बिजनौर जिले में शनिवार को भी भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप जारी रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर में शहर की सड़कें सूनी नजर आईं। लोग घरों में रहने को मजबूर रहे, जबकि कई इलाकों में बिजली कटौती ने परेशानी और बढ़ा दी। जिले में मई की शुरुआत से ही गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। बीच-बीच में हुई हल्की बारिश और हवाओं से कुछ दिनों तक राहत जरूर मिली थी, लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार तापमान ऊंचा बना हुआ है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि शनिवार दोपहर अचानक चली हल्की ठंडी हवा से कुछ देर के लिए राहत महसूस की गई। गर्मी से बचने के लिए लोग कर रहे उपाय भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग सिर पर कपड़ा और टोपी लगाकर बाहर निकल रहे हैं। वहीं आइसक्रीम, जूस, नींबू पानी और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से लोग बच रहे हैं, जिसके चलते दोपहर में बिजनौर शहर की सड़कें लगभग खाली दिखाई दीं। बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या कम रही। कारोबार और मजदूरों पर असर गर्मी का असर कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों में सन्नाटा रहने से दुकानदार खाली बैठे नजर आए। सबसे ज्यादा दिक्कत उन मजदूरों को हो रही है, जो तपती धूप में काम करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी का असर वन्यजीवों पर भी देखने को मिला। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ और हाथी पानी पीते और उसमें चहलकदमी करते नजर आए। वन्यजीव पानी में रहकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। तीन दिन का तापमान रिकॉर्ड कृषि अनुसंधान केंद्र नगीना के अनुसार जिले में पिछले तीन दिनों का तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया— 20 मई: अधिकतम 41.0°C, न्यूनतम 23.6°C 21 मई: अधिकतम 41.2°C, न्यूनतम 23.8°C 22 मई: अधिकतम 40.6°C, न्यूनतम 23.9°C वहीं सापेक्ष आर्द्रता 80 से 86 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई, जिससे उमस और अधिक बढ़ गई।
आरा-अरवल मार्ग पर दो बाइकों की आपसी टक्कर हो गई। हादसे में एक अधेड़ की मौत हो गई। दूसरा बाइक सवार गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान पवना वार्ड नंबर-1 निवासी भरत पंडित(40) के तौर पर हुई है। पेशे से राजमिस्त्री था। मृतक के बेटे रामाशंकर ने बताया कि रोज की तरह शनिवार की सुबह काम करने के लिए रन्नी गांव जा रहे थे। रास्ते में पीछे से आ रही गाड़ी ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। इलाज के लिए पहले ग्रामीण डॉक्टर के पास ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर में मचा कोहराम टाउन पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार में पत्नी सुभद्रा देवी, चार पुत्री पिंकी, प्रियंका, रिंकी, प्रीति और दो पुत्र रवि शंकर, रामाशंकर है। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नरसिंहपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर शनिवार को कुछ घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। इन दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। पहली दुर्घटना बरमान चौकी क्षेत्र के ग्राम सगरी के पास हुई। यहां एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में ट्रक में सवार चालक और परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी घटना ग्राम सगरी और बीतली के बीच हुई। यहां एक अज्ञात ट्रक ने टवेरा वाहन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे टवेरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर के बाद टवेरा में सवार चार लोगों को चोटें आईं। पीछे बैठे दो लोग लगभग 15 मिनट तक क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। मृतकों के नाम गणपत और निरंजन बताई जा रहे हैं जो कि आगरा उत्तरप्रदेश के निवासी हैं, पुलिस परिजनों से संपर्क कर पता शादी करने का प्रयास कर रही है। विस्तृत जानकारी आने के बाद इसको अपडेट कराऊंगा।
‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म का डायलॉग नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने आईपीओ फाइलिंग में ये लिखा है। कंपनी अगले माह अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े डेब्यू की तैयारी में है। अमूमन आईपीओ दस्तावेज वित्तीय आंकड़ों से भरे होते हैं। पर, स्पेसएक्स का 300 से ज्यादा पन्नों का दस्तावेज कारोबारी रिपोर्ट से ज्यादा भविष्य की पटकथा जैसा है। यह खुद को ऐसी संस्था के रूप में पेश कर रही है, जो मानव चेतना को सितारों तक पहुंचाना चाहती है। यानी मस्क सिर्फ रॉकेट नहीं, पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट बेच रहे हैं। जानें कुछ ऐसे दावे, जिनसे टेक और वित्तीय जगत में हलचल है… – मंगल पर बस्ती कंपनी का सबसे बड़ा सपना मंगल को इंसानों का दूसरा घर बनाना है। फाइलिंग में 63 बार मंगल का जिक्र है। इसे सिर्फ रिसर्च स्टेशन या छोटी कॉलोनी नहीं, बल्कि मानव प्रजाति के बैकअप की तरह तैयार करने का विचार है। ताकि पृथ्वी पर आपदा से सभ्यता खत्म न हो। वहां 10 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य है। फाइलिंग में गुंबदनुमा शहरों, सोलर पैनलों और वहां रहते परिवारों के विजुअल्स भी दिए हैं। मस्क का सपना है कि मंगल पर ऊर्जा जरूरतें वहीं से पूरी हों और बाकी सामान स्टारशिप से पहुंचे। – चांद पर नई अर्थव्यवस्था फाइलिंग में चांद पर मैन्युफैक्चरिंग हब, चांद की अर्थव्यवस्था और क्षुद्रग्रहों पर खनन योजनाओं का जिक्र है। यानी भविष्य में चांद सिर्फ वैज्ञानिक मिशन का ठिकाना नहीं, बल्कि निर्माण, ऊर्जा, खनन और सप्लाई-चेन का केंद्र बन सकता है। – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर विज्ञान-कथा जैसा ही सपना है एआई डेटा सेंटर धरती से बाहर ले जाना। कंपनी ने 2028 तक सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय एआई कंप्यूट उपग्रह तैनात करने की बात कही है। अंतरिक्ष की ठंड में बड़े-बड़े डेटा सेंटर सौर ऊर्जा से चलेंगे। धरती पर बिजली-पानी बचेंगे। लक्ष्य 10 लाख तक उपग्रहों वाले डेटा सेंटर सिस्टम का है, जो 500 से 2,000 किमी ऊंचाई पर तैनात होंगे। हर साल 100 गीगावॉट एआई कम्प्यूट क्षमता तैनात करने की योजना है। – पूरा दाव स्टारशिप पर है इन तीनों सपनों की चाबी स्टारशिप है। मंगल पर इंसान भेजना हो, चांद पर कार्गो उतारना हो या अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना, सबके लिए भारी सामान को बार-बार कम लागत में कक्षा तक पहुंचाना जरूरी है। स्पेसएक्स ने कहा है कि स्टारशिप 2026 की दूसरी छमाही में पेलोड डिलीवरी शुरू कर सकता है। लेकिन यही सबसे बड़ा जोखिम है। अगर स्टारशिप बार-बार प्रयोग लायक और सस्ता नहीं बना तो ये सपने महंगे पोस्टर बनकर रह सकते हैं। एआई से अश्लील सामग्री का खतरा, बढ़ सकते हैं मुकदमे फाइलिंग में कंपनी ने स्वीकार किया कि ग्रोक के स्पाइसी और अनहिंज्ड मोड्स अश्लील सामग्री, गलत सूचना, गैर-सहमति वाली तस्वीरें और भेदभावपूर्ण कंटेंट पैदा कर सकते हैं। इससे नियामकीय जांच और मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही कंपनी ने स्वीकार किया कि ट्विटर का नाम बदलकर एक्स (X) करना बेहद महंगा साबित हुआ। फाइलिंग के अनुसार, नाम बदलने के बाद कंपनी की वैल्यू में 3.71 अरब डॉलर (35,516 करोड़ रुपए) की गिरावट आई।
Bharatpur famous Food Khirni: भरतपुर में कई साल बाद खिरनी की अच्छी आवक से बाजारों में रौनक, करीब 200 रुपये किलो बिक रही, लोग इसके मीठे स्वाद और सेहत लाभ के कारण गर्मी में खूब खरीद रहे हैं. खिरनी की सबसे खास बात यह है कि यह फल सिर्फ गर्मी के मौसम में ही मिलता है. इसी कारण सीमित समय के लिए इसकी मांग काफी बढ़ जाती है.
भरतपुर. भरतपुर के बाजारों में इन दिनों एक खास मौसमी फल खिरनी फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. कई सालों बाद खिरनी की अच्छी आवक ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है. गर्मियों में मिलने वाला यह पारंपरिक देसी फल एक बार फिर लोगों की पसंद बनता नजर आ रहा है. इसका स्वाद बेहद मीठा और अलग होता है, जिसकी वजह से लोग इसे बड़े चाव से खरीद रहे हैं.
खिरनी की सबसे खास बात यह है कि यह फल सिर्फ गर्मी के मौसम में ही मिलता है. इसी कारण सीमित समय के लिए इसकी मांग काफी बढ़ जाती है. भरतपुर के स्थानीय बाजारों में इन दिनों खिरनी की अच्छी आवक देखने को मिल रही है और लोग इसे खरीदने के लिए खास उत्साह दिखा रहे हैं.
सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है खिरनी
आयुर्वेदाचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश दीक्षित के अनुसार खिरनी शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला फल माना जाता है. उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को तरोताजा रखने में मदद करता है और लू जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक माना जाता है.
तेज गर्मी के बीच लोग अब पारंपरिक और देसी फलों की तरफ फिर से रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि बढ़ते तापमान के साथ बाजार में खिरनी की मांग भी लगातार बढ़ रही है. लोग इसे स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानते हैं.
कई साल बाद बढ़ी आवक, 200 रुपये किलो बिक रही खिरनी
खिरनी विक्रेता बताते हैं कि कई साल बाद इस बार खिरनी की इतनी अच्छी पैदावार और आवक देखने को मिल रही है. पहले यह फल बाजार में बहुत कम दिखाई देता था, लेकिन इस बार इसकी उपलब्धता ने बाजार में नई रौनक ला दी है. ग्राहक भी इसे खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे बिक्री में तेजी आई है.
अगर कीमत की बात करें तो फिलहाल खिरनी करीब 200 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है. कीमत ज्यादा होने के बावजूद इसकी मिठास और सेहतमंद गुणों के चलते लोग इसे खरीदने से पीछे नहीं हट रहे हैं.
भरतपुर में खिरनी की वापसी न सिर्फ लोगों को पुराने स्वाद की याद दिला रही है, बल्कि बाजारों में भी खास मिठास घोल रही है. गर्मियों के इस मौसम में खिरनी एक बार फिर स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम बनकर उभर रही है.
आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
प्रभास स्टारर ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की. साउथ फिल्म इंडस्ट्री की पहली ऐसी फिल्म बनी, जिसने हिंदी मार्केट पर जबरदस्त कमाई की. इसने पैन इंडिया फिल्मों के चलन का ट्रेंड सेट किया. बाहुबल जुलाई 2015 में आई. लेकिन क्या आप जानते हैं इसके ठीक 3 महीने बाद एक और ऐसी ही फिल्म आई. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई. फिल्म में श्रीदेवी सुपरनैचुरल विलेन के रोल में थीं.
साल 2015 में आई ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ में जिस तरह का साम्राज्य, एक राजकुमार का देश निकाला और सत्ता की लड़ाई दिखाई गई थी. ठीक उसी तरह अक्टूबर 2015 में आई फिल्म में भी देखने को मिला. लगभग वैसे ही घने जंगल, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और पहाडों-नदियों के बीच एक बड़ा साम्राज्य. सुपरस्टार ने लीड हीरो का रोल निभाया. श्रीदेवी को मिलाकर तीन हीरोइन थीं. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)
फिल्म को तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज किया गया था. रिलीज के समय इसकी तुलना ‘बाहुबलीः द बिगनिंग’ से होने लगी थी, क्योंकि दोनों फिल्मों में फैंटेसी दुनिया और बड़े विजुअल्स देखने को मिले. इस फिल्म का नाम ‘पुली’ है. थलापति विजय ने फिल्म में डबल रोल निभाया. ‘पुली’ दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी.
क्रिटिक्स ने ‘पुली’ की कहानी और स्क्रीनप्ले को कमजोर बताया, लेकिन विजय और श्रीदेवी की मौजूदगी ने शुरुआती दिनों में थिएटर्स में भीड़ जरूर खींची. ‘पुली’ तमिल सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी. इस फिल्म से बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा श्रीदेवी ने लंबे समय बाद तमिल सिनेमा में वापसी की थी.
Add News18 as Preferred Source on Google
फिल्म को निर्देशक चिम्बु देवन ने ग्रैंड लेवेल पर बनाया था और उस दौर में इसे साउथ की सबसे महंगी फिल्मों में गिना गया. फिल्म की कहानी एक फैंटेसी किंगडम पर आधारित थी, जहां इंसानों और वेधालम नाम के दानवों के बीच संघर्ष दिखाया गया. विजय ने मरुधीरन और पुलिवेन्धन नाम के किरदार निभाए थे. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा श्रीदेवी के किरदार ‘रानी यवनरानी’ की हुई. भारी ज्वेलरी, शाही कॉस्ट्यूम और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के जरिए श्रीदेवी ने फिल्म में अलग ही रंग भर दिया था. कई दर्शकों ने माना कि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उनका रॉयल अवतार था.
‘पुली’ को लेकर शुरुआत से ही जबरदस्त बज बना हुआ था. फिल्म का सेट, वीएफएक्स और ग्रैंड विजुअल्स उस समय तमिल इंडस्ट्री में काफी बड़े माने गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 87 करोड़ से लेकर 130 करोड़ रुपये के बीच बताया गया. कई मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे लगभग 100 करोड़ रुपये की फिल्म माना.
बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर में करीब 100 से 101 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन किया. कुछ रिपोर्ट्स में इसे 101 करोड़ ग्रॉस बताया गया है. हालांकि भारी बजट की वजह से इसे ब्लॉकबस्टर नहीं माना गया. ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक फिल्म अपने थिएट्रिकल रन में उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं कर पाई. बावजूद इसके, सैटेलाइट और डिजिटल राइट्स से मेकर्स को काफी राहत मिली और नुकसान की भरपाई हुई.
श्रीदेवी के लिए भी ‘पुली’ खास फिल्म रही. हिंदी सिनेमा में शानदार वापसी करने के बाद उन्होंने इस तमिल फिल्म में निगेटिव शेड वाला किरदार निभाने का जोखिम उठाया. उनका मेकअप और लुक उस समय सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा. कुछ लोगों ने इसे ओवर-द-टॉप कहा, तो कई दर्शकों ने उनके शाही अंदाज की तारीफ की.
आज भी ‘पुली’ को विजय के करियर की सबसे अलग फिल्मों में गिना जाता है. भले ही यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक इतिहास नहीं रच सकी, लेकिन इसकी भव्यता, श्रीदेवी की वापसी और फैंटेसी दुनिया ने इसे यादगार जरूर बना दिया. खासकर श्रीदेवी का रानी वाला अवतार आज भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बना रहता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सिर्फ 1 दिन सजती है ये मशहूर ‘कोफ्ता दुकान’! 10 रुपये में 4 कोफ्ते
Famous Kofta Shop Rajasthan: राजस्थान में एक अनोखी ‘कोफ्ता दुकान’ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. खास बात यह है कि यह दुकान तीन साल में सिर्फ एक दिन के लिए सजती है, लेकिन इसका स्वाद लोगों को दूर-दूर से खींच लाता है. यहां मात्र 10 रुपये में 4 स्वादिष्ट कोफ्ते मिलते हैं और कुछ ही घंटों में करीब 1 लाख कोफ्ते खत्म हो जाते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार इस दुकान का स्वाद और पारंपरिक मसाले इसे बेहद खास बनाते हैं. दुकान खुलते ही यहां भारी भीड़ उमड़ पड़ती है और लोग लंबी लाइनों में लगकर कोफ्तों का स्वाद लेते हैं. सोशल मीडिया पर भी यह अनोखी फूड स्टोरी तेजी से वायरल हो रही है. यह दुकान सिर्फ खाने का ठिकाना नहीं बल्कि स्थानीय परंपरा और स्वाद की पहचान बन चुकी है, जिसे देखने और चखने के लिए हर साल लोगों में खास उत्साह देखने को मिलता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच सवाई माधोपुर में शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 94 और डीजल की कीमतों में 93 पैसे का एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। रहां 9 दिनों में ईंधन कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। सवाई माधोपुर में 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 90 पैसे से ज्यादा प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी करीब 3 रुपए प्रति लीटर कीमत बढ़ी थी। सवाई माधोपुर में शनिवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर नई रेट लागू कर दी गई है। सवाई माधोपुर में अब पेट्रोल डीजल की नई दरें यह होगी सवाई माधोपुर में अब सादा पेट्रोल कीमत प्रति लीटर 111.34 रुपए हो गई है। इससे पहले यहां सादा पेट्रोल की कीमत 110.40 रुपए प्रति लीटर थी। इसी तरह यहां अब डीजल की रेट 96.46 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले यहां डीजल-95.94 रुपए प्रति लीटर था। वहीं प्रीमीयम पेट्रोल की प्रति लीटर रेट 120.64 रुपए हो गई है। इससे पहले यहां प्रीमीयम पेट्रोल 119.71 रुपए प्रति लीटर था। पेट्रोल डीजल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से मंहगाई बढ़ने के साथ घरेलू बजट बिगड़ने की संभावना है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का इंस्टाग्राम अकाउंट शनिवार को हैक होने का दावा किया गया। पार्टी ने सुबह 8.25 बजे X पोस्ट में बताया कि CJP का इंस्टाग्राम अकाउंट एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं।
इसके बाद पार्टी ने दोपहर 1.14 बजे X पर लिखा- सरकार ने हमारी वेबसाइट डाउन कर दी है। वेबसाइट पर 10 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान की रिजाइन की डिमांड वाली पिटीशन पर 6 लाख साइन हो चुके हैं।
पार्टी ने लिखा-
सरकार कॉकरोच से इतनी डरी हुई क्यों है? लेकिन यह तानाशाही रवैया भारत के युवाओं की आंखें खोल रहा है। हमारा एकमात्र गुनाह यह है कि हम अपने लिए एक बेहतर भविष्य की मांग कर रहे थे।लेकिन आप इतनी आसानी से हमसे पीछा नहीं छुड़ा सकते। हम अभी एक नए घर पर काम कर रहे हैं। कॉकरोच कभी नहीं मरते।
इधर, पार्टी के इंस्टाग्राम पर दोपहर 2 बजे तक 2 करोड़ 20 लाख फॉलोअर्स हो चुके हैं। X पर भी फॉलोअर्स की संख्या 2 लाख पार हो चुकी है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को दावा किया था कि उन्हें वॉट्सएप पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं।
जानिए पिछले 8 दिन में क्या-क्या हुआ?
22 मई: ऑनलाइन पिटीशन जारी की, धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को दावा किया था कि उन्हें वॉट्सएप पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं। उन्होंने स्क्रीन शॉट भी शेयर किए हैं। इसके अलावा दीपके कल पहली ऑनलाइन पिटीशन लेकर आए। इसमें उन्होंने NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। शनिवार सुबह 10 बजे तक ऑनलाइन पिटीशन में 5 लाख 68 हजार से ज्यादा लोग साइन कर चुके हैं।
अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने स्क्रीन शॉट भी शेयर किए हैं। इसके अलावा दीपके कल पहली ऑनलाइन पिटीशन लेकर आए।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के अधिकार पाने के लिए तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल हुए हैं। ट्रेडमार्क रजिस्ट्री पोर्टल पर दाखिल आवेदनों में राजनीतिक और सामाजिक सेवाएं देने वाली श्रेणी के तहत ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन मांगा गया है। ये आवेदन अजीम आदमभाई जम, अखंड स्वरूप और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम की एक प्रोपराइटरशिप फर्म की ओर से दाखिल किए गए हैं।
अभिजीत ने 22 मई को वाट्सऐप पर मिली धमकी का स्क्रीन शॉट शेयर किया था।
अभिजीत के पिता भगवान और मां अनीता दीपके ने कहा- आज का माहौल देखकर डर लगना स्वाभाविक है। चाहे उसके कितने भी फॉलोअर्स क्यों न हों। उसने खुद भी भारत लौटने पर गिफ्तार होने का डर जाहिर किया है।
21 मई: X अकाउंट बंद हुआ तो नया बनाया
CJP का X अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था। जब पुराना अकाउंट बंद हुआ, तब 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं।
यह अभिजीत के नए X अकाउंट का स्क्रीन शॉट है। उन्होंने इसका नाम कॉक्रोच इज बैक दिया है।
20 मई: CJP देश में चर्चा का बड़ा मुद्दा बना
20 मई रात की तक इंस्टाग्राम पर CJP के 66 लाख+ फॉलोअर्स हुए। CJP आम जनता के बीच भी चर्चा का मुद्दा बनने लगा।
19 मई: CJP के फॉलोअर्स में तेजी आई
CJP के इंस्टाग्राम के फॉलोअर्स में बढ़ते रहे। सोशल मीडिया पर CJP ट्रेंडिंग टॉपिक बन गया। इसके फॉलोअर्स दूसरे राजनीतिक दलों (BJP-कांग्रेस) के डिजिटल फॉलोअर बेस से ज्यादा हुए।
18 मई: CJP को पोस्ट वायरल, चर्चा में आई
CJP राष्ट्रीय स्तर पर वायरल चर्चा का हिस्सा बनने लगा। बेरोजगारी, पेपर लीक, युवा असंतोष जैसे मुद्दों पर इसके पोस्ट तेजी से शेयर होने लगे। ऑनलाइन ‘join party’ साइन-अप भी तेजी से बढ़ने लगे।
17 मई: इंस्टाग्राम पर CJP के फॉलोअर्स बढ़ने लगे
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक X पर शुरुआत के बाद अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इंस्टाग्राम हैंडल एक्टिव किया। सरकार के खिसाफ मीम, युवा मुद्दों वाले पोस्ट वायरल होने लगे। इसी दिन से फॉलोअर्स में तेज उछाल शुरू हुआ, लेकिन कोई सरकारी कार्रवाई या विवाद नहीं हुआ।
16 मई:Cockroach Janta Party (CJP) की शुरुआत
अभिजीत दीपके ने X पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ कॉकरोच जनता पार्टी लॉन्च की। वहीं CJI ने अपने बयान पर विवाद बढ़ने पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया।
15 मई: CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे
15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। लाइव लॉ के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’
CJP के 96% फालोअर्स इंडियन
CJP पर आरोप लग रहा है कि इंस्टाग्राम पर उसके ज्यादातर फॉलोअर्स पाकिस्तान, बांग्लादेश और अमेरिका जैसे देशों के हैं। भारत के सिर्फ 9% फॉलोअर्स हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। 96% फॉलोअर्स भारतीय हैं।
अभिजीत अमेरिका में पढ़ रहे, AAP में काम कर चुके
अभिजीत दीपके बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं।
30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।
अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे।
एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए।
अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।
—————–
ये खबर भी पढ़ें…
आज का एक्सप्लेनर: कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 दिन में बीजेपी-कांग्रेस को पछाड़ा, इंस्टा पर डेढ़ करोड़+ फॉलोअर्स; ये सिर्फ मजाक है या बदलाव की आहट
BJP और कांग्रेस ने 2014 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। 12 साल में बीजेपी के 88 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हुए हैं। लेकिन महज 5 दिन पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने इन दोनों आंकड़ों को छोटा साबित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…
सरकार ने लोगों को बिजली के बिल को कम करने का तरीका बताया है। कई लोग घर में लगे अप्लायंसेज को केवल रिमोट से बंद करके समझते हैं कि वो स्वीच ऑफ हो गया और बिल नहीं उठाएगा। ऐसे 6 डिवाइसेज हम अपने घर में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये नहीं जान पाते हैं कि ये बिजली का बिल बंद होने के बाद भी उठाते रहते हैं। स्मार्टफोन चार्जर से लेकर एसी, टीवी जैसे ये डिवाइसेज पावर ऑफ होने के बाद भी बिजली का बिल बढ़ाते रहते हैं।
UPPCL यानी उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इन उपकरणों के बारे में बताया है। अगर, कंज्यूमर्स थोड़ी सी सावधानी बरतें तो वो हर महीने बड़ मात्रा में बिजली का बिल बचा सकते हैं। इनमें से ज्यादातर उपकरण हम डेली यूज करते हैं। टीवी, चार्जर, सेट-टॉप बॉक्स, वॉशिंग मशीन जैसे ये डिवाइसेज स्टैंडबाई में रहकर लोगों के बिजली का बिल लगातार बढ़ाते हैं।
क्या होता हैं स्टैंडबाई मोड?
यह एक ऐसा मोड होता है, जिसमें उपकरण भले ही इस्तेमाल न हो रहा हो, लेकिन यह बिजली की खपत करता रहता है। खास तौर पर टीवी, सेट-टॉप बॉक्स और रिमोट से चलने वाले डिवाइसेज को हम स्वीच से बंद न करके रिमोट से उन्हें बंद करते हैं। इनमें पावर सप्लाई होती रहती है और स्टैंडबाई मोड में ये बिजली की खपत करते हैं। सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि इन डिवाइसेज को रिमोट से ऑफ करने के बाद इनके स्वीच को भी बंद कर दें। ऐसा करने से ये स्टैंडबाई मोड में नहीं रहेंगे और बिजली की खपत नहीं करेंगे।
AC और चार्जर भी उठाते हैं बिल
ज्यादातर लोग एसी को भी टीवी, सेट-टॉप बॉक्स आदि की तरह रिमोट से बंद कर देते हैं। लोगों की ये गलती उनपर भारी पड़ती है। एसी में लगे PCB यानी सर्किट बोर्ड में इलेक्ट्रिक करेंट सप्लाई होती रहती है, इसकी वजह से बिजली का बिल उठता रहता है। एसी को भी आपको टीवी या अन्य उपकरणों की तरह ही रिमोट से बंद करने के बाद स्विच से बंद करना चाहिए।
वहीं, हम फोन चार्ज करने के बाद चार्जर को प्लग में ही लगाकर छोड़ देते हैं और सोचते हैं कि ये छोटा सा डिवाइस कितना ही बिजली कंज्यूम करेगा। हम यहां भी गलती करते हैं, जिसकी वजह से बिजली का बिल उठता रहता है। ऐसे में चार्जर को भी डिवाइस चार्ज होने के बाद स्विच ऑफ कर देना चाहिए।
इन दो डिवाइस को भी करें स्वीच ऑफ
घर में लगा WiFi डिवाइस भी पूरे टाइम ऑन रहने पर बिजली की खपत करता है। इसके अलावा RO भी बिजली की खपत करता रहता है। इन दोनों डिवाइसेज को भी जब इस्तेमाल न कर रहे हों तो स्वीच ऑफ कर दें। रात के टाइम में अगर आप इंटरनेट यूज नहीं कर रहे हैं तो इसे स्वीच ऑफ कर दें। वहीं, RO को भी लगातार ऑन न रखें। इस तरह से घर में लगें ये 6 डिवाइसेज लगातार पावर ऑफ होने के बाद भी लगातार बिजली की खपत करते रहते हैं।