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NHPC Share Price : सरकार ने देश की सबसे बड़ी हाइड्रो पॉवर कंपनी एनएचपीसी में अपनी 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस बिक्री से सरकारी खजाने में 4,300 करोड़ रुपये आने का अनुमान है. कंपनी ने पिछले वित्तवर्ष की आखिरी तिमाही में 1,549 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है.
सरकार ने एनएचपीसी में 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर ली है.
नई दिल्ली. सरकार ने मंगलवार 2 जून से देश की सबसे बड़ी बिजली बनाने वाली कंपनी में अपनी 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विनिवेश लक्ष्य के तहत शुरू की गई इस प्रक्रिया के तहत सरकार इस कंपनी के शेयरों को डिस्काउंट पर बेच रही है. निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने बताया कि नेशनल हाइड्रो पॉवर कॉरपोरेश (एनएचपीसी) के शेयरों को करीब 8 फीसदी डिस्काउंट पर बेचा जा रहा है.
चावला ने बताया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएचपीसी में 6 फीसदी तक हिस्सेदारी बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये बेचेगी. यह बिक्री 71 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर की जाएगी. सरकार ने एनएचपीसी लिमिटेड में 3 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की है. इसके साथ ‘ग्रीन शू’ विकल्प यानी अधिक बोली आने की स्थिति में 3 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जाएगी. शेयर बिक्री के लिए न्यूनतम मूल्य 71 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है.
बाजार मूल्य से कम कीमत
बीएसई में सोमवार को कंपनी का शेयर 77.19 रुपये पर बंद हुआ. इसकी तुलना में 71 रुपये प्रति शेयर का ओएफएस मूल्य करीब 8 फीसदी की छूट पर मिल रहा है. एनएचपीसी का शेयर पिछले बंद भाव से 2.07 प्रतिशत नीचे बंद हुआ था, लेकिन मंगलवार को इसमें 5.48 फीसदी की गिरावट दिखने लगी और बाजार भाव फिसलकर 72 रुपये के आसपास पहुंच गया है. कंपनी ने बताया है कि गैर-खुदरा निवेशकों के लिए बिक्री पेशकश 2 जून को और खुदरा निवेशकों के लिए 3 जून को खुलेगा. इसका मतलब है कि रिटेल इनवेस्टर्स इसमें 3 जून यानी बुधवार को खरीदारी कर सकेंगे.
सरकार को कितने पैसे मिलेंगे
सरकार ने एनएचपीसी में प्रति शेयर 71 रुपये के न्यूनतम मूल्य पर कुल 6 फीसदी हिस्सेदारी यानी 60.27 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री करने का लक्ष्य रखा है. इस बिक्री से सरकारी खजाने में लगभग 4,300 करोड़ रुपये आएगा. सीएनबीसी-टीवी 18 के मुताबिक, सरकार ने बेस इश्यू साइज के जरिये 2,139.59 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जबकि डिमांड आने पर ग्रीन शू ऑप्शन के जरिये 2,139.59 रुपये और जुटाने का लक्ष्य है. इस तरह, कुल करीब 4,300 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में आने का अनुमान है.
कंपनी में सरकार की कितनी हिस्सेदारी
एनएचपीसी में सरकार की करीब 67.4 फीसदी हिस्सेदारी है. इससे पहले कोल इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में भी सरकार ने ओएफएस के जरिये अपनी हिस्सेदारी बेची थी. कंपनी को चौथी तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 68.5 फीसदी ज्यादा मुनाफा कमाया और 1,549 करोड़ का शुद्ध प्रॉफिट हुआ. कंपनी का मार्केट कैप करीब 74,500 करोड़ रुपये है, जो इसे देश की सबसे बड़ी हाइड्रोपॉवर कंपनी बनाती है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

