बिहार सरकार के ‘मिशन 100 डेज’ अभियान के तहत मधेपुरा जिले में टीबी उन्मूलन अभियान तेजी से जारी है। इस अभियान के तहत अब तक 1.15 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई है। स्क्रीनिंग के दौरान 2,693 टीबी मरीजों की पहचान हुई है, जिनका स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में नियमित उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम प्रिंस ने बताया कि राज्य सरकार ने 14 अगस्त 2026 तक पूरे बिहार में एक करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में मधेपुरा जिले को 1,84,629 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य दिया गया है। अभियान के तहत प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोगों की जांच की जा रही है, जिससे निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने की उम्मीद है। 10,700 लोगों के बलगम के सैंपल किए कलेक्ट डीपीएम प्रिंस के अनुसार, अब तक 10,700 लोगों के बलगम के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं, और 14,330 लोगों का एक्स-रे कराया जा चुका है। जिले के सभी प्रखंडों में एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग की टीमें पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के साथ गांव-गांव पहुंच कर मौके पर ही जांच कर रही हैं, जिससे संभावित मरीजों की जल्द पहचान और उपचार सुनिश्चित हो रहा है। 570 मरीजों को फूड बास्केट कराए गए उपलब्ध टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण सहायता प्रदान करने के लिए, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से एक हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक 570 मरीजों को फूड बास्केट भी उपलब्ध कराए गए हैं। जिले में 109 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है। इनमें से 94 गांवों में स्क्रीनिंग अभियान पूरा हो चुका है, जबकि शेष गांवों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियान पूरा करने में लगी हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना या टीबी से संबंधित अन्य लक्षण दिखाई दें, तो वे तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। सरकार टीबी मरीजों को निःशुल्क जांच, दवा, उपचार और पोषण सहायता प्रदान कर रही है।
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