ग्वालियर के महलगांव स्थित राजीव गांधी आवास परिसर में सैकड़ों परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बदहाल जीवन जीने को मजबूर हैं। शहर को झुग्गी-मुक्त बनाने के उद्देश्य से बनी राजीव आवास योजना (RAY) के तहत निर्मित इन आवासों में न नियमित पेयजल मिल रहा है और न ही साफ-सफाई की उचित व्यवस्था है। यह योजना वर्ष 2014 में मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को बेहतर जीवन देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। ग्वालियर में इसके तहत कुल 1088 आवास बनाए गए थे, जिनमें महलगांव परिसर के सैकड़ों मकान शामिल हैं। हालांकि, निर्माण के लगभग एक दशक बाद भी इन आवासों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। रहवासियों के अनुसार, शुरुआत में कुछ समय तक पानी की आपूर्ति हुई थी, लेकिन उसके बाद से जलापूर्ति लगभग बंद हो गई है। निगम प्रशासन द्वारा इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिए जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आवास परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब है। निचले कई फ्लोर गंदगी और दुर्गंध के कारण खाली पड़े हैं। बदबू और गंदगी के कारण कई परिवार यहां से पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं, जिससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि उन्हें पक्का घर तो मिला है, लेकिन नियमित जलापूर्ति, सीवेज निकासी और सफाई जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा, लगभग एक दशक बाद ही इन मकानों का प्लास्टर उखड़ने लगा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में नगर निगम के अपर आयुक्त प्रदीप सिंह तोमर ने कहा है कि राजीव आवासों में जहां भी समस्याएं हैं, उनका जल्द निराकरण कराया जाएगा। राजीव आवास योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को झुग्गियों से निकालकर सम्मानजनक जीवन प्रदान करना था, लेकिन महलगांव के इन आवासों की वर्तमान स्थिति इस उद्देश्य के विपरीत दिखाई दे रही है।
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ग्वालियर के राजीव आवास बदहाल, मूलभूत सुविधाओं का अभाव: पानी-सफाई की कमी, दीवारों से प्लास्टर उखड़ने से गुणवत्ता पर सवाल – Gwalior News
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