मोतिहारी पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश से चोरी कर लाए गए छह मोबाइल फोन के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ज्ञान बाबू चौक के पास एक युवक चोरी के मोबाइल बेचने आने वाला है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका तलाशी के दौरान युवक के पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए। जब उससे मोबाइल के कागजात मांगे गए, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। संदेह के आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। युवक ने अपना नाम राहुल कुमार बताया और स्वीकार किया कि वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी है तथा बरामद सभी मोबाइल चोरी के हैं। पुलिस ने सभी छह मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से मोतिहारी आया था प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इन मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से मोतिहारी आया था। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस चोरी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। नगर थाना पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की भी संभावना है। पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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मोतिहारी में चोरी के 6 मोबाइल के साथ युवक गिरफ्तार: उत्तर प्रदेश से बेचने आया था, पुलिस ने पकड़ा – Motihari (East Champaran) News
नोएडा एफएनजी रोड पर अवैध बिजली तारों का जाल, पावर कट से सेक्टर और गांव परेशान
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नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाले मुख्य एफएनजी (FNG) रोड के ऊपर अवैध बिजली तारों का जाल फैला हुआ है. पार्थला गोलचक्कर से सेक्टर-82 की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क के ऊपर से गुजरते तार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन्हीं अवैध कनेक्शनों के जरिए हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि संबंधित विभाग और अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं.
नोएडा: नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाले मुख्य एफएनजी (FNG) रोड के ऊपर अवैध बिजली तारों का जाल फैला हुआ है. पार्थला गोलचक्कर से सेक्टर-82 की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क के ऊपर से गुजरते तार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन्हीं अवैध कनेक्शनों के जरिए हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि संबंधित विभाग और अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. जबकि नोएडा के सेक्टर, गांव और सोसाइटी में पावर कट से लोग परेशान है.
अवैध तरह से पूरे क्षेत्र के बिजली की आपूर्ति
रात होते ही एफएनजी रोड का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है. सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट पोल मौजूद हैं, लेकिन अधिकांश लाइटें बंद पड़ी रहती हैं. करीब तीन से चार किलोमीटर लंबा हिस्सा रोशनी के अभाव में दुर्घटनाओं को न्योता देता नजर आता है. सेक्टर-122, 121 और 118 की ओर से गुजरने वाले अवैध तारों का जाल भी साफ दिखाई देता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
इस बार पॉश सेक्टर्स में भी भारी पावर कट
दूसरी ओर नोएडा के गांवों, सेक्टरों और सोसायटियों में लगातार हो रहे पावर कट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. निवासियों के अनुसार हालात इस बार पहले से कहीं अधिक खराब है. सेक्टर-15ए, 14ए, 15, 16 और 17 जैसे पॉश सेक्टर से लेकर गांवों तक बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जहां कई-कई घंटे तक बिजली गायब रहती है.
नोएडा निवासियों में भारी आक्रोश
नोएडा निवासी सुधीर राय, उपासना और महेश कुमार का कहना है कि पहले बिजली कटौती की एक तय सीमा होती थी, लेकिन अब बिजली आने से ज्यादा जाने लगी है. दिन और रात में कब और कितनी देर के लिए बिजली चली जाएगी, इसका कोई निश्चित शेड्यूल नहीं है. भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही कटौती से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है. उनका कहना है कि सरकार वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन बिना बिजली के नौकरीपेशा लोग अपना काम कैसे करेंगे. बावजूद इसके, संबंधित अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है.
अधिकारियों ने नकारी जनता की आवाज
इस पूरे मामले पर जब लोकल18 ने मुख्य अभियंता संजय जैन से बात की तो बताया कि हमने सम्बंधित अधिकारी को कार्यवाही करने के लिए बोला है, जबकि धरातल पर स्थिति बिल्कुल बदली नहीं है. वही लाइट कटौती पर उन्होंने जनता की बात को बिल्कुल नकार दिया.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
नरसिंहपुर में 250 साल पुरानी मूर्तियां चुराने वाला गिरोह पकड़ाया: कई मंदिरों में की वारदात; अष्टधातु की प्रतिमाएं, 17 चांदी के छत्र और लाखों का सामान जब्त – Narsinghpur News
नरसिंहपुर पुलिस ने जैन मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 250 वर्ष पुरानी अष्टधातु की 2 कीमती मूर्तियां, 17 चांदी के छत्र और लाखों रुपए के चोरी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। एसपी ने किया खुलासा, टेक्निकल इनपुट से पकड़ाया गिरोह SP डॉ. ऋषिकेश मीना ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले दो-तीन महीनों के भीतर जिले के ग्राम रामनिवारी, करकबेल और तेन्दूखेड़ा के धार्मिक स्थलों में चोरी की लगातार वारदातें सामने आ रही थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने निगरानी बदमाश टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया पर शिकंजा कसा, जिसने पूछताछ में अपने साथियों के साथ मिलकर सिलसिलेवार चोरियां करना स्वीकार किया। चोरी का माल खरीदने वाले सराफा कारोबारी सहित 5 गिरफ्तार मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने इस गिरोह में शामिल ज्ञानी प्रजापति (निवासी झामर), आशीष शर्मा (निवासी गोहचर), नितिन शर्मा (निवासी गोटेगांव) और चोरी की चांदी व मूर्तियां खरीदने वाले सुनार चिन्टू उर्फ मुकेश सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में कबूलीं ये बड़ी वारदातें आरोपियों ने पुलिस रिमांड में शहर और ग्रामीण इलाकों की कई बड़ी चोरियों का खुलासा किया है। 6-7 जून 2026 की रात: करकबेल जैन मंदिर में चोरी। 10 मार्च 2026: रामनिवारी जैन मंदिर में चोरी। 7 अप्रैल 2026: तेन्दूखेड़ा जैन मंदिर में वारदात। 30 मई 2026: बैलहाई स्थित एक चाय-नाश्ते की दुकान में चोरी। 2 अप्रैल 2026: गोटेगांव-सतपुड़ा रोड बायपास के पास एक सूने मकान का ताला तोड़ा। मंदिर समितियों को सौंपी जाएंगी मूर्तियां पुलिस ने आरोपियों के पास से शत-प्रतिशत माल बरामद करने में सफलता हासिल की है। जब्त किए गए सामान में भगवान की 2 प्राचीन अष्टधातु मूर्तियां, 17 चांदी के छत्र, 2 चांदी के आसन, 1 चांदी का मुकुट, 4 बैटरियां, 3 इन्वर्टर, 2 फ्रिज, 4 एलईडी टीवी, 2 डीवीआर, 2 पंखे, वारदात में इस्तेमाल की गई 2 बाइक और 4,000 रुपए नकद शामिल हैं। एसपी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भगवान की प्राचीन मूर्तियों और अन्य पूजन सामग्री को पूरे आदर के साथ संबंधित जैन मंदिर समितियों को सौंप दिया जाएगा।
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वही पुरानी मस्ती मगर नया एडवेंचर! ‘धमाल 4’ का ट्रेलर देख फैंस हुए लोटपोट- ‘मजा तो आएगा’
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Dhamaal 4 Trailer Released : फिल्म ‘धमाल 4’ का ट्रेलर धमाकेदार अंदाज में रिलीज हुआ. ट्रेलर फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरा है. फिल्म का ट्रेलर मस्ती, एडवेंचर और जबर्दस्त कॉमेडी से भरपूर है, जो पहले से कहीं ज्यादा एंटरटेनमेंट का वादा करता है. फिल्म में अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा जैसे सितारे हैं. इसे इंद्र कुमार ने निर्देशित किया है. फिल्म को कई बड़े निर्माताओं ने मिलकर प्रोड्यूस किया है.
‘धमाल 4’ 10 जुलाई को रिलीज होगी. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)
नई दिल्ली: कॉमेडी, मस्ती और एडवेंचर का जबरदस्त डोस पाने के लिए तैयार हो जाएं. अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘धमाल 4’ का मजेदार ट्रेलर रिलीज हो गया है. लोग ट्रेलर देखकर अपना रोमांच जाहिर कर रहे हैं. इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी कॉमेडी फिल्म भरपूर एंटरटेनमेंट का वादा करती है. मेकर्स ने ट्रेलर लॉन्च के लिए मुंबई के बाहरी इलाके में मौजूद मशहूर अम्यूजमेंट पार्क ‘इमैजिका’ को चुना, ताकि फिल्म की थीम के अनुरूप माहौल में खास अनुभव मिल सके. अनोखे अंदाज ने ट्रेलर लॉन्च के इवेंट को भी उतना ही मजेदार और रोमांचक बना दिया, जितनी की यह फिल्म खुद होने का वादा करती है.
‘धमाल 4’ का ट्रेलर देखकर लगता है कि इसमें वो सब कुछ कूट-कूटकर भरा है जिसकी उम्मीद इस सुपरहिट फ्रेंचाइजी से फैंस करते आ रहे हैं. यानी इसमें फुल-टू मस्ती, जबर्दस्त एडवेंचर और लोटपोट कर देने वाली कॉमेडी है. ट्रेलर पर एक यूजर ने कमेंट किया है, ‘अब जब प्ले का बटन दबा ही दिया है, तो इसे एन्जॉय करें.’ दूसरा यूजर कहता है, ‘धमाल की शब्बो ज्यादा फेमस है. मिस यू शब्बो.’ तीसरा यूजर कहता है, ‘भाई, ये फिल्म नहीं, हमारा बचपन है. आदि-मानव की जोड़ी. अनलिमिटेड लाइक्स.’ फिल्म ट्रेलर में वही पुरानी हाई-वोल्टेज एनर्जी नजर आ रही है जिसने ‘धमाल’ सीरीज को बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा फ्रेंचाइजी बना दिया है. फ्रेंचाइजी हमेशा से अपनी सिचुएशनल कॉमेडी, अतरंगी किरदारों और बिना क्रेजी कॉमेडी के लिए मशहूर है. फिल्म बिना अश्लीलता परोसे परिवार के साथ थियेटर में मनोरंजन करने का वादा करती है. फिल्म से दर्शकों को वही पुराना स्वाद मिलने वाला है, लेकिन मेकर्स ने वादा किया है कि इस बार पागलपन, एक्साइटमेंट और एंटरटेनमेंट का लेवल पिछली फिल्मों से दोगुना और कहीं ज्यादा बड़ा होगा.
‘धमाल 4’ की जबरदस्त स्टारकास्ट
‘धमाल 4’ की स्टारकास्ट में अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा जैसे कॉमेडी के किंग शामिल हैं. वे अपनी टाइमिंग से दर्शकों को लोटपोट करने के लिए तैयार हैं. साथ ही, फिल्म में ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजलि आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर और रवि किशन भी अपनी एक्टिंग का तड़का लगाते नजर आएंगे. फिल्म के डायरेक्शन की कमान एक बार फिर सीनियर डायरेक्टर इंद्र कुमार ने संभाली है, जबकि इसे अजय देवगन, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक ठकेरिया, आनंद पंडित और कुमार मंगत पाठक जैसे बड़े दिग्गजों ने मिलकर प्रोड्यूस किया है.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
Airtel का लंबी वैलिडिटी वाला सबसे सस्ता रिचार्ज प्लान, 365 दिन एक्टिव रहेगा सिम
Airtel के करोड़ों यूजर्स के लिए लंबी वैलिडिटी वाले दो सस्ते प्रीपेड प्लान हैं। ये प्लान पूरे साल भर रिचार्ज की टेंशन को खत्म कर देंगे यानी आपके अगर एक बार रिचार्ज कर लिया तो फिर 365 दिनों तक अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा आदि का लाभ ले सकेंगे। ये प्लान मंथली प्लान के मुकाबले काफी सस्ते होते हैं। अगर, आपके पास भी एयरटेल का सिम है और उसे सेकेंडरी नंबर के तौर पर यूज कर रहे हैं तो ये बेस्ट प्लान साबित हो सकते हैं।
1849 रुपये वाला प्लान
एयरटेल के इस सस्ते रिचार्ज प्लान में 365 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड कॉलिंग मिलता है। इसके अलावायूजर्स को फ्री नेशनल रोमिंग और 3600 SMS का लाभ मिलता है। एयरटेल ने इस प्रीपेड प्लान को 2025 की शुरुआत में लॉन्च किया था। यह एक कॉलिंग और मैसेज ओनली प्लान है, जिसमें यूजर्स को डेटा नहीं मिलता है। हालांकि, यूजर्स डेटा पैक लेकर इस प्लान के साथ डेटा बेनिफिट्स ले सकते हैं।
2249 रुपये वाला प्लान
एयरटेल का यह प्रीपेड रिचार्ज प्लान भी 365 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। एयरटेल के इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। कंपनी अपने इस प्लान में भी यूजर्स को कुल 3,600 फ्री SMS ऑफर करती है। भारत एयरटेल के इस प्लान में यूजर्स को डेटा भी ऑफर किया जाता है। बेसिक स्मार्टफोन यूजर्स को इसमें कुल 30GB डेटा का लाभ मिलता है। यूजर्स अपने इस डेटा को कभी भी यूज कर सकते हैं, इसके लिए कोइ डेली लिमिट सेट नहीं किया गया है।
इन दोनों सस्ते प्लान के अलावा एयरटेल के पास एक और 365 दिनों की वैलिडिटी वाला प्लान है। इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग जैसे बेनिफिट्स मिलते हैं। एयरटेल अपने इस लॉन्ग वैलिडिटी वाले प्लान में यूजर्स को डेली 2GB हाई स्पीड डेटा ऑफर करता है। इसके अलावा यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ मिलता है। यह प्लान डेली 100 फ्री SMS बेनिफिट्स के साथ आता है।
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राजनीति छोड़ फूड ब्लॉगिंग में उतरे रजत;आज लोग देख रहे भरतपुर के स्वाद की कहानी
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Bharatpur Success Story : भरतपुर के युवा रजत पूनिया ने छात्र राजनीति छोड़ फूड ब्लॉगिंग शुरू की, टेस्ट सफारी चैनल से स्थानीय व्यंजन देशभर तक पहुंचाकर मशहूर फूड ब्लॉगर बने. राजनीति छोड़ने के बाद रजत ने अपने शहर भरतपुर की खासियतों पर ध्यान दिया. उन्होंने महसूस किया कि भरतपुर का स्थानीय खान-पान, पारंपरिक व्यंजन और यहां की अनदेखी विशेषताएं अब भी बड़े स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच पाई हैं. इसी सोच के साथ उन्होंने फूड ब्लॉगिंग की शुरुआत की.
भरतपुर. भरतपुर के एक युवा की कहानी आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है. यह कहानी रजत पूनिया की है, जिन्होंने भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाई और एक नए रास्ते पर चलकर सफलता हासिल की. कभी छात्र राजनीति में सक्रिय रहने वाले रजत ने आज फूड ब्लॉगिंग की दुनिया में अपनी खास जगह बना ली है.
रजत पूनिया का शुरुआती सफर छात्र राजनीति से जुड़ा रहा. वह भरतपुर के एमएसजे कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन किन्हीं कारणों से चुनाव रद्द हो गए. इस घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी. उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने का फैसला किया और कुछ अलग करने की ठानी. यहीं से उनके जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ.
फूड ब्लॉगिंग से बनाई नई पहचान
राजनीति छोड़ने के बाद रजत ने अपने शहर भरतपुर की खासियतों पर ध्यान दिया. उन्होंने महसूस किया कि भरतपुर का स्थानीय खान-पान, पारंपरिक व्यंजन और यहां की अनदेखी विशेषताएं अब भी बड़े स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच पाई हैं. इसी सोच के साथ उन्होंने फूड ब्लॉगिंग की शुरुआत की. रजत ने “टेस्ट सफारी” नाम से अपना चैनल शुरू किया, जिसमें वह भरतपुर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर वहां के मशहूर और पारंपरिक व्यंजनों को लोगों तक पहुंचाने लगे. शुरुआत में यह सफर आसान नहीं था. सीमित संसाधनों और कम पहचान के बावजूद रजत लगातार मेहनत करते रहे. उन्होंने अपने कंटेंट में सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी कहानियां, परंपराएं और स्थानीय संस्कृति को भी शामिल किया. यही उनकी सबसे बड़ी खासियत बन गई.
भरतपुर के स्वाद को देशभर तक पहुंचाने का मिशन
रजत पूनिया ने लोकल-18 से बातचीत में बताया कि धीरे-धीरे लोगों को उनका अंदाज पसंद आने लगा और उनका चैनल लोकप्रिय होता चला गया. आज वह भरतपुर के जाने-माने फूड ब्लॉगर बन चुके हैं. उनकी पहचान अब केवल जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में भी लोग उनके काम को सराह रहे हैं. उनके वीडियो के जरिए लोग भरतपुर के प्रसिद्ध व्यंजनों और स्थानीय स्वाद से रूबरू हो रहे हैं. रजत का कहना है कि हर शहर की अपनी एक अलग पहचान होती है और भरतपुर की पहचान उसके स्वाद और संस्कृति में बसती है.
सोच सही और मेहनत सच्ची तो सफलता पक्की
वह अपने काम के माध्यम से न सिर्फ खाने को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि शहर की परंपराओं और स्थानीय व्यवसायों को भी आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं. आज रजत पूनिया उन युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुके हैं, जो अपने करियर को लेकर असमंजस में रहते हैं. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि सोच अलग हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है. भरतपुर का यह युवा अब अपने शहर की पहचान को देशभर तक पहुंचाने के मिशन में जुटा हुआ है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
दिल्ली के 12 जोन में स्वच्छता का महा-अभियान शुरू: एमसीडी का मेगा सैनिटेशन, 20 जून तक चलेगा, सांसद-विधायक ने उठाया कूड़ा – New Delhi News
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 12 वर्ष का जन-केंद्रित सुशासन अभियान के तहत शुक्रवार को राजधानी के सभी 12 जोनों में एक व्यापक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। स्वच्छ भारत मिशन को गति देते हुए इस अभियान का उद्देश्य न केवल कचरा प्रबंधन में सुधार करना है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। अभियान के तहत पश्चिम जोन में सांसद कमलजीत सहरावत और विधायक श्याम शर्मा की मौजूदगी में सुभाष नगर व बेरीवाला बाग में विशेष सफाई की गई। 50 सफाई कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा वहीं, नजफगढ़ जोन में विधायक कुलदीप सोलंकी की देखरेख में रामफल चौक पर 50 सफाई कर्मियों ने मोर्चा संभाला। शाहदरा, रोहिणी, सिविल लाइंस और दक्षिण जोन सहित सभी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर गलियों और पार्कों को साफ किया। 20 जून तक चलने वाले इस मेगा ड्राइव में मशीनों और विशेष टीमों को तैनात किया गया है। एमसीडी अधिकारियों ने कहा, यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए नागरिक भागीदारी का एक सामूहिक संकल्प है। जन-प्रतिनिधियों और आम जनता का सहयोग ही इस मुहिम को धरातल पर सफल बनाएगा। राजधानी के हर कोने में कचरा मुक्त दिल्ली का सपना पूरा करने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है।
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अलनीनो से कम वर्षा की आशंका, किसानों की चिंता बढ़ी: अयोध्या में मानसून से पहले बदला मौसम, हल्की बारिश दर्ज – Ayodhya News
अयोध्या में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। गुरुवार को हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, अलनीनो के सक्रिय होने के कारण इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले में कुल 9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल और धूप के बीच आंख-मिचौली चलती रही, जिससे दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। मानसून के आगमन की सटीक भविष्यवाणी करना कठिन मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को भी जिले में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में आगामी 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां जल्द शुरू हो सकती हैं, लेकिन अभी मानसून के आगमन की सटीक भविष्यवाणी करना कठिन है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल माह से ही पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हैं। इसके कारण तापमान सामान्य से कम बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहें डॉ. मिश्रा के अनुसार, अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 77 प्रतिशत और न्यूनतम 54 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की गति 6.9 किलोमीटर प्रति घंटा रही और हवाएं उत्तर-पूर्व दिशा से चलीं। शुक्रवार को वर्षा दर्ज नहीं हुई, लेकिन वातावरण में नमी बनी रही। डॉ. मिश्रा ने यह भी बताया कि अलनीनो के सक्रिय होने से इस वर्ष सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम वर्षा होने की आशंका है। यदि ऐसा होता है, तो इसका सीधा असर धान जैसी खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहें और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती संबंधी कार्य करें।
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साइज पर मत जाइए श्रीमान, इन छोटी “Missile Boats” ने कराची को धुआं-धुआं कर दिया था
4 दिसंबर 1971 की रात पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डा कराची सामान्य दिनों की तरह दिख रहा था. बंदरगाह पर जहाज मौजूद थे, तेल भंडारण सुविधाएं काम कर रही थीं और शायद ही किसी को अंदाजा था कि कुछ घंटों बाद यहां ऐसी तबाही मचने वाली है, जिसे पाकिस्तान दशकों तक याद रखेगा.
दिलचस्प बात यह थी कि कराची पर हमला करने के लिए भारत ने कोई विशाल युद्धपोत, विमानवाहक पोत या भारी नौसैनिक बेड़ा नहीं भेजा था. इस मिशन की जिम्मेदारी उन छोटी मात्र 245 टन की “Missile Boats”को दी गई थी, जिन्हें देखकर शायद कोई यह अनुमान भी नहीं लगा सकता था कि वे इतिहास रचने वाली हैं. 4 दिसंबर 1971 की रात इन नावों ने साबित कर दिया कि आधुनिक युद्ध में आकार नहीं, मारक क्षमता और रणनीति मायने रखती है.
यही था भारतीय नौसेना का प्रसिद्ध ऑपरेशन ट्राइडेंट!
3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने भारतीय हवाई अड्डों पर हमला किया और युद्ध औपचारिक रूप से शुरू हो गया. भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल एस. एम. नंदा पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि यदि युद्ध शुरू हुआ तो उसे केवल जमीन और हवा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि समुद्र में भी पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाएगा.
योजना का केंद्र थीं सोवियत मूल की विद्युत श्रेणी (Vidyut Class) की Missile Boats. आकार में छोटी, लेकिन मारक क्षमता में बेहद खतरनाक. इन बोट्स की सबसे बड़ी ताकत थीं उनकी 4 स्टाइक्स (Styx) एंटी-शिप मिसाइलें, जो दुश्मन के बड़े से बड़े जहाज को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती थीं.
4 दिसंबर की शाम भारतीय नौसेना का टास्क फोर्स अरब सागर में आगे बढ़ा. इसमें INS Nipat, INS Nirghat और INS Veer शामिल थीं. इनके साथ दो फ्रिगेट INS Kiltan और INS Katchall तथा फ्लीट टैंकर INS Poshak भी मौजूद थे. पूरे अभियान का नेतृत्व कमांडर बाबरू भान यादव कर रहे थे.
जैसे-जैसे रात गहराती गई, भारतीय Missile Boats कराची के करीब पहुंचती गईं. पाकिस्तान को इस हमले की भनक तक नहीं लगी. अंधेरा, समुद्र और गति भारतीय नौसेना के सबसे बड़े साथी बन चुके थे.
रात लगभग 10:30 बजे भारतीय रडारों ने दुश्मन के जहाजों को पकड़ लिया
सबसे पहले INS Nirghat ने अपना निशाना साधा. उसके सामने पाकिस्तान नौसेना का विध्वंसक PNS Khaiber था. कुछ ही क्षण बाद एक मिसाइल हवा को चीरती हुई अपने लक्ष्य की ओर बढ़ी. मिसाइल सीधे जहाज से टकराई और उसके बॉयलर रूम को तबाह कर दिया. जहाज की गति अचानक कम हो गई. लेकिन हमला यहीं नहीं रुका.
दूसरी मिसाइल भी दागी गई. इस बार नुकसान इतना गंभीर था कि PNS Khaiber पूरी तरह लड़ने में असमर्थ हो गया. कुछ समय बाद वह समुद्र में डूब गया. पाकिस्तान नौसेना को समझ ही नहीं आया कि उस पर हमला कहां से हुआ.
उधर INS Veer ने पाकिस्तान नौसेना के माइंसवीपर PNS Muhafiz को निशाना बनाया. एक मिसाइल ने जहाज को आग की लपटों में घेर लिया. आग इतनी भयानक थी कि वह काफी देर तक जलता रहा और अंततः समुद्र में समा गया.
भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा प्रहार अभी बाकी था
INS Nipat को कराची बंदरगाह के आसपास मौजूद लक्ष्यों पर हमला करने का आदेश मिला. पहले उसने एक व्यापारी जहाज को निशाना बनाया और फिर अपनी मिसाइलों का रुख कराची के तेल भंडारण क्षेत्र की ओर कर दिया. ठीक आधी रात के आसपास दागी गई मिसाइल ने अपना लक्ष्य साध लिया.
कुछ ही क्षणों में कराची के आसमान में एक विशाल आग का गोला दिखाई दिया. तेल टैंक और ईंधन भंडारण क्षेत्र आग की चपेट में आ गए. आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि उन्हें कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था. पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह धुएं और आग से भर चुका था. कराची में फैली इस आग ने केवल सैन्य नुकसान ही नहीं पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान की समुद्री आपूर्ति और नौसैनिक गतिविधियों को भी गहरा झटका दिया.
यह भारतीय नौसेना की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बन गया.
सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि यह पूरी कार्रवाई विशाल युद्धपोतों ने नहीं, बल्कि छोटी Missile Boats ने अंजाम दी थी. इन बोट्स का आकार भले ही सीमित था, लेकिन उनकी मिसाइल शक्ति, गति और सटीकता ने साबित कर दिया कि आधुनिक युद्ध में केवल जहाज का आकार मायने नहीं रखता. सही रणनीति और सही हथियार किसी भी बड़े दुश्मन को घुटनों पर ला सकते हैं.
ऑपरेशन ट्राइडेंट ने भारतीय नौसेना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई. कराची पर हुए इस हमले को आज भी नौसैनिक इतिहास के सबसे सफल मिसाइल हमलों में गिना जाता है. 4 दिसंबर की वह रात केवल एक सैन्य अभियान नहीं थी. वह वह रात थी जब भारतीय नौसेना की छोटी Missile Boats ने साबित कर दिया कि समुद्र में ताकत हमेशा आकार से नहीं, बल्कि प्रहार की क्षमता से तय होती है.
Kala Hiran: ‘विश्नोई गैंग के हाथ कुत्ते की मौत नहीं मरूंगा’, लॉइन को बताया दाऊद का बाप
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KALA HIRAN OFFICIAL FIRST LOOK: 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लेगेसी’ का फर्स्ट लुक रिलीज होते ही सुर्खियों में आ गया है. करीब ढाई मिनट के वीडियो में कोर्टरूम ड्रामा, गैंगस्टर एंगल और बिश्नोई समाज की न्याय की लड़ाई की झलक दिखाई गई है. खास बात यह है कि फर्स्ट लुक रिलीज होने के तुरंत बाद सलमान खान ने फिल्म के निर्माण और रिलीज पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. वहीं, मेकर्स इसे बिश्नोई समाज की अनसुनी गाथा बता रहे हैं.
फिल्म में लीड रोल काशिफ इकबाल खान ने निभाया है.
ढाई मिनट के वीडियो जारी कर कलाकारों को इंट्रोड्यूस किया गया है. सलमान खान का रोल मूवी में काशिफ इकबाल खान ने निभाया है, जिन्होंने उन्हें पूरी तरह से कॉपी करने की कोशिश की है. मेकर्स के मुताबिक, यह फिल्म बिश्नोई समाज के पूज्य गुरू जम्भेश्वर भगवान और पूरे बिश्नोई समुदाय के प्रति एक सम्मान है. फिल्म को उन प्रामाणिक साहित्यों और दस्तावेजों से रूपांतरित किया गया है, जिन्होंने इस घटना के पीछे के असल सच और रहस्यों को दुनिया के सामने उजागर किया था.
कैसी है मूवी की झलक
टीजर वीडियो शुरू होता है कोर्ट के एक सीन से. जहां अयान खान कठघरे में खड़ा है. वकील ने उसके खिलाफ दलील देते हुए बताया कैसे 2 अक्टूबर 1998 की रात दो काले हिरण को अयान खान ने मार गिराया. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को फिल्म में लॉइन विश्नोई नाम दिया है. वीडियो में कहा गया है कि 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड का बाप दाऊद था. लेकिन आज दाऊद का भी बाप है, लॉयन बिश्नोई है. पुलिस केस में फंसे और लॉयन गैंग के हमलों से घबराए अयान को दिखाया गया है. जेल में रहकर कैसे लॉयन अयान पर हमले और दूसरे आतंक फैला रहा है, इससे पुलिस परेशान हैं. अयान पुलिस को भी धमकाते हुए कहता है ‘अगर तुम लोगों में दम नहीं है तो अभी मुझे क्लियर बता दो, मैं ये देश हमेशा के लिए छोड़कर चला जाऊंगा, लेकिन बिश्नोई गैंग के हाथ सड़कों पर कुत्ते की मौत नहीं मरने वाला. एक सीन में पुलिसकर्मी अपने अफसर को बताते हैं कि विश्नोई को अयान का पैसे नहीं बल्कि अयान की बलि चाहिए.
इसी साल रिलीज होगी फिल्म
फिल्म को भारत एस. श्रीनेत ने डायरेक्ट किया है. अमित जानी ने फिल्म की कहानी को लिखने के साथ-साथ फिल्म को प्रोड्यूस किया है. लीड रोल में काशिफ इकबाल खान के अलावा मुकेश तिवारी, राजेश दहिया, ऋषभ अरोड़ा जैसे सितारे हैं.फिल्म की रिलीज डेट और स्टारकास्ट को लेकर अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन फर्स्ट लुक ने दर्शकों की उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है. कहा जा रहा है कि फिल्म इसी साल रिलीज होगी. खास बात यह है कि फिल्म खुद को एक ऐसे विषय से जोड़ रही है, जो भारतीय सिनेमा और न्यायिक इतिहास दोनों में लंबे समय से चर्चा का केंद्र रहा है.
कानूनी रस्साकशी के बीच आया फर्स्ट लुक
यह फर्स्ट लुक सामने आने के बाद सलमान खान ने इस फिल्म के निर्माण और रिलीज पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. सलमान खान का आरोप है कि यह फिल्म उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है और उनके ‘पर्सनालिटी राइट्स’ का उल्लंघन करती है. हालांकि, मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म किसी व्यक्ति विशेष पर कीचड़ उछालने के लिए नहीं, बल्कि बिश्नोई समाज की उस प्रतिज्ञा और न्याय की अनसुनी गाथा को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विजुअल्स के साथ दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश है.
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें

