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एक छोटे से छात्रावास के कमरे में शुरू हुआ सपना आज दुनिया की सबसे बड़ी टेक सफलता की कहानियों में गिना जाता है. Dell Technologies के सीईओ माइकल डेल ने अपनी पुरानी यूनिवर्सिटी को 75 करोड़ डॉलर का ऐतिहासिक दान देकर सभी को चौंका दिया है. इस रकम से अत्याधुनिक AI आधारित अस्पताल, मेडिकल रिसर्च और छात्रों के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी. शिक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह योगदान आने वाले वर्षों में लाखों लोगों की जिंदगी बदल सकता है.
75 करोड़ डॉलर का महादान! AI अस्पताल बनाने के लिए आगे आए Dell के संस्थापक. (Image:News18)
नई दिल्ली. दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल Dell Technologies के संस्थापक और CEO माइकल डेल ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने शिक्षा और स्वास्थ्य जगत में नई चर्चा छेड़ दी है. उन्होंने अमेरिका की एक सार्वजनिक यूनिवर्सिटी को 75 करोड़ डॉलर का विशाल दान दिया है. इस राशि का उपयोग आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अस्पताल और शोध परियोजनाओं के विकास में किया जाएगा. इसे अमेरिका के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के इतिहास के सबसे बड़े दानों में से एक माना जा रहा है.
यूनिवर्सिटी को मिला ऐतिहासिक दान
माइकल डेल ने टेक्सास विश्वविद्यालय ऑस्टिन (The University of Texas at Austin) को 75 करोड़ डॉलर का दान देने की घोषणा की है. यह योगदान अमेरिकी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को मिले सबसे बड़े निजी दानों में शामिल हो गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा. इस दान के बाद माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसान डेल द्वारा विश्वविद्यालय को दी गई कुल सहायता 1 बिलियन डॉलर से भी अधिक हो गई है.
AI आधारित अस्पताल बनेगा नई पहचान
इस बड़ी राशि का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक अत्याधुनिक मेडिकल और रिसर्च कैंपस के निर्माण में खर्च किया जाएगा. विश्वविद्यालय का कहना है कि यहां देश का पहला ऐसा अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसकी संरचना और कार्यप्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख भूमिका होगी. AI तकनीक की मदद से डॉक्टर बीमारियों की जल्दी पहचान कर सकेंगे और मरीजों के लिए अधिक व्यक्तिगत उपचार योजनाएं तैयार कर पाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.
छात्रों और शोध कार्यों को भी मिलेगा लाभ
दान की गई राशि केवल अस्पताल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी. इसका उपयोग छात्रवृत्तियों, मेडिकल रिसर्च प्रोग्राम और उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भी किया जाएगा. विश्वविद्यालय का उद्देश्य भविष्य के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराना है. इससे हजारों छात्रों को बेहतर शिक्षा और शोध के नए अवसर मिल सकेंगे. साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में नई खोजों और नवाचारों को भी बढ़ावा मिलेगा.
यूनिवर्सिटी से जुड़ी है माइकल डेल की खास कहानी
माइकल डेल का इस विश्वविद्यालय से रिश्ता कई दशक पुराना है. उन्होंने 1983 में यहां प्री-मेडिकल छात्र के रूप में दाखिला लिया था. उनके माता-पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत ने उनके लिए अलग रास्ता चुना. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने छात्रावास के कमरे से कंप्यूटर अपग्रेड किट बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया. महज 1,000 डॉलर की शुरुआती पूंजी से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक Dell Technologies में बदल गया.
छात्रावास से अरबों डॉलर तक का सफर
कॉलेज के शुरुआती दिनों में शुरू किए गए कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए माइकल डेल ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. 1984 में शुरू की गई उनकी कंपनी ने तेजी से सफलता हासिल की और उन्हें दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल कर दिया. विश्वविद्यालय ने भी उनके योगदान और उपलब्धियों को सम्मान देने का फैसला किया है. हाल ही में घोषणा की गई कि जिस छात्रावास में माइकल डेल अपने पहले वर्ष में रहते थे, उसका नाम बदलकर ‘डेल हाउस’ रखा जाएगा.
शिक्षा और स्वास्थ्य के भविष्य में बड़ा निवेश
माइकल डेल का यह दान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के भविष्य में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है. AI आधारित अस्पताल, उन्नत शोध केंद्र और छात्रवृत्ति कार्यक्रम आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को लाभ पहुंचा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के योगदान से विश्वविद्यालयों को नई तकनीकों पर काम करने और समाज के लिए बेहतर समाधान विकसित करने में मदद मिलती है. छात्रावास के एक कमरे से शुरू हुई माइकल डेल की सफलता की कहानी अब शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई प्रेरणा बनती दिखाई दे रही है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

