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इम्तियाज अली के डायरेक्शन में बनी फिल्में अक्सर प्यार और रिश्तों की गहराइयों को बयां करती हैं, लेकिन खुद इम्तियाज का मानना है कि वह कभी भी प्यार को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं. अपनी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को मिल रही सराहना के बीच निर्देशक ने अपनी कल्ट क्लासिक फिल्म ‘जब वी मेट’ को लेकर बड़ा खुलासा किया है.
नई दिल्ली. दिलजीत दोसांझ और अहान पांडे की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लोग काफी पसंद कर रहे हैं. फिल्म ठीक-ठाक कमाई भी कर रही है. इम्तियाज अली के डायरेक्शन में बनी फिल्म को लेकर उनसे सवाल किया गया है. इसके जवाब के साथ उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया है कि उनकी फिल्म जब वी मेट लव स्टोरी नहीं थी.

इडंस्ट्री के जाने माने डायरेक्टर इम्तियाज अली का एक बयान इन दिनों काफी वायरल हो रहा है. उन्होंने अपनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की चर्चा के बीच खुलासा किया है कि उनकी फिल्म जब वी मेट भी कोई लव स्टोरी नहीं थी, बल्कि दो अजनबियों के एक-दूसरे को पूरा करने की कहानी थी.

‘मैं वापस आऊंगा’ को मिल रहे प्यार के बीच इम्तियाज अली से हाल ही में फिल्म को लेकर बात की गई. इस दौरान उन्होंने ‘जब वी मेट’, प्यार की अपनी समझ और वेदांग रैना, शरवरी व नसीरुद्दीन शाह की जमकर तारीफ की.
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इम्तियाज ने अपने करियर में कई अहम फिल्में बनाई हैं. इनमें ‘सोचा ना था’ और ‘जब वी मेट’ से लेकर अपनी हालिया रिलीज़ ‘मैं वापस आऊंगा’ तक, उनके निर्देशन को लोग काफी पसंद कर रहे हैं. इम्तियाज अली ने अपनी फिल्मों में अलग-अलग पीढ़ियों और दौर की प्रेम कहानियों को पर्दे पर उतारा है.

इतना ही नहीं, उफिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को भी लोग काफी पसंद कर रहे हैं. फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है, लेकिन इम्तियाज अली ने इस दौरान कह दिया है कि वह खुद कभी भी प्यार को लेकर फिल्में नहीं बनाते.अपनी बातचीत के दौरान इम्तियाज ने खुलासा किया कि मैं अपनी फिल्मों को इस तरह नहीं बनाता कि मुझे उसमें दोनों का प्यार दिखाना होता है.

मेरी पहली फिल्म ‘सोचा ना था’ में मेरी अपनी उलझन थी. फिल्म में जिस तरह विरेन उलझन में था, वह दरअसल मेरी अपनी उलझन थी, जिसे मैंने पर्दे पर उकेरा.कई बार आपको खुद से एक ऐसा जवाब नहीं मिलता और आप उधेड़बुन में लगे रहते हो. इस सही जवाब के लिए मैंने उस पर एक फिल्म बना दी.

करीना कपूर और शाहिद कपूर की फिल्म ‘जब वी मेट’ भी कोई लव स्टोरी नहीं थी, बल्कि कल्ट फिल्म ‘जब वी मेट’ को लेकर भी मेरा नजरिया काफी अलग था. मेरे लिए वो कभी भी लव स्टोरी नहीं थी , यह दो ऐसे लोगों की कहानी है जो अजनबियों की तरह मिलते हैं और धीरे-धीरे एक-दूसरे जैसे बन जाते हैं.

वे एक-दूसरे को पूरा करते हैं. साथ ही वो मिलकर एक दूसरे को ये एहसास कराते हैं कि हम एक दूजे के लिए है, मैंन उस वक्त भी वो फिल्म प्यार को लेकर नहीं बनाई थी. न ही मैं प्यार के बारे में कुछ जानने या समझने की स्थिति में था. इसी तरह ‘मैं वापस आऊंगा’ के दौरान जब मैंने विभाजन (पार्टिशन) के दौर से गुजरे लोगों से बात की, तो मुझे एहसास हुआ कि इतनी पीड़ा और दुख के बीच उन्हें जिंदा रखने वाली चीज पर भी फिल्म बनाई जा सकती है.

