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अली फजल की हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘राख’ दर्शकों का ध्यान खींच रही है. सीरीज में एक जुनूनी पुलिस अधिकारी का किरदार निभा रहे अली ने बताया कि उन्होंने अपने किरदार की बेचैनी और न्याय की जिद को समझने के लिए स्क्रिप्ट के साथ पूरी ईमानदारी से काम किया. अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उनका किरदार अपराधियों को पकड़ने के लिए हर हद तक जाने को तैयार रहता है.
वेब सीरीज राख के एक सीन में अली फजल. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
नई दिल्ली. अभिनेता अली फजल इन दिनों प्राइम वीडियो की नई सीरीज ‘राख’ को लेकर चर्चा में हैं. इस इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर में उन्होंने एक ऐसे पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया है, जो दो बच्चों की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पूरी ताकत झोंक देता है. अली के अभिनय को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. अब उन्होंने बताया है कि इस किरदार की मानसिक स्थिति को समझने और पर्दे पर उतारने के लिए उन्होंने किस तरह तैयारी की.
आईएएनएस से बातचीत में अली फजल ने कहा कि उन्होंने कोशिश की कि वह स्क्रिप्ट से बिल्कुल न भटकें और किरदार की भावनाओं को उसी तरह निभाएं, जैसा उसे लिखा गया था. उन्होंने बताया कि उनका किरदार अपराधियों को पकड़ने के मिशन में पूरी तरह डूबा हुआ है और किसी भी कीमत पर उन्हें कानून के शिकंजे तक पहुंचाना चाहता है.
स्कूल की याद दिलाता है ये सीन
अली ने सीरीज के एक अहम सीन का भी जिक्र किया, जिसमें उनके सीनियर अधिकारी उन्हें केस से दूर रहने के लिए कहते हैं. अभिनेता के मुताबिक, यह पल उन्हें स्कूल के उन दिनों की याद दिलाता है, जब किसी गलती पर शिक्षक डांटते या सजा देते थे. उन्होंने कहा कि उस भावना को समझकर उन्होंने उस सीन को निभाने की कोशिश की.
किरदार में फूंक दी जान
अली के मुताबिक, उनका किरदार कई बार अपनी तय सीमाओं से भी आगे निकल जाता है. वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव रास्ता अपनाता है, लेकिन इसी दौरान उसे मुश्किल हालात और अपने फैसलों के नतीजों का भी सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि उनके किरदार की सबसे बड़ी पहचान उसकी बेचैनी है. वह बार-बार अपराधियों तक पहुंचने के बेहद करीब आता है, लेकिन हर बार थोड़ा पीछे रह जाता है. यही अधूरापन उसके भीतर गुस्सा और जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने की जिद पैदा करता है. अली का कहना है कि उन्होंने इसी बेचैनी को अपने अभिनय में दिखाने की कोशिश की.
बता दें कि ‘राख’ 1970 के दशक की पृष्ठभूमि पर बनी एक इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर सीरीज है. इसकी कहानी चर्चित रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित मानी जाती है. हालांकि सीरीज की कहानी काल्पनिक है, लेकिन इसमें उस दौर के अपराध, जांच और पुलिस व्यवस्था का माहौल दिखाया गया है. यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें









