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SpaceX IPO : स्पेसएक्स ने अब तक के सबसे बड़ा आईपीओ लाने के लिए आवेदन कर दिया है. 75 अरब डॉलर के इस आईपीओ के शेयरों की बिक्री के लिए औपचारिक मार्केटिंग 4 जून से शुरू हो सकती है, जबकि 11 जून तक प्राइस बैंड तय करने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.
स्पेसएक्स अभी भारी घाटे में चल रही है.
नई दिल्ली. दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए आधिकारिक तौर पर अपना आईपीओ (IPO) दाखिल कर दिया है. इसे अब तक का सबसे बड़ा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग माना जा रहा है. कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 75 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. स्पेसएक्स अभी अरबों डॉलर के भारी-भरकम घाटे में है. स्पेसएक्स अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा, स्टारलिंक भारत में भी शुरू करने को उत्सुक है, लेकिन कंपनी को अभी भारत सरकार से मंजूरी नहीं मिली है.
अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) में दाखिल किए गए दस्तावेजों के अनुसार, स्पेसएक्स फिलहाल भारी घाटे से जूझ रही है. चालू वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को 4.69 अरब डॉलर के राजस्व (Revenue) पर 4.28 अरब डॉलर का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ है. पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को 4 अरब डॉलर की आय पर 528 मिलियन डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ था. यानी महज एक साल में कंपनी का घाटा कई गुना बढ़ चुका है. इस भारी घाटे की मुख्य वजह कंपनी द्वारा स्पेस ऑपरेशंस, स्टारलिंक कनेक्टिविटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर किया जा रहा अरबों डॉलर का निवेश है.
अरामको का रिकार्ड तोड़ने की तैयारी
इस घाटे के बावजूद बाजार में स्पेसएक्स का क्रेज कम नहीं हुआ है. कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 75 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लिस्टिंग के समय कंपनी का वैल्यूएशन 2 ट्रिलियन डॉलर (2 लाख करोड़ डॉलर) से अधिक आंका जा सकता है. यदि एलन मस्क का यह दांव सफल रहता है, तो यह साल 2019 में सऊदी अरामको (Saudi Aramco) द्वारा बनाए गए 29.4 अरब डॉलर के दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ के रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ देगा.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, शेयरों की बिक्री के लिए औपचारिक मार्केटिंग 4 जून से शुरू हो सकती है, जबकि 11 जून तक इसकी कीमत तय होने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. इस ऐतिहासिक डील को संभालने के लिए गोल्डमैन सॉक्स और मॉर्गन स्टेनली जैसे दिग्गज बैंकों सहित कुल 22 बैंकों की फौज लगाई गई है.

