जोधपुर के प्रमुख और सबसे व्यस्त बाजारों में से एक नई सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को पुलिस कमिश्नर शरत कविराज और डीसीपी (मुख्यालय-यातायात) शाहीन सी ने स्थानीय व्यापारियों के साथ नई सड़क से घंटाघर तक पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाजार में यातायात, पार्किंग और अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन सोनी सहित अन्य व्यापारी भी मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर ने व्यापारियों से यातायात सुगम बनाने को लेकर सीधा संवाद किया। उनसे फीडबैक भी लिया। उन्होंने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दुकानों के आगे बने बरामदों को पूरी तरह से खाली रखा जाए, ताकि पैदल चलने वाले आम नागरिक इन बरामदों का आसानी से उपयोग कर सकें। ऐसा होने से मुख्य सड़क पर राहगीरों की भीड़ कम होगी। सड़क का यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा। खुली-खुली नजर आई सड़कें, आमजन ने ली राहत की सांस पुलिस की इस समझाइश और निरीक्षण का असर बाजार में साफ देखने को मिला। नई सड़क से घंटाघर तक आज सड़क का नजारा काफी बदला हुआ नजर आया। सड़क पर न तो यातायात का भारी दबाव था और न ही जगह-जगह ठेले खड़े नजर आए। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने खुशी जताई। स्थानीय व्यापारियों ने भी शहर के मुख्य बाजार को व्यवस्थित करने की पुलिस की इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया है। शराब के ठेकों पर औचक जांच, पियक्कड़ों पर कार्रवाई यातायात और अतिक्रमण के निरीक्षण के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने असामाजिक तत्वों पर भी नकेल कसी। पुलिस कमिश्नर ने नई सड़क से घंटाघर के बीच स्थित शराब के ठेकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई शराब के ठेकों पर लोग बैठकर शराब पीते हुए पाए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन शराबियों को मौके से पकड़ लिया। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आमजन और व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात को बेहतर बनाने और अतिक्रमण हटाने की यह प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहनी चाहिए।
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नई सड़क से अतिक्रमण हटाया, बरामदे खाली रखने की हिदायत: पुलिस कमिश्नर ने व्यापारियों के साथ किया बाजार का निरीक्षण, सहयोग की अपील – Jodhpur News
डायबिटीज और खांसी में रामबाण है बोगनवेलिया की चाय, जानिए बनाने का तरीका और फायदे
Bougainvillea Tea Benefits : अक्सर हमारे घरों की दीवारों और बालकनी की शोभा बढ़ाने वाला गुलाबी बोगनवेलिया सिर्फ एक सजावटी पौधा नहीं है, बल्कि आयुर्वेद और मेक्सिकन पारंपरिक चिकित्सा (Té de bugambilia) में एक शक्तिशाली औषधि भी है. क्या आप जानते हैं कि इसके रंगीन फूलों और पत्तियों से बनी चाय खांसी, जुकाम और यहाँ तक कि डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याओं में रामबाण साबित हो सकती है? मेक्सिको में यह एक लोकप्रिय स्वास्थ्य पेय है, जो न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी बेजोड़ है. आइए, इस ब्लॉग में विस्तार से जानते हैं कि कैसे बोगनवेलिया की चाय आपकी सेहत को बदल सकती है.
मेक्सिको में यह एक लोकप्रिय स्वास्थ्य पेय है, जो न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी बेजोड़ है.
बोगनवेलिया चाय के औषधीय गुण और फायदे-
बोगनवेलिया, जिसे हम ‘कागज के फूल’ के नाम से भी जानते हैं, औषधीय गुणों का भंडार है. वैज्ञानिक शोधों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार, इस पौधे के विभिन्न हिस्सों (फूल, पत्तियां और तना) का उपयोग शरीर के अलग-अलग विकारों को दूर करने के लिए किया जाता है.
1. खांसी और जुकाम में राहत
बोगनवेलिया की चाय का सबसे प्रमुख लाभ श्वसन तंत्र पर होता है. इसमें ‘एक्सपेक्टोरेंट’ गुण होते हैं, जो फेफड़ों में जमे बलगम को ढीला कर बाहर निकालने में मदद करते हैं. पुरानी खांसी, फ्लू और गले की खराश (Sore Throat) में इसकी गरम चाय पीने से तुरंत आराम मिलता है. मेक्सिकन लोक चिकित्सा में इसे ‘ब्रोंकाइटिस’ के इलाज के लिए एक प्रभावी घरेलू नुस्खा माना जाता है.
2. डायबिटीज (Type 2) में फायदेमंद
डायबिटीज के मरीजों के लिए बोगनवेलिया की पत्तियां किसी वरदान से कम नहीं हैं. विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, इसकी पत्तियों में ‘पिनिटोल’ (Pinitol) नामक तत्व पाया जाता है, जिसमें इंसुलिन जैसा प्रभाव होता है.यह रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. नियमित रूप से (डॉक्टर की सलाह पर) इसकी पत्तियों का अर्क या चाय लेने से टाइप 2 डायबिटीज के प्रबंधन में काफी मदद मिलती है.
3. पाचन और पेट की समस्याएं
बोगनवेलिया की पत्तियां पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में कारगर हैं. यदि आप दस्त (Diarrhea) या पेट में एसिडिटी की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसकी चाय एक प्राकृतिक उपचार हो सकती है. यह पेट की अम्लता को कम कर पाचन क्रिया को शांत करती है.
4. लो बीपी में लाभकारी
जहाँ इसकी पत्तियां शुगर के लिए हैं, वहीं इसके फूलों का अर्क ‘लो ब्लड प्रेशर’ (Low Blood Pressure) के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा इसका तना (Stems) हेपेटाइटिस जैसी लिवर संबंधी समस्याओं के उपचार में सहायता करता है. जबकि ल्यूकोरिया (Leucorrhoea) महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या में फायदेमंद होता है.
कैसे तैयार करें यह चाय?
आवश्यक सामग्री:
बोगनवेलिया के फूल: 10-12 (ताजे या सूखे हुए, गहरे गुलाबी या बैंगनी रंग के फूल सबसे अच्छे होते हैं).
पानी: 2 कप.
नींबू का रस: आधा चम्मच (स्वाद और विटामिन C के लिए).
शहद या गुड़: स्वादानुसार (डायबिटीज के मरीज इसका उपयोग न करें).
दालचीनी का टुकड़ा: 1 छोटा (वैकल्पिक, बेहतर पाचन के लिए).
बनाने की विधि:
फूलों की सफाई करें: सबसे पहले बोगनवेलिया के ताजे फूलों को चुनें. ध्यान रखें कि आप केवल रंगीन पंखुड़ियों का उपयोग करें. फूलों के बीच में मौजूद छोटे सफेद हिस्से (पुंकेसर) को निकाल दें और पंखुड़ियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि धूल या मिट्टी निकल जाए.
पानी उबालें: एक पैन में 2 कप पानी डालें और इसे मध्यम आंच पर गरम होने दें. अगर आप दालचीनी डालना चाहते हैं, तो इसी समय डाल दें.
फूल डालें: जब पानी उबलने लगे, तो इसमें साफ की हुई बोगनवेलिया की पंखुड़ियां डाल दें.
धीमी आंच पर पकाएं: आंच धीमी कर दें और इसे 3 से 5 मिनट तक उबलने दें. आप देखेंगे कि धीरे-धीरे फूलों का रंग फीका पड़ने लगेगा और पानी एक सुंदर गुलाबी या गहरे रंग में बदल जाएगा.
छान लें: जब पानी आधा रह जाए या रंग गहरा हो जाए, तो गैस बंद कर दें. चाय को एक कप में छान लें.
सर्व करें: अब इसमें नींबू का रस मिलाएं. नींबू डालते ही चाय का रंग और भी चमकीला और आकर्षक हो जाता है. अगर आप शुगर के मरीज नहीं हैं, तो इसमें थोड़ा शहद मिला सकते हैं.
सेवन का तरीका: खांसी और गले की खराश के लिए इसे गुनगुना (Warm) ही पिएं. बेहतर परिणामों के लिए दिन में 1-2 बार इसका सेवन किया जा सकता है. यह चाय न केवल आपकी इम्युनिटी बढ़ाएगी, बल्कि आपको हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करेगी.
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उन्नाव में स्व-गणना अभियान 21 मई तक: DM ने ऑनलाइन पंजीकरण के लिए प्रेरित किया, 7500 प्रगणक तैनात – Unnao News
उन्नाव में चल रहे स्व-गणना अभियान के संबंध में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने बताया कि जनगणना अभियान के तहत स्व-गणना कार्यक्रम 7 मई को शुरू हुआ था और यह 21 मई तक चलेगा। इस प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य जिले के निवासियों को अभियान से जोड़ना और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि इस अभियान के लिए जिले में लगभग 7500 प्रगणक और सुपरवाइजर तैयार किए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग स्व-गणना अभियान से जुड़ें और नागरिक स्वयं तथा अपने परिवार का पंजीकरण कर सकें। नागरिकों को अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल sc.census.gov.in पर भरनी होगी। डीएम ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल कर रहा है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों, किसानों, शिक्षकों, चिकित्सा कर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों और समाज के अन्य वर्गों के लिए अलग-अलग थीम-आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार को मीडिया कर्मियों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को मजबूत करने के लिए पंचायत सहायकों को प्रशिक्षित किया गया है। पंचायत भवनों में ग्रामवासियों को बुलाकर स्व-गणना प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है और उन्हें स्वयं पंजीकरण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के सभापति, वार्ड पार्षद, टैक्स कलेक्टर और अन्य कर्मचारियों को भी इस अभियान में लगाया गया है। व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नगर निकायों के वाहनों में ऑडियो क्लिपिंग्स चलाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री लगाई गई है ताकि अभियान की जानकारी अधिकतम लोगों तक पहुंच सके। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन इस अभियान को एक महाअभियान के रूप में चला रहा है, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के “हर व्यक्ति को जोड़ने” के दृष्टिकोण को साकार करना है।
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नवादा में साइबर ठगी का खुलासा, एक गिरफ्तार: 1 करोड़ 4 लाख का हुआ लेन-देन, अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य पकड़ाया – Nawada News
नवादा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह द्वारा संचालित एक बैंक खाते में 1 करोड़ 4 लाख रुपए के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है, जबकि कुल ठगी की राशि 10 करोड़ रुपए तक होने का अनुमान है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में नगर थाना क्षेत्र के कोनिया निवासी बालवीर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध इकाई बिहार, पटना से मिली सूचना के आधार पर साइबर थाना नवादा को “सोनाली एंटरप्राइजेज” नामक संदिग्ध बैंक खाते के माध्यम से विभिन्न राज्यों में हो रही साइबर ठगी की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी जांच, बैंकिंग विवरण, साइबर पोर्टल और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर गहन अनुसंधान शुरू किया। हेड क्वार्टर डीएसपी निशु मलिक और साइबर थाना प्रभारी प्रभा कुमारी ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। मुनाफे का लालच देकर करते थे ठगी जांच में सामने आया कि बालवीर प्रसाद (30) द्वारा संचालित इस खाते का उपयोग ऑनलाइन निवेश, शेयर मार्केट और अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह द्वारा किया जा रहा था। 8 मई 2026 को एसआईटी टीम ने कोनिया स्थित ठिकाने पर छापेमारी कर बालवीर प्रसाद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्त ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। साइबर पोर्टल पर की गई जांच से पता चला कि इस बैंक खाते के विरुद्ध महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों से लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार अभियुक्त के खाते में कुल 1 करोड़ 4 लाख रुपए (40 लाख, 46 लाख, 18 लाख और 3 लाख रुपए) के संदिग्ध लेन-देन पाए गए। अभियुक्त ठगी की राशि प्राप्त करने और उसे आगे बांटने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। साइबर थाना कांड संख्या 50/26 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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ग्वालियर में साल की दूसरी नेशनल लोक अदालत: सर्वर समस्या से उपभोक्ता को मिली राहत, छूट के नाम पर लोगों में नाराजगी – Gwalior News
ग्वालियर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को साल 2026 की दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आयोजित इस लोक अदालत में जिलेभर से बड़ी संख्या में वादी-प्रतिवादी और उपभोक्ता पहुंचे। लोक अदालत में इस बार नगर निगम और बिजली विभाग से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। संपत्ति कर, जलकर और बिजली बिल से संबंधित पुराने प्रकरण खत्म कराने के लिए लोग बड़ी संख्या में न्यायालय परिसर पहुंचे। खास बात यह रही कि पिछली लोक अदालत में सर्वर डाउन होने से लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा था, लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से उपभोक्ताओं का डेटा मशीनों में अपलोड कर दिया था। इसके चलते तकनीकी समस्या आने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई और लोग आसानी से अपने पुराने बिल जमा कर सके। हालांकि लोक अदालत में मिलने वाली छूट को लेकर कई उपभोक्ताओं ने नाराजगी भी जताई। लोगों का कहना था कि राहत के नाम पर बहुत मामूली छूट दी जा रही है, जिससे उन्हें अपेक्षित फायदा नहीं मिल पा रहा। इसी दौरान सागरताल स्थित सरकारी मल्टी में रहने वाले दिव्यांग कपिल राठौर ने अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि वह जलकर का बकाया जमा करने लोक अदालत पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले उन्हें सरकारी मल्टी में आवास मिला था, लेकिन इस दौरान नियमित बिल नहीं भेजे गए और अब एक साथ 3441 रुपए का जलकर बिल थमा दिया गया। उनका कहना था कि यदि हर महीने बिल मिलता तो भुगतान करना आसान रहता। कपिल ने यह भी कहा कि दिव्यांग उपभोक्ताओं को विशेष राहत मिलनी चाहिए थी, लेकिन उनके बिल में केवल मामूली राशि ही कम की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सरकारी मल्टी में वे रहते हैं वहां पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है और उन्हें पीने का पानी खरीदना पड़ता है, जबकि सप्लाई का पानी केवल नहाने और घरेलू उपयोग के लिए आता है।
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अमेरिका ने वेनेजुएला का हाईली एनरिच्ड यूरेनियम निकाला: 13.5 किलो न्यूक्लियर मटेरियल वॉशिंगटन लाया गया, अब इसे अमेरिका खुद प्रोसेस करेगा
अमेरिका ने वेनेजुएला से 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम हटाया है। यह यूरेनियम कई साल से वहां के एक पुराने रिसर्च रिएक्टर में रखा था। अमेरिका ने शुक्रवार को बताया कि यूरेनियम को कराकास के पास मौजूद साइट से हटाया गया और फिर सुरक्षित तरीके से अमेरिका भेजा गया। यह ऑपरेशन अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और IAEA ने मिलकर किया। US डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी के मुताबिक यूरेनियम को जमीन और समुद्र के रास्ते अमेरिका पहुंचाया गया। इसे अब साउथ कैरोलाइना के सवाना रिवर परमाणु साइट में प्रोसेस किया जाएगा। अमेरिकी एजेंसी नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (NNSA) ने कहा कि यह ऑपरेशन दक्षिण अमेरिका और US की सुरक्षा के लिए अहम है। एजेंसी के मुताबिक वेनेजुएला का RV-1 रिसर्च रिएक्टर कई दशक तक न्यूक्लियर रिसर्च के लिए इस्तेमाल होता था। 1991 में रिसर्च बंद होने के बाद भी वहां हाईली एनरिच्ड यूरेनियम रखा रहा। अमेरिका ने 6 हफ्ते से कम समय में मिशन को अंजाम दिया अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह काम छह हफ्तों से भी कम समय में पूरा हुआ। यूरेनियम को खास कंटेनर में पैक किया गया। इसके बाद करीब 100 मील सड़क के रास्ते बंदरगाह तक ले जाया गया। वहां से ब्रिटेन की न्यूक्लियर ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस कंपनी के जहाज से अमेरिका भेजा गया। NNSA के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मैट नेपोली भी इस मिशन की निगरानी के लिए वेनेजुएला पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि टीम के अनुभव की वजह से यह ऑपरेशन सफल रहा। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी ऑपरेशन की पुष्टि की। एजेंसी ने कहा कि यह जटिल और संवेदनशील ऑपरेशन था। NNSA के मुताबिक 1996 से अब तक एजेंसी दुनिया के कई देशों से 7,350 किलो से ज्यादा हाईली एनरिच्ड यूरेनियम और प्लूटोनियम हटाने या सुरक्षित करने का काम कर चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन लंबे समय से ईरान के पास मौजूद हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर दबाव बना रहा है। ईरान के पास ऐसा करीब 408 किलो यूरेनियम बताया जाता है। हालांकि, अमेरिका अब तक उसे हटाने में सफल नहीं हुआ है। वेनेजुएला में अमेरिका का दखल बढ़ रहा अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में भी बदलाव देखने को मिला है। हाल के महीनों में CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ समेत कई अमेरिकी अधिकारी वेनेजुएला पहुंचे। सात साल बाद दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट भी शुरू हुई है। अमेरिकी दूतावास भी फिर से खोला गया है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका अब वहां ऊर्जा और खनन सेक्टर में कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, कुछ लोकतंत्र समर्थक समूह ट्रम्प प्रशासन की इस नीति की आलोचना भी कर रहे हैं।
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श्रावंथि ग्रुप के प्रमोटर डीवी राव गिरफ्तार, 284 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग उजागर
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ED in Action : प्रर्वतन निदेशालय ने श्रावंथी समूह के प्रमोटर दांडमुडी वेंकटेश्वर को गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ फर्जी तरीके से बैंक लोन लेने का आरोप है. ईडी ने अपनी कार्रवाई में 284 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का भी खुलासा किया है.
ईडी ने श्रावंथी समूह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा मामला पकड़ा है.
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने श्रावंथि ग्रुप के प्रमोटर दंडामुडी वेंकटेश्वर राव (डीवी राव) और उनके सहयोगियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 284 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा किया है. ईडी ने इस मामले में डीवी राव, डी. शांति किरण और डीवी राव के भाई डी. अवनिंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है. कोर्ट ने तीनों को 12 मई 2026 तक ED की हिरासत में भेज दिया है.
आरोप है कि डीवी राव के नियंत्रण वाली DJW Electric Power Projects Pvt. Ltd. ने कई संस्थाओं से फर्जी तरीके से करीब 58 करोड़ रुपये का लोन लिया था. यह मामला बैंक धोखाधड़ी और RTGS सिस्टम के दुरुपयोग से जुड़ा है. मामले की जांच की शुरुआत गुरुग्राम के सेक्टर-40 थाने में दर्ज FIR से हुई थी. बाद में इसमें ईडी ने भी हाथ डाला और कई जगह छापेमारी की.
कैसे शुरू हुआ कंपनी के खिलाफ मामला
श्रावंथी समूह मुख्य रूप से एनर्जी और इन्फ्रा सेक्टर में काम करती है. अक्टूबर, 2025 में प्रर्वतन निदेशालय ने हाइथ्रो पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) से जुड़े 346 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में श्रावंथी समूह के प्रमोटर दांडमुडी वेंकटेश्वर राव के गुरुग्राम स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी. समूह के पास श्रावंथी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और श्रावंथी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड नाम से दो कंपनियां हैं. ईडी ने अपनी जांच में बताया है कि साल 2013 से 2015 के बीच कंपनी के ऊपर 10 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था, जिसका भगुतान नहीं किया गया. यह कर्ज श्रावंथी एनर्जी के उत्तराखंड के खाइखेड़ा में 450 मेगावाट गैस आधारित पॉवर प्लांट से जुड़ा है.
कैसे किया कंपनी ने फर्जीवाड़ा
ईडी ने अपनी जांच में बताया है कि श्रावंथी इन्फ्रा ने 10 करोड़ का कर्ज 13 साल से नहीं चुकाया है. इसके अलावा 2019 से 2020 तक एसईपीएल के 18.43 करोड़ रुपये के मूल्य वाले इक्विटी शेयर जो बैंकरों के पास थे, उन्हें महज 10 रुपये की बेहद कम कीमत पर अपने विदेशी निवेशकों को भेज दिए. यह सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है और अब ईडी ने इस पर शिकंजा कस लिया है.
100 करोड़ की लागत में बनी है ‘राजा शिवाजी’? रितेश देशमुख ने फिल्म के बजट पर तोड़ी चुप्पी
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रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी फिल्म राजा शिवाजी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है. फिल्म की सफलता के साथ ही इसके बजट को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि फिल्म का बजट 100 करोड़ रुपये है. अब खुद रितेश देशमुख ने इन अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने साफ किया कि बजट के आंकड़ों में उलझने के बजाय दर्शकों को फिल्म के अनुभव और उसकी मेकिंग पर ध्यान देना चाहिए.
नई दिल्ली. रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और तब से ही यह बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त परफॉर्म कर रही है. फिल्म में रितेश के साथ अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, संजय दत्त, फरदीन खान और भाग्यश्री जैसे बड़े सितारे अहम भूमिकाओं में हैं, जबकि सलमान खान ने फिल्म में एक स्पेशल अपीयरेंस दी है.

जैसे-जैसे यह पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म दर्शकों का दिल जीत रही है, इसके बजट को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है. हाल ही में रितेश ने उन अफवाहों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जिनमें कहा जा रहा है कि ‘राजा शिवाजी’ का बजट 100 करोड़ रुपये है.

द राइट एंगल के साथ में बातचीत के दौरान रितेश देशमुख से पूछा गया कि क्या फिल्म के भारी-भरकम बजट की खबरों के बीच एक फिल्ममेकर के तौर पर उन पर बड़ी ओपनिंग का दबाव रहता है? इस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘राजा शिवाजी के बजट को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनकी असलियत सिर्फ प्रोड्यूसर्स को ही पता है. एक फिल्ममेकर के लिए फिल्म के बजट पर चर्चा करना सबसे आखिरी काम होना चाहिए, क्योंकि इससे फिल्म पर कोई फर्क नहीं पड़ता.’
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रितेश देशमुख का मानना है कि आज के सिनेमाई दौर में एक्टर्स की फीस और फिल्मों के बजट पर जरूरत से ज्यादा चर्चा होने लगी है. उनका कहना है कि दर्शकों का फिल्म के बजट से क्या लेना-देना? रितेश ने बताया, ‘अगर कोई पूछता मुझसे कि फिल्म का बजट कितना है? मैं कहता कि आप कितने रुपये का टिकट ले रहो. अगर वो बोलता कि 100, 200 या 300 रुपये. फिर मैं कहता कि यही फिल्म का बजट है.’

उनका तर्क है कि फिल्मों को लेकर एक जादुई अहसास बना रहना चाहिए और लोगों को बस थिएटर जाकर उस अनुभव का आनंद लेना चाहिए. अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए रितेश बताते हैं कि जब वो अमिताभ बच्चन की ‘शोले’ जैसी कालजयी फिल्में देखते थे, तो उनके जहन में कभी यह सवाल नहीं आया कि फिल्म कितने में बनी है. उस वक्त सिर्फ बड़े पर्दे पर दिखने वाले रोमांच और मनोरंजन से मतलब होता था.

रितेश ने इस बात पर भी जोर दिया कि जनता के बीच बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और फीस को लेकर जो उत्सुकता बढ़ी है, उसके लिए कहीं न कहीं फिल्म इंडस्ट्री खुद जिम्मेदार है. पहले लोग यह नहीं जानते थे कि फिल्म ने कितनी कमाई की है, लेकिन आज हर तरफ सिर्फ नंबरों का बोलबाला है.

उन्होंने साफ कहा कि इंडस्ट्री खुद ही ये आंकड़े लोगों तक पहुंचाती है. बतौर प्रोड्यूसर रितेश अब तक 7 मराठी फिल्में बना चुके हैं, लेकिन उन्होंने आज तक अपनी किसी भी फिल्म के बजट का खुलासा नहीं किया है. बता दें कि रितेश देशमुख ने ही ‘राजा शिवाजी’ का डायरेक्शन किया है और वह फिल्म के को-राइटर भी हैं.

‘राजा शिवाजी’ की कमाई की बात करें तो इस मूवी ने 7 दिनों में भारत में 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था. 8वें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को फिल्म ने 3.20 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जिससे ‘राजा शिवाजी’ का भारत में अब तक टोटल बिजनेस 55.85 करोड़ रुपये हो चुका है.
iPhone 16 की कीमत में भारी कटौती, Amazon-Flipkart नहीं, यहां मिल रहा सबसे सस्ता
iPhone 16 की कीमत में एक बार फिर से भारी कटौती की गई है। एप्पल का यह आईफोन लॉन्च प्राइस से करीब 18,000 रुपये तक सस्ते में खरीदा जा सकता है। हालांकि, यह ऑफर अमेजन या फ्लिपकार्ट पर नहीं मिल रहा है। एप्पल का यह फ्लैगशिप फोन A18 Bionic चिपसेट पर काम करता है। फोन में AI फीचर्स और नए तरीके का कैमरा डिजाइन मिलता है।
iPhone 16 में बड़ा प्राइस कट
एप्पल ने अपने इस आईफोन को 2024 में लॉन्च किया था। भारत में यह आईफोन 79,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च हुआ था। एप्पल ने पिछले साल iPhone 17 लॉन्च होने के बाद इसकी कीमत में 10,000 रुपये का फ्लैट प्राइस कट किया गया था। प्राइस कट के बाद यह आईफोन 69,900 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहा था। कंपनी के आधिकारिक पार्टनर्ड स्टोर iNvent पर इसे 63,900 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। इसके अलावा फोन की खरीद पर बैंक डिस्काउंट का भी लाभ लिया जा सकता है।
ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी शुरू हुए समर सेल में एप्पल का यह आईफोन काफी सस्ते में खरीदा जा सकता है। फोन की खरीद पर बैंक ऑफर्स के साथ-साथ एक्सचेंज ऑफर भी मिल रहा है। अगर, आपका पुराना फोन सही कंडीशन में है तो ज्यादा से ज्यादा एक्सचेंज बेनिफिट्स मिल सकता है।
iPhone 16 के फीचर्स
एप्पल ने इस आईफोन को तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 128GB, 256GB और 512GB में लॉन्च किया है। इसमें 6.1 इंच का OLED डिस्प्ले मिलता है। इसमें सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले मिलता है, जिसके साथ डायनैमिक आईलैंड डिजाइन दिया गया है। यह आईफोन A18 Bionic चिपसेट पर काम करता है। फोन में एप्पल इंटेलिजेंस यानी AI फीचर दिया गया है।
iPhone 16 के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलता है। फोन में 48MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। इसके साथ 12MP का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए एप्पल के इस आईफोन में 12MP का कैमरा मिलेगा। यह आईफोन USB Type C चार्जिंग, iOS 18 जैसे फीचर्स से लैस है। फोन के बैक में वायरलेस और MagSafe चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है।
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भारत-पाकिस्तान के बीच बैक चैनल बातचीत? 3 महीने और 2 सीक्रेट मीटिंग
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India-Pakistan Talk: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तल्ख हो चुके हैं. पर्दे के पीछे से उइसे दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है. पिछले तीन महीनों के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच कम से कम दो बार मुलाकात हुई है. NSA अजित डोभाल के ऑफिस को इसके बारे में जानकारी दी गई है.
भारत-पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद पिछले तीन दिनों में दो बार बैक चैनल बातचीत हुई है. (फाइल फोटो/Reuters)
India-Pakistan Talk: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान की तरफ से रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है. दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच पिछले 3 महीनों में कम से कम दो बार बैक चैनल यादी के पर्दे के पीछे बातचीत हो चुकी है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के ऑफिस को इस बातचीत के बारे में जानकारी है. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद (जबकि पाकिस्तान के साथ कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ है) भारत और पाकिस्तान के पूर्व सेना जनरल तथा रिटायर्ड डिप्लोमेट्स पिछले तीन महीनों में कम से कम दो बार मिले हैं, जिनमें एक बैठक कतर में और दूसरी किसी अन्य एशियाई देश की राजधानी में हुई है. हालांकि, ये औपचारिक ‘बैक-चैनल कम्यूनिकेशन’ नहीं हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला ऐसा इंगेजमेंट है. यह कोशिश ऐसे समय में सामने आई है, जब आधिकारिक हलकों में इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ इस तरह की प्रक्रिया शुरू करने के पक्ष में सहमति बढ़ रही है.
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी आवश्यकता को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के कार्यालय तक एस्केलेट किया गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (National Security Council Secretariat) को भी पाकिस्तान की ओर से इस बाबत जताई गई इच्छा के बारे में अवगत कराया गया है. बैक-चैनल बातचीत के पक्ष में अभी राजनीतिक स्तर पर कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन इस पुनर्विचार के पीछे एक प्रमुख कारण यह है कि किसी अन्य हमले की स्थिति में पैदा होने वाले तनाव मैनेज किया जा सके. सूत्रों ने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच क्राइसिस मैनेजमेंट सिस्टम का अभाव है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संपर्क साधने का एकमात्र माध्यम दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के स्तर की हॉटलाइन थी. आज भी दोनों देशों के DGMO सप्ताह में एक बार (आमतौर पर मंगलवार) बातचीत करते हैं.
ऑपरेशन सिंदूर फिलहाल पॉज
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली की सोच यह है कि किसी भी बैक-चैनल बातचीत का मतलब उसके ‘आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते’ के घोषित रुख से इतर नहीं होना चाहिए. फिलहाल इस बातचीत को क्राइसिस मैनेजमेंट मेकेनिज्म के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें भारतीय पक्ष की अगुवाई सरकार करेगी और दूसरी ओर (मतलब पाकिस्तान से) उनके समकक्ष (जो सैन्य अधिकारी हो सकते हैं) शामिल होंगे. सैद्धांतिक रूप से ऑपरेशन सिंदूर फिलहाल ‘पॉज’ की स्थिति में है, लेकिन दिल्ली की रेड लाइन्स अभी भी ‘भविष्य में किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी’ पर बेस्ड है. इसका मतलब यह हुआ कि किसी भी तरह का आतंकवादी हमला होने की स्थिति में सैन्य अभियान फिर शुरू हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि इसके लिए सिविलयन और राजनीतिक मार्गदर्शन वाले मेकेनिज्म की आवश्यकता है, जिसे सैन्य नेतृत्व सक्षम बना सकता है.
NSA डोभाल की सक्रिय भूमिका
2015 से 2018 के बीच एनएसए डोभाल ने अपने तत्कालीन पाकिस्तानी समकक्ष और पाकिस्तान के एनएसए लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नासिर खान जंजुआ के साथ कई बैठकें की थीं. ये बैठकें सार्वजनिक नजरों से दूर और मुख्य रूप से बैंकॉक में हुई थीं. बाद में 2021 की शुरुआत में यह सामने आया कि डोभाल तीसरे देश में तत्कालीन पाकिस्तान एनएसए मोईद यूसुफ (जो उस समय प्रधानमंत्री इमरान खान के सुरक्षा मामलों के विशेष सहायक थे) के संपर्क में भी थे. साथ ही उनका तत्कालीन पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ भी संवाद का एक माध्यम खुला था. पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के मौजूदा प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक को 30 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया गया था. वह पाकिस्तान के 10वें NSA हैं और इस पद पर रहने वाले पहले सक्रिय ISI प्रमुख हैं, जिन्होंने खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिकाओं को एक साथ संभाला है. उनकी नियुक्ति ने सैन्य और नागरिक सत्ता केंद्रों को एकजुट कर दिया है, जिससे फील्ड मार्शल मुनीर के नेतृत्व वाली सेना को प्रत्यक्ष नियंत्रण मिल गया है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

