मुंगेर के पोलो मैदान में गुरुवार को ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था। इसमें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान, जब मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित कर मंच पर अपनी कुर्सी पर बैठने जा रहे थे, तभी डीह एरिया में बैठे कुछ जदयू युवा कार्यकर्ता अत्यधिक शोरगुल कर रहे थे। कार्यक्रम से बाहर कर देने की दी चेतावनी शोरगुल सुनकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए। उन्होंने मंच के आगे आकर कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि यदि वे ज्यादा हल्ला करेंगे तो उन्हें कार्यक्रम से बाहर कर दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद शोर मचा रहे युवक शांत हो गए। सांसद को गुस्सा होता देख, जमालपुर विधानसभा के जदयू विधायक नचिकेता मंडल भी मंच के आगे आए और युवाओं को शांत रहने को कहा। इस दौरान मंच पर एनडीए के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे, जबकि पंडाल में हजारों की भीड़ थी। बाद में पुलिस अधिकारियों ने भी शोर मचा रहे युवाओं को हिदायत दी। पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा किए गए विकास कार्यों का उल्लेख अपने संबोधन में, मुंगेर सांसद सह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने सड़कों के जाल का जिक्र करते हुए बताया कि अब पटना से मुंगेर पहुंचने में मात्र ढाई घंटे लगते हैं, जबकि पहले इसमें चार से पांच घंटे का समय लगता था। वहीं उन्होंने बताया सुल्तानगंज में हवाई अड्डा भी बन रहा है। मुंगेर में भी हवाई अड्डा है। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में अल्पसंख्यक आयोक के सदस्य सह चैंबर सदस्य बड़ी बाजार निवासी राजेश जैन के बारे में बताया कि अब राजेश जैन जी के पास अधिक पैसा है ऐसे में वे हवाई जहाज पर भी मुंगेर में चढ़ सकते है। यह सुन कार्यक्रम में मौजूद लोग हसने लगे। महिला सशक्तिकरण का उदाहरण मुंगेर मेयर से कराया वहीं संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने किा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा बिहार में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है। चुनाव में भी महिलाओं को भागीदारी देने की अधिकारी नीतीश कुमार ने दिलाया है। इसका उदाहरण देते हुए कि कि अभी मंच पर बैठी मुंगेर नगर निगम की महिला मेयर कुमकुम देवी और जमालपुर नगर परिषद की अध्यक्ष पार्वती देवी जी है जो कि महिला सशक्तिकरण का लाभ लेते हुए आज मेयर व नगर परिषद अध्यक्ष बनी हु़ई है। वहीं मंत्री की इस संबोणन को सुन मंच पर बैठी मेयर कुमकुम देवी और नप अध्यक्ष पार्वती देवी खड़ी हो गई और हाथ जोड़ कार्यक्रम में मौजूद लोगों को अभिवादन किया।
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मुंगेर में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह कार्यकर्ताओं पर भड़के: कार्यक्रम में शोरगुल करने पर दी बाहर निकालने की चेतावनी – Munger News
मानसून में देरी से खरीफ की फसल पर पड़ेगा असर: कृषि वैज्ञानिक बोले: 25 जून तक नहीं आया तो बुवाई प्रभावित होगी – Balaghat (Madhya Pradesh) News
बालाघाट जिले में मानसून की देरी से किसान चिंतित हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि 25 जून तक मानसून नहीं आता है, तो धान की बुवाई पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस वर्ष पिछले दो सालों की तुलना में कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे उमस भरी गर्मी भी बढ़ गई है। बालाघाट एक प्रमुख धान उत्पादक जिला है, जहाँ बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है। किसान अपनी बोवनी शुरू करने के लिए बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक उत्तम बिसेन ने बताया कि बालाघाट में मानसून आमतौर पर 10 से 20 जून के बीच आता है। किसान अपने खेत तैयार कर चुके हैं और बीज-खाद भी खरीद लिए हैं, लेकिन बारिश के अभाव में बुवाई रुकी हुई है। जिले में इस साल बारिश की स्थिति पिछले दो वर्षों से कमजोर है। 1 जून से 18 जून के बीच हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 13.6 मिलीमीटर और वर्ष 2023 में 17.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। इसके विपरीत, इस वर्ष इसी अवधि में केवल 10.3 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र बड़गांव के कृषि वैज्ञानिक धर्मेंद्र अगासे ने 21 जून तक हल्की वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। उन्होंने भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त पांच दिवसीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान के आधार पर यह जानकारी दी। उनके अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने, हल्की वर्षा होने, आकाशीय बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगासे ने जिले के किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपने कृषि कार्यों की योजना बनाएं। धान की बुवाई, बीज उपचार और अन्य खरीफ फसलों से संबंधित कार्य मौसम की स्थिति को देखकर ही करें।
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दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने शुरू किए जन कल्याण शिविर: एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सरकारी सेवाएं; हर जिले में लगाए जाएंगे कैंप – New Delhi News
दिल्ली के नागरिकों को केंद्र और दिल्ली सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शालीमार बाग स्थित संदेश विहार के एमसीडी कम्युनिटी हॉल में ‘जन कल्याण शिविर’ का शुभारंभ किया। ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के’ थीम के तहत आयोजित ये शिविर 18 से 20 जून तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक राजधानी के सभी जिलों में कुल 42 स्थानों पर संचालित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिकों को केंद्र और दिल्ली सरकार की विभिन्न योजनाओं, सेवाओं और लाभकारी कार्यक्रमों की जानकारी एवं सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। इस मौके पर त्रि नगर से विधायक तिलकराम गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। ‘सेवा, सुविधा और समाधान के संकल्प के साथ काम कर रही सरकार’ सीएम ने कहा पहले लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। जबकि कई सुविधाएं वर्षों तक नागरिकों तक पहुंच ही नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा कि अब डबल इंजन सरकार और जनता के प्रति समर्पित ट्रिपल इंजन व्यवस्था के माध्यम से सरकार स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंच रही है। सीएम ने आगे कहा सरकार ‘सेवा, सुविधा और समाधान’ के संकल्प के साथ काम कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर उपलब्ध योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। जन कल्याण शिविर की खास बातें आयोजन अवधि: 18 से 20 जून समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक स्थान: दिल्ली के सभी जिलों में 42 केंद्र उद्देश्य: केंद्र और दिल्ली सरकार की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना सुविधाएं: योजनाओं की जानकारी, आवेदन, दस्तावेजी सहायता और विभिन्न सरकारी सेवाएं लक्ष्य: कोई भी पात्र नागरिक सरकारी लाभ से वंचित न रहे
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मुफ्त बस यात्रा स्कीम पर हाईकोर्ट में PIL का दांव पड़ा उल्टा, चीफ जस्टिस ने की तारीफ
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केरल हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील शमीम अहमद एम पी ने मुफ्त बस यात्रा योजना पर कई विधिक सवाल खड़े किए. उन्होंने पीठ को बताया कि यह योजना पूरी तरह भेदभावपूर्ण है. वकील ने दावा किया कि यह योजना संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के मूल सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन करती है. इसमें महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को बिना किसी आय सीमा या आवासीय योग्यता के मुफ्त यात्रा दी जा रही है.
मुफ्त बस यात्रा योजना को संविधान के खिलाफ बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. (पीटीआई)
कोच्चि. केरल हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को साधारण केएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने वाली यूडीएफ सरकार की नई ‘प्रियदर्शिनी योजना’ उसके चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है. चीफ जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी. एम की पीठ ने यह भी कहा कि यह सरकार का एक नीतिगत निर्णय है जो कामकाजी वर्ग की महिलाओं के हित में लिया गया है.
खुद को एक उत्साही नागरिक और करदाता बताने वाले मुहम्मद फ़िरदौस की जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा, ‘कम से कम उन्होंने अपना वादा (चुनाव के दौरान किया गया) तो पूरा किया है.’
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील शमीम अहमद एम पी ने पीठ को बताया कि यह योजना ‘भेदभावपूर्ण’ है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है क्योंकि यह महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को बिना किसी आय सीमा, आवासीय योग्यता या उस चिन्हित नफे- नुकसान के आकलन के बिना मुफ्त बस यात्रा प्रदान करती है जिसका वह समाधान करना चाहती है.
वहीं सरकार ने अदालत को बताया कि दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी ही योजनाएं लागू की गई हैं. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दावा किया है कि इस योजना से सरकारी खजाने पर प्रतिदिन लगभग दो करोड़ रुपये या सालाना लगभग 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. जनहित याचिका में नीति को मंजूरी देने की गति पर भी सवाल उठाया गया है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
सिंगर ने गाया ब्लॉकबस्टर गाना, प्रोड्यूसर ने दिया ब्लैंक चेक, सुपरहिट निकली मूवी
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Bollywood Blockbuster Song : प्रोड्यूसर ने सिंगर को ब्लैंक चेक दिया. फिर भी सिंगर ने मुंहमांगा पैसा नहीं लिया. अपने दिल की आवाज सुनी. अपने माता-पिता के सिखाए संस्कारों से मुंह नहीं मोड़ा. ऐसा सुपरहिट गाना रिकॉर्ड किया कि जिसे सुनकर जवां दिल आज भी तड़प उठते हैं. फिल्म मिथुन चक्रवर्ती की थी. इस गाने की शूटिंग उनके ऊटी स्थित मोनार्क होटल में हुई थी. मूवी भी सुपरहिट निकली. गाना सिंगर पर भी फिल्माया गया. यह गाना कौन सा था, फिल्म कौन सी थी, सिंगर कौन था, आइये जानते हैं दिलचस्प फैक्ट्स…..
वैष्णो देवी के दर्शन करने जा रहे फिल्म प्रोड्यूसर राजीव बब्बर को पूरे रास्ते में एक ही सिंगर के गाने सुनाई दिए. ये गाने थे ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ और ‘आवारा हवा का झोका हूं’. होटल-ढाबों पर इस गाने की धूम मची हुई थी. उन्हें दिनों राजीव बब्बर बॉलीवुड सुपर स्टार मिथुन चक्रवर्ती के साथ एक फिल्म प्लान कर रहे थे. वैष्णो देवी से लौटते ही उन्होंने सिंगर से संपर्क किया. मिथुन चक्रवर्ती के ऊटी स्थित मोनार्क होटल में उससे अपनी एक फिल्म के लिए गाना रिकॉर्ड करवाया. तीन बार शूटिंग करवाई. गाना सुपरहिट हो गया. राजीव बब्बर ने सिंगर को ब्लैंक चेक दिया. यह गाना कौन था ‘इश्क और प्यार का मजा लीजिए’ जिसे अल्ताफ राजा ने गाया था.

‘शपथ’ फिल्म 12 दिसंबर 1997 को रिलीज हुई थी. बतौर डायरेक्टर राजीव बब्बर की पहली फिल्म थी. फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ, विनीता और राम्या कृष्णा लीड रोल में थे. इसके अलावा कादर खान, रजा मुराद, रंजीत, शक्ति कपूर और गुलशन ग्रोवर अहम भूमिकाओं में थे. जैकी श्रॉफ के होने से फिल्म ऊंचे दाम में बिकी थी. फिल्म की स्टार वैल्यू बढ़ गई थी. जैकी श्रॉफ उन दिनों अपना प्रोडक्शन हाउस जेएसईएल (JSEL) शुरू करने जा रहे थे, ऐसे में उन्हें पैसे की जरूरत थी. उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ फिल्म साइन कर ली थी.

स्टोरी-स्क्रीनप्ले संजय कुमार ने लिखा था. डायलॉग अनवर खान ने लिखे थे. म्यूजिक आनंद-मिलिंद का था. गीतकार समीन अनजान थे. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राजीव बब्बर थे. फिल्म की शुरुआत में बैकग्राउंड में ‘शपथ शपथ’ सुनाई देता है. हैरानी की बात यह है कि इस फिल्म में खतरनाक विलेन रामी रेड्डी ने पॉजिटिव रोल किया था. मिथुन चक्रवर्ती के अपोजिट नजर आई एक्ट्रेस विनीता को 2003 में वेश्यावृति के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था. हालांकि 2004 में उन पर लगे आरोप झूठे साबित हुए.
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फिल्म के दो गाने ‘इश्क और प्यार का मजा लीजिए’ और ‘मुंडा गोरा रंग देखके दीवाना हो गया’ खूब पॉप्युलर हुए. ‘इश्क और प्यार का मजा लीजिए’ गाना गजल गायक अल्ताफ राजा ने गाया था. इस गाने में वो मिथुन चक्रवर्ती-जैकी श्रॉफ के साथ परफॉर्म करते भी नजर आए थे.

अल्ताफ राजा के ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ एल्बम के गाने सुनने के बाद प्रोड्यूसर राजीव बब्बर ने उन्हें ‘शपथ’ फिल्म में गाने का मौका दिया था. संगीतकार आनंद-मिलिंद के साथ अल्ताफ राजा ने गाने की रिहर्सल की थी. गाने में ‘सरगम’ सुनाई देती है जिसे अल्ताफ राजा ने अपनी ओर से जोड़ा था. गाना सनी सुपर साउंड में दो घंटे में रिकॉर्ड हुआ था. प्रोडक्शन टीम के साथ अल्ताफ ऊटी गए. वहां पर मिथुन चक्रवर्ती के मोनार्क होटल में तीन दिन में गाना शूट हुआ.

अल्ताफ राजा 1996 में रातोंरात चर्चा में तब आए थे जब वीनस कंपनी ने ‘तुम तो ठहरे परदेशी’ नाम से उनका एक कैसेट एल्बम लॉन्च किया था. म्यूजिक एल्बम के सभी गाने सुपर-डुपर हिट हुए थे. पान की दुकानों, टेपों-ऑटो में, शादी-बारात में एल्बम के गाने बजते थे. करीब 70 लाख ऑडियो कैसेट बिके थे. एल्बम में म्यूजिक मोहम्मद शैफी नियाजी ने दिया था.

2.75 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘शपथ’ ने 8 करोड़ से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. फिल्म सरप्राइजिंग सुपरहिट साबित हुई थी. फिल्म के बॉक्स ऑफिस के कलेक्शन ने बड़ी फिल्मों को जबर्दस्त टक्कर दी थी. फिल्म और गाने की जबर्दस्त कामयाबी के बाद अल्ताफ राजा एक दिन प्रोड्यूसर राजीव बब्बर के ऑफिस गए. उन्होंने ब्लैंक चेक दिया और कहा कि आप जितना अमाउंट चाहें भर सकते हैं. अल्ताफ राजा ने सिर्फ 80 हजार रुपये गाने के लिए. उन दिनों कई सिंगर 2 से 5 लाख रुपये लेते थे. फिर भी अल्ताफ राजा ने ज्याद पैसा नहीं लिया. अल्ताफ राजा ने अपने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया था.
Amazon Prime Day सेल की आ गई डेट, 72 घंटे तक प्राइम मेंबर्स के लिए सबकुछ रहेगा सस्ता
Amazon ने फाइनली अपने अपकमिंग Prime Day Sale की डेट अनाउंस कर दी है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने पिछले महीने ही अपने प्राइम डे की घोषणा की थी, जिसमें कंपनी ने कंफर्म किया था कि यह सेल जुलाई में आयोजित की जाएगी। हालांकि, अब कंपनी ने इसकी तारीख अनाउंस कर दी है। अमेजन प्राइम डे इस साल 72 घंटे यानी तीन दिन के लिए आयोजित किया जाएगा। इसमें प्राइम यूजर्स को हर प्रोडक्ट काफी सस्ते में मिलेगा।
72 घंटे चलेगी सेल
अमेजन की ये प्राइम डे सेल 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी। यह कंपनी का 10वां प्राइम डे सेल होगा, जिसकी वजह से कंपनी बड़े ऑफर्स दे सकती है। 4 जुलाई से लेकर 6 जुलाई के बीच चलने वाले इस सेल में यूजर्स को 4 जुलाई रात 12 बजे से लेकर 6 जुलाई रात 11:59 बजे तक सभी प्रोडक्ट्स काफी सस्ते में मिलेंगे। इसके अलावा कुछ ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स पर एक्सक्लूसिव डील्स ऑफर की जाएगी।
बैंक ऑफर्स
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने घोषणा की है कि SBI और Axis Bank के क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने पर यूजर्स को 10 प्रतिशत का अतिरिक्त डिस्काउंट मिलेगा। वहीं, Amazon Pay और ICICI बैंक के कार्ड पर 5 प्रतिशत का कैशबैक मिलेगा। इस साल आयोजित होने वाले 10वें प्राइम डे सेल में यूजर्स को एआई द्वारा पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस मिलेगा।
500 नए प्रोडक्ट होंगे लॉन्च
अमेजन ने कंफर्म किया है कि प्राइम डे सेल के दौरान 500 नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए जाएंगे। खास तौर पर Samsung, OnePlus जैसे ब्रांड के स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स सेल के दौरान लॉन्च किए जाएंगे। वहीं, कंपनी ने अपनी प्राइम मेंबरशिप की कीमत में भी कटौती करने का फैसला किया है।
प्राइम सब्सक्रिप्शन हुआ सस्ता
Prime Day Sale का लाभ ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को मिल सके इसके लिए कंपनी ने अपनी प्राइम मेंबरशिप की कीमत में भी भारी कटौती कर दी है। 1,499 रुपये वाला एनुअल मेंबरशिप अब महज 999 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा 799 रुपये वाल प्राइम लाइट प्लान 599 रुपये में मिलेगा। साथ ही, शॉपिंग एडिशन सब्सक्रिप्शन की कीमत 399 रुपये से घटाकर 299 रुपये कर दी गई है।
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धागा बांधने की नहीं पड़ेगी जरूरत, इस तरीके से बनाएं भरवा करेला, बच्चे भी मांगेंगे बार-बार
Bharwa Karela Recipe: करेला ऐसी सब्जी है जिसे लोग दो हिस्सों में बांट देते हैं. कुछ लोग इसे बहुत पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग इसका नाम सुनते ही मुंह बना लेते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह इसका कड़वा स्वाद माना जाता है. हालांकि स्वास्थ्य के लिहाज से करेला काफी फायदेमंद माना जाता है और कई लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहते हैं. परेशानी तब आती है जब भरवा करेला बनाने की बात होती है. अक्सर लोगों को लगता है कि इसमें बहुत ज्यादा तेल लगेगा, स्टफिंग बाहर निकल जाएगी या फिर स्वाद बहुत कड़वा रहेगा. यही कारण है कि कई घरों में यह सब्जी कम ही बनती है. लेकिन अगर कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जाए तो भरवा करेला इतना स्वादिष्ट बन सकता है कि जो लोग इसे पसंद नहीं करते, वे भी इसे दोबारा खाने की मांग कर सकते हैं. इस तरीके की खास बात यह है कि इसमें कम तेल लगता है, धागा बांधने की जरूरत नहीं पड़ती और स्टफिंग भी पूरी तरह अंदर बनी रहती है.
सही करेला चुनना क्यों है जरूरी
भरवा करेला बनाने की शुरुआत सही करेले के चुनाव से होती है. हमेशा मध्यम आकार के करेले चुनने की कोशिश करें. बहुत बड़े और मोटे करेले अक्सर ज्यादा सख्त होते हैं और उनका स्वाद भी उतना अच्छा नहीं लगता. ताजे और हरे करेले पकने के बाद ज्यादा स्वादिष्ट लगते हैं. अगर करेला बहुत ज्यादा पीला दिखाई दे रहा है तो उसे लेने से बचना चाहिए. सही करेला चुनने से पूरी रेसिपी का स्वाद बेहतर हो जाता है.
करेले की तैयारी कैसे करें
सबसे पहले करेले को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद ऊपर और नीचे का हिस्सा हल्का सा काट दें. अब करेले का पतला छिलका निकालें, लेकिन इसे पूरी तरह साफ न करें. फिर बीच में लंबाई में चीरा लगाकर अंदर के बीज निकाल लें. ध्यान रखें कि छिलके और बीजों को फेंकना नहीं है. इन्हें भी मसाले में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे स्वाद बढ़ता है और कोई हिस्सा बेकार भी नहीं जाता.
कड़वाहट कम करने का आसान तरीका
करेले की कड़वाहट कम करने के लिए नमक का इस्तेमाल सबसे आसान तरीका माना जाता है. तैयार किए गए करेले पर अच्छी तरह नमक लगाएं और करीब 10 मिनट के लिए छोड़ दें. कुछ देर बाद करेला पानी छोड़ने लगेगा. अब इसे हल्के हाथों से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें. इस प्रक्रिया से कड़वाहट काफी हद तक कम हो जाती है. यही छोटा सा कदम पूरे स्वाद में बड़ा फर्क ला सकता है.
करेले के पानी का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
जब नमक लगाने के बाद करेले से पानी निकलता है तो ज्यादातर लोग उसे फेंक देते हैं. लेकिन चाहें तो इसका इस्तेमाल एक हेल्दी ड्रिंक बनाने में भी किया जा सकता है. इसमें थोड़ा पानी, नींबू का रस, काला नमक, भुना जीरा और पुदीना मिलाकर पी सकते हैं. कई लोग इसे सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं.
स्वाद बढ़ाने वाला खास मसाला
भरवा करेले की जान उसकी स्टफिंग में छिपी होती है. इसके लिए जीरा, धनिया, सौंफ, काली मिर्च और अजवाइन को हल्का भून लें. अब इसमें अदरक, लहसुन और हरी मिर्च मिलाकर दरदरा पीस लें. स्वाद को संतुलित करने के लिए अमचूर और थोड़ा सा गुड़ भी मिला दें. यह मिश्रण करेले की कड़वाहट को संतुलित करता है और स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा पन जोड़ता है.
स्टफिंग को ऐसे करें तैयार
एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उसमें बारीक कटा प्याज डालें. प्याज को केवल हल्का नरम होने तक पकाएं. इसे ज्यादा भूरा नहीं करना है. अब तैयार मसाला डालकर कुछ मिनट तक भूनें. जब मसाले से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. स्टफिंग तैयार है.
करेले में मसाला भरने का सही तरीका
अब तैयार मसाले को धीरे-धीरे सभी करेलों में भरें. पहले हर करेले में थोड़ा मसाला डालें और फिर दोबारा सभी में बराबर मात्रा में भर दें. इससे सभी करेलों में स्टफिंग एक जैसी रहेगी. बहुत ज्यादा मसाला ऊपर तक भरने की कोशिश न करें, क्योंकि पकाते समय वह बाहर निकल सकता है.
बिना धागे के भी नहीं निकलेगी स्टफिंग
अक्सर लोग भरवा करेला बनाते समय धागा बांधते हैं ताकि मसाला बाहर न निकले. लेकिन इस रेसिपी में इसकी जरूरत नहीं पड़ती. इसके लिए पकाने की शुरुआत सही तरीके से करनी होती है. कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें और सबसे पहले करेले को स्टफिंग वाली साइड नीचे करके रखें. इससे मसाला अंदर ही सेट हो जाता है और बाहर निकलने की संभावना काफी कम हो जाती है.
धीमी आंच पर पकाने का फायदा
भरवा करेला हमेशा धीमी आंच पर पकाना चाहिए. कड़ाही को ढक दें और बीच-बीच में करेलों को पलटते रहें. तेज आंच पर पकाने से मसाला जल सकता है और करेला बाहर से पककर अंदर से कच्चा रह सकता है. धीमी आंच पर पकने से मसाले का स्वाद अंदर तक पहुंचता है और करेला भी मुलायम बनता है.
तैयार भरवा करेले का स्वाद कैसा होगा
जब करेला पूरी तरह पक जाएगा तो उसका स्वाद काफी संतुलित हो जाएगा. कड़वाहट पहले के मुकाबले बहुत कम महसूस होगी. मसालों, अमचूर और गुड़ की वजह से इसमें हल्का खट्टा-मीठा और चटपटा स्वाद आएगा. करेला सॉफ्ट रहेगा और स्टफिंग अंदर ही बनी रहेगी. इसे रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ आराम से परोसा जा सकता है.
यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया: 1000 से ज्यादा ड्रोन, क्रूज मिसाइलें भी दागीं; जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो रूस भी जलेगा
मॉस्को/कीव58 मिनट पहले
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यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस का ऑयल डिपो तबाह हो गया।
यूक्रेन ने गुरुवार को रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रातभर में करीब 1,000 ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें करीब 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, “हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।”
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र का एक ऑयल डिपो धमाके से तबाह हो गया। यहां मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई। मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ। विस्फोट के बाद ऑयल डिपो टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर उछल गया और आसमान में काले धुएं के गुबार छा गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पास के एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई। ड्रोन का मलबा गिरने से कुछ रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। कई ऊंची इमारतों को खाली कराया गया। हमले के बाद मॉस्को के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई।

मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर हमले के बाद ऑयल डिपो के टैंक का ढक्कन कई मीटर तक हवा में उछल गया।

हमले के बाद रिफाइनरी में तेज विस्फोट हुआ, जिससे आग लग गई।

शहर के अलग-अलग इलाकों में धुएं का गुबार फैल गया।

रिफाइनरी में लगी आग पूरे कंपाउंड में फैल गई, जिससे धुआं उठता नजर आया।

लोगों ने रिफाइनरी से उठते धुएं के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।
जेलेंस्की बोले- हमने रूस के हमले का जवाब दिया
जेलेंस्की ने मॉस्को पर हमले को पिछले हफ्ते कीव पर रूस की कार्रवाई का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो रूस के युद्ध अभियान को सहारा दे रहे हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए। उन्होंने यूक्रेन की विभिन्न सैन्य और खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ भी की।
हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कजान में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ शिखर बैठक में मौजूद थे। उन्होंने यूक्रेन के इस हमले पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जेलेंस्की ने X पर पोस्ट कर मॉस्को पर हमले की जिम्मेदारी ली।
2023 से रूसी राजधानी पर ड्रोन हमले बढ़े
2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के ड्रोन हमले सीमित थे। 2023 में पहली बार उसके ड्रोन मॉस्को तक पहुंचे, लेकिन तब हमलों में कुछ ही ड्रोन इस्तेमाल किए जाते थे।
अब यूक्रेन लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गया है, जबकि रूस ने भी राजधानी के चारों ओर मजबूत एयर डिफेंस तैनात कर रखा है।
इस वजह से युद्ध अब सिर्फ फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं रहा। दोनों देश तेल डिपो, रिफाइनरी और दूसरे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
G7 देशों ने यूक्रेन को मदद देने का ऐलान किया
मॉस्को पर बड़े हमले के बीच G7 देशों ने यूक्रेन के लिए सैन्य मदद बढ़ाने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि यूक्रेन को ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम, इंटरसेप्टर और लंबी दूरी के हथियार दिए जाएंगे।
इसके अलावा रूस के तेल और गैस कारोबार पर प्रतिबंध और सख्त किए जाएंगे। G7 देशों ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और ऊर्जा जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त मदद देने का भरोसा दिया है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराना आसान होगा, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी ने बातचीत को मुश्किल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि उनकी वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमिर पुतिन दोनों से अच्छी बातचीत हुई है और वह इस युद्ध का अंत देखना चाहते हैं।
17 मई- यूक्रेनी हमले में 1 भारतीय समेत 4 की मौत

यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद रूस में कई जगह आग लग गई थी।
इससे पहले यूक्रेन ने 17 मई को भी रूस के कई इलाकों पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हुई थी। इसमें 1 भारतीय भी शामिल था।
रूस में भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी। दूतावास के मुताबिक 3 भारतीय घायल भी हुए थे। रूस के अधिकारियों ने बताया था कि ड्रोन हमले में मॉस्को में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि यूक्रेन सीमा से लगे बेलगोरोद इलाके में एक और व्यक्ति की जान गई। मॉस्को में कुल 12 लोग घायल हुए। इनमें तेल रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूर भी शामिल हैं।
यूक्रेन ने मॉस्को में सैन्य और ईंधन से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें एंगस्ट्रेम प्लांट शामिल है, जो रूस की सेना के लिए सेमीकंडक्टर बनाता है। इसके अलावा मॉस्को ऑयल रिफाइनरी, सोलनेचनोगोर्स्क और वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। पूरी खबर पढ़ें…
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रूस ने पिछले महीने यूक्रेन पर कई मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया। इस हमले में कम से कम 4 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए। हमलों का निशाना यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के इलाके थे। रूस ने कहा कि यह हमला यूक्रेनी हमलों के जवाब में किया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
उदयपुर में 70 फीट ऊंचाई पर फंसे टूरिस्ट: जिप लाइन के बीच ढाई मिनट तक हवा में लटकते रहे, गुजरात से आए थे 4 दोस्त – Udaipur News
उदयपुर में जिप लाइन राइड के दौरान दो टूरिस्ट 70 फीट ऊंचाई पर फंस गए। नीचे सड़क पर वाहन गुजर रहे थे। यह देख दोनों की सांसें अटक गईं। जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे। पहले से वहां मौजूद रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ढाई मिनट में दोनों का सुरक्षित व
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मामला पिछोला झील के किनारे का बुधवार शाम 6 बजे का है। इसका वीडियो सामने आया है। जिसमें जिप लाइन के बीच में टूरिस्ट लटके नजर आ रहे हैं। पर्यटक गुजरात के रहने वाले थे। संचालक कहना है कि अचानक मौसम बदलने और तेज हवा के कारण ऐसा हुआ।
भास्कर टीम गुरुवार को जिप लाइन गई और पूरा मामला जाना। संचालक ने मॉकड्रिल भी करवाकर दिखाई कि किस तरह राइडर को जिप लाइन में भेजा जाता है और कैसे राइडर के फंसने पर रेस्क्यू किया जाता है।
पिछोला झील के पास दूधतलाई स्थित जिप लाइन के बीच में लटके टूरिस्ट और रेस्क्यू टीम का सदस्य।
गुजरात से आए थे चार दोस्त
पिछोला झील के पास रोप-वे के सामने दूधतलाई स्थित जिप लाइन है। इसके संचालक शरद अग्रवाल ने बताया- दीनदयाल पार्क से माणिक्यलाल वर्मा पार्क के बीच जिप लाइन राइड करवाते हैं। इस राइड की कुल दूरी 630 मीटर है, जिसे पार करने में केवल 45 सेकेंड लगते हैं।
संचालक ने बताया- बुधवार शाम को गुजरात के चार पर्यटक सुनील,अल्पेश,ऋत्विक और सुमित जिप लाइन राइड करने आए थे।
तेज हवा चलने पर फंसे
दीनदयाल पार्क से दो-दो के समूह में दोस्त जिप लाइन पर सवार हुए थे। एक ग्रुप को जिप लाइन के दूसरे छोर माणिक्यलाल वर्मा पार्क पहुंचना था। इससे करीब 20 मीटर पहले ही अचानक तेज हवा चलने लगी। जिससे वे जिप लाइन के बीच में अटक गए। इससे दोनों घबरा गए और जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे।
इसके बाद रेस्क्यू टीम के सदस्य उनके पास पहुंचे और ढाई मिनट में दोनों को रेस्क्यू कर दीनदयाल पार्क वाले प्वाइंट पर वापस लेकर आए। अग्रवाल ने बताया कि ऐसी स्थिती में हमारी रेस्क्यू टीम हमेशा अलर्ट रहती है और राइडर के पास पहुंचकर पास वाले पॉंइट पर रेस्क्यू कर लेकर जाती है।
भास्कर टीम जिप लाइन गई इस दौरान संचालक ने मॉकड्रिल भी करवाकर दिखाई। देखिए-मॉकड्रिल के PHOTO

राइडर को हेलमेट पहनाकर और कमर पर बेल्ट बांधकर जिप लाइन के लिए भेजा जाता है।

राइडर के जिप लाइन के बीच में फंसने पर रेस्क्यू टीम का सदस्य उसे वापस लेने जाता हुआ।

राइडर्स की पूरी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए और सेफ्टी बेल्ट बांधकर ही रवाना किया जाता है।
8 माह पहले शुरू हुई जिप लाइन
- दूधतलाई वाले इस प्वाइंट पर 14 अक्टूबर 2025 को जिप लाइन का शुभारंभ किया गया था।
- अंदरूनी शहर में पहली बार दूधतलाई पर इस जिप लाइन को शुरू किया गया है।
- प्रति यात्री 400 रुपए टिकट है। 8 महीने से चल रही इस जिप लाइन पर महीने में औसत करीब 600 यात्री आते हैं। सीजन के समय यह संख्या डबल हो जाती है।
उदयपुर में चीरवा-अंबेरी में भी है जिप लाइन
- उदयपुर में वैसे नाथद्वारा रोड पर भी जिप लाइन संचालित है। वहां पर चीरवा स्थित फूलों की घाटी और पुरोहितों का तालाब के पास जैव विविधता पार्क में भी जिप लाइन कराई जाती है।
- संचालन वन सुरक्षा एवं प्रबंध समितियां करती हैं।
पैसों का पिटारा खोलेगी ये पोस्ट ऑफिस स्कीम! 5 साल में हाथ में आएंगे ₹20 लाख
आज के समय में ज्यादातर लोग ऐसे निवेश योजना की तलाश में रहते हैं, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश ऑप्शन में उतार-चढ़ाव का रिस्क रहता है, लेकिन पोस्ट ऑफिस की रेकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है. यह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसमें निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहता है.
पोस्ट ऑफिस आरडी उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं. बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर की जरूरत या इमरजेंसी फंड तैयार करने के लिए यह योजना काफी उपयोगी मानी जाती है. नियमित बचत और कंपाउंडिंग के फायदे से छोटी रकम भी समय के साथ बड़े फंड में बदला जा सकता है.
पोस्ट ऑफिस आरडी में कितने साल तक कर सकते हैं निवेश?
पोस्ट ऑफिस आरडी में निवेशक हर महीने एक तय रकम जमा करता है. फिलहाल इस योजना पर 6.7 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है, जिसकी कैलकुलेशन तिमाही आधार पर की जाती है. खाते की अवधि 5 साल होती है और मैच्योरिटी पर जमा राशि के साथ ब्याज का फायदा मिलता है. इस योजना में कम से कम 100 रुपये प्रति माह से निवेश शुरू किया जा सकता है. निवेशक अपनी कैपेसिटी के अनुसार ज्यादा रकम भी जमा कर सकते हैं. नियमित निवेश करने से बचत की आदत भी विकसित होती है और भविष्य के लिए अच्छा फंड तैयार हो जाता है.
20 लाख रुपये का फंड बनाने के लिए कितनी बचत करनी होगी?
अगर आपका टारगेट 5 साल में करीब 20 लाख रुपये का फंड तैयार करना है, तो मौजूदा ब्याज दर के अनुसार आपको हर महीने लगभग 28,000 रुपये जमा करने होंगे.
मासिक निवेश- लगभग ₹28,000
अवधि- 5 साल (60 महीने)
कुल जमा राशि- लगभग ₹16.80 लाख
अनुमानित ब्याज- लगभग ₹3.20 लाख
मैच्योरिटी राशि- करीब ₹20 लाख
इस तरह नियमित निवेश के जरिए आप बिना किसी बड़े रिस्क के 20 लाख रुपये के आसपास का फंड तैयार कर सकते हैं.
15 लाख रुपये का फंड बनाने के लिए कितनी रकम जमा करनी होगी?
यदि आपका टारगेट 15 लाख रुपये जुटाना है, तो आपको हर महीने करीब 21,000 रुपये जमा करने होंगे.
मंथली निवेश- लगभग ₹21,000
अवधि- 5 साल (60 महीने)
कुल जमा राशि- लगभग ₹12.60 लाख
अनुमानित ब्याज- लगभग ₹2.40 लाख
मैच्योरिटी राशि- करीब ₹15 लाख
यह ऑप्शन उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जो हर महीने सीमित बचत कर पाते हैं लेकिन भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं.
पोस्ट ऑफिस आरडी के अन्य फायदे
पोस्ट ऑफिस आरडी में निवेश करने वालों को जरूरत पड़ने पर जमा राशि के आधार पर लोन की सुविधा भी मिल सकती है. खाता खोलने का प्रोसेस भी काफी आसान है और इसे देश के किसी भी पोस्ट ऑफिस में शुरू किया जा सकता है.
नियमित निवेश से वित्तीय अनुशासन विकसित होता है और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है. यही वजह है कि छोटे और मध्यम आय वाले परिवारों के बीच यह योजना काफी फेमस है. हालांकि, निवेश करने से पहले ब्याज दर और नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि समय-समय पर इनमें बदलाव हो सकता है.


