सूलंबर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, थाणा में ‘दहेज मुक्त भारत’ अभियान के तहत एक शपथ ग्रहण समारोह हुआ। राज्य सरकार के निर्देश पर हुए इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, अध्यापकों और गैर-शैक्षणिक स्टाफ ने दहेज प्रथा समाप्त करने का संकल्प लिया। स्कूल की प्रधानाचार्य भावना गुप्ता ने उपस्थित सभी को जीवन में कभी दहेज न लेने और न देने की प्रतिज्ञा दिलाई। उन्होंने इस अवसर पर छात्रों और स्टाफ को संबोधित किया। प्रधानाचार्य गुप्ता ने कहा- दहेज प्रथा समाज के लिए एक गंभीर समस्या है, जो कई परिवारों को प्रभावित करती है। उन्होंने इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि देश की हर मां और बेटी खुशहाल और सुरक्षित जीवन जी सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवा पीढ़ी दहेज मुक्त भारत का निर्माण करने में सफल रहती है, तो देश की आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और सशक्त होंगी। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में इस अभियान को लेकर उत्साह देखा गया। छात्रों ने न केवल स्वयं दहेज प्रथा से दूर रहने का संकल्प लिया, बल्कि अपने आस-पड़ोस और समाज में भी लोगों को इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूक करने की बात कही। स्कूल स्टाफ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही ऐसे महत्वपूर्ण सामाजिक बदलाव लाए जा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामूहिक रूप से समाज को एक नई और स्वस्थ दिशा देने का संकल्प दोहराया।
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