अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की समस्तीपुर इकाई ने केदार संत रामाश्रय (केएसआर) महाविद्यालय, सरायरंजन के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। यह संकट प्रस्तावित पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के निर्माण के कारण उत्पन्न हुआ है। परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने आज जिला समाहर्ता (डीएम) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और एक्सप्रेस-वे का निर्माण मूल एलाइनमेंट और गजट में प्रकाशित रूट के अनुसार कराने की मांग की। केएसआर महाविद्यालय का अस्तित्व खतरे में एबीवीपी के उत्तर बिहार प्रांत सहमंत्री अनुपम कुमार झा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के लिए जारी एलाइनमेंट और गजट में समस्तीपुर जिले के सरायरंजन से करिहरा तक 48 से 53 किलोमीटर के बीच का रूट निर्धारित था। हालांकि, वर्तमान में इस रूट को वास्तविक एलाइनमेंट से हटाकर दूसरी दिशा में मोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे क्षेत्र के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक केएसआर महाविद्यालय का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। झा ने बताया कि लगभग 50 साल पुराने इस डिग्री कॉलेज में हर साल हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं। सरायरंजन प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह महाविद्यालय शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है। इसकी भौगोलिक स्थिति जिले के मध्य में होने के कारण विश्वविद्यालय द्वारा इसे कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं का केंद्र भी बनाया जाता रहा है, जिससे जिले के हजारों विद्यार्थियों को सुविधा मिलती है। एबीवीपी नेताओं का आरोप है कि प्रस्तावित डायवर्टेड एलाइनमेंट के कारण महाविद्यालय परिसर के एक बड़े हिस्से का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके साथ ही कॉलेज भवन के कई हिस्सों को तोड़ने का प्रस्ताव भी सामने आया है। यदि ऐसा होता है तो न केवल संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। विद्यार्थी परिषद ने दी आंदेलन की चेतावनी अनुपम कुमार झा ने कहा कि महाविद्यालय के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट से छात्रों में गहरी निराशा और आक्रोश व्याप्त है। विद्यार्थी परिषद छात्र हित और शिक्षा संस्थान की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और प्रशासन से मांग करती है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण मूल प्रकाशित एलाइनमेंट के अनुसार किया जाए, ताकि कॉलेज को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग इस मांग पर सकारात्मक पहल नहीं करते हैं, तो विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इसके तहत धरना, प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला संयोजक केशव माधव ने किया। मौके पर प्रांत सहमंत्री अनुपम कुमार झा, जिला सह संयोजक शुभम कुमार, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य निक्कू आर्या, नगर सह मंत्री प्रिंस कुमार, अमृत झा, मनीष कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। परिषद ने प्रशासन से जल्द उचित निर्णय लेकर महाविद्यालय के अस्तित्व की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसकी जांच कराई जाएगी।
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