आजमगढ़ में लोको पायलट की हत्या के बाद गुस्साए परिजनों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन।
आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में लोको पायलट की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पोस्टमार्टम के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने जीयनपुर चौक जमकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे और ग्रामीणों ने घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तार
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आजमगढ़ के जीयनपुर में प्रदर्शन करते परिजन।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन लोको पायलट हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का लिखित आश्वासन दिया जिसके बाद परिजन और स्थानीय लोग माने। मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घंटों तक स्थानीय पुलिस और प्रशासन के लोग समझते रहे पर परिजनों ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी।

आजमगढ़ के जीयनपुर में प्रदर्शन करते परिजन।
ऐसे में मौके पर आठ थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी को भी लगाया गया था। जिससे किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न होने पाए। इसके साथ ही स्थानी लोगों का थानेदार जितेंद्र सिंह को लेकर भी काफी गुस्सा था। ऐसे में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने कहा कि थानेदार के खिलाफ जो शिकायत मिल रही है उसकी जांच कराई जाएगी जांच के आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपियों अजय यादव गोविंद यादव शेरू यादव और श्रवण यादव को हिरासत में ले लिया है। जबकि घटना के दो मुख्य आरोपी गणेश यादव और ज्ञानेंद्र मिश्रा फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस की टीम में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

आजमगढ़ में युवक की हत्या के बाद जमकर प्रदर्शन।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि रविवार रात्रि 1 बजे तक थाने के चक्कर काटते रहे पर कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में जीयनपुर के थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के रहते हम लोगों को न्याय नहीं मिलेगा। हालांकि एसपी ग्रामीण चिराग जैन के आश्वासन और भरोसे के बाद परिजनों ने एसपी ग्रामीण की बात मानते हुए सड़क को खाली किया।

आजमगढ़ के जीयनपुर पहुंचे एसपी ग्रामीण चिराग जैन के समझाने पर शांत हुए परिजन।
पिटाई कर जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप
आजमगढ़ में लोको पायलट की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि छह लोगों ने उसे बहाने से बुलाकर जमकर पीटा। फिर उसे जहर पिला दिया। जब युवक अचेत हो गया तो सुनसान जगह पर मरा समझकर फेंक कर चले गए।
युवक के पास दो मोबाइल थे, जिसमें से एक मोबाइल आरोपियों ने छीन लिया। पीड़ित युवक ने दूसरे मोबाइल से अपने छोटे भाई को फोन किया और पूरी बात बताई। छोटा भाई मौके पर पहुंचकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। भाई ने छह आरोपियों के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया है। यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने डेड बॉडी परिजनों को सौंपी तो परिजनों ने आजमगढ़-गोरखपुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आजमगढ़ के जीयनपुर में शाम से ही शुरू हो गया था प्रदर्शन।
युवती से अफेयर को लेकर की गई हत्या
आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के नौशहरा गांव का है। यहां रहने वाले दुर्गेश कुमार (24) के परिवार में पिता इंदल राम, छोटा भाई अजीत कुमार और तीन बहनें हैं। दुर्गेश कुमार की 2021 में रेलवे में सरकारी नौकरी लगी थी। पहली तैनाती बतौर लोको पायलट गोरखपुर में मिली। दूसरी तैनाती दुर्गेश की चंडीगढ़ में हुई।

आजमगढ़ का लोको पायलट दुर्गेश जिसकी हत्या कर दी गई।
गांव की युवती से अफेयर
दुर्गेश का गांव के गणेश यादव की बेटी से अफेयर चल रहा था। इस मामले को लेकर युवती के परिजन लगातार विरोध कर रहे थे। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार पंचायत भी हो चुकी थी। लेकिन, दुर्गेश मान नहीं रहा था।
छोटे भाई अजीत ने बताया- भइया PET का एग्जाम देने के लिए चंडीगढ़ से 2 सिंतबर को घर आए थे। 6 सिंतबर में PET का पेपर था। उनका सेंटर सहारनपुर गया था। वो 7 सितंबर को पेपर देकर घर वापस आए थे। उसी दिन गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र मिश्रा ने फोन करके भाई को जीयनपुर चौकी के पास बुलाया। वो किसी समझौते की बात करने को कह रहे थे।

आजमगढ़ में मृतक लोको पायलट दुर्गेश का भाई अजीत।
अजीत ने बताया- भईया यहां से अकेले गए थे। उन लोगों की तरफ से 6 लोग- गणेश यादव, अजय यादव, श्रवण यादव, शेरू यादव, गोविंद यादव और ज्ञानेंद्र मिश्रा आए थे। इन सभी लोगों ने मेरे भाई दुर्गेश को बुरी तरह मारा-पीटा। जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। फिर उन्हें जहर पिला दिया। इसके बाद मरा हुआ समझकर उसे गांव के बाहर सुनसान जगह पर फेंक दिया। सभी आरोपी वहां से भाग गए।

आजमगढ़ के जीयनपुर में प्रदर्शन के दौरान तैनात थी फोर्स।
अजीत ने बताया- मेरे भाई के पास दो मोबाइल थे। जिसमें से एक मोबाइल आरोपियों ने छीन लिया। लेकिन दूसरा मोबाइल मेरा भाई अंदर की जेब में रखे था, तो उसे आरोपी नहीं ले जा पाए। आरोपियों के जाते ही भाई ने मुझे फोन करके सारी बात बताई। मैं घबराते हुए बिना किसी से कुछ बताए, जो जगह उसने बताई थी, वहां पहुंचा।

आजमगढ़ में पोस्टमार्टम के बाद डेड बॉडी पहुंचने पर फूट पड़ा परिजनों का गुस्सा।
भाई की हालत बहुत खराब थी। मैं देख ही नहीं पा रहा था। हर तरफ से खून बह रहा था। भाई उल्टी भी कर रहा था। वो बीच-बीच में बोल रहा था- ज्ञानेंद्र मिश्रा और गणेश ने जीयनपुर बाजार में मुझे मारा है। मेरा मोबाइल भी छीन लिया। अजीत बोला- मैं किसी तरह उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। डॉक्टर इमरजेंसी में ले तो गए। लेकिन 5 मिनट बाद ही मरा बता दिया।

आजमगढ़ के जीयनपुर में प्रदर्शन करते परिजन और ग्रामीण।
6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
अजीत ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। अजीत की शिकायत पर पुलिस ने ज्ञानेंद्र मिश्रा, गणेश यादव सहित 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

