एसआईआर की प्रक्रिया चार महीने चली, इस दौर को कभी भूल पाना संभव नहीं है। अफसरों ने तब दावा किया था कि वोटर लिस्ट में जो गलत, फर्जी नाम हैं वे हट जाएंगे। हकीकत में ऐसा हुआ नहीं। एसआईआर का काम खत्म होते ही प्रदेश में 21 लाख से ज्यादा और ग्वालियर में 65 हजार ऐसे संदिग्ध वोटर फिर मिल गए जिनके नाम-चेहरे मिलते जुलते हैं। मतलब साफ है कि चार महीने की जांच के बाद भी वोटर लिस्ट शुद्ध नहीं हो सकी। फिलहाल संदिग्ध वोटरों की जांच चल रही है। उल्लेखनीय है कि एसआईआर के दौरान 2 लाख 52 हजार 583 वोटरों के नाम हट चुके हैं। एक महीने पहले प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने डेमोग्राफीकल सिमिलर एंट्री (डीएसई) मतलब एक समान प्रविष्टि वाले वोटरों की सूची हर जिले में भेजी। इसमें ग्वालियर के 587 ऐसे वोटर हैं जिनके नाम-चेहरे एक ही पोलिंग पर रिपीट हैं। कुल 674 के उस विधानसभा में और सर्वाधिक 64 हजार 204 के नाम प्रदेश की दूसरी विधानसभाओं में मैच हो रहे हैं। इनकी जांच अभी चल रही है, अभी लगभग 40 फीसदी काम बाकी है। वहीं इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने कहा कि सीईओ से जो सूची मिली है उसमें समान एंट्री वाले वोटरों की संख्या 65 हजार 465 थी। अब तक की जांच में बीएलओ को 42 हजार 846 नाम सही मिले हैं। इनमें किसी भी तरह के सुधार की आवश्यकता नहीं है। चूंकि अभी जनगणना काम चल रहा था, इसलिए बाकी रहे वोटरों की जांच प्रक्रिया में है। काम जल्द पूरा हो जाएगा। फिर वोटर लिस्ट में जुड़ेंगे-हटेंगे नाम
बारिश के बाद वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम फिर चालू होगा। यह काम अगस्त अंत या सितंबर में चालू हो सकता है। इस दौरान वे लोग अपना नाम जुड़वा सकेंगे जो अभी वोटर नहीं हैं। हटाने और संशोधन का काम भी होगा। निकायों में हटे 540 नाम
जिले की सभी नगरीय निकायों में भी लगभग 750 वोटर एक समान नाम और चेहरे वाले थे। इनमें से 540 को संबंधित कर्मचारी अपने स्तर पर जांच के बाद हटा चुके हैं। जो बाकी हैं उनके लिए होमवर्क चल रहा है। इस मुद्दे पर बुधवार को चर्चा हुई। इसके बाद जो भी डुप्लीकेट एंट्री होगी उसे हटाया जाएगा।
Source link
मतदाता सूची पर सवाल: SIR खत्म, फिर मिले 65 हजार संदिग्ध वोटर; प्रदेश में 21 लाख – Gwalior News
RELATED ARTICLES

