Sunday, June 14, 2026
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झूठे मुकदमों पर डूंगरपुर पुलिस का सख्त एक्शन: पहली बार कोर्ट ने लगाया 4 हजार जुर्माना, 100 से ज्यादा मामलों में तैयार हुए इस्तगासे – Dungarpur News




डूंगरपुर जिले में निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। धम्बोला थाना क्षेत्र के एक मामले में शिकायत झूठी पाए जाने पर कोर्ट ने शिकायतकर्ता पर 4 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। पुलिस के अनुसार जिले में इस तरह की यह पहली कार्रवाई है। वहीं, झूठे मुकदमों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 100 से अधिक मामलों में पुलिस इस्तगासे तैयार कर कोर्ट में पेश कर चुकी है। एसपी की निगरानी में चल रहा विशेष अभियान सीमलवाड़ा डीएसपी मदनलाल विश्नोई ने बताया कि जिले में आपसी रंजिश, द्वेष या दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराए जाने वाले झूठे मुकदमों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार स्वयं ऐसे मामलों की निगरानी कर रहे हैं। अभियान के तहत उन प्रकरणों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनकी जांच में शिकायतें झूठी पाई गई हैं। होली के विवाद में दर्ज कराई थी रिपोर्ट डीएसपी विश्नोई ने बताया कि धम्बोला थाना क्षेत्र के पाडलिया निवासी राजेंद्र कुमार रोत ने 3 मार्च को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि होली के दौरान गांव में हुए विवाद में ईश्वर रोत और राजेश रोत ने उनके साथ मारपीट की तथा पत्थर मारकर घायल कर दिया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और शिकायतकर्ता, गवाहों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की गई। जांच में आरोप निकले निराधार पुलिस जांच में शिकायत में लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए। जांच अधिकारियों ने पाया कि शिकायतकर्ता को यह जानकारी थी कि वह जो रिपोर्ट दर्ज करा रहा है, वह तथ्यहीन और झूठी है। इसके बावजूद उसने ईश्वर रोत और राजेश रोत को परेशान करने तथा कानूनी प्रक्रिया में उलझाने के उद्देश्य से गलत सूचना देकर मामला दर्ज कराया। कोर्ट ने लगाया 4 हजार रुपए का जुर्माना जांच पूरी होने के बाद धम्बोला थाना पुलिस ने शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का इस्तगासा तैयार कर सीमलवाड़ा कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने शिकायतकर्ता को झूठा मुकदमा दर्ज कराने और पुलिस व कोर्ट का समय बर्बाद करने का दोषी माना। कोर्ट ने उस पर 4 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। पुलिस के अनुसार डूंगरपुर जिले में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में कोर्ट द्वारा की गई यह पहली कार्रवाई है। पुलिस की आमजन से अपील जिला पुलिस ने लोगों से केवल सत्य और तथ्य आधारित शिकायतें दर्ज कराने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाती है और यदि कोई शिकायत झूठी पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत रंजिश, दबाव बनाने या किसी को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



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