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Sridevi Iconic Songs : बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर-सुपरहिट फिल्मों का कोई गाना, कोई खास सीन आइकॉनिक बन जाता है. फिल्म रिलीज होने के बाद अक्सर इन सीन की चर्चा होती रहती है. फिरोज खान अपनी फिल्मों में इस तरह के आइकॉनिक सीन के लिए जाने जाते हैं. तेजाब फिल्म के गाने ‘एक दो तीन’ में माधुरी दीक्षित के डांस की चर्चा हमेशा होती है. इन आइकॉनिक गानों के पीछे हीरो-हीरोइन की अटूट मेहनत होती है. बॉलीवुड की पहली लेडी सुपर स्टार श्री देवी ने दो गानों की शूटिंग तो तेज बुखार में पूरी की थी. जब ये फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुईं तो तहलका मच गया. दोनों ही गाने आइकॉनिक साबित हुए. फिल्में भी सुपरहिट रहीं.
‘काटे नहीं कटते दिन और रात, कहनी थी तुमसे जो दिल की बात,लो आज मैं कहता हूं, आई लव यू’ और ‘किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की’ जब ये दो गाने कहीं पर भी सुनाई देते हैं तो श्री देवी का चेहरा आंखों के सामने तैरने लगता है. दोनों ही गानों ने श्री देवी को रातोंरात सुपर स्टार बनाया. खूबसूरती और एक्टिंग की अनूठी मिसाल श्री देवी ने इतनी नेचुरल एक्टिंग करती थी कि बड़े से बड़े हीरो भी उनके सामने फीके पड़ जाते थे. श्री देवी अपने काम के प्रति बहुत जुनूनी थीं. उनके जुनून का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तेज बुखार में भी श्री देवी ने एक्टिंग जारी रखी. दोनों गाने आइकॉनिक बन गए.

बॉलीवुड की पहली लेडी सुपर स्टार श्रीदेवी ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगू सिनेमा से की. श्री देवी को हिंदी सिनेमा में पहचान 1983 की फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से मिली. इस फिल्म का सुपरहिट गाना ‘नैनों में सपना, सपनों में सजना’ खूब पॉप्युलर हुआ था. श्री देवी को सबसे ज्यादा पॉप्युलैरिटी 29 मई 1987 को रिलीज हुई ‘मिस्टर इंडिया’ से मिली. सलीम-जावेद ने इस फिल्म की करिश्माई स्क्रिप्ट लिखी थी.

डायरेक्शन की कमान शेखर कपूर ने संभाली थी. ‘मिस्टर इंडिया’ के प्रोड्यूसर बोनी कपूर-सुरेंद्र कपूर थे. सुरेंद्र कपूर अनिल कपूर के पिता थे. फिल्म में अनिल कपूर, अशोक कुमार, अन्नू कपूर, शरत सक्सेना, सतीश कौशिक भी थे. पूरी महफिल मोगैंबो के किरदार में अमरीश पुरी ने लूट ली थी. ‘मोगैंबो खुश हुआ’ डायलॉग हिंदी सिनेमा में हमेशा के लिए अमर हो गया. मजे की बात यह है कि डायरेक्टर शेखर कपूर को यह डायलॉग पसंद नहीं था.
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फिल्म में म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. गीत जावेद अख्तर ने लिखे थे. फिल्म में श्री देवी ने ‘काटे नहीं कटते दिन और रात’ सॉन्ग पर सेंसुअल डांस किया था. यह सॉन्ग हिंदी सिनेमा के आइकॉनिक गाने में शुमार है. किशोर कुमार और अलीश चिनॉय ने इस गाने को आवाज दी थी. इस गाने की शूटिंग के दौरान श्री देवी को 103 डिग्री बुखार का बुखार था. फिर भी उन्होंने शूटिंग की. इस आइकॉनिक सॉन्ग की शुरुआती धुन 1961 की मूवी ‘ब्वॉयफ्रेंड’ के गाने ‘धीरे चल-धीरे चल, ऐ भीगी हवा, मेरे बुलबुल की है नींद जवां’ से मिलती-जुलती है.

दो साल बाद 1989 में श्री देवी की एक और फिल्म ‘चालबाज’ सिनेमाघरों में आई थी जिसका डायरेक्शन पंकज पाराशर ने किया था. सनी देओल, श्रीदेवी और रजनीकांत लीड रोल में थे. श्रीदेवी की एक्टिंग के सामने सनी देओल और रजनीकांत सिर्फ शो पीस साबित हुए थे. फिल्म नायिका प्रधान थी. फिल्म की स्टोरी राजेश मजूमदार ने लिखी थी. डायलॉग कमलेश पांडेय ने लिखे थे. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की कर्णप्रिय धुनों पर गीतकार आनंद बख्शी ने गाने लिखे थे.

फिल्म में कुल 5 गाने थे जिसमें एक गाना ‘किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की’ आइकॉनिक गाने में शुमार है. जब इस गाने की शूटिंग हो रही थी, तब श्री देवी को तेज बुखार था. फिर भी उन्होंने पानी में इस गाने की शूटिंग कंप्लीट की. गाना कविता कृष्णमूर्ति ने गाया था. उनकी आवाज श्री देवी पर खूब फबती थी. उन्होंने श्री देवी के लिए ‘काटे नहीं कटते दिन और रात’ और ‘किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की’ दोनों गाने गाए.

चालबाज और चांदनी दोनों ही फिल्में 1989 में रिलीज हुई थीं. श्री देवी को बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन मिला था. श्री देवी ने ‘चालबाज’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता. श्री देवी ने डबल रोल में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी.

