Tuesday, June 16, 2026
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पहली ही बारिश में डूबा झुंझुनूं: रोड़ नंबर 3 पर नाले में फंसी बस, हवाई पट्टी चौराहे से लेकर गांधी चौक तक समंदर बना शहर​ – Jhunjhunu News




मानसून की पहली ही जोरदार बरसात ने झुंझुनूं नगर परिषद के ड्रेनेज सिस्टम और दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। आज हुई तेज बारिश के बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया। सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा होने से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। ​रोड़ नंबर 3 पर बड़ा हादसा, नाले में धंसी बस
बारिश के चलते सबसे ज्यादा विकट स्थिति रोड़ नंबर 3 पर देखने को मिली। यहां जलभराव के कारण सड़क और नाले का फर्क पूरी तरह खत्म हो गया, जिसके चलते एक चलती हुई निजी टूरिस्ट बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे नाले में जा गिरी। गनीमत यह रही कि बस एक तरफ झुककर अटक गई और कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बस का आधा हिस्सा पानी और मलबे में डूबा हुआ है, जिससे वहाँ लंबा जाम लग गया। ​बंद हुए दुपहिया वाहन, रेंगते नजर आए लोग पानी का बहाव और भराव इतना ज्यादा था कि सड़कों से गुजरने वाले दुपहिया वाहन (मोटरसाइकिल और स्कूटी) बीच रास्ते में ही बंद हो गए। कई वाहन चालक पानी के बीच ही अपनी गाड़ियों को धक्का मारते और संघर्ष करते नजर आए। कार और अन्य बड़े वाहनों के पहिए भी आधे से ज्यादा पानी में डूबे दिखाई दिए, जिससे गाड़ियों के इंजन फेल होने का खतरा लगातार बना रहा। ​इन प्रमुख चौराहों पर बना समंदर जैसा नजारा शहर का शायद ही कोई ऐसा मुख्य हिस्सा बचा हो जो इस जलभराव की चपेट में न आया हो। भारी बारिश के बाद शहर के मुख्य केंद्र पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए। ​हवाई पट्टी चौराहा: यहां सड़कों पर पानी का भारी रेला देखने को मिला, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। ​रोड़ नंबर 3: नाले में बस गिरने और भारी जलभराव के कारण यह रूट सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। ​गांधी चौक और खेमी शक्ति चौराहा: व्यापारिक गतिविधियों के इन मुख्य केंद्रों पर पानी भरने से दुकानदारों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ​बगड़ चौराहा: यहां भी जलभराव के कारण चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। ​प्रशासनिक दावों की खुली पोल हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के प्रशासनिक दावे किए जाते हैं, लेकिन इस पहली ही बरसात ने साफ कर दिया कि धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक होने की वजह से चंद घंटों की बारिश में ही पूरा शहर टापू बन गया। स्थानीय निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।



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