ब्यावर शहर में साइबर ठगों ने एक वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाकर करीब 5 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली। हालांकि, साइबर थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 3.15 लाख रुपए से अधिक की राशि बचा ली गई। ठगों ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर की थी। फोन कॉल से शुरू हुई ठगी की साजिश साइबर थाना प्रभारी भवानी सिंह ने बताया कि अजमेर रोड निवासी राजेंद्र प्रसाद मित्तल के पास 17 मई को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने उनसे एपीके (APK) ऐप के उपयोग के बारे में पूछा। मित्तल ने ऐप का उपयोग नहीं करने की बात कही, लेकिन जिज्ञासावश उससे जानकारी लेने लगे। इसी दौरान साइबर अपराधी ने बातचीत के बहाने कुछ निजी जानकारियां हासिल कर उनके मोबाइल फोन को हैक कर लिया। इसके बाद अपराधी ने व्हाट्सएप सहित अन्य डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बना ली। दो ट्रांजेक्शन के बाद भी नहीं लगी भनक 17 मई को मित्तल के बैंक खाते से दो बार 9,500-9,500 रुपए निकाले गए। मोबाइल हैक होने के कारण उन्हें इन लेन-देन के संदेश प्राप्त नहीं हुए। अगले दिन 18 मई को अपराधियों ने एक ही ट्रांजेक्शन में 5 लाख रुपए पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी निवासी दिनेश रॉय के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इस बार मोबाइल पर संदेश मिलने पर मित्तल को ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बची लाखों की रकम शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस ने संबंधित बैंकों और एजेंसियों से संपर्क कर धोखाधड़ी से जुड़े खातों को फ्रीज करवाया। इस कार्रवाई में करीब 1.33 लाख रुपए की शेष राशि तुरंत रोक ली गई। लगातार प्रयासों के बाद विभिन्न खातों में जमा हुई लगभग 2.25 लाख रुपए की राशि भी वापस प्राप्त कर ली गई। इस प्रकार पुलिस कुल 3.15 लाख रुपए से अधिक की रकम बचाने में सफल रही। आमजन के लिए पुलिस की अपील थाना प्रभारी भवानी सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिचित या अपरिचित व्यक्ति को फोन पर ओटीपी, बैंक खाते, एटीएम या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या लुभावने विज्ञापन के झांसे में आने से बचें। किसी प्रकार की शंका होने पर तुरंत अपनी बैंक शाखा या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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