Thursday, July 9, 2026
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दादी-नानी का सीक्रेट! इस तरीके से बनाएं लसोड़े का अचार, सालभर रहेगा स्वाद बरकरार


लसोड़ा (Lasoda), जिसे कई जगह गोंदा (Gunda) या निसोरा भी कहा जाता है, एक जंगली पेड़ पर लगने वाला छोटा हरे रंग का फल है. इसका वैज्ञानिक नाम Cordia dichotoma है. यह मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पाया जाता है. गर्मियों के मौसम में इस फल की अच्छी पैदावार होती है और इसी समय इससे स्वादिष्ट अचार तैयार किया जाता है.

लसोड़े के अचार की सबसे बड़ी खासियत इसकी बनावट है. इस फल के अंदर हल्का चिपचिपा गूदा होता है, जिसकी वजह से मसाले अच्छी तरह इसमें समा जाते हैं.

घर पर कैसे बनाएं स्वादिष्ट लसोड़े का अचार?
लसोड़े का अचार राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और गुजरात के कई घरों में बड़े चाव से बनाया जाता है. इसका स्वाद हल्का खट्टा, तीखा और मसालेदार होता है. अगर इसे सही तरीके से तैयार किया जाए, तो यह कई महीनों तक खराब नहीं होता.

सामग्री
500 ग्राम ताजे लसोड़े
200-250 मिली सरसों का तेल
2 बड़े चम्मच राई (दरदरी पिसी हुई)
1 बड़ा चम्मच मेथी दाना (हल्का भुना और दरदरा कुटा हुआ)
2 बड़े चम्मच सौंफ (दरदरी कुटी हुई)
2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
2 बड़े चम्मच नमक (स्वादानुसार)
1 छोटा चम्मच हींग
1 बड़ा चम्मच साबुत कलौंजी (वैकल्पिक)
2 बड़े चम्मच सफेद सिरका या 2-3 बड़े चम्मच नींबू का रस (वैकल्पिक)

स्टेप 1: लसोड़े तैयार करें
सबसे पहले लसोड़ों को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इन्हें 5-7 मिनट तक हल्के नमक वाले पानी में उबाल लें. ज्यादा न उबालें, वरना ये बहुत नरम हो जाएंगे. अब इन्हें छलनी में निकालकर पूरी तरह ठंडा और सूखा होने दें. ध्यान रखें कि इनमें बिल्कुल भी पानी न रहे, क्योंकि नमी अचार को जल्दी खराब कर सकती है.

स्टेप 2: मसाला तैयार करें
एक बाउल में दरदरी राई, मेथी, सौंफ, लाल मिर्च, हल्दी, हींग, कलौंजी और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. यही मसाला अचार का स्वाद तय करता है.

स्टेप 3: सरसों का तेल गर्म करें
सरसों के तेल को कड़ाही में तब तक गर्म करें, जब तक उसका कच्चापन खत्म न हो जाए. इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें.

स्टेप 4: अचार मिलाएं
अब सूखे लसोड़ों में तैयार मसाला डालें. ऊपर से ठंडा किया हुआ सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि हर लसोड़े पर मसाले की परत चढ़ जाए. चाहें तो इस समय थोड़ा-सा सिरका या नींबू का रस भी मिला सकते हैं.

स्टेप 5: धूप दिखाएं
अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भर दें. जार का ढक्कन बंद करके 4-5 दिनों तक रोज 3-4 घंटे धूप में रखें. बीच-बीच में साफ और सूखे चम्मच से अचार को हिलाते रहें. लगभग एक सप्ताह में अचार का स्वाद पूरी तरह विकसित हो जाएगा.

क्या लसोड़ा सेहत के लिए भी फायदेमंद है?
लसोड़ा केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है. इसमें प्राकृतिक फाइबर, विटामिन C और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायक हो सकते हैं. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अचार में नमक और तेल की मात्रा अधिक होती है. इसलिए हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी या कम नमक वाला आहार लेने वाले लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.

हर भोजन का स्वाद बढ़ा देता है
लसोड़े का अचार इतना बहुमुखी है कि इसे पराठे, पूरी, दाल-चावल, खिचड़ी, बाजरे की रोटी, मिस्सी रोटी और यहां तक कि सादी रोटी के साथ भी खाया जाता है. कई लोग इसे यात्रा के दौरान भी अपने साथ रखना पसंद करते हैं, क्योंकि यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और साधारण भोजन को भी स्वादिष्ट बना देता है.



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