नवादा के हिसुआ प्रखंड अंतर्गत तुंगी पंचायत के चकपर गांव में मध्याह्न भोजन योजना के चावल में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत और वीडियो साक्ष्य के आधार पर विधायक ने डीएम नवादा से लेकर अपर सचिव स्तर तक अधिकारियों को विस्तृत शिकायत भेजी, जिसके बाद पूरे खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में हड़कंप मच गया। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। मिड-डे मील के लिए भेजे गए चावल की बोरियों का वजन जांचा गया तो ज्यादातर बैगों में 30 से 45 किलो अनाज ही मिला। निर्धारित 51 किलो के बजाय भारी कटौती पाई गई। साथ ही चावल की गुणवत्ता भी बेहद खराब थी। स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ गया। विधायक अनिल सिंह ने इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया, जिसके बाद अपर सचिव रैंक के अधिकारियों वाली तीन सदस्यीय टीम तुरंत नवादा पहुंची। टीम ने स्थानीय गोदामों का निरीक्षण किया और विधायक अनिल सिंह को भी जांच कमेटी में शामिल किया गया। दोनों स्थानों — गांव और हिसुआ के गोदाम पर जांच के दौरान बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। गोदाम में रखे अनाज की बोरियों में लगातार वजन कम पाया गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि एक बड़े पैमाने पर गरीबों और स्कूली बच्चों का राशन निकाला जा रहा था। घटिया किस्म का अनाज आपूर्ति किए जाने से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। जांच टीम ने सैंपलिंग भी की है। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, ठेकेदारों और सप्लायर्स पर सख्त विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है। इस मामले में डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, हिसुआ के एजीएम, सप्लायर और ट्रांसपोर्टर समेत कई लोगों पर सवालिया निशान लग गया है। विधायक अनिल सिंह ने कहा कि किसी भी सूरत में हम गरीबों का निवाला छीनने वालों को बख्शेंगे नहीं। गरीबों को उनका हर हक मिलना चाहिए। जो लोग उनके हक में कटौती करेंगे, उनके खिलाफ हम हर मंच पर लड़ाई लड़ेंगे। विधायक के इस सक्रिय रुख की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। उन्होंने कहा कि अनिल सिंह जैसे जनप्रतिनिधि ही आम आदमी की आवाज बनकर खड़े होते हैं। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में मिड-डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चल रही गड़बड़ियों को उजागर कर दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट शीघ्र ही उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस पूरे प्रकरण ने सिस्टम में सुधार की मांग को और मजबूत कर दिया है।
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आपने आज तक समोसा, पकौड़ा, आलू चाप जैसे बहुत से आइटम चटनी या घुघनी के साथ तो खूब खाए होंगे पर क्या कभी आलू चाप के साथ रोटी खाई है? नहीं तो एक बार जमशेदपुर के सोनारी में मिलने वाली यह खास डिश ट्राई करें. यहां भरत होटल में यह खास कॉम्बिनेशन मिलता है और आज से नहीं 47 साल से यह होटल यह खास स्वाद परोस रहा है. न चटनी, न घुघनी फिर भी लोग खाने के लिए लाइन लगाते हैं. आपको भी चखना है तो सोनारी के भरत होटल जाएं और बिना पॉकेट पर भार बढ़ाए इस खास डिश का आनंद लें.













