Wednesday, May 13, 2026
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बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस का नया नियम, अब ‘फर्स्ट डिवीजन’ पर ही बनेगा DL


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Bihar Driving License Rules: बिहार में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. सड़क हादसों को कम करने और बिना ट्रेनिंग वाले चालकों को सड़कों से दूर रखने के लिए परिवहन विभाग ने ड्राइविंग टेस्ट के नियम बेहद सख्त कर दिए हैं. नई व्यवस्था के तहत अब लाइसेंस पाने के लिए आवेदकों को टेस्ट में कम से कम 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य कर दिया गया है.

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बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अकुशल चालकों को नहीं मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस (एआई जेनरेटेड)

पटना. बिहार में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और अकुशल चालकों (Unskilled drivers) को सड़कों पर आने से रोकने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाने की पूरी प्रक्रिया को अब पहले से कहीं अधिक सख्त और पारदर्शी कर दिया गया है. बिहार सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत, अब आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए ‘फर्स्ट डिवीजन’ यानी कम से कम 60 फीसदी नंबरों से टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा. इस कड़े कदम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वही लोग गाड़ी लेकर सड़कों पर उतरें जो ड्राइविंग के नियमों और गाड़ी चलाने में पूरी तरह निपुण हैं.

नॉन-कमर्शियल चालकों के लिए 60% नंबर लाना अनिवार्य

परिवहन विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह नियम उन सभी आवेदकों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा जो पहली बार गाड़ी चलाने के लिए परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (DL) का आवेदन कर रहे हैं. कंप्यूटरीकृत या ट्रैक पर होने वाले इस आधुनिक ड्राइविंग टेस्ट में अब पासिंग मार्क्स को बढ़ा दिया गया है. अगर किसी आवेदक को टेस्ट के दौरान कुल अंकों में से 60 फीसदी से कम नंबर मिलते हैं, तो उसे सीधे तौर पर ‘फेल’ घोषित कर दिया जाएगा और उसका लाइसेंस जारी नहीं होगा.

कमर्शियल वाहनों के लिए 100 में 100 अंक का सख्त नियम

इस नई नीति का सबसे कड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों के ड्राइवरों के लिए है. बस, ट्रक, ऑटो, या अन्य व्यावसायिक गाड़ियां चलाने वाले चालकों के ड्राइविंग टेस्ट के लिए परिवहन विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. अब कमर्शियल वाहन का लाइसेंस लेने के लिए आवेदक को टेस्ट में 100 में से पूरे 100 अंक लाने होंगे. अगर टेस्ट के दौरान एक भी तकनीकी चूक या गलती होती है और 1 नंबर भी कटता है, तो आवेदक को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा. सार्वजनिक सुरक्षा और भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है.

फेल होने पर एक सप्ताह बाद मिलेगा दोबारा मौका

यदि कोई आवेदक नई व्यवस्था के तहत तय किए गए मानकों (नॉन-कमर्शियल के लिए 60% और कमर्शियल के लिए 100%) को पूरा नहीं कर पाता है और फेल हो जाता है, तो उसे तुरंत दोबारा टेस्ट देने की अनुमति नहीं मिलेगी. नई नियमावली के अनुसार, फेल होने वाले आवेदकों को दोबारा परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम एक सप्ताह (7 दिन) का इंतजार करना होगा. एक सप्ताह की अवधि बीतने के बाद ही परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर री-टेस्ट के लिए नया स्लॉट बुक करने का विकल्प खुलेगा. इस दौरान आवेदक अपनी कमियों को सुधार कर दोबारा तैयारी के साथ आ सकेंगे.

दलाली राज पर लगेगा पूरी तरह अंकुश

परिवहन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था के ऑनलाइन और कड़े होने से जिला परिवहन कार्यालयों (DTO) में सक्रिय दलालों और बिचौलियों का खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा. चूंकि टेस्ट के परिणाम सीधे सिस्टम द्वारा अंकों के आधार पर जनरेट होंगे, इसलिए पैरवी या पैसे के बल पर बिना टेस्ट दिए लाइसेंस बनवाना अब नामुमकिन होगा. इस नई व्यवस्था से आने वाले समय में बिहार की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का पालन बेहतर होगा और सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में भी भारी कमी देखने को मिलेगी.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें



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वृंदावन के प्रियकांत जू मंदिर पहुंचे एम एस बिट्टा: देवकी नंदन महाराज से की मुलाकात, कहा अयोध्या काशी संवरते देखा मथुरा में कृष्ण मंदिर बनते देखना बाकी – Mathura News




धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आए एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्य्क्ष मनिंद्र सिंह बिट्टा ने प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन महाराज से मुलाकात की और उनके द्वारा की जा रही सनातन बोर्ड के गठन की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा हमने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और काशी में ज्ञानवापी को मुक्त होते देखा है अब मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान का अतिक्रमण मुक्त होकर भव्य मंदिर बनते हुए देखना है। मंदिरों को लूटा,तोड़कर किया अतिक्रमण हमने अयोध्या में राममंदिर निर्माण और काशी में ज्ञानवापी को मुक्त होते देखा है, अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर अतिक्रमण मुक्त भव्य मंदिर भी बनते देखना चाहते हैं । मुगल आक्रान्ताओं ने हमारे मंदिरों को लूटा एवं तोड़कर अवैध निर्माण किया । मुस्लिम भाई भी बाहरी आक्रान्ताओं को अपना न मानकर अगर मंदिर निर्माण में सहयोग करें तो एक मिसाल कायम होगी। यह कहना था अखिल भारत आतंकवाद विरोधी मोर्चा अध्यक्ष मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा का। प्रियाकान्तजु मंदिर पर देवकीनंदन महाराज से भेंट करने पहुंचे थे मंगलवार को पंजाब के पूर्व मंत्री एवं आतंकवाद विरोधी मोर्चा अध्यक्ष, छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्तजु मंदिर दर्शन को पहुँचे । मंदिर संस्थापक देवकीनंदन महाराज ने मंदिर का चित्रपट देकर उनका स्वागत किया । एम.एस बिट्टा ने देवकीनंदन महाराज की ‘सनातन बोर्ड’ की माँग का समर्थन करते हुये इसे सनातन की माँग बताया । मुस्लिम भाई दावा छोड़कर करें भाईचारा कायम प्रियाकान्तजु मंदिर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुये एम.एस. बिट्टा ने कहा कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर अतिक्रमण मुक्त होकर भव्य मंदिर बनना चाहिये । उन्होने कहा कि मुस्लिम समाज को भी समझना चाहिये कि बाबर, औरंगजेब बाहरी आक्रमणकारी थे, वे मुस्लिमों के पीर, पैगम्बर नहीं थे । हिंदु मंदिरों को तोड़कर उन्होने समाज में खाई पैदा की । अब मुस्लिम भाईयों की जिम्मेदारी है कि वे स्वतः मंदिर निर्माण में सहयोग कर भाईचारें की मिसाल कायम करें । ब्रज में बंद हो मांस मदिरा देवकीनंदन महाराज ने सनातन बोर्ड की माँग दोहराते हुये कहा कि हमारे धार्मिक स्थलों पर आने वाले दान का प्रयोग सनातन धर्म एवं इसे मानने वाले लोगों की बेहतरी के लिये होना चाहिये । तीर्थस्थलों के विकास, गौ-सेवा तथा गुरूकुल एवं चिकित्सालय निर्माण के लिये सनातन बोर्ड आवश्यक है । उन्होने कहा कि मथुरा-वृन्दावन सहित सभी तीर्थ स्थलों में माँस-मदिरा की बिक्री बंद होनी चाहिये । इस अवसर पर सनातन प्रीमियर क्रिकेट लीग के सैकेट्री योगेश शर्मा, रवि रावत, गजेन्द्र सिंह, संदीप शर्मा आदि मौजूद रहे ।



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अफ्रीकन बोमा पद्धति से होगा रेस्क्यू: नरवर में फसल चौपट करने वाली नीलगायों को जिले से बाहर छोड़ेंगे – Ujjain News




फसलों को बर्बाद करने वाली नीलगाय (रोजड़े) को अब जिले से बाहर करेंगे। वन विभाग ने प्लानिंग कर चंदेसरा से लेकर नरवर तक के क्षेत्र को चुना है। ​सर्वे करवाकर नीलगायों को ट्रैक करना भी शुरू कर दिया है। 8-10 और इससे ज्यादा के झुंड में दिखाई देने वाले मवेशियों के रास्ते चिह्नित हो गए हैं। डीएफओ अनुराग तिवारी के अनुसार रेस्क्यू के लिए सेटअप मंगवा लिया है। चिह्नित पाइंट पर फीट करते हुए जल्द ही नीलगायों को पकड़ने के लिए रेस्क्यू शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए अफ्रीकन बोमा पद्धति का प्रयोग होगा। रेस्क्यू नीलगायों को जिले से बाहर सु​रक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। इनके कारण किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके लिए रेस्क्यू टीम को प्रशिक्षित करते हुए उन्हें तैयार कर दिया है। मंदसौर और शाजापुर के बाद उज्जैन में होगा रेस्क्यू: नीलगायों के रेस्क्यू के लिए करीब 7-8 साल पहले मंदसौर में बोमा पद्धति से पहला रेस्क्यू हुआ था। इसके बाद इसी साल शाजापुर जिले में बोमा पद्धति से हिरणों का रेस्क्यू किया गया। इसमें कुछ नीलगाय भी पकड़ाई थी। इनसे जान का भी जोखिम, चार लोगों की मौत हो चुकी सिलारखेड़ी निवासी दिलीपसिंह सिसौदिया ने बताया नीलगायों के कारण फसलों के नष्ट होने का खतरा तो है ​ही, अब जान का जोखिम भी खड़ा हो गया। खासकर देवास-बदनावर हाइवे पर तेज स्पीड से निकलने वाले वाहन चालक इन नीलगायों के कारण हादसे का शिकार हो रहे हैं। खासकर रात के समय ये जानवर सड़क पार करने के लिए अचानक दौड़ लगाते हैं। इस दौरान बाइक व कार से भी टकरा जाने से आए दिन इस तरह के हादसे होने लगे हैं। चंदेसरा से नरवर के बीच ही इस तरह के हादसों में 4 लोग जान तक गंवा चुके हैं। चुनौती : चारों तरफ खुली जगह उज्जैन में नीलगायों का रेस्क्यू चुनौती रहेगा, क्योंकि जिस क्षेत्र में रेस्क्यू होना है वहां चारों तरफ खुली जगह है। इस कारण बोमा सेटअप लगाना और वहां तक जानवरों को लाने में परेशानी होगी, क्योंकि नीलगाय एक पॉवरफुल अफ्रीकन जानवर है, जो ग्रुप में तो रहता है। महंगे रेस्क्यू के कारण बदलाव वैसे बोमा ​सेटअप (पिंजरेनुमा सिस्टम) लगाकर हेलीकॉप्टर से मवेशियों को हांका जाता है, लेकिन यह बहुत मंहगा रेस्क्यू है। इस कारण उज्जैन में बोमा सेटअप लगाकर ढोल आदि बचाते हुए शोर मचाते हुए नीलगायों को हांकते हुए टारगेट तक पहुंचाएंगे।



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नाबालिग लड़की के चेहरे-बॉडी पर नोचने-खरोंचने के निशान: हत्या कर मंत्री आवास के पास फेंकी बॉडी, जिस स्कूटी से लाई गई उसकी तलाश कर रही पुलिस – Patna News




3 मई 2026- बिहार सरकार में मंत्री जमा खान के आवास की चहारदीवारी के पास कचरे के ढेर में एक 15 साल की नाबालिग की लाश मिली थी। पहले दिन से आशंका जताई गई कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। इसके बाद उसकी हत्या कर किसी ने बॉडी को सड़क किनारे फेंक दी। हालांकि, पक्के सबूत नहीं होने की वजह से पुलिस रेप की बात से साफ इनकार कर रही, लेकिन लड़की के चेहरे और शरीर पर चोट-खरोंच के निशान हैं। जिस तरीके के मार्क्स नोचने खरोंचने जैसे मिले हैं, इससे आशंका जताई जा रही है कि लड़की के साथ रेप की कोशिश की गई है। हालांकि रेप की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हर बिंदुओं पर जांच कर रही है। नाबालिग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। इसमें सेक्सुअल एसॉल्ट या रेप जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। कॉज ऑफ़ डेथ भी डॉक्टर ने रिजर्व रखा है। जिस स्कूटी से लाई गई बॉडी, उसे खोज रही पुलिस पुलिस सूत्रों की माने, तो घटनास्थल के पास एक स्कूटी देखी गई है। संदिग्ध स्कूटी की तलाश जारी है। पुलिस स्कूटी के नंबर के जरिए ट्रेस करके आरोपी तक पहुंचाने की कोशिश में है। बहुत हद तक पुलिस पता भी लगा चुकी है। युवती पटना जंक्शन से बेली रोड कैसे पहुंची, कौन उसे डंप करके भागा, वहां फेकने के पीछे के राज क्या हैं, इन सब चीजों के बारे में पता लगाया जा रहा है। देखें घटना वाले दिन की तस्वीरें… जब लाश मिली उस वक्त नाबालिग ने सलवार सूट पहना था। हाथों में मेहंदी और चूड़ी भी थी। घटना के करीब 7 दिन बाद लड़की की पहचान भी कर ली गई थी। परिवारवालों ने भी उसे सुपुर्दे खाक कर दिया था। ये पूरी वारदात मामला शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के ललित भवन के पीछे की थी। पुलिस लड़की के मूवमेंट को ट्रेस करने में जुटी लड़की के माता पिता ने अपना स्टेटमेंट पुलिस के सामने रिकॉर्ड कराया है। दोनों ने बताया कि 27 तारीख को आलमगंज मे रिश्तेदार के यहां शादी में गई थी। 28 को शादी में शिरकत की। 29 को बगल में रिश्तेदार के यहां ठहर गए। 30 तारीख तक सभी यहीं रुके। 1 मई को वापस घर फुलवारी शरीफ लौट रहे थे। इसी बीच पटना जंक्शन के पास बेटी उतर गई। मां से बोली कि तुमलोग जाओ, मैं बाद में आऊंगी। पहले भी वह घर से एक-एक महीने गायब रहती थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पटना जंक्शन के आसपास घूमती रहती थी और सुलेशन पीने की आदि बन चुकी थी। जंक्शन के पास का एक फुटेज भी मिला है, जिसमें वह एक्सीलेटर पर सुलेशन पीते नजर आ रही है। कॉज ऑफ डेथ रिजर्व एसीडीपीओ 2 साकेत कुमार ने बताया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेक्सुअल एसॉल्ट या रेप जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। कॉज ऑफ डेथ भी डॉक्टर ने रिजर्व रखा है। हर एंगल से छानबीन हो रही है। डायल 100 के जरिए फुटेज देखा जा रहा है। अब जानिए किसने सबसे पहले देखी थी लड़की की लाश दरअसल, 3 मई की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने सड़क किनारे लड़की का शव देखा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सचिवालय एसडीपीओ-2 साकेत कुमार ने बताया था, लड़की के चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान थे। उन्होंने आशंका जताई थी कि हत्या के बाद शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया है। उन्होंने कहा था- जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जांच के दौरान डायल-100 की मदद से लिंक रोड और आसपास के मुख्य मार्गों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। कचरे के बीच पड़ी थी डेड बॉडी जहां लड़की की डेड बॉडी पड़ी थी, वहां कचरा पड़ा हुआ था। वहां पर बहुत सारे सूखे फूल पड़े थे और गिफ्ट के रैपर भी पड़े मिले थे। नाबालिग का आधा चेहरा फूलों के नीचे दबा था। कपड़े और बॉडी को देखकर आशंका जताई गई थी कि उसे घसीटकर यहां फेंका गया है। डॉग स्क्वायड ने 1 किमी तक सर्च किया था घटना वाले दिन 3 मई को जांच के लिए डॉग स्क्वायड की टीम भी पहुंची थी। टीम में लिली (खोजी कुत्ता) था। जिसने 1 किमी तक सर्च किया और फिर घटनास्थल पर वापस आ गया। शुरुआत में लिली मेन रोड के आसपास भटकता रहा। सड़क किनारे उसने सर्च किया। एक गली में भी गया। गली के दोनों ओर झाड़ियां थी। डॉग स्क्वायड की टीम को लगा कि इसी गली में कुछ न कुछ जरूर मिलेगा, पर कुत्ता जिस रास्ते से गली में गया था, उसी रास्ते से घटनास्थल के पास पहुंच गया। टीम ने दो बार सर्च किया, लेकिन कुछ खास नहीं मिला था। IGIMS में हुआ पोस्टमार्टम पुलिस ने उसी दिन लड़की के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए IGIMS भेज दिया था। रिपोर्ट को 8 मई को ही शास्त्री नगर थाना को सौंप दिया गया है। लड़की की पहचान होने के बाद उसके परिजन को बुलाकर शव सौंप दिया गया था। परिवार वालों का स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड कराया गया था। इसके बाद 8 मई को ही नाबालिग लड़की को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था।



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राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 48°C पार: MP-हरियाणा में ओले, यूपी के बरेली में आंधी से चलती गाड़ियों पर पेड़-खंभे गिरे; बिहार-महाराष्ट्र में 10 मौतें




राजस्थान में मंगलवार को रिकॉर्ड गर्मी रही। इस सीजन में पहली बार तापमान 48°C के पार पहुंच गया। बाड़मेर देश में सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 48.3°C दर्ज हुआ। फलोदी में 46.4°C, जैसलमेर में 45.8°C, चित्तौड़गढ़ में 45.6°C और बीकानेर में 45°C तापमान रहा। मध्य प्रदेश में दो तरह का मौसम देखने को मिला। एक तरफ रतलाम लगातार तीसरे दिन राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। यहां पारा 46.5°C रहा। इसके बाद धार 44.5°C के साथ MP का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। निवाड़ी जिले के बीजौर में तेज आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। हरियाणा के पिनगवा में जमकर ओले गिरे। पंचकूला, यमुनानगर, करनाल और गुरुग्राम में तेज बारिश हुई। उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली। इससे सड़क किनारे लगे खंभे उखड़ गए। चलती गाड़ियों पर पेड़ की टहनियां टूटकर गिर गईं। बिहार के जमुई और बांका में बिजली गिरने से एक महिला 4 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र के सांगली में तेज आंधी के कारण एक मंदिर की दीवार गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। केरल के मलप्पुरम में बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए अगले दो दिन मौसम का हाल 14 मई: 15 मई: इस हफ्ते अंडमान-निकोबार पहुंच सकता है मानसून भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि इस हफ्ते के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अभी उसी इलाके में सक्रिय है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। विभाग ने कहा कि अगले 48 घंटों में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है। आमतौर पर मानसून 20 मई के आसपास अंडमान-निकोबार पहुंचता है। मानसून 1 जून को केरल में दस्तक देता है। इसके साथ ही देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन की शुरुआत मानी जाती है, जो सितंबर तक चलता है। देशभर से मौसम से जुड़ी 5 तस्वीरें



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नौकर ने सिखाया एक्टिंग का हुनर, बन गए कॉमेडी के बादशाह, मनोज कुमार-अमिताभ संग दी कई हिट


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हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर और कॉमेडियन असित सेन ने अपने करियर में लोगों को खूब एंटरटेन किया. अपने करियर में उन्होंने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया. अपन दौर में उन्होंने तकरीबन हर एक्ट्रेस सुचित्रा सेन (ममता), शर्मिला टैगोर (अनाड़ी), मौसमी चटर्जी (अनाड़ी), हेमा मालिनी (शराफत), और हेलन जैसी हर एक्ट्रेस संग काम किया.

नई दिल्ली. पुराने दौर की हिंदी फिल्मों में जब भी कॉमेडी एक्टर्स की बात होती है, तो असित सेन का नाम जरूर लिया जाता है. उनकी धीमी आवाज, रुक-रुक कर बोलने का अंदाज और खास डायलॉग डिलीवरी लोगों को खूब हंसाती थी. दिलचस्प बात यह है कि उनका यह यूनिक स्टाइल किसी एक्टिंग स्कूल या थिएटर ट्रेनिंग से नहीं आया था, बल्कि बचपन की एक याद से जुड़ा था.

कहा जाता है कि असित सेन ने अपनी मशहूर स्लो डायलॉग डिलीवरी अपने घर के एक नौकर से सीखी थी. वह नौकर बहुत धीरे-धीरे बात करता था. असित सेन को उसका बोलने का तरीका इतना अलग लगा कि बाद में उन्होंने फिल्मों में उसी अंदाज को अपनाया. यही स्टाइल आगे चलकर उनकी पहचान बन गया.

असित सेन का जन्म 13 मई 1917 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था. उनका परिवार मूल रूप से पश्चिम बंगाल के बर्दवान का रहने वाला था, लेकिन बाद में गोरखपुर आकर बस गया था. बचपन से ही असित सेन का झुकाव कला और फोटोग्राफी की तरफ था. उन्हें कैमरे के साथ समय बिताना काफी पसंद था और कम उम्र में ही उन्होंने लोगों की तस्वीरें खींचना शुरू कर दिया था. बाद में उन्होंने गोरखपुर में अपना फोटो स्टूडियो भी खोला, जिसका नाम सेन फोटो स्टूडियो था.

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युवा होने के बाद असित सेन कोलकाता पहुंचे. घरवालों से उन्होंने पढ़ाई का बहाना किया, लेकिन असल में उनका सपना फिल्मों और थिएटर की दुनिया में कदम रखने का था. कोलकाता में उन्होंने थिएटर करना शुरू किया और इसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर फिल्ममेकर बिमल रॉय से हुई. बिमल रॉय ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और अपने साथ काम करने का मौका दिया.

शुरुआत में असित सेन कैमरा और प्रोडक्शन से जुड़े काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में छोटे-छोटे रोल मिलने लगे. असली पहचान तब मिली, जब उन्होंने अपने अलग अंदाज में डायलॉग बोलने शुरू किए.

उनकी धीमी आवाज और ठहर-ठहर कर बात करने का स्टाइल दर्शकों को इतना पसंद आया कि वह उनकी यूएसपी बन गया. फिल्म बीस साल बाद में निभाया गया उनका गोपीचंद जासूस का किरदार काफी पॉपुलर हुआ.

अपने लंबे करियर में असित सेन ने करीब 250 फिल्मों में काम किया. आराधना, आनंद, अमर प्रेम, बॉम्बे टू गोवा, भूत बंगला, ब्रह्मचारी, मेरा गांव मेरा देश और पूरब और पश्चिम जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी याद किए जाते हैं. एक्टिंग के साथ-साथ उन्होंने परिवार और अपराधी कौन जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया.

निजी जिंदगी में भी असित सेन ने कई उतार-चढ़ाव देखे. उनकी पत्नी मुकुल सेन उनके बेहद करीब थीं. पत्नी के निधन के बाद वह पूरी तरह टूट गए थे. इस दुख से वह उबर नहीं पाए और कुछ महीनों बाद 18 सितंबर 1993 को उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया.

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CM बनते ही थलापति विजय का बड़ा एक्शन, नई सरकार ने बदल डाले कई विभागों के अफसर


चेन्नई: तमिलनाडु की सत्ता पर काबिज होते ही मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी कार्यशैली के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं. रविवार को शपथ ग्रहण के बाद, मंगलवार को मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए. इसे विजय सरकार का ‘ब्यूरोक्रेटिक क्लीनअप’ माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासन में नई ऊर्जा और पारदर्शिता लाना है.

मुख्य सचिव एम. साई कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह बदलाव वित्त, राजस्व प्रशासन, पर्यटन और तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभागों में किए गए हैं.

  1. राजस्व और आपदा प्रबंधन: छुट्टी से लौटे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एन. मुरुगानंदम को अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन आयुक्त नियुक्त किया गया है. उन्होंने पी. अमुधा का स्थान लिया है. मुरुगानंदम की नियुक्ति को आपदा प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
  2. वित्त विभाग की कमान: चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एमए सिद्दीकी को अब वित्त विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है. उन्होंने टी. उदयचंद्रन की जगह ली है. राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारना विजय सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है, और सिद्दीकी का अनुभव इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
  3. पर्यटन और संस्कृति: डॉ. एस. स्वर्णा को पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक बंदोबस्ती विभाग की प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है. इससे पहले वह राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की कमान संभाल रही थीं.

शराब बिक्री नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई

राज्य के राजस्व का मुख्य स्रोत माने जाने वाले तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) में भी बड़ा बदलाव हुआ है. के. नंथकुमार को इस विभाग का नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है. वह टी. क्रिस्टुराज का स्थान लेंगे. विजय अपनी रैलियों में शराब नीति और भ्रष्टाचार पर कड़े रुख का संकेत दे चुके हैं, ऐसे में TASMAC के प्रमुख का बदला जाना काफी अहम है.

विजय का विजन: ‘एक्शन ही पहचान’

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तबादलों के जरिए थलापति विजय ने यह संदेश दिया है कि उनकी सरकार में केवल परिणाम देने वाले अधिकारियों को ही महत्वपूर्ण पद दिए जाएंगे. रविवार को सत्ता संभालने के बाद से ही विजय ने फाइलों पर काम शुरू कर दिया था और महज दो दिनों के भीतर इन नियुक्तियों ने विपक्ष और नौकरशाही दोनों को चौंका दिया है. अधिसूचना के अनुसार, ये नियुक्तियां और शर्तें पुराने सरकारी नियमों (1994 के आदेश संख्या 167) के तहत की गई हैं, लेकिन इसके पीछे की मंशा पूरी तरह ‘नई’ है.

मुख्यमंत्री विजय ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा कदम क्या उठाया है?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शपथ लेने के 48 घंटों के भीतर तमिलनाडु में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का एक व्यापक तबादला और प्रशासनिक फेरबदल किया है, जिसमें वित्त और राजस्व जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं.

राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन का नया आयुक्त किसे नियुक्त किया गया है?
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एन. मुरुगानंदम को अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन आयुक्त नियुक्त किया गया है.

वित्त विभाग में हुए बदलाव के तहत टी. उदयचंद्रन की जगह किसे नियुक्त किया गया है?
वित्त विभाग की जिम्मेदारी अब एमए सिद्दीकी को सौंपी गई है, जो पहले चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे.

तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) का नया प्रबंध निदेशक कौन बना है?
सहकारी समितियों के पूर्व रजिस्ट्रार के. नंथकुमार को TASMAC का नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है, जहां वे टी. क्रिस्टुराज की जगह लेंगे.

क्या यह तबादले किसी खास नीति के तहत किए गए हैं?
हां, ये आदेश मुख्य सचिव एम. साई कुमार द्वारा राज्यपाल के नाम पर जारी किए गए हैं और इन्हें टीवीके (TVK) सरकार की नई प्रशासनिक नीति और कार्यकुशलता बढ़ाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है.

(IANS इनपुट्स)



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जज के खिलाफ अवमानना की अर्जी खारिज: हाईकोर्ट ने कहा-अदालत और वकील में तीखी बहस आपराधिक अवमानना नहीं – Prayagraj (Allahabad) News




​इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अधिवक्ता द्वारा एक न्यायाधीश के विरुद्ध दाखिल आपराधिक अवमानना की अर्जी को पोषणीय न मानते हुए खारिज कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय एवं न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत और वकील के बीच होने वाली तीखी बहस आपराधिक अवमानना की श्रेणी में नहीं आती। केस को किसी और पीठ में ट्रांसफर किया अधिवक्ता अरुण मिश्रा ने अर्जी में आरोप लगाया था कि 26 नवंबर 2025 को एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान उन्होंने संबंधित न्यायाधीश से केस को किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था क्योंकि उन्हें उस पीठ पर विश्वास नहीं था। अरुण मिश्र के अनुसार इस पर न्यायाधीश ने उन्हें अपमानित किया, याचिका खारिज कर दी और बार कौंसिल को उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी। तीखी बहस का रिकॉड नहीं दिया ​हाईकोर्ट ने पाया कि याची ने अपने हलफनामे में उन विशिष्ट शब्दों या बयानों का उल्लेख नहीं किया है जो न्यायाधीश द्वारा कथित तौर पर उपयोग किए गए थे। कोर्ट ने कहा कि यदि न्यायाधीश और वकील के बीच कोई तीखी बहस हुई भी है, तो वह अवमानना अधिनियम 1971 की धारा 2(सी) के तहत आपराधिक अवमानना नहीं मानी जा सकती।
ऐसी बहस न तो न्यायालय की गरिमा को कम करती है और न ही न्याय प्रशासन में बाधा डालती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी न्यायाधीश के गलत आदेश को अवमानना की कार्यवाही का आधार नहीं बनाया जा सकता। ऐसे आदेशों को सक्षम उच्च या उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जानी चाहिए। अरुण मिश्र ने संविधान के अनुच्छेद 134(ए) के तहत सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए प्रमाण पत्र मांगा तो कोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस मामले में कानून का कोई ऐसा महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल नहीं है जिसे उच्चतम न्यायालय द्वारा तय किया जाना आवश्यक हो।



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3.21 मिनट का हिट गाना, सनी लियोनी को रातोंरात बना दिया था सेंसेशन, लटके-झटके देख लोगों का खुला रह गया था मुंह


 

3 मिनट 21 सेकेंड का एक ऐसा गाना, जिसने रिलीज होते ही सोशल मीडिया से लेकर पार्टीज़ और क्लब्स तक हर जगह तहलका मचा दिया था. इसके कैची म्यूजिक, बोल और सनी लियोनी के ग्लैमरस डांस मूव्स ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी थीं और हर कोई बस इसी गाने की बात कर रहा था. हम किसी और नहीं, बल्कि सनी लियोनी के सुपरहिट गाने ‘बेबी डॉल’ की बात कर रहे हैं, जिसने उन्हें रातोंरात जबरदस्त पहचान दिला दी थी. इस गाने ने ना सिर्फ पार्टी सॉन्ग्स का ट्रेंड बदल दिया, बल्कि सनी लियोनी को बॉलीवुड की सबसे चर्चित स्टार्स में भी शामिल कर दिया. आज भी लोग उन्हें सबसे ज्यादा ‘बेबी डॉल’ गाने से ही याद करते हैं.

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जयपुर में 55 लाख की कोकीन और मेथामफेटामाइन बरामद: नाइजीरियन नागरिक गिरफ्तार; यहां पढ़े जयपुर क्राइम की खबरें – Jaipur News




जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सी.एस.टी. टीम ने ऑपरेशन “क्लीन स्वीप” के तहत वाणिज्यिक मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद कर एक नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ये कार्रवाई पुलिस थाना शिप्रापथ क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार सी.एस.टी. और शिप्रापथ थाना पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि होटल गंगा श्रेय इन, एस.एफ.एस. मानसरोवर के बाहर एक संदिग्ध नाइजीरियन व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ के साथ मौजूद है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी TOCHUKWU DAVID (44) निवासी अनाम्ब्रा स्टेट, नाइजीरिया को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 102 ग्राम कोकीन और 17 ग्राम मेथामफेटामाइन (एमडी) बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी जयपुर में किस नेटवर्क के माध्यम से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था तथा इसके पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।



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