जमुई में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान लोकसभा सांसद अरुण भारती ने मीडिया से बातचीत की।
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उन्होंने विकास, राजनीति और विपक्षी आरोपों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने एक सप्ताह पूर्व लगाए गए “सांसद लापता” पोस्टर से लेकर विपक्षी नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया दी।
सांसद अरुण भारती ने कहा कि जनता उसी जनप्रतिनिधि को खोजती है, जिससे उसे उम्मीद होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता पोस्टर लगाने वालों को नहीं खोज रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहार के सभी सांसदों का दायित्व है कि वे सांसद विकास निधि का सही उपयोग कर अपने-अपने क्षेत्र में विकास को गति दें।
जमुई लोकसभा क्षेत्र विकास के मामले में उपेक्षित सांसद ने बताया कि चुनाव के दौरान और उससे पहले भी लगातार यह प्रयास किया गया कि जमुई लोकसभा क्षेत्र विकास के मामले में उपेक्षित न रहे। सांसद प्रतिनिधियों और जिला अध्यक्ष के माध्यम से विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती रही है।
विपक्ष का उद्देश्य केवल सरकार के काम में रोड़ा अटकाना उन्होंने जानकारी दी कि अब तक सांसद विकास निधि से 9 करोड़ 71 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं, और शेष राशि को भी 31 मार्च से पहले विभिन्न विकास योजनाओं में खर्च कर दिया जाएगा। सांसद ने जोर देकर कहा कि विकास की रफ्तार को किसी भी हाल में रुकने नहीं दिया जाएगा।
तेजस्वी यादव के “100 दिन में जवाब” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद अरुण भारती ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल सरकार के काम में रोड़ा अटकाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी प्रतिबद्धता के साथ बिहार के विकास के लिए काम कर रहे हैं। एनडीए सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है और विपक्ष की कोशिशें सफल नहीं होंगी। जनता ने विकास और तरक्की के नाम पर एनडीए सरकार को समर्थन दिया है।
जनप्रतिनिधि को मर्यादा में रहकर बोलना चाहिए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव द्वारा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर दिए गए विवादित बयान पर अरुण भारती ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को मर्यादा में रहकर बोलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की भाषा गरिमापूर्ण होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि यदि इस तरह के बयान दोहराए जाते हैं तो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और गिरिराज सिंह को इस पर आवश्यक कदम उठाना चाहिए।

कर्ज लेना अपराध नहीं राजद प्रवक्ता शक्ति यादव के बयान पर सांसद ने कहा कि कर्ज लेना अपराध नहीं है, अपराध तब होता है जब कर्ज का पैसा विकास के बजाय निजी स्वार्थ में खर्च किया जाए। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2005 में बिहार का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 74 हजार करोड़ था और कर्ज करीब 45 हजार करोड़, जबकि आज जीडीपी कई गुना बढ़ चुकी है और कर्ज का अनुपात घटकर 35 प्रतिशत रह गया है।
सरकार ने कर्ज का उपयोग सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी विकास कार्यों में किया है।जमुई में बढ़ते अपराध के सवाल पर सांसद ने कहा कि प्रशासन ने मामलों पर संज्ञान लिया है और कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे संगठित अपराध नहीं बल्कि छिटपुट घटनाएं बताया।

