मोतिहारी में डिजिनिलैंड मेले के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। जन सुराज के नेताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों-नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है। जन सुराज के मोतिहारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. अतुल कुमार ने इस संबंध में कई सवाल उठाए हैं। डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि नगर भवन मैदान में लगने वाले डिजिनिलैंड मेले का टेंडर पिछले वर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से 31 दिनों के लिए दिया गया था। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इस वर्ष यह दर अचानक घटकर मात्र 32 हजार रुपए प्रतिदिन कैसे हो गई। निगम को मिलने वाला राजस्व कम डॉ. कुमार ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राजस्व हानि के पीछे किसका हाथ है और किन दबावों में यह निर्णय लिया गया। उनके अनुसार, मेले के आयोजन में खर्च लगभग समान है, लेकिन नगर निगम को मिलने वाला राजस्व काफी कम हो गया है। उन्होंने मांग की कि बीच का पैसा किसके पास जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। जन सुराज के प्रवक्ता अजय आजाद ने भी नगर निगम प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने उप मेयर डॉ. लालबाबू गुप्ता पर आरोप लगाया कि जिला स्कूल का खेल मैदान, जिसका उपयोग छात्र अभ्यास के लिए करते हैं, उसे मेले के लिए बेहद कम दर पर दिया गया। 3 हजार रुपए प्रतिदिन की दर पर दिया गया टेंडर अजय आजाद ने दावा किया कि मैदान का टेंडर मात्र 3 हजार रुपए प्रतिदिन की दर पर दिया गया है, जो गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने एसडीओ और नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी, तो किसी के पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। आजाद ने आरोप लगाया कि यह टेंडर प्रक्रिया पहले से ही निर्धारित की गई थी, जिसका उद्देश्य कुछ विशेष लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाना था। जन सुराज ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के खेलने के मैदान को इस तरह से व्यावसायिक उपयोग में देना गलत है और इससे छात्रों व खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी हुई है।
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