Thursday, July 16, 2026
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82 पुलिस-निरीक्षकों के तबादले; कई थानों को मिले नए SHO: दक्षिण, पूर्व और पश्चिम जिलों समेत यातायात, अपराध शाखा और साइबर यूनिट में व्यापक बदलाव – Jaipur News




जयपुर पुलिस आयुक्तालय में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 82 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पूर्व में स्थानांतरण आदेशों के तहत कार्यभार ग्रहण करने वाले पांच पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक के नियमित पदस्थापन के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों को नए थानाधिकारी मिले हैं। वहीं अपराध शाखा, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, सीएसटी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, रिजर्व पुलिस लाइन और यातायात शाखा में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां कमलेश कुमार – थानाधिकारी, सुभाष चौक रघुवीर सिंह – थानाधिकारी, जयसिंहपुरा खोर भूरी सिंह – थानाधिकारी, कोतवाली सज्जन कुमार – थानाधिकारी, नाहरगढ़ सुनील कुमार – थानाधिकारी, जालूपुरा मदन लाल कड़वासरा – थानाधिकारी, महेश नगर सतीश चंद – थानाधिकारी, मानसरोवर मनोहर लाल – थानाधिकारी, अशोक नगर गुंजन वर्मा – थानाधिकारी, ज्योति नगर मनोज बेरवाल – थानाधिकारी, सोडाला हरि सिंह दूधवाल – थानाधिकारी, श्याम नगर छोटेलाल मीणा – थानाधिकारी, नारायण विहार हितेश शर्मा – थानाधिकारी, शिप्रा पथ मुकेश कुमार खारड़िया – थानाधिकारी, मुहाना गुरु भूपेंद्र सिंह – थानाधिकारी, सांगानेर सदर कृष्ण कुमार – थानाधिकारी, चाकसू राजेश गौतम – थानाधिकारी, बस्सी विक्रांत शर्मा – थानाधिकारी, प्रताप नगर गौरव प्रधान – थानाधिकारी, मालवीय नगर प्रदीप सिंह – थानाधिकारी, तूंगा सुरेश कुमार यादव – थानाधिकारी, एसएमएस अस्पताल प्रेम सिंह – थानाधिकारी, आदर्श नगर विक्रम सिंह – थानाधिकारी, ट्रांसपोर्ट नगर दीपक त्यागी – थानाधिकारी, महिला थाना (जयपुर पूर्व) धर्मेंद्र कुमार शर्मा – थानाधिकारी, बनीपार्क अरविंद सिंह शेखावत – थानाधिकारी, सिंधी कैंप अनिल कुमार जैमनी – थानाधिकारी, वैशाली नगर महेश चंद शर्मा – थानाधिकारी, हरमाड़ा रायसल सिंह शेखावत – थानाधिकारी, झोटवाड़ा दिलीप सिंह – थानाधिकारी, कालवाड़ यातायात और विशेष शाखाओं में भी बदलाव आदेशों के तहत कई निरीक्षकों को यातायात शाखा, अपराध शाखा, सीएसटी, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, स्टाफ ऑफिसर और रिजर्व पुलिस लाइन में भी पदस्थापित किया गया है। पांच अधिकारियों के नियमित पदस्थापन पुलिस आयुक्त ने पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रम में पांच अधिकारियों का नियमित पदस्थापन भी किया है। इनमें प्रहलाद नारायण को यातायात जयपुर, प्रकाश राम विश्नोई को खोह नागोरियान, रामधन मीणा को बजाज नगर, रतन सिंह को जामड़ोली तथा श्याम सुंदर (उप निरीक्षक) को लालकोठी थाना का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।



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सहरसा में पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण: संवेदनशील स्परों पर बढ़ी निगरानी; बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश – Saharsa News




बाढ़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर, वीरपुर के बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिस्सरण विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बुधवार को सहरसा जिले में पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से स्पर संख्या 116.70 और 117.15 का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तटबंध पर नदी के दबाव, सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ से निपटने की तैयारियों का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान, मुख्य अभियंता ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंध के सभी संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। नदी के जलस्तर में वृद्धि, दबाव बढ़ने या कटाव की आशंका होने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं। अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया
मुख्य अभियंता ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जाए और सभी संसाधनों को हर समय तैयार रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तटबंध की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभाग को हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहना होगा। संजीव शैलेश ने बताया कि विभाग कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी अभियंताओं और कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता विकास कुमार, कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार और फ्लड फाइटिंग फोर्स के चेयरमैन सह बाढ़ संघर्षात्मक समिति के अध्यक्ष सहजानंद सिंह सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।



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नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान शुरू: अगले 3 वर्षों में देश को नशा मुक्त करने का संकल्प, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने दिलाई शपथ – Jabalpur News




मध्य प्रदेश पुलिस और सामाजिक न्याय विभाग ने बुधवार से जबलपुर में 15 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ की शुरुआत की। भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में दीप प्रज्वलन के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ। इस दौरान आईजी प्रमोद वर्मा, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संपत उपाध्याय समेत अधिकारियों, चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अगले तीन वर्षों में भारत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। आईजी प्रमोद वर्मा ने युवाओं से खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पादों की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। वहीं एसपी संपत उपाध्याय ने अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। अभियान के तहत जबलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एसपी रेल सुंदर सिंह कनेश, एएसपी भावना मरावी, डीएसपी अंकिता सुल्य और जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत मौजूद रहीं। संस्कृति स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों, शिक्षकों और रेल यात्रियों सहित करीब 200 लोगों ने नशामुक्त जीवन की शपथ ली। कार्यक्रम के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत आगामी दिनों में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



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एथर ईवी में 200 करोड़ डालेगी सरकार, क्या है प्राइवेट कंपनी में इस निवेश की वजह


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इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बनाने वाली कंपनी एथर को सरकार की ओर से 200 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं. कंपनी 1200 करोड़ रुपये का फंड जुटाने निकली है. इसमें से 900 करोड़ रुपये से ज्यादा उसे उसके मौजूदा शेयरहोल्डर हीरो मोटोकॉर्प से मिलेंगे.

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कंपनी ने जून में 2500 करोड़ रुपये जुटाने के प्लान को मंजूरी दी थी.

नई दिल्ली. एथर को सरकार से 200 करोड़ रुपये मिले हैं. ये निवेश सरकार ने भविष्य में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए किया है. कई लोगों को लग सकता है कि सरकार किसी प्राइवेट कंपनी पर इतना क्यों मेहरबान हो रही है. क्यों नहीं इसे पीएलआई के रास्ते फंडिंग दी जा रही है. हम आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए किसी कंपनी में पैसा डाला हो. इससे पहले भी कई कंपनियों को सरकार डायरेक्ट फंडिंग दे चुकी है. इसके बारे में आगे विस्तार से जानेंगे कि कब, किस कंपनी को कितनी फंडिंग दी गई लेकिन उस पहले जान लेते हैं कि आज एथर खबर में क्यों हैं.

एथर टेक्नोलॉजी 1200 करोड़ रुपये का फंड जुटा रही है. यह जानकारी कंपनी ने बीएसई की फाइलिंग में दी. इसमें से 200 करोड़ रुपये सरकार ने दे दिये हैं. सरकार के अलावा इस फंडरेजर में कंपनी के फाउंडर्स और मौजूदा शेयरधारक भी हैं. कंपनी के शेयरहोल्डर्स में एक बड़ा नाम हीरो मोटोकॉर्प का भी है. हीरो इस फंडरेजर में 960 करोड़ रुपये डालेगी. इसके अलावा एथर को को-फाउंडर्स मिलकर 40 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. इसके अलावा भी कुछ और निवेशक कंपनी में पैसा डालेंगे.

बड़े प्लान का पार्ट

कंपनी ने जून में 2500 करोड़ रुपये जुटाने के प्लान को मंजूरी दी थी. तब प्लान यह किया गया था कि 1500 करोड़ रुपये क्यूआईपी के जरिए जुटाए जाएंगे और बाकी 1000 करोड़ प्रेफेरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाए जाएंगे. हालांकि, मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक अब ये 1200 करोड़ रुपये प्रेफरेंशियल इश्यू के रास्ते उठाए जा रहे हैं.

अब बात सरकारी निवेश की

दरअसल, सरकार 200 करोड़ रुपये इंडिया-जापान फंड से निकाल कर देगी. यह फंड 60 करोड़ डॉलर का है. भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू 4900 करोड़ रुपये है. यह फंड भारत और जापान ने एक द्विपक्षीय समझौते के तहत मिलकर बनाया है. इस फंड को नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड द्वारा मैनेज किया जाता है. ऐसा पहली बार नहीं है जब इस फंड से किसी निजी इलेक्ट्रिक व्हीलकल कंपनी को फंडिंग दी गई हो. इससे पहले भी इन कंपनियों को यहां से पैसा मिला है:

  1. इकेए मोबिलिटी (कमर्शियल ईवी)- 500 करोड़ रुपये का निवेश
  2. महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी- 400 करोड़ रुपये का निवेश
  3. एथर एनर्जी में पहले भी 600 करोड़ रुपये का निवेश सरकार ने किया था.

क्या है इसका मकसद

भारत सरकार 2030 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्रमोट करना चाहती है. एथर जैसी कंपनियां 2-व्हीलर मार्केट में लीडर है. सरकार चाहती है कि लोकल ईवी कंपनियां मजबूत हों और चीन पर निर्भरता कम की जाए. इसका एक पक्ष यह भी है कि एथर जैसी कंपनियों को जब फंड मिलता है तो वह अपने इंफ्रा का विस्तार करती हैं जिसकी वजह से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है.

क्यूआईपी से 1300 करोड़

एथर ने इस 1200 करोड़ रुपये के प्रेफरेंशियल इश्यू के 1300 करोड़ रुपये का क्यूआईपी यानी क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट भी लॉन्च कर दिया है. यानी जून में कंपनी को बोर्ड से 2500 करोड़ रुपये जुटाने की जो अनुमति मिली थी वह रकम इस तरह से पूरी होती है. क्यूआईपी के तहत हर शेयर 1,169.70 रुपये का होगा.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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स्वीट कॉर्न से बनाएं 5 टेस्टी स्नैक्स, बच्चों से बड़ों तक सबको आएगा पसंद


आजकल स्वीट कॉर्न लोगों के पसंदीदा हेल्दी स्नैक्स में से एक बन चुका है. इसका हल्का मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वीट कॉर्न में फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इसे पोषण से भरपूर बनाते हैं. यही वजह है कि इसे नाश्ते, शाम के स्नैक्स या हल्की भूख मिटाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है.

खास बात ये है कि स्वीट कॉर्न से बनने वाली ज्यादातर रेसिपीज बहुत कम समय में तैयार हो जाती हैं और इसके लिए किसी खास सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती. अगर अचानक मेहमान आ जाएं, बच्चों को कुछ स्वादिष्ट खाने की इच्छा हो या आप खुद कुछ हल्का और टेस्टी खाना चाहते हों, तो स्वीट कॉर्न की रेसिपीज आपके काम आ सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 आसान रेसिपीज के बारे में, जिन्हें आप कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकते हैं.

स्वीट कॉर्न चाट
अगर आपको चटपटा और झटपट बनने वाला स्नैक पसंद है, तो स्वीट कॉर्न चाट ट्राई कर सकते हैं. इसके लिए उबले हुए स्वीट कॉर्न में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, चाट मसाला, काला नमक और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर दें. फिर ऊपर से हरा धनिया डालकर तुरंत सर्व करें.

चीजी स्वीट कॉर्न सैंडविच
यह बच्चों की पसंदीदा रेसिपी है. इसे बनाने के लिए ब्रेड पर मक्खन लगाकर उसमें उबला स्वीट कॉर्न और कद्दूकस किया हुआ चीज भरें. फिर ऊपर से काली मिर्च और ऑरेगैनो डालें. अब सैंडविच को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें और सर्व करें.

स्वीट कॉर्न सूप
ठंड के मौसम में ये सूप स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा होता है. इसे बनाने के लिए उबले हुए कॉर्न का आधा हिस्सा पीस लें. फिर इसमें लहसुन, अदरक, नमक, काली मिर्च और थोड़ा कॉर्नफ्लोर मिलाकर 8 से 10 मिनट तक पकाएं. इस तरह से गर्मागर्म सूप तैयार है.

स्वीट कॉर्न मसाला
ये रेसिपी सिर्फ 10 मिनट में बन जाती है. पैन में थोड़ा मक्खन गर्म करें और उसमें स्वीट कॉर्न डालकर 2-3 मिनट भूनें. फिर लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च और चाट मसाला मिलाएं. आखिर में नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. इस तरह से तैयार है स्वीट कॉर्न मसाला.

स्वीट कॉर्न टिक्की
शाम की चाय के साथ खाने के लिए ये एक बेहतरीन स्नैक है. उबले स्वीट कॉर्न, उबले आलू, ब्रेडक्रम्ब्स, हरा धनिया, हरी मिर्च और मसालों को मिलाकर टिक्की बना लें. इन्हें तवे पर हल्के तेल के साथ दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें.



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बस्ती में टूल्लू पंप के करंट से युवक की मौत: घर पर हुआ हादसा, जिला अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम – Basti News




बस्ती के दुबौलिया थाना क्षेत्र के रमवापुर राजा गांव में बुधवार शाम करीब 6 बजे एक युवक की टूल्लू पंप के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। सुरेश गुप्ता (30) को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, रमवापुर राजा निवासी सुरेश गुप्ता (30) पुत्र बजरंगी प्रसाद गुप्ता बुधवार शाम अपने घर पर लगे नल के टूल्लू पंप के पास किसी काम से गए थे। इसी दौरान वह पंप में उतर रहे करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय सुरेश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में गहरा शोक छा गया। परिजनों का बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है।



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यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट: एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले हुए


मॉस्को1 घंटे पहले

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यूक्रेन ने पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया है।

यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों के बाद रूस को बड़ा झटका लगा है। इस सप्ताह हमलों की वजह से रूस को एजोव सागर के अहम समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे दुनिया के दूसरे देशों के साथ रूस का व्यापार प्रभावित होने लगा है।

एजोव सागर लंबे समय तक यूक्रेन की पहुंच से बाहर रहा था। रूस इसी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल यूक्रेन पर हमले करने और दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, स्टील, सूरजमुखी का तेल और दूसरे सामान दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता था। लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले काफी प्रभावी हो गए हैं और अब इस समुद्री रास्ते पर भी रूस का दबदबा कमजोर पड़ने लगा है।

यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले यूक्रेन के हमले मुख्य रूप से रूस के शैडो ऑयल टैंकरों और युद्धपोतों तक सीमित थे, लेकिन अब हमलों का दायरा बढ़ गया है।

रूस के दो अहम समुद्री रास्ते बंद

लगातार हमलों के बाद रूस ने डॉन-एजोव चैनल और केर्च स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है।

  • डॉन-एजोव चैनल एजोव सागर को रूस की अंदरूनी नदियों और जलमार्गों से जोड़ता है।
  • केर्च स्ट्रेट एजोव सागर को ब्लैक सी से जोड़ता है।

सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली बेवसाइट्स के मुताबिक, इन दोनों रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सिर्फ रूस के तेल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गेहूं, सूरजमुखी के तेल और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लागू नहीं हैं।

अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि यूक्रेन के हमलों का मकसद क्रीमिया को रूस की सप्लाई लाइन से अलग करना और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व अनाज के निर्यात को बाधित करना है।

रूस में गेहूं की कीमतें बढ़ने लगीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है।

रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है और वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग 20% हिस्सा अकेले रूस से आता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है।एजोव सागर में संकट बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के वायदा भाव (फ्यूचर्स) भी बढ़ने लगे हैं।

रूस का दावा है कि वह अपने गेहूं का निर्यात ब्लैक सी के दूसरे बंदरगाहों से कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्यात के सबसे व्यस्त मौसम में दूसरे बंदरगाहों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे पूरा भार संभाल सकें।

रूस के लिए एजोव सागर इतना खास क्यों है

एजोव सी यूक्रेन और रूस के बीच स्थित एक अंदरूनी समुद्र है, जो केर्च स्ट्रेट के जरिए ब्लैक सी से जुड़ा है। 2003 में यूक्रेन और रूस ने इस समुद्री क्षेत्र को साझा इस्तेमाल करने का समझौता किया था। लेकिन 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस ने इस समझौते का कई बार उल्लंघन किया।

फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस ने एजोव सागर के आसपास के लगभग पूरे यूक्रेनी तट पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे रूस का समंदर तक बता दिया था।

आकार में छोटा होने के बावजूद, एजोव सागर रूस की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। सोवियत काल में विकसित हुए नदियों और नहरों का विशाल नेटवर्क इसी समुद्री मार्ग से जुड़ता है। इसके जरिए दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, सूरजमुखी का तेल, इस्पात और अन्य सामान पहले ब्लैक सी और फिर दुनिया के कई देशों तक पहुंचाया जाता है।

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भारत पर 100% टैरिफ लगा सकता है अमेरिका:रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई की तैयारी; संसद में बिल पेश, 5 देश निशाने पर

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी सीनेट में रूस पर प्रतिबंधों से जुड़ा एक संशोधित बिल पेश किया गया है। इसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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दिल्ली-एम्स ने 4 महीने के बच्चे के दोनों फेफड़े बचाए: जन्मजात बीमारी में की दुर्लभ लंग स्पेयरिंग सर्जरी, 48 घंटे में मिली छुट्टी – New Delhi News




नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने जन्मजात फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे चार महीने के बच्चे की दुर्लभ लंग स्पेयरिंग सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बच्चे के दोनों फेफड़े कॉन्जेनिटल पल्मोनरी एयरवे मालफॉर्मेशन (सीपीएएम) से प्रभावित थे। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मरीजों में फेफड़े का पूरा लोब निकालना पड़ता है, लेकिन विशेषज्ञों ने माइक्रो सर्जरी के जरिए केवल संक्रमित हिस्से को हटाकर स्वस्थ फेफड़े को सुरक्षित रखा। सफल ऑपरेशन के 48 घंटे बाद ही बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार, बीमारी की पहचान गर्भावस्था के दौरान ही हो गई थी। जांच में दोनों फेफड़ों में सिस्ट मिलने के कारण भविष्य में संक्रमण और सांस लेने में गंभीर दिक्कत की आशंका थी। इसी वजह से पारंपरिक लोबेक्टमी के बजाय सेगमेंटेक्टॉमी तकनीक अपनाई गई, ताकि बच्चे के फेफड़ों की कार्यक्षमता लंबे समय तक सुरक्षित रह सके। थोरेकोस्कोपिक तकनीक से निकाले सेगमेंट सर्जरी के दौरान दाहिने फेफड़े के सबसे जटिल माने जाने वाले सेगमेंट-9 और सेगमेंट-10 को थोरेकोस्कोपिक (की-होल) तकनीक से निकाला गया। ऑपरेशन के समय सिलेक्टिव लंग वेंटिलेशन तकनीक अपनाई गई, जिसमें एक फेफड़े पर सर्जरी के दौरान दूसरा फेफड़ा शरीर को ऑक्सीजन देता रहा। एम्स के अनुसार, कुछ महीनों बाद बाएं फेफड़े की भी इसी प्रकार सर्जरी की जाएगी। स्वस्थ ऊतक को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती इस ऑपरेशन को पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ संदीप अग्रवाल, प्रो विशेष जैन, डॉ अभिषेक और पीडियाट्रिक सर्जरी, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी व नवजात गहन चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। डॉ संदीप अग्रवाल ने कहा, सबसे बड़ी चुनौती फेफड़े के गहरे प्रभावित हिस्से को निकालते हुए स्वस्थ ऊतक को सुरक्षित रखना थी। हमारा प्रयास केवल सर्जरी करना नहीं, बल्कि बच्चे के फेफड़ों की भविष्य की कार्यक्षमता को बचाना था, जिसे टीमवर्क और आधुनिक तकनीक की मदद से संभव बनाया गया।



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जटिल प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं की होगी स्क्रीनिंग: मातृ-शिशु स्वास्थ्य दिवस पर गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व सेवाओं पर जोर – jhalawar News




झालावाड़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मातृ मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। मंगलवार को आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इन सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दिवस पर सभी गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान की जाएं। विशेष रूप से जटिल प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. साजिद खान ने भी इस संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दिवस पर आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला की पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए।
23 जुलाई तक करें आईटीआई झालावाड़ में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) झालावाड़ में शैक्षणिक सत्र 2025-26-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इच्छुक अभ्यर्थी 23 जुलाई तक राज्य सरकार के एकीकृत पोर्टल अथवा ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। संस्थान के उपनिदेशक (प्रशिक्षण) पी.सी. गुप्ता ने बताया कि एनसीवीटी एवं एससीवीटी योजना के तहत विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश के लिए राज्य स्तरीय केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इसके तहत पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, कोपा, प्लम्बर, वेल्डर तथा सोलर टेक्नीशियन सहित विभिन्न व्यवसायों में प्रवेश दिया जाएगा। इन ट्रेडों में 8वीं एवं 10वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।



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OnePlus N6 सीरीज में एक और फोन की एंट्री, भारत में लॉन्चिंग हुई कंफर्म


OnePlus N6 के लॉन्च के कुछ दिनों के बाद ही चीनी कंपनी भारत में इस सीरीज का एक और फोन लॉन्च करने की तैयारी में है। वनप्लस का यह फोन ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon पर लिस्ट किया गया है। इस फोन के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइट ने डेडिकेटेड मैक्रो साइट भी बनाई है। वनप्लस का यह फोन OnePlus Nord N6x के नाम से पेश किया जाएगा। फोन का डिजाइन और फीचर्स OnePlus N6 से मिलते-जुलते होंगे।

OnePlus N6x जल्द होगा लॉन्च

OnePlus N6x को लेकर टिप्स्टर योगेश बरार ने दावा किया है कि इसके फीचर OnePlus N6 जैसे ही होंगे। हालांकि, फोन के किसी फीचर को लेकर टिप्स्टर ने जानकारी शेयर नहीं की है। वहीं, वनप्लस ने भी इस फोन का केवल नाम रिवील किया है। इसके फीचर को लेकर कंपनी की तरफ से जानकारी शेयर नहीं की गई है।

OnePlus N सीरीज का यह दूसरा फोन होगा, जिसे भारत में लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले कंपनी OnePlus N6 को भारत में लॉन्च कर चुकी है। इस फोन को पिछले महीने 30 जून को भारतीय बाजार में पेश किया गया है। फोन की कीमत 22,999 रुपये से शुरू होती है। यह फोन 4GB RAM और 128GB स्टोरेज वेरिएंट में आता है।

Image Source : AMAZONवनप्लस N6x

OnePlus N6 के फीचर्स

OnePlus N6 के फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.75 इंच का LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यह फोन MediaTek Dimensity 6360 Apex चिपसेट पर काम करता है। फोन में 8,000mAh की दमदार बैटरी दी गई है, जिसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलता है। फोन के बैक में 50MP का कैमरा मिलता है, जो 10x डिजिटल जूम को सपोर्ट करेगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP का कैमरा दिया गया है।

वनप्लस से जुड़ी अन्य खबर की बात करें तो जर्मनी की एक पब्लिकेशन WinFuture ने दावा किया है कि वनप्लस की पैरेंट कंपनी Oppo इस सप्ताह बड़े अनाउंसमेंट की तैयारी कर ली है। कंपनी अपने स्ट्रेटेजी में बदलाव करने वाली है। इस बदलाव में OnePlus का यूरोप और अमेरिकी बाजार से एग्जिट होना शामिल है। इस गैप को भरने के लिए ओप्पो के फ्लैगशिप फोन खास तौर पर Find X सीरीज को इन दोनों मार्केट में पेश किया जाएगा।

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