मप्र राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। तीसरी सीट पर बीजेपी ने महेश केवट को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। केवट और मीनाक्षी के बीच मुकाबला था। अब नामांकन रद्द होने के बाद केवट का राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। आखिर रिटर्निंग ऑफिसर के बंद कमरे में क्या हुआ? किस नियम के तहत मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज किया गया? और इस फैसले में क्या कानूनी पेंच हैं? पढ़िए इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी और एक्सपर्ट एनालिसिस… दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक: रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे का घटनाक्रम तय कार्यक्रम के मुताबिक 9 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) हुई। दोपहर 2 बजे विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के कमरे में गहमागहमी शुरू हुई। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर RO का फैसला
रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की अदालत में निजी परिवाद दायर था। कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को समन जारी कर उन्हें पेश होने का आदेश दिया था। रिटर्निंग ऑफिसर की तीन टिप्पणियां थीं.. अंतिम निर्णय: आदेश में कहा गया कि अधूरा एफिडेविट (फॉर्म 26) जमा करना और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाना सिद्ध होता है। इसलिए हैंडबुक के अध्याय 6 के बिंदु 10(xiii) के तहत नामांकन निरस्त किया गया। एक्सपर्ट व्यू: फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी के अनुसार, नामांकन रद्द करने का फैसला नियमों के अनुसार पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने हैंडबुक के आधार पर तीन कानूनी पेंच बताए। अब कांग्रेस के पास क्या कानूनी विकल्प हैं? विकल्प 1: कांग्रेस चुनाव आयोग से यह कहते हुए समीक्षा मांग सकती है कि यह केवल निजी परिवाद था, औपचारिक FIR नहीं। इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख अनिवार्य नहीं था। विकल्प 2: कांग्रेस हाई कोर्ट में याचिका दायर कर RO के आदेश को चुनौती दे सकती है। यह सबसे त्वरित और व्यावहारिक कानूनी विकल्प माना जा रहा है। विकल्प 3: चुनाव और परिणाम के बाद कांग्रेस इलेक्शन पीटिशन के जरिए परिणाम को चुनौती दे सकती है, हालांकि यह लंबी प्रक्रिया होगी। ये खबर भी पढ़ें… एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज:कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Source link
मीनाक्षी घबराकर बाहर भागी, सीनियर नेताओं को बुलाया: कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन रद्द होने की इनसाइड स्टोरी, एक्सपर्ट बोले- रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला सही नहीं – Madhya Pradesh News
तेलंगाना के खेत में 20 मगरमच्छ के बच्चे और 60 अंडे, अब गांव में दहशत का माहौल
Last Updated:
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के मेलागिरी पेट गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब किसानों को एक खेत के पास करीब 20 मगरमच्छ के नवजात बच्चे और लगभग 60 अंडे दिखाई दिए. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी बच्चों व अंडों को सुरक्षित रेस्क्यू कर मंजिरा बांध स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र भेज दिया. प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि दो मादा मगरमच्छों ने पास-पास अपने घोंसले बनाए थे.
तेलंगाना. संगारेड्डी जिले के मेलागिरी पेट गांव में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों और स्थानीय किसानों को एक खेत के पास भारी संख्या में मगरमच्छ के बच्चे और उनके अंडे दिखाई दिए. इलाके से गुजर रहे किसानों की नजर अचानक एक खेत पर पड़ी जहां करीब 20 मगरमच्छ के नवजात बच्चे रेंग रहे थे. थोड़ा और पास जाने पर उन्हें वहां लगभग 60 अंडे भी नजर आए. एक साथ इतने मगरमच्छों को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए. किसानों ने बिना कोई देरी किए तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी. खबर मिलते ही वन अधिकारियों की टीम बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गई. उन्होंने बेहद सावधानी बरतते हुए सभी 20 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और सभी 60 अंडों को भी अपने कब्जे में ले लिया.
शुरुआती जांच और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने बचाए गए सभी बच्चों और अंडों को तुरंत मंजिरा बांध स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र भेज दिया ताकि वहां उनकी सही तरीके से देखभाल और संरक्षण हो सके. वन अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में एक दिलचस्प बात सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक घटनास्थल की स्थिति को देखकर लगता है कि दो मादा मगरमच्छों ने एक-दूसरे के बिल्कुल करीब अपने घोंसले बनाए थे. मेलागिरी पेट गांव के पास ही मेलागिरी पेट परियोजना नाम की एक लघु सिंचाई परियोजना स्थित है. अधिकारियों को अंदेशा है कि मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर अंडा देने और घोंसला बनाने के लिए इस सुरक्षित सूखी जगह पर आए होंगे.
हालांकि, वन विभाग की टीम ने इलाके में दो घंटे से अधिक समय तक सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन उन्हें कोई भी बड़ा मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया. इस वजह से गांव वालों में अब भी दहशत का माहौल है. ग्रामीणों को डर है कि बड़े मगरमच्छ आसपास ही छिपे हो सकते हैं और वे किसी पर भी हमला कर सकते हैं. ग्रामीणों ने वन अधिकारियों से पुरजोर अपील की है कि वे वयस्क मगरमच्छों को भी जल्द से जल्द ढूंढकर वहां से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करें. अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बड़े मगरमच्छों की तलाश जारी रखी है.
About the Author
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
शाही पनीर भी पड़ जाए फीका! एक बार चखिए मशहूर गोविंद गट्टे की सब्ज़ी
Last Updated:
Recipe Of Govind Gatta: राजस्थान की मशहूर गोविंद गट्टे की सब्ज़ी अपने अनोखे स्वाद और शाही अंदाज़ के लिए जानी जाती है. पनीर, काजू, हरी मिर्च और देसी मसालों से तैयार स्टफ्ड गट्टों को मसालेदार दही वाली ग्रेवी में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी निखर जाता है. जालोर की गृहिणी मंजुला सोनी की बताई इस खास रेसिपी से आप घर पर ही ऐसा पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन बना सकते हैं, जो रोटी और चावल दोनों के साथ हर किसी का दिल जीत लेगा.
जालौर. राजस्थान की थाली का नाम लेते ही हमारे मन में देसी स्वाद, परंपरा और खुशबू का एक खास एहसास जाग उठता है और इसी थाली में अगर किसी डिश को असली देसी स्वाद का राजा कहा जाए, तो वह है – गोविंद गट्टे की सब्ज़ी. स्वाद में इतनी लाजवाब कि शाही पनीर जैसे व्यंजन भी इसके आगे फीके लगने लगते हैं. आज लोकल 18 इस खास डिश की रेसिपी लेकर आया हैं, जो हमें बताई है जालोर की गृहिणी मंजुला सोनी ने, जिनके हाथों का स्वाद पूरे परिवार और मोहल्ले में काफी मशहूर है. ग्राही मंजुला बताती है कि सबसे पहले बात करते हैं इसकी खास स्टफिंग की. इसके लिए पनीर को अच्छे से ग्रेट करके हाथों से मुलायम कर लें. अब इसमें काजू के छोटे-छोटे टुकड़े, बारीक कटी हरी मिर्च और घर के मसाले मिलाकर एक स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार करें. मंजुला सोनी बताती हैं कि स्टफिंग जितनी अच्छी होगी, गट्टों का स्वाद उतना ही खास बनेगा.
अब गट्टे के लिए बेसन लें और उसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन और एक टेबलस्पून तेल डालकर अच्छे से मिलाएं. थोड़ा पानी डालकर एक सॉफ्ट डो तैयार करें और इसे 5 से 10 मिनट तक ढककर रख दें. इसके बाद छोटे-छोटे गोले बनाकर उन्हें हल्का चपटा करें और उसमें पनीर की स्टफिंग भरकर फिर से गोल आकार दें. अब एक कड़ाही में पानी गर्म करें और उसके ऊपर छलनी रखकर इन गट्टों को 15 से 20 मिनट तक स्टीम करें, ताकि ये अच्छे से पक जाएं. मंजुला सोनी कहती हैं कि सही तरीके से स्टीम किए गए गट्टे ही इस डिश का असली स्वाद बनाते हैं.
अब बनाते हैं इसकी मजेदार ग्रेवी, इसके लिए कढ़ाई में तेल गर्म करें और उसमें लौंग, काली मिर्च, दालचीनी जैसे खड़े मसाले डालकर जीरे का तड़का लगाएं. इसके बाद बारीक कटे प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. अब टमाटर की प्यूरी डालें और उसे तब तक पकाएं जब तक मसाले से तेल अलग न होने लगे. इसके बाद लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर, नमक, गरम मसाला और थोड़ा अमचूर डालकर मसाले को अच्छी तरह भून लें. अब इसमें दही डालें और लगातार चलाते हुए गाढ़ी ग्रेवी तैयार करें। इस ग्रेवी को और भी बेहतरीन स्वाद देने के लिए इसमें नारियल का मुरादा भी डाल सकते हैं. उबाल आ जाने के बाद सब्जी में कस्तूरी मेंथी और बारीक कटावा हरा धनिया भी डाल ले. अब स्टीम किए हुए गट्टों को काटकर इस ग्रेवी में डालें और हल्के हाथ से मिक्स करें. कुछ ही मिनटों में आपकी स्वादिष्ट गोविंद गट्टे की सब्ज़ी तैयार हो जाएगी. जब यह गरमा-गरम सब्ज़ी रोटी या चावल के साथ परोसी जाती है, तो हर कौर में राजस्थान की परंपरा और देसी स्वाद महसूस होता है.
About the Author
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
पुराने गानों से सजी 2 फिल्में, दोनों में थे क्लासिक सॉन्ग, मिलकर कमाए 4200 करोड़
Last Updated:
वैसे तो हर फिल्म में संगीतकारों की टीम सिचुएशन के हिसाब से गाने कंपोज करती है. गीतकार सिचुएशन के हिसाब से गाने लिखते हैं. गाने इस हिसाब से लिखे जाते हैं कि कहानी आगे बढ़े. बॉलीवुड फिल्मों में यह ट्रेंड बहुत पुराना है. सुपरहिट-ब्लॉकबस्टर फिल्मों की सफलता में पॉप्युलर गाने अहम भूमिका निभाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में इस ट्रेंड में बदलाव देखने को मिला है. तीन साल के अंतराल में दो ऐसी फिल्में आईं जिनमें पुराने क्लासिक गाने सुनाई दिए. दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. मिलकर 4000 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया. ये दोनों फिल्में कौन सी हैं, आइये जानते हैं……..
कोई पुराना क्लासिक गाना नई फिल्म की पहचान बन जाए तो इसका श्रेय डायरेक्टर-प्रोड्यूसर को जाता है जिन्होंने सिचुएशन के हिसाब से गाने का चयन किया. पिछले तीन साल में सिनेमाघरों में दो ऐसी फिल्में आईं जिनके पुरानी फिल्मों के क्लासिक गानों को शामिल किया गया. इन गानों ने जबर्दस्त इंपैक्ट पैदा किया. फिल्म की पॉप्युलैरिटी में चार चांद लगा दिए. दोनों ही फिल्में ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. दोनों फिल्मों ने मिलकर 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया. ये फिल्में हैं : एनिमल और धुरंधर. दोनों फिल्में कितनी कामयाब हुईं, आप सब जानते हैं.

सबसे पहले बात करते हैं रनबीर कपूर-रश्मिका मंदाना तृप्ति डिमरी और बॉबी देओल स्टारर एनिमल मूवी की जो कि 11 दिसंबर 2023 को रिलीज हुई थी. यह फिल्म भारतीय सिनेमा मोस्ट वायलेंट मूवी की लिस्ट में सबसे ऊपर है. फिल्म ने पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दिया. एक नया टर्म रातों-रात चर्चा में आया जिसका नाम था : अल्फा मेल. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक, 500 किलो वजनी मशीन गन सब कुछ अनूठा था. मशीन गन की कीमत 45 लाख रुपये बताई गई. फिल्म म्यूजिक सुपरहिट था. बैकग्राउंड म्यूजिक भी हिट था. फिल्म के कुछ गाने ओरिजनल थे तो कुछ गाने पुराने सॉन्ग से इंस्पायर्ड थे. रश्मिका मंदाना की एंगेजमेंट के समय तीन गानों का बैकग्राउंड म्यूजिक सुनने को मिलता है. एक गाना माइकल जैक्सन का था जबकि दो गाने एआर रहमान के ‘रोजा’ फिल्म के थे. ‘दिल है छोटा सा-छोटी सी आशा’ सॉन्ग की धुन हमें बैकग्राउंड में सुनाई देती है.

जब रनबीर कपूर मशीन गन चलाने जाते हैं तो बैकग्राउंड में एक मराठी गाना ‘डोल्बी वाल्या’ सुनाई देता है. इस गाने को अजय-अतुल ने कंपोज किया था. यह गाना करीब 700 साल पुराना है और महाराष्ट्र में खूब पॉप्युलर है. फिल्म में जब बॉबी देओल की एंट्री होती है तो हमें एक गाना सुनाई देता है. यह एक बहुत ही पॉप्युलर ईरानी गाना है. बॉबी देओल अपने सिर के ऊपर शराब का एक गिलास रखकर डांस करते नजर आते हैं. ईरान में ‘जमाल जमल एक जमालू जमल कुडू’ गाना बहुत पॉप्युलर है. शादी-पार्टियों में सुनाई देता है. संदीप रेड्डी वांगा ने इसे एनिमल में इस्तेमाल किया. यह गाना अब पूरे भारत में वायरल हुआ.
Add News18 as
Preferred Source on Google

फिल्म में जब रनबीर कपूर रश्मिका मंदाना से शादी करते हैं और हनीमून मनाने के लिए जब जाते हैं तो एक गाना ‘हुआ मैं’ बहुत पॉप्युलर हुआ. इस गाने को प्रीतम ने कंपोज किया था. यह गाना कार्तिक आर्यन की फिल्म’फ्रीडी’ के सॉन्ग ‘काला जादू’ से इंस्पायर्ड था. ‘एनिमल’ मूवी का एक और मकबूल गाना ‘सारी दुनिया जला देंगे’ रनबीर कपूर-बॉबी देओल की फाइट के दौरान सुनाई देता है. ओपी नैयर ने साल 1958 में आई ‘फागुन’ फिल्म में इस गाने का म्यूजिक कंपोज किया था. गाने के बोल थे : तुम रूठ के मत जाना, मुझसे क्या शिकवा. गाना मोहम्मद रफी-आशा भोसले की आवाज में था. यही म्यूजिक पंजाबी कल्चर का हिस्सा बन गया. बहुत से लोकगीत इस पर पंजाब में बनाए गए.

रनबीर कपूर की फाइट के दौरान सुनने को मिला ‘अरजन वेली’ सॉन्ग भी बहुत पुराना गाना है. इस गाने का म्यूजिक मनन भारद्वाज ने कंपोज किया है. भूपिंदर बब्बन ने लिरिक्स लिखे और उन्होंने ही इस गाने को गाया है. यह गाना सिख संस्कृति का गीत है जिसे लड़ाई के समय गाया जाता है. यह गाना अर्जुन सिंह नालवा के लिए डैडिकेट था. 18वीं शाताब्दी में पहली बार इस गाने को गाया गया था.

एनिमल फिल्म में एक सीन है जहां पर रनबीर कपूर को पता चलता है कि उसके जीजा ही उसके पिता को मारना चाहते हैं. ऐसा ही सीन हमें फिरोज खान की 1975 की फिल्म धर्मात्मा में देखने को मिलते हैं. फिल्म के अंत में वो अपने डॉन पिता के कातिल जीजा को मार देते हैं. एनिमल मूवी का बजट करीब ₹100 करोड़ का था. दुनियाभर में ₹917.82 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था. घरेलू बॉक्स ऑफिस पर इसका नेट कलेक्शन ₹662.33 करोड़ से रहा. विदेश में ₹255.49 करोड़ की कमाई हुई. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई.

इसी तरह आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ में भी कई पुराने क्लासिक गानों का इस्तेमाल इतने शानदार अंदाज में किया गया कि फिल्म देखने का रोमांच दोगुना हो गया. ‘धुरंधर’ फिल्म 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई थी. मूवी में कई सीन दिल को चीर देने वाले थे. धुरंधर फिल्म की स्टोरी आदित्य धर ने लिखी. स्क्रीनप्ले ओजस गौतम ने लिखा. फिल्म को आदित्य धर, लोकेश धर और ज्योति देशपांडे ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. फिल्म में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेदी अहम भूमिकाओं में नजर आए.

फिल्म का बेहतरीन बैकग्राउंड म्यूजिक शाश्वत सचदेव ने कंपोज किया था. शाश्वत सचदेव ने कुछ ओरिजनल गानों के अलावा पुराने गाने को रीमिक्स करके इस्तेमाल किया. सभी गाने सुपरहिट रहे.पुरानी गजलों और कव्वालियों को बिल्कुल नए अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया गया. शाश्वत सचदेव ने ही आदित्य धर की फिल्म ‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’ का म्यूजिक कंपोज किया था. ‘धुरंधर’ फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘ना दिल दे परदेसी नू’ 1995 से इंस्पायर्ड था. मोहम्मद सदक और रंजीत कौर का गाना था. इस गाने को 2003 में इसे एक बार रीमिक्स किया गया था. ‘धुरंधर’ फिल्म की कव्वाली ‘ना तो कारवां की तलाश है’ 1960 में आई ‘बरसात की रात’ में सुनने के लिए मिली थी. मधुबाला और भारत भूषण की फिल्म थी. संगीतकार रोशन ने कंपोज किया था. साहिर लुधियानवी ने यह कव्वाली लिखी थी.

धुरंधर फिल्म के बैकग्राउंड में ‘पिया तू अब तो आ जा’ (कारवां मूवी) गाना भी सुनने को मिला था. 1981 में आई ‘अरमान’ फिल्म का गाना ‘रंभा हो’ भी धुरंधर में सुनाई देता है. ओरिजनल गाना उषा उथप की आवाज में था. गानों को इस तरह से रीमिक्स किया गया कि नई जनरेशन झूम उठी. ‘धुरंधर’ दो पार्ट में आई. दूसरा पार्ट 19 मार्च 2026 में रिलीज हुआ. दो पार्ट में रिलीज दोनों मूवी अब तक 3300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी हैं. इस तरह से ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ ने बॉलीवुड में नया ट्रेंड स्थापित किया. दोनों ही फिल्मों में पुराने गाने खूब इस्तेमाल किए गए. ये गाने खूब पॉप्युलर भी हुए. दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर मिलकर 4300 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया.
रूस में फंसे 20 गुजराती, बोले- रहने-खाने को मोहताज: एजेंट ने ₹1.5 लाख की नौकरी का लालच देकर भेजा था, ₹3 लाख लिए थे
गुजरात के आनंद और वडोदरा के 20 युवक-युवतियां रूस में फंस गए हैं। उनका आरोप है कि उन्हें 1 से 1.5 लाख रुपए महीने की नौकरी का लालच देकर रूस भेजा गया, लेकिन अब बहुत कम वेतन मिल रहा है। साथ ही रहने-खाने को मोहताज हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक, पेटलाद निवासी रिम्पल कुमार पटेल ने फिश पैकिंग और टेलरिंग की नौकरी दिलाने के नाम पर 33 लोगों को रूस भेजा। इसके बदले उनसे 2.10 लाख से 3 लाख रुपए तक लिए गए। कुल वसूली करीब 78 लाख रुपए बताई जा रही है। इससे पहले नवंबर 2025 में रूस भेजे गए 13 लोग कम सैलरी और खराब हालात के कारण भारत लौट आए थे। वहीं इसी साल अप्रैल में 20 अन्य लोगों को भेजा गया, जो अभी भी रूस में हैं। मामले की जांच आनंद एलसीबी कर रही है। आरोपी रिम्पल पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस रूस में फंसे लोगों से लगातार संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है। डेढ़ लाख की जगह 10 हजार सैलरी मिली रूस में फंसी वडोदरा की शीतल मेवाड़ा ने वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें और अन्य लोगों को डेढ़ लाख रुपए महीने की सैलरी का भरोसा दिया गया था। रूस पहुंचने के बाद पहले महीने पूरा काम कराया गया, लेकिन महिलाओं को केवल 6 हजार और पुरुषों को 10 हजार रुपए के आसपास दिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें बताया गया था कि सामान्य सिलाई और फिश पैकिंग का काम होगा, लेकिन वहां पहुंचने के बाद अलग तरह का काम कराया जाने लगा और वेतन में कटौती की गई। पासपोर्ट जब्त, लौटाने के लिए 500 डॉलर की मांग पीड़ितों ने बताया कि जिस कंपनी के साथ उनका कॉन्ट्रेक्ट हुआ, उसने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए थे। जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी ने हर व्यक्ति से 500 डॉलर जमा कराने और हवाई टिकट का खर्च खुद उठाने को कहा। उनका आरोप है कि उन्हें कमरे में बंद रखा जाता है, बाहर निकलने पर रोक लगाई जाती है और भोजन-पानी भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। कई लोग कर्ज लेकर रूस पहुंचे थे, इसलिए अतिरिक्त खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं है। नवंबर 2025 में रूस से लौटे लोगों ने बताया कि कई लोगों को एक ही हॉल में रखा गया, खराब क्वॉलिटी का खाना मिलता था। बीमार होने पर इलाज भी नहीं मिला। भारत लौटने की मांग करने पर उनसे भारी रकम मांगी गई। परिवारों ने सांसद से लगाई मदद की गुहार रूस में फंसे लोगों के परिजनों ने आनंद के सांसद मितेश पटेल को पत्र लिखकर मदद मांगी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। सांसद ने बताया कि प्रशासन रूस में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास कर रहा है। कुछ लोगों के पासपोर्ट वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया आनंद के डीएसपी जेएन पंचाल ने बताया कि 5 जून को शिकायत दर्ज की गई। आरोपी रिम्पल कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें आरोप है कि रूस भेजे गए लोगों को तय सैलरी नहीं मिली और उन्हें वापस लाने के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया गया। जांच में सामने आया है कि लोगों को दो साल के अनुबंध पर रूस भेजा गया था और उन्हें एक लाख रुपए तक मासिक वेतन का भरोसा दिया गया था। एलसीबी की टीम रूस में मौजूद सभी 20 लोगों से फोन और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में है। गुजरात पुलिस, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि रूस में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी की कोशिश में जुटे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नौकरी के नाम पर लोगों को विदेश भेजने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
Source link
दिल्ली की 91 कॉलोनियों लेकर सीएम ने की मीटिंग: जल्द ही केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से करेंगी मुलाकात, ओ-जोन की समस्या उठाएंगी – New Delhi News
नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना किनारे ओ जोन से में रहने वाले 91 कॉलोनियों के करीब 15 लाख लोगों को लेकर रेखा सरकार संवेदनशील रूख अख्तियार कर रही है। ओ-जोन में बसी कॉलोनियों को लेकर सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि ओ- जोन में रहने वाले 91 कॉलोनियों के करीब 15 लाख लोगों की समस्या को लेकर जल्द ही जनप्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलेंगी। बैठक के बाद सीएम ने कहा इन कॉलोनियों में पुराने निर्माण को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। इस आशय की स्वीकृति हाई कोर्ट ने डीडीए को भी दी है। मीटिंग में सांसद भी रहे मौजूद बैठक में दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, यमुनापार विकास क्षेत्र बोर्ड के अध्यक्ष व विधायक अरविंदर सिंह लवली सहित दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार, डीडीए व संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम को जानकारी दी गई कि ओ-जोन क्षेत्र में करीब 91 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन पुराने गांव हैं। इन कॉलोनियों में लगभग 15 लाख लोग निवास करते हैं। यह भी बताया गया कि शासन द्वारा वहां लगाए गए बोर्ड के कारण लोग सशंकित हैं, जबकि उन्होंने (जनप्रतिनिधियों ने) हाईकोर्ट के आदेशों व सरकारी रिकॉर्ड के अध्ययन से यह पाया है कि इन कॉलोनियों के पुराने निर्माण पर किसी प्रकार का खतरा नहीं है। जो आदेश है, वह नए या चल रहे निर्माण को ध्वस्त करने को लेकर है।
Source link
फुटबॉल वर्ल्डकप में अमेरिका पर भेदभाव के आरोप: रेफरी को वापस भेजा, रन-वे पर खिलाड़ियों की जांच, डॉग स्क्वॉड बुलाया; फैन बोले- अपराधियों सा बर्ताव
वॉशिंगटन4 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
सेनेगल, उज्बेकिस्तान और सोमालिया की फुटबॉल टीम की अमेरिका के एयरपोर्ट पर कड़ी जांच की गई।- सोशल मीडिया
FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले अमेरिका पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। विवाद तब बढ़ा, जब सेनेगल, उज्बेकिस्तान और सोमालिया से जुड़े खिलाड़ियों व अधिकारियों की रनवे पर ही कड़ी जांच की गई। ड्रग्स की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया।
इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को वैध अमेरिकी वीजा होने के बावजूद मियामी एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। आर्टन वर्ल्ड कप में रेफरी की जिम्मेदारी निभाने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने वाले थे।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त जांच के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इस फैसले को सोमालिया के खेल मंत्रालय ने खेल भावना के खिलाफ बताया है।
सोशल मीडिया पर वायरल 2 वीडियो

एयरपोर्ट पर सेनेगल की नेशनल टीम के खिलाड़ियों और अधिकारियों की चेकिंग करते नजर आई अमेरिकी सिक्योरिटी टीम।- सोशल मीडिया

नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच से पहले उज्बेकिस्तान टीम को अमेरिका में कड़ी सुरक्षा का सामना करना पड़ा। टीम की स्निफर डॉग्स से भी तलाशी ली गई।- सोशल मीडिया
यूजर्स बोले- फीफा चुप क्यों है
कई यूजर्स ने फीफा पर भी आरोप लगाया कि विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा उन देशों के खिलाड़ियों के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार पर चुप है। जांच से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवहार सभी टीमों के साथ समान था। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा- क्या किसी श्वेत टीम के साथ भी ऐसा हुआ, या यह व्यवहार केवल सेनेगल के लिए था? यह अजीब है।
ईरानी फुटबॉल संघ से रिजर्व टिकट वापस लिए
ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने आरोप लगाया कि फीफा विश्व कप के लिए उसके लिए रिजर्व टिकटों का हिस्सा वापस ले लिया गया।इससे उन ईरानी प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है जिन्होंने पहले ही यात्रा की बुकिंग कर ली थी, लेकिन अब वे अपनी टीम के मैच नहीं देख पाएंगे।
ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 जून को होगा। इसके बाद टीम 22 जून को बेल्जियम और 27 जून को इजिप्ट से भिड़ेगी। ईरानी महासंघ ने कहा- ईरानी समर्थकों को टिकट कोटे से वंचित करना खेल भावना और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।

ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम मैक्सिको पहुंची, जहां वह वर्ल्डकप के दौरान रुकेगी। हालांकि, टीम अपने सभी मैच अमेरिका में खेलेगी।
फीफा वर्ल्डकप 11 जून से 19 जुलाई तक होगा
फीफा वर्ल्डकप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे।

—————
ये खबर भी पढ़ें….
भारत में जी एंटरटेनमेंट पर दिखेगा फीफा वर्ल्ड कप:टीवी पर ‘यूनाइट8 स्पोर्ट्स’ और जी5 एप पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी

भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 टीवी पर ‘यूनाइट 8 स्पोर्ट्स’ और जी5 (Zee5) एप पर देख सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) ने वर्ल्ड कप 2026 और इसके आगामी एडिशन को भी ऑफिशियल ब्रॉडकास्ट करेगा। यूनाइट 8 स्पोर्ट्स कंपनी का नया स्पोर्ट्स चैनल है। पूरी खबर पढ़ें…
धोलापानी पुलिस की ब्याज माफिया पर कार्रवाई: घर से आभूषण, वाहन, कृषि यंत्र और नकदी जब्त; ऊंची ब्याज दर पर लोगों को देता था पैसे – pratapgarh (Rajasthan) News
प्रतापगढ़ में धोलापानी थाना पुलिस ने सिंघोडिया फला ईंटो का तालाब निवासी नारायण लाल मीणा के मकान पर दबिश देकर भारी मात्रा में आभूषण, वाहन, कृषि यंत्र, दस्तावेज और नकदी जब्त की। थानाधिकारी पूराराम के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को 9 जून को सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, नारायण लाल मीणा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा देता था। वह उनके सोने-चांदी के आभूषण, वाहन और कृषि यंत्र गिरवी रखता था। मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप आरोपी लोगों से खाली चेक, इकरारनामा और स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी करता था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी नारायण लाल मीणा के मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 9 किलो 265 ग्राम चांदी और 25 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए। इसके अलावा, 8 मोटरसाइकिल, 1 टीवीएस लूना, 5 ट्रैक्टर, 3 सीड ड्रिल मशीन, 1 मूंगफली निकालने की मशीन, 2 पलटी प्लो, 1 प्रेशर मशीन और 1 पानी का टैंकर भी जब्त किया गया। पुलिस ने 100 और 500 रुपए मूल्य के 20 स्टाम्प पेपर, 6 प्रॉमिसरी नोट और विभिन्न बैंकों के 6 हस्ताक्षरित खाली चेक भी जब्त किए। साथ ही, 8 बहीखाते और 6 लाख 7 हजार 350 रुपए नकद भी बरामद हुए। ऊंचे ब्याज पर देता था पैसे प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ग्रामीणों को बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के ऋण देता था। वह मनमाने तरीके से उनसे ब्याज वसूलता था। यदि कोई व्यक्ति समय पर भुगतान नहीं कर पाता था, तो आरोपी खाली चेकों में अपनी ओर से राशि और दिनांक भरकर न्यायालय में दावा प्रस्तुत कर लोगों पर दबाव बनाता था।
Source link
गोपालगंज में मछली व्यवसाई का शव सड़क किनारे मिला: परिजन ने जताई अनहोनी की आशंका, पोस्टमार्टम के लिए भेजा बॉडी – Gopalganj News
गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के जिगना ढाला के पास एक 49 साल के मछली व्यवसायी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे बरामद किया गया है। शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान भोरे थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी जिउत राजभर के 49 वर्षीय बेटे प्रेम सागर राजभर के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक शव पड़ा देखा जानकारी के अनुसार, प्रेम सागर राजभर अपने गांव के ही एक साथी किशोरी राजभर के साथ मणिपुर से अपने घर भोरे लौट रहे थे। सोमवार शाम को दोनों मीरगंज स्थित बस स्टैंड पर उतरे। इसी दौरान वे एक-दूसरे से बिछड़ गए। काफी देर तक व्यवसायी का पता नहीं चलने पर उनके साथी और परिजनों ने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की। रातभर रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर तलाश की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक शव पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त लापता मछली व्यवसायी के रूप में की। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया व्यवसायी की मौत की खबर से परिवार सदमे में है। परिजनों का कहना है कि जिस परिस्थिति में शव मिला है, उससे सामान्य मौत की संभावना कम दिखती है। उन्होंने सीधे तौर पर किसी अनहोनी और साजिश की आशंका व्यक्त की है। मृतक के भाई ने बताया कि उसका साथी उसे वहीं छोड़कर कहीं चला गया और बाद में न तो घर आया और न ही मौके पर मौजूद मिला। फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मीरगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है। व्यवसाई के साथ लौट रहे साथी से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि कल शाम दोनों के बिछड़ने के दौरान असल में क्या हुआ था।
Source link


