जहानाबाद के सदर प्रखंड स्थित पिपरामा गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब सेना के जवान अवधेश कुमार (30) का हार्ट फेल्योर से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार को गांव पहुंचा, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। अवधेश कुमार वर्ष 2012 में सेना में भर्ती हुए थे और लगातार अपनी ड्यूटी कर रहे थे। कुछ समय पहले उनकी तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद उनका इलाज कराया गया और वे ठीक होकर छुट्टी पर घर भी आए थे। 3 बच्चों के थे पिता जवान अवधेश जब वे वापस ड्यूटी पर गए, तो परिजनों को सूचना मिली कि उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई है। परिवार के सदस्य दिल्ली गए, जहां एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। अवधेश अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। जैसे ही अवधेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, “अवधेश कुमार अमर रहे” के नारे गूंज उठे। उनके चाचा सुबह लाल ने बताया कि वह काफी मिलनसार और नेक इंसान थे। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर संकट आ गया है। मेजर ने अच्छा और कर्तव्यनिष्ठ जवान बताया मेजर सुल्तान महाशंकर ने अवधेश कुमार को एक अच्छा और कर्तव्यनिष्ठ जवान बताया। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से नियमानुसार हर संभव मदद प्रदान की जाएगी और उनके छोटे बच्चों की देखरेख भी की जाएगी।
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