Monday, June 15, 2026
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गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी फॉर्मूला


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गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी

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गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी

 

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जून-जुलाई के मौसम में गाय और भैंसों का दूध उत्पादन कम होना आम समस्या है, लेकिन सही देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. पशु चिकित्सक डॉ. पूनम शॉरेन के अनुसार, दुधारू पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा, गुड़ और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी देना चाहिए. डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए गुड़, सेंधा नमक और खाने वाला सोडा मिलाकर घोल पिलाना फायदेमंद होता है. पशुओं को छायादार जगह पर रखें और तेज धूप से बचाएं. सुबह-शाम चारा खिलाने और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने से पशु स्वस्थ रहते हैं, जिससे गर्मी में भी दूध उत्पादन बेहतर बना रहता है.



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15 नहीं अब 50KM तक चलेगा ऑपरेशन क्लीन: बॉर्डर के 102 गांवों में शुरू हुआ सर्वे, पक्के अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर – Jaisalmer News




भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर ‘ऑपरेशन क्लीन’ का दायरा बढ़ा दिया गया है। गृह विभाग के आदेशानुसार, अब बॉर्डर से सटे केवल 15 किलोमीटर के बजाय 50 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले इलाकों की बारीकी से जांच की जाएगी। कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया- इस नए बदलाव के तहत फिलहाल 102 सीमावर्ती गांवों और ढाणियों को चिन्हित किया गया है, जहां संयुक्त टीमों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे क्षेत्र में बिना मंजूरी के बने अवैध और संदिग्ध पक्के निर्माणों की पहचान कर रही हैं। उन्होंने साफ किया है कि इस सर्वे की पूरी रिपोर्ट जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों, अवैध बसावट और तस्करी को रोकने के लिए पूरी मुस्तैदी बरती जा रही है। 15 से किया 50 किमी भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की सुरक्षा को पूरी तरह पक्का और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर तैयारी कर ली है। सीमावर्ती इलाकों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, घुसपैठ और अवैध बसावट को पूरी तरह खत्म करने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ को लेकर एक बड़ा फैसला किया गया है। पिछले दिनों बीकानेर में हुई वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद, कार्रवाई की सीमा को बॉर्डर से 15 किलोमीटर से बढ़ाकर अब 50 किलोमीटर कर दिया गया है। दायरा बढ़ने से जांच के घेरे में आए कई गांव सीमा सुरक्षा के लिहाज से इसे एक बहुत बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है। जांच के दायरे में 35 किलोमीटर की बड़ी बढ़ोतरी होने की वजह से अब कार्रवाई की जद में आने वाले गांवों और ढाणियों की संख्या काफी बढ़ गई है। इस नए घेरे में न केवल दूर-दराज की छोटी ढाणियां शामिल हुई हैं, बल्कि बड़े कस्बे और घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र भी आ गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का साफ मानना है कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी और गलत तरीके से होने वाली पैसों की सप्लाई (टेरर फंडिंग) जैसे खतरों को जड़ से मिटाने के लिए सुरक्षा का ऐसा ही गहरा और मजबूत घेरा होना बहुत जरूरी है। राजस्व टीम करेगी जमीन के कागजातों की जांच इस बड़े अभियान को पूरा करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF), इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें मैदान में उतर चुकी हैं। ये टीमें सीमा से सटे 50 किलोमीटर के पूरे इलाके में बने अवैध और संदिग्ध पक्के मकानों व दुकानों का बारीकी से सर्वे कर रही हैं। इस काम में जिला प्रशासन की राजस्व (पटवारी और तहसीलदार) टीम को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। राजस्व टीम का मुख्य काम जमीन के असली मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों (कागजातों) की गहराई से जांच करना है, ताकि कोई भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति फर्जी तरीके से जमीन पर कब्जा न कर सके। अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, बैंक खातों पर भी नजर मिली जानकारी के अनुसार, अब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास करीब 102 गांवों और ढाणियों की पहचान की जा चुकी है। इन चिन्हित क्षेत्रों में जो भी पक्के निर्माण बिना किसी वैध सरकारी अनुमति या फर्जी कागजातों के आधार पर बने हुए पाए जाएंगे, उन्हें ढहाने के लिए बुलडोजर चलाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ जमीनी निर्माण पर ही नहीं, बल्कि पैसों के लेन-देन पर भी पैनी नजर रख रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में काम कर रहे सभी बैंकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर बैंकिंग लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखें और नियमों का कड़ाई से पालन करें। फर्जी कंपनियों और जाली दस्तावेजों की होगी पहचान स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियां मिलकर जाली दस्तावेजों, फर्जी आधार कार्ड और नकली पहचान पत्रों की गहन जांच कर रही हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में रजिस्टर्ड संदिग्ध और फर्जी कंपनियों के कमाई के जरियों का पता लगाया जा रहा है, ताकि गलत कामों के लिए होने वाली फंडिंग को पूरी तरह रोका जा सके। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों पर शुरू हुए इस सख्त अभियान का एकमात्र मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाले हथियारों की सप्लाई चेन और ड्रग्स की तस्करी के नेटवर्क को हमेशा के लिए तोड़ना है।



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मामा संग शूटिंग देखने गई थी एक्ट्रेस, डायरेक्टर ने देखते ही थमा दिया बड़ा ऑफर


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वो खूबसूरत एक्ट्रेस, जिन्होंने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए. एक्टिंक की दुनिया में आते ही जिसने दिलीप कुमार, देवानंद से लेकर अशोक कुमार जैसे सितारों को तगड़ी टक्कर दी. मामा के साथ सेट पर फिल्म देखने पहुंची इस एक्ट्रेस को देखते ही डायरेक्टर ने बड़ी फिल्म का ऑफर दे दिया था. 15 जून साल 1929 में आज ही के दिन इस हसीना का जन्म हुआ था.

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्हें वक्त कभी भुला नहीं पाता. ऐसी ही एक अदाकारा थीं सुरैया. उन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और सुरीली आवाज के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसे आज भी याद किया जाता है. किस्मत उन्हें फिल्मों में ले आईं. लेकिन एक्ट्रेस प्यार की खातिर ताउम्र कुंवारी रही थीं.

सुरैया के करियर में एक समय ऐसा भी आया था जब उनकी लोकप्रियता किसी बड़े सुपरस्टार से कम नहीं थी. दिलचस्प बात यह है कि सुरैया ने कभी फिल्मों में आने का सपना नहीं देखा था, लेकिन किस्मत उन्हें सीधे फिल्मी दुनिया में ले आई.15 जून 1929 को लाहौर में जन्मी सुरैया का पूरा नाम सुरैया जमाल शेख था. जब वह सिर्फ एक साल की थीं, तब उनका परिवार मुंबई आ गया. उनके मामा एम. जहूर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े थे, इसलिए बचपन से ही उन्हें फिल्मी माहौल देखने का मौका मिला. छोटी उम्र में ही उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो के बच्चों के कार्यक्रमों में गाना शुरू कर दिया था. उनकी मीठी आवाज लोगों को खूब पसंद आती थी.

सुरैया की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब वह अपने मामा के साथ फिल्म ‘ताजमहल’ की शूटिंग देखने मोहन स्टूडियो पहुंचीं. वह सिर्फ शूटिंग देखने गई थीं, लेकिन वहां मौजूद निर्देशक नानूभाई वकील की नजर उन पर पड़ गई. उनकी मासूमियत और सादगी से प्रभावित होकर निर्देशक ने उन्हें अपनी फिल्म में मुमताज महल का किरदार दे दिया. यहीं से सुरैया के फिल्मी सफर की शुरुआत हुई.

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अभिनय के साथ-साथ सुरैया ने गायिका के तौर पर भी खूब नाम कमाया. मशहूर संगीतकार नौशाद उनकी आवाज से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने फिल्म ‘शारदा’ में गाने का मौका दिया. इसके बाद सुरैया ने कई ऐसे गाने गाए, जो आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर हैं. ‘दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है’, ‘तू मेरा चांद मैं तेरी चांदनी’, ‘वो पास रहे या दूर’, ‘चुप-चुप खड़े हो जरूर कोई बात है’ और ‘धीरे-धीरे आ रे बादल’ जैसे गानों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई.

फिल्मों की बात करें तो सुरैया ने ‘अनमोल घड़ी’, ‘प्यार की जीत’, ‘विद्या’, ‘दिल्लगी’, ‘बड़ी बहन’, ‘शायर’, ‘दास्तान’, ‘अफसर’, ‘सनम’, ‘दीवाना’ और ‘मिर्जा गालिब’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया. उनकी जोड़ी अभिनेता देव आनंद के साथ सबसे ज्यादा पसंद की जाती थी. पर्दे पर दिखने वाली उनकी केमिस्ट्री असल जिंदगी में भी प्यार में बदल गई थी.

हालांकि सुरैया और देव आनंद की प्रेम कहानी शादी तक नहीं पहुंच सकी. परिवार और धर्म से जुड़ी वजहों के चलते दोनों एक नहीं हो पाए. उनकी यह अधूरी प्रेम कहानी आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में गिनी जाती है.

सुरैया का स्टारडम इतना बड़ा था कि उनके घर के बाहर फैंस की भीड़ लगी रहती थी. लोग उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते थे. वह अपने दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में भी शामिल थीं. उनकी लोकप्रियता सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैली हुई थी.

लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहने के बाद सुरैया ने धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बना ली. उन्होंने जिंदगीभर शादी नहीं की और बेहद सादगी से जीवन बिताया. बढ़ती उम्र के साथ उनकी सेहत कमजोर होने लगी. आखिरकार 31 जनवरी 2004 को 74 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन अपने गानों, फिल्मों और यादगार अभिनय के जरिए वह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.

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मेरठ में पति ने पत्नी के पेट में मारी गोली: गृहकलेश के चलते घटना को दिया अंजाम, अरेस्ट – Meerut News




मेरठ के मोदीपुरम थानाक्षेत्र के पल्लवपुरम फेज वन में रविवार रात को पति अजय कुमार नैन ने अपनी पत्नी सरिता नैन को गोली मार दी है। अजय मधुर एंक्लेव फेज वन का रहने वाला है। उम्र 50 साल है। अजय ने लाईसेंसी पिस्टल से पत्नी सरिता के गोली मारी है। गोली सरिता के पेट में लगी है। उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं आरोपी पति अजय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मौके से लाईसेंसी पिस्टल, खोखा, कारतूस भी बरामद किया है। बाकी पूरी घटना की पुलिस जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि अजय ने गृह क्लेश के चलते गोली मारना बताया है। सरिता का मायका बागपत का है उसके दो बच्चे हैं। आरोपी अजय रिटायर फौजी बताया जा रहा है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। लाइसेंसी पिस्टल से मारी गोली पुलिस के अनुसार रॉयल पार्क एक्सटेंशन निवासी अजय नैन का अपनी पत्नी सरिता नैन से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी पर गोली चला दी। गोली सरिता के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना पर थाना पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल कैलाशी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने महिला का उपचार शुरू कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। आरोपी अजय नैन को हिरासत में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोली उसकी लाइसेंसी पिस्टल से चली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है सीओ दौराला प्रकाश चंद अग्रवाल ने बताया कि डायल 112 पर थाना पल्लवपुरम पर फेज वन में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को गोली मारने की सूचना मिली। सूचना पर मैं थानापुलिस मौके पर पहुंचा। घायल हालत में अजय की पत्नी सरिता को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं मौके से आरोपी पति अजय कुमार नैन को अरेस्ट किया गया है। पति ने बताया कि गृहकलेश के चलते उसने अपनी पत्नी को गोली मारी है। मौके से खोखा कारतूस, जिंदा कारतूस और लाईसेंसी पिस्टल बरामद की गई है।



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इंदौर के गुलमार्ग परिसर हाउसिंग सोसाइटी में मारपीट का मामला: पुलिस कमिश्नर से की शिकायत, कहा- सोसाइटी सचिव और आरक्षक के नाम FIR से हटाए – Indore News




इंदौर के कनाड़िया इलाके की बिचौली हप्सी स्थित गुलमार्ग परिसर हाउसिंग सोसाइटी में मेंटेनेंस विवाद के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि सोसाइटी सचिव और पुलिस आरक्षक नारायण जाट सहित मुख्य आरोपियों के नाम प्रभाव के चलते एफआईआर से हटा दिए गए, जबकि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में महिला ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। महिला ने निगम आयुक्त को आरोपियों द्वारा सोसाइटी के समीप खाली सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मंदिर निर्माण और निजी उपयोग के आरोप लगाएं हैं। वहीं, पीड़ितों ने रविवार को निगम आयुक्त को भी आवेदन दिया है। जिसमें सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप लगाया है। पहले जान लीजिए क्या है पूरा मामला
8 जून 2026 की रात 9:30 बजे पीड़ित कार्तिक शर्मा सोसाइटी परिसर में टहल रहे थे। तब समिति के लोकेश जाट ने उन्हें सुनाते हुए ब्लॉक बी-12 के रहवासियों को गालियां दीं। विरोध करने पर लोकेश जाट और चंदू जाट अपनी कार से डंडे निकाल लाए और कार्तिक के सिर व शरीर पर जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। सचिन और उसके दो साथियों ने भी मारपीट की और कार्तिक की सोने की चेन लूट ली। जाते-जाते आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी। वारदात के बाद 9 जून 2026 (रात 02:26 बजे) घायल कार्तिक अपनी मां सुलोचना शर्मा और बहन तनिषा शर्मा के साथ कनाडिया थाने पहुंचा। पुलिस ने (BNS) की धारा 115(2), 296(a), 3(5), और 351(2) में मामला दर्ज किया। लेकिन आरोप है कि प्रभाववश मुख्य आरोपी कनाड़िया थाने में पदस्थ आरक्षक नारायण जाट का नाम FIR से गायब कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने 9 जून 2026 को ही थाना प्रभारी कनाड़िया को लिखित आवेदन देकर FIR में आरक्षक नारायण जाट और उसके भाई चंद्रेश जाट का नाम सह आरोपी के रूप में जोड़ने की गुहार लगाई। 12 जून को पुलिस कमिश्नर और निगम आयुक्त को शिकायत कनाडिया पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर कार्तिक की मां सुलोचना शर्मा ने 12 जून 2026 को इंदौर पुलिस कमिश्नर और नगर पालिक निगम आयुक्त शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कमिश्नर और निगम कमिश्नर को की गई शिकायत में पीड़ित परिवार ने सोसाइटी के वर्तमान पदाधिकारियों दिलीप पंवार (अध्यक्ष), सुंदन सिंह (कोषाध्यक्ष) और नारायण जाट (सचिव) पर कई आरोप लगाए हैं। महिला और उसके परिवार का आरोप है कि सोसाइटी का सचिव नारायण जाट असल में कनाडिया थाने में ही आरक्षक (कांस्टेबल) के पद पर पदस्थ है। वह पिछले एक साल से अपनी शासकीय वर्दी और पद की धौंस दिखाकर सोसाइटी के 216 फ्लैट्स के रहवासियों को डरा-धमका रहा है। शिकायत पत्र के मुताबिक, आरक्षक नारायण जाट खुद अवैध रूप से शराब की पेटियां लेकर आता है और वह और उसका भाई चन्द्रेश जाट दोनों मिलकर सोसाइटी परिसर के भीतर से ही अवैध शराब बेचने का काला कारोबार संचालित करते हैं। निगम की जमीन पर अवैध कब्जा
पीड़िता का आरोप है कि इन पदाधिकारियों ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए गुलमर्ग परिसर सोसाइटी से लगी नगर निगम की शासकीय (सरकारी) भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण कार्य करवा रहे हैं। विरोध करने पर पानी और कचरा गाड़ी बंद की
जो भी रहवासी इनके वित्तीय गबन, अवैध शराब बिक्री या शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का विरोध करता है, ये लोग तानाशाही दिखाते हुए उनका पानी 3-4 दिनों के लिए बंद कर देते हैं, कचरा गाड़ी रोक देते हैं। आरक्षक ने दुर्भावनापूर्वक पीड़िता की छत पर रखे गमलों को भी नीचे फेंककर तोड़फोड़ की। आरक्षक कहता है कानून मेरी जेब में
शिकायत पत्र में महिला ने बताया कि वारदात के वक्त आरोपियों ने सार्वजनिक रूप से पूरी सोसाइटी के सामने ललकारते हुए कहा था कि “कानून मेरी जेब में रहता है, हमारा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता।” पुलिस द्वारा अपने ही विभाग के आरक्षक को बचाने के प्रयास से पीड़ित परिवार अत्यंत भय के साये में जीने को मजबूर है और उन्हें अपनी जान का प्रत्यक्ष खतरा है। शिकायती पत्र में ये मांगे
पहले से दर्ज एफआईआर में मुख्य साजिशकर्ता आरक्षक नारायण जाट और उसके भाई चन्द्रेश जाट का नाम तुरंत सह-आरोपी के रूप में जोड़ा जाए। साथ ही पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले आरक्षक नारायण जाट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निष्पक्ष विभागीय जांच की जाए। पीड़िता ने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।



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वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन बेहद खास, करियर में तरक्की और धन लाभ योग


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Aaj ka Vrishchik Rashifal 15 June 2026: आज वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद खास और ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. 15 जून 2026 को वृश्चिक राशि वालों के लिए करियर, बिजनेस और धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं. आज ऑफिस में सीनियर से सराहना मिलेगी. परिवार में खुशियां, लव लाइफ मजबूत, सेहत को लेकर सावधानी जरूरी है. जानें राशिफल और उपाय.

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सीतामढ़ी: 15 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद खास और ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. आज आपकी अंदरूनी ताकत और गहरी समझ आपको दूसरों से काफी आगे रखेगी. किस्मत के सितारे बुलंद हैं, जिससे अचानक कोई बड़ा अवसर या कोई गुप्त बात आपके सामने आ सकती है, जो आपके भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगी. कुल मिलाकर आज का दिन आपको एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे न बताया कि करियर और कारोबार के मामले में आज आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलने वाला है.

सीनियर देंगे आज तवज्जो
दफ्तर में आपके नए आइडिया और आपकी बातों को सीनियर काफी तवज्जो देंगे. कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी मिलने के साथ ही आपकी तारीफ होने के भी पूरे योग हैं. वहीं बिजनेस करने वाले लोगों के लिए आज नई डील फाइनल करने या नए संपर्क बनाने का सबसे अच्छा दिन है. आपकी पुरानी योजनाएं अब मुनाफा देना शुरू कर देंगी. आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन आपके चेहरे पर मुस्कान लेकर आएगा.

रुका हुआ धन मिलेगा वापिस
काफी समय से रुका हुआ धन या पुराना बकाया पैसा आज आपको वापस मिल सकता है. इसके अलावा अचानक कहीं से धन लाभ होने की भी पूरी उम्मीद है, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी. ज्योतिषाचार्य ने कहा कि पारिवारिक जीवन की बात करें तो घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा. परिवार के किसी सदस्य की तरफ से कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है.

ऐसा रहेगा लव लाइफ, जानें उपाय
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए लव लाइफ के लिहाज से आज का दिन रोमांस से भरा रहेगा और जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता और ज्यादा मजबूत होगा. सेहत के मामले में आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. आज काम के चक्कर में थकान और मानसिक तनाव से बचें. पेट से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं, इसलिए हल्का खाना खाएं और खूब पानी पिएं. आज आपका शुभ अंक 9 और शुभ रंग गहरा लाल व काला है. शाम को लाल कपड़े में 11 लौंग और हल्दी बांधकर ॐ दुर्गायै नमः का 11 बार जाप कर सिरहाने रखने से परेशानियां दूर होंगी.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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‘वह किसी सीन से सतुंष्ट नहीं होते’, आमिर खान को लेकर विक्रम भट्ट का बेबाक बयान


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आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ के नाम से जाना जाता है, लेकिन निर्देशक विक्रम भट्ट इस टैग से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. हाल ही में उन्होंने आमिर के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आमिर खुद को परफेक्ट नहीं मानते, बल्कि हमेशा अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं.

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में आमिर खान को अक्सर ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है. उनकी फिल्मों और काम करने के तरीके को देखकर फैंस ने उन्हें यह पहचान दी है. लेकिन फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट इस टैग को थोड़ा अलग नजरिए से देखते हैं. उनका मानना है कि आमिर खान परफेक्शनिस्ट नहीं, बल्कि ऐसे कलाकार हैं जो हमेशा अपने काम को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं.

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आमिर खान ने भी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. उन्होंने मुंबई के नरसी कॉलेज से 12वीं पास की है. इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ थिएटर कंपनी में काम करना शुरू किया. फिल्म कयामत से कयामत तक फिल्म से उन्होंने अपना करियर शुरू किया और आज वह सुपरस्टार हैं.

हाल ही में विक्रम भट्ट ने अपनी बातचीत में कहा कि वह आमिर को परफेक्शनिस्ट कहे जाने से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. उनके मुताबिक, एक सच्चा परफेक्शनिस्ट वह होता है जो मान ले कि उसने सबसे बेहतरीन काम कर लिया है और अब उससे आगे कुछ नहीं हो सकता.

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Javed akhtar aamir khan

लेकिन आमिर खान की सोच इससे बिल्कुल अलग है. आमिर कभी यह नहीं मानते कि उनका काम पूरी तरह परफेक्ट हो गया है. वह हमेशा सोचते हैं कि इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है. यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है. वह अपने काम से जल्दी संतुष्ट नहीं होते और लगातार सुधार की कोशिश करते रहते हैं.’

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अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि अपना बेस्ट देने की कोशिश करना और खुद को परफेक्ट मान लेना, दोनों अलग बातें हैं. आमिर हमेशा मानते हैं कि अभी और मेहनत की जा सकती है. वह अपने हर प्रोजेक्ट में समय और ऊर्जा लगाते हैं, जिसका असर उनकी फिल्मों की गुणवत्ता में साफ दिखाई देता है.

बातचीत के दौरान विक्रम भट्ट ने फिल्म ‘गुलाम’ के दिनों को भी याद किया, जिसमें उन्होंने आमिर खान के साथ काम किया था. उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान कई बार दोनों के बीच किसी सीन या फैसले को लेकर मतभेद भी होते थे. हालांकि इन बहसों का मकसद एक-दूसरे को गलत साबित करना नहीं, बल्कि फिल्म को बेहतर बनाना होता था.

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बता दें कि विक्रम भट्ट के मुताबिक, आमिर हर चीज को गहराई से समझना चाहते हैं. अगर उन्हें लगता है कि किसी सीन में और सुधार की गुंजाइश है, तो वह उस पर खुलकर चर्चा करते हैं. वह उन कलाकारों में से नहीं हैं जो सिर्फ अपना काम खत्म करके आगे बढ़ जाएं.

निर्देशक ने आखिर में कहा कि यह उनकी निजी राय है और जरूरी नहीं कि आमिर खुद भी अपने बारे में ऐसा ही सोचते हों. लेकिन इतने सालों तक उनके साथ काम करने और उन्हें करीब से देखने के बाद उनकी यही समझ बनी है कि आमिर खान एक ऐसे कलाकार हैं, जो लगातार सीखने, खुद को बेहतर बनाने और आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं.

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फतुहा में अग्नि सुरक्षा पर विशेष जागरूकता अभियान: वीडियो दिखाकर लोगों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके सिखाए – fatwah News




फतुहा में रविवार को अग्निशमन विभाग द्वारा अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान फतुहा थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित कल्याण नाथ मंदिर के समीप आयोजित किया गया था। इस दौरान फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से आम लोगों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की घटनाओं में घबराने के बजाय सूझबूझ और सतर्कता से काम लेना चाहिए। लोगों को फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना देने, सुरक्षित स्थान पर जाने और बचाव के दौरान ध्यान रखने योग्य बातों के बारे में बताया गया। प्रधान अग्निक बीरमनी कुमार ने जानकारी दी कि विभाग का उद्देश्य लोगों को अग्नि दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि आग लगने के समय बचाव के उपाय, गैस सिलेंडर और बिजली से लगने वाली आग पर नियंत्रण तथा प्राथमिक सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस जागरूकता अभियान में प्रधान अग्निक बीरमनी कुमार, अग्निक मो. इब्रान खान और अग्निक चालक कुंदन कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में उपयोगी बताया।



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Aam Ka Achaar Recipe: एक बार चखेंगे तो भूल नहीं पाएंगे! भुसावर के खास आम के अचार की रेसिपी


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Aam Ka Achaar Recipe: भरतपुर के भुसावर का आम का अचार अपने चटपटे स्वाद, लाजवाब खुशबू और पारंपरिक देसी अंदाज के लिए दूर-दूर तक मशहूर है. सरसों के तेल और खास मसालों के संतुलित मिश्रण से तैयार होने वाला यह अचार हर खाने का स्वाद दोगुना कर देता है. अच्छी बात यह है कि अब आप भी इस मशहूर भुसावर स्टाइल आम के अचार को घर पर आसानी से बनाकर उसके असली देसी स्वाद का आनंद ले सकते हैं.

भरतपुर. जिले के भुसावर क्षेत्र का नाम इन दिनों एक बार फिर अपने खास आम के अचार को लेकर चर्चा में है. यहां बड़े पैमाने पर कच्चे आम का अचार तैयार किया जा रहा है. जिसकी मांग न केवल भरतपुर बल्कि आसपास के जिलों और कई राज्यों तक बनी रहती है. भुसावर का अचार अपने पारंपरिक स्वाद खुशबू और लंबे समय तक टिके रहने की खासियत के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुका है. इस अचार की पहचान इसके मसालों के संतुलन और बनाने की पारंपरिक विधि में छिपी है. यही वजह है कि जो भी एक बार इसका स्वाद चखता है. वह इसे भूल नहीं पाता अब अच्छी बात यह है कि भुसावर जैसा स्वादिष्ट आम का अचार घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है. बस जरूरत है सही सामग्री और विधि को अपनाने की. इसी के साथ अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजे और सख्त कच्चे आम का चयन करना जरूरी होता है.

इसे बनाने की आसान रेसिपी 

आम को धोकर अच्छे से सुखाया जाता है. ताकि उसमें नमी बिल्कुल न रहे, इसके बाद आम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है. मसालों में सरसों का तेल, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, सौंफ और मेथी का इस्तेमाल किया जाता है. इन सभी मसालों का सही मात्रा में मिश्रण ही अचार के स्वाद को खास बनाता है. कटे हुए आम के टुकड़ों को मसालों के साथ अच्छे से मिलाकर साफ और सूखे कांच के जार में भर दिया जाता है. इसके बाद अचार को कुछ दिनों तक तेज धूप में रखा जाता है. धूप में रखने से मसाले आम के टुकड़ों में अच्छी तरह समा जाते हैं और अचार का स्वाद निखरकर सामने आता है. साथ ही अचार को बीच-बीच में चलाते रहना भी जरूरी होता है. ताकि वह खराब न हो, अचार बनाने वाले के अनुसार स्वच्छता का ध्यान रखना और नमी से बचाव करना अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है. सही तरीके से बनाया गया अचार महीनों तक खराब नहीं होता और उसका स्वाद भी बरकरार रहता है. कुल मिलाकर बात करते हैं तो भुसावर का यह मशहूर आम का अचार न केवल स्थानीय पहचान बना चुका है. बल्कि अब आप इसे घर पर बनाकर उसी पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकते हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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मूंछों की लंबाई तय, परेड में नहीं चमकेगी तलवार…सेना के ड्रेस कोड में 5 बदलाव


कलाई पर ब्रेसलेट बांधने का शौक हो या फिर ड्यूटी पर महकता हुआ परफ्यूम लगाने की चाहत, सरहद के रखवालों के लिए अब नियम पूरी तरह बदल चुके हैं. भारतीय सेना ने सदियों पुराने औपनिवेशिक कायदे-कानूनों की कड़ियों को एक झटके में तोड़ते हुए आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 के नाम से एक ऐसा सख्त और ऐतिहासिक रूलबुक जारी की है जिसने सैन्य गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. अब न तो परेड ग्राउंड पर निरीक्षण के दौरान अफसरों के हाथों में वो ब्रिटिश काल की तलवारें चमकेंगी और न ही सेना की डिक्शनरी में रॉयल जैसा कोई गुलामी का शब्द जिंदा रहेगा. मूंछों की कतरन से लेकर महिला अफसरों की लिपस्टिक और बिंदी तक पर सेना ने कड़े पहरे बिठा दिए हैं. गुलामी के प्रतीकों को मटियामेट कर भारतीय सेना अब पूरी तरह से देसी और स्वदेशी तेवर में सजने के लिए तैयार है, जहां बंदगला की जगह पारंपरिक बंदी जैकेट देश के गौरव को नई ऊंचाई देगी.

सेना द्वारा जारी किए गए नए 174 पन्नों के मैनुअल आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 के तहत ब्रिटिश काल के कई नियमों, प्रतीकों और शब्दावलियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशस्त्र बलों से औपनिवेशिक तौर-तरीकों को हटाने और भारतीय सैन्य लोकाचार को अपनाने के आह्वान के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है. नए नियमों में सेना की वर्दी को आधुनिक भारतीय पहचान के अनुरूप ढाला गया है.

सेना ड्रेस कोर्ड से जुड़ी 5 मुख्य बातें

1. बंदी जैकेट को मंजूरी: अब सेना के अधिकारी औपचारिक कार्यक्रमों में बंदगला के साथ भारतीय पारंपरिक ‘बंदी जैकेट’ भी पहन सकेंगे.

2. तलवार की अनिवार्यता खत्म: परेड के दौरान निरीक्षण करने वाले अधिकारियों (Reviewing Officers) के लिए अब तलवार ले जाना अनिवार्य नहीं होगा.

3. शब्दावली से ‘रॉयल’ शब्द बाहर: ब्रिटिश हुकूमत की याद दिलाने वाले ‘रॉयल’ जैसे कई पुराने और औपनिवेशिक शब्दों को सेना की डिक्शनरी से हटा दिया गया है.

4. महिला अफसरों के लिए सख्त नियम: यूनिफॉर्म में लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी और नोज़ पिन लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. स्लीवलेस कुर्ता या प्लाजो पैंट की अनुमति नहीं है.

5. परफ्यूम और ब्रेसलेट पर प्रतिबंध: ड्यूटी के दौरान परफ्यूम या डियोड्रेंट लगाने और ब्रेसलेट पहनने पर पाबंदी रहेगी. केवल धार्मिक उत्सव के दिन एक पवित्र धागा (मौली) पहनने की छूट होगी.

औपनिवेशिक सोच से मुक्ति
भारतीय सेना का यह कदम केवल कपड़ों का बदलाव नहीं है बल्कि यह मानसिक रूप से औपनिवेशिक दासता से मुक्त होने की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक और वैचारिक कदम है. दुनिया की सबसे अनुशासित सेनाओं में शुमार भारतीय सेना अब अपनी स्वदेशी पहचान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रही है. बंदी जैकेट को शामिल करना और रॉयल जैसे शब्दों को हटाना यह दिखाता है कि भारत अब अपनी सैन्य पहचान को भारतीय मूल्यों के आधार पर परिभाषित कर रहा है. इसके साथ ही, ग्रूमिंग और कॉस्मेटिक्स पर सख्त नियम लागू करके सेना ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिकता के दौर में भी सैन्य अनुशासन, सादगी और एकरूपता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

सवाल-जवाब
प्रश्न 1: भारतीय सेना ने ड्रेस रेगुलेशन में बदलाव क्यों किया है?
जवाब: यह बदलाव सेना से औपनिवेशिक काल (ब्रिटिश शासन) के अवशेषों, प्रतीकों और पुरानी शब्दावलियों को हटाने और सैन्य संस्कृति को भारतीय लोकाचार व राष्ट्रीय पहचान के अनुरूप ढालने के लिए किया गया है.
प्रश्न 2: नए विंटर यूनिफॉर्म ‘ड्रेस 3B’ की क्या विशेषता है?
जवाब: ‘ड्रेस 3B’ सेना के सभी रैंकों के लिए लागू एक नई विंटर यूनिफॉर्म है, जिसमें एक अंगोला शर्ट, बैटल जैकेट और बेरेट (टोपी) शामिल की गई है.
प्रश्न 3: महिला और पुरुष सैन्य कर्मियों के ग्रूमिंग मानकों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
जवाब: पुरुषों के लिए मूंछों की अधिकतम लंबाई 12 सेंटीमीटर तय की गई है और परफ्यूम पर बैन है. महिलाओं के लिए यूनिफॉर्म में लिपस्टिक, बिंदी, नोज़ पिन और रंगीन नेल पॉलिश लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है.



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