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Ujjain News: उज्जैन कृषि उपज मंडी में किसानों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सारटेक्स क्लीनिंग और ग्रेडिंग प्लांट तैयार किया जा रहा है. इस प्लांट में किसानों की फसल की निशुल्क सफाई और ग्रेडिंग होगी, जिससे उपज की गुणवत्ता बढ़ेगी और बेहतर दाम मिलेंगे. निर्माण अंतिम चरण में है, जल्द सुविधा शुरू होगी.
मध्यप्रदेश के उज्जैन के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. अब कृषि उपज मंडी में किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए अत्याधुनिक सारटेक्स क्लीनिंग और ग्रेडिंग प्लांट की सुविधा मिलने जा रही है. करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह हाईटेक प्लांट किसानों की उपज को निशुल्क साफ और ग्रेड करेगा. दरअसल, आगर रोड स्थित कृषि उपज मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं. खेतों से आने वाली उपज में अक्सर धूल, मिट्टी और अन्य अशुद्धियां मिली होती हैं. जिसके कारण मंडी में किसानों को अपेक्षित भाव नहीं मिल पाता. विशेषज्ञों के अनुसार, खराब गुणवत्ता के कारण किसानों को प्रति क्विंटल 100 से 150 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ता है.
इसी समस्या को दूर करने के लिए मध्यप्रदेश एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड ने यह आधुनिक पहल की है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों की फसल की मुफ्त सफाई और वैज्ञानिक तरीके से ग्रेडिंग की जाएगी. इससे उपज की गुणवत्ता बेहतर होगी, खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा. यह सुविधा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
जल्द शुरू होगा प्लांट
मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों से प्लांट की प्रगति और संचालन व्यवस्था की जानकारी ली. साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और मंडी परिसर में बेहतर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए. इस सम्बन्ध में अधिकारियों का कहना है कि प्लांट का निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे किसानों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. प्लांट शुरू होने पर यह मंडी प्रदेश की प्रमुख गेहूं और सोयाबीन मंडियों में शामिल हो जाएगी.
किसानों को होगा फायदा
मंडी सचिव राजेश गोयल ने बताया “इस प्लांट में पूरी प्रक्रिया मशीनों के माध्यम से होगी. इसलिए उपज की गुणवत्ता में सुधार होगा. साफ और ग्रेडेड उपज को व्यापारियों और निर्यातकों द्वारा अधिक पसंद किया जाता है. उज्जैन मंडी की यह पहल प्रदेश की अन्य मंडियों के लिए भी मॉडल बन सकती है.
किसानों के खिले चेहरे
किसान जगदीश ने कहा, किसानों के लिए यह एक बड़ी राहत और सौगात साबित होने जा रही है. अब तक फसलों में धूल, मिट्टी, भूसी, टूटे दाने, कंकड़ और अन्य अशुद्धियों के कारण व्यापारियों द्वारा गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाते थे, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था. लेकिन अब अत्याधुनिक क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग सुविधा मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उसकी मांग भी बढ़ेगी. किसानों को सफाई और पैकेजिंग पर अलग से खर्च नहीं करना पड़ेगा. जिससे उनकी आय में सीधा फायदा होगा. किसानो को गेहूं में 150 से 200 रु क्विंटल अधिक भाव व सोयाबीन में 400 से 500 रु अधिक भाव मिलने की इस प्रोसेस के बाद किसानों के लिए संभावना रहेगी.

