जोधपुर के बासनी थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक की इलाज के दौरान एम्स हॉस्पिटल में मौत हो गई। उसने थाने में जहर खा लिया था। महिला के गायब होने के मामले में पुलिस उसे मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे पूछताछ के लिए थाने लाई थी। पुलिस का कहना है कि मृतक अपने साथ जहर की पुड़िया लेकर आया था। पूछताछ के दौरान उसने मौका पाकर जहर खा लिया। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर DCP कमल शेखावत भी थाने पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। वहीं थाने के CCTV भी सुरक्षित रखे गए हैं। मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने मृतक के चाचा ओर पुलिस से बातचीत की। मृतक अमृत वैष्णव (30) के चाचा दलपत ने बताया कि वह सर गांव का रहने वाला था। उसकी शादी हो गई थी लेकिन गौना नहीं हुआ था। वह पिछले कुछ साल से से महिला से बात करता था। वह महिला 11-12 दिन पहले घर से गायब हो गई। उसके परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में 12 जून को अमृत को पूछताछ के लिए बासनी थाने बुलाया गया था। मैं भी उसके साथ बासनी थाने आया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद वापस भेज दिया। हेड कॉन्स्टेबल ने कहा-महिला नहीं मिली तो अंदर डाल दूंगा सोमवार शाम को थाने के हेड कॉन्स्टेबल सतपाल सिंह का कॉल आया, उसने बताया कि यदि मंगलवार को वह महिला नहीं मिली तो तुम्हें अंदर डाल दूंगा। इसके चलते उनका भतीजा टेंशन में आ गया था। वह रात भर सो नहीं पाया। 16 जून को सुबह जल्दी थाने से फोन आ गया। इस पर उसके भतीजे ने उन्हें दोपहर फोन कर बताया कि पुलिस उसे थाने बुला रही है, तब वह अपने भतीजे को लेकर थाने पहुंचा। महिलाओं ने गला पकड़ने की कोशिश की थाने में गायब महिला के पक्ष की 4-5 महिलाएं मौजूद थीं। अमृत थाने में अंदर गया तो महिलाओं ने उसका गला पकड़ने की कोशिश की। बाद में अमृत को पुलिस एक कमरे में पूछताछ के लिए लेकर चली गई। मैं 5 मिनट तक बाहर खड़ा रहा। बाद में उन महिलाओं ने विरोध कर मुझे थाने से बाहर निकलवा दिया। जब में स्वागत कक्ष में जाकर बैठा तो मुझे वहां से भी बाहर भेज दिया गया। पट्टे मारने पर सच बताएगा अमृत को ढाई घंटे तक वापस नहीं भेजा तो मैं थाने के अंदर गया और पुलिस वालों से कहा कि पूछताछ पूरी हो गई हो तो इसे भेज दीजिए। हमारा टिफिन सर्विस का काम है। टिफिन सप्लाई करने जाना है। इस पर पुलिस ने कहा कि आज इसे पट्टे मारेंगे तब सच बताएगा कि महिला को कहां गायब करवाया है, जबकि 12 जून को हुई पूछताछ में पुलिस को सबकुछ बता दिया था, कि महिला को गायब करने में इसका कोई रोल नहीं है। इस पर भी पुलिस ने अमृत को नहीं छोड़ा और मुझे थाने से भगा दिया। पुलिस ने मोबाइल देने से मना कर दिया था मैंने पुलिस से अमृत का मोबाइल मांगा था, लेकिन देने से मना कर दिया। मेरे वहां से रवाना होते समय अमृत ने मुझे अपना पर्स दिया था। मैं शाम करीब 4.30 बजे पाल शिल्पग्राम पहुंचा था तो अमृत के फोन से पुलिस ने मुझे फोन किया कि आप थाने आ जाओ इसने जहर खा लिया है। कहा कि सीथे एम्स आ जाओ इसे एम्स में एडमिट कराया है। महिला को 251 बार कॉल किए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि बासनी थाने में एक महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी, इस मामले में अमृतलाल संदिग्ध था, क्योंकि जब CDR खंगाली गई थी तो सबसे ज्यादा फोन अमृत के फोन से किए गए थे। उसके फोन से 251 कॉल किए गए थे, भागने के बाद का लास्ट कॉल भी अमृत के मोबाइल पर ही किया गया था। उन्होंने बताया कि अमृत ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 5 साल से उस महिला से बात करता है। थाने में जांच अधिकारी पूछताछ के बाद इधर-उधर हुए तो उसने जहर खा लिया, उसके बाद उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर खा लिया है। उसके बाद उसे एम्स ले जाया गया। उन्होंने बताया कि एम्स लाने के बाद थाने के अंदर घटना होने के चलते जुडिशियल मजिस्ट्रेट को भी इन्फॉर्म किया गया था। वह भी एम्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उसके बयान रिकॉर्ड किए गए। उसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी देवड़ा ने कहा कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जब उसने जहर खाया तो उसने पुलिस को बताया कि उस महिला ने उसे धोखा दे दिया था। इसके चलते उसे नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी थी। जिस जगह घटना हुई थी, वहां पर कैमरे लगे हुए थे, जिसकी भी लापरवाही रही है वो रिकॉर्ड में आ जाएगी। इधर इस मामले को लेकर परिजन और समाज के लोगों ने एम्स हॉस्पिटल में धरना दे रखा है। उन्होंने शव लेने से मना कर दिया है। परिजनों की मांग है कि एक आश्रित को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए, वहीं थाने के स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये खबर भी पढ़िए… बासनी थाने में युवक ने खाया जहर:महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था, हॉस्पिटल में हुई मौत जोधपुर में एक महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक अमृत वैष्णव (30) ने थाने में जहर खा लिया। इसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। (पढ़िए पूरी खबर)
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