TRAI ने Truecaller समेत अन्य दो कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है। ट्रू कॉलर, Hiya और Whoscall नाम के ये तीनों ऐप्स ट्राई की रडार पर हैं। इन पर ट्राई ने IT एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। इन ऐप्स पर आरोप है कि ये 1400 और 1600 से शुरू होने वाले नंबर से आने वाले कॉल्स को स्पैम बता रहे हैं। इन नंबरों को खास तौर पर कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए असाइन किया गया है।
एक्शन की तैयारी
TRAI इन ऐप्स पर डायरेक्ट एक्शन नहीं ले सकता है क्योंकि ये ऐप्स दूरसंचार विभाग (DoT) के अंदर नहीं आते हैं। ऐसे में इन पर एक्शन लेने के लिए MeitY और DoT के परमिशन की जरूरत होगी। दूरसंचार नियामक का कहना है कि वो इन ऐप्स को रेगुलेट नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वो आईटी एक्ट के तहत नियमों के उल्लंघन को देखते हुए एक्शन लेना चाहता है।
नियामक के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि, सेफ हार्बर का प्रावधान है लेकिन ऐप्स को यहां के कानूनों का पालन करना चाहिए। हमें पता चला है कि कुछ ऐप्स ट्राई के रेगुलेशन का उल्लंघन कर रहे हैं। बता दें ‘सेफ हार्बर’ नियम उन कानूनी प्रावधानों को कहते हैं जो संगठनों को रेगुलेटरी जवाबदेही से बचाते हैं, बशर्ते वे खास, पहले से तय गाइडलाइंस का पालन करें।
रेगुलेटर चाहता है कि उसे इस नियम के तहत एक ऑथोराइज्ड एजेंसी घोषित कर देना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, MeitY ने TRAI की इस मांग पर सहमति जता दी है अब दूरसंचार विभाग की तरफ से इसे लेकर अगला एक्शन लिया जाएगा।
ट्रू कॉलर की सफाई
हालांकि, इस मामले में ट्रू कॉलर का कहना है कि वो ट्राई के मैनडेट के तहत किसी सीरीज के डेजिगनेटेड नंबर को स्पैम टैगिंग नहीं करता है और न ही ऑटोमैटिकली ब्लॉक करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो ट्रू कॉलर को अगर पता लगता है कि उनके प्लेटफॉर्म पर किसी डेजिगनेटेड सीरीज को स्पैम माना जाता है तो उसे प्लेटफॉर्म की तरफ से स्पैम टैग नहीं किया जाता है।
क्या बैन होगा ऐप?
ट्राई को अगर दूरसंचार विभाग की तरह से हरी झंडी मिल जाती है तो ट्रू कॉलर समेत तीन ऐप्स पर बड़ा एक्शन लिया जा सकता है। इन ऐप्स को दूरसंचार प्राधिकरण की तरफ से नोटिस जारी किया जा सकता है। अगर, मामला गंभीर पाया जाता है तो इन ऐप्स पर बैन भी लगाया जा सकता है।
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