मध्य प्रदेश में पिछले करीब पांच साल से कार्यवाहक पदोन्नति के आधार पर उच्च पदों पर कार्यरत लगभग 15 हजार पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति अब खतरे में पड़ गई है। मध्य प्रदेश पदोन्नति नियम-2025 लागू होने के बाद नियमित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीपीसी में तय मापदंडों पर खरे नहीं उतरने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यवाहक प्रभार वापस लेकर उन्हें उनके मूल पद पर भेजा जाएगा। इस संभावना से पुलिस विभाग में असंतोष का माहौल बनने लगा है। प्रदेश में वर्ष 2016 से नियमित पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी हुई थी। इसी वजह से वर्ष 2021 से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को कार्यवाहक पदोन्नति देकर उच्च पदों का प्रभार सौंपा गया था। अब नियमित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने के साथ इन सभी मामलों की दोबारा समीक्षा की जा रही है। पहले चरण में पांढुर्णा में कार्रवाई कार्यवाहक पदोन्नति वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसकी पहली बड़ी कार्रवाई पांढुर्णा जिले में हुई, जहां पुलिस अधीक्षक ने कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के रूप में कार्यरत 32 पुलिसकर्मियों का प्रभार समाप्त कर उन्हें उनके मूल पद आरक्षक पर पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं। अब ये सभी पुलिसकर्मी आरक्षक के पद और उसी रैंक में ड्यूटी करेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप की गई है। लंबे समय तक नियमित पदोन्नति नहीं होने के कारण कार्यवाहक व्यवस्था लागू की गई थी। एसआईआर, सजा और लंबित मामलों की हो रही जांच नियमित डीपीसी से पहले पिछले पांच वर्षों के सेवा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसमें एसआईआर (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन), विभागीय दंड, निलंबन और न्यायालय में लंबित मामलों को आधार बनाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार करीब एक हजार अधिकारी-कर्मचारी ऐसे हैं, जिन पर इस प्रक्रिया का सीधा असर पड़ सकता है। अगले चार-पांच दिनों में इस संबंध में और कार्रवाई होने की संभावना है।
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15 हजार पुलिसकर्मियों पर डिमोशन का खतरा: DPC प्रक्रिया शुरू; कार्यवाहक प्रभार वापस लेकर मूल पद पर भेजा जाएगा – Bhopal News
भाकियू नेता समेत 3 नामजद, 100 अज्ञात पर FIR: PDAअफसर बोले- गेस्ट हाउस सील करने के दौरान धक्का-मुक्की, गालीगलौज की – Prayagraj (Allahabad) News
प्रयागराज में झलवा स्थित अमृत वाटिका मैरिज लॉन को सील करने प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की टीम के पहुंचेन पर हंगामा हो गया। पीडीए के सुपरवाइजर ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने सरकारी टीम के साथ धक्का-मुक्की की, सरकारी कार्य में बाधा डाली, जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। मामले में धूमनगंज थाने में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गुट के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह समेत तीन नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
अफसरों के आदेश पर पहुंची थी सीलिंग टीम
पीडीए के सुपरवाइजर विशाल कुमार भारतीया ने पुलिस को बताया, मैं जोनल अधिकारी सूरज पटेल और अवर अभियंता विनोद गुप्ता पूरी टीम के साथ दोपहर में 12 बजे के करीब मयूर विहार कॉलोनी, झलवा स्थित अमृत वाटिका को सील करने पहुंचे थे। इस बारातघर/लॉन के संबंध में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत पहले 25 जून 2022 और 16 जुलाई 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
नोटिस भू-स्वामी लालचंद्र पटेल और संचालक अनुज सिंह को दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद 10 जुलाई 2026 को सीलिंग का आदेश पारित किया गया था।
सीलिंग शुरू होते ही विरोध, कार्रवाई रुकवाई
टीम जैसे ही सीलिंग की कार्रवाई शुरू करने लगी, तभी भू-स्वामी लालचंद्र पटेल, संचालक अनुज सिंह, मुकुंद यादव और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर सीलिंग का विरोध किया और सरकारी कार्रवाई रुकवा दी।
जातिसूचक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी दी
विरोध के दौरा जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। मेरे साथ और टीम के अन्य सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की की गई तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना से मौके पर अफरातफरी मची रही। बाद में सुपरवाइजर ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। रात नौ बजे के करीब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
अनुज सिंह (संचालक, अमृत वाटिका एवं भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के युवा प्रदेश अध्यक्ष)
लालचंद्र पटेल (भू-स्वामी)
मुकुंद यादव
तथा 100 अज्ञात
पुलिस करेगी साक्ष्यों के आधार पर जांच
धूमनगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के वीडियो, मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फिल्म स्टार का बेटा, डेब्यू करते ही बना सुपरस्टार, घमंड में चकनाचूर हुआ करियर
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दिग्गज एक्टर राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव ने साल 1981 में फिल्म ‘लव स्टोरी’ से बतौर रोमांटिक हीरो धमाकेदार डेब्यू किया था. पहली ही फिल्म से वे रातोंरात स्टार बन गए, लेकिन बाद में शुरुआती सफलता के घमंड में खुद को बर्बाद कर लिया. उन्होंने मंदाकिनी जैसी नई हीरोइनों के साथ काम करने से मना कर दिया. वे ‘तेरी कसम’ और ‘नाम’ जैसी फिल्मों के बाद लगातार फ्लॉप देने लगे. उन्होंने फिर साइड रोल किए और फिर बिजनेस में चले गए.
राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव ने साल 1981 में डेब्यू किया था.
नई दिल्ली: बॉलीवुड में कई सितारे अपनी पहली ही फिल्म से छा गए. शुरू में लगा कि वे सभी लंबी रेस के घोड़े साबित होंगे. मगर हर किसी की किस्मत एक जैसी नहीं थी. ऐसी ही एक कहानी है गुजरे जमाने के दिग्गज एक्टर राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव की. 11 जुलाई 1967 को लखनऊ में जन्मे कुमार गौरव का फिल्मी दुनिया में आना पहले से ही तय था. साल 1981 में उन्होंने डायरेक्टर राहुल रवैल की फिल्म ‘लव स्टोरी’ से बॉलीवुड में कदम रखा. यह फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट हो गई. कुमार गौरव रातोंरात रोमांटिक पोस्टर बॉय बन गए. उस दौर में उनका हेयरस्टाइल, ड्रेसिंग सेंस और मासूम मुस्कान देखकर लड़कियां उनकी दीवानी थीं. हर बड़ा निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में साइन करने के लिए लाइन लगाकर खड़ा रहता था.
मगर फिल्मी दुनिया में सिर्फ एक हिट फिल्म से काम नहीं चलता. असली चुनौती उस सफलता को बरकरार रखने की होती है. ‘लव स्टोरी’ के बाद कुमार गौरव ने ‘तेरी कसम’, ‘स्टार’, ‘लवर्स’ और ‘नाम’ जैसी कई फिल्मों में काम किया. इनमें से कुछ फिल्में तो चलीं, लेकिन कुमार गौरव को वो पहले वाला जादुई स्टारडम दोबारा कभी नसीब नहीं हुआ. कहते हैं कि पहली फिल्म हिट होने के बाद उनके अंदर थोड़ा ईगो आ गया था. उन्होंने उस दौर की नई और उभरती हुई हीरोइनों के साथ काम करने से साफ मना कर दिया. उन्होंने मंदाकिनी के साथ भी फिल्म रिजेक्ट कर दी. बाद में वही मंदाकिनी ‘राम तेरी गंगा मैली’ से रातोंरात बड़ी स्टार बन गईं और कुमार गौरव का ग्राफ नीचे गिरने लगा.
कुमार गौरव ने संजय दत्त की सगी बहन से शादी की थी.
फिल्म ‘कांटे’ के बाद सिनेमा से बढ़ाई दूरी
कुमार गौरव की एक के बाद एक कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरीं और उनका करियर ढलान पर आ गया. हालत यह हो गई कि कभी लीड रोल करने वाले कुमार गौरव को साइड रोल्स तक स्वीकार करने पड़े. साल 2002 में आई मल्टीस्टारर फिल्म ‘कांटे’ में वे एक अहम किरदार में दिखे, लेकिन इसके बाद उन्होंने बड़े पर्दे से लगभग दूरी बना ली. साल 2009 में वे ‘माय डैडी स्ट्रॉन्गेस्ट’ नाम के एक छोटे से प्रोजेक्ट में नजर आए थे, जो बॉक्स ऑफिस पर कब आई और कब गई, किसी को पता भी नहीं चला. उन्होंने फिर हमेशा के लिए एक्टिंग को अलविदा कह दिया और बिजनेस की दुनिया में अपनी नई पारी शुरू कर ली.
नम्रता दत्त से की शादी
अगर उनकी पर्सनल लाइफ पर नजर डालें, तो कुमार गौरव का रिश्ता बॉलीवुड के सबसे बड़े खानदानों में से एक से है. उन्होंने साल 1984 में नम्रता दत्त से शादी की, जो कि गुजरे जमाने के स्टार सुनील दत्त की बेटी और संजय दत्त की सगी बहन हैं. संजय दत्त और कुमार गौरव का रिश्ता बेहद खास रहा है. दोनों ने ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘नाम’ में साथ काम भी किया था. आज कुमार गौरव फिल्मी दुनिया से कोसों दूर अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ शांत जिंदगी जी रहे हैं.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
फलका में कोढ़ा गैंग का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार: वाहन जांच के दौरान चोरी की बाइक बरामद, मूसापुर चौक पर पुलिस की कार्रवाई – Falka News
कटिहार पुलिस को अपराध नियंत्रण अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कोढ़ा थाना क्षेत्र के मूसापुर चौक, एनएच-31 पर वाहन जांच के दौरान कोढ़ा गैंग के एक सक्रिय सदस्य को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सिंटू यादव (लगभग 30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के नया टोला जुराबगंज, वार्ड संख्या-01 का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से एक काले रंग की मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद मोटरसाइकिल के कागजात में अनियमितता पाई गई। पूछताछ के बाद यह पुष्टि हुई कि मोटरसाइकिल चोरी की थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिंटू यादव कोढ़ा गैंग का एक अति सक्रिय सदस्य है। बिहार के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। इस गिरफ्तारी को क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इस कार्रवाई का नेतृत्व कोढ़ा थाना अध्यक्ष पंकज आनंद ने किया। अभियान में उनके साथ अपर थाना अध्यक्ष कुणाल कुमार, सब-इंस्पेक्टर विवेक विक्रम और अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे। पुलिस टीम ने सुनियोजित तरीके से वाहन जांच अभियान चलाकर यह गिरफ्तारी सुनिश्चित की। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपी से जुड़े अन्य आपराधिक मामलों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
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चाय की चुस्की और चटपटा चना दाल मिक्सचर, नोट करें बरसात की यह खास रेसिपी
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Chana Daal Mixture Recipes: कई लोग कुरकुरे पकौड़ी खाने के शौकीन होते हैं तो कुछ समोसा चाय के. हालांकि, आज हम आपको एक ऐसा चना दाल आ तैयार रेसिपी के बारे में बताऊंगा, जो बहुत सस्ता और घर पर ही तैयार होने वाला आइटम होगा. चाय और यह रेसिपी शाम का नाश्ता एकदम परफेक्ट बना देगा.
जहानाबाद: बरसात का मौसम आ गया है. बारिश की बूंद बरस जाने के बाद घर से निकलना मुश्किल सा लगता है. खास तौर पर शाम को सब्जी लाने से लेकर अन्य कार्य करने में बाधाएं आ जाती है. ऐसे में घर पर ही नाश्ता का प्रबंध करना लोग पसंद करते हैं. कई लोग कुरकुरे पकौड़ी खाने के शौकीन होते हैं तो कुछ समोसा चाय के. हालांकि, आज हम आपको एक ऐसा चना दाल आ तैयार रेसिपी के बारे में बताएंगे, जो बहुत सस्ता और घर पर ही तैयार होने वाला आइटम होगा. चाय और यह रेसिपी शाम का नाश्ता एकदम परफेक्ट बना देगा.
जानें क्या है वो खास रेसिपी
वो रेसिपी है चना दाल मिक्सचर. बरसात में शाम का समय और चाय-चना दाल मिक्सचर का तड़का शानदार अनुभव कराएगा. चना दाल मिक्सचर को बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं होगी. आप घर पर ही आसानी से तैयार कर सकते हैं. हालांकि, कैसे? तो चलिए जहानाबाद के घोसी स्थित लखावर गांव की रहने वाली रासमुनि देवी से इसकी बारीकी समझते हैं. वो घोसी प्रखंड के घूरन बिगहा गांव में मौजूद सेंटर पर कार्य करती हैं और वहां चना दाल मिक्सचर बनाने का कार्य करती हैं. उन्हीं से मिक्सचर बनाने का सही तरीका सीखते हैं.
चना दाल मिक्सचर कैसे बनाएं
रासमुनि का कहना है कि चना दाल दालमोट बनाने के लिए कुछ ज्यादा सामग्रियां और पैसे लगाने की जरूरत नहीं है, बल्कि चना और मसूर से काम हो जाएगा.
बनाने की विधि
चना दाल और मसूर को पानी में भिगोकर 7 घंटे तक छोड़ना है. पूरी तरह भीग जाने के बाद बाहर निकालकर बर्तन में रखना है. अच्छी तरह से धोने के बाद जब पानी बाहर निकल जाए तो तेल में दोनों को छानना होता है.
छानकर किसी बर्तन में रख लेना होता है. इसके बाद छाना हुआ चना दाल और मसूर दाल को सभी प्रकार के मसालों में मिलाना होता है. इसके बाद आपका चना दाल मिक्सचर पूरी तरह तैयार हो जाता है. इस प्रक्रिया में मुख्य हिस्सा चना दाल और मसूर दाल का भिगोना है और उसमें जो समय लग जाए, बाकी प्रक्रिया एक से दो घंटे में पूरी हो जाती है. इस प्रकार से आप घर पर चना दाल मिक्सचर तैयार कर सकती हैं और चाय के साथ शाम का स्वाद बढ़ा सकते हैं.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
2 सप्ताह बाद शुरू हुआ पीएफ का पोर्टल, फटाफट लॉग इन कर देखें बैलेंस
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EPFO Service Resume : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने खाताधारकों के लिए 14 दिन बाद सर्विस दोबारा शुरू कर दिया है. ईपीएफओ ने कहा है कि खाताधारक लॉग इन करके अपनी पासबुक देख सकते हैं. इसमें हाल में किए गए ट्रांजेक्शन का ब्योरा तो दिखेगा लेकिन पिछले साल का ब्योरा देखने के लिए इंतजार करना पड़ेगा.
ईपीएफओ ने अपने पोर्टल को अपग्रेड करके दोबारा शुरू किया है.
नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करीब 2 सप्ताह तक अपग्रेड करने के बाद अपने पोर्टल को दोबारा खोल दिया है. ईपीएफओ ने कहा है कि अब पीएफ खाताधारक लॉग इन करके अपनी पासबुक खोल सकते हैं. पोर्टल पर अकाउंट स्टेटमेंट और बैलेंस आदि देखने की सेवाएं भी शुरू की जा चुकी हैं. इससे पहले ईपीएफओ ने कई तकनीकी अपडेशन और कुछ सेवाओं के नियमों में बदलाव करने के लिए पीएफ की वेबसाइट को बंद रखा था. इस दौरान उपभोक्ताओं को लॉग इन करने और क्लेम आदि में समस्या आ रही थी.
ईपीएफओ के पोर्टल पर जारी नोटिस के मुताबिक, फिलहाल पीएफ के पासबुक में इस साल किए गए ट्रांजेक्शन और उसकी जानकारियां उपलब्ध हैं, लेकिन इसके पहले किए गए लेनदेन की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है. अकाउंट होल्डर के पासबुक में पिछले वर्षों के लेनदेन की जानकारी को माइग्रेट करने का काम चल रहा है और आने वाले कुछ दिनों के भीतर ही यह सुविधा भी मिलने लगेगी. इससे पहले ईपीएफओ ने जून के आखिर से ही मेंटेनेंस कार्यों के चलते अपने पोर्टल को बंद कर दिया था. शुरुआत में ईपीएफओ ने कहा था कि 28 जून तक मेंटेनेंस का काम खत्म हो जाएगा और 29 जून से सेवाओं को दोबारा शुरू किया जा सकेगा लेकिन इसमें करीब 11 दिन का समय और लग गया.
आने वाला है 8.25 फीसदी ब्याज
ईपीएफओ ने अपनी सर्विस को बीते वित्तवर्ष के लिए दिए जाने वाले 8.25 फीसदी ब्याज की घोषणा के तत्काल बाद शुरू कर दिया है. ईपीएफओ ने कहा है कि प्रोविडेंट फंड के खाताधारक को 15 जुलाई के बाद ब्याज का भुगतान शुरू हो जाएगा. अकाउंट होल्डर अपने पासबुक में लॉगिन करके ब्याज को देख सकेंगे. ईपीएफओ करीब 8 करोड़ खाताधारकों के अकाउंट में 8.5 फ़ीसदी ब्याज डालने वाला है. ईपीएफओ ने कहा है कि एक बार माइग्रेशन का काम पूरा हो जाए उसके बाद पीएफ खाताधारक अपने अकाउंट में लॉगिन करके ब्याज की रकम को पासबुक में जाकर देख सकते हैं.
अभी नहीं दिख रहा पिछले ट्रांजैक्शन का ब्योरा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद जो सूचना दिखाई दे रही है उसके अनुसार, फिलहाल पीएफ खाते में इस साल किए गए ट्रांजेक्शन की हिस्ट्री पासबुक में उपलब्ध है, जबकि इसके पहले किए गए ट्रांजेक्शन की हिस्ट्री आने वाले कुछ दिनों में उपलब्ध हो जाएगी. यह काम पूरी तरह से ऑटोमेटिक सर्विस की तरह होगा, इसके लिए खाताधारक को किसी भी तरह की कोई रिक्वेस्ट करने की जरूरत नहीं है. ईपीएफओ के अनुसार, 3 जुलाई के बाद से ही पीएफ खाते के ट्रांजेक्शन को माइग्रेट करने का काम शुरू कर दिया गया है और आने वाले कुछ ही दिनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा.
अब UAN पोर्टल के जरिए नहीं मिलेगा नंबर
ईपीएफओ ने अपने पोर्टल पर एक बड़ी सर्विस को भी एक्टिवेट किया है. इसके अनुसार अब पीएफ खाता धारक UAN नंबर यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के जरिए एक्टिवेट नहीं कर पाएंगे. इसके लिए उमंग मोबाइल ऐप का ही उपयोग करना होगा. उमंग ऐप पर आधार से फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए ही UAN जनरेट किया जाएगा. ईपीएफओ के अपग्रेड पोर्टल पर इस बाबत जानकारी भी दी जाएगी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
अयोध्या नगर, सेमरा-विनीतकुंज में कल बिजली कटौती: भोपाल के 50 इलाकों में असर; दामखेड़ा, चांदबड़-दानिशकुंज में भी सप्लाई नहीं – Bhopal News
भोपाल के करीब 50 इलाकों में शनिवार को 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें अयोध्या नगर, सेमरा, विनीतकुंज, दामखेड़ा, चांदबड़, दानिशकुंज, आशीर्वाद कॉलोनी, रोहितास फेस-1, कान्हाकुंज समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
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दिल्ली सरकार ने नियुक्त किए प्रवक्ता: विधायक अभय वर्मा बने मुख्य प्रवक्ता, अनिल शर्मा और हरीश खुराना को भी जिम्मेदारी – New Delhi News
दिल्ली सरकार ने पारदर्शी और जनकेंद्रित शासन को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं की नई टीम की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायक अभय कुमार वर्मा को दिल्ली सरकार का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसके साथ ही विधायक अनिल कुमार शर्मा और हरीश खुराना को सरकार का प्रवक्ता बनाया गया है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी जनसंवाद सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की आधिकारिक और प्रामाणिक जानकारी समयबद्ध तरीके से जनता और मीडिया तक पहुंच सकेगी। क्या रहेगा प्रवक्ताओं का मुख्य दायित्व? नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और प्रवक्ता विभिन्न समसामयिक विषयों पर दिल्ली सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रेस और मीडिया से संवाद: वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे और मीडिया के साथ प्रभावी ताल
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