Tuesday, June 16, 2026
Home Blog

इंजीनियर का बेटा, जिसका अधुरा रह गया एक्टर बनने का सपना, बन बैठा डायरेक्टर


Last Updated:

बॉलीवुड को ‘जब वी मेट’, ‘रॉकस्टार’ और ‘तमाशा’ जैसी यादगार फिल्में देने वाले निर्देशक इम्तियाज अली आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि वह डायरेक्टर नहीं एक्टर बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे. हालांकि किस्मत ने उन्हें कैमरे के सामने नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे खड़ा किया और यही फैसला उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे सफल निर्देशकों में शामिल कर गया.इम्तियाज अली का जन्म 16 जून 1971 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. ‘जब वी मेट’, ‘रॉकस्टार’, ‘हाइवे’ और ‘तमाशा’ जैसी यादगार फिल्में बनाने वाले इम्तियाज ने अपनी कहानियों और किरदारों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वह निर्देशक नहीं, बल्कि अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे. किस्मत ने हालांकि उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था और यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन गया.

‘लव आज कल’, ‘रॉकस्टार’, ‘हाइवे’, ‘तमाशा’ और हाल ही में ‘अमर सिंह चमकीला’ जैसी फिल्मों ने उनकी पहचान को और मजबूत किया. अपने शानदार काम के लिए उन्हें आईफा, जी सिने अवॉर्ड, इंडियन टेली अवॉर्ड और कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं. अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे इम्तियाज अली ने निर्देशन की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

रिपोर्ट- 2030 तक AI से 22% नौकरियां प्रभावित होंगी: 40% कंपनियों में डिग्री+AI वालों को तवज्जो; चीन ने 12 हजार डिग्रियां खत्म कीं, AI कोर्स शुरू


  • Hindi News
  • National
  • 40% Companies Prefer Degree+AI Skills; China Scraps 12K Degrees, Launches AI Courses

नई दिल्ली2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

देश में आईटी, कानून, वाणिज्य, अनुवाद, डिजाइन और पुस्तकालय विज्ञान जैसे क्षेत्रों में बड़ा उलटफेर शुरू हो चुका है। AI के टूल्स ने उन कामों को या तो खत्म कर दिया है या बेहद सिकोड़ दिया है, जिनके लिए लाखों छात्र हर साल डिग्रियां लेते हैं।

टीमलीज जैसी बड़ी एचआर कंपनी का कहना है कि 40% कंपनियां ‘हाइब्रिड स्किल’ यानी डिग्री के साथ AI टूल्स की जानकारी को अनिवार्य मानती हैं। नैस्कॉम की 2024 की रिपोर्ट कहती है कि देश में 82% बीसीए और एमसीए स्नातकों को AI टूल्स की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार, नौकरियां उन लोगों के पास रहेंगी जो AI टूल का उपयोग करके उत्पादकता 40% तक बढ़ा सकते हैं।

आईबीएम इंस्टीट्यूट फॉर बिजनेस वैल्यू की रिपोर्ट कहती है कि AI लोगों की जगह नहीं लेगा, पर जो AI का उपयोग करते हैं, वे उनकी जगह ले लेंगे जो ऐसा नहीं करते। ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार, 2030 तक 22% नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।

इधर, चीन ने 2021 और 2025 के बीच अपने विश्वविद्यालयों ने 12,200 से अधिक स्नातक (अंडरग्रेजुएट) कार्यक्रमों को रद्द या निलंबित कर दिया, जबकि लगभग 10,200 नए कार्यक्रम शुरू किए।

एक्सपर्ट बोले- तरीका नहीं बदला तो डिग्रियों की कोई वैल्यू नहीं रहेगी

दैनिक भास्कर ने टेक कंपनी ‘पीपुलस्ट्रॉन्ग’ और ‘टैग्ड’ के सह-संस्थापक और एचआर पंकज बंसल से AI के असर पर चर्चा की और उनके 10 सवाल किए, जिन्हें उन्होंने जवाब दिए हैं।

  1. पारंपरिक डिग्री वालों का क्या होगा?पारंपरिक डिग्रियां पूरी तरह बेकार नहीं होंगी, लेकिन उनका स्वरूप अप्रासंगिक हो रहा है। पढ़ाई का तरीका और कंटेंट न बदला, तो उन डिग्रियों की कोई वैल्यू नहीं बचेगी। बाजार में केवल थ्योरी या रट्टा वाले औसत छात्रों की जरूरत खत्म हो रही है। अपग्रेड करना होगा।
  2. जो डिग्री ले रहे हैं, वे क्या कर सकते हैं?जो छात्र अभी सेकंड या थर्ड ईयर में हैं, वे लाइव प्रोजेक्ट पर काम शुरू करें। AI टूल्स का प्रोफेशनल लाइसेंस लें, उस पर 6 महीने रात-दिन काम करें और सॉफ्टवेयर या वेबसाइट्स बनाएं।
  3. जो डिग्री पूरी कर चुके हैं, वे क्या करें?सबसे बेहतरीन रास्ता है- इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट। अगर आपको किसी बड़ी कंपनी में मौका नहीं मिल रहा है, तो छोटे स्टार्टअप, एनजीओ या अपने स्थानीय क्षेत्र की किसी फैक्ट्री या दुकान के पास जाएं। उनकी समस्याओं को समझें और AI से उन्हें सुलझाएं।
  4. ‘ग्रेजुएशन’ की वैल्यू कितनी बचेगी?भारत में अभी नौकरी के आवेदन शॉर्टलिस्ट करने के लिए ग्रेजुएशन की ‘स्टैम्पिंग’ जरूरी है और यह स्थिति अगले 3 से 5 साल तक बनी रहेगी। लेकिन इसके बाद न्यू एजुकेशन पॉलिसी (NEP) का ‘5.5 क्रेडिट स्कोर’ इसे रिप्लेस कर देगा, जहां प्रैक्टिकल काम और प्रोफेशनल कोर्सेज के जरिए अंक मिलेंगे। आने वाले समय में लोग पूछेंगे कि आप ‘5.5 स्केलर’ हैं या नहीं। टेक वर्ल्ड में पहली नौकरी के बाद कोई आपकी डिग्री नहीं पूछेगा।
  5. ऐसे में जॉब पाने का अच्छा तरीका क्या?सबसे अच्छा तरीका है कि आप ‘10x इंजीनियर’ या ‘10x प्रोफेशनल’ बनें, यानी जो अकेले 10 सामान्य लोगों का काम संभाल सके। अगर आप AI की मदद से किसी कंपनी का समय और लागत बचा सकते हैं, तो जहां पहले 5 लाख रु. का शुरुआती पैकेज मिलता था, वहां आज कंपनियां 25 लाख रु. की शुरुआती तनख्वाह देने को तैयार हैं। कंपनियों को ‘औसत’ लोग नहीं, बल्कि काम के लोग चाहिए।
  6. AI कोर्सेज से जॉब के दावे सही हैं?बिल्कुल नहीं। नुक्कड़ पर चल रहे किसी भी संस्थान से AI का सर्टिफिकेट ले लेने से नौकरी की कोई गारंटी नहीं मिलती। AI सर्टिफिकेट सीवी को शॉर्टलिस्ट होने में मदद कर सकता है, पर नौकरी तभी मिलेगी जब बुनियादी योग्यता होगी, AI का व्यावहारिक ज्ञान होगा और असेसमेंट टेस्ट क्लियर करेंगे।
  7. एंट्री लेवल यानी फ्रेशर्स की जॉब्स पर इसका क्या और कितना असर पड़ रहा है?शुरुआती दौर में दबाव जरूर है क्योंकि जो बुनियादी काम पहले 10 लोग मिलकर करते थे, वह अब दो लोग AI की मदद से निपटा रहे हैं। इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी ट्रेडिशनल कंपनियों ने शुरुआत में फ्रेशर्स की हायरिंग रोकी या टाली है। लेकिन यह केवल शॉर्ट-टर्म ट्रेंड है, लॉन्ग-टर्म में जॉब मार्केट में नेट एडिशन (नौकरियों की बढ़ोतरी) ही होने वाला है।
  8. जब आईटी कंपनियां भर्तियां रोक रही हैं, तो नए युवाओं को जॉब कहां मिलेगी?भारत में इस समय ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी (GCCs) की बाढ़ आई हुई है। देश में 4000 से ज्यादा जीसीसी हैं और हर हफ्ते दो नए सेंटर खुल रहे हैं। ये सेंटर्स AI स्किल्स वाले युवाओं को बहुत भारी पैकेज और ऊंची सैलरी पर हायर कर रहे हैं। इसके अलावा धीरे-धीरे ट्रेडिशनल कंपनियों में भी नियुक्तियां दोबारा खुलने लगी हैं।
  9. क्या AI इंसानों को पूरी तरह रिप्लेस कर देगा, क्या इसकी लागत इंसानों से कम है?वैश्विक संगठनों को समझ आने लगा है कि AI की कॉस्ट (टोकन और जीपीयू प्रोसेसिंग लागत) इंसानी लागत से कम नहीं है। कई स्टार्टअप्स का AI बिल इतना ज्यादा आ रहा है कि वे AI टूल्स के बजाय दो इंसानों को हायर करना बेहतर समझ रहे हैं। इसके अलावा, जिन कामों में मानवीय निर्णय और लोगों से जुड़ने की जरूरत होती है, वहां AI कभी रिप्लेस नहीं कर सकता।
  10. वो कौन-सी मानवीय खूबियां और सेक्टर्स हैं, जहां इंसान ही सबसे आगे रहेंगे?AI के दौर में चार मानवीय खूबियां सबसे कीमती हो गई हैं- एग्रीगेशन एबिलिटी (चीजों को आपस में जोड़ने की समझ), डिसीजन मेकिंग (निर्णय क्षमता), हाई ईक्यू (इमोशनल कोशेंट) और अपनी बात को प्रभावी ढंग से बयां करने का हुनर। अगर सेक्टर्स की बात करें, तो हॉस्पिटैलिटी, डेटा साइंसेज, सेल्स और AI-असिस्टेड स्पेशलिस्ट्स (जैसे डॉक्टर या जर्नलिस्ट जो AI जानते हों) के रोल्स हमेशा सुरक्षित और मजबूत रहेंगे।

चीन ने 12 हजार डिग्रियां खत्म कीं, AI कोर्स शुरू

चीन ने 2021 और 2025 के बीच अपने विश्वविद्यालयों ने 12,200 से अधिक स्नातक (अंडरग्रेजुएट) कार्यक्रमों को रद्द या निलंबित कर दिया, जबकि लगभग 10,200 नए कार्यक्रम शुरू किए।

इनमें से कई कटौतियां कला, मानविकी, विदेशी भाषाओं और प्रबंधन में केंद्रित थीं, क्योंकि चीन सरकार विश्वविद्यालयों पर AI, सेमीकंडक्टर्स, रोबोटिक्स और अन्य रणनीतिक उद्योगों के लिए प्रतिभाएं तैयार करने का दबाव बना रही है।

भारत में कर्नाटक सरकार ने 1300 कोर्स की सीटें घटाईं

भारत में फिलहाल कर्नाटक सरकार ने कम दाखिले और अन्य कारकों का हवाला देते हुए शैक्षणिक 2026-27 के लिए सरकारी कॉलेजों में 458 बीए, बीएससी, बीकॉम कार्यक्रम संयोजनों (कॉम्बिनेशन्स) को बंद कर दिया है। 1,300+ कोर्स में सीटें घटाईं।

……………..

यह खबर भी पढ़ें…

सैम ऑल्टमैन बोले- AI से नौकरी जाने का खतरा नहीं: रोजगार में इंसानी हिस्सा बदलना नामुमकिन; शुरुआती डर गलत साबित हुआ

ओपन-AI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा कि AI की तेज ग्रोथ और इस्तेमाल से दुनिया में जॉब्स एपोकैलिप्स यानी नौकरियों का संकट नहीं आएगा। उन्होंने माना कि तकनीक ने उतने व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म नहीं किए हैं, जितने का उन्हें पहले डर था।CBA के चीफ एग्जीक्यूटिव मैट कॉम्यन को दिए इंटरव्यू में ऑल्टमैन ने कहा कि शुरुआत में वह ग्लोबल एम्प्लॉयमेंट लेवल पर AI के प्रभाव को लेकर चिंतित थे। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

क्वीन्स हब क्लब में अवैध हुक्का-बार पर छापा, मैनेजर गिरफ्तार: 3 हुक्के, 17 पाइप, 5 चिलम और नशीले फ्लेवर जब्त – Jaipur News




जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने मालवीय नगर स्थित क्वीन्स हब क्लब में चल रहे अवैध हुक्का बार पर देर रात छापा मारकर क्लब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 3 हुक्के, 17 पाइप, 5 चिलम और विभिन्न प्रकार के नशीले फ्लेवर जब्त किए हैं। वहीं हुक्का पार्टी कर रहे दो युवकों के खिलाफ कोटपा एक्ट के तहत चालान भी किया गया है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया किपुलिस को 15 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मालवीय नगर के गिरधर मार्ग स्थित क्वीन्स हब क्लब में ग्राहकों को खाने-पीने की सामग्री के साथ हुक्का परोसा जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लब में दबिश दी। जांच के दौरान क्लब के अंदर कुछ युवक टेबल पर रखे हुक्कों के जरिए तंबाकूयुक्त फ्लेवर का सेवन करते मिले। पुलिस ने टेबल पर रखे 3 हुक्के, 17 पाइप, 5 चिलम और फ्लेवर के पैकेट जब्त कर लिए। पूछताछ में क्लब मैनेजर इरशाद कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने क्लब मैनेजर इरशाद (31) निवासी जिला नूंह, हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही हुक्का पी रहे दो युवकों के खिलाफ कोटपा अधिनियम के तहत चालान कर जुर्माना वसूला गया। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध हुक्का बार और देर रात पार्टियां आयोजित करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।



Source link

CSK से लेकर अंडर-19 कप्तान तक, तैयार हो रहे इंटरनेशनल क्रिकेटर


सहारनपुर: खेल के मैदान पर प्रतिभा किसी सुख-सुविधा या रसूख की मोहताज नहीं होती, उसे बस एक सही मौके और थोड़े से मार्गदर्शन की दरकार होती है. उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला इन दिनों देश के खेल जगत में अपनी सफलता के झंडे गाड़ रहा है. इसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका निभा रही है ‘सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन’ (SDCA), जो आज के समय में पैसों की कमी और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे गरीब बच्चों के लिए साक्षात मसीहा बनकर सामने आई है. इस एसोसिएशन की कड़े परिश्रम और दूरदर्शी नीति का ही नतीजा है कि आज सहारनपुर का क्रिकेट लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यहां के तंग गलियों से निकले बच्चे आईपीएल (IPL) और इंडिया अंडर-19 जैसी बड़ी टीमों में अपने बल्ले और गेंद से धमाल मचा रहे हैं.

तैयार हो रही है इंटरनेशनल क्रिकेटरों की फौज

सहारनपुर में क्रिकेट की इस ऐतिहासिक क्रांति की नींव साल 2014 में रखी गई थी. इस संस्था की शुरुआत इसी मुख्य उद्देश्य के साथ की गई थी कि पैसों की तंगी के कारण किसी भी होनहार बच्चे का क्रिकेटर बनने का सपना अधूरा न रह जाए. इसके बाद से ही जिला एसोसिएशन ने ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के प्रतिभावान युवाओं को खोजना और उन्हें तराशना शुरू किया.

CSK से लेकर U-19 के कप्तान तक

सहारनपुर क्रिकेट एसोसिएशन के ट्रेनिंग कैंप से निकले खिलाड़ियों की सफलता की कहानियां रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं-

प्रशांत वीर: हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम में सबसे महंगे और प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में शामिल होने वाले प्रशांत वीर ने सहारनपुर की इसी एसोसिएशन की पिच पर दौड़कर क्रिकेट की एबीसीडी सीखी थी.

मोहम्मद अमन (पूर्व अंडर-19 कप्तान): एक बेहद गरीब और साधनहीन परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद मोहम्मद अमन ने अपनी लगन और एसोसिएशन के सहयोग से भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी करने का गौरव हासिल किया.

मुफ्त मिलेंगी सारी सुविधाएं: अगर कोई बच्चा बेहद गरीब परिवार से है, उसके माता-पिता महंगी क्रिकेट किट, जूते या कोचिंग की फीस वहन नहीं कर सकते, तो डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ऐसे बच्चों को पूरी तरह गोद ले रही है. एसोसिएशन की तरफ से उन्हें विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, आधुनिक उपकरण और टूर्नामेंट खेलने के लिए पूरा खर्च मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिल सके.

सहारनपुर का इंफ्रास्ट्रक्चर भी अब बड़े महानगरों को टक्कर दे रहा है. यहां अब एक चमचमाता नेशनल स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और कई ऐसे हाई-टेक ग्राउंड्स बनकर तैयार हो चुके हैं, जहां आज भी रणजी, अंडर-19 और आईपीएल के बड़े-बड़े खिलाड़ी नेट प्रैक्टिस करने के लिए आते हैं.

ट्रेनिंग, ग्राउंड फीस, किट सब मुफ्त

हाल ही में सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने नए पदाधिकारियों की टीम की आधिकारिक घोषणा की है. पदभार संभालते ही नए युवा पदाधिकारियों ने जिले के नवोदित खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है. इसके तहत, जो भी बच्चा क्रिकेट खेलने का इच्छुक है और उसके पास आर्थिक संसाधन नहीं हैं, उसके लिए एसोसिएशन के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे. ऐसे बच्चों के लिए ट्रेनिंग, ग्राउंड फीस, किट और रहने-खाने की तमाम व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क (फ्री) रहेगी, ताकि वे बिना किसी मानसिक और आर्थिक दबाव के देश का नाम रोशन करने के अपने सपने को साकार कर सकें.

सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (SDCA) की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
इस एसोसिएशन की शुरुआत साल 2014 में की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य गरीब व साधनहीन प्रतिभावान बच्चों को मुफ्त में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर तक पहुंचाना है.

सहारनपुर के किस विकेटकीपर खिलाड़ी को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम में शामिल किया गया है?
सहारनपुर से ही क्रिकेट की बारीकियां सीखकर आईपीएल तक पहुंचने वाले तेज-तर्रार विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रशांत वीर को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम में शामिल किया गया है.



Source link

नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म फिर करने लगा ब्लैकमेल: सुनवाई न होने का आरोप लगाकर थाने में जहर खाने का प्रयास, पुलिस ने बचाई जान – Gwalior News




ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रहने वाली एक 26 वर्षीय विवाहिता के साथ छल-कपट और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला उजागर हुआ है। आरोपी ने महिला की मजबूरी का फायदा उठाते हुए पहले नौकरी लगवाने का लालच दिया और फिर शादी का झांसा देकर उसका लगातार शारीरिक शोषण किया। पीड़ित ने सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए सोमवार रात मुरार थाना में जहर खाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाया है। पीड़िता की लिखित शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं मामला दर्ज कर लिया है। एक बार पहले भी महिला शिकायत कराने आई थी और फिर मना कर गई थी। साथ ही जहर खाने की हरकत पहले भी कर चुकी है। बच्ची को पढ़ाने ग्वालियर आई थी पीड़िता
मुरार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से भिंड की रहने वाली महिला की शादी वर्ष 2016 में भिंड में ही हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद उसकी दो छोटी बच्चियां (5 वर्ष और 3 वर्ष) हैं। करीब 4 साल पहले पीड़िता अपनी बड़ी बेटी को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए ग्वालियर में किराये का मकान लेकर रहने आई थी। मोहल्ले में ही आरोपी गजेंद्र केवट की एक ऑनलाइन (कियोस्क सेंटर) दुकान थी। पीड़िता अक्सर अपने बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए गजेंद्र की दुकान पर जाती थी, जिसके चलते दोनों के बीच जान-पहचान हो गई और मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान होने के बाद बातचीत शुरू हो गई। मजबूरी का उठाया फायदा, मई 2024 में पहली बार बनाए संबंध
बातचीत के दौरान आरोपी गजेंद्र केवट को पता चला कि महिला अपने पति से दूर बच्चों की पढ़ाई के लिए ग्वालियर में अकेली रहती है। उसने महिला की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाने के लिए जाल बुना। गजेंद्र ने पीड़िता से कहा कि “तुम बच्चों के साथ अकेली रहती हो, तुम्हें पैसों की सख्त जरूरत होगी। मैं तुम्हारी एक अच्छी जगह नौकरी लगवा दूंगा।” इसी बहाने से माह मई 2024 में आरोपी नौकरी का झांसा देकर महिला के किराये के कमरे पर पहुंचा और वहां उसके साथ पहली बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी लगातार नौकरी लगवाने का लालच देकर महिला का शारीरिक शोषण करता रहा। जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे अपने जाल में फंसाए रखने के लिए कहा कि “तुम अपने पति से कानूनी तौर पर तलाक ले लो, तो मैं तुमसे कोर्ट मैरिज (शादी) कर लूंगा।”इसके बाद से लगाकार ब्लैकमेल कर संबंध बना रहा था। 23 मई 2026 तक आरोपी ने संबंध बनाए अब शादी से मुकर गया है। सुनवाई न होने पर जहर खाने का किया प्रयास
सोमवार को महिला मुरार थाना पहुंची और सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए जहर खाने का प्रयास किया। जिस पर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्काल उसे रोक लिया और तत्काल मेडिकल के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया है। पुलिस ने महिला के लौटने पर तत्काल आरोपी के खिलाफ नौकरी व शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया है। पहले भी कर चुकी है ऐसा पुलिस ने बताया कि महिला पहले भी मामला दर्ज कराने आई थी और पूरी रिपोर्ट टाइप कराने के बाद जब मामला दर्ज करने की बारी आई तो आरोपी से समझौता कर चली गई थी। इसके बाद एक बार पहले भी वह जहर खाने का प्रयास कर चुकी है। सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी ने बताया एक महिला ने अपने साथ नौकरी के नाम पर दुष्कर्म की शिकायत की है। महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है, जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।



Source link

रामगढ़ताल में सुरक्षा पर GDA की रहेगी नजर: निगरानी के लिए टीम गठित; बोटिंग संचालन पर रहेगा ध्यान – Gorakhpur News




रामगढ़ताल में हुई घटना के बाद यहां सुरक्षा को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। यहां सुरक्षा और सफाई की निगरानी के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। बोटिंग के दौरान स्टंटबाजी तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की घटनाओं के चलते यह कदम उठाया गया है।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने रामगढ़ताल क्षेत्र में निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की है। GDA के सहायक अभियंता राज बहादुर को टीम का प्रभारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में टीम ताल क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करेगी और बोटिंग संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी करेगी। रामगढ़ताल में वर्षों से बोटिंग गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन ताल के भीतर आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के सवाल लगातार उठते रहे हैं। पूर्व में भी ताल में नाव पलटने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश में एक तालाब में क्रूज डूबने की घटना के बाद जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर बहस तेज हुई, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा सके। अब जीडीए ने जेटी और बोटिंग प्वाइंट्स पर विशेष निगरानी की योजना बनाई है। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए, सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों और संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या लापरवाही न हो। इसके साथ ही ताल क्षेत्र में जल पुलिस की तैनाती अथवा त्वरित बचाव व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल का कहना है कि रामगढ़ताल को सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा



Source link

दहेज की मांग पूरी न होने पर टूटी शादी: 50 हजार रुपये के लिए नहीं पहुंचा दूल्हा, लड़की पक्ष ने कहा- तैयारियां हो गई थी, बारात का इंतजार रहे थे – Jogapatti(Bettiah) News




बेतिया में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक शादी टूट गई। घटना सोमवार की है। लड़की पक्ष के लोगों ने बताया कि शादी के दिन लड़के पक्ष के लोगों ने अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मांग की जिसे हम नहीं दे पाएं। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद बारात का इंतजार करते रहे लेकिन बारात नहीं आई। वहीं सूचना पर पुलिस भी पहुंची। पूरा मामला योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा बाजार की है। सभी तैयारियां पूरी हो गई थी लड़की के पिता जनाब साहब ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी शबनम खातून की शादी जिले के ही रूदलपुर के जनाब गुलाब अंसारी के बेटे अरमान साहब से तय की थी। लेकिन बारात न लाने की वजह से शादी नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह के लिए घर में सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदार और मेहमान भी पहुंच गए थे और बारात के स्वागत की व्यवस्था की गई थी। शादी के दिन 50 हजार की डिमांड लडकी के पिता ने बताया कि शादी तय होने के समय लड़के पक्ष को मोटरसाइकिल, फर्नीचर और लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद दिए गए थे। इसके बावजूद, शादी के दिन लड़के पक्ष ने अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मांग की। परिजनों ने बताया कि वे यह अतिरिक्त राशि देने में असमर्थ थे। सूचना पर पहुंची पुलिस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं थानाध्यक्ष धुर्व नारायण सिंह ने जानकारी मिलते ही 112 की पुलिस ने बताया कि यदि पीड़ित परिवार द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



Source link

बहन को खोने का दर्द बना मिशन, अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर फिल्म बनाएंगे मिलान शर्मा


Last Updated:

अहमदाबाद प्लेन क्रैश में अपनी बहन को खोने वाले फिल्ममेकर मिलान शर्मा अब इस दर्दनाक हादसे पर एक फिल्म बनाने जा रहे हैं. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके लिए एक निजी मिशन है. उन्होंने यहां तक कहा कि यह उनके करियर का आखिरी प्रोजेक्ट भी हो सकता है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

फिल्ममेकर ने बताया क्यों बनाई फिल्म

नई दिल्ली. वडोदरा में रहने वाले 38 वर्षीय मिलान शर्मा मूल रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं. पिछले साल अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश में उन्होंने अपनी 56 साल की बहन अंजू शर्मा को खो दिया था. हादसे के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने तय कर लिया था कि इस त्रासदी की कहानी बड़े पर्दे पर जरूर लाएंगे.

मिलान ने बताया कि हादसे के एक हफ्ते के भीतर ही उन्होंने इस पर फिल्म बनाने का फैसला कर लिया था और वह पहले से ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि एक साल बीत जाने के बाद भी लोग हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और पीड़ित परिवार जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन हुआ क्या था.

हादसे के बाद बदली जिंदगी पर होगी आधारित

मिलान शर्मा के मुताबिक, यह फिल्म सिर्फ विमान हादसे तक सीमित नहीं रहेगी. इसमें उन परिवारों की कहानी भी दिखाई जाएगी, जिनकी जिंदगी इस दुर्घटना के बाद पूरी तरह बदल गई. मिलान अब तक 20 से 25 प्रभावित परिवारों से मिल चुके हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों की कहानी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि वह परिवारों से फिल्म के लिए नहीं, बल्कि उनका दुख समझने और बांटने के लिए मिले. इसी दौरान उन्होंने कई ऐसे लोगों से भी बात की, जो हादसे के समय मौके पर मौजूद थे. वह पीड़ितों की यादें, तस्वीरें और उनके आखिरी पलों से जुड़ी बातें भी इकट्ठा कर रहे हैं.

फिल्म को लेकर किया दावा

मिलान का कहना है कि इस हादसे को लेकर हर व्यक्ति का अपना नजरिया है और वह इन सभी कहानियों को एक साथ लेकर आना चाहते हैं. हालांकि फिल्म की स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने से पहले वह जांच रिपोर्ट का इंतजार करेंगे. उनका कहना है कि हादसे की वजह चाहे मानवीय गलती निकले या तकनीकी खराबी, फिल्म जरूर बनेगी.

बता दें कि मिलान ने बताया कि यह एक बड़े स्तर का प्रोजेक्ट होगा, जिसमें उनके प्रोडक्शन पार्टनर और सहयोगी भी साथ होंगे. मिलान मानते हैं कि अगर उनका कोई अपना इस हादसे का शिकार नहीं भी होता, तब भी वह इस पर फिल्म बनाते, लेकिन शायद उतने जुनून के साथ नहीं. इस हादसे ने उनकी निजी जिंदगी पर भी गहरा असर डाला है. अब जब भी वह हवाई यात्रा करते हैं, तो घबराहट महसूस होती है. उन्होंने बताया कि हाल ही में फ्लाइट में बैठने से पहले उन्होंने अपने परिवार को तस्वीर भेजी, जबकि पहले कभी ऐसा नहीं किया था.

बता दें कि मिलान शर्मा ने 2007 में बतौर एक्टर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा था. बाद में उन्होंने प्रोडक्शन और डायरेक्शन की दुनिया में काम किया. वह पंजाबी फिल्म ‘इश्क वाला’ और गुजराती प्रोजेक्ट ‘अमे छिये’ को भी प्रोड्यूस कर चुके हैं.

About the Author

authorimg

Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





Source link

पेरिस में बजा डंका! दुनिया के 7 सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में भारत के दो एयरपोर्ट


Last Updated:

अडानी समूह के विमानन कारोबार के लिए वैश्विक मोर्चे से एक बेहद शानदार खबर आई है. पेरिस में यूनेस्को (UNESCO) मुख्यालय में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘प्रिक्स वर्साय वास्तुकला और डिजाइन पुरस्कार 2026’ ने दुनिया के 7 सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों की सूची जारी की है, जिसमें भारत के दो हवाई अड्डों ने अपनी जगह पक्की कर ली है. अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा संचालित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और गुवाहाटी का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टर्मिनल 2) इस वैश्विक सूची में शामिल हुए हैं. खास बात यह है कि इस साल भारत की तरफ से सिर्फ इन्हीं दो हवाई अड्डों को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

अडानी समूह के इन दोनों टर्मिनलों को पारंपरिक और उबाऊ सरकारी इमारतों के ढर्रे से अलग हटकर तैयार किया गया है. (IANS)

नई दिल्ली. भारतीय विमानन क्षेत्र और बुनियादी ढांचे के लिहाज से एक बड़ी और गर्व करने वाली खबर आई है. पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय द्वारा घोषित समकालीन वास्तुकला के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘प्रिक्स वर्साय 2026’ की सूची में भारत के दो हवाई अड्डों को दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में शामिल किया गया है. इस साल वैश्विक स्तर पर केवल सात एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को उनकी बेहतरीन वास्तुकला, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन के लिए चुना गया है. इनमें से 2 भारत के हैं. दोनों का संचालन गौतम अडानी की कंपनी ‘अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड’ करती है.

यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत से इस पूरी सूची में सिर्फ इन्हीं दो हवाई अड्डों को जगह मिली है. इन एयरपोर्ट्स ने दुनिया के कई विकसित देशों के आधुनिक विमानन केंद्रों को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है. अडानी समूह के इन दोनों टर्मिनलों को पारंपरिक और उबाऊ सरकारी इमारतों के ढर्रे से अलग हटकर तैयार किया गया है. यह न केवल वैश्विक मानकों को पूरा करते हैं बल्कि भारत की बढ़ती विमानन महत्वाकांक्षाओं और आधुनिक डिजाइन क्षमताओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं.

इन वैश्विक दिग्गजों के साथ मिली जगह

साल 2026 की इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होकर भारतीय हवाई अड्डों ने वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाई है. इस सूची में शामिल अन्य देशों के प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  1. ग्वांगझू (चीन)
  2. फ्रैंकफर्ट एम मेन (जर्मनी)
  3. कंदल स्टुएंग (कंबोडिया)
  4. पिट्सबर्ग (अमेरिका)
  5. सैन डिएगो (अमेरिका)

डिजाइन में ऐसा क्या है जो दुनिया दीवानी हो गई?

इन दोनों हवाई अड्डों के निर्माण और उनकी वास्तुकला में स्थानीय संस्कृति और भविष्य की जरूरतों का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है:

  • नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टर्मिनल 1): इस हवाई अड्डे के पूरे निर्माण को भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. यह अत्याधुनिक वैश्विक तकनीक, भारतीय कला और कार्यशैली के बेहतरीन तौर-तरीकों का एक अनूठा उदाहरण पेश करता है, जो यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव देता है.
  • गुवाहाटी हवाई अड्डा (टर्मिनल 2): पूर्वोत्तर भारत के इस अहम प्रवेश द्वार को असम की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के रंग में रंगा गया है. इसका मुख्य डिजाइन वहां के मशहूर ‘बांस के ऑर्किड’ से प्रेरित है. इसमें प्राकृतिक सिद्धांतों का इस्तेमाल किया गया है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना यात्रियों को प्रकृति के करीब होने का अहसास कराता है.

कंपनी की साख और ब्रांड वैल्यू को मिलेगा बूस्ट

अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के प्रवक्ता ने इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर कहा कि यह सम्मान देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा खड़ा करने की हमारी प्रतिबद्धता पर मुहर लगाता है. हम ऐसे हवाई अड्डे विकसित कर रहे हैं जो न केवल सुंदरता बल्कि कार्यक्षमता और परिचालन दक्षता को भी सुनिश्चित करते हैं. व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैश्विक सम्मान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अडानी समूह के इंफ्रा कारोबार की साख और मजबूत होगी. इस बड़ी वैश्विक पहचान का सकारात्मक असर आने वाले समय में समूह के विमानन क्षेत्र के शेयरों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई परियोजनाएं हासिल करने की क्षमता पर साफ देखने को मिल सकता है.

About the Author

authorimg

जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



Source link

गैस जलाए बिना बनाएं ये 5 मिठाइयां, 10 मिनट में होंगी तैयार, मेहमान भी पूछेंगे इनकी रेसिपी


Last Updated:

Easy Dessert Recipes: अगर मीठा खाने का मन है, लेकिन गैस जलाने का झंझट नहीं चाहते, तो कुछ नो-कुक मिठाइयां आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं. बिस्किट चॉकलेट बॉल्स, ड्राई फ्रूट लड्डू, मैंगो योगर्ट डेजर्ट जैसी रेसिपीज मिनटों में तैयार हो जाती हैं और स्वाद में भी शानदार होती हैं. गर्मियों और अचानक आने वाले मेहमानों के लिए ये मिठाइयां परफेक्ट हैं.

Zoom

ड्राई फ्रूट के लड्डू और मैंगो योगर्ट डेजर्ट को आप आसानी से तैयार कर सकते हैं.

No-Gas Dessert Ideas at Home: मिठाइयां खाना अधिकतर लोगों को अच्छा लगता है. अक्सर लोग हलवाई की दुकान पर जाकर मिठाई खा लेते हैं. लोगों को लगता है कि घर पर मिठाई बनाने में कई घंटे लग जाएंगे और उसके लिए ढेर सारा सामान चाहिए. खासकर गर्मी के मौसम में लोग गैस जलाने से बचते हैं, क्योंकि किचन में पसीने से बुरा हाल हो जाता है. अच्छी बात यह है कि कई ऐसी स्वादिष्ट मिठाइयां हैं, जिन्हें बनाने के लिए गैस जलाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. अगर घर में अचानक मेहमान आ जाएं या बच्चों को कुछ मीठा खाने की इच्छा हो, तो आप बिना गैस जलाए ये मिठाइयां ट्राई कर सकते हैं.

बिस्किट चॉकलेट बॉल्स

अगर आप कम समय में मिठाई बनाना चाहते हैं, तो बिस्किट चॉकलेट बॉल्स एक शानदार विकल्प हैं. सबसे पहले अपनी पसंद के किसी भी बिस्किट को बारीक क्रश कर लें. अब इसमें कंडेंस्ड मिल्क और थोड़ा-सा कोको पाउडर मिलाकर एक मुलायम मिश्रण तैयार करें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चॉकलेट चिप्स या बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स भी मिला सकते हैं. तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे बॉल्स बनाएं और उन्हें नारियल के बुरादे, चॉकलेट स्प्रिंकल्स या क्रश किए हुए मेवों में रोल कर लें. इसके बाद इन्हें 20 से 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें. ठंडे होने के बाद इनका स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं.

ड्राई फ्रूट लड्डू

ड्राई फ्रूट लड्डू स्वाद के साथ सेहत का खजाना होते हैं. ये लड्डू बनाने के लिए खजूर, बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता और किशमिश जैसे सूखे मेवों को मिक्सर में दरदरा पीस लें. खजूर की प्राकृतिक मिठास इस रेसिपी में चीनी की जरूरत को खत्म कर देती है, जिससे यह ज्यादा हेल्दी बन जाती है. मिश्रण तैयार होने के बाद हाथों से छोटे-छोटे लड्डू बना लें. चाहें तो ऊपर से खसखस, नारियल का बुरादा या कटे हुए पिस्ते लगाकर इन्हें और आकर्षक बना सकते हैं. ये लड्डू प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं.

मैंगो योगर्ट डेजर्ट

मैंगो योगर्ट डेजर्ट एक हल्की, फ्रेश और स्वादिष्ट स्वीट डिश है, जिसे बिना किसी झंझट के तैयार किया जा सकता है. इसके लिए ताजे आम का गूदा लें और उसे गाढ़े दही के साथ अच्छी तरह मिलाएं. इसमें शहद या मेपल सिरप भी मिला सकते हैं. इस मिश्रण को सर्विंग ग्लास में डालें और ऊपर से कटे हुए आम, अनार के दाने, ड्राई फ्रूट्स या ग्रेनोला से सजाएं. इसे कुछ देर फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें. ठंडा परोसने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

नारियल और कंडेंस्ड मिल्क बर्फी

नारियल और कंडेंस्ड मिल्क की बर्फी बनाने के लिए सूखे नारियल के बुरादे में कंडेंस्ड मिल्क मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें, जब तक कि एक गाढ़ा और चिपचिपा मिश्रण तैयार न हो जाए. अब इस मिश्रण को घी लगी ट्रे या किसी फ्लैट कंटेनर में समान रूप से फैला दें. ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता या केसर की कुछ लड़ियां डालकर सजाएं. इसे कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दें ताकि मिश्रण अच्छी तरह सेट हो जाए. सेट होने के बाद इसे मनचाहे आकार में काट लें. यह मिठाई स्वाद में रिच होती है और बाजार जैसी बर्फी का एहसास देती है.

फ्रूट कस्टर्ड कप

फ्रूट कस्टर्ड कप एक रंग-बिरंगी और ताजगी से भरपूर मिठाई है. अगर आपके पास पहले से तैयार कस्टर्ड है, तो इसे बनाना बेहद आसान हो जाता है. एक बड़े बाउल में कटे हुए सेब, केला, अंगूर, आम, कीवी या अपनी पसंद के अन्य फल डालें. अब इनमें तैयार कस्टर्ड या गाढ़ा मीठा दही मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स करें. इस मिश्रण को छोटे-छोटे सर्विंग कप्स में भरें और ऊपर से ड्राई फ्रूट्स, चेरी या अनार के दानों से सजाएं. कुछ देर फ्रिज में रखने के बाद यह डेजर्ट और भी स्वादिष्ट हो जाता है. यह मिठाई स्वाद के साथ-साथ विटामिन और मिनरल्स का भी अच्छा स्रोत होती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



Source link