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सोशल मीडिया पर एक सरकारी बैंक मैनेजर का Form 16 तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें सालाना CTC करीब 35.25 लाख रुपये दिखाई गई है, जबकि हाथ में मिलने वाली सैलरी इससे काफी कम है. इसने CTC और इन हैंड सैलरी के अंतर को लेकर नई बहस छेड़ दी है. आखिर इतनी बड़ी सैलरी के बावजूद बैंक अधिकारी के खाते में हर महीने कितनी रकम आती है और दोनों में इतना फर्क क्यों होता है, आइए समझते हैं.
हर महीने औसतन 2 लाख रुपये सैलरी इस बैंक मैनेजर के खाते में आती है.
नई दिल्ली. सरकारी बैंकों की नौकरी को हमेशा अच्छी सैलरी और मजबूत जॉब सिक्योरिटी के लिए जाना जाता है. यही वजह है कि हर साल लाखों उम्मीदवार बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक सरकारी बैंक मैनेजर के Form 16 ने लोगों की इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल दस्तावेज के मुताबिक, 8 साल के अनुभव वाले एक SBI मैनेजर की सालाना CTC करीब 35.25 लाख रुपये यानी लगभग 2.94 लाख रुपये प्रति माह दिखाई गई है. पहली नजर में यह सैलरी काफी आकर्षक लगती है, लेकिन असल कहानी इससे अलग है.
वायरल Form 16 के मुताबिक, दिखाई गई रकम ग्रॉस सैलरी या CTC है. यह वह राशि होती है जिसमें बेसिक सैलरी के अलावा कई तरह के भत्ते और कंपनी की ओर से किए जाने वाले योगदान भी शामिल होते हैं. असल में कर्मचारी के खाते में आने वाली इन हैंड सैलरी इससे काफी कम होती है. इसकी वजह कई तरह की कटौतियां होती हैं, जिनमें प्रोविडेंट फंड (PF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), इनकम टैक्स, प्रोफेशनल टैक्स और दूसरी वैधानिक कटौतियां शामिल हैं.
People often say that SBI employees have a “settled life”
but this Scale 3 Manager’s salary slip might completely change your perspective.
Eight years ago, a young man joined State Bank of India as a Probationary Officer.

