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एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों के लिए नए नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है. घर या शहर बदलने पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर के लिए ट्रांसफर टर्मिनेशन वाउचर (TTV), पहचान पत्र, नए पते का प्रमाण और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे. कुछ मामलों में सिलेंडर और रेगुलेटर भी वापस करना पड़ सकता है. अगर आप भी अपने घर में एलपीजी का यूज करते हैं तो इन सभी नियमों को समझ लें वरना बाद में परेशानी हो सकती है.
अगर आप घर में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर, नए कनेक्शन, रिफिल बुकिंग, वेटिंग पीरियड और एलपीजी से पीएनजी में बदलाव से जुड़े कुछ जरूरी नियम लागू हुए हैं. इन नियमों की जानकारी नहीं होने पर गैस ट्रांसफर या नया कनेक्शन लेने में दिक्कत आ सकती है. इसलिए समय रहते इन नियमों को जान लेना आपके लिए जरूरी है.

अगर आपके घर में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का कनेक्शन लग गया है, तो एलपीजी गैस कनेक्शन को लेकर नया नियम जानना जरूरी है. सरकार के नए नियम के मुताबिक, पीएनजी कनेक्शन मिलने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन बंद कराना होगा. 30 दिनों की डेडलाइन जून के अंत में खत्म हो चुकी है तो इस नियम का आपको ध्यान रखना होगा वरना परेशानी हो सकती है. इस नियम का फोकस एक ही घर में दो तरह की गैस के अनावश्यक इस्तेमाल को रोकना और डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था को बेहतर बनाना है.

अगर आप घर बदल रहे हैं, तो सबसे पहले अपने मौजूदा एलपीजी (Indane, HP Gas या Bharat Gas) गैस डिस्ट्रीब्यूटर को नए पते की जानकारी दें और गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन करें. इसके लिए पहचान पत्र, नए पते का प्रमाण, गैस बुक या कंज्यूमर कार्ड, रेगुलेटर और गैस कनेक्शन का मूल वाउचर जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट अपने साथ रखें. अगर आपका नया घर उसी गैस एजेंसी के सर्विस क्षेत्र में आता है, तो प्रोसेस काफी आसान होता है. गैस एजेंसी सिर्फ आपके पते का रिकॉर्ड अपडेट कर देती है और नए पते पर सिलेंडर की सप्लाई जारी रहती है. इसलिए सभी जरूरी पहचान और पते से जुड़े डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखना बेहतर रहेगा.
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अगर आपका नया घर मौजूदा गैस एजेंसी के सर्विस एरिया से बाहर है, तो सबसे पहले आपको अपनी गैस एजेंसी से ट्रांसफर टर्मिनेशन वाउचर (TTV) लेना होगा. यह एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसके जरिए आप नए इलाके की गैस एजेंसी में अपना एलपीजी कनेक्शन ट्रांसफर करा सकते हैं. नई एजेंसी में TTV और जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद आपके नाम पर गैस कनेक्शन नए पते पर जारी कर दिया जाता है.

अगर आप किसी दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी पुरानी गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर और रेगुलेटर जमा करना होगा. इसके बाद एजेंसी आपको टर्मिनेशन वाउचर जारी करेगी और जमा की गई सिक्योरिटी राशि वापस कर देगी. फिर इस वाउचर और जरूरी डॉक्यूमेंट को नए शहर की गैस एजेंसी में जमा करने पर आपके नाम से नया एलपीजी कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा.

दूसरे शहर में शिफ्ट होने पर आपकी नई एजेंसी TTV को ट्रांसफर सब्सक्रिप्शन वाउचर (TSV) में बदल देती है, आपको नया कंज्यूमर नंबर जारी करती है और आगे से उसी नंबर पर गैस सिलेंडर की बुकिंग और सप्लाई शुरू हो जाती है. आपके नाम पर नया कंज्यूमर नंबर जारी करती है. इसके बाद आप नए पते से उसी कंज्यूमर नंबर के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं और नियमित रूप से एलपीजी की सुविधा का फायदा उठा सकते हैं.

देशभर में पिछले छह महीनों में 13.4 लाख से ज्यादा नए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन चालू किए गए हैं. हालांकि यह सरकार के 60 लाख नए कनेक्शन देने के लक्ष्य का केवल करीब 20% ही है. यह लक्ष्य मार्च में मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद एनर्जी आपूर्ति पर पड़े असर को देखते हुए तय किया गया था. सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा घरों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पाइप्ड गैस पहुंचाना है, लेकिन अभी तय टारगेट से काफी दूरी बाकी है.

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि अगर वे एलपीजी (LPG) से पीएनजी (PNG) पर जाना चाहते हैं, तो पहले अपने स्थानीय गैस डिस्ट्रिबुशन से बुकिंग और प्रोसेस की जानकारी जरूर लें. साथ ही, ट्रांसफर के समय मिलने वाले सभी डॉक्यूमेंट्स और ट्रांसफर वाउचर सुरक्षित रखें. मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती से भी लोगों को फिलहाल राहत मिलेगी, लेकिन नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर गैस डिस्ट्रिबुटर्स द्वारा नियमों को सही तरीके से लागू करना सबसे अहम होगा.

