कोटा में गैर इरादतन हत्या के 6 साल पुराने मामले में जिला जज ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी बबलू निवासी खेड़ा रसूलपुर( खेड़ारामपुर) थाना कैथून व सुनीता निवासी देवलीमाझी बस स्टैंड के सामने ढीकोली थाना देवलीमांझी को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5-5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। जंगल में दोस्त के बीच शराब पार्टी के दौरान झगड़ा होने पर दोनों ने दोस्त रामस्वरूप (58) के साथ मारपीट की और धक्का देकर पटक दिया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां झाड़ियों में साड़ी का टुकड़ा व आसपास लाख चूड़े के टुकड़े पड़े हुए मिले। जिम्हे पुलिस ने FSL जांच के लिए भेजा था रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लोक अभियोजक मनोज पुरी ने बताया मृतक के बेटे मोहित ने मई 2020 को गुमानपुरा थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि 18 मई को सुबह 11 बजे पिता रामस्वरूप उनकी महिला मित्र सुनीता व दोस्त बबलू के साथ बाइक पर बैठकर डीसीएम की तरफ गए थे। जो शाम तक वापस नहीं लौटे। पिता को काफी तलाश किया। लेकिन उनका कोई पता नहीं लगा। 20 मई को जानकारी में आया कि सुनीता व बबलू उसके पिताजी को ढाड़देवी के जंगलों में ले गए। जिसके बाद उन्हें तलाश करने गए। उम्मेदगंज ढाड़देवी रोड पर एक नाले की पुलिया के पास उसके पिता रामस्वरूप के खून लगे कपड़े व चप्पल मिले। बेटे ने सुनीता व बबलू पर पिता की हत्याकर लाश को कही फेंकने का शक जताया। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया- शराब के नशे में आपस में झगड़ा होने पर सुनीता व बबलू ने रामस्वरूप के साथ मारपीट की और उसे धक्का देकर गिरा दिया। उसे वहीं छोड़कर वापस लौट आए। जांच के बाद पुलिस ने अगस्त 2020 में कोर्ट में चालान पेश किया। 23 गवाहों के बयान करवाए।
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