विधिज्ञ संघ सुपौल के विभिन्न पदों के लिए रविवार को हुए चुनाव का परिणाम शांतिपूर्ण मतदान और मतगणना के बाद घोषित कर दिया गया। मतदान समाप्त होने के करीब एक घंटे बाद मतगणना शुरू हुई, जिसमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की गई। अध्यक्ष पद पर नागेंद्र नारायण ठाकुर ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें कुल 389 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नारायण कामत को 123 मत मिले। इस तरह ठाकुर ने 266 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। तीसरे प्रत्याशी शिव प्रसाद साहू उर्फ बमबम बाबू को 77 मत मिले, जबकि एक मत अवैध घोषित किया गया। सुधीर झा ने 361 मत किए प्राप्त सचिव पद के चुनाव में सुधीर झा ने 361 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रूद्रप्रताप लाल को 130 मतों से पराजित किया। रूद्रप्रताप लाल को 231 मत मिले, जबकि तीसरे प्रत्याशी विनोदकांत झा को 32 मत प्राप्त हुए। कोषाध्यक्ष पद पर कमल नारायण यादव ने 352 मत हासिल कर विजय प्राप्त की। उनके प्रतिद्वंद्वी शंकर कुमार को 163 मत मिले। उपाध्यक्ष के तीन पदों में से एक पर कविता कुमारी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थीं। शेष दो पदों पर अनिल कुमार वर्मा ने 234 तथा राजेंद्र मंडल ने 185 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। महिला आरक्षित सीट से अंजना कुमारी निर्विरोध संयुक्त सचिव के तीन पदों में महिला आरक्षित सीट से अंजना कुमारी निर्विरोध चुनी गईं। अन्य दो पदों पर पीयूष पारिजात ने 214 और धर्मेंद्र कामत ने 179 मत प्राप्त कर विजय हासिल की। सहायक सचिव के तीन पदों में महिला कोटे से शक्ति कुमारी सारिका निर्विरोध निर्वाचित हुईं। शेष दो पदों पर रमेश कुमार ने 214 तथा किशोर कुमार झा ने 200 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। कार्यकारिणी सदस्य के पांच पदों पर पवन कुमार भारती, भवेश कुमार यादव, अशोक कुमार, ललन कुमार और सुरेंद्र कुमार श्यामल निर्वाचित घोषित किए गए। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा।
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विधिज्ञ संघ सुपौल के अध्यक्ष निर्वाचित हुए नागेंद्र नारायण ठाकुर: सुधीर झा बने सचिव, रूद्रप्रताप लाल को 130 मतों से किया पराजित – Supaul News
‘कॉकटेल 2’ ने ‘देवा’ का तोड़ा रिकॉर्ड, ‘मां इंती बंगारम’ ने बॉक्स ऑफिस पर भरी हुंकार
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शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार पकड़ ली है. मिक्स रिव्यूज के बावजूद वीकेंड पर दर्शकों की भारी भीड़ जुटी, जिससे फिल्म ने शाहिद की ही पिछली फिल्म ‘देवा’ के लाइफटाइम कलेक्शन को महज तीन दिनों में धूल चटा दी. वहीं दूसरी ओर, तीन साल बाद बड़े पर्दे पर लौटीं सामंथा रुथ प्रभु की एक्शन फैमिली ड्रामा ‘मां इंती बंगारम’ को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. इस तेलुगु फिल्म की कमाई में रविवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला.
नई दिल्ली. रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘कॉकटेल 2’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर कब्जा कर लिया है. रविवार को इस मूवी ने फिर से डबल डिजिट में कमाई की है और अब इसका भारत में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 50 करोड़ के करीब पहुंच चुका है. वहीं, सामंथा रुथ प्रभु की ‘मां इंति बंगारम’ की कमाई में भी तीसरे दिन जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. अब आपको बताते हैं कि दोनों फिल्में तीन दिनों में कितना बिजनेस कर चुकी हैं.

शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन की रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘कॉकटेल 2’ का दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज है. बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में यह फिल्म लगातार आगे बढ़ रही है. शानदार ओपनिंग के बाद वीकेंड पर फिल्म की कमाई में लगातार उछाल देखने को मिला है.

ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ‘कॉकटेल 2’ ने अपनी रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को करीब 17.75 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है. फिल्म ने ओपनिंग डे पर 13.50 करोड़ का बिजनेस किया था. दूसरे दिन की कमाई 16.25 करोड़ रही, जिसके मुकाबले रविवार के नंबर्स में अच्छी ग्रोथ देखी गई है. इस तरह फिल्म का भारत में कुल कलेक्शन लगभग 47.50 करोड़ और कुल ग्रोस कलेक्शन 57 करोड़ तक पहुंच गया है.
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इस शानदार कमाई के साथ ‘कॉकटेल 2’ ने शाहिद कपूर की ही साल 2025 में आई फिल्म ‘देवा’ के लाइफटाइम कलेक्शन 34.37 करोड़ को महज तीन दिनों में ही पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, फिल्म अभी सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण स्टारर पहली ‘कॉकटेल’ (2012) के लाइफटाइम कलेक्शन 71 करोड़ को पार करने से थोड़ी दूर है, लेकिन जिस रफ्तार से यह आगे बढ़ रही है, वो दिन भी दूर नहीं है.

इस फिल्म की कहानी कुणाल (शाहिद कपूर) और दीया (रश्मिका मंदाना) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कॉलेज के दिनों से एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं. प्यार तो गहरा है, लेकिन दोनों ही शादी जैसी व्यवस्था या बंधन पर पूरा भरोसा नहीं कर पाते. कहानी में मोड़ तब आता है जब वे सिसली में छुट्टियां मना रहे होते हैं और वहां उनकी मुलाकात दीया की दोस्त एली (कृति सेनन) से होती है. एली के कहने पर वे अपना प्लान बदलते हैं और उसके साथ ट्रिप पर निकल पड़ते हैं. लेकिन फिर प्यार में वफादारी का असली इम्तिहान शुरू होता है.

दूसरी तरफ, सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म ‘मां इंती बंगारम’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में दमदार प्रदर्शन किया है. इस एक्शन फैमिली ड्रामा फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. शुक्रवार और शनिवार के बाद रविवार को फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिसके साथ ही फिल्म का तीन दिनों में भारत में नेट कलेक्शन 20 करोड़ के पार चला गया है.

सामंथा ने पूरे तीन साल के लंबे ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है. बीवी नंदिनी रेड्डी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को तेलुगु राज्यों में शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. सैकनिल्क’ के मुताबिक, सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म ने रविवार को बॉक्स ऑफिस पर शानदार छलांग लगाई. शनिवार को जहां फिल्म का कलेक्शन 7.65 करोड़ था, वहीं रविवार को 32 फीसदी की बढ़ोतरी के फिल्म ने 10.10 करोड़ रुपये का बिजनेस किया.

थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ भी शनिवार के 44.6 फीसदी से बढ़कर रविवार को सीधे 52.4 फीसदी तक पहुंच गई. करीब 2965 शोज के बीच सामंथा रुथ प्रभु की एक्शन फिल्म ‘मां इंति बंगारम’ ने भारत में अब तक टोटल 23.10 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है. वहीं, इस फिल्म का टोटल ग्रोस कलेक्शन 26.69 करोड़ रुपये हो चुका है.
अलवर में तेज हवा के साथ बारिश: 37 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान, अगले 3 दिन तक बरसात का अलर्ट – Alwar News
अलवर जिले में सोमवार सुबह मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। तड़के करीब 5 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। फिलहाल जिलेभर में घने बादल छाए हुए हैं। इससे पहले रविवार को भी सुबह से दोपहर करीब 12 बजे तक शहर और जिले के कई हिस्सों में बादल छाए रहे थे। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी होने से तेज गर्मी का असर कम रहा। हालांकि, दोपहर बाद धूप निकलने और हवा की रफ्तार कम होने से उमस बढ़ गई, जिससे लोग पसीने से तरबतर नजर आए। रविवार को अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं सोमवार को इसके 36 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 दिन तक जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है। पिछले दिनों हुई बारिश का असर अरावली पर्वतमाला के आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। बारिश के बाद पेड़-पौधों में हरियाली लौटने लगी है, जिससे पहाड़ों की सुंदरता और बढ़ गई है।
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भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग: महेश्वर से घर जा रहा था परिवार; पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद – Indore News
इंदौर में रविवार रात आगजनी की दो अलग-अलग घटनाओं हुई। एक ओर भेरूघाट पर चलती कार में आग लग गई, वहीं शहर के झंडा चौक क्षेत्र में दो दुकानों में भी आग भड़क उठी। दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग भेरूघाट स्थित भगवती ढाबे के पास रविवार रात कार क्रमांक MP13CE3547 में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार कार की बैटरी से धुआं निकलने के बाद आग भड़क गई और कुछ ही देर में वाहन आग की चपेट में आ गया। सूचना मिलने पर मानपुर और सिमरोल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बताया गया है कि उज्जैन निवासी एक परिवार महेश्वर घूमकर लौट रहा था। हादसे के समय कार में छह वयस्क और दो बच्चे सवार थे। सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद घटना की सूचना मिलते ही एफआरवी के जवान और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। परिवार को सुरक्षित दूसरी गाड़ी से उज्जैन रवाना किया गया। आग लगने के कारण घाट क्षेत्र में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई थी। आग बुझने और वाहन हटाने के बाद यातायात सामान्य कराया गया। झंडा चौक में दो दुकानों में आग वहीं, शहर के जवाहर मार्ग स्थित रानीपुरा के पास झंडा चौक क्षेत्र में रविवार रात दो दुकानों में आग लग गई। स्थानीय लोगों के अनुसार कचरा जलाने के दौरान आग फैलकर दुकानों तक पहुंच गई। आग से मोहम्मद इख्तियार की स्क्रैप दुकान और पास स्थित मोहम्मद याकूब की दुकान प्रभावित हुई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड के अनुसार आग बुझाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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पाकिस्तानी सबमरीन का बाप, बंगाल की खाड़ी से हिन्द महासागर तक जलवा
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INS Agray Warship: भारत अपनी सामरिक ताकत को लगातार बढ़ा रहा है. एक तरफ मॉडर्न फाइटर जेट खरीदा जा रहा है तो दूसरी तरफ देसी स्तर पर अत्याधुनिक लड़ाकू विमान डेवलप करने की प्रक्रिया चल रही है. आर्मी को मॉडर्न वॉरफेयर के लिहाज से तैयार किया जा रहा है. सेना के तीसरे अंग नेवी को भी नई टेक्नोलॉजी से अपडेट और अपग्रेड किया जा रहा है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को तीन वॉरशिप को औपचारिक तौर पर नौसेना के हवाले किया. इनमें से INS अग्रय भी एक है.
INS अग्रय को 21 जून 2026 को इंडियन नेवी को सौंपा गया. यह एक एंटी-सबमरीन वॉरशिप है. (पीएम मोदी के फेसबुक अकाउंट से साभार)
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के लिए तीन महत्वपूर्ण युद्धपोतों (INS दुनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय) को राष्ट्र को समर्पित किया. इस अवसर पर नौसेना अधिकारियों ने इन पोतों की एडवांस कॉम्बैट कैपेबिलिटी, स्वदेशी तकनीकों और समुद्री सुरक्षा में उनकी रणनीतिक भूमिका पर विस्तार से बताया. इन तीनों पोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता और समुद्री क्षेत्र में सामरिक बढ़त और मजबूत होने की उम्मीद है. नौसेना अधिकारियों के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म केवल आधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस नहीं हैं, बल्कि इनमें बड़ी संख्या में स्वदेशी सिस्टम्स का इस्तेमाल किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में एक अहम कदम है.
INS अग्रय क्यों खास
इनमें INS अग्रय को विशेष रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए तैयार किया गया है. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सुनील मलपोत्रा ने कहा कि आकार में अपेक्षाकृत छोटा दिखने वाला यह पोत अपनी युद्धक क्षमता के लिहाज से बेहद शक्तिशाली है. उन्होंने कहा कि जहाज को उसके आकार से नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि इसमें अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों का घना संयोजन किया गया है. कमांडर मलपोत्रा ने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि इस जहाज के आकार को देखकर इसकी क्षमता का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए. यह छोटा जरूर दिखता है, लेकिन इसमें बड़ी मात्रा में हथियार और सेंसर लगे हैं. इसमें दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और निशाना बनाने की सभी जरूरी क्षमताएं मौजूद हैं.’ उन्होंने कहा कि समुद्र की सतह पर उभरते खतरों से निपटने के लिए भी जहाज को पर्याप्त क्षमता के साथ तैयार किया गया है.
पाकिस्तान ने हाल में चीन से हंगोर क्लास की पनडुब्बी खरीदी है. INS अग्रय को उसका जवाब माना जा रहा है. (फाइल फोटो/PTI)
सबमरीन को ऐसे तबाह करेगा INS अग्रय
कमांडर मलपोत्रा ने बताया कि INS अग्रय में पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित सोनार सूट, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो ट्यूब और डिकॉय सिस्टम लगाए गए हैं. यह डिकॉय सिस्टम दुश्मन की ओर से दागे गए टॉरपीडो को भटकाने में मदद करता है, जिससे युद्धपोत की सुरक्षा क्षमता बढ़ जाती है. अधिकारियों के मुताबिक, यह पोत तटीय और उथले समुद्री क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा. INS दुनागिरी और INS संशोधक भी भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे. दुनागिरी एक एडवांस युद्धपोत के रूप में नौसेना की युद्धक क्षमता को सुदृढ़ करेगा, जबकि संशोधक अत्याधुनिक सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक क्षमताओं से समुद्री मानचित्रण, नौवहन सुरक्षा और सामरिक समुद्री सूचनाओं के संकलन में योगदान देगा.
हिन्द महासागर में भी बढ़ेगी ताकत
नौसेना अधिकारियों ने कहा कि इन तीनों पोतों का एक साथ शामिल होना केवल बेड़े की संख्या बढ़ाने भर का मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारी, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री उपस्थिति को नई मजबूती देने वाला कदम है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया जाना भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति और रक्षा आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
दावा-ट्रम्प की धमकी के बाद बातचीत छोड़कर निकले ईरानी अधिकारी: उपराष्ट्रपति वेंस के साथ फोटो खिंचाने से भी इनकार; US अधिकारी बोले- दावा गलत
स्विट्जरलैंड में रविवार को अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान तनाव बढ़ गया। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की धमकियों से नाराज होकर ईरानी टीम ने बातचीत बंद कर दी। एजेंसी ने कहा कि कतर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद ईरानी टीम उस इमारत से निकल गई, जहां अमेरिका के साथ बातचीत हो रही थी। पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाने और जॉइंट फोटो सेशन की योजना बनी थी। लेकिन ईरानी टीम ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि बातचीत शुरू होने से तुरंत पहले ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी थी। इसमें उन्होंने ईरान से लेबनान में हिजबुल्लाह को रोकने को कहा था। ऐसा न करने पर उन्होंने फिर से ईरान पर हमला करने की धमकी दी थी। ट्रम्प की इस टिप्पणी के बाद ईरानी टीम का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा था कि ईरान अमेरिकी धमकियों से डरने वाला नहीं है। इस बीच स्विट्जरलैंड में मौजूद एक अमेरिकी अधिकारी ने ईरानी न्यूज एजेंसी के दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि ईरानी डेलिगेशन अब भी बातचीत के लिए मौजूद है और उन्होंने मध्यस्थ देशों को बातचीत छोड़ने की बात नहीं कही है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत: दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। 2. वेंस बोले- मिलकर शांति के लिए काम करेंगे: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके मुताबिक, दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं और ट्रम्प अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं। 3. ट्रम्प की ईरान को धमकी: ट्रम्प ने कहा कि ईरान लेबनान में अपने समर्थक हिजबुल्लाह को तुरंत रोके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले हफ्ते से भी ज्यादा सख्त कार्रवाई करेगा। 4. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 4,100 के पार: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 4,106 लोगों की मौत और 12,153 लोग घायल हुए हैं। वहीं, इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई दोबारा शुरू हो सकती है। 5. ईरान का दावा- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर मिलेंगे: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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बिना गैस और तेल के बनता है ये सीक्रेट स्नैक, एक बार खाया तो बार-बार मांगेंगे बच्चे
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How To Make Lacha Pyaz Chips At Home: फूड ब्लॉगर अंजू वर्मा ने बिना गैस और तेल के मिनटों में बनने वाले चटपटे ‘लच्छा प्याज चिप्स’ की आसान रेसिपी साझा की है. इसे बनाने के लिए पतले कटे प्याज को पांच मिनट बर्फ के पानी में रखा जाता है ताकि तीखापन दूर हो सके. इसके बाद प्याज में हरी मिर्च, लाल मिर्च, चाट मसाला, नमक और नींबू का रस मिलाया जाता है. परोसने से ठीक पहले इसमें चिप्स और हरा धनिया मिक्स किया जाता है. यह क्रिस्पी स्नैक बच्चों और बड़ों दोनों को बेहद पसंद आता है और शाम की चाय के लिए एक बेहतरीन विकल्प है.
Lacha Pyaz Chips Recipe: बच्चों को घर पर बनी नई-नई चीजें खाना बहुत पसंद होता है. हर बार उनकी अलग-अलग डिमांड को पूरा करना और वह भी हेल्दी तरीके से, माता-पिता के लिए एक बड़ा काम होता है. अगर आप भी अपने बच्चों के लिए इस बार कुछ बेहद नया, टेस्टी और क्रिस्पी ट्राई करना चाहते हैं, तो ‘लच्छा प्याज चिप्स’ की रेसिपी एक बार जरूर ट्राई करें. इस लाजवाब डिश को बनाने में अधिक समय नहीं लगता है और यह खास डिश कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. वहीं, इसे बनाने के लिए आपको किचन में घंटों पसीना बहाने की या बहुत अधिक सामग्री जुटाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है.
इस स्वादिष्ट स्नैक की सबसे खास बात तो यह है कि इस डिश को बनाने के लिए आपको बिल्कुल भी तेल की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके साथ ही इसे तैयार करने में गैस भी न के बराबर या कहें तो बिल्कुल खर्च नहीं होता है. यही वजह है कि यह पूरी तरह से झंझट मुक्त रेसिपी है. इसका चटपटा स्वाद और गजब का कुरकुरापन केवल छोटे बच्चों को ही नहीं, बल्कि घर के हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आता है. इसे आप अचानक आए मेहमानों के सामने भी फटाफट परोस सकते हैं.
घर में मौजूद साधारण चीजों से बनेगी डिश
मशहूर फूड ब्लॉगर अंजू वर्मा ने बताया कि कुरकुरे और चटपटे लच्छा प्याज चिप्स बनाने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी चीज लाने की आवश्यकता नहीं है. इसे बनाने के लिए एक से डेढ़ प्याज, बारीक कटी हुई हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, चटपटा चाट मसाला, स्वादानुसार नमक, नींबू का रस, 80 से 100 ग्राम आलू चिप्स और थोड़ा-सा बारीक कटा हुआ हरा धनिया इसकी मुख्य सामग्री हैं. यानी, घर की रसोई में हमेशा उपलब्ध रहने वाली साधारण चीजों से यह बेहतरीन और माउथ-वाटरिंग डिश आसानी से तैयार की जा सकती है.
लच्छा प्याज चिप्स बनाने की सबसे आसान विधि
फूड ब्लॉगर के अनुसार, लच्छा प्याज चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले प्याज को छीलकर बेहद पतला और लंबा-लंबा (लच्छेदार) काट लें. इसके बाद कटे हुए प्याज को लगभग पांच मिनट तक बर्फ वाले एकदम ठंडे पानी में भिगोकर रख दें. उन्होंने बताया कि बर्फ के पानी में रखने से प्याज का तीखापन काफी हद तक कम हो जाता है, वह एकदम क्रंची हो जाता है और उसका स्वाद बहुत बढ़ जाता है. इसके बाद पांच मिनट बाद प्याज को ठंडे पानी से निकालकर छलनी में रख दें, ताकि इसमें मौजूद एक्स्ट्रा पानी पूरी तरह से निकल जाए.
परोसने से ठीक पहले मिलाएं चिप्स
जब प्याज का पानी अच्छी तरह से सूख जाए, तब एक बड़े मिक्सिंग बाउल में प्याज डालें. अब उसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, नमक और खटास के लिए नींबू का रस मिलाएं. इन सभी सामग्रियों को प्याज के साथ अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इसके बाद इसमें रेडीमेड या घर के बने चिप्स डालें. इस दौरान विशेष ध्यान रखें कि चिप्स को हमेशा परोसने (सर्व करने) से ठीक पहले ही बाउल में मिलाएं, ताकि उनका कुरकुरापन और क्रंच लंबे समय तक बना रहे और वे नमी से गल न जाएं. अंत में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर सजाएं. आपके कुरकुरे और चटपटे लच्छा प्याज चिप्स तैयार हैं.
गर्मियों और बारिश के मौसम के लिए है बेस्ट स्नैक
फूड ब्लॉगर अंजू वर्मा ने बताया कि आप अपनी पसंद और बच्चों के टेस्ट के अनुसार इसमें अलग-अलग फ्लेवर के चिप्स जैसे पुदीना, टोमैटो या साल्टेड चिप्स मिला सकते हैं. इसके अलावा इसमें अतिरिक्त मसाले या भुना जीरा पाउडर भी शामिल कर सकते हैं. गर्मियों और बारिश के सुहावने मौसम में यह डिश सुबह के नाश्ते, शाम की चाय या छोटे-मोटे पारिवारिक आयोजनों का मजा दुगुने कर देती है. लच्छा प्याज चिप्स की खूबी यही है कि इसे बनाने में गैस या किसी विशेष कुकिंग उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती. यह परिवार के सदस्यों को एक नया और रिफ्रेशिंग स्वाद चखने का बेहतरीन मौका देती है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
21 साल तक की सरकारी नौकरी, फिर बन बैठे एक्टर, 1 रोल से बना डाली कभी न मिटने वाली पहचान
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हिंदी सिनेमा में जब भी दमदार खलनायकों की बात होती है, तो अमरीश पुरी का नाम सबसे पहले लिया जाता है. उनकी भारी आवाज, तीखे हाव-भाव और स्क्रीन पर जबरदस्त मौजूदगी ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे यादगार विलेन बना दिया. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में आने से पहले वह 21 साल तक सरकारी नौकरी करते रहे थे.
नई दिल्ली. 22 जून 1932 को पंजाब के नवांशहर में जन्मे अमरीश पुरी का फिल्मी दुनिया से पुराना नाता था. उनके बड़े भाई मदन पुरी और चमन पुरी पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे. मशहूर गायक और अभिनेता के. एल. सहगल भी उनके रिश्तेदार थे. इसके बावजूद बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था.

युवा उम्र में अमरीश पुरी अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे थे. उन्होंने फिल्मों में हीरो बनने के लिए स्क्रीन टेस्ट भी दिया, लेकिन पहली ही कोशिश में उन्हें निराशा हाथ लगी. इसके बाद उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में नौकरी शुरू कर दी. हालांकि नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा.

“मैं हूं हीरो तू है जीरो” 1989 की आइकॉनिक फिल्म राम लखन का लोकप्रिय गाना है. यह फिल्म सुभाष घई के निर्देशन में बनी थी, जिसमें डिंपल कपाड़िया और माधुरी दीक्षित समेत कई बड़े कलाकार शामिल थे. फिल्म अपने यादगार संगीत और संवादों के लिए जानी जाती है और एक क्लासिक एक्शन-ड्रामा के रूप में अपनी जगह बना चुकी है.
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बता दें कि फिल्म में सनी देओल ने फिल्म के सेकेंड हाफ में एंट्री कर ऐसे-ऐसे डायलॉग बोले कि लगा कि फिल्म का असली हीरो, न ऋषि कपूर और न सनी देओल, न मीनाक्षी और न अमरीश पुरी हैं, बल्कि फिल्म के डायलॉग ही हैं. फिल्म में सनी देओल को अपनी धांसू एक्टिंग के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था.

अमरीश पुरी ने 1971 में फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की. शुरुआती दौर में उन्होंने छोटे-छोटे किरदार निभाए, लेकिन उनकी प्रतिभा जल्द ही लोगों की नजर में आ गई. ‘निशांत’, ‘मंथन’ और ‘अर्ध सत्य’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहना मिली.

साल 1980 में आई फिल्म ‘हम पांच’ के बाद उनकी पहचान एक मजबूत खलनायक के रूप में बनने लगी. इसके बाद उन्होंने ‘विधाता’, ‘हीरो’, ‘मेरी जंग’, ‘नगीना’, ‘फूल और कांटे’, ‘दामिनी’ और कई सुपरहिट फिल्मों में विलेन का किरदार निभाया.

फिर आया साल 1987, जब फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में उन्होंने ‘मोगैम्बो’ का किरदार निभाया. यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि अमरीश पुरी हमेशा के लिए हिंदी सिनेमा के इतिहास में अमर हो गए. उनका मशहूर डायलॉग ‘मोगैम्बो खुश हुआ’ आज भी लोगों की जुबान पर है.

हालांकि अमरीश पुरी सिर्फ विलेन बनकर ही सीमित नहीं रहे. सूर्या, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘विरासत’ और ‘परदेस’ जैसी फिल्मों में उन्होंने सख्त लेकिन भावुक पिता के किरदार भी निभाए, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया. उन्होंने हॉलीवुड फिल्म ‘इंडियाना जोन्स एंड द टेम्पल ऑफ डूम’ में भी काम किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. अपने लंबे करियर में अमरीश पुरी ने 400 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया.

थिएटर में योगदान के लिए उन्हें 1979 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला. वहीं ‘मेरी जंग’, ‘घातक’ और ‘विरासत’ जैसी फिल्मों के लिए उन्होंने कई फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीते.12 जनवरी 2005 को अमरीश पुरी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन उनकी दमदार आवाज, शानदार अभिनय और यादगार किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं. हिंदी सिनेमा में उनके जैसा कलाकार शायद ही दोबारा देखने को मिले.

