कटिहार में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शनिवार को एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।
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यह कार्यशाला समाहरणालय स्थित एनआईसी सभाकक्ष में हुई, जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत चयनित गांवों के सर्वांगीण विकास, सर्वेक्षण प्रक्रिया और ऑनलाइन डेटा एंट्री की विस्तृत जानकारी देना था।
इसमें जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को मंत्रालय द्वारा विकसित ‘AJAY App’ के माध्यम से आधारभूत आंकड़ों के संग्रहण और ऑनलाइन प्रविष्टि का प्रशिक्षण भी दिया गया।
1 करोड़ रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी जिले के 12 प्रखंडों से कुल 25 गांवों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के लिए किया गया है। इन गांवों में अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक या 500 से अधिक है।
योजना का लक्ष्य इन गांवों को सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, आंगनबाड़ी और नाली निर्माण जैसी सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित कर आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करना है।
प्रत्येक चयनित गांव के विकास के लिए 20 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
विकास कार्यों के लिए 10 प्रमुख क्षेत्रों के अंतर्गत 50 मॉनिटर योग्य संकेतक निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर गांवों का सर्वेक्षण और विकास कार्य किया जाएगा।

प्रखंड स्तर के सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सर्वेक्षण कार्य पूरा करें और गांवों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
उन्होंने दोहराया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
इस कार्यशाला में जिला एवं प्रखंड स्तर के सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

