पटना के महेंद्रू इलाके में एक रिटायर्ड फौजी को साइबर ठगों ने 10 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 3.30 लाख रुपये की ठग लिया। ठगों ने करीब 10 दिनों तक उन्हें डर और मानसिक दबाव में रखा। उन्होंने ठगी गई रकम अपनी भतीजी की शादी के लिए जमा की थी। घटना से आहत होकर बुजुर्ग ने आत्महत्या का प्रयास भी किया। डर के कारण वे 17 दिनों तक घर में रहे, जिसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बैंक अधिकारी बनकर किया पहला कॉल ठगी की शुरुआत तब हुई जब रिटायर्ड फौजी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा में उनके नाम पर एक खाता है। जालसाज ने दावा किया कि इस खाते में 6 करोड़ 80 लाख रुपये की संदिग्ध राशि जमा है। जब फौजी ने दिल्ली में किसी खाते से इनकार किया, तो ठगों ने अपनी अगली चाल चली। देशद्रोह के केस का डर दिखाकर रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’ पीड़ित के इनकार के तुरंत बाद उन्हें दोबारा फोन आया। इस बार कॉल करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि जिस व्यक्ति ने वह मोटी रकम जमा कराई थी, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फौजी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपना बैंक खाता अपराधियों को बेचा है और उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। ठगों ने इसी मानसिक दबाव का फायदा उठाया और उन्हें डरा-धमकाकर लगभग 10 दिनों तक फोन पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। घर की तस्वीरें भेजीं, पुलिस वर्दी में की वीडियो कॉल फौजी को पूरी तरह अपने चंगुल में कसने के लिए अपराधियों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया। उन्होंने पीड़ित के घर की तस्वीरें खींचकर उनके मोबाइल पर भेजी, जिससे पीड़ित को लगा कि वे हर वक्त पुलिस की निगरानी में हैं। इसके बाद अपराधियों ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो काल किया और खुद को बड़े पुलिस अधिकारी के रूप में पेश किया। खौफ का माहौल यहीं खत्म नहीं हुआ, जालसाजों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पीड़ित के घर पर भी भेजा। RTGS से भेज दिए 3.30 लाख रुपये इससे बुजुर्ग फौजी को पूरा विश्वास हो गया कि वे वाकई किसी बड़ी कानूनी मुसीबत में घिर चुके हैं। जालसाजों के चंगुल में फंसे रिटायर्ड फौजी ने खुद को पाक-साफ साबित करने और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। ठगों के दबाव में आकर बुजुर्ग फौजी ने अपने एसबीआई बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिये 3.30 लाख रुपये अपराधियों के बताये खाते में भेज दिये। साइबर थाना पुलिस ने जांच में जुटी मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी अनजान कॉल पर खुद को पुलिस, CBI, ED या बैंक अधिकारी बताकर डराने वाले लोगों के झांसे में न आएं। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के ‘डिजिटल अरेस्ट’ का दावा होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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पटना- रिटायर्ड फौजी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 3.30 लाख ठगे: देशद्रोह केस का दिखाया डर, भतीजी की शादी के लिए जोड़े थे पैसे; सदमे में आत्महत्या की कोशिश – Patna News
मोबाइल के 6 पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म, क्या सस्ते होंगे फोन?
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (EMS) को सरकार से बड़ी राहत मिली है. वित्त मंत्रालय ने मोबाइल फोन और उनके कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए ट्रैकिंग मॉड्यूल, डिस्प्ले समेत छह अहम पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी है. यह छूट 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी. इसके अलावा, सरकार ने सोलर इक्विपमेंट (Solar Equipment) और ईपीसी (EPC) कंपनियों को भी राहत दी है, जिससे इन सेक्टरों में लागत कम होने और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
इस फैसले का फोकस देश में डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है.सरकार का मानना है कि इस कदम से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी निर्माण और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी. साथ ही कंपनियों के लिए आधुनिक मशीनें और जरूरी इक्विपमेंट आयात करना आसान होगा. इससे प्रोडक्शन लागत कम होने और देश में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में मिलेगी बड़ी राहत
सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की लिस्ट का दायरा बढ़ा दिया है. अब करीब 85 तरह की मशीनों पर इंपोर्ट ड्यूटी में राहत मिलेगी. इनमें मटेरियल मिक्सिंग, कोटिंग, प्रेसिंग, स्लिटिंग, वाइंडिंग, स्टैकिंग, इलेक्ट्रोलाइट फिलिंग, वेल्डिंग, टेस्टिंग और पैकेजिंग जैसी अहम मशीनें शामिल हैं.
इसके अलावा बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले सपोर्टिंग इक्विपमेंट को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है. इनमें सॉल्वेंट रिकवरी सिस्टम, हीट रिकवरी सिस्टम, डस्ट कलेक्शन और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट जैसी मशीनें शामिल हैं. सरकार ने इन उपकरणों की कस्टम टैरिफ कैटेगरी भी स्पष्ट कर दी है, जिससे आयात प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान और ट्रांसपरेंट होगी. इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और देश में बैटरी निर्माण को गति मिलने की संभावना है.
डिस्प्ले और वायरलेस चार्जिंग कंपोनेंट्स पर भी राहत
सरकार ने ऑटोमोटिव, मेडिकल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली डिस्प्ले असेंबली के कुछ कंपोनेंट्स पर भी कस्टम ड्यूटी में छूट जारी रखने का फैसला किया है. इनमें डिस्प्ले सेल, फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली (FPC), बैकलाइट यूनिट, फ्रेम और एसीएफ (Anisotropic Conductive Film) जैसे पार्ट्स शामिल हैं. इसके अलावा मोबाइल फोन में वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले छह कंपोनेंट्स को भी ड्यूटी में रियायत दी गई है. इनमें नैनो-क्रिस्टलाइन असेंबली, ई-शील्ड, पीईटी लाइनर, पीसी शिम, कॉइल और नियोडिमियम मैग्नेट जैसे पार्ट्स शामिल हैं. इससे भारत में वायरलेस चार्जिंग टेक्नोलॉजी के मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिल सकता है.
आम जनता को कितना फायदा?
सरकार के इस फैसले का फायदा आम लोगों को सीधे नहीं, बल्कि धीरे-धीरे मिल सकता है. इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी निर्माण की लागत कम होने पर कंपनियां भविष्य में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों को कम कर सकती हैं. वहीं, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से नए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं. हालांकि, कीमतों में कितनी कमी आएगी, यह कंपनियों की स्ट्रैटजी, मार्केट की मांग और अन्य लागतों पर निर्भर करेगा.
अर्थव्यवस्था को होगा फायदा
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार का यह फैसला घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए पॉजिटिव साबित हो सकता है. मशीनों और कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में राहत मिलने से कंपनियों की प्रोडक्शन लागत कम होगी, जिससे वे अपनी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा सकेंगी. इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत स्थान बनाने में भी मदद मिल सकती है. लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, एनर्जी रिजर्व और कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स में तेजी से बढ़ रहा है.
घुंघराले बाल और दांतों की बनावट का मजाक उड़ा: पहली बार 5 इंच की हाई हील पहनी; मिस राजस्थान-2026 की टॉप-6 फाइनलिस्ट ने बताए अपने एक्सपीरियंस – Jaipur News
स्कूल में मेरे घुंघराले बाल और दांतों की बनावट का मजाक उड़ाया जाता था। कॉलेज में मेरे सपनों का मजाक बनाया गया। इसके बाद भी फैशन की ग्लैमरस दुनिया में आने से पीछे नहीं रही। पहली बार पांच इंच की हाई हील्स पहनकर रैंप वॉक करना बिल्कुल अनुभव था। मेडिकल की कठिन राह पार की, किसी ने सामाजिक बंदिशें तोड़ीं, किसी मॉडल ने विनर बनने के लिए सालों का इंतजार किया। मिस राजस्थान 2026 की टॉप-6 फाइनलिस्ट ने अपनी इस जर्नी के ऐसे ही कुछ एक्सपीरियंस को भास्कर के साथ शेयर किया। करीब 6500 प्रतिभागियों में से चयनित टॉप-28 फाइनलिस्ट ने एक महीने तक कड़ी ग्रूमिंग और ट्रेनिंग ली, जिसके बाद इन टॉप-6 विजेताओं ने अपनी जगह बनाई। इन विजेताओं ने अपने संघर्ष, परिवार के सहयोग, सामाजिक चुनौतियों और भविष्य के सपनों को साझा किया। पढ़िए- किसने क्या कहा- MBBS के साथ मॉडलिंग की, मां ने दी प्रेरणा मिस राजस्थान-2026 की 6th रनरअप लक्षिता गोदारा ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी मां हैं। बचपन से मां ने आगे बढ़ने और समाज की अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणा बनने की सीख देती रही हैं। इसी प्रेरणा से उन्होंने मेडिकल क्षेत्र चुना और NEET परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्तमान में वे SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। लक्षिता ने कहा कि मेडिकल और मॉडलिंग दोनों पूरी तरह अलग क्षेत्र हैं, लेकिन दोनों में एक चीज समान है, कड़ी मेहनत। मेडिकल की तैयारी के दौरान उन्होंने दिन-रात पढ़ाई की और अपने माता-पिता के विश्वास को कभी टूटने नहीं दिया। अब मिस राजस्थान के मंच के जरिए वे समाज की उन लड़कियों तक पहुंचना चाहती हैं, जिन्हें प्रेरणा और सही मार्गदर्शन की जरूरत है। क्रिमिनोलॉजी से फैशन की दुनिया तक, समाज ने दिया साथ सुहानी जैन थर्ड रनरअप रही। सुहानी ने बताया कि क्रिमिनोलॉजी की पढ़ाई के बाद हॉस्पिटैलिटी बिजनेस से जुड़ीं। अब पहली बार किसी ब्यूटी पेजेंट का हिस्सा बनीं। सुहानी ने बताया कि पहले लगता था कि दो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के बाद लोग शायद समर्थन नहीं करेंगे, लेकिन इसके उलट उन्हें परिवार और समाज से भरपूर प्यार मिला। सुहानी ने कहा कि वे जैन समाज से आती हैं और लोगों में यह धारणा रहती है कि यह समाज काफी सीमित सोच रखता है, लेकिन उन्हें अपने पूरे समाज का भरपूर सहयोग मिला। कई ऐसे लोगों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं, जिनसे उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने मिस राजस्थान की ग्रूमिंग टीम की भी जमकर सराहना की। उनका कहना था कि योगेश मिश्रा और निमिषा मैम ने केवल रैंप वॉक ही नहीं, बल्कि स्किन केयर, स्माइल, कम्युनिकेशन और व्यक्तित्व विकास तक हर छोटी-बड़ी बात सिखाई। एक महीने के दौरान आयोजक उनके लिए परिवार जैसे बन गए। शारीरिक बनावट को लेकर असुरक्षा थी सेकेंड रनरअप शगुन राठौड़ ने कहा कि मिस राजस्थान उनके बचपन का सपना था, लेकिन अपनी शारीरिक बनावट को लेकर उनमें कई असुरक्षाएं थीं। उन्होंने बताया कि वे नागौर जिले के एक छोटे से गांव से आती हैं, जहां आज भी लड़कियों को खुलकर आगे बढ़ने की पूरी आजादी नहीं मिलती। जब उन्होंने कंटेंट क्रिएटर के रूप में सोशल मीडिया पर काम शुरू किया तो लोगों ने सवाल उठाए कि गांव की लड़की इंस्टाग्राम पर क्यों सक्रिय है। शुरुआत में उनके पिता भी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे। धीरे-धीरे उनकी सफलता और बढ़ते फॉलोअर्स ने पूरे परिवार की सोच बदल दी। आज उनके पिता ही उन्हें सबसे ज्यादा प्रोत्साहित करते हैं। शगुन ने बताया कि अब उनके गांव और आस-पास की कई लड़कियां उन्हें मैसेज करती हैं और मॉडलिंग, कंटेंट क्रिएशन और सोशल मीडिया के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सलाह मांगती हैं। उनके अनुसार यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वे अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणा बन सकी हैं। पहली बार पांच इंच की हाई हील्स पहनी थी फिफ्थ रनरअप कुसुम सोनी ने बताया कि वे सालासर बालाजी के पास स्थित चाड़वास गांव से हैं। हालांकि उनका बचपन नेपाल के काठमांडू में बीता क्योंकि उनके पिता का व्यवसाय वहां था। कोविड के बाद उनका परिवार राजस्थान लौटा और उन्होंने सुजानगढ़ से अपनी पढ़ाई पूरी की। बाद में वे जयपुर आईं और यहीं से मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने बताया कि उनके परिवार का इस इंडस्ट्री से कोई संबंध नहीं था, इसलिए उन्हें किसी तरह का मार्गदर्शन नहीं मिला। उन्होंने अपनी बहन के साथ मिस राजस्थान का ऑडिशन दिया और यहीं से उनकी नई यात्रा शुरू हुई। कुसुम ने बताया कि उन्होंने जीवन में पहली बार पांच इंच की हाई हील्स पहनी थीं और रैंप वॉक का उन्हें बिल्कुल अनुभव नहीं था। लेकिन ग्रूमिंग सेशन के दौरान लगातार अभ्यास, मेडिटेशन, जुम्बा, फिटनेस और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट ने उन्हें पूरी तरह बदल दिया। उनका कहना था कि टॉप-7 तक पहुंचना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। घराले बाल और दांतों की बनावट का मजाक बना झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली फर्स्ट रनरअप वंशिका नूनिया ने कहा कि बचपन से उन्हें हमेशा यह सुनने को मिला कि सपने देखो, लेकिन सीमित देखो। उन्होंने कभी इस सोच को स्वीकार नहीं किया। उनका मानना रहा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। वंशिका ने बताया कि स्कूल के दिनों में उनके घुंघराले बाल और दांतों की बनावट का मजाक उड़ाया जाता था। कॉलेज पहुंचीं तो लोग उनके बड़े सपनों का मजाक बनाने लगे। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों ने उन्हें नीचे खींचने की कोशिश की, लेकिन शिक्षकों और वरिष्ठों के सहयोग से उन्होंने खुद पर विश्वास बनाए रखा। आज मिस राजस्थान का फर्स्ट रनरअप बनने के बाद उन्हें लगता है कि उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर इंसान बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है, तो उन्हें पूरा भी कर सकता है। आठ साल तक किया इंतजार, फिर मिला सपनों का मंच फोर्थ रनरअप निहारिका माथुर ने बताया कि वे पिछले आठ सालों से ऐसे मंच का इंतजार कर रही थीं, जहां से वे अपने सपनों की शुरुआत कर सकें। उन्होंने कहा कि इन आठ सालों में उन्होंने केवल खुद को बाहरी रूप से नहीं, बल्कि मानसिक और व्यक्तित्व के स्तर पर भी तैयार किया। हालांकि उनके माता-पिता हमेशा उनका समर्थन करते रहे, लेकिन एक अभिभावक होने के नाते उन्हें बेटी की सुरक्षा और भविष्य की चिंता भी रहती थी। निहारिका ने बताया कि उन्होंने इन सालों में खुद को एक बेहतर इंसान बनाने पर सबसे ज्यादा काम किया। उनका मानना है कि केवल सुंदर दिखना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि भीतर से भी मजबूत और संवेदनशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब उनका नाम विजेताओं में घोषित हुआ तो उन्हें महसूस हुआ कि सालों की मेहनत आखिरकार रंग लाई। राजस्थान की बेटियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना ही उद्देश्य मिस राजस्थान के आयोजक योगेश मिश्रा ने बताया कि इस साल प्रतियोगिता का 28वां सीजन आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार पूरे राजस्थान से करीब 6500 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 2500 ने ऑडिशन क्वालिफाई किए। इसके बाद 100 प्रतिभागियों का चयन हुआ और आखिरी 28 फाइनलिस्ट को एक महीने की विशेष ग्रूमिंग और स्कॉलरशिप दी गई। उन्होंने बताया कि पिछले सालों में मिस राजस्थान की प्रतिभागियों ने लगातार फेमिना मिस इंडिया, मिस यूनिवर्स सहित कई बड़े मंचों तक अपनी जगह बनाई है। वैष्णवी शर्मा, तरुशी रॉय और आकांक्षा चौधरी जैसी प्रतिभागियों ने राज्य का नाम देशभर में रोशन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस साल की विजेता और फाइनलिस्ट भी आने वाले समय में राजस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगी।
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उसूलों की पक्की थी ये हसीना, न पहने छोटे कपड़े, न बोल्ड सीन के लिए होती थी तैयार
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70-80 के दशक में एक एक्ट्रेस का बहुत बोलबाला था. उस दौर में जब एक्ट्रेस बिकिनी और शॉर्ट ड्रेसेस पहनने लगी थीं, तब वह अपनी सादगी से ही लोगों के दिलों पर राज किया करती थी. साल 1982 में तो इस एक्ट्रेस ने सादगी की मिसाल कायम कर दी थी.
नई दिल्ली. वो मासूम चेहरे वाली हसीना, जिसने अपने करियर में अनिल कपूर, ऋषि कपूर और राजेश खन्ना समेत सभी सुपरस्टार के साथ काम किया था. लेकिन अपने करियर में उन्होंने कई ऐसी फिल्में रिजेक्ट कर दी, जिनसे बाकी दूसरी हीरोइन का करियर चमक उठा. वजह थी, इंटीमेंट या बोल्ड सीन, जिनसे ये एक्ट्रेस परहेज किया करती थीं.

वो परमसुंदरी एक्ट्रेस कोई और नहीं पद्मिनी कोल्हापुरे हैं. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने चाइल्ड आर्टिंस्ट के तौर पर की थी. वो भी राज कपूर की फिल्म से. बाद में वह आगे चलकर राज कपूर की फेवरेट एक्ट्रेस भी बनी थीं.

यूं तो पद्मिनी ने अपने हर रोल से ये साबित किया है कि किसी भी रोल के लिए परफेक्ट हैं. लेकिन साल 1982 में जब उनकी फिल्म प्रेम रोग रिलीज हुई तो उन्होंने ग्लैमर से परे एक ऐसा रोल निभाया जिसे लोगों ने काफी पसंद किया था.यही वजह रही कि उस दौर मेकर्स अपनी हर फिल्म में उन्हें कास्ट करना चाहते थे.
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साल 1982 में आई इस फिल्म में उनके अपोजिट ऋषि कपूर नजर आए थे. फिल्म में पद्मिनी ने एक विधवा लड़की मनोरमा का किरदार निभाया था. मनोरमा बहुत छोटी सी उम्र में ही शादी के दूसरे दिन विधवा हो जाती है. फिल्म के जरिए राज कपूर ने एक बड़ा मैसेज भी दिया था.

फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट साबित हुई थी. फिल्म के गानों ने तो लोगों को दीवाना ही बना दिया था. फिल्म में एक विदाई सॉन्ग भी शामिल किया गया. जिसे आज भीं शादियों में अक्सर सुना जाता है. प्यार बयां करने के गीत और जुदाई के गीत इस फिल्म में हर तरह के गाने शामिल हैं.

फिल्म में पद्मिनी की मासूमियत पर लोग फिदा हो गए थे. वह साल 1982 में इस सिंपल किरदार के जरिए भी काफी पॉपुलर हो गई थीं. फिल्म ने कमाई भी बहुत अच्छी की. ऋषि कपूर के करियर को भी फिल्म से नई दिशा मिली. लेकिन सबसे ज्यादा फायदा पद्मिनी कोल्हापुरे को मिला. इस फिल्म में भी एक किसिंग सीन राज कपूर शामिल करना चाहते थे. लेकिन एक्ट्रेस ने उसे करने से साफ इनकार कर दिया था.

इस फिल्म की अपार सफलता के बाद राज कपूर साल 1985 में एक और फिल्म राम तेरी गंगा मैली लेकर आए. यूं तो इस फिल्म में राज कपूर के बेटे राजीव कपूर और मंदाकिनी नजर आए थे. लेकिन फिल्म में राज कपूर पद्मिनी को ही लेना चाहते थे.

राज कपूर जब पद्मिनी को फिल्म की स्क्रिप्ट सुना रहे थे, तो उन्होंने इस फिल्म में काम करने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अंकल ये मुझसे नहीं होगा. हालांकि उस वक्त फिल्म में मंदाकिनी शूटिंग कर रही थीं, लेकिन वह चाहते थे कि पद्मिनी फिल्म में काम करें. फिल्म इतनी बड़ी हिट साबित हुई थी कि इस फिल्म से मंदाकिनी को ताउम्र पहचान मिली. फिर भी पद्मिनी ने बोल्ड सीन की वजह से ऐसी फिल्मों को रिजेक्ट कर दिया था.
‘मैं विधायक, किसी भी स्कूल का निरीक्षण कर सकता हूं’: कानपुर में FIR दर्ज होने के बाद सपा MLA बोले- हेडमास्टर पर दबाव बनाया गया – Kanpur News
कानपुर में परमट प्राथमिक विद्यालय में अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने अपनी चुप्पी तोड़ी।
कहा कि मैं क्षेत्र का विधायक हूं। किसी भी स्कूल, अस्पताल और सरकारी संस्थान में जाकर औचक निरीक्षण कर सकता हूं। इसके लिए मुझे किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। खुशी बांटना अपराध नहीं है। जो भी किया, सरकारी नियम और अधिकार के तहत किया है। बुधवार शाम 7ः30 बजे दैनिक भास्कर से बातचीत में विधायक ने एफआईआर को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि निलंबित हेडमास्टर से दबाव में शिकायत कराई गई है। अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि वह क्षेत्र के विधायक हैं और किसी भी सरकारी स्कूल या संस्थान का निरीक्षण कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि जो भी किया, वह शासन की गाइडलाइन और अपने अधिकारों के तहत किया है। अब पढ़िए पूरी बातचीत…. सवाल: आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, क्या कहेंगे?
जवाब: सत्ता के नेताओं ने अपने अहंकार की पुष्टि के लिए एफआईआर कराई है। शिकायत तो मैंने भी की थी, जब मुझे चप्पल दिखाई गई और गालियां दी गई थी। उस मामले में तो आज तक सिर्फ जांच ही चल रही है। एफआईआर तब हुई, जब प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दबाव बनाया गया कि जाओ शिकायत करो, बहाल करके अच्छा स्कूल दे दिया जाएगा। वह भी बेचारा क्या करता, शिकायत कर दी। लेकिन उसमें एक शब्द लिखा गया ‘जबरिया’। आखिर कैसे जबरिया? क्या कोई फोटो है, कोई वीडियो है, जिसमें जबरदस्ती करते हुए दिखाया गया हो? विपक्ष पर मुकदमा लिखने के लिए कोई एविडेंस नहीं चाहिए। बड़े नेता अधिकारियों की बैठक में कहते हैं कि अगर किसी भाजपा नेता के खिलाफ तहरीर आए तो जिलाध्यक्ष से पूछकर एफआईआर लिखना। ये कौन-सा कानून चल रहा है? क्या किसी का जन्मदिन मनाना पाप है? पीएम पोषण योजना के तहत ‘तिथि भोजन’ की व्यवस्था है। इसके अंतर्गत पार्षद, प्रधान, विधायक या सांसद किसी भी अवसर पर सरकारी स्कूल में बच्चों को भोजन करा सकता है। बैग, ड्रेस और अन्य उपयोगी सामग्री भी वितरित कर सकता है। इसका अधिकार है। बीएसए का पत्र भी मौजूद है। इसमें हमने क्या गलत कर दिया? बस सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया कि ‘अ से आनंदेश्वर बाबा, अ से आर्यनगर, अ से अखिलेश और अ से अमिताभ’, तो लोगों को बुरा लग गया। प्रिंसिपल को बुलाकर नगद पैसे क्यों दिए गए? क्या इसका कोई कानून है? जब मैं उस स्कूल में काम करा रहा हूं, तो हर काम में टांग अड़ाने का क्या मतलब है? क्या इसे विकास कहते हैं? शहर में कई और स्कूल हैं, उन्हें बनवा देते। या फिर इस स्कूल का काम पूरा होने के बाद बनवा लेते। लेकिन शायद किसी का ईगो हर्ट हो गया। अपनी ताकत दिखाने के लिए मुकदमा लिखवा दिया गया, लेकिन हम लोग मजबूत हैं। सवाल: आरोप है कि आपने स्कूल में कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं ली थी?
जवाब: मैं इस क्षेत्र का विधायक हूं। किसी भी स्कूल, अस्पताल और सरकारी संस्थान में कभी भी औचक निरीक्षण कर सकता हूं। कहीं भी जा सकता हूं। इसके लिए मुझे किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। मुझे खुशी बांटने के लिए भी किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। खुशी बांटना अपराध नहीं है। जो भी किया, शासन की गाइडलाइन और कानून के तहत किया। अगर आपको लगता है कि मैंने अपनी विधानसभा में छह स्कूल बनवा दिए हैं, तो आप भी हर विधानसभा में छह स्कूल बनवा दीजिए। सवाल: हेडमास्टर के लिए आपने कार्रवाई न करने का पत्र लिखा था, फिर उन्होंने ही आपके खिलाफ शिकायत कर दी?
जवाब: वह कर्मचारी हैं। सत्ता के दबाव में हैं। उनकी नौकरी दांव पर लगी है। अगर मैं चाहूं तो उनका पूरा चिट्ठा निकाल सकता हूं। उनके पिता कहां नौकरी करते हैं, उनके भाई कहां नौकरी कर रहे हैं, सब जानकारी मेरे पास है। लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता। सभी शिक्षक मेरे परिवार का हिस्सा हैं। उन पर दबाव बनाया गया है। मुझे उम्मीद है कि जब मामला कोर्ट में जाएगा तो वे सच बोलेंगे। उस समय गीता पर हाथ रखकर बयान देंगे और उन पर किसी तरह का दबाव नहीं होगा।
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सिर्फ 2 चीजों से घर पर बनाएं बाजार जैसी काजू कतली, जानें आसान रेसिपी
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Kaju Katli Recipe: काजू कतली खाना हर किसी को पसंद है, लेकिन महंगी होने की वजह से अक्सर लोग इसे घर पर नहीं बनाते हैं. अब सिर्फ दो चीजों काजू और चीनी से बाजार जैसी स्वादिष्ट काजू कतली आसानी से तैयार की जा सकती है. ऐसे में आज हम आपको इसे बनाने के सरल तरीके के बार में बताएंगे. सबसे पहले काजू का बारीक पाउडर बनाएं, फिर चीनी की एक तार की चाशनी तैयार करें. इसमें काजू पाउडर मिलाकर मिश्रण को गूंधें, बेलें और डायमंड शेप में काट लें. कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट काजू कतली तैयार हो जाएगी.
काजू कतली हर उम्र के लोगों की पसंदीदा मिठाई है, लेकिन इसकी महंगी कीमत और मिलावट की चिंता अक्सर लोगों को परेशान करती है. ऐसे में आप इसे घर पर ही आसानी से बना सकते हैं. अगर आप इसे बनाना चाहते हैं तो काजू और चीनी से बाजार जैसी काजू कतली बनाने की आसान रेसिपी हम आपको बताने वाले हैं. इस विधि से आप बिना किसी मिलावट के मुलायम, स्वादिष्ट और हलवाई जैसी परफेक्ट काजू कतली तैयार कर सकते हैं. कुछ आसान टिप्स अपनाकर यह मिठाई पहली बार में ही बेहतरीन बन जाएगी. ( एआई फोटो )

सामग्री: काजू कतली बनाने के लिए 2 कप काजू लें। चाहें तो टूटे हुए काजू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि स्वाद में कोई फर्क नहीं पड़ता है. इसके अलावा 1 कप चीनी, बटर पेपर या थाली को ग्रीस करने के लिए 1 छोटा चम्मच घी और सजावट के लिए वैकल्पिक रूप से चांदी का वर्क रखें. इन कुछ आसान सामग्रियों से आप घर पर ही मुलायम, स्वादिष्ट और बाजार जैसी काजू कतली तैयार कर सकते हैं. ( एआई फोटो )

बनाने की विधि: सबसे पहले काजू को पल्स मोड में पीसकर बारीक पाउडर तैयार करें और छलनी से छान लें. ध्यान रखें कि मिक्सर लगातार न चलाएं, वरना काजू से तेल निकल सकता है. अब एक नॉन-स्टिक कढ़ाई में चीनी और आधा कप पानी डालकर 3-4 मिनट तक पकाएं, जब तक चीनी पूरी तरह घुलकर हल्की चिपचिपी न हो जाए. इसके बाद आंच धीमी करें और काजू पाउडर थोड़ा-थोड़ा डालते हुए लगातार चलाएं ताकि गांठ न बने. चाहें तो स्वाद और स्मूद टेक्सचर के लिए थोड़ा देसी घी भी मिला सकते हैं. ( एआई फोटो )
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काजू कतली बनाने की विधि: काजू और चीनी का मिश्रण धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक वह कढ़ाई छोड़कर आटे जैसा गाढ़ा न हो जाए. इसकी जांच के लिए थोड़ा मिश्रण हाथ में लेकर गोली बनाएं, अगर वह चिपके नहीं तो मिश्रण तैयार है। गैस बंद कर इसे हल्का गुनगुना होने दें. फिर घी लगी थाली या बटर पेपर पर निकालकर अच्छी तरह मसलें ताकि मिश्रण चिकना हो जाए. ऊपर से दूसरा बटर पेपर रखकर बेलन से पतला बेलें. चाहें तो चांदी का वर्क लगाएं और डायमंड शेप में काटकर ठंडा होने दें. स्वादिष्ट काजू कतली तैयार है. ( एआई फोटो )

काजू कतली को और आकर्षक बनाने के लिए आप इसके ऊपर चांदी का वर्क लगा सकते हैं. इसके बाद मिठाई को 10-15 मिनट के लिए सेट होने दें, ताकि यह अच्छी तरह जम जाए. अब एक तेज चाकू की मदद से इसे पारंपरिक डायमंड शेप में काट लें. इस तरह आपकी घर पर बनी शुद्ध, मुलायम और स्वाद में बाजार जैसी काजू कतली तैयार हो जाएगी. यह मिठाई त्योहारों और खास मौकों के लिए बिल्कुल परफेक्ट है. ( एआई फोटो )
अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की: बुशहर-चाबहार समेत कई शहर निशाने पर; ट्रम्प बोले- हर हमले का 20 गुना ताकत से जवाब देंगे
अमेरिका ने बुधवार देर रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। हमलों में बुशहर, चाबहार, बंदर अब्बास, सीरिक और कोनारक समेत कई शहरों में सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि कार्रवाई का मकसद होर्मुज में ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “वे हर बार हम पर हमला करेंगे तो हम 20 गुना जवाब देंगे।” ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान समझौता चाहता है, लेकिन उसे इस बात पर भरोसा नहीं कि तेहरान समझौते का पालन करेगा।
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महाराष्ट्र में बाढ़ में 3 हजार LPG सिलेंडर बहे: एमपी में युवक नदी में बहा; अजमेर में बारिश से मकान गिरा, 3 दबे
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- MP Youth Swept Away | Surat Flood Kills 19 In 3 Days; Lightning Strikes UP Bihar
भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटनाकुछ ही क्षण पहले
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महाराष्ट्र के रायगढ़ में बारिश के बाद 3 हजार LPG सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। पनवेल के LPG बॉटलिंग प्लांट में बाढ़ का पानी घुसने के बाद सिलेंडर बहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कहीं सिलेंडर मिले तो उसे न छुएं और न ही घर ले जाएं।
मध्य प्रदेश में बुधवार को 27 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा दमोह में 1.75 इंच बारिश दर्ज की गई। खरगोन में रूपारेल नदी के तेज बहाव में एक युवक बह गया।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में नालूपानी और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ। वहीं, टिहरी में बुधवार को NH-707A पर दुकानों के पास लैंडस्लाइड में एक मकान गिर गया। आसपास के दो से तीन मकान कभी भी गिर सकते हैं।
इधर, राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार रात बारिश से एक मकान ढह गया। हादसे में पति-पत्नी समेत तीन लोग मलबे में दब गए। तीनों का रेस्क्यू कर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
दिल्ली में आज सुबह से बारिश हो रही है। रेलवे स्टेशन, मुनिरका और कई इलाकों में सड़कें डूब गई। मौसम विभाग ने आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार को रोहिणी में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई।
देशभर से मौसम की तस्वीरें…

दिल्ली में गुरुवार को तेज बारिश हुई। संगम विहार समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड के बाद मलबा हटाया जा रहा।

उत्तराखंड के हरिद्वार में लगातार बारिश से कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया।

पुणे में कचरे का पहाड़ 3 मंजिला इमारत पर गिर गया।

मुंबई के पास खंडाला में लैंडस्लाइड के कारण एक सिक्योरिटी गॉर्ड की जान चली गई।

यूपी के आगरा में बारिश से दो मंजिला दुकान ढह गई। हादसे में 6 लोग मलबे में दब गए।

पुणे में मुथा नदी पूरे उफान पर है। इससे नदी का पानी निचले इलाकों में भी घुस गया है। सड़कें डूब गई हैं।
मानसून ने देश का 97% हिस्सा कवर किया

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लाइव अपडेट्स
32 मिनट पहले
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लोनावला-करजत में लैंडस्वाइड के बाद 8 ट्रेनें रद्द
- महाराष्ट्र के लोनावला-करजत घाट सेक्शन में लैंडस्लाइड के बाद ट्रैक साफ करने का काम जारी है। सेंट्रल रेलवे ने 9 के लिए 7 और 10 जुलाई के लिए एक ट्रेन रद्द कर दी है।
- 9 जुलाई को पुणे-CSMT डेक्कन क्वीन, CSMT-पुणे डेक्कन क्वीन, CSMT-पुणे डेक्कन एक्सप्रेस, पुणे-CSMT डेक्कन एक्सप्रेस, CSMT-पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस, पुणे-CSMT इंटरसिटी एक्सप्रेस और साईनगर शिरडी-दादर एक्सप्रेस रद्द कर दी गई हैं। 10 जुलाई को दादर-सातारा एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी।
- सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, घाट सेक्शन की तीन लाइनों में से बीच वाली लाइन पर 7 जुलाई की शाम से ट्रेनें फिर चलने लगी हैं। बाकी दो लाइनों से मलबा हटाने और ट्रैक ठीक करने का काम जारी है। अब तक 6 किलोमीटर लंबा ट्रैक साफ किया जा चुका है। इसके लिए 1100 से ज्यादा कर्मचारी लगाए गए हैं।
- 5 जुलाई को तेज बारिश के बाद लोनावला-करजत घाट सेक्शन में भूस्खलन हुआ था। इससे राजमाची किले की ओर जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया था। रेलवे ने यात्रियों से घर से निकलने से पहले ट्रेन का स्टेटस NTES पर देखने की अपील की है।
35 मिनट पहले
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वायनाड में लैंडस्लाइड के दो दिन बाद एक और शव मिला
केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से एक और शव बरामद किया गया। 7 जून को वायनाड में लैंडस्लाइड हुआ था।
1 घंटे पहले
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उत्तराखंड: उत्तरकाशी में लैंडस्लाइड, हाईवे से मलबा हटाया जा रहा
03:13 AM9 जुलाई 2026
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उत्तर प्रदेश: आगरा में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भरा
उत्तर प्रदेश के आगरा में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों और वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई।
01:53 AM9 जुलाई 2026
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उत्तर प्रदेश: 43 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 43 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में अच्छी बारिश हो सकती है। इसके बाद 10 से 13 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है।
बुधवार को कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान 2 से 3°C तक गिर गया। सबसे ज्यादा 144.4 मिमी बारिश चित्रकूट में दर्ज की गई। इसके अलावा बदायूं में 94 मिमी, सिद्धार्थनगर में 72.8 मिमी, मेरठ में 71.9 मिमी, मुजफ्फरनगर में 68 मिमी और बांदा में 64 मिमी बारिश हुई। पूरी खबर पढ़ें…
01:43 AM9 जुलाई 2026
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बिहार: 30 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से किसान की मौत, 4 झुलसे

मौसम विभाग ने बिहार के 30 जिलों में आज तेज बारिश का ऑरेज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40Kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है।
बुधवार को खगड़िया, भागलपुर, दरभंगा समेत प्रदेश के 9 जिलों में तेज बारिश हुई। गोपालगंज में बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। 4 झुलसे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
01:40 AM9 जुलाई 2026
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हरियाणा: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट, गुरुग्राम समेत 6 शहरों में ऑरेंज वार्निंग

हरियाणा में लगातार दूसरे दिन बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज 14 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें गुरुग्राम, पानीपत, करनाल, सोनीपत, रोहतक और फरीदाबाद के लिए ऑरेंज वार्निंग है। इन इलाकों में 120 मिमी या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।
झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ (नारनौल), पलवल, नूंह, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 70 मिमी से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। पूरी खबर पढ़ें…
01:37 AM9 जुलाई 2026
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पंजाब: 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तापमान सामान्य से 2.9°C नीचे

पंजाब में अधिकतम तापमान में करीब 3°C की गिरावट आई है। यह सामान्य से 2.9°C नीचे है।
मौसम विभाग ने आज से तीन दिन तक कई इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
01:31 AM9 जुलाई 2026
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उत्तराखंड: टिहरी में लैंडस्लाइड से बिल्डिंग ढही, 71 सड़कें बंद; 5 जिलों में स्कूल बंद

उत्तराखंड में देर रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और अल्मोड़ा में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
बुधवार को टिहरी के कद्दूखाल में नेशनल हाईवे-707A पर लैंडस्लाइड हुई। मलबा दुकानों के पास बनी एक पुरानी खाली बिल्डिंग पर गिरा, जिससे वह ढह गई। लगातार बारिश के कारण राज्य में 71 सड़कें बंद हैं। पूरी खबर पढ़ें…
12:56 AM9 जुलाई 2026
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दिल्ली में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भरा
12:31 AM9 जुलाई 2026
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बारिश में सड़कों पर क्यों लगता है जाम, जानिए वजहें

12:05 AM9 जुलाई 2026
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दिल्ली के कई हिस्सों में भारी बारिश
इंडिया गेट समेत दिल्ली के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। इस बीच कर्तव्य पथ के आसपास के इलाकों से बारिश का वीडियो सामने आया है।
11:44 PM8 जुलाई 2026
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अगले 2 दिन मौसम का हाल
10 जुलाई
- केरलम के तीन जिलों में बारिश का रेड अलर्ट। बिहार के 24 जिलों भारी बारिश का अलर्ट।
- पश्चिम बंगाल के 2 जिलों में रेड अलर्ट और 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- ओडिशा में 5 जिलों में रेड अलर्ट और आठ अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
11 जुलाई
- आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।
- सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
11:38 PM8 जुलाई 2026
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देश के प्रमुख शहरों का तापमान

दुनिया को दीं कालजयी फिल्में, फिर भी अपनी जिंदगी की जंग हार गए थे गुरु दत्त
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Guru Dutt Birthday: 9 जुलाई भारतीय सिनेमा के उस महान कलाकार की जयंती है, जिसने फिल्मों को सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें समाज और इंसानी भावनाओं का आईना बना दिया. गुरु दत्त का नाम आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे संवेदनशील निर्देशक, अभिनेता और निर्माता के तौर पर लिया जाता है. उनकी बनाई फिल्में दशकों बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.
गुरुदत्त ने कई कालजयी रचना की है.
नई दिल्ली. 9 जुलाई 1925 को जन्मे गुरु दत्त बचपन से ही कला और क्रिएटिविटी की ओर अट्रेक्ट होते थे.आगे चलकर उन्होंने अभिनय, निर्देशन और फिल्म निर्माण में ऐसी पहचान बनाई, जिसका सपना हर कलाकार देखता है. उनकी फिल्मों में इंसानी दर्द, अकेलापन, संघर्ष और रिश्तों की जटिलताओं को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया.
गुरु दत्त ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में दीं, जिन्हें आज भारतीय सिनेमा की धरोहर माना जाता है. ‘प्यासा’, ‘कागज के फूल’, ‘चौदहवीं का चांद’ और ‘साहब बीवी और गुलाम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया. उनकी फिल्मों की खासियत सिर्फ उनकी कहानी नहीं थी, बल्कि उनमें छिपी जिंदगी की गहरी सच्चाइयां थीं. उनके किरदार अक्सर समाज से लड़ते, अकेलेपन से जूझते और अपनी पहचान की तलाश करते नजर आते थे.
अलग तरह के फिल्ममेकर
गुरु दत्त ने हिंदी सिनेमा को एक नया नजरिया दिया. उनकी फिल्मों में शानदार निर्देशन, बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी, यादगार संगीत और भावनाओं की गहराई का अनोखा मेल देखने को मिलता है. उन्होंने ऐसे विषयों पर फिल्में बनाईं, जिन पर उस दौर में खुलकर बात नहीं होती थी. यही वजह है कि उन्हें अपने समय से काफी आगे का फिल्मकार माना जाता है.
फ्लॉप फिल्में भी बनी कल्ट
देखा जाए तो, इतनी बड़ी सफलता के बाद भी गुरु दत्त की राह आसान नहीं थी. उनकी कुछ फिल्मों को रिलीज के वक्त वह प्यार और सम्मान नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी. खासकर ‘कागज के फूल’ बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा. लेकिन वक्त के साथ यही फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन क्लासिक फिल्मों में गिनी जाने लगी.जहां पर्दे पर उनकी कहानियां लोगों के दिल जीत रही थीं, वहीं निजी जिंदगी में वह लगातार मुश्किलों से जूझ रहे थे. रिश्तों में आई दूरियां, मानसिक तनाव और अकेलेपन ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया. कहा जाता है कि वह अपने दर्द को अक्सर अपनी फिल्मों के जरिए ही बयां करते थे.
बता दें कि देखते ही देखते वह शराब की लत के शिकार हो गए, जिसका असर उनकी सेहत और निजी जिंदगी दोनों पर पड़ा. 10 अक्टूबर 1964 को गुरु दत्त अपने घर में मृत पाए गए. माना जाता है कि उनकी मौत शराब और नींद की गोलियों के असर से हुई थी. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 39 साल थी. उनका यूं अचानक चले जाना भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका था.गुरु दत्त के निधन का सबसे गहरा असर उनकी पत्नी और मशहूर गायिका गीता दत्त पर पड़ा. पति की मौत के बाद वह गहरे सदमे में चली गईं. बाद के वर्षों में उनकी सेहत लगातार बिगड़ती रही और आखिरकार 1972 में लीवर सिरोसिस की वजह से उनका निधन हो गया.
गुरु दत्त भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत आज भी जिंदा है. जिन फिल्मों को उनके जीवनकाल में उतनी पहचान नहीं मिली, वही बाद में भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में शामिल हो गईं. आज भी फिल्म प्रेमी और नए फिल्मकार उनकी फिल्मों से प्रेरणा लेते हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें


