Thursday, July 9, 2026
Home Blog

डॉक्टर का बेटा बना संस्कारी ‘बाबूजी’, जवानी के दिनों में दिए बोल्ड सीन, ये रूप कर देगा दंग


Last Updated:

आलोक नाथ, जिन्हें ‘बाबूजी’ के नाम से जाना जाता है, ने ‘मैंने प्यार किया’ जैसी फिल्मों में पिता की भूमिका निभाई. उन्होंने ‘कामाग्नि’ में रोमांटिक किरदार भी निभाया था.

Zoom

जब भी बॉलीवुड में संस्कारी पिता, प्यार करने वाले परिवार के मुखिया और आदर्शवादी ‘बाबूजी’ की बात होती है, तो सबसे पहले अभिनेता आलोक नाथ का नाम याद आता है. बड़े पर्दे से लेकर छोटे पर्दे तक आलोक नाथ ने अपनी एक ऐसी छवि बनाई, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘विवाह’ जैसी फिल्मों में उनके पिता के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. आज जिन आलोक नाथ को दर्शक एक आदर्श पिता के रूप में देखते हैं, उन्होंने अपने शुरुआती दौर में रोमांटिक हीरो की भूमिका भी निभाई थी.

अपनी शांत, सादगी भरी और संस्कारी छवि के लिए मशहूर आलोक नाथ ने साल 1987 में आई फिल्म ‘कामाग्नि’ में एक अलग अंदाज दिखाया था. इस फिल्म में उन्होंने रोमांटिक किरदार निभाया था. फिल्म में उनके कुछ बोल्ड और रोमांटिक सीन की उस समय काफी चर्चा हुई थी.

आलोक नाथ के माता पिता
आलोक नाथ का जन्म 10 जुलाई 1956 को देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था. उनके पिता डॉक्टर थे और मां गृहिणी थीं. उनके पिता चाहते थे कि आलोक भी उनकी तरह डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत ने उन्हें अभिनय की दुनिया में पहुंचा दिया. उन्होंने दिल्ली से अपनी पढ़ाई पूरी की. कॉलेज के दिनों में उनका झुकाव थिएटर की तरफ बढ़ा और वह रुचिका थिएटर ग्रुप से जुड़ गए. इसके बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से तीन साल तक अभिनय की बारीकियां सीखीं.

आलोक नाथ का कैसे शुरू हुआ सफर
कहा जाता है कि साल 1980 में फिल्म ‘गांधी’ के लिए कास्टिंग डायरेक्टर डॉली ठाकुर नए कलाकारों की तलाश में नेशनल School ऑफ ड्रामा पहुंची थीं. कई कलाकारों के ऑडिशन के बाद उन्होंने आलोक नाथ को चुना. इस फिल्म के लिए उन्हें करीब 20 हजार रुपये मिले थे और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई.

मिलने लगा धीरे धीरे फिल्मों में काम
‘गांधी’ के बाद आलोक नाथ मुंबई पहुंचे, लेकिन यहां से आगे का रास्ता इतना आसान नहीं था. उन्हें अपनी दूसरी फिल्म के लिए करीब पांच साल तक इंतजार और संघर्ष करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने थिएटर में भी काम किया. संघर्ष के इसी दौर में उन्हें फिल्म ‘मशाल’ में छोटा सा किरदार मिला. इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा.

आलोक नाथ की फिल्में और सीरियल
साल 1988 में आई फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ के बाद आलोक नाथ की पहचान बढ़ने लगी. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में पिता और परिवार के बड़े सदस्य की भूमिकाएं निभाईं. आलोक नाथ ने अपने करियर में करीब 140 फिल्मों और 15 से ज्यादा टीवी सीरियल्स में काम किया है. उनकी ज्यादातर भूमिकाएं ‘बाबूजी’ के किरदार की रहीं. हालांकि, आलोक नाथ को एक समय जितेंद्र के पिता का किरदार निभाने का ऑफर मिला था, जिसे उन्होंने मना कर दिया था.

About the Author

authorimg

Varsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें



Source link

दीवानी विवाद में पुलिस पर हस्तक्षेप का आरोप: दंपती ने एसपी से की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग – Sirohi News




सिरोही के शिवगंज निवासी मीराबेन शर्मा और मार्तीराम शर्मा ने दीवानी प्रकृति के एक मकान विवाद में थाना शिवगंज पुलिस पर अनुचित हस्तक्षेप और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। दंपती ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर थानाधिकारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच, विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने और समझौता करने के लिए धमकाया गया, जबकि मामला पूरी तरह सिविल प्रकृति का है। थाने बुलाकर दबाव बनाने का आरोप परिवाद के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को थाना शिवगंज से फोन कर दोनों को थाने बुलाया गया। वहां कथित तौर पर मकान खाली करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि बाद में विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता कुंदन सोलंकी, पृथ्वीराज सिंह राव और अन्य लोगों की मौजूदगी में भी समझौते के लिए दबाव डाला गया। समझौता नहीं करने पर जेल भेजने की धमकी का दावा परिवादकर्ताओं का कहना है कि समझौता नहीं करने पर उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाकर जेल भेजने और मकान का कब्जा दिलाने जैसी धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि संबंधित विवाद पूरी तरह दीवानी प्रकृति का है, इसके बावजूद पुलिस ने इसमें हस्तक्षेप किया। पुलिस मुख्यालय के परिपत्र की अनदेखी का आरोप परिवाद में कहा गया है कि पुलिस मुख्यालय, राजस्थान द्वारा 10 जून 2025 को जारी परिपत्र में विशुद्ध दीवानी विवादों में अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। परिवादकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराने के बावजूद इन निर्देशों की अनदेखी की गई। एसपी से वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग दंपती ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने, दोषी पुलिस अधिकारी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध पुलिस दबाव और उत्पीड़न से संरक्षण देने की मांग की है। एडवोकेट बोले— सिविल विवाद में पुलिस का हस्तक्षेप उचित नहीं एडवोकेट महेश अग्रवाल ने कहा कि संबंधित मामला पूर्णतः दीवानी प्रकृति का है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय भी स्पष्ट कर चुका है कि मूल रूप से सिविल विवादों में पुलिस पक्षकारों पर दबाव बनाने, समझौता कराने या किसी एक पक्ष के पक्ष में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि दीवानी अधिकारों का निर्णय करना। निष्पक्ष कार्रवाई की मांग एडवोकेट महेश अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसे मामलों में अवैध पुलिस हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा है।



Source link

भोजपुरी गाने में कानून व्यवस्था पर सवाल: सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी, यूजर बोले- अराजकता आएगी – Singrauli News




सिंगरौली जिले में कमलेश गुर्जर नामक एक युवक का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस इंस्टाग्राम रील में एक भोजपुरी गाना बज रहा है, जिसके बोल हैं: ‘आज जेल होगी, कल बेल होगी और उसके बाद फिर वही खेल चालू रहेगा।’ इस वीडियो के सामने आने के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। हालांकि गुरुवार दोपहर यूजर ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी। पुलिस ने पूरे मामले पर एक्शन लेने की बात कही है। यह विवादित रील कमलेश गुर्जर से जुड़े एक हाईवा ट्रक मामले के बाद सामने आई है। बरगवां पुलिस ने नेशनल हाईवे पर अवैध रूप से सड़क जाम करने के आरोप में एक हाईवा ट्रक जब्त किया था। पुलिस ने इस ट्रक को न्यायालय में पेश किया था, जिसने सुनवाई के बाद उसे छोड़ने का आदेश दिया। एक यूजर बृजेश शुक्ला ने लिखा कि अपराधी अपराध कर के अगर इस तरह से रील बनते है तो इससे यही साबित होता है कि कानून और पुलिस का भय नहीं है। इसी तरह एक दूसरे यूजर ने अमित कुमार ने लिखा कि इस तरह से तो अराजकता आएगी। न्यायालय के इस आदेश के तुरंत बाद कमलेश गुर्जर द्वारा जारी की गई यह रील अब विवाद का मुख्य कारण बन गई है। रील में इस्तेमाल किए गए गाने के बोल और उसके निहितार्थ को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोग इसे कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को सीधी चुनौती मान रहे हैं। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि रील की सामग्री की जांच की जाएगी या नहीं। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ता ऐसे वीडियो पर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि जांच में रील की सामग्री कानून व्यवस्था के प्रति आपत्तिजनक पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसियां नियमानुसार कार्रवाई कर सकती हैं।



Source link

मद्य निषेध अवर निरीक्षक परीक्षा 12 जुलाई को: लखीसराय के 8 केंद्रों पर 3,833 अभ्यर्थी होंगे शामिल,सुबह 9:30 बजे तक पहुंचना अनिवार्य – Lakhisarai News




लखीसराय में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक मद्य निषेध पद के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा 12 जुलाई को होगी। जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर कुल 3,833 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला मुख्यालय सभागार में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ केंद्राधीक्षकों को आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अभ्यर्थियों के सुगम प्रवेश, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। परीक्षा एकल पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 9:30 बजे तक अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 100 प्रश्न होंगे, जिसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त आदेश जारी किया है। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र और आवश्यक पहचान पत्र साथ रखने तथा आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जिला प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने का आश्वासन दिया है।



Source link

शालीमार गांव पहुंचीं सीएम रेखा, जलभराव का लिया जायजा: अधिकारियों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश; बोलीं- सरकार की विशेष नजर – New Delhi News




दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शालीमार गांव का दौरा कर मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति और जलनिकासी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जलभराव के कारणों की जानकारी ली। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों से पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएम ने कहा कि राजधानी में लगातार हो रही बारिश के बीच नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दिल्ली सरकार पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलनिकासी तंत्र को सक्रिय रखा जाए, पंपिंग स्टेशनों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी जलभराव की सूचना मिले, वहां तुरंत राहत कार्य शुरू किए जाएं। ‘संवेदनशील और जलभराव संभावित क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही’ सीएम ने यह भी कहा कि बारिश के मौसम में संवेदनशील और जलभराव संभावित क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है ताकि सड़कों पर पानी जमा होने, यातायात बाधित होने और स्थानीय लोगों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम किया जा सके। दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड स्तर पर टीमें लगातार सक्रिय रहें और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरकार का कहना है कि मानसून के पूरे सीजन में जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।



Source link

इस वीकेंड बनाइए स्वादिष्ट पकोड़ा कढ़ी, स्वाद ऐसा कि सभी पूछेंगे बनाने का तरीका


Last Updated:

वीकेंड पर पकोड़ा कढ़ी बनाने की आसान विधि. खट्टी-चटपटी कढ़ी और नरम पकोड़ों का मेल, इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जा सकता है. तो चलिये जानते हैं, इसे बनाने का तरीका.

Zoom

वीकेंड पर घर में कुछ पारंपरिक और स्वादिष्ट बनाने का मन हो तो पकोड़ा कढ़ी एक बेहतरीन विकल्प है. खट्टी-चटपटी कढ़ी और नरम पकोड़ों का मेल हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. इसे गर्मागर्म चावल या रोटी के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना हो जाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान तरीका.

आवश्यक सामग्री

कढ़ी के लिए
1 कप बेसन
2 कप खट्टा दही
5 कप पानी
1 छोटा चम्मच हल्दी
नमक स्वादानुसार

पकोड़ों के लिए
1 कप बेसन
1 छोटा प्याज बारीक कटा हुआ
1 हरी मिर्च कटी हुई
1/2 छोटा चम्मच अजवाइन
नमक स्वादानुसार
तेल तलने के लिए

तड़के के लिए
1 बड़ा चम्मच घी
1 छोटा चम्मच जीरा
1/2 छोटा चम्मच मेथी दाना
2 साबुत लाल मिर्च
चुटकीभर हींग
कुछ करी पत्ते

  • बनाने की विधि
    सबसे पहले पकोड़े तैयार करें. एक बाउल में बेसन, प्याज, हरी मिर्च, अजवाइन और नमक डालें. थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें. कड़ाही में तेल गरम करें और छोटे-छोटे पकोड़े सुनहरे होने तक तल लें. इन्हें निकालकर अलग रख दें.
  • अब कढ़ी बनाने के लिए एक बड़े बर्तन में दही और बेसन को अच्छी तरह फेंट लें ताकि गांठें न रहें. इसमें हल्दी, नमक और पानी मिलाकर पतला घोल तैयार करें. इस मिश्रण को गैस पर मध्यम आंच पर रखें और लगातार चलाते रहें. जब मिश्रण उबलने लगे तो आंच धीमी कर दें और लगभग 25 से 30 मिनट तक पकने दें. इससे कढ़ी का स्वाद और गाढ़ापन बेहतर हो जाता है.
  • जब कढ़ी अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें तैयार किए हुए पकोड़े डाल दें. पकोड़ों को 10 मिनट तक कढ़ी में रहने दें ताकि वे मसालों का स्वाद अच्छी तरह सोख लें.
  • अब तड़का तैयार करें. एक छोटे पैन में घी गरम करें. इसमें जीरा, मेथी दाना, हींग, साबुत लाल मिर्च और करी पत्ते डालकर कुछ सेकंड भूनें. तैयार तड़का कढ़ी पर डाल दें. तड़का डालते ही इसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाएगी.

परोसने का तरीका
गर्मागर्म पकोड़ा कढ़ी को सादे चावल, जीरा राइस या तंदूरी रोटी के साथ परोसें. ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

इस वीकेंड अपने परिवार के लिए यह पारंपरिक पकोड़ा कढ़ी जरूर बनाइए और घर पर ही ढाबे जैसा स्वाद पाइए. स्वाद, सुगंध और पौष्टिकता से भरपूर यह व्यंजन हर खाने की मेज की शान बन सकता है.



Source link

कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर में आम्र उत्सव: आम, कमल और मोगरे के फूलों से हुआ बाबा का अलौकिक श्रृंगार, उमड़े श्रद्धालु – Kanpur News




कानपुर के परमट स्थित ऐतिहासिक बाबा आनंदेश्वर महादेव मंदिर में गुरुवार सुबह 7 बजे बाबा का आम और विशेष पुष्पों से भव्य श्रृंगार किया गया। गर्मी के मौसम में बाबा को शीतलता अर्पित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘आम्र उत्सव’ के दौरान शिवलिंग को आम, बेलपत्र, रुद्राक्ष और सुगंधित फूलों से सजाया गया। बाबा के अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर में किए गए इस विशेष श्रृंगार में ताजे पीले आम, कमल, मोगरा, चमेली और गेंदे के फूलों का आकर्षक संयोजन देखने को मिला। शिवलिंग के चारों ओर ‘राम’ नाम अंकित बेलपत्र अर्पित किए गए, जबकि केंद्र में फूलों से ‘ॐ’ की आकृति बनाई गई। सुबह की आरती के दौरान श्रद्धालु बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते नजर आए। आमों से सजाया गया बाबा का विग्रह आम्र उत्सव के तहत बाबा आनंदेश्वर के विग्रह के चारों ओर गोलाकार आकार में ताजे और रसीले पीले आम सजाए गए। आमों के घेरे के भीतर रुद्राक्ष की मालाओं से कलात्मक सजावट की गई, जिसने श्रृंगार को और आकर्षक बना दिया। फल और रुद्राक्ष का यह अनूठा संयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। कमल, मोगरा और गेंदे के फूलों से महका गर्भगृह श्रृंगार में गुलाबी कमल, सफेद मोगरा, चमेली तथा पीले और सफेद गेंदे के फूलों का उपयोग किया गया। बाबा के विग्रह को फूलों की चादर से ढक दिया गया, जिससे पूरा गर्भगृह सुगंध से महक उठा।श्रृंगार के चारों कोनों पर कमल के फूल सजाए गए, जबकि बीच का हिस्सा गेंदे और अन्य पुष्पों से सजाया गया। बेलपत्र पर लिखा था ‘राम’ नाम श्रृंगार के बाहरी घेरे में अर्पित किए गए बेलपत्रों पर लाल रंग से ‘राम’ नाम अंकित था। वहीं शिवलिंग के केंद्र में चंदन और अष्टगंध के ऊपर लाल-नारंगी फूलों से ‘ॐ’ की आकृति बनाई गई। ऊपरी हिस्से में चांदी के कलश और छत्र भी स्थापित किए गए, जिससे बाबा का श्रृंगार और भव्य दिखाई दिया। सुबह की आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने बाबा आनंदेश्वर के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।



Source link

Oppo Reno 16, Reno 16c की सेल भारत में शुरू, जानें कहां मिल रहा ऑफर


Oppo Reno 16 सीरीज की सेल भारत में शुरू हो गई है। ओप्पो की यह मिड बजट स्मार्टफोन सीरीज पिछले दिनों भारतीय बाजार में पेश किए गए हैं। इन दोनों फोन के अलावा कंपनी ने Oppo Bubble भी पेश किया है, जिसे एक व्यू फाइंडर डिवाइस के तौर पर उतारा गया है। ओप्पो की यह नई Reno 16 सीरीज साल की शुरुआत में पेश हुई Reno 15 सीरीज का अपग्रेड है। पहली सेल में फोन की खरीद पर कई तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं।

Oppo Reno 16, Reno 16c पर ऑफर

ओप्पो रेनो 16 सीरीज के ये दोनों फोन 12GB रैम और 256GB तक स्टोरेज में आते हैं। इस सीरीज के स्टैंडर्ड मॉडल Reno 16 को दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में खरीदा जा सकता है। इस फोन की शुरुआती कीमत 61,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 67,999 रुपये में आता है।

Oppo Reno 16c को भारत में तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में खरीदा जा सकता है। इसकी शुरुआती कीमत 46,999 रुपये है। वहीं, इसके अन्य दोनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 49,999 रुपये और 55,999 रुपये है।

इस फोन की सेल Amazon, Flipkart और कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट के अलावा लीडिंग स्टोर पर आयोजित की जा रही है। इन दोनों फोन की खरीद पर 10% का इंस्टैंट डिस्काउंट मिल रहा है।

Oppo Reno 16, Reno 16c के फीचर्स

इस सीरीज के Reno 16 में 6.32 इंच का डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यह फोन Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट पर काम करता है। इसमें 12GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। यह फोन 67000mAh की बैटरी और 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग पर काम करता है। वहीं, Reno 16c में 6.57 इंच के 120Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलता है। यह फोन MediaTek Dimensity 7300 चिपसेट पर काम करता है। इसमें भी 12GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। फोन 7000mAh बैटरी और 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है।










  Oppo Reno 16 Oppo Reno 16c
डिस्प्ले 6.32 इंच, 120Hz 6.57 इंच, 120Hz
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 MediaTek Dimensity 7300
स्टोरेज 12GB, 256GB 12GB, 256GB
कैमरा 50MP + 50MP + 50MP, 50MP 50MP + 50MP + 8MP, 50MP
बैटरी 6700mAh, 80W 7000mAh, 80W
OS Android 16, ColorOS 16 Android 16, ColorOS 16

इन दोनों फोन के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। Reno 16 में 50MP का मेन, 50MP का टेलीफोटो और 50MP का पेरीस्कोप कैमरा मिलेगा। वहीं, Reno 16c में 50MP का मेन, 50MP का अल्ट्रा वाइड और 8MP का तीसरा कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इन दोनों फोन में 50MP का कैमरा दिया गया है। ये दोनों फोन Andorid 16 पर बेस्ड ColorOS 16 पर काम करते हैं। साथ ही, ये वाटर और डस्ट प्रूफ रेटिंग के साथ आते हैं।

यह भी पढ़ें – क्या है Blue Aadhaar? इन तीन तरीकों से कर सकते हैं डाउनलोड 





Source link

महाराष्ट्र में डॉक्टर को थप्पड़ मारने वाला शिवसेना पार्षद गिरफ्तार: 3 साथी भी पकड़े गए; डॉक्टर ने इस्तीफा दिया, कहा- डर से शहर छोड़ा




महाराष्ट्र के ठाणे में हॉस्पिटल के डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को बुधवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके तीन साथियों को भी पकड़ा गया है। वहीं, एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा देकर ठाणे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यहां डर का माहौल है। अब कभी वापस नहीं लौटूंगा। घटना सोमवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल की है। अस्पताल के NICU में कोई बेड खाली नहीं था। इसलिए डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजन इससे नाराज हो गए। उन्होंने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। वह अपने तीन साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से मारपीट की। मारपीट की 4 तस्वीरें… डॉक्टर बोले- गुंडे नजर रख रहे हैं, अब कभी नहीं लौटूंगा पीड़ित डॉक्टर ने मीडिया से कहा, ‘ मैं घटना के बाद खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा हूं। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है।’ डॉक्टर ने कहा, ‘यहां बहुत डर का माहौल है। गुंडे नजर रख रहे हैं। दूसरे डॉक्टर काम करना चाहें तो करें, लेकिन मैं अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटूंगा।’ शिंदे ने पार्षद को फटकार लगाई, पार्टी ने नोटिस भेजा राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को कहा कि डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना गलत है और शिवसेना इस घटना का समर्थन नहीं करती। मामले में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप भी नहीं किया गया। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे समेत शिवसेना के कई नेताओं और विपक्ष ने घटना की आलोचना की है। ठाणे सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि पार्टी ने आरोपी पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। —————- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा मंत्री नितेश राणे को 1 महीने जेल की सजा:मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था; 29 आरोपी बरी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि (सांसद, विधायक या पार्षद) कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

OTT से हटाई ‘सतलुज’ तो भड़कीं नीरू बाजवा, बोलीं- ‘सवाल पूछने का हक है, वजह पता चलनी चाहिए’


Last Updated:

Neeru Bajwa on Satluj: ओटीटी प्लेटफॉर्म से ‘सतलुज’ को अचानक हटाए जाने के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब पंजाबी एक्ट्रेस नीरू बाजवा ने भी इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. दिलजीत दोसांझ की इस फिल्म को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट साझा करते हुए कई सवाल उठाए. नीरू का कहना है कि दर्शकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आखिर फिल्म को किस वजह से हटाया गया. उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि लोगों को फिल्म देखने, अपनी राय बनाने और सच जानने का हक मिलना चाहिए.

नई दिल्ली. पंजाबी एक्ट्रेस नीरू बाजवा ने सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर निराशा जाहिर की है. फिल्म को रिलीज होने के सिर्फ 2 दिन बाद ही हटा दिया गया था.

Neeru Bajwa, Neeru Bajwa on Satluj, Neeru Bajwa furious after Satluj removed from OTT, Neeru Bajwa ask reason for Satluj removed, Neeru Bajwa hit movies सतलुज पर नीरू बाजवा, नीरू बाजवा, ओटीटी से सतलज हटने पर भड़कीं नीरू बाजवा, नीरू बाजवा ने पूछा सतलुज हटाने का कारण, नीरू बाजवा की हिट फिल्में

नीरू ने दिलजीत के साथ कई फिल्मों में काम किया है. उन्होंने कहा कि दर्शकों को यह चुनने का हक है कि वे किसी फिल्म का समर्थन करना चाहते हैं या उसकी आलोचना करना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा कि दर्शकों को यह जानने का हक है कि फिल्म को अचानक ओटीटी प्लेटफॉर्म से क्यों हटाया गया. फोटो साभार-@neerubajwa/Instagram

Neeru Bajwa, Neeru Bajwa on Satluj, Neeru Bajwa furious after Satluj removed from OTT, Neeru Bajwa ask reason for Satluj removed, Neeru Bajwa hit movies सतलुज पर नीरू बाजवा, नीरू बाजवा, ओटीटी से सतलज हटने पर भड़कीं नीरू बाजवा, नीरू बाजवा ने पूछा सतलुज हटाने का कारण, नीरू बाजवा की हिट फिल्में

नीरू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि मैंने ‘सतलुज’ देखी, भावनाएं निश्चित रूप से जागृत हुईं. एक फिल्म मनोरंजन से कहीं बढ़कर है. यह उसके निर्माताओं की आवाज, उनका जुनून, उनका सच और बरसों की कड़ी मेहनत है. किसी के पास भी बिना जवाबदेही के उसे दबाने की ताकत नहीं होनी चाहिए. फोटो साभार-@neerubajwa/Instagram

Add News18 as
Preferred Source on Google

Neeru Bajwa, Neeru Bajwa on Satluj, Neeru Bajwa furious after Satluj removed from OTT, Neeru Bajwa ask reason for Satluj removed, Neeru Bajwa hit movies सतलुज पर नीरू बाजवा, नीरू बाजवा, ओटीटी से सतलज हटने पर भड़कीं नीरू बाजवा, नीरू बाजवा ने पूछा सतलुज हटाने का कारण, नीरू बाजवा की हिट फिल्में

उन्होंने कहा कि लोग किसी फिल्म का समर्थन करें या उसकी आलोचना, यह उनका फैसला होना चाहिए. दर्शकों से यह विकल्प छीनना गलत है. हमें इसे देखने, खुद सोचने और यह तय करने का हक है कि हमारे लिए इसका क्या मतलब है. फोटो साभार-@neerubajwa/Instagram

Neeru Bajwa, Neeru Bajwa on Satluj, Neeru Bajwa furious after Satluj removed from OTT, Neeru Bajwa ask reason for Satluj removed, Neeru Bajwa hit movies सतलुज पर नीरू बाजवा, नीरू बाजवा, ओटीटी से सतलज हटने पर भड़कीं नीरू बाजवा, नीरू बाजवा ने पूछा सतलुज हटाने का कारण, नीरू बाजवा की हिट फिल्में

अगर ‘सतलुज’ को हटाया गया है तो जनता को सच्चाई जानने का हक है. हमें स्पष्टीकरण चाहिए, खामोशी नहीं. पारदर्शिता कोई विशेषाधिकार नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि पंजाबी होने के नाते, उन्हें सवाल पूछने का हक है अगर उनकी मातृभूमि की कहानियों को उनसे छिपाया जाता है. फोटो साभार-@neerubajwa/Instagram

Neeru Bajwa, Neeru Bajwa on Satluj, Neeru Bajwa furious after Satluj removed from OTT, Neeru Bajwa ask reason for Satluj removed, Neeru Bajwa hit movies सतलुज पर नीरू बाजवा, नीरू बाजवा, ओटीटी से सतलज हटने पर भड़कीं नीरू बाजवा, नीरू बाजवा ने पूछा सतलुज हटाने का कारण, नीरू बाजवा की हिट फिल्में

एक्ट्रेस ने कहा कि हम कुछ खास नहीं मांग रहे हैं. हम सच्चाई, निष्पक्षता और फिल्म को अनुभव करने और अपनी राय बनाने की आजादी मांग रहे हैं. हमारी आवाज मायने रखती है. हमारी कहानियां मायने रखती हैं और सच्चाई मायने रखती है. फोटो साभार-@neerubajwa/Instagram

Neeru Bajwa, Neeru Bajwa on Satluj, Neeru Bajwa furious after Satluj removed from OTT, Neeru Bajwa ask reason for Satluj removed, Neeru Bajwa hit movies सतलुज पर नीरू बाजवा, नीरू बाजवा, ओटीटी से सतलज हटने पर भड़कीं नीरू बाजवा, नीरू बाजवा ने पूछा सतलुज हटाने का कारण, नीरू बाजवा की हिट फिल्में

मंगलवार को नीरू ने एक और सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्हें यह बहुत गलत लगा कि ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया, जबकि उन्हें फिल्म देखने का मौका भी नहीं मिला था. फोटो साभार-@neerubajwa/Instagram

Neeru Bajwa, Neeru Bajwa on Satluj, Neeru Bajwa furious after Satluj removed from OTT, Neeru Bajwa ask reason for Satluj removed, Neeru Bajwa hit movies सतलुज पर नीरू बाजवा, नीरू बाजवा, ओटीटी से सतलज हटने पर भड़कीं नीरू बाजवा, नीरू बाजवा ने पूछा सतलुज हटाने का कारण, नीरू बाजवा की हिट फिल्में

उन्होंने लिखा कि पंजाबी कलाकार के तौर पर मुझे गर्व है, लेकिन ‘सतलुज’ को हटाए जाने से निराशा महसूस हुई. हमारी संस्कृति और पहचान को दर्शाने वाली कहानियां देखे जाने के लायक हैं, दबाए जाने के लायक नहीं. यह फैसला हमारे समुदाय के लिए अन्यायपूर्ण और दिल तोड़ने वाला है. सेंसरशिप के खिलाफ लंबी लड़ाई के बाद, ‘सतलुज’ आखिरकार जी-5 पर रिलीज हुई. हालांकि, रिलीज के सिर्फ 2 दिन बाद ही भारत में फिल्म को हटा दिया गया. फोटो साभार-@neerubajwa/Instagram

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link