राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कूनो नेशनल उद्यान प्रवास के पहले दिन रविवार को चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का दौरा किया। उन्होंने चीता प्रोजेक्ट की प्रगति और चीतों की निगरानी व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान राष्ट्रपति ने परिसर में स्थापित चीता प्रदर्शिनी का भी अवलोकन किया और परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि भारत में कुल 52 चीते हैं। इनमें से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं, जबकि तीन चीतों को गांधी सागर अभयारण्य, मंदसौर स्थानांतरित किया गया है। प्रदर्शिनी के माध्यम से उन्हें चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अब तक की उपलब्धियों और प्रगति से अवगत कराया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने चीतों के संरक्षण और उनके लिए विकसित की गई सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि कूनो के जंगलों में हर दो किलोमीटर पर वाटर पिट बनाए गए हैं। इनमें आवश्यकतानुसार नियमित रूप से पानी भरा जाता है, जिससे गर्मी और सूखे के दौरान वन्यजीवों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इस दौरान राष्ट्रपति को बोत्सवाना से लाए गए चीतों की गतिविधियों और उनके अनुकूलन प्रक्रिया से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान जिन आठ चीतों को रिसीव किया था, उन्हें ही बाद में भारत लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया था। चीतों की मूवमेंट देखी भ्रमण के दौरान राष्ट्रपति को चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में चीतों की निगरानी, ट्रैकिंग और स्वास्थ्य संबंधी आधुनिक मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि रेडियो कॉलर और अन्य तकनीकी माध्यमों से चीतों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है, ताकि उनके व्यवहार, मूवमेंट और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा, डीएफओ आर. थिरूकुराल सहित वन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रपति का यह दौरा कूनो चीता परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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राष्ट्रपति ने कूनो में चीता सेंटर का दौरा किया: 49 चीतों की मौजूदगी और प्रोजेक्ट की प्रगति जानी – Sheopur News
अक्षय खन्ना की हीरोइन, ब्लॉकबस्टर देकर छोड़ दी एक्टिंग, अब बेचती हैं घर
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बॉलीवुड की वो जानी मानी एक्ट्रेस जिन्होंने अपने करियर में कई हिट फिल्में दीं. फिर भी वह दस साल एक्टिंग की दुनिया से दूर हैं. साल 2003 में जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की तो कभी नहीं सोचा था कि एक दिन इंडस्ट्री से यूं गायब हो जाएंगी. अब वह एक्ट्रेस लग्जरी रियल एस्टेट सेक्टर में कदम रख चुकी हैं और आज वह वहां एक सफल रियल एस्टेट कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रही हैं.
वो खूबसूरत एक्ट्रेस कोई और नहीं, कॉमेडी फिल्म हंगामा से बड़े पर्दे पर एंट्री करने वाली रिमी सेन हैं, जिन्होंने अपनी पहली फिल्म से ही अपनी पहचान बना ली थीं. उनकी शानदार स्क्रीन प्रेजेंस और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें जल्द ही धूम, गोलमाल, फिर हेराफेरी और क्योंकि जैसी बड़ी फिल्मों में काम दिला दिया.

बंगाली बाला रिमी सेन को लोग आज भी याद करते हैं. हालांकि अब वह तकरीबन 14 साल से फिल्मी दुनिया से दूर हैं.अब वह एक्ट्रेस लग्जरी रियल एस्टेट सेक्टर में कदम रख चुकी हैं और आज वह वहां एक सफल रियल एस्टेट कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रही हैं.

करियर में रिमी ने ज्यादातर कॉमेडी रोल से तहलका मचाया था. ‘हंगामा’, ‘गरम मसाला’, ‘दीवाने हुए पागल’ और ‘शादी नंबर 1’ जैसी फिल्मों में तो उनकी कॉमिक टाइमिंग को लोगों ने काफी पसंद किया था. लेकिन अपने एक फैसले से उन्होंने लोगों को चौंका दिया था.
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रिमी अपना एक्ट्रेस बनने का सपना लेकर मुंबई आई थीं. उन्होंने सलमान खान के शो बिग बॉस में भी अपने अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा था. लेकिन रिअक्षय खन्ना के साथ फिल्म ‘हंगामा’ में तो उन्होंने डेब्यू करते ही तहलका मचा दिया था.

फिर एक वक्त वो भी आया जब रिमी कॉमेडी रोल निभाकर तंग आ चुकी थीं और धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मों से दूरी बनानी शुरू कर दी.फिर एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने एक्टिंग को अलविदा कह दिया और दुबई शिफ्ट हो गईं.

दुबई में रिमी ने अपने करियर की नए सिरे से शुरुआत की. उन्होंने एक्टिंग छोड़ लग्जरी रियल एस्टेट सेक्टर में अपना हुनर आजमाया और आज वह वहां एक सफल रियल एस्टेट कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रही हैं. रिमी हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स को लग्जरी विला और प्रीमियम प्रॉपर्टी बेचने का काम करती हैं.

बता दें कि रिमी सेन ने अपने करियर में लीक से हटकर फिल्मों में भी काम किया. लेकिन उन्हें बार-बार एक ही एक ही तरह के रोल ऑफर हो रहे थे. इससे वह काफी परेशान हो गई थीं कि टाइपकास्ट होने की वजह से उन्हें कोई दूसरे रोल नहीं मिल रहे हैं.
जानिए कौन हैं सारंग लखानी? जिनके साथ सात जन्मों के बंधन में बंधीं रेवती सुले
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सारंग के पिता अरुण लखानी विश्वराज ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हैं. सारंग, विश्वराज ग्रुप के कार्यकारी निदेशक हैं. रेवती सुले ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है. सारंग लखानी भी कोलंबिया बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं.
सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की शादी सारंग लखानी से हुई.
मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के साथ विवाह के बाद सारंग लखानी का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है. हालांकि, उनकी पहचान केवल एक चर्चित राजनीतिक परिवार के दामाद तक सीमित नहीं है. सारंग लखानी पेशेवर दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाले युवा उद्यमी और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं. रेवती सुले और सारंग लखानी की मुंबई में हुई शादी में शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे कई दिग्गज पहुंचे थे. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी शादी में शामिल हुए.
सारंग लखानी कौन हैं?
सारंग लखानी नागपुर के एक जाने-माने बिज़नेस परिवार से हैं. वह विश्वराज ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण लखानी के बेटे हैं. अरुण लखानी हाल ही में वह महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए. यह कंपनी वॉटर सस्टेनेबिलिटी प्रोजेक्ट्स, वेस्टवॉटर मैनेजमेंट और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करती है. सारंग आठ साल से ज़्यादा समय से विश्वराज ग्रुप से जुड़े हुए हैं और अभी इसके एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं. पारिवारिक बिज़नेस में शामिल होने से पहले, उन्होंने मॉडर्न हाइड्रोजन के साथ बिज़नेस डेवलपमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम किया था.
2014 में लखानी ने नागपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) बैंगलोर से मैनेजमेंट की पढ़ाई की और फिर 2023 में कोलंबिया बिजनेस स्कूल से बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली. अपने प्रोफेशनल रोल के अलावा, सारंग खेलों में अपनी दिलचस्पी के लिए भी जाने जाते हैं. वह बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और कई नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में पहुंचीं दिग्गज हस्तियां
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की शादी का जश्न मुंबई में सितारों से जगमगा उठा. संगीत समारोह से लेकर शादी तक, इस उत्सव में व्यापार, राजनीति और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं. व्यापार जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई, जिनमें अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और उनकी पत्नी प्रीति अदाणी भी शामिल थीं. फिल्म जगत से अमिताभ बच्चन अपनी पत्नी जया बच्चन और बेटी श्वेता बच्चन नंदा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए. मनोरंजन जगत की अन्य प्रमुख हस्तियों में शाहरुख खान, जैकी श्रॉफ और रवि किशन भी मौजूद थे.
समारोह में शामिल होने वाले राजनीतिक नेताओं में राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, लोकतांत्रिक प्रगतिशील आजाद पार्टी (डीपीएपी) के संस्थापक गुलाम नबी आजाद, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल थे.
शादी से पहले, संगीत समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. इस वीडियो में शाहरुख खान संगीत समारोह के दौरान अपनी फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के लोकप्रिय गाने ‘कोई मिल गया’ पर नाचते हुए नजर आए. गायक राहुल वैद्य ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा कि किंग खान ने हमारे मंच की शोभा बढ़ाई. रेवती और सारंग के लिए शानदार रात थी. राहुल वैद्य ने शादी समारोह में प्रस्तुति भी दी। काले रंग के कपड़ों में शाहरुख खान नए हेयरस्टाइल में नजर आए. अभिनेता फिलहाल सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में व्यस्त हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
बिहार की लग्जरी चेपुआ मछली! दिखने में चांदी जैसी, स्वाद के आगे रोहू-कतला फेल
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Bihar Famous Chepua Fish: बिहार में छोटी-बड़ी हर तरह की मछली देखने को मिलती है. बहुत से लोग छोटी मछली खाना पसंद करते हैं. आज हम बिहार की सबसे महंगी छोटी मछली की चर्चा करेंगे. इस मछली का नाम है चेपुआ. ये मछली बेहद स्वादिष्ट होती है और बिल्कुल चांदी की तरह चमकती है. आइए जानते हैं इस मछली से जुड़ी और भी कई खास बातें. आदित्य गौरव/पूर्वी चंपारण
ये है चेपुआ मछली जो कि बिहार की छोटी मछलियों में सबसे महंगी मछली मानी जाती है. नदी से निकलने के बाद ये मछली चांदी की तरह चमकती है. पूर्वी चम्पारण जिले में कई जगहों पर ये मछली 400 रुपए kg तक भी मिलती हैं. आइए जानते हैं इस मछली से जुड़ी और भी कई खास बातें.

चेपुआ मछली पौष्टिक होने के साथ-साथ काफी स्वादिष्ट भी होती है. चंपारण जिले में चेपुआ फ्राई काफी प्रसिद्ध है. इसे मसालों में फ्राई कर देने पर ये कुड़कुड़ा और काफी स्वादिष्ट लगता है. चंपारण में लोग इसे अक्सर भुजे के साथ खाना पसंद करते हैं.

पूर्वी चम्पारण का संग्रामपुर एक ऐसी जगह है जहां चेपुआ मछली काफी अधिक मिलती है. यहां बहुत सी चेपुआ मछली फ्राई की दुकानें हैं. यहां मसालों में लपेटकर चेपुआ मछली रखा जाता है. ग्राहकों के आने पर इसे फ्राई कर के पड़ोस दिया जाता है. यहां आते-जाते राहगीर भी चेपुआ फ्राई खाना पसंद करते हैं.
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तस्वीर में दिख रही नदी गंडक नदी है. इस नदी में चेपुआ मछली बड़ी संख्या में पाई जाती है. इस नदी का कुछ हिस्सा पूर्वी चंपारण तो कुछ पश्चिमी चंपारण में भी पड़ता है. इस विशेष नदी को नारायणी नदी भी कहते हैं.

ये तस्वीर संग्रामपुर मछली बाजार से ली गई है. पूर्वी चम्पारण का संग्रामपुर गंडक नदी के किनारे हीं बसा है. यहां सबसे अधिक चेपुआ मछली मिलती है. अगर आप पूर्वी चंपारण जिले से हैं और चेपुआ मछली का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो आप संग्रामपुर के मछली बाजार आ सकते हैं. यहां चेपुआ मछली अन्य जगहों से सस्ती मिलती है.
सड़क-हादसे में घायल बुजुर्ग महिला की एक महीने बाद मौत: उदयपुर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, परिजनों ने लूटपाट की घटना बताई थी – Banswara News
बांसवाड़ा में 21 मई को एक सड़क हादसे में घायल 62 वर्षीय वृद्धा की रविवार को अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मृतका आंबापुरा थाना क्षेत्र के प्रताप नगर डेरी की रहने वाली थी। अस्पताल से इलाज के बाद कमला का घर पर ही इलाज चल रहा था। 19 जून कमला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिस पर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने रविवार को उदपुर रेफर कर दिया। उदयपुर ले जाते समय रास्ते में ही वृद्धा ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने बदमाशों पर टक्कर मारकर नाक की बाली और पैर के कड़े लूटने का आरोप लगाया था। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। बदमाश गहने लूटकर ले गए थे जानकारी के मुताबिक प्रताप नगर डेरी निवासी कमला (62) पत्नी कमजी गत 21 मई की शाम करीब 8 बजे अपने बेटे और पुत्रवधू के साथ बाइक से जा रही थीं। इसी दौरान डेरी गांव के पेट्रोल पंप के पास बदमाशों ने उनकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद कमला देवी गंभीर हालत में सड़क पर पड़ी हुई थीं, इसी का फायदा उठाकर बदमाश उनकी नाक की बाली और पैर के कड़े लूटकर फरार हो गए। हादसे के बाद घायल महिला को उपचार के लिए महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। इस दुर्घटना में वृद्धा की कमर में गंभीर चोटें आई थीं। लूटपाट की घटना स्पष्ट नहीं ASI रवि थापा ने बताया- घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में शामिल बाइक को जब्त कर लिया था। इसके साथ ही बाइक सवारों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी की गई थी। हालांकि, शुरुआती पूछताछ और जांच में अभी तक लूटपाट की घटना स्पष्ट नहीं हुई है। मामले में हर पहलू को ध्यान में रखकर अनुसंधान किया जा रहा है। उदयपुर रेफर किया, रास्ते में मौत हुई आंबापुरा थानाधिकारी निर्भयसिंह ने बताया- परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इसी बीच, 19 जून को वृद्धा कमला देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिस पर उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर कर दिया, लेकिन उदयपुर ले जाते समय रास्ते में ही वृद्धा ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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स्किल इंडिया से फ्री में सीखिए योग, 4 लाख रुपये महीना तक कमाई का मौका!
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इंटरनेशनल योगा डे (21 जून) के खास मौके पर सरकार ने युवाओं के लिए कमाई का एक शानदार और बिल्कुल अनोखा रास्ता खोल दिया है. अगर आप भी एक बेहतरीन और सम्मानजनक करियर की तलाश में हैं, तो सरकार के स्किल इंडिया मिशन (Skill India Mission) के तहत चल रहे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) का हिस्सा बन सकते हैं. इसके जरिए आप बिना किसी भारी-भरकम फीस के बिल्कुल मुफ्त में प्रोफेशनल योग इंस्ट्रक्टर, योग ट्रेनर या वेलनेस कोच बनने की ट्रेनिंग ले सकते हैं.
इस फ्री ट्रेनिंग का लाभ उठाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह डिजिटल है. (AI)
नई दिल्ली. आज के समय में जब पूरी दुनिया अपनी फिटनेस और मेंटल हेल्थ को लेकर परेशान है, तब भारत का प्राचीन योग विज्ञान दुनिया के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरा है. यही वजह है कि अब योग सिर्फ सुबह-शाम पार्क में की जाने वाली एक्सरसाइज नहीं रह गया है, बल्कि दलाल स्ट्रीट और कॉरपोरेट वर्ल्ड की तरह यह भी एक मल्टी-बिलियन डॉलर की बड़ी इंडस्ट्री बन चुका है. भारत सरकार इस बात को अच्छी तरह समझती है, इसीलिए स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल (skillindiadigital.gov.in) के माध्यम से युवाओं को इस बढ़ती डिमांड का फायदा उठाने के लिए तैयार किया जा रहा है.
इस सरकारी पहल के तहत युवाओं को एनएसक्यूएफ लेवल 4 से लेकर लेवल 6 तक के एडवांस कोर्स कराए जा रहे हैं, जिनमें योग इंस्ट्रक्टर, योग ट्रेनर और सीनियर योग ट्रेनर जैसे प्रोफेशन्स शामिल हैं. मात्र 3 से 6 महीने की इस शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग के बाद युवाओं को एनएसडीसी (NSDC), ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल और आयुष मंत्रालय से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिया जाता है. यह सर्टिफिकेट इस बात की गारंटी है कि आप देश-विदेश के किसी भी कोने में जाकर एक सर्टिफाइड प्रोफेशनल के रूप में अपना काम शुरू कर सकते हैं.
सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी है भारी डिमांड
एक बार जब आपके हाथ में सरकार का यह मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट आ जाता है, तो देश और दुनिया के बड़े-बड़े सेक्टर्स आपके लिए अपनी नौकरियां खोल देते हैं:
- कॉर्पोरेट और प्रीमियम वेलनेस सेंटर्स: आजकल हर बड़ी आईटी और कॉरपोरेट कंपनी अपने कर्मचारियों के स्ट्रेस को कम करने के लिए ‘एम्प्लोयी वेलनेस प्रोग्राम’ चलाती है, जहां इन ट्रेनर्स को बहुत अच्छे पैकेज पर रखा जाता है. इसके अलावा बड़े जिम्स, लग्जरी स्पा, क्रूज शिप्स और रिसॉर्ट्स में भी इनकी भारी डिमांड है.
- विदेशों से बंपर सैलरी के ऑफर्स: अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और मिडल ईस्ट (दुबई आदि) में भारतीय योग गुरुओं की साख बहुत ज्यादा है. भारत में जहां एक योग टीचर की शुरुआती सैलरी ₹25,000 से ₹50,000 महीना होती है, वहीं अनुभव बढ़ने पर यह ₹1.5 लाख तक पहुंच जाती है. लेकिन अगर आप विदेश का रुख करते हैं, तो यही सैलरी $2,000 से $5,000 यानी करीब ₹1.6 लाख से ₹4 लाख रुपये प्रति माह से ज्यादा हो सकती है.
कैसे करें अप्लाई और क्या है एक्स्ट्रा बेनिफिट?
इस फ्री ट्रेनिंग का लाभ उठाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह डिजिटल है. इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले ‘स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल’ पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा, जहां पीएमकेवीवाई (PMKVY) स्कीम के अंतर्गत ‘योग इंस्ट्रक्टर’ कोर्स को सर्च करके अपने नजदीकी सरकारी ट्रेनिंग सेंटर को चुनना होगा.
वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करने के लिए एक जरूरी सलाह यह भी है कि इस सरकारी सर्टिफिकेट को लेने के बाद युवा वाईसीबी (Yoga Certification Board) का लेवल-1, 2 या 3 का अतिरिक्त एग्जाम भी क्लियर कर सकते हैं. यह अतिरिक्त कदम आपको सीधे इंटरनेशनल मार्केट्स और ग्लोबल फिटनेस ऐप्स के साथ काम करने का मौका देता है, जिससे आपकी कमाई के रास्ते हमेशा के लिए खुल जाते हैं.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें
बॉलीवुड के इन 5 सितारों ने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया योगा डे, लोगों को किया मोटिवेट!
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आज सुबह से ही जब आप अपना सोशल मीडिया स्क्रॉल कर रहे होंगे, तो आपको बस योग डे की तस्वीरों और वीडियो की बाढ़ ही दिखी होगी. बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स ने सुबह-सुबह ही या तो किसी पब्लिक इवेंट में जाकर या फिर अपने घर के शांत कोने में योग करते हुए अपनी तस्वीरें फैंस के साथ शेयर कीं. इन सितारों का साफ कहना है कि आज की इस भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में अगर मानसिक शांति चाहिए, तो योग से बेहतर कुछ नहीं.
दुनियाभर में योगा डे सेलिब्रेट किया जा रहा है. आज सुबह से ही जब आप अपना सोशल मीडिया स्क्रॉल कर रहे होंगे, तो आपको बस योगा डे की तस्वीरों और वीडियो की बाढ़ ही दिखी होगी. बॉलीवुड के इन 5 सेलेब्स ने सुबह-सुबह ही या तो किसी पब्लिक इवेंट में जाकर या फिर अपने घर के शांत कोने में योग करते हुए अपनी तस्वीरें फैंस के साथ शेयर कीं.जिसकी फोटोज इंटरनेट पर छाई हुई हैं. चलिए देखते हैं इस लिस्ट में कौन-कौन है.

अब जब बात योग की हो, तो बॉलीवुड की ‘फिटनेस क्वीन’ शिल्पा शेट्टी कुंद्रा को कैसे भूला जा सकता है! उनके लिए योग सिर्फ कोई कसरत नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है. इस बार योग दिवस पर शिल्पा हरियाणा के गुरुग्राम में एक बहुत बड़े प्रोग्राम का हिस्सा बनीं. उन्होंने स्टेज पर हजारों लोगों के सामने बेहद मुश्किल आसन करके दिखाए और फैंस को समझाया कि लाइफ में अगर कुछ बड़ा करना है, तो लगातार कोशिश और अनुशासन बहुत जरूरी है.

इंडस्ट्री के सबसे फिट और एक्टिव एक्टर्स में से एक अक्षय कुमार हमेशा से नेचुरल फिटनेस और योग के बड़े फैन रहे हैं. आज योग दिवस के खास मौके पर अक्षय दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर पहुंचे. वहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और हजारों आम लोगों के साथ चटाई पर बैठकर योग के कई कठिन आसन किए. अक्षय ने फैंस को प्यारा सा मैसेज दिया कि अगर लंबी और हेल्दी लाइफ जीनी है, तो योग को अपनी रोज की आदत बना लो.
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शाहिद कपूर भी फिटनेस के मामले में बड़े-बड़ों को टक्कर देते हैं. शाहिद ने योग दिवस पर अपनी एक रिलैक्सिंग तस्वीर शेयर करते हुए फैंस को इस दिन की बधाई दी. शाहिद का मानना है कि जिम में जाकर पसीना बहाना बॉडी के लिए अच्छा है, लेकिन मन को शांत रखने और रोज के स्ट्रेस को दूर भगाने के लिए योग का कोई मुकाबला नहीं है. वह खुद भी ध्यान को बहुत मानते हैं.

रणबीर कपूर की बहन और मशहूर ज्वैलरी डिजाइनर रिद्धिमा कपूर साहनी योग को लेकर कितनी सीरियस हैं, यह तो उनके इंस्टाग्राम से साफ पता चलता है. आज योग दिवस पर रिद्धिमा ने एक बेहद मुश्किल और एडवांस्ड योगासन करते हुए अपनी फोटो पोस्ट की, जिसे देख फैंस हैरान रह गए. रिद्धिमा ने लिखा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, अगर आप अपनी बॉडी को फ्लेक्सिबल और फुर्तीला रखना चाहते हैं, तो योग ही सबसे बेस्ट ऑप्शन है.

उर्मिला मातोंडकर ने भी योग करते हुए अपना एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इस वीडियो में वो लोगों को योग के लिए जागरूक करते हुए नजर आ रही हैं. उन्होंने बताया कि मां की डांट के बाद उन्होंने योग करना शुरू किया था, जिसके बाद ये उनकी लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन गया.
देवरिया के रुद्रपुर में मोहर्रम से पहले विवाद: पुराना चौक पर मरम्मत कार्य एसडीएम ने रुकवाया – Deoria News
देवरिया जिले के रुद्रपुर में मोहर्रम पर्व से पहले नगर के संवेदनशील पुराना चौक (पक्का चौक) पर रविवार को मरम्मत कार्य को लेकर विवाद हो गया। चौक पर चल रहे कार्य का कुछ लोगों ने विरोध किया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा तत्काल कार्य रुकवा दिया गया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में दो लोगों का चालान भी किया है। नगर का पुराना चौक वर्षों से मोहर्रम और दुर्गा पूजा के दौरान संवेदनशील स्थल माना जाता है। सड़क के बीच स्थित इस चबूतरे को लेकर अतिक्रमण और निर्माण संबंधी विवाद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। रविवार सुबह एक पक्ष द्वारा चबूतरे पर मरम्मत कार्य शुरू किए जाने की सूचना मिलते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी अवधेश निगम, क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र राय, थाना प्रभारी कल्याण सिंह सागर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। एहतियात के तौर पर मरम्मत कार्य तत्काल रोक दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आनंद पांडेय ने बताया कि स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है और बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण या मरम्मत कार्य नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस ने मौके से रुद्रपुर निवासी मोइन शाह पुत्र मोहम्मद ईशु तथा मोहम्मद वालिद पुत्र मोहम्मद लतीफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में शांति भंग की आशंका में दोनों का चालान कर दिया गया। घटना की सूचना पर कुछ अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि, प्रशासन की तत्परता और पुलिस की सतर्कता के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने नगरवासियों से शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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70वीं BPSC में खगड़िया के 3 कैंडिडेट सेलेक्ट: वैभव SDM, रागिनी RDO और राजू DSP बने, जिलेभर से मिल रही बधाइयां – Khagaria News
खगड़िया के तीन अभ्यर्थियों ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल की है। इनमें वैभव वात्सल को अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), रागिनी कुमारी को ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) और राजू कुमार को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पद मिला है। वैभव वात्सल को परीक्षा में 37वीं रैंक अलौली, परबत्ता और खगड़िया शहर से जुड़े इन अभ्यर्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है। किसी ने नौकरी के साथ तैयारी कर SDM का पद प्राप्त किया, तो किसी ने दरोगा और शिक्षिका की नौकरी के बाद RDO का पद हासिल किया। एक पूर्व सैनिक ने DSP बनकर देश सेवा का अपना जुनून जारी रखा। अलौली प्रखंड के आनंदपुर परास गांव निवासी वैभव वात्सल ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 37वीं रैंक प्राप्त कर SDM का पद हासिल किया है। ऑडिट ऑफिसर के पद पर थे कार्यरत वैभव मध्य विद्यालय अलौली के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार और मध्य विद्यालय सुखासन की प्रधानाध्यापिका अस्मिता कुमारी के पुत्र हैं। वर्तमान में वे भुवनेश्वर स्थित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) कार्यालय में ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। व्यस्त सरकारी नौकरी के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा और निरंतर अध्ययन जारी रखा। वैभव ने दसवीं की पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल, खगड़िया से, इंटरमीडिएट मुजफ्फरपुर से तथा बीटेक की डिग्री आईआईटी पटना से प्राप्त की है। दरोगा और शिक्षिका के रूप में सेवा देने के बाद रागिनी कुमारी ने ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद प्राप्त किया है। वायु सेना की सेवा के बाद अब DSP भारतीय वायु सेना में दो दशक तक देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिक राजू कुमार ने DSP बनकर वर्दी पहनने का अपना सपना फिर से साकार किया है। परबत्ता प्रखंड के लगार गांव निवासी तथा मध्य विद्यालय शेर के प्रधानाध्यापक हर्ष देव राय की पत्नी रागिनी कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद प्राप्त किया है। उनकी सफलता से मायके सलारपुर और ससुराल लगार दोनों जगह जश्न का माहौल है। रागिनी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं
रागिनी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने पहले बिहार पुलिस में दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) के पद पर सफलता प्राप्त की, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा से उन्होंने उस पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बीपीएससी शिक्षिका परीक्षा उत्तीर्ण कर प्लस-टू विद्यालय में शिक्षिका के रूप में योगदान दिया। हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था। उन्होंने लगातार तैयारी जारी रखी और आखिरकार 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी बन गईं।
उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो सफलता अवश्य मिलती है। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि रागिनी की उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
20 वर्षों तक वायु सेना में देश सेवा, अब DSP बन जनता की करेंगे सेवा। राजू कुमार को परीक्षा में 440वीं रैंक मिली
राजेंद्र नगर, खगड़िया निवासी राजाराम साहु के पुत्र राजू कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 440वीं रैंक प्राप्त कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। वे बलुआही निवासी दिवंगत शिक्षक अमिय कुमार साह के दामाद तथा शिक्षक प्रदुम्न कुमार प्रसून के छोटे बहनोई हैं।
राजू कुमार ने भारतीय वायु सेना में करीब 20 वर्षों तक देश की सेवा की। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने 63वीं बीपीएससी परीक्षा में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तथा 64वीं बीपीएससी परीक्षा में राजस्व अधिकारी के पद पर सफलता हासिल की थी। लेकिन उनका सपना हमेशा वर्दी पहनकर जनता की सेवा करना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने तैयारी जारी रखी और 70वीं बीपीएससी में डीएसपी पद पर चयनित होकर अपना सपना साकार कर लिया।
उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। उनके साले एवं शिक्षक नवनीत कुमार सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि राजू कुमार का संघर्ष, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने तीनों अभ्यर्थी
70वीं बीपीएससी में जिले के इन तीन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की सफलता ने यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता निश्चित मिलती है। नौकरी के साथ तैयारी कर एसडीएम बनने वाले वैभव वात्सल, कई पड़ाव पार कर आरडीओ बनने वाली रागिनी कुमारी और वायु सेना में 20 वर्ष की सेवा के बाद डीएसपी बनने वाले राजू कुमार आज खगड़िया के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों ने तीनों सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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शाजापुर में मानसून की देरी से सोयाबीन बुवाई प्रभावित: 22 से 25 जून के बीच सक्रिय होने की संभावना – shajapur (MP) News
शाजापुर जिले में इस वर्ष मानसून की आमद लगभग 15 दिन देरी से होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में तीन लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की खेती होती है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने के कारण अब तक बुवाई शुरू नहीं हो सकी है। खेत तैयार, बारिश का इंतजार कर रहे किसान किसानों ने खेतों की जुताई, खाद और बीज की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन मिट्टी में नमी पर्याप्त न होने के कारण बुवाई रुकी हुई है। किसानों को अब मानसून की सक्रिय बारिश का इंतजार है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी.के. तिवारी ने किसानों को सलाह दी है कि वे कम से कम चार इंच बारिश होने के बाद ही सोयाबीन की बुवाई करें। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर 25 से 30 जून का समय सोयाबीन बुवाई के लिए उपयुक्त माना जाता है। उन्होंने कहा कि यदि मानसून में और देरी होती है तो दो से तीन इंच बारिश के बाद ही मिट्टी में पर्याप्त नमी सुनिश्चित कर बुवाई करनी चाहिए। जल्दबाजी में बुवाई से नुकसान का खतरा डॉ. तिवारी ने चेतावनी दी कि कम बारिश में बुवाई करने पर यदि 10 से 15 दिनों तक सूखा पड़ता है तो बीज अंकुरित नहीं हो पाएंगे। इससे फसल खराब होने की आशंका रहती है और किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि जुलाई के बाद बुवाई में देरी होने पर सोयाबीन की पैदावार पर असर पड़ सकता है। देर से बोई गई फसल में पौधों की वृद्धि कम होती है और कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। 22 से 25 जून के बीच मानसून सक्रिय होने की संभावना भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने शाजापुर जिले में मानसून की सक्रिय आमद 22 से 25 जून के बीच होने की संभावना जताई है। इसके बाद जिले में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है, जिससे खरीफ फसलों, विशेषकर सोयाबीन की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।
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