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भारतीय सिनेमा और थिएटर की दिग्गज कलाकार जोहरा सहगल (जन्म 1912) ने उस दौर में रूढ़िवादी सोच को तोड़ा जब लड़कियों का घर से निकलना भी मुश्किल था. उन्होंने जर्मनी जाकर तीन साल तक मॉडर्न डांस सीखा और भारत लौटकर मशहूर उदय शंकर की डांस मंडली के साथ दुनिया भर में भारतीय नृत्य का परचम लहराया. समाज की परवाह न करते हुए उन्होंने अलग धर्म के कामेश्वर सहगल से शादी की. बंटवारे के बाद मुंबई आकर उन्होंने पृथ्वी थिएटर और ‘दिल से’, ‘वीर-जारा’ जैसी कई फिल्मों में यादगार अभिनय किया. कला में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘पद्म विभूषण’ सहित कई सम्मान मिले और 2014 में 102 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ.
जोहरा सहगल की शानदार जिंदगी.
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा की दुनिया में जोहरा सहगल एक ऐसा नाम हैं, जिन्हें आज भी उनकी जिंदादिली और गजब की एक्टिंग के लिए याद किया जाता है. उन्होंने न सिर्फ अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता, बल्कि अपनी हिम्मत से समाज की पुरानी सोच को भी तोड़ा. 27 अप्रैल 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जन्मी जोहरा का बचपन उत्तराखंड में बीता. उनका पूरा नाम साहिबजादी जोहरा मुमताज उल्लाह खान बेगम था. उस दौर में जहां लड़कियों की पढ़ाई जल्दी छुड़ाकर कम उम्र में शादी कर दी जाती थी, वहीं जोहरा ने अपने सपनों को चुना. उन्होंने लाहौर के क्वीन मैरी कॉलेज से पढ़ाई की. वह बचपन से ही बाकी लड़कियों से एकदम अलग थीं, जिन्हें पेड़ों पर चढ़ना और बेफिक्र होकर घूमना पसंद था.
जोहरा ने पढ़ाई पूरी करने के बाद एक ऐसा क्रांतिकारी फैसला लिया, जिसके बारे में उस जमाने में कोई लड़की सोच भी नहीं सकती थी. वह अकेले हजारों किलोमीटर दूर जर्मनी के ड्रेसडेन शहर पहुंच गईं और वहां के मशहूर मैरी विगमैन बैले स्कूल में एडमिशन ले लिया. उस दौर में जहां लड़कियों का घर से अकेले बाहर निकलना भी गुनाह माना जाता था, वहां जोहरा का यूरोप जाकर मॉडर्न डांस सीखना एक बहुत बड़ी मिसाल थी. वहां उन्होंने पूरे तीन साल तक कड़ी मेहनत की और डांस की बारीकियों को सीखा. इसी साहसी फैसले ने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया.
वैज्ञानिक से की शादी
जोहरा साल 1935 में जर्मनी से भारत लौटीं. उन्होंने मशहूर डांस गुरु उदय शंकर की मंडली में शामिल हो गईं. उन्होंने इस मंडली के साथ जापान, मिस्र, यूरोप और अमेरिका जैसे कई देशों की ट्रिप की और दुनिया भर में भारतीय डांस का परचम लहराया. फिर उनकी मुलाकात वैज्ञानिक व डांसर कामेश्वर सहगल से हुई. समाज की परवाह किए बिना दोनों ने शादी कर ली, जो उस दौर में काफी बड़ी बात थी. देश के बंटवारे के बाद जोहरा अपने परिवार के साथ मुंबई आ गईं और ‘पृथ्वी थिएटर’ के साथ जुड़कर एक्टिंग करने लगी.
‘धरती के लाल’ से किया एक्टिंग डेब्यू
जोहरा सहगल की फिल्मों में शुरुआत 1946 में आई फिल्म ‘धरती के लाल’ से हुई थी. उन्होंने ‘दिल से’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘वीर-जारा’, ‘कल हो ना हो’ और ‘चीनी कम’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता. कला में योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्य विभूषण’ से नवाजा गया. 102 साल की लंबी और भरपूर जिंदगी जीने के बाद जोहरा सहगल ने 10 जुलाई 2014 को दुनिया को अलविदा कहा.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें











