फिरोजाबाद के थाना लाइनपार क्षेत्र में 24 जून को हुई मारपीट की घटना के नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार दहशत में है। पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से न्याय और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। ठार पीपल रूपसपुर निवासी पीड़ित विजय पुत्र मुन्नालाल ने बताया कि 24 जून की रात गांव के कुछ लोग लाठी-डंडों के साथ उनके घर में घुस आए। बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद आरोपियों ने गाली-गलौज की और उनकी पत्नी लक्ष्मी, भाई गणेश व बाबू तथा पुत्र अभिषेक के साथ मारपीट की। हमलावरों ने ईंट-पत्थर भी फेंके, जिससे घर में खड़ी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। मारपीट में अभिषेक के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। पीड़ित के अनुसार, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। हालांकि, अभी तक किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार उन्हें धमकियां दे रहे हैं, जिससे उनका परिवार भयभीत है। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष रमित कुमार आर्य ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुकदमा गिरफ्तारी की धारा में पंजीकृत है, तो आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और वे इसकी जानकारी कर रहे हैं।
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फिरोजाबाद में मारपीट के आरोपी गिरफ्तार नहीं: FIR के बाद भी पीड़ित परिवार दहशत में, न्याय की गुहार – Firozabad News
दिल्ली ईवी पॉलिसी से मध्यम-निम्न आय वर्ग फायदा: दोपहिया पर ₹50 हजार, ई-ऑटो पर ₹75 हजार और गुड्स कैरियर पर ₹1.5 लाख तक की बचत का दावा – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ईवी पॉलिसी-2026 केवल प्रदूषण कम करने की पहल नहीं, बल्कि आम लोगों की आर्थिक बचत और आजीविका को मजबूत करने वाली नीति है। सरकार का दावा है कि खरीद प्रोत्साहन, स्क्रैपिंग इंसेंटिव, आजीवन रोड टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी के जरिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले से अधिक किफायती होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, पात्र खरीदारों को इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 30 हजार रुपए तक का खरीद प्रोत्साहन और 10 हजार रुपए तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। इससे शुरुआती स्तर पर 50 हजार रुपए से अधिक की बचत संभव होगी। वहीं, ई-ऑटो (एल-5) खरीदने वालों को 50 हजार रुपए तक का खरीद प्रोत्साहन और 25 हजार रुपए तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा, जिससे 75 हजार रुपए से अधिक की बचत हो सकती है। पुरानी कार स्क्रैप करने पर ₹1 लाख तक का लाभ इलेक्ट्रिक एन-1 गुड्स कैरियर खरीदने वाले पात्र लाभार्थियों को एक लाख रुपए तक का खरीद प्रोत्साहन और 50 हजार रुपए तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट के साथ कुल शुरुआती बचत करीब 1.50 लाख रुपए तक पहुंच सकती है। ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए भी स्क्रैपिंग प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि निजी इलेक्ट्रिक कारों पर खरीद सब्सिडी नहीं दी जाएगी। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो उसे एक लाख रुपए तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। इसके अलावा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट का लाभ भी मिलेगा। खरीद से पहले सूची जांचने की अपील मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक धन का उपयोग उन वाहन श्रेणियों पर केंद्रित किया है, जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से मध्यम एवं निम्न आय वर्ग, व्यावसायिक चालक, डिलीवरी पार्टनर और छोटे कारोबारी करते हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की परिचालन और रखरखाव लागत भी पारंपरिक वाहनों की तुलना में काफी कम है, जिससे लंबे समय में अतिरिक्त बचत होगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 300 से अधिक पंजीकृत ईवी मॉडल उपलब्ध हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वाहन खरीदने से पहले परिवहन विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध अनुमोदित मॉडलों की सूची अवश्य जांच लें।
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हार्ट फेल्योर से आर्मी जवान का निधन: जहानाबाद पहुंचा पार्थिव शरीर, आज होगा अंतिम संस्कार – Jehanabad News
जहानाबाद के सदर प्रखंड स्थित पिपरामा गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब सेना के जवान अवधेश कुमार (30) का हार्ट फेल्योर से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार को गांव पहुंचा, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। अवधेश कुमार वर्ष 2012 में सेना में भर्ती हुए थे और लगातार अपनी ड्यूटी कर रहे थे। कुछ समय पहले उनकी तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद उनका इलाज कराया गया और वे ठीक होकर छुट्टी पर घर भी आए थे। 3 बच्चों के थे पिता जवान अवधेश जब वे वापस ड्यूटी पर गए, तो परिजनों को सूचना मिली कि उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई है। परिवार के सदस्य दिल्ली गए, जहां एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। अवधेश अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। जैसे ही अवधेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, “अवधेश कुमार अमर रहे” के नारे गूंज उठे। उनके चाचा सुबह लाल ने बताया कि वह काफी मिलनसार और नेक इंसान थे। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर संकट आ गया है। मेजर ने अच्छा और कर्तव्यनिष्ठ जवान बताया मेजर सुल्तान महाशंकर ने अवधेश कुमार को एक अच्छा और कर्तव्यनिष्ठ जवान बताया। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से नियमानुसार हर संभव मदद प्रदान की जाएगी और उनके छोटे बच्चों की देखरेख भी की जाएगी।
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पाक जासूसी नेटवर्क: जैसलमेर का झबरा राम ऐसे फंसा: औरंगाबाद से पकड़ा गया रफीक चांद भेजता था फंडिंग, सेना की जानकारी के बदले जैसलमेर भेजे पैसे – Jaisalmer News
राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के बड़े फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए औरंगाबाद के रफ़ीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद सरहदी जिले जैसलमेर के निवासी झबरा राम से जुड़े जासूसी नेटवर्क के कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं। पुलिस जांच में यह साफ हो चुका है कि जासूसी के आरोप में जनवरी में पकड़े जा चुके झबरा राम को पैसे पहुंचाने का मुख्य काम यही रफ़ीक चांद करता था। रफ़ीक पिछले 4 साल से सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और फर्जी बैंक खातों के जरिए झबरा राम तक देश विरोधी गतिविधियों के लिए मोटी रकम ट्रांसफर कर रहा था। खुफिया एजेंसियां अब इस पूरे वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को आपस में जोड़कर झबरा राम के स्थानीय संपर्कों को खंगाल रही हैं। सरहद पार से मिल रहे थे निर्देश, रफ़ीक था मुख्य मोहरा खुफिया सूत्रों के मुताबिक, जैसलमेर का रहने वाला झबरा राम सीधे तौर पर पाकिस्तानी जासूसी हैंडलर्स के संपर्क में आ गया था। उसे भारतीय सेना की रणनीतिक और गोपनीय जानकारियों को सरहद पार भेजने का काम सौंपा गया था। हालांकि, इस जासूसी के बदले मिलने वाले पैसों को सीधे तौर पर भेजना जोखिम भरा था। इसके लिए आईएसआई ने औरंगाबाद के रफ़ीक चांद शेख का इस्तेमाल किया। रफ़ीक ने अपने और अपने करीबियों के नाम पर कई फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। जब भी झबरा राम कोई गोपनीय दस्तावेज या सूचना पाकिस्तान भेजता, उसके बदले रफ़ीक के खातों में रकम आती और रफ़ीक उसे विभिन्न माध्यमों से जैसलमेर में बैठे झबरा राम तक पहुंचा देता था। कौन है झबराराम सुरक्षा एजेंसियों और जांच रिपोर्टों के आधार पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए काम करने वाले आरोपी झबरा राम की जैसलमेर के नेडान गांव में ईमित्र की दूकान है। उसका पूरा नाम झबरा राम मेघवाल (पुत्र भाना राम) उम्र लगभग 28 वर्ष मूल निवास, नेडान गांव, सांकड़ा थाना क्षेत्र, पोकरण (जिला- जैसलमेर, राजस्थान) है। जनवरी 2026 से वो शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 (Official Secrets Act, 1923) में जेल में बंद है। वायुसेना कर्मी सुमित से भी जुड़े हैं तार जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क का दायरा सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं था। झबरा राम के साथ-साथ असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) सुमित कुमार को भी जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। झबरा राम और सुमित कुमार दोनों ही रफ़ीक चांद शेख द्वारा संचालित इसी वित्तीय नेटवर्क से जुड़े हुए थे। झबरा राम को जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में सेना की गतिविधियों, वाहनों के मूवमेंट और कैंपों की तस्वीरें व अन्य डेटा जुटाने की जिम्मेदारी मिली हुई थी, जिसे वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान भेज रहा था। बरामद बैंक खातों से खुलेंगे कई बड़े राज सीआईडी इंटेलिजेंस अब रफ़ीक के पास से मिले फर्जी बैंक खातों और झबरा राम के बैंक स्टेटमेंट का मिलान कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि झबरा राम ने जासूसी के इस पैसे का इस्तेमाल पश्चिमी राजस्थान में अपने नेटवर्क को मजबूत करने और कुछ अन्य स्थानीय लोगों को लालच देकर अपने साथ मिलाने में किया हो सकता है। फिलहाल दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी चल रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि झबरा राम ने अब तक कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के साथ साझा की हैं। झबरा राम का काम करने का तरीका सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से झबरा राम के बारे में निम्नलिखित बड़े खुलासे हुए हैं: फंडिंग और रफ़ीक चांद शेख से कनेक्शन झबरा राम को हर टास्क (जैसे किसी खास सैन्य ठिकाने की फोटो भेजना) पूरा करने के एवज में पाकिस्तान से ‘मोटी रकम’ मिलती थी। हाल ही में (जून 2026 के अंत में) औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार हुए रफ़ीक चांद शेख की जांच में यह साफ हुआ है कि झबरा राम के खातों में जो पैसा आ रहा था, वह रफ़ीक ही ट्रांसफर कर रहा था। रफ़ीक ने कई फर्जी बैंक खाते खुलवा रखे थे, जिनमें आईएसआई से पैसा आता था और रफ़ीक उस पैसे को कमीशन काटकर जैसलमेर में बैठे झबरा राम तक पहुंचाता था। झबरा राम जनवरी 2026 से ही जेल में है। रफ़ीक चांद की गिरफ्तारी के बाद अब खुफिया एजेंसियां इन दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की तैयारी में हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस नेटवर्क में राजस्थान के कुछ और स्थानीय लोग भी शामिल हैं।
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दरवाजा काटकर घर के अंदर घुसे चोर, जेवर-नगदी गायब: दमोह में शादी में गया था परिवार, पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज – Damoh News
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के सेलवाड़ा गांव में बुधवार रात अज्ञात चोरों ने एक सूने घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना उस समय हुई जब घर के सभी सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। गुरुवार सुबह जब परिवार वापस लौटा तो घर का आधा दरवाजा टूटा हुआ मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब थे। करीब चार लाख की चोरी का दावा पीड़ित साहब विश्वकर्मा ने बताया कि चोरी हुए सामान की कीमत करीब चार लाख रुपए है। उन्होंने दोपहर में तेंदूखेड़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, साहब विश्वकर्मा का परिवार शादी में शामिल होने तेंदूखेड़ा गया था। उनकी पत्नी दो दिन पहले ही रिश्तेदार के यहां चली गई थीं, जबकि बुधवार शाम वह अपनी दो बेटियों के साथ भी शादी में चले गए थे। घर में सेंध लगाकर की गई वारदात पड़ोसी प्रशांत चौबे के अनुसार, साहब विश्वकर्मा कपड़े की दुकान चलाते हैं। इसी दौरान चोरों ने घर में सेंध लगाई और अलमारी से जेवर व नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस और डॉग स्क्वॉड से जांच सूचना मिलने पर पुलिस डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी सरोज ठाकुर ने बताया कि टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है और वह स्वयं भी मौके पर पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी नकदी की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, जांच के बाद ही नुकसान की सटीक राशि स्पष्ट होगी।
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जापानी PM की मोदी से बातचीत शुरू: निवेश, रक्षा और सेमीकंडक्टर पर चर्चा; ताकाइची पहली बार भारत आईं
नई दिल्ली16 मिनट पहले
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जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर भारत आई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है।
दोनों नेताओं के बीच निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो रही है। यह बैठक 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में ताकाइची का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
साने ताकाइची प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार भारत आई हैं। तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगी, जहां दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

ताकाइची को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

मोदी और ताकाइची ने हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए।

ताकाइची बुधवार को दिल्ली पहुंची थीं। यह उनकी पहली भारत यात्रा है।

एयरपोर्ट पर ताकाइची का स्वागत केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया।
भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी
भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके।

मोदी और ताकाइची की नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका में हुए G20 समिट के दौरान मुलाकात हुई थी।
डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट
अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्रा में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी।
इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी
स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है।
यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई।

15वें भारत-जापान समिट में भारत के प्रधानमंत्री मोदी और जापान के तत्कालीन पीएम शिगेरु इशिबा।
भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार
संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपी वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा।
जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके।
भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश
भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है।
फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है।
दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें
जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था।
भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा।
एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से ज्यादा जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं।
चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लीथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है।
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जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई

साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
‘भाई का स्टारडम भी काम नहीं आएगा’, रियलिटी शो ‘अलायंस’ में जाने से पहले सोहेल का खुलासा
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सोहेल खान जल्द ही रियलिटी शो ‘अलायंस’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आने वाले हैं. इस शो में आने से पहले वह बतौर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर काम कर चुके हैं. लेकिन ये पहली बार है कि वह किसी शो में बतौर कंटेस्टेंट नजर आने वाले हैं. यही वजह है कि शो में आने से पहले उनके भाई सलमान खान ने उन्हें चेतावनी दी है.
नई दिल्ली. सलमान खान के भाई सोहेल खान जल्द ही रियलिटी शो ‘अलायंस’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आने वाले हैं. शो में एंट्री से पहले उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि सोहेल के इस शो में जाने के फैसले के बाद सलमान खान का क्या रिएक्शन था. एक्टर ने बताया है कि शो में जाने से पहले ही उनके भाई ने उन्हें चेतावनी दी थी कि तुमने सोच लिया कि क्या करने जा रहे हो.

सोहेल खान जल्द ही प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘अलायंस’में बतौर कंटेस्टेंट नजर आने वाले हैं. उन्होंने ये साफ कर दिया है कि इस शो में न उनके भाई का नाम या उनका स्टारडम काम आएगा और न ही फिल्म फिल्मी परिवार से होने का रुतबा. यहां सिर्फ दिमाग और रणनीति से अपना रास्ता बनाना होगा.

सोहेल खान पहली बार किसी शो में नजर आने वाले हैं, इस खबर ने इंडस्ट्री में सनसनी मचा दी है. उनके फैंस तो इस शो का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. फाइनली एक्टर ने खुलासा कर दिया है कि इस शो को में आने का फैसला उन्होंने क्यों लिया.
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सोहेल खान बताया है कि वह इस शो में एक सुपरस्टार के भाई बनकर नहीं, बल्कि अपनी नई पहचान बनाने के लिए आए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वह कहां से आए हैं और वह कौन हैं, ये सब इस शो में काम नहीं आएगा. यहां सिर्फ मैं, मेरा दिमाग और मेरा गेम काम आएगा.

शो में आने के बाद अगर फैंस को मेरा एक अलग रूप देखने को मिला, तो मेरी मेहनत सफल हो जाएगी. इतना ही नहीं यही मेरी सबसे बड़ी जीत होगी. मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं कभी किसी शो का हिस्सा बनूंगा.

सोहेल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह सलमान को काफी समय से बिग बॉस करते देख रहे हैं कि शो में कितना ड्रामा, कितनी एनर्जी और कई बार तो कितना इमोशनली प्रेशर आ जाती है कंटेस्टेंट पर मुझे लगता है कि कोई भी शो आसान नहीं है.

इस शो के बारे में बात करते हुए सोहेल ने कहा कि इस शो को खेलना आसान नहीं होगा.आपको शो में सामने वाले भनक लगे बिना ही उसे कड़ी चुनौती देनी है, इस शो की इसी बात की वजह से मैंने इस शो के लिए हामी दी है.

बता दें कि सोहेल ने इस दौरान इस बात का भी खुलासा किया कि जब सलमान को पता चला कि वह इस शो का हिस्सा बन रहे हैं, तो वह हैरान हो गए थे. उन्होंने सोहेल से पूछा, तुम्हें यकीन है कि तुम कौन सा बड़ा फैसला ले रहे हो ?’ उन्होंने मुझे ये चेतावनी भी दी और आशीर्वाद भी.बता दें कि इस नए शो के एपिसोड हर दिन दोपहर 12 बजे प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम किए जाते हैं.
सुबह के नाश्ते का किंग है धौलपुर की बेढ़ई! जानें बनाने का सबसे आसान तरीका
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Dholpur Famous Bedhai Recipe: धौलपुर की पारंपरिक बेढ़ई अपने कुरकुरे स्वाद और मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसे जाने के लिए प्रसिद्ध है. धौलपुर के अलावा आगरा, ग्वालियर और मुरैना तक इसकी खास पहचान है. मेहमानों के स्वागत से लेकर रोजाना के नाश्ते तक बेढ़ई यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा बन चुकी है. गृहिणी मीनाक्षी शर्मा ने इसकी आसान रेसिपी साझा करते हुए बताया कि सूजी, बेसन, गेहूं का आटा, घी, कसूरी मेथी और अजवाइन से तैयार बेढ़ई को सुनहरा तलकर मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है.
धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिले की मशहूर बेढ़ई अपने खास स्वाद, कुरकुरी बनावट और मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसे जाने के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. धौलपुर के अलावा आगरा, ग्वालियर और मुरैना के लोग भी इस पारंपरिक नाश्ते को बड़े चाव से खाते हैं. जब भी घर पर मेहमान आते हैं तो उनके स्वागत में बेढ़ई बनाना आज भी एक खास परंपरा मानी जाती है. सुबह के समय धौलपुर की लगभग हर नाश्ते की दुकान पर बेढ़ई खाने वालों की भीड़ आसानी से देखी जा सकती है.
गृहिणी मीनाक्षी शर्मा बताती हैं कि बेढ़ई बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं है, बस थोड़ा समय और सही तरीका अपनाना जरूरी है. सबसे पहले सूजी, बेसन और गेहूं के आटे को अच्छी तरह मिलाया जाता है. इसमें कसूरी मेथी, अजवाइन और करीब 100 ग्राम घी मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद पानी डालकर आटे को 7 से 8 मिनट तक अच्छी तरह गूंथा जाता है. आटा थोड़ा सख्त रखा जाता है, ताकि बेढ़ई आसानी से बेली जा सके.
घर पर ऐसे बनाएं धौलपुर की पारंपरिक बेढ़ई
इसके साथ बनने वाली आलू की सब्जी भी इसके स्वाद का सबसे बड़ा राज है. सबसे पहले आलू उबालकर उन्हें अच्छी तरह मैश किया जाता है. फिर प्याज, लहसुन, हरी मिर्च और टमाटर का पेस्ट तैयार किया जाता है. कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करके उसमें जीरा डाला जाता है. इसके बाद तैयार पेस्ट को अच्छी तरह भूना जाता है. अब एक कटोरी दही में लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाकर मसाला तैयार किया जाता है. इस मसाले को भी पेस्ट के साथ अच्छी तरह पकाया जाता है. जब मसाला अच्छी तरह भुन जाए, तब उसमें मैश किए हुए आलू डालकर 5 से 10 मिनट तक पकाया जाता है. इससे स्वादिष्ट और मसालेदार आलू की सब्जी तैयार हो जाती है.
धौलपुर में घर-घर की पसंद बन गई है बेढ़ई
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें










