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कुमार विश्वास ने ‘कहके रहेगा कहने वाला’ शो में अपने जीवन के कई पड़ावों, करियर और संघर्षों पर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने कविता और अध्यापन चुना.
न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम ‘कहके रहेगा कहने वाला’ के लेटेस्ट एपिसोड में ऐसी शख्सियत ने शिरकत की, जिनका जीवन कई पड़ावों से होकर गुजरा है. कभी उन्होंने कवि के रूप में पहचान बनाई, कभी राजनीति में कदम रखा और कभी कथावाचक बनकर लोगों का दिल जीता. अपने अनुभवों की लंबी पोटली के साथ वह शो में पहुंचे, जहां उन्होंने अपने करियर और संघर्ष से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा कीं.
कुमार विश्वास मंच और स्क्रीन पर जितने बेबाक नजर आते हैं, अपने पिता के सामने उतने ही शांत रहते थे. उनके पिता चाहते थे कि बेटा इंजीनियर बने. उनपर पांच बच्चों समेत पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे. ऐसे में उनका सपना था कि बेटा एक सफल इंजीनियर बने. लेकिन कुमार विश्वास ने इंजीनियरिंग की बजाय कविता और अध्यापन का रास्ता चुना. यही बात उनके पिता को लंबे समय तक पसंद नहीं आई और वह अक्सर उनसे नाराज रहते थे.
विश्वास कुमार शर्मा से कुमार विश्वास
कुमार विश्वास ने शो में बताया कि उन्होंने अपना नाम कैसे बदला और पहली कविता लिखने की शुरुआत कैसे हुई. उनका असली नाम विश्वास कुमार शर्मा है, जबकि घर में सभी उन्हें प्यार से पिंटू बुलाते हैं. उन्होंने बताया कि उनका नाम बदलने के पीछे उनकी बहन का बड़ा योगदान है. बहन ने ही उन्हें एक काव्यात्मक नाम अपनाने की सलाह दी. पहले तो सभी ने खूब सोच विचार किया और बाद में ‘विश्वास कुमार’ से ‘कुमार विश्वास’ लिखना तय हुआ. इतना ही नहीं, उनकी वजह से ही कुमार विश्वास ने 9वीं कक्षा में अपनी पहली कविता भी लिखी.
दरअसल, उनकी बहन को एक कविता प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था. उनकी मदद के लिए कुमार विश्वास ने 9वीं कक्षा में ही एक कविता लिखी, जिसे उनकी बहन ने प्रतियोगिता में सुनाया. इस कविता की बदौलत उनकी बहन ने पहला स्थान हासिल किया.
पहली कविता लिखने पर पड़ा थप्पड़
कुमार विश्वास ने इस किस्से को मजाकिया अंदाज में सुनाया. उन्होंने बताया कि जब उनकी बहन प्रतियोगिता जीतकर घर लौटीं तो पिता ने उन्हें प्यार-दुलार दिया और उनकी पीठ थपथपाई. लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि कविता कुमार विश्वास ने लिखी थी, उन्होंने बेटे को एक थप्पड़ मार दिया और कहा कि पढ़ाई छोड़कर इन सब चीजों में समय क्यों लगा रहे हो.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें

