नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मानसून से पहले ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की 6 जून तक की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष अब तक मलेरिया के 39 और डेंगू के 152 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, चिकनगुनिया के भी
.
हालांकि पिछले साल इसी अवधि में मलेरिया के 66 मामले थे, लेकिन निगम किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। मच्छरों की रोकथाम के लिए एमसीडी ने व्यापक अभियान शुरू किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मच्छरजनित परिस्थितियां पाए जाने पर अब तक 30 हजार 948 कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले 3547 लोगों के खिलाफ अभियोग भी दर्ज किए गए हैं।
1.62 करोड़ घरों का सर्वे
निगम ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान के लिए 1.62 करोड़ से अधिक घरों का सर्वे किया। इनमें 32 हजार 558 घरों में मच्छरों की ब्रीडिंग पाई गई। इसके अलावा 1 लाख 72 हजार 174 घरों में दवा का छिड़काव कर लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, मानसून से पहले मच्छरों के ब्रीडिंग पॉइंट खत्म करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिन घरों में मच्छर पनपते मिले हैं, वहां छिड़काव के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।

