कानपुर के कल्याणपुर में एक हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने शव हॉस्पिटल रखकर जमकर हंगामा किया। पुलिस कई घंटे तक परिजनों को समझाती रही। परिजन शव रखकर हंगामा काटते रहे। सोमवार की रात करीब 9 बजे फिर से परिजन हंगामा काटने लगे। चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे तो परिजन भड़क गए। चौकी प्रभारी के साथ मारपीट की। उनकी वर्दी फाड़ दी। जब महिला पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव करने का प्रयास किया तो उनसे भी मारपीट कर दी। मारपीट में चौकी प्रभारी सहित तीन महिला पुलिसकर्मी भी घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 6 महिलाओं और 4 पुरुषों को हिरासत में लिया है। हालांकि देर रात पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। 3 तस्वीर देखिए… अब पूरा मामला विस्तार से जानिए… पाइल्स के इलाज में हुई मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
कन्नौज के निजामपुर गढ़िया गांव में रहने वाले गौरव सिंह (35) प्राइवेट जॉब करने के साथ ही खेती करवाते थे। गौरव के पिता विजय बहादुर सिंह ने बताया कि उन्हें पाइल्स की शिकायत होने के चलते ब्लीडिंग हो रही थी। इस वजह से उन्हें 9 मई की दोपहर को कल्याणपुर पनकी रोड स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। एडमिट कराने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा, लेकिन शरीर में खून की कमी के चलते ऑपरेशन से पहले दो यूनिट ब्लड चढ़ाना होगा। एक यूनिट ब्लड चढ़ने के बाद भी गौरव की हालत गंभीर होती चली गई। 10 मई की देर रात इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक गौरव की सांसें थम गई और 2:50 बजे देर रात में उनकी सांसे थम गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने डॉक्टरों की लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर कल्याणपुर थाने की पुलिस भी सोमवार सुबह पहुंची, लेकिन मृतक के परिवार वालों ने कहा कि गांव से लोगों के आने के बाद ही कुछ डिसीजन लेंगे कि उन्हें शव लेकर गांव जाना है या फिर तहरीर देकर अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई करवानी है। पोस्टमार्टम की बात पर महिलाएं भड़कीं, चौकी इंचार्ज को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा सोमवार देर शाम गौरव सिंह के परिवार की महिलाएं और पुरुष समेत 25 से 30 लोग पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझाने व शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। इससे परिवार की महिलाएं भड़क गईं और वहां मौजूद कल्याणपुर थाने के पनकी रोड चौकी इंचार्ज विपिन मोरल को दबोच लिया और मारपीट शुरू कर दी। महिलाओं ने चौकी इंचार्ज को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, यहां तक वर्दी तक फाड़ डाली। इस दौरान वहां मौजूद महिला दरोगा सुचि अग्रवाल और रुचि के साथ महिला कांस्टेबल ने महिलाओं को रोकने का प्रयास किया तो महिला दरोगा व कांस्टेबल को भी भीड़ ने पीट दिया। यहां तक कि महिला पुलिस कर्मियों की हाथ में काट लिया। मारपीट के दौरान महिला पुलिस कर्मी भी घायल हो गईं। इस दौरान दरोगा विपिन ने भीड़ के चंगुल से किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और पैदल भागते हुए ही थाने पर सूचना दी कि फोर्स के ऊपर जानलेवा हमला हो गया है। हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग
परिवार के लोगों ने बताया कि गौरव को पाइल्स के इलाज के लिए हॉस्पिटल में एडमिट कराया था, आरोप है कि गलत इलाज के चलते उनके बेटे की मौत हुई है। हॉस्पिटल संचालक विक्रम और अजीत के साथ ही इलाज कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामूली बीमारी में झोलाछाप डॉक्टरों ने उनकी जान ली है। इसके साथ ही सीएमओ से इस हॉस्पिटल की जांच करने के साथ ही लाइसेंस सस्पेंड करने की मांग की है। डीसीपी और एसीपी फोर्स के साथ पहुंचे
दरोगा ने मारपीट की सूचना दी तो कल्याणपुर थाने में डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी, एसीपी आशुतोष कुमार मादक पदार्थ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। हमले की जानकारी मिलते ही डीसीपी प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस फोर्स ने वहां मौजूद पुलिस से मारपीट करने वाली महिलाओं और पुरुषों को घेर लिया। मौके से 6 महिलाओं और 4 पुरुषों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। महिलाओं और पुरुषों को पुलिस ने थाने के हवालात में बंद कर दिया। अब उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अफसरों के साथ मंथन चल रहा है। इसके साथ ही पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
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कानपुर में मरीज की मौत पर परिवार का हंगामा: महिला दरोगा के हाथ में चोट, चौकी प्रभारी की वर्दी फटी – Kanpur News
भीलवाड़ा पुलिस ने 1000 टन अवैध बजरी पकड़ी: तीन दिन अभियान चलाकर 45 वाहन जब्त-18 गिरफ्तार,कार्रवाई के बाद बजरी परिवहन रूट पर जेसीबी से गड्ढे खुदवाए – Bhilwara News
भीलवाड़ा पुलिस ने अवैध बजरी खनन-परिवहन के खिलाफ तीन लगातार अभियान चलाकर जिले भर में अवैध बजरी खनन व परिवहन के 26 मामले दर्ज कर 42 ट्रैक्टर मय ट्रॉली, एक जेसीबी, एक लोडर और डंपर जब्त कर इनमें ले जाई जा रही 140 टन बजरी जब्त की ओर 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिले भर में अभियान चलाकर कार्रवाई एसपी धर्मेंद्रसिंह यादव ने बताया कि भीलवाड़ा जिले भर में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।कार्रवाई के बाद पुलिस द्वारा अवैध खनन और परिवहन के संभावित विभिन्न मार्गों को जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर अवरुद्ध करवाया गया। 700 टन बजरी स्टॉक को खुर्द-बुर्द इनमे सदर थाने में 2 स्थानों विद्या कॉलेज के पास सरकारी भूमि और पोंड्रास के पास कोठारी नदी से 700 टन बजरी स्टॉक को खुर्द-बुर्द किया। 210 टन स्टॉक जब्त जहाजपुर में 160 टन, बागौर और कारोई टीम ने बागौर के अमरगढ़ पीथास में 50 टन बजरी स्टॉक जब्त किया। अलग अलग थानों में दर्ज किए मामले हमीरगढ़-आसींद-मंगरोप प्रकरण, मांडलगढ़ में 4 प्रकरण, बनेड़ा पर -रायपुर-बीगोद-शंभूगढ़ पर 2-2 और थाना सदर, बड़लियास, हनुमाननगर, कोतवाली, फूलिया,, बागौर पर 1-1 मामला दर्ज किया।
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पूर्णिया में करंट लगने से जेसीबी चालक की मौत: कंपनी पर लापरवाही का आरोप, शव छोड़कर अस्पताल से स्टाफ फरार – Purnia News
पूर्णिया में करंट लगने से जेसीबी चालक की मौत हो गई। माधोपारा स्थित सीके इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में काम करता था। मौत के बाद कंपनी के स्टाफ लाश को छोड़कर अस्पताल से भाग निकले। मृतक की पहचान कस्बा के पनखोखी मसान टोला निवासी शुभम यादव(23) के रूप में हुई है। घटना सहायक खजांची थाना क्षेत्र की है। स्टाफ लेकर पहुंचा था अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया शुभम रोजाना की तरह कंपनी में ड्यूटी करने गया था। काम के दौरान अचानक करंट की चपेट में आ गया। झटका इतना जबरदस्त था कि वो गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की भीड़ जुट गई। आनन-फानन में स्टाफ की मदद से घायल को जीएमसीएच लाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।कंपनी का स्टाफ राज सिंह अस्पताल लेकर आया था, लेकिन मौत होने के बाद वह शव को छोड़कर फरार हो गया। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी शुभम की शादी दो साल पहले ही हुई थी। एक बेटी भी है। मौत के बाद से उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में कमाने वाला अकेला था, मौत से पूरा परिवार टूट गया है। परिजन कंपनी प्रबंधन के रवैये को लेकर काफी आक्रोशित हैं। उनका आरोप है कि हादसे के बाद कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आया और न ही परिवार की कोई मदद की गई। मामले की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों के बयान के आधार पर छानबीन की जा रही है।
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CBSE कक्षा 12 का रिजल्ट @results.cbse.nic.in, कब और कहां देखें नतीजे?
नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी कि CBSE की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट 2026 आज 12 मई को जारी किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, CBSE 12th Result का लिंक आज दोपहर 3 बजे के बाद आधिकारिक वेबसाइटों पर एक्टिव किया जा सकता है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपना परिणाम CBSE की आधिकारिक वेबसाइटों cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर देख सकेंगे। इसके अलावा रिजल्ट डिजिलॉकर (DigiLocker) और UMANG ऐप पर भी उपलब्ध रहेगा।
CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 कैसे डाउनलोड करें?
छात्र नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना स्कोरकार्ड PDF डाउनलोड कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: cbse.gov.in या results.cbse.nic.in
- CBSE Class 12 Scorecard PDF लिंक पर क्लिक करें
- अपनी लॉगिन जानकारी दर्ज करें:
- रजिस्ट्रेशन नंबर
- रोल नंबर / जन्म तिथि
- स्क्रीन पर CBSE 12th Scorecard PDF दिखाई देगा
- उसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें
indiaresults.com से CBSE 12th रिजल्ट कैसे देखें?
- indiaresults.com पर CBSE 12th Result लिंक पर क्लिक करें
- लॉगिन डिटेल्स भरें: रजिस्ट्रेशन नंबर / मोबाइल नंबर
- आपका CBSE 12th Scorecard PDF स्क्रीन पर आ जाएगा
- उसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें
DigiLocker से CBSE 12वीं मार्कशीट कैसे डाउनलोड करें?
- सबसे पहले DigiLocker पर स्कूल द्वारा दिया गया 6 अंकों का एक्सेस कोड, स्कूल कोड और कक्षा 12 का रोल नंबर दर्ज करें
- मोबाइल नंबर OTP से वेरीफाई करें
- अब मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें
- CBSE 12th Marksheet PDF खोजें
- उसे डाउनलोड कर लें और प्रिंट निकाल लें
UMANG ऐप से CBSE 12वीं रिजल्ट कैसे देखें?
- Google Play Store से UMANG ऐप डाउनलोड करें
- लॉगिन डिटेल्स दर्ज करें (रजिस्ट्रेशन नंबर / मोबाइल नंबर)
- CBSE 12th Marksheets PDF लिंक चुनें
- स्क्रीन पर मार्कशीट दिखाई देगी
- उसे डाउनलोड कर लें और प्रिंट निकाल लें
SMS के जरिए CBSE 12th Result 2026 कैसे प्राप्त करें?
छात्र SMS के माध्यम से भी अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए इस फॉर्मेट में 7738299899 पर SMS भेजें: CBSE12 -rollno – sch no – center no.
आधिकारिक वेबसाइटों पर ही भरोसा करें छात्र
CBSE 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इसे आधिकारिक वेबसाइटों cbse.gov.in और results.cbse.nic.in, साथ ही DigiLocker, UMANG ऐप और indiaresults.com के माध्यम से देख सकेंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट से जुड़ी ताज़ा जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर ही भरोसा करें।
सीक्रेट रेसिपी का कमाल! बगारा बैंगन खाते ही भूल जाएंगे बाकी सब्जियों का टेस्ट
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Hyderabadi Bagara Baingan: हैदराबादी खानपान अपने तीखे मसालों, शाही अंदाज और खास स्वाद के लिए दुनियाभर में मशहूर है. इन्हीं खास व्यंजनों में शामिल है शाही बगारा बैंगन, जो अपने लाजवाब स्वाद और रिच ग्रेवी के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुका है. छोटे बैंगनों को मूंगफली, तिल, नारियल और मसालों से तैयार की गई खास ग्रेवी में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद बेहद शानदार बन जाता है. यह डिश खासतौर पर बिरयानी के साथ परोसी जाती है और हैदराबादी दावतों की शान मानी जाती है. तीखेपन और नवाबी फ्लेवर का ऐसा मेल कम ही देखने को मिलता है.
हैदराबाद: तेलंगाना की पाक कला अपनी तीखी, चटपटी और खट्टी ग्रेवी के लिए दुनिया भर में मशहूर है. इसी निज़ामी विरासत का एक अनमोल रत्न है बगारा बैंगन. यह न केवल हैदराबाद की शान है.बल्कि हर उस खाने के शौकीन की पहली पसंद है जो मसालों के सही संतुलन की तलाश में रहता है. अगर आप अपने मेहमानों को कुछ शाही परोसना चाहते हैं तो यह डिश आपके दस्तरख्वान की रौनक बढ़ा देगी.

इस शाही डिश को तैयार करने के लिए आपको चाहिए: सब्जी 250 ग्राम छोटे और ताजे बैंगन, 3 बड़े चम्मच मूंगफली, 2 बड़े चम्मच सफेद तिल, और 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल, राई, जीरा, मेथी दाना, कलौंजी, करी पत्ता, बारीक कटा प्याज, अदरक-लहसुन पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक और इमली का गाढ़ा पल्प.

बगारा बैंगन मूल रूप से हैदराबाद के निज़ामों के शाही खानपान का हिस्सा रहा है. यह अपनी गाढ़ी ग्रेवी और सुगंधित मसालों के लिए जाना जाता है. इसे अक्सर बगारा चावल यानी जीरा राइस जैसा लेकिन अधिक मसालों वाला के साथ परोसा जाता है. इसकी खासियत यह है कि इसमें मूंगफली की सोंधी मिठास, इमली का तीखा खट्टापन और मसालों की गर्माहट का एक अद्भुत मेल होता है.
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यदि आप कैलोरी को लेकर सजग हैं तो बैंगनों को तलने के बजाय एयर-फ्राई या तवे पर हल्का रोस्ट भी कर सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस डिश का स्वाद अगले दिन और भी निखर कर आता है, क्योंकि समय के साथ बैंगन मसालों को गहराई से सोख लेते हैं. इसे हरे धनिये से सजाकर बगारा राइस या बिरयानी के साथ गरमा-गरम परोसें.

स्वाद की शुरुआत मसालों को भूनने से होती है. सबसे पहले मूंगफली, तिल और नारियल को धीमी आंच पर अलग-अलग सुनहरा होने तक भूनें. ठंडा होने पर इन्हें थोड़े से पानी के साथ मिलाकर एक महीन और चिकना पेस्ट बना लें. यही वह पेस्ट है जो ग्रेवी को वह मशहूर नवाबी बनावट और स्वाद देता है.

बैंगनों को बीच से चीरा लगाकर (डंठल के साथ) गरम तेल में तब तक तलें जब तक कि वे 80% तक पक न जाएं. जब बैंगनों की त्वचा पर हल्की झुर्रियां दिखने लगें, तो उन्हें निकाल लें. यह प्रक्रिया बैंगन के भीतर तक मसालों को सोखने में मदद करती है.

बचे हुए तेल में तड़के की सामग्री डालकर चटकाएं और फिर प्याज को सुनहरा होने तक भूनें. अब तैयार किया गया मूंगफली-तिल का पेस्ट डालें और तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न होने लगे. इसके बाद इमली का पल्प और सूखे मसाले मिलाएं. अंत में तले हुए बैंगन डालकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर ढककर पकाएं ताकि ग्रेवी का सारा स्वाद बैंगनों में समा जाए.
‘पापा हमेशा कहते थे लगे रहो बेटा’, धर्मेंद्र के सपनों को आगे बढ़ाएंगी ईशा
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बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल ने अपने पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की याद को नए करियर चैप्टर से जोड़ते हुए इंटीरियर डिजाइन की दुनिया में कदम रखा है. मुंबई स्थित रियल एस्टेट डेवलपर ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोधा’ के साथ पार्टनरशिप में उन्होंने अलीबाग के लग्जरी विला प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग की जिम्मेदारी संभाली है. इस घोषणा के दौरान ईशा अपने पिता की याद में भावुक हो गईं.
ईशा देओल ने भावुक भाषण में पिता धर्मेद्र को याद किया.
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल ने हाल ही में अपने इंटीरियर डिजाइन बिजनेस की शुरुआत की है. इस नए सफर में उनका सबसे बड़ा सहारा उनके दिवंगत पिता, महान अभिनेता धर्मेंद्र की प्रेरणा और आशीर्वाद है. ईशा ने एक इमोशनल स्पीच में बताया कि कैसे उनके पापा हमेशा उनकी रचनात्मकता में विश्वास रखते थे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते थे.
ईशा देओल ने मुंबई स्थित रियल एस्टेट डेवलपर ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के साथ साझेदारी करते हुए अलीबाग में अपने लग्जरी विला प्रोजेक्ट के डिजाइन की शुरुआत की. इस मौके पर ईशा भावुक हो गईं. उन्होंने बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र और वह घंटों बैठकर अलग-अलग जगहों की बनावट और साधारण स्थानों पर चर्चा किया करते थे. ईशा ने रुंधे गले से कहा, ‘पापा हमेशा कहते थे- ‘लगे रहो बेटे, करते रहो.’ ये शब्द आज भी मेरे साथ हैं और मार्गदर्शन करते हैं. यह उनका ही विश्वास था, जिसने मुझे आज पूरे मन से इस सपने को पूरा करने का साहस दिया.
‘ईशा धर्मेंद्र देओल डिजाइन’ दिया बिजनेस को नया नाम
उन्होंने अपने डिजाइन बिजनेस का नाम ‘ईशा धर्मेंद्र देओल डिजाइन’ रखा है. उनके लोगो में एक लालटेन (लैंटर्न) है, जिसकी कहानी और भी खास है. उन्होंने बताया, ‘मेरे लोगो वाली लालटेन को पापा ने खुद हाथ से बनाया था. यह उनका मुझे दिया गया एक तोहफा था. यह सिर्फ एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह उनकी वह रोशनी है जिसे मैं आगे ले जा रही हूं.’
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ईशा ने इंस्टाग्राम पर इस नई शुरुआत की जानकारी देते हुए लिखा, ‘आज मैं इस सपने को एक नाम दे रही हूं… ईशा धर्मेंद्र देओल डिजाइन. यह हमेशा आपके लिए रहेगा पापा.’
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उड़ीसा का मशहूर आलू दम दही बड़ा, अब घर पर बनाएं, जानें 3 स्टेप में आसान रेसिपी
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Odisha Famous Aloo Dum Dahi Bada: उड़ीसा का मशहूर स्ट्रीट फूड आलू दम दही बड़ा देशभर में काफी पसंद किया जाता है और इस डिश के बड़े-बड़े सेलिब्रिटी शेफ भी दीवाने हैं. इस डिश की खासियत है कि इसका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों सभी को खूब भाता है. ऐसे में बोकारो के सेक्टर 4 की प्रियदर्शी परेरा ने इस खास डिश की आसान रेसिपी साझा की है. उन्होंने बताया कि यह कटक और भुवनेश्वर में आलू दम दही बड़ा बहुत प्रसिद्ध है और गर्मियों के मौसम में इसे बड़े चाव से खाया जाता है. ऐसे में हर कोई इसे अपने घर में तीन स्टेप में आसानी से तैयार कर सकता है.
आलू दम दही बड़ा बनाने के लिए जरूरी सामग्री में जैसे उबले हुए आलू, मटर, टमाटर, दही, उड़द दाल, तेल, नमक, हरी चटनी की जरूरत पड़ती है. आलू दम दही बड़ा बनाने के लिए सबसे पहले उड़द दाल को रातभर भिगोकर रखें. सुबह इसे मिक्सर में पीस लें और लगभग आधे घंटे तक हल्का फर्मेंट होने दें. अब कढ़ाई में तेल गर्म करें और छोटे-छोटे बड़े बनाकर सुनहरा होने तक तल लें.

फिर दही बड़ों को निकालकर फेंटे हुए दही में भिगो दें. दूसरे स्टेप में आलू दम तैयार करने के लिए कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें बारीक अदरक-मिर्च का पेस्ट डालकर भूनें. फिर इसमें कटे हुए टमाटर और थोड़ा पानी डालकर पकाएं, जिससे टमाटर की ग्रेवी तैयार हो जाए.

फिर ऊपर से उबले हुए आलू डालकर मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाएं और कुछ देर पकने दें, जिससे आलू दम तैयार हो जाएगा. आखिरी चरण में मटर की घुघनी तैयार करने के लिए एक कुकर या कढ़ाई में थोड़ा तेल गर्म करें. इसमें पिसा टमाटर, अदरक-मिर्च पेस्ट डालकर भूनें और मसाले डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
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जब सब भुन जाए तो पहले से उबली सफेद मटर इसमें डालें, गर्म पानी डालें और हल्की झोलदार सब्जी तैयार कर लें. आलू दम दही बड़ा की प्लेटिंग के लिए सबसे पहले एक प्लेट में दही बड़ा लें और ऊपर से आलू दम यानी रसे वाली आलू की थोड़ी सी सब्जी डालें, फिर मटर की घुघनी डालें.

इसके ऊपर जरा सा दही डालें और हरी चटनी सबसे ऊपर डाल दें. अब कटे प्याज, नाइलोन सेव, पिसी लाल मिर्च, काला नमक, हरी धनिया-मिर्च, भुना जीरा डालकर सर्व करें. बस उड़ीसा का फेमस आलू दम दही बड़ा तैयार है. इसका स्वाद आपको बेहद पसंद आएगा.





