मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत बुधवार को सिद्धिविनायक मैरिज गार्डन में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में लापरवाही सामने आई। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आयोजित इस सरकारी कार्यक्रम में कई जोड़ों को तय वेशभूषा (दूल्हे के लिए कुर्ता-पायजामा और दुल्हन के लिए साड़ी) तक नहीं दी गई। इसके चलते कई दूल्हे जींस-टीशर्ट और दुल्हनें सलवार-सूट में ही शादी की रस्में निभाते नजर आए। 20 से ज्यादा जोड़ों को नहीं मिले कपड़े समारोह में कुल 43 जोड़ों का विवाह होना था, लेकिन इनमें से 20 से अधिक जोड़ों को शासन की तरफ से मिलने वाले कपड़े और सामान नहीं दिए गए। मजबूरन कई जोड़ों ने अपने पैसों से कपड़े खरीदकर शादी की रस्में पूरी कीं। चौफाल निवासी दूल्हे सीताराम बैगा ने बताया कि उन्हें प्रशासन की तरफ से केवल एक पगड़ी दी गई, बाकी कोई सामान या कपड़ा नहीं मिला। भीषण गर्मी में सिर्फ एक वाटर कूलर समारोह स्थल पर आए मेहमानों और जोड़ों के लिए व्यवस्थाएं बेहद खराब रहीं। कड़कड़ाती गर्मी के बीच करीब 200 लोगों के लिए सिर्फ एक वाटर कूलर और नौ पंखे लगाए गए थे। इसके उलट, वहां मौजूद अधिकारियों और नेताओं के लिए अलग से दो वाटर कूलर की व्यवस्था थी। इसके अलावा 43 जोड़ों की शादी कराने के लिए सिर्फ दो पंडित बुलाए गए थे। सुबह 10 बजे से आए जोड़ों को दोपहर 2 बजे तक शादी शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। अधिकारियों ने कही जांच की बात इस अव्यवस्था पर जनपद पंचायत सीईओ चंदूलाल पनिका ने कहा कि उनका काम सिर्फ आयोजन संभालना था और सभी जोड़ों को घर से ही तैयार होकर आना था, इसमें प्रशासन की कोई गलती नहीं है। वहीं, गोपद बनास एसडीएम प्रिया पाठक ने बताया कि सभी को पहले से तैयार होकर आने के निर्देश थे, फिर भी अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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सीधी में सामूहिक विवाह समाराेह में अव्यवस्था: दूल्हे जींस तो दुल्हनें सलवार-सूट में दिखीं; 43 में से 20 जोड़ों को नहीं मिले कपड़े – Sidhi News
दावा- ट्रम्प टैरिफ को लेकर कॉमर्स मिनिस्टर पर भड़के थे: कहा- भारत अमेरिकी सामान पर 175% टैरिफ लगाता है, तुम्हारे आंकड़े बकवास हैं
वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन पर लगने वाले टैरिफ को लेकर एक मीटिंग में अपने ही अधिकारियों पर भड़क गए थे। एक नई किताब के मुताबिक, ट्रम्प को लगता था कि भारत अमेरिकी सामानों पर सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब ‘रिजीम चेंज: इनसाइड द इम्पीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रम्प’ में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक से कहा था कि उन्हें भारत और चीन के टैरिफ को लेकर सही जानकारी नहीं दी जा रही।
किताब के अनुसार, जब लुटनिक ने आधिकारिक आंकड़े दिखाए, तो ट्रम्प ने उन्हें भी खारिज कर दिया। उनका कहना था कि यह आंकड़े बकवास हैं। भारत अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175% टैरिफ लगाता है।

रिजीम चेंज किताब के लेखक मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान है।
भारत का औसत टैरिफ 16%
विश्व व्यापार संगठन (WTO) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत का औसत ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ टैरिफ 15.8% था। यानी कि अगर भारत 100 तरह के सामान आयात करता है, तो उन सभी पर लगने वाले टैरिफ का औसत लगभग 16% बैठता है।
वहीं 2023 में व्यापार-भारित औसत टैरिफ करीब 12% रहा। इसमें उन सामानों को ज्यादा महत्व दिया जाता है जिनका व्यापार अधिक होता है। यानी वास्तविक व्यापार में भारत पर आने वाला औसत टैरिफ लगभग 12% के आसपास पड़ता है।
यही वजह है कि WTO और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) की रिपोर्टों में भारत को उच्च टैरिफ वाला देश तो कहा जाता है, लेकिन कभी पूरे भारतीय टैरिफ इन्फ्रा के लिए 175% का आंकड़ा नहीं दिया गया है।
हावर्ड लुटनिक, जो ट्रम्प की टैरिफ नीति के प्रमुख समर्थकों में रहे हैं, उन्होंने जनवरी 2025 में सीनेट में अपनी पुष्टि सुनवाई के दौरान भी भारत और चीन का उदाहरण दिया था। उनका तर्क था कि ऊंचे टैरिफ का मतलब हमेशा महंगाई नहीं होता, क्योंकि भारत और चीन में टैरिफ ज्यादा होने के बावजूद महंगाई नियंत्रित रही है।
किताब के मुताबिक, बाद में लुटनिक ऐसी स्थिति में फंस गए जहां एक तरफ ट्रम्प राजनीतिक रूप से टैरिफ के बड़े दावे कर रहे थे और दूसरी तरफ सरकारी आंकड़े उन दावों से मेल नहीं खा रहे थे।
ट्रम्प ने यूक्रेन जंग को लेकर कहा था- भारत नहीं मानेगा
किताब में भारत का जिक्र केवल व्यापार विवाद तक सीमित नहीं है। इसमें एक और दिलचस्प दावा किया गया है कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ दिनों बाद यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई एक बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत का नाम संभावित शांति सेना भेजने वाले देशों में शामिल किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जनवरी 2025 को ओवल ऑफिस में हुई बैठक में ट्रम्प के रूस-यूक्रेन दूत कीथ केलॉग ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने का एक प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान अमेरिका में यूक्रेन में शांति सैनिक भेजने को लेकर एक बैठक चल रही थी।
बैठक में जब फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे नाटो (NATO) देशों के सैनिक भेजने का प्रस्ताव आया, तो जेडी वेंस ने इस पर चिंता जताई। वेंस का मानना था कि नाटो सैनिकों को यूक्रेन भेजने से रूस नाराज हो सकता है और अमेरिका भी सीधे युद्ध में फंस सकता है।
इसके बाद जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि क्यों न गैर-यूरोपीय देशों से मदद ली जाए। वेंस ने इस काम के लिए सऊदी अरब और भारत का नाम आगे बढ़ाया।
किताब में दावा किया गया है कि वेंस का सुझाव सुनते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हंस पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘भारतीय ऐसा कभी नहीं करेंगे। वो इस तरह की किसी चीज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करेंगे।’

मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब रिजीम चेंज।
ट्रम्प ने कहा था- मोदी मुझे बहुत पसंद करते हैं
किताब में यह भी दावा किया गया कि ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि वे उन्हें बहुत पसंद करते हैं। और उनसे मिलने अमेरिका आना चाहते हैं। ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर भी निशाना साधा।
उन्होंने जेलेंस्की को एक ‘खराब वार्ताकार’ बताया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने सही ढंग से बातचीत न करके अपने पूरे देश को बर्बाद कर दिया, लेकिन वो बाइडन सरकार से चीजें हासिल करने में बहुत अच्छे थे।
1 ही कहानी पर बनीं 2 फिल्में, पहली मूवी रही मैसिव हिट दूसरी फ्लॉप, गानों ने तड़पाए दिल
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बॉलीवुड हो या हॉलीवुड, हिट फिल्मों की कहानी में थोड़ी बहुत बदलाव के साथ दूसरी फिल्में बनाई जाती रही हैं. एक ही कहानी पर बनी फिल्में कई बार बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा देती हैं तो कई बार दोनों फिल्में सफल हो जाती हैं. 44 साल के अंतराल में ऐसी ही दो फिल्में बनी जिनकी कहानी सेम-सेम बट डिफरेंट वाली जैसी थी. दोनों फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन अलग-अलग रहा. दोनों फिल्मों के गाने खूब पॉप्युलर हुए. एक फिल्म के गाने तो इतने पॉप्युलर हैं कि आज भी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा रील्स इन पर बनती हैं.
‘तुमसे बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई और’ और ‘तुझ संग प्रीत लगाई सजना’ जैसे गाने सुनते ही दिल में अरमान जगते हैं. कहा जाता है कि
प्यार एक खूबसूरत अहसास है. अपने दिलवर के सामने दिल की बात जुबान पर लाना आसान नहीं होता. प्यार का इजहार करने के लिए शब्द ही सहारा बनते हैं. दिल की बात अगर गानों में झलके तो फिर क्या कहना. 1982 में ऐसी ही एक फिल्म आई थी जिसके गानों पर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा रील्स बनाई जाती हैं. इसी फिल्म का रीमेक भी बनाया गया लेकिन फिल्म नहीं चली. हम ‘कामचोर’ और ‘राजा जी’ फिल्म की बात कर रहे हैं.

सबसे पहले बात करते हैं 24 दिसंबर 1982 को रिलीज फिल्म ‘कामचोर’ की जिसका डायरेक्शन के. विश्वनाथ ने किया था. फिल्म में राकेश रोशन-जया प्रदा लीड रोल में थे. स्टोरी-स्क्रीनप्ले के. विश्वनाथ ने ही लिखा था. डायलॉग जैनेंद्र जैन ने लिखे थे. प्रोड्यूसर राकेश रोशन ही थे. फिल्म में म्यूजिक राजेश रोशन ने दिया था. फिल्म के यादगार गाने गीतकार इंदीवर ने लिखे थे.

कामचोर फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट रहा. फिल्म की सफलता का क्रेडिट भी जया प्रदा और गानों को मिला. फिल्म में वैसे तो 5 गाने थे. फिल्म के दो गाने बेहद पॉप्युलर हुए. ये गाने थे : तुमसे बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई और, जुबां पर आज दिल की बात आ गई और तुझ संग प्रीत लगाई सजना. दोनों गाने किशोर कुमार की आवाज में थे. ‘तुमसे बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई’ किशोर कुमार-अलका याज्ञनिक ड्यूएट और सोलो सॉन्ग था.
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इसके अलावा, फिल्म में सुरेश ओबेरॉय, सुजीत कुमार, श्रीराम लागू और तनूजा अहम भूमिकाओं में थे. सुरेश ओबेरॉय अपने रोल से खुश नहीं थे. उन्होंने फिर राकेश रोशन के साथ काम नहीं किया. फिल्म में नजर आईं नीता मेहता ने भी मूवी रिलीज होने के बाद राकेश रोशन को बुरा-भला कहा था. उन्होंने फिल्म से कई सीन हटाने का आरोप लगाया था.

‘कामचोर’ डायरेक्टर के. विश्वनाथ की 1980 की एक तेलुगू फिल्म का रीमेक थी. फिल्म का म्यूजिक राकेश रोशन के बड़े भाई राजेश रोशन ने कंपोज किया था. फिल्म में राकेश रोशन के भतीजे का किरदार सोनू निगम ने निभाया था. बाद में वो मशहूर प्लेबैक सिंगर बने. ‘कामचोर’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मैसिव हिट रही थी.

आगे चलकर 17 साल बाद ‘कामचोर’ फिल्म का रीमेक ‘राजा जी’ नाम से बनाया गया. यह एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म थी. प्रोड्यूसर-डायरेक्टर विमल कुमार थे. फिल्म में गोविंदा और रवीना टंडन की जोड़ी लीड रोल में थी.

‘राजा जी’ फिल्म 21 मई 1999 को रिलीज हुई थी. म्यूजिक आनंद-मिलिंद और विश्वजीत मुखर्जी ने कंपोज किया था. गीतकार समीर थे. 41:07 मिनट के कुल 8 गाने थे. म्यूजिक हिट था. फिल्म के कुछ गाने ‘राजा चलो अकेले में’, ‘सासू जी थारो लल्ला मचाए यार हल्ला’ पॉप्युलर हुए थे.

‘राजा जी’ फिल्म कामचोर से बहुत जयदा इंस्पायर्ड थी. दर्शक फिल्म की कहानी से नहीं जुड़ पाए. फिल्म का बजट करीब 4.75 करोड़ रुपये था. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 7.57 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. यह एक फ्लॉप फिल्म साबित हुई थी.
Google Pixel 10 की कीमत में बंपर कटौती, हजारों रुपये सस्ता मिल रहा फ्लैगशिप फोन
Google Pixel 10 की कीमत में एक बार फिर से भारी कटौती की गई है। ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर यह फोन लॉन्च प्राइस से 22,000 रुपये कम कीमत में लिस्ट किया गया है। गूगल का यह फ्लैगशिप फोन दमदार कैमरे और जबरदस्त फीचर्स से लैस है। फोन में Google Gemini AI का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही, फोन के साथ कंपनी 7 साल तक Android OS का अपडेट ऑफर कर रही है।
मिल रहा तगड़ा ऑफर
गूगल ने अपने इस फ्लैगशिप फोन को भारत में एक ही स्टोरेज वेरिएंट 12GB RAM + 256GB में लॉन्च किया था। फोन की कीमत 79,999 रुपये है। ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर यह फोन 57,999 रुपये की कीमत में मिल रहा है। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर फोन की खरीद पर 7,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज ऑफर का भी लाभ दिया जा रहा है।
Google Pixel 10 के फीचर्स
गूगल के इस फ्लैगशिप फोन में 6.3 इंच का Actua OLED डिस्प्ले मिलता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 2 का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलेगा। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक की है।
Google Pixel 10 में Tensor G5 दिया गया है। यह गूगल का अब तक का सबसे लेटेस्ट चिपसेट है। साथ ही, फोन में 12GB रैम और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट दिया गया है। इस स्मार्टफोन में कंपनी ने 4,970mAh की बैटरी दी है, जिसके साथ 30W वायर्ड और 10W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा।
| Google Pixel 10 | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.3 इंच, OLED, 120Hz |
| प्रोसेसर | Tensor G5 |
| स्टोरेज | 12GB, 256GB |
| बैटरी | 4970mAh, 30W |
| कैमरा | 48MP, 13MP, 10.8MP, फ्रंट 10.5MP |
| OS | Android 16 |
इस फोन के बैक में कंपनी ने ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया है। फोन में 48MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। इसके साथ 13MP का सेकेंडरी और 10.8MP का टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 10.5MP का कैमरा मिलेगा। यह स्मार्टफोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। साथ ही, यह IP68 रेटिंग से लैस है, जिसकी वजह से पानी में भींगने और धूल-मिट्टी में यह खराब नहीं होगा।
यह भी पढ़ें – 4 जुलाई से Flipkart पर नई सेल, आधी कीमत में मिलेंगे Motorola, Realme के स्मार्टफोन
(डिसक्लेमर – सेल में मिलने वाले ऑफर में उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में फाइनल प्राइस ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ही चेक करें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
बैंगनी रंग, जबरदस्त टेस्ट! इस जामुन मोजितो के आगे फीके पड़ जाएंगे बाकी ड्रिंक्
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Jamun Mojito Recipe: गर्मी के मौसम में लोग ऐसे पेय की तलाश करते हैं जो स्वाद के साथ ताजगी भी दे. गाजीपुर की रुचि पांडे ने जामुन से तैयार एक खास मोजितो बनाया है, जो इन दिनों लोगों को खूब पसंद आ रहा है. जामुन, नींबू, पुदीना और बर्फ से तैयार यह ड्रिंक न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने और गर्मी से राहत दिलाने में भी मददगार माना जाता है.
गाजीपुर की रुचि पांडे की ओर से तैयार किया गया यह जामुन मोजितो गर्मी के मौसम का एक खास ड्रिंक है. जामुन भारत में सदियों से खाया जाने वाला मौसमी फल है, जिसे आयुर्वेद में भी महत्व दिया गया है. जामुन में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और कई आवश्यक खनिज पाए जाते हैं. नींबू, पुदीना और बर्फ के साथ तैयार यह ड्रिंक न केवल आकर्षक दिखता है, बल्कि गर्मी में ताजगी का एहसास भी कराता है. इसकी गहरी बैंगनी रंगत इसे और खास बनाती है.

गाजीपुर की रुचि पांडे सबसे पहले ताज़े और पके हुए जामुन चुनती हैं. जामुन में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. मोजितो का स्वाद और रंग दोनों जामुन की गुणवत्ता पर निर्भर करते हैं. अच्छी तरह धोए गए जामुन इस समर ड्रिंक की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सामग्री हैं.

रुचि पांडे जामुन को पारंपरिक खरल-मूसल में कूटकर उसका गूदा तैयार करती हैं. इस तरीके से जामुन का प्राकृतिक स्वाद और सुगंध बेहतर बनी रहती है. कई फूड एक्सपर्ट मानते हैं कि हाथ से कूटे गए फलों में टेक्सचर और फ्लेवर अधिक प्रामाणिक रहता है. यही प्रक्रिया मोजितो को अलग पहचान देती है.
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जामुन के पल्प में स्वादानुसार काला नमक, साधारण नमक, नींबू का रस, पुदीने की पत्तियां और थोड़ी चीनी मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद इसमें बर्फ और ठंडा पानी मिलाया जाता है. ग्लास के किनारे नमक की परत ड्रिंक को एक अलग फ्लेवर देती है. जामुन, नींबू और पुदीने का यह मेल स्वाद के साथ ताजगी भी देता है. रुचि पांडे बताती हैं कि यह जामुन मोजितो घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और गर्मियों में शरीर को तरोताजा रखने का अच्छा विकल्प है.

जामुन के पल्प में स्वादानुसार नमक और अन्य सामग्री मिलाने के बाद मिश्रण तैयार किया जाता है. ग्लास के किनारे नमक और लाल मिर्च की परत ड्रिंक को एक नया फ्लेवर देती है. गर्मियों में यह पेय शरीर को तरोताजा रखने के साथ स्वाद का अलग अनुभव भी देता है. रुचि पांडे इसे घर पर आसानी से बनाने योग्य बताती हैं.

जामुन ड्रिंक कम कैलोरी वाला, ताज़गी देने वाला और पोषक पेय है. एक गिलास में लगभग 35-60 कैलोरी, 8-14 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1-2 ग्राम फाइबर और विटामिन C मिलता है. इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं. यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और गर्मियों के लिए एक अच्छा विकल्प है.
प्रयागराज में ANTF का ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान: जागरूकता के लिए जादू शो और गोष्ठी जैसे अनूठे तरीके अपनाए – Prayagraj (Allahabad) News
उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने प्रयागराज में ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। मंगलवार देर शाम प्रयागराज जंक्शन के सामने लीडर रोड पुलिस चौकी के पास एक प्रभावी गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें नशे की लत से समाज को बचाने के उद्देश्य से अनूठे तरीके अपनाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एएनटीएफ के डिप्टी एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अगस्त 2022 में गठित होने के बाद से ही विभाग नशा तस्करों के खिलाफ सक्रियता से काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का लक्ष्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनकी कमर तोड़ना भी है। इसी दिशा में तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अवैध रूप से अर्जित उनकी संपत्तियों को भी चिह्नित कर जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। इस जागरूकता कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह थी कि इसमें केवल भाषणों पर निर्भर न रहकर जादू के शो का भी सहारा लिया गया। डिप्टी एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि समाज में नशे के सेवन को लेकर कई भ्रामक धारणाएं फैली हुई हैं, जैसे ‘नशा करने से ऊर्जा आती है’ या ‘भगवान के दर्शन होते हैं’। जादू के माध्यम से इन अंधविश्वासों और नशे के भ्रामक प्रचारों की पोल खोली गई, ताकि आम जनता, विशेषकर युवाओं को यह समझाया जा सके कि नशा किसी भी तरह से फायदेमंद नहीं है। डिप्टी एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस अकेले इस समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती है। इसके लिए समाज के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करें। नशे की लत में भटके हुए लोगों को चिह्नित कर उन्हें पुलिस या नशा मुक्ति केंद्रों की मदद से सुधारने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक-एक परिवार को नशा मुक्त बनाकर ही हम ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को पूरा कर सकते हैं।
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सीवान सदर अस्पताल में 24 घंटे में कार्रवाई: इमरजेंसी वार्ड में 102 एम्बुलेंस सेवा का निर्देश चिपकाया, ठेले पर शव ले जाने पर एक्शन – Siwan News
सीवान के मॉडल सदर अस्पताल में बदइंतजामी को लेकर दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का असर 24 घंटे के भीतर दिखाई दिया है। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली खबर के बाद तत्काल कार्रवाई की। संबंधित कर्मियों और चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई सोमवार को दैनिक भास्कर में प्रकाशित एक खबर के बाद हुई। खबर में बताया गया था कि इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज के परिजनों को स्ट्रेचर नहीं मिला। मरीज की मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण परिजनों को मजबूरन शव को ठेले पर रखकर ले जाना पड़ा था। इस घटना ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। मंगलवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और अन्य प्रमुख स्थानों पर नए निर्देश चस्पा किए गए। एम्बुलेंस सेवा के लिए 102 पर करें कॉल इन निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शव वाहन और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के लिए मरीज या उनके परिजन सीधे टोल फ्री नंबर 102 पर कॉल करके निःशुल्क सेवा प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। आम लोगों में व्यवस्था को लेकर असंतोष हालांकि, अस्पताल प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद आम लोगों में व्यवस्था को लेकर असंतोष बना हुआ है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में 102 सेवा पर संपर्क करना हमेशा आसान नहीं होता। कई बार घंटों तक फोन नहीं लगता, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाती। लोगों ने सुझाव दिया है कि जब अस्पताल परिसर के आसपास एम्बुलेंस चालक और संबंधित कर्मी मौजूद रहते हैं, तो इमरजेंसी वार्ड में उनकी ड्यूटी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद मिली। इसके तुरंत बाद संबंधित कर्मियों और चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट: प्रेमी लोहगढ़ किले पर दोनों के पीछे-पीछे आया; गर्मी में हुडी पहनने से हत्या का खुलासा
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पुणे17 मिनट पहले
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सोशल मीडिया पर सिया ने अपने पोस्ट में मंगेतर केतन से गले लगते, डांस करते वीडियो शेयर किया था।
पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो।
दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। उसने केतन को टैग भी किया था।
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन की मौत के दिन लोहगढ़ किले पर एक युवक 33°C तापमान में हुडी पहनकर आया था। पुलिस ने जांच में इसे ही आधार बनाकर एक-एक कड़ियां जोड़ीं। आखिरकार सिया और उसे बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) को केतन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।

19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे।
सोशल मीडिया पर सिया और उसके मंगेतर केतन का रिश्ता किसी परफेक्ट लव स्टोरी जैसी थी। 19 जून को सिया का बर्थडे था। केतन ने एक महीने पहले यानी 19 मई से ही काउंटडाउन सेलिब्रेशन शुरू कर दिया था। वह रोज उसे अलग-अलग तरीके से अपनी मंगेतर सरप्राइज देता।
सिया सोशल मीडिया पर इसके वीडियो पोस्ट करती थी। ये पोस्ट अब वायरल हो रहे हैं। एक पोस्ट में केतन अपनी कार फूलों से सजाकर सिया को गिफ्ट देता दिखा। सिया ने इसका वीडियो पोस्ट कर लिखा- उसने ‘पसंद है तुम्हें’ वाली बात को बहुत सीरियसली से ले लिया।
बैकग्राउंड में ‘पसंद है तुम्हें’ गाना भी बज रहा था। एक स्टोरी में उसने केतन की तस्वीर को ‘दैट स्माइल’ कैप्शन के साथ शेयर किया था। केतन की मौत के अगले दिन सिया ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट लिखी- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’

एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।

सगाई के एक महीने बाद सिया ने केक की फोटो शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को घर मिले एक महीना हो गया।
18 जून: बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर मंगेतर को खाई में धकेला
पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन करीब एक साल से रिलेशनशिप में थे। लेकिन सिया के परिवार ने उसकी शादी केतन से तय कर दी थी। केतन के परिवार के अनुसार, सिया पहले शादी को लेकर संकोच जता चुकी थी और एक बार शादी टालने की बात भी कह चुकी थी।
पुलिस के अनुसार, सिया यह शादी नहीं चाहती थी। उसे लगता था मंगतेर केतन उसके और चेतन के बीच आ रहा है। इसलिए उसने केतन को मारने की साजिश रची। वह अपने बर्थडे से एक दिन पहले 18 जून को ट्रैकिंग के बहाने केतन को अपने साथ लोहगढ़ किले लेकर गई।
वहां बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर मंगेतर को करीब 400 फीट गहरी खाई में धेकल दिया। सिया ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बताया था कि केतन का पैर फिसल गया था। पुलिस ने भी हादसा मानकर केस दर्ज किया था।

CCTV में हुडी पहने युवक सिया-केतन के पीछे-पीछे चलते दिखा
जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की जांच के दौरान हमें केतन और सिया साथ-साथ चलते दिखाई दिए। फुटेज को ध्यान से देखने पर पुलिस ने पाया कि दोनों से करीब 20 फीट पीछे एक युवक भी चल रहा था।
उसने शॉर्ट्स और हुडी पहन रखी थी। उसने हुडी को इतना नीचे खींच रखा था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। इसके ऊपर उसने हेडसेट भी लगा रखा था। एक दूसरी फुटेज में दिखा कि सिया अचानक पीछे मुड़ती है और उसी समय हुडी पहना युवक झट से नीचे बैठ जाता है।
पुलिस ने उस दिन के तापमान की जांच की तो पता चला कि 18 जून को उस समय 33 डिग्री सेल्सियस तापमान था। ऐसे में सवाल उठा कि इतनी गर्मी में कोई हुडी क्यों पहनेगा। परिवार शोक में था, इसलिए पुलिस ने शुरुआत में ज्यादा पूछताछ नहीं की गई।

फोटो में शॉर्ट्स और हुडी पहने दिख रहा शख्स सिया का बॉयफ्रेंड चेतन है। वह CCTV में लोहगढ़ किले पर दिखा।
कॉल रिकॉर्ड से प्रेमी का खुलासा, 2004 कॉल्स और 238 घंटे बातचीत हुई
पुलिस को कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल कम्युनिकेशन डेटा की जांच से पता चला सिया चेतन नाम के लड़के से लगातार संपर्क में थी। दोनों के बीच 1 जनवरी से 18 जून तक 2004 कॉल्स हुए। इससे दोनों के बीच गहरे संबंध के संकेत मिले।
पुलिस ने चेतन की तस्वीरों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की। जब उसकी तस्वीरों को CCTV फुटेज में दिख रहे हुडी वाले युवक से मैच किया गया तो हत्या का शक और मजबूत हो गया। इसके बाद पुलिस ने चेतन चौधरी को हिरासत में लिया।
प्रेमी बोला- सिया बदनामी के कारण भागकर शादी के खिलाफ थी
पूछताछ में चेतन से जब पूछा गया कि सिया और तुमने भागकर शादी क्यों नहीं की। इस पर उसने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। इसके बाद पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया।

यह केतन और सिया की सगाई की तस्वीर है।
सिया लोहगढ़ जाने की जिद करती, केतन को पहले भी मारने की कोशिश की
केतन की बहन संजना और अन्य परिजन से पता चला कि सिया कई बार केतन को लोहगढ़ किले ले जाने की जिद कर चुकी थी। 31 मई को वह उसे वहां ले गई थी। इसके बाद 4 जून को भी उसने वहां जाने के लिए कहा, लेकिन केतन की मां ने इजाजत नहीं दी।
पुलिस के अनुसार सिया और उसका बॉयफ्रेंड चेतन, बाली (इंडोनेशिया) में होने वाले प्री-वेडिंग फोटोशूट से पहले ही केतन को रास्ते से हटाना चाहते थे। हालांकि, आखिरी समय में ट्रिप कैंसिल हो गई, क्योंकि केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। पुलिस को शक है कि सिया ने ही पासपोर्ट चुराया था।
इसके बाद सिया ने 14 जून को फिर लोहगढ़ जाने की जिद की तो केतन चला गया। उस दिन भी सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया। जब केतन ने पूछा कि उसे धक्का क्यों दिया गया, तो सिया ने सांप दिखने का नाटक किया और ऐसा दिखाया कि उसने केतन की जान बचाई है।

पुणे के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 23 मई को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
रियल एस्टेट कारोबारी थे केतन, शादी के लिए 17 करोड़ में पैलेस बुक था
केतन अग्रवाल पुणे के गहुंजे के रहने वाले थे। वे रियल एस्टेट कारोबारी और सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर विशाल अग्रवाल के बेटे थे। विशाल पुणे के रियल एस्टेट सर्कल में ‘लैंड बैंक’ माने जाते हैं। केतन भी कंपनी में डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के पद पर थे।
उन्होंने सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी से BBA किया था। अमेरिका के बैब्सन F.W. ओलिन ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एंटरप्रेन्योरशिप में MS (मास्टर ऑफ साइंस) की डिग्री ली। सिया ड्राई फ्रूट्स कारोबारी की बेटी है। नवंबर में दोनों की शादी होनी थी। इसके लिए राजस्थान में 17 करोड़ रुपए का एक पैलेस बुक किया जा चुका था। मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्लेन बुक थे।
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मेहमाननवाजी में जैसलमेर विश्व में 9वें स्थान पर: दुनियाभर में गूंजा ‘पधारो म्हारे देस’; ‘होटल सूर्यगढ़’ बना इस कामयाबी का असली हीरो – Jaisalmer News
अपनी सुनहरी रेत, ऐतिहासिक किलों और शाही संस्कृति के लिए दुनियाभर में मशहूर ‘स्वर्ण नगरी’ जैसलमेर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। अपनी बेमिसाल मेहमाननवाजी और पर्यटकों के प्रति खास लगाव की बदौलत जैसलमेर को विश्व के सबसे बेहतरीन मेहमाननवाज शहरों में शामिल किया गया है। मशहूर ग्लोबल ट्रेवल पोर्टल ‘बुकिंग डॉट कॉम’ की ओर से जारी दुनिया के टॉप-10 सबसे शानदार मेहमाननवाज शहरों की सूची में जैसलमेर ने 9वीं रैंक हासिल की है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के पीछे जैसलमेर के आलीशान होटलों का सबसे बड़ा हाथ है, जिसमें ‘होटल सूर्यगढ़’ असली हीरो बनकर उभरा है। सूर्यगढ़ की बेमिसाल सेवा और अनोखे अंदाज ने जैसलमेर को वैश्विक पटल पर यह मुकाम दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। सैलानियों के दिलों पर राज कर रहा है ‘होटल सूर्यगढ़’ दुनिया के सबसे बड़े ट्रेवल पोर्टल ‘ट्रिप एडवाइजर’ के प्रतिष्ठित ‘ट्रैवलर्स चॉइस अवार्ड्स-2026’ में भी जैसलमेर के पर्यटन उद्योग का सिक्का चमका है। देश के टॉप-25 आलीशान और बेहतरीन होटलों की मुख्य सूची में जैसलमेर के होटलों ने शान से अपनी जगह बनाई है, जिसमें ‘होटल सूर्यगढ़’ शीर्ष पर बना हुआ है। थार रेगिस्तान के बीचोबीच स्थित सूर्यगढ़ सिर्फ एक ठहरने की जगह नहीं है, बल्कि यह राजस्थानी संस्कृति, आधुनिक सुख-सुविधाओं और शाही जीवनशैली का एक अनूठा संगम है। यहाँ आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों ने सूर्यगढ़ की वास्तुकला, यहाँ के स्टाफ के सेवा भाव और यहाँ के खास अनुभवों को दुनिया में सबसे सर्वश्रेष्ठ माना है। सूर्यगढ़ ने अपनी बेहतरीन सेवाओं, शाही तौर-तरीकों और एकदम अनूठी लोकेशन के दम पर दुनियाभर के सैलानियों का दिल जीता है और जैसलमेर के पर्यटन को एक नए स्तर पर पहुंचाया है। इसके साथ ही, जैसलमेर के ही ‘रिसोर्ट द सराय’ ने भी मुख्य सूची में अपनी जगह बनाई है। वहीं, ट्रिप एडवाइजर की अन्य विशेष श्रेणियों में भी यहाँ के दो और बड़े होटलों ‘मेरियट रिसोर्ट एवं स्पा’ तथा ‘द गढ़ जैसल’ ने बाजी मारकर इस कामयाबी को दोगुना कर दिया है। लेकिन इन सबमें सूर्यगढ़ का जलवा सबसे अलग और खास रहा है। पर्यटकों की पहली पसंद बना सोनार किला, धोरे और सूर्यागढ़ का जादू ट्रेवल पोर्टल्स पर सैलानियों द्वारा दिए गए रिव्यूज और शानदार रेटिंग से यह साफ होता है कि जैसलमेर का जादू अब सूर्यगढ़ जैसी जगहों से और ज्यादा गहरा गया है। इसके अलावा सैलानी यहाँ के इकलौते जीवित किले ‘सोनार किला’ को भी बेहद पसंद करते हैं, जहाँ आज भी शहर की एक बड़ी आबादी निवास करती है। साथ ही पटवा हवेली की बारीक नक्काशी और स्थापत्य कला को देखने के लिए भी लोग खिंचे चले आते हैं। वहीं, सम के मखमली धोरों के बीच स्थित डेजर्ट कैंप्स में रात गुजारना और राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाना अब पर्यटकों का सबसे बड़ा क्रेज बन चुका है। लेकिन इन सबके बीच, होटल सूर्यगढ़ में बिताए गए पल सैलानियों के लिए सबसे यादगार अनुभव साबित हो रहे हैं, जिसकी वजह से वे इंटरनेट पर जैसलमेर को शानदार रेटिंग दे रहे हैं। टूटे पर्यटन के सारे रिकॉर्ड, नए सीजन में बंपर ग्राहकी की उम्मीद इस शानदार मेहमाननवाजी और होटल सूर्यगढ़ जैसे वैश्विक स्तर के आकर्षणों का ही नतीजा है कि बीते साल जैसलमेर में 41 लाख से अधिक देसी-विदेशी सैलानी पहुंचे थे, जो कि पर्यटन के इतिहास में अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। इस नई वैश्विक रैंकिंग और अवार्ड्स के बाद स्थानीय पर्यटन व्यवसायी फूले नहीं समा रहे हैं और उनमें जबर्दस्त उत्साह का माहौल है। जानकारों का मानना है कि होटल सूर्यगढ़ को मिली इस अंतरराष्ट्रीय पहचान और जैसलमेर की 9वीं रैंक के बाद आने वाले आगामी सीजन में पर्यटकों की संख्या में और भारी इजाफा होगा।
इससे स्थानीय हस्तशिल्प, होटल व्यवसाय, ट्रेवल एजेंसी और गाइड सहित हजारों लोगों को रोजगार के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे पूरे जिले की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी। शाही शादियों का गवाह सूर्यगढ़ सिर्फ अपनी सेवा ही नहीं, बल्कि आलीशान और शाही शादियों (डेस्टिनेशन वेडिंग) के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। बॉलीवुड के मशहूर सितारे सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी जैसी बड़ी हस्तियों ने इसी होटल के पारंपरिक प्रांगण (बावड़ी) में सात फेरे लेकर अपनी शादी को यादगार बनाया था। यहाँ की भव्य सजावट, मशालों की रोशनी और लोक संगीत के बीच होने वाली शादियाँ किसी सपने जैसी लगती हैं। शाही कमरों का किराया और खास सुविधाएं होटल सूर्यगढ़ में पर्यटकों के लिए बेहद आलीशान कमरे, हेरिटेज सुइट्स और प्राइवेट विला बनाए गए हैं, जो पुराने महलों की याद दिलाते हैं। यहाँ कमरों का शुरुआती किराया सीजन और बुकिंग के समय के अनुसार सामान्यत 12 हजार से 50 हजार रुपए प्रति रात से शुरू होता है, जो यहाँ के आलीशान और बड़े विला के लिए लाखों रुपये तक जाता है। यहाँ ठहरने वाले सैलानियों को स्विमिंग पूल, स्पा, और थार की संस्कृति से जुड़े कस्टमाइज्ड टूर जैसी बेहतरीन और आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, जो इस किराए को पूरी तरह वसूल कर देती हैं। इसके साथ ही, जैसलमेर के ही ‘रिसोर्ट द सराय’ ने भी मुख्य सूची में अपनी जगह बनाई है। वहीं, ट्रिप एडवाइजर की अन्य विशेष श्रेणियों में भी यहाँ के दो और बड़े होटलों ‘मेरियट रिसोर्ट एवं स्पा’ तथा ‘द गढ़ जैसल’ ने बाजी मारकर इस कामयाबी को दोगुना कर दिया है। लेकिन इन सबमें सूर्यगढ़ का जलवा सबसे अलग और खास रहा है।
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गंभीर बीमारी झेल रही अलका याग्निक, पद्म भूषण मिलने के बाद शेयर किया इमोशनल पोस्ट
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Alka Yagnik Padma Bhushan: 2 साल से इस गंभीर बीमारी से जूझ रहीं अलका याग्निक को जब देश का बड़ा सम्मान ‘पद्म भूषण’ मिला, तो वह बेहद भावुक हो गईं. राष्ट्रपति भवन से उनका एक कमजोरी भरा वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसे देख फैंस चिंतित हैं. सिंगर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपना दर्द बयां किया है. नीचे पढ़ें क्या है पूरी खबर
इस गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं अलका याग्निक
Alka Yagnik health update : बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक को भारत सरकार की तरफ से देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, पद्म भूषण से नवाजा गया है. मंगलवार यानी 23 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक बेहद भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया. इस बड़े सम्मान को हासिल करने के बाद अलका याग्निक काफी भावुक नजर आईं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक खास नोट शेयर कर म्यूजिक में अपने योगदान के लिए आभार जताया. इसके साथ ही उन्होंने अपनी इस बेहद मुश्किल हेल्थ अपडेट को लेकर भी बातें बताई, जिससे उनके चाहने वाले काफी दुखी हो गए हैं.
राष्ट्रपति भवन से वायरल हुआ इमोशनल वीडियो
दरअसल बीते दिन अवॉर्ड सेरेमनी से अलका यागनिक का एक वीडियो काफी ज्यादा वायरल हो रहा है. जिसने वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर फैंस को भी भावुक कर दिया. इस सम्मान को लेने के लिए मंच पर जाते समय 60 साल की सिंगर एक अटेंडेंट की मदद लेते हुए दिखीं. इस दौरान वे शारीरिक रूप से बेहद कमजोर भी लग रही थीं. सोशल मीडिया पर उनकी यह वीडियो काफी वायरल हो रही है, जिसे देखकर उनके लाखों फैंस बेहद परेशान हो गए और कमेंट्स में उनकी सेहत को लेकर अपनी चिंता जता रहे हैं. राष्ट्रपति भवन से सम्मान लेने के बाद अलका याग्निक ने अब अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस ऐतिहासिक पल की तस्वीरें शेयर की हैं. इसके साथ ही उन्होंने एक बेहद इमोशनल नोट भी लिखा है. उन्होंने अपनी बात की शुरुआत करते हुए लिखा, “जिंदगी के सफर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन यह पल मेरे लिए बहुत बड़ा है. ” उन्होंने आगे लिखा कि पिछले 2 साल उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद कठिन रहे हैं और वे एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रही हैं. ऐसे समय में देश का यह सर्वोच्च सम्मान मिलना उनके लिए एक बहुत बड़ी ताकत और आशीर्वाद की तरह है.
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