Tuesday, June 16, 2026
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शिंदे गुट का दावा-UBT के 7 सांसद हमारे संपर्क में: मानसून सत्र से पहले शामिल होंगे; उद्वव ठाकरे बोले- जो जाना चाहते हैं, खुशी-खुशी जाएं




शिवसेना (शिंदे गुट) के MLC कृपाल तुमाने ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 7 सांसद उनके संपर्क में हैं। ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पिछले एक महीने से चर्चा चल रही है। अब अंतिम चरण में है। मानसून सत्र से पहले ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मुताबिक, इस बीच 14 जून को उद्वव ठाकरे ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कोई पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। वे खुशी-खुशी जाएं। उद्धव ने 2022 में हुई शिवसेना की टूट का जिक्र करते हुए कहा- उस समय भी मुझे बगावत की जानकारी थी, लेकिन मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया। शिवसेना (UBT) सांसद ने मंत्री से मुलाकात की यवतमाल-वाशिम से शिवसेना (UBT) सांसद संजय देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से दिल्ली में मुलाकात की। देशमुख ने रविवार की बैठक में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि PTI से बातचीत में राउत ने कहा कि इस मुलाकात को लेकर गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद पार्टी के साथ हैं। राउत बोले- सभी सांसद एकजुट हैं UBT सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और टूट की खबरें गलत हैं। कृपाल तुमाने कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है। राउत ने कहा कि चार दिन पहले उद्धव ठाकरे की बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे और उन्होंने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया था। कुछ नेताओं ने तो अपने परिजनों की कसम खाकर उद्धव ठाकरे के साथ रहने की बात कही थी। हालांकि, मीडिया रोपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मीटिंग में 4 सांसद फिजकली पहुंचे थे, जबकि एक सांसद ऑनलाइन जुड़े थे। 4 सांसद मीटिंग में शामिल नहीं हुए। चार साल पहले टूटी थी शिवसेना 20 जून 2022 को महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 में से 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ गए। तब उद्धव सीएम थे। राज्यपाल ने उन्हें फ्लोर टेस्ट को कहा। उद्धव सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट नहीं रोका तो उद्धव ने इस्तीफा दे दिया। 30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बन गए। फिर दोनों गुट एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी 2023 को स्पीकर ने कहा कि जब बगावत हुई, तब शिंदे गुट में 37 विधायक थे। इसलिए यही असली शिवसेना है। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दीं। इनकी सदस्यता भी रद्द नहीं की। इसी बीच, चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दे दिया। —————- ये खबर भी पढ़ें… क्या 4 साल बाद एक होगी उद्धव-शिंदे की शिवसेना:MLC चुनाव में खींचतान, कार्यकर्ता बोले- विचारधारा एक, हाईकमान के ऑर्डर का इंतजार 2 जून 2026 को उद्धव ठाकरे खेमे के बड़े नेता अंबादास दानवे और एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार का काफिला आमने-सामने आ गया। दोनों नेताओं ने गाड़ी से उतरकर एक-दूसरे को गले लगाया। इनकी मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद अंबादास दानवे ने मीडिया में कहा- वक्त आ गया है कि दोनों शिवसेना एक हो जाएं। पूरी खबर पढ़ें…



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नेपाली सेकुवा, अफगानी मोमो से तंदूरी तक…देहरादून में यहां मिलता है नॉनवेज का असली मजा


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देहरादून के इन ठिकानों पर मिलता है नॉनवेज का असली मजा! जरूर ट्राई करें

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Must Try Nonveg Food Spots in Dehradun: पहाड़ों की ठंडी हवाएं, चारों तरफ फैली हरियाली और सामने हो गर्मागर्म टेस्टी चिकन डिश, देहरादून का यह फील यहां आने वाले हर मुसाफिर के दिल में बस जाता है. बीते कुछ सालों में दून घाटी एक बड़े फूड हब के रूप में उभरी है. खासकर अगर आप नॉन-वेज के शौकीन हैं, तो देहरादून की गलियों में चिकन शावरमा से लेकर पारंपरिक नेपाली चिकन सेकुवा, तीखा चिकन सूप, जूसी मोमोज और लाजवाब तंदूरी चिकन का ऐसा जायका मिलेगा कि आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे. आइए जानते हैं देहरादून की उन मशहूर जगहों के बारे में जहां आपको चिकन के सबसे बेहतरीन और असली स्वाद मिलेंगे और इन्हें कैसे खास तरीके से तैयार किया जाता है.

पहाड़ों की ठंडी हवाएं, चारों ओर फैली हरियाली और सामने गर्मागर्म चिकन डिश, देहरादून का यह एहसास यहां आने वाले हर मुसाफिर के दिल में बस जाता है. दून घाटी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत माहौल के लिए मशहूर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह शहर एक बड़े फूड हब के रूप में भी उभरा है. अगर आप नॉन-वेज और खासकर चिकन के शौकीन हैं, तो यहां आपको कई लाजवाब विकल्प मिल जाएंगे. मिडिल ईस्ट का मशहूर चिकन शावरमा, पारंपरिक नेपाली चिकन सेकुवा, राजपुर रोड का प्रसिद्ध केसी चिकन सूप, अंगीठी रेस्टोरेंट के अफगानी मोमो और बिरयानी मैन की चिकन बिरयानी यहां के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल हैं.

देहरादून में स्वादिष्ट चिकन शावरमा के लिए कई मशहूर जगहें हैं. इनमें नेहरू कॉलोनी और धर्मपुर स्थित ‘शावरमा किंग बाय सिंह’ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, जो अपने लेबनानी स्वाद के लिए जाना जाता है. इसके अलावा राजपुर रोड पर ‘दुबई शावरमा’, दर्शन लाल चौक के पास ‘शावरमा दरबार’ और नेशविला रोड के कई फूड स्टॉल्स पर भी बेहतरीन शावरमा का स्वाद लिया जा सकता है.

चिकन शावरमा मिडिल ईस्ट का लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है. इसे बनाने के लिए बोनलेस चिकन को दही, लहसुन, नींबू के रस और खास अरबी मसालों में मैरीनेट किया जाता है. इसके बाद चिकन को वर्टिकल रोटिसरी पर धीरे-धीरे पकाया जाता है, जिससे यह अंदर से जूसी और बाहर से हल्का कुरकुरा बन जाता है. पकने के बाद चिकन को पतले टुकड़ों में काटकर पीता ब्रेड या रुमाली रोटी में भरा जाता है. इसमें गार्लिक सॉस, मेयोनेज़, पत्तागोभी, प्याज और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां मिलाकर स्वादिष्ट रोल तैयार किया जाता है.

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वहीं, चिकन सेकुवा देहरादून में तेजी से लोकप्रिय हो रहा पारंपरिक नेपाली व्यंजन है. इसका स्वाद मोथरोवाला, दुधली रोड स्थित 'टो ब्रदर्स कैफे', जाखन और गढ़ी कैंट के आसपास मौजूद नेपाली फूड स्टॉल्स पर लिया जा सकता है. इसे बोनलेस चिकन को दही, नींबू, अदरक-लहसुन, सरसों के तेल और नेपाली मसालों के साथ मैरीनेट करके तैयार किया जाता है. इसके बाद चिकन को सीकों में लगाकर कोयले की अंगीठी पर भुना जाता है. इसी वजह से इसमें खास स्मोकी फ्लेवर आता है. इसे पुदीने की चटनी, प्याज और नींबू के साथ परोसा जाता है.

वहीं, चिकन सेकुवा देहरादून में तेजी से लोकप्रिय हो रहा पारंपरिक नेपाली व्यंजन है. इसका स्वाद मोथरोवाला, दुधली रोड स्थित ‘टो ब्रदर्स कैफे’, जाखन और गढ़ी कैंट के आसपास मौजूद नेपाली फूड स्टॉल्स पर लिया जा सकता है. इसे बोनलेस चिकन को दही, नींबू, अदरक-लहसुन, सरसों के तेल और नेपाली मसालों के साथ मैरीनेट करके तैयार किया जाता है. इसके बाद चिकन को सीकों में लगाकर कोयले की अंगीठी पर भुना जाता है. इसी वजह से इसमें खास स्मोकी फ्लेवर आता है. इसे पुदीने की चटनी, प्याज और नींबू के साथ परोसा जाता है.

देहरादून का प्रसिद्ध ‘केसी सूप बार’ राजपुर रोड के जाखन क्षेत्र में स्थित है. यह शहर के सबसे लोकप्रिय फूड जॉइंट्स में से एक माना जाता है. यहां का चिकन सूप चिकन स्टॉक, काली मिर्च, तेजपत्ता और अदरक-लहसुन जैसे मसालों से तैयार किया जाता है. बाद में इसमें चिकन के बारीक रेशे मिलाए जाते हैं. इस सूप की खासियत इसका तीखा और चटपटा स्वाद है. ऊपर से मक्खन, हरी मिर्च का सिरका, सोया सॉस और कुटी काली मिर्च डालकर इसे परोसा जाता है.

देहरादून के इनामुल्लाह बिल्डिंग स्थित ‘राजधानी चिकन पॉइंट’ का तंदूरी चिकन काफी लोकप्रिय है. इसे बनाने के लिए चिकन पर कट लगाकर पहले नींबू, नमक और अदरक-लहसुन के पेस्ट से मैरीनेट किया जाता है. इसके बाद दही, कश्मीरी लाल मिर्च, गरम मसाला, कसूरी मेथी और अन्य मसालों के मिश्रण में कुछ घंटों तक रखा जाता है. फिर इसे पारंपरिक तंदूर में पकाया जाता है. तंदूर में पकने के दौरान मक्खन लगाया जाता है, जिससे चिकन जूसी और स्मोकी फ्लेवर वाला बनता है. इसे चटनी और प्याज के साथ परोसा जाता है. यहां हाफ प्लेट तंदूरी चिकन करीब 200 रुपये में मिल जाता है.

देहरादून की फूड लिस्ट चिकन मोमो के बिना पूरी नहीं होती. अगर आप बेहतरीन चिकन मोमो खाना चाहते हैं, तो राजपुर रोड, जाखन स्थित ‘द मोमो कैफे’ एक अच्छा विकल्प है. यहां के मोमो अपनी पतली लेयर और जूसी स्टफिंग के लिए मशहूर हैं. स्टफिंग में चिकन, प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद मोमो को स्टीमर में 10 से 12 मिनट तक पकाया जाता है. तैयार मोमो को तीखी लाल चटनी और मेयोनीज के साथ परोसा जाता है, जो इनके स्वाद को और बढ़ा देता है.

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13 साल बाद कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के दोबारा शुरू होने की जगी उम्मीद


क्या शेयर मार्केट के धंधे में मुंबई धाक थमने वाली है. यह बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि देश के पुराने समृद्ध शहर कोलकाता में एक बार फिर से ट्रेडिंग शुरू करने की चर्चा शुरू हुई है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद उम्मीद जगी है कि कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) को दोबारा खोला जाए, ताकि मुंबई की तरह यहां एक बार फिर से ट्रेडिंग का धंधा शुरू हो सके.

कहां से शुरू हुई कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की चर्चा

दरअसल, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के एक डेलीगेशन ने सोमवार को राज्य के नये इंडस्ट्री मंत्री तपस रॉय से मुलाकात की. इस दौरान उनके सामने मांग रखी गई कि कोलकाता में लंबे समय से बंद पड़े कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को दोबारा शुरू किया जाए. डेलीगेशन की ओर से तपस रॉय को एक पत्र भी सौंपा गया, जिसमें कहा गया- ‘एक्सचेंज सेबी को दी गई वॉलंटरी एग्जिट एप्लीकेशन वापस लेना चाहता है और ट्रेडिंग फिर से शुरू करके इंस्टीट्यूशन को फिर से शुरू करना चाहता है.’

मंत्री तपस रॉय ने भी उन्हें निराश नहीं किया और अपील पर विचार करने और संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करने के का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा- ‘हां, हम स्टॉक एक्सचेंज को फिर से शुरू करना चाहते हैं. हम केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्ट्री और सेबी से संपर्क करेंगे.’

2013 से कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग बंद

सेबी ने अप्रैल 2013 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग रोक दी थी. रेगुलेटर के साथ 10 साल की कानूनी लड़ाई के बाद, एक्सचेंज ने फरवरी 2025 में स्टॉक एक्सचेंज ऑपरेशन से वॉलंटरी एग्जिट के लिए एक एप्लीकेशन दी. हालांकि, सेबी ने अभी तक एग्जिट ऑर्डर पास नहीं किया है.

एक्सचेंज के अधिकारियों ने पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से संपर्क किया था. यह बताते हुए कि सेबी ने मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज को मुंबई से काम करने की इजाजत दी है. CSE अधिकारियों ने कहा कि लायंस रेंज इंस्टीट्यूशन को भी फिर से शुरू किया जाना चाहिए, क्योंकि उसके पास काफी फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर और नेशनल प्रेजेंस है.

CSE सदस्यों ने कहा कि एक्सचेंज का फिर से शुरू होना बीजेपी के चुनाव से पहले किए गए बंगाल के इंडस्ट्रियल पुनरुत्थान के वादे को पूरा करेगा.

जानकारी के लिए बता दूं कि मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में रोजाना करीब 250 लाख करोड़ से 270 लाख करोड़ तक कारोबार होता है. वहीं कैश या इक्विटी मार्केट में रोजाना करीब 8,000 करोड़ से 10,000 करोड़ का कारोबार होता है.

BSE और CSE में कौन ज्यादा पुराना

भारत में ट्रेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सबसे पुराना है. एक बरगद के पेड़ के नीचे कुछ स्टॉक ब्रोकर्स जुटे थे, जिसके बाद मुंबई में 9 जुलाई 1875 को द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन बनाया गया था, जो बाद में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज हो गया.

वहीं साल 1908 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) शुरू हुआ था. हालांकि यह भी कहा जाता है कि कोलकाता में शेयरों की ट्रेडिंग 1830 के दशक से ही शहर के एक पुराने नीम के पेड़ के नीचे शुरू हुई थी. इसे एक संगठित और औपचारिक संस्था के रूप में 1908 में पंजीकृत किया गया. यह भारत का दूसरा सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है.



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मॉनसून की आहट के साथ खुले राजस्थान मिनी कश्मीर के गेट; सैलानियों के लिए जन्नत है यह!


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Monsoon Best Place To Visit : अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां चारों तरफ हरियाली हो, पहाड़ों को छूते हुए बादल गुजर रहे हों और ठंडी हवाएं आपका स्वागत करें. तो आपको कश्मीर या हिमाचल जाने की जरूरत नहीं है. राजस्थान में ही एक ऐसी जगह है जहां जाते ही लोग कश्मीर का एहसास करने लगेंगे. क्योंकि राजस्थान का ‘मिनी कश्मीर’ अब पूरी तरह तैयार हो चुका है.

मॉनसून की तारीख नजदीक आने के साथ ही राजस्थान के मिनी कश्मीर कहे जाने वाले ‘गोरम घाट’ के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं. आसमान में बादलों के डेरे और सुहाने मौसम के साथ ही यहाँ प्रकृति का एक अनोखा रूप नजर आने लगा है. जिससे यहां पहुंचने वाले पर्यटको की अब भारी भीड देखी जा रही है. हालात यह है कि गोरमघाट के अंदर जाने वाले गेट पर गाडियों का जाम तक लग जाता है क्योकि बारिशों के समय यह जगह किसी जन्नत से कम नही होती.

करीब 1930 के आसपास अंग्रेजों के शासनकाल में मारवाड़ और मेवाड़ को जोड़ने के लिए इस कठिन पहाड़ी क्षेत्र में रेलवे लाइन का निर्माण किया गया था. उस समय की इंजीनियरिंग का यह अद्भुत नमूना आज भी लोगों को हैरान करता है. यहां बने ऊंचे रेलवे पुल, सुरंगें और घुमावदार पटरियां इस मार्ग को बेहद रोमांचक बनाती हैं. जब ट्रेन इन पुलों से गुजरती है तो आसपास फैली हरियाली और गहरी घाटियों का नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है.

मानसून के मौसम में गोरम घाट का दृश्य और भी अद्भुत हो जाता है. चारों तरफ फैली हरियाली, पहाड़ियों से गिरते झरने और बादलों से घिरी घाटियां किसी स्वर्ग से कम नहीं लगतीं. यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्रकृति का आनंद लेने और फोटोग्राफी के लिए पहुंचते हैं. चारों ओर फैले घने जंगल, पहाड़ियां और प्राकृतिक झरने इस जगह को और भी खास बनाते हैं. यहां की शांति और ताजगी भरा वातावरण शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का अहसास कराता है.

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अरावली की पहाड़ियों में बसा गौरम घाट प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण यहाँ का ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक और शानदार पुल हैं, जो बीते दौर की इंजीनियरिंग की एक अद्भुत मिसाल पेश करते हैं. घने जंगलों और पहाड़ों के बीच से गुजरतीं कई प्राकृतिक सुरंगें इस सफर के रोमांच को दोगुना कर देती हैं. यदि आप रोमांच पसंद करते हैं, तो यहाँ ट्रैकिंग और एडवेंचर के बेहतरीन अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं. चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियाँ और खूबसूरत नजारे इसे फोटोग्राफी के लिए एक परफेक्ट स्थान बनाते हैं.यहाँ चलने वाली ठंडी हवा और शांत वातावरण दिल और दिमाग को असीम सुकून देता है, जिससे शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है. यहां आने के लिए यदि आप रूट जानना चाहते हैं तो  सड़क मार्ग द्वारा यह पाली से लगभग 74 किलोमीटर और उदयपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. वहीं यदि आप रेल मार्ग से आते हैं तो इस जगह का निकटतम रेलवे स्टेशन गोरम घाट है. मारवाड़ जंक्शन से सीधे गोरम घाट ट्रेन पहुंचती है. और भी आसानी से यदि आप हवाई मार्ग से यहां आना चाह रहे हैं तो यहां से निकटतम हवाई अड्डा महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है.

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दीया ने पुरुषों को बताया क्लाइमेट चेंज का दोषी,लोगों ने कहा- ‘हिप्पोक्रेट-ट्यूबलाइट’


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दीया मिर्जा बरसों से पर्यावरण से संबंधित मुद्दों को उठा रही हैं. इसके लिए उन्हें सराहा भी जाता रहा है. लेकिन इस बार वह ट्रोल रही हैं. सोहा अली खान के साथ एक पॉडकास्ट में उन्होंने पर्यावरण में परिवर्तन होने की वजह पेट्रिआर्की को बताया है. उनका कहना है कि पर्यावरण क्षति के लिए पुरुष ही जिम्मेदार हैं.

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दीया मिर्जा पर्यावरण परिवर्तन के लिए पुरुषों को जिम्मेदार बताया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. यह वीडियो सोहा अली खान के पॉडकास्ट की एक क्लिप है. 25 सेकेंड की इस क्लिप में दीया कहती हैं, “पितृसत्ता (पेट्रिआर्की) जलवायु परिवर्तन का कारण है.” उनके इस वीडियो पर लोगों के रिएक्शन आने लगे. कई लोगों ने उनकी आलोचना की. पॉडकास्ट में दीया मिर्जा ने पर्यावरण लेखिका और फोटोग्राफर आरती कुमार-राव के साथ जलवायु परिवर्तन और समाज के प्रकृति से संबंध पर चर्चा की.

दीया मिर्जा ने कहा कि प्रकृति का शोषण उस मानसिकता से जुड़ा है जो प्रभुत्व, आक्रामक विकास और प्राकृतिक संसाधनों के अधीनता को प्राथमिकता देती है. दीया ने कहा, “इस दुनिया में पुरुष हैं. जलवायु परिवर्तन को पुरुषों ने ही बढ़ाया है और वे पूरी तरह से इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं.” एक्स पर कई यूजर्स ने दीया के इस लॉजिक को चैलेंज किया.

दीया मिर्जा को बताया ट्यूबलाइट.

कई लोगों ने दीया पर पाखंड का आरोप लगाया. एक यूजर ने लिखा, “फाइनली दीया ने उन सभी अचीवमेंट्स को बर्बाद कर दिया जो “असली महिला सशक्तिकरण पहलों” ने अब तक हासिल की हैं. वह खुद को रिलेवेंट साबित करने की बहुत कोशिश करती हैं, लेकिन आखिर में सबके सामने “ट्यूबलाइट महोदया” बनकर रह जाती हैं.”



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काशी के गंगा घाट पर स्वयंसेवकों का श्रमदान: वाराणसी में नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने की सफाई, पर्यटकों से गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की अपील – Varanasi News




नमामि गंगे के स्वयंसेवकों द्वारा मंगलवार को अस्सी घाट पर स्वच्छता अभियान के तहत गंगा तट की साफ-सफाई की गई। इस दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में ‘स्वच्छ गंगा’ सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों से इस जन-अभियान में शामिल होने की अपील की गई। स्वयंसेवकों ने घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन व अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाने का काम किया। आम जनता को पर्यावरण संरक्षण अपनी जीवनशैली में शामिल करने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करते हुए कपड़े के झोले का वितरण किया गया। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर ‘गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है’ और ‘सबका साथ हो, गंगा साफ हो’ जैसे नारों के माध्यम से घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई गई। उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने कहा कि धर्म तभी सार्थक है जब हम प्रकृति और अपनी गंगा मां का सम्मान करें। आस्था का सम्मान, स्वच्छता का संकल्प। गंगा हमारी धरोहर है और इसकी निर्मलता बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। श्रमदान के दौरान महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी , विधि दीक्षित, राहुल खन्ना उपस्थित रहे ।



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आपका फोन होगा गर्म और हो जाएगा फ्रॉड, साइबर ठगों के इस नए तरीके से कैसे बचें?


क्या आपने कभी सोचा है कि आपका फोन गर्म होगा और आपके साथ फ्रॉड हो जाएगा? जी हां, ऐसा हो सकता है। हाल ही में मुंबई में साइबर फ्रॉड का ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां शख्स फेसबुक पर महिलाओं की फोटो देख रहा था और उसके अकाउंट से 70 हजार रुपये गायब हो गए। शख्स का फोन इस दौरान गर्म होने लगा, लेकिन उसने इसे नजर अंदाज किया। साइबर ठगी का यह चौंकाने वाला मामला है, जिसमें शख्स को पता भी नहीं चला और उसका अकाउंट खाली हो गया।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर ठगी होने के बाद शख्स ने पुलिस से इसकी शिकायत की। मुंबई पुलिस के मुताबिक, सोमवार 15 जून को शख्स ने फेसबुक पर स्क्रॉल करते समय खतरनाक लिंक से अटैच फोटो पर क्लिक किया, जिसकी वजह से साइबर क्रिमिनल्स शख्स के फोन का एक्सेस कंट्रोल कर लिए। इसके बाद धड़ाधड़ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन होने लगे और अकाउंट से 70 हजार रुपये गायब हो गए। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है।

इन बातों को न करें नजरअंदाज

  • कभी भी जाने अनजाने में किसी अनजान लिंक को क्लिक न करें।
  • जब भी स्मार्टफोन के बैकग्राउंड में कोई गतिविधि होती है, तो फोन अचानक गर्म होने लगता है।
  • इसके अलावा डेटा की खपत भी बढ़ जाती है और कई अनजान ऐप्स फोन में दिखने लगते हैं।
  • फोन की स्क्रीन पर बार-बार पॉप-अप विज्ञापन आने लगते हैं।
  • इसके अलावा स्मार्टफोन एकदम से स्लो भी होने लगता है।
  • स्मार्टफोन के डिस्प्ले पर माइक्रोफोन और कैमरा का आइकन ऑन दिखाई दे।

कैसे बचें?

  • इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कभी भी किसी भी मैसेज, पोस्ट ई-मेल के जरिए दिखाई देने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • स्मार्टफोन में कोई भी अनजान ऐप्स इंस्टॉल न करें।
  • थर्ड पार्टी ऐप्स को इंस्टॉल करने से बचें।
  • किसी भी ऐप्स को केवल जरूरी के एक्सेस दें। सभी एक्सेस देना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
  • फोन का पासवर्ड और OTP आदि किसी के साथ शेयर न करें।
  • फ्रॉड होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

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जयपुर में ट्रेलर ने युवक-युवती को रौंदा, मौत: बाइक से जाते समय पीछे से मारी टक्कर, गाड़ी छोड़कर ड्राइवर फरार – Jaipur News




जयपुर में मंगलवार सुबह ट्रेलर के युवक-युवती को रौंदने से मौत हो गई। बाइक से जाते समय ओवर स्पीड ट्रेलर ने उन्हें पीछे से टक्कर मारी थी। हरमाड़ा थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए दोनों शव को कब्जे में लेकर कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया है। युवक-युवती को रौंदते हुए निकल गया ट्रेलर SHO (हरमाड़ा) उदय सिंह यादव ने बताया- हरमाड़ा के नींदड़ मोड़ पर हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ है। चौमूं से जयपुर की ओर सीमेंट से भरा ट्रेलर जा रहा था। ओवर स्पीड ट्रेलर ने आगे चल रही बाइक सवार युवक-युवती को टक्कर मार दी। टक्कर से नीचे रोड पर गिरे दोनों को ट्रेलर रौंदते हुए निकल गया। ड्राइवर ट्रेलर छोड़कर फरार ट्रेलर के टायरों के नीचे आने से कुचले दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर ट्रेलर छोड़कर ड्राइवर फरार हो गया। एक्सीडेंट की सूचना पर हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर कांवटिया हॉस्पिटल भिजवाया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस बाइक के नंबर के आधार पर मृतकों की पहचान के प्रयास में जुटी है।



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NEET एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर सरकार की लगाम, 22 जून तक नहीं कर सकेंगे एक्सेस


आपको यह तो पता ही होगा कि 3 मई 2026 को NEET-UG की परीक्षा हुई थी जो लीक हो जाने के कारण रद्द कर दी गई। अब देश में फिर से NEET-UG 2026 की परीक्षा कराई जा रही है और इसके लिए तारीख 21 जून तय हुई है। यानी 21 जून को फिर से NEET की परीक्षा होगी और इस बार पेपर लीक न हो, इसके लिए सरकार कड़ी तैयारी कर रही है। इसी संबंध में एक बड़ा फैसला भी लिया है। आपको बता दें कि सरकार ने टेलीग्राम पर रोक लगा दी है। यह रोक अस्थाई है। अब लोग टेलीग्राम को 22 जून तक नहीं चला पाएंगे। इसका मतलब NEET की दोबारा परीक्षा होने तक NEET को लोग एक्सेस नहीं कर पाएंगे। इसके संबंध में NTA ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है। आइए आपको बताते हैं कि उसमें क्या कुछ लिखा है

NTA के प्रेस रिलीज में क्या लिखा है?

सरकार ने टेलीग्राम पर कुछ दिनों की रोक लगा दी है और यह रोक NEET की परीक्षा के बाद खत्म होने वाली है। इसका मतलब यह है कि 22 जून तक लोग टेलीग्राम को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। इसके संबंध में NTA ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है। उस प्रेस रिलीज में लिखा है, ‘राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के संबंध में आज जारी किए गए निर्देशों का स्वागत करती है। NTA की सिफारिशों पर जारी किए गए ये निर्देश तय समय के हिसाब से हैं। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के सेक्शन 69A के तहत एक निर्देश, जो 22 जून 2026 को खत्म होने वाले एक तय और सीमित समय के लिए भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के एक्सेस पर रोक लगाता है, जिसमें NEET (UG) 2026 के दोबारा एग्जाम का दिन और उसके तुरंत बाद की घटनाएं शामिल हैं।’

उसी प्रेस रिलीज में आगे लिखा है, ‘इसके अलावा एक निर्देश जिसके तहत प्लेटफॉर्म को भारत में, पहले से पोस्ट किए गए मैसेज के लिए मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून 2026 को खत्म होने वाले एक तय समय के लिए बंद करना होगा, जिसमें उस खास स्ट्रक्चरल फीचर के बारे में बताया गया है जिसके ज़रिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नेशनल एग्जाम के मामले में घटना के बाद “पेपर लीक” के सबूत बनाने के लिए किया गया है।’

प्रेस रिलीज में आगे क्या लिखा है?

NTA की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में आगे लिखा है कि, ‘ये दोनों कदम पब्लिक ऑर्डर के हित में उठाए गए हैं क्योंकि 21 जून 2026 को होने वाले NEET (UG) 2026 के दोबारा एग्जाम में बैठने वाले कैंडिडेट्स को धोखा देने के लिए चीटिंग रैकेट्स प्लेटफॉर्म का ऑर्गनाइज़्ड इस्तेमाल कर रहे थे। NTA, स्टूडेंट्स के हित में समय पर की गई इस कार्रवाई के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय का शुक्रिया अदा करता है, जिससे NTA को 21 जून 2026 को सेफ और सिक्योर एग्जाम कराने में काफी मदद मिलेगी।’

 

NEET Re-Exam को कोर्ट में चुनौती

आपको बता दें कि 21 जून को NEET की जो दोबारा परीक्षा होने वाली है, उसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर 17 जून को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी। याचिका में दावा किया गया है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के आधार पर पूरे देश के लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों के लिए 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित करने का फैसला मनमाना, असंगत और संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

आपको बता दें कि याचिका डॉ. मंगला कोहली ने दाखिल की है। उन्होंने अदालत से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के उस फैसले को रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत NEET-UG 2026 को दोबारा कराने की घोषणा की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन लाखों निर्दोष छात्रों को सामूहिक रूप से दंडित नहीं किया जा सकता।

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मुजफ्फरपुर में कारोबारी की हत्या, बेटे के सामने मारी गोली: घर से 100 मीटर पहले फायरिंग, 22 जून को होनी थी बेटे की सगाई; CCTV में भागते दिखे बदमाश – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर में सोमवार की रात सर्राफा व्यवसायी दीपक कुमार शाह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र के माधोपुर चौक निवासी दीपक अपनी आभूषण दुकान बंद कर करीब 30 से 35 लाख रुपए के जेवरात लेकर घर लौट रहे थे। घर से महज 100 मीटर पहले बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। गोली लगने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, जिस जेवरात के बैग को लूटने की आशंका जताई जा रही थी, वह घटनास्थल पर ही सुरक्षित मिला। घटना के कारणों को लेकर पुलिस लूट, असफल छिनतई और आपसी रंजिश समेत सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। इधर, 22 जून को उनके छोटे बेटे की होने वाली सगाई से पहले हुई इस हत्या से परिवार की खुशियां मातम में बदल गई है। वारदात के बाद मौके से भाग रहे अपराधियों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई। दुकान बंद कर लौट रहे थे घर मृतक की पहचान माधोपुर चौक पर आभूषण की दुकान चलाने वाले दीपक कुमार शाह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह सोमवार रात करीब 8:15 बजे दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उनके पास कीमती जेवरातों से भरा एक झोला था। सड़क पर नल-जल योजना का काम चलने के कारण वह दूसरे रास्ते से घर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान घर से कुछ दूरी पहले बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बदमाशों ने उनसे झोला छीनने का प्रयास किया। विरोध होने पर हाथापाई शुरू हो गई और फिर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। बेटे के सामने मारी गई गोली मृतक के बड़े बेटे दुर्गेश कुमार ने बताया कि पिता के साथ उनका भांजा भी था। घटना के दौरान भांजा दौड़कर घर पहुंचा और बताया कि नाना के साथ कुछ लोग झगड़ा कर रहे हैं। इसके बाद परिवार के लोग मौके की ओर भागे। दुर्गेश के अनुसार जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो बदमाशों ने उन पर भी हथियार तान दिया। इसी दौरान दीपक शाह ने परिवार को बचाने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों ने उनके सीने में गोली मार दी। दूसरी गोली उनके हाथ में लगी, जो आर-पार होकर कमर के पास जख्म कर गई। वारदात के बाद अपराधी फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने गंभीर रूप से घायल दीपक शाह को तत्काल बैरिया स्थित मां जानकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के संचालक डॉ. अमितांशु ने बताया कि उन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत अवस्था में लाया गया था। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग जुट गए। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। पोस्टमार्टम को लेकर घंटों चला हंगामा मौत की पुष्टि के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध कर दिया। परिजन शव को अस्पताल से लेकर सीधे घर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक परिवार के लोग तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक समझाने-बुझाने और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। इसके बाद पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटनास्थल पर मिला जेवरात का बैग और पिस्टल पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां कई अहम साक्ष्य मिले। घटनास्थल के पास ही जेवरात से भरा बैग सुरक्षित अवस्था में मिला। इसके अलावा एक 7 एमएम की पिस्टल भी बरामद हुई। पिस्टल की मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस मौजूद थे। पुलिस को घटनास्थल से एक खोखा, एक जिंदा कारतूस, अपराधियों की टोपी और मास्क भी मिले हैं। बरामद सामान को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। दोनों टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और कई बिंदुओं पर जांच की। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने गोलीबारी के एंगल, बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया। पुलिस को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच से अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। तीन घंटे तक मौके पर डटे रहे अधिकारी वारदात की सूचना मिलते ही सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी मौके पर पहुंचे और देर रात तक कैंप करते रहे। उनके साथ एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार, एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा, एसडीपीओ पश्चिमी-1 अनिमेष चंद्र ज्ञानी समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए काजी मोहम्मदपुर, ब्रह्मपुरा, अहियापुर, सदर, कच्ची-पक्की, तुर्की समेत आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई। इलाके में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी में भागते दिखे बदमाश पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार एक सीसीटीवी फुटेज में वारदात के बाद अपाचे बाइक पर भागते दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। पुलिस अब उनके रूट का पता लगाने के लिए अलग-अलग इलाकों के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू कर दी गई है। पहले भी दुकान में हो चुकी थी चोरी मृतक के मामा धर्मेंद्र शाह ने बताया कि करीब दो महीने पहले दीपक शाह की एक दुकान में चोरी हुई थी। इसके बाद से वह रोज दुकान बंद करने के बाद कीमती जेवरात अपने साथ लेकर घर लौटते थे। सोमवार की रात भी वह दुकान के जेवरात लेकर घर जा रहे थे, तभी अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया। इंगेजमेंट की तैयारियों के बीच उजड़ गई खुशियां परिजनों ने बताया कि 22 जून को दीपक के छोटे बेटे रिशु की इंगेजमेंट होने वाली थी। शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थी। घर में रिश्तेदारों का आना-जाना भी शुरू हो गया था। पूरे परिवार में उत्साह का माहौल था। इंगेजमेंट को लेकर दीपक भी काफी खुश थे और तैयारियों में जुटे हुए थे। घर में मेहमान पहुंच चुके थे तथा कार्यक्रम को लेकर चर्चा चल रही थी। लेकिन सोमवार को छिनतई के दौरान अपराधियों ने दीपक को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाई की तैयारी हो रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। सभी बिंदुओं पर जांच: सिटी एसपी सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि सर्राफा कारोबारी दीपक शाह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी दो अपराधियों ने उन पर हमला किया। गोली लगने से उनकी मौत हुई है। प्रथम दृष्टया मामला लूट या छिनतई के प्रयास से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन घटनास्थल पर जेवरात से भरा बैग मिलने के कारण अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। पुलिस लूट, असफल छिनतई, आपसी रंजिश और अन्य संभावित कारणों समेत सभी बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है तथा जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।



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