Tuesday, June 23, 2026
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गोंडा में 37 डिग्री पहुंचा तापमान: ट्यूबवेल पर नहाकर राहत तलाश रहे लोग, 41°C तक जाने का अनुमान – Gonda News


गोंडा5 मिनट पहले

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ट्यूबवेल पर नहाते लोग।

गोंडा जिले में आज मंगलवार सुबह से ही भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आज तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

मौसम विभाग ने लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। ताकि भीषण गर्मी से लोग अपने आप को बचा सके और भीषण गर्मी में परेशानी ना हो। गर्मी से बचाव के लिए लोग अपने चेहरे पर दुपट्टा और गमछा लगाकर ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवाजाही कर रहे हैं।

गर्मी से राहत पाने के लिए लोग केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के घर के पास स्थित सरकारी ट्यूबवेल पर नहाते हुए देखे गए।

वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने गोंडा शहर के विभिन्न चौराहों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की है और कई स्थानों पर वाटर कूलर एटीएम भी लगाए हैं।

जिले के सभी सरकारी गौ आश्रय केंद्रों में भी पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। गोंडा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून की पूरी तरह से शुरुआत होने तक अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लगातार भीषण गर्मी को लेकर के एडवाइजरी जारी करके लोगों को भीषण गर्मी से बचाव को लेकर जानकारी दी जा रही है।



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अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश…डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस पर PM की श्रद्धांजलि


होमताजा खबरदेश

अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश…डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस पर PM की श्रद्धांजलि

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Dr. shyama prasad mukherjee sacrifice day: पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक श्लोक साझा कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

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पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनको श्रद्धांजलि दी है.

Dr. shyama prasad mukherjee sacrifice day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक्स पर संस्कृत सुभाषित शेयर किया. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि भी दी. पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा- निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे.

प्रधानमंत्री ने एक श्लोक “न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः. परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥” भी साझा किया है. इसका हिंदी अर्थ है कि अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश से प्राप्त नहीं होता, बल्कि त्याग और उच्च आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण से प्राप्त होता है. जो यतिजन राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने स्वार्थों का त्याग करते हैं, उनका जीवन, काल की सीमाओं से परे जाकर जनमानस में अमर हो जाता है.

प्रधानमंत्री ने आगे लिखा- उनका अटूट संकल्प, सार्वजनिक जीवन में साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. डॉ. मुखर्जी का बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदैव अंकित रहेगा. हम उन मूल्यों से प्रेरित होकर एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, जिन्हें उन्होंने अपने अंतिम क्षणों तक अपनाया और जिनके लिए कार्य किया.

दिल्ली की सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुखर्जी की पुण्यतिथि पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता समेत अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​और अन्य भाजपा नेताओं ने इस मौके पर पौधारोपण भी किया. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं हम सभी के प्रेरणास्रोत श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आज दिल्ली गेट स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी.

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा. भारत की अखंडता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समर्पण का अमर प्रतीक है. इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा के साथ पार्क में पौधारोपण भी किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में साथी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही. राष्ट्र की सेवा और समर्पण के अमर प्रतीक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कोटि-कोटि नमन.

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा- आज, इस बहुत ही महत्वपूर्ण मौके पर हम भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए हैं. चाहे हम सरकार में काम कर रहे हों या संगठन में, भाजपा के सभी कार्यकर्ता और नेता आज जिस विचारधारा, नीतियों और विजन के साथ सेवा करते हैं, उसकी नींव उन्होंने ही रखी थी.

हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष थे. उन्होंने भारत को एकजुट रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया, तो उस बलिदान का सही अर्थ सार्थक हुआ. इसके परिणामस्वरूप, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया और अब भारत का संविधान सीधे जम्मू-कश्मीर पर लागू होता है.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें



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भरत तिवारी एनकाउंटर; निलंबित पांच पुलिसकर्मियों के नाम आए सामने: SHO, SI, ASI समेत 5 सस्पेंड, ड्यूटी में लापरवाही और कर्त्तव्यहीनता के आरोप में कार्रवाई – Bhojpur News




भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। वायरल वीडियो की जांच के आधार पर शाहपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित सभी पुलिसकर्मियों का नाम सामने आया है। जिसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार, पुलिस अवर निरीक्षक अंकित आर्यन, पुलिस अवर निरीक्षक हरिश्चंद्र कुमार, सहायक अवर निरीक्षक रामाशंकर यादव और महिला सिपाही मीरा कुमारी शामिल हैं। पहले सिर्फ राजेश कुमार मालाकार का ही नाम सामने आया था। लगातार कार्रवाई की उठ रही मांग बताया जा रहा है कि एनकाउंटर प्रकरण से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो में पुलिस कार्रवाई और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर उठे सवालों के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया सेवा नियमों के उल्लंघन और आचरण संबंधी गंभीर सवाल सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई बिलौटी गांव में हुए इस एनकाउंटर को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ी हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। ऐसे में पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन को पूरे प्रकरण में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय की इस कार्रवाई के बाद मामले की आगे की जांच और जिम्मेदारियों के निर्धारण पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ADG ने मानी लापरवाही वहीं, भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में ADG सुधांशु कुमार ने पुलिस की लापरवाही मानी है। उन्होंने पटना में सोमवार को कहा कि एनकाउंटर से पहले 16 जून जो पुलिस वाले उससे बात करने गए वो उसे ठीक से हैंडल नहीं कर पाए। लापरवाही पर हमने एक SHO, 2 SI, एक ASI और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी को किया तलब एनकाउंटर मामले में अधिवक्ता एसके झा की याचिका पर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और भोजपुर के एसपी को तलब किया है। साथ ही आयोग ने चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी हैं। 13 जुलाई को आयोग पूरे मामले की समीक्षा करेगा। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला इधर इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस नागरत्ना ने मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि आप रजिस्ट्रार के सामने मेंशन कीजिए। वो इस केस को सुनवाई के लिए लिस्ट करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी ने इस मामले में जनहित याचिका दायर कर एनकाउंटर की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता ने जस्टिस नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामला रखा और जल्द सुनवाई की मांग की। विशाल तिवारी अपना पक्ष रखते हुए कहा- पुलिस अक्सर एनकाउंटर का एक जैसा कारण बताती है। आरोपी ने पुलिस की बंदूक छीन ली, भागने लगा और पुलिस पर हमला करने की कोशिश की, इसलिए आत्मरक्षा में चलानी पड़ी। ये फर्जी एनकाउंटर है। कोर्ट को इस केस में दखल देकर जांच का आदेश देना चाहिए। एनकाउंटर को लेकर अलग-अलग दावे शक पैदा कर रहे याचिका में दावा किया गया है कि एनकाउंटर को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिससे घटना को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है। भरत भूषण तिवारी की मौत से जुड़े घटनाक्रम को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं, जिनकी सच्चाई सामने लाने के लिए राज्य पुलिस से अलग किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच आवश्यक है। ऐसे में न्यायिक निगरानी में स्वतंत्र जांच ही जनता का भरोसा कायम कर सकती है। जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का अनुरोध है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित कर पूरे घटनाक्रम की निगरानी में जांच कराने की भी मांग की गई है। परिवार से खेसारी लाल यादव ने की मुलाकात सोमवार को एक्टर खेसारी लाल यादव भरत तिवारी के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उनके साथ भोजपुरी गायक गुंजन सिंह, राजद के कई नेता और समर्थक भी मौजूद रहे। खेसारी ने आरोप लगाया कि व्यवस्था में अपराध को समाप्त करने के बजाय कई बार ऐसे कदम उठाए जाते हैं, जिन पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं आरजेडी की एक उच्चस्तरीय जांच टीम ने भी आज भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। 3 तस्वीरों में समझिए पूरा घटनाक्रम…



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केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा: 21 जून को राज्यसभा कार्यकाल खत्म हुआ था; भाजपा ने दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया


नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को कुरियन के इस्तीफे की जानकारी थी। प्रेस रिलीज में बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार किया है।

हालांकि, इस्तीफे की वजह नहीं बताई गई है। 65 साल के कुरियन केरल में भाजपा के सीनियर नेताओं में एक हैं। 21 जून को उनके 6 साल का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हुआ था। 18 जून को चुनाव में भाजपा ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था।

जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से जून 2026 तक मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। माना जा रहा है कि हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें फिर से मौका नहीं मिला।

9 जून 2024: राष्ट्रपति भवन में जॉर्ज कुरियन ने तीसरी बार मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली थी।

9 जून 2024: राष्ट्रपति भवन में जॉर्ज कुरियन ने तीसरी बार मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली थी।

जॉर्ज कुरियन 1980 में भाजपा के गठन से ही पार्टी के सदस्य

जॉर्ज कुरियन सुप्रीम कोर्ट में वकील रह चुके हैं। उन्हें जून 2024 में मोदी सरकार 3.0 में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया था। उनके पास अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी थी।

कुरियन केरल के कोट्टायम के रहने वाले हैं। वे 1980 में भाजपा की स्थापना के समय से ही पार्टी के सदस्य हैं। वे भाजपा की केरल इकाई के उपाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव रह चुके हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय सचिव और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे हैं।

मोदी-शाह के भाषणों को ट्रांसलेट करते थे कुरियन

टीवी डिबेट्स में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे कुरियन, केरल दौरों के दौरान पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों का मलयालम में ट्रांसलेशन भी करते रहे हैं। वे केरल के प्रमुख ईसाई संप्रदाय सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से आते हैं।

2024 में मोदी 3.0 सरकार में उनकी नियुक्ति को केरल में ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा गया था।

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क्या BJP का ही सीक्रेट प्लान है अन्नामलाई का इस्तीफा: थलापति-DMK होंगे निशाने पर, AAP और TVK जैसे मॉडल पर चलेगी नई पार्टी

17 जून 2015 की बात है। के. अन्‍नामलाई कर्नाटक के उडुपी के SP थे। तैनाती के 6 महीने बाद 17 साल की एक लड़की की रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। अन्नामलाई परिवार से मिलने पहुंचे। लड़की की मां ने उनसे पूछा- ‘क्या मेरी बच्ची को वापस ला सकते हो? अन्नामलाई ने जवाब दिया- ‘नहीं, लेकिन मैं यह कर सकता हूं कि वो सबके दिलों में रहे, सबको याद रहे।’ पूरी खबर पढ़ें…

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जेठानी पर लाठी-सरियों से हमला: देवर-देवरानी पर तीसरी बार जानलेवा हमले का आरोप – Alwar News




अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के खजोता गांव में पुश्तैनी मकान के विवाद को लेकर देवर और देवरानी ने मिलकर अपनी ही जेठानी पर लाठी और सरियों से हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे लहूलुहान हालत में अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता के पति का आरोप है कि आरोपियों द्वारा किया गया यह तीसरा हमला है। मकान पर कब्जे की नीयत, घर में अकेली देख घेरा खजोता निवासी रामेश्वर जांगिड़ की पत्नी सविता देवी (पीड़िता) घर पर अकेली थीं। इसी दौरान उनके छोटे भाई (देवर) रामविलास और उसकी पत्नी (देवरानी) हेमलता ने पुश्तैनी मकान पर कब्जा करने की नीयत से सविता देवी को घेर लिया। दोनों ने बिना कुछ सोचे-समझे लाठी और लोहे के सरियों से उन पर हमला बोल दिया। सविता देवी के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। परिवार में पहले से विवाद चलता आ रहा था। चीख-पुकार सुन दौड़े पड़ोसी, लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया महिला की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्हें देखकर आरोपी मौके से भाग निकले। परिजनों ने आनन-फानन में घायल सविता देवी को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया पीड़िता के पित रामेश्वर ने बताया कि पहले पशुओं के चारे में दवा डालने की भी कोशिश की “मेरा छोटा भाई रामविलास और उसकी पत्नी हेमलता हमें घर और संपत्ति से बेदखल करना चाहते हैं। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी वे दो बार जानलेवा कोशिश कर चुके हैं। वारदात के बाद पीड़ित परिवार ने लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस को मामले की लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पुश्तैनी मकान को लेकर दोनों पक्षों में पुराना विवाद चल रहा है।



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‘काम की भूखी हीरोइन’, राज निदिमोरु ने नहीं देखी सामंथा की शुरुआती फिल्में


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राज निदिमोरु और सामंथा रुथ प्रभु ने तीसरी बार ‘मां इंटी बंगारम’ के लिए काम किया. इससे पहले , दोनों ने ‘द फैमिली मैन 2’ और ‘सिटाडेल: हनी बनी’ के लिए साथ काम किया. ‘मां इंटी बंगारम’ ने अपने पहले वीकेंड में भारत में 23.10 करोड़ रुपये की नेट कमाई की है. फिल्म ने वर्ल्डवाइड कलेक्शन 40 करोड़ रुपए से ज्यादा का हो गया. यह एक बड़ी हिट साबित हुई है. ‘मां इंटी बंगारम’ की कहानी और स्क्रिप्ट राज ने ही लिखी है. सामंथा ने फिल्म को प्रोड्यस किया और इसमें लीड रोल भी निभाया है.

राज निदिमोरु ने न्यूज18 से खास बाकचीत की है. राज ने अपनी पत्नी सामंथा की तेजी से बढ़ती सक्सेस की जमकर तारीफ की. राज ने कहा, “वह काम की भूखी और आत्मनिर्भर एक्ट्रेस हैं. मैंने उनकी शुरुआती फिल्में नहीं देखी हैं, लेकिन मुझे पता है कि उन्हें कितना प्यार मिला. सामंथा ने कई सालों तक स्टारडम का एन्जॉय किया है.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

Raj Nidimoru Samantha

हालांकि राज निदिमोरु ने चिंता जताई की एक्ट्रेसेज के लिए फिल्म इंडस्ट्री उतनी अच्छी नहीं है, जितनी मेल एक्टर के लिए होती है. एक उम्र के बाद एक्ट्रेसेज को पीछे कर दिया जाता है या अलग कर दिया जाता है. राज ने बताया कि वह और सामंथा अक्सर इस रवैये से निपटने के लिए चर्चा करते हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

Samantah Pregnan

राज निदिमोरु ने कहा, “दुखद है कि यह भेदभाव होता है. हम अलग-अलग इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेज के सीमित करियर को अच्छे से जानते हैं. हम इनमें से कई विषयों पर बात करते हैं. लेकिन हम यह भी समझते हैं कि एक लिमिट के बाद, एक्टिंग स्किल्स ही एक एक्टर को लंबे समय तक जिंदा रखता है.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

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Raj Nidimoru Samantha

राज निदिमोरु ने कहा, “वह हमेशा अवेयर रहती है और बदलाव, सुधार और सींस को निभाने के नए तरीके खोजने की इच्छुक रहती है.” राज ने बताया कि उन्हें सामंथा की वो खासियत पसंद है, जिसके तहत वह खामोशी से तैयारी करती हैं. होमवर्क करती हैं. इसे सामंथा ने छुपा रखा है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

Raj Nidimoru Samantha

राज निदिमोरु ने कहा, “इस सेट पर भी जब वह कोई टेक करती थी और उससे संतुष्ट नहीं होती थी, तो हम उस पर चर्चा करते थे कि इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है. लेकिन ज्यादातर बार, वह पहले से ही काफी मानसिक तैयारी कर चुकी होती थी, जिसके बारे में वह बात नहीं करती. वह इसे अपने पहले ही टेक में सामने ले आती है. इसीलिए, मैं आमतौर पर हमेशा उसका पहला टेक लेता हूं क्योंकि उसमें कुछ अलग करने की मानसिक तैयारी होती है.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

Raj Nidimoru Samantha

राज निदिमोरु का कहना ​है कि पिछले कुछ सालों में सामंथा में कुछ बदलाव आया है. वह कहते हैं, “कुछ ही ऐसे एक्टर्स होते हैं जिन्हें कुछ खास सींस में देखना रोमांचक होता है. यह एक ऐसी चीज है जिसे उन्होंने खुद में निखारा है, खासकर पिछले कुछ सालों में. जब हम मॉनिटर पर बैठते थे, तो वह खुद को देखती और कहती थीं, ‘मैंने पहले कभी ऐसी एक्टिंग नहीं देखी.’”(फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

ही होती हैं (हंसते हुए). लेकिन क्रिएटिव मतभेद बहुत कम थे. मुझे तो कुछ याद भी नहीं. हम सब बहुत अच्छे से तालमेल बिठाते हैं. अगर कोई शुरुआत से ही शामिल हो, तो क्रिएटिव मतभेद तो होते ही नहीं. हम

जब राज निदमोरु से पूछा गया कि क्या ‘मां इंटी बंगारम’ के सेट पर हंसी मजाक के अलावा क्या कोई क्रिएटिव मतभेद भी थे? इस पर राज कहते हैं, “मैं ही इसे बना रहा हूं और इसे पूरा कर रहा हूं, इसलिए सारी तारीफें मेरी ही होती हैं (हंसते हुए). लेकिन क्रिएटिव मतभेद बहुत कम थे. मुझे तो कुछ याद भी नहीं. हम सब बहुत अच्छे से तालमेल बिठाते हैं. अगर कोई शुरुआत से ही शामिल हो, तो क्रिएटिव मतभेद तो होते ही नहीं. हम दोनों एक ही राह पर थे.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

Raj Nidimoru Samantha

बात करें वर्कफ्रंट की, तो राज निदिमोरु फिलहाल ‘रक्त ब्रह्मांड: द ब्लडी किंगडम’ एक एक्शन-फैंटेसी सीरीज पर काम कर रहे हैं. इस में सामंथा, आदित्य रॉय कपूर, अली फजल और वामिका गब्बी लीड रोल में हैं. वहीं, सामंथा प्रेग्नेंसी को एन्जॉय कर रही हैं. वह 3 महीने से प्रेग्नेंट हैं. रिपोर्ट के मुताबिक उनकी डिलीवरी इस साल दिसंबर में होगी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajanddk)

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रायसेन में सांची विधायक के कार्यालय के पास जलभराव: पुलिया निर्माण की मांग को लेकर रहवासियों ने भोपाल-सागर रोड किया जाम, PWD ईई को घेरा – Raisen News




रायसेन शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था और वर्षों से लंबित पुलिया निर्माण को लेकर लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। रविवार को हुई महज दो घंटे की बारिश के बाद सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के कार्यालय स्थित श्रीराम परिसर के पास राधा प्रेस वाली पुलिया पर जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। बारिश का पानी आसपास के मकानों में घुस गया, जिससे नाराज रहवासियों ने सोमवार रात भोपाल-सागर मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पहली बारिश में खुली व्यवस्थाओं की पोल रविवार को हुई बारिश के बाद राधा प्रेस वाली पुलिया के आसपास पानी भर गया। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से आसपास के घरों में पहुंच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में उन्हें इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पुलिया निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन जलभराव से परेशान रहवासियों ने सोमवार रात सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द पुलिया निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से वे इस समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। विधायक कार्यालय के पास ही गंभीर समस्या रहवासियों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जिस स्थान पर यह समस्या बनी हुई है, वह सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के कार्यालय और उनके निवास क्षेत्र के बेहद करीब है। लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि के कार्यालय के आसपास ही जलनिकासी व्यवस्था बदहाल है, तो शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। भोपाल-सागर मार्ग पर लगा लंबा जाम चक्काजाम के चलते भोपाल-सागर रोड के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यस्त मार्ग होने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी अधिकारी जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री बी.के. सूत्रकार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर स्थिति को समझने का प्रयास किया। हालांकि आक्रोशित रहवासियों ने उन्हें घेर लिया और वर्षों से लंबित पुलिया निर्माण को लेकर जवाब मांगा। लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े लोग अधिकारियों द्वारा जल्द पुलिया निर्माण कराने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने मौखिक आश्वासन की बजाय लिखित रूप में भरोसा देने की मांग की। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका। हर साल उठती है यही समस्या स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। हर बारिश में इसी तरह जलभराव होता है और घरों में पानी घुस जाता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिससे लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी हालात खराब रहवासियों ने बताया कि शहर के कई अन्य इलाके भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। महामाया चौक सहित कई क्षेत्रों में हर साल बारिश के दौरान सड़कें पानी में डूब जाती हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कई बार व्यापारियों को अपनी दुकानें तक बंद करनी पड़ती हैं। इसके बावजूद जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और स्थायी समाधान करने के प्रयास जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। स्थायी समाधान की मांग तेज प्रदर्शन के बाद लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाए और शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।



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कॉलेजियम के फैसलों की न्यायिक समीक्षा नहीं, RTI से भी बाहर, SC का अहम फैसला


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कॉलेजियम के फैसलों की न्यायिक समीक्षा नहीं, RTI से भी बाहर, SC का अहम फैसला

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Supreme Court On Appointment Of Judges: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जजों की नियुक्ति में कॉलेजियम के फैसले न न्यायिक समीक्षा के दायरे में हैं, न ही RTI के तहत. शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश के अरविंद मल्होत्रा की याचिका पर यह फैसला दिया है. इससे जजों की नियुक्ति के मसले पर एक अहम फैसला माना जा रहा है.

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सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम द्वारा जजों की नियुक्त को लेकर एक अहम फैसला दिया है.

Supreme Court On Appointment Of Judges: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि कॉलेजियम द्वारा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के चयन की प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आती. शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि कॉलेजियम की चयन प्रक्रिया सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत भी नहीं आती और इस पर अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती.

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की अवकाशकालीन पीठ ने हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी अरविंद मल्होत्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. मल्होत्रा ने आरोप लगाया था कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश के बावजूद उनके नाम पर उचित ढंग से विचार नहीं किया और हाईकोर्ट के जज पद के लिए उनकी उम्मीदवारी को नजरअंदाज कर दिया.

कॉलेजियम के फैसलों में हम दखल नहीं देंगे

सुनवाई के दौरान पीठ ने साफ शब्दों में कहा कि हम पैंडोरा बॉक्स नहीं खोलना चाहते. कॉलेजियम के फैसलों में हम दखल नहीं देंगे. अदालत ने कहा कि जजों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह कॉलेजियम के सब्जेक्टिव सैटिस्फेक्शन पर आधारित होती है और इस प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है.

मल्होत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बलबीर सिंह ने दलील दी कि 6 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस द्वारा दो वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों, जिनमें अरविंद मल्होत्रा भी शामिल थे, की उम्मीदवारी पर एकतरफा फैसला लेने को गलत ठहराया था. उस फैसले में शीर्ष अदालत ने कहा था कि चयन का निर्णय कॉलेजियम सामूहिक रूप से करेगा, न कि कोई एक व्यक्ति. इसके बावजूद कॉलेजियम ने उनकी उम्मीदवारी और उनके जवाबों पर विचार नहीं किया.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. पीठ ने कहा कि कॉलेजियम द्वारा किसी उम्मीदवार की उपयुक्तता का आकलन कई पहलुओं के आधार पर किया जाता है और केवल वरिष्ठता किसी व्यक्ति को हाईकोर्ट का जज बनाए जाने का अधिकार नहीं देती. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी जूनियर अधिकारी की सिफारिश की जाती है तो इससे वरिष्ठ अधिकारी को कानूनी चुनौती देने का अधिकार स्वतः नहीं मिल जाता.

न्यायिक समीक्षा नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक अदालतों में जजों की नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का चयन न तो न्यायिक समीक्षा के लिए खुला है और न ही यह सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगने का विषय है. अदालत ने यह भी कहा कि एक बार हाईकोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम सभी उपलब्ध दस्तावेजों और सरकार से प्राप्त सामग्री पर विचार कर अंतिम निर्णय ले लेता है, तो उसके बाद न्यायिक पक्ष से उस निर्णय की शुद्धता पर बहस नहीं की जा सकती.

गौरतलब है कि 2 जून को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर विचार और उम्मीदवारों से बातचीत के बाद तीन न्यायिक अधिकारियों- चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल को हाईकोर्ट में जज नियुक्त किए जाने को मंजूरी दी थी. हालांकि, अदालत ने अरविंद मल्होत्रा को पूरी तरह निराश नहीं किया. पीठ ने उन्हें लंबित विभागीय जांच को शीघ्र पूरा कराने के लिए संबंधित हाईकोर्ट के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की स्वतंत्रता दी. साथ ही अदालत ने उनसे कहा कि आप अभी युवा हैं, थोड़ा इंतजार कीजिए.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें



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ट्रम्प बोले- ईरान परमाणु ठिकानों की जांच कराने को तैयार: इससे भरोसा बनेगा; ईरान का इनकार, कहा- एटमी मुद्दे पर कोई नई सहमति नहीं




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों की अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए तैयार हो गया है। ट्रम्प के मुताबिक, इससे दुनिया को लंबे समय तक भरोसा रहेगा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम हथियार बनाने के लिए नहीं है। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी IAEA के अधिकारी फिर से ईरान में तैनात किए जा सकते हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के इस दावे को खारिज किया है। सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि IAEA के साथ सहयोग पहले से तय नियमों के तहत जारी रहेगा। ईरान ने कोई नया वादा नहीं किया है। स्विट्जरलैंड में करीब 18 घंटे चली बातचीत के दौरान परमाणु मुद्दे पर कोई नई सहमति नहीं बनी। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हालिया वार्ता के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगी कुछ पाबंदियों में 60 दिन की ढील दी है। वहीं, परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार से जुड़े सबसे कठिन मुद्दों पर बातचीत अभी बाकी है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. PAK पीएम बोले- अमेरिका-ईरान वार्ता सफल: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत सकारात्मक रही। दोनों पक्ष 60 दिन के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने, हाई लेवल कमेटी बनाने और तकनीकी स्तर की वार्ता जारी रखने पर सहमत हुए। 2. अमेरिका ने ईरान को 60 दिन तेल बेचने की छूट दी: ट्रम्प प्रशासन ने ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर 21 अगस्त तक के लिए प्रतिबंधों में ढील दे दी। अमेरिका का कहना है कि यह फैसला होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही जारी रखने पर ईरानी सहमति के बाद लिया गया। 3. ईरान ने कहा- बातचीत के बीच भी सेना पूरी तरह अलर्ट: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी गदीर नेजामी ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत जारी रहने के बावजूद सेना की तैयारियों में कोई कमी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है। 4. होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर बढ़ने लगी: करीब 20 लाख बैरल तेल लेकर दो टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। यह टैंकर किस देश के हैं इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई हैं। हालांकि, जहाजों की संख्या अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है। 5. स्विट्जरलैंड वार्ता के बाद गालिबाफ और अराघची ओमान रवाना: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिका के साथ बातचीत के बाद ओमान पहुंचे हैं। वहां होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन पर चर्चा होगी। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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अंशुला कपूर ने प्री-वेडिंग फंक्शन में भाई-बहन संग जमाया रंग, जाह्नवी-खुशी ने दिखाई झलक


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बॉलीवुड के सबसे नामी खानदानों में शुमार कपूर परिवार में खुशियों की शुरुआत हो गई है. प्रोड्यूसर बोनी कपूर की बड़ी बेटी अंशुला कपूर अपने मंगेतर रोहन ठक्कर के साथ सात फेरे लेने वाली हैं. इस ग्रैंड वेडिंग के प्री-वेडिंग फंक्शन्स यानी शादी से पहले की रस्में 21 जून से शुरू हो चुकी हैं.

नई दिल्ली. बोनी कपूर और मोना शौरी की बेटी अंशुला कपूर शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं. उनकी शादी के प्री-वेडिंग फंक्शन्स की शुरुआत हो गई है. कपूर परिवार के सदस्यों ने सोशल मीडिया के जरिए अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन्स की झलक शेयर की. (फोटो साभार इंस्टाग्राम anshulakapoor)

अंशुला कपूर की बहन जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर ने अपने सोशल मीडिया के जरिए इन फंक्शन्स की झलक शेयर की. अंशुला ने भी इंस्टाग्राम पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए फंक्शन से कुछ बेहद खास तस्वीरें साझा की हैं.

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस खूबसूरत शाम की कुछ चुनिंदा तस्वीरें पोस्ट कीं. इसके साथ उन्होंने एक बेहद सिंपल और प्यारा कैप्शन दिया, ‘21/6/26 प्यार, परिवार, आशीर्वाद’. इन फोटोज में बोनी कपूर की लाडली के चेहरे की खुशी साफ झलक रही है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम anshulakapoor)

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शादी के इस पहले फंक्शन में अंशुला का लुक वाकई देखने लायक था. उन्होंने बेज और गोल्डन कलर का एक बेहद हेवी लहंगा पहना था, जिस पर ज़री, क्रिस्टल और जरदोज़ी का खूबसूरत काम था. उनके ब्लाउज का बैकलेस डिज़ाइन और उस पर लगी लटकन (टैसल्स) उनके लुक को और भी ग्लैमरस बना रहे थे. (फोटो साभार इंस्टाग्राम anshulakapoor)

अंशुला के इस खास दिन पर उनका पूरा परिवार एकजुट नजर आया. भाई अर्जुन कपूर हर रस्म में अपनी बहन के साथ साये की तरह खड़े रहे. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में अर्जुन, अंशुला और अपने पिता बोनी कपूर के साथ बैठे हुए बेहद भावुक और खुश नजर आ रहे हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम anshulakapoor)

इसके अलावा, इस फंक्शन में जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर, संजय कपूर, महीप कपूर और शनाया कपूर ने भी अपने ट्रेडिशनल लुक से महफिल लूट ली. महीप और शनाया ने भी अपने अकाउंट से घर के अंदर की कुछ इनसाइड तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस फैमिली का ये फंक्शन कितना ग्रैंड था. (फोटो साभार इंस्टाग्राम anshulakapoor)

महीप कपूर, संजय कपूर और शनाया कपूर भी बेहद ग्लैमरस लुक्स में नजर आए. वहीं खुशी कपूर ने जहां बहन की शादी के पहले फंक्शन के लिए लहंगा पहना था, वहीं जाह्नवी कपूर ने साड़ी में ट्रेडिशनल लुक से सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. (फोटो साभार इंस्टाग्राम khushikapoor)

अंशुला और रोहन की यह जोड़ी जितनी खूबसूरत है, इनकी लव स्टोरी भी उतनी ही दिलचस्प है. दोनों की पहली मुलाकात साल 2022 में एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी. अंशुला ने एक बार बताया था कि दोनों ने पहली बार एक मंगलवार की रात को ठीक 1:15 बजे बात करना शुरू किया था, और वो बातचीत कब घंटों में बदल गई, उन्हें पता ही नहीं चला. (फोटो साभार इंस्टाग्राम khushikapoor)

पिछले साल अंशुला के बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया था जिसके बाद कपल ने धूम-धाम से परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में सगाई कर ली थी. अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम khushikapoor)

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