालकर सुनहरा होने तक भुना जाता है. इसके बाद कटे हुए कुटुंबा और आलू डालकर हल्दी, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. धीमी आंच पर ढककर पकाने के बाद जब यह कुरकुरी हो जाती है तो इसकी खुशबू और स्वाद दोनों ही लोगों को खूब पसंद आते हैं.

मानसून के बाद बढ़ जाती है मांग

कोडरमा के आदिवासी समाज में इस सब्जी का विशेष महत्व है. मानसून के मौसम में कोडरमा के गांवों में कुटुंबा की मांग बढ़ जाती है. कई ग्रामीण परिवार इसे अपने उपयोग के साथ-साथ स्थानीय हाट-बाजारों में भी बेचते हैं. प्राकृतिक रूप से उपलब्ध यह जंगली सब्जी आज भी झारखंड की पारंपरिक खाद्य संस्कृति और आदिवासी जीवनशैली की एक महत्वपूर्ण पहचान बनी हुई है.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com  में स…और पढ़ें





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डीसीएम से 200 लीटर डीजल चोरी: लखीमपुर खीरी में घर के बाहर खड़ी गाड़ी से निकाला, चोर CCTV में कैद – Lakhimpur-Kheri News


गोपाल गिरि | लखीमपुर-खीरी3 मिनट पहले

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लखीमपुर खीरी के मैगलगंज थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में रविवार तड़के एक डीसीएम से लगभग 200 लीटर डीजल चोरी हो गया। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें सफेद रंग की कार से आए चोर वारदात को अंजाम देते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, आढ़ती व्यापारी संजय गुप्ता की डीसीएम उनके घर के सामने खड़ी थी। सुबह करीब 5 बजे सफेद रंग की एक कार में सवार होकर कुछ बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने वाहन के टैंक से लगभग 200 लीटर डीजल निकाला और मौके से फरार हो गए।

घटना का पता चलने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें चोरों की पूरी गतिविधि रिकॉर्ड हो गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले भी सफेद कार सवार एक गिरोह ने क्षेत्र में कई वाहनों से डीजल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। इस तरह की वारदात दोबारा सामने आने से वाहन मालिकों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है।



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