बिहार में मानसून एक्टिव हो गया है। कल रात से ही लगातार पटना में बारिश हो रही है और कई इलाकों में जल जमाव की स्थिति देखने को मिली है। आज पटना में दिनभर गरज चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। अगले 2 घंटों तक पटना शहर के कुछ हिस्सों में मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 मिमी अतिरिक्त वर्षा होने का अनुमान है। पटना शहर में बारिश की तस्वीर…
पटना में अनुमानित कुल वर्षा के आंकड़े मौसम विभाग के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे से 11 जुलाई 2026 को सुबह 8:30 बजे तक पटना के अनीसाबाद क्षेत्र में 46.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अब तक दर्ज वर्षा और अगले कुछ घंटों के पूर्वानुमान को देखते हुए, 10 जुलाई 2026 की शाम 5:30 बजे से 11 जुलाई 2026 की शाम 5:30 बजे तक पटना में कुल 75 से 85 मिमी वर्षा होने की संभावना है।
संभावित प्रभाव निचले इलाकों, अंडरपास तथा खराब जल निकासी वाले क्षेत्रों में जलजमाव हो सकता है। प्रमुख सड़कों और व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक जाम तथा वाहनों की धीमी आवाजाही की संभावना है। नागरिकों से अपील है कि मध्यम से भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
संबंधित नगर निकाय एवं अन्य एजेंसियां जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखें और स्थानीय जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
19 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) फील्ड पर उतरी पटना नगर निगम की टीम भी लगातार फील्ड पर जल निकासी के लिए काम कर रही है। मॉनसून को लेकर सभी वरीय पदाधिकारी, 3 अपर नगर आयुक्त, 2 DMC, सारे इग्जेक्युटिव इंजीनियर, 19 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) फील्ड पर उतरी हुई है। हर टीम में 3 लोग हैं। इन्हें एक-एक गाड़ी दी गई है, ताकि बारिश के दौरान टीमें लगातार क्षेत्र का दौरा कर सकें और जल निकासी कार्यों की निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई कर सकें। इसी क्रम में हज भवन के समीप पेड़ गिरने की सूचना प्राप्त होने पर पटना नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को हटाया और यातायात व्यवस्था को सामान्य किया।
हर अंचल में जल निकासी के लिए जोन वाइज की गई व्यवस्था बुडको द्वारा डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही दूसरी ओर बुडको द्वारा भी लगातार शहर के प्रमुख नालों, पंप हाउसों और जलभराव वाले क्षेत्रों की 24 घंटे डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है। नाले में पानी का स्तर बढ़ते ही ऑटोमैटिक पंप चालू किया गया है। इससे शहर में जलजमाव की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी। डीपीएस और पंप होंगे तैनात पटना शहर में कुल 56 स्थाई और 35 अस्थाई डीपीएस हैं। वहीं, शहर की जलनिकासी के लिए कुल 364 पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें 265 इलेक्ट्रिक चालित और 99 डीजल पंप शामिल हैं। स्थाई डीपीएस पर 256 पंप और अस्थाई डीपीएस पर 83 पंप लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 8 नए डीपीएस भी तैयार किए गए है।
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