महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आई वायरल गर्ल की याचिका पर शुक्रवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके दस्तावेजों में हेरफेर कर उनकी वैध शादी को अवैध साबित करने की साजिश रची गई। सरकार के वकील ने याचिका में गलतियां बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता वायरल गर्ल को त्रुटियां सुधारने के लिए समय देते हुए सुनवाई को 23 जून तक के लिए टाल दिया। दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप कुंभ वायरल गर्ल ने कोर्ट में दावा किया है कि उनके पिता ने जन्म संबंधी रिकॉर्ड में बदलाव कर उन्हें नाबालिग दिखाने की कोशिश की। याचिका में कहा गया है कि छोटे भाई के दस्तावेजों को उनका बताकर गलत जानकारी पेश की गई, जबकि वे बालिग हैं। शादी के बाद बढ़ा विवाद वायरल गर्ल महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम के अवसर भी मिले। इसी दौरान केरल में फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात एक युवक से हुई और मार्च 2026 में दोनों ने विवाह कर लिया। उम्र को लेकर उठा विवाद शादी के बाद मामला तब विवादों में आया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने विवाह के समय उनकी उम्र करीब 16 साल होने का अंदेशा जताया। इसके बाद खरगोन पुलिस ने युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। विवाह को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप याचिका में यह भी कहा गया है कि शादी को लेकर सोशल मीडिया पर गलत प्रचार किया गया और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। दंपति ने कोर्ट से जन्म प्रमाण पत्र बहाल करने और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कोर्ट ने कमियों को दूर करने के लिए दिया 10 दिन का समय शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई के दौरान वायरल गर्ल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वरिष्ठ वकील पीवी दिनेश वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सरकार की ओर से याचिका में गड़बड़ी बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई थी। साथ ही वायरल गर्ल द्वारा जमा किए गए अपने जन्म प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि को लेकर भी आपत्ति ली गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान उनके जन्म प्रमाण पत्र की ओरिजनल कॉपी हाईकोर्ट के समक्ष रखी गई। जिसके बाद कोर्ट ने वायरल गर्ल की ओर से पेश हुए वकीलों को याचिका में मौजूद कमियों को दूर करने और जन्म प्रमाण पत्र की साफ प्रतिलिपि रिकॉर्ड में लगाने के लिए 10 दिन का समय दे दिया। कोर्ट अब 10 दिन बाद इस याचिका पर सुनवाई करेगी।
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वृश्चिक राशि वालों आज खुलेंगे जीवन के कई अनसुलझे रहस्य! बदलेगी आपकी किस्मत
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Aaj ka Vrishchik Rashifal 13 June 2026: 13 जून 2026 का दिन बेहद खास और सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है. आज आपकी गहरी अंतर्दृष्टि, सूझबूझ और दृढ़ संकल्प की शक्ति आपको जीवन की कई बड़ी चुनौतियों से पार उतारने में मददगार साबित होगी. करियर और व्यापार में भाग्य साथ देगा, प्रेम और परिवार में सुख, स्वास्थ्य खासकर पेट और कमर को लेकर सतर्क रहें. ज्योतिषाचार्य से जानें आज का राशिफल और उपाय.
सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज यानी 13 जून 2026 का दिन बेहद खास और सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है. आज आपकी गहरी अंतर्दृष्टि, सूझबूझ और दृढ़ संकल्प की शक्ति आपको जीवन की कई बड़ी चुनौतियों से पार उतारने में मददगार साबित होगी. ग्रहों की स्थिति कुछ इस तरह बन रही है कि आज आपके सामने कुछ छिपी हुई बातें या रहस्य उजागर हो सकते हैं, जो भविष्य के लिए आपके महत्वपूर्ण फैसलों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेंगे.
करियर और व्यापार में भाग्य का साथ
ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार आज करियर और व्यापार के क्षेत्र में वृश्चिक राशि वालों को भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है. कार्यक्षेत्र में आपकी कड़ी मेहनत और लगन की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खुलकर सराहना की जाएगी. नौकरीपेशा लोगों को कोई नया बेहतरीन अवसर मिल सकता है या दफ्तर में होने वाली कोई महत्वपूर्ण चर्चा आपके पक्ष में जा सकती है. व्यापारियों के लिए आज का दिन किसी नई योजना पर काम शुरू करने या पुराने संपर्कों को पुनर्जीवित कर बड़ा मुनाफा कमाने के लिए बेहद उत्तम है.
घर में रोमांस का बना रहेगा माहौल
आर्थिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो आज आपकी वित्तीय स्थिति पूरी तरह संतुलित रहने वाली है. हालांकि, आपको अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने की जरूरत है ताकि बजट न बिगड़े. प्रेम संबंधों के लिहाज से आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा. जीवनसाथी के साथ आपका भावनात्मक जुड़ाव पहले से कहीं अधिक मजबूत होगा और घर में रोमांस का माहौल बना रहेगा. परिवार में सुख-शांति का वास होगा और घर के किसी वरिष्ठ सदस्य की सलाह आज आपके किसी बड़े काम आ सकती है.
स्वास्थ्य के मामले में सतर्क रहने की आवश्यकता
वृश्चिक राशि वालों को आज स्वास्थ्य के मामले में आज आपको थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है. विशेष रूप से अपने पेट और कमर के हिस्से का ख्याल रखें. आज हल्का और सात्विक भोजन ग्रहण करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. आज के दिन को और भी शानदार बनाने के लिए आपका शुभ अंक 9 तथा शुभ रंग गहरा लाल और काला है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, आज शाम के समय एक लाल फूल लेकर 11 बार ॐ नरसिंहाय नमः मंत्र का जाप करें और उस फूल को अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रख दें, इससे सभी संकट दूर होंगे.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
Don 3 Controversy: सलमान ही नहीं, आमिर खान भी नहीं सुलझा पाए रणवीर-फरहान का झगड़ा
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डॉन 3 से रणवीर सिंह के हटने पर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 45 करोड़ नुकसान का दावा किया, आमिर खान की मध्यस्थता नाकाम, फेडरेशन ने असहयोग आदेश वापस लिया
नई दिल्ली: बॉलीवुड के गलियारों से इन दिनों एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है. फिल्म डॉन 3 को लेकर सुपरस्टार रणवीर सिंह और डायरेक्टर फरहान अख्तर के बीच छिड़ी जंग अब खुलकर सामने आ गई है. मामला सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहा बल्कि कानूनी नोटिस से लेकर फिल्म फेडरेशन तक पहुंच चुका है.
इसी बीच इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा और नया मोड़ आया है. फिल्म फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए खुद आमिर खान ने एंट्री मारी थी.
क्या बोले अशोक पंडित
अशोक पंडित ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब यह मामला फेडरेशन के पास पहुंचा, उससे पहले ही बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारों ने इसे आपस में सुलझाने की पूरी कोशिश की थी. इस झगड़े को खत्म करने के लिए सुपरस्टार आमिर खान खुद आगे आए थे. उन्होंने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच पैच-अप कराने और मामले को शांत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन अफसोस कि आमिर खान की मध्यस्थता भी काम नहीं आई और दोनों के बीच बात नहीं बन सकी. अशोक पंडित ने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि आज रणवीर सिंह हैं, कल कोई और एक्टर हो सकता है. प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह गलत है. उन्होंने आगे कहा कि अगर एक्सेल की जगह कोई छोटा-मोटा प्रोड्यूसर होता तो वह तो अब तक बर्बाद ही हो जाता और उसे अपना घर तक बेचना पड़ जाता.
क्यों बढ़ा विवाद
फरहान अख्तर का साफ तौर पर दावा है कि रणवीर सिंह के आखिरी वक्त पर फिल्म छोड़ने की वजह से उन्हें और उनकी कंपनी को भारी नुकसान झेलना पड़ा है. सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह से 45 करोड़ रुपये के भारी-भरकम नुकसान की भरपाई की मांग की है. इस मुद्दे पर अशोक पंडित का कहना है कि किसी भी कलाकार के पास फिल्म न करने के 10 सही कारण हो सकते हैं, लेकिन अगर आपने एक बार प्रोजेक्ट के लिए हां कह दिया है और प्रोड्यूसर के पैसे खर्च होना शुरू हो चुके हैं, तो उस नुकसान की भरपाई करना आपकी जिम्मेदारी बनती है. कोई कितना भी बड़ा स्टार क्यों न हो, उसे आखिरी समय पर इस तरह से प्रोजेक्ट छोड़ने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जा सकती.
क्या सलमान खान ने भी की थी बात
इससे पहले सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में यह चर्चा बहुत गर्म थी कि भाईजान यानी सलमान खान ने भी इस मामले में दखल दिया है. चूंकि सलमान खान के अख्तर परिवार के साथ बेहद पुराने और करीबी रिश्ते हैं, इसलिए कहा जा रहा था कि उन्होंने फरहान और रणवीर से पर्सनली बात करके मामला रफा-दफा करने को कहा है. हालांकि, बाद में आई पुख्ता रिपोर्ट्स ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया और साफ किया कि ये सब सिर्फ अफवाहें थीं और सलमान खान का इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है.
क्यों अलग हुए रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के रास्ते
शुरुआत में जब यह खबर आई थी तो सबको लगा कि यह सिर्फ एक नॉर्मल कास्टिंग चेंज है, यानी फिल्म से सिर्फ एक्टर बदला गया है. लेकिन धीरे-धीरे पर्दे के पीछे की बात बिगड़ती चली गई. खबरों की मानें तो रणवीर सिंह और फिल्म के मेकर्स के बीच कहानी और कुछ अहम चीजों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि रणवीर सिंह फिल्म के काम में बार-बार हो रही देरी और फाइनल स्क्रिप्ट तैयार न होने से काफी परेशान चल रहे थे, जिसके बाद उन्होंने फिल्म से अलग होने का बड़ा फैसला किया.
नतीजा यह हुआ कि जो मामला आपस में बैठकर सुलझ सकता था, वह अब कानूनी पचड़े में बदल चुका है. हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच एक राहत की बात यह है कि फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ जो असहयोग का निर्देश जारी किया था, उसे अब वापस ले लिया गया है. लेकिन अब पूरी इंडस्ट्री की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरहान और रणवीर का यह बड़ा मनमुटाव कब और कैसे खत्म होता है.
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KGMU से फरार हुआ दुष्कर्म का आरोपी बंदी, फरार: पुलिस अभिरक्षा पर उठे सवाल; चौके थाने में मुकदमा दर्ज – Lucknow News
लखनऊ में पुलिस अभिरक्षा में इलाज करा रहा दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी शुक्रवार को केजीएमयू से फरार हो गया। बंदी की निगरानी में तैनात पुलिसकर्मियों को उसके भागने की भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन की तहरीर पर दोनों सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सरोजनीनगर क्षेत्र के एक दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार ओडिशा के बालासोर निवासी हैदर अली जिला कारागार में निरुद्ध था। तबीयत बिगड़ने पर उसे 31 मई को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर 4 जून को पहले बलरामपुर अस्पताल और बाद में केजीएमयू रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। बंदी की निगरानी की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार और धर्मेंद्र सिंह को सौंपी गई थी। शुक्रवार सुबह चेकिंग के दौरान बंदीरक्षक को पता चला कि हैदर अस्पताल से गायब है। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी की तहरीर पर चौक कोतवाली में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने फरार बंदी की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अभिरक्षा से बंदी के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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पताही में प्रेशर कुकर फटने से मां-तीन बच्चे झुलसे: पदुमकेर गांव में खाना बनाते समय हादसा, अस्पताल में किया गया भर्ती – patahi News
पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड अंतर्गत पदुमकेर गांव में खाना बनाते समय प्रेशर कुकर फटने से एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों का इलाज मोतिहारी के एक अस्पताल में चल रहा है। एक ही परिवार के चार लोग घायल
जानकारी के अनुसार, यह घटना दीनानाथ पटेल के घर में हुई। हादसे में उनकी पत्नी त्रिरेखा देवी (30 वर्ष) और तीन पुत्र शिवम कुमार (10), मनप्रीत कुमार (7) और आयुष कुमार (5) गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज धमाके से फैली दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खाना बनाते समय अचानक प्रेशर कुकर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे निकली गर्म भाप और उबलता भोजन रसोई में मौजूद सभी लोगों पर गिर गया। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मोतिहारी रेफर किया गया। स्थिति गंभीर, इलाज जारी
परिजनों के अनुसार, घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर
ग्रामीणों ने बताया कि दीनानाथ पटेल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक साथ पत्नी और तीन बच्चों के घायल होने से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रशासन को सूचना, जांच शुरू
सीओ नाजनी अकरम ने बताया कि घटना की जानकारी मिल चुकी है और मामले की जांच कराई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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जोधपुर कमिश्नरेट में बिना अनुमति रैली-जुलूस पर प्रतिबंध: धारा 163 लागू,14 जून से 12 अगस्त तक लागू रहेगा आदेश – Jodhpur News
जोधपुर पुलिस कमिश्नर रेट में अब बिना अनुमति के रैली, धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। विभिन्न संगठनों और आमजन द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर बिना अनुमति सार्वजनिक स्थलों और मार्गों पर रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन एवं सभाओं के आयोजन से कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस आयुक्तालय जोधपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। बिना अनुमति नहीं निकाल सकेंगे रैली पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय एवं यातायात) शहीन सी. द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जोधपुर के सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, प्रदर्शन और सभा आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि विवाह समारोह, बारात और शवयात्रा को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। शर्तों का करना होगा पालन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रैली, जुलूस, प्रदर्शन अथवा सभा आयोजित करने के लिए संबंधित पुलिस उपायुक्त से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों की समीक्षा के बाद आवश्यक शर्तों के साथ अनुमति प्रदान कर सकेंगे तथा आयोजकों और इसमें शामिल होने वाले प्रतिभागियों को निर्धारित शर्तों की अक्षरशः पालना करनी होगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज करने पर होगी कार्रवाई इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप और यूट्यूब आदि के माध्यम से भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाले संदेश प्रसारित करने अथवा उन्हें आगे फॉरवर्ड करने पर भी रोक लगाई गई है। किसी भी व्यक्ति द्वारा शांति व्यवस्था भंग करने वाली अफवाह फैलाने या ऐसे कृत्यों को प्रोत्साहित करने पर कार्रवाई की जाएगी। 14 जून से 12 अगस्त तक लागू होंगे आदेश आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति, समूह या संस्था के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 14 जून 2026 से 12 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा अथवा इससे पूर्व वापस लिए जाने तक लागू माना जाएगा।
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राहुल बोले- जनता में भाजपा के खिलाफ नाराजगी: अगला लोकसभा चुनाव हमारा, INDIA ब्लॉक को मैसेज- विपक्ष को मिलकर लड़ना होगा
नई दिल्ली5 घंटे पहले
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INDIA ब्लॉक की सातवीं बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से कहा कि देश में जनता के बीच भाजपा के खिलाफ काफी नाराजगी है। इसी वजह से अगला लोकसभा चुनाव विपक्ष के पक्ष में है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों।
बैठक में सहयोगी दलों की ओर से कांग्रेस पर की जाने वाली आलोचनाओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने भगवान शिव के विषपान वाले प्रसंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वह खुद सहयोगी दलों की हर आलोचना को मुस्कुराकर स्वीकार करेंगे।
राहुल ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठकों में अक्सर निराशा का माहौल दिखाई देता है, लेकिन उन्हें भरोसा रखना चाहिए कि अगर सभी दल साथ रहें तो भाजपा को हराना आसान है।
INDIA ब्लॉक की सोमवार को बैठक हुई थी। शुक्रवार को राहुल ने 9 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं हारी। उस चुनाव में विपक्ष ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी।

राहुल का आरोप- चुनावी संस्थाएं भाजपा के कंट्रोल में
उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले बहुत कम लोगों को भरोसा था कि भाजपा को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन विपक्ष ने बेहतर प्रदर्शन किया। राहुल ने नेताओं से आग्रह किया कि वे जीत का विश्वास रखें और एकजुट होकर आगे बढ़ें।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का राज्य की कई संस्थाओं पर प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा का कंट्रोल है, जिसके कारण विपक्ष को पहले जैसी समान राजनीतिक परिस्थितियां नहीं मिल रहीं।
राहुल ने दावा किया कि उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखा है। कई विपक्षी नेता अब यह मानने लगे हैं कि उनके चुनावी नतीजों पर असर पड़ा।

8 जून को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए थे।
मीडिया को मौका न देने की सलाह
राहुल ने कहा कि कुछ राजनीतिक घटनाओं, जैसे सहयोगी दलों के ब्लॉक छोड़ने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार नहीं थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे आपसी लड़ाई से बचें और ऐसे बयान न दें, जिनसे विपक्ष की एकता पर सवाल उठें। कि भाजपा लगातार यह धारणा बनाने की कोशिश करती है कि विपक्ष बिखरा हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
उन्होंने कहा कि अगर सभी दल साथ खड़े रहें और विरोध की राजनीति करें तो भाजपा को हराना मुश्किल नहीं है। राहुल ने NEET, CBSE, भारत जोड़ो यात्रा और अन्य मुद्दों को जनता के बीच संघर्ष के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को हर दिन यह सोचना चाहिए कि जनता के मुद्दों पर सरकार का विरोध कैसे किया जाए।
INDIA ब्लॉक की बैठक में क्या हुआ

सोमवार को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में सभी दलों ने एकमत से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मांग NEET और CBSE से जुड़े विवादों को लेकर की गई। इसके अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित वोट लूट के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का भी फैसला किया गया।
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खड़गे बोले- SIR में करोड़ों वोटर के नाम काटे, इसके खिलाफ INDIA ब्लॉक CJI को लेटर लिखेगा

INDIA ब्लॉक की 2 साल बाद हुई 7वीं बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए। दिल्ली में हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल समेत कई नेता मौजूद रहे। वहीं उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली जुड़े। पूरी खबर पढ़ें…
मोतिहारी में चोरी के 6 मोबाइल के साथ युवक गिरफ्तार: उत्तर प्रदेश से बेचने आया था, पुलिस ने पकड़ा – Motihari (East Champaran) News
मोतिहारी पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश से चोरी कर लाए गए छह मोबाइल फोन के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ज्ञान बाबू चौक के पास एक युवक चोरी के मोबाइल बेचने आने वाला है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका तलाशी के दौरान युवक के पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए। जब उससे मोबाइल के कागजात मांगे गए, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। संदेह के आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। युवक ने अपना नाम राहुल कुमार बताया और स्वीकार किया कि वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी है तथा बरामद सभी मोबाइल चोरी के हैं। पुलिस ने सभी छह मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से मोतिहारी आया था प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इन मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से मोतिहारी आया था। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस चोरी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। नगर थाना पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की भी संभावना है। पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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नोएडा एफएनजी रोड पर अवैध बिजली तारों का जाल, पावर कट से सेक्टर और गांव परेशान
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नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाले मुख्य एफएनजी (FNG) रोड के ऊपर अवैध बिजली तारों का जाल फैला हुआ है. पार्थला गोलचक्कर से सेक्टर-82 की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क के ऊपर से गुजरते तार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन्हीं अवैध कनेक्शनों के जरिए हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि संबंधित विभाग और अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं.
नोएडा: नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाले मुख्य एफएनजी (FNG) रोड के ऊपर अवैध बिजली तारों का जाल फैला हुआ है. पार्थला गोलचक्कर से सेक्टर-82 की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क के ऊपर से गुजरते तार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन्हीं अवैध कनेक्शनों के जरिए हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि संबंधित विभाग और अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. जबकि नोएडा के सेक्टर, गांव और सोसाइटी में पावर कट से लोग परेशान है.
अवैध तरह से पूरे क्षेत्र के बिजली की आपूर्ति
रात होते ही एफएनजी रोड का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है. सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट पोल मौजूद हैं, लेकिन अधिकांश लाइटें बंद पड़ी रहती हैं. करीब तीन से चार किलोमीटर लंबा हिस्सा रोशनी के अभाव में दुर्घटनाओं को न्योता देता नजर आता है. सेक्टर-122, 121 और 118 की ओर से गुजरने वाले अवैध तारों का जाल भी साफ दिखाई देता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
इस बार पॉश सेक्टर्स में भी भारी पावर कट
दूसरी ओर नोएडा के गांवों, सेक्टरों और सोसायटियों में लगातार हो रहे पावर कट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. निवासियों के अनुसार हालात इस बार पहले से कहीं अधिक खराब है. सेक्टर-15ए, 14ए, 15, 16 और 17 जैसे पॉश सेक्टर से लेकर गांवों तक बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जहां कई-कई घंटे तक बिजली गायब रहती है.
नोएडा निवासियों में भारी आक्रोश
नोएडा निवासी सुधीर राय, उपासना और महेश कुमार का कहना है कि पहले बिजली कटौती की एक तय सीमा होती थी, लेकिन अब बिजली आने से ज्यादा जाने लगी है. दिन और रात में कब और कितनी देर के लिए बिजली चली जाएगी, इसका कोई निश्चित शेड्यूल नहीं है. भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही कटौती से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है. उनका कहना है कि सरकार वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन बिना बिजली के नौकरीपेशा लोग अपना काम कैसे करेंगे. बावजूद इसके, संबंधित अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है.
अधिकारियों ने नकारी जनता की आवाज
इस पूरे मामले पर जब लोकल18 ने मुख्य अभियंता संजय जैन से बात की तो बताया कि हमने सम्बंधित अधिकारी को कार्यवाही करने के लिए बोला है, जबकि धरातल पर स्थिति बिल्कुल बदली नहीं है. वही लाइट कटौती पर उन्होंने जनता की बात को बिल्कुल नकार दिया.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
जामुन खाने के तुरंत बाद खा लेते हैं ये फूड्स, जान लें बड़े नुकसान, किन चीजों से करें परहेज
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बैंगनी रंग का खट्टा-मीठा, कसैले स्वाद का जामुन गर्मियों के अंत और मानसून के शुरुआत में मिलने लगता है. यह औषधीय गुणों से भरपूर फल है. मुख्य रूप से यह मई से जुलाई में मिलता है. बारिश के दौरान ताजा जामुन आपको खाने के लिए खूब मिल जाएंगे. पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें विटामिन सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, विटामिन ए आदि भरपूर होते हैं. जामुन पाचन को स्वस्थ रखता है. डायबिटीज में शुगर लेवल कंट्रोल रखता है. हालांकि, जामुन खाते समय या खाने के तुरंत बाद कुछ चीजों के सेवन से जरूर बचना चाहिए वरना आपको नुकसान भी हो सकता है.
कई तरह की पारंपरिक मान्यताएं हैं, जिसमें जामुन खाने के तुरंत बाद कुछ खाद्य पदार्थों को खाने से मना किया जाता है. इससे पाचन संबंधित समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि, इसका कोई मेडिकल या वैज्ञानिक प्रमाण अधिक नहीं है, लेकिन बेहतर है कि आप जामुन खाने के तुरंत बाद यहां बताई गई चीजों को न ही खाएं तो सेहत के लिए फायदेमंद होगा.

यदि आपने जामुन खाया है तो गलती से भी तुरंत दूध और इससे बनने डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर आदि का सेवन न करें. इससे आपको गैस, अपच, पेट में भारीपन, ब्लोटिंग आदि की समस्या शुरू हो सकती है. जामुन खाने के आधे से एक घंटे बाद ही दूध, दही खाएं-पिएं.

जामुन स्वाद में खुद खट्टा, मीठा और कसैला सा होता है, ऐसे में आप इसे खाते समय अचार, अन्य खट्टी चीजें खाते हैं तो नुकसान पहुंचा सकता है. जामुन खाने के तुरंत बाद ही आप सिरका, अचार, बहुत अधिक खट्टी चीजें खाने से काफी लोगों को एसिडिटी, पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है. जामुन और अचार, दोनों ही अम्लीय होते हैं, जो पेट में एसिड लेवल को तेजी से बढ़ा सकते हैं. ऐसे में जामुन खाने के एक से डेढ़ घंटे बाद ही अचार या कोई दूसरी खट्टी चीज खाएं.
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कुछ लोगों की आदत होती है कोई भी फल खाते हैं तो तुरंत पेट भर कर ढेर सारा ठंडा पानी भी पी जाते हैं. ऐसा आप जामुन खाने के बाद ना करें. इससे आपका गला खराब हो सकता है. पेट में दर्द, ऐंठन, पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. कुछ देर बाद थोड़ा सा नॉर्मल पानी पीना हेल्दी विकल्प हो सकता है.

बहुत अधिक मसालेदार और ऑयली भोजन भी जामुन खाने के साथ या तुरंत बाद नहीं करना चाहिए. इससे पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. जिन लोगों को पहले से ही पाचन संबंधित परेशानियां जैसे अपच, जलन, गैस की शिकायत रहती है, उनके लिए दिक्कत और भी अधिक बढ़ सकती है.

जिनका पाचन तंत्र बहुत अधिक संवेदनशील है, तो ऐसे लोग जामुन के साथ गलत फूड कॉम्बिनेशन लेते हैं तो उन्हें कई समस्याएं हो सकती हैं. पेट में गैस, अपच, भारीपन, सीने में जलन, एसिडिटी, पेट दर्द, पेट में ऐंठन, गले में खराश, पाचन तंत्र में असहजता, उल्टी आदि हो सकती है.

जामुन खाने का सही तरीका- फ्रेश जामुन ठेले पर से खरीदें. बहुत अधिक गले हुए स्वाद में खराब होते हैं. जामुन को पानी से दो से तीन बार जरूर धो लें, क्योंकि ठेले पर इसे काफी लोग छूकर चुनते हैं और फिर खरीदते हैं. इससे बैक्टीरिया, जर्म्स, गंदगी जामुन पर लगे हो सकते हैं. खाली पेट अधिक मात्रा में खाने से बचें. जामुन खाने के एक घंटे बाद कुछ भी खाने से बचना चाहिए. पानी, दूध, दही, खट्टे फल, खट्टी चीजें, अचार आदि न खाएं. सीमित मात्रा में सेवन से फायदा अधिक और नुकसान कम होगा. पाचन संबंधी समस्याएं हैं तो बहुत कम खाएं. खासकर जब आपको गैस, जलन पहले से ही हो, तब इस फल को ना खाएं.


