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TMC Rejects Speculation Of Merger With Congress: टीएमसी ने कांग्रेस में विलय की अटकलें खारिज कर दी है. बुधवार को राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की डेढ़ घंटे से अधिक चली मीटिंग में विपक्षी एकता पर चर्चा हुई.
अभिषेक बनर्जी और राहुल गांधी.
तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस में पार्टी के संभावित विलय की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच हुई मुलाकात में इस तरह का कोई प्रस्ताव या चर्चा नहीं हुई. पार्टी ने इन खबरों को अफवाह और तथ्यहीन बताया है. राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच बुधवार को 10 जनपथ में करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई. यह बैठक ऐसे समय में हुई जब एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. दोनों बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में टीएमसी और कांग्रेस के बीच संभावित नजदीकियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं.
हालांकि टीएमसी सूत्रों ने साफ कहा कि कांग्रेस में पार्टी के विलय को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई. कांग्रेस की ओर से भी इस तरह की किसी भी संभावना से इनकार किया गया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात को लेकर मीडिया में चल रही कई खबरें पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं और मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई.
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की बैठक में पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, राज्य में कांग्रेस और टीएमसी के बीच संभावित समन्वय तथा विपक्षी एकता को मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके अलावा 2029 के लोकसभा चुनाव और इंडिया गठबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया.
बैठक के बाद टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकात लोकतंत्र की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने और देश के नागरिकों के हितों के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है. पार्टी ने अपने संदेश में कहा कि टीएमसी गठबंधन एकजुट है.
इस बीच TMC के भीतर जारी असंतोष और बगावती सुरों ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी है. कुछ बागी नेताओं के खेमे से यह दावा किया गया है कि लोकसभा में पार्टी के 28 सांसदों में से कम से कम 19 सांसद उनके संपर्क में हैं. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
उधर, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सुझाव दिया कि टीएमसी और एनसीपी (शरद पवार गुट) जैसी पार्टियां, जो कभी कांग्रेस से निकली थीं, उन्हें फिर से एकजुट होकर कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए. उन्होंने इसे वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों की जरूरत बताया. इसी बीच टीएमसी को एक और झटका तब लगा जब राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया. इससे पहले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय भी पार्टी छोड़ चुके हैं.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

