Monday, July 13, 2026
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जब सनी देओल-संजय दत्त की महा-जुगलबंदी को दर्शकों ने थिएटर्स में किया था रिजेक्ट


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जब भी बॉलीवुड के दो बड़े एक्शन स्टार्स एक साथ आते हैं, तो आमतौर पर ब्लॉकबस्टर की उम्मीद की जाती है. लेकिन, सनी देओल और संजय दत्त की जोड़ी का इतिहास कुछ और ही कहानी कहता है. जब भी सनी देओल और संजय दत्त बड़े पर्दे पर एक साथ दिखे, बॉक्स ऑफिस हमेशा खाली रहा! जी हां, अपने जबरदस्त स्टारडम के बावजूद, इन दोनों हीरो की जोड़ी बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने में नाकाम रही. हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर अपनी बड़ी असफलताओं के बावजूद, ये फिल्में टीवी और वीसीआर पर दर्शकों के बीच इतनी पॉपुलर हुईं कि अब इन्हें कल्ट क्लासिक्स माना जाता है.

नई दिल्ली. 90 के दशक में सनी देओल की ‘ढाई किलो का हाथ’ और संजय दत्त का ‘खलनायक’ अवतार सिंगल स्क्रीन पर आग लगाने के लिए काफी थे. कहा जाता है कि उस दौर में ट्रेड पंडितों और डिस्ट्रीब्यूटरों का मानना ​​था कि अगर इन दो जबरदस्त एक्शन स्टार्स को एक ही फ्रेम में एक साथ लाया जाए, तो थिएटर कैश से भर जाएंगे, सारे रिकॉर्ड तोड़ देंगे. इस फॉर्मूले को भुनाने के लिए प्रोड्यूसर्स ने करोड़ों रुपये खर्च किए और दोनों हीरो को एक साथ कैमरे के सामने लाया.लेकिन, बॉक्स ऑफिस का हिसाब हमेशा उम्मीद के मुताबिक नहीं होता. हैरानी की बात है कि जब भी ये दोनों सुपरस्टार बड़े पर्दे पर एक साथ दिखे, टिकट खिड़की पर बहुत बुरा हाल था. बड़े बजट और जबरदस्त हाइप के बावजूद, ये फिल्में अपनी थिएटर की लागत भी नहीं निकाल पाईं. हालांकि, समय का पहिया ऐसा घूमा कि थिएटर में फ्लॉप होने के बावजूद, ये फिल्में टीवी और वीसीआर पर इतनी देखी गईं कि अब ये कल्ट क्लासिक बन गई हैं. तो आइए, ऐसी ही 3 फिल्मों पर एक नजर डालते हैं…

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1. क्रोध- 1990: शशिलाल के. नायर की डायरेक्ट की हुई ‘क्रोध’ के मेकर्स को इस फिल्म से बहुत उम्मीदें थीं. सनी देओल और संजय दत्त के एग्रेसिव अवतार को भुनाने के लिए फिल्म में तीखे डायलॉग और जबरदस्त एक्शन का तड़का लगाया गया था. कहानी दो भाइयों के बीच झगड़े और एक फैमिली झगड़े के इर्द-गिर्द घूमती है.

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जब फिल्म थिएटर में रिलीज हुई, तो ऑडियंस को इसकी कहानी बहुत डार्क, वायलेंट और भारी लगी. फिल्म की धीमी स्पीड की वजह से ऑडियंस थिएटर जाने से बचने लगी और यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. थिएटर में फ्लॉप होने के बाद, जब फिल्म वीडियो कैसेट के जरिए घरों तक पहुंची, तो यंग लोगों को सनी और संजू का रफ-टफ स्टाइल बहुत पसंद आया. फिल्म के एक्शन सीन और दोनों की केमिस्ट्री को बाद में बहुत तारीफ मिली.

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2. योद्धा- 1991: फिल्म ‘योद्धा’ में सनी देओल ने एक बहादुर और ईमानदार वकील (भारत चौहान) का रोल किया था, जबकि संजय दत्त एक सीधे-सादे आदमी से क्राइम के बेताज बादशाह (सूरज सिंह) बन गए थे. अलग-अलग सोच वाले दो किरदारों का टकराव और फिर अन्याय के खिलाफ उनका एक होना, कागज पर एक परफेक्ट स्क्रिप्ट थी.

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दीपक आनंद के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म थिएटर में रिलीज होते ही फ्लॉप हो गई. स्क्रीनप्ले, जिसे अपने समय के हिसाब से अलग माना गया था, दर्शकों को पसंद नहीं आया और खराब डिस्ट्रीब्यूशन की वजह से बॉक्स ऑफिस पर भारी नुकसान हुआ. समय के साथ, जब फिल्म टीवी चैनलों पर आने लगी तो लोगों को इसके गाने, खासकर सनी और संजू की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री बहुत पसंद आने लगी. आज फिल्म के क्लिप और डायलॉग सोशल मीडिया पर कल्ट फिगर माने जाते हैं.

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3. क्षत्रिय- 1993: डायरेक्टर जेपी दत्ता की यह फिल्म एक ग्रैंड और हाई-बजट मल्टी-स्टारर फिल्म थी. दो शाही राजपूत परिवारों के बीच खानदानी झगड़े पर आधारित इस फिल्म में धर्मेंद्र, सुनील दत्त और विनोद खन्ना जैसे बड़े कलाकार थे, लेकिन फिल्म का मेन फोकस सनी देओल और संजय दत्त के बीच हुई जबरदस्त टक्कर थी.

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अपनी शानदार लोकेशन, तलवारबाजी और शानदार कास्ट के बावजूद, फिल्म की ज्यादा लंबाई (लगभग साढ़े तीन घंटे) जानलेवा साबित हुई. थिएटर के दर्शक इतना लंबा और जबरदस्त ड्रामा नहीं देख पाए. अपने बड़े बजट की वजह से यह बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी डिजास्टर साबित हुई, जिससे मेकर्स को काफी नुकसान हुआ. आज ‘क्षत्रिय’ उन दर्शकों के लिए एक कल्ट मास्टरपीस है जो राजपूत गर्व और तलवारबाजी को पसंद करते हैं. जब भी यह फिल्म टीवी पर आती है, लोग इसकी शान और सनी और संजू के बीच की मशहूर टक्कर देखना नहीं भूलते.

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शिक्षकों के तबादलों पर बवाल, रद्द करने की उठी मांग: राजस्थान शिक्षक संघ ने सीएम ने नाम सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी – Churu News




राजस्थान शिक्षक संघ (एसटीएफआई) उपशाखा रतनगढ़ ने मुख्यमंत्री के नाम मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने सत्र शुरू होते ही बड़े पैमाने पर हुए शिक्षकों के स्थानांतरणों को रद्द करने और एक पारदर्शी स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इन तबादलों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है और शिक्षकों में भय का माहौल है। ब्लॉक अध्यक्ष भोजराज शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण और प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य चैथमल चीनिया ने कहा कि नामांकन अभियान के दौरान शिक्षकों के हटने से शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि असाध्य रोग से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के भी स्थानांतरण कर मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी की गई है। इससे शिक्षकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। सभाध्यक्ष रामचंद्र ऐचरा, उपसभाध्यक्ष महेंद्रसिंह शेखावत, संघर्ष समिति संयोजक बजरंग बिस्सू, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष बाबूलाल मुंदलिया, कार्यालय मंत्री मुकेश सैनी, शिक्षक नेता सतीश पुरोहित और रमेश महला ने बताया कि स्थानांतरणों के कारण कई विद्यालयों में शिक्षकों का गंभीर असंतुलन पैदा हो गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होगी। प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम रतनगढ़ से ओबीसी सर्वे में लगे प्रगणकों को कार्यालय समय में आवश्यक शिथिलता देने संबंधी स्पष्ट आदेश जारी करने की भी मांग की। एसडीएम ने इस संबंध में शीघ्र आवश्यक आदेश जारी करने का सकारात्मक आश्वासन दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 15 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर और 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर सुरेश जाट, सोमप्रकाश जोशी, रामनिवास, भंवरलाल जाट, वीरेंद्र सिंह और मुकेश मीणा सहित कई शिक्षक नेता मौजूद रहे।



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सीतामढ़ी में घर से 20 लाख के जेवर चोरी: पीड़ित बोले-अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर निकाले आभूषण, सो रहा था परिवार – Sitamarhi News




सीतामढ़ी के पुपरी नगर परिषद क्षेत्र में देर रात एक घर में लाखों की चोरी हुई। चोर सो रहे परिवार के बीच घुसकर करीब 15 से 20 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, 10 हजार रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। यह घटना जनकपुर रोड स्थित वार्ड संख्या-25 के झझिहट रोड, महारानी स्थान के समीप अमरनाथ पंडित के घर में हुई। पीड़ित अमरनाथ पंडित ने बताया कि बीती रात उनका पूरा परिवार घर में सो रहा था। 3 मोबाइल और 10 हजार रुपये नकद ले गए रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच चोर घर में दाखिल हुए। बदमाशों ने अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर उनकी पत्नी और बहन के सोने के आभूषण चुरा लिए। चोरों ने घर में रखे तीन मोबाइल फोन और लगभग 10 हजार रुपये नकद भी चुरा लिए। चोरी हुए आभूषणों की अनुमानित कीमत 15 से 20 लाख रुपये बताई जा रही है। सुबह जब परिवार के सदस्य जागे, तो उन्होंने घर का सामान बिखरा हुआ और अलमारी के ताले टूटे हुए पाए। तत्काल पुपरी थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुपरी थानाध्यक्ष रामशंकर कुमार ने बताया कि पीड़ित अमरनाथ पंडित के आवेदन पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।



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नीमच में 32 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत: घर पर काम करते समय बिगड़ी तबीयत; साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका – Neemuch News




नीमच शहर के बघाना थाना क्षेत्र में एक 32 वर्षीय विवाहिता की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। रिटायर्ड कॉलोनी निवासी पूजा मराठा रविवार रात अपने घर पर काम कर रही थीं, तभी वे अचानक अचेत हो गईं। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि महिला की मौत साइलेंट हार्ट अटैक के कारण हुई है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित पूजा को बेसुध हालत में देखकर उनके पति निलेश मराठा तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सोमवार को महिला को मृत घोषित कर दिया। कम उम्र में हुई इस अचानक मौत से परिवार और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद बघाना थाना पुलिस ने सोमवार को मृतिका के शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही और वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।



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दिल्ली सरकार का लक्ष्य 70 लाख पौधे: जनभागीदारी से बनेगी हरित राजधानी, सीएम बोलीं- हर दिल्लीवासी लगाए एक पौधा – New Delhi News




दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधारोपण अभियान के तहत सोमवार को सीएम रेखा गुप्ता ने मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में पौधारोपण किया। ‘हरित दिल्ली संकल्प’ के तहत आयोजित इस अभियान में मॉडल टाउन में करीब 1,100 पौधे लगाए गए। इनमें सेंट्रल वर्ज, मेट्रो कॉरिडोर के नीचे और सड़कों के दोनों ओर हरित पट्टियां विकसित की जा रही हैं। सीएम ने कहा कि हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा दिल्ली सरकार राजधानी के हर उपयुक्त खाली स्थान को हरित क्षेत्र में बदलने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाकर 70 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करने में भागीदारी निभाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी शुरुआत कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अशोक गोयल, स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सीएम ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को मेगा प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत की थी, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल https://greendrive.delhivanmahotsav.in भी शुरू किया है। उन्होंने कहा’एक पेड़ मां के नाम’ केवल पौधारोपण अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान का जनआंदोलन है। यह अभियान नागरिकों को प्रकृति से जोड़ते हुए दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। ऐसे जुड़े अभियान से…



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गुजरात में फैला चांदीपुरा वायरस: एक महीने में 12 बच्चों की मौत, 3 की रिपोर्ट पॉजिटिव; मक्खी से फैलती है बीमारी, वैक्सीन भी नहीं बनी




गुजरात में संक्रमण से एक महीने में अब तक 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन बच्चे चांदीपुरा वायरस से संक्रमित थे। अन्य 9 बच्चों की मौत भी इसी वायरस से होने की आशंका है। हालांकि, इनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। संक्रमण के मामले गांधीनगर, साबरकांठा, खेड़ा, अरावली और पंचमहल जिलों में सामने आए हैं। सरकार ने वायरस से 3 मौतों की पुष्टि की स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने इस स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि इस घातक वायरस के संक्रमण के कारण अब तक 3 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से 2 बच्चों की मौत गोधरा और राजस्थान के एक बच्चे की मौत हिम्मतनगर में हुई। प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वायरस के संदिग्ध लक्षणों वाले 9 अन्य बच्चों की मौत हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में चांदीपुरा के संदिग्ध लक्षणों वाले बच्चों की कुल 6 मौतें दर्ज की गई हैं। जबकि तीन बच्चों की मौत गोधरा के सिविल अस्पताल में हुई। इनमें दो बच्चों की मौत दो दिन पहने यानी कि 11 जुलाई को हुई। इन दोनों बच्चों में एक बच्चे की उम्र 1 साल और दूसरे की उम्र दो साल थी। 19 मरीजों की जांच में 9 पॉजीटिव अब तक 27 संदिग्ध मरीजों के नमूने गांधीनगर भेजे गए हैं, जिनमें से 19 की जांच हो चुकी है। इनमें से 7 पॉजिटिव पाए गए हैं। पॉजिटिव पाए गए 7 मरीजों में से 3 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 बच्चों का इलाज चल रहा है। शेष 8 नमूनों की जांच अभी जारी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई। पंचमहल में अब तक 13 मामले सामने आए पंचमहल के मंडल उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया कि पंचमहल जिले में अब तक चांदीपुरा वायरस के कुल 13 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। महिसागर जिले का एक बच्चा वेंटिलेटर पर है। वहीं, गोधरा सिविल अस्पताल में फिलहाल 5 बच्चों का इलाज चल रहा है। उसके सैंपल लिए जा चुके हैं। बाकी 4 बच्चों की हालत सामान्य है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं पंचमहल के 3 अन्य मरीजों का इलाज वडोदरा एसएसजी में चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। एक बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 26 जून से 13 जुलाई तक 9 मामले दर्ज किए गए हिम्मतनगर सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन ने बताया कि 26 जून से 13 जुलाई तक हिम्मतनगर सिविल में 9 मामले सामने आए हैं। इनमें 6 मौतें हुई हैं, एक व्यक्ति ठीक हो चुका है और भर्ती किए गए दो लोगों में से एक की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सोशल मीडिया पर अफवाहों से दूर रहने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि इस वायरस के संबंध में सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और गलत सूचनाओं के कारण घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए सभी आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर ही यकीन करें। अफवाहें लोगों की मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें एहतियाती उपाय कर रही हैं। सभी 61 प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण के आदेश प्रशासन ने राज्य के सभी 61 स्थानों पर गहन सर्वेक्षण करने और दवाओं का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। इनमें से कई जगहों पर 2024 में भी चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। यह वायरस सैंडफ्लाई नाम की मक्खी से फैलता है। यह मक्खी गोधरा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पाई जाती है। इसलिए उन क्षेत्रों में कीटनाशकों का उपयोग बढ़ा दिया गया है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… आंध्रप्रदेश में कोरोना से 46 साल के मरीज की मौत:4 दिन इलाज के बाद दम तोड़ा; 2 जिलों में 5 एक्टिव केस मिले आंध्र प्रदेश के कडप्पा में बुधवार को 46 साल के व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। उसे पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया था। 4 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि मरीज के फेफड़े खराब हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें…



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मुजफ्फरनगर में परिवार ने लगाया उत्पीड़न का आरोप: झूठे मुकदमों में फंसाया, मजदूरी तक नहीं करने दे रहे; जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग – Muzaffarnagar News




मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के पलड़ी गांव निवासी एक परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर लगातार उत्पीड़न, झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सोमवार दोपहर एसएसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। एसएसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी कय्यूम पुत्र मकसूद अपने परिजनों के साथ सोमवार दोपहर करीब दो बजे एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग पुरानी रंजिश के चलते लगातार उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। ‘बेटे और दामाद को झूठे मुकदमे में भेजा जेल’ कय्यूम का आरोप है कि विरोधी पक्ष पहले भी उनके बेटे और दामाद को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवा चुका है। उनका कहना है कि इसी मानसिक तनाव के दौरान उनके दूसरे बेटे फुरकान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बावजूद विरोधी पक्ष का उत्पीड़न लगातार जारी है। ‘मजदूरी तक नहीं करने दे रहे, नए आरोप भी लगाए’ पीड़ित परिवार का कहना है कि विरोधी उन्हें मजदूरी तक नहीं करने दे रहे हैं। हाल ही में उनके बेटे, दामाद और भाई के खिलाफ जुआ खेलने, पेड़ काटने और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाकर शिकायत की गई, जबकि ये सभी आरोप निराधार और साजिश के तहत लगाए गए हैं। ‘वीडियो की निष्पक्ष जांच नहीं हुई’ कय्यूम ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ जुआ खेलने का एक वीडियो भी वायरल किया गया, लेकिन उसकी सत्यता की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। उनका कहना है कि पुलिस ने उनके बेटे का शांतिभंग में चालान कर दिया, जबकि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुरक्षा और कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने एसएसपी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि शिकायतें झूठी साबित हों तो फर्जी आरोप लगाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।



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ताजमहल ही नहीं, आगरा की यह ₹15 वाली कचौड़ी भी है सुपरहिट, सुबह से लगती है लाइन


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ताजमहल ही नहीं, आगरा की यह ₹15 वाली कचौड़ी भी है सुपरहिट, सुबह से लगती है लाइन

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आगरा का नाम सुनते ही ताजमहल की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है, लेकिन यह शहर अपने लाजवाब नाश्ते के लिए भी जाना जाता है. सिकंदरा स्थित ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ ऐसी ही एक मशहूर दुकान है, जहां शुद्ध सरसों के तेल, घर के मसालों और खास राजस्थानी अंदाज में तैयार कढ़ी-कचौड़ी का स्वाद लेने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है.

Agra ki mashhoor kachori: उत्तर प्रदेश के आगरा को ताजमहल के लिए विश्वभर में जाना जाता है. आगरा केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. आगरा में सुबह का नाश्ता कई राज्यों में मशहूर है. बाहर से आगरा आने वाले लोग यहां का नाश्ता जरूर करते हैं. सुबह आगरा में आलू-दाल की कचौड़ी, बेड़ई और जलेबी काफी ज्यादा मशहूर हैं. सुबह से ही बेड़ई-कचौड़ी खाने वालों की लाइन दुकानों पर लग जाती है.

ऐसी ही एक दुकान है जो खड़े मसालों की सब्जी के अतिरिक्त कढ़ी और दाल की कचौड़ी देती है, जो आसपास काफी मशहूर है. दुकानदार बताते हैं कि दूर-दराज से लोग इसे खाने के लिए आते हैं. आगरा की यह मशहूर दुकान कारगिल पेट्रोल पंप, सिकंदरा पर स्थित है. इस दुकान का नाम ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ है.

आगरा के सिकंदरा से कारगिल-बोदला रोड पर स्थित कारगिल पेट्रोल पंप के पास ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ की दुकान है. यहां के दुकानदार जगन सिसोदिया ने बताया कि वह आगरा में राजस्थानी स्वाद लोगों को दे रहे हैं. जिस तरह राजस्थान में कचौड़ी-कढ़ी मशहूर है, वैसे ही आगरा में वह लोगों को दे रहे हैं, जिसके शौकीन दूर-दूर से खाने के लिए यहां आते हैं. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त वह सब्जी भी रखते हैं.

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शौकीन जिसके साथ कचौड़ी खाना चाहें, उनकी पसंद के हिसाब से दी जाती है. महज 15 रुपये प्रति कचौड़ी लोगों को दी जाती है. उन्होंने कहा कि एक कचौड़ी में काफी अच्छी मात्रा में माल भरा जाता है. उन्होंने कहा कि आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से लोग उनके यहां खाने आते हैं. उन्होंने दावा किया कि जो एक बार यहां कचौड़ी खा जाता है, वह दोबारा जरूर आता है.

आगरा के सिकंदरा से कारगिल-बोदला रोड पर स्थित कारगिल पेट्रोल पंप के पास स्थित चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी की दुकान है. यहां के दुकानदार जगन सिसोदिया ने बताया कि वह शुद्ध सरसों के तेल में कचौड़ी और बेड़ई बनाते हैं. उनके यहां बनने वाली सब्जी में खड़े मसालों के साथ घर में तैयार किए गए मसालों को डाला जाता है, इसके अतिरिक्त ड्राई फ्रूट्स भी सब्जी में डाले जाते हैं.

उन्होंने कहा कि भरपूर मात्रा में मखाने आदि सब्जी में डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद दोगुना बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि वह अपनी सब्जी में लाल मिर्च का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिससे लोगों का स्वास्थ्य भी खराब नहीं होता है. शुद्ध घर के मसालों से सब्जी बनाई जाती है और यही कारण है कि लोग दूर-दराज से उनके पास कचौड़ी-बेड़ई खाने के लिए आते हैं.

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कौन हैं कुमार सानू के बेटे जान कुमार सानू? 6 साल की उम्र में आमिर खान की बने आवाज


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Kumar Sanu- कुमार सानू के बेटे जान सानू को कोरोना हो गया है. इन दिनों वो अस्पताल में भर्ती हैं. जान कुमार सानू ने 6 साल की उम्र में करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने आमिर खान की फिल्म के लिए गाना गाया था. सिंगर अपने सिंगल्स के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने बिग बॉस 14 में शिरकत की थी जहां वो अपनी एक टिप्पणी की वजह से विवादों में घिर गए थे.

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कुमार सानू के बेटे को कोरोना हो गया है.

नई दिल्ली. बॉलीवुड या म्यूजिक इंडस्ट्री में आप किसी नामी परिवार से ताल्लुक रखते हैं तो उम्मीद की जाती है कि आपका सफर आसान रहेगा. नेपोकिड्स को शुरुआती मौके भले ही आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन वो आगे अपने हुनर के दम पर ही बढ़ पाते हैं. आज उस स्टारकिड की बात कर रहे हैं जिसके पिता 80-90 के दशक में अपने रोमांटिक गानों से समां बांध देते थे. उनकी आवाज हर दिल में बसती थी. उस मखमली आवाज के वारिस को मौका तो आसानी से मिला लेकिन वो उस मौके को इंडस्ट्री में पूरी तरह भुना नहीं पाए. हम बात कर रहे हैं कुमार सानू के लाडले जान सानू की.

जान सानू इन दिनों कोरोना से जूझ रहे हैं और वो हॉस्पिटल में भर्ती है. कुमार सानू के लाडले जान सानू का असली नाम जयेश भट्टाचार्य है. उन्होंने अपने नाम बदलकर करियर की शुरुआत की थी. 16 अप्रैल 1994 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में जन्मे जयेश को संगीत पिता से विरासत में मिला था. हालांकि, उनका बचपन आम स्टार-किड्स जैसा आलीशान नहीं था.

पेरेंट्स के तलाक के बाद मां के साथ रहते थे जान

माता-पिता के अलग होने के बाद, उनकी परवरिश पूरी तरह से उनकी मां रीता भट्टाचार्य ने की. पिता का साया दूर होने के बाद भी जान ने संगीत से अपना नाता नहीं तोड़ा. जान कुमार सानू का संगीत का सफर काफी कम उम्र में शुरू हो गया था. जब वे सिर्फ 6 साल के थे, तब उन्होंने साल 2000 की मशहूर फिल्म ‘अकेले हम अकेले तुम’ के लिए गाना गाया था. इस फिल्म में आमिर खान थे.

सिंगल एल्बम से बनाई पहचान

उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 8 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला बंगाली बच्चों का एल्बम ‘तोमरा शुनबे तो’ रिलीज कर दिया था. इस उम्र में शानदार एल्बम देने के लिए उनका नाम ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज है. क्लासिकल म्यूजिक की बारीकियों को सीखने के बाद, साल 2016 में उन्होंने अपने पिता के ही एक सदाबहार गाने को रीक्रिएट करके यूट्यूब पर शेयर किया था.

उनकी आवाज में भी पिता कुमार सानू की तरह मखमली एहसास था. इसके बाद उन्होंने ‘तू संदली’ और ‘माटी’ जैसे कई खूबसूरत सिंगल्स को अपनी आवाज देकर यह साबित किया कि वे सिर्फ एक स्टारकिड नहीं है बल्कि उनमें अपने दम पर पहचान बनाने का जज्बा और हुनर दोनों है.

बिग बॉस के घर में हुआ था विवाद

इसके अलावा कुमार सानू के बेटे जान ने बिग बॉस में भी हिस्सा लिया था. वो बिग बॉस 14 में नजर आए थे. इस शो में की गई एक टिप्पणी की वजह से वो विवादों में घिर गए थे. उन्होंने मराठी भाषा पर आपत्तिजनक कमेंट किया था जिसकी वजह से महाराष्ट्र के पॉलिटिकल गलियारों में कुमार सानू का भी विरोध हुआ था.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें





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Samsung Galaxy A27 5G Review: मिड प्राइस रेंज में दमदार फीचर वाला फोन, जानें कैसा रहा एक्सपीरियंस


Samsung Galaxy A27 5G

  • Display
  • Processor
  • Front Camera
  • Rear Camera
  • Ram
  • Storage
  • Battery
  • Os
  • Resolution

  • Display6.7 इंच, AMOLED, 120Hz
  • ProcessorQualcomm Snapdragon 6 Gen 3
  • Front Camera12MP
  • Rear Camera50MP + 5MP + 2MP
  • Ram8GB
  • Storage256GB
  • Battery5000mAh, 25W
  • OsAndroid 16
  • ResolutionFHD+

Samsung ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय बाजार में Galaxy A सीरीज में एक और फोन पेश किया है। यह फोन Galaxy A27 5G के नाम से पेश किया गया है। सैमसंग का यह फोन पिछले साल आए Galaxy A26 का अपग्रेड है। फोन के डिजाइन से लेकर प्रोसेसर और कैमरे में कंपनी ने बड़ा अपग्रेड किया है। हमने इस फोन को कुछ समय के लिए इस्तेमाल किया है। हमें यह फोन कैसा लगा है, आइए जानते हैं…

Samsung Galaxy A27 5G: डिजाइन और डिस्प्ले

Samsung Galaxy A27 5G का डिजाइन और डिस्प्ले पिछले दिनों लॉन्च हुए Galaxy A57 और Galaxy A37 की तरह ही है। फोन का लुक और फील भी इन दोनों मिड बजट फोन की तरह ही लगेगा। इस फोन बैक में दिए गए कैमरा मॉड्यूल में कंपनी ने विजिबल बंप दिया है, जो देखने में प्रीमियम फील देता है। साइड में कर्व्ड डिजाइन देखने को मिलता है। फोन के बैक पैनल में मैट फिनिश होने की वजह से यह धूल को अपनी ओर आकर्षित नहीं करता है।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

इस फोन के दाहिनी तरफ वॉल्यूम और पावर बटन्स का कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। वहीं, नीचे की तरफ USB Type C चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल्स दिए गए हैं। कंपनी ने फोन को पिछले मॉडल के मुकाबले पतला रखने की कोशिश की है। स्लिम डिजाइन होने की वजह से यह फोन प्रीमियम लुक भी देता है। साथ ही, फोन का वजन काफी कम है, जिसकी वजह से इसे आप आसानी से सिंगल हैंडली ऑपरेट कर पाएंगे।

Galaxy A27 में कंपनी ने 6.7 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इस फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास मिलेगा। फोन के डिस्प्ले पैनल में सेंटर अलाइंड पंच-होल डिजाइन मिलता है, जिसे कंपनी ने Infinity-O नाम दिया है। गोरिल्ला ग्लास की वजह से फोन के डिस्प्ले की ड्यूरेबिलिटी बेहतर है।

इस मिड बजट फोन के डिस्प्ले पर देखे जाने वाले कंटेंट में नेचुरल कलर लगेगा। ऐसा आपको कभी नहीं लगेगा कि कंटेंट को एआई की मदद से जबरदस्ती ब्राइट करने की कोशिश की गई है। इस फोन में आप 4K रेजलूशन तक के वीडियो कंटेंट एक्सपीरियंस कर सकते हैं। गेमिंग में भी फोन का डिस्प्ले सही काम करता है। हाई रेजलूशन गेम के ग्राफिक्स सही दिखते हैं। हमने Galaxy A27 5G का First Impressions Review भी किया है। पहली नजर में हमें यह फोन देखने में काफी अच्छा लगा था।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

Samsung Galaxy A27 5G: परफॉर्मेंस और बैटरी

सैमसंग का यह फोन Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट पर काम करता है। इस फोन में 8GB रैम और 128GB/256GB स्टोरेज मिलता है। इसमें दो 5G नैनो सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। हमने इसका टॉप वेरिएंट रिव्यू के लिए यूज किया है। क्वालकॉम का 6 Gen चिपसेट होने की वजह से फोन की परफॉर्मेंस काफी अच्छी है। मिड बजट रेंज में यह प्रोसेसर बेसिक यूज में आपको ठीक-ठाक परफॉर्मेंस देता है।

यह फोन 5000mAh की बैटरी और 25W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। कंपनी ने इस फोन के साथ चार्जिंग अडैप्टर नहीं दिया है। आप इसे अलग से खरीद सकते हैं। इस फोन की बैटरी को आप सिंगल चार्ज करके पूरे दिन आसानी से यूज कर सकते हैं। फोन के साथ कंपनी ने अडेप्टर नहीं दिया है। मैनें इसे Google Pixel के 33W वाले चार्जर से चार्ज किया है। फोन को 0 से फुल चार्ज होने में तकरीबन 80 से 85 मिनट का समय लगता है।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

यह फोन लेटेस्ट Android 16 पर बेस्ड OneUI 8.5 के साथ आता है। फोन में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी दी गई है। यह फोन कंपनी के Knox सिक्योरिटी के साथ आता है। फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम बेहद ही यूजर फ्रेंडली है। साथ ही, सैमसंग के फोन में आपको बेहतर सिक्योरिटी लेयर मिल जाता है। हालांकि, कंपनी ने फोन के साथ कई प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स दिए हैं, जो आपको इरिटेट कर सकते हैं। हालांकि, बाद में इसे आप अपनी सहूलियत के हिसाब से डिलीट भी कर सकते हैं।

Samsung Galaxy A27 5G: कैमरा

सैमसंग का यह फोन भी इस सीरीज के इस साल लॉन्च हुए अन्य दोनों फोन की तरह ही ट्रिपल कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसमें 50MP के मेन कैमरा दिया गया है। इसके साथ 5MP का सेकेंडरी और 2MP का मैक्रो कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इस फोन में कंपनी ने 12MP का फ्रंट कैमरा दिया है। इसके कैमरा एक्सपीरियंस की बात करें तो डे-लाइट में फोन का मेन कैमरा ठीक-ठाक काम करता है।

कैमरे से ली गई तस्वीर में आपको नेचुरल कलर देखने को मिलता है। इसमें कंपनी ने 5MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया है, जिसे और बेहतर किया जा सकता है। अल्ट्रा वाइड तस्वीर पिक्सलेट होती है। लो लाइट में ली गई तस्वीरों की बात करें तो इसमें धूंधलापन नजर आता है। हालांकि, फोन में दिया कैमरा ऐप ली गई तस्वीर को प्रोसेस कर देता है। ऐसे में अगर आप लो लाइट में तस्वीर लेना चाहते हैं तो फ्लैश लाइट को ऑन करके ही लें। फ्लैश के साथ ली गई तस्वीर ज्यादा बेहतर लगेगी।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

Samsung Galaxy A27 5G: हमारा फैसला

सैमसंग का यह मिड बजट फोन देखने में आपको प्रीमियम लगता है। फोन का लुक और डिजाइन आकर्षक है। साथ-साथ इसकी ड्यूरेबिलिटी भी अच्छी है। कंपनी ने इस मिड बजट फोन के प्रोसेसर को पिछले मॉडल के मुकाबले अपग्रेड किया है। फोन का बैटरी बैकअप अच्छा है। आप इसे सिंगल चार्ज में पूरे दिन आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं। हैवी काम या मल्टी-टास्किंग के दौरान फोन का बैक पैनल गर्म हो जाता है।

ओवरऑल सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस हमें ठीक लगा है। कैमरे के मामले में भी यह फोन ठीक है। अल्ट्रा वाइड कैमरे में अपग्रेड की जरूरत है। वहीं, लो-लाइट फोटोग्राफी भी एवरेज है। फोन की शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है। हालांकि, इस प्राइस रेंज में आपको अन्य ब्रांड के फोन इससे बेहतर फीचर्स के साथ मिल सकते हैं। अगर, आप सैमसंग के लॉयल ग्राहक हैं तो यह फोन आप खरीद सकते हैं।

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