जैसलमेर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। रविवार, 28 जून को होने वाले मुख्य टीकाकरण दिवस से पहले शनिवार को शहर में एक बड़ी जागरूकता रैली निकाली गई। सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने गड़ीसर चौराहे से इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का मुख्य उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना था ताकि जन्म से लेकर पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। इस रैली में आशा सहयोगिनियों, एएनएम छात्राओं और नर्सिंग कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए हनुमान चौराहे पर जाकर संपन्न हुई। ‘दो बूंद जिंदगी की’ जागरूकता रैली का आयोजन शनिवार सुबह गड़ीसर चौराहे से शुरू होकर यह रैली आसनी पथ, गोपा चौक और गांधी चौक होती हुई हनुमान चौराहा पहुंची। रैली में शामिल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में जागरूकता के नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं। इन तख्तियों पर “दो बूंद जिंदगी की”, “बच्चों को विकलांगता से बचाओ” और “जब चलेगा पल्स पोलियो अभियान, मिटेगा पोलियो का नामोनिशान” जैसे सरल और प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। इन नारों के जरिए शहर के लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए प्रेरित किया गया। हनुमान चौराहे पर हुई सभा हनुमान चौराहे पर पहुंचकर रैली एक सभा में बदल गई। यहां जिला शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल शर्मा और उमेश आचार्य ने उपस्थित कर्मचारियों और आम जनता को संबोधित किया। डॉ. शर्मा ने सभी माता-पिता से अपील करते हुए कहा कि रविवार को अपने पांच साल तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर जरूर ले जाएं और दवा पिलाएं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि कोई बच्चा किसी वजह से रविवार को बूथ पर दवा नहीं पी पाता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। अभियान के दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाएंगी। ये अधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग और डब्ल्यूएचओ (WHO) के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें डब्ल्यूएचओ की जिला कॉर्डिनेटर डॉ. पल्लवी राव, उमेश पारीक, नर्सिंग कॉलेज के ताराचंद, नर्सिंग अफसर दीप्ति डेनिस, मोनिका सुमन और वार्डन पूजा शामिल थीं। सभी ने इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
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