Monday, July 13, 2026
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चारबाग के तीन अहम रेल प्रोजेक्ट छह साल से अधूरे: स्टेशन अपग्रेडेशन पर फोकस, आरआरआई, फोरलेन आउटर और सुरक्षा परियोजनाएं अटकीं – Lucknow News




उत्तर रेलवे के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुरू किए गए तीन अहम प्रोजेक्ट करीब छह साल बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई), फोरलेन आउटर और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की योजनाएं अब तक अधूरी हैं। रेलवे अधिकारियों का पूरा ध्यान स्टेशन के अपग्रेडेशन कार्य पर होने से ये परियोजनाएं लगातार देरी का शिकार हो रही हैं। पुरानी सिग्नलिंग व्यवस्था से बढ़ रही परेशानी चारबाग स्टेशन से रोजाना 180 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और सवा लाख से ज्यादा यात्री यहां से सफर करते हैं। स्टेशन की लगभग 40 वर्ष पुरानी सिग्नलिंग प्रणाली को बदलने के लिए लॉकडाउन से पहले आरआरआई परियोजना शुरू की गई थी। कानपुर एंड पर इसके लिए भवन भी बनाया गया, लेकिन काम अधूरा रह गया। नतीजतन स्टेशन अब भी पुरानी सिग्नलिंग प्रणाली पर निर्भर है। पुराने तारों को चूहे नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे सिग्नल फेल होने और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आउटर पर ट्रेनों की लंबी रोक, फोरलेन योजना अधूरी चारबाग से दिलकुशा और आलमनगर की ओर मौजूद दो रेल लाइनों को बढ़ाकर चार लाइन करने की योजना भी अधूरी है। इस परियोजना का उद्देश्य आउटर पर ट्रेनों की भीड़ कम करना और अनावश्यक ठहराव खत्म करना था। काम शुरू होने के बावजूद फोरलेन आउटर तैयार नहीं हो सका, जिससे आज भी कई ट्रेनों को आउटर पर इंतजार करना पड़ता है और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है। आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की योजना भी फाइलों में स्टेशन की सुरक्षा मजबूत करने के लिए करीब आठ करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की गई थी। इसके तहत ड्रोन निगरानी, हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, अतिरिक्त लगेज स्कैनर और मेटल डोर डिटेक्टर लगाने की योजना थी। हालांकि यह परियोजना भी आगे नहीं बढ़ सकी और अधिकांश काम अधूरा है। अपग्रेडेशन परियोजना बनी देरी की वजह रेलवे सूत्रों के अनुसार, आरआरआई और फोरलेन आउटर पर काम शुरू होने के बाद रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) ने चारबाग स्टेशन के विश्वस्तरीय पुनर्विकास का काम शुरू कर दिया। स्टेशन अपग्रेडेशन को प्राथमिकता मिलने से पहले से चल रही परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई और वे समय पर पूरी नहीं हो सकीं। वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स तैयार, फिर भी शुरू नहीं हुआ चारबाग स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये की लागत से कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद इसका उद्घाटन और कमीशनिंग अब तक नहीं हुई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि औपचारिक कमीशनिंग के बाद ही यहां वंदे भारत ट्रेनों का नियमित रखरखाव शुरू किया जा सकेगा।



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