शेखपुरा में आगामी मॉनसून से पहले बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने जिले के संवेदनशील घाटकुसुम्भा प्रखंड के निचले इलाकों का सघन दौरा किया। इस दौरान जिला प्रशासन की पूरी टीम उनके साथ मौजूद थी। यह दौरा मॉनसून के दौरान संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने और निचले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के उद्देश्य से किया गया। ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष मॉनसून के समय घाटकुसुम्भा क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा और हरोहर नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण भीषण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। आवागमन से लेकर खेती-बारी तक सब ठप यह क्षेत्र चारों ओर से पानी से घिर जाता है, जिससे स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।दौरे के क्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने डीएम के समक्ष अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि जलजमाव के कारण आवागमन से लेकर खेती-बारी तक सब ठप हो जाता है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से डीएम से अपील की कि इस क्षेत्र की विकट भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इसे बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और आपदा राहत का लाभ सुचारू रूप से मिल सके। संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी और मरम्मत के निर्देश दिए निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ आने का इंतजार न करें, बल्कि ‘प्री-डिजास्टर मैनेजमेंट’ के तहत अपनी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर लें। उन्होंने तटबंधों की मजबूती, नदी के किनारे वाले संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी और मरम्मत के निर्देश दिए। डीएम ने ऊंचे स्थानों पर शरण स्थली और सामुदायिक रसोई के लिए स्थलों का चयन करने, नावों की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और पशु चारे का पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि हमारी प्राथमिकता जान-माल की सुरक्षा है और आपदा के समय रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो, इसके लिए सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। जिले के आला अधिकारियों की टीम मौजूद रही क्षेत्र भ्रमण के दौरान डीएम के साथ जिले के आला अधिकारियों की टीम मौजूद रही, जिसमें मुख्य रूप से एडीएम लखींद्र पासवान, डीसी संजय कुमार, एसडीओ प्रियंका कुमारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ एवं बाढ़ नियंत्रण के अभियंतागण शामिल थे।
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मॉनसून से पहले शेखपुरा प्रशासन अलर्ट: बाढ़ की आशंका पर घाटकुसुम्भा के निचले इलाकों का DM ने किया दौरा – Sheikhpura News
महिला के पेट से साढ़े चार किलो का ट्यूमर निकाला: बालाघाट में सफल ऑपरेशन, सालों के असहनीय दर्द से मिली मुक्ति – Balaghat (Madhya Pradesh) News
मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र की 42 वर्षीय आदिवासी महिला देवंती धुर्वे को सालों से झेल रहे पेट दर्द से आखिरकार मुक्ति मिल गई है। बालाघाट के निजी अस्पताल में हुए एक जटिल ऑपरेशन के बाद उनके पेट से सवा चार किलो का ट्यूमर निकाला गया। महिला के स्वास्थ्य में अब सुधार है। देवंती धुर्वे पिछले कई वर्षों से इस समस्या से जूझ रही थीं। उन्हें कमर और पेट में लगातार दर्द रहता था। नसबंदी के कुछ वर्षों बाद यह शिकायत शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे बढ़ती गई और पेट में एक गांठ का रूप ले लिया। दर्द इतना असहनीय हो गया था कि उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो चुका था। आर्थिक तंगी और बड़े शहरों में महंगे इलाज की चिंता के बीच बालाघाट के मोती नगर स्थित निजी हॉस्पिटल ने उन्हें राहत प्रदान की। डॉक्टरों की टीम ने लगभग तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन में महिला के पेट से सवा चार किलो वजनी फाइब्रॉइड लियोमायमा (गोला) को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। जल्द मिलेगी अस्पताल से छुट्टी ऑपरेशन करने वाले डॉ. मोहम्मद भारमल ने बताया कि महिला की बच्चेदानी में एक विशाल फाइब्रॉइड विकसित हो चुका था, जिसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव और लगातार दर्द हो रहा था। उन्होंने इसे बालाघाट जिले का संभवतः पहला और बेहद जटिल ऑपरेशन बताया। हॉस्पिटल में केवल दो सर्जनों ने हिस्टेरेक्टॉमी प्रक्रिया के माध्यम से यह कठिन ऑपरेशन किया। महिला को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। दो साल से परेशान थे देवंती की ननद पिंकी मरावी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे इलाज के लिए भटक रहे थे। मंडला अस्पताल से उन्हें जबलपुर रेफर किया गया था, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वहां इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा था। किसी परिचित से बालाघाट के यहां की जानकारी मिलने के बाद वे यहां पहुंचे।
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हॉर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का एक और जहाज डूबा: जहाज से ड्रोन या मिसाइल टकराई, 14 क्रू मेंबर्स को ओमान कोस्टगार्ड ने बचाया – Gujarat News
बुधवार सुबह करीब 3.30 बजे ओमान के समुद्री तट पर हादसे का शिकार हुआ जहाज।
ईरान और अमेरिका के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट में जारी जंग की चपेट में आकर गुजरात का एक और मालवाहक जहाज डूब गया। ‘हाजी अली’ नाम का मालवाहक जहाज 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान जहाज से कोई ड्रोन या मिसाइल जैसा हथियार जहाज से ट
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गुजरात के द्वारका में रहने वाले जहाज के मालिक सुलतान अहमद अंसार ने बताया कि MSV HAJI ALI शिप बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब 3.30 बजे ओमान के समुद्री तट पर हादसे का शिकार हो गया। क्रू मेंबर ने जहाज से कुछ विस्फोटक टकराने की आवाज सुनी थी। इसके बाद जहाज में आग लग गई। सभी 14 क्रू मेंबर्स ने लाइफ बोट से जान बचाई। इसके बाद ओमान के कोस्टगार्ड ने इनका रेस्क्यू किया।
7 मई को भी डूबा था एक जहाज इससे पहले गुजरात के द्वारका का ही एक और मालवाहक जहाज हमले का शिकार होकर डूब गया था। मालवाहक जहाज MSV AL फैज नूरे सुलेमानी-I दुबई से कार्गो लेकर यमन के मुकाला बंदरगाह जा रहा था। जहाज पर एक गनमैन समेत कुल 17 क्रू सवार थे।
मालवाहक जहाज MSV AL फैज नूरे सुलेमानी।
फायरिंग से जहाज में पानी भर गया था यह जहाज 7 मई की सुबह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहा था। इसी दौरान ईरान और अमेरिकी नेवी के बीच आमने-सामने फायरिंग शुरू हो गई। क्रॉस फायरिंग में गुजरात का यह जहाज भी चपेट में आ गया।
फायरिंग से जहाज को भारी नुकसान पहुंचा और उसमें पानी भरने लगा। इससे जहाज डूबने लगा। इसी दौरान इंजन रूम में मौजूद अल्ताफ तालब केर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
जहाज डूबने के बाद क्रू ने खुद को बचाने की कोशिश शुरू की। उसी समय पास से गुजर रहे दूसरे जहाज MSV प्रेम सागर-I ने मदद की। इस जहाज ने 17 क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बचाए गए सभी क्रू 8 मई की देर शाम सुरक्षित दुबई पोर्ट पहुंच गए। आदम भाई ने इन क्रू का वीडियो भी भास्कर को दिया है। घटना की खबर सलाया पहुंचते ही इलाके और मछुआरा समाज में शोक फैल गया।
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अमेरिका-ईरान के हमले में गुजरात का जहाज डूबा:एक भारतीय की मौत, 17 क्रू मेंबर्स को बचाया; दुबई से यमन जा रहा था

ईरान और अमेरिका की नेवी के बीच बीती रात हॉर्मुज स्ट्रेट में हुई फायरिंग की चपेट में गुजरात का एक मालवाहक जहाज डूब गया। यह जहाज गुजरात के द्वारका जिले के सलाया का था। हादसे में जहाज के इंजन रूम में काम कर रहे अल्ताफ तालब केर नाम के भारतीय क्रू की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें..
जयपुर में जुटेंगे देशभर से 250 से अधिक डॉक्टर्स: कैंसर के खिलाफ जागरूकता का देंगे संदेश, 17 मई को जलेब चौक में होगी वॉकथॉन – Jaipur News
वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के अवसर पर इस वर्ष दुनियाभर के विभिन्न शहरों में कैंसर जागरूकता को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसी कड़ी में जयपुर में 17 मई को मल्टीसिटी वॉक और 19 मई को प्रिवेंटिव जीआई ऑन्कोलॉजी पर विशेष पैनल डिस्कशन का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य लोगों को एब्डोमिनल कैंसर के प्रति जागरूक करना, शुरुआती जांच के महत्व को समझाना और समय रहते उपचार के लिए प्रेरित करना है। यह आयोजन एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट की ओर से फोर्टिस हॉस्पिटल और इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट एंड रिसर्च (आईआईईएमआर) के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत गुरुवार को कैंसर जागरूकता से जुड़ी टी-शर्ट और बिब का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर संस्कृति युवा संस्थान के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट के फाउंडर एवं वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के संस्थापक डॉ. संदीप जैन, फोर्टिस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. मनीष अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, जयपुर रनर्स क्लब के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक शर्मा, एडवोकेट कमलेश शर्मा, प्रो. एस.एस. शर्मा और आईआईईएमआर के निदेशक मुकेश मिश्रा सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे। दुनियाभर के शहरों में एक साथ होगी मल्टीसिटी वॉक 17 मई को जयपुर के जलेब चौक सहित दुनिया के विभिन्न शहरों में एक साथ मल्टीसिटी वॉक आयोजित की जाएगी। इस वॉक का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने का संदेश देना है। जयपुर में जलेब चौक से सुबह छह बजे यह वॉकथॉन आयोजित होगी। आयोजकों के अनुसार, इस वैश्विक पहल के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि कैंसर से लड़ाई केवल इलाज से नहीं, बल्कि जागरूकता, समय पर जांच और सही जीवनशैली से भी जीती जा सकती है। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार : डॉ. संदीप जैन एब्डोमिनल कैंसर डे के संस्थापक डॉ. संदीप जैन ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। उन्होंने कहा कि एब्डोमिनल कैंसर अक्सर शुरुआती चरण में पकड़ में नहीं आता, जिसके कारण कई बार मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोग समय रहते जांच करवाएं और शरीर में दिखाई देने वाले संकेतों को गंभीरता से लें, तो हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है। उनका कहना था कि एब्डोमिनल कैंसर केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती है, जिससे लड़ने के लिए समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है। 19 मई को विशेषज्ञों का बड़ा मंथन वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के अवसर पर 19 मई को होटल हॉलिडे इन में प्रिवेंटिव जीआई ऑन्कोलॉजी पर विशेष पैनल डिस्कशन आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के प्रमुख गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, सर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल होंगे। वैज्ञानिक सत्रों में आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एंडोस्कोपी, शुरुआती पहचान और कैंसर की रोकथाम पर विशेष चर्चा होगी। प्रमुख विषयों लुमिनल GI कैंसर की शुरुआती पहचान में AI एंडोस्कोपी की भूमिका, मरीजों में जांच और इलाज में देरी के कारण बढ़ते GI कैंसर, गॉल ब्लैडर कैंसर की रोकथाम और प्रोफाइलेक्टिक कलेक्टोमी, कोलोरेक्टल कैंसर की शुरुआती स्क्रीनिंग और कोलोनोस्कोपी, शराब से संबंधित लिवर सिरोसिस, HCC और इसकी रोकथाम शामिल है। इन विषयों पर डॉ. एस.एस. शर्मा, डॉ. आर.के. जेनॉ, डॉ. जीतेन्द्र चावला, डॉ. सुधीर महाऋषि, प्रो. वी.ए. सारस्वत, डॉ. सौरभ कालिया, डॉ. जया माहेश्वरी, डॉ. दिनेश अग्रवाल सहित देश के कई वरिष्ठ विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे। नियमित जांच को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी : डॉ. मनीष अग्रवाल डॉ. मनीष अग्रवाल ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल बीमारी की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के कारण आज कई प्रकार के कैंसर की शुरुआती पहचान संभव हो चुकी है। यदि मरीज समय पर डॉक्टर से संपर्क करें तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। क्या होता है एब्डोमिनल कैंसर? एब्डोमिनल कैंसर में वे कैंसर शामिल होते हैं जो पेट (एब्डोमेन) के भीतर मौजूद विभिन्न अंगों को प्रभावित करते हैं। आमतौर पर कैंसर (गैस्ट्रिक), लिवर, पैंक्रियाटिक, कोलन और रेक्टल, गॉल ब्लैडर, ओवेरियन, पेरिटोनियल, किडनी और छोटी आंत के कैंसर एब्डोमिनल कैंसर की श्रेणी में आते हैं। हर प्रकार के कैंसर के लक्षण, निदान और उपचार अलग-अलग होते हैं। जागरूकता, समय पर पहचान और नियमित जांच से न केवल इन कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है, बल्कि प्रभावी उपचार के माध्यम से इनसे निजात भी पाया जा सकता है।
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गर्मी में ताजगी का सुपर डोस देगा अमरूद का जूस, मिनटों में मिलेगी एनर्जी
Guava Juice Recipe: गर्मी की दोपहर जब सिर पर आग बरस रही हो और शरीर थका-सा लगे, तब कुछ ठंडा और नेचुरल मिल जाए तो बात ही अलग होती है. ऐसे में लोग अक्सर बाजार के कोल्ड ड्रिंक या पैकेज्ड जूस की तरफ भागते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि घर पर ही एक ऐसा हेल्दी ड्रिंक तैयार किया जा सकता है जो न सिर्फ ठंडक दे बल्कि शरीर को ताकत भी दे? अमरूद का जूस ऐसा ही एक आसान और शानदार ऑप्शन है. इसमें भरपूर विटामिन C होता है, स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा और शरीर के लिए काफी फायदेमंद. खास बात ये है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती और घर की किचन में मौजूद चीजों से ही तैयार हो जाता है.
क्यों खास है अमरूद का जूस?
अमरूद को अक्सर लोग हल्के में लेते हैं, लेकिन ये फल पोषण के मामले में किसी सुपरफूड से कम नहीं. इसमें विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं. गर्मियों में जब शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है, तब अमरूद का जूस एक नैचुरल हाइड्रेशन ड्रिंक की तरह काम करता है.
शरीर को क्या फायदा मिलता है?
अमरूद का जूस पीने से इम्यूनिटी मजबूत होती है, अगर आप अक्सर थकान या कमजोरी महसूस करते हैं, तो ये जूस तुरंत एनर्जी देने में मदद करता है. इसके अलावा ये पेट के लिए भी हल्का होता है, जिससे डाइजेशन सही रहता है. कई लोग इसे वेट लॉस डाइट में भी शामिल करते हैं क्योंकि ये लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है.
घर पर कैसे बनाएं अमरूद का जूस
अक्सर लोग सोचते हैं कि जूस बनाना झंझट वाला काम है, लेकिन ये रेसिपी बेहद आसान है. बस कुछ मिनट और आपका ठंडा-ठंडा जूस तैयार.
सामग्री
-2 पके हुए अमरूद (कटे हुए)
-2 कप ठंडा पानी
-1 बड़ा चम्मच शहद या चीनी
-1 छोटा चम्मच नींबू का रस
-बर्फ के टुकड़े जरूरत के अनुसार
बनाने का तरीका
-सबसे पहले अमरूद को अच्छे से धो लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, अगर आपको बीज पसंद नहीं हैं, तो सख्त हिस्सा हटा सकते हैं. अब इन टुकड़ों को ब्लेंडर में डालें और साथ में एक कप ठंडा पानी मिलाएं. इसे अच्छी तरह ब्लेंड करें ताकि स्मूद पल्प बन जाए.
-अब इस मिश्रण को छलनी से छान लें, जिससे जूस हल्का और स्मूद हो जाए. इसके बाद इसमें बाकी का ठंडा पानी डालें और साथ में शहद या चीनी मिलाएं. अब नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. आखिर में बर्फ के टुकड़े डालें और ठंडा-ठंडा सर्व करें.
स्वाद बढ़ाने के छोटे टिप्स
अगर आप जूस में थोड़ा ट्विस्ट चाहते हैं, तो इसमें पुदीने की कुछ पत्तियां डाल सकते हैं. इससे फ्लेवर और भी फ्रेश लगेगा. कुछ लोग इसमें चुटकी भर काला नमक भी डालते हैं, जिससे स्वाद और बढ़ जाता है.
कब पिएं ये जूस?
गर्मी के दिनों में दोपहर के वक्त ये जूस सबसे ज्यादा राहत देता है, अगर आप बाहर से आए हैं या बहुत थकान महसूस हो रही है, तो एक गिलास अमरूद का जूस आपको तुरंत तरोताजा कर सकता है.
बाजार के ड्रिंक्स से क्यों बेहतर?
आजकल बाजार में मिलने वाले जूस और कोल्ड ड्रिंक्स में प्रिजर्वेटिव और ज्यादा शुगर होती है. ये स्वाद में भले अच्छे लगें, लेकिन हेल्थ के लिए सही नहीं होते. इसके मुकाबले घर पर बना अमरूद का जूस पूरी तरह फ्रेश और केमिकल-फ्री होता है.
‘सर्वदलीय बैठक बुलाएं PM मोदी, देश को बताएं चल क्या रहा’, शरद पवार क्यों भड़के
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Sharad Pawar On PM Modi Appeal: वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत की इकोनॉमी पर बड़े संकट के बादल मंडरा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से तेल, सोना और खाद के उपयोग में कटौती की अपील के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. शरद पवार ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. विपक्ष ने इसे सरकार की नाकामी करार दिया है.
पीएम मोदी की ‘किफायत’ वाली अपील पर शरद पवार भड़के, सर्वदलीय बैठक बुलाने की डिमांड. (File Photo : PTI)
नई दिल्ली: वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालातों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से कुछ कड़े कदम उठाने और संसाधनों के उपयोग में कटौती करने की अपील की है. पीएम की इस अचानक आई ‘किफायत’ (Austerity) वाली सलाह ने विपक्ष को हमलावर होने का मौका दे दिया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के अध्यक्ष शरद पवार ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि पीएम की घोषणाओं से देश के आम नागरिकों, उद्योग जगत और विदेशी निवेशकों के बीच डर का माहौल बन गया है. पवार ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को तुरंत सभी राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलानी चाहिए. इसमें देश की आर्थिक स्थिरता और भविष्य की नीतियों पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए.
पीएम मोदी ने जनता से क्या अपील की है?
शरद पवार ने क्यों जताई आर्थिक अस्थिरता की आशंका?
दिग्गज नेता शरद पवार का कहना है कि जिस तरह से अचानक ये घोषणाएं की गई हैं, उनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक असर पड़ेगा. पवार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सभी दलों को विश्वास में लेना जरूरी है.
पवार ने सरकार को सुझाव दिया कि केवल राजनीतिक नेताओं ही नहीं, बल्कि देश के बड़े अर्थशास्त्रियों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ भी एक हाई-लेवल मीटिंग होनी चाहिए.
मध्यपूर्वेतील अस्थिर आणि युद्धजन्य परिस्थितीच्या पार्श्वभूमीवर देशाचे प्रधानमंत्री नरेंद्रजी मोदी (@narendramodi) यांनी दोन दिवसांपूर्वी काही घोषणा केल्या. त्यांचा देशाच्या अर्थव्यवस्थेवर दूरगामी परिणाम होण्याची शक्यता आहे. या घोषणा अचानक करण्यात आल्याने सर्वसामान्य नागरिक,…
Nokia वाली कंपनी ला रही सबसे सस्ता 5G फोन, कीमत 10,000 रुपये से भी होगी कम
Nokia के फोन बनाने वाली कंपनी HMD जल्द ही भारत में अपना सस्ता 5G स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है। एचएमडी ग्लोबल का यह अपकमिंग स्मार्टफोन 6000mAh की दमदार बैटरी के साथ आएगा। इसकी कीमत 10,000 रुपये से भी कम होगी। इस फोन को भारत में 21 मई को लॉन्च किया जाएगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart पर HMD का यह स्मार्टफोन लिस्ट किया गया है, जहां फोन के फीचर्स रिवील हुए हैं। साथ ही, इसकी कीमत भी ऑनलाइन लीक हुई है।
HMD Vibe 2 5G की कीमत (संभावित)
एचएमडी के इस अपकमिंग बजट फ्रेंडली 5G स्मार्टफोन को भारत में 9,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया जा सकता है। टिप्स्टर अभिषेक यादव ने दावा किया है कि यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 128GB और 6GB RAM + 128GB में लॉन्च किया जाएगा। इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 10,999 रुपये होगी। हालांकि, कंपनी फोन की खरीद पर 1,000 रुपये तक का डिस्काउंट ऑफर करेगी। इस तरह से यह फोन महज 8,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकेगा।
HMD Vibe 2 5G के फीचर्स (संभावित)
एचएमडी का यह अपकमिंग 5G स्मार्टफोन भारत में 6.67 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आ सकता है। फोन में LCD स्क्रीन का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगी। इस फोन में Unisoc T8200 चिपसेट मिलेगा, जिसमें 6GB रैम और 128GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिल सकता है। फोन की रैम और स्टोरेज को एक्सपेंड किया जा सकता है।
HMD Vibe 2 5G के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिए जाने की उम्मीद है। यह फोन 50MP के मेन AI कैमरा और एक सेकेंडरी कैमरे के साथ लॉन्च किया जा सकता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का कैमरा मिलेगा। यह फोन Android 16 या Android 15 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगा। साथ ही, IP64 रेटेड होगा, जो इसे पानी और धूल से बचाएगा। इसमें 6000mAh की बैटरी और 15W चार्जिंग मिल सकता है। HMD का यह फोन कॉस्मिक लेवेंडर, नॉर्डिक ब्लू और पीच पिंक के साथ लॉन्च हो सकता है।
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कानपुर देहात: मंडलायुक्त, डीआईजी ने फैक्ट्री मालिकों संग की बैठक: श्रमिकों के प्रदर्शन पर चर्चा, प्रशासन ने दिए श्रम कानून पालन के निर्देश – Kanpur Dehat News
कानपुर देहात में फैक्ट्री कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच, गुरुवार 14 मई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस गोष्ठी में मंडलायुक्त कानपुर विजयेन्द्र पांडियन और पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर रेंज हरीश चन्दर उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल भी मौजूद थे। जनपद की प्रमुख फैक्टरियों और कंपनियों के प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया। देखें, 3 तस्वीरें… गोष्ठी में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन, उनके कल्याण, समय पर वेतन भुगतान और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों को गंभीरता से लिया जा रहा है और श्रमिकों के हितों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधकों को श्रम कानूनों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने, कर्मचारियों को नियमानुसार समय पर वेतन देने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल विधिक कार्यवाही की जाएगी। मंडलायुक्त और डीआईजी ने फैक्ट्री मालिकों से कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि औद्योगिक क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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स्टार्स ने बोले 3 डायलॉग, जो स्क्रिप्ट में थे ही नहीं, बॉक्स ऑफिस पर दौड़ पड़ी थीं फिल्में
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कहते हैं कि एक बेहतरीन फिल्म सिर्फ कागज पर लिखी स्क्रिप्ट से नहीं बनती, बल्कि कैमरे के सामने आर्टिस्ट की समझदारी और इम्प्रोवाइजेशन से बनती है. बॉलीवुड के इतिहास में ऐसे कई मौके आए हैं जब एक्टर्स ने किसी सीन की गंभीरता या मस्ती में कुछ ऐसा कह दिया, जो ओरिजिनल स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था. लेकिन जब वे शब्द स्क्रीन पर आए, तो उन्होंने न सिर्फ दर्शकों को हंसाया और रुलाया, बल्कि फिल्मों को भी हिट करवाने में भी अपनी भूमिका निभाई. चाहे वह अक्षय कुमार की समझदारी हो, नाना पाटेकर का गुस्सा हो या परेश रावल का अनोखा स्टाइल हो… ये ऐसे डायलॉग हैं जो अचानक से बने, लेकिन अब बॉलीवुड की पहचान बन गए हैं. आइए, जानते हैं ऐसे 3 सुपरहिट डायलॉग्स की कहानी.
नई दिल्ली. सिनेमा एक ऐसा जॉनर है, जहां डिसिप्लिन और क्रिएटिविटी का बैलेंस बहुत जरूरी है. अक्सर डायरेक्टर चाहते हैं कि एक्टर्स वही कहें जो राइटर ने कागज पर लिखा है. लेकिन कभी-कभी, एक्टर के इमोशंस और उनकी ऑन-द-स्पॉट कॉमेडी टाइमिंग राइटर की सोच से भी आगे निकल जाती है. बॉलीवुड के तीन सबसे मशहूर डायलॉग, जिन्हें आज बच्चा-बच्चा जानता है, जो असल में कभी फिल्म की स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं थे. ये शब्द तब बोले गए जब कैमरा चल रहा था और एक्टर अपने किरदारों में इतने डूबे हुए थे कि उन्होंने कुछ बिल्कुल नया बना दिया.

1. अक्षय कुमार की मस्ती: 2006 की फिल्म ‘भागम भाग’ बॉलीवुड की सबसे अच्छी प्रियदर्शन कॉमेडी में से एक मानी जाती है. अक्षय कुमार, गोविंदा और परेश रावल की तिकड़ी ने ऐसी जबरदस्त कॉमेडी की कि लोग आज भी इसे बार-बार देखते हैं. इस फिल्म के एक बहुत मशहूर सीन में अक्षय कुमार अचानक पूछते हैं, ‘क्या रूपा, नहा लिया?’ हैरानी की बात है कि यह लाइन फिल्म की ओरिजिनल स्क्रिप्ट में नहीं थी.

अक्षय कुमार सेट पर अपनी हाजिरजवाबी और मस्ती के लिए जाने जाते हैं. अक्षय ने खुद एक इंटरव्यू में बताया कि वह शूटिंग के दौरान बस मस्ती कर रहे थे और यह लाइन उन्होंने अपने को-स्टार को चिढ़ाने के लिए कही थी. डायरेक्टर प्रियदर्शन को अक्षय का बेफिक्र रवैया इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे फाइनल कट में रखने का फैसला किया. आज यह डायलॉग सोशल मीडिया पर एक पॉपुलर मीम है और इसे फिल्म के सबसे मजेदार पलों में से एक माना जाता है.
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2. नाना पाटेकर का गुस्सा: 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ ने नाना पाटेकर को इस लेवल पर पहुंचा दिया कि उनकी तुलना लेजेंडरी एक्टर्स से की जाने लगी. फिल्म का क्लाइमैक्स, जहां नाना पाटेकर को फांसी दी जानी है, और काफी भीड़ वहां इकठ्ठा हो रही है…. बॉलीवुड के सबसे दमदार सीन में से एक है.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस दौरान जब नाना ने कैमरा फेस किया, तो उनके अंदर का आर्टिस्ट जाग गया और वे बोल पड़े- ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने’, जो स्क्रिप्ट का हिस्सा ही नहीं था. उनके इस डायलॉग ने फिल्म के क्लाइमैक्स में जान ला दी थी.

3. परेश रावल का बाबूराव अवतार: जब भी बॉलीवुड की कल्ट कॉमेडी की बात होती है, तो 2000 में आई फिल्म ‘हेरा फेरी’ याद आती है. बाबूराव गणपतराव आप्टे का रोल कर रहे परेश रावल ने इस फिल्म में एक्टिंग को एक नई पहचान दी. एक आइकॉनिक सीन है, जिसमें बाबूराव अपनी परेशानियों से तंग आकर भगवान से शिकायत करता है-‘ऐ उठा ले रे देवा, उठा ले रे बाबा, मुझ अमीर को नहीं रे, ये 2 गरीबों को उठा ले!’ डायरेक्टर प्रियदर्शन इस बात से इतने खुश हुए कि उन्होंने तुरंत कहा, ‘परेश भाई, यह डायलॉग तो रहेगा ही!’ यह स्क्रिप्टेड नहीं था, लेकिन इसने बाबूराव के कैरेक्टर की मासूमियत और चालाकी को पूरी तरह से दिखाया.

इन अनस्क्रिप्टेड पलों ने तीनों फिल्मों की सफलता में अहम योगदान दिया. ‘भागम भाग’ को सिर्फ एक थ्रिलर-कॉमेडी माना जा रहा था, लेकिन अक्षय की छोटी लाइनों ने इसे कॉमेडी गोल्ड बना दिया. ‘क्रांतिवीर’ में नाना पाटेकर के दमदार भाषण ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड नॉमिनेशन दिलाया और फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया. ‘हेरा फेरी’ के बारे में सभी जानते हैं कि रिलीज के समय इसकी शुरुआत धीमी रही थी, लेकिन बाबूराव के इन वन-लाइनर्स की वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी ने इसे एक कल्ट क्लासिक बना दिया.
NEET Paper Leak: दिनेश ने यश से खरीदा था गेस पेपर, PDF को पासवर्ड से लॉक कर शेयर किया
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने खुलासे किए हैं। हालांकि, अब तक इसमें बड़े गिरोह के शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं। सूत्रों के अनुसार जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक में किसी बड़े गिरोह के शामिल होने से इंकार नहीं किया जा सकता। जांच में पता चला है कि गेस पेपर नासिक के शुभम खेमर ने हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव को दिया था। यश ने राजस्थान के सीकर में दिनेश को पेपर भेजा था। सीकर में गेस पेपर का पीडीएफ बनाया गया। इसे पासवर्ड से लॉक किया गया और अन्य राज्यों में भेजा गया।
दिनेश बीजेपी युवा का मोर्चा नेता है। उसने पैसे देकर गुरुग्राम के यश से पेपर खरीदा था। इसके बाद सीकर के 10 छात्रों को बेचा था। उसने पेपर के बदले नगद पैसे लिए थे। दिनेश का बेटा विकास सीकर में नीट की तैयारी कर रहा है। विकास के दोस्तों को ही यह पेपर बेचा गया था। इन सभी को एसओजी ने हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद इन सभी पांचों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है साथ ही और भी संदिग्धों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया जा सकता है।
चैट रिट्रीव करने में जुटी जांच टीम
सीबीआई ने आरोपियों के पास से जब्त डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर सीएफएसएल के पास आगे की जांच के लिए भेज दिया है। जांच के दौरान आरोपियों के फोन से डिलीट की गई चैट और मैसेज रिट्रीव कराने की कोशिश की जा रही है। सीबीआई सोशल मीडिया वाट्सएप्प और टेलीग्राम एप्प में सेव किए गए मोबाइल नंबर के जरिए उस सिम के मालिक का पता लगाने की कोशिश में है। सीबीआई की साइबर यूनिट चैट या मैसेज भेजने के वक्त की उस समय की लोकेशन आई एड्रेस के जरिए पता करने में जुटी है।
कॉमन कॉन्टैक्ट की लिस्ट बना रही सीबीआई
सीबीआई गिरफ्तार किए गए 5 लोगों की कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद सभी लोगों के कॉमन कॉन्टैक्ट की एक लिस्ट बना रही है, ताकि उनसब लोगों की चैट हिस्ट्री और डिलीट डेटा को रिट्रीव किया जा सके। फिलहाल सीबीआई को नीट पेपर लीक मामले में किसी बड़े संगठित गैंग की भूमिका को लेकर कोई सीधा सबूत नहीं मिला है, हालांकि जांच अभी शुरुआती दौर में है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
सीबीआई के हाथ लगी 50 लोगों की लिस्ट
सीबीआई ने गिरफ्तार किए गए पांचो आरोपियों की बैंक डिटेल लेने के लिए संबधित बैंको को लेटर लिख अकाउंट की जानकारी मांगी है। पेपर लीक करने के लीकेज पॉइंट में शामिल व्यक्ति की पहचान करने के लिए एनटीए अधिकारियों से सीबीआई ने जानकारी जुटाई है। सीबीआई ने बुधवार को घंटों एनटीए दफ्तर में जाकर पेपर को तैयार करने, उसको छापने, पेपर को सुरक्षित रखने और एग्जाम से पहले पेपर को अलग अलग राज्यों में भेजने में शामिल लोगों की भूमिका के बारे में पूरी जानकारी मांगी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को 50 से ज्यादा ऐसे लोगों की जानकारी मिल गई है, जिनके जिम्मे नीट पेपर को सुरक्षित और महफूज तरीके से पूरी प्रक्रिया को पूरा कराना था।
छात्रों से पूछताछ कर रही सीबीआई
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने उन तमाम लोगों की भी फाइनेंशिल डिटेल्स बैंको से मांगी है। इस सभी लोगों की सीडीआर के जरिए आरोपियों से या दूसरे संदिग्धों की संपर्क करने के सबूत जुटाने में लगी है। सीबीआई की टीमें एक दर्जन से ज्यादा ऐसे छात्रों से भी पूछताछ कर रही हैं। जिन्होंने नीट पेपर दिया था और जिनके पास लीक पेपर पहुंचा था। ताकि उनके जरिये पेपर लीक करने के बाद उसको पीडीएफ फॉर्म में पासवर्ड से प्रोटेक्ट करने वाले अलग-अलग ग्रुप की जानकारी जुटाई जा सके।
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