क्या शेयर मार्केट के धंधे में मुंबई धाक थमने वाली है. यह बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि देश के पुराने समृद्ध शहर कोलकाता में एक बार फिर से ट्रेडिंग शुरू करने की चर्चा शुरू हुई है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद उम्मीद जगी है कि कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) को दोबारा खोला जाए, ताकि मुंबई की तरह यहां एक बार फिर से ट्रेडिंग का धंधा शुरू हो सके.
कहां से शुरू हुई कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की चर्चा
दरअसल, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के एक डेलीगेशन ने सोमवार को राज्य के नये इंडस्ट्री मंत्री तपस रॉय से मुलाकात की. इस दौरान उनके सामने मांग रखी गई कि कोलकाता में लंबे समय से बंद पड़े कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को दोबारा शुरू किया जाए. डेलीगेशन की ओर से तपस रॉय को एक पत्र भी सौंपा गया, जिसमें कहा गया- ‘एक्सचेंज सेबी को दी गई वॉलंटरी एग्जिट एप्लीकेशन वापस लेना चाहता है और ट्रेडिंग फिर से शुरू करके इंस्टीट्यूशन को फिर से शुरू करना चाहता है.’
मंत्री तपस रॉय ने भी उन्हें निराश नहीं किया और अपील पर विचार करने और संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करने के का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा- ‘हां, हम स्टॉक एक्सचेंज को फिर से शुरू करना चाहते हैं. हम केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्ट्री और सेबी से संपर्क करेंगे.’
2013 से कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग बंद
सेबी ने अप्रैल 2013 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग रोक दी थी. रेगुलेटर के साथ 10 साल की कानूनी लड़ाई के बाद, एक्सचेंज ने फरवरी 2025 में स्टॉक एक्सचेंज ऑपरेशन से वॉलंटरी एग्जिट के लिए एक एप्लीकेशन दी. हालांकि, सेबी ने अभी तक एग्जिट ऑर्डर पास नहीं किया है.
एक्सचेंज के अधिकारियों ने पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से संपर्क किया था. यह बताते हुए कि सेबी ने मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज को मुंबई से काम करने की इजाजत दी है. CSE अधिकारियों ने कहा कि लायंस रेंज इंस्टीट्यूशन को भी फिर से शुरू किया जाना चाहिए, क्योंकि उसके पास काफी फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर और नेशनल प्रेजेंस है.
CSE सदस्यों ने कहा कि एक्सचेंज का फिर से शुरू होना बीजेपी के चुनाव से पहले किए गए बंगाल के इंडस्ट्रियल पुनरुत्थान के वादे को पूरा करेगा.
जानकारी के लिए बता दूं कि मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में रोजाना करीब 250 लाख करोड़ से 270 लाख करोड़ तक कारोबार होता है. वहीं कैश या इक्विटी मार्केट में रोजाना करीब 8,000 करोड़ से 10,000 करोड़ का कारोबार होता है.
BSE और CSE में कौन ज्यादा पुराना
भारत में ट्रेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सबसे पुराना है. एक बरगद के पेड़ के नीचे कुछ स्टॉक ब्रोकर्स जुटे थे, जिसके बाद मुंबई में 9 जुलाई 1875 को द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन बनाया गया था, जो बाद में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज हो गया.
वहीं साल 1908 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) शुरू हुआ था. हालांकि यह भी कहा जाता है कि कोलकाता में शेयरों की ट्रेडिंग 1830 के दशक से ही शहर के एक पुराने नीम के पेड़ के नीचे शुरू हुई थी. इसे एक संगठित और औपचारिक संस्था के रूप में 1908 में पंजीकृत किया गया. यह भारत का दूसरा सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है.

