Monday, June 22, 2026
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दिल्ली में ड्रैगन से सीधा संवाद, डोभाल ने वांग यी के सामने रखी भारत की बात


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दिल्ली में ड्रैगन से सीधा संवाद, डोभाल ने वांग यी के सामने रखी भारत की बात

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अजीत डोभाल और वांग यी के बीच हुई बातचीत कूटनीतिक रूप से बेहद रचनात्मक रही और भविष्य के सुरक्षा रोडमैप को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित रही. बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के विकास पर विस्तार से चर्चा की और रिश्तों के धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष जताया.

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ब्रिक्स सम्मेलन में अजीत डोभाल और वांग यी की मुलाकात हुई.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-चीन संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने नई दिल्ली में ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की.”

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, “दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के विकास पर चर्चा की और रिश्तों के धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष जताया. एनएसए ने कहा कि स्थिर, भरोसेमंद और सकारात्मक द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के बीच विश्वास और बेहतर समझ को मजबूत करने में मदद करते हैं.” एमईए के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत रचनात्मक रही और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.

एनएसए डोभाल ने ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान ब्राजील के बहुपक्षीय और राजनीतिक मामलों के सचिव कार्लोस कोजेंडे से भी मुलाकात की. विदेश मंत्रालय ने बताया, “दोनों पक्षों ने ब्रिक्स के तहत भारत और ब्राजील के बीच हो रहे सहयोग का स्वागत किया और भारत-ब्राजील द्विपक्षीय संबंधों की भी समीक्षा की.” भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित यह दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को एक मंच पर ला रही है, जहां वे वैश्विक सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं और महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर सहयोग को मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं.

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक में सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख ‘आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों’ विषय पर अपने विचार साझा करेंगे. अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी तेजी से बदलती चुनौतियों और नई तकनीकों की वजह से उभर रहे सुरक्षा खतरों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, वे हाल ही में हुई ब्रिक्स की आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सुरक्षित उपयोग से जुड़े संयुक्त कार्य समूह की बैठकों के नतीजों की भी समीक्षा करेंगे.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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गोपालगंज में 40 मिनट की तेज बारिश: 40 मिलीमीटर तक वर्षा की गई दर्ज, सड़कों पर 2 फीट पानी – Gopalganj News




गोपालगंज में सोमवार को 40 मिनट तक हुई तेज मानसूनी बारिश से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत मिली है। इस मूसलाधार वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस 40 मिनट की अवधि में जिले में लगभग 35 से 40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कम समय में हुई इस भारी वर्षा को ‘तीव्र बौछार’ की श्रेणी में रखा गया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया हालांकि, इस बारिश ने नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया। शहर के प्रमुख चौराहों, सदर अस्पताल परिसर और रिहायशी इलाकों की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। जलजमाव के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई। कई दुपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे राहगीरों और कार्यालय जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई शहरी क्षेत्रों में जलजमाव से परेशानी हुई, वहीं ग्रामीण इलाकों और खेतों में स्थिति भिन्न थी। यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। पिछले कई दिनों से पानी की कमी के कारण धान के बिचड़े सूख रहे थे। इस वर्षा से खेतों को पर्याप्त नमी मिली है, जिससे किसान अब धान की रोपाई का कार्य शुरू कर सकेंगे। महंगे डीजल और पंपिंग सेट के खर्च से बचत इस प्राकृतिक सिंचाई से किसानों को महंगे डीजल और पंपिंग सेट के खर्च से बचत हुई है। धान के अतिरिक्त गन्ने और हरी सब्जियों की फसलों को भी इस बारिश से लाभ पहुंचा है। कुल मिलाकर, शहरी ड्रेनेज की समस्या के बावजूद, इस मानसूनी बारिश ने गोपालगंज के जनजीवन और कृषि व्यवस्था को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।



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सैदुलाजाब-हौज रानी हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलीं सीएम रेखा: 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि सौंपी; बोलीं- हादसों के दोषियों को नहीं बख्शेंगे – New Delhi News




दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में सैदुलाजाब भवन ढहने की घटना और मालवीय नगर के हौज रानी अग्निकांड में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सौंपी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ा को शब्दों में बयां करना संभव नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे असहनीय दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। एक मां, एक बेटी और एक जनसेवक के रूप में वह इन परिवारों की पीड़ा को गहराई से महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि इन हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। दोनों हादसों ने झकझोर दिया रेखा गुप्ता ने कहा कि 30 मई को सैदुलाजाब में हुई इमारत ढहने की घटना और 3 जून को हौज रानी में हुए अग्निकांड में जिन अमूल्य जिंदगियों का नुकसान हुआ। उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। सैदुलाजाब हादसे में कई होनहार युवाओं की जान गई, जिनकी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने थे। जबकि हौज रानी अग्निकांड ने एक ही परिवार की 2 पीढ़ियों को हमसे छीन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल प्रभावित परिवारों का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दुख है। इस अवसर पर मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवारों के लिए सहायता सैदुलाजाब भवन ढहने और हौज रानी अग्निकांड के पीड़ित परिवारों से मुख्यमंत्री की मुलाकात मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की घोषणा मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी



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दतिया में उमस और गर्मी का कहर: मानसून की देरी से धान की खेती प्रभावित, किसानों में बढ़ी चिंता – datia News




दतिया में बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश न होने से उमस बढ़ गई है। मानसून की देरी के कारण गर्मी ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित है। पिछले 24 घंटों में तापमान में उछाल दर्ज किया गया है, जिससे जून का महीना मई जैसा तप रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार दतिया में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। पिछले 24 घंटों में इसमें 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। न्यूनतम तापमान भी 29.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक है। रात के तापमान में 24 घंटे में 4.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे रात में भी लोग उमस से परेशान हैं। धान की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ी
इस उमस भरी गर्मी और बारिश की कमी का सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। जिले में धान की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं। बारिश न होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं, जिससे किसान अभी तक धान की फसल के लिए मुख्य खेत तैयार नहीं कर पाए हैं। किसान फिलहाल किसी तरह पानी का इंतजाम कर धान की पौध (नर्सरी) तैयार करने में जुटे हैं। बारिश नहीं हुई तो फसल पर संकट यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो तैयार हो रही पौध के झुलसने का खतरा बढ़ जाएगा। किसानों का कहना है कि मानसून की देरी से चालू सीजन की रोपाई में विलंब हो रहा है, जिससे फसल चक्र प्रभावित हो सकता है। मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दो दिनों तक जिले में हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद आसमान साफ रहेगा, धूप खिलेगी और गर्मी फिर बढ़ेगी।



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जी5 पर देखें अक्षय कुमार की 7 फिल्में, पहली ने बदली लोगों की सोच, चौथी हुई सुपरहिट


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अक्षय कुमार की स पर बनी एक कोर्ट रूम ड्रामा है, जिसकी कहानी आपके रोंगटे खड़े कर सकती. तीसरी फिल्म में गोविंदा के साथ कॉमेडी आज भी लोगों को गुदगुदाती है. कुल मिलाकर, यह आठ फिल्में हर मिजाज के दर्शकों के लिए एंटरटेनमेंट का कंप्लीट पैकेज है, जिसे आप परिवार के साथ वीकेंड पर एन्जॉय कर सकते हैं.

नई दिल्ली. अक्षय कुमार ने अपने करियर में कॉमेडी, एक्शन, थ्रिलर और इमोशनल हर जॉनर की फिल्में की हैं. अपने हर किरदार से उन्होंने फैंस का दिल जीता है. यही वजह है कि आज भी उनकी फिल्मों का क्रेज कम नहीं हुआ है. अगर आप घर बैठे अक्षयी की फिल्में देखना चाहते हैं, तो जी5 पर मौजूद हैं उनकी ये हैरान करने वाली फिल्में.

अक्षय कुमार की राधिका आप्टे के साथ साल 2018 आई फिल्म पैडमैन एक ऐसी कहानी है, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करती बल्कि एक जरूरी सामाजिक मुद्दे पर भी बात करती है. फिल्म सामाजिक उद्यमी अरुणाचलम मुरुगनंतम के जीवन से प्रेरित है. इसमें अक्षय एक ऐसे शख्स का किरदार निभाते हैं जो महिलाओं के लिए सस्ते और सुरक्षित सैनिटरी पैड बनाने का फैसला करता है. इस दौरान उसे समाज की सोच और कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन वह हार नहीं मानता. फिल्म एक मजबूत संदेश देती है और देखने के बाद लंबे समय तक याद रहती है.

अगर आपको पारिवारिक और इमोशनल फिल्में पसंद हैं, तो रक्षाबंधन आपके लिए है. साल 2022 में आई फिल्म में अक्षय कुमार एक ऐसे भाई का रोल निभाते हैं जिसकी दुनिया उसकी चार बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है. वह उनकी शादी और खुशियों के लिए हर संभव कोशिश करता है. कहानी में भाई-बहन के प्यार के साथ-साथ दहेज जैसी सामाजिक समस्या को भी दिखाया गया है. कई जगह फिल्म भावुक कर देती है और रिश्तों की अहमियत समझाती है.

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यह फिल्म पिता और बेटे के रिश्ते पर बनी सबसे यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है. साल 2005 में आई फिल्म में अमिताभ बच्चन पिता और अक्षय कुमार बेटे के किरदार में नजर आते हैं. अक्षय का किरदार जिम्मेदारियों से बचता रहता है, लेकिन उसका पिता उसे जीवन की सच्चाई और जिम्मेदारी का मतलब समझाने के लिए सख्त कदम उठाता है. फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं जो भावुक कर देते हैं और परिवार की अहमियत का एहसास कराते हैं.

अगर आपका मूड थ्रिलर देखने का है तो ऐतराज़ एक बढ़िया चॉइस हो सकती है. साल 2004 में आई फिल्म में अक्षय कुमार ऐसे शख्स की भूमिका में हैं जिस पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं. इसके बाद वह अपने सम्मान और सच्चाई के लिए लड़ाई लड़ता है. कोर्टरूम ड्रामा, सस्पेंस और दमदार परफॉर्मेंस इस फिल्म को खास बनाते हैं. कहानी शुरुआत से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है.

रुस्तम अक्षय कुमार के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है. साल 2016 में आई यह फिल्म मशहूर नानावटी केस से प्रेरित है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. फिल्म में अक्षय एक नेवी ऑफिसर के किरदार में नजर आते हैं, जिसकी जिंदगी एक घटना के बाद पूरी तरह बदल जाती है. फिल्म में सस्पेंस, इमोशन और कोर्टरूम ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है. इस फिल्म के लिए अक्षय कुमार को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था.

अगर आप हंसते-हंसते पेट पकड़ लेना चाहते हैं तो भागम भाग जरूर देखें. साल 2006 में आई फिल्म में अक्षय कुमार और गोविंदा की जोड़ी ने ऐसा धमाल मचाया कि आज भी लोग इसे पसंद करते हैं. गलतफहमियों, मजेदार परिस्थितियों और जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग से भरी यह फिल्म शुरुआत से आखिर तक मनोरंजन करती है. यह उन फिल्मों में से है जिन्हें आप बार-बार देखकर भी बोर नहीं होंगे.

अक्षय कुमार की शुरुआती सुपरहिट फिल्मों में मोहरा का नाम जरूर लिया जाता है. साल 1994 में आई यह एक दमदार एक्शन फिल्म है जिसमें रोमांच, ड्रामा और शानदार गाने सब कुछ है. फिल्म में अक्षय के एक्शन सीन उस दौर में काफी पसंद किए गए थे. इसके गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं. अगर आपको 90 के दशक की मसाला फिल्में पसंद हैं तो मोहरा आपके लिए परफेक्ट है.

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कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में धमाका: 13 की मौत, इनमें कई भारतीय भी शामिल; 60 से ज्यादा घायल




कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। मरने वालों में भारत और पाकिस्तान के लोग शामिल हैं। भारतीय नागरिकों की सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। अल-काबी ने बताया कि हादसे में घायल हुए लोगों में भारत, कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं। विस्फोट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ था। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह हादसा था, किसी तरह की तोड़फोड़ या दुश्मनाना कार्रवाई नहीं। उनके मुताबिक, जरूरी मरम्मत के कारण दिसंबर 2025 से प्लांट का उत्पादन पूरी तरह बंद था और इसे सिर्फ दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। राजधानी दोहा तक धमाके की आवाज सुनाई दी कतरएनर्जी के मुताबिक, रविवार शाम ऑपरेशन शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में विस्फोट और आग लगी थी। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और अब आग पर काबू पा लिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी। 70 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी घबरा गए। हालांकि, ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि हादसे से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है और कतर से गैस की सप्लाई भी जारी रहेगी। जहां हादसा हुआ, वह बरजान गैस प्लांट कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान का हिस्सा है। इसी इलाके से दुनिया के कई देशों को गैस भेजी जाती है। यहां से घरेलू बिजली संयंत्रों और उद्योगों को भी गैस सप्लाई होती है। भारतीय दूतावस ने मदद का भरोसा दिया दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह कतर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और मृतकों तथा घायलों के परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई है। दूतावास ने +974-55647502 और +975-55384683 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा cons.doha@mea.gov.in ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोग लापता हैं। ईरान जंग में रास लाफान की 2 यूनिट को नुकसान पहुंचा रॉयटर्स के मुताबिक, मार्च में ईरान के मिसाइल हमले में रास लाफान की दो गैस यूनिट क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इससे कतर की गैस निर्यात क्षमता का करीब 17% हिस्सा प्रभावित हुआ था। कतरएनर्जी के CEO के मुताबिक, इन यूनिटों की पूरी मरम्मत में तीन से पांच साल लग सकते हैं। ईरान युद्ध के दौरान कंपनी को करीब 10 हजार कर्मचारियों को गैस संयंत्रों से हटाना पड़ा था। हालांकि मार्च में हुए मिसाइल हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, LNG प्लांट को दोबारा शुरू करना बेहद जटिल प्रक्रिया होती है और इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाता है, ताकि तापमान में अचानक बदलाव से उपकरणों को नुकसान न पहुंचे।



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भारत के ब्रह्मोस से दुश्मनों के छक्के छुड़ाएगा UAE, ‘सुदर्शन चक्र’ के लिए भी हो रही डील


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भारत के ब्रह्मोस से दुश्मनों के छक्के छुड़ाएगा UAE, सुदर्शन चक्र के लिए भी डील

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ब्रह्मोस मिसाइल पहले ही अपनी सटीकता, मारक क्षमता और सुपरसोनिक गति के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय रही है. वहीं आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम भारत की स्वदेशी सैन्य तकनीक की नई पहचान बनकर उभरा है.

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यूएई ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के लिए भारत से बातचीत कर रहा है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत का रक्षा निर्यात एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच देश के सबसे घातक और चर्चित रक्षा प्लेटफॉर्म्स की संभावित बिक्री को लेकर बातचीत चल रही है. इस सूची में दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में शामिल ब्रह्मोस और स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम आकाशतीर प्रमुख रूप से शामिल हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है.

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के बाद यूएई अपनी सैन्य क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने में जुटा है. ऐसे में उसकी नजर भारत के अत्याधुनिक रक्षा सिस्टमों पर टिकी हुई है. अगर यह सौदा आगे बढ़ता है, तो यह सिर्फ एक रक्षा समझौता नहीं बल्कि वैश्विक हथियार बाजार में भारत की बढ़ती ताकत और रणनीतिक प्रभाव का बड़ा संकेत माना जाएगा.

मामले की सीधी जानकारी रखने वाले एक तीसरे सूत्र ने रॉयटर्स से कहा, “UAE ने ब्रह्मोस और आकाशतीर समेत हमारे कई हथियार सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई है. भारत और UAE के बीच बातचीत शुरुआती दौर में है और तेज़ी से आगे बढ़ रही है.” भारतीय अधिकारियों और UAE के विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया.

भारत और रूस द्वारा मिलकर बनाई गई ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज़ क्रूज़ मिसाइलों में से एक है और इसे ज़मीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है, जबकि आकाशतीर एक पूरी तरह से ऑटोमेटेड एयर डिफेंस सिस्टम है जिसे भारत की सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और भारतीय सेना ने मिलकर बनाया है.

युद्ध के दौरान ईरान के भारी हमलों का सामना करने और उभरते खतरों से निपटने की अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए, UAE भारत और अन्य जगहों से डिफेंस इक्विपमेंट खरीदने पर विचार कर रहा है. उसे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा भी करनी है, जो उसके एनर्जी एक्सपोर्ट के लिए एक अहम रास्ता है. इस साल की शुरुआत में, UAE ने डिफेंस सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दक्षिण कोरिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किया था, जिसकी कीमत 35 अरब डॉलर से ज़्यादा होगी.

कॉन्फ्लिक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ की साउथ एशिया सीनियर एनालिस्ट पर्ल पांड्या ने कहा, “सप्लायर बेस में विविधता होने से UAE को ज़्यादा रणनीतिक आज़ादी मिलती है. साथ ही, भारत के साथ करीबी रिश्ते होने का एक अतिरिक्त फ़ायदा यह है कि इससे अमेरिका नाराज़ नहीं होता, क्योंकि दोनों देश सहयोगी हैं.” स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के डेटा के अनुसार, 2021 और 2025 के बीच मध्य पूर्व (Middle East) को हथियार एक्सपोर्ट करने वाला सबसे बड़ा देश अमेरिका था, जिसने कुल इंपोर्ट का 54% हिस्सा सप्लाई किया. इसके बाद इटली (12%) और फ्रांस (11%) का नंबर आता है.

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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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उदयपुर-झाड़ोल नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, दो घायल; पूरी रात सड़क किनारे तड़पते रहे – Udaipur News




उदयपुर के झाड़ोल क्षेत्र में देर रात एक सड़क हादसा हो गया। फलासिया थाना इलाके के नेशनल हाईवे 58-ई पर घोड़ीमारी के पास एक तेज रफ्तार बाइक बेकाबू होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घायल युवक पूरी रात खून से लथपथ हालत में सड़क किनारे पड़े तड़पते रहे, लेकिन सुनसान इलाका होने के कारण उन्हें रात में कोई मदद नहीं मिल सकी। यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों युवक एक जीप चालक को उसके घर छोड़ने के लिए बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक घोड़ीमारी के पास पहुंची, अचानक संतुलन बिगड़ गया और बाइक सीधे हादसे का शिकार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बाकी के दो युवक गंभीर चोटों के कारण हिल भी नहीं पाए और रातभर मदद का इंतजार करते रहे। सुबह जब उजाला हुआ और वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों की नजर घायलों पर पड़ी, तो इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना फलासिया थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही फलासिया थाने से पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन इनमें से एक युवक की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए उदयपुर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर झाड़ोल उपजिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है, जहां परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। फलासिया थाना के एएसआई चंदूलाल ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब हादसे के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है कि बाइक की टक्कर किसी अज्ञात वाहन से हुई थी या फिर संतुलन बिगड़ने की वजह से यह हादसा हुआ।



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एक महिला, 12 महिलाओं को रोजगार! गोंडा की राधा देवी ने पेश की मिसाल


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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की राधा देवी प्रजापति ने सीमित शिक्षा और घरेलू जिम्मेदारियों के बावजूद आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने जड़ी-बूटियों और हर्बल उत्पादों का व्यवसाय शुरू किया, जो आज एक सफल उद्यम का रूप ले चुका है. उनकी मेहनत और लगन न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार और प्रेरणा दे रही है.

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की एक महिला ने अपनी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर जिंदगी की पूरी तस्वीर बदल दी है. कभी केवल घरेलू कामकाज और चूल्हे-चौके तक सीमित रहने वाली राधा देवी प्रजापति आज एक स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बेहतरीन हर्बल उत्पाद तैयार कर रही हैं. इस बिजनेस से वह सालाना लाखों रुपये की शानदार आय अर्जित कर रही हैं. उनकी इस अनोखी सफलता की कहानी आज पूरे क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है.

राधा देवी प्रजापति बताती हैं कि उन्होंने सिर्फ कक्षा 5वीं तक ही पढ़ाई की थी, जिसके बाद काफी कम उम्र में उनकी शादी हो गई और वह एक साधारण हाउसवाइफ बन गईं. उनके ससुराल में पहले से पारंपरिक रूप से जड़ी-बूटियों का थोड़ा-बहुत काम होता था. उसी काम को देखकर और समझकर उन्होंने जड़ी-बूटी के क्षेत्र में एक नई शुरुआत करने की ठानी, जो आज एक बड़े और सफल बिजनेस का रूप ले चुका है. राधा देवी ने बताया कि उनके इस ग्रुप का नाम ‘कलम स्वयं सहायता समूह’ है.

राधा देवी बताती हैं कि कुछ साल पहले तक उनके पास आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं था. घर की जिम्मेदारियों के बीच वह हमेशा से परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कोई सही मौका नहीं मिल पा रहा था. इसी दौरान उन्हें स्वयं सहायता समूह के बारे में पता चला और वह उससे जुड़ गईं. समूह का हिस्सा बनने के बाद उन्हें सरकार की तरफ से कई तरह के जरूरी प्रशिक्षण दिए गए, जिसने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया.

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राधा देवी ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें औषधीय पौधों की सही पहचान, उनकी वैज्ञानिक खेती, प्रोसेसिंग और आकर्षक पैकेजिंग की बारीकियां सिखाई गईं. इसके बाद उन्होंने अपने घर से ही जड़ी-बूटियों और हर्बल उत्पादों को तैयार करने का काम शुरू कर दिया. शुरुआत में यह काम बेहद छोटे स्तर पर था, लेकिन जैसे-जैसे लोगों को उनकी शुद्धता पर भरोसा होता गया, बाजार में उनके प्रोडक्ट की मांग भी तेजी से बढ़ती चली गई.

आज राधा देवी अपने समूह के साथ मिलकर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, शतावरी, मकोय का अर्क, गुलाब का अर्क और शुद्ध च्यवनप्राश समेत कई औषधीय पौधों से जुड़े बेहतरीन उत्पाद तैयार कर रही हैं. इन जड़ी-बूटियों को खेतों से लाने के बाद पहले अच्छी तरह साफ किया जाता है, फिर धूप में सुखाकर और कूट-पीसकर अलग-अलग उत्पाद बनाए जाते हैं. इसके बाद इनकी बढ़िया से पैकेजिंग कर इन्हें बाजार में बिक्री के लिए भेजा जाता है. राधा देवी का कहना है कि आज के समय में लोग सेहत को लेकर जागरूक हो रहे हैं, इसलिए उनके आयुर्वेदिक उत्पादों की बिक्री बहुत अच्छी होती है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत हो गई है.

राधा देवी गर्व से बताती हैं कि आज उनके इस सेंटर पर लगभग 10 से 12 स्थानीय महिलाएं नियमित रूप से काम कर रही हैं, और सीजन के समय जब काम बढ़ता है, तो यह संख्या और ज्यादा हो जाती है. उन्होंने बताया कि आज जड़ी-बूटी के इसी बिजनेस से उनका पूरा परिवार बेहद सम्मान के साथ चल रहा है. कमाई का मुख्य जरिया यही काम है, जिससे अब उनके बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं और घर के सारे खर्चे आसानी से पूरे हो जाते हैं. उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में खुद को आत्मनिर्भर बना सकती हैं.

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UP में बिजली मांग का रिकॉर्ड टूटा: 21 जून की रात 32,348 मेगावाट बिजली सप्लाई की, महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ा – Uttar Pradesh News



उत्तर प्रदेश में बिजली मांग और सप्लाई का पिछला सभी रिकॉर्ड टूट गया। रविवार यानी 21 जून की रात 10:47 बजे बिजली की मांग 32,348 मेगावाट पहुंची, जो अब तक की सर्वाधिक है। उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया है। अब देश में सबसे अधिक बिजली की मां

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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भी बिजली की इस अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए बिजली कर्मियों को बधाई दी है। महाराष्ट्र में 13 मई को अधिकतम बिजली की मांग 32,317 मेगावाट पहुंची थी। अब यूपी ने इसे भी पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में 21 जून को कुल 67.7 करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज हुई। यह भी देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है।



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