Thursday, May 21, 2026
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नृसिंहपुर-झीरपुरा सड़क 10 साल से जर्जर: ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द निर्माण की मांग की – Dholpur News




धौलपुर के बसेड़ी उपखंड क्षेत्र के नृसिंहपुर (राजूपुरा) गांव के ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि नृसिंहपुर (राजूपुरा) से झीरपुरा तक करीब 2.5 किलोमीटर लंबी लिंक सड़क पिछले 10 वर्षों से खस्ताहाल है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के नाम सौंपा गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क गांव का मुख्य मार्ग है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर दिक्कतें आती हैं। कई बार वाहन रास्ते में ही फंस जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क का निर्माण करवाकर राहत प्रदान करने की मांग की है।



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जमुई में साइकिल पर घूमे विधायक आईपी गुप्ता: बाजार में दातून खरीदा, चाय पी; कहा- PM देश को गलत दिशा में ले जा रहे – Jamui News




जमुई में विधायक आईपी गुप्ता जमुई बाजार में साइकिल पर घूमते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को विधायक आईपी गुप्ता जमुई के बोधवन तालाब इलाके में पहुंचे थे। यहां उनकी मुलाकात अपने पुराने स्कूल साथी और आईआईपी पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू गुप्ता से हुई। इसके बाद दोनों साइकिल पर बाजार भ्रमण के लिए निकल पड़े। शंभू गुप्ता साइकिल चला रहे थे, जबकि विधायक पीछे बैठे थे। महिला से दातून खरीदा और उसे 500 रुपये दिए
बाजार भ्रमण के दौरान विधायक ने एक महिला से दातून खरीदा और उसे 500 रुपये दिए। इसके बाद वह एक चाय दुकान पर रुके और लोगों के साथ चाय पी। इसी दौरान किसी ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। दैनिक भास्कर डिजिटल से फोन पर बातचीत में विधायक आईपी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनका साइकिल चलाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी आह्वान का परिणाम नहीं है। केंद्र सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही
उन्होंने कहा कि वह पीएम मोदी की बातों से सहमत नहीं हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है और आम जनता महंगाई से जूझ रही है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। विधायक ने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से गरीब जनता पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग भी की।



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नवानगर मार्ग पर खड़ी ऑटो को बस ने मारी टक्कर: चालक घायल, बस चालक फरार; पुलिस जांच में जुटी – Singrauli News




सिंगरौली जिले के नवानगर मुख्य मार्ग पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़ी ऑटो को टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, टॉकीज रोड बैढ़न निवासी ऑटो चालक मनोज कुमार शाह अपनी ऑटो सड़क किनारे खड़ी कर नाश्ता कर रहे थे। इसी दौरान जयंत की ओर से आ रही एक अनियंत्रित बस ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो दो बार पलट गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल चालक को ऑटो से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक घटना के बाद वाहन लेकर मौके से भाग निकला। उसने महाजन मोड़ के पास बस खड़ी की और फिर फरार हो गया। सूचना मिलते ही नवानगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने क्षतिग्रस्त ऑटो को अपने कब्जे में ले लिया है। नवानगर थाना प्रभारी ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिली है और पुलिस वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि फरार बस चालक की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या: दावा- बुर्का पहने अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी; कश्मीर का रहने वाला, वीजा पर पाकिस्तान गया




पुलवामा आतंकी हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भारत ने 2022 में हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी था। उसे 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में से एक माना जाता था, इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ा सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा। बुरहान वानी का करीबी था हमजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। बुरहान मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर मारा गया। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी था। बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद कश्मीर में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। बुरहान वानी की मौत के बाद जाकिर मूसा हिजबुल का कमांडर बना था। वह 23 मई 2019 को पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था। पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था। श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर लेथपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV बसों से टकरा दी थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि दो बसों के परखच्चे उड़ गए और 40 जवान शहीद हो गए। जांच में सामने आया कि हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को कई इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे, लेकिन आतंकी साजिश को रोका नहीं जा सका। बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को हमले का मास्टरमाइंड बताया था। 4 महीने में पाकिस्तान के 4 बड़े आतंकियों की मौत पाकिस्तान में पिछले 4 महीने में 4 बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। इनके पीछे अज्ञात हमलावर का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 1. लश्कर आतंकी- मोहम्मद कासिम गुज्जर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी मोहम्मद कासिम गुज्जर की फरवरी 2026 में पाकिस्तान के पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर हमला किया था। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। कासिम गुज्जर उर्फ सलमान/सुलेमान को भारत सरकार ने 2024 में UAPA के तहत घोषित आतंकवादी घोषित किया था। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और जम्मू-कश्मीर में नए आतंकी मॉड्यूल तैयार करने का काम कर रहा था। उस पर आतंकियों को हथियार और फंडिंग पहुंचाने, सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भर्ती करने और कई आतंकी हमलों में भूमिका निभाने के आरोप थे। 2. जैश-ए-मोहम्मद कमांडर- सलमान अजहर अप्रैल 2026 में पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के सीनियर कमांडर सलमान अजहर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वो एक ‘हिट-एंड-रन’ जैसी घटना का शिकार हुआ। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स इसे टारगेट किलिंग बताया गया था। इसकी भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। सलमान अजहर को जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता था। जैश-ए-मोहम्मद वही आतंकी संगठन है जिसे भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं। सलमान अजहर संगठन के ऑपरेशनल नेटवर्क और भर्ती अभियान से जुड़ा हुआ था। बहावलपुर को लंबे समय से जैश का प्रमुख ठिकाना माना जाता रहा है। 3. लश्कर कमांडर- शेख यूसुफ अफरीदी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की अप्रैल 2026 को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यूसुफ अफरीदी को लश्कर-ए-तैयबा के बड़े नेटवर्क से जुड़ा माना जाता था। वह कथित तौर पर संगठन के लॉजिस्टिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम को संभालता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे हाफिज सईद का करीबी भी माना जाता था।
4. हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर- सज्जाद अहमद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मई 2026 में हिजबुल मुजाहिदीन का सीनियर कमांडर सज्जाद अहमद संदिग्ध परिस्थितियों में मारा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से घटना पर ज्यादा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। सज्जाद अहमद मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के बारामूला इलाके का रहने वाला था। कहा जाता है कि वह 1990 के दशक के अंत में पाकिस्तान चला गया था, जहां उसने आतंकी ट्रेनिंग ली। बाद में वह हिजबुल मुजाहिदीन के लिए फंडिंग, ट्रेनिंग और नेटवर्किंग जैसे काम संभालने लगा। वह पाकिस्तान से कश्मीर में आतंकी एक्टिविटी के कॉर्डिनेशन में एक्टिव रोल निभा रहा था। हिजबुल मुजाहिदीन लंबे समय तक घाटी में एक्टिव प्रमुख आतंकी संगठनों में शामिल रहा है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला थ बांग्लादेश के चिटगांव शहर में स्थित भारतीय दूतावास परिसर के अंदर मंगलवार को एक भारतीय सुरक्षाकर्मी मृत पाया गया। मृतक की पहचान 35 साल के नरेंद्र के तौर पर हुई है। वे हरियाणा के रहने वाले थे और दूतावास में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। नरेंद्र सोमवार रात अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने कमरे में लौटे थे। मंगलवार सुबह जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो उनके साथ वालों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। कई बार फोन और आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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घर पर आसानी से उगाएं हरी मिर्च, जानिए गमले में भरपूर मिर्च उगाने का आसान तरीका


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How To Grow Green Chillies: अगर आप घर पर ताजी हरी मिर्च उगाना चाहते हैं, तो इसके लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है. एक छोटा गमला, अच्छी मिट्टी, धूप और थोड़ी देखभाल से आप आसानी से हरी मिर्च का पौधा उगा सकते हैं. सही समय पर पानी देना, पौधे को धूप मिलना और समय-समय पर मिर्च तोड़ना अच्छी पैदावार में मदद करता है. यह तरीका बालकनी, छत या खिड़की के पास भी आसानी से अपनाया जा सकता है. घर की उगाई हरी मिर्च स्वाद के साथ ताजगी का भी मजा देती है.

How To Grow Green Chillies: अगर आप खाने में तीखा स्वाद पसंद करते हैं, तो हरी मिर्च लगभग हर दिन किचन में इस्तेमाल होती ही है. कई बार छोटी सी चीज के लिए भी बाजार भागना पड़ जाता है, लेकिन सोचिए अगर यही ताजी हरी मिर्च आपके घर की बालकनी या छत पर उग रही हो तो कितना आसान हो जाएगा. अच्छी बात यह है कि हरी मिर्च उगाने के लिए आपको किसी बड़े गार्डन की जरूरत नहीं है. एक साधारण गमला, थोड़ी धूप और सही देखभाल से आप आसानी से मिर्च का पौधा तैयार कर सकते हैं. यह काम सिर्फ गार्डनिंग एक्सपर्ट के लिए नहीं है, बल्कि शुरुआत करने वाला व्यक्ति भी इसे आसानी से कर सकता है. हरी मिर्च का पौधा ज्यादा जगह नहीं लेता, जल्दी बढ़ता है और सही देखभाल मिलने पर लंबे समय तक मिर्च देता रहता है. यही वजह है कि आजकल होम गार्डनिंग पसंद करने वाले लोग इसे सबसे पहले उगाना पसंद करते हैं.

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बीज का सही चुनाव कैसे करें: हरी मिर्च उगाने की शुरुआत अच्छे बीज से होती है. आप बाजार से गार्डनिंग वाले बीज खरीद सकते हैं या घर में मौजूद ताजी हरी मिर्च के बीज भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर घर वाली मिर्च के बीज ले रहे हैं, तो उन्हें निकालकर 1 से 2 दिन हल्का सुखा लें ताकि उनमें ज्यादा नमी न रहे. अच्छे और स्वस्थ बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और पौधा भी मजबूत बनता है.

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गमला कैसा होना चाहिए: हरी मिर्च के पौधे के लिए बहुत बड़ा गमला जरूरी नहीं है, लेकिन इतना जरूर होना चाहिए कि जड़ें आराम से फैल सकें. मध्यम आकार का गमला सही रहता है. सबसे जरूरी बात यह है कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होने चाहिए. अगर पानी जमा रहेगा तो जड़ें खराब हो सकती हैं और पौधा कमजोर पड़ सकता है.

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मिट्टी कैसी रखें ताकि पौधा तेजी से बढ़े: हरी मिर्च के लिए हल्की और भुरभुरी मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. सिर्फ साधारण मिट्टी भर देना सही तरीका नहीं है. मिट्टी में अच्छी मात्रा में कंपोस्ट या सड़ी हुई खाद मिलाने से पौधे को पोषण मिलता है. ऐसी मिट्टी जड़ों को फैलने में मदद करती है और पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है. अगर मिट्टी बहुत सख्त होगी तो पौधा अच्छी तरह नहीं बढ़ पाएगा.

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धूप कितनी जरूरी है: हरी मिर्च का पौधा धूप पसंद करता है. इसे रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप मिलनी चाहिए. अगर पौधे को धूप नहीं मिलेगी तो उसकी ग्रोथ धीमी हो सकती है और मिर्च भी कम आ सकती है. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह या दिन की अच्छी रोशनी आती हो. बालकनी, छत या धूप वाली खिड़की इसके लिए अच्छा विकल्प है.

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पानी देने का सही तरीका क्या है: कई लोग पौधों को जरूरत से ज्यादा पानी दे देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है. हरी मिर्च के पौधे की मिट्टी हल्की नम रहनी चाहिए, लेकिन पानी से भरी नहीं. बहुत ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. मौसम के हिसाब से पानी दें. गर्मियों में थोड़ा ज्यादा और ठंड में कम पानी की जरूरत पड़ सकती है. पानी देने से पहले मिट्टी छूकर देखना अच्छा तरीका है.

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मिर्च कब दिखना शुरू होगी: अगर आपने सही तरीके से पौधा लगाया है और धूप, पानी व पोषण का ध्यान रखा है, तो कुछ हफ्तों में पौधा बढ़ने लगेगा और धीरे-धीरे छोटे फूल आने शुरू हो सकते हैं. फूलों के बाद हरी मिर्च दिखने लगेगी. शुरुआत में कम मिर्च आए तो चिंता न करें, पौधा समय के साथ ज्यादा उत्पादन देने लगता है.

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ज्यादा मिर्च पाने के लिए ये छोटी ट्रिक अपनाएं: हरी मिर्च को समय-समय पर तोड़ते रहना अच्छा माना जाता है. इससे पौधा नई मिर्च देने के लिए प्रेरित होता है. सूखी पत्तियां हटाते रहें और अगर पौधा कमजोर लगे तो थोड़ी जैविक खाद दे सकते हैं. कीड़े दिखें तो हल्के घरेलू उपाय अपनाएं ताकि पौधा सुरक्षित रहे.

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घर की गार्डनिंग का आसान और मजेदार तरीका: अगर आप गार्डनिंग शुरू करना चाहते हैं, तो हरी मिर्च सबसे आसान पौधों में से एक है. यह कम जगह में आसानी से उग जाती है और रोजमर्रा की जरूरत भी पूरी करती है. थोड़ी सी मेहनत से आप अपने घर में ताजी, साफ और केमिकल फ्री हरी मिर्च का मजा ले सकते हैं.

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लंबी छुट्टी पर जाने से पहले इन्वर्टर को किस मोड पर रखें कि बैटरी खराब न हो


इन्वर्टर हमारे घर का जरूरी अप्लायंस बन गया है। इन्वर्टर पावर कट के दौरान घर में बिजली की सप्लाई करता है, जिससे घर के जरूरी अप्लायंसेज जैसे कि पंखा, ट्यूबलाइट, टीवी आदि चलते हैं। इन्वर्टर के साथ बैटरी की जरूरत होती है, जो बिजली को स्टोर करती है और पावर कट के दौरान उस बिजली को घर में सप्लाई करती है। अगर, आप लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं तो क्या इन्वर्टर को बंद कर देना चाहिए? इन दिनों आने वाले इन्वर्टर में कई मोड्स दिए जाते हैं, इनमें से कौन सा मोड चुनें ताकि बैटरी प्रभावित न हो?

किस मोड पर रखें इन्वर्टर?

आम तौर पर अगर आप लंबी छुट्टी पर बाहर जा रहे हैं तो इन्वर्टर को नॉर्मल मोड पर ही रखें। साथ ही, मेन स्वीच वाले सॉकेट को भी ऑन रखें। कई इन्वर्टर में बैटरी के हिसाब से मोड दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए अगर आप ट्यूबलर बैटरी यूज कर रहे हैं तो इसी मोड का चुनाव करें। लेड-एसिड बैटरी यूज कर रहे हैं तो उस मोड का चुनाव करें। यह पूरी तरह से आपके इन्वर्टर पर निर्भर करता है।

हालांकि, अगर आप लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं और घर के मेन पावर स्प्लाई को बंद कर रहे हैं, तो इन्वर्टर को भी आपको स्वीच ऑफ करना चाहिए। इसके प्लग को स्विच से निकाल दें और बैटरी के कनेक्शन को भी कट कर लें। ऐसा करने से बैटरी के टर्मिनल्स साफ रहेंगे और बैटरी खराब नहीं होगी।

बैटरी कर लें फुल चार्ज

इस बात का ध्यान रखें कि छुट्टी पर जाने से पहले इन्वर्टर की बैटरी को फुल चार्ज कर लें, ताकि आन के बाद जब इसे दोबारा इन्वर्टर से कनेक्ट करें तो यह पावर सप्लाई देने के लिए तैयार रहे। 1 से 2 महीन तक बैटरी चार्ज रह सकती है। इसके बाद यह डीप डिस्चार्ज हो जाती है। बैटरी को दोबारा इन्वर्टर से कनेक्ट करने से पहले टर्मिनल को अच्छी तरह से साफ कर लें। इसके अलावा बैटरी के वाटर लेवल को भी चेक करें।

वहीं, अगर आप मेन स्विच ऑन करके छुट्टी पर बाहर जा रहे हैं तो आपको घर के सभी अप्लायंसेज के प्लग को सॉकेट से निकाल देना चाहिए। साथ ही, सभी लाइट्स, पंखे आदि को स्वीच ऑफ कर देना चाहिए। इन्वर्टर के प्लग को केवल लगाए रखें ताकि बैटरी चार्ज होती रहे। ऐसा करने से बैटरी खराब नहीं होगी।

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स्कूलों में छुट्टियां, सड़क पर उतर आए शिक्षक, धौलपुर में निभा रहे अनोखी परंपरा!


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Dhaulpur news: धौलपुर में 42 डिग्री गर्मी के बीच शिक्षक संगठनों ने सर्किट हाउस गेट पर जल मंदिर प्याऊ शुरू की, 12 साल से चल रही यह सेवा 4 से 5 महीने रोज ठंडा पानी देगी. शिक्षक राजेश शर्मा ने बताया कि धौलपुर जिले के अलग-अलग गांवों और कस्बों से रोज बड़ी संख्या में लोग शहर में आते हैं. तेज गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने राहगीरों की सुविधा के लिए यह प्याऊ शुरू की है.

धौलपुर. राजस्थान में इस समय भीषण गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है. धौलपुर जिले में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है. ऐसे में जहां सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां हो चुकी हैं, वहीं शिक्षक अब भी समाज सेवा के काम में जुटे हुए हैं. धौलपुर के शिक्षकों ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों के लिए ठंडे पानी की प्याऊ शुरू की है.

शिक्षक संगठनों की ओर से धौलपुर सर्किट हाउस के मुख्य गेट के पास सार्वजनिक शीतल जल प्याऊ ‘जल मंदिर’ का संचालन शुरू किया गया है. खास बात यह है कि शिक्षक पिछले 12 वर्षों से लगातार इस सेवा कार्य को निभा रहे हैं. भीषण गर्मी में आने-जाने वाले लोगों को यहां निशुल्क ठंडा और शुद्ध पानी पिलाया जाएगा, ताकि उन्हें राहत मिल सके.

गर्मी में राहत देने के लिए शुरू की सेवा

गर्मी के मौसम में तेज धूप और लू लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. ऐसे समय में शुद्ध और ठंडा पानी किसी अमृत से कम नहीं माना जाता. डॉक्टर भी गर्मियों में अधिक पानी पीने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और लू लगने का खतरा कम हो जाता है. इसी सोच के साथ शिक्षकों ने यह सेवा शुरू की है.

शिक्षक राजेश शर्मा ने बताया कि धौलपुर जिले के अलग-अलग गांवों और कस्बों से रोज बड़ी संख्या में लोग शहर में आते हैं. तेज गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने राहगीरों की सुविधा के लिए यह प्याऊ शुरू की है. यहां लोगों को साफ, ठंडा और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है.

चार से पांच महीने तक चलेगी प्याऊ

उन्होंने बताया कि यह प्याऊ सुबह से लेकर शाम तक लगातार संचालित रहेगी. आने वाले चार से पांच महीनों तक इसका संचालन किया जाएगा, ताकि गर्मी के पूरे मौसम में लोगों को राहत मिल सके. राहगीरों ने भी शिक्षकों की इस पहल की सराहना की है और कहा कि इस तरह की सेवा गर्मी में लोगों के लिए बड़ी मदद साबित होती है.

भीषण गर्मी के बीच धौलपुर के शिक्षकों की यह पहल न सिर्फ समाज सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में भी हमेशा आगे रहते हैं.

About the Author

Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



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RSS चीफ मोहन भागवत से मिलने पर घिरे सिंगर अदनान सामी, बोले- जो करना है करूंगा


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अदनान सामी हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए. अब सिंगर ने ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है. अदनान सामी ने कहा, ‘मैं एक आजाद इंसान हूं और जो मुझे सही लगता है, वही करूंगा. मैं सिर्फ खुदा को जवाब देता हूं.’ उन्होंने यह भी कहा कि लोग सिर्फ एक तस्वीर देखकर उनके बारे में राय बना लेते हैं, जबकि असल में उन्हें जानते ही नहीं. अदनान ने साफ कहा कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या सोचते हैं और वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीते रहेंगे.

नई दिल्ली. ‘थोड़ी सी तो लिफ्ट करा दे’ से घर-घर में पहचान बनाने वाले मशहूर सिंगर अदनान सामी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मिलना बना. हाल ही में अदनान सामी की मोहन भागवत के साथ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. अब सिंगर ने इस पूरे विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है और साफ शब्दों में कहा है कि वह सिर्फ खुदा को जवाबदेह मानते हैं. फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज18 से बात करते हुए अदनान सामी ने अपनी बात को रखते हुए इस मुलाकात पर बात की. साथ ही उन्होंने ट्रोल्स को भी करारा जवाब दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि मैं वहीं करता हूं, जो मुझे सही लगता है. फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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अदनान सामी ने कहा, ‘मैं एक आजाद इंसान हूं और मैंने अपने सारे फिल्टर खो दिए हैं. मैं वही करता हूं जो मुझे अच्छा लगता है और मैं खुदा के अलावा किसी को जवाब नहीं देता. अगर कोई मेरे साथ अच्छा है तो मैं उसके साथ अच्छा हूं, चाहे वह कोई भी हो.’ फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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उन्होंने आगे कहा, ‘मैं दूसरों की राय के आधार पर किसी को जज नहीं करता. मुझे इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं है कि दूसरे क्या सोचते हैं.’ अदनान ने यह भी कहा कि लोग एक तस्वीर या एक गाने के आधार पर उनके बारे में नतीजे निकाल लेते हैं, जो पूरी तरह गलत है. फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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अदनान सामी ने ट्रोलर्स को खरी-खरी सुनाते हुए कहा, ‘जो लोग मुझे ट्रोल करते हैं, वे मेरे फैंस भी नहीं हैं. वे सिर्फ रैंडम लोग होते हैं जो अपने पूर्वाग्रहों के आधार पर हर चीज पर टिप्पणी करना चाहते हैं.’ उन्होंने कहा कि एक सेलिब्रिटी होने के नाते लोग सोचते हैं कि वे उन्हें जानते हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही है. फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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आपको बता है कि अदनान सामी का जन्म लंदन में हुआ और पालन-पोषण ब्रिटेन में हुआ. उनकी मां जम्मू की रहने वाली थीं, जबकि पिता अफगानिस्तान मूल के पाकिस्तानी पठान थे. उनके पिता एक उच्च पदस्थ नौकरशाह थे और 14 देशों में पाकिस्तानी राजदूत रहे. अदनान ने भारत में आने की कहानी बताते हुए कहा था कि महान गायिका आशा भोसले ने उन्हें मुंबई आने की सलाह दी. आशा जी ने कहा था- ‘अगर तुम कुछ नया करना चाहते हो तो मुंबई आओ. हिंदी संगीत की राजधानी यहीं है.’ फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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अदनान सामी ने 2015 में पाकिस्तानी नागरिकता रिन्यू कराने से इनकार कर दिया था और 1 जनवरी 2016 को उन्हें भारतीय नागरिकता मिली. लेकिन इसके बाद भी उन्हें ऑनलाइन ‘पाकिस्तानी’ कहकर ट्रोल किया जाता है. भारत आने पर उन्हें करोड़ों की संपत्ति छोड़नी पड़ी. सबसे दर्दनाक मोड़ तब आया जब उनकी मां का निधन हुआ. अदनान ने खुलासा किया, ‘मैंने वीजा के लिए अप्लाई किया, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने मना कर दिया. मैंने कहा मेरी मां चल बसीं, फिर भी उन्होंने इनकार कर दिया. मैं अपनी मां का जनाजा व्हाट्सएप वीडियो पर देखने को मजबूर हो गया.’ फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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अदनान ने अपना नया गाना ‘लिपस्टिक’ रिलीज कर दिया है. सिंगर-कंपोजर और पद्मश्री सम्मान से नवाजे जा चुके अदनान सामी का यह नया सिंगल एक फील-गुड एंथम के तौर पर पेश किया गया है. यह गाना आत्मविश्वास, अपनी अलग पहचान और खुद को खुलकर अपनाने की खुशी को सेलिब्रेट करता है. अपने म्यूजिक और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले अदनान सामी का यह ट्रैक रिलीज होते ही फैंस के बीच में आ गया है. फोटो साभार-@adnansamiworld/Instagram

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बक्सर में 202 करोड़ की योजना फेल: सिमरी की महादलित बस्तियों तक नहीं पहुंचा शुद्ध पानी, 40 लाख लीटर 3 प्री-सेटलिंग टैंक बनाए गए – Buxar News




बक्सर के सिमरी प्रखंड में 202 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हजारों लोगों की प्यास बुझाने में विफल रहा है। भीषण गर्मी के बीच यहां के लोग आज भी शुद्ध पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। सरकारी दावों में इस परियोजना को ‘आर्सेनिक मुक्त जल क्रांति’ बताया गया था। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहां महादलित बस्तियों के लोग आज भी जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं। बच्चों में चर्म रोग के निशान देखे जा रहे हैं, और महिलाएं दूषित पानी को छानकर पीने को विवश हैं। यह महत्वाकांक्षी योजना बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड की 15 और बक्सर सदर प्रखंड की 5 पंचायतों के कुल 51 गांवों के 214 वार्डों में रहने वाले लगभग 36 हजार परिवारों को आर्सेनिक युक्त पानी से मुक्ति दिलाने के लिए बनाई गई थी। इसका उद्देश्य गंगा नदी के पानी को शुद्ध कर पाइपलाइन के माध्यम से हर घर तक पहुंचाना था। परियोजना का उद्घाटन 15 फरवरी 2025 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उस समय यह दावा किया गया था कि सभी परिवारों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन, यह दावा सरकारी फाइलों तक ही सीमित होकर रह गया। गांवों में की गई पड़ताल में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। सिमरी प्रखंड के केशोपुर और पांडेयपुर जैसे गांवों में लोग पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर पानी की समस्या पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते मिले। कई घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है, लेकिन नल सूखे पड़े हैं। जिन घरों में अभी तक कनेक्शन नहीं पहुंचा है, वहां के लोग आज भी हैंडपंप के जहरीले पानी पर निर्भर हैं। 16 साल में पूरी हुई योजना, फिर भी अधूरी राहत इस परियोजना की कहानी भी विवादों से भरी रही है। वर्ष 2009 में तत्कालीन पीएचईडी मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने 112 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से इसका शिलान्यास किया था। हैदराबाद की एक कंपनी को करीब 100 करोड़ रुपए में काम दिया गया, लेकिन आरोप है कि कंपनी बिना काम पूरा किए पैसा लेकर फरार हो गई। इसके बाद दोबारा टेंडर हुआ और करीब 16 साल की देरी के बाद परियोजना 202 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई। दावा किया गया कि गंगा जल को शुद्ध कर 36 हजार 760 परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह दावा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया। तीन प्री-सेटलिंग टैंक बनाए गए

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में तैनात केमिस्ट रियाजुद्दीन अंसारी का कहना है कि प्लांट से नियमित रूप से सुबह तीन घंटे और शाम तीन घंटे पानी सप्लाई किया जा रहा है। उनके अनुसार, पानी चार स्तर की फिल्टर प्रक्रिया और टीडीएस जांच के बाद गांवों में भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि तीन प्री-सेटलिंग टैंक बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 40 लाख लीटर है। उनका दावा है कि इस परियोजना से आर्सेनिक प्रभावित लोगों को राहत मिली है।
हालांकि, गांवों में रहने वाले लोग इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हैं।

“अपने पैसे से पाइप खरीदो, तब मिलेगा पानी”

पांडेयपुर गांव के निवासी त्रिवेणी दुबे बताते हैं कि गांव वालों ने सैकड़ों आवेदन दिए, नेताओं और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन पानी नहीं मिला। अब लोगों से कहा जा रहा है कि खुद पाइप खरीदो और लगाने का खर्च दो, तभी पानी पहुंचेगा। गांव की महादलित बस्ती की हालत और भी खराब है। यहां के लोगों का कहना है कि एक हैंडपंप के सहारे दर्जनों परिवार गुजर-बसर कर रहे हैं। भुवर मुसहर बताते हैं कि उनके घर तक पाइपलाइन पहुंची जरूर, लेकिन नल में कभी पानी नहीं आया। मजबूरी में वही जहरीला पानी पीना पड़ता है, जिससे चर्म रोग और अन्य बीमारियां हो रही हैं।
वहीं नट समाज की महिला सुगवंती देवी कहती हैं कि बस्ती का हैंडपंप ही एकमात्र सहारा है। उसी पानी से खाना बनता है और वही छानकर पीना पड़ता है। हैंडपंप के पास की जमीन लाल पड़ चुकी है और बर्तनों पर जंग जैसी परत जम जाती है, जो पानी में आर्सेनिक की भयावहता को दिखाती है। “उद्घाटन प्लांट बनकर रह गया” केशोपुर पंचायत के बीडीसी प्रमोद मिश्रा का कहना है कि यह परियोजना “उद्घाटन प्लांट” बनकर रह गई है। प्लांट के सबसे नजदीक होने के बावजूद पंचायत के करीब 10 प्रतिशत घरों तक आज भी कनेक्शन नहीं पहुंचा।
उन्होंने कहा कि सिमरी विश्व के सबसे अधिक आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे में यदि समय पर सभी घरों तक शुद्ध पानी नहीं पहुंचा, तो यह परियोजना अपने मूल उद्देश्य में असफल मानी जाएगी।



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आ गया UPSC का कैलेंडर, जानें सिविल सर्विस समेत 27 परीक्षाओं का कब होगा एग्जाम


1

UPSC RT/ परीक्षा के लिए आरक्षित

09 जनवरी 2027 (शनिवार)

2 दिन


2

संयुक्त भू-वैज्ञानिक (प्रारंभिक) परीक्षा, 2027

02 सितंबर 2026

22 सितंबर 2026

10 जनवरी 2027 (रविवार)

1 दिन


3

इंजीनियरिंग सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2027

16 सितंबर 2026

06 अक्टूबर 2026

31 जनवरी 2027 (रविवार)

1 दिन


4

CBI (DSP) LDCE

16 दिसंबर 2026

05 जनवरी 2027

27 फरवरी 2027 (शनिवार)

2 दिन


5

UPSC RT/ परीक्षा के लिए आरक्षित

13 मार्च 2027 (शनिवार)

2 दिन


6

CISF AC(EXE) LDCE-2027

25 नवंबर 2026

15 दिसंबर 2026

14 मार्च 2027 (रविवार)

1 दिन


7

NDA एवं NA परीक्षा (I), 2027

02 दिसंबर 2026

22 दिसंबर 2026

11 अप्रैल 2027 (रविवार)

1 दिन


8

CDS परीक्षा (I), 2027

02 दिसंबर 2026

22 दिसंबर 2026

11 अप्रैल 2027 (रविवार)

1 दिन


9

सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2027

13 जनवरी 2027

02 फरवरी 2027

23 मई 2027 (रविवार)

1 दिन


10

भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2027

13 जनवरी 2027

02 फरवरी 2027

23 मई 2027 (रविवार)

1 दिन


11

UPSC परीक्षा के लिए आरक्षित

05 जून 2027 (शनिवार)

2 दिन


12

इंजीनियरिंग सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2027

18 जून 2027 (शुक्रवार)

1 दिन


13

I.E.S./I.S.S. परीक्षा, 2027

10 फरवरी 2027

02 मार्च 2027

18 जून 2027 (शुक्रवार)

3 दिन


14

संयुक्त भू-वैज्ञानिक (मुख्य) परीक्षा, 2027

19 जून 2027 (शनिवार)

2 दिन


15

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (ACs) परीक्षा, 2027

17 फरवरी 2027

09 मार्च 2027

04 जुलाई 2027 (रविवार)

1 दिन


16

संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा, 2027

03 मार्च 2027

23 मार्च 2027

18 जुलाई 2027 (रविवार)

1 दिन


17

UPSC RT/ परीक्षा के लिए आरक्षित

31 जुलाई 2027 (शनिवार)

2 दिन


18

UPSC RT/ परीक्षा के लिए आरक्षित

07 अगस्त 2027 (शनिवार)

2 दिन


19

सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2027

20 अगस्त 2027 (शुक्रवार)

5 दिन


20

NDA एवं NA परीक्षा (II), 2027

12 मई 2027

01 जून 2027

19 सितंबर 2027 (रविवार)

1 दिन


21

CDS परीक्षा (II), 2027

12 मई 2027

01 जून 2027

19 सितंबर 2027 (रविवार)

1 दिन


22

UPSC RT/ परीक्षा के लिए आरक्षित

25 सितंबर 2027 (शनिवार)

2 दिन


23

UPSC RT/ परीक्षा के लिए आरक्षित

16 अक्टूबर 2027 (शनिवार)

2 दिन


24

UPSC परीक्षा के लिए आरक्षित

23 अक्टूबर 2027 (शनिवार)

2 दिन


25

भारतीय वन सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2027

21 नवंबर 2027 (रविवार)

7 दिन


26

UPSC RT/ परीक्षा के लिए आरक्षित

04 दिसंबर 2027 (शनिवार)

2 दिन


27

S.O./स्टेनो (GD-B/GD-I) LDCE

15 सितंबर 2027

05 अक्टूबर 2027

18 दिसंबर 2027 (शनिवार)

2 दिन






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