Biryani VS Pulao: आप खाने के शौकीन हैं, तो यकीनन आपके सामने कभी न कभी यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर बिरयानी और पुलाव में असली अंतर क्या है. कई लोग इन दोनों व्यंजनों को एक जैसा मान लेते हैं, जबकि कुछ का कहना होता है कि स्वाद, मसालों और पकाने के तरीके में बड़ा फर्क होता है. दिलचस्प बात यह है कि इस सवाल का जवाब हर किसी के पास नहीं होता. हाल ही में सेलिब्रिटी शेफ और मास्टरशेफ इंडिया के जज कुणाल कपूर ने इस बहस को आसान शब्दों में समझाया है.
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कुणाल कपूर ने बताया कि बिरयानी और पुलाव के बीच सबसे बड़ा अंतर चावल नहीं, बल्कि नॉनवेज पकाने के तरीके में छिपा है. उनका कहना है कि अगर इस मूल बात को समझ लिया जाए, तो दोनों व्यंजनों के बीच का भ्रम काफी हद तक दूर हो जाता है.
नाम में ही छिपा है दोनों व्यंजनों का राज
पॉडकास्ट के दौरान जब कुणाल कपूर से बिरयानी और पुलाव के बीच का अंतर पूछा, तो शेफ ने इसकी शुरुआत दोनों नामों के अर्थ से की. कुणाल कपूर के मुताबिक, पुलाव का संबंध “यखनी” से है. यखनी यानी मसालों के साथ उबाला गया शोरबा, जिसमें नॉनवेज पकाया जाता है. दूसरी तरफ, बिरयानी शब्द फारसी मूल के शब्द “बिरियां” से निकला है, जिसका मतलब होता है “भूनना” या “तलना”. यही वजह है कि बिरयानी और पुलाव की असली पहचान उनके पकाने के तरीके से तय होती है.
बिरयानी और पुलाव में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
नॉनवेज पकाने का तरीका बदल देता है पूरा स्वाद
कुणाल कपूर बताते हैं कि पुलाव में नॉनवेज को आमतौर पर उबालकर तैयार किया जाता है. मटन, चिकन या किसी भी दूसरे नॉनवेज को पहले यखनी में पकाया जाता है और फिर उसी शोरबे में चावल डाले जाते हैं. वहीं, बिरयानी में नॉनवेज को मसालों और तेल के साथ अच्छी तरह भुना जाता है. इस प्रक्रिया में मसालों का स्वाद नॉनवेज के भीतर तक समा जाता है. इसके बाद चावल और नॉनवेज को परतों में पकाया जाता है या एक साथ दम पर रखा जाता है. यही वजह है कि बिरयानी का स्वाद ज्यादा गहरा और मसालेदार महसूस होता है, जबकि पुलाव हल्का, संतुलित और सुगंधित लगता है. हालांकि, शेफ का यह भी कहना है कि भारतीय खानपान की कई रेसिपियां समय के साथ बदली हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में पुलाव और बिरयानी बनाने के तरीके भी अलग हो सकते हैं. कुछ जगहों पर पुलाव में भी नॉनवेज को हल्का भून लिया जाता है, लेकिन पारंपरिक तौर पर दोनों की पहचान यही है.
मुरादाबादी चिकन बिरयानी: आसान और स्वाद से भरपूर
घर पर ऐसे बनाएं कुणाल कपूर की स्पेशल रेसिपी कुणाल कपूर की मुरादाबादी चिकन बिरयानी उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो कम मसालों में भी दमदार स्वाद चाहते हैं. इस रेसिपी के लिए 1 किलो हड्डी वाला चिकन लें और उसमें नमक, नींबू का रस, अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च पेस्ट, दही, सौंफ पाउडर, धनिया पाउडर, जावित्री, दालचीनी, तेज पत्ता, काली मिर्च, लौंग, इलायची और थोड़ा जायफल मिलाकर करीब 30 मिनट के लिए मैरीनेट करें. अब एक गहरी हांडी में घी या तेल गर्म करें और कटा हुआ प्याज सुनहरा होने तक भूनें. थोड़ा प्याज सजावट के लिए अलग निकाल लें. बाकी प्याज में हरी मिर्च डालें और फिर मैरीनेट किया हुआ चिकन डालकर तेज आंच पर दो मिनट तक पकाएं.
इसके बाद आंच धीमी कर दें और चिकन को ढककर लगभग 80 फीसदी पकने तक छोड़ दें. ध्यान रखें कि इसमें अलग से पानी न डालें. जब चिकन मसालों के साथ अच्छी तरह पक जाए और तेल छोड़ने लगे, तब जरूरत के अनुसार पानी डालें. उबाल आने पर भीगे हुए बासमती चावल डालें और नमक जांच लें. अब हांडी को ढककर धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक चावल सारा पानी सोख न लें. आखिर में तले हुए प्याज, केसर, घी और केवड़ा जल से सजाकर गर्मागर्म परोसें.
स्वाद से आगे, परंपरा की भी कहानी
बिरयानी और पुलाव सिर्फ चावल के व्यंजन नहीं हैं, बल्कि भारतीय खानपान की समृद्ध परंपरा का हिस्सा हैं. अलग-अलग राज्यों और शहरों में इनके स्वाद, मसाले और पकाने के तरीके बदल जाते हैं. कहीं लखनऊ की दम बिरयानी मशहूर है, तो कहीं कश्मीरी यखनी पुलाव लोगों की पहली पसंद है. ऐसे में अगली बार जब आपके सामने बिरयानी और पुलाव में से किसी एक को चुनने का मौका आए, तो आप सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपी पाक कला को भी समझ पाएंगे.

