पीलीभीत में एक किसान ने नामांतरण प्रकरण में लापरवाही और रिश्वत मांगने के आरोपों से परेशान होकर अपनी जमीन अधिकारियों के नाम दर्ज करने की मांग कर दी। किसान ने इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है। ग्राम उमरसड़ निवासी किसान संजीव कुमार का कहना है कि गाटा संख्या 151 में उनकी हिस्सेदारी के अंश संशोधन एवं नामांतरण का मामला पिछले नौ महीनों से लंबित पड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि संबंधित लेखपाल अमित कुमार सक्सेना ने नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर उनके प्रकरण को आगे नहीं बढ़ाया गया। किसान का कहना है कि उन्होंने मामले के समाधान के लिए कई बार अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने जिलाधिकारी से पांच बार मुलाकात की और मंडलायुक्त के समक्ष भी अपनी शिकायत रखी। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। संजीव कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार द्वारा भी इस मामले में कई बार सिफारिशी पत्र लिखे गए। इसके बावजूद नामांतरण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। किसान का आरोप है कि एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह और राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लगातार उपेक्षा और सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर उन्होंने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में किसान ने लिखा है कि यदि उनकी जमीन का नामांतरण नहीं किया जा सकता, तो उनकी हिस्सेदारी वाली भूमि एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह और लेखपाल अमित कुमार सक्सेना के नाम ही दर्ज कर दी जाए। किसान के इस कदम की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। वहीं, मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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किसान ने अफसरों को ही कर दी जमीन दान: नामांतरण के लिए रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायतें अनसुनी होने पर उठाया कदम – Pilibhit News
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