संभल के पूर्व डीआईओएस श्यामा कुमार (वर्तमान डीपीएमओ) को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने 53.80 लाख रुपये की वसूली और दंडात्मक कार्रवाई के लिए जारी शासनादेश पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ में गुरुवार को सुना गया। अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने 20 मार्च 2026 को श्यामा कुमार से 53,98,908 रुपये की वसूली और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। श्यामा कुमार ने अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि श्यामा कुमार 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। नियमानुसार, सेवानिवृत्ति के बाद उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने से पहले राज्यपाल की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या 20 मार्च 2026 का आदेश जारी करने से पहले राज्यपाल से आवश्यक पूर्व अनुमति ली गई थी। अधिवक्ता के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से ऐसी कोई अनुमति न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इस पर न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को वेतन विसंगति से संबंधित मानते हुए शासनादेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश शासन और अन्य संबंधित पक्षों को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सितंबर में निर्धारित तिथि पर होगी। पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नवंबर 2025 में जारी एक पत्र के अनुसार, श्यामा कुमार ने प्रधानाचार्य पद पर रहते हुए अपनी मूल सेवा पंजिका में स्वयं गलत वेतन निर्धारण की प्रविष्टियाँ दर्ज की थीं। शाहजहाँपुर के सहायक लेखाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) ने भी इस त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण को अनुमोदित कर दिया था।
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संभल के पूर्व डीआईओएस को हाईकोर्ट से राहत: 53.80 लाख की वसूली और कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगी – Sambhal News
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