Friday, July 10, 2026
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने PG और लॉ-कोर्स की नई कटऑफ जारी: 10 जुलाई से शुरू होगी काउंसलिंग, देखें कटऑफ – Prayagraj (Allahabad) News


इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए विभिन्न परास्नातक (PG) और विधि (Law) पाठ्यक्रमों की नई कटऑफ सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से एमए, एमएससी, एमकॉम, एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम समेत कई पाठ्यक्रमों के लिए अभ्यर्थिय

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश शुल्क जमा करने की अपील की है। तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी के दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

प्रमुख पाठ्यक्रमों की कटऑफ

पाठ्यक्रम UR OBC EWS SC ST
LLB (Hons.) 180 136
LL.M 152 144 136 118
MA (Ancient History) 176.7 160 147.6 98
MA (English Literature) 192
M.Com 159.6 142 144.4 128 98
M.Sc (Zoology) 220 210 209 198 107
M.Sc (Physics) 154 136 136 110 66.5
M.Sc (Chemistry) 140 91 34
MA/M.Sc (Geography) 176 सभी ST अभ्यर्थी पात्र
M.Sc (Food Technology) सभी SC अभ्यर्थी पात्र सभी ST अभ्यर्थी पात्र
MA (Painting) सभी SC अभ्यर्थी पात्र सभी ST अभ्यर्थी पात्र

नोट: जिन श्रेणियों के लिए कट-ऑफ जारी नहीं की गई है, वहां (—) दर्शाया गया है।

10 जुलाई से करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे 10 जुलाई से निर्धारित पोर्टल पर अपने शैक्षणिक दस्तावेज अपलोड कर समय से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन, दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।



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उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड रोड का भूमि पूजन नागदा में होगा: 5017 करोड़ की लागत से 98.730 कि.मी. लंबाई वाले रोड का भूमि पूजन सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे – Ujjain News




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नागदा स्थित श्री ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में बहुप्रतीक्षित उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे नागदा हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2:10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हाईवे परियोजना का भूमिपूजन, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा हितग्राहियों को हेलमेट वितरण करेंगे। 98.73 किलोमीटर लंबा होगा हाईवे मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा करीब 5017 करोड़ रुपए की लागत से 98.730 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर विकसित होगी। हाईवे उज्जैन जिले के ग्राम मंगरोला से शुरू होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 8 लेन इंटरचेंज से जुड़ते हुए जावरा में होटल जोयो के समीप समाप्त होगा। यह चार लेन ग्रीनफील्ड हाईवे होगा, जिसमें दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स की सुविधा भी रहेगी। सिंहस्थ-2028 और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति इस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन, नागदा, जावरा और रतलाम के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होगा। साथ ही उज्जैन का सीधा संपर्क दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से स्थापित होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों के लिए यह हाईवे महत्वपूर्ण साबित होगा। आधुनिक सुरक्षा मानकों और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सुविधाओं से लैस इस मार्ग के बनने से यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। उद्योग, लॉजिस्टिक्स और कृषि को होगा लाभ ग्रीनफील्ड हाईवे बनने से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ कृषि आधारित गतिविधियों और व्यापारिक परिवहन को भी नई गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह परियोजना माल परिवहन का समय कम करेगी और उज्जैन संभाग के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



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राजेश शर्मा की बिगड़ी सेहत पर फिल्म बिरादरी नाराज, मुख्यमंत्री से की मेकर्स की शिकायत


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प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ की शूटिंग के दौरान दिग्गज अभिनेता राजेश शर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने चिंता जताई है. एसोसिएशन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है. अक्षय कुमार सहित तमाम सितारों ने राजेश शर्मा की सेहत को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है.

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अक्षय कुमार ने दोस्त राजेश शर्मा के लिए मांगी दुआ.

नई दिल्ली: हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में सुपरस्टार प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ की शूटिंग चल रही थी. सेट पर मशहूर एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत अचानक इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि उन्हें तुरंत कोलकाता ले जाना पड़ा. वे एक प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं. उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है. घटना से पूरी फिल्म इंडस्ट्री हैरान है. अब ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराने की मांग उठाई है. दरअसल, अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि आखिर सेट पर ऐसा क्या हुआ जिससे उनकी सेहत इतनी खराब हो गई.

घटना ने फिल्म के मेकर्स और प्रोडक्शन हाउस पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एसोसिएशन का पूछना है कि जब शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा की हालत इतनी नाजुक थी, तो उन्हें तुरंत हैदराबाद के ही किसी बड़े अस्पताल में क्यों नहीं ले जाया गया? क्या फिल्म के सेट पर इमरजेंसी मेडिकल हेल्प या एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं थी? साथ ही, सेट पर सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों के पालन पर भी सवाल उठाए गए. एसोसिएशन ने चिंता जताते हुए कहा कि अक्सर फिल्म सेट्स पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर और तकनीशियन काम छूटने के डर से खराब सुविधाओं के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते, जिससे प्रोडक्शन हाउस की लापरवाही छिप जाती है.

मुख्यमंत्री से दखल देने की अपील
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने मामले को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से तुरंत दखल देने की अपील की है. उन्होंने मांग की है कि रामोजी फिल्म सिटी में हुए हादसे की बारीकी से जांच हो. अगर मेकर्स या प्रोडक्शन हाउस की तरफ से कोई भी लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही, एसोसिएशन ने मांग रखी है कि प्रोडक्शन हाउस को राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाना चाहिए. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी फिल्म का बजट या स्टारडम किसी इंसान की जान से बढ़कर नहीं हो सकता. हर एक कलाकार व कर्मचारी को सुरक्षित माहौल में काम करने का पूरा अधिकार है.

अक्षय कुमार को दोस्त की सताई चिंता
फिल्मी सितारे भी राजेश शर्मा की सेहत को लेकर चिंतित हैं. अक्षय कुमार ने एक्स पर राजेश शर्मा की फ़ोटो शेयर करके उनके जल्दी ठीक होने की कामना की. उन्होंने लिखा, ‘दोस्त राजेश शर्मा की खराब सेहत के बारे में सुनकर चिंतित हुआ. शूटिंग के दौरान उन्हें कीड़े ने काट लिया था. उम्मीद है कि महादेव उन्हें जल्दी और पूरी तरह से ठीक कर देंगे. जल्दी ठीक हो जा यार, अभी साथ बैठकर बहुत हंसना है.’

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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सड़क दुर्घटना में ऑटो चालक की मौत: कटिहार सीमा पर पर रौतारा के पास घटना, घर लौट रहा था मृतक – Purnia News




पूर्णिया-कटिहार जिले की सीमा पर रौतारा के पास गुरुवार की देर रात 10:00 बजे एक सड़क दुर्घटना में एक ऑटो चालक की मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब चालक पूरे दिन काम कर अपने घर लौट रहा था। मृतक की पहचान रौतारा वार्ड नंबर 2, नया टोला निवासी सुगन मंडल के 40 वर्षीय पुत्र बबलू मंडल के रूप में हुई है। मृतक के भतीजे तूफानी कुमार ने बताया कि बबलू मंडल बिलौरी से रौतारा स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान टोल टैक्स से पहले उनकी टेंपो सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई, जिससे उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। बबलू मंडल अपने दो मासूम बच्चों का भरण-पोषण ऑटो चलाकर ही करते थे। बबलू की जांच करने वाले डॉक्टर आशुतोष कुमार ने बताया कि व्यक्ति की मौत भारी सिर की चोट (हेवी हेड इंजरी) के कारण हुई है। रोहतारा थानाध्यक्ष लाल शरबिंद ने सड़क दुर्घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल में कराने की प्रक्रिया चल रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।



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गुड़ में मिलावट को चेक करने का आसान तरीका, ऐसे करें असली और नकली की पहचान


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Real Vs Fake Gud: कई सारे लोग गुड़ इसलिए खाते हैं, क्योंकि इसे शक्कर से बेहतर बताया जाता है. इसमें कोई दोराय नहीं है, लेकिन यदि गुड़ में मिलावट है तो इससे आपको फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए गुड़ में मिलावट को पहचानने का आसान तरीका क्या है.

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गुड़ भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है. इसका उपयोग मिठाइयों, पारंपरिक व्यंजनों और कई आयुर्वेदिक पेय पदार्थों में किया जाता है. स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभों के कारण भी गुड़ को सफेद चीनी की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है. हालांकि, बढ़ती मांग के कारण बाजार में मिलावटी गुड़ की समस्या भी सामने आती है.

कई बार गुड़ का वजन बढ़ाने, रंग निखारने या उसे ज्यादा आकर्षक दिखाने के लिए उसमें अन्य पदार्थ मिला दिए जाते हैं. इसी को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुड़ की शुद्धता जांचने का एक आसान तरीका बताया है. इस साधारण टेस्ट की मदद से घर पर ही यह पता लगाया जा सकता है कि गुड़ में मिलावट है या नहीं.

गुड़ में क्यों की जाती है मिलावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, गुड़ में अक्सर चीनी, चॉक पाउडर और बेकिंग सोडा जैसी चीजें मिलाई जाती हैं. खासकर बेकिंग सोडा का इस्तेमाल गुड़ को अधिक चिकना और चमकदार दिखाने के लिए किया जाता है. इससे गुड़ देखने में अच्छा लग सकता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता और पोषण मूल्य प्रभावित हो सकता है.

FSSAI का घरेलू टेस्ट
FSSAI द्वारा बताए गए तरीके के अनुसार, एक चौथाई चम्मच गुड़ को किसी छोटे कांच के बर्तन या टेस्ट ट्यूब में लें. इसमें लगभग 3 मिलीलीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL) डालें और प्रतिक्रिया को ध्यान से देखें. यदि मिश्रण में बुलबुले नहीं बनते हैं, तो गुड़ के शुद्ध होने की संभावना अधिक होती है. यदि बुलबुले बनने लगते हैं, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है.

बुलबुले क्यों बनते हैं?
यदि गुड़ में बेकिंग सोडा यानी सोडियम बाइकार्बोनेट मिला हो, तो वह हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ प्रतिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है. इसी वजह से बुलबुले या झाग दिखाई देते हैं, जो मिलावट की ओर इशारा करते हैं.

क्या मिलावटी गुड़ नुकसानदायक हो सकता है?
मिलावटी गुड़ का नियमित सेवन उसके नेचुरल गुणों को कम कर सकता है. इससे पाचन, ऊर्जा और अन्य संभावित लाभ प्रभावित हो सकते हैं. साथ ही मिलावट स्वाद, रंग और पोषण मूल्य पर भी असर डालती है.

मिलावटी गुड़ खरीदने से कैसे बचें?
– पैक्ड गुड़ खरीदते समय FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें.
– बहुत ज्यादा चमकदार या अत्यधिक पीले रंग के गुड़ से बचें.
– गहरे रंग के गुड़ को प्राथमिकता दें.
– भरोसेमंद ब्रांड या विक्रेता से ही खरीदारी करें.
– असामान्य रूप से सस्ते गुड़ से सावधान रहें.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



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रास्ते के विवाद में युवक पर जानलेवा हमला किया: जयपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ा, पिता ने मर्डर का मामला दर्ज करवाया – Sikar News




सीकर के सदर थाना क्षेत्र में रास्ते के विवाद को लेकर आधा दर्जन लोगों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। जयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना सदर थाना इलाके में गुरुवार सुबह की है। 44 वर्षीय सनाकत अली पर रोशन ठेकेदार, खादिम, तौफीक सहित अन्य लोगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने खेती में काम आने वाले किसी तीखे औजार (कृषि उपकरण) से सनाकत के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में सनाकत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए सीकर के एसके (SK) अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में तोड़ा दम जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान सनाकत अली ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस की मौजूदगी में जयपुर में ही उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सनाकत अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। विदेश की नौकरी छोड़ गांव में करने लगे थे खेती ग्रामीणों ने बताया कि मृतक सनाकत अली पहले विदेश में नौकरी करते थे। कुछ समय पहले ही वह विदेश की नौकरी छोड़कर अपने वतन वापस लौटे थे और गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी का काम करने लगे थे। लेकिन रास्ते के इस खूनी विवाद ने उनके हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।



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गोपालगंज में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत: विजयीपुर के बिलरुआ गांव में युवती भी झुलसी, परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल – Gopalganj News




गोपालगंज के विजयीपुर थाना क्षेत्र के बिलरुआ गांव में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। इस घटना में एक युवती भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक की पहचान बिलरुआ गांव निवासी राजमंगल यादव के रूप में हुई है। धान की रोपनी के समय हादसा जानकारी के अनुसार, मानसून की बारिश के बीच बिलरुआ गांव के कुछ ग्रामीण और किसान खेतों में धान की रोपनी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे खेत में जा गिरी। बिजली की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे राजमंगल यादव की मौके पर ही मौत हो गई। इसी हादसे में स्वर्गीय हरि यादव की बेटी अनिता कुमारी भी गंभीर रूप से झुलस गईं। युवती को पहुंचाया स्वास्थ्य केंद्र घटना के बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने झुलसी युवती अनिता कुमारी को आनन-फानन में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद मृतक राजमंगल यादव के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है।



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बेलदार असलम खान को झटका: करोड़ों की सोने की ज्वेलरी लौटाने के जिला कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक – Indore News




वर्ष 2018 में लोकायुक्त के चर्चित छापे में करोड़ों रुपए की संपत्ति मिलने के बाद सुर्खियों में आए नगर निगम के तत्कालीन बेलदार असलम खान को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट द्वारा जब्त सोने की ज्वेलरी लौटाने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय होने तक सभी आभूषण लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रहेंगे। लोकायुक्त संगठन ने अगस्त 2018 में असलम खान के ठिकानों पर छापा मारकर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया था। एक निम्न श्रेणी के कर्मचारी के यहां से मिली संपत्ति ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया था। कार्रवाई के दौरान करीब दो किलोग्राम सोने के आभूषण, लगभग एक किलोग्राम सोने की सिल्लियां (बार) और अन्य कीमती संपत्ति बरामद की गई थी। इस कार्रवाई के बाद असलम खान का मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था। मामले में असलम खान ने जिला कोट में आवेदन प्रस्तुत कर दावा किया था कि छापे के दौरान उसकी पुत्रियों सिदरा खान, ताहेमीन खान और अलिस्बा खान और उसकी मां बिलकिस खान के निजी आभूषण भी जब्त कर लिए गए थे। आवेदन में कहा गया कि परिवार के ये सदस्य केस में आरोपी नहीं हैं, इसलिए उनकी ज्वेलरी वापस की जानी चाहिए। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2018 में जब्त आभूषणों का मूल्य करीब 58 लाख रुपये आंका गया था, लेकिन सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते वर्तमान में उनकी कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। 70 लाख की गारंटी पर लौटाने का दिया था आदेश जिला कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 70 लाख रुपए की बैंक गारंटी जमा कराने की शर्त पर ज्वेलरी लौटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह शर्त भी लगाई गई थी कि आभूषणों को न तो बेचा जाएगा और न ही उनमें कोई परिवर्तन किया जाएगा। उनका उपयोग केवल पहनने और सुरक्षित रखने तक सीमित रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित आभूषण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक जिला कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दिए जाने पर हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अंतरिम राहत देते हुए आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंतिम सुनवाई और निर्णय होने तक जब्त की गई ज्वेलरी लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रखी जाए। कोर्ट ने मामले के सभी पक्षों से जवाब भी तलब किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद करोड़ों रुपये मूल्य की सोने की ज्वेलरी फिलहाल लोकायुक्त के कब्जे में ही रहेगी। मामला अब अगली सुनवाई पर है।



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दिवाली तक कहां जाएगा सोना? अभी खरीद लें या करें थोड़ा इंतजार, क्या कह रहे हैं जानकार


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दिवाली तक कहां जाएगा सोना? अभी खरीदें या करें इंतजार, क्या कह रहें जानकार

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को सोने की कीमतों में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है. इससे बाजार में महंगाई बढ़ने की चिंता फिर से गहरा गई है.

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर ग्लोबल बाजार का रुख बदल दिया है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसका असर सोने की कीमतों पर भी पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिर करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया है. वहीं घरेलू बाजार में सोना करीब 1.40 लाख रुपये से 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है.

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हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अब सोने में बड़ी गिरावट की संभावना काफी कम है. उनके मुताबिक, मौजूदा स्तर पर सोना लगभग अपना निचला स्तर बना चुका है और यहां से अधिकतम 5 फीसदी तक ही गिरावट आ सकती है.

सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई?: विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें चढ़ गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका फिर से बढ़ गई है. इसके अलावा निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर भी नजर बनाए हुए हैं. अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो सोने पर दबाव बना रह सकता है क्योंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. बाजार में डर धीरे धीरे कम हो रहा है और सोना फिलहाल स्थिर दायरे में कारोबार कर रहा है.

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घरेलू खरीदारों के लिए क्या सलाह है?: विशेषज्ञों का कहना है कि अभी खरीदारी के लिए अच्छा समय हो सकता है. उनके मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने का मजबूत सपोर्ट करीब 1.35 लाख रुपये पर है. जो लोग सिर्फ इस उम्मीद में खरीदारी टाल रहे हैं कि सोना और सस्ता होगा, उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहिए क्योंकि मौजूदा स्तर से बड़ी गिरावट की संभावना कम है.

ज्वेलरी की मांग में सुधार: सोने की कीमतों में गिरावट के बाद ज्वेलरी बाजार में मांग बढ़ने लगी है. हाल के महीनों में ऊंची कीमतों और अनिश्चितता की वजह से ज्वेलर्स की बिक्री काफी प्रभावित हुई थी. विशेषज्ञों के अनुसार, पहले जहां ज्वेलरी की मांग में 75 से 80 फीसदी तक गिरावट आई थी, अब यह घटकर करीब 40 से 45 फीसदी रह गई है. यानी बाजार धीरे धीरे सामान्य हो रहा है. अगस्त और सितंबर से त्योहारी सीजन की खरीदारी शुरू होने की उम्मीद है. ऐसे में दिवाली तक मांग पिछले साल के बराबर या उससे बेहतर रह सकती है.

भारत से ज्वेलरी एक्सपोर्ट क्यों बढ़ रहा है: विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय ज्वेलरी के निर्यात में बढ़ोतरी का सीधा संबंध डोनाल्ड ट्रंप के बयान से नहीं है. भारत में आयात शुल्क बढ़ने के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय वहां से ही ज्वेलरी खरीदना पसंद कर रहे हैं. यही वजह है कि दुबई और आसपास के देशों में भारतीय ज्वेलरी की मांग बढ़ी है. टैक्स के अंतर का फायदा आगे भी निर्यात को मिल सकता है.

दिवाली तक सोना कहां पहुंच सकता है: विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो जाता है और हालात सामान्य हो जाते हैं, तो दिवाली तक घरेलू बाजार में सोने की कीमत करीब 1.60 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. वहीं अगर तनाव जारी रहता है, तो सोना 1.35 लाख रुपये से 1.45 लाख रुपये के दायरे में रह सकता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 3,800 डॉलर का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि आगे 5,100 डॉलर का स्तर अहम रहेगा.

चांदी में भी तेजी की उम्मीद: विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के साथ साथ चांदी में भी सुधार देखने को मिल सकता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 60 डॉलर के आसपास मजबूत कारोबार कर सकती है. वहीं घरेलू बाजार में चांदी के लिए 2.20 लाख रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 2.28 लाख रुपये तक जाने की संभावना जताई गई है.

निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए: विशेषज्ञों की सलाह है कि सोने में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश किया जा सकता है. मौजूदा स्तर पर धीरे धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है. हालांकि, निवेशकों को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर से जुड़े फैसलों पर नजर बनाए रखनी चाहिए. आने वाले महीनों में यही कारक सोने की कीमतों की दिशा तय करेंगे.

नोट: यहां दी गई निवेश संबंधी जानकारी बाजार विशेषज्ञों की व्यक्तिगत राय पर आधारित है. किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.

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दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: एडवोकेट पीयूष दूसरी बार बने सदस्य: सबसे ज्यादा वोटों से जीते, 2018 में संभाल चुके सचिव और सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी – New Delhi News




दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) चुनाव में एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर दूसरी बार सदस्य निर्वाचित होकर नया रिकॉर्ड बनाया। समर्थकों के अनुसार, वह सबसे कम उम्र में दूसरी बार बार काउंसिल के सदस्य बनने वाले अधिवक्ताओं में शामिल हो गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में 21, 22 और 23 फरवरी को हुए चुनाव में 18 सामान्य, 5 महिला आरक्षित और 2 महिला सह-नामित (को-ऑप्शन) सीटों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 57 हाजर 200 मत पड़े और जीत के लिए 2 हाजर 323 मतों का कोटा निर्धारित किया गया था। 7 मार्च से शुरू हुई मतगणना में बैलेट नंबर 128 पर चुनाव लड़ रहे पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे पीयूष गुप्ता इससे पहले वर्ष 2018 में भी दिल्ली बार काउंसिल के सदस्य चुने गए थे। वह बार काउंसिल के सबसे कम उम्र के सचिव और सह-अध्यक्ष (को-चेयरमैन) भी रह चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण और सहायता से जुड़े कई प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। वर्तमान में पीयूष गुप्ता दिल्ली हाई कोर्ट में भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वह सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह जीत अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, पेशेवर मानकों को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए किए गए उनके कार्यों का परिणाम है। उनका मानना है कि कानूनी बिरादरी ने एक बार फिर उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर भरोसा जताया है।



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