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फ्लिपकार्ट ने अपने हजारों को कर्मचारियों को खुशी मनाने का मौका दिया है. जिन भी कर्मचारियों के पास कंपनी की ओर से दिए गए ईएसओपी हैं, वह उन्हें कैश कर सकते हैं. हर अनलिस्टेड शेयर के लिए कंपनी की ओर से उन्हें 713 रुपये दिए जाएंगे. हालांकि, यह फायदा केवल 15 जुलाई तक कंपनी के कर्मचारी के तौर पर चिह्नित लोगों को ही दिया जाएगा.
ईएसओपी को कैश वही कर्मचारी करा पाएंगे जो 15 जुलाई तक कंपनी के कर्मचारी हैं. (AI)
नई दिल्ली. फ्लिपकार्ट भारत के सबसे बड़े ई-मार्केटप्लेसेज में से एक है. अमेरिका की वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली इस कंपनी ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसे सुनकर इसके कर्मचारी खुशी से फूले नहीं समाएंगे. कंपनी ने कहा है कि वह ESOP यानी इम्पॉलई स्टॉक ऑप्शन प्लान को कैश में बदलने का मौका दे रही है. फ्लिपकार्ट लिस्टेड कंपनी नहीं हैं इसलिए कंपनी खुद ही अपने पास से यह पैसा कर्मचारियों को देगी. कंपनी ने कहा है कि वह हर ऑप्शन (आसान भाषा में अनलिस्टेड शेयर) के लिए 713.4 रुपये देगी. यानी किसी के पास 100 शेयर भी हैं तो उसे 71000 रुपये से ज्यादा मिलेंगे.
लेकिन कंपनी ने एक शर्त रखी है. कर्मचारी अपने पास मौजूद ऑप्शन का केवल 5 फीसदी ही कैश करा सकते हैं. यह ऑप्शन भी केवल 16 जुलाई 2023 से 15 जुलाई 2026 के बीच के ही होने चाहिए. इसके अलावा कंपनी ने कर्मचारियों के लिए एक कट ऑफ डेट भी तय की है. फ्लिपकार्ट के अनुसार, ईएसओपी को कैश वही कर्मचारी करा पाएंगे जो 15 जुलाई तक कंपनी के कर्मचारी हैं. इसका भुगतान अगस्त में किया जाएगा. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट ने इस प्रोग्राम का ऐलान पिछले साल ही किया था. इसके तहत कुल 5 करोड़ डॉलर के ईएसओपी को लिक्विडेट किया जाना था. प्रोग्राम का लाभ कुल 7000 कर्मचारियों को मिलने का अनुमान है.
सीईओ ने दिया था दोबारा मौका देने का भरोसा
कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव कल्याण कृष्णमूर्ति ने पहले ही कर्मचारियों को भरोसा दिया था कि अगर कंपनी अपने जरूरी लक्ष्यों को हासिल कर लेती है, तो इस साल दोबारा लिक्विडिटी का मौका देने पर विचार किया जाएगा. बोर्ड ने अब इस ईएसओपी को कैश में बदलने की मंजूरी दे दी है. फ्लिपकार्ट समय-समय पर बायबैक के जरिए अपने कर्मचारियों को ऐसे मौके देती रही है. इसका सबसे बड़ा प्रोग्राम साल 2023 में आया था, जब फोनपे के अलग होने पर कंपनी ने 70 करोड़ डॉलर के ईएसओपी भुगतान का ऐलान किया था. उससे करीब 19,000 मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों को फायदा हुआ था.
आईपीओ टलने के बाद लिक्विडिटी प्रोग्राम का महत्व बढ़ा
यह नया बायबैक प्रोग्राम ऐसे समय में आया है जब फ्लिपकार्ट ने अपनी लिस्टिंग यानी आईपीओ की योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया है. कंपनी ने मुनाफे को प्राथमिकता देने के लिए अपनी पब्लिक लिस्टिंग को आगे बढ़ाया है, और पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट का पूरा ध्यान अभी मुनाफे (EBITDA ब्रेकइवन) को हासिल करने पर है. आईपीओ में हो रही इस देरी के कारण निजी कंपनी रहते हुए भी कर्मचारियों को इनाम देने और उनके स्टॉक को कैश में बदलने के लिए यह समय-बद्ध ईएसओपी प्रोग्राम एक बहुत बड़ा जरिया बन गया है.
स्टार्टअप्स में बढ़ रहा है समय-समय पर कैश देने का चलन
मैच्योर स्टार्टअप्स में आजकल कर्मचारियों को लिक्विडिटी देने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है. इक्विटी मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म कैपिटा के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 26 में स्टार्टअप्स के ईएसओपी लिक्विडिटी प्रोग्राम कुल 423 मिलियन डॉलर (27 प्रोग्राम के जरिए) तक पहुंच गए, जो पिछले वित्त वर्ष के 248 मिलियन डॉलर (31 प्रोग्राम) के मुकाबले 70 परसेंट ज्यादा है. अब कंपनियां किसी एक बड़े मौके के इंतजार में बैठने के बजाय, टैलेंट को अपने साथ जोड़े रखने और उनके लिए वेल्थ क्रिएशन करने के मकसद से समय-समय पर ऐसे स्ट्रक्चर्ड बायबैक और प्री-आईपीओ लिक्विडिटी विंडो का इस्तेमाल कर रही हैं.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें

