राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कैमूर की देखरेख में जिला मुख्यालय स्थित लिच्छवी भवन के पास एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरने के माध्यम से राजद नेताओं ने प्रदेश की एनडीए सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर निशाना साधा। राजद नेताओं ने कैमूर जिले की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। कैमूर में मेडिकल कॉलेज नहीं बनने पर उठाए सवाल धरने की अध्यक्षता कर रहे राजद जिलाध्यक्ष अकलू राम ने कहा कि सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन जनता कई समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 16 लाख की आबादी वाले कैमूर जिले में अब तक मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं हो सकी है। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी या पटना रेफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में जिले के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे युवा राजद नेताओं ने कहा कि जिले में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में युवा दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। मुंडेश्वरी धाम के विकास को लेकर भी उठाया मुद्दा धरने के दौरान नेताओं ने विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां मुंडेश्वरी धाम के विकास को लेकर भी सवाल उठाए। राजद नेताओं का कहना था कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद मुंडेश्वरी धाम को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को नुकसान पहुंच रहा है। शराब तस्करी और अपराध पर सरकार को घेरा राजद नेताओं ने सीमावर्ती जिला होने के कारण शराब तस्करी और अपराध की समस्या को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अपराध बढ़ने से आम लोगों में भय का माहौल है। सरकार कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। अधूरी परियोजनाओं से किसानों को नुकसान का आरोप धरने में इंद्रपुरी जलाशय जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। नेताओं ने कहा कि वर्षों से लंबित परियोजनाओं के कारण किसानों को सिंचाई संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन योजनाओं को जल्द पूरा कराने की मांग की। लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का ऐलान धरना कार्यक्रम में जिला प्रधान महासचिव भोला नाथ सिंह, पूर्व मंत्री बृजकिशोर बिंद, पूर्व प्रत्याशी वीरेंद्र कुशवाहा, अजीत सिंह, आशिफ मुन्ना खां, डॉ. पुनीत सिंह, सिद्धेश्वर कुशवाहा, सचिदानंद यादव सहित बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजद नेताओं ने कहा कि कैमूर के विकास और जनता के अधिकारों को लेकर पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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कैमूर में RJD का धरना; महंगाई, बेरोजगारी-कानून-व्यवस्था पर हमला: जिलाध्यक्ष बोले- 16 लाख आबादी वाले जिले में अब तक नहीं बना मेडिकल कॉलेज, युवा कर रहे पलायन – Kaimur News
डीयू आईसीसी चुनाव में ABVP का दबदबा: यूजी से आर्यन और पीजी से श्लोक जीते, महिला सुरक्षा के मुद्दे को मिला समर्थन – New Delhi News
दिल्ली विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के चुनाव में जीते पदाधिकारी।
दिल्ली विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत का परचम लहराया है। स्नातक (यूजी) वर्ग से आर्यन चौधरी और स्नातकोत्तर (पीजी) वर्ग से श्लोक कुमार सिंह निर्वाचित हुए है
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आईसीसी विश्वविद्यालय में लैंगिक संवेदनशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था है। इस महत्वपूर्ण चुनाव में एबीवीपी समर्थित प्रत्याशियों की विजय यह स्पष्ट करती है कि छात्र पारदर्शी कार्यशैली और समर्पित नेतृत्व चाहते हैं।
जीत छात्र समुदाय के विश्वास और हमारी सकारात्मक कार्यशैली की जीत
एबीवीपी लंबे समय से छात्राओं की सुरक्षा और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के लिए आंदोलन करती रही है। परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री का केंद्र नहीं, बल्कि नेतृत्व और संवेदनशीलता निर्माण का भी मंच है।
एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, यह जीत छात्र समुदाय के विश्वास और हमारी सकारात्मक कार्यशैली की जीत है। आर्यन और श्लोक छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे और महिला सुरक्षा व निष्पक्ष शिकायत निवारण की दिशा में पूरी निष्ठा से काम करेंगे। इस परिणाम के बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने कहा कि वे परिसर को और अधिक सुरक्षित और न्यायपूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यं सहायता समूह से बदली किस्मत, घर के शुद्ध अचार की बढ़ी डिमांड
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Pickle Business Idea: आज के दौर में जहां एक तरफ युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के बिजुआ ब्लॉक के कुछ हुनरमंद लोग अपने पारंपरिक व्यवसाय के दम पर आत्मनिर्भरता और सफलता की एक नई इबारत लिख रहे हैं. ‘श्री बालाजी स्वयं सहायता समूह’ से जुड़कर न सिर्फ एक शख्स की किस्मत बदली, बल्कि गांव की 12 महिलाओं को घर बैठे रोजगार भी मिला. 20 तरह के शुद्ध और स्वादिष्ट अचार तैयार कर यह समूह आज हर दिन हजारों रुपये की शानदार कमाई कर रहा है.
Pickle Business Idea: आज के समय में जहां युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, वहीं कुछ लोग अपने हुनर और पारंपरिक व्यवसाय के दम पर सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं. बिजुआ ब्लॉक के रहने वाले हरीश ने बातचीत करते हुए बताया कि वह वर्ष 2023 में स्वयं सहायता समूह से जुड़े थे. स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद हमारी किस्मत बदल गई है. हमारे समूह का नाम ‘श्री बालाजी स्वयं सहायता समूह’ है. इसमें करीब 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें गांव में ही रोजगार मिल रहा है और उनके परिवार का पालन-पोषण अच्छे से हो रहा है.
20 प्रकार के स्वाद और बढ़ती डिमांड
स्वयं सहायता समूह के द्वारा करीब 20 प्रकार का अचार तैयार किया जाता है, उसके बाद उन्हें मार्केट में बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिस कारण अच्छा-खासा मुनाफा होता है. अगर वैरायटी की बात की जाए तो इसमें आम का अचार, नींबू, हरी मिर्च, लाल मिर्च, लहसुन, अदरक, कटहल, करौंदा, मिक्स वेज अचार, आंवला, गाजर, मूली व अन्य कई तरीके के अचार शामिल हैं. घर में तैयार किए गए इन अचारों की शुद्धता और गुणवत्ता के कारण बाजार में लगातार इनकी डिमांड बढ़ती जा रही है, जिस कारण समूह की इनकम में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
पारंपरिक विधि और शुद्धता का मेल
अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का चयन किया जाता है. इसके बाद मसालों में सरसों, मेथी, सौंफ, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च और नमक का सही अनुपात मिलाया जाता है. अचार को लंबे समय तक सुरक्षित और स्वादिष्ट रखने के लिए शुद्ध सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है. यही वजह है कि लोग इस घरेलू स्वाद को बेहद पसंद कर रहे हैं.
प्रतिदिन हजारों की कमाई और रोजगार
हरीश ने बातचीत करते हुए आगे बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा जो 20 प्रकार का अचार तैयार किया जाता है, उसकी बिक्री से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस समय बाजार में 1 किलो अचार 150 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. इसमें सबसे अधिक आम के अचार और लहसुन के अचार की डिमांड है. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खास पारंपरिक तरीके से इस अचार को तैयार करती हैं.
समूह से जुड़ने के बाद अब प्रतिदिन हजारों रुपये की कमाई आसानी से अचार के बिजनेस से हो रही है. जब हम स्वयं सहायता समूह में नहीं जुड़े थे, तब काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. पिछले तीन वर्षों से स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का रोजगार मिला है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
अमेरिका में बंद कमरे में मिली हरियाणवी युवक की डेडबाॉडी: 2 एकड़ जमीन बेच डंकी रूट से गया, कहा था-सारे कर्ज उतार दूंगा; परिवार का इकलौता बेटा – Karnal News
करनाल का सुपनदीप दो साल पहले अमेरिका गया था। मौत की सूचना पर करनाल में रोते-बिलखते परिजन। इनसेट में सुपनदीप की फाइल फोटो।
हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत हो गई। युवक अमेरिा के सैक्रामेंटो शहर में एक स्टोर पर जॉब करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर रूप पर लौटा, खाना खाया और सोने चला गया।
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नाइट शिफ्ट शुरु होने से पहले उसके दोस्त उसे लेने पहुंचे तो रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर युवक को बेसुध हालत में पड़ा देख उनके होश उड़ गए। दोस्तों ने तुरंत उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद दोस्तों ने ही परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक, युवक दो साल पहले दो एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह अमेरिका चला गया था। मौत से दो दिन पहले परिवार की उससे बात हुई थी। युवक ने कहा था- चिंता ना करों, सारे कर्ज उतार दूंगा।
बेटे की मौत से परिजन सदमे में है। उन्होंने परिवार ने सरकार, विदेश मंत्रालय और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से बेटे के शव को भारत लाने में मदद करने की गुहार लगाई है, ताकि बेटे को देश की मिट्टी नसीब हो सके।
युवक सुपनदीप के पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में मां और बड़ी बहन है। चाचा और दादी-दादी ने उसका पालन-पोषण किया था।

पोते की मौत की सचूना के बाद विलाप करती दादी व मां।
युवक के भारत से अमेरिका तक सफर की पूरी कहानी…
- पहले कनाडा, फिर डंकी रूट से अमेरिका गया : मृतक युवक सुपनदीप सिंह करनाल जिले के गांव सेखपुरा मंचूरी का रहने वाला था। चाचा गुरदेव सिंह ने बताया कि परिवार ने सुपनदीप सिंह को बेहतर भविष्य की तलाश में करीब दो वर्ष पहले कनाडा भेजा था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंच गया था।
- 2 एकड़ जमीन बेचकर जुटाए थे रुपए : गुरदेव सिंह के मुताबिक, परिवार ने सुपनदीप को कनाडा भेजने के लिए अपनी करीब 2 एकड़ जमीन बेच दी थी। कनाडा में रहने के दौरान भतीजे ने कई जगह नौकरी की, लेकिन पैसे ठीक नहीं मिलने के कारण वह अमेरिका चला गया था। वर्तमान में वह अमेरिका के सैक्रामेंटो शहर में रहकर एक स्टोर पर नौकरी कर रहा था। सैक्रामेंटो शहर में ही रह रहे करनाल के ही कुछ युवकों के साथ किराए पर रहता था।
- नाइट शिफ्ट करने के बाद रूम पर लौटा था : गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप नाइट शिफ्ट में काम करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर सुबह घर लौटा था। इसके बाद खाना खाकर सो गया था। शाम को जब उसके दोस्तों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो वह अंदर से बंद था।
- गेट तोड़कर पहुंचे दोस्तों को बेसुध हालत में मिला: इसके बाद युवकों के कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो सुपनदीप अचेत अवस्था में पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

सुपनदीप की मौत के बाद घर पर शोक व्यक्त करते ग्रामीण।
युवक सुपनदीप के परिवार ने बताईं ये बातें…
- 9 साल पहले पिता का भी हो चुका निधन : गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप के पिता गुरदीप सिंह का करीब 9 वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उसकी मां और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता की मौत के बाद सुपनदीप की परवरिश उसके चाचा और दादा-दादी ने मिलकर की थी। परिवार की उम्मीदें उसी पर टिकी थीं।
- मौत से दो दिन पहले कहा था- सारे कर्ज उतार दूंगा : परिजनों के अनुसार, मौत से दो दिन पहले ही सुपनदीप की फोन पर परिवार से बात हुई थी। उसने अपनी मां, दादा-दादी और चाचा से बातचीत करते हुए कहा था कि वे किसी बात की चिंता न करें। वह मेहनत करके परिवार के सभी कर्ज चुका देगा और जो जमीन बिकी है, उसे भी वापस खरीद लेगा। उसके इन शब्दों को याद कर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
- शव भारत लाने की लगाई गुहार : सुपनदीप की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने केंद्र, राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय, सामाजिक संस्थाओं और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से मदद की अपील की है। परिवार चाहता है कि सुपनदीप का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि उसकी मां, बहन और अन्य परिजन अंतिम दर्शन कर सकें और रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।

घर पर शोक व्यक्त करते परिजन।
5 महीने में करनाल के 6 लोगों की विदेश में मौत
करनाल से कई बच्चे विदेश पढ़ने या परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश जाते हैं। कोई कनाडा तो कोई अमेरिका जाता है। मगर, बीते 6 महीनों में ही विदेशों में सात युवकों की मौत से राज्य और परिवारों को बड़ा झटका लगा है। ताजा मामला युवक सुपनदीप का है। इससे पहले छह युवकों की भी बीमारी, हादसों में मौत हो चुकी है।
14 दिन पहले ही अमेरिका के इंडियाना राज्य के प्लेनफील्ड इलाके में 12 मई को हुए सड़क हादसे में करनाल के शिव कॉलोनी निवासी प्रवीन (40) की मौत हो गई। वह रेड लाइट पर खड़ा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वहीं, दो महीने पहले बसंत विहार निवासी युवक की रूस में मौत हो गई। युवक टूरिस्ट वीजा पर 16 मार्च को विदेश गया था। परिवार को उसकी मौत की सूचना वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से मिली। बताया जा रहा है कि युवक की गिरने से मौत हुई। इसी तरह टेक्सास शहर में फूड स्टोर में लगी आग में जिंदा जलकर करनाल के ही गंगाटेहड़ी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह (22) की मौत हो गई थी।
दो महीने पहले ही घोघगड़ीपुर गांव के एक 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। वहीं, कैमला गांव के युवक मुकेश कुमार की स्पेन में 5 महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई।
इन्द्री के गांव समौरा के चेतक शर्मा की भी अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था।
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करनाल के युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:मौत से 3 घंटे पहले परिवार से वीडियो कॉल की, ₹60 लाख खर्च कर गया था

करनाल जिला में इन्द्री क्षेत्र के गांव समौरा के एक युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। घटना के बाद वहां की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
पत्नी के नाम FD कराई, TDS भी कट गया? जानिए टैक्स क्रेडिट किसे मिलेगा
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अगर FD पत्नी के नाम है लेकिन पैसा पति का है और ब्याज की आय क्लबिंग नियमों के तहत पति की आय में जुड़ रही है, तो पत्नी TDS से बचने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर सकतीं. हालांकि बैंक की ओर से काटे गए TDS का पूरा क्रेडिट पति अपने ITR में क्लेम कर सकते हैं. इसलिए रिटर्न भरते समय ब्याज आय और PAN की जानकारी सही देना बेहद जरूरी है.
FD पत्नी के नाम, पैसा आपका! TDS का फायदा कौन उठाएगा (फोटो- एआई)
नई दिल्ली. रिटायरमेंट के बाद अक्सर लोग टैक्स बचाने या सुरक्षित निवेश के लिए अपनी हाउसवाइफ पत्नी के नाम पर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करा देते हैं. लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब उस एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर बैंक टीडीएस (TDS) काट लेता है. ऐसे में बड़ा कन्फ्यूजन होता है कि कटे हुए टैक्स का क्लेम कौन करेगा- पति या पत्नी?
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर आप अपनी पत्नी के नाम पर पैसा इन्वेस्ट करते हैं, तो उस पर मिलने वाला ब्याज ‘क्लबिंग प्रोविजंस’ के तहत आपकी (पति की) ही इनकम में जोड़ा जाता है.
क्या पत्नी TDS बचाने के लिए फॉर्म जमा कर सकती हैं?
मनीकंट्रोल से बात करते हुए टैक्स और निवेश एक्सपर्ट बलवंत जैन ने बताया कि इनकम टैक्स कानून में कुछ शर्तों के तहत बिना TDS कटौती के घोषणा-पत्र जमा किया जा सकता है. सीनियर सिटीजन्स के लिए यह सुविधा तब उपलब्ध होती है, जब उनकी कुल इनकनम पर कोई टैक्स देनदारी न बनती हो. लेकिन इस मामले में पत्नी FD की वास्तविक टैक्सपेयर्स नहीं मानी जाएंगी. एफडी भले ही उनके नाम हो, लेकिन ब्याज की आय क्लबिंग प्रावधानों के तहत पति की आय में जोड़ी जाती है. इसलिए पत्नी ऐसा फॉर्म जमा नहीं कर सकतीं, जिससे टीडीएस कटने से बचा जा सके.
तो कटे हुए TDS का पैसा वापस कैसे मिलेगा?
चिंता की कोई बात नहीं है, आपका पैसा डूबेगा नहीं. पति अपनी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय इस कटे हुए टीडीएस पर क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न में एक खास विकल्प मिलता है. अपना आईटीआर भरते समय उस ब्याज की रकम को अपनी कुल इनकम में दिखाएं और अपनी पत्नी का PAN नंबर बिल्कुल सही-सही दर्ज करें. ऐसा करने से बैंक की ओर से काटा गया टीडीएस सीधे आपके टैक्स अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा.
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वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें
CJI सूर्यकांत ने कॉक्रोच के बाद परजीवी किसे कहा?
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CJI सूर्यकांत ने साइबर फ्राड आरोपी की जमानत याचिका खारिज की. उन्होंने साइबर अपराधियों को निवेशकों का पैसा ठगने वाला परजीवी बताया. सख्त रुख की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि तुम्हारे शिकार पूरे देश में फैले होते हैं. तमिलनाडु में किसी को ठगते हो और फिर जम्मू में किसी और को निशाना बनाते हो. समाज के हित में यही है कि तुम जेल में रहो.
साइबर ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज ये बात कही.
नई दिल्ली. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान ऐसा शब्द बोल दिया जो चर्चा का विषय बन गया है.हालांकि लोग इस बार चीफ जस्टिस द्वारा कहे गए शब्द का समर्थन करते नजर आ रहे हैं. पिछली बार उनके द्वारा कहा गया कॉक्रोच शब्द काफी चर्चा में था.आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बार परजीवी किस कहा है और क्यों कहा.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार साइबर ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने साइबर अपराधियों पर कड़ी टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने बुधवार को साइबर फ्राड के आरोपी को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसे अपराधी देशभर में लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं.
एएनआई के अनुसार जमानत याचिका खारिज करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘तुम लोग परजीवी हो, जो निवेशकों से करोड़ों रुपये ठग लेते हो. साइबर अपराधियों के प्रति हमें बेहद सख्त होना होगा. तुम्हारे शिकार पूरे देश में फैले होते हैं. तमिलनाडु में किसी को ठगते हो और फिर जम्मू में किसी और को निशाना बनाते हो. समाज के हित में यही है कि तुम जेल में रहो.’
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
10,999 रुपये में लॉन्च हुआ iPhone 17 Pro की तरह दिखने वाला फोन
itel ने भारत में अपना एक और सस्ता फोन लॉन्च कर दिया है। itel A100 सीरीज के इस प्रो मॉडल में 5,000mAh की दमदार बैटरी मिलती है। कंपनी खास तौर पर बजट फ्रेंडली यूजर्स के लिए स्मार्टफोन लॉन्च करती है। कंपनी का यह नया मॉडल भी 4G नेटवर्क सपोर्ट के साथ आता है। कंपनी इस सस्ते फोन के साथ फ्री में 1,499 रुपये की कीमत वाला नेकबैंड ऑफर कर रही है। आइए, जानते हैं itel A100 Pro में क्या खास है और इसकी कीमत कितनी है?
itel A100 Pro की कीमत
itel का यह फोन एक ही स्टोरेज वेरिएंट 4GB RAM + 64GB में पेश किया गया है। इसकी कीमत 10,999 रुपये है। इस फोन की रैम को 4GB और एक्सपेंड किया जा सकता है यानी इसकी रैम 8GB तक बढ़ाई जा सकती है। कंपनी फोन के साथ 1,499 रुपये वाला नेकबैंड ऑफर कर रही है। यह नेकबैंड फोन के बॉक्स के साथ ही यूजर्स को मिलेगा।
itel A100 Pro के फीचर्स
आईटेल का यह स्मार्टफोन 6.6 इंच के LCD IPS डिस्प्ले के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले में वाटरड्रॉप नॉच डिजाइन दिया गया है। फोन का डिस्प्ले HD+ रेजलूशन को सपोर्ट करता है। साथ ही, इसमें 90Hz रिफ्रेश रेट का भी सपोर्ट मिलता है। इस फोन में मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी दी गई है। कंपनी फोन के डिस्प्ले के टूटने पर 100 दिन का फ्री रिप्लेसमेंट ऑफर कर रही है।
| itel A100 Pro | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.6 इंच, LCD, 90Hz |
| प्रोसेसर | Unisoc T7100 |
| स्टोरेज | 4GB, 64GB |
| बैटरी | 5000mAh, 10W |
| कैमरा | 8MP, 5MP |
| OS | Android 15 Go |
इस सस्ते स्मार्टफोन में Unisoc T7100 चिपसेट दिया गया है। फोन में 4GB रैम के साथ 64GB इंटरनल स्टोरेज मिलता है। फोन की स्टोरेज को एक्सपेंड किया जा सकता है। इस स्मार्टफोन में सिक्योरिटी के लिए साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। इसके अलावा यह फोन DTS स्पीकर के साथ आता है। फोन के बैक में 8MP का मेन और 5MP का सेल्फी कैमरा मिलता है।
itel A100 Pro में 5000mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ 10W का वायर्ड चार्जिंग फीचर दिया गया है। इसमें कनेक्टिविटी के लिए WiFi, 4G, LTE, Bluetooth जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा यह यूनीक Ultralink फीचर से लैस है, जिसकी वजह से नो नेटवर्क में भी कॉलिंग की सुविधा ली जा सकती है। यह Android 15 Go ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इस फोन को Comet Orange, Black और Cloud White में खरीद सकते हैं।
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4 फिल्में, नाम अलग-अलग, चारों में थी एक जैसी कहानी, 3 रहीं ब्लॉकबस्टर, एक पहुंची ऑस्कर तक
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कहानी भले ही एक ही हो लेकिन अगर फिल्म का ट्रीटमेंट बहुत ही अलग ढंग से किया जाए तो वही मूवी बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर जाती है. 66 साल के अंतराल में ऐसी ही चार फिल्में बनीं जिनकी कहानी सेम थी. कहानी में रत्तीभर का बदलाव नहीं था. चारों फिल्मों का लास्ट सीन भी एक जैसा ही था. सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि तीन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रहीं. एक फिल्म तो ऑस्कर तक नॉमिनेट हुई. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं.
फैमिली ड्रामा से जुड़ी फिल्में हमेशा से दर्शकों की पहली पसंद रही है. इन फिल्मों की कहानी भले ही एक जैसी हो लेकिन ट्रीटमेंट अलग-अलग होने की वजह से कहानी दर्शकों को जोड़ लेती है. 66 साल के अंतराल में ऐसी ही चार फिल्में बनीं जिनकी मूल कहानी एक जैसी थी. सभी कहानियों को फिल्माने का तरीका बहुत ही अलग था. चारों ही फिल्मों ने बड़ा नाम कमाया. तीन ने तो बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डिंग ही तोड़ दिए. एक मूवी तो ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेट हुई. ये फिल्में थीं : मदर इंडिया, फर्ज और कानून, शक्ति और जेलर.

इस लिस्ट में पहला नाम ‘मदर इंडिया’ फिल्क का है जिसका निर्देशन महबूब खान ने किया था. फिल्म 14 फरवरी 1957 को रिलीज हुई थी. फिल्म नायिक प्रधान थी. मूवी में नरगिस, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार और राजकुमार लीड रोल में नजर आए थे. सुनील दत्त-राजेंद्र कुमार ने नरगिस के बेटे का रोल निभाया था. बहुत कम लोग जानते होंगे कि यह कालजयी फिल्म भी 1940 में आई फिल्म ‘औरत’ का रीमेक थी. पति (राज कुमार) की मौत के बाद गरीबी में जकड़ी राधा (नरगिस) अपने दो बच्चे के कैसे पालती है, कैसे जीवन में संघर्ष करती है. सुक्खी लाला से खुद का दामन कैसे बचाती है, यह सब फिल्म में बहुत ही इमोशनल तरीके से दिखाया गया.

फिल्म के लास्ट सीन में गांव की इज्जत के लिए राधा अपने बेटे बिरजू को गोली मार देती है. फिर फूट-फूटकर रोती है, उसे गले लगाती है. बिरजू उनकी बाहों में दम तोड़ देता है. वो बिलख-बिलखकर कहती है, ‘बिरजू मेरे लाल मत जाओ.’ उस दौर में इस तरह के सीन की कल्पना डायरेक्टर महबूब खान ही कर सकते थे. 60 लाख के बजट में तैयार हुई थी ‘मदर इंडिया’ ने 7 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई. इसे हिंदी की बेस्ट फीचर फिल्म के अवॉर्ड से नवाजा गया. 5 फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले थे. ऑस्कर में नॉमिनेशन पाने वाली यह पहली हिंदी फिल्म थी. सिर्फ एक वोट से यह फिल्म पुरस्कार की दौड़ से बाहर हो गई थी.
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‘मदर इंडिया’ फिल्म के क्लाइमैक्स को कई फिल्मों में दिखाया गया. 80 के दशक में जीतेंद्र-हेमा मालिनी-रति अग्निहोत्री स्टारर ‘फर्ज और कानून’ मूवी में भी सेम स्टोरी लाइन देखने को मिली थी. ‘फर्ज और कानून’ फिल्म 6 अगस्त 1982 को रिलीज हुई थी. डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव थे. यह तेलुगू फिल्म का रीमेक थी. डायलॉग कादर खान ने लिखे थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. गीतकार आनंद बख्शी थे.

‘फर्ज और कानून’ के क्लाइमैक्स में पिता अपने बेटे को गोली नहीं मारता. बिगड़ा हुआ बेटा सुधर जाता है. जीतेंद्र का डबल रोल था. जीतेंद्र ने इंस्पेक्टर पिता का रोल भी निभाया था. फिल्म सिर्फ डेढ़ माह में बनकर तैयार हुई थी. फिल्म का पेस बहुत अच्छा था. यह एक मसाला फिल्म थी और एंटरटेनर थी. फिल्म में राज किरन का रोल सराहा गया था. ‘फर्ज और कानून’ सुपरहिट साबित हुई थी.

‘फर्ज और कानून’ से महज दो माह बाद रिलीज हुई अमिताभ बच्चन-दिलीप कुमार की फिल्म ‘शक्ति’ में भी ‘मदर इंडिया’ की कहानी दोहराई गई. ‘शक्ति’ फिल्म 1 अक्टूबर 1982 को रिलीज हुई थी. ‘शक्ति’ फिल्म की कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी. डायरेक्टर रमेश सिप्पी थे. वही रमेश सिप्पी जिन्होंने ‘शोले’ फिल्म बनाई थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, दिलीप कुमार, स्मिता पाटिल, कुलभूषण खरबंदा और अमरीश पुरी ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. राखी उन दिनों लीड रोल करती थीं, फिर भी उहोंने दिलीप कुमार की पत्नी का रोल निभाया था. फिल्म में आरडी बर्मन का म्यूजिक था. फिल्म के दो तीन ‘मांगी जो दुआ, वो कुबूल हो गई’, ‘हमने सनम को खत लिखा, खत में लिखा’ और ‘जाने कैसे कब कहां इकरार हो गया’ आज भी हिट हैं.

अमिताभ बच्चन कई बार अपने इंटरव्यू में यह बात दोहरा चुके हैं कि वो दिलीप कुमार को अपना आदर्श मानते रहे हैं. यह दिलीप कुमार के साथ उनकी पहली फिल्म थी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो असफल रही लेकिन समय के साथ इसकी गहराई को लोगों ने समझा. जीतेंद्र की ‘फर्ज और कानून’ दो माह पहले रिलीज हुई थी और स्टोरी भी सेम थी, ऐसे में ‘शक्ति’ फिल्म को खासा नुकसान हुआ. इस फिल्म में भी ‘मदर इंडिया’ जैसा लास्ट सीन देखने को मिला था. दिलीप कुमार अपने बेटे अमिताभ बच्चन को गोली मार देते हैं. यह कालजयी फिल्म हिंदी सिनेमा के लिए एक स्कूल साबित हुई. इस फिल्म में सदी के दो दिग्गज एक्टर दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन ने सीरियस रोल किया है. दिलीप कुमार को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था.

इस फिल्म में सबसे अंतिम नाम रजनीकांत की फिल्म जेलर का है जो कि 10 अगस्त 2023 को रिलीज हुई थी. जेलर फिल्म का डायरेक्शन नेल्सन ने किया था. प्रोड्यूसर कलानिधि मारन थे. कहानी नेल्सन ने ही लिखी थी. यह एक तमिल मूवी थी जिसे हिंदी में भी डब करके रिलीज किया गया था. यह एक एक्शन-कॉमेडी फिल्म थी. जेलर फिल्म में हमें रजनीकांत, मोहनलाल, शिव राजकुमार, राम्या कृष्णन, विनायकान, तमन्ना भाटिया, जैकी श्रॉफ, वसंत रवि, योगी बाबू अहम भूमिकाओं में नजर आए थे. जेलर में रजनीकांत एक रिटायर लेकिन सख्त जेलर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आए थे. रजनीकांत बेटे अर्जुन को बचाने और मूर्ति तस्कर गिरोह से लड़ने के लिए फिर से मोर्चा संभालते हैं.

फिल्म की कहानी बाप-बेटे के इमोशनल रिश्ते पर भी थी. रजनीकांत के बेटे का किरदार वसंत रवि ने निभाया था. वो एक ईमानदार पुलिस अफसर था. उसे किडनैप कर लिया जाता है और यहीं से स्टोरी ट्विस्ट लेती है. शुरुआत में रजनीकांत शरीफ नजर आते हैं लेकिन जैसे -जैसे फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है, उनका खतरनाक स्वरूप दर्शकों के सामने आता है. फिल्म का क्लाइमैक्स भी चौंका देने वाला था. बेटा जिंदा निकलता है. फिल्म का अंत मदर इंडिया मूवी की तरह होता है. यह फिल्म मदर इंडिया का मॉडर्न वर्जन ही थी. फिल्म का बजट करीब 240 करोड़ रुपये था. फिल्म ने 600 करोड़ से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया थ. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
युवक की महिला से फोन पर 251 बार बात हुई: पांच साल से संपर्क में था; पूछताछ के दौरान थाने में जहर खाने से मौत – Jodhpur News
जोधपुर के बासनी थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक की इलाज के दौरान एम्स हॉस्पिटल में मौत हो गई। उसने थाने में जहर खा लिया था। महिला के गायब होने के मामले में पुलिस उसे मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे पूछताछ के लिए थाने लाई थी। पुलिस का कहना है कि मृतक अपने साथ जहर की पुड़िया लेकर आया था। पूछताछ के दौरान उसने मौका पाकर जहर खा लिया। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर DCP कमल शेखावत भी थाने पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। वहीं थाने के CCTV भी सुरक्षित रखे गए हैं। मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने मृतक के चाचा ओर पुलिस से बातचीत की। मृतक अमृत वैष्णव (30) के चाचा दलपत ने बताया कि वह सर गांव का रहने वाला था। उसकी शादी हो गई थी लेकिन गौना नहीं हुआ था। वह पिछले कुछ साल से से महिला से बात करता था। वह महिला 11-12 दिन पहले घर से गायब हो गई। उसके परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में 12 जून को अमृत को पूछताछ के लिए बासनी थाने बुलाया गया था। मैं भी उसके साथ बासनी थाने आया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद वापस भेज दिया। हेड कॉन्स्टेबल ने कहा-महिला नहीं मिली तो अंदर डाल दूंगा सोमवार शाम को थाने के हेड कॉन्स्टेबल सतपाल सिंह का कॉल आया, उसने बताया कि यदि मंगलवार को वह महिला नहीं मिली तो तुम्हें अंदर डाल दूंगा। इसके चलते उनका भतीजा टेंशन में आ गया था। वह रात भर सो नहीं पाया। 16 जून को सुबह जल्दी थाने से फोन आ गया। इस पर उसके भतीजे ने उन्हें दोपहर फोन कर बताया कि पुलिस उसे थाने बुला रही है, तब वह अपने भतीजे को लेकर थाने पहुंचा। महिलाओं ने गला पकड़ने की कोशिश की थाने में गायब महिला के पक्ष की 4-5 महिलाएं मौजूद थीं। अमृत थाने में अंदर गया तो महिलाओं ने उसका गला पकड़ने की कोशिश की। बाद में अमृत को पुलिस एक कमरे में पूछताछ के लिए लेकर चली गई। मैं 5 मिनट तक बाहर खड़ा रहा। बाद में उन महिलाओं ने विरोध कर मुझे थाने से बाहर निकलवा दिया। जब में स्वागत कक्ष में जाकर बैठा तो मुझे वहां से भी बाहर भेज दिया गया। पट्टे मारने पर सच बताएगा अमृत को ढाई घंटे तक वापस नहीं भेजा तो मैं थाने के अंदर गया और पुलिस वालों से कहा कि पूछताछ पूरी हो गई हो तो इसे भेज दीजिए। हमारा टिफिन सर्विस का काम है। टिफिन सप्लाई करने जाना है। इस पर पुलिस ने कहा कि आज इसे पट्टे मारेंगे तब सच बताएगा कि महिला को कहां गायब करवाया है, जबकि 12 जून को हुई पूछताछ में पुलिस को सबकुछ बता दिया था, कि महिला को गायब करने में इसका कोई रोल नहीं है। इस पर भी पुलिस ने अमृत को नहीं छोड़ा और मुझे थाने से भगा दिया। पुलिस ने मोबाइल देने से मना कर दिया था मैंने पुलिस से अमृत का मोबाइल मांगा था, लेकिन देने से मना कर दिया। मेरे वहां से रवाना होते समय अमृत ने मुझे अपना पर्स दिया था। मैं शाम करीब 4.30 बजे पाल शिल्पग्राम पहुंचा था तो अमृत के फोन से पुलिस ने मुझे फोन किया कि आप थाने आ जाओ इसने जहर खा लिया है। कहा कि सीथे एम्स आ जाओ इसे एम्स में एडमिट कराया है। महिला को 251 बार कॉल किए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि बासनी थाने में एक महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी, इस मामले में अमृतलाल संदिग्ध था, क्योंकि जब CDR खंगाली गई थी तो सबसे ज्यादा फोन अमृत के फोन से किए गए थे। उसके फोन से 251 कॉल किए गए थे, भागने के बाद का लास्ट कॉल भी अमृत के मोबाइल पर ही किया गया था। उन्होंने बताया कि अमृत ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 5 साल से उस महिला से बात करता है। थाने में जांच अधिकारी पूछताछ के बाद इधर-उधर हुए तो उसने जहर खा लिया, उसके बाद उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर खा लिया है। उसके बाद उसे एम्स ले जाया गया। उन्होंने बताया कि एम्स लाने के बाद थाने के अंदर घटना होने के चलते जुडिशियल मजिस्ट्रेट को भी इन्फॉर्म किया गया था। वह भी एम्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उसके बयान रिकॉर्ड किए गए। उसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी देवड़ा ने कहा कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जब उसने जहर खाया तो उसने पुलिस को बताया कि उस महिला ने उसे धोखा दे दिया था। इसके चलते उसे नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी थी। जिस जगह घटना हुई थी, वहां पर कैमरे लगे हुए थे, जिसकी भी लापरवाही रही है वो रिकॉर्ड में आ जाएगी। इधर इस मामले को लेकर परिजन और समाज के लोगों ने एम्स हॉस्पिटल में धरना दे रखा है। उन्होंने शव लेने से मना कर दिया है। परिजनों की मांग है कि एक आश्रित को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए, वहीं थाने के स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये खबर भी पढ़िए… बासनी थाने में युवक ने खाया जहर:महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था, हॉस्पिटल में हुई मौत जोधपुर में एक महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक अमृत वैष्णव (30) ने थाने में जहर खा लिया। इसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। (पढ़िए पूरी खबर)
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