Milk Boiling Tips: रोज की रसोई में दूध उबालना एक छोटा सा काम लगता है, लेकिन कई बार यही काम सबसे ज्यादा परेशानी खड़ी कर देता है. जरा सा ध्यान इधर-उधर हुआ नहीं कि दूध उफनकर गैस पर फैल जाता है या फिर बर्तन की तली में चिपककर जल जाता है. इसके बाद पूरे दूध में ऐसी महक आ जाती है कि चाय, कॉफी, खीर या कोई भी दूसरी चीज बनाने का मन नहीं करता. कई लोग इस परेशानी से बचने के लिए दूध को बार-बार चलाते रहते हैं, लेकिन हर समय गैस के सामने खड़े रहना भी आसान नहीं होता.
ऐसे में अगर कोई आसान और देसी तरीका मिल जाए, जिससे दूध आसानी से उबल जाए और तली में चिपके भी नहीं, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है. आज हम आपको ऐसा ही एक पुराना घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जिसे कई घरों में सालों से अपनाया जाता है. यह तरीका बेहद आसान है और अगर सही तरह से अपनाया जाए तो दूध जलने की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है.
आखिर दूध तली में क्यों चिपक जाता है?
दूध में फैट, प्रोटीन और दूसरे ठोस तत्व मौजूद होते हैं. जब दूध को तेज आंच पर लंबे समय तक बिना हिलाए गर्म किया जाता है, तो ये तत्व धीरे-धीरे बर्तन की तली में जमा होने लगते हैं. लगातार गर्मी मिलने की वजह से यही हिस्सा पहले जलता है. जैसे ही दूध नीचे से जलता है, उसकी महक पूरे दूध में फैल जाती है और उसका स्वाद खराब हो जाता है. अगर दूध स्टील या मोटी तली वाले बर्तन में उबाला जाए और बीच-बीच में हल्का सा चलाया जाए, तो यह परेशानी काफी कम हो सकती है.
मिट्टी का छोटा दीया कर सकता है मदद
दूध को तली में चिपकने से बचाने के लिए मिट्टी का छोटा दीया इस्तेमाल करने की ट्रिक काफी पुरानी मानी जाती है. इस तरीके में उबालते समय बर्तन के अंदर साफ किया हुआ छोटा मिट्टी का दीया डाल दिया जाता है. कहा जाता है कि दूध उबलने के दौरान दीया हल्का-हल्का हिलता रहता है. इससे दूध के अंदर लगातार हल्की मूवमेंट बनी रहती है और दूध एक जगह टिककर तली में जमने की संभावना कम हो जाती है. इसी वजह से दूध के जलने का खतरा भी कम हो सकता है. हालांकि, यह एक घरेलू नुस्खा है. इसका असर बर्तन, आंच और दूध की मात्रा के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है.
इस ट्रिक को सही तरीके से कैसे अपनाएं?
अगर आप इस देसी तरीके को आजमाना चाहते हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें.
1. सबसे पहले मिट्टी का छोटा दीया बिल्कुल साफ होना चाहिए.
2. इस्तेमाल करने से पहले उसे 10 से 15 मिनट तक साफ पानी में भिगो दें.
3. इससे मिट्टी की धूल या छोटे कण निकल जाएंगे.
4. अब दूध वाले बर्तन में गीला दीया डाल दें.
5. इसके बाद दूध को धीमी या मीडियम आंच पर उबलने दें.
6. बीच-बीच में एक-दो बार चम्मच से दूध चला भी सकते हैं.
दूध उबालते समय इन गलतियों से बचें
अगर आप चाहते हैं कि दूध न जले और उसका स्वाद भी बना रहे, तो इन बातों का ध्यान रखें.
1. तेज आंच पर दूध न उबालें
बहुत तेज आंच पर दूध जल्दी गर्म जरूर होता है, लेकिन उसके तली में चिपकने का खतरा बढ़ जाता है.
2. मोटी तली वाला बर्तन चुनें
पतले बर्तन जल्दी गर्म हो जाते हैं, जिससे दूध नीचे से जल सकता है. मोटी तली वाला बर्तन बेहतर रहता है.
3. दूध को पूरी तरह अकेला न छोड़ें
भले ही आपने दीया डाल दिया हो, लेकिन दूध को लंबे समय तक बिना देखे छोड़ना ठीक नहीं है.
बर्तन को पहले धो लें
दूध उबालने से पहले बर्तन साफ होना चाहिए, अगर उसमें पहले से कोई जला हुआ हिस्सा या मसाले का अंश रह गया हो, तो उसका असर दूध के स्वाद पर पड़ सकता है.
क्या यह तरीका हर बार काम करेगा?
यह एक घरेलू उपाय है, जिसे कई लोग अपने अनुभव के आधार पर अपनाते हैं. हालांकि हर रसोई, हर बर्तन और हर गैस की आंच अलग होती है. इसलिए इसे अपनाने के साथ-साथ दूध पर हल्का ध्यान रखना भी जरूरी है, अगर सही बर्तन, सही आंच और थोड़ी सावधानी रखी जाए, तो दूध जलने की परेशानी काफी कम हो सकती है.
दूध का तली में चिपकना और जल जाना एक आम समस्या है, लेकिन थोड़ी सी समझदारी और एक आसान देसी ट्रिक इसे काफी हद तक कम कर सकती है. साफ मिट्टी का छोटा दीया इस्तेमाल करने के साथ अगर आप धीमी आंच, साफ बर्तन और बीच-बीच में दूध चलाने जैसी आदतें अपनाते हैं, तो दूध का स्वाद भी बना रहेगा और जलने की बदबू से भी बच सकते हैं.

