गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेघा रूपम ने गुरुवार को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर भुगतान ग्रैच्युटी अधिनियम के तहत जारी वसूली नोटिस का पालन न होने और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के लिए बिना शर्त माफी मांगी।
साथ ही कोर्ट को आश्वस्त किया कि नियत प्रक्रिया का पालन करते हुए नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड के नाम पर नया वसूली नोटिस जारी किया जाता है तो प्रशासन उक्त राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। कोर्ट ने प्रशासन की ओर से मिले पुख्ता आश्वासन और परिस्थितियों को देखते हुए सभी याचिकाओं को आवश्यक दिशानिर्देशों के साथ निस्तारित कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की ने महेंद्र दत्त शर्मा सहित चार अन्य की याचिकाओं पर उनके अधिवक्ता राधेश्याम द्विवेदी और अपर महाधिवक्ता अशोक मेहता व मुख्य स्थायी अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह को सुनकर दिया। क्या है मामला जानिये मामले के तथ्यों के अनुसार मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स के खिलाफ ग्रैच्युटी भुगतान प्राधिकरण ने लगभग सात लाख रुपये और उस पर ब्याज की वसूली के लिए 13 जून 2024 को वसूली नोटिस जारी किया था। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना था कि दिए गए पते पर उक्त कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला। जांच में यह सामने आया कि मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स को पहले ही एक नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड को बेचा जा चुका है। वसूली नोटिस नई कंपनी के नाम पर नहीं था इसलिए प्रशासन इसे निष्पादित करने में असमर्थ रहा।
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गौतमबुद्ध नगर की डीएम ने हाईकोर्ट से मॉफी मांगी: कोर्ट में हाजिर होकर आदेशों की अनदेखी के लिए बिना शर्त माफी मांगी – Prayagraj (Allahabad) News
इंजीनियरिंग छात्रा भूमि और निर्मला की डीएनए से हुई पहचान: ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ट्रेलर से टकराई थी, 8 लोगों की हुई थी मौत – Indore News
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बस में आग तेजी से फैली थी। इस कारण अंदर फंसे लोगों को निकालने में परेशानी हुई।
राजस्थान के दौसा के पास हंस ट्रेवल्स की बस की ट्रेलर से टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 से अधिक यात्री घायल हुए थे। इस हादसे में इंदौर की इंजीनियरिंग छात्रा भूमि भोरे और अन्नपूर्णा क्षेत्र निवासी निर्मला गुप्ता की भी जान चली गई थी।
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गुरुवार को डीएनए जांच के जरिए दोनों शवों की पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजन को सौंप दिए गए। परिजन गुरुवार शाम शव लेकर राजस्थान से इंदौर के लिए रवाना हो गए। दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।
दरअसल, मंगलवार को दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
भूमि भोरे, सुखलिया निवासी थीं। वह अपनी दो रिश्तेदार युवतियों लीजा और दिशा तथा तीन अन्य युवकों के साथ मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा पर गई थीं। वहीं, निर्मला गुप्ता अपने पति चंद्रप्रकाश गुप्ता के साथ चारधाम यात्रा से लौट रही थीं। दोनों इंदौर लौटने के लिए हंस ट्रेवल्स की बस में सवार थीं, तभी दौसा के पास यह भीषण हादसा हो गया।
भूमि के परिजनों में उनके बड़े पिता, पिता और अन्य रिश्तेदार शव लेने राजस्थान पहुंचे थे। वहीं, निर्मला गुप्ता के परिवार की ओर से उनकी बेटी, दामाद और अन्य परिजन वहां पहुंचे। हादसे के बाद से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं।
मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ट्रेलर से टकराई, 8 मौतें

बस में करीब एक घंटे तक आग लगी रही। आग के बीच में से ही अंदर फंसे पैसेंजर्स को बाहर निकाला गया।
राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। पढ़िए पूरी खबर।
गोविंदा ने तारीफ सुनकर महंगी शर्ट कर दी गिफ्ट, राजकुमार ने बना लिया रूमाल
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दिग्गज अभिनेता राजकुमार का मिजाज बड़ा अनूठा था. उनके शाही अंदाज और बेबाक मिजाज के कई किस्से मशहूर है. वे एक्टर बनने से पहले मुंबई पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे. राजकुमार की शख्सियत से प्रभावित होकर एक फिल्ममेकर ने उन्हें एक्टिंग का ऑफर दिया था. राजकुमार की जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा स्टार गोविंदा से जुड़ा है. उन्होंने कभी खुश होकर राजकुमार को अपनी एक शर्ट गिफ्ट की थी, मगर राजकुमार ने उसे काटकर अपना रूमाल बना लिया.
फिल्म ‘जंगबाज’ में गोविंदा-राजकुमार ने साथ काम किया था.
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के कड़क एक्टर राजकुमार अपनी दमदार आवाज और रॉयल अंदाज के लिए जितने मशहूर थे. वे अपनी अजीबोगरीब हरकतों के लिए भी चर्चित थे. राजकुमार के जीवन का एक किस्सा बॉलीवुड के सुपरस्टार गोविंदा से जुड़ा हुआ है. फिल्म ‘जंगबाज’ की शूटिंग के दौरान गोविंदा एक बहुत ही खूबसूरत और चमकीली शर्ट पहनकर सेट पर आए थे. राजकुमार को वह शर्ट इतनी पसंद आई कि उन्होंने गोविंदा से उसकी तारीफ कर दी. गोविंदा अपने सीनियर एक्टर की पसंद देखकर बेहद खुश हुए. उन्होंने वह शर्ट तुरंत राजकुमार को गिफ्ट कर दी. गोविंदा को लगा कि राजकुमार इसे किसी खास मौके पर पहनेंगे, लेकिन कुछ दिनों बाद जब उन्होंने राजकुमार को उसी शर्ट के कपड़े का टुकड़ा जेब से निकालकर अपनी नाक साफ करते देखा, तो वे हैरान रह गए. राजकुमार ने उस महंगी शर्ट को काटकर अपना पॉकेट रूमाल बना लिया था.
राजकुमार का फिल्मी दुनिया में आने का सफर भी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है. राजकुमार का असली नाम कुलभूषण पंडित था. फिल्मों में कदम रखने से पहले वे मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर की नौकरी करते थे. उनकी कड़क आवाज और बेबाक अंदाज पुलिस महकमे में भी मशहूर था. एक बार फिल्म निर्माता बलदेव दुबे किसी मामले के सिलसिले में पुलिस स्टेशन आए थे. वे राजकुमार की कड़क बातचीत, शानदार पर्सनैलिटी और गजब के कॉन्फिडेंस से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें फिल्म ‘शाही बाजार’ का ऑफर दे डाला. राजकुमार के मन में भी कहीं न कहीं एक्टिंग की चाहत थी, इसलिए उन्होंने बिना देर किए तुरंत पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और मायानगरी की तरफ चल पड़े.
फिल्म ‘रंगीली’ से किया था डेब्यू
राजकुमार ने साल 1952 में फिल्म ‘रंगीली’ से अपने करियर की शुरुआत की. उन्हें शुरू में काफी स्ट्रगल करना पड़ा और उनकी कुछ फिल्में फ्लॉप भी रहीं. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में पैर जमा लिए. उन्होंने ‘मदर इंडिया’, ‘पाकीजा’, ‘वक्त’, ‘हीर रांझा’, ‘सौदागर’ और ‘तिरंगा’ जैसी कई सदाबहार फिल्मों में अभिनय किया. लोग आज भी उनके डायलॉग्स दोहराते हैं. उन्होंने अपने पूरे करियर में करीब 70 फिल्मों में काम किया. राजकुमार को ‘दिल एक मंदिर’ और ‘वक्त’ जैसी फिल्मों के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया.
कैंसर से गई जान
राजकुमार अपने अनोखे और बिंदास मिजाज से सबको डरा कर रखते थे. वे जिंदगी के आखिरी दिनों में गले के कैंसर जैसी बेहद दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे थे. खतरनाक बीमारी का असर उनकी उस बुलंद आवाज पर भी पड़ा. आखिरकार, उन्होंने 3 जुलाई 1996 को 69 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. राजकुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़े किस्से लोगों के दिलों में बस रहेंगे.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
पूर्णिया में करंट लगने से व्यक्ति की मौत: बल्ब जलाने के लिए बिजली के बोर्ड में तार जोड़ते समय हुआ हादसे का शिकार – Purnia News
पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान बनिया पट्टी काझा, वार्ड नंबर 05, के नगर पूर्णिया निवासी 45 वर्षीय छोटेलाल यादव के रूप में हुई है, जो सुखदेव लाल यादव के पुत्र थे। मृतक के पुत्र मनीष कुमार ने बताया कि उनके पिता घर में बल्ब जलाने के लिए बिजली के बोर्ड में तार जोड़ रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट का तेज झटका लगा और वे जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने छोटेलाल यादव को आनन-फानन में इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पूर्णिया पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ रितेश कुमार के अनुसार, प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि व्यक्ति की मृत्यु अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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खातीपुरा बाजार में ट्रैफिक डायवर्जन: झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा पुलिया तक आवाजाही बंद, पानी की लाइन बिछाने के कार्य के चलते बदली यातायात व्यवस्था – Jaipur News
खातीपुरा बाजार में 13 मई से चल रहे पानी की पाइपलाइन बिछाने के कार्य के चलते खातीपुरा पुलिया के पास निर्माण कार्य जारी है। कार्य के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस मार्ग से आने वाले वाहनों को झोटवाड़ा पुलिया से डायवर्ट कर कालवाड़ रोड की ओर भेजा जाएगा। वहीं झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा तिराहे की ओर जाने वाले वाहन कालवाड़ रोड से खिरनी फाटक होते हुए एक्सप्रेस-वे सर्विस लेन का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। हालांकि खातीपुरा तिराहे से झोटवाड़ा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूर्ववत संचालित रहेगा। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
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सीतापुर में यात्रियों से भरी मैजिक पलटी, 4 यात्री घायल: 12 से अधिक यात्रियों को लेकर आ रहा था वाहन, चालक फरार – Sitapur News
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर गुरुवार शाम करीब 7 बजे एक मैजिक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में सवार 12 से अधिक यात्रियों में चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं। दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे मैजिक (UP 32 RN 655) सिधौली से मिश्रिख की ओर जा रहा था। वाहन में लगभग एक दर्जन यात्री सवार थे। जैसे ही मैजिक कोरौना गांव स्थित राम किशोर रामेश्वर दयाल डिग्री कॉलेज के पास पहुंची, चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते मैजिक सड़क किनारे पलट गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में सीताकुंड, कोतवाली मिश्रिख निवासी अनीता अवस्थी (56 वर्ष), बेलहिया निवासी महेश (65 वर्ष), सहशापुर निवासी हरदेव (45 वर्ष) तथा बेलहिया निवासी सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं कुछ अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जो प्राथमिक उपचार के बाद अपने-अपने घर चले गए। घटना की सूचना मिलते ही संदना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुलेंस की सहायता से गंभीर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछरेहटा भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। संदना थानाध्यक्ष मान सिंह पाल ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मैजिक वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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बरसात में कीड़ों से बचाना है बेसन और सूजी? अपनाएं ये आसान और असरदार किचन हैक्स
Monsoon Kitchen Tips: बरसात का मौसम आते ही रसोई में रखी कई जरूरी चीजों की देखभाल पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है. खासकर बेसन, सूजी और मैदा जैसी सूखी सामग्री, जिनका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है. कभी गरमा-गरम पकौड़े बनाने हों, मीठा हलवा तैयार करना हो या फिर केक और पूरी बनानी हो, ये तीनों चीजें किचन की जरूरत हैं. लेकिन बारिश के दिनों में हवा में बढ़ी नमी इनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है.
थोड़ी-सी लापरवाही के कारण इनमें कीड़े लग सकते हैं, बदबू आने लगती है या फिर इनका स्वाद और गुणवत्ता दोनों खराब हो जाते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप इन्हें लंबे समय तक ताजा, सुरक्षित और इस्तेमाल के लायक रख सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे आसान किचन हैक्स, जो हर घर के लिए बेहद काम के साबित हो सकते हैं.
बारिश में क्यों जल्दी खराब हो जाते हैं बेसन, सूजी और मैदा?
बरसात के मौसम में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. यही नमी धीरे-धीरे किचन में रखे सूखे खाद्य पदार्थों तक पहुंच जाती है. यदि डिब्बा ठीक से बंद न हो या बार-बार खुलता रहे, तो हवा के संपर्क में आने से इनमें नमी जमा होने लगती है. यही नमी बाद में फफूंदी, बदबू और कीड़ों की वजह बन जाती है. कई लोग यह सोचकर बड़ी मात्रा में बेसन या मैदा खरीद लेते हैं कि बार-बार बाजार नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन सही स्टोरेज न होने पर यह बचत नुकसान में बदल सकती है.
फ्रिज या फ्रीजर में रखना सबसे आसान उपाय
एयर टाइट कंटेनर का करें इस्तेमाल
अगर आप चाहते हैं कि बेसन, सूजी और मैदा लंबे समय तक सुरक्षित रहें, तो इन्हें पहले अच्छी तरह सूखे और साफ एयर टाइट कंटेनर में भरें. इसके बाद जरूरत के अनुसार इन्हें फ्रिज या फ्रीजर में रखा जा सकता है. ठंडे वातावरण में नमी का असर काफी कम हो जाता है, जिससे कीड़े लगने की संभावना भी घट जाती है. खासतौर पर अगर आपने बड़ी मात्रा में सामान खरीदा है, तो यह तरीका काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
पुदीने की सूखी पत्तियां रखें, कीड़े रहेंगे दूर
घरेलू नुस्खा जो आज भी कारगर है
पुराने समय से ही कई घरों में सूखी पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता रहा है. इनकी प्राकृतिक खुशबू कई तरह के छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है. ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों. गीली पत्तियां रखने से फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है.
तेजपत्ता भी है बेहतरीन विकल्प
प्राकृतिक खुशबू से मिलता है संरक्षण
अगर आपके घर में तेजपत्ता मौजूद है, तो उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है. कंटेनर में तीन से चार तेजपत्ते रख देने से कीड़ों के आने की संभावना कम हो जाती है. यह उपाय आसान होने के साथ-साथ पूरी तरह प्राकृतिक भी है और किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता.
नीम की सूखी पत्तियां भी आएंगी काम
नीम को प्राकृतिक कीटरोधी माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग आज भी अनाज और दालों को सुरक्षित रखने के लिए इसकी सूखी पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं. यदि आप बेसन, सूजी या मैदा के डिब्बे में अच्छी तरह सूखी नीम की पत्तियां रखते हैं, तो उनमें कीड़े लगने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. बस यह ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों और उनमें नमी बिल्कुल न हो.
सूजी और बेसन को हल्का भूनकर करें स्टोर
स्टोरेज से पहले अपनाएं यह छोटी-सी ट्रिक
यदि आप सूजी और बेसन का लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन्हें हल्की आंच पर कुछ मिनट भूनकर पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद एयर टाइट डिब्बे में भर दें. ऐसा करने से इनमें मौजूद अतिरिक्त नमी निकल जाती है और इनके खराब होने की संभावना कम हो जाती है. हालांकि मैदा को भूनने की जरूरत नहीं होती. उसे सीधे साफ और सूखे डिब्बे में स्टोर करना चाहिए.
साफ और सूखा कंटेनर ही करें इस्तेमाल
अक्सर लोग नया सामान पुराने डिब्बे में ही भर देते हैं, जबकि उसमें पहले से हल्की नमी या पुराने आटे के कण मौजूद हो सकते हैं. यही छोटी-सी गलती बाद में पूरे सामान को खराब कर सकती है. इसलिए हर बार कंटेनर को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. इसके बाद ही नया बेसन, सूजी या मैदा उसमें भरें. साथ ही हमेशा सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें.
छोटी-छोटी आदतें बचा सकती हैं बड़ा नुकसान
कई बार लोग गीले हाथों से डिब्बा खोलते हैं या इस्तेमाल के बाद उसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं करते. ऐसी छोटी गलतियां धीरे-धीरे नमी बढ़ा देती हैं. अगर परिवार में रोजाना इन चीजों का इस्तेमाल होता है, तो कोशिश करें कि बड़े डिब्बे की बजाय थोड़ा-थोड़ा सामान अलग डिब्बे में निकालकर रखें. इससे मुख्य स्टॉक बार-बार हवा के संपर्क में नहीं आएगा और ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेगा. बरसात में नमी के कारण बेसन, सूजी और मैदा जल्दी खराब हो सकते हैं. एयर टाइट डिब्बा, फ्रिज स्टोरेज, तेजपत्ता, नीम और सूखी पुदीने की पत्तियों जैसे आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
डीएम बोले-लंबित मामलों को निपटाया जाए: साप्ताहिक समन्वय बैठक में पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा – Madhubani News
गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साप्ताहिक अंतर विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों की कार्य प्रगति, लंबित मामलों, जन शिकायतों, न्यायालयीन वादों, राजस्व वसूली और विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता बैठक में ‘सेवा-संवाद-समाधान एवं सहयोग शिविर’ पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। कला एवं संस्कृति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण, उद्योग, अल्पसंख्यक कल्याण, खेल, सूचना एवं जनसंपर्क, पर्यटन तथा गन्ना उद्योग विभाग द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों के शत-प्रतिशत निष्पादन की सराहना की गई। हालांकि, जिन विभागों में मामले लंबित पाए गए, उन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम और सूचना का अधिकार सहित अन्य शिकायत निवारण मंचों पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की। शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही पर कार्रवाई उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। राजस्व वसूली से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया, खासकर नीलाम पत्र शाखा की समीक्षा के दौरान। उच्च न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी, एमजेसी और एलपीए जैसे मामलों में समय पर शपथ-पत्र, प्रतिवेदन और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गुणवत्तापूर्ण ढंग से योजनाएं पूर्ण कराने के निर्देश उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) और व्यय प्रमाण पत्र (डीसी) के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से योजनाएं पूर्ण कराने का निर्देश दिया। बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार सहित सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी शिफ्टिंग ट्रायल फेज में: राजीव गांधी अस्पताल में शुरू हुई नई व्यवस्था, न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक की पहली सफल सर्जरी – New Delhi News
नई दिल्ली। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अब ट्रायल चरण में पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सेवाओं के स्थानांतरण की शुरुआत करते हुए नए इमरजेंसी ब्लॉक में मरीजों की भर्ती और चिकित्सा व्यवस्थाओं का परीक्षण शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवाओं के पूर्ण स्थानांतरण के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गुरुवार को नए ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स में दो सफल सर्जरी भी की गईं। इनमें एक न्यूरोसर्जरी और एक ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन शामिल रहा। इमरजेंसी ब्लॉक में 24 घंटे लैब सुविधा अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इन सफल प्रक्रियाओं से नए परिसर की तकनीकी और चिकित्सीय तैयारियों की पुष्टि हुई है। स्थानांतरण योजना के तहत मेडिसिन, सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक और ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित की जाएंगी। मरीजों की जांच प्रभावित न हो, इसके लिए नए इमरजेंसी ब्लॉक में 24 घंटे लैब सेवाएं भी जीटीबी अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ट्रायल रन के दौरान बुनियादी ढांचे, क्लीनिकल वर्कफ्लो और सहयोगी सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि सभी व्यवस्थाएं तय मानकों पर सफल रहीं तो 7 जुलाई तक इमरजेंसी सेवाओं का पूरा संचालन नए अस्पताल से शुरू कर दिया जाएगा।
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