Thursday, July 9, 2026
Homeराज्यराजस्तानदीवानी विवाद में पुलिस पर हस्तक्षेप का आरोप: दंपती ने एसपी...

दीवानी विवाद में पुलिस पर हस्तक्षेप का आरोप: दंपती ने एसपी से की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग – Sirohi News




सिरोही के शिवगंज निवासी मीराबेन शर्मा और मार्तीराम शर्मा ने दीवानी प्रकृति के एक मकान विवाद में थाना शिवगंज पुलिस पर अनुचित हस्तक्षेप और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। दंपती ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर थानाधिकारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच, विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने और समझौता करने के लिए धमकाया गया, जबकि मामला पूरी तरह सिविल प्रकृति का है। थाने बुलाकर दबाव बनाने का आरोप परिवाद के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को थाना शिवगंज से फोन कर दोनों को थाने बुलाया गया। वहां कथित तौर पर मकान खाली करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि बाद में विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता कुंदन सोलंकी, पृथ्वीराज सिंह राव और अन्य लोगों की मौजूदगी में भी समझौते के लिए दबाव डाला गया। समझौता नहीं करने पर जेल भेजने की धमकी का दावा परिवादकर्ताओं का कहना है कि समझौता नहीं करने पर उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाकर जेल भेजने और मकान का कब्जा दिलाने जैसी धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि संबंधित विवाद पूरी तरह दीवानी प्रकृति का है, इसके बावजूद पुलिस ने इसमें हस्तक्षेप किया। पुलिस मुख्यालय के परिपत्र की अनदेखी का आरोप परिवाद में कहा गया है कि पुलिस मुख्यालय, राजस्थान द्वारा 10 जून 2025 को जारी परिपत्र में विशुद्ध दीवानी विवादों में अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। परिवादकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराने के बावजूद इन निर्देशों की अनदेखी की गई। एसपी से वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग दंपती ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने, दोषी पुलिस अधिकारी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध पुलिस दबाव और उत्पीड़न से संरक्षण देने की मांग की है। एडवोकेट बोले— सिविल विवाद में पुलिस का हस्तक्षेप उचित नहीं एडवोकेट महेश अग्रवाल ने कहा कि संबंधित मामला पूर्णतः दीवानी प्रकृति का है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय भी स्पष्ट कर चुका है कि मूल रूप से सिविल विवादों में पुलिस पक्षकारों पर दबाव बनाने, समझौता कराने या किसी एक पक्ष के पक्ष में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि दीवानी अधिकारों का निर्णय करना। निष्पक्ष कार्रवाई की मांग एडवोकेट महेश अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसे मामलों में अवैध पुलिस हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा है।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments