जमुई में सांसद अरुण भारती ने भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला जांच का विषय है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। सांसद भारती ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में की जा रही है। साथ ही, कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सरकार आवश्यक और उचित कार्रवाई करेगी। ”सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पास व्यापक अनुभव” सीबीआई जांच और कार्यरत न्यायाधीश से जांच कराने की मांग पर सांसद ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पास व्यापक अनुभव होता है और वे निष्पक्षता से जांच कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज और आम लोगों के मन में जो भी शंकाएं हैं, उनका समाधान किया जाएगा। अरुण भारती ने यह भी कहा कि सरकार केवल भरत तिवारी मामले पर ही नहीं, बल्कि नालंदा में हुई दो युवकों की हत्याओं पर भी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी घटना को जातीय या व्यक्तिगत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि हर पीड़ित को समान न्याय मिलना चाहिए। ”अपराध पर नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता” बिहार में अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्रवाई से जुड़े एक सवाल पर सांसद ने कहा कि अपराध पर नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि, भरत तिवारी मामले में पुलिस की कार्रवाई उचित थी या नहीं, इसका निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। उन्होंने लोगों से संयम बरतने और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने की अपील की। सांसद अरुण भारती ने ये बातें जमुई में दिग्विजय सिंह की श्रद्धांजलि सभा में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
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