मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत बुधवार को सिद्धिविनायक मैरिज गार्डन में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में लापरवाही सामने आई। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आयोजित इस सरकारी कार्यक्रम में कई जोड़ों को तय वेशभूषा (दूल्हे के लिए कुर्ता-पायजामा और दुल्हन के लिए साड़ी) तक नहीं दी गई। इसके चलते कई दूल्हे जींस-टीशर्ट और दुल्हनें सलवार-सूट में ही शादी की रस्में निभाते नजर आए। 20 से ज्यादा जोड़ों को नहीं मिले कपड़े समारोह में कुल 43 जोड़ों का विवाह होना था, लेकिन इनमें से 20 से अधिक जोड़ों को शासन की तरफ से मिलने वाले कपड़े और सामान नहीं दिए गए। मजबूरन कई जोड़ों ने अपने पैसों से कपड़े खरीदकर शादी की रस्में पूरी कीं। चौफाल निवासी दूल्हे सीताराम बैगा ने बताया कि उन्हें प्रशासन की तरफ से केवल एक पगड़ी दी गई, बाकी कोई सामान या कपड़ा नहीं मिला। भीषण गर्मी में सिर्फ एक वाटर कूलर समारोह स्थल पर आए मेहमानों और जोड़ों के लिए व्यवस्थाएं बेहद खराब रहीं। कड़कड़ाती गर्मी के बीच करीब 200 लोगों के लिए सिर्फ एक वाटर कूलर और नौ पंखे लगाए गए थे। इसके उलट, वहां मौजूद अधिकारियों और नेताओं के लिए अलग से दो वाटर कूलर की व्यवस्था थी। इसके अलावा 43 जोड़ों की शादी कराने के लिए सिर्फ दो पंडित बुलाए गए थे। सुबह 10 बजे से आए जोड़ों को दोपहर 2 बजे तक शादी शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। अधिकारियों ने कही जांच की बात इस अव्यवस्था पर जनपद पंचायत सीईओ चंदूलाल पनिका ने कहा कि उनका काम सिर्फ आयोजन संभालना था और सभी जोड़ों को घर से ही तैयार होकर आना था, इसमें प्रशासन की कोई गलती नहीं है। वहीं, गोपद बनास एसडीएम प्रिया पाठक ने बताया कि सभी को पहले से तैयार होकर आने के निर्देश थे, फिर भी अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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सीधी में सामूहिक विवाह समाराेह में अव्यवस्था: दूल्हे जींस तो दुल्हनें सलवार-सूट में दिखीं; 43 में से 20 जोड़ों को नहीं मिले कपड़े – Sidhi News
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