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Chaulai Saag Recipe: झारखंड के गांवों में पारंपरिक चौलाई साग आज भी बेहद पसंद किया जाता है. जब लोग दिनभर की थकान के बाद घर लौटते हैं तो गर्म-गर्म भात के साथ सिंपल चौलाई का साग, कच्चा प्याज और हरी मिर्च का कॉम्बो ऐसा स्वाद देता है कि थकान तो दूर होती ही है, खाना खाकर भी आनंद आ जाता है.
जमशेदपुर. झारखंड के गांवों की रसोई में आज भी कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन बनते हैं, जिनका स्वाद सीधे मिट्टी और प्रकृति से जुड़ा होता है. उन्हीं में से एक है चौलाई साग. यह साग सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. खासकर गर्मी और बरसात के मौसम में गांवों के खेतों और बाड़ी में उगने वाला यह साग ग्रामीण परिवारों की थाली का अहम हिस्सा बन जाता है.
बनाना बेहद आसान
झारखंड के गांवों में दोपहर के समय जब लोग खेतों से काम कर घर लौटते हैं, तब गर्म भात और चौलाई साग का स्वाद पूरे दिन की थकान दूर कर देता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाना बेहद आसान होता है और कम मसालों में भी इसका स्वाद शानदार लगता है.
धीमी आंच पर पकाएं साग
चौलाई साग बनाने के लिए सबसे पहले साग को अच्छी तरह साफ पानी से धो लिया जाता है. इसके बाद उसे बारीक काट लिया जाता है. फिर पतले-पतले प्याज काटे जाते हैं. कड़ाही में सरसों तेल गर्म कर उसमें दो सूखी लाल मिर्च डाली जाती है. जब मिर्च की खुशबू आने लगती है, तब उसमें प्याज डालकर हल्का भून लिया जाता है. इसके बाद कटे हुए चौलाई साग को कड़ाही में डाल दिया जाता है. ऊपर से स्वाद अनुसार नमक मिलाया जाता है और फिर धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक अच्छी तरह पकाया जाता है.
कच्चा प्याज, हरी मिर्च बढ़ाए स्वाद
धीरे-धीरे पकने के बाद चौलाई साग का रंग और खुशबू दोनों ही मन मोह लेते हैं. गांवों में लोग इसे गर्म चावल या भात के साथ बड़े चाव से खाते हैं. कई जगहों पर इसके साथ हरी मिर्च और प्याज भी परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देता है.
आज के समय में जहां लोग फास्ट फूड की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं झारखंड का यह पारंपरिक चौलाई साग लोगों को देसी स्वाद और पौष्टिक भोजन की याद दिलाता है. यही कारण है कि गांवों की यह साधारण सी डिश अब शहरों में भी लोगों की पसंद बनती जा रही है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें

