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Mutual Fund Investment : म्यूचुअल फंड में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली कैटेगरी इक्विटी में भी मई में गिरावट देखी गई है. एम्फी की ओर से जारी आंकड़ों में दिख रहा है कि इक्विटी फंड में निवेश 12 महीने में सबसे कम रहा है, जबकि अप्रैल में इसमें तगड़ा निवेश आया था. ईरान युद्ध की वजह से मई में शेयर बाजार के साथ म्यूचुअल फंड उद्योग पर भी दबाव दिखा है.
इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड में मई में कम रहा निवेश.
नई दिल्ली. निवेशकों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय फिलहाल म्यूचुअल फंड ही दिख रहा है और उसमें भी इक्विटी सेक्शन पर तो खास नजर रहती है. यही वजह कैटेगरी है, जो अपने ग्राहकों को सबसे ज्यादा रिटर्न देता है. इक्विटी का सीधा संबंध बाजार से और जैसे-जैसे शेयर बाजार में तेजी आती है, यहां भी पैसा बढ़ता जाता है. लेकिन, पिछले कुछ महीनों का आंकड़ा देखें तो निवेशकों का इसी कैटेगरी से मोहभंग होता नजर आ रहा है. इसकी वजह बिलकुल साफ है कि ईरान संकट की वजह से बाजार में लगातार गिरावट जारी है.
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड उद्योग में मई में कुल मिलाकर 64,131 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज हुई. इससे पहले अप्रैल में 3.22 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था. इसकी मुख्य वजह डेट स्कीम्स से 96,948 करोड़ रुपये की निकासी रही. साथ ही अस्थिर बाजार परिस्थितियों के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश मई में एक साल के सबसे निचले स्तर 22,908 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यह इसी साल अप्रैल में दर्ज 38,440 करोड़ रुपये से 40 फीसदी कम रहा है.
एयूएम में भी आई गिरावट
एम्फी ने बताया कि निकासी की वजह से म्यूचुअल फंड उद्योग का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) मई के अंत में घटकर 81.6 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो एक महीने पहले 81.92 लाख करोड़ रुपये था. मई में इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश 22,908 करोड़ रुपये रहा. यह अप्रैल में 38,440 करोड़ रुपये, मार्च में 40,450 करोड़ रुपये, फरवरी में 25,978 करोड़ रुपये और जनवरी में 24,028 करोड़ रुपये रहा था. इसका मतलब है कि इक्विटी में अप्रैल के मुकाबले मई में सबसे ज्यादा गिरावट दिखी है. अभी तक निवेशकों की पसंदीदा कैटेगरी इक्विटी ही रहती थी. ताजा निवेश मई 2025 के बाद सबसे कम है जब इक्विटी म्यूचुअल फंड में 19,013 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था.
तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहे निवेशक
इक्विटी योजनाओं में ‘फ्लेक्सी-कैप’ फंड में सबसे अधिक 5,175 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, इसके बाद ‘स्मॉल कैप’ फंड में 4,945 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड में 4,385 करोड़ रुपये का निवेश हुआ. लार्ज कैप फंड में तुलनात्मक रूप से कम 1,593 करोड़ रुपये का निवेश आया. यह आंकड़ा बताता है कि निवेशक अभी म्यूचुअल फंड के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहे हैं.
ईएलएसएस में भी हुई निकासी
निवेशकों ने टैक्स बचत वाली इक्विटी योजनाओं (ईएलएसएस) में भी मई में पैसे निकाले हैं. इसके अलावा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में मई में 725 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई जबकि अप्रैल में इसमें 3,040 करोड़ रुपये का निवेश आया था. यह इस परिसंपत्ति वर्ग में निवेशकों की कम होती रुचि को दर्शाता है. एम्फी का कहना है कि ईरान संकट की वजह से अभी शेयर बाजार पर दबाव दिख रहा है, जो निवेशकों पर भी महसूस किया जा रहा है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

