Friday, June 5, 2026
Home Blog

पुतिन बोले- अमेरिका का मोदी पर दबाव डालना बेकार: भारत महान देश, रूस को उसपर भरोसा है, US और उसकी नजदीकी से हमें दिक्कत नहीं


सेंट पीटर्सबर्ग1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 4 जून को सेंट पीटर्सबर्ग में दुनियाभर के न्यूज एजेंसियों के हेड से बात की।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका भारत पर रूस के साथ उसके रिश्ते सहित कई मुद्दों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इस तरह की कोशिशें बेकार हैं। भारत इसका विरोध करेगा।

पुतिन ने PTI समेत दुनिया की प्रमुख न्यूज एजेंसियों के हेड से बातचीत के दौरान भारत और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा- भारत एक महान देश है। भारत एक महान देश और लोकतंत्र है। रूस उसे अपना भरोसेमंद पार्टनर मानता है।

रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा- भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। अमेरिका से उसके बढ़ते संबंधों से भारत-रूस की पार्टनरशिप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रूस के साथ उसके रिश्ते पहले की तरह मजबूत रहेंगे।

पुतिन बोले- भारत-रूस के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर पहुंचेगा

पुतिन ने कहा- हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ संबंध बढ़ा रहा है, जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी मानता है। पुतिन ने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में भारत और रूस के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने कहा- भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेज विकास दर वाले देशों में गिना जाता है। यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की लगातार मेहनत और नीतियों का परिणाम है।

‘भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदायक’

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों ने भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने का दबाव बनाने की कोशिश की थी। हालांकि अब सभी को समझ आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।

सितबंर में पुतिन का भारत दौरा, मोदी भी रूस जाएंगे

पुतिन का बयान भारत दौरे से पहले आया है। वे पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। पीएम मोदी भी इसी साल रूस दौरे पर जाएंगे।

रूसी राष्ट्रपति 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 4 दिसंबर 2025 को भारत आए थे। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में भारत आए थे।

दिल्ली पहुंचने के बाद दोनों नेता एक ही टोयोटा SUV में पीएम आवास गए थे।

दिल्ली पहुंचने के बाद दोनों नेता एक ही टोयोटा SUV में पीएम आवास गए थे।

भारत-रूस के बीच दिसंबर 2025 में हुए अहम समझौते

  • ऊर्जा सहयोग:रूस ने भरोसा दिलाया कि वह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए लगातार और बिना रुकावट ईंधन की सप्लाई करता रहेगा।
  • उद्योगिक साझेदारी:भारतीय कंपनियों ने रूस की URALCHEM के साथ एक यूरिया प्लांट रूस में ही स्थापित करने का समझौता किया।
  • फूड सेफ्टी:भारत की FSSAI और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों को मजबूत करने के लिए औपचारिक समझौते हुए।
  • हेल्थकेयर सहयोग:मेडिकल रिसर्च और हेल्थ सर्विस में सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU साइन किए गए।
  • समुद्री लॉजिस्टिक्स:बंदरगाह और शिपिंग ऑपरेशन में भारत-रूस के सहयोग को बढ़ाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर हुए।
  • माइग्रेशन और मोबिलिटी:दोनों देशों ने लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए समझौते किए।

———————-

ये खबर भी पढ़ें…

भारत रूसी कच्चा तेल खरीदता रहेगा:सरकार बोली- अमेरिकी प्रतिबंध बेअसर; फंसे जहाजों से तेल खरीदने के लिए US की 30 दिन की राहत

अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों से हमारे इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

LDA सीमा में शामिल 477 गांव: जिला पंचायत से पास नक्शे होंगे वैध, नहीं देना होगा जुर्माना – Lucknow News




लखनऊ. प्रदेश सरकार ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसला किया है कि विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल हो चुके ग्रामीण क्षेत्रों में 31 मार्च तक जिला पंचायत से स्वीकृत सभी भवन नक्शों को पूरी तरह वैध माना जाएगा। इससे लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की सीमा में शामिल 477 गांवों के हजारों मकान मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इन गांवों में जिला पंचायत से नक्शा पास कराकर मकान बनाने वाले लोगों को यह डर बना रहता था कि एलडीए उनके निर्माण को अवैध घोषित कर सकता है। कई मामलों में लोगों को शमन शुल्क जमा करने या कार्रवाई का सामना करने की आशंका रहती थी। नए फैसले के बाद ऐसे सभी निर्माणों को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। नहीं देना होगा शमन शुल्क सरकार के निर्णय के अनुसार, जिला पंचायत के नियमों के तहत बनाए गए मकानों और व्यावसायिक भवनों के मालिकों को अब एलडीए को भारी-भरकम शमन शुल्क या जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। इससे वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी। बैंक लोन और रजिस्ट्री होगी आसान नक्शों को वैधता मिलने के बाद इन क्षेत्रों की संपत्तियों पर बैंक से ऋण लेना आसान हो जाएगा। साथ ही मकानों और भूखंडों की खरीद-बिक्री तथा रजिस्ट्री में आने वाली कानूनी बाधाएं भी दूर होंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति बाजार को भी गति मिलने की उम्मीद है। क्यों लिया गया फैसला? दरअसल, किसी ग्रामीण क्षेत्र को विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल किए जाने के बाद वहां जिला पंचायत से पहले स्वीकृत नक्शों की वैधता को लेकर विवाद खड़ा हो जाता था। प्राधिकरण कई बार ऐसे निर्माणों को नियम विरुद्ध मानकर नोटिस जारी करता था। सरकार के इस फैसले से प्राधिकरण और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त होने की उम्मीद है। नए निर्माणों के लिए एलडीए से लेनी होगी मंजूरी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल उन निर्माणों पर लागू होगी, जिनके नक्शे संबंधित क्षेत्र के विकास प्राधिकरण में शामिल होने से पहले जिला पंचायत से स्वीकृत हो चुके हैं। भविष्य में इन गांवों में होने वाले किसी भी नए निर्माण या भवन विस्तार के लिए एलडीए से नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले से हजारों परिवारों को राहत मिलने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और संपत्ति कारोबार को भी नई गति मिलने की संभावना है।



Source link

वृश्चिक वालों के लिए हद खास है दिन? पुरानी चिंताओं को कहें अलविदा! चमकेगी ताकत


Last Updated:

Aaj ka Vrishchik Rashifal 05 June 2026: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और बड़ा बदलाव लेकर आया है. अगर आप पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव और पुरानी चिंताओं से परेशान थे. तो आज उन सभी को पीछे छोड़कर जीवन में एक नया कदम आगे बढ़ाने का समय आ चुका है. ग्रहों की अनुकूल स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगी। पढ़ें आज का पूरा राशिफल.

सीतामढ़ी: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है. आज का दिन आपके भीतर छिपी हुई असली शक्ति और क्षमताओं को पहचानने का है. पिछले कुछ समय से जिन पुरानी चिंताओं और मानसिक तनावों ने आपको घेर रखा था. आज उन्हें हमेशा के लिए पीछे छोड़कर जीवन में एक कदम आगे बढ़ने का बिल्कुल सही समय आ चुका है. ग्रहों की स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को बढ़ावा दे रही है.

कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से रहें सतर्क
ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार, इस राशि के जातकों को आज अपने कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से सतर्क और सक्रिय रहना चाहिए. आपके बॉस और उच्च अधिकारी आपकी कार्यप्रणाली और मेहनत पर पैनी नजर रख रहे हैं.  आपकी निरंतर लगन के चलते आज आपको दफ्तर में कोई बेहतरीन फीडबैक या प्रोत्साहन मिल सकता है. वहीं दूसरी ओर, व्यापारिक दृष्टिकोण से भी दिन बेहद शुभ है. आज बाजार में बना कोई नया संपर्क या मुलाकात भविष्य में आपके लिए बड़ा आर्थिक मुनाफा लेकर आ सकती है.

धन प्रवाह रहेगा सामान्य
आर्थिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर बात करें तो आज वित्तीय स्थिति मध्यम बनी रहेगी. धन का प्रवाह सामान्य रहेगा, इसलिए समझदारी इसी में है कि आप बेवजह के खर्चों पर पूरी तरह नियंत्रण रखें और बजट के अनुसार ही काम करें. स्वास्थ्य के लिहाज से आज आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है. विशेष रूप से कमर और पेट से जुड़ी समस्याओं के प्रति सचेत रहें. खान-पान में लापरवाही बिल्कुल न बरतें और आज के दिन जितना हो सके हल्का और सुपाच्य भोजन ही ग्रहण करें. पारिवारिक और प्रेम जीवन के मामले में आज का दिन बेहद खूबसूरत रहने वाला है.

करें ये उपाय, रहेगा सुख-शांति का माहौल
घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और परिजनों का पूरा सहयोग आपको मिलेगा. जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ आपका रिश्ता और भी गहरा होगा. जिससे आपसी जुड़ाव और रोमांस बढ़ेगा. आज के दिन को और अधिक भाग्यशाली बनाने के लिए आपका शुभ अंक 6 और शुभ रंग गहरा लाल हैय इसके अलावा, आज की शाम को अधिक कल्याणकारी बनाने के लिए 11 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें.

About the Author

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



Source link

SEBI की चेतावनी के घेरे में ICICI, FPI फंड ट्रांसफर मामले में वार्निंग लेटर


Last Updated:

SEBI की चेतावनी मिलने के बाद ICICI Bank एक बार फिर चर्चा में आ गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि बैंक के वित्तीय नतीजे अब भी मजबूत बने हुए हैं. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) से जुड़े एक लेनदेन में नियमों के उल्लंघन पर बाजार नियामक ने बैंक को वार्निंग लेटर जारी किया है. मामला वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के तहत तय अवधि पूरी होने से पहले फंड वापस भेजने की अनुमति से जुड़ा है. हालांकि इस घटनाक्रम के बीच बैंक ने मुनाफे, कर्ज वितरण और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

ICICI Bank को SEBI की फटकार, विदेशी निवेशक लेनदेन नियमों में मिली चूक. (Image:News18)

नई दिल्ली. देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक ICICI Bank को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से एक चेतावनी पत्र मिला है. बैंक ने 4 जून को शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में बताया कि उसे 1 जून 2026 तारीख वाला यह पत्र 2 जून को प्राप्त हुआ. मामला बैंक की कस्टोडियन के रूप में निभाई गई भूमिका से जुड़ा है. SEBI ने बैंक को एक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) को निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले धन वापस भेजने की अनुमति देने के कारण चेतावनी जारी की है.

FPI लेनदेन से जुड़ा है पूरा मामला
SEBI के अनुसार यह मामला वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के तहत किए गए निवेश से जुड़ा है. नियामक ने पाया कि एक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक को उसकी प्रतिबद्ध रिटेंशन अवधि पूरी होने से पहले ही फंड वापस भेजने की अनुमति दी गई. इसी वजह से बैंक को चेतावनी पत्र जारी किया गया. यह कार्रवाई बैंक की कस्टोडियन सेवाओं से संबंधित है, जहां निवेशकों के लेनदेन और निवेश रिकॉर्ड की निगरानी की जिम्मेदारी निभाई जाती है.

मुनाफे में दर्ज हुई मजबूत बढ़ोतरी
एक तरफ SEBI की चेतावनी चर्चा में है, वहीं बैंक के वित्तीय नतीजे मजबूत रहे हैं. ICICI Bank का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 13,701.7 करोड़ रुपये रहा. पिछले वर्ष इसी अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 12,630 करोड़ रुपये था. यह आंकड़ा बाजार के अनुमान 12,949 करोड़ रुपये से भी अधिक रहा. बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी बढ़कर 22,979.2 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 21,193 करोड़ रुपये थी.

एसेट क्वालिटी में भी हुआ सुधार
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला. नेट एनपीए घटकर 0.33 प्रतिशत रह गया, जो पिछली तिमाही में 0.37 प्रतिशत था. इसी तरह सकल एनपीए भी 1.53 प्रतिशत से घटकर 1.40 प्रतिशत पर आ गया. खराब ऋणों में कमी आने से बैंक की बैलेंस शीट और मजबूत हुई है. इसके अलावा एनपीए से संबंधित कुल राशि में भी गिरावट दर्ज की गई, जो बैंक के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

प्रोविजनिंग घटी, कर्ज वितरण बढ़ा
बैंक की प्रोविजनिंग भी काफी कम हुई है. चौथी तिमाही में यह 96.2 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 2,556 करोड़ रुपये थी. वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में प्रोविजनिंग 890.7 करोड़ रुपये रही थी. दूसरी ओर बैंक का कुल ऋण वितरण सालाना आधार पर 15.8 प्रतिशत बढ़कर 15.53 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. तिमाही आधार पर इसमें 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो कर्ज कारोबार में मजबूती को दर्शाती है.

शेयर में तेजी के साथ कारोबार समाप्त
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) चौथी तिमाही में 4.32 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही के 4.3 प्रतिशत के मुकाबले लगभग स्थिर रहा. पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी NIM 4.32 प्रतिशत पर बना रहा. इस बीच, 4 जून को BSE पर ICICI Bank का शेयर 9.95 रुपये या 0.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,252.30 रुपये पर बंद हुआ. SEBI की चेतावनी के बावजूद निवेशकों की नजर बैंक के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन पर बनी रही.

About the Author

authorimg

Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



Source link

वो 8 साइकोलॉजिकल हॉरर, जिनमें डराता है इंसानी दिमाग का पागलपन, रोंगटे खड़े कर देंगी कहानी


Last Updated:

अगर आपको साइकोलॉजिकल हॉरर थ्रिलर्स पसंद हैं, तो आपको इन 8 फिल्मों और सीरीज की लिस्ट देखनी चाहिए. लिस्ट में ‘टॉक टू मी’, ‘द बाबाडूक’ और ‘सेंट मॉड’ जैसी फिल्में शामिल हैं, जो मानसिक बीमारी, दुख और धार्मिक उन्माद को डरावने रूप में दिखाती हैं. इसके अलावा, वेब सीरीज ‘बिहाइंड हर आइज’ अपने अनोखे ट्विस्ट और क्लासिक फिल्म ‘मिजरी’ एक जुनूनी फैन के खौफनाक पागलपन को बखूबी बयां करती है.

शैतान (2024): इस लिस्ट में बॉलीवुड की फिल्म ‘शैतान’ भी अपनी जगह बनाती है, जो माता-पिता के सबसे बड़े डर को पर्दे पर लाती है. एक हंसता-खेलता परिवार वीकेंड मनाने बाहर जाता है, लेकिन उनकी जिंदगी तब नरक बन जाती है, जब एक अजनबी उनकी जवान बेटी को अपने वश में कर लेता है. वह लड़की उस आदमी के सम्मोहन में आकर अपने ही माता-पिता पर क्रूर अत्याचार करने लगती है, जिसे देख किसी की भी रूह कांप जाए.

भूतकालम (2022): मलयालम सिनेमा की बेहतरीन साइकोलॉजिकल फिल्म आपको सोचने पर मजबूर कर देगी. घर में एक मौत के बाद एक मां और उसका बेटा डिप्रेशन से जूझते हुए अपने किराए के मकान में कुछ बेहद डरावनी और अजीब घटनाओं का सामना करते हैं. फिल्म की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यह अंत तक दर्शकों को उलझाए रखती है कि जो कुछ हो रहा है, वह वाकई कोई भूत है या फिर उनके दिमाग का वहम.

तुम्बाड (2018): भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन हॉरर फिल्मों में गिनी जाने वाली ‘तुम्बाड’ इंसानी लालच की एक अनोखी और डरावनी लोककथा है. कहानी एक ऐसे आदमी की है, जिसकी सोने के खजाने को पाने की भूख उसे एक श्रापित देवता की अंधेरी कोख तक ले जाती है. यह फिल्म सिर्फ डराती नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे इंसान का अपना ही लालच उसके लिए सबसे बड़ा और सबसे भयानक राक्षस बन जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

बिहाइंड हर आइज (2021): अगर आपको मिनीसीरीज देखना पसंद है, तो ‘बिहाइंड हर आइज’ एक परफेक्ट साइकोलॉजिकल थ्रिलर है. कहानी एक सिंगल मदर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बॉस के साथ अफेयर में पड़ जाती है और साथ ही उसकी रहस्यमयी पत्नी से भी दोस्ती कर लेती है. तीन लोगों का यह अजीब लव ट्रायंगल धीरे-धीरे ऐसे डार्क सीक्रेट्स खोलता है, जिसका अंत देखकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी.

मिजरी (1990): मशहूर लेखक स्टीफन किंग के नॉवेल पर बनी क्लासिक फिल्म एक जुनूनी फैन के डरावने रूप को दिखाती है. एक जाने-माने लेखक की कार का एक्सीडेंट हो जाता है, जिसके बाद उसकी जान उसकी ‘नंबर वन फैन’ बचाती है. लेकिन यह सेवा जल्द ही एक भयानक कैद में बदल जाती है, जब उस फैन का पागलपन सामने आता है. यह फिल्म आपको शुरू से अंत तक सीट से बांधकर रखेगी.

सेंट मॉड (2020): अगर आप धीरे-धीरे बढ़ने वाले सस्पेंस के दीवाने हैं, तो आपको ‘सेंट मॉड’ बिल्कुल मिस नहीं करनी चाहिए. इसमें एक अकेली और बेहद धार्मिक हॉस्पिस नर्स की कहानी है, जो अपनी एक नास्तिक मरीज की आत्मा को बचाने के जुनून में इस कदर अंधी हो जाती है कि सही और गलत का फर्क भूल बैठती है. यह फिल्म मानसिक बीमारी, तन्हाई और धार्मिक उन्माद के खतरनाक तालमेल को बहुत ही खौफनाक अंदाज में दिखाती है.

द बाबाडूक (2014): यह फिल्म सिर्फ एक मॉन्स्टर की कहानी नहीं है, बल्कि इंसानी दिमाग के गहरे खालीपन को दिखाती है. कहानी एक अकेली मां और उसके बेटे की है, जो बच्चों की एक किताब से निकले अजीब और डरावने राक्षस ‘बाबाडूक’ के साए से परेशान हैं. यह कमाल की ऑस्ट्रेलियाई फिल्म असल में किसी भूत-प्रेत से ज्यादा, एक मां के पुराने दुख, तन्हाई और डिप्रेशन के खौफनाक रूप को पर्दे पर बेहद संजीदगी और डर के साथ पेश करती है.

टॉक टू मी : अगर आपको रोंगटे खड़े कर देने वाला सस्पेंस पसंद है, तो ऑस्ट्रेलियाई हॉरर फिल्म ‘टॉक टू मी’ आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए. कहानी कुछ ऐसे टीनेजर्स की है, जिन्हें एक नकली सिरेमिक हाथ मिलता है, जिसकी मदद से वे आत्माओं को बुलाने का खेल शुरू करते हैं. देखते ही देखते उनका यह रोमांच एक खौफनाक और जानलेवा पागलपन में बदल जाता है, जहां दोस्तों का दबाव और पुरानी यादों का दर्द उन्हें एक डरावने जाल में फंसा देता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

उच्च शिक्षा में नैक की तर्ज पर सैक शुरू करें: सीएम बोले, जरूरत हो तो शिफ्ट में चलाएं महाविद्यालय, रोजगार परक पाठ्यक्रम पर करें फोकस – Bhopal News




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिफ्ट व्यवस्था लागू कर शैक्षणिक सुविधा देने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते अन्य संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्पों को लागू करने की तैयारी भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग के कामों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था सुनिश्चित कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर खुशी जताई है। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिन्दवाड़ा के राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में अच्छे विषयों का समावेश करें। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक आर्थिक सहयोग देगी। विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान के कोर्स के लिए व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों की रूचि के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में निरंतर सुधार के कदम उठाए जाएं। पीएमश्री महाविद्यालयों में भी इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। अन्य सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन होता रहे, इस पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। प्रदेश की तीन अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआर एफ) द्वारा श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिए सराहा गया है। स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में पंजीयन के कार्य में मध्यप्रदेश ने जुलाई 2025 में 3 लाख 52 हजार 931 पंजीयन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जुलाई 2026 के सेमेस्टर में यह संख्या 2 लाख 73 हजार 266 हो गई है। प्रदेश में गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय और आगर मालवा में लॉ कॉलेज प्रारंभ किया गया। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों में पीजी कक्षाएं प्रारंभ की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश



Source link

कटिहार में जाम से निपटने की तैयारी: ऑटो-टोटो के लिए तीन अस्थायी पार्किंग स्थल चिन्हित – Katihar News




कटिहार नगर निगम में शहर की बढ़ती यातायात समस्या और जाम से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ऑटो और टोटो के लिए अस्थायी पार्किंग व्यवस्था पर चर्चा की गई। इसमें जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण जाम की समस्या गंभीर हो गई है। इस समस्या के समाधान हेतु अरगड़ा चौक, चौधरी मोहल्ला और मिर्चाईबाड़ी (सहायक थाना के पास) को ऑटो-टोटो के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थलों पर सुचारु संचालन के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती आवश्यक है। यातायात थाना प्रभारी ने अतिरिक्त पुलिस बल की कमी का उल्लेख करते हुए बताया कि अतिरिक्त बल की मांग भेजी गई है। इस पर नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि उपलब्ध पुलिस बल को ही रोटेशन मोड में तत्काल इन पार्किंग स्थलों पर तैनात किया जाए। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बैठक में गैर-पंजीकृत ऑटो और टोटो के संचालन पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजीकृत वाहनों की पहचान के लिए विशेष कलरिंग की जाएगी और उन्हें निर्धारित रूटों पर ही चलने की अनुमति दी जाएगी। इससे वाहनों की संख्या नियंत्रित होगी और जाम कम करने में मदद मिलेगी। नगर आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही ऑटो और टोटो संघ के अध्यक्ष व सचिव के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में शहर में अन्य छोटे पार्किंग स्थलों का चयन किया जाएगा और वाहनों के सुव्यवस्थित परिचालन के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक के अंत में, नगर आयुक्त ने यातायात थाना प्रभारी को शहर के महत्वपूर्ण रूटों की सूची तैयार कर जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यह बैठक कटिहार में जाम मुक्त और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित करने के लिए नगर निगम, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के संयुक्त प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



Source link

56 से ज्यादा फ्लेवर, लेकिन कहानी शुरू हुई थी एक साधारण सफेद पेठे से, जानिए


होमफोटोलाइफ़फूड

56 से ज्यादा फ्लेवर, लेकिन कहानी शुरू हुई थी एक साधारण सफेद पेठे से, जानिए

Last Updated:

आगरा का पेठा सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि शहर की पहचान बन चुका है. ताजमहल की तरह दुनिया भर में मशहूर इस मिठाई को लेकर एक दिलचस्प मान्यता प्रचलित है, जिसका संबंध मुगलकाल और शाहजहां के दौर से जोड़ा जाता है.

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा को पेठा नगरी भी कहा जाता है. आगरा का पेठा ताजमहल कि तरह पुरी दुनिया में मशहूर है. आगरा में कई तरह के पेठे बनाये जाते है जिसमे सादा पेठा, अंगूरी पेठा, पान पेठा, चॉकलेट पेठा, केसर पेठा.

इस तरह आगरा में 56 प्रकार से अधिक पेठे के फ्लेवर तैयार किये जाते है. यह पेठा मुग़लकाल के समय जन्मा था बताया जाता है कि ज़ब ताजमहल का निर्माण हो रहा था तब बादशाह शाहजहाँ ने अपने शाही रसोई खाने में ऐसी मिठाई बनाने का आदेश दिया जो ताजमहल कि तरह ही सफ़ेद हो और अपनी मिठास के साथ साथ वह लंबे समय तक खराब ना हो जिससे मजदूरों को इसे बाँटा जा सके.

तब उस समय सफ़ेद सादा पेठे को बनाया गया था. उस दौर के शाही रसोई के कारीगरों ने सफेद कद्दू (पेठे) को उबाला और चीनी की चाशनी में पकाकर पेठे का निर्माण किया था. तब से लेकर आज तक आगरा का पेठा दुनिया में मशहूर हो गया. वर्तमान में तो कई प्रकार के पेठे बाजार में मिल रहे हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

आगरा में पिछले 20 सालों से पेठे का व्यापार कर रहे गगन चौहान ने बताया कि इससे पहले उनके पिताजी और दादाजी भी पेठे का कार्य करते आ रहे है.

कहा कि आगरा में हमारी दुकान काफ़ी प्राचीन है और हम कई प्रकार के पेठे को बनाते है. आगरा में पेठे का जन्म मुग़ल शासन काल में ही हुआ था.

उन्होंने कहा कि दादा और पिताजी बताते है कि ज़ब ताजमहल बन रहा था तब गर्मियों में बादशाह ने ऐसी मिठाई बनाने का आदेश दिया जो लंबे समय तक चले और खराब ना हो. तब उस दौर के लोगों ने कद्दू से इस पेठे को बनाना शुरू किया जो लोगों को काफी पसंद आया. उन्होंने कहा कि सादा पेठा एक ऐसी मिठाई है जो काफी लंबे समय तक आसानी से रखकर खाई जा सकती है यह हाल ही खराब नहीं होती है.

आगरा के पेठा व्यापारी गगन चौहान ने बताया कि पेठा विदेशी लोगों को भी काफी पसंद आ रहा है. आगरा घूमने आने वाले विदेशी पर्यटक अपने साथ आगरा का पेठा भी लेकर जाते है. उनकी एक दुकान ताजमहल के पास ही है, जहाँ से सबसे ज्यादा अंग्रेज ही पेठा खाना और अपने साथ पैक करा कर लेजाना पसंद करते है.

आगरा के वरिष्ठ इतिहासकार ने कहा की पेठे का इतिहासकार मुग़लकाल के समय का है ज़ब बादशाह शाहजहाँ ने अपने शाही रसोई में ऐसी मिठाई बनाने का आदेश दिया जो लंबे समय तक खराब ना हो तब इस पेठे का जन्म हुआ जो आज वर्तमान में पुरी दुनिया में मशहूर हो चूका है.

बेशक इसका इतिहास बेहद प्राचीन है मुग़लकाल से अबतक यह अपनी छाप छोड़ रहा है. यह ऐसी मिठाई है जिसे लोग उपहार के तौर पर भी देना पसंद करते है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

दिल्ली में महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की घर में घुसकर हत्या: फ्लैट सुबह से ही बाहर से बंद, अकेली रहती थी, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस – New Delhi News




नई दिल्ली। ईस्ट जिले के न्यू अशोक नगर थाना इलाके में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की घर में घुसकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान देवोस्मिता पॉल (45) के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया महिला के सिर पर किसी भारी चीज से हमला कर हत्या की गई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया दरवाजा बाहर से बंद था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है। सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मिला शव डीसीपी राजीव कुमार रावल ने बताया गुरुवार दोपहर करीब 02.35 बजे न्यू अशोक नगर थाना पुलिस को एक महिला से पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने बताया उसकी बहन की हत्या कर दी गई है और उसका शव दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट के अंदर पड़ा है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां कॉल करने वाली महिला देवरती पॉल (49) मिली। उसने पुलिस को बताया उसकी बहन देवोस्मिता (शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर) फ्लैट में अकेली रह रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार फ्लैट सुबह से ही बाहर से बंद था और मृतका बार-बार किए जा रहे फोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं दे रही थी। फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत किसी अनहोनी की आशंका होने पर शिकायतकर्ता ने ताला तोड़कर फ्लैट खोला और अपनी बहन को अपार्टमेंट के अंदर मृत पाया। उधर, मौके पर पहुंची क्राइम व फोरेंसिक टीम की टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए।



Source link

‘भड़काओ, सुर्खियों में आओ, दोहराओ… क्या राहुल बनते जा रहे हैं भारत के ट्रंप?’


कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति अब एक नए ट्रैक पर चल पड़ी है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि उनकी राजनीति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलती है. सुर्खियों में बने रहना और विरोधियों को लगातार उकसाना उनका मुख्य हथियार बन गया है. वह हर समय चर्चा का केंद्र बने रहना चाहते हैं. इसके लिए वह क्रेडिबिलिटी दांव पर लगाने को भी तैयार दिखते हैं. सालों पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से एक सवाल पूछा गया था. उनसे उनकी विवादास्पद बयानबाजी का कारण पूछा गया था. तब उन्होंने हंसते हुए कहा था कि ‘छपते रहो’. अब राहुल गांधी ने भी अपने पूर्व राजनीतिक गुरु की इस बात को पूरी तरह अपना लिया है. वह लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे बीजेपी को कई प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ती हैं.

क्या राहुल गांधी जानबूझकर डोनाल्ड ट्रंप की स्टाइल को कॉपी कर रहे हैं?

पॉलिटिक्स में सबसे खतरनाक स्थिति वह होती है जब जनता आपको इग्नोर करने लगे. जब किसी नेता की बातों पर चर्चा बंद हो जाती है तो उसकी राजनीति खत्म होने लगती है. राहुल गांधी इस बात को अच्छी तरह समझ चुके हैं. डोनाल्ड ट्रंप भी अमेरिका में यही रणनीति अपनाते हैं. ट्रंप आधी रात को एक सोशल मीडिया पोस्ट करते हैं और पूरी दुनिया की मीडिया एक्टिव हो जाती है.

ट्रंप पर कितने भी आरोप लगें लेकिन वह हमेशा चर्चा में बने रहते हैं. राहुल गांधी भी भारत में यही गेम प्लान चला रहे हैं. वह जानते हैं कि चर्चा में बने रहने से उनकी लीडरशिप मजबूत दिखती है. उनके समर्थक इसे एक सोची-समझी रणनीति मानते हैं. उनका कहना है कि राहुल गांधी उन मुद्दों को उठा रहे हैं जिन पर बाकी लोग चुप रहते हैं.

राहुल गांधी क्यों अपना रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी आक्रामक राजनीति, क्या है कांग्रेस का नया गेम प्लान? (AI Generated Image)

राफेल से लेकर संसद में गले मिलने तक कैसे बदला राहुल गांधी का अंदाज?

राहुल गांधी के राजनीतिक सफर में कई ऐसे मोड़ आए हैं जिसने सबको चौंका दिया. कुछ साल पहले उन्होंने राफेल डील को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के नाम पर एक बड़ा दावा किया था. मनोहर पर्रिकर ने उस दावे का तुरंत खंडन किया था. इसके बावजूद राहुल गांधी अपने स्टैंड पर अड़े रहे. उन्होंने ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया जो चुनाव में भले नहीं चला लेकिन बीजेपी को डिफेंसिव होना पड़ा.

संसद में पीएम नरेंद्र मोदी को अचानक गले लगाना और फिर आंख मारना भी इसी रणनीति का हिस्सा था. इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारी अटेंशन बटोरी. राहुल गांधी कई बार दावा कर चुके हैं कि आईबी और दूसरी एजेंसियों के अफसर उन्हें सीक्रेट इनफॉर्मेशन देते हैं. वह इन दावों के जरिए हमेशा खुद को खबरों के टॉप पर बनाए रखते हैं.

क्या बिना सबूत के बड़े आरोप लगाने से राहुल गांधी की इमेज को नुकसान हो रहा है?

इस आक्रामक राजनीति के साथ एक बहुत बड़ा रिस्क भी जुड़ा हुआ है. लगातार विवादास्पद बयान देने से नेता की गंभीरता कम होने का खतरा रहता है.

  • डोनाल्ड ट्रंप भी अमेरिका में कई बार मीम्स और जोक्स का शिकार बनते हैं. राहुल गांधी के विरोधी उन पर ‘शूट एंड स्कूट’ यानी आरोप लगाकर भाग जाने का आरोप लगाते हैं.
  • आलोचकों का कहना है कि राहुल गांधी जो भी दावे करते हैं उनके पक्ष में फैक्ट्स और एविडेंस नहीं देते हैं. लीडर ऑफ अपोजिशन एक संवैधानिक पद है और इसके गरिमा की अपनी मांग होती है.
  • संसद की सीढ़ियों पर चाय में बिस्कुट डुबोने जैसी घटनाओं से सोशल मीडिया पर रील्स तो बन जाती हैं लेकिन इससे पद की गंभीरता कम होती है.

बीजेपी को परेशान करने के लिए कांग्रेस ने कौन सा नया चक्रव्यूह तैयार किया है?

कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह राहुल गांधी का एक सोची-समझी रणनीति के तहत उठाया गया कदम है. वह बीजेपी को उसके ही गढ़ में घेरना चाहते हैं. जब भी राहुल गांधी कोई बड़ा बयान देते हैं तो बीजेपी के बड़े मंत्रियों को मैदान में उतरना पड़ता है. इससे एजेंडा सेट करने की ताकत कांग्रेस के हाथ में आ जाती है.

राजनीति के जानकार इसे नैरेटिव सेट करने का खेल कहते हैं. राहुल गांधी अब सीधे सीधे हमला करने की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं. वह सोशल मीडिया की ताकत को पहचान चुके हैं. इसलिए उनके बयान छोटे वीडियो और रील्स के लिए बिल्कुल परफेक्ट होते हैं.

इस आक्रामक राजनीति का भविष्य क्या है और राहुल गांधी को इससे क्या मिलेगा?

आने वाले समय में भारतीय राजनीति और भी ज्यादा आक्रामक होने वाली है. राहुल गांधी का यह ट्रंप कार्ड कितना कामयाब होगा यह तो चुनाव के नतीजे ही बताएंगे. लेकिन एक बात साफ है कि अब उन्हें कोई इग्नोर नहीं कर सकता है. क्रेडिबिलिटी का संकट अपनी जगह है लेकिन विजिबिलिटी के मामले में वह सबसे आगे चल रहे हैं. उनके इस अंदाज ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर दिया है.

अब वह सिर्फ छोर पर रहकर मैच नहीं देखते बल्कि सीधे काउंटर अटैक करते हैं. देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ट्रंप स्टाइल पॉलिटिक्स उन्हें देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा पाएगी या फिर वह सिर्फ हेडलाइंस तक ही सीमित रह जाएंगे.

क्या राहुल गांधी देश में आर्थिक मंदी का झूठा डर फैला रहे हैं?

राहुल गांधी की इस आक्रामक पॉलिटिक्स पर बीजेपी ने भी पलटवार तेज कर दिया है. हाल ही में राहुल गांधी ने दावा किया था कि भारत एक बड़ी ‘आर्थिक सुनामी’ की तरफ बढ़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार ने आर्थिक संकट को रोकने वाले सभी उपाय हटा दिए हैं. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इस दावे को पूरी तरह गलत और जनता के बीच डर फैलाने वाला बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश की मजबूत इकोनॉमी से जुड़े कई अहम आंकड़े भी शेयर किए हैं. अमित मालवीय ने कहा कि अगर सरकार ने सारे कंट्रोल हटा दिए हैं तो दुनिया भर के संकटों के बाद भी भारतीय इकोनॉमी इतनी मजबूत कैसे बनी हुई है.

बीजेपी ने अपने दावों को साबित करने के लिए कई आर्थिक डाटा पेश किए हैं. अप्रैल और मई 2026 में ई-वे बिल जनरेशन में 11 प्रतिशत से ज्यादा की भारी तेजी आई है. मई में विनिर्माण पीएमआई बढ़कर 56.6 हो गया है और सर्विस पीएमआई भी 58.9 पर बेहद मजबूत स्थिति में है. इसके साथ ही अप्रैल में रिटेल महंगाई दर सिर्फ 3.48 प्रतिशत रही है जो रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के टारगेट से भी कम है.

बीजेपी के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में देश का ग्रॉस एफडीआई 94.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. देश के पास विदेशी मुद्रा का बड़ा रिजर्व है जो ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव से इकोनॉमी की रक्षा करता है. अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय रुपया 36 प्रतिशत तक गिर गया था. उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत दी कि वह देश में झूठा डर फैलाना बंद करें क्योंकि भारतीय इकोनॉमी आज हर मोर्चे पर बेहद सुरक्षित और मजबूत है.



Source link