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Uddhav Thackery Shiv Sena Crisis LIVE: उद्धव ठाकरे की शिवसेना एक और टूट के कगार पर पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि 9 में से 6-7 सांसद पार्टी से अलग हो सकते हैं. इन सभी के एकनाथ शिंदे के खेमे में जाने की संभावन…और पढ़ें
उद्धव ठाकरे की शिवसेना एक और टूट के कगार पर है, वहीं पार्टी के टॉप लीडर ने बड़ा दावा किया है. (फाइल फोटो/Reuters)
Uddhav Thackery Shiv Sena Crisis LIVE: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में संभावित टूट और सांसदों के दल-बदल की अटकलों के बीच पार्टी के लोकसभा सांसद राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह से पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हैं और भविष्य में भी उनके साथ ही बने रहेंगे. वाजे ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसी किसी बात की जानकारी नहीं है. मैंने पार्टी की बैठक में भी अपना रुख साफ कर दिया है कि मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूं और हमेशा रहूंगा.’ वहीं, पार्टी के एक और सांसद अरविंद सावंत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को खारिज करते हुए दावा किया कि 14 जून को उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में पार्टी के सभी सांसद शामिल हुए थे.
राजाभाऊ वाजे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र में कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं. राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 7 सांसद एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और वे सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं. इस बीच, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा का शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों या विधायकों के संभावित दल-बदल से कोई संबंध नहीं है. बावनकुले ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे को यह समझना चाहिए कि उनके सांसद और विधायक उनसे क्यों दूर जा रहे हैं. यदि वे एकनाथ शिंदे के साथ जा रहे हैं तो यह उनका आंतरिक मामला है. भाजपा या उसके किसी नेता का इससे कोई लेना-देना नहीं है.’ उन्होंने राज्यसभा सांसद संजय राउत के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिनमें दावा किया गया था कि सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये तक की पेशकश की जा रही है. बावनकुले ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है और यह सांसदों एवं विधायकों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है.
अरविंद सावंत का बड़ा दावा
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के एक और सीनियर सांसद अरविंद सावंत ने भी ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं को मीडिया द्वारा पैदा किया गया माहौल बताया. उन्होंने कहा कि 14 जून को उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे, जिनमें कुछ सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे. सावंत ने दो टूक कहा कि पार्टी बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर चल रही है और जो भी नेता पार्टी छोड़ना चाहता है, उसे पहले इस्तीफा देकर जनता के बीच जाना चाहिए. उधर, संजय राउत, अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की. राउत ने किसी भी संभावित बगावत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी अभी तक किसी आधिकारिक टूट की पुष्टि नहीं करती है. गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए बड़े राजनीतिक विद्रोह ने शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था. अब ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है, हालांकि उद्धव ठाकरे गुट के नेता लगातार एकजुटता का दावा कर रहे हैं.
Shiv Sena-UBT Crisis LIVE: उद्धव को अब सताने लगा विधायकों के टूटने का डर
उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट लाइव: उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों में संभावित टूट की चर्चाओं के बीच अब पार्टी नेतृत्व की नजरें महाराष्ट्र विधानसभा में अपने विधायकों पर टिक गई हैं. सूत्रों के अनुसार, सांसदों से जुड़े घटनाक्रम के बाद उद्धव ठाकरे को अपने 20 विधायकों की एकजुटता बनाए रखने की चिंता सताने लगी है. इसी को देखते हुए ठाकरे खुद विधायकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क साध रहे हैं और उन्हें फोन कर पार्टी के साथ बने रहने का संदेश दे रहे हैं. उद्धव गुट के पास फिलहाल आदित्य ठाकरे समेत कुल 20 विधायक हैं. राजनीतिक हलकों में जारी अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व संगठन और विधायकों को एकजुट रखने की कोशिशों में जुट गया है. हालांकि, अब तक किसी विधायक के पार्टी छोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
Shiv Sena-UBT Crisis LIVE: 14 जून को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सांसद शामिल हुए – अरविंद सावंत
उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट लाइव: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने पार्टी में संभावित टूट और कथित ऑपरेशन टाइगर की अटकलों को खारिज करते हुए इसे मीडिया द्वारा पैदा किया गया प्रचार बताया है. सावंत ने कहा कि यह सवाल ही गलत है कि टाइगर कौन है? देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर अनावश्यक राजनीतिक चर्चाओं को तूल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 14 जून को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे. सावंत के अनुसार, चार सांसद बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि अन्य सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) पूरी तरह से बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध है. सावंत ने ईवीएम से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान से जुड़े गंभीर सवालों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए.
Shiv Sena-UBT Crisis LIVE: शिवसेना-यूबीटी की आज अहम बैठक
उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट लाइव: शिवसेना (यूबीटी) द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने फिलहाल वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाई है. सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट अगले दो दिनों में स्थिति की समीक्षा कर यह तय करेगा कि शिवसेना (यूबीटी) की ओर से उठाए जाने वाले संभावित कदमों पर उसका क्या रुख रहेगा. बताया जा रहा है कि शिंदे गुट कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा कर रहा है और विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. पार्टी नेतृत्व जल्द ही अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर सकता है.
Shiv Sena-UBT Crisis LIVE: शिवसेना-यूबीटी में टूट की खबरें गलत – संजय राउत
उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट लाइव: शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने पार्टी के छह सांसदों के टूटकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में जाने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ सांसद प्रयास कर सकते हैं, लेकिन उनकी संख्या छह नहीं है, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है. राउत ने स्पष्ट किया कि लोकसभा सचिवालय की ओर से भी शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के दूसरी शिवसेना में शामिल होने संबंधी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि आज पार्टी की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद आगे की रणनीति और निर्णय पर विचार किया जाएगा. राउत ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की.




















