बरसात का मौसम शुरू होते ही स्कूल खुल जाते हैं और बच्चों की चिप्स, कुरकुरे व अन्य जंक फूड खाने की जिद भी बढ़ जाती है. ऐसे में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई की खास रेसिपी भात बड़ी बच्चों के लिए स्वादिष्ट और हेल्दी विकल्प बनकर सामने आती है. बचे हुए पके चावल से तैयार होने वाली यह देसी स्नैक स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखती है. छत्तीसगढ़ में वर्षों से घरों में भात बड़ी बनाने की परंपरा चली आ रही है. इसे बनाने के लिए रात के बचे हुए चावल में भुना जीरा, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद छोटे-छोटे आकार की बड़ी बनाकर एक से दो दिन तक तेज धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है. पूरी तरह सूखने के बाद इन्हें एयरटाइट डिब्बे में लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. जब खाने का मन हो तो गर्म तेल में भात बड़ी को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लिया जाता है. इसका कुरकुरा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. इसे भोजन के साथ पापड़ की तरह या शाम की चाय के साथ नाश्ते के रूप में भी परोसा जा सकता है.

