राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद में जोधपुर कलेक्टर को निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को सभी पक्षों की सुनवाई कर 30 दिनों में कारण सहित आदेश जारी करने को कहा है। यह मामला महाराजा सूरजमल संगठन (भारत) द्वारा दायर एक याचिका से जुड़ा है। याचिका में बताया गया था कि पीपाड़ क्षेत्र में प्रस्तावित जाट महापंचायत और तेजा गायन कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने आवेदन को रद्द कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता हनुमान राम सिरोही ने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने कहा- अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा जस्टिस समीर जैन की बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह मामला कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णय से संबंधित है। इस पर अंतिम फैसला जिला प्रशासन को ही लेना होगा। हाईकोर्ट ने कहा- याचिकाकर्ता को जिला कलेक्टर के समक्ष नया प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता होगी। यदि किसी अन्य पक्ष को इस कार्यक्रम पर आपत्ति है तो उसे भी व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद जिला कलेक्टर प्रशासनिक आवश्यकताओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और सरकारी नीति को ध्यान में रखते हुए 30 दिनों में एक ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ (कारण सहित आदेश) पारित करेंगे। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके इस आदेश का मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और कलेक्टर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र व निष्पक्ष निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे।
Source link

