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फिल्म ‘सैराट’ फेम एक्टर अरबाज शेख ने सोलापुर स्थित नोबल हॉस्पिटल पर मनमानी फीस वसूलने का आरोप लगाया. वे पिता के इलाज के खातिर अस्पताल पहुंचे थे, मगर वहां उन्हें खराब अनुभव हुआ. अरबाज शेख ने एक वीडियो के जरिये अपना दर्द बयां किया, जिसके बाद प्रशासन ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की और उसे सील कर दिया. हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को गलत बताया है. अरबाज शेख ने फिर सोशल मीडिया से वीडियो हटा दिया है. एक्टर का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब उनके पिता की सेहत ही उनकी पहली प्राथमिकता है.
एक्टर ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप. (फोटो साभार: Instagram@arbajshaikh15)
नई दिल्ली: अगर आपने मराठी सिनेमा की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सैराट’ देखी है, तो आपको ‘सल्या’ का यादगार किरदार निभाने वाले एक्टर अरबाज शेख याद होंगे. वे फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. उनके पिता को अचानक ब्रेन हैमरेज हो गया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सोलापुर के नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद एक्टर की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गईं. अरबाज शेख ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. उनका कहना है कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली और साथ ही उन पर इस बात का भारी दबाव बनाया गया कि वे सारी दवाइयां अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टोर से ही खरीदें.
अरबाज शेख ने आपबीती सुनाते हुए एक भावुक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लोगों से आर्थिक मदद और इंसाफ की गुहार लगाई. देखते ही देखते यह वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया. फैंस के साथ-साथ आम लोग भी अरबाज शेख के सपोर्ट में उतर आए. सोशल मीडिया पर बढ़ते गुस्से और अरबाज की शिकायत को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन में आया. खबर है कि नोबल अस्पताल को सील कर दिया गया है. अरबाज को मुश्किल घड़ी में वारकरी समुदाय और मराठी फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों का पूरा साथ मिल रहा है.
एक्टर के आरोपों पर अस्पताल का जवाब
नोबल हॉस्पिटल प्रशासन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. अस्पताल का दावा है कि जब मरीज को वहां लाया गया था, तो उनकी हालत बेहद नाजुक थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने न्यूरो से जुड़ी गंभीर समस्या होने की वजह से मरीज के परिवारवालों को इलाज और वेंटिलेटर के खर्च के बारे में पहले ही बता दिया था. अस्पताल के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के दबाव वाले आरोप को भी अस्पताल ने खारिज कर दिया. अस्पताल का कहना था कि अरबाज को वीडियो बनाने के बजाय पहले उनसे बात करनी चाहिए थी.
प्रशासन का अस्पताल के खिलाफ एक्शन
अरबाज ने हंगामे के बीच अचानक इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर करके सबको चौंका दिया. एक्टर ने बताया कि उन्होंने वीडियो डिलीट कर दिया है. अरबाज ने लिखा कि वीडियो पोस्ट करने के बाद उनके पास अनगिनत कॉल्स और मैसेजेस आने लगे थे, जिससे वे परेशान हो गए थे. उन्होंने साफ कहा कि इस समय उनके पिता की जान और उनका परिवार उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. चूंकि प्रशासन ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, इसलिए वे मामले को यहीं खत्म मान रहे हैं. घटना ने एक बार फिर मेडिकल फील्ड में होने वाली मनमानी, इलाज के खर्चों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें

