अमेरिकी उपराष्ट्रति जेडी वेंस ने इजराइल की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुई डील की आलोचना करने वालों को हकीकत समझना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर वे नेतन्याहू सरकार में होते तो दुनिया में अपने सबसे ताकतवर सहयोगी अमेरिका पर सवाल नहीं उठाते। वेंस ने कहा- इस समय पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रम्प ही ऐसे राष्ट्र प्रमुख हैं जो इजराइल के लिए सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने ट्रम्प की आलोचना करने वाले इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच की आलोचना की। उन्होंने नाम लेकर उनसे पूछा कि आपके पास ऑप्शन क्या है? इजराइल सिर्फ 90 लाख की आबादी वाला देश है। हर समस्या का हल लोगों को मार कर नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका पीस डील लागू: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में इससे जुड़े MoU पर साइन किए। 2. अमेरिका-ईरान प्रतिनिधि आज स्विट्जरलैंड में मिलेंगे: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच पहली औपचारिक वार्ता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होगी। 3. इजराइल बोला- लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे: इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का नया नक्शा जारी किया है और साफ किया है कि फिलहाल वहां से सैनिक नहीं हटाए जाएंगे। 4. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही तेज: पीस डील पर साइन होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं। 5. लेबनान में इजराइली हमलों में 3 लोगों की मौत: पीस डील लागू होने के बाद भी इजराइल ने साउथ लेबनान में हमला किया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। 2 मार्च से अब तक इन हमलों में 3,900 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका-ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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ईरान डील पर अमेरिका में सवाल: ट्रम्प जंग से क्यों पीछे हटे; रिपब्लिकन नेताओं ने समझौते को सरेंडर बताया
MP में 21जून को NEET परीक्षा, हर सेंटर पर CCTV-जैमर: भोपाल में 13,774 स्टूडेंट देंगे एग्जाम; बारीकी से जांच होगी, स्पेशल ट्रेन भी चलेगी – Bhopal News
NEET (यूजी) की 21 जून को होने वाली पात्रता परीक्षा को लेकर नियम सख्त रहेंगे। सभी सेंटरों पर CCTV कैमरे और जैमर लगेंगे। ताकि, गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। सेंटर के बाहर बड़ी सी घड़ी लगेंगी। जिससे स्टूडेंट्स को टाइमिंग का सही पता रहे। ये नियम प्रदेश के सभी एग्जॉम सेंटरों पर लागू होंगे। इधर, भोपाल, इंदौर और रतलाम के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। भोपाल में कुल 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस के साथ रेलवे भी तैयारी कर रहा है। 32 केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को वन-टू-वन किया। मीटिंग में बताया गया कि कई बार दो से तीन सेंटरों के नाम एक जैसे होते हैं। जिससे परीक्षार्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए उन्हें केंद्र का नाम और स्थान क्लियर रखें। हमीदिया रोड पर जो सेंटर हैं, उसके रास्ते में लोग गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स को देरी हो सकती है। इसलिए पुलिस गाड़ियों को तुरंत हटा दें। पुराने शहर में मेट्रो का काम चल रहा है। बेरिकेडिंग में सेंटर का नाम छिप सकता है। इसलिए सेंटर की ओर रास्ता दिखाने वाले बोर्ड लगेंगे। इतने स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे
भोपाल में 13 हजार 774, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है। तीन शहरों में चलेगी स्पेशल ट्रेन
अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा केंद्रों तक उनकी सुगम आवाजाही के लिए रेलवे इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह स्पेशल ट्रेन इंदौर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से भोपाल आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगी। गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन 20 जून 2026 को किया जाएगा। यह ट्रेन इंदौर स्टेशन से सुबह 11.25 बजे प्रस्थान कर फतेहाबाद में दोपहर 12 बजे, बड़नगर में दोपहर 12.42 बजे, रतलाम में 1.30 बजे, नागदा में दोपहर 2.23 बजे, उज्जैन में दोपहर 3.25 बजे, मक्सी में शाम 4.30 बजे, शुजालपुर में शाम 5.21 बजे, सीहोर में शाम 6 बजे, बैरागढ़ स्टेशन पर शाम 6.18 बजे और शाम 5 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचेंगी। इसी प्रकार वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल–रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून 2026 को भोपाल स्टेशन से शाम 7.40 बजे प्रस्थान कर संत हिरदाराम नगर में रात 8.08 बजे, सीहोर में रात 8.34 बजे, शुजालपुर में रात 8.59 बजे, मक्सी में रात 9.59 बजे, उज्जैन में रात 11.05 बजे एवं अगले दिन नागदा रात 12.05 बजे आगमन कर गंतव्य स्टेशन रतलाम रात 12.55 बजे पहुंचेगी। यह रहेगी कोच कम्पोजीशन
इस गाड़ी में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआर/डी सहित कुल 17 कोच रहेंगे। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से यह स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है।
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जब पाई-पाई को तरसे थे बॉलीवुड के धाकड़ विलेन, रुला देगी आशीष विद्यार्थी की स्ट्रगल स्टोरी
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Birthday Special: सिनेमा के पर्दे पर अपनी कड़क आवाज से खौफ पैदा करने वाले दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस वक्त उन्हें फिल्म ‘द्रोहकाल’ के लिए देश का सबसे बड़ा ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड’ मिला था, उस समय वे मुंबई में कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे. पाई-पाई के लिए संघर्ष करने वाले आशीष विद्यार्थी ने कैसे साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी धाक जमाई और आज 60 की उम्र पार करने के बाद भी कैसे वे यूट्यूब और सोशल मीडिया की दुनिया पर राज कर रहे हैं, बर्थडे स्पेशल में जानिए एक्टर के असल जिंदगी स्ट्रगल स्टोरी.
Happy Birthday Ashish Vidyarthi: बड़े पर्दे पर अपनी कड़क आवाज और खूंखार विलेन के किरदारों से सबको डराने वाले आशीष विद्यार्थी असल जिंदगी में बहुत ही जिंदादिल और सरल इंसान हैं. 19 जून 1962 को केरल में जन्मे आशीष आज सोशल मीडिया की दुनिया में भी एक बड़े स्टार बन चुके हैं. वह अपने पॉडकास्ट में अक्सर कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और यह आपकी सोच को कभी बूढ़ा नहीं कर सकती. आशीष को यह गहरी और सुलझी हुई सोच अपने माता-पिता से विरासत में मिली है.
एक्टर के पिता गोविंद विद्यार्थी एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश के लिए अपना सरनेम तक बदल लिया था, और उनकी मां रेबा विद्यार्थी एक मशहूर कथक गुरु थीं. इसी वजह से बचपन से ही आशीष के मन में कला के लिए एक खास जगह बन गई थी.
कभी कमरा किराए पर लेने के नहीं थे पैसे
दिल्ली के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद आशीष ने एक्टिंग सीखने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का रुख किया. इसके बाद उन्होंने मनोज बाजपेयी जैसे कलाकारों के साथ थिएटर में जमकर पसीना बहाया. साल 1994 में आई फिल्म ‘द्रोहकाल’ उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला, जो किसी भी एक्टर के लिए बहुत गर्व की बात होती है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस वक्त उन्हें यह बड़ा सम्मान मिला, उस दौर में वे मुंबई में रहने के लिए कमरे का किराया तक नहीं चुका पा रहे थे और बहुत कड़े आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे.
विलेन बनकर जीता दर्शकों का दिल
आर्थिक तंगी से जूझने के बाद भी आशीष ने हार नहीं मानी. उन्होंने ‘वास्तव’ और ‘इस रात की सुबह नहीं’ जैसी फिल्मों में विलेन बनकर बॉलीवुड में अपनी एक तगड़ी पहचान बना ली. इसके बाद उन्होंने साउथ की फिल्मों का रुख किया. तमिल फिल्म ‘दिल’ और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘घिल्ली’ में उनके निभाए किरदारों ने उन्हें रातों-रात पूरे दक्षिण भारत में मशहूर कर दिया. उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में काम करके यह साबित कर दिया कि एक सच्चे कलाकार के लिए भाषा कभी कोई दीवार नहीं बन सकती.
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23 साल की याशिका ने सिकल सेल बीमारी को दी मात, दिल्ली के ये डॉक्टर बने भगवान
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डॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इस बीमारी में कम से कम 100 दिन तक ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज की मॉनिटरिंग की जाती है. 100 दिन बाद माना जाता है कि अब मरीज स्वस्थ है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद सिकल सेल डिसीज दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि इसमें डीएनए बदल देते हैं और मरीज का पूरा इम्यूनिटी सिस्टम ही बदल जाता है. एक नया इम्यूनिटी सिस्टम….
नई दिल्ली/अंजलि सिंह राजपूत: मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली 23 साल की याशिका पाटिल 10 साल की उम्र से सिकल सेल बीमारी से जूझ रही थी जिस वजह से उनका स्कूल बुरी तरह प्रभावित हुआ. शरीर में असहनीय दर्द ने उनके पूरे जीवन को जैसे मानो थाम सा दिया था. बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा था. समझ में नहीं आ रहा था कि क्या बीमारी है. इसी तरह याशिका 22 साल की हो गई और उनकी मुलाकात हुई डॉक्टर गौरव खार्या से जोकि दिल्ली के अपोलो इंद्रप्रस्थ हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हैं और सेंटर फॉर बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड सेल्यूलर थेरेपी के क्लीनिकल लीडर हैं.
डॉक्टर ने याशिका पाटिल को बताया कि उन्हें एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिसे सिकल सेल डिजीज कहते हैं. इसमें बोन मैरो ट्रांसप्लांट करना पड़ता है जिसके लिए डोनर की जरूरत पड़ती है. ऐसे में याशिका के माता-पिता ने याशिका के भाई को डोनर के रूप में पेश किया और फिलहाल याशिका का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ. अब याशिका पूरी तरह से स्वस्थ हैं और एक फाइटर बनकर उभरी हैं.
216 सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुए
डॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल ने लगभग 216 सिकल सेल डिजीज के बोन मैरो ट्रांसप्लांट किए हैं. सभी सफल रहे हैं. यह बीमारी जेनेटिक है और माता-पिता से ही बच्चों में होती है. इस बीमारी में रेड ब्लड सेल की संरचना और काम में जब गड़बड़ी पैदा हो जाती है तब यह बीमारी होती है. इसकी वजह से शरीर में खून की कमी, बार-बार दर्द होना, अंगों का खराब होना, स्ट्रोक और आयु घटना जैसा खतरा बढ़ जाता है. यह बीमारी भारत में मध्य, पश्चिमी और आदिवासी इलाकों में के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उड़ीसा और राजस्थान राज्यों में ज्यादा देखने के लिए मिलती है. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 13% लोग या बच्चे इससे प्रभावित हैं. विदेश की बात करें तो अफ्रीका और उससे जुड़े हुए युगांडा, नाइजीरिया और केन्या जैसे देश बहुत प्रभावित हैं. हाल ही में उन्होंने अफ्रीका से अपोलो इंद्रप्रस्थ आए हुए बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया है, जिसमें एक 32 साल की महिला भी शामिल है.
ट्रांसप्लांट के बाद दोबारा नहीं होती यह बीमारी
डॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इस बीमारी में कम से कम 100 दिन तक ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज की मॉनिटरिंग की जाती है. 100 दिन बाद माना जाता है कि अब मरीज स्वस्थ है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद सिकल सेल डिसीज दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि इसमें डीएनए बदल देते हैं और मरीज का पूरा इम्यूनिटी सिस्टम ही बदल जाता है. एक नया इम्यूनिटी सिस्टम शरीर में विकसित हो जाता है. उन्होंने बताया कि बिना डोनर के अभी संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग सिकल सेल बोन मैरो ट्रांसप्लांट में 15 से 50 लाख रुपए तक का खर्चा आता है. आपको बता दें कि अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल ने यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी है, जिसमें देश के जाने माने मशहूर डॉक्टर डॉ. बिपिन पुरी भी मौजूद रहे. आपको बता दें कि डॉक्टर डॉ. बिपिन पुरी लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी रह चुके हैं.
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फूल बंगले में विराजमान हुए रंगनाथ भगवान: दर्शन को उमड़े श्रद्धालु,वर्ष में एक बार बनता है फूल बंगला – Mathura News
वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा
उत्तर भारत के प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में गुरुवार की देर शाम श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्
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परंपरा का किया निर्वहन
धार्मिक नगरी वृंदावन में श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख श्री रंगनाथ मंदिर में ठाकुर जी को गर्मी से शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से विविध प्रकार के फूलों से सजे बंगले में विराजित किया जाता है। इसके पीछे भाव है कि भगवान कुंज,लता पताओं में विराजमान होकर लीलाएं किया करते थे। आज भी ब्रज के देवालयों में इसका अनुश्रवण किया जाता है। इसी के तहत साल में केवल एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले के गुरुवार की शाम जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी।
जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी
केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी
विविध प्रकार के देशी सुगंधित और शीतलता प्रदान करने वाले फूलों से सजाए गए आकर्षक बंगले की अनुपम छटा देखते ही बनती थी। खास तौर पर नामचीन कलाकर जुगल किशोर शर्मा और उनकी टीम द्वारा केले के तनों पर उकेरी गई श्री वैष्णव संप्रदाय के संतो की छवि आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। फूल बंगला में विराजमान भगवान रंगनाथ माता गोदा जी और समस्त परिकर के दर्शनों के लिए भक्त आतुर नजर आए। केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी ने सभी का मन मोह लिया। जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी।

जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी
कृतिम यमुना स्वरूपणी सरोवर में भगवान गोवर्धन नाथ पर्वत की छवि बनाई गई साथ ही उसमें बनाई गई नाव,क्रतिम नाव बेहद ही आकर्षक लग रही थी। इस दौरान दर्शन करने के लिए विधायक श्री कांत शर्मा, बांके बिहारी मंदिर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य रिटायर्ड न्यायधीश मुकेश मिश्रा,गोपी गोस्वामी सहित प्रमुख लोग भी पहुंचे।
भारत पर किसी महाशक्ति का दबाव नहीं, मोदी और ट्रंप की बॉन्डिंग से क्या संदेश मिला?
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एसोसिएट फेलो बिदिशा भट्टाचार्य ने 16 महीनों बाद पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की हुई पहली द्विपक्षीय बैठक को काफी सफल बताया. बिदिशा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘दुनिया का सबसे मजबूत वार्ताकार’ बताया है, जो इस मुलाकात को काफी सकारात्मक बनाता है. दोनों नेताओं की बैठक के दौरान डिफेंस यानी रक्षा के क्षेत्र को लेकर भी बेहद महत्वपूर्ण चर्चा हुई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने भरोसा दिया है कि वो रक्षा के क्षेत्र में भी भारत का पूरा सहयोग करेंगे.
जी-7 समिट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से मुलाकात की.
नई दिल्ली. फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा को भारत और अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शब्दों पर गौर फरमाते हुए चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के प्रेसिडेंट शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि दो देशों के बीच रिश्ते तो स्ट्रेटेजिक, एनर्जी सिक्योरिटी, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नॉलिजी और डिफेंस पर होते हैं, लेकिन 17 जून जो फ्रांस के एवियन शहर में दोनों देश के नेताओं के बीच जो केमिस्ट्री बनी वो हमें बहुत आगे ले जाने वाली है.
आईएएनएस से बात करते हुए चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के प्रेसिडेंट शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि दो देशों के बीच रिश्ते इस बात पर निर्भर करते हैं कि दोनों देशों के नेताओं के आपसी संबंध कैसे हैं. इसके लिए मैं अपने देश के प्रधानमंत्री की सराहना करता हूं. जिस प्रकार विश्व भर के नेताओं के बीच वह अपने आप को और भारत देश को प्रस्तुत करते हैं, वह काबिले-तारीफ है.
शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि यह विचार करके ही देखिए कि ये कितनी बड़ी बात है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति दुनिया भर के नेताओं की मौजूदगी में हमारे प्रधानमंत्री के लिए कहते हैं, “मैं पीएम मोदी का मित्र हूं, उनका सम्मान करता हूं और उनसे स्नेह रखता हूं.” प्रियदर्शी ने कहा कि यही वो संबंध हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों को आगे लेकर जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्राइम मिनिस्टर मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच बाइलेटरल मीटिंग 16 महीने बाद हुई और इससे दोनों देशों के लोगों में काफी उम्मीदें पैदा हुई हैं.
वहीं, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन की एसोसिएट फेलो बिदिशा भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीनों में पहली बाइलेटरल मीटिंग काफी सफल रही है. बिदिशा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘दुनिया सबसे मजबूत वार्ताकार’ बताया. उनका यह कहना इस मुलाकात और बातों को काफी सकारात्मक बनाता है. बिदिशा कहा कि कल दोनों नेताओं की बैठक के दौरान डिफेंस को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वो रक्षा के क्षेत्र भी भारत का सहयोग करेंगे. यह भारत के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण है.
बिदिशा ने कहा कि इस बैठक में एक जरूरी बात निकल कर सामने आई, जिसने लोगों का भ्रम दूर कर दिया. कल की बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत पर किसी प्रकार का कोई दवाब नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप का यह कहना कि “पीएम मोदी बहुत सख्त बातचीत करने वाले नेता हैं. सच कहूं तो सबसे सख्त नेताओं में से एक हैं.” यह इस बात की ओर इशारा है कि भारत किसी भी तरह से अमेरिका के दबाव में नहीं है.
वहीं, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के वरिष्ठ शोध सलाहकार कर्नल राजीव अग्रवाल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते समझौते पर हस्ताक्षर होना एक बेहद स्वागतयोग्य कदम है, क्योंकि पिछले 100 दिनों से न सिर्फ यह क्षेत्र बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही थी. सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ऊर्जा संकट था, जिसमें तेल और एलपीजी की आपूर्ति भी शामिल है. उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता वास्तव में हो गया है और जैसा कि होर्मुज स्ट्रेट प्राधिकरण ने कहा है कि इसे 24 घंटे के भीतर फिर से खोल दिया जाएगा, तो यह सभी के लिए बहुत अच्छी खबर है, खासकर भारत के लिए.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
ग्वालियर में बंदूकबाज दुल्हन, पति को धमका रही: शादी के बाद सिर्फ एक महीने साथ रही, जेवर समेट ले गई, पति बोला-10 शादी पहले कर चुकी है – Gwalior News
ग्वालियर में कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ का मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है। बिजौली थाना क्षेत्र के मुगुलपुरा निवासी राहुल जाटव ने अपनी पत्नी, सास, साली और शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी एक ऐसे गिरोह की सदस्य है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठगता है। 14 अप्रैल को हुई शादी, एक महीने बाद छोड़कर चली गई पत्नी राहुल जाटव ने बताया कि उसकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी निवासी राखी जाटव से हुई थी। आरोप है कि शादी के दौरान ही पत्नी ने अपने रिश्तेदारों और अन्य लोगों की मदद से घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी करवा लिए। इस संबंध में पहले ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पीड़ित के मुताबिक, पत्नी 15 मई को ससुराल आई थी, लेकिन 23 मई को बिना बताए घर छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर पांच लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। 5 लाख नहीं दिए तो झूठे केस में फंसाने की धमकी राहुल का आरोप है कि पत्नी ने फोन पर कहा कि उसे उसके साथ नहीं रहना है और यदि पांच लाख रुपए नहीं दिए गए तो वह मीडिया के सामने यह आरोप लगाएगी कि उससे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। पीड़ित का कहना है कि उसे और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने तथा बदनाम करने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पत्नी के 10 से अधिक शादियां करने का दावा शिकायतकर्ता का दावा है कि पत्नी के बारे में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह पहले भी करीब 10 शादियां कर चुकी है और शादी के बाद जेवरात व नकदी लेकर फरार हो जाती है। राहुल ने मांग की है कि पत्नी, उसकी मां और बहन के बैंक खातों की जांच कराई जाए, जिससे कथित ठगी के लेनदेन सामने आ सकें। इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ फोटो डालने का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ तस्वीरें और स्टेटस डालकर लोगों को डराने का प्रयास करती है। साथ ही अनजान नंबरों से उसे लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। शिवपुरी साइबर सेल के आरक्षक पर भी आरोप राहुल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक इस गिरोह की मदद कर रहा है। उसके मुताबिक आरक्षक अपने पद का दुरुपयोग कर उसकी लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य निजी जानकारी निकालकर पत्नी तक पहुंचा रहा है। पुलिस ने शुरू की जांच एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि एक युवक ने शिकायत की है कि उसकी पत्नी शादी के बाद घर छोड़कर चली गई है। शिकायतकर्ता ने पत्नी द्वारा कई शादियां करने और जेवरात ठगने के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच बिजौली थाना पुलिस को सौंपी गई है।
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‘द केरल स्टोरी 2’ पर नफरत फैलाने का आरोप, हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर को थमाया नोटिस
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केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है. याचिका में फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है और इसके नाम से ‘केरल’ शब्द हटाने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म का कंटेंट केरल की इमेज खराब करता है, सामाजिक एकता पर असर डालता है.
‘द केरल स्टोरी 2’ की बढ़ी मुश्किलें.
नई दिल्ली : केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कोर्ट ने निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को नोटिस जारी किया है. दरअसल, कोर्ट में एक याचिका दायर करके फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है. याचिका में मांग की गई है कि फिल्म के नाम से ‘केरल’ शब्द को हटा दिया जाए. जब न्यायमूर्ति ने इस मामले की सुनवाई की, तो उन्होंने सवाल उठाया कि चूंकि फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है और इसे लाखों लोग देख चुके हैं, तो क्या अब यह याचिका बेअसर नहीं हो गई है? इस पर याचिकाकर्ता ने दलील दी कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि यह फिल्म सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी धड़ल्ले से देखी जा रही है. इससे समाज पर इसका असर लगातार बना हुआ है.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस फिल्म का कंटेंट केरल राज्य की इमेज को ठेस पहुंचाता है. समाज में एक बेहद गलत संदेश फैलाता है. दलील में कहा गया है कि फिल्म में दिखाए गए कई हिस्से ऐसे हैं जो आम लोगों के बीच नफरत और गलतफहमी पैदा कर सकते हैं, जिससे हमारी सामाजिक एकता और ताने-बाने को नुकसान पहुंच सकता है. इतना ही नहीं, याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म का कंटेंट भारतीय न्याय संहिता के नियमों का उल्लंघन करता है. यह अलग-अलग समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम कर सकता है. इसी वजह से कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत एक्शन लिया जाए.
1 मई से ओटीटी पर देख रहे लोग
फिल्म 1 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ पर रिलीज की गई थी, इसलिए याचिकाकर्ता ने इस कंपनी को भी मामले में शामिल करने की मांग की है. उनका कहना है कि जब कोई फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाती है, तो उस कंपनी की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कुछ सबूत भी पेश किए हैं, जिनमें ओटीटी के शिकायत अधिकारी को भेजे गए ईमेल और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट शामिल हैं. इन सबूतों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि फिल्म को पूरी तरह सच बताकर प्रचारित किया जा रहा है, जिससे एक खास समुदाय के खिलाफ नकारात्मक माहौल बन रहा है. फिल्म पहले भी कई कानूनी विवादों में घिर चुकी है.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
LPG सप्लाई पर आया नया अपडेट, 3 दिनों में 1.47 करोड़ सिलेंडर हुए डिलीवर
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Gas Supply in India: एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 3 दिनों में देशभर में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई, जबकि इसी दौरान 1.36 करोड़ सिलेंडर बुक हुए.
LPG सप्लाई को लेकर सरकार ने क्या-क्या बताया?
Gas Supply in India: देश में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर सरकार ने नए आंकड़े जारी किए हैं. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारत में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई नॉर्मल है. सरकार ने कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग करने से बचें.
मंत्रालय के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में देशभर में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई, जबकि इसी दौरान 1.36 करोड़ सिलेंडर बुक हुए. किसी भी गैस एजेंसी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक खत्म होने की कोई खबर नहीं है.
कालाबाजारी और गड़बड़ी पर सख्त एक्शन
सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं. अब लगभग 99% सिलेंडर ऑनलाइन बुक हो रहे हैं. डिलीवरी के समय ‘ओटीपी’ का इस्तेमाल 96% तक बढ़ गया है, जिससे सही ग्राहक तक गैस पहुंच रही है. नियमों का उल्लंघन करने पर पिछले 3 दिनों में 8 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और 14 पेट्रोल पंपों पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 598 पेट्रोल पंपों को सस्पेंड कर दिया गया है.
पीएनजी को बढ़ावा
इस साल मार्च से अब तक 10.02 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं. सरकार राज्यों से अपील कर रही है कि जहां नेटवर्क उपलब्ध है, वहां लोग एलपीजी की जगह पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल शुरू करें.
सरकार की जनता से अपील
पेट्रोल, डीजल या गैस की घबराहट में बुकिंग न करें, रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और स्टॉक पर्याप्त है. अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करें. एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म (मोबाइल ऐप्स/ऑनलाइन) का इस्तेमाल करें.
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वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें
कुकर में झटपट बनाएं बाजार जैसे टेस्टी मोमोज, एक बार खाएंगे, बार-बार मांगेंगे, जानें रेसिपी
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Pressure Cooker Momos Recipe: अगर आपके पास स्टीमर नहीं है, तो भी आप प्रेशर कुकर में बाजार जैसे मुलायम और स्वादिष्ट मोमोज बना सकते हैं. ताजा सब्जियों की स्टफिंग और आसान स्टीमिंग तकनीक की यह रेसिपी बहुत आसान है. घर पर बने मोमोज का टेस्ट आपको दीवाना बना देगा और आप बार-बार यह रेसिपी फॉलो करेंगे.
प्रेशर कुकर में आसानी से टेस्टी मोमोज तैयार कर सकते हैं.
Homemade Momos Recipe: मोमोज का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. सॉफ्ट बाहरी परत, अंदर भरी मसालेदार सब्जियों की स्टफिंग और साथ में तीखी लाल चटनी, यही वजह है कि मोमोज आज भारत के सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड्स में शामिल हो चुके हैं. मोमोज खाने के लिए अधिकतर लोग बाजार जाते हैं या ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं. अधिकतर लोग सोचते हैं कि घर पर बाजार जैसे मुलायम और जूसी मोमोज बनाना मुश्किल है, क्योंकि इसके लिए स्टीमर की जरूरत पड़ती है. अगर आपके घर में प्रेशर कुकर है, तो आप आसानी से बाजार जैसे स्वादिष्ट मोमोज तैयार कर सकते हैं. इसकी रेसिपी बहुत आसान है.
मोमोज बनाने के लिए जरूरी सामग्री
मोमोज की परत तैयार करने के लिए 2 कप मैदा, आधा चम्मच नमक और जरूरत अनुसार पानी लें. वहीं स्टफिंग के लिए एक कप बारीक कटी पत्ता गोभी, आधा कप कद्दूकस की हुई गाजर, एक बारीक कटा प्याज, एक चम्मच कटा हुआ लहसुन, एक चम्मच सोया सॉस, आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और एक चम्मच तेल की जरूरत होगी.
घर पर ऐसे बनाएं टेस्टी वेज मोमोज
एक बड़े बर्तन में मैदा और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए चिकना और सॉफ्ट आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा बहुत ज्यादा सख्त न हो. आटा तैयार होने के बाद उसे गीले कपड़े से ढककर 20 मिनट के लिए रख दें. इससे मैदा अच्छी तरह सेट हो जाता है और मोमोज की परत मुलायम बनती है.
एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उसमें लहसुन डालकर कुछ सेकंड तक भून लें. अब प्याज डालें और हल्का नरम होने तक पकाएं. इसके बाद पत्ता गोभी और गाजर डालकर तेज आंच पर 2 से 3 मिनट तक चलाते हुए पकाएं. अब इसमें नमक, काली मिर्च और सोया सॉस डालकर अच्छी तरह मिला लें. स्टफिंग को ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना सब्जियां पानी छोड़ सकती हैं. तैयार मिश्रण को ठंडा होने के लिए अलग रख दें.
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें पतला बेल लें. बीच में एक चम्मच स्टफिंग रखें और किनारों को मोड़ते हुए मोमोज का आकार दें. आप गोल, अर्धचंद्राकार या फूल जैसी डिजाइन भी बना सकते हैं. अगर पहली बार बना रहे हैं तो साधारण शेप भी बिल्कुल सही रहेगी.
प्रेशर कुकर में लगभग एक से डेढ़ गिलास पानी डालें और अंदर एक स्टैंड रख दें. अब एक प्लेट या छलनी पर हल्का तेल लगाकर मोमोज सजा दें. प्लेट को कुकर के अंदर रखें और ढक्कन बंद कर दें. ध्यान रखें कि कुकर की सीटी न लगाएं. मध्यम आंच पर 12 से 15 मिनट तक मोमोज को स्टीम करें. जब मोमोज की बाहरी परत हल्की चमकदार और पारदर्शी दिखाई देने लगे, तो समझ जाइए कि वे तैयार हैं.
मोमोज का असली स्वाद उसकी चटनी में छिपा होता है. इसके लिए सूखी लाल मिर्च, टमाटर, लहसुन और थोड़ा नमक उबालकर पीस लें. तैयार चटनी को मोमोज के साथ सर्व करें. इसका तीखा और चटपटा स्वाद मोमोज का मजा दोगुना कर देगा.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

