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Fertilizers Import : खरीफ का सीजन आने वाला है और देश में उर्वरक की कमी को पूरा करने के लिए सरकार रिकॉर्ड मात्रा में आयात कर रही है. पिछले दिनों यूरिया की खरीद का ऑर्डर दिया गया, जो दोगुनी कीमत पर था. अब डीएपी की भी रिकॉर्ड खरीद का ऑर्डर दिया है.
भारत ने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए डीएपी के रिकॉर्ड आयात का ऑर्डर दिया है.
नई दिल्ली. ईरान युद्ध की वजह से अभी देश में हर किसी का ध्यान तेल और गैस की तरफ है, लेकिन एक और चीज है जो उतनी ही जरूरी है. सरकार ने इसका ध्यान रखते हुए पहली बार रिकॉर्ड आयात का ऑर्डर दिया है. खरीफ के आगामी सीजन में किसानों को फर्टीलाइजर संकट का सामना न करने पड़े, इसके लिए सरकार ने रिकॉर्ड 13.5 लाख टन डाईअमोनियम फॉस्फेट (DAP) का टेंडर जारी किया है. यह पहली बार है जब सरकार इतनी बड़ी मात्रा में डीएपी एकसाथ खरीदने जा रही है. ईरान युद्ध की वजह से उर्वरक के उत्पादन पर असर पड़ा है, लिहाजा इस जरूरत को आयात के जरिये पूरा करने की तैयारी है.
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि डीएपी की यह खरीद देश के सालाना आयात का करीब 25 फीसदी है. सरकार ने इतना बड़ा ऑर्डर इसलिए दिया है, क्योंकि ईरान युद्ध की वजह से कच्चे माल की सप्लाई में बाधा आ रही है और देश में उर्वरक का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है. ऊपर से खरीफ की फसलों का सीजन नजदीक आ रहा है, जिससे देश में खेती के लिए उर्वरक की बड़ी जरूरत पड़ने वाली है. इसके लिए तैयारियां भी अभी से शुरू हो चुकी हैं. ग्लोबल मार्केट में भी उर्वरक की कीमतें और उसकी ढुलाई का खर्चा लगातार बढ़ता जा रहा है. आने वाले समय में यह और भी महंगा हो सकता है. लिहाजा सरकार ने अभी से ही बड़े ऑर्डर पर जोर दिया है.
किस भाव खरीदी जा रही डीएपी
इंडियन पोटाश लिमिटेड ने डीएपी की खरीद पर सहमति जता दी है. यह सरकारी कंपनी 7.65 लाख टन डीएपी को 930 डॉलर (करीब 89 हजार रुपये) प्रति टन के भाव से खरीद रही है, जो पश्चिमी तट पर पहुंचेगा. इसके अलावा 5.81 लाख टन डीएपी को 935 डॉलर (89,573 रुपये) प्रति टन के भाव पर खरीद रही है, जो पूर्वी तट पर पहुंचेगा. सरकार ने खरीफ सीजन आने से पहले ही फर्टिलाइजर्स का स्टॉक जुटाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है.
अप्रैल से ही चल रही खरीद की कोशिश
भारतीय कंपनी ने डीएपी खरीद के लिए अप्रैल से ही कोशिशें शुरू कर दी हैं. कंपनी ने अप्रैल में 12 लाख टन डीएपी खरीदने का ऑर्डर दिया था और अब नई खरीद के बाद कुल डीएपी का ऑर्डर बढ़कर 23 लाख टन हो जाएगा. उर्वरक की यह खरीद 930 डॉलर से लेकर 1,100 डॉलर के बीच की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि कई सप्लायर्स ने कम कीमत पर 13.5 लाख टन डीएपी देने पर मंजूरी दे दी है. टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार, इसकी शिपमेंट 15 अगस्त के आसपास होगी.
कहां से आती है देश में डीएपी
भारत को डीएपी की सप्लाई ज्यादातर सऊदी अरब, रूस, एजिप्ट और मोरक्को से होती है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा डीएपी आयातक देश है. पिछले महीने ही भारत सरकार ने 25 लाख टन यूरिया के आयात का भी सिंगल ऑर्डर दिया है. यूरिया की खरीद तो 2 महीने पहले के भाव से दोगुने रेट पर की गई है. इससे पता चलता है कि भारत को उर्वरक की किस कदर जरूरत है और पूरी जरूरत सिर्फ आयात से होती है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

