Wednesday, June 10, 2026
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कटनी में शिवलिंग के पास पेड़ पर दिखा तेंदुआ: 5 महीने पहले बाघ ने माथा टेका था; वन विभाग अलर्ट, गश्त बढ़ाई – Katni News




मध्य प्रदेश के कटनी जिले से वन्यजीवों की गतिविधि सामने आई है। ढीमरखेड़ा तहसील के शाहडार जंगल में मंगलवार देर शाम एक तेंदुआ शिवलिंग के पास स्थित पेड़ पर आराम करता नजर आया। इस घटना ने क्षेत्र में कौतूहल पैदा कर दिया है। मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह उसी शिवलिंग मंदिर के पास का है, जहां कुछ समय पहले एक बाघ देखा गया था। बीते 18 और 19 फरवरी की दरमियानी रात शाहडार गांव के पास इसी शिवलिंग पर एक बाघ अपना सिर रखकर नतमस्तक होता दिखाई दिया था। वन विभाग ने गश्त बढ़ाई नए वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीण इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ अन्य इसे जंगल में वन्यजीवों की सामान्य गतिविधि मान रहे हैं, क्योंकि यह क्षेत्र घने जंगल के भीतर आता है। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व में बाघ की दस्तक के बाद से ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई थी। विभाग फिलहाल इस नए वीडियो की सत्यता और इसके समय की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।



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अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए: हेलिकॉप्टर गिराने के बदले में अटैक; तेहरान बोला- हर हमले का जवाब देंगे




अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में की गई। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि गश्त कर रहे अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं। ट्रम्प ने लिखा, “अमेरिका को इस हमले का जवाब देना ही होगा।” वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी सेना हर हमले का जवाब देगी। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारा क्षेत्र छोड़ दें।” हालांकि, हेलिकॉप्टर हादसे को लेकर अलग-अलग दावे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, अपाचे हेलिकॉप्टर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। घटना की जांच जारी है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए: होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिरने के बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हमले किए। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि हेलिकॉप्टर ईरान ने गिराया था, जबकि तेहरान ने हर हमले का जवाब देने की चेतावनी दी। 2. ट्रम्प बोले- 2 हफ्ते में ईरान पर ‘पूरी जीत’ का ऐलान करेंगे: रिपब्लिकन रैली में ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बढ़त बनाए हुए है और अगले दो हफ्तों में “टोटल विक्ट्री” घोषित करेगा। उन्होंने कहा कि इससे तेल की कीमतें भी नीचे आएंगी। 3. इजराइल की चेतावनी- जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला: इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने कहा कि हालिया ऑपरेशन सिर्फ शुरुआत थी। जरूरत पड़ने पर इजराइल ईरान पर और बड़े हमले करने के लिए तैयार है। 4. ट्रम्प-नेतन्याहू के रिश्तों में बढ़ी दूरी: ईरान-इजराइल तनाव के बीच ट्रम्प ने नेतन्याहू को चेताया कि संघर्ष बढ़ाने पर इजराइल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। 5. होर्मुज के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश: AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्र में गिर गया। दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए। अमेरिकी सेना ने पहली बार समुद्र में ड्रोन बोट का इस्तेमाल कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे की जांच जारी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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5 मिनट में तैयार, सभी मांगे बार-बार; देखें टेस्टी स्वीट कॉर्न भजिया की रेसिपी


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Sweet Corn Bhajia Recipe: स्वीट कॉर्न में फाइबर, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ऐसे में स्वीट कॉर्न भजिया स्वाद के साथ-साथ पौष्टिक भी है. कम समय में तैयार होने वाली यह डिश गर्मी में हल्की भूख मिटाने का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है.

बिलासपुर. गर्मी के मौसम में जहां लोग हल्के और स्वादिष्ट व्यंजनों की तलाश में रहते हैं, वहीं बिलासपुर में स्वीट कॉर्न भजिया लोगों की पसंदीदा स्नैक बनती जा रही है. मीठे और रसीले कॉर्न के दानों से तैयार यह कुरकुरी भजिया स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल मानी जा रही है. शाम के समय चाय के साथ इसका स्वाद लोगों को खूब भा रहा है. घरों से लेकर छोटे-बड़े फूड स्टॉल तक स्वीट कॉर्न भजिया की मांग लगातार बढ़ रही है. खास बात यह है कि यह स्वादिष्ट रेसिपी बेहद कम समय में तैयार हो जाती है और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है.

गर्मी के मौसम में स्वीट कॉर्न से बनी कुरकुरी भजिया लोगों की पसंदीदा डिश बनती जा रही है. स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर यह रेसिपी शहर के कई घरों और फूड स्टॉलों में बनाई जा रही है. खासकर शाम के समय चाय के साथ इसका आनंद लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

आसान विधि से कुछ ही मिनटों में तैयार
बिलासपुर के कोनी क्षेत्र की रहने वालीं गृहिणी अन्नू खरे लोकल 18 को बताती हैं कि स्वीट कॉर्न भजिया बनाना बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले भुट्टे के दानों को निकालकर एक बर्तन में रखा जाता है. इसके बाद उसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक और बेसन मिलाकर अच्छी तरह तैयार किया जाता है. मिश्रण तैयार होने के बाद इसे गर्म तेल में छोटे-छोटे हिस्सों में डालकर सुनहरा होने तक तला जाता है.

चटनी और सॉस के साथ बढ़ जाता है स्वाद
अन्नू खरे के अनुसार, तैयार भजिया को टमाटर की चटनी, हरी धनिया-पुदीना चटनी या टोमैटो सॉस के साथ परोसा जा सकता है. कुरकुरी बनावट और स्वीट कॉर्न का हल्का मीठा स्वाद इसे अन्य भजियों से अलग बनाता है.

बच्चों और युवाओं की पहली पसंद
गर्मी की छुट्टियों में घरों में बच्चों के लिए कुछ नया बनाने की चाह रखने वाले परिवार भी इस रेसिपी को खूब अपना रहे हैं. पौष्टिक स्वीट कॉर्न और मसालों के स्वाद का मेल बच्चों और युवाओं को खासा पसंद आ रहा है. यही वजह है कि बिलासपुर में स्वीट कॉर्न भजिया का क्रेज लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है.

स्वाद के साथ पौष्टिक भी
स्वीट कॉर्न में फाइबर, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ऐसे में यह भजिया स्वाद के साथ-साथ पोषण भी प्रदान करती है. कम समय में तैयार होने वाली यह डिश गर्मी के मौसम में शाम की हल्की भूख मिटाने का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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चंद्रयान से कोविड वैक्सीन तक..इन सवालों ने पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों को छकाया


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परीक्षा देने के बाद छात्रा विशाखा सिंह ने बताया कि पेपर बहुत अच्छा गया है. औसत पेपर आया हुआ था. किसी भी सवालों में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई. अगर जो व्यक्ति अच्छे से पढ़ाई किया होगा,  तो उसका इस बार होना तय माना जा रहा है. जैसा हम लोगों ने तैयारी की थी और जैसा पढ़ाया गया था. उसी हिसाब से आया था. मतलब पेपर ज्यादा हार्ड नहीं था. 

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश आरक्षी परीक्षा दूसरे दिन संपन्न हुई. आरक्षी परीक्षा के दूसरे दिन छात्रों ने परीक्षा देने के बाद कहा कि जीके और हिंदी के सवालों ने उलझाए रखा. आरक्षी परीक्षा के दूसरे दिन चंद्रयान मंगलयान और कोविड वैक्सीन को लेकर सवाल पूछे गए थे. इसके साथ ही भूटान व अन्य जगह के सवाल भी परीक्षा में आए हुए थे. छात्रों का कहना है कि इस बार जिन्होंने अच्छे से तैयारी की होगी, उनका सिलेक्शन पक्का है. कट ऑफ भी उम्मीद से ज्यादा आने की अनुमान है.

पेपर बहुत अच्छा गया

उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी की परीक्षा देने के बाद छात्रा विशाखा सिंह ने बताया कि पेपर बहुत अच्छा गया है. औसत पेपर आया हुआ था. किसी भी सवालों में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई. अगर जो व्यक्ति अच्छे से पढ़ाई किया होगा,  तो उसका इस बार होना तय माना जा रहा है. जैसा हम लोगों ने तैयारी की थी और जैसा पढ़ाया गया था. उसी हिसाब से आया था. मतलब पेपर ज्यादा हार्ड नहीं था.

जीके के सवालों में कठिनाई हुई
प्रद्युम्न सिंह यादव ने बताया कि जीके के सवालों में कठिनाई हुई. क्योंकि, जीके के सवाल भी उलझाने वाले थे. बाकी सवालों में किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा. पेपर सामान्य था. हिंदी इंग्लिश के सवाल पहले से पढ़े हुए थे थे. वही आए हुए थे.  किसी भी सवाल को हल करने में परेशानी नहीं हुई.

छात्र नंदिनी ने बताया कि रीजनिंग और हिंदी के सवालों में परेशानी नहीं हुई. गणित के सवाल खासकर जो परसेंटेज से जुड़े हुए थे, उसमें परेशानियों का सामना करना पड़ा. जीके के सवाल भी थोड़े अलग आए हुए थे. जिस वजह से परीक्षा में उन्हें सॉल्व करने में समय लगा. उम्मीद के मुताबिक ही पेपर आया हुआ था. सिलेबस के अनुसार ही हिंदी अंग्रेजी और रिजनिंग के सवाल पूछे गए थे. जीके के सवाल थोड़े अलग आए हुए थे.

सिलेक्शन इस बार पक्का है

अभिषेक यादव ने बताया कि हिंदी और जीके के सवालों में सबसे ज्यादा समय गया है. दोनों के सवाल बेहद ही उलझने वाले थे रिजनिंग और गणित के सवालों में परेशानी नहीं हुई. पेपर मध्यम ही था. ना ज्यादा सरल कह सकते हैं और ना ज्यादा कठिन कह सकते हैं. जिन छात्रों ने अच्छे से तैयारी की होगी उनका सिलेक्शन इस बार पक्का है. कट ऑफ सामान्य से ज्यादा आएगा.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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मां बोलीं- बेटा पानी पिलाने गया था, उसे ढूंढ लाओ: जयपुर पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद चीखें और सिसकियां, कल 8 लोग जिंदा जल गए थे – Jaipur News


जयपुर के पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिवार की तो दुनिया ही उजड़ गई।

जयपुर के खोह-नागोरियान इलाके में 9 जून (मंगलवार) की सुबह हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री हादसे में सिर्फ मजदूरों की मौत नहीं हुई है। इस भीषण अग्निकांड ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली है।

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किसी का बेटा गया तो किसी का भाई, किसी ने अपने दोस्त को खोया है तो किसी ने पति को। कुल मिलाकर 7 परिवारों की दुनिया उजड़ गई। हादसे के बाद से पूरी बस्ती में सिर्फ चीखें, सिसकियां और अपनों को खोने का दर्द गूंज रहा है।

इसी इलाके के राक्ष्या की ढाणी के रहने वाले याकूब के मकान नंबर-88 में यह अवैध फैक्ट्री चल रही थी। याकूब के साथ ही फैक्ट्री संचालक फिरोज भी फरार है। इस घने रिहायशी इलाके में हुए ब्लास्ट ने एक बच्चे और दो सगे भाइयों समेत 8 लोगों को मौत की नींद सुला दिया।

दैनिक भास्कर की टीम हादसे के शिकार परिवारों के घर पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर आंखें नम हो गईं।

मेरा बच्चा बहुत भोला था, मैं उसके बिना जिंदा नहीं रह पाऊंगी

16 साल का मोहम्मद रब्बिल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। स्कूल की छुट्टियां होने के कारण वह अक्सर फैक्ट्री के आसपास चला जाता था, क्योंकि वहां उसके कुछ दोस्त काम करते थे। 9 जून की सुबह वह घर से सिर्फ इसलिए निकला था कि वह वहां काम करने वालों को पानी पिला सके। इस हादसे में रब्बिल की भी जान चली गई।

मां नाजमीन बानो बदहवास हैं। कहती हैं- सुबह बेटा घर आया और बोला कि गोदाम वालों ने पानी मंगवाया है। वह दो बोतल पानी लेकर गया था। कुछ देर बाद आग की खबर आई। मैं भागकर मौके पर पहुंची, लोग झुलसी हालत में बाहर निकल रहे थे, लेकिन मेरा रब्बिल कहीं नहीं था। मेरा बच्चा बहुत भोला था, उसने कोई गुनाह नहीं किया था। मेरे छोटे बच्चों को ले जाओ, पर मेरा बड़ा बेटा मुझे वापस दे दो… उसके बिना मैं जिंदा नहीं रह पाऊंगी।

मोहम्मद रब्बिल की मां नाजमीन बानो को संभालती हुई नानी।

मोहम्मद रब्बिल की मां नाजमीन बानो को संभालती हुई नानी।

पिता बीमार, घर का सहारा टूटा

रब्बिल के पिता सिकंदर कुरैशी लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्हें नियमित रूप से खून चढ़ाना पड़ता है। परिवार पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, अब इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। रोते-रोते बार-बार बेहोश हो रही मां नाजमीन जब भी होश में आती, मोबाइल में रब्बिल की तस्वीर देख फूट-फूटकर रो पड़ती। नानी ने रुंधे गले से कहा- मैंने उसे अपने बच्चे की तरह पाला था, मेरा रब्बिल जरूर आएगा।

दोनों सगे भाइयों के शव देख भाई बेसुध हुआ

इस हादसे का शिकार दो सगे भाई आजीम (18) और बिलाल (30) भी हुए हैं। सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में भाई का शव लेने पहुंचे छोटे भाई राशिद खान की आंखों के आंसू सूख चुके थे।

राशिद ने बताया कि छोटा भाई आजीम पिछले दो साल से इस फैक्ट्री में काम कर रहा था। बड़ा भाई बिलाल सिलाई का काम करता था। 9 जून को बिलाल सिर्फ अपने भाई आजीम से मिलने फैक्ट्री आया था। दोनों बैठकर बातें कर रहे थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और दोनों आग की लपटों में घिर गए।

बिलाल अपने पीछे पत्नी और 3 साल व 1 साल की दो मासूम बेटियों को छोड़ गया है। 18 साल के आजीम की शादी की बात चल रही थी। परिवार उसके सेहरे के सपने बुन रहा था, लेकिन एक झटके में सब खाक हो गया।

SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में बिलाल और आजीम के छोटे भाई राशिद खान।

SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में बिलाल और आजीम के छोटे भाई राशिद खान।

बचपन की दोस्ती, मौत भी जुदा नहीं कर सकी

हादसे में जान गंवाने वाले समीर खान (20) और आजीम (18) बचपन के पक्के दोस्त थे। दोनों गली-मोहल्ले में साथ घूमते थे, साथ बड़े हुए और बाद में एक ही फैक्ट्री में काम करने लगे।

9 जून की सुबह जब फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ, तो दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को नाजुक हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। नियति का खेल देखिए- बचपन के इन दोनों दोस्तों ने अस्पताल में महज कुछ ही मिनटों के अंतराल में एक साथ दम तोड़ दिया।

बिलाल का शव ले जाते हुए छोटा भाई राशिद खान।

बिलाल का शव ले जाते हुए छोटा भाई राशिद खान।

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जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री

500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत

50 किलो बारूद में लगी आग में 8 लोग जले:ऐसा लगा जैसे बम फटा हो, इलाके में पटाखों की 4 अवैध फैक्ट्रियां और चल रही

कहां है 8 मौतों का जिम्मेदार फिरोज?:दिल्ली से माल लाकर जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में पैकेजिंग, मकान मालिक याकूब भी फरार

कपड़ों के साथ निकली चमड़ी, झुलसे लोग छटपटाते रहे:दर्द से तड़पता कोई सीढ़ियों पर बैठा, कोई खड़ा रहा; देखें PHOTOS



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‘लोगों को मिलवाने का कायनात का अपना तरीका है’, कौन है बादशाह की मिस्ट्री गर्ल?


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रैपर बादशाह के एक नई इंस्टाग्राम पोस्ट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. सिंगर ने अपने इंस्टा पर मिस्ट्रीगर्ल के साथ फोटोज शेयर की हैं जिसके बाद अटकलों का दौर शुरु हो गया. इन फोटोज में मिस्ट्री गर्ल का चेहरा नहीं दिख रहा है. दोनों एक दूसरे का हाथ थामे फील्ड में घूमते दिख रहे हैं. अब फैंस जानना चाहते हैं कि आखिर ये है कौन.

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बादशाह ने मिस्ट्री गर्ल के साथ फोटोज शेयर की.

नई दिल्ली. रैपर और सिंगर बादशाह एक बार फिर चर्चाओं में हैं. इस बार वजह उनका कोई नया गाना नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम पर शेयर की गई एक तस्वीर है. इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए हैं. हर कोई जानने को उत्सुक है कि फोटो में बादशाह के साथ दिख रही ये मिस्ट्री गर्ल कौन है. सिंगर के कैप्शन ने और भी खलबली मचा दी है.

बादशाह ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं. तस्वीरों में वह एक खेत में चलते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनके साथ एक महिला भी है, जिसका चेहरा कैमरे से छिपा हुआ है. तस्वीर में बादशाह उस महिला का हाथ थामे नजर आ रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कहीं भी महिला की पहचान का खुलासा नहीं किया.

बादशाह के कैप्शन से मची खलबली

अब सोशल मीडिया पर अटकलों और कयासों का सिलसिला शुरू हुआ. कई यूजर्स का मानना है कि बादशाह के साथ फोटो में दिख रही लड़की पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर हैं. तस्वीरों से ज्यादा लोगों का ध्यान उसके कैप्शन ने खींचा. बादशाह ने लिखा, ‘कायनात का अपना एक अजीब तरीका है, जो लोगों को आपकी जिंदगी में लाती है’. बस फिर क्या था, फैंस जासूस बन गए और कमेंट सेक्शन में सवालों की बाढ़ आ गई.

यहां देखें पोस्ट

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अखिलेश की बेटी की अफवाह उड़ाने वाले खोजे गए: UP के सभी DM करेंगे ‘कुर्सी योग’; थाने में बुरी तरह फैला लवेरिया – Uttar Pradesh News




ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें… आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है…



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मीनाक्षी घबराकर बाहर भागी, सीनियर नेताओं को बुलाया: कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन रद्द होने की इनसाइड स्टोरी, एक्सपर्ट बोले- रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला सही नहीं – Madhya Pradesh News




मप्र राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। तीसरी सीट पर बीजेपी ने महेश केवट को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। केवट और मीनाक्षी के बीच मुकाबला था। अब नामांकन रद्द होने के बाद केवट का राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। आखिर रिटर्निंग ऑफिसर के बंद कमरे में क्या हुआ? किस नियम के तहत मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज किया गया? और इस फैसले में क्या कानूनी पेंच हैं? पढ़िए इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी और एक्सपर्ट एनालिसिस… दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक: रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे का घटनाक्रम तय कार्यक्रम के मुताबिक 9 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) हुई। दोपहर 2 बजे विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के कमरे में गहमागहमी शुरू हुई। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर RO का फैसला
रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की अदालत में निजी परिवाद दायर था। कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को समन जारी कर उन्हें पेश होने का आदेश दिया था। रिटर्निंग ऑफिसर की तीन टिप्पणियां थीं.. अंतिम निर्णय: आदेश में कहा गया कि अधूरा एफिडेविट (फॉर्म 26) जमा करना और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाना सिद्ध होता है। इसलिए हैंडबुक के अध्याय 6 के बिंदु 10(xiii) के तहत नामांकन निरस्त किया गया। एक्सपर्ट व्यू: फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी के अनुसार, नामांकन रद्द करने का फैसला नियमों के अनुसार पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने हैंडबुक के आधार पर तीन कानूनी पेंच बताए। अब कांग्रेस के पास क्या कानूनी विकल्प हैं? विकल्प 1: कांग्रेस चुनाव आयोग से यह कहते हुए समीक्षा मांग सकती है कि यह केवल निजी परिवाद था, औपचारिक FIR नहीं। इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख अनिवार्य नहीं था। विकल्प 2: कांग्रेस हाई कोर्ट में याचिका दायर कर RO के आदेश को चुनौती दे सकती है। यह सबसे त्वरित और व्यावहारिक कानूनी विकल्प माना जा रहा है। विकल्प 3: चुनाव और परिणाम के बाद कांग्रेस इलेक्शन पीटिशन के जरिए परिणाम को चुनौती दे सकती है, हालांकि यह लंबी प्रक्रिया होगी। ये खबर भी पढ़ें… एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज:कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। पढ़ें पूरी खबर…



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तेलंगाना के खेत में 20 मगरमच्छ के बच्चे और 60 अंडे, अब गांव में दहशत का माहौल


होमताजा खबरदेश

खेत में रेंग रहे थे दर्जनों मगरमच्छ के बच्चे, पास जाकर खुला चौंकाने वाला राज

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तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के मेलागिरी पेट गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब किसानों को एक खेत के पास करीब 20 मगरमच्छ के नवजात बच्चे और लगभग 60 अंडे दिखाई दिए. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी बच्चों व अंडों को सुरक्षित रेस्क्यू कर मंजिरा बांध स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र भेज दिया. प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि दो मादा मगरमच्छों ने पास-पास अपने घोंसले बनाए थे.

तेलंगाना. संगारेड्डी जिले के मेलागिरी पेट गांव में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों और स्थानीय किसानों को एक खेत के पास भारी संख्या में मगरमच्छ के बच्चे और उनके अंडे दिखाई दिए. इलाके से गुजर रहे किसानों की नजर अचानक एक खेत पर पड़ी जहां करीब 20 मगरमच्छ के नवजात बच्चे रेंग रहे थे. थोड़ा और पास जाने पर उन्हें वहां लगभग 60 अंडे भी नजर आए. एक साथ इतने मगरमच्छों को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए. किसानों ने बिना कोई देरी किए तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी. खबर मिलते ही वन अधिकारियों की टीम बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गई. उन्होंने बेहद सावधानी बरतते हुए सभी 20 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और सभी 60 अंडों को भी अपने कब्जे में ले लिया.

शुरुआती जांच और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने बचाए गए सभी बच्चों और अंडों को तुरंत मंजिरा बांध स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र भेज दिया ताकि वहां उनकी सही तरीके से देखभाल और संरक्षण हो सके. वन अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में एक दिलचस्प बात सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक घटनास्थल की स्थिति को देखकर लगता है कि दो मादा मगरमच्छों ने एक-दूसरे के बिल्कुल करीब अपने घोंसले बनाए थे. मेलागिरी पेट गांव के पास ही मेलागिरी पेट परियोजना नाम की एक लघु सिंचाई परियोजना स्थित है. अधिकारियों को अंदेशा है कि मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर अंडा देने और घोंसला बनाने के लिए इस सुरक्षित सूखी जगह पर आए होंगे.

हालांकि, वन विभाग की टीम ने इलाके में दो घंटे से अधिक समय तक सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन उन्हें कोई भी बड़ा मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया. इस वजह से गांव वालों में अब भी दहशत का माहौल है. ग्रामीणों को डर है कि बड़े मगरमच्छ आसपास ही छिपे हो सकते हैं और वे किसी पर भी हमला कर सकते हैं. ग्रामीणों ने वन अधिकारियों से पुरजोर अपील की है कि वे वयस्क मगरमच्छों को भी जल्द से जल्द ढूंढकर वहां से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करें. अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बड़े मगरमच्छों की तलाश जारी रखी है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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‘किडनैपिंग’ ऐड से फंसी पंजाब की ‘अमूल’, वेर्का; डेली संभालती है 30 लाख लीटर दूध


नई दिल्ली. पंजाब में अगर डेयरी उत्पादों की बात होती है तो सबसे पहले जिन नामों का जिक्र आता है, उनमें वेर्का सबसे ऊपर रहता है. दशकों से यह ब्रांड दूध, दही, घी, लस्सी और दूसरे डेयरी उत्पादों के जरिए लोगों के घरों तक पहुंच रहा है. आज यह सिर्फ एक ब्रांड नहीं बल्कि लाखों किसानों और उपभोक्ताओं के बीच भरोसे का प्रतीक माना जाता है. इसी वेर्का का नाम हाल ही में एक विवादित सोशल मीडिया विज्ञापन की वजह से सुर्खियों में आ गया. मैंगो लस्सी के प्रचार के लिए जारी एक रील पर लोगों ने नाराजगी जताई और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया. हालांकि इस विवाद से इतर वेर्का की कहानी कहीं ज्यादा बड़ी और दिलचस्प है.

विवाद वेर्का की मैंगो लस्सी के एक सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू हुआ. कंपनी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई रील में एक युवती दिखाई गई थी और स्क्रीन पर ‘How to kidnap me?’ जैसी टैगलाइन लिखी गई थी. वीडियो में दिखाया गया कि एक हाथ युवती को वेर्का मैंगो लस्सी का पैक ऑफर करता है और वह आखिरकार उसे स्वीकार कर लेती है. इस प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को प्रचार का माध्यम बनाना गलत है.

विरोध बढ़ा तो कंपनी ने लिया एक्शन

जैसे ही विवाद बढ़ा, लोगों ने विज्ञापन को असंवेदनशील करार देना शुरू कर दिया. कई उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि आखिर इतने बड़े ब्रांड में ऐसी सामग्री की समीक्षा कैसे नहीं हुई. मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता ने बाद में स्वीकार किया कि यह प्रचार का उचित तरीका नहीं था. विवाद बढ़ने के बाद संबंधित रील को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. साथ ही विज्ञापन तैयार करने वाली एजेंसी को नोटिस जारी किया गया और भविष्य में विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त बनाने का फैसला लिया गया.

आखिर कितना बड़ा है वेर्का ब्रांड?

विज्ञापन विवाद से अलग अगर वेर्का की बात करें तो यह पंजाब के सबसे बड़े सहकारी डेयरी ब्रांड्स में से एक है. यह ब्रांड पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड यानी मिल्कफेड के तहत संचालित होता है. उत्तर भारत के कई राज्यों में वेर्का के उत्पाद व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं. दूध और डेयरी उत्पादों की दुनिया में इसकी पहचान गुणवत्ता और भरोसे के लिए बनाई गई है.

कैसे हुई थी शुरुआत?

वेर्का की कहानी पंजाब में डेयरी किसानों को बेहतर दाम दिलाने के उद्देश्य से शुरू हुई थी. वर्ष 1973 में मिल्कफेड की स्थापना हुई और इसके जरिए किसानों को सीधे डेयरी नेटवर्क से जोड़ने की व्यवस्था बनाई गई. ब्रांड का नाम अमृतसर के पास स्थित वेर्का नामक स्थान से लिया गया, जहां इस सहकारी डेयरी मॉडल का शुरुआती मिल्क प्लांट स्थापित किया गया था. धीरे धीरे यही नाम पंजाब के सबसे पहचान वाले डेयरी ब्रांड में बदल गया.

साढ़े तीन लाख किसानों से जुड़ा नेटवर्क

आज वेर्का का नेटवर्क पंजाब के ग्रामीण इलाकों तक फैला हुआ है. कंपनी से 3.5 लाख से अधिक डेयरी किसान जुड़े हुए हैं जो सीधे दूध की आपूर्ति करते हैं. पूरी व्यवस्था सहकारी मॉडल पर काम करती है. गांव स्तर पर दूध उत्पादक समितियां, जिला स्तर पर मिल्क यूनियन और राज्य स्तर पर मिल्कफेड मिलकर इस नेटवर्क को संचालित करते हैं. यही मॉडल किसानों को बिचौलियों से बचाकर बेहतर आय दिलाने में मदद करता है.

रोज लाखों लीटर दूध संभालने की क्षमता

वेर्का के पास पंजाब में 10 से अधिक आधुनिक मिल्क प्लांट हैं. इनकी कुल मिल्क हैंडलिंग क्षमता लगभग 30 लाख लीटर प्रतिदिन है. इसके अलावा कंपनी के पास कैटल फीड प्लांट, फॉडर सीड प्रोसेसिंग यूनिट और अत्याधुनिक आइसक्रीम प्लांट भी हैं. यही कारण है कि वेर्का केवल दूध तक सीमित नहीं है बल्कि एक बड़ा डेयरी इकोसिस्टम बन चुका है.

सिर्फ दूध नहीं, उत्पादों की लंबी श्रृंखला

वेर्का के उत्पादों की सूची काफी बड़ी है. कंपनी दूध, दही, लस्सी, पनीर, मक्खन, घी, खीर और स्किम्ड मिल्क पाउडर जैसे उत्पाद बेचती है. इसके अलावा आइसक्रीम, मिल्क केक, पिन्नी, गुलाब जामुन और दूसरी पारंपरिक मिठाइयां भी इसके पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं. खास तौर पर वेर्का का घी देश और विदेश दोनों बाजारों में काफी लोकप्रिय माना जाता है.

विदेशों तक पहुंच चुका है ब्रांड

वेर्का की मौजूदगी अब केवल पंजाब तक सीमित नहीं है. इसके उत्पाद हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंच चुके हैं. साथ ही कंपनी अपने प्रीमियम उत्पादों, खासकर घी, का निर्यात खाड़ी देशों, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड और मलेशिया जैसे बाजारों में भी करती है. इससे यह पंजाब के सबसे सफल सहकारी ब्रांड्स में शामिल हो चुका है.

विवाद के बीच भी बनी हुई है मजबूत पहचान

हालिया विज्ञापन विवाद ने जरूर वेर्का को मुश्किल स्थिति में ला दिया है, लेकिन इसकी मूल पहचान अब भी एक किसान आधारित सहकारी डेयरी ब्रांड की है. लाखों उपभोक्ताओं और हजारों गांवों से जुड़ा यह नेटवर्क पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. यही वजह है कि एक सोशल मीडिया रील पर उठे विवाद के बावजूद चर्चा सिर्फ विज्ञापन तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों ने वेर्का की पूरी कहानी और उसकी भूमिका को भी नए सिरे से जानना शुरू कर दिया.



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